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AADCd Family Workshop 3; Clinical Presentation; Understanding the Symptoms & Treatments HINDI

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AADCd फे मिली वर्क शॉप 3 AADCd की क्लिनिकल प्रस्तुति; लक्षणों और उपचार को समझना

डॉ रोजर पोन्स (ग्रीस)


ट्रांसक्रिप्ट

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लिसा डॉ रोजर पोन्स स्वागत है और हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। जुड़ने के लिए आप सभी का धन्यवाद। मेरा नाम लिसा फ्लिंट, AADC रिसर्च ट्रस्ट की संस्थापक और 23 वर्षीय जेक की मां हूँ जिसे AADC है। मेरी सहयोगी जुली और आप सभी के साथ हम वैश्विक जागरूकता बढ़ाते हुए, ‘पेशंट एडवोके सी’ के 15 वर्ष मना रहे हैं, तथा गंभीर रोग अनुसंधान के लिए धन मुहैया करा रहे हैं। मुझे खेद है कि समय की कमी के कारण हम एक-एक करके सभी का परिचय नहीं करा सकते हैं।

AADC की क्लिनिकल प्रस्तुति और लक्षणों और उपचारों को समझने का विषय अत्यंत दिलचस्प है और हम आशा करते हैं कि आपको यह वर्क शॉप मददगार रहेगी। आइए हमारे प्रस्तुतकर्ता डॉ. रोजर पोन्स का स्वागत और परिचय देकर शुरुआत करें, जो AADC की विशेषज्ञ हैं और दो दशकों से अधिक समय से हमारे बच्चों के साथ काम कर रही हैं। हम पहली बार डॉ. पोन्स से न्यूयॉर्क में मिले थे जब हम बीस साल पहले जेक के साथ वहां गए थे ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके नए निदान AADC की कमी का सबसे अच्छा उपचार कै से किया जाए। हमने कई शोध परियोजनाओं पर सहयोग किया है और हमारे बच्चों और उनकी बीमारी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए आभारी हैं। डॉ पोन्स फर्स्ट डिपार्टमेंट ऑफ़ पीडियाट्रिक्स एगिया सोफिया हॉस्पिटल, यूनिवर्सिटी ऑफ़ एथेंस, ग्रीस में एक बाल रोग न्यूरोलॉजिस्ट और मूवमेंट विशेषज्ञ हैं।

डॉ पोन्स बहुत बहुत धन्यवाद लिसा। बीस साल हो चुके है! मैं आज यहां आकर बहुत खुश और सम्मानित महसूस कर रही हूं और हम एक संवादात्मक चर्चा कर सकते हैं। स्लाइड

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तो AADC मूल रूप से एक न्यूरोट्रांसमिशन डिसऑर्डर है। न्यूरोट्रांसमीटर रासायनिक पदार्थ हैं। वे सिनैप्टिक ट्रांसमिशन में शामिल होते हैं, जिस तरह से ब्रेन कोशिकाएं, न्यूरॉन्स आपस में संवाद करते हैं। सिनैप्स वह जगह है जहां रासायनिक पदार्थ न्यूरोट्रांसमीटर अगली कोशिका में काम करने के लिए मुक्त होता है। इस तरह ब्रेन की कोशिकाओं के बीच संदेश होते हैं। तो जैसा कि आप समझ सकते हैं कि न्यूरोट्रांसमीटर बहुत महत्वपूर्ण हैं। स्लाइड

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कई न्यूरोट्रांसमीटर हैं। बायोजेनिक एमाइन्स हो या मोनोएमाइन ट्रांसमीटर, दोनों के ही बारे में आपको सुनने मिलेगा। उन्हें इस तरह बुलाने का कारण उनकी विशिष्ट रासायनिक संरचना है। तो जब हम मोनोएमाइन्स या बायोजेनिक एमाइन्स के बारे में बात करते हैं तो इसमें Page डोपामाइन 1 , नोरएपिनेफ्रीन, एपिनेफ्रीन और सेरोटोनिन


शामिल है। पहले तीन को के टेकोलेमाइंस भी कहा जाता है। स्लाइड 3 मैं आपको इन तीन न्यूरोट्रांसमीटर के कार्य बताऊं गी। डोपामाइन गतिविधियों, संज्ञान, भावना और अंतःस्रावी अर्थात हार्मोनल कार्य के लिए महत्वपूर्ण है। सेरोटोनिन मूड और नींद के लिए महत्वपूर्ण है। नोरएपिनेफ्रीन, एपिनेफ्रीन उसके लिए महत्वपूर्ण हैं जिन्हें हम ऑटोनोमिक नर्वस फं क्शन कहते हैं जो कि नर्वस प्रणाली का हिस्सा है जो अन्य अंगों के कार्य को नियंत्रित करता है। तो यह ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम को नियंत्रित करता है जिसे सिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम कहा जाता है। फिर तनाव प्रतिक्रिया के लिए नोरएपिनेफ्रीन और एपिनेफ्रीन महत्वपूर्ण हैं, जब भी शरीर तनाव का सामना करता है तो उसे किसी न किसी तरह से प्रतिक्रिया करनी पड़ती है। तो इसके लिए ये दो न्यूरोट्रांसमीटर महत्वपूर्ण हैं। स्लाइड

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सामान्य तौर पर ये न्यूरोट्रांसमीटर ब्रेन के उस हिस्से में उत्पन्न होते हैं, जिन्हें मिड ब्रेन, ब्रेन स्टेम का ऊपरी भाग कहते है। और फिर वहां से न्यूरोनल कोशिकाएं, ब्रेन कोशिकाएं, ब्रेन के विभिन्न हिस्सों में प्रक्षेपण भेजती हैं और इस तरह न्यूरोट्रांसमीटर के विभिन्न फं क्शन संपन्न होते हैं। स्लाइड

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वे कै से उत्पन्न होते हैं, संश्लेषण/उत्पादन? यह बहुत ही सरल है। सिंथेटिक मार्ग पर दो चरणों में डोपामाइन संश्लेषित होता है। तो दो कदम हैं और फिर हमारे पास डोपामाइन है। पहले कदम में टायरोसिन L-डोपा में परिवर्तित होता है और अगले चरण में L-डोपा डोपामाइन में परिवर्तित होता है। इस दूसरे चरण के लिए हमारे पास एरोमैटिक एमिनो एसिड डीकार्बोक्सीलेज है जो एंजाइम है, इस रिएक्शन का कै टालिस्ट डोपामाइन का उत्पादन करता है। फिर डोपामाइन को अन्य के टेकोलेमाइंस, नॉरएपिनेफ्रीन और एपिनेफ्रीन में परिवर्तित किया जा सकता है। फिर सेरोटोनिन, सिंथेटिक मार्ग से दो चरणों में सेरोटोनिन को संश्लेषित किया जाता है। इसकी शुरुआत ट्रिप्टोफै न से होती है। ट्रिप्टोफै न को 5 हाइड्रॉक्सिलेज ट्रिटोफै न में परिवर्तित किया जाता है और फिर इसे उसी एंजाइम एरोमैटिक अमीनो एसिड डीकार्बोक्सीलेज से सेरोटोनिन में परिवर्तित किया जाता है। तो हमारे पास डोपामाइन के संश्लेषण के लिए और फिर सेरोटोनिन के संश्लेषण के लिए एक ही कै टालिस्ट है। इसका अर्थ यह है कि यदि हमें इस एंजाइम के साथ कोई समस्या है, यदि यह कम है और अच्छी तरह से काम नहीं कर रहा है, तो इससे सभी बायोजेनिकल एमाइन्स का उत्पादन कम हो जाएगा। तो के वल एक एंजाइम लेकिन सभी बायोजेनिकल एमाइन्स को प्रभावित करता है। यह ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है। स्लाइड

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तो हम AADC की कमी वाले रोगियों में जो लक्षण देखते हैं, वे इस एंजाइम के कार्य, इन न्यूरोट्रांसमीटर्स के कार्य से जो बन नहीं रहे हैं, की कमी से संबंधित होते हैं। आमतौर पर AADC की कमी में सबसे विशिष्ट लक्षण वे होते हैं जो गतिविधि से संबंधित होते हैं। ये सबसे अधिक प्रासंगिक हैं लेकिन ये के वल एकमात्र ही नहीं हैं। डोपामाइन की कमी से गतिविधि की समस्याएं और विकास में देरी होती है। सेरोटोनिन की कमी से व्यवहार संबंधी समस्याएं और नींद में गड़बड़ी होती है। नॉरएपिनेफ्रीन और एपिनेफ्रीन की कमी से ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम में जो Page 2


मैं आपको बता रही थी, अन्य अंगों के नियंत्रण में शिथिलता आ जाती है। स्लाइड 7 जैसा कि मैंने आपको बताया कि AADC की कमी वाले रोगियों में सबसे महत्वपूर्ण, या सबसे उल्लेखनीय क्लिनिकल अभिव्यक्ति गतिविधि से संबंधित है। पहली चीज जो माता-पिता देखते हैं, वह यह है कि उनके बच्चों का विकास न होना है। वे यह भी देखते हैं कि वे बहुत निष्क्रिय हैं, वे हाइपोटोनिक हैं। जब वे उन्हें उठाते हैं तो सिर सभी तरफ जाता है और अच्छी तरह से नियंत्रित नहीं होता है। वे यह भी देखते हैं कि बच्चे ज्यादा हिलते नहीं हैं और यदि वे हिलते भी हैं तो हलन-चलन धीमा होता है। इन सबके अलावा वे जो छोटी-छोटी हरकतें देखते हैं, वे सामान्य नहीं होती हैं। उनकी ऐसी घुमावदार मुद्रा रहती है और इसे डिस्टोनिया कहा जाता है। इसलिए वे बहुत कम हलन-चलन कर पाते हैं और वे असामान्य हरकतें करते हैं, इसके अलावा वे नेत्र संबंधी संकट भी देखते हैं, ये ऐसे एपिसोड हैं जहां आंखें रुक-रुक कर ऊपर जाती हैं या वे ऊपर टिकी रहती हैं और यह बच्चे के लिए बहुत परेशान करने वाला होता है और अंगों, गर्दन या जीभ की बहुत सारी असामान्य मुद्राओं से भी जुड़ा हो सकता है। जैसा कि आप कल्पना कर सकते हैं कि इन घटनाओं का अक्सर दौरे के रूप में गलत तरीके से निदान किया जाता है क्योंकि वे दौरे की तरह दिखती हैं लेकिन रोगी सतर्क होते हैं और यदि इन घटनाओं का आपके पास EEG होता है, तो आमतौर पर कोई मिर्गी जैसी गतिविधि नहीं मिलती है। और अंतिम चीज जो हम देखते हैं, वह यह है कि रोगी, भले ही वे बहुत कम कर पाते हैं, सुबह सोने के बाद वे बहुत अच्छा महसूस करते हैं। उनमें यह तथाकथित दैनिक भिन्नता और नींद से लाभ पाया जाता है। हम यह देख नहीं पाते हैं, लेकिन यदि हम ऐसा कर पाएं तो यह बहुत ही विलक्षण होता है। स्लाइड

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नेत्र संबंधी घटनाएं बहुत विशेषता लिए होती हैं। आंख का डिगना होता है जो रुक-रुक कर या फिर निरंतर होता रहता है और वे गर्दन, जीभ, अंगों के सख्त होने के साथ-साथ हो सकती हैं। वे दौरे के समान प्रतीत होती हैं लेकिन वैसी होती नहीं हैं और अक्सर वे ठीक हो जाती हैं, रोगी स्वयं निद्रा में जा सकता है। माता-पिता हमें बताते हैं कि ये घटनाएं एक कालचक में होती है। कभी-कभी आप हमें बताते हैं कि यह हर दिन या हर चार दिन या सप्ताह में एक बार होती है। और यह इसी कालचक में होती रहती है जो काफी ख़ास है। स्लाइड

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फिर उनमें दैनिक भिन्नता है तथा नींद से लाभ मिलता है जिसका अर्थ है कि दिन में देर से मोटर लक्षणों में वृद्धि होती है और नींद के साथ मोटर लक्षणों में सुधार होता है। स्पष्ट रूप से निष्क्रियता की अवधि के दौरान डोपामाइन के मेटाबोलिक सुधार से संबंधित है। मैं जोर देकर कहता हूं कि उन बच्चों में इसको पाना मुश्किल है जिनके विकास में बहुत बहुत देरी हो गई हैं। लेकिन यदि आप देखें तो यह बहुत ही विशेषता लिए हुए है। स्लाइड

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मरीजों को और भी परेशानी होती है। हमने बताया था कि सेरोटोनिन की समस्या के कारण व्यवहार संबंधी गड़बड़ी होती है। यह कै से होता है? हम कभी-कभी, छोटे बच्चों में, देखते हैं कि वे बहुत ही तनावपूर्ण होते हैं, वे बहुत सरलता से परेशान हो जाते हैं और उन्हें शांत करना मुश्किल होता है। वे सभी ऐसा नहीं करते हैं लेकिन यह कु छ ऐसा है जो हम देखते हैं। कभी-कभी जब बच्चे बड़े होते हैं, तो यह अधिक स्पष्ट हो जाता है कि उनमें एक व्यापक विकास संबंधी विकार है, यह हमेशा नहीं होता है लेकिन कभी-कभी होता है। इन रोगियों में नींद की गड़बड़ी भी बहुत बार पायी जाती है। तो हम यहां जो देखते हैं वह यह है कि कभी-कभी बच्चे बहुत सोते हैं या इसके विपरीत, उनकी नींद बहुत बाधित रहती है। तो यह किसी भी तरह से हो सकता है। हम उन रोगियों के बारे में बात कर रहे हैं Page 3


जो न्यूरोलॉजिकल रूप से बहुत प्रभावित होते हैं, इसलिए उन्हें अन्य समस्याएं हो सकती हैं जो इस विकास में रुकावट या नयूरोलोजिकल क्षति से जुडी रहती हैं, इसलिए उन्हें निगलने में कठिनाई हो सकती है, उन्हें दौरे भी पड़ सकते हैं और उन्हें अन्य गतिविधि सम्बंधित विकार हो सकते हैं। जिन लक्षणों के बारे में मैंने आपको अभी बताया, वे ऐसे लक्षण हैं जो हमें दिखाई देने वाले न्यूरोट्रांसमीटर की कमी से संबंधित प्रतीत होते हैं। स्लाइड

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मैंने आपसे कहा कि हम ऑटोनोमिक खराबी देखते हैं। मैंने आपको बताया कि के टेकोलेमाइंस नॉरएपिनेफ्रीन और एपिनेफ्रीन सिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह नर्वस सिस्टम का वह हिस्सा है जो अन्य अंगों को नियंत्रित करता है। इसलिए वे हृदय गति को नियंत्रित करते हैं, वे रक्तचाप को नियंत्रित करते हैं, वे आंतों की गति को नियंत्रित करते हैं। इसलिए हम अक्सर देखते हैं कि इनमें से बहुत से रोगियों को काफी पसीना आता है, तापमान अस्थिर रहता है, उन्हें बुखार होता है लेकिन उन्हें संक्रमण नहीं होता है या इसके विपरीत उनका तापमान कम हो सकता है। उनमें बहुत अधिक स्राव हो सकता है और यह जरूरी नहीं है कि उन्हें ऊपरी श्वसन संक्रमण हो। कई बार इनकी नाक में बहुत अधिक स्राव होता है। उन्हें गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिसमोबिलिटी हो सकती है। उन्हें बहुत गंभीर कब्ज हो सकता है। उन्हें निम्न रक्तचाप, ब्रैडीअरिधमिया, खराब डिस्टल परफ्यूजन हो सकता है और उन्हें एपनिया भी हो सकता है। उन्हें मिटोसिस और पलकों का पक्षाघात हो सकता है क्योंकि सिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम इस प्रकार नियंत्रित करता है कि जिस तरह से आंखें खुलती हैं और पुतलियों का आकार होता है। इसलिए यदि हमें के टेकोलेमाइंस के उत्पादन में कोई समस्या है तो आंखें अधिक बंद हो जाती हैं और पुतलियां छोटी हो जाती हैं। स्लाइड

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डोपामाइन अंतःस्रावी कार्यों को प्रभावित करता है। हम हाइपोग्लायसीमिया, विकास में धीमापन देख सकते हैं, हम हाइपरप्रोलैक्टिनीमिया देख सकते हैं, हम तनाव के प्रति अपर्याप्त प्रतिक्रिया और विलंबित बॉन उम्र देखते हैं। स्लाइड

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सामान्य तौर पर अब तक मैंने आपको जिन लक्षणों के बारे में बताया है वो ऐसे लक्षण हैं जो हम उन सभी न्यूरोट्रांसमीटर विकारों में देखते हैं जिनमें बायोजेनिकल एमाइन्स शामिल हैं। हम हमेशा कहते हैं कि तीव्रता का एक स्पेक्ट्रम है। अधिकांश गंभीर रूप से प्रभावित हैं लेकिन हमारे पास ऐसे रोगी भी हैं जो मध्यम होते हैं। AADC की कमी में अक्सर मरीज काफी गंभीर रूप से प्रभावित होते हैं। मरीजों का एक अनुपात है जिनकी तीव्रता मध्यम हो सकती है लेकिन अक्सर हम तीव्र फे नोटाइप देखेंगे। अधिकांशतः तीव्र फे नोटाइप होते है। इन रोगियों में न्यूनतम या फिर कोई भी विकासात्मक प्रगति नहीं होती है। उपचार के प्रति उनकी प्रतिक्रिया कमजोर होती है। और यदि हम इलाज करते हैं तो उन पर दवा के बहुत सारे प्रतिकू ल प्रभाव पड़ते हैं। ऐसे मामलें जो ज्यादातर मध्यम श्रेणी मं आते है, उनमें उपचार के बिना भी कु छ विकासात्मक प्रगति होती है। वे सिर पर नियंत्रण रखने और हाथ का थोड़ा सा उपयोग कर पाते हैं। और वे आमतौर पर उपचार के प्रति बेहतर प्रतिक्रिया देते हैं। और यद्यपि दवाएं प्रतिकू ल प्रभाव देती है, वे आमतौर पर कम तीव्र होती हैं। तो विकासात्मक प्रगति होती हैं। स्लाइड तो हम

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AADC की कमी वाले रोगियों का निदान कै से करते हैं? क्लिनिकल ​इतिहास और शारीरिक परीक्षण इसकी Page 4


पुष्टि करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। कई बार इस तरह की समस्या वाले मरीजों के साथ हम सबसे पहले ब्रेन MRI करते हैं। तो आम तौर पर AADC की कमी में ब्रेन MRI हमें कु छ भी नहीं दिखाएगा। यह निदान में हमारी सहायता नहीं करेगा। आमतौर पर यह सामान्य है। हो सकता है कि लम्बा इतिहास लिए अधिक गंभीर मामलों में हम कु छ ब्रेन क्षीणता देख सकते हैं लेकिन सामान्य तौर पर यह सहायक नहीं होगा। तो यहां जो चीज हमारी सहायता करने वाली है, वह है सभी रासायनिक पदार्थो की बायोके मिकल जांच। जैसा कि हमने कहा कि यदि AADC काम नहीं कर रहा है तो हम इन सभी न्यूरोट्रांसमीटर की मात्रा में कमी देखते हैं। ये सभी न्यूरोट्रांसमीटर में, जिस तरह संश्लेषण का एक मार्ग है, वैसे ही डीग्रेडेशन का भी एक मार्ग है। शरीर में कई रासायनिक पदार्थ होते है और फिर उनका क्षय होता है। इसका चक्र और संतुलन सामान्य मेटाबोलिज्म के लिए आवश्यक है। यही स्थिति इन न्यूरोट्रांसमीटरों की भी है। क्षय की एक प्रणाली है और इस क्षय से कु छ मेटाबोलाइट्स का उत्पादन होता है। तो हम इन मेटाबोलाइट्स को स्पाइनल फ्लूइड में माप सकते हैं। हमें एक स्पाइनल टैप करना है और हम इन न्यूरोट्रांसमीटर के मेटाबोलाइट्स को मापते हैं। हम देख सकते हैं कि सभी मेटाबोलाइट्स कम मात्रा में हैं क्योंकि उनका उत्पादन उस तरह नहीं हो रहा है जैसा होना चाहिए। इसके अलावा क्योंकि L-डोपा को डोपामाइन में नहीं बदला जा सकता है, L-डोपा जमा होता है और क्योंकि यह जमा होता रहता है, हमारे शरीर में L-डोपा को किसी अन्य चीज में बदलने की प्रणाली होती है और यह 3-Oमिथाइलडोपा है। तो रीढ़ की हड्डी में तरल पदार्थ, यह देखने के अलावा कि क्या मेटाबोलाइट्स कम हैं, हम देख सकते हैं कि 3-O-मिथाइलडोपा बढ़ा हुआ है। यह बायोके मिकल हॉलमार्क है जो AADC की ख़ास विशेषता है। यदि आप यह देखते हैं तो आपके पास निदान है। आप रक्त में AADC की गतिविधि का आकलन करके भी जांच कर सकते हैं। यह एक रक्त परीक्षण द्वारा किया जा सकता है लेकिन अधिकांश समय हम यह कदम नहीं उठाते हैं। हम बायोके मिकल विश्लेषण के परिणाम की पुष्टि करते हैं और फिर हम सीधे जीन को जाते हैं। जीन जो AADC को एनकोड करता है और फिर हम देखते हैं कि क्या कोई म्यूटेशन है जो रोगजनक है और इस बायोके मिकल पैटर्न की व्याख्या करता हो और अधिकांशतः ऐसा ही होता है। स्लाइड

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हम AADCd का इलाज कै से करते हैं? हमें बायोजेनिकल एमाइन्स के न्यूरोट्रांसमिशन में समस्या है और हमारे पास कई लक्षण हैं जो डोपामाइन से संबंधित हैं। जैसा कि मैंने पहले कहा कि सबसे उल्लेखनीय लक्षण मोटर लक्षण हैं, वे एकमात्र नहीं पर वे सबसे अधिक उल्लेखनीय हैं। तो डोपामाइन कार्य में सुधार करने के लिए हमारे पास डोपामाइन एगोनिस्ट नामक दवा है। ये रासायनिक पदार्थ हैं जो डोपामाइन के लिए रिसेप्टर्स पर कार्य करते हैं इसलिए हम उन्हें डोपामाइन एगोनिस्ट कहते हैं। सौभाग्य से हमारे पास कई हैं इसलिए हम विभिन्न प्रकार से प्रयत्न कर सकते हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके देश में कौन से उपलब्ध है और रोगी उन्हें कै से सहन करता है। हम कु छ और कर सकते हैं। जैसा कि मैंने आपको बताया कि इन सभी मेटाबोलाइट्स का क्षय होता हैं इसलिए हम इस क्षय को रोक सकते हैं। तो छोटे न्यूरोट्रांसमीटर के लिए जो रोगी पैदा कर सकता है वह सिस्टम में अधिक समय तक रहते है। इसके लिए हमारे पास MAO इन्हिबिटर्स हैं। मोनोएमिनोक्सिडेज एंजाइम विशेष रूप से बायोजेनिकल एमाइंस के डीग्रेडेशन के लिए डिज़ाइन किए गए एंजाइम हैं। यदि हम इस क्षय को रोक पाते हैं तो इसका अर्थ है कि हमारे पास जो छोटे बायोजेनिकल एमाइन्स हैं, वे सिस्टम में लंबे समय तक रहने वाले हैं। Page 5


यह मूल रूप से AADC की कमी के इलाज का मुख्य पड़ाव है। आमतौर पर यह डोपामाइन एगोनिस्ट और MAO इन्हिबिटर्स का संयोजन होता है। इसके अलावा हम विटामिन B6 का उपयोग कर सकते हैं क्योंकि AADC को अच्छी तरह से काम करने के लिए इस विटामिन की आवश्यकता होती है। तो कभी-कभी, इस एंजाइम के कार्य के लिए आवश्यक विटामिन को थोड़ा सा देकर, हम इस एंजाइम की गतिविधि को, जिसमें कमी है, थोड़ा और बढ़ा सकते हैं। इसलिए हम आमतौर पर इसे सभी रोगियों को देते हैं। हम फोलिनिक एसिड भी देते हैं। मैंने आपसे कहा था कि L-डोपा जो डोपामाइन में बदलता नहीं है, वह 3- Oमिथाइलडोपा में बदल जाता है। यह कु छ ऐसा है जो हमारा शरीर करता है, हम इसे चुनते नहीं हैं। ऐसा करने से यह फोलिनिक एसिड को सक्रिय करने की संभावना को दूर कर देता है, इसलिए रोगियों में फोलिनिक एसिड की कमी हो जाती है। इसे ठीक करना आसान है। हम उन्हें फोलिनिक एसिड देते हैं। इस सूची के अंत में मैंने L-डोपा लिखा है, लेकिन L-डोपा को डोपामाइन में परिवर्तित करने वाले एंजाइम में समस्या होने पर L-डोपा देने का कोई अर्थ नहीं है। लेकिन जीन में कु छ म्यूटेशन होते हैं जो इस एंजाइम को एनकोड करते हैं और उनका ऐसा करने पर वे एंजाइम के साथ L-डोपा की अंतःक्रिया को कु छ हद तक बाधित करते हैं। हम जानते हैं कि अधिक L-डोपा देने पर, यह अंतःक्रिया बेहतर हो सकती है। तो ऐसे कई रोगी हैं, बहुत से नहीं, जहां यह वास्तव में AADC कमी की गतिविधि को बढ़ावा देने में सहायता करता है। इसलिए मैंने इसे कोष्ठक में रखा है क्योंकि यह कु छ रोगियों को दिया जा सकता है। स्लाइड

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उपचार की प्रतिक्रिया क्या है? यह कम ज्यादा है लेकिन सामान्य तौर पर यह वही है जो मैं आपको पहले ही बता चुकी हूं। तीव्र फे नोटाइप, AADC की कमी से सबसे लगातार फे नोटाइप, एक खराब प्रतिक्रिया है, अनुकू ल नहीं है। और मध्यम फे नोटाइप की प्रतिक्रिया अनुकू ल है। एक सामान्य अवधारणा है कि जितना जल्दी हम रोगियों का उपचार करेंगे, रोग का निदान उतना ही बेहतर होगा। जितना देरी से हम रोगियों का उपचार करते हैं, रोग का निदान उतना ही खराब होता है।

प्र और उ जुली उपयोग के लिए सबसे अच्छा डोपामाइन एगोनिस्ट कौन सा है? डॉ रोजर पोन्स इस प्रश्न का उत्तर देना कठिन है क्योंकि मेरा मानना है कि हमें प्रत्येक रोगी का आकलन करना होगा। हम ब्रोमोक्रिप्टिन देते थे क्योंकि कु छ मरीज इसे बेहतर रूप से सहन कर पाते थे लेकिन साथ ही यह कम असरदार था। लेकिन फिर जब हम रोटिगोटिन या रोपिनिरोल जैसे अन्य डोपामिन एगोनिस्ट को देने लगे तो रोगियों पर प्रतिकू ल प्रभाव पड़ता था। इसलिए हमें एक संतुलन खोजना पड़ा। मुझे नहीं लगता है कि मैं आपको बता सकूं कि कौन सा सबसे अच्छा है। मैं सामान्य रूप से अपने रोगियों के साथ ट्रायल और एरर करती हूं और अभी मेरे पास दो डोपामाइन एगोनिस्ट लेता एक मरीज है और इसमें दोनों का संयोजन है, मुझे इसके साथ प्ले करना पडा लेकिन हमने उसे पा लिया। जिस प्रकार हम इसे पाते है, हम इसे खो सकते हैं। किसी भी वजह से हम इसे खो सकते है, Page 6


एक संक्रमण, एक बुरा दिन और वह संतुलन जो आपके पास था आप खो देते है। यदि आप मुझसे फिर से MAO इन्हिबिटर के बारे में पूछते हैं तो यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके देश में क्या उपलब्ध है और आप इसका उपयोग कै से करते हैं। उदाहरण के लिए, मेरे पास ग्रीस में AADC की कमी वाला रोगी था, मैंने उसे एक MAO इन्हिबिटर पर रखा था जो शुरू से ही बहुत सहायक था, यह एकदम सही था। किसी बिंदु पर यह दवा ग्रीस में उपलब्ध होना बंद हो गई, इसलिए मुझे एक से दूसरे में स्विच करना पड़ा। अवश्य ही, कु छ महीनों के लिए हमने अपना सारा संतुलन खो दिया। तो तब मैं डोपामाइन एगोनिस्ट के साथ प्ले करती रही। मुझे नहीं लगता है कि मैं एक दवा दे सकती हूं, मुझे लगता है कि यह मरीज, देश और स्थिति से संबंधित है। जुली जब आप बच्चे को क्लिनिक में देखते हैं तो आप तुरंत कै से नोटिस करेंगे कि बच्चा तीव्र, मध्यम या फिर साधारण है? डॉ रोजर पोन्स यह एक बहुत अच्छा प्रश्न है। मुझे लगता है कि मैं इसका उत्तर दे सकती हूं लेकिन मैं गलत हो सकती हूं। यदि मैं नौ महीने की उम्र का AADC की कमी वाले रोगी को देखती हूं, और नौ महीने की उम्र में रोगी के हाथ कु छ काम करते हैं और कु छ सिर पर नियंत्रण होता है, तो मुझे लगता है कि मैं सही होउंगी कि यह दवा के प्रति अच्छी प्रतिक्रिया दे सकता है। लेकिन यदि रोगी कोई कार्य नहीं करता है तो मुझे पूरा विश्वास हो जाता है कि वह एक गंभीर फे नोटाइप होने जा रहा है। यदि बहुत शुरुआत की स्थिति है तो मुझे नहीं लगता कि मैं कह सकती हूं। यह मेरा सिद्धांत है क्योंकि जब मैं न्यूयॉर्क में थी तब मेरे पास दो बहुत गंभीर रोगी थे और मेरे पास एक गंभीर रोगी की स्पष्ट तस्वीर थी और फिर ग्रीस में मेरी एकमात्र रोगी थी, जब मैंने उसे देखा तो वह एक वर्ष से कम उम्र की थी, लेकिन मैं किसी तरह जानती थी कि वह अच्छा करेगी क्योंकि वह उतनी गंभीर नहीं थी, उसके OGCs भी बहुत कम तीव्र थे, वे बहुत बाद में शुरू हुए थे। उसके जीवन की शुरुआत में इतना नहीं। तो मुझे लगता है कि आप इसे महसूस कर सकते हैं लेकिन जब तक आप दवा का उपयोग नहीं करते है तब तक आप वास्तव में नहीं जानते है। जुली

OGCs के लिए सबसे अच्छा मेनेजमेंट क्या है, हम उनसे कै से बच सकते हैं और क्या वे खतरनाक हैं? डॉ रोजर पोन्स यह एक कठिन प्रश्न है क्योंकि मैंने जो जाना है वह यह है कि प्रत्येक परिवार जानता है कि क्या करना है। कई बार आप हमें बताते हैं कि यदि वे सो गए तो OGC घटना खत्म हो जाएगी। लेकिन मुझे कई परिवार वालों ने भी कहा है कि अगले दिन जब मरीज जागता है तो OGC जारी रहता है। इसलिए मैंने दोनों बातें सुनी हैं। परिवार अलगअलग चीजों के लिए प्रयत्न करते हैं। यदि आप उन्हें क्लोरल हाइड्रेट या बेंजोडायजेपीन सोने के लिए देते हैं तो सहायता हो सकती है। कु छ परिवारों को ट्राइहेक्सीफे निडाइल पसंद है। अन्य रोगी, उदाहरण के लिए, OGC की घटनाओं से इतने प्रभावित नहीं होते हैं, खासकर जब वे बड़े होते हैं। उनमें आँखे ऊपर की ओर चढ़ जाती है और वे नाराज हो सकते हैं लेकिन यह इतनी बड़ी बात नहीं है। मुझे लगता है कि यह युवा लोगों, गंभीर लोगों के लिए एक मुद्दा है, जो घंटों तक चलता रहता है। आप देख सकते हैं कि वे बहुत असहज हैं। क्या वे खतरनाक हैं? इन घटनाओं के दौरान एपनिया होने वाले रोगियों के विवरण हैं, इसलिए इस संबंध में कोई कह सकता है कि वे हैं। लेकिन सामान्य तौर पर यह स्टेटस एपिलेप्टिकस की तरह नहीं होता है, जो एक ऐसा दौरा होता है जो आधे घंटे से अधिक समय तक रहता है और हम जानते हैं कि जब आप इस स्तर तक पहुंच जाते हैं तो एपनिया, उच्च रक्तचाप होना बहुत जोखिम भरा होता है और आप जानते हैं कि रोगी के मरने का खतरा है। ये एक जैसे नहीं हैं। मुझे नहीं Page 7


लगता है कि तीव्रता के संदर्भ में OGC घटना वैसी ही है, लेकिन यह सच है कि OGC की घटनाओं के दौरान एपनिया का वर्णन है। मुझे नहीं लगता है कि वे इतने सौम्य हैं लेकिन वे स्टेटस एपिलेप्टिकस की तरह गंभीर नहीं हैं। जुली क्या जीन थेरेपी सभी के टेकोलेमाइंस यानी डोपामाइन में सुधार करती है लेकिन क्या यह नॉरएपिनेफ्रीन और एपिनेफ्रीन में सुधार करती है? डॉ रोजर पोन्स मुझे विश्वास नहीं है कि मैं इस सवाल का जवाब दे सकती हूं। मैं इसे अपने सहयोगियों पर छोड़ दूंगी। उन्होंने उन रोगियों में मेटाबोलाइट्स को मापा है जिनकी जीन थेरेपी हुई है और मुझे पता है कि कु छ रोगियों की एकाग्रता में कोई बड़ा अंतर नहीं होता है, लेकिन अन्य रोगियों की एकाग्रता में सुधार होता है, लेकिन कार्य के संदर्भ में, जिन रोगियों में जीन थेरेपी हुई थी यदि उनमें सिम्पेथेटिक कार्य का कोई मूल्यांकन किया गया है, मुझे नहीं लगता है कि यह किया गया है इसलिए मुझे नहीं लगता कि मैं इसका उत्तर दे सकती हूं। जुली क्या

B6 पाइरिडोक्सिन सक्रिय B6 P5P (पाइरिडोक्सल-5-फॉस्फे ट) से बेहतर है?

डॉ रोजर पोन्स मुझे लगता है कि एरोमैटिक एमिनो एसिड डीकारबोक्सिलेज के मामले में यह कु छ भी है। सैद्धांतिक रूप से AADC की कमी वाले रोगी में B6 को सक्रिय रूप, जो कि पाइरिडोक्सल-5-फॉस्फे ट है, में क्रियान्वित करने में कोई समस्या नहीं होती है। तो सैद्धांतिक रूप से यह वही है। अंतर के वल इतना है कि B6 सस्ता है और अधिक आसानी से उपलब्ध है। जुली

MAO इन्हिबिटर सेलेगिलिन और पार्नेट के बीच क्या अंतर है? डॉ रोजर पोन्स वे दोनों

MAO इन्हिबिटर हैं। प्रत्येक में एक फार्मेकोडायनामिक्स, फार्मेकोकाइनेटिक्स हो सकता है।

जुली हम कै से पता लगा सकते हैं कि कौन से म्यूटेशन

L-डोपा पर प्रतिक्रिया दे सकते हैं?

डॉ रोजर पोन्स इटली में एक बहुत अच्छा समूह है, डॉ बर्टोल्डी, वह मोलेक्युलर जीवविज्ञानी हैं और वह इस प्रश्न का उत्तर देंगी। उन्होंने पाए गए जेनेटिक म्यूटेशन पर अध्ययन किया है। Page 8


जुली बच्चों को कौन सी दवाएं देनी शुरू करनी चाहिए? डॉ रोजर पोन्स सामान्य तौर पर, यदि आप दिशानिर्देशों, AADC दिशानिर्देशों का पालन करते हैं, तो आप या तो डोपामाइन एगोनिस्ट या MAO इन्हिबिटर के साथ शुरू कर सकते हैं। यह आपकी पसंद, डॉक्टर की पसंद और डॉक्टर कितना सहज महसूस करता है, इस पर निर्भर करता है। मैं खुद MAO इन्हिबिटर से शुरुआत करती हूं। मेरी राय में इनके कम प्रतिकू ल प्रभाव पाए जाते हैं और मरीज उसे बेहतर सहन कर पाते है। एक बार जब मैं MAOi देती हूं और मैं देखती हूं कि मरीज इसे सहन कर पा रहा है, तो मैं डोपामाइन एगोनिस्ट जोड़ सकती हूं और मैं धीरे-धीरे खुराक बढ़ाते हुए जा सकती हूं, शायद एक अन्य डोपामाइन एगोनिस्ट के साथ कम्बाइन कर सकती हूं। डोपामाइन एगोनिस्ट के पास खुराक के साथ प्ले करने के लिए अधिक जगह होती है जबकि MAO इन्हिबिटर खुराक जो हम देते हैं वे सख्त होती हैं, इसलिए मैं कु छ ऐसा करती हूं जिसका मुझे पता है कि मेरे पास इसे देने के लिए एक स्पष्ट प्रोटोकॉल है और इसे बेहतर रूप से सहन किया जाता है। लेकिन अगर यह विपरीत है तो इसे आधिकारिक तौर पर भी स्वीकार किया जाता है और निश्चित रूप से सभी रोगियों को विटामिन B6 और फोलोनिक एसिड पर रखा जाता है। लिसा रोजर क्या मैं उस के बारे में विस्तार से बता सकती हूं? आम तौर पर B6 और मेलाटोनिन वह प्रथम चीजें हैं जो परिवार आजमाते हैं। मैं सहमत हूं कि MAOi ने हमारे लिए बहुत अच्छा काम किया है और उसके बाद डोपामाइन एगोनिस्ट ने। क्या आपको लगता है कि एंटीकोलिनेर्जिक, ट्राइहेक्सिफे निडाइल के साथ शुरू करना एक असामान्य सी बात है, क्या ये एक असामान्य शुरुआती दवा है? डॉ रोजर पोन्स मुझे लगता है कि मैं इसका इस्तेमाल वैसे ही करूं गी जैसे आप मेलेटोनिन का करते हैं। आप इसका इस्तेमाल नींद में सुधार के लिए करते हैं। आमतौर पर मैं यह देखने के लिए इंतजार करूं गी कि नींद कै सी है। आप इसे एक सिम्पटोमेटिक मेनेजमेंट के रूप में देते है। वही जो आप ट्राइहेक्सीफे निडाइल के साथ करते हैं। यह ऐसा ही होगा जैसे आप सिरदर्द के लिए पेईनकिलर देते हैं, लेकिन सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर के कारण है। यह सिरदर्द का कारण बनता है, इसलिए मैं सिरदर्द की दवा देती हूं लेकिन मैं ट्यूमर का इलाज नहीं करती हूं। तो वही बात मैं ट्राइहेक्सीफे निडाइल देकर कहूंगी। मैं डिसटोनिया का इलाज करती हूं, मैं लक्षण का इलाज करती हूं लेकिन मैं ट्रांसमिशन में सुधार नहीं कर रही हूं। जुली हमने ब्रोमोक्रिप्टिन का प्रयोग किया है और मेरी बेटियों का मूड बहुत अस्थिर हो गया है। डॉ रोजर पोन्स

AADCd वाले जिन रोगियों से सबसे पहले मैं मिला, उन सभी का इलाज ब्रोमोक्रिप्टिन से किया गया था। यह वही था जिसे हम जानते थे। यह सामान्य रूप से बुरा नहीं था, लेकिन कु छ मरीजों, कहिए कि मैंने पाँच या छह मरीजों को देखा, दो या तीन को कोई समस्या नहीं थी, उन्हें कोई मापी हुई समस्या नहीं थी, लेकिन दो या तीन रोगी थे जो Page 9


इसे बिल्कु ल ही बर्दाश्त नहीं कर पाते थे। लेकिन तब वे अन्य डोपामाइन एगोनिस्ट को भी बर्दाश्त नहीं कर पाते थे। लिसा रोजर क्या मैं फिर से उस बारे में विस्तार से बता सकती हूँ? क्या आप वास्तव में कह सकते हैं कि यह डोपामाइन एगोनिस्ट्स के लिए ट्रायल और एरर है और क्या परिवार आसानी से एक से दूसरे में स्विच कर सकते हैं? डॉ रोजर पोन्स मुझे लगता है कि स्विच करना संभव है लेकिन ऐसा कु छ नहीं है जो आप AADC मरीजो के साथ करते हैं। ऐसा कु छ नहीं है जो आप जल्दी से करते हैं। आप इसके बारे में बहुत सोचते हैं। यदि कोई मरीज एक डोपामाइन एगोनिस्ट को खराब तरीके से सहन करता है, तो यह बहुत संभावना है कि वे दूसरे के प्रति तीव्र प्रतिक्रिया देंगे। आप अन्य के साथ स्विच कर सकते हैं, निश्चित रूप से यह कोई सवाल नहीं है, मैंने वह किया है। लेकिन आपको यह ध्यान रखना होगा कि यदि वे एक डोपामाइन एगोनिस्ट को सहन नहीं कर पाते हैं, तो संभावना है कि उन्हें दूसरे के साथ भी समस्या होगी। लेकिन यदि मेरे पास ऐसा डोपामिन एगोनिस्ट है कि जिसकी खुराक के साथ मैं अच्छी तरह से प्ले कर सकती हूं, क्योंकि यह एक विशेष के साथ संभव है, तो मैं इसका इस्तेमाल करूं गी। या उदाहरण के लिए, रोटिगोटिन पैच, यह बहुत सहायक है। वे बेहतर रूप से सहन किए जाते हैं और कम प्रतिकू ल प्रभाव डालते हैं। लेकिन पैच के बारे में कु छ ऐसा है जिसे आप नियंत्रित नहीं करते हैं। यदि यह ठीक काम करता है, लेकिन यदि ऐसा नहीं होता है और आप बढ़ाना या घटाना चाहते हैं, तो आप थोड़े बंधे हुए हैं, जबकि टैबलेट के साथ यह आसान है। लिसा क्या आपको यह भी लगता है कि विशेष रूप से डोपामाइन एगोनिस्ट पैच के साथ, परिवार लगातार पैच घटाने के बारे में पूछ रहे हैं जो कि करने की अनुशंसा नहीं की जाती है, लेकिन जब आपके पास एक छोटा बच्चा डोपामाइन एगोनिस्ट पर शुरू करता है तो क्या आप 1 मिलीग्राम सबसे छोटी खुराक कम कर सकते हैं? डॉ रोजर पोन्स अपने बीच मैं करती हूं। लिसा हम भी इसे करते हैं, हालांकि वे मना करते है, लेकिन जब किसी का बच्चा बहुत छोटा होता है और वे एक छोटी खुराक पर शुरू करना चाहते हैं। डॉ रोजर पोन्स यह सच है कि वे कहते है कि आप इसे कम नहीं कर सकते लेकिन मैं इसे करती हूं और यदि मैं इसे तीसरे या चौथे हिस्से से कम करती हूं तो इससे फर्क पड़ता है। चौथाई हिस्से के साथ मरीज के लिए इलाज कम पड़ता है और तीसरे हिस्से के साथ वह हाइपरकाईनेटिक होती है।

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जुली कितने युवा होने पर पैच का उपयोग वे शुरू कर सकते हैं? डॉ रोजर पोन्स अच्छा प्रश्न। मुझे नहीं लगता कि हमारी कोई उम्र सीमा है। मुझे कहना होगा कि मेरे पास के वल एक रोगी का अनुभव है। सबसे पहले मैंने मुंह से शुरुआत की और जब मैंने पाया कि मुंह से देना पर्याप्त नहीं है और मैं अधिक देना चाहती थी तो मैं पैच पर गई। लेकिन मैं मुंह से देना बंद करने में कभी सफल नहीं हुई। जुली

L-डोपा से किस प्रकार के म्यूटेशन या बच्चे को लाभ हो सकता है? डॉ रोजर पोन्स यह एक वैसा ही प्रश्न है जैसा हमारे पास पहले था। एक प्रकाशित हो चुका है। मुझे याद नहीं है कि कौन सा, लेकिन एगोनिस्ट आप टेस्ट कर सकते हैं यदि L-डोपा AADC की गतिविधि को बढ़ावा देने में सक्षम होता है। या तो टेस्ट करके यदि एक रिपोर्ट किए गए म्यूटेशन पर पहले से ही कर दिया गया है या फिर किसी विशेषज्ञ को फं क्शनल अध्ययन करने के लिए कहा जाए। जुली क्या आप हमें इस रिसर्च (कॉल के बाद) प्रमाण, स्ट्रिएटम और मिड ब्रेन में एरोमेटिक L-एमिनो एसिड डीकार्बोक्सीलेज एक्टिविटी के सायक्लिक AMP मिडीएटेड वृद्धि पर अपनी राय बताने के लिए कृ पा करेंगी। उन्होंने वहां एक लिंक लगाया है। डॉ पोन्स मैं इस अध्ययन को नहीं जानती हूं इसलिए मुझे नहीं लगता कि मैं कोई राय दे सकती हूं। मुझे इसे पढ़ना होगा और फिर मुझे चर्चा करने में बहुत खुशी होगी। जुली लिंक है तो शायद हम आपको यह देखने के लिए भेज सकें कि आप किसी बिंदु पर क्या सोचती हैं? डॉ रोजर पोन्स मैं निश्चित रूप से इसकी जांच करूं गी। जुली जब कोई रोगी MAO इन्हिबिटर्स के प्रति प्रतिक्रिया देता है तो क्या आपको उसे आगे डोपा एगोनिस्ट देने की आवश्यकता है? Page 11


डॉ रोजर पोन्स जैसा कि मैंने कहा आमतौर पर यह संयोजन में दिया जाता है। लेकिन यदि कोई मरीज MAO इन्हिबिटर पर ठीक करता है तो अच्छा है। यदि मेरे पास MAO इन्हिबिटर पर एक रोगी है जो डोपामाइन एगोनिस्ट को सहन नहीं कर पाता है, उदाहरण के लिए, तो मैं रोगी को अके ले MAO इन्हिबिटर पर रखूंगी। जुली परिवारों के लिए यह जानना अच्छा है कि MAOi प्राकृ तिक डोपामाइन को बढ़ाता है और डोपामाइन एगोनिस्ट डोपामाइन का एक विकल्प है, इसलिए वे डोपामाइन के साथ दो बहुत भिन्न काम करते हैं। डॉ रोजर पोन्स वास्तव में, यह बहुत महत्वपूर्ण है। तो MAOi सामान्य, AADC रोगी के पास थोड़ा डोपामाइन है, डोपामाइन की अनुमति देता है, मान लीजिए कि के वल 10% है, MAOi इस 10% को सिस्टम में लंबे समय तक रहने देता है। यह डोपामाइन जिसे हम संश्लेषित करते हैं वह डोपामिन एगोनिस्ट से काफी बेहतर है। एक डोपामाइन एगोनिस्ट सिंथेटिक होता है और यह कभी भी सामान्य डोपामाइन जितना अच्छा नहीं होता है। समस्या यह है कि AADCd रोगी के पास जो डोपामाइन होता है वह बहुत कम होता इसलिए उसे किसी और चीज की आवश्यकता होती है। जुली क्या

AADC के मरीज कोविड-19 वैक्सीन ले सकते हैं और क्या इसके कोई दुष्प्रभाव होंगे?

डॉ रोजर पोन्स सामान्य तौर पर AADC रोगियों में एक सामान्य इम्यून सिस्टम होती है, इसलिए उन्हें टीकाकरण को सहन करने में सक्षम होना चाहिए। वे न्यूरोलॉजिकल रूप से काफी हद तक प्रभावित होते हैं, इसलिए उन्हें कमजोर माना जाता है, इसलिए वे ऐसे मरीज हैं जिन्हें टीका लगाया जाना चाहिए। जुली मेरे बेटे के लिए टीवी देखना उसे

OGC से बाहर निकालने में सहायता कर सकता है।

डॉ रोजर पोन्स सामान्य तौर पर किसी भी प्रकार का तनाव, न्यूरोलॉजिकल समस्या वाले किसी भी मरीज की न्यूरोलॉजिकल समस्याओं को और खराब कर देगा। यदि आप अपने बारे में सोचें, यदि आप एक वायरल बीमारी से बीमार हैं, या टीकाकरण हुआ है तो यह आपको थोड़ा परेशान करता है और आपको खराब लगेगा लेकिन आप फिर भी कार्यशील रहेंगे। यदि आपको न्यूरोलॉजिकल समस्या या कमी है, तो किसी भी प्रकार का तनाव, संक्रमण, टीकाकरण के प्रतिकू ल प्रभाव इस कमी को और अधिक महत्वपूर्ण बना देते हैं। तो यदि समस्याओं में से एक OGC है, तो हाँ किसी भी प्रकार का तनाव इसे खराब कर सकता है लेकिन सैद्धांतिक रूप से यह बीत जाएगा। टीकाकरण या संक्रमण के प्रतिकू ल प्रभाव बीत जाएंगे। इस बीच आप जो कर सकते हैं वह है संक्रमण के लक्षणों या टीकाकरण के प्रतिकू ल प्रभावों का लक्षणात्मक उपचार करना। इसलिए यदि आप अपने बच्चों का टीकाकरण करवाने के लिए तैयार हैं तो आप रोगनिरोधी रूप से कु छ दर्द निवारक दवाएं दे सकते हैं। Page 12


जुली जब बच्चा

OGC से गुजर रहा होता है तो उसे कै सा लगता है? मैंने पढ़ा है कि उन्हें दर्द होगा।

डॉ रोजर पोन्स मैंने नहीं पूछा है। मेरे पास OGC के सभी मरीजों के कु छ वीडियो हैं। मुझे लगता है कि वे बहुत नाराज हैं, मुझे नहीं लगता है कि वे दर्द में हैं लेकिन वे खत्म करना चाहते हैं, वे इसे निपटाना चाहते हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह दर्द है। शायद आप या लिसा मुझे यह बता सकें । जुली मुझे लगता है कि हमने अपने कु छ और वाचाल रोगियों से जिन्हें OGC है सुना है कि उन्हें सिरदर्द , घटना के बाद, शायद आंखों में खिंचाव और सिर्फ तनाव पैदा हो सकता हैं। वस्तुतः डायस्टोनिक हमले असुविधाजनक भी होते हैं। जुली क्या हम AADC वाले बच्चे को डोपामाइन एगोनिस्ट के अलावा मिथाइल-डोनर, उदाहरण के लिए, ट्राइमिथाइलग्लायसिन दे सकते हैं? डॉ रोजर पोन्स ग्लायसिन भी न्यूरोट्रांसमिशन से संबंधित है, लेकिन मुझे नहीं लगता है कि यह इस प्रकार के न्यूरोट्रांसमीटर विकार के साथ इसका कोई अर्थ है। मैं वास्तव में नहीं जानती हूं लेकिन मुझे नहीं लगता है कि, यदि मैं रोग के पेथोफिजिओलोजिकल मेके निज्म के बारे में सोचूं, तो इससे कोई फर्क पड़ेगा। जुली क्या आपको लगता है कि जिन बच्चों की जीन थेरेपी हुई है, उनका इलाज के लिए विचार किया जाना चाहिए, यदि जीन थेरेपी के प्रति उनकी खराब प्रतिक्रिया है? डॉ रोजर पोन्स तो क्या AADC के लिए जीन थेरेपी वाले मरीज का भी इलाज किया जाएगा, तो हाँ। जीन थेरेपी वाले कु छ मरीज़ डोपामिनर्जिक दवाएं भी ले सकते हैं। लेकिन अक्सर इन रोगियों में जीन थेरेपी के बाद बहुत सारी डिसकाइनेसिया की समस्याएँ रहती हैं और उनकी दवाइयों को कम करने और बंद करने की आवश्यकता होती है। इसका अर्थ यह नहीं है कि वे उन्हें साथ-साथ नहीं ले सकते हैं जब तक उनका कोई प्रतिकू ल प्रभाव न हो। लिसा तो क्या आप इस बात पर विचार करेंगे कि जीन थेरेपी की कमजोर प्रतिक्रिया का डोपामाइन एगोनिस्ट और MAOi में वापस लौटकर समर्थन किया जा सकता है? यदि सहायता प्राप्त होती है तो जीन थेरेपी के बाद अतिरिक्त उपचारों को आप बाहर नहीं रखेंगे?

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डॉ रोजर पोन्स हाँ। ऐसी मेरी राय है। मैंने जीन थेरेपी टीमों के साथ इस पर चर्चा नहीं की है, लेकिन मुझे लगता है कि जिन रोगियों की जीन थेरेपी हुई है, उन्हें अतिरिक्त थेरेपी दी जा सकती है। लिसा यह कठिन है। मुझे लगता है कि जीन थेरेपी के प्रति कमजोर प्रतिक्रिया का सामान्य प्रश्न पारंपरिक दवाओं के साथ आगे के उपचार की संभावना को समाप्त नहीं करता है। यह विचार करना ठीक है? डॉ रोजर पोन्स मैं ऐसा सोचती हूं। जुली क्या हम सोने में सहायता के लिए हर दिन क्लोनाज़ेपाम दे सकते हैं? डॉ रोजर पोन्स मैं ऐसा सोचती हूं। नींद बहुत जरूरी है। यह न के वल नींद में सहायता करता है बल्कि डिसटोनिया में भी मदद कर सकता है। तो अवश्य ही, मुझे AADCd वाले रोगी के लिए दैनिक आधार पर बेंजोडाईजेपीन देने में कोई समस्या नहीं होगी। जुली यदि तनाव OGC के लिए एक ट्रिगर है, तो क्या हम स्ट्रेस मेनेजमेंट के लिए एक बच्चे को एड्रेनल ग्लेंड एक्सट्रेक्ट बोवाइन दे सकते हैं? डॉ रोजर पोन्स मैं ऐसा नहीं करूं गी और इसका कारण यह है कि तनाव प्रतिक्रिया, निश्चित रूप से तब होती है जब तनाव होता है, इसलिए यदि आप रिलेक्स्ड बच्चे को के टेकोलेमाइंस देते हैं तो ये के टेकोलेमाइंस कु छ भी नहीं करने वाले हैं। जब शरीर को इसकी आवश्यकता होती है तब एक स्त्राव के रूप में आपको के टेकोलेमाइंस की आवश्यकता होती है। तो इसे के वल एक पूरक के रूप में देने से, मुझे नहीं लगता है कि इससे कोई फर्क पड़ने वाला है। जुली इन दवाओं के दीर्घकालिक उपयोग की समस्याएं क्या हैं जिन पर हमें ध्यान देना चाहिए? डॉ रोजर पोन्स कु छ डोपामाइन एगोनिस्ट जिनका हमने भूतकाल में उपयोग किया था, कु छ हृदय की समस्याएं पैदा कर सकते हैं, इसलिए यदि मरीज एर्गोट-डीराइव्ड डोपामाइन एगोनिस्ट पर14 है तो हृदय की जांच की जानी चाहिए। लेकिन Page


MAOIs और डोपामाइन एगोनिस्ट के अलावा, मुझे किसी विशेष लेब वर्क -अप के बारे में पता नहीं है, यदि किसी मरीज का क्रोनिक इलाज चल रहा है। मेरा कहना है कि मुझे नहीं लगता है कि थायरॉयड फं क्शन या फिर बायोके मिकल या सेलुलर काउंट को लिए हुए कोई प्रतिकू ल प्रतिक्रिया है। आमतौर पर आप उन्हें डिसकाइनेसिया या भावनात्मक प्रभाव के रूप में देखते हैं लेकिन खून में नहीं कि जिससे आपको कोई वर्क अप या टेस्ट कराना पड़े। जुली क्या यह सच है कि हमें पार्नेट के साथ भोजन पर प्रतिबंध लगाना पड़ता है? डॉ रोजर पोन्स आपको के टेकोलेमाइंस और बायोजेनिक एमाइन्स को संश्लेषित करने में सक्षम मरीजों में भोजन प्रतिबंध लगाना पड़ता है, लेकिन AADC वाले मरीजों के लिए जो बायोजेनिक एमाइन को संश्लेषित करने में असमर्थ हैं, ऐसी कोई समस्या नहीं है, आपको ऐसा करने की आवश्यकता नहीं है। प्रतिबंध उन रोगियों के लिए हैं जिनके पास मेटाबोलिक दोष नहीं है। जुली

AADC शिशु अपने शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में असमर्थ होते हैं और मेरी बेटी को जब भी OGC होता है तो उसे हमेशा बुखार आता है। मुझे आश्चर्य है कि क्या OGC उच्च तापमान या फिर विपरीत कारण से ट्रिगर होता है? डॉ रोजर पोन्स यह एक अच्छा प्रश्न है। नियंत्रण-मुक्त तापमान, OGC तनाव पैदा करता है। मुझे नहीं पता कि यह संभव है। हमें लगता है कि सामान्य तौर पर OGC घटना डोपामाइन की कमी से संबंधित है, जबकि हमें लगता है कि तापमान अस्थिरता औटोनोमिक दुष्क्रिया से संबंधित है, वे दोनों एक साथ होते है, इस विशेष बच्चे में, जरूरी नहीं कि एक दूसरे को पैदा करता हो, यह सिर्फ इस स्थिति के दो लक्षण है जो एक साथ होते हैं। मुझे नहीं लगता है कि एक दूसरे को पैदा करता है। जुली हम प्रैमिपेक्सोल का उपयोग करते हैं, बड़े बच्चे के लिए अधिकतम खुराक कितनी है? डॉ रोजर पोन्स प्रैमिपेक्सोल, मुझे इसको देखना पड़ेगा। दिल से, मुझे खुराक बिलकु ल ही याद नहीं है। यदि आप चाहते है तो मैं चेक कर सकती हूं। लिसा क्या हम गर्भावस्था के दौरान इस जेनेटिक विकार का निदान कर सकते हैं?

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डॉ रोजर पोन्स यदि आप जानते हैं कि आपको इसके होने का खतरा है तो आप इसके लिए अपने भ्रूण का परीक्षण करवाने जाते हैं, लेकिन यदि आप इसे नहीं जानते हैं तो आमतौर पर आप इसका परीक्षण नहीं करवाते हैं। ग्रीस में कै रयोटाइप, उम्र के कारण जोखिम लिए माताओं में किया जाता है। वर्तमान में कै रयोटाइप के बजाय, एरे CGH किया जाता है जो अधिक विस्तृत जानकारी प्रदान करता है। लेकिन माइक्रो एरे CGH के साथ, आप के वल विलोपन और प्रतिरूप देख सकते हैं, आप पॉइंट म्यूटेशन नहीं देख सकते है। इसलिए, जब आप गर्भवती हैं तो यह जानने का एकमात्र तरीका है कि आपके बच्चे में AADC की कमी है या नहीं, यदि आप पहले से ही जानते है कि आप इस बीमारी के वाहक है, और आप जीन और/या विशेष म्यूटेशन का टेस्ट करवाते हैं। लिसा तो इसका उत्तर यह है कि यदि आप मानते हैं कि आप दोनों म्यूटेशंस के वाहक हैं तो आप टेस्ट करवा सकते है? डॉ रोजर पोन्स यदि परिवार में कोई इतिहास है तो आप उसका टेस्ट करवा सकते हैं। आप इसका टेस्ट करवा सकते हैं, लेकिन यदि आपके पास नहीं है तो इसे करने का कोई अर्थ नहीं है, क्योंकि हजारों और लाखों जींस हैं। लिसा हम मलेशिया में हैं हमने ब्रोमोक्रिप्टिन का इस्तेमाल किया है और मेरी बेटियों का मूड बहुत अस्थिर हो जाता है। क्या यह ब्रोमोक्रिप्टिन से संबंधित हो सकता है और क्या उन्हें कु छ और उपयोग में लाना चाहिए? डॉ रोजर पोन्स यह हो सकता हैं। मुझे याद है कि माता-पिता मुझसे कहते थे कि यह मेरे बच्चे के लिए अनुकू ल नहीं है और वे उसे नहीं चाहते थे। माता-पिता जानते हैं। एक डॉक्टर के रूप में मुझे डिसकाईनेसिया आदि दिखाई देंगे, लेकिन माता-पिता इससे परे देख लेते हैं। तो हाँ यह बिल्कु ल संभव है। जुली क्या

AADC बच्चों के साथ होने वाले कु छ विशेष लक्षणों के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है?

डॉ रोजर पोन्स कोई भी वृद्धि, कोई अंतःस्रावी परिवर्तन, डीकोम्पेनसेशन का स्रोत हो सकता है। सामान्य तौर पर हम जानते हैं कि OGC की घटनाएं समय के साथ कम होती जाती हैं। हम यह भी जानते हैं कि यौवन के साथ व्यवहार में बड़ी समस्याएं आती हैं। यौवन सभी लोगों के शरीर में परिवर्तनों का तूफान लेकर आता है, इसलिए यह समझ में आता है कि यह AADC जैसे न्युरोलोजिकल विकार वाले बच्चे को ‘डीकोम्पेंसेट’ कर देगा। मैं ऐसे रोगियों के बारे में जानती हूं जो अधिक मृदु तरीके से यौवन से गुजरे हैं लेकिन अन्य ऐसा नहीं कर पाए हैं, अतः यह निर्भर करता है।

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जुली क्या कोई ऐसा भोजन है जिससे AADC मरीजों को बचना चाहिए? कई साल पहले मैंने सुना था कि उन्हें प्रिज़र्व्ड/फर्मेंटेड भोजन टालना चाहिए? लिसा मुझे लगता है कि उसका कारण

MAOi है।

डॉ रोजर पोन्स मुझे ऐसा नहीं लगता है। यह कोई ऐसी बीमारी नहीं है जो भोजन को प्रतिबंधित करती हो, लेकिन फिर भी यदि कोई परिवार देखता है कि जब मैं यह भोजन देती हूं जो अनुकू ल नहीं आता तो मैं इससे बचूंगी लेकिन मैं आहार के विषय में सख्त नहीं रहूंगी। यदि कोई भोजन से दस्त लगते है तो मैं निश्चित रूप से उससे बचूंगी। जुली मेरी बेटी को कब्ज की समस्या है और वह लैक्टुलोज लेती है। क्या इस समस्या को हल करने के लिए कोई बेहतर दवा है? डॉ रोजर पोन्स मैं आमतौर पर सहायता लेती हूं, जब कब्ज इतना गंभीर होता है, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से, जो हमें कु छ दवाई दे सकता है जो समस्या के लिए अधिक प्रभावी हो लेकिन सामान्य तौर पर मैं, दवा के लिए जाने से पहले, फाइबर को बढ़ाने की कोशिश करती हूं। लेकिन यह एक ऐसा बिंदु है जिसके लिए मैं किसी विशेषज्ञ से सहायता लूंगी। लिसा मुझे लगता है कि यह कहना सबसे अच्छी बात है कि प्रत्येक बच्चा दूसरे से बहुत अलग है और दवाओं को अपने डॉक्टरों के साथ सावधानी से दिया जाना चाहिए और निश्चित रूप से आम सहमति और दिशानिर्देश के अनुसार एडजस्ट किया जाना चाहिए। रोजर, डॉक्टरों के लिए यदि उन्हें कोई समस्या है तो आपके साथ समायोजन करने में उनके लिए ख़ुशी की बात होगी, तो क्या हम आपका ईमेल पता उन्हें दे पाएंगे? डॉ रोजर पोन्स हाँ यह आनंद की बात होगी। लिसा मुझे पता है कि यह समझाना बहुत मुश्किल है क्योंकि आपके पास बहुत तकनीकी दिमाग है और कभी-कभी हमारे लिए शायद सब कु छ प्राप्त कर पाना मुश्किल हो जाता है लेकिन यदि कोई डॉक्टर दूसरे डॉक्टर से बात कर सकता है तो यह उपलब्ध हो सकने वाली अधिक व्यक्तिगत होगी और प्रत्येक बच्चे के लिए अधिक विशिष्ट Page सहाय 17


उपचार हो सकता है। अतिसुन्दर प्रस्तुति, बहुत-बहुत धन्यवाद। हमने इस सप्ताह बहुत कु छ सीखा है और हमेशा की तरह हम आपके आभारी हैं। सबका धन्यवाद। डॉ रोजर पोन्स आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद, यह सुखद रहा।

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AADCd Family Workshop 3 : Transcript

Produced by Julie Ramsay

Verified by Lisa Flint & Dr Roser Pons

Translated by teamextended.com

The AADC Research Trust would like to thank all involved.

#CureAADC #CureAADCd Page 21


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