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जीएसटी सस्म्याएं और सुझाव - सुधीर हालाखंडी

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जीएसटी वर्तमान समस्याएं और सुझाव – सुधीर हालाखंडी

FROM THE DESK OF SUDHIR HALAKHANDI

जीएसटी की वर्तमान समस्याएं और सुझाव 14th MARCH 2021 सुधीर हालाखंडी

1.

कुछ ववनम्र व्यवहाररक प्रश्न जो समस्या भी है

क्या जीएसटी में ररटनत ररवाइज नहीं होगा इस घोषणा के साथ भारर्

मे जीएसटी लाया गया था ? क्या कानून ककसी ररटनत के ररवाइज करने के करदार्ा के अधधकार को रोकर्ा है ? क्या जीएसटी ररटनत भरर्े समय डीलर से गलर्ी नहीं हो सकर्ी है ?

2.

जब सरकार को ववक्रेर्ा से दे री से पेश ककये गए ररटनत पर पूरा कर

और ब्याज प्राप्र् हो गया है र्ो किर क्रेर्ा की इनपुट क्रेडडट को हमेशा के ललए रूकना क्या उधिर् है ?

3.

जब एक डीलर को जब दे री से ररटनत पेश करने की अनुमतर् दी गई है

र्ो किर उसके ववक्रेर्ा द्वारा िक ु ाए गए कर की इनपट ु क्रेडडट नहीं दे ना क्या न्यायोधिर् है ?

4.

जीएसटी की प्रारम्भभक अवस्था एवं अभी र्क जब कक जीएसटी में एक

स्थातयत्व नहीं आर्ा है र्ब र्क लेट िीस जैसे प्रावधानों की कोई ववशेष जरुरर् थी ?

5.

QRMP – मालसक कर त्रैमालसक ररटनत स्कीम में म्जस र्रह सभी डीलसत को स्कीम में प्रववष्ट कर ददया गया क्या यह ककसी वैकम्पपक योजना को लाने का व्यवहाररक र्रीका है ?

6.

क्या ख़रीदे माल पर ववक्रेर्ा कर िक ु ा कर अपना ररटनत समय पर भर दे इस पर क्रेर्ा का कोई अधधकार हो सकर्ा है ? यदद नहीं र्ो किर इसका दं ड क्रेर्ा को क्यों ददया जार्ा .

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कुछ और प्रश्न .............. आइये दे खें – सध ु ीर हालाखंडी


जीएसटी वर्तमान समस्याएं और सुझाव – सुधीर हालाखंडी

भारर् वषत में जीएसटी आज से लगभग साढ़े र्ीन वषत से भी अधधक समय पूवत अथातर् जुलाई 2017 में इस उभमीद से लाया गया था कक यह एक सरलीकृर् कर प्रणाली होगी और उद्योग, व्यापार और व्यवसाय जगर् को व्यापार करने एवं अप्रत्यक्ष करों के भुगर्ान में आसानी होगी और सरकार का राजस्व भी बढे गा. लेककन साढ़े र्ीन वषत से भी अधधक बीर् जाने के बाद भी व्यापार एवं उद्योग जगर् से जीएसटी के पालन करने में समस्याएं आने के समािार बराबर आ रहें है . अभी भी यह कर और इसकी प्रकक्रयाएं सरल और सहज नहीं है पर अब इन्हें सरल और सहज बनाना जरुरी है / जीएसटी हमारी सरकार के द्वारा भारर्ीय अथतव्यवस्था के उत्थान एवं उद्योग और व्यापार

जगर् को एक सरलीकृर् कर प्रणाली दे ने के ललए लाया गया एक

साहलसक कदम था लेककन यदद इस समय इस कर प्रणाली को लेकर जो समस्याएं आ रही है उनका समाधान हो जाए यह कर प्रणाली अथतव्यवस्था और उद्योग और व्यापार जगर् के ललए और भी अधधक उपयोगी हो सकर्ा है . आइये इस समय जीएसटी से जड ु ी मख् ु य समस्याएं क्या है एवं इनके संभाववर् समाधान क्या हो सकर्े हैं:-

1. जीएसटी इनपट ु क्रेडडट के लमस्मेि की समस्या :जीएसटी में सरकार द्वारा बनाई गई व्यवस्था के र्हर् ही एक खरीददार अपना माल या सेवा का क्रय करर्े समय ववक्रेर्ा को कर का भग ु र्ान करर्ा है और ऐसे में ववक्रेर्ा से कोई भल ू हो जाए या वह कर ना िक ु ाए अथवा अपना ररटनत ना भरे या ककन्ही कारणों से ना भर पाए र्ो इसके जो भी पररणाम हो उस पर क्रेर्ा का कोई अधधकार नहीं होर्ा है लेककन यदद ऐसे में क्रेर्ा के इनपट ु क्रेडडट रोक दी जाये र्ो यह क्रेर्ा को बबना उसकी कोई गलर्ी के ददया हुआ दं ड होर्ा है .

ऐसे में आपसे अनरु ोध है कक इस सभबन्ध में जो कोई भी प्रकक्रया हो वह क्रेर्ा की जगह ववक्रेर्ा पर लागू की जाए.

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जीएसटी वर्तमान समस्याएं और सुझाव – सुधीर हालाखंडी

इसके अतर्ररक्र् जीएसटी के मूल स्वरुप में यह था कक क्रेर्ा से उसकी खरीद की सि ू ना ली जाए और उसे ववक्रेर्ा द्वारा दी गई बबक्री की सि ु ना से लमलाया जाए और आने वाले िकत के ललए ववक्रेर्ा को पाबन्द ककया जाए लेककन यह व्यवस्था प्रारभभ ही नहीं की गई इसीललये जीएसटी इनपुट की बहुर् सी समस्याएं खड़ी हो रही है .

जीएसटी में कर िोरी को रोकने के सरकार के प्रयास सराहनीय है और हमेशा इन क़दमों एवं प्रयासों की प्रशंसा की जानी िादहए लेककन जीएसटी कानून की धारा 16(4) एवं तनयम 36 (4) एवं कई अन्य प्रावधान ऐसे है “गलर्ी और ववलभब” र्था कर िोरी के बीि के अंर्र को ही लमटा ददया है . र्कनीकी गलतर्यों के भी डीलसत को गंभीर पररणाम भुगर्ने पड़ रहे हैं .

2. जीएसटी इनपट ु क्रेडडट की समयावधध सभबन्धी समस्या :एक ववक्रेर्ा जो माल बेिर्ा है उस पर ककन्ही कारणों से वह समय पर कर नहीं िक ु ा पार्ा है लेककन कुछ समय के बाद वह अपना कर एवं ब्याज िुका कर लेट िीस के साथ ररटनत भर दे र्ा है लेककन यदद इस प्रकक्रया में उससे एक ववलशष्ट समयावधध बीर् जार्ी है र्ो सरकार को र्ो कर ब्याज सदहर् लमल जार्ा है लेककन क्रेर्ा को ऐसे जमा कराये गए कर की इनपुट क्रेडडट नहीं लमलर्ी है जो कक ककसी भी दृष्टी से

न्यायोधिर् नहीं है क्यों

कक क्रेर्ा र्ो ववक्रेर्ा को पहले ही कर िुका कर भग ु र्ान दे िक ु ा है इसललए सरकार एक

ऐसा प्रावधान बनाए कक खरीददार को उसकी वांतछर् क्रेडडट

लमल सके . यदद ववक्रेर्ा अपना कर ब्याज के साथ िक ु ा रहा है र्ो किर क्रेर्ा के ललए इनपुट क्रेडडट रोकने का कोई न्यायोधिर् औधित्य ही नहीं है .जीएसटी लेट िीस :-

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जीएसटी वर्तमान समस्याएं और सुझाव – सुधीर हालाखंडी

जीएसटी लेट िीस प्रारभभ से ही डीलसत के ललए एक समस्या बनी हुई है

और व्यापार और उद्योग को इस समस्या का जीएसटी लगने के प्रारभभ से ही सामना करना पड़ रहा है . जीएसटी एक नया कर है और अभी भी व्यापार एवं उद्योग इसकी मुम्श्कल प्रकक्रयाओं से उलझन में है और इस ललए दे री होना स्वाभाववक है और ऐसे समय में जब जीएसटी स्वयम ही अपने आप में पूणत नहीं है र्ो लेट िीस का औधित्य नहीं है . अब र्क जो लेट िीस वसूल की गई है उसे कृपया लौटाया जाए एवं म्जन डीलसत ने ककन्ही कारणों से कुछ ररटनत अभी र्क नहीं भरें है और लेट िीस के कारण भर नहीं पा रहें हैं उन्हें बबना लेट िीस के एक बार ररटनत भरने का मौक़ा ददया जाना िादहए और इस मौके के साथ ही उन्हें उनकी वह इनपुट क्रेडडट भी दी जाए म्जस पर उनके ववक्रेर्ा परू ा कर ब्याज सदहर् िक ु ा िक ु े हैं .

3. ररटनत ररवाइज करने का मौक़ा :जीएसटी ररटनत को लेकर कुछ सवाल है क्या जीएसटी में ररटनत ररवाइज नहीं होगा इस घोषणा के साथ भारर् मे जीएसटी लाया गया था ? क्या कानून ककसी ररटनत के ररवाइज करने के करदार्ा के अधधकार को रोकर्ा है ? क्या जीएसटी ररटनत भरर्े समय डीलर से गलर्ी नहीं हो सकर्ी है ? यदद इन सभी सवालों के जवाब नहीं में है र्ो किर जीएसटी डीलसत को ररटनत ररवाइज करने से रोका क्यों गया ? आइये दे खें कक यह एक वववादास्पद मुद्दा है क्या ? जीएसटी में एक ररटनत GSTR – 3 बी जो कक प्रारम्भभक कानन ू में था ही नहीं और म्जसे केवल दो महीने के ललए लाया गया था वह जीएसटी का आज

भी एक महत्वपूणत ररटनत बना हुआ है और इस ररटनत को भरर्े हुए

डीलसत से बहुर् सी गलतर्यां हुई है लेककन कानून में भूल सुधार और ररवाइज्ड ररटनत का प्रावधान होर्े हुए भी इस ररटनत में ररवीजन का कोई प्रावधान जीएसटी पोटत ल पर ददया नहीं गया 4

और अभी भी इस ररटनत में


जीएसटी वर्तमान समस्याएं और सुझाव – सुधीर हालाखंडी

ररवीजन की

कोई सुववधा

नहीं है और जीएसटी से जुडी हुई बहुर् सी

समस्याओं का सबसे बड़ा कारण यही है . यदद प्रारभभ से ही इस ररटनत में

सुधार की सुववधा दे दी जाए र्ो जीएसटी से जुडी बहुर् सी समस्याएं समाप्र् हो सकर्ी है .

यह सवु वधा आज भी प्रारम्भभक ररटन्सत से शरू ु करर्े हुए दी जा सकर्ी है

और यदद आज भी जीएसटी के इस ररटनत में ररवीजन की सवु वधा दे दी जाए र्ो ववभाग और डीलर इस सभबन्ध में जारी होने वाले नोदटस और उनके जवाब दे ने की परे शानी से बि सकर्े हैं और जीएसटी ववभाग और डीलसत को इन नोदटसों की प्रकक्रयात्मक उलझनों से बिाना है र्ो इसका यह सवोत्तम उपाय है . 4. जीएसटी इ- इनवोइलसंग में हुई गलतर्यों के सध ु ार का मौक़ा:जीएसटी में अभी हाल ही में

इ- इनवोइलसंग का प्रावधान लाया गया है

जो प्रारभभ में 500 करोड़ रूपये से अधधक के टनतओवर पर था और म्जसे 1 जनवरी २०२१ से घटा कर १०० करोड़ पर कर ददया गया है और 1 अप्रैल २०२१ से यह 50 करोड़ से अधधक की बबक्री पर लागू हो जाएगा. इस कानून के साथ समस्या यह है कक प्रारभभ में जब यह घोवषर् ककया गया था र्ब इसकी सीमा ववत्तीय वषत में बबक्री के सभबन्ध में थी लेककन बाद में इसे सीमा को 2017-18 से प्रारभभ होकर ककसी भी वषत में कर ददया गया म्जसके कारण से कई डीलसत म्जनका टनतओवर वषत 2019-20 और 2020-21 में तनधातररर् सीमा से कम था इस प्रावधान का समय से अपने यहा​ाँ लागू नहीं कर पाए और ऐसी दे री के ललए उन्हें माफ़ करर्े हुए यदद जरुरी हो र्ो ई – इन्वोलसंग पोटत ल पर उन्हें ये बबल अपलोड करने की सुववधा दी जाए . इनमें से अधधका​ाँश डीलसत ने अपने बबलों के सभबन्ध में ई-वे बबल र्ो जारी ककये ही है और इस सभबन्ध में कर की िोरी की कोई संभावना भी नहीं बनर्ी है .

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जीएसटी वर्तमान समस्याएं और सुझाव – सुधीर हालाखंडी

नए लाये प्रावधानों में सरकार को अपना रुख लिीला रखना जरुरी है क्यों कक डीलसत अभी र्क लागू की गई प्रकक्रयाओं से ही पूरी र्रह वाककि नहीं हो पाए है र्ो लगार्ार हो रहे नए पररवर्तनों के ललए उनके द्वारा हुई भूलों को माफ़ करर्े हुए ही इस कानून को आगे बढ़ाना पडेगा. 5. जीएसटी में डीलसत द्वारा हुई

प्रकक्रयात्मक तनदोष गलतर्यों के सुधार का

मौक़ा :-

महोदय , जीएसटी एक नया कर था और भारर् वषत के करदार्ाओं को इससे पररधिर् होने से कुछ समय र्ो लगना ही था और उसके जीएसटी की कदिन प्रकक्रयाओं ने उन्हें और भी उलझा कर रख और इन सभी कारणों से उनसे कािी गलतर्यां हुई है म्जससे सरकार को राजस्व का कोई नुक्सान

नहीं हुआ है और यदद ऐसी गलतर्यों में जो कक मुख्य रूप से र्कनीकी गलतर्यां है लेककन इनमें कोई कर की िोरी नहीं है . आपसे तनवेदन है कक ऐसी गलतर्यों को सुधारने का मौक़ा डीलसत को दे ने का कष्ट करें .

6. जीएसटी में एमनेस्टी स्कीम :जीएसटी में उद्योग एवं व्यापार की और से आपको एक सुझाव है कक आप एक ऐसी एमनेस्टी स्कीम लाये म्जसमें मख् ु य धारा से दरू हुए डीलसत उनके

ववक्रेर्ाओं के द्वारा दी गई इनपुट क्रेडडट को लेने के बाद बिे हुए कर को िुका कर अपना बकाया कर बबना ककसी लेट िीस के िुका सके. पूवत में

लाइ गई एमनेस्टी स्कीम में इनपुट क्रेडडट को दे री से लेने पर इसके खाररज होने की समस्या थी इसललए अधधका​ाँश डीलसत इसका लाभ नहीं ले सके. सरकार को जब ऐसी इनपुट पर अपना कर एवं ब्याज लमल िुका है र्ो किर इसे अब रोकने का कोई औधित्य नहीं है .

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जीएसटी वर्तमान समस्याएं और सुझाव – सुधीर हालाखंडी

7. जीएसटी में पररवर्तनों की संख्या सीलमर् हो :जीएसटी एक जुलाई 2017 में लागू हुआ था लेककन इसके बाद कानून में

लगार्ार पररवनतन ककये गए है और तनरं र्र इर्ने अधधक अधधसि ू नाएं और स्पष्टीकरण जारी हुए हैं कक व्यापार और उधोग को इसे समझने में और अधधक समस्याएं आने लगी है . आपसे अनुरोध है कक इस कर कानून को एक म्स्थरर्ा दे ने के ललए इसके स्वरूप को बार – बार बदलाव नहीं ककये जाए र्ाकक इसके पालन करने में आसानी हो सके. 8. र्कनीकी समस्याओं का हल र्रु ं र् हल करने की व्यवस्था स्थावपर् की जाए :जीएसटी में प्रारभभ से ही एक सुदृढ़ हे पप लाइन की आवश्यकर्ा थी लेककन इस समय जो हे पप लाइन कायत कर रही है वहां से डीलसत की समस्याएं अधधकांश मामलों में कोई मदद नहीं लमलर्ी है अर्: आपसे तनवेदन है कक जीएसटी ववशेषज्ञों की मदद से एक ऐसी हे पप लाइन र्ैयार करें कक वह डीलसत की वांतछर् मदद कर सके . 9. वैकम्पपक स्कीम यदद लायी जाए र्ो उसका र्रीका व्यवहाररक हो:यदद कोई सवु वधा दें या कोई नया तनयम लागू करें र्ो उसके लागू करने की पद्धतर् में कोई अनोखा प्रयोग नहीं ककया जाए र्ो जीएसटी का पालन कर रहे

डीलसत के ललए इसका ववकपप लेना और किर उसका पालन करना आसान होगा.

जीएसटी में यह समय अनोखे प्रयोग या साधारण प्रयोग भी अनोखे र्रीके से करने का यह समय नहीं है .

आइये हाल ही के एक उदाहरण के माध्यम से इसे समझने की कोलशश करें . जैसे QRMP – मालसक कर त्रैमालसक योजना लाई गई

र्ो उसमें सारे

डीलसत को इस स्कीम में अपने आप ही डाल ददया गया और ववकपप यह ददया

गया कक म्जसे इस योजना में नहीं जाना है वह अपने आपको बाहर कर ले. यह

ककसी वैकम्पपक योजना को लाने का सरल और प्राकृतर्क र्रीका नहीं है और

इसी र्रह के अनोखे प्रयोगों ने जीएसटी का अब र्क बहुर् नक् ु सान ककया है . 7


जीएसटी वर्तमान समस्याएं और सुझाव – सुधीर हालाखंडी

इस र्रह का प्रावधान कक म्जसे योजना में नहीं जाना है वह सूधिर् करे यह व्यवहाररक र्रीका नहीं है इसके बदले में होना यह िादहए कक म्जसे योजना में जाना

हो वह ववकपप ले ले शेष जैसा िल रहा है उसी में रहें . इस योजना को अनोखे र्रीके से लाने के कारण कई डीलसत बबना ककसी स्वेच्छा के इस योजना में िले गए और परे शानी में पड़ गए . यह योजना म्जस र्रह से लाई गयी है उससे साि पर्ा

लगर्ा है कक जहां इस योजना को बनाया गया वहां व्यवहाररकर्ा का अभाव था और इसका नक् ु सान और परे शानी डीलसत को उिानी पडी है .

आइये इस सुखद और सरल जीएसटी की कपपना करें र्ाकक हमारे दे श का करदार्ा आसानी से उसका पालन कर सके और केवल प्रकक्रयाओं में उलझ कर नहीं रह जाए. दे खखये यदद इन सुझावों का पालन ककया जाए र्ो एक बड़ी हद र्क इस उद्दे श्य को प्राप्र् कर ललया जाए. -

सध ु ीर हालाखंडी

sudhirhalakhandi@gmail.com

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