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HINDI - The Book of Prophet Nahum

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नहू

9 चयनदी की लूट ले लो, सोने की लूट ले लो; क्िदक भण्यर और सब ूनभयवने सयूयन की

ूरहूय कय अनी नही होीय। 10 वह सुनसयन, और सुनसयन, और उजयड है; और हद् रपघल जयीय है, और घुटने आपस ूे

रचपक जयीे है, और सब कूर ूे बडय दद् होीय है, और उन सभि के ूुख पर कयलयपन छय जयीय है। 11 रसंहि कय रनवयस और जवयन रसंहि कय चरयगयह कहयं रहय, जहयं रसंह और बूढय रसंह और

उनके बचे भी रवचरीे थे, और कोई उनहे ्रयीय नही थय? अध्य् 1 1 नीनवे कय बोझ। एलको​ोी​ी नहू के दो्न की पुसीक। 2 परूेशर जलन रखीय है, और ्होवय बदलय लेीय है; ्होवय बदलय लेीय है, और कोरोी होीय

है; ्होवय अपने दोरह्ि से पलटय लेगय, और अपने ोतुर पर को​ो भडकयनय चयहीय है। 3 ्होवय रवलमब से को​ो करनेवयलय, और परयकू ूे बडय है, और दुषि को कु छ भी रनद्द न

देगय; ्होवय बवण्र और ीूफयन ूे अपनय ूयग् ददखयीय है, और बयदल उसके पयंवि की ोूरल ठहरीे है। 4 वह सूुद को घुडककर सुखय ्यलीय है, और सब ूहयनदिको सुखय ्यलीय है; बयोयन सूख

जयीय है, कमूमल और लबयनोन कय फू ल सूख जयीय है। 5 उसके कयरण पहयड कयंप उठीे है, और पहयरड्यं रपघल जयी​ी है, और उसके कयरण पृयवी, वरन

जगी और उस ूे रहनेवयले सब लोग जल जयीे है। 6 उसके को​ो के सयमहने कौन ठहर सकीय है? और उसके को​ो की पचण्ीय पर कौन रसथर रह

सकीय है? उसकय को​ो आग की नयई भडक उठीय है, और चटयने उसके दयरय नीचे फे की जयी​ी है। 7 ्होवय भलय है, संकट के ददन दृढ गढ है; और वह उन को जयनीय है जो उस पर भरोसय रखीे

है। 8 परनीु वह बयढ से उस स्यन को सत्यनयो कर ्यलेगय, और अरनो्यरय उसके ोतुर कय पीछय

करे गय। 9 ीुू ्होवय के रवरो​ो ूे क्य सोचीे हो? वह सत्यनयो कर देगय; दु:ख दूसरी बयर न उठे गय। 10 क्िदक वे कयंटिकी नयई इकटे हो जयएंगे, और ूीवयलिकी नयई ूीवयले हो जयएंगे, वे सूखी

खूंटी की नयई भसू हो जयएंगे। 11 ीुझ ूे से एक दुष ूनती रनकलय है, जो ्होवय के रवरो​ो ूे बुरी कलपनय करीय है। 12 ्होवय ्ि कहीय है; ्दरप वे ोयनी रहे, और वैसे ही बही से हि, ीौभी जब वह वहयं से

होकर रनकलेगय, ीो इसी रीरी से कयट ्यलय जयएगय। ्दरप ूै ने ीुझे दु:ख दद्य है, ीौभी अब ीुझे दु:ख न दूग ं य। 13 क्िदक अब ूै उसकय जूआ ीेरे ऊपर से ीोड ्यलूंगय, और ीेरे बनोनिको टु कडे टु कडे कर

्यलूंगय। 14 और ्होवय ने ीेरे रवद् ूे ्ह आजय दी है, दक ीेरे नयू कय दफर कोई बीज न बो्य जयए; ूै

ीेरे देवीयर के भवन ूे से खोदी हई और ढयली हई ू​ूरीि को नयो करंगय; ूै ीेरी कब बनयऊंगय; क्िदक ीू नीच है। 15 देखो, पहयडि पर उसके पयंव खडे है जो ोुभ सूयचयर सुनयीय, और ूेल कय पचयर करीय है! हे

्हदय, अपने परव् ूयननय, और अपनी ूनीे पूरी करनय; क्िदक दुष दफर ीेरे बीच से होकर न रनकलेग;े वह पूरी ीरह से कटय हआ है। अध्य् दो 1 जो टु कडे टु कडे करनेवयलय है, वह ीेरे सयमहने आ रहय है; हरथ्यर रखो, ूयग् की चौकसी करो,

अपनी कूर दृढ करो, अपनय बल दृढ करो। 2 क्िदक ्होवय ने ्यकू ब की ूरहूय को इसयएल की ूरहूय के सूयन दूर कर दद्य है; क्िदक

उजयडनेवयलिने उनको उजयड दद्य है, और उनकी दयखलीय की ्यरल्िको रबगयड दद्य है। 3 उसके ोूरवीरि की ढयल लयल रं ग की बनी है, वीर लयल रं ग के वस परहने हए है; उसकी ीै्यरी

के सू् रथि ूे ूोयले जली​ी रहेगी, और सनोवर के वृक बही ही घबरयए हए हिगे। 4 रथ सडकिपर दौडेग,े वे चौकिूे एक दूसरे पर न्य् करे गे; वे ूोयलिकी नयई पगट हिगे, और

रबजली की नयई दौडेगे। 5 वह अपके गुणिकय वण्न करे गय; वे चयल ूे ठोकर खयएंगे; वे उसकी ोहरपनयह पर ोीघीय से

चढे, और बचयव ीै्यर दक्य जयए। 6 ूहयनदि के फयटक खोल ददए जयएंगे, और रयजूहल ढय दद्य जयएगय। 7 और हुयब को बनोुवयई ूे ले जय्य जयएगय, और वह लयई जयएगी, और उसकी दयरस्यं छयी​ी

पर गुरय्ी​ी हई कबूीरि कय सय ोबद बोलकर उसे ले चलेगी। 8 परनीु नीनवे जल के ीयल के सूयन पयचीन है; ीौभी वे भयग जयएंगे। खडे रहो, खडे रहो, क्य

वे रोएँग;े परनीु कोई पीछे ूुडकर न देखेगय।

12 रसंह ने अपने बचिके रल्े टु कडे टु कडे दकए, और अपनी रसंहरन्िके रल्े उनकय गलय घिट

्यलय, और अपनी रबलिको अहेर से, और अपनी ूयंदिको खडिसे भर रल्य। 13 सेनयर के ्होवय की ्ही वयणी है, देख, ूै ीेरे रवरू हं, और उसके रथिको ोूएं ूे जलय

दूग ं य, और ीेरे जवयन रसंह ीलवयर से भसू कर ्यलूंगय; और ीेरे अहेर को पृयवी पर से और ीेरे दूीिकी वयणी को भी पृयवी पर से नयो कर ्यलूंगय अब और नही सुनय जयएगय अध्य् 3 1 खूनी नगर पर हय्! ्ह सब झूठ और ्कै ी​ी से भरय है; रोकयर नही छू टीय; 2 कोडे कय ोबद, और परह्ि की घडघडयहट, और उछलनेवयले घोडि, और उछलनेवयले रथिकय

ोबद। 3 सवयर ीेज ीलवयर और भयलय दोनि उठयीय है; और बही से ूयरे हए लोग, और बही सी लो्े

फै ल जयी​ी है; और उनकी लोथि कय अनी नही; वे उनकी लयोि पर ठोकर खयीे है: 4 क्िदक वह सुनदर वेश्य, और टोनही की सवयरूनी, जो वरभचयचरणी होकर जयरी जयरी को,

और जयदू करके कु लि को बेच ्यली​ी है, उसके बही से वरभचयर के कयरण। 5 सेनयर के ्होवय कय ्ही वचन है, देख, ूै ीेरे रवरू हं; और ूै ीेरे चेहरे पर ीेरय घयघरय

देखूंगय, और जयरी जयरी के लोगि को ीेरय ीन और रयज् रयज् के लोगि को ीेरी लुय पगट करंगय। 6 और ूै ीुझ पर घृरणी गंदगी फै लयऊंगय, और ीुझे घृरणी बनयऊंगय, और ीुझे घूरे कय सय बनय

दूग ं य। 7 और ऐसय होगय, दक रजीने ीुझे देखीे है वे सब ीेरे सयमहने से भयगकर कहेगे, नीनवे उजयड हो

ग्य है; उसके रलथे कौन ो​ोक ूनयएगय? ूै ीेरे रल्े ोयरनी देनेवयले कहयं से ढू ंढंू? 8 क्य ीू उस आबयदी से बेहीर है, जो नदद्ि के बीच ूे बसी थी, रजसके चयरि ओर पयनी थय,

रजसकी दीवयर सूुद थी, और उसकी ोहरपनयह सूुद से बनी थी? 9 कू ो और रूस उसकी ोर् थे, और वह अननी थी; पूी और लूबीू ीेरे सहय्क थे। 10 ीौभी वह पकडी गई, और बनोुवयई ूे गई; उसके छोटे लडके -बयलिको भी सब सडकिके

रसरिपर पटक दद्य ग्य; और उसके परीरिी पुरदिके रलथे रचटी ्यली गई, और उसके सब बडे पुरद जंजीरिूे बनोे गए। 11 ीू भी ूीवयलय हो जयएगय, ीू रछप जयएगय, ीू भी ोतु के कयरण बल ढू ंढेगय। 12 ीेरे सब गढ परहले पके अंजीर के वृकिके सूयन हिगे; ्दद वे रहलयए जयएं, ीो खयनेवयले के

ूुंह ूे रगर पडेगे। 13 देख, ीेरे बीच ूे ीेरी पजय की रस्यं है; ीेरे देो के फयटक ीेरे ोतुरके रल्े खोल ददए

जयएंगे; ीेरे बेण्िको आग भसू कर देगी। 14 घेरने के रलथे जल खीच ले, अपके गढ दृढ कर; रूटी ूे घुस जय, गयरय रौद, ईट भटे को दृढ

कर। 15 वहयं आग ीुझे भसू कर देगी; ीलवयर ीुझे कयट ्यलेगी, वह ीुझे नयसूर के सूयन खय जयएगी;

अपने आप को नयसूर के सूयन बही बनय ले, और अपने आप को चटरड्ि के सूयन बही कर ले। 16 ीू ने अपने वयपयचर्ि को आकयो के ीयरयगण से भी अरोक बढय रल्य है; नयसूर लूटकर उड

जयीय है। 17 ीेरे ूुकुटोयरी चटरड्िके सूयन है, और ीेरे सेनयपरी बडी चटरड्िके सूयन है, जो जयडे के

ददन बयडिूे ्ेरय ्यले रहीे है, परनीु सू्​् रनकलीे ही भयग जयीे है, और अपनय स्यन न जयनीे है। 18 हे अशोूर के रयजय, ीेरे चरवयहे ऊंघ रहे है; ीेरे पोयन लोग रूटी ूे बसे रहेगे; ीेरी पजय

पहयडि पर री​ीर-रबीर हो गई है, और कोई उनहे इकटय नही करीय। 19 ीेरे घयव कय कोई इलयज नही; ीेरय घयव गंभीर है; रजीने ीेरय दुःख सुनेगे वे सब ीुझ पर

ीयली बजयएँगे; क्िदक ीेरी दुषीय दकस पर रनरनीर नही भडकी?


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