SWAPNIL SAUNDARYA e-zine Presents
An open Letter to Swapnil Saundarya Label ! From the Diary of Dr Akanchha Awasthi - 7th
व नल स दय के साथ मेरा सुनहरा सफर.........................
आज का मानव अित य त जीवन का िनवाह कर रहा है ले कन इस अित य त
दनचया म हम अपने
य तम समय म भी कुछ न कुछ वो क मती पल चुरा ह लेते ह जस काम को करने क ललक व चाहत सदै व हमारे मन म दबी रहती है ........ म, बात कर रह हँू 2016 के आरं भ से ारं भ हई व नल स दय ु लेबल ( Swapnil Saundarya Label ) के साथ मेर या ा क . सव थम म आभार कट करना चाहँू गी व नल स दय ई -ज़ीन ( Swapnil Saundarya ezine ) के सं थापक संपादक जी ऋषभ शु ला ( Founder - Editor Rishabh Shukla ) को जनके सहयोग से मुझे अपने सबसे
य काय लेखन को आप सभी के सम
इं टरनेट पर कािशत होने वाली भारत क
थम हं द
तु त करने हे तु एक बेहद सुंदर मंच ा हआ ु . -मािसक लाइफ टाइल प का युवाओं के िलए
मनोरं जन के साथ- साथ अनेक रोजगार के माग भी श त करती है जसम ह त िनिमत व तु ओं जैसे धागे से बनी डॉ स ( Swapnil Saundarya Desi Dolls ) , डज़ाइनर आभूषण, डज़ाइनर प रधान , सजीव प ट स, ड जटल आट , कला क व तु एं आ द स मिलत ह जो अपनी ह कहानी बयां करते ह ....एक खूबसूरत , आकषक व स दयवान कहानी...... वतमान प र े य म जहाँ आज के समय को ड ज़टल युग कहना कसी भी कार से अितशयो
न होगा ...तो ऐसी
थित म िनसंदेह व नल स दय लेबल (
Swapnil Saundarya Label ) का भ व य बहत ु उ जवल है . आने वाले समय म भी िलए नई राह व संभावनाओं का आकाश साफ दखाई दे ता है .
व नल स दय के
भले ह
व नल स दय प का ( Swapnil Saundarya ezine ) से म, वष 2016 से जुड़ हँू परं तु कंपनी
के मु खया
व नल शु ला ( Jewellery Designer, columnist , fashion consultant ) व ऋषभ
शु ला ( Interior Designer , Painter ) के साथ मेरे संबंध बहत ु पुराने ह . कला के ित संपादक जी क लगन व आ था को दे ख कर जीवन म कुछ भी पाना क ठन नह ं है , ऐसे ेरणा िमलती है . कला व इं ट रयर डज़ाइन प कार व प का के संपादक ऋषभ जी के साथ काम करने का अनुपम अनुभव मेरे जीवन म नई ऊजा का संचार करता है . अपनी डायर के हर पृ को जब प का क वेबसाइट व लॉग पर दे खती हँू तो दय म खुशी क लहर दौड़ जाती है और आप पाठक का ेम और साथ इन पृ अनमोल बना दे ता है . इसके िलए म दय से आभार य
को
करती हँू व नल स दय का तथा म ई र से
ाथना करती हँू और मुझे यह यक ं भी है क व नल स दय भ व य म ऐसे उ जवल होकर चमके जैसे शु ल प
का चं मा नील गगन म चमक कर संपूण धरा को आलो कत करता है .
आभार. डॉ आकां ा अव थी
सहा0 व ा ( गृह व ान वभाग ) सर वती म हला महा व ालय
Dr Akanchha Awasthi is working as Asst. Professor in the department of Home Science at Saraswati Mahila Mahavidyala . She has specialization in Women and child development and is well versed in the art of garment manufacturing . She has a keen interest in writing and has penned down several journals and research papers. She is the pen behind Diary of Dr Akanchha , a permanent section published regularly on Swapnil Saundarya ezine, which is an Indian Lifestyle magazine published bi monthly.
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