हरमास के चरवाहे की तीसरी ककताब, किसे कहज कसकमकिट्यूस कहा िाता है समानता 1 1 और उसने मुझसे कहा, तुम िानते हो कक तुम िो प्ु के सेवक हो, यहाँ ऐसे रहते हो िैसे कोई तीर् याता पर हो; कोयकक तुमारा शहर इस शहर से बहत द् र है । 2 इसकिए, अगर तुम अपने शहर को िानते हो किसमे तुमे रहना है, तो तुम यहाँ जमीन-िायदाद कोय खरीदते हो, और अपने किए शानदार चीजे, आिीशान इमारते और फाित् घर कोय खरीदते हो? कोयकक िो इस शहर मे अपने किए ये चीजे िुटाता है , वह अपने शहर िौटने के बारे मे नही य सोचता। 3 हे म्ख्, शक करने वािे और बेचारे इय सान; िो यह नही य समझता कक ये सब चीजे द् सरे िोगोय की है, और ककसी और के कबे मे है । कोयकक इस शहर का माकिक तुझसे कहता है; या तो मेरे कनयमोय का पािन कर, या मेरे शहर से कनकि िा। 4 तो तुम का करोगे िो अपने शहर मे कान्न के अधीन हो? का तुम अपनी िायदाद के किए, या उन चीजोय के किए िो तुमने िमा की है , अपने कान्न को मना कर सकते हो? िेककन अगर तुम उसे मना करोगे, और बाद मे अपने शहर िौटोगे, तो तुमे सीकार नही य ककया िाएगा, बल् वहाँ से कनकाि कदया िाएगा। 5 इसकिए दे खो, द् सरे दे श के आदमी की तरह, तुम अपने किए उतना ही इकटा करो कितना ज़री और काफी है ? और तैयार रहो, कक िब इस शहर का ्गवान या माकिक तुमे इससे कनकाि दे , तो तुम उसके कान्न का कवरोध करके अपने शहर मे चिे िाओ; िहाँ तुम कबना ककसी गिती के अपने कान्न के अनुसार खुशी-खुशी रह सको। 6 इसकिए तुम िो परमेशर की सेवा करते हो, सावधान रहो और उसे अपने कदि मे रखो: परमेशर के काम करो, उसकी आजाओय और उसके वादोय को धान मे रखो, िो उसने ककए है ; और ्रोसा रखो कक वह उने तुमारे किए अचा बनाएगा; अगर तुम उसकी आजाओय को मानोगे। 7 इसकिए िो चीजे तुम खरीदना चाहते हो, उनके बिाय ज़रतमयदोय की ज़रते प्री करो, िैसा हर कोई कर सकता है ;
कवधवाओय को सही ठहराओ; अनारोय का इय साफ करो; और अपनी दौित और पैसा ऐसे कामोय मे खच् करो। 8 कोयकक परमेशर ने तुमे इसी मकसद से अमीर बनाया है कक तुम इस तरह की सेवा प्री कर सको। जमीन या घर खरीदने से तो यह करना कही य बेहतर है ; कोयकक ऐसी स्ी चीजे इसी समय के सार खत हो िाएँ गी। 9 िेककन िो कुछ तुम प्ु के नाम के किए करोगे, वह तुमे अपने शहर मे कमिेगा, और तुमे कबना दु ख या यर के खुशी कमिेगी। इसकिए गैर-यहकदयोय के धन का िािच मत करो; कोयकक वे परमेशर के सेवकोय के किए नुकसानदायक है । 10 बल् अपने पास िो दौित है , उसी से िेन-दे न करो, किससे तुमे हमेशा की खुशी कमिेगी। 11 और न तो वक्चार करो, न ककसी द् सरे आदमी की पती को छु ओ, न उसकी इचा करो; बल् अपने काम का िािच करो, तो तुम बच िाओगे। समानता 2 1 िब मै खेत मे िा रहा रा, और एल और अयग्र की बेि को दे ख रहा रा, और उनके फिोय के बारे मे सोच रहा रा, तो एक दे वद् त मेरे सामने आया, और मुझसे कहा; तुम इतने कदनोय से अपने मन मे का सोच रहे हो? 2 और मैने उससे कहा, सर, मै इस बेि और इस एल के बारे मे सोचता हँ कोयकक उनके फि अचे होते है । और उसने मुझसे कहा; ये दोनोय पेड ्गवान के सेवकोय के किए एक उदाहरण है । 3 और मैने उससे कहा, सर, मै िानना चाहता हँ कक इन पेडोय का पैटन् का है किनका आप कजि कर रहे है । उसने कहा, सुनो; का तुम इस बेि और इस एल को दे ख रहे हो? सर, मैने कहा, मै उने दे ख रहा हँ । 4 वह कहता है , यह बेि फि दे ने वािी है , िेककन एल का पेड कबना फि का है । कफर ्ी, यह बेि अगर इस एल के सहारे न कटकी हो और इसका सहारा न िेती हो, तो जादा फि नही य दे गी; बल् जमीन पर पडी रहने पर कम फि दे गी, कोयकक यह एल पर िटकी नही य रहती; िबकक एल पर कटकी होने पर यह अपने किए और उसके किए ्ी फि दे ती है । 5 तो दे खो, एल का पेड बेि से कम नही य, बल् जादा फि दे ता है । मैने प्छा, सर, यह बेि से जादा फि कैसे दे ता है? कोयकक,