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आरीऩुय (ऩश्चिभ फंगार) ----भें फाम फाम टें शन ऩय कामयक्रभ आमोजक –कुछ बफहाय गज ं वाड़ी ब्रह्भाकुभायीज (ऩश्चिभ फंगार) स्थान ---मव ु ा संघ भैदान आरीऩयु आरीऩयु (ऩश्चिभ फंगार) भख् ु म वक्ता ---फी के बगवान ् बाई भाउं ट आफ ववषम – फाम फाम टें शन अततथथ ---श्री मभथुन यॉम (वरंमसऩर ) फी के शम्ऩा

फहन रबायी कुछ बफहाय

(ऩश्चिभ फंगार) फी के सऩन बाई सीतनमय याजमोगी कुछ बफहाय (ऩश्चिभ फंगार)


कामयक्रभ कक शुयवात दीऩ रज्ववरन से कक गमी इस अवसय ऩय भाउं ट आफ के याजमोगी फी के बगवान ् बाई ने कहा कक वतयभान सभम श्जतनी बी सभस्मा हैं उन सफका कायण है नकायात्भक सोि। नकायात्भक सोि से तनाव फढ़ता है । तनाव भक् ु त फनने के मरए सकायात्भक वविाय संजीवनी फटी है । सकायात्भक वविाय से ही भश्ु क्त संबव है ।उन्होंने कहा कक 19वीं सदी तकय की थी, 20वीं सदी रगतत की यही औय 21वीं सदी तनाव ऩणय होगी। ऐसे तनावऩणय ऩरयश्स्थततमों भें तनाव से भक् ु त होने सकायात्भक वविायों की आवचमकता है ।उन्होंने फतामा कक भन भें रगाताय िरने वारे नकायात्भक वविायों से


ददभाग भें ववमबन्न रकाय के यासामतनक ऩदाथय उतयकय शयीय भें आ जाते हैं। इनसे अनेक फीभारयमां होती हैं। भन के नकायात्भक वविायों से भनोफर, आत्भफर कभजोय फन जाता है ।बगवान बाई ने कहा कक जहां तनाव है वहां अनेक सभस्माएं फढ़ जाती हैं। तनाव के कायण आऩसी भतबेद, टकयाव फढ़ जाते हैं। जहां तनाव है वहां भानमसक अशांतत के वश होकय भनष्ु म व्मसन, नशा, डिरेशन के वश हो जाता है । उन्होंने फतामा कक भन िरने वारे नकायात्भक वविायों के कायण ही भन भें घण ृ , नपयत, फैय, ववयोध, आवेश औय क्रोध उत्ऩन्न होता है ।

आलीपुर (पश्चिम बंगाल) में बाय बाय टेंशन पर कार्यक्रम  
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