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भनभाड (भहायाष्ट्र)--- त्र्मम्फक्रयाव शेजवार ऩॉलरटे क्ननक भनभाड भहायास्ट्र

ऩय कामयक्रभ

आमोजक –स्ट्थानीम ब्रह्भाकुभायी

सेवाकेंद्र भनभाड

(भहायाष्ट्र) भख् ु म वनता ---ब्रह्भकुभाय बगवान ् बाई भाउं ट आफू ववषम ---नीतत भल् ं न ू मों का आधाय सकायत्भक च त प्रा ामाय –--श्री

फी के शीतर फहन स्ट्थानीम ब्रह्भाकुभायी भनभाड (भहायाष्ट्र) बगवान ् बाई ने कहा की इस टे ननीकर नॉरेज के साथ साथ नैततक भल् ू म औय सकायात्भक च न्तन की करा लसखना बी जरुयी है अन्मथा महा से तो ऩास हो जामेगे लरककन सभाज की ऩयीऺाओ भें पेर हो जामेगे इसलरम इस टे ननीकर ,ड्राऩटभन आदद आदद के साथ सहनशक्नत ,नम्रता , भधुयता , शांतत ,सत्मता


ईभानदायी सद्गुणों की बी फहुत जरूयत है हभाया व्मवहाय इन्ही सद्गण ु ों के आधाय से

रता है इसलरए

इस टे क्ननकर प्रलशऺण के साथ इस दो वषय भें नैततक लशऺा बी जरूयी है आज का प्रलशशानाथी कर का वकयय है बावी वकययो को

रयत्रवान फनाना है तो वतयभान के

छात्रों को सशनत फनने की जरूयत है बाई बगवान ् ने कहा की

कक शैऺणणक जगत भें ववद्माचथयमों के लरए

नैततक भल् ू मों को जीवन भें धायण कयने की प्रेयणा दे ना आज की आवश्मकता है । उन्होंने कहा कक नैततक भूल्मों की कभी मही व्मक्नतगत, साभाक्जक, ऩारयवारयक, याष्ट्रीम एवं अन्तयायष्ट्रीम सवय सभस्ट्माओं का भर ू कायण है । ववद्माचथयमों का भूल्मांकन आ यण, अनुसयण, रेखन, व्मवहारयक ऻान व अन्म फातों के लरए प्रेयणा दे ने की आवश्मकता है । ऻान की व्माख्मा कयते हुए उन्होंने फतामा कक जो लशऺा ववद्माचथयमों को अंधकाय से प्रकाश की ओय, असत्म से सत्म की ओय, फन्धनों से भक्ु नत की ओय रे जाए वही लशऺा है । उन्होंने कहा कक अऩयाध भुनत सभाज के लरए संस्ट्कारयत लशऺा जरूयी है ।


मनमाड (महाराष्ट्र) त्र्यम्बक्रराव शेजवाल पॉलिटेक्निक मनमाड महारास्ट्र पर कार्यक्रम  
मनमाड (महाराष्ट्र) त्र्यम्बक्रराव शेजवाल पॉलिटेक्निक मनमाड महारास्ट्र पर कार्यक्रम  
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