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Shukrawaar newspaper 2015 (3)

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नयी उम्ार बदले तेवर पेज- 13

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वर्ष 2 अंक 9 n पृष्: 16 n 1-7 जनवरी 2016 n नयी दिल्ली n ~ 5

मोदी लाहौर में पर सुषमा बेखबर जेटली रहेंगे या जायेंगे तववेक िक्िेना

शरद गुप्ता

काबुि से िौरिे समय िाहौर र्कने के प् ् ि ानमं त्ी नरे्द् मोदी के फै्सिे की लवदेश नयी दिल्ली. प्​्िानमंत्ी नरे्द्मोदी की मं त ी ् सु ि मा स्वराज को भी जानकारी नही्थी. काय्वशैिी का एक और उदाहरण सामने स् व राज को इसकी ख्बर पूरी दुलनया के साथ आया है .उनके लवदेश खासकर पलकस्​्ान ही मोदी के उस ट्वीर से लमिी लजसमे् दौरे की जानकारी लवदेश मंत्ी सुिमा स्वराज उन् ह ो् न े पालकस्​्ान के प्​्िानमंत्ी नवाज् िक को नही् थी .यह घरना सरकार के कामकाज के िौर िरीके पर सवालिया शरीफ् से फ्ोन पर बािचीि होने के बाद लनशान िगािा है . सूत्ो्के मुिालबक काबुि िाहौर जाने की जानकारी दी थी. हािांलक से िौरिे समय िाहौर र्कने के फै्सिे की मोदी-नवाज् दोनो् मुिाक्ािो का आिार जानकारी लवदेश मंत्ी सुिमा स्वराज को भी कांग्ेसी सांसद नवीन लजंदि के बड्े भाई नही्थी. उन्हे्भी इसकी ख्बर पूरी दुलनया के सज्​्न लजंदि ने िैयार लकया था. इससे साथ ही मोदी के उस ट्वीर से लमिी लजसमे् पहिे पेलरस मे्और लिर िाहौर की मुिाकाि उन्हो्ने पालकस्​्ान के प्​्िानमंत्ी नवाज् का जलरया यही बने. लजंदि स्रीि के शरीफ् से फ्ोन पर बािचीि होने के बाद मालिक सज्​्न के नवाज् शरीफ् के साथ घरेिू और दोस्​्ाना ही नही्बस्कक कारोबारी िाहौर जाने की जानकारी दी थी.

लरक्िे भी है्. नवाज शरीफ् की नालिन की शादी की वजह से सज्न् पहिे से ही िाहौर मे् थे. िेलकन भाजपा मे् लकसी को भी इस मुिाक्ाि और गुपचुप िैयालरयो्का इक्म नही् था. सरकार मे् भी इसकी जानकारी कुछ लगने-चुने िोगो् को ही थी, वह भी अंलिम ि्​्णो्मे्हुई्. न ही पालकस्​्ान मे् भारि के राजदूि रीसीए राघवन को मोदी के पालकस्​्ान जाने की कोई सूचना थी. न ही लवदेश मामिो्पर पालकस्​्ानी प्ि् ानमंत्ी के सिाहकार सरिाज अज्ीज्, लवदेश सलचव एजाज्अहमद चौिरी या राष्​्ीय सूचना सिाहकार िेस्टरने्र जनरि नालसर जुंजुआ को इस बारे मे् कुछ भी पिा था.यही वजह है लक उनमे्से कोई भी बाकी पेज 2 पर

नयी दिल्ली. नव वि्वकी शुर्आि के साथ ही मोदी सरकार मे् बदिाव की अरकिे्िेज हो गयी है. सरकार और पार्​्ी के अंदर दबे स्वरो्मे्यह पूछा जाने िगा है लक क्या संभालवि िेरबदि मे् लवत्​् मंत्ी अर्ण जेरिी का मंत्ािय बदिा जायेगा? खासिौर से संघ मे् उनके पैरोकार रहे, सुरेश सोनी से भाजपा का प्​्भार िे िेने के बाद अिवाहो्का बाजार गम्वहै्. भाजपा के ही कुछ नेिाओ् का मानना है लक वे लजस अर्ण जेरिी का सबसे ज्यादा समझदार और कानून का जानकार मानिे थे, उन्हो्ने खुद को कानूनी लशकंजे मे्िंसा लिया है. जेरिी को अरि लबहारी वाजपेयी और िाि कृष्ण आडवाणी की लवरासि वािा नेिा माना जािा था. पर उन्हो्ने केजरीवाि एंड कंपनी पर मानहालन का दावा करके अपने कट्​्र लवरोलियो्राम जेठमिानी और कील्िव आजाद को उन्हे् बदनाम करने का मौका दे लदया है. सूत्ो् के मुिालबक हॉकी िेडरेशन के पूवव्अध्यि्​्केपीएस लगि ने केजरीवाि को जो लचट्​्ी लिखी है. इसमे्अर्ण जेरिी पर कािी गंभीर आरोप िगाये गये है्. उनके मुिालबक हॉकी इंलडया िीग बोड्व के सिाहकार सदस्य रहिे हुए उनके वकीि बेरी सोनािी को करोड्ो् र्पये की िीस अदा की गयी थी. बदिे मे्उन्हो्ने इस संघ

को सरकारी ि्​्ेत् से करोड्ो् र्पये का चंदा लदिवाया. यह मामिा अदाि​ि मे्मानहालन की सुनवाई के दौरान राम जेठमािानी उछाि सकिे है् या लिर केजरीवाि कभी भी केपीएस लगि के पत्​्को साव्ज व लनक कर सकिे है्. ऐसी स्सथलि मे्उन्हे्उन्ही्हािाि का सामना करना पड् सकिा है जो लक सुिमा स्वराज के लिए पैदा हो गये थे. उनकी बेरी बांसुरी िलि​ि मोदी की वकीि थी्. सुिमा पर आरोप था लक बेरी के दालखिे के मदद देने से िेकर उसको वकीि के र्प मे् लनयुक्ि लकये जाने के बदिे मे्उन्हो्ने उसकी मदद की थी. राम जेठमािानी का मानना है लक जेरिी के कारण ही राजग के शासनकाि मे्उनसे कानून मंत्ािय छीना गया था. वही् कील्िव आजाद के करीलबयो्की बाि करे्िो बाकी पेज 2 पर

सूखे की चपेट में आया आधा देश तो कांग्ेस से हाथ मिलाये्गे कम्युमिस्ट!

प्​्दीप तिंह

रीता ततवारी

नयी दिल्ली. देश के आिे से ज्यादा लहस्से मे्सूखे की मार से लकसान बदहाि हो चुके है. देश के अलिकांश लजिे सूखे की कमोबेश चपेर मे् थे. राज्य सरकारो् का रवैया जहां सूखे को िेकर िापरवाही भरा रहा िो के्द् सरकार भी स्सथलि का जायजा िेने मे्देरी िगािी रही है. इससे लकसानो्की मुस्ककि बढ़्िी रही्. इससे लकसान आत्महत्या के मामिो् मे् भी इजािा हुआ. सामान्य से कम बालरश होने के कारण देश के 614 मे्से 302 लजिे सूखे का संकर झेि रहे है्. इससे पहिे 2002 मे्देश को इससे भी अलिक सूखे को झेिना पड्ा था. िब कुि383 लजिे सूखे की चपेर मे् आये थे. सरकार उस इिाके को सूखाग्​्स्मानिी है, जहां वि्ाव सामान्य से 20 िीसदी कम होिी है. लजन इिाको् मे् बालरश का आंकड्ा सामान्य से 50 िीसद या इससे अलिक कमजोर हो,उन्हे्भीिण सूखाग्स ् ्कहा जािा

कोलकाता. माकपा को सत्​्ा के लिए अपनी नीलियो् पर समझौिा करने से भी कोई परहेज नही् है. कम से कम अपने सबसे मजबूि गढ़ रहे बंगाि के मामिे मे् िो वह कांग्ेस और भाजपा से समान दूरी बना कर चिने की अपनी पूव-व् घोलि​ि नीलि पर समझौिे के लिए िैयार नजर आ रही है. यहां चि रहे पार्​्ी के महालिवेशन के दौरान भी खासकर राज्य के जमीनी स्​्र के नेिाओ् और काय्वकि्ावओ् की ओर से िगािार यह मांग उठ रही है. यह बाि दीगर है लक दल्​्िण भारिीय िॉबी के लवरोि को ध्यान मे्रखिे हुए पार्​्ी नेिृत्व ने लि​िहाि चुनावी िािमेि का िैसिा अगिे महीने िक राि लदया है. िोकसभा के पूव्वअध्यि्​्और माकपा के वलरष्​् नेिा रहे सोमनाथ चरज्​्ी ने भी कहा है लक बंगाि मे् सत्​्ार्ढ़ िृणमूि कांग्ेस के साथ मुकाबिे के लिए माकपा

है. इसे पलरभािा की कसौरी पर कसे्, िो देश के 18 राज्यो्के 66 करोड्िोगो्के लसर पर सूखा संकर बनकर मंडरा रहा है. लचंिा की बाि यह है लक सूखे की मार उन इिाको्मे् पड्ी है, जहां जमीन बहुि उपजाऊ है.वहां राहि पहुंचाना इसलिए भी जर्री है लक लकसान समय रहिे अगिी िसि की िैयारी कर सके्. िेलकन राज्य सरकारे्भीिण सूखा की स्सथलि मे्भी उदासीन बनी रही्. प्श ् ासन ने आलिकालरक िौर पर प्​्भालवि लजिो् को सूखाग्​्स्घोलि​ि करने मे्देरी की है. पूरी खबर पेज सात पर

को कांगस ्े के साथ हाथ लमिा िेना चालहए. चालहए. सोमनाथ ने कहा लक माकपा अकेिे उनका कहना है लक मुखय् मंत्ी ममिा बनज्​्ी अपने बूिे िृणमूि कांग्ेस का मुकाबिा के लखिाि वामपंथी, कांग्ेस और दूसरे नही्कर सकिी. बाकी पेज 2 पर िम्वलनरपेि् दिो् को एकजुर हो जाना


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1 जनवरी - 7 जनवरी 2016

नयी राजधानी की चिंता नहीं हरीश रावत को

पुर्षोत्​्म अिनोड़ा

िेहरािून. उत्​्राखंड मे् राजिानी को िेकर अब भी राजनीलि जारी है. कांग्ेस नीि राज्य सरकार की नयी राजिानी को िेकर उदासीनिा इसी का संकेि है. दूसरे लवपि्​्ी दि भी इसे ज्यादा िरजीह देिे नही् लदखाई देि.े देहरादून और नयी राजिानी गैरसैण ् को िेकर िोगो्मे्भी ऊहापोह कायम है. इससे लवकास की योजनाओ्मे्भी देरी हो रही है. पर गैरसै्ण मे् लवकास योजनाओ् मे् हो रही देरी राज्य की राजनीलि की पोि खोि रही है. उत्​्र और दल्​्िण मे्सचमुच अंिर है. न केवि जिवायु, भािा और संस्कृलि का, बस्कक काय्वपद्​्लि का भी. आय्वसभ्यिा के वंशज द्​्लवड्ो् को लकिना ही हेय क्यो् न माने्, िेलकन द्​्लवड्सभ्यिा के वंशज आज की वास्​्लवकिा मे्हमसे कई गुना आगे है्. िाजा सवाि आंध् प्​्देश की राजिानी अमराविी का है, लजसका ठीक लवजयादशमी के लदन लशिान्यास हो गया. एक साि पहिे िक जो िोग राज्य के लवभाजन पर मरने मारने को उिार् थे, उन्हो्ने न केवि राजिानी हैदराबाद पर दावा छोड्िे हुए अमराविी के र्प मे् नयी राजिानी बनाने का लनण्वय लिया, बस्कक उसे बसाने का काम भी शुर् कर लदया है. दस साि िक हैदराबाद मे्संयुक्ि राजिानी रहने के बाद अमराविी पूरी िरह राजिानी बन जायेगी. उत्​्राखंड को िेकर िो लकसी को आपल्​्त ही नही्थी. पृथक राज्य की मांग को िेकर वि्व 1994 मे् उत्​्राखंड मे् व्यापक आंदोिन हुआ. 42 िोगो् ने अपने प्​्ाण बलिदान लकये और मुजट्िरनगर जैसा लघनौना कृत्य हुआ. उत्​्र प्​्देश लविान सभा ने उत्​्राखंड राज्य गठन के लिये कम से कम िीन प्​्स्ाव पालरि कर केन्द् को भेजे

और संसद मे्भी लबना लकसी लवरोि के उप्​् राज्य पुनग्वठन लविेयक 2000 पालरि हो गया और 9 नवंबर 2000 को वैिालनक र्प से राज्य बन गया. राज्य गठन से बहुि पहिे, साि 1992 मे् ही उत्​्राखंड क्​्ांलि दि ने गैरसै्ण को भावी उत्​्राखंड राज्य की राजिानी घोलि​ि कर लदया था. मुिायम लसंह यादव ने वि्व 1994 मे् रमाशंकर कौलशक की अध्यि्​्िा मे् गलठि सलमलि ने भी व्यापक र्प से सव्ि ्े ण ् करने के बाद गैरसैण ् को उत्र् ाखंड राज्य की राजिानी बनाने की अनुशंसा की थी. पर राज्य पुनग्वठन लविेयक मे् सव्वसम्मलि से स्वीकाय्व इस राजिानी का उक्िेख छोड्लदया गया और राज्य बनने के बाद भी ‘पहाड्ी राज्य की पहाड्ी राजिानी’ आंदोिन का कारण बन गयी. इसके लिये बाबा मोहन उत्​्राखंडी को अपने प्​्ाणो् की शहादि देनी पड्ी. इन 15 सािो् से हम अवैिालनक र्प से देहरादून मे् बनी अस्थायी राजिानी से इस प्​्देश को नक्कमे् िब्दीि कर रहे है.् िीन िाख से अलिक घरो् पर िािे िग गये है् और िीन हजार से

जेटली रहेंगे या... मोदी लाहौर में... पेज 1 का बाकी जेरिी के कारण ही उनके बेरो् को डीडीसीए मे् आगे नही् बढ़्ने लदया गया. वे िो उनका दरभंगा से िोकसभा का लरकर िक करवाने पर िुिे हुए थे. अहम बाि यह है लक कुछ माह पहिे संघ मे् यह राय बन गयी थी लक अर्ण जेरिी का मंत्ािय बदि देना चालहए. उन्हे् लवदेश मंत्ािय सौ्पे जाने की बाि चि रही थी. संघ की लशकायि थी लक उनके लिए पार्​्ी का घोिणापत्​्और एजंडा प्​्ाथलमकिा नही् है. वे अिसरशाही के प्​्भाव मे् ज्यादा है. संघ के आिा पदालिकालरयो् का मानना है लक डीडीसीए और ल्​्ककेर लववाद से पार्​्ी और सरकार को खुद को अिग रखना चालहए. उसका यह भी मानना है लक भारि के ल्​्ककेर प्​्बंिन मे्गोि माि ही है. लजस िरह से अलमि शाह ने कील्िव आजाद के लखिाि कार्ववाई की उससे संघ खुश नही् है. अब चूंलक जेरिी के पैरोकार माने जाने वािे सुरेश सोनी भाजपा के प्​्भारी नही् रहे इसलिए मोहन भागवि भैय्याजी जोशी, दत्​्ात्य्े होसबोिे और कृषण ् गोपाि की रीम ही यह िय करेगी लक इस मामिे मे् क्या लकया जाये.

पेज 1 का बाकी मोदी के स्वागि के लिए िाहौर नही् पहुंच पाया. जब िक वे इस्िामाबाद से िाहौर पहुंचिे, मोदी नवाज् के बेरी की शादी मे् लशरकि करने के लिए उनके पैिृक गांव रायलवंड के लिए रवाना हो चुके थे. ये सभी िोग बीच रास्​्े से ही िाहौर जाने के बजाए रायलवंड के लिए मुड् लिए और लकसी िरह समय रहिे वहां पहुंच गये. वही्, लवदेश मंत्ी सुिमा स्वराज ने ख्बर लमि​िे ही सबसे पहिे भाजपा के मीलडया सेि के सदस्यो् और प्​्वक्िाओ् की एक बैठक बुिाई. सुिमा ने उन्हे् समझाया लक शाम को होने वािे रीवी चच्ाव मे् क्या संभालवि मुद्े हो्गे औरउनका सामना वे कैसे करे्गे. मज्ेकी बाि है लक प्​्िानमंत्ी िगािार एक लवदेशमंत्ी की िरह लवदेश घूम रहे है् और सुिमा देश मे्है्. यह पहिी बार नही्है लक मोदी ने अपने मंल्तयो्को अंिेरे मे्रखा. इससे पहिे नगा नेिाओ् से समझौिे मे् भी गृहमंत्ी राजनाथ लसंह लबक्कुि मामिे से अनजान थे. बािचीि के बारे मे् केवि प्​्िानमंत्ी काय्ाविय के अफ्सरो् को जानकारी थी.

अलिक गांव वीरान हो गये है्. प्​्ाकृलिक आपदा से प्​्भालवि लजन साढे़ िीन सौ से अलिक गांवो्को लवस्थालपि लकया जाना है, उनके लिए सरकार के पास कोई रोडमैप ही नही्है. लपछिे िीन साि से गैरसै्ण लिर चच्ाव मे् है. यहां के एक भाग भराड्ीसै्ण, जहां सािवे्दशक मे्पशुपािन की महत्वाकांि्ी पलरयोजना शुर् हुई थी, के 100 हेक्रेयर ि्​्ेत्मे्लविान सभा और लविायक, मंत्ी व अलिकारी हॉस्रि बन रहे है्. यहां सलचवािय बनाने की स्वीकृलि भी सरकार ने दी है. िेलकन इस लविान सभा, सलचवािय का स्रेरस क्या है इस पर सरकार और उसके मुलखया मौन है.् इस बार 2 नवंबर से यहां के राजकीय पॉिीरेस्कनक मे् लविानसभा सत्​् होना प्​्स्ालवि है. यह गैरसै्ण मे्होने वािा दूसरा सत्​्होगा. इससे पहिे 9 जून से राइका मैदान मे्रेर् िगा कर संपन्न हुआ था. इस बार लविायको् का आवास भी उनके लिए भराडीसै्ण मे्बन रहे लविायक आवासो्मे्ही होना है. िेलकन इन दो सत्​्ो्के आयोजन के बाद

तो कांग्ेस से...

पेज 1 का बाकी पार्​्ी महासलचव सीिाराम येचुरी की दिीि है लक इस महालिवेशन का प्​्मुख मकसद पार्​्ी के सांगठलनक ढांचे को मजबूि करने के उपाय ि​िाशना है, चुनावी िािमेि की रणनीलि पर लवचार करना नही्. कांग्ेस के साथ िािमेि के मुद्े पर आम राय नही् बन पाने की वजह से ही के्द्ीय नेिृत्व ने लि​िाहि िमाम नेिाओ् को संगठन का ढांचा मजबूि करने और आम िोगो् खासकर युवा िबके िक इसकी पहुच ं बनाने के उपायो् पर अमि करने को कहा है. महालिवेशन के दूसरे लदन येचुरी को िािमेि के सवाि पर सिाई देनी पडी लक इस मुद्े पर जनवरी मे् ही लवचार लकया जायेगा. बंगाि िॉबी के ज्यादािर नेिा जहां कांग्ेस के साथ िािमेि के पि्​्िर है् वही् केरि िॉबी इसके लखिाि है. केरि के एक वलरष्​्माकपा नेिा कहिे है्लक अगिे साि बंगाि के साथ केरि मे् भी चुनाव होने है्. वहां कांग्ेस ही पार्​्ी की प्​्मुख प्​्लिद्​्ंद्ी है. ऐसे मे्कही्कुक्िी और कही्दोस्​्ी से कैसे काम चिेगा?

भी स्थायी राजिानी को िेकर भी स्सथलियां किई साि नही् है्. यलद हमारे नेिागण दो राजिालनयो्के कांसेप्र मे्जी रहे है्िो राज्य आंदोिन के साथ िोखा कर रहे है्. बाबा मोहन ‘उत्​्राखंडी’, लजन्हो्ने 13 बार उपवास कर अन्ि​िः अपनी जान गैरसै्ण के लिए कुब्ावन कर दी, के साथ-साथ हम उन मां-बलहनो् के भी अपरािी हो्गे, लजन्हो्ने गैरसै्ण राजिानी का सपना आंखो् मे् लिए हुए अपनी अस्समिा पर आघाि सहन लकया. सवाि गैरसै्ण मे् राजिानी बनाने का है, लविान सभा या सलचवािय भवन बनाने का नही्. मध्य लहमािय का यह ि्​्ेत् आपदा और सामलरक दृल्ि से बहुि संवेदनशीि है. यहां अत्यलिक लनम्ावणो्की इजाजि नही् दी जा सकिी. भराड्ीसै्ण दूिािोिी पव्वि श्​्ृंखिा के लनकर है और दूिािोिी गैर ग्िेलशयरी 5 नलदयो्का उद्​्म है. इनमे् पल्​्िमी रामगंगा भी है, जो उत्र् ाखंड के साथ उप्​्मे्भी जिापूलि् व करिी है. इस पय्ाववरणीय दृल्ि से महत्वपूण्व ि्​्ेत् मे्लबना लनयोजन के भारी लनम्ावण प्​्कृलि को कुलपि ही करे्गे. सरकार ने ‘गैरसै्ण अवस्थापना लवकास पलरिद’ की स्थापना िो की है, िेलकन एक साि मे् उसका काम बजर आबंरन से आगे नही् बढ़्ा है. नीलि और लनयोजन के मुद्े पर वह लसिर है. गैरसै्ण को प्​्ाकृलिक र्प से अस्सथर लकये बगैर कैसे उत्​्राखंड की स्थायी राजिानी बनाया जा सकिा है, इसका सोच पि्​्लवपि्​् लकसी के पास नही है. आंध् प्​्देश एक संकक्प के साथ एक साि मे् अपनी राजिानी ‘अमराविी’ की नी्व रख देिा है और उत्​्राखंड 15 साि मे् भी अपनी राजिानी पर एक आम सहमलि नही् बना सकिा. उत्​्र और दल्​्िण मे् यही बड्ा अंिर है. (नैनीिाि समाचार)

बराक-8 बनी नौसेना की ताकत

भा

रिीय नौसेना के महकमे मे् शालमि हुई स्वदेशी और अत्यािुलनक लवध्वस ं क लमसाइि बराक-8. इसका परीि्ण ् आईएनएस कोिकािा से लकया गया. परीि्ण ् पैमाने पर पूरी िरह सि​ि रहा. यह लमसाइि प्ण ् ािी बहुदक्े य् ीय लनगरानी और खिरे की आहर भांपने वािे रडार (एमएि-स्रार) से िैस है. लमसाइि 100 लकमी दूर से ही दुकम् न के वार को भांपकर पिक झपकिे उसे 70 से 90 लकमी दूर हवा मे्ध्वस्​्करने मे्सि्म् है. नौसेना के अनुसार अरब सागर मे्नौसैलनक अभ्यास के दौरान मंगिवार और बुिवार को िीव्​् गलि से आईएनएस कोिकािा को लनशाना बनाकर दागे गये दो िक्य् ो् को लमसाइि प्ण ् ािी ने न केवि समय पर पहचाना, बस्कक समय रहिे करीब 80 लकमी की ऊंचाई पर ही ध्वस्​् कर लदया. इस प्ण ् ािी को रि्ा् अनुसि ं ान और लवकास संगठन (डीआरडीओ) और इस्​्ाइि की इस्​्ाइि एरोस्पस े इंडस्ट्ीज ने लमिकर लवकलसि लकया है. इसे एक्रा लसस्रम, फ्​्ास ं की रािेि और भारि डायनालमक्स लिलमरेड (बीडीएि) ने लमिकर िैयार लकया है.

सरकार की फजीहत करा कर गये डीजीपी

िंजय शम्ा​ा

लखनऊ. सरकार ने सोचा नही्था लक अपने लररायरमे्र से ठीक पहिे डीजीपी जगमोहन यादव ऐसा गुि लखिा सकिे है्. बीिी शाम केपी लनगम ने सुप्ीम कोर्व के प्​्काश लसंह की यालचका का हवािा देकर मांग की लक डीजीपी का काय्वकाि बढ़्ाया जाये. राि मे् ही हाईकोर्व के जज ऋिुराज अवस्थी के घर पर दो सदस्यीय बे्च ने सुनवाई की और 21 जनवरी की िारीख िगा दी गयी. पर इस कारनामे ने पूरे देश मे् सरकार की िजीहि करा दी. देश भर के नौकरशाहो् मे् चच्ाव हो गयी लक आलखर सरकार ने जगमोहन यादव जैसे शख्स को डीजीपी बनाया ही क्यो्? जगमोहन यादव ने अपने काय्वकाि मे् वैसे भी पुलिस की िजीहि कराने मे्कोई कसर नही्छोड्ी. जगमोहन जब िॉ एंड आड्वर थे, िभी उनके कारनामे सरकार को परेशानी मे् डाि​िे रहिे थे. वह मौजूदा डीजीपी के लखिाि िगािार िॉलबंग करिे रहिे थे. उन्हे् गुमान था लक वह यादव पलरवार के बेहद करीबी है्. लिहाजा पुलिस महकमे मे् लसि्क उनकी ही सुनवाई होनी चालहए. उनके इस कारनामो् ने डीजीपी काय्ाविय मे् खेमेबंदी कर दी थी. जब पानी लसर से ऊपर हो गया िब सीएम अलखिेश यादव ने कड्ा िैसिा िेिे हुए उन्हे्हरा लदया. जगमोहन यादव ने नोएडा के लववालदि इंजीलनयर यादव लसंह को भी उस समय क्िीन लचर दे दी. जब वह सीबीसीआईडी के डीजी थे. यादव लसंह के कारनामो्की जांच सीबीसीआईडी कर रही थी. सूत्ो्का कहना है लक इस क्िीन लचर के बदिे दस करोड् र्पये की डीि हुई थी. हािांलक इसकी पुल्ि नही्हुई. एक दो बार नही्कई बार ऐसा हुआ जब जगमोहन यादव ने अपने बड्बोिेपन के कारण पूरी सरकार की िजीहि कराई. जब अलखिेश सरकार पर बढ़्िे हुए अपरािो्को िेकर लवपि्​् िगािार हमिा कर रहा था. िब डीजीपी जगमोहन यादव ने कह डािा लक रामराज्य मे् भी बिात्कार होिे थे. यही नही्कुछ लदन पहिे उन्हो्ने भरी प्स ्े कांफस ्े मे् एक पत्​्कार से यह िक कह लदया लक अकेिे मे् चिो िब बिािे है् लक कैसे होिा है रेप. डीजीपी का यह बयान सोशि मीलडया मे् बेहद चच्ाव का लविय बना रहा. सरकार को िगािार लशकायि लमि​िी रही लक डीजीपी जगमोहन यादव कुछ लववालदि िोगो् को आगे बढ़्ाकर जमीनो् पर कब्जा कर रहे है्. साथ ही बेशुमार दौि​ि जुरा रहे है्. इिाहाबाद हाईकोर्व मे् उनकी अवैि संपल्​्त और उनके कारनामो् को िेकर एक जनलहि यालचका दायर हुई जो अभी भी पे्लडंग है. पर इन सब बािो् से जगमोहन यादव को कोई िक्कनही्पड्ा. बरेिी मे्एक बेशकीमिी जमीन पर कब्जे को िेकर उन्हो्ने बरेिी के एसएसपी के लखिाि सीिा मोच्ाव ही खोि लदया. कुछ लदन पहिे ही मॉडन्व कंट्ोि के काय्वक्म मे् जब सीएम बोि रहे थे मंच पर ही डीजीपी सो रहे थे. पर अब अपना काय्वकाि बढ़्वाने या लकसी आयोग मे्अपनी िैनािी कराने को जगमोहन यादव बेचैन है्.


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1 जनवरी - 7 जनवरी 2016

अकाली, कांगंेस और आप का शकंतत पं​ंदशंशन

शरद गुप्ता

का सवाि है. अमलरंदर लसंह पर चंडीगढ़्. पंजाब लविानसभा चुनाव के इसलिए क्यो्लक लिए अभी एक साि बचा है. िेलकन रैलियो् कांग्ेस दस साि से और सभाओ् का दौर देखकर िगिा है लक सत्​्ा से बाहर है. चुनाव अगिे एक-दो महीने मे्ही होने वािे अगर इस बार भी है्. हर बार कांग्ेस और लशरोमलण अकािी वह जीिने मे् दि-भाजपा के बीच ल्​्दपि्​्ीय होने वािे नाकामयाब रही िो के चुनाव मे् इस बार आम आदमी पार्​्ी एक कैप्रन िीसरा पि्​्है और सबसे ज्यादा हुजमू उसकी राजनीलिक भलवष्य रैलियो् मे् ही आ रहा है. िीनो् दिो् के बीच का अंि पक्​्ा है. अगिा शस्कि परीि्​्ण िोहड्ी के लदन 14 वैसे भी प्​्िाप लसंह जनवरी को होगा जब सभी दि एक ही लदन बाजवा को हराकर एक ही शहर मुक्िसर मे्अपनी-अपनी रैिी लपछिे महीने ही आयोलजि करे्गे. इसके लिए सभी ने अभी से कैप्रन को प्​्देश अध्यि्​् बनाया गया है. बसे्, एसयूवी, ट्​्ैक्रर और ट्​्क बुक करने कांग्ेस बीिे दो लविानसभा चुनाव अमलरंदर शुर् कर लदये है्. िीनो् का दावा पांच िाख लसंह की ही अध्यि्​्िा मे्िड्ेथे. राजे्द्कौर भट्ि ् , बाजवा, अमलरंदर, मनीि लिवारी जैसे से अलिक िोगो्की रैिी करने का है. दरअसि ये चुनाव अकािी दि अध्यि्​् कई खेमो्मे्बंरी पार्​्ी के लिए चुनाव जीिना प्क ् ाश लसंह बादि और प्द् श े कांगस ्े अध्यि्​् एक कड्ी चुनौिी है. वही्लशरोमलण अकािी कैप्रन अमलरंदर लसंह दोनो् के लिए प्​्लिष्​्ा दि को दस साि की सत्​्ा लवरोिी िहर का

ऑक्सन के नाम पर धान घोटला

एम कुमार

चंडीगढ़. बासमिी की 1509 लकस्म पर घोरािे का आरोप झेि रही मनोहर िाि खट्रर सरकार ने बीच का रास्​्ा लनकाि लिया. सरकार का कहना है लक इस लकस्म की िान का ऑक्सन कर िान लमिस्व को दी जाएगी. सरकार की इस कवायद के पीछे कोलशश उन आरोपो् से लनपरने की है जो सरकार पर िगािार िग रहे है्. िान की ऑक्सन की आड मे्सरकार जहां यह सालबि करने की कोलशश करेगी लक इस लकस्म को खरीदना मजबूरी था, वही्यह भी जिाना चाह रही है लक िान मे् कोई घोरािा नही् हुआ. इस बार 1509 के नाम पर हलरयाणा मे् बडा खेि हुआ. लपछिे साि िक इस लकस्म के चावि का लनय्ावि होिा रहा. यही्वजह थी लक लकसानो्को इस िान का करीब दो हजार र्पए प्​्लि स्कवंरि िक दाम लमि जािा था. इस बार मनोहर सरकार ने पहिी बार इस िान को बासमिी की श्​्ेणी से लनकाि कर सािारण श्​्ेणी मे् शालमि कर 1450 र्पए प्​्लि स्कवंरि रेर लनि्ावलरि कर लदया. पूव्व सीएम भूपे्द् लसंह हुड्डा का आरोप है लक जो िान एक्सपोर्वर दो हजार र्पए प्​्लि स्कवंरि खरीदािा, सरकार ने उस िान का रर 1450 र्पए लिक्स कर लदया. इससे हुआ यह लक एक्सपोर्वर ने सरकारी रेर मे्ही िान खरीद लिया. इससे जहां लकसानो्का नुकसान हुआ वही् एक्सपोर्वर ने खासा िाभ कमाया. लवपि्​् जब हमिावर हुआ िो कृलि मंत्ी ओपी िनखड ने दावा लकया लक केद् ्सरकार ने यह भी कहा था लक 1509 लकस्म को अिग रखने की बजाय इसका भंडारण

आरोपो्को बि प्​्दान लकया है. उपमुखय् मंत्ी सुखबीर लसंह बादि हर जगह हेलिकॉप्रर से घूमिे है् िो नब्बे साि के मुख्यमंत्ी प्​्काश लसंह बादि बहुि कम आिे-जािे है्. राजनीलि शास्​् के प्​्ोफे्सर सुलरंदर लसंह कहिे है् लक बादि िो इस िरह काम कर रहे है् मानो् सामना कर पड् सकिा है. राज्य की खेिी वे आलखरी बार सत्​्ा मे् हो् और इसके बाद िबाह है, व्यापार ठप है, सल्ववस सेक्रर बुरी उन्हे्मौक्ा नही्ही लमिेगा. अकािी दि की हाि​ि मे्है. प्द् श े सरकार का ख्ज्ाना खािी अिोकल्​्पयिा अपने चरम पर है. कई गांवो् है. बादि पलरवार को भ्ि ् ्ाचार के रोकरी भर मे्िो बाक्ायदा अभी से बैनर िग रहे है्लक आरोपो् का सामना करना पड रहा है. पूरे अकािी दि के नेिाओ्को इस बार गांव मे् राज्य मे् उन्ही् की बसे् चि रही है्. चंडीगढ़् घुसने का इजाज्ि नही्है. मे् साि-लसिारा होरि बनाकर उन्हो्ने इन वही् आम आदमी पार्​्ी का पंजाब मे्

पूजा तिंह

सािारण िान के साथ ही कर लिया जाए. मंत्ी के इस जवाब पर लवपक्​्ने सरकार की जम कर आिोचना की. आलखरकार सरकार ने 1509 लकस्म का लिलजकि वैरीलिकेशन कराने की बाि कही. इसके साथ ही लपछिे सप्िाह खुद ही क्िीनलचर देिे हुए दावा लकया लक लिलजकि वैलरलिकेशन मे् िान का भंडारण सही पाया गया. िगभग 1.57 िाख मील्​्टक रन िान सरकार के पास है. पूव्वसीए भूपे्द्लसंह हुड्डा सवाि करिे है लक जब 1509 के िान का अिग भंडारण हुआ ही नही् लिर लिलजकि वैलरलिकेशन क्या हुआ. कैसे सािारण िान और 1509 िान को वैलरलिकेशन करने वािी रीम ने पहचान लिया. इसके साथ ही यह भी दावा कर लदया गया सब ठीक लमिा. अब सरकार की ओर से दावा लकया गया लक के्द् की ओर से िान का ऑक्सन लकया जाए. लवपि्​्का आरोप है लक जब िान अिग ही नही् हुआ िो अब ऑक्सन कैसे होगा? पूव्वसीएम का आरोप है लक ऑक्सन की आड मे् िान के घोरािे को दबाने की कोलशश हो रही है. लजससे सरकार यह सालबि कर सके लक उन्हो्ने िो लकसानो् के लहिो् को ध्यान मे् रख कर ही यह कदम उठाया था.

आग्ाज्2014 के िोकसभा चुनाव के दौरान हुआ जो िमाकेदार रहा. राज्य की 13 संसदीय सीरो्मे्से 4 सीरे्आप ने जीिी्और बाकी सभी मे्िीसरे नंबर पर थी. लजनमे्वोर का िासिा महज 20 से 30 हज्ार का रहा. इस बार आप का िक्य् है लदक्िी के बाद एक दूसरे राज्य मे्सरकार बनाकर लदखाना. पंजाब आप के प्​्भारी संजय लसंह ने कहा लक हम यह लसद्​्करना चहिे है्लक हम केवि शहरी पार्​्ी नही् है् और अगर के्द् हमारे हाथ-पैर न बांिे िो हम क्या-क्या कर सकिे है्. पंजाब मे् िोग अकािी और कांग्ेस को इसीलिए चुनिे थे क्यो्लक िब उनके पास कोई लवकक्प नही् था. अब आप के र्प मे् उन्हे् एक सशक्ि लवकक्प लदख रहा है. इसीलिए कांगस ्े और अकािी-भाजपा के कई बड्ेनेिाओ्के आम आदमी पार्​्ी मे्शालमि होने के आग्​्ह हमे् हर रोज् लमि रहे है्. िेलकन हम केवि लबना शि्वआने वािो्को ही िे रहे है्. वह भी पूरी िरह ठोक-बजाकर. लकसी दाग्ी के लिए हमारे यहां जगह नही्है.

पहेली बन गयेहैआंकड़े

भोपाल. मध्य प्​्देश मे् कई ऐसे लजिे पहेिी बन गये है्जहां सोयाबीन की आवक ने लपछिे साि के आंकड्ो् को पीछे छोड् लदया है. इनमे् से कई लजिो् की िमाम वे िहसीिे् शालमि है् लजनको सरकार सूखाग्​्स्घोलि​ि कर चुकी है. इन ि्​्ेत्ो्को िेकर हर कोई आश्​्स्था लक यहां इस वि्व उत्पादन का स्​्र लपछिे साि की िुिना मे् कम रहेगा. लजन इिाको् मे् सोयाबीन की आवक पहेिी बनी है उनमे् भोपाि मे् सोयाबीन की आवक करीब 35,000 रन बढ़्ी है. लपछिे साि जहां 15 लसिंबर से 15 नवंबर के बीच 2 िाख, 18 हजार रन सोयाबीन की आवक हुई थी वही् इस साि की समान अवलि मे् यह मात्​्ा 2 िाख 53 हजार रन से ज्यादा रही है. अन्य लजिो् की बाि करे् िो भोपाि मे् लपछिे साि की िुिना मे् 6123 रन, रायसेन मे् 5681 रन, राजगढ़् मे् 12775 रन, लवलदशा मे् 5164 रन िथा बैिूि मे् 1967 रन ज्यादा सोयाबीन की आवक हुई है. इिना ही नही् इन लजिो् मे् 500 करोड् र्पये से अलिक की रालश बिौर राहि पैकेज बांरी जा चुकी है. इसके अिावा जबिपुर संभाग मे् भी इसी प्​्कार की स्सथलि बनी हुई है. कृलि लवभाग के एक अलिकारी के मुिालबक जबिपुर संभाग की कई िहसीिो् मे् सूखा घोलि​ि करने व मुआवजे का आकिन करने के बाद न केवि आवक बढ़्ी है बस्कक खेिो् मे् िसि भी िहिहािी हुई लदख रही है. खासिौर पर जबिपुर की साि िहसीिो्मे्िान की िसि सूखे से एकदम बेअसर है, हां सोयाबीन की िसि पर जर्र मामूिी असर पड्ा है. कुि लमिाकर वहां की स्सथलि को लकसी भी हाि​ि मे्सूखे का दज्ाव नही्लदया जा सकिा. यहां देर से हुई बालरश ने शुर्आिी अनुमानो् को गड्बड्ा लदया.

जबिपुर संभाग मे् िो कई स्थानो् पर लजिालिकालरयो्को बैठक बुिाकर इस नयी सामने आयी स्सथलि से लनपरने का उपाय ि​िाश करिे देखा गया. प्​्देश मे् इस वि्व वैसे भी बालरश की स्सथलि व सूखे के आकिन को िेकर िमाम उिारचढ़्ाव देखे को लमिे. शुर्आिी दौर मे् हुए आकिन को खुद मुख्यमंत्ी लशवराज लसंह चौहान ने हकीकि से दूर बिािे हुए नकार लदया था लजसके बाद दोबारा आकिन शुर् लकया गया. मुख्यमंत्ी के लवशेि लनद्​्ेश पर इस बार सव्ि ्े ण ् की कमान आईएएस एवं आईपीएस स्​्र के अलिकालरयो् को सौ्पी गयी थी. िेलकन यह प्​्योग भी सि​ि नही् रहा क्यो्लक इन अलिकालरयो् को खेिो् का किई अनुभव नही् था. अलिकारी वग्व इस काय्व को िेकर लकिना गंभीर था, इसका अंदाजा इस बाि से िगाया जा सकिा है लक अक्रूबर के आलखर मे् िसि को पहुंचने वािे नुकसान का आकिन करने के लिये होशंगाबाद गये राज्य के मुख्य सलचव एंरनी लडसा खेिो् मे् जाने के बजाय पय्वरन स्थि मढ़्ई पहुंच गये थे. हािांलक मीलडया की मौजूदगी की जानकारी होिे ही वह उिरे पांव िौरकर गांवो्की िरि चिे गये. कृलि लवभाग के एक अलिकारी का

कहना है मंडी मे्हो रही आवक व सरकारी सव्​्ेि्ण मे्यह अंिर इसलिये आया क्यो्लक सरकार ने सव्​्ेका काम बहुि देरी से लकया. लजस समय िक अंलिम िौर पर सव्​्े का लनण्वय लिया गया उस वक्ि िक कई जगहो् पर िसि खेि से कर चुकी थी. जालहर है इससे आकिन गड्बड्हो गया. गौरि​िब है लक राज्य सरकार ने कुि लमिाकर 23 लजिो् की 141 िहसीिो् को सूखाग्​्स् घोलि​ि लकया था. राज्य लपछिे कुछ सािो्से सूखे की समस्या से दोचार है. वही्कृलि मंत्ी गौरीशंकर लबसेन ने मंडी मे् बढ़्ी हुई आवक के लिये एक अिहदा दिीि पेश की है. उनका कहना है लक लकसानो् ने लपछिे साि का रखा हुआ सोयाबीन बाहर लनकािा है. इसी सोयाबीन की वजह से लवलभन्न मंलडयो्मे्आवक बढ़्ी. यह अिग बाि है लक उनकी यह दिीि लकसी के गिे नही्उिर सकी. राज्य सरकार ने 46 लजिो् के लिये 3300 करोड्र्पये से अलिक की राहि रालश घोलि​ि की थी. दावा है लक इसमे् से 2800 करोड् र्पये से अलिक की रालश बांरी जा चुकी है. िेलकन बड्ी संख्या मे्लकसानो्का यह भी कहना है लक उनको अब िक यह रालश नही्लमि पायी है.


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1 जनवरी - 7 जनवरी 2016

तृणमूल के दिलाफ भाजपा का अदभयान

रीता ततवारी

कोलकाता. नेिृत्व बदिने के बाद प्​्देश भाजपा मे्एक नया जोश भरिा जा रहा है. पूव्व अध्यि्​् राहुि लसन्हा की जगह एक पुराने संघी लदिीप घोि के हाथो् मे् भाजपा की बागडोर थमािे ही पार्​्ी के हौसिे बुिंद नजर आ रहे है्. पहिे िो उसने िृणमूि कांगस ्े के लखिाि जोरदार िरीके से अनशन और जेि भरो आंदोिन लकया. अब वह पूरे राज्य मे् रथयात्​्ाओ् के जलरए सत्​्ार्ढ़् िृणमूि कांग्ेस के लखिाि अलभयान शुर् करने की िैयारी मे्है. हािांलक माकपा ने इसे भाजपा और िृणमूि के बीच मैच लिस्कसंग करार लदया है. उसका कहना है लक इन दोनो् दिो् को अपने राजनीलिक लहिो् के लिए एक-दूसरे की जर्रि है. प्​्देश भाजपा अध्यि्​् लदिीप घोि ने कहा है लक हम राज्य की चारो् लदशाओ् से रथयात्​्ा लनकािे्गे. पार्​्ी ने 20 से 31 जनवरी के बीच कूचलबहार, मुल्शवदाबाद, पुर्लिया और गंगासागर से रथयात्​्ा लनकािने का िैसिा लकया है. घोि के मुिालबक,ऐसी हर रथयात्​्ा आठ से दस

िोकसभा ि्​्ेत्ो् से होकर गुजरेगी. इसका मकसद राज्य के सभी 294 लविानसभा ि्त्े ्ो् को कवर करना है. इस रथयात्​्ा मे् पार्​्ी अध्यि्​् अलमि शाह के भी शालमि होने की संभावना है. हािांलक अिीि मे् िािकृष्ण आडवाणी से जुड्ेहोने की वजह से पार्​्ी इसे रथयात्​्ा की बजाय महज यात्​्ा का नाम देने पर लवचार रही है. घोि के मुिालबक, पार्​्ी के कई वलरष्​्

गायब हो रही है मूर्तियां

धीरज चतुव्ेदी

रांची, छिरपुर के ऐलिहालसक गांव नौगांव थाना ि्​्ेत् के सुकुवा मे् बेशकीमिी राम् की चार मूलि् यव ां चोरी हो छतरपुर. मध्यप्​्देश के बुंदेिखंड जानकी, रािा-कृषण इिाके से ऐलिहालसक मूलि् यव ो्के चोरी होने के गयी्. ये अमूक्य मूल्िवयां इनका वजन करीब मामिे बढ़्िे जा रहे है्. इन मामिो् पर 80 लकिो था. चोरी का मामिा पुलिस ने पुलिस महज खानापूलि् व कर िाइिे्बंद करने दज्वकर लिया, पर इसका कोई सुराक हाथ मे्जुरी है. पर इन मूलि् यव ो्को चुराने वािे चोर नही्िगा. जानकारो्की माने्िो छिरपुर ही े खंड के प्​्ाचीन लहंदू और पुलिस के हाथ ही नही् िग रहे. ऐसे मे् यह नही्बस्कक पूरे बुदं ि आशंका बढ़्िी जा रही है लक बुंदेिखंड मे् जैन समाज मंलदरो् की बेशकीमिी मूल्िवयां िाकिवर लगरोह बेशकीमिी मूल्िवयो् की चोरी हो चुकी है.् लजनकी अंिरराष्​्ीय कीमि करोड्ो्र्पये है. इससे साि अंदेशा िगिा है िस्करी मे्शालमि है. लक कोई संगलठि लगरोह ही इन घरनाओ्को एक लहंदुत्व संगठन के आररीआई से अं ज ाम दे रहा होगा. इनके िार प्श ् ासन मे्भी मांगी गयी जानकारी से पिा चि​िा है लक हो सकिे है . ् हाि ही मे ् लहं द ू उत् सव सलमलि इिाके से बड्ी संख्या मे्मूल्िवयां चोरी हो रही और लवश् ् लहंदू है्. मामिे को िेकर पलरिद ने किेक्रर िमाम लहंदू संगठनो्ने को इसी संदभ्व मे् लचंिा जिायी है. मूल्िव ज्​्ापन सौ्पा. अध्यि्​् चोरी के मामिे पर पवन लमश्​्ा का छिरपुर के लहंदू कहना है लक चोरी उत्सव सलमलि के की घरनाओ् मे् कोई अध्यि्​्पवन लमश्​्ा ने पकड्ा नही् जािा कहा लक छिरपुर लजिे और पुलिस मामिे का कोई लहस्सा ऐसा को खत्म करने के नही् है जहां मंलदरो् से इं ि जार मे ् रहिी है . जानकार कहिे है्लक पूरा भगवान की मूल्िवयां चोरी न हुई्हो. सूचना के बु द ि े खं ड ऐलिहालसक दृ ल ि ् से समृद्रहा है. अलिकार से लमिी जानकारी के मुिालबक यहां की इसी सं प दा को चु र ाने के लिये हमेशा वि्व2004 से 2008 िक मूल्िव चोरी की 27 से ही एक सं ग लठि लगरोह काम करिा रहा है. घरनाएं पुलिस रोजनामचे मे्दज्वहुई. लजसमे् े ा के संगह् ािय से चोरी हुई मूलि् व 23 मामिो् मे् पुलिस ने आरोलपयो् के न िभी िो िुबि लमिने से से मामिे को खत्म कर लदया. इन न्यूयाक्क मे् लमि​िी है. खजुराहो की कई घरनाओ्से लहंदू संगठन भी लचंिा मे्है. इन मूल्िवयां लवदेशो मे् है्. लजन्हे भारि सरकार मामिो् को िेकर कई मि्वबा पुलिस वापस भी िायी है. दीगर बाि यह है लक ये अिीि्​्क और किेक्रर को ज्​्ापन सौ्पा जा मूल्िवयां लवदेशो् िक कैसे पंहुचिी है् ऐसे मे् चुका है िेलकन ज्​्ापन के बाद आश्​्ासन का इनके पीछे बड्े लगरोह का हाथ लदखाई देिा िािीपॉप पकड्ा लदया जािा है. इिना ही है. इसमे् पुलिस और अंिरराज्यीय चोर नही्साि भर मे्इन मूल्िव चोरी के मामिो्मे् लगरोह का गठजोड्भी हो सकिा है. जो इस कमी नही्आयी है. बीिे दो-िीन लदसंबर को ऐलिहालसक संपदा को िूरने मे्िगे है्.

नेिा भी इसमे्शालमि हो्गे. दूसरी ओर, माकपा के प्​्देश सलचव सूय्वकांि लमश्​्का आरोप है लक भाजपा और िृणमूि कांग्ेस मे्गोपनीय िािमेि है. ऐसे मे् पार्​्ी महज लदखावे के लिए िृणमूि के लखिाि अलभयान चिाने का नारक कर रही है. लमश्​् का कहना है लक अगिे साि होने वािे लविानसभा चुनावो् इन दोनो् दिो् की हकीकि खोि दे्गे.

कितनी नौिकरयां दी सरिार ने

लखनऊ. भारिीय जनिा पार्​्ी ने मुख्यमंत्ी अलखिेश यादव द्​्ारा नौजवानो् को रोजगार लदिाने जाने की बाि करने को छिावा बिािे हुए सवाि लकया लक मुख्यमंत्ी यह िो बिाये इन चार वि्​्ो् मे् बेरोजगारो् को लकिनी नौकलरयां दी? प्​्वक्िा लवजय बहादुर पाठक ने कहा लक अलखिेश सरकार ने युवाओ् से नौकलरयो् के वादे िो लकये, दावे भी लकये पर सरकार की नीलि और लनयलि के कारण युवाओ्को नौकलरयां लमि नही्पायी. राज्य मे् सल्​्कय भ्​्ि् प्​्शासलनक िंत् का पलरणाम रहा लक नौकलरयां उपिब्ि कराने के लिए बनाये गये आयोग िक सवािो् के घेरे मे्है. पार्​्ी प्​्वक्िा लवजय बहादुर पाठक ने कहा लक राज्य मे् एक िो नौकलरयां नही लनकि रही और जो भी लनकि रही है,उनमे् पारदश्​्ी प्​्ल्कया न होने के कारण कही्न कही्वे सवािो्के घेरे मे्आ रही है. िोग बडी आशा और भरोसे के साथ नौकलरयो् के लिए आवेदन पत्​् भरिे है् कई बार िो परीि्​्ा िक हो जािी है, साि्​्ात्कार िक हो जािे है्लकन्िु जब लनयुक्िी पत्​्जारी होने की बारी होिी है िो पिा िगिा है लक मामिा न्यायािय मे् लवरािीन है, अब

नौवजवान उसकी प्ल्ि​ि्​्ा मे्रहिा है लक कब उसे नौकरी लमिेगी. नौकलरयां लववाद मे् आिी है् क्यो्लक सरकार की व्यवस्था पारदश्​्ी नही्है. उन्हो्ने कहा लक बेरोजगारो् को बेरोजगारी भत्​्ा देने का वादा कर सत्​्ा मे् आयी समाजवादी पार्​्ी सरकार ने बेरोजगारो् के साथ छि और छिावा लकया है. बेरोजगारी भत्​्ा िो बांर नही्पायी बेरोजगारो् को लमिने वािी नौकलरयो् पर सरकार की नीलियो् के कारण ग्​्हण िगा नौकलरयां देने के बडे़-बडे वादे दावे होिे रहे लकन्िु सच यह है लक कुछ सौ चिुथ्व श्​्ेणी के पदो् के लिए िाखो्मे्आवेदन आये, चच्ाव हुई लकन्िु नौकलरयो् की क्या स्सथलि है आजिक पिा नही्चि पाया. भाजपा प्​्वक्िा ने कहा लक अलखिेश सरकार नौकलरयां देने के दावे वादो्के साथ न्याय भी करे कथनी और करनी की स्सथलि यह है लक आज मुख्यमंत्ी आगरा मे्कह रहे हसीन लक सभी लवभागो् मे् नौकलरयां लनकािने के लिए कहा गया है लकन्िु लपछिे चार वि्​्ो् मे जो स्थान लरक्ि थे उन्हे् समय बद्​्ढग से अलभयान चिाकर भरने के प्य् ास क्यो् नही् हुए, इसका जबाब िक देने की स्सथलि मे्नही्है.

चंडीगढ़् ही लिखा जाए. क्यो्लक एयरपोर्व मे् हलरयाणा और पंजाब दोनो् की लहस्सेदारी है. पूव्व मुख्य मंत्ी भूपे्न्द् लसंह हुड्ा की सरकार ने भी एयरपोर्व का नाम शहीद भगि लसंह के नाम पर करने का प्​्स्ाव लदया था. पंजाब सरकार ने भी शहीद भगि लसंह के नाम का प्​्स्ाव लदया था, िेलकन साथ मे् चंडीगढ़् की जगह मोहािी जोड् लदया. यह श्​्ेय िेने की होड है. पंजाब इंररनेशन एयरपोर्व का सारा श्​्ेय िेना चाहिा है. इिर हलरयाणा इस दौड मे् पीछे नही् रहना चाहिा. पंजाब व हलरयाणा बनने के साथ ही दोनो राज्यो् मे् लसयासि बहुि जबरदस्​्हो रही है. चंडीगढ़ पर दावेदारी हो या सि​िुज ब्यास नदी का पानी इन लववादो् पर दोनो राज्यो् मे् जबरदस्​् लववाद है. अब एयरपोर्व का

मामिा भी इसी कड्ी मे् नया लववाद है. पंजाब चाहिा है एयरपोर्व का नाम शहीद ए आजम भगि लसंह मोहािी रखा जाए. भाजपा पहिे मंगिसेन के नाम पर अड्ी अब मंगिसेन का नाम छोड्ा िो चंडीगढ़ का नाम पकड लिया. यानी साि है अभी यह इस एयरपोर्वको िगिा है कुछ लदन ओर बेनाम ही रहना पडेगा. नए रल्मवनि भवन का लनम्ावण मोहािी जो लक पंजाब ि्​्ेत् का शहर की सीमा मे् लकया गया है. िेलकन जो हवाई पट्री है वह पंजाब और हलरयाणा की राजिानी चंडीगढ़्मे्स्सथि है. इस िरह से डॉमेस्सरक रल्मवनि चंडीगढ़् मे् है, अंिरराष्​्ीय रल्मवनि मोहािी के पास बनाया गया है. ऐसे मे् दोनो् सरकारो् के अपने अपने िक्क है. इिर अभी िक एक भी एयरकंपनी यहां से ट्िाइर शुर्करन को िैयार नही्है.

फजीहत हुई तो पलटी मनोहर सरकार

एम कुमार

चंडीगढ़. चंडीगढ़ इंररनेशन एयरपोर्व का नाम मंगिसेन रखने के नाम पर चारो ओर आिोचना का सामना कर रही मनोहर सरकार अब बैकिुर पर आयी. सीएम मनोहर िाि ने साि कर लदया लक उन्हे् एयरपोर्व का नाम शहीद ए आजम भगि लसंह के नाम पर रखने पर कोई ऐिराज नही् है. िेलकन इसके साथ ही एक शि्वभी जोड दी. शि्वयह है लक एयरपोर्वके नाम के साथ चंडीगढ़ जर्री जुडना चालहए. क्यो्लक यह हलरयाणा और पंजाब की राजिानी है. सीएम ने यह शि्व बहुि सोच समझ कर जोडी है. क्यो्लक पंजाब सरकार एयरपोर्वका नाम शहीद भगि लसंह मोहािी रखना चाह रही है. पीएम नरे्द् मोदी द्​्ारा चंडीगढ़् मे् अंिरराष्​्ीय हवाई अड्​्े का उद्घारन हुए करीब िीन महीने बीि चुके है्. चंडीगढ़्से अभी िक लवदेशी िरिी के लिए कोई भी उड्ान नही् भरी गई है. इसी बीच चंडीगढ़् एयरपोर्व के नाम को िेकर पंजाब और हलरयाणा आमने सामने आ गए है्. पंजाब सरकार ने पहिे ही प्​्स्ाव पास रखा है लक एयरपोर्व का नाम शहीद भगि लसंह रखा जाए. िेलकन भाजपा सरकार ने लपछिे लदनो्एक पत्​्केद् ्को लिख कर एयरपोर्वका नाम मंगिसेन के नाम पर रखा जाने की मांग कर डािी. मंगिसेन आरएसएस के लवचारक और हलरयाणा के उप मुख्यमंत्ी रह चुके है्. मुख्य मंत्ी मनोहरिाि खट्​्र हलरयाणा के पूव्व उप मुख्य मंत्ी डा. मंगिसेन के स्थान पर शहीद भगि लसंह के नाम पर एयरपोर्व का नामकरण लकए जाने पर राजी हो गए है्, िेलकन उनका कहना है लक एयरपोर्व के नाम के साथ मोहािी नही्


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प्​्दीप तिंह

दे

1 जनवरी - 7 जनवरी 2016

पय्ािवरण

सूखे की चपेट मेंआया आधा देश

श की सरकारे् कृलि और लकसानो् की समस्या को हि करने की बाि करिी रहिी है्. राजनीलिक दिो् मे् लकसानो् को खुशहाि करने का नारा भी खूब िगाया जािा है. िेलकन आज भी हमारी कृलि व्यवस्था बदहािी से उबर नही्पा रही है. देश मे् लकसानो् की आत्महत्या का मामिा जब अखबारो् की सुल्खवयां बनिी रहिी है्. िब सरकार लकसानो् के हर संकर का समािान करने की बाि करिी है. िेलकन लिर वही ढाक के िीन पाि वािी कहावि चलरिाथ्वहोिी है. अखबारो् की खबर, संसद मे् शोरगुि और संगठनो् के िरना-प्​्दश्वन के बावजूद मामिा वही् का वही् पड्ा रहिा है. लकसान अपनी लवपन्निा मे्जीने को मजबूर रहिे है्. इस साि देश मे्औसि से कम वि्ाव हुई है. लजसके कारण देश के आिे राज्यो् मे् खरीि की िसि बब्ावद हो गयी. कम वि्ाव होने से जहां रबी की बुआई के लिए लकसानो् को पानी की समस्या से जूझना पड्ा. वही् दूसरी िरि कई राज्यो्के सुदरू लजिो्मे्िोग दाने-दाने को मजबूर है्. राज्य सरकारे्सूखे से प्​्भालवि लजिो्मे्आपदा प्​्बंिन करने के बजाय के्द्सरकार से राहि पैकेज के लिये उिझने मे् ही समय गंवा रहे है्. इस दौरान सूखा प्​्भालवि ि्​्ेत्ो् मे् स्सथलि बद से बदिर होिी जा रही है. एक मीलडया लरपोर्व के मुिालबक बुंदेिखंड के कई लजिो् मे् िोग घास खाने को लववश है.् सूखा प्भ् ालवि राज्यो् मे् सरकार की उदासीनिा पर उच्​्िम न्यायािय ने कड्ा र्ख अपनाया है. अदाि​ि ने राज्य सरकारो्को िरकार िगािे हुए जवाब मांगा है लक सूखा प्​्भालवि ि्​्ेत्ो्मे् मदद के लिए सरकारो् ने कैसी योजनाये् बनायी है्. गौरि​िब है लक 11 राज्यो्मे्पड्ेभयंकर सूखे को िेकर स्वराज अलभयान ने उच्​्िम न्यायािय मे्एक यालचका दायर की है. इस यालचका की सुनवाई करिे हुए उच्​्िम

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मुख्यमंत्ी नीिीश कुमार की अध्यि्​्िा मे् राज्य मंल्तमंडि की हुई लवशेि बैठक मे् लनण्वय लिया गया है लक सूखाग्​्स् लजिो् मे् लकसानो् से लसंचाई और लबजिी शुक्क नही् वसूिा जायेगा. इन लजिो् मे् 25 िीसद से भी कम वि्ाव होने के कारण सरकार ने यह लनण्वय लिया है. आपदा प्​्बंिन लवभाग के प्​्िान सलचव व्यास जी का कहना है लक सरकार प्​्भालवि लजिे मे् वैकस्कपक खेिी और लकसानो्को लसंचाई के लिए डीजि पर अनुदान पहिे से ही दे रही है. केद् ्ीय रीम के लनरीि्ण ् के बाद लकसानो् को राहि पैकेज भी लदया जायेगा. इन लजिो् मे्हर लदन स्सथलि की समीि्​्ा की जायेगी और उसके अनुर्प िोगो् को मदद दी जायेगी.के्द्ीय मौसम लवभाग ने कािी पहिे ही आिे देश को सूखाग्​्स्घोलि​ि कर लदया था,िेलकन कन्ावरक को छोड्कर अन्य हर राज्यो् की सरकारो् ने इस प्​्ाकृलिक आपदा को मान्यिा देने मे्अनावक्यक देरी िगायी. लपछिे महीने मध्य प्​्देश, आंध् प्​्देश, महाराष्​्और ओलडशा ने भी बाकायदा सूखे न्यायािय ने के्द्सरकार और 11 राज्यो्को हजार र्पये प्​्लि एकड् के लहसाब से बालरश हुई िेलकन यहां 33 िीसद से ज्यादा का ऐिान कर लदया था. पर उत्​्र प्​्देश, नोलरस जारी कर जवाब मांगा है.उच्​्िम मुआवजा लदया जाना चालहए. सूखाग्​्स् िसि का नुकसान हुआ है. इस कारण लबहार, गुजराि और िेिंगाना की सरकारे् न्यायािय ने उत्​्र प्​्देश, मध्यप्​्देश, आंध् आबादी को 60 र्पये प्ल्ि माह मदद दी जानी बिरामपुर को इसमे्शालमि कर लिया गया सोिी रही्. लनयमानुसार जब िक राज्य है. मुख्य सलचव आिोक रंजन ने कहा लक सरकार लकसी इिाके को सूखाग्​्स् घोलि​ि प्​्देश, िेिंगाना, कन्ावरक, महाराष्​्, ओलडशा, झारखंड, लबहार, हलरयाणा और इस साल देश मेंकम वरंा​ा होने प्​्देश सरकार जक्द ही सूखे से हुए नुकसान नही् करिी और के्द् नुकसान का जायजा का आकिन कर के्द् सरकार को प्​्स्ाव नही्िे िेिा, िब िक वहां राहि काय्वशुर् गुजराि सरकार को नोलरस जारी कर पूछा है से जहां रबी की बु व ाई के ललए नही्हो सकिे. भेजेगी. लक सूखाग्​्स्ि्​्ेत्ो्के लकसानो्को राहि देने प्ि ् ानमंत्ी नरेद् ्मोदी ने इस साि अप्ि ्ै राज्य के बलिया, लसद्​्ाथ्वनगर, बस्​्ी, के लिए उनके पास क्या योजना है. सुप्ीम लकसानोंको पानी की समसंया जौनपुर, गो्डा, िैजाबाद, बाराबंकी, संि मे् खराब िसि के मुआवजे की रकम 50 कोर्व ने के्द् सरकार और संबंलि​ि राज्य से जूझना पडंा. वहींकई कबीरनगर, लमज्ावपुर, संिरलवदास नगर, िीसद बढ़्ा दी थी. इस देरी का खालमयाजा सरकारो् से पूछा है लक नेशनि िूड राजंयोंके लोग दाने-दाने को सोनभद्,् सुकि् ानपुर, शाहजहांपरु , प्ि् ापगढ़्, लकसानो्को भुगिना पड्रहा है. महाराष्​्के लसक्योलररी एक्र के िहि सूखाग्​्स्ि्​्ेत्ो्के िोगो् को राहि के र्प मे् प्​्लि व्यस्कि को मजबूर हैं. राजंय सरकारेंसूखे बांदा, चंदौिी, इरावा, बागपि, कन्नौज, कुछ इिाके लपछिे कई सािो् से सूखे की झांसी, जािौन, गोरखपुर, हाथरस, एरा, चपेर मे् है्, लजसके कारण वहां के लकसान प्​्लि माह पांच लकिो अनाज लदया जाना से पं​ंभालवत लजलोंमेंआपदा इिाहाबाद, गालजयाबाद, ि्​्रकखाबाद, मऊ, बड्ी संख्या मे्खुदकुशी कर रहे है्. नेशनि चालहए. क्या वे ऐसा करने के लिए सहमि है् या नही्. अगर वे ऐसा करने पर सहमि नही् पं​ंबंधन करने के बजाय केंदं उन्नाव, रामपुर, हमीरपुर, िलि​िपुर, क्​्ाइम लरकॉड्व ब्यूरो के अनुसार जनवरी से ्कूर, कानपुर नगर, िखनऊ, देवलरया, लसिंबर के नौ महीने मे्वहां 2,234 लकसान है्िो उसका क्या कारण है. सरकार से राहत पैकेज के मैलचत् नपुरी, महाराजगंज, आगरा, औरैया, आत्महत्या कर चुके है्. यानी हर महीने यालचकाकि्ाव योगे्द्यादव का कहना है लक सूखे की आलिकालरक घोिणा सरकार की ललये उलझने मेंही समय गंवा पीिीभीि को सूखाग्​्स् लजिा घोलि​ि लकया करीब 250 या प्​्लिलदन आठ से ज्यादा. ऐसी गया है. राज्य सरकार सूखाग्​्स्घोलि​ि 44 ही खबरे् िेिंगाना और कन्ावरक से भी आ ओर से की जानी चालहए. हर लकसान को रहे हैं. लजिो्के लकसानो्को राहि देने के लिए के्द् रही है्. इसके लिए के्द् सरकार की ओर से 20 कन्ावरक सरकार ने अगस्​्मे्ही 30 मे् सरकार से 6,138.42 करोड्र्पये मांगे है्. चालहए. स्वराज अलभयान के काय्क व ि्ाओ व ्का उत्​्र प्​्देश मे्सूखे का आकिन करने आये से 27 लजिो् को सूखाग्​्स् घोलि​ि कर के्द् कहना है लक देश के कई लहस्सो्मे्सूखाग्​्स् के्द्ीय दि के समि्​् प्​्देश के वलरष्​् से3,500 करोड् र्पये की सहायिा रालश ि्​्ेत्ो् के लकसानो् की मदद के लिए आवाज अलिकालरयो् ने सूखाग्​्स् लजिो् की मांग िी थी. इसके बाद आंध्ने अपने 13 मे् से साि लजिो्, मध्य प्​्देश ने 51 मे् से 41 नही् उठायी जा रही. वे इस मामिे को लवभागवार काय्वयोजना पेश की. िसि से लकसानो्को हुए नुकसान की और महाराष्​्ने 35 मे्से 20 लजिो्को सूखे राष्​्ीय स्​्र पर िेकर जाये्गे. लजसके चि​िे यह यालचका दायर की गयी है. उच्​्िम भरपाई के लिए 685.41 करोड्र्पये, कृलि की चपेर मे् बिाकर सहायिा मांगी है. न्यायािय मे्अब इस मामिे पर सुनवाई 4 लवभाग के लिए 999.33 करोड्र्पये, उद्​्ान िेिंगाना और उत्​्र प्​्देश का भी बहुि बड्ा जनवरी को होगी.इस बीच उत्​्र प्​्देश लवभाग के लिए 20.57 करोड्र्पये, मत्स्य ि्​्ेत्सूखे का लशकार है. के्द्सरकार को भी सरकार ने राज्य के पचास लजिे को लवभाग के लिए 71.06 करोड् र्पये, पावर पिा है लक देश का 39 िीसद इिाका बहुि सूखाग्​्स् घोलि​ि कर लदया है. सूखाग्​्स् कॉरपोरेशन के लिए 1162 करोड् र्पये, कम बालरश के कारण संकर मे्है. कम वि्ाव घोलि​ि लकये जा चुके लजिो् मे् लकसानो् को लसंचाई और जि संसािन के लिए 91.39 होने के कारण देश के कई राज्यो्मे्लकसानो् राहि उपिब्ि कराने के लिए आगामी माच्व करोड् र्पये, पशुपािन लवभाग के लिए की स्सथलि खराब हो चुकी है. एक िो कम वि्ाव के कारण पहिे िसि 2015 िक राजस्व वसूिी स्थलगि कर लदया 639.76 करोड् र्पये, िघु लसंचाई के लिए नही् हो पायी. दूसरे अब दूसरी खेिी के लिए 258.65 करोड्र्पये, भूजि लवभाग के लिए गया है. साथ ही प्​्देश सरकार सूखे से नुकसान 9.11 करोड्र्पये, स्वास्थ्य लवभाग के लिए भी पानी का अभाव बना हुआ है. सूखे का का आकिन कर रही है. जक्द के्द्सरकार 38.76 करोड्र्पये, लसंचाई लवभाग के लिए लनि्ावरण करने मे् सरकारे् हमेशा से से राहि के लिए मेमोरे्डम भेजा 1498.10 करोड्र्पये, जि लनगम के लिए हीिाहवािी करिी रही है्. सूखाग्​्स् ि्​्ेत् जायेगा.राजस्व लवभाग प्​्देश मे्जो सूखे का 555.03 करोड् र्पये और वन लवभाग के घोलि​ि होने के बाद भी लकसानो् मे् उनके आकिन लकया गया है उस लहसाब से 49 लिये 109.25 करोड् र्पये की जर्रि नुकसान का न िो वालजब मूक्य लमि पिा है लजिो् मे्60 िीसद िक बालरश हुई है. एक बिायी. लबहार सरकार ने राज्य के 38 मे्से और न ही कुछ महीने गुजर बसर कर पाने लजिे बिरामपुर मे् 60 िीसद से ज्यादा 33 लजिो् को सूखाग्​्स् घोलि​ि लकया है. िायक अनुदान. (इंलडया वारर पोर्वि)


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भा

रिीय जनिा पार्​्ी राजनीलि मे्शुलचिा की बाि करिी रही है. बहुि हुआ भ्ि ् ्ाचार, अबकी बार मोदी सरकार का नारा भी इसी पार्​्ी का था. पर दुभ्ावग्य से इसके िीन राज्यो् के मुख्यमंत्ी और के्द्ीय मंत्ी िक भ्​्ि्ाचार के मामिे को िेकर लवपि्​्के लनशाने पर आ चुके है्. िाजा मामिा छत्​्ीसगढ़ के मुख्यमंत्ी रमन लसंह का है लजन्हो्ने अंिागढ़ उप चुनाव जीिने के लिए कांग्ेस के नेिा अजीि जोगी से हाथ लमिाया और िेन देन के जलरये यह चुनाव जीि लिया था. लपछिे साि 13 लसिंबर को बस्​्र के अंिागढ़्लविानसभा सीर के लिए उपचुनाव हुआ था. इस उप चुनाव मे् कुि 13 उम्मीदवार मैदान मे् थे. िेलकन चुनाव से ठीक पहिे कांग्ेस उम्मीदवार मंिूराम पवार ने अपना नामांकन वापस िे लिया था. यह अप्​्त्यालशि कदम था .बाद मे्िो यह स्सथलि आ गयी लक नामांकन वापसी के अंलिम लदन एक-एक कर 10 उम्मीदवार चुनाव मैदान से

1 जनवरी - 7 जनवरी 2016

चाल, चतरत्​् और चेहरा

हर गये. हािांलक लनल्ववरोि चुनाव की कोलशश मे्भाजपा कामयाब नही्हुई क्यो्लक अंबेडकराइर पार्​्ी ऑफ् इंलडया के र्पिर पुड्ो ही मैदान मे्थे. चुनाव मे्पुड्ो मैदान मे् थे और जब चुनाव हुआ िो भाजपा के भोजराज नाग 50 हज्ार से भी अलिक मिो् से जीिे थे. पर यह चुनाव लमिीभगि और पैसे के प्​्िोभन का चुनाव माना गया. प्​्देश कांगस ्े अध्यि्​्भूपश े बघेि ने िो शुकव् ार से बाि करिे हुये साफ आरोप िगाया लक इस मामिे मे् मुख्यमंत्ी रमन लसंह और पूव्व मुख्यमंत्ी अजीि जोगी की लमिीभगि थी. कांग्ेस का कोई नेिा चुनाव मे् पैसे के िेन देन की बाि करे िो लकसी को कोई हैरानी नही्होिी क्यो्लक पार्​्ी का लपछिे कई दशक से यही िौर िरीका रहा है और वे शुलचिा आलद का पाखंड भी नही् करिे. पर भाजपा िो शुलचिा और पारदल्शविा की बाि करिी रही है इसलिए उसे िेकर सवाि भी होिा है. रमन लसंह सरकार पर इससे पहिे अनाज

घोरािे का आरोप इसी कांग्ेस ने िगाया था. दूसरी िरि मध्य प्​्देश की लशवराज लसंह सरकार व्यापम घोरािे मे् िंसी हुई है िो राजस्थान की मुख्यमंत्ी वसुंिरा राजे कुछ लदन पहिे ही िलि​ि मोदी से जुडे लववाद मे् लघर चुकी है्. के्द् की बाि करे िो पहिे सुिमा स्वराज और लिर अब अर्ण जेरिी खुद डीडीसीए लववाद मे् िंसे हुए है्. यह मामिा अभी भी गम्वहै ऐसे मे्छत्​्ीसगढ़ के मुख्यमंत्ी का लकसी नये लववाद मे् िंसना पार्​्ी की छलव के लिए शुभ संकेि िो नही्है. छत्​्ीसगढ़ मे् रमन लसंह एक दशक से भी ज्यादा समय से िगािार सत्​्ा मे्है्और अब उनपर भी आरोप िगने िगे है . छत्​्ीसगढ़ मे्दो दिीय राजनीलि रही है और लविानसभा चुनाव मे्िो बहुि कांरे की रक्​्र होिी रही, लजसमे् रमन लसंह को अपनी छलव का िायदा भी लमि​िा रहा है. एक समय मे्उन्हो्ने कई िोकल्​्पय योजनाएं शुर् की थी लजसका िाभ िोगो् िक पहुंचा

भी. यही वजह है वे चाऊर वािे बाबा के नाम से मशहूर भी हुए. पर लपछिे कुछ समय से यह लमथक रूरा और भ्​्ि्ाचार के आरोप सरकार पर िगने िगे. इससे पहिे अजीि जोगी मुख्यमंत्ी थे जो लपछडे दलि​ि और आलदवालसयो् मे् बहुि िोकल्​्पय भी रहे.पर मुख्यमंत्ी बनने के बाद उनका स्वभाव बदिा और वे अहंकारी हो गये. रही सही कसर छत्​्ीसगढ़ के कुछ अिसरो्ने पूरी कर दी. वे सत्​्ा से ऐसे गये लक आज िक लवपि्​् मे्है. पर िाजा लववाद मे्वे लिर िंस गये है्. गौरि​िब है लक दरभा घारी की माओवादी लहंसा मे्प्द् श े कांगस ्े के ज्यादािर ि्त् प् मारे जा चुके है .ऐसे मे्कांगस ्े का कोई नेिा अगर भाजपा के साथ लमिकर लनजी लहि सािने िगे िो पार्​्ी की स्सथलि और खराब होनी िय है. जोगी लवरोिी खेमा भी इस बार आर-पार िडाई के मूड मे्है भाजपा के लिए भी मुस्ककि खडी हो चुकी है. भाजपा के केद् ्ीय नेितृ व् के लिए भ्ि ् ्ाचार के इन आरोपो्

नवाजंका दर मोदी का सफंर

कुमार प्​्शांत

को

ई हमे् यह बिाने या समझाने की कोलशश न करे लक अिगालनस्​्ान से उड्ा लवमान जब िाहौर के ऊपर पहुच ं ा िो अचानक ही प्​्िानमंत्ी नरे्द् मोदी ने अपने पायिर को बुिा कर कहा लक उिारो, उिारो भाई, लवमान को यही् उिारो! मुझे शरीि साहब को जन्मलदन की बिाई देनी है. उनकी मािाजी के चरण-स्पश्व करने है्, और पालकस्​्ान वालसयो् को ल्​्कसमस की मुबारकबाद देनी है! लवचार आिे ही लवमान अचानक िाहौर की िरिी पर था, और शरीि साहब जो लक हवाई अड्​्ेपर सुबह की ि​िरीह को लनकिे थे. उन्हो्ने अपने लसक्युलररी वािे से पूछा अरे, यह कौन आया है? िो जवाब लमिा लक िगिा िो है सर लक ये भारि के प्​्िानमंत्ी मोदी जी है्. िो शरीि साहब चौ्के और नजदीक जा कर पहचान करने का मन बनाया. लिर लजज्​्ासा के साथ लवमान की सील्ढ़यो्िक पहुच ं े गये िो औचक पहचान गये लक अरे, यह िो पेलरस वािे मोदी साहब है्! अरे, मोदी जी!... आप, अचानक यहां? लिर गिे लमिे और अपनी गाड्ी मे् लबठा कर घर िे गये. ऐसा नही्हुआ है, और यह देश के लिए राहि की बाि है. हुआ यह लक कई स्​्रो्पर, लपछिी कई मुिाकािो्मे् बि्कलपघिाने जैसी बािे्चि​िी और आकार िेिी रही्. लवदेश मंत्ी सुिमा स्वराज की पालकस्​्ान यात्​्ा इस बाि की खुिी घोिणा ही थी, लक लखचड्ी कािी पक चुकी है. बस परोसने की िैयारी चि रही है. शायद यह भी लजद रही लक मोदी पहिे पालकस्​्ान जाये्, लक नवाज शरीि पहिे लहंदस ु ्ान आये?् हािाि दोनो्जगह एक जैसे ही है्. चाहि सबकी है लक लरक्िे सुिरे् और रास्​्े खुिे् िेलकन पहि कौन करे. यह

सवाि खासा अहम बन जािा है, क्यो्लक इसे ही जीि या हार का आिार बना लिया जािा है. इस मुिाकाि की पोशीदा योजना बनी िालक जाना भी हो जाये और सीिी लगनिी मे् भी न आये! इसे कूरनीलि कहिे है्और इससे लहंदुत्व और इस्िाम वािो् को कोई परहेज नही् है. लिर भी हम देख सकिे है् लक लहंदुस्ान इसे खोखिी नारकबाजी बिाने वािो्की कमी नही्है. रीवी मे् जो हम रोज देख रहे है्, उसे आिार माने् िो पालकस्​्ान मे् नवाज शरीि की ऐसी-िैसी मची हुई है. िेलकन यह भी सच है लक बाि लजस मुकाम पर, लजस

देना, उसके लिए सारे देश मे् स्वीकृलि का माहौि बनाना,लवपि्​् को लवश्​्ास मे् िेना और हर उिार-चढ़्ाव को दज्व करना संभव नही्होिा है. यह मय्ावदा है नरे्द्मोदी माक्ाव राजनीलि की. भारि का लवभाजन लजस िरह हुआ. उसने दोनो् देशो् के मन मे् करुिा का बीज बो लदया. लजससे नुकसान दोनो् मुक्को् को हुआ है. लसि्क आल्थवक ही नही्, सामालजक और राजनीलिक भी. इस करुिा को खत्म करने की पहि लवभाजन के बाद से लवलभन्न स्​्रो्पर चि​िी रही है. पहिी पहि महात्मा गांिी की थी. वे बगैर पासपोर्वऔर वीसा के

शायद यह भी लजद रही लक मोदी पहले पालकसं​ंान जायें, लक नवाज शरीफ पहले लहंदुसंान आयें? हालात दोनोंजगह एक जैसे ही हैं. चाहत सबकी है लक लरशंते सुधरेंऔर रासं​ंेखुलें लेलकन पहल कौन करे. िरह पहुंचाई गयी है उससे पीछे हरना दोनो् मुक्को् के नेिृत्व की लकरलकरी करवायेगा. बस्कक आगे भी लकसी पहि को मुस्ककि बना देगा. प्​्िानमंत्ी नरे्द्मोदी लजस िरह की राजनीलि करिे है्. ऐसी कूरनीलिक पहिो् को हमने अब िक देखा है. उनमे् अपना कलरक्मा लदखिाने और अपनी छलव चमकाने का पिड्ा ज्यादा भारी होिा है. इस कलरक्मे वािी राजनीलिक शैिी मे् लकसी राष्​्ीय नीलि को आकार

पालकस्​्ान जाने और लवभाजन की वैि​िा को ध्वस्​्करने की योजना पर ही काम कर रहे थे. िेलकन उन्हे् गोिी मार दी गयी. उसके बाद 25 से 26 जुिाई 1953 को प्​्िानमंत्ी जवाहरिाि नेहर् पहिी पालकस्​्ान यात्​्ा पर गये. वहां कक्मीर सलहि कई मुद्ो् पर बािचीि की. जाने से पहिे भी और आने के बाद भी भारिीय संसद को इसकी पूरी जानकारी दी गयी. लिर जवाहरिाि 19 से 23 लसिंबर 1960 को पालकस्​्ान गये जब

लसंिु जि समझौिा हुआ. इसके बाद 28 सािो्का िंबा अंिराि रहा. आगे की कड्ी जुड्िी है जब 29 लदसंबर 1988 को राजीव गांिी चौथे साक्क सम्मेिन मे् भाग िेने इस्िामाबाद पहुंचिे है् और भारि-पाक के बीच कई समझौिो् पर दस्​्खि होिे है्. लजनमे् एक-दूसरे के परमाणु लठकानो् पर हमिा न करना भी शालमि था. राजीव गांिी लिर 16-17 जुिाई 1989 मे्पालकस्​्ान गये. जहां बेनजीर भुट्ो के साथ उनकी मुिाकाि होिी है. दोनो्प्​्िानमंल्तयो् मे्अच्छी समझदारी बनी थी और उम्मीद थी लक कुछ नयी जमीन िोड्ी जा सकेगी. िेलकन यह दौरा खािी ही गया. क्यो्लक दोनो् ही अपने-अपने यहां िीव्​् राजनीलिक प्​्लिकूि​िाओ् से लघरे थे. दोनो् का अंि लहंसक हमिो्मे्हुआ. यह िो एक अिग ही कहानी है. इसके बाद हम सीिे अरि लबहारी वाजपेयी जी के काि मे्पहुंचिे है्जहां हम उन्हे्19-20 िरवरी 1999 मे्बस पर सवार कर िाहौर पहुंचािे है्. यहां नवाज्शरीि के साथ िाहौर घोिणा होिी है और कही्से यह उम्मीद सर उठािी है लक लरक्िे बदिे्गे. िेलकन िौजी बगावि नवाज्शरीि को सत्​्ा से बाहर ही नही्करिी है बस्कक उन्हे्देश से भी बाहर होने पर लववश करिी है. िाहौर पहुंची बस हमे् सीिे कारलगि के युद् मे् पहुंचा देिी है. परवेज् मुशर्वि का यह पूरा दौर छि-छद्​्ो् से भरा रहा. लजसमे् आगरा की वाि्ाव भी शालमि होिी है. हमारे हाथ खािी रह जािे है्. आर-पार की वह िड्ाई भी नही्हो पािी है लजसकी घोिणा संसद पर आिंकी हमिे के बाद वाजपेयी जी ने की थी. 2004 की 4-6 जनवरी को हम वाजपेयी जी को लिर इस्िामाबाद मे् पािे है्. जहां 12वां साक्क सम्मेिन हो रहा होिा है. इसके बाद मनमोहन लसंह का दौर आिा है जहां लवदेशी िरिी पर पालकस्​्ान के साथ बािचीि िगािार होिी रहिी है िेलकन आिंकी वारदािो् की जहरीिी हवा वाि्ाव को कभी शक्ि िेने नही्देिी है.

रवचार से लनपरना बहुि आसान िो नही्है. पार्​्ी मे् वैसे भी शीि्वस्र् पर रकराव िेज हो चुका है. खासकर लबहार चुनाव के निीजो् के बाद. िाि कृषण ् आडवाणी, मुरिी मनोहर जोशी, शांिा कुमार और यशवंि लसन्हा लबहार चुनाव के बाद दो बार साव्ज व लनक र्प से लमि चुके है. पहिे अलमि शाह की कामकाज की शैिी को िेकर लवरोि जिाया िो बाद मे् कील्िव आजाद के मुद्ेपर पार्​्ी के िैसिे को भी इन बुजगु व्नेिाओ्ने उलचि नही्माना. दरअसि यह रकराहर मोदी को िेकर ही है जो िीरेिीरे और मुखर हो रही है. लि​िहाि सबकी नजर पार्​्ी के नये अध्यि्​् को िेकर भी है. ऐसे मे्पार्​्ी के सामने भ्ि ् ्ाचार के इस िरह के मामिे आ जाने से नेितृ व् की मुसीबि और बढ़ सकिी है. खासकर उस समय जब एक िरि सीबीआई लदक्िी सरकार के मुखय् मंत्ी के दट्िर पर छापा मारिी है और दूसरी िरि भ्​्ि्ाचार के बडे मामिो् मे् ठंडा र्ख अपनािी है.

केजरीवाल भी राजनीदतक भ्ष ् ्

अन्ना के आंदोिन से उपजे केजरीवाि डीडीसीए मामिे मे् भिे ही अर्ण जेरिी को घेर िे्, पर वह भी भ्​्ि्ाचार से जुड् ही गये हो. हाि मे् पेश हुए िोकपाि लबि मे् उन्हो्ने बहुि सी खालमयां बरकरार रखी्. केजरीवाि के कई मंत्ी भ्​्ि्ाचार मे् लिप्ि रहे. नरे्द् लसंह िोमर िज्​्ी लडग्​्ी के मामिे मे्बाकायदा कोर्वके चक्र् भी िगाये. ऐसा िगिा है राजनीलिक से भ्​्ि्ाचार अब खत्म नही्होगा. ऐसे मे्केजरीवाि से अब सच्​्ाई और भ्ि ् ्ाचार खत्म करने की उम्मीद बेमानी ही है. केजरीवाि के आंसू भी मगरमच्छ के ही नजर आिे है्. नीललमा रसं​ंोगी, गोरखपुर (उतं​ंर पं​ंदेश)

पॉदलथीन पर रोक दि​िावा

अवनीश कुमार की रपर की ‘पॉलिथीन पर रोक के िैसिे से कही्खुशी कही्गम’ पढ़्कर सरकार की थोथी नीलियो् का बाजारीकरण सामने नजर आया. सरकार वाकई मे् यलद पॉलिथीन को िेकर नीलि बनाना चाहिी और रोक िगािी िो िमाम िरह की लदक्​्िे् खत्म हो जािी्. पर ऐसी कोई सरकारी मंशा नही्है. सरकार का काम लसि्कलढंढोरा पीरना है. इस िरह के िैसिो् से ऐसा ही नजर आिा है. बेहिर होिा सरकार सही लनण्ावयक िैसिे िेिी. लरतेश जायसवाल, गालजयाबाद (उतं​ंर पं​ंदेश)

सभी नीदतयां कंपदनयो् के दलए

सरकार की नीलियां पूरी िरह कंपलनयो् के लिए ही बनिी है. खनन की नीलियो् मे् राज्य सरकार पूरी िरह से कंपलनयो् के मनमालिक काम कर रही है. रमन सरकार भी इसमे् अपवद नही् है. छत्​्ीसगढ़् के खलनज संपदा को िूरने का काम कंपलनयां बखूबी कर रही्है. ऐसे मे्िोगो्के लहिो्का न ध्यान रखना सरकार की िापरवाही को लदखािा है. स्रांप शुक्क मे् लरयायि देकर रमन सरकार ने लिर जनिा के सरोकारो्की अनदेखी की है. काश सरकारे्िैसिा करिे वक्ि िोगो्की जर्रिो्को समझिी्. लनशी ठाकुर, रायपुर (छतं​ंीसगढं)


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िुरेश भाई

खास खबर

1 जनवरी - 7 जनवरी 2016

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हहमालय की जरंरत है चीडं

लह

माियी ि्​्ेत् मे् चीड् की प्​्ाकृलिक संिुिन मे्उपयोलगिा से इनकार नही् लकया जा सकिा. पर सरकार चीड्की आड् मे्िमाम बहुमूक्य और दुि्वभ वन प्​्जालियो् को करवािी रही है. ऐसे मे् सरकार का इसकी कराई पर बार-बार प्​्लिबंि िगाना और हराना पय्ाववरण को नुकसान पहुंचने की आशंका को बढ़्ा देिा है. उत्​्राखंड सरकार चीड् के पेड्ो् की कराई पर ध्यान नही् देकर खिरे को बढ़्ाने का काम करिी लदख रही है. लवश्​् लवख्याि लचपको आंदोिन को साि 1983 मे् भारि सरकार के पत्​् की एिआरआई से सूचना दी गयी थी लक लहमािय की गंभीर पालरस्सथलिकीय स्सथलि और लबना लकसी ऊंचाई या ढाि का ध्यान रखिे हुए, लशवालिक पहाल्डयो्के पाद प्द् श े िक वनो्के व्यावसालयक करान पर प्​्लिबंि िगा लदया गया था. िेलकन इसके 10 साि बाद साि 1994 मे्इस आदेश को चीड्के सूखे पेड्ो्के करान के लिए हरा लदया गया. उस समय यह सूचना लहमािय सेवा संघ के माध्यम से पूरे देश मे् पहुंचायी गयी थी. उत्​्राखंड मे्िोग सिक्कहो गये थे. क्यो्लक आशंका थी लक चीड् के वनो् के नाम पर कही् दुि्वभ वन प्​्जालियो् का व्यावसालयक दोहन न हो. बाद मे्यह डर िब सच सालबि हुआ, जब उत्​्राखंड के नौजवानो् के एक पय्ाववरण दि ने गंगा नदी के उद्​्म ि्​्ेत् मे् सव्ावलिक ऊंचाई वािे पव्विो् मे् जाकर वन लनगम के मजदूरो् ने हरे पेड्ो् की कराई के प्​्माण िोगो् के सामने पेश लकये. जबलक सरकार की ओर से कहा गया था लक वे चीड् के सूखे, लसर रूरे, उखड्ेपेड्ो्की कराई के लिए ही प्​्लिबंि हरा रहे है्. िेलकन पय्ाववरण दि ने जब रयािा, हल्िवि, िरािी, मुखवा, चैरंगी खाि जैसे कई वन ि्​्ेत्ो् के बारे मे् खोज की, िो वहां पर राई, कैि, मुरे्ड्ा, खस्वू, मौर् और देवदार जैसी अमूक्य प्​्जालियो्के हरे पेड्ो्की करान की गयी थी. कई स्थानो् पर इन प्​्जालियो् के पेड्ो् के स्िीपर जंगि मे् पड्े लमिे थे. िब िोगो् ने इसके लखिाि पेड्ो् पर राखी बांिकर रि्​्ासूत् आंदोिन की शुर्आि की थी. यह आंदोिन साि 2000 िक चिा. रि्​्ासूत् आंदोिन ने सि​ि​िापूव्वक लरहरी, उत्​्रकाशी के िाखो् हरे पेड्ो् के करान को रोका. साथ ही वन और पय्ाववरण मंत्ािय

के एक जांच दि के 121 वनकल्मवयो्को भी दोिी ठहराया था. इस आंदोिन के बाद आज भी उत्र् ाखंड मे्कई स्थानो्पर िोग पेड्ो्पर राखी बांिकर भाईयो्जैसा प्यार देिे है्. लचंिा की बाि यह है लक केद् ्ीय वन और

उत्र् ाखंड समेि लहमािय ि्त्े ्के सभी जंगि चीड् बाहुक्य बन गये है्. यहां के गांव की जिावन की आपूल्िव इसी से होिी है और पशुओ् के नीचे इसकी पल्​्तयो् को लबछाकर गोबर भी बनाया जािा है. चीड् से िीसा

केंदंीय वन और पयंा​ावरण मंतंी पं​ंकाश जावडंेकर के माधंयम से उतं​ंराखंड सरकार अब लफर चीडंके वनोंको काटने के ललए केंदंकी संवीकृलत के इंतजार मेंलदखायी दे रही है. इसके पीछे का मुखंय कारण राजसंव कमाने का लकं​ंय है. लेलकन कहा यह जा रहा है, लक चीडंको कम करके इसके संथान पर चौडंी पतं​ंी के वनोंका रोपण लकया जायेगा. पय्ाववरण मंत्ी प्​्काश जावड्ेकर के माध्यम से उत्​्राखंड सरकार अब लिर चीड्के वनो् को कारने के लिए के्द् की स्वीकृलि के इंिजार मे्लदखायी दे रही है. इसके पीछे का मुख्य कारण राजस्व कमाने का िक्​्य है. िेलकन कहा यह जा रहा है, लक चीड्को कम करके इसके स्थान पर चौड्ी पत्​्ी के वनो्का रोपण लकया जायेगा. चीड् के वन कुि वन ि्​्ेत् के 17 िीसद ि्​्ेत्ि​ि मे् िैिे हुए है्. अब यह लमल्​्शि वनो् के बीच मे् भी अपना स्थान बना रहे है्. चीड्की पल्​्तयां और ि​ि ग्​्ीष्म काि मे्वनो्मे्आग िैिाने का कारण भी बन रहे है्. िेलकन यह भी सच्​्ाई है लक हर साि असि​ि वृि्ारोपण के संकेिो् को भी वनो्मे्आग िगाकर नि्​्लकया जािा है. इस बाि की अनदेखी नही् की जा सकिी लक वन लवभाग ने भी चीड्की नस्वरी और चीड्के पेड्ो्का रोपण करके लहमािय ि्​्ेत् मे् इनको िैिाया है. इसके कारण

लनकािकर उत्​्राखंड की सरकार को हर साि 57 करोड्र्पये का राजस्व लमि​िा है. आंकड्ो्के अनुसार उत्र् ाखंड मे्ही हर साि 23.66 िाख रन चीड्की पल्​्तयां जमीन पर लगरिी है्. पंिनगर लवश्​्लवद्​्ािय की प्​्योगशािा मे् लकये गये एक प्​्योग से पिा चिा लक कैस्कशयम युक्ि पानी को चीड्की सूखी पल्​्तयो्(लपर्ि) से गुजारने के बाद यह कैस्कशयम मुक्ि हो जािा है. इसका दूसरा पहिू यह है लक यह नलदयो्को सािसुथरा भी रख सकिा है. इसका इस्​्ेमाि चैकडैम के साथ भूस्खिन रोकने मे् भी हो सकिा है. चीड् बहुि से व्यावसालयक िाभ भी देिा है. इसी के कारण इस पर बार-बार प्​्लिबंि िगिा और हरिा है. इसी आड् मे् बहुमूक्य चौ्ड्ी पत्​्ी वािी बांझ, कैि, मौर्, राई जैसी दुि्वभ वन प्​्जालियो् का व्यावसालयक दोहन आसान हो जािा है. साि 1994 मे् हरे प्​्लिबंि के लवरोि मे्रि्​्ासूत्आंदोिन की पहि पर ित्कािीन प्​्मुख वन संरि्​्क लवद्​्ाभूिण गौड् और भागीरथी वृि के वन संरि्​्क आनंद लसंह नेगी ने अपनी लरपोर्व मे् चीड् के अलिलरक्ि अन्य दुि्वभ प्​्जालियो् के बड्े पैमाने पर हुए व्यावसालयक दोहन का खुिासा भी लकया था. इसके लिए उन्हो्ने वन लनगम को सव्ावलिक दोिी बिाया. इस प्​्कार िाभ-हालन दोनो्के बीच िौिकर देखा जाये िो चीड् को कुक्हाड्ी िेकर कार देने से पहाड्ो् की हलरयािी ही गायब हो जायेगी. इसके साथ ही भूस्खिन, बाढ़् और भूलम कराव की समस्या भी पैदा हो जायेगी. चौ्ड्ी

जब लिर करान की स्वीकृलि लमिेगी िो वह सबसे पहिे अपनी कमाई के लिए अंिािुंि करान को महत्व देगा. जबलक उच्​्िम न्यायािय के 12 लदसंबर 1996 के आदेश के अनुपािन मे्बनायी गयी लवशेिज्​्सलमलि की रपर मे् वन लनगम की काय्वशैिी मे् आमूिचूि पलरवि्वन की लसिालरश की गयी थी. लजस पर राज्यो् ने अभी िक ध्यान नही् लदया है. साि 1988 की वन नीलि मे्वनो्को गांव के अलिकार और लनयंत्ण से बाहर रखा गया है. कही् भी िोगो् से पूछकर सूखे पेडो् का लनस्​्ारण आज िक नही्हुआ है. जबलक स्थानीय िोगो् का जीवन वनो् पर ही लनभ्वर है. काब्वन डाई ऑक्साइड को सोखने और जिस्​्ोिो्और नलदयो्को प्​्ाण देने वािे वनो् की सेवा पय्ावव रण संरि्ण ् के लिए सव्ालव िक महत् व पू ण व ् होनी चालहए. पत्​्ी के वनो्की मात्​्ा इिनी नही्है लक वह उत्​्राखंड की सरकार चीड्के नाम पर पहाड्ो्मे्भूसख ् िन रोक सके. इसके बावजूद िाखो् पेड्ो्को कारने के लिए लजिनी उत्सक ु राज्य सरकार के्द् की स्वीकृलि के बाद लदखिी है , उिनी चौ् ड ी ् पत् ी ् के वनो् के रोपण अपनी कैलबनेर के प्​्स्ाव पालरि करके वनो् की व्यावसालयक कराई का रास्​्ा खोिने के लिए नही्है. यलद चीड्के पेड्ो्की कराई पर लिर से प्​्लिबंि हराया िो इसके लवरोि वािी है्. सव्वलवलदि है लक राज्यो् मे् वनो् के मे् वे िमाम लचरपलरलचि हल्​्सयां अभी भी लवदोहन के लिए वन लनगम जैसी व्यवस्था मौजूद है्, लजन्हे् सरकार ने िमाम पुरस्कारो् बनी हुई है. इसने साि 1973 से 74 मे् से नवाजा़ है. ऐसे लकसी भी आदेश के जारी अपनी स्थापना को िेकर आज िक केवि होिे ही वनो्को सीिे वनवालसयो्को सौ्पने वनो् को कारकर मुनािा कमाया है. उन्हे् की मांग जोर पकड्सकिी है. (सप्​्ेस)

सरकार कर रही ककसानो् की अनदेखी

बड्वानी.पूंजीपलियो्के लहि के लिए सरकार लकसानो्को संकर मे्डाि रही है. इसी मुद्े को िेकर नम्वदा बचाओ आंदोिन के िहि ' लकसान-खेि मजदूर' सम्मेिन का आयोजन लकया गया. सम्मेिन मे् लकसान नेिाओ्ने कहा लक देश मे्लकसानो् की दुद्वशा का प्​्मुख कारण सरकार का लवश्​् बै्क और पूंजीपलियो् के एजंडे पर चिना है. देश की 70 िीसद आबादी को रोजगार देने वािी खेिी सरकार की प्​्ाथलमकिा मे्नही्है. इसके िहि वक्िाओ् ने खेिी बचाने के बड्े संघि्व को जर्री बिाया. इस मौके पर नम्वदा बचाओ आंदोिन की नेत्ी मेिा पारकर ने प्​्िानमंत्ी नरे्द् मोदी पर लकसानो् की अनदेखी का आरोप िगाया. पारकर ने कहा लक जापान से बड्े लनवेश का ल्ढ़ंढोरा पीरा जा रहा है. िेलकन यह ‘लनवेश लनम्ावण’ लकसानो् के लिए अलहिकर है. नलदयो् को जोड्ने के बहाने कारोबालरयो् और उद्​्ोगपलियो् को पानी मुहयै ा कराने की योजना है. खेिी के मुद्ेपर बोि​िे हुए हलरयाणा के लकसान नेिा चौिरी हरपाि लसंह ने कहा लक लवश्​् बै्क 10 हजार करोड् र्पये खच्व करके हमे् यह समझाने का प्​्यास कर रही है लक खेिी िायदे का िंिा नही्है. सरकार यह सालबि करने मे् जी-जान िगा रही है. लजससे लक देश के उद्​्ोगपलियो्का कब्जा उन जमीनो् पर हो सके. नरे्द् मोदी देश के पहिे ऐसे प्​्िानमंत्ी है् लजन्हो्ने कैलबनेर बैठक बुिाकर गन्ना लकसानो्को बोनस देना बंद करने का लनण्वय िे लिया. हरपाि लसंह ने

अिसोस जालहर लकया लक अखबारो् मे् लकसानो् के मुद्ो् को जगह नही् दी जािी. हलरयाणा के गुर्नाम लसंह ने कहा के्द् सरकार ने पूरी िरह लकसान लवरोिी र्ख अस्खियार कर लिया है. पल्​्िमी उत्​्र प्​्देश के लकसान नेिा आलशक रजा ने रासायलनक खेिी के नुकसान पर चच्ाव की. उन्हो्ने कहा लक स्वास्थ्य, स्वाद और खेिी मे्आत्मलनभ्वरिा प्​्ाकृलिक खेिी से ही संभव है. उत्​्र प्​्देश के नेिा चौिरी अलनि लसंह ने सरकार को पूंजीवाद परस्​् बिाया. रि​िाम लजिा पंचायि के उपाध्यि्​्जीडी िाकड्ने कहा लक लकसानो्को अपना अल्​्सत्व बचाने के लिए आत्म लचंिन कर संगलठि होना होगा. सम्मेिन मे् जैलवक लकसान मुकेश जार (अंजड्) ने जीरो बजर खेिी के अपने सि​ि प्​्योग के बारे मे् बिाया. लकसान सुरेश मुकािी ने सरकार से िसि बीमा देने की मांग की. िोके्द् िनगर ने प्द् श े मे्लबजिी की स्सथलि और लकसानो्से लकये जा रहे पि्​्पाि के बारे मे्अपनी बाि रखी. बिराम जार ने अपने लकसान समूह के लकसान लहि मे् लकये जा रहे काय्​्ो् की जानकारी दी. सम्मेिन का संचािन देवे्द् लसंह िोमर ने लकया. इस मौके पर मोहन परीदार (भिलरया), िक्​्मण मुलणया (रायपुलरया), गाचार्सोिंकी (भादि), शांिा यादव (लपपरी), दयाराम पारीदार (पूरा), कमिा यादव (बड्दा), महेश परेि (कुस्डडया), सनव्वर बी (लचखक्दा), रणवीर लसंह िोमर आलद ने भी अपने लवचार रखे.


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ओम तनश्​्ल

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ध्य एलशया को अपनी दाश्वलनक प्​्त्यलभज्​्ा से आप्िालवि करने वािे कुमारजीव बौद्​् सालहत्य और लचंिन की के्द्ीय िुरी रहे है्. कूछा और कक्मीर मे् दील्​्ि​ि कुमारजीव ने भारिीय बौद्​्ग्ंथो् का चीनी मे्अनुवाद कर बौद्​्सालहत्य के प्​्सार मे्अहम भूलमका लनभायी है. कूछा, कक्मीर, काक्गरे , क्यांगचओ और छांग-आन मे्िैिी अपनी जीवन काि मे् कुमारजीव ने िीन हजार से ज्यादा लशष्य बनाये पर बौद्​् सालहत्य के अनुवादक होने के अिावा वे स्वयं मे् एक दाश्वलनक स्​्ंभ थे. कुंवर नारायण अपनी कलविाओ् को लजन नैलिक प्​्त्ययो् से रचिे है्, कुमारजीव के जीवन और कृलित्व मे् वे नैलिक आयाम दृढ़्िा से मौजूद है.् कुवं र नारायण ने अपने नये काव्य कुमारजीव मे् इसी शस्खसयि को के्द् मे् रखा है. िोग जीवलनयां पढ़्िे है्. वे लवस्मृि हो जािी है् या अवचेिन मे् रच बस जािी है्. कुंवर नारायण ने अवचेिन मे् बसे कुमारजीव को इलिहास के पन्नो् से लनकािकर कलव-कक्पना से एक ऐसे उदात्ि, दाश्वलनक लचंिन से मंलडि चलरत्​्के र्प मे् रखा है जो 344 ई मे् कूछा मे् पैदा हुआ, कक्मीर मे् लपिा कुमारायण की देखरेख मे् प्​्ारंलभक लशि्​्ा पायी.

कौशल तकशोर

ह

म उन्हे् पा िे्गे क्यो्लक हमे् उनकी जर्रि है. कलव पत्क ् ार पंकज लसंह को जन संस्कृलि मंच की श्​्द्ांजलि. मशहूर कलव और पत्क ् ार पंकज लसंह का लनिन देश के क्​्ालं िकारी वामपंथी सांसक ् लृ िक आंदोिन के लिए एक बडी ि्​्लि है. 26 लदसंबर को लदक्िी मे् लदि के दौरे से उनका लनिन हो गया. लनिन के चार लदन पहिे ही उन्हो्ने अपने जीवन का 67वां साि पूरा लकया था. वसंि के वज्​्नाद ‘नक्सिबाडी जनलवद्​्ोह’ ने मुस्कि का जो स्वप्न लदया, उसके साथ पंकज लसंह का आजीवन गहरा सरोकार रहा. राजनीलि का ि्​्ेत् हो या सालहत्य और किा. लजन हाथो् पर युवा वसंि के उक्िास का खून िगा था, उनकी लशनाख्ि करना वे कभी नही्भूिे. 1985 मे् लदक्िी मे हुए जन संस्कृलि मंच के स्थापना सम्मेिन मे् वे बिौर प्​्लिलनलि शालमि हुए थे. 1998 के लदक्िी सम्मेिन मे् वे जसम के राष्​्ीय पलरिद के सदस्य बने. भाकपा मािे से उनका अत्यंि दोस्​्ाना संबंि रहा. आलखरी वक्ि िक वे माक्स्ववादीिेलननवादी राजनीलिक िारा के साथ ही जुडे रहे. जीवन की आलखरी सांस िक सत्​्ा की िानाशाही और उसके िासीवादी मुलहम के लवर्द्वे सल्​्कय रहे. 22लदसंबर 1948 को पल्​्िमी चंपारण के चैिा गांव मे्जन्मे पंकज लसंह ने वंशीिर हाई स्कूि, आदापुर से स्कूिी लशि्​्ा ग्​्हण की. उसके बाद िंगर लसंह कॅािेज से

1 जनवरी - 7 जनवरी 2016

कुमारजीव का जीवन कावंय

अध्ययनोपरांि कूछा और काक्गर िौर कर महायानी लवद्​्ान सूयस व् ोम के लवचारो्से गहरे प्भ् ालवि हुआ. कूछा मे्आचाय्वलवमिाि्​्की देखरेख मे् संस्कृि वाड्.मय का गहन अध्ययन लकया. श्​्मण परंपरा मे् यायावरी करिे हुए वह ख्यालि पायी लक हर शासक उसे अपने दरबार की शोभा बनाना चाहिा. इसी प्​्ल्कया मे्कुमारजीव को छांग-आन के शासक िू-च्येन ने बंदी बनाया. पर िू-च्येन की आकस्लमक हत्या के बाद कुमारजीव ने सत्​्ह वि्व क्यांगचओ मे् क्वी कुआंग की लहरासि मे्गुजारे िेलकन लिर छांग–आन मे् िख्िा पिरने और िू-च्येन के पुत् याओलशंग के सम्​्ार बनने के बाद कुमारजीव ने छांग-आन मे्िौर कर अपने जीवन के िेरह वि्वसम्मान के साथ व्यिीि लकये. जीवन मे् लवपदाएं आयी्पर वे कुमारजीव की बौल्​्दक अंि:शक्लि को लडगा न सकी्, इन िमाम मोड्ो्से गुजरिे हुए उन्हो्ने बौद्​्लचंिको्मे् एक अिग स्थान बनाया. लहंदी के जाने माने कलव कुंवर नारायण ने अपना जीवनारंभ नलचकेिा-वाजश्​्वा प्​्संग के काव्यात्मक आख्यान 'आत्मजयी' से लकया था, उसका समाहार ‘वाजश्​्वा के बहाने’ से लकया. अब अपने जीवन की उत्​्रशिी मे् वे शिास्बदयो् पूव्व जन्मे कुमारजीव के जीवन मे्िौरे है.् 'कुमारजीव' उनका नया काव्य है, जहां उन्हो्ने इस बौद्​् लचंिक की जीवनाभा को अपनी काव्यानुभलू ि

और संवदे ना की छुवन से एक जीवन-संदश े मे्बदि लदया है. अपनी कृलियो्मे्एक प्ल्िसमय जीिा रचिा हुआ यह दाश्वलनक कुंवर जी को कई अथ्​्ो्मे्सम्मोलहि और समालवि्​् करिा है. कहिे है,् ऐसे दाश्लव नको्की यात्​्ाएं कभी खत्म नही् होिी्. वह महायात्​्ा पर लनकि​िा है सलदयो्को ि​िांगिा हुआ और अंि​ि: एक अि्​्ुड्ण लवचार-यात्​्ा मे् पय्ववलसि हो उठिा है. इस काव्य का प्​्योजन कुंवर जी के ही शब्दो् मे्: ‘मै्, कुमारजीव- बुद् के उपदेशो् का वाहक/अनुवादक मात्​् नही्/उनके माध्यम से अपना भी एक संदेश हूं/उनके संदेशो्मे्शालमि./िथागि की लशि्​्ाओ्के साथ/उनमे् मेरी सािनाएं भी शालमि है्./मै् अपनी कृलियो् मे् लनबद्​्/अपना वह प्​्लिसमय भी हूं/लजसमे् मै् जीलवि रहूंगा/अपने

कुमारजीव (कावंय). कुंवर नारायण. भारतीय जं​ंानपीठ, 18, इंसटं ीटंश ंू नल एलरया, लोदी रोड, नयी लदलंली. पृषंठ 187 . मूलंय 250 रंपये.

बाद भी-िथागि के साथ’ और कुमारजीव का जीवन इस िरह िथागिमय हो उठिा है लक वह जेिवन की उदात्​् कक्पना मे् खो जािा है: मेरा मन है -जेिवन/वहां कही् एक श्​्ावस्​्ी है, कही् अमराविी/और िथागि का जीिा जागिा सास्ननध्य/उनकी लशि्​्ाओ् को सुनिे श्​्मण/जहां सारनाथ, सांची और पारलिपुत्है्./लिच्छलवयो्के रथो्के िुरो्से िुरा लमिाकर/अपना रथ दौड्ािी अंबपालिका-गलणका/सगव्व कहिी लक' आज मेरे आम्​्वन मे् िथागि मेरे अलिलथ है्'/'हजार काि्ावपण िे िे गलणका यह आलिथ्य हमे्दे दे'/' हजार जनपद दे दो िो भी नही्.' लिच्छलवयो् ने सुना/और सबसे आगे बढ़्गया उसका रथ. एक अनूठे काव्यात्मक पय्ाववरण मे् कुंवर नारायण कुमारजीव के जीवन और कम्वको ररोि​िे है्. कुमारजीव की यात्​्ाओ् के साथ साथ यानी कूछा से कक्मीर, कक्मीर से कूछा िौरिे हुए क्ाक्गर मे्एक वि्,व कूछा वापसी, कूछा से क्यांगचओ और छांग-आन शीि्वक खंडो् के अंिग्वि कुमारजीव के व्यक्लित्व को आकलि​ि करिे है्. कुंवर नारायण का काव्य नैलिक आग्​्हो्का काव्य है. वे कलविा को भी अंि​ि: अकाट्​्जीवनलववेक की कसौरी पर रख कर देखिे है्. उनका काव्य सुभालि​िो्से भरा है. वे लिखिे है्: ‘हर व्यक्लि का यह जन्मलसद्​्अलिकार

वे हमारी आवाज थे

मध्यकािीन भारिीय इलिहास मे् बीए और एमए लकया. 1966 मे्पंकज लसंह की पहिी कलविा प्​्कालशि हुई. उसके अगिे ही साि नक्सिबाडी का जनलवद्​्ोह हुआ और उस दौर के संवेदनशीि नौजवानो् की िरह उन्हो्ने भी उसे बडी उम्मीद से देखा. उस आंदोिन का असर उनकी कलविा मे् भी लदखा. उदाहरण के िौर पर ‘वह इच्छा है मगर इच्छा से कुछ और अिग’ शीि्वक कलविा देखी जा सकिी है. ‘इच्छा है मगर इच्छा से ज्यादा/ और आपल्​्तजनक मगर खून मे् िैि​िी/ रोशनी के िागो् सी आत्मा मे् जडे् िे्किी/ वह इच्छा है/ अिमुलनयम के िूरे करोरो् का कोई सपना ज्यो्/ उजिे भाि का/ वह इच्छा है लजसे लिख रहे है्/ खेि-मजदूर, छापामार और कलव एक साथ/ वह इच्छा है हमारी/ जो सुबह के राग मे्बज रही है. ‘आहरे्आसपास’ (1981), ‘जैसे पवन पानी’(2001) और ‘नही्’ (2009) शीि्क व से उनके िीन कलविा संगह् प्क ् ालशि है.् उन्हो्ने बांगि ् ा, उद्,वू अंगज ्े ी, जापानी और फ्​्ांसीसी आलद भािाओ् मे् कलविाओ् के अनुवाद भी लकये. 1972 मे् पंकज लसंह लरसच्व के लिए जवाहर िाि नेहर्लवश्​्लवद्​्ािय गये, पर आपािकाि के कारण वे इसे पूरा नही् कर पाये. चाहे इंलदरा िानाशाही का काि हो या सांप्दालयक िासीवाद का मौजूदा दौर, पंकज लसंह न लसि्क इनका ल्​्कलरक रचिे है् बस्कक इनसे मुठभेड भी करिे है्. 1974 मे् लिखी ‘साम्​्ाज्​्ी आ रही है्’ कलविा मे् वे कहिे है्‘साम्​्ाज्​्ी का रथ िुम्हारी अंिलडयो्

से गुजरेगा/रथ गुजरेगा िुम्हारी आत्मा की कराह और शोक से/िुम्हारे सपनो् की हलरयालियां रौ्दिा हुआ/रथ गुजरेगा रंगीन झरनो्और पिाकाओ्की ऊब-डूब मे्’. यह इंलदरा िानाशाही के दौर का कू्र और लहंसक यथाथ्व था. लजसे उन्हो्ने अपनी कलविा के जलरये व्यक्ि लकया, वही् आज वे कहिे है्. ‘देखो कैसा चमकिा है अंिेरा/काई की गाढ़ी परि सा/एक लनम्वम िासीवादी चलरत्​्

पर/देखो, िोकिंत् का अिौलकक िेप’. पंकज लसंह की कलविा इस कलथि िोकिंत् के सघन होिे अंिेरे की न लसि्क पडिाि करिी है. बस्कक जो कभी िानाशाही के र्प मे् िो कभी िासीवाद के र्प मे् देश की जनिा की छािी पर सवार है्, उसकी असलियि से िोगो् का साि्​्ात्कार करािी है. वास्​्व मे् पंकज लसंह इस व्यवस्था के लखिाि उस स्वप्न के रचनाकार है्जो देश के करोडो्-करोड हालशए पर ढकेि लदये गये

भारिीय जन की आंखो्मे्है. जनिा के मुस्कि के सपनो् और संघि्​्ो् को भारिीय शासक वग्व ने हमेशा भीिण दमन के जलरये खत्म करने का दुष्चक्​्रचा. िेलकन पंकज लसंह के शब्दो् मे् वे जन िो जैसे ‘पवन पानी’ है्, उन्हे् खत्म करना मुसक् कि है और वे हमारे लिये भी पवन-पानी की िरह जर्री है. नक्सिबाडी भी कहां खत्म हुआ! वह लिर भोजपुर आंदोिन के र्प मे् सुिग उठा. पंकज लसंह की कलविा मे्नरायन कलव, सािुजी और शीिा चरज्​्ी जैसे भोजपुर आंदोिन के शहीद अकारण नजर नही् आिे. ‘पवन पानी’ मे् उन्हो्ने लिखा ‘हमारी आवाजे्थी्हमी्से कुछ कहने की कोलशश मे्’. वे बार-बार जनिा के बुल्दजीवी और कलव के िज्व और ऐलिहालसक काय्वभार की ओर संकेि करिे है्. ‘एक िरि होकर अपने ही खोये शब्दो् का आलवष्कार/ करना होगा जो भिे ही लबगडी शक्ि मे् आएं खूनआिूदा/ मगर हमारे हो्जैसे कि के/ वे हमारी आवाजे्थे/ अब भी हो्गे हमारी ही िरह मुस्ककिो् मे्/ कही् अपने आलवष्कार के लिए/ और लवश्​्ास करना चालहए/ हम उन्हे् पा िे्गे क्यो्लक हमे् उनकी जर्रि है/ अपने पुनज्नव म् की खालिर/ थोडे उजािे थोडे साि आसमान की खालिर/ मनुष्यो्के आलिकारो् की खालिर/ वे थे/ वे हो्गे हमारे जंगिो् मे् बच्​्ो् मे् घरो् मे् उम्मीदो् मे्/ जैसे पवन पानी’. 1975 मे् जवाहरिाि नेहर् लवश्​्लवद्​्ािय छोडने के बाद पंकज लसंह

सारहत्य है लक वह अपने लिए जीवन का क्या ध्येय चुनिा है. ‘यह भी लक बच्चे के ‘पृथ्वी पर पांव रखिे ही पूरी पृथ्वी उसकी मां हो जािी है.’ उनके इस कहे को गुनने के लसवाय भिा क्या लवकक्प हो सकिा है लक कुशि िैराक िहरो् से िड्िा नही्, उन पर से िैरिा है. कुमारजीव का सूय्वसोम से लमिना उसके जीवन की अनूठी घरना है. यही वे लदन थे जब कुमारजीव का मन सोचिा: ‘सुिह क्यो् नही्/ि्​्मा क्यो् नही्/दो अलियो् के बीच से लनकि​िा/एक िीसरा मध्यम माग्व क्यो् नही्?’ यह वही मध्यम माग्व या मज्लझम लनकाय है लजसकी बाि बुद्लकया करिे थे. वह मात्​् बौद्​् िम्​्ोपदेशक होकर जीवन लबिा सकिा था. पर उसने बौद्​् ग्​्ंथो् के अनुवादक, ज्​्ािा और व्याख्यािा होने का संकक्प लिया. वह अदृक्य का ऐसा मिुसंचयी था लजसने संस्कृि भािा की मािुरी को चीनी भािा मे् संजोने का काम लकया. कहना न होगा लक लभक्खु कुमारजीव के पलरव्​्ाजक लचत्ि को यायावरी और बंदी जीवन के बावजूद लहमािय की उपत्यकाओ् से हजार सािो्पहिे उठी लवचारो्की िहर मथिी रही. उसकी आंखे्गेरए् िबादे मे्बुद् को अपने सामने खड्ा हुआ पािी्, वही संगीि, प्भ् ा, प्ि् ीलि, प्ज् ्ा पारलमिा-संसकृ ् ि, पािी, िुिारी, चीनी और लिब्बिी मे् आिी हुई अस्िुर शब्द-ध्वलनयां.

1978 से 1980 िक पेलरस मे् रहे. उसके बाद 1987 से 1991 िक बीबीसी लहंदी सेवा मे् बिौर उद्घोिक काम लकया. सालहत्य किा-संस्कृलि के लवियो् के अिावा राजनीलि पर भी उन्हो्ने लिखा. ‘सोच’ नाम की पल्​्तका का संपादन और प्​्काशन भी लकया. वे किा के अच्छे जानकार थे. उन्हो्ने ‘जनसत्​्ा’ मे् िगािार किा समीि्​्ाएं लिखी्. नवभारि राइम्स मे्वामपंथी पाल्रियो् पर लिखी गयी उनकी श्​्ृंखिा कािी चल्चवि रही. उन्हो्ने डॅाक्यूमे्ररी और कथा-लिक्मो् के लिए स्ल्कप्र भी लिखे. दूरदश्नव और अन्य चैनिो्के लिए कई काय्वक्म लकये. िेलकन संस्कृलि के लवलवि ि्​्ेत्ो् मे् काम करने के बावजूद उनका मन कलविा मे् ही सबसे अलिक रमा. 2007 मे्उन्हे्शमशेर सम्मान लमिा. पंकज लसंह जन संस्कृलि आंदोिन के हमारे सहयोद्​्ा थे. हाि के लदनो्मे्खासिौर से प्​्ो. किबुग्ी की हत्या के बाद लहंदुत्व की आक्​्ामकिा और देश मे्बढ़िी असलहष्णुिा के लखिाि उनकी सल्​्कयिा और प्​्ेरक भूलमका रेखांलकि करने वािी है. जंिर मंिर से िेकर सलहत्य अकादमी िक हुए िेखको् और संसक ् लृ ि कल्मयव ो्के प्ल्िरोि के मोच्​्ेपर वे लजस मजबूिी से डरे थे. उसे हम याद करिे है् और अपने ल्​्पय साथी को जन संस्कृलि मंच की ओर से श्​्द्ांजलि अल्पवि करिे हुए उन्हे्िाि सिाम करिे है्. उनकी जीवन संलगनी चल्चिव कलवलयत्​्ी सलविा लसंह, उनकी बेलरयो् और पलरजनो् के प्​्लि हम अपनी गहरी संवेदना जालहर करिे है्.


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1 जनवरी - 7 जनवरी 2016

नेताजी को ठेंगा चदखा रहे हैं सपा के छुटभैया

अवनीश कुमार

कानपुर. नगर और देहाि मे् समाजवादी पार्​्ी के काय्वकि्ाव और नेिा अपने ही पार्​्ी के आिाकमान को नीचा लदखाने मे्जुरे लदखिे है्. कुछ ही लदनो्पहिे ही उत्र् प्द् श े के मुखय् मंत्ी अलखिेश यादव ने समाजवादी काय्वकि्ावओ् को अनुशासन का पाठ पढ़्ाया था और कानून व्यवस्था को अपने हाथ मे् नही् िेने की सीख दी थी. समाजवादी पार्​्ी के मुलखया मुिायम लसंह यादव भी अक्सर सपा काय्वकि्ावओ् को अनुशासन का पाठ लसखािे रहिे है्. पार्​्ी के बड्े नेिाओ् को वह अनुशासन मे् िािे भी रहिे है्. पर कानपुर मे्समाजवादी पार्​्ी के काय्वकि्ावओ्का दायरा अनुशासन से बाहर जािा लदख रहा है. आये लदन सपा काय्वकि्ाव प्श ् ासन और व्यवस्था से पंगा िेिे लदखाई दे रहे है्. ऐसे मे् अनुशासन की सीख बेकार जािी लदखाई दे रही है. एक िरि अनुशासन के नाम पर शीि्व स्​्र पर कार्ववाई करके समाजवादी पार्​्ी प्​्देश मे्यह संदेश देने की कोलशश मे्है लक कानून से बढ़्कर कोई नही् है. दूसरी ओर कानपुर शहर और देहाि मे्सपा नेिाओ्की गुंडागद्​्ी के मामिे िगािार बढ़्रहे है्. एक साि मे् एक दज्वन से अलिक घरनाओ् मे् छुरभैये नेिाओ्ने न केवि कानून व्यवस्था से लखिवाड्लकया बस्कक सरकार की साख को भी बट्​्ा िगाया है. कुछ ि्​्ेत्ीय बड्ेनेिा

दिल्ली के ऑड-इवन फॉम्लषू े पर दिमला की नजर

आंख बंद करके अपने काय्क व ि्ाओ व ्की हामी भरने मे् िगे है्. ऐसे मे् पुलिस अलिकारी कागजी दबाव का बहाना बनाकर अपनी कुस्ी बचाने की जुगि मे्है्. समाजवादी पार्​्ी से जुड्े कुछ मामिो् मे् एक मामिा गोलवंद नगर थाने मे् बाइक छुड्ाने पहुंचे सपा नेिा का है. लजसमे वे बाइक और आरोलपयो् को छुड्ा िे गये. दूसरा मामिा बाबूपुरवा थाने मे्पुलिस एक युवक को पूछिाछ के लिए िेकर आयी थी. िेलकन सपा नगर अध्यि्​् उसे छुड्ाने के लिए इंस्पेक्रर से लभड्गये. पुलिस ने राि मे्

ही उसे छोड् लदया. िीसरा मामिा मारपीर के आरोपी दो युवको् को छुड्ाने का है. लजसके लिए सपा नगर महासलचव किक्ररगंज थाने मे् ही िरने पर बैठ गये. यहां िक की इंस्पेक्रर को हराने के लिए उन्हो्ने आंदोिन की चेिावनी दे दी. चौथे मामिे मे् एक लववालदि मकान पर कब्जा करने पर जब काकादेव पुलिस ने सपाइयो् को रोका िो उन्हो्ने थाने मे् हंगामा लकया. इसके साथ ही एसओ पर लमिीभगि का आरोप िगािे हुए हंगामा शुर् कर लदया. कािी देर िक हंगामे के बाद मामिा शांि

हुआ. ऐसे ही कई मामिो् मे् सपा काय्वकि्ावओ् ने राज्य सरकार की लकरलकरी करायी है. यह सब िो छोरे मामिे है्. हद िो िब पार हो गयी जब समाजवादी पार्​्ी के ि्​्ेत्ीय नेिाओ्ने आररीओ पर हमिा और िायलरंग कर दी. इस मामिे मे्कानपुर देहाि के सपा लजिाध्यि्​्के पुत्और समथ्क व ो्के लखिाि मुकदमा दज्व होने से नाराज ि्​्ेत्ीय नेिाओ् ने कानपुर देहाि के लजिाध्यि्​्और राजपुर थाने का घेराव लकया. समाजवादी पार्​्ी के वलरष्​् नेिाओ् के अनुशासन की बाि को िाक पर रख पुलिस और आम जनिा को यह एहसास कराया गया लक यह हमारी सरकार है हम जो चाहे्गे वह करे्गे. मामिा था कानपुर देहाि का लजसमे् एआररीओ सुनीि यादव पैिावर मोड्के पास ट्​्को्की चेलकंग कर रहे थे. आररीओ प्​्थम ने रोक लिया और ओवरिोड की पुल्ि होिे ही उसे पास के थाने मे् िे जा रहे थे. िभी कानपुर देहाि के सपा लजिाध्यि्​् लदिीप यादव के बेरे लजिा पंचायि सदस्य रोलहि यादव ने एआररीओ सुनीि दत्​् यादव के ऊपर अपनी िाइसे्सी लरवाक्वर से िायर कर लदया. ऐसे कारनामो्से समाजवादी सरकार की साख लगर रही है और जनिा का भरोसा भी कम हो रहा है. भारिीय जनिा पार्​्ी के लजिाध्यि्​् सुरे्द्मैथानी कहिे है्लक उत्​्र प्​्देश मे्जब भी समाजवादी पार्​्ी की सरकार आयी है.

िब गुंडई और दबंगई चरम पर पहुंची है. समाजवादी पार्​्ी के काय्वकि्ाव सत्​्ा मे् आिे ही सब कुछ भूि जािे है्. सत्​्ा के नशे मे् इिना चूर हो जािे है् लक उन्हे् जनिा के सुख-दुख से कोई िेना-देना नही् रहिा है. न कानून का डर उनके अंदर होिा है. जनिा ने देखा लक कानपुर देहाि मे् एआररीओ सुनीि दत्​् यादव अपनी ड्​्ूरी करिे हुए ट्​्को् की ि​िाशी कर रहे थे. इस पर समाजवादी दबंगो् ने सरकारी कम्वचारी को भी नही् छोड्ा. यलद कानपुर के इन ि्​्ेत्ीय नेिाओ् की दबंगई कम नही् हुई िो भाजपा इसके लखिाि प्​्दश्वन करेगी. इसे िेकर मै्ने राज्यपाि को पत्​्भी लिखा है. कानपुर नगर और देहाि के िोगो् ने मामिे पर कहा लक उत्​्र प्​्देश मे् जब समाजवादी पार्​्ी की सरकार बनी और मुख्यमंत्ी के र्प मे् अलखिेश यादव का नाम आया. लजससे युवाओ् को बहुि खुशी हुई. िेलकन दुभ्ावग्यपूण्वहै लक ि्​्ेत्ीय स्​्र के नेिा समाजवादी पार्​्ी के लकये गये काय्​्ो्पर पानी िेरने का काम कर रहे है्. समझ नही् आिा लक कानपुर और देहाि के इन नेिाओ् की यह अनुशासनहीनिा मुख्यमंत्ी जी को लदखायी नही्दे रही. सरकार के अच्छे कामो् की सूची इन दबंगो के कारनामो् के आगे छोरी नज्र आने िगी है. ऐसे मे्अगिी बार अलखिेश सरकार का सपना कैसे परवान चढ़्ेगा.

बुंदेलखंड में खाली पड़े है पचास लाख हेकंटेयर खेत

एम कुमार

राजेश चतुव्ेदी

चंडीगढ़. लदक्िी के सीएम अरलवंद केजरीवाि की िरह नगर लनगम लशमिा के मेयर संजय चौहान और लडप्री मेयर लरकेद् ् पंवर राजिानी लशमिा मे् वाहनो् के लिए ऑड-इवन िॉम्ि वू ा िागू करने के पि्ि् र है.् लदक्िी मे्वायु प्द् िू ण को लनयंल्ति करने के लिए केजरीवाि ऑड-इवन िॉम्ि वू ा िेकर आये है.् िेलकन मेयर, लडप्री मेयर लशमिा शहर मे्बढ़्िे वाहनो्के कारण लवकराि होिी जा रही जाम की समस्या को लनयंल्ति करने के लिए ऑड-इवन िॉम्ि वू े को लवकक्प के र्प मे् देखिे है्. नगर लनगम के लडप्री मेयर लरकेद् ् पंवर ने कहा लक ऑड-इवन िाम्ि वू े को िेकर लदक्िी मे्एक से 15 जनवरी िक होने वािे ट्​्ायि का हम बारीकी से अध्ययन करे्गे. उसके बाद लशमिा के लिए ऑडइवन िॉम्ि वू े का ड्​्ॉट्र बनाया जायेगा. पंवर ने कह लक प्द् श े सरकार की ओर से अप्व्ू की गई अब्वनमोलबलिरी ट्​्ांसपोर्व ऑथालररी के चेयरमैन नगर लनगम के मेयर है्. इसी आिार पर नगर लनगम प्​्देश सरकार को शहर मे् ऑड-इवनिाम्वूिा िागू करने का प्स ् ्ाव देगा. उन्हो्ने यह भी कहा लक एनजीरी ने शहर के सक्ि कु र रोड को वन-वे करने के आदेश लदये है.् वन वे सक्ि कु र रोड के स्थान पर ऑड-इवन िाम्वूिा शहर के िोगो् के लिए ज्यादा व्यावहालरक सालबि हो सकिा है.

दचत्​्कूट/महोबा. इिाके के िोग प्​्ाकृलिक आंख लमचौिी का लशकार हो रहे है्. कभी कम बालरश िो कभी ओिावृल्ि, यहां की खेिी-लकसानी को चौपर कर चुकी है. ऐसे मे्िोग खेिी से मुहं मोड्ने को मजबूर है्. पिायन का एक लवकक्प ही इिाके के लकसानो् को उम्मीद देिा है. इन हािाि मे् बुंदेिखंड के रेिवे स्रेशन से महानगरो् की िरि पिायन करने वािो् का लसिलसिा जारी है. पर इन सब के बावजूद हािाि के मद्​्ेनजर प्​्शासन की उदासीनिा उसकी िापरवाही को साि उजागर करिी है. कई सािो्से बुंदेिखंड के सभी लजिो् मे्सूखा-अलिवृल्ि और ओिावृल्ि के चि​िे खेिो् मे् डािा गया बीज भी लकसान वापस नही्पा सका है. लकसानो्की लहिैिी सरकारे् अनेको् घोिणाएं कर दिािो्, नेिाओ् और अिसरो् के गठजोड् का लशकार हो रही है्. सभी लजिो्मे्कज्वसे िंग होकर आत्महत्या करने वािे लकसानो् के मामिे बढ़् रहे है्. यहां के वालशंदे अपना विन छोड्कर मजदूरी के लिए महानगरो्की ओर पिायन कर रहे है्. इनकी संख्या हर रोज हजारो् मे् है. सूखाग्​्स्ि्​्ेत्घोलि​ि होने के बाद कानूनगो और िेखपािो्को घूस देने वािे लकसानो्को ही अब राहि चेक लमि रहा है्. बालरश न होने की वजह से हमीरपुर, महोबा, बांदा, झांसी, लचत्​्कूर, जािौन और

िलि​िपुर लजिो्मे्करीब 50 िाख हैक्रेयर भूलम मे्बुआई नही्हो पायी है. लकसान खेिी और पलरवार के भरण-पोिण के बदिर होिे हािाि की वजह से मौि का रास्​्ा चुन रहे है्. पर प्​्शासन लकसानो् की इन मौिो् को सामान्य बिाने मे्िगा है. लपछिे 11 साि के आंकड्ो्के अनुसार करीब 3669 लकसानो् ने आत्म हत्या की यालन हर वि्व 300 लकसानो् से अलिक ने आत्म हत्या की यह आंकड्ेप्​्वास सोसाईरी के आशीि सागर ने भारिीय लकसान यूलनयन की राष्​्ीय पंचायि मे्पेश लकये. बीिे जनवरी 2015 से नवंबर 2015 िक केवि महोबा रेिवे स्रेशन के आंकड्ो् की माने्िो करीब 14 िाख 44 हजार 654 याल्​्तयो्ने महानगरो्की ओर पिायन लकया. ऐसे ही हािाि बांदा, लचत्​्कूर, हरपािपुर, मऊरानीपुर, उरई, कािपी, झांसी, िलि​िपुर के भी है. बांदा और झांसी मंडिो् के सभी

रेिवे स्रश े नो्पर गांव के िोगो्की भारी भीड् है. ग्​्ामीण लकसानो्के पिायन से बुंदेिखंड मे्कई हजारो्की िादाद मे्गौवंश के अिावा बकरी, भेड्आलद दूसरे पाि​िू जानवर खुिा िूम रहे है. लजन पर पशु िस्करो् की नजरे् िगी है्. इन्हे्वे गायब करने मे्देर नही्िगा रहे. प्श ् ासन इन जानवरो्के लिए कागजो्पर खूब चारा-पानी लखिा रहा है. ‘बुंदेिी समाज’ स्वंयसेवी संस्था ने वृद्, अपालहज और िावालरस वालशंदो् के लिए ‘रोरी बै्क’ की स्थापना कर लजिे के करीब 700 से हजार िोगो्को हर रोज खाना देने का काम कर रहा है. लजससे सैकड्ो् गरीब िोगो्का पेर पि रहा है. संसथ ् ा ने सद्​्ी से बचाव के लिए इनको गरम कपड्े और कंबि भी लदये है्. लकसान उमाशंकर, रामकृपाि, घसीरा कुशवाहा, नेिराम, लशवनारायण का कहना है लक लकसी प्​्कार से कज्व िेकर िसि बोई थी लक कुछ िो

खाने को होगा. राि लदन खेिो् की रखवािी कर रहे है्. पर आवारा जानवर सैकड्ो् की िादाद मे्उन िसिो्को नुकसान कर दे रहे है्. उन्हो्ने कहा लक ऐसे मे्जानवरो्के लिए गौशािाएं खुिवाई जाये िालक खुिे पशुओ् को इनमे्रखा जा सके्. लकसान गजािर(80) का कहना है लक संसािनो् की कमी से बुंदेिखंड सदैव से कृलि ि्​्ेत्मे्लिसड्​्ी रहा है. पहिे लसंचाई की अच्छी व्यवस्था थी लकसान मानसूनी वि्ाव से िसि उगािा था. उससे जो कुछ हालसि होिा था उससे पलरवार का भरण पोिण होिा था. अब निकूप है्लबजिी/पानी का अभाव खाद, बीज, जोिाई, बुआई, कराई का खच्व इिना बढ़् गया है लक लबना कज्व के खेिी करना मुस्ककि हो गया है. प्​्ाकृलिक आपदाओ्से कई लकसान आल्थवक संकर के सदमे को बद्ावक्ि नही् कर पा रहे और लकसान काि मे्गाि मे्समां चुके है्. उनके पलरवार सड्को् पर मजदूरी या भीख मांगिे िूम रहे है्. हीरािाि और आशाराम व लगरजा शंकर बड्े लकसान है् कहिे है् लक शासन और प्​्शासन, जनप्​्लिलनलियो् की उपेि्ा से लकसान लनराश है. दैवी आपदाओ् से इसमे्इजािा हो रहा है. लकसान या िो मौि को गिे िगाये या पिायन करे्यही्लवकक्प उसके सामने है. ऐसे मे् लदन प्​्लिलदन पूरे बुंदेिखंड मे् अपरालिक घरनाओ् मे् भी इजािा हो रहा है.


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1 जनवरी - 7 जनवरी 2016

हतर मृदुल

नयी उम्ार बदले तेवर

रसनेमा

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बॉ

िीवुड मे्ये दौर बदिाव का चि रहा है. इससे लिक्मो्की हीरोइने्भी िेजी से बदि रही है्. हीरो की िरह वह भी अपने नये िेवर लदखा रही है्. वह अपनी भूलमकाओ् और पालरश्​्लमक जैसे मसिो्मे्भी पीछे नही् है्. वह हीरो से सीिा मुकाबिा करिी िो नजर नही्आ रही है्, िेलकन यह सच है लक हर लिहाज से उनकी साख बढ़्ी है. आज हीरोइनो्को ध्यान मे्रखकर रोि लिखे जा रहे है्. उनकी कीमि भी कई गुना ज्यादा हो चुकी है. सबसे अहम बाि यह है लक वे भी हीरो की िरह ही कई लकस्म के एक्सपेलरमे्र करने िगी्है.् अगर आज रॉप हीरो अपनी से आिी उम्​्की हीरोइन के अपोलजर लदखिे है्, िो रॉप की हीरोइनो्ने भी कुछ ऐसा ही कदम उठाने मे् कोई लझझक महसूस नही् की है. सिमान खान, आलमर खान, शाहर्ख खान, अि्​्य कुमार, अजय देवगन और सैि अिी खान कािी समय से आिी उम्​्की हीरोइनो् के साथ काम कर रहे है्. िो अब कैररीना कैि, करीना कपूर, ऐश्​्य्व राय बच्​्न, ल्​्पयंका चोपड्ा और दीलपका पादुकोण भी अपने अपोलजर कम उम्​् के हीरो को अहलमयि दे रही है्. कैररीना कैि की आगामी दोनो्लिक्मो् मे् हीरो कम उम्​् के है्. अलभिेक कपूर के लनद्​्ेशन मे् बन रही लिक्म ‘लि​िूर’ मे् ‘आलशकी 2’ िेम आलदत्य राय कपूर उनके हीरो है्, िो लनत्या मेहरा के लनद्​्ेशन मे्बनने

वािी लिक्म ‘बार-बार देखो’ मे् लसद्​्ाथ्व मक्होत्​्ा को उनके अपोलजर साइन लकया गया है. सुपर स्रास्व के साथ ही काम करने वािी कैर की सोच बदिी है और अब उन्हो्ने लसि्कस्ल्कप्र को अहलमयि देनी शुर् कर दी है. अब कैर को कोई िक्कनही्पड्िा लक उनके अपोलजर लकस हीरो को लिया गया है. उन्हे्अपने लकरदार का महत्व पिा है और अपने लनद्​्ेशक के लवजन पर भरोसा है. वे कहिी है्, ‘पहिे की िुिना मे् अब की लिक्मो् का लमजाज एकदम अिग है. आज लवशुद्िॉम्ि वू ा लिक्मे्नही्बन रही है.् दश्क व हर लिक्म मे् िॉलजक ढूंढ़्िे नजर आिे है्.

अब न र्रीन लकस्म की कहानी चि​िी है और न ही र्रीन लकस्म के रोि. यही वजह है लक अब हीरोइने् भी वक्ि के लहसाब से बदिनी शुर्हो चुकी है्.’

अगर आज टॉप हीरो अपनी से आधी उमं​ंकी हीरोइन के अपोलजट लदखते हैं, तो टॉप की हीरोइनोंने भी कुछ ऐसा ही कदम उठाने मेंकोई लझझक महसूस नहींकी है. करीना कपूर भी लिक्म ‘का एंड की’ मे् एक अिग ही रोि लनभािी लदखाई दे्गी. आर बाक्की लनद्​्ेलशि इस लिक्म मे् करीना के अपोलजर अज्वुन कपूर है्. अज्वुन करीना से उम्​्और अनुभव दोनो्मे्ही छोरे है्. ‘चीनी कम’, ‘पा’ और ‘शलमिाभ’ जैसी लिक्मे् लनद्​्ेलशि कर चुके है्. बाक्की इस बार एक नई लकस्म की प्​्ेम कहानी लिक्मा रहे है्. करीना इस लिक्म मे्अपने लकरदार से कािी उत्सालहि है्. वे कैलरयर के लजस मोड् पर पहुंची है्, वहां उन्हे् ऐसी ही लिक्मो् की दरकार है. वे कहिी है,् ‘मैन् े कािी संखय् ा मे् कॉमल्शवयि लिक्मे् की है्, िेलकन अब मै् िीक से हरकर कहानी वािी लिक्मे् करना चाहिी हूं. सच यह है लक मै्र्रीन लकस्म के रोि करके उकिा चुकी हूं. आलखर कब िक कोई हीरोइन एक ही िरह की सजावरी भूलमकाएं करेगी. यह मेरी पीढ़्ी की हीरोइनो् की खुशनसीबी है लक इस समय बड्ी संख्या मे्नये लनद्​्ेशक सल्​्कय है्और इन लनद्​्ेशको् ने जैसे बॉिीवुड का चेहरा ही बदि लदया है.’ ऐश्​्य्वराय बच्​्न ने अपनी दूसरी पारी मे् ऐसी लिक्मे् साइन करनी शुर् की है्, लजनमे् उनका रोि मीलनंगिुि हो. लिक्म ‘जज्बा’ लवशुद्बॉलिवुलडया लिक्म नही्थी. उनकी आगामी लिक्मो् का स्​्र भी एकदम अिग है. ‘ऐ लदि है मुस्ककि’ हो या लिर ‘दुग्ाव रानी लसंह’, इन दोनो् ही लिक्मो् मे् उनके अपोलजर हीरो उनसे उम्​् मे् छोरे है्. जब उन्हे् करण जौहर ने लिक्म ‘ऐ लदि है मुस्ककि’ की स्ल्कप्र सुनाई थी, िो उन्हो्ने लबना देर लकये इसे साइन कर लिया था.

असि मे् वे कैलरयर की नई पारी मे् एस्करंग ओलरएंरेड रोि ही करना चाहिी है्और इस लिक्म की अपनी भूलमका मे्उन्हे्अलभनय की पूरी संभावना लदखाई दे गयी. लिक्म ‘दुग्ाव रानी लसंह’ के मामिे मे् भी ऐसा ही हुआ. सुजॉय घोि ने इस लिक्म की िीड भूलमका के लिए लवद्​्ा बािन और कंगना रनोर के नामो् पर भी लवचार लकया था, िेलकन यह लिक्म जैसे ऐश्​्य्वके नसीब मे्ही लिखी थी. ऐश्​्य्वकहिी है्, ‘मै्अब ऐसे लकरदार अदा करना चाहिी हूं, जो यादगार हो्और लजनमे् एस्करंग की गुंजाइश हो. यह मेरा सौभाग्य है लक मुझे ऐसे ऑिर लमि रहे है्. ऐसी लिक्मो् मे् काम कर मै् गौरवांलवि महसूस कर रही हूं.’ ल्​्पयंका चोपड्ा की बाि करे्, िो वे जोलखम मोि िेने मे् हमेशा ही अव्वि रही है्. आगामी लिक्म ‘बाजीराव मस्​्ानी’ मे्वे रणवीर लसंह के अपोलजर है्, जो लक उम्​् मे् उनसे छोरे है्. रणवीर लसंह बाजीराव पेशवा का लकरदार लनभा रहे है्, िो उनकी भूलमका रानी काशीबाई की है. इससे पहिे भी वे लिक्म ‘गुंडे’ मे्रणवीर और अज्वुन कपूर की हीरोइन रह चुकी है्. रणवीर की िरह ही अज्वुन भी उनसे उम्​् मे् छोरे है्. इस बारे मे् ल्​्पयंका कहिी है्, ‘मुझे इससे कोई मि​िब नही्है लक मेरे हीरो उम्​्मे्छोरे है्या बड्े. मै् लसि्क अपने लकरदारो् पर ध्यान देिी हूं. मुझे वे लकरदार ज्यादा आकल्िवि करिे है्, लजनके साथ मै् आइडे्लरिाई की जा सकूं. मुझे चुनौिी देने वािे लकरदार पसंद है.् कैलरयर के इस मोड् पर अब मै् जोलखम उठाना चाहिी हूं. इिर मै्ने लजन लिक्मो् मे् काम लकया है, उनमे् पय्ावप्ि जोलखम था. िेलकन मुझे िो ऐसी ही लिक्मो्मे्काम करने मे्मजा आिा है. मेरा कंपरीसन खुद से ही रहिा है, हािांलक यह भी सच है लक मै्हर हीरोइन को अपनी प्​्लियोगी मानिी हूं. मेरे लिए अपनी प्​्त्येक लिक्म महत्व रखिी है और मै्हरेक लिक्म के साथ कुछ नया सीखना चाहिी हूं. मै्अपनी लपछिी लिक्म से आगामी लिक्म मे् बेहिर काम करना चाहिी हूं.’ दीलपका पादुकोण इस समय रॉप पर है्, िेलकन उनके मन मे् भी हमेशा कुछ नया करने की िड्प मौजूद रहिी है. हाि ही मे् उन्हे्एक हॉिीवुड लिक्म की लहंदी रीमेक मे्

काम करने का ऑिर लमिा है, लजसमे्वर्ण िवन उनके हीरो हो्गे. बिाने की जर्रि नही्है लक वर्ण उनसे उम्​्मे्कािी छोरे है्. दीलपका इस लिक्म मे्काम करने के बारे मे् कािी पॉलजलरव िरीके से सोच रही है्. वे कहिी है्, ‘हमारी इंडस्ट्ी सौ साि की हो चुकी है, ऐसे मे् हम कब िक र्रीन कहालनयो् पर लिक्मे् बनािे रहे्गे. मेरे लिये एक अच्छी स्ल्कप्र सबसे ज्यादा मायने रखिी है. मुझे इससे कोई िक्क नही् पड्िा लक मेरे हीरो की उम्​् छोरी है या बड्ी. जब पचास साि का हीरो बाइस साि की हीरोइन से परदे पर इक्क िरमािा है, िो कोई सवाि नही् करिा. िेलकन कोई हीरोइन अपने से उम्​् मे् छोरे हीरो की हीरोइन बन जाये, िो चच्ाव होनी शुर् हो जािी है. असि मे् यह हमारे समाज का डबि स्रडै् ड्वहै. मै्समझिी हूं लक आज की हीरोइने् कािी िाकिवर है् और वे मन मुिालबक भूलमकाएं करने के लिए िैयार बैठी है्.’ लनल्​्ि​ि र्प से आज की हीरोइनो् की स्सथलि पहिे की िुिना मे्कािी मजबूि है. यही वजह है लक आज वूमन से्ल्टक लिक्मे् बनिी है्और खूब चि​िी भी है्. शि्वएक ही है लक स्ल्कप्र दमदार होनी चालहए. चूंलक हीरोइने्अपने बूिे लिक्म चिा िे रही है्, िो ऐसे मे्हीरोइनो्का मेहनिाना भी आसानी से कई गुना बढ़् जा रहा है. अब रॉप की कोई भी हीरोइन साि से दस करोड् के बीच पालरश्​्लमक िे िेिी है. अब हीरो की िरह ही उन्हे्भी दो या िीन हीरोइनो्वािी लिक्मो्मे् काम करने से कोई एिराज नही् है. सबसे महत्वपूण्व बाि यह है लक अब कई हीरोइने् प्​्ोड्​्ूसर भी बन चुकी है्. लशक्पा शेट्ी, अमीिा परेि,िारा दत्​्ा, अनुष्का शम्ाव, कंगना रनोर, ल्​्पयंका चोपड्ा, ऐश्​्य्व राय बच्​्न और लचत्​्ांगदा लसंह जैसी हीरोइनो् ने लिक्म प्​्ोडक्शन मे् सल्​्कयिा लदखायी है. कंगना रनोर बिािी है्, ‘अब बॉिीवुड की हीरोइने् जोलखम मोि िेने मे् जरा भी नही् घबरािी है्. मुझे िगिा है लक अब हीरोइनो् को कोई हक्के मे्नही्िे सकिा है. अब हीरो के लपछिग्गू होने के लदन िद चुक.े अब सारा काम कंरे्र से होगा. कंरे्र की वजह से ही मेरी जैसी नॉन लिक्मी बैकग्​्ाउंड की िडकी अपनी जगह बना िेिी है.


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अंबरीश कुमार

सु

पय्िटन

1 जनवरी - 7 जनवरी 2016

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जंगल िो बांटती एि नदी

मेर ने अचानक नदी के हरे और पारदश्​्ी पानी मे्एक िोरा डािा और भरकर पीने िगा. हम उसे हैरानी से देख रहे थे. पानी पीने के बाद उसने एक िंबी सांस िी और हमे् अपनी िरि घूरिा पाया. लिर खुद ही बोिा, साहब यह गेर्आ नदी का पानी है जो पेर के लिए बहुि िायदेमंद है. हम एक बंद मोरर बोर पर सवार थे जो हमे् सामने के जंगि के बीच बैक वारर की िरि िे जा रही थी. अचानक लकनारे आराम करिा एक मगरमच्छ लदख गया िो मोरर बोर उसके कुछ पास िक िे जायी गयी िालक हम उसके दश्वन कर सके्. हािांलक इससे पहिे इस नदी के बीच कई रापू ऐसे लमिे थे लजसपर बडी संख्या मे्घलडयाि आराम कर रहे थे. वि्व 2015 का यह अंलिम हट्िा था लजसमे कडाके की ठंड पड रही थी. हम किल्नवयाघार वन्य जीव अभ्यारड्य के बीच से गुजरने वािी गेर्आ नदी मे् जंगिाि लवभाग के एक मोरर बोर पर सवार थे. गेर्आ नदी लजसे सरकारी लहंदी मे्लगरवा लिखा जािा है उसका पानी हरा और पारदश्​्ी नजर आ रहा था. यह पहिी नदी देखी लजसका पानी कोई सीिे पी रहा था. नेपाि से आने वािी यही नदी आगे बढ़ कर कौलडयािा नदी से लमिकर दो प्​्मुख नलदयो् को जन्म देिी है. इस जंगि से ही दो िारा बंर जािी है लजसमे् एक सरयू कहिािी है िो दूसरी घाघरा. सरयू को िो अपने गांव मे् बचपन से देखिा रहा हूं जो हर साि लकसी एक िरि की जमीन डूबोिी है िो दूसरी

िरि ऊपजाऊ जमीन िैयार कर देिी है. हम जा रहे थे बे्ि के जंगि के बीच जहां सुख्ावब से िेकर कई पलरंदे मंडरा रहे थे. नदी के सामने भी जंगि िो नदी के पीछे भी जंगि. इस जंगि को यह गेर्आ नदी बांर देिी है. पर जानवरो् को नही् बांर पािी. जंगिी हालथयो्का झुडं भी िैरकर उसपार से इस पार आ जािा है िो बाघ भी िैर कर इसे पार करिे रहिे है. घलडयाि और मगरमच्छ िो दोनो् लकनारो्को जोडिे ही रहिे है्. इस नदी पर कोई पुि नही् है इसलिए गांव के िोग नाव और मोरर बोर से इसे पार करिे है. पीपे वािा पुि भी बीच बीच मे् िगाया जािा है. पर बरसाि से पहिे ही वह नाकाम हो जािा है. यह भारि नेपाि सीमा का वह इिाका है जहां दोनो् देशो् के नागलरक और जानवर बेरोक रोक आिे जािे है्. नदी पार कुछ दूर िक भारि की सीमा है िो उसके बाद नेपाि का बल्दवया लजिा िग जािा है. यह नेपाि से आने वािे जंगिी हालथयो् और गै्डो् का जंगि का प्​्ाकृलिक गलियारा भी है जो आगे दुिवा िक चिा जािा है. साथ चि रहे जंगिाि लवभाग के गाड्व ने बिाया लक जंगिी हालथयो् का झुंड उस पार ज्यादा रहिा है. बीच-बीच मे् वह एक दो लदन के लिए इिर आिा है पर लिर उत्पाि मचाकर िौर जािा है. यह देश के उन जंगिो्मे्से एक है जहां बीिे िीन चार साि मे् बाघ की संख्या करीब दोगुनी हो गयी है. इन्ही बाघो् मे् से करीब दज्वन भर बाघो् ने दूसरे लकनारे को अपना लठकाना बना रखा है लजस िरि हम जा रहे थे. बे्ि के हरे भरे जंगि बहुि

खूबसूरि िग रहे थे. अचानक कुछ जि मुग्ावबी लदखी जो डुबकी िगा रही थी. लकनारे पर जब एक मगरमच्छ लदखाया िो िगा कोई

भारत-नेपाल सीमा पर कतलंनाया घाट अभयारणंय को गेरंआ नदी लवभालजत करती है जो आगे चलकर सरयू और घाघरा की धाराओंमेंबदल जाती है. यह घलंडयालोंका पं​ंाकृलतक आवास भी है. िकडी का रुकडा पडा है, जो ध्यान से देखने पर मगरमच्छ मे्बदिा. ये लकनारे पर लशकार की ि​िाश मे् पडे रहिे है खासकर लहरण और जंगिी सूअर के इंिजार मे्जो इिर पानी के लिए आिे है. जबलक नदी के बीच कई रापुओ् पर पडे घलडयाि मछिी के भरोसे रहिे है. मोरर बोर का ड्​्ाइवर जंगिाि लवभाग का बहुि पुराना कम्वचारी था लजसने बिाया लक सत्​्र के दशक के अंलिम दौर मे् घलडयाि के करीब अस्सी अंडे जंगिाि लवभाग के एक रे्जर के नेिृत्व मे् गयी रीम नेपाि की िरि से एक बक्से मे्िे आयी थी. उस रीम मे्यह ड्​्ाइवर भी था. आज इस नदी मे् सैकडो् की संख्या मे् जो घलडयाि है वह उन्ही अंडो् के वंशज है. इस नदी का पानी इिना साफ है लक आसपास गांव के िोग इसे सीिे पीिे है. यही्पर सुखा्बव के झुड ं भी नजर आिे है िो डास्किन भी. अन्य पलरंदे िो है ही. साफ है लक यह अभी एक लजंदा नदी है. इसमे् मछिी मारने पर प्​्लिबंि भी है. कही कोई नािा इस नदी मे्नही्लगरिा और न ही लकसी िरह का कचरा बहाया जािा है. जंगि के बीच बहिी यह नदी आज भी जीवन देिी है. नीचे मे् देखने पर जमीन िक लदख जािी है और मछलियां भी.

करीब घंरे भर मे् कई जिचर और नभचर यहां लदख गये. सुबह जब जंगि के पास बने अलिलथ गृह से चिे िो नहर के लकनारे भारी िुंि के चि​िे एक नही्कई बार रास्​्ा भरक गये. अचानक एक िकडबग्घा लदखा जो कैमरा देखिे ही गाड्ी के पीछे छुप गया. पर िब िक एक िोरो िे िी थी. जंगि मे्दूसरे लदन की शुर्आि िुंि से हुई. पहिे लदन खुिी िूप के चि​िे बहुि कुछ देख लिया गया था. िब लदन मे्भी कई जानवर लदखे िो शाम के अंिरे े मे्सडक पार करिे जंगिी मुग्े िगिा था लक गाडी के नीचे न आ जाये्. औरय्या िाि पर पनडुब्बी जि मुग्ावबी समेि कई िरह के पलरंदे नजर आये िो आगे बढ़ने पर लहरण के झुंड और बया के घोसिे देखने वािे थे. किल्नवयाघार वन्य जीव अभ्यारड्य अब बहुि बदि गया है. उत्​्र प्​्देश मे्पय्वरन को िेकर कई बडी और नयी पहि हुई है. इस जंगि मे्भी लजसे पय्ावव रण के लिहाज से एक अच्छे सैरगाह के र्प मे्लवकलसि कर लदया गया है. इस िरह की व्यवस्था पहिे राजस्थान और गुजराि मे् लदखिी थी. आप वेबसाइर पर जाकर जंगि मे् घूमने का पैकेज िे सकिे है. जबलक पहिे यह जगह

लसि्क नेिाओ् अिसरो् आलद के लिए थी जो जंगिाि लवभाग के डाक बंगिे मे् अपने रहने और खानपान की व्यवस्था कर िेिे थे. अब आम िोगो् के लिए भी यह उपिब्ि है. उत्र् प्द् श े सरकार ने बहुि कुछ बदि लदया है. गेर्आ नदी के लकनारे पेड पर बना कारेज अद्​्ि है लजसपर र्क कर आप जंगिी जानवरो् को आसानी से देख सकिे है. इस प्​्कार के ट्​्ी हर आंि प्​्देश से िेकर लहमाचि और मध्य प्​्देश के कुछ जगहो्पर नजर आिे है. अब इस जंगि के शुर् मे् ही ककरहा रे्ज मे् सैिालनयो् के लिए अच्छी व्यवस्था की गयी है. इसी से करीब बारह लकिोमीरर दूर जंगि मे् लनशानगाडा का वह मशहूर लशकारगाह है लजसे मुगि दौर मे् बनाया गया. इस लशकारगाह मे् र्कना भी अद्​्ि अनुभव देने वािा है. यह बाघ का इिाका है लजसे िेकर चौकीदार ने पहिे ही आगाह कर लदया था. दो मंलजिा इस भवन मे्हम उपरी मंलजि पर र्के और राि मे् कई बार जानवरो् की आवाज सुनाई पडी. सुबह करीब चार बजे से िरह िरह के पलरंदो्की आवाज ने सोने नही् लदया.य ह वाकई जंगि है.


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1 जनवरी - 7 जनवरी 2016

अब मैहर पर गडंी है भाजपा की नजर! नये साल मेंगोवा जाने वाली

फंलाइटोंका लकराया हुआ ससं​ंा

पूजा तिंह

सतना. भाजपा मैहर चुनाव मे् अपने िगािार खराब प्​्दश्वन को दुर्स् करना चाहिी है जबलक कांग्ेस के सामने अपनी सीर बरकरार रखने की चुनौिी है. लपछिे लदनो् चुनावो् मे् माि खाने पर भाजपा अब पूरी िरह से चौ्कन्नी लदखाई दे रही है. ऐसे मे्वह कोई चूक नही्चाहिी लजससे कांग्ेस को िायदा लमि सके. मध्य प्​्देश के मुख्यमंत्ी लशवराज लसंह चौहान लजस िरह से दो लदन सिना-मैहर मे् डेरा डािे रहे. साथ ही उन्हो्ने जैसी घोिणाएं की है्. उन्हे् देखकर िगिा है लक रि​िामझाबुआ िोकसभा सीर और हाि ही मे् स्थानीय लनकाय की कुछ सीरे्गंवाने के बाद भाजपा मैहर लविानसभा उपचुनाव मे् कोई कसर नही् छोडना चाहिी है. बीिे सप्िाह भाजपा के मध्य प्​्देश के लदग्गज नेिाओ्के कोर समूह ने मैहर की रणनीलि पर गहन लवचार लवमश्व लकया था. लजसमे् पार्​्ी के राष्​्ीय महासलचव कैिाश लवजयवग्​्ीय भी शालमि थे. सिना लजिे की इस सीर पर उपचुनाव की घोिणा बहुि जक्द होने की उम्मीद है. यह सीर कांग्ेस लविायक नारायण ल्​्तपाठी के इस्​्ीिे के बाद लरक्ि हुई है. अब वह कांग्ेस छोड्कर भाजपा मे् शालमि हो चुके है.् जालहर है यह चुनाव वह भाजपा के लरकर पर िड्गे् .े पारंपलरक िौर पर यह सीर कांगस ्े की पकड् वािी मानी जािी है. िेलकन लवजेिा उम्मीदवार के पािा बदिकर सामने

आने के बाद समीकरण बदि भी सकिे है्. झाबुआ जीि ने कांग्ेस का मनोबि बढ़्ाया है. जबलक भाजपा स्थानीय लनकाय मे्हार से चौकन्नी हुई है. भाजपा मे् आंिलरक हािाि ठीक नही्है्. भाजपा के एक स्थानीय नेिा ने कहा लक ल्​्तपाठी भिे ही लपछिे लवजेिा है्. िेलकन वह लवरोिी दि से आये है्. ऐसे मे् स्थानीय काय्वकि्ावओ् के मनोबि पर बुरा असर पड्ा है. लभिराघाि की आशंका से भी इनकार नही्लकया जा सकिा है. कांग्ेस भी यहां अिग िरह की समस्या झेि रही है. पार्​्ी के लिए सबसे अहम यहां से प्​्त्याशी िय करना है. यह इिाका मूिर्प से अजय लसंह के प्​्भाव वािा है. िेलकन रीवा का श्​्ीलनवास लिवारी गुर

पणजी. जो िोग अपने नये साि का जक्न गोवा मे् मनाना चाहिे है्, उनके लिए ये खुशखबरी है. गोवा भारि के प्​्मुख पय्वरक स्थिो्मे्आिा है. यहां नये साि पर हर साि भारी संख्या मे् पय्वरक आिे है्, लजसे देखिे हुए यहां के पय्वरक व्यवसायी अपने कामो्मे्िग गये है्. बीिे साि के ट्िाइर के लकराये मे् इस साि भरी करौिी हुई है. िेलकन ये वापसी के लरकरो्पर िागू नही्होगा. मुंबई से गोवा का लरकर िकरीबन 2,111 र्पये के आसपास हो गया है. जो 28 से 30 लदसंबर के दौरान 3,949 और 5,173 र्पये से कािी कम है. जबलक नए साि की पूव्वसंध्या पर ये उम्मीद से कािी सस्​्ा है. जनवरी 2016 के पहिे दो हट्िो्मे्ये ज्यादा से ज्यादा 2,499 र्पये और कम से कम 1,899 र्पये िक हो सकिा है. ऐसे ही साि 2015 के बाकी बचे लदनो् मे् बे्गिुर् से गोवा के लिए अंलिम समय मे् होने वािी बुलकंग का लकराया 5,415 र्पये से अलिक नही् होगा. हािांलक बीिे रलववार को ये लकराया 2,998 र्पये था. जो जनवरी 2016 मे्और लगरकर 1,661 र्पये िक हो सकिा है. साथ ही लदक्िी से आने वािी ट्िाइर पय्वरन के चरम सीजन की िुिना मे् राज्य मे् आने वािो् के लिए सबसे सस्​्ा होगा. लदसंबर मे् जहां ये लरकर 11,000 र्पये था, वही् ये अब 9,800 र्पये के

करीब हो गया है. 31 लदसंबर को लदक्िी से गोवा का लरकर 7,436 र्पये हो सकिा है. हािांलक गोवा से वापस जाने का लरकर आपके जेब पर भारी पड सकिा है. मुंबई जाने के लिए ये लकराया 6,600 र्पये से 8,800 र्पये िक हो सकिा है. वही्बंगिुर् जाने के लिए आपको 5,300 और 10,000 र्पये िक की लरकर खरीदनी पड सकिी है. ऐसे ही लदक्िी के लिए ये 11,000 से िेकर र्पये 16,862 िक हो सकिी है. इस बार अंिर्ावष्ीय पय्वरको् की जगह पर गोवा मे् घरेिु पय्वरको् का जमावडा ज्यादा है. िोग यहां आने के लिए लवलभन्न ट्​्ांसपोर्व का इस्​्ेमाि कर रहे है्. साथ ही खुद के वाहन से िोग भी यहां आ रहे है्, लजससे मजबूर होकर ट्िाइर के लकराये मे् कमी की गयी है. यहां पडोसी राज्य आंध्प्देश, गुजराि, कन्ावरक और महाराष्​् से आने वािे पय्रव क खुद के वाहनो्से आना पसंद करिे है्.

कोट्​्ायम. केरि के जंगिो् मे् जंगिी जानवर अब सुरल्​्ि​ि नही् है्. केरि के कोट्​्ायम लजिे मे्लशकालरयो्के लदन लिर गये है्. जंगिी जानवरो्के लशकार के अच्छे दाम लमि जाने की वजह से कोट्​्ायम के जंगि मे् लहरन से िेकर अन्य जानवरो्का लशकार हो रहा है. यह जानकारी उस समय सामने आयी जब कुछ लशकारी पुलिस की लगरट्ि मे्आये. इस मामिे मे् वन लवभाग की लमिीभगि से भी इंकार नही्लकया जा सकिा है. इस लजिे के जंगि मे्कई िरह के जानवर है्, लजनका लशकार लकया जा रहा था. पुलिस इस मामिे मे्उन िोगो्की जांच मे्जुरी है, जो लशकार लकये गये जानवर के मनमाने दाम देकर इसे बढ़ावा दे रहे है्. जानकारी के मुिालबक पािा और एराट्​्पेट्ा के िकरीबन साि लशकालरयो् के लगरोह यहां लनयलमि र्प से जंगिी जानवरो् का लशकार करिे है्. इिना ही नही् कुछ लशकालरयो्को पुलिस ने सांभर लहरण का मांस बेचिे हुए भी लगरट्िार लकया है. बाकी दो लशकारी भागने मे्कामयाब रहे. पुलिस को इस लगरट्िार लशकारी के जलरये कई हाई प्​्ोिाइि ग्​्ाहको् के व्यापक नेरवक्कके बारे मे्पिा चिने की उम्मीद है. लशकालरयो् का लगरोह महीने मे् पांच लदन दो बंदूको्को िेकर जंगि मे्लशकार पर जािा है. लजसमे्लसि्कएक बंदूक का ही उनके पास

हािांलक वन लवभाग ने सांभर लहरन के लशकालरयो्को संदेह के िहि लगरट्िार कर लिया है. िेलकन लवभाग का अभी भी ये कहना है लक बीिे 10 सािो् से पांच हजार हेक्रेयर मे् िैिे जंगि एर्मेिी रे्ज के िीन स्रेशनो् मे् कोई भी लशकारी नही् है. दूसरी िरि स्थानीय पुलिस का मानना है लक जो लशकारी लगरट्िार लकया गया है. उसका दावा है लक वह बीिे दस सािो्से हर हट्िे लशकार करिा रहा है. इससे साफ होिा है लक इस पूरे मामिे मे् वन लवभाग कही् न कही् इन लशकालरयो् की मदद करिा रहा है और इस मामिे को रिादिा करने के लिराक मे् भी िाइसे्स है, जो एक भगोडे अलनि के नाम छोरे पराखो् का भी इस्​्ेमाि करिे है्. ये है. इस मामिे को िेकर पुलिस और वन पर है. मुंडाक्​्यम पुलिस ने अलनि और लशकारी बंदूको्और गोिो्को रखने के लिए लवभाग आमने सामने आ गये है्. पुलिस ने उनके साथी सुनीि को बगैर िाइसे्स के अिग-अिग थैिे भी रखिे है्. इस दौरान ये इन लशकालरयो् के लखिाि ठुिाप्पक्िी के बंदक ू रखने के जुमव्मे्मामिा दज्वकर लिया बहुि ही चौकस रहिे है्और लशकार का कोई एर्मेिी रे्ज मे् सांभर का लशकार करने का है. जांच अलिकारी ने बिाया लक इन दुग्वम लनशान न रह जाये इसका ध्यान बखूबी रखिे आरोप िगाया है. िेलकन वन अलिकारी इन वनो्मे्िोग जाने से डरिे है्, िेलकन शायद है्. लशकार के समय जमीन पर लगरे खून को आरोपो् का खंडन करिे हुए इसे पीम्​्ेडू से लशकारी अपने काम मे्इसी का िायदा उठािे लमट्​्ी सलहि हरा देिे है्. वे सांभर को मारने लशकार लकया हुआ मानिे है्. है.् लशकारी अपने कैप् अक्सर छोरे जिाशयो् के बाद उसे हिाि करने से पहिे एक लशकारी के घर पर उसकी लनगरानी मे् के पास िगािे है्. जहां ये जानवर चरने के प्िास्सरक की शीर पर रख िेिे है.् िालक कोई जो पुलिस जवान िैनाि था, उसके मुिालबक लिए आिे है्. लवशेिज्​्ो्का मानना है लक उन्हे् लनशान न रह जाये. इसके बाद लशकार लकये पांच िोग िक्जरी कारो् से लशकार मांस पशुओ् की आवाजाही की अच्छी खासी गये जानवर का मांस छोरे-छोरे लि​िािे मे् खरीदने आये थे. पुलिस को यह भी शक है जानकारी है. पैक करके उन िोगो् िक पहुंचा देिे है जो लक इरारूपटे ्ा मे्इन लशकालरयो्को दो कांगस ्े ी लशकार पर दो-िीन िोग एक साथ जािे इसके शौकीन है्. लहरण के मांस को पसंद नेिाओ्और एक व्यापारी का संरि्​्ण लमिा है् और लहंसक जानवरो् को डराने के लिए करने वािे इसकी मुंह मांगी कीमि देिे है्. हुआ है. (मनोरमा)

नयी दिल्ली. कांग्ेस अध्यि्​् सोलनया गांिी के पास देश के अन्य नेिाओ् के मुकाबिे सबसे बड्ा घर है. इिना ही नही् उनका लनवास 10 जनपथ प्​्िानमंत्ी के लनवास 7 रेस कोस्वसे भी बड्ा है. केवि राष्प् लि प्ण ् ब मुखज्​्ी और उपराष्​्पलि हालमद अंसारी का लनवास 10 जनपथ से बड्ा है. जहां राष्​्पलि भवन, उप राष्​्पलि लनवास और 7 आरसीआर आलिकालरक लनवास है् वही् 10 जनपथ गांिी पलरवार को आवंलरि लकया गया है. से्ट्ि पस्बिक लडपार्वमे्र के अनुसार प्ि् ानमंत्ी लनवास 14,101 वग्वमीरर मे्बना है वही् गांिी लनवास 15,181 वग्व मीरर के ि्त्े ्मे्िैिा है जो 7आरसीआर के मुकाबिे कािी बड्ा है. यह जानकारी देव आशीि भट्​्ाचाय्वद्​्ारा दायर RTI अज्​्ी के िहि दी गई है. 320 एकड् मे् िैिा राष्प् लि भवन बाकी सभी आलिकालरक घरो्से बड्ा है. यहां िक लक यह दुलनया मे्लकसी भी राष्​्ाध्यि्​्के घर से बड्ा है. वही् 6 मौिाना आजाद रोड पर स्सथि उप-राष्प् लि लनवास 26,33.49 वग्वमीरर मे्बना है. कांगस ्े उपाध्यि्​्राहुि गांिी 12 िुगिक िेन पर 5,022.58 वग्व मीरर मे् बने बंगिे मे् रहिे है् वही् उनकी बहन ल्​्पयंका गांिी वाड्​्ा को 35 िोिी एस्ररे मे्2,765.18 वग्वमीरर का घर आवंलरि है.

भी यहां ब्​्ाह्मण वोर समीकरण के नािे अपना दखि चाहिा है. इस खी्चिान मे् पार्​्ी अभी िक प्​्त्याशी के नाम पर सहमलि नही्बना सकी है. उक्िेखनीय है लक लविानसभा के पूव्व नेिा प्​्लिपि्​् अजय लसंह िोकसभा चुनाव मे्सिना सीर से महज 8688 मिो् से हारे थे. वह इस इिाके से अच्छी िरह पलरलचि है् और काय्वकि्ावओ्से सीिे संपक्कमे्भी है्. ऐसे मे् अगर पार्​्ी प्​्त्याशी चयन मे् उनकी इच्छा का ध्यान नही् रखिी है. िो उसके समस्या का सामना करना पड्सकिा है. कुम्ी और ब्​्ाह्मण मिदािाओ् के वच्वस्व वािी इस सीर पर प्​्त्याशी का चयन सबसे अहम भूलमका लनभायेगा.

कोट्​्ायि िे् दस साल से जारी है मिकार!

RNI- DELHIN/2008/ 24781

प्​्धानमंत्ी आवास से भी बड्ा है, सोकनया का घर

स्वत्वालिकारी, प्​्काशक और मुद्क: ि्​्मिा लसंह के लिए अमर उजािा पस्बिकेशंस लिलमरेड, सी-21, 22, सेक्रर-59, नोएडा, उत्​्र प्​्देश से मुल्दि एवं दूसरी मंलजि, बी-146, हलरनगर आश्​्म, नयी लदक्िी- 110014 से प्​्कालशि. संपादकः अंबरीश कुमार (पीआरबी अलिलनयम के िहि समाचारो्के चयन के लिए लजम्मेदार) सभी कानूनी लववादो्के लिए न्याय ि्​्ेत्लदक्िी होगा. संपक्क: +91.8004903209, 9793677793 ईमेि: shukrawaardelhi@gmail.com


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