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Remedy for peace in home to avoid Quarrel or disputes or tensions among family members? पारवारक गह ृ कलह ,आपसी झगड़े परे शानय और मनमुटाव दरू करने हे तु गह ृ शांत के उपाय आ#मीय बंधुओं और 'म( , सव थम गु व दना एवं तपचात ईश व दना करते हुये अपनो से अपनी बात ार!भ करते है और सवशि&तमान परमामा से ाथना करते ह' (क हम सबको वह स)बु*+ दान करे िजससे हम सब अपने जीवन का -येय ा.त कर सक/ ।

गु)र *+मा गु)र ,व-ण,ु गु)र दे वो महे 0वरा, गु)र सा1ात परम*+म, त2मै 4ी गुरवे नमः ; अख9ड मंडलाकारम ;या<तम येन चराचरम त#पदम द'श>तम येन त2मै 4ी गु?वे नमः । *+मा मुरारA B(पुरांतकारA भानु श'श भू'म सुतो बुध0च ; गु?0च शD ु ः शन राहु केतवः सवE Fहाः शािHत करा भवHतु । 1े2ठ कम करने के 4लये 6चतविृ तयाँ ि9थर नह:ं होती इसी 4लये योग के < थ= मे योगच 6चत विृ त >नरोधह: कहा गया है और “पातंज4ल योगदशन” मे (Cया योग के मा-यम से 6चत कD विृ तय= को ि9थर कर परम शाि त और मोE ा.त करने हे तु थम सूG बताया गया है ।


2 पर तु योगाIयास के 4लये एवं जीवन के येक EेG मे Jबना भटकाव के शीL सफलता कD ाि.त के 4लये स)<ंथ= का 9वा-याय एवं परम तप9वी एवं योNय गु कD ाि.त करना परमावयक बताया गया है । यद*प परम Oानी गु पाG 4श2य= को 9वतः ढूंढ खोज कर >नकाल लाते है । इसी Sह द ू शा9G= मे गु व दना करते हुये कहा गया है (क – गु)र *+मा गु)र ,व-णु, गु)र दे वो महे 0वरा, गु)र सा1ात परम*+म, त2मै 4ी गुरवे नमः ; अख9ड मंडलाकारम ;या<तम येन चराचरम त#पदम द'श>तम येन त2मै 4ी गु?वे नमः ।

आइये ाथना करते ह' और इस नव<ह ाथना को इस 4लंक पर स>ु नये और साथ मे लय के साथ गायन कर/ और >नय >नयम पूवक  सम< <ह शाि त पाठ कर/ ,हवन कर/ और साद *वतरण कर/ :

*+मा मुरारA B(पुरांतकारA भानु श'श भू'म सुतो बुध0च ; गु?0च शD ु ः शन राहु केतवः सवE Fहाः शािHत करा भवHतु। https://www.youtube.com/watch?v=DQX1VnqeKBs https://www.youtube.com/watch?v=1sExpZ5y83w आप शार:vरक और मान4सक wप से 9व9थ ह' (फर भी आपके गह ृ मे अशां>त के अनेक कारण ह'। यह जwर: नह:ं है (क आप के गहृ मे अपार धन और सख ु सु*वधा के साधन ह' तो गह ृ शाि त भी आपको उपलyध हो । &य=(क आपकD मनः शाि त सापेzEक है । जब गह ृ मे सबके 6चत मे शाि त हो तो गह ृ मे 9वग{य वातावरण हो सकता है पर तु येक सद9य का 6चत शा त हो उसके 4लये उसको काम , Cोध ,मद ,लोभ ,द!भ ,दभ ु ाव

,)वेष,आ6ध ,}या6ध, ब धन ,शGु

)वेष ,भयानक दघ  ना, दvरता ,अOानता , अयोNयता एवं असमथता के पाप कD गठर: से मु€त होना चाSहये, ु ट अ यथा वह सीधा रा9ता चलेगा नह:ं तो गह ृ अशां>त कायम रहे गी। इस सम9या

से मुि&त पाने के 4लये जीवन मे आमूल चूल सुधार होना जwर: है अथात- काम , Cोध

,मद ,लोभ ,द!भ ,दभ  ना, दvरता ,अOानता , अयोNयता ु ाव ,)वेष,आ6ध ,}या6ध, ब धन ,शGु )वेष ,भयानक दघ ु ट एवं असमथता को जीवन से सदै व दरू रखने के 4लये येक गह ृ के येक सद9य को हर स!भव यास करने ह=गे।


3 आप मान4सक और शार:vरक wप से ज मजात अयोNय और अपंग ह' या ऐसी ि9थ>त वतमान जीवन मे कुछ उ„ गुजारने के बाद ा.त हुयी है तो यह सम…झये (क आपका यह जीवन }यथ ह: चला जायेगा और आपके ऐसी अव9था के कारण आपकD तीमारदार: करने वाले का भी जीवन लगभग }यथ ह: जाने वाला है । ले(कन ऐसा दभ ु ाNयपूण दख ु द जीवन ा.त होने के पीछे भी आपके अपने ह: पाप कम‡ का फल है ।िजसके शमन के 4लये येक Sह द ू को आजीवन >नय >नयम पूवक  गायGी मंG जप ,उपासना,साधना, और आराधना करते रहना चाSहये इसका तापय यह है (क हम अपने *पछले पाप कम‡ को इस ज म एवं अगले ज म मे भोगने के 4लये बा-य ह' । िजसके >नवारण के 4लये Sह द ू शा9G मे पाप नाशनी साधनाएं >तSदन ातः काल मे करने के 4लये >नदˆ 4शत (कया गया है । इ9लाम को मानने वाले मुसलमान तथा ईसाई धम का पालन करने वाले ईसाई भी कलमा और बप>त9मा का पाठ करते ह' । बस अ तर इतना सा है (क कुछ पुनज म को मानने वाले Sह द ू दस ू र= को अपार क2ट भोगते दे ख कर , अपने पाप कम का फल भोगने के 4लये दस ू रे ज म मे भी डरता है ।इस 4लये ऐसे सद < थ= का 9वा-याय >नय जwर: है ,िजससे पुनज म और कम फल मे आ9था सुŠढ़ हो और जागने लगे। जीवन मे 9थायी wप से सभी सम2याओं का आमूल चूल सुधार होना जwर: है अथात- काम , Cोध

,मद ,लोभ ,द!भ ,दभ  ना, दvरता ,अOानता , अयोNयता ु ाव ,)वेष,आ6ध ,}या6ध, ब धन ,शGु )वेष ,भयानक दघ ु ट एवं असमथता को जीवन से सदै व दरू रखने के 4लये येक गह ृ के येक सद9य को “पंच कोश जागरण” कD साधना का माग योगाचाय‡ ने बताया है । “ पंच कोश जागरण ” &या है इसको स*व9तार जानने समझने के 4लये आपको योग < थ= का अ-यन गु कृपा से करना चाSहये । हम केवल उसकD एक झलक झांकD यहाँ लेख के मा-यम से 9तुत करने का अ(कं चन यास कर रहे ह' जो वेब 4लंक पर उपलyध है – नर से नारायण बनाने का माग पच कोश जागरण – चC= के जागरण के मा-यम से सिृ 2ट के आर!भ काल से बताया गया है । पंच कोश &या ह' इसको आप इस वेब 4लंक पर *व9तार से 9वयं पढ़ सकते ह' – http://www.awgp.org/weoffer/solutions_to_your_problems/Panchkosh/ https://www.facebook.com/notes/krishnamurti-padhdhati-astrology/ आप-&या-करना-चाहते-ह'-नर-से-नारायणबनाने-का-माग-पच-कोश-जागरण-ह'/893732660673482

https://www.facebook.com/notes/krishnamurti-padhdhati-astrology/सम<-उपचार-एवं“यो>तषीय-उपचार-पच-कोश-जागरण-चC=-के-जागरण-से-हो-सकता-है -/794809003899182


4 http://literature.awgp.org/magazine/AkhandjyotiHindi/2005/April.22 http://literature.awgp.org/magazine/AkhandjyotiHindi/2005/April.23 http://literature.awgp.org/magazine/AkhandjyotiHindi/2005/April.24 http://literature.awgp.org/magazine/AkhandjyotiHindi/2005/April.25

मज़J आपकK Lक आप Mया करना चाहते हN ।नर से नारायण बनाने का माग> पOच कोश जागरण – चD के जागरण के माQयम से सिृ -ट के आरRभ काल से बताया गया है । Sयोतष पढ़ कर या Sयोतषी से अपनी कु9डलA का ,व0लेषण कराकर जीवन के घटना Dम का एवं जीवन मे आने वालA सम2याओं का ,ववरण आप तैयार करा सकते हN परHतु जीवन मे सुधार कैसे होगा ,यXद इसका Zयास नहAं Lकया गया तो Sयोतष ,व[या और Sयोतषी से Zा<त \ान ;यथ> है । जीवन 2तर और ;यिMत के मान'सक 2तर के सुधार का माग> योगाचाय^ ने बताया है , िजसे संछेप मे यहाँ Xदया गया है । Confucius says - The ache for home lives in all of us, the safe place where we can go as we are and not be questioned. A house is not a home unless it contains food and fire for the mind as well as the body and your home should be just like heaven. He is happiest, be he king or peasant, who finds peace in his home. The strength of a nation derives from the integrity of the home. Hence make your home like a heaven to make your nation strong…….. नवेदक – धीरे Hb नाथ 'म4 , पता - गंगा कK गोद - Xहमालय कK छाया , दे व भू'म उ#तराख9ड Dhirendra Nath Misra ,U K July 01, 2015

Profile for Dhirendra Nath Misra

Remedy for home peace to avoid quarrel or disputes or tensions among family members  

पारिवारिक गृह कलह ,आपसी झगड़े परेशानियों और मनमुटाव दूर करने हेतु गृह शांति के उपाय - ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी भानु शशि भूमि सुतो बुधश्...

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