Kundli Milan - नाि और जन्ममिमि के आधार पर मनिःशुल्क कुंु डली मिलान! भारतीय संस्कृतत में तििाह को एक बहुत ही पतित्र ररश्ता माना जाता है । तििाह करने के तिए कं डिी तमिान को बेहद ही अहम माना जाता है । कं डिी तमिान तजसे गुण मिलान या अष्टकूट मिलान भी कहा जाता है , एक ऐसी प्रतिया है तजसमें िर और िध की कं डिी का तमिान तकया जाता है । कं डिी तमिान को एक सखी िैिातहक जीिन की नींि माना जाता है । इसमें दोनों पक्ों के गणों का तमिान होता है और उस आधार पर यह तय तकया जाता है तक यह तििाह हो सकता है या नहीं? आज भी जब तििाह की बात आती है तो कं डिी तमिान को ही प्राथतमकता दी जाती है । कं डिी तमिान को एक सखी दां पत्य जीिन का आधार माना जाता है । यतद िर-िधू की कं डिी तमिती है तभी तििाह संपन्न तकया जाता है क्ोंतक तििाह के तिए कुंु डली मिलान आिश्यक माना जाता है ।
जन्ममिमि से कुंु डली मिलान एक सफि िैिातहक जीिन के तिए िर और िध के बीच गणों का तमिना बेहद ही जरूरी होता है । जन्मतततथ से कं डिी तमिान करना एक िैतदक ज्योततषीय प्रतिया है । जन्मतततथ
से कं डिी तमिान करने के तिए िर और िध दोनों की जन्मतततथ, जन्म का सटीक समय और जन्म स्थान शातमि होता है । इस जानकारी का उपयोग करके जन्म कुंु डली तैयार की जाती है । जन्मतततथ के अनसार कं डिी तमिान करके िर और िधू के बीच की अनकूिता और प्रततस्पधाा के बारे में पता िगाया जा सकता है । यतद आप भी अपनी जन्म तततथ से तनशल्क कं डिी तमिान करना चाहते हैं , तो मनिःशुल्क कुंु डली मिलान पर क्लिक करें ।
कुंु डली मिलान िें मकिने गुण ुं का मिलान करना चामिए? कं डिी तमिान िर और िधू दोनों के कं डिी के आधार पर गणों का तमिान होता है । कं डिी तमिान के आधार पर ही यह तय होता है तक तििाह होगा या नहीं होगा। ज्योततष शास्त्र में तििाह के तमिान के तिए कि 36 गणों के बारे में बताया गया है । कं डिी तमिान को अष्टकूट गण तमिान भी कहा जाता है । अष्टकूट मिलान 8 अिग-अिग कारकों या गणों के आधार िर और िधू की अनकूिता का आकिन करने के तिए तकया जाता है । हर गण का अपना एक अिग अंक होता है । इसके आधार पर ही यह तय तकया जाता है तक कि तकतने गण तमिते हैं । आइए जानते हैं क्ा होते है िो अष्टकूट गण और उनके तकतने अंक तदए जाते हैं : कूट - अुंक •
िणा - 1
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िश्य – 2
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तारा – 3
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योतन - 4
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ग्रह मैत्री - 5
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गण - 6
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भकूट - 7
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नाडी - 8 अष्टकूट के सभी गुण ुं क मिलाकर कुल 36 गुण बनिे िैं इन आठ बातों के आधार पर भति-भां तत तिचार करके िर और िधू के आने िािे जीिन के बारे में आकिन तकया जाता है । इन सभी के अं को का कि योग 36 होता है यतद इसमें से 18 या तफर उससे ज्यादा गण तमिते हैं तभी तििाह शभ माना जाता है । मििाि के मलए कि से कि 18 गुण ुं का मिलना ठीक िाना जािा िै
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18 से 21 गण तमिने पर तमिान मध्यम माना जाता है ।
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21 से अतधक गण तमिना तििाह के तिए बेहद ही शभ माना जाता है ।
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ऐसा माना जाता है तक 36 में से 36 गण तमिना बेहद ही दिाभ योग माना जाता है । धातमाक मान्यताओं के अनसार, भगिान श्री राम और सीता माता के ही 36 में से 36 गण तमिे थे। यतद कं डिी तमिान में 18 से कम गण आते हैं , तो तििाह नहीं करना चातहए। ऐसे तििाह की अितध बेहद ही कम होती है और इसमें किह-क्लेश बना रहता है इसतिए तििाह से पहिे कं डिी तमिान\kundli matching बेहद ही आिश्यक माना जाता है । िैतदक ज्योततष में कं डिी तमिान करते समय अष्टकूट के सभी िगों का तिश्लेषण तकया जाता है । इन सभी अष्टकूटों में नाडी और भकूट दो बेहद ही महत्वपू णा गण तमिान माने जाते हैं । यतद कं डिी में नाडी या भकूट द ष हो तो भी तििाह नहीं तकया जाता। कं डिी तमिान में नाड़ी द ष होने से आय ि स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती है और भकूट दोष होने से िैिातहक जीिन में आतथाक समस्याएं आती है इसतिए गण तमिान करते समय नाडी और भकूट दोष का जरूर ध्यान तदया जाता है । नाडी और भकूट के अिािा कं डिी तमिान करते समय मंगि दोष या िाुंगमलक द ष पर भी तिचार तकया जाता है । यतद कुंु डली िें िुंगल द ष हो तो भी िैिातहक जीिन में टकराि दे खने को तमि सकता है , इसतिए जब भी तििाह करें कं डिी तमिान अिश्य करिाना चातहए। Aap yaha vivah ke liye free kundali banana sakte hai Read more about: Child Birth Prediction | IVF Pregnancy
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