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कतव गुऱ और तवदेतिनी पेज- 13

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वर्ष 2 अंक 11 n पृष्: 16 n 13 जनवरी - 19 जनवरी 2017 n नयी दिल्ली n ~ 5

नये समीकरण से नया संदेश l गठबंधन होगा नया राजनीतिक पड़ाव l तजिाऊ युवा गठजोड़ िय

साइकिल पर फैसला सुरक््ित

नयी दिल्ली. समाजवादी पार््ी मे् चुनाव चचह्न चववाद पर आज कोई फैसला नही्हो पाया. दोनो्पक््ो्को सुनने के बाद चुनाव आयोग ने आज अपना पैसला सुरच््कत रखा. आयोग इस मामले की सुनवाई पूरी कर चुका है. सुनवाई शुक्वार दोपहर करीब 12.30 बजे शुर् हुई. इस दौरान मुलायम अचखलेश खेमे के लोग मामले की सुनवाई के चलए मौजूद रहे. चुनाव आयोग काय्ाालय मे् मुलायम खेमे से चशवपाल चसंह यादव और मुलायम चसंह

रंजीव

लखनऊ. साइचकल चुनाव चचह्न की दावेदारी पर चुनाव आयोग मुलायम चसंह यादव और अचखलेश यादव के खेमे की खी्चतान पर चाहे जो भी फैसला सुनाये, अचखलेश खेमे और कांगस ्े के बीच गठबंधन तय नजर आ रहा है. अगर ऐसा हुआ तो यह प््देश की राजनीचत मे्अहम पड्ाव होगा.

धीरेद़ ़ श़़ीवास़व़

यह गठबंधन न केवल चवधानसभा चुनाव मे् बस्कक आने वाले चदनो् की पूरी राजनीचत पर भी असर डालेगा. जानकारी के मुताचबक सीरो्के तालमेल व समान मुद्ो्पर साझा काय्ाक्म घोचरत कर चुनाव मे्उतरने को लेकर दोनो् पक््ो् मे् बातचीत अहम दौर मे् है. खबरो् के मुताचबक अचखलेश यादव और राहुल गांधी के बीच कोई मुलाकात नही्

हुई है लेचकन दोनो्के बीच मध्यथ्िो्व फोन पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है. जानकारो्की माने्तो राहुल की बहन च््पयंका गांधी भी अचखलेश यादव के साि तालमेल कर चुनाव लडऩे की पक््धर है्. उक्लेखनीय है चक अचखलेश यादव समाजवादी पार््ी मे्दावेदारी पर होड्का दौर शुर् होने के पहले से यह कहते रहे है् चक

जारी हैसमाजवादी घमासान

लखनऊ. समाजवादी पार््ी के मौजूदा घमासान का नतीजा बातचीत से चनकलता नही्चदखता. शायद इसका अंत चुनाव मैदान मे्होगा. जो गुर चुनाव मे्जीतेगा वही भचवष्य की सपा होगा. जो हार जायेगा वह अपनी नयी पचरभारा गढ्गे ा और नयी सपा बनायेगा. अब तक के हालात मे् तो अचखलेश यादव की सपा बीस नजर आ रही है. चवधानसभा चुनाव मे्भी उसके भारी पडऩे की

नयी दिल्ली. खादी ग््ामोद््ोग आयोग (केवीआइसी) की ओर से हर साल प्क ् ाचशत होने वाले कैलडे् र और डायरी मे् इस साल महात्मा गांधी की जगह प्ध् ानमंत्ी मोदी नजर आएंग.े इस बदलाव से गांधीवादी हैरान है. एक समाचार एजंसी की खबर के मुताचबक खादी के पय्ाया कहे जाने वाले बापू वर्ा 2017 के कैलडे् र और डायरी के कवर पर

संभावना है. चफलहाल तो उनको तगड्ी बढ्त चदख रही है लेचकन चुनावी समर मे् अगर मुलायम चसंह आंसू बहा बैठे और कह बैठे चक उनके अपने बेरे ने सबकुछ छीन चलया तो हालात पलर भी सकते है.् इस सच का बोध यूपी की राजनीचत के माचहर चखलाड्ी मुलायम चसंह यादव के गुर को भी है और मुखय् मंत्ी अचखलेश यादव के गुर को भी. इसीचलए मुलायम चसंह यादव गुर के प्द् श े अध्यक्् चशवपाल चसंह यादव और इस घमासान के

एक प्म् ख ु पात््अमर चसंह भी बोल रहे है्चक वह इस चववाद की समास्पत के चलए कोई भी कुरबानी देने को तैयार है.् इसी के तहत मुखय् मंत्ी अचखलेश यादव भी प्च्तचनचध सम्मल े न के माध्यम से सब कुछ ले लेने के बाद भी नेताजी यानी मुलायम चसंह यादव से अपने चलए कुल तीन महीने का समय मांग रहे है.् इसी बोध के तहत मुलायम चसंह यादव ने संवाददाताओ्से कहा चक मेरे पास क्या है? बाकी पेज 2 पर

गांधी की जगह मोदी!

हमेशा की तरह इस बार नही् चदख रहे है.् इस साल उनकी जगह प्ध ् ानमंत्ी नरेद् ् मोदी ने ले ली है. डायरी के कवर और कैलड े् र पर खादी के कुत्ेमे्मोदी बापू की ही मुद्ा मे्चरखा कातते नजर आ रहे है.् वचरष्् गांधीवादी रामधीरज ने बाकी पेज 2 पर

खुद मौजूद रहे. अचखलेश गुर की ओर से रामगोपाल यादव वहां उपस्थित िे. उनके साि चकरणमय नंदा और नरेश अग्व् ाल भी चुनाव आयोग मे्िे. चुनाव आयोग ने दोनो् ओर के दावे सुने लेचकन फैसला सुरच््कत रखा. हालांचक राजनीचतक हलको् मे् आयोग के चनण्ाय न देने पर हैरानी देखने को चमली. इससे पार््ी की चुनावी तैयाचरयो् पर भी असर पड् रहा है. जानकारी के मुताचबक जाने माने बाकी पेज 16 पर

समाजवादी पार््ी अकेले ही सरकार बनाने मे् सक््म है लेचकन कांग्ेस से तालमेल हुआ तो तीन सौ से ज्यादा सीरो् पर जीत चमलेगी. हालांचक मुलायम चसंह यादव कांग्ेस या चकसी दल से तालमेल के घोर चवरोधी रहे है्. दरअसल, अचखलेश और कांग्ेस का तालमेल न चसफ्फ चुनावी समीकरणो्को बाकी पेज 2 पर

पूजा सिंह को पुरस्कार

युवा पत्क ् ार पूजा चसंह को वर्ा2016 के चलए श्यामधर थ्मृचत पुरथ्कार प््दान करने की घोरणा की गई है. ‘शुक्वार’ पच््तका की मध्य प््देश संवाददाता के र्प मे् काय्ारत पूजा चसंह को यह पुरथ्कार प्द् ान करने की घोरणा करते हुए चनण्ाया क मंडल ने कहा, ‘लगभग एक दशक से पत््काचरता मे् सच््कय सुश्ी पूजा चसंह न केवल नई पीढ्ी की महत््वपूण्ा पत््कार है् बस्कक उन्हो्ने चहंदी की साचहत्यकसांथ्कृचतक पत््काचरता मे एक अलग मुकाम हाचसल चकया है. पूजा चसंह ने अपनी पत््काचरता मे् हमेशा चववेक और गहरी जनपक््धरता का पचरचय चदया है.चफक्म और स््ी चवरयक उनकी लीक से हरकर चलखी गई चरप्पचणयो् को व्यापक सराहना चमली है. तहलका मे् काम करते हुए उन्हो्ने 'पठन-पाठन-2' के संयोजन मे् मुख्य भूचमका चनभाई िी. उन्हो्ने कुछ पुस्को्के अनुवाद भी चकए है्. चनण्ाायक मंडल सुश्ी पूजा चसंह को च््ितीय श्यामधर थ्मृचत पुरथ्कार प््दान करते हुए प््सन्नता और संतोर का अनुभव करता है.’ चनण्ाायको् मे् वचरष्् साचहत्यकार अचखलेश, चवजय राय और चजते्द् श््ीवास््व शाचमल िे.

यह असली फासीवाद है

प्ध ् ानमंत्ी नरेद् ् मोदी ि््ारा स्ववरर पर गालीगलौज करने वालो् को फॉलो करना उनका उत्साहवध्ना करना है. मानो वह कह रहे है्चक भइया मै् देख रहा हूं तुम चकतनी गाचलयां दे रहे हो. आपको ऐसे लोग उनके आवास पर चदख जायेग् .े उनको वहां भोज चदया जाता है. चफर वे प्ध् ानमंत्ी मोदी के साि अपनी तथ्वीरे्शेयर करते है.् बाद मे्पता चला चक उनमे्से कुछ को भाजपा की आईरी सेल का मुचखया बना चदया गया. यानी सरकार और भाजपा उनका इस्म्े ाल पूरे देश की आवाज खामोश करने मे्कर रहे है.् राजथ्िान सरकार ने राजथ्िान पच््तका के चवज््ापन बंद कर चदये क्यो्चक उसने केद् ्सरकार के चखलाफ कुछ चलख चदया िा. हालात चवकेद् ्ीकृत आपातकाल जैसे ही है.् यह चवकेद् ्ीकृत माचफया राज जैसा है जहां थ्िानीय गुडं े हर उस व्यस्कत से चनपरने को तैयार है्जो उनकी नजर मे्गलत है. केद् ्मे्बैठे लोग उन गुड ं ो् के पक्् मे् दलील देते है.् गोरक््ा, लव

चजहाद के नाम पर चकसी को भी पीरा जा रहा है. इंचदरा गांधी तो चफर भी कानून का पालन करती िी्, अब लोग कानून को ठेग् ा चदखा रहे है.् यह असली फासीवाद है क्यो्चक जो कह चदया जाये वही कानून हो जाता है. वही्सरकार कानूनो् की क्म् ता कम कर रही है. सूचना का अचधकार कानून, जनचहत याचचका आचद अगर अपने पक््मे्नही् हो् तो उनको क्च्त पहुच ं ायी जा रही है. मनोचवज््ान की भारा मे्कहे्तो मोदी मे्तीन व्यस्कतत्व् ो् के लक्ण ् है.् वे अहंकारी है,्तानाशाही प्व् चृ ्ि के है्और मनोचवकार के लक्ण ् भी उनमे्है.् आपने देखा कैसे चदक्ली और चबहार मे्हुई हार के बाद चवकास-चवकास का चजक्् बंद हो गया और लोकलुभावन घोरणाओ्का दौर चल पड्ा. इससे उनका डर सामने आया. यह भी पता चलता है चक वह हर कीमत पर चुनाव जीतना चाहते है.् मोदी का चवरोध करने वाले हर व्यस्कत को चवचभन्न बाकी पेज 2 पर


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13 जनवरी - 19 जनवरी 2017

आवारा पिुओ़ से बचाव की मांग

लखनऊ. नीलगाय और आवारा जानवरो् ि््ारा बड्े पैमाने पर खेती बरबाद करने के मसले को ध्यान मे्रखते हुए अचखल भारतीय चकसान मजदूर सभा (एआईकेएमएस) ने मांग की ���ै चक खेती मे् सुधार हेतु सभी फसलो्के लाभकारी मूकय् की गारंरी की जाये, वन चवभाग व पुचलस को आवारा पशुओ् की समथ्या हल करने की चजम्मदे ारी दी जाये और जानवरो्के कारण हुए फसल के नुकसान का पूरा मुआवजा चदया जाये. सम्मल े न मे्कहा गया चक अवारा पशु व नीलगाय को कसाईखाने या संरच्क ् त वनो्मे् भेजने की चजम्मदे ारी सरकार की है. इस काम को चनजी पशु डीलरो् के चलए नही् छोडऩा चाचहये क्यो्चक ये डीलर पुचलस व गौरक््क दलो्ि््ारा गुडं ा रैकस ् वसूली का चशकार बन जाते है्. एआईकेएमएस महासचचव डा. आशीर चमि््ल ने कहा चक पंजाब, पच््िम उि्र् प्द् श े समेत आवारा पशु खेती के चलए बड्ा खतरा बन गये है्और तराई व पच््िम बंगाल मे्जंगली जानवर फसल नष््कर रहे

उन्होने आररीआई ि््ारा इस समथ्या के समाधान हेतु सरकारी पहलकदमी की जानकारी प््ाप्त की, नीलगाय मारने का लाईसे्स सरकार से मांगा, चजलाचधकारी ने लाईसेस ् थ्वीकृत चकया पर नीलगाय मारने पर बवाल होने की आशंका मे्थ्िानीय शासन ने मंजरू ी नही्दी. चमि्ल ् ने कहा चक केद् ्व राज्य सरकारो् को जानवरो्के प्क ् ोप से चकसानो्को बचाने के चलए राजनीचतक इच्छा व सघन नीचत चवकचसत करनी होगी. खेद का चवरय है चक सरकारे् चकसानो् व फसल उत्पादन को नुकसान पहुच ं ाने वाली नीचतयां अपना रही है.्ं उनकी नीचतयां चवदेशी कंपचनयो्व चबचैचलयो् की पक्ध् र है.् नोरबंदी ने धान व सस्बजयो्के दाम आधे से कम कर चदये और एक जनवरी को भी मोदी ने कोई राहत घोचरत नही्की. सम्मेलन मे् यह प््श्न भी उठा चक जब आरएसएस-भाजपा और मोदी इस बात से खुश है्चक चकसानो्की फसल नष््हो रही है. सरकार कारपोरेरके 1,14,182 करोड् के एआईकेएमएस के सम्मल े न मे्चकसानो् कज्ामाफ कर सकती है और उन्हे्5.92 लाख को संबोचधत करते हुए गांव की नयी आवाज करोड् की कर छूर दे सकती है तो मजदूरो् के संपादक श््ी चवजय चचतौरी ने कहा चक और चकसानो्को भी यह राहत चमली चाचहये.

है् जबचक उि्र् प्द् श े के मैदानो् मे् नीलगाय प््कोप जारी है. यह आरएसएस के चकसान चवरोधी अचभयानो् का नतीजा है जो पुरानी अनुपयोगी गायो्के करने पर हक्ला मचाते है,् जबचक इन गायो्को चहंदू चकसान ही बेचते है.्

गांधी की जगह मोदी!

पेज 1 का बाकी इसे हाथ्याथ्पद और मूखता् ापूणा्कदम बताया है. आज एक बयान मे्सव्ासेवा संघ के पूव्ा सचचव राम धीरज ने कहा चक खाडी और चरखा आजादी के आंदोलन का प््तीक है. इस चरखे की फोरो से गांधी को हराकर प््धानमंत्ी को उनकी जगह देना आजादी के आंदोलन का भी मजाक उडाना है. गांधी ने खादी को वस्् नही् चवचार बताया िा. वे आजादी की लडाई मे्लोगो्से चरखा कातने की अपील करते िे. गांधीवादी प््भात कुमार ने कहा चक गांधी को उनके चरखे से हराकर चकसी को बैठा देना असामान्य चकथ्म की हरकत है. खुद प््धानमंत्ी को इसके चलए दोरी लोगो् पर काय्ावाई करनी चाचहए. चरखा और गांधी चसफ्फ राष््ीय ही नही् अंतरराष््ीय प््तीक है आजादी की लडाई का. ऐसे मे् इस तरह का बदलाव आहत करने वाला है. दूसरी तरफ खादी ग््ामोद््ोग आयोग के आचधकाचरक सूत्ो्ने गुर्वार को बताया चक खादी ग््ामोद््ोग के कम्ाचारी और अचधकारी इस बदलाव से एकदम चचकत है्. गांधी जी के 'क्लाचसक पोज' मे्मोदी को बड्ेसे चरखे पर खादी बुनते चदखाती कवर फोरो ने सबको हैरत मे् डाल चदया है. गोल ऐनक और सफेद धोती पहने गांधी जी की चरखा

नयेसमीकरण सेनया संदेश पेज 1 का बाकी चजताऊ करने भर की पहल भर नही्है बस्कक यह बड्ा संदेश भी देगा. राजनीचतक चवश्लेरको् का मानना है चक खास तौर पर मुस्थलम वोररो्का बड्ा वग्ाइसका पैरोकार है चक अचखलेश और कांग्ेस तालमेल कर लड्.े् बताते है्चक जमीनी सव््ेसे चनकली इस अपेक्ा के आधार पर ही अचखलेश शुर् से इसके पक्् मे् रहे चक कांग्ेस से तालमेल जर्री है क्यो्चक यह न चसफ्फमुस्थलम बस्कक वोररो्के बड्ेतबके को यह भरोसा देगा चक यह चजताऊ गठजोड्है.

लखनऊ. भारतीय जनता पार््ी के प्द् श े अध्यक््केशव प्स ् ाद मौय्ाने इलाहाबाद के मशहूर सज्ान डा एके बंसल की हत्या पर गहरा क््ोभ व दुख व्यक्त करते हुए कहा चक ज््ान का केद् ्कहा जाने वाला इलाहाबाद सपा राज मे्अपराचधयो्का अभ्यारण्य बन गया है. उन्हो्ने इस जघन्य अपराध की कडे शब्दो्मे्चनंदा करते हुए कहा चक अचखलेश सरकार मे्कानून व्यवथ्िा माखौल बन कर रह गयी है, अपराधीचन््ि्ान्द होकर अपराध कर रहे है, सरकारी मशीनरी पूरी तरह से पंगु हो गयी है. भाजपा अध्यक्् ने दोचरयो् के तत्काल चगरफ्तारी तिा कठोर दण्ड की मांग करते हुए अचखलेश सरकार से सवाल चकया चक डाबंसल ि््ारा लगातार सुरक््ा की मांग करने के बावजूद उन्हे्सुरक््ा मुहयै ा क्यो्नही् कराई गयी? मौय्ाने कहा चक प्द् श े भर के समाचार पत््अपराचधक घरनाओ्से परे रहते है और प्द् श े के मुखय् मंत्ी और सपा कानून व्यवथ्िा के चलए अपनी चजम्मदे ारी चनभाने के बजाय अपने युवा और असफलतम मुखय् मंत्ी का

जारी हैसमाजवादी घमासान

पेज 1 का बाकी सब कुछ तो अचखलेश के पास है. इसी बोध के तहत उन्हो्ने कहा है चक अचखलेश ही अगले सीएम हो्ग.े चजसे लेकर राजचनचतक क्त्े ्ो्मे्मंगलवार को कयास लगाया जाने लगा चक शायद समाजवादी पार््ी के घमासान का अंत होने वाला है जो बुधवार, गुरव् ार को भी जारी रहा. वैसे इसके समापन के चलए मैरािन प्य् ास के तहत प्य् ास हुए भी और अभी भी जारी है.् दोनो्गुर इन पहलो्का थ्वागत भी कर रहे् है और अपनी अपनी रेक से एक कदम आगे पीछे भी नही् हर रहे है.् इसचलए नेक इरादे से की गयी पहले्भी तमाशा लगने लगी है.् वैसे इसे लेकर समाजवादी पार््ी के दोनो् राष््ीय अध्यक््ो् यानी मुलायम चसंह यादव और अचखलेश यादव मे्मंगलवार को अकेले मे् भी लंबी बातचीत हुई पर नतीजा चसफर चनकला. बुधवार को चदक्ली मे् दोनो् गुरो् ने अलग अलग बैठक की. इस बैठक से थ्पष्् संदश े है चक दोनो् गुरो् की र्चच समाजवादी पार््ी के घमासान को समाप्त करने मे् नही् साइचकल चनशान हाचसल करने मे् है.् इसके चलए एक गुर की तरफ से राज्यसभा सदथ्य प््ोफेसर रामगोपाल यादव, चकरनमय नंदा और नरेश अग्व् ाल चुनाव आयोग मे्दस्क ् दे रहे है.् दूसरे गुर की ओर से खुद मुलायम चसंह यादव, चशवपाल चसंह यादव और अमर चसंह डरे है.् आयोग इस मसले पर 13 जनवरी को दोनो्गुरो्का तक्फसुनगे ा. समाजवादी पार््ी के लखनऊ काय्ाल ा य गठजोड् की यह पहल उि््र प््देश की राजनीचत मे् दो नई पीचिय़ो् के हाि चमलाने पर अब चशवपाल चसंह यादव के बजाय े अध्यक्् उि्म् वम्ाा का आधार भी बनेगा. चजसके एक पात्् अचखलेश गुर के प्द् श काचबज है . ् सोमवार को श््ी चशवपाल चसंह अचखलेश यादव तो दूसरे राहुल गांधी है्.यह यादव के समि् क ा रघु न दं न चसंह काका, दीपक गठजोड् राजनीचत के दो लोकच््पय चेहरो्, चमश् ् ने काय् ा ल ा य मे ् घु सने की कोचशश की च््पयंका गांधी व चडंपल यादव के एक मंच से ले च कन घु स नही् पाये तो फारक पर बैठकर साझा चुनावी सभाये् करने की संभावनाओ् चवरोध प् क ् र करने लगे . प्द् श े सरकार के का संदेश भी देता है. ये ऐसे संदेश है्चजनकी कै च बने र मं त ी ् शारदा प् त ् ाप शु क ल ् के आ जाने धमक न चसफ्फ 2017 के चुनाव तक ही सीचमत रहेगी बस्कक यह 2019 के लोकसभा से इन लोगो्का मामला दम पकडऩे की ओर चुनावो् मे् बनने वाले समीकरणो् की भी िा चक अचखलेश गुर का युवा जोश मे्आ गया और चशवपाल गुर के नेता फारक से हरे तो झलक दे्गी. चलाती ऐचतहाचसक फोरो चपछली कई पीचढ्यो् के जेहन पर अब तक अचमर छाप छोड्चुकी है. लेचकन इस दफा पहली बार है चक मोदी अपने चवचशष्् पहचान वाले पचरधान कुत्ाा-पायजामा-जैकेर पहने िोड्ेआधुचनक से चरखा चलाते नजर आ रहे है्. इस बदलाव से हैरान-परेशान कम्ाचाचरयो् ने कैले्डर और डायरी के लांच के समय मुंबई के चवले-पाल््ेस्थित मुख्यालय पर मुंह पर काली पट््ी बांधकर मौन-प््दश्ान चकया. जब इस बारे मे् केवीआइसी के अध्यक््चवनय कुमार सक्सेना ने कहा, 'पूरा खादी उद््ोग ही गांधी जी की चवचारधारा पर के्च्दत है. वह केवीआइसी की आत्मा है्. इसचलए उनकी अनदेखी करने का तो सवाल ही नही्उठता.' सक्सने ा ने बताया चक मोदी बहुत लंबे समय से खादी पहनते आ रहे है.् उन्हो्ने इसे जनमानस मे्तो ख्याचत चदलाई ही है, चवदेचशयो् के बीच भी इसे प््चसद्् कर चदया है. दरअसल वह खादी के सबसे बड्े ब््ांड एम्बेथ्डर है्. पर गांधीवादी से संथ्िा के पदाचधकाचरयो्की चापलूसी मान रहे है्. जेपी आंदोलन से जुडे राजीव ने कहा, खादी और चरखे का इससे बडा मजाक और कुछ नही् हो सकता.

‘अदिलेश राज मंे कानून का मािौल’

नजर नही्आये. अब सबकी नजरे् चुनाव आयोग के फैसले पर है् चजसके बारे मे् दोनो् गुरो् को अनुमान है चक साइचकल चकसी को नही्चमलने वाली है लेचकन दोनो्तरफ उम्मीद कायम है चक शायद चमल जाये.वैसे घमासान की समास्पत के चलए सपा के वत्मा ान राष््ीय अध्यक््अचखलेश यादव ने अपने चपता और पार््ी के संरक्क ् मुलायम चसंह यादव से अपने चलए कुल तीन महीने का वक्त मांगा है और कहा है चक वह चुनाव जीतकर जीत को उनके पैरो् मे् रख देग् .े आगे का सभी फैसला वह करेग् .े मुलायम चसंह इसके चलए तैयार नही्है.् उन्हो्ने अचखलेश से रामगोपाल को हराने के चलए कहा है चजसके चलए अचखलेश तैयार नही् है.् ठीक इसी तरह से नेताजी यानी मुलायम चसंह यादव इसके चलए तो तैयार है्चक चरकर चवतरण मे्वह सीएम की राय को तरजीह देग् े लेचकन हस््ाक्र् का अंचतम अचधकार वह अपने पास रखना चाहते है.् अचखलेश गुर नेताजी यानी मुलायम चसंह के इस अंचतम अचधकार को उनके पक्री दाव के र्प मे्आंक रहा है. इसे लेकर अचखलेश गुर का अदना हो या खास, एक भारा बोल रहा िा चक अगर यह सच है चक नेताजी घमासान का पराक्प्े चाहते है् तो झगड्ा कौन कर रहा है? नेताजी तो सबके नेताजी है.् सबके संरक्क ् है.् उन्ही्के सम्मान मे् यह झगड्ा चखंच रहा है. अन्यिा चवधायक, चवधान पचररद सदथ्य, सांसद, राज्यसभा सदथ्य और प्च्तचनचध तो फैसला सुना चुके है् चक पार््ी के राष््ीय अध्यक्् अचखलेश यादव है्और संरक्क ् मुलायम चसंह यादव. नेताजी, तीन महीने के चलए ही इस सच को थ्वीकार कर ले.् घमासान समाप्त. सब लोग चले्चुनाव मैदान मे,् नेताजी के संरक्ण ् मे.् इन्ही् तक््ो् के जवाब मे् बुधवार को मुलायम चसंह यादव ने चदक्ली तक कहा चक अचखल भारतीय समाजवादी पार््ी का नाम चकसने मांगा? मोररसाइचकल चुनाव चचन्ह चकसने मांगा? बीजेपी के नेता से रामगोपाल यादव चार बार क्यो् चमले? मुलायम चसंह

चेहरा ही सजाने के यत्न-प्य् त्न मे्चदन रात लगे है. अगर हम लखनऊ की ही अपराचधक घरनाओ्को ले तो आचशयाना की सात साल की बच््ी से रेप, आचशयाना की छात््ा की हत्या, माल की दचलत छात््ा की बलात्कार के बाद जलाकर हत्या, माल मे् ही मचहला की लरकती लाश, आचशयाना से रहथ्यमय तरीके से छात््ा के गायब होने के साि ही चोरी, डकैती, लूर, हत्याओ्की यह घरनाएं राजधानी की ही है और सरकार के कानून व्यवथ्िा के चेहरे पर बदनुमा दाग है. भाजपा प्द् श े अध्यक््ने कहा चक प्द् श े के मुखय् मंत्ी अचखलेश यादव को न जनता की परवाह है न माननीय उच््न्यायालय ि््ारा समय-समय पर की गयी चरप्पचणयो्की. यहां तक चक कल ही माननीय उच्् न्यायालय ि््ारा जवाहरबाग कांड को लेकर जो चरप्पणी की गयी है वह उप््सरकार के व्यवहार को दश्ाता ी है. भाजपा आम जनता की सुरक््ा के साि चखलवाड करने वाले कानून व्यवथ्िा की चजम्मेदार अचधकाचरयो् के चवर्द् कडी काय्वा ाही सुचनच््ित करेगी.

यादव की इन बातो्से भी थ्पष््लग रहा है चक समाजवादी पार््ी का घमासान िमने वाला नही्है.् इसके चलए अचखलेश यादव अमर चसंह को दोरी मान रहे है्और मुलायम चसंह यादव रामगोपाल को. सच यह है चक इस घमासान का मुखय् कारण नेताजी के घर मे् है चजसे लेकर वह खुद दुचवधा मे्है.् इस दुचवधा की वजह से जब वह अचखलेश यादव के सामने होते है्तो यह सोचकर प्स ् न्न हो जाते है्चक उनका अपना बेरा राजनीचत के अखाड्ेमे्बड्े बडो् पर भारी पड् रहा है. घर मे् होते है् तो वत्मा ान घर वालो्की इच्छा के पक््मे्हो जाते है्चक उन्हे्भी वह सब कुछ चमलना चाचहये जो अचखलेश यादव को हाचसल है जो अब चदलाना नामुमचकन है. इसचलए कोई पंचायत करे, सपा का यह घमासान िमने वाला नही्है. इसका चनण्ाया क अंत उि्र् प्द् श े चवधानसभा के चुनाव मे् ही चनचहत है चजसमे् अचधक से अचधक सीर जीतने के चलए समाजवादी पार््ी के दोनो्गुर अपनी अपनी रणनीचत को धार दे रहे है.्

यह असली फासीवाद..

पेज 1 का बाकी मामलो् मे् उलझा चदया जाता है. आईपीएस प्द् ीप शम्ाा और तीस््ा सीतलवाड इसका उदाहरण है.् इस चसलचसले मे्एनजीओ को भी शाचमल कर सकते है.् मोदी के अचभयान मे् मदद करना मेरे जीवन की दूसरी सबसे बड्ी गलती िी. पहली गलती मैन् े वी पी चसंह की मदद करके की िी. जब मै्उनके पक््मे्िा तो वे मुझे पसंद करते िे लेचकन जैसे ही मैन् े आलोचना शुर्की मै् हताश करार दे चदया गया. मोदी को इस बारे मे्पूरी जानकारी है. क्या उनको पता नही्होगा चक उनके मंत्ी क्या-क्या बोलते रहते है.् अगर वह इतने ताकतवर होकर भी इनको चनयंच्तत नही् कर पा रहे है् तो मामला गंभीर है. (अर्ण शौरी से स्वादि चिुवि्े ी की बािचीि पर आधादरि, साभार : ि वायर)


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13 जनवरी - 19 जनवरी 2017

डीएमब््ा गठजोड् ददलायेगा बसपा को जीत!

अवनीि कुमार

कानपुर. बसपा (बसपा) ने चवधानसभा चुनाव के प््त्याचशयो् की दूसरी सूची शुकव् ार को जारी कर दी. कानपुर नगर व देहात मे् डी.एम.ब््ा.गठजोड् (दचलत, मुस्थलम व ब््ाह्मण) का सहारा चलया गया तो ओबीसी वग्ा के उन जाचतयो् को भी तरहीज दी गयी है जो शुर्आत से पार््ी के प््चत चनष््ावान बने रहे. कानपुर नगर व कानपुर देहात जनपद की 14 सीरो्मे्चपछले चुनाव मे् बसपा के खाते मे् केवल एक ही सीर गयी िी. कानपुर देहात की चसकंदरा सीर पर इंदप् ाल चसंह ने भाजपा के देवदे् ्चसंह भोले से नजदीकी वोर से जीते िे. ऐसे मे् बसपा की यह कोचशश है चक 2007 के इचतहास को दोहराया जाये. चजसके चलते पार््ी प््त्याशी सूची मे् पुराना फाम्ाूला ही अपनाया है. सूची मे्ज्यादातर उन्ही लोगो्का नाम है जो पहले से प््भारी घोचरत िे और काफी चदनो् से प््चार मे् जुरे है्. कानपुर व कानपुर देहात की 14 चवधानसभा सीरो् मे् चार ब््ाह्मण, दो मुस्थलम, चार दचलत, तीन ओबीसी, एक ठाकुर पर चवश््ास चकया गया है.ऐसे मे्अब यह देखना होगा चक कानपुर मे् डी.एम.ब््ा. का गठजोड्बसपा को जीत चदला पायेगा या नही्. महत््वपूण्ण है् िदलि कानपुर नगर व देहात मे्कुल तीन सीरे सुरच््कत है्. ये है् कानपुर नगर की चबक्हौर,

धनंजय तसंह

घारमपुर और देहात की रसूलाबाद सीरे्. पर बसपा ने इनके अलावा सीसामऊ चवधानसभा सीर से नंदलाल कोरी को उतार कर साफ कर चदया चक दचलत ही पार््ी के चलए महत्वपूण्ाहै्. बसपा कानपुर मे् एक महारैली करने की योजना बना रही है. सूत्ो्की माने् तो बसपा को अपने कैडर वोर पर तो पूरा भरोसा है लेचकन वह अच्छे से जानती है चक कैडर वोर के बल पर लखनऊ की गद््ी हाचसल नही्की जा सकती है इन्ही्सब बातो् को ध्यान मे् रखते हुए उसने एक बार चफर एक चवशेर वग्ाका ध्यान रखते हुए सव्ाचा धक सीरे्दे डाली है तो वही्कानपुर मे्महारैली का आयोजन उसी क््ेत् मे् करना चाहती है. चजस क््ेत्मे्सव्ााचधक जनसंख्या इसी तबके की हो. सव््ोच््न्यायालय साफ कह चुका है चक धम्ाव जाचत के नाम पर वोर मांगने की पाबंदी है वही् बसपा लगातार मुस्थलमो् को अपने पक््मे्करने के चलए बयानबाजी कर रही्है. मुस्थलम मतदाताओ्को अपने पक््मे् करने के चलए पार््ी ने बड्ी संख्या मे्मुस्थलम

मतदाता है् जो बसपा के चलए अहम हो सकते है्. बसपा की ���जर इन वोरो् पर चरकी हुई है और तीन चवधानसभाओ्मे्तो जीत का पूरा दारोमदार भी मुस्थलम रखते है्.तो वही दूसरी तरह पार््ी सूत्ो्का कहना है की जाजमऊ इलाका कै्र चवधानसभा क्े्त् के तहत आता है और यहां से समाजवादी पार््ी ने बाहुबली अतीक अहमद को चुनावी मैदान प््त्याचशयो्को मैदान मे्उतारा है. अगर सूत्ो मे् उतारा है.चजसके बाद से बसपा मे् की माने तो इसी के तहत कानपुर मे् होने खलबली मची हुई है और काय्ाकत्ााओ् मे् वाली चुनावी रैली को भी मुस्थलम बाहुक्य खौफ है. बताया जा रहा है चक इसी के चलते क््ेत् जाजमऊ मे् रखा गया है.हालांचक अभी बहन जी की रैली जाजमऊ मे् रखी गयी है इसकी आचधकाचरक पुच्ष नही्हुई है. चजससे बाहुबली मे् उक्रा खौफ पैदा चकया चपछले चुनाव मे्इस क््ेत्मे्बसपा को जा सके. बुरी तरह से हार का सामना करना पड्ा िा. समन्वयक अशोक चसद्घाि्ा ने बताया कानपुर नगर व कानपुर देहात को चमलाकर चक बहनजी की रैली कानपुर मे् 15 से 20 मात््एक सीर ही बसपा के खाते मे्आ सकी जनवरी के बीच होगी लेचकन यह चनच््ित िी. पर अब वह भी नही् है. थ्िानीय नही् है चक जाजमऊ मे् होगी या कही् और. चवधायक इंद्पाल चसंह भाजपा मे्जा चुके है्. जैसे ही तारीख व जगह तय होगी चजला ऐसे मे् मायावती की रणनीचत होगी चक प््शासन से अनुमचत मांगी जायेगी. क््ेत्ीय मुस्थलमो्को अचधक से अचधक अपने पक््मे् समन्व्यक नौशाद अली का दावा है चक नब्बे चकया जा सके. कानपुर नगर की 10 चवधान प््चतशत मुस्थलम मतदाता इस बार बसपा के सभाओ् मे् लगभग छह लाख मुस्थलम पक््मे्मतदान करने जा रहा है.

भारी ददखते अदखलेश

‘मुलायम से चमलने पहुंचे अचखलेश’ जैसी खबरो्का कोई मतलब ही नही्है. अगर बेरे याद कचरये तत्कालीन प््देश कांग्ेस का बािर्म खाली नही् तो वो बाप वाला प्म् ख ु रीता बहुगण ु ा जोशी का मायावती पर चनसंकोच इस्म्े ाल कर सकता है. होमवक्फमे् बयान और उसके बाद हुआ हंगामा. हां कुछ लापरवाही पर मम्मी ने डांर लगायी तो मामले अचतरंचजत भी रहे क्यो्चक पुचलस मुखय् मंत्ी के बच््ेदौड कर अपने दादा जी के मुख्यालय मे् एक ऐसे अचधकारी भी चमले कमरे मे्जा सकते है.् इन सब बातो्का यहां चजनका पचरचय मुझसे कराया गया िा की वो कोई मतलब भी नही् है, बात चल रही है ऐसे बलात्कार के मामले मे्सथ्पडे् हो गये िे उम्मीदो्की साइचकल पर. जो हुआ ही नही्िा. उस समय ऐसे मामलो् हालांचक चुनाव सभी दलो्के चलए अहम मे् लोग कहते भी िे की न जाने कौन कब होते है् और सारे अपनी ताकत झो्कते ही है् बलात्कार का केस दज्ाकरवा दे. लेचकन उस चुनाव मे्राहुल गांधी एकदम एंग्ी ‘चढ गुंडो् की छाती पर-मुहर लगेगी यंग मैन के र्प मे्प्म् ोर चकये गये और सबसे हािी पर’ का नारा देकर अपने बेस वोर को पहले कांग्ेस ने ही अपना पोथ्रर वार शुर् मजबूती से पकडे हुए मायावती के चलए चुनाव चकया. भाजपा कही्भी सीन मे्िी नही्लेचकन मे् जाना मुसश् कल हो रहा िा. उधर सपाइयो् के ् द ् के बूते कांग्ेस ने जोरदार अचभयान की नयी च््बगेड लगातार प््देश मे् अपनी चलाया. मायावती के कचित घोरालो् और उपस्थिचत दज्ा करवाती जा रही िी. कांग्ेस यादव को आप देश का एकमात््ऐसा राजनेता सपा की कचित गु ड ं ई वाली छचव से यूपी को और भाजपा के सांकचे तक काय्क ा म् ो्को छोड कह सकते है् चजसने बयानो् से मय्ाादा नही् ्े ने नारा चदया ‘जवाब चदया जाये तो समाजवादी पार््ी ही सडक से लांघी न ही चुनाव प्च ् ार के दौरान भी तैश मे् बचाने के चलए कांगस सदन तक बसपा के चखलाफ मजबूती से लड आकर कभी मंचो्से चकसी मुदे्या व्यस्कत के हम देग् ’े . राहुल गांधी िोडी बढी दाढी के साि रही िी. घोरालो्की कहाचनयो्से मायावती के बारे मे् अनाप-शनाप बयानबाजी की. इस तमाम वोरर उनसे नाराज हो रहे िे लेचकन मामले मे् उनको अव्वल नंबर चदया जाना कुरते की बांह चढाते हुए मंचो्पर छाने लगे. सपा की ‘गुडं ा छचव’ जो मायावती गढ चुकी चाचहये क्यो्चक जनता की मांग पर चवदूरको् राहुल की रीम ने उनके भीतर इतना उत्साह िी्उसे तोडने के चलए मुलायम चसंह ने बडा से आगे का थ्वांग भरने वाले नेताओ्का दौर भर चदया की एक बार अचखलेश यादव ने भी दांव खेला और अचखलेश यादव का चेहरा है चजनके बीच अचखलेश चनसंदहे एक अलग चुरकी ली की कही्जोश मे्राहुल जी मंच से कूद ही न जाये्, लेचकन ऐसा न हो सका आगे कर चदया. हालांचक अब उस समय के ही बयार है.् चनण्या की भी बहुत सी कहाचनयां आ रही है,् हां घर के भीतर जो हो रहा हो उससे क्यो्चक इसमे्शारीचरक खतरा िा. चदस्ववजय कुछ सच््ी-कुछ झूठी, चजनमे् है की अपन का वास््ा नही् लेचकन घर के भीतर चसंह को तब राहुल जी का चाणक्य कहा जाता पाचरवाचरक समझौते मे्नेता जी ने एक पुत्को वाली बात पर चरखारे लेने वालो्को शायद िा क्यो्चक वो पार््ी महासचचव होने के साि राजनैचतक चवरासत दी और दूसरे के साि बात यह भी नही् पता की चपता-पुत्, दोनो् की ही राहुल जी के मुखय् सलाहकार माने जाते हुई की वह राजनीचत से दूर रहेग् .े जो भी हो कोचठयां आपस मे्लगी हुई है्चजनमे्भीतर से िे. चफलहाल आज वो कभी-कभार स्ववरर पर बाकी पेज 5 पर लेचकन उस चदन से आज तक अचखलेश ही आया जाया जा सकता है तो इस नाते

जनादेश -2017

वही् चजलाध्यक्् प््शांत दोहरे ने बताया चक सव्ाजन चहताया सव्ाजन सुखाय नीचत के तहत सभी वग््ो्पर चवश््ास जताया गया है. चजससे यह तय है चक आगामी चवधानसभा चुनाव मे् पार््ी भारी बहुमत से जीतेगी. वही् भाजपा के चजलाध्यक्् सुरे्द् मैिानी ने कहा चक जनता अभी बसपा के भ््ष्ाचार को भूली नही्है. वह कोई भी फाम्ाूला अपनाये जनता उन्हे्सबक अवश्य चसखायेगी. बसपा के प््त्याशी (कानपुर नगर)1- कै्र से डॉ. हाजी नसीम अहमद 2- आयज्् नगर से हाजी मोहम्मद अब्दुल हसीब 3- गोचवंद नगर से चनमज््ल चतवारी 4- कक्याणपुर दीपू कुमार चनराद 5- घारमपुर (सुरच््कत) से सरोज कुरील 6- चबक्हौर (सुरच््कत) से कमलेश चंद् चदवाकर 7- महराजपुर से मनोज शुक्ला 8- चकदवई नगर से संदीप शमाज्् 9- चबठूर से डॉ. राम प््काश कुशवाहा 10-सीसामऊ से नंदलाल कोरी बसपा के प््त्याशी (कानपुर िेहाि)1- भोगनीपुर से धम्ापाल चसंह भदौचरया 2- चसकंदरा से महे्द्कचरयार 3- अकबरपुर रचनयां से डॉ. सतीश शुक्ला 4- रसूलाबाद से पूनम संखवार

यह सुरक््ा कवच!

संजय कुमार तसंह

नयी दिल्ली. सुप्ीम कोर्ा ने सहारा, चबड्ला के भुगतान की जांच का आदेश देने से मना कर चदया है. मै्सुप्ीमकोर्ाके फैसले पर प््चतच््कया नही् दे सकता. ना मुझे इस मामले की चवस्त्ृ जानकारी है. मुझे नही्पता सुप्ीम कोर्ासे दरअसल क्या अपील की गयी िी और क्यो् की गयी िी. इसचलए इस चरप्पणी को सुप्ीम कोर्ाके फैसले से अलग, चसफ्फ एक आदेश के र्प मे् देखा जाये. जो सव््ोच्् रक््क के आदेश के र्प मे् देश के आम नागचरको्को उपलब्ध है. एक तरफ तो सरकार जनधन खातो् मे् िाई लाख र्पये जमा कराये जाने की जांच करने की बात करती है. दूसरी ओर, लाखो्र्पये के भुगतान के चरकाड्ाकी जांच की जर्रत नही्है. कुल चमलाकर, मुद्ा यही है चक सरकार मनमानी नही्कर सकती है और सुप्ीम कोर्ा है. पर अमूमन होता यह है चक कोई सरकारी चवभाग कार्वा ाई शुर्करता है, गलत होता है, कोई अचधकारी चरश्त् मांगता है. नही्देने या दे पाने पर फंसा चदया जाता है. सुप्ीम कोर्ासे बरी हो जाता है. पर तब तक वह सजा से ज्यादा यातना भोग चुका होता है. भारी खच्ा कर चुका होता है और फैसले से चसफ्फइज्त् बचती है. नाम रहता है चक वह दोरी नही्िा. सुप्ीम कोर्ासे बरी हो गया. यह भी उन लोगो् के चलए जो सुप्ीम कोर्ा तक लड् सकते है.् बरी होने का तकनीकी लाभ उठा सकते है.् शस्कतशाली लोगो्के मामले मे्कार्वा ाई दूसरी तरफ से शुर्होती है. अव्वल को कोई छोरा अचधकारी जांच शुर् ही नही् करता है

और अगर करने की मांग की जाये तो अपने बड्ेअचधकारी का हवाला देता है. चकसी को चकसी मामले मे् जांच करने के चलए मजबूर नही् चकया जा सकता है. इसचलए बड्े लोगो् का मामला सुप्ीम कोर्ापहुच ं ता है. हम सब जानते है्चक सुप्ीम कोर्ाइस चसद््ातं पर काम करता है चक दोरी बच जाये तो बच जाये, चनद््ोर को सजा न हो. इस तरह सुप्ीम कोर्ा से बचने की संभावना अमीर और सक्म् लोगो् के चलए ही है. गरीब और कमजोर के चखलाफ तो एफआईआर भी नही् होती, उसे 'उठा' चलया जाता है. और चफर उसकी लाश चमलती है. मोदी ने भ्ष ् ्ाचार चमराने की बात की. 67 साल से अलग व्यवथ्िा करने की बात की. इसचलए उनसे उम्मीद िी. पर स्थिचत मे् कोई आमूल-चूल बदलाव नही्आया है. ऐसे मे् सहारा-चबड्ला के यहां छापे मे् चमले इन दस््ावेजो् की जांच होनी चाचहए. और जांच सरकार को ही कराना चाचहए. चजन लोगो्ने ये दस््ावेज बरामद चकए उन्हे्ही जांच करना चाचहए. ये कागज बेमतलब, रद््ी या चरकाड्ा के चहथ्सा नही्होते तो इन्हे्जब्त ही क्यो्चकया जाता? जब्ती क्यो्चदखाई जाती? जब जब्ती चदखाई गयी है तो ये चनच््ित र्प से चरकाड्ा बन गये. जांच उन्ही्अचधकाचरयो्को करनी है चजन्हो्ने इस रद््ी को चरकाड्ाबनाया. देश भर के सरकारी दफ्तरो्मे्चजस िंग से काम होता है और जो खबरे् छन-छन कर आ रही है, इधर-उधर जो चच्ाया े् है्उससे लगता है चक अफसरो्को जांच से रोका जा रहा है. वरना ये कागजात बाहर कैसे आते?


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संजय कुमार

13 जनवरी - 19 जनवरी 2017

कटरांव: मुक़दमा-मुक़त एक गांव

पटना. मीचडया ने चबहार की चाहे जैसी छचव चनच्मात की हो लेचकन इस प््देश मे्एक गांव ऐसा भी है जहां आजादी के बाद से अब तक एक भी मुकदमा दज्ा नही् हुआ है. यह है पच््िमी चंपारण चजले के गौनाहा प््खंड का कररांव गांव. चंपारण की धरती से सत्याग््ह आंदोलन चलाने वाले राष््चपता महात्मा गांधी ने सत्य व अचहंसा का जो पाठ दुचनया को पढ्ाया िा उसे भले ही कुछ लोग भूल गये हो्. लेचकन गांधी के इस मूल मंत्को कररांव के ग््ामीणो्ने बखूबी अपना रखा है. पच््िमी चंपारण चजला मुख्यालय से करीब 80 चकलोमीरर दूर स्थित जमुचनया पंचायत का कररांव गांव आचदवासी बहुल है. करीब 150 घरो् वाले इस गांव की आबादी 1600 है. यहां 650 मतदाता है्. गांव मे्70 फीसदी लोग िार् जनजाचत के है्. 20 प््चतशत दचलत और 10 फीसदी ब््ाह्मïण, बचनया एवं मुसलमान है्. गांव शहरी प्भ् ाव से अछूता नही्है. यहां की सड्के्पक््ी है्और चबजली भी आ चुकी है. इससे पता चलता है चक गांव आच्िाक प््गचत की राह पर भी है. खेती के चलए रैक्रर की उपलब्धता है तो वही्मोररसाइकले्और गाचडय़ां भी गांव वालो् के पास है. यहां खेतीबाड्ी और पशुपालन मुखय् पेशा है. गांव कई मायनो् मे् अलग है्. यहां के लोग खेतो् मे्धूप से बचने के चलए छतरी लगाकर काम करते नजर आते है.् बच््ेपशु चराने से ज्यादा ध्यान पढ्ाई चलखाई पर देते है्. यहां आपको

चलया जाता है. साि ही इस बात का ध्यान रखा जाता है चक चकसी के साि अन्याय नही् हो. सबको न्याय चमले. यही गांव की कोचशश रहती है. वे बताते है् चक अभी तक चहंसक झड्प तक नही् हुई है. थ्िानीय सांसद सतीशचंद्दूबे कहते है्यह ऐचतहाचसक गांव है. गांधी की धरती पर यह चमसाल है. भीतीहरवा गांधी आश््म के पास रहने से इसे महात्मा गांधी का आशीव्ााद प््ाप्त है. मुचखया सुनील कुमार गढ्वाल की माने तो आज के दौर मे जंहा लोग अपने थ्वाि्ाऔर लालच के चलए अपराध करने से भी नही्चहचकते वही् इस गांव के लोग पूरे समाज को साि लेकर चलने मे्चवश््ास रखते है्. गांव मे् नही् है तो चसफ्फ अपराध व अपराधी. अपसी प्म्े का यह गांव चमसाल है. यहंा के लोगो्ने पढ्े-चलखे सभ्य समाज को े देने का काम चकया है चक अगर आपसी धोती-कुता्ा पहने लोग चमलेग् े तो जी्स-रीशर्ा के बाद से अब तक एक भी मुकदमा चकसी और जर्रत पडऩे पर अपराध करने वाले या संदश ग््ामीण पर दज्ानही्हुआ है. यहां के लोग ना झगड्ा के दोरी व्यस्कत को सजा सुचनच््ित सद््ाव हो तो समाज मे्अपराध ही नही्रहे. पहने भी. खेती और पशुधन के अलावे यहां तो िाने गये और न ही् कोर्ा-कचहरी का करता है. जुचमनया पंचायत मे् 13 वाड्ा है चमसाल बने कररांव गांव की भूचमका पर आच्िाक आय के अन्य श््ोत भी है. खासकर चक््र लगाया. इस गांव मे्अबतक कोई भी और सभी मे् एक -एक गुमास््ा है. िार् बेचतया के पुचलस अधीक््क चवनय कुमार मचहलाये् हस््चशक्प को अपना कर अपने बड्ा-छोरा अपराध नही् हुआ है. छोरे-मोरे जनजाचत के लोग ही अपने नेता यानी कहते है चक अभी कलयुग है और इसमे्राम पचरवार को आचिज््क संबल प््दान करती है. चववाद अगर हो भी जाते है् तो उसका गुमाथ्मा का चयन करते है्. झगड्े पर राज्य की कक्पना बेमानी है, लेचकन कररांव प््ारंपचरग हस््चशक्प के तहत मचहलाये्मोिी चनपरारा गांव स््र पर ही्कर चलया जाता है, गुमाथ्मा ने जो फैसला सुना चदया उसे मानना गांव के लोगो् ने जो काम चकया है उसे या खजूर की सी्ंक से रंग-चबरंगा मौनी, दौनी बात गांव के बाहर तक भी नही् जाती. गांव झगड्ेमे्चलप्त दोनो्पक््ो्के चलए जर्री है. देखकर तो यही्लगता है चक कलयुग मे्भी अंग् ेरजो् की गुलामी देख चुके गांव के राम राज्य संभव है. वे कहते है्चक जर्रत है और रोकचरयां बड्े पैमाने पर बनाती है्, का अपना मुचखया है. जो गांव के चवकास के चजसका अच्छा बाजार है. कररांव गांव चलए काय्ा करता है. इसके अलावा िार् वृद् और वाड्ा चार-पांच के गुमास््ा ऐसे काम को प््ोत्साचहत करने की,ताचक आधुचनक होते देश-समाज के साि यह कंधे जनजाचतयो् का अपना नेता यानी गुमास््ा जयनारायण महतो की माने तो कभी कररांव संदेश का व्यापक प््भाव पड्ेऔर दूसरे गांव होता है. चजसकी भूचमका गांव मे् अमन चैन गांव को पुचलस की जर्रत ही् महसूस नही् भी कररांव के रास््ेपर चले. कररांव गांव मे् से कंधा चमला कर चल रहा है. महात्मा गांधी के आद्श ा ो्पर चलने वाले व सद््ाव कायम करने मे् अहम् होती है. हुई. अगर झगड्ा या चववाद हुआ भी तो शांचत-प््ेम और अमन चैन अचानक नही् कररांव गांव की खाचसयत यह है चक आजादी गुमास््ा ही आपसी झगड्ो् को चनपराता है आपस मे् चमल बैठ कर मामले को सुलझा हुआ बस्कक कई दशको्से बरकरार है.

भारी दिखतेअदखलेश पेज 3 का बाकी ही नजर आते है्इसचलए चाचा रामगोपाल जी को भी भचवष्य के चलए सावधान रहना चाचहये. बेस वोर दचलतो्की संखय् ा के चलते सबसे बडा मायावती का ही है और यह भी याद रचखये की यादवो्की संखय् ा इतनी नही् है की वो अपने बूते सरकार बना ले्इस नाते सपा सरकार को केवल यादव सरकार ही कहने वालो् को िोडा जमीन पर भी देखना चाचहये. अदखलेश बने हर वग्ण की पसंि अचखलेश के चेहरे ने सबको आकच्रता चकया. मायावती से ‘त्स ् ’् लोगो्को भी और प््देश मे् कुछ नया देखने की उम्मीद रखने वालो् को भी. पच््िमी यूपी के बाहुबली डी.पी.यादव के मुद्े पर अचखलेश के कदम का बडा असर हुआ िा क्यो्चक राजनीचत प््तीको् की लडाई है चजससे जनता मे् छचव बनायी जा सके. यह अलग बात है की चजस राजा भइया को मायावती ने जेल मे्डाल चदया िा उनकी सलाखो् वाली तथ्वीरे् भी कुछ लोगो्के बीच खूब चली्इस उद्श्े य् से की अब चबरादरी का उद््ार मुलायम चसंह के ही हािो् है.् यह भी याद रहे की मुलायम चसंह के साि जनेशर् चमश्,् मोहन चसंह, आज़म खान जैसे तमाम वग््ो् के चदव्गज रहे है् चजनका साि चकसी थ्वाि्ा से नही् वरन एक चवचारधारा वाला साि रहा है. अलग बात है की अब सभी धाराओ् का अचार बन चुका है. आज के समय मे्भी अचखलेश यादव के साि हमेशा

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चदखने वाले राजेद् ्चौधरी जैसे नेता उंगचलयो् पर भी चगनने मुसश् कल है.् चपछला यानी 2012 का उि्र् प्द् श े का चवधानसभा चुनाव सीधे-सीधे अचखलेश यादव और राहुल गांधी जैसे युवा चेहरो् के बीच हुआ चुनाव िा क्यो्चक अंचतम समय मे् कुछ फंसे हुए अचधकाचरयो् और नेताओ् पर एक्शन लेकर मायावती अपने घाव सहला रही िी्और चनचतन गड���री की अध्यक्त् ा मे् भाजपा हमेशा की तरह कई गुरो् मे् बंरी हुई परंपरागत र्प से नेताओ्की चरण वंदना तक ही सीचमत, केवल नेताओ्वाली ही पार््ी बन चुकी िी. लखनऊ मे् भाजपा मुखय् ालय का आलम यह िा की एक नेता ने चकसी दूसरे का पैर छूते हुए काय्क ा त्ाा को देख चलया तो कुचपत हो जाने का कारण बन जाता िा. तब मोदी युग भी नही्शुर्हुआ िा, न ही संघी ट््ोल भी बहुमत मे्िे लेचकन पार््ी के भीतर और बाहर की हरकतो् के चलते ही जनता मे्राहुल गांधी की वह छचव बन चुकी िी चजससे वो अभी तक उबर नही् पाये है्. उनके परम भक्तो् को छोड दे् तो लोग उन्हे् गंभीरता से अभी भी ले नही्पाते जबचक इतनी बडी पार््ी मे् महत्वपूणा् चजम्मदे ारी उठाने के मामले मे्वो मोदी जी और अचखलेश यादव के भी सीचनयर लगते है.् इस मामले की कायदे से तफ्तीश होनी चाचहये की अचत सौम्य राहुल गांधी की ऐसी छचव प््ोजेक्र करने मे् कही् कांगस ्े के घाघ नेताओ्का ही हाि तो नही्है. खैर उस पर चच्ाा चफर कभी.

दलबदलुओ् मे् उलझी भाजपा

फज़ल इमाम मल़ललक

िेहरािून. उि्र् ाखंड चुनावो् को लेकर होने वाले चुनाव पूवा्सव्क ्े ण ् ो्मे्भाजपा को कांगस ्े पर बढ्त चमलती चदखायी जा रही है और कहा जा रहा है चक इस बार प्द् श े मे् उसकी ही सरकार बनेगी. परंतु जमीनी हकीकत यह है चक प्द् श े भाजपा अंतक्ल फ ह से जूझ रही है. कांगस ्े से दलबदल कर भाजपा मे् आये नेताओ् को लेकर भाजपा का राज्य व केद् ् नेततृ व् पशोपेश मे् है. जानकारी के मुताचबक भाजपा ने 70 सीरो् वाली चवधानसभा के चलए पहली सूची लगभग तय कर दी है और उसकी चवचधवत घोरणा संभवत: मकर संक्ाचं त के चदन या केद् ्ीय सचमचत की 15 जनवरी को होने वाली बैठक के बाद की जायेगी. भाजपा ने 32 सीरो् पर उम्मीदवार एकदम तय कर चदए है्और इनमे्कांगस ्े छोड् कर आए चार-पांच नेताओ्का चरकर शाचमल है. हालांचक राज्य के भाजपा नेताओ्ने कांगस ्े के इन नेताओ् को जबरन िोपे जाने पर एतराज जताया है और केद् ्ीय नेततृ व् तक अपनी भावना पहुचं ा दी है लेचकन माना जा रहा है चक भाजपा का शीर्ानेततृ व् इन नेताओ्की बातो् पर तवज््ो देने के मूड मे् नही् है. उि्र् ाखंड के मुखय् मंत्ी हरीश रावत और उनकी सरकार के चखलाफ कांगस ्े के नौ चवधायको् ने बगावत की िी और रावत की कुस्ी अदालत के दखल के बाद बची िी. भाजपा इन नौ चवधायको्को लेकर पसोपेश मे्

है. इनके अलावा पूवा् केद् ्ीय मंत्ी सतपाल महाराज भी है्जो लोकसभा चुनाव से पहले कांगस ्े छोड् कर भाजपा मे् आये िे लेचकन अभी तक भाजपा को बड्ा फयदा नही्पहुच ं ा पाये है.् प्द् श े भाजपा ने उम्मीदवारो्का पैनल केद् ्ीय नेततृ व् को भेज चदया है. ऐसा माना जा रहा है चक भाजपा कांगस ्े से आये दो-तीन चवधायको्का पि््ा कारने के मूड मे्है. पूवा् मुखय् मंत्ी चवजय बहुगण ु ा चुनाव लडऩे के मूड

मे् नही् है् और वे चाहते है् चक पार््ी उनकी जगह उनके बेरे को चरकर दे. लेचकन चदलचथ्प बात यह है चक उन्हो्ने चरकर अपने बड्ेबेरे चवकास की बजाय सुबोध को देने की बात कही है. राजधानी मे् उि्र् ाखंड भाजपा चुनाव सचमचत की बैठक मे् कांगस ्े से आये नेताओ्के नाम पर चच्ाा हुई और जो जानकारी चमली है उसके मुताचबक बद््ीनाि से सतपाल महाराज का चरकर फाइनल हो गया है. हालांचक महाराज अपनी पत्नी और प्द् श े की पूवा्मंत्ी अमृता रावत के चलए चौबट््ाखाल से

चरकर चाह रहे िे लेचकन उनसे साफ कहा गया चक पचरवार से चकसी एक को ही चरकर चदया जायेगा. हालांचक बाद मे् उन्हो्ने खुद चबट््ाखाल से चुनाव लडऩे की इच्छा जतायी लेचकन यहां से भाजपा के पूवा्प्द् श े अध्यक्् तीरि चसंह रावत भी उमीदवार का दावा पेश कर रहे है,् इसचलए सतपाल महाराज को बद््ीनाि से चरकर देने का फैसला चलया गया. कांगस ्े से आये दूसरे बड्ेनेता हरक चसंह रावत भी अपनी पत्नी के चलए चरकर चाह रहे िे लेचकन उन्हे्भी मना कर चदया गया. हरक चसंह रावत अपने चलए धम्पा रु , डोईवाला, कोरि््ार से चरकर चाह रहे िे. बाद मे्उन्हो्ने लैस ् डाउन से चुनाव लडऩे की इच्छा जतायी है. ऐसा कहा जा रहा है चक इसम अड्चन वत्मा ान चवधायक चदलीप रावत है.् लेचकन सूत् बता रहे है् चक रावत को लैस ् डाउन से ही भाजपा मैदान मे् उतारेगी. सुबोध उचनयाल को नरेद् ्नगर, शैलरानी रावत को केदारनाि, उमेश शम्ाा को र्दप् रु और कुवं र प्ण ् व चैच्पयन को खानपुर से चरकर तय कर चदया गया है. इनके अलावा प्द् ीप बत््ा र्डक ् ी, रेखा आय्ासेमश े र् से चरकर चाह रही है.् लेचकन इन सब के चलए परेशानी का सबब थ्िानीय भाजपा नेता और यहां से जीते वत्मा ान चवधायक है.् वे इनकी उम्मीदवारी का चवरोध कर रहे है.् भाजपा पर दो तरफा दबाव है, भीतरी भी और बाहरी भी. माना जारहा है चक कांगस ्े से आये कुछ चवधायको्का पि््ा कर सकता है.


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13 जनवरी - 19 जनवरी 2017

अदिंददत और दिष्णु बिे राष््ीय रेदिंग चै्दियि हमने कार्टि्ग मुकाबले से शुर्आत की थी और अब देश मे् मोटर स्पोर्स्स नये मुकाम पर है. कई युवा रेसर सामने आ रहे है् जो अंतरराष््ीय स््र पर अपने को कभी भी सारबत कर सकते है्. फ़जल इमाम मल़ललक

ग््े

रर नोएडा के बुद् इंररनैशनल सच्कफर पर जेके रायर-एफएमएससीआई राष््ीय रेचसंग चै्चपयनचशप मे् अचनंचदत रेड्ी और चवष्णु प््साद चै्चपयन बने. रेड्ी ने यूरो जेके 16 और प््साद ने एलजीबी फॉम्ाूला 4 श््ेणी मे् आसानी से जीत हाचसल की और राष््ीय चै्चपयन बन गये. इस दौरान करीब 20 हजार दश्ाको् ने युवा रेसरो् का कमाल ट््ैक पर देखा. जेके रायर रेचसंग चै्चपयनचशप का यह उन्नीसवां संथ्करण िा. चार चरणो् मे् होने वाले इस मुकाबले के पहले तीन चरण कोयंबरूर मे् हुए िे. प््चतभाये्संवारने का काम चकया है. ट््ैक पर फाइनल चरण की रेचसंग बुद् इंररनैशनल बेहतरीन प््दश्ान की बदौलत अंतरराष््ीय सच्कफर पर हुई. इस आयोजन ने देश की कई स््र पर भी उनकी धमक कायम हुई है.

खेल डायरी

मोव्स्ाथ्पोव्स्ासे जेके और उनके जुडाव का चजक््करते हुए जेके रायर मोरर थ्पोव्स्ाके प््मुख संजय शम्ाा ने बताया चक करीब दो

चकया और पदक जीते. राजधानी के छत््साल थ्रेचडयम मे्कुश्ती के कुछ राजधानी मे् संपन्न बासठवे् राष््ीय थ्कूली खेलो् रोमां च क मुकाबले देखने को चमले. फ््ीथ्राइल व ग््ीको का चखताब मेजबान चदक्ली ने जीत चलया है. चपछले रोमन थ् राइल मे्पहलवानो्ने कुछ अच्छे दांव लगा कर कुछ सालो् से चदक्ली की थ्कूली रीम दूसरे राज्यो् को दश् ा क ो् का मन मोहा. लड्को्के अंडर 19 वग्ाके 55 पछाड् कर चै्चपयन बनने का गौरव हाचसल करती चक.ग् ा ् . भार वग्ा की फ््ी थ्राइल कुश्ती मे् चदक्ली के आयी है. राहु ल ने हचरयाणा के रचव को हरा कर थ्वण्ा पदक ताजा संथ्करण मे् भी उसने अपनी श््ेष्ता बनाये जीता, महाराष् ् के सुचमत व मध्यप््देश के आशु को रखी. रीम ने लड्को् व लड्चकयो् के वग्ा मे् शानदार कां थ ् य पदक चमला. लड्को् के अंडर 17 वग्ा (58 प््दश्ान चकया और दूसरे राज्यो् के थ्कूलो् को पीछे चक.ग् ा ् ) की ग् ् ी को रोमन थ्राइल कुश्ती मे् चदक्ली के छोड्ते हुए चखताब जीता. अनु ज ने थ् व ण् ा पदक जीता, उि््रप््देश के राम प््वेश चदक्ली ने है्डबाल, कुश्ती, योग, सेपक तकरा ने रजत और ते ल ं ग ाना के मनीर व पंजाब के यशवीर रकारा, कुराश सचहत दूसरे खेलो् मे् पदक जीते. ने कां थ ् य पदक जीता. 63 चकग् ा ् भार वग्ा मे्चदक्ली के हालांचक हचरयाणा, कन्ाारक, पंजाब, चंडीगढ्, छि््ीसगढ्, आंध्प्देश, उि््रप््देश, महाराष््, गुजरात, राहुल ने थ्वण्ापदक जीता चदक्ली के ही सोनू ने रजत चवद््ा भारती व सीबीएसई के चखलाच्डयो्से उसे चुनौती और चंडीगढ के चवराज पाठक व पंजाब के चदलप््ीत को कांथ्य पदक चमला. लड्को् के अंडर 19 वग्ा के 96 चकग््ा भार वग्ा की ग््ीको रोमन थ्राइल कुश्ती मे् पंजाब के मोहम्मद अशरफ ने चदक्ली के सोनू को हरा कर थ्वण्ापदक जीता. महाराष््के चकशोर व कन्ाारक के रमेश ने कांथ्य पदक जीता. पुरथ्कार चवतरण समारोह मे्दो बार के ओलंचपक पदक चवजेता और चदक्ली सरकार मे् खेल चवभाग के चवशेर काय्ा अचधकारी सुशील कुमार, उप चशक््ा चनदेशक (खेल) आशा अग््वाल ने सभी चखलाचडयो् को बधाई दी और कहा चक वे खेलो् के जचरये देश का नाम रोशन करे्. दोनो् ने चवजेताओ् के पुरथ्कार भी बांरे. जर्र चमली लेचकन अचधकांश मुकाबलो् मे् चदक्ली के साहेब दसंह ने जीती हाफ मैराथन चखलाच्डयो्ने अपना दबदबा कायम रखा. बुलंदशहर के साहेब चसंह ने वेदान रन रू ब््ीि राष््ीय थ्कूल खेलो् मे् देश के सभी राज्यो् की गाचजयाबाद हाफ मैरािन का चै्चपयन बनने का गौरव थ्कूली रीमो् के हजार से ज्यादाचखलाच्डयो् ने चहथ्सा हाचसल चकया. गाचजयाबाद के चवजय राज दूसरे और चलया. चदक्ली के चलए कंचन, सोनू, राजेश, प््शांत, चजते्द् राठी तीसरे थ्िान पर रहे. साहेब चसंह ने एक राहुल, चदव्या मान, अमीरा रोकस, ज्योचत रोकस, घंरा 13.11 चमनर का समय चनकाला. चवजय राज ने दीनबंधू, मचनंदर व साले सोलंकी ने चमकदार प््दश्ान एक घंरा 22.14 चमनर का समय चनकालकर दूसरा

स्कूली िेलो् का दिताब दिल्ली को

दशक के लंबे सफर मे्इस रेस ने कई पडाव तय चकये है्. संजय ने बताया चक हमने काच्रि्ग

औरमहामाया खेल पचरसर के चजते्द् राठी ने एक घंरा 27.23 चमनर का समय चनकालकर तीसरा थ्िान हाचसल चकया. रन रू ब््ीि हाफ मैरािन का यह दूसरा संथ्करण िा. इसका अयोजन रोयोन सामाचजक संथ्िा ने चकया िा. जेके रायर, चरलायंस म्युचुअल फंड, एलआईसी, थ्पश्ा, आि््ोशेड, कमल अथ्पताल, एलेक्ट्ोचबयोन, आथ्क योर च््टप और आनंदा डेयरी मैरािन मे्साझीदार िे. धावको्को अज्ाुन पुरथ्कार चवजेता हाकी चखलाड्ी जफर इकबाल, द््ोणाचाय्ापुरथ्कार से सम्माचनत एके बंसल, गाचजयाबादके मेयर आशु वम्ाा, पार्ाद नीलम भराि््ाज, अतर चसंह और महे्द्चौधरी ने झंडी चदखाई. पुरथ्कार चवतरण पदमभूरण व द््ोणाचाय्ा सम्मान से सम्माचनत पहलवान महाबली सतपाल ने चकया. पुर्रो् की दस चकलोमीरर दौड मे् हचरयाणा के प््मोद ने 44. 12 चमनर के साि पहले थ्िान पर रहे. चदक्ली के आचसफ 45.11 चमनर का समय चनकालकर दूसरे औरपलवल के अनीश कुमार 45.16 चमनर के साि तीसरे थ्िान पर रहे. मचहलाओ् के वग्ा मे् उि््र प््देश की सुनीता गुप्ता ने एक घंरा 17 चमनर का समय चनकाला और चै्चपयन बनी्. पांच चकलोमीरर वग्ा मे् हचरयाणा के चववेक (17.03 चमनर) पहले, चदक्ली के राहुल (17.52) दूसरे और उि््र प््देश के लवीन (20.02) तीसरे थ्िान पर रहे. मचहलाओ् के वग्ा मे् चदक्ली की प््ीचत ने 26.35 चमनर के समय के साि पहला, ओमेन ने 26.47 के साि दूसरा और काजल ने 26.49 चमनर के साि तीसरा थ्िान हाचसल चकया. िाई चकलोमीरर दौड मे् लड्को् का चखताब चवशाल चसंह ने जीता. सै्की दूसरे और चदलीप तौकीर तीसरे थ्िान पर रहे. लडचकयो् के वग्ा का चखताब शालू ने जीता. वंदना दूसरे और चवचध ने तीसरा थ्िान हाचसल चकया. िाई चकलोमीरर मे् मचहलाओ् का चखताब मधु सौरभ ने जीता. प््ीचत गुप्ता दूसरे और कचनका गोयल तीसरे थ्िान पर रही्. मैरािन मे्देश के कई चहथ्सो्के

मुकाबले से शुर्आत की िी और अब देश मे्मोरर थ्पोव्स्ानये मुकाम पर है. कई युवा रेसर सामने आ रहे है्जो अंतरराष््ीय स््र पर अपने को कभी भी साचबत कर सकते है्. पहले चसफ्फनारायण काच्ताकयेन हमारे पास िे. उन्हे् भी अंतरराष््ीय सच्कफर मे् जगह बनाने मे्काफी परेशानी हुई िी लेचकन अब युवा रेसरो्के साि ऐसा नही्है. वे कतार मे् पीछे नही् अंतरराष््ीय रेसरो् के साि खडे हो सकते है्. तकनीकी तौर पर भी वे काफी दक््है्. संजय ने बताया चक कर्ण चंडोक, अजय चकन्नी, चचत््ांश मांडोडी, कृरणाराज महाचडक, चवष्णु प््साद, कुश मैनी, रघुल रामासामी, दलजीत रीएस, अचखल रवी्द्, काच्ताक िरानी, अनंत शानमुगम, करचमंदर चसंह, सुदश्ान राव, अरमान इब््ाचहम, आचदत्य परेल, अज्ाुन मैनी, चवष्णु प््साद, शरण चवक््म और अमया वलवलकर जैसे रेसरो् की लंबी कतार है, जो अंतरराष््ीय सच्कफर मे् चकसी भी रेस मे् चहथ्सा लेने और बेहतर करने मे्सक््म है्. ये सभी रेसर जेके मोरर थ्पोव्स्ाकी बदौलत ही सामने आये है्. संजय को इस बात की तसक्ली है चक एक पूरी की पूरी पीढी उन्हो्ने इस खेल मे् खडी कर दी है जो भारत के चलए बेहतर कर सकते है्.

सैकड्ो् धावको् ने चहथ्सा चलया. वेदान रन रू ब््ीि सीरीज के तहत अगली हाफ मैरािन फरवरी मे्चबहार के राजगीर मे्होगी.

दवद््ा भारती अकािमी चै्दपयन

चवद््ा भारती अकादमी ने गोक्डन सीरीज अंडर12 च््ककेर रून्ाामे्र जीत चलया है. चवद््ा भारती थ्कूल मैदान पर खेले गये फाइनल मे् चवजेता रीम ने रेलीफंकन क्लब को चार चवकेर से हरा कर चखताब पर कब्जा जमाया. चवद््ा भारती अकादमी की जीत के नायक रौनक चोपड्ा रहे. रौनक ने हरफनमौला प््दश्ान करते हुए 20 रन देकर दो चवकेर चरकाये और बक्लेबाजी करते हुए 48 रन बनाये. पहले बक्लेबाजी करते हुए रेलीफंकन क्लब ने दीपांशु कुमार के 40 रनो् की मदद से छह चवकेर पर 128 रन बनाये. कुशाग्् शुक्ला ने 10 रन देकर तीन चवकेर चरकाये. लक््य का पीछा करते हुए चवजेता रीम ने छह चवकेर पर 129रन बना कर चखताब जीत चलया. साि्ाक को श््ेष् बक्लेबाज, कुशाग्् के श््ेष् गे्दबाद, गव्ा को श््ेष् आलराउंडर और वैभव खन्ना को रून्ाामे्र के सव्ाश्ेष् चखलाड्ी के पुरथ्कार से नवाजा गया.


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प़़ेम पंचोली

पय्ाावरण

13 जनवरी - 19 जनवरी 2017

ििचद््ियां और 35 हजार मेगािाट

ि््राखंड राज्य के अक््य ऊज्ाा चवभाग के मुताचबक राज्य मे् 22 हजार घरार (पनचच््कयां) है्. इनसे नये चसरे से चबजली पैदा करने की डीपीआर तैयार हो चुकी है. यचद सबकुछ ठीकठाक रहा तो ये पनचच््कयां राज्य मे् ऊज्ाा के नये स््ोत बने्गी. इससे राज्य के लोगो्को चबजली की समथ्या से भी चनजात चमल जायेगी. इन पनचच््कयो्से पैदा हुई चबजली को सरकार बेच भी सकेगी. क्यो्चक राज्यवाचसयो् को लगभग 15 हजार मेगावार चबजली की ही आवश्यकता है. जबचक इन पनचच््कयो् से लगभग 35 हजार मेगावार से भी अचधक चबजली बनने की बात कही जा रही है. कहा जा सकता है चक ये पनचच््कयां राज्य मे् राजथ्व का नया स््ोत भी बने्गी. साि ही पेयजल, चसंचाई के चलए भी ये सुलभ रहे्गी. यह कोई हाल का आंकड्ा नही्है बस्कक राज्य बनने के बाद से यह चवभाग ऐसे आंकड्े और योजनाये्प््स्ुत कर रहा है. सचमुच मे् यचद राज्य सरकार राज्य की पनचच््कयो्को चबजली के चलये चवकचसत करेगी तो राज्य के पहाड्ी गांव चबजली की समथ्या से छुरकारा पा ही सकते है्. राज्य के अचधकांश गांव घनघोर जंगलो्के मध्य बसे है्. यहां चबजली की लाइन पहंचाने मे् वन चवभाग के कानून आड्ेआ रहे है्. जबचक इस तरह की पनचच््कयां हर एक गांव के पास दो से कम नही् है्. अक््य ऊज्ाा के आंकड्ो् पर गौर करे् तो 22 हजार पनचच््कयां वर्ा भर चलने वाली हो सकती है्. जबचक गैर सरकारी आंकड्ा राज्य मे् पनचच््कयो् की संख्या लगभग 35 हजार से अचधक बताता है. हो सकता है वह गैर सरकारी आंकड्ा मौसमी और साल भर चलने वाली पनचच््कयो् को चमलाकर प््स्ुत चकया जा रहा हो. मगर पहाड् के बहते पानी का उपयोग करने के चलये वे 22 हजार पनचच््कयां ही चवकास बाबत अच्छा खासा माध्यम बन सकती है्. जानकारो् का मानना है चक इन सभी पनचच््कयो् को चवद््ुत हेतु चवकचसत चकया जाता है तो एक तरफ चबजली की समथ्या से चनजात चमल जायेगी दूसरी तरफ यह चक

पनचच््कयो् तक पहुंचाने वाली नहरो् को चसंचाई, पेयजल आचद के चलये भी उपयोग चकया जायेगा. और सबसे बड्ा फायदा इन पहाड्ी गांव को होगा चक चनम्ााण के दौरान कोई आपदा के खतरे नही्सताये्गे. सरकारी मुलाचजमो् का मानना है चक सबसे बड्ा फायदा इन पचरयोजना से थ्िानीय लोगो् के हािो् रोजगार सृजन का भी होगा. अि्ाात पहाड् से प््ाकृचतक र्प से बहने वाली ये 'थ्च्पंव���स' रोजगार और सचवधायुक्त मुफीद होने की प््बल संभावना समेरे है्. उक्लेखनीय हो चक उि््राखंड के पहाड्ी गांवो् मे् पनचच््कयो् का भावनात्मक चरश्ता है. इन पनचच््कयो् से चपसने वाला अनाज लोगो् का परथ्पर चरश्ता बनाता है. अि्ाात

जानकारो् का मानना है रक इन सभी पनचर््ियो् को रवद्त्ु हेतु रवकरसत रकया जाता है तो एक तरफ रबजली की समस्या से रनजात रमल जायेगी, दूसरी तरफ पनचर््ियो् तक पहुचं ाने वाली नहरो् को रसंचाई, पेयजल आरद के रलए भी उपयोग रकया जायेगा. घरार (पनचक््ी) न केवल थ्िानीय रोजगार का साधन है, बस्कक पहाड्ी लोक जीवन और परंपराओ् से भी कही् गहरे तक जुड्ा है. घरार वास््व मे् अनाज चपसाई की पुरानी चक््ी का नाम है, जो चसफ्फ पानी के बहाव से ही चलती है. पानी का बहाव चजतना तेज होगा चक््ी उतनी ही तीव््गचत से घूमती है. नदी अिवा नालो् से चक््ी तक पानी गूल की सहायता से लाया जाता है. इस तरह घरार चलाने वाली गूल से चसंचाई व पेयजल इत्याचद के कामो्मे्भी लाया जाता है. यह भी खास है चक पनचक््ी उसी नदी नाले के चकनारे पर बनाया जाता है जहां साल भर पानी रहता है. पनचक््ी ऐसी लोक तकनीकी है जो पानी से ही चाचलत होती है. पनचक््ी का ताना-बाना प््ाकृचतक संसाधनो् से चवकचसत चकया जाता है. गौरतलब हो चक मौजूदा समय बाजार मे् आरे की िैचलयां उपलब्ध होने और गांवो्मे्

भी चबजली, चडजल चाचलत चच््कयां थ्िाचपत होने से इन पनचच््कयो् के अच््सत्व पर संकर मंडराने लग गया है. इतना ही नही् सरकारो् की उदासीनता के कारण इस तरह की सस््ी और परंपरागत तकनीक समाप्त होती जा रही है. जबचक राज्य बनने के दो वर्ा बाद सरकार ने इन पनचच््कयो् के नवीनीकरण बाबत बाकायदा 'उतराखंड चवकास सचमचत' का गठन चकया िा. यह सचमचत इन पनचच््कयो् का अध्ययन करेगी और साि-ही-साि इन पनचच््कयो् को चवद््ुत उत्पादन के चलये चवकचसत करना सचमचत का प््मुख काय्ािा. सचमचत ने तत्काल इन पनचच््कयो् का

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सव््ेक्ण कर चदया िा और इसके बाद से यह सचमचत कागजो्की धूल चारती रह गयी. अक््य ऊज्ाा चवकास अचभकरण के मुताचबक एक पनचक््ी से पांच से 15 चकलोवार चबजली पैदा की जा सकती है. आंकड्ेगवाह है्चक राज्य मे्अभी भी लगभग 22 हजार पनचच््कयां मौजूद है. यचद उरेडा की तकनीकी पर गौर करे्तो इन पनचच््कयो् से लगभग 1000 मेगावार से 3000 मेगावार तक चबजली उत्पाचदत की जा सकती है. अकेले उि््रकाशी जनपद मे् 2075 पनचच््कयां मौजूद है्. इनमे् से मात्् 35 पनचच््कयो्का उच््ीकरण करवाया जा रहा है, चजनमे्अब 25 इलेक्च्टकल पनचच््कयां है्. इलेक्च्टकल पनचक््ी के चलये 1.5 लाख र्पये और मेकचे नकल पनचक््ी के चलये 50 हजार र्. की अनुदान राचश सरकार ि््ारा दी जाती है. उि््रकाशी मे् उरेडा के पचरयोजना अचधकारी मनोज कुमार का कहना है चक पनचक््ी को चवकचसत करने के चलये सरकार 90 फीसदी अनुदान देती है. लोग अनुदान का फायदा उठाकर बहुउद््ेशीय पनचक््ी चलाये् तो यह कमाई का अच्छा जचरया बन सकता है. प््देश के मुख्यमंत्ी हरीश रावत के मुताचबक नयी ऊज्ाा नीचत मे्इन पनचच््कयो् को याचन लघु पनचबजली को प्म् ख ु ता से रखा गया है. ताचक थ्िानीय स््र पर रोजगार के साधन भी उपलब्ध हो और पय्ाावरण का भी सन्तुलन बना रहे. वह कहते है् चक लघु पनचबजली योजनाओ्को पंचायतो्के जचरये चवकचसत करना चाहते है्, चजसका रोडमैप तैयार है. मुख्यमंत्ी कहते है्चक आज के दौर मे् ऊज्ाा का सबसे बड्ा आधार हमारी पनचच््कयां ही है्. इन्हे् चवकचसत करना हमारी चजम्मेदारी है. प््देश के अक््य ऊजत्ाा चवकास अचभकरण के प््बंध चनदेशक के मुताचबक ऐसा कोई गांव नही् जहां पनचक््ी नही् है, चवशेरकर पहाड्ी गांव. चवभाग ने पनचच््कयो्के चलये बाकायदा एक रोडमैप तैयार कर चदया है, चजसे सरकार की भी संस्ुचत चमल चुकी है. जक्दी ये पनचच््कयां ऊज्ाा का स््ोत बने्गी. (इंदिया वाटर पोट्णल)


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दवचार इक बाग़ मे़ दो-दो फूल खिले पर...

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िंभूनाथ िुक़ल क बार श््ीनगर जाते हुए मुझे भारतीय सेना के राष््ीय राइफक्स (आरआर) के कै्प मे् रात गुजारने का मौका चमला. मै् उस कै्प मे्एक फौजी जवान का मेहमान िा क्यो्चक उस जवान के चपता हमारे साि िे और वे हमारे हीगांव के रहने वाले िे. हम नयी चदक्ली थ्रेशन से राजधानी एक्सप््ेस पकड्कर जम्मू गये िे और वही् थ्रेशन के बाहर एक रैकस ् ी खड्ी िी चजसके ड््ाइवर को चहदायत िी चक वह हमे् श््ीनगर के करीब एक बीहड्मे्स्थितआरआर मे्लेकर आये. सुबह सात बजे हम चले और शाम करीब पांच बजे हम कई चजलो्, पहाड्ो,् नचदयो्और झरनो् को लांघते हुए सुदूर जंगल मे् स्थित उस कै्प मे्पहुंचे िे. उस जवान को जैसे ही पता चला चक हम आ गये है्वह तत्काल हमे् अपने गेथर् हाउस मे्ले गया जहां पर हमे्कई तरह के ड््ाई फू्व्स के साि कहवा चपलाया गया. उस आरआर के तमाम जवान और सूबेदार तिा नायब सूबेदार हमसे चमलने आये और वे सब खुश िे क्यो्चक हमउस फौजी जवान के घर वाले िे. हमे् अपने चनकर पाकर उन्हे्ऐसा लग रहा िा मानो्हम उनके ही पचरवार के बुजुग्ाहो्. आरआर का वह कै्प लगभग 50एकड् से भी ज्यादा के मैदान मे् बना िा. उसके

तफरदौस खान

पां

च राज्यो् मे् होने जा रहे चवधानसभा चुनाव की तारीख घोचरत हो चुकी है्. चजस वक्त चसयासी दलो् को पूरी तैयारी से जनता के बीच जाना चाचहए उस वक्त वे खुद से ही जूझ रहे है्. कही् आपसी वच्ाथ्व की लड्ाई है तो कही् गुरबाजी. उि््र प््देश मे् सि््ाधारी समाजवादी पार््ी इस वक्त बेहद बुरे दौर से गुजर रही है. हालात यह है् चक पार््ी के संथि ् ापक मुलायम चसंह यादव आज अपनी ही पार््ी को बचाने के चलए बेरे अचखलेश यादव के साि चसयासी जंग लड् रहे है्. अचखलेश अपने गुर को असली सपा बता रहे है्. हालांचक सपा अध्यक्् मुलायम चसंह यादव ने अचखलेश को पार््ी का राष्ï्् रीय अध्यक््मानने से इनकार कर चदया है और दोनो्ही दल साइचकल चुनाव चचह्नï हाचसल करने की जद््ोजहद मे् है्. चफलहाल यह मामला चुनाव आयोग की चौखर पर है. के्द् की सि््ाधारी भारतीय जनता पार््ी की हालत भी उि््र प््देश मे्कुछ बेहतर नही् है. हालांचक प्ध ् ानमंत्ी नरेद् ्मोदी उि्र् प्द् श े मे् पचरवत्ान रैचलयां करके मतदाताओ् को लुभाने की कोचशश कर रहे है्. उन्हो्ने अपने मंच्तमंडल मे् भी उि््र प््देश के चेहरो् को काफी तरजीह दी है. मगर अभी तक भाजपा की ओर से उि््र प््देश के मुख्यमंत्ी पद का दावेदार तय नही्हो सकता है. भाजपा के कई वचरष््ï नेता इसी प््देश से है्चजनमे्राजनाि चसंह, कलराज चमश््, कक्याण चसंह, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, योगी आचदत्यनाि आचद सभी शाचमल है.् मुखय् मंत्ी

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अंदर सेब के बगीचे िे और कुछ अन्य पेड्पौधे. फुरबाल और बाथ्केरबाल के मैदान िे तिा कुछ बड्े अफसरो् हेतु बंगले भी. दो तरह के गेथ्रहाउस िे. एक तो वह चजसमे् हम चरके िे जो चक जवानो्के अचतचियो्के चलए िा और दूसरा मेजर व उसके ऊपर के रै्क के अफसरो्के मेहमानो्के चलए. हमारा गेथ्र हाउस अपेक्ाकृत खराब िा. मसलन उसके पलंग चहल रहेिे, पानी की रो्चरयां रपक रही िी्और फ्लश काम नही्कर रहा िा. लोहे की लान चेयस्ािी्और बािर्म मे् न तो हाि धोने के चलए साबुन िा न ही कोई शीशा. कमरे का हीरर खराब िा और फश्ा पर कारपेर नही् िा. इसकेचवपरीत अफसरो् के मेहमानो् के चलए बना गेथ्र हाउस थ्रार सुचवधाओ् से लैस िा. उसके बेड करीने से चबछे िे. चादरे् नयी और फश्ा पर कारपेर वाल रू वाल िा. कंबल भेड् के रोये् वाले सुवाचसत िे. हर कमरे मे्दो-दो हीरररखे िे और वह भी आयल वाले ताचक कमरे मे् आद््ता बनी रहे. इसके अलावा सोफे भी िे और वाशर्म मे्सारी काथ्मेचरक्स की चीजे् िी्. डॉव के सारे प््ोडक्र और एक सामान्य दज््े की शेचवंग चकर भी. कमरे मे् हवाई चप्पलेभ् ी िी्. मगर मैने पाया चक खाना हमारे च���ए बेहतर िा. उसकी वजह िी चक मेस भले अलग-अलग हो् पर खाना बनाते तो

जवान ही िे इसचलए वे उि््म क्वाचलरी का खाना हमारे वास््े चनकाल देते आचखर हम उनके गेथ्र जोिे. इसी आरआर कैप् के एक छोरे-से चहथ्से मे् पैरा चमचलट््ी फोस््ेज (सीआरपीएफ, बीएसएफ और सीआईएसएफ) का कै्प िा. उसे देखकर लगता िा चक मानो् चकसी महाराजा के इलाके मे् कुछ जमीन उनके सेवादारो्के वास््ेछोड्दी गयी है. हमे्पहले उसी कै्प से होकर गुजरना पड्ा तो उनकी हालत देखकर हमे् दया आयी. पचास बाई बीस फुर के एक मैदान मे् वे जवान वालीवाल खेल रहे िे. पर उनके अंदर चनराशा-सी भरी िी. हमने अपने दोस््के फौजी पुत्से पूछा चक ये क्या यही्रहते है्तो उसने जो बताया वह आंखे् खोल देने वाला िा. उसने कहा चक यहां कश्मीर घारी मे् सबसे बुरी अवथ्िा मे्यही जवान रहते है्. न तो इनके खाने-पीने का अच्छा बंदोबस्् रहता हैन सुरक््ा का. सच तो यह है चक अगर ये हमारे साि न रहे् तो कभी भी उग््वादी इनको उड्ा सकते है्. यूं भी घारी के लोग सीआरपी या बीएसएफ की रि््ी भर भी परवाह नही् करते. इनकी ड््ूरी सुनसान जगहो् पर अकेलेलगायी जाती है जहां ये पत्िर की मूच्ता की तरह जड्वत खड्े रहते है. इनके पास हचियार भी दोयम दरजे के

होते है्और इन हचियारो्का इस््ेमाल करने की भी इनको आज््ा नही्है. इसचलए इन्हे्तो गांव वाले भी अक्सर दौड्ालेते है्. वे दरअसल फौचजयो् से तो डरते है् पर उनकी खुन्नस इनसे चनकालते है्. इसचलए जरा भी अकेले-दुकेले कोई सीआरपीएफ या बीएसएफ का जवान चदखा तो इन पर पत्िर फेक देते है्. ऊपर से इनको अपना राशन पानी इलाके मे् ही खरीदना पड्ता है इसचलए अक्सर घचरया दरजे का राशन ही चमलता है. यूं भी ये जो सोचकर पैरा चमचलट््ी फोस््ेज मे् आते है्वैसा कुछ नही्इनको चमलता. न तो फौचजयो्जैसीसुचवधाये्न पुचलस वालो्जैसा रौबदाब या ऊपरी कमाई इसचलए ये फ््थ्रेर रहते है्. छुचररयां तो खैर हमे्भी नही्चमलती् पर हमारे यहां अफसर या तो हमसे दूरी बरतते है् अिवा वे खुद हमसे डरते है्. क्यो्चक पीने के बादहमारा फौजी चकसी की परवाह नही् करता. उसे तो बस सब जगह शत््ु ही चदखते है्. हमे् चनरंतर शत््ुओ् से चभडऩा पड्ता है और हमे् उनकी खोज के चलए अपने सूत्भी गांव वालो्के बीच बनाने होते है् इसचलए गांव वालो् के सािहमारे संबंध दोस््ाना रहते है्. लेचकन ये बेचारे न तो लड् पाते है् न चजंदगी का आनंद ले पाते है्. इन बेचारो् को तो अक्सर आधा पेर ही

ख्ुद मे् उलझे है् दियािी दल

पद की दौड् मे् कई पुराने चेहरे है्, तो कुछ नये चेहरो्को भी दावेदार माना जा रहा है. आंतचरक कलह भी भाजपा की राह का रोड्ा बनी हुई है. पार््ी के वचरष््ï नेताओ्की आपसी गुरबाजी चरम पर है. भाजपा मे् शाचमल हो रहे दूसरे दलो् के नेताओ् को तरजीह देने से भी पार््ी के पुराने काय्क ा त्ाओ ा ् मे्आक््ोश है. उन्हे्मलाल है चक वे पार््ी का जनाधार बढ्ाने के चलए अपना खून पसीना बहाते है् लेचकन इसके बावजूद उनकी खास पूछ नही्है. चरकर बंरवारे के बाद भाजपा की आंतचरक कलह खुलकर बाहर आ सकती है. यह बात भी जगज़्ाचहर है चक हाईप््ोफाइल और जनाधारचवहीन नेता संघ से आये प््चारक व जनाधार वाले नेताओ् को पार््ी से बाहर करवा देते है्, चजससे पार््ी के जनाधार पर असर पड्ता है. भाजपा उि््र प््देश मे्मोदी के सहारे चुनावी नैया पार लगाना चाहती है. इसमे् उसे चकतनी कामयाबी चमलेगी, यह तो वक्त ही बतायेगा. वैसे चबहार की चमसाल भाजपा के सामने तो है ही. उि््र प््देश का चवधानसभा चुनाव कांग्ेस के चलए भी बहुत ही ख्ास है. कहा जाता है चक उि््र प््देश के चुनाव नतीजे चदक्ली की चसयासत पर गहरा असर डालते

है्. कांग्ेस का उि््र प््देश से गहरा चरश्ता रहा है. पंचडत जवाहरलाल नेहर्, इंचदरा गांधी, राजीव गांधी, सोचनया गांधी और राहुल गांधी उि््र प््देश से ही चुनाव लड्ते आये है्. कांग्ेस जनमानस की पार््ी रही है. देश की आज़्ादी के बाद कांग्ेस सि््ा मे् आयी और कुछ साल पहले तक कांग्ेस का ही शासन रहा है. मगर इसके बावजूद कांग्ेस ने के्द् और कई राज्यो्की सि््ा गंवा दी. भाजपा ने

महंगाई को मुद्ा बनाकर कांगस ्े से सि््ा छीन ली. हालांचक कांग्ेस ने मनरेगा, आररीआई और खाद्् सुरक््ा जैसी अनेक ऐसी कक्याणकारी योजनाएं दी्, चजसका सीधा फायदा जनमानस को हुआ. मगर कांगस ्े नेता चुनाव मे् इनका कोई फ्ायदा नही् ले पाये.

यह कांग्ेस की बहुत बड्ी कमी रही, जबचक भाजपा जनता से कभी पूरे न होने वाले लुभावने वादे करके सि््ा तक पहुच ं गयी. इस वक्त कांग्ेस के पास महंगाई, नोरबंदी और भ््ष्ाचार जैसे कई मुद्े है्, लेचकन क्या वह इनका फ्ायदा उठा पायेगी? उि््र प््देश मे् कांग्ेस अकेले अपने दम पर चुनाव लड्ेया चकसी पार््ी से गठबंधन करे, इसे लेकर भी कशमकश है. पार््ी काय्ाकत्ाा अकेले चुनाव लडऩे के हक मे्है्, जबचक नेता गठबंधन चाहते है्. उि््र प््देश मे् बहुजन समाजवादी पार््ी की जड्े्काफ्ी गहरी है्. बसपा मे्मुख्यमंत्ी पद तय है. चकसी और बात को लेकर भी कोई ख्ास झगड्ा नही् है. पार््ी प््मुख मायावती चुनावी मुचहम के चलए पूरी तरह तैयार है्. उन्हो्ने पार््ी उम्मीदवारो् की फे्हचरस्् जारी कर दी, चजससे उनके उम्मीदवारो्को तैयारी के चलए ख्ासा वक्त चमल गया. समाजवादी पार््ी ने मायावती से सि््ा छीनी िी. माना जा रहा है चक समाजवादी पार््ी की चसर फुरव्वल का सबसे ज््यादा फ्ायदा मायावती को ही होने वाला है. बसपा का अपना जनाधार है. इसमे् दचलत, चपछड्े और मुसलमान शाचमल है्. मायावती सवण््ो् को भी पार््ी से जोडऩे मे्कामयाब रही है.् वह अकेले दम पर सरकार बनाने का दावा भी कर रही है्. उनका कहना है चक उनकी पार््ी

खाना चमलता है और इनका आला अफसर कोई फौजी अफसर तो होता नही् चजसकेअंदर अपने जवानो्के प््चत ममत्व हो वह तो पुचलस सच्वास से आता है और उसका मकसद पुचलचसया शैली वाला होता है यानी हर जगह उगाही. वह जवानो् के खाने-पीने की चीजे्भी चुराता है. मेरी कश्मीर यात््ा को लगभगतीन साल होने को आ रहे है्. और अब वह हमारा फौजी जवान भी आरआर का अपनी वनवास कारकर मैदानी क््ेत् मे् आ गया है. मगर उसकी बाते् आज भी सोलह आने सच है्. चपछले चदनो् बीएसएफ के चसपाही तेजबहादुर चसंह यादव ने अपने लोगो्के साि अपने अफसरो्ि््ारा की जाने वाली धोखाधड्ी और खाने के नाम पर पनीली दाल तिा जली हुई रोचरयां चदये जाने का जो दुखड्ा अपनी फेसबुकवाल पर शेयर चकया उसे पढ्कर मुझे अपने उस फौजी जवानो् की बाते् याद हो आई्. दरअसल पैरा चमचलट््ी फोस्ज ्े के साि चदक्त् यह है चक ये बेचारे रहते तो मोच््ेपर है्पर इनका मंत्ालय गृह है जो पुचलस के भ्ष ् ् अफसरो्से चघरा हुआ है. इन्हे्या तो फौज के तहत कर चदया जाये अिवा इनके चलए एक ऐसा िांचा तैयार चकया जाये जहां इनके आला अफसर से लेकर सामान्य चसपाही तक इनके कैडर का हो.

ने 97 मुसलमानो् को अपना उम्मीदवार बनाया है. इसके अलावा 87 अनुसूचचत जाचत के लोगो्को चरकर चदया गया है जबचक 106 अन्य चपछड्ा वग्ा और 113 सवण्ा उम्मीदवारो्को चुनावी मैदान मे्उतारा गया है. उनकी ख्ास बात यह है चक वह उम्मीदवारो् के चयन मे् जाचतगत के सािसाि सामाचजक समीकरण को भी तरजीह देती है्. उधर, राष््ीय लोक दल के नेता चौधरी अजीत चसंह गठबंधन को लेकर सुचखऱ्यो्मे् है्. पच््िमी उि््र प््देश के क्द्ावर नेता माने जाने वाले चौधरी अजीत चसंह से कांग्ेस दूरी बनाये है्. उन्हे् समाजवादी पार््ी से गठजोड् करना चाहा, लेचकन पार््ी प््मुख मुलायम चसंह यादव ने उन्हे्सपा मे्चवलय की दावत दे डाली. अजीत चसंह की मुस्शकल यह है चक उनकी पार््ी अकेले चुनाव लडऩे की हालत मे्नही्है. इसके अलावा उन्हे्पार््ी का वजूद भी बनाये रखना है. एक वक्त वह िा जब प््देश की तकऱीबन डेढ्सौ सीर���्पर उनका सीधा दख्ल होता िा, लेचकन अब उनके नौ चवधायक है्. वह जार नेता के तौर पर जाने जाते है्. जारो्के अलावा गुज्ार और राजपूत भी उन्हे् पसंद करते है्. माना जा रहा है चक समाजवादी पार््ी और कांगस ्े से संपक्फबनाये हुए है्. बहरहाल, सभी चसयासी दल ख्ुद को मज़्बूत बताते हुए अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे है.् सभी दलो्के उम्मीदवारो्की फेह् चरस््जारी होने के बाद चुनावी समीकरण बदले्गे.


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13 जनवरी - 19 जनवरी 2017

नोटबंदी के बाद खबर बनते खबरची

रवीि कुमार ध् ानमंत्ी ने तो कहा िा चक ग्रीब चैन की नी् ् द सो रहे है्और अमीरो्की नी्द उड् गयी है. इकोनोचमक्स राइम्स से इस बात का एक मतलब समझ आता है. नोरबंदी के दो महीनो्मे्अमीरो्की नी्द नही्उड्ी िी. बस्कक वे तो प््ाइवेर जेर से उड्रहे िे. चमचहर चमश््ा की चरपोर्ा है. 2014 और 2015 के नंवबर महीने मे् चबजनेस जेर की उड्ानो् मे् 3.3 फीसदी और 7.8 फीसदी कमी आयी िी. 2013 के नवंबर मे्चबजनेस जेर की उड्ानो् मे् 8.8 फीसदी तेज़्ी आयी िी क्यो्चक तब राजथ्िान, मध्य प्द् श े छि््ीसगढ्और चदक्ली मे् चुनाव िे. लेचकन नोरबंदी के नंवबर मे् प््ाइवेर जेर की उड्ान मे्चुनावो्से भी ज्यादा तेज़्ी आयी है. 12.2 फीसदी. कारण चकसी को

नही्पता. लेचकन इस चरपोर्ामे्चकसी ने गेस चकया है चक अघोचरत नगदी नोरो् को लेकर उड्ाने्भरी गयी हो्गी. क्या आपको वो ख्बर याद है चक चहसार से एक प््ाइवेर जहाज़् नागालैड ् के दीमापुर की तरफ उड्ा. उसमे् 3.5 करोड्र्पये िे. तब ऐसी ख्बरे्आयी िी् चक पूव्ोि्र् के राज्यो्मे्पुराने नोरो्की खपत हो रही है. इन ख्बरो्का क्या हुआ, आपको कुछ याद है? आराम से पता चल सकता है चक नोरबंदी के महीनो् मे् प््ाइवेर जेर से क्यो् उड्ाने्भर रहा िा. कहां से कहां जा रहा िा. एक अनुमान यह भी है चक बैक ् ो्तक नोर पहुचं ाने के चलए प््ाइवेर जेर का इस्म् ाल हुआ होगा. मगर तथ्वीर तो सेना के चवमान की छपा करती िी. ख्रै ये भी सरकार चाहे तो बता सकती है. चदक्त् है चक सरकार जो बोलती है

वो अलग अलग एजेच्सयो्के दावो्से कम ही प्म् ाचणत होता है. सरकार ख्दु से तो बताती नही्है. चसफ्फपारदच्शता ा के नाम पर आपको एप पकड्ा देती है. इकोनोचमक राइम्स की ही चरपोर्ा है चक सभी सरकारो् के च््पय एनआरआई लोगो् ने अक्रबू र-नवंबर मे् 17 अरब डॉलर चनकाल चलये. चजसके कारण र्पया कमज़्ोर हो गया. एक लाख सोलह हज़्ार करोड्र्पया चनकाल ले गये. पैसे के मामले मे्कोई राष्व् ादी नही् होता. सब धंधा करते है्और जहां चनवेश पर मुनाफा ज्य् ादा चमलेगा वहां पैसा लेकर जायेग् .े एनआरआई के अलावा चवदेशी चनवेशक भी साढ्ेपांच अरब डॉलर पैसा चनकाल ले गये. मगर चजतना चवदेशी चनवेशक नही्चनकाल ले गये उससे कही् ज्य् ादा अप्व् ासी भारतीय अपना पैसा भारत से चनकाल ले गये है.् क्या भारत की अि्वा य् थ्िा की शानदार कहाचनयो्मे् उनका चवश््ास नही्रहा ? चबजनेस अख्बारो् मे् अब ऐसे बयान छपने लगे है्चक मोदी के आइचडया तो शानदार है्मगर लागू नही्हो पा रहे है.् चहंदज ु ा ग्प्ु के जी पी चहंदज ु ा ने इकोनोचमक राइम्स से कहा है चक अगर प्ध् ानमंत्ी महीने मे्आधे घंरे के चलए भी तमाम प््ोजेकर् की समीक््ा करते तो भारत थ्वग्ा बन गया होता. तो क्या भारत के प्ध् ानमंत्ी इतना भी नही्करते हो्ग.े ये कौन सा आइचडया है चक लागू नही् होने पर भी तारीफ प््ाप्त कर रहा है. प्ध् ानमंत्ी की असली छचव तो करने वाले की रही है. लेचकन जब

राजीव रंजन तिवारी कांगस ्े उपाध्यक्् राहुल गांधी के आक््ामक तेवर केद् ् की सि््ाधारी भारतीय जनता पार््ी (भाजपा) को बेचनै कर चुके है.् नोरबंदी की घरना के बाद से ही लोग मायूस िे चक कमजोर चवपक्् के चलते प्ध ् ानमंत्ी मोदी मनमाना आचरण कर रहे है.् चवपक््उन पर कोई अंकश ु नही्लगा पा रहा है. लेचकन नये साल की छुट्ी से लौरने के बाद 11 जनवरी को कांगस ्े उपाध्यक्् राहुल गांधी ने चदक्ली मे्पार््ी के काय्क ा म् मे्यह बता चदया चक चवपक््कमजोर नही्है. चवपक््मे्इतना दम है चक वह सरकार की नाक मे् नकेल डाल सकता है. इतना ही नही् केद् ् सरकार की कचित जनचवरोधी शैली से घबराये और डरे हुए कांगच्ेसयो्मे्उत्साह भरते हुए यह नारा भी दे चदया चक 'डरो मत.' राहुल गांधी की इस अक््ामकता का पैमाना चाहे जो हो, पर इतना जर्र है चक पूरे देश मे्नरेद् ्मोदी से खार खाये लोगो्के चेहरे पर रौनक तो आ ही गयी है. अक्सर राहुल का मजाक उड्ाने वाले, राहुल की बातो् की चमचमक््ी करने वाले भाजपा के नेता खासकर पीएम नरेद् ्मोदी भी सकते मे्है्चक आचखर अचानक राहुल के तेवर मे् इतनी गम््ी कैसे आयी? राहुल गांधी ने भाजपा नेताओ्से कई गुना ज्यादा तेवर मे्जवाब देना शुर्चकया है तो परेशानी बिऩ्ी तय है. अब चफर से भाजपा यह रणनीचत बनाने मे्जुर गयी है चक राहुल की अक््ामकता से क्यो्डरे्और कैसे लड्?े्

राहुल ने मोदी सरकार की नोरबंदी पर तीखा हमला बोला. कहा चक ऐसा इचतहास मे् पहली बार हो रहा है जब भारत के प्ध् ानमंत्ी का चवदेशो्मे्मज़्ाक उड्ा रहा है. राहुल गांधी की यह शैली अब भाजपा को डरा रही है. भाजपा के लोगो् को सोचना पड् रहा है चक आचखर राहुल मे्इतनी उज्ाा अचानक आयी कहां से. सबके बावजूद '27 साल उप््बेहाल' का नारा बुलदं कर उप््चुनावी समर मे्बड्े जोश-खरोश से उतरी कांगस ्े के चलए सि््ा का वनवास खत्म करने की चुनौती है. कांगस ्े की कम लोकच््पयता के बावजूद देश खासकर उप्् मे्अभी भी काफी संखय् ा मे्परंपरागत मतदाता कांगस ्े से जुड्ेहै.् कांगस ्े के लोग यह मानकर चल रहे है्चक सपा, कांगस्े , रालोद और ससपा (सव्ासमभाव पार््ी) का गठबंधन हो जाता है तो उि्र् प्द् श े की सि््ा पाना आसान हो जायेगी. भाजपा उि्र् प्द् श े चुनाव को लेकर बेहद चचंचतत है. उसे लगता है चक यचद प्द् श्ना बेहतर नही्रहा तो 2019 का लोकसभा चुनाव उसके चलए आसान नही् होगा. इस चुनाव मे् लोकसभा चुनाव जैसा कचरश्मा भाजपा शायद ही चदखा पाये. लोकसभा चुनाव 2014 मे् कांगस ्े के चखलाफ आक््ोश मे्लोगो्ने मोदी को वोर चदया िा और अब मोदी के कामकाज को लेकर वोरर को चनण्या लेना है. उप्् मे् भाजपा के नेता लोकसभा की जीत की खुमारी से ऊबर नही्पाए है.् उन्हे्लगता है उप््मे्हम 2014 दोहरायेग् .े लोकसभा चुनाव मे्भाजपा

337 चवधानसभा सीरो्पर प्ि् म िी, चजसे वह अपनी ताकत समझ रही है. इसीचलए मोदी को ही मुखय् चेहरा बनाकर यह चुनाव लड्ा जा रहा है. जानकार मानते है् चक 2014 के लोकसभा चुनाव मे्उप््मे्भाजपा ने 80 मे्से 71 सीरे्चमली िी्. वह सक्सस े रेर करीब 90 फीसदी िा. जबचक चवधानसभा चुनाव मे् इन्हो्ने 403 सीरो्मे्से 265 प्लस का नारा चदया है. यानी इन्हो्ने खुद ही 65 फीसदी सीरे् ही जीतने का लक्य् रखा हुआ है. इसचलए तय माचनये चक चवधानसभा चुनाव मे् लोकसभा चुनाव जैसा पचरणाम भाजपा के पक्् मे् नही् होगा. 2014 के आम चुनाव मे्उप््मे्भाजपा को 42.63 फीसदी वोर हाचसल हुए िे, जबचक 2012 के चवधानसभा चुनाव मे्केवल 15.16 फीसदी वोर से संतोर करना पड्ा िा. उप््मे्11 फरवरी से आठ माच्ाके बीच सात चरणो्मे्मतदान होगा. चुनाव के नतीजे 11 माच्ाको आयेग् .े भाजपा का मानना है चक उप््के चुनाव से 2019 के लोकसभा चुनाव का र्झान चमल जायेगा. पीएम नरेद् ्मोदी और भाजपा अध्यक््अचमत शाह ने पहले माना िा चक प्द् श े मे्मुखय् मुकाबला भाजपा और सपा के बीच होगा. लेचकन अब स्थिचतयां बदलती चदख रही है.् बताते है्चक पार््ी को दूसरे दलो् से आये नेताओ्से उम्मीद है. बसपा के नेता थ्वामी प्स ् ाद मौय्ाअब भाजपा मे्है.् अचजत चसंह की पार््ी रालोद के चवधान दल के नेता दलबीर चसंह भी भाजपा मे्आ चुके है.् कांगस ्े

उनके करने पर ही सवाल उठने लगे तो आइचडया के िाल से कब तक बच सकते है.् चबजनेस थ्रड ै् ड्ा मे् TRAI के पूवा् चेयरमैन राहुल खुकल ् र का लंबा सा लेख छपा है. राहुल कहते है्चक िाई साल बाद भी मेक इन इंचडया महज़्एक नारा है. इसकी कोई भी नीचत नही् है. क्या ये मामूली बात है. दरअसल चहंद-ू मुसथ् लम और व्यस्कतवादी राजनीचतक मुद्ो्की आड्मे्ये सब सवाल चछप जाते है.् इंचडयन एक्सप्स ्े की पहली ख्बर यही है चक 2016-17 के पहले आठ महीनो् मे् इंफ्ाथ्टक् च ् र सेकर् र बैक ् ो्से धीरे धीरे लोन लेने लगे िे. धीमी गचत से ही सही वृच्द हो रही िी. मगर नवंबर महीने मे्बैक ् ो्से कज्ालेने मे्भारी चगरावर आयी है. कज्ाकम लेने का मतलब है चक जो मंज़र्ू पचरयोजनाओ्को पूरा करने का काम या तो शुर्नही्हुआ या चफर धीमा रह गया है. इस बीच चबजनेस अखबारो् मे् रोज़् कोई न कोई रेचरंग एजेस ् ी भारत की जीडीपी की दरो्को कम कर दे रही है. जब यही रेचरंग एजेस ् ी जीडीपी रेर बढ्ने की भचवष्यवाणी करती है तो पूरी सरकार का चेहरा चखला होता है. उन एजेच्सयो्का नाम लेकर दावे चकये जाते है.् FITCH रेचरंग एजेस ् ी ने कहा है चक 2016-2017 के चवि््ीय वर्ामे्जीडीपी ग््ोि 6.9 ही रहेगी. जबचक उसने 7.4 प्च्तशत रहने की भचवष्यवाणी की िी. चवश््बैक ् ने भी कहा चक भारत की जीडीपी 2016-17 के चवि््वर्ा मे् 7 फीसदी रहेगी. जबचक उसने भी भचवष्यवाणी 7.6 फीसदी की िी.

इसका मतलब है चक नौकचरयां कम हो्गी. सैलरी कम बढ्गे ी. जो लोग पढ्कर चनकल रहे है्उन्हे्मौके नही्चमलेग् .े जो लोग च्ज़दं गी भर चघस कर एक अच्छी तनख्वाह के स्र् पर पहुच ं े है,् वो छांर चदये जाएंग.े मीचडया सेकर् र से तो ऐसी ख्बरे् आने भी लगी है.् पेशवे र साचियो् के फोन कॉल से रातो् की नी्द उड् रही है. citizen.in मे्सीमा मुसफ ् ्ा ने चलखा है चक कई अखबारो् मे् नौकचरयां गयी है.् अख्बारो्के पन्ने कम हो गये है.् कई संथक ् रण बंद होने लगे है.् साचियो्की नौकरी जाने की ख्बर परेशान करती है. चकसी मे पूरा जीवन लगा कर खुद को इस काम के चलए तैयार चकया और एक मोड् पर छांर चदया जाये तो अच्छा कैसे लग सकता है. चफलहाल,चवि्् मंत्ी जो कह रहे है् उसे ही हर हाल मे् सही मान लेना चाचहये. क्यो्चक उनकी बाते्दुख हरने वाली लगती है.् भले ही नौकरी जा रही हो मगर उन्हे् सुनकर लगता है चक भारत की अि्वा य् थ्िा नौकरी जाने वालो्की ग्रै हाच्ज़री मे्भी अपना थ्वच्णमा इचतहास चलख रही है. चजनकी नौकरी जा रही है उन्हे्भी चवि््मंत्ी का सुचमरन करना चाचहये. जब बैक ् ो्मे्लगे लोगो्ने चवरोध नही् चकया, देश के चलए इतनी तकलीफे् सही तो नौकरी जाने पर पत्क ् ारो्को भी देश के चलए सहना चाचहये. मुझे पता नही्क्या बोल रहा हू.ं शायद आपको पता हो. च्ज़दं ाबाद च्ज़दं ाबाद.फलना भाई च्ज़दं ाबाद. चचलाना भाई च्ज़दं ाबाद.

के पूवा्अध्यक््रीता बहुगण ु ा जोशी भी भाजपा मे्ही है.् वही्कांगस ्े के छह चवधायक, सपा के तीन और बसपा के 13 चवधायक अब तक भाजपा मे्आ चुके है.् भाजपा चपछले दो साल से उप्् की सामाचजक-राजनीचतक और सामाचजक-आच्िक ा स्थिचतयो् का मूकय् ांकन कर रही है. पार््ी अपने अध्ययन से चजन नतीजो् पर पहुच ं ी है, उनमे् मुखय् र्प से मतदाता तमाम चदक्त् ो्के बाद मान रहा है चक नोरबंदी से उसे फायदा होगा. जबचक 90 फीसदी से ज्यादा लोग नोरबंदी से हुई परेशानी से नाराज है.् पार््ी का मानना है चक यचद चकसी तरह चकसानो्को लुभा चलया जाये तो पार््ी की नैया पार लग सकती है. क्यो्चक उप््की 75 प्च्तशत से ज्यादा लोगो् की आमदनी पांच हजार प्च्तमाह से कम है. भाजपा यह भी मानकर चल रही है चक मुसथ् लम वोरो् का

बंरवारा भी उसे लाभ चदलायेगा. भाजपा का एक खेमा सपा की अंदर्नी लड्ाई को भी अपने पक््मे्देख रहा है. भाजपा चाहे जो कहे, लेचकन उप्् का माहौल सपा और बसपा के बीच ही बनता चदख रहा है. इस स्थिचत मे् कांगस ्े , रालोद, और ससपा (सव्ासमभाव पार््ी) के गठबंधन की उम्मीद जताई जा रही है. यचद इन दलो् का आपस मे्तालमेल हो जाता है तो बेशक मुखय् चेहरे के र्प मे्अचखलेश यादव मैदान मे्हो्ग.े वैस,े पहले ही कांगस ्े की मुखय् मंत्ी की उम्मीदवार शीला दीच््कत कह चुकी है्चक वह अचखलेश यादव के चलए मुखय् मंत्ी की अपनी दावेदारी छोड् सकती है.् फलथ्वर्प यह उम्मीद जतायी जा रही है चक राहुल गांधी की अक््ामकता और अचखलेश यादव का चेहरा उि्र् प्द् श े मे्सब पर भारी पड्गे ा.

राहुल गांधी की बढ्ती आक््ामकता


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13 जनवरी - 19 जनवरी 2017

महेि चंद़ पुनठे ा

जीवन केनमक की कववता

्ृं ला चूकह् े जलाने की आग बनती है, श्म् का गीत बनकर फूरती की सीढ्ी.’ कचव जानता है्चक चूसे जाने की यह श्ख पहाड्तक ही सीचमत नही्है, बस्कक- ‘मै्भी उसी कतार मे् है, श्म् वीर का साि चनभाती है. अचनल नमक को जीवन मानने वाले कचव है,् क्यो्चक खड्ा हूं चजस कतार मे् खड्े है् मेरे भाई/काले हब्शी, चनल काक््ी कुमांउनी लोक मे्आकंठ डूबे हुए कचव है.् लोकजीवन और उसकी चवचवधताओ्की चजतनी वे जानते है्चक ‘पसीने का थ्वाद नमक की तरह ही होता अफ््ीकी, बलूची, आचदवासी अब चफचलस््ीनी भी.’ अचनल की कचवता थ्िानीयता की जमीन से पैदा होकर बारीक समझ अचनल मे् है, उतनी इधर के कम ही युवा है/रक्त भी नमकीन होता है/आंसू की धार भी नमकीन होती वै च श ् कता के आकाश मे्फैलती है. वह साफ-साफ कहती है / बहती नाख भी नमकीन होती है . ’ यह नमक कचव को कचवयो्मे्चदखाई देती है. लोकजीवन की समझ के मामले है : ‘धरती की चकसी भी जगह होते है् पहाड्.’ और इन उि् र ् ाखं ड के पहाड् ो ् से ले क र दच् क ् ण अफ् ी ् का के आचदवासी मे्वे गीरीश तवारी चगद्ाा के नजदीक लगते है.् अचनल मे् पहाड्ो्मे्रहने वालो्के संघर्ासभी जगह पु र खो् तक मे ् चदखाई दे त ा है जो चगद्ाा का जैसा पहाड्ीपन और हौ्चसयापन दोनो्चदखाई देता लगभग एक जैसे है.् सभी जगह पहाड्ो् व् व ाले , अ हीर, है. अचनल लोकगीतो्की शैली और चमिको्का बेहतरीन को कारा-पीरा-लूरा-डूबाया जा रहा है. उपयोग करते है.् चपछले चदनो्दखल प्क ् ाशन से आए उनके शेरपा,चरवाहे,डो्गचरया आचद-आचद उनके गभ्ामे्छुपे अमूकय् संसाधनो्को पहले कचवता संगह् ‘उदास बखतो् का रमोचलया’ की है,् ‘चजनको इचतहास के कुचक््ो् का लूरा जा रहा है. दुचनया के सबसे ऊंचे बार-बार चशकार होना पड्ा है.’ भलेकचवताओ्मे्ये बाते्साफ-साफ देखी जा सकती है.् पहाड्ो् को जीतने के चलए, अपने झंडो् ् अचनल काक््ी का कचव मन अपने गांव की सबसे ऊंची ‘इचतहास ने उन्हे् अनपढ्, मलेचछ और औजारो् को िोने के चलए उनके जगह पर खड्ा होकर पूरी दुचनया को देखना चाहता है, घोचरत चकया हर बार’, लेचकन कचव रहवाचसयो्की पीठो्का इस्मे् ाल चकया अि्ाता उसका केद् ्अपना जीया-भोगा लोक है, जहां कचव कहता है: ‘वे इचतहास के उन पृष्ो्के जा रहा है. इतना ही नही्, उन्ही्के कंधो् की उदासी और उम्मीद दोनो्की जड्े्है.् कचव का लोक पीछे चजंदा है/् चजन पृष्ो् पर पर चढ्कर लोकतंत्पर कब्जा चकया जा बाहर से भले ही चजतना खुरदुरा-उबड्खाबड्और कठोर- राजाओ्,अवतारो् के बोझ मे् उन रहा है. उनके संतानो्की चीख-पुकार को चट््ानी चदखता हो, भीतर से बहुत नम्ाहै. अचनल ने अपनी किाओ् मे् चजंदा है/चजन्हे् गाता है अनसुना चकया जा रहा है. लेचकन कचव आज भी/मे र ा भाई आं ग न-परां ग ण/ कचवताओ्मे्जीवन के संपन्न पक््को नही्बस्कक अभाव उन् हे्बहुत गहराई से सुनता है, वह पहाड् मे र े ही पु र खे है ् चजनकी किाओ् मे ् पक्् को चुना है: ‘मै् उन अनाम/घायल लोगो् के बीच उदाि बखतो् का रमोदलया: अदिल काक् ी ् ; को ‘पहाड्’बनाने वाली इजाओ् (मां) आज भी जीने की कसक है / की/कराह हू.ं ..चीख हू/ं जो मर खप जाएंग.े ’ दखल प् क ् ाशि, इं द प ् स ् थ ् एक् ि टे श ् ि, की ताकत को जानता है और कहता है: थ् व ाचभमान के साि.’ जहां अभाव और उपेक्ा है वही्कचवता की जर्रत भी िटिड् ग ज ं , ददल् ल ी; िौ र् ि ये चजन्हो्ने पहली बार मशाल अचनल पुरखो्मे्अपनी पहचान है. अभाव पक््के चलए लड्ने का औजार कचवता ही है जो जीवन के कचठन संघर््ो् मे् सुस्ाने की जगह उपलब्ध की चशनाख्त करते हुए इचतहास मे् उनके साि शुर् हुए जलाकर/अंधरे ी रातो् मे् घर से बाहर चनकलना चसखाया फ िंग से वत्मा ान से जोड्ते है:् मुझ/े चजन्हो्ने बताया रास््े पार करना/बीहड्ो् मे् गीत कराती है. मौन के चखलाफ उठ खड्ेहोने को प्च्ेरत करती शोरण-उत्पीड्न को ताच्कक है. वह जानती है चक इस व्यवथ्िा ने चारो् ओर ‘मौन ‘उस समय भी समुद्मंिन का सारा चवर/पचरचध पर खड्ा गाना/पहाचड्यो् पर पैर जमाना/और अपने चहथ्से की अपेच्कत है’ की अघोचरत तख्ती लगाई, है, चजसका उद्श्े य् मेरा पुरखा पी रहा िा/आज भी मिे जा रहे है् हचरयाली को कारना/दुगमा् बीहड्ो्से.’ अचनल एक ऐसे भूगोल से जुड्ेहै्चजसे हमे्आंदोलन चवसंगचत-चवडंबनाओ् के चखलाफ उठने वाले चकसी भी हाड्,पव्ता ,नचदयां,समंदर/आज भी पी रही है मेरी पीढ्ी ा को प्श् न् को रोकना है. कचवता भयानक आपदाओ्के बाद भी चवर/आज भी पहाड्बने हुए है/् जीते जी उनके थ्वग्ारा ोहण के भूगोल के र्प मे् जानते है.् पृिक राज्य चनम्ाण

मनोज मोहन

शोक वाजपेयी शुर्आत से ही कचवता के पूव्ाग्ह को लेकर उसके आलोचना, प््काशन और व्यापक प््सार के चलए काम करते रहे है्. उनकी पहली आलोचना पुस्क ने चहंदी आलोचना को ताज़ा और साि्ाक आलोचना भारा दी िी. चजसका व्यापक प्भ् ाव आज तक देखा जाता है. आज वे अपनी आलोचना भारा को नयी ताजगी देने और सूक्म चवश्लेरण करने के साि-साि अपनी सामाचजक सच््कयता भी बढाने मे् सक््म है्. इधर के वर््ो् मे् चहंदी की बौच््दक दुचनया मे् चजन लोगो् की छचव साव्ाजचनक बुच्दजीवी की बनी है, उनमे् अशोक वाजपेयी ऐसे दुध्ार्ासज्ाक है्जो 76 वर्ाकी उम्् मे्भी लगातार रचनाशील है्. आधुचनक चहंदी कचवता के तीन बडे रचनाकार अज््ेय, शमशेर और मुस्कतबोध पर चपछले चार दशको् से उन्हो्ने जो चचंतन-मनन चकया, उसी का सुफल है उनकी नयी आलोचना पुसक ् ‘कचवता के तीन दरवाजे.’ ये आधुचनक चहंदी कचवता के प््वेश के तीन दरवाजे है्-अज््ेय, शमशेर और मुस्कतबोध. उन्हे् लगता रहा है चक ये तीनो्ही हमारे समय की कचवता के तीन दरवाजे है्, चजनसे गुजरने से आत्म, समय, समाज, भारा आचद के तीन परथ्पर जुडे चफर भी थ्वतंत् दृश्यो्, शैचलयो्तिा दृच्षयो्तक पहुंचा जा सकता है. इस त््यी का साक््ात्कार अपने समय की जचरल बहुलता, अपार सूकम् ता और उनकी परथ्पर संबद्त् ाओ्के र्-ब-र्होना है. पंत, प््साद और चनराला की वृहद् त््यी के बाद जो वृहद् त््यी बनती है वह अज््ेय, शमशेर और मुस्कतबोध की ही बनती है. अशोक खुद भी साचहत्य की थ्वायि््ता मे् चवश््ास रखते है्, वे साचहत्य को चकसी राजनीचत का चपछलव्गू या चकसी चवचारधारा का उपचनवेश नही्बनने

द््ार के पार तीन कदव

देना चाहते. घरनाओ् की दुचनया और कचव की चनजी दुचनया एक इस पुस्क मे् शाचमल चरप्पचणयो् मे् एक ‘चजतना साि्ाक और अरूर संयोग मे् प््कर हो सके...’ आगे वे तुमह् ारा सच है’ वे कहते है-् यह संयोग और सौभाव्य दोनो् चफर कहते है्, ‘एक तो वे राजनीचतक दुचनया से अपने िा जब मै् कुल 13-14 वर्ा का िा और कुछ कचवता लगाव को मानवीय आथ्िा और अंतज्ागत से उतने ही चलखने लगा िा, तभी मेरे हाि अज््ेय की कचवता आ गहरे लगाव से जोडते चलते है्, और दूसरे, एक सच््े गयी. मेरे एक अध्यापक ने मुझे अपने जनेऊ संथ्कार के कचव की तरह वह सरलीकरणो् से इनकार करते है्, अवसर पर जो पुस्के्उपहार मे्दी िी्उनमे्अज््ेय का चवचार या अनुभव से आतंचकत नही्होते.’ कचवता संग्ह ‘हरी घास पर क््ण इस पुस्क की बडी ख्ाचसयत भर’ भी िा.’ दूसरी तरफ, शमशेर है आधुचनक चहंदी कचवता के इन से पहली भेर् को वे यो्बयान करते तीनो् बडे कचवयो् से आलोचकहै्, ‘छोरे कद के, अपने शमशेर कचव अशोक वाजपेयी का चनकर होने से ही मानो झे्पते से शमशेर का संबंध बनना. यही कारण है चक िे.’ इस पुस्क से अलग भी तीनो् कचव उनके मानस-परल पर शमशेर के बारे मे् वे लगातार चनरंतर आवाजाही करते रहे उन्हो्ने कहते रहे है् चक ‘वे (शमशेर) अज््ेय पर पहला लेख 1965 मे्, कालातीत के कचव है्, उनकी शमशेर पर 1976 मे्और मुसक् तबोध कांपती-सी आवाज हमारी दुचनया पर 1964 मे्चलखा िा. सबसे पहले को ऐसी चसम्ते् चदखाती है् चजससे चजस बडे कचव का सबसे अचधक होने का पता जैसे पहली बार उससे प््भाव वे अपने पर थ्वीकार करते है् ही चलता है, पर चजन्हे्जाने चबना वे अज््ेय है्. उनकी अपनी कचवता हमारी दुचनया अधूरी और असमझी भी अज््ेय की कचवताओ् के ज्यादा ही रह जाती है.’ चनकर है- शमशेर और मुस्कतबोध तीसरे दरवाजे मुस्कतबोध है्, कदिता के तीि दरिाजे-़ अशोक िाजिेयी की तुलना मे्. इन तीनो् मे् से पहले जो अशोक वाजपेयी की राजकमल प्क् ाशि 2016 मूलय् - 795/चजनसे मुलाकात होती है वे है्साचहस्तयक संवेदना के संगठक मुस्कतबोध. उस समय उनकी उम्् तत्व है्. उन पर चलखे अपने पहले लेख ‘भयानक ख्बर महज सोलह वर्ाकी िी-1957 मे्. उसका रोचक वण्ान की कचवता’ मे्उनका कहना है, ‘मुस्कतबोध अपने समय ‘तुम भी, मै्भी आदमी’ शीर्ाक संथ्मरण लेख मे्है. जब एक युवा कचव के मुस्कतबोध से चमलने की मे् अपने पूरे चदल और चदमाग के साि, अपनी पूरी मनुष्यता के साि रहते है्. वह अपनी एक चनजी प््तीक उत्कंठा की तीव््ता का एहसास करते हुए हचरशंकर व्यवथ्िा चवकचसत करते है्चजसके माध्यम से साव्ज ा चनक परसाई ने कहा चक अगर मुस्कतबोध से चमलना है शमशेर

11 लेकर उि्र् ाखंड के चनवाचसयो्ने एक लंबा आंदोलन चकया. इस आंदोलन से वहां रहने वालो् की गहरी आशाआकांक्ाएं जुड्ी रही. थ्िानीय चनवाचसयो्को लगता िा चक पहाड्ी राज्य बन जाने से सरकार की नीचतयो्का चनम्ाण ा और च््कयान्वयन उनकी आशाओ्-अपेक्ाओ्और जर्रतो् के अनुरप् होगा. जल-जंगल-जमीन मे्पूरी तरह समुदाय का चनयंतण ् रहेगा. ‘शराब नही्-रोजगार दो’ जैसी चचर पचरचचत मांग पूरी होगी. पहाड्ी स््ी की पीठ और मन का बोझ कम होगा. पहाड्का पानी और पहाड्की जवानी पहाड्के काम आएगी. पहाड्के पय्ावा रण और चवकास के बीच संतल ु न थ्िाचपत होगा. लेचकन हुआ कुछ अजीब ही. राज्य बनने के बाद माचफयाओ्की नई-नई प्ज ् ाचतयां पनप आयी. लोक की उम्मीदे्उदाचसयो्मे्बदलती जा रही है.् ये उदाचसयां अचनल की कचवताओ्मे्जगह-जगह व्यचं जत होती है.् वे इस उदास बखत के ‘रमोचलया’ के र्प मे्सामने आते है् और ‘राजा’ के प्च्त अपने गहरे आक््ोश को प्क ् र करते है.् प्क ् ारांतर से यह उस लोक का आक््ोश है जो आज राज्य को लेकर देखे गये सपनो्को रूरते देख खुद को ठगा सा महसूस कर रहा है. इस पर कचव केवल आक््ोश ही नही् व्यक्त करता है, बस्कक स्थिचतयो् को बदलने के चलए श्म् जीवी वग्ाको जगाता भी है,जो खेत के कामगार और जमीन के दावेदार है.् वह उनसे अपने पुरखो्की संघर्श ा ील परंपरा को अपने भीतर जगाने की अपील करता है. वह उदास जर्र है, लेचकन हताश नही् है. उम्मीद का चदया उसके भीतर जलता रहता है: ‘देखना रे चखलेगा एक चदन जंगलो् मे् बुरांस/भरेगा एक चदन काफल मे् रस/भरेग् ी नचदयां/कूदगे ी ताल की माछी/छी्ड्का पानी फोड्गे ा/डांसी पत्िर.’

की धूनी पर जाओ, वहां उनका चचमरा गडा हुआ है और अखंड कचवता-कीत्ान हो रहा है. यह 1957 का साल है और थ्िान है इलाहाबाद, जहां एक युवा कचव मुस्कतबोध से चमलने की प््बल इच्छा चलये पहुंचा िा. अशोक वाजपेयी की 1957 मे्इलाहाबाद से लौरते हुए मुसक् तबोध के साि की यात््ा करनी मे् ही समाप्त नही् होती वह भौचतक सफर मुस्कतबोध के नयी चदक्ली के एम्स मे् आचखरी सांस लेने तक जारी रहा. इन तीनो्कचवयो्के बारे मे्वे कहते है्चक अज््ेय मे् शब्द, चबंब और थ्मृचतयो्का वैभव है्. शमशेर मे्अद््त चचत््मयता और अचतयिाि्ा है. मुस्कतबोध की कचवता आचधक्य और अचतरेक की कचवता है. अज््ेय तराशते है्, शमशेर महीन बुनते है्, मुस्कतबोध तोडते है्. इन तीनो्के साि अशोक जी के सहचय्ा का पहला क््ण भी अद््त दृश्य उपस्थित करता है जब मुस्कतबोध मृत्युशैया पर है्, उनकी सेवा मे्शमशेर लगे है्, अज््ेय भी उन चदनो्बीमार ही चल रहे िे. इसके बावजूद तारसप्तक के पहले कचव चमत््को देखने अज्य्े आते है्- ‘अज्य्े के आने से शमशेर कुछ अचधक ही चवह््ल और बेचैन से िे और बाद मे्उन्हे् छोडने अथ्पताल की ऊपरी मंचजल से नीचे दूर तक जाने के चलए उतार्िे. अज््ेय ने उन्हे्लगभग चझडककर वही् मुसक् तबोध के पास रहने की चहदायत दी िी और कहा िा, मुझे अशोक छोड आये्गे, आप यही रहे्.’ अपनी उम्् के साठ वर्ा पूरे करने के अवसर पर अशोक वाजपेयी ने कहा िा चक उन्हे् अब तक अज््ेय, मुस्कतबोध, शमशेर और रघुवीर सहाय पर चार पुस्के् चलख सकना चाचहए िा. अब जब वे अपनी उम््के 76वे् वर्ामे्है्, तो इन चारो्पर भले ही थ्वतंत्पुस्क न चलख पाये हो्लेचकन ‘कचवता के तीन दरवाजे’ से उन्हो्ने उस बात की काफी भरपायी कर दी है.


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सिीि तसंह

भा

दसनेमा

13 जनवरी - 19 जनवरी 2017

रत के एक महान कचव और अज्र्े ीना की एक बड्ी साचहस्तयक हस््ी. रवी्दन् ाि ठाकुर और चवक्तोचरया आेकांपो की चमत्त् ा की कहानी चवचचत््है, चजसमे्दोनो्एकदूसरे को प्भ् ाचवत करते चलते है.् दोनो्के इस संबध ं को पचरभारा मे् बांधना मुच्शकल है, लेचकन उसकी माच्मक ा ता असंचदव्ध है. चफक्म चनद्श ्े क पाब्लो सीजर और भारतीय चफक्म चनद्श ्े क सूरज कुमार की नई फीचर चफक्म ‘चिंचकंग ऑफ चहम’ के केद् ्मे्यही किा है. अंगज ्े ी सब राइरल के साि बांगला, अंगज ्े ी, फेच ् एवं थ्पने ीश मे्अगले साल अप्ल ्ै महीने मे् चरलीज होने वाली इस चफक्म मे् चवक्रर बनज्ी् ने रवी्दन् ाि रैगोर की और अज्र्े ीना की अचभनेत्ी एचलयोनोरा वेकस ् लर ने चवक्तोचरया ओकेप् ो की भूचमका चनभाई है. राईमा सेन चवश्भ् ारती की एक छात््ा कमली की भूचमका मे् है् तो अज्र्े ीना के चियेरर एवं चफक्म अचभनेता हेकर् र बोड््ोनी चवश््भारती के एक चशक्क ् फेचलक्स की भूचमका मे.् अज्र्े ीना के चफक्म चनद्श ्े क पाब्लो सीजर के मुताचबक इस चफक्म को बनाने का आइचडया भारत के अज्र्े ीना मे् पदथ्िाचपत राजदूत श््ी रंगराज चवश्न् ािन ने चदया िा. चफक्म पर वर्ा2008 मे्काम शुर्हुआ, लेचकन अि्ाभा ाव एवं रैगोर व चवक्तोचरया के बीच के संबध ं ो् के बारे मे् पय्ापा त् अनुसधं ान नही्हो पाने के कारण रैगोर की 150 वी्वर्गा ांठ पर चफक्म को पद््ेपर नही् उतारा जा सका. चफक्म के समांतर मे्दो प्म्े किाएं चलती है.् पहली रवी्दन् ाि रैगोर और चवक्तोचरया ओकेप् ो की बीच और दूसरी फेचलक्स और कमली की. दोनो्प्म्े किाओ्मे्प्म्े के अंतस मे् दैचहक आकर्ण ा नही् है. उनके संबध ं ो् मे् चवरह की अकुलाहर भी नही् है. इस प्म्े मे् समप्ण ा का भाव है. एक-दूसरे के चलए कुछ करने की बेचनै ी है. उनके चरश्ते नदी और मछली के समान है.् एक दूसरे से जुडे हुए भी और अलग भी, लेचकन एक-दूसरे के पूरक. उनके संबधं ो्मे्भौचतकवाद की चवसंगचतयां नही् है.् बस, एक-दूसरे के प्च्त अपार थ्नहे उनके प्म्े का मम्ा है. कहानी रवी्दन् ाि रैगोर और उनके समांतर कालखंड की एक अज्र्े चे नई लेचखका चवक्तोचरया ओकेप् ो, जो अज्र्े ीना मे् ही एक साचहस्तयक पच््तका की संपादक िी्, के इद्-ा चगद्ा घूमती है. चवक्तोचरया ओकेप् ो साचहस्तयक एवं सांथक ् चृ तक सरोकारो् के प्च्त समच्पता मचहला िी्. ‘चिंचकंग ऑफ चहम’ की शूचरंग भारत और अज्र्े ीना मे्की गयी है. भारत मे्इसकी शूचरंग शांचतचनकेतन एवं कोलकि््ा के जोड्ासांको्मे् की गयी और अज्र्े ीना मे्सैन इसीदरो मे,् जो ब्यनू स आयस्ासे 35 चकलोमीरर की दूरी पर स्थित है. यह वह थ्िान है, जहां रवी्दन् ाि रैगोर

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कखि गुऱ और खिदेखिनी

1924 मे् चवक्तोचरया ओकेप् ो से चमले िे. चवक्तोचरया को जब पता चलता है चक रैगोर िोडे समय के चलए शहर मे् है् तो वह तुरतं उनके सचचव से चमलने का समय लेती है, हालांचक रैगोर के िके होने के कारण उनकी संच्कप्त मुलाकात हो पाती है. बाद मे्चवक्तोचरया अपने कजन के घर मे,् जो नदी के चकनारे िा रैगोर के रहने की व्यवथ्िा करती है. आज नदी का र्ख बदल चुका है. इसचलए, रैगोर चजस घर मे् र्के िे, शूचरंग उस घर की बजाय 1895 मे्बने उससे चमलते-जुलते घर मे्की गयी है. चवक्तोचरया के जीवन पर रवी्दन् ाि रैगोर का जबद्स ा ्प्भ् ाव रहा िा. चवक्तोचरया सबसे पहले गीतांजचल के फेच ् अनुवाद को पढकर रैगोर से प्भ् ाचवत हुई िी्. बाद मे्चवक्रोचरया ने रैगोर की दूसरी रचनाओ्को भी पढा, चजससे चवक्रोचरया का रैगोर के प्च्त आकर्ण ा बढता गया. चवक्तोचरया का व्यस्कतत्व और कृचतत्व भी काफी प्भ् ावशाली िा. यही वजह है चक चवक्तोचरया से चमलकर रैगोर भी उनसे प्भ् ाचवत हुए चबना नही् रह सके. कहा जाता है चक चवक्तोचरया के संपक्फमे्आने के बाद ही रैगोर का र्झान पेच्रंग की तरफ हुआ िा. चवक्तोचरया

के प्य् ासो्से ही 1930 मे्रैगोर की चचत्क ् ला प्द् श्ना ी का आयोजन पेचरस मे्चकया जा सका िा. रवी्दन् ाि रैगोर, चवक्तोचरया ओकेप् ो, फेचलक्स और कमली के चकरदारो् के जचरये भारत और अज्र्े ीना के साचहत्य, सभ्यता,

चमलते है,् लेचकन कमली की बारी आने पर भावुक हो जाते है.् रैगोर ने अपनी कचवता ‘पूरबी’ चवक्तोचरया को समच्पता की िी. वे चवक्तोचरया को एक दूसरा नाम चवजया भी देते है.् रैगोर चलखते है,् ‘आमी चीनी गो चीनी तोमारे, ओगो चवदेचशनी...तुमी िाको चसंधु पारे, अगो रवी्द्नाथ ठाकुर और चवदेचशनी’ अि्ाता ‘मै्तुमह् े्जानता हू,ं जानता रवक्तोररया आेकांपो की रमत््ता हू,ं ओह चवदेशी मचहला, तुम रहती हो ओ चवदेचशनी...’ इसतरह धीरे-धीरे चवक्तोचरया का की कहानी रवरचत्् है. इस रैगोर के प्च्त आकर्ण ा बढता चला जाता है, संबंध को पररभाषा मे् बांधना चजसके कारण चवक्तोचरया का अपने पचत से कडवाहरपूणा्हो जाता है. मुर्िकल है, लेरकन उसकी संबधं चफक् म के परकिाकार जेरोनीमो रूबस े के मार्मसकता असंरदग्ध है. इस मुताचबक, रैगोर और चवक्तोचरया के बीच हुए कहानी पर बन रही रफल्म पत््ाचार को देखने से साफ हो जाता है चक दोनो् के बीच प्म्े संबधं िा, लेचकन भारत मे्रैगोर जल्दी ही उपलब्ध होगी. की जो छचव है, उसे देखते हुए इस चफक्म के केद् ्मे्दोनो्के बीच के मधुर चरश्तो्के चवचवध संथक ् चृ त और परंपरा का चमलन होता है. रैगोर आयामो्को आध्यास्तमक दृच्षकोण से चचच््तत और चवक्रोचरया के संबध ं ो् के बारे मे् चवक्रर चकया गया है.् चफक्म मे् रैगोर का चकरदार बनज््ी कहते है्चक दोनो्के बीच मन का चमलन चनभाने वाले चवक्रर बनज््ी कहते है् चक हुआ िा. चवक्तोचरया को रैगोर की ‘चिंचकंग ऑफ चहम’ की कहानी पढने के बाद सृजनशीलता, बौच््दकता और सामाचजक ही वे रैगोर के जीवन रंगो्के अनछुए गुलाबी सरोकार पसंद िे तो रैगोर को चवक्रोचरया की पहलूओ्से र्बर्हुए. सरलता, साचहत्य के प्च्त प्च्तबद्त् ा और रैगोर और चवक्तोचरया की मुलाकात दो कम्ठा ता पसंद िी. रैगोर ने अपनी कचवताओ्, बार ही हुई िी, लेचकन दोनो् के बीच संबध ं पेच्रंग और गीतो्मे्चवक्तोचरया को सराहा है तो 1924 से 1941 तक बना रहा. रैगोर के जीवन चवक्तोचरया थ्वयं को मायाजाल से बाहर के अंचतम 10 साल तक दोनो् के बीच कोई चनकालने का श्य्े रैगोर को देती है. फेचलक्स मुलाकात नही्हुई, चफर भी दोनो्एक दूसरे से चवश्भ् ारती मे्चशक्क ् है्और कमली उनकी जुडे रहे. रैगोर की मृतय् ु के बाद चवक्तोचरया छात््ा. फेचलक्स अज्र्े ीना मे्जेल के कैचदयो्को उनके बेरे रतीन्दन्् ाि को संबोचधत पत््मे्एक पढाते िे. उन्हे्कुछ मनोवैज्ाचनक समथ्याएं है,् लाइन ‘चिंचकंग ऑफ चहम’ चलखती है. चफक्म चजनसे उबरने मे्शांचतचनकेतन प्व् ास के दौरान का नाम पत््मे्वच्णता इसी पंसक् त से चलया गया कमली उनकी मदद करती है. इस अवचध मे् है. रैगोर के प्च्त चवक्तोचरया के समप्ण ा को दोनो्के बीच एक ऐसा संबधं चवकचसत होता है, दृच्षगत ���रके ही 1979 मे् चवक्तोचरया की चजसमे् चसफ्फसमप्ण ा का भाव है. शायद इसी मृतय् ु के बाद उनके घर को ‘रवीन्दन् ाि रैगोर वजह से शांचतचनकेतन से चवदा होने के दौरान मेमोचरयल’ मे्तब्दील कर चदया गया. फेचलक्स अपने सभी छात््ो् से भावहीन होकर रैगोर मूलतः कचव, लेखक, चचत्क ् ार,

गायक, संगीतकार, समाज सुधारक, चवचारक एवं दाश्चा नक िे. उनका मकसद साचहत्य एवं संथक ् चृ त को समृद्करने के अलावा समाज के आच्िक ा और सामाचजक र्प से कमजोर तबके का उत्िान करना भी िा. चलहाजा, रैगोर और चवक्तोचरया के बीच के मधुर संबधं ो्के अलावा रैगोर के जीवन और समाज के प्च्त उनके दृच्षकोण को समझने और लोगो् तक उसे पहुच ं ाने के चलए चफक्म मे् चशक््ा, ग््ामीण पुनच्नमा ा्ण ा , मानवता आचद चवरयो्के संदभ्ामे् रैगोर के चवचारो्और सरोकारो्को भी समाचहत चकया गया है. ‘चिंचकंग ऑफ चहम’ के भारतीय चनद्श ्े क सूरज कुमार जाने-माने रीवी सीचरयल एवं चवज््ापन चफक्मो्के चनम्ाता ा है.् सूरज चबहार के नालंदा चजला के पैशोर गांव के रहने वाले है.् वर्ा 1994 मे् सूरज ने भारतीय जनसंचार संथि् ान मे्दाचखला चलया. वहां से चवज््ापन मे् थ्नातकोि्र् चडप्लोमा करने के बाद वे सीचरयल और चफक्मो्का चनद्श ्े न और चनम्ाण ा कर रहे है.् अपने कचरयर के शुरआ ् ती चदनो् मे् ही दूरदश्ना के चलए चफक्म पर आधाचरत सीचरयल ‘चफक्म इंचडया’ का 1100 एचपसोड बनाकर सूरज ने एक नया कीच्तमा ान थ्िाचपत चकया िा. दूरदश्ना के चलए ही सूरज ने ‘एक प्यार का नगमा’ नामक सीचरयल का 800 एचपसोड बनाया िा. चफक्म के दूसरे चनद्श ्े क पाब्लो सीजर, अज्र्े चे नई चफक्मी दुचनया के जानी-मानी हस््ी है.् उनकी रचनाओ् मे् सेकड ्े फैचमली (1988), ग््ेफायर (1994) आचद बेहद ही चच्चता रहे है.् पाब्लो सीजर का भारत से पुराना संबधं रहा है. वे एक लंबे अरसे से भारत आते रहे है.् सीजर ने 1996 मे्राजथ्िान के जोधपुर और जैसल े मेर मे् ‘यूचनकाच्नया ो-गाड्न्े ऑफ फूइ् व्स’ नामक चफक्म का चनम्ाण ा एक भारतीय चफक्म चनद्श ्े क के साि संयकु त् र्प से चकया िा. गोवा मे्2007 मे्हुए अंतर्ाष ा ्ीय चफक्म फेसथ् रवल मे् भी पाब्लो सीजर जूरी के एक सदथ्य िे.


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13 जनवरी - 19 जनवरी 2017

दमन िे इकतहास िा द््ीप

उत़मिलि े

च््िम आथ्टच्ेलया के इस इलाके मे्इन चदनो्मौसम सुहाना है. आज हम पि्ासे करीब 30 चकमी दूर आथ्टच्ेलया के मशहूर चहलेरी हाब्रा जा रहे है.्यहां का वारर-एडवेच् र पाक्फआकर्ण ा का खास केद् ्है. इसमे्सबसे अद्त् है- एक चवशाल अक्वा(एक्वचे रयम ऑफ वेथर् न्ाआथ्टच्ेलया). भारत मे्इस तरह की संरचना बना दी जाये तो उसे चकसी चमत्कार से कम नही्समझा जायेगा. शासक पार््ी उसे अपनी बड्ी उपलस्बध के र्प मे् प्च ् ाचरत करेगी और चुनाव मे् भुनाने की भी कोचशश करेगी. ‘अक्वा’ के अंदर जाने के चलये चरकर

चलये नया अनुभव िा. हम सब पर मस््ी छाई िी. चहलेरी समुद्तर के पास ही एक रेसर् ां मे्हमने रेड वाइन पी, जो बेहद उम्दा िी. साि मे्मछली की एक खास च््पपरेशन. हमे्पूरी की पूरी एक मछली परोसी गयी. उसके बीच मे् चसफ्फएक कांरा िा. मसाले आचद का कम से कम इस्म्े ाल िा या शायद चबक्कल ु नही्िा. उसे बेहतर तरीके से भून कर हमारे सामने परोस चदया गया िा. नमक-चमच्ा आचद के साि. वह केरल के बैक-वारर चफश-कैरचमन की तरह बहुत थ्वाचदष््िी. हमारे चलए यह मस््ी और मजे का चदन िा. दूसरे चदन पि्ा से कुछ दूर एक अन्य लोकच््पय पय्रा न-थ्िल जाकर खुश होने के बजाय हम दुखी और उदास हो गये. एक छोरे

चारो्तरफ चूहे चूहे ही िे. आज भी यहां चूहे चदख जाते है.् बताते है्चक चवचलयम से पहले भी एक डच नाचवक डक हर््ोग इस इलाके के समुद्ी छोर पर सन 1616 मे्आया िा. इनके बाद यहां च््बचरश आये. बाहर से आये यूरोपीय देशो्के लोगो्ने आथ्टच्ेलया के इस इलाके मे्जो सबसे पहला काम चकया, वह िा थ्िानीय मूल-चनवाचसयो् को गुलाम बनाना या गुलामी न मानने पर कैद कर लेना. बहुत सारे मूल-चनवाचसयो् को चनद्या तापूवक ा् मारा गया. इस तरह यूरोपीय लोगो् ने बहुत जक्दी ही यहां अपना राज कायम कर चलया. इस ि््ीप और आसपास के इलाको् मे् मूल चनवाचसयो्, खासकर नूगं र लोगो्को यातनाये्देने के चलये सेकय् ल ु र जेल से भी ज्यादा खतरनाक जेले् बनायी गयी्. नूगं र मूलवाचसयो् के तमाम नेताओ्-प्ध ् ानो्

पय्ाटन

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इस इलाके मे् सोना पाये जाने और अन्य कारणो्से लोगो्के आने-जाने और बसने मे् कुछ तेजी आई. अन्य यूरोपीय लोगो्के आनेजाने का चसलचसला भी बढ्ा. इनमे्ऐसे लोग भी शाचमल िे, जो च्ब् रेन के अपने-अपने इलाके मे् बदनाम या खतरनाक चकथ्म के माने जाते िे. यूरोपीय, खासकर च््बचरश लोगो् के बसने और सम्पच््ि पर अचधकार जमाने को चुनौती देने वाला यहां कोई नही्िा. च््बचरश हुकम् रान अपना संपण ू ा्वच्था व् थ्िाचपत करने की जक्दी मे्िे. उन्हे्शायद फ््ास ं ीचसयो्की तरफ से िोड्ी बहुत आशंका िी चक कही्वे आकर यहां कब्जा न जमा ले.् इसचलए च््बचरश हुकमरानो्और व्यापाचरयो्ने पच््िम आथ्टच्ेलया मे् फैलना शुर् कर चदया. पि्ा

कुछ बचे, उन्हे्ठंड के चदनो्मे्पीर-पीर कर जेल की चारदीवारी के पार फेक ् चदया गया. इनमे् कुछ चठठुर-चठठुर कर मर गये और कुछक े को जानवरो्ने खत्म कर चदया. अठारहवी् से उन्नीसवी् शताब्दी के दरम्यान यहां के मूल चनवाचसयो् का चजस नृशस ं ता से सफाया चकया गया, वह मानव सभ्यता के इचतहास के सबसे दद्ना ाक अध्यायो् मे् एक है. कैसी चवडम्बना है, सन 1822 के आसपास अंगरेज जब यहां पहुच ं े तो रोि्न् थे र् के अपने मुकत् ांचल मे्चवचरने वाले नूगं र लोगो्ने इनका तहेचदल से थ्वागत चकया. लेचकन कुछ ही समय बाद अंगरेज बहादुरो् ने उन नूगं रो्के सफाये का अचभयान शुर्कर चदया. पच््िम आथ्टच्ेलया की राजधानी पि्ा की एक लाइब्र्े ी मे्उपलब्ध सरकारी चरकाड्ा के मुताचबक सन्1841 से सन्1903 के बीच रोि्न् थे र् ि््ीप और आसपास के इलाको् मे् हजारो् नूगं र सता-सता कर मारे गये. कुछ बीमारी से मर गये. बाहर से आये लोगो् के संपक्फमे्आने से इन मूलचनवाचसयो्मे्तरहतरह के संकम् ण भी हुए. इनमे्त्वचा सम्बन्धी रोगो्का फैलाव तेजी से होता रहा. हम पुरानी जेल के अवशेर के पास की चमचलट््ी बैरक मे् भी गये. पता चला वहां उन्नीसवी् सदी के पूवा्द ्ा ा्मे् 370 लोगो् को तड्पा तड्पा कर मारा गया. कड्ाके की ठंड मे् लाशो् के साि अधमरे लोगो् को भी चारदीवारी से बाहर फेक ् चदया जाता रहा. यह चसलचसला सालो्चला. कूर् ता के इचतहास की गवाह यहां की जेल को सन 1903 मे् बंद चकया गया. तब तक आथ्टच्ेलया के चवचभन्न चहथ्सो्मे्हजारो्मूल चनवासी मारे जा चुके िे. सुबह से दोपहर तक हम इस ि््ीप पर रहे. चारो् तरफ समंदर ही समंदर, और बीच मे् शोरण, दासता और कूर् ता का इचतहास बताता यह ि््ीप. दोपहर बाद लगभग साढ्े्तीन बजे हम चफर उस चवशाल समुद्ी बोर की पहली मंचजल पर बैठकर पि्ाके चलये रवाना हो गये. पि्ापहुच ं कर भी मन उतना ही उदास िा. इस संदभ्ामे्यहां के श्त्े हुकम् रानो्की चसफ्फएक ही बात अच्छी लगी चक प्भ् तु व् शाली लोगो्के शासन या समाज ने शोरण और कूर् ता की

शहर का नामकरण भी नगर-योजना के प्भ् ारी एक पुराने च््बचरश मंती् सर जाज्ामुरे के जन्म थ्िान के नाम पर हुआ. रोि्न् थे र् मे्चमले एक बुजगु ा् गाइड ने नूगं र लोगो् के चलये च््बचरश हुकम् रानो् ि््ारा बनायी जेल के खंडहरो् को चदखाते हुए बताया चक इनमे् कई कालकोठचरयां(सेकस ् ) 1.5 मीरर चौड्ी और 3 मीरर लंबी है.् इस तरह के एक-एक ‘सेल’ मे् सात-सात कैदी रखे जाते िे. एक समय यहां की 29 कालकोठरी मे्167 लोग रखे गये िे. अचधकांश उसी काल-कोठरी मे्मर गये, जो

रोि्न् थे र् ि््ीप जैसी उन पुरानी चनशाचनयो्को जबरन चमराया नही्, जो इनके पूवज ा् ो् ने इचतहास के चलये छोड्ी है.् यह भी एक तरह की ईमानदारी है, वरना हम चहन्दस ु ्ानी तो अपनी भद्ग् ी और कूर् ता का चरकाड्ाचमराने मे् लगे रहते है!् यहां तो बड्-े बड्े लोग दंगे कराकर, चनद््ोर लोगो् को फज््ी मुठभेड्ो् मे् मरवाकर पूरी दबंगई के साि कहते है,् वे बेदाग है!् (आधार प्क ् ाशन, पंचकूला से प्क ् ादशि ‘द््िस्टदे नया मेरी जान’का एक अंश.)

आॅस्ट्ेरलया का यह अनोखा द््ीप रजतना सुंदर है, उसका इरतहास उतना ही दद्सनाक है. मूल रनवारसयो् के सफाये की स्मृरतयां रदल को अफसोस से भर देती है्.

लेना होता है. यह चकसी चनजी कंपनी का उपक्म् और प्ब् ध ं न है. चरकर लेने के बाद हम समुद्के नीचे बने सुरं ग-नुमा अक्वा मे् घुस गये. काफी देर हम समंदर मे्तैरते जीवजंतओ ु ्और वनथ्पचतयो्को शीशे नुमा चकसी मजबूत चीज की बनी पारदश््ी संरचना से चनहारते रहे. आथ्टच्ेलयाई समुद्तर पर यह चचकत करने वाला दश्ना ीय थ्िल िा. हम नीचे िे और हमारे दाये-् बाये्और ऊपर चारो् तरफ समंदर लहरा रहा िा. समंदर के अंदर घंरे भर रहने के बाद हम बाहर चनकले. सबके

से प्यारे समुद्ी जहाज मे्यात््ा करके इस ि््ीप तक पहुचं ने का हमारा सारा उत्साह फीका पड् गया. यह ि््ीप िा-रौरनेथर् . इसे चहंदी मे्बोलते समय हम रोि्न् थे र् कहे् तो बेहतर होगा. थ्िानीय लोग अपनी अंगरेजी मे् चजस तरह इसका उच््ारण करते है,् वह भी रौरनेथर् के बजाय रोि्न् थे र् से काफी चमलता-जुलता है. रोि्न् थे र् ‘रैर-नेथर् ’ से बना है, यानी ‘चूहो्का वास’. बताते है् चक इस ि््ीप को खोज चनकालने वाले डच अन्वरे ी-नाचवक चवचलयम द ब्लचे मंग सन 1696 मे् जब यहां पहुच ं े तो

को चुनचुन कर जेल मे्डाल चदया गया. उन बेचारो् को पता भी नही् चल पाया चक उन्हे् चकस ‘अपराध’ की सजा चमल रही है! वे सीधे-साधे आचदवासी लोग िे, आथ्टच्ेलया के इस छोर के सबसे पुराने मूलवासी. उनके वजूद का इचतहास 40 से 60 हजार वर्ापुराना माना जाता है. अंगज ्े ो्के इस इलाके मे्बसने-बसाने का सबसे बड्ा प्य् ास सन 1826 मे् न्यू साउि वेकस ् की तरफ से शुर्हुआ. सन 1829 मे् थ्वान नदी कालोनी बसनी शुर्हुई. पच््िम आथ्टच्ेलया की मौजूदा राजधानी पि्ा भी 1829 मे बसाई गयी. चफर भी यहां बसने मे् ज्यादा लोगो्की र्चच नही्िी. सन 1880 मे्


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तगरधारी लाल जोिी

चुिाि उप्् मे् तैयारी दबहार मे्

पटना. यचद मुंगेर मे्बने हचियारो्की तथ्करी को मानक माना जाये तो लगता है चक उि््रप््देश चवधान सभा चुनाव की तैयारी बहुत पहले से आरंभ हो चुकी िी. मुंगेर के हचियार तथ्करो् के चरश्ते वाया बंगालचदक्ली-उि््रप््देश तक जुड्ेहुए है्. इस धंधे पर नोरबंदी की धुंध नही्है. ट््ेनो्और बसो् से बड्ी मात््ा मे्बने-अधबने हचियार जब्त चकये जा रहे है्. भागलपुर के एसपी मनोज कुमार बताते है् चक पड्ोसी राज्य मे् चुनाव की आहर ने अवैध हचियारो् की मांग बढ्ा दी है. चपछले चदनो्हावडा-गया एक्सप््ेस ट््ेन से भारी तादाद मे् अध्ाचनच्मात हचियार चमले है्. रेल पुचलस िाना प््भारी सुधीर कुमार चसंह बताते है चक भागलपुर चजले के सुक्तानगंज थ्रेशन पर छापामारी की गयी. ट््ेन के एक डब्बे की सीर के नीचे रक्खे एक लावाचरस बैग से 40 अध्ाचनच्मात चपथ्रल वरामद की गयी. इस चसलचसले मे् कोई चगरफ्तारी नही्की जा सकी लेचकन माना जा रहा है चक ये हचियार मुंगेर के कुशल कारीगरो् के हािो् चफचनश कराने के चलए लाये गये िे. मुंगेर के कारीगर देसी हचियारो् को उन्नत बनाने मे् उस््ाद माने जाते है्.वरदे नामक थ्िानीय गांव तो इस काम को

पूजा तसंह

13 जनवरी - 19 जनवरी 2017

अंजाम देने के चलए अरसे से जाना जाता है. यहां तकरीबन हर घर मे्इसके कारीगर है्. हाल ही मे् एक हचियार तथ्कर की चनशानदेही पर वरदे और नया रामनगर से चार चमनी बंदूक फैक्ट्ी पकडी गयी िी. इससे पहले 26 जुलाई को सुक्तानगंज थ्रेशन पर न्यू फरक््ा एक्सप््ेस ट््ेन मे्छापा

मार कर 22 अ््द्ाचनच्मात चपस््ौले् वरामद की गयी िी्. 19 जून को बंगाल के पुर्चलया के रास््े भागलपुर लायी गयी 36 अ््द्ाचनच्मात चपस््ौले् िाना मोजाचहदपुर की पुचलस ने बस से जब्त की िी.17 अगस््को दो ट््ेनो् हावडा- जमालपुर एक्सप््ेस और साचहबगंज-जमालपुर ट््ेन से रेल पुचलस ने

सांसत मे़ संजय पाठक

भोपाल. मध्य प्द् श े के करनी चजले की चवजयराघौगढ् सीर से चवधायक और प््देश सरकार मे्मंत्ी संजय पाठक इन चदनो्गलत वजहो् से सुच्खायो् मे् है्. दरअसल एस्कसस बै्क मे्पांच सौ करोड्से अचधक का काला धन सफेद करने की कोचशश के मामले के तार उनसे जुड् रहे है्. इस मामले की जांच कर रहे करनी चजले के एसपी गौरव चतवारी का तबादला चकये जाने के बाद मामला तूल पकड्ता जा रहा है. चतवारी को करनी से हराकर चछंदवाड्ा का एसपी बनाया गया है. माना जा रहा है चक उनका तबादला संजय पाठक ने करवाया है. सूत्ो् के मुताचबक चूंचक इससे प््देश सरकार की बदनामी हो रही है इसचलए अगर मामला जक्द शांत नही्हुआ तो संजय पाठक से मंत्ी पद छीना जा सकता है. गौरतलब है चक कुछ ही अरसा पहले कांग्ेस छोड्कर भाजपा मे्आये पाठक मध्य प््देश के सबसे अमीर मंत्ी है.् उनका कारोबार 10 से अचधक मुक्को् मे् फैला है. उनके पास करीब 150 करोड्र्पये की संपच््ि है. 45 वर््ीय संजय पाठक के चपता सत्ये्द् पाठक चदस्ववजय चसंह की कांग्ेस सरकार मे् मंत्ी िे. पाठक खुद कुछ वर्ा पहले कांग्ेस से भाजपा मे्आये. घोचरत आय 141 करोड् र्पये है जबचक अघोचरत आय कई गुना

RNI- DELHIN/2015/ 65658

ज्यादा होने का अनुमान. मुखय् र्प से खनन कारोबारी. कई बड्े होरलो् व चरजाव्स्ा के माचलक. चनजी हेलीकाप्रर के माचलक. कई देशो्मे्कारोबार. भाजपा के थ्िानीय नेता पाठक को बाहरी मानते है्. वे इस मौके का पूरा फायदा उठाने की जुगत मे् लगे हुए है्. इस समय पाठक प््देश के सूक्म, लघु और मध्यम उद््म, उच्् चशक््ा, सामाचजक न्याय एवं चन:शक्तजन कक्याण राज्यमंत्ी है्. उनका मुख्य व्यवसाय खनन है. ज्यादा समय नही् हुआ जब खुद भारतीय जनता पार््ी के लोग पाठक को खनन माचफया कहकर पुकारा करते िे. लेचकन अब वह खुद भाजपा सरकार मे्मंत्ी है्. उधर, एसपी गौरव चतवारी को हराये जाने के बाद चजले मे्बड्ेआंदोलन ने जन्म ले चलया है. ईमानदार छचव वाले चतवारी काफी लोकच््पय है्. उनको हराये जाने की खबर सामने आते ही शहर मे् लोग सड्को् पर आ गये. इस आंदोलन मे्चवपक््ी कांग्ेस पार््ी अहम भूचमका चनभा रही है. कांगस ्े पार््ी ने इस मामले मे् चवि्् मंत्ी अर्ण जेरली, प््धानमंत्ी काय्ाालय तिा भाजपा अध्यक्् अचमत शाह को खत चलखकर समुचचज जांच करवाने का आग््ह चकया है. यह मामला करीब 500 करोड् के काले धन को सफेद करने की कोचशश का है. सूत्ो्के मुताचबक

एसपी गौरव चतवारी इस मामले की जड्ो्तक पहुंच गये िे. इसमे् संजय पाठक और आरएसएस के एक वचरष््नेता की संचलप्तता चमली है. खुद को चमल रहे अभूतपूव्ाजन समि्ान के बारे मे् चतवारी ने एक थ्िानीय समाचार पत््से कहा चक जनता एक ईमानदार पुचलस अचधकारी के साि खड्ी है यह बड्ी उपलस्बध है. उन्हो्ने जोर देकर कहा चक पुचलस की नौकरी बेरोजगारी दूर करने के चलए नही्है. यह सीधे-सीधे जनता से जुड्ा हुआ मसला है.

छापामार हचियारो् का जखीरा ही पकडा िा. 190 अ््द्ाचनच्मात चपथ्रल बरामद की िी. अगस््मे्ही एक यात््ी ट््ेन से 5 चवदेशी चपथ्रल पकडी िी्. बीते महीने भी सुक्तानगंज थ्रेशन पर र्की ट््ेन से 10 चपथ्रल बरामद हुई. पुचलस ने सज््ात नाम के चबकलांग आदमी को पकडा िा. जो हचियारो्की खेप के चलए कुचरयर का काम करता है. उसने माना िा चक हर खेप के बदले उसे चार हजार र्पये चदये जाते िे. जानकारी के मुताचबक गृह महकमे ने हचियारो् की तथ्करी रोकने के चलए एसरीएफ को भी लगाया हुआ है. हचियार जब्त भी होते है.चफर भी तथ्करी का धंधा जोरो् पर है. आसपास चुनाव को नजदीक देख यह धंधा पनप उठता है. इस धंधे मे् नोरबंदी का कोई असर दूर दूर तक नज़र नही् आता. उि््रप््देश मे् चु���ाव नजदीक देख इसकी तैयारी राजनेताओ् के गुग्ो ने तेज कर दी है. नक्सली भी यहां के हचियार खपाने मे् आगे है्. बंगाल के बद्ावान, मुच्शादाबाद और आसनसोल से अ््द्ाचनच्मात चपस््ौले् चवदेशी चमक देने के वास््े मुंगेर लायी जाती है.

साइककल पर... पेज 1 का बाकी वकील कचपल चसब्बल अचखलेश खेमे की पैरवी कर रहे िे. सपा मे्जारी संकर के बीच सबसे पहले मुलायम चसंह यादव और चफर अचखलेश खेमे ने चुनाव आयोग मे्चुनाव चचह्न पर दावा ठोका िा. मुलायाम ने कहा है चक पार््ी उन्हो्ने बनाई है इसचलए पहला हक उनका है. अचखलेश खेमे के रामगोपाल यादव ने छह जनवरी को मुख्यमंत्ी अचखलेश के समि्ाक नेताओ् की सूची सौ्पी िी. उन्हो्ने बताया िा चक 229 मे् से 212 चवधायको्, 68 मे् से 56 चवधान पचररद सदथ्यो् और 24 मे् से 15 सांसदो् ने अचखलेश को समि्ान देने वाले शपि पत्् पर हस््ाक््र चकये है्ं .रामगोपाल ने कहा िा चक अचखलेश यादव के नेतृत्व वाली पार््ी ही असली समाजवादी पार््ी है. चुनाव चचह्न साइचकल इसी खेमे को चमलनी चाचहये. गौरतबलब है चक चुनाव चचह्न साइचकल पर दावेदारी के चलए मुलायम और अचखलेश खेमा चुनाव आयोग के काय्ाालय गया िा चजस पर आयोग ने दोनो् खेमो् को नौ जनवरी तक समि्ाक चवधायको् की सूची शपि पत्् के माध्यम के जचरये जमा कराने को कहा िा.

उप्् चुनाव मे् जोगी की दस्क ्

संजीि त़़िपाठी

रायपुर. छि््ीसगढ् के पूव्ा मुख्यमंत्ी अजीत जोगी का राजनीचतक दल जनता कांग्ेस छि््ीसगढ्, दो वर्ा बाद होने वाले चवधानसभा चुनाव मे् प््देश मे् चकतनी सीरो् पर जोर आजमायेगा यह तो तय नही् है लेचकन पार््ी बाहर अपने चवस््ार पर अवश्य गंभीरता से चवचार कर रही है. जोगी की पार््ी उि््र प््देश के चवधानसभा चुनाव मे्अवश्य सच््कय हो रही है. पार््ी सूत्ो्का दावा है चक उि््र प््देश मे्आने वाले चवधानसभा चुनाव मे् बुंदेलखंड की 19 सीरो् पर जोगी अपने समि्ान से प््त्याशी उतारने की तैयारी कर चुके है्. देश की राजनीचत मे् उि््र प््देश की अहचमयत से सभी वाचकफ है्. यही वजह है चक राष््ीय स्र् पर राजनीचतक जमीन तैयार करने के चलए उि््र प््देश मे् जड्े् मजबूत करना उनको जर्री लग रहा है. इसीचलए कहा जा रहा है चक जोगी चजन चनद्ालीय प््त्याचशयो् का समि्ान और मदद करंगे वे दरअसल कांग्ेस के ऐसे पुराने नेता है् जो उनके समि्ाक माने जाते है्.जोगी के करीबी सूत्ो्के अनुसार झांसी, जालौन, लचलतपुर, चचत््कूर, बांदा, हमीरपुर और महोबा चजले की 19 चवधानसभाओ्मे्प्त्य् ाशी लगभग तय हो चुके है.् वही्बाकी सीर उन क्त्े ्ो्मे्बताये जा रहे है्जहां सि््ाधारी दल सपा और बसपा की पकड्कमजोर है. उि््र प््देश चुनाव मे् जोगी के सच््कय होने के साि ही उनके राष््ीय गठबंधन बनाने के अनुमान को चफर एक बार बल चमलने लगा है. शहडोल चुनाव मे् वे गो्डवाना गणतंत्पार््ी के हीराचसंह मरकाम

को समि्ान देकर पहले ही इस पार््ी के साि छि््ीसगढ् मे् गठजोड् की ओर इशारा कर चुके है्. लेचकन राष््ीय स््र पर तृणमूल कांग्ेस की प््मुख ममता बनज््ी, बीजू जनतादल व एक अन्य पार््ी के प््मुख नेताओ् के संपक्फ मे् है्. ऐसा दावा वे पार््ी गठन के समय से करते आ रहे है्। माना जा रहा है चक उि्र् प्द् श े मे्अगर वे सपा से गठजोड्करते है्तो उन्हे्एक बड्ी पार््ी का समि्ान चमल जायेगा. वैसे भी लोक सभा चुनाव मे् भाजपा के बहुमत से जीतने के बाद कांग्ेस की बहुत कम सीर रह गयी है. जोगी गठजोड् बनाकर इस खाली जगह को भरने की कोचशश तो कर ही सकते है्. इधर इस बारे मे् जोगी कहते है्, 'उि््र प््देश मे्मेरे कुछ चमत््है्जो मुझसे सहयोग मांग रहे है्. पार््ी स््र पर तो नही् लेचकन चनजी संबंधो्के आधार पर उन्हे्जहां तक हो सकेगा मै् मदद करं्गा. रही बात राष््ीय गठबंधन की तो संभावनाये्हर तरफ है.् दूसरे राज्यो् मे् मेरे चमत्् पहल करे्गे तो इस पर आगे सोचा जा सकता है.'

थ्वत्वाचधकारी, प््काशक और मुद्क: क््मता चसंह के चलए अमर उजाला पस्बलकेशंस चलचमरेड, सी-21, 22, सेक्रर-59, नोएडा, उि््र प््देश से मुच्दत एवं दूसरी मंचजल, बी-146, हचरनगर आश््म, नयी चदक्ली- 110014 से प््काचशत. संपादकः अंबरीश कुमार (पीआरबी अचधचनयम के तहत समाचारो्के चयन के चलए चजम्मेदार) सभी कानूनी चववादो्के चलए न्याय क््ेत्चदक्ली होगा. संपक्फ: +91.8004903209, 9793677793 ईमेल: shukrawaardelhi@gmail.com


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