त्र्यंबकेश्वर मंदिर काल सर्प र्ूजा और उर्ाय – एक संर्ूर्प मार्पिदशपका भारत में जब भी किसी व्यक्ति िे जीवन में अचानि बाधाएं , असफलताएं या पाररवाररि अशांकत आने लगती है, तो ज्योकतष में इसिे पीछे एि प्रमुख िारण माना जाता है – िाल सपप दोष। कवशेष रूप से यह दोष उस समय बनता है जब किसी िी िुंडली में सभी ग्रह राहु और िेतु िे बीच क्तित हो जाते हैं। इसिे कनवारण िे कलए त्र्यंबकेश्वर मंदिर काल सर्प र्ूजा और उर्ाय सबसे प्रभावी माने गए हैं ।
त्र्यंबकेश्वर मंदिर – काल सर्प र्ूजा का र्दित्र स्थल: महाराष्ट्र िे नाकसि कजले में क्तित त्र्यंबिेश्वर मंकदर बारह ज्योकतकलिंगों में से एि है। यह िान पकवत्र गोदावरी नदी िे उद्गम िल िे रूप में भी प्रकसद्ध है और िाल सपप दोष कनवारण पूजा िे कलए यह अत्यंत शुभ माना जाता है । पंकडत रकव शंिर गुरुजी त्र्यंबिेश्वर िे अनुभवी और प्रकसद्ध कवद्वान हैं जो वैकदि कवकध से िालसपप दोष कनवारण पूजा िरवाते हैं। आप उनसे पूजा िी बुकिंग और जानिारी िे कलए संपिप िर सिते हैं : +91 7720000702।
काल सर्प िोष के 12 प्रकार और उनके प्रभाि: 1. अनंत काल सर्प िोष – जीवन में अक्तिरता 2. कुदलक काल सर्प िोष – शारीररि िष्ट् 3. िासुकी काल सर्प िोष – पाररवाररि अशांकत 4. शंखर्ाल काल सर्प िोष – कशक्षा में बाधा 5. र्द्म काल सर्प िोष – कववाह में कवलंब 6. महार्द्म काल सर्प िोष – आकथपि नुिसान 7. तक्षक काल सर्प िोष – िायपिल में रुिावट 8. ककोटक काल सर्प िोष – स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं 9. शंखचूड़ काल सर्प िोष – मानकसि तनाव 10. घातक काल सर्प िोष – अचानि दु र्पटनाएं 11. दिषधर काल सर्प िोष – िोटप -िचहरी िे मामले 12. शेषनार् काल सर्प िोष – जीवनभर संर्षप इन दोषों िे प्रभाव अलग-अलग होते हैं और इनिा कनवारण पूजा िे माध्यम से ही संभव होता है ।