भव्यता का नया अध्याय पेज- 13
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वर्ष 1 अंक 28 n पृष्: 16 n 13 मई - 19 मई 2016 n नयी दिल्ली n ~ 5
अदालत को बीएचयू का ठे्गा
कई घरानेबिकनेको तैयार
lदेश की आर्थक ि हालत खस््ा lउद््ोग कज्ि मे् डूबे lसंकट मे् हराई अड््े और ररफाइनररयां रररेक सक्सेना
कि़ि रदया उनसे या तो पैसा िसूले़ या नयी दिल्ली. देश के आऱथिक हालात उनकी संपदा बेि पैसा िसूले़. भारत के बेहद िै़काने िाले है़. सरकार के 'मेक इन दस आला औद़़ोरगक घरानो़ने बै़को़से कोई इंरडया' काय़िक़म का भरिष़य तो िही पांि लाख करोड ऱपये का कि़िरलया हुआ िानती होगी पर रनिी क़़ेत़ मे़ तमाम बडे है. इसमे़से इस साल कम से कम दो लाख कारपोरेट घराने अपना सबकुछ बेिने के करोड ऱपये की बै़को़ को िसूली करनी है. रलए तैयार है. हिाई अड़़े, सडक, सीमे़ट इसमे़ नंबर एक पर अरनल अंबानी का कारखाने, ररफाइनरी से लेकर प़़ाइिेट ररलायंस ग़़ुप है. इस ग़़ुप पर बै़को़ का एक रिमान तक रबक़़ी के रलए तैयार है. ऐसा लाख 21 हिार करोड ऱपये का कि़ि सब इसरलए हो रहा है त़यो़रक यह तमाम है. इस ग़़ुप की सालाना ब़याि की देनदारी ही कोई 8266 करोड ऱपये बनती है. इस घराने बुरी तरह से कि़िमे़डूब िुके है़. ग़ ररिि़ि बै़क ने सरकारी बै़को़ से कहा ़ुप ने कोई 44 हिार करोड ऱपये की है रक िे अपनी बैले़स शीट ठीक करे़. रिऩहे़ संपदा रबक़़ी के रलए रनकाली हुई है. एस़सार
ग़़ुप पर भी करीब 1,01,469 करोड ऱपये का कि़ि है. ग़़ुप कि़ि के रनपटारे के रलये एस़सार आयल के 25 हिार करोड ऱपये के शेयर बेि रहा है तो स़टील और बंदरगाह, पॉिर के धंधे मे़भी रहस़सेदारी बेि कर कि़ि के रनपटारे की कोरशश है. देश का तीसरा बडा कि़िदार गौतम अडानी का अडानी ग़़ुप है. करीब 95 हिार करोड ऱपये का कि़ि है. ग़़ुप नये कि़िलेने या कमाई से िुकाने मे़ असमथ़ि है तभी एबॉट पाइंट कोयला खान, बंदरगाह, रेल प़़ोिेत़ट सभी मे़ रहस़सेदारी बेिने का दबाि बना हुआ है. बाकी पेज 5 पर
बनारस. इलाहाबाद उच़़ऩयायालय के 23 अप़़ैल 2016 के उस रनण़िय के बाद रिसमे़ 6 िनिरी 2016 को संदीप पांडेय की भारतीय प़़ौद़़ोरगकी संसथ ़ ान, काशी रहऩदू रिश़़रिद़़ालय से रिरिरटंग प़़ोफेसर के ऱप मे़सेिाएं समाप़त कर दी गयी़थी़. उच़़ऩयायालय ने आदेश को रद़़करते हुए संदीप पांडेय की बहाली के आदेश रदये लेरकन िब िे 7 मई 2016 को दोबारा काम शुऱ करने के उद़़ेश़य से पररसर पहुंिे तो उनके रनदेशक प़़ोफेसर रािीि संगल ने उनसे बताया रक कुलपरत प़़ोफेसर रगरीश िऩद़ऱ़तपाठी, िो भारतीय प़़ौद़़ोरगकी संसथ़ ान के बोड़िआॅफ गिऩिस़िके अध़यक़़भी है़उऩहे़
आरक््ण पर सुप्ीम कोर्ट की रोक जंगीपुर मुकाबले मे् आयी भाजपा
भोपाल. देश की सबसे बड़ी अदालत ने मध़य प़़देश उच़़ऩयायालय के उस आदेश पर अंतररम रोक लगा दी रिसके तहत रसरिल सऱििस प़़मोशन ऱल़स 2002 को रद़़ रकया गया है. इस आदेश से प़़देश सरकार को भारी राहत रमली है. प़़देश सरकार की यारिका पर काऱििाई करते हुए ही सि़़ोच़़ ऩयायालय ने यह रोक लगायी है. दरअसल रपछले रदनो़ प़़देश उच़़ ऩयायालय ने शासकीय रिभागो़ मे़ पदोऩनरत
मे़ आरक़़ण रदये िाने के प़़ािधान को अिैधारनक करार देते हुए कहा था रक केिल रनयुक़ततयो़ मे़ रदया िाने िाला आरक़़ण ही िैध माना िायेगा. रिससे 2002 से अब तक आरक़़ण के िररये पदोऩनरत पाने िाले 25,000 से अरधक अरधकाररयो़ और कम़ि ि ाररयो़को तगड़ा झटका लगा था. इसके साथ ही यह आशंका प़़बल हो गयी थी रक इन अरधकाररयो़, कम़ििाररयो़ को पदिानत होकर छोटे पद पर काम करना पड़ेगा.
एक ऋषि की यात््ा का अंत
अर्ण कुमार र््िपाठी
नयी दिल्ली. अऱण कुमार उफ़कपानी बाबा नही़ रहे. िे एक ऋ रि थे. बाबा आरखरी सांस तक िीिन से भरपूर थे और ज़़ान और कम़िके रिरिध क़त़े ़ो़मे़प़य़ ोग को आतुर रहते थे. िनसत़़ा सोसायटी के अंतःिासी और पत़़कार अऱण पांडेय कभी-कभी उनकी सादगी का मिाक उडाते हुये कहते थे रक बाबा की सादगी का आतंक है. बाद मे़कुछ लोग कहने लगे रक बाबा अपनी सादगी, भारतीयता और आधुरनकता रिरोधी सोि के िलते न रसफ़क अपने बेटे के कररयर को रबगाड रहे है़ बक़लक अपना ि पररिार का िीिन भी नष़़
धीरेन्द् श््ीरास््र
लखनऊ. कैलाश यादि के रनधन से ररत़त हुई िंगीपुर रिधानसभा मे़ उम़मीदिार तो कई है़ लेरकन मतदाता सीधे सीधे दो कतार मे़ बंट गया है. एक कतार है भािपा उम़मीदिार रमेश रसंह का िो मुकाबले मे़है, यही खबर भी है रक सपा उम़मीदिार रकश़मरत देिी की लड़ाई इतने कांटे की है रक कौन सा उम़मीदिार उऩनीस है और कौन बीस है यह कहना अभी मुक़शकल है. इस मुक़शकल को सरल करने के रलए मुक़शकल से दश़िन देने िाले सूबे के मंत़ी गांि-गांि दश़िन दे रहे है़. यहां आने से कड़ी धूप भी उऩहे़रोक नही़पा रही है. इसके बाद भी इनके खास लोगो़की
धीरज चतुर्ेदी
कर रहे है़. लेरकन िे अपनी शत़़ो़पर रिये और कूल़हे की हड़़ी टूटने, गुद़ाि खराब होने और हाट़ि मे़ अिरोध होने के बाििूद आधुरनक रिरकत़सा पद़़रत का सहारा नही़ रलया. इन िुनौरतयो़का सामना करते हुये बाकी पेज 2 पर
निर मे़ दो कौड़ी की िनता तीखी रटप़पड़ी कर रही है. समय-समय पर हुयी घटनाएं और उनमे़ शासन प़़शासन की िन रिरोधी भूरमका को लोग याद रदलाने से बाि नही आ रहे है़. इस ििह से यह िुनाि सपा के रलये काफी रदक़़तो़िाला हो गया है. सपा उम़मीदिार के रलए अच़छी बात है रक एक मंत़ी की निर मे़िंिाल और रिले की रािनीरत मे़मिबूत पैठ रखने िाले पूि़ि सांसद अफिाल अंसारी कैलाश यादि से रनिी ररश़तो़ के आधार पर सपा को मिबूत समथ़नि दे रहे है.़ दूसरी अच़छी बात है रक सूबे के पय़िटन मंत़ी ओमप़़काश रसंह इस िुनाि बाकी पेज 2 पर
संदीप पांडेय के रििय मे़िो फाइल उनकी राय िानने के रलए भेिी गयी थी. िह अभी उऩहो़ने िापस नही़की है. कुलपरत ने उच़़ ऩयायालय के आदेश के अनुपालन मे़ िानबूझकर देरी करने का रनण़यि रलया है. ऩयायालय के आदेश के बाद भी देरी का उद़़ेश़य पांडेय का पररसर मे़ िापसी को टालना हो भी सकता है. इनका सालाना अनुबंध 31 िुलाई 2016 को समाप़त होने िाला है. रलहािा मामले मे़ िानबूझ कर देरी की िा रही है.
डाक़क िोन श़़ेणी मे़ आने लगा है. िहां िल संिय की योिनाओ पर तो पैसा पानी की तरह खि़ि रकया गया है लेरकन अरधकांश योिनाओ के कागिी स़िऱप होने से धन संिय ने बािी मार ली. रपछले पांि सालो के आंकडो पर निर दौड़ाई िाये तो बुदं ल े खंड के सागर संभाग के पांि रिलो मे़ तीन िि़ि मे़ औसत से 45 से 30 प़ऱतशत तक कम बाररश आंकी गयी. िि़ि 2012-13 के दौरान 1032.4, िि़ि2014-
15 मे़ 725.44 एंि इस िि़ि के दौरान 643.2 रममी ही बाररश का पैमाना रहा िबरक संभाग की औसत बाररश 1145.7 रममी है. तय था रक सूखे से हालात संकटमय होगे. उम़मीदे थी तो िल संरक़़ण योिनाओ का सि िानने रक अरबो ऱपये खि़िकरके बुदं ल े खंड के िलस़ऱ को सुधारने मे़रकतनी कामयाबी रमली. इसका सि देखा िा रहा है रक पानी के रलये त़़ाही-त़़ाही मिी है. रसिाई बाकी पेज 2 पर
जहां पाताल में भी पानी नहीं
छतरपुर. सूखे के कारण बंिर होते खेत, पानी की बूंद पाने की कशमकश और अघोरित अकाल िैसे हालात न िाने रकस ओर अशारा है? बुंदेलखंड मे़रिस तरह से पानी का िल स़़र सतह की ओर िाता िा रहा है. िह भरिष़य के रलये गंभीर खतरे संकते है. अगर हम अभी भी नही िेते तो बडी देर हो िायेगी. िैसे भी 300 से 400 फुट पानी का स़़र नीिे िले िाने से यह ईलाका
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13 मई - 19 मई 2016
बढ़ती जनसंख़या है सबसे बड़ी समस़या
गादजयाबाि. देश मे़ िनसंख़या तेिी से बढ़़ता िा रहा है. इस बढ़़ती िनसंखय़ ा का रहसाब लगाने के दौरान िौ़काने िाले तथ़य उिागर हुये. िब हर साल बढ़़ने िाली दो करोड़ आबादी के रलए पानी, स़िास़थ़य, रशक़़ा और रोिगार के इंतिाम पर खि़िका रहसाब लगाया गया तो पता िला रक हमारी माली हैरसयत तो आने िाले सत़़र साल मे़ भी ऐड़ी से िोटी का दम लगाने के बाििूद सबके रलए ये सारे इंतिाम करने की है ही नही़. देश मे़ बढती िनसंख़या का आकार हमे़एक निर मे़रदखाई नही़देता. देश की ित़िमान सनसंख़या 130 करोड़ तक पहंुि गयी है. रिश़़ के सभी देशो़ की तुलना मे़ देखे़ तो इस समय हम िीन के बाद दूसरे नंबर पर है़. इधर हमारी िनसंख़या इतनी तेिी से बढ रही है रक भारतिि़िअगले 12 साल के भीतर ही रिश़़ का सबसे ज़यादा िनसंख़या का देश बन िायेगा. गारियाबाद मे़ 29 अप़़ेल को आयोरित िनसंख़या और स़िास़थ़य रििय पर आयोरित सेरमनार मे़ देश के प़़रतऱ़षत रिशेिज़़ो़ की एक ही राय थी रक देश के नीरतकारो़ को एक स़पष़़ िनसंख़या नीरत बनाने के काम पर फौरन लग िाना िारहये. अकादरमक रिमश़ि के अंतऱािष़ीय मानदंडो़ को ध़यान मे़ रखते हुये इस सेरमनार के रलये स़ियंरसंद़ ऩयूि एऩड व़यूि प़़ाइिेट रलरमटेड की सेिाएं ली गयी थी़. इस प़़रतष़़ान की प़़मुख सुरिज़़ा ने बताया रक रिशेिज़़ो़ की और से छह शोधपरक आलेखो़ को एकीकृत और संऱकप़त करने का काम भी प़़रतष़़ान के प़़रशऱ़कत रिशेिज़़ो़ने रकया.
आईआईटी से प़़रशऱ़कत िल रिज़़ान के रिशेिज़़ केके िैन ने रिश़़मे़उपलब़ध िल संसाधन का रहसाब बताते हुये कहा रक हमारी बढ़़ती िनसंख़या के अनुऱप बाररश और रहमपात के द़़ारा प़़कृरत से रमलने िाला कुल पानी कम पड़ने लगा है. केके िैन ने रिश़़ मे़ उपलब़ध िल संसाधन और भारतिि़ि मे़ उपलब़ध कुल िल उपलब़धता के आंकड़े पेश रकये. उऩहोने बताया रक अंतऱािष़ीय मापदड के रहसाब से प़़रत िि़ि प़ऱत व़यक़तत ऩयनू तम दो हिार धनमीटर पानी की िऱरत होती है. िबरक इस समय भारत मे़ बढ़़ी आबादी के कारण आि यह िल उपलब़धता रसफ़कपंद़ह सौ घनमीटर बिी है. यानी प़़कृरत से रमेलने िाला कुल पानी ही आबादी के रलहाि से रसफ़क 75 फीसद उपलब़ध है. इसीरलए भारतिि़ििल रिपऩन देशो़ की श़़ेणी मे़ आ िुका है. आगे उऩहो़ने बताया रक हमारे पास आि रितना पानी उपलब़ध है उसे हम पुनि़क ि ण ़ से एक दो बार इस़़ेमाल करने को मिबूर हो़गे. लेरकन यह
एक ऋषि की यात््ा का अंत
पेज 1 का बाकी भी िे 75 साल तक रिये और आरखरी रदन भी दाल िािल की मांग करते हुए स़िाद से भरपूर रहे. उऩहो़ने अपने बेटे बटुक को एकदम अलग तरह से पाला और उसे स़कल ू ी रकताबो़और पाठ़क ़ म़ ो़ से ज़यादा िीिन और समाि की रकताबो़को पढ़ना रसखाया. िे कभी उसे नट रिद़़ा सीखने को भेि देते थे तो कभी िैन साधुओ़की संगत मे़रहने को कहते और कभी आईआईटी मे़होने िाली उच़़स़ऱ ीय िि़ाओ ि ़ मे़शारमल कराते. उनके प़य़ ोगो़की गहरी छाप उनकी पत़नी पूरण ़ मि ा िी मे़ भी रिद़म़ ान है. उऩहो़ने कष़़ सहते हुए भी उऩहे़ सीखा और रिया है िो उनकी बडी थाती है. लेरकन रनिी िीिन पर उनके यह प़य़ ोग उस रििार दृऱष का रहस़सा थे िो िे व़यापक समाि के बारे मे़ रखते थे और रिसमे़िे कथनी और करनी का अंतर रखकर नही़िलाना िाहते थे. अऱण कुमार ‘पानी बाबा’ दरअसल समाि के पानी को बिाने के रलए सतत सऱ़कय रहने िाले एक ऋरि थे. उऩहो़ने पानी को भौरतक ऱप से बिाने का संघि़ितो रकया ही लेरकन उनका असली संघि़िउसे िेतना के स़ऱ पर बिाने का था. भारत का िल धम़’ि नामक छोटी सी पुसक ़ मे़ उनके रििार संकरलत है.़ लेरकन उनका रिस़़ार तो 1985 से 1987 तक रािस़थान के मारिाड क़त़े ़मे़ पानी माि़िऔर ‘मऱसथ़ ल रिज़़ान भारती’ की
स़थापना िैसे कामो़मे़है. उनका प़ऱशक़ण ़ गैर कांगस ़े िाद और रिशेि तौर पर समाििादी धारा के साथ हुआ था. िे यूएनआई की पत़क ़ ाररता करते हुए रािस़थान पऱ़तका मे़ संपादक बने और रफर रािनीरत की ओर भी मुड.े िे डाॅ लोरहया, मधु रलमए, िाि़ि फऩाड ा़ ीि और बाद मे़ भैरो रसंह शेखाित, िंदश ़ख े र, शरद यादि और िनता पररिार के दूसरे नेताओ़ के करीब भी रहे. एक बार िे िनता दल के रािस़थान के िररष़़पदारधकारी भी रहे. लेरकन समाििाद की सूखती धारा को देखकर िे भारतीयता और लोकिीिन की अरिरल धारा मे़ कूद पडे. िाहे पानी बिाने और उसकी देसी िेतना और कौशल को समझने की बात हो या देसी पहनािे और खान पान की बात हो, िे लगातार उन िीिो़ को तलाशते और उनके प़य़ ोग करते रहे. गारियाबाद की रिस िनसत़़ा सोसायटी मे़मे़ उऩहो़ने आरखरी पंदह़ साल रबताये िहां लोग उनकी पाक कला के दीिाने थे. न तो उनकी रसोई की कोई सीमा थी और न ही उसमे़बनने िाले पकिानो़की. कभी बािरे की रखिडी, कभी ही़ग की किैरी तो कभी गोभी और बथुये के रकस़म- रकस़म के पराठे, धरनये और टमाटर की िटनी तो कभी कांिी का गुणकारी पेय यह सब बाबा के बाएं हाथ का खेल था. लेरकन िे मूलतः एक समुदायिादी रिंतक थे िो देश और समाि को
काम इतना खि़़ीला है रक देश के नीरतकारो़ को िल प़़बंध पर इस अरतररत़त खि़़े का रहसाब अभी से लगाकर िलना पड़ेगा. सेरमनार मे़अऩय रिशेिज़़ो़के साथ रिमश़िमे़ उऩहो़ने एक और िै़काने िाला तथ़य भी पेश रकया रक आने िाले तीन-िार साल मे़ ही हम अपनी अथ़ि व़यिस़था से िल प़़बंध के रलए भारी भरकम रकम का इंतिाम करने लायक नही़बिे़गे. पय़ाििरण, स़िास़थ़य सेिाओ़ और िनसंख़या िृऱद की रिंता रसफ़क िागऱकता से खत़म नही़ हो सकती. इस अिसर पर िनसंख़या िनिागरण महासंध के अध़यक़़ नरे़द़िैधरी ने प़़यािरण की सुरक़़ा के उपायो़ पर होने िाले अनुमारनत खि़ि का रहसाब बताकर सेरमनार के प़़रतभारगयो़को हैरत मे़ डाल रदया. उऩहो़ने अपने शोधपरक ित़तव़य मे़ िल, िायु, ध़िरन और भूरम प़़दूिण के आकार का हिाला रदया. समय की कमी के कारण उऩहो़ने रसफ़किल प़़दूिण पर फोकस रखा. उऩहो़ने बताया रक दािे और
औपरनिेरशक दासता से पूरी तरह मुतत़ कराना िाहते थे. उनका रिंतन, धम़पि ाल, ईिान इलीि, आशीि नंदी, सुदीप़तो करिराि, िेररयर अक़लिन और ब़ह़ म़ देि शम़ाि िैसे समुदायिादी रिंतको़ के काफी करीब था.िारहर है गांधी और लोरहया का असर तो था ही. उनका मानना था रक आिादी की पररयोिना अधूरी रह गई और आिादी के बाद रिन लोकरिद़़ाओ़ और देसि अथ़वि य़ िस़था का रिकास रकया िाना था िह नही़हो पाया. नतीितन हम रफर औपरनिेरशक पररयोिना के रशकार हो गयी. इसीरलए िब बहुराष़़ीय कंपरनयो़ के उत़पादो़ और डब़लटू ीओ की गुलामी का रिरोध हुआ तो बाबा अग़ण ़ ी थे. िब 1857 की डेढ़ सौिी़ियंती मनाई िाने लगी तो िे भी बेहद सऱ़कय हो गये. पानी बाबा त़या थे और त़या करना िाहते थे यह कह पाना और समझ पाना करठन है. िे महत़िाकांक़ी थे, बडे सपने देखते थे. लेरकन उनकी अपनी माऩयताएं और असहमरतयां उनसे भी बडी थी़, िो अत़सर उनके सपनो़के रास़़ेमे़आकर खडी हो िाती थी़. लेरकन बाबा को कररयर संबधं ी सफलताओ़से आकने िाले यह भूल िाते है़ रक बाबा के यही गुण उऩहे़ आम आदमी के करीब लाते थे, उऩहे़स़नरे हल और मानिीय बनाते थे और इऩही़ गुणो़ के कारण िे पानी बाबा यानी पानीदार बाबा कहलाये.
अव़यािहाररक योिनाओ़ की समीक़़ा न करने की हमारी आदत सी पड़ती िा रही है. नरे़द़ िैधरी ने गंगा प़़दूिण मुक़तत अरभयान को महि ख़याली इस आधार पर बताया रक उसकी सहायक नही यमुना को ही टेमस ़ नदी की ति़िपर प़़दूिण मुत़त करने का खि़ाि दो लाख करोड़ऱपये बैठ रहा है. देश की सभी नरदयो़ और उसकी सहायक नरदयो़ को प़़दूिण मुत़त करने के रलए कम से कम पिास लाख करोड़का खि़ाि करना पड़ेगा. यह आि की क़सथरत है. आने िाले दस साल मे़ 20 करोड की आबादी के रलए इंतिाम की बात तो हम आि सोि भी नही़ सकते. िनसंख़या िनिागरण महासंध अब तक इस तरह के आठ रिमश़ि समागारो़ मे़ कर िुका है. हर बार सुझाि आते थे रक इस बारे मे़सभागारो़से बाहर रनकलकर िागऱकता अरभयान िलया िाना िारहए. दो साल पहले भी इस संस़था ने रिश़़ िनसंख़या रदिस के मौके पर लगातार सात रदन िनसंख़या िागऱकता सप़ताह का आयोिन रकया था. उस आयोिन की साथ़िकता उम़मीद से ज़यादा रही थी. उसी अनुभि के आधार पर यह आयोिन हाॅरलक़सटक हैल़थ एॅऩड लाइफ स़टाइल एॅत़सपो के पररसर मे़ रकया गया. िररष़़ पत़़कार पीयूि बबेले ने देश मे़ बेरोिगारी के रिश़़सनीय आंकड़े उपलब़ध नही़ होने के कारण रसफ़क प़़त़यक़़ बेरोिगारो़ का ही हिाला रदया. उऩहो़ने बताया रक देश मे़हर साल दो करोड़आबादी बढ़़ने का तथ़य हमारे सामने है.़ िबरक हमारी माली हैरसयत एक फीसद रोिगार पैदा करने मे़ही पूरी तौर पर िुकती निर आ रही है.
जंगीपुर मुकाबले...
पेज 1 का बाकी को अपना िुनाि मान लड रहे है़.उनकी मदद के रलए रिधानपररिद सदस़य यशिऩत रसंह गांि गांि धूल फांक रहे है़. तीसरी अच़छी बात है स़िग़ििासी कैलाश यादि का रिनयी स़िभाि िो अऩय दलो़ के काय़िकत़ािओ़के साथ भी अच़छा था। दल के गैर यादि काय़िकत़ािओ़ को भी िह सम़मान देते थे। इसकी ििह से सपा को आसानी से ख़ाररि नही़रकया िा सकता है अऩयथा यह िुनाि यादि बनाम अऩय हो िाता। खुद कैलाश यादि भी रिनयी स़िभाि के थे. अऩय दलो़ के काय़िकत़ािओ़ को भी सम़मान देते थे. रिसकी िि़ाि भी लोगो़मे़है. यह एक कारण है रिससे सपा को आसानी से खाररि नही़रकया िा सकता है अऩयथा यह िुनाि यादि बनाम अऩय हो िाता. भािपा उम़मीदिार के रलए फायदे मऩद है रक अऱण रसंह ने रािनीरत के रलए ररश़तो़ को नही़ तोड़ा। िह िुनाि मैदान मे़ नही़ उतरे. रही बात बसपा की तो िह िुनाि मैदान मे़ नही़है. उसके क़़ेत़ीय क़़त़प सपा हराओ का मऩत़ बांि रहे है़ और अऩय उम़मीदिारो़ को भी लोगो़ने लड़ाई से बाहर मान रलया है. इन सब के बीि सबसे अच़छी बात है गािीपुर से दो नई ट़़ेनो़ का शुऱ होना मऊ से रदलदार नगर िाया रेल पथ िुडऩ े की सम़भािना और रेल राज़य मंत़ी मनोि रसऩहा का रिकासिादी िेहरा लोगो़के बीि खास है. िैसे इस िुनाि को अपने अपने पक़़ मे़ करने के रलए सभी उम़मीदिार एड़ी-िोटी का िोर एक रकये है़. इसरलए यह भी नही़ कहा िा सकता है रक मतदान तक यही क़सथरत रहेगी या कुछ और. रफलहाल तक िो निर आ रहा है, उससे यही लग रहा है रक रपछले रिधानसभा िुनाि मे़ रफसड़़ी रही भािपा इस बार सपा को िुनौरत दे रही है.
जहां पाताल में भी पानी नहीं
पेज 1 का बाकी के अभाि मे़ खेती का रकिा कम हो गया और रकसान भूखमरी के हालात से िूझ रहा है. बुंदेलखंड के िल स़़र मे़ इस तेिी से रगरािट आ रही है रक समय रहते नही िेते तो यह ईलाका रेरगस़़ान का ऱप लेता िायेगा. रपछले िि़िमई माह मे़सेऩट़ल िाटर ररसोस़िरडपाट़िमे़ट के नाथ़िसेऩटर ने मानसून पूि़ि रगरते िल स़़र की मारनरटररग की रिसकी ररपोट़ि िैकांने िाली है. िािने के तौर सागर संभाग के िार रिलो मे़कुछ कुओ ं के माध़यम से यह मारनरटररग की गयी. दमोह रिले मे़ 6.50 से 49.40 मीटर तक िल स़़र रगरा गया. इसी तरह पऩना मे़9.38 से 24.61 सागर मे़ 17.77 से 46.85 एंि टीकमगढ रिले मे़ 5.62 से 13.30 मीटर तक ग़़ांउड लेिल से िल स़़र नीिे िला गया. रिभाग ने पोस़ट मानसून ग़़ाउंड िाटर सि़़ेरकया तो कुछ गांि ऐसे पाये गये िहां 8 से 10 मीटर िल स़़र कम हुआ. सागर रिले मे िल सतर िांिने के रलये 100 गांिो को रिक़नहत रकया गया था. िांि मे़ 58 गांिो का िलस़़र कम होना पाया गया. मानसून के दौरान हुये इस सि़़ेमे़ िल स़़र बढने की उम़मीदे थी लेरकन मात़़0.02 से 1.5 मीटर तक ही िलस़़र बढना पाया गया. िो मानसून मे़बढने िाले िल स़ऱ का आधा भी नही था. िानकारो के मुतारबक
बाररश के रदनो मे़ 3 से 5 मीटर तक िलसतर बढ िाया करता है. िानकारो का कहना है रक ररमरझम बाररश से प़़ाकृरतक ऱप से रमट़़ी पानी का सोखती है. रिससे ग़़ांउड िाटर ररिाि़ि होता है. सािन-भादो माह मे़तेि बाररश होने से यह पानी बहकर नदी नालो मे़ िल गया रिससे रमट़़ी की प़यास तक नही बूझ पायी. इस बार गांि की अपेक़ा सबसे अरधक सूखे का असर शहरो मे़ देखने का रमल रहा है. बांेररग का काम करने िाले िगदीश रिश़़कम़ाि बताते है रक छतरपुर रिले मे अमूमन 300 फुट तक पानी रमलने की संभानाये रहती थी लेरकन अब 500 फुट तक भी भगिान भरोसे उम़मीदे रहती है. यही कारण है रक रिन बोररगो मे़ पानी था िल स़़र के तेिी से घटने पर िे बोररग सूख िुकी है. िूंकी शहरी इलाको मे़ िल संिय िैसे अहम पहलू को निरअंदाि कर हर गली मोहल़ले की सडको को सीमे़ट कांक़ीट से रनऱमित कर रदया गया. महत़िपूण़ि यह भी है रक िलसंिय की योिनाओ को धन संिय के लालरियो ने कागिी रंग रदखा रदया. िब धरती के अंदर ही पानी िमा नही होगा और पूरी तरह इसी पानी के दोहन के भरोसे रहा िायेगा तो भरिष़य मे़ रेरगस़़ान िैसे हालातो को बुलािा ही रदया िा रहा है. रिसकी आहट अभी से सुनाई देना शुऱ हो िुका है.
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13 मई - 19 मई 2016
मयखाना एक्सप््ेस बनी ट््ेने्
रगरधारीलाल जोशी
होगा. यह आने िाले रदनो़ मे़ पता िलेगा. हालांरक पुरलस और आबकारी महकमा िहां तहां छापेमारी कर गांिा, भांग और शराब की िरामदगी मे़ लगी है. सैकडो़ बोतले़ शराब िब़त भी की गई है. भागलपुर से सटे मुगं रे मे़ एक कुएं और गोदाम से करीब 25 हिार बोतल भारत रनऱमति रिदेसी शराब िब़त की है. रिसकी कीमत 70 लाख आंकी िा रही है. गोदाम मारलक रकशोर यादि फरार हो गया. यह दिंग है और शराब का बंदी के पहले ठेका लेता था. रदलिस़प बात रक पुरलस अपराधी या िोर उिके़ से ज़यादा शरारबयो़ और अिैध तरीके से बेिने िालो़को पकडने की रफराक मे़ है. रफलहाल मोटी कमाई का आसान िररया है. रहऩदस ु ़ान त़लब का छापा तो यही बताता है. भले घरो़के लोगो़को पहले तो थाना ले िाना और देर रात छोडना कुछ कहता है. मुखय़ मंत़ी कहते है रक शराब बंदी से अपराध मे़भी कमी आयी है. इस बात मे़तो उतना दम निर नही़आता. हालांरक हम के नेता और पूिि़मुखय़ मंत़ी िीतन राम मांझी तारड बंद करने से खपा है. पासी समाि के बेरोिगारी का सिाल बता रहे है लोिपा नेता रामरिलास पासिान तो पटना मे़ धरना पर ही बैठ गये. अलबत़़ा शौकीन रमिाि के लोग मिबूरी मे़ही इन रदनो़रबहार आने की सोिता है..कानपुर से आया रमत़़ बोला रक अमां यार कैसा स़टटे है िहां खाने पीने पर आफत है. पटना मे़सूरत के व़यापाररयो़ की िो गत हुयी. सभी डरे है. िे अभी तक पटना की िेल मे़बंद है. िे लोग पटना एक शादी समारोह मे़ शरीक होने सूरत गुिरात से आये थे. एक होटल के कमरे मे़ बैठ शराब पी रहे थे. पुरलस ने छापामार शराब की बोतलो़के साथ रगरफ़तार कर रलया. ़ै के आरखरी हफ़ते का है. पीओ. भागलपुर की सीमा पीरपैत़ ी और ऩयायालय मे़ इसके रखलाफ दायर ररट यह िाकया अप़ल सूरत के व़यापाररयो़ने एक अपील रनकली है साहेबगंि की दूरी केिल 15 रकलोमीटर है. यारिका पर रोिाना सुनिाई हो रही है. देखना है अंगरू की बेटी त़या रंग लाती है. रक रबहार मे़ बलात़काररयो़ और खून करने िैसे ही भागलपुर रडिीिन के इनारािरन से देिघर की दूरी महि 10 रकलोमीटर है. िही़ पर एक बात साफ निर आती है रक रबहार िालो़को िमानत रमल िाती है. पर शराब का बांका के बौसी से झारखंड का गोड़़ा मात़़10 सरकार ने अपनी पूरी ताकत शराबबंदी मे़ सेिन करने पर िमानत नही़. यह कहां का रकलोमीटर है. शौकीन रमिाि के लोग शराब झो़क दी है. िो सूबे के रलए रकतना रहतकर ऩयाय है.़
भागलपुर. रबहार मे़ पूणि़शराबबंदी के बाद सीमाित़़ी इलाको़मे़लोगो़की आमदरफ़त बढ़ गयी है. खासकर देिघर िाना आना ज़यादा हो गया है. शौकीन लोगो़के रलए देिघर यारन देिताओ़का घर के साथ मयखाना बना है. यह सि भी है रक बाबा भोलेनाथ ने समुद़ मंथन के ित़त गरल पान रकया था. अब रबहार के शौकीन रमिाि लोगबाग सुरा पान करने िहां िा आ रहे है. बाबा की पूिा का बहाना और मिे भी. पीने िालो़को पीने का बहाना िारहये. ऐसा भी नही़ रक देिघर िाने िाले सभी का मकसद एक िैसा हो. रबहार मे़शराबबंदी के बाद शादी-व़याह का मौसम है. कई लोगो़ने शादी स़पॉट बदल देिघर. बासुकीनाथ धाम या रफर बंगाल का बोलपुर मे़ कर रलया है. ििह है शादी मे़ नारगन डांस अब रबहार मे़प़़ािीन परम़परा रह गयी है. शादी मे़शराब पीकर सडक पर लेट बारात मे़ नारगन डांस नही़ हुआ तो युिा बारारतयो़के रलए सब फीका है. भागलपुर की सीमा से सटे सारहबगंि झारखंड का रहस़सा है. कईयो़ने तो मारसक रटकट रेलिे की बनिा ली है. िब िाहे तब िाओ और छक कर
का मिा लेने मे़ कतई रदक़त़ मे़ नही़ है. हालांरक भागलपुर के रिलाधीश आदश़ि रततमरे कहते है रक पीरपैत़ ी की सीमा पर िैकसी कडी की िायेगी. पर एक बात तय है रक नशेरडयो़मे़डर तो िऱर समाया है. मगर करोडो़ऱपये की शराब गंगा नदी से नाि के सहारे या सडक रेल रास़़ेरोिाना रबहार मे़आ रही है. धीरे-धीरे तस़करी धंधा का ऱप ले रहा है. मसलन सरकार को शुद़ घाटा और मारफया माला माल. मुखय़ मंत़ी नीतीश कुमार ने पुरलस िालो़ से साफ कह रदया है रक रिस थाना इलाके मे़ शराब का अिैध धंधा होगा. उन थाने के पुरलस िालो़ की 10 साल तक थानो़ मे पोक़सटंग नही़की िायेगी. आबकारी महकमा को और शक़तत दी िायेगी. िे शराबबंदी पर करटबद़़है. नीतीश कुमार के सात रनश़य़ मे़ शराबबंदी एक है. इसके रलए िे रबहार के रिलो़ का दौरा कर मरहलाओ़ को िागऱक कर रहे है. पटना से शुरआ ़ त कर भागलपुर, सहरसा और दरभंगा का दौरा कर िुके है. िीरिका की मरहलाओ़को िे अपने अरभयान का रहस़सा बताते है. रबहार मे़ को शराबबंदी को खरा एक महीना हो गया है. पटना उच़़
राजनीदिक रंग लेिा जल संकट
कोदिकोड. िल आपूरत़ ि पररयोिनाओ़ को रिस़़ार देने की प़ऱ़कया अब रािनीरतक मुद़ा बनता िा रहा है. मौिुदा रिधायको़और उनके घोर प़ऱतद़ऱं़दयो़के बीि यह िुनािी रंग लेने लगा है. िुनािी मैदान को ध़यान मे़रख प़ऱतद़ऱं़दयो ने इन िल आपूरत़ ि पररयोिनाओ़ रक रिफलता को मुद़ा बना रहे है.़ पीने के पानी की कमी को अपने रिकास के एिेड़ े पर रखते हुये पानी की आपूरत़ ि को प़़ाथरमकता देने की बात ज़यादातर उम़मीदिारो़ द़़ारा उनके रनि़ाि ि न क़त़े ़कोरझकोड मे़कहा गया. मौिुदा रिधायको़और उनके घोर प़ऱतद़ऱं़दयो़के बीि शहरी और ग़़ामीण दोनो़रनि़ाि ि न क़त़े ़ो़मे़िल पररयोिनाओ़पर ध़यान देने के साथ ही हाईिोल़टि े अरभयान के साक़़ी बन रहे है. मौिुदा रिधायक और एलडीएफ उम़मीदिार के दसन ने कहा रक पानी की कमी ने क़त़े ़मे़लोगो़को प़भ़ ारित रकया है और गम़़ी के मौसम मे़िुनौरतयो़और भी बढ़ िाती है.
एलडीएफ उम़मीदिार कहते है रक मेरे रलये, पेयिल आपूऱति मे़ सुधार यहां िुनािी घोिणापत़़ मे़ सबसे ऊपर है. हालांरक नंदापूरम मे़िुनाि प़ि ़ ारको़ने अक़सथर क़त़े ़मे़ शांरत बनाये रखने पर ध़यान रदया है. इस समय सभी उम़मीदिारो़अपने िुनाि अरभयान मे़पीने योग़य पानी की आपूरत़ ि मे़सुधार के मुद़े पर बल दे रहे है.़ एलडीएफ उम़मीदिार और नंदापूरम ई-के से मौिूदा रिधायक रिियन का कहना है रक इन क़़ेत़ो़ मे़ िल आपूऱति पररयोिनाओ़ शुऱ होना क़त़े ़ मे़ एक उभरते संकट से रनपटने का प़़यास है. मै़ने अपने काय़क ि ाल मे़इन समस़याओ़को हल करने का हर संभि प़य़ ास रकया है. िही़यूडीएफ और भािपा िलापूरत़ ि योिनाओ़को लागू करने मे़ देरी को रिफलता करार दे रहे है और इऩही़ रिफलताओ़को भािपा और यूडीएफ िुनािी रंग दे रहे है.़
किसान किर बीटी िॉटन िे भरोसे
एम कुमार
चंडीगढ़. रपछले साल बीटी कॉटन पर आयी सफेद मत़खी ने हररयाणा और पंिाब मे़ िो कहर बरसाया, उससे रकसान अभी तक उभर नही़ पाये. बदहाल रकसान आत़महत़या करने पर मिबूर हो रहे है़. गैर सरकारी आंकडो़ के मुतारबक पंिाब मे़ कॉटन की ििह से 130 रकसानो़ ने आत़महत़या कर ली है. आत़महत़या कैस,े इस रदशा मे़रपछले साल के हालात से सरकार ने कोई सबक नही़ रलया है. कॉटन रिशेिज़़ो़ने हररयाणा और पंिाब को सलाह दी थी रक इस बार रबिायी से पहले एक रणनीरत बनायी िानी िारहये. इसमे़गांि के ऐसे युिाओ़की पहिान करना भा शारमल था, िो कपास की फसल पर निर रख सके. कीट आने की क़सथरत मे़कृरि रिभाग और रकसान के बीि कडी का काम कर सके. इससे होगा यह रक समय पर कीटो़ से बिाि के उपाय शुऱहो िायेग.े हररयाणा ने तो इस योिना को रसरे से ही नकार रदया. पंिाब ने इस योिना का लागु करने की बात तो मानी, पर अभी तक इस रदशा मे़ रकया कुछ नही़. इधर अब मई माह मे़ रफर कॉटन की बीिायी का सीिन शुऱ हो गया. रकसान परेशान है रक बीटी काटन उगाये या देसी काटन. काटन रिशेिज़़डात़टर अितार रसंह िहल ने बताया रक रकसानो़को िारहये रक िे़ बीटी कॉटन की खेती तो करे, लेरकन इसके साथ ही कुछ देसी रकस़म की कॉटन भी उगाए. रिससे कम से कम एक रकस़़ पर यरद कीटो़का हमला हो िाये तो दूसरी रकस़म की फसल तो बिी रह सके. सरकार के सुस़
रिैये का आलम यह है रक छोटी सी बात भी रकसानो़तक पहुि ं ाने की रदशा मे़कुछ नही़ हो रहा है. कॉटन रिशेिज़़ो़ के अनुसार यरद 15 मई से पहले रकसान कॉटन की रबिायी कर ले. यह इसरलए िऱरी है त़यो़रक िब बरसात का सीिन आता है तो कपास का पौधा थोडा मिबूत हो िाये. मिबूत पौधा कीटो़ का हमला बद़ािश़त कर सकता है. पंिाब ि हररयाणा के कृरि मंऱतयो़ से िब शुक़िार ने बातिीत की तो उऩहो़ने बताया रक रकसानो़ को यह िानकारी दी िा रही है. लेरकन रकसान संगठनो़ ने बताया रक अभी तो रकसानो़को यह िानकारी दी ही नही़गयी. हररयाणा के कृरि मंत़ी ओमप़़काश धनखड ने बताया कृरि रिभाग के अरधकारी लगातार रिशेिज़़ो़ के संपक़क मे़ है़. युिा रकसान संघ हररयाणा के प़ध़ ान प़म़ ोद िौहान ने बताया रक कृरि रिभाग के अरधकारी तो पहले ही बीटी कॉटन बीि कंपरनयो़के एिेड ़े पर काम कर रहे है़. िौहान ने बताया रक अरधकारी न तो इस रदशा मे़कुछ कर रहे रक रकसानो़ को असली बीि रमले. न ही कीटनाशको़की गुणि़ त़़ा की ओर ध़यान रदया िा रहा है. सारी कोरशश बस यही़हो रही रक इस बार भी बीटी काटन का बीि ही ज़यादा से ज़यादा रबके. पंिाब के कृरि मंत़ी सरदार तोता रसंह ने बताया रक हम रकसानो़से आग़ह़ कर रहे है रक िे बीि खरीद का रबल िऱरी ले. त़यो़रक बीि यरद खराब रनकला तो रिकेत़ ा के रखलाफ काय़िि ाही हो सकती है. इसके साथ ही हम काटन रिशेिज़़ो़ की सलाह पर गांि गांि मे़स़ियं सेिक रखेग़ े िो रकसान ि कृरि रिभाग के बीि तालमेल रखेग़ .े
इन कम़ििाररयो़ के िेतन मे़ ग़़ेड पे की 50 प़़रतशत िृऱद की गयी है. प़़देश सरकार ने इस सम़बऩध मे़ पहले ही आदेश िारी कर रदये है़. िेतन मे़ की गई इस िृऱद को एक अप़़ैल से लागू माना िाएगा रिसके अनुसार बढ़़ा हुआ िेतन मई महीने से रदया िायेगा. इस घोिणा के बाद अरतररत़त मुख़य सरिि रित़़की ओर से इस सम़बऩध मे़आदेश िारी कर रदए गये थे. अनुबधं कम़ि ि ाररयो़के िेतन मे़िृऱद का मामला पहले ही सरकार के रििाराधीन था. िेतन िृऱद के रलए उस ग़़ेड पे को आधार माना िाएगा रिसके साथ ये कम़ििारी अनुबंध पर भत़़ी की गयी थी. िेतन िृऱद के ये रनयम उन सभी कम़ििाररयो़ पर लागू होगे़िो तीन रदसम़बर 2009 की अरधसूिना के अनुसार िेतन पा रहे है़. सरकार ने अनुबंध कम़ििाररयो़ को रनयरमत करने की
अिरध छह साल से घटाकर पाँि साल और रदहाड़ीदारो़ को रनयरमत करने की अिरध आठ साल से घटाकर सात साल कर दी है. 31 माि़ि, 2016 तक आठ साल पूरा करने िाले अंशकारलक कऱमियो़ को रदहाड़ीदारो़ बना रदया गया है. इसी तरह से 30 रसतम़बर 2016 को सात साल का रनयरमत सेिाकाल पूरा करने िाले अंशकारलक कऱमियो़ को भी उस समय रदहाड़ीदारो़ बनाया िायेगा. इसके साथ ही अनुबंध आधार पर रनयुत़त मरहला कम़ििाररयो़ को 45 रदन का अरतररत़त मातृति़ अिकाश भी रदया िायेगा. एक महीने की सेिा देने पर अनुबध ं कम़ि ि ाररयो़को अब एक रदन का आकक़समक अिकाश रमलेगा. इसके अरतररत़त साल मे़ 10 रदन का रिरकत़सा अिकाश और पाँि रदन का रिशेि अिकाश रदया िायेगा.
हहमाचल में तोहफों की बरसात
संजय ठाकुर
दिमला. रहमािल प़़देश सरकार ने प़़देश के हिारो़ कम़ििाररयो़ पर तोहफो़ की बरसात कर दी है. िहां पांि साल पूरा करने िाले कम़ििाररयो़को रनयरमत कर रदया गया है िही़प़द़ श े राज़य रबिली बोड़िके 18 हिार कम़ििाररयो़ का महंगाई भत़़ा भी िारी कर रदया गया है. इस संबधं मे़पहले ही मुखय़ मंत़ी िीरभद़़रसंह द़़ारा बिट सत़़मे़घोिणा की िा िुकी थी. इस घोिणा के बाद सरकार ने अब पांि साल पूरा करने िाले हिारो़ अनुबंध कम़ि ि ाररयो़को रनयरमत करने के साथ-साथ 31 माि़ि2016 तक सात साल पूरा कर िुके रदहाड़ीदारो़को भी रनयरमत कर रदया है. गौरतलब है रक रहमािल प़़देश सरकार ने प़़देश के रिरभऩन रिभागो़ मे़ काय़िरत लगभग 30 हिार अनुबंध कम़ििाररयो़ का िेतन पहले ही बढ़़ा रदया था. सरकार द़़ारा
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13 मई - 19 मई 2016
मंडप और ननकाह मजनिस एक साथ
संजय कुमार
पटना. महात़मा गांधी की कम़िभूरम िंपारण ने सांप़दारयक सद़़ाि का बेहतर उदाहरण ‘मंडप और रनकाह मिरलस एक साथ’ कर देश के समक़़ रमसाल कायम रकया है. गंगा िमुनी तहिीब की िीिंत तस़िीर पऱ़शम िंपारण रिला के कोल़हुआ िैतरिा गािं मे़ उस ित़त रदखी िब कई रहऩद-ू मुकस़ लम िोडे ने सामूरहक रििाह एक िगह एक साथ लेकर रकया. इसी महीने की 9 तारीक को यहां के लोगो़ ने 23 रहऩदूमुक़सलम िोडो़ का एक मंि से सामूरहक रििाह-रनकाह संपऩन कराया कर सांपद़ ारयक सद़़ाि का नया रमसाल कायम रकया है. इस पहल को लेकर िि़ाि का होना स़िाभारिक है. सांपद़ ारयकता फैलाने िालो़ के रखलाफ यह एक संदश े है, रिसे महात़मा गांधी की कम़भि रू म के लोग देश भर मे़फैलाना िाहते है.़ कोल़हआ ु िैतरिा गािं मे़ सिे शादी के मंडप और रनकाह मिरलस इस बात का सबूत है रक आि भी यहां के लोगो़ मे़ कोई सांपद़ ारयक भेद-भाि नही़ है. लोग एक िुट होकर कौमी एकता का पररिय दे रहे है.़ एक
ओर मुकस़ लम िोडो़ की धाऱमक ि रीरत-ररिाि के मुतारबक रनकाह संपऩन कराया गया तो दूसरी ओर इसी मंडप मे़मऩत़का िाप कर िर माला करा कर रहऩदू रीरत से शादी संपऩन रकया गया. महात़मा गांधी की कम़ि भूरम और महऱिि िाल़मीरक की तपोभूरम से िऱिति िंपारण की रमट़़ी मे़ अद़़त शक़तत है. तभी तो रहऩदूमुक़सलम सामारिक संगठनो़ ने एकता ि एकिुटता बना कर 23 िऱरतमंद िोडो़को
एक साथ सपररिार िऩम िऩमाऩतर के बंधन मे़बाँध यह सऩदश े रदया रक इंसारनयत सबसे बडा धम़िऔर सच़़ी सेिा है. िैस,े कुल 32 िोडो़ के रििाह एक साथ होने की योिना बनी थी़. लेरकन रििाह रनबंधन मे़आई कुछ करमयो़के कारण 23 िोडो़का ही एक साथ रििाह संपऩन कराया िा सका. सबसे खास बात यह रही रक रििाह-रनकाह के रलये आये िोडे गरीब और िऱरतमंद पररिार से है. पैसे िालो़ रक तरह ताम-झाम के रबना यहां
ट््ैश स्कीमर से होगी यमुना की सफाई
नयी दिल्ली. देश मे़ नरदयो़ की सफाई के रलये कई योिनाओ़ पर काम िल रहा है. इन योिनाओ़ पर करोड़ो ऱपये खि़िहोने के बाद भी अब तक नरदयो़ को साफ नही़ रकया िा सका है. रदल़ली मे़यमुना की सफाई के रलए तीसरे िरण की कुछ योिनाओ़ का शुभारंभ करते हुये िल संसाधनए नदी रिकास और गंगा संरक़ण ़ मंत़ी उमा भारती ने कहा है रक यमुना काय़ि योिना के काय़ानि ि़ यन के दौरान नदी के मूल िररत़़को बरकरार रखा िाएगा. उऩहो़ने कहा रक इस काम मे़सरकार और समाि के प़त़य़ क े िग़िकी सामूरहक रिम़मदे ारी बनती है. यमुना काय़ि योिना के पहले और दूसरे िरण का उल़लख े करते हुए मंत़ी महोदया ने कहा रक इस काम मे़ 15 अरब ऱपये खि़ि करने के बाििूद संतोििनक पररणाम नही़रनकलेण़केद़ ़ीय मंत़ी कहती है़रक पूिि़के अनुभिो़से सबक लेकर यमुना काय़ियोिना के तीसरे िरण को व़यापक रििार.रिमश़िके बाद इस तरह तैयार रकया है रिससे रक यमुना के स़िऱप मे़पररित़नि सभी को रदखे लखिाड़ व़यासी पररयोिना का उल़लख े करते हुये उऩहो़ने कहा रक इस
इसके अलािा आनंद रिहार, रझलरमल कॉलोनी, अशोक रिहार और िहांगीर पुरी िैसे क़त़े ़ो़मे़सीिर लाइनो़ की भी मरम़मत की िायेगी. मंत़ी महोदया ने कहा रक छठ घाट का भी बड़ेपैमाने पर पुनर ़द क ़ार रकया िायेगा. श़द ़ ़ालुओ़ के रलए िस़़ बदलने के कक़़ और प़स ़ ाधन की बेहतर सुरिधाएं उपलब़ध कराई िायेगी. उऩहो़ने कहा रक उनका पररयोिना के पूरा होते ही रदल़ली मे़यमुना मे़ मंत़ालय और रदल़ली सरकार रमलकर अरतररत़त िल आ सकेगा. रिससे मथुरा. ििीराबाद से ओखला तक यमुना तटो़ के िृदं ािन तक यमुना को प़द़ िू ण मुतत़ रकया िा सौ़दय़क ि रण पर काम करेग़ े और शीघ़़ ही सकेगा. रदल़लीिासी यमुना के रकनारे पैदल घूमते हुए उमा भारती ने बताया रक यमुना काय़ि नदी के सौ़दय़ि का आनंद ले सकेग़ .े मंत़ी योिना के तीसरे िरण पर लगभग 8 अरब महोदया ने इस अिसर पर यमुना की सतह पर ऱपये खि़ि हो़ग.े इसका 85 प़ऱतशत रहस़सा किरा उठाने िाली स़ििारलत नौका का भी केद़ ़सरकार िहन करेगी. िबरक बाकी का 15 उद़घाटन रकया. साढ़़ेिार करोड़ऱपये लागत प़ऱतशत रदल़ली सरकार िहन करेगी. योिना की यह नौका प़ऱतरदन 10 टन किरा उठा का रििरण देते हुये उऩहो़ने बताया रक सकती है. इस अिसर पर रदल़ली सरकार के ओखला, को़डली और ररठाला मे़मौिूद 814 पय़टि नए कला और संसक ़ रृ त और िल मंत़ी एमएलडी की क़म़ ता िाले मल.शोधन संयतं ़ो़ करपल रमश़़ा ने कहा रक उनकी सरकार का आधुरनकीकरण रकया िायेगाण़ साथ ही केद़ ़ीय िल संसाधन मंत़ालय के साथ रमलकर ओखला मे़136 एमएलडी क़म़ ता िाला एक तीन िि़़ो़के अंदर रदल़ली मे़यमुना का स़िऱप अरतररत़त मल. शोधन संयतं ़लगाया िायेगा. बदल देगी.
पहले चुनाव करवा सकते हैं रावत
िेहरािून. सुप़ीम कोट़ि की देखरेख मे़ हरीश राित की सरकार ने भले ही रिश़़ास मत हारसल कर रलया हो लेरकन उत़़राखंड की रािनीरतक रस़सा-कशी अभी ख़़त़म नही़ हुयी है. सिाल उठता है रक रिश़़ास मत िीतने के बाद अब कांग़ेस का अगला क़दम त़या हो सकता है? हरीश राित के खेमे मे़ कुछ ज़़यादा ज़ोरशोर से इसरलए भी िश़न मनाया िा रहा है त़यो़रक उऩहो़ने ने एक तीर से दो रनशाने साधे है़.
िानकारो़ का कहना है रक अब अगले 6 महीनो़ तक उऩहे़ रिधानसभा मे़ दोबारा रिश़़ास मत हारसल करने की िैधारनक ज़ऱरत नही़ होगी. उत़़राखंड मे़ अगले साल रिधासभा के िुनाि हो़गे और मौिूदा घटनाक़़म पर नज़र रखने िाले रिश़लेिक कयास लगा रहे है रक हरीश राित राज़यसभा के िुनाि के बाद रिधानसभा को भंग करने की रसफाररश भी कर सकते है़.
रििाह-रनकाह हुआ. इस पहल के रलए गािं के फलहारी बाबा भागित दास और मुक़सलम अनाथालय के संिालक अब़बास अली की भूरमका अहम रही है. बाबा भागित दास और अब़बास अली ऐसे बेहतर सामारिक काय़़ो़ मे़ हाथ बटाने की अपील लोगो़से करते आ रहे है.़ लोग का भी भरपूर सहयोग उऩहे़रमलता रहा. बाबा भागित दास कहते है़ रक, रहल़दू-मुक़सलम िोडो़ का एक साथ एक ही िगह पर सामूरहक रििाह कराने की पहल रपछले िार साल से िली आ रही है. शुऱमे़दो-िार िोडे आये धीरे-धीरे उनकी संखय़ ा मे़बढ़ोत़ऱ ी होने लगी. इस बार रपछले सालो़ की तुलना मे़ बडी संख़या मे़ रहऩदू-मुक़सलम िोडे शादी-रनकाह के रलये आये. िे बताते है़रक स़ितः लोगो़के कदम बढ़ रहे है. यही़ नही़ िन समूह का भी समथ़िन रमल रहा हैण़िे बताते है़रक मौके पर हिारो़ की संखय़ ा मे़उमडी भीड इन िोडो़को दुआआशीि़ािद देते हुए इस सामूरहक रििाहरनकाह के गिाह बनी. िही़, मुक़सलम अनाथालय संिालक के अब़बास अली कहते है़ रक, सबसे बडी बात यह रही रक सभी
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आऱथिक, सामारिक ि व़यिहाररक तौर पर खुल कर अपना सहयोग दे रहे है.़ िे कहते है़ रक इस सामूरहक रहऩदू-मुक़सलम रििाहरनकाह मे़रकसी भी तरह का दबाि रकसी पर नही़रहा. शादी-रनकाह के रलए खुद िोडो़ने खुशी से अपना पंिीयन कराया. फलहारी बाबा भागित दास और मुकस़ लम अनाथालय के संिालक अब़बास अली कहते है़, इस काम मे़ िो खुशी रमली. िो आंनद रमला उसकी कल़पना नही़की िा सकती है. गा्रमीण भी खुश है़कहते रक, पहली बार यहां आयोरित सामूरहक रििाह रनऱ़शत तौर पर आने िाले समय मे़ रमल का पत़थर सारबत होगा. एक ओर िहां देश और दुरनया मे़ धम़,ि िारत और मिहब के नाम पर लोगो़ को बांटने और नापाक मंसबू ो़िाले संगठनो़द़़ारा लोगो़को आपस मे़लडाने का काम रकया िा रहा है ऐसे मे़ रबहार के िंपारण के इस सुदरू ित़़ी गािं के लोगो़ने आपसी भाईिारे ि साम़प़दारयकता बहाल करने का िो सऩदेश रदया है उसकी गूंि अिश़य दूर-दूर तक सुनायी पडेगी.
‘क््ान्ततकारी दार्शषनक थे भगत षसंह’
लखनऊ. प़़ोफ़ेसर प़म़ ोद कुमार ने िारी एक बयान मे़कहा रक प़़ोफ़ेसर रबपन िंद़ा अपने बिपन से ही भगत रसंह को अपना नायक मानते थे. िे स़ियं भी लाहौर से ही सबंरधत थे. आि हम मे़से कई लोगो़को यह नही़ पता है रक भगत रसंह और अऩय क़़ाक़नतकाररयो़मे़रकतना और त़या अंतर है. उनके अंडमान रनि़ािरसत साथी रशि िम़ाि ने 23 माि़ि 1986 को समाििादी सारहत़य सदन, कानपुर से ‘सेलेत़टेड राइरटंग़स आॅफ शहीद भगत रसंह’; भगत रसंह के पत़़ और दस़़ािेि का प़़काशन कर पहली बार देश के लोगो़ के समझ इस तथ़य को रखा. इस पुस़क के प़़काशन के बाद ही यह पता िला रक भगत रसंह रकतने रििारिान रिंतक ि क़़ाक़नतकारी दाश़िरनक थे. यही कारण है रक प़़ोफ़ेसर रबपन िंद़ा की अक़नतम इच़छा भगत रसंह की आत़मकथा रलखने की थी, रिसके रलये िह कम से कम एक माह के रलये शहीद स़मारक ि स़ितंतत़ ा संग़ाम शोध केनद़ ,़ पुराना रकला, लखनऊ मे़आकर स़ियं शोध भी करना िाहते थे. लेरकन रगरते स़िास़थय़ ि समयाभाि के कारण िह िाहते हुये भी यहां न आ सके और उनके आग़़ह पर मै़ने शोध केऩद़ मे़ संग़रहत तमाम मौरलक दस़़ािेिो़
की प़़रतरलरपयो़ को उनके रलये उपलब़ध कराया था. भगत रसंह संबंधी दस़़ािेिो़की तलाश के रलये आपने लाहौर तक की यात़़ा भी कर ली थी. लेरकन िह अपनी अक़नतम इच़छा पूरी नही़कर सके थे. अपने िीिन काल मे़िह भगत रसंह की आत़मकथा को प़़कारशत नही़ करा सके थे. लेरकन अपने िीिन काल मे़ ही िब आप नेशनल बुक ट़़स़ट इक़णडया के अध़यक़़थे तब आपने भगत रसंह की सुप़रसद़़ रिना, ‘मै़ नाऱ़सक त़यो़ हूॅ’ को नेशनल बुक ट़़स़ट इंरडया से प़़कारशत करा रदया था. इतना ही नही़उसी दौर मे़आपने साथी रशि िम़ाि की प़़कारशत पुस़को़‘संस़मृरतयां’ और ‘मौत के इऩतज़ार मे़’ को भी नेशनल बुक ट़़स़ट इंरडया से पुऩिप़कारशत कराया था. इसके अरतररत़त आपने रशि िम़ाि पर पुस़क रलखने के रलये मुझे प़़ेररत रकया था, रिसे उऩहो़ने ‘सरदार भगत रसंह के सहयोगी: रशि िम़ा’ि के शीि़क ि से नेशनल बुक ट़़स़ट इंरडया से प़़कारशत रकया था. इसमे़ कोई सऩदेह नही़ है रक लाहौर मे़ होश सम़भालने से लेकर आिाद भारत मे़ अपने िीिन के अंरतम क़़णो़ तक प़़ोफ़ेसर रबपन िंद़ा के रलये शहीद भगत रसंह एक महान नायक ही बने रहे थे.
कई घराने षिकने को तैयार पेज 1 का बाकी आला दस मे़से नंबर िार पर िेपी ग़़ुप है, 75 हिार करोड ऱपये का कि़ि है. सीमे़ट यूरनट, थम़िल पािर प़लांट, हाईड़़ोपािर प़लांट, एत़सप़़ेसिे प़़ोिेत़ट से ले कर भू बै़क सभी को सही कीमत पर बेिने की कोरशश हो रही है. िीएम राि के िीएमआर ग़़ुप ने सबसे पहले हालात समझते हुये अपनी कंपरनयो़ की रहस़सेदारी बेि कर कि़ि
िुकाने का रसलरसला शुऱ रकया. सडक, पािर, कोयला खान की संपदा मे़ ग़यारह हिार करोड ऱपये की रहस़सेदारी बेि कि़ि िुकाया. बाििूद इसके माि़ि 2015 मे़ ग़़ुप पर 47 हिार 738 करोड ऱपये की कि़िदारी थी. एयरपोट़ि की रहस़सेदारी को भी ग़़ुप बेि रहा है. टाटा ग़़ुप मे़ कोई सौ से ज़यादा कंपरनयां है़. इसे सि़ािरधक नुकसान ऱ़बटेन के स़टील धंधे मे़ हुआ. उसे अब ग़़ुप बेि
रहा है. कंपनी पर रसतंबर 2015 मे़ कोई 10.7 रबरलयन डालर का कि़ि था. ऐसे ही निीन रिंदल के ग़़ुप पर करीब 46 हिार करोड ऱपये का कि़ि है. यह पािर प़लांट बेि रहा है तो डीएलएफ कंपनी रकराये के धंधे की रहस़सेदारी बेि रही है. भारत की सबसे बडी िीनी उत़पादक कंपनी रेणुका शुगर भी संपऱ़त बेिने को मिबूर है तो सहारा ग़़ुप मे़ तो सबकुछ रबकने की क़सथरत है.
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13 मई - 19 मई 2016
सुशीि को ओिंनपक मे़ बेहतर करने का भरोसा
िाऱियि ा मे़ एक महीने के कडे अभ़यास के बाद ओलंरपक पदक रििेता पहलिान सुशील कुमार ने कहा है रक िे इस महीने नररसंह यादि के रखलाफ होने िाले बहुप़तीऱ़कत ट़़ायल के रलये पूरी तरह रफट और तैयार है.़ सुशील िाऱियि ा मे़एक महीने ट़ऱेनंग करने के बाद स़िदेश लौटे है.़ उऩहो़ने ‘शुकि़ ार’ से खास बातिीत मे़कहा रक इसी महीने ियन ट़़ायल होना है और कुश़ती महासंघ इस ट़़ायल की तारीख तय करेगा. मै़ ट़़ायल के रलये पूरी तरह तैयार हूं और मुझे ररयो ओलंरं पक मे़उतरने का पूरा रिश़़ास है. सुशील और नररसंह के मुकाबले से यह तय होगा रक इस ििन िग़ि मे़ कौन भारतीय पहलिान ररयो मे़देश का प़ऱतरनरधत़ि करेगा. ररयो मे़स़िण़ििीतने के लक़य़ के साथ अपनी तैयारी कर रहे सुशील ने कहा रक फेडरेशन हारसल करने िाले पहलिानो़ मे़ दूसरे दो इस ट़़ायल के रलये कमेटी बनायेगा और रफर फ़इम यो ओलंरपक से पहले भारतीय कुश़ती पहलिान है़ हरदीप रसंह और संदीप तोमर. ट़़ायल की तारीखे़घोरित करेगा. मेरी रफटनेस महासंघ की परेशानी बढ़ गयी है. इनके अलािा साक़़ी मरलक और रिनेश इस समय शानदार है और मुझे पूरा रिश़़ास हालांरक पहलिानो़पर अंकश ु लगाने के रलए फोगाट ने भी ओलंरपक का कोटा हारसल है रक मै़ट़़ायल मे़िीत हारसल करंग़ ा. सुशील ने बताया रक िाऱियि ा मे़उऩहो़ने उसने अनुशासन का डंडा भी िलाया है और रकया है. यह पहला मौका है िब दो मरहलाये िहां के राष़़ीय टीम के उन पहलिानो़के साथ ओलं र पक मे ़ भारत की नु म ाइं द गी करे ़ ग ी. कई पहलिानो़ पर उसने प़ऱतबंध लगा रदया कडा अभ़ यास रकया िो ओलंरपक के रलये रनयमो़ की बात करे ़ तो ओलं र पक मे ़ उस है. लेरकन असली परेशानी दूसरी है. उसके त़ ि ालीफाई कर िुके है.़ उऩहो़ने कहा रक मैऩ े सामने संकट इस बात को लेकर है रक ररयो पहलिान को ही भेिा िाना िारहये रिसने 74 रकग़ ा ़ के साथ साथ 84 रकग़़ा के ़ से दूसरे पहलिानो़ ओलंरपक के 74 रकलो िग़िमे़रकस पहलिान अपने हुनर और दांि-पेि पहलिानो़ के साथ कुशत़ ी लडी. रनऱ़शत ऱप को रहस़सा लेने भेिा िाये. एक तरफ दो बार को मात देकर ओलंरपक का कोटा हारसल के ओलंरपक पदक रििेता सुशील कुमार है़ रकया है. लेरकन भारतीय कुश़ती महासंघ से यह एक बडा अनुभि था. िाऱियि ा के तो दूसरी तरफ नररसंह पंिम यादि. रपछले अंतरराष़़ीय मुकाबलो़ मे़ टीम भेिने से पहलिान काफी बेहतरीन है़और उनके साथ मुकाबला कर मैऩ े अपनी तैयारी को और साल रिश़़कुशत़ ी िैऱपयनरशप मे़74 रकलो सुशील ने कहा कक वे टीम बेहतर रकया. उऩहो़ने कहा रक िाऱियि ा मे़हर भार िग़ि मे़ नररसंह यादि ने पदक के साथ ार को पांि से छह मुकाबले होते है़और ररयो ओलंरपक मे़भारत का स़थान पक़़रकया मेंचुने जाते हैंतो वे जरंर शुमैऩके ि़लगभग सभी मुकाबले िीते रिससे मेरा था. नररसंह ने भारत के रलये ओलंरपक का भारत के कलए पदक जीतना मनोबल काफी ऊंिा हो िुका है. यहां मुझे पहला रटकट हारसल रकया था. सुशील भी अपनी रफटने स को भी बेहतर बनाने का मौका इसी भार िग़िमे़अपनी दािेदारी पेश करते रहे चाहेंगे. करयो मेंबेहतर पंंदशंशन रमला. सु श ील िोट के कारण प़़ो रेसरलंग लीग है.़ हालांरक ओलंरपक मे़इससे पहले सुशील करने के कलए वे कड़ा मे ़ नही़ खे ल पाये थे और िे अपनी रफटनेस को ने 66 रकलो भार िग़िमे़पदक िीते थे. लेरकन अभं य ास कर रहे है . ं मिबू त करने के रलये िाऱ ियि ा गये थे. सुशील रिश़़कुशत़ ी महासंघ के भार िग़िमे़बदलाि ने िाऱ ि य ि ा मे ़ ट़ र े ़ नं ग का मौका उपलब़ध कराने रकए िाने के बाद सुशील को 74 रकलोग़़ाम के रलये भारतीय कु श त ़ ी महासं घ और खेल िग़िमे़लडने का मौका रमलेगा. रपछले साल पहलिानो़का ट़़ायल कराता रहा है. इसरलये लास िेगास मे़ हुये रिश़़ िै़रपयनरशप मे़ िह िाह रहा है रक इस बार भी ओलंरपक के मंत़ालय का भी शुऱकया अदा रकया. सुशील सुशील िोट की ििह से रहस़सा नही़ले पाये रलए ट़़ायल हो और िो पहलिान िीते िह अब बालगढ़ मे़राष़़ीय कैप़ मे़अपनी तैयाररयो़ थे. उनकी गैरमौिूदगी मे़ नररसंह ने ियन ओलंरपक मे़ िाए. कुश़ती से िुडे लोगो़ का को और मिबूती देग़ .े सुशील कुमार इस बात ट़़ायल के बाद टीम मे़िगह बनाई थी. नररसंह कहना है रक इस मामले मे़महासंघ को थोडा से इनकार करते है़ रक उनके और नररसंह ने रिश़़ िै़रपयनरशप मे़ कांस़य पदक िीता उदार होना िारहये और रिन पहलिानो़ ने पंिम यादि के बीि रकसी तरह का रििाद है. था. उनके इस प़द़ श़नि की बदौलत ही भारत ने कोटा हारसल रकया है उऩहे़ही ओलंरपक भेिा सुशील बेरिंग मे़कांसय़ और लंदन ओलंरपक ़ सुशील कुमार को मे़रित पदक िीता था. सुशील ने कहा रक इस भार िग़ि मे़ ओलंरपक का कोटा हारसल िाना िारहये. ऐसे मे़ पेि ले क र फं स ता है . सु श ील ओलंरपक मे़ पदक नररसंह ने ओलंरपक कोटा हारसल कर देश के रकया था. कुशत़ ी मे़ भारत को तब तक इसी के बडे दािे द ार है . ़ दो बार के ओलंरपक पदक रलए बडा काम रकया है. मै़उनके प़द़ श़नि पर भार िग़ि मे़ कोटा रमला था. नररसंह के इस रििे त ा है ़ और उऩ ह ़ े अनदे ख ा करना महासंघ मुगध़ हू.ं मेरे और उनके बीि रकसी तरह का प़़दश़िन के बाद ही सिाल उठने लगे थे रक ओलंरपक मे़ भारत की नुमाइंदगी सुशील को भारी पड सकता है. ठीक है रक नररसंह ने रििाद नही़ है. भारतीय कुशत़ ी महासंघ की करेग़ े या नररसंह. पेशिे र कुशत़ ी लीग मे़दोनो़ कोटा हारसल रकया लेरकन ियन ट़़ायल को ियन प़ऱ़कया होती है और उसके तहत ही टीम अलग-अलग टीमो़मे़थे. लेरकन सुशील िोट लेकर िे इतना हायतौबा त़यो़ मिा रहे है़, िाती है. टीम िुने िाने से पहले ट़़ायल होता की ििह से लीग से हट गये थे और नररसंह समझ से परे है. रिश़़िैऱपयनरशप मे़भी टीम है. ट़़ायल के रलये मै़तैयार हू.ं सुशील ने कहा ि उनके बीि कुश़ती नही़ हो पायी थी. मे़ उनका ियन ट़़ायल के बाद ही हुआ था. रक सिाल मेरा नही़है, सिाल देश का है. देश हालांरक इसके बाद कुशत़ ी मे़अब तक भारत महासंघ की परेशानी इस बात को लेकर भी है के रलए िो बेहतर नतीिे रनकाले उसे ररयो ने पुरि़ ो़के िग़िमे़िार और मरहला िग़िमे़दो रक अगर ट़़ायल ही आधार है तो उसे सभी िग़़ो़ िाना िारहए. सुशील ने कहा रक िे टीम मे़िुने मे़ओलंरपक का कोटा हारसल कर रलया है. मे़ ट़़ायल कराना होगा और इसमे़ दूसरे िाते है़तो िे िऱर भारत के रलए पदक िीतना ओलंरपक का कोटा हारसल करने िालो़ मे़ पहलिान भी बािी मार सकते है.़ इसे लेकर िाहेग़ .े उऩहो़ने कहा रक ररयो मे़बेहतर प़द़ श़नि करने के रलये िे कडा अभ़यास कर रहे है.़ योगेश़र दत़़ भी है़. पुऱिो़ के िग़ि मे़ कोटा संघ पसोपेश मे़है.
रर
खेल डायरी
पोलैडं में अभंयास िरेगी भारतीय टंि ंै एंड िीलंड टीम
भारतीय एथलेरटत़स महासंघ ने एथलीटो़को पोलौ़ड मे़अभ़यास कराने का फैसला रकया है. ररयो ओलंरपक को ध़यान मे़ रखते हुए महासंघ ने यह फैसला रकया है. भारत की 38 सदस़यीय ट़क ़ै एंड फील़ड टीम पोलैड़ के स़पाला मे़12 हफ़ते तक अभ़यास तो करेगी ही, िह कुछ स़थानीय प़ऱतयोरगताओ़मे़भी रहस़सा लेगी. भारत की इस टीम मे़पंदह़ मरहला एथलीट है़और दस पुरि़ . भारतीय टीम िार अगस़़तक स़पाला के ओलंरपक ट़ऱेनंग सेट़ र पर अभ़यास करेगी. टीम मे़400 मीटर दौड मे़रहस़सा लेने िाली दस मरहलाये शारमल है.़ इनके अलािा 400 मीटर बाधा दौड और िार गुणा 400 मीटर ररले टीम की सदस़य और इऩही़स़पध़ाओ ि ़मे़ पुरि़ टीम के रखलाडी शारमल है.़ इनके अलािा िार पुरि़ और दो मरहला भालाफेक ़ और पैदल िाल के 13 रखलाडी शारमल है़. इनके साथ कोि यूरी ओगोरोरडरनक भी पोलै़ड िाएंग.े भारतीय एथलेरटत़स महासंघ के महासरिि स के िाल़सन के मुतारबक यह पहला मौका है िब प़भारत का इतना बडा दल स़पाला मे़अभ़यास करेगा. स़पाला ओलंरपक सेट़ र यूरोप मे़सि़श ि ष ़े ़अभ़यास सुरिधाओ़मे़से एक है.
लालबहादुर शासंंी कंलब ने गैनन रोशनआरा िप जीता
लालबहादुर शास़़ी ऱ़ककेट त़लब गैनन रोशनआरा ऱ़ककेट टूऩािमे़ट का नया रििेता बना है. इस टूना़मि टे़ मे़ देश के कई रदग़गि रखलारडयो़ ने रिरभऩन त़लबो़ की तरफ से प़द़ श़नि रकया और कुछ बेहतरीन ऱ़ककेट देखने को रमला. कई निदीकी मैि हुए और इस दौरान कई रोमांिक नतीिे देखने को रमले. फाइनल मे़लालबहादुर शास़़ी त़लब ने रोमांिक मुकाबला मे़एअर इंरडया को हराया. इस टी-20 टूना़मि टे़ मे़रििेता लालबहादुर शास़़ी ऱ़ककेट त़लब ने सात रनो़ से िीत दि़िकी. मैि रोमांिक और काफी उतार िढ़ाि भरा रहा लेरकन लालबहादुर शास़़ी त़लब के गेद़ बािो़ने अनुशारसंत गेद़ बािी से एअर इंरडया को िीत से सात रन पहले रोक कर रखताब पर कब़िा िमा रलया. रििेता टीम की तरफ से मोरहत अहलाित ने 88 रनो़की बेहतरीन पारी खेली. उनकी इस पारी की मदद से पहले बल़लबे ािी करते हुए लाला बहादुर शास़़ी त़लब ने रनध़ारि रत 20 ओिरो़मे़ 194 रन बनाये. लक़य़ का पीछा करते हुए एअर इंरडया की टीम 187 रन ही बना सकी. हालांरक एअर इंरडया के सात़क ि रंिन ने 69 और कुि ं शम़ाि ने 64 रनो़की पारी खेल कर टीम को िीत के निदीक पहुि ं ाया थछा लेरकन साथ़क ि िम़ाि ने 3 रन पर तीन रिकेट िटका कर एअर इंरडया को 187 रनो़पर ही थाम रलया. रििेता टीम को दो लाख और उपरििेता को एक लाख और सेमीफाइनल मे़पहुि ं ने िाली टीमो़को 25,000/-25,000 हिार का नगद पुरस़कार रदया गया. मनरिंदर रबसला को टूना़मि टे़ का सि़श ि ष ़े ़बल़लबे ाि, रािेश शम़ाि को श़ष ़े ़गेद़ बाि और प़ि़ श े दरहया को मैन आफ द टूना़मि टे़ के पुरस़कार रदया गया. पुरस़कार रबतरण रोशनआरा त़लब के अध़यक़़मनीि अग़ि़ ाल और सरिि रािन मनिंदा ने रकया.
भारतीय बेस बाल टीम िा एलजी से िरार
देश मे़ बेसबाल को बढ़ािा देने के रलए एलिी एलिी इलेतट़ ़ॉरनत़स इंरडया ने बेसबाल फेडरेशन आफ इंरडय के साथ करार रकया है. एलिी इंरडया ने िंडीगढ़ मे़ रोबर-58 सीरीि के रलए ियन सह प़़रशक़़ण कै़प के दौरान बेसबाल के महत़िाकांक़ी रखलारडयो़ को रकट़स रदए. रोबर-58 सीरीि का आयोिन एपेलडूऩि, नीदरलैड़ मे़12 से 17 िुलाई के बीि होगा. मरहला रखलाडी डब़लबू ीएससी बेसबॉल रिश़़ कप मे़रहस़सा लेग़ ी. एलिी के िुडने से देश मे़बेसबाल के रिस़़ार मे़मदद रमल सकती है. मरहलाओ़ के बेसबाल को मल़टी-स़पोट़िमंि पर पेश करने के रलए िैऱशक स़ऱ पर एलिी ने िल़डि़बेसबाल साफ़टबाल कांफडे रेशन (डब़लबू ीएससी) के साथ साझेदारी की है. एलिी डब़लबू ीएससी मरहला बेसबाल रिश़़कप का आरधकाररक प़़ायोिक है. इसका आयोिन रगिांग काउंटी, बुसान, दऱ़कण कोररया मे़3 से11 रसतंबर रकया गया है. इस मौके पर एलिी के िररष़़महाप़ब़ धं क सुन िोई ने कहा रक हमे़भारतीय बेसबॉल टीम के साथ िुडकर गि़ि महसूस रहा है. हमे़पूरा भरोसा है रक रखलाडी भारत को गौरिाक़नित करने के रलए अपना सि़श ि ष ़े ़प़द़ श़नि करेग़ .े फेडरेशन के महासरिि डा सुधीर म़महेद़ ़ूने कहा रक हमे़बेहद खुशी है रक एलिी इस खेल के समथ़नि के रलए आगे आया है. इससे देश मे़बेसबाल के रिस़़ार मे़मदद रमलेगी.
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13 मई - 19 मई 2016
अर्ण कुमार ‘पानीबाबा’
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ह रनण़िय सरल नही रक ित़िमान िल संकट के रिश़लेिण की प़़ऱकया का रििय प़़िेश रकस रबंदु से करे़. िल संकट का मुद़ा रितना रिकट, रिकराल और संिदे नशील है उससे सैकड़ो़गुना िरटल है. यह पतंग के मांझे की तरह उलझा हुआ है. रितना सुलझाओ उतना और उलझ िाता है. देश भर मे़ सरकारी प़़यासो़ के अलािा िार-पांि हिार गैर-सरकारी संसथ ़ ाएं संलग़न है़ िो िल संकट के रनराकरण का सतत अभ़यास कर रही है.़ ित़मि ान प़ध ़ ानमंत़ी नरेद़ ़ मोदी से पहले दो पूिि़प़ध ़ ानमंत़ी रािीि गांधी और अटल रबहारी िािपेयी ऐसे राष़़ीय नेता रहे है़ रिऩहो़ने ‘िी िान’ लगा कर इस समस़या के ‘रनराकरण’ का हर संभि प़य़ ास रकया था. इन महानुभािो़ के समस़़ प़़यास केिल रनष़फल नही़हुए, बक़लक नकारात़मक ही रसद़़ हुए है़ तो त़या कहा िाये रक यह राष़़द़ोह िैसा अपराध होगा? लेरकन यह तथ़य तो स़िीकार करना पड़गे ा रक हमारा शीि़ि नेतृत़ि अत़यंत सरलमना है, इसरलए िरटल यथाथ़ि समझने मे़ पूण़ियता असमथ़ि है. आश़़य़ि नही़ रक हमारे सभी बड़े िैज़ारनक इऩही़ नेताओ़ के रपच़छलग़गू या िाटुकार है, िऩाि ऐसा सि़नि ाश संभि ही नही़था. गैर-सरकारी संदभ़ि मे़ देखे तो पानी की समस़या के रनराकरण मे़ संलग़न नम़िदा बिाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर, तऱण भारत संघ (अलिर) के रािे़द़ रसंह रससोरदया, गांधी शांरत प़ऱतष़़ान के अनुपम रमश़़ िैसे करीब एक सौ नायको़ की सूिी बनायी िा सकती है िो सहि िृ्ऱ़त से िी िान लगाकर पानी की समस़या का रनकारण ढूढं ने मे़रपछले कई िि़़ो़से रनरंतर सऱ़कय है.़ इस रिश़लेिण का लेखक भी अपने को ‘पानीबाबा’ कहलिाने मे़ संकोि महसूस नही़करता. हम सब इस सि़नि ाश का कारण है़या नही़, इस रििय पर रििाद हो सकता है़. रकंतु यह तथ़य तो स़पष़़ है रक हमारे सबके होने के बाििूद रपछली दो सदी से सूखे की समस़या का रनरंतर रिस़़ार हुआ है और होता रहेगा. रािीि गांधी ने अपने प़़धान-मंत़ीत़ि काल मे़ (1984-89) ‘िाटर रमशन’ और ‘गंगा एत़शन प़लान’ आरंभ करिाया था. िािपेयी ने भारत की नरदयो़ को िोड़ने का काय़क ि म़ शुऱकरिा रदया था. ित़मि ान प़ध़ ान मंत़ी मोदी ने इन दोनो़ योिनाओ़ को िमा िोड़कर ‘नमारम गंग’े नाम की योिना लागू करिा दी है. स़िच़छ भारत अरभयान भी डेढ़़ बि़िसे िारी है. बक़लक यो़सोिा िा सकता है रक रितने रिशाल और भव़य रनराकरण के संकल़प है,़ लगभग उसी अनुपात मे़समस़या सुरसा के मुख की तरह रिकराल बन रही है. ित़िमान मे़ देश रिस हल़ला बोल िल संकट की िि़ाि कर रहा है, उससे इतना रनष़कि़ितो स़पष़़है रक यह समस़या अिानक उत़पऩन नही़ हुई है. यह तथ़य अिश़य ध़यान आता है रक कृरि संबध ं ी देशव़यापी सूखे की िि़ाि 1965 मे़शुऱहो गयी थी. उस दौर मे़ रबहार का सूखा और राष़़व़यापी अऩनाभाि
षबन पानी सब सून
पयंाावरण
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है. और यह सरल इरतहास है रक औपरनिेरिक सत़़ा ने िो भी रीरत-नीरत साल 1820-30 से रिकरसत की और 1947 तक िलायी, हमारे आिाद रहंदुस़ान के सभी रहनुमाओ़ने उसका अक़ऱ श: अनुसरण रकया है. रनकट भरिष़य मे़कोई बुरनयादी पररित़नि संभि तो नही़रदखाई देता. ऱडक ़ ी का थांपसन इंिीरनयररंग कॉलेि एक एरतहारसक प़़माण है. ऱड़की कॉलेि का आईआईटी के ऱप मे़नेहऱयुग मे़रिस़त़ृ अितरण हुआ और बाद मे़ उसका भी आईआईटी मे़ऱपातरण कर रदया गया. यह भारत के आधुरनक रिकास की महत़िपूण़ि घटना है. रपछले 200 बरस मे़िो भी साइंस, तकनीकी रिद़़ा का रिकास हुआ है, उसका ित़मि ान सूखे से त़या संबधं है? इस परस़परता को देखे रबना समस़या का रनराकरण संभि रिशेि िि़ाि का रििय बना था. रबहार को ‘नितीथ़ि’ की संज़ा से संबोरधत रकया था. महाराष़़ के रिदभ़ि और मराठिाड़ा क़़ेत़ नही़ है. इस संबंध मे़ भारतीय भूगोल की सूखे से उबारने के रलए रबहार ररलीफ कमेटी सत़ऱ के दशक मे़पय़ािि रण रिशेिज़़ो़ने यह रपछले 50 सालो़ से रनरंतर सूखे का कष़़ समझ और उससे पररिय का प़श़ ऩ रिरशष़़ का गठन हुआ था. सन 1942 की क़़ारं त के सिाल उठा रदया: मंरदर या मकबरे यानी बड़े भोग रहे है.़ सि़ारि धक रकसानो़की आत़महत़या महत़ि का रििय है. िास़ि़ मे़मूल समस़या एक महानायक ियप़़काश नारायण उस बांध तीथ़ि या कब़़गाह? पंिाब से बीकानेर भी इसी अंिल मे़हुई है.़ तो भारत भूगोल से अपररिय या अनरभज़त़ ा सरमरत के अध़यक़़ थे. रबहार अकाल राहत िाने िाली रेल गाड़ी का नामकरण ‘कै़सर िल-संकट रिश़लिे ण के संदभ़िमे़इतनी की है. एक बार पुन: स़मरण करिा दे़ रक सरमरत ने 1960 के दशक मे़रिरिध स़ऱ पर एत़सप़़ेस’ इस प़़श़न की सत़यता का प़़त़यक़़ लंबी भूरमका के बाद प़श़ ऩ है: त़या इस संकट थांपसन इंिीरनयररंग कॉलेि (1840) की बड़-े बड़ेकाम रकये, रिसके पररणाम स़िऱप प़म़ ाण है. सल़तनतकालीन रहंदस ु ़ान मे़पंिाब के ‘हेत’ु को समग़त़ ा या रिस़़ार मे़िाने रबना स़थापना मूलत: सूखा रनराकरण के रलए की िेपी पुन: एक महानायक ऱप मे़स़थारपत हो के इसी इलाके मे़ िनता ने 100 साल तक ही समस़या का रनदान रनऱरपत रकया िा गयी थी. िो आरंरभक पाठ़क ़ म़ बना उसमे़ गये और 1974-75 मे़ ‘संपूण़ि क़़ांरत’ का रफरोि नहर का अनुभि करने के बाद उसे सकता है? दरअसल प़़थम प़़धानमंत़ी हाइड़़ालॉिी प़म़ ख ु रििय था. रोिक तथ़य है रक रपछले पौने दो सौ सालो़ से आि तक देश मेंइन कदनोंपानी के संकट और सूखे की समसंया कजतनी कवकराल है उतनी शायद कुछ भारत का भौगोरलक इरतहास रकसी भी साई़स-टेत़नालॉिी के रसलेबस का रहस़सा अपवादोंको छोड़ंकर पहले कभी नहींथी. लेककन यह संकट आज पैदा नहींहुआ है, बलंकक उसका इकतहास औपकनवेकशक राज से शुरंहोता है और कवकास के आधुकनक मॉडल तक आता है. नही़लेहै.रकन िब हम भारत माता के भूगोल पंंाकृकतक जल के सबसे बड़ंेभंडार कहमालय और उससे कनकलती नकदयोंकी जो दुदंशशा की गयी है, की बात करते है तो एक पेि फंस िाता है. ‘िंदे मातरम़’ तो 1882 मे़प़क ़ ट हो गया था. उसी का नतीजा है कक हमारा समाज पानी के कलए तरस रहा है. बंरकम बाबू ने एक पररभािा प़स ़ त़ु भी की थी रबगुल बिा सके. लेरकन रबहार की िल दफना रदया था. भाखड़ा बांध का इरतहास तो ििाहरलाल नेहऱ के समय से लेकर रकंतु हम उसका आि तक अथ़ि नही़ कर समस़या, सूखा और बाढ़़ अपनी गरत से अभी 60 साल का ही है. ित़िमान प़़धान मंत़ी नरे़द़ मोदी तक हमारा पाये, िह पररभािा थी़: ‘सुिलाम, सुफलाम, रिकराल ऱप धारण करते रहे. हालरशिारलक की पहाऱडयो़ से रफरोिपुर सतत प़़यास यही है रक बीमारी का हेतू मलयिशीतलाम, शास़यायमलाम, मातरम!’ रफलहाल रनराकरण की कोई क़़ीण संभािना तक बहने िाली मानि रनऱमित नहर को (कारण-पररणाम संबंध का ऐरतहारसक इस पररभािा का कुंिी शब़द या मुहािरा भी रदखाई नही़पड़ती. सन 1970 के दशक संभित: पंदह़ िी़ सदी के आरंभ मे़ दफनाया रसलरसला) िाने रबना ही रोग का रनराकरण ‘सुिलाम’ है. यह तो हमे़पता ही नही़है रक मे़हररयाणा पंिाब से ऐसी सूिनाएं आने लगी़ गया था और 600 साल मे़ यह अंतर तो करेग़ .े सिाल यह है रक रािनेता समस़याओ़ बंरकम बाबू रकस ‘श़ष ़े ़िल’ का रिक़़कर रक पानी िहरीला बन रहा है और भूरम की अिश़य पड़गे ा रक इस बार लोक रििेक का का इरतहास पढ़़ने लगे़गे तो सत़़ा कौन रहे है?़ यह सुिल कहां और कैसे बनता है सतह पर क़़ारीय तत़िो़का रिस़़ार हो रहा है. प़़ादुभ़ािि महाराष़़ से आरंभ होगा. िल- भोगेगा? ित़मि ान सूखा और अकाल आरद की और िंदन से सुगंरधत कहां और कैसे होता यही युग हररत क़़ारं त की सफलता का युग था. रिज़़ान रिशेिज़़रहमांशु ठक़ऱ की गणना के समस़या के इरतहास को सन 1770 से िानना है? और ‘मां’ को शस़य-श़यामलाम ऱप मे़ इस काल की यही रिशेिता थी रक अनेक मुतारबक रपछले 50 सालो़ मे़ सि़ािरधक और समझना आिश़यक है त़यो़रक 30 िि़़ीय कैसे पररिऱतित कर देता है? बंरकम की क़़ांरतयां एक साथ आरंभ हो गयी़. पंरडत रिशाल बांधो़का रनम़ाण ि महाराष़़मे़हुआ है, लंबी बंगाल आपदा के पररप़़ेक़य मे़ उससे पररभािा उस स़़ुरत पर आधाररत थी, िो नेहऱ ने 1953-54 मे़ भाखड़ा-नागल अत: िही क़़ेत़ सि़ािरधक कष़़ भोग रहा है. अगले 20-25 िि़़ो़ मे़ सरकारी स़़र पर महाराि हि़ि ने 1200 साल पहले रहमालय ़ त हो िाती के सम़मान मे़गायी थी. िलाशय का उद़घाटन रकया तो उसे यह तो आंखो़ देखा और िाना सत़य है रक ‘सूखा मुकत़ त’ अरभयान की शुरआ कुल रमलाकर भारत के संदभ़ि मे़ मूल रििय उस संगरठत रिशाल िल रारश का है रिसे रहमालय समुद़ से अपनी तरफ आकऱिित करता है, और रनि साये मे़ बसे दऱ़कणी भूभाग को िल प़लारित कर िापस समुद़मे़लौटता है तो भारत को शस़यश़यामल बनाता है. अंगि ़े हारकम (यानी औपरनिेिक े मारलक) ने भारत की भौगोरलक पररभािा को रनिी प़़शासरनक सुरिधा के अनुसार कब, त़यो़और कैसे गढ़़ना शुऱरकया, इस रििय पर कोई अध़ययन उपलब़ध नही़है. यह तथ़य स़पष़़रहना िारहए रक औपरनिेरिक काल के इरतहास पर कोई समुरित दृऱषकोण अभी रिकरसत नही़ हुआ. हमारा गुलाम मानस बदस़ऱू िारी ही है. िेष अगले अंक मे्
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ररष्णु प्भ ् ाकर उपाध्याय नयी दिल्ली. रपछले साल से लेक अब तक कई छात़़ आंदोलन देश भर मे़ हुआ है. डब़ल़यू टी ओ और नांन-नेट फेलोरशप को खत़म रकये िाने के सिाल पर बडा आंदोलन खडा हुआ. रफर रोरहत िेमुला का मामला सामने आया. संसद से लेकर सडक तक इसका सामना सरकार को करना पडा और सरकार बैकफुट पर िाती रदखी. तभी नौ फरिरी को िेएनयू मे़ अफिल गुऱ पर आयोरित डात़टड़ि रिरडयो ने फसी सरकार को बाहर रनकाला. िेएनयू छात़स ़ घं अध़यक़़ कऩहयै ा कुमार सरहत कई छात़़ो़ पर देशद़़ोह का मुकदमा दि़ि रकया गया. बहरहाल अदालत ने सभी को िमानत पर छोड रदया. लेरकन िेएनयू अभी भी िल रहा है. रपछले बारह रदनो़ से कई छात़़ अरनऱ़शतकालीन भूख हडताल पर है़. कई छात़़ो़ की तरबयत बहुत ही खराब होती िा रही है. रपछले रदन छात़स ़ घं अध़यक़़ कऩहयै ा कुमार को अस़पताल ले िाया गया. बताते िले़
13 मई - 19 मई 2016
छाि््ो् से लड्ती एक सरकार
रक नौ फरिरी के रििारदत काय़क ि म़ रिसमे़ तथाकरथत देशरिरोधी नारे लगाने का मामला अदालत मे़ िल रहा है. इससे पहले िब मामला अदालत तक नही़पहुि ं ा था तब छात़़ो़ की मांग थी रक रिश़ऱिद़़ालय प़श ़ ासन द़़ारा ही पहले इस मामले की िांि हो. इसके रलये एक कमेटी बनाई िाये. बाििुद इसके रिश़ऱिद़़ालय प़श ़ ासन ने पुरलस को रिश़ऱिद़़ालय पररसर मे़आने रदया. बाद मे़ कमेटी बनायी गयी. हाई लेिल एनत़िायरी कमेटी की ररपोट़िआयी. रिसमे़कई छात़़ो़पर दस हिार से बीस हिार तक का फाइन लगाया गया है, कई छात़़ो़को हॅास़टल से बाहर कर रदया गया है. साथ ही कुछ छात़़ो़ को सेमसे ट़ र से तो िही़अरनब़ानि भट़़ािाय़िको पांि साल के रलए यूरनिऱसटि ी मे़न रदखाई देने का फरमान सुनाया गया है. इन छात़़ो़मे़छात़स ़ घं अध़यक़़ कऩहयै ा कुमार, छात़स ़ घं महासरिि रामा नागा, पूिि़ छात़स ़ घं अध़यक़़ आशुतोि कुमार, पूिि़छात़स ़ घं उपाध़यक़़अनंत प़क ़ ाश नरायण, पूिि़छात़स ़ घं महासरिि रिंटू कुमारी
के साथ कई अऩय छात़़शारमल है.़ इस हाई लेिल इनत़िायरी कमेटी की ररपोट़ि रिसे बनाते ित़त रकसी भी छात़़को सुना नही़गया और एकतरफा ररपोट़ि बनायी गयी है. िब ररपोट़ितैयार हो गयी थी उस ित़त दो छात़़उमर खारलद और अरनब़ानि भट़़ािाय़ि िेल मे़ थे. उनके पक़़को नही़सुना गया. दूसरी बात िो छात़़ो़द़़ारा कही िा रही है िो ये रक कमेटी िब बनानी थी तब नही़बनी िब मामला कोट़िमे़ िल रहा तो इस कमेटी का मतलब ही नही़है. इस कमेटी के प़म़ ख ु प़़ोफेसर भटनागर है.़ िो ‘यूथ फार इत़िेलीटी’ आरक़़ण के रखलाफत के रलये बनाया गया संगठन है. उससे िुडे रहे है.़ कमेटी की ररपोट़िके अनुसार अगर छात़़ िैदह मई तक फाइन नही़ िमा रकये तो उऩहे़ रिश़़रिद़़ालय से बाहर कर रदया िायेगा. ररपोट़ि आने के बाद छात़़ अरनऱ़शतकालीन भूख हडताल पर बैठ गये. उनके समथ़नि मे़बीि-बीि मे़िेएनयू रशक़क ़ संघ भी हडताल कर रहा है. रोि सांसक ़ रृ तक काय़िक़मो़ का आयोिन हो रहा है. देश के
कोने-कोने से कलाकार यहां पहुंि रहे है़. रपछले रदनो़ कई करियो़ ने अपनी करिताये पढ़ी. इन करियो़मे़रिष़णु नागर, रंिीत िम़ा,ि रनत़यानंद गायेन समेत कुछ अऩय करियो़ ने करिताएँ पढ़ी. प़़लेस के महासरिि अली िािेद ने हबीब िारलब की नज़मे़सुनाई. देश के तमाम बुऱदिीिी िेएनयू पहंि ु रहे है.़ देश के हर रिश़ऱिद़़ालयो़मे़इस ित़त िेएनयू के समथ़नि मे़प़द़ श़नि हो रहा है. कई रिश़ऱिद़़ालयो़ मे़ छात़़ो़ ने भूख हडताल भी रकया है. आरखर त़या कारण है रक रिश़़रिद़़ालय खासकर िेएनयू सत़़ा की आंखो़की रकररकरी बना हुआ है. अगर रपछले दो सालो़मे़हुये छात़़आंदोलनो़को देखते है़ तो पता िलता है रक सारे आंदोलनो़का नेततृ ि़ िेएनयू ने रकया है और इससे पहले भी करता रहा है. यही िो कारण है रक िेएनयू सत़़ा के आंखो़ की रकररकरी बना हुआ है. सत़़ा के आंखो़की रकररकरी बनने का कूित िेएनयू रखता भी है. सरकार की िनरिरोधी, निउदारिादी नीरतयो़ का मुकम़मल रिरोध
पाषकस््ान के ष्िालाफ पाषकस््ान कुमार प्श ् ांत
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ता नही़, पारकस़़ान को यह बात समझ मे़ अा रही है या नही़रक अाि भारत नही़, पारकस़़ान ही उसके सामने दोस़़ ि दुशम़ न बन कर खड़ा है. पारकस़़ानी धरती से अौर पारकस़़ानी शासको़की शह से भारत पर िहां, िब अौर रितने अातंकी हमले हुए है़ उनसे सबसे गहरा घाि पारकस़़ान को ही लगा है अौर अाि उसकी धरती पर यहां-िहां िैस-े िैसे अातंकी तत़ि सऱ़कय है़िे सब भारत के नही़, पारकस़़ान के अऱ़सत़ि पर लगातार सिाल खड़ेकर रहे है.़ िह इरतहास ही नही़है िो भारत-पारकस़़ान का साझा है बक़लक भारत-पारकस़़ान का ित़मि ान अौर भरिष़य भी साझा है. यह िह तत़ि है रिसे पहिानने मे़ मुहम़मद इकबाल अौर मुहम़मद अली रिऩना अौर सरदार पटेल ि ििाहरलाल नेहऱ समान ऱप से रिफल हुये थे. एक गांधी ही थे िो इसे देख भी रहे थे, समझ भी रहे थे अौर िी-िान लगा कर रोक भी रहे थे. लेरकन इन िारो ने अौर ऐरतहारसक ताकतो़ने रमल कर गांधी को रनऱपाय कर रदया था अौर िो रकसी के कल़याण का नही़ था, िह सबको कबूल करना पड़ा था. पारकस़़ान की सबसे बड़ी अौर पहली िऱरत है रक िहां का सामारिक-रािनीरतक िीिन देश के कानून के दायरे मे़अाए. िैशए-मोहम़मद प़म़ ख ु मसूद अिहर की रगरफ़तारी की मांग भारत करे अौर पारकस़़ान उससे इंकार कर दे, तो िह समझा िा सकता है; यह भी समझा िा सकता है रक संयतु त़ राष़स ़ घं मे़ िीन की मदद ले कर पारकस़़ान उसे अातंकिादी घोरित होने से बिाए लेरकन िो नही़समझा िा सकता है िह तो यह है रक त़या मसूद अिहर अौर िैसे सारे लोग पारकस़़ान
के अपने समाि अौर संसद के रलए शुभ है?़ अाए रदन पारकस़़ान की सड़को़पर रिस तरह बम फूट रहे है़ अौर लोग मर रहे है,़ त़या पारकस़़ान का समाि उसे झेलता हुअा, सलामत रह पायेगा? िह कमिोर-सेकमिोर हो रहा है, यह सारी दुरनया देख रही है. पारकस़़ान िा कर उसके साथ ऱ़ककेट या दूसरे खेल खेलने को अाि कोई मुलक ़ तैयार नही़है तो पारकस़़ानी अरधकारी रकसी तीसरे मुलक ़ मे़मैि खेलने का रसलरसला िलाने मे़ लगे है़अौर भारत पर भी दिाब बना रहे है़रक िह रकसी दूसरे की धरती पर उनके साथ ऱ़ककेट श़ख ़ृं ला खेल!े त़या ऐसी कोरशश मे़ रकसी भी तरह का राष़़ीय स़िारभमान रदखायी देता है? हो सकता है रक भारत ने पठानकोट अातंकी हमले की कहानी मनगढ़़तं बनाई हो अौर ऐसी कोई घटना न हो लेरकन त़या यह मनगढ़़तं है रक पारकस़़ान ने िैश-ए-मुहम़मद अौर ऐसे ही 72 संगठनो़को गैर-कानूनी करार रखा है? पारकस़़ान की संसद मे़ इन 72 संगठनो़ की सूिी पेश की गई है अौर इऩहे़ अिैध संगठन घोरित रकया गया है, त़या यह भी मनगढ़़तं है? पारकस़़ान की संसद ने 1997 की अातंकिादरिरोधी धारा के तहत, 2002 मे़िैश-ए-मुहम़मद को अिैध करार रदया था. अगर संसद मे़िह रकया गया था तो त़या मसूद अिहर अौर उन िैसो़ को इसी अाधार पर रगरफ़तार नही़कर लेना िारहए रक ये सब िैसे संगठनो़को बनाए हुये है़अौर लगातार उऩहे़ बढ़़ाने मे़भी लगे हुये है़िक रिऩहे़पारकस़़ान की संसद अिैध मानती है? यह तो पारकस़़ानी समाि के पांि तले की िमीन को पुखत़ ा करने की बात है. ऐसी पुखत़ ा िमीन पर खड़ा पारकस़़ान भारत की िालो़-कुिालो़का सही ििाब दे सकेगा न रक अाि का रनरंतर खोखला होता पारकस़़ान! अगर पारकस़़ानी सरकार ि समाि ने ऐसा सोिा हो तो रक हम तो डूबगे़ े सनम पर तुमको रलये डूबगे़ े तो िह भी सयानी बात नही़है.
त़या पारकस़़ान यह समझ पा रहा है रक उसने अािादी के इतने िि़़ो़मे़िो एक काम नही़ रकया िह है पारकस़़ानी समाि अौर पारकस़़ानी संसद की हैरसयत बनाने का काम! लंबी गुलामी से अािाद हुय,े सामंती पृषभ़ रू म के रकसी भी समाि के रलए ऐसा करना अासान नही़है; पारकस़़ान के रलए तो यह बहुत ही करठन था त़यो़रक उसका िऩम समाि अौर कानून दोनो़की धऱ़ियां उड़ा कर हुअा था. पारकस़़ान बनने का सफर रबन रकसी रोडमैप के हुअा था अौर इसरलए इस देश के पास अपना कोई कंपास था ही नही़. लेरकन देश ि समाि रिन तत़िो़के रबना बनते ही नही़है,़ उनकी अनदेखी करने से बात बनती नही़ है. उऩहे़ मन-प़़ाण िोड़ कर हारसल भी करना पड़ता है अौर अपनी पूरी प़ऱतभा झो़क कर, उसे रिंदा भी रखना पड़ता है. नाम रखने मात़़से पारकस़़ान पाक नही़हो िायेगा, यह बात तो गांधी ने तब ही कह दी थी िब दोनो़ नि-स़ितंत़राष़़रत़त-सागर पार कर रहे थे. िह काम अाि भी बाकी है. सीमा के इधर भी िह काम काफी बाकी है लेरकन उधर तो शुऱ ही नही़हो सका है. िह नैरतक अौर कानूनी रभऱ़त उठाए रबना पारकस़़ान के पास रास़़ा नही़है. इसके दो रास़़ेहै-़ एक तो िह रास़़ा है रिसकी झूठी अाड़पारकस़़ानी संसद लेती रही है रक िह हारफि सईद को इसरलए सिा नही़दे सकती रक उसने पारकस़़ान की धरती से ऐसा कोई काम नही़ रकया है रक रिसे हमारा कानून अपराध मानता हो. अपने कानून के बारे मे़यह अास़था अपराध अौर अपराधी को बिाने अौर भारत के रखलाफ उसे इस़म़े ाल करने की िालाकी न होती तो इससे पारकस़़ानी लोकतंत़ मिबूत बना होता. लेरकन िह खोखली िालकी से पारकस़़ान को खोखला ही करती गयी है, यह सब देख ही रहे है.़ अाि ऐसी हालत है रक पारकस़़ान के लोकतंत़मे़इतना सत़ि भी नही़बिा है रक िह िनमत अौर संरिधान को िोड़ कर, उन ताकतो़से लड़सके रक िो उसके अऱ़सत़ि पर
ही सिाल खड़े कर रही है.़ तो रफर दूसरा रास़़ा यह बिता है रक िह भारत तथा दूसरे सारे पड़ोसी राष़़ो़की ताकत को अपनी ताकत बनाए. भारत को रकसी तरह की ररयायत न दे पारकस़़ानी संसद लेरकन अपने संरिधान अौर समाि के सत़ि की रक़़ा मे़भी तो रकसी को, रकसी तरह की ररयायत न दे! पारकस़़ान के अऱ़सत़ि के रलए अाि िऱरी है रक भारत के सारे मुद़ेपारकस़़ान अपने मुद़ेबना ले. मसूद अिहर ने भारतीय रिमान अाइसी 814 को अगिा रकया था अौर उस अपराध मे़ पारकस़़ान ने उसे िेल मे़भी रखा था, उसके संगठन को अिैध भी घोरित रकया था. लेरकन िह सब भारत की अांखो़मे़धूल झो़कने भर की िालाकी भर सारबत हुई थी. अब अाि पारकस़़ान देखे रक धूल भारत की अांखो़मे़ पड़ी रक पारकस़ा़नी लोकतंत़के िेहरे पर िा िमी? हारफि सईद को पारकस़़ान ने ही 2008 मे़निरबंद रकया था. िह त़यो़छोड़ा गया, इसकी तहकीकात से कुछ भी हाथ नही़ अाएगा लेरकन रिस अपराध मे,़ रिस कानून के तहत िह निरबंद रकया गया था उसी अपराध मे,़ उसी कानून के तहत उसे अाि रफर से निरबंद करने की िऱरत है अौर िह इसरलए नही़रक भारत ऐसी मांग कर रहा है बक़लक इसरलए रक पारकस़़ानी संसद अपनी कमर सीधी करना िाहती है. पारकस़़ानी समाि के सभी रिंतनशील तबके को यह समझ लेना िारहए रक अगर पारकस़़ान अपनी संसद ि समाि को ताकतिर बनाना िाहता है तो उसे भारत को अपनी ताकत बनाने के रास़़ेपर िलना होगा. इसका मतलब यह कदारप नही़ है रक िह भारत का रपछलग़गू बने. इसका मतलब यह भी नही़ रक िह भारत के प़ऱत रिििमन न करे यारक हर अंतरराष़़ीय मंि पर कश़मीर का राग न अलापे. िह यह सब करे लेरकन िह सब भी करे रक रिससे पारकस़़ान का लोकतंत़ ि पारकस़़ान का अांतररक िन-िीिन िीने लायक बने.
ववचार और िैलि े़ िेएनयू करता है. इस समय भूख हडताल को छात़़ो़ द़़ारा खूब समथ़नि रमल रहा है. लेरकन तथाकरथत मुखय़ धारा की मीरडया का ध़यान अभी इधर नही़ गया है. मीरडया ने इस आंदोलन को ब़लैक आउट कर रखा है, लेरकन आंदोलनकारी भी डटे हुये है़. ये ररपोट़ि इस समय िानबूझकर लायी गयी है िब छात़़ो़के पेपर हो रहे है़और िो पेपर के बाद घर िाने िाले थे. लेरकन बहुत से छात़़ो़ने आंदोलन को देखकर घर न िाने का फैसला रकया है. ये छात़़बीि-बीि मे़भूख हडताल मे़रहस़सा ले रहे है.़ रिन छात़़ो़को पुरलस की लारठयो़की आदत हो गयी हो, रिऩहे़ िेल से डर नही़ लगता. िही छात़़ अरनऱ़शतकारलन भूख हडताल पर है.़ अब देखना ये है रक लडाई मे़ छात़़रिश़ऱिद़़ालय प़श ़ ासन को झूका पाते है़ और सत़़ा को बैकफुट पर िाने के रलये एक रफर मिबूर कर पाते है़रक नही़िो छात़़ो़के रखलाफ कभी न खत़म होने िैसी एक लडाई छेड रखी है.
सोशि मीनडया
स्मतृ ि ईरानी से अनुरोध
आि तो मै़आपको मनुसम़ रृ त ईरानी भी नही़रलख रहा हू.ं बनारस रहंदू यूरनिऱसटि ी के स़टडू टे़ स ़ मांग कर रहे है़रक लाइब़ऱे ी पूरी रात खुली रहे. दुरनया की तमाम बड़ी यूरनिऱसटि ी मे़ ऐसा है.... मान िाइए. दे दीरिए आदेश कुलपरत को. त़या रबगड़िाएगा, अगर कुछ बल़ि रात भर िले रहेग़ े और दसेक कम़ि ि ाररयो़ की नाइट रशफ़ट लगानी पड़गे ी. आप ही के बनाए रगरीश ऱ़तपाठी आिकल बीएियू मे़ कुलपरत यानी िाइस िांसलर है़ बाकी पॉरलरटत़स िलती रहेगी. लाइब़ऱे ी िाले मामले पर रिद मत कीरिए. िैसे भी बनारस मोदी िी का िुनाि क़त़े ़है. प़ध़ ानमंत़ी को आप बेििह बदनाम कर रही है.़ िुनाि तो मोदी िी को लड़ना पड़गे ा. स़मरृ त िी, ररत़िसे ट़ है. मान िाइए. पढ़़गे ा इंरडया, तभी तो बढ़़गे ा इंरडया! दिलीप मंडल
इंतिया टीवी सबसे आगे
इंरडया टीिी लगातार नंबर िन... 5 सप़ताह से इंरडया टीिी ऩयज ू िैनलो़की रेरटंग मे़काफी बढ़त के साथ पहले पायदान पर है... टीम इंरडया टीिी को बधाई और दश़क ि ो़का अजीत अंजम ु शुऱकया.
मोदी की तिग््ी
प़ध ़ ानमंत़ी की रडग़़ी पर आम आदमी पाट़़ी का दांि सही पडा लगता है. तमाम रडऱ़गयां पेश करने पर भी और सारे दािो़के बाििूद आम आदमी पाट़़ी कम से कम इस मसले को जेरे बहस लाने और एक माकूल शक पैदा करने मे़कामयाब रही है. लोगो़से बात कररये तो एक राय ये भी रमलती है रक रडग़़ी होने न होने से कोई फक़कतो नही़पडता लेरकन ऐसा लगता है मोदी और उनकी मंडली ने दस़़ािेिो़ के मामले मे़ अपना होम िक़क ठीक से नही़रकया और आम आदमी पाट़़ी के आरोपो़को बहुत हल़के मे़रलया. खैि ़ हु िाप रमटे संदहे ू की ति़िपर मोदी िी िल़द से िल़द सत़यमेि ियते का ट़िीट ् करे़तो शायद बात बने.अदमताभ श््ीवास्व
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राजकाज कांगस्े को भरोसा
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13 मई - 19 मई 2016
ग़स ़े पाट़़ी को पांि राज़यो़के िुनाि मे़बहुत अच़छे प़द़ श़नि का भरोसा है. कांगस ़े पाट़़ी ने रपछले रदनो़ पांिो़राज़यो़मे़सि़क ़े ण ़ कराया है. कांगस े़ ने असम मे़एक सि़क ़े ण ़ िुनाि के बाद कराया है, रिसमे़उसे बहुमत रमलने का अनुमान िताया गया है. असम मे़ रपछली बार भी कांगस ़े को अपने दम पर पूणि़बहुमत रमल गया था, लेरकन उसने तब की सहयोगी बोडोलैड़ पीपुलस ़ फंट़ को साथ रखा था. इस बार कांगस ़े अकेले लडी है और उसके आंतररक सि़क ़े ण ़ के मुतारबक उसे अकेले 60 से ज़यादा सीट रमलेगी. बहुमत का आंकडा 64 सीट का है. इसी तरह कांगस ़े का केरल का आकलन भी सरकार मे़आने का है. िुनाि से िुडे पाट़़ी के आला नेताओ़ का कहना है रक केरल मे़ भारतीय िनता पाट़़ी रितना िोर लगा कर िुनाि लड रही है, उससे कांगस ़े के सरकार मे़लौटने की संभािना उतनी बढ़ती िा रही है. कांगस ़े के आकलन के मुतारबक केरल मे़ भािपा को 10 फीसदी से ज़यादा िोट रमल सकते है.़ सीटे़ भले उसे एक या दो रमले,़ लेरकन िोट लोकसभा के लगभग बराबर रमलेग़ .े इससे सीपीएम मोि़़ेको नुकसान होगा और 40 साल के बाद ऐसा होगा रक कांगस ़े लगातार दूसरी बार सत़़ा मे़आएगी. पऱ़शम बंगाल मे़ भी कांगस ़े नेता मान रहे है़ रक सीपीएम और कांगस ़े गठबंधन की िीत होगी. सारदा और नारदा के िक़ऱ मे़ममता बनि़़ी रक़ा़त़मक हुयी है़और उनके नेता हताशा मे़बयान दे रहे है.़ िहां कांगस ़े मान रही है रक मुकस़ लम िोट एकमुशत़ उसके गठबंधन को रमल रहे है,़ रिससे उसके गठबंधन को मामूली बढ़त रमल िायेगी. ऐसे ही तरमलनाडु मे़कांगस ़े को लग रहा है रक डीएमके गठबंधन की िीत होगी. िहां कोई इरतहास दोहराया िाएगा. यानी हर पांि साल पर सत़़ा बदलने का इरतहास कायम रहेगा. अगर ऐसा होता है तो पूरे देश की रािनीरतक तस़िीर बदल िायेगी.
सीपीआईएमएल के नेता. ििाहरलाल नेहऱयूरनिऱसटि ी मे़ भी इसे लेकर रिरोध हुआ और सोशल मीरडया मे़ तो कामरेड िंदश ़ख े र की हत़या का मुद़ा उठा कर कऩहयै ा को कठघरे मे़खडा रकया िा रहा है. कामरेड िंदश ़ख े र िेएनयू के अध़यक़़ थे, िब सीिान मे़ उनकी हत़या हुई थी और रािद के उस समय के सांसद शहाबुद़ीन पर आरोप लगे थे. शहाबुद़ीन पर अब भी आरोप कायम है़और िे रािद से भी िुडे हुये है.़ ऐसे मे़िेएनयू के छात़़संघ के दूसरे अध़यक़़ का रािद प़म़ ख ु के यहां िाना और उनके पैर छूना सीपीआईएमएल के नेताओ़और उसके छात़़संघ आईसा के सदस़यो़को नागिार गुिरा है. लेरकन ऐसा लग रह है रक कऩहयै ा रबहार की रािनीरत को ध़यान मे़रख कर अपनी पोरिशरनंग कर रहे है.़
भी. रफर तो एक के बाद एक रडफेस ़ बीट करने िाले संिाददाता, स़भ़ं कार, संपादक, की अटकल लगाई िाने लगी.
सपा की नजर नये वोट बैक ् पर
उ
त़ऱ प़द़ श े मे़समाििादी पाट़़ी के नेता भरोसे मे़है़रक उनके एम-िाई समीकरण काम करेगा. मुकस़ लमयादि िोट बैक ़ के आधार पर पाट़़ी के नेता सत़़ा मे़लौटने की उम़मीद पाले बैठे है.़ लेरकन पाट़़ी कई िररष़़नेता ऐसे है,़ रिनको नही़लग रहा है रक इस बार मुकस़ लम िोट पूरी तरह से सपा के साथ होगा. इसका कारण बसपा की बढ़ती ताकत है. सपा नेता मान रहे है़ रक अगर अल़पसंखय़ क मतदाताओ़को लगा रक बसपा ही भािपा को टक़ऱ दे रही है तो िे उसके साथ िाएंग.े ऊपर से सपा का खेल रबगाडने के रलए कांगस ़े भी एक अलग गठबंधन करके लडने की तैयारी मे़है. रसफ़कयादि िोट बैक ़ से आगे बढ़ कर व़यापक रहंदू िोट मे़ पैठ बनाने की कोरशश की िा रही है. इस कोरशश के तहत ही राज़य सरकार ने हर महीने स़कल ू ो़मे़ एक रदन राष़़प़म़े रदिस मनाने की योिना बनायी है. इसे भािपा की ओर से रतरंगा फहराने के आदेश का ििाब माना िा रहा है. इस रदन स़कल ू ो़मे़बच़़ो़को राष़ि़ ाद से िुडी िीिे़बताई िायेगी. रतरंगा फहराने या भारत माता की िय के नारे लगाने की बिाय सपा सरकार ने िुपिाप राष़़ प़म़े रदिस की योिना बना डाली. इससे पहले अरखलेश यादि की सरकार ने रहंदू मतदाताओ़को आकऱिति करने के रलए श़ि़ ण कुमार के नाम से योिना शुऱकी है, रिसमे़ बुिगु ़ो़को तीथ़ाटि न पर भेिा िाता है.
पटना से रकसी ने फोन करके कहा रक उसे अपने बच़़ेका दारखला स़कल ू मे़कराना है, िब केिरीिाल के अरधकारी कहते है़रक पटना उनके अरधकार क़त़े ़मे़नही़आता है तो गारलयो़के साथ ििाब रदया िाता है रक अगर पटना उनके अरधकार क़त़े ़मे़नही़है तो पटना मे़इतना रिज़़ापन रकस बात के रलये रदया िा रहा है! बहरहाल, सोशल मीरडया की इस आलोिना का केिरीिाल के ऊपर कोई असर नही़ है. उनको देश भर मे़रािनीरत करनी है. उनकी पाट़़ी के नेताओ़का कहना है रक भले गारलयां पड रही है,़ लेरकन देश भर के लोग उनके नाम की िि़ाि कर रहे है.़ अगले तीन साल िे रदल़ली के पैसे से देश भर मे़रिज़़ापन करेग़ .े
जनिा सरकार वाली गलिी नही्!
स
त़़ा मे़आने पर 1977 मे़िनता पाट़़ी ने इंरदरा गांधी को लेकर िो गलती की थी नरेद़ ़मोदी की सरकार िह गलती नही़ दोहरायेगी. भािपा के िानकार सूत़ो़ के मुतारबक अगस़़ा िेसट़ लैड ़ हेलीकाप़टर घोटाले मे़ अगर सबूत रमल भी िाते है़तो सोरनया गांधी के रखलाफ एक सीमा से आगे काऱिि ाई नही़होगी. यानी रकसी हाल मे़बाद उनकी रगरफ़तारी तक नही़पहुि ं गे ी. 1977 मे़िेपी के मना करने के बाििूद मोरारिी देसाई की सरकार ने इंरदरा गांधी को रगरफ़तार रकया था और उससे पूरे देश मे़उनके प़ऱत सहानुभरू त पैदा हुई थी. बहरहाल, केद़ ़की नरेद़ ़मोदी सरकार सोरनया गांधी, अहमद पटेल और उस सौदे के समय यूपीए सरकार से िुडे कुछ और लोगो़पर िांि की तलिार लटकाए रखेगी. इस ़े और सोरनया गांधी के पररिार को भ़ष ़ ़ािार एनयू छात़़संघ के अध़यक़़कऩहयै ा कुमार ने अपनी बहाने कांगस पाट़़ी के नेताओ़ को हैरान-परेशान कर रखा है. के मामले मे़ बदनाम करने का अरभयान िलेगा. िूरं क ल़ली के मुखय़ मंत़ी अररिंद केिरीिाल देश भर मे़ रदल़ली मे़खूब रािनीरत करने के बाद िे मुबं ई गये और रफर अगस़़ा सौदे को लेकर यह बात उठने लगी है रक प़ध़ ानमंत़ी अपना रिज़़ापन कर रहे है.़ पहले उऩहो़ने रबहार, उत़ऱ पटना गये. उनकी इन यात़़ाओ़को खूब महत़ि रमला और मोदी ने इटली के प़ध़ ानमंत़ी से सौदेबािी की और इतालिी प़द़ श े , झारखंड सरहत सभी राज़यो़ मे़ दो-दो पेि का मीरडया मे़किरेि रमली. लेफट़ के नेता इसरलए परेशान है़ मरीनो़को छोडने के रलए सोरनया गांधी के रखलाफ सबूत मांग.े सो, इस मामले मे़काऱिि ाई आगे बढ़ी तो सोरनया के रिज़़ापन रदया. रशक़़ा मे़सुधार का रिज़़ापन देश भर मे़छपा. रक कऩहयै ा अपनी अलग पोरिशरनंग कर रहे है.़ िे कांगस ़े इन रदनो़उनका एक रिज़़ापन एफएम रेरडयो पर िल रहा उपाध़यक़़ राहुल गांधी से भी रमले और रबहार मे़ नीतीश प़ऱत सहानुभरू त होगी. तभी कहा िा रहा है रक अगस़़ा ़ का मामला सीबीआई, ईडी आरद की िांि मे़ है. रबहार और झारखंड मे़रेरडयो एफएम पर हर दस रमनट कुमार ि लालू प़स ़ ाद से भी रमले. उनसे िुडे रििादो़की िेसट़ लैड उलझा रहेगा और सरकार तलिार लटकाए रखेगी. गुिरात मे़ रदल़ली के कारोबाररयो़ से िल़दी िैट िमा करने की ििह से होने िाले िुनािी नुकसान के अंदश े े मे़लेफट़ ने अपील की िा रही है तारक उनका लाइसेस ़ रद़़ न हो. उनसे दूरी बनायी है. पऱ़शम बंगाल और केरल के िुनाि से िुडे कई मामलो़मे़नरेद़ ़मोदी के ऊपर भी एक दशक से ़े े , रािस़थान और महाराष़़मे़िैट के रलये प़ि ़ ार मे़पाट़़ी ने उनको नही़शारमल रकया है. लेरकन िे ज़यादा समय तक तलिार लटकी रही थी. हालांरक कांगस त़क ़ ार रबरादरी मे़बडी िि़ाि है रक अगस़़ा-िेसट़ लैड़ रबहार, उत़ऱ प़द़ श ने त ा मान रहे है ़ रक राहु ल गां ध ी के अध़ य क़ ़ बनने के बाद रिज़ ा ़ पनो़ को ले क र सोशल मीरडया मे ़ खू ब मिाक बन रहा रकसी और तरीके से मीरडया मे़सुरख ़ यि ां बना रहे है.़ पटना कंपनी के हेलीकाप़टर खरीदिाने के आपरेशन मे़ है . लोग रदल़ ल ी फोन करके स़ क ल ू मे ़ दारखले की अपील िाकर उऩ ह ो़ न े लालू प़ स ़ ाद से मु ल ाकात की और उनके पैर सोरनया के ऊपर से फोकस अपने आप हट िायेगा. लेरकन रबिैरलए ऱ़कऱ़शयन रमसेल और हशके के नेटिक़क ने कर रहे है . ़ सोशल मीरडया के एक मिाक के मु त ारबक छु ए , इससे ले फ ट ़ मोि़ े ़ के ने त ा नाराि हुये है.़ खास कर भािपा से िुडे सूत़ो़का कहना है रक नेशनल हेराल़ड मामले रदल़ली के आला अंगि ़े ीदां पत़क ़ ारो़ को पैसा बांटा! एक की सोरनया के साथ-साथ राहुल गांधी रघरेग़ .े टीिी िैनल ने मीरडया मैनि े मेट़ के नाम पर हुए कांटत़ ट़ को लहराते हुए कह रदया रक हम िैसे नही़है़िैसे दूसरे है.़ अब यह बात कुल रमला कर अंगि ़े ीदां मीरडया के उऩही़ दलाल छाप संपादको़-पत़क ़ ारो़ पर कीिड है िो यूपीए िद सुप़ीमो और रबहार के पूिि़मुखय़ मंत़ी लालू प़स ़ ाद सरकार के दस साल मे़बार-बार िऱिति हुये है.़ कभी नीरा इन रदनो़ बे ह द खु श है . ़ उनको लग रहा है रक दे श और रारडया के टेप से तो कभी सेना मे़रिद़ो़ह की खबरो़से तो प़द़ श े की रािनीरत उनके रहसाब से िल रही है और अगले कभी हरथयार फम़िकी लारबंग करने के रलये. रदल़ली के लोकसभा िुनाि के बाद उनका और उनकी पाट़़ी का अंगि ़े ीदां एलीट संपादक, टीिी एंकर, पत़क ़ ार रकस कदर स़ ि ऱ ण म ि काल लौटेगा. यानी देश और प़द़ श े दोनो़ की पत़क ़ ाररता को कलंरकत रकये हुये है.़ संदहे नही़रक रिदेशी सरकारे ़ अपने काबू मे ़ हो़ ग ी. ले र कन इसके रलये िऱरी है हरथयार कंपरनयां अपने सामान को बेिने के रलये और रक कां ग स े ़ मे ़ उनके प़ र ़ त पहले िै स ा सद़ ा ़ ि लौटे . अगस़़ा प़ऱतस़पध़़ी को पछाडने या उसे बदनाम करने के रलये िे स ट ़ लै ड ़ हे ल ीकॉप़ ट र घोटाले ने लालू प़ स ़ ाद को यह मौका मीरडया का इस़म़े ाल करती है.़ रक़़ा मंत़ालय किर करने रदया है. उऩहो़ने आगे बढ़ कर इस मामले मे़सोरनया गांधी िाले या सामररक मामलो़के रिशेिज़़या प़ध़ ानमंत़ी दफ़तर का समथ़नि रकया है. रिस तरह सोरनया के रिदेशी मूल मे़असर रखने िाले संपादको़को हरथयार कंपरनयां और िाले रििाद के समय लालू ने सबसे पहले समथ़नि रकया एिेट़ पटाते रहते है.़ दाित,द ाऱऔर रिदेश सैर-सपाटा था और रिपक़़ी पाऱटयि ो़ को ििाब रदया था. उसी तरह इसका आम नुसख ़ ा है. पर त़या 70 मीरलयन यूरो मे़से 30 उऩ ह ो़ न े इस मामले मे़भी कहा है रक सोरनया इस देश की प़ऱतशत के रहस़से मे़से संपादको़/पत़क ़ ारो़को ऱ़कऱ़शयन बहू है , एक भली औरत है़और भािपा उनको परेशान कर रमसेल ने पैसा बंटिाया? उसने खुद ने यह लारबंग की होगी रही है . रािद के नेता मान रहे है़रक लालू प़स ़ ाद का यह या लाॅ फम़िया पीआर फम़िया त़यागी भाईयो़के िररए हुआ स़ ट ड ़ ै उऩ ह ़ े कां ग स े ़ के और करीब ले िाये ग ा. िै स े तो नीतीश होगा, इसका ित़त और िांि देगी. ििाब आना मुकश़ कल कु म ार ने भी इस मामले मे ़ कां ग स े ़ का बिाि रकया है, ही है. बहुत संभि है अगस़़ा से माईकेल और त़यागी ने बिट ले र कन िे उस तरह खु ल कर सोरनया के समथ़ न ि मे़नही़ और अनुबधं बनिा रलया हो और डकार गये हो़. उतर सकते है , ़ रिस तरह लालू प़ स ़ ाद उतरे है . ़ लालू प़स ़ ाद पर डा. सुबह़ मण़यम स़िामी सरहत कई नेताओ़के रलए के प़ र ़ त सोरनया गां ध ी का सद़ ा ़ ि पहले से है , रसफ़ क राहु ल यह कहने का मौका हो गया है रक फलां अगस़़ा का गां ध ी उनसे दू र ी रखते थे . पर अब राहु ल भी रािनीरत के पेरौकार था. इसी सप़ताह पत़क ़ ारो़ की भीड के बीि डा. सारे पैत़ रे सीख आये है.़ स़िामी ने ज़़ान रदया रक अरे िह गुपत़ ा, हां, और िह गुपत़ ा
तवज््ापन के सहारे राजनीति
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कन्हयै ा की राजनीति, परेशान लेफट्
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अगस््ा छाप कौन पत्क ् ार?
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सोतनया समर्नथ मे् लालू क्यो्?
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ओम रनश््ल
13 मई - 19 मई 2016
उदाषसयो् के बाहर और भीतर
िल पड़ी. िह पौऱिेय शक़ततयो़ के रिरोध िैरिध़य की िे अरधष़़ात़़ी-सी रदखती है़मने रदया ही नही़/कभी कोई फूल/नही़ के कोरस मे़तब़दील होती गयी. उसके यहां पुरि़ को केिल प़ऱतलोम खड़ा कर न देखने तो मै़ भी रखती/पंखुऱडयां/रकताबो़ मे़ कोई मध़यमाग़ि या समरसता का रिमश़ि न िाली, बक़लक सहिर मानने िाली भी- लीना संभाल-संभाल कर.’ रहंदी मे़किरयऱ़तयो़की था. ऐसी क़सथरत मे़ कुछ किरयऱ़तयो़ ने एक की करिताओ़मे़यह आंिरलकता बेशक न तादाद बहुत है, प़़िाह है, भीड़ है, रेला है, अलग राह िुनी. लीना मल़होत़़ा राि ऐसी ही हो, पर िे आि के आधुरनक िीिन की ठेलमठेला है, पर कम है़रिनमे़क़सथरता है, किरयऱ़तयो़मे़है़रिनकी करिता के दायरे मे़ ऊष़मा है, गरत है, यरत है, लय है, प़़तीरत है, पुऱि रकसी मुलरिम की तरह नही़, एक िीिन है, िीिनानुभि और अनुभूरतयो़ का सहिर की तरह आता है, यद़ऱप िह सिालो़ रिरल सहकार है, रिनके यहां रोमैऱटकता तो से परे न था, न है. आि से कोई दो साल पहले िब उनका है पर रोमांस के तट पर रबछलन और काई कम है, रिनकी करिताएं न तो गंभीरता का पहला करिता संग़ह ‘मेरी यात़़ा का िऱरी किि ओढ़़ेहुए रमलती है,़ न उच़छल िलरध सामान’ आया था तो करिता मे़ यह एक तरंग-सी इठलाती अक़सथर स़िभाि िाली है़. तािगी का शुभागमन था. पररदृश़य मे़उनके िो उद़्त़ ािास और मध़यिग़़ीय रशकायतो़मे़ समियस या अल़पिय और भी किरयऱ़तयां स़थरगत नही़होती़और पौऱिेय शक़ततयो़पर थी़, पर लीना मल़होत़़ा का स़िर कुछ िुदा भी टूट कर रगर नही़पड़ती़और न करिताओ़ था. ये करिताएं पढ़़ते ही एकदम से िेतना मे़ केिल क़़ांरत के परिम लहराती रदखती से फुऱिहो िाने िाली करिताएं न थी़. बक़लक है.़ अनारमका, अनीता िम़ाि और सरिता रसंह िे पढ़़ रलये िाने के बाद हमारी िेतना से के बाद लीना मल़होत़़ा और बाबुिा कोहली रलपट िाती थी़. िे रकसी िेदना रनग़़ह रस िैसी किरयऱ़तयां रहंदी करिता के क़त़े ़मे़एक की भांरत हमारे रसग़़ाही रित़़ को राहत सी आश़़ऱस की तरह है़रिनके यहां शब़दो़को देती मालूम होती थी़. हम िहां अनीता िम़ाि और सरिता रसंह बरतने का एक सलीका रदखता है, रिनका होना करिता के रलए अपररहाय़ि सा लगता िैसी किरयऱ़तयो़ की उदारसयो़ से भरी है, रिनकी करिताएं िीिन के मानीखेि करिताएं पढ़़ कर रििरलत हो उठते है़, नाव डूबने से नही् डरती: लीना मल्होत््ा राव; षकताबघर कथ़य से भरी है़, रिनके यहां संिेदना का लीना की करिताएं कुछ और स़़ी प़त़य़ यो़को प्क् ारन, दषरयागंज, षदल्ली; 2016; 200 र्पये. गाढ़़ा रसायन है. उनका नया करिता संग़ह खंगालने की िेष़ा करती िान पड़ती है़. िे ‘नाि डूबने से नही़ डरती’ करिताओ़ की उदारसयो़ की तह मे़ िाती है़ तो हमे़ पीड़ा, अनुभूरत, साहिय़ि, सुखदुख और माऱमिकता, कथ़य के अप़़त़यारशत मोड़ो़और उदारसयो़से उबारती भी है़. इस मामले मे़िे िद़़ोिेहद के बीि सांस लेती हुई पुऱि ़ ारत से एक संिादमयता का ररश़ता कायम कही़कही़अनारमका की राह पर िलने की प़ि प़़तीरतयो़का उदभािक है. करती है़. कोरशश करती रदखती है ़ , पर िहां स़़ी रिमश़ि ने करिता मे़ पुऱि िि़िस़ि इस संग़ह की एक छोटी करिता पर अनारमका को पढ़़ त े हम दे श ि अनु भ र ू तयो़ से के रखलाफ एक मुरहम तो शुऱ की, रकंतु धीरे-धीरे समूिी स़़ी करिता इसी राह पर दो िार होते है़, त़यो़रक करिता मे़ रस रनगाह िाती है रिसमे़ मासूरमयत से िे
कहती है़: ‘नही़!/िह उदासी नही़ थी!/तुम़हारी देह से टूट कर रगरी/परछाई़ थी/रिसे ओढ़़ कर/िलना था मुझे/िऩम भर.’ इस तरह लीना मे़ सांद़ अनुभूरतयो़ का एक रिरल संसार है. िह बरतयाती हुई रकसी माऱमिक रबंदु पर अपने कथ़य को रटका कर आंखे़ गीली कर देती है़. उनकी करिताओ़ का नैरेरटि गद़़ात़मक होकर भी िैसे भीतर का लयात़मकता से रिा हुआ होता है. एक कुम़हार की तरह अपनी करिताओ़को रमट़़ी की तरह गूंथने िाली लीना उसके खुरदुरेपन को खुरि कर सुरिक़़न नही़बनाती़बक़लक अपनी तरह के सांिे मे़ गढ़़ती हुयी उनमे़ प़़ाण फूंकने का काम करती है़. अनारमका उनकी करिताओ़ के बारे मे़ कहती है़: 'प़़गरतशील करियो़ ने बातबात पर तन िाने िाली िो बेरटयां सारहत़य को दी़, बड़ी होकर िे सब लीना िैसी (मीठी फटकार लगाने और साक़तिक आक़़ोश रदखाने मे़ रनपुण) स़़ी करि बन गयी़. िैसा रक मै़ने कहा, स़़ी रिमश़ि के आि के दौर को िे रकस तरह अपनी करिताओ़ मे़ देखती है़, यह उनकी ‘मधुमेह’ और ‘प़़ेमपत़़’ िैसी करिताओ़से प़़कट होता है. िे करिता मे़ अपनी अनुभूरतयो़ की अऱ़दतीयता के बगैर आगे कदम नही़ बढाती़. फैशनेबुल रबंब उनकी करिता मे़ कदारित ही आते हो़. कुछ ही करिताओ़ को पढ़़ने से मालूम हो िाता है रक िे संिेदनारसद़़ किरयत़़ी है़’. िे स़़ी के दुख के रििर मे़प़़िेश करते हुए स़़ीिाद
को भी सच़़ी स़़ी़िादी िी़रटयो़ के मनोबल से पररभारित करती है़. मधुमेहग़़स़ साथी हो या प़़ेमपत़़पाने ि पढ़़ने िाला सहिर, िे सहानुभूरत के आयुध से अपनी करिता को शस़़मे़बदलती है़. उनके यहां करिता कुछ रि देने की रनयरमत रदनिय़ाि की तरह नही़, कुछ कहने की अपररहाय़िता मे़ ही संभि होती है. कुछ करिताओ़ के नाम रगनाऊं, यह इस संग़ह की तौहीन होगी-सारी करिताएं दो तार की-सी िासनी िाली है़पररपत़ि, माऱमिक और संिेद़.’ लीना की करिताओ़ मे़ उदारसयो़ का िो झीना झीना प़़िाह निर आता है िह कुछ कुछ अपने िीिनानुभि तथा कुछकुछ अग़़ि करियो़ के गुणसूत़ो़ से आयत़़ रकया है. शायद उनका आग़़ह ही यह है रक स़़ी िीिन का अंधेरा उिाले के इस प़़ायोरित भौरतक उल़लास मे़डूब कर रह न िाये, बक़लक उसके स़याह अनुभि संिेदना की छऩनी से छन कर आ सके़. कहना न होगा रक ‘नाि डूबने से नही़ डरती’ की करिताएं रििार और संिेदना के एक नये मोड़का पररिय देती है.़ इस संगह़ मे़उनकी बहुतरे ी माऱमक ि करिताये है़िैसे भीमबेटका, ईएमआई, नाि डूबने से नही़ डरती, मधुमेह, िारत के िूते, कक़क रेखा, आिाढ़़ का एक रदन, ओ करिता रहस़यमयी, िादू नही़था िीिन और त़या आप ओएलएत़स पर करिताएं बेि सकती है़- िो मौिूदा किरयऱ़तयो़ के बीि लीना मल़होत़़ा के सूिकांक को श़़ेष़तर प़़मारणत करने के रलए पय़ािप़त है़.
ऩदी सारहत़य मे़ भगिान श़़ीकृष़ण के अनऩय उपासक और ब़़िभािा के श़़ेष़करि महात़मा सूरदास रहंदी सारहत़य के सूय़ि माने िाते है़. सूरदास श़़ीनाथ की 'संस़कृतिात़ाि मरणपाला', श़़ी हररराय कृत 'भाि-प़़काश', 'श़़ी गोकुलनाथ की रनििात़ाि' आरद ग़़ऩथो़के आधार पर, िऩम के अऩधे माने गये है़. िैशाख शुत़ल पंिमी यानी 11 मई के रदन ही सूरदास िी का िऩम हुआ था. सूरदास की रिनाओ़ की पहली रिशेिता यह थी रक, सूरदास िी ने रिस प़़कार के पद रलखे है़. िे रहंदी सारहत़य मे़निीन न होते हुये भी एक रिशेि निीनता रखते है़. नाथ और सहि-पऩथ के रसद़़ांतो़ के पुराने पद िो उपलब़ध है़. श़़ीहरप़़साद शास़़ी के अनुसार और बंगाली पंरडतो़ने सूरदास के पदो़को बंगला भािा मे़ भी रलखा गया है उत़़र-पऱ़शम भारत मे़ कृष़ण लीला िण़िन करने के रलये सूरदास ने ही पहले-पहल प़़योग रकया. िो पद रनग़िुण उपासना को िहन करते आ रहे थे, उसे सगुण रस से सरस करना सूरदास का ही काम था. सूरदास की दूसरी रिशेिता है रक उनकी बाल-लीला का िण़िन. सूरदास ने एक अलौरकक प़़ेम की कल़पना की है िो रमलन मे़ सोलह आना रमलन और रियोग मे़सोलह आना रियोग के ऱप मे़देखा िाता
है. यह एक ही प़़ेम मां यशोदा मे़ एक ऱप धारण कर गया है. रारधका मे़ दूसरा, ग़िालिालो़ मे़ तीसरा, ऱक़तमणी मे़ िौथा. यह प़़ेम प़़कृरत से भी मृदु है. सूरदास के गुऱ िल़लभािाय़ि थे। महाप़़भु िल़लभािाय़िने उऩहे़लीला गान करने का उपदेश रदया और उऩहो़ने सच़़े रशष़य की तरह इस उपदेश को आिीिन के
रलए रशरोधाय़िरकया. सूरदास िी की सबसे बड़ी रिशेिता यह थी रक उऩहो़ने काव़य मे़प़़युत़त भािा को इतना सुंदर, मधुर और आकि़िक बना रदया रक कई सैकड़ो़ िि़ि तक उत़़र-पऱ़शम भारत की करिता का सारा राग-रिराग, प़़ेम-प़़तीरत, भिन-भाि उसी भािा के द़़ारा अरभव़यत़त हुये है़.
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साहहत्य साधना संसद सूरदास जी है् हहंदी साहहत्य के सूय्य ने की काव्यगोष््ी रह
ग्वादलयर. अभी न होगा मेरा अंत, पतझड हारेगा रखले़गे कई िसंत...पंक़ततयो़ के साथ काव़य संध़या की शुऱआत शैिाल सत़याथ़़ी ने की. अिसर था, सनातन धम़ि मंरदर मे़ सारहत़य साधना संसद की काव़य संधय़ ा का. काय़िक़म मे़ मुख़य अरतरथ के ऱप मे़ बाबूराम माहोर मौिूद रहे. काय़िक़म की अध़यक़़ता डॉ. कृष़णमुरारी शम़ाि ने की. इस अिसर पर अशोक रािपूत सरहत अऩय लोग मौिूद रहे. इऩहो़ने रकया काव़य पाठ सोिा था िो तूने कभी िो सि नही़, तू आि भी िो सोिता िो सि नही़. - डॉ. भारते्िु िुक्ल सब खेल-तमाशे बंद करो, अब और नही़ छल-छंद करो, उिडे न कभी मेरा मधुिन, ये मौसम से अनुबंध करो. - दचरंजीलाल भावुक कऱणा िेग परथक बन पथ रनम़ाण ि करे, रििरत िो ठौर रठकाने रबन आव़हान करे.
-डॉ. बीएल िम्ाा िल पडा है तो बीि मे़ऱकना नही़ लक़़य से भटके तीर सा िुकना नही़. - डॉ. कृष्णमुरारी िम्ाा मन बहुत सिाए द़़ार रकरण की अगिानी मे,़ अौ डूब गये है़नयन प़त़ ीक़़ा भर पानी मे़. - बाबूराम माहोर प््यासी नारी के मन मेघा भी, साधन ईश़ऱ पाने के, उसके िीि अहं को भी, िादे प़़भु रमल िाने के. - अिोक राजपूत
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13 मई - 19 मई 2016
‘हम गंंाहि िो राजा बनाना चाहते हैं’ आ
उद़़ोग/व़यापार को बेहतर समझते है़. उऩहे़पता है रक िे देश की सबसे बडी ई कामस़िकंपनी के साझीदार है इसरलए िे भी दाम ि गुणित़़ा बनाये रखने मे़ऱरि लेते है़. आपका सारा जोर क्वादलटी पर है, उसे कैसे सुदनद््ित करते है्? ििाब: हम दोनो़ अत़सर अिानक सप़लाई के़द़ पर पहुंि िाते है़. िहां िाकर िीिो़ की िांि करते है़. रडलीिरी ब़िाय के साथ िाते है़. ग़़ाहक से सीधे संपक़क कर उसकी राय िानते है.़ हमे़पता है रक इस धंधे की सबसे अहम रहस़सा रडलीिरी है. इसरलये हमने 2500 रडलीिरी ब़िाय रखे हुये है़. रिऩहे़अच़छी तरह से प़़रशऱ़कत रकया गया है. इस ि्त ्े ् मे् आप दकस तरह की चुनौदतयो् का सामना कर रहे है्? आि हर ग़़ाहक िाहता है रक कम से कम समय उसके घर सामान पहुंि िाये. ब़़ांड लायल़टी भी एक िुनौती है. सबसे बडी िुनौती ग़़ाहक का रिश़़ास िीतना है. स्सकल इंदडया, स्टाट्ा अप सरीखी सरकारी पहल के बारे मे् आपकी क्या राय है? यह एक अच़छा प़़यास है. इस तरह की शुऱआत से लोगो़ को अपनी क़़मता ि योग़यता रदखाने का अिसर रमलता है. नये उद़़रमयो़की लालफीताशाही से मुक़तल रमले इससे अच़छा और त़या हो सकता है. हम सबका उद़़ेश़य राष़़रनम़ािण करना है.
ि ईकामस़िबािार मे़िहां एक ओर बढ़ती प़़रतस़पध़ाि के कारण तमाम कंपरनयां छोटे शहरो़ से अपना कारोबार समेटने लगी है िही़ आस़क मी ग़़ोसरी नये कीऱतिमान स़थारपत करते हुये इस देश की सबसे बडी रखलाडी बनकर उभरी है. देश के 38 शहरो़मे़रकराना व़यापार के क़़ेत़मे़झंडे गाड िुकी यह कंपनी इस क़़ेत़ की देश की सबसे बडी कंपरनयो़ मे़ रगनी िा रही है. उसके राडार पर पूरा देश ही आ िुका है. यह अपने आप मे़ एक अनूठा प़़योग है, रिसके तहत ग़़ाहक को उसके पडोस मे़ ही क़सथत रकराने की दुकान से घर बैठे उरित कीमतो़ पर बरढ़यां त़िालटी का सामान उपलब़ध करिाया रदया िाता है. ग़़ोसरी की स़थापना ि उसकी सफलता के पीछे दो युिा उद़़रमयो़ अंरकत िैन ि अरमत रनगम का रदमाग ि मेहनत है़. देश की सबसे बडी ई-ग़़ोसरी कंपनी के स़थारपतकत़ािओ़से की गयी रिशेि बातिीत प़़स़ुत है़आपने दकस सोच के साथ दकराना सरीखे उपेद्ित ि््ेत् मे् पहल की? रकराना िास़़ि मे़ इस देश के खुदरा व़यापार का सबसे ज़यादा उभरता ि रिकरसत होता हुआ क़त़े ़है. भारत की खाद़़एिं रकराना बािार दुरनया मे़ छठे नंबर पर आता है. हर साल 104 फीसदी की दर से रिकरसत हो रहा यह क़त़े ़2020 तक 482 रबरलयन डाॅलर का हो िायेगा. आमतौर पर लोग अपने पडोस का
दुकान से ही सामान खरीदना पसंद करते है.़ हमने यह तय रकया रक अगर लोगो़को घर बैठे सही कीमत पर अच़छी त़िारलटी का सामान उपलब़ध करा रदया िाये तो इससे उनका ि पडौस के व़यापारी का भी फायदा होगा. हम 38 शहरो़ मे़ पहुंि िुके है़ और
त़िारलटी परीक़़ण रकया िाता है. इसमे़ सफल होने पर उऩहे़ग़़ाहक तक पहुंिा रदया िाता है. यहां एक बड़ा सवाल यह पैिा होता है दक ग््ाहक को आपके जदरये सामान खरीिने से क्या लाभ होगा?
से लेकर घरेलू इस़़ेमाल मे़ आने िाले लगभग हर िीि शारमल है। हम ग़़ाहक का रिश़़ास िीतना िाहते है़. आपके ग््ाहक दकस वग्ा के है्? आमतौर पर हमारे 60 फीसदी ग़़ाहक पुऱि है ि उनकी आयु िग़ि 25 से 45 है.
अगले कुछ माह मे़ हमारा लक़़य 40 और शहरो़तक पहुि ं ने का है. इसमे् पूरी व्यवस्था दकस तरह से काम करती है? इसमे़ रकराने का सामान दुकान पर ही रहता है. इन दुकानदारो़से हमारा अनुबध ं है. ग़़ाहक से आनलाइन आड़िर रमलने पर हमारे रनर (सामान पहुि ं ाने िाले) दुकान पर िाते है़. िहां से सामान लेने के बाद उसका
हम रकराना ि खाने-पीने की 2.5 लाख तरह की िीिे़ उपलब़ध करिाते है़. सबसे पहला लाभ तो बहुत कम दाम पर उऩहे़ सामान रमलता है. उनके पहुंि ि पसंद बेहद व़यापक हो िाती है. आदेश देने के 4 से 6 घंटे के अंदर उनके घर पर सामान पहुंि िाता है. हम ग़़ाहक को ‘रािा’ बनाना िाहते है़. उसे िाने माने ब़़ांड के अलािा स़थानीय ब़़ाड ं भी रमलते है़इनमे़आटा, दाल, िाि, घी
हमारा लक़़य हर उम़़, िग़ि, क़़ेत़, आयिग़िके लोगो़को अपनी सेिा प़़दान करना है. आपको औसतन हर दिन दकतने आड्ार दमलते है् और वे दकतने मूल्य के होते है्? हमे़ औसतन 20 हिार आड़िर रोि रमलते है़. हर आड़िर औसतन 1500 ऱपये का होता है. हमने 1000 से अरधक रकराना स़टोर के साथ अनुबधं रकया हुआ है. स़थानीय दुकानदार अपने ग़़ाहक की िऱरत और पसंद
कवदेशी कसम िाडंा िा कवसंंृत कबल देना होगा
जीएम िी पहली बीट तैयार उदंंोग िो छूट िी घुटी कपलाना, बबंादा ी िे रासंंे पर डालना पांच और संटेशनों पर मुफंत वाई-िाई द़़ोग रिशेि को ररयायत देने की नीरत पर एक रदन हम पूंिी प़़िाह मे़तेिी देखते है़ नरल मोटस़ि इंरडया ने अि़़ेटीना को
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देशी रसम काड़िऔर ग़लोबल काॅरलंग काड़ि सुलभ कराने िाली कंपरनयो़ द़़ारा ज़यादा िाि़ि िसूलने और रबरलंग को लेकर रशकायतो़के बाद टेलीकाॅम रेगुलेटर ने रसफाररश की है रक रिदेश यात़़ा खत़म करने के बाद इन कंपरनयो़को दस रदन के भीतर रिस़़ृत रबल देना िारहये. ट़़ाई ने इंटरनेशनल रसम काड़िऔर ग़लोबल काॅरलंग काड़िबेिने और मोबाइल हैड ़ सेट रकराये पर देने िाली कंपरनयो़के रलए रसफाररशो़िारी की गयी है. ट़़ाई का कहना है रक अगर ग़़ाहक तीस रदन से ज़यादा समय तक रिदेश मे़रहता है तो उसे मारसक आधार पर रबल रदया िाना िारहये और महीना खत़म होने के बाद दस रदन मे़रबल देना िारहये.
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रनय़ाित के रलए अपनी हैिबेक बीट की पहली कार कारखाने से रनकाली है. इस तरह यह लारतनी अमेररकी देश बीट माॅडल के रलये छठा प़़मुख रनय़ाितक बािार हो गया है. अि़़ेटीना को बीट की पहली खेप अगले महीने भेिी िायेगी. कंपनी का इरादा इस साल बीट की 50,000 इकाइयो़ के रनय़ाित का है. यह रपछले साल की तुलना मे़ दोगुनी बढोतरी है. िीएम इंरडया के अध़यक़़ एिं प़़बंध रनदेशक काहेर कािेम ने बयान मे़ कहा, मेक इन इंरडया काय़िक़म के प़़रत अपनी प़़रतबद़़ता के तहत हम अि़़ेटीना के रलए पहला िाहन रनकालकर गौरि का अनुभि कर रहे है़.
एमएमटीसी िा ‘िेससं टवल आि गोलंड’ पंदं शंन ा ी
ए
मएमटीसी ने रािधानी मे़ ‘फेक़सटिल आफ गोल़ड’ की भव़य प़़दश़िनी का आयोिन रकया. इसका उद़्घाटन िारणज़य मंत़ालय के अपर सरिि अिय कुमार भल़ला ने रकया। इस मौके पर एमएमटीसी के अध़यक़़ ि प़़बंध रनदेशक िेद प़़काश भी मौिूद थे. िेद प़़काश ने इस आयोिन के बारे मे़ िानकारी देते हुए कहा रक इस आयोिन का मकसद देश के सभी क़़ेत़ो़ से उत़कृष़िेिरो़को एक ही िगह पर एकऱ़तत कर लोगो़ को मुनारसब कीमत पर मुहैया कराना है. प़़दश़िनी को देखने के रलए रमस इंरडया अंरकता शोरी भी पहुंिी़ थी़. इस
प़़दश़िनी मे़सोने के िेिरो़के अलािा हीरे ि िांदी के िेिरात भी रखे गये है़. एमएमटीसी बहुमूल़य धातुओ़ का एक बडा ब़़ांड और आभूिणो़ के क़़ेत़ मे़ एकमात़़ भारत सरकार का उपक़़म है.
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टरनेट सि़ि इंिन गूगल इंरडया ने इस साल के अंत तक देश के 100 रेलिे स़टेशनो़ पर मुफ़त िाई-फाई सेिा प़़दान करने की योिना के तहत पांि और स़टश े नो़पर यह सेिा आि से शुऱकरने की घोिणा की है. उि़़ैन, ियपुर, पटना, गुिाहाटी एिं इलाहाबाद रेलिे स़टेशनो़ पर यह सेिा शुऱहुई है. केऩद़ीय रेल मंत़ी सुरेश प़़भु िल़द ही इन स़टेशनो़पर मुफ़त िाई-फाई सेिा का औपिाररक उद़़ाटन करे़गे.
का कडा रिरोध करते हुए ररिि़ि बै़क गिऩिर रघुराम रािन ने कहा रक रकसी उद़़ोग के ‘प़़ोत़सारहत’ करना उसे खत़म करने का पक़़ा इंतिाम करने के समान है इसरलए नीरतरनम़ाति ाओ़को रकसी व़यिसाय की रदशा तय करने से बिना िारहए. रािन ने सरकार से ‘कुछ करने’ की बार-बार की रट की भी आलोिना की है. उदाहरण के तौर पर उऩहो़ने िस़़ु रनय़ाित को बढ़ािा देने के रलए ऱपए की रिरनमय दर घटाने की मांग का उल़लेख रकया और कहा रक यह िऱरी नही़ है रक भारत के व़यापार नरमी मुद़ा की रिरनमय दर की ििह से ही हो. िृहतआऱथिक मुद़ो़पर अपनी बेलाग रटप़परणयो़के रलए िाने िाले रािन ने कहा, ‘रनऱ़शत तौर
त़यो़रक रनिेशक िोरखम लेने मे़ऱरि रदखाते है़ और दूसरे रदन रनकासी होती है त़यो़रक उऩहे़िोरखम लेना नही़िाहते.’ रािन ने कहा, ‘मुझसे हमेशा पूछा िाता है रक हमे़रकन उद़़ोगो़को प़़ोत़सारहत करना िारहये. मै़ कहूंगा रक रकसी उद़़ोग को प़़ोत़सारहत करना इसे खत़म करने का सबसे अिूक तरीका है. नीरत रनम़ािता के तौर पर हमारा काम है कारोबार गरतरिरधयो़ को अनुकूल बनाना न रक इसी रदशा तय करना.’ अंतरराष़़ीय मुद़ाकोि के पूि़ि अथ़िशास़़ी ने कहा, ‘भारत िृहत-आऱथिक क़सथरता के रलए घरेलू मंि तैयार करने की कोरशश कर रहा है तारक िृऱद को बढ़ािा रदया िा सके.
एि हजार िे नये नोट
पंकं तबंध खतंम होने से भारत में महंगा हो सिता है पेटंोल
िि़ि बै़क महात़मा गांधी सीररि 2005 के अं तग़ित 1000 ऱप ये के नये नोट िल़द ही िारी करेगा. इस नये नोट पर दोनो़ ही तरफ से नंबर पैनल पर अंग़ेिी िण़िमाला का ‘आर’ अक़़र रलखा होगा. कंेद़ीय बै़क ने आि यह बताया है रक इन नये नोटो़ मे़ बढ़ते क़़म मे़ अंक, सु ख़ि रे खाएं , बडा पहिान रिहन समेत सुरक़़ा के सभी नये फीिर हांेगे. इस नये नोट पर ररिि़ि बै़क के गि़िनर डाॅ. रघुराम रािन का हस़़ाक़़र भी होगा तथा रपछले रहस़से मे़ ऱ़पं रटं ग का िि़ि 2016 अंरकत होगा.
रतीय तेल कंपरनयो़ को अभी तक ईरान से िो कच़़ा तेल सस़़े मे़ रमलता था, िो अब नही़ रमल पायेगा, त़यो़रक 2013 से ईरान पर लगे प़़रतबंध खत़म हो गए है़. इऩही़ प़़रतबंधो़ की ििह से ईरान, भारत को देने िाले तेल का भाड़ा नही़ लेता था, त़यो़रक अब तक उसके पास तेल के ग़़ाहक नही़ थे. प़़रतबंध हटने से ईरान अऩय देशो़ को भी तेल बेि पायेगा, रिससे भारत को सस़़े मे़ तेल बेिने की उसकी मिबूरी खत़म हो िाएगी. नतीिा, भारत को तेल अब महंगा रमलेगा. पेट़ोरलयम मंत़ी धम़़ेद़ प़़धान ने
रर
भा
लोकसभा मे़ बताया रक ईरान ने कच़़े तेल की फ़़ी रशरपंग बंद कर दी है और अब भारतीय तेल शोधक कंपरनयो़ को कच़़े तेल के भाड़े की व़यिस़था स़ियं करनी होगी. फरिरी, 2013 मे़ ईरान पर प़़रतबंध लगने की ििह से ईरान हमारे देश तक खुद तेल लाकर देता था और रसफ़क आधा रकराया मांगा करता था और िो भी ऱपये मे़. लेरकन अब हमारी कंपरनयो़ को पूरा रकराया देना होगा, िो भी यूरो मे़. इसके साथ ही हमे़ फरिरी, 2013 से िमा हुए रबल भी हमे़िुकाने हो़गे.
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13 मई - 19 मई 2016
भवंयता िा नया अधंयाय
हरर मृदुल
रािघराने की कहानी को रफल़माना हो, तो यही सोि रहती है रक भले ही रफल़म ओिर कम बिट की अपेक़ा रकसी भी हालत मे़नही़ बिट हो िाये. परंतु सीन की भव़यता कतई की िा सकती है. उदयपुर की ररयल कम न हो. रफल़म के रनद़़ेशक रोरहत शेट़ी ह बड़ा रदलिस़प पररदृश़य है. बॉलीिुड लोके शन पर इस रफल़म के कई अहम दृश़य कहते है़, ‘रदलिाले’ को बड़ेपरदे पर देखने मे़बड़ेबिट की रफल़मे़िि़ाि पा रही है़ रफल़ म ाए गये है़. रािभिन और रकलो़ की के बाद दश़िक खुद समझ िाये़गे रक यह या रफर एकदम सीरमत बिट की. सीरमत खू ब सू र ती को रदखाने के रलए कई तरह के इतनी महंगी रफल़म त़यो़है? अगर कहानी के बिट 1का दायरा दस करोड़तक का है, तो बड़ेबिट का मतलब है साठ करोड़से सिा ितन रकये गये है़. गौर करे़गे, तो पाये़गे रक रहसाब से रफल़म मे़ खि़ाि न हो, तो रफर सौ करोड़ के बीि के आंकड़े मे़ रफल़म का इस रफल़म मे़ हरिीि बहुमूल़य है. िाहे बेहतर पररणाम की उम़मीद नही़ की िा रनम़ािण. बड़े बिट की रफल़मो मे़ ‘प़़ेम रतन रफल़म का सेट हो, नयनारभराम लोकेशन हो़ सकती है.’ रफल़म ‘बािीराि मस़़ानी’ की धन पायो’(90 करोड़), ‘तमाशा’(65 या रफर कलाकारो़ की ड़़ेस, कही़ भी कोई बात करे,़ तो संिय लीला भंसाली ने एक बार रफर अपनी रफल़म को भव़य बनाने मे़ कोई करोड़), ‘ििीर’ (60 करोड़), समझौता नही़रकया गया है. गीत-संगीत का रफल़मांकन भी कम कसर नही़छोड़ी है. यह उनकी बेहद महंगी ‘रदलिाले’(95 करोड़), ‘बािीराि मस़़ानी’(75 करोड़), ‘रफतूर’ (60 नयनारभराम नही़है. इसका एक ही उदाहरण रफल़म है. हाल ही मे़उऩहो़ने पूना मे़एक डांस करोड़) और ‘रमऱििया ’ (65 करोड़) िैसी ही काफी है. रफल़म मे़ हि़िदीप कौर के गाये सेट तैयार करिाया था, रिसकी तुलना आगामी रफल़मे़ है़. िहां इन रफल़मो़ का एक गाने ‘िलते दीये...’ मे़सात हिार दीये ‘मुगल-ए-आिम’ के शीश महल से की िा दश़िको़ का बेसब़़ी से इंतिार है, िही़ ट़़ेड िलते रदखायी दे़गे . समझा िा सकता है रक सकती है. शीशे के इस सेट पर मस़़ानी बनी रिशेिज़़ो़की गहरी निर है रक इतनी महंगी रनद़़ेशक सूरि बडजात़या ने रफल़म की दीरपका पादुकोण का डांस रफल़माया गया, तो रफल़मो़के रबिनेस का स़िऱप आरखर त़या भव़यता का रकतना खयाल रखा है. इसी तरह लोगो़ को सहि ही मधुबाला के गाने ‘प़यार होगा? दरअसल बड़ेबिट की रफल़मे़अगर बैठ िाती है़, तो उसका असर व़यापक होता छोटे बजट के किकंमोंके साथ-साथ अब बड़ंेबजट की किकंमों है. अत़सर देखा गया है रक ऐसे मे़प़़ोडत़शन का नया दौर भी शुरंहो गया है. और कम से कम छह ऐसी कंपनी का दम रनकल िाता है. इसका किकंमेंआने वाली है जो भवंयता का नया नकारात़मक असर उस बैनर की दूसरी रफल़मो़पर पड़िाता है. लेरकन एक सि यह अधंयाय खोलेंगी. भी है रक अगर ऐसी रफल़मो़को दश़िक पसंद करते है़, तो रफर िांदी हो िाती है. तीन रदन के भीतर रनम़ािण की लागत रनकल आती है. रफल़म ‘तमाशा’ की भव़यता भी िि़ाि का रकया तो डरना त़या...’ की याद आ गयी. इसके बाद मोटी कमाई का रसलरसला शुऱ रििय है. इसमे़ भी मेरकंग के स़़र पर कोई काफी समय के बाद रकसी रफल़मकार ने एक हो िाता है. लेरकन हमेशा ऐसा नही़ होता. समझौता नही़ रकया गया है. दीरपका गाना रफल़माने के रलए इतना महंगा सेट खड़ा अत़सर अरनऱ़शतता बनी रहती है. दश़क ि ो़के पादुकोण और रणबीर कपूर की लीड रोल करिाया . इस रफल़म मे़ बािीराि बने मूड के बारे मे़कुछ नही़कहा िा सकता है. िाली इस रफल़म की लोकेशन भी बड़ी रणिीर रसंह के कई युद़ दृश़य है़, रिऩहे़ कुल रमलाकर यही रक बड़ेबिट की रफल़मो़ मनोरम है़. इन दृश़यो़ को बड़े परदे पर रफल़माने मे़भी बहुत बड़ा खि़ाि आया है. रफल़म ‘रफतूर’ की शूरटंग कश़मीर िैसी मे़ िोरखम भरपूर है. पर इस िोरखम का खूबसूरती से रदखाने के रलए उत़कृष़ सामना साहसी रफल़मकारो़ ने हमेशा ही रसनेमटे ोग़़ाफी और उच़़तकनीक की िऱरत कई ररयल लोकेशन पर हुई है. कैटरीना रकया है. यही ििह है रक बॉलीिुड की पड़ती है, िो रक ‘तमाशा’ के रफल़मांकन मे़ कैफ, आरदत़य राय कपूर और तब़बू की मुख़य भूरमकाओ़ िाली यह रफल़म एक अंग़ेिी मेनस़ट़ीम रफल़मे़ इस समय भव़यता का एक प़़युत़त हुई है. रफल़म ‘रदलिाले’ मे़ शाहऱख खान ने उपऩयास पर आधाररत है. उपऩयास मे़िऱणित नया अध़याय रलख रही है़. रफल़म ‘प़़ेम रतन धन पायो’ का फस़ट़ि कोई कसर नही़छोड़ी है. िैसे भी रकंग खान तमाम क़सथरतयो़को परदे पर साकार करने के लुक देखकर समझ मे़ आ िाता है रक िह की हर रफल़म भव़य होती है. िे सही पररणाम रलए रफल़म के रनद़़ेशक अरभिेक कपूर को रकतनी भव़यता से रफल़माई गयी है. रनऱ़शत पाने के रलए रकसी भी हद तक अपनी रफल़म काफी िद़़ोिहद करनी पड़ी है. इस रफल़म मे़ ऱप से यह ‘रािश़़ी’ बैनर की अब तक की का बिट बढ़़ा सकते है़. रफल़म ‘रदलिाले’ पहले तब़बू की िगह रेखा थी़. कैटरीना और सबसे महंगी रफल़म है. इस रफल़म मे़सलमान की काफी शूरटंग हैदराबाद के रामोिी राि रेखा के कई दृश़यो़ की शूरटंग हो िुकी थी. खान िैसा बॉलीिुड का सबसे महंगा रसतारा स़टूरडयो मे़ भी हुई है. रफल़म के रनद़़ेशक महीना भर शूरटंग करने के बाद रेखा ने एक हीरो है, तो रफल़म का बिट बढऩा ही था. रोरहत शेट़ी भी हर सीन को बड़ेमनोयोग के रदन अिानक यह रफल़म छोड़दी, इसरलए असल मे़रफल़म की कथािस़़ुने इस रफल़म साथ रफल़माते है़. सीन को रदलिस़प बनाने इसका बिट िैसे भी काफी बढ़़गया. रफल़म का बिट दुगुना रकया है. रािस़थान के एक मे़ िे ऱपयो़ की ओर नही़ देखते. उनकी भी ‘रमऱियि ा’ की बात करे,़ तो यह रफल़म पंिाब
य
वसनेमा
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कर देती है.’ इसमे़ कोई शक नही़ रक रफल़म का कथ़य ऐरतहारसक हो, तो बिट अपने आप ही बढ़़िाता है. रफल़म ‘बािीराि मस़़ानी’ और ‘रमऱििया’ के महंगे बिट को इसी पररप़़ेक़य मे़देखा िाना िारहए. रििय िस़़ुकी ििह से बिट का बढऩा एक मिबूरी हो िाती है . रिरभऩन लोकेशनो़ को परदे पर उतारने के रलए महंगे तकनीरशयनो़ की िऱरत पड़ती है. सटीक एत़शन दृश़य न हो़, तो सीन के हास़यास़पद हो िाने मे़ देर नही़ लगती. रफर इधर साउथ की भािाओ़ से रहंदी मे़ डब हुई ‘बाहुबली’, ‘ऱद़मा देिी’ और ‘पुली’ िैसी रफल़मो़ ने बॉलीिुड के दश़िको़ को एक नये रिस़़ृत कैनिास के भव़य रसनेमा का पररिय करा रदया है. रफल़म ‘बाहुबली’ तो हर रलहाि से हॉलीिुड को टक़़र देती रफल़म है. रहंदी मे़ डब होकर इस रफल़म ने िैसी िाहिाही लूटी है, िह एक प़़रतमान है. कहने की िऱरत नही़है रक रहंदी रफल़मो़के दश़िक भी बॉलीिुड मे़अब ऐसे ही भव़य रफल़मांकन की उम़मीद करने लगे है़. यह रहंदी रसनेमा के रलए एक नयी िुनौती की तरह है. साउथ की की प़़रसद़़ प़़ेम कथा ‘सारहबां रमि़ाि’ पर रफल़मे़एक अरसे से हॉलीिुड को टक़ऱ देती आधाररत है. इस रफल़म के रलए रफल़मकार आ रही है़. अब इि़़त बिाने के रलए राकेश ओमप़क ़ ाश मेहरा ने अनूठी लोकेशनो़ बॉलीिुड को भी ऐसा रसनेमा देना ही पड़ेगा. का तो िुनाि रकया ही है, कई महंगे सेट भी लेरकन इन बड़ी रफल़मो़के साथ रदक़़त यह खड़े रकये है़. मेहरा भी रफल़मांकन मे़ कोई है रक ये अपने महंगे रटकटो़ से आम रसने समझौता न करनेिाले रफल़मकारो़मे़से एक दश़िक को टे़शन मे़ डाल देती है़. सपररिार है़. िे िानबूझकर महंगी रफल़म नही़ बनाते इन रफल़मो़को देखने के रलए एक बड़ी रकम
है़, लेरकन कथािस़़ुको रिश़़सनीय बनाने के रलए हर संभि प़़यास करते है़ और खि़़े से नही़ डरते है़. िे कहते है़, ‘रफल़म की भव़यता कोई बाहरी िीि नही़होती है. कहानी की मांग मुतारबक ही रकसी रफल़म का रफल़मांकन होता है. िबद़िस़ी की भव़यता हमेशा ही भद़़ी लगती है. रकसी रफल़म की व़यथ़िकी िमक दमक उसके प़़भाि को नष़़
खि़ि करनी पड़ िाती है. रदक़़त तब होती है, िब इन रफल़मो़मे़रसफ़कभव़यता ही निर आती है, कहानी इस भव़यता मे़ गायब हो िाती है. कुछ महीने पहले ‘बांबे िेलिेट’ (80 करोड़) ने इसी ििह से बॉत़स ऑरफस पर मुंह की खायी थी और दो सप़ताह पहले ररलीि हुई रफल़म ‘शानदार’ (60 करोड़) का भी ऐसा ही हश़़हुआ है.
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13 मई - 19 मई 2016
सुभाष चंद् कुशराहा
गुलाबी के बीच कुछ धूसर
गु
िरात के रिस 'रिकास मॉडल' को लगातार आदश़ि बताया िाता है, उसका ित़िमान अतीत से अरधक प़़भारित है. अंग़ेिो़के भारत आगमन के साथ ही गुिराती व़यापाररयो़ने रफिी, हांगकांग के साथ पूि़ी और दऱ़कणी अफ़़ीका मे़ पांि िमा रलये थे. महात़मा गांधी का दऱ़कण अफ़़ीका िाना इसका उदाहरण है. धीऱभाई अंबानी ने मुंबई मे़ पैर िमाने के पहले खाड़ी देश अदन िाकर व़यापार करना सीखा था. कहने का मतलब यह रक गुिराती व़यापारी पहले से समृद़ और फैले रहे है़. यही सि है. गुिरात यात़़ा के दौरान मेरे िेहन मे़अतीत और ित़िमान की खूबसूरत छरियां अंरकत थी़. मै़ साबरमती नदी के उस ररिर व़यू को देखना िाहता था िहां िीन के राष़़परत झूला झूल गये थे. िहां िाकर पता िला रक यह खूबसूरत ररिर व़यू बनािटी है. कुछ रकलोमीटर तक तो साबरमती उधार के पानी से लबालब है लेरकन अहमदाबाद से 8-10 रकमी बाहर रनकलते नदी का मुरझाया िेहरा रिकास के खोखलेपन को उिागर कर देता है. ररिर व़यू के दूसरी ओर साबरमती आश़़म भी है िहां गांधी िी के िीिन के सभी पक़़देखे और समझे िा सकते है़. अहमदाबाद शहर मे़ कदम रखते ही यह समझ मे़ आ गया था रक यातायात के मामले मे़यह रिकरसत राज़य रबहार और उत़़र प़़देश िैसे रपछड़े राज़यो़ से कुछ खास बेहतर नही़ है. मै़ने पाया रक िहां 80 प़़रतशत दोपरहया िालक रबना हेलमेट िाहन िलाते है़. िौराहो़ पर दाये़, बाये़, उल़टी रदशा मे़ और लालबत़़ी की अनदेखी करके िलते हुए िाहन िालक निर आये. यह अरािकता रिकास के रमथ के उलट निर आयी. अहमदाबादिामनगर-द़़ारका की अच़छी सडके़िास़ि़ मे़रिकास का आभास देती है़लेरकन सौराष़़और कारठयािाड़के तमाम रािमाग़़ो़ पर छकड़ो़ मे़ ठूंसी और लटकी हुई सिाररयां रिकास की पोल खोल देती है़. यह तस़िीर पऱ़शमी उत़़र प़द़ श े के िुगाड़िाहनो़का ही प़ऱतऱप है. फक़ककेिल यह है रक िुगाड़िाहन स़थानीय स़़र पर ही बना रलये िाते है़ िबरक छकड़ा िाहनो़मे़रािदूत का इंिन लगा है. पीछे लकड़ी का एक ढांिा लगा रदया िाता है. इस िाहन का बकायदा पंिीयन होता है. गुिरात की करीब एक रतहाई आबादी के रलये यही रिकास की सिारी है. बंदरगाह की सुरिधा और भौगोरलक क़सथरत ने यहां व़यापार को पनपने का अिसर रदया है लेरकन आम आदमी की रिंदगी कुछ खास नही़ बदली है. गांि के मकान, कच़़े और पके़ दोनो़ है़. फूस की झोपरडय़ां भी देखने को रमल िाती है.़ पशुपालन करके पेट पालने िाले तमाम गुिराती घुमंतु िीिन रबता रहे है़. ररलायंस और एस़सार ररफायनरी, टाटा नमक, अंबुिा सीमे़ट िैसी कंपरनयो़ ने अपने रिकास के रलये गुिरात के प़़ाकृरतक संसाधनो़ का िबरदस़़ दोहन रकया है. इसकी कीमत
आने िाली पीरढय़ो़ को िुकानी होगी. सभी बड़े उद़़ोग, है. मनुष़यता को नफरत ने इस कदर दूर कर रदया है रक शोध के बिाय, प़़ाकृरतक संसाधनो़ का उपयोग कर, लगता नही़रक सुल़तान अहमद शाह के बसाये इस शहर मुनाफा कमाने मे़ लगे है़. इन भारी भरकम उद़़ोगो़ ने के रहंदू और मुसलमान दोबारा एक हो सके़गे. आि िमीनी पानी का दोहन बेदद़़ी से रकया है. प़़देश की अहमदाबाद मे़ सुल़तान अहमद शाह का कोई नामलेिा अरधकांश नरदयां सूख िुकी है़. साबरमती ररिर व़यू को नही़ है. उस शासक के नाम पर कोई सडक भी नही़ है. रिस तरह प़़िाररत कर अहमदाबाद के रिकास की पीठ रिस स़थापत़य कला को उसके शासन काल मे़ स़थान थपथपायी िाती है, िह भी सरदार सरोिर बांध के उधार रमला था, उसे देख ऱ़बरटश शासक भले अिंरभत हुए हो़, के पानी के बल पर दश़िनीय है. गुिरात की खेती नकदी ित़िमान शासक तो नष़़ कर अपनी पीठ थपथपा रहे है़. फसलो़की खेती है. कपास, धरनया, अरंडी आरद यहां की बिपन मे़इरतहास की रकताबो़मे़अहमदाबाद की रिश़़ प़़मुख पैदािार है़. लहसुन, प़़रसद़़ झूलती मीनारे़ और गऩना भी कुछ हद तक बोया गुजरात के पयंशटन को वहां की िामी मस़िीद की तस़िीरे़ िाता है. कपास की खेती ने देखी थी़. लगभग समान पानी का िमकर दोहन रकया सांपंदाकयक नीकत नषंंकर रही है. हर स़थापत़य कला को समेटे, शहर और कसंबे मेंकजस तरह सुल़तान की रहऩदू बीिी, रानी है. रसंिायी के रलये करीब 85 प़़रतशत लोग रनिी शंंीसंवामी नारायण के मंकदरोंको ऱपािती की मक़सिद के बारे साधनो़ का प़़योग करते है़. मे़भी पढ़़ा था. रसदी सैयद की दीि से अहमदाबाद तक संथाकपत ककया गया है, वे पयंशटन को िाली, रिसको अहमद शाह करीब 800 रकमी की सडक खींच पाने मेंअसिल हैं. अपने अतीत के नौकर रसदी सैयद ने यात़़ा मे़ मुझे कही़ कोई नदी मे़ बनिाया था और के संथापतंय के पंंकत कहकारत गुजरात 1573 मिलती, इठलाती नही़ रिसमे़ एकल पत़थर की रदखी. खेतो़का सूखापन मन पयंशटन कवभाग की कायंशपंणाली पर रखड़रकयो़की अऱ़दतीय िाली को सुखाता है. सूखते अरंडी की कारगरी के बारे मे़ भी सवाकलया कनशान लगाती है. के खेत, रकसानी पर आसऩन पहले से िानता था. संकट का संकेत देते है़. अहमदाबाद पहुंिते ही मेरे मन मे़ पहली इच़छा इऩही़ गुिरात का रिकास मॉडल भी प़़ाकृरतक संसाधनो़ पय़िटक स़थलो़को देखने की थी. को लीलते हुए सामारिक तानेबाने मे़फंफदूं की तरह िम मै़ने पंद़ह रदन के रलये एक टैत़सी ले रखी थी. पहले गया है. अहमदाबाद की धरती 2002 की प़़ेत छाया से रदन िालक को िब इन स़थानो़ पर िलने को कहा तो अभी भी मुत़त नही़ है. 14 साल बीत िुके है़ लेरकन उसने हैरानी ितायी. उसने कहा रक िह मुझे साबरमती सामारिक तानेबाने मे़ खौफ और िुप़पी है. शायद आश़़म, अक़़रधाम मंरदर, कनकररया लेक, साइंस समरसता स़थारपत करने का कोई प़़यास नही़ हुआ है. म़यूरियम, श़़ी स़िामीनारायण मंरदर, िैन मंरदर और सांप़दारयक रहंसा का दद़िसमाि की आंखो़मे़झलक रहा बािड़ी रदखायेगा त़यो़रक गुिरात के दश़िक इऩही़ स़थलो़ को देखने आते है़. मै़ टैत़सीिाले की बोली और भािा से थोड़ा रनराश हुआ. पहले रदन उसने अपनी मि़़ी से इऩही़ स़थलो़ को रदखाया. अडालि की बािड़ी अच़छी लगी. उसकी कारगरी देख मन मुग़ध था मगर िहां की गंदगी ने मन को खट़़ा रकया. दूसरे रदन मै़ने टैत़सी िालक से रिद की तो उसने कहा रक 'मुसलमानो़के क़़ेत़मे़टैत़सी िाले नही़िाते है़. आपको मै़लाल दरिािे के पास उतार दूंगा. िहां से आप सडक के दूसरी ओर िाकर आटो ले सकते है़. तीन दरिािा या मानक िौक की ओर िे ही िाये़गे.' उसने िैसा ही रकया. मुक़सलम इलाके मे़िाने के रलये हम सडक पार करते ही रसदी सैयद की िाली के पास आ गये थे. िहां से 'रमयां भाइयो़' का इलाका शुऱहोता है़. रसदी सैयद की िाली के पास हमने एक आटो िाले से झूलती मीनारे़ और िामी मक़सिद िलने का अनुरोध रकया. आटोिाला कुछ देर तक मुझे संदेह की रनगाहो़से देखता रहा. िब मै़ने उसे समझाया रक ऐरतहारसक स़थलो़ को
पयंाटन
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देखने के रलए दूसरे प़़देश से आया हूं, तब उसने आटो मे़ बैठने का इशारा रकया. आटोिाला िुप था. उसकी िुप़पी मुझे खल रही थी. मै़ने बातिीत शुऱ की. िह धीरे-धीरे सामाऩय होता गया और कुछ समय बाद बड़ी आत़मीयता से बातिीत करने लगा. मुझे मक़सिदो़ मे़ पत़नी के साथ िाने की इिाित रमल गयी. झूलती मीनारो़ पर लगा पुरातत़ि रिभाग का पत़थर टूटा पड़ा था. सामने बकररयां और िानिर गंदगी फैलाये बैठे थे. एक ऐरतहरसक इमारत के पास न तो कोई गाड़ि था और न साफ-सफाई की व़यिस़था. आटोिाले ने झूलती मीनारो़के बारे मे़बताने के रलये पड़ोस के एक युिक को बुला रलया. युिक ने रबना कोई पाररश़़रमक रलए मीनारो़ के स़थापत़य के बारे मे़ बताया. उसने बताया रक पहले ऊपर िढ़़ कर एक मीनार को रहलाने पर दूसरी अपने आप रहलती थी. अंगि ़े ो़ने एक मीनार के ऊपरी रहस़से को तोड़ कर कारण समझने की कोरशश की मगर सफलता न रमली. रिशाल हाते िाली िामी या िामा मक़सिद मे़ एक मौलिी साहब रमल गये िो 30 साल पहले रबहार के मुिफरनगर से यहां आ बसे थे. िामी मक़सिद का रनम़ाण ि 1424 मे़सुलत़ ान अहमद शाह द़़ारा रकया गया था रिसके प़़मुख प़़ाथ़िना कक़़ मे़ 260 खंबे है़. मक़सिद की मीनारे़ 1819 के भूकंप मे़ टूट गयी़. रफर भी शेि बिे रहस़से के पत़थरो़की कारीगरी देखकर आश़़य़िहोता है. मीनारो़के दोनो़ ओर अद़़त नक़़ाशी के पत़थर लगे है़. इस इलाके को तीन दरिािा कहा िाता है़. यह बेहद भीड़भाड़िाला और प़़दूरित इलाका है. िाहनो़ के धुंए मे़ दम घुटता है. दुकानो़ और सडक मे़ फक़क करना मुक़शकल िान पड़ता है. दोनो़मक़सिदो़को देख कर हम रसदी सैयद की िाली िाले िौराहे पर आ िुके थे. आटो िालक ने हमे़सडक पार कराकर िहां तक पहुंिाया, िहां मेरी टैत़सी खड़ी थी और सलाम करते हुए रिदा ली. अब हम टैत़सी मे़थे और अपेक़ाकृत िौड़ेरास़़ेपर. एक बार रफर मैऩ े टैतस ़ ी िालक से पूछा रक रानी ऱपािती की मक़सिद इधर ही है, िहां भी िलना है. इस बार भी टैत़सीिाले ने साफ मना कर रदया. बोला, 'ऐसी कोई मक़सिद नही़है.' तभी आशा की रनगाह माग़िपर ही क़सथत उस ऐरतहारसक मक़सिद पर पड़ गई. मोटे अच़छरो़ मे़ साफ-साफ रलखा हुआ था-'रानी ऱपािती की मक़सिद.' हमने गाड़ी रोकने को कहा और उतर कर मक़सिद मे़िले गये िहां तीन रिदेशी खूबसूरत नक़़ाशी को कैद कर रहे थे. अगले रदन हमने टैतस ़ ी िाले से िली गुिराती या िली दक़़नी के मकबरे िाली िगह पर िलने को कहा. उसने मुझे बताया था रक िह 25 साल से शहर मे़टैत़सी िला रहा है. मुझे लगा उसने मकबरे को देखा होगा िो 2002 तक मौिूद था. लेरकन िह झुंझला गया. उसने अपने मारलक से बात करायी और उसके मारलक ने कहा रक हमे़िो िगह मालूम है केिल िही रदखा सकते है़. िली गुिराती का कोई मकबरा यहां कभी नही़रहा. आप िाहे़ तो कल से दूसरी गाड़ी ले सकते है़. थक हार कर मै़ने अगले रदन टैत़सी बदल दी. िली गुिराती के मकबले िाली िगह मुझे हाईकोट़िके एक िकील ने रदखायी. उद़िू शायरी के बाबा आदम िली दकनी सांप़दारयक सौहाद़िके रहंदुस़ानी नगीने थे. हालांरक िह औरंगाबाद मे़ िऩमे़ लेरकन गुिरात से उनको बेहद प़यार था. उऩहे़ रहंदू व़़त त़योहारो़ से भी लगाि था लेरकन 2002 मे़ भाईिारे के दुश़मनो़ ने उनकी कब़़ को िमीन मे़ गाड़ कर उस पर सडक बना दी. कुल रमलाकर गुिरात के पय़िटन को िहां की सांप़दारयक नीरत नष़़कर रही है. हर शहर और कस़बे मे़ रिस तरह श़़ीस़िामी नारायण के मंरदरो़को स़थारपत रकया गया है, िे पय़िटन को खी़ि पाने मे़असफल है़. धम़िको व़यापार की शत़ल दे दी गयी है लेरकन अपने अतीत के स़थापत़य के प़़रत रहकारत, गुिरात पय़िटन रिभाग या भारतीय पुरातत़ि रिभाग की काय़िप़णाली पर सिारलया रनशान लगाती है.
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13 मई - 19 मई 2016
घोड़ाडो़गरी मे़ चुनावी नबगुि
पूजा रसंह
भोपाल. मध़य प़द़ श े के बैतल ू रिले के घोड़ाडो़गरी रिधानसभा उपिुनाि के रलये दोनो़ प़़मुख दलो़ भािपा और कांग़ेस ने िुनािी रबगुल फूक ं रदया है. भािपा ने यहां से मंगल रसंह धुि़े को उम़मीदिार बनाया है िबरक कांग़ेस ने पुराने रदग़गि प़़ताप रसंह उइके पर दांि खेला है. क़त़े ़मे़मतदान 30 मई को होगा. मंगल रसंह धुि़ेके नाम की घोिणा होते ही भािपा मे़बगाित के सुर सुनायी देने लगे. यह सीट भािपा रिधायक सि़ऩ रसंह उइके के रनधन के बाद खाली हुयी थी. माना िा रहा था रक पाट़़ी यहां पर सहानुभरू त काड़िखेलते हुए उनकी पत़नी गंगा उइके को रटकट देगी. लेरकन आंतररक गुटबािी के िलते उनके नाम पर सहमरत नही़बन सकी. पाट़़ी ने िार नामो़का पैनल बनाया था रिसमे़गंगा उइके का नाम शारमल था लेरकन अंरतम सहमरत मंगल रसंह धुि़ेके नाम पर बनी. मंगल रसंह धुि़े ित़मि ान मे़ बैतल ू की रिला पंिायत के अध़यक़़ है़ और घोडाडो़गरी रिधानसभा क़त़े ़
घो
ड़ाडो़गरी िुनाि रपछले रदनो़ उस समय िि़ाि मे़आया था िब शाहपुर ब़लॉक के छोटे से गांि कोिामऊ मे़रपछले 26 साल से रह रहे इंरडयन इंसट़ ीट़ट़ू ऑफ टेतऩ ोलॉिी (आईआईटी) के पूिि़ प़़ोफेसर आलोक सागर को िुनाि तक गांि न छोडने पर पुरलस द़़ारा िेल मे़ डालने की धमकी का मामला सामने आया था. हालांरक शाहपुर के टीआई रािेद़ ़धुि़ेने इस बात से इनकार करते हुए कहा रक बाहरी व़यक़तत होने के कारण उनको सामाऩय पूछताछ के रलये तलब रकया गया था. इससे पहले समाििादी िन पररिद के अनुराग मोदी ने आरोप लगाया था रक आलोक सागर को
एम कुमार
की शाहपुर तहसील से ही िीतकर रिला पंिायत अध़यक़़ िुने गये है़. िानकारो़ के मुतारबक बैतल ू सांसद हेमतं खंडल े िाल और संघ का समथ़नि उनके काम आया. खबरो़के मुतारबक नाराि गंगा उइके ने पाट़़ी छोड़ने का मन बना रलया है. हालांरक पाट़़ी के बड़ेनेता उनको मनाने की कोरशशो़मे़िुट गये है.़ खुद मुख़यमंत़ी रशिराि रसंह िौहान ने धुि़े के नामांकन दारखल कराने पहुि ं कर एकिुटता का संदश े देने की कोरशश की. पुरलस ने उपिुनाि होने तक गांि छोडने िरना िेल मे़ डालने की धमकी भी दी. इसके रलये आिार संरहता को बहाना बनाया गया आलोक सागर ने 1973 मे़आईआईटी रदल़ली से एमटेक रकया. िि़ि 1977 मे़ ह़यूस़टन यूरनिऱसिटी टेत़सास अमेररका से शोध रडग़़ी ली. इसके बाद इसी यूरनिऱसटि ी से पोस़ट डॉत़टरेट और समािशास़़रिभाग, डलहौिी यूरनिऱसिटी कनाडा मे़ फैलोरशप की. रिगत 26 सालो़से िे अपनी शैकऱणक योग़यता रछपाये िंगल को हरा-भरा करने के अपने रमशन मे़लगे थे त़यो़रक िे शैकऱणक योग़यता के आधार पर िे ओरो़से अलग नही़ रदखना िाहते थे.
हनजी संकल ू ों पर एसंमा
चंडीगढ़. रनयम 134 ए के तहत गरीब बच़़ो़को भी महंगे रनिी स़कल ू मे़दारखले का हक संिालको़के अरड़यल रिैये की ििह से अटक रहा है. इसके रिरोध मे़ रनिी स़कल ू संिालक हडताल पर है. ऐसे स़कल ू संिालको़ पर रशंकिा कसने की तैयारी करते हुये सरकार ने एस़मा लगाने का रनण़यि रलया है. अब यरद िल़दी ही स़कल ू संिालको़ ने इन बच़़ो़को दारखला नही़रदया तो इनके रखलाफ माऩयता रद करने की काऱिि ाई की िा सकती है. रिन स़कल ू ो़को एनओसी रदया था, उसे भी िापस रलया िा सकता है. हररयाणा के गृह और स़कल ू रशक़़ा रिभाग के एरडशनल िीफ सेकट़े ़ी पीके दास ने कहा रक दूसरी से आठिी़ और नौ़िी़से बारहिी़कक़़ा तक के उन बच़़ो़ को दारखला पहले िरण मे़ रदया िाएगा रिनके टेसट़ या मंथली टेसट़ मे़55 फीसदी या ज़यादा अंक आए है.़ उऩहो़ने बताया रक िल़द ही प़़ाइिेट स़कल ू संिालको़ के साथ मीरटंग RNI- DELHIN/2015/ 65658
करेग़ .े उऩहो़ने कहा रक पंिाब एिं हररयाणा हाईकोट़िने भी प़़ाइिेट स़कल ू ो़को दारखला देने के रनद़श ़े दे रखे है.़ कोई भी प़़ाइिेट स़कल ू संिालक इस तरह से स़कल ू बंद नही़ कर सकता. इसरलए रिन बच़़ो़को प़़ाइिेट स़कल ू ो़ मे़दारखला देने के रलए भेिा िाएगा, उऩहे़हर हालत मे़ दारखला देना ही होगा. एरडशनल िीफ सेकट़े ़ी ने बताया रक फैसला हुआ है रक पहले िरण के बाद दूसरे िरण मे़उन बच़़ो़ को दारखला देने की प़ऱ़कया शुऱकी िायेगी, रिनके 55 फीसदी से कम अंक है.़ मगर यह दारखला रकतने अंक िालो़ को देना है, यह बाद मे़ तय होगा. दास ने बताया रक रिन प़़ाइिेट स़कल ू ो़ने रपछले साल 134ए के तहत गरीब बच़़ो़ को दारखला रदया था, उनकी फीस 60 करोड़ऱपये की प़ऱतपूरत़ ि करने के रलए रित़़रिभाग ने मंिरू कर रदए है.़ यह रारश िल़द ही स़कल ू ो़ को दे दी िायेगी. इस साल दारखला देने िालो़बच़़ो़की फीस की प़ऱतपूरत़ ि तीन या िार महीने मे़की िायेगी.
कांग़ेस ने यहां से पूि़ि रिधायक प़़ताप रसंह उइके को प़त़य़ ाशी घोरित रकया गया है. प़त़ ाप रसंह उइके अनुभिी और कद़़ािर नेता माने िाते है.़ िह 1993 से 1998 और 1998 से 2003 तक लगातार दो बार घोडाडो़गरी क़त़े ़से रिधायक रह िुके है.़ माना िा रहा है रक िह भािपा के समक़़ कड़ी िुनौती पेश करे़गे. मैहर उपुिनाि मे़ अंरतम समय तक कमिोर निर आ रही भािपा ने अंरतम समय पर िातीय समीकरणो़को साधने मे़कामयाबी हारसल की थी. िही़मुखय़ मंत़ी रशिराि रसंह भी िहां लंबे समय तक डेरा डाले रहे. घोड़ाडो़गरी मे़भी कांगस ़े की मिबूत िुनौती को देखते हुए भािपा कोई िोरखम उठाना नही़ िाहती है. यही ििह है रक रपछले रिधायक के रनधन के तत़काल बाद इलाके के रलये रिकास काय़़ो़की घोिणा का दौर शुऱ हो गया था. मुखय़ मंत़ी रशिराि रसंह िौहान ने कहा भी रक क़त़े ़मे़आिार संरहता लागू होने के कारण िह कोई िादा नही़ कर सकते है़ लेरकन यहां िल रहे रिकास काय़़ो़ की गरत धीमी नही़होने दी िायेगी. प़द़ श े मे़हुए रपछले सात उपिुनािो़मे़से भािपा को छह मे़िीत हारसल हुई है िबरक कांगस ़े को एक सीट पर िीत हारसल हुई है. यह आठिां उपिुनाि है.
नाकामी से पड़ा अकाल
नयी दिल्ली. उत़ऱ प़द़ श े और मध़य प़द़ श े के गंभीर सूखा प़भ़ ारित बुदं ल े खंड क़त़े ़ के तािा सि़़ेमे़सूखा संकट अकाल की ओर बढ़ता हुआ निर आया. बाररश होने मे़अभी समय है लेरकन पीने के पानी का संकट अपनी िरम पर है. क़सथरत मध़य प़द़ श े िाले क़त़े ़मे़ खतरे के रनशान को भी पार कर गया है. समाि का रनिला तबका भूख और गरीबी की कगार पर है.़ पशुओ़ के रलए भुखमरी की क़सथरत है. पशुिारा की कमी और िल संकट के कारण पशुओ़के मौत की संखय़ ा मे़भारी इिाफे की ररपोट़िसामने आयी है. ऐसे समय मे़लोग सरकार की ओर देखते है.़ दुभा़गि य़ की बात है रक दोनो़राज़य सरकारो़ने इस नािुक मौके पर आंखे़मूदं ली है. िहां उत़ऱ प़द़ श े की सरकार ने कुछ रिशेि घोिणाएं इस क़त़े ़ के रलए की है.़ िही़मध़य प़द़ श े की सरकार ने इस औपिाररकता को भी नही़रदखाया. हालांरक इन औपिाररक घोिणाओ़का िमीनी स़ऱ पर कोई प़भ़ ाि नही़है. सूखा राहत के ऱप मे़ मनरेगा का पय़ापि त़ ऱप से उपयोग नही़ हो रहा है. मध़य प़द़ श े सरकार तो िैसे रबलकुल नही़ कर पा रही. फसल नुकसान का मुआििा रपछले 6 महीने से रकसानो़ तक नही़ पहुि ं ा है, खासकर उत़ऱ प़द़ श े मे.़ पीने के पानी के संकट से रनपटने मे़ दोनो़ सरकारो़ की रनष़ऱकयता आश़य़ ि ि़ नक है. ये सारे पररणाम उत़ऱ प़द़ श े के 7 रिलो़ और मध़य प़द़ श े के 4 रिलो़ मे़ प़भ़ ारित बुदं ल े खंड क़त़े ़मे़स़िराि अरभयान द़़ारा कराये गए सि़़ेमे़सामने आये है.़ स़िराि अरभयान ने 2015 के निम़बर-रदसम़बर के महीने मे़उत़ऱ प़द़ श े के 109 गांिो़और मध़य प़द़ श े के 63 गांिो़मे़पहले दौर का सूखा प़भ़ ाि आकलन सि़़ेरकया था. ये गांि 2011 की िनगणना के
आंकडो़से िुने गये थे और िुने गये रिलो़के सभी तालुको़मे़फैले हुये थे. इस तािा सि़़ेमे़ रपछले सि़़ेके िुने गये गांिो़मे़से उत़ऱ प़द़ श े के 79 गांिो़और मध़य प़द़ श े के 43 गांिो़को शारमल रकया गया है. सि़़ेमे़6 से 8 मई के बीि फोन द़़ारा गांिो़ मे़ रह रहे िानकार व़यक़ततयो़ से पूछ कर आंकडा इकठ़़ा रकया गया. मध़य प़द़ श े के टीकमगढ़, छतरपुर, पऩना और दरतया रिलो़मे़सि़़ेरकया गया. िहां िल संकट खतरे के रनशान से ऊपर है. तकरीबन िालीस गांिो़की ररपोट़िहै रक हर गांि मे़िालू िापाकलो़की संखय़ ा घटकर एक या दो ही रह गयी है. रपछले तीन महीने मे,़ उत़ऱ प़द़ श े और मध़य प़द़ श े दोनो़राज़यो़के बुदं ल े खंड क़त़े ़के तीन िैथाई गांिो़मे़पीने के पानी की क़सथरत को लेकर सरकारो़की पूरी तरह नाकाम रदख
रही है. रपछले एक महीने मे़ उत़ऱ प़द़ श े के बुदं ल े खंड क़त़े ़ के 41 गांिो़ मे़ भूखमरी के कारण 10 से ज़यादा पशुओ़की मौत को ररपोट़ि मे़बताया गया है. इतना ही नही़उत़ऱ प़द़ श े के बुदं ल े खंड के 59 गांिो़ मे़ 10 से ज़यादा पररिारो़को दो िून के भोिन भी नही़रमलने की ररपोट़ि मे़ बात की गयी है. हालात इतने खराब है़रक मध़य प़द़ श े के बुदं ल े खंड क़त़े ़मे़ रसफ़क5 गांिो़मे़मनरेगा का काम ित़मि ान मे़ िल रहा है िबरक उत़ऱ प़द़ श े के बुदं ल े खंड मे़ रसफ़क6 गांिो़मे़फसल नुकसान का मुआििा रमला है.
भारतीय वेबसाइट को अंतरराषंंीय पुरसंकार रीता रतरारी
भा
रतीय िेबसाइट ‘स़टॉप एरसड अटैतस ़’ को अंतरराष़़ीय बेसट़ आफ आनलाइन एक़तटरिज़म (बाब़स) पुरस़कार से सम़मारनत रकया गया है. इसके अलािा एक अऩय भारतीय िेबसाइट ‘िौपाल’ ने यूिस़िपुरस़कार िीता है. िम़नि प़स ़ ारण संसथ़ ा डॉयिे िेले ने इन पुरस़कारो़का एलान रकया है. उसकी ओर से िारी एक प़स ़े रिज़क़प़त मे़इसकी िानकारी दी गयी है. इस मौके पर डॉयिे िेले के महारनदेशक पीटर रलम़बगु ि़ ने कहा रक अरभव़यक़तत की आिादी के रलहाि से िि़ि 2016 अच़छा साल सारबत नही़हो रहा है. सभी महाद़़ीपो़मे़अरभव़यक़तत पर रकसी न रकसी ऱप मे़रोक लगायी िा रही है. दूसरे रििेताओ़मे़ रििेताओ़ मे़ बांगल ़ ादेश, ईरान ि िम़नि ी की संसथ़ ाएं शारमल है।़ अंतरराष़़ीय ज़़ीयू ने इस मौके पर 14 भािाओ़ के आनलाइन प़़ोिेतट़ पर िि़ाि की. इस साल ‘सोशल िेि ़ ’ श़ण ़े ी के तहत
भारत के रिस ‘स़टॉप एरसड अटैतस ़’ (एएसए) िेबसाइट को पुरस़कार रदया गया है, िह एक ऐसा अरभयान है िो एरसड (तेिाब) रहंसा से पीरडत को लडने का हौसला देता है. एएसए पीरडत मरहलाओ़ को आत़मरनभ़रि बनाने का और उऩहे़समाि मे़सम़मानिनक िगह रदलिाने के रलए काम करता है. अरभयान का मकसद है रक तेिाब के हमले से िूझने िाली मरहलाएं खुद को अकेला और कमिोर महसूस न करे.़ इन मरहलाओ़के रलए नई रिंदगी की राहे़ आसान करने मे़ यह िेबसाइट अपना योगदान दे रही है. ज़यरू ी के भारतीय सदस़य अरभनंदन सेखरी ने इस बारे मे़ कहा रक एरसड हमलो़ को रोकना एक मुकश़ कल लडाई है. इन लोगो़ने एरसड हमले की पीरडतो़ की ओर समाि का दृऱषकोण बदला है. दूसरी श़ण ़े ी ‘रसरटिन िऩरि लज़म’ मे़ बांगल ़ ादेश की डात़यमू टे़ ़ी ‘रेिस़ि एि’ को पुरस़कतृ रकया गया. रपछले एक साल से
बांगल ़ ादेश मे़ब़लॉगर लगातार कट़ऱ पंरथयो़के रनशाने पर रहे है.़ रेिस़ि एंि नामक यह डॉत़यमू टे़ ़ी रफल़म इऩही़हत़याओ़और ब़लागरो़ की रदक़त़ ो़को दश़ाति ी है. बांगल ़ ादेश की ज़यरू ी सदस़य रफीदा अहमद खुद रपछले साल की रििेता है.़ उनके परत अरभिीत राय की 2015 मे़ हत़या कर दी गयी थी. रफीदा कहती है-़ लगातार दो साल तक बांगल ़ ादेश के प़़ोिेतट़ का िीतना रदखाता है रक देश मे़ हालात सुधरने की बिाय रबगडते ही िले िा रहे है.़ रपछले पांि हफ़तो़मे़िार लोगो़की हत़या हो िुकी है. उनका कहना था रक धम़रि नरपेक़ काय़क ि त़ा,ि लेखक, ब़लॉगर, प़़ोफेसर और अल़पसंखय़ क अब कही़भी सुरऱ़कत नही़है.़ रलम़बगु ि़ने कहा-हमारी संसथ़ ा दुरनया भर मे़अरभव़यक़तत की आिादी का समथ़नि करती है. बॉब़स के िररए हम भािाओ़ि संसक ़ रृ तयो़ की सीमाओ़से परे उन साहसी और रिनात़मक लोगो़को सम़मारनत कर रहे है,़ िो अरभव़यक़तत की आिादी के रलए काम कर रहे है.़
स़ित़िारधकारी, प़़काशक और मुद़क: क़़मता रसंह के रलए अमर उिाला पक़बलकेशंस रलरमटेड, सी-21, 22, सेत़टर-59, नोएडा, उत़़र प़़देश से मुऱदत एिं दूसरी मंरिल, बी-146, हररनगर आश़़म, नयी रदल़ली- 110014 से प़़कारशत. संपादकः अंबरीश कुमार (पीआरबी अरधरनयम के तहत समािारो़के ियन के रलए रिम़मेदार) सभी कानूनी रििादो़के रलए ऩयाय क़़ेत़रदल़ली होगा. संपक़क: +91.8004903209, 9793677793 ईमेल: shukrawaardelhi@gmail.com