भारत जैसे विकासशील राष्ट्र में बढ़ती जनसंख्या की जरूरतों को पूरा करने और जीवनस्तर के समग्र विकास को सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए कुशल बुनियादी ढांचे की महती जरूरत है। स्रोतों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सन 2050 तक लगभग 70 प्रतिशत भारतीय जनसंख्या शहरों की ओर पलायन करेगी। बढ़ती आबादी, यातायात और जीवनशैली की जरूरतों को पूरा करने के लिए शहरों को तदनुसार तैयार करना ही होगा।