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Namastey! Compiled few teasers, promos, ad campaigns of my projects over the years. Second ‘Vigyapan’ book, coming soon!  Timeline: 2007-2013 - Mohit Sharma (Trendster / Trendy Baba) © Mohit Sharma, Fenil Comics, Raj Comics, Fiction Comics, Freelance Talents, Infra Surkh Shayars.


Maa ka Monologue (2013) "इन आॉखों भे ज़ाहहय है भेयी आखयी भज़ी...

जो एहसान किमे दनु नमा ऩय...चाहे वो एहसान बर ु ा दे ना.. भयते वक़्त जफ मे आॉखें फॊद होने िो हों... फस भुझे भाॉ िा चेहया हदखा दे ना..."


रूठी भाॉ तेये भना कयने ऩय.. हाथ छुडामा भैंने... ददद ऩडे जो सहने.. तुझको रुरामा भैंने.. दे चाहे भुझको जो सजा...

भाना भेयी गरती है ... आॉखें भेयी जरती है ... रूठी यहे गी कफ तक मे फता..

छूना तेया पफता है .. बीड भे डय रगता है .. सॊग रगा रे भामे...

जाद ू तेये हाथो भे.. भधु जो तेयी फातों भे.. नीॊद न आमे भामे.. झर ू ा झर ु ा दे भामे...


खाऊॊ भै मा भै खेरॉ ू... एकटक ननहायती तू क्मों.. जैसे भै तुझसे हूॉ जुडा..

छाॉव हो मा हो धूऩ.. ककतने तेये जो रूऩ.. भभता भे तेयी ठॊ डक... आॉचर भे तेये यौनक... सामे भे इसके होना भुझे यवाॊ...

जो तू कहे भानूॉगा... तेयी यजा जानग ॉू ा.. फस एक फाय कपय से गोद भे रे सुरा...


गुराभ-ए-हहॊद : Parmanu Origins (Preview) (2008) --------------------------X-----------------------------X--------------------------X------------------

तप ू ानों िी यॊ जजश से वतन फेनयू हो जामे,

हय भौसभ भे ससपफ ऩतझड़ ही रौट िय आमे . कपय बी चैन से सो रो ए भेये दे श िे फॊदो, अबी जजॊदा जो है हहॊद िे चॊद सयभामे .

"इॊस्ऩेक्टय ववनम, रयिार्डफस िे अनस ु ाय सभीय खान एि दद ु ाांत आतॊिवादी है जजसिा सॊफॊध ऩहरे िई आऩयाधधि व आतॊिी धगयोहों से यह चुिा है. महाॉ ति िी खासरस्तानी आतॊकिमों िा मे

प्रभुख साझेदाय था. इसिो िुख्मात िाराऩानी जेर भे अऩने आतॊिी धगयोह िो ऩिडवाने िे सरए सयिायी गवाह फनामा गमा था जजसिी एवज़ भे इसिो ससपफ 22 सार िैद सभरी. ऩय सुयऺा

एजेंससमों ने मे आशॊिा जताई है िी मे आतॊिवादी अऩने सीने भे िई औय याज़ दपनामे ही है औय मे अऩनी आतॊिी जड़ो ति ज़रूय वाऩस रौटे गा. तुम्हे इस ऩय ननगयानी यखनी है औय हय

हफ्ते इसिी गनतववधधमों िी रयऩोटफ दे नी है . अगय सभीय खान िी िोई सॊहदग्ध गनतववधध हद से ज्मादा फढ़ जाती है जजस से रोगो िी जान ऩय फन आमे तफ तुभ इसिो जस्थनत अनुसाय योि मा भाय सिते हो."

ऩयभाणु - प्रोफोट...िाराऩानी जेर से छूटने िे फाद माससय खान सीधा हदल्री िे सीभावती इरािे

भे आमा है तो अफ ननगयानी िा िाभ इॊस्ऩेक्टय ववनम से ज्मादा तम् ु हाये िैभयों औय ऩयभाणु िो ियना होगा.

प्रोफोट - सभीय खान भेये िैभयों िी यें ज भे आ गमा है औय उसिी सरऩ यीडडॊग से भुझे ऩता चरा है िी वो रोगो से भीना चौि िा ऩता ऩूछ यहा है. भीना चौि भे ऐसी क्मा खास फात है?

ऩयभाणु - भीना चौि भे फहुत फड़ा भें टर हॉजस्ऩटर है जहाॉ भै अक्सय भानससि रूऩ से ववक्षऺप्त अऩयाधधमों िो बती ियवाता हूॉ. ऩयभाणु एि सीसभत दयू ी से माससय खान िा ऩीछा ियता है जो भीना चौि िे भानससि

धचकित्सारम भे जाता है. िुछ ही सभनटों फाद उस जगह फहुत फड़ा फभ ब्रास्ट होता है. उस


भानससि धचकित्सारम िी जगह अफ एि सुरगता हुआ भरफे िा ढे य था औय हय तयप राशें , खून औय भाॊस िे रोथड़े थे. माससय खान िा िहीॊ िोई नाभोननशान नहीॊ था...शामद वो बी भय

गमा था मा शामद मे ब्रास्ट उसी ने ियामा था. ऩय उन राशों भे एि फूढी औयत भाभूरी चोटों िे साथ चभत्िारयि रूऩ से अधफफेहोशी िी हारत भे थी.


ऩयभाणु ने उसे उठामा िी तबी उस औयत भे जान आ गमी उसने ऩयभाणु िे ससय ऩय भातत्ृ व स्नेह वारा हाथ पेया औय फेटा िहिय उस से धचऩट गमी....ऩयभाणु िे सरए मे नमी अनुबूनत

थी. भाॉ होने िी िल्ऩना से ही उसिे जजस्भ भे ससयहन दौड़ गमी....वो सफ िुछ बूर िय उस

भभता बये स्ऩशफ भे डूफ गमा औय उस औयत िो एिटि दे खता यहा. वो भहहरा कपय फेहोश हो

गमी. रोगो ने ऩयभाणु िो फतामा िी वो एि ऩागर भहहरा है. ववनम फनिय ऩयभाणु उस वद्ध ृ

भहहरा िो अऩने घय रे गमा जहाॉ उसने जस्थनत ठीि होने ति उसिी दे खबार िे सरए भभता ऩाठि िो बी फर ु ा सरमा. ववनम अऩनी इस छदभ ही सही ऩय भाॉ िो अऩने साथ ही यखना

चाहता था. वो वद्ध ु ी भे वो गीतासाय ृ ा ववनम िो अऩना फेटा भानती थी औय उसिे सभरने िी खश गन ु गन ु ाती यहती थी.

"मद्ध ु ऺेत्र भे जफ अजन ुफ ने तजा धनष ु औय फाॊड....... िहा िृष्ण ने शस्त्र उठाओ मोद्धा फनो भहान....."

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ववनम - तुम्हे तो फहुत गोसरमाॊ रगी है सभीय खान....फताओ तुम्हाया भिसद क्मा है ? िौन तुम्हे भायना चाहता है....तुम्हाया शयीय झुरस गमा है...भयते वक़्त तो ईभान िा िाभ ियते जाओ... सभीय खान - ववनम भेये फच्चे...माससय...भै...तेया वासरद...तेया वऩता...माससय खान हूॉ....

"दोनों औय खड़ी थी सेना अजुन फ घफयामे....

दे ख िे अऩने िुर सॊफॊधी िभर नैन बय रामे......" --------------------------X-----------------------------X--------------------------X------------------

स्थान - उत्तय प्रदे श िे साॊसद िेशवनाथ िा आवास, फये री. "नेता जी...िेशवनाथ जी....एि इॊस्ऩेक्टय अऩनी जीऩ रेिय आऩिे फॊगरे भे घुस आमा है औय आऩिे सुयऺािसभफमों िो भायता हुआ आऩिी तयप फढ़ यहा है."

िेशवनाथ - अये !!! सैिड़ो ऩारतू किस हदन िे सरए ऩार यखे है किसी न किसी िी गोरी से आॉगन भे आने से ऩहरे भय जाएगा.

ववनम - भयते तेये जैसे िीड़े है , जो िुचरे जाने ति वतनऩयस्तो िे जूतों िा नाऩ नहीॊ जानते.


िेशवनाथ - िीड़ा तो अबी बी तू है...भेये आॉगन भे ही 2 दजफन फॊदि ू धायी है...िुचर सिे तो िुचर दे भुझे..... ववनम - ठीि है. िेशवनाथ िे 2 दजफन फॊदि ू धायी 2 सेिॊर्डस भे ऩयभाणु ब्रास््स से भाये गए. िेशवनाथ - तू...तू..तो ऩयभाणु है. ऩयभाणु - अफ मे फात मभयाज िो फताना. इॊस्ऩेक्टय ववनम िो हदवॊगत भॊत्री जी िे आवास ऩय घुसते िैभयों ने रयिॉडफ किमा है कपय वो फाहय नहीॊ आमा..फये री िी सायी सीभाएॊ सीर िय दी जामे औय ववनम िो तुयॊत नीरभसबत ियिे धगयफ्ताय किमा जामे.

"अऩने हाथों से अऩनों िे िैसे हय रॉ ू प्राण......

िहा िृष्ण ने शस्त्र उठाओ मोद्धा फनो भहान..." --------------------------X-----------------------------X--------------------------X------------------

पैजाफाद रेफय अर्डडा ववनम - क्मा भुझे महाॉ िाभ सभरेगा? भज़दयू - तुम्हे तो सफसे ऩहरे िाभ सभरेगा, फाफू! गठीरे फदन िे हो, हय ठे िेदाय िो ऐसे भजदयू चाहहए.....रगता है खफ ू घी-दध ू वऩमा है अऩने गाॉव भे.

"ससपफ अभय है अजय आत्भा फस शयीय भय जामे .... जैसे वस्त्र ऩयु ाने तज िोई नए वस्त्र अऩनामे......"

भजदयू ी िा िाभ ियते ववनम िो हय दभ उसिी "भाॉ" ननहाया ियती....वो उनसे धूऩ भे ना आने

िो िहता ऩय वो फस उसिो ननहाया ियती जैसे ना जाने कितने फयसो िी िसय ननिार यही हो. तबी एि हदन.


"हभ आऩ ति ऩहुॉच ही गए, पानतभा खारा!" पावड़ा सरए गुस्से से पुपिायता ववनम उनिे फीच भे आमा. "दयू हटो इनसे..." "रो अफ मे पावड़े से फॊदि ू ो िा साभना िये गा....रगता है ऩगरी पानतभा िा असय आ गमा है तुझ ऩय...हा हा हा हा हा....."

"है साया सॊसाय है भुझभे ऩथ् ृ वी, गगन, शजक्त..... साये जीव सभामे भुझभे भेये अॊश सबी......"


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सायी फातें फेभानी रगती है जफ अऩने वजूद ही न ऩता हो....औय अऩनी ऩहचान िे सरए सॊघषफ ियना ऩड़े....

औय िबी-िबी अऩनी ऩहचान ऩाने िे सरए खुद िो खोना ऩड़ता है......


"दे ख ववयाट रूऩ बगवन िा अजुन फ िाॊऩ गए....

उठा सरमा तफ धनष ु हाथ भे साध सरए सफ फाॊड... िहा िृष्ण ने शस्त्र उठाओ...मोद्धा फनो भहान... फोरे...मोद्धा फनो भहान..."

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"शहीद सभीय खान औय हदल्री ऩुसरस ननयीऺि सॊख्मा 19009 शहीद ववनम वभाफ उर्फफ माससय खान िो सराभी दें गे...............

.........इॊतज़ाय िीजजमे दे श िी जड़ो भे गुभ ऩयभाणु िे वजूद िो तराशती इस नभ िहानी िा!


भेया Dimension, तेये सय! 2010 SSSSSSSSSSSiiissssssssssssssssssiiiSSSSSSSSSSSSSSSSSSiiissssssssssssssssssss iii......... Tiranga : Savdhaan! Dhruva uss lagta hai uss Rishi kay shaap se humara dimension phir badal gaya hai. Yahan bhi andhera hai iss baar haath pakad kar rehna nahi to pehle waale dimension mey tum Ahmad Shah Abdali kay camps ki jagah Sitapur mey Chamunda Mata kay Mandir chale gaye thay phir hum logo ko poora ghoom kar "Gonda-Bahraich-Basti" waala route pakad kar aana pada. Ye kaisi aawaz aa rahi hai....kaan mey citi si to nahi baj rahi hai....tumhe bhi sunayi de rahi hai ye aawaz.... SSSSSSSSSSSiiissssssssssssssssssiiiSSSSSSSSSSSSSSSSSSiiissssssssssssssssssss iii......... Dhruva : Haan, aawaz si to aa rahi hai. Haath pakde rehna, Bhai....lagta hai koi bada khatarnaak jeev so raha hai. Andhere mey kuch dikh bhi to nahi raha. Tiranga : Mujhe to ye kisi bhayankar saanp ki aawaz lagti hai. Maine aaj tak apni crime fighting kay paise jod kar sirf ek movie CD laga kar dekhi thi "Anaconda"......usmey har samay aesi aawaz aati hai. SSSSSSSSSSSiiissssssssssssssssssiiiSSSSSSSSSSSSSSSSSSiiissssssssssssssssssss iii......... Dhruva : Oho! waisi aawaz to har pirated movie mey aati hai. Ye Nagraj ka bigda roop bhi ho sakta hai...kya pata kisi dimension mey villain ban gaya ho. Ya koi aur Ichchha-dhaari Saanp, jaise Nagdant bhi ho sakta hai..... Tiranga : Huh! Arre, aese logo kay to mai yun hi saare dant tod dun....jo bhi ho humey dekhna hoga. Saavdhani se tum aage jao Dhruva, har dimension mey mai aage nahi jaunga. Dhruva zameen par rengta hua aage badha aur kuch palo baad.... Ek Mahila Chillayi :


AAAAAAAAAAAAAAAIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIII!!!...Chor...Chor...Daaku...Kachchh a-Baniyan Giroh waale aa gaye....Aji sunte ho...Air Gun nikal lo, Sinku ki, iss baar pants kay upar kachchha pehan kar aaye hai!!!! Tiranga : Kya ho gaya....ye to Barkha Dutt ki si aawaz lag rahi hai....TV chal raha hai kya....Dhruva tu aage hai, bata kya dekha? Dhruva : Burrrrr...fooooffffff...AAAAAKKKKKK thuuuu...fafadfafafrrrrrr....khakhraaa...chipss...crunchyyy..krrrrrrr....Khurra is a good THS.....hrrrrrrr Tiranga : Sahi se bata....Ye kaunsi power chhod di villain nay tujhpe...current to nahi lag gaya isko....O Dhruva....mere dost...tu zinda hai na..... Dhruva : Kuttey! mai to zinda hun par tu mar jaayega...wo koi khatarnak jeev ya saanp nahi tha ek Aunty apne navjat bachche ko "SSSSSSSSiiissssssssiii...." ki aawaz nikal kar susu karva rahi thi aur andhere mey aage reng kar jab maine roshni mey apna muh uthaya to mere upar...... Tiranga :....uss navjat bachche ki susu ki dhaar aa gayi...Hai na! Dhruva : Serious banne ka natak to kariyo mat mere saamne...Meri beizzati wala dialog poora karne ki badi mismisi chhuti rehti hai tujhe....O Aunty, darr kar mat bhaago...mujhe Tooth Paste, Listerine..Mouthwash 2 Gallons paani aur trunk cleaner de do....nahi to mere haatho aapke poore parivaar ka murder ho jaayega. Mahila : Ye to dehaat elaka hai...yahan paani ki killat hai. 2 Maggha paani tha uss se abhi tumhare saamne Munnu ki dhulli-dhulli karva di. Ab paani Subah aayega...Daant, Muh to hum koyla laga kar saaf karte hai...jitna chahiye le lo.... Dhruva : Oh! Nahi!!!!!!! Tiranga : Hey Bhagwan! Ab kya hoga Dhruva....ab kya karoge tum? Gussey mey Dhruva nay Tiranga ko jakad liya. Dhruva : Mai keh raha hun na aese serious ban ke, bholey question puchh kar mazey mat le...Aunty maine isko zameen par pakad rakha hai, ab kisi bachche ko susu aaye to jaise mere upar karaya tha waise hi iske upar "Dhaara-Dhaara, Shudh Dhaara" karva dena.


Mahila : Munnu meri godd mey aur baaki bachche to ab so gaye hai....Haan, mere unko raat mey jaane ki aadat hai...jab wo uthenge to unko keh dungi.....

दनु नमा अऩनी धयु ी ऩय घभ ू ती हैवक़्त.... घभ ू ता है इॊसान प्मादा फना अनजाने...खद ु िो दोहयाता है .... शतयॊ ज िी बफसात ऩय किसी अजनफी िे आदे शो िा गुराभ फनाउसिे इशायो ऩय नाचता ियता यहता.... है. ऩरयक्रभा....

ऩरयक्रभा (सऩ ु य िभाॊडो ध्रव ु औय एॊथोनी) 2008 किॊ ग िे स्िूर िी छुट्टी हुई औय वो ऩास ही जस्थत अऩने घय िी ओय चर हदमा. किॊ ग िो एि अनजान शख्स ववस्भम से दे ख यहा था....किॊ ग ने उस अजनफी िो दे खा औय ससहय िय अऩने चरने िी यफ़्ताय तेज़ िय दी. शामद किॊ ग िे सरए वो अजनफी नही था. वो अजनफी खुद से फडफडा यहा था. "मे...िैसे हो सिता है....एॊथोनी.....एि जीववत फच्चा...छी-छी!!! फड़ी ढीट आत्भा है..." ऩर बय भे ही वो अनजान आिृनत किॊ ग िे साभने थी..... "एॊथोनी, ऩहचाना भझ ु े.....िर यात िी ही तो फात है.....तू अऩने इस रूऩ से दनु नमा िो धोखा दे सिता है ऩय भझ ु े नही. अफ भै तेयी आत्भा िो नयि िी सैय ियवाऊॊगा औय अऩना गर ु ाभ फनाऊॊगा."

िर यात िी घटना िे फाद से वेनू उर्फफ सज़ा सतिफ थी इससरए वो किॊ ग िो फचाने तुॊयत उस शख्स िे साभने ऩहुॉच गई थी.

वेनू - रुि जा दरयन्दे ! िर तू अन्धे िुए िी आत्भाओ िो आजाद ियने भे सपर हो गमा था रेकिन आज सज़ा तझ ु े अिेरे ही सज़ा दे गी.


वो शख्स इस नए अनचाहे फदराव से हठठिा.... "तो तू सज़ा है....तू बी एि भहहरा िी िामा भे....फड़ा अजीफ शहय है रूऩनगय जहाॉ बटिती

आत्भाएॊ जजॊदा शयीयो भे यहती है . नासभझ आत्भा जफ तू औय एॊथोनी सभरिय भुझे नही योि

ऩामे तो तुझ अिेरी िी क्मा बफसात? िर तू बी फच गई थी आज तुभ दोनों िो अन्धे िुए भे रटिािय खूफ तड़ऩाउॊ गा."

वेनू अफ सज़ा िे रूऩ भे आ चि ु ी थी औय उसने ऩहरा वाय किमा. एि बमानि मद्ध ु शरू ु

हुआ...किॊ ग िो फचाने िे सरए सज़ा उस अनजान आिृनत िो किसी बी िीभत ऩय खत्भ ियने ऩय उतारू थी. क्मोकि िर वो उस अदबत ु शजक्त िे भासरि से रडाई हाय चि ु ी थी....वो बी

एॊथोनी िे साथ यहते. ऩय सज़ा िी िभजोयी मानी वेनू िे रूऩ भे उसिा ननजीव शयीय वहीीँ ऩड़ा

हुआ था. जजसऩय अफ उस शख्स िा िब्जा था. वेनू िे शयीय िो झटिा रगते ही सज़ा असहाम हो गई. वह हॉसता हुआ किॊ ग िी ओय ऩरटा. "अफ तुझे िौन फचाएगा भेये छोटे ...भासूभ एॊथोनी?" फचाने वारा शामद आ चि ु ा था. "....फन्दे िो ध्रुव िहते है."

ऩरयक्रभा (सऩ ु य िभाॊडो ध्रव ु औय एॊथोनी), Second Story Ad एॊथोनी औय ध्रव ु यती यावी नदी िे ऊऩय उस फड़े ननभाफणाधीन फाॉध ऩय ु रूऩनगय से फहिय गज़ एि-दस ू ये से जझ ू यहे थे. दोनों िी भजफयू ी उनिे चेहयों ऩय सार्फ झरि यही थी. ऊऩय खड़ी एि आिृनत िी आवाज़ आई. "अये ओ भद ु े औय सिफस िे जोिय....ध्मान यहे तभ ु भे से िोई एि ही फचना चाहहए वयना....इस फाॉध िे सरए फने छोटे से रयज़वोमय िा ऩानी रूऩनगय िे िई इरािों िो तफाह ियने िे सरए

िापी है....औय....भै तो बर ू ही गमा था इतनी आत्भाएॊ खर ु ी घभ ू यही है....फेचायी सफ भझ ु से

फाय-फाय शहय बय भे आतॊि भचाने िी गज ु ारयश िय यही है. अफ भझ ु से किसी िा हदर तो तोडा


नहीॊ जाता.....वैसे वो फुर्डढा फाफा िहाॉ है ? सुना फहुत ऩीटा है उसने तुभ दोनों िो.....हा हा हा हा...." एॊथोनी ने इस गुत्थभ-गुत्था िो एि फाय भे ही खत्भ ियने िे सरए ध्रुव िो अऩनी ऩूयी ताक़त से भुक्िा भाया औय ध्रुव उड़ता हुआ फाॉध िे नीचे जा धगया. एॊथोनी िो रगा िी ध्रुव फेहोश हो गमा...ऩय अगरे ही ऩर ध्रुव ने अऩनी स्टायराइन उड़ते एॊथोनी िे ऩैय भे पसाई औय उसी िे

सहाये एॊथोनी िो ज़ोयदाय किि रगामी. अफ दोनों ही कपय से फाॉध िे फीच िे हहस्से ऩय आ चुिे थे. ध्रुव ने स्टायराइन िे झटिे से एॊथोनी ऩय बायी ऩत्थयो िी फयसात िय दी. ऩय ध्रुव जानता

था िी ऐसे खतयों से फचना एॊथोनी िे सरए फामें हाथ िा खेर है.....एॊथोनी तुॊयत ही उस ढे य से

टे रीऩोटफ होिय ध्रुव िे साभने था. एॊथोनी ने कपय से ध्रुव ऩय वाय किमा औय टे रीऩोटफ होिय उसिे ऩास ऩहुॊचा औय ध्रुव ऩय इस तयह रगाताय वाय ियने रगा. एॊथोनी िे शजक्तशारी वायो िे आगे ध्रुव ज्मादा दे य नहीॊ हटिा यह सिता था.....ध्रुव इन रगाताय हो यहे वायो औय एॊथोनी िो टे रीऩोटफ होने से योिने िे सरए एॊथोनी ऩय फाॉध ननभाफण िामफ िे सरए यखा तायिोर िा िनस्टय उडेर

दे ता है....औय तायिोर िो जल्दी सुखाने िे सरए एॊथोनी ऩय हीट-फ्रेमय छोड़ दे ता है. (एॊथोनी

वहीीँ ति टे रीऩोटफ हो सिता है जहाॉ ति उसिी आॉखें दे ख सिती है ऩय दे खने भे फाधा आने ऩय वो टे रीऩोटफ नहीॊ हो सिता.) िुछ हदखाई ना दे ने िे िायण एॊथोनी इधय उधय हवा भे वाय ियता

हुआ....अऩने आऩ ही फाॉध िे नीचे आ धगयता है. इस फीच ध्रव ु ऊऩय खड़ी सभस्मा से ननऩटने िे सरए सोचना शरू ु िय दे ता है..... ऩय एॊथोनी िी हारत दे ख.....फाॉध िे ऊऩय खडा वो शख्स गुस्से भे आ गमा. "ऐ भुदे....भेये साभने नाटि भत िय.....िहाॉ गमी तेयी नयि वारी ठॊ डी आग? रगता है िी ध्रव ु

िी जान तझ ु े फहुत ज्मादा प्मायी है. तो ठीि है....वैसे बी रूऩनगय िे रोग भझ ु े ऩसॊद नहीॊ....बायत िी जनसॉख्मा बी फढ़ यही है.....िुछ िभ हो जाए तो क्मा हज़फ है ? क्मों ठीि है ना बाई एॊथोनी?"

उस शख्स िी फातों ने जाद ू सा असय किमा औय एॊथोनी ने अऩनी आॉखों िे आस-ऩास िी खार फुयी तयह नोच िय उताय दी....औय एि फाय कपय ध्रुव ति ऩहुॊचा. भजफूयी वश अफ एॊथोनी ने ध्रुव ऩय ठॊ डी आग िा वाय किमा औय ध्रुव तड़ऩ उठा......साथ ही उसिा ददफ दे ख िय तड़ऩ उठा

खुद एॊथोनी ऩय वो िुछ नहीॊ िय सिता था. ऩहरे से ही एॊथोनी िे वायो से फेहार ध्रुव ऩय ठॊ डी

आग जैसे िोडे फयसा यही थी. ध्रुव ददफ से ियाह यहा था ऩय ठॊ डी आग उसिे सोचने सभझने िी शजक्त बी ऺीण ियती जा यही थी......ध्रुव अफ िुछ ही ऩारो िा भेहभान रग यहा था.....ध्रुव ने

अऩनी शजक्त सभेटी औय एॊथोनी िे सीने िी तयप िुछ एससड िैप्सूर छोडे औय एॊथोनी िा हदर


हदखने रगा. बफना िोई ऺण गवाए फेहोशी से फॊद होती आॉखों िे साथ ध्रुव ने एॊथोनी िे हदर िे अन्दय ति स्टायराइन पसाई औय स्टायराइन िा दस ू या ससया फाॉध से जा यहे बफजरी िे ताय भे अटिा हदमा. भुदाफ एॊथोनी िे हदर भे जैसे उसिी जान फस्ती थी.....हदर िो रग यहे बफजरी िे झटिो से भद ु ाफ िुछ चीखों िे साथ फेजान होिय फेहोश ध्रव ु िे ऩास आ धगया.

सुफह होने वारी थी औय फेजान एॊथोनी िा वजूद खतये भे था......खुशी से ठहािे रगता हुआ वो शख्स ननजीव ऩड़े ध्रुव औय एॊथोनी िे ऩास आमा. वो ध्रुव िो भायने ही वारा था िी तबी उसऩय एि उजाफ वाय हुआ....ददफ से ियाहता हुआ वो वाय िी हदशा भे ऩरटा.....वाय ियने वारी आिृनत फोरी. "फस िय गद्दाय तॊत्रदे व.....तेये हदन ऩयू े हुए....मे भासभ ू शहयी तेये आतॊिवादी साधथमों िी बेट नहीॊ चढे गे...." तॊत्रदे व अफ ददफ से ियाहने िे अरावा डय से िाॊऩ बी यहा था. तॊत्रदे व - सत्मा फाफा....आऩ????

Dwand (2007) Jalstarr badhne kay kaaran tatiye Bharat (saath mey Rajnagar) doob raha hai.Idhar Delhi aur aas-paas kay rajya jaanleva mahamari se jhoojh rahein hai. Bahut bade shaydiyantra ko vifal karne akdoosre se anjaan Dhruv aur Parmanu pahunch chuke hai iss samasya ki jadd Andaman Nicobar dweep samooh par jaha kay 2 kabilo nay unhe sweekar bhi kar liya hai.Waha aakar wo dono phas gaye hai kabilo ki chhoti-chhoti samasyao mey aur yaha badh rahi Bharat kay vinash ki samaysa. Kya Dhruv aur Parmanu mey se kisi ka prayaas safal hoga Kya Andamaan Nicobar dweepsamooh par akdoosre ki maujoudgi ka unhe pata chalega


Kaun hai iss shadiyantra kay peeche Bharat ki samasya kay saath kya inn 2 kabilo ki samasya bhi suljhegi Bharatvaasi pehle uss mahamari se marenge ya badhte jalstarr se

Kaisa hai ye......Dwand ? Prastut hai kahani ka doosra Ad. Rozen Kabila aur Warta Kabila....ye 2 padosi kabile aapsi matbhedo aur ladaiyon kay liye jaane jaate hai. Dhruva ko apnaya Rozen kabile nay jabki Parmanu ko Vinay kay roop mey panaah mili Warta Kabile mey. Dhruva wahan pehle pahuncha jisne apne kaushal se Rozen kabile kay sardaar ka dil jeeta aur wahan rehne kay liye kabile kay sardaar ki aagya paa li. Dhruva uss kabile ki chhoti-moti samasyaon ko suljha kar wahan kay logo kay dilo mey apna sthaan aur pakka karne mey lag gaya. Rozen Kabile mey samajhdaar Hindustaani shehari kay honay ki khabar poore dweep samooh kay kabilo mey fhail gayi....shayad yahi wajah thi ki Vinay ko Hindustaani shehari honay ki wajah se Warta Kabile mey apne aap sharan mil gayi. Kabilo mey reh kar wahan ki sthaniye samasyaon ko suljhane kay saath-saath Vinay aur Dhruva apni tehkikaat bhi jaari rakhe huey thay. Badhte huey samudri jal-starr ki wajah se Andaman Nicobar Dweep Samooh kay sabhi kabilo mey shudh peene kay paani ki zabardast killat honay lagi. Warta aur Rozen Kabilo ki paani ki zaroorat ko ek hi paani ka bada talaab poori karta tha. Par ab paani kay liye aaye din dono kabilo kay waasiyon mey tanaav aur hinsak jhadape honay lagi. Wahan kay kabilo ki ye pratha thi ki koi vivad honay par dono kabilo kay sarvashrestha 50-50 yoddhao mey tab tak yuddh hoga jab tak ek kabile kay saare 50 yoddha maare naa jaaye.....vivad ka nirnay jeetne waale yoddhao kay


kabile kay paksh mey hota tha. Buzurgo kay anusaar peechli baar aisa yuddh inn kabilo mey 75 saal pehle hua tha jisme dono kabilo kay aadhe se zyada purush maare gaye thay. Kabilo ki jansankhya kay hisaab se iss baar to sthiti aur zyada vikat thi. Yuddh ka din aaya aur Vinay, Dhruva apni lakh kosishon kay baad bhi yuddh kay nirnay ko nahi rukva sake. Dono taraf kay 100 yoddhao mey khud Vinay aur Dhruva bhi shaamil thay. Doosre kabile mey shehari honay ki khabar Vinay aur Dhruva ko bhi thi. Yuddh mey aamne saamne aaye Vinay nay Dhruva ko turant pehchaan liya par Dhruva nay Vinay ko shaq ki nigaaho se dekha.....Dhruva ko laga ki Bharat mey ho rahi samasyaon ka sambandh Vinay se ho sakta hai. Yuddh shuru hua....Dhruva aur Vinay apne vaaro se doosre kabile kay yoddhao ko jaldi-jaldi behosh karne lage taaki ye yoddha aapas mey ek-doosre ki jaan naa le le. Kuch dair baad, aakhirkaar behosh 98 yoddhao kay beech 2 yoddha bache thay......ab aamne saamne thay Vinay aur Dhruva. Sthiti se nipatne ka ab dono ko koi raasta nazar nahi aa raha tha. Kisi ek kay haarne ka matlab hoga ek kabile ka peene kay paani se vanchit ho jaana.

Astitva (2007) Bade paimane par Murdo aur Machino ko mohra banakar ho raha hai 2 mahashaktiyo ka yuddh.Iss yuddh kay beech mey pis rahe hai manav. Parmanu ko chhodkar Probot jaa chuka hai Machini dal mey jiska naitratva kar raha hai Inspector Steel.Murda dal ki aguvaai kar raha hai Anthony. Kaun hai wo 2 Mahashaktiya jo apne matlab kay liye kar rahi hai ye vinash


Kya hua Inspector Steel aur Anthony kay takraav ka anjaam aur kya hua murdo aur machino kay takraav ka anjaam Kya bach saka Manavo ka ....

Astitva ?

Pesh hai doosra Ad. "Aakhir tum karna kya chahte ho? Mera paisa koi paani nahi hai....mujhe jawab chahiye. Ye kaisi war hai? Machines ko murdo se darr nahi lagta....murde marra nahi karte....ye ladai to kabhi khatm nahi hogi." "Tension mat lo.....mujh par bharoosa rakho. Waise tum bhool rahe ho ki insaano ko murdo se darr bhi lagta hai aur insaan marra bhi karte hai.....ek minute zara mere informer ka message aaya hai....." Message padhne kay baad wo shakhs sakte mey aa gaya. "Steel....tuney mujhe dhokha diya hai.....meri machini fauj mey rehkar usse barbaad kar daala. Tu jald hi khatm hoga." Uske saathi nay poocha. "Ab kya hua?" "Mai bhool gaya tha ki Steel ka shareer to machini hai par uska dimaag insaani hai.....jispar mera koi control nahi hai. Usne humari machini sena ka Commander ban kar uska nirdesh tantra barbaad kar diya. Saari machini sena nishkriye ho gayi hai....par ab mai murdo kay zariye aur zyada tabahi fhailaunga....doguni tabahi taaki manav jaati machini sena ko miss naa kare....ha ha ha ha ha."


Indi Horror (2007-2013)


Dogarun : Doga ki Shaadi (2007)


Infra-Surkh Shayars


Long Live Inquilab! (2012)


याज िॉसभक्स िुश्ती ऩरयषद Wrestling िी फढती रोिवप्रमता िो दे खते हुए बायतीम भनोयॊ जन िे ऺेत्र भे रगी िॊऩनीज औय टी.वी. चेनल्स ने इसिा बायतीम प्रारूऩ फनाने िी ठानी. इसिे सरए उन्हें अच्छी िद िाठी िे फरशारीपाइटसफ चाहहए थे जो जनता भे ऩहरे से प्रससद्द हों....औय याज िॉसभक्स िे हीयोज़ भे उन्हें मे गुण सभरे. उन्होंने अऩने प्रोभोशन िे सरए ध्रुव औय डोगा िो चुना. इन दोनों िे फीच बायतीम िुश्ती भनोयॊ जन िा ऩहरा भैच होना था. ऩय भैच से ऩहरे fued develop ियने िे सरए मानी जनता िो दोनों िे फीच िी रड़ाई, वववाद िा िायण फताने िे सरए औय contract signing िे सरए ध्रुव औय डोगा िो फुरामा गमा. जनता भे दोनों ससतायों िी प्रससद्धी िो दे खते हुए इसिा आमोजन भुॊफई भे एि फड़े आउटडोय स्टे डीमभ भे ियामा गमा. जहाॉ फीच भे रयॊग था, फड़ी स्क्रीन्स थी, शोय भचाते दशफिो से खचाखच बया था स्टे डीमभ था औय इस ऐनतहाससि घटना िो िवय ियते दे सी-ववदे शी चेनल्स थे. बायतीम चेनल्स औय स्टे डीमभ िे दशफिो िे सरए इस शो िे ननभाफण, से्स, डबफॊग, म्मूजजि, आहद िा िाभ ऩहरे फहुत से बजक्त धायावाहहि फना चुिे औय अफ सारो से खारी फैठे "सागय ब्रदयस" िो हदमा गमा. शो भे ऩयपोभफ ियने िे सरए उन्होंने िापी "फड़े ऩयपोभफस" मानी बजन औय बें टे सुनाने वारे नये न्र चॊचर औय रख्खा ससॊह िो फुरामा....उनिी बें टो िे फाद दशफिो िे भनोयॊ जन िे सरए टी-ससयीज िी बजनों वारी िैसेट चरा दी गमी. ऩहरे डोगा िा एॊट्री म्मजू जि चरा....ऩय डोगा स्टे डीमभ भे नहीॊ आमा. अदयि चाचा ने डोगा िो िोहनी भायी. "जा डोगा, तेया थीभ म्मूजजि फज यहा है ." डोगा - माय ऩहरे तो आऩ इतनी जोय से िोहनी भत भाया ियो....नीर ऩड़ जाते है फॉडी ऩय. औय मे फताओ िी भेया मे म्मजू जि किसने चन ु ा? अदयि चाचा - भैंन.े ..क्मों? डोगा - भैंने इसी वजह से वेयीपाई किमा.....भेये भुॉह से गारी ननिरने ही वारी थी. अदयि चाचा - अफ जा ना, फेटा. डोगा - बि...चुऩ....भुझे नहीॊ जाना...मे जीतेन्दय वारा गाना "ता थैमा ता थैमा हो ओ ओ.....ता थैमा ता


थैमा हो ओ ओ.....धूभ ताना ना ना...धूभ ताना ना ना ना...रगाने िी क्मा ज़रुयत थी? ऩजब्रि ऩहरे से ही हॉस यही है . आखखयिाय भजफूयन, डोगा िो इस गाने ऩय झभ ू ते हुए रयॊग भे एॊट्री भायनी ऩड़ी. ऩय ध्रव ु िा एॊट्री म्मजू जि बी िुछ िभ नहीॊ थी. शामद सागय ब्रदयस िो अऩने इॊजस्टॊ क्ट माद आ गए थे. "अये , द्वायऩारों! िनहहमा से िह दो...ओ ओ ओ....उसिा सुदाभा ियीफ आ गमा है ...हो..." ध्रुव - हुॉह! धनॊजम...तूने गाना चुना है ना ..स्वणफनगयी वारो िा ऐसा टुच्चा टे स्ट होता है ...रुरुचॊद िहीॊ िा! दोनों पाइटसफ रयॊग भे आ गए. िभें ट्री शुरू हुई. "भैमा िा जमिाया फोरते हुए आज िानतफि ऩूखणफभा िी ऩावन फेरा ऩय भै इस भहामुद्धभे आऩ सबी दशफिो िा स्वागत ियना चाहूॉगा. बफरग्राभ से चुन्नू ने 51 रुऩमे िा अयदास चढ़ामा है भैमा उनिी झोरी बये ....." ध्रव ु - धनॊजम....आ...आई....मे क्मा ऩहना हदमा...चरा बी नहीॊ जा यहा....फाहय टाईट ऩें ट तो ठीि है िी हफड़-तफड़ भे खखसि ना जाए, उसिे ऊऩय फेल्ट बी ठीि थी. ऩय अॊदय टाईट िच्छे िी क्मा ज़रुयत थी. भेये तो शयीय िे भोसरक्मूर बी िच्छे िी इराजस्टि िे ऊऩय नीचे जस िे तस रुि गए है . इधय डोगा िा बी मही हार था. डोगा - आ....िैसे चाचा हो माय....आऩ हरिान डािू िे रयश्तेदाय हो क्मा..आऊ...भैच कपक्स है बैमा...अफ ऩता चरा क्मों िह यहे थे...ऩहन रे फेटा...ज़ोिी िा नेिय है ...250 रुऩमे िा आता है ...भेयी तो रात ही नहीॊ उठ यही.... अदयि चाचा - मानी तुम्हे किि भायने भे ऩये शानी होगी. डोगा - िैसी किि...आ...सफ दफ गमा...आई भम्भी इतनी तेज़ सूसू आ यहा है है भन िय यहा है है contract signing भे ही हाय भानिय quit िय दॉ .ू


धनॊजम रयॊग िे फाहय से ध्रुव िो धचल्राता है . "ध्रुव, भेये दोस्त, तुम्हायी ड्रेस टाईट है ज्मादा उछर िूद भत ियना. तुभ जीतोगे भेये बाई...िभ ओन! मे!!!!!!!" ध्रुव - िुत्ते, तुझे एससड िेप्सूरो से गरा दॊ ग ू ा...दयू हो रे भेयी नजयो से. दोनों पाइटसफ अफ एि दस ू ये िो घूय यहे थे. उनिे शब्द "सागय ब्रदयस" द्वाया रगामे गए साउॊ ड कपल्टसफ से होिय गुज़य यहे थे. जजस वजह से उनिी बाषा अरग हो गमी थी. डोगा - ज्मादा स्टाइर भत भायो, आऩिी भुॊडी भयोड़ने भे हभे िोई खेद नहीॊ होगा. ध्रव ु - तो हभ बी तुम्हाये फुल्डोग वारे गारो िो नोचने भे िोई िोताही नहीॊ फयतें गे. डोगा - अफे जा! माद है, "ननशाचय" िॉसभि भे भैंने जो दोनों हाथ सभरा िे डुक्िा ऩेरा था तेयी िभय भे.....फाद भे ऩता चरा िी तुझे spondylosis हो गमा. हा हा हा हा.... ध्रुव - महाॉ सॊबर िय भुॉह खोरना....मे िॉसभि भोड नहीॊ है जो सॊजम गुप्ता जी तुम्हायी "आ", "उई", "भम्भी भाय डारा" औय चीखें एडडट िय दें गे. डोगा - ज्मादा क्रेवयता (cleverta) िा प्रदशफन भत ियो...भेये घूॊसे भे टाईटटे ननमभ वारे नक्िल्स रगे है . ध्रुव - भै बी अऩनी फहन िा गोभेट्री फॉक्स रामा हूॉ िम्ऩस चुबा दॊ ग ू ा...औय डडवाइडय बी. डोगा- फहुत फोर यहा है ...अदयि भेयी गन राओ...गोसरमों से बून दॊ ग ू ा. ध्रुव - सीवय िी गैसो से रगता है िी तुम्हायी िॉभन सेंस चरी गमी है . योज़ योज़ ऩानी भे बीगने से तुम्हाये िायतूस सीर िय फच्चो िी चट ु ऩुहटमा िी तयह हो गए है . वो तो याज िॉसभक्स िे गॊड ु े शयीप है जो इन्ही से भय जाते है . 12 - 13 रोगो िे चुन्नू भुन्नू धगयोहों िो खत्भ ियने वारे क्मा जाने दनु नमा िैसे फचाई जाती... डोगा - नहीॊ भुझे नहीॊ आता दनु नमा िो फचाना... In fact, वो तो तुम्हे बी नहीॊ आता. वो ससपफ प्रयाक्राभी, शूयवीय अनऩ ु भ ससन्हा जी िे अरावा किसी िो नहीॊ आता.


ध्रुव - भै तुम्हाया भास्ि उताय दॊ ग ू ा कपय सफिो ऩता चर जाएगा िी तुभ ही इॊस्ऩेक्टय सूमफ हो....हा हा हा.... डोगा - अये , भेये फाफु रार भयाॊडी! तेयी फहन श्वेता नततरी जैसे डाॊस प्रोप्सरगािे चॊडडिा फन जाती है वो तो तुझे आज ति ऩता नहीॊ चरा...

Pagli (Fiction Comics) Ad Campaign (2012)


"गुस्सा नहीॊ ियते, सॉयी फाफू....आने भे दे य हो गमी औय तुम्हायी सौतेरी भम्भा जी तुभिो भाय हदमा...यास्ते भे िुछ अॊिर रोग सभर गमे थे , उन्होंने ना दे यी ियवा दी. गॊदे अॊिर िहीॊ िे! अये सॉयी फोर यहीॊ हूॉ ना..दि ू ान वारी फढ ू ी अम्भा ने फोरा है िी फारयश भे बीगने से सदी रग जाती है ...अफ उठ बी जाओ....उठि-फैठि रगाऊ क्मा? तुम्हायी गॊदी भम्भी िो िो बी ऩननशभें ट दे दॊ ग ू ी प्रोसभस...भुगाफ..सॉयी..सॉयी भुगी फना दॊ ग ू ी..ही ही ही....ओिे भुझसे िट्टी है भान सरमा ऩय टे डी से तो है ण्ड शेि िय रो...उस से फात ियो रो...ऩगरी दीदी िी फात भान रो प्रीज ्...."


"छुप्ऩन छुप्ऩाई खेरें छुप्ऩन छुप्ऩाई.... टे डी भेये बाई खेरें...छुप्ऩन छुप्ऩाई...

तभ तीनो ने जो एक रडके ऩय गाडी चढ़ाई.. सोचा तस्सल्री भे दनु नमा न दे ख ऩाई...

ऩगरी ऩीछे आई...दे खो ऩगरी ऩीछे आई... छुप्ऩन छुप्ऩाई खेरें छुप्ऩन छुप्ऩाई...."


84 Tears (2011)


Vigyapans (Trendy Baba Series)  

Compilation of promos, ads of my projects over the years. - Mohit Sharma (Trendster)

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