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जी एस टी डिजीटल बुक चतुर्थ संस्करण 15 जुलाई 2017 सुधीर हालाखंडी

Page 1

जी.एस.टी. ई-बक ु

सुधीर हालाखंडी

वस्तु एवं सेवा कर चतर् ु थ संस्करण 15-07-2017

भारतीय करदाताओं को सादर समर्पथत इसे पढ़ें , समझे और औरों को समझाए

GST By Sudhir Halakhandi


GST BY SUDHIR HALAKHANDI

15 JULY 2017

जी.एस.टी. ई – बुक का चतुर्थ संस्करण जजसे नए अध्याय और

जी.एस.टी. कानन ू की कुछ महत्वपण ू थ पररभाषाओं के सार् . इस

पस् ु तक को आप करदाता को भारत में लगने वाले जी.एस.टी. “गुड्स एवं सर्वथस टै क्स” की जानकारी दे ने के ललए प्रकालित ककया गया है . इसे हमारी वेबसाईट www.halakhandi.com से

डाउनलोड कर आसानी से पढ़ा जा सकता है . इस पस् ु तक की भाषा इतनी सरल रखी गई है की यह आसानी से समझ आने वाली है . इसे पढ़े , समझे और अपने साथर्यों के सार् अथिक से अथिक िेयर करें – सुिीर हालाखंडी

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 2


वस्तु एवं सेवा कर हहन्दी

-

सी.ए. सि ु ीर हालाखंडी

भारत में लगने वाला वस्तु एवं सेवा कर 4th Improved Edition चतुर्थ संस्करण

नयी जड ु ी हुई सामग्री के सार् हहन्दी में जी.एस.टी.एक्ट की महत्वपण ू थ पररभाषाओं

के सार्

प्रकाशन अधिकार लेखक सुिीर हालाखंडी के पास सुरक्षित है , इनका उल्लंघन करने का प्रयास नहीं करें .

Copy rights are owned by Writer Sudhir Halakhandi सवाथधिकार सुरक्षित

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 3


लेखक की और से ननवेदन

र्प्रय लमत्रों, नमस्कार ! इस पुस्तक के र्पछले तीन संस्करण जजस उत्साह के सार् आपने स्वीकार ककये उसके ललए आप सभी का हाहदथ क आभार .

जी.एस.टी. ई –बक ु का चतर् ु थ संस्करण आपके ललए भेजा जा रहा है

इस संस्करण में भी जी.एस.टी कानून में दी गई 100 से अथिक पररभाषाओं का हमने हहंदी अनुवाद ककया है , इनपुट क्रेडडट, प्रारजभभक

स्टॉक पर लमलने वाली इनपुट क्रेडडट , अन –रजजस्टडथ डीलसथ से खरीद

पर ररवसथ चाजथ के तहत कर का भुगतान , जी.एस.टी. में थगरफ्तारी के प्राविान के सार्- सार् एच.एस.एन कोड एवं कर की दरों से संबंथित

और भी नए एवं संिोथित अध्याय आपके ललए हमने जोड़े

है इस बार जो अध्याय हमने जोड़े है . यह सामग्री जी.एस.टी. लागू होने के बाद के पररवतथनों से सभबंथित है

एवं पहले के अध्याय भी बाद की घटनाओं एवं अथिसूचनाओं के

आिार पर संिोथित ककये गए है . इस ई –बुक की भाषा आपकी आवश्यकता के अनस ु ार सरल रखी गई है .

वषथ 2006 से मेरा जी.एस.टी. का अध्ययन जारी है इस सभबन्ि में पहला लेख मैंने Goods and Service Tax – An Introduuctry Study ICAI के CA Journal “The Chartered Accountant” में 2007 में ललखा र्ा जो कक संभवतः ककसी बड़े स्तर पर ललखा गया जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 4


जी.एस.टी. पर भारत में पहला लेख र्ा एवं इस लेख को कई र्वश्वर्वद्यालयों में जी.एस.टी. पर ररसचथ पेपसथ में ररफरे न्स के रूप में काम में ललया गया है . भारतीय संसद में भी लोकसभा सथचवालय द्वारा सांसदों के ललए तैयार ककये गए जी.एस.टी. बल ु ेहटन में भी यह

लेख रे फेंरे स के रूप में काम में ललया गया है . इसके अततररक्त भी

लेखक ने जी.एस.टी. पर र्वलभन्न कर प्रत्रत्रकाओं , अखबारों , और वेब साइट्स पर 500 से अथिक लेख ललखे है . इसी अनुभव के सार् यह पस् ु तक ललखी गई है .

आप लेखक के जीएस.टी. पर लगभग 50

ऑडडयो यु ट्यूब चेनल

GST By Sudhir Halakhandi पर भी सुन सकते है . इन्हें र्पछले एक माह की अवथि में

अभी तक 3 लाख

से अथिक श्रोता सुन

चक ु े है . इसके जी.एस.टी. पर बहुत से लेख हमारी वेब साईट www.halakhandi. com पर भी उपलब्ि है .

इस पुस्तक के समस्त कॉपी राइट्स लेखक सुिीर हालाखंडी के पास है और यह आम जी.एस.टी. करदाता

को जी.एस.टी. की जानकारी

दे ने हे तु ई-बुक के रूप में जारी की गई है आप इसे पढ़ें , समझे , िेयर करें और ट्रे ड एवं इंडस्ट्री एसोलसएिन्स इसे “जैसी ही वैसी ही बबना ककसी मूल्य” के लेखक के नाम के सार्

सदस्यों के ललए

प्रकालित कर सकती है . र्वतरण से पव ू थ पस् ु तक की दो प्रतत लेखक को अनुमतत के ललय प्रर्षत करें . इस पुस्तक का व्यवसातयक उपयोग पूणथ रूप से वजजथत है

इस ई –बक में समय –समय पर संिोिन कर एवं आवश्यकता ु

अनुसार नए अध्याय जोड़कर आपको उपलब्ि करायी जायेगी . पुस्तक हमारी वेबसाइट www.halakhandi.com से भी डाउन लोड की जा सकती है .

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पस् ु तक के सार् लेखक या अन्य ककसी व्यजक्त या संस्र्ा के

व्यवसातयक हहत नहीं जुडे है और इसे इसी भावना के सार् पढ़ें , समझे , िेयर करें ताकक जी.एस.टी. में आपका प्रवेि एक जानकार करदाता के रूप में हो. पस् ु तक की रचना करते समय परू ी साविानी रखी गई है लेककन तनजश्चत रूप से इसमें

त्रहु टया​ाँ अभी भी होंगी

. कृपया सूथचत

कर अनुग्रहहत करे ताकक सुिार कर इस अलभयान को और भी सार्थकता प्रदान की जा सके. -आदर सहहत सुिीर हालाखंडी

ब्यावर (जजला – अजमेर ) राजस्र्ान 15 जुलाई

2017

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 6


संपकथ सूत्र

sudhirhalakhandi@gmail.com Visit me- www.halakhandi.com WhatsApp 98280-67256 Youutube chanel :- GST By Sudhir Halakhandi https://www.youtube.com/results?search_query=sudhir+hala khandi पस् ु तक के बारे में चचाथ भारत के एक बहुत बड़े टी.वी. चेनल NDTV पर भी हुई है जजसका ललंक हम यहा​ाँ दे रहे हैं :https://youtu.be/pfIKHNzG4tM

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 7


अनक्र ु मणणका INDEX

क्र.सं.

अ

र्ववरण

ध्या

पष्ृ ट संख्या

य

1.

1.

क्या है जी.एस.टी.:- एक पररचय-Introduction

10

2.

2.

जी.एस.टी.एवं दो राज्यों के बीच व्यापार-IGST

15

3.

3.

जी.एस.टी – ररटनथ- GST Returns

31

4.

4.

जी.एस.टी. – कभपोजीिन स्कीम-Coposition Scheme

43

5.

5.

59

6.

6.

प्रारजभभक एवं स्टॉक पर इनपुट क्रेडडट

7.

7.

8.

8.

9.

9.

10.

जी.एस.टी. – इनपुट क्रेडडट

71

अन-रजजस्टडथ डीलर से खरीद पर ररवसथ टै क्स

90

जी.एस.टी. और इनपुट क्रेडडट का लमसमैच

103

आइये दे खें कैसे बनेगा जी.एस.टी. में त्रबल

105

10.

ई-वे त्रबल (रोड परलमट )

111

11.

11.

कर तनिाथरण – दोहरा तनयंत्रण 50:50

119

12.

12.

जी.एस.टी.:-कर चोरी पर थगरफ्तारी प्राविान

123

13.

13.

जी.एस.टी. सलाहकार:- जी.एस.टी. प्रेजक्टिनर

132

14.

14.

जी.एस.टी. की अकाउं हटंग

140

15.

15.

जी.एस.टी.- अकाउं ट्स एवं ररकाड्थस

148

16.

16

जी.एस.टी. – सराथफा व्यवसाय

156

17.

17.

एच.एस.एन. कोड –GST HSN CODE

167

18.

18.

जी.एस.टी. पररभाषाएाँ :- सरल हहंदी में

193

19.

19.

जी.एस.टी. – ब्याज के प्राविान

218

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 8


वस्तु एवं सेवा कर

सी.ए. सुिीर हालाखंडी

आइये समझे जी.एस.टी. को GST –E-BOOK –HINDI सी.ए. सुिीर हालाखंडी राजस्र्ान

sudhrhalakhandi@gmail.com sudhir@halakhandi.com visit me:- www.halakhandi.com Subscribe and Listen our audio on You Tube channel GST By Sudhir Halakhandi

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 9


अध्याय - 1 :- जी.एस.टी. एक पररचय GST- AN INTRODUCTION अब एक जुलाई 2017 से जी.एस.टी. भारत में

लागू हो चुका है

इसललए सरल हहन्दी भाषा में आपको जी.एस.टी. की प्रारजभभक

जानकारी व्यापार एवं उद्योग को दे ने के ललए एक ई – बुक जी.एस.टी. पर जारी कर रहे है

इसे आप पढ़कर समझने की कोलि​ि

करें कक आने वाले समय में आपको ककस प्रकार से जी.एस.टी. कानन ू का पालन करना है और ककस तरह यह

आपके उद्योग एवं

व्यापार

को प्रभार्वत करे गा. यह हमारा इस पुस्तक का चौर्ा संस्करण है . जी.एस.टी. के दौरान आपको प्रारजभभक रूप से यह दे खना है कक अब आपको एक ही

त्रबक्री/सप्लाई पर दो करों को एकत्र करना है और

इस कानून का पालन

यह माल एवं सेवाओं को लमलाते हुए करना है . ये दो कर तनभन प्रकार होंगे :(1).राज्य का जी.एस.टी. (2) केंद्र का जी.एस.टी. इन्हें इस कानन ू के तहत एवं इस पस् ु तक में भी आगे

एस.जी.एस.टी.

राज्य का जी.एस.टी.) और सी.जी.एस.टी. (केंद्र का जी.एस.टी.) के रूप में जाना जाएगा.

जी.एस.टी. से पहले जो दो मुख्य अप्रत्यक्ष कर भारत में लगे र्े उनमे

से एक सेंट्रल एक्साइज र्ा जो कक तनमाथण की अवस्र्ा तक लगता र्ा और राज्यों का जो वेट र्ा वह त्रबक्री की अवस्र्ा तक लगाया जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 10


जाता र्ा लेककन अब जी.एस.टी. ने तनमाथण और त्रबक्री की जगह अब “सप्लाई” पर कर लगेगा और यह कर माल एवं वस्तु दोनों पर होगा . जी.एस.टी. के दौरान कर त्रबक्री पर नहीं बजकक सप्लाई पर लगेगा और इससे क्या फकथ पडेगा इसे हम आगे के भागों में समझेंगे. अभी आप जी.एस.टी. का प्रारजभभक स्वरुप समझने का प्रयास करें . जी.एस.टी. के दौरान मुख्य रूप से 2 तरह की सप्लाई होगी जजसे हम

इस प्रकार से बता सकते है :-

1. राज्य के भीतर र्वतरण

– Intra-State Supply

जजस समय माल या सेवा को सप्लाई करने वाला एवं इस सप्लाई को प्राप्त करने वाला

स्र्ान एक ही राज्य में हो या एक ही केंद्र िालसत

प्रदे ि में जस्तर् हो तो यह राज्य के भीतर त्रबक्री कहलाएगी .जैसे र्वक्रेता राजस्र्ान के जयपुर में हो और क्रेता भी राजस्र्ान के एक अन्य िहर अजमेर में हो.

2. राज्यों के बीच र्वतरण

- Inter-State Supply

जजस समय माल या सेवा को सप्लाई करने वाला एक राज्य में हो और

इस सप्लाई को प्राप्त करने वाला ककसी अन्य राज्य में हो

हो तो यह राज्य अन्त्राजीय त्रबक्री कहलाएगी .जैसे र्वक्रेता राजस्र्ान के जयपरु में हो और क्रेता भी गज ु रात के एक िहर राजकोट हो.

राज्य के भीतर त्रबक्री आइये इसे एक उदाहरण के जररये समझने की कोलि​ि करें जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 11

में


जयपुर (राजस्र्ान ) का एक व्यापारी “अ” जयपुर

के ही एक

दस ू रे व्यापारी “ब” को कोई माल 10 लाख रुपये में बेचता है और मान लीजजये कक राज्यों के जी.एस.टी. की दर 9 प्रततित है एवं केंद्र के जी.एस.टी. की दर भी इसी तरह 9 प्रततित रहती है इस प्रकार

जी.एस.टी. की कुल दर 18 प्रततित हुई इस वस्तु पर . तो “अ” इस व्यवहार में 90000.00 रुपये एस.जी.एस.टी. (राज्य का जी.एस.टी.) एवं 90000.00 लाख रुपये सी.जी.एस.टी. (केंद्र का जी.एस.टी.) के रूप में अपने खरीददार “ब” से वसूल करे गा. आइये इस सौदे का दस ू रा भाग दे खें आइये अब इस व्यवहार को और भी आगे ले जाएाँ कक इसी माल को जयपरु

और दे खें

का “ब” नामक व्यापारी अब राजस्र्ान के

ही अन्य िहर जोिपुर के ककसी अन्य व्याप री “स” को 10.50 लाख

रुपये में बेचता है तो वह 94500.00 रुपये एस.जी.एस.टी. एवं 94500.00 रुपये सी.जी.एस.टी. के रूप में वसल ू करे गा . राज्य और केंद्र सरकार को राजस्व के रूप में

क्या लमलेगा

यहा​ाँ ध्यान रखे कक “ब” पहले से ही एस.जी.एस.टी. के रूप में अपना माल खरीदते हुए 90000.00 रूपये का भग ु तान कर चक ु ा है एवं सी.जी.एस.टी. के रूप में भी 90000.00 लाख रुपये का भग ु तान इसी प्रकार कर चुका है एवं इस प्रकार “ब” की इनपुट क्रेडडट एस.जी.एस.टी. के रूप में

90000.00 रुपये है एवं

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 12

सी.जी.एस.टी. के


रूप में इनपट ु क्रेडडट 90000.00

रुपये है जजसे वह अपने द्वारा “स”

से वसूल ककये गए कर में घटा कर जमा करा दे गा.

इस प्रकार “ब” एस.जी.एस.टी. के रूप में (रुपये 94500.00 -

रुपये 90000.00

) 4500.00 रुपये का भग ु तान राज्य के खजाने में

जमा कराएगा एवं इसी प्रकार से सी.जी.एस.टी. (94500.00रुपये लाख – रुपये 90000.00) 4500.00 रुपये केन्द्रीय सरकार के खजाने में जमा कराएगा. इस परू े व्यवहार को दें खे तो इससे केंद्र सरकार को 94500.00

लाख रूपये का कर लमलेगा और और राज्य सरकार को 94500.00 रुपया कर को लमलेगा. क्या राज्य के भीतर ही त्रबक्री होने पर भी राज्य और केंद्र दोनों का कर दे ना होगा

यहा​ाँ यह ध्यान रखें कक राज्य के भीतर माल का र्वतरण या त्रबक्री करने पर भी केंद्र और राज्य दोनों को कर दे ना होगा और अब से

सभी डीलसथ (कभपोजीिन डीलसथ को छोड़कर ) एक ही त्रबल में “दो कर” जैसा कक ऊपर बताया गया है एक ही त्रबल में

लगाएगा और

यह तथ्य कक एक ही त्रबल में अब डीलसथ को दो टै क्स लगाने होंगे जो की कफलहाल

आपके ललए एक आश्चयथचककत करने वाला तथ्य हो

सकता है . लेककन आप अब समझ ही लें कक यही जी.एस.टी. है . जी.एस.टी. जैसा कक ऊपर बताया गया है उसी तरह से लगेगा और इसके सार् ही राज्यों में लगने वाला वेट और केंद्र में लगने

वाला केन्द्रीय उत्पाद िक ु क अर्ाथत सेंट्रल एक्साइज भी समाप्त हो जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 13


जाएगा. इसके अततररक्त भी राज्यों एवं केंद्र के लगने वाले कुछ अन्य कर भी समाप्त हो जायेंगे जजनमें केन्द्रीय त्रबक्री कर अर्ाथत सेंट्रल एक्साइज , सर्वथस टै क्स इत्याहद भी िालमल है . यह जी.एस.टी. का प्रारजभभक स्वरुप है और चाँ कू क आप इसका

पहला भाग पढ़ रहे है इसललए यह आपको र्ोड़ा समझने में तकलीफ दे सकता है लेककन आप इसे अच्छी तरह से पढ़े और समझे क्यों कक

एक जल ु ाई 2017 से यह कानून भारत में लागू हो चक ु ा है तो अब आपको इसका पालन करना ही है .

इसे पढने और समझने इसका पालन करने के

अलावा कोई

और रास्ता नहीं है तो आइये अब इसका र्वस्तार से अध्ययन करतें है कक भारत में 1 जुलाई से लग चुके “वस्तु एवं सेवा कर” के र्वलभन्न

प्राविानों का जो सीिे –सीिे आपको और आपके व्यापार एवं व्यवसाय को प्रभार्वत करते है .

*

अध्याय -2

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 14


जी.एस.टी. और दो राज्यों के बीच का व्यापार

अंतरप्रांतीय त्रबक्री IGST

IGST- इंटीग्रेटेड गुड्स एवं सर्वथस टै क्स आई.जी.एस.टी.- “इंटीग्रेटेड गड् ु स एवं सर्वथस टै क्स” के जररये

ककस तरह तनयंत्रत्रत ककया जाएगा :-

दो राज्यों के मध्य होने वाले व्यापार पर तनगरानी रखने या जी.एस.टी. के इस प्रकार की त्रबक्री मॉडल भी तैयार कर ककया गया है

के ललए एक आई.जी.एस.टी. जजसकी चचाथ

हम इस अध्याय

में कर रहे है . लेककन यह ध्यान रखे

कक यह केन्द्रीय त्रबक्री कर के स्र्ान पर

लगने वाला कोई नया कर

(एस.जी.एस.टी. एवं सी.जी.एस.टी. के

अततररक्त तीसरा कर)नहीं है बजकक एक ऐसा तंत्र है जजसके जररये दो राज्यों के बीच हुए व्यापार पर नजर रखी जा सके एवं यह भी सुतनजश्चत ककया जा सके कक कर का एक हहस्सा उस राज्य को

लमले जहा​ाँ अंततम उपभोक्ता तनवास करता है और दस ू रा हहस्सा केंद्र सरकार को .

जी.एस.टी. के तहत सूचना तकनीकी की सहायता से एक ऐसा

तंत्र र्वकलसत ककया जाएगा जजससे दो राज्यों के मध्य माल एवं सेवा के अंतरप्रांतीय व्यापार

पर तनगरानी भी रखी जा सके एवं यह भी

सुतनजश्चत ककया जा सके कक “कर” का एक भाग को कक राज्यों को जाना है वह

अंततम उपभोक्ता के राज्य को ही लमले

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 15

.


यहा​ाँ ऊपर पहले ही यह बताया जा चक ु ा है कक यह केन्द्रीय

त्रबक्री कर की जगह लगने वाला कोई नया कर नहीं है लेककन यह

“आई.जी.एस.टी.” भी उद्योग एवं व्यापार के ललए प्रकक्रयात्मक उलझाने तो बढाने वाला ही है . आइये दे खे कक यह आई.जी.एस.टी. मॉडल ककस तरह से काम करे गा :(i). अंतरप्रांतीय व्यापर के दौरान त्रबक्री करने वाला डीलर अपने खरीददार से आई.जी.एस.टी. के रूप में एक कर एकत्र कर केन्द्रीय सरकार के खजाने में जमा कराएगा. इस कर की दर एस.जी.एस.टी. एवं सी.जी.एस.टी. की दर को लमलाकर बनेगी. उदाहरण के ललए मान लीजजये कक एस.जी.एस.टी. की दर 9 प्रततित है एवं सी.जी.एस.टी. की दर भी 9 प्रततित है तो आई.जी.एस.टी. के रूप में जमा कराया जाने वाला कर 18 प्रततित की दर से केंद्र सरकार के खजाने में जमा कराया जाएगा.

(ii). अपना आई.जी.एस.टी. जमा कराते समय र्वक्रेता अपने द्वारा इस माल ,को जो कक उसने अंतरप्रांतीय त्रबक्री के दौरान बेचा है , की खरीद पर चुकाए गये एस.जी.एस.टी. एवं सी.जी.एस.टी. की इनपुट क्रेडडट लेगा.

(iii) . र्वक्रेता का राज्य इस त्रबक्री ककये गए माल के सभबन्ि में र्वक्रेता ने जो र्वक्रेता राज्य में भुगतान ककये गए एस.जी.एस.टी.की क्रेडडट ली है उतनी रालि केंद्र सरकार के खजाने में हस्तांतररत कर दे गा.

(iv). अंतरप्रांतीय त्रबक्री के दौरान खरीद करने वाला क्रेता, जब भी यह माल बेचेगा तो अपनी आई.जी.एस.टी की इनपुट क्रेडडट

क्रमिः आई

.जी.एस.टी. , सी.जी.एस.टी. या एस.जी.एस.टी.(इसी क्रम में ) के जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 16


भग ु तान की जजभमेदारी में

से लेने का हक़ होगा .

(v). जजतनी रालि की इनपुट क्रेडडट अपनी एस.जी.एस.टी. चुकाते

समय उपभोक्ता राज्य का व्यापारी आई.जी.एस.टी. में से लेगा उतनी रकम केंद्र उपभोक्ता राज्य के खाते में हस्तांतररत कर दे गा इस तरह आई.जी.एस.टी. की इनपट ु क्रेडडट क्रेता की

जजभमेदारी में से ले

आई.जी.एस.टी. की भग ु तान

सकता है और ऐसी कोई जजभमेदारी

खरीददार की नहीं है तो इसका इनपुट सी.जी.एस.टी. की जजभमेदारी

में से लेगा और उसके बाद भी आई.जी.एस.टी. की क्रेडडट बच जाती है तो उसे

एस.जी.एस.टी. के तहत भी ललया जा सकता है .

इस प्रकार एस.जी.एस.टी. के रूप में लमलने वाला पूरा राजस्व अंतरप्रांतीय व्यापार

के दौरान भी उपभोक्ता राज्य को ही लमल

जाएगा. यही जी.एस.टी. का लसद्िांत भी है जजसके अनुसार जी.एस.टी. के कुल कर का एक हहस्सा केंद्र सरकार को जाएगा एवं दस ू रा कर उस राज्य को जाएगा जजस राज्य में वस्तु या सेवा का उपभोग होता है .

आई. जी.एस.टी. ककस तरह कायथ करे गा – एक सरल उदाहरण आई.जी.एस.टी. त्रबक्री के ललए ट्रांजेक्िन प्रर्म र्वक्रेता x मुंबई – 10 लाख रूपये जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 17

मुंबई के ही y को .


द्र्वतीय र्वक्रेता – Y मंब ु ई 10.50 लाख रूपये राजस्र्ान के Z को .

तत ृ ीय र्वक्रेता – Z राजस्र्ान 11 लाख रूपये राजस्र्ान में ही उपभोक्ता

को.

1. पहला ट्रांजेक्िन राज्य के भीतर है . 2. दस ू रा ट्रांजेक्िन अन्तर प्रान्तीय है (IGST) 3. तीसरा ट्रांजेक्िन राज्य के भीतर है .

ककपना कीजजये जी.एस..टी. की दर 18 % है जजसमे से 9% प्रततित सी.जी.एस.टी. है और 9% एस.जी.एस.टी. है . इस

तरह

से

आई.जी.एस.टी.

की

दर

18%

होगी

जो

कक

एस.जी.एस.टी. और सी.जी.एस.टी. को जोड कर होती है . जी.एस.टी. के दौरान सी.एस.टी. अर्ाथत केन्द्रीय त्रबक्री कर का कोई अजस्तत्व नहीं है और इसकी घोषणा पहले ही कर दी गई र्ी . आइये अब हम समझाने की कोलि​ि करें कक केन्द्रीय त्रबक्री कर क्या है और यह वेट एवं इसके बाद जी.एस.टी.की राह बािा

में क्यों एक

माना जाता रहा है . जी.एस.टी. से पहले केन्द्रीय त्रबक्री कर

तनमाथता राज्यों के राजस्व का एक बहुत बड़ा हहस्सा है . जब वषथ 2006 में राज्यों में वेट लागू ककया गया र्ा तब केन्द्रीय त्रबक्री कर अर्ाथत सी.एस.टी. को सबसे बड़ी बािा माना गया र्ा और यह वादा ककया गया र्ा कक प्रत्येक वषथ एक प्रततित से इस दर को थगराकर अंत में इस कर को समाप्त कर हदया जाएगा लेककन यह वादा पूरा नहीं ककया गया और जी.एस.टी. लागू होने के ठीक पहले तक अर्ाथत 30 जन ू 2017

भी यह दर दो प्रततित पर कायम

र्ा और इसके सार् ही केन्द्रीय त्रबक्री कर पर एकत्र ककये जाने वाले

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 18


सी- फॉमथ की समस्या से परू ा ही व्यापार एवं उद्योग जगत परे िान र्ा.

आइये पहले समझ ले कक केन्द्रीय त्रबक्री कर क्या है क्यों कक आम तौर पर इसका नाम यह संकेत दे ता है कक यह केंद्र सरकार द्वारा लगाया गया एक कर है जब कक सच्चाई यह है कक यह त्रबक्री

करने वाले राज्य द्वारा दो राज्यों के मध्य होने वाले व्यापार पर वसूल ककया जाने वाला कर र्ा

और दे ि के र्वकलसत राज्य जजन्हें

हम तनमाथता राज्य भी कह सकते है इस कर से काफी राजस्व एकत्र करते र्े . जी.एस.टी. एक अंततम त्रबंद ु पर अंततम उपभोक्ता पर लगने

वाला कर है अत; केन्द्रीय त्रबक्री कर का इसमे कोई स्र्ान नही है

और इससे र्वकलसत राज्यों अर्ाथत त्रबक्री करने वाले राज्यों के राजस्व पर भी नकारात्मक प्रभाव पडेगा जजसके बारे में भी केंद्र को इन राज्यों को राजस्व हातन की भरपाई करनी पड़ेगी.

जी.एस.टी. के दौरान केन्द्रीय त्रबक्री कर अर्ाथत सी.एस.टी. की समाप्ती सारे दे ि के डीलसथ को बहुत बड़ी राहत लमलने वाली है लेककन इसी प्रकार की त्रबक्री पर आगे एक और कर प्रणाली के तहत कर लगने वाला है and Service Tax

जो कक

आई.जी.एस.टी.- integrated Goods

के नाम से लग रहा है और अब

व्यापार के दौरान त्रबक्री /सप्लाई

अंतराथजीय

डीलसथ को IGST कर प्रणाली का

पालन करना होगा . अंतराथजीय त्रबक्री के दौरान C-forms की जरुरत तो समाप्त हो गई है लेककन ऐसा कोई आश्वासन हमारे कानून तनमाथता रोड परलमट के बारे में नहीं दे सके है और अब जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 19

रोड परलमट की जगह

ई-वे त्रबल


Electronic Way bill जारी करने होंगे जजसका अध्ययन हम आगे के अध्याय में करें गे. इसके अततररक्त जी.एस.टी.त्रबक्री पर नहीं बजकक सप्लाई पर लगेगा इस प्रकार ब्ांच और डडपो ट्रान्सफर भी कर के दायरे में आ जायंगे और माल बेचने और त्रबक्री के ललए भेजने के बीच का अंतर समाप्त हो गया है . इस प्रकार सी- फॉमथ (C-form) की तरह ही एफ -फॉमथ (F-form) भी समाप्त हो गए हैं .

आई.जी.एस.टी. ककस तरह से कायथ करे गा कर की दरें उदहारण के ललए S.NO. DESCRITOPN

RATE OF TAX

1.

एस.जी.एस.टी.

9%

2.

सी.जी.एस.टी.

9%

3.

आई .जी.एस.टी.

18%

(1+2)=

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 20


र्वलभन्न डीलसथ का कर दातयत्व क्र.स. 1.

र्ववरण प्रर्म

र्वक्रेता x मुंबई

S.G.S.T.

CGST

IGST

(9%)

(9%)

(18%)

90000.00 90000.00

NA

–

ररमाकथ पहला

ट्रांजेक्िन राज्य

10 लाख

के

भीतर है .

रूपये मंब ु ई

Y

Less:इनपुट X

NIL

NIL

का 90000.00 90000.00

कर जमा 2.

द्र्वतीय

NA

NA

र्वक्रेता – Y

NA NA 189000.00 दस ू रा

ट्रांजेक्िन

मुंबई

अन्तर

10.50

प्रान्तीय

लाख

है

(IGST)

रूपये राजस्र्ान के Z को . Less:-

NA

इनपट ु जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 21

NA

180000.00 IGST (SGST

अपने

मे खरीदे


90000.00 +

गये माल पर

CGST चुकाये

हुये 90000.00) SGST एवम CGST

का

इनपट ु

लमल

जाता है . Y

का NA

NA

9000.00

कर जमा 3.

Z

99000.00 99000.000 NA

तीसरा

राजस्र्ान

ट्रांजेक्िन

11 लाख

राज्य

रूपये

भीतर है .

के

राजस्र्ान में

ही

उपभोकता को Less:-

90000.00 99000.00

इनपुट

NA

Z की IGST इनपुट

लाख है

1.89 उसे

IGST,CGST और

इसके

बाद

बची

रकम

को

SGST

के

सार् जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 22

इसी


क्रम इनपुट

में लेना

है . Z

का 9000.00

NIL

NA

जमा कर ये तो एक उदहारण हुआ कक ककस तरह से एक राज्य से दस ू रे राज्य को होने वाले व्यवहार पर आई.जी.एस.टी. डीलसथ पर ककस तरह से लगेगा . आइये जब हम इसका अध्ययन कर ही रहें है तो यह भी दे ख ले कक यह कर प्रणाली अर्ाथत आई.जी.एस.टी. ककस तरह राज्यों के और केंद्र के राजस्व को प्रभार्वत ् करे गी :-

राज्य और केन्द्र के मध्य रकम का ट्रान्सफर क्र.स. 1.

र्ववरण

रकम

र्वक्रेता राज्य उस रकम को केंद्र को 90000.00 ट्रान्सफर करे गा जो की उसके डीलर

ने आई.जी.एस.टी. .का भुगतान करते समय एस.जी.एस.टी. की क्रेडडट ली है

. यहा​ाँ Y ने अपना आई.जी.एस.टी. चक ु ाते

समय

90000.00

का

एस.जी.एस.टी. का क्रेडडट ललया है जो की र्वक्रेता राज्य के खजाने में चला जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 23


गया है जो कक जी.एस.टी.कानून के तहत उसका राजस्व नहीं है . 2.

केंद्र क्रेता राज्य को उस रकम का 90000.00 ट्रान्सफर दे गा जो कक क्रेता राज्य के

डीलर ने अपना एस.जी.एस.टी. चक ु ाते समय अपने द्वारा भुगतान ककये गए आई.जी.एस.टी. का क्रेडडट ललया है

और इस तरह् से क्रेता राज्य का राजस्व केंद्र के खजाने में चला गया र्ा लेककन यह रकम क्रेता राज्य का राजस्व का हहस्सा है .

IGST का केंद्र , र्वक्रेता राज्य और क्रेता राज्य के राजस्व पर प्रभाव

क्र.स.

IGST के प्रभावी पक्ष

1.

र्वक्रेता राज्य

2.

क्रेता राज्य

3.

केद्र सरकार र्वक्रेता राज्य

क्र.स.

र्ववरण

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 24

कर –SGST

ररमाकथ


1.

कर की रकम जो कक 90000.00

CGST

प्रर्म र्वकताथ X ने

IGST राज्यों का

जमा कराई .

र्वषय नहीं है अत: यहा​ाँ

नहीं

गया है . Less:

-

र्वक्रेता 90000.00

NA

राज्य उस रकम को 2.

केंद्र

को

ट्रान्सफर

करे गा जो कक उसके डीलर

ने

आई.जी.एस.टी.

.का

भग ु तान करते समय एस.जी.एस.टी.

की

क्रेडडट ली है . यहा​ाँ

Y

ने

अपना

आई.जी.एस.टी. चुकाते

समय

90000.00

का

एस.जी.एस.टी.

का

क्रेडडट ललया है जो

की र्वक्रेता राज्य के खजाने में चला गया है . 3.

र्वक्रेता

राजस्व

राज्य

का NIL

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 25

NA

एवंम

ललया


Note- जी.एस.टी. एक उपभोक्ता राज्य को लमलने वाला कर है अत; यहद जजस राज्य में माल त्रबका है उस राज्य में इसका उपभोग नहीं होता है तो र्वक्रेता राज्य को कोई कर नहीं लमलेगा. क्रेता राज्य – उपभोक्ता राज्य क्र.स. र्ववरण 1.

SGST

ररथमाकथ

क्रेता राज्य के डीलर 9000.00

CGST

द्वारा

IGST राज्यों का

गया

जमा

कराया

SGST .

और

र्वषय नहीं है अत: यहा​ाँ िालमल नहीं है .

Add-

केंद्र

क्रेता 90000.00

राज्य को उस रकम का

ट्रान्सफर

दे गा

जो कक क्रेता राज्य के डीलर ने अपना एस.जी.एस.टी. चुकाते समय अपने द्वारा भुगतान ककये गए

आई.जी.एस.टी.

का क्रेडडट ललया है और

इस

क्रेता राजस्व

तरह्

से

राज्य

का

केंद्र

के

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 26

NA


खजाने में चला गया र्ा . क्रेता

राज्य

का 99000.00

NA

राजस्व Note: - क्रेता राज्य के उपभोक्ता की खरीद की कीमत 11.00 Lakhs @ 9% है इस तरह से इस राज्य का राजस्व Rs.99000.00 हुआ जो कक ऊपर ललखी गणना के अनुसार भी आ रहा है . केंद्र सरकार क्र.स. र्ववरण 1.

CGST

CGST की रकम 90000.00 जो

कक

IGST NIL

कुल रकम

90000.00

र्वक्रेता

राज्य

के

उस

डीलर

ने

जमा

कराई जजसने इस उदहारण

के

प्रर्म

डीलर

को माल बेचा र्ा . 2.

IGST

जो

की NIL

इस उदहारण के र्वक्रेता राज्य के

डीलर Y ने जमा कराया र्ा . जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 27

9000.00

9000.00


3.

कुल रकम

90000.00

Add:-

9000.00

99000.00

NA

90000.00

NA

NA

189000.00

केंद्र NA

NA

90000.00

र्वक्रेता NA

राज्य उस रकम को

केंद्र

को

ट्रान्सफर

करे गा

जो कक

उसके

डीलर

ने

आई.जी.एस.टी. .का

भग ु तान

करते

समय

एस.जी.एस.टी. की क्रेडडट ली है .

Y

यहा​ाँ

अपना

ने

आई.जी.एस.टी. चुकाते

समय

90000.00

का

एस.जी.एस.टी. का क्रेडडट ललया है जो की र्वक्रेता राज्य के खजाने में चला गया है . Total Less

-

क्रेता

राज्य

को

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 28


उस

रकम

का

ट्रान्सफर दे गा जो कक

क्रेता

के

राज्य

डीलर

ने

अपना एस.जी.एस.टी. चुकाते

समय

अपने

द्वारा

भुगतान

ककये

गए

आई.जी.एस.टी. का क्रेडडट ललया है और इस तरह् से क्रेता राज्य का राजस्व खजाने

केंद्र

में

के चला

गया र्ा . Result-केंद्र सरकार

NA

NA

99000.00

का

राजस्व Note: - क्रेता राज्य के उपभोक्ता की खरीद की कीमत 11.00 Lakhs @9% है इस तरह से इस तरह से केंद्र

का राजस्व

Rs.99000.00 हुआ जो कक ऊपर ललखी गणना के अनस ु ार भी आ रहा है . इस तरह से आई.जी.एस.टी. का यह चक्र पूरा होता है . जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 29


*

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 30


अध्याय –3 जी.एस.टी. ररटनथस GST – RETURNS जी.एस.टी. को लेकर जो सबसे महत्वपण ू थ प्रकक्रया का जो आपको पालन करना होगा वह है जी.एस.टी. के ररटनथ भरना . प्रकक्रया सभबन्िी राहत जी.एस.टी. कौंलसल की 18 जन ू 2017 तारीख की मीहटंग में यह तय ककया गया है कक प्रारभभ के दो माह में ररटनथ भरने की प्रकक्रया में

र्ोड़ी ढ़ील दी जाए और पहले दो माह में मलसक ररटनथ में केवल आउटपट ु और इनपट ु की समरी एक नए ररटनथ GSTR- 3B में दे कर एवं टै क्स जमा कर कर ही ररटनथ भरना होगा और खरीद और त्रबक्री

के र्वस्तत ृ ररटन्सथ बाद में भरे जायंगे . इसके ललए भारत सरकार ने

अथिसूचना भी जारी कर दी है . यह दो माह की स्कीम तनभन प्रकार से भरे जायंगे :महीना

जी.एस.टी.आर.- जी.एस.टी.आर.- जी.एस.टी.आर 3 बी

1

-2

जुलाई 2017

20 अगस्त

1 से 5

6 से दस

लसतभबर

लसतभबर

अगस्त 2017

20 लसतभबर

16 से 20

21 से 25

लसतभबर

लसतभबर

अभी

प्रारजभभक दो माह के ललए यह छुट दी गई है .

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 31


आइये आज इस अध्याय में

जी.एस.टी. के ररटनथ भरने की प्रकक्रया

के बारे में बात करते है और इसमें सबसे पहले चचाथ करें गे उन करदाता की जो कक सामान्य करदाता है अर्ाथत वे करदाता जो सामान्य रूप से जी.एस.टी. का कर भग ु तान करें गें और जजन्होंने

कभपोजीिन कर भुगतान का र्वककप नहीं ललया है . अथिका​ाँि डीलसथ

जी.एस.टी. के तहत इसी श्रेणी में आयेंगे अत: सबसे पहले इसी श्रेणी के ललए ररटनथ की चचाथ करते है :कुल ककतने ररटनथ होंगे

आपको प्रत्येक माह तीन ररटनथ भरने होंगे जो परू ी तरह से एक दस ु रे

से अलग होंगे लेककन इनमें से पहले ररटनथ से दस ू रा ररटनथ अपने आप बनेगा और तीसरा एवं मालसक ररटनथ पहले और दस ू रे ररटनथ से अपने आप बनेगा.

सरकार के द्वारा यह ररटनथ जो माह समाप्त होने की 10 तारीख , 15 तारीख और 20 तारीख को मालसक आिार पर भरने है को केवल एक ही ररटनथ बताया जा रहा है जो तकनीकी आिार पर तो त्रबलकुल सही है क्यों कक त्रबक्री या सप्लाई के ररटनथ जो कक 10 तारीख तक भरना है से उनके खरीददारों के ररटनथ के ररटनथ में उनकी खरीद अपने –आप चली जायेगी. लेककन यह एक आदिथ जस्तर्ी है जजसमें सभी र्वक्रेता प्रर्म 10 हदन में अपने ररटनथ भर दें गे और यहद ऐसा नहीं होता है तो कफर खरीददार को अपना खरीद का ररटनथ स्वयं बनाना

होगा और यहद र्वक्रेता ने अपना ररटनथ सही नहीं भरा है तो भी खरीददार को अपना ररटनथ स्वयम ही अपने ररकॉडथ के अनुसार भरना होगा इसके अततररक्त उन्हें अपने सभी र्वक्रेताओं के द्वारा भरे जाने

वाले ररटन्सथ से अपने ररटनथ में आयी या नहीं आयी खरीद को चेक जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 32


कर सही करना होगा एवं जो एंट्रीज़ छूट

गई है उन्हें भे दजथ करना

होगा.

तो आइये पहले हम यह दे खें कक ये तीन ररटनथ कौनसे होंगे एवं कक अवथि में पेि करने होंगे :-

ररटनथ का नाम

र्ववरण

कब तक पेि करना है

GSTR-1

मालसक त्रबक्री का र्ववरण

अगले

माह

की

10

तारीख तक –मालसक GSTR-2

मालसक खरीद का र्ववरण

अगले

माह

की

15

तारीख तक (10 तारीख के पव ू थ यह ररटनथ नहीं भरा

जा

सकता

है

अर्ाथत इसे आपको 10 से 15 तारीख के बीच भरना है )- मालसक GSTR-3

मालसक कर का ररटनथ

अगले

माह

की

20

तारीख तक- मालसक GSTR-9

वार्षथक ररटनथ

र्वत्तीय वषथ की समाप्ती के

बाद

31

हदसभबर

तक- वार्षथक GSTR-4

कभपोजीिन डीलसथ का

त्रैमास समाप्त होने के

त्रैमालसक ररटनथ

के बाद वाले माह की 18

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 33

तारीख

तक

–


त्रैआलसक GSTR-9A

कभपोजीिन डीलर का

र्वत्तीय वषथ की समाप्ती

वार्षथक ररटनथ

के

बाद

31

हदसभबर

तक- वार्षथक इस प्रकार आप दे खेंगे कक कुल परू े वषथ में आपको एक वार्षथक ररटनथ को लमलाते हुए कुल 37 ररटनथ भरने होंगे . इसके आपको हर माह के बाद 10 हदन ,15 हदन एवं 20 हदन लमलेंगे और इस प्रकक्रया का पालन आपको हर माह करना होगा. एक माह में जो तीन ररटनथ भरने है उन्हें भरने की तारीखें भी अलग –अलग है और ककस तरह से इन्हें भरना है यह भी हम आगे बता रहें है . अब आगे हम दे खेंगे कक ये तीनों मालसक ररटनथ ककस तरह भरे जाएंगे

और यह ररटनथ सरकार द्वारा र्वकलसत जी.एस.टी.एन. नामक नेटवकथ पर भरना पडेगा और सभी कुछ सूचना तकनीक पर आिाररत होगा और जी.एस.टी. परू ा का परू ा सच ु ना तकनीक पर आिाररत होगा इसमें

कोई बहुत ज्यादा आश्चयथ की बात नहीं है क्यों कक इस समय सेंट्रल एक्साइज , सर्वथस टै क्स और अथिका​ाँि राज्यों में वेट भी इसी तकनीक पर अर्ाथत ऑनलाइन ही भरे जा रहे है . जी.एस.टी. पूरी तरह से सूचना तकनीक पर आिाररत होगा लेककन कफर भी आपको इससे जुड़े प्राविानों के पालन के ललए ना लसफथ काफी मेहनत करनी होगी बजकक समय की मजु श्कल सीमा का भी पालन करना होगा क्यों कक आपके ररटनथ पर ही आपके खरीददारों के

ररटनथ भी तनभथर है और आपके र्वक्रेताओं के ररटनथ पर आपका ररटनथ जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 34


तनभथर होगा. यहद आप अपना ररटनथ सही एवं समय पर नहीं भरते है तो आपके खरीददारों के ललए “लमसमैच” की समस्या पैदा होगी और यहद आपके र्वक्रेता अपना ररटनथ सही एवं समय पर नहीं भरते है तो आपके ललए लमसमैच की समस्या खड़ी हो जायेगी और जी.एस.टी. के दौरान आपको लमसमैच की समस्या को हल करने के ललए लसफथ दो माह का समय ही लमलेगा आर यहद इस अवथि में लमसमैच की समस्या हल नहीं हुई तो आपको यह कर जमा कराना होगा और इसकी पन ु : क्रेडडट आपको तभी लमलेगी जब आपका र्वक्रेता या सेवा प्रदाता इस समस्या को हल कर आपको की गई सप्लाई को अपने ररटनथ में हदखा दे . जी.एस.टी.एन आपकी रे हटंग तय करे गा आपके सही समय पर ररटनथ भरने , कर जमा कराने के आिार पर आपकी रे हटंग भी तय की जायेगी जजसे समय – समय पर अपडेट भी ककया जाएगा और यह रे हटंग (िारा 149 ) अन्य डीलसथ के दे खे जाने के ललए भी उपलब्ि रहे गी अत: आपके ललए यह ही उथचत होगा कक इन तनयमो का उथचत पालन करे ताकक आपके सार् व्यापार करने वाले वतथमान एवं भावी डीलसथ पर इसका अच्छा प्रभाव पड़े. आइये अब तीन मुख्य ररटन्सथ का अध्ययन करें जी.एस.टी.आर.-1 आउटवडथ सप्लाई का ररटनथ (िारा 37) जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 35


यह आपकी मालसक सप्लाई का ररटनथ होगा और इसमे आप द्वारा सप्लाई की गई माल एवं सेवाओं का जजक्र होगा. यहा​ाँ ध्यान रखे कक आप द्वारा जी.एस.टी. में रजजस्टडथ

डीलसथ

(कम्पोजीशन डीलसथ को सम्म्मललत करते हुए) को की गई सप्लाई चाहे वह राज्य के भीतर हो या दस ू रे राज्य के डीलर को है , का र्ववरण प्रत्येक त्रबल का अलग –अलग दे ना होगा इस र्ववरण में खरीददार का जी.एस.टी.एन नंबर भी दे ना होगा. इसके अततररक्त जो सप्लाई उपभोक्ता या अन-रजजस्टडथ डीलसथ को है उसका र्ववरण एक सार् दे ना होगा और इसकी र्वभाजन आपको कर की दर के हहसाब से करना होगा. लेककन

यहद

अन-रजजस्टडथ

को

की

गई

ककसी

एक

त्रबल

से

अन्तरप्रान्तीय (एक राज्य से दस ू रे राज्य को ) सप्लाई 2.50 लाख रूपये से अथिक है तो उसकी र्वगत (र्ववरण) भी आपको त्रबल सहहत दे नी होगी. इसके अततररक्त यहद आप राज्य के बाहर त्रबक्री करते है और इस त्रबक्री में से 2.50 लाख रूपये से अथिक के त्रबल की छोड़ते हुए (जजसकी त्रबल सहहत र्वगत आप ऊपर ललखे अनुसार दे रहें है ) त्रबक्री की सामूहहक र्वगत आपको “राज्य वार” दे नी है अर्ाथत ककस राज्य के डीलर को आपने ककतनी त्रबक्री की है और इसका कर ककतना बना है इसकी राज्यवार र्वगत दे नी होगी . आप जो सप्लाई इस ररटनथ में जी.एसटी.में रजजस्टडथ डीलसथ को लेकर भरें गे वो स्वत: ही जी.एस.टी.एन. नेटवकथ के जररये आपके खरीददार डीलर के जी.एस.टी.आर -2 ररटनथ के एक भाग में आ जायेगी जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 36

.


इस ररटनथ को भरते समय आपको HSN Code भी भरना होगा लेककन यह ककन डीलसथ को भरना होगा इसका अध्ययन हम आगे करें गे. यह ररटनथ आपको महीना समाप्त होने के 10हदन के भीतर भरना होगा.यहा​ाँ यह र्विेष रूप से ध्यान रखें कक यहद आप 10 तारीख तक यह ररटनथ नहीं भरते हैं तो कफर आप यह ररटनथ अब आप 16 तारीख को या उसके बाद ही भर पायेंगे क्यों कक 11 तारीख से 15 तारीख तक आपके खरीददार आपके द्वारा भरी गई त्रबक्री/सप्लाई ररकोडथ से जांच

की अपने

कर उसे स्वीकार /अस्वीकार/ संिोथित करें गे और

इसी कारण से उन 5 हदंनों के ललए जी.एस.टी.आर.-1 भरने की सर्ु विा बंद कर दी जायेगी. जी.एस.टी.आर.-2 इनवडथ सप्लाई का ररटनथ िारा 38 जो सप्लाई की र्वगत जी.एस.टी.आर.-1 में आप वह आपके खरीददार के खरीद के र्ववरण ररटनथ

के एक भाग में

द्वारा भरी गई है

जी.एस.टी.आर -2 नामक

अपने –आप ही आ जायेगी .इसी तरह मान

लीजजये कक आपके र्वक्रेताओं ने जो आपको की त्रबक्री की र्वगत अपने जी.एस.टी.आर.-1 में भरी है वो आपकी खरीद के जी.एस.टी.आर -2 नामक

ररटनथ के एक भाग में अपने-आप आ जाएगी .

अब क्रेता अपने ररटनथ में अपने आप आई हुई खरीद की र्वगत की जांच अपने ररकॉडथ से करे गा और यहद सही होगी तो इसे अनम ु ोहदत जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 37


अर्ाथत मंजूर कर दे गा

और यहद क्रेता के हहसाब से यह गलत/फकथ

होगा तो वह इसमें आपने ररकॉडथ के अनुसार पररवतथन कर दे गा या और भी त्रबक्री जो र्वक्रेता ने नहीं हदखाई है या अभी तक र्वक्रेता ने ररटनथ ही नहीं भरा है तो क्रेता यह खरीद भी अपने ररटनथ में

जोड़

सकता. यह कायथ क्रेता को माह समाप्त होने के बाद अगले माह की 11 तारीख से प्रारभभ कर 15 तारीख तक करना होगा. क्रेता जो पररवतथन र्वक्रेता के द्वारा भरे गए जी.एस.टी.आर.-1 से प्राप्त सूचना में पररवतथन करे गा उसकी सुचना र्वक्रेता के पास इसी

पोटथ ल पर उसके जी.एस.टी.आर -1A के जररये पहुचें गी और यहद र्वक्रेता भी इसे मान लेता है तो इससे उसका जी.एस.टी.आर -1 इस पररवतथन तक संिोथित हो जाएगा.

र्वक्रेता उसी माह की, जजसमे ररटनथ भरना ऊपर बताया गया है , कक 17 तारीख तक क्रेता द्वारा ककये गए पररवतथन को अप्रव ू करे सकेगा और वह ऐसा नहीं करता है तो एक लमसमैच ररपोटथ जारी हो जायेगी और आपके क्रेता को परे िानी होगी . जी.एस.टी.आर.-3 मालसक ररटनथ िारा 39 जी.एस.टी.आर-1 एवं जी.एस.टी.आर.-2 भरने के बाद 20 तारीख तक जी.एस.टी.आर.-3 के रूप में एक मालसक ररटनथ भरना होगा जजसमे करदाता उसके आउटपुट में से इनपुट घटाने के बाद मालसक कर का तनिाथरण करने के बाद उसे जमा करते हुए र्ववरण दे गा. जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 38


आइये दे खें की इस ररटनथ जी.एस.टी.आर.-3 में हदए गए आंकड़े ककस तरह से भरे जायेंगे :पाटथ

–A

:-

इस

ररटनथ

का

पाटथ

–A

जी.एस.टी.आर.

1

एवं

जी.एस.टी.आर-2 के आिार पर स्वत: ही भरा हुआ होगा. जजसमे आपकी इनपुट और आउटपुट क्रेडडट होगी . पाटथ –B :- इसमें टै क्स , ब्याज एवं पेनाकटी की र्वगत होगी जो कक

आपके केि और आई.टी.सी. लेजर से स्वत: ही आ जायेगी . केि और आई.टी.सी. लेजर में डीलर की इनपट ु क्रेडडट एवं जमा कराये गए कर का र्ववरण होगा.

अब आप स्वयं सोच ले कक आपके ररटनथ पर आपके सभी खरीददारों के ररटनथ तनभथर है और उसी तरह से आपके र्वक्रेताओं के ररटनथ पर आपका ररटनथ तनभथर है तो अब ररटनथ भरते समय “समय सीमा” का पालन करना अतत आवियक हो जाएगा .

इस समय वेट के दौरान जो ररटनथ आप भरते है उनमे जजन राज्यों में त्रैमालसक ररटनथ है वहां वार्षथक ररटनथ को लमलाते हुए आप 5 ररटनथ भरतें है और जहां मालसक ररटनथ है वहां आप 13 ररटनथ भरतें है अब इन ररटनथ की संख्या 37 हो जायेगी . अभी तक आपको ररटनथ भरने के ललए 30 हदन से 60 हदन का समय हदया जाता है उसे भी घटा कर 10 हदन कर हदया गया है और इस पूरी प्रकक्रया के ललए आपको 20 हदन का समय हदया गया है . इसललए आप अभी से जी.एस.टी.की प्रकक्रयाओं के जाएाँ .

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 39

ललए तैयार हो


जी.एस.टी. के दौरान र्वलभन्न ररटनथ प्रस्तुत करने के फॉमथ एवं उनकी अंततम ततर्ी

क्र.सं. फॉमथ का र्ववरण

फॉमथ का

अंततम ततर्ी*

नाम 1.

त्रबक्री /सप्लाई का

GSTR-1

ररटनथ 2.

मालसक

खरीद /इनपुट का

GSTR-2

मालसक कर ररटनथ

GSTR-3

ररटनथ 3.

10 तारीख – 15 तारीखमालसक 20 तारीखमालसक

4.

कभपोजीिन का ररटनथ

GSTR-4

18 तारीखत्रैमालसक

5.

अतनवासी/ र्वदे िी

GSTR-5

20

6.

इनपट ु सर्वथस र्वतरक

GSTR-6

13 ताररख-

टी.डी .एस. ररटनथ

GSTR-7

7.

डीलर

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 40

तारीख-

मालसक मालसक

10 तारीख-


मासीक 8.

ई –कॉमसथ ररटनथ

GSTR-8

10 तारीखमालसक

9.

वार्षथक ररटनथ

GSTR-9

31 हदसंबरवार्षथक

10.

वार्षथक

GSTR-9-A 31 हदसंबर-

ररटनथ(कभपोजीिन

वार्षथक

डीलर ) 10.

अंततम ररटनथ *

GSTR-10

3 माह में

*अंततम ररटनथ

* रजजस्ट्रे िन तनरस्त होने या इस सभबन्ि में आदे ि होने की तारीख , जो भी पहले हो. ररटनथ भरते समय तनभनललणखत बातों का ध्यान रखें 1.जी.एस.टी. का जो पहला ररटनथ आप भरें गे उसमें आपको अपने र्पछले र्वत्तीय वषथ में जो टनथओवर ककया है उसका भी आंकडा दे ना होगा और इसके सार् इस वषथ के पहले ततमाही के टनथओवर का आंकड़ा दे ना होगा. यह र्ववरण आपको लसफथ एक ही ररटनथ अर्ाथत पहले ररटनथ में ही दे ना होगा . 2.यहा​ाँ ध्यान रखे कक आप द्वारा जी.एस.टी. में रजजस्टडथ

डीलसथ

(कम्पोजीशन डीलसथ को सम्म्मललत करते हुए) को की गई सप्लाई चाहे वह राज्य के भीतर हो या दस ू रे राज्य के डीलर को है , का र्ववरण प्रत्येक त्रबल का अलग –अलग दे ना होगा इस र्ववरण में खरीददार का जी.एस.टी.एन नंबर भी दे ना होगा. जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 41


3.इसके अततररक्त जो सप्लाई उपभोक्ता या अन-रजजस्टडथ डीलसथ को है उसका र्ववरण एक सार् दे ना होगा और इसकी र्वभाजन आपको कर की दर के हहसाब से करना होगा. 4.लेककन

यहद

अन-रजजस्टडथ को

की

गई

ककसी

एक

त्रबल

से

अन्तरप्रान्तीय (एक राज्य से दस ू रे राज्य को ) सप्लाई 2.50 लाख रूपये से अथिक है तो उसकी र्वगत (र्ववरण) भी आपको त्रबल सहहत दे नी होगी. 5.इसके अततररक्त यहद आप राज्य के बाहर त्रबक्री करते है और इस त्रबक्री में से 2.50 लाख रूपये से अथिक के त्रबल की छोड़ते हुए (जजसकी त्रबल सहहत र्वगत आप ऊपर ललखे अनुसार दे रहें है ) त्रबक्री की सामूहहक र्वगत आपको “राज्य वार” दे नी है अर्ाथत ककस राज्य के डीलर को आपने ककतनी त्रबक्री की है और इसका कर ककतना बना है इसकी राज्यवार र्वगत दे नी होगी . 6.आप जो सप्लाई इस ररटनथ में जी.एसटी.में रजजस्टडथ डीलसथ को लेकर भरें गे वो स्वत: ही जी.एस.टी.एन. नेटवकथ के जररये आपके खरीददार डीलर के जी.एस.टी.आर -2 ररटनथ जायेगी

के एक भाग में आ

.

7.इस ररटनथ को भरते समय आपको HSN Code भी भरना होगा लेककन यह ककन डीलसथ को भरना होगा उसके ललए तनभन प्राविान ककये गयी हैं :टनथओवर की रालि

HSN code की आवश्यकता

1.50 करोड़ तक

HSN

code

की

आवश्यकता

नहीं है 1.50 करोड़ से 5.00 करोड़ तक

2 अंको के HSN Code

5.00 करोड़ से ऊपर

4 अंको के HSN Code

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 42


HSN code के ललए र्पछले र्वत्तीय वषथ के टनथओवर को दे खते हुए तय ककया जाएगा र्पछले HSN code की जरुरत को तय ककया जाएगा.

अध्याय -4 जी.एस.टी. – कभपोजीिन स्कीम Composition Scheme

क्या हर लघु उद्योग एवं छोटा व्यापारी कभपोजीिन का लाभ ले सकता है ?

दे णखये कभपोजीिन स्कीम उन्ही डीलसथ के ललए व्यवहाररक होती है जो कक सीिे ही उपभोताओं को माल बेचते है . जो डीलसथ दस ू रे

डीलसथ को माल बेचते है उनके ललए कभपोजीिन स्कीम को कोई व्यवहाररक उपयोग

नहीं होता है क्यों कक कभपोजीिन डीलसथ द्वारा

बेचे गये माल पर “इनपट ु क्रेडडट” नहीं लमलती है . जी.एस.टी. के दौरान भी कभपोजीिन स्कीम होगी और यह व्यापारी जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 43


और तनमाथता दोनों के ललए होगी और इसके सार् ही रे स्टोरें टस ओनसथ भी इस स्कीम का लाभ ले सकेंगे.

यहा​ाँ आप ध्यान रखें कक कभपोजीिन स्कीम से सभबंथित प्राविान जी.एस.टी. के सभबन्ि में केद्र एवंम राज्यों दोनों के ही कानून की िारा 10 में हदए गए है और इस सभबन्ि में कभपोजीिन रूकस भी जारी कर नोहटफाई ककये जा चक ु े है आइये अब कभपोजीिन स्कीम को कुछ प्रश्नों के सार् र्वस्तार से जानने का प्रयास करें :प्रश्न :कभपोजीिन के ललए त्रबक्री/ टनथओवर की सीमा क्या होगी ? जीएस.टी. कभपोजीिन उन डीलसथ के ललए ही होगा जो ऊपर बताई ितों के अनुसार इस स्कीम के तहत आते है वे बीते हुए वषथ (र्पछले वषथ ) में 75 लाख रूपये से कम की त्रबक्री या टनथओवर करते है . र्वलिष्ठ श्रेणी के राज्यों के ललए यह सीमा 50 लाख रुपये है इन राज्यों की सथू च इसी अध्याय में आगे दी है .

यहद आपका टनथओवर बीते वषथ में 75 लाख रूपये से अथिक है तो आप इस स्कीम का लाभ नहीं ले सकते है . प्रश्न :-

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 44


हमारे राज्य में वेट कभपोजीिन की सीमा 75 लाख र्ी

और वषथ जो

31/03/2017 को जो साल समाप्त हुआ है उसमे हमारा टनथओवर 70 लाख रूपये र्ा और हम कभपोजीिन का लाभ ले रहे र्े. क्या अब भी हम जी.एस.टी. के दौरान कभपोजीिन स्कीम का लाभ ले सकेंगे ?

यहद आपके राज्य में वेट कभपोजीिन स्कीम की आथिकतम सीमा 75 लाख रूपये र्ी

(ऐसा मेरे स्वयं के राज्य राजस्र्ान में भी र्ा

)

और आपका टनथओवर 31/03/2017 को 70 लाख रूपये है और आपने कभपोजीिन स्कीम का लाभ ललया है तो अब भी

आप जी.एस.टी. के

दौरान कभपोजीिन स्कीम का लाभ ले सकते हैं . यहद आप र्वलिष्ठ श्रेणी के राज्य में है तो जभमू एवं कश्मीर एवं

उत्तराखंड को छोड़कर (इन दो राज्यों ने कभपोजीिन की सीमा 75 लाख रूपये ही रखी है ) यह सीमा 50 लाख रूपये है इसललए यहद आप इन राज्यों में से ककसी एक राज्य में रजजस्टडथ है तो आप इस सीमा में चाँ कू क नहीं आते है तो आप कभपोजीिान का लाभ नहीं ले सकते हैं.

प्रश्न:- हम अभी भी अपने क्या हमें जी.एस.टी. के

राज्य में

कभपोजीिन स्कीम में है अब

ललए भी कभपोजीिन का

होगा ?

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 45

आवेदन करना


कभपोजीिन के ललए आवेदन जी.एस.टी. प्रोर्वजनल रजजस्ट्रे िन के ललए तो आप आवेदन कर ही चक ु े होगें और अब

यहद

आप कभपोजीिन स्कीम के तहत जाना

चाहते है तो आपको इसके ललए जी. एस.टी . कॉमन पोटथ ल पर आवेदन करना होगा और यह आवेदन आप

जी.एस.टी. कानून लागू

होने के तीस हदन के भीतर एक फॉमथ GST CMMP-01 में ऑनलाइन करें गे और यह आपको 21 जल ु ाई 2017 तक करना है .

इसके ललए “तनयत ततर्ी” (appointed Date) से 30 हदन का समय हदया गया है और चूंकक जी.एस.टी. की िारा 10 (कभपोजीिन की

िारा ) 22 जून 2017 को ही अथिसूथचत कर दी गई र्ी इसललए इस आवेदन की अंततम तारीख भी 21 जल ु ाई 2017 होगी .

जो नये डीलर अपना जी.एस.टी. के दौरान रजजस्ट्रे िन करवा रहें है वे रजजस्ट्रे िन के आवेदन में ही कभपोजीिन का र्वककप ले सकेंगे और इसी मूल आवेदन में ही उन्हें इसके बारे में र्वककप हदया

गया है .

प्रश्न :-हम पहले से रजजस्टडथ है क्या कभपोजीिन स्कीम में जाने पर कोई और भी कोई ितें है जजनके कारण

हम जी.एस.टी. कभपोजीिन

स्कीम में नहीं जा सकते है ? यहद आप जी.एस.टी. लागू होने के पहले से रजजस्टडथ है

तो जजस

हदन जी.एस.टी. लागू होता है उस हदन आपके पास जो भी स्टॉक है उस स्टॉक में तनभन प्रकार की खरीद िालमल नहीं होने चाहहए :जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 46


- अंतरप्रांतीय खरीद अर्ाथत ककसी अन्य राज्य से खरीदा हुआ माल जजस हदन जी.एस.टी. लागू हो उस हदन स्टॉक में नहीं होना चाहहए .

- भारत के बाहर से खरीद अर्ाथत ककसी अन्य दे ि

से खरीदा

हुआ माल जजस हदन जी.एस.टी. लागू हो उस हदन स्टॉक में नहीं होना चाहहए . - राज्य के बाहर से अपनी ही ककसी ब्ांच या एजेंट या र्प्रंलसपल से प्राप्त माल जजस हदन जी.एस.टी. लागू हो उस हदन स्टॉक में नहीं होना चाहहए .

- अगर ककसी डीलर के पास स्टॉक है वह अन रजजस्टडथ डीलर से खरीदा गया है और वह कभपोजीिन में जाना चाहता है तो उसे िारा 9(4) के तहत ररवसथ चाजथ के तहत कर का भुगतान करना होगा .

इसी तरह की कुछ सीमाएं उन डीलसथ पर भी है जो जी.एस.टी. लगने के बाद रजजस्टडथ होकर कभपोजीिन में जाना चाहते है .

-वह एक केजुअल या नॉन रे जजडेंट डीलर नहीं होना चाहहए . -वह डीलर यहद कभपोजीिन के तहत रहना चाहता है तो उसे अपने अन-रजजस्टडथ डीलर से खरीद पर िारा 9(4) के कर का भुगतान ररवसथ चाजथ के आिार पर करना होगा .

(यहा​ाँ यह ध्यान रखे कक यहद कोई डीलर 5000.00 रूपये प्रततहदन की छुट का लाभ लेते हुए ररवसथ चाजथ का भुगतान नहीं करता है तो लेखक के र्वचार से उसे अपना कभपोजीिन का लाभ छोड़ना होगा क्यों कक कभपोजीिन का अर्थ है एक बार तो तनिाथररत दर से कर का जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 47


परू ा भग ु तान और उसके बाद कभपोजीिन कर का भग ु तान और इसी

कारण से लेखक की यह राय है कक इस प्रकार के डीलसथ यहद कभपोजीिन का लाभ लेना चाहते है तो उन्हें 5000 रूपये प्रततहदन का लाभ छोड़कर ररवसथ चाजथ के दौरान कर का भग ु तान करना होगा.

यहद ऐसा नहीं होता है तो कभपोजीिन डीलर परू े साल में लगभग 18 लाख रूपये का माल 1% कर की प्रभावी दर पर माल बेच सकेंगे चाहे

उस वस्तु पर कर की दर 5% , 12% , 18% या 28% ही क्यों नहीं है और व्यवहाररक रूप से कानन ू कभी भी यह स्वीकार नहीं करे गा

और इसी कारण से कभपोजीिन रूकस की िारा 5(1)(d) में भी इस सभबन्ि में व्यवस्र्ा भी की गई है .

इस सभबन्ि में एक्सपट्थस में र्ववाद है और राय भी अलग –अलग है

अत: सरकार की और से इस सभबन्ि में यहद कोई स्पष्टीकरण जारी होता है तो आप उसका इन्तजार कर सकते हैं लेककन इस संबंि में

लेखक की राय ऊपर दे दी गई है और उसके कारण भी हदए गए है . इस राय से सहमत होने से पहले आप सरकार के स्पष्टीकरण का इन्तजार करें .

प्रश्न :-राज्य के बाहर माल बेचने वाले

कभपोजीिन स्कीम का लाभ

ले सकेंगे ? जो डीलसथ एक राज्य से दस ू रे राज्य में “माल बेचते”

है वे

कभपोजीिन स्कीम के पात्र नहीं होंगे.

प्रश्न :-क्या कभपोजीिन स्कीम का लाभ तनमाथता भी ले सकते है ?

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 48


-हा​ाँ इस कभपोजीिन स्कीम के तहत तनमाथता भी िालमल हो सकते है और वे भी कभपोजीिन का लाभ ले सकते हैं . लेककन यहद सरकार चाहे तो, अथिसूचना के जररये , कुछ प्रकार के

तनमाथताओं को इस स्कीम से वंथचत कर बाहर कर सकती है और इस सभबन्ि में सरकार ने अथिसूचना जारी कर तनभनललणखत वस्तुओं के तनमाथण के डीलसथ को कभपोजीिन से बाहर रखा गया है :-

1.आइस क्रीम एवं खाने वाला बफथ कोको के सार् या कोको रहहत . 2.पान मसाला 3.तभबाकू एवं तभबाकु प्रोडक्ट

इन वस्तुओं के तनमाथता कभपोजीिन स्कीम का लाभ नहीं ले सकते है

प्रश्न :-कभपोजीिन कर की दर क्या होगी ? कभपोजीिन स्कीम के तहत कभपोजीिन कर की दरें तनभन प्रकार होंगी :डीलर का र्ववरण

सी.जी.एस.टी.

एस.जी.एस.टी.

(एस.जी.एस.टी. + सी.जी.एस.टी.

ट्रे डसथ

अर्ाथत

डीलसथ

जो

वे आिा प्रततित- आिा प्रततित- एक प्रततित -

लसफथ 0.50 प्रततित

0.50 प्रततित

1%

खरीद त्रबक्री करते है . ढाई प्रततित – ढाई प्रततित – पांच प्रततित जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 49


रे स्टोरें टस

2.50 प्रततित

तनमाथता

एक

2.50 प्रततित

प्रततित- एक

1 प्रततित

5%

प्रततित- दो प्रततित –

1 प्रततित

2%

प्रश्न :-क्या कभप्पोजीिन की यह दरें अंततम रूप से तय कर दी गई है ? हा​ाँ , कभपोजीिन की यह दरें इस समय अंततम रूप से तय है और इसके ललए नोहटकफकेिन भी जारी ककया जा चुका है .

प्रश्न :-कभपोजीिन के तहत आने वाले डीलसथ को अपने ररटन्सथ कबकब भरने होंगे ? कभपोजीिन डीलसथ को अपना ररटनथ तीन माह में एक बार भरना होगा एवं वषथ के अंत में उन्हें एक वार्षथक ररटनथ भरना होगा . इस आम जी.एस.टी. करदाता के एक वषथ में भरे जाने वाले 37 ररटन्सथ की जगह कभभपोजीिन डीलसथ को केवल 5 ररटन्सथ ही भरने होंगे. प्रश्न :-क्या सेवा क्षेत्र के ललए भी यह कभपोजीिन स्कीम लागू रहे गी ?

सेवा क्षेत्र के ललए कभभपोजीिन स्कीम उपलब्ि नहीं है लेककन एक ही अपवाद है और उसे ऊपर हमने रे स्टोरें ट सर्वथस के रूप में बताया है जो कक वास्तव ् में सर्वथस और माल के सप्लाई का लमथश्रत रूप है . इसके अलावा ककसी और सर्वथस पर यह कभपोजीिान स्कीम लागू नहीं है .

रे स्टोरें ट के केस में वे रे स्टोरें ट जजनका र्पलले वषथ में त्रबक्री / टनथओवर 75 लाख रूपये से कम वे कभपोजीिन का लाभ है और इस कभपोजीिन की अथिक्तम जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 50

ले सकते

दर सी.जी.एस.टी. को लेकर


2.50 प्रततित एवं एस.जी.एस.टी. को लेकर 2.50 प्रततित अर्ाथत कुल 5.00 प्रततित होगी . प्रश्न :-मेरा

एक जनरल स्टोर है जो अभी कभपोजीिन में है अब मैं

एक फैक्ट्री प्लान कर रहा हूाँ जजसका माल में राज्य के बाहर भी बेचूंगा . क्या मैं अपनी फैक्ट्री के ललए एक और जी.एस.टी. रजजस्ट्रे िन ले सकता हूाँ और एक और सवाल क्या मैं जी.एस.टी. के दौरान अपना जनरल स्टोर कभपोजीिन में चला सकता हूाँ.

हा​ाँ आप अपनी फैक्ट्री के ललए एक और रजजस्ट्रे िन ले सकते है जो कक जी.एस.टी. के दौरान एकपेन नंबर

पर एक से अथिक रजजस्ट्रे िन

लेने का प्राविान है यहद व्यापार अलग-अलग प्रकार के है . लेककन जी.एस.टी. के एक और प्राविान के अनुसार यहद आप

कभपोजीिन का लाभ लेना चाहते हैं तो आपके एक ही पेन नंबर पर जारी सभी रजजस्ट्रे िन पर कभपोजीिन ही होना चाहहए . आपके केस में आपकी फैक्ट्री , चाँ कू क राज्य के बाहर माल बेचने की श्रेणी में आती

है , अत; कभपोजीिन में नहीं आ सकती अत: आपका कोई भी व्यापार कभपोजीिन का लाभ नहीं ले सकता है .

प्रश्न :-यहद मेरे एक ही पेन पर जी.एस.टी. के दौरान दो व्यापार है तो क्या दोनों के ललए 75 लाख की अलग- 2 सीमा का लाभ लमल सकता है ?

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 51


यह 75 लाख की लललमट प्रतत व्यजक्त (Per Person) है अर्ाथत आप इसे “प्रनत पेन नंबर” ही माने इस प्रकार एक पेन नंबर पर जजतने भी व्यापार है उन सभी का टनथओवर जोड़ा जाएगा चाहे वे सभी व्यापार भारत के ककसी भी हहस्से में जस्तर् हो .

प्रश्न:--हमारा बीते वषथ ( र्पछले र्वत्तीय वषथ ) में टनथओवर 75 लाख रूपये र्ा तो हम जी.एस.टी. के दौरान कभपोजीिन के हकदार हो जाएाँगे . जजस वषथ हम कभपोजीिन का लाभ लें गे उस वषथ में भी इस लाभ की कोई टनथओवर सबंिी सीमा है ? जैसे ही इस वषथ आपका टनथओवर 75 लाख रूपये की रकम को क्रॉस करे गा उसी समय आपका कभपोजीिन का लाभ आगे के ललये समाप्त हो जाएगा और कफर आपको सामान्य जी.एस.टी. डीलर की तरह कर दे ना होगा . प्रश्न :- क्या कभपोजीिन डीलर को अपने त्रबल पर भी कुछ ललखना होगा ?

कभपोजीिन डीलर को अपने त्रबल पर “ Composition Taxable Person , Not Eligilbe To Collect Tax on Supplies” ललखना होगा . इसका हहन्दी अनव ु ाद हम यहा​ाँ दे रहे है जो कक आपको अपने त्रबल के ऊपर अतनवायथ रूप से

ललखना होगा :-

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 52


“कभपोजीिन कर

डीलर, कर एकत्रीकरण के योग्य नहीं”

इसके अततररक्त कभपोजीिन डीलर टै क्स इनवॉइस की जगह “त्रबल ऑफ़ सप्लाई” जारी करे गा एवं अपने त्रबल में ककसी भी तरह का कर वसल ू नहीं करे गा.

प्रश्न :- क्या कभपोजीिन डीलर को अपने व्यवसाय स्र्ल पर भी अपने कभपोजीिन डीलर होने की कक कोई सच ू ना दे नी होगी ?

हा​ाँ , कभपोजीिन डीलर को अपने व्यवसाय स्र्ल पर भी यह ललखना होगा कक वह एक कभपोजीिन डीलर है . इन डीलसथ को अपने साइन बोडथ पर “ composition dealer” ललखना होगा .

प्रश्न :-क्या हर वषथ कभपोजीिन

यहद ककसी वषथ में लाभ ले रहें है

के ललए आवेदन करना होगा ?

आप इसके योग्य है और कभपोजीिन स्कीम का

तो आने वाले वषथ में इसके ललए आवेदन करने की

आवश्यकता नहीं है . इस संभबंि में जारी प्राविानों का पालन करते हुए आप कभपोजीिन का लाभ आने वाले वषों तक ले सकते है . प्रश्न :-क्या वषथ के दौरान कभपोजीिन स्कीम से बाहर आ सकते हैं ? जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 53


जो भी डीलर इस स्कीम से बाहर आना चाहता है वह जी.एस.टी. कॉमन पोटथ ल पर GST CMP-04 फॉमथ भर कर बाहर आ सकता है .

प्रश्न :- क्या कभपोजीिन डीलसथ अन रजजस्टडथ से माल खरीद सकेंगे ? क्या कभपोजीिन डीलसथ को भी अन रजजस्टडथ डीलसथ से की गई खरीद पर ररवसथ चाजथ के तहत कर का भग ु तान करना होगा ? कभपोजीिन डीलसथ अन – रजजस्टडथ डीलसथ से माल भी खरीद सकेंगे

और सेवाएं भी ले सकेंगे और ऐसी खरीद पर उन्हें ररवसथ चाजथ के तहत कर का भग ु तान करना होगा.

ररवसथ चाजथ के तहत चुकाए गए इस कर के अततररक्त कभपोजीिन डीलसथ को कभपोजीिन कर का भग ु तान करना होगा.

क्या कर मुक्त माल की त्रबक्री पर भी कभपोजीिन कर का भुगतान करना होगा

हा​ाँ करमुक माल यहद कभपोजीिन डीलर के द्वारा बेचा जाता है तो उस पर भी उसे कभपोजीिन कर का भग ु तान करना होगा क्यों कक

कभपोजीिन कर के ललए जो िारा 10 के अनुसार कभपोजीिन कर जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 54


राज्य के टनथओवर पर लगना और िारा 2(112) में जो राज्य के टनथओवर की पररभाषा दी गई है उसके अनुसार राज्य के टनथओवर में कर मुक्त त्रबक्री भी िालमल है .

करमुक्त त्रबक्री पर ककसी भी तरह का टै क्स लगना आश्चयथ चककत कर सकता है लेककन कानन ू न जस्तर्ी यही है और यहद आप

कभपोजीिन स्कीम के तहत जी.एस.टी. में आते हैं तो आपको अपने सारे टनथओवर पर कभपोजीिन कर का भुगतान करना पडेगा .

यह एक र्ववादास्पद र्वषय है जजस पर सरकार को स्पष्टीकरण जारी करना चाहहए जजसका आपके सार् हमें भी इन्तजार रहे गा . ककन राज्यों में कभपोजीिन की सीमा 50 लाख रूपये है - तनभनललणखत राज्यों को यह अथिकार है कक वे अपनी कभपोजीिन की सीमा 50 लाख रुपये रख सकते हैं 1.अरुणाचल प्रदे ि 2.असम 3.मणणपरु

4.मेघालय 5.लमजोरम 6.नागालैंड 7.लसजक्कम 8.त्रत्रपुरा

9.हहमाचल प्रदे ि 10. जभमू एवं कश्मीर 11. उत्तराखंड

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इनमें से 9 राज्यों ने 50 लाख रूपये की सीमा ही रखी है है लेककन जभमू एवं कश्मीर तर्ा उत्तराखंड ने कभपोजीिन की सीमा सामान्य राज्यों की तरह 75 लाख रूपये ही सीमा रख है .

रे स्टोरें ट सर्वथसेज जो कभपोजीिन में रखी गई है उनका अर्थ क्या है ? जजन सेवाओं को कभपोजीिन के ललए स्वीकृत ककया गया है उसका

र्ववरण हम वह जैसा ललखा है वैसा ही अनस ु च ू ी 2 से दे रहे है कृपया इसे ध्यान से दे खें :-

Supply by way of or as part of any service or in other manner whatsoever , of goods being food or any other article for human consumption or any drink (other than alchoholic Liquor for human consumption), where such service or suppply is for cash , deferred payment or valuable consideration. आइये इसका हहंदी अनुवाद करने का प्रयास करें ककसी सेवा के द्वारा या उसके ककसी भाग के रूप में या ककसी अन्य प्रकार से वस्तु की सप्लाई जजसमें खाद्य या मानव उपभोग के ललए कोई वस्तु या कोई पेय ( मानव उपभोग के ललए महदरा को छोड़कर

) आता है ऐसी सप्लाई या सेवा रोकड़ , स्र्थगत भुगतान या मक ू यवान प्रततफल के रूप में की गई हो.

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सरकार इसे रे स्टोरें ट सर्वथसेज के रूप में प्रचाररत कर रही है लेककन जब आप फैसला करें तो यह दे ख लें कक जो पररभाषा इस सेवा की एक्ट में दी गई है एवं इसे ही रूकस में भी बताया गया है के तहत आप आते है तो आप कभपोजीिन का लाभ ले सकते है है . Restaurant का िाजब्दक अर्थ यह होता है :A place where people pay to sit and eat meals that are cooked and served on the premises. लेककन जो ऊपर पररभाषा दी गई है वह कुछ और है और उसका स्कोप भी अथिक है और यह केवल रे स्टोरें ट सर्वथस नहीं है .

कभपोजीिन डीलसथ ध्यान दें कभपोजीिन डीलसथ यहा​ाँ यह स्पष्ट रूप से ध्यान रखें कक केवल कभपोजीिन टै क्स का भुगतान करने से ही उनकी जजभमेदारी पूरी नहीं होती है उन्हें एक बार तो राज्य एवं केंद्र का परू ा कर भग ु तना ही होता है . आइये इसे समझ लें – कभपोजीिन डीलसथ दो तरह से

माल खरीद सकते है पहला रजजस्टडथ डीलसथ से , जो राज्य के भीतर भी हो सकता है या दस ू रे राज्य से और दोनों ही जस्तर्ी में

कभपोजीिन डीलर के त्रबल में या तो राज्य एवंम केंद्र का कर

लगा होगा या कफर आई.जी.एस.टी. इस प्रकार उनकी खरीद पर पूरा कर वसूला जायगा और उसके बाद उन्हें कभपोजीिन कर का भग ु तान करना होगा.

यहद कभपोजीिन डीलर अन-रजजस्टडथ डीलर से माल खरीदते है तो उन्हें ररवसथ चाजथ के तहत पूरा कर चुकाना होगा आर जैसा कक जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 57


आपको पता ही है कक कभपोजीिन डीलसथ को ककसी प्रकार की इनपुट

क्रेडडट नहीं लमलता है इसललए इस तरह से या त्रबल में

लगे हुआ कर उनके माल में लागत की तरह ही जुड़ग े ा और उसके बाद उन्हें कभपोजीिन कर का भग ु तान करना पडेगा. कभपोजीिन स्कीम उन्ही डीलसथ के ललए व्यवहाररक होती है जो कक सीिे ही उपभोताओं को माल बेचते है . जो डीलसथ दस ू रे

डीलसथ को माल बेचते है उनके ललए कभपोजीिन स्कीम को कोई व्यवहाररक उपयोग

नहीं होता है क्यों कक कभपोजीिन डीलसथ

द्वारा बेचे गये माल पर “इनपुट क्रेडडट” नहीं लमलती है .

और एक अंततम प्रश्न :- क्या कभपोजीिन डीलर राज्य के बाहर से माल खरीद सकेंगे ? हा​ाँ , अब तक जो राज्यों में कभपोजीिन स्कीभस लागू र्ी उनमें

कभपोजीिन डीलसथ राज्य के बाहर से माल नहीं खरीद सकते र्े और ऐसा केंद्रीय त्रबक्री कर के कारण होता र्ा . लेककन जीएस.टी.में अब कभपोजीिन डीलसथ राज्य के बाहर से माल खरीद सकेंगे.

लेककन एक बार कफर से आपको यह ध्यान हदला दें कक कभपोजीिन डीलसथ राज्य के बाहर माल नहीं बेच सकेंगे. ** अध्याय -5 जी.एस.टी. – प्रारजभभक स्टॉक की इन्पट ु क्रेडडट

GST- INPUT CREDIT ON OPENING STOCK

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 58


आइये दे खें कक जी.एस.टी. जजस भी हदन लागू होगा उस हदन

आपके पास जो सेनवेट / वेट की क्रेडडट का अंततम िेष होगा या

आपके आपस जो स्टॉक होगा उस पर चुकाए हुए कर जो कक स्टॉक की कीमत िालमल होगा उसकी कोई क्रेडडट जी.एस.टी. के तहत लमलेगी . आइये पहले यह समझने का प्रयास करें कक यह समस्या क्या है ताकक सरकार ने जो समािान इसका हदया है वह आपको समझ आ सके और अभी से आप इस स्टॉक के बारे आपको ककस तरह से इनपुट क्रेडडट लमलेगी एवंम इस बारे में आपको क्या सूचनाएं जी.एस.टी. पोटथ ल पर दे नी है . जो डीलर

वेट और सेंट्रल एक्साइज में रजजस्टडथ है उन्हें तो

यह क्रेडडट अपने अंततम ररटनथ के आिार पर ही लमल जायेगी लेककन िेष डीलसथ के ललए भी कुछ प्राविान ककये गए है ताकक उन्हें इस कर

प्राणाली पररवतथन के कारण कोई र्वतीय नुक्सान नहीं हो जी.एस.टी. के दौरान वे अपना स्टॉक प्रततस्पिाथ के बाजार में बेच सकें.

क्यों जरुरी है प्रारजभभक स्टॉक पर क्रेडडट उदाहरण के ललए आप मान लीजजये कक आप एक मोटर पाट्थस र्वक्रेता है और आपके पास कुल 10.00 लाख रूपये कीमत का स्टॉक है जजस पर केन्द्रीय उत्पाद िुकक एवं वेट दोनों ही लगा है .

अब आपका एक प्रततस्पिी डीलर 1 जुलाई 2017 (जी.एस.टी.

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 59


लगने की संभार्वत तारीख ) को यही माल सीिा ही तनमाथता से खरीदता है तो उस पर एस.जी.एस.टी. और सी.जी.एस.टी. दोनों लगे होंगे . उस डीलर

को जब वह माल बेचेगा तो उसके द्वारा चुकाए

हुए एस.जी.एस.टी. एवं सी.जी.एस.टी. की छूट अपना कर चक ु ाते समय लमल जायेगी और व्यवहाररक रूप से वह अपने “माजजथन” पर ही कर चुकाएगा. यही वेट और अब जी.एस.टी. की मूलभूत िारणा है और इस करारोपण का मूल है .

अब आपके पास जो स्टॉक है उसमे जो केन्द्रीय उत्पाद िक ु क

और/या

वेट जुडा है उसकी छूट आपको नहीं लमले और आपको अब

ग्राहक से प्राप्त ककया गया एस.जी.एस.टी. एवं सी.जी.एस.टी. पूरा का

पूरा ही चुकाना पड़े तो आपका माल 1 जुलाई 2017 को ख़रीदे गए माल के मक ु ाबले प्रततस्पिाथ में नहीं हटक पायेगा या कफर आपको इस

माल की त्रबक्री पर नुक्सान उठाना होगा. इसललए यह जरुरी है कक आपके 30 जून 2017 के स्टॉक में जो कर

(वेट और सेंट्रल

एक्साइज ) िालमल है कक छूट की कोई व्यवस्र्ा की जाए. इसी तरह जो आपके पास सेनवेट /वेट की क्रेडडट का जो अंततम िेष है जो कक आपने अपने अंततम ररटनथ में मा​ाँगा है वह भी आपको जी.एस.टी. के दौरान ककस तरह से समायोजजत ककया जाएगा यह भी हम दे खने का प्रयास करें गे. अब आपको जब यह समस्या समझ आ गई है तो दे खे हमारे

कानून तनमाथताओं ने इसके ललए क्या प्राविान ककये है ताकक आप

अपने पास जो भी स्टॉक है उसका समथु चत क्रेडडट ले सकें और इस सभबन्ि में वांतछत सूचनाएं भी जी.एस.टी. पोटथ ल पर समय रहते दजथ करवा सके .

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 60


इस सभबन्ि में प्राविान सी.जी.एस.टी. कानन ू के अध्याय 20

में िारा 140 में हदए गए है और

इसी तरह से प्राविान राज्यों के

एस.जी.एस.टी. कानून में भी है . इसललए हम यहा​ाँ सेंट्रल एक्साइज और वेट दोनों को सी.जी.एस.टी. और एस.जी.एस.टी. के पररप्रेक्ष में अध्ययन के ललए ले रहे है . राज्यों के एस.जी.एस.टी. कानून जो इस तरह की वेट की क्रेडडट

दें गे एवं केंद्र के सी.जी.एस.टी. के कानून जो अपने यहा​ाँ लगने वाले कर केन्द्रीय उत्पाद िक ु क आहद कक क्रेडडट दें गे वे एक से ही है इसललए हम दोनों अर्ाथत केन्द्रीय उत्पाद िुकक और वेट दोनों के बारे

में एक सार् ही बता रहें है . यहा​ाँ ध्यान रखें कक अभी आपकी वस्तु

करयोग्य है और जी.एस.टी. में करमुक्त घोर्षत हो जाती है तो आपको इस तरह का कोई लाभ इनपुट क्रेडडट का “नहीं” लमलेगा.

ये र्वषय र्ोड़ा मुजश्कल है अत: आप इसे इस समय केवल पढ़ें

और इसको समझने की कोलि​ि करें इसके सार् जड ु ी कुछ र्वसंगततयों

एवं कानूनी अडचनों के बारे में ज्यादा नहीं सोचे क्यों कक एक बार आपके इसका बेलसक समझ आ गया तो आगे का काम इसका पालन करना उतना मुजश्कल नहीं है .

आइये सच ू ीबद्ि तरीके से आपकी अंततम सेनवेट/वेट क्रेडडट और

प्रारजभभक स्टोक में जुडी इनपुट क्रेडडट आपको जी.एस.टी. के प्रारभभ

में ककस तरह से समायोजन लमलेगा और इसकी गणना ककस प्रकार से होगी :आप सेंट्रल एक्साइज/वेट में रजजस्टडथ है और आपका अंततम इनपुट

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 61

सेनवेट/वेट का


यह हमारी पहली जस्तर्ी है और ये सबसे आसान भी है र्ववरण

जी.एस.टी. के दौरान इनपुट क्रेडडट की रकम

जो

डीलसथ

(जी.एस.टी.

में जी.एस.टी. लगने के अंततम हदन

कभपोजीिन डीलसथ को छोड़कर ) तक सेंट्रल एक्साइज/वेट

का

उन्होंने

जो

में रजजस्टडथ एक्साइज /राज्य के वेट

सेंट्रल का जो

है उन्हें यह क्रेडडट अपने अंततम भरे ररटनथ भरा है उसमे जो क्रेडडट हुए ररटनथ के हहसाब से लमलेगी .

आगे ले जाने हे तु उन्होंने ररटनथ में हदखाया है उसका क्रेडडट उन्हें जी.एस.टी. के दौरान इसकी

क्रेडडट

क्रमि:

एस.जी.एस.टी. ( वेट का इनपुट )

सी.जी.एस.टी.

(

सेंट्रल

एक्साइज का इनपुट ) यह क्रेडडट उनके “इलेक्ट्रॉतनक क्रेडडट लेजर” में क्रेडडट कर हदया जाएगा जजसका उपयोग उनकी जी.एस.टी. के दौरान कर भुगतान से समायोजजत करने में ललया जाएगा.

कोई ितथ है इस प्रकार के क्रेडडट को लेने के ललए :1.इस प्रकार के डीलसथ को अपने जी.एस.टी. लागू होने की ततर्ी से 6 माह पूवथ के सभी ररटनथ भरने होंगे और यहद उन्होंने यह ररटनथ नहीं

भरे है तो उन्हें इस प्रारं लभक क्रेडडट जो उनके वेट और सेंट्रल एक्साइज के ररटनथ में अंततम क्रेडडट के रूप में हदखाई गई है से वंथचत रहना होगा. जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 62


2.यहद यह इनपट ु क्रेडडट जी,.एस.टी. कानन ू के तहत लमलने के योग्य नहीं है तब भी डीलर को इस क्रेडडट का लाभ नही हदया जाएगा. इसे आप यों समणझये कक कोई वस्तु जो केन्द्रीय उत्पाद िुकक / वेट में

करयोग्य है लेककन जी.एस.टी. के दौरान उसे करमुक्त घोर्षत कर हदया तो स्वाभार्वक है कक आपको इसकी क्रेडडट नहीं लमलेगी .

इसी के सार् आपको कैर्पटल गुड्स की क्रेडडट भी इसी तरह से

लमल जायेगी जो कक आपके सेंट्रल एक्साइज/वेट के अंततम ररटनथ में कैरी फॉरवडथ नहीं की है बिते की यह क्रेडडट अभी चल रहे कानून में

सेनवेट क्रेडडट/ वेट इनपुट क्रेडडट की तरह और आने वाले जी.एस.टी. कानून में इनपुट क्रेडडट की तरह लेने के योग्य हो. क्या आपकी त्रबक्री वेट

घोषणा पत्रों के आिार पर है

C-form/H-form/Export Declaration. यहद आपकी त्रबक्री वेटी के दौरान कुछ घोषणा पत्रों पर आिाररत है

जजनके कारण आपने कम कर की दर लगाईं है जैसे – सी –फॉमथ पर त्रबक्री पर कर की दर 2% है (चाहे राज्य में उस वस्तु की कर की दर 14.50% ) इसी तरह एच फॉमथ पर जो माल एक्सपोटथ र को बेचते है तो

इस पर कर की दर िून्य है (चाहे राज्य में उस वस्तु की कर की

दर 14.50% )

तो आपका जो क्रेडडट अंततम ररटनथ में आ रहा है

उसमे से उतना हहस्सा रोक ललया जाएगा जजसके फॉमथ आपने पेि नहीं ककये है और जब आप तनयमानुसार ये फॉमथ और घोषणा पत्र पेि करें गे तो राज्य में ही आपको इसका ररफंड दे हदया जाएगा.

ये प्राविान आपको परे िान कर सकता है लेककन जब कोई कर प्रणाली में इस तरह से पररवतथन (ट्रांजीिन ) का समय होता है तब जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 63


कुछ परे िातनया तो होती ही है . इस सभबन्ि में आपके ललए सलाह यह है कक आप अपने घोषणा पत्र

(सी-फॉमथ , एच –फॉमथ इत्याहद)

िीघ्र प्राप्त कर र्वभाग में पेि करें .

आप सेंट्रल एक्साइज में रजजस्टडथ नहीं है लेककन आपके खरीद के त्रबल में सेंट्रल एक्साइज लगी हुई है यह दस ु ाबले अथिक ू री जस्तर्ी है और पहली जस्तर्ी के मक

महत्वपूणथ है क्यों कक इसमें आने वाले डीलसथ की संख्या बहुत अथिक होगी . िायद वेट के ललए आप इस जस्तर्ी की ककपना नहीं कर सकते है क्यों कक वेट अभी भी अंततम उपभोक्ता तक लगने वाला कर है और सेंट्रल एक्साइज इस समय तनमाथण की जस्तर्ी तक ही लगती है तो ऐसे में ऐसा हो सकता है कक कोई डीलर सेंट्रल एक्साइज में रजजस्टडथ नहीं है लेककन उसके त्रबल में सेंट्रल एक्साइज लगी हुई है क्यों कक वह एक सेंट्रल एक्साइज तनमाथता या डीलर से माल खरीदता है

. वेट में भी जो डीलर कभपोजीिन स्कीम में है और जी.एस.टी.

में सामान्य डीलर की तरह प्रवेि करते है वे भी इसी श्रेणी में आ सकते है . आइये दे खें कक इस जस्तर्ी में ककस तरह से यह क्रेडडट

सी.जी.एस.टी. के तहत लमलेगी :-

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 64


स्टॉक का र्ववरण जो

डीलसथ

इनपट ु क्रेडडट की रकम

(जी.एस.टी.

के उन्हें

त्रबल

में

कभपोजीिन डीलसथ को छोड़कर ) सेंट्रल एक्साइज

हदखाए

हुए की इनपट ु

सेंट्रल एक्साइज में रजजस्टडथ नहीं है क्रेडडट लमल जायेगी और यह उन्हें

अपने

अंततम

स्टॉक

कच्चा माल हो अर्वा

(

जो क्रेडडट

उनके

“इलेक्ट्रॉतनक

तैयार या क्रेडडट लेजर” में जमा कर दी

अिथतनलमथत

माल) में जो चुका हुआ जायेगी जजसका उपयोग सेंट्रल एक्साइज है और इसे सात्रबत उनका जी.एस.टी. के दौरान करने के ललए उनके पास त्रबल है कर भग ु तान में समायोजन के जजसमे यह कर (सेंट्रल एक्साइज) ललए काम ललया जाएगा . अलग से लगाया हुआ हदख रहा है . इसी तरह जहा​ाँ यह प्राविान वेट में लागू होता वहां इसका इसी

तरह प्रयोग कर सकते हैं.

यह क्रेडडट तभी लमलेगी जब कक इस इनपुट या माल का प्रयोग

जी.एस.टी. के तहत करयोग्य माल की सप्लाई के ललए ककया जाए

और इस तरह की इनपुट क्रेडडट जी.एस.टी. कानून में भी स्वीकायथ हो. यहद यह माल जी.एस.टी. के दौरान करमुक्त घोर्षत कर हदया गया है तो यह क्रेडडट नहीं लमलेगी.

इसके अततररक्त जैसा पहले भी बताया है कक इस तरह के व्यजक्त के पास ये कर

भुगतान होने के प्रमाण स्वरूप त्रबल अर्वा

कोई ओर प्रपत्र हो अर्ाथत कर दस्तावेजी सबत ू

ककसी डीलर को चुकाई गई है इसका

त्रबल (जजसमे कर लगा हुआ होना चाहहए ) अर्वा इसी तरह का कोई और दस्तावेज हो यह कोई और दस्तावेज त्रबल के अततररक्त चालान भी हो सकता है . जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 65


लेककन ये ध्यान रखें कक यहद ये त्रबल जी.एस.टी. लगने की तारीख से 12 माह से पुराने हो तो आपको यह क्रेडडट नहीं लमलेगी इस तरह जब

जी.एस.टी. 1 जुलाई 2017 लगा

है तो जो स्टॉक

आपके पास 30 जन ू 2016 या उससे पव ू थ खरीदा हो तो इसकी क्रेडडट आपको नहीं लमलेगी. इसे आप र्विेष ध्यान रखें .

इसे आप यों कह सकते है कक प्रार्ी सेंट्रल एक्साइज में रजजस्टडथ तो नहीं र्ा लेककन उसके त्रबल में सेंट्रल एक्साइज लगी हुई है और ये त्रबल 12 माह से परु ाने नहीं है तो आपको ऊपर ललखी ितों पर

सेनवेट क्रेडडट आगे ले जाने दी जायेगी भले ही आप सेंट्रल एक्साइज में रजजस्टडथ नहीं हैं. यहा​ाँ भी आपने दे खा कक गणना की एक तनजश्चत प्रणाली है लेककन आगे हम एक तीसरी जस्तर्ी दे खेंगे जो इससे र्ोड़ी और मुजश्कल है और उसमे िालमल डीलसथ की संख्या भी अथिक होगी . त्रबल में सेंट्रल एक्साइज नहीं लगा हुआ है आप एक ट्रे डर है (तनमाथता या सेवा प्रदाता नहीं है ) और

सेंट्रल

एक्साइज में रजजस्टडथ भी नहीं है लेककन आपके स्टॉक की कीमत में सेंट्रल एक्साइज लगी हुई है ककन्तु आपके पास जो त्रबल है उसमें सेंट्रल एक्साइज लगी हुई हदख नहीं रही है तो इसका अर्थ यह है कक

आपने जो माल ख़रीदा है वह उस डीलर से नहीं खरीदा है जो सेंट्रल एक्साइज में रजजस्टडथ है और आपका र्वक्रेता उस तनमाथता या डीलर से माल खरीदता है जो सेंट्रल एक्साइज में रजजस्टडथ है और ऐसे केस में आपके त्रबल में ककसी भी प्रकार की सेंट्रल एक्साइज लगे होने का

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 66


कोई प्रश्न ही नहीं है लेककन तथ्य यह है की आपके स्टोक पर कभी ना कभी ककसी एक स्टे ज पर सेंट्रल एक्साइज लगी जरुर है . इस पर भी आपको क्रेडडट लमलेगी लेककन ककतनी लमलेगी यह सरकार इस सभबन्ि में जारी तनयमों के द्वारा तय ककया है . जजन ट्रे डसथ के पास एक्साइज पेड माल है उन्हें नुक्सान से बचाने के ललए इस प्रकार का प्राविान बनाया गया है . आइये अब दे खें कक जी.एस.टी. के जो

रूकस अथिसथू चत ककये गए है उनके अनस ु ार इस प्रकार के डीलसथ को क्रेडडट ककतनी और ककस प्रकार से लमलेगी :-

केंद्र का जो सी.जी.एस.टी. वो उस वस्तु की सप्लाई पर भग ु तान करें गे उन्हें इस भुगतान के बाद , इस रकम के 40% के क्रेडडट दे दी जाएगी यहद सी.जी.एस.टी. कर की दर 9 प्रततित से कम है और

यहद सी.जी.एस.टी. की कर की दर 9 प्रततित या उससे अथिक है तो यह क्रेडडट 60 प्रततित होगी. राज्य का जो एस.जी.एस.टी. वो उस वस्तु की सप्लाई पर भुगतान करें गे उन्हें इस भुगतान के बाद , इस रकम के 60% या

40%,

जैसा कक ऊपर बताया गया है , की क्रेडडट दे दी जाएगी. – जहां राज्य के जीएस.टी. में ऐसा प्राविान लागू होता हो . इस प्रकार जी.एस.टी. में जो भी कर का भग ु तान इन वस्तओ ु ं की सप्लाई पर ककया जाएगा उसका 60% या 40%, जैसा कक ऊपर बताया गया है , की क्रेडडट उन्हें प्रारजभभक स्टॉक में िालमल

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 67

ड्यूटी


के रूप में लमल जाएगा जजसे उनके इलेक्ट्रॉतनक क्रेडडट लेजर में जमा कर हदया जाएगा . यहा​ाँ ध्यान रखें कक यह क्रेडडट मख् ु यतया सी.जी.एस.टी. में ही लमलेगी क्यों कक ऐसे डीलसथ वेट में तो रजजस्टडथ होंगे ही तो उन्हें उनके टै क्स की पूरी क्रेडडट अपने अंततम ररटनथ के हहसाब से लमल जायेगी . यह सारी क्रेडडट उन्हें इस माल को जी.एस.टी. लगने के 6 माह में बेच कर ही प्राप्त करनी होगी , इसके बाद यह क्रेडडट नहीं लमलेगी. इसके अततररक्त एक और बात ध्यान रखें कक इस तरह से लमली हुई इनपुट क्रेडडट का लाभ ऐसे डीलसथ को अपने ग्राहकों को दे ना होगा. यह र्ोड़ा सा र्ववादास्पद कानून है और इसकी व्यवहाररक कैसे होगी इसे आप िीरे –िीरे ही समझ पायेंगे .

पालना

आज हमनें मुख्य रूप से वेट और केन्द्रीय त्रबक्री कर के दौरान जो

आपके पास अंततम इनपुट क्रेडडट रह जायेगी एवं यहद आप केन्द्रीय उत्पाद िुकक / वेट में

कर में रजजस्टडथ नहीं है तो आपके अंततम

स्टॉक में जो सेंट्रल एक्साइज /वेट िालमल है उसकी क्रेडडट आपको कैसे जी.एस.टी. के दौरान लमलेगी उसका अध्ययन ककया है . यह र्वषय र्ोड़ा मुजश्कल है और इसपर ज्यादा समीक्षा अभी नहीं की गई है इसके कुछ अन्य भाग भी है जो कुछ असामान्य पररजस्तथर्यों में लागू होंगे उनका अध्ययन हम बाद में करें गे.

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 68


यहा​ाँ ध्यान रखें कक आपको इन सभी क्रेडडट को प्राप्त करने के ललए Transitional Provisions Rules के अनुसार जी.एस.टी. कॉमन पोटथ ल पर तनिाथररत फॉमथ एवं सूचनाओं के सार् अप्लाई करना होगा.

इस क्रेडडट चाहे वह सेंट्रल एक्साइज में रजजस्टडथ डीलसथ की हो , चाहे वेट में रजजस्टडथ डीलसथ की हो या उन डीलसथ की हो जो रजजस्टडथ नहीं है लेककन त्रबल में ललखी हुई रकम के अनुसार स्टॉक में िालमल सेंट्रल एक्साइज एवं वेट की क्रेडडट लेना चाहते है या जो रजजस्टडथ भी नहीं है और त्रबल में सेंट्रल एक्साइज इत्याहद अलग से नहीं लगी है इन सभी श्रेणी के डीलसथ को जी.एस.टी. लगने के 90

हदन के भीतर

वांतछत सूचनाये जी.एस.टी. पोटथ ल Form GST TRANS-1 में दे नी होगी .

क्या केन्द्रीय त्रबक्री कर के तहत सी-फॉमथ पर ख़रीदे गए माल के स्टॉक पर भी इनपुट क्रेडडट लमलेगी ? इस प्रकार से चक ु ाए गए केन्द्रीय त्रबक्री कर की इनपट ु क्रडडट नहीं

लमलेगी क्यों कक इस समय बनाए गए कानूनों में इसके ललए कोई प्राविान नहीं है .

क्या जजन डीलसथ को कोई स्टॉक पर इनपट ु क्रेडडट नहीं लेनी है उन्हें भी स्टॉक की र्वगत दे नी पड़ेगी ?

यहा​ाँ ध्यान रखे कक जजन डीलसथ को जी.एस.टी. के दौरान ककसी प्रकार की इनपट ु क्रेडडट नहीं प्राप्त होनी है उन्हें ककसी प्रकार के स्टॉक का र्ववरण अभी नहीं दे ना है .

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 69


*

अध्याय

-6

जी.एस.टी. इनपुट क्रेडडट

GST-INPUT CREDIT जी.एस.टी.के दौरान इनपट ु क्रेडडट एक बहुत मख् ु य भाग है और जी.एस.टी. की एक जो सबसे अच्छी बात है वह यह है कक अब जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 70


आपको लगभग उन सभी सेवाओं और माल की खरीद पर चक ु ाए हुए कर की इनपुट क्रेडडट लमलेगी जो कक आप अपने व्यापर के दौरान व्यापर की बढ़ोतरी के ललए – “During the course of business and for furtherance of business” खरीदते या प्राप्त करते है

.

कर पर कर के युग की समाप्ती End of Cascading Effect

“अभी तक होता यह र्ा कक आप जब वेट का भग ु तान करते र्े तो इस समय आपको सेंट्रल एक्साइज का इनपुट नहीं लमलता र्ा और जब आप सेंट्रल एक्साइज का भुगतान करते र्े तो आपको वेट का

इनपुट क्रेडडट नहीं लमलता र्ा . यही सभबन्ि वेट और सर्वथस टै क्स का भी र्ा .”

इसे ही कास्केडडंग इफ़ेक्ट कहते है जो कक कर पर कर की जस्तर्ी है जो कक इस वक्त की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली की एक सबसे बड़ी कमी बताई जाती है .

अब आप जो भी कर चाहे वह केंद्र का सी.जी.एस.टी. हो , राज्य

का एस.जी.एस.टी. या दो राज्यों के बीच व्यापार के दौरान चक ु ाया हुआ आई.जी.एस.टी. हो जो कक आपने माल, सेवा या पूंजीगत माल (Capital Goods) चुकाया हो की इनपुट क्रेडडट आपको लमल जायेगी .

क्या अब

व्यापार के दौरान और व्यापार की बढ़ोतरी में खरीदी

गई प्रत्येक वस्तु और सेवा पर इनपुट क्रेडडट लमल जायेगी . जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 71


-हा​ाँ आप लगभग ऐसा ही समझ सकतें है क्यों कक इसके सभबन्ि में कुछ सेवाओं और माल की छूट पर या तो प्रततबन्ि या

इनपट ु क्रेडडट कुछ ितं के सार् लमलने वाली है लेककन यह सथू च बहुत ही सीलमत है अत: यह ज्यादा प्रभाव डालने वाली नहीं है . इन सेवाओं आर माल का जजक्र हम आगे के भाग-2

करें गे .

आइये इसे समझने की कोलि​ि करें :आपने लसतभबर माह में 10 लाख रुपये का माल बेचा जजसे आपने 9.50 लाख में खरीदा र्ा और इस माल पर कर की दर 12 प्रततित है . मान लीजजये इसमें से 6 प्रततित एस.जी.एस.टी. है और 6 प्रततित सी.जी.एस.टी. है . इस प्रकार आपका आउटपुट कर एस.जी.एस.टी. के तहत 60000.00

रूपये है और एस.जी.एस.टी. के तहत भी इसी तरह से 60000.00 रूपये होता है . आपने यह माल खरीदते समय जो कर का भुगतान ककया वह एस.जी.एस.टी.

57000.00

एस.जी.एस.टी.

होगा

और

इतना

ही

सी.जी.एस.टी. होगा और यह आपकी इनपुट क्रेडडट होगी .

इस प्रकार इस माल की खरीद त्रबक्री से आपका कर दातयत्व एस.जी.एस.टी. में 3000.00 एवं सी.जी.एस.टी. में भी 3000.00 रूपये बनेगा जो कक आपके माजजथन

50000.00 का 6 प्रततित तो

एस.जी.एस.टी. में होगा और इतना ही कर सी.जी.एस.टी. में बनेगा . इसी माह में आपके व्यवसातयक

टे लीफोन का त्रबल 2000

.00 र्ा जजस पर 18 प्रततित की दर से 360 जजसमें से 180.00 जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 72


रुपये एस.जी.एस.टी.र्ा और 180.00 रूपये ही सी.जी.एस.टी. र्ी अब आप कर का भुगतान करते समय आपके मालसक कर दातयत्व में

से 180.00 एस.जी.एस.टी. में से कम कर लें गे और 180.00 सी.जी.एस.टी. में से कम कर लें गे. इस प्रकार कर का भग ु तान करते समय आप एस.जी.एस.टी. के

2820.00 रूपये का भुगतान करें गे और इतना ही कर सी.जी.एस.टी. में भुगतान करें गे.

इस प्रकार आपको समझ आ गया होगा कक ककस प्रकार अब आपको इनपुट क्रेडडट जी.एस.टी. के दौरान काम में ललए प्रत्येक माल और सेवा के ललए भी लमलेगी.

क्या ररवसथ चाजथ के दौरान भुगतान ककये गए कर की इनपुट क्रेडडट भी जी.एस.टी. के दौरान लमलेगी .

-इस इनपट ु क्रेडडट में आप द्वारा ररवसथ चाजथ के दौरान जो कर

हदया जाता है वह भी िालमल ककया जाएगा उसमे वह कर भी िालमल होगा जो कक आपने अन- रजजस्टडथ डीलसथ से खरीद कर उस पर कर चुकाया है .

आइये इसे एक उदाहरण के जररये समझने का प्रयास करें :मान लीजजये आप कृषी मंडी में एक ककसान से ततलहन खरीदते है माह मई

में 10 लाख रूपये का और चूंकक ककसान एक अन-

रजजस्टडथ डीलर है अत: वो आपसे कर नहीं लेते है तो इस समय तो यह आपकी अन रजजस्टडथ डीलर से खरीद हो जाती है और खरीद के

समय आपको इस पर कोई कर नहीं चुकाना होता है .इसकी त्रबक्री पर जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 73


ही कर चक ु ाना होता है .

लेककन यहद यही खरीद आप अब जुलाई में करते है और तब तक जी.एस.टी. लग चुका है तो आपको इस माल 2.50% की दर से एस.जी.एस.टी. चक ु ाना होगा और इसी दर से

2.50% दर से

सी.जी.एस.टी. चक ु ाना होगा और इसके ललए आपको अपना ही

त्रबल

भी बनाना होगा जजसमें खरीददार भी आप ही होंगे . इसके ललए आप ररवसथ चाजथ का अलग से हदया गया अध्याय दे खें .

इसे आप कुछ राज्यों में लगने वाले खरीद कर अर्ाथत PURCHASE TAX से भी कर सकते है .

इस प्रकार खरीद का यह व्यवहार आपकी खरीद भी होगी और इस पर आप ही कर चुकायेंगे लमल

लमलेगी .

और इसकी भी आपको “इनपुट क्रेडडट” भी

यह कर आपको केि में भरना होगा औउर इसे आप अपनी इनपुट से समायोजजत नहीं कर पायेंगे .एक बार इसे जमा कराने के बाद आपको

तनयमानस ु ार यहद इसकी इनपट ु क्रेडडट लमलनी हुई , तो लमल जायेगी . इनपुट क्रेडडट प्राप्त करने के ललये क्या – क्या दस्तावेज पेि

करने होंगे और

इसके ललए क्या क्या अतनवायथता होगी.

- आइये इनका अध्ययन करें 1.

आपके पास इनवॉइस या डेत्रबट नोट या वह दस्तावेज होना चाहहए .

2.

आपको वह सेवा या माल अर्वा दोंनों प्राप्त हो जाने चाहहए .

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 74


3.

4.

आपने जजस माल या सेवा को खरीदा है उसके सेवा प्रदाता ने या माल बेचने वाले ने कर का भुगतान कर हदया है . आपने अपना मालसक ररटनथ भर हदया है . इनपट ु क्रेडडट लमसमैच

यहद आपके र्वक्रेता आप को बेचे गए माल पर कर नहीं चुकाते है या इसकी र्वगत अपने त्रबक्री के ररटनथ में समुथचत रूप से नहीं हदखाते है तो आपको यह मौक़ा लमलेगा कक आप इसमें जब यह आपके

खरीद

के ररटनथ में अपने आप आये तो आप इसमें संिोिन कर सकते है

लेककन यहद यह संिोिन आपके र्वक्रेता द्वारा अनुमोहदत नहीं ककया जाता है तो यह एक लमसमैच होगा और इसे आपको एवं आपके

र्वक्रेता को ररटनथ भरने की अंततम ततर्ी के बाद सथू चत कर हदया जाएगा और जजस माह में आपको सथू चत ककया जाता है उस माह में इस लमसमैच का तनस्तारण नहीं होता है तो यह

खरीददार के

उस

माह से अगले माह कर में जोड़ हदया जाएगा और इसे आपको जमा कराना होगा. इस तरह अब सरकार लमस्मैच को लेकर लंबा इन्तजार करने को तैयार नहीं है . इस तरह से जब र्वक्रेता अपने ररटनथ सही करके इनपुट् क्रेडडट दे गा तब यह क्रेडडट कफर से आपको लमल जायेगी .

लेककन अब आपको माल खरीदते वक्त सतकथ रहना होगा और आपके र्वक्रेताओं को भी प्रेररत करना होगा कक वे समय पर कर जमा कराएं और ररटनथ सही-सही भरे और इसके सार् ही आप जहा​ाँ र्वक्रेता है वहा​ाँ आप भी अपने ररटनथ सही – सही भरें ताकक आपके क्रेता ककसी जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 75


परे िानी में नहीं पड़े.

क्या इनपुट क्रेडडट का कैर्पटल गुड्स पर ललए गए डेर्प्रलसएिन

से भी कोई सभबन्ि है ?

-हा​ाँ यहद आप केर्पटल गुड्स पर डेर्प्रलसएिन लेते समय

जी.एस.टी. के कर को भी जोड कर डेर्प्रलसएिन लेते है तो ऐसे कर की इनपट ु आपको नहीं लमलती है .

इस प्रकार यहद आप कैर्पटल गुड्स पर जी.एस.टी. की इनपुट

क्रेडडट लेना चाहते है तो कैर्पटल गुड्स पर डेर्प्रलसएिन लेते समय जी.एस.टी. कर को िालमल नहीं करें

क्या करमुक्त वत्तओ ु ं के तनमाथण के दौरान कोई वस्तु या सेवा

पर कोई कर हदया है तो क्या उसका क्रेडडट लमलेगा ?

करमुक्त वस्तुओं के तनमाथण में जो इनपुट लगता है उसकी क्रेडडट

नहीं लमलेगी . यह स्वाभार्वक ही है क्यों कक आप जब करमुक्त वस्तुओं पर कोई कर ही नही दे रहे है तो आपको उसमें लगे ककसी भी इनपट ु का क्रेडडट नहीं लमलेगा.

यहद कोई डीलर करमुक्त और करयोग्य दोनों ही वस्तुओं में इनपुट का इस्तेमाल करतें है तो इनपुट क्रेडडट ककस प्रकार लमलेगी ?

ऐसी अवस्र्ा में इनपट ु क्रेडडट आनप ु ाततक रूप से लमलेगी और आपको जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 76


उतना ही क्रेडडट लमलेगा जजतना कक आप करयोग्य वस्तूओं और सेवाओं की सप्लाई के ललए काम में ले रहे हैं.

यहद ककसी इनपुट का इस्तेमाल व्यापार के सार् व्यजक्तगत कायथ में भी लेते हैं तो इनपुट ककस तरह से लमलेगी ?

ऐसी अवस्र्ा में भी इनपट ु क्रेडडट आनप ु ाततक रूप से लमलेगी और जजतना व्यजक्तगत उपयोग ककया गया है उतनी क्रेडडट तनरस्त हो जायेगी. “जीरो रे टेड” गुड्स एवं सर्वथसेज पर लगे इनपुट का क्या होगा ? कर तो यहा​ाँ भी नहीं हदया जाता है तो क्या यहा​ाँ भी इनपट ु क्रेडडट तनरस्त हो जायेगी ?

जी.एस.टी. के दौरान जीरो रे टेड सप्लाई वो होती जो या तो तनयाथत की जाती है या सेज (SEZ DEVELOPERS OR SEZ UNITS) डीलसथ को की जाती है . इन पर लगी इनपट ू क्रेडडट ररफंड हो जायेगी .

यहा​ाँ ध्यान रखें कक जो जी.एस.टी. की सूथच जारी की गई है वहां जो NIL TAX में वस्तुएं है उन्हें आप ZERO RATED नहीं समझे वे करमुक्त वस्तए ु है और उनपर कोई इनपट ु क्रेडडट नहीं लमलेगी .

यहद ककसी एक त्रबल से आने वाला माल की डडलीवरी ककश्तों में होती है तो इनपुट क्रेडडट कब लमलेगी ? ऐसी अवस्र्ा में लमलेगी .

इनपुट क्रेडडट डीलर को अंततम डडलीवरी लमलने पर

क्या इनपुट क्रेडडट प्राप्त करने का कोई सभबन्ि माल एवं सेवा के भुगतान से भी

है ?

क्रेताओं को इस बात के ललए प्रोहत्साहहत करने या उन्हें आपको जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 77


भग ु तान करने के ललए मजबरू करने के ललए जी.एस.टी. कानन ू में

एक प्राविान बनाया गया है जजसके तहत यहद कोई क्रेता अपने र्वक्रेता को माल खरीदने के 180 हदनों के भीतर भुगतान नहीं करते है तो उनकी ऐसे माल पर जजसका भग ु तान नहीं करते है की इनपट ु क्रेडडट तब तक के ललए कैं लसल कर दी जायेगी और यह क्रेडडट उन्हें उस वक्त ही लमलेगी जब कक वे अपने र्वक्रेताओं को भुगतान कर दे . इनपट ु क्रेडडट ककन –ककन वस्तुओं और सेवाओं पर उपलब्ि नहीं है और यहद उपलब्ि भी है तो कुछ ितों के सार् क्र.स. 1.

:-

वस्तु या सेवा का र्ववरण

इनपुट क्रेडडट की ितथ

Other conveyance .

वाहन एवं पररवहन के

मोटर वाहन एवं पररवहन के

सािन

सािन एवं वाहन

चुकाए

Motor Vehicles and

सामान्य तौर पर मोटर

कर

एवं

वाहन

पर

हुए जी.एस.टी. की इनपुट क्रेडडट

नहीं लमलेगी . कब

लमलेगी

क्रेडडट:-

इनपुट

इस प्रकार से ख़रीदे गए वाहन का उपयोग करते हुए :1.उसे ही

बेचने

के

व्यवसायी में लगे है . 2.यात्री जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 78

पररवहन

के


व्यवसाय में लगे हैं. 3.जजस वाहन को खरीदा है उसको चलाना लसखाने के व्यवसाय में लगे हैं. 4.माल

पररवहन

के

व्यवसाय में लगे है . 2.

SERVICE:-

1.सामान्यतया

Food and beverages

के दौरान यहद इस सेवा

Services

का

खाद्य एवं पेय पदार्थ संबिी

जी.एस.टी.

सेवा

गया है तो इनपट ु क्रेडडट

उपभोग

व्यापार कर

कर

कोई चुकाया

नहीं लमलेगा . कब

लमलेगी

इनपुट

क्रेडडट:-

1.यहद आप इसी सेवा को

प्रदान

करने

के

व्यवसाय में लगे हुए हैं . 2.यहद आप एक सयुंक्त सप्लाई

(COMPOSITE SUPPLY) दे रहें है और अन्य सेवाओं और माल के सार् यह सेवा भी उस जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 79


सप्लाई

का

अंग

हो

अर्ाथत उसमें िालमल हो. 3.यहद आप एक लमथश्रत सप्लाई

(MIXED

SUPPLY) दे रहें है और अन्य सेवाओं और माल के सार् यह सेवा भी उस सप्लाई

का

अंग

हो

अर्ाथत उसमें िालमल हो. 3.

SERVICE:-

1.सामान्यतया

Outdoor Catering

के दौरान यहद इस सेवा

Services

का

बाह्या खानपान सेवा

जी.एस.टी.

उपभोग

व्यापार कर

कर

कोई चुकाया

गया है तो इनपुट क्रेडडट नहीं लमलेगा . कब

लमलेगी

इनपट ु

क्रेडडट:-

1.यहद आप इसी सेवा को

प्रदान

करने

के

व्यवसाय में लगे हुए हैं . 2.यहद आप एक सयुंक्त सप्लाई

(COMPOSITE SUPPLY) दे रहें है और अन्य सेवाओं और माल जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 80


के सार् यह सेवा भी उस सप्लाई

का

अंग

हो

अर्ाथत उसमें िालमल हो. 3.यहद आप एक लमथश्रत सप्लाई

(MIXED

SERVICE)

दे

रहें

और यह सेवा भी सेवाओं

और

है

अन्य

माल

के

सार् यह सेवा भी एक सप्लाई

का

अंग

हो

अर्ाथत उसमें िालमल हो. 4.

SERVICE:-

1.सामान्यतया

Beuty Treatment

के दौरान यहद इस सेवा

Services

का

सौन्दयथ प्रसािन सेवा

जी.एस.टी.

उपभोग

व्यापार कर

कर

कोई चुकाया

गया है तो इनपट ु क्रेडडट नहीं लमलेगा . कब

लमलेगी

इनपुट

क्रेडडट:-

1.यहद आप इसी सेवा को

प्रदान

करने

के

व्यवसाय में लगे हुए हैं . 2.यहद आप एक सयंक् ु त सप्लाई

(COMPOSITE जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 81


SUPPLY ) दे रहें है और

अन्य सेवाओं और

माल के सार् यह सेवा भी एक सप्लाई का अंग हो अर्ाथत उसमें िालमल हो. 3.यहद आप एक लमथश्रत SUPPLY

(MIXED

SERVICE)

दे

रहें

है

और अन्य सेवाओं और माल के सार् यह सेवा भी एक सप्लाई का अंग हो अर्ाथत उसमें िालमल हो. 5.

SERVICE:-

1.सामान्यतया

Health

के दौरान यहद इस सेवा

Services

उपभोग

व्यापार

स्वास्र् सेवा (स्वास्र् सेवाओं

का

कर

से जो भी हहस्सा कर योग्य

जी.एस.टी.

है )

गया है तो इनपट ु क्रेडडट

कर

कोई चुकाया

नहीं लमलेगा . कब

क्रेडडट:-

लमलेगी

इनपुट

1.यहद आप इसी सेवा को

प्रदान

करने

के

व्यवसाय में लगे हुए हैं . जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 82


2.यहद आप एक सयंक् ु त सप्लाई

(COMPOSITE suppply ) दे रहें है और अन्य सेवाओं और माल के सार् यह सेवा भी उस सप्लाई

का

अंग

हो

अर्ाथत उसमें िालमल हो. 3.यहद आप एक लमथश्रत सप्लाई

(MIXED

SUPPLY) दे रहें है और अन्य सेवाओं और माल के सार् यह सेवा भी उस सप्लाई

का

अंग

हो

अर्ाथत उसमें िालमल हो. 6.

SERVICE:-

1.सामान्यतया

Cosmetics and Plastic

के दौरान यहद इस सेवा

Surgery Service

का

कॉस्मेहटक एवंम प्लाजस्टक

जी.एस.टी.

सजथरी

गया है तो इनपुट क्रेडडट

उपभोग

कर कर

नहीं लमलेगा . कब

लमलेगी

क्रेडडट:-

व्यापार कोई चक ु ाया

इनपुट

1.यहद आप इसी सेवा को जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 83

प्रदान

करने

के


व्यवसाय में लगे हुए हैं . 2.यहद आप एक सयुंक्त सप्लाई

(COMPOSITE SUPPLY) दे रहें है और अन्य सेवाओं और माल के सार् यह सेवा भी उस सप्लाई

का

अंग

हो

अर्ाथत उसमें िालमल हो. 3.यहद आप एक लमथश्रत सप्लाई

(MIXED

SUPPLY) दे रहें है और अन्य सेवाओं और माल के सार् यह सेवा भी एक सप्लाई का अंग हो अर्ाथत उसमें िालमल हो. 7.

SERVICE :-

इस

सेवा

का

इनपुट

Membership of a club ,

क्रेडडट नहीं लमलेगा .

health and fitness centre ककसी क्लब या स्वास्र् एवं कफटनेस सेंटर की सदस्यता 8.

SERVICE:-

1.सामान्यतया

Rent –a-cab, Life

के दौरान यहद इस सेवा

Insurance, Health

का

Insurance Service

जी.एस.टी.

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 84

उपभोग

व्यापार कर

कर

कोई चुकाया


गया है तो इनपट ु क्रेडडट नहीं लमलेगा . कब

लमलेगी

इनपुट

क्रेडडट:-

1.जब सरकार इस प्रकार से इन सेवाओं के बारे में अथिसूथचत करे कक एक तनयोक्ता

द्वारा

कमथचारी

को

अपने

यह

सेवा

दे ना अतनवायथ हो. 2. यही सर्वथस आपकी आउटपट ु सर्वथस हो .

3. यही सर्वथस आपकी ककसी

सयुंक्त

सप्लाई

(composite suppply ) या

लमथश्रत

(MIXED

सेवा

SUPPLY

का भाग हो . 9.

सफ़र सभबन्िी सेवाए जो कक इन

सेवाओं

पर

)

लगने

कमथचाररयों को दी जाती है .

वाले जी.एस.टी. कर की

Travelling

इनपुट

Services

(specially with reference

तौर

क्रेडडट

पर

सामान्य

यहद

आप

to the travel benefits

व्यापार के दौरान खरीदते

extended to the

है या काम में लेते है तो

Employees.

लमल जाएगी .

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 85


कब लमलेगी नहीं

इनपट ु

क्रेडडट:-

जब की इन सेवाओं का उपयोग कमथचाररयों

को

छुट्हटयों

या

पर

जाने

होम ट्रे वल कन्सेिन के ललए ककया गया है . Travel

benefits

extended

to

employees

on

vacation as

such

Leave

Home

or

Travel

concessionInput

No

credit

allowable. 10.

माल एवं सेवाएं जजन्हें वक्सथ इस सेवा की क्रेडडट नहीं कॉन्ट्रै क्ट

सर्वथस

immovable (प्लांट

एवं

जो

कक लमलेगी .

property कब मिीनरी

लमलेगी

के क्रेडडट:-

इनपट ु

अलावा ) के construction जब इसे वक्सथ कॉन्ट्रै क्ट में काम में लेते है .

की

आउटपुट

सेवा

में

इनपट ु के रूप में इसे काम में ललया जाता है . 11.

माल

एवं

सेवाएं

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 86

जजन्हें इस

सेवा

की

क्रेडडट


immovable

property

construction

(प्लांट

के ककसी भी पररजस्तर्ी में एवं नहीं

लमलेगी .

मिीनरी के अलावा ) में जो कक स्वय के ललए ही तनलमथत करवाई है . 12.

माल एवं सेवा जजस पर कर इस का

भुगतान

र्वक्रेता

प्रकार

द्वारा माल

ख़रीदे

गए

सेवा

की

एवं

िारा 10 अर्ाथत कभपोजीिन क्रेडडट

ककसी

भी

में

नहीं

डीलर के रूप में ककया गया है पररजस्तर्ी .

लमलेगी . कभपोजीिन

डीलसथ

से

माल खरीदने पर इनपट ु क्रेडडट नहीं लमलती है . 13.

माल अर्वा सेवा जब एक इस सेवा की क्रेडडट नहीं अतनवासी

(Non resident लमलेगी .

)के द्वारा प्राप्त की गई हो.

कब

लमलेगी

क्रेडडट:-

इनपट ु

जब कक इस माल को अतनवासी द्वारा आयात ककया गया हो. 14.

माल या सेवा का उपयोग जब इस व्यापार

में

नहीं

सेवा

की

क्रेडडट

बजकक ककसी भी पररजस्तर्ी में

व्यजक्तगत रूप से ककया गया नहीं

लमलेगी .

हो . 15.

जजस माल पर आपने कर का इस माल

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 87

की क्रेडडट


भग ु तान ककया है वह :-

ककसी भी पररजस्तर्ी में

(i). खो जाता है ;

नहीं

(ii).चोरी हो जाता है ; (iii). नष्ट हो जाता है ; (iv).त्रबना

बेचे

समाप्त

हो

जाता है ; या (v). उपहार या मुफ़्त नमुने के तौर पर (gift or free sammple) दे हदये गये हो .

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 88

लमलेगी .


16.

िारा

74

(Determination इस

तरह

of tax not paid or short ककये paid

or

गये

erroneously क्रेडडट

से कर

utilised fraud

avialed by

भी

में

नहीं

or लमलेगी .

reason

or

any

िारा

129

sezire Goods

and

of

willful

mistatement

or

supppression

of

facts)

(Detention

,

release

of

andconveyance

in transiit) एवम िारा 130 (Confication of goods or conveyance and levy of penalty) के तहत कर का भुगतान ककया गया है

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 89

की

ककसी

refunded or input credit पररजस्तर्ी wronngly

भग ु तान

*

- ये सभी कर चोरी से सभबंथित मामले है

और

इनमे

चक ु ाए गए कर की

इनपुट क्रेडडट नहीं लमलेगी . *


अध्याय -7 अन- रम्जस्टडथ डीलर द्वारा

माल या सेवा की सप्लाई – कर भग ु तान

ररवसथ चाजथ के अिीन

REVERSE CHARGE PROVISIONS

एक पंजीकृत व्यजक्त को संबंि में जो कक एक

ररवसथ चाजथ

माल या सेवाओं या दोनों की आपूततथ के

एक अपंजीकृत सप्लायर द्वारा

जो पंजीकृत

नहीं है की जाती है उस पर प्राप्तकताथ पंजीकृत व्यजक्त के द्वारा ररवसथ चाजथ के आिार पर कर का भुगतान ककया जायगा.

इस प्रकार के प्राप्तकताथ पर इस अथितनयम के समस्त प्राविान उसी प्रकार से लागू होंगे जो कक वस्तु या सेवाओं की आपतू तथ या दोनों के संबंि में कर का भुगतान करने के ललए उत्तरदायी व्यजक्त है पर लागू होते है .

-जी.एस.टी. कानन ू की िारा 9(4). 1.ररवसथ चाजथ को लेकर एक बड़ी राहत एक डीलर यहद एक हदन में 5000.00 रूपये तक की कुल खरीद या सप्लाई अन-रजजस्टडथ डीलसथ से प्राप्त करता है तो ऐसे डीलर को ररवसथ चाजथ से मक् ु त रखा गया है .

यहा​ाँ यह ध्यान रखें कक यह खरीद पूरे हदन की हो और र्वलभन्न अन

रजजस्टडथ डीलसथ से हुई खरीद को एक सार् जोड़ कर यह 5000.00 की सीमा माने जायेगी और इससे ज्यादा खरीद या सप्लाई होने पर जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 90


प्रततहदन त्रबल काटने की जगह महीने में एक त्रबल काटना होंगा . यों भी ररवसथ चाजथ का कोई र्विेष र्वत्तीय असर नहीं होता है क्यों कक इसकी इनपुट क्रेडडट , जहा​ाँ भी क्रेडडट स्वीकृत हो सकती है , वार्पस लमल जाती है लेककन इस छूट से बहुत से डीलसथ को प्रकक्रया संबंिी उलझनों से छुटकारा मल जाएगा. इसके ललए कृपया तनभनललणखत नोहटकफकेिन दे खें :-

-Notification No. 8/2017 Dated 28th June 2017 2. यहद सेकंड है ण्ड वस्तु खरीदते हैं और बेचते समय उस पर कर चक ु ा दे ते है तो इसकी खरीद अन-रजजस्टडथ डीलर से होने पर भी िारा

9(4) के ररवसथ चाजथ के तहत कर चुकाने की आवश्यकता नहीं होगी , यहद खरीदने वाला इसी माल की खरीद एवं त्रबक्री के कायथ में सलग्न है

-Notification No. 10/2017 Dated 28th June 2017.

3. इस नोहटकफकेिन का लाभ कभपोजीिन डीलसथ नहीं ले सकते है क्यों कक कभपोजीिन रुल के तनयम संख्या 5(1)(d) के अनुसार कभपोजीिन डीलर यहद अनरजजस्टडथ से इनवडथ सप्लाई प्राप्त करते है

तो उन्हें ररवसथ चाजथ के तहत कर का भग ु तान करना होगा यहद उन्हें कभपोजीिन स्कीम के तहत लेना है .

Rule 5(1)(d):-Conditions and Restirctions for Composition levy (1) The Persons exercising the option to pay tax under section 10 shall comply with the following conditions namely:(a).(b).(c ) ...........

(d).he shall pay tax under Section (3) or (4) of section 9 on inward supply of goods or services or both. इस बारे में आगे लेखक की हटप्पणी भी पढ़ें और सरकार के आगे जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 91


आने वाले स्पष्टीकरण का भी इन्तजार करें . कभपोजीिन का एक व्यवहाररक पक्ष है कक इसके दौरान एक कर का तो तनिाथररत जो दर होती है उसके अनुसार भुगतान ककसी भी तरह से होना है और इसके बाद ही कभपोजीिन कर का भुगतान होता है

इसललए इस प्रकार जो नोहटकफकेिन कभपोजीिन डीलर को “एक कर” के भुगतान से रोक रहें हो सकता है वे कभपोजीिन की मूल भावना के र्वरुद्ि हो या कफर हमारी सरकार की भावना ही इस तरह की छुट दे ने की हो इसललए इस सभबन्ि में सरकार के स्पष्टीकरण से ही जस्तर्ी साफ़ होगी. जी.एस.टी. के दौरान सामान्यतया कर का भुगतान माल या सेवा की

सप्लाई करने वाले को करना होता है लेककन इस कानून के तहत कुल प्राविान इस तरह से भी बनाए गए है जजनके अनस ु ार कर का भुगतान माल और सेवा के प्राप्तकताथ को करना होगा.

इसी में से एक है अनरजजस्टडथ डीलर द्वारा सप्लाई की गई सेवा और माल पर प्राप्तकताथ

द्वारा

कर

का

भग ु तान करना

जजसे

सी.

जी.एस.टी. कानून की िारा 9 (4) में बताया गया है और इसी तरह के कानून आई.जी.एस.टी. एवं एस.जी.एस.टी. कानून में भी है . जी.एस.टी. अथितनयम की िारा 9 (4)

में अनरजजस्टडथ डीलसथ से

खरीद पर खरीददार को कर चुकाने का प्राविान है जजसे ररवसथ चाजथ कहा जाता है जजसके तहत माल और सेवाएं दोनों ही आती है . आइये

इस प्राविान का अध्ययन करें जो आने वाले समय में आपके व्यापार

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 92


को प्रभार्वत करे गी लेककन अनरजजस्टडथ डीलसथ के व्यापार को भी प्रभार्वत करे गी.

अभी तो आपको क्यों कक आप अनरजजस्टडथ डीलसथ से माल खरीदते है तो आपको इनपुट क्रेडडट नहीं लमलती है क्यों कक आप इस खरीद पर

ककसी भी तरह का कर नहीं दे ते है लेककन अब यह प्रकक्रया जी.एस.टी. के दौरान बदल जायेगी. जी.एस.टी. के दौरान यहद आप अनरजजस्टडथ डीलसथ से माल खरीदते है तो आपको इस पर ररवसथ चाजथ के तहत कर भरना होगा और यह कर आपको केि लेजर से जमा करना होगा और इस प्रकार आपका जो भी आउटपुट बनेगा उसके सार् यह जमा कर समायोजजत हो जाएगा इस प्रकार जब भी आप ररवसथ टै क्स के दौरान कर जमा कराएंगे तो

आपके टै क्स जमा में यह रालि चली जायेगी और इसका कोई र्वत्तीय नुक्सान आपको नहीं होगा. लेककन यहद इस टै क्स की इनपुट लेने के योग्य

नहीं है तो यह कर आपको भुगतना होगा.

क्या ररवसथ चाजथ के प्राविान कभपोजीिन डीलसथ पर भी लागू होंगे ? -हा​ाँ यहद आप कभपोजीिन डीलर है और आप अनरजजस्टडथ डीलसथ से माल खरीदते है तो भी आपको इसी ररवसथ चाजथ के तहत कर चुकाना होगा और यह कर चक ु ाने के बाद आपको कभपोजीिन कर का भी भुगतान करना होगा.

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क्या सेवाओं की प्राप्ती पर जो की अन रजजस्टडथ डीलसथ से प्राप्त की जाती है पर भी यह प्राविान लागू होगा.

हा​ाँ , यहद सेवाएं जो कक अन रजजस्टडथ डीलसथ से प्राप्त की जाती है उनपर भी यह प्राविान लागू होगा और ऐसी सेवाएं को प्राप्त करने वाले रजजस्टडथ डीलसथ को भी ररवसथ चाजथ के तहत कर चक ु ाना होगा. क्या इस प्रकार से चुकाये हुए कर की इनपुट क्रेडडट भी लमलेगी ?

हा​ाँ इस तरह से चक ु ाए हुए कर की इनपट ु क्रेडडट जहा​ाँ भी लमलने योग्य होगी उसी तरह से लमलेगी जैसे कक रजजस्टडथ डीलसथ की खरीद पर लमलती है .

क्या अनरजजस्टडथ डीलर के द्वारा सप्लाई की गई हर वस्तु एवं सेवा पर ररवसथ चाजथ के दौरान कर का भुगतान करना होगा.

हा​ाँ यहद रजजस्टडथ डीलर ककसी भी अनरजजस्टडथ डीलर से माल या सेवाएं प्राप्त करता है तो उसे ररवसथ चाजथ के तहत कर का भुगतान करना होगा और यह प्राविान माल और सेवाओं दोनों पर लागू होगा. जजन सेवाओं या माल

पर इनपुट क्रेडडट स्वीकृत नहीं है क्या उनपर

भी ररवसथ चाजथ के तहत कर दे ना होगा.

हा​ाँ जजन सेवाओं के पर इनपट ु क्रेडडट नहीं लमलती है उनपर भी ररवसथ चाजथ के तहत कर का भुगतान करना होगा और वह माल या

सेवा

की लागत में जुड़ जाएगा . क्या व्यवसाय में चाय , नाश्ता

और स्टे िनरी की सप्लाई पर भी

ररवसथ टै क्स के अनुसार कर दे ना होगा. व्यवसाय में चाय , नाश्ता

और स्टे िनरी की सप्लाई पर भी ररवसथ

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 94


टै क्स के अनस ु ार कर दे ना होगा . इस प्राविान को एक र्वस्तत ृ

व्यवहाररक उदाहरण के माध्यम से

समझाइये ?

दे णखये इसे हम एक उस व्यापारी के सन्दभथ में समझते है जो कक एक अनरजजस्टडथ डीलर से 50000.00 रूपये का ऐसा माल खरीदते है जजस पर कर की दर 12 प्रततित है जजसमें से 6 प्रततित केंद्र का कर

है और 6 प्रततित राज्य का कर है .

आइये अब इस व्यवहार में ककस तरह से ररवसथ चाजथ काम करे गा . इस खरीद पर ररवसथ चाजथ का प्राविान लागू होगा और खरीददार इस

खरीद पर 6 प्रततित की दर से 3000.00 रूपये एस.जी.एस.टी और 3000.00 रूपये सी.जी.एस.टी. के रूप में चुकायेंगे और आपके द्वारा चुकाया गया यह कर आपको इनपुट क्रेडडट के रूप में अपने ररटनथ में

वार्पस लमल जाएगा. इसके ललए आप अपने आप को ही एक त्रबल काटें गे और इस तरह से ररवसथ चाजथ की यह प्रकक्रया पूरी होगी.

क्या कभपोजीिन डीलसथ को भी इस तरह से ककये गए भुगतान का इनपुट क्रेडडट लमलेगा .

कभपोजीिन डीलसथ को ककसी भी खरीद पर इनपट ु क्रेडडट नहीं लमलता है इसललए ररवसथ चाजथ के तहत भुगतान का भी इनपुट क्रेडडट नहीं लमलेगा. क्या यह प्राविान अन रजजस्टडथ डीलर के व्यवसाय को प्रभार्वत करे गा. हा​ाँ . अब रजजस्टडथ

डीलसथ अनरजजस्टडथ डीलसथ से माल खरीदने

आर जुडी हुई प्रकक्रयाओं से बचने के ललए उनसे माल खरीदने या जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 95


सेवाएं प्राप्त करने की जगह अब रजजस्टडथ डीलसथ से ही माल एवं सेवाएं प्राप्त करें को प्रार्लमकता दें गे और तनजश्चत रुप से यह अन रजजस्टडथ डीलसथ के व्यापार को प्रभार्वत करे गी . अनरजजस्टडथ डीलसथ के ललए अब क्या उपाय है कक उनका व्यापार जी.एस.टी. के दौरान इस प्राविान के कारण नकारात्मक रूप से प्रभार्वत नहीं हो ? जो डीलसथ रजजस्टडथ डीलसथ के सार् काम करते है अर्ाथत उन्हें माल बेचते है या उन्हें सेवाएं दे ते है उन्हें अब थ्रेिहोकड लललमट (20 लाख रूपये ) का ध्यान रखे त्रबना अपना रजजस्ट्रे िन करवा लेना चाहहए. ररवसथ चाजथ के ललए जजस भी खरीद या सप्लाई पर आपको कर चुकाना है उसके ललए माह में केवल एक त्रबल भी बना कर भी अपना दातयत्व पूरा कर सकते हैं .

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 96


अकाउं हटंग एंट्रीज़ ककस तरह से करें गे

आइये एक उदाहरण के जररये ररवसथ चाजथ और उसकी अकाउं हटंग को समझने की कोलि​ि करें अ एक रजजस्टडथ डीलर है और वह अपने व्यापर के दौरान एक हदन में तनभनललणखत खरीद अनरजजस्टडथ डीलर से खरीद की है :कच्चा माल

15000.00

जॉब वकथ

7500.00

इसके अगले हदन वह तनभन ललणखत सेवा प्राप्त करता है :गुड्स ट्रांसपोटथ एजेंसी

4000.00

कच्चे माल पर कर की दर 12%, जॉब वकथ पर कर की दर 18% एवं गड् ु स ट्रासपोटथ एजेंसी पर कर की दर 5% है इसललए इन सभी पर आपको ररवसथ चाजथ के दौरान कर का भुगतान करना है :जी.एस.टी. की िारा

माल एवम सेवा

Section9(4)

कच्चा माल

Section9(4)

जॉब वकथ

Section 9(3)

गुड्स ट्रांसपोटथ एजेंसी

माल

एवं रकम

कर

सेवा

का

की

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 97

कर

र्वक्रेता सप्लाई /सेवा

स्र्ान

का


र्ववरण

दर

प्रदाता

कच्चा माल

15000.00

12

1800.00 A

ब्यावर (राज.)

जॉब वकथ

7500.00

18

1350.00 B

ब्यावर (राज.)

जी.टी.ए.

4000.00

5

200.00

ब्यावर (राज.)

C

ट्रांसपोटथ TOTAL

3350.00

On Purchases/Recipts of Goods and Services Raw Material a/c

Dr.

To A a/c

Cr.

Total SGST a/c

Dr

CGST a/c

Dr.

To REVERSE CHARGE

15000.00 15000.00 15000.00 900.00 900.00

Cr.

Total

1800.00 1800.00

Job Work a/c

Dr.

To B a/c

Cr.

1800.00

7500.00 7500.00

Total SGST a/c

Dr

7500.00 675.00

CGST a/c

Dr.

675.00

To REVERSE CHARGE Total

Cr.

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 98

15000.00

7500.00

1350.00 1350.00

1350.00


Transportation a/c

Dr.

To C a/c

Cr.

Total SGST a/c

CGST

Dr Dr.

To REVERSE CHARGE

Cr.

Total REVERSE CHARGE a/c

Dr.

4000.00 4000.00 4000.00 100.00

4000.00

100.00 200.00

200.00 3350.00

To Bank a/c

200.00 3350.00

Total

3350.00

3350.00

REVERSE CHARGE ACCOUNT

To Bank

TOTAL

3350.00

3350.00

By SGST

900.00

By CGST

900.00

By SGST

675.00

By CGST

675.00

By SGST

100.00

By CGST

100.00

TOTAL

3350.00

SGST ACCOUNT To REV CHARGE

900.00

To REV CHARGE

675.00

To REV CHARGE

100.00

TOTAL

1675.00

CGST ACCOUNT To REV CHARGE

900.00

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 99


To REV CHARGE

675.00

To REV CHARGE

100.00

TOTAL

1675.00

ररवसथ चाजथ अकाउं ट्स में कक्रएट करना आप ररवसथ चाजथ से सभबंथित एंट्री को उसी हदन कर लें जब आप माल या सेवा प्राप्त करते है भले ही इसके ललए आप त्रबल माह में एक बार समस्त सेवा एवं खरीद को लमलाते हुए एक सार् बनाए अगर आप ऐसा नहीं करें गे तो इसके दातयत्व का आपको पता नहीं लगेगा और माह के आणखर में आप त्रबल बनाते समय आपको इससे मदद लमलेगी . यहा​ाँ ध्यान रखें कक ररवसथ चाजथ का त्रबल आपको ही अपनी त्रबल बुक से बनाना है .

इसे आप अपनी सर्ु विा अनस ु ार पररवतथन कर सकते है लेककन जजन

सेवाओं और वस्तुओं को आप प्राप्त करते है उनकी प्रर्वष्टी तो आपको तभी करनी होगी जब अन-रजजस्टडथ डीलर आपको त्रबल दे ता है

इसललए यह उथचत रहे गा कक उसी हदन ररवसथ चाजथ को भी कक्रएट कर ललया जाए चाहे आप उसके ललए अपना त्रबल माह के अंत में काटे और टै क्स का भुगतान भी सरकार को तनिाथररत ततर्ी पर करें .

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 100


कृपया ध्यान रखें 1. 5000.00 प्रततहदन की छूट जो ररवसथ चाजथ से दी गई है वह

िारा 9(4) के तहत ही है एवं ट्रांसपोटथ एजेंसी का ररवसथ चाजथ िारा 9(3) के तहत है अत: 5000.00 प्रततहदन की जो छूट

है

वह ट्रांसपोटथ पर उपलब्ि नहीं है .

2. जो डीलर कभपोजीिन में है उन्हें भी अपनी अन रजजस्टडथ डीलसथ से खरीद पर ररवसथ चाजथ के तहत भुगतान करना ही होगा चाहे उनकी खरीद प्रततहदन 5000.00 रूपये से कम हो. –

रूल 5(1)(d)कम्पोजीशन रूल्स 2017

3. ररवसथ चाजथ का भग ु तान आपको करना ही होगा चाहे आपका

इनपुट क्रेडडट बकाया क्यों नहीं रखा हो अर्ाथत इसका भुगतान आपको केि में ही करना होगा इसे आप अपने रखे हुए इनपुट क्रेडडट से एडजस्ट नहीं कर सकते है .

4. ररवसथ चाजथ पर खरीद का आपको एक त्रबल काटना होगा जो कक आपका ही त्रबल होगा और इस आप अपने पर ही काटें गे. खरीद की एंट्री आप ऊपर बताये अनुसार कर चुके है इसललए इस त्रबल की कोई अलग से एंट्री नहीं होगी लेककन इसे आप अपना आउट पुट टै क्स जमा कराते समय और समय ररटनथ में हदखायेंगे.

इनपुट टै क्स क्लेम करते

“कभपोजीिन का एक व्यवहाररक पक्ष है कक इसके दौरान एक कर का तो तनिाथररत जो दर होती है उसके अनुसार भुगतान ककसी भी तरह से होना है और इसके बाद ही कभपोजीिन कर का भुगतान जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 101


होता है इसललए इस प्रकार जो नोहटकफकेिन कभपोजीिन डीलर को “एक कर” के भुगतान से रोक रहें हो सकता है वे कभपोजीिन की

मूल भावना के र्वरुद्ि हो या कफर हमारी सरकार की भावना ही इस तरह की छुट दे ने की हो इसललए इस सभबन्ि में सरकार के स्पष्टीकरण से ही जस्तर्ी साफ़ होगी.”

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 102


अध्याय -8 जी.एस.टी. और इनपुट क्रेडडट का लमसमैच

GST- MISMATCH OF INPUUT CREDIT जब आप ककसी र्वक्रेता से माल खरीदते है या सेवा प्रदाता से सेवा लेते है तो वे आपसे जो टै क्स चाजथ करते है और त्रबल जारी करते है लेककन या तो वे अपना कर समय पर नहीं भरते हैं या आपको बेचे गए माल या प्रदान की गई सेवा को अपने आउटवडथ सप्लाई के ररटनथ में समुथचत रूप से नहीं हदखाते है तो कफर आपको वह पूरी तरह से नहीं लमलती है और एक लमसमैच कक्रएट हो जाता है जो की आपके

अर्ाथत खरीददार के ललए एक समस्या है . यह समस्या वेट में भी र्ी और अब जी.एस.टी. में भी रहे गी . आइये इसे एक सवाल के जररये समझे कक क्या है ये

लमसमैच की

समस्या और ककस तरह इसे जी.एस.टी. के कानूनों में इसका तनवारण है और कब तक ये समस्या खरीददार के ललए बनी रहे गी. प्रश्न :इस समय हमारे राज्य में जो वेट लागू है उसमे लमसमैच एक बहुत ही बड़ी समस्या है और जब हमारा कर तनिाथरण हो जाता है तो जो कर हमारे र्वक्रेता नहीं जमा कराते है या हमें बेचे गए माल की र्वगत तनयमानुसार अपने ररटनथ में नहीं दे ते है तो यह कर हमारे

खाते में लमस मैच आ जाता है और यह कर हमसे ब्याज सहहत मा​ाँगा जाता है . जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 103


- क्या जी.एस.टी. के दौरान भी यह समस्या बनी रहे गी ? - यहद आपके र्वक्रेता आप को बेचे गए माल पर कर नहीं चुकाते है या इसकी र्वगत अपने त्रबक्री के ररटनथ में समुथचत रूप से नहीं हदखाते है तो आपको यह मौक़ा लमलेगा कक आप इसमें जब यह आपके

खरीद के ररटनथ में अपने आप आये तो आप इसमें

संिोिन कर सकते है लेककन यहद यह संिोिन आपके र्वक्रेता द्वारा अनुमोहदत नहीं ककया जाता है तो यह एक लमसमैच होगा और इसे आपको एवं आपके र्वक्रेता को ररटनथ भरने की अंततम ततर्ी के बाद सूथचत कर हदया जाएगा और जजस माह में आपको सूथचत ककया जाता है उस माह में तनस्तारण नहीं होता है तो यह

इस लमसमैच का

खरीददार के

उस माह से

अगले माह कर में जोड़ हदया जाएगा और इसे आपको जमा कराना होगा. - इस तरह अब सरकार लमस्मैच को लेकर लंबा इन्तजार करने को तैयार नहीं है . - इस तरह से जब र्वक्रेता अपने ररटनथ सही करके इनपुट् क्रेडडट दे गा तब यह क्रेडडट कफर से आपको लमल जायेगी .

- लेककन अब आपको माल खरीदते वक्त सतकथ रहना होगा और आपके र्वक्रेताओं को भी प्रेररत करना होगा कक वे समय पर कर जमा कराएं और ररटनथ सही-सही भरे और इसके सार् ही आप जहा​ाँ र्वक्रेता है वहा​ाँ आप भी अपने ररटनथ सही – सही भरें ताकक आपके क्रेता ककसी परे िानी में नहीं पड़े. *

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 104


अध्याय -9

आइये दे खें कैसे बनेगा जी.एस.टी. में बबल GST- INVOICE जी.एस.टी. 1 जुलाई 2017 को लागू हो गया है और इस दौरान सबसे

पहला काम जो डीलसथ को करना है वह है त्रबल या इनवॉइस बनाना तो आईये दे खें कक जी.एस.टी. का त्रबल ककस तरह कटे गा. मान लीजजये बाकी सभी जी.एस.टी. से जुडी प्रकक्रयाओं के ललए तो आपको समय लमल जाएगा लेककन 1 जुलाई 2017 के बाद

को ज्यों ही आप

अपने तो व्यवसाय स्र्ल पर पहुचें गे या पहुचें होंगे तो आपका जो पहला ग्राहक आपसे माल खरीदने पहुंचा होगा तो जी.एस.टी. से जड ु ी पहली प्रकक्रया के रूप में आपको एक त्रबल काटना पड़ा होगा तो आइये बात करें

कक जी.एस.टी. के दौरान पहली प्रकक्रया के रूप में आप टै क्स इनवॉइस या त्रबल ककस तरह से अच्छी तरह से बना सकेंगे . पहले हम दे खें कक जी.एस.टी. कानून के तहत त्रबल से सभबजन्ित प्राविान

िारा 31 में हदए हुए है और इस सभबन्ि में रूकस जी.एस.टी. कौंलसल द्वारा अनुमोहदत कर हदए गए है तो आइये इस कानन ू और जी.एस.टी. कौंलसल के द्वारा अनुमोहदत रूकस की सहायता से दे खें कक एक आम डीलर ककस तरह से जी.एस.टी. का पहला टै क्स इनवॉइस या त्रबल काटे गा.

सबसे पहले तो आप यह ध्यान कर लें कक जी.एस.टी. के दौरान कभपुटर से टै क्स इनवॉइस त्रबल बनाना कोई जरुरी नहीं है यहद आप चाहे तो त्रबल

कंप्यट ू र की सहायता से काट सकते है और ऐसा नहीं चाहे तो आप अपनी त्रबल बुक छपवा कर भी काम चला सकते है .

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 105


एक दस ू रा भ्रम यह है कक आपको प्रत्येक टै क्स इनवॉइस या त्रबल

जी.एस.टी. के पोटथ ल पर जाकर बनाना है यह भी सही नहीं है . आपको लसफथ टै क्स इनवॉइस या

त्रबल की र्वगत जो रजजस्टडथ डीलर को आपने

काटा है कक र्वगत अपने सप्लाई के ररटनथ में जजस माह में त्रबक्री हुई है उसके अगले माह की 10 तारीख तक दे नी है ताकक आपका खरीददार इसकी क्रेडडट ले सके . आइये हम सबसे पहले र्वचार करें एक ऐसी सप्लाई का जो आप अपने ग्राहक को उसी राज्य में करे रहें है जहा​ाँ आप का व्यवसाय स्र्ल है तो आपकी यह त्रबक्री “राज्य के भीतर त्रबक्री” या इंटरास्टे ट त्रबक्री कहलाएगी और जैसा कक हम पहले ही कई बार बता चक ु े है कक इस त्रबक्री पर

आपको दो कर यातन राज्य का जी.एस.टी. – एस.जी.एस.टी. एवं केंद्र का जी.एस.टी. सी.जी.एस.टी वसल ू करना है .

आइये अब उदाहरण के ललए आपका व्यापार भी तय कर दे ते हैं – समझ लीजजये कक आप रे डीमेड कपड़ों का काम करते है और आपका पहला ग्राहक आपसे 100 िट्थस खरीदता है जो प्रतत िटथ आपकी त्रबक्री की कीमत 1100 रूपये है इस प्रकार कर की दर 12% होगी जजसमें से मान लें कक राज्य का जी.एस.टी. 6 प्रततित ही और केंद्र का जी.एस.टी. भी 6 प्रततित है तो आपके त्रबल के ललए आंकड़े इस प्रकार से बनेगें :माल का र्ववरण

िट्थस

मात्रा

100

कीमत प्रतत िटथ

1100 रूपये

कुल कीमत

110000.000

राज्य का जी.एस.टी.

6600.00

केंद्र का जी.एस.टी.

6600.00

कुल त्रबल की रकम

123200.00

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 106


आपका जी.एस.टी.एन

08AAAPP5715M1Z3

ग्राहक का जी.एस.टी.एन

08SSSPS7325M1Z3

ये सारी सच ू नाएं वे है जजनके आिार पर आप अपना जी.एस.टी. का त्रबल काट सकते हैं . आइये दे खें कक जी.एस.टी. का त्रबल बनाते समय कौनसी – कौनसी सच ू नाये आपको त्रबल में भरनी है :-

1.सप्लाई करने वाले का नाम, पता एवं जी.एस.टी.एन. नंबर 2. त्रबल का सीररयल नंबर 3. त्रबल जारी करने की तारीख 4.सप्लाई प्राप्त कताथ का नाम, पता एवं जी.एस.टी.एन. नंबर (यहद रजजस्टडथ है तो ) 5.यहद सप्लाई प्राप्तकताथ अन-रजजस्टडथ है , सप्लाई प्राप्तकताथ का नाम, पता एवं डडलीवरी का पता यहद करयोग्य सप्लाई की कीमत 50000.00 रूपये से अथिक है और यहद सप्लाई की कीमत 50 हजार से कम है तो यहद आपका खरीददार ऐसा चाहता है तो आपको यह सच ू नाएं त्रबल / इनवॉइस में दे नी है .

त्रबल में ककसी भी प्रकार से ग्राहक का पेन नंबर या आिार नंबर दे ने की जरुरत नहीं है . 6.एच.एस.एन.कोड:-

Turnover less than 1.5 crores- HSN code is not required to be mentioned Turnover between 1.5 -5 crores can use 2-digit HSN code Turnover above 5 crores must use 4-digit HSN code 7.माल का र्ववरण 8.माल की मात्रा 9.माल की कुल कीमत

10. कर की दर:- एस.जी.एस.टी. और सी.जी.एस.टी. कर की दर जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 107


11. कर की रकम 12. माल के सप्लाई की जगह एवं राज्य यहद आपकी सप्लाई आपके राज्य से दस ू रे राज्य में है .

13.माल की डडलीवरी का पता यहद यह पता सप्लाई के पते से अलग है . 14.क्या कर ररवसथ चाजथ के तहत चुकाया गया है .

15.डीलर के दस्तखत या डीलर के डडजजटल लसग्नेचर . (त्रबल पर डडजजटल लसग्नेचर अतनवायथ नहीं है केवल दस्तखत से भी काम चल सकता है )

कभपोजीिन डीलर त्रबल ककस तरह से बनाएाँगे कभपोजीिन डीलर टै क्स इनवॉइस नहीं बजकक त्रबल ऑफ सप्लाई बनायेंगे . यहा​ाँ यह ध्यान में रखें कक कभपोजीिन डीलसथ ककसी तरह का कर अपने त्रबल ऑफ़ सप्लाई में अलग से

वसल ू नहीं कर पाएंगे . आइये दे खें कक

कभपोजीिन डीलसथ का जारी ककये हुए त्रबल में क्या –क्या सच ू नाये होंगी :1.सप्लाई करने वाले का नाम, पता एवं जी.एस.टी.एन. नंबर 2. त्रबल का सीररयल नंबर 3. त्रबल जारी करने की तारीख

4.सप्लाई प्राप्त कताथ का नाम, पता एवं जी.एस.टी.एन. नंबर (यहद रजजस्टडथ है तो ) 5.यहद इस प्रकार से छुट हुई तो कभपोजीिन डीलसथ को एच.एस.एन. कोड दे ने की जरुरत ही नहीं होगी . 6.माल का र्ववरण 7.माल की मात्रा 8.माल की कुल कीमत जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 108


9. डीलर के दस्तखत या डीलर के डडजजटल लसग्नेचर . (त्रबल पर डडजजटल लसग्नेचर अतनवायथ नहीं है ) कुछ र्विेष बातें जो त्रबल जारी करते समय ध्यान रखें :1.जो भी आप त्रबल जारी करें गे वो तीन प्रततयों में होगा –

OROGINAL

FOR RECEIPIENT

2.द्र्वतीय प्रतत पर आप ललखेंगे – 3.तत ृ ीय प्रतत पर आप ललखेंगे –

DUPLICATE FOR TRANSPORTER

TRIPLIICTE FOR SUPPLIER

ये तीनों प्रततयों पर आप पहले से छपवा कर ही रखें . यहद आपकी सप्लाई का एक त्रबल 200.00 रूपये से कम की है तो यह जरुरी नहीं है कक आप इस तरह की हर सप्लाई पर अलग त्रबल बनाये . इसका आप परू े हदन का एक ही त्रबल इस तरह की सारी सप्लाई को लमलाकर बना सकते है बिते कक :-

1. यह सप्लाई रजजस्टडथ डीलसथ को नहीं हो- यहद सप्लाई रजजस्टडथ डीलर को है तो प्रत्येक त्रबल इस तरह की सप्लाई का अलग से

काटना होगा अन्यर्ा रजजस्टडथ डीलर को इनपट ु क्रेडडट ककस तरह से मलेगी.

2. यहद क्रेता को त्रबल की आवश्यकता नहीं हो – यहद क्रेता माल की खरीद का त्रबल मांगता है तो उसे अलग से त्रबल दे ना ही होगा.

आपके ललए जी.एस.टी. में एक र्विेष बात और है जो ध्यान में रखनी आवियक है और वह है कक जब आप माल या सेवा के ललए एडवांस भग ु तान प्राप्त करते है तो आपकी उस एडवांस रकम पर कर की

जजभमेदारी हो जाती है अर्ाथत जब भी आप एडवांस प्राप्त करें गे तो आपको उसी माह में उस पर कर चुकाना है चाहे सप्लाई अगले माह हुई है . जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 109


इसके ललए आप एक रसीद वाउचर जारी करें गे.

इसे भी आप एक

उदाहरण के जररये समझ लें :आपको जल ु ाई माह में 100 िटथ का 1100 रूपये िटथ के हहसाब से

आडथर लमला है और इसके ललए 50000.00 रुपये एडवांस लमले . आप इस माल की सप्लाई अगस्त में करें गे. इस प्रकार यह व्यवहार कुल 110000.00 रूपये का हुआ है .

- इस व्यवहार में आपको 50000.00 रूपये पर तो कर जुलाई माह में जोड़ना होगा जजसका भग ु तान अगले माह यातन अगस्त

में आप करें गे और िेष 60000.00 रूपये पर कर का भग ु तान अगस्त माह में जोड़े हुए लसतभबर में करें गे.

एडवांस प्राजप्त के ललए जारी वाउचर में भी लगभग वही डडटे कस होगी (जो रसीद के लीये लागू होती है ) जो टै क्स इनवॉइस में होती है . *

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 110


अध्याय -10 ई-वे त्रबल (इलेक्ट्रॉतनक वे त्रबल ) E-WAY BILL ई-वे त्रबल (इलेक्ट्रॉतनक वे त्रबल ) के बारे में व्यापार एवं उद्योग की राय कोई अच्छी नहीं है और वे इसे हटाने या केवल दो राज्यों के बीच व्यापार में लगाए जाने की सलाह दे रहें है . इसके अततररक्त वे 50000.00 रूपये की सीमा को भी 5.00 लाख रूपये करने की मांग कर रहे है .

डीलसथ के ललए र्ोड़ी सी राहत की खबर यह है कक 1 जल ु ाई 2017 से

जी.एस.टी. लागू हो गया है तो भी ई-वे त्रबल (इलेक्ट्रॉतनक वे त्रबल) अक्तब ू र 2017 लागू नही होगा क्यों कक इसके ललए जी.एस.टी.एन का

लसस्टम तैयार नहीं है इसललए कफलहाल इसे स्र्थगत कर हदया गया है लेककन राज्यों को यह छूट दी गई है कक वे अपने रोड परलमट जारी रख सकते हैं . ई–वे त्रबल लागू होने की अंततम रूप से घोषणा होने तक इस त्रबल का इंतजार ही करना होगा.

बहुत से राज्यों ने इस प्रकार से जारी रोड परलमट समाप्त कर हदए है लेककन कुछ राज्यों में अभी भी जारी है .

यहा​ाँ हमारी ई –वे त्रबल को लेकर जो चचाथ है वह ई – वे त्रबल को लेकर जो ड्राफ्ट रूकस जारी हुए र्े उनके आिार पर है इसका अंततम नतीजा तभी तनकलेगा जब कक सरकार अंततम रूप से ई –वे रूकस जारी करें गे.

आइये दे खें की इस समय इ-वे त्रबल के रूस में क्या ललखा है :जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 111


138. E-way rule Till such time as an E-way bill system is developed and approved by the Council, the Government may, by notification, specify the documents that the person in charge of a conveyance carrying any consignment of goods shall carry while the goods are in movement or in transit storage. इसका अर्थ यह है कक अभी तक ई- वे त्रबल के ललए जी.एस.टी.एन. का लसस्टम तैयार नहीं है और तब तक सरकार अथिसच ू ना जारी कर यह सतु नजश्छत कर सकती है कक माल के पररवहन के समय डाक्यम ू ें ट्स सार् में चाहहए .

ककस तरह के

आइये ई-वे के प्राविान जो ड्राफ्ट रूकस में हदए गए र्े उनका

अध्ययन करें :जी.एस.टी. के दौरान एक प्राविान वे- त्रबल जारी करने के सभबन्ि में है जजसके ललए जो ड्राफ्ट रूकस जारी ककये गए है उससे व्यापारी वगथ एवं डीलसथ में एक बहुत बड़ी हलचल है और इसका एक बहुत बड़ा कारण यह है कक एक तो इस समय जो समाचार लमल रहे है उनके अनुसार यह सभी वस्तुओं पर लागू है और दस ू रा इसकी सीमा केवल 50000.00 रूपये है जो कक व्यापार और उध्योग जगत के हहसाब से

बहुत कम है . आइये दे खें कक यह प्राविान क्या है और आपसे र्वस्तार से चचाथ करें कक ई-वे त्रबल को लेकर आपकी जो आिंकाएं है वो ककतनी सच

है और अब सरकार को वास्तव में इस सभबन्ि में क्या करना चाहहए . इस सभबन्ि में आपके सवाल भी है आइये उन्हें पहले ले लेते है :प्रश्न :-

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 112


क्या इलेक्ट्रोतनक वे-त्रबल अभी जारी रोड परलमट की तरह ही है ? क्या यह केवल दो राज्यों के बीच व्यापार पर ही लागु होगा या राज्य के भीतर त्रबक्री पर भी लागू होगा ?

हा​ाँ आप यह मान सकते है कक यह एक तरह से रोड परलमट ही है . लेककन अभी तक जारी रोड परलमट जारी है वे दो राज्यों के बीच हुए व्यापार में ही लागू होते है और कई राज्यों में यह केवल र्वलिष्ट वस्तुओं पर ही लागू है

लेककन ईवे-त्रबल राज्य के भीतर और राज्य

के बाहर दोनों त्रबक्री पर लागू है और सभी वस्तुओं

पर लागू होगा .

व्यापार एवं उद्योग जगत की यह उभमीद र्ी कक जी.एस.टी. के दौरान रोड परलमट नाम की कोई बािा नहीं होगी लेककन उनकी यह उभमीद तो परू ी नहीं हुई बजकक इसका दायरा भी बढ़ा हदया गया है .

प्रश्न :इस फॉमथ को ककस रकम के त्रबल पर जारी करना होगा 50000.00 रूपये से अथिक के प्रत्येक जजसमे माल का मूवेमेंट हो रहा है उस पर यह इलेक्ट्रोतनक वे-त्रबल जारी करना होगा चाहे यह मव ू में ट माल की सप्लाई के ललए हो या ककसी और कारण से.

आप यह मान कर चले कक 50000.00 रूपये से अथिक का माल त्रबना इलेक्ट्रोतनक वे-त्रबल के मूव नहीं कर पायेगा. अब आप इस मूव का अर्थ मॉल को बेचना और भेजना दोनों ही लगा सकते है और

चाँ कू क यह मूव सप्लाई के अलावा भी सारे माल के मूवमें ट को कवर करता है इसललए अभी तक जो सूचना उपलब्ि है उसके अनुसार जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 113


50000.00 रूपये के अथिक के माल के हर मव ू में ट के ललए इलेक्ट्रोतनक वे-त्रबल जारी करना होगा .

प्रश्न :-ये इलेक्ट्रोतनक वे-त्रबल कहा​ाँ से जारी होगा ? ये इलेक्ट्रोतनक वे-त्रबल जी.एस.टी. कॉमन पोटथ ल से जारी होगा और आपको इसे कंप्यूटर और इन्टरनेट की मदद से जारी करना होगा. इस इलेक्ट्रोतनक वे-त्रबल के ललए त्रबल/ चालान की र्वगत तो आप

जी.एस.टी. पोटथ ल पर अपलोड करें गे और उसके बाद या तो आप, अर्वा आपका या खरीददार के ट्रांसपोटथ र द्वारा त्रबल की अपलोड की गई र्वगत से इलेक्ट्रोतनक वे-त्रबल जारी करें गे .

प्रश्न :-क्या ये इलेक्ट्रोतनक वे-त्रबल रास्ते में भी चेक होगा . हा​ाँ इसे चेक करने की प्राविान भी बनाये गए है और यह राज्य के भीतर और राज्य के बाहर जहा​ाँ भी माल का मूवमें ट होगा वहां इसे अथिकाररयों द्वारा चेक ककया जा सकता है .

एक राज्य में मव ू में ट के दौरान इलेक्ट्रोतनक वे-त्रबल एवं माल वाहन

एक ही बार चेक होगा और कर चोरी की पुख्ता जानकारी होने पर ही

इस दस ू री बार चेक ककया जा सकता है . दो राज्यों की बीच व्यापार में इसे रास्ते में पड़ने वाले हर राज्य में चेक ककया जा सकेगा.

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 114


प्रश्न :-क्या इस चेककंग के दौरान समय की बबाथदी रोकने के ललए कोई उपाय ककये गए है . हा​ाँ इस प्राविान की एक अच्छी बात यह है कक यहद आपका माल

वाहन ककसी एक जगह पर चेककंग के दौरान 30 लमतनट से अथिक रोका जाता है तो आप जी.एस.टी. पोटथ ल पर इसकी सूचना को अपलोड कर सकते है .

इस सच ू ना के बाद क्या होगा यह तो अभी घोर्षत नहीं है लेककन इस प्राविान से अथिकाररयों पर रोके गए हर वाहन को 30 लमतनट में

छोड़ने का नैततक दबाव तो रहे गा ही. इस समय कई बार चेककंग के दौरान माल वाहनों को कई घंटो तक रुकना होता है .

प्रश्न :-क्या इलेक्ट्रोतनक वे-त्रबल को काम में लेने की कोई तनजश्चत अवथि होगी या एक बार जारी होने के बाद इसे कभी भी काम में ललया जा सकेगा. इस इलेक्ट्रोतनक वे-त्रबल को काम में लेने की एक तनजश्चत अवथि है और इस अवथि के कारण व्यापारी एवं ट्रांसपोटथ र पर एक अततररक्त जजभमेदारी आ जाती है वे एक तनजश्चत अवथि में माल को डडलीवर कर दे . आइये इस अवथि को भी दे ख लें :क्र.स.

दरू ी (जजस स्र्ान से इलेक्ट्रोतनक माल

प्रारभभ

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 115

वे-त्रबल

होकर की वैिता की अवथि


1. 2.

जहां तक पहुंचना है ) 100 कक.मी.से कम

एक हदन

100 कक,मी. या इससे तीन हदन अथिक

लेककन

300

कक.मी. से कम 3.

300 कक,मी. या इससे पांच हदन अथिक

लेककन

500

कक.मी. से कम 4.

500 कक,मी. या इससे दस हदन अथिक लेककन 1000 कक.मी. से कम

5.

1000

कक.मी.

या 15 हदन

इससे अथिक

प्रश्न :-यहद एक इलेक्ट्रोतनक वे-त्रबल जारी ककया गया है लेककन वह माल बेचा जाना तनरस्त हो गया है तो क्या यह इलेक्ट्रोतनक वे -त्रबल केंलसल ककया जा सकता है ?

इलेक्ट्रोतनक वे-त्रबल जारी ककये जाने के 24 घंटे के भीतर इसे केंलसल ककया जा सकता है .

प्रश्न :-इस प्राविान में जो RFID तकनीक के बारे में जजक्र ककया गया है क्या उसे सभी माल - वाहनों पर लगाना होगा ? यह तकनीक क्या है कृपया सरल िब्दों में बताएं . जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 116


ट्रांसपोटथ र यहद इलेक्ट्रोतनक वे-त्रबल की एक कॉपी अपने पास रखता है तो उसे इस तकनीक का इस्तेमाल करने की जरुरत नहीं होगी लेककन यहद इस इलेक्ट्रोतनक वे-त्रबल की हाडथ कॉपी नहीं है तो कफर ट्रांसपोटथ र को RFID तकनीक के जररये ये इलेक्ट्रोतनक वे-त्रबल चेक कराना होगा. लेककन RFID तकनीक का इसललए महत्व है कक इसी प्राविान में एक व्यवस्र्ा यह भी है कक जी.एस.टी. कमीश्नर एक अथिसच ू ना के तहत “ कुछ प्रकार के” माल वाहकों को यह तकनीक अपने वाहनों पर

लगाना अतनवायथ कर सकते है . इसललए इस तकनीक का अर्थ समझाना जरुरी है . आइये दे खे ये Radio Frequency Identificationn Device का क्या अर्थ है :रे डडयो-आवर्ृ त्त पहचान (अंग्रेज़ी: Radio-frequency identification) एक तकनीक का उपयोग है (आमतौर पर एक RFID टै ग के रूप में

संदलभथत) जजसे एक उत्पाद, पिु, या व्यजक्त में रे डडयो तरं गों के इस्तेमाल से पहचान करने और ट्रै ककंग के उद्दे श्य से लगाया या डाला

जाता है । कुछ टै ग को कई मीटर दरू से और पाठक की दृजष्ट रे खा के पार से पढ़ा जा सकता है ।

संभार-तन्त्र और पररवहन, RFID प्रौद्योथगकी के कायाथन्वयन के प्रमख क्षेत्र हैं। उदाहरण के ललए, याडथ प्रबंिन, लिर्पंग और माल ु ढुलाई

और

र्वतरण

केन्द्र,

कुछ

ऐसी

जगहें

हैं

RFID

ट्रै ककंग

प्रौद्योथगकी का इस्तेमाल ककया जाता है । दतु नया भर की पररवहन जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 117


कंपतनयां, व्यापार मक ू य और कायथकुिलता पर RFID प्रौद्योथगकी के प्रभाव के कारण इसको तवज्जो दे ती हैं।

प्रश्न :-अब एक आणखरी प्रश्न इलेक्ट्रोतनक वे-त्रबल के सभबन्ि में :आप जी.एस.टी. का अध्ियन काफी वषों से कर रहे है क्या आपको इस तरह के रोड परलमट

के आने की आिंका र्ी ? आप इस

प्राविान को ककस तरह से दे खते है ? -अभी तक इस तरह के वे-त्रबल जो राज्यों के मध्य होने वाले व्यापार पर ही लागू र्े लेककन इस प्राविान से इसे काफी व्यापक कर हदया

गया है और रालि 50 हजार भी काफी कम है और जजस तरह से यह प्राविान बनाये जा रहे है उनके अनुसार यह सभी वस्तुओं एवं हरे क मूवमें ट पर लागू हो जाएगा .

जी.एस.टी. से व्यापार एवं उद्योग को सरलीकरण की एक उभमीद र्ी और इस तरह के प्राविान इस उभमीद को समाप्त कर रहे है इसललए ये प्राविान ककसी भी तरह से स्वागत योग्य नहीं है लेककन अगर सरकार ऐसे प्राविान बना ही रही है तो आपको इनका पालन करना ही होगा. उद्योग एवं व्यापाररक संघठनों ने इस रालि को बढ़ा कर 5.00 लाख रूपये करने का अनुरोि ककया है और इसे केवल दो राज्यों के बीच होने वाले व्यापार पर लागू ककये जाने की मांग की है . *

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 118


अध्याय कैसे होगा तनिाथरण

-11

दोहरे तनयंत्रण की 50 : 50 सहमती के तहत जी.एस.टी.

कौन करे गा आपका असेसमें ट (कर –तनिाथरण )

DUUAL CONTROL ON DEALERS-ASSSSMENT जी.एस.टी. 1 जुलाई 2017 से लागू हो चुका है और स्पष्ट रूप

से यह एक दोहरा कर है जजसे राज्य का वेट र्वभाग और केंद्र का

सेंट्रल एक्साइज र्वभाग लागू करे गा तो कफर यह सवाल भी उठे गा कक आपके कर का तनिाथरण क्या दो र्वभाग एक सार् करें गे ? आइये

दे खें इस र्वषय को केंद्र और राज्य सकारों ने ककस प्रकार से तनपटाया है और इसका क्या समािान तनकाला गया है .

जी.एस.टी.कोंलसल की जो 2016 के अंततम ततमाही में जो बैठकें हुई र्ी उनमें से अंततम तीन मीहटंग्स में जो मुद्दा सबसे अथिक चचाथ का र्वषय बना र्ा वह र्ा करदाताओं के ऊपर “दोहरे तनयंत्रण” अर्ाथत ड्यूल कंट्रोल का. इसके बाद 16 जनवरी 2017 को जी.एस.टी. कौंलसल की अभी तक की

अंततम मीहटंग हुई र्ी उसमे इस समस्या का समािान ढूंढ लेने का दावा ककया जा रहा है उसके अनस ु ार 150 लाख रूपये तक

की त्रबक्री तक के डीलसथ का तनयंत्रण राज्यों और केंद्र के बीच 90 प्रततित एवं 10 प्रततित के अनप ु ात में बांटा जाएगा अर्ाथत 90

प्रततित डीलसथ पर राज्यों का तनयंत्रण रहे गा और िेष 10 प्रततित जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 119


डीलसथ पर केंद्र का तनयंत्रण रहे गा. इस तनयंत्रण का अर्थ यहा​ाँ उनके “कर तनिाथरण” अर्ाथत असेसमें ट से है . 150 लाख रुपये की त्रबक्री से

अथिक के डीलसथ के तनयंत्रण को राज्य और केंद्र के बीच सहमती के तहत

50 : 50 के अनप ु ात में बांटा जाएगा अर्ाथत कुल डीलसथ के

50 प्रततित पर राज्य तनयंत्रण रखें गे और िेष 50 प्रततित पर केंद्र तनयंत्रण रखेगा.

सर्वथस टै क्स डीलसथ और अंतरप्रांतीय त्रबक्री करने वाले डीलसथ के सभबन्ि में भी यह फैसला लागू होगा यह अभी तक जो बयान आ रहें है उनमे स्पष्ट नहीं ककया गया है और यहा​ाँ ध्यान रखे कक सर्वथस टै क्स डीलसथ

के ललए 150 लाख रूपये का टनथओवर बहुत बड़ी रकम है और ऐसे 90 प्रततित डीलसथ का तनयंत्रण केंद्र राज्यों के पास छोड़ दे यह िायद संभव नहीं लगता है .

यहा​ाँ तनयंत्रण रखने का अर्थ यह है कक इन डीलसथ का कर तनिाथरण ऊपर बताये गये अनुपात के अनुसार राज्य एवं केंद्र सरकार

के अथिकाररयों द्वारा ककया जाएगा और इसी मुद्दे पर राज्य और

केंद्र एक मत नहीं हो पा रहे र्े इसीललये जी.एस.टी. कौंलसल की कई बैठकें

त्रबना ककसी नतीजे के समाप्त हो रही र्ी .

यहा​ाँ यह ध्यान रखें कक जब सभी ररटनथ जी.एस.टी.एन. नामक एक ही नेटवकथ पर भरे जायेंगे और चाँ कू क इस समय भी लगभग

अथिकांि राज्यों में वेट के भी सभी “कर तनिाथरण” ऑनलाइन ही होते है तब कफर एक सोचने वाली बात यह है कक यह दोहरे तनयंत्रण का प्रश्न इतना बड़ा कैसे हो गया . जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 120


अब इस 50:50 के तहत कौनसा डीलर का कर तनिाथरण राज्य करे गा इसका फैसला भी ककसी भी फामूल थ े के तहत होगा जजस पर राज्य एवं केंद्र सहमत होंगे लेककन ऐसा नहीं लगता इस तरह का फैसला व्यापार और उध्योग के ललए प्रकक्रयाओं में लाएगा

और यहा​ाँ र्विेष बात यह है कक

कोई सरलीकरण

जी.एस.टी. पर केंद्र और

राज्य ही आपस में ही प्रारभभ से ही र्ववाद रहा है और जी.एस.टी. स्वयं

ही केंद्र और राज्यों के बीच अथिकारों की एक खीचतान का

मुद्दा रहा है

और इस कर प्रणाली को लागू करने में

व्यापार और

उध्योग की राय को कोई अथिक महत्त्व नहीं हदया गया है . दोहरे तनयंत्रण का मामला भी इसी तरह से केंद्र और राज्यों की अपने –अपने अथिकार सुरक्षक्षत करने की लड़ाई का ही एक

हहस्सा है

इसीललये इस तरह के 50:50 तरह के प्रकक्रयाओं को और

भी उलझाने वाले

फैसले लेने में हमारे कानन ू तनमाथताओं को कोई

दर्ु विा अर्वा हहचक नहीं हुई है .

आणखर यह दोहरे तनयंत्रण का मद् ु दा इतना महत्वपण ू थ कैसे हुआ इसके पीछे कारण यह है कक राज्यों के पास कुल लमला कर अप्रत्यक्ष कर को दे खने के ललए लगभग 265000 अथिकारी एवं कमथचारी है

एवं केंद्र के पास भी इसी काम के ललए कुल 85000 अथिकारी एवं कमथचारी है इसललए काम का बाँटवारा भी जरुरी र्ा, ऐसा भी कहा जा रहा है

और इसके सार् ही राज्यों एवं केंद्र के अथिकारों की बात भी

इस मुद्दे से जुडा र्ा .

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 121


लेककन यहद

व्यापार और उध्योग के हहतों की और दे खना हो

और जी.एस.टी. को सरलीकरण की और ले जाना है तो राज्य एवं केंद्र के अप्रयक्ष करों के सभी स्टाफ को लमला कर एक “संघीय स्टाफ कैडर”

बनाया जा सकता है जजससे कक व्यवहाररक रूप से भी दोहरे

तनयंत्रण की समस्या हल हो सकती है और 50:50 जैसे तरीके का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता . *

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 122


अध्याय -12 जीएसटी के तहत थगरफ्तारी के प्राविान ARREST PROVISIONS UNDER GST जीएसटी हमारे दे ि में 1 जुलाई 2017 से लागू जी.एस.टी. स्वयं एक

हो चक ु ा है और अब

सावथजतनक चचाथ का एक बहुत ही बड़ा र्वषय है और ये स्वाभार्वक भी है क्योंकक इस पररवतथन की इस प्रकक्रया में बड़े से छोटे सभी व्यापाररयों को इस

में

िालमल ककया जा रहा है

जहां पूरे अप्रत्यक्ष प्रणाली को नई व्यवस्र्ा की व्यवस्र्ा - माल और सेवा कर अर्ाथत गुड्स एंड सर्वथस टै क्स के तहत ले ललया जाना है ।

इस बार में एक मुख्य बात ध्यान में रखें कक कोई पररवतथन को रोक नहीं सकता क्यों कक पररवतथन एक तनरं तर प्रकक्रया है लेककन पररवतथन

का र्वरोि एक स्वाभार्वक प्रततक्रया है और यह मन की स्वाभार्वक अवस्र्ा है जजसमें पररवतथन के सार् एक स्वाभार्वक डर जड ु ा रहता है । जी.एस.टी. भी इस पररवतथन की तनरं त्तर प्रकक्रया का ही पररणाम है और

अब भारत में लगने वाला ही है इसललए इस र्वषय पर चचाथ

का दौर भी काफी तेज हो गया है और इसके सार् ही कुछ ऐसे र्वषय भी है जजनके बारे में उठ रही आिंकाए दरू करना भी जरुरी है .

“जी.एस.टी. के दौरान थगरफ्तारी के प्राविान” भी जी.एस.टी. के दौरान जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 123


परू े दे ि में हो रही चचाथ का एक हहस्सा है और कई बार लोग हमसे भी इस बारे में प्रश्न करते है और िीरे –िीरे इस र्वषय पर आने वाले सवालों की संख्या भी बढ़ती जा रही है . “जी.एस.टी. के दौरान थगरफ्तारी के प्राविान” एक र्वचारोत्तेजक और सनसनीखेज

र्वषय भी है ऐसे व्यजक्तयों के हदमाग में भय और

थचंता का अपना अलग ही

हहस्सा जोड़ दे गा जो पररवतथन से बहुत ही जकदी नकारात्मक रूप से प्रभार्वत होते हैं। इस संमय हम जो र्वषय ले रहे हैं, उनमें से एक "जीएसटी के तहत थगरफ्तारी के प्राविान " है जो जीएसटी के र्वलभन्न हहतिारकों के बीच इस समय चचाथ और थचंता का र्वषय है । इसका कारण बहुत सरल है और वह यह है की “थगरफ्तारी” िब्द अपने आप में ही बहुत गंभीर कारथ वाई है . आइये हम यह जीएसटी के दौरान थगरफ्तारी के प्राविान को

बहुत साविानी से दे खें हैं कक यह कैसे और ककस तररह के जीएसटी डीलरों को प्रभार्वत करे गा ताकक आपके हदमाग में इस प्राविान को लेकर कोई भ्रांततयां हो तो वे दरू हो सके इस सभबन्ि में जो भय और असमंजस का वातावरण है जजन्हें आप अफवाहें भी कह सकते है वह

भी दरू हो जाए ताकक आपका जी.एस.टी. में प्रवेि हो वह भयमक् ु त वातावरण में हो.

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 124


माल और सेवा कर के प्राविानों के तहत व्यजक्त को कब थगरफ्तार ककया जा सकता है ? जी.एस.टी. के दौरान थगरफ्तारी के प्राविान िारा 69 में हदए गए हैं और उनके अनस ु ार यहद सीजीएसटी / एसजीएसटी के आयक् ु त का मानना है कक एक व्यजक्त ने 132 के तहत अपराि ककया है जजनका उकलेख

इस िारा के प्रर्म चार त्रबन्दओ ु ं 132 (a), (b), (c) एवं (d)

में ककया गया है , तो उन्हें आयुक्त द्वारा अथिकृत सीजीएसटी / एसजीएसटी अथिकारी द्वारा थगरफ्तार ककया जा सकता है । इस

मामले में आयुक्त को ही तनणथय लेने का अथिकार होगा और थगरफ्तार करने वाला

अथिकारी भी आयुक्त द्वारा अथिकृत ककया

जाएगा . आगे इसी लेख में हम इन अपरािों का र्ववरण दे रहें है .

जी.एस.टी. कानून की िारा 69 के अनस ु ार ही थगरफ्तार व्यजक्त को अपनी थगरफ्तारी के आिार एवंम कारण के बारे में सूथचत ककया जाएगा। जजन मामलो में जमानत नहीं दी जा सकती है ऐसे जी.एस.टी. के दौरान करचोरी के

अपराि के मामले में उन्हें 24 घंटे

के भीतर मजजस्ट्रे ट के सामने पेि ककया जाएगा। जजन मामलों में जमानत दी जा सकती है ऐसे जी.एस.टी. के दौरान कर चोरी के अपराि के मामले में उन्हें थगरफ्तारी के तनयमानुसार बाद जमानत पर ररहा ककया जाएगा।

ककन मामलों में जमानत दी जा सकती है एवंम ककन मामलो में जमानत नहीं दी जा सकती इनका उकलेख भी इस लेख में आगे हमने ककया है .

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 125


ककस प्रकार के अपराि / 132 के तहत थगरफ्तार ककए गए प्राविान लागू होते हैं 1. कर चोरी के उद्दे श्य से एक कर योग्य व्यजक्त त्रबना ककसी त्रबल के ककसी भी सामान / सेवाओं की आपतू तथ (सप्लाई) करता है .

2. जीएसटी के प्राविानों के उकलंघन में माल / सेवाओं की आपतू तथ के त्रबना वह कोई चालान या त्रबल जारी करता है जजनके कारण गलत तरीके से इनपुट क्रेडडट और ररफंड ललया जाता है .

3. त्रबना माल एवं सेवा की सप्लाई के ऊपर वणणथत त्रबलों से कोई व्यजक्त गलत इनपुट क्रेडडट लेता है .

3. वह ककसी भी जीएसटी कर को एकत्र करता है लेककन इसे जमा कराने की तनयत ततर्ी के

3 महीनों के भीतर सरकार में जमा नहीं

करता है . ये सभी मामले आप मान कर चललए कक कर की चोरी से संबंथित हैं और यह कर की चोरी 2 करोड़ रूपये से अथिक है तो थगरफ्तारी के प्राविान लागू होते है .

थगरफ्तारी प्राविानों के सार्

िारा 69 एवं िारा 132 पढ़ने पर, जो

एक तथ्य सामने आता है वह यह है कक एक व्यजक्त को केवल तब

ही थगरफ्तार ककया जा सकता है जहां कर चोरी 200 लाख रुपये से अथिक की हो तो अब यह मान कर चललए कक सामान्य तौर पर जहा​ाँ “मध्यम और छोटे श्रेणी” के डीलसथ काम

कर रहें है थगरफ्तारी के

प्राविान लागू नहीं होंगे क्यों कक इतनी बड़ी रकम की कर चोरी की संभावना की ककपना इस स्तर पर नहीं की जा सकती है .

लेककन यहां एक और बात का उकलेख ककया जाए कक अगर ककसी व्यजक्त को पहले के अवसर पर पहले से दोषी ठहराया गया है तो जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 126


उसके दस ू रे अपराि के मामले में थगरफ्तारी प्राविान टै क्स की चोरी

के 2 करोड़ रुपये की सीमा के त्रबना उसके ऊपर लागू होंगे। एक बार दोषी व्यजक्तयों को थगरफ्तारी के इस प्राविान जो की जी.एस.टी. की िारा 69 एवं 132 में वणणथत है को बहुत गंभीरता से लेना चाहहए। ऊपर आपको बताया की थगरफ्तारी के ककन मामलों में जमानत लमल सकती है और कौनसे ऐसे मामले है जहा​ाँ जमानत नहीं लमल सकती है . इसके ललए हमें जी.एस.टी. के दौरान जजन अपरािों में थगरफ्तार ककया जा सकता है उन्हें संज्ञानात्मक और गैर संज्ञानात्मक अपराि अर्ाथत Cogniizable offence or Non Congnizable offence में बाटना होगा . जीएसटी - संज्ञानात्मक और गैर संज्ञानात्मक अपराि (Cogniizable offence or Non Congnizable offence) जीएसटी में संज्ञेय अपराि (Cogniizable offence) का मतलब है कर योग्य वस्तुओं और सेवाओं से संबंथित अपराि, जहां टै क्स चोरी, गलत तरीके से ललया गया इनपट ु क्रेडडट या ररफंड 5 करोड़ रुपये से अथिक है ।

ये संज्ञेय (Cogniizable offence) अपराि हैं, इसललए गैर-जमानती (Non-bailablle)

भी है .

टै क्स चोरी से जड़ ु ी जीएसटी के तहत अन्य अपराि, गलत तरीके से ललया गया

इनपुट क्रेडडट या ररफंड जहा​ाँ यह रालि

या इससे कम है तो

5 करोड़ रूपये

संज्ञेय अपराि (Non Congnizable offence)

हैं और जमानती (bailablle) भी

हैं।

अब जीएसटी में जब संज्ञेय (Cogniizable offence) जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 127


और गैर-संज्ञेय

(Non Congnizable offence) दोनों ही अपराि

इसललए हमें पता होना चाहहए कक संज्ञेय अपराि और गैर-संज्ञेय अपराि का क्या अर्थ है । संज्ञेय अपराि (Cogniizable offence) वे होते हैं जहां पलु लस त्रबना ककसी थगरफ्तारी वारं ट के व्यजक्त को थगरफ्तार कर सकती है । वे गंभीर अपराि हैं और

गैर-संज्ञेय अपराि

(Non Congnizable

offence) वे होते हैं, जहां एक पुललस अथिकारी सक्षम प्राथिकारी द्वारा जारी वारं ट के त्रबना ककसी व्यजक्त को थगरफ्तार नहीं कर

सकता है । जी.एस.टी. के दौरान 5 करोड़ से अथिक की कर चोरी के मामले गंभीर माने गए है . कौन

थगरफ्तारी कर सकता है

केवल आयक् ु त (Commmissioner) एक अथिकारी

को ऊपर वणणथत

जस्र्तत में ककसी व्यजक्त को थगरफ्तार करने के ललए प्राथिकृत (Authorise) कर सकता है । सभी क्षेत्र के आयुक्त के नीचे के

अथिकाररयों को थगरफ्तारी के मामले में कोई फैसला लेने और िजक्तयों का इस्तेमाल करने के ललए अथिकार अपने आप क्योंकक "थगरफ्तारी" खुद ही एक अपने आप में मामला है ।

नहीं होता

बहुत संवेदनिील

थगरफ्तारी के समय क्या साविातनयां रखी जानी चाहहए जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 128


भारतीय दं ड संहहता के सभी प्राविानों को जीएसटी के तहत थगरफ्तारी की िजक्तयों को अथिकृत करते हुए और इस्तेमाल करते हुए ध्यान में रखा जाना चाहहए क्योंकक हमने पहले ही उकलेख ककया है कक यह मामला बहुत संवेदनिील है । इसे तनयलमत कायथ के रूप में इस्तेमाल नहीं ककया जाना चाहहए। इस संबि ं में आपराथिक प्रकक्रयाएं के दौरान थगरफ्तारी के सभी

प्राविानों का पालन ककया जाना चाहहए

और उस मामले में थगरफ्तार अथिकारी को

प्रकक्रयाओं और तनयमों

का का ज्ञान होना चाहहए। डीके बसु बनाम राज्य बंगाल राज्य के मामले में 1997 (1) एससीसी 416 माननीय सुप्रीम कोटथ ने थगरफ्तारी के मामले में अगली हदिातनदे ि जारी कर रखें है और ये सभी जीएसटी के तहत थगरफ्तारी पर

भी लागू हैं अत: इन िजक्तयों को काम में लेने वाले अथिकाररयों को भी इन्हें ध्यान में रखना होगा ।

इस संभबंि में कुछ महत्वपूणथ हदिातनदे िों इस प्रकार हैं :1.थगरफ्तार करने के ललए अथिकृत

अथिकाररयों के नाम उनके

पदनाम (designation) के सार् , स्पष्ट और हदखते होने चाहहए तर्ा उनकी

पहचान पत्र उनके पास होना चाहहए

रखना चाहहए।

2.थगरफ्तारी के दौरान ककसी एक ररश्तेदार के द्वारा थगरफ्तारी मेमो पर हस्ताक्षर ककए जाने चाहहए या उसकी अनुपजस्र्तत में ककसी क्षेत्र के सभमातनत अततररक्त

व्यजक्त द्वारा हस्ताक्षर ककये जाने चाहहए

थगरफ्तार व्यजक्त

और इसके

द्वारा भी थगरफ्तारी मेमो पर काउं टर

हस्ताक्षर ककए जाने चाहहए . 3.थगरफ्तारी व्यजक्त को उस जगह से एक ररश्तेदार या लमत्र को जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 129


सथू चत करने का अथिकार होगा जहां उसे थगरफ्तार ककए जाने के बाद रखा जाता है जैसे

एक पुललस स्टे िन, लॉकअप या पूछताछ स्र्ल.

4.थगरफ्तार व्यजक्त का

हर 48 घंटों के दौरान मेडडकल परीक्षण

कराया जाना चाहहए . 5.पछ ू ताछ के दौरान थगरफ्तारी को अपने वकील से लमलने की

अनम ु तत दी जानी चाहहए, हालांकक परू ी पछ ू ताछ के दौरान लगातार वकील की उपजस्तर्ी की अनुमतत नहीं होगी ।

6.थगरफ्तार ककए गए मेमो सहहत सभी दस्तावेजों की प्रततयों को उनके ररकॉडथ के ललए मजजस्ट्रे ट को भेजा जाना चाहहए। थगरफ्तारी कब जरूरी होगी !!!!!! यह र्विुद्ि रूप से आयुक्त के र्ववेकािीन तनणथय पर आिाररत है

लेककन यह िजक्त बहुत साविानी से इस्तेमाल की जानी चाहहए। तनणथय लेने के दौरान तनभनललणखत कारकों को ध्यान में लेने के बाद िजक्त का उपयोग ककया जाना चाहहए: 1. अपराि की उथचत जांच। 2. फरार होने से व्यजक्त को रोकने के ललए 3. सबत ू ों के सार् छे डछाड

होने की संभावना को रोकने के

ललए।

4. गवाह या गवाहों को डरा दे ने या प्रभार्वत करने से रोकने के ललए। ये कुछ कारण हैं जजन्हें एक व्यजक्त को थगरफ्तार करने का तनणथय करते समय र्वचार ककया जाना चाहहए। जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 130


क्या है उद्योग और व्यापार की राय जीएसटी में थगरफ्तारी की िजक्तयां भारत में ककसी भी अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में नई नहीं हैं और हमारे पास ऐसे केंद्रीय या ककसी अन्य

तरह के प्राविानों और सेवा कर कानूनों में समान हैं या नहीं, लेककन व्यापार और उद्योग हमेिा इन िजक्तयों के दरु ु पयोग के बारे में

आिंका करते हैं। जीएसटी एक नया कानन ू है और करदाताओं को जीएसटी के प्रयोज्यता के आरं लभक चरण में इन प्राविानों को पसंद नहीं ककया जाएगा। इसके अलावा, व्याख्या की समस्या, राय के अंतर में इन प्राविानों का दरू ु पयोग

हो सकता है ।

लेककन यह तथ्य यह है कक 2 करोड़

रुपये की कर चोरी रालि की

तनचली सीमा में इन प्राविानों के दायरे से अथिकांि डीलरों को रखा जाएगा। *

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 131


अध्याय 13

गुडस और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनसथ GST PRACTITIONERS

गुडस और सर्वथस टै क्स में , बहुत सारे कायथ हैं जो ऑनलाइन ककए जाने है और इन कायों में र्वलभन्न ररटनथ भरना , प्रपत्र प्रस्तुत करना

, कर आहद जमा करना , इनपट ु क्रेडडट को चेक करना , इनपट ु और आउटपुट

क्रेडडट में संिोिन करना इत्याहद सजभमललत है जो कक

डीलसथ को करने होंगे और इन उद्दे श्यों के ललए कर डीलसथ

“गुड्स

और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” की सेवा को काम में ले सकते हैं . सकते हैं। जीएसटी व्यवसातययों के सार् – सार् यह कर क्षेत्र से जुड़े पेिेवरों के ललए भी बहुत ही हदलचस्प र्वषय होगा जजससे उन्हें भी यह पता लगेगा है कक “गड् ु स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर”के ललए योग्यता

और अयोग्यता क्या होगी और “गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” ककस तरह का काम कर सकता है और जीएसटी डीलरों के सार् ककस तरह का संबंि होगा। इसके अलावा जीएसटी व्यवसातययों द्वारा दायर ककए गए ररटन्सथ एवंम उनमे भरी जाने वाले सच ू नाओं की सत्यता के

के ललए

जजभमेदार कौन होगा और जीएसटी प्रैजक्टस के दौरान “गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” के कतथव्य क्या होंगे जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 132

और वे खुद अर्ाथत


“गड् ु स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” जीएसटी के

सामान्य पोटथ ल

जी.एस.टी.एन पर कैसे पंजीकृत होंगे और रजजस्टडथ डीलर द्वारा उनको अथिकृत

की प्रकक्रया क्या होगी और

जीएसटी डीलर की ओर

से वे क्या कायथ कर सकेंगे. चाटथ डथ एकाउं टें ट्स, कंपनी सेक्रेटरीज और कॉस्ट मैनेजमें ट अकाउं टें ट्स, एडवोकेट्स “गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” के रूप में काम कर सकते हैं, इसके अलावा वाणणजज्यक कर र्वभाग और केंद्रीय उत्पाद

िुकक र्वभाग के कुछ सेवातनवत्त ृ अथिकारी, कुछ र्वलिष्ट र्वषयों के सार्

स्नातक और स्नातकोत्तर, जजसमें

कानून , उच्च लेखा परीक्षा,

व्यवसाय प्रिासन या व्यवसाय प्रबंिन सहहत बैंककंग र्वषय भी िालमल है ,

जीएसटी व्यवसातययों के रूप में काम करने के ललए

योग्य होंगे । जी.एस.टी. के पहले जो कर कानून र्े उनमे जो सेकस

टै क्स प्रेजक्टिनर एवं ररटनथ प्रेपरे र के रूप में कम से कम 5 वषथ तक कायथ कर चक ु े है वे भी “गड् ु स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” के रुप में कायथ करने के योग्य होंगे.

“गड् ु स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” द्वारा जो

काम ककया जा

सकता है उसका र्ववरण तनभन प्रकार है :क्र.सं. 1. 2. 3.

कायथ का र्ववरण इनपुट एवं आउटपुट के ररटनथ प्रस्तुत करना . मालसक,

त्रैमालसक,

प्रस्तुत करना

वार्षथक

या

अंततम

ररटनथ

इलेक्ट्रॉतनक नकद लेजर में जमा करने के ललए जमा कराना ;

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 133


4.

िनवापसी या ररफंड

के ललए दावा दजथ करें ; तर्ा

5.

एक पंजीकरण के संिोिन या रद्द करने के ललए आवेदन करें ।

कौन “गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” क्र.सं. 1.

हो सकता है

व्यजक्त की योग्यता वह ककसी भी राज्य सरकार के वाणणजज्यक कर र्वभाग या केंद्रीय उत्पाद िुकक और सीमा िुकक बोडथ, भारत सरकार के

राजस्व र्वभाग, के एक सेवातनवत ृ अथिकारी हैं जजसने सरकार के अिीन अपनी सेवा के दौरान,

कम से कम दो वषथ की

अवथि के ललए समह ू -बी राजपत्र अथिकारी के या समकक्ष पद पर कायथ ककया हो; या 2.

जी.एस.टी. के पहले जो कर कानून र्े उनमे जो सेकस टै क्स

प्रेजक्टिनर एवं ररटनथ प्रेपेरर के रूप में कम से कम 5 वषथ 3.

तक कायथ कर चक ु े है ; या

ककसी भी भारतीय र्वश्वर्वद्यालय से कानून, उच्च ऑडडहटंग सहहत बैंककंग, या व्यवसाय प्रिासन या व्यवसाय प्रबंिन या

एक स्नातक या स्नातकोत्तर डडग्री या इसके बराबर परीक्षा वाणणज्य में डडग्री. 4.

ककसी भी भारतीय र्वश्वर्वद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त ककसी भी र्वदे िी र्वश्वर्वद्यालय की डडग्री, जो कक ऊपर की िारा में उजकलणखत डडग्री परीक्षा के बराबर है ; या

5.

इस प्रयोजन के ललए सरकार द्वारा अथिसथू चत ककसी भी अन्य परीक्षा; या

6.

तनभनललणखत परीक्षाओं में से ककसी भी परीक्षा उत्तीणथ की गई है

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 134


:-भारत के चाटथ डथ एकाउं टें ट्स संस्र्ान के अंततम परीक्षा; या भारत के कॉस्ट एकाउं टें ट संस्र्ान के अंततम परीक्षा; या भारत के कंपनी सथचवों के संस्र्ान की अंततम परीक्षा

उपरोक्त वणणथत लिक्षा एवं डडग्री की योग्यता के सार् “गड् ु स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर”

के ललए

अन्य अतनवायथ पररजस्र्ततयां

तनभनानुसार हैं: -

वह भारत का नागररक है ; वह स्वस्र् हदमाग का एक व्यजक्त है ; वह हदवाललया के रूप में घोर्षत नहीं ललया है वह एक सक्षम न्यायालय द्वारा अपराि के ललए दोषी नहीं ठहराया गया है . “गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” के ललए आवेदन कैसे करें जो व्यजक्त जो

“गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” रूप में कायथ

करने के ललए पात्र है , वह “गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” के ललए के

नामांकन के ललए इस प्रकार अथिकृत अथिकारी को फॉमथ

जीएसटी पीसीटी -1 में जी.एस.टी.एन पोटथ ल आवेदन कर सकता है ;

आवेदन प्राप्त होने पर, प्राथिकृत अथिकारी, ऐसी जांच करने के बाद, जजसे वह आवश्यक समझता है , या तो आवेदक को “गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” के ललए के रूप में नामांककत करे गा और फॉमथ जीएसटी पीसीटी -2 में उसे इसका प्रमाण पत्र जारी कर दे गा या उसके आवेदन को अस्वीकार कर दे गा जहां यह पाया जाता है कक आवेदक जीएसटी व्यवसायी के रूप में नामांककत होने के योग्य नहीं हैं। जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 135


“गड् ु स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” के ललए एक बार जारी ककया गया पंजीकरण तब तक वैि होगा जब तक कक सक्षम अथिकारी द्वारा इसे तनरस्त नहीं कर हदया जाता है . क्या “गड् ु स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” को कोई परीक्षा भी पास करनी होगी .

हा​ाँ , क्या “गड् ु स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” को जी.एस.टी कलमश्नर के द्वारा अथिसथू चत

समय एवं बताये अथिकारी द्वारा ली

जाने वाली परीक्षा पास करनी होगी . इसके ललए कलमश्नर जी.एस.टी. कौंलसल की लसफाररिों के आिार पर अथिसूचना जारी करें गे. जजन व्यजक्तयों के पास क्या “गड् ु स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” बनने की

योग्यता है वे ऊपर बतायी गयी र्विी से आवेदन कर “गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” के रूप में कायथ कर सकेंगे लेककन कलमश्नर द्वारा अथिसूथचत अवथि में उन्हें यह परीक्षा पास करनी होगी.

जी.एस.टी. के पहले जो कर कानून र्े उनमे जो सेकस टै क्स

प्रेजक्टिनर एवं ररटनथ प्रेपेरर के रूप में कम से कम 5 वषथ तक कायथ कर चक ु े है वे भी “गड् ु स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” के रुप में

कायथ कर सकते है लेककन उन्हें अथिसूथचत ततर्ी से एक वषथ के भीतर ऐसी परीक्षा पास करनी होगी.

कैसे वैि “गड् ु स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” का ककया जा सकता है .

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 136

पंजीकरण रद्द


यहद ककसी भी “गड् ु स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” को इस अथितनयम के तहत ककसी भी कायथवाही के संबंि में दव्ु यथवहार का दोषी पाया जाता है , तो प्राथिकृत अथिकारी, फॉमथ जीएसटी पीसीटी में

आदे ि द्वारा आदे ि दे सकता है कक वह “गड् ु स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” अब अथितनयम की िारा 48 के तहत अयोग्य ठहराएगा।

इस तरह के आदे ि को केवल ऐसे “गुड्स और सर्वथस टै क्स

प्रैजक्टिनर” नोहटस दे ने के बाद ही पाररत ककया जाएगा जजस नोहटस में उसे सन ु वाई

का उथचत मौका हदया जाएगा ।

इस आदे ि के णखलाफ “गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” द्वारा आयुक्त के पास अपील की जा सकती है । इस तरह की अपील आदे ि की तारीख से 30 हदनों के भीतर दजथ करनी जरुरी होगी । “गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर”की सूची “गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनसथ” की एक सूची को सामान्य

जीएसटी पीसीटी में पोटथ ल “जी.एस.टी.एन” पर लगाईं जायेगी । प्राथिकृत अथिकारी समय-समय पर सूची में ऐसे संिोिन कर सकता

है , जो ककसी भी प्रकार के पते में पररवतथन या मत्ृ यु या ककसी भी अयोग्यता के कारण होते है .

“गड् ु स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” को अथिकृत करना अथितनयम की िारा 48 (2) के अनुसार एक डीलर अपने आउटवाडथ सप्लाई के ररटनथ , इनवडथ सप्लाई के ररटनथ , मालसक ररटनथ , वार्षथक ररटनथ , ररफंड के ललए प्रार्थना पत्र , रजजस्ट्रे िन प्रमाण पत्र में जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 137


संिोिन इत्याहद कायों को करने के ललए एक “गड् ु स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” को अनुमोहदत कर सकता है और ये कायथ एक

डीलर के ललए उसके द्वारा अथिकृत “गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” करे गा.

तनयम 83 (6) के अनस ु ार एक पंजीकृत डीलर फॉमथ जीएसटी पीसीटी -5 के द्वारा

“गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” को जी.एस.टी.

सामान्य पोटथ ल पर अथिकृत कर सकता है या ककसी भी समय एक

इसी फॉमथ जीएसटी पीसीटी -5 के द्वारा इस अथिकृत “गड् ु स और

सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” को हदया गया अनम ु ोदन समाप्त कर सकता है .

“गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” द्वारा भरे ररटनथ का डीलर द्वारा अनम ु ोदन

जहां “गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” व्यजक्त द्वारा प्रस्तुत ररटनथ एवं अन्य प्रपत्र का अनुमोदन डीलर को करना होगा इसके ललए ये

ररटनथ जी.एस.टी. पोटथ ल पर उपलब्ि रहें गे तर्ा डीलर को ईमेल या एसएमएस द्वारा अनुमोदन के ललए सूथचत ककया जाएगा .

“गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर”द्वारा प्रस्तुत ररटनथ एवं अन्य प्रपत्र को

जी.एस.टी. पोटथ ल पर उपलब्ि कराया जाएगा ताकक डीलर

इन्हें अनुमोहदत कर सके लेककन जहां इस तरह के ररटनथ

दे ने की

आणखरी तारीख तक इन्हें डीलर द्वारा अनुमोहदत नहीं ककया जाता है

तो यह माना जाएगा कक उन्होंने “गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” द्वारा प्रस्तुत ररटनथ या अन्य डाक्यूमेंट्स की

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 138

पजु ष्ट की है ।


“गड् ु स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” द्वारा पेि ककये ररटन्सथ की सत्यता के ललए कौन जजभमेदार होगा ?

जीएसटी प्रैजक्टिनर के माध्यम से अपनी ररटनथ प्रस्तुत करने का चयन करने वाला एक पंजीकृत व्यजक्त जीएसटी पीसीटी -6 फॉमेट में

ककसी भी जीएसटी प्रैजक्टिनर को अपनी ररटनथ तैयार करने और प्रस्तुत करने और जीएसटी प्रैजक्टिनर द्वारा तैयार ककए गए ककसी भी ररटनथ को जमा करने की पुजष्ट करने से पहले अपनी सहमतत दे गा।

यहा​ाँ यह ध्यान में रखें की भले ही ररटनथ “गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” के द्वारा भरे गए लेककन इनकी सत्यता की जजभमेदारी

जी.एस.टी. डीलर की ही होगी इसललए उन्हें ररटनथ इत्याहद अनुमोहदत करने का जो मौक़ा लमलता है उसमें वह इन्हें अच्छी तरह से चेक करने की आदत बनाए . कैसे भरें गे

“गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” ररटनथ इत्याहद

“गड् ु स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर” जी.एस..टी. द्वारा दी गई सूचनाओं के आिार पर ररटनथ इत्याहद बयान तैयार करे गा एवं इन ररटन्सथ के सार् “गुड्स और सर्वथस टै क्स प्रैजक्टिनर”

अपने डडजजटल

हस्ताक्षर को जोड़ना होगा या इलेक्ट्रॉतनक रूप से अपने क्रेडेंलियकस का उपयोग करके सत्यार्पत करना होगा ।

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 139


अध्याय 14

जी.एस.टी. – अकाउं हटंग का एक उदाहरण GST- ACCOUNTING ककसी सौदे का पहला भाग जयपरु (राजस्र्ान ) का एक व्यापारी “अ” जयपरु

के ही एक

दस ू रे व्यापारी “ब” को कोई माल 10 लाख रुपये में बेचता है और

मान लीजजये कक राज्यों के जी.एस.टी. की दर 9 प्रततित है एवं केंद्र के जी.एस.टी. की दर 9 प्रततित है इस प्रकार जी.एस.टी. की कुल दर 18 प्रततित है .

तो “अ” इस व्यवहार में 90000.00

रुपये एस.जी.एस.टी.

(राज्य का जी.एस.टी.) एवं 90000.00 रुपये सी.जी.एस.टी. (केंद्र का जी.एस.टी.) के रूप में अपने खरीददार “ब” से वसल ू करे गा.

“अ” के द्वारा जमा कराया गया कर (यहा​ाँ मान लीजजये कक “अ” की कोई इनपट ु क्रेडडट नहीं है ) एस..जी.एस.टी. – राज्य का जी.एस.टी.

90000.00

सी.जी.एस.टी. केंद्र का जी.एस.टी.

90000.00

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 140


अब आइये इस सौदे का दस ू रा भाग दे खें आइये अब इस व्यवहार को और भी आगे ले जाएाँ कक इसी माल को जयपुर

और दे खें

का “ब” नामक व्यापारी अब राजस्र्ान के

ही अन्य िहर अजमेर के एक उपभोक्ता

“स” को अपना मुनाफ़ा

50000.00 रूपये जोड़ते हुए 10.50 लाख रुपये में बेचता है तो वह अपने इस ग्राहक “स” से 94500.00 रुपये एस.जी.एस.टी. एवं 94500.00 रुपये सी.जी.एस.टी. के रूप में वसूल करे गा . ब के द्वारा जमा कराया गया कर एस.जी.एस.टी. “स” से एकत्र ककया गया कर

94500.00

“ब” ने खरीद के समय “अ” को

90000.00

जो कर हदया अर्ाथत ब द्वारा जमा कराया कर

4500.00

ब के द्वारा जमा कराया गया कर सी.जी.एस.टी. “स” से एकत्र ककया गया कर

94500.00

“ब” ने खरीद के समय “अ” को

90000.00

जो कर हदया अर्ाथत ब द्वारा जमा कराया कर

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 141

4500.00


जी.एस.टी. एक वैल्यू एडेड टै क्स है आइये “ब” द्वारा जमा कराये गए कर कुल 9000.00 को एक

बार इस दृष्टी से चेक कर लें कक जी.एस.टी. एक “वैकयू एडेड टै क्स”

है . “ब” का मुनाफ़ा 50000.00 रूपये है और इस पर यहद 18 प्रततित की दर से कर लगाएं तो वह 9000.00 रूपये होता है जजसे

एस.जी.एस.टी. 4500.00 रूपये और सी.जी.एस.टी. 4500.00 रूपये “ब” के द्वारा जमा कराया गया है . इसका सौदे का तीसरा और अंततम भाग दे खें

“स”

एक उपभोक्ता

है

है तो उसके ललए इस माल की लागत

तनभन प्रकार होगी:माल की कीमत

10,50,000.00

एस.जी.एस.टी.

94,500.00

सी.जी.एस.टी.

94,500.00

कुल कीमत

12,39,000.00

इस प्रकार अंततम उपभोक्ता ने एस.जी.एस.टी. के रूप में 94500.00 रूपये का भुगतान ककया है और सी.जी.एस.टी. के रूप में 94500.00

रूपये का भुगतान ककया है जो कक कुल 1,89,000.00 होता है जो कक उपभोक्ता की खरीद की कीमत 10,50,000.00 का 18% होता है

और यही अंततम उपभोक्ता के द्वारा वहन ककया गया जी.एस.टी. है . . अब यह दे णखये कक राज्य और केंद्र सरकार को यह कर ककस तरह से लमला है :-

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 142


राज्य सरकार द्वारा प्राप्त ककया गया एस.जी.एस.टी. “अ” द्वारा भुगतान ककया गया

90000.00

एस.जी.एस.टी. जो ऊपर बताया गया है . “ब” द्वारा भुगतान ककया गया

4500.00

एस .जी.एस.टी. जो ऊपर बताया गया है . कुल एस.जी.एस.टी.

94500.00

“अ” द्वारा भुगतान ककया गया

90000.00

केंद्र सरकार द्वारा प्राप्त ककया गया एस.जी.एस.टी.

सी.जी.एस.टी. जो ऊपर बताया गया है .

“ब” द्वारा भग ु तान ककया गया

4500.00

सी.जी.एस.टी. जो ऊपर बताया गया है . कुल एस.जी.एस.टी.

94500.00

यह है जी.एस.टी. का सबसे आसान उदाहरण अकाउं हटंग एंट्रीज़

जयपुर (राजस्र्ान ) का एक व्यापारी “अ” जयपुर

के ही एक

दस ू रे व्यापारी “ब” को कोई माल 10 लाख रुपये में बेचता है और

मान लीजजये कक राज्यों के जी.एस.टी. की दर 9 प्रततित है एवं केंद्र के जी.एस.टी. की दर 9 प्रततित रहती है इस प्रकार जी.एस.टी. की

कुल दर 18 प्रततित हुई (कफलहाल मान लीजजये ) तो “अ” इस जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 143


व्यवहार में 90000.00 रुपये एस.जी.एस.टी. (राज्य का जी.एस.टी.) एवं 90000.00 रुपये सी.जी.एस.टी. (केंद्र का जी.एस.टी.) के रूप में अपने खरीददार “ब” से वसूल करे गा.

IN THE BOOKS OF A

B a/c To Sales a/c To SGST a/c To CGST a/c Total SGST a/c CGST a/c To Bank a/c

On Sale of Goods Dr. 1180000.00 Cr. Cr.

Cr 1180000.00 On payment of Tax Dr 90000.00 Dr 90000.00 Cr 180000.00

1000000.00 90000.00 90000.00 1180000.00

180000.00 180000.00

SGST ACCOUNT

PARTICULARS

AMOUNT

PARTCULARS

AMOUNT

Bank Account

90000.000

By B a/c

90000.00

Total

90000.00

Total

90000.00

CGST ACCOUNT PARTICULARS

AMOUNT

PARTCULARS

AMOUNT

Bank Account

90000.000

By B a/c

90000.00

Total

90000.00

Total

90000.00

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 144


आइये अब इस व्यवहार को और भी आगे ले जाएाँ आइये अब इस व्यवहार को और भी आगे ले जाएाँ कक इसी माल को जयपरु

और दे खें

का “ब” नामक व्यापारी अब राजस्र्ान के

ही अन्य िहर अजमेर के ककसी अन्य व्याप री “स” को 10.50 लाख रुपये में बेचता है तो वह 94500.00 रुपये एस.जी.एस.टी. एवं 94500.00 रुपये सी.जी.एस.टी. के रूप में वसूल करे गा .

Purchases a/c SGST a/c CGST a/c To A a/c

IN THE BOOKS OF B On Purchases of Goods Dr. 100000.00 Dr 90000.00 Dr. 90000.00

Total

C a/c To Sales a/c To SGST a/c To CGST a/c Total SGST a/c CGST a/c

1180000.00

On Sale of Goods Dr. 1239000.00 Cr. Cr.

Cr 1239000.00 On payment of Tax Dr 4500.00 Dr 4500.00

To Bank a/c Total

1180000.00

Cr

Cr 9000.00 LEDGER ACCOUNT

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 145

1180000.00

1050000.00 94500.00 94500.00 1239000.00

9000.00 9000.00


SGST ACCOUNT PARTICULARS

AMOUNT

PARTCULARS

AMOUNT

To A Account

90000.00

By C a/c

94500.00

To Bank Account

4500.00

Total

94500.00

Total

94500.00

CGST ACCOUNT PARTICULARS

AMOUNT

PARTCULARS

AMOUNT

To A Account

90000.00

By C a/c

94500.00

To Bank Account

4500.00

Total

94500.00

Total

94500.00

इसका सौदे का तीसरा भाग दे खें सी

एक ररटे ल डीलर है और उसने इसी वस्तु को एक ग्राहक डी को

11 लाख रूपये में

बेचा और उस पर कर के रूप में

9%

एस.जीएस.टी. एवं 9% सी.जी.एस.टी. वसल ककया . इस प्रकार ू एस.जी.एस.टी. के रूप में सी ने 99000.00 और सी.जी.एस.टी. के रूप में भी 99000.00 रुपया वसूल ककया जजसमें से अपने द्वारा पहले

चक ु ाया

गया

कर

एस.जी.एस.टी.94500.00रुपया

एवं

सी.जी.एस.टी. कर 94500.00 रुपया की इनपुट क्रेडडट लेने के बाद

एस.जी.एस.टी. 4500.00 रुपया एवं सी.जी.एस.टी. 4500.00 रुपया जमा कराया है .

IN THE BOOKS OF Purchases a/c

c

On Purchases of Goods Dr. 1050000.00

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 146


SGST a/c

Dr

94500.00

CGST a/c

Dr.

94500.00

To B a/c

Cr

D a/c To Sales a/c

1239000.00

On Sale of Goods Dr. 1298000.00 Cr.

1100000.00

To SGST a/c

Cr.

99000.00

To CGST a/c

Cr

99000.00

Total

1298000.00 LEDGER ACCOUNT

1298000.00

SGST ACCOUNT PARTICULARS

AMOUNT

PARTCULARS

AMOUNT

To B Account

94500.00

By D a/c

99000.00

To Bank Account

4500.00

Total

99000.00

Total

99000.00

CGST ACCOUNT PARTICULARS

AMOUNT

PARTCULARS

AMOUNT

To B Account

94500.00

By D a/c

99000.00

To Bank Account

4500.00

Total

99000.00

Total

99000.00

SGST a/c CGST a/c To Bank a/c

On payment of Tax Dr 4500.00 Dr 4500.00 Cr 9000.00

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 147

9000.00 9000.00


अध्याय 15

जी.एस.टी.-अकाउं ट्स एवं ररकाड्थस GST-ACCOUNTS AND RECORDS जी.एस.टी. के दौरान अकाउं ट्स एवं ररकाड्थस ककस तरह से रखे जायेंगे इसके बारे में भी जी.एस.टी. के तहत आने वाले डीलसथ को इसकी जानकारी होनी आवश्यक है .

आइये दे खें जी.एस.टी. के दौरान अकाउं ट्स और अन्य ररकाड्थस क्या क्या रखने है और ककस तरह से रखने है एवंम इस सभबन्ि में क्या कानन ू है और क्या तनयम है :-

इस सबंि में जी.एस.टी. कानून की िारा 35 में यह हदया गया है कक एकाउं ट्स एवं ररकाड्थस में क्या –क्या रखना है और िारा 36 में यह

बताया गया है कक इन अकाउं ट्स एवं ररकाड्थस को कब तक सुरक्षक्षत रखना होगा .

िारा 35 :- प्रत्येक रजजस्टडथ डीलर को अपने व्यवसाय के मुख्य स्र्ान पर तनभनललणखत का सही एवं समुथचत अकाउं ट रखेगा :(i). माल के तनमाथण.

(ii).माल एवं सेवाओं की इनवडथ एवंम आउटवडथ सप्लाई. (iii). माल का स्टॉक (iv). प्राप्त की जाने वाली इनपुट क्रेडडट

(v). आउटपुट टै क्स जो कक भुगतान ककया जाने योग्य है एवं भुगतान ककया गया है .

(vi). इन ररकाड्थस के अततररक्त वह ररकोडथ जो रूकस में अलग से बताया गया है . जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 148


इसके अततररक्त त्रबल ,डडलीवरी चालान, इनवॉइस, डेत्रबट नोट , क्रेडडट नोट,रसीद वाउचर इत्याहद भी सुरक्षक्षत रखने पड़ेंगे. ये सभी ररकाड्थस पर पेज नंबर इत्याहद सीररयल में ललखे होने चाहहए. ये ररकाड्थस ककस स्र्ान पर

रखने होंगे.

ये ररकाड्थस आपको मुख्य रुप से अपने रजजस्ट्रे िन प्रमाण पत्र में

हदखाए गए व्यवसाय के मुख्य स्र्ान पर रखा जाना चाहहए और यहद आपके रजजस्ट्रे िन प्रमाण में कोई अन्य स्र्ान भी दजथ है तो वहां होने वाली गततर्विी से सभबंथित ररकाड्थस उसी “अन्य

स्र्ान” पर रखे

आने चाहहए. क्या ररकाड्थस इलेक्ट्रॉतनक फॉमथ में भी रखे जा सकते है ? हा​ाँ , ररकाड्थस कंप्यट ू र पर भी रखे जा सकते है जैसा कक इस संमय भी अथिकांि डीलसथ रख रहे है .

ररकाड्थस में कोई गलती होने पर ककस तरह से सुिार ककया जा सकता है ?

यहद एकाउं ट्स एवं ररकाड्थस में कोई गलती होती है तो उसे जहा​ाँ भी सही ककया गया है उस पर डीलर को अपने हस्ताक्षर करने होंगे और इसी प्रकार यहद कंप्यट ू र में एकाउं ट्स है और उसमे ककसी एंट्री में सुिार ककया गया है

या हटाया गया है अर्वा जोड़ा गया है तो

उसका भी एक लोग बुक में दजथ कर हहसाब रखना होगा . जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 149


क्या ऐसे जी.एस..टी. डीलसथ जो कक तनमाथता

नहीं है उन्हें भी स्टॉक

का हहसाब रखना होगा ? हा​ाँ , उन्हें भी स्टॉक का हहसाब रखना होगा

. ररकाड्थस रखने के इस

प्राविान में तनमाथता और अन्य डीलसथ में कोई भेद नहीं ककया गया है क्या कभपोजीिन डीलसथ को भी स्टॉक का हहसाब रखना होगा ? इस सभबन्ि में जो एकाउं ट्स और ररकाड्थस से सभबंथित रूकस जी.एस.टी. ने अनुमोहदत ककये है उनमें कभपोजीिन डीलसथ को स्टॉक के ररकाड्थस रखने की श्रेणी से बाहर रखा गया है और इस प्रकार कभपोजीिन डीलसथ को स्टॉक का र्वस्तत ृ ररकॉडथ नहीं रखना होगा . स्टोक के ललए ररकॉडथ ककस तरह से रखा जाएगा ?

प्रत्येक वस्तु के ललए स्टॉक का ररकोडथ तनभन र्वगत (र्ववरण) के सार् रखना होगा :1. प्रारजभभक स्टॉक 2. माल जो प्राप्त हुआ

3. माल जो सप्लाई हुआ .

4. माल जो चोरी हो गया,खो गया,गम ु हो गया, थगफ्ट या फ्री सैंपल में दे हदया .

5. स्टॉक में रहा माल ये सभी सूचनाये कच्चे माल , कफतनश्ड गुड्स, स्क्रैप और वेस्टे ज सभी के ललए रखना है .

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 150


तनमाथताओं के ललए तो यह कोई नयी बात नहीं है लेककन जो इस समय वेट डीलसथ है (जो तनमाथता नहीं है ) उनके ललए अथिका​ाँि राज्यों में यह एक नई व्यवस्र्ा है जजसका उन्हें पालना करना है .

एकाउं ट्स और ररकाड्थस कब तक सुरक्षक्षत रखने है ? िारा 36

जो अकाउं ट और ररकाड्थस बताए गए है उन्हें जजस वषथ से वे सभबंथित है उस वषथ के वार्षथक ररटनथ के भरने की ततर्ी के 72 महीने तक सरु क्षक्षत रखने है .

आइये इसे पहले साल जब जी.एस.टी. लागू होने वाला है इससे समझ लें . यह वषथ समाप्त होगा 31 माचथ 2018 को और इसे

वार्षथक

ररटनथ भरने की ततर्ी होगी 31 हदसंबर 2018 और इस प्रकार से

आपको इस र्वत्तीय वषथ जो कक 31 माचथ 2017 समाप्त हुआ है के एकाउं ट्स और ररकाड्थस 31 हदसंबर 2024 तक रखने होंगे. लेककन यहा​ाँ ध्यान रखे की यहद आपका केस ककसी अपील या ररवीजन के ललए ककसी अथिकारी , अर्ॉररटी , हट्रब्यन ू ल या कोटथ के पास है तो आपको इस केस के अंततम रुप से समाप्प्त होने के एक

साल बाद तक भी ररकाड्थस रखने होंगे अर्ाथत तब आप ऊपर ललखी 72 माह की अवथि और इस एक वषथ की दोनों में से जो बाद में समाप्त हो तब तक अपने ररकाड्थस रखने होंगे.

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 151


यहद कोई माल डीलर के ररकॉडथ में तनयमानुसार दजथ नहीं हो तो इसके क्या पररणाम होंगे ?

यहद कोई माल ककसी डीलर के ररकॉडथ में उस तरह दजथ नहीं हो जजस तरह से तनयमानुसार होना चाहहए तब कफर अथिकृत अथिकारी इस

माल पर कर की गणना इस प्रकार यह मानते हुए करे गा कक यह माल डीलर द्वारा सप्लाई कर हदया गया है और ऐसे में इस डीलर पर डडमांड और ररकवरी की िाराएं 73 और 74 भी लागू हो जायेंगी . इसका अर्थ यह होगा कक कक यहद इस प्रकरण में िारा 74 भी लागू हो गई तो कफर ऐसा कर जमा तो होगा लेककन उसकी इनपुट क्रेडडट नहीं लमलेगी .

यहा​ाँ ध्यान रखे कक िारा 73 का प्रयोग तब ककया जाता है जब कक कोई इस प्रकरण में कोई कपट , जानबूझ कर हदया गया लमथ्या वचन या ककसी तथ्य को तछपाने का “नहीं है ” तो प्रकरण उतना गंभीर नहीं है .

लेककन िारा 74 में के तहत कर की वसल ू ी होती है अब यह प्रकरण गंभीर

हो जाता है और यह िारा तब लागू होती है जब की इस

प्रकरण में कोई कपट , जानबूझ कर हदया गया लमथ्या वचन या

ककसी तथ्य को तछपाने का “है ” और यह प्रकरण इस तरह से गंभीर

हो जाता है और इसका सबसे पहला पररणाम यह होगा कक इस प्रकार जमा कराये गए कर की इनपुट क्रेडडट नहीं लमलती है . दोनों ही सेक्िन में

डीलर के र्वरुद्ि पेनल एक्िन भी होता है

लेककन िारा 74 के तहत पेनाकटी की रकम अथिक है क्यों कक यहा​ाँ जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 152


प्रकरण कपट , जानबझ ू कर हदया गया लमथ्या वचन या ककसी तथ्य को तछपाने का होता है और इसके सार् ही जब मामला िारा 74 में बनता है तो इस कर का इनपुट क्रेडडट भी नहीं लमलेगा . आइये इसके सार् ही एकाउं ट्स एवं ररकाड्थस के जो रूकस जारी ककये गए है उनके अनस ु ार भी एक डीलर को तनभनललणखत्त ररकोडथ रखना होगा :-

जी.एस.टी. के तहत करयोग्य माल एवं सेवा है सप्लाई करने वालों का नाम एवं पता जी.एस.टी. के तहत करयोग्य माल एवं सेवा है प्राप्त

करने वालों

का नाम एवं पता उन स्र्ानों का पूरा पता जहा​ाँ माल स्टॉक रखा जाता है . इसमें वो जगह भी िालमल जहा​ाँ पररवहन के दौरान भी माल स्टॉक में रखा जाता है . यहा​ाँ यह ध्यान रखें कक यहद माल ऐसी जगह पर रखा हुआ लमलता है तो अथिकृत अथिकारी ऐसे माल को उस डीलर की सप्लाई मानते हुए उस पर कर लगाएंगे इसललए आप इस अपने स्टॉक को रखते समय अपना ररकॉडथ भी समथू चत रूप से सही रखें .

वक्सथ कॉन्ट्रै क्ट में जो डीलर काम कर रहे है उन्हें इसके ललए तनभनललणखत ररकॉडथ और रखने होंगे :उन व्यजक्तयों के नाम एवं पता

जजनके ललए वक्सथ कॉन्ट्रै क्ट सेवा

दी जा रही है माल एवं सेवा जो इस सेवा को प्रदान करने के ललए प्राप्त जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 153

की


गई उसका र्ववरण, कीमत एवं मात्र (जहा​ाँ लागु हो ) .

माल एवं सेवा जो इस सेवा को प्रदान करने के ललए उपयोग में ली गई उसका र्ववरण, कीमत एवं मात्र (जहा​ाँ लागु हो ) .

प्रत्येक वक्सथ कॉन्ट्रै क्ट के ललए प्राप्त ककया गया भुगतान .

उन व्यजक्तओं के नाम एवंम पते जजनसे माल एवं सेवा प्राप्त की गई .

एक एजेंट जो ककसी अन्य व्यजक्त की और से कायथ कर रहा है उसे तनजभलणखत ररकोडथ भी रखने होंगे :प्रत्येक र्प्रंलसपल की और से माल एवं सेवा प्राप्त करने या सप्लाई करने के ललए प्राप्त अथिकार पत्र का र्ववरण . माल एवं सेवा जो र्प्रंलसपल के ललए

र्ववरण, कीमत एवं मात्र (जहा​ाँ लागु हो ) .

प्राप्त

की गई उसका

माल एवं सेवा जो र्प्रंलसपल की और से सप्लाई की गई उसका र्ववरण, कीमत एवं मात्र (जहा​ाँ लागु हो ) .

प्रत्येक र्प्रंलसपल को भेजे गए उसके खाते का र्ववरण . कर के भुगतान की र्वगत जो कक र्प्रंलसपल की और से माल और सेवा की सप्लाई करते हुए या प्राप्त करते हुए ककया गया .

अगर एकाउं ट्स कंप्यूटर पर रखे जाते है तो तनभनललणखत व्यवस्र्ा और भी करनी है :-

जो भी ररकॉडथ है उनका बैकअप इस तरह से तैयार रहना चाहहए कक यहद मूल ररकॉडथ नष्ट हो जाता है तो उसे एक समुथचत

समय

में कफर से प्राप्त ककया जा सके.

अब भी र्वभाग द्वारा मा​ाँगा जाए तो इस तरह का ररकोडथ या तो हाडथ कॉपी में या ककसी इलेक्ट्रॉतनक मीडडया पर हदया जाना जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 154


आवियक होगा . जब भी इस तरह का इलेक्ट्रतनक ररकॉडथ रखा जाता है तो र्वभाग द्वारा मांगे जाने पर इसका पासवडथ भी हदया जाना आवश्यक होगा. इलेक्ट्रतनक मीडडया पर जो भी ररकॉडथ रखा जाएगा उसे डडजजटल साइन से सत्यार्पत करना होगा.

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 155


अध्याय – 16

जी.एस.टी. एवं सराथफा व्यापारी GST- SARAFA DEALERS जी.एस.टी. को लेकर सराथफा व्यापार पर ककस तरह से कर लगेगा यह प्रश्न भी हमसे बार- बार ककया जा रहा है कक सराथफा व्यापारी ककस तरह से कर दें गे और उन पर जी.एस.टी. के प्राविान ककस तरह से लागू होंगे तो आइये आज अध्यन करें कक ककस तरह इस व्यवसाय पर कर लगेगा :सोना , चांदी

एवं अन्य मूकयवान

कर की दर क्या रहे गी ?

िातओ ु ं

पर जी.एस.टी. के दौरान

सोना , चांदी एवं अन्य मूकयवान िातुओं पर कर की दर 3% प्रततित रहे गी .

सोना, चांदी एवं अन्य मूकयवान िातुओं के जेवर पर कर की दर क्या रहे गी ?

सोना , चांदी एवं अन्य मूकयवान िातुओं के दर 3% प्रततित ही रहे गी

है .

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 156

जेवर

पर भी कर की


सोना , चांदी एवं अन्य मूकयवान िातओ ु ं की मेककंग पर जो जॉब चाजथ लगें गे उन पर जी.एस.टी. की दर क्या होगी और इसका भुगतान ककसे करना होगा.

सोना, चांदी एवं अन्य मूकयवान िातुओं के जेवर की मेककंग पर जो जॉब वकथ लगता है उस पर कर की दर 5% है और इसका भुगतान भी अथिकांि मामलों में उस डीलर को करना होगा जो इनका उपयोग जेवर बनवाने के ललए कर रहा है क्यों कक अथिकत्तर

कारीगर एवं

जॉब वकथर अन रजजस्टडथ होते है . इसका भग ु तान ररवसथ चाजथ के दौरान होगा और उस डीलर को इसकी इनपुट क्रेडडट भी लमलेगी . यहद जॉब वकथर एवं कारीगर जी.एस.टी. में रजजस्टडथ है तो वे अपने त्रबल में 5% जी.एस.टी. चाजथ करें गे और इसकी क्रेडडट भी सराथफा व्यवसायी को लमलेगी .

जी.एस.टी. के दौरान एक उदाहरण आपने

30000.00 रूपये का सोना खरीदा और उस पर 3 प्रततित

की दर से कर का भग ु तान ककया

जजसमें से 1.50% एस.जी.एस.टी.

एवं 1.50% सी.जी.एस.टी. है . इस प्रकार सोने की खरीद पर 450.00 रूपये एस.जी.एस.टी. और 450.00 रूपये के सी.जी.एस.टी. का भग ु तान हुआ है और यह आपकी इनपट ु क्रेडडट भी होगी. अब आपने इसे एक कारीगर को जेवर बनाने के ललये हदया और उनकी मजदरू ी 2400.00 रूपये होते है और इस पर जी.एस.टी. की 5% की दर से 120.00 रूपये जी.एस.टी. का कर बनेगा एस.जी.एस.टी. 60.00 रूपये होगा जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 157

इसमें से

एवं 60.00 रूपये सी.जी.एस.टी.


बनेगा जजसका भग ु तान आपको ररवसथ चाजथ के रूप में करना होगा और इसकी इनपुट क्रेडडट भी आपको लमलेगी .

अब आप इस बने हुए जेवर को 35640.00 रूपये में बेचते हैं तो आप ग्राहक से 3% की दर से जी.एस.टी. के कुल 1070.00 रूपये वसल ू

करें गे जजसमें से 535.00 रूपये एस.जी.एस.टी. के ललए होंगे और 535.00 रूपये सी.जी.एस.टी. के ललए होंगे.

आइये अब दे खें कक इस उदहारण में आपके द्वारा चुकाया जाने वाला कर ककस तरह से तय होगा

र्ववरण

एस.जी.एस.टी.

सी.जी.एस.टी.

कुल कर

कर की दर

1.50%

1.50%

(i).आउटपुट

535.00

535.00

1070.00

535.00

535.00

1070.00

450.00

450.00

900.00

85.00

85.00

170.00

की 60.00

60.00

120.00

3.00%

टै क्स :-

त्रबक्री 35640.00 रूपये की त्रबक्री 3% जी.एस.टी. कुल आउटपुट

इनपट ु टै क्स:सोने

की

खरीद

30000.00 रूपये पर

3%

जी.एस.टी. कुल कर दे यता जॉब

वकथ

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 158


रालि

2400.00

रूपये

पर

5%

जी.एस.टी. ररवसथ चाजथ

के

भग ु तान

तहत

जी.एस.टी.

कर 25.00

भगतान

का

25.00

50.00

85.00

170.00

आपका दातयत्व कुल

कर

का 85.00

भुगतान आइये अब आपका जो कर भुगतान 170.00 रूपये जो हुआ है उसको भी क्रॉस चेक कर लेते है र्ववरण आपकी सोने की

रकम खरीद

30000.00

आपकी जेवर की त्रबक्री

35640.00

कुल वैकयू एडडिन

5640.00

कर की दर

3%

कर की रकम जो कक 5640.00 170.00 के वैकयू एडडिन पर तनकाली गई आइये अब इस वैकयू एडडिन की रकम 5640.00 को भी क्रॉस चेक कर लेते हैं र्ववरण

रकम

सोना खरीदने के बाद लगी जॉब

2400.00

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 159


वकथ की रकम आपका मन ु ाफ़ा

3240.00

कुल वैकयू एडडिन

5640.00

कर की दर

3%

कुल कर जो आपको चुकाना है

170.00

इस 170.00 रूपये का भग ु तान तनभनप्रकार से ककया गया है :ररवसथ चाजथ के तहत

120.00

कर भुगतान के तहत

50.00

कुल कर का भुगतान

170.00

नोट :- यहा​ाँ ध्यान रखें कक जॉब वकथ 5000.00 रूपये से कम है और एक हदन में 5000.00 रूपये तक की सभी अन-रजजस्टडथ डीलसथ से ली

गई कुल माल / सेवा की सप्लाई ररवसथ चाजथ से मुक्त है लेककन

उदहारण में हमने समझाने के ललए इस पर ररवसथ चाजथ का भुगतान हदखाया है .

एक और प्रश्न सराथफा व्यवसायी अपने व्यवसाय के दौरान ग्राहकों से जेवर की त्रबक्री करते समय पुराने जेवर भी लेते है तो क्या इस पर भी ररवसथ चाजथ के रूप में हमें कोई कर चक ु ाना होगा ? ताजा सरकारी स्पष्टीकरण :अब यह मुद्दा एक तरह से र्ववाहदत हो चुका है . राजस्व सथचव

महोदय की जो जी.एस.टी. मास्टर क्लास में यह बताया गया कक इस जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 160


तरह की खरीद पर ररवसथ चाजथ के दौरान कर का भग ु तान करना होगा और स्वाभार्वक रूप से इसका इनपुट क्रेडडट भी लमल जाएगा. लेककन

बाद में सरकार द्वारा

एक प्रेस ररलीज़ जारी कर कहा गया

कक इस ् राय पर कफर से र्वचार ककया गया है और इस प्रकार के खरीद के व्यवहार पर ककसी भी तरह का ररवसथ चाजथ के दौरान कर

का भुगतान नहीं करना होगा क्यों कक बेचने वाला अपने व्यापार के

दौरान त्रबक्री नहीं कर रहा है अत: ररवसथ चाजथ का भुगतान तभी

करना होगा जबकक इस तरह का परु ाना जेवर ककसी अनरजजस्टडथ डीलर से प्राप्त ककया जाए लेककन ग्राहक से यहद इस तरह का जेवर ख़रीदा जाए तो ररवसथ चाजथ के दौरान कर नहीं दे ना होगा. लेखक की पहले की राय हा​ाँ यहद आप अपने ग्राहकों से परु ाने जेवर लेते है तो इसे भी यहद

सप्लाई ही माना जाएगा और आपको इस पर भी ररवसथ चाजथ के तहत कर का भुगतान करना होगा लेककन इस ररवसथ चाजथ के दौरान चुकाए गए कर की भी इनपट ु क्रेडडट आपको लमलेगी.

लेककन इस र्वषय पर दस ू रा र्वचार यह है कक जो ग्राहक सराथफा व्यवसायी को जेवर दे ते है वह उनका व्यापार नहीं है अत: खरीदने वाले को ररवसथ चाजथ के तहत कर का भुगतान नहीं करना पड़ेगा. इस र्वषय पर सरकारी स्पष्टीकरण का इन्तजार है .

अब यहद ताजा प्रेस ररलीज पर र्वचार करें तो एक और जस्तर्ी उत्पन्न होती है जजसके अनुसार जो सराथफा डीलसथ कभपोजीिन डीलसथ है वे भी यहद इस स्पष्टीकरण के कारण त्रबना ररवसथ चाजथ के तहत कर का भग ु तान ककये त्रबना ही

ग्राहकों से जेवर खरीद लेंगे तो कफर

उन्हें क्या केवल 1% (व्यापारी होने पर ) या 2% प्रततित (तनमाथता) होने पर कर का भुगतान करना होगा ? जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 161


कभपोजीिन डीलर पर लगने वाले कर की व्यवहाररक सच्चाई यह है कक एक बार पूरे कर का भुगतान जो कर की तनिाथररत दर है उसके

अनुसार होने के बाद 1% या 2% कभपोजीिन कर का भुगतान होता है और यह कर करदाता को कर की प्रकक्रया संबंिी उलझनों से बचाने के एवज में लगाया जाता है . आइये अब इस सभबन्ि में एक और संभार्वत स्पष्टीकरण का इन्तजार करें .

सराथफा व्यापारी और कम्पोजीशन स्कीम अब तक र्वलभन्न राज्यों में सराथफा व्यापररयों के ललए अलग- अलग कभपोजीिन स्कीम या सराथफा स्कीम चल रही र्ी उन सबकी जगह

अब जी.एस.टी. कानून की िारा 10 में जो कभपोजीिन स्कीम ले लेगी और यह कभपोजीिन स्कीम व्यापारी और तनमाथताओं दोनों के

ललए होंगी . व्यापारी वगथ के ललए कभपोजीिन की दर 1 प्रततित होगी और तनमाथता वगथ के ललए यह दर 2 प्रततित होगी . इस दर में से आिा कर राज्य के जी.एस.टी. का होगा एवं आिा कर केंद्र के जी.एस.टी. का होगा.

कंपोजीिन में जाने वाले डीलसथ यह ध्यान रखें कक कभपोजीिन डीलर को एक बार तो पूरे कर का भुगतान करना ही होता है और उसके बाद कभपोजीिन कर का भग ु तान होता है . आइये यह कैसे होता है इए भी एक बार समझ लें .

कभपोजीिन डीलर या तो रजजस्टडथ डीलर से माल खरीदते है तो वे रजजस्टडथ डीलर उनसे कर की वसल ू ी करते है या कफर कभपोजीिन जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 162


डीलसथ अन रजजस्टडथ डीलर से माल खरीदते है तो कफर वे ररवसथ चाजथ के दौरान अपनी खरीद पर कर का भुगतान करते है इस प्रकार वे एक बार तो 3 प्रततित का भुगतान करने के बाद ही कभपोजीिन कर का भग ु तान करते है और इस प्रकार वे कभपोजीिन स्कीम में अपने 75 लाख रूपये

(उत्तर पव ू थ के राज्यों में 50 लाख रूपये तक लेककन

जभमू एवं कश्मीर और उत्तराखंड में यह सीमा 75 लाख रूपये ही है

) के टनथओवर तक जा तो सकते है लेककन कर का भार व्यापारी के ललए 4% (3% कर और 1% कभपोजीिन कर ) और तनमाथता के ललये 5% (सोने पर 3% कर और 2% कभपोजीिन कर के सार् लेबर चाजथ पर 5% का कर ) का भुगतान करना होगा और चाँ कू क

आप एक मंहगी वस्तु में व्यापार कर रहे है तो यह 1% या 2% का अततररक्त कर आपके लाभ पर भारी पड़ सकता है .

30 जून को जो स्टॉक आपके पास है उसकी क्रेडडट का क्या होगा 30 जून को जो स्टॉक आपके पास उसकी तनयमानुसार आपको इनपुट क्रेडडट को आगे ले जाने का मौक़ा लमलेगा जजसका अध्ययन हम अपने “इनपुट क्रेडडट वाले भाग में ”

कर चुके है . आपको भी यह

क्रेडडट उसी तरह से लमलेगी जैसे अन्य जी.एस.टी. डीलसथ को लमलनी है . इसके अततररक जो डीलसथ कभपोजीिन स्कीम के तहत इस समय है और अब जी.एस.टी. डीलर बन रहे है और उनके पास स्टॉक है उस

पर यहद वतथमान कानन ू के तहत कर लगा हुआ है तो तनयमानस ु ार उसकी क्रेडडट भी आपको लमलेगी . इस क्रेडडट के सभबन्ि में ध्यान रखें कक यहद आप जी.एस.टी. के जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 163


दौरान कभपोजीिन स्कीम के तहत जाने का फैसला करते है तो कफर आपको अपने स्टॉक की एवं खरीद की भी कोई इनपुट क्रेडडट नहीं लमलेगी.

आइये 30 जून के स्टॉक के सामन्य ननयम दे ख लें :1.यहद आप वेट में सामान्य डीलर की तरह रजजस्टडथ है तो आपके अंततम वेट ररटनथ में जो इनपुट क्रेडडट केररड फॉरवडथ की गई है उसे

ही आपके एस.जी.एस.टी. के इनपुट क्रेडडट लेजर का प्रारजभभक िेष माना जाएगा.

2.यहद आप सेंट्रल एक्साइज में सामान्य डीलर की तरह रजजस्टडथ है तो आपके अंततम सेंट्रल एक्साइज

ररटनथ में जो इनपुट क्रेडडट

केररड

फॉरवडथ की गई है उसे ही आपके सी.जी.एस.टी. के इनपुट क्रेडडट लेजर का प्रारजभभक िेष माना जाएगा.

3. यहद आप सेंट्रल एक्साइज में रजजस्टडथ नहीं है लेककन आप तनमाथता या व्यापारी है और आपके त्रबल में सेंट्रल एक्साइज लगा हुआ हदख रहा है तो आपको अपने स्टॉक पर इस तरह से लगे हुए सेंट्रल एक्साइज का इनपुट क्रेडडट इस त्रबल पर लगे हुए सेंट्रल एक्साइज के आिार पर सी.जी.एस.टी. में लमल जाएगा.

इस तरह के त्रबल जजन पर यह क्रेडडट ली जानी है वह जी.एस.टी. लगने की तारीख से 12 माह से ज्यादा पुराने नहीं होने चाहहए.

4.यहद आप सेंट्रल एक्साइज में रजजस्टडथ नहीं है और आप व्यापारी है लेककन अब जी.एस.टी. में सामान्य डीलर की तरह रजजस्टडथ होने जा रहें है

और आप के स्टॉक पर सेंट्रल एक्साइज लगा हुआ है लेककन वह त्रबल में हदख नहीं रहा है तो आपको इस माल की त्रबक्री पर ललए गए सी.जी.एस.टी. का 40 प्रततित इनपट ु क्रेडडट लेजर में क्रेडडट कर जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 164


वार्पस दे हदया जाएगा . यह माल आपको जी.एस.टी. लागू होने के 6 माह के भीतर बेचना होगा और इसके बाद यह क्रेडडट नहीं लमलेगी.

3. यहद आप वेट में रजजस्टडथ नहीं है लेककन आप तनमाथता या व्यापारी है और आपके त्रबल में वेट

लगा हुआ हदख रहा है तो आपको अपने स्टॉक पर इस तरह से लगे हुए वेट का इनपुट क्रेडडट इस त्रबल पर लगे हुए वेट के आिार पर एस.जी.एस.टी. में लमल जाएगा.

इस तरह के त्रबल जजन पर यह क्रेडडट ली जानी है वह जी.एस.टी. लगने की तारीख से 12 माह से ज्यादा पुराने नहीं होने चाहहए.

5.यहद आप वेट में रजजस्टडथ नहीं है और आप व्यापारी है और अब जी.एस.टी. में सामान्य डीलर की तरह रजजस्टडथ होने जा रहे हैं

और

आपके स्टॉक पर वेट

लगा हुआ है लेककन वह त्रबल में हदख नहीं रहा है तो आपको इस माल की त्रबक्री पर ललए गए एस.जी.एस.टी. का 40 प्रततित इनपुट क्रेडडट लेजर में क्रेडडट कर वार्पस दे हदया जाएगा और यह वापसी आपके एस.जी.एस.टी. के इनपट ु क्रेडडट लेजर में क्रेडडट दे कर की जायेगी.

यह माल आपको जी.एस.टी. लागू होने के 6 माह के भीतर बेचना होगा और इसके बाद यह क्रेडडट नहीं लमलेगी.

क्या जो डीलसथ ककसी स्कीम के तहत कर भर रहे र्े उन्हें भी क्लोम्जंग स्टॉक पर इनपट ु क्रेडडट का कोई लाभ लमलेगा जो डीलसथ एक कफक्स रे ट

\ कफक्स रकम के रूप में

सामान्य कर

की जगह भुगतान कर रहे है (कई राज्यों में इसे ग्रीन चेनल स्कीम या सराथफा स्कीम का नाम भी हदया जाता है ) उन्हें भी स्टॉक पर जो जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 165


पर कर लगा है उसकी इनपुट क्रेडडट भी लमलेगी और यह क्रेडडट

उनके स्टोक के त्रबल में लगे हुए कर के हहसाब से लमलेगा और यहा​ाँ भी ितथ यह है कक ये त्रबल 12 माह से पुराना नहीं होना चाहहए. इसके ललए भी िारा 140(6)में व्यवस्र्ा की गई है . **

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 166


अध्याय -17 भारत में लगने वाले जी.एस.टी. में HSN CODE की व्यवस्र्ा HSN CODE SYSTEM FOR INDIAN GST S.NO.

TURNOVER

DIGITS OF HSN CODE

1.

Up to 1.50 Crores

No HSN is required

2.

over 1.50 Crores to

2 Digits HSN code

3.

Over 5.00 Crores

4 Digits HSN code

4.

Import- Export

8 Digits HSN Code

5.00 Crores

THE INTERNATIONAL SYSTEM OF HSN

Full Name

Harmonised system of Nomeclature

Invented by

World Custom Organisation

How the Digits of HSN work 2 Digits 4 Digits

Chapter No.- Major Commodity Head of Major Commodity Classification

6 Digits

Sub Heading classificaton of the commodity

8 Digits

More deeper classification of the Sub Heads

Total

21

Chapters

99

Sections

Headings 1244 Sub

5224

Heading जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 167


भारत में HSN CODE व्यवस्र्ा भारत में जो जी.एस.टी. लागू होने वाला है उसके तहत जैसा की ऊपर बताया गया है कक 1.50 करोड़ के टनथओवर तक

ककसी प्रकार के HSN code की आवश्यकता नहीं है . इसके बाद 5.00 करोड़ तक 2 digits के HSN code की आवश्यकता रहे गी और 5 करोड़ के ऊपर के टनथओवर वाले डीलसथ /सप्लायसथ को 4 digit के HSN CODE की जरुरत

रहे गी . जो डीलसथ लसफथ भारत में ही खरीद त्रबक्री /सप्लाई करते हैं उन्हें 4 डडजजट के ऊपर के HSN CODE की आवश्यकता नहीं होती है . यह टनथओवर र्पछले र्वत्तीय वषथ 2016-17 का ललया जाएगा. जो डीलसथ इभपोटथ या एक्सपोटथ करते है उन्हें 8 डडजजट के HSN CODE की आवश्यकता रहे गी .

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 168


कुछ मुख्य वस्तए ु एवं एच. एस. एन कोड SECTIONS AND CHAPTERS OF HSN CODE CHAPTER DESCRIPTION SECTION I:- LIVE ANIMALS; ANIMAL PRODUCTS 1. LIVE ANIMALS 2.

MEAT AND EDIBLE MEAT OFFAL

3.

FISH AND CRUSTACEANS, MOLLUSCS AND

4.

DAIRY PRODUCE; BIRDS’EGGS; NATURAL

OTHER AQUATIC INVERTEBRATES

HONEY; EDIBLE PRODUCTS OF ANIIMAL

ORIGIN, NOT ELSEWHERE SPECIFIED OR INCLUDED. 5.

6. 7. 8.

PRODUCTS OF ANIMAL ORIGIN , NOT

ELSEWHERE SPECIFIED OR INCLUDED. SECTION II:- VEGETABLE PRODUCTS LIVE TREES & OTHER PLANTS EDIBLE VEGETABLES AND CERTAIN RROOTS AND TUBERS

9.

ED. FRUITS & NUTS, PEEL OF CITRUS FRUITS AND MELONS COFFEE , TEA, MATE & SPICES

10.

CEREALS

11.

PRODUCTS OF THE MILLING INDUSTRY;

12.

MALT;STARCHES; INULIN; WHEAT GLUTEN.

OIL SEEDS / MISC.GRAINS / MED.PLANTS /

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 169


13.

STRAW LAC, GUMS, RESINS, ETC.

14.

VEGETABLE PLAITING MATERIALS

SECTION III:-ANIMAL OR VEGETABLE FATS AND OILS AND THEIR CLEAVAGE PRODUCTS; PREPARED EDIBLE FATS; ANIMAL OR VEGETABLE WAXES. ANIMAL OR VEGETABLE FATS, OILS & WAXES 15. SECTION IV:- PREPARED FOODSTUFFS , BEVERAGES, SPIRITS AND VINEGAR; TOBACO AND MANUFACTURED TOBACO SUBSTITUTES. PREP.OF MEAT, FISH, CRUSTACEANS, 16. MOLLUSCS

OR

OTHER

ACQATIC

INVERTEBRATES.

17.

SUGARS & SUGAR CONFECTIONERY

18.

COCOA & COCOA PREPARATIONS

19.

PREPS.OF CEREALS, FLOUR, STARCH OR MILK;

20.

PREPS OF VEGS, FRUITS, NUTS OR OTHER

21.

MISC.EDIBLE PREPARATIONS

22.

BEVERAGES , SPIRITS & VINEGAR

23.

RESIDUES AND WASTE FROM FOOD INDUSTRIES; PREPARED ANIMAL FODDER TOBACCO & MANUF. TOBACCO SUBSTITUTES

24. 25. 26.

PASTRYCOOKS’ PRODUCTS PARTS OF PLANTS.

SECTION V:- MINERALS PRODUCTS SALT , SULPHUR, EARTH & STONE; PALSTERING MATERILS, LIME AND CEMENT. ORES, SLAG AND ASH

27.

MINERAL FUELS, OILS, WAXES & BITUMINOUS SUBSTANCES; MINERAL WAXES. SECTION VI:- PRODUCTS OF THE CHEMICAL OR ALLIED INDUSTRIES INORGANIC CHEM, ORG/INORG COMPOUNDS 28. जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 170


29.

OF PRECIOUS METALS, RARE EARTH METALS, OF RADIOACTIVE ELEMENTS OR OF ISOTOPES. ORGANIC CHEMICALS

30.

PHARMACEUTICAL PRODUCTS

31.

FERTILIZERS

32.

TANNING OR DYEING EXTRACTS, DYES, PIGMENTS, PAINTS & VARNISHES, PUTTY, & INKS. OILS & RESINOIDS, PERFUMERY, COSMETIC OR TOILET PREPARATIONS.

33. 34.

SOAPS, WAXES, SURFACE ACTIVE AGENTS, WATHING

PREPARATIONS

PREPARATIONS, PRAPARATIONS

POLISHING

,

LUBRICANTING OR

, CANDLES, PASTES, DENTAL WAXES ETC. 35. 36. 37.

SCOURING MODELING

ALBUMINOIDAL SUB, MODIFIES STARCHES, GLUES, ENZYMES EXPLOSIVES, MATCHES, PYROTECHNIC PRODUCTS PHOTOGRAPHIC OR CINEMATOGRAPHIC GOODS MISCELLANEOUS CHEMICAL PRODUCTS

38. SECTION VII:- PLASTIC & ARTICLES THEREOF; RUBBER AND ARTICLE THEREOF PLASTICS & ARTICLES THEREOF 39.

RUBBERS & ARTICLES THEREOF 40. SECTION VIII:- RAW HIDES , SKINS , LEATHER , FURSKINS AND ARTICLES THEREOF; SADDLERY AND HARNESS; TRAVEL GOODS, HAND BAGS AND CONTANERS ETC. RAW HIDES & SKINS & LEATHER 41. ARTICLES OF LEATHER, SADDLERY & 42. HARNESS, TRAVEL GOODS, HANDBAGS, ARTICLES OF ANIMAL GUT ETC. FURSKINS & ARTIFICIAL FUR, MANUFACTURES 43. THEREOF

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 171


SECTION IX:- WOOD & ARTICLES OF WOOD; WOOD CHARCOAL; CORK & ARTICLES OF CORK; MANU. OF STRAW, ESPARTO, OR OTHER PLAITING MATERIALS, BASKETWARE AND WICKERWORK. WOOD & ARTICLES OF WOOD ; WOOD 44. CHARCOAL CORK & ARTICLES OF CORK 45. MANU. OF STRAW, ESPARTO, OR OTHER 46. PLAITING MATERIALS, BASKETWARE AND WICKERWORK. SECTION X:- PULP OF WOOD OR OF OTHER FIBROUS CELLULOSIC MATEIRALS; RECOVERED (WASTE AND SCRAP) PAPER OR PAPER BOARD AND ARTICLE THEREOF. PULP OF WOOD, WASTE & SCRAP OF PAPER 47. PAPER & PAPERBOARD, ARTICLES OF PAPER 48. PULP PRINTED BOOKS, NEWSPAPERS, PICTURES, 49. MANUSCRIPTS, TYPESCRIPTS & PLANS. SECTION XI:- TEXTILES AND TEXTILE ARTICLES SILK 50. 51. 52. 53. 54. 55.

WOOL & FINE OR COARSE ANIMAL HAIR; HORSE HAIR YARN AND WOVEN FABRICS. COTTON. OTHER VEG. TEXTILE FIBERS; PAPER YARN AND WOVEN FABRICS OF PAPER YARN . MAN-MADE FILAMENTS; STRIP AND LIKE OF MAN-MADE TEXTILE MATERIALS. MAN-MADE STAPLE FIBERS.

56.

WADDING, FELT & NONWOVENS; SPECIAL YARNS;TWINE, CORDAGE, ROPES & CABLES & ARTICLES

57.

CARPETS & OTHER TEXTILE FLOOR COVERINGS SPECIAL WOVEN FABRICS, TUFTED TEXTILES FABRICS; LACE; TAPESTRIES; TRIMMINGS; EMBROIDERY. IMPREGNATED, COATED, COVERED, OR

58. 59.

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 172


60.

LAMINATED TEXTILE FABRICS ; TEXTILE PROD FOR INDUSTRIAL USE KNITTED OR CROCHETED FABRICS

61.

ARTICLES OF APPAREL & CLOTHING ACCESSORIES-KNITTED OR CROCHETED ARTICLES OF APPAREL & CLOTHING 62. ACCESSORIES-NOT KNITTED OR CROCHETED MADE-UP TEXTILE ARTICLES; SETS; WORN 63. CLOTHING, RAGS. SECTION XII :- FOOT WEAR, HEAD GEAR, UMBRELLAS, WALKING STICKS, SEAT- STICKS, WHIPS, READING – CROPS AND PARTS THEREOF; PREPARED FEATHERS AND ARTICLES MADE THERE WITH; ARTIFICIAL FLOWERS; ARTICLES OF HUMAN HAIR. FOOTWEAR, GAITERS, & THE LIKE 64. HEADGEAR & OTHER PARTS 65. 66.

UMBRELLAS, SUN UMBRELLAS, WALKINGSTICKS, WHIPS, RIDING-CROPS, SEAT STICKS & PARTS PREPARED FEATHERS, HUMAN HAIR & 67. ARTICLES THEREOF, ARTIFICIAL FLOWERS SECTION XIII:- ARTICLES OF STONES, PLASTERS, CEMENT, ASBESTOS, MICA OR SIMILAR MATERIAL; CEREMIC PRODUCTS; GLSS AND GLASSWARE. ARTICLES OF STONE, PLASTER, CEMENT, 68. ASBESTOS, MICA OR SIMILAR MATERIALS CERAMIC PRODUCTS 69. 70.

GLASS & GLASSWARE

SECTION XIV:- NATURAL OR CULTURED PEARLS, PRECIOUS OR SEMI PRECIOUS STONES , PRECIOUS METALS ETC AND ARTICLES THEREOF ; IMITATION JEWELLERY; COINS NATURAL OR CULTURED PEARLS, PRECIOUS 71. OR SEMI PRECIOUS STONES , PRECIOUS METALS ETC AND ARTICLES THEREOF ; IMITATION JEWELLERY; COINS SECTION XV:- BASE METALS AND ARTICLES OF BASE METAL IRON & STEEL 72. जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 173


73.

ARTICLES OF IRON OR STEEL

74.

COPPER & ARTICLES THEREOF

75.

NICKEL & ARTICLES THEREOF

76. 77. 78.

ALUMINUM & ARTICLES THEREOF *** LEAD & ARTICLES THEREOF

79.

ZINC & ARTICLES THEREOF

80.

TIN & ARTICLES THEREOF

81.

BASE METALS; CERMETS; ARTICLES THEREOF

82.

TOOLS, IMPLEMENS, CUTTER, SPOONS & FORKS OF BASE METAL MISCELLANEOUS ARTICLES OF BASE METAL

83.

SECTION XVI:- MACHINERY AND MECHANICAL APPLIANCES; ELECTRICAL EQUPMENS; PARTS THEREOF; SOUND RECODERS AND REPRODUCERS, TELEVISION IMAGE AND SOUND RECORDERS AND REPRODUCERS; AND PARTS AND ACCESSORIES OF SUCH ARTICLES. NUCLEAR REACTORS, BOILERS, MACHINERY & 84. MECHANICAL APPLIANCES; PARTS THEREOF ELECTRICAL MACHINERY & EQUIP. & PARTS; 85. SOUND RECORDERS AND REPRODUCES, TELEVISION IAGES AND SOUND RECORDERS AND REPRODUCES AND PARTS AND ACCESSORIES OF SUCH ARTICLES. SECTION XVII:- VEHICLES, AIRCRAFTS, VESSELS, ASSORTED TRANSPORT EQUIPMENTS. RAILWAY OR TRAMWAY LOCOMOTIVES, 86. ROLLING STOCK AND PARTS THEREOF; RAILAY OR TRAMWAY TRACK FIXTURES & FITTINGS AND PARTS THEREOF; MECHANICAL(INCLUDING ELCTROMECHANICAL) TRAFFIC SIGNALLING EQUIPEMENS OF ALL KINDS. VEHICLES OTHER THAN RAILWAY OR 87. TRAMWAY ROLLING STOCK, AND PARTS AND ACCESSORIES THEREOF. AIRCRAFT, SPACECRAFT, & PARTS THEREOF 88. जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 174


89.

SHIPS, BOATS, & FLOATING STRUCTURES.

SECTION XVIII:- OPTICAL, PHOTOGRAPHIC, CINEMATOGRAPHIC, MEASURING, CHECKING, PRECISION, MEDICAL OR SURGICAL INSTRUMENTS & ACCESSORIES; CLOCKS AND WATCHES; MUSICAL INSTURMENTS; PARTS AND ACCESSORIES THEREOF. OPTICAL, PHOTOGRAPHIC, 90. CINEMATOGRAPHIC, MEASURING, CHECKING, PRECISION, MEDICAL OR SURGICAL INSTRUMENTS & ACCESSORIES CLOCKS & WATCHES & PARTS THEREOF 91. MUSICAL INSTRUMENTS, PARTS & 92. ACCESSORIES SECTION XIX:- ARMS & AMMUNITION, PARTS & ACCESSORIES ARMS & AMMUNITION, PARTS & 93. ACCESSORIES SECTION XX:- MISCELLAENOUS MANUFACTURED ARTICLES FURNITURE; BEDDING, MATTRESSES, 94. MATTRESS SUPPORT, CUSHIONS AND SIMILLAR STUFFED FURNISHING; LAMPS & LIGHTING FITTINGS, NOT ELSEWHERE SPECIFIED OR INCLUDED; ILLUMINATED SIGNS, , NAMEPLATES & THE LIKE, PREFABRICATED BUILDINGS TOYS, GAMES & SPORTS EQUIP, PARTS & 95. ACCES. MISCELLANEOUS MANUFACTURED ARTICLES 96. SECTION XXI:- WORKS OF ART , COLLECTORS’S PIECES AND ANTIQUES WORKS OF ART. COLLECTORS' PIECES, 97. ANTIQUES PROJECT IMPORTS; LABORATORY 98. CHEMMICALS; PASSENGERS’S BAGGAGE, PERSONAL IMPORATATIONS BY AIR OR POST; SHIP STORES.

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 175


कुछ वस्तओ ु ं के एच .एस. एन. कोड कृपया ध्यान दें हम यहा​ाँ उन वस्तओ ु ं के एच.एस.एन, कोड दे रहें है जो व्यापर के दौरान अथिक डीलसथ को प्रभार्वत करते है . एच.एस.एन. कोड एवं कर की दर तनकालते

समय परू ी साविानी रखी गई है लेककन आप अंततम रूप से सी.बी.ई.सी. की वेब साईट पर लगी कर की दर की बक ु लेट एवं कर की दर की ललस्ट से इसे वेरीफाई कर लेवें .

ये ललस्ट आपको कम से कम एक आईडडया तो दे गी कक आपका HSN CODE क्या हो सकता है ताकक आप अपनी वस्तु के ललए उसके आस-पास का कोड भी दे ख कर चेक कर लें. वैसे हमने इस ललस्ट को काम में ललया है और इससे काफी हद तक हम दर और कोड ढूढने में सफल रहें है .

सोना , चांदी एवं जेवर इत्याहद GOLD , SILVER AND PRECIOUS METALS S.NO.

1. 2.

3. 4.

DESCRIPTION All goods of Chapter 71 [other than rough diamond (7102)] will attract 3%. Pearls, natural or cultured, whether or not worked or graded but not strung, mounted or set; Pearls, natural or cultured, temporarily strung for convenience of transport. Diamonds, whether or not worked, but not mounted or set [other than rough diamonds]. Precious stones (other than diamonds) and semi-

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 176

हहन्दी

HSN

रफ डायमंड

7102

मोती

7101

डायमंड

7102

मल् ू यवान और अद्थि मल् ू यवान

7104


5.

precious stones, whether िातएं ु or not worked or graded but not strung, mounted or set; ungraded Synthetic or reconstructed precious stones , temporarily strung for convenience transport. Dust and powder of natural प्राकनतक एवं कबत्रम मल् ू यवान ृ ृ or synthetic precious or semi - precious stones. एवं अद्थि मल् ू यवान स्टोंस का

7105

डस्ट और पाउडर

6.

7. 8.

Silver (including silver plated with gold or platinum), unwrought or in semi - manufactured forms, or in powder form. Base metals clad with silver, not further worked than semi – manufactured. Gold (including gold plated with platinum) unwrought or in semi - manufactured forms, or in powder form.

चांदी ( गोल्ड या प्लेटीनम की

पोललश सहहत) अनगढ़ या अिथ ननलमथत अर्वा पाउडर फॉमथ में बेस मेटल चांदी से मढ़ा हुआ

10. 11. 12.

13.

14.

7107

( गोल्ड या प्लेटीनम 7108

गोल्ड

की पोललश सहहत) अनगढ़ या अिथ

ननलमथत

फॉमथ में

9.

7106

अर्वा

पाउडर

Base metals or silver, clad with gold, not further worked than semi – manufactured. Platinum, unwrought or in semi - manufactured form, or in powder form.

बेस मेटल या चांदी जो कक

7109

अनगढ़ और अद्थि ननलमथत

7110

Base metals, silver or gold, clad with platinum, not further worked than semimanufactured. Waste and scrap of precious metals, of metal clad with precious metal.

बेस मेटल ,चांदी या सोना जो 7111

सोने से मढ़ा हुआ

अवस्र्ा में प्लेहटनम

कक प्लेहटनम से मढा हुआ

मल् ू यवान िातुओं या मल् ू यवान

7112

Articles of jewellery and मल् ू यवान िातुओं या मल् ू यवान parts thereof, of precious metal or of metal clad with िातओ ु ं से मढ़े हुए जेवर या precious metal. उनके हहस्से . Articles of goldsmiths' or स्वणथ या चांदी के कारीगरों silversmiths' wares and

7113

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 177

िातुओं से मढ़े हुए मेटल का स्क्रैप.

7114


parts thereof, of precious द्वारा ननलमथत मल्यवान िातओं ू ु metal or of metal clad with precious metal. या मल् ू यवान िातओ ु ं से मढ़े आहटथ कल

15.

Other articles of precious ननलमथत मल् ू यवान िातुओं या metal or of metal clad with precious metal. मल् ू यवान िातओ ु ं से मढ़े

7115

Articles of natural or प्राकनतक या कल्चडथ मोती , ृ cultured pearls, precious or semi-precious stones मल् ू यवान या अद्थि-मल् ू यवान (natural, synthetic or reconstructed). स्टोंस ( प्राकृनतक , कृबत्रम या

7116

आहटथ कल

16.

17.

पन ु ननथलमथत

Imitation jewellery.

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 178

आहटथ फीलसयल ज्वेलरी

7117


कृर्ष एवं कृर्ष जन्य वस्तुएं

AGRICULTURAL GOODS क्र.स.

वस्तु का नाम

NAME OF

HSN

Rate

HINDI NAME FOR

1.

कॉफ़ी

Coffee

0901

5

Kofi

2.

चाय

Tea

0902

5

Chay

3.

काली लमचथ

Pepper

of 0904

5

Kali Mirch

COMMODITY

SEARCH

Genus Peper 4.

दाल चीनी

Cinnamon

0906

5

Dal Chini

5.

लौंग

Clove

0907

5

Long

6.

जायफल

Nutmeg

0908

5

Jayfal

7.

इलायची

Cardamoms

0908

5

Ilayachi

8.

जीरा

Cumin

0909

5

Jeera

9.

सौंफ

Anise

0909

5

Sonf

10.

ितनया

Coriander

0909

5

Dhaniya

11.

केसर

Saffron

0909

5

kesar

12.

सौंठ

Dry Ginger

0910

5

Sonth

13.

हकदी

Turmeric

0910

5

Haldi

14.

अजवायन

Thyme

0910

5

Ajvayan

15.

तेज पत्ता

Bay Leaves

0910

5

Taj Patta

16.

अन्य मसाले

Other Spices

0910

5

Other Masale

17.

ग्वार मील

Guar Meal

1106

5

Gwar Meal

18.

ग्वार गम

Guar Gum

1106

5

Gwar Gum

19.

ईसबगोल

Psyllium –

1211

5

Isabgol

Isabgol जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 179


ततलहन- आयल सीड्स 1.

सोयाबीन

Soyabeen Seed 1201

5

Soyabeen

2.

माँग ू फली

Ground Nut

1202

5

Moongfali

कोपरा

Copra

1203

5

Kopra

4.

अलसी

Linseed

1204

5

Alsi

5.

रे प सीड

Rape Seed

1205

5

Rep Seed

6.

सरू जमख ु ी

Sunflower Seed 1206

5

Surajmukhi

Mustered Seed

1207

5

Sarso,

3.

7.

सरसों, रायडा ,तारामीरा

Rayda,Taramira

8.

पाम सीड

Palm Seed

1207

5

Pam Seed

9.

कपलसया

Cotton Seed

1207

5

kapasiya

10.

अरं डी

Caster Seed

1207

5

Arandi

11.

तरबज ू बीज

Melon Seed

1207

5

Tarbuj Ka Beej

ये सभी ततलहन उस समय करमक् ु त होगें जब कक वे “बीज गुणवत्ता” या “बीजीय गुणवता”

(Seed quality) के सार् बेचे जाए .

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 180


सशतथ करमुक्त कृर्ष वस्तए ु ं

AGRICULTURAL GOODS – TAX FREE तनभन ललणखत कृर्ष एवं खाध्य वस्तए ु ं

करमक् ु त

है लेककन यहद उन्हें

एक यतू नट कंटे नर (जैसे हटन , केन , बॉक्स, जार , बोटल , बेग , काटथ न , ड्रम , बेरल इत्याहद जजसमें एक तनजश्चत मात्रा या वजन हो

) में

रजजस्टडथ ट्रे ड माकथ के सार् बेचा जाए तो कर की दर

होगी

5 प्रततित

. यहा​ाँ ध्यान रखे केवल हटन ,बेग या कंटे नर इत्याहद

पर माकथ लगा होने

से ही वह टै क्सेबल नहीं हो जाएगा बजकक यह ट्रे ड माकथ बाकायदा Trade Marks Act, 1999 में रजजस्टडथ होना चाहहए . इसके ितथ के अतररक्त यह कृर्ष वस्तुएं करमक् ु त है .

क्र.स.

HSN

Rate

Wheat

1001

राई

Rye

1002

3.

जौ

Barley

1003

करमक् ु त Genhu करमक् ु त Rai

4.

ओट्स

Oats

1004

5.

मक्की

Maize

1005

6.

चावल

Rice

1006

7.

ग्रेन सोरगम

Grain Sorgum

1007

8

ज्वार

Buckwheat

1008

9.

बाजरा

Bajra

1008

10.

रागी

Ragi

1008

1. 2.

वस्तु का

NAME OF

नाम

COMMODITY

गें हू

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 181

HINDI NAME FOR SEARCH

करमक् ु त Jo करमक् ु त Ots

करमक् ु त Makki करमक् ु त Chaval

करमक् ु त Grain Sorgum करमक् ु त Jwar करमक् ु त Bajra करमक् ु त Ragi


खाध्य तेल EDIBLE OIL S.No

वस्तु का नाम

Commodity

HSN

RATE

1.

सोयाबीन का तेल

1507 5

2.

मग ूं फली का तेल

3.

जैतून का तेल

Soyabeen Oil Grond Nut Oil Olive oil

पॉम आयल

5.

सरू जमख ु ी का तेल

6.

कपालसया का तेल

7.

कोपरे का तेल

8.

HINDI NAME FOR SEARCH

Soyabeen Tel

1508 5

Moongfali tel

1509 5

Jaitun ka Tel

Palm Oil

1511 5

Pam Tel

1512 5 1512 5

Surymukhi Tel Kapasiya Tel

1513 5

Khoopre Tel

सरसों का तेल

Sunflower Oil cotton seed oil Ccoconut Oil Musterd Oil

1514 5

Sarson Tel

9.

अरं डी का तेल

Caster Oil

1515 5

Arandee Tel

10.

ततकली का तेल

Seasame Seed

1515 5

Tilli Tel

4.

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 182


ककराना एवं कन्फेक्शनरी KIRANA AND CONFECTIONERY SNO

वस्तु का

COMMODITY

HSN

RATE

1.

िक्कर

Sugar

1701 5

Shakkar

2.

खांडसारी

Khandsari

1701 5

Khandsari

3.

कॉफ़ी

Coffee

0901 5

Kaufee

4.

चाय

Tea

0902 5

Chay

5.

काली

Black Pepper 0904 5

Kali Mirch

Cinnamon

0906 5

Dal Chini

नाम

HINDI NAME FOR SEARCH

लमचथ 6.

दाल चीनी

7.

लौंग

Clove

0907 5

Long

8.

जायफल

Nutmeg

0908 5

JayFal

9.

जार्वत्री

Mace

0908 5

Javitri

10.

इलायची

Cardamoms

0908 5

Ilayachi

11.

कलोंजी

Black cumin

0909 5

Kalonji

12.

सौंठ

Dry Ginger

0910 5

Sonth

13.

केसर

Saffron

0910 5

Kesar

14.

हकदी

Turmeric

0910 5

Haldi

15.

अजवायन Thyme

0910 5

Ajwain

16.

तेज पत्ता

Bay Leaves

0910 5

Tejpatta

17.

अन्य

Other Spices 0910 5

Anny Masale

मसाले 18.

गोंद

Gond

1301 5

Gond

19.

बटर

Butter

0405 12

Butter

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 183


20.

दे सी घी

Ghee

0405 12

Desi Ghee

21.

चीज

Cheese

0406 12

Cheej

22.

कंडेंस्ड

Condensed

0402 18

Kandensed Milk

लमकक

Milk

23.

कत्र्ा

Indian Katha

1404 18

Katha

24.

लसवैयां

Seviyan

1902 5

Seviyan

25.

साबद ू ाना

Tapioca

1903 5

Sabudana

रस्क

Rusks and

1905 5

Rask, tost

और

Toasted

टोस्ट

Bread

27.

पास्ता

Pasta

1902 18

Pasta

28.

नड ू कस

Noodels

1902 18

Nudels

Corn Flakes

1904 18

Corn Flaks

26.

29.

कॉनथ

फलैक्स 30.

त्रबजस्कट

Biscuits

1905 18

Biskut , Biskit

31.

वेफसथ (

Wafers

1905 18

Wafers

त्रबना

(Other than

than coated with

चोकलेट

coated with

chocolate)

के )

chocolate)

32.

पेस्ट्री

Pastries

1905 18

Pastries

33.

केक

Cakes

1905 18

Cake

34.

वेफसथ

wafers

1905 28

wafers

(चोकलेट

coated with

सहहत)

chocolate)

सोया

soya Badi

2106 12

Soya Badi

Bari or

2106 12

Bari or Mangauri

35.

(Other

(choklet

sahit)

बड़ी 36.

बड़ी या

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 184


37. 38. 39.

मंगोड़ी

Mangauri

डडटजेंट

Detergent

केक

Cake

डडटजेंट

Detergent

पाउडर

Powder

टॉयलेट

3401 18

Detergent Cake

3402 28

Detergent Powder

Toilet Soap

3401 18

Toilet Soap

सेनेटरी

Sanitery

9619 12

Saniitary Napkin

नैपककन

Napkin

काजल

Kajal Pencil

3304 18

Kajal Pencil Sticks

पें लसल

Sticks 3305 18

Hair Oil

3306 18

Tuth Pest

3307 28

Shaving Cream

सोप 40. 41.

जस्टक 44.

हे यर

Hair Oil

आयल 45. 46.

टूर् पेस्ट Tooth Paste िेर्वंग

Shaving

क्रीम

Cream

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 185


ड्राई फ्रूट्स

DRY FRUITS s.no.

वस्तु का

COMMMODITY

काजू

HSN

दर

HINDI NAME

Cashew Nut 0801

5

Kaju

बादाम

Almonds

0802

12

Badam

3.

अखरोट

walnuts

0802

12

Akhrot

4.

र्पस्ता

Pistachoise

0802

12

Pista

5.

खजूर

Dates

0804

12

Khajur

figs

0804

12

Anjir

0806

5

Kishish

नाम 1. 2.

6. 7.

अंजीर

ककिलमि Kishmish

FOR SEARCH

Raisins 8. 9.

सप ु ारी

arecanuts

0802

5

Supari

अन्य

Other Dry

0813

12

Other Dry

ड्राई

Fruits

फ्रूट्स

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 186

fruits


लमनरल MINERALS क्र.स.

वस्तु का नाम

HSN

Rate

HINDI NAME FOR

1.

क्वाटथ ज़

2506

5

Kwartz Powder and Lams

2529

5

Felspar Powder and Lams

डोलोमाइट एवं Dolomite inclding 2518 इसके ब्लॉक्स blocks and

5

Dolomit, blocks,

और स्लैब्स

slabs.

मेजग्नलसयम

Megnesium

5

पाउडर /लभप्स 2.

/लभप्स

4.

COMMODITY

Quartz Powder/

काबोनेट एवं मेजग्नलसयम ऑक्साइड 5.

जजप्सम

6.

लाइम स्टोन

Feldspar Powder and Lumps

2519

Slabs

जक्वक और हाइड्रोललक लाइम

Megnesium

Carbonate and

Carbonate

Oxide

Oxide

Gypsum

Quicklime ,

and

Megnesium

Megnesium

2520

5

Jipsam

2521

5

chuna,

Lime Stone 7.

SEARCH

Lumps

फेकसपार पाउडर

3.

NAME OF

Lime

Stone 2522

5

Slaked Lime and

Quicklime

,

Slaked Lime and Hydrolic Lime

Hydrolic Lime

8.

एस्बेसटोज

Asbestos

2524

5

Asbestos

9.

माइका और

Mica and Mica

2525

5

Mica and Mica

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 187


माइका वेस्ट

Waste

10.

लौह अयस्क

Iron Ores

11.

मैंगनीज अयस्क

vest 2601

5

Iron Ores

2602

5

Manganese Ores

Manganese Ores

12.

कॉपर अयस्क Copper Ores

2603

5

Copper Ores

13.

तनकल

2604

5

Nickel Ores

2605

5

Cobalt Ores

2606

5

Aluminnium Ores

अयस्क 14.

कोबाकट अयस्क

15.

Nickel Ores Cobalt Ores

एललु मतनयम अयस्क

Aluminnium Ores

16.

लीड अयस्क

Lead Ores

2607

5

Lead Ores

17.

जजंक अयस्क

Zinc Ores

2608

5

Zinc Ores

18.

हटन अयस्क

Tin Ores

2609

5

Tin Ores

19.

कोयला

coal

2701

5

Coal

20.

ललग्नाइट

Lignite

2702

5

Lignite

21.

कोक एवं

coke

semi 2704

5

coke

सेमी कोक

and

coke of coal

and

coke of coal

semi

22.

माबथल ब्लाक

Marble Block

2515

12

Marble Block

23.

ग्रेनाईट ब्लाक Grenite Block

2516

12

Grenite Block

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 188


बबम्ल्डंग मटे ररयल BUILDING MATERIAL

क्र.स.

वस्तु का नाम

NAME OF

1.

सीमें ट

2.

पें ट एवं

cement

COMMODITY

वातनथि

3. 4.

पुट्टी

थगट्टी

5.

माबथल

6.

ग्रेनाईट

7.

ईटे

8.

फ्लाई एि त्रब्क्स

9.

छत की टाइकस

10.

प्लाजस्टक

HSN

Rate

HINDI NAME FOR

2523

28

cement

3208,

28

Paint and Varnish

3214

28

Putty

2517

5

Gitti

2515

28

Marble

2516

28

Granite

6904

5

Building Bricks

6815

12

Fly Ash Bricks

6904

5

Roofing Tiles

3922

28

6910

28

Baths, shower baths, Sinks, Wash Basin, bidets, Lavatory Pans, Seats and covers, Flushing Cisterns of Plastic Ceremic Sinks, Wash Basins, Wash

3209 paint and Varnishes Putty Gravel , Pebbles, Broken or Crushed Stones Marble other than Block Granite other than Block Building Bricks

Fly Ash Bricks

Roofing Tiles Baths, shower baths,

and 3210

सेतनटरी गुड्स Sinks, Wash Basin,

12.

सेरेलमक

SEARCH

bidets, Lavatory Pans, Seats and covers, Flushing Cisterns of Plastic Ceremic Sinks, Wash Basins, Wash

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 189


सेतनटरी गुड्स Basin Padestal,

Baths, Bidets, Water Closet Pans, Flshing Cisterns, Urinals and Similar Sanitary Fixture.

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 190

Basin Padestal, Baths, Bidets, Water Closet Pans, Flshing Cisterns, Urinals and Similar Sanitary Fixture.


अन्य खाने की वस्तए ु ं OTHER EATABLES

क्र.स.

वस्तु का नाम

NAME OF

1.

समोसा

2.

वेज. पेहटस

SAMOSA

3.

प्लेन सैंडर्वच

4.

नाचोस

5.

स्वीट कॉनथ

6.

नमकीन पॉपकॉनथ

7.

चीज पॉपकॉनथ

8.

पॉप कॉनथ टब

9.

पॉप कॉनथ चीज टब

10.

कोकड डड्रंक

11.

लमनरल वाटर

12.

आइस क्रीम

13.

लेमन आइस टी

14.

कोकड चोकलेट

15.

बादाम लमकक

16.

टोमेटो सप ू

COMMODITY

VEG.PATTICE PLAIN SANDWICH NACHOS SWEET CORN POPCORN SALTED POPCORN CHEESE POPCORN SALTED TUB POPCORN CHEESE TUB COLD DRINK MINERAL WATER ICE CREEM

LEMON ICED TEA COLD CHOCOLATE BADAM MILK TOMATO SOUP

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 191

HSN

Rate

HINDI NAME FOR

2106

12

SAMOSA

2106

12

PETIS

2106

12

SANDWICH

2106

12

NACHOS

2106

12

SWEEET CORN

2008

18

NAMKEEN POPCORN

2008

18

CHEEJ POPCORN

2008

18

2008

18

POP SALTED CORN TUB POPCORN CHEEJ TUB

2202

40*

COLD DRINK

2201

18

MINERAL WATER

2105

18

ICE CREAM

2101

18

LEMON ICE

1806

28

COLD CHOKLET

2202

12

BADAM MILK

2104

18

TOMETO SOOP

SEARCH


17.

इलायची टी

18.

केजप्सकम कॉफ़ी

19.

हॉट कॉफ़ी

20.

लमठाइया​ाँ

ELAICHI TEA CAPPUCCINE COFFEE HOT COFEE SWEETMEATS

Note:- Cold Drinks- 28%, Cess – 12% TOTAL -40%

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 192

2101

18

ILAYACHI TEA

2101

28

KEPIKAM COFFEE

2101

28

HOT COFEE

2106

5%

MITHAIYAN


इलेक्ट्रोननक सामान ELECTRONIC AND ELECTRICAL GOODS क्र.स.

वस्तु का नाम

1.

टे लीवीजन

2. 3. 4.

वेक्यम ू

6.

कफ्रज

7.

एयर कंडीिनर

9.

िेवसथ

ं डडि वालिग मिीन

10.

वजन की मिीनइलेजक्ट्रक

11. 12.

Television

लमक्सर

क्लीनर

8.

COMMODITY

ं मिीन WashingMachine वालिग फ्लोर लमल Flour Mill ग्राइंडर

5.

NAME OF

Mixer Grinder

Vaccume Cleaner Refregerators

Air Conditioners Shavers, Trimmers Dish Washing Machine

Electric Weghing Machine

ऑडडयो प्लेयर Audio Player वीडडओ प्लेयर Vedio Player

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 193

HSN

Rate

HINDI NAME FOR

8528

28

TV

8450

28

Washing Machine

8437

5

Flor Mill

8509

28

Mixi

8508

28

Vaccume Cleaner

8418

28

Fridge, Frize

8415

28

AC

8510

28

Shavers

8422

28

Dish Washer

8423

28

Weighing Machine

8519

28

Audio Player

8521

18

Vedio Player

SEARCH


अध्याय -18

जी.एस.टी. कानून की 100 पररभाषाओं का हहंदी अनुवाद GST- 100 DEFINITIONS IN HINDI SECTION -2

जी.एस.टी. कानून की िारा 2 में कुल 121 पररभाषाएाँ दी गई है

जजनका हमने हहंदी अनव ु ाद ककया है . यहा​ाँ ध्यान दें कक इस अनव ु ाद को करते हुए पूरी साविानी बरती गई है और यह आपको र्वषय को समझने में पूरी मदद करे गा कफर भी इसका अथिकृत रूप आपको

दे खना हो तो केन्द्रीय उत्पाद िुकक एवं कस्टम र्वभाग की साईट पर अंग्रजी में उपलब्ि पररभाषाएं दे खें .

आप इस हहंदी अनुवाद को ध्यान से पढ़े , जी.एस.टी.को समझने में इससे आपको बहुत मदद लमलेगी . – सि ु ीर हालाखंडी

1.ACTIONABLE CLAIMS:(1) "दावेदार दावे" का अर्थ वही अर्थ होगा जैसा कक संपर्त्त के हस्तांतरण अथितनयम, 1882 (Transfer of Property Act, 1882 )की िारा 3 में तनहदथ ष्ट ककया गया है 2.ADDRESS OF DELIVERY:(2) "र्वतरण का पता" का अर्थ माल या सेवाओं या दोनो के प्राप्तकताथ का पता है इस तरह के र्वतरण के ललए एक पंजीकृत व्यजक्त द्वारा जारी त्रबल में माल या सेवाओं या दोनों के र्वतरण के ललए ललखा है ;

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 194


3.ADDRESS ON RECORD:(3) "ररकॉडथ पर पता" अर्ाथत प्राप्तकताथ का पता आपतू तथकताथ के ररकॉडथ में उपलब्ि है .

4.ADJUDICATING AUTHORITY(4) "तनणाथयक प्राथिकरण" का मतलब ककसी भी तनयुक्त प्राथिकारी से है जो

इस अथितनयम के तहत कोई आदे ि या तनणथय के ललए अथिकृत

होगा, लेककन इसमें केंद्रीय उत्पाद एवंम सीमा है और कस्टभस,

िुकक बोडथ / िालमल नहीं

ररवीजन अर्ॉररटी , एडवांस रूलींग अर्ॉररटी , अपीलीट

अर्ॉररटी एडवांस रूललंग के ललए एवं अपीलीट हट्रब्यन ू ल सजभमललत नहीं होगा .

5.AGENT:(5) "एजेंट" का अर्थ है एक व्यजक्त, जजसमें घटक (factor) , दलाल, कमीिन एजेंट, आडततया , डेल क्रेडडट एजेंट, एक नीलामी कताथ या ककसी

भी अन्य व्यापारी एजेंट, जो भी नाम से कहा जाता है, जो सामान या सेवाओं की आपूततथ या प्राजप्त के व्यापार या दोनों पर व्यापार दस ू रे की ओर से करता है;

6. AGREEGATE TURNOVER:(6) "कुल कारोबार" का मतलब है सभी कर योग्य आपूततथ का कुल मक ू य (आवक आपतू तथ के मक ू य को छोड़कर, जजस पर ररवसथ चाजथ के आिार एक व्यजक्त द्वारा कर हदया जाता है ), कर

पर

मक् ु त आपूततथ (supply),

माल या सेवाओं या दोनों का तनयाथत और अंतरप्रांतीय आपूततथ जजसे कक

एक ही स्र्ायी खाता संख्या (Income Tax PAN) रखने वाले व्यजक्त द्वारा परू े भारत में कारोबार करते हुए की गई है लेककन इसमें केंद्रीय कर, राज्य कर, संघ राज्य क्षेत्र कर, एकीकृत कर और उपकर की रकम (कर की रकम ) िालमल नहीं है ;

7. AGRICULTURALIST:-

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 195


(7) "ककसान" का अर्थ है एक व्यजक्त या एक हहंद ू अर्वभाजजत पररवार जो भलू म खेती का काम करते हैं:(ए) अपने श्रम या,

(बी) पररवार के श्रलमक द्वारा, या (सी) नकद या वस्तु में दे य मजदरू ी पर कमथचाररयों द्वारा या ककराए पर श्रम के तहत जजसे व्यजक्तगत पयथवेक्षण या पररवार के ककसी भी सदस्य की व्यजक्तगत पयथवक्ष े ण में ककया जाता है ; 8. APPELLATE AUTHORITY:(8) "अपीलीय प्राथिकारी” का अर्थ है कक इस अथितनयम की िारा में तनहदथ ष्ट अपील सन ु ने

107

को अथिकृत प्राथिकारी ;

9. APPELLATE TRIBUNAL :-

(9) "अपीलीय हट्रब्यन ू ल" का मतलब माल और सेवा कर अपीलीय हट्रब्यूनल िारा 109 के तहत गहठत; 10. APPOINTED DAY:-

(10) "तनयत हदन" का अर्थ उस ततथर् से है , जजस पर इस अथितनयम के प्राविान लागू होता है ;

11.ASSESSMENT:(11) "तनिाथरण" का अर्थ है इस अथितनयम के तहत कर दे यता का तनिाथरण करना और इसमें स्वत: तनिाथरण, पन ु : तनिाथरण, अंतररम

तनिाथरण , सारांि तनिाथरण और सवोत्तम तनणथय के अनुसार तनिाथरण िालमल हैं ;

12.ASSOCIATE ENTRPRISES:(12) "सहयोगी उद्यमों " का अर्थ उसी अर्थ के उसी रूप में ललया जाएगा जैसा कक

आयकर अथितनयम, 1 9 61 की िारा 92 ए

ककया गया है 13.AUDIT:-

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 196

में तनहदथ ष्ट


(13) "लेखा परीक्षा" का अर्थ है इस अथितनयम के तहत या

इसके तहत

बनाए गए तनयमों के तहत या ककसी भी अन्य कानन ू के तहत पंजीकृत

व्यजक्त द्वारा बनाए गए या पेि ककये गए अलभलेख, ररटनथ और अन्य दस्तावेजों की परीक्षा या घोर्षत टनथओवर की िुद्िता , करों का भग ु तान ककया, ररफंड के ललए ककया गए दावे और ललए गए इनपुट टै क्स क्रेडडट, इस अथितनयम या इसके तहत बनाए गए तनयमों के प्राविानों का अनुपालन को सत्यार्पत करने के ललए की जाने वाली जांच . 14. AUTHORISED BANK :-

(14) "प्राथिकृत बैंक" का मतलब बैंक या बैंक द्वारा इस अथितनयम के तहत दे य कर या अन्य कोई भी रालि एकत्र करने के ललए सरकार द्वारा अथिकृत बैंक की एक िाखा होगी;

15. AUTHORISED REPRESENTATIVE:(15) "अथिकृत प्रतततनथि" का अलभप्राय िारा 116 में तनहदथ ष्ट अथिकृत प्रतततनथि है ;

16. BOARD:(16) "बोडथ" का मतलब है केन्द्रीय राजस्व अथितनयम, 1 9 63 के तहत केन्द्रीय उत्पाद िुकक

बोडथ.

17.BUSINESS:-

(17) "व्यवसाय" में िालमल हैं-(ए) ककसी भी व्यापार, वाणणज्य, तनमाथण, पेिे, व्यवसाय, साहस, दांव या ककसी अन्य इसी तरह की गततर्वथि, चाहे वह आथर्थक लाभ के ललए हों या नहीं; (बी) ऊपर हदए उप-खंड (ए) के संबंि में या प्रासंथगक या सहायक के संबंि में कोई गततर्वथि या व्यवहार; (सी) उप-िारा (ए) की प्रकृतत में कोई गततर्वथि या लेनदे न, चाहे या तो वहां लेन-दे न की मात्रा, आवर्ृ त्त, तनरं तरता या तनयलमतता है या नहीं;

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 197


(डी) पूंजीगत वस्तओ ु ं और सेवाओं सहहत माल की व्यापार के िरू ु आत या व्यापार के समापन के संबंि में आपतू तथ या अथिग्रहण;

(ई) क्लब, संघ, समाज, या ककसी भी तरह के संस्र्ा (ककसी िुकक या ककसी अन्य प्रततफल के ललए) सर्ु विाओं या लाभ का उसके सदस्यों को को प्राविान;

(एफ) ककसी भी पररसर में व्यजक्तयों का प्रततफल के बदले प्रवेि; (जी) ककसी व्यजक्त द्वारा एक कायाथलय के िारक के रूप में आपूततथ की गई सेवाओं जजसे उसने अपने व्यापार, पेिे या व्यवसाय की आगे बढ़ाने के क्रम में

द्वारा स्वीकार ककया गया है या;

(एच) रे स क्लब द्वारा प्रदान की गई सेवाओं जो कक ऐसे क्लब में totalisator बनाने या बुक मेकर के ललए लाइसेंस दे कर प्रदान की जाती है ; तर्ा

(आई) केंद्र सरकार, एक राज्य सरकार या ककसी स्र्ानीय प्राथिकारी द्वारा ककए गए ककसी भी गततर्वथि या लेनदे न जजसमें वे सावथजतनक प्राथिकरण के रूप में कायथरत हैं; 18. BUSINESS VERTICAL:-

(18) "त्रबज़नस वटीकल" का अर्थ है एक उद्यम का एक अलग घटक जो अलग सामानों या सेवाओं की आपूततथ या संबंथित वस्तुओं या सेवाओं के समह ू के व्यवसाय में लगा है और जजसमे में लगी हुई है जोणखम और ररटनथ अन्य व्यवसातयक वहटथ कल से अलग है . स्पष्टीकरण .-- इस खंड के प्रयोजनों के ललए,

तनभन कारकों को यह

तनिाथररत करने में र्वचार में ललया जाना चाहहए कक माल या सेवाएं संबंथित हैं (ए) माल या सेवाओं की प्रकृतत;

(बी) उत्पादन प्रकक्रयाओं की प्रकृतत;

(सी) वस्तओ ु ं या सेवाओं के ललए ग्राहकों के प्रकार या कक्षा;

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 198


(डी) सेवाओं का माल या आपूततथ र्वतररत करने के ललए इस्तेमाल ककए जाने वाले तरीके; तर्ा

(ई) बैंककंग, बीमा, या सावथजतनक उपयोथगताओं सहहत तनयामक वातावरण (जहां भी लागू हो) की प्रकृतत; 19.CAPITAL GOOODS:-

(1 9) "पंज ू ीगत माल" का मतलब माल है , जजसका जमा खचथ इनपट ु

टै क्स क्रेडडट का दावा करने वाले व्यजक्त के खाते की पुस्तकों में “पूंजीगत संभपतत” के रूप में ककया जाता है और इसका इस्तेमाल व्यवसायी के चलाने

में या व्यवसाय के आगे बढ़ाने के ललए ककया जाता है ;

20.CASUAL TAX PERSON :(20) "आकजस्मक कर योग्य व्यजक्त" का अर्थ उस व्यजक्त से होता है जो कभी-कभी माल या सेवाओं या दोनों की आपतू तथ व्यवसाय के दौरान या व्यवसाय

को बढाने के ललए करता है

चाहे वह राज्य में या ककसी संघीय

क्षेत्र में र्प्रंलसपल , एजेंट या ककसी अन्य क्षमता में हो लेककन उसके व्यवसाय का कोई तनजश्चत स्र्ान नहीं होता है ; 21. CENTRAL TAX:(21) "केंद्रीय कर" का मतलब िारा 9 के तहत लगाए गए केंद्रीय सामान और सेवा कर; 22.CESS:(22) "उपकर" का अर्थ उसी कर के रूप में होगा, जैसा उसे सेवा कर (राज्यों को मआ ु वजा) अथितनयम में समझाया गया है . 23.CHARTERED ACCOUNTANT:-

(23) "चाटथ डथ एकाउं टें ट" का अर्थ है चाटथ डथ एकाउं टें ट्स अथितनयम, 1 9 4 9 की िारा 2 के उप-िारा (1) की िारा (बी) चाटथ डथ एकाउं टें ट के रूप में पररभार्षत; 24. COMMISSIONER:-

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 199


(24) "आयुक्त" का मतलब है िारा 3 के तहत तनयुक्त केंद्रीय कर के आयक् ु त और इसमें िालमल हैं केन्द्रीय कर के प्रिान आयक् ु त और एकीकृत

माल और सेवाओं अथितनयम (IGST) के तहत तनयुक्त एकीकृत कर के आयुक्त कर;

25. COMMISSIONER IN THE BOARD:(25) "बोडथ में आयक् ु त" का अर्थ है कक इस अथितनयम की िारा 168 में उकलेणखत आयुक्त.

26. COMMON PORTAL:(26) इस अथितनयम की िारा 146 में उकलेणखत “गड् ु स एवं सर्वथस टै क्स कॉमन पोटथ ल”.

27. COMMMON WORKING DAYS:(27) ककसी राज्य या संघीय क्षेत्र के संबंि में "आम कायथ हदवस" जजसका अर्थ ऐसे हदनों में होता है जजसे केंद्र सरकार या संबंथित राज्य या संघीय राज्य सरकार राजपत्रत्रत छुट्हटयों के रूप में घोर्षत नहीं ककया जाता है ; 28. COMPANY SECRETARY:-

(28) "कंपनी सथचव" का मतलब एक कंपनी सथचव है , जो सथचव अथितनयम, 1 9 80 की िारा 2 के उप-िारा (1) (C) में पररभार्षत है . 29. COMPETENT AUTHORITY:(29) "सक्षम प्राथिकारी" का अर्थ है प्राथिकारी जजसे सरकार द्वारा अथिसथू चत ककया जाता है;

30. COMPOSITE SUPPLY:(30) "समग्र आपतू तथ" का अर्थ है एक कर योग्य व्यजक्त द्वारा माल या

सेवाओं की दो या अथिक कर योग्य वस्तओ ु ं या सेवाओं या दोनों की आपूततथ

जजसे

एक संयोजन (Combination) के तहत ककया जाता है

जजन्हें स्वाभार्वक रूप से एक दस ू रे के सार् लमलाकर ही आपूततथ की जा सकती है जजसमें से एक र्प्रलसपल या प्रमख ु आपतू तथ होती है .

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उदाहरण.- जहां वस्तुएं पैककंग और

बीमा के सार् सप्लाई के जाती हैं,

पैककंग सामग्री, माल का पररवहन और बीमा एक समग्र आपतू तथ है और माल या वास्तु की आपूततथ एक प्रमख ु अर्वा मख् ु य 31. CONSIDERATION:-

आपूततथ है ;

(31) माल या सेवाओं या दोनों की आपूततथ के संबंि में "प्रततफल” में िालमल हैं-

(ए) माल या सेवाओं या दोनों की आपूततथ के संदभथ में, प्राप्तकताथ द्वारा या चाहे ककसी अन्य व्यजक्त द्वारा ककया गया भग ु तान ककया या ककया जाने वाला भग ु तान, चाहे वह

पैसे में हो या अन्य रूप में , लेककन इसमें

सरकार या राज्य सरकार द्वारा दी गई ककसी भी सजब्सडी को

केंद्र

िालमल

नहीं ककया जाएगा ; (बी) माल या सेवाओं या दोनों की आपतू तथ के संदभथ में , प्राप्तकताथ द्वारा या चाहे ककसी अन्य व्यजक्त द्वारा ककये गए ककसी कायथ या नही ककये गए ककसी कायथ का मौहद्रक मक ू य ,लेककन इसमें सरकार द्वारा हदए गए ककसी भी सजब्सडी को

केंद्र सरकार या राज्य

िालमल नहीं ककया जाएगा

; बिते माल या सेवाओं की आपूततथ या दोनों के संबंि में हदए गए जमा

(deposit) को ऐसी आपूततथ के ललए भग ु तान के रूप में नहीं माना जाएगा, जब तक कक आपतू तथकताथ इस जमा रालि को आपतू तथ के भग ु तान के रूप में लागू नहीं करता है .

32. CONTINUOUS SUPPLY OF GOODS:(32) "माल की तनरं तर आपतू तथ" से माल की आपतू तथ, जो एक तार, केबल, पाइप लाइन या अन्य नाली के जररए प्रदान की जाती है , या एक अनब ु ंि के तहत लगातार या कफर आवतथक आिार पर सहमतत व्यक्त की जाती

है , और जजसके ललए आपूततथकताथ तनयलमत या आवथिक आिार पर

प्राप्तकताथ को चालान करता है और इसमें ऐसी वस्तओ ु ं की आपतू तथ िालमल

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 201


है , ऐसी जस्र्ततयों के अिीन, जैसा कक, सरकार द्वारा माल के तनरं तर आपतू तथ के रूप में अथिसच ू ना द्वारा तनहदथ ष्ट ककया जाता है ; 33. CONTINUOUS SUPPLY OF SERVICES:-

(33) "सेवाओं की तनरं तर आपूततथ" का मतलब उन सेवाओं की आपूततथ है

जो प्रदान की गई है , या अनुबंि के तहत लगातार, या आवती आिार पर, तीन महीने से अथिक की अवथि के ललए आवथिक भग ु तान दातयत्वों के सार् प्रदान की जाती है और ऐसी सेवाओं की आपूततथ िालमल है जैसा कक

सरकार, ऐसी जस्र्ततयों के अिीन हो सकता है , जैसा कक अथिसच ू ना द्वारा तनहदथ ष्ट ककया जाता है ;

34. CONVEYANCE:(34) "वाहन" में एक जहाज, एक र्वमान और एक वाहन िालमल है ; 35. COST ACCOUNTANT:(35) "लागत लेखाकार" का अर्थ लागत और वक्सथ एकाउं टें ट अथितनयम, 1 9 5 9 की िारा 2 के उप-िारा (1) के खंड (C) में पररभार्षत के रूप में एक लागत लेखाकार का मतलब है ; 36.COUNCIL :(36) "पररषद" का मतलब संर्विान की िारा 279 ए के तहत स्र्ार्पत माल और सेवा कर पररषद; 37. CREDIT NOTE:(37) "क्रेडडट नोट" से िारा 34 के उप-िारा (1) के तहत एक पंजीकृत व्यजक्त द्वारा जारी दस्तावेज का मतलब है ; 38. DEBIT NOTE:(38) "डेत्रबट नोट" का मतलब िारा 34 के उप-िारा (3) के तहत एक पंजीकृत व्यजक्त द्वारा जारी दस्तावेज; 39. DEEMED EXPORT:-

(39) "समझा गया तनयाथत" का मतलब माल की आपतू तथ जैसे कक िारा 147 के तहत अथिसथू चत ककया जाता है ; जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 202


40.DESIGNATED AUTHORITY :(40) "नालमत प्राथिकरण" का अर्थ है प्राथिकारी, जो बोडथ द्वारा अथिसथू चत ककया जा सकता है;

41. DOCUMENTS:-

(41) "दस्तावेज" ललणखत या महु द्रत ररकॉडथ जजसमें सच ू ना प्रौद्योथगकी

अथितनयम, 2000 की िारा 2 के खंड (t) में पररभार्षत के रूप में ककसी भी तरह का और इलेक्ट्रॉतनक ररकॉडथ के भी िालमल है ; 42. DRAWBACK:-

(42) भारत में तनलमथत ककसी भी सामान जो कक तनयाथत ककया जाता है के संबंि में ककसी भी आयाततत इनपुट पर या ककसी भी घरे लू इनपुट या इन

वस्तुओं के तनमाथण में उपयोग ककए जाने वाले इनपुट सेवाओं पर िुकक, कर या सेस की छूट;

43.ELECTRONIC CASH LEDGER:-

(43) "इलेक्ट्रॉतनक नकदी खाता” का मतलब है िारा 49 के उप-िारा (1) में तनहदथ ष्ट इलेक्ट्रॉतनक नकद खाता ; 44. ELECTRONIC COMMMERCE:-

(44) "इलेक्ट्रॉतनक कॉमसथ" का मतलब माल या सेवाओं की आपूततथ या डडजजटल या इलेक्ट्रॉतनक नेटवकथ पर डडजजटल उत्पादों सहहत दोनों; 45. ELECTRONIC COMMERCE OPERATOR:-

(45) "इलेक्ट्रॉतनक कॉमसथ ऑपरे टर" का अर्थ है कोई भी व्यजक्त जो इलेक्ट्रॉतनक कॉमसथ के ललए डडजजटल, इलेक्ट्रॉतनक सर्ु विा या प्लेटफ़ॉमथ का माललक है , संचाललत करता है या प्रबंिन करता है; 46.ELECTRONIC CREDIT LEDGER:(46) "इलेक्ट्रॉतनक क्रेडडट लेजर" का मतलब िारा 49 के उप-िारा (2) में तनहदथ ष्ट इलेक्ट्रॉतनक क्रेडडट खजाना; 47. EXEMPT SUPPLY जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 203


(47) "कर मक् ु त आपूततथ" का मतलब ककसी भी सामान या सेवाओं की

आपतू तथ या दोनों जो कर की िन् ू य दर को आकर्षथत करती है या जो िारा 11 के तहत कर से मक् ु त घोर्षत हो, या आई.जी.एस.टी. अथितनयम की िारा 6 के तहत करमक् ु त हो , और इसमें जी.एस.टी. के तहत

गैर कर

योग्य आपूततथ भी िालमल है . 48 . EXISTING LAW

(48) "मौजूदा कानन ू " का मतलब ककसी भी कानून, अथिसच ू ना, आदे ि,

तनयम या मानदं ड जो माल या सेवाओं पर िुकक या कर के संग्रह से

संबंथित है और जो इस अथितनयम के प्रारं भ होने से पहले कानन ू या संसद या ककसी प्राथिकारी या ककसी व्यजक्त द्वारा जजसके ऐसा

कानून,

अथिसच ू ना, आदे ि, तनयम या र्वतनयम बनाने की िजक्त हो द्वारा बनाये या पाररत ककये गए हो. 49 . FAMILY:-

(49) "पररवार" का अर्थ है , (I) व्यजक्त के जीवन सार्ी (पतत अर्वा पत्नी) और बच्चे, और (Ii) व्यजक्त के माता-र्पता, दादा –दादी, नाना –नानी, माता, र्पता, भाइयों और बहनों, यहद वह संपूणथ या मख् ु य रूप से उस व्यजक्त पर तनभथर हैं; 50 . FIXED ESTABLISHMENT:-

(50) "स्र्ाई प्रततष्ठान" का मतलब एक जगह (व्यापार के पंजीकृत स्र्ान के अलावा) है, जो सेवाओं की आपूततथ के ललए मानव संसािन और

तकनीकी संसािनों के संदभथ में पयाथप्त स्र्ातयत्व और उपयुक्त संरचना की र्विेषता के सार् है या सेवाओं को अपनी आवश्यकताओं ललए

करने

और प्राप्त करने के ललए है ; 51.FUND:(51) "तनथि" का मतलब उपभोक्ता ककयाण कोष जो इस अथितनयम की िारा 57 के तहत स्र्ार्पत ककया गया है ; 52. GOODS जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 204


(52) "वस्तु" का मतलब है िन और प्रततभतू तयां के अलावा हर तरह की

चल संपततयां (movable property) लेककन इसमें दावा करने योग्य दावे (actionable claims) , बढ़ती फसलों (growing Crops) , घास (Grass)

और उन चीजों को िालमल करना िालमल है भलू म का हहस्सा है

या उससे जुडी हुई है जो आपूततथ से पहले तहत काटे जाने के ललए सहमत के तहत हैं.

या आपूततथ के अनुबंि के

53. GOVERNMENT:(53) "सरकार" का अर्थ है केंद्र सरकार;

54. GOODS AND SERVICE TAX (Compansation to States) Act,. :(54) "माल और सेवा कर (राज्यों के ललए मआ ु वजा) अथितनयम" से मतलब है माल और सेवा कर (राज्यों को मआ ु वजा) अथितनयम, 2017; 55. GOODS AND SERVICE TAX PRACTITIONERS:-

(55) "गुड्स एवं सर्वथस टे क्स प्रेजक्टस्नेस”थ का अर्थ है कोई भी व्यजक्त

जजसे िारा 48 के अिीन ऐसे “प्रेम्क्टस्नर” के रूप में कायथ करने के ललए अनम ु ोहदत ककया गया हो; 56. INDIA

(56) "भारत" का अर्थ भारत का क्षेत्र है , जैसा कक संर्विान के अनुच्छे द 1 में वणणथत है , इसके क्षेत्रीय जल, समद्र ु ी जल और उप-लमट्टी ऐसे पानी के

नीचे, महाद्वीपीय िेकफ, अनन्य आथर्थक क्षेत्र या ककसी अन्य समद्र ु ी क्षेत्र के रूप में तनहदथ ष्ट क्षेत्रीय जल, महाद्वीपीय िेकफ, अनन्य आथर्थक क्षेत्र

और अन्य समद्र ु ी क्षेत्र अथितनयम, 1 9 76 में वणणथत है , और इसके क्षेत्र और प्रादे लिक जल के ऊपर हवा का स्र्ान;

57. INTEGRATED GOODS AND SERVICE TAX:(57) "एकीकृत माल और सेवा कर अथितनयम" का अर्थ है एकीकृत माल और सेवा कर अथितनयम, 2017; 58. INTEGRATED TAX :जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 205


(58) "एकीकृत कर" का अर्थ एकीकृत माल और सेवा कर अथितनयम के तहत लगाए जाने वाले एकीकृत सामान और सेवा कर; 59. INPUT:-

(59) "इनपुट" का मतलब पूंजीगत वस्तुओं के अलावा ककसी भी सामान का उपयोग ककया जाता है या इसका इस्तेमाल ककसी आपूततथकताथ द्वारा व्यापर के दौरान में या व्यापर

के आगे बढ़ाने के ललए ककया जाता है;

60.INPUT SERVICE:(60) "इनपुट सेवा" का अर्थ है ककसी भी सेवा का उपयोग या भावी

उपयोग आपतू तथकताथ द्वारा अपने व्यापार के दौरान में या व्यापार को आगे बढ़ाने के ललए करना है ;

61. INPUT SERVICE DISTRIBUTOR:(61) "इनपट ु सेवा र्वतरक" का अर्थ माल या सेवाओं या दोनों के सप्लायर

का एक कायाथलय है जो िारा 31 के तहत इनपुट सेवाओं की प्राजप्त की ओर जारी ककए गए टै क्स इनवॉइस

प्राप्त करता है और केंद्रीय कर,

राज्य कर, एकीकृत कर या संघीय प्रदे ि कर का क्रेडडट

र्वतररत करने के

प्रयोजनों के ललए एक तनिाथररत दस्तावेज़ जारी करता है उन कर योग्य वस्तुओं या सेवाओं के सप्लायर को

जो की उसी के सामान PAN अर्ाथत

स्र्ायी लेखा संख्या के तहत व्यापार कर रहें है . 62. INPUT TAX:(62) एक पंजीकृत व्यजक्त के संबंि में "इनपुट कर" का मतलब है , केंद्रीय कर, राज्य कर, एकीकृत कर या संघीय क्षेत्र का टै क्स जजसे ककसी भी सामान या सेवाओं या दोनों की आपतू तथ पर लगाया जाता है और इसमें िालमल हैं-

(ए) वस्तुओं के आयात पर लगाए गए एकीकृत सामान और सेवा कर;IGSTon Import.

(बी) िारा 9 के उप-वगों (3) और (4) के प्राविानों के तहत दे य कर;Tax paid on reverse charge under CGST. जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 206


(सी) इन्टीग्रेटेड गुड्स एंड सर्वथस टै क्स अथितनयम अथितनयम की िारा 5

के उप-वगों (3) और (4) के प्राविानों के तहत दे य कर; - Tax paid on reverse charge under IGST. (डी) संबंथित राज्य सामान और सेवा कर अथितनयम की िारा 9 की उपिाराओं (3) और (4) के प्राविानों के तहत दे य कर; या- Tax paid on reverse charge under SGST. (ई) संघ राज्य सामग्री और सेवा कर अथितनयम की िारा 7 के उप-वगों (3) और (4) के प्राविानों के तहत दे य कर,- Tax paid on reverse charge under UTGST. लेककन इसमें कभपोजीिन के तहत भग ु तान ककया गया कर िालमल नहीं है .

63. INPUT TAX CREDIT:-

(63) "इनपुट टै क्स क्रेडडट" से मतलब है इनपुट टै क्स का क्रेडडट; 64. INTRASTATE SUPPLY OF GOODS:-

(64) "माल की राज्य के भीतर आपतू तथ" का अर्थ उसी अर्थ के रूप में होगा जजसे इन्टीग्रेटेड गुड्स एंड सर्वथस टै क्स

अथितनयम की िारा 8 में

तनहदथ ष्ट ककया गया है ;

65. INTRASTATE SUPPLY OF SERVICES:(65) "सेवाओं की राज्य के भीतर

की आपूततथ" का अर्थ उसी अर्थ के रूप

में होगा जजसे इन्टीग्रेटेड गुड्स एंड सर्वथस टै क्स

अथितनयम

अथितनयम

की िारा 8 में तनहदथष्ट ककया गया है ;

66. INVOICE AND TAX INVOICE (66) "इनवॉइस" या "टै क्स इनवॉइस" का अर्थ वही है जो इस अथितनयम की िारा 31 में संदलभथत है ; 67.INWARD SUPPLY

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(67) ककसी व्यजक्त के संबंि में "आवक आपूततथ" का मतलब माल या सेवाओं या दोनों की प्राप्ती जो खरीद, अथिग्रहण या ककसी अन्य सािन से हुई हो चाहे प्रततफल के सार् या त्रबना ककसी प्रततफल के; 68. JOB WORK (68) "जॉब वकथ " का मतलब है ककसी भी व्यजक्त द्वारा ककए गए उपाय या

प्रकक्रया से है जो ककसी अन्य रजजस्टडथ व्यजक्त की वस्तु पर ककया

जाता है इसी प्रकक्रया के अर्थ में “जॉब वकथर” को भी समझा जाना चाहहए. 69. LOCAL AUTHORITY (69) "स्र्ानीय प्राथिकरण" का अर्थ है -(ए) संर्विान के अनुच्छे द 243 के खंड (डी) में पररभार्षत एक "पंचायत"; (बी) एक संर्विान; "नगर पाललका" जैसा कक अनुच्छे द 243 पी के खंड (ई) में पररभार्षत ककया गया है

(सी) एक नगरपाललका सलमतत, एक जजला पररषद, एक जजला बोडथ, और

या “नगर तनगम या स्र्ानीय तनथि के तनयंत्रण या प्रबंिन” के ललए कोई अन्य अर्ॉररटी जजसे पर अथिकृत ककया है .

केंद्र सरकार या ककसी भी राज्य द्वारा कानूनी तौर

(डी) कैं टोनमें ट एक्ट 2006 की िारा 3 में पररभार्षत एक छावनी या कैं टोनमें ट

बोडथ

(ई) संर्विान के छठी अनस ु च ू ी के तहत गहठत एक क्षेत्रीय पररषद या एक जजला पररषद;

(एफ) संर्विान के अनुच्छे द 371 के तहत गहठत एक र्वकास बोडथ;

(जी) संर्विान के अनच् ु छे द 371 ए के तहत गहठत एक क्षेत्रीय पररषद; 70. LOCATION OF RECEIPIENT OF SERVICE:(70) "सेवाओं के प्राप्तकताथ का स्र्ान" का अर्थ है , (ए) जहां व्यापार की जगह पर एक आपतू तथ प्राप्त की जाती है जजसके ललए पंजीकरण प्राप्त ककया गया है , इस तरह के व्यवसाय का स्र्ान;

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(बी) जहां ककसी व्यवसाय के स्र्ान के अलावा ककसी जगह पर आपूततथ प्राप्त की जाती है, जजसके ललए पंजीकरण प्राप्त ककया गया है (कहीं एक तनजश्चत प्रततष्ठान), ऐसी तनजश्चत प्रततष्ठान का स्र्ान; (सी) जहां एक से अथिक प्रततष्ठानों में आपूततथ की जाती है , चाहे व्यवसाय की जगह या तनजश्चत स्र्ापना, स्र्ापना की जस्र्तत आपूततथ की प्राजप्त से सीिे संबंथित होती है ; तर्ा

(डी) ऐसे स्र्ानों की अनप ु जस्र्तत में , प्राप्तकताथ के तनवास के सामान्य स्र्ान का स्र्ान;

71. LOCATION OF SUPPLIER OF SERVICE:(71) "सेवाओं के सप्लायर का स्र्ान" का अर्थ है , (ए) जहां एक व्यापार के स्र्ान से आपतू तथ की जाती है , जजसके ललए पंजीकरण प्राप्त ककया गया है, इस तरह के व्यवसाय का स्र्ान;

(बी) जहां एक व्यवसाय के स्र्ान के अलावा ककसी जगह से आपूततथ की जाती है , जजसके ललए पंजीकरण प्राप्त ककया गया है (कहीं एक तनजश्चत प्रततष्ठान), ऐसी तनजश्चत स्र्ापना का स्र्ान; (सी) जहां आपूततथ एक से अथिक प्रततष्ठानों से की जाती है , चाहे व्यवसाय

की जगह या तनजश्चत प्रततष्ठान, स्र्ापना के स्र्ान को आपूततथ के प्राविानों से सीिे संबंथित ककया जाए; तर्ा

(डी) ऐसे स्र्ानों की अनप ु जस्र्तत में, आपूततथकताथ के तनवास के सामान्य स्र्ान का स्र्ान;

72. MANUFACTURE (72) "तनमाथण" का अर्थ ककसी भी तरह से कच्चे माल या इनपट ु का प्रसंस्करण होता है जजसके पररणामस्वरूप नए उत्पाद का एक अलग नाम,

चररत्र और उपयोग के सार् तनमाथण होता है और इसके सार् ही "तनमाथता" िब्द तदनस ु ार लगाया जाएगा; 73. MARKET VALUE

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(73) "माकेट वैकयू" का मतलब पूणथ रालि है जो माल या सेवाओं या दोनों की आपत ू ी पर प्राप्तकताथ को भग ु तान करना है जो गण ु वत्ता और ककस्म में समान है उसी समय एवं उसी व्यापाररक स्तर पर प्राप्त की जा सकती है

जब कक आपूततथकताथ और प्राप्तकताथ आपस में एक दस ू रे से सभबंथित नहीं है .

74.MIXED SUPPLY:(74) लमथश्रत आपूततथ का अर्थ है करयोग्य व्यजक्त द्वारा

दो या दो से

अथिक वस्तुओं या सेवाओं अर्वा उनके ककसी संयोजन की एक ही मक ू य पर आपतू तथ जहा​ाँ यह आपतू तथ सयक् ु त आपतू तथ के रूप में पररभार्षत नहीं की जा सकती है .

उदाहरण :- एक डडब्बाबंद खाद्य पदार्थ, लमठाई, चॉकलेट, केक, सख ू े फल,

िीतल पेय और फलों के रस से लमलने वाले पैकेज की आपतू तथ जजसका मक ू य एक ही है तो यह एकल कीमत लमथश्रत आपूततथ है इनमें से प्रत्येक आइटम को अलग से आपूततथ की जा सकती है और ये वस्तुए आपस में

एक दस ु रे पर तनभथर भी नहीं है और जब इन सभी की अलग –अलग आपतू तथ की जाती है तब यह यह लमथश्रत आपतू तथ नहीं होगी 75. MONEY

(75) "िन" का अर्थ है भारतीय कानन ू ी तनर्वदा या कोई र्वदे िी मद्र ु ा, जांच, वचन पत्र, र्वतनमय त्रबल, क्रेडडट का पत्र, ड्राफ्ट, पे ऑडथर, यात्री चेक, मनीऑडथर, डाक या इलेक्ट्रॉतनक प्रेषण या ककसी भी अन्य सािन जो कक ररज़वथ बैंक ऑफ इंडडया द्वारा मान्यता प्राप्त हो और जजसे दातयत्व तय करने या र्वतनमय करने के ललए र्वचार करने के ललए इस्तेमाल ककया जाता है इसमें कोई भी मद्र ु ा िालमल नहीं होगी जो अपने “लसक्का मक ू य”

के ललए रखी जाती

है .

76. MOTOR VEHICLE:(76) "मोटर वाहन" का अर्थ वही ललया जाएगा जो कक अथितनयम, 1 9 88 की िारा 2(28) में हदया गया है . जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 210

मोटर वाहन


77.NON RESIDENT TAXABLE PERSON:(77) "अतनवासी कर योग्य व्यजक्त" का अर्थ ककसी भी व्यजक्त को कभीकभी वस्तुओं या सेवाओं या दोनों की आपूततथ से संबंथित लेनदे न का कायथ करता है, चाहे वह र्प्रंलसपल या एजेंट या ककसी अन्य क्षमता में , लेककन जजसका भारत में व्यापार अर्वा तनवास का कोई तनजश्चत स्र्ान नहीं है . 78. NON TAXABLE SUPPLY:(78) "गैर-कर योग्य आपूततथ" का मतलब माल या सेवाओं या दोनों की

आपूततथ है जजनपर इस अथितनयम के तहत या एकीकृत माल और सेवा कर अथितनयम के तहत कर नहीं लग सकता है . 79. NON TAXABLE TERRITORY :(79) "गैर-कर योग्य क्षेत्र" का मतलब उस क्षेत्र से है जो कर योग्य क्षेत्र के बाहर है . 80. NOTIFICATION:-

(80) "अथिसच ू ना" का अर्थ सरकारी राजपत्र में प्रकालित अथिसच ू ना है

अलभव्यजक्त "सथू चत करें " और "अथिसथू चत" का तनिाथरण भी इसी के अनस ु ार ककया जाएगा;

81.OTHER TERRITORY:(81) "अन्य क्षेत्र" जो कक इस अथितनयम की िारा 114 (ए) (ई) में उकलेणखत है और ककसी में एक राज्य में िालमल नही है . 82.OUTPUT TAX:(82) कर योग्य व्यजक्त के संबंि में "आउटपुट टै क्स" का मतलब है , टै क्स के दायरे में सामान या सेवाओं की कर योग्य आपतू तथ या दोनों पर उसके

द्वारा या उसके एजेंट द्वारा चाजथ ककया हुआ कर जजसमें इस अथितनयम लेककन ररवसथ चाजथ के आिार पर दे य कर िालमल नहीं है ; 83.OUTWARD SUPPLY:(83) कर योग्य व्यजक्त के संबंि में "बाह्य आपतू तथ", माल या सेवाओं या

दोनों की आपूततथ , चाहे त्रबक्री, हस्तांतरण, वस्तु र्वतनमय, र्वतनमय, जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 211


लाइसेंस, ककराये, पट्टे या तनपटान या ककसी अन्य तरीके की गई या करने की ललए सहमतत दी गई है जो कक व्यापार के दौरान या व्यापार को बढाने के ललये

की गई हो.

84. PERSON:(84) "व्यजक्त" में िालमल हैं(ए) एक व्यजक्त; INDIVIDUAL (बी) एक हहंद ू अर्वभाजजत पररवार; HUF (सी) एक कंपनी; COMPANY (डी) एक फमथ; FIRM (ई) एक सीलमत दे यता भागीदारी; LLP (एफ) व्यजक्तयों का एक संगठन या व्यजक्तयों का एक संगठन, चाहे इसमें वह इंकॉपोरे टेड हो या नहीं, चाहे भारत में जस्तर् हो या भारत के बाहर; (जी) ककसी भी केंद्रीय अथितनयम, राज्य अथितनयम या इसके तहत स्र्ार्पत या ककसी भी तनगम प्रांतीय अथितनयम या एक सरकारी कंपनी

के रूप में पररभार्षत के रूप में कंपनी अथितनयम, 2013 की िारा 2(45) पररभार्षत । (एच) भारत के बाहर ककसी दे ि के कानूनों के तहत या उसके तहत िालमल ककसी भी संस्र्ा

(आई) सहकारी सलमततयों से संबंथित ककसी भी कानन ू के तहत पंजीकृत एक सहकारी सलमतत.

(जे) एक स्र्ानीय प्राथिकरण; Local Authority (के) केंद्र सरकार या एक राज्य सरकार; (एल)

सोसाइटी

पंजीकरण

अथितनयम,

1860

के

तहत

पररभार्षत

सोसाइटी; (एम) ट्रस्ट; तर्ा (एन) हर कृत्रत्रम न्यातयक व्यजक्त, जो ऊपर से ककसी में िालमल नहीं है . 85. PLACE OF BUSINESS जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 212


(85) "व्यापार का स्र्ान" में िालमल हैं-(ए) जहां से सामान्यतः व्यापार ककया जाता है और एक गोदाम, गोदाम या ककसी अन्य जगह पर जहां एक कर योग्य व्यजक्त अपना माल रखता है , अपने सामान या सेवा दोनों को प्राप्त करता है ; या

की आपूततथ करता है, सामान या सेवाओं या

(बी) एक ऐसा स्र्ान जहां एक कर योग्य व्यजक्त खाते की अपनी पस् ु तकें रखता है ; या

(सी) एक ऐसा स्र्ान जहां एक कर योग्य व्यजक्त व्यवसाय में ककसी एजेंट के माध्यम से जड़ ु ा हुआ है , जजसे ककसी भी नाम से जाना जाता है ; 86.PLACE OF SUPPPLY:(86) "आपूततथ की जगह" का अर्थ है एकीकृत आपूततथ और सेवा कर अथितनयम के अध्याय वी में उजकलणखत आपतू तथ की जगह; 87. PRESCRIBED:-

(87) "तनिाथररत (Presscribed)" का मतलब पररषद की लसफाररिों पर इस अथितनयम के तहत ककए गए तनयमों द्वारा तनिाथररत; 88. PRINCIIPAL:(88) "प्राचायथ" का अर्थ है जजसकी ओर से ककसी एजेंट को माल या सेवाओं या दोनों की आपूततथ या प्राजप्त के व्यवसाय पर ककया जाता है ; 89. PRINCIPALPLACE OF BUSINESS:-

(8 9) "व्यवसाय का प्रमख ु स्र्ान" का अर्थ है पंजीकरण के प्रमाण पत्र में व्यवसाय की प्रमख ु जगह के रूप में तनहदथ ष्ट व्यवसाय की जगह; 90.PRINCIPAL SUUPPLY:-

(9 0) "प्रमख आपतू तथ" का मतलब माल या सेवाओं की आपतू तथ है जो ु समग्र आपतू तथ का प्रमख ु तत्व है और जजसके ललए उस संयुक्त आपूततथ का हहस्सा बनने वाला कोई अन्य सहायक सहायक है ; 91.PROPER OFFICER:-

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(9 1) इस अथितनयम के तहत ककए जाने वाले ककसी भी कायथ के संबि ं में "उथचत अथिकारी" का अर्थ है आयक् ु त आयक् ु त द्वारा अथिकृत कोई केंद्रीय अथिकारी.

92. QUARTER:(9 2) "क्वॉटथ र" का मतलब तीन साल के लगातार कैलेंडर महीनों में िालमल होता है , जो माचथ, जन ू , लसतभबर और हदसंबर

के आणखरी हदन

समाप्त होता है

93. RECIPIENT:(9 3) वस्तओ ु ं या सेवाओं या दोनों की आपतू तथ का "प्राप्तकताथ", का अर्थ है -

(ए) जहां सामान या सेवाओं या दोनों की आपूततथ के ललए एक प्रततफल

दे य है, वह व्यजक्त जो उस प्रततफल का भग ु तान करने के ललए उत्तरदायी है ;

(बी) जहां माल की आपूततथ के ललए कोई प्रततफल दे य नहीं है तो

जजस

व्यजक्त को सामान र्वतररत या उपलब्ि कराया जाता है , या जजसके पास माल को सौपा जाता है या जजसे उसका उपयोग के ललए उपलब्ि कराया जाता है . (सी) जहां कोई सेवा की आपूततथ के ललए कोई प्रततफल दे य नहीं है , जजस व्यजक्त को सेवा प्रदान की जाती है , और यहा​ाँ जजस ककसी व्यजक्त सेवा

प्रदान की गई है को आपूततथ करने के ललए ककसी व्यजक्त का संदभथ आपूततथ के प्राप्तकताथ के संदभथ के रूप में लगाया जाएगा और उसमें एक एजेंट को भी िालमल ककया जाएगाजो कक उस व्यजक्त की और से सामान या सेवाओं या दोनों की आपतू तथ के संबंि में प्राप्तकताथ की तरफ से कायथ करता होगा; 94. REGISTERED PERSON:-

(9 4) "पंजीकृत व्यजक्त" का अर्थ उस व्यजक्त से है जो िारा 25 के तहत पंजीकृत है , लेककन इसमें एक र्वलिष्ट पहचान संख्या (Unique Identity Nmber)

वाला

व्यजक्त िालमल नहीं है .

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95. REGULATIONS:(9 5) "तनयम" का अर्थ है पररषद द्वारा की गई लसफाररिों पर इस अथितनयम के तहत बोडथ द्वारा बनाए गए तनयम; 96. REMOVAL :(96) माल के संबंि में "ररमव ू ल ", का अर्थ-

(ए) आपतू तथकताथ द्वारा या ऐसे आपतू तथकताथ की ओर से कायथ करने वाले कोई अन्य व्यजक्त द्वारा ककसी भी र्वतरण के ललए माल का प्रेषण; या

(बी) प्राप्तकताथ द्वारा या ऐसे प्राप्तकताथ की ओर से कायथ करते हुए ककसी अन्य व्यजक्त द्वारा माल की प्राप्ती; 97. RETURN:(97) "ररटनथ" का अर्थ है इस अथितनयम के तहत या उसके तहत बनाए गए तनयमों के तहत कक कोई भी ररटनथ तनिाथररत है करने की आवश्यकता है ;

या अन्यर्ा प्रस्तत ु

98. REVERSE CHARGE:(98) "ररवसथ चाजथ" का मतलब है की आपूततथ के प्राप्तकताथ द्वारा कर का भग ु तान करने की दे यता माल या सेवाओं या दोनों के बजाय ऐसे सामान

या सेवाओं या दोनों के सप्लायर के स्र्ान पर उप-िारा (3) या िारा 9 के उप-िारा (4) के तहत, या उप-िारा (3) या उप- एकीकृत माल और सेवा कर अथितनयम की िारा 5 की िारा (4); 99. REVISIONAL AUTHORITY:(99) "संिोिन प्राथिकरण" का मतलब है प्राथिकृत या प्राथिकृत करने के ललए खंड 108 में उकलेणखत फैसले या आदे ि का संिोिन; 100. SCHEDULE:(100) "अनुसच ू ी" का अर्थ इस अथितनयम में संलग्न अनुसच ू ी; 101. SECURITIES:-

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(101) "लसक्योररटीज" का अर्थ उसी अर्थ के रूप में होगा जो इसे प्रततभतू त

संर्वदा (र्वतनयमन) अथितनयम, 1 9 56 की िारा के खंड (एच) में हदया गया है . 102 . SERVICES:(102) "सेवाएं” माल, मद्र ु ा और प्रततभतू तयों के अलावा सभी कुछ िालमल है लेककन इसमें पैसे के इस्तेमाल से संबंथित गततर्वथियों जजसमें का उपययोग एवं रूप से

मद्र ु ा

नकदी द्वारा या ककसी भी अन्य मोड द्वारा ककसी एक

ककसी अन्य रूप में रूपांतरण संबंथित गततर्वथियां िालमल हैं

जजसके ललए एक अलग प्रततफल

ललया जाता है ;

103. STATE:(103) "राज्य" में “र्विानमंडल के सार् एक संघीय िेत्र” िालमल है ; 104.STATE TAX:(104) "राज्य कर" का मतलब ककसी भी राज्य के सामान और सेवा कर अथितनयम

के तहत लगाया गया कर.

105. SUPPLIER:(105) ककसी भी सामान या सेवाओं या दोनों के संबंि में "आपतू तथकताथ" का मतलब, उस सामान या सेवाओं या दोनों को आपूततथ करने वाला

व्यजक्त होगा और इसमें ऐसे एजेंट को िालमल करना होगा जो सामान या सेवाओं या दोनों के संबंि में ऐसे आपतू तथकताथ की ओर से आपतू तथ करता है . 106. TAX PERIOD-

(106) "कर अवथि" का मतलब उस अवथि के ललए होता है जजसके ललए ररटनथ प्रस्तत ु करने

की आवश्यकता होती है .

107. TAXABLE PERSON :(107) "कर योग्य व्यजक्त" का अर्थ है एक व्यजक्त जो िारा 22 या िारा 24 के तहत पंजीकृत या पंजीकृत होने के ललए उत्तरदायी है; 108. TAXABLE SUPPLY:-

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(108) "कर योग्य आपूततथ" का मतलब माल या सेवाओं की आपूततथ या दोनों, जो इस अथितनयम के तहत कर के ललए उद्ग्रहण योग्य है . 109.TAXABLE TERRITORY (109) "कर योग्य क्षेत्र" का मतलब उस क्षेत्र का है जजसमें इस अथितनयम के प्राविान लागू होते हैं;

110. TELECOMMUNICATION SERVICES:(110) "दरू संचार सेवा" का अर्थ ककसी भी प्रकार की जानकारी (इलेक्ट्रॉतनक मेल, वॉइस मेल, डेटा सेवाओं, ऑडडयो टे क्स्ट सेवाओं, वीडडयो टे क्स्ट सेवाओं, रे डडयो पेजजंग और सेलल ु र मोबाइल टे लीफोन सेवाओं) से है , जो उपयोगकताथओं को ककसी भी ट्रांसलमिन के माध्यम से उपलब्ि कराया

जाता है या तार, रे डडयो, दृश्य या अन्य र्वद्युत चुभबकीय सािनों द्वारा ककसी भी प्रकृतत के लक्षण, संकेत, लेखन, थचत्र और ध्वतनयों या बद् ु थि का ररसेप्िन;

111. STATE GOODS AND SERVICE TAX ACT (111) "राज्य माल और सेवा कर अथितनयम" से संबंथित राज्य सामान और सेवा कर अथितनयम, 2017; 112. TURNOVER IN STATE OR TURNVER IN UNION TERRITORY:(112) "राज्य में कारोबार" या "संघीय क्षेत्र में कारोबार" का मतलब है सभी कर योग्य आपूततथ का कुल मक ू य (इनवड्थस की आपूततथ के मक ू य को

छोड़कर, जजस पर ररवसथ चाजथ के आिार पर कर दे य है ) और एक राज्य या एक कर योग्य व्यजक्त द्वारा संघीय क्षेत्र, माल या सेवाओं का तनयाथत या दोनों और माल या सेवाओं की अंतरराज्यीय आपतू तथ या राज्य या संघीय क्षेत्र से बनाये गये कर योग्य व्यजक्त द्वारा ककए गए दोनों लेककन केंद्रीय कर, राज्य कर, संघीय क्षेत्र कर, एकीकृत कर और उपकर;

113. USUAL PLACE OF RESIDENCE:जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 217


(113) "तनवास की सामान्य जगह" का मतलब है (ए) ककसी व्यजक्त के मामले में , जहां वह सामान्य रूप से रहता है ; (बी) अन्य मामलों में , वह जगह जहां व्यजक्त िालमल है या अन्यर्ा कानूनी रूप से गहठत;

114. UNION TERRITORY:(114) "संघीय क्षेत्र" का अर्थ(ए) अंडमान और तनकोबार द्वीप समह ू ; (बी) लक्षद्वीप;

(सी) दादरा और नगर हवेली; (डी) दमन और दीव; (ई) चंडीगढ़; और (एफ) अन्य क्षेत्र स्पष्टीकरण .-- इस अथितनयम के प्रयोजनों के ललए, उपखंड (ए) से (एफ) में तनहदथ ष्ट क्षेत्रों में से प्रत्येक को अलग संघीय क्षेत्र माना जाएगा; 115. UNION TERRITORY TAX:(115) "संघीय प्रदे ि कर" का मतलब संघ राज्य के सामान और सेवा कर अथितनयम के तहत लगाए गए केंद्रीय क्षेत्र के सामान और सेवा कर;

116. UNION TERRITORY GOOD AND SERVICE TAX ACT, (116) "संघ राज्य माल और सेवा कर अथितनयम" का मतलब संघ राज्य माल और सेवा कर अथितनयम, 2017; 117. VALID RETUN:(117) "वैि ररटनथ " का मतलब है िारा 39 के उप-िारा (1) के तहत प्रस्तत ु ररटनथ जजस पर स्वयं-मक ू यांकन कर भरा गया है ; 118. VOUCHER:-

(118) "वाउचर" का अर्थ उस सािन से है जहां इसे माल या सेवाओं की आपतू तथ या दोनों के ललए र्वचार या भाग पर र्वचार के रूप में स्वीकार

करने का दातयत्व है , जहां सामान या सेवाओं या दोनों को आपूततथ की जा जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 218


रही है या उनके संभार्वत आपूततथकताथओं की पहचान या तो इस उपकरण के उपयोग के तनयमों और ितों सहहत उपकरण या संबंथित दस्तावेजों पर संकेत हदया गया है ; 119. WORKS CONTRACT:(119) "वक्सथ कॉन्ट्रै क्ट " का अर्थ है ककसी भी अचल संपर्त्त के

तनमाथण,

, रखरखाव, नवीकरण, पररवतथन या कमीिन के ललए एक अनब ु ंि जजसका

माल में संपर्त्त का स्र्ानांतरण होता है ( चाहे सामान के रूप में या ककसी अन्य रूप में ) ऐसे अनुबंि के तनष्पादन में िालमल है ;

(120) इस अथितनयम में पररभार्षत िब्द और अलभव्यजक्त नहीं, लेककन एकीकृत माल और सेवा कर अथितनयम में पररभार्षत, संघ राज्य सामान

और सेवा कर अथितनयम और सामान और सेवा कर (राज्यों के ललए मआ ु वजा) अथितनयम का अर्थ उसी अर्थ होगा उन अथितनयमों में उन्हें सौंपा;

(121) इस अथितनयम में कोई भी कानून जो जभमू और कश्मीर राज्य में

लागू नहीं है , के संदभथ में , उस राज्य के संबंि में , उस राज्य के लागू होने के संबंि में, यहद कोई हो, तो संबंथित कानन ू का संदभथ माना जाएगा।

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अध्याय -19

जी.एस.टी.- ब्याज के प्राविान GST- INTEREST जी.एस.टी. कानन ू की िारा 50 के तहत जी.एस.टी. के दौरान कर इत्याहद

के भगतान में दे री पर ब्याज के प्राविान हदए गए हैं और इनके अनुसार यहद भग ु तान में दे री होती है तनिथररत दरों पर ब्याज का भग ु तान करना होगा .

आइये दे खें कक यहद जी.एस.टी. में ककसी कर इत्याहद में भग ु तान की दे री रहती है तो ब्याज का भग ु तान ककन दरों पर करना होगा एवं इसके अततररक्त भी जी.एस.टी. के दौरान ब्याज की दर के क्या प्राविान है इन्हें भी जानना आपके ललए आवश्यक है . र्ववरण

ब्याज की दर

जी.एस.टी. िारा

कानून

कर दे री से जमा कराना 18%

िारा 50(1)

इनपुट

िारा 50 (3)

क्रेडडट

का 24%

अवांतछत रूप से अथिक क्लेम या आउटपट ु कर में भी इसी प्रकार से कमी . ररफंड रोकने पर ब्याज 6% :- यहद ररफंड का आडथर ककसी

अपील

सन ु वाई

में

अन्य

पें डडंग

हो

जी.एस.टी.- सी.ए . सुधीर हालाखंडी 220

िारा 54(12)

की


और कलमश्नर ने इस मामले की समाप्ती तक िारा 50(11) में प्राप्त िजक्तयों

का

प्रयोग

करते हुए ररफंड रोकने के आदे ि हदए है यहद ररफंड का आडथर 6%

िारा 56

होने के बाद करदाता ररफंड

के

ललए

अजी

लगाता है लेककन उस अजी के 60 हदन के भीतर ररफंड हीं हदया जाता है . यहद ररफंड का आडथर 9%

िारा

अपीलेट या अन्य इसी

प्रोर्वसो .

प्रकार

के

द्वारा

हदए

56

का

एक

अर्ॉररटी जाने

के

होने के बाद करदाता ररफंड

के

ललए

अजी

लगाता है लेककन उस अजी के 60 हदन के भीतर ररफंड नहीं हदया जाता है . यहा​ाँ यह ध्यान रखने कक ब्याज की दर वार्षथक दी गई है और इसकी गणना हदनों के आिार पर करनी है .

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*

सहयोग सी.ए.अजय शमाथ

सी.ए.आभास हालाखंडी *

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