आईयआ ू ई (IUI Treatment in Hindi): कारण, प्रक्रिया और सफलता दर
आईयआ ू ई (IUI Treatment in Hindi) एक ऐसी प्रक्रिया है जो बाांझपन का इलाज करती है। आईयआ ू ई (अांतर्गर्ागशयी र्र्ागधान) विशेष रूप से तैयार शि ु ाणु को सीधे र्र्ागशय में रखकर र्र्गधारण की सांर्ािना को बढा दे ता है, जजस अांर् में बच्चे का विकास होता है। इस प्रक्रिया का दस ू रा नाम कृत्रिम र्र्ागधान है। आज इस ब्लॉर् में हम र्ौडीयम आईिीएफ, ददल्ली के सिगश्रेष्ठ IVF सेंटर के साथ IUI के महिपण ू ग पहलओ ु ां पर चचाग करें र्े ।
आईयूआई के साथ, शुिाणु को उस समय डाला जाता है जब अांडाशय एक या अधधक अांडे छोडता है। अपेक्षित पररणाम शि ु ाणु और अांडे का फैलोवपयन ट्यब ू में एकजुट होना है , जो र्र्ागशय को अांडाशय से जोडता है। यदद ऐसा होता है , तो इससे र्र्गधारण हो जाता है ।
आईयूआई क्यों किया जाता है (आईयूआई िे िारण) क्रकसी जोडे या व्यजतत की र्र्गिती होने की िमता विभर्न्न बातों पर ननर्गर करती है। अांतर्गर्ागशयी र्र्ागधान का उपयोर् अतसर उन लोर्ों में क्रकया जाता है जजनके पास: