अपोक्रि
किषयसूची 1 एजिस
1
2 एजिस
13
टोकिट
33
जूकिथ
40
एस् मे कुछ औ् ििते
51
सोलोमन की िुद्
56
एक्कसयिदाकस
74
ििरक
109
ज्््कमयि कि पत
114
अजयिय ा की पिथयनि
117
सुजिनि
120
ि्ल औ् ि्रैन
123
मनश् की पिथयनि
125
1 मरकििीज
127
2 मरकििीज
148
1
अध्याय 1
19 सो जो इस्राएली वहाों उपन्दस्थि थे, उन्ोोंने उसी समय फसह का पर्ब्ब माना, और साि शदन िक मीठी रोटी का पर्ब्ब माना। 20 और िमूएल भशवष्यद्वक्ता के समय से इस्राएल में ऐसा फसह न माना िया। 21 हाों , इस्राएल के सि राजाओों ने ऐसा फसह नहीों मनाया, जैसा योशिय्याह, और याजकोों, और लेशवयोों, और यहूशदयोों ने , यरूिलेम में रहनेवाले सि इस्राएशलयोोंके सोंि मनाया। 22 योशिय्याह के राज्य के अठारहवें वर्ब में यह फसह मनाया िया। 23 और योशिय्याह के काम उसके प्रभु के साम्हने सच्चे थे, और उसका मन भन्दक्त से भरा हुआ था। 24 जो िािें उसके समय में घशटि हुईों, वे पशहले समय से उन लोिोों के शवर्य में शलखी िईों, शजन्ोोंने सि लोिोों और राज्य-राज्योों से िढकर यहोवा के शवरुद्ध पाप शकया, और शकस प्रकार उसे अत्योंि दु ुःखी शकया, यहाों िक शक परमेश्वर के वचन यहोवा इस्राएल के शवरुद्ध उठ खडा हुआ। 25 योशिय्याह के इन सि कामोोंके िाद ऐसा हुआ, शक शमस्र का राजा शफरौन पराि के पार करचमीस में युद्ध करने को आया, और योशिय्याह उसके साम्हने शनकला। 26 परन्तु शमस्र के राजा ने उसके पास कहला भेजा, शक हे यहूशदया के राजा, मुझे िुझ से क्ा काम? 27 मैं यहोवा परमेश्वर की ओर से िेरे शवरूद्ध नहीों भेजा िया हूों; क्ोोंशक मेरा युद्ध पराि पर है; और अि यहोवा मेरे सोंि है, हाों , यहोवा मुझे आिे िढाने के शलये मेरे सोंि है; मेरे पास से चले जाओ, और यहोवा के शवरूद्ध मि हो जाओ। 28 िौभी योशिय्याह ने अपना रथ उसके साम्हने से न लौटाया, वरन शयमबयाह भशवष्यद्वक्ता के यहोवा के मुख से कहे हुए वचनोों के अनु सार न मानकर उस से लडने का शनश्चय शकया। 29 परन्तु मशिद्दो के अरािा में उस से युद्ध करने लिे, और हाशकम राजा योशिय्याह के शवरूद्ध चढ आए। 30 िि राजा ने अपके कमबचाररयोोंसे कहा, मुझे युद्ध से िाहर ले चलो; क्ोोंशक मैं िहुि कमजोर हूूँ। और िुरन्त उसके सेवक उसे युद्ध से शनकाल ले िए। 31 िि वह अपके दू सरे रथ पर चढा; और यरूिलेम में वापस लाकर मर िया, और उसे उसके शपिा की कब्र में दफनाया िया। 32 और सारे यहूदी समाज में योशिय्याह के शलये शवलाप शकया िया; हाों , शयमबयाह भशवष्यद्वक्ता ने योशिय्याह के शलये शवलाप शकया, और मुख्य पुरुर्ोों ने न्दस्त्रयोों समेि उसके शलये आज के शदन िक शवलाप शकया; और यह शनयम िनाकर सारी जाशि में सदा माना जािा रहा। इजराइल का. 33 ये िािें यहूदा के राजाओों के इशिहास की पुस्तक में, और योशिय्याह के सि काम, और उसकी मशहमा, और यहोवा की व्यवस्था में उसकी समझ, और जो काम उस ने पशहले शकए थे, उन सि का वणबन है। और जो कुछ अि पढा जािा है, वह इस्राएल और यहूशदया के राजाओों के इशिहास की पुस्तक में शलखा है। 34 और जि योशिय्याह का पुत्र योआखाज िेईस वर्ब का या, िि लोिोों ने उसे पकडकर उसके शपिा योशिय्याह के स्थान पर राजा िनाया। 35 और वह यहूशदया और यरूिलेम में िीन महीने िक राज्य करिा रहा: और िि शमस्र के राजा ने उसे यरूिलेम में राज्य करने से उिार शदया। 36 और उस ने उस दे ि पर सौ शकक्कार चािी और एक शकक्कार सोना कर लिाया। 37 शमस्र के राजा ने अपके भाई योआशसम को यहूशदया और यरूिलेम का राजा भी ठहराया। 38 और उस ने योआशकम और रईसोोंको िन्धवाया, परन्तु उसके भाई जारकेस को पकडकर शमस्र से शनकाल लाया। 39 जि योआशकम यहूशदया और यरूिलेम दे ि में राजा हुआ, िि वह पच्चीस वर्ब का या; और उस ने यहोवा की साम्हने िुराई की।
1 और योशिय्याह ने यरूिलेम में अपने प्रभु के शलथे फसह का पर्ब्ब माना, और पशहले महीने के चौदहवें शदन को फसह का पर्ब्ब चढाया; 2 और याजकोों को उनके प्रशिशदन के काम के अनु सार लम्बे वस्त्र पशहनाकर यहोवा के मन्दिर में शिठाया। 3 और उस ने लेशवयोोंअथाबि् इस्राएल के पशवत्र मन्दियोोंसे कहा, शक अपके अपके को यहोवा के शलथे पशवत्र करो, और उस भवन में जो दाऊद के पुत्र राजा सुलैमान ने िनाया या, उस में यहोवा का पशवत्र सन्दू क स्थाशपि करो। 4 और कहा, िुम शफर सन्दू क अपने कन्धे पर न उठाना; इसशलये अि अपके परमेश्वर यहोवा की उपासना करो, और उसकी प्रजा इस्राएल की सेवा करो, और अपने कुलोोंऔर कुलोोंके अनु सार अपने को िैयार करो। 5 इस्राएल के राजा दाऊद की आज्ञा के अनु सार, और उसके पुत्र सुलैमान के प्रिाप के अनु सार, और िुम लेशवयोोंके कुलोोंकी शिनिी के अनु सार जो अपके भाई इस्राएशलयोोंके साम्हने सेवा टहल करिे हो, मन्दिर में खडे रहना। , 6 और फसह को ठीक से चढाना, और अपने भाइयोोंके शलथे मेलिशल िैयार करना, और यहोवा की उस आज्ञा के अनु सार जो मूसा को दी िई या, उसको मानना। 7 और जो लोि वहाों शमले उनको योशिय्याह ने िीस हजार भेड के िच्चे, और िीन हजार िछडे शदए; ये वस्तुएों राजा के वचन के अनु सार उन लोिोों, याजकोों, और लेशवयोोंको राजा की ओर से दी िईों। 8 और हेलशकय्याह, जकरयाह, और सायलुस नाम मन्दिर के हाशकमोोंने याजकोोंको दो हजार छ: सौ भेड-िकररयाों , और िीन सौ िछडे फसह के शलथे शदए। 9 और यकोन्याह, समायाह, और उसका भाई निनएल, और अस्सशियाह, और ओकीएल, और योराम, जो हजारोों के प्रधान थे, उन्ोोंने लेशवयोोंको फसह के शलथे पाों च हजार भेड-िकररयाों , और साि सौ िछडे शदए। 10 और जि ये काम हो िए, िो याजक और लेवीय अखमीरी रोशटयाों शलये हुए अपने भाई-िन्धु ओों के अनु सार िडी िोभायमान रीशि से खडे हुए। 11 और शपिरोोंके िडे िडे कामोोंके अनु सार प्रजा के साम्हने यहोवा के शलथे चढाना, जैसा मूसा की पुस्तक में शलखा है: और भोर को उन्ोोंने वैसा ही शकया। 12 और उन्ोों ने फसह को उशचि रीशि से आि में पकाया; और मेलिशलयोोंको उन्ोोंने अच्छे सुिन्ध के शलथे पीिल के हण्ोोंऔर कडाहोोंमें पकाया, 13 और उनको सि लोिोोंके साम्हने खडा शकया; और इसके िाद उन्ोोंने अपके शलथे, और अपके भाई हारून की सन्तान याजकोोंके शलथे िैयार शकया। 14 क्ोोंशक याजकोोंने चिी को राि िक चढाया; और लेशवयोोंने अपके अपके शलथे, और याजकोोंने अपके भाइयोोंके शलथे जो हारून की सन्तान के शलथे िैयार शकया। 15 दाऊद की आज्ञा के अनु सार आसाप के पुत्र पशवत्र िायक भी अपने अपने क्रम में थे, अथाब ि आसाप, जकरयाह, और यदू िून जो राजा के अनु चर में से या। 16 और द्वारपाल िो हर एक फाटक पर थे; शकसी को भी अपनी साधारण सेवा से हटना उशचि न था; क्ोोंशक उनके भाई लेवीय उनके शलये िैयारी करिे थे। 17 उस शदन यहोवा के िशलदानोोंके काम इस प्रकार पूरे हुए, शक वे फसह मना सकें। 18 और राजा योशिय्याह की आज्ञा के अनु सार यहोवा की वेदी पर िशलदान चढाना।
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40 इस कारण िािुल के राजा निूकदनेस्सर ने उस पर चढाई की, और उसे पीिल की जोंजीर से िान्धकर िािुल में ले िया। 41 और निूकदनेस्सर ने यहोवा के पशवत्र पात्रोों में से कुछ ले जाकर िािुल में अपने मन्दिर में रख शदया। 42 परन्तु जो िािें उसके और उसकी अिुद्धिा और अपशवत्रिा के शवर्य में शलखी हैं, वे राजाओों के इशिहास में शलखी हैं। 43 और उसका पुत्र योआशकम उसके स्यान पर राज्य करने लिा; वह अठारह वर्ब का होकर राजा हुआ; 44 और यरूिलेम में िीन महीने और दस शदन िक ही राज्य करिा रहा; और यहोवा के साम्हने िुराई की। 45 इसशलये एक वर्ब के िाद निूकदने स्सर ने दू ि भेजकर उसे यहोवा के पशवत्र पात्रोोंके साय िािेल में पहुोंचा शदया; 46 और शसदशकय्याह जि िीस वर्ब का या, िि उसे यहूशदया और यरूिलेम का राजा िनाया; और उसने ग्यारह वर्ब िक राज्य शकया: 47 और उस ने यहोवा की दृशि में िुरा भी शकया, और जो िािें शयमबयाह भशवष्यद्वक्ता ने यहोवा के मुख से उस से कही थीों उन की कुछ परवाह न की। 48 और जि राजा निूकदोनोसर ने उसे यहोवा के नाम की िपथ न्दखलाई, िि उसने अपने आप को त्याि शदया, और शवद्रोह शकया; और उस ने अपनी िदब न और मन को कठोर करके इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की शवशधयोोंका उल्लोंघन शकया। 49 और प्रजा के हाशकमोोंऔर याजकोोंने भी व्यवस्था के शवरुद्ध िहुि काम शकए, और सि जाशियोोंकी अिुद्धिा को मान शलया, और यहोवा के भवन को जो यरूिलेम में पशवत्र शकया या अिुद्ध शकया। 50 िौभी उनके शपिरोोंके परमेश्वर ने उनको वापस िुलाने के शलथे अपके दू ि को भेजा, क्ोोंशक उस ने उन को और अपके िम्बू को भी िचा रखा। 51 परन्तु उन्ोोंने उसके दू िोोंको ठट्ोोंमें उडाया; और दे खो, जि यहोवा ने उन से िािें की, िि उन्ोोंने उसके भशवष्यद्वक्ताओों का ठट्ा शकया; 52 यहाों िक शक उस ने अपक्की प्रजा की िडी अभन्दक्त के कारण उन पर क्रोशधि होकर कसशदयोोंके राजाओों को उन पर चढाई करने की आज्ञा दी; 53 शजस ने उनके जवानोोंको िलवार से मार डाला, वरन उनके पशवत्र मन्दिर की पररशध के भीिर भी, और उन में से शकसी को न जवान, न दासी, न िूढे, न िच्चे को छोडा; क्ोोंशक उस ने सि कुछ उनके हाथ में कर शदया। 54 और उन्ोोंने यहोवा के सि पशवत्र पात्रोों, क्ा िडे , क्ा छोटे , और परमेश्वर के सन्दू क के पात्र, और राजा के भण्ार सि ले शलए, और िािुल को ले िए। 55 और यहोवा का भवन उन्ोोंने फूोंक शदया, और यरूिलेम की िहरपनाह िोड डाली, और उसके िुम्मटोों में आि लिा दी; 56 और उसकी मशहमा के काम िि िक न रुके, जि िक उन सभोों को नाि करके सत्यानाि न कर डाला; और जो लोि िलवार से नहीों मारे िए थे, उन्ें वह िािुल में ले िया। 57 और जि िक फारशसयोों ने राज्य न शकया, िि िक उसके और उसके वोंि के दास िने रहे, शक यहोवा का जो वचन शयमबयाह ने कहा या, उसे पूरा करें । 58 जि िक पृय्वी अपने शवश्रामकाल को पूरा न कर ले, िि िक वह अपने उजाड होने के पूरे समय अथाबि सत्तर वर्ब के पूरे शदन िक शवश्राम करिी रहेिी।
3 शक फारशसयोोंका राजा कुस्रू योोंकहिा है; इस्राएल के प्रभु, परमप्रधान यहोवा ने मुझे सारे जिि का राजा िनाया है, 4 और मुझे आज्ञा दी, शक यरूिलेम में यहूशदया में उसका एक भवन िनाऊों। 5 इसशलये यशद िुम में से कोई उसकी प्रजा में से हो, िो यहोवा अथाबि उसका प्रभु उसके सोंि रहे, और वह यहूशदया के यरूिलेम को जाकर इस्राएल के यहोवा का भवन िनाए; वह यहोवा है जो यरूिलेम में रहिा है। 6 सो जो कोई आस-पास के स्थानोोंमें िसा हो, वे जो सोने चािी लेकर उसके पडोसी होों, वे उसकी सहाथिा करें । 7 और यरूिलेम में यहोवा के भवन के शलये घोडे , िाय-िैल, और अन्य वस्तुएों जो मन्नि मानकर मानी िई होों। 8 िि यहूशदया और शिन्यामीन के िोत्र के घरानोोंके प्रधान खडे हुए; याजकोों और लेशवयोों को, और वे सि शजनके मन में यहोवा ने जाकर यरूिलेम में यहोवा के शलये भवन िनाने की इच्छा उत्पन्न की थी, 9 और जो उनके आस पास रहिे थे, और सि प्रकार की वस्तुओों में उनकी सहायिा करिे थे, अथाबि चािी, सोना, घोडे , और िाय-िैल, और िहुि से लोिोोंके मन में िहुि से मुफ्त दान दे िे थे। 10 राजा कुस्रू ने उन पशवत्र पात्रोों को भी िाहर शनकाला, शजन्ें निूकदने स्सर यरूिलेम से ले िया था, और अपने मूरिोों के मन्दिर में स्थाशपि शकया था। 11 और जि फारशसयोोंके राजा कुस्रू ने उन्ें शनकाला, िि उस ने उनको अपके खजाों ची शमशिदािेस को सौोंप शदया; 12 और वे उसके द्वारा यहूशदया के हाशकम सनिासर को सौोंप शदए िए। 13 और उनकी शिनिी यह थी; एक हजार सोने के प्याले, और एक हजार चाूँ दी के, उनिीस चाूँ दी के धू पदान, सोने की िीस िीशियाूँ , और चाूँ दी के दो हजार चार सौ दस, और एक हजार अन्य पात्र। 14 इस प्रकार सोने और चािी के जो पात्र ले जाए िए वे पाों च हजार चार सौ नौ नौ थे। 15 इन्ें सनिासर, िोंधुओों समेि िािुल से यरूिलेम को लौटा ले आया। 16 परन्तु फारशसयोोंके राजा अिबक्षत्र के समय में िेलेमुस, और शमशिदािेस, और िािेशलयुस, और रथुमस, और िीलिेथमस, और सेमेशलयुस सशचव, और सामररया और अन्य स्थानोों में रहनेवाले औरोों ने उसके शवरुद्ध पत्र शलखा। यहूशदया और यरूिलेम में रहने वालोोंके शलये ये पत्र इस प्रकार थे; 17 हे हमारे प्रभु राजा अिबक्षत्र, िेरे दासोों, अथुबमस कथाकार, और सेमेशलयुस जो मिी है, और उनकी महासभा के सि लोि, और सेलोसीररया और फीनीके के न्याशययोों को। 18 प्रभु राजा को यह मालूम हो, शक जो यहूदी िेरे पास से हमारे पास आए हैं, वे उस िलवा और दु ि निर यरूिलेम में आकर चौकोोंको िनािे, और उसकी िहरपनाह की मरम्मि करिे, और उसकी नेव डालिे हैं। मोंशदर। 19 अि यशद यह निर और उसकी िहरपनाह शफर िसाई जाएों , िो वे न केवल कर दे ने से इन्कार करें िे, वरन राजाओों से िलवा भी करें िे। 20 और चूूँशक मन्दिर के शवर्य में िािें अि हाथ में आ िई हैं, इसशलये हम समझिे हैं शक ऐसे मामले की उपेक्षा न करना उशचि है। 21 परन्तु हमारे प्रभु राजा से इस आिय से िािें करना, शक यशद िू चाहे, िो यह िाि िेरे पुरखाओों के इशिहास में शलखी हुई हो। 22 और िू इशिहास में इन िािोोंके शवर्य में जो कुछ शलखा है वह पाएिा, और िू जान लेिा शक वह निर िलवा करने वाला और राजाओों और निरोों दोनोोंको घिरा दे नेवाला था। 23 और यह शक यहूदी िलवा करिे थे, और सदा लडाइयाों करिे रहिे थे; इसी कारण यह निर भी उजाड हो िया। 24 इसशलये अि हे राजा, हम िुझ से कहिे हैं, शक यशद यह निर शफर िनाया जाए, और इसकी िहरपनाह नई िनाई जाए, िो अि से िुझे कलोशसररया और फीनीके में जाने की आज्ञा न शमलेिी।
अध्याय दो 1 फारस के राजा कुस्रू के पशहले वर्ब में, शक यहोवा का जो वचन उस ने शयमबयाह के मुोंह से कहा या, वह पूरा हो; 2 यहोवा ने फारस के राजा कुस्रू की आत्मा को जािृि शकया, और उस ने उसके सारे राज्य में यह प्रचार करवाया, और यह भी शलखा,
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25 िि राजा ने रथुमुस कथाकार को, और िीलिेथमुस को, और सेमेशलयुस को जो लेखक था, और और जो काम करनेवाले थे, और िोमरोन और सूररया और फीनीके के रहनेवालोोंको शफर इस रीशि से पत्र शलखा; 26 जो पत्र िुम ने मेरे पास भेजा था, वह मैं ने पढ शलया है; इसशलथे मैं ने भलीभाों शि ढू ों ढने की आज्ञा दी, और यह मालूम हुआ है, शक वह निर आरम्भ से ही राजाओों के शवरूद्ध अभ्यास करिा या; 27 और उस में के पुरूर् िलवा करने और लडने को शदए िए, और यरूिलेम में िूरवीर और क्रूर राजा थे, जो सेलोसररया और फीनीके में राज्य करिे और कर वसूल करिे थे। 28 इसशलये अि मैं ने आज्ञा दी है, शक उन मनुष्योोंको निर िनाने से रोकें, और सावधान रहें, शक उस में शफर कुछ न हो; 29 और वे दु ि काम करनेवाले राजाओों को ररस शदलाने के शलथे आिे न िढें , 30 िि राजा अिबक्षत्र ने अपके पत्र पढे , और रथुमुस और सेमेशलयुस जो मिी थे, और और जो उनके साय शनयुक्त थे, वे घुडसवारोोंकी एक टोली और िहुि सी सेनाएों ले कर यरूिलेम की ओर फुिी से शनकले, और राज करने वालोोंको रोकने लिे। ; और यरूिलेम में मन्दिर का शनमाबण फारस के राजा दारा के राज्य के दू सरे वर्ब िक रुका रहा।
17 और उस ने उन से कहा, उस लेख के शवर्य में अपना अपना मन हमें ििा दो। शफर सिसे पहले िुरू हुआ, शजसने िराि की िाकि के िारे में िाि की थी; 18 और उस ने योोंकहा, हे मनु ष्योों, दाखमधु शकिना िीव्र है! यह उन सभी लोिोों को ग़लिी का कारण िनिा है जो इसे पीिे हैं: 19 इस से राजा और अनाथ दोनोों का मन एक जैसा हो जािा है; दास और स्विोंत्र मनु ष्य का, कोंिाल और धनवान का; 20 वह हर एक शवचार को आनि और आनि में िदल दे िा है, यहाों िक शक मनु ष्य को न िो दु :ख और न कजब की सुशध रहिी है। 21 और वह हर एक मन को धनी कर दे िा है, यहाों िक शक मनुष्य न िो राजा को स्मरण रखिा है और न हाशकम को; और यह सि िािें प्रशिभा के अनु सार िोलने को िैयार करिा है: 22 और जि वे अपने प्यालोों में डूि जािे हैं, िो शमत्रोों और भाइयोों से अपना प्रेम भूल जािे हैं, और कुछ दे र िाद िलवारें शनकाल लेिे हैं। 23 परन्तु जि वे दाखमधु के निे में होिे हैं, िो उनको स्मरण नहीों रहिा, शक हम ने क्ा शकया है। 24 हे मनुष्योों, क्ा दाखमधु सिसे प्रिल नहीों है, जो ऐसा करने को शववि करिा है? और जि उसने इिना कहा, िो वह चुप रहा। अध्याय 4
अध्याय 3
1 िि दू सरा, शजस ने राजा के िल की चचाब की या, वह कहने लिा, 2 हे मनुष्योों, क्ा जो मनुष्य समुद्र, और भूशम, और जो कुछ उन में हैं उन पर प्रभुिा करिे हैं, वे िल में िढ नहीों जािे? 3 िौभी राजा अशधक पराक्रमी है; क्ोोंशक वह इन सि वस्तुओों का स्वामी है, और उन पर प्रभुिा रखिा है; और जो कुछ वह उन्ें आज्ञा दे िा है वही वे करिे हैं। 4 यशद वह उन्ें एक दू सरे से युद्ध करने को कहे, िो वे ऐसा ही करिे हैं; यशद वह उन्ें ित्रुओों के शवरूद्ध भेजे, िो वे जाकर पहाडोों की िहरपनाह और िुम्मटोों को ढा दे िे हैं। 5 वे घाि करिे और मारे जािे हैं, और राजा की आज्ञा का उल्लोंघन नहीों करिे; यशद वे जय पािे हैं, िो लूट का माल और सि वस्तुएों राजा के पास ले आिे हैं। 6 इसी प्रकार जो लोि न िो योद्धा हैं, और न लडाई से कुछ काम रखिे हैं, परन्तु खे िी करिे हैं, और जो कुछ उन्ोोंने िोया है उसे काट लेिे हैं, और उसे राजा के पास ले आिे हैं, और राजा को कर दे ने के शलये एक दू सरे पर दिाव डालिे हैं। 7 िौभी वह एक ही मनु ष्य है; यशद वह घाि करने की आज्ञा दे , िो घाि करिे हैं; यशद वह छोड दे ने की आज्ञा दे , िो वे छोड दे िे हैं; 8 यशद वह मारने की आज्ञा दे , िो वे मारिे हैं; यशद वह उजाडने की आज्ञा दे िा है, िो वे उजाड दे िे हैं; यशद वह िनाने की आज्ञा दे , िो वे िनािे हैं; 9 यशद वह काटने की आज्ञा दे , िो वे काट डालिे हैं; यशद वह पौधे लिाने का आदे ि दे िा है, िो वे पौधे लिािे हैं। 10 इसशलथे उसकी सारी प्रजा और सेना उसकी आज्ञा मानिी है; और वह लेटिा, और खािा-पीिा, और शवश्राम करिा है। 11 और वे उसके चारोों ओर जाििे रहिे हैं, और कोई शनकलकर अपना काम नहीों करने दे िा, और न शकसी िाि में उसकी आज्ञा टालिे हैं। 12 हे मनु ष्योों, जि राजा की आज्ञा मानी जािी है, िो वह क्ोोंकर पराक्रमी न होिा? और उसने अपनी जीभ पकड ली. 13 िि िीसरा जो न्दस्त्रयोों और सत्य के शवर्य में िोलिा या, वह जोरोिािेल था, िोलने लिा। 14 हे मनु ष्योों, वह महान राजा नहीों है, न मनुष्योों की भीड है, न वह दाखमधु है जो उत्तम है; िो वह कौन है जो उन पर प्रभुिा करिा है, वा उन पर प्रभुिा रखिा है? क्ा वे मशहलाएों नहीों हैं? 15 न्दस्त्रयाों राजा को और समुद्र और भूशम पर प्रभुिा करने वाली सारी प्रजा को सोंभालिी हैं।
1 और जि दारा ने राज्य शकया, िि उस ने अपक्की सारी प्रजा, और अपके सारे घराने , और मादै और फारस के सि हाशकमोोंको िडी जेवनार दी। 2 और भारि से लेकर कूि िक के एक सौ सत्ताईस प्रान्तोों के सि हाशकमोों, हाशकमोों और लेन्दिनें टोों को, जो उसके अधीन थे। 3 और जि वे खा-पी चुके, और िृप्त होकर अपने घर चले िए, िि दारा राजा अपके ियनकक्ष में जाकर सो िया, और िुरन्त जाि िया। 4 िि िीन जवान जो राजा की लोय की रखवाली करनेवाले पहरुओोंमें से थे, आपस में कहने लिे; 5 हम में से हर एक एक वाक् कहे, अथाबि जो जय पाए, और शजसका वचन औरोों से अशधक िुन्दद्धमान जान पडे , उसे राजा दारा जय के शचन् में िडे िडे दान और िडी वस्तुएों दे िा। 6 जैसे िैंजनी वस्त्र पशहनना, सोने का पीना, सोने का पशहनाना, सोने की लिाम वाला रथ, सूक्ष्म सनी के कपडे की टोपी, िले में जोंजीर। 7 और वह िुन्दद्ध के कारण दारा के शनकट िैठा करे िा, और उसका चचेरा भाई दारा कहलाएिा। 8 और िि हर एक ने अपना अपना वाक् शलखकर उस पर मुहर लिाई, और राजा दारा के िशकए के नीचे रख शदया; 9 और कहा, जि राजा उठे िा, िो कुछ लेख उसे दें िे; और शजसके पक्ष का राजा और फारस के िीनोों हाशकम यह शनणबय करें िे शक उसका शनणबय सिसे िुन्दद्धमान है, उसी को शवजय दी जाएिी, जैसा शक शनयुक्त शकया िया था। 10 पहले ने शलखा, िराि सिसे िाकिवर है। 11 दू सरे ने शलखा, राजा सिसे िलवान है। 12 िीसरे ने शलखा, न्दस्त्रयाों सि से अशधक िलवान हैं, परन्तु सि वस्तुओों में सत्य ही जयवन्त होिा है। 13 जि राजा उठ खडा हुआ, िि उन्ोों ने अपके लेख ले कर उसे सौोंपे, और उस ने उनको पढकर सुनाया। 14 और उस ने भेज कर फारस और माशदयोोंके सि हाशकमोोंऔर हाशकमोोंऔर सरदारोोंऔर सरदारोोंऔर सरदारोोंको िुलवाया; 15 और उसे न्याय के राज शसोंहासन पर िैठाया; और उनके सामने रचनाएूँ पढी िईों। 16 और उस ने कहा, जवानोोंको िुलाओ, और वे अपना अपना दोर् ििा दें िे। इसशलए उन्ें िुलाया िया, और वे अोंदर आये।
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16 उन में से वे आए, और दाख की िाररयाों लिाने वालोोंको पाला, और जहाों से दाखमधु शनकलिा है। 17 ये मनुष्योोंके शलथे वस्त्र भी िनािे हैं; ये मनुष्योों के शलए मशहमा लािे हैं; और न्दस्त्रयोों के शिना पुरुर् नहीों हो सकिे। 18 हाों , और यशद पुरूर्ोों ने सोना, चािी, वा कोई अन्य अच्छी वस्तु इकट्ा की हो, िो क्ा वे उस स्त्री से प्रेम नहीों करिे जो सुिर और सुिर हो? 19 और वे सि िािें छोड भी दे िे हैं, और मुोंह खोलकर उस पर दृशि नहीों करिे; और क्ा सि मनुष्य चाूँ दी, सोना, वा शकसी भी अच्छी वस्तु से िढकर उसकी ओर लालाशयि नहीों होिे? 20 मनुष्य अपके शपिा और अपके दे ि को छोडकर अपक्की पत्नी से शमला रहिा है। 21 वह इस िाि पर अडा है, शक अपनी पत्नी के साथ अपना जीवन व्यिीि न करे । और न शपिा, न मािा, न दे ि को स्मरण रखिा है। 22 इसी से िुम जान लो, शक न्दस्त्रयाों िुम पर प्रभुिा करिी हैं: क्ा िुम पररश्रम और पररश्रम नहीों करिे, और सि कुछ स्त्री को दे कर नहीों लािे? 23 हाों , एक मनुष्य अपनी िलवार लेकर लूटने , और चोरी करने , और समुद्र और नशदयोोंके पार जाने को जािा है; 24 और वह शसोंह पर दृशि करके अन्दन्धयारे में चला जािा है; और जि वह चोरी, लूट, और लूट करिा है, िो उसे अपने प्रेम के पास ले आिा है। 25 इसशलये पुरूर् अपक्की पत्नी से शपिा वा मािा से भी अशधक प्रेम रखिा है। 26 हाों , िहुि से लोि ऐसे हैं जो न्दस्त्रयोों के पीछे अपनी िुन्दद्ध खो चुके हैं, और उनके शलये दास िन िए हैं। 27 और न्दस्त्रयोों के कारण िहुि से लोि नाि हुए, उन्ोोंने पाप शकया, और पाप शकया। 28 और क्ा अि भी िुम मुझ पर शवश्वास नहीों करिे? क्ा राजा अपनी िन्दक्त में महान नहीों है? क्ा सभी क्षेत्र उसे छूने से नहीों डरिे? 29 शफर भी मैं ने उसे और राजा की उपपत्नी अपामे को, जो अशि सुिर िाटाब कस की िेटी है, राजा की दाशहनी ओर िैठे हुए दे खा, 30 और राजमुकुट को राजा के शसर पर से उिारकर अपने शसर पर रखा; उसने अपने िाएूँ हाथ से भी राजा पर प्रहार शकया। 31 और इिने पर भी राजा ने मुोंह खोलकर उसे दे खा; यशद वह उस पर होंसिी, िो वह भी होंसिा; परन्तु यशद वह उस पर कुछ अप्रसन्न होिी, िो राजा की ओर से उसकी चापलूसी की जािी थी, शक वह उसके साथ मेल कर ले। दोिारा। 32 हे पुरूर्ोों, यह कैसे हो सकिा है, शक न्दस्त्रयाों ऐसा करिे दे खकर दृढ रहें? 33 िि राजा और हाशकमोोंने एक दू सरे की ओर दृशि की; िि वह सत्य िािें कहने लिा। 34 हे पुरूर्ोों, क्ा न्दस्त्रयाों िलवन्त नहीों? पृथ्वी महान है, स्विब ऊोंचा है, सूयब अपने मािब में िीव्र है, क्ोोंशक वह आकाि को चारोों ओर से घेरिा है, और एक ही शदन में अपने मािब को अपने स्थान पर वापस ले आिा है। 35 क्ा वह महान नहीों जो ये िािें िनािा है? इसशलए सत्य महान है, और सभी चीजोों से अशधक िन्दक्तिाली है। 36 सारी पृय्वी सत्य के कारण जयजयकार करिी है, और आकाि उसे धन्य कहिा है; उसके कारण सारे काम काों प उठिे हैं, और कोई कुशटल वस्तु उस से नहीों शमलिी। 37 दाखमधु िुरा है, राजा दु ि है, न्दस्त्रयाों दु ि हैं, सि मनु ष्य दु ि हैं, और उनके सि दु ि काम ऐसे ही हैं; और उनमें कोई सच्चाई नहीों है; वे अपनी अधमबिा से भी नाि होोंिे। 38 जहाों िक सत्य का प्रश्न है, वह कायम है, और सवबदा िलवन्त है; यह सवबदा जीशवि और शवजयी रहिा है।
39 उसके साथ कोई व्यन्दक्त या पुरस्कार स्वीकार नहीों शकया जािा; परन्तु वह धमब के काम करिी है, और सि अधमब और दु ि कामोों से दू र रहिी है; और सि मनु ष्य उसके कामोोंको अच्छा मानिे हैं। 40 उसके न्याय में कुशटलिा नहीों; और वह सभी युिोों की िाकि, साम्राज्य, िन्दक्त और मशहमा है। सत्य का परमेश्वर धन्य है। 41 और इसके साथ ही वह िाोंि हो िया । और सि लोि शचल्ला शचल्लाकर कहने लिे, सत्य महान है, और सि वस्तुओों में प्रिल है। 42 िि राजा ने उस से कहा, जो कुछ िू शलखे में शलखा है उस से अशधक जो िू चाहिा है वह माों ि, और हम िुझे दे दें िे, क्ोोंशक िू सि से अशधक िुन्दद्धमान शनकला है; और िू मेरे पास िैठेिा, और मेरा चचेरा भाई कहलाएिा। 43 िि उस ने राजा से कहा, अपनी उस मन्नि को स्मरण कर, जो िू ने अपने राज्य में आने के समय यरूिलेम के िसाने की मानी थी। 44 और शजिने पात्रोों को कुस्रू ने िािुल के नाि करने की िपथ खाकर यरूिलेम से शनकाल शलया या अलि कर शदया था, उन सभोों को वापस वहीों भेज दे ना। 45 िू ने उस मन्दिर को िनाने की भी िपथ खाई है, शजसे एदोशमयोों ने कसशदयोों द्वारा यहूशदया को उजाड शदए जाने के समय जला शदया था। 46 और अि, हे प्रभु राजा, यह वह है जो मैं चाहिा हूों, और जो मैं िुझ से चाहिा हूों, और यह िेरी ओर से आने वाली राजसी उदारिा है: मैं चाहिा हूों शक िू उस मन्नि को पूरा करे , शजसे िू अपने मुोंह से पूरा करे । िू ने स्विब के राजा की मन्नि मानी है। 47 िि दारा राजा ने उठकर उसे चूमा, और सि खजाोंशचयोों, लेन्दिनेंटोों, सरदारोों और हाशकमोों को उसके शलये शचशट्याों शलखीों, शक उसे और उन सि को जो यरूिलेम के िनाने को उसके सोंि यरूिलेम के िनाने को िए थे, स्यान से मािब में पहुोंचा दें । . 48 और उस ने सेलोसररया और फीनीके के लेन्दिनें टोों को, और शलिानु स में रहनेवालोों को भी शचशट्याों शलखीों, शक वे शलिानु स से यरूिलेम को दे वदार की लकडी ले आएों , और उसके द्वारा निर िनाएों । 49 शफर उस ने उन सि यहूशदयोोंके शलये जो उसके राज्य से शनकलकर यहूदी हो िए थे, उनकी स्विोंत्रिा के शवर्य में शलखा, शक कोई हाशकम, कोई हाशकम, कोई लेन्दिनेंट, या खजाों ची िलपूवबक उनके द्वार में प्रवेि न करे ; 50 और उनका सारा दे ि शिना कर के स्विि हो जाए; और एदोशमयोों को यहूशदयोों के उन िाोंवोों को दे दे ना चाशहए जो उस समय उनके पास थे। 51 हाों , जि िक मन्दिर का शनमाब ण न हो, िि िक उसके शनमाब ण के शलये प्रशि वर्ब िीस प्रशिभाएों दी जाएों ; 52 और प्रशि वर्ब वेदी पर होमिशल चढाने के शलये प्रशि वर्ब दस शकक्कार और शदया जाए, जैसा शक उन्ें सत्रह चढाने की आज्ञा शमली थी। 53 और शजिने लोि िािुल से निर िनाने को आए थे, उन सभोों को, और उनके वोंि को, और सि याजकोों को, जो यहाों से चले िए थे, स्विििा दी जाए। 54 उन्ोोंने शवर्य में भी शलखा। आरोप, और पुजाररयोों के वस्त्र शजनमें वे सेवा करिे हैं; 55 और इसी प्रकार लेशवयोोंको जो कुछ शदया जाए वह भी उस शदन िक शदया जाए, जि िक शक भवन पूरा न हो जाए, और यरूिलेम न िस जाए। 56 और उस ने निर के सि रखवालोोंको पेंसन और मजदू री दे ने की आज्ञा दी। 57 और शजिने पात्र कुस्रू ने अलि करके रख शदए थे, उन सभोोंको उस ने िािेल से शवदा कर शदया; और जो कुछ कुस्रू ने आज्ञा दी थी, वही पूरा करने की आज्ञा दी, और यरूिलेम को भेज शदया। 58 और जि वह जवान शनकला, िो यरूिलेम की ओर स्विब की ओर मुोंह करके स्विब के राजा की स्तुशि करने लिा।
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59 और कहा, िुझ से जय, िुझ से िुन्दद्ध, और मशहमा िेरी ही से शनकलिी है, और मैं िेरा दास हूों। 60 िू धन्य है, शजसने मुझे िुन्दद्ध दी; क्ोोंशक हे हमारे शपिरोोंके परमेश्वर, मैं िेरा धन्यवाद करिा हूों। 61 िि वह शचशट्याों लेकर िाहर चला िया, और िािुल में आकर अपने सि भाइयोोंसे इसका समाचार सुनाया। 62 और उन्ोोंने अपने शपिरोोंके परमेश्वर की स्तुशि की, क्ोोंशक उस ने उन्ें स्विोंत्रिा और स्विोंत्रिा दी थी 63 शक चढाई करके यरूिलेम को और उस भवन को जो उसके नाम से कहलािा है, िनाएों ; और वे साि शदन िक िाजे और आनि के िाजे िजािे हुए जेवनार करिे रहे।
19 शकयबत्याररयुस के वोंि पच्चीस, कफीरा और िेरोि के वोंि साि सौ िैंिालीस: पीरा के वोंि साि सौ। 20 चाशदय्याह और अम्मीदोई के वोंि में से चार सौ िाईस, और शसरामा और ििदे स में से जो छुः सौ िाईस एक हुए। 21 मकालोन की सन्तान एक सौ िाईस, िेिोशलयुस की सन्तान िावन: नफीस की सन्तान एक सौ छप्पन। 22 कलमोलुस और ओनु स की सन्तान साि सौ पच्चीस, यरे खुस की सन्तान दो सौ पैंिालीस। 23 हन्ना की सन्तान िीन हजार िीन सौ िीस। 24 याजकोोंमें से यीिु के पुत्र यद् दू की सन्तान, सनाशसि की सन्तान में से नौ सौ िहत्तर, और मेरुि की सन्तान एक हजार िावन। 25 फस्सारोन की सन्तान एक हजार सैंिालीस, और कम्मे की सन्तान एक हजार सत्रह। 26 और लेवीय येिु, और कैडमीएल, िानू अस, और सुशदयाह के पुत्र चौहत्तर। 27 पशवत्र िवैये, आसाप की सन्तान एक सौ अट्ाईस। 28 द्वारपालोोंने अयाब ि् सलूम की सन्तान, जािल की सन्तान, िल्मोन की सन्तान, दकोिी की सन्तान, िेिा की सन्तान, सामी की सन्तान, सि शमलाकर एक सौ उनिीस। 29 मन्दिर के सेवक: एसाव की सन्तान, अशसफा की सन्तान, िािाओि की सन्तान, सेरास की सन्तान, सूद की सन्तान, शफलास की सन्तान, लािाना की सन्तान, ग्रेिा की सन्तान, 30 अकुआ के पुत्र, उिा के पुत्र, केिाि के पुत्र, अिािा के पुत्र, सुिै के पुत्र, अनान के पुत्र, कथुआ के पुत्र, िद् दू र के पुत्र, 31 ऐरूस की सन्तान, दै सान की सन्तान, नोएिा की सन्तान, चासेिा की सन्तान, िाजेरा की सन्तान, अशजया की सन्तान, पीनीस की सन्तान, अजारे की सन्तान, िस्तै की सन्तान, आसना की सन्तान मीनी की सन्तान, नफीसी की सन्तान, अकूि की सन्तान, अकीफा की सन्तान, अश्शूर की सन्तान, फरासीम की सन्तान, िासलोि की सन्तान, 32 मीदा के पुत्र, कूथा के पुत्र, चरे आ के पुत्र, चरकस के पुत्र, एसेरेर के पुत्र, थोमोई के पुत्र, नाशसथ के पुत्र, अिीफा के पुत्र। 33 सुलैमान के दासोोंकी सन्तान, अजापयोन की सन्तान, फरीरा की सन्तान, यैली की सन्तान, लोसोन की सन्तान, इस्राएल की सन्तान, सपेि की सन्तान, 34 हाशिया के पुत्र, फेराकारे ि के पुत्र, सािी के पुत्र, सरोथी के पुत्र, माशसयाह के पुत्र, िार के पुत्र, अद् दु स के पुत्र, सूिा के पुत्र, अपेराब के पुत्र, िारोदीस के पुत्र सिाि की सन्तान, अल्लोम की सन्तान। 35 मन्दिर के सि हाशकम और सुलैमान के सेवकोों के िेटे िीन सौ िहत्तर थे। 36 ये थमेलेि और थेलेरस से आए, चराथलार ने उनका नेिृत्व शकया, और अलार ने ; 37 और न िो वे अपके कुलोोंऔर अपके वोंि को प्रिट कर सके, शक वे इस्राएल में से कैसे हैं; अथाब ि लादान की सन्तान, और िान की सन्तान, और नकोदान की सन्तान छ: सौ िावन। 38 और याजकोों में से शजन ने याजक पद पर अशधकार कर शलया, और उनका पिा न चला, अयाबि् ओिशदया की सन्तान, अक्कोस की सन्तान, और अद् दु स की सन्तान, शजस ने िरजेलुस की एक िेटी औशिया से ब्याह शकया, और उसका नाम उसके नाम पर रखा िया। 39 और जि उन पुरूर्ोोंके कुल का शववरण रशजस्टर में ढू ों ढा िया, और न शमला, िि उनको याजकपद के काम से हटा शदया िया। 40 क्ोोंशक नहेम्याह और अियाब ह ने उन से कहा, शक जि िक उपदे ि और सच्चाई पशहने हुए कोई महायाजक न उठे , िि िक पशवत्र वस्तुओों में भािी न होना। 41 इस्राएल में से िारह वर्ब वा उससे अशधक अवस्या के सि पुरूर् चालीस हजार थे, और दास-दाशसयाों दो हजार िीन सौ साठ थीों। 42 उनके दास और दाशसयाों साि हजार िीन सौ सैंिालीस थे; िानेवाले और िानेवाशलयाों दो सौ पैंिालीस।
अध्याय 5 1 इसके िाद शपिरोोंके घरानोोंके मुख्य पुरूर् अपके िोत्रोोंके अनु सार चुने िए, शक अपक्की न्दस्त्रयोोंऔर िेटे-िेशटयोोंऔर दास-दाशसयोोंऔर पिुओस ों मेि जाएों । 2 और दारा ने उनके साथ एक हजार सवार भेजे, और वे उन्ें यरूिलेम को यरूिलेम में यरूिलेम को लौटा ले आए, और उनके पास िाजे और िाों सुशलयाों थीों। 3 और उनके सि भाई खे लने लिे, और उस ने उनको भी उनके साय ऊपर चढाया। 4 और जो पुरूर् अपके कुलोोंके अनु सार अपके िोत्रोोंके अनु सार चढ िए उनके नाम ये हैं। 5 याजक, हारून के पुत्र पीनीस के पुत्र: यीिु जोसेदेक का पुत्र, और सारै ह का पुत्र, और यहोआशसम जो सोरोिेल का पुत्र, और सलािीएल का पुत्र, दाऊद के घराने में से फरे स के कुल में से था। यहूदा का िोत्र; 6 शजस ने फारस के राजा दारा के साम्हने उसके राज्य के दू सरे वर्ब के शनसान अथाब ि पशहले महीने में िुन्दद्धमान िािें कहीों। 7 और ये ही वे यहूदी हैं जो िोंधुआई से छूटकर परदे िी होकर रहने लिे, और शजन्ें िािुल का राजा निूकदने स्सर िन्धु आई से िािेल को ले िया था। 8 और वे यरूिलेम को और यहूदी के दू सरे भािोोंको लौट िए, और जो जोरोिािेल के साय यीिु, नहेम्याह, जकरयाह, और रीसायाह, एने शनयुस, और मरदोन्दखयस के साय आए थे, वे सि अपने अपने निर को लौट िए। िील्सरस, एस्फारसस, रीशलयस, रोइमस और िाना, उनके मािबदिबक। 9 और फोरोस की सन्तान, इस जाशि के लोिोोंऔर उनके अशधपशियोोंकी शिनिी दो हजार एक सौ िहत्तर; सपाि की सन्तान चार सौ िहत्तर, 10 एरे स की सन्तान साि सौ छप्पन: 11 फािमोआि की सन्तान दो हजार आठ सौ िारह; 12 एलाम की सन्तान एक हजार दो सौ चौवन: जिूल की सन्तान नौ सौ पैंिालीस: कोरिे की सन्तान साि सौ पाों च: िानी की सन्तान छुः सौ अडिालीस। 13 िेिई की सन्तान छुः सौ िेईस, सदास की सन्तान िीन हजार दो सौ िाईस। 14 अदोनीकाम की सन्तान छुः सौ सडसठ: ििोई की सन्तान दो हजार िासठ: अदीन की सन्तान चार सौ चौवन। 15 अिेरेशजयास की सन्तान नर्ब्े, सीलन और अजेिास की सन्तान सत्तर साि; अजूरान की सन्तान चार सौ ित्तीस। 16 हनन्याह की सन्तान एक सौ एक, अरोम की सन्तान ित्तीस, और िस्सा की सन्तान िीन सौ िेईस: अजेफूरीि की सन्तान एक सौ दो। 17 मेटरस की सन्तान िीन हजार पाों च, िैत्लोमोन की सन्तान एक सौ िेईस। 18 निोफा के पचपन, अनािोि के एक सौ अट्ाईस, िेिसामोस के ियालीस।
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43 चार सौ पैंिीस ऊूँट, साि हजार छत्तीस घोडे , दो सौ पैंिालीस खच्चर, पाूँ च हजार पाूँ च सौ पच्चीस जुआरी। 44 और उनके शपिरोोंके मुख्य पुरूर्ोोंमें से एक एक ने यरूिलेम के परमेश्वर के भवन में आकर मन्नि मानी, शक इस भवन को अपके स्यान में शफर अपनी अपनी िन्दक्त के अनु सार िसाएों िे। 45 और पशवत्र काम के भण्ार में एक हजार िोडे सोना, पाों च हजार चािी, और एक सौ याजकोों के वस्त्र दे ना। 46 और यरूिलेम और दे हाि में याजक और लेवीय और साधारण लोि, और िवैये और द्वारपाल इसी प्रकार शनवास करिे थे; और सारे इस्राएल अपने अपने िाोंवोों में। 47 परन्तु जि सािवाों महीना आया, और इस्राएली अपने अपने स्यान पर थे, िि सि एक मन होकर पशहले फाटक के खु ले स्यान में जो पूवब की ओर है, इकट्े हुए। 48 िि योसेदेक का पुत्र यीिु, और उसके भाई याजक, और सलािीएल का पुत्र सोरोिािेल, और उसके भाई खडे हुए, और इस्राएल के परमेश्वर की वेदी िैयार की। 49 और उस पर होमिशल चढाना, जैसा शक परमेश्वर के भक्त मूसा की पुस्तक में स्पि रूप से आज्ञा दी िई है। 50 और उस दे ि की अन्यजाशियोों में से लोि उनके पास इकट्े हुए, और उन्ोोंने उसके स्यान पर वेदी िनाई, क्ोोंशक उस दे ि की सि जाशियाों उन से िैर रखिी थीों, और उन पर अन्धेर करिी थीों; और उन्ोोंने समय के अनु सार िशलदान चढाए, और सिेरे और साों झ दोनोों समय यहोवा के शलये होमिशल चढाए। 51 और उन्ोोंने व्यवस्था की आज्ञा के अनु सार मण्पोोंका पर्ब्ब माना, और शनयम के अनु सार प्रशि शदन िशल चढाया करिे थे। 52 और उसके िाद शनत्य अन्निशल, और शवश्रामशदनोों, और नये चाों द के शदनोों, और सि पशवत्र पवोंके मेलिशल। 53 और शजिनोों ने परमेश्वर के शलये मन्नि मानी थी वे सि सािवें महीने के पशहले शदन से परमेश्वर के शलये िशलदान चढाने लिे, िौभी यहोवा का मन्दिर अि िक नहीों िना था। 54 और उन्ोोंने राजशमन्दस्त्रयोों और िढइयोों को आनि के साथ रूपया, भोजन और पेय शदया। 55 और सीदोन और सोर के लोिोोंको उन्ोोंने कैर शदया, शक वे फारस के राजा कुस्रू की आज्ञा के अनु सार शलिानु स से दे वदार के वृक्ष झुलाकर याफा के जोंिल में ले जाएों । 56 और उसके यरूिलेम में परमेश्वर के भवन में आने के दू सरे वर्ब और दू सरे महीने में सलािीएल का पुत्र जोरोिािेल, और योसेदेक का पुत्र यीिु, और उनके भाई, और याजक, और लेवीय, और शजिने लोि थे, वे सि वहाों आने लिे। िन्धुवाई से छूटकर यरूिलेम को आओ; 57 और उन्ोोंने यहूशदया और यरूिलेम में पहुोंचने के दू सरे वर्ब के दू सरे महीने के पशहले शदन में परमेश्वर के भवन की नेव डाली। 58 और उन्ोोंने िीस वर्ब की आयु के लेशवयोोंको यहोवा के कामोोंके ऊपर शनयुक्त शकया। िि यीिु और उसके िेटे और भाई, और उसके भाई कैडमीएल, और मशदयािुन के िेटे, और एल्यादू न के िेटे यहोदा के िेटे, और उनके िेटे और भाई, सि लेवीय, एक मन होकर काम करनेवाले खडे हुए। परमेश्वर के घर में कायों को आिे िढाने के शलए पररश्रम करना। इसशलये कारीिरोों ने यहोवा का मन्दिर िनाया। 59 और याजक अपने वस्त्र पशहने हुए िाजे और िुरशहयाों शलये हुए खडे थे; और आसाप के पुत्र लेशवयोोंके पास झाों झ थे, 60 इस्राएल के राजा दाऊद की आज्ञा के अनु सार धन्यवाद के िीि िाओ, और यहोवा की स्तुशि करो। 61 और उन्ोोंने ऊोंचे िब्द से यहोवा की स्तुशि में िीि िाया, क्ोोंशक उसकी करूणा और मशहमा सारे इस्राएल पर सवबदा िनी रहेिी। 62 और सि लोिोोंने िुरशहयाों िजाईों, और ऊोंचे िब्द से जयजयकार शकया, और यहोवा के भवन की उन्नशि के शलथे यहोवा के धन्यवाद के िीि िाए।
63 और याजकोोंऔर लेशवयोोंऔर उनके शपिरोोंके मुख्य पुरूर्ोोंमें से जो पुरशनये पशहले भवन को दे खिे थे, वे भी रोिे और शचल्लािे हुए इस भवन के पास आए। 64 परन्तु िहुिेरे िुरशहयाों और आनि लेकर ऊोंचे िब्द से शचल्लाए, 65 यहाों िक शक लोिोों के रोने के शलथे िुरशहयाों सुनाई न दे िीों, िौभी भीड के शलथे ऐसा अद् भुि िजिा या, यहाों िक शक दू र दू र िक सुनाई दे िा। 66 इसशलये जि यहूदा और शिन्यामीन के िोत्र के ित्रुओों ने यह सुना, िो वे समझ िए शक िुरशहयोों के उस िब्द का क्ा अथब है। 67 और उन्ोोंने जान शलया शक िन्धुवाई में से उन्ोोंने ही इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के शलये मन्दिर िनाया है। 68 िि वे जोरोिािेल और यीिु और घरानोोंके मुख्य पुरूर्ोोंके पास िए, और उन से कहा, हम िुम्हारे साय शमलकर शनमाब ण करें िे। 69 क्ोोंशक हम भी िुम्हारी नाईों अपने प्रभु की आज्ञा मानिे हैं, और अश्शूररयोों के राजा अजिजारे ि के शदनोों से जो हमें यहाों ले आया है, उसके शलये िशलदान करिे आए हैं। 70 िि जोरोिािेल और यीिु और इस्राएल के घरानोोंके मुख्य पुरूर्ोोंने उन से कहा, हमारे परमेश्वर यहोवा के शलये एक भवन िनाना हमारा और िुम्हारा काम नहीों है। 71 फारस के राजा कुस्रू की आज्ञा के अनु सार हम आप ही इस्राएल के यहोवा के शलथे शनमाब ण करें िे। 72 परन्तु उस दे ि के अन्यजाशियोोंने यहूशदया के शनवाशसयोोंपर भारी पडकर उनको रोक रखा, और उनके शनमाब ण में िाधा डाली; 73 और जि िक राजा कुस्रू जीशवि रहा, िि िक उन्ोोंने अपनी िुप्त युन्दक्तयोों, और िडे अनुनयोों, और उपद्रवोों के द्वारा भवन के िैयार होने में रुकावट डाली; इस प्रकार दारा के राज्यकाल िक दो वर्ब िक वे शनमाब ण करने से रुके रहे। अध्याय 6 1 दारा अग्गुस और अद्दो के पुत्र जकरयाह के राज्य के दू सरे वर्ब में भशवष्यद्वक्ताओों ने इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के नाम से, जो उन पर था, यहूदी भार्ा में और यरूिलेम में यहूशदयोों से भशवष्यद्वाणी की। 2 िि सलािीएल का पुत्र जोरोिािेल और योसेदेक का पुत्र यीिु उठ खडे हुए, और यरूिलेम में यहोवा का भवन िनाने लिे, और यहोवा के भशवष्यद्वक्ता उनके सोंि होकर उनकी सहायिा करिे थे। 3 उसी समय अराम और फीनीके का हाशकम शसशसन्नस, सत्रिुजानेस और उसके साशथयोोंसमेि उनके पास आकर कहने लिा, 4 िुम शकस की आज्ञा से यह घर और यह छि िनािे, और अन्य सि काम करिे हो? और वे कारीिर कौन हैं जो ये काम करिे हैं? 5 िौभी यहूशदयोोंके पुरशनयोोंपर अनु ग्रह हुआ, क्ोोंशक यहोवा ने िन्धु ओप ों र सुशध ली थी; 6 और जि िक दारा को उनके शवर्य में सोंकेि न शदया िया, और उत्तर न शमला, िि िक उन्ें िनाने से न रोका िया। 7 उन शचशट्योों की नकल जो अराम और फीनीके के हाशकम शसशसन्नेस और सथरािुजाने स ने और उनके साशथयोों ने जो अराम और फीनीके के हाशकम थे, शलखकर दारा के पास भेजीों; राजा दारा को नमस्कार: 8 हमारे प्रभु राजा को सि िािें मालूम हो, शक जि हम यहूशदया दे ि में आएों , और यरूिलेम निर में प्रवेि करें , िो हम को यरूिलेम निर में िन्धु वाई में से पुरशनये यहूदी शमले। 9 यहोवा के शलये एक िडा और नया भवन िनाना, और िढे हुए और िहुमूल्य पत्थरोों का, और दीवारोों पर पहले से शिछाई हुई लकडी का। 10 और वे काम िडी फुिी से शकए जािे हैं, और वह काम उनके हाथ में िडी िेजी से चलिा है, और वह पूरी मशहमा और पररश्रम से िनाया जािा है। 11 िि हम ने उन पुरशनयोोंसे पूछा, िुम यह भवन शकस की आज्ञा से िनािे हो, और इन कामोोंकी नेव डालिे हो?
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12 इसशलये हम ने इस आिय से शक हम िुझे शलखकर ज्ञान दें , हम ने उन से जो मुख्य किाबधिाब थे, शिनिी की, और उन से उनके मुख्य पुरूर्ोों के नाम शलन्दखि में माों िे। 13 िि उन्ोोंने हम को यह उत्तर शदया, शक हम यहोवा के दास हैं, शजस ने आकाि और पृय्वी का सृजन शकया। 14 और यह भवन िहुि वर्ब पशहले इस्राएल के एक िडे और सामथी राजा ने िनवाया, और िैयार हो िया। 15 परन्तु जि हमारे पुरखाओों ने परमेश्वर को क्रोध शदलाया, और इस्राएल के यहोवा जो स्विब में है, उसके शवरूद्ध पाप शकया, िि उस ने उनको कसशदयोोंके िािुल के राजा निूकदनेस्सर के वि में कर शदया; 16 और उस ने घर को ढा शदया, और जला शदया, और लोिोोंको िन्धुवाई करके िािेल को ले िया। 17 परन्तु िािेल दे ि पर राजा कुस्रू के राज्य करने के पशहले वर्ब में कुस्रू राजा ने इस भवन को िनाने की आज्ञा दी। 18 और सोने और चािी के जो पशवत्र पात्र निूकदनेस्सर ने यरूिलेम के भवन में से शनकालकर अपने मन्दिर में रखे थे, उन्ीों को कुस्रू राजा ने िािुल के मन्दिर में से शनकालकर शफर सौोंप शदया। जोरोिािेल और िासक सनािासारस को, 19 और आज्ञा दी, शक वह उन पात्रोोंको उठाकर यरूिलेम के मन्दिर में रखे ; और उसके स्थान पर यहोवा का मन्दिर िनाया जाए। 20 िि उसी सनिास्सर ने इधर आकर यरूिलेम में यहोवा के भवन की नेव डाली; और उस समय से लेकर आज िक यह एक इमारि िनी हुई है, यह अभी िक पूरी िरह समाप्त नहीों हुई है। 21 इसशलये अि यशद राजा को यह अच्छा लिे, िो राजा कुस्रू के अशभलेखोों में से खोजा जाए। 22 और यशद यह जान शलया जाए, शक यरूिलेम में यहोवा का भवन राजा कुस्रू की सम्मशि से िनाया िया है, और यशद हमारा स्वामी राजा ऐसी ही सोच रखिा हो, िो वह हमें इसका सोंकेि दे । 23 िि राजा दारा को िािेल के अशभलेखोों में से ढू ों ढने की आज्ञा दी िई, और एकििाने राजमहल में जो मादी दे ि में है, वहाों एक पुस्तक शमली, शजस में ये िािें शलखी हुई थीों। 24 कुस्रू के राज्य के पशहले वर्ब में कुस्रू राजा ने आज्ञा दी, शक यरूिलेम में यहोवा का भवन शफर िनाया जाए, शजस में शनत्य आि में यज्ञ शकया जािा है। 25 उसकी ऊोंचाई साठ हाथ और चौडाई साठ हाथ की हो, और िीन किारें खु दे हुए पत्थरोों की होों, और एक किार उस दे ि की नई लकडी की हो; और उसका व्यय राजा कुस्रू के भवन से शदया जाए: 26 और यहोवा के भवन के जो पशवत्र पात्र सोने और चािी के हैं, शजन्ें निूकदने स्सर यरूिलेम के भवन में से शनकालकर िािुल में ले आया था, वे यरूिलेम के भवन में शफर स्थाशपि शकए जाएों , और उसी स्थान पर रखे जाएों । वे पहले थे. 27 और उस ने यह भी आज्ञा दी, शक अराम और फीनीके के हाशकम शसशसन्नेस, और सिािुजने स, और उनके साथी, और जो अराम और फीनीके में हाशकम ठहराए िए थे, वे चौकस रहें, शक स्यान में दखल न दें , पर उसके सेवक जोरोिािेल को ऐसा करने दें । प्रभु, और यहूशदया के हाशकम, और यहूशदयोों के पुरशनयोों, शक उस स्यान में यहोवा का भवन िनाएों । 28 मैं ने उसे शफर पूरा िनाने की भी आज्ञा दी है; और जि िक यहोवा का भवन पूरा न हो जाए, िि िक वे यहूशदयोों की िन्धु वाई में से लोिोों की सहायिा करने में ित्पर रहिे हैं: 29 और कलोिूर और फीनीके के कर में से यहोवा के िशलदानोोंके शलथे इन पुरूर्ोोंको अयाब ि् िछडोों, और मेढोों, और भेड के िच्चोोंके शलथे जोरोिािेल हाशकम को शदया जाए; 30 और अन्न, नमक, दाखमधु , और िेल भी, और वह भी यरूिलेम के याजकोों के अनु सार प्रशि वर्ब शिना शकसी प्रश्न के शनरन्तर व्यय शकया जािा रहे।
31 शक राजा और उसके पुत्रोोंके शलथे परमप्रधान परमेश्वर को भेंट चढाएों , और वे अपके प्राण के शलथे प्रायबना करें । 32 और उस ने आज्ञा दी, शक जो कोई अपराध करे , वा ऊपर कही िई या शलखी हुई शकसी िाि को िुच्छ ठहराए, उसके घर में से एक वृक्ष उखाड शलया जाए, और उस पर फाूँ सी दी जाए, और उसकी सारी सम्पशत्त राजा के शलये जब्त कर ली जाए। 33 इसशलये यहोवा, शजस का नाम वहाों पुकारा जािा है, हर उस राजा और जाशि को सत्यानाि कर दे , जो यरूिलेम में यहोवा के भवन को रोकने या उसे हाशन पहुोंचाने के शलये हाथ िढािा है। 34 मुझ दारा राजा ने यह ठहराया है, शक इन कामोों के अनु सार पररश्रम से शकया जाए। अध्याय 7 1 िि शसलोशसररया और फीनीके का हाशकम शसशसन्नेस, और सिािुजाने स और उसके साथी राजा दारा की आज्ञा मानकर चले। 2 और पशवत्र कामोों का िहुि ध्यान से शनरीक्षण शकया, और यहूशदयोोंके पुरशनयोोंऔर मन्दिर के हाशकमोोंकी सहायिा की। 3 और इस प्रकार पशवत्र काम सफल हुए, जि अन्दग्गयुस और जकरयाह भशवष्यद्वक्ता भशवष्यद्वाणी करने लिे। 4 और उन्ोोंने ये काम इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की आज्ञा से, और फारस के राजा कुस्रू, दारा, और अिबक्षत्र की सम्मशि से पूरा शकया। 5 और फारस के राजा दारा के राज्य के छठे वर्ब के अदार महीने के िीसरे िीसवें शदन में पशवत्र भवन का काम पूरा हुआ। 6 और इस्राएशलयोोंने अयाबि् याजकोोंऔर लेशवयोोंऔर और जो िन्धुवाई में से उन में शमल िए थे, उन्ोोंने मूसा की पुस्तक में शलखी हुई िािोोंके अनु सार शकया। 7 और यहोवा के भवन की प्रशिष्ठा के शलथे उन्ोोंने एक सौ िैल, दो सौ मेढे, और चार सौ भेड के िच्चे चढाए; 8 और इस्राएल के िोत्रोोंके मुख्य पुरुर्ोोंकी शिनिी के अनु सार सि इस्राएल के पाप के शलथे िारह िकरे । 9 पुजारी भी और लेशवयोों ने अपने भोज के अनु सार, इजराइल के भिवान दे विा की सेवा में, मूसा की पुस्तक के अनु सार, और हर िेट पर पोटब सब के अनु सार, उनके शनद्रोों में खडे हो िए। 10 और याजकोों और लेशवयोोंके पशवत्रा ठहराए जाने के िाद पशहले महीने के चौदहवें शदन को िोंधुआई में आए इस्राएशलयोोंने फसह माना। 11 जो िन्धुवाई में से थे वे सि एक साथ पशवत्र न शकए िए, परन्तु सि लेवीय एक साथ पशवत्र शकए िए। 12 और इस प्रकार उन्ोोंने उन सि िन्धु ओक ों े शलथे, और अपके भाई याजकोोंऔर अपके अपके शलथे फसह का पर्ब्ब चढाया। 13 और जो इस्राएली िन्धु वाई से छूटकर आए थे, अयाब ि् उन सभोोंने भी, जो उस दे ि के शनवाशसयोोंके घृशणि कामोोंसे अलि होकर यहोवा की खोज में थे, भोजन शकया। 14 और वे साि शदन िक अखमीरी रोटी का पर्ब्ब मानिे रहे, और यहोवा के साम्हने आनि करिे रहे। 15 क्ोोंशक उस ने अश्शूर के राजा की युन्दक्त को उनकी ओर फेर शदया था, शक इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के कामोों में उन्ें दृढ करे । अध्याय 8 1 और इन िािोों के िाद, जि फारस का राजा अिबक्षत्र राज्य करने लिा, िो एस्द्रस जो सरायाह का पुत्र, यह एजेरीयाह का पुत्र, यह हेलशकयाह का पुत्र, यह सलूम का पुत्र, आया। 2 सद् दू क का पुत्र, अकीिोि का पुत्र, अमयाब ह का पुत्र, एशजयास का पुत्र, मेरेमोि का पुत्र, जरयाह का पुत्र, साशवया का पुत्र, िोक्कस का पुत्र, अिीसुम का पुत्र, पीनीस का पुत्र एलीआजर का पुत्र, हारून महायाजक का पुत्र। 8
3 वह एस्द्रस जो मूसा की व्यवस्था इस्राएल के परमेश्वर की ओर से दी िई थी, उस में िहुि शनपुण होकर िास्त्री होकर िािुल से आया। 4 और राजा ने उसका आदर शकया; क्ोोंशक उसके सि शनवेदनोोंपर उस पर अनु ग्रह की दृशि हुई। 5 और इस्राएशलयोोंमें से कुछ लेवीय याजक, और पशवत्र िायक, द्वारपाल, और मन्दिर के सेवक भी उसके सोंि यरूिलेम को िए। 6 अिबक्षत्र के राज्य के सािवें वर्ब के पाों चवें महीने में, यह राजा का सािवाों वर्ब था; क्ोोंशक पशहले महीने के पशहले शदन को वे िािुल से शनकलकर उस सुखमय यात्रा के अनु सार जो यहोवा ने उनको दी या, यरूिलेम को आए। 7 क्ोोंशक एस्द्रस िहुि ही शनपुण था, यहाों िक शक उस ने यहोवा की व्यवस्था और आज्ञाओों में से कुछ भी न छोडा, वरन सारे इस्राएल को शवशधयाों और शनयम शसखािा था। 8 अि उस आज्ञा की प्रशिशलशप, जो राजा अिबक्षत्र की ओर से शलखी िई, और यहोवा की व्यवस्था के याजक और वाचक एस्द्रास के पास पहुोंची, यह है; 9 अिबक्षत्र राजा ने एस्द्रस याजक और यहोवा की व्यवस्था के पढनेवाले को नमस्कार भेजा। 10 मैं ने कृपा करने का शनश्चय करके आज्ञा दी है, शक यहूशदयोोंकी जाशि में से और याजकोोंऔर लेशवयोोंमें से जो हमारे दे ि में होों, जो इच्छु क और इच्छु क होों वे िुम्हारे सोंि यरूिलेम को चलें। 11 इसशलये शजिनोों का उस पर मन हो, वे िेरे सोंि चले जाएों , जैसा शक मुझे और मेरे सािोों शमत्रो, अथाबि सलाहकारोोंको भाया है; 12 िाशक वे यहूशदया और यरूिलेम के मामलोों पर प्रभु की व्यवस्था के अनु सार ध्यान दें ; 13 और जो भेंटें इस्राएल के यहोवा के शलथे मैं ने और मेरे शमत्रोोंने मन्नि मानी है उनको यरूिलेम में ले जाना, और शजिना सोना चािी िािुल के दे ि में शमले सि को यरूिलेम में यहोवा के पास ले जाना। 14 और जो प्रजा में से उनके परमेश्वर यहोवा के यरूिलेम के मन्दिर के शलये शदया जाए, वह भी शदया जाए, और िैलोों, और मेढोों, और भेड के िच्चोों, और उनके साम्हने के शलये चािी और सोना इकट्ा शकया जाए; 15 इसशलथे शक वे अपके परमेश्वर यहोवा की वेदी पर जो यरूिलेम में है यहोवा के शलथे िशलदान चढाएों । 16 और जो कुछ िू और िेरे भाई सोने चािी से करना चाहें वह अपने परमेश्वर की इच्छा के अनु सार करना। 17 और यहोवा के जो पशवत्र पात्र िुझे यरूिलेम में िेरे परमेश्वर के मन्दिर के काम आने के शलथे शदए िए हैं उन को यरूिलेम में अपने परमेश्वर के साम्हने रखना। 18 और जो कुछ िू अपने परमेश्वर के भवन के काम के शलथे स्मरण रखे , उसे राजा के भण्ार में से दे ना। 19 और मुझ अिबक्षत्र राजा ने अराम और फीनीके के भण्ारोोंके रखवालोोंको यह आज्ञा दी है, शक एस्द्रस याजक और परमप्रधान परमेश्वर की व्यवस्था का पढने वाला जो कुछ भेजे, वह िुरन्त उसे दे दें । 20 अथाबि सौ मन चािी, और सौ कोर िेहूों, और सौ मन दाखमधु , और अन्य वस्तुएों िहुिायि से। 21 परमप्रधान परमेश्वर के शलये सि काम परमेश्वर की व्यवस्था के अनु सार यत्नपूवबक शकया जाए, ऐसा न हो शक राजा और उसके पुत्रोों के राज्य पर क्रोध भडके। 22 मैं िुझे यह भी आज्ञा दे िा हूों, शक याजकोों, या लेशवयोों, या पशवत्र िवैयोों, या द्वारपालोों, या मन्दिर के सेवकोों, या इस मन्दिर में काम करनेवालोों में से शकसी से न कर लेना, और न कोई अन्य भार लेना, और शकसी भी व्यन्दक्त को उन पर कुछ भी थोपने का अशधकार नहीों है। 23 और हे एस्द्रा, िू परमेश्वर की िुन्दद्ध के अनु सार न्याशययोों और न्याशययोों को शनयुक्त कर, शक वे सारे सीररया और फेनीके में उन सभोों का न्याय करें जो िेरे परमेश्वर की व्यवस्था जानिे हैं; और जो इसे जानिे होों उन्ें िू न शसखाना।
24 और जो कोई िेरे परमेश्वर और राजा की व्यवस्था का उल्लोंघन करे िा, वह दण् से दण् पाएिा, चाहे वह प्राणदण् से हो, या अन्य दण् से, चाहे धन के दण् से, चाहे कारावास से। 25 िि एस्द्रस मोंत्री ने कहा, मेरे शपिरोोंका परमेश्वर यहोवा धन्य है, शजस ने राजा के मन में ये िािें डालीों, शक यरूिलेम में उसके भवन की मशहमा हो। 26 और उस ने राजा, और उसके मन्दियोों, और उसके सि शमत्रोोंऔर सरदारोोंके साम्हने मेरा आदर शकया है। 27 इसशलथे मैं अपके परमेश्वर यहोवा की सहायिा से शहयाव िान्धा, और इस्राएल के पुरूर्ोोंको अपके सोंि चलने के शलथे इकट्ा कर शलया। 28 और अिबक्षत्र राजा के राज्य में जो लोि िािुल से मेरे सोंि चले थे, वे अपके अपके कुलोोंके अनु सार और मुख्य पुरूर्ोोंमें से ये ही हैं: 29 पीनीस की सन्तान में से िेसोन, ईिामार की सन्तान में से िमाएल, दाऊद की सन्तान में से लत्तुस, सेकन्याह का पुत्र। 30 शफरे स के वोंि में से जकरयाह; और उसके साथ एक सौ पचास पुरूर् शिने िए: 31 पहिमोआि के वोंि में से जारयाह का पुत्र एशलयान्याह, और उसके सोंि दो सौ पुरूर् थे। 32 जािो के वोंि में से यजेलुस का पुत्र सेकेन्याह, और उसके सोंि िीन सौ पुरूर्; अदीन के वोंि में से योनािान का पुत्र ओिेि, और उसके साय ढाई सौ पुरूर्। 33 एलाम के वोंि में से िोिोशलयाह का पुत्र योशिय्याह और उसके सोंि सत्तर पुरूर्; 34 सफशियाह के वोंि में से मीकाएल का पुत्र जारयाह, और उसके सोंि सत्तर पुरूर्। 35 योआि के वोंि में से येजेलुस का पुत्र अिद्याह, और उसके साय दो सौ िारह पुरूर्; 36 िनीद की सन्तान में से योसाफ्याह का पुत्र अस्साशलमोि, और उसके सोंि एक सौ साठ पुरूर्; 37 िािी के वोंि में से िेिै का पुत्र जकरयाह और उसके सोंि अट्ाईस पुरूर्; 38 अस्ति के वोंि में से अकािान का पुत्र योहाने स, और उसके सोंि एक सौ दस पुरूर्; 39 अदोनीकाम के वोंि में से जो पीछे शनकला, उसके ये नाम हैं, अयाबि् एलीपहलेि, और यहूदी, और सामायाह, और उनके साय सत्तर पुरूर् हुए। 40 िािो के वोंि में से इस्तलकुरूस का पुत्र ऊथी, और उसके सोंि सत्तर पुरूर्। 41 और इन्ें मैं ने थेरस नाम नदी के पास इकट्ा शकया, जहाों हम ने िीन शदन िक अपने िम्बू खडे शकए; और शफर मैं ने उनका शनरीक्षण शकया। 42 परन्तु जि मैं ने वहाों याजकोोंऔर लेशवयोोंमें से शकसी को न पाया, 43 िि मैं ने एलीआजर, और इदू एल, और मसमान के पास भेजा; 44 और अलनािान, और ममयाह, और योरीिास, और नािान, यूनािान, जकरयाह, और मोसुल्लामोन, िडे पुरूर् और शवद्वान। 45 और मैं ने उनको आज्ञा दी, शक सद्दे ऊस सरदार के पास जो भणडार का अशधकारी या, जाओ। 46 और उनको आज्ञा दी, शक दद्दे युस और उसके भाइयोोंऔर उस स्यान के खजाों शचयोोंसे कहो, शक हमारे पास ऐसे पुरूर् भेजें जो यहोवा के भवन में याजक का काम कर सकें। 47 और हमारे प्रभु के िलवन्त हाथ से वे मोली की सन्तान में से जो लेवी का पोिा, और इस्राएल का पोिा, असेिेशिया और उसके पुत्रोोंऔर भाइयोोंमें से जो अठारह वर्ब के थे, कुिल पुरूर्ोोंको हमारे पास ले आए। 48 और असेशिया, अन्नुस, और उसका भाई ओसायाह, और चन्नून की सन्तान में से िीस पुरूर् हुए। 49 और मन्दिर के जो सेवक दाऊद ने ठहराए थे, और लेशवयोोंकी सेवा के मुख्य पुरूर्, अयाब ि् मन्दिर के दो सौ िीस सेवक, उनके नाम की सूची शदखाई िई। 9
50 और वहाों मैं ने अपने प्रभु के साम्हने जवानोोंके साम्हने उपवास की मन्नि मानी, शक वह हमारे और हमारे साशथयोोंके शलथे, और हमारे िालकोोंऔर पिुओक ों े शलथे सुखमय यात्रा हो। 51 क्ोोंशक मुझे राजा से प्यादोों, और सवारोों, और अपने द्रोशहयोों से रक्षा का उपाय पूछने में लज्जा आिी थी। 52 क्ोोंशक हम ने राजा से कहा या, शक हमारे परमेश्वर यहोवा की िन्दक्त उसके खोजनेवालोोंके साय रहे, शक वह उनको सि प्रकार से सहाथिा दे । 53 और इन िािोों के शवर्य में हम ने शफर अपके प्रभु से शिनिी की, और उसे हमारे शलथे अनु कूल पाया। 54 िि मैं ने याजकोोंके मुख्य पुरूर्ोोंमें से िारह को, अयाबि् एसेशब्रयाह, और अस्सशनयाह, और उनके भाइयोोंमें से दस पुरूर्ोोंको अलि कर शदया; 55 और जो सोना, चािी, और हमारे यहोवा के भवन के पशवत्र पात्र राजा और उसकी महासभा और हाशकमोोंऔर सारे इस्राएल ने शदए थे, उनको मैं ने िौल शदया। 56 और मैं ने उसे िौलकर उनको छ: सौ पचास शकक्कार चािी, और सौ शकक्कार चािी के पात्र, और सौ शकक्कार सोना दे शदया। 57 और सोने के िीस पात्र, और पीिल के िारह पात्र, जो सोने के समान चमकिे हुए, उत्तम पीिल के थे। 58 और मैं ने उन से कहा, िुम दोनोों यहोवा के शलथे पशवत्र हो, और पात्र पशवत्र हैं, और सोना और चािी हमारे शपिरोोंके प्रभु यहोवा की मन्नि है। 59 िुम जाििे रहो, और उन्ें िि िक िचाए रखो जि िक िुम उन्ें यरूिलेम में याजकोों और लेशवयोोंके मुख्य पुरूर्ोोंऔर इस्राएल के घरानोोंके मुख्य पुरूर्ोोंके हाथ न पहुोंचा दो, शक वे हमारे परमेश्वर के भवन की कोठररयोोंमें पहुोंचा दें । 60 इसशलये याजक और लेवीय, शजनको सोना चािी और पात्र शमले थे, उनको यरूिलेम में यहोवा के मन्दिर में ले आए। 61 और पशहले महीने के िारहवें शदन को हम ने थेरस नदी से प्रस्थान शकया, और अपने प्रभु के उस िलवन्त हाथ के द्वारा, जो हमारे सोंि या, यरूिलेम को आए; और हमारी यात्रा के आरम्भ से ही प्रभु ने हम को सि ित्रुओों से िचाया, और इस प्रकार हम यरूिलेम आये। 62 और जि हम वहाों िीन शदन िक रहे, िो चौथे शदन जो सोना और चािी िौला िया था, वह हमारे प्रभु के भवन में ईरी के पुत्र ममोि याजक को सौोंप शदया िया। 63 और उसके सोंि पीनीस का पुत्र एलीआजर, और उनके साय येसू का पुत्र योसािाद, और सर्ब्न का पुत्र मोएि, लेवीय थे; सि शिनिी और िौल के अनु सार उनको सौोंप शदए िए। 64 और उनका सारा िौल उसी घडी शलख शलया िया। 65 शफर जो लोि िोंधुआई से छूटकर आए, उन्ोोंने इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के शलये सि इस्राएल के पीछे िारह िैल, और सोलह मेढे िशल करके चढाए। 66 और मेलिशल के शलये साठ िारह भेड के िच्चे, और िारह िकरे ; वे सि यहोवा के शलये िशलदान हैं। 67 और उन्ोोंने राजा की आज्ञाएों राजा के हाशकमोों और सेलोसररया और फीनीके के हाशकमोों को पहुोंचाईों; और उन्ोोंने प्रजा और परमेश्वर के मन्दिर का आदर शकया। 68 जि ये िािें हो िईों, िो हाशकम मेरे पास आकर कहने लिे, 69 इस्राएल की जाशि ने अयाब ि् हाशकमोोंऔर याजकोोंऔर लेशवयोोंने इस दे ि के परदे िी लोिोोंको, और कनाशनयोों, शहशत्तयोों, फेरे शसयोों, यिूशसयोोंऔर मोआशियोोंको अन्यजाशियोोंकी अिुद्धिा से दू र न शकया। शमस्रवासी, और एदोमी। 70 क्ोोंशक उन्ोोंने और उनके िेटोों ने अपनी िेशटयोोंसे ब्याह शकया है, और पशवत्र वोंि दे ि के परदे िी लोिोोंमें शमल िया है; और इस मामले की िुरुआि से ही िासक और महान लोि इस अधमब के भािी रहे हैं।
71 और ये िािें सुनिे ही मैं ने अपने वस्त्र और पशवत्र वस्त्र फाड डाले, और अपने शसर और दाढी के िाल उखाड शलए, और उदास और िहुि भारी होकर िैठ िया। 72 िि वे सि जो इस्राएल के परमेश्वर यहोवा का वचन सुनकर प्रसन्न हुए, मेरे पास इकट्े हुए, और मैं अधमब के शलथे शवलाप करिा रहा; परन्तु साों झ के िशलदान िक मैं उदास होकर िैठा रहा। 73 िि वस्त्र और पशवत्र वस्त्र फाडकर उपवास से उठना, और घुटने टे ककर, और हाथ यहोवा की ओर फैलाकर, 74 मैं ने कहा, हे प्रभु, मैं िेरे साम्हने लन्दज्जि और लन्दज्जि हूों; 75 क्ोोंशक हमारे पाप हमारे शसरोों पर िढ िए हैं, और हमारी अज्ञानिा स्विब िक पहुोंच िई है। 76 क्ोोंशक हम अपके िापदादोों के समय से लेकर आज िक िडे पाप में पडे हैं। 77 और हम अपने और अपने पुरखाओों के पापोों के कारण अपने भाइयोों, और राजाओों, और याजकोोंसमेि पृय्वी के राजाओों के वि में कर शदए िए, शक वे िलवार से, और िन्धु वाई में, और लन्दज्जि होकर लूटे जाएों , और आज िक जीशवि हैं। 78 और अि हे प्रभु, िेरी ओर से कुछ हद िक हम पर दया हुई है, शक िेरे पशवत्रस्थान में हमारे शलये एक जड और एक नाम रह िया है; 79 और हमारे परमेश्वर यहोवा के भवन में हमारे शलये उशजयाला ढू ों ढे, और हमारी दासिा के समय में हमें भोजन दे । 80 हाों , जि हम िुलामी में थे, िि हमें अपने प्रभु से नहीों छोडा िया था; परन्तु उस ने फारस के राजाओों के साम्हने हम पर अनु ग्रह शकया, और उन्ोोंने हमें भोजन शदया; 81 हाों , और हमारे प्रभु के मन्दिर की प्रशिष्ठा की, और उजडे हुए शसय्योन को शफर से खडा शकया, शक उन्ोोंने हमें यहूदी और यरूिलेम में दृढ शनवास शदया है। 82 और अि, हे प्रभु, ये िािें होिे हुए हम क्ा कहें? क्ोोंशक हमने िेरी आज्ञाओों का उल्लोंघन शकया है, जो िू ने अपने दास भशवष्यद्वक्ताओों के द्वारा यह कहकर दी थी, 83 शक शजस दे ि को िुम शनज भाि करके अपने अशधकार में करने को जािे हो वह दे ि परदे शियोों की अिुद्धिा से अिुद्ध हो िया है, और उन्ोोंने उसे अपनी अिुद्धिा से भर शदया है। 84 इसशलये अि िुम अपनी िेशटयोोंको उनके िेटोोंके साय न शमलाना, और न उनकी िेशटयोोंको अपने िेटोोंको ब्याह दे ना। 85 और उन से मेल शमलाप करने का प्रयत्न कभी न करना, शजस से िुम िलवन्त हो जाओ, और उस दे ि की अच्छी अच्छी वस्तुएों खाओ, और उस दे ि का शनज भाि सदा के शलथे अपके वोंि के शलथे छोड जाओ। 86 और जो कुछ हमारे साथ हुआ है वह हमारे िुरे कामोों और महान पापोों के कारण हुआ है; क्ोोंशक हे प्रभु, िू ने हमारे पाप हलके कर शदए, 87 और हमें ऐसी जड दी, परन्तु हम शफर िेरी व्यवस्था का उल्लोंघन करने , और इस दे ि की अन्यजाशियोों की अिुद्धिा में लि िए हैं। 88 क्ा िू हम पर क्रोध करके हमें नाि न कर सका, जि िक िू ने हमारे शलथे न जड, न िीज, न नाम छोडा? 89 हे इस्राएल के यहोवा, िू सच्चा है; क्ोोंशक आज हम जड ही िचे हैं। 90 दे ख, अि हम अपके अधमब के कामोोंमें िेरे साम्हने खडे हैं, क्ोोंशक इन िािोोंके कारण हम िेरे साम्हने शफर शटक नहीों सकिे। 91 और जि एस्डरास ने प्राथबना में अपना अोंिीकार शकया, और रोिे हुए, और मन्दिर के साम्हने भूशम पर मुोंह के िल लेट िया, िो यरूिलेम से पुरुर्ोों, न्दस्त्रयोों, और िच्चोों की एक िहुि िडी भीड उसके पास इकट्ी हो िई: क्ोोंशक भीड िहुि रो रही थी। 92 िि शयलुस के पुत्र यकोन्याह ने जो इस्राएशलयोोंमें से एक या, पुकारकर कहा, हे एस्द्रस, हम ने यहोवा परमेश्वर के शवरूद्ध पाप शकया है, हम ने उस दे ि की अन्यजाशियोोंमें परायी न्दस्त्रयोोंको ब्याह शलया है, और अि सारा इस्राएल अपके हाथ में है। .
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93 आओ, हम यहोवा से यह िपथ खाएों , शक हम अपनी सि न्दस्त्रयोोंको, शजन्ें हम ने अन्यजाशियोोंमें से ब्याह शलया है, और उनके लडकेिालोोंसे भी त्याि दें िे। 94 जैसा िू ने ठहराया है, और शजिने यहोवा की व्यवस्था पर चलिे हैं। 95 उठो और मार डालो; क्ोोंशक यह िाि िुम्हें ही करनी है, और हम िुम्हारे सोंि रहेंिे; िुम वीरिा से काम करो। 96 िि एस्द्रस ने उठकर सारे इस्राएल के याजकोोंऔर लेशवयोोंमें से मुख्य पुरूर्ोोंको िपथ न्दखलाई, शक ऐसा ही शकया करो; और इसशलए वे कसम खािे हैं।
21 और इम्मेर के वोंि में से; हनन्याह, और जब्दे युस, और ईने स, और समीयुस, और शहयरे ल, और अजयाब ह। 22 और शफसूर की सन्तान में से; एशलयोनास, माशसयास इजराइल, और नाथने ल, और ओशसडे लस और िल्सास। 23 और लेशवयोोंमें से; जोजािाद, और सेशमस, और कोशलयस, जो कैलीटास कहलािा था, और पाशथयस, और यहूदा, और जोनास। 24 पशवत्र िायकोों में से; एलेजुरस, िैक्चुरस। 25 कुशलयोों में से; सैलुमस, और टॉल्बेन्स। 26 इस्राएशलयोोंमें से फोरोस की सन्तान में से; शहरमास, और एशद्दयास, और मन्दचचयास, और मैलुस, और एलीआजर, और अशसशियास, और िाशनयास। 27 एला के वोंि में से; मथाशनयास, जकाररयास, और शहरीएलस, और शहरे मोि, और एशदयास। 28 और जामोि के वोंि में से; एशलयाडास, एशलशसमस, ओथोशनयास, जरीमोथ, और सिाटस, और सरडे स। 29 िािै के पुत्रोों में से; जोहान्स, और अनाशनयास और जोसािाद, और अमाथीस। 30 मशण के पुत्रोों में से; ओलमस, मामुचुस, जेशडयस, जसुिस, जसेल और शहरे मोथ। 31 और अद्दी के वोंि में से; नाथस, और मूशसयस, लैकुनस, और नायडूस, और मथाशनयास, और सेस्तेल, िालनु स, और मनन्दस्सयस। 32 और हन्ना के वोंि में से; एशलयोनास और आशसयास, और मन्दचचयास, और सर्ब्ेयुस, और िमौन चोसाशमयस। 33 और असोम के वोंि में से; अल्तानेउस, और मशत्तयाह, और िानाइया, और एलीफलेि, और मनश्शे, और सेमी। 34 और मानी के वोंि में से; शयमबयाह, मोमदीस, ओमेरुस, जुएल, मिदाई, और पेशलयास, और एनोस, कारािाशसओन, और एनाशसिस, और मशििानै मुस, एशलयाशसस, िन्नूस, एशलयाली, साशमस, सेलेशमयास, नथाशनयास: और ओजोरा के पुत्रोों में से; सेशसस, एशस्रल, एजेलस, सैमैटस, जान्दम्बस, जोसेफस। 35 और एत्मा के वोंि में से; मजीशियास, जिाशदयास, एडे स, जुएल, िाशनयास। 36 इन सि ने पराई न्दस्त्रयाों ब्याह लीों, और उनको उनके िच्चोोंसमेि त्याि शदया। 37 और सािवें महीने के पशहले शदन को याजक और लेवीय और इस्राएली यरूिलेम और उस दे ि में रहने लिे; इस प्रकार इस्राएली अपने अपने डे रोोंमें रहिे थे। 38 और सारी मण्ली एक मन होकर पशवत्र ओसारे के चौडे स्यान में, जो पूवब की ओर है, इकट्े हुए। 39 और उन्ोोंने एस्द्रस याजक और वाचक से कहा, शक मूसा की जो व्यवस्था इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की ओर से दी िई है उसे ले आओ। 40 िि एस्द्रस प्रधान याजक सारी मण्ली के पास, पुरूर् से लेकर स्त्री िक, और सि याजकोोंके पास व्यवस्या ले आया, शक सािवें महीने के पशहले शदन को व्यवस्या सुने। 41 और वह भोर से दोपहर िक पशवत्र ओसारे के साम्हने चौडे आों िन में क्ा स्त्री, क्ा पुरूर्, सि के साम्हने पढिा रहा; और भीड ने व्यवस्था पर ध्यान शदया। 42 और एस्द्रस याजक और व्यवस्था का वाचक, लकडी के एक शमम्बर पर खडा हुआ, जो इसी काम के शलये िनाया िया था। 43 और मत्तत्याह, सम्मुस, हनन्याह, अजयाब ह, ऊररय्याह, एजशकय्याह, िालासामुस उसके पास दाशहनी ओर खडे हुए। 44 और उसके िायीों ओर फलदै युस, मीसाएल, मेल्कीयाह, लोिासुिुस, और निररयाह खडे थे। 45 िि एस्द्रस ने व्यवस्था की पुस्तक लोिोों के साम्हने ले ली; क्ोोंशक वह सि के साम्हने आदर के साय िैठा।
अध्याय 9 1 िि एस्द्रस मन्दिर के आों िन से उठकर एल्याशसि के पुत्र योनान की कोठरी में िया, 2 और वहाों रहे, और लोिोों के िडे अधमब के कामोोंके कारण शवलाप करिे हुए न माों स खाया और न पानी शपया। 3 और सारे यहूदी और यरूिलेम में सि िोंधुआई के लोिोोंके शलये यह प्रचार हुआ, शक यरूिलेम में इकट्े हो जाओ। 4 और जो कोई दो या िीन शदन के भीिर उन पुरशनयोों के अनु सार जो शनयम के अनु सार वहाों न शमले, उसके पिु जब्त कर शलये जाएों , शक वह मन्दिर में काम आए, और वह िन्धु ओों में से शनकाल शदया जाए। 5 और िीन शदन में नौवें महीने के िीसवें शदन को यहूदा और शिन्यामीन के िोत्र के सि लोि यरूिलेम में इकट्े हुए। 6 और सारी मण्ली मन्दिर के चौडे आूँ िन में विबमान खराि मौसम के कारण काों पिी हुई िैठी रही। 7 िि एस्द्रस ने उठकर उन से कहा, िुम ने परायी न्दस्त्रयोों से ब्याह करके व्यवस्था का उल्लोंघन शकया है, शजस से इस्राएल के पाप िढ िए हैं। 8 और अि अोंिीकार करके हमारे शपिरोोंके परमेश्वर यहोवा की मशहमा करो, 9 और उसकी इच्छा पूरी करो, और अपने आप को इस दे ि के अन्यजाशियोों और परदे िी न्दस्त्रयोों से अलि करो। 10 िि सारी मण्ली ने शचल्लाकर ऊोंचे िब्द से कहा, जैसा िू ने कहा है, वैसा ही हम करें िे। 11 परन्तु क्ोोंशक लोि िहुि हैं, और मौसम ऐसा िुरा है, शक हम िाहर खडे नहीों रह सकिे, और यह एक या दो शदन का काम नहीों है, इसशलये शक इन िािोों में हमारा पाप दू र िक फैल िया है। 12 इसशलये भीड के हाशकम ठहरे रहें, और हमारे सि डे रोों में से शजनके यहाों परायी पशत्नयाों होों वे शनयि समय पर आएों । 13 और उनके साथ सि स्थानोोंके हाशकमोोंऔर न्याशययोोंको भी, जि िक हम इस शवर्य के कारण यहोवा का क्रोध अपने ऊपर से दू र न कर लें। 14 िि अजाएल के पुत्र योनािान और शथयोकेनस के पुत्र यहेजशकयाह ने इस िाि को अपने ऊपर ले शलया, और मोसुल्लाम और लेवीस और सब्तथेयुस ने उनकी सहाथिा की। 15 और िन्धुवाई में से जो लोि थे उन्ोोंने वैसा ही शकया। 16 और एस्द्रा याजक ने अपके घरानोोंमें से मुख्य पुरूर्ोोंको नाम ले लेकर चुन शलया; और दसवें महीने के पशहले शदन को वे इस शवर्य की जाों च करने को इकट्े िैठे। 17 इस प्रकार पशहले महीने के पशहले शदन ही उनका परायी न्दस्त्रयाों रखने का मुकद्दमा पूरा हो िया। 18 और जो याजक इकट्े हुए, और परायी पशत्नयाूँ रखिे थे, उन में से यह पाए िए: 19 यीिु के वोंि में से यहोसेदेक का पुत्र, और उसके भाई; मैथेलस और एलीआजर, और जोरीिस और जोदानु स। 20 और उन्ोोंने अपनी पशत्नयोों को दू र करने और अपनी त्रुशटयोों के शलए सामोंजस्य िनाने के शलए राम की पेिकि करने के शलए अपना हाथ शदया।
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46 और जि उस ने व्यवस्था खोली, िो वे सि सीधे खडे हो िए। इस प्रकार एस्डरास ने परमप्रधान परमेश्वर, सेनाओों के परमेश्वर, सवबिन्दक्तमान को आिीवाब द शदया। 47 और सि लोिोोंने उत्तर शदया, आमीन; और वे हाथ उठाकर भूशम पर शिरे , और यहोवा को दण्वि् शकया। 48 और यीिु, अनस, साराशियास, अदीनु स, याकूिस, सिाशियास, औशटयास, माइआशनयास, और कशलिास, अस्रीयास, और योआजब्दु स, और अनन्या, शिआिास, लेवीय, यहोवा की व्यवस्था शसखािे थे, और उन्ें इसे समझने के शलए िैयार करिे थे। 49 िि अत्तारािस ने एस्द्रास महायाजक से कहा। और पढने वाले, और लेशवयोोंसे जो भीड को शसखािे थे, अयाबि् सि से कहिे थे, 50 आज का शदन यहोवा के शलये पशवत्र है; (क्ोोंशक वे सि व्यवस्था सुनकर रो पडे ।) 51 िो जाकर चरिी खाओ, और मीठा पीओ, और शजनके पास कुछ नहीों उनके पास भाि भेजो; 52 क्ोोंशक आज का शदन यहोवा के शलथे पशवत्र है, और उदास न हो; क्ोोंशक यहोवा िुम्हें प्रशिशष्ठि करे िा। 53 िि लेशवयोोंने सि िािें लोिोोंको ििा दीों, शक आज का शदन यहोवा के शलथे पशवत्र है; दु खी मि हो. 54 िि वे सि खाने -पीने , और आनि करने , और शजनके पास कुछ न था उनको भी भाि दे ने, और िडा आनि करने को चले िए; 55 क्ोोंशक जो िािें उन्ें शसखाई िई थीों, और शजस के शलये वे इकट्े हुए थे, वे समझ िए।
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अध्य 1
24 ाे यवकूब, िै तुझ ्े कव कर ं ? ाे यहदव, तू ने िे री बवत नाीं िवनी; िै अनजववतयों की ओर वफर ं गव, और उन को अपनव नवि दू ं गव, वक िे िे री विवरयोंको िवने। 25 या दे िकर वक तुि ने िु झे तवग वदयव ाै , िै भी तुि को तवग दू ं गव; जब तुि िवाोगे वक िै तुि पर अनुगा कर ू , तो िै तुि पर दयव न कर ू गव। 26 जब कभी तुि िु झे पुकवरोगे , तब िै तुमवरी न ्ु नूंगव; कोंवक तुि ने अपने ावथ िून ्े अशुू कर वलए ाै , और तुमवरे पैर िून करने को िे ग ्े दरडते ाै । 27 तुि ने िु झे नाीं, परनु अपने आप को ाी तवग वदयव ाै , याोिव कव याी ििन ाै । 28 ्िय शखयिवन याोिव यों कातव ाै , कव िै ने वपतव की नवईं बे रे, और िवतव की नवईं अपनी बे वरयवं , और दू र वपलवती हई बवलकोंकी नवईं तुझ ्े पवथयनव न की? 29 वक तुि िे री पजव ठारो, और िै तुमवरव परिे शर ठार ं ; वक तुि िे री ्नवन ठारो, और िै तुमवरव वपतव ठार ं ? 30 जै ्े िु ग् अपने िूजों को पंिों के नीिे इकटव करती ाै , िै ्े ाी िै ने तुि को इकटव वकयव; परनु अब िै तुमवरे ्वथ कव कर ं ? िै तुमे अपने ्विने ्े वनकवल दू ं गव। 31 जब तुि िु झे भेर िढवओगे , तब िै तुि ्े िुं ा फेर लूं गव; कोंवक िै ने तुमवरे पवित पर्, नये िवन और ितने के वदनोंको तवग वदयव ाै । 32 िै ने अपने दव् भविष्यवओं को तुमवरे पव् भेजव, वजने तुि ने पकड वलयव, और घवत वकयव, और उनकी लोय के रु कडे रु कडे कर वदए, उनके िून कव बदलव िै तुमवरे ावथ ्े लूं गव, याोिव की याी िवणी ाै । 33 ्िय शखयिवन याोिव यों कातव ाै , तेरव घर उजवड ाो गयव ाै , िै तुझे ऐ्े वनकवल दू ं गव जै ्े िवयु ्े भू्ी वगरती ाै । 34 और तेरे लडकेबवले फलिन न ाोंगे; कोंवक उनोंने िे री आजव तुच जवनी, और िा कवि वकयव ाै जो िे री दवष िे बु रवई ाै । 35 तेरे घर िै आनेिवले लोगों को दू ं गव; जो अब तक िे रे विषय िे न ्ु नकर िे री पतीवत करे गे; उनको िै ने कोई विन नाीं वदिवयव, तरभी जो आजव िै ने उनको दी ाै िाी िे करे गे । 36 उनोंने कोई भविष्यव नाीं दे िव, तरभी िे अपने पवपों को सरण करके उने िवन ले गे। 37 िै आनेिवले लोगोंके अनुगा कव गिवा हं , वजनके बवलक आनन ्े िगन ाै ; और यदवप उनोंने शवरीररक आं िों ्े िु झे नाीं दे िव, तरभी आतव ्े िे जो िै कातव हं उ् पर विशव् करते ाै । 38 और अब, भवई, दे िो कै्ी िवािव; और उन लोगों को दे िो जो पूिय ्े आते ाै : 39 वजन को िै परवन कर दू ं गव, अयवय तत इबवाीि, इ्ावक, यवकूब, ओ्े ्, आिो्, िीकव, योएल, अख्यव्, और यूनु्, 40 नहि, और अबवकुक, ्ोफोवनय्, अगु्, जकररयव, और िलवकी, जो पभु कव दू त भी कालवतव ाै ।
1 भविषियव एस्व् की दू ्री पुसक, ्रै यव् कव पुत, अजयवय ा कव पुत, ाे लवकयव् कव पुत, ्दववियव कव पुत, ्दोक कव पुत, अवितोब कव पुत, 2 अखियवा कव पुत, पीनी् कव पुत, ाे ली कव पुत, अियवय ा कव पुत, अजीयी कव पुत, िरीिोत कव पुत, अरनव कव पुत, ओवजयव् कव पुत, बोरीत कव पुत, अबी्े ई कव पुत फीनी् कव पुत, एलीआजर कव पुत, 3 ले िी के गोत िे ्े ावरन कव पुत; जो फवर् के रवजव अर् टरे ट के शव्नकवल िे िववदयों की भूवि िे बं दी बनव वलयव गयव थव। 4 और याोिव कव या ििन िे रे पव् पहं िव, 5 तू जव, और िे री पजव को उनके पवप के कवि, और उनके लडकेबवलों को िा दु ष कवि वदिव, जो उनोंने िे रे विरू वकयव ाै ; तववक िे अपने बचों के बचों को बतव ्के: 6 कोंवक उनके पुरिवओं के पवप उन िे बढ गए ाै , और िे िु झे भूल गए ाै , और परवये दे ितवओं की पूजव करने लगे ाै । 7 कव िै िाी नाीं जो उने विस दे श ्े , अथवय तत दव्त के घर ्े वनकवल लवयव? परनु उनोंने िु झे कोर भडकवयव ाै , और िे री युखययों को तुच जवनव ाै । 8 वफर अपने व्र के बवल उिवडकर उन पर ्ब विपव् डवल दो, कोंवक उनोंने िे री विसथव कव पवलन नाीं वकयव, परनु िे बलिव करनेिवले लोग ाै । 9 वजन कव िै ने इतनव भलव वकयव ाै , िै उने कब तक रोके रिूंगव? 10 िै ने उनके कवरण बहत ्े रवजवओंको नवश वकयव ाै ; िै ने व़ररन को उ्के ्े िकों और उ्की ्वरी शखय ्िे त नष कर वदयव ाै । 11 और ्ब जववतयोंको िै ने उनके ्वमने ्े नवश वकयव, और पूिय िे ्ोर और ्ीदोन के दो पवनोंके लोगोंको वततर-वबतर वकयव, और उनके ्ब शतु ओक ं ो घवत वकयव ाै । 12 इ्वलये तू उन ्े का, याोिव यों कातव ाै , 13 िै ने तुझे ्िु ् िे ्े पवर वकयव, और पवाले तो तुझे बडव और ्ु रव्त िवगय वदयव; िै ने तुमे िू ्व को परवन ाोने के वलये, और ावरन को यवजक के वलये वदयव ाै । 14 िै ने आग के िमे िे ाोकर तुमे उवजयवलव वदयव, और तुमवरे बीि बडे बडे आशययकिय वकए ाै ; तरभी तुि िु झे भूल गए ाो, याोिव की याी िवणी ाै । 15 ्िय शखयिवन याोिव यों कातव ाै , बरे र तुमवरे वलये विन ठारे ; िै ने तुमवरी र्व के वलथे तुमे तमू वदए, तरभी तुि िावं कुडकुडवते राे , 16 और अपने शतु ओं के नवश के वलये िे रे नवि ्े जयिन नाीं हए, िरन आज के वदन तक ्दै ि कुडकुडवते राते ाो। 17 जो उपकवर िै ने तुमवरे वलये वकए िे कावं राे ? जब तुि जं गल िे भूिे और पव्े थे, तब कव तुि ने िे री दोावई न दी? 18 और काव, तू ाि को इ् जं गल िे घवत करने को कों ले आयव ाै ? ािवरे वलये इ् जं गल िे िरने ्े विवसयों की ्े िव करनव भलव ाोतव। 19 तब िै ने तुमवरे विलवप पर तर् िवकर तुमे िनव िवने को वदयव; इ्वलये तुि ने सगय दूतों की रोरी िवई। 20 जब तुि पव्े थे, तब कव िै ने िटवन न फवडी, और जल ्े तुि भर न गए? गि् के कवरण िै ने तुमे पेडों की पव्यों ्े ढक वदयव। 21 िै ने तुमवरे बीि उपजवऊ भूवि बवं र दी, िै ने तुमवरे ्वमने ्े कनववनयों, फेरे वजयों और पवलख्यों को वनकवल वदयव; िै वफर तुमवरे वलये और कव कर ं ? पभु काते ाै . 22 ्िय शखयिवन याोिव यों कातव ाै , जब तुि जं गल िे एिोररयोंकी नदी के वकनवरे पव्े ाोकर िे रे नवि की वननव करते थे, 23 िै ने तुमवरी वननव के कवरण तुमे आग नाीं दी, िरन जल िे िृ ् डवल कर नदी को िीठव कर वदयव।
अध्य दो 1 याोिव यों कातव ाै , िै ने इ् पजव को दव्त ्े छु डवयव, और अपने दव् भविष्यवओं के ्वरव उनको अपनी आजवएं दी;ं उनोंने उनकी न ्ु नी, परनु िे री युखययों को तुच जवनव। 2 और उनकी िवतव ने उन ्े काव, ाे बवलकों, अपने िवगय जवओ; कोंवक िै विरिव और तवगी हई हं । 3 िै ने तुझे आनन ्े पवलव; परनु दु ःि और भवरीपन के कवरण िै ने तुमे िो वदयव ाै ; कोंवक तुि ने अपने परिे शर याोिव के ्वमने पवप वकयव ाै , और िा कवि वकयव ाै जो उ्की दवष िे बु रव ाै । 14
4 परनु अब िै तुमवरे ्वथ कव कर ं ? िै एक विरिव और पररतयव हं : ाे िे रे बचों, अपने िवगय पर जवओ, और पभु ्े दयव िवं गो। 5 जावं तक िे री बवत ाै , ाे वपतव, िै इन बवलकों की िवतव के विषय िे जो िे री िविव कव पवलन नाीं करती, तुझ ्े ्व्ी िवं गतव हं । 6 वक तू उनको घबरवए, और उनकी िवतव को लू र ले , यावं तक वक उनकव कोई िं श न राे । 7 िे अनजववतयोंके बीि वततर-वबतर ाो जवएं , उनकव नवि पृयिी पर ्े विर जवए; कोंवक उनोंने िे री िविव को तुच जवनव ाै । 8 ाे अ्ु र, तुझ पर ावय, तू जो अरिय को अपने िे वछपव रितव ाै ! ाे दु ष लोगों, सरण करो वक िै ने ्दोि और अिोरव के ्वथ कव वकयव; 9 उनकी भूवि ढे लों और रवि के ढे रों ्े भरी पडी ाै ; ्िय शखयिवन याोिव कव याी ििन ाै , वक जो िे री नाीं ्ु नते, िै उन ्े िै ्व ाी कर ं गव। 10 याोिव एस्व् ्े यों कातव ाै , िे री पजव ्े का, वक िै यरशले ि कव रवज जो िै इसवएल को दे नव िवातव थव, उने दे दू ं गव। 11 और िै उनकव िै भि भी अपने पव् ले लूं गव, और िे ्दवबावर िणप जो िै ने उनके वलये तैयवर करवए थे , उने दे दू ं गव। 12 उनके पव् ्ु िदवयक ्ु गन दे नेिवलव जीिन कव िृ ् ाोगव; िे न तो पररशि करे गे , और न थकेगे । 13 जवओ, और तुि पवओगे ; थोडे वदन के वलथे तुि ्े पवथयनव वकयव करो, वक िे घरे ; रवज तुमवरे वलये पवाले ्े तैयवर ाै ; जवगते राो। 14 आकवश और पृयिी को ्व्ी ठारवओ; कोंवक िै ने बु रवई को रु कडे रु कडे वकयव, और भलवई को उतन वकयव ाै ; कोंवक िै जीवित हं , याोिव की याी िवणी ाै । 15 ाे िवतव, अपके बवलकोंको गले लगव, और आनन ्े उनकव पवलन-पोषण कर, उनके पवं ि िमे के ्िवन दढ कर; कोंवक िै ने तुझे िुन वलयव ाै , याोिव कव याी ििन ाै । 16 और जो िरे हए ाै उनको िै उनके सवन िे ्े वजलव उठवऊंगव, और कबों िे ्े वनकवलूं गव; कोंवक िै ने इसवएल िे अपनव नवि जवन वलयव ाै । 17 ाे बवलकोंकी िवतव, ित डर; कोंवक िै ने तुझे िुन वलयव ाै , याोिव कव याी ििन ाै । 18 िै तेरी ्ावयतव के वलथे अपने दव् ए्े और यरे िी को भेजूंगव, वजनकी ्मवत के अनु्वर िै ने तेरे वलथे भवं वत भवं वत के फलों ्े लदे हए बवरा िृ ् तैयवर वकए ाै । 19 और दू र और िरु ्े बानेिवले बहत ्े ्ोते, और ्वत बडे बडे पावड, वजन पर गु लवब और ्ो्न के फूल उगते ाै , उन ्े िै तेरे लडकेबवलोंको आनन ्े भर दू ं गव। 20 विरिव कव नवय करो, अनवथों कव नवय करो, कंगवलों को दवन दो, अनवथों की र्व करो, नंगे को िस पवानवओ, 21 रू रे और वनबय ल को िंगव करो, लं गडे की ां ्ी न उडवओ, रु णों की र्व करो, और अने को िे री दवष िे आने दो। 22 बू ढों और जिवनों को अपनी िवरदीिवरी के भीतर रिो। 23 जावं काी ं तुझे िरे हए विले , उने ले जवकर गवड दे नव, और िै अपने जी उठने िे िु ख सथवन तुझे ाी दू ं गव। 24 ाे िे री पजव, खसथर राो, और विशवि करो, कोंवक तुमवरव िैन अब भी आनेिवलव ाै । 25 ाे अची रवय, अपने बवलकोंकव पवलन पोषण कर; उनके पैर खसथर करो. 26 जो दव् िै ने तुझे वदए ाै , उन िे ्े एक भी नवश न ाोगव; कोंवक िै उनको तेरे वगनती िे ्े ले लूं गव। 27 ित थको, कोंवक जब ्ं कर और भवरीपन कव वदन आएगव, तो दू ्रे तो रोएं गे और उदव् ाोंगे, परनु तू आनन करे गव, और बहतवयत ्े ाोगव।
28 अनजववत तुझ ्े डवा करे गे, परनु तेरे विरू कुछ न कर ्केगे , याोिव कव याी ििन ाै । 29 िै अपने ावथ ्े तुझे ढवं पूंगव, और तेरे लडकेबवलोंको अरोलोक न दे िनव पडे गव। 30 ाे िवतव, अपने बवलकोंके ्ं ग आनखनत ाो; कोंवक िै तुझे बिवऊंगव, याोिव कव याी ििन ाै । 31 अपने ्ोते हए बवलकोंको सरण करो, कोंवक िै उने पृयिी की छोर ्े वनकवल ले आऊंगव, और उन पर दयव कर ं गव; कोंवक िै दयवलु हं , ्िय शखयिवन याोिव कव याी ििन ाै । 32 जब तक िै आकर उन पर दयव न कर ं , तब तक अपके बवलकोंको गले लगवए रिनव; कोंवक िे रे ्ोते बा जवते ाै , और िे रव अनुगा अरल ाोतव ाै । 33 िु झ एस्् को ओरे ब पावड पर याोिव की ओर ्े आजव विली, वक िै इसवएल के पव् जवऊं; परनु जब िै उनके पव् आयव, तब उनोंने िु झे तुच जवनव, और याोिव की आजव कव वतरसवर वकयव। 34 और इ्वलये िै तुि ्े कातव हं , ाे अनजववतयों, ्ु नो और ्िझो, अपने िरिवाे की बवर जोाते राो, िा तुमे ्दै ि विशवि दे गव; कोंवक िा वनकर ाै , जो जगत के अन िे आएगव। 35 रवज के पवतफल के वलये तैयवर राो, कोंवक अनन जोवत तुि पर ्िय दव ििकती राे गी। 36 इ् ्ं ्वर की छवयव ्े दू र भवग, अपनी िवािव कव आनन पवर कर; िै अपने उूवरकतवय की गिवाी िुलकर दे तव हं । 37 जो उपावर तुमे वदयव गयव ाै उ्े गाण करो, और जो तुमे सगय के रवज िे ले गयव ाै उ्कव रनिवद करते हए आनखनत ाोओ। 38 उठ कर िडे ाो, और याोिव के परय िे वजन पर िु ार दी गई ाै , उन की वगनती दे िो; 39 जो जगत की छवयव ्े दू र ाो गए, और पभु के िवािविय िस पवए ाै । 40 ाे व्योन, अपनव वगन ले, और अपके जो शे त िस पवाने हए ाै , और याोिव की विसव पूरी करते ाै , उनको बन कर दे । 41 तेरे लडकेबवलोंकी वगनती, वजनकी तू लवल्व करतव यव, पूरी ाो गई ाै ; याोिव की शखय ्े पवथयनव करो, वक तेरी पजव जो आरम ्े बु लवयी गई ाै , पवित ाो जवए। 42 िै एस्् ने व्योन पावड पर बडी पजव दे िी, वजने िै वगन नाीं ्कतव थव, और िे ्ब गीत गवकर याोिव की सु वत करते थे। 43 और उनके बीि िे एक जिवन पुरष थव जो ऊंिे कद कव यव, और ्ब ्े ऊंिव थव, और उ् ने उन ्ब के व्रोंपर िु कुर रिव यव, और िा अवरक ऊंिे पद पर थव; वज् पर िु झे बहत आशयय हआ। 44 इ्वलये िै ने सगय दूत ्े पूछव, ाे पभु, ये कव ाै ? 45 उ् ने उ्र दे कर िु झ ्े काव, ये िे ाी ाै वजनोंने नवशिवन िस उतवरकर अिर को पवान वलयव ाै , और परिे शर कव नवि िवन वलयव ाै ; अब िे िु कुर रवरण वकए हए ाै , और ाथेवलयवं ले ते ाै । 46 तब िै ने सगय दूत ्े काव, िा करन जिवन ाै जो उनको िु कुर पानवतव, और उनके ावथों िे िजू र के प्े दे तव ाै ? 47 उ् ने उ्र दे कर िु झ ्े काव, या परिे शर कव पुत ाै , वज् को उनोंने जगत िे िवन वलयव ाै । तब िै ने उन लोगों की बहत ्रवानव करनव शुर वकयव जो पभु के नवि के वलए इतनी दढतव ्े िडे थे। 48 तब सगय दूत ने िु झ ्े काव, जव, और िे री पजव ्े का, वक तू ने अपने परिे शर याोिव के कै्े -कै्े कवि और कै्े -कै्े बडे आशययकिय दे िे ाै ।
15
अध्य 3
24 तू ने उ्ी को आजव दी, वक िा तेरे नवि कव एक नगर बनवए, और उ् िे तुझे रू प और अनबवल िढवए। 25 जब बहत िषय ाो गए, तब नगर के रानेिवलोंने तुझ को तवग वदयव, 26 और ्ब कविों िे िै ्व ाी वकयव जै ्व आदि और उ्की पीढी के ्ब लोग करते आए थे ; कोंवक उनकव िन भी दु ष थव। 27 और तू ने अपके नगर को अपके शतु ओक ं े िश िे कर वदयव। 28 कव बवबु ल के रानेिवलोंके कवि कुछ अचे ाै , वक िे व्योन पर पभुतव करे ? 29 कोंवक जब िै िावं पहं िव, और अनवगवनत अरिय के कवि दे िे, तो इ् ती् के दशक िे िे रे पवण ने बहत ्े कुकि् दे िे। कवन, यावं तक वक िे रव हदय विफल ाो गयव। 30 कोंवक िै ने दे िव ाै , वक तू ने उनको पवप करने वदयव, और दु षोंको बिव रिव; 31 िु झे सरण नाीं, वक इ् रीवत ्े कव छोडव जवए; ्ो कव बवबु ल के लोग व्योन ्े अचे ाै ? 32 यव कव इसवएल को छोड और कोई तुझे जवनतव ाै ? यव यवकूब के ्िवन वक् पीढी ने तेरी िविव पर विशव् वकयव ाै ? 33 तरभी उनकव पवतफल पगर नाीं ाोतव, और उनके पररशि कव फल नाीं ाोतव; कोंवक िै इरर उरर अनजववतयों के बीि वफरतव हं , और दे ितव हं , वक िे रन बढवते ाै , और तेरी आजवओं पर वििवर नाीं करते। 34 इ्वलये अब तू ािवरी और जगत के रानेिवलोंकी भी दु षतव तरवजू िे तरल; और इ् पकवर तेरव नवि इसवएल के व्िव काी ं न विले गव। 35 यव पृयिी के रानेिवलोंने तेरे ्वमने पवप कब न वकयव? िव वकन लोगों ने तेरी आजवओं कव पवलन वकयव ाै ? 36 और तू दे िेगव, वक इसवएल ने तेरे उपदे शों को िवन वलयव ाै ; ले वकन बु तपरस नाीं.
1 नगर के उजडने के ती्िे िषय िे िै बवबे ल िे थव, और अपने वबछरने पर पडव हआ घबरवयव हआ यव, और िे रे हदय िे वििवर उठते राे । 2 कोंवक िै ने व्योन कव उजडनव, और बवबु ल के रानेिवलोंकी ्मव् दे िी। 3 और िे रव िन बहत उदव् हआ, यावं तक वक िै परिपरवन ्े भय भरी बवते काने लगव, 4 ाे पभु, पभु, तू ने पवाले ाी ्े काव थव, जब तू ने पृयिी पर और आप ाी अकेलव बीज बोयव, और पजव को आजव दी, 5 और आदि को तेरे ावथ की बनवई हई वबन पवण दे ा दी, और उ् िे जीिन कव शव् फूंकव, और िा तेरे ्वमने वजलवयव गयव। 6 और तू उ्े सगय िे ले जवतव ाै , वज्े तू ने पृयिी के उतन ाोने ्े पवाले ाी अपने दववाने ावथ ्े लगवयव थव। 7 और तू ने उ्े आजव दी, वक अपने िवगय ्े पीवत रि; परनु उ् ने उलंघन वकयव, और तुरन तू ने उ्को और उ्की पीढी को, वज् िे ्े बहत ्ी जववतयवं , और कुल, और लोग, और कुल उतन हए, िृ तु ठारव दी। 8 और ्ब लोग अपकी अपकी इचव के अनु्वर िले , और तेरे ्वमने अदत भुत कवि वकए, और तेरी आजवओंको तुच जवनव। 9 और वफर ्िय के ्वथ तू ने जगत के रानेिवलोंपर जलपलय करके उनको नवश वकयव। 10 और उन िे ्े ार एक के वलये ऐ्व हआ, वक जै ्े आदि के वलये िृ तु हई, िै ्े ाी इन के वलये जलपलय हआ। 11 तरभी तू ने उन िे ्े एक को अथवय त नूा को उ्के घरवने ्िे त छोड वदयव, उ्ी िे ्े ्ब रि् पुरष वनकले । 12 और ऐ्व हआ, वक जब िे पृयिी पर बहत बढने लगे , और उनके बहत ्े ्नवन उतन हए, और बडी जववत बन गए, तो िे पवाले ्े भी अवरक दु ष ाो गए। 13 अब जब िे तेरे ्वमने ऐ्ी दु षतव करते थे, तो तू ने उन िे ्े इबवाीि नवि एक पुरष को िुन वलयव। 14 तू ने उ्ी ्े पेि रिव, और उ्ी को अपनी इचव पगर की; 15 और उ् ्े या पवतजव करके ्दव की िविव बवनी, वक तू अपने िं श को कभी न तवगे गव। 16 और उ् को तू ने इ्ावक वदयव, और इ्ावक को यवकूब और ए्वि भी वदयव। यवकूब को तू ने अपने वलये िुन वलयव, और ए्वि के पव् रि वलयव; और इ् पकवर यवकूब बडी भीड बन गयव। 17 और ऐ्व हआ, वक तू उ्के िं श को विस ्े वनकवलकर ्ीनै पावड तक ले आयव। 18 और तू ने आकवश को दणित करके पृयिी को ढवं प वदयव, और ्वरे जगत को वालव वदयव, और गवारे सथवनों को कंपव वदयव, और उ् युग के िनुषोंको ववकुल कर वदयव। 19 और तेरी िवािव आग, भूकम, आू री, और शीत के िवर फवरकों ्े ाोकर वनकली; इ्वलये वक तू यवकूब के िं श को विसथव दे , और इसवएल के िं श को पररशि दे । 20 तरभी तू ने उन ्े दु ष िन दू र न वकयव, वक तेरी विसथव ्े उन िे फल उतन ाो। 21 कोंवक पवाले आदि ने दु ष िन ्े अपरवर वकयव, और ावर गयव; और जो उ् ्े उतन हए ाै उन ्ब कव भी ऐ्व ाी ाोनव। 22 इ् पकवर दु बयलतव सथवयी ाो गई; और कवनून (भी) लोगों के हदय िे दु भवय िनव जड ्े जिव दे तव ाै ; तववक भलवई दू र ाो जवए, और बु रवई बनी राे । 23 इ् पकवर ्िय बीततव गयव, और िषय पूरे ाोते गए; तब तू ने दवऊद नवि एक दव् को िडव वकयव;
अध्य 4 1 और जो दू त िे रे पव् भेजव गयव, उ्कव नवि उरीएल थव, उ् ने िु झे उ्र वदयव, 2 और काव, तेरव िन इ् जगत िे बहत आगे तक पहं ि गयव ाै , और कव तू परिपरवन कव िवगय ्िझने कव वििवर करतव ाै ? 3 तब िै ने काव, ावं , ाे िे रे पभु! और उ् ने िु झे उ्र वदयव, वक िै तुझे तीन िवगय बतवने, और तेरे ्वमने तीन उपिवएं वदिवने के वलये भेजव गयव हं : 4 और यवद तू िु झे बतव ्के, तो िै तुझे िा िवगय बतवऊंगव जो तू दे िनव िवातव ाै , और िै तुझे बतवऊंगव वक दु ष िन कावं ्े आतव ाै । 5 और िै ने काव, ाे िे रे पभु, आगे बतव। तब उ् ने िु झ ्े काव, जव, आग कव तरल तरल, िव पिन कव झोंकव नवप, िव जो वदन बीतव, िा िु झे वफर बु लव। 6 तब िै ने उ्र वदयव, करन िनुष ऐ्व कर ्कतव ाै , वक तू िु झ ्े ऐ्ी बवते पूछे? 7 और उ् ने िु झ ्े काव, यवद िै तुझ ्े पूछूं, वक ्िु ् के बीि िे वकतने बडे बडे घर ाै , यव गारे जल के आरम िे वकतने ्ोते ाै , यव आकवश के ऊपर वकतने ्ोते ाै , यव ्िु ् ्े बवार वकतने ्ोते ाै ? सगय : 8 कदववित तू िु झ ्े काे , िै कभी गवारे सथवन िे , और न अरोलोक िे , और न कभी सगय पर िढव। 9 तरभी अब िै ने तुझ ्े केिल आग, और िवयु , और उ् वदन के विषय िे , वज् ्े तू गु जरव, और उन िसु ओं के विषय िे, वजन ्े तू अलग नाीं ाो ्कतव, पूछव ाै , तरभी तू िु झे उनकव उ्र नाीं दे ्कतव। 16
10 वफर उ् ने िु झ ्े काव, कव तू अपनी ्मव् को िरन जो तेरे ्वय बडे हए ाै उनको भी नाीं जवन ्कतव; 11 तो वफर तेरव जावज परिपरवन के िवगय को कै्े ्िझने िे ्िथय ाो ्कतव ाै , और ्ं ्वर जो अब बवह रप ्े भष ाो गयव ाै , उ् भषविवर को जो िे री दवष िे सष ाै , ्िझने िे कै्े ्िथय ाो ्कतव ाै ? 12 तब िै ने उ् ्े काव, या तो भलव ाोतव, वक ाि िावं ाी न ाोते, इ् ्े तो अचव ाोतव, वक ाि अब तक दु षतव िे पडे राते , और दु ि उठवते, और न जवनते वक कों हआ। 13 उ् ने िु झे उ्र वदयव, िै जं गल िे िै दवन िे गयव, और िृ झोंने ्मवत ली, 14 और काव, आओ, ाि िलकर ्िु ् ्े लडे , वक िा ािवरे ्वमने ्े वनकल जवए, और ाि अपने वलये और जं गल बनव ले । 15 इ्ी रीवत ्े ्िु ् की बवढ भी ्मवत करके काने लगी, आओ, ाि िढकर िै दवन के जं गल को अपने िश िे कर ले , वक िावं भी ाि अपने वलये एक और दे श बनव ले । 16 लकडी कव वििवर वथय गयव, आग ने आकर उ्े भस कर वदयव। 17 इ्ी पकवर ्िु ् की बवढ कव वििवर भी वथय ाो गयव, कोंवक रे त ने उठकर उने रोक वदयव। 18 यवद तू अब इन दोनोंके बीि नवय करे , तो वक्े रि् ठारवनव आरम करे गव? अथिव तू वक्की वनंदव करे गव? 19 िै ने उ्र वदयव, ्ििु ि उन दोनों ने जो कलनव की ाै िा िू ियतवपूणय ाै , कोंवक भूवि तो लकडी के िश िे ाो गई ाै , और ्िु ् को भी अपनी बवढ ्ाने कव सथवन विल गयव ाै । 20 तब उ् ने िु झे उ्र वदयव, तू ने तो ठीक नवय वकयव ाै , परनु आप आप ाी कव नवय कों नाीं करतव? 21 कोंवक जै ्े भूवि जं गल को, और ्िु ् को बवढ के वलथे दी गई ाै , िै ्े ाी पृयिी पर रानेिवले पृयिी पर जो कुछ ाै , उ्े छोड और कुछ नाीं ्िझते; और जो आकवश के ऊपर रातव ाै , िा केिल बवते ाी ्िझतव ाै । जो सगय की ऊंिवई ्े भी ऊपर ाै । 22 तब िै ने उ्र वदयव, ाे पभु िै तुझ ्े वबनती करतव हं , वक िु झे ्िझ दे ; 23 कोंवक िे रव िन ऊंिे ऊंिे कविोंके विषय िे कुढनव नाीं िवातव थव, परनु उन लोगोंके विषय िे जो पवत वदन ािवरे पव् ्े ाोकर जवयव करते थे, अथवय त इसवएल अनजववतयोंके कवरण वननव करके वक् कवरण ्े पकडिवयव गयव, और वजन लोगों ्े तू ने पेि रिव, िे वक् कवरण ्े वदए गए ाै अरि् रवष्ों के ऊपर, और ािवरे पूियजों कव कवनून कों रद कर वदयव गयव ाै , और वलखित अनुबंर वनषभविी ाो गए ाै , 24 और ाि वरव्यों की नवईं जगत ्े विर जवते ाै , और ािवरव जीिन विसय और भय कव ाोतव ाै , और दयव के योग नाीं राते। 25 तो िा अपने नवि के वलथे कव करे गव, वज् ्े ाि बु लवए गए ाै ? िै ने इनिे ्े कुछ बवते पूछी ाै । 26 तब उ् ने िु झे उ्र दे कर काव, वजतनव तू िोजे गव, उतनव ाी अवरक िवकत ाोगव; कोंवक ्ं ्वर तेजी ्े विरने को ततर ाै , 27 और जो बवते रविय यों ्े पवतजव की गई ाै िे भविष िे ्िझ नाीं ्कते, कोंवक या जगत अरिय और वनबय लतवओं ्े भरव हआ ाै । 28 परनु जावं तक इ् बवत कव प् ाै जो कुछ तू िु झ ्े पूछे, िै तुझे बतवऊंगव; कोंवक विपव् बोई गई ाै , परनु उ्कव विनवश अभी तक नाीं हआ। 29 इ्वलये यवद जो बोयव गयव ाै िा उलरव न वकयव जवए, और वज् सवन पर बु रवई बोई गई ाै िा न विरे , तो जो भलवई बोई गई ाै िा िवप् नाीं आ ्कती।
30 कोंवक आदि के िन िे आवद ्े बु रे बीज कव बीज बोयव गयव ाै , और उ् ्े अब तक वकतनी दु षतव उतन हई ाै ? और दविने कव ्िय आने तक िा वकतनव फल उपजवएगी? 31 अब आप ाी ्ोिो, वक बु रे बीज कव अन दु षतव कव कै्व बडव फल लवतव ाै । 32 और जब अनवगवनत कवन कवर डवले जवएं गे , तो उन ्े वकतनव बडव फशय भर जवएगव? 33 तब िै ने उ्र वदयव, ये बवते कै्े और कब घरे गी? ािवरे िषय छोरे और बु रे कों ाै ? 34 और उ् ने िु झे उ्र वदयव, वक परिपरवन ्े अवरक उतविली न करनव; कोंवक उ्के ऊपर पहं िने के वलये तेरी उतविली वथय ाै , कोंवक तू बहत बढ गयव ाै । 35 कव रविय योंिे ्े लोग अपकी कोठरीिे इन बवतोंके विषय िे न पूछते थे, वक िै कब तक इ्ी आशव िे रहं गव? ािवरे पवतफल कव फल कब आएगव? 36 और परवन सगय दूत उरीएल ने उनको इन बवतोंकव उ्र वदयव, और काव, जब तुि िे बीज वगनती िे भर गए ाों तब भी; कोंवक उ् ने जगत को तरवजू िे तोलव ाै । 37 उ् ने ्ियोंको नवप ्े नवपव; और उ् ने कवल को वगनती ्े वगन वलयव; और जब तक उय उपवय पूरव न ाो जवए, तब तक िा उने वालवतव यव वालवतव नाीं। 38 तब िै ने उ्र वदयव, ाे पभु, पभु, ाि ्ब अपविततव ्े भरे हए ाै । 39 और ािवरे कवरण कदववितत पृयिी के रानेिवलोंके पवपोंके कवरण रविय योंकी िं वजले न भरी।ं 40 तब उ् ने िु झे उ्र वदयव, वक वक्ी गभयिती सी के पव् जव, और जब िा नर िाीने की ाो जवए तब उ् ्े पूछ, वक कव उ्के गभय िे बचे कव जन अवरक वदन तक बनव राे गव। 41 तब िै ने काव, नाीं ाे पभु, िा ऐ्व नाीं कर ्कती। और उ् ने िु झ ्े काव, कब िे पवणों की कोठररयवं सी के गभय के ्िवन ाै । 42 कोंवक जै ्े जचव सी प्ि पीडव ्े बिने के वलये उतविली करती ाै , िै ्े ाी ये सथवन भी उन कविों को पहं िवने िे उतविली करते ाै जो उने ्रंपव गयव ाै । 43 आरम ्े दे ि, जो कुछ तू दे िनव िवातव ाै िाी तुझे वदिवयव जवएगव। 44 तब िै ने उ्र वदयव, यवद तेरे अनुगा की दवष िु झ पर ाो, और ाो ्के, और इ् कवरण िै योग ाोऊं, 45 तो िु झे वदिव, वक जो बीत गयव, उ् ्े अवरक आनेिवलव ाै , यव जो बीत गयव, उ् ्े अवरक जो बीत िुकव ाै । 46 जो बीत गयव उ्े िै जवनतव हं , परनु जो आनेिवलव ाै उ्े िै नाीं जवनतव। 47 और उ् ने िु झ ्े काव, दववानी ओर िडव ाो, और िै उ्कव सरप तुझे ्िझवऊंगव। 48 तब िै िडव हआ, और कव दे िव, वक एक जलतव हआ तनदू र िे रे ्वमने ्े ाोकर गु जर राव ाै ; और जब आग बु झ गई, तब िै ने दवष की, और कव दे िव, वक रु आं अब भी बनव हआ ाै । 49 इ्के बवद एक जलिय बवदल िे रे ्वमने ्े ाोकर वनकलव, और आू री के ्वथ बहत िषवय बर्वई; और जब तूफवनी िषवय बीत गई, तब बूं दे खसथर राी।ं 50 तब उ् ने िु झ ्े काव, आप ाी वििवर कर; जै ्े िषवय बूं दों ्े अवरक ाै , और आग रु एू ्े अवरक ाै ; परनु बूू दे और रु आू पीछे रा गए: इ् पकवर जो िवतव बीत गई िा और भी अवरक ाो गई। 51 तब िै ने पवथयनव करके काव, कव िै उ् ्िय तक जीवित रा ्कतव हं ? यव उन वदनों िे कव ाोगव?
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52 उ् ने िु झे उ्र वदयव, जो विन तू िु झ ्े पूछतव ाै , िै उनको कुछ तो बतव ्कतव हं , परनु तेरे पवण के विषय िे िै तुझे बतवने के वलये नाीं भेजव गयव हं ; कोंवक िै या नाीं जवनतव।
21 और ्वत वदन के बवद ऐ्व हआ, वक िे रे िन कव वििवर वफर िु झे बहत दु :ि दे ने लगव। 22 और िे रे िन िे ्िझ की आतव वफर आ गई, और िै वफर परिपरवन ्े बवते करने लगव। 23 और काव, ाे पभु, पृयिी के ्ब िृ ्ोंऔर ्ब िृ ्ोंिे ्े तू ने एक ाी दविलतव को िुन वलयव ाै ; 24 और ्वरे जगत के ्ब दे शोंिे ्े तू ने एक गडाव, और उ्के ्ब फूलोंिे ्े एक ्ो्न कव फूल िुन वलयव। 25 और ्िु ् के ्ब गवारे सथवनोंिे ्े एक नदी को तू ने भर वलयव ाै ; और ्ब ब्वए हए नगरोंिे ्े तू ने व्योन को अपने वलये पवित कर वलयव ाै ; 26 और वजतने प्ी उतन हए उन िे ्े तू ने एक कबू तर रिव, और वजतने पशु उतन हए उन िे ्े एक भेड तू ने रि ली। 27 और तू ने ्वरी भीड के बीि िे एक जववत बनव ली; और इन लोगोंको, वजन ्े तू ने पेि रिव, तू ने ऐ्ी विसथव दी जो ्ब को भवती ाै । 28 और अब, ाे पभु, तू ने इ् एक को बहतों के ावथ िे कों कर वदयव? और एक ाी िू ल पर तू ने औरोंको तैयवर वकयव, और अपने एक ाी िं श को बहतोंिे कों वततर-वबतर वकयव ाै ? 29 और जो तेरी पवतजवओं ्े िु कर गए, और तेरी िविवओं की पतीवत नाीं करते थे, उनोंने उनको ररंद डवलव ाै । 30 यवद तू ने अपकी पजव ्े इतनव बै र रिव, तो कव तुझे अपके ाी ावथ ्े उनको दण दे नव िववाए? 31 जब िै ये बवते का िुकव, तो जो दू त वपछली रवत को िे रे पव् आयव, िा िे रे पव् भेजव गयव। 32 और िु झ ्े काव, िे री ्ु न, और िै तुझे व्िवऊंगव; जो कुछ िै कातव हं उ्े ्ु नो, और िै तुमे और भी बतवऊंगव। 33 और िै ने काव, ाे िे रे पभु, बोल। तब उ् ने िु झ ्े काव, तू इसवएल के कवरण िन िे बडव ववकुल ाोतव ाै ; कव तू उन लोगों्े उनके रिनेिवले ्े अवरक पेि रितव ाै ? 34 और िै ने काव, नाीं ाे पभु; परनु िै ने बडे दु :ि के विषय िे काव ाै ; कोंवक जब िै परिपरवन के िवगय को ्िझने, और उ्के नवय कव भवग ढू ं ढने कव पयर करतव हं , तब िे री लगवि पवत घडी िु झे दु :ि दे ती ाै । 35 और उ् ने िु झ ्े काव, तू नाीं कर ्कतव। और िै ने काव, कों, पभु? वफर िे रव जन कावं हआ? यव िे री िवू के गभय िे ाी िे री कब कों न हई, वक िै यवकूब कव कष, और इसवएल के पशुओं कव कवठन पररशि न दे ि पवतव? 36 और उ् ने िु झ ्े काव, जो बवते अब तक घरी नाीं, उने वगन ले, और जो कूडव इरर उरर वबिरव हआ ाै , उ्े ्िे र ले , और जो फूल िु रझव गए ाै उने वफर ्े ारव कर दे । 37 जो सथवन बन ाै उने िे रे वलये िोल दे , और जो ािवएं उन िे बन ाै उने िे रे वलये बवार ले आ, िु झे िवणी कव सरप वदिव; और तब िै जो कुछ तू जवननव िवातव ाै िा तुझ को बतवऊंगव। 38 और िै ने काव, ाे पभु, पभु, पभु, इन बवतों को करन जवन ्कतव ाै , परनु िा जो िनुषों के बीि िे न रातव ाो? 39 और िै तो वनबुय खू हं ; ्ो जो तू िु झ ्े पूछतव ाै , उ्के विषय िे िै कोंकर कहं ? 40 तब उ् ने िु झ ्े काव, जै ्े तू इन बवतोंिे ्े कुछ भी नाीं कर ्कतव, जो िै ने काव ाै , िै ्े ाी तू िे रव नवय, यव अन िे उ् पेि कव पतव नाीं लगव ्कतव, वज्कव ििन िै ने अपनी पजव ्े वदयव ाै । 41 और िै ने काव, ाे पभु, दे ि, कव तू अब भी उन लोगों के वनकर ाै जो अन तक बिे राे गे; और जो िु झ ्े पवाले थे, यव ाि जो अब ाै , यव जो ािवरे बवद आएं गे िे कव करे गे ?
अध्य 5 1 वफर भी जै ्े विन आते ाै , दे िो, ऐ्े वदन आएं गे , वक पृयिी के रानेिवले बडी ्ं खव िे ले वलए जवएं गे , और ्त कव िवगय वछप जवएगव, और दे श विशव् ्े बं जर ाो जवएगव। 2 परनु अरिय उ् ्े भी बढ जवएगव जो तू ने अब दे िव, िव बहत पवाले ्े ्ु नव ाै । 3 और वज् भूवि को तू अब जड पकडतव दे ितव ाै िा अिवनक उजडती हई दे िेगव। 4 परनु यवद परिपरवन तुझे जीवित राने दे , तो ती्री तुराी के बवद तू दे िेगव वक रवत को ्ू यय और वदन को तीन बवर िनिव ििकेगव। 5 और लकडी िे ्े लोह रपकेगव, और पतर ्े उ्कव श् वनकले गव, और लोग ववकुल ाोंगे; 6 और िा पभुतव करे गव, वज्की बवर जोाते हए पृयिी पर राते ाै , और प्ी एक ्ं ग उड जवएं गे ; 7 और ्दोविश ्िु ् ्े िछवलयवू वनकले गी, और रवत को ऐ्व श् ाोगव, वज्े बहत लोग न जवनते ाोंगे; परनु ्ब उ्कव श् ्ु नेगे। 8 और जगा-जगा ालव ििेगव, और आग बवर-बवर भडक उठे गी, और जं गली जवनिर अपनव सवन बदल ले गे, और रजसलव खसयवं रव््ों को जन दे गी। 9 और िीठे िे िवरव जल विले गव, और ्ब वित एक दू ्रे को नवश करे गे ; तब बु खू वछप जवएगी, और बु खू अपने गु र क् िे िली जवएगी, 10 और बहतों ्े ढू ं ढने पर भी न विलतव; तब अरिय और अ्ं यि पृयिी पर बहत बढ जवएं गे । 11 एक दे श दू ्रे दे श ्े पूछेगव, और काे गव, कव िा रिय जो िनुष को रि् बनवतव ाै , लु र ाो गयव? तुमवरे िवधि ्े ? और या काे गव, नाीं. 12 उ्ी ्िय िनुष आशव तो रिेगे, परनु कुछ न पवएं गे ; िे पररशि तो करे गे , परनु उनकी िवल ्फल न ाोगी। 13 िु झे ऐ्ी ाी वनशववनयवं तुझे वदिवने की आजव ाै ; और यवद तू वफर पवथयनव करे गव, और अब की भवू वत रोएगव, और कई वदन तक उपिव् करे गव, तो तू और भी बडी बवते ्ु नेगव। 14 तब िै जवग उठव, और िे रे ्वरे शरीर िे अतन भय ववर ाो गयव, और िे रव िन ववकुल ाो गयव, यावं तक वक िै िू वछय त ाो गयव। 15 तब जो दू त िु झ ्े बवते करने को आयव यव, उ् ने िु झे पकडकर शवखन दी, और पवं िोंके बल िडव वकयव। 16 और दू ्री रवत को ऐ्व हआ, वक पजव कव परवन ्लवतीएल िे रे पव् आकर काने लगव, तू कावं थव? और तेरव िु ि इतनव भवरी कों ाै ? 17 कव तू नाीं जवनतव, वक इसवएल बनु िवई के दे श िे तेरे िश िे ाो गयव ाै ? 18 ्ो तुि रोरी िवओ, और उ् िरिवाे के ्िवन ािे न तवगो जो अपनी भेड-बकररयों को कूर भेवडयोंके िश िे छोड दे तव ाै । 19 तब िै ने उ् ्े काव, िे रे पव् ्े ार जव, और िे रे वनकर न आ। और जो कुछ िै ने काव िा उ् ने ्ु न वलयव, और िे रे पव् ्े िलव गयव। 20 और इ् पकवर िै ने उरीएल दू त की आजव के अनु्वर विलवप करते और रोते हए ्वत वदन तक उपिव् वकयव।
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42 और उ् ने िु झ ्े काव, िै अपनव नवय कडे के ्िवन कर ं गव; जै ्े पवाले िे वढलवई नाीं, िै ्े ाी पवाले िे फुत् नाीं। 43 इ्वलये िै ने उ्र वदयव, कव तू उने जो बन िुकव ाै और अभी बनव हआ ाै , और जो आनेिवलव ाै , तुरन नाीं बनव ्कतव; तववक आप अपनव वनणयय शीघ बतव ्के? 44 तब उ् ने िु झे उ्र वदयव, वक पवणी बनवनेिवले ्े अवरक उतविली न करे ; न ाी दु वनयव उने तुरंत पकड ्कती ाै जो उ्िे बनवई जवएगी। 45 और िै ने काव, जै ्व तू ने अपके दव् ्े काव यव; वक तू जो ्ब को वजलवतव ाै , उ् ने जो ्ृ षी तू ने बनवई, उ् को तुरन वजलव वदयव, और उ् ्ृ षी ने उ्े जन वदयव, िै ्े ाी अब भी िा उन को वजलवएगव। अब तुरन उपखसथत ाोइये। 46 और उ् ने िु झ ्े काव, सी के गभय ्े पूछ, और उ् ्े का, यवद तू ्नवन उतन करती ाै , तो एक ्वथ कों नाीं, परनु एक के पीछे एक करके उतन करती ाै ? इ्वलये उ््े पवथयनव करो वक िा द् ्नवन उतन करे n एक ाी बवर िे . 47 और िै ने काव, िा नाीं कर ्कती: िरन ्िय की दू री के कवरण अिश ाै । 48 तब उ् ने िु झ ्े काव, िै ्े ाी िै ने पृयिी की कोि उन को दी ाै जो उ् िे अपने अपने ्िय पर बोए जवते ाै । 49 कोंवक वज् पकवर छोरव बवलक बू ढों की िसु एं उतन नाीं कर ्कतव, उ्ी पकवर िै ने अपने रिे हए जगत को नष कर वदयव ाै । 50 और िै ने पूछव, वक अब तू ने िु झे िवगय दे वदयव ाै , इ्वलये िै तुझ ्े आगे बोलूं गव; कोंवक ािवरी िवतव, वज्के विषय िे तू ने िु झ ्े काव थव, वक िा जिवन ाै , अब बू ढी ाोने पर ाै । 51 उ् ने िु झे उ्र वदयव, वक वक्ी गभयिती सी ्े पूछ, और िा तुझ ्े काे गी। 52 उ् ्े का, वक वजने तू ने अब वनकवलव ाै िे पवाले के ्िवन कों ाो गए, परनु कद िे छोरे ाै ? 53 और िा तुझे उ्र दे गी, वक जो जिवनी के ्िय िे जन ले ते ाै , िे एक रीवत के ाोते ाै , और जो बु ढवपे के ्िय, जब गभय रू र जवतव ाै , िे उतन ाोते ाै , िे दू ्री रीवत के ाोते ाै । 54 इ्वलये इ् पर भी वििवर करो, वक तुि जो तुि ्े पवाले थे, उन ्े कि कद के ाो। 55 और जो तुमवरे बवद तुमवरे बवद आते ाै , िे तुि ्े भी छोरे ाै , जै ्े िे पवणी जो अब बू ढे ाोने लगे ाै , और जिवनी की तवकत भी पवर कर िुके ाै । 56 तब िै ने काव, ाे पभु, िै तुझ ्े वबनती करतव हं , यवद तेरे अनुगा की दवष िु झ पर ाो, तो अपके उ् दव् को बतव, वज्के ्वरव तू अपनी ्ृ षी की ्ु वर ले तव ाै ।
6 तब िै ने इन बवतों पर वििवर वकयव, और िे ्ब िे रे ाी ्वरव, वक्ी और के ्वरव उतन नाीं हए: िे भी िे रे ाी ्वरव ्िवर ाोंगे, और वक्ी और के ्वरव नाीं। 7 तब िै ने उ्र वदयव, ्ियोंके अलग ाोने कव कव लवभ ाोगव? यव पवाले कव अन और उ्के बवद कव आरम कब ाोगव? 8 और उ् ने िु झ ्े काव, इबवाीि ्े इ्ावक तक, जब यवकूब और उ् ्े ए्वि उतन हए, तब यवकूब ने पाले ावथ ्े ए्वि की एडी को पकडव। 9 कोंवक ए्वि जगत कव अन ाै , और यवकूब उ्के पीछे कव आवद ाै । 10 िनुष कव ावथ एडी और ावथ के बीि िे ाै ; ाे एस्व, तू दू ्रव प् न पूछ। 11 तब िै ने उ्र वदयव, ाे पभु, पभु, यवद तेरे अनुगा की दवष िु झ पर ाो, 12 िै तुझ ्े वबनती करतव हं , वक तू अपने दव् को अपनी उन वनशववनयों कव अन वदिव दे , वजनकव भवग तू ने िु झे वपछली रवत को वदिवयव थव। 13 तब उ् ने िु झ ्े काव, अपके पवं िोंके बल िडव ाो, और ऊंिे श् कव श् ्ु न। 14 और या िवनो एक बडव आं दोलन ाोगव; परनु वज् सथवन पर तू िडव ाो, उ् सथवन ्े न ारनव। 15 इ्वलये जब िा बोले , तो ित डरनव; कोंवक ििन अन कव ाै , और पृयिी की नेि कव जवन ाो गयव ाै । 16 और कों? कोंवक इन िसु ओं की िवणी थरथरवती और ्वित ाोती ाै ; कोंवक िा जवनतव ाै , वक इन िसु ओं कव अन अिश बदल जवएगव। 17 और ऐ्व हआ, वक जब िै ने या ्ु नव, तो अपके पवं िोंके बल िडव हआ, और कवन लगवयव, और कव दे िव, वक कोई श् बोल राव थव, और उ्कव श् बहत जल के श् के ्िवन थव। 18 और उ् ने काव, दे ि, ऐ्े वदन आते ाै , वक िै वनकर जवकर पृयिी के रानेिवलोंकी ्ु वर लूं गव। 19 और उन ्े पूछनव आरम करे गे, वक िे करन ाै वजनोंने अपने अरिय ्े अनवय वकयव ाै , और व्योन कव दु :ि कब पूरव ाोगव; 20 और जब जगत, जो लु र ाोने को ाै , ्िवर ाो जवएगव, तब िै ये विन वदिवऊंगव: आकवश के ्वमने पुसके िोली जवएं गी, और िे ्ब एक ्वथ दे िेगे; 21 और एक-एक िषय के बवलक ऊंिे श् ्े बोले गे, और गभयिती खसयवं तीन यव िवर िाीने के बे िक बचे जनेगी, और िे जीवित राकर बडे वकए जवएं गे । 22 और जो िेत बोए गए थे िे अिवनक वबन बोए हए वदिवई दे गे, और भरे हए भणवर अिवनक ्ू ने पवए जवएं गे ; 23 और नरव्ं गे कव श् ाोगव, वज्े ्ु नकर ्ब एकवएक डर जवएं गे । 24 उ् ्िय वित शतु की नवईं एक दू ्रे ्े लडे गे, और पृयिी अपने रानेिवलों्िे त स् ाो जवएगी, और ्ोतों के ्ोते बन ाो जवएं गे , और तीन घडी तक न िले गे। 25 जो कोई इन ्ब बवतोंिे ्े जो िै ने तुि ्े काव ाै बि जवए, िा बि वनकले गव, और िे रव उूवर और तेरे जगत कव अन दे िेगव। 26 और जो िनुष गाण वकए जवएं गे , वजनोंने जन ्े िृ तु कव सवद नाीं ििव, िे इ्े दे िेगे; और वनिवव्यों कव िन बदल जवएगव, और दू ्रे अथय िे बदल जवएगव। 27 कोंवक बु रवई दू र की जवएगी, और छल कव अन वकयव जवएगव। 28 जावं तक विशव् की बवत ाै , िा फले गव-फूले गव, भषविवर दू र ाोगव, और ्त, जो बहत वदनों ्े वनषल राव ाै , घोवषत वकयव जवएगव।
अध्य 6 1 और उ् ने िु झ ्े काव, आरम िे , जब पृयिी बनी, और जगत की ्ीिवएं थिने ्े पवाले, िव पिने िलती थी ं, 2 इ््े पवाले वक बवदल गरजे और वबजली ििके, िव सगय की नेि डवली गई, 3 इ््े पाले वक ्ु नर फूल वदिवई पडते थे, िव िलती-वफरती शखययवू पगर ाोती थी ं, और सगय दूतों की अनवगनत भीड इकटी ाोती थी, 4 िव आकवश की िवपोंके नवि पवाले ्े पवाले ्े आकवश की ऊंिवइयवं ऊपर उठती थी,ं िव व्योन की वििवनयवं कभी जलती थी,ं 5 और जब ्े ितयिवन िष् की िोज की गई, और िव उन के आविषवर हए, वक अब पवप को िोड वदयव गयव, पवाले उन पर िु ार की गई, वक उनोंने भणवर के वलथे विशव् इकटव वकयव ाै : 19
29 और जब उ् ने िु झ ्े बवते की ं , दे िो, िै वज्के ्वमने िडव थव, उ् पर थोडी-थोडी दवष करतव राव। 30 और उ् ने िु झ ्े ये बवते काी;ं िै तुमे आने िवली रवत कव ्िय बतवने आयव हू । 31 यवद तू वफर भी पवथयनव करे , और ्वत वदन कव उपिव् करे , तो िै जो िै ने ्ु नव ाै , उ् ्े भी बडी बवते तुझे पवत वदन बतवऊंगव। 32 कोंवक तेरी िवणी परिपरवन के ्वमने ्ु नी जवती ाै ; कोंवक परवकिी ने तेरे रिय िय कवि को दे िव ाै , और तेरी पविततव को भी दे िव ाै , जो तू लडकपन ्े ले कर आज तक ाै । 33 इ्वलये उ् ने िु झे ये ्ब बवते तुझे वदिवने और या काने को भेजव ाै , वक ढवढ् रिो, और ित डरो। 34 और बीते वदनों के अनु्वर वथय बवते ्ोिने िे उतविली न करो, ऐ्व न ाो वक तुि बवद के वदनों िे उतविली करो। 35 और इ्के बवद ऐ्व हआ, वक िै वफर रोयव, और उ्ी रीवत ्े ्वत वदन तक उपिव् वकयव, वक जो तीन ्रवा उ् ने िु झ ्े काे थे उनको पूरव कर ं । 36 और आठिीं रवत को िे रव िन वफर ववकुल हआ, और िै परिपरवन के ्वमने बोलने लगव। 37 कोंवक िे रव िन बहत जल गयव, और िै ्ं कर िे पड गयव। 38 और िै ने काव, ाे पभु, तू ने तो ्ृ वष के आरम ्े , िरन पवाले वदन ्े ाी काव, और यों काव; सगय और पृथी बनवये; और तेरव ििन उ्ि कवि वनकलव। 39 और तब आतव पगर हई, और िवरों ओर अखनयवरव और ्नवरव छव गयव; िनुष की आिवज की धवन अभी तक नाीं बनी थी। 40 तब तू ने अपने भणवरों िे ्े उवजयवले को वनकलने की आजव दी, वक तेरव कवि पगर ाो। 41 दू ्रे वदन तू ने आकवशिणल की आतव बनवकर उ्े दो भवगों िे बवू रने, और जल के बीि दो भवग करने की आजव दी, वक एक तो ऊपर उठे , और दू ्रव नीिे राे । 42 ती्रे वदन तू ने आजव दी, वक जल पृयिी की ्वतिीं पृयिी पर इकटव वकयव जवए; और छ: पृयिी ्ु िवकर रि छोडव, वक उन िे ्े कुछ परिे शर की ओर ्े बोयव और जोतव जवए, और तेरे कवि आए। 43 कोंवक तेरव ििन फैलते ाी कवि पूरव ाो गयव। 44 कोंवक तुरन बहत ्े बडे और अनवगवनत फल, और बहत ्े और भवं वत भवं वत के सवद के ्ु ि, और न बदलने िवले रं ग के फूल, और अदभुत ्ु गन के फूल उग आए: और ती्रे वदन ऐ्व ाी हआ। 45 िरथे वदन तू ने आजव दी, वक ्ू यय ििके, और िवन कव पकवश ाो, और तवरे कि िे ाों; 46 और उने िनुष की ्े िव करने कव आदे श वदयव, जो वकयव जवनव थव। 47 पवं ििे वदन तू ने ्वतिे भवग ्े , जावं जल इकटव ाोतव थव, काव, वक उ् ्े जीवित पवणी, प्ी, और िछवलयवं उतन ाों; और िै ्व ाी ाो गयव। 48 कोंवक परिे शर की आजव ्े गूं गव जल और वनज्ि पवणी जीवित पवणी उतन हए, वक ्ब लोग तेरे आशययकि् की सु वत करे । 49 वफर तू ने दो जीवित पवणी ठारवए, एक कव नवि तू ने ानोक रिव, और दू ्रे कव ले विथवन; 50 और एक को दू ्रे ्े अलग वकयव, इ्वलये वक ्वतिवं भवग अथवय त जावं जल इकटव ाोतव थव, उन दोनों को न रोक ्के। 51 तू ने ानोक को एक भवग वदयव, जो ती्रे वदन ्ू ि गयव, वक िा उ्ी भवग िे वनिव् करे , वज् िे ाजवरों पाववडयवं ाै । 52 परनु तू ने वलबवतवन को ्वतिवं भवग अथवय तत गीलव भवग वदयव; और उ्े रि छोडव ाै , वक तू वज् ्े िवाे , और जब िवाे , तब उ्े फवड डवले ।
53 छठिे वदन तू ने पृयिी को आजव दी, वक िा तेरे ्वमने पशुओ,ं और घरे लू पशुओ,ं और रे गनेिवले जनुओं को उतन करे गी। 54 और इनके बवद आदि भी हआ, वज्े तू ने अपकी ्वरी ्ृ षी कव सविी ठारवयव; उ्ी ्े ाि ्ब वनकले , िरन िा पजव भी, वज्े तू ने िुन वलयव। 55 ाे याोिव, िै ने या ्ब तेरे ्वमने इ्वलये काव ाै , वक तू ने ािवरे वलये जगत बनवयव ाै 56 और और लोगोंके विषय िे जो आदि की ्नवन ्े आए, तू ने काव, वक िे कुछ नाीं, िरन थूकने के ्िवन ाै ; और उनकी बहतवयत को बतयन िे ्े वगरी हई बूं द के ्िवन ठारवयव ाै । 57 और अब, ाे पभु, दे िो, ये अनजववतयवं , जो कभी तुच ्िझी जवती थी,ं ाि पर पभुतव करने लगी ाै , और ािे वनगलने लगी ाै । 58 परनु ाि तेरी पजव के लोग, वजने तू अपनव पवालरठव, और अपनव एकलरतव, और अपनव पेिी कातव ाै , उनके िश िे कर वदए जवते ाै । 59 यवद जगत अब ािवरे वलये रिव गयव ाै , तो जगत िे ािवरव भवग कों न ाो? या कब तक ्ानव पडे गव? अध्य 7 1 और जब िै ये बवते का िुकव, तो जो सगय दूत वपछली रवत को िे रे पव् भेजव गयव यव, िा िे रे पव् भेजव गयव। 2 और उ् ने िु झ ्े काव, ाे एस्व्, उठ, और जो बवते िै तुझ ्े काने को आयव हं ्ु न। 3 और िै ने काव, ाे िे रे परिे शर, बोल। तब उ् ने िु झ ्े काव, ्िु ् िरडे सवन िे बनव ाै , इ्वलये िा गवारव और बडव ाो गयव ाै । 4 परनु पिे श ्वर ्ं करव और नदी के ्िवन थव; 5 वफर करन ्िु ् िे जवकर उ् पर दवष कर ्के, और उ् पर पभुतव कर ्के? यवद िा ्ं कीणय िे नाीं गयव, तो विसृ त िे कै्े आ ्कतव ाै ? 6 और भी एक बवत ाै ; एक नगर ब्वयव गयव, और िरडे िै दवन िे ब्वयव गयव, और ्ब अची िसु ओं ्े पररपूणय ाै ; 7 उ्कव पिे श ्वर ्करव ाै , और वगरने के भय ्े ऐ्व बनव ाै , िवनो दववानी ओर आग ाो, और बवईं ओर गवारव जल ाो: 8 और उन दोनों के बीि एक ाी िवगय , यावं तक वक आग और पवनी के बीि, इतनव छोरव वक केिल एक रवसव ाो ्कतव थव नाीं यवर तुरंत िावं जवओ. 9 यवद या नगर अब वक्ी िनुष को वनज भवग करने के वलथे वदयव गयव ाै , और िा इ्के ्वमने आए ितरे ्े कभी न भवगव, तो उ्े या वनज भवग कोंकर विले गव? 10 और िै ने काव, ाे पभु ऐ्व ाी ाै । तब उ् ने िु झ ्े काव, इसवएल कव भवग भी ऐ्व ाी ाै । 11 कोंवक िै ने उनी ं के वलये जगत को बनवयव; और जब आदि ने िे री विवरयोंकव उलंघन वकयव, तब जो आजव दी गई, िा अब पूरी ाो गई। 12 तब इ् जगत के ्वर ्ं करे , और दु :ि और कष ्े भरे हए कर वदए गए; िे थोडे ाी ाै , और बु रे ाै , और ्ं करों ्े भरे हए ाै , और बहत दु :िदवयी ाै । 13 कोंवक पविीन जगत के पिे श ्वर िरडे और दढ थे, और अिर फल लवते थे। 14 ्ो यवद जीवित लोग इन वनकमी और वथय िसु ओं िे पिे श करने के वलये पररशि न करे , तो जो कुछ उनके वलये रिव गयव ाै उ्े कदववप न पव ्केगे । 15 इ्वलये अब तू कों ववकुल ाोतव ाै , कोंवक तू तो नवशिवन िनुष ाै ? और तू कों नष ाो गयव, जबवक तू तो नशर ाै ? 20
16 तू ने अपने िन िे इ् ्िय की बवत को छोड, जो आनेिवली ाै , कों नाीं ्ोिी? 17 तब िै ने उ्र वदयव, ाे पभु, ाे पभु, तू ने अपनी विसथव िे या ठारवयव ाै , वक रि् इन िसु ओक ं े अवरकवरनेी ाों, परनु भखयाीन नवश ाों। 18 तरभी रि् ्ं कर िे तो दु :ि उठवएं गे , और दू र की आशव रिेगे; कोंवक वजनोंने दु षतव की ाै , िे दु :ि ाी तो उठवएं गे , तरभी दू र कव िुं ा न दे ि ्केगे । 19 और उ् ने िु झ ्े काव; परिे शर ्े बडव कोई नवयवरीश नाीं ाै , और ्ि्च ्े बढकर कोई भी ्िझ रिने िवलव नाीं ाै । 20 कोंवक बहत ्े लोग इ्ी जीिन िे नवश ाो जवते ाै , कोंवक िे परिे शर की उ् विसथव कव वतरसवर करते ाै जो उने दी गई ाै । 21 कोंवक परिे शर ने आनेिवलोंको ्ख आजव दी ाै , वक जै ्व िे आए ाै िै ्व ाी जीवित राने के वलये कव करे , और दण ्े बिने के वलये वक् बवत कव पवलन करे । 22 तरभी उनोंने उ्की आजव न िवनी; परनु उ्के विरू बवते की,ं और वथय बवते कलनव की;ं 23 और अपने बु रे कविोंके ्वरव अपने आप को रोिव वदयव; और परिपरवन के विषय िे काव, वक िा नाीं ाै ; और उ्की िवल नाीं जवनतव थव; 24 परनु उनोंने उ्की विसथव को तुच जवनव, और उ्की िविवओं को तुच जवनव ाै ; िे उ्की विवरयोंपर विशव्योग नाीं राे , और उ्के कवि नाीं वकए। 25 और इ्वलए, एसड्व्, िवली के वलए िवली िीजे ाै , और भरे हए के वलए पूरी िीजे ाै । 26 दे ि, िा ्िय आएगव, वक ये विन जो िै ने तुझ ्े काव ाै पूरे ाोंगे, और दु लन पकर ाोगी, और जो अब पृयिी पर ्े वनकवली गई ाै , वदिवई दे गी। 27 और जो कोई उपरोय बु रवइयों ्े छु रकवरव पवएगव िा िे रे आशययकिय दे िेगव। 28 कोंवक िे रव पुत यीशु अपने ्ववथयोंके ्वय पगर ाोगव, और जो बिे राे गे िे िवर ्र िषय तक आनन करे गे । 29 इन िष् के बवद िे रव पुत ि्ीा, और ्ब पवणी जो जीवित ाै , िर जवएं गे । 30 और जगत पवाले नवय के ्िवन ्वत वदन के वलये खविोशी िे बदल जवएगव, यावं तक वक कोई भी न बिेगव। 31 और ्वत वदन के बवद जगत िे जो अब तक नाीं जवगे गव, िा उठ िडव ाोगव, और जो भष ाो िा िर जवएगव। 32 और पृयिी अपने िे ्ोए हओं को फेर दे गी, और रू ल उनको जो िुपिवप ब् गए ाै , और गु र सथवन उन पवणों को बिव ले गे जो उनको ्रंपे गए ाै । 33 और परिपरवन नवय आ्न पर पकर ाोगव, और दु ि दू र ाो जवएगव, और लं बे ्िय की पीडव कव अं त ाो जवएगव: 34 परनु नवय कवयि राे गव, ्त खसथर राे गव, और विशव् दढ राे गव; 35 और कवि कव पवलन वकयव जवएगव, और पवतफल वदिवयव जवएगव, और अचे किय पभविशवली ाोंगे, और दु ष कि् पर शव्न न वकयव जवएगव। 36 तब िै ने काव, पवाले इबवाीि ने ्दोवियोंके वलये और िू ्व ने उन बवपदवदोंके वलये जो जं गल िे पवप करते थे पवथयनव की। 37 और आकवन के ्िय िे यीशु इसवएल की ओर ्े उ्के पीछे ाो वलयव; 38 और विनवश के वलथे शिू एल और दवऊद, और पवितसथवन िे आनेिवलोंके वलथे ्ु लैिवन। 39 और िे ा बर्वनेिवलोंके वलथे ाे वलयव्; और िरे हओं के वलये, वक िा जीवित राे :
40 और ्ने रीब के ्िय िे लोगोंकी ओर ्े वाजवकयवा, और बहतोंके वलथे बहत। 41 ्ो अब भी जब दे िव वक वबगवड बढ गयव ाै , और दु षतव बढ गई ाै , और रि् दु षों के वलये पवथयनव करने लगे , तो अब भी ऐ्व कों न ाो? 42 उ् ने िु झे उ्र वदयव, वक या ितयिवन जीिन अन नाीं ाै , जावं बडी िवािव बनी राे गी; इ्वलए उनोंने किजोरों के वलए पवथयनव की ाै । 43 परनु विनवश कव वदन इ् ्िय कव अन ाोगव, और आनेिवले अिरत कव आरम ाोगव, वज् िे विनवश विर जवएगव, 44 अ्ं यि कव अन ाो जवतव ाै , विशव्घवत कव नवश ाोतव ाै , रिय बढतव ाै , और ्चवई उगती ाै । 45 तब कोई नवश वकए हए को बिव न ्केगव, और जो जय को पवर ाो उ् पर अने र कर ्केगव। 46 तब िै ने उ्र वदयव, या िे री पवाली और अखनि बवत ाै , वक या भलव ाोतव, वक आदि को पृयिी न दी जवती; नाीं तो जब िा दी गई, तो उ्े पवप करने ्े रोक दे तव। 47 कोंवक इ् ्िय िनुष को कष िे राने और िरने के बवद दण की आशव करने ्े कव लवभ? 48 ाे आदि, तू ने कव वकयव ाै ? यदवप तू ाी ने पवप वकयव ाै , तरभी तू अकेलव नाीं, परनु ाि ्ब जो तुझ ्े उतन हए ाै , पवप िे वगरे ाै । 49 कोंवक यवद ाि ्े अिर ्िय की पवतजव की जवए, तो ािे कव लवभ कव ाि ने िे कवि वकए ाै जो िृ तु लवते ाै ? 50 और ाि ्े अनन आशव की पवतजव की गई ाै , और ाि तो बडे ाी दु ष ाोकर वथय ठारे ाै ? 51 और ािवरे वलथे सवव और वनडरतव के घर तैयवर वकए गए ाै , और ाि दु षतव ्े जी राे ाै ? 52 और परिपरवन की िवािव उनकी र्व के वलये बनी राती ाै , वजनोंने ्विरवन जीिन वतीत वकयव ाै , जबवक ाि ्ब ्े अवरक बु रे िवग् पर िले ाै ? 53 और िावं एक ऐ्व सगय वदिवयव जवए, वज्कव फल ्िय दव बनव राे , वज् िे ्ु र्व और औषवर ाै , कोंवक ाि उ् िे पिे श करने न पवएं गे ? 54 (कोंवक ाि अवपय सथवनों िे िले ाै ।) 55 और उन लोगों के िेारे जो पराे जगवर ाै तवरों ्े अवरक ििकेगे , और ािवरे िेारे अखनयवरे ्े भी अवरक कवले ाोंगे? 56 कोंवक जब तक ाि जीवित राे , और अरिय करते राे , तो या नाीं ्ोिव, वक िरने के बवद उ्कव फल भोगे । 57 तब उ् ने िु झे उ्र दे कर काव, युू की रीवत या ाै , वक जो िनुष पृयिी पर उतन ाो िा लडे गव; 58 वक यवद िा जीत जवए, तो तेरे काने के अनु्वर दु ि उठवए; परनु यवद िा जीत जवए, तो जो कुछ िै कातव हं , िा िवन ले गव। 59 कोंवक या िा जीिन ाै , वज्के विषय िे िू ्व ने अपने जीवित राते लोगों्े काव यव, वक जीिन को ाी िुन लो, वक तुि जीवित राो। 60 तरभी न उनोंने उ् की पतीवत की, और न उ्के बवद के भविष्यवओं की, और न िु झ की, वजनोंने उन ्े बवते की। 61 वक उनके नवश िे इतनव भवरीपन न ाो, वजतनव उूवर की आशव करनेिवलों को आनन ाोगव। 62 तब िै ने उ्र वदयव, ाे पभु, िै जवनतव हं , वक परिपरवन दयवलु कालवतव ाै , वक िा उन पर भी दयव करतव ाै जो अब तक जगत िे नाीं आए। 63 और उन पर भी जो उ्की विसथव की ओर वफरते ाै ; 64 और िा रै ययिवन ाै , और अपने पववणयों की नवईं पवप करने िवलों को रीरज ररतव ाै ; 65 और िा उदवर ाै , कोंवक जावं जररत ाो िा दे ने को तैयवर ाै ; 21
66 और िा बडव दयवलु ाै , कोंवक िा ितयिवन, और भूतकवल, और आनेिवले पर भी बहत अवरक दयव करतव ाै । 67 कोंवक यवद िा अपनी दयव न बढवए, तो ्ं ्वर अपने उ्रववरकवररयों के ्वथ बनव न राे गव। 68 और उ् ने ्िव वकयव; कोंवक यवद उ् ने अपनी भलवई के अनु्वर ऐ्व न वकयव, वक अरिय करनेिवलोंको उन ्े छु रकवरव विले , तो िनुषोंकव द् ाजवरिवू भवग भी जीवित न बिेगव। 69 और नवयी ाोकर यवद िा उन को झिव न करे जो उ्के ििन ्े िंगे ाो गए, और बहत ्े झगडों को दू र न कर दे , 70 अ्ं ख भीड िे बहत कि ्वा् शेष रा जवनव िववाए।
17 इ्वलथे िै अपके वलथे और उनके वलथे तेरे ्वमने पवययनव कर ं गव; कोंवक िै ाि लोगोंको जो इ् दे श िे राते ाै उनकी ाववन दे ितव हं । 18 परनु िै ने आनेिवले नवयी की फुत् ्ु नी ाै । 19 इ्वलये िे री ्ु नो, और िे री बवते ्िझो, और िै तुमवरे ्वमने बोलूं गव। या एसड्व् के श्ों की शुरआत ाै , उ्के ऊपर उठवए जवने ्े पाले : और िै ए् ्ावयतव, 20 ाे पभु, तू जो अनन कवल िे वनिव् करतव ाै , जो आकवश और िवयु िे ्ब कुछ ऊपर ्े दे ितव ाै ; 21 वज्कव व्ं ाव्न अतुलनीय ाै ; वज्की िवािव ्िझी न जव ्के; वज्के ्विने सगय दूतों की ्े नव थरथरवती हई िडी ाै , 22 वज्की ्े िव िवयु और आग ्े पररवित ाो; वज्कव ििन ्त ाै , और बवते खसथर ाै ; उ्की आजव दढ और विवर भययोग ाै ; 23 वज् की दवष ्े गवारे सथवन ्ू ि जवते, और जलजलवार ्े पावड वपघल जवते ाै ; जो ्त गिवाी दे तव ाै : 24 ाे अपने दव् की पवथयनव ्ु न, और अपने पवणी की वबनती की ओर कवन लगव। 25 कोंवक जब तक िै जीवित रहं गव, तब तक बोलतव रहं गव, और जब तक िै ्िझूंगव तब तक उ्र दे तव रहं गव। 26 अपकी पजव के पवपोंपर दवष न कर; परनु उन पर जो ्चवई ्े तेरी ्े िव करते ाै । 27 अनजववतयों की दु ष युखययोंपर धवन न दे , परनु जो केशोंिे तेरी वितरवनयोंको िवनते ाै , उनकी लवल्व पर धवन दे । 28 जो तेरे ्वमने कपर की िवल िलते थे, उन पर धवन न कर; परनु उनको सरण कर, जो तेरी इचव के अनु्वर तेरे भय को जवन ले ते ाै । 29 जो पशु के ्िवन राते ाै उनको नवश करनव तेरी इचव न ाो; परनु उन पर दवष करनव वजनोंने तेरी विसथव सष रीवत ्े व्िवई ाै । 30 जो पशु ्े भी बदतर ्िझे जवते ाै उन पर कोर न करनव; परनु उन ्े पेि रिो जो ्दै ि तेरे रिय और िवािव पर भरो्व रिते ाै । 31 कोंवक ाि और ािवरे बवप-दवदव ऐ्े रोगों ्े ्ू िते राते ाै ; परनु ाि पववपयोंके कवरण तू दयवलु कालवएगव। 32 कोंवक यवद तू ाि पर दयव करनव िवाे , तो ाि पर, अथवय तत वजन लोगों ने रिय के कवि नाीं वकए, दयवलु कालवएगव। 33 कोंवक जो रि् तुझ ्े बहत भले कवि करते ाै , िे अपने ाी कविों के अनु्वर पवतफल पवएं गे । 34 िनुष कव ाै , वक तू उ् पर कोर करे ? यव नवशिवन पीढी कव ाै , वक तू उ्के पवत इतनव कडुआ ाो? 35 कोंवक जो उतन हए ाै उन िे ्े ्ििु ि िनुष कोई नाीं, परनु उ् ने दु षतव की ाै ; और ईिवन िवलों िे ्े कोई ऐ्व नाीं वज्ने गलती न की ाो। 36 कोंवक ाे याोिव, इ्ी ्े तेरव रिय और भलवई पगर ाोगी, यवद तू उन पर दयव करे गव जो भले कविों पर भरो्व नाीं रिते। 37 तब उ् ने िु झे उ्र दे कर काव, कुछ बवते तू ने ठीक काी ाै , और तेरे ििन के अनु्वर ाी ाोगव। 38 कोंवक िै उन लोगों के सभवि पर वििवर नाीं कर ं गव, वजनोंने िृ तु ्े पवाले , नवय ्े पवाले , और विनवश ्े पवाले पवप वकयव ाै । 39 परनु िै रविय यों के सभवि पर आनन कर ं गव, और उनके तीथययवतव, और उूवर, और पवतफल को, जो उने विले गव, सरण कर ं गव। 40 जै ्व िै ने अब काव ाै , िै ्व ाी ाो जवएगव। 41 कोंवक जै ्े वक्वन भूवि पर बहत बीज बोतव, और बहत ्े िृ ् लगवतव ाै , तरभी जो कुछ अचव ्िय पर बोयव जवतव ाै , िा नाीं उगतव, और जो कुछ बोयव जवतव ाै , िा जड नाीं पकड पवतव; िै ्व
अधवय 8 1 और उ् ने िु झे उ्र वदयव, वक परिपरवन ने या जगत तो बहतोंके वलये बनवयव, परनु आनेिवलव जगत थोडे ाी लोगोंके वलये बनवयव ाै । 2 ाे एस्व्, िै तुझे एक उपिव बतवऊंगव; जै ्े जब तू पृयिी ्े पूछेगव, तब िा तुझ ्े काे गी, वक विटी के बतयन तो ्वं िे िे बहत ढलते ाै , परनु विटी िे बहत कि ्ोनव वनकलतव ाै ; इ्ी पकवर इ् ितयिवन ्ं ्वर की रीवत भी ाै । 3 ्ृ जे गए बहत ाै , परनु उूवर थोडे ाी वकयव जवएगव। 4 िै ने उ्र वदयव, ाे िे रे िन, ्िझ, ्ो वनगल जव, और बु खू को वनगल जव। 5 कोंवक तू कवन लगवने को तैयवर ाै , और भविष्वणी करने को तैयवर ाै ; कोंवक जीवित राने को छोड तेरे पव् अब कुछ भी नाीं बिव। 6 ाे पभु, यवद तू अपने दव् को या न दे , वक ाि तेरे ्वमने पवथयनव करे , और तू ािवरे िन के अनु्वर बीज, और ािवरी ्िझ के अनु्वर ्ं सवर दे , वक उ्कव फल वनकले ; जो िनुष भष ाै , और िनुष कव पद रवरण करतव ाै , िा वक् रीवत ्े जीवित राे गव? 7 कोंवक तू अकेलव ाै , और ाि ्ब तेरे ावथ की बनी हई िसु एं ाै , जै ्व तू ने काव ाै । 8 कोंवक जब शरीर िवतव के गभय िे बनतव ाै , और तू उ्के अं ग दे तव ाै , तब तेरी ्ृ षी आग और जल िे रव्त राती ाै , और तेरी बनवई हई ्ृ षी जो उ्िे उतन ाोती ाै , नर िाीने तक जीवित राती ाै । 9 परनु जो ्ु रव्त रिव जवतव ाै और रिव जवतव ाै , िा दोनों ्ु रव्त रिव जवएगव: और ्िय आने पर गभय अपने िे पले हए को ्रंप दे तव ाै । 10 कोंवक तू ने शरीर के अं गों ्े अथवय तत सनों ्े दू र दे ने की आजव दी ाै , जो सनों कव फल ाै । 11 वक जो िसु गढी गई ाै , िा जब तक तू उ् पर दयव न करे , तब तक उ्कव पवलन पोषण ाोतव राे । 12 तू ने उ्े अपने रिय ्े पवलव, और अपनी विसथव के अनु्वर बडव वकयव, और अपने नवय ्े उ्े ्ु रवरव। 13 और अपके पवणी के ्िवन उ्े घवत करनव, और अपके कवि के ्िवन उ्े वजलवनव। 14 इ्वलये यवद तू उ्े नवश करे गव, जो बडे पररशि ्े रिव गयव ाै , तो तेरी आजव ्े ठारवयव जवनव आ्वन बवत ाै , वक जो िसु बनवई गई ाै िा बनी राे । 15 इ्वलये अब, ाे पभु, िै बोलूं गव; आि तरर पर िनुष को छूनव, आप ्ब्े अची तरा जवनते ाै ; परनु तेरी पजव को छू राव हं , वज्के कवरण िु झे िेद ाै ; 16 और तेरे वनज भवग के वलथे िै विलवप कर ं गव; और इसवएल के वलथे िै भवरी हं ; और यवकूब के वलये िै ववकुल हं ;
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अध्य 9
ाी बोए गए लोगों कव ाोतव ाै । इ् दु वनयव िे ; िे ्भी नाीं बिवये जवयेगे. 42 तब िै ने उ्र वदयव, यवद िु झ पर अनुगा हआ ाो, तो बोलूं । 43 जै ्े वक्वन कव बीज यवद न उगे , और ्िय पर िषवय न ाो, तो िा नवश ाो जवतव ाै ; यव यवद बहत अवरक िषवय ाो और िा जल को नष कर दे , 44 िै ्े ाी िनुष भी जो तेरे ावथ कव बनवयव हआ और तेरव सरप कालवतव ाै , इ्ी रीवत ्े नवश ाोतव ाै , कोंवक तू उ्के ्िवन ाै , वज्के वलये तू ने ्ब कुछ बनवयव, और उ्की तुलनव वक्वन के िं श ्े की। 45 ाि पर कोर न कर, परनु अपनी पजव पर दयव कर, और अपने वनज वनज भवग पर दयव कर; कोंवक तू अपनी ्ृ वष पर दयवलु ाै । 46 तब उ् ने िु झे उ्र वदयव, जो कुछ ितयिवन िे ाै िा ितयिवन के वलये ाै , और जो कुछ आने िवलव ाै िा आनेिवले के वलये ाै । 47 कोंवक तू िु झ ्े अवरक िे री ्ृ जी हई िसु ्े पेि करने िे अ्िथय ाै ; परनु िै बवरमवर तेरे और उ्के वनकर तो आयव हं , परनु अरविय यों के पव् कभी नाीं आयव। 48 इ् िे भी तू परिपरवन के ्वमने अदत भुत ाै ; 49 इ् ्े तू ने अपने आप को दीन वकयव ाै , जै ्व तुझे ाोनव िववाए, और अपने आप को इ् योग नाीं ्िझव वक रविय यों के बीि अवरक िवािव ाो। 50 कोंवक जो लोग अन िे जगत िे बने राे गे, उन पर बहत बडी विपव्यवं डवली जवएं गी, कोंवक िे बडे घिण ्े िलते राे ाै । 51 परनु अपने ाी विषय िे ्िझो, और अपने तुलों के वलये िवािव की िोज करो। 52 कोंवक तुमवरे वलये सगय िोलव गयव ाै , जीिन कव िृ ् लगवयव गयव ाै , आने िवलव ्िय तैयवर वकयव गयव ाै , पिुरतव तैयवर की गई ाै , एक नगर ब्वयव गयव ाै , और विशवि की अनुिवत दी गई ाै , ावं , उ्ि भलवई और बु खू दी गई ाै । 53 बु रवई की जड तुझ ्े वछपव दी गई ाै , दु बयलतव और कीडव तुझ ्े वछपव रिव गयव ाै , और बु रवई भूले जवने के वलथे नरक िे डवल दी गई ाै । 54 दु ि दू र ाो जवते ाै , और अं त िे अिरतव कव िजवनव पकर ाोतव ाै । 55 और इ्वलये तू उन नवश ाोनेिवलोंकी बहतवयत के विषय िे वफर कोई प् न पूछनव। 56 कोंवक जब िे सतंत हए, तो उनोंने परिपरवन कव वतरसवर वकयव, और उ्की विसथव कव वतरसवर वकयव, और उ्के िवगय को तवग वदयव। 57 और उनोंने उ्के रिय को ररंद डवलव ाै , 58 और अपने िन िे काने लगे , वक परिे शर ाै ाी नाीं; ावू , और या जवनते हए भी वक उने िरनव ाोगव। 59 कोंवक जै ्व ऊपर काव गयव ाै िा तुमे गाण करे गव, िै ्े ाी उनके वलये पव् और पीडव तैयवर ाै ; कोंवक उ्की इचव न थी, वक िनुष नवश ाो जवएं । 60 परनु जो ्ृ जे गए, उनोंने वकयव उनोंने अपने रिवयतव के नवि को अशुू वकयव, और वज् ने उनके वलये जीिन तैयवर वकयव उ्के पवत कृतघ राे । 61 और इ्वलये िे रव नवय अब वनकर ाै । 62 ये बवते िै ने ्ब िनुषों को नाीं, परनु तुि को और तुमवरे ्िवन वकतने लोगों को वदिवई ाै । तब िै ने उ्र वदयव और काव, 63 दे ि, ाे पभु, अब तू ने िु झे बहत ्े आशययकिय वदिवए ाै , जो तू अन के ्िय िे करनव आरम करे गव; परनु वक् ्िय करे गव, या तू ने िु झे नाीं वदिवयव।
1 उ् ने िु झे उ्र वदयव, और काव, ्िय को अपके आप िे भलीभवं वत िवप लो; और जब तुि वपछले विनों िे ्े कुछ को दे िो, जो िै ने तुि ्े पवाले काव ाै , 2 तब तू ्िझ ले गव, वक या िाी ्िय ाै , वज् िे परिपरवन उ् जगत कव दशयन करनव आरम करे गव वज्े उ्ने बनवयव ाै । 3 इ्वलये जब जगत िे भूकम और लोगों कव कोलवाल दे िव जवएगव; 4 तब तू भलीभवं वत ्िझ ले गव, वक परिपरवन ने जो बवते तुझ ्े पवाले ्े िरन आरम ्े आरम तक की ाै , उन ्ब के विषय िे काव ाै । 5 कोंवक जै ्े जगत िे जो कुछ उतन हआ ाै , उ्कव आवद और अन ाै , और अन पगर ाै ; 6 इ्ी पकवर परिपरवन के ्िय कव भी सष आरम आशयय और ्विथ् कविों ्े ाोतव ाै , और पभवि और विनों ्े अन ाोतव ाै । 7 और जो कोई अपने कविों और उ् विशव् के कवरण वज् पर तुि ने विशव् वकयव ाै , उूवर पवएगव, और बि ्केगव, 8 िे उय ्ं करों ्े बिे राे गे, और अपने दे श िे और अपनी ्ीिवओं के भीतर िे रव उूवर दे िेगे; कोंवक िै ने आरम ाी ्े उने अपने वलये पवित वकयव ाै । 9 तब जो लोग िे रे िवलिलन कव अपिवन करते ाै , िे अभवगे ाोंगे; और वजनों ने उनको ्े ष करके तवग वदयव ाै , िे यवतनव िे पडे राे गे। 10 कोंवक वजतनों ने अपने जीिन िे लवभ उठवयव, और िु झे नाीं जवनव; 11 और जब तक िे सतंत नाीं राे , और जब तक उनके वलये िन वफरवि कव ्वर िुलव राव, तब तक उनोंने िे री विसथव ्े घृणव की, परनु उ्े न ्िझव, िरन उ्कव वतरसवर वकयव; 12 िाी पीडव ्े िरने के बवद इ्े जवन ले । 13 और इ् कवरण या न जवननव, वक दु षोंको वक् पकवर दण वदयव जवएगव, और कब; परनु या पूछो, वक रि् लोग वक् पकवर उूवर पवएं गे , जगत वक्कव ाै , और जगत वक्के वलये रिव गयव ाै । 14 तब िै ने उ्र दे कर काव, 15 िै पवाले भी का िुकव हं , और अब भी कहं गव, और आगे भी कहं गव, वक जो बि जवएं गे उन ्े अवरक नवश ाोनेिवले ाै । 16 जै ्े लार बूं द ्े बडी ाोती ाै । 17 और उ् ने िु झे उ्र वदयव, वक जै ्व िेत ाै , िै ्व ाी बीज भी ाै ; जै ्े फूल ाोंगे, िै ्े ाी रं ग भी ाोंगे; जै ्व किय करने िवलव ाै , िै ्व ाी कवयय भी ाै ; और जै ्व वक्वन आप ाै , िै ्व ाी उ्कव पवत भी ाै : कोंवक जगत कव ्िय आ गयव ाै । 18 और अब जब िै ने उ् जगत को जो उ् ्िय तक नाीं बनव यव, उ् िे अब जीवितों के राने के वलये तैयवर वकयव, तो वक्ी ने िे रे विरोर िे कुछ नाीं काव। 19 कोंवक तब तो ्ब िवनते थे, परनु अब इ् जगत िे जो ्ृ जे गए ाै , उनकव िवलिलन ्नवतन िं श के ्वरव वबगड जवतव ाै , और अगम विसथव के ्वरव िे अपने आप को छु डव ले ते ाै । 20 ्ो िै ने जगत पर वििवर वकयव, और कव दे िव, वक जो युखययवं उ् िे घु्ी ाै , उनके कवरण ्ं कर ाै । 21 और िै ने दे िव, और उ्को बहत बिव वलयव, और गु चे िे ्े एक दवि, और बहत जववत के लोगोंके बीि िे ्े एक पररव अपने वलये रि वलयव। 22 ्ो िा भीड वज्कव जन वथय हआ, नवश ाो; और िे री दवि और िे रव पररव बिव राे ; कोंवक िै ने बडे पररशि ्े उ्े व्ू वकयव ाै । 23 तरभी यवद तू ्वत वदन तक और उपिव् न करनव िवाे ,
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24 परनु फूलों के िेत िे जवकर, जावं कोई घर न बनव ाो, और िै दवन के फूल ाी िवओ; िवं ् कव सवद न ििे, शरवब न वपये, केिल फूल िवये;) 25 और परिपरवन ्े वनरनर पवथयनव वकयव करो, तब िै आकर तुझ ्े बवते कर ं गव। 26 इ्वलये िै उ् की आजव के अनु्वर अदय थ नवि िै दवन िे िलव गयव; और िावं िै फूलों के बीि बै ठव, और िेत की ्ख्यवू िवईं, और उनके िवं ् ्े िु झे तृखर विली। 27 ्वत वदन के बवद िै घव् पर बै ठव, और िे रव िन पवाले के ्िवन ववकुल ाो गयव; 28 और िै ने अपनव िुं ा िोलकर परिपरवन के ्वमने बवते करनव आरम वकयव, और काव, 29 ाे याोिव, तू जो अपने आप को ाि पर पगर करतव ाै , तू ािवरे पुरिवओं को विस ्े वनकलते ्िय जं गल िे , अथवय त बं जर सथवन िे , जावं कोई पवं ि नाीं रितव थव पगर हआ। 30 और तू ने काव, ाे इसवएल िे री ्ु न; और ाे यवकूब के िं श, िे रे ििन पर धवन दे । 31 कोंवक दे ि, िै अपनी विसथव तुि िे बोतव हं , और िा तुि िे फल लवएगी, और तुि उ्के ्वरव ्िय दव आदर पवते राोगे । 32 परनु ािवरे पुरिवओं ने वजनको विसव दी, उनोंने न िवनी, और न तेरे वनयिोंको िवनव; और यदवप तेरी विसव कव फल नवश न हआ, और न ाो ्कव, कोंवक िा तो तेरी ाी दे न थी; 33 तरभी वजनों ने उ्े पवयव, िे नवश ाो गए, कोंवक जो कुछ उन िे बोयव गयव थव, उ्े उनोंने न रिव। 34 और दे िो, या रीवत ाै , वक जब भूवि िे बीज, यव ्िु ् िे कोई जावज, यव वक्ी जावज िे िवं ् यव पेय विलव ाो, और वज् िे िा बोयव यव डवलव गयव, िा नवश ाो जवतव ाै , 35 और जो कुछ बोयव गयव, यव डवलव गयव, यव पवर वकयव गयव, िा नवश ाो जवतव ाै , और ािवरे पव् नाीं रातव; परनु ािवरे ्वथ ऐ्व नाीं हआ। 36 कोंवक ाि वजजनोंने विसव पवई ाै , िे पवप ाी ्े नवश ाोते ाै , और ािवरव िन भी वजज्ने उ्े वजकयव, पवप ाी ्े नवश ाो जवते ाै 37 तरभी विसथव नवश नाीं ाोती, िरन बनी राती ाै उ्कव बल. 38 और जब िै ने ये बवते अपने िन िे काी, तब िै ने पीछे वफरकर दववानी ओर एक सी को दे िव, और कव दे ितव हं , वक िा विलवप करती और ऊंिे श् ्े रोती ाै , और िन िे बहत उदव् ाो राी ाै । कपडे वकरवए के थे, और उ्के व्र पर रवि थी। 39 तब िै ने अपनव वििवर जो िै िे यव, जवने वदयव, और िु झे उ्की ओर फेर वदयव, 40 और उ् ्े काव, तू कों रोती ाै ? तू िन िे इतनव दु ःिी कों ाै ? 41 और उ् ने िु झ ्े काव, ाे पभु, िु झे छोड दे , वक िै विलवप करके अपनव दु :ि बढवऊं, कोंवक िै िन िे बहत कोवरत ाो गई हं , और बहत उदव् ाो गई हं । 42 और िै ने उ् ्े काव, तुझे कव हआ? िु झे बतवओ। 43 उ् ने िु झ ्े काव, िै तेरी दव्ी बवं झ हं , और िे रे पवत को ती् िषय ाो गए, तरभी िे रे कोई ्नवन न हई। 44 और उन ती् िष् िे िै ने वदन और रवत, और ार घंरे और कुछ नाीं वकयव, केिल परिपरवन ्े पवथयनव की। 45 ती् िषय के बवद परिे शर ने िे री ्ु न ली, जो तेरी दव्ी थी, उ्ने िे री ्ु न ली, और िे रे दु ि पर दवष की, और िे रे ्ं कर पर वििवर वकयव, और िु झे एक पुत वदयव; और िै और िे रव पवत, और िे रे ्ब पडो्ी भी उ् ्े बहत प्न हए, और ाि ने उ्कव बडव आदर वकयव। ्िय शखयिवन। 46 और िै ने बडे कष ्े उ्कव पवलन-पोषण वकयव।
47 ्ो जब िा बडव हआ, और उ्के परी उतन करने कव ्िय आयव, तो िै ने जे िनवर की। अध्य 10 1 और ऐ्व हआ, वक जब िे रव पुत वििवा के घर िे गयव, तो वगरकर िर गयव। 2 तब ाि ्ब ने ब्ी बु झव दी, और िे रे ्ब पडो्ी िु झे शवखन दे ने के वलथे उठे ; इ् पकवर िै ने दू ्रे वदन की रवत को विशवि वकयव। 3 और ऐ्व हआ, वक जब िे ्ब िु झे शवखन दे ने को िले गए, तब िै अन तक शवन राव; तब िै रवत को उठकर भवगव, और जै ्व तू दे ि राव ाै , इ् िै दवन िे आ गयव। 4 और अब िै ने ठवनव ाै , वक नगर िे न लररू ं , परनु याी ं रहं , और न िवऊं, न पीऊं, परनु जब तक िर न जवऊं, तब तक विलवप करतव और उपिव् करतव रहं । 5 तब िै ने जो धवन वकयव यव, िा छोड वदयव, और कोर िे आकर उ् ्े काव; 6 ाे ्ब ्े अवरक िू िय सी, कव तू ािवरव विलवप नाीं दे िती, और ािे कव ाोतव ाै ? 7 ािवरी िवतव व्योन वक् कवरण बहत भवरी और दीन ाै , और बहत बडे दु ःि ्े विलवप करती ाै ? 8 और अब या दे िकर, वक ाि ्ब शोक करते और उदव् ाै , ाि ्ब भवरी दु ःि िे ाै , कव तू एक ाी पुत के कवरण दु ःिी ाै ? 9 और पृयिी ्े पूछो, और िा तुझ ्े काे गी, वक िाी ाै , जो उ् पर वजतने उपजते ाै उनके वगरने पर शोक िनवती ाै । 10 कोंवक पवाले ्ब उ्ी िे ्े वनकले , और ्ब उ्ी िे ्े आएं गे , और दे िो, िे ्ब पवय: विनवश की ओर िले गे, और उन िे ्े बहतेरे जड ्े उिवड वदए जवएं गे । 11 तो उ् ्े अवरक शोक करन िनवएगव, वज् ने इतनी बडी भीड िोई ाै ; और तुमे नाीं, एक के अलविव और वक् िीज पर िेद ाै ? 12 परनु यवद तू िु झ ्े काे , िे रव विलवप पृयिी के विलवप के ्िवन नाीं, कोंवक िै ने अपने गभय कव फल िो वदयव ाै , वज्े िै ने दु :ि ्ाते हए उतन वकयव, और दु :ि ाी ्ाते हए उ्े जन वदयव; 13 परनु पृयिी ऐ्ी नाीं, कोंवक पृयिी की रीवत के अनु्वर उ् िे जो बहतवयत थी, िै ्े ाी लोर गई ाै । 14 तो िै तुझ ्े कातव हं , जै ्व तू ने पररशि करके उतन वकयव ाै ; िै ्े ाी पृयिी ने भी आरम ्े अपने ्ृ जनावर को, अथवय तत िनुष को, अपनव फल वदयव ाै । 15 इ्वलये अब अपनव दु :ि अपने ाी िन िे रि, और जो कुछ तुझ पर पडव ाै उ्े वायवि ्े ्ा ले । 16 कोंवक यवद तू परिे शर के नवयी ाोने कव वनशय कर ले, तो तू ्िय पर अपने बे रे को पवर करे गी, और खसयों के बीि पशं्व की पवत बनेगी। 17 वफर नगर िे अपने पवत के पव् जव। 18 और उ् ने िु झ ्े काव, िै ऐ्व न कर ं गी; िै नगर िे न जवऊंगी, िरन याी ं िर जवऊंगी। 19 इ्वलये िै ने उ् ्े आगे बवते करनव आरम करके काव, 20 ऐ्व न करो, परनु ्मवत लो। िे रे ्वरव: ्वयन की विपव्यवू वकतने लोगों के वलए ाै ? यरशले ि के दु ःि के विषय िे शवखन पवओ। 21 कोंवक तू दे ितव ाै , वक ािवरव पवितसथवन उजवड ाो गयव, ािवरी िे दी रू र गई, और ािवरव िखनर नवश ाो गयव; 22 ािवरव भजन भूवि पर रि वदयव गयव ाै , ािवरव गीत बन कर वदयव गयव ाै , ािवरव आनन ्िवर ाो गयव ाै , ािवरी दीिर की रोशनी बु झ गई ाै , ािवरी िविव कव ्नदू क नष ाो गयव ाै , ािवरी पवित िसु एं अशुू ाो गई ाै , और उ्कव नवि भी अशुू ाो गयव 24
ाै । ािवरे वलए बु लवयव गयव लगभग अपवित ाै : ािवरे बचों को लख्त वकयव गयव ाै , ािवरे यवजकों को जलव वदयव गयव ाै , ािवरे ले वियों को बं रुआई िे ले जवयव गयव ाै , ािवरी कुंिवररयों को अशुू कर वदयव गयव ाै , और ािवरी पवरयों को लू र वलयव गयव ाै ; ािवरे रि् पुरष बनु िवई िे िले गए, ािवरे बवल-बचे नष ाो गए, ािवरे जिवन दव्त िे लवए गए, और ािवरे बलिन पुरष वनबय ल ाो गए; 23 और, जो ्ब ्े बडी बवत ाै , ्वयन की िु ार ने अब अपनव ्मवन िो वदयव ाै ; कोंवक िा ािवरे बै ररयों के ावथ िे पकड दी गई ाै । 24 और इ्वलये अपनव भवरी भवरीपन दू र करो, और बहत ्े दु ि दू र करो, वक परवकिी वफर तुि पर दयवलु ाो, और परिपरवन तुझे तेरे पररशि ्े विशवि और आरवि दे गव। 25 और जब िै उ् ्े बवते कर राव यव, तो ऐ्व हआ, वक उ्कव िु ि एकवएक बहत ििक गयव, और उ्कव िु ि ऐ्व ििकव, वक िै उ् ्े डर गयव, और ्ोिने लगव, वक या कव ाोगव। 26 और दे िो, िा अिवनक बहत भयवनक विलव उठी: यावं तक वक सी के श् ्े पृयिी वाल गई। 27 और िै ने दवष की, और कव दे िव, वक िा सी वफर िु झे वदिवई न दी, परनु िावं एक नगर ब्व हआ ाै , और नेि ्े बडव सवन वदिवई दे तव थव; तब िै डर गयव, और ऊंिे श् ्े विलवकर काव, 28 उरीएल सगय दूत कावं ाै , जो ्ब्े पाले िे रे पव् आयव थव? कोंवक उ् ने िु झे बहत िू चवय िे डवलव, और िे रव अन विनवश िे और िे री पवथयनव िे घुडकव कव हआ। 29 और जब िै ये बवते का ाी राव यव, तो िा िे रे पव् आयव, और िु झ पर दवष की। 30 और दे िो, िै िु द् के ्िवन पडव हं , और िे री ्िझ िु झ ्े छीन ली गई ाै ; और उ् ने िे रव दववानव ावथ पकडकर िु झे शवखन दी, और पवं िोंके बल िडव करके िु झ ्े काव, 31 तुझे कव रोग ाै ? और तू इतनव ववकुल कों ाै ? और तेरी ्िझ और तेरे िन के वििवर कों घबरव गए ाै ? 32 और िै ने काव, तू ने तो िु झे तवग वदयव, तरभी िै ने तेरे ििन के अनु्वर वकयव, और िै दवन िे जवकर कव दे िव, और वफर भी दे ितव हं , वक बतव नाीं ्कतव। 33 और उ् ने िु झ ्े काव, पुरष ाोकर िडव ाो, और िै तुझे ्मवत दू ं गव। 34 तब िै ने काव, ाे िे रे पभु, िु झ िे बोल; परनु िु झे ित तवगनव, ऐ्व न ाो वक िै अपनी आशव तोड कर िर जवऊं। 35 कोंवक िै ने दे िव ाै वक िै नाीं जवनतव, और ्ु नव ाै वक िै नाीं जवनतव। 36 यव िे री बु खू िव िे रव पवण स् िे रोिव िव गयव ाै ? 37 इ्वलये अब िै तुझ ्े वबनती करतव हं , वक तू अपने दव् को या दशयन वदिव। 38 तब उ् ने िु झे उ्र वदयव, और िे री ्ु न, िै तुझे बतवऊंगव, और तुझे बतवऊंगव, वक तू कों डरतव ाै ; कोंवक परिपरवन तुझ पर बहत ्ी गु र बवते पगर करे गव। 39 उ् ने दे िव ाै , वक तेरी िवल ्ीरी ाै ; इ् कवरण तू अपकी पजव के वलथे वनरनर शोक करतव ाै , और व्योन के वलथे बडव विलवप करतव ाै । 40 इ्वलये जो दशयन तू ने अभी दे िव उ्कव अथय या ाै : 41 तू ने एक सी को विलवप करते दे िव, और उ्े शवखन दे ने लगव; 42 परनु अब तुझे उ् सी की शक वफर न वदिवई पडी, पर एक नगर बनतव हआ वदिवई पडव। 43 और उ् ने अपके बे रेके िरने कव ्िविवर तुझ ्े काव, इ्कव उपवय या ाै :
44 या सी वज्े तू ने दे िव, िा व्योन ाै ; और उ् ने तुझ ्े काव, वक वज्े तू एक नगर बनतव हआ दे ि राव ाै , 45 िै तो कातव हं , वक उ् ने तुि ्े काव, वक िा ती् िषय ्े बवं झ ाै ; ये िे ती् िषय ाै , वजन िे उ् ने कुछ भी अनबवल न वकयव। 46 परनु ती् िषय के बवद ्ु लैिवन ने नगर को ब्वयव, और भेर िढवई, और बवं झ ्े एक पुत उतन हआ। 47 और उ् ने तुझ ्े काव, वक िै ने उ्े जचव-बचव करके पवलव, यरशले ि िे याी वनिव् ाै । 48 परनु जब उ् ने तुझ ्े काव, वक िे रव पुत बवा की कोठरी िे आयव यव, तब उ्कव िुं ा रू र गयव, और िा िर गयव; इ् पकवर यरशले ि कव विनवश हआ। 49 और दे ि, तू ने उ्कव सरप दे िव, और िा अपके बे रे के वलथे विलवप करती थी, इ्वलये तू उ्े शवखन दे ने लगव; और इन बवतोंिे ्े जो ्ं योग ्े घरी ाै , िे तेरे वलथे िुल गई ाै । 50 कोंवक अब परिपरवन ने दे िव ाै , वक तू वनषपर शोक करतव ाै , और उ्के वलये अपने ्मू णय िन ्े दु ि उठवतव ाै , इ्वलथे उ् ने तुझे अपनी िवािव कव तेज और ्ु नरतव वदिवई ाै । 51 इ्वलथे िै ने तुझ ्े वबनती की, वक तू उ्ी िेत िे रा, जावं कोई घर न बनव यव। 52 कोंवक िै जवनतव थव, वक परिपरवन तुझे या बतवएगव। 53 इ्वलये िै ने तुझे उ् िै दवन िे जवने की आजव दी, जावं वक्ी भिन की नेि न पडी ाो। 54 कोंवक वज् सवन िे परिपरवन अपके नगर कव पगर करनव आरम करतव ाै , िावं वक्ी कव भिन वरक न ्केगव। 55 इ्वलये ित डर, तेरव िन ववकुल न ाो, परनु भीतर जवकर उ् भिन कव ्रनयय और बडवई दे ि, जावं तक तेरी आं िे दे ि ्के। 56 और तब तुि उतनव ्ु नोगे वजतनव तुमवरे कवन ्िझ ्के। 57 कोंवक तू बहतों्े अवरक रन ाै , और परिपरवन के ्वरव बु लवयव गयव ाै ; और इ्वलए बहत कि ाै । 58 परनु कल रवत को तू याी ं ठारनव; 59 और इ् पकवर ्ि्च तुमे उच िीजों के दशयन वदिवएगव, जो परिपरवन अं वति वदनों िे पृथी पर राने िवलों के ्वथ करे गव । इ्वलए िै उ् रवत और दू ्री रवत ्ोयव, जै ्े उ्ने िु झे आजव दी थी। अध्य 11 1 वफर िै ने स् दे िव, और कव दे िव, वक झील िे ्े एक उकवब वनकलव, वज्के बवरा पंि और तीन व्र थे। 2 और िै ने दवष की, और कव दे ितव हं , वक िा अपने पंि ्वरी पृयिी पर फैलव राी ाै , और आकवश के ्ब पिन उ् पर उडकर इकटे ाो गए ाै । 3 और िै ने दवष की, और उ्के पंिों ्े और भी विपरीत पंि वनकले; और िे छोरे पंि िवले और छोरे ाो गये। 4 परनु उ्के व्र एक दू ्रे ्े अलग थे; और जो व्र बीि िे थव, िा दू ्रे ्े बडव थव, तरभी िा बिे हए भवग के ्वथ वरकव हआ थव। 5 वफर िै ने दषतवर की, और उकवब अपके पंिोंके ्वय उडकर पृयिी पर और उ् िे रानेिवलोंके ऊपर रवज करने लगव। 6 और िै ने दे िव, वक आकवश के नीिे की ्वरी िसु एं उ्के िश िे ाो गईं, और कोई िनुष कव पृयिी भर कव कोई पवणी उ्के विरोर िे कुछ नाीं बोलतव थव। 7 और िै ने दषतवर की, और दे िो, उकवब उ्के पंजोंके बल उठव, और उ्के पंिोंकी ओर ्े काने लगव, 8 ्ब को एक ्वथ न जवगनव; ार एक अपने ाी सथवन पर ्ोनव, और किवनु्वर जवगते रानव। 25
9 परनु व्रोंको अन तक ्ु रव्त रिव जवए। 10 और िै ने दवष की, और कव दे िव, िा श् उ्के व्र ्े नाीं, पर उ्के शरीर के बीि ्े वनकलव। 11 और िै ने उ्के विपरीत पंिों को वगन वलयव, और कव दे िव, वक िे आठ ाो गए। 12 और िै ने दवष की, और कव दे िव, वक दववानी ओर एक पंि और रवज उग आयव ाै ्वरी पृयिी पर; 13 और ऐ्व हआ, वक जब िा रवज करतव राव, तब उ्कव अन आ गयव, और उ्कव सवन वफर न राव; और जो अगलव ाो िा उठ िडव हआ। और रवज वकयव, और बडव आनन वकयव; 14 और ऐ्व हआ, वक जब िा रवज करतव राव, तो पवाले के ्िवन उ्कव अन भी हआ, यावं तक वक वफर वदिवई न दे तव थव। 15 तब िावं ्े एक आिवज आई, और काव, 16 ्ु नो तुि जो बहत वदन तक पृयिी पर पभुतव करते आए ाो, िै तुि ्े या कातव हं , इ् ्े पवाले वक तुि वफर पगर न ाोओ, 17 तेरे बवद कोई तेरे ्िय तक, िरन उ्के आरे तक न पहं िेगव। 18 वफर ती्रव उठकर पवाले के ्िवन रवज करने लगव, और वफर कभी वदिवई न वदयव। 19 और ्ब बिे हए लोगोंके ्वय एक के बवद एक ऐ्व ाोतव गयव, वक ्ब ने रवज वकयव, और वफर कभी वदिवई न वदए। 20 वफर िै ने दवष की, और दे िो, कुछ ्िय बवद जो पंि उ्के पीछे आए िे दववानी ओर िडे ाो गए, वक िे भी पभुतव करे ; और उन िे ्े वकतनों ने रवज वकयव, परनु थोडे ाी ्िय िे िे वफर वदिवई न वदए। 21 कोंवक उन िे ्े कुछ िडे तो हए, परनु पभुतव न कर ्के। 22 इ्के बवद िै ने दवष की, और कव दे िव, वक बवरा पंि वफर न वदिवई वदए, और न िे दोनों छोरे पंि वदिवई वदए। 23 और उकवब की दे ा पर और कुछ न राव, केिल तीन व्र और छ: छोरे पंि थे। 24 वफर िै ने या भी दे िव, वक छ: िे ्े दो छोरे पंि अलग ाो गए, और व्र के नीिे जो दववानी ओर थव िाी रा गए, और िवरों अपने सथवन पर बने राे । 25 और िै ने दवष की, और कव दे िव, पंिों के नीिे जो पंि थे, उनोंने अपने आप को खसथर करने और वनयि रिने कव वििवर वकयव। 26 और िै ने दवष की, और कव दे िव, वक एक िडव हआ ाै , परनु शीघ ाी िा वफर वदिवई न वदयव। 27 और दू ्रव पवाले ्े जली दू र ाो गयव। 28 और िै ने दवष की, और कव दे िव, वक जो रा गए थे, उनोंने भी अपने आप िे रवज करने कव वनशय वकयव। 29 और जब उनोंने या ्ोिव, तो दे िो, जो व्र विशवि के बीि िे थे, उनिे ्े एक जवग उठव; कोंवक िा अन दोनों व्रों ्े बडव थव। 30 और वफर िै ने दे िव, वक और दो व्र उ्ी ्े जु डे हए ाै । 31 और, दे िो, व्र उ्के ्ववथयों ्िे त उलर गयव, और उ् पंि के नीिे के दोनों पंिों को, जो रवज करते, िव गए। 32 परनु इ्ी व्र ने ्वरी पृयिी को भय िे डवल वदयव, और पृयिी के ्ब रानेिवलोंपर अने र करके उन पर पभुतव की; और उ्के पव् विश के ्भी संरों ्े अवरक शव्न थव। 33 और इ्के बवद िै ने दवष की, और जो व्र बीि िे थव, िा अिवनक पंिों के ्िवन वदिवई न वदयव। 34 परनु िे दो िु ख पुरष रा गए, जो इ्ी रीवत ्े पृयिी पर और उ् िे रानेिवलोंपर पभुतव करते थे। 35 और िै ने दवष की, और कव दे िव, वक दववानी ओर कव एक व्र बवईं ओर के को वनगल गयव।
36 तब िु झे एक श् ्ु नवई वदयव, वज् ने िु झ ्े काव, अपके ्वमने दवष करके जो कुछ तू दे ितव ाै उ् पर धवन कर। 37 और िै ने दवष की, और िवनो कोई गजय नेिवलव व्ं ा जं गल िे ्े िदे डव जव राव ाो; और िै ने दे िव, वक उ् ने उकवब को िनुष कव ्व श् ्ु नवकर काव, 38 ्ु न, िै तुझ ्े बवते कर ं गव, और परिपरवन तुझ ्े काे गव, 39 कव तू िाी नाीं जो उन िवर पशुओं िे ्े बिव हआ ाै , वजने िै ने अपने जगत पर रवज करने को ठारवयव, वक उनके ्वरव उनके ्िय कव अन आ जवए? 40 और िरथे ने आकर अतीत के ्ब पशुओं पर विजय पवर की, और बडे भय ्े जगत पर, और पृयिी की ्वरी पररवर पर बडे दु ष अने र ्े अवरकवर कर वलयव; और िा बहत वदन तक छल ्े पृयिी पर राव। 41 कोंवक तू ने पृयिी कव नवय ्चवई ्े नाीं वकयव। 42 कोंवक तू ने नम लोगोंको दु :ि वदयव ाै , तू ने िे ल रिनेिवलोंको दु :ि वदयव ाै , तू ने झूठों्े पेि रिव ाै , और फल उपजवनेिवलोंके घरोंको उजवड वदयव ाै , और वजन ्े तू ने कुछ ाववन नाीं पहं िवई, उनकी शारपनवा को ढव वदयव ाै । 43 इ् कवरण तेरव अरिय कव कवि परिपरवन तक, और तेरव घिण परिपरवन तक पहं ि गयव ाै । 44 परिपरवन ने भी घिण के वदनोंपर दवष की, और दे िो, िे ्िवर ाो गए, और उ्के घृवणत कवि पूरे हए। 45 इ्वलये ाे उकवब, तू वफर कभी न वदिवई दे नव, न तेरे भयवनक पंि, न तेरे दु ष पंि, न तेरे ्े षपूणय व्र, न तेरे ाववनकवरक पंजे, न तेरव ्वरव वघनरनव शरीर; 46 तववक ्वरी पृयिी तरोतवजव ाो जवए, और तेरे उप्ि ्े छु रकवरव पवकर लरर आए, और अपने ्ृ जनावर ्े नवय और दयव की आशव रिे। अध्य 12 1 और ऐ्व हआ वक जब व्ं ा उकवब ्े ये बवते का राव थव, तो िै ने दे िव, 2 और दे िो, जो व्र रा गयव और िवरों पंि वफर वदिवई न वदए, और िे दोनों उ्के पव् जवकर रवज करने को िडे हए, और उनकव रवज छोरव और उप्ि ्े भर गयव। 3 और िै ने दवष की, और कव दे िव, वक िे वफर वदिवई न वदए, और उकवब कव ्वरव शरीर जल गयव, यावं तक वक पृयिी पर बडव भय छव गयव; तब िै अपने िन की घबरवार और िू चवय ्े और बडे भय ्े जवग उठव। और िे री आतव ्े काव, 4 दे िो, तू ने िु झ ्े या वकयव ाै , वक तू परिपरवन कव िवगय ढू ं ढतव ाै । 5 दे िो, िै तो िन िे थक गयव हं , और आतव िे बहत दु बयल ाो गयव हं ; और इ् रवत वज् बडे भय ्े िै पीवडत हआ, उ्के कवरण िु झ िे थोडी शखय रा गई ाै । 6 इ्वलये अब िै परिपरवन ्े वबनती कर ं गव, वक िा अन तक िु झे शवखन दे । 7 और िै ने काव, ाे पभु, पभु, यवद िु झ पर पवाले अनुगा ाो तेरी दवष, और यवद िै तेरे ्वथ बहतों के ्वमने रि् ठार ं , और यवद िे री पवथयनव ्ििु ि तेरे ्वमने पूरी ाो; 8 ्ो तू िु झे शवखन दे , और अपने दव् को उ् भयवनक दशयन कव अथय और भेद बतव, वज् ्े तू िे रे पवण को शवखन दे । 9 कोंवक तू ने िु झे अखनि ्िय िे िु झे वदिवने के योग ्िझव। 10 और उ् ने िु झ ्े काव, उ् दशयन कव फल या ाै :
26
11 वज् उकवब को तू ने ्िु ् िे ्े वनकलते दे िव, िा िाी रवज ाै जो तेरे भवई दववनये ल ने स् िे दे िव यव। 12 परनु या बवत उ् को नाीं बतवई गई, इ्वलथे अब िै तुझ ्े या कातव हं । 13 दे ि, ऐ्े वदन आएं गे , वक पृयिी पर एक रवज उदय ाोगव, और िा ्ब पवाले रवजों ्े अवरक डरे गव। 14 उ्ी िे बवरा रवजव एक के बवद एक रवज करे गे ; 15 और दू ्रव रवज करनव आरम करे गव, और बवराोंिे ्े ्ब ्े अवरक ्िय तक राे गव। 16 और िे बवरा पंि, जो तू ने दे िव, इ्ी को दशवय ते ाै । 17 और जो श् तू ने बवते करते ्ु नव, और जो तू ने दे िव, वक िा उनके व्रोंके बीि ्े नाीं, परनु उनके बीि ्े वनकलतव ाै , उ्कव अथय या ाै : 18 वक उ् रवज के ्िय के बवद बडे -बडे झगडों कव उदय ाोगव, और उ्के नष ाोने कव ितरव उतन ाो जवएगव; तरभी िा न वगरे गव, िरन अपने आरम िे वफर सथववपत ाो जवएगव। 19 और तू ने उ्के पंिों ्े विपके हए आठ छोरे छोरे पंिों को दे िव, इ्कव अथय या ाै : 20 उ् िे आठ रवजव उदय ाोंगे, वजनके ्िय छोरे -छोरे ाोंगे, और उनके िषय बहत तीव ाोंगे। 21 और उन िे ्े दो तो िधकवल तक पहं िते-पहं िते नवश ाो जवएं गे ; िवर तो तब तक बिे राे गे जब तक उनकव अन न आ जवए; परनु दो अन तक बिे राे गे। 22 और तू ने तीन व्र पडे हए दे िे, तो इ्कव अथय या ाै : 23 अपने अखनि वदनों िे परिपरवन तीन रवजों को िडव करे गव, और उन िे बहत कुछ नयव करे गव, और िे पृयिी पर पभुतव करे गे । 24 और उ् िे के रानेिवलोंपर जो उन ्े पवाले थे उन ्भों्े अवरक अने र ्ाव; इ् कवरण िे उकवब के ्रदवर कालवए। 25 कोंवक याी िे ाै जो उ्की दु षतव को पूरव करे गे , और उ्कव अन करे गे । 26 और तू ने दे िव, वक बडव व्र वफर वदिवई नाीं दे तव, इ्कव या अथय ाै , वक उन िे ्े एक अपके वबछरने पर ाी पीडव ्ाते हए िर जवएगव। 27 कोंवक जो दो बिे राे गे िे तलिवर ्े िवर डवले जवएं गे । 28 कोंवक एक की तलिवर दू ्रे को भस करे गी, परनु अन िे िा आप ाी तलिवर ्े िवर डवलव जवएगव। 29 और तू ने पंिों के नीिे व्र के ऊपर ्े , जो दववानी ओर ाै , दो पंि दे िे; 30 इ्कव अथय या ाै , वक ये िाी ाै , वजने परिपरवन ने अन तक बिवए रिव; जै ्व तू ने दे िव, या छोरव ्व और उप्ि ्े भरव हआ रवज ाै । 31 और िा व्ं ा वज्े तू ने जं गल िे ्े उठकर गरजते और उकवब ्े बवते करते, और ्ब ििनों के ्वरव जो तू ने ्ु ने ाै , उ्के अरिय के कवरण डवं रते दे िव; 32 याी िा अवभवषय ाै , वज्े परिपरवन ने उनके वलये और उनकी दु षतव के कवरण अन तक बिवए रिव ाै ; 33 कोंवक िा नवय के ्िय उन को अपने ्वमने जीवित करे गव, और उनको डवं रेगव, और तवडनव दे गव। 34 कोंवक िा िे री शेष पजव के लोगोंको, जो िे री ्ीिव पर दब गए ाै , दयव करके छु डवएगव, और नवय के वदन के आने तक उनको आनन दे गव, वज्के विषय िे िै ने आरम ्े तुि ्े काव ाै । 35 जो स् तू ने दे िव िा याी ाै , और उ्कव फल ये ाी ाै । 36 तू केिल ्ि्च के इ् रास को जवनने के वलये ाी विलव ाै । 37 इ्वलये ये ्ब बवते जो तू ने दे िी ाै , पुसक िे वलिकर वछपव रि;
38 और उनको बु खूिवन लोगोंको व्िव, वजनके िन को तू जवनतव ाो, और िे ये भेद ्िझकर रि ्के। 39 परनु तू याी ं ्वत वदन तक और ठारनव, वक जो कुछ परिपरवन तुझ ्े कानव िवाे िा तुझे बतव दे । और इ्के ्वथ ाी िा अपने रवसे िलव गयव। 40 और ऐ्व हआ, वक जब ्ब लोगोंने दे िव वक ्वत वदन बीत गए, और िै नगर िे वफर न आनेिवलव, तब छोरे ्े ले कर बडे तक ्ब ्भों को इकटव वकयव, और िे रे पव् आकर काने लगे , 41 ाि ने तेरव कव वबगवडव ाै ? और ाि ने तुझ ्े करन ्ी बु रवई की ाै , वक तू ाि को तवगकर यावं इ् सवन पर बै ठव ाै ? 42 कोंवक ्ब भविष्यवओं िे ्े केिल तू ाी ािवरे वलये छोड वदयव गयव, अथवय त अं गूर के गु चे के ्िवन, और अने रे सथवन िे दीिर के ्िवन, िव आनी ्े बिे हए आशय िव जावज के ्िवन। 43 कव जो विपव्यवं ाि पर आती ाै , िे कवफी नाीं? 44 यवद तू ाि को तवग दे गव, तो यवद ाि भी व्योन के बीि िे जलवए जवते, तो ािवरव कव भलव ाोतव? 45 कोंवक जो िावं िर गए, उन ्े ाि कुछ भी अचे नाीं। और िे ऊंिे श् ्े रोने लगे । तब िै ने उनको उ्र वदयव, और काव, 46 ाे इसवएल, ढवढ् बं रवओ; और ाे यवकूब के घरवने, भवरी ित बनो; 47 कोंवक परिपरवन ने तुझे सरण वकयव ाै , और परवकिी ने परी्व िे तुझे नाीं भुलवयव। 48 जावं तक िे री बवत ाै , िै ने तुि को नाीं तवगव, और न िै तुि ्े अलग हआ हं ; परनु इ् सवन िे आयव हं , वक व्योन के उजडे जवने के वलथे पवययनव कर ं , और तुि ्े जो दीन जववत पर दयव कर ं आपकव अभयवरण. 49 और अब तुि ्ब अपने अपने घर लरर जवओ, और इन वदनों के बवद िै तुमवरे पव् वफर आऊंगव। 50 ्ो लोग िे री आजव के अनु्वर नगर िे िले गए। 51 परनु सगय दूत की आजव के अनु्वर िै ्वत वदन तक िै दवन िे राव; और उन वदनों िे केिल िै दवन के फूल िवतव थव, और जडीबू वरयों कव िवं ् िवतव थव। अध्य 13 1 और ्वत वदन के बवद ऐ्व हआ, वक िै ने रवत को स् दे िव; 2 और दे िो, ्िु ् ्े ऐ्ी आू री उठी, वक उ् ने उ्की ्ब लारे वालव दी।ं 3 और िै ने दवष की, और कव दे िव, वक िा पुरष ाजवरों आकवशोंके ्िवन बलिन ाो गयव; और जब उ् ने िुं ा फेरकर दे िव, तो जो िसु एं उ्के नीिे वदिवई दे ती थी ं िे ्ब कवं प उठे । 4 और जब जब उ्कव श् उ्के िुं ा ्े वनकलतव, तब तब िे ्ब जल जवते, जो उ्कव श् ्ु नते थे, िवनो पृयिी आग लगने ्े जल जवती ाै । 5 और इ्के बवद िै ने दवष की, और कव दे िव, वक जो िनुष ्िु ् ्े वनकलव यव, उ् को िश िे करने के वलथे आकवश की िवरोंवदशवओं्े बहत ्े िनुष इकटे ाो गए। 6 परनु िै ने दवष की, और कव दे िव, वक उ् ने एक बडव पावड बनव वलयव, और उ् पर उड गयव। 7 परनु िै उ् ्ेत यव सथवन को दे ितव, जावं पावडी िोदी गई थी, और नाीं दे ि ्कव। 8 और इ्के बवद िै ने दवष की, और कव दे िव, वक वजतने लोग उ्े िश िे करने के वलये इकटे हए थे, िे ्ब बहत डर गए, और वफर भी लडने कव ्वा् वकयव। 9 और दे िो, उ् ने उ् भीड कव उप्ि दे िव, और न ावथ उठवयव, न तलिवर िव कोई ावथयवर उठवयव; 27
10 परनु िै ने केिल या दे िव, वक उ् ने अपने िुं ा ्े आग कव झोंकव, और अपने ाोठों ्े ररकती हई ्वं ् वनकवली, और अपनी जीभ ्े विंगवरी और आनी वनकवली। 11 और िे ्ब एक ्वथ विल गए; आग कव झोंकव, ररकती ्वं ्, और बडव तू़वन; और उ् भीड पर जो लडने को तैयवर थी, बु री तरा रू र पडव, और ्ब को जलव डवलव, यावं तक वक अिवनक भीड को रू ल और रु एं की गं र के अलविव कुछ भी वदिवई नाीं दे तव थव: जब िै ने या दे िव तो िै डर गयव . 12 इ्के बवद िै ने िाी पुरष पावड ्े उतरकर एक और िे ल विलवप करनेिवली भीड को अपने पव् बु लवते दे िव। 13 और बहत ्े लोग उ्के पव् आए, और उन िे ्े कुछ आनखनत हए, और कुछ उदव् हए, और उन िे ्े कुछ बने हए थे, और कुछ िढविे िे ्े कुछ लवए; तब िै बडे डर के िवरे ववकुल ाो गयव, और जवगकर काव, 14 तू ने आरम ्े अपने दव् को ये अदत भुत कवि वदिवए, और िु झे इ् योग ्िझव वक तू िे री पवथयनव गाण करे : 15 अब िु झे इ् स् कव फल बतवओ। 16 कोंवक जै ्व िै ने अपनी ्िझ िे ्ोिव ाै , उन वदनों िे जो छूर जवएं गे उन पर ावय, और जो पीछे नाीं छूरे गे उन पर उ् ्े भी अवरक ावय! 17 कोंवक जो बिे नाीं थे, िे ्ं कर िे थे। 18 अब िै उन बवतों को ्िझ गयव हं जो अन के वदनों िे रिी जवएं गी, और उनकव भी, और जो पीछे छूर गए ाै उनकव भी कव ावल ाोगव। 19 इ् कवरण उन पर बडे ्ं कर और बहत ्ी कवठनवइयवं पडीं, जै ्व इन स्ों्े पतव िलतव ाै । 20 तरभी जो ितरे िे ाै उ्के वलये इन बवतोंिे आनव कव ्ाज ाै , इ् ्े वक िा बवदल की नवईं जगत िे ्े उड जवए, और अन के वदनोंकी बवते न दे ि ्के। और उ् ने िु झे उ्र वदयव, और काव, 21 िै उ् दशयन कव फल तुझे बतवऊंगव, और जो कुछ तू ने िवाव ाै िा तुझ को बतवऊंगव। 22 तू ने जो पीछे रा गए ाै उनके विषय िे काव, उ्कव अथय या ाै : 23 जो उ् ्िय ्ं कर ्ाे गव, उ्ने अपने आप को बिव रिव ाै ; जो ्ं कर िे पडते ाै , िे किय करते और ्िय शखयिवन पर विशव् रिते ाै । 24 इ्वलये या जवन लो, वक जो पीछे छूर गए ाै , िे िरे हओं ्े अवरक रन ाै । 25 उ् दशयन कव अथय या ाै , वक तू ने एक िनुष को ्िु ् के बीि ्े वनकलते दे िव; 26 िाी ाै वज्के वलये परिपरवन परिे शर ने बडव ्िय ठारवयव ाै , वक िा आप ाी अपनी ्ृ षी को बिवएगव; और जो पीछे रा गए ाै उनको भी िाी आजव दे गव। 27 और तू ने दे िव, वक उ्के िुं ा ्े बडी आू री, और आग, और बिं डर वनकलव; 28 और उ्के पव् न तो तलिवर थी, और न युू कव कोई ावथयवर, परनु जो भीड उ्े िश िे करने को आती थी, िा उ्के दरडने ्े नवश ाो गई; या ववखव ाै : 29 दे िो, िे वदन आते ाै , जब परिपरवन पृयिी पर के लोगोंको छु डवनव आरम करे गव। 30 और िा पृयिी के रानेिवलोंको िवकत कर दे गव। 31 और एक दू ्रे ्े , एक नगर दू ्रे ्े , एक सथवन दू ्रे सथवन ्े , एक दे श दू ्रे दे श ्े , और एक रवज दू ्रे रवज ्े लडने कव यर करे गव।
32 और िा ्िय आएगव जब ये बवते पूरी ाोंगी, और जो विन िै ने तुि को पवाले वदिवए थे, िे पगर ाोंगे, और तब िे रव पुत, वज्े तू ने पुरष की नवईं िढते दे िव ाै , पगर वकयव जवएगव। 33 और जब ्ब लोग उ्कव श् ्ु नेगे, तब ्ब लोग अपने अपने दे श िे एक दू ्रे ्े युू करने को वनकल पडे गे। 34 और जै ्व तू ने उने दे िव, उ्के अनु्वर अनवगनत भीड इकटी ाोगी, जो आकर लडने को उ् पर विजय पवने को इचु क ाों। 35 परनु िा व्योन पिय त की िोरी पर िडव राे गव। 36 और व्योन आकर तैयवर और बनवयव हआ ्ब िनुषों को पगर वकयव जवएगव, जै ्े तू ने पावडी को वबनव ावथों के िुदव हआ दे िव। 37 और या िे रव पुत उन जववतयों की दु ष कलनवओं को घुडकेगव, जो अपने दु ष जीिन के कवरण आू री िे वगरे पडे ाै ; 38 और उनके बु रे वििवर उन के ्वमने रि दे गव, और िे आग के ्िवन यवतनवएं ्ाने लगे गे; और िा िे रे ्िवन विसथव के ्वरव उने वबनव पररशि के नवश कर डवले गव। 39 और तू ने दे िव, वक उ् ने एक और िे ल विलवप करनेिवली भीड को अपने पव् इकटव कर वलयव; 40 िे द् गोत ाै , जो ओव्यव रवजव के ्िय िे अपके दे श िे ्े बनु िवई करके ले गए थे; और उनको अशू र कव रवजव ्लिवन्वर बनु िवई करके जल के पवर ले गयव, और िे दू ्रे दे श िे िले गए। . 41 परनु उनोंने आप् िे या ्मवत की, वक अनजववतयों की भीड को छोडकर दू ्रे दे श िे िले जवएं , जावं िनुष कभी नाीं ब्े । 42 इ्वलये वक िे िावं अपनी िे विवरयवं िवने , वजने उनोंने अपके दे श िे कभी न िवनी।ं 43 और िे िावनद के ्ं करे सथवनों ्े ाोते हए परवत तक पहं ि गए। 44 तब परिपरवन ने उनके वलथे विन वदिवए, और जल को तब तक रोके रिव जब तक िे पवर न ाो गए। 45 कोंवक उ् दे श ्े ाोकर डे ढ िषय कव बडव िवगय यव, और िाी दे श अ्वय रेत कालवतव ाै । 46 तब िे अन ्िय तक िाी ं राे ; और अब जब िे आनव शुर करे गे, 47 परिपरवन नवले के ्ोतों को वफर रोकेगव, वक िे ाोकर िले; इ् कवरण तू ने लोगों को शवखन ्े दे िव। 48 परनु जो तेरी पजव िे ्े बि गए ाै , िे ाी िे री ्ीिव के भीतर पवए गए ाै । 49 अब जब िा इकटे हए रवष्ों की भीड को नवश करे गव, तब िा अपनी बिी हई पजव की र्व करे गव। 50 और तब िा उन को बडे बडे आशययकिय वदिवएगव। 51 तब िै ने काव, ाे पभु, पभु, िु झे या वदिव, िै ने उ् पुरष को ्िु ् के बीि िे ्े वनकलते कों दे िव? 52 और उ् ने िु झ ्े काव, वज् पकवर तू गारे ्िु ् की िसु एं न ढू ं ढ ्कतव, और न जवन ्कतव, िै ्े ाी पृयिी पर कोई िनुष िे रे पुत को, िव उ्के ्ववथयों को वदन के व्िवए नाीं दे ि ्कतव। . 53 जो स् तू ने दे िव, उ्कव फल या ाै , और इ् ्े तू ाी यावं ालकव हआ ाै । 54 कोंवक तू ने अपनव िवगय छोड वदयव, और िे री विसथव की ओर धवन लगवकर उ्की िोज की ाै । 55 तू ने अपके पवण को बु खू ्े ठारवयव ाै , और ्िझ को अपनी िवतव को बु लवयव ाै । 56 और इ्वलथे िै ने तुझे परिपरवन के भणवर वदिवए ाै ; और तीन वदन के बवद िै तुझ ्े और भी बवते कहं गव, और ्विथय की और अदत भुत बवते तुझे बतवऊंगव। 57 तब िै िै दवन िे गयव, और परिपरवन को उ्के आशययकि् के कवरण जो उ् ने ्िय पर वकए थे, बहत सु वत और रनिवद वदयव;
28
58 और कोंवक िा उन पर पभुतव करतव ाै , और जो िसु एं अपने ्िय पर घरती ाै उन पर पभुतव करतव ाै : और िै िावं तीन वदन तक बै ठव राव।
24 परनु दे ि, तू बहत ्े ्नदू क के िृ ् तैयवर करनव, और ्वरे आ, दबीयव, ्े लेवियव, एकवनु्, और अ्ीएल अथवय तत पवं िों को जो फुत् ्े वलिने को तैयवर ाै , अपने ्वथ ले ले नव; 25 और यावं आओ, और िै तुमवरे हदय िे ्िझ की एक िोिब्ी जलवऊंगव, जो तब तक नाीं बु झेगी, जब तक वक िे बवते पूरी न ाो जवएं वजने तुि वलिनव शुर करोगे । 26 और जब तू ऐ्व कर िुकव तो कुछ बवते पकववशत करनव, और कुछ बवते बु खूिवनों को गु र रप ्े बतवनव, और कल इ्ी घडी ्े वलिनव आरम कर दे नव। 27 तब उ्की आजव के अनु्वर िै वनकलव, और ्ब लोगों को इकटव करके काव, 28 ाे इसवएल, ये बवते ्ु नो! 29 ािवरे बवप पवाले विस िे परदे शी थे, और िाी ं ्े छु डवए गए थे; 30 और जीिन की विसथव पवई, वज्े उनोंने नाीं िवनव, और तुि ने भी उनके पीछे ाो कर उ्कव उलंघन वकयव ाै । 31 तब व्योन कव दे श भी विटी डवलकर तुमवरे बीि बवू र वदयव गयव; परनु तुमवरे पुरिवओं ने, और तुि ने भी कुवरल कवि वकयव, और परिपरवन की आजव के अनु्वर नाीं िले । 32 और कोंवक िा रि् नवयी ाै , इ् कवरण जो कुछ उ् ने तुमे वदयव थव, िा ्िय पर तुि ्े ले वलयव। 33 और अब तुि यावं ाो, और तुमवरे भवई भी तुमवरे बीि िे ाै । 34 इ्वलये यवद ऐ्व ाो, वक तुि अपनी ्िझ को िश िे करोगे , और अपने िन को ्ु रवरोगे , तो तुि जीवित राोगे, और िरने के बवद तुि पर दयव की जवएगी। 35 कोंवक िरने के बवद नवय आएगव, वक ाि वफर जीएं गे; और तब रविय योंके नवि पगर ाोंगे, और दु षोंके कवि पगर ाोंगे। 36 इ्वलये अब िवली् वदन तक कोई िे रे पव् न आए, और न िे री िोज करे । 37 इ्वलये उ् की आजव के अनु्वर िै ने उन पवं ि पुरषोंको ्वथ वलयव, और ाि िै दवन िे गए, और िाी ं राे । 38 और दू ्रे वदन िु झे वक्ी श् ने पुकवरकर काव, ाे एस्व, अपनव िुं ा िोल, और पी ले जो िै तुझे वपलवऊंगव। 39 तब िै ने अपनव िुं ा िोलव, और कव दे िव, वक िा िे रे पव् एक भरव हआ करोरव ले आयव, जो िवनो जल ्े तो भरव हआ यव, परनु उ्कव रं ग आग के ्िवन थव। 40 और िै ने उ्े ले कर पीयव; और जब िै ने उ्े पीयव, तब िे रे हदय िे ्िझ उतन हई, और िे री छवती िे बु खू उतन हई, और िे री आतव ने िे री सरण शखय को दढ वकयव। 41 और िे रव िुं ा िुल गयव, और वफर बन न हआ। 42 और परिपरवन ने उन पवं ि पुरषों को ्िझ दी, और उनोंने रवत के अदत भुत दशयन जो िे नाीं जवनते थे, वलि डवलव; और िे िवली् वदन तक बै ठे राे , और वदन को वलिते राे, और रवत को रोरी िवते राे । 43 जावं तक िे री बवत ाै . िै वदन को बोलतव थव, और रवत को अपनी जीभ नाीं पकडतव थव। 44 िवली् वदन िे उनोंने दो ्र िवर पुसके वलिीं। 45 और जब िवली् वदन पूरे ाो गए, तो परिपरवन ने काव, पवाले जो तू ने वलिव ाै , उ्े िोलकर पकववशत कर, वक कव योग और कव अयोग, ्ब उ्े पढ ्के। 46 परनु वपछले ््र को अपने पव् रिनव, वक तू उन को केिल लोगोंिे ्े बु खूिवनोंको ाी ्रंपनव। 47 कोंवक उन िे ्िझ कव ्ोतव, बु खू कव ्ोतव, और जवन की रवरव ाै । 48 और िै ने िै ्व ाी वकयव।
अध्य 14 1 और ती्रे वदन ऐ्व हआ वक िै एक बवं ज िृ ् के तले बै ठव, और कव दे ितव हं , वक एक झवडी िे ्े िे रे ्वमने या आिवज आई, वक एस््, एस््। 2 और िै ने काव, ाे पभु, िै यावं हं , और िै अपके पवं िोंके बल िडव ाो गयव। 3 तब उ् ने िु झ ्े काव, जब िे री पजव विस िे ्े िव करती यव, तब िै ने झवडी िे अपने आप को िू ्व पर पगर करके उ् ्े बवते वकयव यव। 4 और िै ने उ्को भेजकर अपनी पजव को विस ्े वनकवल वलयव, और उ् पावड पर पहं िव जावं िै ने उ्े बहत वदन तक अपने पव् रिव। 5 और उ्े बहत ्ी अदत भुत बवते बतवईं, और ्ियों और अन कव भेद वदिवयव; और उ्े आजव दे ते हए काव, 6 ये बवते तू कानव, और ये बवते वछपव रिनव। 7 और अब िै तुझ ्े कातव हं , 8 और जो विन िै ने वदिवए ाै , और जो स् तू ने दे िव, और जो फल तू ने ्ु नव ाै , उ्े अपने हदय िे सरण रिो; 9 कोंवक तू ्ब ्े अलग वकयव जवएगव, और अब ्े तू युग के अन तक िे रे पुत और तेरे तुल लोगों के ्वथ राे गव। 10 कोंवक जगत ने अपनी जिवनी िो दी ाै , और ्िय पुरवनव ाोने लगव ाै । 11 कोंवक जगत बवरा भवगोंिे बं र गयव ाै , और उ्के द् भवग तो विर गए, और द्िे भवग कव आरव भी विर गयव। 12 और द्िे भवग के आरे के बवद कव भवग बवकी रा जवतव ाै । 13 इ्वलये अब अपनव घर ्ु रवर, और अपनी पजव को डवं र, और जो ्ं कर िे ाों उनको शवखन दे , और अब वबगवड करनव छोड दे । 14 नवशिवन वििवरों को अपने पव् ्े दू र करो, िनुष के बोझ को दू र करो, वनबय ल सभवि को दू र करो, 15 और जो वििवर तुझ पर भवरी पडते ाै उने दू र कर, और इ् ्िय ्े भवगने के वलये फुत् कर। 16 कोंवक जो बु रवई तू ने अब तक दे िी ाै , उ् ्े भी बडी बु रवई भविष िे घरे गी। 17 कोंवक दे िो, जगत जों कव तों दु बयल ाोतव जवएगव, और उ् िे रानेिवलोंपर विपव्यवं और भी अवरक बढती जवएं गी। 18 कोंवक ्िय बहत दू र िलव गयव ाै , और पटे दे नव कवठन ाै ; कोंवक जो दशयन तू ने दे िव ाै िा अब वनकर ाै । 19 तब िै ने तेरे ्वमने उ्र दे कर काव, 20 दे ि, ाे पभु, िै तेरी आजव के अनु्वर जवऊंगव, और जो लोग उपखसथत ाै उनको डवं रूंगव; परनु जो उ्के बवद उतन ाोंगे उनको करन ्िझवएगव? इ् पकवर जगत अखनयवरव ाो गयव ाै , और उ् िे रानेिवले उवजयवले ्े रवात ाो गए ाै । 21 इ् कवरण तेरी विसथव जल गई ाै जो कवि तुझ ्े वकए जवएं गे , यव जो कवि आरम ाोगव, िा कोई नाीं जवनतव। 22 परनु यवद िु झ पर तेरी कृपव ाो, तो पवित आतव को िु झ िे भेज, और जो कुछ जगत िे आरम ्े हआ ाै , और जो तेरी विसथव िे वलिव ाै , िा ्ब िै वलिूंगव, वक िनुष तेरव िवगय पव ्के, और जो बवद के वदनों िे जीवित राे गव िा जीवित रा ्कतव ाै । 23 और उ् ने िु झ ्े काव, जव, और लोगोंको इकटे करके का, वक िे िवली् वदन तक तुझे न ढू ं ढे । 29
अध्य 15
25 िै उनको न छोडूंगव; ाे बवलको, अपनव िवगय ले लो, और िे रे पवितसथवन को अशुू न करो। 26 कोंवक याोिव उन ्ब को जवनतव ाै जो उ्के विरू पवप करते ाै , और इ् कवरण िा उने िृ तु और विनवश के वलये पहं िव दे तव ाै । 27 कोंवक अब विपव्यवं ्वरी पृयिी पर आएं गी, और तुि उन िे बने राोगे; कोंवक परिे शर तुमे न बिवएगव, कोंवक तुि ने उ्के विरू पवप वकयव ाै । 28 एक भयवनक दशयन और पूिय की ओर ्े उ्कव रप दे िो; 29 जावं अरब के अजगरोंकी जववत के लोग बहत ्े रथ वलए हए वनकले गे, और उनकी बहतवयत िवयु की नवईं पृयिी पर उडवई जवएगी, यावं तक वक जो कोई उनको ्ु नेगव िे डरे गे और कवं प उठे गे । 30 और किय ण लोग कोर ्े जलते हए जं गली ्ू अरों की नवईं वनकले गे, और बडे बल ्े आकर उन ्े लडे गे, और अशू ररयों के दे श कव एक भवग उजवड डवले गे। 31 और तब अपने सभवि को यवद करते हए, ड् े गनों कव पभुत ाोगव; और यवद िे वफरे , और विलकर बडी शखय ्े उनको ्तवने की युखय करे , 32 तब िे लहलु ावन ाोकर घबरवएं गे , और अपने बल ्े िुप ाोकर भवग जवएं गे । 33 और अशू ररयोंके दे श िे ्े शतु उनको घेर ले गे, और उन िे ्े वकतने को नवश कर डवले गे, और उनकी ्े नव िे डर और भय फैल जवएगव, और उनके रवजवओंिे कला ाोगव। 34 पूिय ्े और उ्र ्े दख्न तक बवदलों को दे िो, और िे कोर और तूफवन ्े भरे हए दे िने िे बहत भयवनक ाै । 35 िे एक दू ्रे को िवरे गे , और पृयिी पर बहत ्े तवरों को, िरन अपने अपने तवरे को भी वगरव दे गे; और िून तलिवर ्े पेर तक बाे गव, 36 और िनुषों कव गोबर ऊूर की रवू गों के बरवबर ाै । 37 और पृयिी पर बडव भय और थरथरवार फैल जवएगी; और जो कोर दे िेगे िे डर जवएं गे , और थरथरव उठे गे । 38 और तब दख्न ्े , और उ्र ्े , और पशतविि ्े भी बडे तू़वन आएं गे । 39 और पूिय ्े पिण आखनयवू उठे गी, और उ्े िोल दे गी; और जो बवदल उ् ने कोर करके िडव वकयव, और वज् तवरे को पूरब और पखचि की ओर भय भडकवने के वलये उभवरव थव, िे नवश ाो जवएं गे । 40 बडे और ्विथ् बवदल कोर ्े फुलवए जवएं गे , और तवरव उ् ्े ्वरी पृयिी और उ्के रानेिवलोंको डरव दे गव; और िे ार एक ऊंिे और पवतवित सथवन पर एक भयवनक तवरव उणे लेगे, 41 आग, और ओले, और उडनेिवली तलिवरे , और बहत जल, वज् ्े ्ब िेत भर जवएं , और ्ब नवदयवं बहत जल ्े भर जवएं । 42 और िे नगरोंऔर शारपनवाोंको, और पावडोंऔर रीलोंको, और जं गल के िृ झोंको, और घव् के िै दवनोंको, और उनकेअनवजको तोड डवले गे। 43 और िे बवबु ल तक दढतव ्े िले गे, और उ्े डरव दे गे। 44 िे उ्के पव् आकर उ्े घेर ले गे, और ्वरव कोर उ् पर भडकवएं गे ; तब रू ल और रु आं आकवश तक उठे गव, और उ्के िवरों ओर के ्ब लोग उ्के वलथे छवती पीरे गे। 45 और जो उ्के िश िे राे िे उनको डरवनेिवलोंकी ्े िव करे । 46 और ाे आव्यव, तू बवबु ल की आशव कव भवगी ाै , और उ्के वनज भवग की िवािव ाै ; 47 ाे अभवगे , तुझ पर ावय, कोंवक तू ने अपने आप को उ्के ्िवन बनव वलयव ाै ; और अपनी बे वरयों ्े ववभिवर करवयव ाै , वक िे तेरे वितोंको प्न करे , और उन पर बडवई करे , जो ्दव तेरे ्वय ववभिवर करनव िवाते ाै ।
1 दे ि, तू भविष्वणी के ििन िे री पजव को ्ु नव, जो िै तेरे िुं ा िे डवलूं गव, याोिव की याी िवणी ाै । 2 और उने कवगज पर वलििवओ: कोंवक िे विशव्योग और ्चे ाै । 3 जो तेरे विरोर िे कलनवएं करते ाै , उन ्े ित डर; जो तेरे विरोर िे बवते करते ाै , उनकी अविशतिव्तव ्े तू घबरव न जवए। 4 कोंवक ्ब विशव्घवती अपने विशव्घवत िे िरे गे । 5 दे िो, याोिव की या िवणी ाै , िै जगत पर विपव्यवं डवलूं गव; तलिवर, अकवल, िृ तु, और विनवश। 6 कोंवक दु षतव ने ्वरी पृयिी को अतन अशुू कर वदयव ाै , और उनके दु :ि के कवि पूरे ाो गए ाै । 7 इ्वलये याोिव यों कातव ाै , 8 िै उनकी दु षतव को जो िे अपविततव ्े करते ाै , अपनी जीभ वफर न रोकूंगव, और न उनको उन कविों िे ्तवऊंगव, वजन िे िे दु षतव करते ाै ; दे िो, वनद्ष और रि् कव िून िे री दोावई दे राव ाै , और उनके पवण भी िे री दोावई दे राे ाै । ब् लगवतवर वशकवयत करे . 9 और इ् कवरण याोिव की या िवणी ाै , िै वनशय उन ्े पलरव लूं गव, और उन िे ्े वजतने वनद्ष कव िून ाोगव उन ्भों कव बदलव लूं गव। 10 दे ि, िे री पजव घवत के वलये झुण की नवईं ले जवई गई ाै ; अब िै उनको विस दे श िे राने न दू ं गव; 11 परनु िै बलिन ावथ और बढवई हई भुजव ्े उनको ले आऊंगव, और विस को पवाले की नवईं िरी ्े िवर ं गव, और उ्के ्वरे दे श को नवश कर ं गव। 12 विस विलवप करे गव, और उ्की नेि उ् विपव् और दण ्े जो परिे शर उ् पर डवले गव, नष ाो जवएगी। 13 जो भूवि पर िेती करते ाै िे छवती पीरे गे, कोंवक उनके बीज भवरी िषवय और ओलों के कवरण नष ाो जवएं गे । 14 ावय जगत और उ् िे रानेिवलोंपर! 15 कोंवक तलिवर और उनकव विनवश वनकर आ गयव ाै , और एक जववत उठकर लडने लगे गी दू ्रव, और उनके ावथों िे तलिवरे । 16 कोंवक िनुष आप् िे बलिे करे गे, और एक दू ्रे पर आकिण करे गे ; िे अपने रवजवओं और ाववकिों की ओर कुछ न िवनेगे, और उनके कवय् कव िवगय उनके िश िे राे गव। 17 कोई िनुष नगर िे जवनव िवाे , परनु न जव ्के। 18 कोंवक उनके घिण के कवरण नगर ववकुल ाो जवएं गे, घर नष ाो जवएं गे , और लोग डर जवएं गे । 19 िनुष अपने पडो्ी पर तर् न िवएगव, परनु रोरी न विलने और बडे केश के कवरण उनके घरों को तलिवर ्े नष कर दे गव, और उनकी ्मव् लू र ले गव। 20 दे ि, परिे शर कातव ाै , िै पृयिी के ्ब रवजवओं को, जो ्ू यय के उदय ्े ले कर दख्न ्े , और पूिय ्े , और वलबवनु् ्े ाै , अपने पव् बु लवऊंगव; वक एक दू ्रे के विरू ाो जवएं , और जो कुछ उनोंने उन ्े वकयव ाै उ्कव बदलव िुकवएं । 21 जै ्व िे आज तक िे रे िुने हओं ्े करते ाै िै ्व ाी िै भी कर ं गव, और उनको बदलव दू ं गव। परिे शर याोिव यों कातव ाै ; 22 िे रव दवानव ावथ पववपयोंको न बिवएगव, और िे री तलिवर उन पर जो भूवि पर वनद्ष कव लोह बावते ाै , बन न ाोगी। 23 उ्के कोर की आग भडक उठी, और उ् ने पृयिी की नेि को और पववपयोंको आग के भू्े के ्िवन भस कर वदयव ाै । 24 ावय उन पर जो पवप करते ाै , और िे री आजवएं नाीं िवनते ! पभु काते ाै .
30
48 तू उ्के ्ब कविों और कलनवओंके ्वरव उ् घृवणत पुरष के पीछे ाो वलयव; इ् कवरण परिे शर कातव ाै , 49 िै तुझ पर विपव्यवं भेजूंगव; विरिवपन, दरर्तव, अकवल, तलिवर और िरी, वक तेरे घर उजवड ाो जवएं , और विनवश और िृ तु ाो जवएं । 50 और तेरी शखय की िवािव फूल की नवईं ्ू ि जवएगी, और जो तेरे ऊपर भेजव गयव ाै उ् ्े गि् उतन ाोगी। 51 तू कोडे लगनेिवली कंगवल सी के ्िवन, और घविों ्े तवडनव पवनेिवली के ्िवन वनबय ल ाो जवएगी, यावं तक वक शूरिीर और पेिी भी तुझे गाण न कर ्केगे । ाि तुिको 52 कव िै डवा ्े तेरे विरू आगे बढतव, याोिव की याी िवणी ाै , 53 यवद तू ने िे रे िुने हओं को ्दै ि अपने ावथों की िवर ्े घवत न वकयव ाोतव, और ितिवले ाोकर उनके िरे हओं के विषय िे या न काव ाोतव, 54 अपने िु ि की ्ु नरतव पगर करो? 55 तेरे ववभिवर कव पवतफल तेरी गोद िे राे गव, इ्वलथे तुझे पवतफल विले गव। 56 याोिव की या िवणी ाै , जै ्व तू ने िे रे िुने हओं के ्वथ वकयव ाै , िै ्व ाी परिे शर तुझ ्े करे गव, और तुझे विपव् िे डवले गव। 57 तेरे लडके भूिों िरे गे , और तू तलिवर ्े िवरव जवएगव; तेरे नगर ढवए जवएं गे , और तेरे ्ब लोग िै दवन िे तलिवर ्े नवश वकए जवएं गे । 58 और पावडोंके लोग भूि ्े िरे गे , और अपनव िवं ् िवएं गे, और अपनव ाी लोह पीएं गे , कोंवक िे रोरी और पवनी के भूिे ाोंगे। 59 तू दु :ि की नवईं ्िु ् के पवर ाोकर आएगव, और वफर विपव्यवं गाण करे गव। 60 और िवगय िे िे उजडे हए नगर पर रविव बोले गे, और तेरे दे श कव कुछ भवग नवश करे गे , और तेरी िवािव कव कुछ भवग लू र ले गे, और नवश हए बवबु ल िे लरर जवएं गे । 61 और तू उनके ्वरव भू्ी के ्िवन फेक वदयव जवएगव, और िे तेरे वलये आग के ्िवन ठारे गे ; 62 और तेरे नगरोंऔर भूवि और पावडोंको भी ्तवनवश कर डवले गे; तेरे ्वरे जं गल और फलदवर िृ ् आग िे जलव वदए जवएं गे । 63 तेरे लडकेबवले बनु िवई िे ले जवएं गे , और जो कुछ तेरव ाै उ्े भी लू र ले गे, और तेरे िु ि की शोभव वबगवड दे गे।
12 पृयिी और उ्की नेिे भी डोल उठी;ं ्िु ् की गारवइयों ्े लारे उठती ाै , और उ्की लारे और िछवलयवू भी याोिव के ्वमने और उ्की शखय के तेज के ्वमने ववकुल ाो जवती ाै । 13 कोंवक उ्कव दवानव ावथ जो रनुष को झुकवतव ाै , िा बलिन ाै , और उ्के तीर जो िा िलवतव ाै िे िोिे ाै , और जब िे जगत की छोर तक िवरे जवने लगे गे, तब िे िूकेगे नाीं। 14 दे िो, विपव्यवं भेजी गई ाै , और जब तक पृयिी पर न आएं तब तक लररकर न आएं गी। 15 आग भडक उठी ाै , और जब तक पृयिी की नेि को भस न कर दे तब तक नाीं बु झेगी। 16 जै ्े परवकिी रनुरयर कव छोडव हआ तीर पीछे नाीं लररतव, िै ्े ाी विपव्यवं जो पृयिी पर भडकेगी, वफर लररकर न आएं गी। 17 ावय िु झ पर! वरकवर ाै िु झ पर! उन वदनों िे िु झे करन छु डवएगव? 18 दु :ि और बडे शोक कव आरम; अकवल और िाविृ तु की शुरआत; युूों की शुरआत, और शखययवू भयभीत ाो जवएू गी; बु रवइयों की शुरआत! जब ये बु रवइयवू आएू गी तो िै कव कर ू गव? 19 दे िो, अकवल और िाविवरी, केश और पीडव, ्ु रवर के वलए विपव् के रप िे भेजे गए ाै । 20 परनु इन ्ब बवतोंके कवरण भी िे अपनी दु षतव ्े न वफरे गे , और विपव्योंपर ्िय दव सरण न रिेगे। 21 दे ि, पृयिी पर भोजन की िसु एं इतनी ्सी ाो जवएं गी, वक िे अपने आप को अचव ्िझेगे, और तब पृयिी पर विपव्यवं , तलिवर, िां गी, और बडव उप्ि बढे गव। 22 कोंवक पृयिी के रानेिवलोंिे ्े बहतेरे भूि ्े नवश ाोंगे; और दू ्रे जो भूि ्े बि जवएं , उनको तलिवर ्े नवश वकयव जवएगव। 23 और िरे हए गोबर के ्िवन फेक वदए जवएं गे , और कोई उनको शवखन दे नेिवलव न ाोगव; कोंवक पृयिी उजड जवएगी, और नगर ढवए जवएं गे । 24 पृयिी पर िेती करने िव बोनेिवलव कोई िनुष न राे गव 25 िृ झ फल लवएं गे, और उनको करन बरोरे गव? 26 अं गूर पकेगे , और उने करन ररंदेगव? कोंवक ्ब सथवन िनुषों ्े उजवड ाो जवएं गे; 27 यावं तक वक एक िनुष दू ्रे को दे िने, और उ्कव श् ्ु नने की इचव करे गव। 28 कोंवक एक नगर िे ्े द् बिे राे गे, और दो िै दवन िे , जो घने अशेरव और िटवनों की दरवरों िे वछप जवएं गे । 29 जै ्े जै तून की बवरी िे एक एक पेड पर तीन यव िवर जै तून बिे राते ाै ; 30 यव जै ्े जब दवि की बवरी इकटी की जवती ाै , तो जो लोग दवि की बवरी िे यर ्े ढू ं ढते ाै , उन िे ्े कुछ झुण रा जवते ाै ; 31 इ्ी रीवत ्े उन वदनोंिे जो तलिवर ्े उनके घरोंकी तलवशी ले ते ाै उन िे ्े तीन यव िवर लोग बिे राे गे। 32 और पृयिी उजवड ाो जवएगी, और उ्के िेत पुरवने ाो जवएं गे , और उ्के िवगय और ्ब िवगय कवं रों ्े भर जवएं गे, कोंवक कोई उ् ्े ाोकर िलने न पवएगव। 33 कुूिवररयवू वबनव दू ले के विलवप करे गी; खसयवू वबनव पवत के विलवप करे गी; उनकव बे वरयवू विलवप करे गी, और उनकव कोई ्ावयक न ाोगव। 34 उनके दू ले युू िे नवश ाो जवएं गे, और उनके पवत भूि ्े िर जवएं गे । 35 ाे याोिव के दव्ो, ये बवते ्ु नो, और ्िझो। 36 दे िो, याोिव कव ििन ाै , गाण करो; वजन दे ितवओं की ििवय याोिव ने की ाै उन पर विशव् ित करो। 37 दे िो, विपव्यवं वनकर आती ाै , और थिती नाीं।
अध्य 16 1 ाे बवबु ल, और आव्यव, तुि पर ावय! ाे विस और ्ीररयव, तुि पर वरकवर ाै ! 2 और अपके अपके अपके अपके अपके बवलकोंके वलथे विलवप करो, और शोक करो; कोंवक तुमवरव विनवश वनकर ाै । 3 तेरे पव् तलिवर भेजी गई ाै , और उ्े करन लररव ्कतव ाै ? 4 तुमवरे बीि आग भडक उठी ाै , उ्े करन बु झव ्कतव ाै ? 5 तुमवरे पव् विपव्यवं भेजी गई ाै , और िा करन ाै जो उने दू र कर ्के? 6 कव कोई िनुष भूिे व्ं ा को जं गल िे ्े भगव ्कतव ाै ? कव िूंरी के जलने पर कोई उ्की आग बु झव ्कतव ाै ? 7 कव कोई बलिन रनुरयर कव छोडव हआ तीर वफर फेर ्कतव ाै ? 8 परवकिी याोिव विपव्यवं भेजतव ाै , और िा करन ाै जो उने दू र कर ्कतव ाै ? 9 उ्के कोर ्े आग भडकेगी, और उ्े बु झवनेिवलव करन ाै ? 10 िा वबजवलयवं वगरवएगव, और करन न डरे गव? िा गरजे गव, और करन न डरे गव? 11 याोिव रिकी दे गव, और करन उ्के ्वमने कूरकर िूणय न कर दे गव?
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38 जै ्े जब सी नरिे िाीने िे बे रे को जन दे ती ाै , तो दो-तीन घंरे तक उ्के पेर िे बडी पीडव ाोती राती ाै , और जब बचव उतन ाोतव ाै , तब एक ्ण की भी पीडव नाीं ाोती। 39 इ्ी रीवत ्े विपव्यवं पृयिी पर आने िे विलम ्े न ाोंगी, और जगत छवती पीरे गव, और िवरों ओर ्े दु :ि पडे गव। 40 ाे िे री पजव, िे रव ििन ्ु न, युू के वलथे तैयवर ाो, और उन विपव्योंिे पृयिी पर पवथकोंकी नवईं ाो। 41 जो बे ितव ाै , िा भवगने िवले के ्िवन ाो; और जो िोल ले तव ाै , िा ाववन उठवनेिवले के ्िवन ाो। 42 जो िवल कव ववपवर करतव ाै , िा उ् ्े कुछ लवभ नाीं पवतव, और जो वनिवय ण करतव ाै , िा उ् िे राने न पवतव। 43 जो बोतव ाै , िा िवनो कवरतव ाी नाीं; िै ्े ाी दवि की बवरी लगवनेिवलव भी ऐ्व ठारतव ाै , िवनो अं गूर न तोड ्के। 44 जो बवा करते ाै , िे उनके ्िवन ाोते ाै वजनके ्नवन नाीं ाोती; और जो वििवा नाीं करते, िे विरु र के ्िवन ाै । 45 इ् कवरण पररशि करनेिवलोंकव पररशि वथय ाोतव ाै ; 46 कोंवक परदे शी उनकव फल कवरे गे, और उनकी ्मव् लू र ले गे, उनके घरोंको उजवड दे गे, और उनके बचों को बनु िवई िे ले ले गे, कोंवक बनु िवई और िां गी िे उनके बचे उतन ाोंगे। 47 और जो अपनव िवल लू र ले ते ाै , िे उतनव ाी अपने नगरों, और घरों, और ्मव्यों, और वनज ्मव् को लू र ले ते ाै । 48 याोिव कव याी ििन ाै , वक िै उनके पवप के कवरण उन पर और भी अवरक कोवरत ाोऊंगव। 49 जै ्े कोई िे शव वक्ी ्ीरी ्वरी और ्दविवररणी सी ्े डवा करती ाै ; 50 इ्वलये रिय अरिय ्े बै र रिेगव, जब िा अपनव शृं गवर करे गी, और जब िा आकर उ्की र्व करे गव, जो पृयिी पर ्ब पवपों कव भलीभवं वत पतव लगवतव ाै , तब िा उ्के ्वमने उ् पर दोष लगवएगी। 51 और इ्वलथे तुि उ्के ्िवन न ाो जवओ, और न उ्के कविोंके ्िवन ाो जवओ। 52 कोंवक थोडे ाी िे अरिय पृयिी पर ्े दू र वकयव जवएगव, और तुमवरे बीि रिय रवज करे गव। 53 पवपी या न काे , वक उ् ने पवप नाीं वकयव; कोंवक परिे शर उ्के व्र पर आग के अं गवरे जलवएगव, और िा पभु परिे शर और अपनी िवािव के ्वमने कातव ाो, िै ने पवप नाीं वकयव। 54 दे िो, पभु िनुषों के ्ब कविों को, उनकी कलनवओं, वििवरों और उनके हदयों को जवनतव ाै ; 55 वज् ने या ििन वदयव, पृयिी बनवई जवए; और या बनवयव गयव: सगय बनवयव जवए; और इ्े बनवयव गयव. 56 उ्के ििन ्े तवरे बने, और िा उनकी वगनती जवनतव ाै । 57 िा गवारे रन और उ्के िजवनों को ढू ं ढतव ाै ; उ् ने ्िु ् को, उ् िे जो कुछ ाै , ्ब नवप वलयव ाै । 58 उ् ने ्िु ् को जल के बीि िे बन कर वदयव, और अपने ििन ्े पृयिी को जल के ऊपर लरकव वदयव। 59 िा आकवश को बनरगवा के ्िवन फैलवतव ाै ; उ् ने उ्े जल के ऊपर सथववपत वकयव। 60 उ् ने जं गल िे जल के ्ोते, और पावडोंकी िोवरयोंपर कुण बनवए, वक ऊंिी िटवनों्े बवढ वनकलकर पृयिी पर जल बर्वए। 61 उ् ने िनुष को बनवयव, और उ्कव िन शरीर के बीि िे लगवयव, और उ्े ्वं ्, जीिन और ्िझ दी। 62 ावं , ्िय शखयिवन परिे शर कव आतव, वज्ने ्ब कुछ बनवयव, और पृथी के रासों िे ्ब वछपी हई बवतों कव पतव लगवतव ाै ,
63 वनशय िा तुमवरे आविषवरों को जवनतव ाै , और तुि अपने िन िे कव ्ोिते ाो, अथवय तत उन लोगों को भी जो पवप करते ाै , और अपनव पवप वछपवनव िवाते ाै । 64 इ्वलथे याोिव ने तुमवरे ्ब कविोंको भलीभवं वत जवं ि वलयव ाै , और तुि ्ब को लख्त करे गव। 65 और जब तुमवरे पवप पगर ाोंगे, तब तुि िनुषोंके ्वमने लख्त ाोगे , और उ् वदन तुमवरे ाी पवप ाी तुि पर दोष लगवनेिवले ठारे गे । 66 तुि कव करोगे ? यव तुि अपने पवपों को परिे शर और उ्के सगय दूतों के ्वमने कै्े वछपवओगे ? 67 दे िो, परिे शर आप ाी नवयी ाै , उ् ्े डरो; अपने पवपों ्े दू र राो, और अपने अरिय के कविों को भूल जवओ, और ्दव के वलये उन िे ास्ेप न करो; इ्ी रीवत ्े परिे शर तुमे आगे ले जवएगव, और तुमे ्ब विपव्यों ्े बिवएगव। 68 कोंवक दे िो, बडी भीड कव कोर तुि पर भडकव ाै , और िे तुि िे ्े कुछ को छीन ले गे, और आल्ी ाोकर िू रतों पर िढवए हए पदवथ् ्े तुमे खिलवएं गे । 69 और जो उन ्े ्ाित ाों, िे ठटों िे और वननव िे , और पैरों ्े ररंदे जवएं गे । 70 कोंवक याोिव के डरिै यों्े ्ब सवनोंिे और ्ब नगरोंिे बडव बलिव ाोगव। 71 िे पवगलोंके ्िवन ाोंगे, और वक्ी को भी न बखेगे, िरन याोिव के डरिै योंको लू रेगे और नवश करे गे । 72 कोंवक िे उनकव िवल उजवड दे गे, और उनकव िवल छीन ले गे, और अपने घरों ्े वनकवल दे गे। 73 तब िे पगर ाो जवएं गे, जो िे रे िुने हए ाै ; और िे आग िे ्ोने के ्िवन जवं िे जवएं गे । 74 ाे िे रे वपयो, ्ु नो, याोिव की याी िवणी ाै : दे िो, ्ं कर के वदन वनकर ाै , परनु िै तुमे उ् ्े बिवऊंगव। 75 ित डरो, और न ्ने ा करो; कोंवक परिे शर तुमवरव िवगय दशयक ाै , 76 और जो िे री आजवओं और उपदे शोंको िवनते ाै , उनके अगु िे, पभु याोिव यों कातव ाै , तुमवरे पवप तुि पर भवरी न पडे , और तुमवरे अरिय के कवि तुि पर न बढे । 77 वरकवर ाै उन पर जो अपने पवपों ्े बं रे ाै , और अपने पवपों ्े ढके हए ाै जै ्े कोई िै दवन झववडयों ्े , और उ्कव िवगय कवू रों ्े ढू कव हआ ाो, वज् ्े कोई िनुष न िल ्के! 78 उ्े वबनव कपडों के छोड वदयव जवतव ाै , और भस ाोने के वलये आग िे डवल वदयव जवतव ाै ।
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अध्याय 1
अनाएल के पुत्र अम्बखयाखरूस को अपने नपता के लेखाओों और सब कामोों का अनधकारी ननयुक्त नकया। 22 और अम्बखक्रुस मेरे नलये नबनती करके नीनवे को ल ट आया। और अम्बखयाकारुस नपलानेहारा, और मुहर का रखवाला, और भण्डारी, और नहसाब-नकताब का दे ख-रे ख करनेवाला था; और सारकेदोनुस ने उसे अपने पास ननयुक्त नकया: और वह मेरे भाई का पुत्र था।
1 टोबीत के वचनोों की पुस्तक, वह तोबीएल का पुत्र, वह अनानीएल का पुत्र, वह अदू एल का पुत्र, वह गबाएल का पुत्र, और नेप्ताली के गोत्र में से असाएल के वोंश में से था; 2 जो अश्शूररयोों के राजा एनेमेसार के समय में बन्धुवाई करके इस्बे से ननकाला गया, जो उस नगर के दानहने हाथ पर है, नजसे गलील में आसेर के ऊपर नेफ्थाली कहा जाता है । 3 मैं तोबीत अपके जीवन भर सत्य और न्याय के मागग पर चलता रहा, और मैं ने अपके भाइयोोंऔर अपक्की जानत के नलथे, जो मेरे साय अश्शूररयोोंके दे श नननेवे को आए थे, बहुत से दान नकए। 4 और जब मैं अपने दे श में, अथागत् इस्राएल के दे श में या, और छोटा ही या, तब मेरे नपता नेप्ताली का सारा गोत्र यरूशलेम के घराने में से नगर गया, और इस्राएल के सब गोत्रोों में से इसनलये चुन नलया गया, नक सब गोत्रोोंके लोग बनल चढाएों । वहाों, जहाों परमप्रधान के ननवास का मोंनदर सभी युगोों के नलए पनवत्र और नननमगत नकया गया था। 5 और नजतने गोत्रोोंने एक होकर बलवा नकया, और मेरे नपता नप्ताली के घराने ने बनछया बाल के नलथे बनलदान नकया। 6 परन्तु मैं अकेला ही पवों में यरूशलेम को जाया करता था, जैसा नक इस्राएल के सब लोगोों के नलये सनातन ननयम के अनुसार ठहराया गया था, नक उन्हें पनहले फल और पनहले कतरे हुए अन्न का दसवाों अोंश भी नदया जाए; और उन्होोंने मैं को वेदी पर हारून की सन्तान याजकोों को सप ों नदया। 7 सारी उपज का पनहला दसवाों भाग मैं ने हारून के पुत्रोों को नदया, जो यरूशलेम में सेवा टहल करते थे; और दसवाों भाग भी मैं बेचकर प्रनत वर्ग यरूशलेम में खचग करता था। 8 और तीसरा मैं ने अपने नपता की माता दे बोरा की आज्ञा के अनुसार उनको दे नदया, जो उनचत था, क्ोोंनक मेरे नपता ने मुझे अनाथ छोड़ नदया था। 9 नफर जब मैं पुरूर् का हो गया, तब मैं ने अपनी ही कुटु म्बी अन्ना से ब्याह नकया, और उस से टोबीयाह उत्पन्न हुआ। 10 और जब हम बोंधुआई में नीनवे को ले जाए गए, तब मेरे सब भाइयोोंऔर मेरे कुटु म्बम्बयोोंने अन्यजानतयोोंकी रोटी खाई। 11 परन्तु मैं ने अपने आप को भोजन से रोक रखा; 12 क्ोोंनक मैं ने परमेश्वर को पूरे मन से स्मरण नकया। 13 और परमप्रधान ने मुझ पर एनेमेसर के साम्हने अनुग्रह और अनुग्रह नकया, नक मैं उसका पालनहार हुआ। 14 और मैं मादे में गया, और गनियास के भाई गबाएल के हाथ में मेनदयोों के नगर रगेस में दस नकक्कार चान्दी छोड़ गया। 15 जब एनेमेसार मर गया, तब उसका पुत्र सन्हे रीब उसके स्थान पर राज्य करने लगा; नजसकी सोंपनि परे शान थी, नक मैं मीनिया में नहीों जा सका। 16 और एनेमेसर के समय में मैं ने अपने भाइयोोंको बहुत दान नदया, और अपनी रोटी भूखोोंको म्बखला दी, 17 और नोंगे को मेरे वस्त्र पहनाए; और यनद मैं ने अपक्की जानत में से नकसी को मरा हुआ या नीनवे की शहरपनाह पर फेंका हुआ दे खा, तो उसे नमट्टी दी। 18 और यनद सन्हे रीब राजा ने आकर नकसी को घात नकया हो, और वह यहूनदया से भाग गया हो, तो मैं ने उनको गुप्त में नमट्टी दी; क्ोोंनक उसने अपने क्रोध में बहुतोों को मार िाला; परन्तु जब राजा से शव ढू ों ढे गए तो वे नहीों नमले। 19 और नीनवेइयोों में से एक ने जाकर राजा से मेरे नवर्य में नशकायत की, नक मैं ने उनको नमट्टी दी, और अपने आप को नछपा रखा; यह समझ कर नक मुझे मार िालना चाहा गया है , मैं िर के मारे अपने आप से अलग हो गया। 20 तब मेरा सारा धन बलपूवगक छीन नलया गया, और मेरी पत्नी हन्ना और मेरे पुत्र टोनबयास को छोड़ मेरे पास कुछ भी न बचा। 21 और साढे पाोंच स नदन भी न बीते, नक उसके दो बेटोों ने उसे मार िाला, और वे अरारात के पहाड़ोों में भाग गए; और उसका पुत्र सारकेदोनस उसके स्थान पर राज्य करने लगा; और उसने मेरे भाई
अध्याय दो 1 अब जब मैं नपन्तेकुस्त के पवग पर, जो सात सप्ताहोों का पनवत्र पवग है , घर आया, और मेरी पत्नी हन्ना और मेरा पुत्र टोबीयाह मेरे पास आ गए, तो उस समय मेरे नलये बनढया भोजन तैयार नकया गया। मैं खाना खाने बैठ गया. 2 और जब मैं ने बहुत सारा माोंस दे खा, तो अपने बेटे से कहा, जा कर हमारे भाइयोों में से जो प्रभु का स्मरण रखता हो, उस कोंगाल को ले आ; और, दे खो, मैं तुम्हारे नलए इों तजार कर रहा हूूँ । 3 परन्तु वह नफर आया, और कहा, हे नपता, हमारी जानत में से एक पु रूर् गला घोोंटा जाएगा, और बाजार में फेंक नदया जाएगा। 4 तब मैं ने माोंस का स्वाद चखने से पनहले ही चल नदया, और सूयग िू बने तक उसे एक कोठरी में ले गया। 5 तब मैं ल ट आया, और नहा धोकर पेट भर भोजन खाया। 6 और आमोस की उस भनवष्यद्वाणी को स्मरण करके, जो उस ने कहा या, नक तेरी पम्बबगयाों शोक में, और तेरा सारा आनन्द नवलाप में बदल जाएगा। 7 इसनलये मैं रोया: और सूरज िू बने के बाद मैं ने जाकर कि बनाई, और उसे नमट्टी दी। 8 परन्तु मेरे पड़ोनसयोों ने मेरा ठट्ठा करके कहा, यह मनुष्य अब तक इस बात के कारण मार िाले जाने से नहीों िरता: जो भाग गया; और नफर भी, दे खो, वह मरे हुओों को नफर से गाड़ता है । 9 उसी रात मैं भी गाड़ से ल ट आया, और अशुद्ध होकर अपने आों गन की भीत के पास सो गया, और मुोंह उघाड़े हुए या। 10 और मैं न जानता था, नक शहरपनाह में ग रै या हैं, और मेरी आों खें खुली हैं , और ग रै योों ने मेरी आों खोों में गरम गोबर िाला, और मेरी आों खोों में सफेदी छा गई; और मैं वैद्ोों के पास गया, परन्तु उन्होोंने मेरी कुछ सहायता न की; जब तक मैं एनलमाइस में नहीों गया, अनचयाचारस ने मेरा पोर्ण नकया। 11 और मेरी पत्नी हन्ना ने म्बस्त्रयोों का काम नलया। 12 और जब उस ने उन्हें स्वानमयोोंके पास घर भेज नदया, तब उन्होों ने उसको मजदू री दी, और एक बच्चा भी नदया। 13 और जब वह मेरे घर में थी, और नचल्लाने लगी, तब मैं ने उस से पूछा, यह बच्चा कहाों का है ? क्ा यह चोरी नहीों हुई है ? इसे मानलकोों को स प ों ें; क्ोोंनक चुराई हुई वस्तु खाना उनचत नहीों। 14 परन्तु उस ने मुझ से उिर नदया, यह मजदू री से अनधक की भेंट के नलथे नदया गया है । हालाूँनक, मैंने उस पर नवश्वास नहीों नकया, लेनकन उसे इसे मानलकोों को स प ों ने का आदे श नदया: और मैं उस पर लम्बित हो गया। परन्तु उस ने मु झ से उिर नदया, तेरे दान और तेरे धमग के काम कहाों गए? दे ख, तू और तेरे सारे काम प्रगट हो गए हैं । अध्याय 3 1 तब मैं उदास होकर रोया, और शोक में प्राथगना करके कहा, 2 हे यहोवा, तू न्यायी है , और तेरे सब काम और तेरी सारी चाल-चलन दया और सच्चाई है , और तू सवगदा सच्चा और न्यायपूणग न्याय करता है। 3 मुझे स्मरण कर, और मुझ पर दृनि करके मुझे मेरे पापोों और अज्ञानता का, और मेरे बापदादोों के पापोों का दण्ड न दे , जो तु झ से पनहले पाप करते आए हैं । 4 क्ोोंनक उन्होोंने तेरी आज्ञाएों नहीों मानीों; इस कारण तू ने हमें लूटने, और बन्धुवाई, और मार िालने के नलये स प ों नदया है , और उन सब जानतयोोंके बीच में नजनके बीच हम नततर-नबतर हो गए हैं , हमारी नामधराई हुई है।
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5 और अब तेरे न्याय बहुत से और सच्चे हैं ; मेरे और मेरे पुरखाओों के पापोों के अनुसार मुझ से व्यवहार कर; क्ोोंनक हम ने तेरी आज्ञाएों नहीों मानीों, और तेरे साम्हने सच्चाई पर नहीों चले। 6 इसनलये अब जो तुझे उनचत समझे वही मुझ से व्यवहार कर, और मेरी आत्मा को मु झ से छीन ले ने की आज्ञा दे , नक मैं घुलकर नमट्टी में नमल जाऊों; क्ोोंनक मेरे नलये जीनवत रहने से अच्छा मरना ही भला है , क्ोोंनक मैं ने झूठ सुना है । तु म नामधराई करते हो, और बहुत दु :ख करते हो; इसनलये आज्ञा दो, नक मैं अब इस सोंकट से छूटकर सवगदा के स्थान में चला जाऊों; अपना मुख मुझ से न फेर ले। 7 उसी नदन ऐसा हुआ, नक मेनदया के एकबताने नगर में रागुएल की बेटी सारा को भी उसके नपता की ल नों ियोोंने अपमाननत नकया; 8 क्ोोंनक वह सात पनतयोोंके साथ ब्याह चुकी थी, और नजन को अस्मोदु स दु िात्मा ने उस से सहवास करने से पनहले मार िाला या। उन्होोंने कहा, क्ा तू नहीों जानती, नक तू ने अपने अपने पनतयोों का गला घोोंट िाला है ? तुम्हारे पहले से ही सात पनत थे, उनमें से नकसी के नाम पर भी तुम्हारा नाम नहीों रखा गया। 9 तू उनके नलये हम को क्ोों मारता है ? यनद वे मर जाएों , तो उनके पीछे हो लेना, ऐसा न हो नक हम तुझे कभी बेटा या बेटी दे खें। 10 जब उसने ये बातें सुनीों, तो वह बहुत उदास हुई, यहाों तक नक उस ने सोचा, नक अपना गला घोोंट िालूों; और उस ने कहा, मैं अपने नपता की एकल ती बेटी हूों , और यनद मैं ऐसा करू ों गी, तो उसका अपमान होगा, और मैं उसके बुढापे को दु :ख सनहत अधोलोक में पहुों चा दू ों गी। 11 तब उस ने म्बखड़की की ओर मुोंह करके प्राथगना की, और कहा, हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू धन्य है , और तेरा पनवत्र और मनहमामय नाम सवग दा धन्य और आदरयोग्य है ; तेरे सारे काम सवगदा तेरी प्रशोंसा करें । 12 और अब, हे यहोवा, मैं अपनी आों खें और अपना मुख तेरी ओर लगाए रखता हूों , 13 और कह, मुझे पृय्वी पर से उठा ले, नक मैं नफर नामधराई न सुनूों। 14 हे प्रभु, तू जानता है , नक मैं मनुष्य के सब पापोों से शुद्ध हूों । 15 और मैं ने अपके बन्धुवाई के दे श में अपना नाम और अपके नपता का नाम कभी अशुद्ध न नकया; मैं अपके नपता की एकल ती बेटी हूों , न उसके कोई सन्तान है , और न उसका कोई ननकट कुटु म्बी है , और न उसका कोई पुत्र है । उसके जीनवत रहने पर मैं अपने आप को उसके नलये ब्याह रखूों: मेरे सातोों पनत तो मर चुके हैं ; और मुझे क्ोों जीना चानहए? परन्तु यनद तुझे यह अच्छा नहीों लगता, नक मैं मर जाऊों, तो मु झे आज्ञा दे , और मुझ पर दया कर, नक मैं नफर नामधराई न सुनूों। 16 इस प्रकार उन दोनोोंकी प्राथगनाएों महान परमेश्वर के प्रताप के साम्हने सुनी गईों। 17 और राफेल को उन दोनोों को चोंगा करने, अथागत टोबीत की आों खोों की सफेदी दू र करने, और रागुएल की बेटी सारा को टोबीत के पुत्र टोबीयाह से ब्याह दे ने के नलये भेजा गया; और एस्मोिे स को दु िात्मा बाूँधने के नलये; क्ोोंनक वह नवरासत के अनधकार से टोनबयास की थी। उसी समय टोबीत घर आया, और अपने घर में गया, और रागुएल की बेटी सारा अपनी अटारी से उतरी।
6 क्ोोंनक यनद तू सच्चाई से काम करे गा, तो तेरे कामोों का तु झे और सब धमग से जीनेवालोों को फल नमलेगा। 7 अपनी सम्पनि में से दान करना; और जब तू दान करे , तो िाह न करना, और नकसी कोंगाल से मुोंह न मोड़ना, और परमेश्वर का मुोंह तुझ से न हटना। 8 यनद तेरे पास धन हो तो उसके अनुसार दान दे ना; यनद तेरे पास थोड़ा हो, तो उस थोड़े के अनुसार दे ने से न िरना। 9 क्ोोंनक तू नवपनि के नदन के नलथे अपने नलथे अच्छा भण्डार इकट्ठा करता है । 10 क्ोोंनक वह दान मृत्यु से बचाता है , और अन्धकार में पड़ने नहीों दे ता। 11 क्ोोंनक दान परमप्रधान की दृनि में सब दे ने वालोों के नलये अच्छा दान है । 12 हे मेरे पुत्र, सब प्रकार के व्यनभचार से सावधान रह, मुख्य करके अपने पुरखाओों के वोंश में से नकसी से स्त्री ब्याह करना, और पराई स्त्री से जो तेरे नपता के गोत्र की न हो, ब्याह न लेना; क्ोोंनक हम हे इिाहीम भनवष्यद्वक्ताओों की सन्तान हैं । , इसहाक, और याकूब: हे मेरे पुत्र, स्मरण रख, नक हमारे पुरखा आनद से सब ने अपनी ही जानत की म्बस्त्रयोों से ब्याह नकया, और अपने अपने वोंश में आशीर् पाए, और उनका वोंश दे श का अनधक्कारनेी होगा। 13 इसनलये अब हे मेरे पुत्र, तू अपने भाइयोों से प्रेम रख, और अपने भाइयोों अथागत अपनी प्रजा के बेटे-बेनटयोों को मन में तुच्छ न जाना, और उन में से नकसी को ब्याह न ले; क्ोोंनक अनभमान से नवनाश और बहुत उपद्रव होता है , और महापाप से नवनाश होता है और बड़ी कमी है : क्ोोंनक अपनवत्रता अकाल की जननी है । 14 नकसी मनुष्य ने जो कुछ तेरे नलथे काम नकया हो, उसका पाररश्रनमक रोक न रखना; परन्तु उसे हाथ से दे दे ना; क्ोोंनक यनद तू परमेश्वर की सेवा करे गा, तो वह भी तुझे प्रनतफल दे गा; हे मेरे पुत्र, तू जो कुछ भी करता है , उस में च कस रह और अपनी सारी बातचीत में बुम्बद्धमान बनो। 15 नजस मनुष्य से तू बैर रखता है उसके साथ वैसा ही व्यवहार करना; दाखमधु न नपलाना जो तुझे मतवाला बना दे ; और मतवालापन तेरे सोंग यात्रा में न हो। 16 अपनी रोटी भूखोोंको, और अपने वस्त्रोोंमें से नोंगे लोगोोंको दे ; और अपनी बहुतायत के अनुसार दान दे ना; और जब तू दान दे , तो िाह न करना। 17 धनमगयोों के गाड़ने के नलये अपनी रोटी उण्डे ल दो, परन्तु दु िोों को कुछ न दो। 18 सब बुम्बद्धमानोों से सम्मनत पूछो, और नकसी लाभ की सम्मनत को तुच्छ न जानना। 19 अपके परमेश्वर यहोवा को सदा धन्य कह, और उसी से अनभलार्ा कर, नक तेरा मागग सीधा हो, और तेरे सब मागग और युम्बक्तयाों सफल होों; परन्तु यहोवा आप ही सब अच्छी वस्तुएों दे ता है , और नजसे चाहता है , उसे अपनी इच्छानुसार नम्र बनाता है ; इसनलये अब, हे मेरे पुत्र, मेरी आज्ञाओों को स्मरण रख, और उन्हें अपने मन से न जाने दे । 20 और अब मैं उन्हें यह बताता हूों, नक मैं ने मेनदया के रागेस में गनियास के पुत्र गबाएल को दस नकक्कार स प ों े हैं । 21 और हे मेरे बेटे, इस से मत िर, नक हम कोंगाल हो गए; क्ोोंनक यनद तू परमेश्वर का भय माने, और सब पापोों से दू र रहे , और जो उसे भाए वही करे , तो तू बहुत धन पाएगा।
अध्याय 4 1 उस नदन टोबीत को वह धन स्मरण आया, जो उस ने मेनदया के क्रोध में गबाएल को नदया था। 2 और आप से कहा, मैं ने तो मृत्यु की अनभलार्ा की है ; मैं अपने बेटे टोनबयास को क्ोों नहीों बुलाता नक मरने से पहले उसे धन का सोंकेत दे दू ों ? 3 और उस ने उसे बुलाकर कहा, हे मेरे बेटे, जब मैं मर जाऊों, तो मुझे नमट्टी दे ना; और अपनी माता का नतरस्कार न करना, वरन जीवन भर उसका आदर करना, और नजस से वह प्रसन्न हो वही काम करना, और उसे उदास न करना। 4 हे मेरे पुत्र, स्मरण कर, नक जब तू उसके पेट में था, तब उस ने तेरे नलये बहुत बड़े खतरे दे खे; और जब वह मर जाए, तो उसे मेरे पास एक कि में गाड़ दे ना। 5 हे मेरे पुत्र, तू जीवन भर अपने परमेश्वर यहोवा का स्मरण करता रहे , और तू पाप करने, और उसकी आज्ञाओों का उल्लोंघन न करने पाए; तू जीवन भर सीधाई से काम करता रह, और अधमग के मागग पर न चलना।
अध्याय 5 1 तोबीयाह ने उिर नदया, हे नपता, जो कुछ तू ने मु झ से कहा है वह सब मैं करू ों गा; 2 परन्तु मैं रूपया कैसे ले सकता हूों, क्ोोंनक मैं उसे नहीों जानता हूों ? 3 तब उस ने उसे नलखावट दे कर कहा, एक पुरूर् को ढू ों ढ ले जो मेरे जीनवत रहते तक तेरे सोंग चले, और मैं उसे मजदू री दू ों गा; और जाकर रूपया ले ले। 4 इसनलये जब वह मनुष्य को ढू ों ढने को गया, तो उसे राफेल अथागत स्वगगदूत नमला।
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5 परन्तु वह नहीों जानता था; और उस ने उस से कहा, क्ा तू मेरे साथ रे जेज को चल सकता है ? और क्ा आप उन स्थानोों को अच्छी तरह से जानते हैं ? 6 स्वगगदूत ने उस से कहा, मैं ते रे साय चलूोंगा, और मागग भली भाूँनत जानता हूों ; क्ोोंनक मैं ने हमारे भाई गबाएल के यहाों नटकी है । 7 तब टोबीयाह ने उस से कहा, जब तक मैं अपने नपता से न कहूों , तब तक मेरी सेवा करना। 8 तब उस ने उस से कहा, जा, दे र न कर। तब उस ने भीतर जाकर अपने नपता से कहा, सुन, मुझे एक नमल गया है जो मेरे सोंग चलेगा। तब उस ने कहा, उसे मेरे पास बुला, नक मैं जानूों नक वह नकस गोत्र का है , और क्ा वह तेरे सोंग चलने के नलथे नवश्वासयोग्य मनुष्य है । 9 तब उस ने उसे बुलाया, और वह भीतर आया, और उन्होोंने एक दू सरे को नमस्कार नकया। 10 तब टोबीत ने उस से कहा, हे भाई, मुझे बता नक तू नकस गोत्र और कुल का है । 11 उस ने उस से कहा, क्ा तू नकसी गोत्र वा कुल वा नकसी मजदू र को ढू ों ढता है जो तेरे बेटे के सोंग चले? तब टोबीत ने उस से कहा, हे भाई, मैं तेरे कुटु म्ब का और नाम जानूोंगा। 12 तब उस ने कहा, मैं अजयागह जो महान् हनन्याह का पुत्र और तेरे भाइयोोंमें से हूों । 13 तब टोबीत ने कहा, हे भाई, तेरा स्वागत है ; अब मुझ पर क्रोध न करना, क्ोोंनक मैं ने तेरे गोत्र और तेरे कुल का हाल जानने के नलये पूछताछ की है ; क्ोोंनक तू मेरा भाई है , और नेक और धनवान है ; क्ोोंनक मैं उस महान सामायाह के पुत्र हनन्याह और योनातास को जानता हूों , जब हम इकट्ठे होकर यरूशले म को दण्डवत् करने को जाते थे, और पनहल ठे को, और फल का दसवाों अोंश भी चढाते थे; और वे हमारे भाइयोों की भूल के कारण धोखा न खाये; हे मेरे भाई, तू तो अच्छे धनवान है । 14 परन्तु मुझे बता, मैं तु झे क्ा मजदू री दू ों ? क्ा तू मेरे अपने बेटे के नलये एक नदन में एक पैसा और आवश्यक वस्तुएूँ लेगा? 15 हाों, यनद तुम सुरनित ल ट आओ, तो मैं तु म्हारी मजदू री में कुछ जोड़ दू ों गा। 16 सो वे बहुत प्रसन्न हुए। तब उस ने टोबीयाह से कहा, यात्रा के नलये तैयार हो जा, और परमेश्वर तुझे कुशल यात्रा भेजे। और जब उसके बे टे ने यात्रा के नलए सब कुछ तैयार नकया, तो उसके नपता ने कहा, तुम इस आदमी के साथ जाओ, और भगवान, जो स्वगग में रहता है , तुम्हारी यात्रा सफल करे , और भगवान का दू त तुम्हें साथ दे । अत: वे दोनोों बाहर चले गए, और उस युवक का कुिा भी उनके साथ चला गया। 17 परन्तु उसकी माता अन्ना ने रोते हुए टोबीत से कहा, तू ने हमारे बेटे को क्ोोंछोड़ नदया? क्ा वह हमारे आगे आने जाने में हमारे हाथ की लाठी नहीों? 18 धन में धन जोड़ने का लालच न करो, परन्तु वह हमारे लड़केबालोों के नलये तुच्छ ठहरे । 19 क्ोोंनक जो कुछ यहोवा ने हमें जीने के नलये नदया है वही हमारे नलये काफी है । 20 तब टोबीत ने उस से कहा, हे मेरी बनहन, नचन्ता न कर; वह ननिर होकर ल ट आएगा, और तेरी आों खें उसे दे ख सकेंगी। 21 क्ोोंनक अच्छा स्वगगदूत उसकी रिा करे गा, और उसकी यात्रा सफल होगी, और वह सुरनित ल ट आएगा। 22 तब उसका रोना बन्द हो गया।
5 इसनलये उस जवान ने स्वगगदूत की आज्ञा के अनुसार नकया; और जब उन्होोंने मछली भून ली, तब उसे खा नलया; तब वे दोनोों एक्बताने के ननकट पहुों चने तक अपने मागग पर चलते रहे । 6 तब जवान ने स्वगगदूत से कहा, हे भाई अजयागह, मछली का हृदय, कलेजे, और गाल नकस काम के? 7 और उस ने उस से कहा, यनद कोई शैतान वा दु िात्मा नकसी को सताए, तो हम उसके हृदय और कलेजे को छूकर उस पुरूर् वा स्त्री के साम्हने उसका धुआों करें , और उस दल को नफर कि न हो। 8 जहाों तक नपि का प्रश्न है , उस मनुष्य का अनभर्ेक करना अच्छा है नजसकी आों खोों में उनजयाला हो, और वह चोंगा हो जाएगा। 9 और जब वे रगेस के ननकट पहुों चे, 10 स्वगगदूत ने जवान से कहा, हे भाई, आज हम रागुएल नाम तेरे चचेरे भाई के यहाों नटकेंगे; उनकी एक इकल ती बेटी भी है , नजसका नाम सारा है ; मैं उसके नलये बोलूोंगा, नक वह तेरे नलये ब्याह दी जाए। 11 क्ोोंनक तू तो उसके कुटु म्बम्बयोों में से ही है , इसनलये उसका अनधकार तुझे ही नमलता है । 12 और दासी तो सुन्दर और बुम्बद्धमान है ; इसनलये अब मेरी सुन, और मैं उसके नपता से कहूों गा; और जब हम रे जेज से ल टें गे तो नववाह का उत्सव मनाएों गे : क्ोोंनक मैं जानता हूों नक मूसा की व्यवस्था के अनुसार रागुएल उसका नववाह नकसी दू सरे से नहीों कर सकता, परन्तु वह मृत्यु का दोर्ी होगा, क्ोोंनक नवरासत का अनधकार नकसी से भी अनधक तुझ से सोंबोंनधत है अन्य। 13 तब जवान ने स्वगगदूत को उिर नदया, हे भाई अजयागह, मैं ने सुना है , नक यह दासी सात पुरूर्ोोंको स प ों दी गई है , और वे सब ब्याह के भवन में मर गए। 14 और अब मैं अपने नपता का एकल ता पुत्र हूों , और िरता हूों , ऐसा न हो नक यनद मैं उसके पास जाऊों, तो पनहले की नाईों मर जाऊों; क्ोोंनक एक दु ि आत्मा उस से प्रेम रखती है , जो नकसी को नहीों, परन्तु जो उसके पास आते हैं उनको हानन पहुों चाती है । उसकी; इस कारण मैं भी िरता हूों , कहीों ऐसा न हो नक मैं मर जाऊों, और अपने नपता और अपनी माता के प्राणोों को दु ख के साथ कि में फेंक दू ों : क्ोोंनक उनके पास उन्हें दफनाने के नलए कोई दू सरा पुत्र नहीों है । 15 तब स्वगगदूत ने उस से कहा, क्ा तुझे वे उपदे श स्मरण नहीों जो तेरे नपता ने तुझे नदए थे, नक तू अपने ही कुल की स्त्री से ब्याह कर। इसनलये हे मेरे भाई, मेरी सुन; क्ोोंनक वह तुझे पत्नी के नलये ब्याह दी जाएगी; और तू नकसी दु िात्मा का लेखा न लेना; क्ोोंनक इसी रात वह तुझ से ब्याह कर दी जाएगी। 16 और जब तू ब्याह के घर में पहुोंचे, तब सुगन्धद्रव्य की राख लेना, और मछली के हृदय और कलेजे में से कुछ ले कर उस से धुआों करना। 17 और शैतान इसे सूूँघकर भाग जाएगा, और नफर कभी न आएगा: परन्तु जब तू उसके पास आए, तब तुम दोनोों उठकर दयालु परमेश्वर से प्राथगना करो, और वह तुम पर दया करे गा, और बचाएगा। तुम मत िरो, क्ोोंनक वह आरम्भ से ही तुम्हारे नलये ननयुक्त की गई है ; और तू उसकी रिा करना, और वह तेरे सोंग चलेगी। इसके अलावा मैं सोचता हूूँ नक वह तुम्हारे नलये सन्तान उत्पन्न करे गी। जब टोनबयास ने ये बातें सुनीों, तो उसे उस से प्रेम हो गया, और उसका हृदय उस से जुड़ गया। अध्याय 7 1 और जब वे एकबताने में पहुों चे, तो रागुएल के घर में पहुों चे, और सारा ने उन से मुलाकात की: और एक दू सरे को नमस्कार करके वह उन्हें घर में ले आई। 2 तब रागुएल ने अपनी पत्नी एिना से कहा, यह जवान मेरे चचेरे भाई टोनबट के समान है ! 3 और रागुएल ने उन से पूछा, हे भाइयो, तुम कहाों से हो? उन्होोंने उस से कहा, हम नप्तानलम की सन्तान में से हैं , जो नीनवे में बन्धुए हैं । 4 तब उस ने उन से कहा, क्ा तुम हमारे कुटु म्बी तोबीत को जानते हो? और उन्होोंने कहा, हम उसे जानते हैं । नफर उन्होोंने कहा, क्ा वह अच्छे स्वास्थ्य में हैं ? 5 और उन्होोंने कहा, वह जीनवत और कुशल है ; और टोबीयाह ने कहा, वह मेरा नपता है ।
अध्याय 6 1 और वे चलते चलते साोंझ को नतनग्रस नदी पर पहुों चे, और वहाों नटके। 2 और जब वह जवान नहाने के नलये नीचे गया, तो एक मछली नदी में से छलाूँग लगाकर उसे ननगल गई। 3 तब स्वगगदूत ने उस से कहा, मछली ले ले । और उस जवान ने मछली को पकड़कर नकनारे पर खीोंच नलया। 4 स्वगगदूत ने उस से कहा, मछली को खोल, और हृदय, और कलेजे, और नपि को ननकालकर सुरनित रख दे ।
36
6 तब रागुएल ने उछलकर उसे चूमा, और रोया, 7 और उसे आशीवागद दे कर कहा, तू खरे और भले मनुष्य का पुत्र है । परन्तु जब उस ने सुना, नक टोनबट अन्धा है , तो वह उदास हुआ, और रोने लगा। 8 और उसकी पत्नी एदना और उसकी बेटी सारा भी इसी प्रकार रोने लगीों। इसके अलावा उन्होोंने प्रसन्नतापूवगक उनका सत्कार नकया; और जब उन्होोंने भेड़-बकरी के एक मेढे को मार िाला, तब उन्होोंने मेज पर माोंस का ढे र रख नदया। तब टोबीयास ने राफेल से कहा, हे भाई अजयागह, जो बातें तू ने मागग में कही हैं , उन की चचाग कर, और यह बात चल जाए। 9 तब उस ने रागुएल को यह बात बतायी; और रागुएल ने तोबीयाह से कहा, खाओ, पीओ, और आनन्द करो। 10 क्ोोंनक तुझे मेरी बेटी से ब्याह करना उनचत है ; त भी मैं तुझ से सत्य बात बताऊोंगा। 11 मैं ने अपनी बेटी का ब्याह सात पुरूर्ोोंके साथ नकया है , वे उसके पास आने ही रात को मर गए; त भी वतगमान के नलथे आनन्द मनाओ। परन्तु टोबीयास ने कहा, जब तक हम एक मन होकर एक दू सरे से शपथ न खा लें, तब तक मैं यहाों कुछ न खाऊोंगा। 12 रागुएल ने कहा, तो आगे से उसे इस रीनत के अनुसार ले लेना, क्ोोंनक तू उसका चचेरा भाई है , और वह तेरी है , और दयालु परमेश्वर तुझे सब बातोों में अच्छी सफलता दे ता है । 13 तब उस ने अपक्की बेटी सारा को बुलाया, और वह अपके नपता के पास आई, और उस ने उसका हाथ पकड़कर तोनबयाह को ब्याह नदया, और कहा, सुन, मूसा की व्यवस्या के अनुसार इसे ले जा, और अपके पास ले जा। नपता। और उस ने उनको आशीर् दी; 14 और एिना ने अपक्की पत्नी को बुलाया, और कागज लेकर वाचा का लेख नलखकर उस पर मुहर लगाई। 15 तब वे खाने लगे। 16 तब रागुएल ने अपनी पत्नी एिना को बुलाकर उस से कहा, हे बहन, एक और कोठरी तैयार करके उसे वहाों ले आ। 17 और जब उस ने उस की आज्ञा के अनुसार नकया, तब वह उसे वहाों ले आई; और वह रोई, और अपनी बेटी के आों सू पोोंछकर उस से कहा, 18 हे मेरी बेटी, शाम्बन्त रख; स्वगग और पृथ्वी का प्रभु, तेरे इस दु :ख के कारण तुझे आनन्द दे ; हे मेरी बेटी, शाम्बन्त दे ।
13 तब दासी द्वार खोलकर भीतर गई, और उन दोनोोंको सोते पाया। 14 और बाहर आकर उन से कहा, नक वह जीनवत है । 15 तब रागुएल ने परमेश्वर की स्तुनत करके कहा, हे परमेश्वर, तू सारी शुद्ध और पनवत्र स्तुनत के योग्य है ; इसनलये तेरे पनवत्र लोग तेरे सारे प्रानणयोोंसमेत तेरी स्तुनत करें ; और तेरे सब स्वगगदूत और तेरे चुने हुए लोग सवगदा तेरी स्तुनत करते रहें । 16 तू स्तुनत के योग्य है , क्ोोंनक तू ने मुझे आनम्बन्दत नकया है ; और नजस बात का मुझे सन्दे ह था वह बात मु झ तक नहीों पहुों ची; परन्तु तू ने अपनी बड़ी करूणा के अनुसार हम से व्यवहार नकया। 17 तू स्तुनत के योग्य है , क्ोोंनक तू ने उन दो पर दया की जो अपने नपतरोों के एकल ते पुत्र थे; हे प्रभु, उन पर दया कर, और उनका जीवन आनन्द और दया के साथ स्वस्थ होकर पूरा कर। 18 तब रागुएल ने अपने सेवकोों को कि भरने को कहा। 19 और उस ने च दह नदन तक ब्याह का जेवनार रखा। 20 क्ोोंनक ब्याह के नदन पूरे होने से पनहले रागुएल ने उस से शपथ खाकर कहा, नक जब तक ब्याह के च दह नदन पूरे न हो जाएों , तब तक वह न जाएगा; 21 तब वह अपके धन में से आधा भाग लेकर ननिर होकर अपने नपता के पास चला जाए; और शेर् रानश मेरे और मेरी पत्नी के मरने पर नमलनी चानहए।
अध्याय 8
अध्याय 10
1 और जब उन्होोंने भोजन नकया, तो टोबीयाह को उसके पास ले आए। 2 और चलते चलते उसे राफेल की बातें याद आईों, और उसने इत्र की राख ली, और उस पर मछली का हृदय और कलेजा लगाया, और उससे धुआों नकया। 3 नजस को दु िात्मा सूोंघकर वह नमस्र दे श के दू र दू र तक भाग गया, और स्वगगदूत ने उसे बन्धवाया। 4 और जब वे दोनोों भीतर बन्द हो गए, तो टोबीयाह ने खाट पर से उठकर कहा, हे बहन, उठ, और हम प्राथगना करें , नक परमेश्वर हम पर दया करे । 5 तब टोबीयाह कहने लगा, हे हमारे पूवगजोोंके परमेश्वर, तू धन्य है , और तेरा पनवत्र और मनहमामय नाम सवगदा धन्य है ; स्वगग तु म्हें और तु म्हारे सभी प्रानणयोों को आशीवागद दे । 6 तू ने आदम को बनाया, और उसकी पत्नी हव्वा को उसके सहायक और रहने के नलथे नदया; उन्हीों में से मनुष्य उत्पन्न हुए: तू ने कहा, मनुष्य का अकेला रहना अच्छा नहीों; आइए हम उसके नलए उसके समान एक सहायता बनाएों । 7 और अब, हे प्रभु, मैं अपनी इस बनहन को अनभलार्ा के कारण नहीों, परन्तु सीधाई से ग्रहण करता हूों : इसनलये दया करके ऐसा ठहरा नक हम एक साथ बूढे हो जाएों । 8 और उस ने उस से कहा, आमीन। 9 सो वे दोनोों उस रात सो गए। और रागुएल उठा, और जाकर कि बनाई, 10 और कहता हूों , मुझे िर है, ऐसा न हो नक वह भी मर जाए। 11 परन्तु जब रागुएल अपके घर में आया, 12 उस ने अपक्की पत्नी एिना से कहा। एक दासी को भेज कर दे ख ले नक वह जीनवत है या नहीों; यनद नहीों है , तो हम उसे नमट्टी दें गे, और नकसी को पता न चलेगा।
1 और उसके नपता टोबीत ने एक एक नदन नगन नलया; और जब जब यात्रा के नदन पूरे होते, और वे न आते, 2 तब टोबीत ने कहा, क्ा वे नहरासत में हैं ? या गबाएल मर गया, और कोई उसे रूपया दे नेवाला न रहा? 3 इसनलये उसे बहुत खेद हुआ। 4 तब उसकी पत्नी ने उस से कहा, मेरा बेटा मर गया, वह बहुत नदन तक जीनवत रहा; और वह उसके नलये नवलाप करने लगी, और कहने लगी, 5 हे मेरे पुत्र, अब मुझे कुछ नचन्ता नहीों, क्ोोंनक मैं ने तुझे जो अपनी आों खोों की ज्योनत है , जाने नदया है । 6 तोबीत ने उस से कहा, चुप रह, कुछ नचन्ता न कर, क्ोोंनक वह सुरनित है । 7 परन्तु उस ने कहा, चुप रहो, और मुझे धोखा न दो; मेरा बेटा मर गया है . और वह प्रनत नदन उसी मागग पर जाती नजस मागग पर वे जाते थे, और नदन के समय कुछ भी खाना नहीों खाती थी, और जब तक नववाह के च दह नदन पूरे नहीों हो गए, नजसके नवर्य में रागुएल ने शपथ खाई थी, तब तक वह रात भर अपने पुत्र टोनबयास के नलए शोक मनाती रही। वहाों नबताओ. तब टोबीयाह ने रागुएल से कहा, मु झे जाने दे , क्ोोंनक मेरे नपता और मे री माता नफर मेरी ओर नफर न दे खते हैं । 8 परन्तु उसके ससुर ने उस से कहा, तू मेरे साय रह, और मैं तेरे नपता के पास भेजूोंगा, और वे तुझे बता दें गे नक तेरा क्ा हाल हुआ है । 9 परन्तु टोबीयाह ने कहा, नहीों; परन्तु मुझे अपने नपता के पास जाने दो। 10 तब रागुएल ने उठकर अपक्की पत्नी सारा, और अपक्की आधी सम्पनि, दास-दानसयाों, पशु, और रूपया उसे नदया। 11 और उस ने उनको आशीर् दे कर यह कहकर नवदा नकया, नक हे मेरे बालको, स्वगग का परमेश्वर तुम्हारी कुशल यात्रा करे ।
अध्याय 9 1 तब टोबीयाह ने राफेल को बुलाकर उस से कहा, 2 हे भाई अजयागह, एक दास और दो ऊोंट सोंग ले कर मादे के राजगेल में गबाएल को जा, और रूपया मेरे पास ले आ, और उसे ब्याह में ले आ। 3 क्ोोंनक रगुएल ने शपय खाई है , नक मैं न जाऊोंगा। 4 परन्तु मेरा नपता नदन नगनता है ; और यनद मैं दे र करू ों गा, तो वह बहुत खेनदत होगा। 5 तब राफेल बाहर गया, और गबाएल के पास रहा, और उसे नलखावट दी; और उस ने मुहरबोंद की हुई थैनलयाों ननकालकर उसे दीों। 6 और नबहान को वे दोनोों इकट्ठे होकर नववाह में आए; और टोबीयाह ने अपनी पत्नी को आशीवागद नदया।
37
12 और उस ने अपनी बेटी से कहा, अपने नपता और अपनी सास का, जो अब तेरे माता-नपता हैं , आदर करना, नजस से मैं तेरी चचाग सुन सकूों। और उसने उसे चूमा। एिना ने टोबीयास से यह भी कहा, हे मेरे नप्रय भाई, स्वगग का यहोवा तु झे ल टा दे , और यह अनुदान दे नक मैं मरने से पनहले अपनी बेटी सारा से तेरे बच्चोों को दे ख सकूों, नक मैं यहोवा के साम्हने आनन्द कर सकूों: दे ख, मैं अपनी बेटी को तुझ को स प ों ता हूों नवशेर् भरोसा; कहाूँ हैं उससे बुराई मत करो।
3 क्ोोंनक उस ने मुझे तेरे पास कुशल िेम से ल टा लाया, और मेरी पत्नी को चोंगा नकया, और मेरे नलये रूपया लाया, और तुझे भी चोंगा नकया है। 4 तब बूढे ने कहा, यह तो उसी को करना है । 5 तब उस ने स्वगगदूत को बुलाकर उस से कहा, जो कुछ तुम ले आए हो, उस में से आधा ले लो, और ननिर होकर चला जाओ। 6 तब उस ने उन दोनोोंको अलग ले जाकर उन से कहा, परमेश्वर को धन्य कहो, उसकी स्तुनत करो, और उसकी बड़ाई करो, और उस काम के नलथे जो उस ने सब जीनवत प्रानणयोोंके साम्हने तुम्हारे साय नकया है , उसकी स्तुनत करो। परमेश्वर की स्तुनत करना, और उसके नाम का गुणगान करना, और आदरपूवगक परमेश्वर के कामोों का प्रगट करना अच्छा है ; इसनलये उसकी स्तुनत करने में नढलाई न करो। 7 राजा का भेद नछपा रखना अच्छा है , परन्तु परमेश्वर के काम प्रगट करना आदर की बात है । जो अच्छा है वही करो, और कोई बुराई तुम्हें छू न सकेगी। 8 उपवास और दान और धमग के साथ प्राथगना अच्छी है । धमग के साथ थोड़ा सा, अधमग के साथ अनधक से बेहतर है । सोना रखने से दान दे ना उिम है ; 9 क्ोोंनक दान मृत्यु से बचाता है , और सब पापोों को दू र कर दे ता है । जो दान और धमग करते हैं , वे जीवन से भर जाएों गे: 10 परन्तु जो पाप करते हैं , वे अपने प्राण के शत्रु हैं । 11 ननश्चय मैं तुझ से कुछ भी नछपा न रखूोंगा। क्ोोंनक मैं ने कहा, राजा का भेद नछपा रखना तो अच्छा है, परन्तु परमेश्वर के काम प्रगट करना आदर की बात है । 12 इसनलये अब जब तू और तेरी बहू सारा ने प्राथगना की, तब मैं ने तेरी प्राथगनाओों का स्मरण पनवत्र के साम्हने पहुों चाया; और जब तू ने मरे हुओों को गाड़ा, तब भी मैं तेरे सोंग था। 13 और जब तू ने उठकर मृतकोों को ढाोंपने को जाने में नवलम्ब न नकया, तब तेरा भला काम मुझ से नछपा न रहा; परन्तु मैं तेरे सोंग था। 14 और अब परमेश्वर ने मुझे तुझे और तेरी बहू सारा को चोंगा करने को भेजा है । 15 मैं राफेल हूों , सात पनवत्र स्वगग दूतोों में से एक, जो सों तोों की प्राथगना प्रस्तुत करता है , और जो पनवत्र की मनहमा के सामने अोंदर और बाहर जाता है । 16 तब वे दोनोों घबरा गए, और मुोंह के बल नगर पड़े ; क्ोोंनक वे िरते थे। 17 परन्तु उस ने उन से कहा, मत िरो, क्ोोंनक तुम्हारा भला ही होगा; इसनलये परमेश्वर की स्तुनत करो। 18 क्ोोंनक मैं अपने नकसी अनुग्रह से नहीों, परन्तु अपने परमेश्वर की इच्छा से आया हूों ; इसनलये सवगदा उसकी स्तुनत करो। 19 इतने नदन तक मैं तु म्हें नदखाई दे ता रहा; परन्तु मैं ने न खाया, न पीया, परन्तु तुम ने एक दशगन दे खा। 20 इसनलये अब परमेश्वर का धन्यवाद करो; क्ोोंनक मैं अपने भेजनेवाले के पास जाता हूों ; परन्तु जो कुछ नकया जाता है , वह सब पुस्तक में नलखो। 21 और जब वे उठे , तो उसे नफर न दे खा। 22 तब उन्होोंने परमेश्वर के बड़े और आश्चयगकमोंको मान नलया, और यह भी नक यहोवा का दू त उन्हें कैसे नदखाई नदया या।
अध्याय 11 1 इन बातोों के बाद टोनबयाह परमेश्वर की स्तुनत करता हुआ, नक उस ने उसे सुखमय यात्रा दी, चला गया, और रागुएल और उसकी पत्नी एिना को आशीवागद नदया, और जब तक वे नीनवे के ननकट नहीों पहुों चे, तब तक अपने मागग पर चलता रहा। 2 तब राफेल ने टोनबयास से कहा, हे भाई, तू जानता है , नक तू ने अपने नपता को नकस प्रकार त्याग नदया? 3 हम तेरी पत्नी के साम्हने फुती करके घर तैयार करें । 4 और मछली का गूदा अपने हाथ में ले लो। इसनलये वे अपनी राह चले गये, और कुिा उनके पीछे चला गया। 5 और हन्ना अपके पुत्र के नलथे मागग की ओर ताकता हुआ बैठा रहा। 6 और उस ने उस को आते दे ख कर उसके नपता से कहा, दे ख, तेरा पुत्र और वह पुरूर् जो उसके सोंग गया था, आ रहा है । 7 तब राफेल ने कहा, हे टोनबयास, मैं जानता हूों , नक तेरा नपता अपनी आों खें खोलेगा। 8 इसनलथे तू उसकी आों खोोंमें नपि का लेप करना, और उस से उसे नघसना, और उसकी सफेदी दू र हो जाएगी, और वह तुझे दे खने लगे गा। 9 तब हन्ना द ड़कर अपके बेटे की गदग न पर नगर पड़ी, और उस से कहा, हे मेरे बेटे, मैं ने तुझे जो दे खा है , अब से मैं मरने ही को तृप्त हूों । और वे दोनोों रोये। 10 तोबीत भी द्वार की ओर ननकलकर लड़खड़ाया, परन्तु उसका पुत्र उसके पास द ड़कर आया। 11 और उसके नपता को पकड़कर उस ने उसकी आों खोों पर कलोंक लगाया, और कहा, हे मेरे नपता, आशा रख। 12 और जब उस की आों खें च नों धयाने लगीों, तब उस ने उन्हें मला; 13 और उसकी आों खोों की कोरोों से उनजयाला दू र हो गया: और जब उस ने अपके बेटे को दे खा, तो उसके गले पर नगर पड़ा। 14 और उस ने रोते हुए कहा, हे परमेश्वर तू धन्य है , और तेरा नाम सवगदा धन्य है ; और आपके सभी पनवत्र दे वदू त धन्य हैं : 15 क्ोोंनक तू ने कोड़े मारे , और मुझ पर तरस खाया है ; क्ोोंनक दे ख, मैं अपने पुत्र तोबीयाह को दे खता हूों । और उसका पुत्र आनन्द करता हुआ भीतर गया, और अपने नपता से मानदया में उस पर जो बड़े बड़े काम हुए थे सब कह सुनाया। 16 तब टोबीत आनम्बन्दत और परमेश्वर की स्तुनत करता हुआ, नीनवे के फाटक पर अपनी बहू से भेंट करने को ननकला; और नजन्होोंने उसे जाते दे खा, वे अचम्बम्भत हुए, क्ोोंनक वह दे खने लगा था। 17 परन्तु टोबीयाह ने उनके साम्हने धन्यवाद नकया, क्ोोंनक परमेश्वर ने उस पर दया की। और जब वह अपनी बहू सारा के ननकट आया, तब उस ने उसे आशीवागद दे कर कहा, हे बेटी, तेरा स्वागत है ; धन्य है परमेश्वर, जो तुझे हमारे यहाों ले आया, और तेरे माता-नपता भी धन्य होों। और नीनवे में रहनेवाले उसके सब भाइयोोंमें आनन्द हुआ। 18 और अम्बखक्रुस और उसके भाई का पुत्र नस्बास आए। 19 और टोबीयाह का ब्याह सात नदन तक बड़े आनन्द से मनाया गया।
अध्याय 13 1 तब टोबीत ने आनन्द की प्राथगना नलखकर कहा, धन्य परमेश्वर है जो सवगदा जीनवत है , और उसका राज्य धन्य है । 2 क्ोोंनक वह कोड़े मारता है , और दया करता है ; वह अधोलोक में पहुों चाता है , और नफर ऊपर ले आता है ; कोई उसके हाथ से बच नहीों सकता। 3 हे इस्राएनलयो, अन्यजानतयोोंके साम्हने उसका अोंगीकार करो; क्ोोंनक उस ने हम को उनके बीच नततर-नबतर कर नदया है । 4 वहाों उसकी मनहमा का वणगन करो, और सब जीनवतोों के साम्हने उसकी बड़ाई करो; क्ोोंनक वह हमारा प्रभु है , और युगानुयुग हमारा परमेश्वर नपता है । 5 और वह हमारे अधमग के कारण हम को कोड़े मारे गा, और नफर दया करे गा, और हम को उन सब जानतयोोंमें से नजनके बीच उस ने नततरनबतर कर नदया है , इकट्ठा करे गा।
अध्याय 12 1 तब टोबीत ने अपके पुत्र तोबीयाह को बुलाकर उस से कहा, हे मेरे पुत्र, दे ख, नक जो मजदू री तेरे सोंग गई थी वह उसे नमल जाए, और तू उसे और भी दे ना। 2 और टोबीयाह ने उस से कहा, हे नपता, जो कुछ मैं ले आया हूों उन में से आधा उसे दे ने से मुझे कुछ हानन नहीों;
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6 यनद तुम अपके सारे मन और अपके सारे मन से उसकी ओर नफरो, और उसके साम्हने सीधाई से काम करो, तो वह तुम्हारी ओर नफरे गा, और अपना मुोंह तुझ से न नछपाएगा। इसनलये दे खो, वह तुम्हारे साथ क्ा करे गा, और उसे पूरे मुोंह से मान लो, और पराक्रमी प्रभु की स्तुनत करो, और अनन्त राजा की स्तुनत करो। अपनी बन्धुवाई के दे श में मैं उसकी स्तुनत करता हूों , और पापी जानत पर उसके पराक्रम और ऐश्वयग का वणगन करता हूों । हे पानपयोों, नफरो और उसके साम्हने न्याय करो: क न बता सकता है नक वह तुम्हें ग्रहण करे गा, और तुम पर दया करे गा? 7 मैं अपके परमेश्वर का धन्यवाद करू ों गा, और अपके प्राण से स्वगग के राजा की स्तुनत करू ों गा, और उसकी मनहमा से आनम्बन्दत होऊोंगा। 8 सब मनुष्य बोलें, और उसके धमग के कारण उसकी स्तुनत करें । 9 हे पनवत्र नगर यरूशलेम, वह तेरे पुत्रोोंके कामोोंके कारण तु झे कोड़े मारे गा, और धनमगयोोंपर नफर दया करे गा। 10 यहोवा की स्तुनत करो, क्ोोंनक वह भला है ; और सनातन राजा की स्तुनत करो, नक उसका ननवास तुझ में नफर आनन्द से बनाया जाए, और जो बन्धुए हैं उनको तुझ में आनम्बन्दत करे , और जो बन्धुए हैं उन को तुझ में सदा प्रेम रखे। वह दु खद हैं . 11 बहुत सी जानतयाों दू र दू र से हाथ में भेंट, अयागत् स्वगग के राजा के नलथे भेंट नलए हुए प्रभु परमेश्वर के नाम के पास आएों गी; सभी पीनढयाूँ बड़े आनन्द से तेरी स्तुनत करें गी। 12 शानपत हैं वे सब जो तुझ से बैर रखते हैं , और धन्य होोंगे वे सब जो तुझ से सदा प्रेम रखेंगे। 13 धमी सन्तान के नलये आनन्द करो और मगन हो, क्ोोंनक वे इकट्ठे होकर धमी प्रभु का धन्यवाद करें गे। 14 हे धन्य वे जो तुझ से प्रेम रखते हैं , क्ोोंनक वे तेरी शाम्बन्त से आनन्द करें गे; धन्य हैं वे जो तेरे सब सोंकटोोंके कारण दु खी हुए हैं ; क्ोोंनक वे तेरी सारी मनहमा को दे खकर तेरे कारण आनम्बन्दत होोंगे, और सवगदा आनम्बन्दत रहें गे। 15 मेरी आत्मा महान राजा परमेश्वर को धन्य कहे । 16 क्ोोंनक यरूशलेम नीलमनण, पन्ना, और मनणयोों से, और तेरी शहरपनाह, और गुम्मट, और खम्भे चोखे सोने से बनाए जाएों गे। 17 और यरूशलेम की सड़कें फीरोजा, और लालबिी, और ओपीर के पत्थरोों से पक्की की जाएों गी। 18 और उसकी सब च नकयाों कहें गी, अल्लेलूया; और वे यह कहकर उसकी स्तुनत करें गे, नक धन्य है परमेश्वर, नजस ने इसे सवगदा बढाया है ।
और वे सब जो प्रभु परमेश्वर से सच्चाई और न्याय के साथ प्रेम रखते हैं , हमारे भाइयोों पर दया करके आनन्द करें गे। 8 और अब, हे मेरे बेटे, नीनवे से ननकल जा, क्ोोंनक जो बातें योना भनवष्यद्वक्ता ने कहीों थीों वे अवश्य पूरी होोंगी। 9 परन्तु तू व्यवस्था और आज्ञाओों का पालन कर, और दयालु और धमी बन, नक तेरा भला हो। 10 और मुझे और अपनी माता को मेरे साय नमट्टी दे ना; परन्तु अब नीनवे में मत रुकना। याद करो, मेरे बेटे, अमन ने अनकयाकारस को कैसे सोंभाला नजसने उसे बड़ा नकया, कैसे प्रकाश से वह उसे अोंधेरे में ले आया, और उसने उसे नफर से कैसे इनाम नदया: नफर भी अनकयाकारस बच गया, लेनकन दू सरे को उसका इनाम नमला: क्ोोंनक वह अोंधेरे में चला गया था। मनश्शे ने नभिा दी, और मृत्यु के जाल से बच गया जो उन्होोंने उसके नलए नबछाया था: परन्तु अमन जाल में फोंस गया, और नि हो गया। 11 इसनलये अब हे मेरे पुत्र, सोच, दान क्ा करता है , और धमग कैसे फल दे ता है । जब उस ने ये बातें कहीों, तब एक स आठ पचास वर्ग का होकर उस ने शय्या पर प्राण त्याग नदए; और उसने उसे सम्मानपूवगक दफनाया। 12 और जब उसकी माता अन्ना मर गई, तब उस ने उसे अपके नपता के साय नमट्टी दी। परन्तु टोनबयाह अपनी पत्नी और बच्चोों समेत एक्बटाने को अपने ससुर रागुएल के पास चला गया। 13 वहाों वह सम्मान के साथ बूढा हो गया, और उसने अपने नपता और सास को सम्मानपूवगक दफनाया, और उनका और अपने नपता टोबीत का धन भी उसे नवरासत में नमला। 14 और वह एक स सात बीस वर्ग की अवस्था में मानदया के एक्बताने में मर गया। 15 परन्तु मरने से पनहले उस ने नीनवे के नवनाश का समाचार सुना, नजस पर नबूकदोनोसर और अस्सुएरस ने कब्जा कर नलया था: और अपनी मृत्यु से पनहले नीनवे के कारण आनन्द नकया।
अध्याय 14 1 इस प्रकार टोनबट ने परमेश्वर की स्तुनत करना बन्द कर नदया। 2 और जब उसकी दृनि जाती रही, तब वह साढे आठ वर्ग का या, और आठ वर्ग के बाद उसकी दृनि नफर ल ट आई; और वह नभिा दे ने लगा, और यहोवा परमेश्वर का भय मानने लगा, और उसकी स्तुनत करने लगा। 3 और जब वह बहुत बूढा हो गया, तब उस ने अपके बेटे और उसके बेटोोंको बुलाकर उस से कहा, हे मेरे बेटे, अपने लड़केबालोोंको ले ले; क्ोोंनक, दे खो, मैं बूढा हो गया हूों , और इस जीवन से जाने को तैयार हूों। 4 हे मेरे पुत्र, मानदया में जा, क्ोोंनक जो बातें योना भनवष्यद्वक्ता ने नीनवे के नवर्य में कही थीों, नक वह उलट नदया जाएगा, मैं उन बातोों पर ननश्चय नवश्वास करता हूों ; और कुछ समय के नलए मीनिया में शाोंनत रहे गी; और हमारे भाई उस अच्छे दे श में से पृय्वी पर नततर-नबतर हो जाएों गे; और यरूशलेम उजाड़ हो जाएगा, और परमेश्वर का जो भवन उस में है वह जला नदया जाएगा, और कुछ समय के नलये उजाड़ पड़ा रहे गा; 5 और परमेश्वर उन पर नफर दया करे गा, और उन्हें उस दे श में नफर ले आएगा, जहाों वे एक मम्बन्दर बनाएों गे, परन्तु पनहले के समान नहीों, जब तक नक उस यु ग का समय पूरा न हो जाए; और उसके बाद वे सब बोंधुआई के स्थानोों से ल ट आएों गे, और यरूशलेम को मनहमा के साथ बसाएों गे, और भनवष्यद्वक्ताओों के वचन के अनुसार परमेश्वर का भवन उस में सदा के नलये मनहमामय भवन के साथ बनाया जाएगा। 6 और सब जानतयाों नफरें गी, और यहोवा परमेश्वर का सच्चा भय मानेंगी, और अपनी मूरतोोंको नमट्टी दें गे। 7 इस प्रकार सब जानतयाों यहोवा की स्तुनत करें गी, और उसकी प्रजा परमेश्वर का अोंगीकार करे गी, और यहोवा अपनी प्रजा को बड़ा करे गा; 39
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अध्याय 1
अध्याय दो
1 नबूकदोनोसर के राज्य के बारहवें वर्ष में, जो बडे नगर नननेवे में राज्य करता था; अरफ़क्साड के नदनोों में, जो एक्बटाने में मेनदयोों पर राज्य करता था, 2 और एकबताने में चारोोंओर तीन हाथ चौडे और छ: हाथ लम्बे खुदे हुए पत्थरोोंकी शहरपनाह बनाई, और दीवार की ऊोंचाई सत्तर हाथ और चौडाई पचास हाथ की बनाई। 3 और उसके फाटकोोंके ऊपर सौ हाथ ऊोंचे गुम्मट बनवाएों , और उसकी नेव की चौडाई साठ हाथ की हो। 4 और उस ने उसके फाटक बनाए, अयाष त् सत्तर हाथ ऊोंचे ऊँचे, और उनकी चौडाई चालीस हाथ की यी, नजस से उसकी सामथी सेना ननकल सके, और उसके प्यादोोंकी पाों नत खडी हो सके। 5 उन नदनोों में भी राजा नबूकदोनोसोर ने उस बडे मैदान में, जो रागौ के नसवाने का मैदान है , राजा अपषक्षद से युद्ध नकया। 6 और पहाडी दे श के सब रहनेवाले, और परात, और दजला, और नहदास्पेस, और एलीनमयोोंके राजा अयोक के अराबा के सब रहनेवाले, और चेलोनदयोोंकी बहुत सी जानतयाों उसके पास आईों। लडाई के नलए. 7 तब अश्शूररयोों के राजा नबूकदोनोसर ने फारस के सब रहनेवालोोंके पास, और पच्छिम की ओर के सब रहनेवालोोंके पास, और नकनलनकया, और दनमश्क, और नलबानुस, और अच्छिलबानु स, और समुद्र के नकनारे के सब रहनेवालोोंके पास कहला भेजा। 8 और कमेल और गलाद और ऊोंचे गलील और एस्डडर े लोम के बडे मैदान की जानतयोोंमें से जो लोग थे, 9 और सामररया और उसके नगरोोंमें और यरदन के पार यरूशलेम तक, और बेताने, और कलुस, और कादे स, और नमस्र की नदी, और तफनेस, और रामस्से, और गेसेम के सारे दे श में नजतने लोग थे, 10 जब तक तुम ताननस और मेच्छफफ़स के पार, और नमस्र के सब ननवानसयोोंके पास न पहुँ चो, और कूश के नसवाने तक न पहुँ चो। 11 परिु उस दे श के सब ननवानसयोोंने अश्शूररयोोंके राजा नबूकदने स्सर की आज्ञा न मानी, और उसके साय युद्ध में न गए; क्ोोंनक वे उस से नही ों डरते थे; वरन वह उनके साम्हने एक मनुष्य के समान रहता था, और उन्ोोंने उसके दू तोों को नबना नकसी प्रभाव और अपमान के अपने पास से लौटा नदया। 12 इस कारण नबूकदोनोसर इस सारे दे श पर बहुत क्रोनित हुआ, और अपनी गद्दी और राज्य की शपथ खाई, नक वह ननश्चय नकनलनकया, और दनमश्क, और सीररया के उन सब तटोों से पलटा लेगा, और वहाों के सब ननवानसयोों को तलवार से मार डालेगा। मोआब का दे श, और अम्मोननयोों, और सारे यहूनदया, और नमस्र में नजतने लोग थे, जब तक तुम दोनोों समुद्रोों की सीमा तक न पहुों च जाओ। 13 नफर सत्रहवें वर्ष में उस ने अपक्की शच्छि के साय राजा अपषक्षद के नवरूद्ध पाों नत बान्धकर चढाई की, और युद्ध में वह प्रबल हुआ; क्ोोंनक उस ने अपषक्षद की सारी शच्छि, और उसके सब सवारोोंऔर सब रथोोंको परास्त कर नदया, 14 और अपने नगरोों का स्वामी हो गया, और एक्बताने तक आया, और गुम्मटोोंको ले नलया, और उसकी सडकें नबगाड दी,ों और उसकी सुन्दरता को िूनमल कर नदया। 15 और उस ने रागाऊ के पहाडोोंमें अपषक्षद को भी ले नलया, और अपक्की भालोोंसे उसे ऐसा मारा, और उसी नदन उसका सत्यानाश कर डाला। 16 तब वह अपनी सारी जानत समेत बहुत बडी सेना समेत नीनवे को लौट आया, और वहाों वह नवश्राम करता रहा, और अपनी सेना समेत एक सौ बीस नदन तक जेवनार करता रहा।
1 और अट्ठारहवें वर्ष के पनहले महीने के बीसवें नदन को अश्शूररयोोंके राजा नबूकदोनोसर के घराने में चचाष हुई, नक उसके कहने के अनुसार सारी पृय्वी पर अपना पलटा ले। 2 तब उस ने अपके सब हानकमोोंऔर सब सरदारोोंको बुलाकर उनको अपक्की गुप्त युच्छि सुनाई, और अपके मुोंह से सारी पृय्वी के क्लेश का अि कर नदया। 3 तब उन्ोोंने उन सभोोंको नाश करने की आज्ञा दी, जो उसके मुोंह की आज्ञा नही ों मानते थे। 4 और जब वह अपनी सम्मनत पूरी कर चुका, तब अश्शूररयोों के राजा नबूकदने स्सर ने अपने सेनापनत होलोफेरननस को जो उसके पास था, बुलाकर कहा। 5 सारी पृय्वी का स्वामी, महान राजा योों कहता है , दे ख, तू मेरे साम्हने से ननकलकर अपने बल पर भरोसा रखनेवाले एक लाख बीस हजार प्यादोोंको सोंग ले जाएगा; और सवारोोंसमेत घोडोों की नगनती बारह हजार थी। 6 और तू सारे पच्छिम दे श पर चढाई करे गा, क्ोोंनक उन्ोोंने मेरी आज्ञा नही ों मानी। 7 और तू यह बताना, नक वे मेरे नलथे पृय्वी और जल तैयार करते हैं ; क्ोोंनक मैं उन पर अपना क्रोि भडकाऊोंगा, और सारी पृय्वी को अपक्की से ना से ढाों प दू ों गा, और उनको लू ट के नलथे दे दू ों गा। उन्ें : 8 यहाों तक नक उनके मारे हुओों से उनकी घानटयाों और नाले भर जाएों गे, और नदी उनके लोथोों से इतनी भर जाएगी नक वह उफान पर आ जाएगी। 9 और मैं उनको बन्धुआ करके सारी पृय्वी की छोर तक ले जाऊोंगा। 10 इसनलये तू आगे ननकले। और उनके सब नसवानोों को पनहले से मेरे नलये ले ले; और यनद वे तेरे वश में हो जाएों , तो तू उनके दण्ड के नदन तक उनको मेरे नलये बचा रखना। 11 परिु जो बलवा करते हैं उन पर तेरी दृनि न रह जाए; परिु उन्ें वि करो, और जहाों कही ों तुम जाओ वहाों उन्ें लूट लेना। 12 क्ोोंनक मैं जीनवत हूों , और अपने राज्य की शच्छि से जो कुछ मैं ने कहा है , वही अपने हाथ से करू ों गा। 13 और चौकस रहना, नक अपके प्रभु की नकसी भी आज्ञा का उल्लों घन न करना, परिु जैसा मैं ने तुझे आज्ञा दी है वैसा ही पूरा करना, और उनके मानने में नवलम्ब न करना। 14 तब होलोफेरननस ने अपके स्वामी के साम्हने से ननकलकर सब हानकमोोंऔर प्रिानोोंऔर अश्शूर की सेना के सरदारोोंको बुलाया; 15 और उस ने अपने स्वामी की आज्ञा के अनुसार युद्ध के नलथे चुने हुए पुरूर्ोोंको इकट्ठा नकया, अथाषत एक लाख बीस हजार, और बारह हजार घोडे पर सवार; 16 और उस ने उनको इस प्रकार घेरा, मानो युद्ध के नलथे बडी सेना ठहराई जाती है । 17 और उस ने बहुत नगनती के ऊोंट और गदहे ले नलये; और उनकी जीनवका के नलये अननगनत भेड-बकररयाों , और बैल, और बकररयाों, 18 और सेना के हर एक पुरूर् के नलये बहुत सी भोजनवस्तु, और राजभवन में से बहुत सा सोना, चान्दी। 19 तब वह अपनी सारी शच्छि समेत राजा नबूकदनेस्सर के आगे आगे चलने को, और उनके रथोों, सवारोों, और चुने हुए प्यादोों से पनश्चम की ओर सारी पृय्वी को ढाों पने को ननकला। 20 और उनके साय नटनियोोंऔर पृय्वी की बालू के नकनकोोंके समान बहुत से दे श आए; क्ोोंनक वह भीड नगनती से बाहर थी। 21 और वे नीनवे से ननकल कर बेच्छिलेत के अराबा की ओर तीन नदन की यात्रा पर ननकले, और बेच्छिलेत से उस पहाड के पास जो नकनलनकया के ऊपरी भाग की बाईों ओर है , डे रे खडे नकए। 22 तब वह अपक्की सारी सेना, और प्यादोों, सवारोोंऔर रथोोंको लेकर वहाों से पहाडी दे श में चला गया;
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23 और फुद और लूद को नाश नकया, और रच्छस्सयोों और इस्राएनलयोोंको जो जोंगल की ओर चेल्ोोंके दे श की दच्छिन ओर थे सब को लूट नलया। 24 तब वह परात के पार गया, और मेसोपोटानमया में चला गया, और अबोनै नदी के नकनारे के सब ऊोंचे नगरोोंको यहाों तक नक जब तक तुम समुद्र पर न पहुों च जाओ, नाश कर नदया। 25 और उस ने नकनलनकया के नसवानोों को ले नलया, और नजतने उसके साम्हने थे उनको घात नकया, और येपेत के नसवानोों तक आया, जो दच्छिन की ओर अरब के साम्हने थे। 26 और उस ने मनदयान के सब बालकोों को भी घेर नलया, और उनके तम्बू फूोंक नदए, और उनकी भे ड-बकररयाों लूट ली।ों 27 नफर वह गेहूँ की कटनी के समय दनमश्क के अराबा में गया, और उनके सब खेत फूोंक डाले, और उनकी भेड-बकरी और गाय-बैल नाश कर डाला, और उनके नगरोोंको उजाड नदया, और उनके दे शोोंको सत्यानाश कर डाला, और उनके सब जवानोोंको मार डाला। तलवार की िार. 28 इसनलये उसका डर और डर समुद्र के नकनारे के सब रहनेवालोोंपर, जो सीदोन और सोरस में थे, और सूर और ओनकना के रहनेवालोोंपर, और यम्नान के सब रहनेवालोोंपर छा गया; और अजोतुस और अस्कलोन के रहने वाले उस से बहुत डरते थे।
3 क्ोोंनक वे बन्धुवाई से लौटे हुए थे, और सब यहूदी लोग हाल ही में इकट्ठे हुए थे: और पात्र, और वेदी, और भवन अपनवत्र नकए जाने के कारण पनवत्र नकए गए। 4 इसनलये उन्ोोंने शोमरोन के सब नसवानोों में, और गाों वोों में, और बेथोरोन, और बेल्मेन, और यरीहो, और चोबा, और एसोरा, और सलेम की तराई में दू त भेजे। 5 और ऊोंचे पहाडोों की सब चोनटयोोंपर पनहले से अपना अनिकार कर नलया, और उन गाों वोोंको दृढ नकया, और युद्ध के नलथे भोजनवस्तुएों इकट्ठी कीों; क्ोोंनक उनके खेतोोंमें हाल ही में फसल कटी थी। 6 और योआनसम महायाजक ने जो उन नदनोों यरूशलेम में या, उस ने बेतूनलया और बेतोमेस्ताम में जो एस्डडर े लोन के साम्हने दोतैम के ननकट खुले दे श में रहते थे, उनको यह नलखकर नदया, 7 और उन्ें पहाडी दे श के मागों पर चौकसी रखने की आज्ञा दी; क्ोोंनक उन्ीों से होकर यहूनदया में प्रवेश होता था, और जो चढते थे उनको रोकना आसान था, क्ोोंनक मागष सीिा था, अनिक से अनिक दो पुरूर् ही जा सकते थे। 8 और इस्राएनलयोोंने यरूशलेम के रहनेवाले सब इस्राएनलयोोंके पुरननयोोंसमेत योआनकम महायाजक की आज्ञा के अनुसार नकया। 9 तब इस्राएल में से हर एक मनुष्य ने बडे उत्साह से परमेश्वर की दोहाई दी, और बडे नहयाव से अपने अपने मन को नम्र नकया। 10 और वे, और उनकी पनियाों , और उनके बच्चे, और उनके मवे शी, और सब परदे शी और मजदू र, और उनके दास जो रूपे से मोल नलए गए थे, अपनी कमर में टाट बान्धे। 11 इस प्रकार सब पुरूर्, और च्छियाों , और छोटे -छोटे बच्चे, और यरूशलेम के ननवासी मच्छन्दर के साम्हने नगर पडे , और अपने अपने नसरोों पर राख डाली, और अपना टाट यहोवा के साम्हने फैलाया; और वेदी के चारोों ओर टाट ओढ नलया। 12 और सब ने एक मन होकर इस्राएल के परमेश्वर की दोहाई दी, नक वह उनके लडकेबालोों को लूटकर, और उनकी च्छियोोंको लूटकर न दे , और उनके ननज भाग के नगरोोंको नाश न करे , और पनवत्रस्डथान को अपनवत्रता और ननन्दा के नलथे न दे , और रािरोों के नलए आनन्द मनाना। 13 तब परमेश्वर ने उनकी प्राथष ना सुनी, और उनके किोों पर दृनि की; क्ोोंनक सारे यहूनदया और यरूशलेम में लोग सवषशच्छिमान यहोवा के पनवत्रस्डथान के साम्हने बहुत नदन तक उपवास करते थे। 14 और योआनकम महायाजक, और नजतने याजक यहोवा के साम्हने खडे रहते थे, और जो यहोवा की सेवा टहल करते थे, वे अपनी कमर टाट से बान्धकर, और प्रनत नदन होमबनल, और मन्नतें, और लोगोोंकी ओर से दी हुई भेंटें चढाते थे। 15 और उनके पैरोों पर राख पड गई, और अपके सारे बल से यहोवा की दोहाई दी, नक वह इस्राएल के सारे घरानेपर कृपादृनि करे ।
अध्याय 3 1 तब उन्ोोंने मेल कराने के नलथे उसके पास दू त भेजे, और कहने लगे, 2 दे ख, हम महान राजा नबूकदनेस्सर के सेवक तेरे साम्हने लेटे हैं ; हमें वही उपयोग करो जो तुम्हारी दृनि में अिा हो। 3 दे ख, हमारे घर और सब स्डथान, और हमारे सारे गेहूों के खेत, और भेड-बकरी, और गाय-बैल, और हमारे तम्बुओक ों े सब मकान तेरे साम्हने पडे हैं ; जैसा तुम्हें अिा लगे उनका उपयोग करो। 4 दे ख, हमारे नगर और उनके ननवासी तेरे दास हैं ; आओ और उनके साथ वैसा व्यवहार करो जैसा तुम्हें ठीक लगे। 5 तब वे पुरूर् होलोफेरननस के पास आए, और उसे इस प्रकार का समाचार नदया। 6 तब वह अपक्की सेना समेत समुद्र के तीर पर उतर आया, और ऊोंचे नगरोोंमें पहरे नबठाए, और उन में से सहायता के नलथे चुने हुए पुरूर्ोोंको ननकाल नलया। 7 सो उन्ोोंने और आस-पास के सारे ननवानसयोों ने फूलमालाएों पहनाकर, नाच गाकर, डफ बजाकर उनका स्वागत नकया। 8 तौभी उस ने उनकी सीमाओोंको ढा नदया, और उनकी अशेराओोंको काट डाला; क्ोोंनक उस ने उस दे श के सब दे वताओोंको नाश करने की आज्ञा दी या, नक सब जानतयाों केवल नबूकदनेस्सर की उपासना करें , और सब भार्ाएों और कुल उसको परमेश्वर कहकर पुकारें । 9 नफर वह यहूनदया के ननकट एस्डद्रे लोन के साम्हने, और यहूनदया के बडे जलडमरूमध्य के साम्हने आया। 10 और उस ने गेबा और च्छस्कथोपुनलस के बीच डे रे खडे नकए, और वहाों अपनी से ना की सारी गानडयाों इकट्ठी करने के नलथे एक महीने तक ठहरा रहा।.
अध्याय 5 1 तब अश्शूर की सेना के प्रिान प्रिान होलोफेरननस को यह समाचार नदया गया, नक इस्राएनलयोों ने युद्ध की तैयारी कर ली है , और पहाडी दे श के मागों को बन्द कर नदया है , और ऊोंचे टीलोों की सब चोनटयोों को दृढ कर नलया है । शैंपेन दे शोों में बािाएँ खडी कीों: 2 इस पर वह बहुत क्रोनित हुआ, और उसने मोआब के सब हानकमोों, अम्मोननयोोंके हानकमोों, और समुद्रतट के सब हानकमोोंको बुलाया। 3 और उस ने उन से कहा, हे कनान के बेटोों, अब मुझे बताओ, नक पहाडी दे श में रहनेवाली यह प्रजा कौन है , और वे कौन से नगर में बसते हैं , और उनकी सेना नकतनी है , और उनका ननवास कहाों है ? शच्छि और सामथष, और उन पर कौन सा राजा ननयुि है , या उनकी सेना का प्रिान; 4 और पच्छिम के सब ननवानसयोोंसे अनिक उन्ोों ने क्ोोंयह ठाना है , नक आकर मुझ से न नमलें।
अध्याय 4 1 और यहूनदया में रहनेवाले इस्राएनलयोोंने सुना, नक अश्शूररयोोंके राजा नबूकदनेस्सर के प्रिान हानकम होलोफेरननस ने अन्यजानतयोोंके साथ क्ा क्ा नकया, और नकस प्रकार उसने उनके सब मच्छन्दरोोंको तोड डाला, और उनको ढा नदया। 2 इसनलये वे उस से बहुत डर गए, और यरूशलेम और अपने परमेश्वर यहोवा के मच्छन्दर के नलये व्याकुल हुए।
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5 तब अम्मोननयोोंके सब पुत्रोोंके प्रिान अहीओर ने कहा, हे मेरे प्रभु, अपके दास के मुोंह से एक वचन सुने, और मैं इन लोगोोंके नवर्य में जो तेरे ननकट और पहाडी दे श में बसे हुए हैं सच सच बताऊोंगा। : और तेरे दास के मुोंह से कोई झूठ न ननकले। 6 ये लोग कसनदयोों के वोंशज हैं : 7 और वे अब तक मेसोपोटानमया में ही रहते रहे , क्ोोंनक उन्ोोंने कसनदयोों के दे श में रहनेवाले अपने पुरखाओों के दे वताओों के पीछे चलना न चाहा। 8 क्ोोंनक उन्ोोंने अपके पुरखाओों की चाल छोड दी, और स्वगष के परमेश्वर अयाष त््नजस परमेश्वर को वे जानते थे उसको दण्डवत नकया; इसनलथे उन्ोों ने उनको अपके दे वताओों के साम्हने से ननकाल नदया, और मेसोपोटानमया में भाग गए, और बहुत नदन तक वही ों रहते रहे । 9 तब उनके परमेश्वर ने उनको आज्ञा दी, नक नजस स्यान में वे रहते थे वहाों से ननकलकर कनान दे श में चले जाओ, और वहाों वे रहते थे, और सोने, चान्दी, और बहुत से पशुओों से बहुत बढ गए। 10 परिु जब सारे कनान दे श में अकाल पडा, तब वे नमस्र में चले गए, और वही ों रहकर पालने-पोसने लगे, और वहाों ऐसी बडी भीड हो गई, नक कोई उनकी जानत को नगन नही ों सकता था। 11 इसनलथे नमस्र के राजा ने उन पर चढाई करके उन से चतुराई की, और उनको ईोंट बनाने का काम करवाकर दास बना नलया। 12 तब उन्ोोंने अपके परमेश्वर की दोहाई दी, और उस ने सारे नमस्र दे श पर असाध्य नवपनत्तयाों फैला दी;ों इस प्रकार नमनस्रयोोंने उनको अपके साम्हने से दू र कर नदया। 13 और परमेश्वर ने उनके साम्हने से लाल समुद्र को सुखा डाला, 14 और उनको सीना और कादे स-बरने पहाड पर ले आए, और जोंगल में के सब रहनेवालोोंको ननकाल नदया। 15 सो वे एमोररयोोंके दे श में रहने लगे, और अपके बल से एसेबोन के सब लोगोोंको नाश नकया, और यरदन पार होते हुए सारे पहाडी दे श को अपने अनिक्कारने में कर नलया। 16 और उन्ोोंने उनके साम्हने कनानी, फेरे जी, यबूसी, और नसकमी, और सब गेगेनसयोोंको ननकाल नदया, और वे बहुत नदन तक उस दे श में बसे रहे । 17 और उन्ोोंने अपके परमेश्वर के साम्हने पाप न नकया, तौभी वे सफल हुए, क्ोोंनक अिमष से बैर रखनेवाला परमेश्वर उनके साथ था। 18 परिु जब वे उस मागष से जो उस ने अपने नलथे ठहराया या नफर चले गए, तब वे बहुत सी लडाइयोोंमें मारे गए, और पराए दे श में बन्धुए होकर पहुों चाए गए, और उनके परमेश्वर का मच्छन्दर भूनम पर नगरा नदया गया, और उनके नगर भी नि कर नदए गए। दु श्मनोों द्वारा नलया गया. 19 परिु अब वे अपने परमेश्वर के पास लौट आए हैं , और उन स्यानोों से जहाों वे नततर-नबतर हो गए थे, आकर यरूशलेम को जहाों उनका पनवत्रस्डथान है , अपने वश में कर नलया, और पहाडी दे श में बस गए हैं ; क्ोोंनक वह उजाड था। 20 इसनलये अब, हे मेरे प्रभु, हे हानकम, यनद इन लोगोोंके नवरूद्ध कोई पाप हो, और वे अपके परमेश्वर के नवरूद्ध पाप करें , तो सोच लें नक यही उनका नाश होगा, और हम आगे बढें , और उन पर जय पा लें। 21 परिु यनद उनकी जानत में कुछ कुनटलता न हो, तो मेरे प्रभु को जाने दे , ऐसा न हो नक उनका प्रभु उनको बचाए, और उनका परमेश्वर उनकी ओर से हो, और हम सारे जगत के साम्हने नामिराई का कारण ठहरें । 22 और जब अहीओर ये बातें कह चुका, तो तम्बू के आस पास खडे सब लोग बुडबुडाने लगे, और होलोफेरननस के सरदारोों ने, और समुद्र के नकनारे और मोआब के सब रहने वालोों ने कहा, नक वह उसे मार डाले।
23 क्ोोंनक वे कहते हैं , नक हम इस्राएनलयोोंके साम्हने से न डरें गे; क्ोोंनक दे खो, यह ऐसी जानत है , नजसमें न तो बल है और न दृढ यु द्ध के नलथे सामथष। 24 इसनलथे अब हे प्रभु होलोफेरननस, हम चढाई करें गे, और वे तेरी सारी सेना के मारे जाएों गे। अध्याय 6 1 और जब महासभा के मनुष्योोंका कोलाहल थम गया, तब अश्शूर के प्रिान सेनापनत होलोफेरननस ने अन्य जानतयोोंकी सारी मण्डली के साम्हने अकीओर और सब मोआनबयोोंसे कहा, 2 और हे अहीओर, और एप्रैम के मजदू रोों, तुम कौन हो, जो तुम ने आज तक हमारे नवरूद्ध भनवष्यद्वाणी करके कहा है , नक हम इस्राएनलयोोंसे युद्ध न करें , क्ोोंनक उनका परमेश्वर उनकी रक्षा करे गा? और नबूचोदोनोसर के अलावा भगवान कौन है ? 3 वह अपक्की शच्छि भेजकर उनको पृय्वी पर से नाश करे गा, और उनका परमेश्वर उनको न बचाएगा; परिु हम उसके दास एक मन होकर उनको नाश करें गे; क्ोोंनक वे हमारे घोडोों की शच्छि को बनाए रखने में सक्षम नही ों हैं । 4 क्ोोंनक हम उनको रौोंद डालेंगे, और उनके पहाड उनके खू न से डूब जाएों गे, और उनके खेत उनकी लोथोों से भर जाएों गे, और उनके पाों व हमारे साम्हने नटक न सकेंगे, और वे सत्यानाश हो जाएों गे। राजा नबूकदोनोसर, सारी पृय्वी का स्वामी, कहता है , क्ोोंनक उस ने कहा, मेरी कोई भी बात व्यथष न होगी। 5 और हे अहीओर, हे अम्मोननयोों के मजदू र, नजस ने अपके अिमष के नदन ये बातें कही ों हैं , आज के नदन के बाद जब तक मैं नमस्र से ननकली हुई इस जानत से पलटा न लूों, तब तक तू मेरा मुोंह नफर न दे खेगा। 6 और तब मेरी सेना की तलवार और मेरे सेवकोों की भीड तेरे पास से गुजर जाएगी, और जब मैं लौटू ों गा तब तू उनके मारे हुओों के बीच नगरे गा। 7 इसनलये अब मेरे दास तुझे पहाडी दे श में लौटा ले आएों गे, और घाटोोंके नकसी नगर में बसा दें गे; 8 और तू उस समय तक नाश न होगा, जब तक तू उनके सोंग नाश न हो जाए। 9 और यनद तू अपने मन में ननश्चय कर ले, नक वे पकडे जाएों गे, तो उदास न हो; मैं ने यह कह नदया है , और मेरी कोई भी बात व्यथष न जाएगी। 10 तब होलोफेरननस ने अपने से वकोों को, जो उसके तम्बू में बैठे थे, आज्ञा दी, नक अहीओर को पकडकर बेतूनलया में ले आओ, और इस्राएनलयोोंके हाथ में सौोंप दो। 11 तब उसके सेवक उसे पकडकर छावनी से बाहर मैदान में ले गए, और उस मैदान के बीच से पहाडी दे श में चले गए, और बेतूनलया के नीचे के सोतोों के पास पहुों चे। 12 और जब नगर के पुरूर्ोोंने उन्ें दे खा, तब अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके ऊपर चढ आना, और गोफन का उपयोग करनेवाले सब पुरूर्ोोंने उन पर पत्यर फेंककर उनको ऊपर आने से रोका। 13 तौभी उन्ोोंने नछपकर पहाड के नीचे घुसकर अहीओर को बन्धवाया, और उसे नीचे नगरा नदया, और पहाड के नीचे छोड कर अपने स्वामी के पास लौट गए। 14 परिु इस्राएली अपके नगर से ननकलकर उसके पास आए, और उसे छु डाकर बैतूनलया में ले आए, और नगर के हानकमोोंके साम्हने खडा नकया। 43
15 उन नदनोोंमें नशमोन के गोत्र में से मीका का पुत्र ओजीयाह, और गोतोनीएल का पुत्र कैनिस, और मेल्कीएल का पुत्र चारनमस थे। 16 और उन्ोोंने नगर के सब पुरननयोोंको, और उनके सब जवानोोंको, और च्छियोोंको, इकट्ठे करके सभा में बुलाया, और उन्ोोंने अहीओर को अपक्की सारी प्रजा के बीच में खडा नकया। तब ओनजयास ने उससे पूछा नक क्ा नकया गया था। 17 और उस ने उनको उत्तर नदया, और होलोफेरननस की सभा की बातें, और नजतने वचन उस ने अश्शूर के हानकमोोंके बीच में कहे थे, और जो कुछ होलोफेरननस ने इस्राएल के घराने के नवरूद्ध अनभमान से कहा था, उसका वणषन नकया। 18 तब लोगोों ने नगरकर परमेश्वर को दण्डवत् नकया, और परमेश्वर की दोहाई दी। कह रहा, 19 हे स्वगष के परमेश्वर यहोवा, उनके घमण्ड को दे ख, और हमारी जानत की दीन जानत पर दया कर, और उन लोगोों के मुख पर दृनि कर जो आज के नदन तेरे नलये पनवत्र ठहराए गए हैं । 20 तब उन्ोोंने अहीओर को शाच्छि दी, और उसकी बहुत प्रशोंसा की। 21 और ओजीयाह ने उसे मण्डली में से ननकालकर अपने घर में ले जाकर पुरननयोोंके साम्हने जेवनार की; और वे सारी रात सहायता के नलथे इस्राएल के परमेश्वर को पुकारते रहे ।
और हमारी सेना ननकट के पहाडोों की चोनटयोों पर चढ जाएों गे, और उन पर डे रे डालेंगे, और चौकसी करें गे, नक कोई नगर से बाहर न ननकल सके। 14 इसनलथे वे और उनकी पनियाों और बालक आग में जलाकर भस्म कर नदए जाएों गे, और तलवार चलने से पनहले वे नजन चौकोोंमें रहते हैं उन्ीों में फेंक नदए जाएों गे। 15 तू उनको इस प्रकार बुरा बदला दे गा; क्ोोंनक उन्ोोंने बलवा नकया, और तेरे से मेल न नकया। 16 और ये बातें होलोफेरननस और उसके सब कमषचाररयोों को अिी लगी,ों और उस ने उनके कहे के अनुसार करने को कहा। 17 तब अम्मोननयोोंकी छावनी, और उनके सोंग पाों च हजार अश्शूरी चले गए, और उन्ोोंने तराई में डे रे खडे करके इस्राएनलयोोंके जल और सोतोोंको ले नलया। 18 तब एसानवयोोंने अम्मोननयोोंसमेत चढाई करके दोतैम के साम्हने पहाडी दे श में डे रे डाले; और उन में से नकतनोोंको दच्छिन और पूवष की ओर एकरे बेल के साम्हने, जो कूसी अयाष त््कूसी के ननकट है भेज नदया। मोचमुर नदी पर; और अश्शूररयोों की बाकी सेना ने मैदान में डे रे डाले, और सारे दे श को घेर नलया; और उनके तम्बू और गानडयाँ बहुत बडी भीड से खचाखच भरी हुई थी।ों 19 तब इस्राएनलयोोंने अपने परमेश्वर यहोवा की दोहाई दी, क्ोोंनक उनका मन उदास हो गया या, क्ोोंनक उनके सब शत्रुओों ने उन्ें घेर नलया था, और उनके बीच से ननकलने का कोई मागष न था। 20 इस प्रकार अश्शूर की सारी मण्डली प्यादोों, रथोों, और सवारोोंसमेत उनके चारोों ओर चार तीस नदन तक पडी रही, यहाों तक नक उनके सब जल पात्रोों ने बेतूनलया के सब उपद्रनवयोोंको नवफल कर नदया। 21 और हौद खाली हो गए, और उनमें एक नदन तक तृप्त होकर पीने को जल न नमला; क्ोोंनक उन्ोोंने उनको नाप तौल कर नपलाया। 22 इस कारण उनके जवान लडके मुझाष गए, और उनकी च्छियाों और जवान प्यास से मूच्छिषत होकर नगर की सडकोों और फाटकोोंके पास नगर पडे , और उन में नफर कुछ बल न रहा। 23 तब सब लोग, क्ा जवान, क्ा च्छियाों , और क्ा बच्चे, सब लोग ओनजयाह और नगर प्रिान के पास इकट्ठे हुए, और सब पुरननयोोंके साम्हने ऊोंचे शब्द से नचल्लाकर कहने लगे, 24 परमेश्वर हमारे और तुम्हारे बीच में न्याय करे ; क्ोोंनक तुम ने हम से बडी हानन की है , और तुम ने अश्शूररयोोंसे शाच्छि न चाही। 25 क्ोोंनक अब हमारा कोई सहायक नही,ों परिु परमेश्वर ने हमें उनके हाथ में कर नदया है , नक हम प्यास और बडे नवनाश के कारण उनके साम्हने नगर पडें । 26 इसनलये अब उनको अपने पास बुला, और सारे नगर को होलोफेरननस के लोगोों और उसकी सारी सेना के वश में कर दे । 27 क्ोोंनक हमारे नलये प्यासा मरने से अिा है , नक हम उनके नलये लूटे जाएों ; क्ोोंनक हम उसके दास बने रहें गे, नक जीनवत रहें , और अपने बच्चोों, और अपनी च्छियोों, को अपनी आों खोों के साम्हने मरते न दे ख सकें। हमारे बच्चे मर जायेंगे. 28 हम तुम्हारे नवरूद्ध आकाश और पृय्वी, और अपने परमेश्वर, और अपने बापदादोोंके प्रभु को साक्षी बनाते हैं , जो हमारे पापोोंके अनुसार और हमारे बापदादोोंके पापोोंके अनुसार हमें दण्ड दे ता है , और जैसा हम ने आज कहा है वैसा नही ों करता। 29 तब मण्डली के बीच में एक मत से बडा रोना हुआ; और उन्ोोंने ऊोंचे शब्द से प्रभु यहोवा की दोहाई दी। 30 तब ओजीयाह ने उन से कहा, हे भाइयोों, ढाढस बान्धो, हमें पाों च नदन तक और सहने दो, नजस से हमारा परमेश्वर यहोवा हम पर करूणा कर सके; क्ोोंनक वह हमें पूरी तरह न त्यागेगा। 31 और यनद इतने नदन बीत जाएों , और हमारी कोई सहायता न हो, तो मैं तेरे वचन के अनुसार करू ों गा।
अध्याय 7 1 दू सरे नदन होलोफेरननस ने अपनी सारी सेना को, और अपनी सारी प्रजा को, जो उसका भाग ले ने को आए थे, आज्ञा दी, नक वे बेतूनलया के साम्हने से अपके डे रे हटाएों , और पहाडी दे श पर चढकर आगे बढें , और इस्राएनलयोों से लडें । . 2 तब उनके वीर पुरूर्ोोंने उसी नदन अपके डे रे हटा नदए, और योद्धाओोंकी सेना एक लाख सत्तर हजार प्यादोोंऔर बारह हजार सवारोोंकी थी, और उनके पीछे सामान भी न रहा, और उनके बीच में बहुत बडी भीड थी। . 3 और उन्ोोंने बेतूनलया के पास की तराई में सोते के पास डे रे डाले, और दोतैम की चौडाई में बेलमाईम तक, और बेतूनलया से नसनामोन तक, जो एस्डडर े लोन के साम्हने है , फैल गए। 4 और इस्राएनलयोोंने उन की बहुतायत दे खकर बहुत घबराए, और अपके अपके पडोसी से कहने लगे, अब वे लोग पृय्वी को चाट डालेंगे; क्ोोंनक न ऊँचे पहाड, न घानटयाँ , न पहानडयाँ उनका भार सह सकेंगी। 5 तब हर एक मनुष्य ने अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके गुम्मटोोंपर आग सुलगाकर रात भर जागते रहे । 6 परिु दू सरे नदन होलोफेरननस ने बेतूनलयावासी इस्राएनलयोोंके साम्हने अपने सब सवारोोंको बाहर ननकाला, 7 और नगर की ओर के मागोंको दे खा, और उनके जल के सोतोोंके पास जाकर उनको ले नलया, और उन पर नसपानहयोोंके दल बैठा नदए, और आप ही अपके लोगोोंकी ओर चला गया। 8 तब एसानवयोोंके सब मुख्य पुरूर्, और मोआनबयोोंके सब हानकम, और समुद्रतट के सरदार उसके पास आकर कहने लगे, 9 अब हमारा प्रभु यह समाचार सुने, नक तेरी सेना पराजय न हो। 10 क्ोोंनक इस्राएनलयोोंकी यह प्रजा अपके भालोोंपर नही,ों परिु अपके बसे हुए पहाडोोंकी ऊोंचाई पर भरोसा रखती है , क्ोोंनक उनके पहाडोोंकी चोनटयोोंपर चढना कनठन है । 11 इसनलये अब हे मेरे प्रभु, पाोंनत बान्धकर उन से मत लड, नही ों तो तेरी प्रजा में से एक भी पुरूर् नाश न होगा। 12 अपक्की छावनी में रहना, और अपक्की सेना के सब पुरूर्ोोंको बचा रखना, और पहाड की तलहटी से ननकलनेवाले जल के सोते को तेरे दासोोंके वश में कर दे ना; 13 क्ोोंनक बैतूनलया के सब ननवासी वही ों से जल पीते हैं ; इस प्रकार वे प्यास से मार डाले जाएों गे, और वे अपना नगर छोड दें गे, और हम 44
32 और उस ने लोगोों को अपने अपने अनिकार के अनुसार नततरनबतर कर नदया; और वे अपके नगर की शहरपनाह और गुम्मटोोंपर चढ गए, और च्छियोोंऔर बच्चोोंको अपके घरोोंमें भेज नदया; और वे नगर में बहुत उदास हुए।
17 इसनलये आओ हम उसके उद्धार की बाट जोहें , और उसे हमारी सहायता के नलये पुकारें , और यनद वह चाहे तो हमारी सुनेगा। 18 क्ोोंनक हमारे समय में न तो कोई गोत्र, न कुल, न लोग, न नगर हमारे बीच में ऐसा कोई हुआ, जो पनहले के समान हाथ के बनाए हुए दे वताओों को दण्डवत् करता हो। 19 इसी कारण हमारे पुरखा तलवार से और लूट नलये गए, और अपने शत्रुओों से भारी नवनाश में पडे । 20 परिु हम नकसी दू सरे परमेश्वर को नही ों जानते, इसनलये हमें भरोसा है , नक वह हम से वा हमारी जानत में से नकसी को तुि न जानेगा। 21 क्ोोंनक यनद हम ऐसा कर लें, तो सारा यहूनदया उजाड हो जाएगा, और हमारा पनवत्रस्डथान नि हो जाएगा; और वह हमारे मुोंह पर उसके अपमान की माों ग करे गा। 22 और वह हमारे भाइयोोंको घात करे गा, और हमारे दे श को बन्धुवाई में ले जाएगा, और हमारा ननज भाग उजाड दे गा, और अन्यजानतयोोंके बीच जहाों कही ों हम दासत्व में होोंगे, उसका फल वह हमारे नसर पर डालेगा; और हम उन सभोों के नलये दोर्ी और कलोंनकत ठहरें गे जो हमारे पास हैं। 23 क्ोोंनक हमारी दासता अनुग्रह की ओर न होगी, परिु हमारा परमेश्वर यहोवा उसे अनादर की ओर मोड दे गा। 24 इसनलये अब हे भाइयो, आओ हम अपने भाइयोोंके साम्हने आदशष नदखाएँ , क्ोोंनक उनका मन हम पर भरोसा रखता है , और पनवत्रस्यान और भवन और वेदी का अनिकार हम पर है । 25 नफर हम अपने परमेश्वर यहोवा का िन्यवाद करें , जो हमारे पुरखाओों की नाई हमारी भी परीक्षा करता है । 26 स्मरण करो, नक उस ने इिाहीम के साथ क्ा क्ा नकया, और इसहाक को नकस प्रकार से परखा, और याकूब के साथ अराम के मेसोपोटानमया में क्ा हुआ, जब वह अपने मामा लाबान की भे डबकररयाों चराता था। 27 क्ोोंनक उस ने हमारे मनोों को जाों चने के नलये उन की नाईों हमें आग में परखा नही,ों और न हम से पलटा नलया; परिु जो लोग उसके पास आते हैं उनको नचताने के नलथे यहोवा उनको कोडे मारता है । 28 तब ओनजय्याह ने उस से कहा, जो कुछ तू ने कहा है , वह भले मन से कहा है , और कोई तेरी बातोों से झूठ नही ों बोल सकता। 29 क्ोोंनक यह पनहले नदन नही,ों नजस में तेरी बुच्छद्ध प्रगट हुई है ; परिु तेरे नदनोों के आरम्भ से ही सब लोग तेरी समझ को जान गए हैं , क्ोोंनक तेरे मन का स्वभाव भला है । 30 परिु वे लोग बहुत प्यासे थे, और हम से जैसा हम ने कहा या, वैसा ही उन से करने को कहा, और हम ने अपके आप को शपय च्छखलाई, नक हम न तोडें । 31 इसनलये अब तू हमारे नलथे प्राथषना कर, क्ोोंनक तू भच्छिमय िी है , और यहोवा मेंह बरसाकर हमारे हौद भर दे गा, और हम नफर थकेंगे नही।ों 32 तब यूदीत ने उन से कहा, मेरी सुनो, और मैं एक ऐसा काम करू ों गा, जो हमारी जानत के लोगोोंको पीढी पीढी तक नमलता रहे गा। 33 तुम आज रात को फाटक पर खडे रहना, और मैं अपक्की सेवा करनेवाली को सोंग लेकर ननकलूोंगा; और नजन नदनोोंमें तुम ने नगर को हमारे शत्रुओक ों े हाथ में कर दे ने की प्रनतज्ञा की है उन्ीों नदनोोंके भीतर यहोवा मेरे हाथ से इस्राएल की सुनि लेगा। 34 परिु मेरे काम के नवर्य में न पूछो; क्ोोंनक मैं जो काम मैं करता हूों वह पूरा होने तक तुम्हें न बताऊोंगा। 35 तब ओनजयास और हानकमोोंने उस से कहा, कुशल से जाओ, और यहोवा परमेश्वर हमारे शत्रुओस ों े पलटा लेने को तुम्हारे सम्मु ख रहे । 36 तब वे तम्बू से लौट आए, और अपने अपने वाडों को चले गए।
अध्याय 8 1 उस समय यूदीत ने उसके नवर्य में सुना, वह मरारी की बेटी थी, वह बैल का पुत्र, वह यूसुफ का पुत्र, वह ओजेल का पुत्र, वह एच्छल्कया का पुत्र, वह अनन्या का पुत्र, वह नगदोन का पुत्र, वह रपाईम का पुत्र था , अनकथो का पुत्र, एलीयू का पुत्र, एलीआब का पुत्र, नतनएल का पुत्र, सामेल का पुत्र, सलासादल का पुत्र, इस्राएल का पुत्र। 2 और उसका पनत मनश्शे, उसके गोत्र और बन्धुबा में से था, जो जौ की कटनी के समय मर गया। 3 और जब वह मैदान में पूनलयाों बान्धनेवालोोंकी ओर खडा हुआ या, तो लू उसके नसर पर लगी, और वह खाट पर नगर पडा, और बेतूनलया नगर में मर गया; और उन्ोोंने उसे दोतैम और बलमो के बीच के मैदान में उसके पुरखाओोंके साय नमट्टी दी। . 4 सो यूदीत अपने घर में तीन वर्ष और चार महीने तक नविवा रही। 5 और उस ने अपके घर की छत पर तम्बू बनाया, और कमर में टाट पनहनाया, और नविवा का सा पनहरावा पनहनाया। 6 और वह अपके नविवापन के सब नदनोोंमें उपवास करती रही, सब्ोों, और नवश्रामनदनोों, और नये चाों द की पूवष सोंध्याओों, और नये चाों द और इस्राएल के घराने के पवोंऔर पनवत्र नदनोोंको छोड। 7 वह रूप सुन्दर और दे खने में अनत सुन्दर थी; और उसके पनत मनश्शे ने उसके नलये सोना, चान्दी, दास-दानसयाँ , पशु, और भूनम छोड दी थी; और वह उन पर बनी रही। 8 और कोई उसे बुरा भला कहनेवाला न था; क्ोोंनक वह परमेश्वर का बहुत भय मानती थी। 9 जब उस ने लोगोोंकी हानकम के नवरूद्ध बुरी बातें सुनी,ों तब वे जल न पाकर मूनछष त हो गए; क्ोोंनक जूनडथ ने वे सब बातें सु नी थी ों जो ओनजयास ने उनसे कही थी,ों और उस ने पाों च नदन के बाद नगर को अश्शूररयोों के वश में कर दे ने की शपथ खाई थी; 10 तब उस ने अपक्की दासी को, नजसके पास उसकी सारी वस्तुओप ों र अनिकार था, नगर के पुरननयोोंओजीयास, चनिस, और चानमषस को बुलाने के नलथे भेजा। 11 और वे उसके पास आए, और उस ने उन से कहा, हे बेतूनलया के ननवानसयोोंके हानकमोों, अब मेरी सुनो; क्ोोंनक जो वचन तुम ने आज लोगोोंके साम्हने कहा है , और इस शपय के नवर्य में जो तुम ने खाई और खाई है , वह ठीक नही ों है । परमेश्वर और आपके बीच, और हमने नगर को हमारे शत्रुओों के वश में करने का वचन नदया है , यनद इन नदनोों के भीतर यहोवा आपकी सहायता करने के नलए न आए। 12 और अब तुम कौन हो जो आज परमेश्वर की परीक्षा करते हो, और मनुष्योों के बीच परमेश्वर के स्डथान पर खडे हो गए हो? 13 और अब सवषशच्छिमान यहोवा का प्रयि करो, परिु तुम कुछ भी न जान पाओगे। 14 क्ोोंनक तुम मनुष्य के मन की गहराई को नही ों जान सकते, और न वह बातें जो वह सोचता है पनहचान सकते हो; तो तुम परमेश्वर को, नजस ने यह सब वस्तुएों बनाई हैं , नकस रीनत से ढू ों ढकर उसके मन को जान सकते हो, या उसकी युच्छि को समझ सकते हो? नही,ों हे मेरे भाइयोों, हमारे परमेश्वर यहोवा को क्रोि न नदलाओ। 15 क्ोोंनक यनद वह इन पाों च नदनोों के भीतर हमारी सहाथता न करे , तो उसे जब चाहे तब प्रनत नदन हमारी रक्षा करने, वा हमारे शत्रुओों के साम्हने से हमारा नाश करने का अनिकार है । 16 हमारे परमेश्वर यहोवा की युच्छियोों को मत मानना; क्ोोंनक परमेश्वर मनुष्य के समान नही ों है , नक उस पर घात लगाया जाए; न वह मनुष्य का पुत्र है , नक नझझके।
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अध्याय 9
2 और वह जहाों नगरी थी उठी, और अपनी दासी को बुलाकर उस घर में गई, जहाों वह नवश्रमनदन और अपके जेवनार के नदनोोंमें रहती थी। 3 और उसने जो टाट ओढ रखा था उसे खीोंच नलया, और नविवापन के वि उतार नदए, और उसके सारे शरीर को जल से िोया, और बहुमूल् इत्र से उसका अनभर्ेक नकया, और उसके नसर के बाल गूोंथे, और उस पर टायर लगाया इसे, और अपने आनोंद के वि पहने, जो वह अपने पनत मनश्शे के जीवन के दौरान पहने हुए थी। 4 और उस ने पाों वोोंमें जूनतयाों पनहनाई, और कोंगन, जोंजीरें , अोंगूनठयाों , बानलयाों और सब आभूर्ण पनहनाए, और अपने आप को वीरता से सजाया, नक जो कोई उसे दे खे उन पर मोनहत हो जाए। 5 तब उस ने अपक्की दासी को एक कुप्पी दाखमिु, और एक कुप्पी तेल नदया, और एक थैली में भूना हुआ अन्न, और अोंजीर के टु कडे , और उत्तम रोटी भर दी; तब उस ने ये सब वस्तुएों एक करके मोडकर अपने ऊपर रख लीों। 6 तब वे बेतूनलया नगर के फाटक तक गए, और वहाों ओजीयाह और नगर के पुरननयोों चनिस और चानमषस को खडे पाया। 7 और जब उन्ोोंने उसे दे खा, नक उसका रूप बदल गया है , और उसका वि बदल गया है , तो उन्ोोंने उसकी सुोंदरता पर बहुत आश्चयष नकया, और उससे कहा। 8 परमेश्वर हमारे नपतरोोंका परमेश्वर तुझे अनुग्रह दे , और तेरे कामोोंको इस्राएनलयोोंकी मनहमा और यरूशलेम की मनहमा के नलथे पूरा करे । तब उन्ोोंने परमेश्वर की आरािना की। 9 और उस ने उन से कहा, नगर के फाटकोों को मेरे नलये खोलने की आज्ञा दे , नक जो बातें तुम ने मुझ से कही हैं उन्ें पूरा करने के नलये मैं आगे जाऊों। इसनलये उन्ोोंने जवानोों को उसके कहने के अनु सार उसके नलये द्वार खोलने की आज्ञा दी। 10 और जब उन्ोोंने ऐसा नकया, तब यूदीत अपनी दासी समेत बाहर ननकली; और जब तक वह पहाड से उतर न गई, और तराई पार न हो गई, तब तक नगर के पुरूर् उसकी दे खभाल करते रहे , और नफर उसे न दे ख सके। 11 योों वे सीिे तराई में चले गए, और अश्शूररयोों का पहला पहरा उस पर पडा, 12 और उसे ले जाकर पूछा, तू नकस मनुष्य में से है ? और तू कहाों से आता है ? और तुम कहाँ जाओगे? और उस ने कहा, मैं इनियोोंमें से हूों , और उनके पास से भाग गई हूों : क्ोोंनक वे तुम्हें नि करने के नलये दे नदए जाएों गे। 13 और मैं सत्य की बातें सुनाने को तेरे सेना के प्रिान होलोफेरननस के साम्हने आ रहा हूों ; और मैं उसे एक मागष नदखाऊोंगा, नजस से वह जाकर, अपने नकसी भी जन का शरीर या प्राण खोए नबना, सारे पहाडी प्रदे श को जीत लेगा। 14 जब पुरूर्ोों ने उसकी बातें सुनीों, और उसका रूप दे खा, तो उसकी सुन्दरता से बहुत चनकत होकर उस से कहा, 15 तू ने हमारे प्रभु के साम्हने आने में उतावली करके अपना प्राण बचाया है ; इसनलये अब उसके तम्बू के पास आ, और जब तक वे तुझे उसके हाथ में न सौोंप दें तब तक हम में से कुछ तेरी अगुवाई करें गे। 16 और जब तू उसके साम्हने खडा हो, तो मन में न डरना, परिु अपने वचन के अनुसार उसे बता दे ना; और वह तुझ से भला नबनती करे गा। 17 तब उन्ोोंने उन में से उसके और उसकी दासी के साय एक सौ पुरूर् चु न नलए; और वे उसे होलोफेरननस के तम्बू में ले आये। 18 तब सारी छावनी में मण्डली छा गई; क्ोोंनक उसके आने का शोर तम्बुओों में हो गया, और वे उसके चारोों ओर चढ गए, और वह होलोफेरननस के तम्बू के बाहर खडी रही, और जब तक उन्ोोंने उसका समाचार न नदया। 19 और वे उसकी सुन्दरता से अचम्भा करने लगे, और इस्राएली उसके कारण उसकी प्रशोंसा करने लगे; और सब एक अपके पडोसी से कहने लगे, इन लोगोोंका जो ऐसी च्छियाों हैं , उनका नतरस्कार कौन
1 और यूदीत मुोंह के बल नगर पडी, और अपने नसर पर राख डाली, और जो टाट पनहना हुआ था उसे उघाड नदया; और उस समय जब साों झ का िूप यरूशलेम में यहोवा के भवन में चढाया जाता या, तब यहूदीत ऊोंचे शब्द से नचल्लाकर कहती थी, 2 हे मेरे नपता नशमोन के परमेश्वर यहोवा, नजस को तू ने परदे नशयोोंसे पलटा ले ने के नलथे तलवार दी, नजस ने दासी को अशुद्ध करने के नलथे उसका कमर बान्धा, और उसकी लज्जा के नलथे जाों घ खोली, और ननन्दा के नलथे उसका कौमायष अशुद्ध नकया; क्ोोंनक तू ने कहा, ऐसा नही ों होगा; और नफर भी उन्ोोंने ऐसा नकया: 3 इस कारण तू ने उनके हानकमोों को घात करने को नदया, यहाों तक नक उन्ोोंने िोखा खाकर अपना नबछौना लोहू से रों ग डाला, और दासोों को उनके स्वानमयोों समेत, और स्वानमयोों को उनके नसोंहासनोों पर ही मार डाला; 4 और उनकी च्छियोोंको बन्धुवाई में कर नदया, और उनकी बेनटयोोंको बन्धुवाई में कर नदया, और उनका सारा िन अपने प्यारे लडकेबालोोंको बाों ट नदया; जो तेरे उत्साह से द्रनवत हो गए, और अपने खून के प्रदू र्ण से घृणा करते थे, और तुझ से सहायता की याचना करते थे: हे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, मेरी भी नविवा सुन। 5 क्ोोंनक तू ने न केवल वे काम नकए, बरन जो पनहले और उसके बाद भी घटे थे; तू ने उन बातोों पर नवचार नकया है जो अभी हैं , और जो आनेवाली हैं । 6 और जो बातें तू ने ठान ली थी,ों वे सब तैयार थी,ों और कहा, दे ख, हम यहाों हैं ; क्ोोंनक तेरे सब मागष तैयार नकए गए हैं , और तेरे ननणषय तेरी बुच्छद्ध में हैं । 7 क्ोोंनक दे खो, अश्शूर की शच्छि बहुत बढ गई है ; वे घोडे और मनुष्य से प्रनतनित हैं ; वे अपने प्यादोों के बल पर घमण्ड करते हैं ; वे ढाल, और भाले, और िनुर्, और गोफन पर भरोसा रखते हैं ; और यह न जान नक तू ही यहोवा है , जो लडाई लडता है ; यहोवा ही तेरा नाम है । 8 उनके बल को अपके वश में कर दो, और अपने क्रोि में उनकी शच्छि को नगरा दो; क्ोोंनक उन्ोोंने तेरे पनवत्रस्डथान को अशुद्ध करना, और तम्बू को जहाों तेरा मनहमामय नाम नवराजमान है , अपनवत्र करना और तेरी वेदी के सीग ों को तलवार से नगरा दे ना चाहा है । 9 उनके घमण्ड को दे खो, और अपना क्रोि उनके नसर पर भे जो; जो शच्छि मैं ने गभषवती की है उसे मेरे हाथ में दे दो, जो यह नविवा हूों । 10 अपने मुोंह के छल से दास को हानकम के द्वारा, और हानकम को दास के द्वारा मार डालो; िी के द्वारा उनके वैभव को नि कर डालो। 11 क्ोोंनक तेरी शच्छि भीड में ठहरती नही,ों और न बलवि मनु ष्योोंमें तेरी शच्छि ठहरती; क्ोोंनक तू दीनोों का परमेश्वर, और उत्पीनडतोोंका सहायक, ननबषलोोंको सम्भालनेवाला, ननराश्रयोोंको बचानेवाला, और आशाहीनोोंका उद्धारकताष है । . 12 हे मेरे नपता के परमेश्वर, हे इस्राएल के ननज भाग के परमेश्वर, आकाश और पृय्वी के प्रभु, जल के सृजनहार, हे सब प्रानणयोों के राजा, तू मेरी प्राथषना सुन। 13 और नजन्ोोंने तेरी वाचा और पनवत्र भवन के नवरूद्ध, और नसय्योन की चोटी पर, और तेरे ननज भाग के भवन के नवरूद्ध क्रूर युच्छियाों की हैं , उन के नलये मेरी वाणी और छल को घाव और िारी बना दे । 14 और सब जानत और कुल के लोग यह मान लें, नक तू सारी शच्छि और सामथष का परमेश्वर है , और तेरे नसवा इस्राएल की प्रजा की रक्षा करनेवाला और कोई नही।ों अध्याय 10 1 इसके बाद उस ने इस्राएल के परमेश्वर की दोहाई दे ना, और ये सब बातें बन्द कर दीों।
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करे गा? ननिः सन्दे ह यह अिा नही ों नक उन में से एक पुरूर् भी छोडा जाए, जो छोडे जाने पर सारी पृय्वी को िोखा दे । 20 और होलोफेरननस के पास के लोग ननकलकर उसके सब सेवकोोंसमेत ननकल गए, और वे उसे तम्बू में ले आए। 21 अब होलोफेरननस अपने नबछौने पर एक छत्र के नीचे नवश्राम कर रहा था, जो बैंजनी, सोने, पन्ना, और बहुमूल् पत्थरोों से बुना हुआ था। 22 तब उन्ोोंने उसको उसके नवर्य में प्रगट नकया; और वह अपने तम्बू के साम्हने से ननकला, और उसके आगे चान्दी के दीपक जल रहे थे। 23 और जब यूदीत उसके और उसके कमषचाररयोोंके साम्हने आई, तब सब उसके रूप की सु न्दरता से अचच्छम्भत हुए; और वह मुोंह के बल नगरकर उसे दण्डवत् करने लगी; और उसके सेवकोों ने उसे उठाया।
के साम्हने सेवा करनेवाले याजकोोंके नलये रख छोडा है , खचष करें गे; नकन चीजोों को हाथ से छूना भी लोगोों में से नकसी के नलए उनचत नही ों है । 14 क्ोोंनक उन्ोोंने कुछ को यरूशलेम को भेजा है , क्ोोंनक वहाों के रहनेवालोोंने भी वैसा ही नकया है , नक अपने नलये सीनेट से परवाना ले आएों । 15 और जब वे उन को समाचार दें गे, तब तुरि वैसा ही करें गे, और वे उसी नदन तेरे हाथ में सौोंप नदए जाएों गे, नक वे उसी नदन नाश हो जाएों । 16 इस कारण मैं तेरी दासी यह सब जानकर उनके साम्हने से भाग गई हूों ; और परमेश्वर ने मुझे तेरे साथ काम करने को भेजा है , नजस से सारी पृय्वी के लोग भी चनकत होोंगे, और जो कोई इसे सुनेगा। 17 क्ोोंनक तेरा दास भि है , और नदन रात स्वगष के परमेश्वर की सेवा करता है ; इसनलये अब हे मेरे प्रभु, मैं तेरे सोंग रहूों गा, और तेरा दास रात को तराई में ननकल जाएगा, और मैं परमेश्वर से प्रायषना करू ों गा, और वह वे मुझे बताएों गे नक उन्ोोंने कब पाप नकए हैं : 18 और मैं आकर तुझे बताऊोंगा; तब तू अपक्की सारी सेना समेत ननकल जाएगा, और कोई तेरा साम्हना न करे गा। 19 और मैं तुझे यहूनदया के बीच में से होते हुए यरूशलेम के साम्हने तक ले चलूोंगा; और मैं तेरे नसोंहासन को उसके बीच में खडा करू ों गा; और तू उन को नबना चरवाहे की भेड-बकररयोों की नाई हाों कना, और कुत्ता तुझ पर मुोंह न खोलेगा; क्ोोंनक थे बातें मेरी पनहले से मुझे बता दी गई हैं , और मुझे बता दी गई हैं , और मैं बताने को भेजा गया हूों । तुम. 20 तब उसकी बातें होलोफेरननस और उसके सब कमषचाररयोोंको अिी लगी;ों और उन्ोोंने उसकी बुच्छद्ध पर आश्चयष नकया, और कहा, 21 पृय्वी के एक छोर से दू सरे छोर तक कोई ऐसी िी नही ों है , नजसके मुख की सुन्दरता और वाणी की बुच्छद्ध दोनोों हो। 22 इसी प्रकार होलोफेरननस ने उस से कहा। परमेश्वर ने तुझे लोगोों के साम्हने भेजकर अिा नकया, नक हमारे हाथ में बल हो, और जो मेरे प्रभु का अनादर करते हैं , वे नाश हो जाएों । 23 और अब तू दे खने में सुन्दर, और बातें चतुर है ; यनद तू अपने वचन के अनुसार करे गी, तो तेरा परमेश्वर मेरा परमेश्वर ठहरे गा, और तू राजा नबूकदनेस्सर के भवन में ननवास करे गा, और सारे दे श में प्रनसद्ध होगा। िरती।
अध्याय 11 1 तब होलोफेरननस ने उस से कहा, हे नारी, ढाढस रख, अपने मन में मत डर; क्ोोंनक मैं ने पृय्वी भर के राजा नबूकदनेस्सर की सेवा करने के इिु क नकसी को कभी हानन नही ों पहुों चाई। 2 इसनलये अब यनद तेरी प्रजा के लोग जो पहाडोोंपर रहते हैं मेरे साम्हने उनजयाला न करते, तो मैं अपना भाला उन पर न उठाता; परिु उन्ोोंने यह काम आप ही से नकया है । 3 परिु अब मुझे बताओ, नक तू उनके पास से भागकर हमारे पास क्ोों आया? अिा आराम करो, तुम आज रात और उसके बाद भी जीओगे: 4 क्ोोंनक कोई तेरी हानन न करे गा, वरन मेरे प्रभु राजा नबूकदने स्सर के कमषचाररयोों की नाईों तुझ से भलाई की नबनती करे गा। 5 तब यूदीत ने उस से कहा, अपके दास की बातें मान, और अपनी दासी को अपने साम्हने बोलने दे , और मैं आज रात को अपके प्रभु से झूठ न बोलूोंगी। 6 और यनद तू अपक्की दासी की बात मान ले, तो परमेश्वर तुझ से वह बात पूरी रीनत से पूरा करे गा; और मेरा स्वामी अपने प्रयोजनोों से असफल न होगा। 7 सारी पृय्वी के राजा नबूकदनेस्सर के जीवन की शपथ, और उसके पराक्रम की शपथ, नजस ने तुझे सब प्रानणयोोंके पालने के नलथे भे जा है ; क्ोोंनक तेरे द्वारा न केवल मनुष्य, वरन मैदान के पशु, और गाय-बैल भी उसके आिीन होोंगे। और आकाश के पक्षी नबूकदोनोसर और उसके सारे घराने के अिीन तेरी शच्छि से जीनवत रहें गे। 8 क्ोोंनक हम ने तेरी बुच्छद्ध और नीनत का समाचार सुना है , और सारी पृय्वी पर इसका समाचार फैल गया है , नक तू सारे राज्य में अनद्वतीय है , और ज्ञान में पराक्रमी, और युद्ध के पराक्रम में अद् भुत है । 9 अब जो बात अहीओर ने तेरी महासभा में कही थी, उसकी बातें हम ने सुनी हैं ; क्ोोंनक बैतूनलया के मनुष्योोंने उसे बचाया, और उस ने जो कुछ तुझ से कहा या, वह सब उनको बता नदया। 10 इसनलये हे प्रभु और हानकम, उसके वचन का आदर न कर; परिु इसे अपने हृदय में रखो, क्ोोंनक यह सत्य है ; क्ोोंनक यनद वे अपने परमेश्वर के नवरूद्ध पाप न करें , तो हमारी जानत को दण्ड न नदया जाएगा, और न उन पर तलवार चल सकेगी। 11 और अब, ऐसा न हो नक मेरा प्रभु हार जाए, और अपनी युच्छि से ननराश न हो, यहाों तक नक अब उन पर मृत्यु आ पडी है , और उनका पाप उन पर आ गया है , नजस से वे जो काम करने योग्य नही ों वह अपके परमेश्वर को क्रोि नदलाएों गे हो गया: 12 क्ोोंनक उनका भोजन समाप्त हो गया है , और उनका सारा पानी घट गया है , और उन्ोोंने उनके पशुओों पर हाथ चलाने का ननश्चय नकया है , और उन सब वस्तुओों को, नजन्ें परमेश्वर ने अपक्की नवनि के अनुसार खाने से मना नकया है , नाश कर डाला है । 13 और उन्ोोंने ठान नलया है , नक दाखमिु और तेल के दसवें अोंश का पनहला भाग, नजसे उन्ोोंने पनवत्र करके यरूशलेम में हमारे परमे श्वर
अध्याय 12 1 तब उस ने आज्ञा दी, नक उसे वही ों ले आओ जहाों उसकी थाली रखी थी; और आज्ञा दी, नक उसके नलये उसी के भोजन में से कुछ तैयार करें , और वह उसी के दाखमिु में से पीए। 2 और यूदीत ने कहा, मैं उस में से कुछ न खाऊोंगी, ऐसा न हो नक कोई अपराि हो; परिु जो कुछ मैं ले आई हूों उसी से मेरे नलथे भोजन नकया जाएगा। 3 तब होलोफेननषस ने उस से कहा, यनद तेरा भोजन व्यथष हो जाए, तो हम तुझे उसका बदला क्ोोंकर दें ? क्ोोंनक तेरी जानत में से कोई हमारे सोंग न रहे गा। 4 तब यूदीत ने उस से कहा, हे मेरे प्रभु, तेरे प्राण की शपथ, तेरी दासी जो कुछ मेरा है उसे खचष न करे गी, इस से पनहले नक यहोवा ने जो कुछ ठाना है वह मेरे हाथ से पूरा कराए। 5 तब होलोफेरननस के सेवक उसे तम्बू में ले आए, और वह आिी रात तक सोती रही, और भोर के समय उठकर बोली, 6 और होलोफेरननस के पास कहला भे जा, नक मेरा प्रभु अब आज्ञा दे , नक तेरी दासी प्राथषना करने को जा सके। 7 तब होलोफेरननस ने अपने पहरूओों को आज्ञा दी, नक वे उसे न रोकें; इस प्रकार वह तीन नदन तक छावनी में रही, और रात को बेतूनलया की तराई में ननकल गई, और छावनी के पास जल के सोते में स्नान नकया। 47
8 और जब वह बाहर आई, तब उस ने इस्राएल के परमेश्वर यहोवा से नबनती की, नक वह अपक्की प्रजा के सिान को नजलाने का मागष नदखाए। 9तब वह शुद्ध होकर लौट आई, और साों झ को अपना माों स खाने तक तम्बू में रही। 10 और चौथे नदन होलोफेरननस ने अपने ही कमषचाररयोोंके नलथे जेवनार की, और नकसी हानकम को जेवनार में न बुलाया। 11 तब उस ने बगोआह खोजे से जो उसका सब कुछ अनिक्कारनेी या, कहा, जाकर उस इिी िी को जो तेरे सोंग है , मना ले नक वह हमारे पास आए, और हमारे साथ खाए नपए। 12 क्ोोंनक दे खो, यनद हम ऐसी िी को नबना सोंग नकए जाने दें , तो यह हमारे नलये लज्जा की बात होगी; क्ोोंनक यनद हम उसे अपनी ओर न खीोंचे, तो वह हमारी हों सी उडाएगी। 13 तब बगोआस होलोफेरननस के साम्हने से ननकलकर उसके पास आया, और उस ने कहा, यह सुन्दर कन्या मेरे प्रभु के पास आने, और उसके साम्हने आदर पाने, और दाखमिु पीने, और हमारे साथ आनन्द करने, और आनन्द करने से न डरे । इस नदन को अश्शूररयोों की बेनटयोों में से एक के रूप में बनाया गया, जो नबूकदोनोसर के घर में सेवा करती थीों। 14 तब यूदीत ने उस से कहा, मैं कौन हूों जो अपके प्रभु से झूठ बोलूों? ननिः सन्दे ह जो कुछ उसे अिा लगेगा मैं तुरि करू ों गा, और मेरी मृत्यु के नदन तक वही मेरे नलये आनन्द का कारण रहे गा। 15 तब वह उठी, और अपके वि और िी के सारे पनहरावे पनहने, और उसकी दासी ने जाकर होलोफेरननस के साम्हने के साम्हने भूनम पर, जो उसे बगोआस से प्रनतनदन के काम के नलथे नमला या, कोमल खालें नबछा दीों, नक वह बैठे और उन पर खाओ. 16 जब यूदीत होलोफेरननस के पास आकर बैठ गई, तब उसका मन उस पर मोनहत हो गया, और उसका मन उस से मोनहत हो गया, और उस ने उसकी सोंगनत को बहुत चाहा; क्ोोंनक नजस नदन से उस ने उसे दे खा था उसी नदन से वह उसे िोखा दे ने के नलये बहुत नदनोों तक बाट जोहता रहा। 17 तब होलोफेरननस ने उस से कहा, अब पीकर हमारे साथ आनन्द कर। 18 तब यूदीत ने कहा, हे प्रभु, मैं अब पीऊोंगी, क्ोोंनक आज के नदन मेरा जीवन मेरे जन्म के बाद के सब नदनोों से अनिक बढ गया है । 19 तब उस ने जो कुछ अपक्की दासी ने तैयार नकया या, वह लेकर उसके साम्हने खाया नपया। 20 और होलोफेरननस उस से बहुत प्रसन्न हुआ, और जन्म के बाद से एक ही नदन में कभी न नपया था, उससे भी अनिक दाखमिु पी गया।
5 क्ोोंनक अब अपने ननज भाग की सहाथता करने, और हमारे नवरूद्ध उठे हुए शत्रुओों को नाश करने के नलये अपना काम करने का समय आ गया है । 6 तब वह खाट के खम्भे के पास आई, जो होलोफेरननस के नसरहाने था, और वहाों से उसका कपडा उतारकर कहा, 7 और उसके नबछौने के पास आकर उसके नसर के बाल पकडकर कहा, हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा, आज मुझे बल दे । 8 और उस ने अपनी पूरी शच्छि से उसकी गदष न पर दो बार मारा, और उसका नसर उस पर से अलग कर नदया। 9 और उसके शरीर को खाट पर से नीचे नगरा नदया, और खम्भोों पर से छत्र खीोंच नलया; और तुरि वह बाहर गई, और होलोफेरननस का नसर अपनी दासी को दे नदया; 10 और उसने उसे अपने माों स की थैली में रख नलया; इस प्रकार वे दोनोों अपनी रीनत के अनुसार प्राथषना करने के नलये एक साथ चले; और छावनी को पार करके तराई को पार करके बेतूनलया के पहाड पर चढकर उसके फाटकोों पर पहुों चे। 11 तब यूदीत ने दू र से फाटक के पहरुओोंसे कहा, फाटक खोलो, खोलो; परमेश्वर वरन हमारा परमेश्वर हमारे सोंग है , नक यरूशलेम में अपना पराक्रम और शत्रु पर अपना बल नदखाए, जैसा उस ने नदखाया है । इस नदन नकया. 12 जब उसके नगर के पु रूर्ोोंने उसका शब्द सु ना, तो वे फुती करके अपने नगर के फाटक पर गए, और नगर के पुरननयोोंको बुलवाया। 13 तब क्ा छोटे , क्ा बडे , सब इकट्ठे होकर दौडे , क्ोोंनक उनको उस का आना अजीब लगा, और फाटक खोलकर उनके पास आए, और उनजयाला करके आग जलाई, और उनके चारोोंओर खडे हो गए। 14 तब उस ने ऊोंचे शब्द से उन से कहा, परमेश्वर की स्तुनत करो, परमेश्वर की स्तुनत करो, परमेश्वर की स्तुनत करो, मैं कहती हूों , क्ोोंनक उस ने इस्राएल के घराने पर से अपनी करूणा दू र नही ों की, वरन आज ही रात को मेरे हाथ से हमारे शत्रुओों को नाश नकया है । 15 तब उस ने थैले में से नसर ननकालकर नदखाया, और उन से कहा, दे खो, अश्शूर के प्रिान सेनापनत होलोफेरननस का नसर, और उस छत्र को दे खो, नजस में वह मतवालेपन में पडा हुआ या; और यहोवा ने उसे िी के हाथ से मारा है । 16 यहोवा के जीवन की शपय, नजस ने मेरे चलने में मेरी रक्षा की, और मेरे मुख से ऐसा िोखा खाया नक वह सत्यानाश हो गया, तौभी उस ने मेरे साथ ऐसा पाप नही ों नकया, नक मुझे अशुद्ध करे , और लच्छज्जत करे । 17 तब सब लोग चनकत हो गए, और नसर झुकाकर परमेश्वर को दण्डवत् नकया, और एक मन से कहा, हे हमारे परमेश्वर, तू िन्य है , नजस ने आज अपक्की प्रजा के शत्रुओक ों ो नाश नकया है । 18 तब ओनजयास ने उस से कहा, हे बेटी, तू पृय्वी की सब च्छियोोंमें से परमप्रिान परमेश्वर की ओर से िन्य है ; और िन्य है प्रभु परमेश्वर, नजस ने आकाश और पृय्वी का सृजन नकया, और नजस ने तुझे हमारे शत्रुओों के मुख्य पुरूर्ोों का नसर काटने की आज्ञा दी है । 19 क्ोोंनक जो मनुष्य परमेश्वर की शच्छि को सदै व स्मरण रखते हैं , उनके मन से तेरा भरोसा कभी न उतरे गा। 20 और परमेश्वर इन बातोोंको तेरे नलथे सदा की स्तुनत के नलथे फेर दे , नक भलाई से तेरी सुनि ले, क्ोोंनक तू ने हमारी जानत के क्लेश के नलथे अपना प्राण भी न रख छोडा, परिु हमारे परमेश्वर के साम्हने सीिे मागष पर चलकर हमारी बरबादी का पलटा नलया है । और सब लोगोों ने कहा; ऐसा ही हो, वैसा ही हो।
अध्याय 13 1 जब साों झ हुई, तो उसके सेवक झटपट चले गए, और बगोअस ने अपना तम्बू बाहर से बन्द कर नदया, और अपने स्वामी के साम्हने से पहरुओों को नवदा कर नदया; और वे अपने-अपने नबस्तरोों पर सो गए: क्ोोंनक भोज को बहुत नदन बीत चुके थे, वे सब थके हुए थे। 2 और यूदीत तम्बू में अकेली रह गई, और होलोफेरननस अपने नबछौने पर अकेला पडा रहा; क्ोोंनक वह दाखमिु से तृप्त हो गया था। 3 और यूदीत ने अपनी दासी को शयनकक्ष से बाहर खडे होकर उसकी प्रतीक्षा करने की आज्ञा दी थी। वह आगे आ रही थी, जैसे वह प्रनतनदन करती थी: क्ोोंनक उसने कहा था नक वह अपनी प्राथषनाओों के नलए आगे जाएगी, और उसने उसी उद्दे श्य के अनुसार बगोआस से बात की। 4 तब सब लोग ननकल गए, और शयनकक्ष में कोई न रह गया, न छोटा, न बडा। तब जूनडथ ने उसके नबछौने के पास खडी होकर अपने मन में कहा, हे सवषशच्छिमान परमेश्वर यहोवा, यरूशलेम की मनहमा के नलथे मेरे हाथोों के कामोोंपर यह भेंट दे ख।
अध्याय 14 1 तब यूदीत ने उन से कहा, हे मेरे भाइयोों, मेरी सुनो, और इस नसर को ले लो, और अपनी शहरपनाह के ऊोंचे स्यान पर लटका दो।
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2 और जैसे ही भोर होगी और सूयष पृय्वी पर ननकलेगा, तुम सब अपने अपने हनथयार ले लेना, और सब शूरवीर नगर से ननकल जाओ, और उनके ऊपर एक प्रिान ननयुि करो, मानो तुम चाहते हो अश्शूररयोों की ननगरानी के नलये मैदान में उतरो; लेनकन नीचे मत जाओ. 3 तब वे अपने हनथयार लेकर अपनी छावनी में जाएों गे, और अश्शूर की सेना के प्रिानोोंको इकट्ठा करें गे, और होलोफेरननस के तम्बू की ओर दौडें गे, परिु उसे न पाएों गे; तेरे साम्हने से भाग जाऊोंगा। 4 इसनलये तुम और इस्राएल के नसवाने के सब रहनेवाले उनका पीछा करो, और वे जाते ही उनको मार डालो। 5 परिु तुम ये काम करने से पनहले मेरे अम्मोनी अहीओर को बुलाओ, नक वह उसे दे खे, और पहचाने नक नकस ने इस्राएल के घराने का नतरस्कार नकया, और उसे हमारे पास मरने के नलये भेज नदया। 6 तब उन्ोोंने ओनजयाह के घराने में से अहीओर को बुलाया; और जब वह आया, और लोगोों की सभा में एक मनुष्य के हाथ में होलोफेरननस का नसर दे खा, तो मुोंह के बल नगर पडा, और उसका साहस टू ट गया। 7 परिु जब उन्ोोंने उसे पकड नलया, तब उस ने यहूदीत के पाों वोोंपर नगरके उसे प्रणाम नकया, और कहा, यहूदा के सारे तम्बुओम ों ें और सब जानतयोोंमें तू िन्य है , जो तेरा नाम सुनकर चनकत होोंगे। 8 इसनलये अब मुझे वह सब काम बता जो तू ने इन नदनोोंमें नकया है । तब जूनडथ ने लोगोों के बीच में उसे अपना सब कुछ बता नदया, नजस नदन से वह ननकली थी और उस समय तक उसने उन से बातें की। 9 और जब वह बोलना छोड चुकी, तो लोगोों ने ऊोंचे शब्द से जयजयकार नकया, और अपने नगर में हर्ष का शोर मचाया। 10 और जब अहीओर ने इस्राएल के परमेश्वर ने जो कुछ नकया था, उसे दे खा, तब उस ने परमेश्वर पर बहुत नवश्वास नकया, और अपनी खलडी का खतना नकया, और आज के नदन तक इस्राएल के घराने में नमल गया। 11 और भोर होते ही उन्ोोंने होलोफेरननस का नसर शहरपनाह पर लटका नदया, और हर एक पु रूर् अपने अपने हनथयार ले कर पहाड की चोटी पर दल बान्धकर ननकल गया।
2 और उन पर भय और थरथराहट छा गई, यहाों तक नक नकसी को अपने पडोसी के साम्हने नटकने का साहस न रहा; और सब एक सोंग ननकलकर मैदान और पहाडी दे श के हर मागष में भाग गए। 3 और जो बैतूनलया के आस पास के पहाडोोंमें डे रे डाले हुए थे वे भी भाग गए। तब इस्राएनलयोोंमें से नजतने योद्धा थे, उन पर टू ट पडे । 4 तब ओजीयाह को बेतोमासथेम, और बेबै, और चोबै, और कोला और इस्राएल के सब तटोोंके पास भेज नदया, नक जो कुछ नकया गया था उसका वणषन करें , और सब अपने शत्रुओों पर टू ट पडें और उन्ें नि कर डालें। 5 जब इस्राएनलयोोंने यह सु ना, तो सब एक मन होकर उन पर टू ट पडे , और चौबै तक उनको घात नकया; वैसे ही यरूशलेम और सारे पहाडी दे श से आए लोगोोंको भी घात नकया, (क्ोोंनक मनुष्योोंने उनको बता नदया या, (उनके शत्रुओों की छावनी में) और जो गलाद और गलील में थे, उन्ोोंने जब तक वे दनमश्क और उसकी सीमाओों से आगे नही ों ननकल गए, तब तक बडी मारकाट करते हुए उनका पीछा नकया। 6 और बेतूनलया में जो बचे हुए थे , वे अश्शूर की छावनी पर टू ट पडे , और उनको लूट नलया, और बहुत िनवान हो गए। 7 और जो इस्राएली घात करके लौट आए, उनके पास जो कुछ रह गया या; और जो गाों व और नगर पहाडोोंऔर तराई में थे, वे बहुत लूट गए; क्ोोंनक भीड बहुत बडी थी। 8 तब योआनकम महायाजक और यरूशलेम में रहनेवाले इस्राएनलयोोंके पुरननये, परमेश्वर ने इस्राएल को जो भलाई की बातें बतायीों थी,ों उन्ें दे खने को, और यूदीत को दे खने, और उसको नमस्कार करने को आए। 9 और जब वे उसके पास आए, तो उन्ोोंने एक मन होकर उसे आशीवाष द नदया, और उस से कहा, तू यरूशलेम की मनहमा है , तू इस्राएल का बडा गौरव है , तू हमारी जानत का बडा आनन्द है । 10 ये सब काम तू ने अपके हाथ से नकए; तू ने इस्राएल की बहुत भलाई की, और परमेश्वर इस से प्रसन्न हुआ; सवषशच्छिमान यहोवा की ओर से तू सवषदा िन्य रहे । और सब लोगोों ने कहा, ऐसा ही होगा। 11 और लोगोों ने तीस नदन तक छावनी को लूट नलया; और उन्ोोंने उसका तम्बू, और उसकी सारी थाली, और खाटें , और बतषन, और सारा सामान यूदीत होलोफेरननस को दे नदया; और उस ने उसे ले कर अपने खच्चर पर रख नदया; और उसकी गानडयाँ तैयार करके उन पर रख दीों। 12 तब सब इस्राएली च्छियाों उसे दे खने को इकट्ठे दौडीों, और उसे आशीवाष द नदया, और उसके नलथे नाचने लगी;ों और उस ने डानलयाों हाथ में लेकर अपके सोंग की च्छियोोंको भी दीों। 13 और उन्ोोंने उसे और उसकी दासी को जो उसके सोंग थी जलपाई की माला पहनाई, और वह सब च्छियोोंको आगे करके नाचती हुई सब लोगोोंके आगे आगे चली; और सब इस्राएली पुरुर् अपके अपके हनथयार पनहने हुए फूलमालाएों और गीत गाते हुए उसके पीछे चले गए। उनके मुँह में.
12 परिु जब अश्शूररयोों ने उन्ें दे खा, तब अपके सरदारोोंके पास भेजे, और वे अपके प्रिानोोंऔर गोत्रोोंके सब हानकमोोंके पास पहुों चे। 13 तब वे होलोफेरननस के तम्बू के पास आए, और उस से जो उसकी सब वस्तुओों का अनिकारी था, कहा, अब हमारे प्रभु को जगा; क्ोोंनक दासोों ने हम से लडने को नहयाव बान्धा है , नक वे सत्यानाश हो जाएों । 14 तब बगोआस में जाकर तम्बू का द्वार खटखटाया; क्ोोंनक उसने सोचा नक वह जूनडथ के साथ सोया है । 15 परिु जब नकसी ने उत्तर न नदया, तब उस ने उसे खोला, और शयनकक्ष में जाकर उसे भूनम पर पडा हुआ मरा हुआ पाया, और उसका नसर भी िड से अलग हो गया था। 16 इसनलये वह ऊोंचे शब्द से नचल्लाया, और नचल्लाया, और आहें भरी, और ऊोंचे शब्द से नचल्लाया, और अपने वि फाड डाले। 17 जब वह उस तम्बू में गया, जहाों यूदीत रहती थी, और जब उसे न पाया, तो बाहर ननकलकर लोगोों के पास नचल्लाया, और कहा, 18 इन दासोोंने नवश्वासघात नकया है ; इनियोों में से एक िी ने राजा नबूकदोनोसर के घराने को लच्छज्जत नकया है ; क्ोोंनक दे खो, होलोफेरननस नबना नसर के भूनम पर पडा है । 19 जब अश्शूर की सेना के प्रिानोोंने ये बातें सुनी,ों तब उन्ोोंने अपने कोट फाड नदए, और उनके मन बहुत घबरा गए, और सारी छावनी में चीख पुकार और बडा बडा कोलाहल होने लगा।
अध्याय 16 1 तब यूदीत सारे इस्राएल में यह िन्यवाद गाने लगी, और सब लोग उसके पीछे स्तुनत का यह गीत गाने लगे। 2 और जूनडथ ने कहा, मेरे परमेश्वर के नलये डफ बजाकर भजन करो, झाों झ बजाकर मेरे परमेश्वर का भजन गाओ; उसके नलये नया भजन गाओ; उसकी स्तुनत करो, और उस से प्राथषना करो। 3 क्ोोंनक परमेश्वर लडाइयोों को तोडता है , और उसने मुझे छावनी में लोगोोंके बीच में से मेरे सतानेवालोोंके हाथ से बचाया है । 4 अश्शूर उत्तर नदशा से पहाडोों से ननकलकर अपनी लाखोों से ना समेत आया, और उसकी भीड ने मूसलािार रोक दी, और उनके सवारोों ने टीलोों को घेर नलया। 5 और उस ने घमण्ड नकया, नक वह मेरी सीमाएों जला दे गा, और मेरे जवानोोंको तलवार से घात करे गा, और दू ि पीते बच्चोोंको भूनम पर
अध्याय 15 1 और जब डे रोों में थे, तब उन्ोोंने सुना, और जो कुछ हुआ उस से चनकत हुए। 49
पटक दे गा, और मेरे बच्चोोंको तो अपना नशकार करे गा, और मेरी कुोंवाररयोोंको लूट लेगा। 6 परिु सवषशच्छिमान यहोवा ने एक िी के द्वारा उन्ें ननराश कर नदया है । 7 क्ोोंनक वह शूरवीर जवानोोंके हाथ से न नगरा, और न टाइटन्स के बेटोोंने उस पर वार नकया, और न बडे नदग्गज उस पर चढे ; परिु मरारी की बेटी यूदीत ने अपने रूप के सौोंदयष से उसे कमजोर कर नदया। 8 क्ोोंनक उस ने इस्राएल के सताए हुओों को प्रसन्न करने के नलथे अपके वैिव्य का वि उतार नदया, और अपने मुोंह पर इत्र लगाया, और अपके बालोोंको टायर में बान्ध नलया, और उसको िोखा दे ने के नलथे सनी का वि ले नलया। 9 उसके जूतोों ने उसकी आों खोों को मोनहत कर नलया, उसकी सुन्दरता ने उसके मन को बोंदी बना नलया, और फाऊनशयन उसकी गदष न से पार हो गया। 10 फारस के लोग उसके साहस से काों प उठे , और मादी उसकी कठोरता से घबरा गए। 11 तब मेरे दीन लोग आनन्द से जयजयकार करने लगे, और मेरे ननबषल ऊोंचे स्वर से नचल्लाने लगे ; परिु वे चनकत हो गए; उन्ोोंने ऊोंचे स्वर से ऊोंचे शब्द बोले, परिु वे परास्त कर नदए गए। 12 युवनतयोोंके बेटोोंने उन्ें भगोडोोंके बालकोोंके समान छे दकर घायल नकया है ; वे यहोवा की लडाई में नाश हो गईों। 13 मैं यहोवा के नलये एक नया गीत गाऊोंगा: हे प्रभु, तू महान और मनहमामय, अद् भुत बल और अजे य है । 14 सब प्राणी तेरी सेवा करें ; क्ोोंनक तू ही ने कहा, और वे रचे गए; तू ने अपना आत्मा भेजा, और उस ने उनको उत्पन्न नकया; और कोई तेरा शब्द रोक नही ों सकता। 15 क्ोोंनक जल के कारण पहाड अपनी नेवोों से उखड जाएों गे, और चट्टानें तेरे साम्हने मोम की नाईों नपघल जाएों गी; तौभी तू अपने डरवैयोों पर दयालु है । 16 क्ोोंनक सारे बनलदान तेरे सुखदायक सुगन्ध के नलथे थोडे हैं , और सारी चबी तेरे होमबनल के नलथे थोडी है ; परिु जो यहोवा का भय मानता है वह सब समयोोंमें बडा है। 17 उन रािरोों पर हाय जो मेरे भाइयोों के नवरूद्ध उठ खडे होते हैं ! न्याय के नदन सवषशच्छिमान यहोवा उन से पलटा लेगा, और उनके शरीर में आग और कीडे डाल दे गा; और वे उन्ें महसूस करें गे, और सवषदा रोते रहें गे। 18 और यरूशलेम में प्रवेश करते ही उन्ोोंने यहोवा को दण्डवत् नकया; और जैसे ही लोग शुद्ध हो गए, उन्ोोंने अपने होमबनल, और ननिः शुल्क भेंट, और अपने उपहार चढाए। 19 जूनडथ ने होलोफेरननस का सारा सामान भी, जो लोगोों ने उसे नदया था, समनपषत नकया, और वह छत्र जो उसने उसके शयनकक्ष में से ननकाला था, यहोवा की भेंट के नलये दे नदया।
24 और इस्राएल के घराने ने उसके नलथे सात नदन तक नवलाप नकया; और मरने से पनहले उस ने अपके पनत मनश्शे के सब ननकटतम कुटु च्छम्बयोोंको, और अपने सब कुटु च्छम्बयोोंको अपना िन बाों ट नदया। 25 और यूदीत के नदनोों में और उसके मरने के बहुत समय बाद तक इस्राएनलयोोंको कोई डरानेवाला न रहा।
20 सो वे लोग यरूशलेम में पनवत्रस्डथान के साम्हने तीन महीने तक भोज करते रहे , और यूदीत उनके साय रही। 21 इस के बाद सब अपने अपने ननज भाग को लौट गए, और यूदीत बेतूनलया को जाकर अपनी ननज भूनम में बनी रही, और अपने समय में सारे दे श में प्रनतनित हो गई। 22 और बहुतोों ने उसकी लालसा की, परिु उसके जीवन भर नकसी ने उसे न पहचाना; जब उसका पनत मनश्शे मर गया, और अपने लोगोों में जा नमला। 23 परिु वह अपने पनत के घर में बहुत ही प्रनतनित होती गई, और एक सौ पाों च वर्ष की होकर बूढी हो गई, और अपनी दासी को स्वतोंत्र कर नदया; सो वह बेतूनलया में मर गई: और उन्ोोंने उसे उसके पनत मनश्शे की गुफा में नमट्टी दी।
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एस्त मे परतवर्ध
8 औत द् ख्, पृथी पत अयरक्त, अयरक्त, ््ू, सयकट, ््ू औत बडी हलचल क् कदध आएग्ं 9 औत स्ती रम् ज्कत घबत् गई, औत अपधी बुत्ई स् डतकत ध्ू ह्ध् पत थीं 10 तब उन्यध् पतम्शत क् पुक्त्, औत उधकी पुक्त स् म्ध् एक छ्ट् स् स्त् स् बडी ब्ढ औत बहत जल बह कधकल्ं 11 ज्कत औत सूय् उदय हए, औत दीध ल्ग ऊयच् ह् गए, औत गौतवू्ली ल्ग्य क् ख् गएं 12 जब मतदु ख्उस ध् यह स् द् ख् थ्, औत ज् कुछ पतम्शत ध् कतध् क् ठहत्य् थ्, वह ज्ग उठ्, औत यह स् उसक् मध मे तह्, औत वह त्त तक उसक् कवषय मे ज्धध् की इच् तखत् तह्ं
अध ्य 10 4 तब मतदु ख् ध् कह्, पतम्शत ध् य् क्म ककए है ं 5 क्यकक मुझ् एक स् सतम आत् है ज् मै ध् इध ब्त्य क् कवषय मे द् ख् थ्, औत उस मे स् क्ई भी ब्त कबध् पूती हए धही य तहीं 6 एक छ्ट् स् स्त् धदी बध गय्, औत वह्य उकजय्ल्, औत सूय्, औत बहत जल थ्: यह धदी एस्त है, कजस स् त्ज् ध् कवव्ह कतक् उस् त्धी बध्य् थ्ं 7 औत व् द् अजगत मै औत अमध है ं 8 औत व् ज्कतय्य ज् यहकदय्य क् ध्म कमट्ध् क् कलय् इकटी हई थीयं 9 औत म्ती ज्कत यह इस्एल है , ज् पतम्शत की द्ह्ई द् कत बच्ई गई; क्यकक यह्व् ध् अपधी पज् क् बच्य् है , औत यह्व् ध् हमे उध सब बुत्इय्य स् छु ड्य् है , औत पतम्शत ध् ऐस् कचन औत बड् बड् अद् भुत क्म कदख्ए है , ज् अनज्कतय्य मे धही य ककए गएं 10 इसकलय् उसध् द् कचकटय्य ड्ली य, एक पतम्शत क् ल्ग्य क् कलय्, औत दू सती सब अनज्कतय्य क् कलय्ं 11 औत य् द्ध्य कचकटय्य पतम्शत क् न्य क् कदध, औत समय पत, सब ज्कतय्य क् ल्ग्य क् कलय् कधकलींय 12 तब पतम्शत ध् अपधी पज् क् सतम ककय्, औत अपधी मीत्स क् रम् ठहत्य्ं 13 इसकलय् व् कदध अद्त महीध् क् चौदहवे औत पनहवे कदध क् पतम्शत क् स्मध् सभ् औत आधन औत आधन क् स्थ हआ कते ग्, औत उसकी पज् की पीढी पीढी मे सद् की तीकत पत ऐस् ही ह्ग्ं
अध ्य 12 1 औत मतद्ख्उस ध् त्ज् क् द् ख्ज्य औत महल क् तखव्ल्य, गब्त् औत थत्् क् स्थ आय गध मे कवश्म ककय्ं 2 तब उसध् उधकी युक्य्य सुधी य, औत उधक् उद् द्य क् ज्य च्, औत ज्ध कलय् कक व् त्ज् अत्तत पत ह्थ ड्लध् व्ल् है; औत उसध् त्ज् क् उधक् कवषय मे सच्त ककय्ं 3 तब त्ज् ध् उध द्ध्य ख्ज्य की ज्य च की, औत जब उन्यध् अपध् अपत्र सीक्त कत कलय्, तब उधक् गल् घ्यट कदय् गय्ं 4 औत त्ज् ध् य् ब्ते कलख लीय, औत मतद्ख्युस ध् भी कलख दींय 5 तब त्ज् ध् मतदु ख् क् दतब्त मे स्व् कतध् की आज् दी, औत इसक् बदल् उस् इध्म भी कदय्ं 6 पतनु अग्गी अम्द्तुस क् पुत अम्ध ज् त्ज् क् बड् सम्ध कतत् थ्, उसध् त्ज् क् द् ख्ज्य क् क्तम मतदु ख्उस औत उसकी पज् क् सत्ध् की युक् कीं अध ्य 13 1 पत्य की पकतकलकप यह थी: मह्ध त्ज् अत्तत ध् य् ब्ते उध ह्ककम्य औत त्जप्ल्य क् कलखी य ज् भ्तत स् ल्कत कूू तक एक सौ सत्ईस प्न्य मे उसक् अरीध थ्ं 2 उसक् ब्द मै बहत सी ज्कतय्य क् स्मी ह् गय् औत स्त् सयस्त पत म्त् आकरपत ह् गय्ं मै अपध् अकरक्त क् अहय क्त स् धही य, अकपतु सदै व न्य औत धमत् स् ववह्त कतत् तह्ं मैध् यह कधशय ककय् कक मै अपधी पज् क् सदै व ू्न जीवध मे बस्ऊयग्, तथ् अपध् त्ज क् ू्कनपूम् बध्ऊयग् औत उसक् म्ग् क् दू त-दू त तक ख्लूयग्, त्कक ू्कन क् पुधः स्कपत कत सकूय, ज् सभी मधुष्य की इच् है ं 3 अब जब मैध् अपध् सल्हक्त्य स् पूछ् कक यह कैस् ह् सकत् है , त् अमध, ज् हम्त् बीच बुकदम्ध थ्, औत अपधी कधतय तत भल्ई औत दढ कधष् क् क्तम पकतकषत थ्, औत कजस् त्ज मे दू सत् स्ध क् सम्ध प्र थ्, 4 हमे बत्य् गय् है कक सयस्त क् सभी द् ू्य मे एक दु ष ज्कत कबखती हई है , कजधक् क्धूध सभी द् ू्य क् कवपतीत है औत ज् त्ज्ओय की आज्ओय क् हम्ू् तुच समझत् है ं इसकलए हम्त् द्त् आदतपूव्क ककय् गय् हम्त् त्ज्य क् एकीकतम आग् धही य बढ सकत्ं 5 त् कफत हम समझ गए कक क्वल यही ल्ग कधतनत सब मधुष्य क् कवत्र मे है, उधक् कधयम कवकचत है , औत व् हम्त् त्ज क् कलए बुत् कतत् है , औत व् हत पक्त की बुत्ई कतत् है , त्कक हम्त् त्ज दढ ध ह् सक्ं
अध ्य 11 1 टॉली औत क्य्प्टे् क् त्ज क् चौथ् वष् मे, ड्कसथ्उस, ज् कहत् थ् कक मै य्जक औत ल्वी हय , औत उसक् पुत टॉली, फूतीम क् यह पत ल्कत आए, औत उन्यध् कह् कक यह वही है , औत टॉली क् पुत कलकसम्कस ध्, ज् यरूल्म मे थ्, इसक् अथ् बत्य् है ं 2 मह्ध अत्तत क् त्ज क् दू सत् वष् क् कधस्ध महीध् क् पकहल् कदध क्, कबन्मीध क् ग्त व्ल् मतद्ख्उस ध्, ज् सीसै क् पतप्त् औत कूमी क् प्त् औत य्ईत क् पुत थ्, एक स् द् ख्; 3 वह यहदी थ् औत ूूूध धगत मे तहत् थ्ं वह एक रधी मधुष थ् औत त्ज् क् दतब्त मे स्वक थ्ं 4 वह भी उध बकनय्य मे स् थ्, कजने ब्बुल क् त्ज् धबूकदध्सत यहकदय् क् त्ज् यकुकधय्स क् स्थ यरूल्म स् ल् गय् थ्; औत उसक् स् यह थ्: 5 द् ख्, द् ू मे गज्ध, भूकम औत क्ल्हल क् ूब ह् तह् है ं 6 औत द् ख्, द् बड् अजगत लडध् क् तैय्त ह्कत कधकल्, औत उधक् कचल्ध् बड् थ्ं 7 औत उधकी ललक्त सुधकत सब ज्कतय्य युद कतध् क् तैय्त ह् गईय, कक रम् ल्ग्य स् लडे ं
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एस्त मे परतवर्ध
6 इसकलय् हम ध् आज् दी है , कक कजतध् ल्ग्य क् कवषय मे अमध ध्, ज् हम्त् स्ध पत ठहत्य् गय् है , तुम्त् प्स पत कलखकत भ्ज् है , व् सब अपधी-अपधी क्य्य औत बच्य सम्त इसी वष् क् अद्त ब्तहवे महीध् क् चौदहवे कदध क्, कबध् ककसी दय् औत दय् क्, अपध् ूतुओय की तलव्त स् पूती तीकत स् ध्ू कत कदए ज्एय ं 7 त्कक व् ज् पहल् भी औत अब भी द् षपूम् है , एक ही कदध मे कहय स् क् स्थ कब मे चल् ज्एय , औत इसी पक्त आग् क् भी हम्त् म्मल्य क् कबध् ककसी पत् ू्धी क् अची ततह स् कधपट्एय ं 8 तब मतद्ख्उस ध् पभु क् सब क्म्य पत कवच्त कतक् उस स् प्थ्ध् कीं 9 ह् पभु , ह् पभु, ह् सव्ूक्म्ध त्ज्! स्त् सयस्त त्त् वू मे है ; औत यकद तू ध् इस्एल क् बच्ध् क् क्म ठहत्य् है , त् क्ई भी त्त् कवत्र धही य कत सक्ग्ं 10 क्यकक तू ही ध् सग् औत पृथी औत आक्ू क् धीच् की सब अद् भुत वसुएय बध्ईयं 11 तू त् सब वसुओय क् पभु है , औत ह् पभु , त्त् स्मध् कतध्व्ल् क्ई धही य है ं 12 ह् पभु, तू त् सब कुछ ज्धत् है , औत यह भी ज्धत् है कक ध त् अपम्ध, ध गव्, ध ही मकहम् की इच् स् मैध् अकभम्धी मधुष क् आग् कसत धही य झुक्य्ं 13 क्यकक मै इस्एल क् उद्त क् कलय् उसक् प्य व चूमध् तक स् पसर ह् सकत् थ्ं 14 पतनु मै ध् यह इसकलय् ककय्, कक मधुष की मकहम् क् पतम्शत की मकहम् स् अकरक कपय ध ज्धूय ; ह् पतम्शत, मै तुझ् छ्ड ककसी की उप्सध् ध कर य ग्, औत ध अकभम्ध स् कर य ग्ं 15 औत अब, ह् पभु पतम्शत औत त्ज्, अपधी पज् पत दय् कत; क्यकक उधकी दकष हम पत लगी है कक हम क् धष कत दे ; औत ज् कधज भ्ग आतम स् तुम्त् है, उस् भी व् धष कतध् च्हत् है ं 16 ज् भ्ग तू ध् कमस स् अपध् कलय् छु ड् कलय् है , उस् तुच ध ज्धं 17 म्ती प्थ्ध् सुध, औत अपध् कधज भ्ग पत दय् कत; हम्त् ू्क क् आधन मे बदल द् , तब हम जीकवत तहे ग्, ह् यह्व्, औत त्त् ध्म की सुकत कते ग्; औत ह् यह्व्, ज् त्ती सुकत कतत् है, उधक् मुयह क् बन ध कतं 18 इसी पक्त समस इस्एल ध् यह्व् की द्ह्ई कचल् कचल् कत दी, क्यकक उधकी मृतु उधकी आय ख्य क् स्मध् थीं
5 मै बचपध स् अपध् कुल क् ग्त मे सुधत् आय् हय कक ह् यह्व्, तू ध् इस्एल क् सब ल्ग्य मे स्, औत हम्त् पूव्ज्य क् उधक् सब पूव्ज्य मे स् सद् की कधज भूकम कतक् कलय् है, औत ज् कुछ तू ध् उध स् कह् थ्, उस् तू ध् पूत् भी ककय् है ं 6 औत अब हम ध् त्त् स्मध् प्प ककय् है ; इसकलय् तू ध् हमे हम्त् ूतुओय क् ह्थ मे कत कदय् है ं 7 क्यकक हमध् उधक् द् वत्ओय की पूज् की है: ह् पभु, तू रम् है ं 8 तौभी व् इस ब्त स् सनुष धही य ह्त् कक हम ककठध बनुआई मे पड् है , पतनु उन्यध् अपधी मूतत्य स् ह्थ कमल्ए है , 9 कक ज् ब्त तू ध् अपध् मुयह स् कही है , उस् व् कमट् दे ग्, औत त्त् कधज भ्ग क् ध्ू कते ग्, औत त्त् सुकत कतध्व्ल्य क् मुयह बन कते ग्, औत त्त् भवध औत व्दी की मकहम् क् बुझ् दे ग्ं 10 औत अनज्कतय्य क् मुयह ख्ल द्, कक व् मूतत्य की सुकत कते , औत एक ू्तीरतक त्ज् की सद् मकहम् कते ं 11 ह् पभु , अपध् त्जदण उध ल्ग्य क् ध द् ज् तुच है , औत व् हम्त् पतध पत ध हय से; पतनु अपधी युक् सयय अपध् ऊपत फ्त ले, औत उसी क् दष्न बध्एय , कजसध् हम्त् कवरद यह क्म आतम ककय् है ं 12 ह् यह्व्, सतम कत, हम्त् ््ू क् समय अपध् आप क् पगट कत; औत ह् ज्कतय्य क् त्ज्, ह् सव्ूक्मत् क् पभु, मुझ् कहय्व द् ं 13 कसयह क् स्मध् म्त् मुयह मे व्कटु ब्ते ब्ल, औत ज् हम स् युद कतत् है, उसक् मध मे घृम् उतर कत, तब उसक् औत उसक् सब सम्ध मध व्ल्य क् अन ह् ज्एग्ं 14 पतनु अपध् ह्थ स् हम क् छु ड्, औत मुझ ब्सह्त् क् ज् त्त् कसव् औत क्ई सह्यक धही,य सह्यत् कतं 15 ह् यह्व्, तू त् सब कुछ ज्धत् है; तू ज्धत् है कक मै अरकम्य्य की मकहम् स् घृम् कतत् हय , औत खतध्तकहत ल्ग्य क् कबछौध् स्, औत सब अनज्कतय्य स् घृम् कतत् हय ं 16 तू म्ती आवदकत् क् ज्धत् है , क्यकक मै अपध् उच पद क् कचन स् घृम् कतती हय, ज् म्त् पकट ह्ध् क् कदध्य मे म्त् कसत पत तहत् है, औत मै उसस् घृम् कतती हय, जैस् म्कसक रम् क् कचथड्, औत जब मै अक्ली ह्ती हय , तब मै उस् धही य पहधतीं 17 औत त्ती द्सी ध् ध त् आदम की म्ज पत ख्ध् ख्य् है , औत ध मैध् त्ज् क् भ्ज क् बड् मूल कदय् है , औत ध अघ् क् द्खमरु कपय् है ं 18 ह् इब्हीम क् पतम्शत यह्व्, कजस कदध स् मै यह्य पहय च्ई गई, उस कदध स् ल्कत अब तक त्ती द्सी क् त्त् कसव् औत क्ई आधन धही य हआं 19 ह् सव्ूक्म्ध पतम्शत, तू कधत्ू ल्ग्य की आव्ज सुध, औत हमे दु ष्य क् ह्थ स् छु ड्, औत मुझ् म्त् भय स् छु ड्ं
अध ्य 14 1 त्धी एस्त भी मृतु क् भय स् यह्व् की ूतम गईं 2 औत उसध् अपध् ू्धद्त व् उत्त कदए, औत दु ःख औत कवल्प क् व् पहध कलए; औत उसध् कीमती इत क् बज्य त्ख औत ग्बत स् अपध् कसत ढक कलय्, औत उसध् अपध् ूतीत क् बहत ही दीध कत कलय्, औत अपध् सभी आधन क् स्ध्य क् अपध् फट् ब्ल्य स् भत कलय्ं 3 औत उसध् इस्एल क् पतम्शत यह्व् स् प्थ्ध् की, कक ह् म्त् पभु, तू ही हम्त् त्ज् है ; ह् त्गी हई ्ी, त्त् कसव् म्त् क्ई सह्यक धही,य म्ती सह्यत् कतं 4 क्यकक म्त् खतत् म्त् ही ह्थ मे है ं
अध ्य 15 1 तीसत् कदध जब वह अपधी प्थ्ध् पूती कत चुकी, त् उसध् अपध् ू्क क् व् उत्त कदए, औत अपध् मकहम्मय व् पहध कलएं 2 औत वह बहत ही सुनत रप स् सज-रज कत पतम्शत क्, ज् सब वसुओय क् द् खध्व्ल् औत बच्ध्व्ल् है, पुक्त कत अपध् स्थ द् द्कसय्य ल् गईं 3 औत वह एक पत झुक गई, जैस् कक वह खुद क् कवधमत् स् ल् ज् तही ह्;
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एस्त मे परतवर्ध
4 औत दू सती भी उसक् पीछ् -पीछ् चली, औत उसक् पीछ् -पीछ् चलीं 5 औत वह अपधी सुनतत् क् क्तम ल्कलम् कलय् हए थी, औत उसक् मुख पसर औत अकत सुनत थ्; पतनु उसक् मध भय क् म्त् व्कुल थ्ं 6 तब वह सब द्त्य स् ह्कत त्ज् क् समुख खडी हई, ज् अपध् त्जकसयह्सध पत कवत्जम्ध थ्, औत त्जसी व् पहध् हए थ्, ज् स्ध् औत मकमय्य स् चमक तह् थ्; औत वह बहत ही भय्धक थ्ं 7 तब उसध् अपध् पत्प स् चमकत् हआ मुख ऊपत उठ्कत उस पत बहत ही भययकत दकष ड्ली; औत त्धी कगत पडी, औत उसक् तय ग पील् पड गय्, औत वह मूकछ् त ह् गई, औत उस द्सी क् कसत पत ज् उसक् आग् ज् तही थी, दणवत् कीं 8 तब पतम्शत ध् त्ज् क् मध क् धमत् मे बदल कदय्, औत वह डत क् म्त् अपध् कसयह्सध स् उछल पड्, औत उस् अपधी ग्द मे ल् कलय्, जब तक कक वह अपध् ह्ू मे ध आ गई, औत प्म भत् ूब्य स् उस् ू्कन दी, औत उसस् कह्, 9 ह् एस्त, क् ब्त है ? मै त्त् भ्ई हय ; ढ्ढस ब्नं 10 यदकप हम्ती आज् स्म्न है , तौभी तू ध मत् ग्; कधकट आं 11 औत उसध् अपध् सम् त्जदण उठ्य्, औत उस् उसकी गद् ध पत तख कदय्, 12 औत उसक् गल् लग्कत कह्, मुझ स् ब्ते कतं 13 तब उसध् उसस् कह्, ह् म्त् पभु, मै ध् तुझ् पतम्शत क् दू त क् सम्ध द् ख्, औत त्त् पत्प स् डत क् म्त् म्त् मध व्कुल ह् गय्ं 14 क्यकक ह् पभु, तू अद् भुत है , औत त्त् मुख अधुगह स् भत् हआ है ं 15 औत जब वह ब्ल तही थी, त् वह ब्ह्ू ह्कत कगत पडीं 16 तब त्ज् बहत पत् ू्ध हआ औत उसक् सभी स्वक्य ध् उस् स्य तध् दीं
7 अब जैस् कक हमध् कह् है , तुम इस् प्चीध इकतह्स स् धही,य बक् उध ल्ग्य क् घ्तक आचतम क् म्धम स् ह्ल ही मे ककए गए दु ष क्य् की ख्ज कतक् द् ख सकत् ह्, कजने अय्ग रप स् अकरक्त कदय् गय् है ं 8 औत हमे आध् व्ल् समय क् ध्ध तखध् च्कहए, कक हम्त् त्ज सब मधुष्य क् कलय् ू्न औत ू्कनपूम् ह्ं 9 अपध् उद् द्य क् बदलकत, औत हम्ू् उध ब्त्य क् न्य कतक् ज् अकरक सम्ध क्य्व्ही स् सष ह्ती है ं 10 क्यकक अम्द्त् क् पुत अम्ध ज् मककदु धी है, वह फ्तसी लह स् त् पत्य् है , औत हम्ती भल्ई स् दू त है, औत हम ध् उस् पतद् ूी क् सम्ध गहम ककय् है ं 11 अब तक वह अधुगह प्र कत चुक् थ् ज् हम हत ज्कत क् पकत कदख्त् है , यह्य तक कक वह हम्त् कपत् कहल्य्, औत त्ज् क् ब्द सब ल्ग्य मे उसक् आदत ककय् ज्त् थ्ं 12 पतनु उस ध् अपधी बडी पकतष् क् ह्थ मे ध ल्कत, हम्त् त्ज औत प्म द्ध्य क् छीधध् की क्कूू कीं 13 उन्यध् ध्ध् पक्त क् छल औत कपट स् हम्त् ध्ू की इच् की है ; अथ्् त मतद्ख्युस क् कवषय मे ज् हम्त् प्म बच्त् थ् औत सद् हम्त् भल् च्हत् थ्; औत कधद्ष एस्त क् कवषय मे भी ज् हम्त् त्ज की सहभ्गी थी, औत उसक् कवषय मे भी ज् अपधी स्ती ज्कत सम्त हम्त् ही त्ज की सहभ्गी थीं 14 क्यकक उसध् स्च् थ् कक इनी य ततीक्य स् उसध् हमे कमतहीध प्कत फ्तकसय्य क् त्ज मककदु कधय् क् ल्ग्य क् सौयप कदय् है ं 15 पतनु हम द् खत् है कक यहदी, कजने इस दु ष दु ष ध् सव्ध्ू क् कलय् पहय च् कदय् है , क्ई कुकम् धही य है , पतनु बहत ही न्यपूम् कधयम्य क् अधुस्त चलत् है ं 16 औत व् पतमपर्ध औत पत्कमी जीवत् पतम्शत की सन्ध बधे, कजस ध् हमे औत हम्त् पूव्ज्य क् त्ज क् द्कयत बहत उतम तीकत स् कदय् है ं 17 इसकलय् अच् यह ह्ग् कक तुम उध पत्य क् पूत् ध कत् ज् अमद्त् क् पुत अम्ध ध् तुम्त् प्स भ्ज् है ं 18 क्यकक ज् इध क्म्य क् कतध्व्ल् थ्, वह अपध् स्त् घत्ध् सम्त ूूूध क् फ्टक्य पत फ्य सी पत लटक् कदय् गय् है ं पतम्शत ज् सब पत ू्सध कतत् है , वह उसक् क्म्य क् अधुस्त तुतन बदल् ल्ध् व्ल् है ं 19 इसकलय् तुम इस पत की पकतकलकपय्य सब स्ध्य मे पक्कूत कत्, त्कक यहदी अपध् कधयम्य क् अधुस्त सतयत रप स् जीवध वतीत कत सकें 20 औत तुम उधकी सह्यत् कतध्, कक उसी कदध, ज् अद्त ब्तहवे महीध् क् त्तहव्य कदध ह्ग्, उध ल्ग्य स् पलट् कलय् ज्ए, ज् उधक् सयकट क् समय उध पत चढ्ई कते ग्ं 21 क्यकक सव्ूक्म्ध पतम्शत ध् उस कदध क्, कजस मे चुध् हए ल्ग ध्ू ह्ध् व्ल् थ्, उधक् कलय् आधन कत कदय् है ं 22 इसकलय् तुम अपध् पकवत पव् मे सब पक्त क् भ्ज्य क् स्थ इस् भी एक मुख कदध म्धध्ं 23 त्कक अब औत भकवष मे भी हम औत हम्त् कपय फ्तसी सुतकतत तहे ; पतनु ज् ल्ग हम्त् कवरद षड् तचत् है , उने कवध्ू क् सतम ह्ं 24 इसकलय् हत एक ूहत औत हत एक द् ू, ज् इध ब्त्य क् अधुस्त धही य कत् ग्, आग औत तलव्त स् कबध् दय् क् धष कत कदय् ज्एग्, औत वह ध क्वल मधुष्य क् कलए, बक् जयगली
अध ्य 16 1 भ्तत स् ल्कत कूू तक क् एक सौ सत्ईस प्न्य क् ह्ककम्य औत त्जप्ल्य तथ् हम्ती स्ती वफ्द्त पज् क् मह्ध त्ज् अत्तत क् धमस्तं 2 बहत स् ल्ग, कजतध् अकरक ब्त अपध् दय्लु त्जकुम्त्य क् मह्ध उपह्त्य स् सम्कधत ह्त् है , उतध् ही अकरक व् अकभम्धी ह् ज्त् है, 3 औत ध क्वल अपधी पज् क् ह्कध पहय च्ध् क् पयर कत्, पतनु यकद तुम बहत्यत स् रध ध सह सक्, त् ज् ल्ग उधक् भल् कतत् है , उधक् कवरद भी ववह्त कत्ं 4 औत मधुष्य मे स् क्वल रनव्द ही धही य उठ् ल्त्, वतध उध दु ष मधुष्य की मकहम्मयी ब्त्य स् भी घमकणत ह् ज्त् है , ज् कभी अच् धही य तह् ; क्यकक व् समझत् है कक हम पतम्शत क् न्य स् बच गए है , ज् सब कुछ द् खत् है औत बुत्ई स् घृम् कतत् है ं 5 औत ज् ल्ग अपध् कमत्य क् क्म्य क् पबन क् कलय् कधयु् ककए ज्त् है , उधकी कचकधी चुपडी ब्ते भी बहत स् अकरक्रतय्य क् कधद्ष क् खूध क् भ्गी बध्ती है , औत उने ऐसी कवपकतय्य मे फयस् द् ती है कजधक् क्ई उप्य धहींय 6 व् अपध् वकभच्त क् झूठ औत छल स् ह्ककम्य की कधद्षत् औत भल्ई क् र्ख् द् त् है ं 54
एस्त मे परतवर्ध
ज्धवत्य औत पकतय्य क् कलए भी हम्ू् क् कलए घृकमत बध् कदय् ज्एग्ं
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अध्य 1
उनमे य्न्श क् य्द है , और न पृ य्व पर मृतु क् र्ज है ; 15 (किययक धम् अमर है :) 16 परनु ्क्हवन मनुषियने अपके क्मियऔर ्चनियसे उसे अपने प्स बुल् यला्; किययक जब उनिय ने उसे अपन् यमत समझ्, तब उसे व्् कर ड्ल्, और उसके स्् ््च् ब्न लव, किययक ्े हव उसके सह््गव हिने के ािग है ।
1 हे पृ य्व के न्याािय तुम धम् से पे म रखि; अचे मन से प्ु क् सरम करि, और सरलत् से उसकव खिज करि। 2 किययक जि उसकव परवक् नहवय करते, ्ह उन मे से प्ा् ज्एग्; और अपने आप कि ऐसे लिगिय के स्मने पगर करत् है जि उस पर अय्श्स नहवय करते। 3 किययक व्् कव कलन्एय परमेशर से अलग हि ज्तव है , और उसकव शक् परखने पर मूख् कि ड्य रतव है । 4 किययक दु ष प्मव मे बुक् प्ेश नहवय करतव; न हव उस शरवर मे यन््स करि जि प्प के अधवन है । 5 किययक अनुश्सन कव पय्त आत् छल से दू र रहे गव, और यनबु्क् य्च्रिय से दू र रहे गव, और कुयरलत् के आने पर ठहर न सकेगव। 6 किययक बुक् पे मव आत् है ; और उसकव यनन् करने््ले कि यनद्द न ठहर्एग्; किययक परमेशर उसकव लग्म क् स्कव, और उसके हदा क् सच् दे खने््ल्, और उसकव जव् क् सुनने््ल् है । 7 किययक प्ु क् आत् जगत मे व्य है , और यजस मे सब कुछ है , ्ह ््मव क् ज्न रखत् है । 8 इस क्रम जि कुयरल ब्ते बिलत् है , ्ह यछप नहवय सकत्; और पलर् ले ने््ल् ्व दण दे कर उस से दू र नहवय हित्। 9 किययक दु षियकव ाुक् क् पत् लग्ा् ज्एग्, और उसके ्चन ाहि्् के प्स पहय चेगे, और उसके बुरे क्म पगर हियगे। 10 किययक जलन क् क्न सब ब्ते सुनत् है , और बुडबुड्ने क् शब यछप नहवय प्त्। 11 इसयलाे कुडकुड्ने से स््ध्न रहि, जि ल््हवन है ; और अपनव जव् कि यनन् करने से रिकि; किययक किई गुय ब्त ऐसव नहवय, जि व्् ठहरतव हि; और जि मुयह य्श्स करत् है , ्ह प्म कि घ्त करत् है । 12 अपने जव्न कव ्ूल के क्रम मृतु क् ात न करि; और अपने ह््िय के क्मिय से अपने आप कि य्न्श मे न फयस्ओ। 13 किययक परमेशर ने मृतु नहवय बन्ई, और न जवय्तियके न्श से पसर हित् है । 14 किययक उस ने सब ्सु एय इसयलाे उतर कवय, यक ्े बनव रहे ; और जगत कव पवय़ा्य स् रहे ; और न
अध्य 2 1 किययक ्क्हवन लिग आपस मे ््द-य्््द करके कहते ्े , परनु सवधे नहवय, यक हम्र् जव्न छिर् और कयठन है , और मनुष कव मृतु क् किई उप्ा नहवय, और न किई मनुष कब मे से लौर आा् हि। 2 किययक हम सब स्हस के समा जने है ; और इसके ब्द हम ऐसे हियगे म्नि हम क्व हए हव न हिय; किययक हम्रव स्य से हम्रे न्किय मे धुएँ के सम्न है , और हम्रे हदा के यहलने-डु लने मे एक छिरव सव यचयग्रव है । 3 और ्ह बुझते हव हम्र् शरवर र्ख हि ज्एग्, और हम्रव आत् शवतल ््ाु कव न्ईय लिप हि ज्एगव। 4 और हम्र् न्म समा के स्् ्ुल् यदा् ज्एग्, और हम्रे क्म किई सरम न रखेग्, और हम्र् प्म ब्दल कव न्ईय यमर ज्एग्, और किहरे कव न्ईय फैल ज्एग्, जि ब्दलिय कव यकरमिय से उड ज्त् है । सूरज, और उसकव गम् से उबरन्। 5 किययक हम्र् समा यमरतव हई छ्ा् के सम्न है ; और हम्रे अन के ब्द यफर लौरन् सय्् नहवय; किययक उस पर ऐसव मुहर लग् दव गई है , यक किई यफर लौरकर न आए। 6 इसयलाे आओ, हम उन अचव ्सु ओय क् आनन उठ्एय जि ्त्म्न मे है : और हम ज््नव कव न्ईय शवघत् से प्यमािय क् उपािग करे । 7 हम अपने आप कि महँ गे द्खमधु और इत से तृय करे , और बसयत क् किई ्व फूल हम्रे प्स से न ज्ने प्ए। 8 आओ, हम अपने आप कि गुल्ब कव कयलािय क् मुकुर पहन्एय , इससे पयहले यक ्े मुरझ् ज्एय ; 9 हम मे से किई ्व अपनव पसरत् क् ््ग यबन् न ज्ने प्ए; हम अपने आनन के यचन हर जगह छिडे ; किययक हम्र् ््ग ाहव है , और हम्र् ््ग ाहव है । 57
अध्य 3
10 हम कयग्ल धम् मनुष पर अनेर करे , य्ध्् कि न छिडे , और बू़ियके पके ब्लिय क् आदर न करे । 11 न्ा कव व््् हम्रव शक् ठहरे ; किययक जि यनब्ल है , ्ह व्् ठहरत् है । 12 इसयलाे आओ हम धम् कव घ्त मे रहे ; किययक ्ह हम्रव ब्रव के पक मे नहवय है , और ्ह हम्रे क्मिय के य्परवत शु् है : ्ह व््् क् अपम्न करने के क्रम हमे ड्य रत् है , और हम्रव यशक् के उलयघनिय पर हम्रव बदन्मव क् य्रिध करत् है । 13 ्ह परमेशर क् ज्न हिने क् द््् करत् है : और अपने आप कि प्ु कव सन्न कहत् है । 14 ्ह हम्रे य्च्रिय कि यधक्रने के यलाे रच् गा् है । 15 ्ह दे खने मे ्व हमे दु ःख दे त् है ; किययक उसक् जव्न और मनुषियक् स् नहवय, उसकव च्ल-चलन और हव पक्र कव है । 16 हम उसके स्मने यनकमे ठहरते है ; ्ह हम्रे च्लचलन से ऐस् दू र रहत् है म्नि ्ह गयदगव से दू र रहत् है ; ्ह धयम्ािय के अन क् सम्च्र सुन्त् है , यक ्े धन हि ज्एय , और घमण करत् है , यक परमेशर उसक् यपत् है । 17 आओ, हम दे खे यक उसकव ब्ते सच है ा् नहवय; और हम परखे यक उसके अन मे क् हिग्। 18 किययक ायद धम् मनुष परमेशर क् पु त हि, ति ्ह उसकव सह््त् करे ग्, और उसे उसके शतुओय के ह्् से बच्एग्। 19 आओ, हम उसे दे द और ा्तन् से ज्य चे, यक हम उसकव नमत् कि ज्ने, और उसके धैा् कि परखे। 20 आओ, हम उसे लज्जनक मृतु क् दण दे : किययक ्ह अपने हव कहने से पयतयित हिग्। 21 उनियने ऐसव कलन् कव, और धिख् ख् गए, किययक उनकव दु षत् ने उने अन् कर यदा् है । 22 और परमेशर के ्ेदियकि ्े नहवय ज्नते ्े , और न धम् के प्ररशयमक कव आश् रखते ्े , और न यनद्द मनुषियके पयतफल कव आश् रखते ्े । 23 किययक परमेशर ने मनुष कि अमर हिने के यल्े उतर यका्, और उसे अपनव सन्तनत् क् पयततप बन्ा्। 24 तौ्व शैत्न कव ड्ह से मृतु जगत मे आई; और जि उसक् पक ले ते है ्े उसे प्ते है ।
1 परनु धयम्ाियकव आत् परमेशर के ह्् मे रहतव है , और किई पवड् उने छू न सकेगव। 2 ्े यनबु्क्ािय कव दयष मे मर गए, और उनक् चले ज्न् दु :ख समझ् ज्त् है । 3 और उनक् हम्रे प्स से ज्न् सत्न्श हिग्; परनु ्े कुशल से है । 4 किययक ादयप ्े मनुषियके स्मने दण प्ते है , तौ्व उनकव आश् अमरत् से ्रव है । 5 और जब ्िडव त्डन् हई, ति उनकि बड् पयतफल यमले ग्; किययक परमेशर ने उनकि परख्, और अपने ािग ठहर्ा्। 6 उस ने उनकि ्टव मे सिने के सम्न ज्य च्, और हिमबयल करके गहम यका्। 7 और दण्त करने के समा ्े चमकेगे , और खूयरव के बवच मे यचयग्रव कव न्ईय इधर उधर दौडे गे। 8 ्े ज्यत ज्यत क् न्ा करे गे, और पज् पर प्ुत् करे गे, और उनक् प्ु स््द् र्ज करे ग्। 9 जि उस पर ्रिस् रखते है , ्े सत कि समझेगे; और जि पे म मे य्श्सािग है , ्े उसके स्् बने रहे गे; किययक अनुगह और दा् उसके पय्त लिगिय पर है , और ्ह अपने चुने हओय कव यचन् करत् है । 10 परनु दु ष लिग अपनव कलन् के अनुस्र दण प्एँ गे, किययक उनियने धयम्ािय कव उपे क् करके ाहि्् कि त्ग यदा् है । 11 किययक जि बुक् और प्लन-पिदम कि तुच ज्नत् है , ्ह दु ःखव है , और उनकव आश् व्् है , उनक् पररशम यनषल और उनके क्म यनषल है । 12 उनकव क्ा्य मूख् और उनके लडके-ब्ले दु ष है ; 13 उनकव सन्न श्यपत है । इसयलए धन है ्ह बयजर जि यनम्ल है , यजसने प्पपू म् यबसर कि नहवय ज्न् है : ्ह आत्ओय के दश्न मे फल प्य करे गव। 14 और ्ह खिज् धन है , यजस ने अपने ह््िय से किई अधम् क् क्म नहवय यका्, और न परमेशर के य्त् बुरव ब्ते सिचव; किययक उसे य्श्स क् य्शेद उपह्र यदा् ज्एग्, और प्ु के मकनर मे उसके मन कि अयधक ््ने ््ल् ््ग यदा् ज्एग्। 15 किययक अचे पररशम क् फल मयहम्मा हित् है , और बुक् कव जड क्व नष नहवय हितव। 16 और वय्च्रव लिग यस् न हियगे, और कुयरल ्यश क् ्यश जड से उख्ड यदा् ज्एग्।
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17 किययक च्हे ्े बहत यदन तक जवय्त रहे , तौ्व उनक् कुछ आदर न यका् ज्एग्, और उनक् अनक्ल ्व अन्दर से ्र् रहे ग्। 18 ा् ायद ्े शवघ मर ज्एय , ति परवक् के यदन उने न आश् रहे गव और न श्कन। 19 किययक अधम् पव़व क् अन ्ा्नक है ।
12 किययक कुयरलत् क् ज्दू सचव ब्तिय कि असष कर दे त् है ; और ््सन् कव ्रकन सरल मन कि कमजिर कर दे तव है । 13 ्ह ्िडे हव समा मे यस् हि गा्, और बहत समा पू र् यका्। 14 किययक ाहि्् ने उसके मन कि पसर यका्, इस क्रम उस ने उसे दु षियके बवच मे से यनक्लने के यलाे फुत् कव। 15 और लिगिय ने ाह दे ख्, और न समझ्, और ाह ब्त अपने मन मे न रखव, यक उसक् अनुगह और कतम् उसके पय्त लिगिय पर है , और ्ह अपने चुने हओय क् आदर करत् है । 16 इस पक्र जि धम् मर गा् है , ्ह जवय्त दु षियकि दिदव ठहर्एग्; और ाु््््् जि अधम् के कई ्द् और बु़्पे से शवघ हव पू म् हि ज्तव है । 17 किययक ्े बुक्म्निय क् अन दे खेगे, और न समझ सकेगे यक परमेशर ने समयत करके उसके य्दा मे क् ठहर्ा् है , और ाहि्् ने उसे यकस पक्र से सुरयकत रख् है । 18 ्े उसे दे खकर उसक् यतरस्र करे गे ; परनु परमेशर उनक् उपह्स करे ग्, और ्े ्य्ष मे घृयमत लि् और सद् के यलाे मरे हओय के बवच यनन् के प्त बने रहे गे। 19 किययक ्ह उनकि फ्ड ड्ले ग्, और यसर के बल परक दे ग्, और ्े बिलने से रह ज्एय गे; और ्ह उनकि ने् से यहल् दे ग्; और ्े पू रव तरह से उज्ड यदए ज्एय गे, और दु ःख मे रहे गे; और उनक् सरम न्श हि ज्एग्। 20 और जब ्े अपके अपके प्पियक् ले ख् यलखकर दे गे, तब ्े डरते हए आएय गे; और उनके अधम् के क्मियके क्रम उनकि उनके स्मने समझ्ा् ज्एग्।
अध्य 4 1 सन्न न रखन् और सद् गुम रखन् उतम है ; किययक उसक् सरम अमर है ; किययक परमेशर और मनुष दिनिय हव उस कव चच्् करते है । 2 जब ्ह उपक्त हित् है , ति मनुष उसक् उद्हरम ले ते है ; और जब ाह चल् ज्त् है , ति ्े इसकव इच् करते है : ाह एक मुकुर पहनत् है , और हमेश् के यलए य्जाव हित् है , जवत ह्यसल करने के ब्द, बेद्ग पु रस्रिय के यलए पा्स करत् है । 3 परनु दु षियक् ्यश न पनपे ग्, और न दु षियके क्रम गहरव जड पकडे ग्, और न द़ ने् ड्ले ग्। 4 ादयप ्े कुछ समा तक ड्यलाियमे फलते-फूलते है ; तौ्व यरके न रहे गे, ्े आँ धव से यहल उठे गे , और आँ धव के झियके से जड से उख्ड यदए ज्एँ गे। 5 अयस् ड्यला्य तिड दव ज्एय गव, उनक् फल यनकम् हि ज्एग्, ख्ने के ािग न पकेग्, ्रन व्् यमले ग्। 6 किययक जि ब्लक अ्ैध यबछौने से उतर हिते है , ्े मुकदमे मे अपने म्त्-यपत् के य्र् दु षत् के ग््ह हिते है । 7 परनु धम् च्हे मृतु से रिक् ज्ए, तौ्व ्ह य्श्म प्एग्। 8 किययक आदर कव आाु ्ह नहवय है जि बहत समा से म्नव ज्तव है , और न ्ह ्द् कव यगनतव से म्पव ज्तव है । 9 परनु बुक् मनुषियके यलाे पके ब्लके सम्न है , और यनषलय क जव्न बु़्पे के सम्न है । 10 उस ने परमेशर कि पसर यका्, और ्ह उसे यपा ््: ाह्य तक यक प्यपािय के बवच मे रहकर ्ह पसर हि गा्। 11 और ्ह तुरन उठ् यला् गा्, ऐस् न हि यक दु षत् से उसकव समझ बदल ज्ए, ा् छल से उसक् प्म धिख् ख् ज्ए।
अध्य 5 1 तब धम् जन अपने दु :ख दे ने््लियके स्मने बडे यहा्् से खड् हिग्, और अपने पररशम क् ले ख् न ले ग्। 2 जब ्े इसे दे खेगे, ति ्ा्नक ्ा से व्कुल हि ज्एय गे, और उसके उ््र कव य्यचतत् से, ाह्य तक यक उनकव आश् से कहवय ब़कर, चयकत हि ज्एय गे। 3 और ्े मन यफर्एय गे, और आत् के दु ःख से कर्हते हए अपने मन मे कहे गे, ाह ्हव है , यजसे
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हम क्व क्व ठटिय मे उड्ते ्े, और न्मधर्ई कव कह््त कहते ्े । 4 हम मूख् ने उसके प्म कि प्गलपन, और उसके अन कि यनर्दर समझ्। 5 ्ह परमेशर कव सन्न मे कैसे यगन् गा्, और पय्त लिगियके बवच उसक् ््ग कौन स् है ! 6 इस क्रम हम सच्ई के म्ग् से ्रक गए है , और धम् क् पक्श हम तक नहवय पहय च्, और धम् क् सूा् हम पर नहवय चमक्। 7 हम ने दु षत् और य्न्श के म्ग् मे चलते चलते ्क गए है ; ह्य , हम जय गल मे से हिकर चले है , जह्य म्ग् नहवय; परनु प्ु क् म्ग् हम ने नहवय ज्न्। 8 घमण से हमे क् ल्् हआ? ा् हम्रे घमण से ्रे हए धन से हमे क् ल्् हआ? 9 ्े सब ्सु एँ छ्ा् कव न्ईय, और झर से खवयचे हए खमे कव न्ईय यमर ज्तव है ; 10 और जल कव लहरिय पर चलने््लव न्् के सम्न उसक् पत् नहवय चलत्, और लहरियमे उसक् म्ग् नहवय यमलत्; 11 ा् जै से पकव आक्श मे उडत् है , ति उसके म्ग् क् किई यचन नहवय यमलत्, पर हलव ््ाु उसके पय खिय के फडफड्ने से और उनके तवव शब और हलचल से अलग हिकर प्र हि ज्तव है , और उसके ब्द किई यचन नहवय यमले ग् यक ्ह कह्ँ गाव ्व; 12 ा् जै से तवर यकसव यनश्न पर चल्ा् ज्त् है , ति ्ह ह्् कि दि यहसिय मे ब्य र दे त् है , और ह्् तुरयत एक स्् आ ज्तव है , ाह्य तक यक किई नहवय ज्न सकत् यक ्ह कह्य से गुजरव। 13 इसव रवयत से हम ्व जन ले ते हव अपने अन कव ओर खवचने लगे, और यदख्ने के यलाे सद् गुम क् किई यचन न रह्; परनु अपनव हव दु षत् मे ्स हि गए। 14 किययक ्क्हवन कव आश् ह्् से उडतव हई धूल के सम्न है ; एक पतले झ्ग कव तरह जि आँ धव के स्् उड ज्त् है ; उस धुएँ के सम्न जि आँ धव के स्् इधर उधर फैल ज्त् है , और एक यदन के अयतय् कव सृयत के सम्न यमर ज्त् है । 15 परनु धम् स््द् जवय्त रहे ग्; उनक् पयतफल ाहि्् के ह्् मे है , और उनकव सुयध परमपध्न के ह्् मे है । 16 इस क्रम ्े ाहि्् के ह्् से मयहम् क् र्ज, और सुनर मुकुर प्एय गे; किययक ्ह अपने द्यहने ह्् से उने ढ्य प ले ग्, और अपनव ्ुज् से उनकव रक् करे ग्।
17 ्ह अपकव जलन कि पू र् क्च बन्एग्, और अपके शतुओक य ् पलर् ले नेके यल्े प्मव कि अपन् हय्ा्र बन्एग्। 18 ्ह धम् कि यझलम कव न्ईय, और रिप के बदले सच् न्ा पयहनेग्। 19 ्ह पय्तत् कि अजे ा ढ्ल बन्एग्। 20 ्ह अपने ्डके हए किध कि तल््र कव न्ईय तेज करे ग्, और जगत उसके स्मने मूख्के य्त् लडे ग्। 21 तब सवध् यनश्न् स्धने््ले ्ज दू र तक चले गे; और ्े ब्दलिय से , जै से खवयचे हए धनुद से, लक कव ओर उडे गे। 22 और किध से ्रे हए ओले पतर के धनुद कव न्ईय फेके ज्एय गे, और समुद क् जल उन पर ्डक उठे ग्, और ब़् उनकि डु ब् दे गव। 23 ह्य , पचण ््ाु उनके य्त् उठे गव, और आँ धव कव न्ईय उनकि उड् ले ज्एगव; इस पक्र अधम् से स्रव पृ य्व उज्ड ज्एगव, और बुर्ई से शूर्वरिय कव गदव उलर ज्एगव। अध्य 6 1 इसयलाे हे र्ज्ओय, सुनि, और समझि; हे पृ य्व कव छिर के न्याािय, सवखि। 2 हे पज् पर प्ुत् करने््लिय, क्न लग्ओ, और ज्यत ज्यत कव ्वड पर घमण करि। 3 किययक प्ु कव ओर से तुमे स्म्् दव गई है , और प्ुत् परमपध्न कव ओर से दव गई है , ्हव तुम्रे क्मिय कि परखेग्, और तुम्रव ाुक्ािय कि ज्य चेग्। 4 किययक तुम ने उसके र्ज मे से्क हिकर न ति ठवक से न्ा यका्, और न व््् कि म्न्, और न परमेशर कव समयत के अनुस्र चले ; 5 ्ह तुम पर ्ायकर और ्ेग से आ पडे ग्; किययक ऊयचे ््निय पर रहने््लियकि कड् दण यदा् ज्एग्। 6 किययक कतम् शवघ हव दु षिय कि कम् कर दे तव है , परनु शूर्वरियकि बडव ा्तन् यमलतव है । 7 किययक जि सब पर प्ु है , ्ह यकसव क् ्ा न ख्एग्, और न यकसव के बडे क् ्ा दे खेग्; किययक उसव ने छिरे और बडे कि बन्ा्, और सब कव एक सम्न यचन् करत् है । 8 परनु शूर्वरियपर बडव कयठन परवक् आ पडे गव। 9 इसयलाे, हे र्ज्ओय, मै तुम से इसयलाे कहत् हय , यक तुम बुक् सवखि, और धिख् न ख्ओ। 60
अध्य 7
10 किययक जि पय्त बने रहते है , ्े पय्त समझे ज्एय गे; और जि ऐसव ब्ते सवख चुके है , ्े क् उतर दे गे। 11 इसयलाे अपन् से ह मेरव ब्तिय पर लग्; उनकव इच् करि, और तुमे यशक् दव ज्एगव। 12 बुक् मयहम्मा है , और क्व यमरतव नहवय; ्रन जि उस से पे म रखते है ्ह उन पर पगर हितव है , और जि उसके खिजव है उन पर ्ह पगर हितव है । 13 ्ह अपने च्हने््लिय कि पयहले अपने आप कि पगर करने से रिकतव है । 14 जि किई उसे ्िर से ढूय़े , उसे बड् कष न हिग्; किययक ्ह उसे अपने द्र पर बैठ् हआ प्एग्। 15 इसयलाे उसके य्दा मे सिचन् बुक् कव यसक् है ; और जि किई उसकव ब्र जिहत् है , ्ह तुरन घबर् ज्त् है । 16 किययक ्ह अपने ािग लिगियकि ढूय़तव यफरतव है , और च्लचलन मे उन पर कृप् यदख्तव है , और हर य्च्र मे उन से यमलतव है । 17 किययक उसकव असलव शुरआत अनुश्सन कव इच् है ; और अनुश्सन कव पर््ह पे म है ; 18 और पे म उसकव व्््ओय क् प्लन करन् है ; और उसके यनामिय पर ध्न दे न् अय्न्शवत् क् आश्सन है ; 19 और अय्न्शवत् हमे परमेशर के यनकर पहय च्तव है ; 20 इसयलाे बुक् कव अय्ल्द् र्ज कि पहय च्तव है । 21 हे पज् के र्ज्ओय, ायद तुम यसयह्सनियऔर र्जदणियमे पसर हि, ति बुक् क् आदर करि, यजस से तुम स््द् र्ज करते रहि। 22 और बुक् के य्दा मे ्ह क् है , और यकस रवयत से उतर हई, मै तुमे बत्ऊयग्, और ्ेद न यछप्ऊयग्; परनु जन के आरम से हव उसे ढूय़ूयग्, और उसक् ज्न पक्श मे ल्ऊयग्, और सत से प्र नहवय प्ओगे. 23 और मै ड्ह ्डक् कर न चलूय ग्; किययक ऐसे मनुष कव बुक् से किई सयगयत न हिगव। 24 परनु बुक्म्निय कव बहत्ात से जगत क् कल्म हित् है , और बुक्म्न र्ज् से पज् क् प्लन हित् है । 25 इसयलाे तुम मेरे ्चनियके द्र् यशक् गहम करि, और उस से तुम्र् ्ल् हिग्।
1 मै आप ्व सब के सम्न एक न्श््न मनुष हय , और जि पृ य्व पर उतर हआ उसव कव सन्न हय । 2 और दस महवने के बवतने पर मेरव म्त् के ग्् मे मनुष के लह मे और उस सुख से जि नवयद के स्् उतर हआ, शरवर क् तप ध्रम यका् गा्। 3 और जब मै उतर हआ, ति मै स्म्न ््ाु मे कखयच्, और पृ य्व पर, जि उसके सम्न स््् कव है , यगर पड्, और जि पहल् सर मै ने यनक्ल्, ्ह और सब के सम्न रिने क् ््। 4 मुझे लपे रे हए कपडे पहन्ए गए, और ्ह ्व बडव दे ख््ल के स््। 5 किययक ऐस् किई र्ज् नहवय, यजसक् जन यकसव और रवयत से हआ हि। 6 किययक सब मनुषियके जव्न मे प्ेश एक हव और यनक्स ्व एक हव है । 7 इसयलाे मै ने प््् न् कव, और मुझे समझ दव गई; मै ने परमेशर कि पु क्र्, और बुक् कव आत् मेरे प्स आई। 8 मै ने उसकि र्जदय डियऔर र्जगदवओयसे अयधक यपा ज्न्, और धन कि उसके स्मने कुछ ्व न ज्न्। 9 और मै ने उसकव तुलन् यकसव मयम से नहवय कव, किययक उसके यलाे सब सिन् रे त के सम्न है , और च्नव उसके स्मने यमटव के सम्न ठहरे गव। 10 मै ने उस से स्व और सौना् से अयधक पे म यका्, और उयजा्ले के बदले उसे प्न् च्ह्; किययक जि उयजा्ल् उस से यनकलत् है , ्ह क्व बुझत् नहवय। 11 उसके स्् सब पक्र कव अचव ्सु एय मेरे प्स आईय, और उसके ह्् मे असयख धन ्े । 12 और मै उन स्ियके क्रम आनकनत हआ, किययक बुक् उनके आगे आगे चलतव ्व: और मै न ज्नत् ््, यक ्ह उन कव म्त् है । 13 मै ने पररशम से सवख्, और उद्रत् से उसे बत्त् हय : मै उसक् धन नहवय यछप्त्। 14 किययक ्ह मनुषिय के यलाे ऐस् खज्न् है , जि क्व नष नहवय हित्; यजसक् उपािग करने ््ले परमेश््र के यमत बन ज्ते है , और सवखने से यमलने ््ले ्रद्निय के क्रम उनकव पशयस् कव ज्तव है । 15 परमेशर ने मुझे अपनव इच् के अनुस्र बिलने, और जि कुछ मुझे यदा् गा् है उसके अनुस्र ग्् ध्रम करने कव आज् दव है ; किययक ्हव है जि बुक् 61
कव ओर ले ज्त् है , और बुक्म्निय कि म्ग् यदख्त् है । 16 किययक हम और हम्रव ब्ते उसके ह्् मे है ; स्रव बुक् ्व, और क्रवगरव क् ज्न ्व। 17 किययक उस ने मुझे ्सु ओय क् कुछ ज्न यदा् है , अ््् त् ाह ज्न यला् है यक जगत् कव रचन् यकस रवयत से हई, और ततिय कव क् रवयत है । 18 आयद, अन, और समािय क् मध, अ््् त् सूा् के घूमने क् परर्त्न, और ऋतुओय क् परर्त्न। 19 ्द् कव पररकम्, और त्रिय कव क्यत; 20 जवय्त प्यमािय क् स्््, और बनपशुओय क् किध; ््ाु क् उपद्, और मनुषिय क् तक्; पौधिय कव य्य्धत्, और जडिय के गुम: 21 और जि कुछ गुय ा् पगर है , ्ह सब मै ज्नत् हय । 22 किययक बुक् ने जि सब ्सु ओय क् कत्् है , मुझे यसख्ा्; किययक उस मे समझने््लव आत् है जि पय्त, एक हव, अनेक गुन्, सूक, जव्यत, सष, यनषलय क, यनषलय क, चिर पहय च्ने ््लव नहवय, और जि अचव है उस से पे म रखतव है । तररत, यजसे हिने नहवय यदा् ज् सकत्, अच् करने के यलए तैा्र, 23 मनुष के पयत दा्लु , द़, यनय्त, यचयत् से मु्, स्व शक् रखने ््ल्, स्व चवजिय कव दे खरे ख करने ््ल्, और स्व समझ से गुजरने ््ल्, शु् और सबसे सूक, आत्। 24 किययक बुक् सब गयत से अयधक गयतम्न है , ्ह अपनव पय्तत् के क्रम सब ्सु ओय से हिकर गुजरतव है । 25 किययक ्ह परमेशर कव शक् कव स्य स है , और स््शक्म्न कव मयहम् से बहने ््ल् शु् प््् है : इस क्रम किई अशु् ्सु उस मे प्ेश नहवय कर सकतव। 26 किययक ्ह अनन पक्श कव चमक, परमेशर कव शक् क् बेद्ग दप् म, और उसकव ्ल्ई कव छय् है । 27 और ्ह एक हिकर सब कुछ कर सकतव है : और अपने आप मे रहकर सब कुछ ना् कर दे तव है : और सब ाुगिय मे पय्त आत्ओय मे प्ेश करके उने परमेशर क् यमत और ्य्षद्् बन्तव है । 28 किययक परमेशर बुक् से रहने््ले कि छिड और यकसव से पे म नहवय रखत्। 29 किययक ्ह सूा् से ्व अयधक सुनर है , और सब पक्र के त्र्गमिय से ्व अयधक सुनर है ; ्ह
पक्श से तुलन् करके उसके ्व पहले प्ई ज्तव है । 30 किययक इसके ब्द र्त आएगव, परनु बुर्ई बुक् पर पबल न हिगव। अध्य 8 1 बुक् एक यसरे से दू सरे यसरे तक पबलत् से पहय चतव है , और सब ब्तिय कि मधुरत् से व्क्त करतव है । 2 मै ने उस से पे म रख्, और बचपन हव से उसे ढूय़त् रह्, मै ने उसे अपनव पतव बन्न् च्ह्, और मै उसके सौना् क् पे मव हि गा्। 3 ्ह परमेशर से ब्तचवत करके अपन् बड़न ब़्तव है ; ह्य , सब ्सु ओय क् प्ु आप हव उस से पे म रखत् है । 4 किययक ्ह परमेशर के ज्न के ्ेदियकि ज्नतव है , और उसके क्मियकव पे मव है । 5 ायद धन इस जव्न मे च्हने ािग ्सु हि; बुक् से ब़कर क् है , जि सब ब्तिय मे क्म आतव है ? 6 और ायद य््ेक से क्म यका् ज्ए; उन सब मे से कौन उससे अयधक चतुर क्म करने ््ल् है ? 7 और ायद किई मनुष धम् से पवयत रखत् है , ति उसके पररशम सद् गुम है : किययक ्ह सयाम और य््ेक, न्ा और धैा् यसख्तव है : ाे ऐसव ब्ते है , यक मनुषिय के जव्न मे इससे अयधक ल््द्ाक किई ्सु नहवय हि सकतव। 8 ायद किई बहत अनु्् कव अय्ल्द् रखत् है , ति ्ह प्चवन ब्तिय कि ज्नतव है , और आने््लव ब्तिय क् ठवक अनुम्न लग्तव है ; ्ह ््दमिय कव सूकत्एय ज्नतव है , और गू़ ््किय कि समझ् सकतव है ; ्ह यचनिय और चमत्रिय, और ऋतुओय और समािय कव घरन्ओय कि पहले से ज्नतव है । 9 इसयलाे मै ने ाह ज्न कर उसे अपने प्स ले ज्न् च्ह्, यक ्ह मेरे स्् रहे । और ाह ज्नकर यक ्ह अचव ब्तिय कव सल्ह दे गव, और यचन् और शिक मे श्कन दे गव। 10 उसके क्रम मै ज््न हिकर ्व ्वड मे मेर् म्न, और पु रयनािय मे आदर प्ऊयग्। 11 मै न्ा करने मे ततर प्ा् ज्ऊयग्, और मह्पु रदिय के स्मने मेरव पशयस् कव ज्एगव। 12 जब मै अपनव जव् पर लग्म लग्त् हय , तब ्े मेरव फुरसत क् ध्न रखते है , और जब मै बिलत् हय ,
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तब ्े मेरव ओर क्न लग्ते है ; ायद मै अयधक बिलत् हय , ति ्े अपने मुयह पर ह्् रख ले ते है । 13 और उसके द्र् मै अमरत् प्य कत य ग्, और अपने पवछे आने््लियके यलाे एक यचर््ाव सृयत छिड ज्ऊयग्। 14 मै पज् कि व्क्त कत य ग्, और ज्यत ज्यत के लिग मेरे आधवन हि ज्एय गे। 15 ्ा्नक अत्च्रव मेर् सम्च्र सुनकर ्र्र् उठे गे; मै ्वड मे अच् और ाु् मे ्वर ठहत य ग्। 16 जब मै अपके घर मे पहय चूय, तब उस से मन यफर्ऊयग्; किययक उसकव ब्तचवत मे किई कड््हर न हिगव; और उसके स्् रहने मे शिक नहवय, परनु आनन और आनन है । 17 अब जब मै ने इन ब्तिय पर य्च्र यका्, और अपने मन मे य्च्र यका्, ति ाह कैसे हआ यक बुक् से जु डन् हव अमरत् है ; 18 और उस से यमतत् करन् बडे आनन कव ब्त है ; और उसके ह््िय के क्मिय मे अनन धन है ; और उसके स्् समले न के अभ्स मे य््ेक; और उसके स्् ब्तचवत मे, एक अचव ररपिर् ; मै उसे अपने प्स कैसे ले ज्ऊय, इसकव तल्श मे लग गा्। 19 किययक मै बुक्म्न ब्लक ््, और मेरव आत् अचव ्व। 20 ्रन मै ्ल् हिकर यनषलय क शरवर मे आा् हय । 21 तौ्व जब मै ने ज्न यला्, यक ायद परमेशर ने उसे मुझे न यदा्, ति मै उसे यकसव अन रवयत से प्य नहवय कर सकत्; और ाह ज्नन् ्व बुक्म्नव कव ब्त ्व यक ्ह यकसक् उपह्र ््; मैने प्ु से प््् न् कव, और उससे प््् न् कव, और अपने पू रे यदल से मैने कह्,
6 ादयप मनुषिय मे किई मनुष क्व ्व खर् नहवय ठहरत्, तौ्व ायद तेरव बुक् उसके स्् न रहे , ति उसक् कुछ महत न हिग्। 7 तू ने मुझे अपकव पज् क् र्ज्, और अपके बेरेबेयराियक् न्ाव हिने कि चुन यला् है ; 8 तू ने मुझे आज् दव है , यक अपके पय्त प््त पर एक मकनर, और यजस नगर मे तू रहत् है ्ह्य उस पय्त तमू के सम्न एक ्ेदव बन्ए, यजसे तू ने आरम से तैा्र यका् है । 9 और बुक् तेरे स्ा ्व, जि तेरे क्मियकि ज्नतव है , और जब तू ने जगत बन्ा्, तब ्व ्व, और जि कुछ तुझे ््त् है , और जि तेरव आज्एय ठवक है , ाह ्व ज्नतव ्व। 10 हे उसकि अपके पय्त सग् मे से, और अपके मयहम् के यसयह्सन पर से ्ेज, यक ्ह उपक्त हिकर मेरे स्ा पररशम करे , और मै ज्नूय यक तुझे क् ््त् है । 11 किययक ्ह सब ब्ते ज्नतव और समझतव है , और मेरे क्मिय मे मेरव अगु््ई करे गव, और अपनव शक् से मुझे बच्ए रखेगव। 12 इस पक्र मेरे क्म सुफल हियगे, और मै तेरे लिगिय क् न्ा धम् से कत य ग्, और अपने यपत् के यसयह्सन पर बैठने के ािग हिऊयग्। 13 ्ह कौन मनुष है जि परमेशर कव ाुक् ज्न सके? ा् कौन सिच सकत् है यक प्ु कव इच् क् है ? 14 किययक मनुष के य्च्र ति दु ःख के है , और हम्रव ाुक्ा्य अयनय्त है । 15 किययक न्शम्न शरवर प्म कि दब् दे त् है , और यमटव क् तमू मन कि जि बहत सव ब्तिय पर य्च्र करत् है , दब् दे त् है । 16 और जि ्सु एय पृ य्व पर है , उनक् हम ठवक ठवक अनुम्न नहवय लग्ते, और जि ्सु एय हम्रे स्मने है , ्े पररशम से हम नहवय प्ते, परनु जि ्सु एय सग् मे है , उनक् यकस ने पत् लग्ा्? 17 और जब तक तू बुक् न दे , और अपके पय्त आत् कि ऊपर से न ्ेजे, तब तक तेरव ाुक् कि कौन ज्न सकत् है ? 18 इस पक्र पृ य्व पर रहने््लियकव च्ल सुध्रव गई, और मनुषियकि जि ब्ते तुझे ््तव है ्े यसख्ई गईय, और बुक् के द्र् उ््र प्ए गए।
अध्य 9 1 हे मेरे यपतरियके परमेशर, और दा्लु प्ु, यजस ने तेरे ्चन से सब कुछ बन्ा्, 2 और अपनव बुक् से मनुष कि ठहर्ा्, यक ्ह तेरव बन्ई हई सृष ्सु ओय पर प्ुत् रखे, 3 और जगत कव व््् सवध्ई और धम् के अनुस्र करि, और खरे मन से न्ा करि। 4 जि तेरे यसयह्सन पर बैठ् है , मुझे बुक् दे ; और मुझे अपनव सन्न मे से न यनक्लि; 5 किययक मै तेर् द्स ्् तेरव द्सव क् पु त हय , मै दु ब्ल हय , और अलक्ल क् हय , और न्ा और व््् कि समझने मे बहत छिर् हय । 63
अध्य 10
13 जब धम् यबक गा्, तब उस ने उसे न त्ग्, ्रन प्प से बच्ा्; ्ह उसके सयग गडहे मे उतर गई। 14 और जब तक ्ह उसके प्स र्ज क् र्जदण और उसके अनेर करने््लियके य्त् स्मा् न ले आई, तब तक उसे बनुए न छिड्; और उस ने उस पर दिद लग्ने््लियकि झूठ् ठहर्ा्, और सद् उसकव मयहम् कव। 15 उस ने धयम्ाियकि और यनद्द ्यश कि उन पर अनेर करने््लव ज्यत से छु ड्ा्। 16 ्ह ाहि्् के द्स के प्म मे सम् गई, और चमत्रिय और यचनिय से ्ा्नक र्ज्ओय क् स्मन् करतव रहव; 17 धयम्ािय कि उनके पररशम क् पयतफल यदा्, और उने अद् ्ुत म्ग् यदख्ा्, और यदन कि आड और र्त कि त्रिय कव रिशनव क् क्म यदा्; 18 और उनकि ल्ल समुद मे से प्र ले आा्, और बहत जल मे से बह् ले गा्; 19 परनु उस ने उनके बैरराियकि डु ब् यदा्, और गयहरे तल मे से यनक्ल यनक्ल्। 20 इस क्रम धयम्ािय ने दु षियकि यबग्ड्, और हे ाहि््, तेरे पय्त न्म कव सु यत कव, और एक मन हिकर तेरे ह्् कव बड्ई कव, जि उनकव ओर से लड्। 21 किययक बुक् ने गूयगिय क् मुयह खिल यदा्, और जि बिल नहवय सकते, उनकव जव् खिल दव।
1 उसने सयस्र के प्म यपत् कव, जि अकेले हव रच् गा् ््, रक् कव, और उसे उसके पतन से ब्हर यनक्ल्, 2 और उसे सब ्सु ओय पर प्ुत् करने क् अयधक्र यदा्। 3 परनु जब दु ष किध करके उसके प्स से चल् गा्, तब यजस जलजल्हर से उस ने अपने ््ई कि घ्त यका्, उसव से ्ह ्व न्श हि गा्। 4 यजस के क्रम पृ य्व जलपला से डूब गई, तौ्व बुक् ने उसे यफर बच्ा्, और तुच लकडव के रु कडे मे धम् कव च्ल कि चल्ा्। 5 और जब ज्यत ज्यत के लिग अपने दु ष दड् कि तिडते ्े , तब उस ने धम् कि पकड यला्, और उसे परमेशर के यलाे यनद्द ठहर्ा्, और अपने पु त के पयत उसकव किमल करम् के य्त् उसे द़ रख्। 6 जब दु ष लिग न्श हि गए, तब उस ने धम् कि जि आग प्य च नगरियपर यगरव ा्, उस से ््गकर बच्ा्। 7 यजस कव दु षत् क् पम्म आज तक उज्ड ्ूयम यजस से धुआय यनकलत् है ्ह है , और फल दे ने््ले पौधे जि क्व पकते नहवय; और नमक क् खड् हआ खम् अय्श्सव प्मव क् यचन है । 8 किययक बुक् न हिने के क्रम उने न के्ल ाह ह्यन हई, यक ्े अचव ब्ते न ज्नते ्े ; ्रन जगत के स्मने अपनव मू़त् क् सरम ्व छिड गए, ाह्य तक यक जि कुछ उनियने ठे स पहय च्ई, ्ह यछप न सके। 9 परनु बुक् ने उन कि पवड् से बच्ा् जि उस पर ध्न रखते ्े । 10 जब धम् अपके ््ई के किध से ््ग्, तब उस ने उसकि सवध् म्ग् यदख्ा्, और उसे परमेशर क् र्ज यदख्ा्, और पय्त ्सु ओक य ् ज्न यदा्, और उसकव ा्त्ओयमे उसे धनव यका्, और उसके पररशम क् फल बहत ब़्ा्। 11 ्ह उस पर अनेर करने््लियके ल्लच मे आकर उसके स्ा खडव रहव, और उसे धनव कर यदा्। 12 और उस ने उसकि शतुओस य े बच्ा्, और घ्त लग्ने््लियसे बच्कर रख्, और बडे मुकदमे मे उस ने उसकि जा यदल्ई; यक ्ह ज्न ले यक अच्ई सब से अयधक बल््न है ।
अध्य 11 1 उस ने पय्त ्य्षद्् के ह्् से उनके क्म सुफल्ए। 2 और ्े यनज् न जय गल मे चले गए, और जह्य म्ग् न ्् ्ह्य तमू खडे यकए। 3 ्े अपके शतुओक य े स्मने खडे हए, और अपके दियहाियसे पलर् यला्। 4 जब उने प्स लगव, तब उनियने तेरव दिह्ई दव, और चकमक चट्न मे से उनकि जल यदा् गा्, और कठिर पतर से उनकव प्स बुझव। 5 किययक यजस क्म से उनके शतुओय कि दण यमलत् ््, उसव से उनकि ्व जि घरव हित् ््, ल्् हित् ््। 6 किययक ्ह गयदे खून से पवयडत सद् बहने ््लव नदव कव सनव है ,
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7 यजस आज् के द्र् ब्लक घ्त यकए गए ्े , उस कव पगर यनन् करने के यल्े तू ने उनकि उस रवयत से बहत जल यदा्, यजसकव उने आश् न ्व। 8 उस प्स से तू ने ाह पगर यका्, यक तू ने उनके दियहाियकि कैस् दण यदा्। 9 किययक जब उन कव परवक् हई, ादयप परनु दा् कव दण यदा् गा्, तब उनियने ज्न यला् यक दु षिय क् न्ा किध के द्र् कैसे यका् ज्त् है , और धयम्ािय कव अपे क् यकसव और रवयत से प्स् करके ा्तन् दव ज्तव है । 10 इन कि ति तू ने यपत् कव न्ईय यचत्ा्, और परख्; परनु दू सरे कि कठिर र्ज् कव न्ईय दिदव ठहर्ा्, और दण यदा्। 11 च्हे ्े अनुपक्त हिय ा् उपक्त, ्े सम्न तप से यच़ते ्े । 12 किययक उन पर दिहर् दु :ख, और बवतव ब्तिय कि सरम करके कर्हन् पड्। 13 किययक जब उनियने अपने दण से दू सरे क् ्ल् हिन् सुन्, ति उने प्ु क् कुछ एहस्स हआ। 14 यजस क् लिग यतरस्र करके आदर करते ्े, और बहत पयहले उसे ब्लक जनने के समा यनक्ल यदा् ज्त् ््, अन मे जब उनियने उसक् ह्ल दे ख्, ति उसकव पशयस् कव। 15 परनु उनकव दु षत् कव मूख्त्पू म् ाुक्ािय के क्रम, यजस से ्े धिख् ख्कर यनबु्क् स्य पिय और यघनौने पशुओय कव पू ज् करते ्े , तू ने बदल् ले ने के यल्े उन पर बहत से यनबु्क् पशु ्ेज यदए; 16 त्यक ्े ज्न ले , यक मनुष जै स् प्प करत् है , ्ैस् हव दण ्व उसे यमलत् है । 17 किययक तेरे स््शक्म्न ह्् ने, यजस ने जड जगत् कि यनर्क्र बन्ा्, न च्ह्, यक उन मे बहत से ््लू ्् खूयख्र यसयह ्ेजे। 18 ा् अज्त जय गलव ज्न्र, किध से ्रे हए, नए बन्ए गए, ा् ति उग ््ष, ा् यबखरे हए धुएय कव गयदव गयध, ा् उनकव आय खिय से ्ा्नक चमक यनक्ल रहे है : 19 यजस से न के्ल य्पयत उन पर तुरन ्डक सकतव है , ्रन ्ा्नक दृ ्व उने पू रव तरह नष कर सकत् है । 20 ह्य , और इन शक्ािय के यबन् ्े एक हव झरके मे यगर पडे , पयतशिध के क्रम सत्ए गए, और तेरव शक् के प््् से इधर-उधर यततर-यबतर हि गए: परनु तू ने सब ्सु ओय कि म्प, और यगनतव, और तौल के अनुस्र ठहर्ा् है ।
21 किययक तू जब च्हे तब अपन् बड् बल पगर कर सकत् है ; और तेरे ्ुजबल क् स्मन् कौन कर सकत् है ? 22 किययक तेरे स्मने स्र् जगत् तर्जू के छिरे द्ने के सम्न है , ्रन ्िर कव ओस कव बूयद के सम्न है जि ्ूयम पर यगरतव है । 23 परनु तू सब पर दा् करत् है ; किययक तू सब कुछ कर सकत् है , और मनुषिय के प्पिय पर आँ ख मूँद सकत् है , किययक उने सयशिधन करन् हिग्। 24 किययक जि कुछ है ्ह सब तुझे यपा है , और जि कुछ तू ने बन्ा् है उस से तू घृम् नहवय करत्; किययक ायद तू ने उस से बैर यका् हित्, ति तू क्व कुछ न बन्त्। 25 और ायद तेरव इच् न हितव, ति किई ्सु कैसे यरक प्तव? ा् सयरयकत यका् गा् है , ायद आपके द्र् नहवय बुल्ा् गा्? 26 परनु तू सब कि बच् रखत् है ; किययक हे प्ु, हे प्मियके पे मव, ्े तेरे हव है । अध्य 12 1 किययक तेर् अय्न्शव आत् सब ्सु ओय मे है । 2 इसयल्े तू उन कि ्िडे -्िडे करके त्डन् दे त् है , और जि कुछ उनियने अपर्ध यका् है उसे सरम करके उनकि यचत्त् है , यक हे ाहि््, ्े अपनव दु षत् छिडकर तुझ पर य्श्स करे । 3 किययक तेरव इच् ाह हई, यक अपके पय्त दे श के उन प्चवन यन््यसाियकि हम्रे पु रख्ओयके ह्् से न्श कर ड्लि। 4 यजस से तू ने अतन यघनौने क्म, ज्दू -रिने और दु ष मेलबयल करने के क्रम बैर यका्; 5 और ्े ब्लकियके यनद् ाव हत्रे , और मनुष क् म्य स ख्ने््ले, और खून कव द््ते करने््ले , 6 और उनके ा्जकियकि उनकव मूयत्पूजक रिलव मे से, और उनके म्त्-यपत् कि, जि अपके हव ह्् से यनर्यशत प्यमाियकि घ्त करते ्े ; 7 इसयलाे यक यजस दे श कि तू ने सब से अयधक महत यदा् है , उस मे परमेशर के सन्न क् ािग यन््स हि। 8 तौ्व तू ने उनकि ्व मनुषियकव न्ई बच् यला्, और अपकव सेन् के अगु्ियततैा्ओयकि इसयलाे ्ेज्, यक उनकि धवरे -धवरे न्श करे ।
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9 ाह नहवय यक तू ाु् मे दु षिय कि धयम्ािय के ्श मे कर न सक्, और न कूर पशुओय से, ्् एक कठिर ्चन से उनकि तुरन न्श कर सक्; 10 परनु तू ने उन पर अपन् दण धवरे -धवरे करके उनकि मन यफर्ने क् अ्सर यदा्, और इस से अनय्ज न रह्, यक ्े दु ष पव़व के है , और उनक् बैर््् उन मे उतर हआ है , और उनक् य्च्र क्व न बदल् ज्एग्। 11 किययक ्ह आरम से श्यपत ्यश ््; और न तू ने यकसव के डर के म्रे उनकि उनके प्प कम् यकए। 12 किययक कौन कहे ग्, तू ने क् यका्? ा् तेरे न्ा क् स्मन् कौन करे ग्? ा् जि ज्यता्य तू ने बन्ईय, उन न्शियके यल्े तुझ पर दिद कौन लग्एग्? ा् अधयम्ािय क् पलर् ले ने कि तेरे स्मने कौन खड् हिग्? 13 किययक तू हव है , जि सब कव यचन् करत् है , और किई परमेशर नहवय, यजस पर तू पगर कर सके, यक तेर् यनम् ा अनुयचत नहवय। 14 यजस यकसव कि तू ने दण यदा् हि, उसके क्रम किई र्ज् ्् अत्च्रव तेरे य्त् मुयह न कर सकेग्। 15 सि तू आप हव धम् है , और सब ब्ते धम् के अनुस्र करत् है , और जि दण के ािग न हि उस पर दिद लग्न् अपनव शक् के अनुकूल नहवय समझत्। 16 किययक तेरव शक् धम् क् आरम है , और तू सब क् प्ु है , इस क्रम तू सब पर अनुगह करत् है । 17 किययक जब मनुष य्श्स न करते, यक तू स््शक्म्न है , तब तू अपन् बल पगर करत् है , और जि ाह ज्नते है उन पर अपन् यहा्् पगर करत् है । 18 परनु तू अपके बल पर प्ुत् करके खर्ई से न्ा करत् है , और बडे अनुगह से हमे आज् दे त् है ; किययक तू जब च्हे तब बल क् उपािग कर सकत् है । 19 परनु ऐसे क्मियके द्र् तू ने अपकव पज् कि यसख्ा्, यक धम् मनुष दा्लु हि, और अपके लडकेब्लियकि अचव आश्््ल् बन्ा्, यक तू प्पियके यल्े मन यफर्ए। 20 किययक ायद तू अपके पु तियके शतुओक य ि, और जि मृतुदण के ािग है , उनकि समा और ््न दे कर सिच-य्च्रकर दण दे त्, यक ्े अपने बैर से छु रक्र् प् सके,
21 तू ने अपने यनज पु तियक् न्ा यकस पक्र बडव स््ध्नव से यका्, यजनके ब्प से तू ने शपा ख्ई, और अचव अचव ््च्एय ब्नव ्वय? 22 इसयल्े जब तू हमे त्डन् दे त् है , ति हम्रे शतुओक य ि हज्र गुम् अयधक किडे म्रत् है , इस मनस् से यक जब हम न्ा करे , ति तेरव ्ल्ई क् ध्न करके सिचे, और जब हम्र् न्ा हि, ति दा् कव ब्र जिहे । 23 इसयलाे जब मनुष लु चपन और कुयरलत् से जव्न वतवत करते है , ति तू ने उनकि उनवय के घृयमत क्मिय से सत्ा् है । 24 किययक ्े ्रकते हए बहत दू र तक ्रक गए, और उनकि दे ्त् समझकर अपन् यला्, और उनके शतुओय के पशुओय के बवच मे ्व ्े यनबु्क् ब्लकिय के सम्न धिख् ख्कर तुच समझे ज्ते ्े । 25 इसयल्े तू ने उन कि जि यनबु्क् ब्लक समझे है , उनकि ठटिय मे उड्ने के यलाे दण ्ेज् है । 26 परनु जि उस त्डन् से नहवय सुधरे , यजस मे उस ने उनके स्् कखल््ड यका्, ्े परमेशर के ािग न्ा क् अनु्् करे गे। 27 किययक दे खि, जब उने दण यदा् गा्, ति उनियने यकन ब्तिय क् कु़न् च्ह्, अ््् त यजनकि ्े दे ्त् समझते ्े , उन पर किध करते ्े ; अब उन मे दण प्ा् ज् रह् ््, और जब उनियने ाह दे ख्, ति उसे सच् परमेशर म्न यला्, यजसे पयहले उनियने ज्नने से इन्र यका् ््: और इस क्रम उन पर घिर दण आा्। अध्य 13 1 यनःसने ह ्े सब मनुष स््् से व्् है , जि परमेशर से अनय्ज है , और जि अचव ्सु एय दे खव हई है , उन से उसे अ््् त् जि है , न पहच्न सके; और न क्मिय पर ध्न करके क्म करने््ले कि पयहच्न यला्; 2 परनु आग, ा् ््ाु, ा् तेज ््ाु , ा् त्रिय क् घेर्, ा् पचण जल, ा् सग् कव जियतािय कि जगत पर प्ुत् करने््ले दे ्त् म्न्। 3 यजसके सौना् से ्े पसर हिते ्े , ति उसे दे ्त् समझ ले ते ्े ; ्े ज्ने यक उनक् प्ु यकतन् अच् है : किययक सौना् के प्म रचयात् ने उने बन्ा् है ।
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4 परनु ायद ्े उनकव शक् और सद् गुम से चयकत हए हिय, ति उन से समझ ले , यक यजस ने उने बन्ा्, ्ह यकतन् अयधक स्म्् है । 5 किययक प्यमािय कव मह्नत् और सुनरत् से उनक् रचयात् दे ख् ज्त् है । 6 तौ्व इसके यलाे ्े कम दिदव है ; किययक ्े परमेशर कि ढूय़ते, और उसे प्ने कव अय्ल्द् करते हए कद्यचत् ्ूल करते है । 7 किययक ्े उसके क्मियमे प्रय गत हिकर उसे ्लव््य यत ढूय़ते है , और उसके दे खने कव पतवयत करते है ; किययक यदख्ई दे ने््लव ्सु एय सुनर है । 8 तौ्व ्े कम् के ािग नहवय। 9 किययक ायद ्े इतन् ज्न सके, यक जगत कि लक कर सके; उनियने शवघ हव उसके प्ु क् पत् कैसे नहवय लग् यला्? 10 परनु ्े अ््गे है , और उनकव आश् मरव हई ्सु ओय पर है , जि उने दे ्त् कहते है , जि मनुषिय के ह्् कव बन्ई हई, सिने और च्नव कव बन्ई हई है , यजस से कल् पगर हितव है , और पशुओय कव सव पतवत हितव है , ा् ऐस् पतर है जि यनकम् है । एक प्चवन ह्् क्. 11 यफर एक ब़ई जि लकडव क्रत् ा्, उस ने इस क्म के यल्े एक ्ृक कि क्र ड्ल्, और च्रियओर कव स्रव छ्ल कि कुशलत्पू ््क उत्र यला्, और उसे सुनर ढय ग से ग़्, और मनुष के जव्न के क्म आने के यल्े उसक् एक प्त बन्ा्; 12 और अपके पररशम क् म्ल अपके ्िजन के यल्े खच् करके अपन् पे र तृय यका्; 13 और जि कूड् क्म मे न आत् ््, उसे ले कर जि लकडव क् रे ़् रु कड् और ग्य ठिय से ्र् हआ ््, उस ने उसे जब और कुछ करने कि न रह्, तब पररशम से खिदकर अपनव बुक् कव कुशलत् से बन्ा्, और इसे एक आदमव कव छय् मे ढ्ल्; 14 ा् उसकि यकसव घृयमत पशु के सम्न बन् यदा्, और उस पर यसनदू र से और ल्ल रय ग से रय ग यदा्, और उसके सब ््निय कि ढ्य प यदा्; 15 और उस ने उसके यल्े सुख कव किठरव बन्कर उसे शहरपन्ह मे खड् यका्, और उसकि लिहे से द़ यका्; 16 किययक उस ने ाह ज्नकर, यक ्ह अपने आप कि सय््ल नहवय सकत्, ऐस् पबन यका्, यक ्ह यगरे न; किययक ाह एक छय् है , और इसे सह्ात् कव आ्ृकत् है :
17 तब ्ह अपके धन के यल्े , और अपकव पतव, और ब्लकियके यल्े प्ा्न् करत् है , और यनज्् से ब्ते करने मे नहवय लज्त्। 18 ्ह चयग्ई के यल्े यनब्लियकि प््् न् करत् है ; किययक जव्न मरे हओयके यल्े प््् न् करत् है ; सह्ात् के यलए ्ह नमत्पू ््क उस से प््् न् करत् है यजसके प्स सह्ात् करने क् कम से कम स्धन हि; और अचव ा्त् के यलए ्ह उससे प््् न् करत् है जि आगे कदम नहवय ब़् सकत्: 19 और प्ने और प्ने के यलाे, और अपने ह्् कव ्ल्ई के यल्े उस से कुछ करने कव स्म्् म्य गत् है , जि कुछ ्व करने मे असम्् है । अध्य 14 1 यफर जब किई न्् चल्ने कव तैा्रव करत् है , और पचण लहरिय मे से गुजरने कि हित् है , ति उसे उस जह्ज से ्व अयधक सड् हआ लकडव क् एक रु कड् यमलत् है , जि उसे ले ज्त् है । 2 किययक उसने ल्् हव कव अय्ल्द् से उसक् आय्ष्र यका्, और क्रवगर ने अपनव कुशलत् से उसे बन्ा्। 3 परनु हे यपत्, तेरव इच् उस पर प्ुत् करतव है ; किययक तू ने समुद मे म्ग् और लहरियमे सुरयकत म्ग् बन्ा् है ; 4 तू ाह पगर करत् है , यक तू हर य्पयत से बच् सकत् है ; ह्य , च्हे किई मनुष यबन् कल् के समुद मे चल् गा् हि। 5 तौ्व तू नहवय च्हत्, यक तेरव बुक् के क्म व्् ज्एय , और इसव क्रम मनुष अपने प्म कि लकडव के छिरे रु कडे के यलाे सौयपते है , और यनब्ल जह्ज मे बडे समुद मे से हिकर चलते है , और उ््र प्ते है । 6 किययक पु र्ने समा मे ्व, जब अय्म्नव यदगज न्श हि गए, ति तेरे ह्् से श्यसत हिने ््ले सयस्र कव आश् एक कमजिर बत्न मे बच गई, और पव़वदर-पव़व पव़व-दर-पव़व जवय्त रह गई। 7 किययक ्ह लकडव धन है यजस से धम् आत् है । 8 परनु जि ह्् से बन्ा् ज्त् है , ्ह श्यपत है , और उसके बन्ने््ले कव ््ँ यत ्ह ्व श्यपत है ; और ाह, किययक, भष हिने के क्रम, इसे ्ग््न कह् ज्त् ््। 9 किययक ्क्हवन और उसकव ्क् दिनिय परमेशर के यलाे एक सम्न घृयमत है । 67
10 किययक जि बन्ा् गा् है , ्ह उसके बन्ने््ले समेत दण प्एग्। 11 इसयल्े अनज्यताियकव मूरतियपर ्व दण यका् ज्एग्; किययक परमेशर कव सृजव हई ्सु मे ्े घृयमत ्सु , और मनुषियके प्मियके यल्े ठिकर क् क्रम, और यनबु्क्ाियके प्य ्ियके यल्े ज्ल बन गए है । 12 किययक मूरतिय कव रचन् से आकतक वय्च्र क् आरम हआ, और उनके आय्ष्र से जव्न क् य्न्श हआ। 13 किययक न ति ्े आयद से ्े , और न ाुग्नुाुग रहे गे। 14 किययक मनुष के व्् ्ै्् के द्र् ्े जगत मे आए, और इस क्रम शवघ हव उनक् अन हि ज्एग्। 15 किययक उस यपत् ने, जि अस्मयाक शिक से पवयडत ््, अपने बेरे कव मूरत बन््कर, जि उस समा मर् हआ ््, दे ्त् ज्नकर उसक् आदर यका्, और अपने ्श मे यकए हओय कि सयस्र करके और बयलद्न करके सौयप यदा्। 16 इस पक्र समा के स्् एक अधम् रर््ज मजबूत हि गा् और उसे क्नून बन्कर रख् गा्, और र्ज्ओय कव आज् के अनुस्र खुदव हई मूरतिय कव पू ज् कव ज्ने लगव। 17 यजस क् लिग स्मने इस क्रम आदर न कर सकते ्े , यक ्े दू र रहते ्े , उनिय ने दू र हव से उसके तप कव नकल करके उस र्ज् कव मूरत बन्ई, यजस क् ्े आदर करते ्े, ाह्य तक यक अपनव आगे ब़कर उसकव च्पलू सव कर सके। अनुपक्त ््, म्नि ्ह उपक्त हि। 18 इसके अल््् क्रवगर कव य्लकम पररशम ने अज्नव लिगिय कि और अयधक अयधय्श्स कव ओर अगसर करने मे मदद कव। 19 किययक उस ने कद्यचत यकसव अयधक्रव कि पसर करने कव इच् से, अपनव स्रव कुशलत् से स््तम रवयत क् स्दृ बन्ने मे लग्ा्। 20 और इस पक्र ्वड ने क्म के अनुगह से मियहत हिकर उसे अब दे ्त् समझ यला्, जि कुछ समा पहले तक आदर प्त् ््। 21 और ाह जगत कि धिख् दे ने क् अ्सर हआ; किययक मनुषिय ने य्पयत ्् अत्च्र करके पतरिय और क्ठिय कि ऐस् न्म यदा्, जि ्म् न से ब्हर है । 22 और ाह उन से न हआ, यक उनियने परमेशर कि ज्नने मे ्ूल कव; ले यकन जबयक ्े अज्नत् के
मह्न ाु् मे रहते ्े , उन बडव य्पयतािय कि श्य यत कह् ज्त् ््। 23 किययक जब ्े अपने ब्लकियकि बयल च़्ते, ा् गुय रवयत से घ्त करते, ा् पर्ाे रर््जियके अनुस्र आनन करते ्े ; 24 उनियने न ति प्म और न य्््ह कि यनषलय क रख्; परनु एक ने दू सरे कि य्श्सघ्त से घ्त यका्, ्् वय्च्र के द्र् उसे दु ःखव यका्। 25 ाह्य तक यक सब मनुषिय मे खून, हत्, चिरव, छल, भष्च्र, य्श्सघ्त, उपद्, झूठव ग््हव, सब मनुषिय क् र्ज हि गा्। 26 ्ले मनुषिय कव व्कुलत्, अचे क्मिय कि ्ूल ज्न्, आत्ओय कि अशु् करन्, पक्र बदलन्, य्््हिय मे गडबडव, वय्च्र, और यनल् ज अशु्त्। 27 किययक मूरतिय कव पू ज् करन् सब बुर्ई क् आयद, क्रम और अन है । 28 किययक ा् ति ्े आनन करके प्गल हि ज्ते है , ा् झूठ ्य्षद्मव करते है , ा् अन्ा करते है , ा् हले से अपने आप कि त्ग दे ते है । 29 किययक उनक् ्रिस् मूरतियपर है , यजन मे प्म नहवय; ादयप ्े झूठव शप् ख्ते है , यफर ्व सिचते है यक उने ह्यन नहवय हिगव। 30 तौ्व ्े दिनिय हव क्रमियसे उयचत दण प्एय ; दिनिय इसयलाे यक उनियने परमेशर क् ्ल् नहवय सिच्, और मूरतियपर ध्न यदा्, और पय्तत् क् यतरस्र करते हए अनुयचत तप से छल कव शप् ख्ई। 31 किययक यजस से ्े शपा ख्ते है , ्ह उनक् बल नहवय, परनु प्यपािय क् न्ापू म् पलर् है , जि ्क्हवनिय कि सद् अपर्ध क् दण दे त् है । अध्य 15 1 परनु हे परमेशर, तू अनुगहक्रव, सच्, सहनशवल, और दा् से सब ब्तिय क् पबन करत् है । 2 किययक ायद हम प्प करते है , ति तेरे है , और ज्नते है यक तेरव शक् कैसव है ; परनु ाह ज्नकर प्प न करे गे , यक हम तेरे हव यगने ज्ते है । 3 किययक तुझे ज्नन् पू म् धम् है ; ह्य , तेरव शक् कि ज्नन् अमरत् क् मूल है । 4 किययक न ति मनुषिय कव दु ष कलन् ने हमे धिख् यदा्, और न य्र-य्र रय गिय से सजव हई यकसव मूरत 68
ने, जि यचतक्र क् यनषल पररशम है , हमे धिख् यदा्; 5 यजसक् दश्न मूख् कि उसकव ल्लस् मे पलिय्त करत् है , और ्े मुद् मूरत कव ल्लस् करते है , यजसमे स्य स नहवय है । 6 जि उनके बन्ते है , और जि उनकव अय्ल्द् करते है , और जि उनकव आर्धन् करते है , ्े बुरव ्सु ओय के पे मव है , और ऐसव ्सु ओय पर ्रिस् करने के ािग है । 7 किययक कुम्र हम्रव से्् के यलाे किमल यमटव कि तप्कर हर एक बत्न कि बडे पररशम से बन्त् है ; ह्य , ्ह एक हव यमटव से शु् उपािग के यलाे क्म आने ््ले दिनिय बत्न, और ्ैसे हव सब य्परवत क्म के बत्न ्व बन्त् है : परनु क् है ? यकसव ्व पक्र के उपािग क् यनम् ा कुम्र साय करत् है । 8 और ्ह अपके क्मियकि घृयमत क्म करके उसव यमटव क् एक व्् दे ्त् बन्त् है , अा्् त् ्ह जि ्िडे पयहले आप हव यमटव क् बन् ा्, और ्िडे हव समा के ब्द यफर उसव मे हि ज्त् है , और जब उसक् प्म जि उसे यदा् गा् हि ज्एग् म्य ग कव। 9 तौ्व उसकव यचन् ाह नहवय, यक उसे अयधक पररशम करन् पडे ग्, और न ाह यक उसक् जव्न छिर् है ; परनु ्ह सुन्रिय और च्ँ दव बन्ने््लियमे से शेि बनने क् ात करत् है , और पवतल के क्रवगरियके सम्न क्म करने क् ात करत् है , और नकलव ्सु एय बन्न् अपनव मयहम् समझत् है । 10 उसक् मन र्ख से ्व अयधक तुच है , उसकव आश् यमटव से ्व अयधक तुच है , और उसक् प्म यमटव से ्व तुच है । 11 किययक ्ह अपने सृजनह्र कि नहवय ज्नत् ््, और उसे यजसने उस मे सयका आत् उतर कव, और जवय्त आत् मे स्य स लव। 12 परनु उनिय ने हम्रे जव्न कि मनिरय जन क् स्धन, और हम्रे ाह्य रहने कि ल्् क् स्धन समझ्; किययक ्े कहते है , हम कि अ्ृ हव हर म्ग् पर चलन् है , च्हे ्ह बुरे तरवकिय से हव किय न हि। 13 किययक ाह मनुष जि यमटव से न्जु क बत्न और खुदव हई मूरते बन्त् है , अपने आप कि सब से अयधक ठे स पहय च्न् ज्नत् है । 14 और तेरव पज् के सब बैरव जि उनकि ्श मे रखते है , ्े अतन मूख् है , और ब्लकिय से ्व अयधक दु खव है ।
15 किययक उनियने अनज्यतािय कव सब मूरतियकि दे ्त् यगन यला्; ्े न ति दे खने के यलाे आय खे, न स्य स खवयचने के यलाे न्क, न सुनने के यलाे क्न, और न सँ््लने के यलाे ह्् कव अयगुयलाियसे क्म करते ्े ; और उनके प्य ् धवमे है । 16 किययक मनुष ने उनकि बन्ा्, और अपके आत् उध्र ले कर उस ने उनकि बन्ा्; परनु किई अपने तुल परमेशर नहवय बन् सकत्। 17 किययक ्ह न्श््न हिकर दु ष ह््िय से मरव हई ्सु बन्त् है ; किययक ्ह आप हव उन ्सु ओय से उतम है यजनकव ्ह पू ज् करत् है ; ादयप ्ह एक ब्र जवय्त हआ, परनु ्े क्व जवय्त न हए। 18 ह्य , उनियने उन ज्न्रिय कव ्व पू ज् कव जि सबसे घृयमत है : किययक एक स्् तुलन् करने पर, कुछ दू सरिय से ्व बदतर है । 19 और न ्े सुनर है , ाह्य तक यक पशुओय मे ्व शि्् प्ते है ; परनु ्े परमेशर कव सु यत और उसकव आशवद से रयहत हि गए। अध्य 16 1 इस क्रम उन कि ािग दण यदा् गा्, और पशुओय कव ्वड से उनकि ा्तन् दव गई। 2 उस दण के बदले तू ने अपकव पज् पर अनुगह करके, उनके यलाे पर्ाे स्द क् म्य स, ्रन उनकव ्ूख ब़्ने के यलाे बरे रिय क् ्िजन तैा्र यका्; 3 ाह्य तक यक ्े ्िजन कव अय्ल्द् करके, अपने बवच ्ेजे गए पशुओय कव कुतप दयष के क्रम ्ह सब ्व छवन ले , यजसकव उने इच् हितव है ; ले यकन ्िडे से ््न के यलए दररदत् झेलने ््ले इन लिगिय कि एक अजवब स्द क् ््गवद्र बन्ा् ज् सकत् है । 4 किययक ाह आ्ृक ््, यक अत्च्र करने से उन पर कयग्लव आए, यजसे ्े र्ल नहवय सकते ्े : ले यकन उने के्ल ाह यदख्ा् ज्न् च्यहए यक उनके दु शनिय कि कैसे पवड् दव गई ्व। 5 किययक जब पशुओय क् ्ा्नक पकिप उन पर ्डक्, और ्े रे ़े स्य पिय के डय क से मर गए, तब तेर् किध सदै ् बन् रह्; 6 परनु ्िडे समा तक ्े कष उठ्ते रहे , यक उ््र क् यचन प्कर उने यचत्ा् ज्ए, यक ्े तेरव व््् कव आज्ओय कि सरम रखे।
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7 किययक जि किई उस कव ओर यफर्, ्ह जि कुछ उस ने दे ख् उस से नहवय, परनु तेरे हव द्र्, जि सब क् उ््रकत्् है , बच्ा् गा्। 8 और इस से तू ने अपके शतुओक य ि ाह म्न यला्, यक तू हव सब य्पयताियसे बच्त् है । 9 और यरय्ािय और मक्ािय के क्रने से ्े मर गए, और उनके प्म क् कुछ ्व उप्ा न हआ; किययक ्े इसव दण के ािग ्े । 10 परनु तेरे पु त य्दै ले अजगरियकि द्य त से ्व नहवय जवत सके; किययक तेरव कतम् सद् उन पर बनव रहव, और उनकि चयग् यका्। 11 किययक ्े तेरे ्चन सरम करने के यल्े चु् गए; और शवघ हव उ््र प् गए, यक ््रव ्ूल मे न पडकर तेरव ्ल्ई क् सरम यनरनर करते रहे । 12 किययक न ति जडव-बूरव, और न सुखद्ाक ले प, यजस से ्े चयगे हए; परनु हे ाहि््, तेर् ्चन हव सब कुछ चयग् करत् है । 13 किययक तू जव्न और मृतु क् अयधक्र रखत् है ; तू नरक के फ्रकिय तक ले ज्त् है , और यफर उठ् ल्त् है । 14 मनुष अपने बैर से घ्त करत् है , और आत् यनकल ज्त् है , और यफर लौरकर नहवय आत्; न ति आत् यफर उठतव है । 15 परनु तेरे ह्् से बचन् सम् नहवय। 16 किययक दु ष लिग जि तुझे नहवय ज्नते ्े, ्े तेरे ्ुजबल के बल से म्रे गए; और ््रव ्द्् , और ओले , और मेह से उनकि ऐस् सत्ा् गा्, यक ्े बच न सके, और आग मे जलकर ्स हि गए। 17 किययक आ्ा् कव ब्त ाह है , यक आग क् जल से ्व अयधक बल ््, जि सब कुछ बुझ् दे त् है ; किययक सयस्र धयम्ािय के यलाे लडत् है । 18 कुछ समा तक आग धवमव कर दव गई, यक जि पशु दु षिय के य्त् ्ेजे गए ्े , ्े न जल ज्एय ; परनु आप साय दे ख और समझ सकते है यक परमेशर के दण से उन पर अत्च्र हआ है । 19 और यकसव समा ्ह जल के बवच आग कव शक् से ्व अयधक जलत् है , यक अन्ाव दे श कव उपज कि न्श कर ड्ले । 20 इसके बदले तू ने अपकव पज् कि सग्दूतियक् स् ्िजन कखल्ा्, और उनके यलाे यबन् पररशम के तैा्र कव हई रिरव ्ेजव, जि हर एक मनुष कि पसर करे , और हर एक के स्द के अनुकूल हि। 21 किययक तेरे ्िजन से तेरे लडकेब्लियपर तेरव मधुरत् पगर हितव है , और ख्ने््ले कव ्ूख पू रव
हितव है , और सब मनुषियकव रयच के अनुस्र आप अपने आप कि स्यदष बन्ते है । 22 परनु यहम और बफ् आग कि सहते रहे , और यपघले नहवय, यजस से ्े ज्न ले , यक ओलिय मे आग जलतव और मेह मे चमककर शतुओय के फलिय कि न्श कर दे तव है । 23 परनु ाह यफर अपके बल कि ्ूल गा्, यक धम् क् प्लन पिदम हि। 24 किययक जि प्मव तेरव से्् करत् है , जि सृजनह्र है , ्ह अधयम्ािय कि दण दे ने के यलाे उनके य्त् अपन् बल ब़्त् है , और जि तुझ पर ्रिस् रखते है उनके ल्् के यलाे अपन् बल घर्त् है । 25 इस क्रम ्ह सब पक्र क् हि गा्, और तेरे अनुगह के आधवन हि गा्, जि दररदिय कव इच् के अनुस्र सब ्सु ओय क् पिदम करत् है । 26 इसयलाे यक हे ाहि्् यजस से तू पे म रखत् है , तेरे लडकेब्ले ज्न ले , यक फल के ब़ने से मनुष क् पिदम नहवय हित्, परनु तेरे ्चन से हव तेरे य्श्स करने््लियकव रक् हितव है । 27 किययक जि आग से न्श न हआ, ्ह धूप कव ्िडव सव गरमव से तुरन यपघल गा्; 28 इसयलाे यक ाह पगर हि, यक हम सूा् कि रिककर तेर् धन््द करे , और ्िर मे तुझ से प््् न् करे । 29 किययक कृतघियकव आश् ज्डे के प्ले कव न्ईय यपघल ज्एगव, और यनकमे जल कव न्ईय बह ज्एगव। अध्य 17 1 किययक तेरे यनम् ा बडे है , और पगर नहवय हि सकते; इस क्रम जि मनुष पिदमहवन है , ्े ्ूल करते है । 2 किययक जब दु ष मनुषियने पय्त ज्यत पर अनेर करने कव सिचव; उने उनके घरिय मे बयद कर यदा् गा्, अयधेरे के कैदव, और लय बव र्त के बयधनिय से जकड कर, श्शत य्ध्न से यन््् यसत कर यदा् गा्। 3 किययक जब ्े अपने गुय प्पिय मे यछपे रहन् च्हते ्े , ति ्े य्सृयत के अयधेरे परदे के नवचे यततरयबतर हि गए, और ्ा्नक तप से चयकत हि गए, और अजवब ्ूतिय से परे श्न हि गए। 4 किययक यजस किने ने उने पकड रख् ््, ्ह उने ्ा से बच् नहवय सक्; परनु उनके च्रिय ओर प्नव 70
यगरने क् स् शब सुन्ई दे त् ््, और ््रव मुखिय के स्् उने दु :खमा दश्न यदख्ई दे ते ्े । 5 आग कव किई शक् उने उयजा्ल् नहवय दे सकव, और न त्रिय कव तेज लपरे उस ्ा्नक र्त कि उयजा्ल् कर सकवय। 6 और उने आग अपने आप जलतव हई बहत ्ा्नक यदख्ई दव; किययक ्े बहत ्ा्वत हि गए, और उनियने सिच् यक जि कुछ उनियने दे ख् ्ह उस दृ से ्व बुर् है जि उनियने नहवय दे ख् ््। 7 और ज्दू गरनव क् भम दू र यका् गा्, और उनकव बुक् क् बड्ई करने क् अपम्न हआ। 8 किययक ्े, यजनियने बवम्र आत् के ्ा और सयकरिय कि दू र करने कव पयतज् कव ्व, आप हव ्ा से पवयडत हि गए, और उपह्स के ािग हि गए। 9 किययक उन से यकसव ्ा्नक ्सु क् ्ा न हआ; तौ्व मै उन पशुओय से डरत् हय जि प्स से गुजरते है , और स्य पिय क् फुफक्रन्, 10 ्े डर के म्रे मर गए, और इस ब्त से इन्र कर रहे ्े यक उनियने ह्् दे खव है , यजसे यकसव ्व तरह र्ल् नहवय ज् सकत् ््। 11 किययक जि दु षत् अपनव हव स्कव से दिदव ठहर्ई गई है , ्ह बहत डरपिक हितव है , और य््ेक के दब्् मे आकर सदै ् दु ःखद्ाव ब्ते बत्तव है । 12 किययक ्ा और कुछ नहवय, बुक् से यमलने््लव सह्ात् कि धिख् दे न् है । 13 और ्वतर से आश् कम हिने के क्रम, अज्न कि पवड् पहय च्ने ््ले क्रम से अयधक समझतव है । 14 परनु ्े उस र्त ्हव नवयद सिए, जि सचमुच असहनवा ्व, और जि अपररह्ा् नरक कव तह से उन पर आई। 15 ्े कुछ ति ्ा्नक ्ूतिय से घबर्ए हए ्े , और कुछ ति मूकच् त हि गए ्े , और उनक् हदा कवम हि गा् ््; किययक अच्नक ्ा उन पर आ पड्, और उनियने यकसव कव खिज ्व नहवय कव ्व। 16 सि जि किई ्ह्य यगर पड्, उसे यबन् लिहे के बनवगृह मे बन करके रख् गा्। 17 किययक च्हे ्ह यकस्न हि, च्हे चर््ह् हि, च्हे खेत मे मजदू र हि, ्ह पकड यला् गा्, और उस आ्ृकत् कि सह्, यजसे र्ल् नहवय ज् सकत् ््: किययक ्े स्व अयधक्र कव एक जय जवर से बयधे ्े ।
18 च्हे ्ह सवरव कव सव आँ धव हि, ा् फैलतव हई ड्यलािय के बवच पयकािय क् मधुर शब हि, ा् पचण बहत् हआ जल क् मन्््न झरन् हि, 19 ा् पतरिय के यगरने क् ्ा्नक शब, ा् उछलते हए ज्न्रिय कव दौड जि यदख्ई नहवय दे तव ्व, ा् सबसे कूर जय गलव ज्न्रिय कव गज् न् कव आ््ज, ा् खिखले पह्डिय से आने ््लव गूँज; इन चवजिय ने उने डर के म्रे बेहिश कर यदा्। 20 किययक स्र् जगत् यनम्ल उयजा्ले से चमक्, और यकसव के पररशम मे रक््र न हई; 21 उन पर के्ल एक ््रव र्त फैलव हई ्व, उस अयधक्र कव छय् जि ब्द मे उने प्य हिगव: ले यकन यफर ्व ्े खुद के यलए अयधेरे से ्व अयधक गय्वर ्े । अध्य 18 1 तौ्व तेरे पय्त लिगियके प्स बडव बडव जियत ्व, यजस कव ््मव ्े सुनते ्े , और उनक् तप न दे खते ्े , किययक उनियने ्व ्ैस् हव दु ख न उठ्ा् ा्, इस क्रम ्े उने सुखव समझते ्े । 2 परनु इस क्रम यक उनियने अब उनकि ह्यन न पहय च्ई, यजन से उन पर पयहले अन्ा हआ ा्, इस क्रम उनिय ने उनक् धन््द यका्, और इस क्रम उन से कम् म्य गव, यक ्े शतु ्े । 3 उसके बदले तू ने उने अज्त ा्त् मे म्ग् यदख्ने के यलाे जलत् हआ आग क् खम् यदा्, और उनके आदर सत्र के यलाे ह्यनरयहत सूा् ्व यदा्। 4 किययक ्े उयजा्ले से ्ययचत और अनक्र मे बने ज्ने के ािग ्े, यजनियने तेरे पु तिय कि बन कर रख् ््, यजनके द्र् व््् कव यनषलय क जियत जगत कि दव ज्नव ्व। 5 और जब उनिय ने पय्त लिगियके बचियकि घ्त करने क् यन्ा यका्, और उनकि ड्य रने के यल्े एक ब्लक कि ब्हर फेककर बच् यला्, तब तू ने उनके बहत से ब्लकियकि छवन यला्, और उनकि बडे जल मे ड्लकर न्श कर ड्ल्। 6 उस र्त के ब्रे मे हम्रे यपत्ओय कि पहले हव पम्यमत कर यदा् गा् ््, यक यनय्त तप से ाह ज्नकर यक उनियने यकन शप्िय कि सच म्न् है , ्े ब्द मे खुश हि सकते है । 7 इस पक्र तेरव पज् से धयम्ािय क् उ््र और शतुओय क् न्श दिनिय गहम यका् गा्। 71
8 किययक यजस क्म से तू ने हम्रे दियहाियकि दण यदा्, उसव से तू ने हम कि, यजने तू ने बुल्ा् है , मयहम् ्व कव। 9 किययक ्ले मनुषिय के धम् सन्न ने गुय रवयत से बयलद्न यका्, और एक समयत से पय्त व््् बन्ई, यक पय्त लिग ्व एक हव ्ल्ई और बुर्ई के ््गव हिय, और यपतर अब सु यत के गवत ग् रहे है । 10 परनु दू सरव ओर शतुओय क् बुर् रिन् सुन्ई यदा्, और जि बचे य्ल्प कर रहे ्े , उनक् शिक दू र दू र तक फैल गा्। 11 स्मव और से्क कि एक रवयत से दण यदा् गा्; और जै स् र्ज्, ्ैस् हव स्म्न वक् कि कष हित् ््। 12 इस पक्र ्े सब यमलकर एक हव पक्र कव मृतु से बहत मरे ; न हव जवय्त लिग उने दफन्ने के यलए पा्् य ्े : किययक एक हव कम मे उनकव सबसे कुलवन सयत्न नष हि गई ्व। 13 किययक उनियने तयतमयतियके क्रम यकसव ब्तकव पतवयत न कव; जेि पु त के नष हिने पर, उनियने सवक्र यका् यक ाे लिग परमेशर के पु त है । 14 किययक जब सब ब्ते श्न ्वय, और ्ह र्त अपनव तवव गयत के बवच मे ्व, 15 तेर् स््शक्म्न ्चन सग् से तेरे र्ज यसयह्सन पर से, एक ्ायकर ाि्् कव न्ईय य्न्श के दे श के बवच मे उतर आा्, 16 और तेरव यनषलय क आज् कि तेज तल््र के सम्न ल्ा्, और सब ्सु ओय कि मृतु से ्र यदा्; और ्ह आक्श कि छू गा्, परनु पृ य्व पर खड् रह्। 17 तब अच्नक उने ्ा्नक स् यदख्ई पडे , और ्े बहत व्कुल हि गए, और उन पर ऐस् ्ा छ् गा्, जि पयहच्नत् न ््। 18 और एक ने ाह्य फेक्, और एक ने ्ह्य अधमर् हिकर अपके मरने क् क्रम बत्ा्। 19 किययक जि स् उनकि घबर्ते ्े , ्े पयहले से ाहव बत्ते ्े , यक ऐस् न हि यक ्े न्श हि ज्एय , और न ज्ने यकस क्रम से दु :ख ्िगे। 20 ह्य , मृतु क् स्द धम् कि ्व छू गा्, और जय गल मे ्वड क् य्न्श हआ: परनु किध अयधक समा तक नहवय रह्। 21 तब ्ह यनद्द मनुष फुत् करके उनक् बच्् करने कि खड् हआ; और अपने उयचत मयत्ला कव ढ्ल, ाह्य तक यक प््् न्, और धूप कव प्ाय्त ल्ते हए, खुद कि किध के कखल्फ खड्
यका्, और इस तरह य्पयत कि सम्य कर यदा्, ाह घिदम् करते हए यक ्ह आपक् से्क ््। 22 इसयल्े उस ने न्श करने््ले कि न ति शरवर के बल से, और न ्ुज्ओय के बल से, परनु ्चन से हव, जि दण दे ने््ले कि ्श मे कर यदा् ा्, जि शपा और पु रख्ओय से ब्नव हई ्व उसकि ्श मे कर यला्। 23 किययक जब मरे हए एक के ऊपर एक ढे र हिकर यगर पडे , और बवच मे खड् हआ, तब उस ने किध कि रिककर जवय्तिय के यलाे म्ग् अलग कर यदा्। 24 किययक उस लमे ्् मे स्र् जगत् ा्, और मयमाियकव च्रियपयक्ाियमे पु रख्ओयकव मयहम् खिदव गई, और उसके यसर के मुकुर पर तेर् मह्मयहम अययकत है । 25 न्श करने््ले ने उनकि जगह दव, और उन से डरत् ््; अध्य 19 1 और ्क्हवनियपर किध अन तक यबन् दा् के उन पर ्डक्, किययक ्ह पयहले से ज्नत् ्् यक ्े क् करे गे; 2 और उने ज्ने कव छु टव दे कर झरपर ्ेज यदा्, ति ्े मन यफर्ते, और उनक् पवछ् करते। 3 किययक जब ्े मरे हओय कव कबिय पर य्ल्प और य्ल्प कर हव रहे ्े , ति उनियने एक और मूख्त्पू म् ाुक् यनक्लव, और ्गिडिय कव न्ईय उनक् पवछ् करने लगे, यजनकि उनियने ज्ने क् सम्च्र यदा् ््। 4 किययक यनायत ने, यजसके ्े ािग ्े , उने इस अयत तक खवयच यला्, और उने उन ब्तिय कि ्ुल् यदा् जि पहले हव घयरत हि चुकव ्वय, त्यक ्े उस दण कि पू र् कर सके जि उनकव पवड् के यलए अपे यकत ््: 5 और इसयलाे यक तेरव पज् अद् ्ुत म्ग् से चले, परनु अनिखव मृतु प्ए। 6 किययक स्रव सृयष अपनव अपनव ज्यत मे यफर से रचव गई, और उन य्शेद आज्ओय क् प्लन करने लगव जि उने दव गई ्वय, यक तेरे ब्लकिय कि ह्यन न पहय चे। 7 अ््् त, ब्दल छ््नव पर छ्ा् करत् है ; और जह्य जल पयहले खड् ््, ्ह्य सूखव ्ूयम यदख्ई दव; और ल्ल समुद से यबन् यकसव ब्ध् क् म्ग्
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यनक्लि; और तेज ध्र् से एक हर्-्र् मैद्न यनकल्: 8 और यजतने लिग तेरे ह्् कव रक् करते ्े ्े सब तेरे अद् ्ुत आ्ा्कम् कि दे खते हए ्ह्य से हिकर चले ज्ते ्े । 9 किययक ्े घिडिय कव न्ईय उडते, और ्ेड के बचियकव न्ईय उछलते, और हे ाहि््, यजस ने उनकि बच्ा्, तेरव सु यत करते है । 10 किययक जब ्े पर्ाे दे श मे रहते ्े , तब जि क्म ्े करते ्े , ्े अब ्व सरम करते ्े , यक ्ूयम से म्ेयशािय कव सनव मक्ा्ँ , और नदव से मछयलािय कव सनव बहत से मे़क उतर हिते ्े । 11 परनु इसके ब्द उनियने पयकािय कव एक नई पव़व दे खव, जि ्ूख के ्शव्ूत हिकर स्यदष म्य स म्य गने लगे। 12 किययक उनकि पसर करने के यल्े समुद मे से बरे र यनकल आते ्े । 13 और प्यपािय कि यबन् पू ्् यचनिय के गडगड्हर के दण यदा् गा्; किययक उनियने अपनव हव दु षत् के अनुस्र न्ापू ््क दु :ख उठ्ा्, ाह्य तक यक उनियने अजनयबािय के पयत अयधक कठिर और घृयमत व्ह्र यका्। 14 किययक सदियमािय ने यजनकि उनके आने पर पयहच्न न ज्न्, उनकि गहम न यका्, परनु उनिय ने ऐसे यमतियकि जि उनके ािग ्े , द्स बन् यला्। 15 और के्ल इतन् हव नहवय, परनु कद्यचत् उन क् कुछ आदर ्व हि, किययक उनियने पर्ािय से यमतत् न कव; 16 परनु उनिय ने उनकि बहत दु :ख यदा्, यजनकि उनियने जे ्न्र कखल्कर गहम यका्, और उनके स्् उसव व््् मे ््गव हि गए। 17 इस क्रम ्े ऐसे अने हि गए, जै से धम् मनुष के द्र पर पडे ्े ; और हर एक ्ा्नक घिर अनक्र से यघरकर अपने हव द्र से ब्हर यनकलन् च्हत् ््। 18 किययक तत एक पक्र के स्मयजस के द्र् अपने आप मे बदल गए, जै से ्जन मे सर धुन क् न्म बदल दे ते है , और यफर ्व धयना्य सदै ् बनव रहतव है ; जि यक यकए गए क्ा् कि दे खकर अचव तरह से समझ् ज् सकत् है । 19 किययक प्य्् ् ्सु एँ जल बन गईय, और जि ्सु एय पयहले जल मे तैरतव ्वय, ्े ्ूयम पर यमल गईय।
20 आग कि जल मे शक् यमलव, और ्ह अपन् गुम ्ूल गा्; और जल अपन् बुझ्ने क् स््् ्ूल गा्। 21 दू सरव ओर, न्श््न जवय्त प्यमािय क् म्य स आग कव लपरिय से नहवय जल्, ादयप ्े उसमे चलते ्े ; न ति उनियने बफ्ले पक्र के सग्ा म्य स कि यपघल्ा् जि यक यपघलने के यलए उपाु् पकृयत क् ््। 22 किययक हे ाहि््, तू ने सब ब्तियमे अपकव पज् कव बड्ई और मयहम् कव, और न उनकि तुच समझ्, ्रन हर समा और ््न मे उनकव सह्ात् कव।
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अध्य 1
11 यहोसा का भय का््ा आेर, और कसहका, और आ्न, और आ्न का कुकुट है ा 12 यहोसा का भय का््े िे क् पि् होया है , और आ्न, कग्, और ेीरा् यु होया है ा 13 जो यहोसा का भय का्या है , अन के उिका भला ही होया है , और कृतु के से् उि पर अ्ुगह होया है ा 14 यहोसा का भय का््ा बुद् का आरम है : और सह ससशाियोग लोगो्के सलये गभ् ही के उत् हआा 15 उि ्े क्ुषो्के िाय सकलकर िेा की ्ेस डाली है , और सह उ्के स्श को ब्ाए रखेगीा 16 यहोसा का भय का््ा बुद् की पररपूर्या है , और उिके फल िे क्ुषो् को यृ र करयी है ा 17 सह उ्के िारे रर को क्भास्ी स्ुक् िे, और ि् को अप्ी उपज िे भर ेे यी है ा 18 यहोसा का भय बुद् का कुकुट है , जो केल और उतक साव को फल्े-फूल्े ेे या है ; ेो्ो् परकेशर के उपहार है : और यह उ्के पेक को आ्दनय करया है ा 19 बुद् कौशल और िकझ की िकझ की सषा् करयी है , और जो उि पर दयर रहये है , उ्का आेर करयी है ा 20 बुद् की जड यहोसा का भय का््ा है , और उिकी शाखाए् ेीरा् यु है ा 21 यहोसा का भय का््े िे पाप ेू र होये है , और जहा् सह रहया है सहा् कोि भी ेू र हो जाया है ा 22 कोसिय क्ुष को स्े्ष ्ही् ठहराया जा िकया; को्सक उिके कोि का पभास उिका सस्ाश होगाा 23 िैय्सा् क्ुष थोडी ेे र के सलये आ् िू बहाया है , और इिके बाे सह आ्न िे भर जाया है ा 24 सह अप्ी बाये कुछ िकय यक सछपा रखेगा, और बहय लोग उिके कु्ह िे उिकी बुद् का पचार करे गेा 25 जा् के दृान बुद् के भणार के है ; परनु पापी को भदय िे रृरा होयी है ा 26 यसे यू बुद् चाहया है , यो आजाक् का पाल् कर, और यहोसा उिे यु झे ेे ेे गाा 27 को्सक यहोसा का भय का््ा बुद् और सशका है , और ससशाि और ्मया िे सह पि् होया है ा 28 जब यू क्गाल हो, यब यहोसा का भय ् का््ा, और ेोहरे क् िे उिके पाि ् आ्ाा 29 क्ुषो् के िाम्े कपटी ् हो्ा, और जो कुछ यू बोलया है , उि पर धा् ेे ्ाा 30 अप्े आप को बडा ् कर्ा, ऐिा ् हो सक यू सगर पडे , और अपके पार का अपका् करे ; और परकेशर ये रे भेेो् को खोलकर यु झे कणली के बीच के सगरा ेे गा; िोखे िे भरा है .
1 सिराच के पुत यीशु की बुद् की प्ास्ाा जबसक का्ू् और भससषसयाक् दारा, और उ्के ्केकेक पर चल्े साले अन लोगो् दारा हके कई और कहा् चीजे िौ्पी गई है , सज्के सलए इजराइल को िीख्े और जा् के सलए िराह्ा की जा्ी चासहए; और इिके सलए ् केसल पाठको् को सय् कुशल ब््े की आसशकया है , बद् िीख्े की इचा रख्े सालो् को भी बोलकर और सलखकर, जो बाहर है , उने लाभाद्य कर्े के िकक हो्ा चासहए: केरे ेाेाजी यीशु, जब उनो््े खुे को का्ू् पढ्े के सलए बहय कुछ सेया था , और भससषसयाक्, और हकारे पूस्जो् की अन पु्के, और उिके अचा स्र्य पार कर्े के बाे, सह सय् भी ससदा और बुद् िे ि्ब्सिय कुछ सलख्े के सलए पेररय हआ; इि इराेे िे सक जो लोग िीख्े के इचु क है , और इ् चीजो् के आेी है , उने का्ू् के अ्ुिार जीस् जी्े के असिक लाभ हो िकया है ा इिसलए कै आपिे अ्ुरोि करया ह् सक आप इिे कृपापूस्क और धा् िे पढे , और हके कका करे , सजिके हके कुछ शबो् की ककी कहिूि हो िकयी है , सज्की वाया कर्े के हक्े केह्य की है ा को्सक जो बाये इबा्ी के बोली जायी है , और ेू िरी भाषा के अ्ुसासेय की जायी है , उ् के एक िी शदय ्ही् होयी: और ् केसल ये बाये , सर् वसया, और भससषदयाक्, और बाकी पु्को् के भी कोई छोटा अ्यर ्ही् होया, जब से अप्ी भाषा के बोले जाये है ा सकस के आ्े के आठसे और यीिसे सष् के, जब यूरगेट्ि राजा था, और कुछ िकय यक सहा् रह्े के बाे, कुझे कोई छोटी िीख की सकयाब ्ही् सकली: इिसलए कै्े िोचा सक इिकी वाया कर्े के सलए कुछ पररशक और पयाि कर्ा केरे सलए िबिे जररी है ; उि या् पर बडी ियक्या और कौशल का उपयोग करये हए पु्क को िकार सकया, और इिे उ्के सलए भी रखा, जो एक अजीब ेे श के िीख्े के इचु क है , का्ू् के अ्ुिार जी्े के सलए पहले िे यै यार है ा िारा जा् पभु िे आया है , और िेै स उिके िाथ रहया है ा 2 िकुद की रे य, और सषा् की बू्ेे, और अ्न काल के से् कौ् सग् िकया है ? 3 आकाश की ऊ्चाई, और पृयसी की चौडाई, और गसहरे भाग, और बुद् का भेे कौ् जा् िकया है ? 4 बुद् िब स्ुक् िे पसहले िे उत् हई है , और सससेक की िकझ िस्ेा िे उत् हई है ा 5 परकपिा् का सच् बुद् का िोया है ; और उिके काग् अ्न आजा है ा 6 बुद् की जड सकि पर पगट हई है ? या उिकी बुद्का् युदययो् को कौ् जा्या है ? 7 बुद् का जा् सकि पर पगट हआ है ? और उिके कहा् अ्ुभस को सकि्े िकझा है ? 8 सह बुद्का् और अतन भययोग है , अथा् य् यहोसा अप्े सि्हाि् पर ससराजका् है ा 9 और उि ्े उिको उत् सकया, और उिे ेे खा, और सग् सलया, और उिे अप्े िब काको्के सलथे उणे ल सेयाा 10 सह उिके सरेा् के अ्ुिार िब पासरयो् के ि्ग है , और उि ्े उिे अप्े पेक रख्ेसालो्को ेे सेया है ा
अध्य 2 1 हे केरे पुत, यसे यू यहोसा की िेसा कर्े को आए, यो अप्े पार को परीका के सलये यै यार करा 2 अप्ा क् िीिा करो, और लगायार िीरज रखो, और ि्कट के िकय उयासली ् करोा 3 उि िे सलपटे रहो, और ेू र ् जाक, सजि िे यू अन के बडा हो जाएा
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4 जो कुछ यु झ पर पडे , उिे आ्न िे िह ले, और जब यू ्ीचा हो जाए, यब िीरज िरा 5 को्सक िो्ा आग के परखा जाया है , और क्ोहर क्ुष ससपसत की भटी के परखा जाया है ा 6 उि पर ससशाि करो, और सह यु मारी िहायया करे गा; अप्ा काग् ठीक करो, और उि पर भरोिा रखोा 7 हे यहोसा के डरसैयो्, उिकी कररा की बाट जोहये रहो; और अलग कय हो जाक, ऐिा ् हो सक यु क सगर जाका 8 हे यहोसा के डरसैयो्, उि पर ससशाि करो; और यु मारा पसयफल अिफल ् होगाा 9 हे यहोसा के डरसैयो्, भलाई, और अ्न आ्न, और कररा की आशा रखोा 10 पाची्काल की पीसढयो् पर दसृ करके ेे खो; का कभी सकिी ्े पभु पर भरोिा सकया और स्राश हआ? या का कोई उिके डर िे ब्ा रहा, और ताग सेया गया? सा सकिको उि ्े कभी यु च जा्ा, जो उि को पुकारा करया था? 11 को्सक पभु कररा और ेया िे पररपूर्, िह्शील और असय ेयालु है , और पापो् को कका करया है , और ि्कट के िकय उ्ार करया है ा 12 हाय डरपोक क्ो्, और थके हए हाथो्, और पापी पर जो ेो काग् पर चलये है ! 13 हाय उि पर जो उेाि क् का है ! को्सक सह ससशाि ्ही् करया; इिसलए उिका बचास ्ही् सकया जाएगा. 14 हाय यु क पर जो िीरज खो बैठे हो! और जब पभु यु मारी िुसि लेगा, यब यु क का करोगे? 15 जो यहोसा का भय का्ये है , से उिके सच् का उल्र् ् करे गे; और जो उि िे पेक रखये है , से उिके काग् पर ब्े रहे गेा 16 जो यहोसा के डरसैये है , से उि स्ु की खोज करे गे जो भला हो, और उिे भायी हो; और जो उि िे पेक रखये है से वसया िे पररपूर् सकए जाए् गेा 17 जो यहोसा के डरसैये है , से अप्े क् को यै यार करे गे, और अप्े क् को उिके िाम्े ेी् करे गे, 18 और कहा, हक क्ुषो् के ्ही् परनु यहोसा के हाथ के पडे गे; को्सक जैिा उिका पयाप है , सैिी ही उिकी कररा भी है ा
6 जो अप्े सपया का आेर करया है , सह ेीरा् यु होया है ; और जो यहोसा का आजाकारी होगा सह अप्ी काया के सलये शादन ठहरे गाा 7 जो यहोसा का भय का्या है , सह अप्े सपया का आेर करे गा, और अप्े काया-सपया की अप्े सासकयो् की ्ाई् िेसा करे गाा 8 अप्े सपया और काया का क् और काक ेो्ो् िे आेर कर्ा, सक उ् िे यु झे आशीष सकलेा 9 को्सक सपया के आशीसा् े िे लडके-बालो् का रर दयर होया है ; परनु काया का शाप ्ेस को उखाड ेे या है ा 10 अप्े सपया का अ्ाेर करके रकण ् कर्ा; को्सक ये रे सपया का अ्ाेर ये रे सलये कोई कसहका ्ही्ा 11 को्सक क्ुष की कसहका उिके सपया के िमा् िे होयी है ; और जो काया अ्ाेर पायी है , सह बालको्के सलथे स्ना होयी है ा 12 हे केरे पुत, ये रे सपया की आयु यक िहायया कर्ा, और जब यक सह जीससय रहे यब यक उिे शोक ् कर्ाा 13 और यसे उिकी िकझ अिफल हो जाए, यो उि पर िीरज रखो; और जब यू अप्ी पूरी शदय के हो यो उिका सयरसार ् कर्ाा 14 को्सक ये रे सपया का जो उ्ार हआ सह भुला ् रहे गा, और पाप के बेले सह यु झे बढा्े के सलथे जोडा जाएगाा 15 ये रे केश के से् इिका सरर सकया जाएगा; यु मारे पाप भी गक् कौिक के बफ् की यरह सपरल जायेगेा 16 जो अप्े सपया को ताग ेे या है , सह स्ना कर्ेसाले के िका् है ; और जो अप्ी काया को कोि सेलाया है , सह परकेशर की कर िे शासपय है ा 17 हे केरे पुत, अप्ा काक ्मया िे करो; इिी रीसय िे यू उि का सपय ठहरे गा जो सीकृय है ा 18 यू सजय्ा बडा होगा, उय्ा ही असिक ्म होगा, और यहोसा की कृपा यु झ पर होगीा 19 बहय िे लोग ऊँचे या् पर और पसि् है ; परनु भेे ्म लोगो् पर पगट होये है ा 20 को्सक यहोसा की शदय कहा् है , और सह क्गालो् के आेर पाया है ा 21 उ् स्ुक् की खोज के ् रहो जो यु मारे सलये कसठ् है , और ् उ् स्ुक् की खोज के रहो जो यु मारी शदय िे बाहर है ा 22 परनु जो आजा यु झे ेी गई है उि पर श्ा िे ससचार कर्ा, को्सक गुर बाये अप्ी आ् खो् िे ेे ख्ा ये रे सलये आसशक ्ही्ा 23 वथ् बायो् के कुयू हल ् कर्ा; को्सक क्ुष सजय्ा िकझये है , उििे असिक बाये यु झे बयायी जायी है ा 24 को्सक बहय िे लोग अप्े ही वथ् ससचार िे िोखा खाये है ; और एक बुरे ि्ेेह ्े उ्के स्र्य को पलट सेया है ा 25 यू सब्ा आ् खो् के उसजयाला चाहे गा; इिसलये जो जा् ये रे पाि ्ही्, उिका पचार ् करा 26 हठीले क् का अन अन के बुरा होया है ; और जो कोई खयरे िे पीसय रखया है सह सही् ्ृ हो जाएगाा 27 हठीले क् ेु :ख िे भरा रहे गा; और ेु ृ क्ुष पाप पर पाप बढाया जाएगाा
अध्य 3 1 हे बालको्, अप्े सपया केरी िु्ो, और सैिा ही करो, सक यु क िुरसकय रहोगेा 2 को्सक यहोसा ्े सपया को पुतो्पर आेर सेया, और काया को पुतो्पर असिकार सेया है ा 3 जो अप्े सपया का आेर करया है , सह अप्े पापो् का पायसयत करया है ; 4 और जो अप्ी काया का आेर करया है , सह ि् बटोर्ेसाले के िका् है ा 5 जो अप्े सपया का आेर करे गा, सह अप्े लडकेबालो्के कारर आ्न करे गा; और जब सह पाथ््ा करे , यो उिकी िु्ी जाएगीा
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28 असभकास्यो् को ेण ेे ्े का कुछ भी उपाय ्ही्; को्सक ेु ृया का पौिा उि के जड पकड चुका है ा 29 िकझेार का क् एक दृान को िकझेगा; और बुद्का् की असभलाषा चौकि का् िे होयी है ा 30 जल िे ििकयी हई आग बुझ जाएगी; और सभका पापो् का पायसयत करयी है ा 31 और जो अचे बेले ेे या है सह उि बाय का सरर रखया है जो इिके बाे आएगी; और जब सह सगर पडे , यो उिे ठहर्े का या् सकलेगाा
18 यब सह िीिे काग् िे उिके पाि लौट आएगी, और उिे शादन ेे गी, और अप्े भेे बयाएगीा 19 परनु यसे सह कुसटल हो, यो सह उिे ताग ेे गी, और उिे उिके ्ाश के सलये िौ्प ेे गीा 20 असिर का धा् रखो, और बुराई िे िासिा् रहो; और जब बाय ये रे पार की हो यो लद्य ् हो्ाा 21 को्सक ल्ा का कारर पाप है ; और एक ल्ा की बाय है जो कसहका और अ्ुगह है ा 22 सकिी को अप्े क् के ससर् ् का््ा, और ् सकिी का श्ा करके यु झे सगरा्ाा 23 और जब भलाई कर्े का असिर आए, यो बोल्ा ् छोड्ा, और अप्ी बुद् उिकी िुनरया के सछपा ् रख्ाा 24 को्सक बुद् सारी िे पगट होयी है , और जीभ की सारी िे ससदा पगट होयी है ा 25 सकिी भी पकार ित के ससरोि के ् बोल्ा; परनु अप्ी अजा्या की भूल पर लद्य होा 26 अप्े पापो्को का् ले्े के लद्य ् हो्ा; और ्ेी की िारा को बाध कय करोा 27 अप्े आप को कूख् क्ुष का ेाि ् ब्ा्ा; ् यो शदयशाली वदय को सीकार करोा 28 ित के सलये करये ेक यक पयर करो, और यहोसा यु मारे सलये लडे गाा 29 अप्ी जीभ के उयासली ् कर्ा, और अप्े काको् के सढलाई और सढलाई ् कर्ाा 30 यू अप्े भस् के सि्ह के िका् ् हो, और ् अप्े िेसको्के बीच के कोसिय होा 31 यू ले्े के सलथे अप्ा हाथ ् बढा्ा, और जब यु झे चुका्ा पडे यब बन ् कर्ाा
अध्य 4 1 हे केरे पुत, क्गाल को उिकी जीससका िे स्सचय ् कर, और ेररद की आ् खो् को असिक िकय यक ् रह्े ेे ा 2 भूखे को उेाि ् कर; सकिी क्ुष को उिके ि्कट के ् भडकाका 3 खीझसाले क् को और असिक ससपसत ् ेे ्ा; और सजिे आसशकया हो, उिे ेे ्े िे ससकुख रहोा 4 ेी् ज् की पाथ््ा ् ठु कराक; ् सकिी क्गाल िे अप्ा कु्ह फेर ले्ाा 5 ेररद की कर िे आ् ख ् फेर्ा, और उिे ये री स्ना कर्े का असिर ् ेे ्ा; 6 को्सक यसे सह अप्े क् की कडसाहट के कारर यु झे शाप ेे , यो उिका रचसयया उिकी पाथ््ा िु्ेगाा 7 कणली की पीसय पाक, और बडे पुरष के िाम्े सिर झुकाका 8 इि िे यु झे ेु ःख ् हो, सक यू क्गाल के िाम्े का् झुकाकर, और ्मया िे उिे सकतसय उतर ेे ा 9 जो अपरािी पर अनेर करया है उिे अनेर कर्ेसाले के हाथ िे बचा; और जब यू नाय कर्े बैठे, यो ये रा क् उेाि ् होा 10 अ्ायो्के सलये सपया और उ्की काया के सलथे पसय ब् जाक; इि पकार यू परकपिा् के पुत के िका् ठहरे गा, और सह यु झ िे ये री काया िे भी असिक पेक रखेगाा 11 बुद् अप्े लडकेबालो्को बढायी है , और अप्े खोसजयो्को पकड लेयी है ा 12 जो उि िे पीसय रखया है , सह पार िे पीसय रखया है ; और जो लोग उिे शीघ ढू ् ढये है से आ्न िे भर जाए् गेा 13 जो उिे पकडे गा, सह कसहका का भागी होगा; और जहा् कही् सह पसेश करे गी, सहा् यहोसा आशीष ेे गाा 14 जो उिकी िेसा करये है , से पससत की िेसा टहल करये है ; और जो उि िे पेक रखये है , पभु उि िे पेक रखया है ा 15 जो कोई उिकी िु्ेगा सह जासय जासय को ेोषी ठहराएगा; और जो कोई उिकी िु्ेगा सह स्डर बिा रहे गाा 16 यसे कोई अप्े आप को उिके पसय िकसप्य कर ेे , यो सह उिका साररि होगा; और उिकी पीढी उिे अप्े असिकार के रखेगीा 17 को्सक पसहले यो सह उिके िाय टे ढी चाल िे चलेगी, और उि पर भय और भय लाएगी, और अप्ी याड्ा िे उिे ियायी रहे गी, यहा् यक सक सह उिके पार पर भरोिा करके अपके स्यको्के दारा उिे परखेगीा
अध्य 5 1 अप्ा क् अपके ि् पर ् लगा्ा; और यह कय कहो, सक केरे पाि जीस् भर के सलये बहय कुछ है ा 2 अप्े क् और अप्ी शदय के पीछे ् चल्ा, और अप्े क् के काग् पर चल्ा; 3 और यह ् कह्ा, कौ् केरे काको्के कारर कुझ पर स्य्तर करे गा? को्सक यहोसा स्यय ये रे रकण का बेला लेगाा 4 यह ् कह्ा, सक कै ्े पाप सकया, और केरी का हास् हई? को्सक यहोसा िह्शील है , सह यु मे सकिी रीसय िे जा्े ् ेे गाा 5 पायसयत के ससषय के पाप के िाथ पाप जोड्े िे ् डरोा 6 और यह ् कह्ा सक उिकी कररा बडी है ; सह केरे बहय िे पापो् के कारर शान होगा; को्सक उि िे ेया और कोि स्कलया है , और उिका कोि पासपयो्पर भडकया है ा 7 यहोसा की कर सफर्े के ससलम ् कर्ा, और पसय से् ससलम ् कर्ा; को्सक यहोसा का कोि अचा्क भडक उठे गा, और यू जो स्डर है , सह ्ृ हो जाएगा, और पलटा ले्े के से् ्ृ हो जाएगाा 8 अनाय िे पार काल पर अप्ा क् ् लगा्ा, को्सक ससपसत के से् उि िे यु झे कुछ लाभ ् होगाा
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9 हर हसा के ् सहलो, और ् हर काग् के जाक; को्सक जो ेोहरी जीभसाला पापी होया है , सह ऐिा ही करया है ा 10 अप्ी िकझ के दढ रह; और ये रा सच् भी सैिा ही होा 11 िु््े के फुय् करो; और ये रा जीस् िचा हो; और िैय् के िाथ उतर ेो. 12 यसे यू िकझ िके, यो अप्े पडोिी को उतर ेे ; यसे ्ही्, यो अप्ा हाथ अप्े कुँह पर रखोा 13 आेर और ल्ा का ससषय बाये है , और क्ुष की जीभ उिके पय् का कारर है ा 14 यु क का्ाफूिी कर्ेसाले ् कहलाक, और अप्ी जीभ िे राय के ् रहो; को्सक चोर को बडी ल्ा, और ेोगली जीभ िे बुरी स्ना होयी है ा 15 चाहे बडे काकले के, चाहे छोटे के, सकिी भी बाय िे अ्सभज ् रहोा
17 जो कोई यहोसा का भय का्या है , सह अप्ी सकतया ठीक रीसय िे करे गा; को्सक जैिा सह है , सैिा ही उिका पडोिी भी होगाा 18 हे केरे पुत, यू बचप् िे सशका गहर कर, इि पकार यू बुढापे यक बुद् पार करया रहे गाा 19 जोय्ेसाले और बो्ेसाले के िका् उिके पाि आक, और उिके अचे फल की आशा रखो; को्सक उिके सलये पररशक कर्े के यु झे असिक पररशक ् कर्ा पडे गा, परनु यू यु रन उिका फल खाएगाा 20 सह अ्पढो्को असय असपय लगयी है ; जो स्बु्द् है , सह उिके पाि ् रहे गाा 21 सह परख्ेसाले बडे पतर की ्ाई् उि पर पडी रहे गी; और बहय ेे र हो्े पर सह उिे अप्े पाि िे स्काल ेे गाा 22 को्सक बुद् उिके ्ाक के अ्ुिार है , और सह बहयो् पर पगट ्ही् होयीा 23 हे केरे पुत का् लगाकर केरी िमसय गहर कर, और केरी िमसय को ् टाल; 24 और अप्े पा् स उिकी बेसिडयो् के, और अप्ी गे् ् उिकी ज्जीर के डाल; 25 अप्ा कना झुकाकर उिे िमाल, और उिके बन्ो्के कारर उेाि ् होा 26 यू अप्े िमू र् क् िे उिके पाि आ, और अप्ी िारी शदय िे उिके काग् की रका करा 27 ढू ् ढो, और ढू ् ढो, यो सह यु मे पगट हो जाएगी; और जब यु क उिे पकड लो, यो जा्े ् ेे ्ाा 28 को्सक अन के यू उिका ससशाक पाएगा, और सह ये रे आ्न के बेल जाएगाा 29 यब उिकी बेसडयाँ ये रे सलथे दढ रका ठहरे गी, और उिकी ज्जीरे शोभायका् सस ठहरे गीा 30 को्सक उि पर िो्े का आभूषर है , और उिकी पसटयाँ बैज्ी फीये की है ा 31 यू उिे कसहका के सस के िका् पसह्ा्ा, और आ्न के कुकुट के िका् अप्े ऊपर रख्ाा 32 हे केरे पुत, यसे यू चाहे यो सिखाएगा; और यसे यू िोचेगा, यो चयु राई िे काक लेगाा 33 यसे यू िु््ा चाहया है , यो िकझ पार करे गा; और यसे यू का् लगाएगा, यो बुद्का् ब्ेगाा 34 पुरस्यो्की भीड के खडे रहो; और जो बुद्का् है उि िे सलपटे रहोा 35 हर एक भज् िु््े को यतर रहो; और िकझ के दृान यु झ िे ् छूटे ा 36 और यसे यू सकिी िकझेार पुरष को ेे खे, यो उिके पाि कभी जा्ा, और उिके दार की डे सढी को अप्े पा् स िे सरि्ाा 37 ये रा क् यहोसा की सससियो्पर लगा रहे , और उिकी आजाक् पर स्रनर धा् करया रहे ; सह ये रे क् को दढ करे गा, और ये री इचा के अ्ुिार यु झे बुद् ेे गाा
अध्य 6 1 सकत के बेले शतु ् ब्ो; को्सक इि िे यू बे्ाकी, ल्ा, और स्ना का भाग होगा; सैिे ही पापी भी ेोहरी जीभसाला होगाा 2 अप्े क् की युदय के अप्ी बडाई ् कर्ा; ऐिा ् हो सक ये रा पार अकेले भटके हए बैल की ्ाई टु कडे टु कडे हो जाएा 3 यू अप्ी पसतयाँ खा जाएगा, और अप्ा फल खो ेे गा, और अप्े आप को िूखे सृक के िका् छोड ेे गाा 4 ेु ृ पारी उिके पाि साले को ्ाश करे गा, और उिके शतु उिकी ह् िी उडाए् गेा 5 कीठी बोली िे सकत बढ जाये है , और अची बोली बोल्े िे सकत बढ जाये है ा 6 बहयो् िे केल सकलाप रखो; यौभी हजार के एक ही िकझाया है ा 7 यसे यु झे कोई सकत सकले, यो पसहले उिे परख ले , और उिका शेय ेे ्े के उयासली ् करा 8 को्सक कोई अप्े ही असिर के सलये सकत होया है , और ये रे ि्कट के से् के भी िाथ ् ेे गाा 9 और एक सकत है , जो बैर और झगडे के पडकर ये री स्ना का कारर ब्ेगाा 10 सफर, केज पर बैठ्ेसाला कोई सकत है , और ये रे ि्कट के से् के सह िाथ ् ेे गाा 11 परनु ये रे कलार के िकय सह ये रे यु ल हो जाएगा, और ये रे ेािो्पर सहयास बानेगाा 12 यसे यू ्ीचा सकया जाएगा, यो सह ये रे ससर् होगा, और ये रे िाम्े िे सछप जाएगाा 13 अप्े शतुक् िे अलग हो जाक, और अप्े सकतो् िे िासिा् रहोा 14 ससशाियोग सकत दढ रका है ; और सजि को ऐिा सकला, उि ्े ि् पायाा 15 ससशाियोग सकत का कुछ भी ससरोि ्ही् कर िकया, और उिकी कसहका अकूल है ा 16 ससशाियोग सकत जीस् की औषसि है ; और जो यहोसा का भय का्ये है से उिे पाए् गेा
अध्य 7 1 कोई बुराई ् करो, इिसलये यु मारी कोई हास् ् होगीा 2 कुसटल िे ेू र हो जाक, और अिक् यु झ िे ेू र हो जाएगाा 78
3 हे केरे पुत, कुसटलया के खेयो्के ् बोक, और उ्का िाय गुरा फल काटोगेा 4 ् यो यहोसा की पिा्या की खोज करो, और ् राजा की कसहका की खोज करोा 5 यहोसा के िाम्े अप्े आप को िक् ् ठहराक; और राजा के िाम्े अप्ी बुद् का रकण ् कर्ाा 6 जो अिक् ेू र ् कर िके, उि िे नायी ब््े का पयर ् करो; ऐिा ् हो सक यू सकिी भी िकय पराककी वदय िे डरे , जो ये रे िक् के काग् के ठोकर का कारर होा 7 सकिी ्गर की कणली को अपकास्य ् कर्ा, और ् अप्े आप को लोगो् के बीच के सगरा ेे ्ाा 8 एक पाप को ेू िरे पाप पर ् बा् िो; को्सक यू सकिी भी काक के ेण िे रसहय ् होगाा 9 यह ् कह, सक परकेशर केरे बहय िे अ्बसल पर दसृ करे गा, और जब कै परकपिा् परकेशर के िाम्े चढाऊ्गा, यब सह उिे गहर करे गाा 10 जब यू पाथ््ा करे , यो उेाि ् हो, और ेा् ेे ्ा ् भूलेा 11 अप्े क् की कडसाहट के कारर अप्ा अपका् ् कर्ा; को्सक ्म और ऊ्चा कर्ेसाला एक है ा 12 अप्े भाई के ससर् झूठ की कल्ा ् कर्ा; ् ही अप्े ेो् को पि्े करो. 13 सकिी पकार का झूठ ् बोल्ा, को्सक उिकी रीसय अची ्ही् है ा 14 पुरस्यो् के िाम्े बहय बाये ् कह्ा, और पाथ््ा करये िकय बहय बक-बक ् कर्ाा 15 ् पररशक के काक िे बैर रखो, और ् उि खेयी िे, जो परकपिा् ्े ठहराया है ा 16 अप्े आप को पासपयो्की भीड के ् सग््ा, परनु सरर रख्ा, सक कोि बहय ेे र यक ् सटकेगाा 17 अप्े आप को बहय ्म करो, को्सक भदयही् का बेला आग और कीडे है ा 18 सकिी भलाई के सलये सकत को कभी ् बेल्ा; ् कपीर के िो्े के सलये कोई सफाेार भाईा 19 बुद्का् और भली सी को ् छोड्ा; को्सक उिका अ्ुगह िो्े िे भी बढकर है ा 20 को्सक ये रा ेाि िचा काक करया है , यो उि िे और उि कजेू र िे जो अप्ा िब कुछ ये रे सलये ेे ेे या है , बुराई ् कर्ाा 21 यू अचे ेाि िे पेक रख्ा, और उिे सय् तया िे स्सचय ् कर्ाा 22 का ये रे पाि गाय-बैल है ? उ् पर दसृ रख्ा: और यसे से ये रे लाभ के सलये हो्, यो उने अप्े पाि रख्ाा 23का यु मारे िना् है ? उने सशका ेो, और युसासया िे ही उ्की गे् ् झुकाका 24 का ये री बेसटयाँ है ? उ्के शरीर की िुसि रखो, और उ्के पसय पि्सचत ् सेखोा 25 अप्ी बेटी का बाह कर, यो यह एक कसठ् काक है ; परनु उिे सकिी िकझेार पुरष को िौ्प ेे ्ाा 26 का ये रे क् के अ्ुिार कोई सी है ? उिे ् तागो; परनु अप्े आप को सकिी उजली सी के हाथ के ् िौ्प ेोा 27 अप्े सपया का िमू र् क् िे आेर कर्ा, और अप्ी काया का ेु ःख ् भूल्ाा
28 सरर रख, सक यू उ् िे उत् हआ; और जो कुछ उनो््े ये रे सलये सकया है उिका बेला यू उने कैिे ेे िकया है ? 29 यू अप्े िमू र् क् िे यहोसा का भय का््ा, और उिके याजको् का भय का््ाा 30 सजि ्े यु झे िारी शदय िे ब्ाया, उि िे पेक रख; और उिके िेसको्को ् तागा 31 यहोसा का भय का्ो, और याजक का आेर करो; और जैिा यु झे आेे श सेया गया है , उिके अ्ुिार उिे उिका भाग ेे ्ा; पसहला फल, और ेोषबसल, और कनो् का ेा्, और पससतीकरर का बसलेा्, और पससत स्ुक् का पसहला फला 32 और अप्ा हाथ क्गालो् की कर बढा, सक ये रा आशीसा् े सि् होा 33 ेा् हर जीससय क्ुष की दसृ के अ्ुगह का कारर होया है ; और करे हक् के सलये इिे रोको कया 34 और रो्ेसालो्के िाय ् रह्ा, और जो शोक करये है उ्के िाय ससलाप कर्ाा 35 बीकारो् की िुसि ले्े के सझझक ् कर्ा; को्सक सह यु झे सपय ब्ाएगाा 36 जो कुछ यू हाथ के ले , उिका अन सरर रख्ा, और कभी भूल ् कर्ाा अध्य 8 1 सकिी शूरसीर िे यु् ् कर्ा, कही् ऐिा ् हो सक यू उिके हाथ के पड जाएा 2 ि्सा् िे सससाे ् कर्ा, ऐिा ् हो सक सह यु झ पर भारी पडे ; को्सक िो्े ्े बहयो् को ्ाश सकया है , और राजाक् के क् को भृ कर सेया है ा 3 उि क्ुष िे झगडा ् कर्ा जो जीभ िे भरा हो, और उिकी आग के लकडी ् जलाका 4 अिभ क्ुष िे ् सकल्ा, ऐिा ् हो सक ये रे पुरखा बे्ाक हो्ा 5 जो क्ुष पाप िे सफर जाया है , उिे ेोषी ् ठहराक, परनु सरर रखो, सक हक िब ेण के योग है ा 6 बुढापे के क्ुष का अ्ाेर ् कर्ा, को्सक हक के िे सकय्े यो बूढे हो जाये है ा 7 अपके िब िे बडे शतु के कर्े िे आ्दनय ् हो, परनु यह सरर रख सक हक िब करे गेा 8 बुद्का्ो् की बाय को यु च ् जा््ा, परनु उ्की ्ीसयसच्ो् िे पररसचय हो्ा; को्सक उ् िे यू सशका, और बडे पुरषो् की िहजया िे िेसा कर्ा िीखेगाा 9 पुरस्यो् की बायचीय िे ् चूको; को्सक उनो््े भी अप्े बापेाेो् िे िीखा है , और यू भी उ् िे िकझ्ा, और आसशकया के अ्ुिार उतर ेे ्ा िीखेगाा 10 पापी के अ्गारे ् जला्ा, ऐिा ् हो सक यू उिकी आग की लौ िे जल जाएा 11 सकिी ेु ृ के िाम्े कोि ् कर्ा, ऐिा ् हो सक सह यु झे अप्ी बायो् के फ्िा्े की राय के बैठेा 12 जो यु झ िे असिक शदयशाली है उिे उिार ् ेो; को्सक यसे यू उिे उिार ेे , यो सग् ले , परनु खो जाएगाा
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13 अप्ी शदय िे असिक का जासक् ् ब्ो; को्सक यसे यु क जासक् कर िको, यो उिका भुगया् कर्े का धा् रख्ाा 14 नायी के पाि कुकदका ् लडो; को्सक से उिके िमा् के अ्ुिार उिका नाय करे गेा 15 स्भ्क के ि्ग काग् के ् जा्ा, ऐिा ् हो सक सह यु झ को उेाि कर ेे ; को्सक सह अप्ी इचा के अ्ुिार काक करे गा, और यू भी उिकी कूख्या के कारर उिके िाथ ्ाश हो जाएगाा 16 कोसिय क्ुष िे झगडा ् कर्ा, और उिके ि्ग एकान या् के ् जा्ा; को्सक खू् उिकी दसृ के कुछ ्ही्, और जहा् िहाथया ् सकलेगी, सहा् सह यु झे उलट ेे गाा 17 कूख् िे पराकश् ् कर्ा; को्सक सह िमसय ्ही् ेे िकयाा 18 परेे शी के िाम्े कोई गुर बाय ् कर्ा; को्सक यू ्ही् जा्या, सक सह का उत््् करे गाा 19 अप्ा क् हर एक के िाम्े ् खोल्ा, ऐिा ् हो सक सह यु झ िे चयु राई िे बेला लेा
हो सक सह अभी ये रा पार ले ले; सरर रख, सक यू जालो् के बीच के है , और यू ्गर के गढो्पर चल रहा है ा 14 जहा् यक हो िके अपके पडोिी को पसहचा्, और बुद्का्ो्िे िमसय लेा 15 ये री बायचीय बुद्का्ो्के िाय हो, और ये री िारी बायचीय परकपिा् की वसया के अ्ुिार होा 16 और िक् क्ुष ये रे िाय खाए् -पीए् ; और ये रा रकण यहोसा के भय के कारर होा 17 काक कर्ेसाले के हाथ की िराह्ा की जाएगी; और उिकी सारी के कारर बुद्का् पजा का पिा् होगाा 18 जो क्ुष बुरी जीभ बोलया है , सह अप्े ्गर के खयर्ाक होया है ; और जो अप्ी बायो् के उयासलाप् करया है , उि िे बैर सकया जाएगाा अध्य 10 1 बुद्का् नायी अपकी पजा को सशका ेे गा; और सससेकी क्ुष का शाि् िुवसदयय होया है ा 2 जैिा पजा का नायी आप है , सैिे ही उिके हासकक भी है ; और उि ्गर का हासकक कैिा क्ुष है , उिके िब स्सािी ऐिे ही है ा 3 स्बु्द् राजा अप्ी पजा को ्ाश करया है ; परनु जो असिकारी है उ्के सससेक िे ्गर बिा रहे गाा 4 पृयसी का असिकार यहोसा के हाथ के है , और िकय आ्े पर सह उि पर लाभेायक को असिकारी ठहराएगाा 5 क्ुष की िकृद् परकेशर के हाथ के है , और सह अप्ी पसयता का असिकार शासी पर रखया है ा 6 हर एक बुराई के कारर अप्े पडोिी िे बैर ् रख्ा; और हास्कारक आचरर िे कुछ भी ् करोा 7 परकेशर और क्ुष की दसृ के रकण रृसरय है , और ेो्ो् के दारा क्ुष पाप करया है ा 8 अिक् के ले्-ेे ्, हास्, और छल िे पार ि् के कारर राज एक ेे श िे ेू िरे ेे श के चला जाया है ा 9 पृयसी और राख को् रकण करयी है ? लोभी क्ुष िे असिक ेु ृ कोई स्ु ्ही्; को्सक सह अप्ा पार ही बेच ेे या है ; को्सक जब यक सह जीससय रहया है , यब यक सह अप्ी आ् ये ताग ेे या है ा 10 सैद लमे रोग को काट डालया है ; और जो आज राजा है सह कल कर जाएगाा 11 को्सक क्ुष के कर्े पर रे ग्ेसाले जनु, और पशु, और कीडे उिे ससरािय के सकलेगेा 12 रकण का आरम यब होया है , जब कोई परकेशर िे ेू र हो जाया है , और उिका क् अप्े िृज्हार िे सफर जाया है ा 13 को्सक रकण पाप का आरम है , और सजिके पाि सह है सह रृसरय काक उगलेगा; और इि कारर यहोसा ्े उ् पर अजीब ससपसतया् डाली्, और उने िता्ाश कर सेयाा 14 यहोसा ्े असभकास्यो्के सि्हाि्ो्को ढा सेया, और उ्के या् पर ्म लोगो्को खडा सकया है ा 15 यहोसा ्े रकणी जासययो्की जड उखाड ेी, और उ्के सा् के ेी् लोगो्को बिाया है ा 16 यहोसा ्े अनजासययो्के ेे शो्को उलट सेया, और उ्को पृयसी की ्ेस यक ्ृ कर डालाा
अध्य 9 1 अप्ी सपय सी पर डाह ् कर्ा, और उिे अप्े ससर् बुरी सशका ् ेे ्ाा 2 अप्ा पार सकिी सी को ् ेे जो ये री िमसत पर पा् स रखेा 3 सेशा िे ् सकल्ा, ऐिा ् हो सक यू उिके फ्ेे के फ्िेा 4 और गा्ेसाली सी की ि्गसय के असिक ् रह्ा, ऐिा ् हो सक यू उिके काको्के फ्ि जाएा 5 ेािी पर दसृ ् कर, कही् ऐिा ् हो सक यू उिकी अ्कोल स्ुक् के कारर िोखा खा जाएा 6 अप्ा पार सेशाक् को ् ेो, ऐिा ् हो सक यु क अप्ा स्ज भाग खो जाका 7 ्गर के चौको् के इिर उिर ् ेे ख्ा, और ् उिके एकान या् के सफर्ाा 8 िुनर सी की कर िे आ् ख फेर ले्ा, और पराई िुनरया पर दसृ ् कर्ा; को्सक बहयो् ्े सी की िुनरया िे िोखा खाया है ; को्सक इि िे पेक आग की ्ाई् प्सलय होया है ा 9 पराई सी के िाथ कभी ् बैठ्ा, और ् उिे अप्ी गोे के ले्ा, और ् उिके िाथ ेाखकिु पी्ा; कही् ऐिा ् हो सक ये रा क् उिकी कर लगे, और यू अप्ी असभलाषा के कारर सस्ाश के पड जाएा 10 सकिी पुरा्े सकत को कय तागो; को्सक ्ये की यु ल्ा उि िे ्ही् की जा िकयी; ्या सकत ्ये ेाखकिु के िका् है ; जब सह पुरा्ा हो जाए, यब यु क उिे आ्न िे पी्ाा 11 पापी की कसहका पर डाह ् कर; को्सक यू ्ही् जा्या, सक उिका अन का होगाा 12 सजि स्ु िे भदयही् लोग पि् होये है , उि िे पि् ् हो्ा; परनु सरर रखो, से अप्ी कब यक ेण िे बचाये सब्ा ् जायेगेा 13 उि क्ुष िे जो राय कर्े का िाकथ् रखया हो, अप्े को ेू र रख; इिी पकार यू कृतु के भय के ससषय के िने ह ् कर्ा; और यसे यू उिके पाि आए, यो ेोष ् ेे ्ा, ऐिा ् 80
17 उि ्े उ् के िे सकय्ो्को उठाकर ्ाश सकया, और उ्का सरर पृयसी पर िे सकटा सेयाा 18 ् यो पुरषो्के सलथे रकण, और ् सी िे उत् हए पुरषो्के सलथे भडका हआ कोि उत् हआा 19 जो यहोसा का भय का्ये है , से स्श्सचय स्श है , और जो उि िे पेक रखये है , से आेर का स्श है ; जो आजाक् का उल्र् करये है , से िोखा ेे ्े योग स्श है ा 20 भाइयो्के जो पिा् है सही आेर पाया है ; सैिे ही से है जो यहोसा की दसृ के उिका भय का्ये है ा 21 पभु का भय असिकार पार कर्े िे पसहले होया है , परनु कठोरया और रकण िे उिका ्ाश होया है ा 22 चाहे सह ि्ी हो, चाहे कुली्, चाहे ेररद, उ्की कसहका यहोसा के भय िे होयी है ा 23 िकझसाले क्गाल का सयरसार कर्ा उसचय ्ही्; सकिी पापी क्ुष की बडाई कर्ा िुससिाज्क ्ही् है ा 24 कहापुरषो्, नासययो्, और रिूखेारो् का आेर सकया जाएगा; यौभी उ् के िे जो यहोसा का भय का्या है , उि िे बडा कोई ्ही्ा 25 जो ेाि बुद्का् है , सह सयव लोग उिकी िेसा सकया करये है ; और जो जा्ी है , सह िुिर्े पर भी कुढया ्ही्ा 26 अप्ा काक-काज कर्े के असय बुद्का्ी ् कर्ा; और ि्कट के िकय रकण ् कर्ाा 27 जो पररशक करया है , और िब बायो् के बढ जाया है , सह उि िे जो रकण करया और रोटी चाहया है , उतक है ा 28 हे केरे पुत, ्मया िे अप्े पार की कसहका कर, और उिकी पसयता के अ्ुिार उिका आेर करा 29 जो अप्े ही पार के ससर् पाप करया है , उिे कौ् स्े्ष ठहराएगा? और जो अप्े पार का अ्ाेर करया है उिका आेर कौ् करे गा? 30 क्गाल का आेर उिकी कुशलया के कारर होया है , और ि्ी का आेर उिके ि् के कारर होया है ा 31 जो क्गाली के आेर पाया है , सह ि् के सकय्ा असिक? और जो ि् के अ्ाेर पाया है , सह स्ि््या के को्कर अ्ाेर करया है ?
8 जब यक यू इिका कारर ् िु् ले , यब यक उतर ् ेे ्ा; और क्ुषो् को बीच के ् टोक्ाा 9 जो काक यु झ िे ि्ब्सिय ्ही्, उि के सससाे ् कर्ा; और पासपयो् के िाथ नाय ् कर्ाा 10 हे केरे पुत, बहय काकलो् के ेखल ् ेे ; को्सक यसे यू बहय ही ेखलअ्ेाजी करे गा, यो स्े्ष ् ठहरे गा; और यसे यू उिके पीछे लगे, यो कुछ ् पार कर िकेगा, और ् भागकर बच िकेगाा 11 एक है जो पररशक करया, और ेु :ख उठाया है , और उयासली करया है , और इय्ा पीछे हो जाया है ा 12 सफर, एक और है जो िीका है , और उिे िहायया की आसशकया है , और योगया की रटी है , और सह क्गाल है ; यौभी यहोसा की दसृ उि पर अची दसृ िे पडी, और उिे उिकी ्ीची दयसय िे ेू र कर सेया, 13 और अप्ा सिर ेु ख िे ऊपर उठाया; यहा् यक सक ेे ख्े सालो् के िे बहयो् को उि पर आयय् हआा 14 िकृद् और ससपसत, जीस् और कृतु, ेररदया और ि्, पभु ही िे आये है ा 15 बुद्, जा्, और वसया की िकझ यहोसा ही िे है ; पेक और भले काको् का काग् उिी िे है ा 16 पासपयो्के िाथ ही अिक् और अनकार का आरम हआ, और जो उि पर रकण करये है उ्के िाय बुराई पुरा्ी हो जाएगीा 17 यहोसा का ेा् भयो् पर ब्ा रहया है , और उिकी कृपा िे िस्ेा कलार होया है ा 18 जो अप्ी चयु राई और चयु राई िे ि्सा् होया है , और उिका पसयफल उिे यही सकलया है ा 19 उि ्े कहा, कुझे ससशक सकला है , और अब अपके ि् के िे स्त खाऊ्गा; और सफर भी सह ्ही् जा्या सक उि पर कौ् िा िकय आएगा, और उिे उ् चीजो् को ेू िरो् पर छोड्ा होगा, और कर्ा होगाा 20 अपकी साचा पर दढ रह, और उि के स्पुर हो, और अपके काक के बूढा होा 21 पासपयो् के काको् पर आयय् ् करो; परनु यहोसा पर भरोिा रखो, और अप्े पररशक के दयर रहो; को्सक सकिी क्गाल को अचा्क ि्सा् ब्ा्ा यहोसा की दसृ के आिा् काक है ा 22 यहोसा का आशीसा् े भय के पसयफल के होया है , और सह अचा्क अप्ा आशीसा् े बढाया है ा 23 यह ् कह, सक केरी िेसा िे का लाभ? और इिके बाे कुझे का अची चीजे सकलेगी? 24 सफर यह ् कह्ा, सक केरे पाि यो बहय है , और बहय कुछ है ; सफर अब कुझे का हास् होगी? 25 िुख के से् के केश भूल जाया है , और केश के से् के कलार का सरर सफर सरर ् रहयाा 26 को्सक कृतु के से् क्ुष को उिके चालचल् के अ्ुिार पसयफल ेे ्ा यहोसा के सलये िहज बाय है ा 27 रडी भर का केश क्ुष को िुख भूला ेे या है , और अन के उिके काक पगट हो जाये है ा 28 कृतु िे पसहले सकिी का नाय ् कर्ा, को्सक क्ुष अपके स्श के कारर पगट होगाा
अध्य 11 1 बुद् ्ीच क्ुष का सिर ऊ्चा कर ेे यी है , और उिे बडे क्ुषो्के बीच बैठा ेे यी है ा 2 सकिी क्ुष की िुनरया के कारर उिकी पश्िा ् करो; ् ही सकिी क्ुष िे उिके बाहरी सेखासे के सलए रृरा करोा 3 किुककी ककी जैिी छोटी है ; परनु उिका फल कीठे पेाथ् के पिा् है ा 4 अप्े सस और सस पर रकण ् कर्ा, और िमा् के से् अप्े आप को बडाई ् कर्ा; को्सक यहोसा के काक अे् भुय है , और क्ुषो् के बीच के उिके काक गुर है ा 5 बहय िे राजा भूसक पर बैठ गए है ; और सजिके बारे के कभी ्ही् िोचा गया था उि्े याज पह् सलया है ा 6 बहय िे शूरसीरो्की बडी स्ना हई है ; और का््ीय को ेू िरे पुरषो् के हाथ के िौ्प सेया गयाा 7 जब यक यू ित को ् परख ले, यब यक ेोष ् लगा्ा; पसहले िकझ ले्ा, और सफर डा् ट्ाा 81
29 हर एक क्ुष को अप्े रर के ् लाक; को्सक िोखेबाज क्ुष के पाि बहय िी रे सलया् होयी है ा 30 जैिे यीयर को पकडकर बनी के रखा जाया है , सैिा ही असभकास्यो् का क् भी होया है ; और सह जािूि की ्ाई् ये रे पय् पर ्जर रखया है ; 31 को्सक सह राय के लगा रहया है , और भलाई को बुराई के बेल ेे या है , और पश्िा के योग बायो् के यु झ पर ेोष लगाएगाा 32 आग की सच्गारी िे कोयले का ढे र जल उठया है , और पापी क्ुष खू् की आशा करया है ा 33 शरारयी क्ुष िे िासिा् रहो, को्सक सह ेु ृया का काक करया है ; कही् ऐिा ् हो सक सह यु झ पर िेा का कल्क लगा ेे ा 34 परेे शी को अप्े रर के ले आक, और सह यु मे रबराएगा, और यु मारे रर िे स्काल ेे गाा
14 िो जो सकिी पापी के पाि जाए, और उिके िाथ पाप करके अशु् हो, उि पर ेया कौ् करे गा? 15 सह थोडी ेे र यक ये रे ि्ग रहे गा, परनु यसे यू सगर्े लगे, यो रक ् िकेगाा 16 शतु कु्ह िे कीठी बाये बोलया है , परनु अप्े क् के िोचया है , सक यु झे गडहे के कैिे डालेगा; सह आ् खो् िे रोएगा, परनु असिर पाकर खू् िे भी यृ र ् होगाा 17 यसे ससपसत यु झ पर आ पडे , यो यू उिे पसहले सही् पाएगा; और यदसप सह ये री िहायया कर्े का सेखासा करया है , यौभी सह यु झे हास् पह् चाएगाा 18 सह सिर सहलाएगा, और याली बजाएगा, और बहय फुिफुिाएगा, और अप्ा कु्ह बेल लेगाा अध्य 13 1 जो कोई राल छूए सह उिके दारा अशु् ठहरे गा; और जो सकिी रकणी पुरष की ि्गसय करया है , सह उिके िका् हो जाएगाा 2 जब यक यू जीससय है , यब यक अपकी शदय पर बोझ ् डाल्ा; और जो अप्े िे असिक िाकथ् और ि्सा् है , उिके िाथ केलजोल ् रख्ा; को्सक केयली और सकटी का बय् ् एक िाथ कैिे केल खाये है ? को्सक यसे एक ेू िरे पर सार सकया जाए, यो सह टू ट जाएगाा 3 ि्सा् ्े कुसटल काक यो सकया है , यौभी सह िककी ेे या है ; क्गाल पर अनाय होया है , और उिे भी कका का् ग्ी पडयी है ा 4 यसे यू उिके लाभ के सलये हो, यो सह यु झ िे काक लेगा; परनु यसे ये रे पाि कुछ ् हो, यो सह यु झे ताग ेे गाा 5 यसे ये रे पाि कुछ भी हो, यो सह ये रे ि्ग रहे गा; हा् , सह यु झे उजाड ेे गा, और उिके सलये खेे ् करे गाा 6 यसे उिे ये री रटी हो, यो सह यु झे िोखा ेे गा, और यु झ पर कुसुराएगा, और यु झे आशा ेे गा; सह यु झ िे िची बाये कहे गा, और कहे गा, यू का चाहया है ? 7 और सह अप्े भोज् के दारा यु झे लद्य करे गा, यहा् यक सक सह यु झे ेो या यी् बार खी्चकर िुखा ेे गा, और उिके बाे सह यु झे ेे खकर ठटो् के उडाएगा, और यु झे तागकर यु झ पर सिर सहलाएगाा 8 िासिा् रहो, ऐिा ् हो, सक यु क अप्े आ्न के िोखा खा जाक, और उेाि ् हो जाका 9 यसे कोई सीर यु झे बुलाए, यो उिके पाि ् आ्ा, और सह यु झे और भी असिक बुलाएगाा 10 उि पर ेबास ् डाल्ा, कही् ऐिा ् हो सक यु क पीछे हट जाक; ेू र कय खडे रहो, कही् ऐिा ् हो सक यु क भूल जाका 11 और बायो् के उिके यु ल ् ठहर्ा, और उिकी बहय िी बायो्की पयीसय ् कर्ा; को्सक सह बडी बायचीय िे यु झे परखेगा, और यु झ पर कुसुराकर ये रे भेे खोल ेे गाा 12 परनु सह कूरया िे ये री बाये टालेगा, और यु झे हास् पह् चा्ा, और बनीगृह के डलसा्ा ् छोडे गाा 13 ेे खो, और चौकि रहो, को्सक यु क अपके उलट्े के ि्कट के पडे हो; जब यू ्ी्े के जागकर ये बाये िु्या है ा 14 यू जीस् भर यहोसा िे पेक रख, और अप्े उ्ार के सलथे उि िे पाथ््ा करा
अध्य 12 1 जब यू भलाई कर्ा चाहे , यो जा् ले सक सकिकी भलाई करया है ; यो का यू अप्े लाभो् के सलये िनसाे सकया जाएगाा 2 भय ज् का भला करो, यो यु मे उिका पसयफल सकलेगा; और यसे उिकी कर िे ्ही्, यो भी परकपिा् की कर िेा 3 जो िस्ेा बुराई के लगा रहया है , उिका भला ्ही् हो िकया, और जो ेा् ्ही् ेे याा 4 भय ज् को ेा् ेो, और पापी की िहाथया ् करोा 5 जो क्गाल है उिका भला करो, परनु ेु ृ को ् ेो; अप्ी रोटी रोककर रखो, और उिे ् ेो, कही् ऐिा ् हो सक सह यु झ पर हासी हो जाए; ्ही् यो जो कुछ यू ्े सकया है उि िे ेु गु्ी बुराई यु झे सकलेगीा उिके िाथ सकया. 6 को्सक परकपिा् पासपयो् िे बैर रखया है , और ेु ृो् िे पलटा लेगा, और उ्के ेण के कसठ् से् के उ्की रका करया है ा 7 भले को ेा् ेो, और पापी की िहायया ् करोा 8 भलाई के सकत का पसहचा् ्ही् होया, और ससपसत के शतु सछप ्ही् िकयाा 9 क्ुष की भलाई के िकय शतु उेाि होये है , परनु ससपसत के िकय सकत भी चला जाया है ा 10 अप्े शतु पर भरोिा ् कर्ा; को्सक जैिे लोहे को ज्ग लगयी है , सैिे ही उिकी ेु ृया भी ज्ग खा जायी है ा 11 चाहे सह ेी् हो, और झुककर चले, यौभी चौकि रह्ा, और उि िे िासिा् रह्ा, और यू उिके सलये ऐिा ठहरे गा का्ो यू ्े शीशे को पो्छा हो, और यू जा् लेगा सक उिका ज्ग अभी यक सकटा ्ही्ा 12 उिे अप्े पाि ् रख्ा, कही् ऐिा ् हो सक सह यु झे पटककर ये रे सा् पर खडा हो जाए; और ् उिे अप्ी ेासह्ी कर बैठ्े ेे ्ा, कही् ऐिा ् हो सक सह ये रे आि् पर बैठ्े का यर करे , और अन के यु झे केरी बाये सरर आएँ , और उिका फल यु झे भुगय्ा पडे ा 13 सजि िपेरे को िा् प ्े या सकिी ज्गली जा्सर ्े काटा हो उि पर कौ् यरि खाएगा?
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15 हर एक पशु अप्े िका् िे पेक रखया है , और हर एक क्ुष अप्े पडोिी िे पेक रखया है ा 16 िब पारी अप्ी जासय के अ्ुिार केल रखये है , और क्ुष अप्ी जासय के अ्ुिार केल सकलाप रखया है ा 17 भेसडये का केमे िे का केल? यो पापी के िाथ िका् ााा 18 लकडबबे और कुते के बीच का िकझौया है ? और अकीर और गरीब के बीच कैिी शा् सय? 19 जैिे ज्गली गेहा ज्गल के सि्ह का सशकार होया है , सैिे ही ि्सा् क्गालो् को खा जाये है ा 20 जैिे असभका्ी ्मया िे बैर रखये है , सैिे ही ि्सा् क्गाल िे रृरा करये है ा 21 ि्सा् जब सगर्े लगया है , यो उिके सकत उिे पकड लेये है , परनु क्गाल जब सगर्े लगया है , यो उिके सकत उिे फेक ेे ये है ा 22 जब कोई ि्ी क्ुष सगर जाया है , यो उिके बहय िे िहायक होये है ; सह ऐिी बाये बोलया है जो बोल्े के योग ्ही् होयी, यौभी लोग उिे िक् ठहराये है ; क्गाल सफिल गया, यौभी उनो््े उिे डा् टा; सह बुद्का्ी िे बोलया था, और उिे कोई या् ्ही् सकलया थाा 23 जब कोई ि्सा् बोलया है , यो हर एक क्ुष अप्ी जीभ पकड लेया है , और ेे खो, सह जो कहया है , उिकी पश्िा बाेलो् िे करये है ; परनु यसे क्गाल बोलया है , यो कहये है , यह कैिा क्ुष है ? और यसे सह ठोकर खाए, यो से उिे सगरा्े के िहायया करे गेा 24 जो पाप रसहय है , उिे ि् भी अचा लगया है , और भदयही् को ेररदया बुरी लगयी है ा 25 चाहे भले के सलये चाहे बुरे के सलये क्ुष का क् उिके कुख को बेल ेे या है ; और आ्दनय क् िे उिके कुख पर जयजयकार होया है ा 26 पि् कुख उि क् का सचन है जो िुखी है ; और दृा् यो् का पया लगा्ा क् का थका ेे ्े साला काक है ा
10 सह अप्ी रोटी पर बुरी दसृ रखया है , और अप्ी केज पर क्गाल ठहरया है ा 11 हे केरे पुत, अप्ी शदय के अ्ुिार अप्ा कलार कर, और यहोसा को उिका उसचय पिाे ेे ा 12 और सरर रखो, सक कृतु को आ्े के ेे र ् होगी, और कब की साचा यु मे ्ही् सेखाई जाएगीा 13 कर्े िे पसहले अप्े सकत की भलाई कर्ा, और अप्ी िाकथ् के अ्ुिार हाथ बढाकर उिे ेे ्ाा 14 अचे से् का लाभ ् उठा्ा, और शुभ असभलाषा यु झ िे ेू र ् होा 15 का यू अप्ा ेु ःख ेू िरे पर ् छोडे ? और ये रे पररशक का बँटसारा सचटी डाल कर सकया जाए? 16 ेे , और ले, और अप्ा पार पससत कर; को्सक कब के िुसाेु स्ुक् की खोज ्ही् होयीा 17 िब पारी सस के िका् पुरा्े हो गए, को्सक आसे िे यही साचा बानी गई है , सक यू कृतु ही करे गाा 18 जैिे र्े सृक के हरे पतो्के िे कुछ सगरये , और कुछ बढये है ; इिी पकार का् ि और रय की उतसत भी होयी है , एक का अ्य होया है , और ेू िरे का जन होया है ा 19 हर एक काक िडया और ्ाश होया है , और उिका कारीगर ्ाश हो जाया है ा 20 का ही िन सह क्ुष है , जो बुद् िे अची बायो् पर ससचार करया है , और पससत बायो् पर बुद् िे ससचार करया है ा 21 जो उिके चालचल् पर क् के ससचार करया है , सह उिके भेेो् को भी िकझेगाा 22 और ढू ् ढ्ेसाले की ्ाई् उिके पीछे हो लो, और उिके काग् के राय के रहोा 23 जो उिकी दखडसकयो् पर भज् करे गा, सह उिके दारो् पर भी िु्ेगाा 24 और जो उिके रर के पाि सटके सह उिकी शहरप्ाह के खू्टी भी लगाएा 25 सह उिके स्कट अप्ा यमू खडा करे गा, और अचे अचे ररो् के स्साि करे गाा 26 सह अपके लडकेबालो्को उिकी आड के बैठाएगा, और उिकी डासलयो्के यले बिेरा करे गाा 27 सह उिके दारा याप िे सछपा रहे गा, और उिकी कसहका के साि करे गाा
अध्य 14 1 का ही िन सह पुरष है , जो कु्ह िे सफिला ्ही्, और बहय िे पापो् िे ेग ्ही् हआा 2 का ही िन सह है , सजिके सससेक ्े उिे ेोषी ्ही् ठहराया, और जो पभु पर अप्ी आशा िे ्ही् सगराा 3 क्गाल को ि् शोभा ्ही् ेे या; और डाह कर्ेसाला ि् िे का करे ? 4 जो अप्ा पार ठगकर ेू िरो् के सलये बटोरया है , सह अप्ा ि् उपदस िे उडाएगाा 5 जो अप्े पसय बुरा है , सह सकि का भला करे गा? सह अप्े काल िे पि् ्ही् होगा. 6 जो अप्े आप िे ईषा् करया है , उि िे बुरा कोई ्ही्; और यह उिकी ेु ृया का पसयफल है ा 7 और यसे सह भलाई करया है , यो अस्चा िे करया है ; और आसखर के सह अप्ी ेु ृया की रोषरा करे गाा 8 ईषा् लु क्ुष की दसृ बुरी होयी है ; सह अप्ा कु्ह फेर लेया है , और क्ुषो् को यु च जा्या है ा 9 लोभी की आ् ख अप्े भाग िे यृ र ्ही् होयी; और ेु ृ का अिक् उिके पार को िुखा ेे या है ा
अध्य 15 1 जो यहोसा का भय का्या है सह भलाई करे गा, और जो वसया जा्या है सह उिे पार करे गाा 2 और सह काया की ्ाई् उि िे भेट करे गी, और कु्सारी सी की ्ाई् उिे गहर करे गीा 3 सह उिे िकझ की रोटी िे दखलाए, और बुद् का जल सपलाएा 4 सह उि पर सटका रहे गा, और ् हटे गा; और उि पर भरोिा रखेगे, और स्राश ् हो्गेा 5 सह उिको उिके पडोसियो् िे असिक ऊ्चा करे गी, और कणली के बीच के उिका कु्ह खोलेगीा 6 सह आ्न और आ्न का कुकुट पाएगा, और सह उिे िेा का ्ाक ससरािय के ेे गीा 83
7 परनु कूख् उि यक ् पह् च िकेगे , और पापी उिे ् ेे ख िकेगेा 8 को्सक सह रकण िे ेू र है , और झूठे क्ुष उिे सरर ्ही् रख िकये ा 9 पापी के कु्ह के ्ुसय शोभा ्ही् ेे यी, को्सक सह पभु की कर िे उिके पाि ्ही् भेजी गईा 10 को्सक ्ुसय बुद् िे की जाएगी, और यहोसा उिे िुफल करे गाा 11 यह ् कह्ा, सक यहोसा ही के दारा कै भटक गया; को्सक जो काक उि ्े बैर सकया है सह काक यु झे ् कर्ा चासहएा 12 यह ् कह्ा, सक उि ्े कुझ िे भूल कराई है , को्सक उि को उि पापी क्ुष का कुछ पयोज् ्ही्ा 13 यहोसा िब रृसरय स्ुक् िे बैर रखया है ; और जो परकेशर िे डरये है से इिे पेक ्ही् करये ा 14 उि ्े आरम िे क्ुष को आप ही ब्ाया, और उिे अप्ी िमसय के हाथ के छोड सेया; 15 यसे यू चाहे , यो आजाक् का पाल् कर, और गहर योग िचाई का पाल् करा 16 उि ्े ये रे िाम्े आग और जल भडकाया है ; यू जो चाहे अप्ा हाथ बढाा 17 क्ुष के िाम्े जीस् और कृतु है ; और चाहे सह उिके जैिा हो, उिे सेया जाएगाा 18 को्सक यहोसा की बुद् कहा् है , और सह पराककी है , और िब कुछ ेे खया है ; 19 और उिकी दसृ उिके डरसैयो्पर लगी रहयी है , और सह क्ुष का िब काक जा्या है ा 20 उि ्े सकिी को बुराई कर्े की आजा ्ही् ेी, और ् सकिी को पाप कर्े की आजा ेीा
10 और ् से छ: लाख पाेे , जो अप्े क् की कठोरया के कारर इकटे हए थेा 11 और यसे पजा के कोई हठीला हो, यो सह स्े्ष बच जाए, यह आयय् की बाय है ; को्सक ेया और कोि उि के है ; सह कका कर्े और अपि्या पकट कर्े के शदयशाली है ा 12 जैिी उिकी कररा बडी है , सैिी ही उिकी याड्ा भी बडी है ; सह क्ुष का नाय उिके काको् के अ्ुिार करया है 13 पापी अप्ा ि् लूटकर ् बचेगा; और भय का िीरज टू टे गा ्ही्ा 14 हर एक ेया के काक के सलये काग् ब्ाक, को्सक हर एक क्ुष अप्े अप्े काको् के अ्ुिार फल पाएगाा 15 यहोसा ्े सफरौ् को ऐिा कठोर कर सेया, सक सह उिे ् पहचा् िके, और उिके पराकक के काक जगय पर पगट हो जाए् ा 16 उिकी कररा िब पासरयो् पर पगट है ; और उि ्े हठ करके अप्ा उसजयाला अदनयारे िे अलग सकया है ा 17 यू यह ् कह्ा, सक कै यहोसा िे सछपू्गा; का कोई ऊपर िे कुझे सरर करे गा? इय्े िारे लोगो् के बीच कुझे याे ्ही् सकया जाएगा: को्सक इय्े अ््य पासरयो् के बीच केरी आाा का है ? 18 ेे खो, जब सह िुसि लेगा, यो आकाश, और आकाश, और गसहरा ेे श, और पृयसी, सर् जो कुछ उि के है , िब सहल जाए् गेा 19 जब यहोसा उ् पर दसृ करया है , यब पहाड और पृयसी की ्ेसे थरथरा उठयी है ा 20 कोई इ् बायो् पर क् िे ससचार ्ही् कर िकया; और कौ् उिके चालचल् का ससचार कर िकया है ? 21 सह आँ िी है , सजिे कोई ्ही् ेे ख िकया; को्सक उिके असिका् श काक गुर है ा 22 कौ् अप्े नाय के काको् का सर्् कर िकया है ? या उने कौ् िह िकया है ? को्सक उिकी साचा ेू र है , और िब स्ुक् के परख्े का अन अन के है ा 23 जो िकझ ्ही् चाहया, सह वथ् बायो् पर ससचार करया है ; और कूख् क्ुष कूख्या की कल्ा करया है ा 24 हे केरे पुत, केरी िु्, और जा् िीख, और केरी बाये अप्े क् के सरर रखा 25 कै उपेे श ठीक-ठीक बयाऊ्गा, और उिका जा् ठीकठीक बयाऊ्गाा 26 यहोसा के काक आरम िे ही नाय की रीसय िे होये है ; और जब िे उि ्े उ्को ब्ाया, यब िे उिी ्े उ्को अलग कर सेयाा 27 उि ्े अपके काक िेा के सलथे ब्ाए रखे, और पीढी पीढी के काको्के कुय उिके हाथ के रहे ; से ् पररशक करये , ् थकये, और ् अपके काको्िे हटये ा 28 उ् के िे कोई ेू िरे को ्ही् रोकया, और से उिके सच् का उल्र् कभी ् करे गेा 29 इिके बाे यहोसा ्े पृयसी पर दसृ की, और उिे अप्ी आशीषो् िे भर सेयाा 30 उि ्े िब पकार के जीससय पासरयो्िे उिको ढा् प सेया है ; और से सफर उिके लौट आए् गेा
अध्य 16 1 बहय िे स्कमे बालको् की इचा ् करो, और ् ेु ृ पुतो् िे पि् रहोा 2 चाहे से बहय बढे , यौभी उ् िे आ्न ् कर्ा, यसे यहोसा का भय उ् के ् रहे ा 3 उ्के पार पर भरोिा ् रख्ा, और ् उ्की भीड का आेर कर्ा; को्सक िक् हजार िे उतक है ; और सब्ा िना् के कर्ा उ् ेु ृो् के हो्े िे भला है ा 4 को्सक िकझसाले िे ्गर बिाया जाएगा; परनु ेु ृो्के कुल शीघ उजाड हो जाए् गेा 5 ऐिी बहय िी बाये कै ्े अप्ी आ् खो् िे ेे खी, और इ् िे भी बडी बाये अप्े का्ो् िे िु्ी है ा 6 भदयही्ो् की कणली के आग जलाई जाएगी; और बलसा कर्ेसाली जासय के कोि भडक उठया है ा 7 सह उ् बूढो् के पसय शान ् हआ, जो अप्ी कूख्या के बल पर सगर गएा 8 और उि ्े उि सा् को भी ् छोडा जहा् लूय परेे श रहा करया था, सर् उ्के रकण के कारर उि ्े उ् िे रृरा कीा 9 और उि ्े उ् ्ाश लोगो्पर ेया ् की, जो अपके पापो्के फ्िे हए थे ;
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अध्य 17
23 इिके बाे सह उठकर उ्को बेला ेे गा, और उ्का बेला उनी् के सिर पर डालेगाा 24 परनु जो क् सफराये थे , उ्को उि ्े लौटा सेया, और जो िीरज िे चूक गए, उ्को शादन ेीा 25 पभु के पाि लौट आक, और अप्े पापो् को ताग ेो, उिके िाम्े पाथ््ा करो, और कक अपका् करोा 26 सफर परकपिा् की कर सफरो, और अिक् िे ेू र रहो; को्सक सह यु मे अदनयारे िे स्कालकर च्गाई की जोसय की कर ले जाएगा, और रृसरय काक िे अतन बैर करे गाा 27 जो जीससय और िनसाे करये है , उ् के बेले कब के परकपिा् की ्ुसय कौ् करे गा? 28 िनसाे करे हक् के िे सैिे ही ्ाश होया है , जैिे सकिी गैर के िे; जीसये और सय क् के िे यहोसा की ्ुसय होगीा 29 हकारे परकेशर यहोसा की कररा, और जो पससत होकर उिकी कर सफरये है उ् पर उिकी कररा का ही कहा् है ! 30 को्सक िब स्ुए् क्ुषो्के ्ही् हो िकयी्, को्सक क्ुष का पुत अकर ्ही्ा 31 िूय् िे असिक चककीला का है ? यौभी उिकी जोसय बुझ जायी है ; और का् ि और लोह बुराई की कल्ा करे गेा 32 सह आकाश की ऊ्चाई की शदय को ेे खया है ; और िभी क्ुष सकटी और राख कात है ा
1 यहोसा ्े क्ुष को पृयसी पर उत् सकया, और उिे सफर उिी के बेल सेयाा 2 और उि ्े उ्को थोडे से् और थोडे ही िकय, और उि के की स्ुकप ् र असिकार भी सेयाा 3 उि ्े उ्को आप ही िे िाकथ् ेे कर यै यार सकया, और अप्े सरप के अ्ुिार ब्ायाा 4 और िब पासरयो् पर क्ुष का भय उत् सकया, और उिे पशुक् और पसकयो् पर पभुया ेीा 5 उने पभु के पा् च काय् का उपयोग पार हआ, और छठे या् पर उनो््े उने िकझ पेा् की, और िायसे भाषर के, उ्के ससचार का वायाकारा 6 उि ्े उ्को युदय, और जीभ, और आ् खे, और का्, और हेय सेया, और से िकझ गएा 7 और उि ्े उने िकझ की पसहचा् िे पररपूर् सकया, और उने भले और बुरे का जा् सेयाा 8 उि ्े उ्के क्ो्पर दसृ की, सक उने अपके काको्की बडाई पगट करे ा 9 उि ्े उ्को अप्े आयय्कक्के कारर िस्ेा के सलथे कसहका ेी, सक से उिके काको्को िकझ िे पगट करे ा 10 और चु्े हए लोग उिके पससत ्ाक की ्ुसय करे गेा 11 इिके अलासा उि ्े उने जा् और जीस् की वसया भी ससरािय के ेीा 12 उि ्े उ् िे िेा की साचा बानी, और अप्े स्यक उने सेखाएा 13 उ्की आ् खो् ्े उिका ये ज ेे खा, और उ्के का्ो् ्े उिका ये ज शब िु्ाा 14 और उि ्े उ् िे कहा, िब अिक् िे िासिा् रहो; और उि ्े हर एक क्ुष को उिके पडोिी के ससषय के आजा ेीा 15 उ्की गसय उिके िाम्े िेै स ब्ी रहयी है , और उि िे सछपी ् रहे गीा 16 हर एक क्ुष बचप् िे ही बुराई कर्े को सेया जाया है ; ् ही से अप्े सलए पतर के या् पर का् िल हेय ब्ा िकेा 17 को्सक उि ्े िारी पृयसी की जासययो्को बा् टकर िब लोगो्के ऊपर एक िरेार ठहराया; परनु इसाएल यहोसा का भाग है : 18 सजि को सह पसहलौठा होकर याड्ा िे पालया है , और अपके पेक की जोसय ेे कर उिे ् यजया है ा 19 इि कारर उ्के िब काक उिके िाम्े िूय् के िका् है , और उिकी दसृ उ्के चालचल् पर स्रनर लगी रहयी है ा 20 उ् का कोई अिक् का काक उि िे सछपा ्ही्, सर् उ्के िब पाप यहोसा के िाम्े सछपे है 21 परनु यहोसा ्े ेयालु होकर और उिकी कारीगरी को जा्कर ् यो उने छोडा, और ् तागा, परनु उ्को बचा सलयाा 22 क्ुष का ेा् उिके पाि एक कुहर के िका् है , और सह क्ुष के अचे काको् को आ् ख की पुयली के िका् रखेगा, और अप्े बेटे-बेसटयो् को क् सफरास ेे गाा
अध्य 18 1 सह जो िस्ेा जीससय है , उिी ्े िाकानयः िब स्ुक् की िृसृ की है ा 2 यहोसा ही िक् है , उिके सिसा कोई ेू िरा ्ही्; 3 जो अप्े हाथ िे जगय पर पभुया करया है , और िब स्ुए् उिकी इचा के अ्ुिार चलयी है ; को्सक सह िब का राजा है , और अपके िाकय् िे पससत स्ुकक ् ो अपससत िे अलग कर ेे या है ा 4 उि ्े अप्े काको्को पगट कर्े का असिकार सकिे सेया है ? और उिके ्ेक काको् का पया कौ् लगाएगा? 5 उिकी कसहका का बल कौ् सग्ेगा? और उिकी कररा का सर्् कौ् करे गा? 6 यहोसा के आयय्कक्के िे कुछ भी छी्ा ्ही् जा िकया, ् कुछ लगाया जा िकया है , और ् उ्का कुछ पया लगाया जा िकया है ा 7 जब क्ुष काक कर चुका, यब आरम करया है ; और जब सह स्कले, यब िने ह करे ा 8 क्ुष का है , और सह सकिकी िेसा करया है ? उिकी अचाई का है और बुराई का है ? 9 क्ुष के से्ो् की सग्यी असिक िे असिक िौ सष् की होयी है ा 10 िकुद के जल की बू्े के िका्, और बालू के यु ल बजरी के िका् है ; अ््य काल के से्ो् के िका् एक हजार सष् भी है ा 11 इिसलथे परकेशर उ् पर िीरज रखया है , और उ् पर अप्ी कररा करया है ा 12 उि ्े ेे खा, और जा् सलया, सक उ्का अन बुरा होगा; इिसलए उि्े अप्ी कररा को कई गु्ा बढा सेयाा
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अध्य 19
13 क्ुष की कररा अप्े पडोिी पर होयी है ; परनु यहोसा की कररा िब पासरयो् पर है ; सह चरसाहे के िका् अप्े झुण को डाँ टया, और पालया, और सिखाया, और लौटा लाया है ा 14 सह उ् पर ेया करया है जो याड्ा पाये है , और उिके स्यको् के पाल् के लग् िे लगे रहये है ा 15 हे केरे पुत, अप्े भले काको्के ेोष ् लगा्ा, और ् कुछ ेे ये िकय असपय बाये कह्ाा 16 का कि गक् को कक ् कर ेे गी? इिसलए एक शब उपहार िे बेहयर है ा 17 ेे खो, का सच् ेा् िे उतक ्ही्? लेसक् ेो्ो् एक ेयालु वदय के िाथ है ा 18 कूख् सढठाई िे उलाह्ा ेे या है , और ईषा् लु का ेा् आ् खो् को सबगाड ेे या है ा 19 बोल्े िे पसहले िीखो, और शारीररक पररशक करो, ्ही् यो कभी बीकार पडोगेा 20 नाय िे पसहले अप्े आप को जा् च, और ेण के से् यु झ पर ेया होगीा 21 बीकार हो्े िे पसहले अप्े आप को ्म ब्ाक, और पाप के िकय क् सफराका 22 अप्ी क्य को िकय पर पूरा कर्े के कोई बािा ् डाले, और कृतु यक िक् ठहर्ा ् टालेा 23 पाथ््ा कर्े िे पसहले अप्े आप को यै यार करो; और ऐिे ् ब्ो जो पभु की परीका करया होा 24 अन के उि कोि और पलटा ले्े के िकय पर िोचो, जब सह अप्ा कुख फेर लेगाा 25 जब ये रे पाि बहय हो जाए, यो भूख के िकय को सरर कर; और जब यू ि्ी हो जाए, यो क्गाली और क्गाली को सरर करा 26 भोर िे िा् झ यक िकय बेलया रहया है , और िब काक यहोसा के िाम्े शीघ हो जाये है ा 27 बुद्का् क्ुष हर बाय के डरया रहे गा, और पाप कर्े के से् अपराि कर्े िे िासिा् रहे गा; परनु कूख् िकय का धा् ्ही् रखयाा 28 हर एक िकझेार क्ुष बुद् जा्या है , और सजि्े उिे पाया है उिकी पश्िा करे गाा 29 जो बाये िकझ्े के स्पुर थे , से आप ही बुद्का् हो गए, और उतक दृान कह्े लगेा 30 अप्ी असभलाषाक् के पीछे ् चलो, परनु अप्ी लालिाक् िे बचे रहोा 31 यसे यू अपके क् को सह असभलाषाए् ेे सजि िे सह पि् होयी है , यो सह ये रे शतुकक ् े िाम्े जो यु झे बे्ाक करये है , यु झे ह् िी का पात ब्ाएगीा 32 असिक आ्न िे पि् ् हो्ा, और ् उिके वय के बने रह्ाा 33 और जब ये रे बटु ए के कुछ ् हो, यब भोज करके उिार लेकर क्गाल ् ब्ो, को्सक यू अपके पार के सलथे राय के लगेगा, और वथ् के यु झे िोखा सकलेगाा
1 जो पररशकी पुरष ्शे के चूर हो, सह ि्ी ् हो िकेगा; और जो छोटी बायो् का क् करया है , सह बहय ही कक और बहय ही कक सगरया है ा 2 ेाखकिु और दसया् िकझेार पुरषो्को भृ कर ेे गी; और जो वसभचारी हो जाएगा, सह ढीठ हो जाएगाा 3. कीडो्और कीडो्िे उिका भाग हो जाएगा, और िाहिी क्ुष छी् सलया जाएगाा 4 जो शेय ेे ्े के उयासली करया है , सह हलका है ; और जो पाप करे गा सह अप्े ही पार का अपराि करे गाा 5 जो ेु ृया िे पि् होया है , सह ेोषी ठहरया है ; परनु जो िुख िे पि् होया है , सह अप्े जीस् का याज जीयया है ा 6 जो अप्ी जीभ पर पभुया कर िकया है , सह सब्ा झगडे के जीससय रहे गा; और जो बक-बक िे बैर रखया है उिकी बुराई कक होगीा 7 जो बाय यु झ िे कही गई है , उिे ेू िरे को ् िु्ा्ा, ्ही् यो ये रा कुछ बुरा ् होगाा 8 चाहे सह सकत िे हो चाहे शतु िे, पराये क्ुषो् के पारो् की चचा् ् कर्ा; और यसे यू सब्ा अपराि कर िके, यो उने पगट ् करा 9 को्सक उि ्े ये री बाय िु्ी और का्ी, और िकय आ्े पर यु झ िे बैर करे गाा 10 यसे यू ्े कोई बाय िु्ी हो, यो सह ये रे िाय ही कर जाए; और िाहिी ब्ो, यह यु मे ्ही् फटे गाा 11 कूढ बाय के सलथे जचा की ्ाई् कृ िहया है ा 12 जैिे यीर क्ुष की जा् र के चुभया है , सैिे ही सच् कूख् के पेट के चुभया है ा 13 सकत को सचया्ा, िमस है उि ्े ऐिा ् सकया हो, और यसे सकया हो, यो सफर ऐिा ् करे ा 14 अप्े सकत को सचया्ा, कही् ऐिा ् हो सक उि ्े यह ् कहा हो, और यसे कह सेया हो, यो सफर ऐिा ् कह्ाा 15 सकत को सचयाक, को्सक बहय बार यो सह स्ना ही ठहरयी है , और हर एक कथा की पयीसय ् करोा 16 ऐिा कोई है जो बोल्े के यो सफिलया है , परनु क् के िे ्ही्; और कौ् है जो अप्ी जीभ िे कोि ् पहँ चाया हो? 17 अप्े पडोिी को िकका्े िे पसहले उिे िकझा; और कोि ् करके परकपिा् की वसया को का््ाा 18 यहोसा का भय का््ा उिके गहरयोग हो्े का पसहला केक है , और बुद् िे उिका पेक पार होया है ा 19 यहोसा की आजाक् का जा् जीस् की सशका है : और जो उिे पि् कर्े साले काक करये है , से अकरया के सृक का फल पाए् गेा 20 यहोसा का भय का््ा ही िारी बुद् है ; और िारी बुद् के वसया का पाल्, और उिकी िस्शदयकता का जा् है ा 21 यसे कोई ेाि अप्े साकी िे कहे , जो यु झे अचा लगे कै ् कर ् गा; हालाँ सक बाे के सह ऐिा करया है , सह उिे कोसिय करया है जो उिका पोषर करया है ा 22 ेु ृया का जा् बुद् ्ही्, और ् पासपयो् की युदय बुद्का्ी है ा 23 सहा् ेु ृया यो है , और रृसरय काक भी है ; और कूख् बुद् की चाह रखया है ा 86
24 जो अल िकझ रखया और परकेशर का भय का्या है , सह उि िे जो बहय बुद् रखया है और परकपिा् की वसया का उल्र् करया है , उतक है ा 25 सहा् असय िूय्या है , और अिक् भी है ; और एक है जो नाय पगट कर्े के सलये कुड जाया है ; और एक बुद्का् क्ुष है जो नाय के िक् ठहरया है ा 26 एक ेु ृ क्ुष है , जो उेाि होकर सिर झुकाए रहया है ; परनु भीयर सह छल िे भरा है , 27 और अप्ा कु्ह ्ीचे झुकाकर ऐिा करे गा, का्ो उि ्े कुछ िु्ा ही ्ही्; जहा् सह ्ही् जा्या, सहा् सह ये रे जा्े िे पसहले यु झे हास् पह् चाएगाा 28 और यसे सह बल की रटी के कारर पाप कर्े िे रोके, यौभी असिर पाकर बुराई कर्े लगेा 29 और जब यू सकिी िे सकले, यो उिके रप िे, और िकझेार उिके कुख िे पसहचा् हो िकया है ा 30 क्ुष की सेशभूषा, और असय ह् िी, और चाल-ढाल िे पगट होया है , सक सह कैिा है ा
15 सह ेे या यो थोडा, और उलाह्ा बहय ेे या है ; सह सचला्ेसाले की ्ाई् अप्ा कु्ह खोलया है ; आज यो सह उिार ेे या है , और कल सफर का् गेगा; ऐिे क्ुष िे परकेशर और क्ुष ेो्ो् बैर करये है ा 16 कूख् कहया है , केरा कोई सकत ्ही्, कै अप्े िब भले काको् के सलथे िनसाे ्ही् करया, और जो केरी रोटी खाये है , से केरी स्ना करये है ा 17 सकय्ी बार, और सकय्े लोग उिका उपहाि करे गे! को्सक सह ठीक िे ्ही् जा्या सक उिके पाि का है ; और यह िब उिके सलए एक है जैिे सक उिके पाि यह था ही ्ही्ा 18 फुटपाथ पर सफिल्ा जीभ िे सफिल्े िे भला है ; इि पकार ेु ृो् का पय् शीघ हो जाया है ा 19 स्बु्द् क्ुष के कु्ह के बेकौिकी कथा िेै स लगी रहयी है ा 20 बुद्का् साक कूख् के कु्ह िे स्कल्े पर स्कमा ठहरया है ; को्सक सह उसचय िकय पर यह बाय ् कहे गाा 21 कोई है जो रटी के कारर पाप कर्े िे रकया है , और जब सह ससशाक करया है , यो रबराया ्ही्ा 22 सह लद्य होकर अप्ा पार ्ाश करया है , और क्ुषो् का गहर करके अप्े आप को सगरा ेे या है ा 23 सह लद्य होकर अप्े सकत िे पसयजा करया, और िेयकेय उिे अप्ा शतु ब्ा लेया है ा 24 झूठ क्ुष के सलये कल्क है , यौभी सह अ्पढ लोगो् के कु्ह के स्रनर ब्ा रहया है ा 25 चोर उि क्ुष िे उतक है जो झूठ बोल्े का आेी है ; परनु उ् ेो्ो् का भाग सस्ाश होगाा 26 झूठ बोल्ेसाले का सभास अ्ाेर का होया है , और उिकी ल्ा िेा ब्ी रहयी है ा 27 बुद्का् क्ुष अप्ी बायो् िे अप्ा आेर बढाया है , और जो िकझ रखया है सह बडे क्ुषो् को पि् करया है ा 28 जो अप्ी भूसक जोयया है , सह अप्ा ढे र बढाएगा; और जो बडे पुरषो्को पि् करया है , उिका अिक् झका सकया जाएगाा 29 और भेटे बुद्का् की आ् खे अनी कर ेे यी है , और उिका कु्ह ऐिा बन कर ेे यी है , सक सह उिे डा् ट ्ही् िकयाा 30 बुद् जो सछपी रहयी है , और ि् जो सछपा रखा जाया है , उ् ेो्ो् िे का लाभ? 31 जो अप्ी कूख्या सछपा रखया है , सह उि क्ुष िे जो अप्ी बुद् सछपा रखया है , उतक है ा 32 पभु की खोज के आसशक िैय् उि वदय िे बेहयर है जो सब्ा काग्ेश्क के अप्ा जीस् वयीय करया है ा
अध्य 20 1 एक डा् ट है जो शोभा ्ही् ेे यी; सफर कोई अप्ी जीभ सश के रखया है , और सह बुद्का् है ा 2 सछपकर कोि कर्े िे उलाह्ा ेे ्ा कही् उतक है ; और जो अप्ा अपराि का् लेया है , सह हास् िे बचा रहया है ा 3 जब यु झे डा् टा जाए, यो क् सफरा्ा का ही अचा है ! को्सक इि पकार यू जा्बूझकर सकए गए पाप िे बच जाएगाा 4 जैिे खोजे की इचा होयी है सक सह कु्सारी कना का अ्ाेर करे ; सैिा ही सह है जो सह् िा िे नाय करया है ा 5 जो चुप रहया है , सह बुद्का् पाया जाया है , और कोई बहय बक-बक करके असपय हो जाया है ा 6 कोई अप्ी जीभ को इिसलये बनक रखया है , सक उिे उतर ेे ्ा ्ही् ब्या, और कोई अप्ा िकय जा्कर चुप रहया है ा 7 बुद्का् असिर ेे ख्े यक अप्ी जीभ पर लगाक लगाया है , परनु बकसाेी और कूख् िकय की कुछ परसाह ्ही् करयाा 8 जो बहय बाये बोलया है , उि िे रृरा की जाएगी; और जो उि पर असिकार अप्ाएगा, उि िे बैर सकया जाएगाा 9 एक पापी है , जो बुरे काको् के भी िफल होया है ; और ऐिा लाभ होया है जो हास् के बेल जाया है ा 10 ऐिा ेा् है सजि िे यु झे कुछ लाभ ् होगा; और एक उपहार है सजिका बेला ेोगु्ा है ा 11 कसहका के कारर अपका् होया है ; और सहाँ सह है जो ्ीची दयसय िे अप्ा सिर उठाया है ा 12 कोई थोडे िे बहय कोल कोल लेया, और िाय गुरा पलट ेे या है ा 13 बुद्का् अप्ी बायो् िे अप्ा सपय ब्ा लेया है , परनु कूढो्पर अ्ुगह पगट होया है ा 14 जब कूख् का ेा् ये रे पाि हो, यब उि िे यु झे कुछ लाभ ् होगा; ् यो ईषा् लु को अप्ी आसशकया के कारर, को्सक सह एक के बेले बहय कुछ पा्ा चाहया है ा
अध्य 21 1 हे केरे पुत, का यू ्े पाप सकया है ? अब ऐिा ् करो, परनु अप्े सपछले पापो् के सलये कका का् गोा 2 िा् प के िाम्े िे पाप िे भागो; को्सक यसे यू उिके स्कट जाएगा, यो सह यु झे डिेगा; उिके ेा् य सि्ह के ेा् य के िका् है , जो क्ुष के पारो् को कार डालये है ा
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3 िब अिक् ेोिारी यलसार के िका् है , सजिके रास अचे ्ही् होये ा 4 भयभीय कर्े और कुकक् कर्े िे ि् ्ृ हो जाएगा; इि पकार असभकास्यो् का रर उजाड हो जाएगाा 5 क्गाल के कु्ह िे स्कली हई पाथ््ा परकेशर के का् यक पह् चयी है , और उिका नाय यु रन होया है ा 6 जो उलाह्े िे बैर रखया है , सह पासपयो् के काग् पर है ; परनु जो यहोसा का भय का्या है , सह क् िे क् सफराया है ा 7 साकटु क्ुष ेू र ेू र यक जा्ा जाया है ; परनु िकझेार क्ुष जा्या है , सक कब सफिलया है ा 8 जो पराये ि् िे अप्ा रर ब्ाया है , सह उि के िका् है जो अपकी कब के सलथे पतर बटोरया है ा 9 ेु ृो् की कणली बँिी हई रसी के िका् है ; और उ्का अन उ्को ्ाश कर्े के सलये आग की ्ाला के िका् है ा 10 पासपयो् का काग् पतरो् िे ब्ा है , परनु उिके अन के ्रक का गडहा है ा 11 जो यहोसा की वसया पर चलया है , सह उिकी िकझ पार करया है ; और यहोसा का भय सि्या िे का््े िे बुद् सकलयी है ा 12 जो बुद्का् ्ही् है , सह सिखाया ्ही् जाया; परनु बुद् यो ऐिी है , जो कडसाहट बढायी है ा 13 बुद्का् क्ुष का जा् बाढ की ्ाई् बढया है , और उिकी युदय जीस् के स्क्ल िोये के िका् होयी है ा 14 कूढ की अ्यसडयाँ टू टे हए बय् ् के िका् होयी है , और जब यक सह जीससय रहे , यब यक उिे कुछ जा् ् होगाा 15 यसे कोई कुशल क्ुष कोई बुद्का् बाय िु्या है , यो उिे िराहया है , और उिे बढा ेे या है ; परनु जब कोई िकझ ्ही् रखया, यो सह उिे अपि् करया है , और उिे पीठ पीछे फेक ेे या है ा 16 कूख् की बाये काग् के बोझ के िका् होयी है , परनु बुद्का् के कु्ह िे अ्ुगह स्कलया है ा 17 से कणली के बुद्का् क्ुष िे पूछये है , और उिके सच्ो् पर अप्े क् के ससचार करये है ा 18 जैिे रर ्ाश हो जाया है , सैिा ही कूढ को बुद् सकलयी है ; और स्बु्द् का जा् स्बु्द् बाये के िका् होया है ा 19 कूढो्के सलथे सशका पासो्की बेसडयाँ , और ेसह्े हाथ की हथकडी के िका् है ा 20 कूख् ऊ्चे शब िे ह् िया है ; परनु बुद्का् क्ुष थोडा िा भी कुसुरा ्ही् पायाा 21 बुद्का् क्ुष के सलये ससदा िो्े के आभूषर, और ेासह्ी बा् ह के क्ग् के िका् है ा 22 कूढ क्ुष अप्े पडोिी के रर के शीघ पसेश करया है , परनु अ्ुभसी क्ुष उि िे लद्य होया है ा 23 कूख् रर के दार पर िे झाँ कया है , परनु जो अची रीसय िे पाला पोिा जाया है सह बाहर खडा रहे गाा 24 दार पर िु््ा क्ुष की असशृया है ; परनु बुद्का् अपका् िे ेु ःखी होया है ा 25 बकसाेी यो ऐिी बाये बोलये है जो उ् िे काक ् लेयी्, परनु िकझ सालो् की बाये यराजू के यौली जायी है ा 26 कूख् का क् उ्के कु्ह के रहया है , परनु बुद्का् का कु्ह उ्के क् के रहया है ा
27 जब भदयही् शैया् को शाप ेे या है , यो सह अप्े पार को भी शाप ेे या है ा 28 का्ाफूिी कर्ेसाला अपके पार को अशु् करया है , और जहा् कही् सह रहया है सहा् उि िे बैर सकया जाया है ा अध्य 22 1 आलिी क्ुष सर्ौ्े पतर के िका् ठहरया है , और िब लोग उिकी स्ना करये है ा 2 आलिी क्ुष की यु ल्ा गोबर के कूडाेा् िे की जायी है ; जो कोई उिे उठाया है सह अप्ा हाथ का् पया है ा 3 ेु ृ क्ुष अप्े जनेाया सपया का अ्ाेर करया है , और उिके ्ाश के कूख् बेटी उत् होयी है ा 4 बुद्का् बेटी अपके पसय के सलथे भाग ले आयी है ; परनु जो कपट िे चलयी है , सह अप्े सपया के सलथे भारी होयी है ा 5 जो स्भ्क है , सह अप्े सपया और पसय ेो्ो्का अ्ाेर करयी है , सर् से ेो्ो् उिे यु च जा्ये है ा 6 सब्ा िकय की कहा्ी शोक के िकय के ि्गीय के िका् है ; परनु कार और बुद् की याड्ा कभी भी िकय िे बाहर ्ही् होयीा 7 जो कूख् को सशका ेे या है , सह ठीकरे के टु कडे जोड्े साले के िका्, और गहरी ्ी्े िे जगा्े साले के िका् है ा 8 जो कूख् िे कथा कहया है , सह िोये हए िे बाये करया है ; जब सह अप्ी कथा िु्ा चुका, यो कहे गा, का बाय है ? 9 यसे बचे ईका्ेारी िे रहे , और उ्के पाि िाि् हो्, यो से अप्े काया-सपया की ्ीचया को सछपा लेगेा 10 परनु बचे रकण करके, सयरसार और पाल्-पोषर की ककी के कारर अप्े कुल की कुली्या पर कल्क लगाये है ा 11 करे हक् के सलथे रोक, को्सक उि ्े जोसय खो ेी है ; और कूख् के सलथे रोक, को्सक सह िकझ्ा चाहया है ; करे हक् के सलथे थोडा रोक, को्सक सह ससशाक पा गया है ; परनु कूढ का जीस् यो कृतु िे भी बेयर है ा 12 क्ुष उि करे हए के सलथे िाय से् यक ससलाप करये है ; परनु कूख् और भदयही् क्ुष के सलथे जीस् भरा 13 कूख् िे असिक बाये ् कर्ा, और ्ािकझ के पाि जा्ा; पागलप् िे वाकुल. 14 िीिे िे भारी का है ? और उिका का ्ाक है , परनु कूख्? 15 रे य, और ्कक, और लोहे का ढे र, स्बु्द् क्ुष िे िह्ा आिा् है ा 16 जैिे भस् के लकडी का रेरा सहला्े िे ्ही् छूटया, सैिे ही क् जो िमसय िे दढ होया है , सह कभी ्ही् डरयाा 17 िकझ के ससचार पर दयर हआ हेय गैलरी की ेीसार पर की गई सचक्ी सकटी के िका् है ा 18 ऊँचे या् पर खडे हए लोग सायु के िाम्े सटक ् िकेगे ; सैिे ही कूख् की कल्ा के भी भयभीय क् सकिी भय के िाम्े सटक ्ही् िकयाा 19 जो आ् ख के चुभाया है , सह आ् िू बहाया है ; और जो हेय के चुभाया है , सह जा् पगट करया है ा 20 जो पसकयो् को पतर कारया है , सह उने उडा ेे या है ; और जो अप्े सकत को डा् टया है , सह सकतया योड ेे या है ा 21 चाहे यू ्े अपके सकत पर यलसार खी्ची हो, यौभी स्राश ् हो, को्सक उपकार का बेला असश सकलेगाा 88
22 यसे यू ्े अप्े सकत के ससर् कु्ह खोला है , यो कय डर; को्सक केल-सकलाप हो िकया है : केसल स््ेा, या असभका्, या भेे पकट कर्ा, या ससशािरायी रास को छोडकर: को्सक इनी् बायो् के कारर हर एक सकत ससेा हो जाएगाा 23 अप्े पडोिी के क्गालप् के उिके पसय ससशाियोग रहो, सजि िे यू उिकी िकृद् िे आ्दनय हो; उिके ि्कट के िकय उिके िाथ दयर रहो, सजि िे यू उिके स्ज भाग के उिके ि्ग साररि हो; को्सक यु च िमसत का िेै स सयरसार ्ही् सकया जायाा : ् ही सह अकीर जो पश्िा के लायक कूख् है ा 24 जैिे भटी का िुआ् और िुआ् आग के आगे आगे बढया है ; खू् िे पहले इय्ी स्ना. 25 कै सकत का बचास कर्े के लद्य ् होऊ्गा; ् कै अप्े आप को उि िे सछपाऊ्गाा 26 और यसे उिके दारा कुझ पर कोई ससपसत पडे , यो िब िु््ेसाले उि िे िासिा् हो जाए् ा 27 कौ् केरे कु्ह के िाम्े पहरा बैठाएगा, और केरे होठो् पर बुद् की कुहर लगाएगा, ऐिा ् हो सक कै उ्के दारा अचा्क सगर पडू्, और केरी जीभ कुझे ्ृ ् कर ेे ?
12 एक सच् है जो कृतु िे सछपा है ; परकेशर करे , सक सह याकूब के स्ज भाग के ् पाए; को्सक ऐिी िब बाये भदय िे ेू र रहे गी, और से अप्े पापो् के डूबे ् रहे गेा 13 अपके कु्ह िे शपथ ् खा्ा, को्सक उि के पाप का सच् है ा 14 जब यू बडे पुरषो्के बीच के बैठे, यो अप्े सपया और अप्ी काया को सरर रख्ाा उ्के िाम्े भूल ् जा्ा, और इि रीसय िे यू अप्ी रीसय के अ्ुिार कूख् ब् जाएगा, और चाहया है सक यू जन ही ् लेया, और से ये रे जन के से् को कोिये है ा 15 जो क्ुष स्ना की बायो् का आेी है , सह जीस् भर कभी ् िुिरे गाा 16 ेो पकार के क्ुष पाप बढाये है , और यीिरा कोि लाया है ; कोिी क् जलयी हई आग के िका् है , सह यब यक ्ही् बुझयी जब यक सह भस ् हो जाए; वसभचारी अप्े शरीर के यब यक ्ही् रकया जब यक सह आग ् लगा ेे ा आगा 17 वसभचारी को िब रोटी कीठी लगयी है , सह कर्े यक ्ही् छोडयाा 18 जो पुरष सससाह योडया है , सह अप्े क् के यो् कहया है , कौ् कुझे ेे खया है ? कै चारो् कर अदनयारे िे सररा हआ ह् , और ेीसारे कुझे ढँ क लेयी है , और कोई कुझे ्ही् ेे खया; कुझे डर्े की का जररय है ? परकपिा् केरे पापो् को सरर ् रखेगा; 19 ऐिा क्ुष यो केसल क्ुषो्की दसृ िे डरया है , और ्ही् जा्या, सक यहोसा की आ् खे िूय् िे ेि हजार गु्ी असिक ये ज है , जो क्ुषो्की िब चाल-चल् पर दसृ रखयी, और गूढ बायो्पर दसृ रखयी है ा 20 जब िब स्ुए् िृजी गई् यब िे सह उने जा्या था; इिी पकार उ्के पूर् हो जा्े के बाे भी उि्े उ् िब पर दसृ डालीा 21 उि क्ुष को ्गर के चौको्के ेण सेया जाएगा, और जहा् सह ् िोचे सहा् ले जाया जाएगाा 22 जो परी अप्े पसय को छोडकर ेू िरे िे साररि लायी हो, उिका भी यही हाल होगाा 23 को्सक पसहले यो उि ्े परकपिा् की वसया का उल्र् सकया है ; और ेू िरी बाय, उि ्े अप्े ही पसय के ससर् अपराि सकया है ; और यीिरी बाय, उि ्े वसभचार करके सेशा का काक सकया, और ेू िरे पुरष िे बचे उत् सकएा 24 सह क्डली के बाहर लाई जाएगी, और उिके लडकेबालो् िे पूछयाछ की जाएगीा 25 उिके लडके-बाले जड ् पकड िकेगे, और उिकी डासलया् फल ् उपजेगीा 26 सह अप्ी सृसय को शासपय हो्े के सलथे छोडे रहे गी, और उिकी ्ाकिराई सकट ् जाएगीा 27 और जो बचे रहे गे से जा् लेगे सक पभु के भय िे बढकर कुछ भी अचा ्ही् है , और पभु की आजाक् पर धा् ेे ्े िे बढकर कुछ भी अचा ्ही् है ा 28 पभु के पीछे चल्ा बडी कसहका है , और उि िे गहर कर्ा ेीरा् यु है ा
अध्य 23 1 हे पभु, हे सपया, और केरे िारे जीस् के हासकक, कुझे उ्की युदययो् के अ्ुिार ् छोड, और ् कै उ् के फ्ि जाऊ्ा 2 कौ् केरे ससचारो् पर कोडे डालेगा, और केरे हेय पर बुद् की याड्ा डालेगा? सक से केरी अजा्या के कारर कुझे ् छोडे , और यह केरे पापो् के कारर ् होा 3 ऐिा ् हो सक केरी अजा्या बढयी जाए, और केरे पाप बढये जाए् और कै ्ाश हो जाऊ्, और कै अप्े दोसहयो् के आगे सगर पडू्, और केरा शतु कुझ पर आ्न करे , और उिकी आशा ये री कररा िे ेू र रहे ा 4 हे पभु, हे सपया, और केरे पार के परकेशर, कुझ पर रकण ् कर, परनु अप्े ेािो्के क् िे रकण को िेा ेू र रखा 5 वथ् आशाए् और असभलाषाए् कुझ िे ेू र कर ेो, और जो यु मारी िेसा कर्ा चाहया है , उिे थाके रहोा 6 पेट का लालच और शरीर की असभलाषा कुझ पर हासी ् हो; और अप्े ेाि को केरे सश के करके उिका असभका् ् करा 7 हे बालको, कु्ह की सशका िु्ो; जो कोई उिे का्या है , सह कभी कु्ह के ् लेगाा 8 पापी अप्ी कूढया के बचा रहे गा, और बुरा बोल्ेसाला और रकणी ेो्ो् सगरे गेा 9 अपके कु्ह को शपथ खा्े का आेी ् ब्ा; ् यो पससत का ्ाक ले्े के अप्े आप को लगाका 10 को्सक जो ेाि लगायार पीटा जाया है , सह स्े्ष ्ही् ठहरया; सैिे ही जो लगायार शपथ खाया और परकेशर का ्ाक लेया है , सह स्े्ष ्ही् ठहरयाा 11 जो क्ुष बहय असिक शपथ खाया है , सह अिक् िे भर जाया है , और उिके रर िे वासि कभी ेू र ् होयी; यसे सह वथ् शपथ खाए, यो स्े्ष ् ठहरे गा, परनु उिका रर ससपसत िे भर जाएगाा
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अध्य 24
23 ये िब बाये परकपिा् परकेशर की साचा की पु्क है , अया् य् सह वसया जो कूिा ्े याकूब की कणली के सलये स्ज भाग हो्े के सलथे ेी थीा 24 पभु के बलसन हो्े िे रबराक कय; सक सह यु मे दढ कर िके, उि िे सलपटे रहो; को्सक िस्शदयका् यहोसा ही एककात परकेशर है , और उिके सिसा कोई ेू िरा उ्ारकया् ्ही्ा 25 सह िब स्ुक् को अप्ी बुद् िे भर ेे या है , जैिे सफि्, सा ेजला, ्ये फल के िकया 26 उि ्े पराय के िका्, और कट्ी के िकय यरे् के िका् बढ्े की िकझ ेी है ा 27 सह जा् की सशका को जोसय के िका्, और पाची् काल के सजयो् के िका् पगट करया है ा 28 पसहला पुरष उिे भलीभा् सय ् जा्या था, और सपछला पुरष उिे सफर ् जा् िकेगाा 29 को्सक उिके ससचार िकुद िे भी असिक ग्भीर है , और उिकी युदययाँ गसहरे िागर िे भी गहरी है ा 30 कै भी ्ेी िे ्ाले की ्ाई्, और बारी की ्ाली की ्ाई् स्कला ह् ा 31 कै ्े कहा, कै अप्ी उतक बारी को िी्चू्गा, और अप्ी कारी को बहयायय िे िी्चू्गा; और ेे खो, केरी ्ेी ्ेी ब् गई, और केरी ्ेी िकुद ब् गईा 32 कै सफर उपेे श को भोर के िका् चककाऊ्गा, और उिका पकाश ेू र यक फैलाऊ्गाा 33 कै सफर भी उपेे श को भससषदारी की ्ाई् उ् डेलू्गा, और िस्ेा के सलये िस्ेा के सलये छोड ेू ् गाा 34 ेे ख, कै ्े केसल अप्े सलये ही ्ही्, परनु उ् िब के सलये भी पररशक सकया है जो बुद् के खोजी है ा
1 बुद् अप्ी पश्िा करे गी, और अप्ी पजा के बीच के रकण करे गीा 2 सह परकपिा् की िभा के अप्ा कु्ह खोलकर उिकी शदय के िाम्े जयजयकार करे गीा 3 कै परकपिा् के कुख िे स्कला, और बाेल के िका् पृयसी पर छा गयाा 4 कै ऊ्चे या्ो् पर साि करया ह् , और केरी राजगदी िु्िले खमे के है ा 5 कै अकेला ही आकाश की पररकका करके गसहरे जल की यलहटी के चला गयाा 6 िकुद की लहरो् के, और िारी पृयसी पर, और िब लोगो्और जासय के कै ्े असिकार कर सलयाा 7 इ् िब िे कै ्े ससशाक ढू ् ढा, और सकि के स्ज भाग के ब्ा रह् ? 8 इिसलये िब स्ुकक ् े िृज्हार ्े कुझे आजा ेी, और केरे रचसयया ्े केरे स्साि को दयर करके कहा, ये रा स्साि याकूब के और ये रा स्ज भाग इसाएल के रहे ा 9 उि ्े कुझे आसे िे जगय के िाम्े उत् सकया, और कै कभी अिफल ् होऊ्गाा 10 कै पससत यमू के उिके िाम्े िेसा करया था; और इि पकार कै िाय् के यासपय हो गयाा 11 इिी रीसय िे उि ्े कुझे सपय ्गर के ससशक सेया, और यरशलेक के केरा असिकार हआा 12 और कै ्े यहोसा के स्ज भाग के भाग के भी पसयसतय जासय के जड पकड लीा 13 कै सलबा्ुि के ेे सेार के िका्, और हे क्् के पहाडो् पर के ि्ौसर के िका् कहा् हआा 14 कै ए्गदी के खजूर के सृक के िका्, और यरीहो के गुलाब के पौिे के िका्, सा क्भास् कैेा् के िुनर जैयू् के सृक के िका्, और जल के सक्ारे िकयल सृक के िका् बडा हआा 15 कै ्े ेालची्ी और असालायु ि का िा िुखेायक िुगन पाया, और उतक गनरि का िा, और गलबा्क का, और गोकेे का, और कीठे भणार का, और यमू के के लोबा् के िूए् का िा क्भास् िुगन पायाा 16 कै ्े अप्ी डासलया् यारपी् के सृक की ्ाई् फैलाई्, और केरी डासलया् आेर और अ्ुगह की शाखाए् है ा 17 जैिे ेाखलया ्े िुखेायक िुगन उत् की, सैिे ही केरे फूल कसहका और ि् के फल है ा 18 कै स्षक पेक, और भय, और जा्, और पससत आशा की ज््ी ह् : इिसलथे कै अ्न होकर अपके िब पुतो्को जो उिके ्ाक िे बुलाए गए है , िौ्प ेी गई ह् ा 19 हे िब केरे चाह्ेसालो, केरे पाि आक, और केरे फलो् िे यृ र हो जाका 20 को्सक केरा सरर किु िे, और केरा स्ज भाग किु के छते िे भी कीठा है ा 21 जो कुझे खाये है से सफर भी भूखे रहे गे, और जो कुझे पीये है से सफर भी पािे रहे गेा 22 जो केरी आजा का्या है , सह कभी लद्य ् होगा, और जो केरी कर िे काक करये है , उ्का कुछ अ्थ् ् होगाा
अध्य 25 1 यी् बायो् िे कै िुशोसभय हआ, और परकेशर और क्ुषो् ेो्ो् के िाम्े िु्ेर होकर खडा हआ: भाइयो् की एकया, पडोसियो् का पेक, एक पुरष और एक परी जो एक ेू िरे िे िहकय हो्ा 2 केरा क् यी् पकार के क्ुषो् िे बैर रखया है , और कै उ्के जीस् के कारर अतन रृसरय ह् , एक क्गाल जो रकणी है , एक ि्ी क्ुष जो झूठ बोलया है , और एक बूढा वसभचारी जो वसभचारी है ा 3 जब यू ्े अप्ी जसा्ी के कुछ भी ् बटोरा, यो अप्ी उम के को्कर कुछ पा िकेगा? 4 हे पके बालो्के सलये नाय, और पाची् क्ुषो्के सलये युदय जा््ा का ही िुनर बाय है ! 5 पुरस्यो्की बुद् का ही शोभायका् है , और पसयसतय क्ुषो्की िकझ और युदय का ही शोभायका् है ! 6 बहय अ्ुभस बूढो् का कुकुट है , और परकेशर का भय का््ा उ्की कसहका है ा 7 ्ौ बाये है जो कै ्े अप्े क् के ठा् ली है , सक आ्दनय रह् , और ेिसी् कै अप्ी जीभ िे कह् गा, अथा् य जो पुरष अप्े लडकेबालो्के कारर आ्न रखया है ; और सह जो अप्े शतु का पय् ेे ख्े के सलये जीससय है :
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8 सह भला ही है , जो िकझेार सी के िाथ रहया हो, और उिकी जीभ ् सफिली हो, और ् अप्े िे असिक अयोग पुरष की िेसा की होा 9 भला सह है , सजि्े सससेक पाया है , और जो िु््ेसालो्को िु्ाया है ; 10 हे बुद् पा्ेसाला का ही कहा् है ! यौभी जो यहोसा का भय का्या हो, उि िे बढकर कोई ्ही्ा 11 परनु पभु का पेक िब स्ुक् को पकाश ेे या है ; जो उिे िारर करया है , उिकी यु ल्ा सकि िे की जाएगी? 12 यहोसा का भय का््ा उिके पेक का आरम है ; और ससशाि उि के सलपटे रह्े का आरम है ा 13 कुझे क् की बुराई छोड, िब पकार की ससपसत ेे ; और सी की बुराई छोड, िब पकार की ेु ृया कुझे ेे ; 14 और हर पकार का केश, परनु केरे बैररयो्की कर िे केश, और हर पकार का पलटा, परनु शतुक् का पलटाा 15 िा् प के सिर के ऊपर कोई सिर ्ही्; और शतु के कोि िे बढकर कोई कोि ्ही् है ा 16 कुझे ेु ृ सी के िाथ रर रख्े की अपेका सि्ह और अजगर के िाथ रह्ा अचा लगया है ा 17 सी की ेु ृया उिके चेहरे को बेल ेे यी है , और उिका कुख टाट की ्ाई् अ्िकारकय कर ेे यी है ा 18 उिका पसय अपके पडोसियो्के बीच बैठा रहे ; और जब सह िु्ेगा यो बुरी यरह आह भरे गाा 19 सी की ेु ृया के िाम्े िब ेु ृयाए् छोटी है ; पापी का भाग उिे भी सकलेा 20 जैिे बूढो् के पा् सो्के सलये रे यीली राह पर चढ्ा िुखेायक होया है , सैिे ही शान पुरष के सलये बाये बोल्ेसाली परी भी िुखेायी होयी है ा 21 सकिी सी की िुनरया पर ठोकर ् खाक, और िुख के सलये उिका असभलाषा ् करोा 22 जो सी अप्े पसय की िेसा करयी है , सह कोि, स्ल््या, और बहय स्ना िे भरी रहयी है ा 23 ेु ृ सी का िाहि रट जाया है , उिका कुख उेाि हो जाया है , और उिका क् रायल हो जाया है ; जो सी ि्कट के अप्े पसय को शादन ् ेे यी, उिके हाथ ढीले और रुट्े ढीले हो जाये है ा 24 सी िे पाप का आरम हआ, और हक िब उिी के दारा करये है ा 25 जल को काग् ् ेे ; ् ही सकिी ेु ृ सी को ससेे श के गाली ेे ्े की आजाेीा 26 और यसे सह उि ् चले जैिा यू चाहया था, यो उिे अप्े शरीर िे अलग कर ेे ्ा, और तागपत ेे कर उिे छोड ेे ्ाा
4 चाहे क्ुष ि्ी हो चाहे स्ि््, यसे उिका क् यहोसा की कर भला हो, यो सह िस्ेा पि् कुख िे पि् रहे गाा 5 यी् बायो् िे केरा क् डरया है ; और चौथे िे कै बहय डर गया: ्गर की स्ना, उपदसी भीड का जकासडा, और झूठा ेोषारोपर: ये िब कृतु िे भी बेयर है ा 6 परनु जो सी पराई सी के कारर डाह रखयी है , सह क् और शोक के िका् है , और जो जीभ िब िे बोलयी है , सह कोडे का कारर है ा 7 ेु ृ परी इिर उिर सहलाए हए जूए के िका् होयी है ; जो उिे पकड लेया है सह का्ो सबचू को पकड लेया है ा 8 जो सी सपयकड और वसभचारररी सी है , सह बडे कोि का कारर ब्यी है , और अप्ी ल्ा को सछपा ् पायीा 9 सी का वसभचार उिके रकणी रप और पलको् िे पगट हो जाया है ा 10 यसे ये री बेटी स्ल्् हो, यो उिे रोककर रख्ा, ऐिा ् हो सक सह असिक सय् तया के कारर अप्े आप को अपससत ठहराएा 11 स्ल्् आ् ख िे िासिा् रहो; और यसे सह यु झ िे ससशािराय करे , यो अचमा ् कर्ाा 12 सह पािे याती के िका् अप्ा कु्ह खोलकर िोया पाकर उिके पाि का िब जल पी लेगी; सह िब बाडो् के पाि बैठ जाएगी, और िब यीरो् के िाम्े अप्ा यरकश खोल ेे गीा 13 परी के अ्ुगह िे उिका पसय पि् होया है , और उिके सससेक िे उिकी हस्या् कजबूय होयी है ा 14 चुप रह्ेसाली और पेककयी सी यहोसा का ेा् है ; और अची यरह िे पसशसकय सेकाग िे असिक कूलसा् कुछ भी ्ही् है ा 15 लद्य और ससशाियोग सी ेोहरी कृपा है , और उिके दढ क् का कूल ्ही् आ् का जा िकयाा 16 जैिे िूय् ऊ्चे आकाश पर उेय होया है ; एक अची परी की िु्ेरया उिके रर की वसया के भी होयी है ा 17 जैिे पससत ेीसट पर स्क्ल उसजयाला चककया है ; बढयी उम के चेहरे की खूबिूरयी भी ऐिी ही होयी है ा 18 जैिे िो्े के खमे चानी की कुसि्यो् पर ब्े होये है ; ऐिे ही दयर हेय साले गोरे पैर है ा 19 हे केरे पुत, अपके युग के फूल की रका कर; और अप्ी शदय परेे सशयो् को ् ेोा 20 जब यु झे िारे खेय के उपजाऊ भूसक सकल जाए, यो अप्े खेय की उपज पर भरोिा रखये हए उिे अप्े ही बीज के िाथ बो्ाा 21 इि पकार ये रा स्श, सजिे यू छोडे गा, अप्े अचे स्श का स्यय पाकर बडा होगाा 22 सेशा यु च िकझी जाएगी; परनु सससासहय सी अप्े पसय के सलये कृतु के ससर् की्ार है ा 23 ेु ृ सी ेु ृ पुरष को ेी जायी है , परनु भय सी यहोसा के भय का््ेसाले को ेी जायी है ा 24 बेईका् सी ल्ा की परसाह करयी है , परनु िीिी सी अप्े पसय का आेर करयी है ा 25 स्ल्् सी कुते के िका् सग्ी जाएगी; परनु जो लद्य होगी सह यहोसा का भय का्ेगीा
अध्य 26 1 िन है सह पुरष, सजिकी परी गुरी हो, को्सक उिके से् ेू ्े हो्गेा 2 पससत सी अप्े पसय को आ्दनय करयी है , और सह अप्े जीस् के िभी सष् शादन िे पूरे करे गाा 3 अची परी अचा भाग है , सह यहोसा के डरसैयो् को सेया जाएगाा
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26 जो सी अप्े पसय का आेर करे गी, सह िब के बुद्का् िकझी जाएगी; परनु जो अप्े असभका् के कारर उिका अ्ाेर करे गी, सह िब के िे अभय िकझी जाएगीा 27 और शतुक् को भगा्े के सलये ऊ्चे शब िे रो्ेसाली और डाँ ट्ेसाली सी ढू ् ढी जाएगीा 28 ेो बाये है जो केरे क् को ेु ःख पह् चायी है ; और यीिरा कुझे कोसिय करया है : एक यो्ा जो गरीबी िे पीसडय है ; और िकझेार पुरष जो सकिी िे ब्िे हए ्ही्; और सह जो िक् िे पाप की कर लौटया है ; यहोसा ऐिे को यलसार के सलये यै यार करया है ा 29 वापारी कुसटल काक कर्े िे अप्े आप को रोक ्ही् पाया; और वसभचारी पाप िे कुय ् होगाा
19 जैिे कोई पकी को अप्े हाथ िे छोड ेे या है , सैिा ही यू भी अप्े पडोिी को जा्े ेे , और सफर उिे ् पकडे गाा 20 सफर उिके पीछे ् चल्ा, को्सक सह बहय ेू र है ; सह जाल िे छूटे हए सहर् के िका् है ा 21 और रास बना हआ हो; और गाली ेे ्े के बाे केल हो िकया है ; परनु जो भेे खोल ेे या है , सह आशाही् हो जाया है ा 22 जो आ् खे सेखाया है , सह बुराई करया है ; और जो उिे जा्या है , सह उि िे ेू र हो जाया है ा 23 जब यू उपदयय होगा, यब सह कीठी बाये बोलेगा, और ये री बाये िराहे गा; परनु अन के सह कु्ह सचढाएगा, और ये री बाये स्ना करे गाा 24 कै ्े बहय िी स्ुक् िे बैर यो सकया, परनु उिके यु ल सकिी िे बैर ्ही् सकया; को्सक यहोसा उि िे बैर रखेगाा 25 जो कोई ऊ्चे पर पतर फेकया है , सह उिे अप्े ही सिर पर कारया है ; और कपट का पहार रास कर ेे गाा 26 जो गडहा खोेे सह उि के सगरे गा; और जो जाल सबछाए सह उिके फ्ि जाएगाा 27 जो उपदस करे गा, सह उिी पर सगरे गा, और सह ् जा् िकेगा सक सह कहा् िे आया है ा 28 उपहाि और स्ना यो असभकास्यो्को होयी है ; परनु पसयशोि सि्ह के िका् उ्की राय के बैठा रहे गाा 29 जो िक् के सगर्े िे आ्न करये है , से फ्ेे के फ्िेगे; और कर्े िे पहले पीडा उने खा कर ेे गीा 30 बैर और कोि ये भी रृसरय काक है ; और पापी क्ुष उ् ेो्ो्को पा लेगाा
अध्य 27 1 बहयो् ्े छोटी िी बाय के सलये पाप सकया है ; और जो बहयायय का असभलाषी है सह अप्ी आ् खे फेर लेगाा 2 जैिे कील पतरो् के जोड के दढया िे सचपकयी है ; यो खरीे्े और बेच्े के बीच के पाप ब्ा रहया है ा 3 यसे कोई क्ुष यहोसा का भय का्ये हए अप्े आप को दढ ् रखे, यो उिका रर शीघ ही ्ृ हो जाएगाा 4 जैिे कोई छल्ी िे छा््े पर कूडा रह जाया है ; यो उिकी बायो् के आेकी की ग्ेगी. 5 भटी कुमार के बय् ्ो् को परखयी है ; इिसलए क्ुष का परीकर उिके यक् के है ा 6 फल पगट करया है , सक सृक यै यार हो गया है ; क्ुष के हेय के अह् कार का उचारर भी ऐिा ही है ा 7 जब यक यू सकिी की बाये ् िु्े, यब यक उिकी पश्िा ् कर्ा; को्सक यही क्ुषो् की परीका है ा 8 यसे यू िक् पर चले , यो उिे पार करके, कसहकाकय लमे सस के िका् पसह्ाएगाा 9 पकी अपके यु ल हो जाए् गे ; यो का ित उ् लोगो् के पाि लौट आएगा जो उिके अभाि करये है ा 10 जैिे सि्ह अहे र की राय के बैठा रहया है ; जो लोग अिक् का काक करये है , से पाप करये है ा 11 भय ज् की बायचीय िस्ेा बुद् िे युय होयी है ; परनु कूख् चनका के िका् बेल जाया है ा 12 यसे यू असससेसकयो् के िे हो, यो िकय का धा् रख्ा; परनु िेै स िकझेार क्ुषो् के बीच के रहोा 13 कूढो्की बायचीय रृसरय होयी है , और उ्का खेल अिक् की पचणया िे होया है ा 14 जो असिक शपथ खाया है , उिकी बाय िे रो्गटे खडे हो जाये है ; और उ्के झगडो् िे क्ुष के का् ब्े हो जाये है ा 15 असभकास्यो्का झगडा खू्-खराबा है , और उ्की स्ना िु््े को ेु :खेायी होयी है ा 16 जो भेे खोलया है , सह अप्ा शेय खो ेे या है ; और उिे अप्े क् का सकत कभी ्ही् सकलेगाा 17 अप्े सकत िे पेक रख, और उिके पसय ससशाियोग रह; परनु यसे यू उिके भेेो् को पकड ले, यो सफर उिके पीछे ् होा 18 को्सक जैिे क्ुष ्े अप्े शतु को ्ाश सकया हो; यो का यू ्े अप्े पडोिी का पेक खो सेया?
अध्य 28 1 जो पलटा लेगा सह यहोसा िे पलटा पाएगा, और अप्े पापो् को स्यय सरर रखेगाा 2 यू अप्े पडोिी का अपराि कका कर, और यू पाथ््ा करे गा, सैिे ही ये रे पाप भी कका सकए जाए् गेा 3 एक क्ुष ेू िरे िे बैर रखया है , और का सह यहोसा िे कका चाहया है ? 4 सह अप्े यु ल क्ुष पर ेया ्ही् करया; और का सह अप्े पापो् की कका का् गया है ? 5 यसे सह जो शारीररक है , बैर पालया है , यो कौ् अप्े पापो् की कका के सलये सब्यी करे गा? 6 अप्े अन की िुसि ले , और बैर छोड ेे ; भृाचार और कृतु को सरर रखो, और आजाक् के ब्े रहोा 7 आजाक् को सरर रखो, और अप्े पडोिी िे दे ष ् करो; परकपिा् की साचा को सरर रखो, और अजा् पर आ् ख फेरोा 8 झगड्े िे बचे रहो, यो अप्े पापो्को रटाक; को्सक कोि कर्ेसाला क्ुष कलह भडकाएगा, 9 पापी क्ुष सकतो्को वाकुल कर ेे या है , और केल रख्ेसालो्के बीच सससाे कराया है ा 10 जैिी आग होयी है , सैिी ही सह जलायी है ; और जैिा क्ुष का बल होया है , सैिा ही उिका कोि भी होया है ; और उिके ि् के अ्ुिार उिका कोि भडकया है ; और सजय्े असिक से झगडये है , से उय्ा ही असिक भडक उठे गेा 92
11 उयासली के झगडे िे आग भडकयी है , और उयासली के झगडे िे खू् बहया है ा 12 यसे यू सच्गारी फू्के, यो सह जल जाएगी; यसे यू उि पर थूके, यो सह बुझ जाएगी; और ये ेो्ो् बाये ये रे कु्ह िे स्कलयी है ा 13 का्ाफूिी कर्ेसाले और ेोकु्ही बोल्ेसाले को शाप ेो; को्सक ऐिे ्े बहयो्को जो केल रखये थे ्ाश सकया है ा 14 चुगली कर्ेसाली जीभ ्े बहयो्को वाकुल कर सेया है , और उने एक जासय िे ेू िरी जासय के खेे ड सेया है ; उि ्े दढ ्गरो्को ढा सेया, और बडे क्ुषो्के ररो्को ढा सेया है ा 15 चुगली कर्ेसाली जीभ ्े भली दसयो्को स्काल सेया, और उ्का पररशक छी् सलया है ा 16 जो कोई इिकी िु्ेगा, सह केासप चै् ् पाएगा, और ् चै् पाएगाा 17 कोडे की कार िे शरीर के रास हो जाये है , परनु जीभ की कार िे हस्या् टू ट जायी है ा 18 बहय िे लोग यलसार िे कारे गए, परनु सजय्े जीभ िे कारे गए, उय्े ्ही्ा 19 भला ही सह है जो उिके ससष िे बचास करया है ; सजि पर ् यो जूआ खी्चा गया है और ् सह ब्ि्ो् के ब्िा है ा 20 को्सक उिका जूआ लोहे का ब्ा है , और उिकी पसटया् पीयल की पसटया् है ा 21 उिकी कृतु बुरी कृतु है , कब उि िे अची है ा 22 सह परकेशर के डरसैयो्पर पभुया ् करे गा, और से उिकी आग के ् जलाए जाए् गेा 23 जो यहोसा को ताग ेे ये है , से उि के सगरे गे; और सह उ् के जलयी रहे गी, और बुझेगी ्ही्; सह सि्ह के िका् उ् पर भेजा जाएगा, और चीये के िका् उ्को स्गल जाएगाा 24 ेे ख, यू अपकी स्ज भूसक को का् टो्िे रेरया है , और अपके िो्े चानी को बानया है ; 25 और अप्े सच् यराजू के यौल्ा, और अप्े कु्ह के सलथे दार और बेडा ब्ा्ाा 26 िासिा् रहो, उि िे सफिल्ा ्ही्, ऐिा ् हो सक राय लगा्ेसाले के िाम्े सगर पडोा
6 यसे सह पबल हो, यो आिा भी उिे कसठ्या िे सकलेगा, और सह ऐिा िकझेगा का्ो उिे सकल गया; यसे ्ही्, यो उिका ि् छी् सलया गया, और अकारर उिका शतु हो गया; सह उिे शाप ेे या और शाप ेे या है ा रे सल्ग; और आेर के बेले सह उिे अपका् ेे गाा 7 इिसलये बहयो््े ठगे जा्े के भय िे ेू िरे क्ुषो् की बुराई के कारर उिार ेे ्े िे इनार कर सेया है ा 8 यौभी यू क्गाल पुरष के ससषय के िीरज रख्ा, और उि पर ेया कर्े के ससलम ् कर्ाा 9 आजा के स्सकत क्गाल की िहायया करो, और उिकी क्गाली के कारर उि िे कु्ह ् कोडोा 10 अप्े भाई सा सकत के सलये अप्ा रपया खो ेो, और सह पतर के ्ीचे ज्ग खाकर ्ृ ् हो जाएा 11 परकपिा् की आजा के अ्ुिार अप्ा ि् इकटा करो, और सह यु झे िो्े िे भी असिक लाभ पह् चाएगाा 12 सभका को अप्े भणारो् के बन रखो, और सह यु मे िब पकार की ससपसतयो् िे छु डाएगाा 13 सह ये री कर िे ये रे शतुक् िे बलसन ढाल और बलसन भाले िे भी उतक लडे गाा 14 ईका्ेार क्ुष अप्े पडोिी का जका्येार होया है , परनु जो स्ल्् होया है , सह उिे छोड ेे या है ा 15 अप्े जका्येार की सकतया ् भूल्ा, को्सक उि ्े ये रे सलये अप्ा पार ेे सेया है ा 16 पापी अप्े जका्येार की अची ि्पसत को ्ृ कर ेे गा; 17 और जो कृयघ क् का है , सह अप्े छु डा्ेसाले को ि्कट के छोड ेे गाा 18 स्यय ्े बहयो् की अची िमसत ्ृ कर ेी है , और उने िकुद की लहर की ्ाई् सहला सेया है ; उि ्े िाकसथ्यो्को उ्के ररो्िे स्काल सेया है , और से परेे शी जासययो्के भटकये सफरये है ा 19 जो ेु ृ क्ुष यहोसा की आजाक् का उल्र् करया है , सह जका्य के जाल के फ्िया है ; और जो लाभ के सलये ेू िरे का वापार करया है , सह कुकदके के फ्िेगाा 20 अप्ी शदय के अ्ुिार अप्े पडोिी की िहायया करो, और िासिा् रहो, सक यु क भी उिी के ् पडोा 21 जीस् के सलये कुय स्ु जल, और रोटी, और सस, और ल्ा को सछपा्े के सलये कका् है ा 22 क्गाल का जीस् पराई रर के रह्े िे, पराई झोपडी के िुख िे उतक है ा 23 चाहे थोडा हो, चाहे असिक हो, िनुृ रहे , ऐिा ् हो सक यू अप्े ररा्े की ्ाकिराई िु्ेा 24 को्सक रर रर सफर्ा ेु :ख है ; को्सक जहा् यू परेे शी होया है सहा् कु्ह खोल्े का िाहि ्ही् करयाा 25 यू ितार और जेस्ार यो करे गा, परनु िनसाे ् करे गा, और कडसी बाये िु्ेगाा 26 हे परेे शी, आकर केज िजा, और जो कुछ यू ्े यै यार सकया है उिके िे कुझे दखलाा 27 हे परेे शी, सकिी पसयसतय पुरष को या् ेे ; केरा भाई रह्े के सलये आया है , और कुझे अप्े रर की आसशकया है ा 28 ये बाये िकझसाले को ेु ःखेायी होयी है ; गृहगृह की स्ना, और ऋरेाया की स्नाा
अध्य 29 1 जो ेयालु है सह अप्े पडोिी को उिार ेे गा; और जो अप्े हाथ को दढ करया है , सह आजाक् को का्या है ा 2 अप्े पडोिी को उिकी आसशकया के िकय उिार ेे ्ा, और िकय पर अप्े पडोिी को सफर चुका्ाा 3 अप्ा सच् का्, और उिके िाथ िचाई िे बया् स कर, और जो स्ु ये रे सलये आसशक हो सह यु झे िस्ेा सकलयी रहे गीा 4 और बहयो्को जो स्ु उिार ेी गई, उि ्े िकझ सलया, सक सह सकल गई है , और सजि ्े उ् की िहायया की या, उिी को ि्कट के डालाा 5 जब यक सह गहर ् कर ले , यब यक सह पुरष का हाथ चूकेगा; और अप्े पडोिी के ि् के सलये सह ्मया िे बाये करे गा; परनु जब उिे बेला चुका्ा होगा, यब सह िकय बढा ेे गा, और ेु ःख की बाये कहे गा, और िकय के ससषय के सशकायय करे गाा 93
अध्य 30
24 डाह और कोि िे जीस् छोटा होया है , और िासिा्ी िकय िे पसहले बुढापा लायी है ा 25 जो पि् और भला क्साला है , सह अप्े भोज् और आहार की सचना करे गाा
1 जो अप्े बेटे िे कुहबय रखया है , सह उिे बार-बार छडी का एहिाि कराया है , यासक आसखर के सह उििे खुश होा 2 जो अप्े बेटे को याड्ा ेे गा, सह उि िे आ्न करे गा, और अप्े जा्-पहचा्सालो् के बीच उि िे आ्न करे गाा 3 जो अप्े बेटे को सशका ेे या है , सह शतु को ेु ःखी करया है , और सकतो् के िाम्े उिके कारर आ्दनय होया है ा 4 चाहे उिका सपया कर जाए, यौभी सह का्ो ्ही् करा; को्सक सह अप्े पीछे अप्े यु ल एक को छोड गया है ा 5 जब यक सह जीससय रहा, यब यक उिे ेे खया रहा, और उि िे आ्न करया रहा; और जब सह कर गया, यो उिे शोक ् हआा 6 और सह अपके शतुकक ् ा पलटा ले्ेसाला और सकतो्पर ेयालुया कर्ेसाला अप्े पीछे छोड गयाा 7 जो अप्े बेटे िे असिक अनाय करे सह उिके रासो् पर पसटया् बाने ; और उिकी अनसडयाँ हर पुकार पर वाकुल हो उठे गीा 8 जो रोडा ् टू टा हो, सह हठी हो जाया है ; और जो बचा छोड सेया जाए, सह हठीला हो जाया है ा 9 अप्े लडके को काठ कारो, और सह यु मे डरा ेे गा; उिके िाथ खेलो, और सह यु मे उेाि कर ेे गाा 10 उिके िाथ कय ह् िो, ऐिा ् हो सक यु मे उि िे ेु ःख हो, और अन के यु क ेा् य पीि्ाा 11 उिकी जसा्ी के उिे सय् तया ् ेो, और उिकी कूख्याक् पर आ् ख ् फेरोा 12 जब सह जसा् हो, यब उिकी गे् ् झुका ेे ्ा, और जब सह बालक हो, यब उिे पटक्ा, ऐिा ् हो सक सह हठ करके ये री आजा ् का्े, और ये रे क् को ेु ःख पह् चाएा 13 अप्े बेटे को याड्ा ेे , और उि िे पररशक करा, ऐिा ् हो सक उिके बुरे वसहार िे यु झे ठे ि लगेा 14 क्गाल शारीररक रप िे ेु :खी हो्ेसाले ि्सा् िे, जो शारीररक रप िे सय और बलसन हो, उतक है ा 15 य् ेुर्ी और शरीर की भलाई िब िो्े िे बढकर है , और बलसन शरीर अ्न ि् िे बढकर है ा 16 सय शरीर िे बढकर कोई ि् ्ही्, और क् के आ्न िे बढकर कोई आ्न ्ही्ा 17 कडसे जीस् या लगायार बीकारी िे कृतु बेहयर है ा 18 बन कु्ह पर जो सासेृ भोज् डाला जाया है , सह कब पर रखे हए का् ि के लोथडे के िका् है ा 19 कूरय पर चढाए हए चढासे िे का लाभ? को्सक सह ् यो खा िकया है और ् िू्र िकया है : जो पभु िे ियाया जाया है , सही ऐिा है ा 20 सह अप्ी आ् खो् िे ेे खया है और कराहया है , जैिे कोई खोजा सकिी कु्सारी को गले लगाकर आह भरया है ा 21 अप्े क् को भारीप् पर ् छोडो, और अप्ी ही युदय के अप्े आप को कृ ् ेोा 22 क् का आ्न क्ुष का जीस् है , और क्ुष के आ्न िे उिकी आयु बढयी है ा 23 अप्े पार िे पेक रख, और अप्े क् को शादन ेे ; ेु :ख को अप्े िे ेू र कर; को्सक ेु :ख ्े बहयो्को कार डाला है , और उि िे कुछ लाभ ्ही्ा
अध्य 31 1 ि् की सचना शरीर को भस कर ेे यी है , और उिकी सचना िे ्ी्े उड जायी है ा 2 जागये रह्े िे क्ुष को ्ी्े ्ही् आयी, जैिे भय्कर रोग िे ्ी्े टू ट जायी है ा 3 ि्सा् को ि् इकटा कर्े के बडा पररशक कर्ा पडया है ; और जब सह ससशाक करया है , यो अप्ी कोकल स्ुक् िे भर जाया है ा 4 क्गाल अप्ी क्गाली के पररशक करया है ; और जब सह चला जाया है , यब भी सह ेररद होया है ा 5 जो िो्े िे पीसय रखया है , सह स्े्ष ठहरे गा; और जो िो्े िे पीसय रखया है , सह बहय पा चुका होगाा 6 िो्ा बहयो् का ्ाश हआ है , और उ्का ्ाश असश हआ है ा 7 सह उिके बसलेा् कर्ेसालो्के सलथे ठोकर का कारर है , और िब कूख् उिी िे पकडे जाए् गेा 8 का ही िन सह ि्सा् है जो स्षल्क पाया जाया है , और िो्े की खोज के ् लगा होा 9 सह कौ् है ? और हक उिे िन कहे गे: को्सक उि ्े अप्ी पजा के बीच अे् भुय काक सकए है ा 10 इि िे कौ् परखा गया, और सि् पाया गया? यो उिे कसहका कर्े ेोा कौ् ्ाराज हो िकया है , और सकि्े ्ाराज ्ही् सकया? या बुरा सकया हो, और ् सकया हो? 11 उिका ि् दयर सकया जाएगा, और कणली उिके ेा् का सर्् करे गीा 12 यसे यू सकिी केज पर बैठे, यो उि पर लोभ ् कर्ा, और ् कह्ा, सक इि पर बहय का् ि है ा 13 सरर रखो, सक बुरी आ् ख बुरी बाय है : और आ् ख िे असिक बुरी आ् ख सकिकी िृजी गई है ? इिसलये सह हर असिर पर रोया है ा 14 जहा् कही् सह ेे खे सहा् अप्ा हाथ ् बढाए, और ् ही थाली के डालेा 15 अप्े पडोिी पर आप ही ेोष ् लगाक, और हर बाय के बुद्का् ब्ोा 16 जो स्ुए् ये रे िाम्े रखी जाए् , उने क्ुष की ्ाई खाक; और ्ोट खाक, ऐिा ् हो सक यु क िे बैर होा 17 पसहले सशृाचार के सलये छोड ेे ; और यृ र ् होक, ऐिा ् हो सक यु क ठे ि पह् चाका 18 जब यू बहयो् के बीच के बैठे, यो पसहले अप्ा हाथ ् बढा्ाा 19 अचे िे पाले हए क्ुष के सलये थोडा ही काफी है , और सह अप्े सबछौ्े पर अप्ा पेट ्ही् भरयाा 20 ि्यसकय भोज् कर्े िे गहरी ्ी्े आयी है ; सह िसेरे उठया है , और उिकी बुद् काक करयी है ; परनु जागये रह्े का कृ, और सपत, और पेट की पीडा यृ र क्ुष को होयी है ा
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21 और यसे यु झे कुछ खा्े को सससश सकया जाए, यो उठ, और उगल कर, यब यु झे ससशाक सकलेगाा 22 हे केरे पुत, केरी िु्, और कुझे यु च ् जा्; और अन के यू सैिा ही पाएगा जैिा कै ्े यु झ िे कहा है ; यू िब काक फुय् िे कर्ा, ऐिा ् हो सक यु झे कोई रोग लगेा 23 जो अप्े भोज् के ससषय के उेार होया है , लोग उिकी पश्िा करये है ; और उिकी अची गृह वसया की ररपोट् पर ससशाि सकया जाएगाा 24 परनु जो अप्े भोज् की क्जूिी करया है , उि पर िारा ्गर बुडबुडाएगा; और उिकी क्जूिी की गसाही पर ि्ेेह ्ही् सकया जाएगाा 25 ेाखकिु के अप्ा पराकक ् पगट करो; को्सक ेाखकिु ्े बहयो्को ्ाश सकया है ा 26 भटी डु बाकर िार को परखयी है , और कयसालेप् िे असभकास्यो् के क् को कसेरा ब्ाया है ा 27 ेाखकिु क्ुष के सलये जीस् के यु ल है , यसे सह ि्यक िे सपया जाए; यो जो क्ुष ेाखकिु िे रसहय है , उिके सलये जीस् का का लाभ? को्सक यह क्ुषो् को आ्दनय कर्े के सलये ब्ाया गया है ा 28 ेाखकिु जब भी िकय पर सपया जाया है , यो क् को आ्दनय और क् को पि् करया है ा 29 परनु ेाखकिु जो असिक ्शे के होया है , क् को कडसाहट ेे या है , और लडाई-झगडा करया है ा 30 सपयकडप् कूख् का कोि भडकाया है , यहा् यक सक सह ठोकर खाया है ; उि िे उिका बल रट जाया है , और रास ब् जाया है ा 31 ेाखकिु पीये िकय अप्े पडोिी को ् डाँ टो, और आ्न करये िकय उिका सयरसार ् करो; ् उिे बुरा भला कहो, और ् उि पर ेबास डालकर उिे पी्े को उकिाका
9 यसे यू बडे क्ुषो्के िे हो, यो अप्े आप को उ्के यु ल ् ठहरा; और जब पाची् पुरष अप्ी जगह पर हो् यो असिक शबो् का पयोग ् करे ा 10 गरज्े िे पसहले सबजली चककयी है ; और लद्य क्ुष के िाम्े अ्ुगह सकया जाएगाा 11 बार बार उठो, और पीछे ् रहो; लेसक् यु मे सब्ा ेे र सकए रर ले आका 12 सहा् अप्ी कौज करो, और जो चाहो करो; परनु असभका् करके पाप ् करोा 13 और इ् बायो्के कारर उि को िन कहो, जो ये रे रच्ेसाला और यु झे अप्ी अची स्ुक् िे यृ र करया है ा 14 जो यहोसा का भय का्या है , सह उिकी याड्ा पाएगा; और जो उिे शीघ ढू ् ढेगे, उ् पर अ्ुगह सकया जाएगाा 15 जो कोई वसया का खोजया है , सह उि िे यृ र हो जाया है ; परनु कपटी उि िे ठोकर खाया है ा 16 जो यहोसा के भय का्ये है , से नाय पाए् गे, और नाय को जोसय की ्ाई् प्सलय करे गेा 17 पापी को डा् ट ्ही् सकलयी, सर् सह अप्ी इचा के अ्ुिार बहा्ा ढू ् ढया है ा 18 जो बुद्का् हो सह ससचारशील होगा; परनु पराया और रकणी क्ुष भय िे ्ही् डरया, भले ही उि ्े सब्ा िमसय के कुछ सकया होा 19 सब्ा िमसय के कुछ ् करो; और जब यु क ऐिा कर लो, यो पछयाक कया 20 उि काग् के ् जा्ा सजि िे यू सगर पडे , और ् पतरो्के बीच ठोकर खाका 21 सृ रीसय िे ससशाि ् रखोा 22 और अपके स्ज बालको्िे िासिा् रहोा 23 हर एक भले काक के अप्े पार पर भरोिा रखो; को्सक यह आजाक् का पाल् कर्ा है ा 24 जो पभु पर ससशाि करया है सह आजा पर धा् ेे या है ; और जो उि पर ससशाि करे गा, उिका कभी बुरा हाल ् होगाा
अध्य 32 1 यसे यू सकिी जेस्ार का साकी ठहराया जाए, यो रक्ड ् कर्ा, परनु औरो्के िे एक होकर उ्के बीच के हो जा्ा; उ्की पूरी लग् िे ेे खभाल करो, इिसलए बैठ जाका 2 और जब यू अप्ा िब काक पूरा कर चुका, यो अप्ा सा् गहर कर्ा, सक उ्के िाथ आ्न कर, और जेस्ार की अची रीसय िे रीसय कर्े के कारर यु झे कुकुट सेया जाएा 3 यू जो पाची् है , बोल, को्सक यह यु झे ही कर्ा है , परनु सससेक िे; और बािा ्ही् ि्गीय. 4 जहा् बज्ेसाला हो सहा् बाये ् कह्ा, और सब्ा िकय के बुद् का पचार ् कर्ाा 5 ेाखकिु के भोज के ि्गीय का ि्गीय िो्े के जडे हए काबु््कल के सचन के िका् है ा 6 जैिे िो्े की जडी हई प्ा की कुहर, सैिा ही क्भास्े ेाखकिु के िाथ ि्गीय का िुर भी है ा 7 हे जसा्, यसे यु झे आसशकया हो, यो बोल, परनु ेो बार भी ् पूछेा 8 ये री बाये छोटी हो्, और थोडे िे शबो् के बहय कुछ िकझ जाए; उि वदय के िका् ब्ो जो जा्या है और सफर भी अप्ी जीभ पर स्य्तर रखया है ा
अध्य 33 1 जो यहोसा का भय का्या है , उि पर कोई ससपसत ् पडे गी; परनु सह उिे सफर परीका के भी बचाएगाा 2 बुद्का् क्ुष वसया िे बैर ्ही् रखया; परनु जो कपटी है , सह यू फा् के जहाज के िका् है ा 3 िकझेार क्ुष वसया पर भरोिा रखया है ; और वसया उिके पसय सफाेार है , आकाशसारी की यरहा 4 का कह्ा है , इिकी यै यारी करो, सक यु मारी िु्ी जाए; और सशका को बानकर उतर ेोा 5 कूख् का क् गाडी के पसहए के िका् है ; और उिके ससचार एक रूकयी हई िुरी के पेड की यरह है ा 6 रोडे का रोडा ठटा कर्ेसाले के िका् होया है , सह जो कोई उि पर बैठया है , उिके ्ीचे सह्सह्ाया है ा 7 जब सष् के पतेक से् का िारा पकाश िूय् ही िे होया है , यो एक से् ेू िरे से् िे को् बढकर होया है ? 8 यहोसा के जा् के दारा से अलग पहचा्े गए, और उि ्े ऋयु क् और पस्को बेल डालाा 95
9 उ् के िे सकय्ो् को उि ्े ऊ्चे से् ठहराकर पससत सकया, और सकय्ो् को िािारर से् ठहरायाा 10 और िब क्ुष पृयसी िे उत् हए, और आेक भी पृयसी िे रचा गया; 11 यहोसा ्े बडे जा् िे उ्को बा् ट सेया, और उ्की चाले सभ्-सभ् कर ेी्ा 12 उ् के िे सकय्ो् को उि ्े आशीष सेया और बडा सकया, और सकय्ो् को पससत करके अप्े पाि रखा; परनु सकय्ो् को शाप सेया, और ्ीचा सकया, और अप्े सा् िे स्काल सेयाा 13 जैिे सकटी कुमार के हाथ के है , सक सह अप्ी इचा के अ्ुिार उिे ब्ाए; सैिे ही क्ुष अप्े ब्ा्ेसाले के हाथ के है , सक सह जैिा चाहे सैिा उने ब्ाएा 14 भलाई बुराई िे और जीस् कृतु िे केल रखया है ; इिी पकार भय पापी िे और पापी भय िे केल रखया है ा 15 इिसलये परकपिा् के िब काको्को ेे खो; और सहाँ ेो और ेो है , एक ेू िरे के ससर्ा 16 कै िब के पीछे अ्गूर योड्े सालो् के िका् जाग उठा; यहोसा के आशीसा् े िे कै ्े लाभ पाया, और अप्ा रिकुण अ्गूर योड्े सालो् के िका् लयाडाा 17 इि पर ससचार करो, सक कै ्े केसल अप्े सलये ही ्ही्, परनु उ् िब के सलये भी पररशक सकया जो िीख्ा चाहये है ा 18 हे पजा के कुय पुरषो्, केरी िु्ो, और हे कणली के पिा्ो्, का् लगाकर केरी िु्ोा 19 जब यक यू जीससय रहे यब यक अप्े बेटे सा सी सा भाई सा सकत को अप्े ऊपर असिकार्े ् ेे ्ा, और ् अप्ा ि् ेू िरे को ेे ्ा, ऐिा ् हो सक यु झे पछया्ा पडे , और यू सफर सैिा ही ेु :ख भोगेा 20 जब यक यू जीससय है , और यु झ के िा् ि है , यब यक अप्े आप को सकिी के सश के ् करा 21 को्सक यह भला है , सक ये रे लडकेबाल ये रे खोजी हो्, इि िे सक यू उ्की भलाई के खडा रहे ा 22 अप्े िब काको्के पिा्या अप्े ही सलथे रख; अप्े िमा् के कोई ेाग कय छोडोा 23 सजि िकय यू अप्ी आयु पूरी करे गा, और अप्ा जीस् भी पूरा करे गा, उिी िकय अप्ा स्ज भाग बा् ट ले्ाा 24 गेहे के सलये चारा, छडी, और बोझ है ; और ्ौकर के सलये रोटी, िुिार, और काका 25 यसे यू अप्े ेाि िे पररशक कराए, यो यू ससशाक पाएगा; परनु यसे यू उिे बेकार छोड ेे , यो सह सय् तया ढू ् ढेगाा 26 जूए और कॉलर िे गे् ् झुकयी है ; सैिे ही ेु ृ ेाि को याय्ाए् और याय्ाए् सकलयी है ा 27 उिे पररशक कर्े को भेजो, ऐिा ् हो सक सह आलिी हो; को्सक आलस बहय बुराई सिखाया है ा 28 जैिा उिके सलये उसचय हो सैिा काक उि िे करो; यसे सह आजाकारी ् हो, यो उि पर भारी बेसडयाँ डालोा 29 परनु सकिी के पसय असय ् हो; और सब्ा सससेक के कुछ कय करोा 30 यसे ये रे पाि कोई ेाि हो, यो उिे अप्े ही िका् रह्े ेे , को्सक यू ्े ेाक ेे कर उिे कोल सलया है ा 31 यसे ये रे पाि कोई ेाि है , यो उि िे भाई के िका् वसहार कर; को्सक यू उिे अप्े पार के िका् चाहया है ;
यसे यू उि िे बुराई करे , और सह ये रे पाि िे भाग जाए, यो यू उिे सकि काग् िे ढू ् ढेगा? अध्य 34 1 स्बु्द् क्ुष की आशा वथ् और झूठी होयी है , और स् कूढो् को उठा लेया है ा 2 जो स् ेे खया है सह उि के िका् है जो छाया को ेे खया और सायु के पीछे चलया है ा 3 स् का ेश्् एक स्ु का ेू िरी स्ु िे , सर् चेहरे िे चेहरे का िादश है ा 4 अशु् स्ु को का शु् सकया जा िकया है ? और जो बाय झूठी है , उििे ित का स्कलेगा? 5 भासी कल्ाए् , भससषसासरया् , और स् वथ् है ; और क् जचा सी के क् की ्ाई् कल्ा करया है ा 6 यसे से ये री कर िे परकपिा् की कर िे ् भेजे गए हो्, यो उ् पर अप्ा क् ् लगा्ाा 7 को्सक स्ो््े बहयो्को िोखा सेया है , और जो उ् पर भरोिा रखये थे, से अिफल हो गएा 8 वससा सब्ा झूठ के सि् ठहरे गी; और ससशाियोग कु्ह के सलथे बुद् सि् होयी है ा 9 जो क्ुष याता करया है , सह बहय िी बाये जा्या है ; और सजिके पाि बहय अ्ुभस है सह बुद् की रोषरा करे गाा 10 जो अ्ुभस ्ही् करया, सह थोडा जा्या है ; परनु जो याता करया है , सह चयु राई िे पररपूर् है ा 11 जब कै याता करया था, यो कै ्े बहय िी स्ुए् ेे खी्; और सजय्ा कै वय कर िकया हँ उििे असिक कै िकझया हँ ा 12 कै बार-बार कर्े की िककी ेे या था; यौभी इ् बायो्के कारर कै बचा सलया गयाा 13 यहोसा के डरसैयो्का क् जीससय रहे गा; को्सक उ्की आशा उि पर है जो उ्का उ्ार करया है ा 14 जो यहोसा का भय का्या है , सह ् डरे गा, और ् डरे गा; को्सक सही उिकी आशा है ा 15 जो यहोसा का भय का्या है उिका पार िन है ; सह सकि की कर दसृ करया है ? और उिकी याकय कौ् है ? 16 को्सक यहोसा की दसृ उि पर ब्ी रहयी है जो उि िे पेक रखये है , सह उ्की पबल िुरका और दढ आशय है , सह िूप िे रका करया है , और ेोपहर को िूप िे रका करया है , ठोकर खा्े िे बचाया है , और सगर्े िे बचाया है ा 17 सह पार को सजलाया, और आ् खो् को जोसय ेे या है ; सह च्गाई, जीस् और आशीष ेे या है ा 18 जो कोई अनाय िे पार हई स्ु का बसलेा् करया है , उिका बसलेा् हासासे है ; और अनायी क्ुषो् का ेा् सीकार ्ही् सकया जायाा 19 परकपिा् ेु ृो् की भेट िे पि् ्ही् होया; ् यो सह बहय िे बसलेा्ो् िे पाप के सलये शान होया है ा 20 जो क्गाल के ि् के िे भेट लाया है , सह उि के िका् करया है जो अप्े सपया के िाम्े बेटे को कार डालया है ा 21 ेररद की रोटी ही उिका पार है ; जो उि िे छी् लेया है , सह खू्ी क्ुष है ा
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22 जो अप्े पडोिी का पार छी् लेया है , सह उिे राय करया है ; और जो कजेू र की कजेू री ठग लेया है , सह खू् कर्ेसाला है ा 23 जब एक ब्ाया और ेू िरा सगराया है , यो पररशक के सिसा उने का लाभ? 24 जब एक पाथ््ा करे और ेू िरा शाप ेे , यब यहोसा सकिकी िु्ेगा? 25 जो लोय को छू्े के बाे िोया है , यसे सह उिे सफर छूए, यो उिके िो्े िे का लाभ? 26 िो का सह क्ुष जो अपके पापो्के कारर उपसाि करे , और सफर जाकर सैिा ही कर्े लगे, उिकी पाथ््ा कौ् िु्ेगा? या उिकी ्मया िे उिे का लाभ हआ?
िु् पडे गा, और ् पराककी उ्के पसय िीरज िरे गे; यहाँ यक सक उि ्े असभकास्यो् की भीड को ेू र कर सेया, और अिसक्यो् का राजेण योड डाला; 19 जब यक उि ्े हर एक क्ुष को उिके काको्के अ्ुिार फल सेया, और क्ुषो्के काको्को उ्की युदययो्के अ्ुिार फल सेया; जब यक सह अप्ी पजा का नाय ् कर चुका, और उने अप्ी कररा िे आ्दनय ् कर चुकाा 20 ससपसत के िकय ेया, िूखे के िकय के सषा् के बाेल के िका् होयी है ा अध्य 36 1 हे िब के परकेशर यहोसा, हक पर ेया कर, और हके ेे ख; 2 और उ् िब जासययो्पर अप्ा भय भेजो जो ये री खोज ्ही् करये ा 3 परेे शी जासययो्के ससर् अप्ा हाथ बढा, और से ये री शदय ेे ख िकेा 4 जैिा यू उ्के िाम्े हकारे दारा पससत ठहराया गया, सैिे ही यू हकारे िाम्े उ्के बीच कहा्् ठहरे ा 5 और जैिा हक ्े यु झे जा्ा, सैिा ही से यु झे भी जा्े, सक हे परकेशर, यू ही है , और कोई परकेशर ्ही्ा 6 ्ये सचन सेखाक, और ेू िरे सससचत काक करो; अप्े हाथ और अप्े ेासह्े हाथ की कसहका करो, सक से ये रे आयय्कक् पगट करे ा 7 कोि भडकाक, और कोि भडकाक; दोही को ेू र करो, और शतु को ्ाश करोा 8 कक िकय की ्ुसय करो, साचा को सरर रखो, और से ये रे आयय्कक् का सर्् करे ा 9 जो बच स्कले सह आग के पकोप िे भस हो जाए; और से ्ाश हो् जो पजा पर अनेर करये है ा 10 अनजासययो्के हासकको्के सिर पर पहार करो, जो कहये है , सक हक को छोड कोई ेू िरा ्ही्ा 11 याकूब के िब गोतो्को एक िाथ इकटा करो, और आरम की ्ाई् उ्का असिकारी हो जाका 12 हे यहोसा, अप्ी पजा के जो ये रे कहलाये है , और इसाएल पर, सजिका ्ाक यू ्े अप्ा पसहलौठा रखा है , ेया करा 13 हे अप्े पससत ्गर यरशलेक, और अप्े ससशाकया् पर ेया करा 14 सियो् को अपके कह्े योग सच्ो्िे, और अपकी पजा को अपके ये ज िे भर ेे ; 15 और सज्को यू आरम िे अप्े पाि रखया आया है , उ् पर गसाही ेे , और जो भससषदया ये रे ्ाक िे हए है उ्को खडा करा 16 जो ये री बाट जोहये है उ्को पसयफल ेे , और ये रे भससषदया ससशाियोग ठहरे ा 17 हे यहोसा, अपके ेािो्की पाथ््ा िु्, हार् ्े अपकी पजा पर जो आशीष ेी हो उि के अ्ुिार पृयसी के िब रह्ेसाले जा् ले सक यू यहोसा, ि्ाय् परकेशर है ा 18 पेट िब का् ि को स्गल जाया है , यौभी एक का् ि ेू िरे िे उतक होया है ा 19 जैिे यालू ्ा्ा पकार के सहर् का साे चखया है , सैिे ही झूठी बाये िकझ्ेसाला क् भी चखया है ा
अध्य 35 1 जो वसया पर चलया है , सह बहय िे बसलेा् लाया है ; जो आजा पर चलया है , सह केलबसल चढाया है ा 2 जो भलाई का बेला लेया है , सह कैेा चढाया है ; और जो ेा् ेे या है , सह ्ुसय करया है ा 3 ेु ृया िे ेू र रह्ा यहोसा को भाया है ; और अिक् का ताग कर्ा ही पायसयय है ा 4 यू यहोसा के िाम्े खाली कु्ह ् सेखाई ेे ्ाा 5 को्सक ये िब काक आजा के कारर कर्े है ा 6 िक् के बसलेा् िे सेेी पससत होयी है , और उिका िुखेायक िुगन परकपिा् के िाम्े होया है ा 7 िक् क्ुष का बसलेा् गहरयोग है ा और उिका सारक कभी ्ही् भुलाया जाएगाा 8 अची दसृ िे यहोसा का आेर कर्ा, और अप्े हाथ की पसहली उपज को यु च ् िकझ्ाा 9 यू अप्े िब ेा्ो्के पि् कुख सेखा्ा, और अप्ा ेशका् श आ्न के िाथ ेे ्ाा 10 परकपिा् ्े यु झे जो ि् सेया है , उिके अ्ुिार उिे ेे ; और जैिा यू ्े पाया है , पि् दसृ िे ेे ा 11 को्सक यहोसा यु झे बेला ेे गा, और यु झे िायगुरा बेला ेे गाा 12 ेा् ेे कर भृ कर्े की ् िोचो; को्सक सह उने गहर ् करे गा; और अिक् के बसलेा्ो् पर भरोिा ् रख्ा; को्सक पभु नायी है , और सह सकिी का कुछ आेर ्ही् करयाा 13 सह सकिी क्गाल का ससरोि ् करे गा, सर् ेी् ज् की पाथ््ा िु्ेगाा 14 सह अ्ाय की सगडसगडाहट का सयरसार ् करे गा; ् ही ससिसा, जब सह अप्ी सशकायय पकट करयी है ा 15 का ससिसा के गालो्पर आ् िू ्ही् बहये ? और का उिकी ेोहाई उि पर ्ही् जो उने सगरा ेे या है ? 16 जो यहोसा की िेसा करया है , उि पर अ्ुगह सकया जाया है , और उिकी पाथ््ा बाेलो् यक पह् चयी है ा 17 ेी् की पाथ््ा बाेलो् को भेेयी है , और जब यक सह स्कट ् आए, यब यक उिे शादन ् सकलेगी; और यब यक ् हटू ् गा, जब यक परकपिा् िक् िे नाय कर्े को ् ेे खेगा, और नाय ् करे गाा 18 को्सक जब यक सह स्े् यी लोगो्की ककर पर पहार ् करे , और अनजासययो्िे पलटा ् चुकाए, यब यक यहोसा ् 97
20 टे ढा क् भारीप् का कारर होया है , परनु अ्ुभसी क्ुष उिका पसयफल ेे या है ा 21 सी एक एक पुरष को गहर करे गी, यौभी एक बेटी ेू िरी बेटी िे उतक है ा 22 सी की िुनरया िे उिका कुख पि् होया है , और पुरष को उि िे बढकर कोई स्ु सपय ्ही् लगयीा 23 यसे उिकी जीभ के कृपा, और ्मया, और शादन हो, यो उिका पसय और पुरषो्के यु ल ्ही्ा 24 जो सी बाहया है , सह िमसत का असिकारी होया है , सह अप्े िका् िहायया और ससशाक का खमा होया है ा 25 जहा् बाडा ्ही्, सहा् स्ज भूसक ्ाश हो जायी है ; और जो सी ् हो सह ससलाप करया सफरया है ा 26 जो डाकू एक ्गर िे ेू िरे ्गर के रूकया रहया है , उि पर कौ् भरोिा करे गा? िो उि क्ुष पर कौ् ससशाि करे गा सजिके पाि रर ् हो, और राय को जहा् कही् भी िोया हो?
क् के अ्ुिार हो, और यसे यू गभ्पाय करसाए, यो यु झे ेु :ख होगाा 13 और जो युदय यू अप्े क् के कहे सह दयर रहे , को्सक उि िे असिक ससशाियोग कोई क्ुष ्ही्ा 14 को्सक क्ुष का क् कभी-कभी यह िोचया है , सक िाय पहरए जो ऊपर ऊ्चे गुमट पर बैठे है , से उि िे असिक कहे ा 15 और इ् िब िे बढकर परकपिा् िे पाथ््ा करो, सक सह ये रे सलये िचाई का काग् सेखाएा 16 हर काक िे पसहले यक् करो, और हर काक िे पसहले युदय करोा 17 कुखकणल हेय पररसय् ् का सचन है ा 18 चार पकार की स्ुए् सेखाई ेे यी है : अची और बुरी, जीस् और कृतु: परनु जीभ उ् पर लगायार पभुया करयी है ा 19 सह बुद्का् है , और बहयो्को सिखाया है , यौभी अपके सलथे लाभ ्ही् उठायाा 20 जो बायो् के बुद् पगट करया है , सह असपय है ; सह िब पकार के भोज् िे रसहय हो जाएगाा 21 को्सक उि पर पभु की कर िे अ्ुगह ्ही् हआ, को्सक सह िारी बुद् िे स्सचय है ा 22 ेू िरा अप्े आप के बुद्का् है ; और िकझ का फल उिके कु्ह के पश्ि्ीय होया है ा 23 बुद्का् क्ुष अपकी पजा को सशका ेे या है ; और उिकी िकझ का फल वथ् ्ही् जायाा 24 बुद्का् क्ुष आशीसा् े िे भर जाएगा; और जो कोई उिे ेे खेगा सह उिे िन िकझेगाा 25 क्ुष के जीस् के से् यो सग्यी के है , परनु इसाएल के जीस् के से् अ्सगस्य है ा 26 बुद्का् पुरष अपकी पजा के कसहका पाएगा, और उिका ्ाक िेा ब्ा रहे गाा 27 हे केरे पुत, अपके जीस् के अपके पार को परख, और ेे ख ले, सक उिके सलथे का बुरा है , और उिे सश के ् करा 28 को्सक िब स्ुए् िब क्ुषो् के सलथे लाभेायक ्ही्, और हर एक पारी हर एक स्ु िे पि् ्ही् होयाा 29 सकिी सासेृ स्ु का लालच ् कर्ा, और ् भोज् का लालच कर्ाा 30 को्सक बहय का् ि खा्े िे रोग होया है , और असिक खा्े िे सपत होया है ा 31 बहय लोग असिक खा्े िे ्ाश हो गए; परनु जो िासिा् रहया है सह जीससय रहया है ा
अध्य 37 1 हर एक सकत कहया है , कै भी उिका सकत ह् : परनु एक सकत ऐिा भी है , जो केसल ्ाक का सकत है ा 2 जब कोई िाथी और सकत शतु ब् जाया है , यो का यह कृतु यक का ेु ःख ्ही् होया? 3 हे ेु ृ कल्ा, यू पृथी को छल िे ढक्े के सलये कहा् िे आया? 4 एक िाथी है , जो सकत की िकृद् िे यो आ्दनय होया है , परनु ि्कट के िकय उिके ससर् हो जाया है ा 5 एक िाथी है , जो पेट के सलये अप्े सकत की िहायया करया है , और शतु के िाम्े झो्पडी उठा लेया है ा 6 अप्े सकत को क् के ् भूल्ा, और ि् के ससषय के भी उिकी िुसि ् ले्ाा 7 हर एक कवी युदय की बडाई करया है ; परनु कुछ ऐिे भी है जो अप्े सलये िलाह ेे ये है ा 8 युदय कर्ेसाले िे िासिा् रह्ा, और पसहले िे जा् ले्ा सक उिे का पयोज् है ; को्सक सह अप्े सलये िमसय ेे गा; ऐिा ् हो सक सह यु झ पर सचटी डाले, 9 और यु झ िे कह, ये री चाल अची है , और इिके बाे सह ेू िरी कर खडा हो, सक ेे खे सक यु झ पर का बीये गीा 10 जो यु झ पर ि्ेेह करया है , उि िे िमसय ् कर्ा; और जो यु झ िे डाह करये है , उ् िे अप्ी युदय सछपा रख्ाा 11 और सजि सी के कारर सह जलयी हो उि िे िमसय ् कर्ा; ् ही यु् के काकले के कायर के िाथ; ् ही सकिी वापारी के िाथ ससस्कय के ि्ब्ि के; ् ही बेच्े साले खरीेार के िाथ; ् ही सकिी ईषा् लु कृयज वदय के िाथ; ् सकिी स्े् यी क्ुष पर ेया कर्ा; और ् सकिी काक के आलसियो् िे; ् ही काक खा कर्े के एक िाल के सलए सकिी भाडे पर रखा गया; और ् सकिी स्कमे ्ौकर के िाथ जो बहय काक करया हो; सकिी भी िमसय के काकले के उ् की ् िु्ोा 12 परनु उि भय पुरष के िाय िेा रह्ा, जो यहोसा की आजाक् का पाल् कर्ा जा्या हो, और उिकी बुद् ये रे
अध्य 38 1 सैद को उि आेर िे आेर ेो, जो उिके उपयोग के कारर उिे सकल्ा चासहए; को्सक यहोसा ्े उिे उत् सकया है ा 2 को्सक परकपिा् च्गा हो्ेसाला है , और सह राजा का आेर करे गाा 3 सैद की कुशलया िे उिका सिर ऊ्चा हो जाएगा, और बडे लोग उिकी पश्िा करे गेा
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4 यहोसा ्े पृयसी िे औषसिया् उत् की्; और जो बुद्का् है सह उ् िे रृरा ् करे गाा 5 का जल को लकडी िे कीठा ्ही् सकया गया, सक उिका गुर पगट हो? 6 और उि ्े क्ुषो्को कुशलया ेी, सक से अप्े आयय्कक्के पसयसतय हो्ा 7 सह इिी िे क्ुषो् को च्गा करया, और उ्का ेु ःख ेू र करया है ा 8 औषिालय उ् िे सकता् ब्ाया है ; और उिके काको् का अन ्ही्; और उिी िे िारी पृयसी पर शादन है , 9 हे केरे पुत, अप्ी बीकारी के लापरसाही ् कर्ा; परनु पभु िे पाथ््ा कर्ा, सह यु झे च्गा कर ेे गाा 10 पाप िे ेू र रह, और अप्े हाथो् को िीिा कर, और अप्े हेय को िब पकार की ेु ृया िे शु् करा 11 िुखेायक िुगन, और कैेे का सरर कराक; और एक कोटी भेट चढाक, जैिे कोई ्ही् है ा 12 यब सैद को या् ेे , को्सक यहोसा ्े उिे रचा है ; सह ये रे पाि िे ् जा्े पाए, को्सक यु झे उिकी आसशकया है ा 13 एक िकय ऐिा आया है जब उ्के हाथ अची िफलया लगयी है ा 14 को्सक से यहोसा िे पाथ््ा भी करे गे, सक सह उिे िफल करे , सजिे से जीस् को बढा्े के सलए आिा्ी और उपाय के रप के ेे ये है ा 15 जो अप्े िृज्हार के िाम्े पाप करे , सह सैद के हाथ के पडे ा 16 हे केरे पुत, करे हक् के सलये आ् िू बहाक, और ऐिा ससलाप करो, का्ो यू ्े बडी हास् उठाई हो; और रीसय के अ्ुिार उिके शरीर को ढा् प ेे ्ा, और उिके गाड्े के उपेका ् कर्ाा 17 फूट-फूटकर रोक, और बडा ससलाप करो, और सजय्ा योग हो िके ससलाप करो, और एक या ेो से् के सलथे ससलाप करो, ऐिा ् हो सक यु मारी स्ना हो; और यब अप्े भारीप् के कारर अप्े आप को यिली ेे ्ाा 18 को्सक भारीप् िे कृतु आयी है , और क् के भारी हो्े िे शदय टू ट जायी है ा 19 केश के भी ेु :ख ब्ा रहया है , और क्गाल का पार क् का शाप होया है ा 20 क् के भारीप् ् लो; उिे ेू र भगाक, और अ्सयक छोर को जोड ेोा 21 इिे कय भूल्ा, को्सक सफर कभी कुड्ा ्ही्; यू उिका भला ् कर्ा, सर् अप्े ही को हास् पह् चा्ाा 22 केरा नाय सरर रख, को्सक ये रा भी सैिा ही होगा; कल केरे सलए, और आज का से् यु मारे सलएा 23 जब कृयक ससशाक करे , यब उिका सरर कर्ा; और जब उिका आाा उि पर िे उयर जाए, यब उिके सलये शादन पाका 24 ससदा् क्ुष की बुद् फुरिय के असिर िे ही आयी है , और जो थोडा वापार करया है , सह भी बुद्का् हो जाया है ा 25 जो हल पकडया है , और यलसार चला्े का काक करया है , और बैलो्को हा् कया, और उनी् िे काक लेया है , और जो बैलो्की चचा् करया है , सह को्कर बुद् पा िकया है ?
26 सह ्ाली ब्ा्े के क् लगाया है ; और गाय-बैलो् को चारा ेे ्े के यतर रहया है ा 27 इिसलये हर एक बढई और कारीगर जो राय से् पररशक करया है , और जो कुहरे काटये और खोेये है , और बडी भा् सय भा् सय की स्ुए् ब्ा्े का पररशक करये है , और कदलय कूरयो् का िहारा लेये है , और काक पूरा कर्े का यर करये है ा 28 लोहार भी स्हाई के पाि बैठा हआ लोहे का काक ेे खया या, और आग के िुए् िे उिका शरीर िूख जाया है , और भटी की यप् िे सह लडया है ; हथौडे और स्हाई की आसाज उिके का्ो् के िेा िु्ाई ेे यी रहयी है ा आँ खे दयर होकर उि स्ु के ्कू्े पर सटकी रहयी है सजिे सह ब्ाया है ; सह अप्ा काक पूरा कर्े का क् ब्ाया है , और उिे पूरी यरह िे स्खार्े का पयाि करया है : 29 सैिे ही कुमार भी अप्ा काक करया है , और अप्े पा् सो् िे चाक रुकाया है , और अप्ा काक हर िकय िासिा्ी िे करया है , और अप्ा िब काक सग्यी के अ्ुिार ब्ाया है ; 30 सह अप्ी भुजा िे सकटी गढया है , और अप्ा बल उिके पा् सो्के िाम्े ेणसय करया है ; सह इिका ्ेयृत कर्े के सलए सय् को स्युय करया है ; और सह भटी को िाफ कर्े का यर करया है ; 31 ये िब अप्े हाथ पर भरोिा रखये है : और हर एक अप्े काक के बुद्का् है ा 32 इ्के सब्ा कोई ्गर बि ्ही् िकया; और से जहा् चाहे सहा् ् सटक िकेगे, और ् इिर उिर आ-जा िकेगेा 33 से लोक िमसय के ् पूछे जाए् गे, और ् कणली के ऊ्चे या् पर बैठेगे; और जहा् दृान िु्ाए जाये है सहा् से ् पाए जाए् गेा 34 परनु से जगय की दयसय को ब्ाए रखेगे, और उ्की िारी असभलाषा उ्के सशल के काक के है ा अध्य 39 1 परनु जो अप्ा क् परकपिा् की वसया पर लगाया है , और उिके धा् के लगा रहया है , सह िब पाची् जा् की खोज करे गा, और भससषदयाक् के लगा रहे गाा 2 सह बडे पुरषो्की बाये का्ेगा, और जहा् िूक दृान होये है , सहा् भी सह उपदयय रहे गाा 3 सह गमीर ेण का भेे ढू ् ढ लेगा, और अनेरे दृानो् िे पररसचय होगाा 4 सह बडे क्ुषो्के बीच के काक करे गा, और हासकको्के िाम्े सेखाई ेे गा; सह परेे श के सफरे गा; को्सक उि ्े क्ुषो् के भले और बुरे को परख सलया है ा 5 सह अप्ा हेय शीघया िे अप्े रचे हए यहोसा की कर सफरे गा, और परकपिा् के िाम्े पाथ््ा करे गा, और अप्ा कु्ह खोलकर पाथ््ा करे गा, और अप्े पापो् के सलये सगडसगडाएगाा 6 जब कहा् पभु चाहे गा, यब सह िकझ की आाा िे भर जाएगा; सह बुद्का् बाये कहे गा, और अप्ी पाथ््ा के पभु का िनसाे करे गाा 7 सह अप्ी युक्सय और जा् को िकझाएगा, और अप्े भेेो् के धा् लगाएगाा 99
8 जो कुछ उि ्े िीखा है सह पगट करे गा, और यहोसा की साचा की वसया पर रकण करे गाा 9 बहय लोग उिकी िकझ की पश्िा करे गे; और जब यक जगय् ब्ा रहे गा, यब यक सह सकट ् जाएगा; उिका सरर ् सकटे गा, और उिका ्ाक पीढी िे पीढी यक जीससय रहे गाा 10 जासय जासय के लोग उिकी बुद् पगट करे गे, और कणली उिकी ्ुसय करे गीा 11 यसे सह कर जाए, यो हजार िे भी बडा ्ाक छोड जाएगा; और यसे जीससय रहे , यो उिे बढाएगाा 12 सफर भी कुझे और भी कुछ कह्ा है , सजि पर कै ्े ससचार सकया है ; को्सक कै पूर् चनका के िका् यृ र हो गया ह् ा 13 हे पससत बालको्, केरी िु्ो, और कैेा् के सक्ारे उगे हए गुलाब के फूल के िका् फूल उगाक; 14 और लोबा् के िका् िुखेायक िुगन ेो, और िोि् के िका् फूलो, िुगन फैलाक, और ्ुसय का गीय गाक, यहोसा को उिके िब काको् के िन कहोा 15 उिके ्ाक का गुरगा् करो, और उिकी ्ुसय अप्े होठो् िे और सीरा बजाकर करो; और उिकी ्ुसय करये िकय यु क इि पकार कह्ा: 16 यहोसा के िब काक असय भले है , और जो कुछ सह आजा ेे गा सह ठीक िकय पर पूरा होगाा 17 और कोई ् कह िके, यह का है ? सह को् है ? को्सक िुससिाज्क िकय पर से िब ढू ् ढ सलये जाए् गे; उिकी आजा िे जल ढे र ब् गया, और उिके कु्ह के सच् के अ्ुिार जल के पात खडे हो गएा 18 जो कुछ उिे भाए सह उिकी आजा िे सकया जाया है ; और जब सह बचाएगा यो कोई रोक ्ही् िकेगाा 19 िब पासरयो् के काक उिके िाम्े रहये है , और कुछ भी उि िे सछप ्ही् िकयाा 20 सह अ्नकाल िे अ्नकाल यक ेे खया है ; और उिके िाक्े कुछ भी अे् भुय ्ही् है ा 21 क्ुष को यह कह्े की आसशकया ्ही्, सक यह का है ? सह को् है ? को्सक उि ्े िब स्ुए् उ्के उपयोग के सलये ब्ाई है ा 22 उिके आशीसा् े िे िूखी भूसक ्ेी की ्ाई् छा गई, और बाढ की ्ाई् िी्च गईा 23 जैिे उि ्े जल को खारा कर सेया, सैिे ही अनजासयया् उिके कोि का भागी हो्गीा 24 जैिे उिकी चाल पससत के सलये िीिी है ; सैिे ही से ेु ृो् के सलये ठोकर का कारर ब्ये है ा 25 को्सक अची स्ुए् आसे िे िृजी गई है , और पासपयो्के सलथे बुरी स्ुए्ा 26 क्ुष के जीस् के सलये कुय स्ुए् जल, आग, लोहा, ्कक, गेह् का आटा, किु, ेू ि, ेाख का लोह, ये ल और सस है ा 27 ये िब बाये भयो्के सलथे भलाई के सलथे है , और पासपयो्के सलथे बुराई के बेल जायी है ा 28 ऐिी आााए् है जो पलटा ले्े के सलये रची गई है , और अप्े कोि के आकर ेु ख ही कारयी है ; सस्ाश के िकय से अप्ा बल पकट करये है , और अप्े रचसयया के कोि को शा् य करये है ा
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29 आग, और कले , और कह् गी, और कृतु, ये िब बेला ले्े के सलये रचे गए; 30 ज्गली पशुक् के ेा् य, और सबचू, और िा् प, और ेु ृो् को सस्ाश का े् ड ेे ्े साली यलसारा 31 से उिकी आजा िे आ्दनय हो्गे, और आसशकया पड्े पर पृयसी पर यै यार रहे गे; और जब उ्का िकय आ जाए, यब से उिके सच् का उल्र् ् करे ा 32 इिसलये कै ्े आरम िे ही स्यय कर सलया, और इ् बायो् पर ससचार करके सलख छोडा है ा 33 यहोसा के िब काक अचे है , और सह िब स्ुक् को िकय पर ेे गाा 34 यहा् यक सक कोई यह ् कह िके, सक यह उि िे भी बुरा है , को्सक िकय आ्े पर से िब पि् हो जाए् गेा 35 और इिसलथे यु क िमू र् क् और कु्ह िे यहोसा की ्ुसय करो, और यहोसा के ्ाक को िन कहोा अध्य 40 1 हर एक क्ुष के सलये बडा केश उत् सकया गया है , और सजि से् िे से अप्ी का् के गभ् िे स्कले उि से् िे ले कर उि से् यक जब यक से िब स्ुक् की काया के पाि ् पह् च जाए् , उि से् िे आेक की िना् पर भारी जूआ पडा रहे गाा 2 और से आ्ेसाली रट्ाक् और कृतु के से् की कल्ा करके उ्के क् के वाकुलया और भय उत् करये है ; 3 उि की कर िे जो कसहका के सि्हाि् पर बैठा है , उि की कर िे जो सकटी और राख के सगरा हआ है ; 4 उि िे जो बैज्ी और कुकुट पसह्े हए िे, या उि िे जो ि्ी के कपडे का फाक पसह्े हए है ा 5 कोि, और डाह, केश, और अशा् सय, कृतु का भय, और कोि, और झगडा, और सब्र पर ससशाक के िकय उिकी राय की ्ी्े, उिके जा् को बेल ेे यी है ा 6 उिे थोडा या कुछ भी ससशाक ्ही् सकलया, और उिके बाे सह जागये हए की ्ाई ्ी्े के पड जाया है , और अप्े ेश्् के कारर रबरा जाया है , का्ो यु् िे भाग स्कला होा 7 जब िब कुशल हो जाया है , यब सह जागया है , और आयय् करया है , सक भय कुछ भी ् रहाा 8 ऐिी बाये क्ुष और पशु, िब क्ुषो् पर रटयी है , और पासपयो् पर इिका पभास िायगुरा असिक होया है ा 9 कृतु, और रयपाय, झगडा, और यलसार, ससपसतया् , अकाल, केश, और ससपसत; 10 ये स्ुए् ेु ृो्के सलथे रची गई्, और उनी्के सलथे जलपलय आयाा 11 जो कुछ पृयसी पर है सह िब सफर सकटी ही के सकल जाएगा, और जो कुछ जल है सह िकुद के सकल जाएगाा 12 िब पकार की रूिखोरी और अनाय सकट जाएगा, परनु िचा वसहार िस्ेा ब्ा रहे गाा 13 ेु ृो् का ि् ्ेी की ्ाई् िूख जाएगा, और सषा् के बडे गज्् की ्ाई् बडे शब िे लुर हो जाएगाा 14 सह अप्ा हाथ खोलकर आ्न करे गा, और अपरािी ्ृ हो जाए् गेा
15 ेु ृो्की िना् बहय शाखाए् ्ही् उगायी, परनु से कडी चटा् पर की अशु् जड के िका् है ा 16 और ्ेी के िब जलाशयो्और यीरो्पर उग्ेसाली ज्गली राि िब राि िे पहले उखाडी जाएगीा 17 उेारया असय फलेायी बारी के िका् है , और कररा िस्ेा ब्ी रहयी है ा 18 क्ुष का पररशक कर्ा, और जो कुछ उिके पाि है उिी के िनुृ रह्ा, िुखकय जीस् है ; परनु जो ि् पाया है , सह इ् ेो्ो् िे बढकर है ा 19 िना् और ्गर का भस् यो पुरष का ्ाक रहया है , परनु स्े्ष परी इ् ेो्ो् िे असिक का्ी जायी है ा 20 ेाखकिु और ि्गीय िे क् आ्दनय होया है , परनु बुद् का पेक उ् ेो्ो् िे असिक है ा 21 बा् िुरी और िार् गी यो किुर राग गाये है , परनु क्भास्ी जीभ उ् ेो्ो् िे असिक है ा 22 ये री आ् ख कृपा और िुनरया की असभलाषा करयी है , परनु अ् के हरे हो्े िे भी असिका 23 सकत और िाथी कभी एक ेू िरे िे केल ्ही् खाये ; परनु परी अप्े पसय के िाथ ेो्ो् िे असिक पिा् है ा 24 ससपसत के िकय भाई और िहाथया एक-ेू िरे िे केल खाये है , परनु ेा् उ् ेो्ो् िे असिक फल ेे या है ा 25 िो्ा और चानी पा् स को दढ करये है , परनु िमसय उ् ेो्ो् िे असिक का्ी जायी है ा 26 ि् और बल िे क् पि् होया है , परनु यहोसा का भय उ् ेो्ो् िे असिक है ; यहोसा के भय का््े िे कुछ रटी ्ही् होयी, और ् िहायया का् ग्े की आसशकया पडयी है ा 27 यहोसा का भय एक फलेायी बारी है , और उिे िब कसहका िे असिक छा लेया है ा 28 हे केरे पुत, यू क्गाल का िा ् हो; को्सक भीख काँ ग्े िे कर्ा बेहयर है ा 29 जो ेू िरे की केज पर स्भ्र रहया है , उिका पार पार के बराबर ् सग्ा जाए; को्सक सह पराये क्ुषो् का का् ि खाकर अप्े आप को अशु् करया है ; परनु जो बुद्का् क्ुष अची रीसय िे पला-बढा हो, सह उि िे िासिा् रहया है ा 30 स्ल्् के कु्ह के भीख का् ग्ा यो कीठा होया है , परनु उिके पेट के आग जलयी रहयी है ा
4 और यू परकपिा् की पि्या के ससर् को् है ? कब के कोई सजजािा ्ही् है , सक यु क ेि, या िौ, या एक हजार सष् जी चुके होा 5 पासपयो्की िना् यो रृसरय िना् है , और से ेु ृो्के स्साि के भी कुशल रहये है ा 6 पासपयो् की िना् का स्ज भाग ्ृ हो जाएगा, और उ्के स्श की स्ना िेा होयी रहे गीा 7 बचे ेु ृ सपया के ससषय के सशकायय करे गे, को्सक उिके कारर उ्की स्ना होगीा 8 हे ेु ृ क्ुषो्, यु क पर हाय, सजनो््े परकपिा् परकेशर की वसया को ताग सेया है ! को्सक यसे यु क बढो, यो यु मारा ्ाश हो जाएगा; 9 और यसे यु क उत् हो, यो शाप के भागी ठहरोगे; और यसे करोगे, यो शाप ही यु मारा भाग ठहरे गाा 10 सजय्े पृयसी के है से िब सफर सकटी के सकल जाए् गे; इि पकार भदयही् लोग शाप िे सस्ाश की कर जाए् गेा 11 क्ुषो् का शोक उ्की ेे हो्के सलये होया है , परनु पासपयो्की बे्ाकी सकट जायी है ा 12 अप्े ्ाक का धा् रख; को्सक सह िो्े के हजारो् बडे खजा्ो् िे भी असिक ये रे पाि ब्ा रहे गाा 13 अचे जीस् के थोडे ही से् होये है , परनु अचा ्ाक िस्ेा ब्ा रहया है ा 14 हे केरे बालको, शादन िे याड्ा रखो; को्सक गुर बुद्, और अ्ेे खा ि्, उ् ेो्ो् िे का लाभ? 15 जो क्ुष अप्ी कूख्या सछपा रखया है , सह उि क्ुष िे जो अप्ी बुद् सछपा रखया है , उतक है ा 16 इिसलये केरे सच् के अ्ुिार लद्य हो; को्सक िब पकार का ल्ा ब्ाए रख्ा अचा ्ही्; ् ही यह हर चीज के पूरी यरह िे सीकृय है ा 17 सपया और काया के िाम्े वसभचार िे लद्य हो्ा, और हासकक और सीर के िाम्े झूठ बोल्ा; 18 नायी और हासकक के िाम्े अपराि का; कणली और लोगो् के िाम्े अिक् का; अप्े िाथी और सकत के िाक्े अनायपूर् वसहार कर्ा; 19 और सजि सा् के यू रहया है उि के चोरी का, और परकेशर की िचाई और उिकी साचा के ससषय के चोरी कर्ा; और का् ि पर अप्ी कोह्ी टे क्ा; और ेे ्े और ले्े के सयरसार कर्ा; 20 और ये रे ्कसार कर्ेसालो्के िाम्े चुप रहो; और सेशा पर दसृ कर्ा; 21 और अपके कुटु दमयो्िे अप्ा कुख फेर ले्ा; या कोई भाग या उपहार छी् ले्ा; या सकिी ेू िरे आेकी की परी पर ्जर डाल्ाा 22 सा अप्ी ेािी के ससषय के असिक व् रहे , और उिके सबछौ्े के स्कट ् आए; या ेो्ो् के िाक्े स््ेा कर्े साले भाषर ेे ्े का; और ेे ्े के बाे उलाह्ा ् ेे ्ा; 23 सा जो कुछ यू ्े िु्ा है उिे ेोहराकर ेोबारा बोल्ा; और रहसो् का खुलािा. 24 इि पकार यू िचकुच लद्य होगा, और िब क्ुषो्के िाम्े पि् होगाा
अध्य 41 1 हे कृतु, उि क्ुष के सलये जो अप्ी ि्पसत पर ससशाक करया है , और सजिके पाि उिे य् ग कर्े के सलये कुछ भी ्ही् है , और जो िब बायो् के िकृ् है , उि क्ुष के सलये ये री सृसय सकय्ी कडसी है ; का् ि! 2 हे कृतु, ये रा ेण ेररदो् को, और उ् को भी गहर योग है , सज्का बल कीर हो गया है , जो अब अदनक युग के है , और िब बायो् िे वाकुल है , और जो स्राश हो गया है , और िैय् खो बैठा है ! 3 कृतुेण िे कय डरो; जो यु झ िे पसहले और जो ये रे बाे हए है , उ्की िुसि ले ; को्सक यह िब पासरयो् के ऊपर पभु का ेण है ा
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अध्य 42
िकया है , और ् रटाया जा िकया है , और उिे सकिी क्ती की आसशकया ्ही्ा 22 उिके िब काक का ही क्भास्े है ! और क्ुष एक सच्गारी यक ेे ख िकया है ा 23 ये िब स्ुए् िस्ेा जीससय और िस्ेा ब्ी रहयी है , और िब आजाकारी है ा 24 िब स्ुएँ एक ेू िरे िे ेोहरी है ; और उि ्े सकिी स्ु को असि् ्ही् ब्ायाा 25 कोई ् कोई स्ु भलाई को दयर करयी है , और उिकी कसहका ेे खकर कौ् यृ र होगा?
1 इ् बायो्के कारर यू लद्य ् हो्ा, और सकिी को भी पाप कर्े को सीकार ् कर्ाा 2 परकपिा् की वसया और उिकी साचा के ससषय के; और ेु ृो् को िक् ठहरा्े के सलये नाय का; 3 अप्े िाझीेारो्और यासतयो्िे सहिाब ले्ा; या सकतो् की ससरािय के उपहार का; 4 यराजू और बाटो् की शु्या; या असिक या कक पा्े का; 5 और वापाररयो् की उेािी् सबकी; बचो् का बहय िुिार; और ेु ृ िेसक का पक लहलुहा् कर्ाा 6 स्यय जहा् ेु ृ सी हो सहा् रका कर्ा अचा है ; और चुप रहो, जहा् बहय िे हाथ हो्ा 7 िब स्ुए् सग्यी और यौल के अ्ुिार पह् चा ेे ्ा; और जो कुछ यू ेे या है , या पार करया है , सह िब सलखकर ेे ा 8 स्बु्द्, कूख्, और बुजुग् को, जो जसा्ो् िे झगडये है , िकाचार ेे ्े के लद्य ् हो; इि पकार यू िचकुच ससदा् और िब पासरयो् के सपय ठहरे गाा 9 जब कोई ्ही् जा्या, यब भी सपया बेटी के सलथे जागया है ; और उिकी सचना िे ्ी्े छी् जायी है ; और बाह कर रही ह् , ऐिा ् हो सक उि िे बैर सकया जाएा 10 उिके कुँसारे प् के, कही् ऐिा ् हो सक सह अशु् होकर अप्े सपया के रर के गभ्सयी हो जाए; और पसय के होये हए ऐिा ् हो सक सह अप्े आप िे ेु व्सहार करे ; और जब सह बाही जाए, यो ऐिा ् हो सक सह बा् झ हो जाएा 11 स्ल्् बेटी की पकी चौकिी कर्ा, कही् ऐिा ् हो सक सह ये रे शतुक् के बीच ये री ह् िी का कारर ब्े, और ्गर के ये री ्ाकिराई हो, और लोगो् के ये री ्ाकिराई हो, और भीड के िाम्े यु झे लद्य करे ा 12 हर एक की िुनरया पर धा् ् कर्ा, और दसयो् के बीच के ् बैठ्ाा 13 को्सक सस िे कीडा, और दसयो् िे ेु ृया स्कलयी है ा 14 कै कहया ह् , पुरष की स्ल््या उि सी िे, जो ल्ा और स्ना का कारर हो, उतक है ा 15 अब कै यहोसा के काको्को सरर कर ् गा, और जो कुछ कै ्े ेे खा है उिका सर्् कर ् गा; यहोसा के काक उिके सच्ो्के अ्ुिार है ा 16 िूय् जो उसजयाला ेे या है िब स्ुक् पर दसृ करया है , और उिका काक यहोसा के ये ज िे पररपूर् है ा 17 यहोसा ्े पससत लोगो् को अप्े िब आयय्कक्का पचार कर्े का असिकार ्ही् सेया, सजने िस्शदयका् यहोसा ्े दढ सकया है , सक जो कुछ है सह उिकी कसहका के सलथे यासपय होा 18 सह गूढ बायो् और क् को जा् चया है , और उ्की युदययो् पर ससचार करया है ; को्सक यहोसा िब कुछ जा्या है , और जगय के सचनो् को भी ेे खया है ा 19 सह बीयी और आ्ेसाली बाये पगट करया है , और गुर बाये पगट करया है ा 20 कोई ससचार उि िे सछपा ्ही् रहया, और ् कोई बाय उि िे सछपी रहयी है ा 21 उि ्े अपकी बुद् के उतक काको्को ि्सारा है , और सह अ्ासे िे अ्न यक है ; उि के ् यो कुछ बढाया जा
अध्य 43 1 ऊ्चाई का गौरस, सृ आकाश, सग् की िु्ेरया, उिके कसहकाकय पेश्् के िाथ; 2 िूय् जब पकट होया है , यो अप्े उेय के िकय यह पगट करया है , सक सह एक अे् भुय यव है , अथा् य परकपिा् का काका 3 ेोपहर को ेे श झुलि जाया है , और उिकी जल् को कौ् िह िकया है ? 4 जो क्ुष भटी फू्कया है , सह यपया है , परनु िूय् पहाडो्को सयगु्ा असिक जला ेे या है ; उग साषो् को बाहर स्काल्ा, और उजल सकररे भेज्ा, यह आँ खो् को िु्िला कर ेे या है ा 5 उिे ब्ा्ेसाला यहोसा कहा्् है ; और उिकी आजा पर फुय् िे ेौडया है ा 6 और उि ्े चान को भी उिके िकय के अ्ुिार िकय बया्े, और जगय का सचन ठहरा्े के सलये ठहरायाा 7 चनका िे पब् का सचन है , सह जोसय जो अप्ी पूर्या के रटयी जायी है ा 8 उि कही्े का ्ाक उिके ्ाक पर रखा गया है , और उिके पररसय् ् के आयय्ज्क रप िे सृद् हई है , सह ऊपर की िे्ाक् का एक िाि् ब् गया है , और सग् के आकाश के चकक रहा है ; 9 सग् की शोभा, यारागर की शोभा, यहोसा के ऊ्चे या्ो् के पकाश ेे ्ेसाला आभूषरा 10 से पससत की आजा पर अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके सलथे खडे रहे गे, और जागये िकय कभी सहयास ् छोडे गेा 11 केरि्ुष पर दसृ करके उिके ब्ा्ेसाले की ्ुसय करो; इिकी चकक बहय िु्ेर है ा 12 उि ्े आकाश को एक ये जोकय रेरे िे रेर रखा है , और परकपिा् के हाथो् ्े उिे झुका सेया है ा 13 सह अप्ी आजा िे सहक सगराया है , और अप्े नाय की सबजसलया् ये जी िे चककाया है ा 14 इिी िे भणार खुलया है , और पकी पसकयो् की ्ाई् बाेल उडये है ा 15 सह अप्ी बडी शदय िे बाेलो् को दढ करया है , और कले छोटे -छोटे टु कडे टु कडे कर ेे या है ा 16 उिके ेे खये ही पहाड सहल जाये है , और उिकी इचा िे ेदक्ी पस् बहयी है ा
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17 गडगडाहट के शब िे पृयसी का् प उठयी है , और उतर की आँ िी और बसणर भी का् प उठये है ; सह पसकयो् की ्ाई् उडकर सहक को सबखेरया है , और राि राि के कैेा्ो् की ्ाई् सगरयी है ा 18 आ् ख उिकी िुनरया िे अचदमय होयी है , और उिका बरि्ा ेे खकर क् चसकय होया है ा 19 सह पाले को ्कक की ्ाई् पृयसी पर उ् डेलया है , और जक कर ये ज ड् डो् पर पडा रहया है ा 20 और जब उतर की कर िे ठ् डी हसा चलयी है , और जल बफ् ब् जाया है , यब सह इकटे हए जल के ऊपर ठहर जाया है , और जल को सझलक की ्ाई् ढक लेया है ा 21 सह पहाडो् को भस कर ेे या है , और ज्गल को जला ेे या है , और राि को आग की ्ाई् भस कर ेे या है ा 22 िब का हल यु रन आ्ेसाली कोहरे िे , और गरकी के बाे पड्ेसाली कि िे याजा होया है ा 23 सह अप्ी युदय िे गसहरे िागर को पि् करया है , और उि के दीप बिाया है ा 24 िकुद के जहाज चला्ेसाले उिका खयरा बयाये है ; और जब हक उिे का्ो् िे िु्ये है , यो आयय् करये है ा 25 को्सक उि के सससचत और आयय्कक्, ्ा्ा पकार के पशु, और कछसलयाँ उत् हई है ा 26 उिी के दारा उ् का अन िफल होया है , और िब स्ुए् उिी के सच् के दारा ब्यी है ा 27 हक बहय बोले , यौभी कक बोले ; इि कारर कुल सकलाकर सह ही िब कुछ है ा 28 हक उिकी कसहका कैिे कर िकेगे? को्सक सह अप्े िब काको् िे असिक कहा् है ा 29 यहोसा भया्क और असय कहा् है , और उिकी शदय अे् भुय है ा 30 जब यु क यहोसा की कसहका करो, यो सजय्ा हो िके उिकी ्ुसय करो; को्सक सह अब भी बहय आगे बढ जाएगा: और जब यु क उिकी ्ुसय करो, यो अप्ा िारा बल लगा ेे ्ा, और सहयास ् छोड्ा; को्सक यु क कभी भी बहय ेू र यक ्ही् जा िकये ा 31 उिे सकि ्े ेे खा है , सक सह हक िे कहे ? और जो सह है , उिे कौ् बडा कर िकया है ? 32 इ् िे भी बडी बाये अभी सछपी हई है , को्सक हक ्े उिके थोडे िे काक ही ेे खे है ा 33 को्सक यहोसा ्े िब कुछ ब्ाया है ; और भयो् को उि ्े बुद् ेी है ा
4 और पजा के पिा् अप्ी िमसय और जा् के दारा पजा की िेसा करये है , और उ्के उपेे श बुद्का् और कुशल है ा 5 जैिे ि्गीय के िुर ढू ् ढे, और पद सलखकर िु्ाएा 6 ि्सा् पुरष, जो ि्सा् और कुशल थे , और अप्े अप्े ररो् के िुख िे रहये थेा 7 ये िब अप्ी अप्ी पीढी के पसयसतय हए, और अप्े िकय की कसहका ठहरे ा 8 उ् के िे कुछ लोग अप्े पीछे एक ्ाक छोड गए है , सक उ्की पश्िा का सर्् सकया जाएा 9 और सकय्े ऐिे है , सज्का सरर ्ही्; जो ्ृ हो गए है , का्ो से कभी थे ही ्ही्; और ऐिे हो गए है का्ो उ्का कभी जन ही ् हआ हो; और उ्के बाे उ्के बचेा 10 परनु ये ेयालु क्ुष थे, सज्का िक् भूला ्ही् गयाा 11 उ्के स्श का अचा स्ज भाग िेा ब्ा रहे गा, और उ्की िना् साचा के आिी् है ा 12 उ्का स्श दयर रहया है , और उ्की िना् उ्के स्सकत दयर रहयी है ा 13 उ्का स्श िस्ेा ब्ा रहे गा, और उ्की कसहका ् सकटे गीा 14 उ्के शस शादन िे गाडे गए; परनु उ्का ्ाक िस्ेा जीससय रहे गाा 15 लोग उ्की बुद् का सर्् करे गे, और कणली उ्की पश्िा करे गीा 16 ह्ोक ्े यहोसा को पि् सकया, और उिका अ्ुसाे सकया गया, और सह पीढी पीढी के सलये क् सफरास का उेाहरर ठहरे गाा 17 ्ूह सि् और िक् स्कला; कोि के िकय के सह ि्िार के बेले के ले सलया गया; इिसलए जब जलपलय आया यो सह पृथी पर असशेष ब्कर रह गया ा 18 और उिके िाथ िेा की साचा बानी गई, सक िब पारी सफर जल-पलय िे ्ाश ् हो्ा 19 इबाहीक बहय जासय का कहा्् सपया था; कसहका के उिके यु ल कोई ् था; 20 सजि ्े परकपिा् की वसया का पाल् सकया, और उि िे साचा बानी; उि ्े साचा को अप्े शरीर के दढ सकया; और जब उिकी परीका हई, यो सह ससशाियोग पाया गयाा 21 इिसलथे उि ्े उिको शपथ दखलाकर ससशाि सेलाया, सक सह जासय जासय के लोगो्को उिके स्श के दारा आशीष ेे गा, और उिे पृयसी की िूल के िका् बढाएगा, और यारागर के िका् बढाएगा, और िकुद िे िकुद यक उ्का असिकार्े करे गाा और ्ेी िे लेकर भूसक के चरक भाग यका 22 और उि ्े इिहाक के िाय भी उिके सपया इबाहीक के सलथे िब क्ुषो्की आशीष की साचा बानी, और उिे याकूब के सिर पर ठहरायाा और उि ्े उिको आशीसा् े ेे कर का् सलया, और उिे स्ज भाग सेया, और उिका भाग बा् ट सेया; उि्े उने बारह गोतो् के बाँ ट सेयाा
अध्य 44 1 आक अब हक पसि् पुरषो् और अप्े सपयाक् की ्ुसय करे सजनो््े हके उत् सकयाा 2 यहोसा ्े आरम िे ही अप्ी बडी िाकथ् िे उ्के दारा बडी कसहका की है ा 3 जो लोग अप्े राज के पभुया करये थे , से अप्ी शदय के सलये पसि् थे, और अप्ी िकझ िे युदय ेे ये, और भससषसासरया् करये थेा
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अध्य 45
17 उि ्े उिको अप्ी आजाए् , और नाय की सससियो् का असिकार सेया, सक सह याकूब को सचयौस्या् सिखाए, और इसाएल को अप्ी वसया सिखाएा 18 और परेे सशयो् ्े सकलकर उिके ससर् राजदोह की गोती की, और ज्गल के ेाया् और अबीरो् के पक के लोगो्और कोर की कणली के लोगो््े कोि और जलजलाहट िे उिे बे्ाक सकयाा 19 यह यहोसा ्े ेे खा, और उिे अपि् हआ, और से अप्े कोि की आग िे भस हो गए; उि ्े उ् पर ऐिे अे् भुय काक सकए, सक उने आग की ्ाला िे भस कर सेयाा 20 परनु उि ्े हार् को असिक पसयसतय सकया, और उिे भाग सेया, और उपज की पसहली उपज उिको बा् ट ेी; ससशेषकर उि ्े बहयायय के रोसटया् यै यार की्: 21 को्सक से यहोसा के बसलेा्ो् के िे खाये है , जो उि ्े उिको और उिके स्श को सेया है ा 22 यौभी पजा के ेे श के उिका कोई स्ज भाग ् हआ, और ् पजा के बीच के उिका कुछ भाग हआ; को्सक उिका स्ज भाग और स्ज भाग यहोसा ही है ा 23 और यीिरा कहाकसहक एलीआजर का पुत पी्ीि है ; को्सक सह यहोसा के भय के कारर जोशीला था, और जब पजा के लोग लौट आए, और इसाएल िे केल कर सलया, यब भी सह दढ क् िे खडा हआा 24 इिसलये उिके िाथ केल की साचा बानी गई, सक सह पससतया् और अप्ी पजा का पिा् हो, और उिे और उिके स्श को िेा के सलये याजक पे की पसयता सकलयी रहे ा 25 यहेा के गोत के िे सयशै के पुत ेाऊे के िाथ जो साचा बानी गई थी उिके अ्ुिार राजा का भाग उिके स्श को ही सकले; सैिे ही हार् का भाग भी उिके स्श को सकलेा 26 परकेशर यु झे ये रे क् के बुद् ेे , सक यू उिकी पजा का नाय िक् िे कर िके, सक उ्की अची स्ुए् ्ृ ् हो जाए् , और उ्की कसहका िस्ेा ब्ी रहे ा
1 और उि ्े उि के िे एक ेयालु पुरष को स्काला, सजि पर िब पासरयो्के अ्ुगह की दसृ हई, अया् य् कूिा भी परकेशर और क्ुषो्का सपय था, और उिका सरर करके िन होया है ा 2 उि ्े उिको पससत पससत लोगो्के यु ल ब्ाया, और उिकी कसहका की, यहा् यक सक उिके शतु उि िे डर गएा 3 उि ्े अपके सच्ो्के दारा आयय्कक्को बन कर सेया, और उिको राजाक्के िाम्े कसहकाकय सकया, और अपकी पजा के सलथे उिे आजा ेी, और अपके ये ज के िे उिको पगट सकयाा 4 उि ्े उिकी िचाई और ्मया िे उिको पससत सकया, और िब क्ुषो् के िे उिे चु् सलयाा 5 और उि ्े उिको अप्ा शब िु्ाया, और उिे अनेरे बाेल के ले गया, और उिके िाम्े आजा ेी, अथा् य जीस् और जा् की वसया, सक सह याकूब को अप्ी साचाए् , और इसाएल को अप्े स्यक सिखाएा 6 और उि ्े लेसी के गोत के िे हार् को जो अपके यु ल पससत पुरष या, अया् य् उिके भाई को ऊ्चा सकयाा 7 और उि ्े उिके िाथ िेा की साचा बानी, और उिे लोगो्के बीच याजकपे सेया; उि ्े उिे िुनर आभूषर पह्ाए, और कसहका का सस पसह्ायाा 8 उि ्े उि पर िमू र् कसहका डाली; और उिे िुनर सस, जा् सरया, लमा बागा और एपोे पह्ाकर दढ सकयाा 9 और उि ्े उिके चारो् कर अ्ार और बहय िी िु्हरी र्सटया् बानी, सक उिके चलये ही एक शब और शब हो, जो कदनर के िु्ाई ेे , और उिकी पजा के स्श को सरर आए; 10 और िो्े, और ्ीले रे शक, और बैज्ी, कढाई का काक सकया हआ पससत सस, और नाय की सझलक, और ऊरीक और यु मीक िे पसह्ाया हआ; 11 और सह चयु र कारीगर की कारीगरी का काक सकया हआ बटी हई लाल र् ग की पोशाक िे, और कुहरो् के िका् खोेे हए, और िो्े िे जडे हए, जौहरी के काक का, और इसाएल के गोतो् की सग्यी के अ्ुिार सरर सेला्ेसाले के सलथे लेख खोेकर यै यार सकया गयाा 12 उि ्े उि पर िो्े का एक कुकुट रखा, सजि पर पससतया, आेर का आभूषर, बहकूल काक, आ् खो् की असभलाषाए् , अची और िुनरया खुेी हई थीा 13 उि िे पसहले ऐिा कोई ् हआ, और ् सकिी परेे शी ्े कभी उने पसह्ाया, परनु उिके लडकेबाले और उिके पोये ही िेा के सलये थेा 14 उ्के बसलेा् पसय से् लगायार ेो बार पूरे सकए जाए् ा 15 कूिा ्े उिका असभषेक सकया, और पससत ये ल िे उिका असभषेक सकया; और उिके और उिके स्श के सलये यह िेा की साचा बानी गई, सक जब यक आकाश ब्ा रहे , यब यक से उिकी िेसा टहल करये रहे , और याजकपे का काक करये रहे ा और उिके ्ाक िे लोगो् को आशीसा् े ेोा 16 और उि ्े िब जीससय क्ुषो्के िे उिे सरर के सलथे यहोसा के सलथे बसलेा्, िूप, और िुखेायक िुगन चढा्े के सलथे चु् सलया, सक अपकी पजा के सलथे केल सकलाप करे ा
अध्य 46 1 ्ेस का पुत यीशु यु्ो् के सीर था, और भससषसासरयो् के कूिा का उतरासिकारी था, जो अप्े ्ाक के अ्ुिार परकेशर के चु्े हक् को बचा्े, और उ् शतुक् िे बेला ले्े के सलये कहा् ब्ाया गया था जो उ्के ससर् उठे थे, सक सह इसाएल को उ्का स्ज भाग कर ेे ा 2 जब उि ्े अप्े हाथ फैलाए, और ्गरो्के ससर् अप्ी यलसार बढाई, यो सह का ही बडा कसहकासा् हआ! 3 उि िे पसहले कौ् इि पर ऐिा दयर रहा? को्सक यहोसा आप ही अप्े शतुक् को उिके पाि ले आयाा 4 का िूय् अपकी चाल िे लौट ्ही् गया? और का एक से् ेो से् सजय्ा लमा ्ही् था? 5 जब शतु चारो् कर िे उि पर ेबास डालये थे, यब उि ्े परकपिा् यहोसा को पुकारा; और कहा्् यहोसा ्े उिकी िु् लीा 6 और उि ्े यु् के जासय जासय पर बडे बल के कले बरिाए, और बेथोरो् की चढाई के उ् को जो ससरोि करये थे ्ाश सकया, सजि िे जासय जासय के लोग अप्ा िारा बल जा् ले , 104
को्सक सह यहोसा के िाम्े लडया थाा , और उि्े याकयसर का अ्ुिरर सकयाा 7 कूिा के िकय के भी उि ्े और यपु्े के पुत कालेब ्े ेया का काक सकया, और कणली का िाम्ा सकया, और लोगो् को पाप िे रोका, और ेु ृो् के बडबडाहट को शान सकयाा 8 और छः लाख पैेल चल्ेसालो् के िे उ् ेो को उि स्ज भाग के, अथा् य उि ेे श के जहा् ेू ि और किु की िाराए् बहयी है , ले जा्े के सलथे बचाकर रखा गयाा 9 और यहोसा ्े कालेब को भी बल सेया, और सह बुढापे यक उिके ि्ग रहा; यहा् यक सक सह ेे श के ऊ्चे या्ो्पर गया, और उिके स्श ्े उिे स्ज भाग कर सलयाा 10 इिसलये सक िब इसाएली जा् ले सक यहोसा के पीछे चल्ा अचा है ा 11 और नासययो्के ससषय के िब ्ाक लेकर, सज्का क् वसभचारी ् हआ हो, और ् पभु िे ेू र हए हो्, उ्की सृसय िन होा 12 उ्की हस्या् अप्े सा् पर फूलयी रहे , और जो पसयसतय थे उ्का ्ाक उ्के स्श के ब्ा रहे ा 13 यहोसा के भससषदया और उिके सपय शकूएल ्े एक राज यासपय सकया, और अप्ी पजा पर हासकको् का असभषेक सकयाा 14 सह यहोसा की वसया के अ्ुिार कणली का नाय करया था, और यहोसा ्े याकूब की कर दसृ कीा 15 उिकी िचाई िे सह िचा भससषदया ठहराया गया, और उिके सच् िे सह ेश्् के ससशाियोग कालूक हआा 16 जब उि ्े अप्ा ेू ि पीया हआ केमा चढाया, यब उि ्े पराककी यहोसा को पुकारा, और उिके शतु चारो् कर िे उि पर ेबास डालये थेा 17 और यहोसा ्े आकाश िे गरजकर बडे शब िे अप्ा शब िु्ा सेयाा 18 और उि ्े िोररयो्के हासकको्को, और पसलद्यो्के िब हासकको्को ्ाश सकयाा 19 और अप्ी लमी ्ी्े िे पसहले उि ्े यहोसा और उिके असभसषय के िाम्े सचलाकर कहा, कै ्े जूये के िका् सकिी का ि् ्ही् सलया, और ् सकिी ्े उि पर ेोष लगायाा 20 और उिकी कृतु के बाे उि ्े भससषदारी करके राजा को अप्ा अन बयाया, और पजा की ेु ृया को सकटा्े के सलये पृयसी पर िे ऊ्चे सर िे भससषदारी कर्े लगाा
5 को्सक उि ्े परकपिा् पभु को पुकारा; और उि ्े उिके ेासह्े हाथ के उि पराककी यो्ा को राय कर्े, और अप्ी पजा का िी्ग खडा कर्े की शदय ेीा 6 िो लोगो् ्े लाखो् की ि्या के उिका आेर सकया, और यहोसा की आशीष िे उिकी ्ुसय की, और उि ्े उिे कसहका का कुकुट सेयाा 7 को्सक उि ्े चारो्कर के शतुकक ् ो ्ाश सकया, और अप्े दोसहयो्को पसलद्यो्िे ्ाश सकया, और उ्के िी्ग योड डाले, और आज यक ऐिा ही है ा 8 और अपके िब काको्के उि ्े कसहका के सच्ो्िे परकपिा् पससत की ्ुसय की; अप्े पूरे सेल िे उि्े गा्े गाए, और उििे पार सकया सजि्े उिे ब्ायाा 9 और उि ्े सेेी के िाम्े गायको्को भी बैठाया, सक से उ्के शब िे किुर गीय गाए् , और पसयसे् अपके गीयो्के भज् गाए् ा 10 और उि ्े उ्के पब्को िुशोसभय सकया, और अन यक पससत िकयो्को ठहराया, सक से उिके पससत ्ाक की ्ुसय करे , और भोर िे कदनर के जयजयकार होया रहे ा 11 यहोसा ्े उिके पाप ेू र कर सेए, और उिका िी्ग िेा के सलये ऊ्चा कर सेया; उि ्े उिे राजाक् की साचा, और इसाएल के कसहका का सि्हाि् सेयाा 12 उिके बाे एक बुद्का् पुत उत् हआ, और सह उिके कारर िब िे ेू र रह्े लगाा 13 िुलैका् शादन के िकय राज करया रहा, और पसयसतय हआ; को्सक परकेशर ्े उिके चारो्कर िब को शान कर सेया, सक सह उिके ्ाक का भस् ब्ाए, और उिका पससतया् िस्ेा के सलये यै यार करे ा 14 यू अप्ी जसा्ी के सकय्ा बुद्का् था, और यू बाढ की ्ाई् बहय िकझ िे भरा हआ था! 15 ये रे पार ्े िारी पृयसी को छा सलया, और उिे रोर दृानो्िे भर सेयाा 16 ये रा ्ाक दीपो् यक फैल गया; और यू अप्ी शादन के सलये सपय है ा 17 ये रे गीयो्, और ्ीसयसच्ो्, दृानो्, और अथ् िे ेे श ेे श के लोग यु झ िे अचमा करये थेा 18 यहोसा परकेशर के ्ाक िे जो इसाएल का परकेशर कहलाया है , यू ्े िो्े को टी् के िका् और चानी को िीिे के िका् बहय कर सेयाा 19 यू ्े दसयो्के िाम्े अप्ी ककर झुकाई, और अप्े शरीर के दारा यू सश के सकया गयाा 20 यू ्े अपके िमा् को कल्सकय सकया, और अपके स्श को अपससत सकया; यहा् यक सक यू ्े अपके बालको्पर कोि भडकाया, और अपकी कूढया के कारर उेाि हआा 21 इि पकार राज बँट गया, और एपैक के िे एक बलसा राज राज कर्े लगाा 22 परनु यहोसा अप्ी कररा कभी ् छोडे गा, ् उिका कोई काक ्ाश होगा, ् सह अप्े चु्े हक् के स्श को ्ृ करे गा, और जो उि िे पेक रखया है उिका स्श सह ् छी्ेगा; इि कारर उि ्े याकूब को कुछ बचा सेया , और उि के िे ेाऊे के सलये एक जड स्कलीा 23 इि पकार िुलैका् अप्े पुरखाक् के ि्ग िो गया, और उि ्े अप्े स्श के िे रोबोआक को छोड सेया, जो पजा के
अध्य 47 1 और उिके बाे ्ाया् ेाऊे के िकय के भससषदारी कर्े को उठाा 2 जैिे केलबसल के िे चब् उठाई जायी है , सैिे ही ेाऊे इसाएसलयो् के िे चु् सलया गयाा 3 सह सि्हो्के िाथ बालको्के िका्, और भालुकक ् े िाथ भेड-बकररयो्के िका् खेलया याा 4 का उि ्े जसा् ही के सकिी राकि को कार डाला? और का उि्े लोगो् की ्ाकिराई ेू र ्ही् की, जब उि्े अप्ा हाथ गोफ् के रखे हए पतर के िाथ उठाया, और गोसलयय का रकण योड सेया? 105
कूख् और स्बु्द् था, और अप्ी युदय िे लोगो् को बहका ेे या थाा ्बाय का पुत यारोबाक भी था, जो इसाएल िे पाप कराया था, और एपैक को पाप का काग् बयाया थाा 24 और उ्के पाप इय्े बढ गए, सक से ेे श िे स्काले गएा 25 को्सक से िब पकार की ेु ृया की खोज के रहये थे, यहा् यक सक उ् पर पलटा ले्े का िकय आ गयाा
19 यब उ्के हेय और हाथ का् प्े लगे, और से जचा दसयो् की ्ाई् पीडा कर्े लगेा 20 परनु उनो््े ेयालु यहोसा को पुकारा, और उिकी कर हाथ फैलाए; और यु रन पससत ्े सग् के िे उ्की िु् ली, और एिे की िेसकाई के दारा उने छु डायाा 21 उि ्े अशूररयो्की िे्ा को कारा, और उिके ेू य ्े उ्को ्ाश सकयाा 22 को्सक यहे जसकयाह ्े सही सकया जो यहोसा को पि् हआ, और अप्े सपया ेाऊे की चाल पर दढ रहा, जैिा भससषसया एिे ्े, जो अप्े ेश्् के कहा् और ससशाियोग था, आजा ेी थीा 23 उिके िकय के िूय् उलट गया, और उि ्े राजा की आयु बढा ेीा 24 उि ्े उतक आाा िे ेे खा, सक अन के का हो्ेसाला है , और उि ्े सियो् के शोक कर्ेसालो्को शादन ेीा 25 उि ्े जो बाये िेा रसटय हो्ेसाली थी्, और गुर बाये सा से कभी रसटय होयी थी्, पगट की्ा
अध्य 48 1 यब एसलयाह भससषदया आग की ्ाई् उठ खडा हआ, और उिका सच् ेीपक की ्ाई् जल उठाा 2 और उि ्े उ् पर बडा भारी अकाल डाला, और अपके जोश िे उ्की सग्यी रटा ेीा 3 यहोसा के सच् के दारा उि ्े आकाश को बन सकया, और यी् बार आग बरिाईा 4 हे इसलयाि, यू अप्े आयय्कक्के कारर कैिा पसयसतय हआ! और ये रे यु ल कसहका कौ् कर िकया है ! 5 सजि ्े परकपिा् के सच् के दारा करे हए को कृतु के िे, और उिके पार को करे हए के सा् के िे सजलायाा 6 सह राजाक् को ्ाश कर ेे या है , और पसयसतय पुरषो्को गदी िे सगरा ेे या है ; 7 सजि ्े िी्ै के यहोसा की डा् ट, और होरे ब के पलटा ले्े का नाय िु्ा; 8 उि ्े बेला ले्े के सलथे राजाक् को, और अप्े पीछे िफल हो्े के सलथे भससषदयाक् को स्युय सकया; 9 सह आग की बसणर और ये ज रोडो् के रथ पर चढाया गया; 10 जो अप्े िकय के डाँ ट्े के सलथे स्युय सकए गए, सक यहोसा के नाय के कोि को भडक्े िे पसहले ही शान करे , और सपया का क् पुत की कर फेरे , और याकूब के गोतो्को पु्ः यासपय करे ा 11 िन से है , जो यु झे ेे खकर पेक िे िो गए; को्सक हक स्यय जीससय रहे गेा 12 एसलयाह सह था, सजि पर बसणर छाया हआ था; और एलीयुि उिकी आाा िे भर गया; जब यक सह जीससय रहा, यब यक सह सकिी हासकक िे ् हटा, और ् कोई उिे सश के कर िकाा 13 कोई शब उि पर पबल ् हो िका; और उ्की कृतु के बाे उ्के शरीर ्े भससषसारी कीा 14 उि ्े अपके जीस् के यो आयय्कक् सकए, और कर्े पर भी उिके काक अे् भुय हएा 15 इि िब के कारर लोगो् ्े क् ् सफराया, और अप्े पापो् िे यब यक अलग ् हए, जब यक से लूटे ्ही् गए, और अप्े ेे श िे स्काले गए, और िारी पृयसी पर सययर-सबयर हो गए; यौभी ेाऊे के ररा्े के एक छोटी िी पजा और एक हासकक रह गया : 16 उ् के िे सकय्ो् ्े सह सकया जो परकेशर को भाया था, और सकय्ो् ्े पाप बढा सेएा 17 यहे जसकयाह ्े अपके ्गर को दढ सकया, और उिके बीच के जल पह् चाया; उि ्े कठोर चटा् को लोहे िे खोेा, और जल के सलये कुए् ब्ाएा 18 उिके िकय के िने रीब ्े चढाई करके रबाि को भेजा, और सियो् के ससर् हाथ बढाकर रकण सकयाा
अध्य 49 1 योसशयाह का सरर उि िुगन के िका् है जो औषिालय की कला िे ब्ाया जाया है : सह िब के कु्ह के किु के िका् किुर, और भोज के िकय ेाखकिु के िका् किुर होया है ा 2 उि ्े पजा के क् सफरा्े के खराई िे काक सकया, और अिक् के रृसरय काको् को ेू र सकयाा 3 उि ्े अप्ा क् यहोसा की कर लगाया, और ेु ृो्के िकय के उि ्े परकेशर की उपाि्ा दयर कीा 4 ेाऊे, यहे जसकयाह और योसशयाह को छोड िब ेोषी स्कले; को्सक उनो््े परकपिा् की वसया को ताग सेया, यहा् यक सक यहेा के राजा भी अिफल हएा 5 इिसलथे उि ्े उ्का असिकार औरो्को, और उ्का सैभस परेे शी जासय को ेे सेयाा 6 और सयक्याह की भससषदारी के अ्ुिार उनो््े पससतया् के चु्े हए ्गर को फू्क सेया, और िडको् को उजाड सेयाा 7 को्सक जो भससषदया था, और अप्ी का् के पेट के पससत ठहराया गया था, उनो् ्े उि िे बुरी सब्यी की, सक जड िे उखाड डाले, और ेु :ख ेे , और ्ाश कर डाले; और सह स्का् र भी कर िके, और पौिे भी लगा िकेा 8 यहे जकेल ही ्े सह कसहकाकय ेश्् ेे खा, जो उिे करबो्के रथ पर सेखाई सेया याा 9 को्सक उि ्े केह की आड के शतुक् की चचा् की, और जो लोग िीिे चलये थे उ्को काग् सेखायाा 10 और बारह भससषदयाक् के सरर के सलये आशीष ेी जाए, और उ्की हस्या् अप्े सा् िे सफर फूल्े लगे; को्सक उनो््े याकूब को शादन ेी, और आशा के दारा उ्को छु डायाा 11 हक जोरोबाबेल की कसहका कैिे करे ? यहाँ यक सक सह ेासह्ी कर के ह्ाकरकया् के िका् था: 12 योिेेेक का पुत यीशु भी सैिा ही था, सजि ्े उनी् के िकय के भस् ब्ाया, और यहोसा के सलये एक पससत कदनर ब्ाया, जो अ्न कसहका के सलये यै यार सकया गयाा 106
13 और चु्े हक् के ्ीसकयाह भी था, सजिकी यासय कहा् थी, सजि ्े हकारे सलये सगरी हई शहरप्ाह को खडा सकया, और फाटको् और बेडो् को खडा सकया, और हकारे खणहरो् को सफर खडा सकयाा 14 परनु पृयसी पर ह्ोक के यु ल कोई क्ुष ् उत् हआ; को्सक सह पृयसी पर िे उठा सलया गयाा 15 और यूिुफ के यु ल कोई जसा् पुरष उत् ् हआ, जो अपके भाइयो्पर हासकक हो, और पजा का स्ज भाग हो, और सजिकी हस्या् यहोसा का धा् होा 16 िेक और शेय क्ुषो् के बडे आेर के थे, और आेक िृसृ के िब जीससय पासरयो् के शेत थाा
16 यब हार् के पुतो््े जयजयकार की, और चानी की यु रसहया् फू्की्, और परकपिा् के सरर के सलथे बडा शब सकयाा 17 यब िब लोग एक िाथ फुय् करके अप्े िस्शदयका् पभु परकेशर परकपिा् को ेणसय् कर्े के सलथे कु्ह के बल पृयसी पर सगरे ा 18 और गसैयो् ्े भी अप्े क्ठ िे ्ुसय की, और ्ा्ा पकार की धस्यो् िे किुर िु् स्कालीा 19 और लोग परकपिा् यहोसा िे पाथ््ा करके उिके िाम्े यब यक पाथ््ा करये रहे , जब यक सक पभु की कसहका पूरी ् हो गई, और उनो््े उिकी िेसा पूरी ् कर लीा 20 यब सह ्ीचे गया, और अप्े हाथ इसाएसलयो् की िारी कणली के ऊपर फैलाए, सक कु्ह िे यहोसा को आशीसा् े ेे , और उिके ्ाक िे आ्दनय होा 21 और से ेू िरी बार ेणसय् कर्े को झुके, सक परकपिा् िे आशीष पाए् ा 22 इिसलये अब यु क िब के परकेशर को िन कहो, जो हर जगह अे् भुय काक करया है , जो गभ् िे हकारी आयु को बढाया है , और अप्ी ेया के अ्ुिार हक पर ेया करया है ा 23 सह हके क् के आ्न ेे , और हकारे से्ो् के इसाएल के िस्ेा शादन ब्ी रहे ा 24 सक सह हक पर अप्ी कररा पगट करे , और अप्े िकय पर हकारा उ्ार करे ! 25 ेो पकार की जासयया् है सज् िे केरा क् रृरा करया है , और यीिरी कोई जासय ्ही्; 26 शोकरो् पहाड पर बैठ्ेसाले, और पसलद्यो्के बीच रह्ेसाले, और िीकेक के रह्ेसाले स्बु्द् लोगा 27 यरशलेक के सिराख के पुत यीशु ्े िकझ और जा् की सशका इि पु्क के सलखी है , सजि ्े बुद् को अप्े हेय िे उ् डेलाा 28 िन सह है जो इ् काको् के स्पुर होगा; और जो उने अप्े हेय के रखया है सह बुद्का् हो जाएगाा 29 को्सक यसे सह ऐिा करे गा, यो िब बायो् के बलसन होगा; को्सक जो भय को बुद् ेे या है , उिे यहोसा का पकाश अगुसाई ेे या है ा पभु का ्ाक िस्ेा िन रहे ा आकी्, आकी्.
अध्य 50 1 शकौ् कहायाजक, कस्याह का पुत, सजि ्े अप्े जीस् के उि भस् की सफर करमय कराई, और अप्े से्ो् के कदनर को दढ सकया; 2 और उिी ्े ्ेस िे ेू ्ी ऊ्चाई का, और भस् के चारो्कर ऊ्ची सकला ब्ाया; 3 उिके से्ो् के पा्ी पा्े का हौे िकुद की िी चाल के अ्ुिार पीयल की पसटयो् िे ढा् पा जाया था; 4 और उि ्े कदनर की चौकिी की, सक सह सगरे ्, और ्गर को रेर्े िे दढ सकया; 5 पससतया् िे स्कलये िकय लोगो् के बीच के उिका कैिा आेर हआ! 6 सह बाेल के बीच के भोर के यारे के िका्, और पूर् चनका के िका् था; 7 जैिे िूय् परकपिा् के कदनर पर चककया है , और केरि्ुष के िका् उसजयाले बाेलो् के पकाश ेे या है ; 8 और जैिे सष् के सिन के गुलाब के फूल, और जल की ्सेयो् के सक्ारे िोि् फूल, और िूपकाल के िकय लोबा् के सृक की डासलया्, 9 िूपेा् के आग और िूप, और िब पकार के कसरयो् िे जडे हए कूटकर ब्ाए हए िो्े के पात के िका्; 10 और सह िुनर जलपाई के सृक के िका् है जो फल उगया है , सा ि्ोसर के सृक के िका् है जो बाेल यक बढया है ा 11 जब सह कसहका का सस पसह्कर, और कसहका की उतक स्ुए् पसह्े हए पससत सेेी के पाि गया, यब उि ्े पससत सस को कसहकाकय ब्ायाा 12 और उि ्े याजको्के हाथ िे भाग ले सलया, और सलबा्ुि के जसा् ेे सेार की ्ाई् सेेी के आगके पाि चारो् कर रूककर खडा हो गया; और जैिे खजूर के सृक उिके चारो् कर रूकये थेा 13 इि पकार हार् के िब पुत अपके अपके कसहका के, और अपके हाथ के यहोसा के हव सलये हए इसाएल की िारी कणली के िाम्े थेा 14 और सेेी की िेसा पूरी करके परकपिा् िस्शदयका् के हव को िुशोसभय करे , 15 और उि ्े अप्ा हाथ कटोरे की कर बढाया, और ेाख के लोह के िे िब के िब परकपिा् राजा के सलये सेेी के पा् स पर िुखेायक िुगन उ् डेल सेयाा
अध्य 51 1 सिराच के पुत यीशु की पाथ््ाा हे पभु और राजा, कै ये रा िनसाे कर ् गा, और ये री ्ुसय कर ् गा, हे परकेशर केरे उ्ारकया् ; कै ये रे ्ाक की ्ुसय करया ह् : 2 को्सक यू केरा रकक और िहायक है , और यू ्े केरे शरीर को िता्ाश िे, और बे्ाकी कर्े साली जीभ के जाल िे, और झूठ गढ्ेसाले होठो् िे बचाया है , और केरे दोसहयो् के ससर् केरा िहायक हआ है ा 3 और उ् की बहयायय की कररा और अप्े ्ाक के पयाप के अ्ुिार कुझे उ् ेा् यो् िे जो कुझे खा जा्े को यै यार थे, और केरे पार के खोसजयो् के हाथ िे, और ्ा्ा पकार के केशो् िे बचायाा केरे पाि था; 4 चारो्कर आग के जल्े िे, सर् उि आग के बीच के िे जो कै ्े ्ही् भडकाई; 107
5 ्रक की गहराइयो् िे, अशु् जीभ िे, और फूठी बायो् िेा 6 अिक् जीभ िे राजा पर ेोष लगा्े िे केरा पार कर्े के स्कट पह् च गया, केरा पार अिोलोक के स्कट पह् च गयाा 7 उनो््े कुझे चारो्कर िे रेर सलया, और कोई केरी िहाथया ् कर िका; कै ्े क्ुषो्की िहायया ढू ् ढी, परनु कोई ् सकलाा 8 यब हे यहोसा, कै ्े ये री कररा पर, और ये रे पाची् काको्के ससषय के िोचा, सक यू अप्े राय लगा्ेसालो्को सकि पकार छु डाया है , और शतुकक ् े हाथ िे बचाया है ा 9 यब कै ्े पृयसी पर िे पाथ््ा करके पाथ््ा की, और कृतु िे छु टकारा पा्े के सलथे पाथ््ा कीा 10 कै ्े अपके पभु के सपया यहोसा की ेोहाई ेी, सक सह केरे ि्कट के से्ो्के, और रकण के िकय, जब कोई िहाथया ् रह जाए, कुझे ् छोडे ा 11 कै ये रे ्ाक का लगायार िनसाे कर ् गा, और िनसाे करये हए भज् गाऊ्गा; और इिसलए केरी पाथ््ा िु्ी गई: 12 को्सक यू ्े कुझे सस्ाश िे बचाया, और बुरे िकय िे बचाया है ; इि कारर कै ये रा िनसाे कर ् गा, और ये री पश्िा कर ् गा, और हे यहोसा, ये रे ्ाक िे आशीष ेू ् गाा 13 जब कै जसा् था, सा कभी ससेे श जाया था, यो कै खुल कर पाथ््ा के बुद् चाहया थाा 14 कै ्े कदनर के उिके सलथे पाथ््ा की, और अन यक उिे ढू ् ढया रह् गाा 15 फूल लग्े िे लेकर ेाख पक्े यक केरा क् उिी िे पि् रहा; कै िीिी राह पर चलया रहा, और बचप् िे कै उिकी खोज के लगा रहाा 16 और कै ्े थोडा का् झुकाकर उिे गहर सकया, और बहय कुछ िीखाा 17 उि िे कुझे लाभ हआ, इिसलये जो कुझे बुद् ेे या है , उिकी कै बडाई कर ् गाा 18 को्सक कै ्े उिके पीछे चल्े की ठा्ी, और जो भला है उिके पीछे कै लग् िे लगा रहा; यो का कै भसकय ् होऊँ? 19 केरे पार ्े उि िे कलयु् सकया, और अप्े काको् के कै खरा रहा ह् ; कै ्े ऊपर आकाश की कर हाथ फैलाकर उिके ससषय के अप्ी अजा्या पर ससलाप सकयाा 20 कै ्े अप्ा क् उि की कर लगाया, और कै ्े उिे स्क्लया िे पाया; कै ्े आरम िे अप्ा क् उि के लगा रखा है , इि कारर कै ् तागा जाऊ्गाा 21 केरा क् उिके ढू ् ढये -ढू ् ढये वाकुल हो गया: इि कारर कुझे अची िमसत सकल गईा 22 यहोसा ्े केरे पसयफल के सलथे कुझे जीभ ेी है , और कै उिके दारा उिकी ्ुसय कर ् गाा 23 हे अ्पढो, केरे स्कट आक, और ससदा के रर के रहोा 24 यु क को् िीके हो, और अप्े क् के पािे हो कर ऐिी बाये को् कहये हो? 25 कै ्े कु्ह खोलकर कहा, उिको सब्ा रपया कोल ले लोा 26 अप्ी गे् ् जूए के ्ीचे रखो, और अप्ी आाा को सशका ेो; सह पा्ा कसठ् है ा 27 अप्ी आ् खो् िे ेे ख, सक कै ्े यो थोडा पररशक सकया, परनु कुझे बहय ससशक सकला है ा 28 बहय ि् लेकर ससदा पार करो, और उिके दारा बहय िा िो्ा पार करोा
29 यू उिकी कररा िे आ्दनय हो, और उिकी ्ुसय िे लद्य ् होा 30 अप्ा काक िकय पर करो, और सह अप्े िकय पर यु मे पसयफल ेे गाा
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अध्याय 1
16 और हमारे रािाओां, और हाजकमोां, और यािकोां, और भजवष्यद्विाओां, और हमारे बाप-दादोां को; 17 क्ोांजक हम ने यहोवा के साम्हने पाप जकया है, 18 और उसकी आज्ञा नहीां मानी, और िो आज्ञाएां उस ने हम को प्रगट करके दी हैं उन पर हम अपने परमेश्वर यहोवा की बात नहीां मानते। 19 जिस जदन से यहोवा हमारे पुरखाओां को जमस्र दे श से जनकाल लाया, उस जदन से आि के जदन तक हम यहोवा अपने परमेश्वर की आज्ञा नहीां मानते, और उसकी बात न सुनकर लापरवाही करते आए हैं। 20 इस कारण वे जवपजियाां हम में आ गईां, और वह श्राप भी जमला, िो यहोवा ने अपने दास मसा से उस समय ठहराया, जक वह हमारे पुरखाओां को जमस्र दे श से जनकाल ले आया, और हमें ऐसा दे श दे , जिस में उसके समान दध और मधु की धाराएां बहती हैं। ये जदन दे खना है . 21 तौभी हम ने अपने परमेश्वर यहोवा की बात उन भजवष्यद्विाओां की सब बातोां के अनुसार नहीां मानी िो उस ने हमारे पास भेिे थे। 22 परन्तु हर एक मनुष्य अपने बुरे मन के अनुसार पराये दे वताओां की उपासना करने, और हमारे परमेश्वर यहोवा की दृजि में बुरा करने लगा।
1 और उस पुस्तक के शब्द ये हैं , जिसे बारूक ने, िो नेररय्याह का पुत्र, और माजसयाह का पोता, यह सेदजकय्याह का पोता, यह असजदया का परपोता, और चेल्कियाह का पोता था, बाबुल में जलखा, 2 पाांचवें वर्ष के सातवें जदन को कसजदयोांने यरूशलेम को ले जलया, और आग में फां क जदया। 3 और बारूक ने इस पुस्तक के वचन यहूदा के रािा योआकीम के पुत्र यकोन्याह को, और उस पुस्तक को सुनने आए सब लोगोां को सुनाए। 4 और रईसोां, रािकुमारोां, पुरजनयोां, और छोटे से ले कर ऊांचे तक सब लोगोांके कान में, अयाषत् सद नदी के तीर पर बाबुल के रहनेवाले सब लोगोांके कान में। 5 तब वे रोए, उपवास जकया, और यहोवा के साम्हने प्राथषना की। 6 और उन्ोांने हर एक मनुष्य की शल्कि के अनुसार धन भी इकट्ठा जकया; 7 और उन्ोांने उसे यरूशलेम में चेल्कियाह के पुत्र और सलोमी के पुत्र योआकीम महायािक के पास, और यािकोांऔर उन सब लोगोांके पास भेि जदया, िो यरूशलेम में उसके सांग पाए गए थे। 8 उसी समय सीवान महीने के दसवें जदन को उस ने यहोवा के भवन के पात्र, िो मल्किर में से जनकाले गए थे, यहूदा के दे श में लौटाने के जलये ले जलए, अयाषत् चाांदी के पात्र, िो सेजदजकयास ने िादा के रािा योजशय्याह के पुत्र ने बनाया था, 9 उसके बाद बाबुल का रािा नबकदनेस्सर यकोन्याह को, और हाजकमोां, और बन्धुओ,ां और शरवीरोां, और साधारण लोगोांको यरूशलेम से बन्धुआ करके बाबुल को ले गया। 10 और उन्ोांने कहा, दे ख, हम ने तेरे पास रूपया भेिा है , जक त होमबजल, पापबजल, और धप मोल ले, और मन्ना तैयार करके अपने परमेश्वर यहोवा की वेदी पर चढाए; 11 और बाबुल के रािा नबकदनेस्सर और उसके पुत्र बल्थसार के प्राण के जलथे प्राथषना करो, जक उनके जदन पृय्वी पर स्वगष के समान होां। 12 और यहोवा हमें शल्कि दे गा, और हमारी आां खोां में ज्योजत दे गा, और हम बाबुल के रािा नबकदनेस्सर की छाया में, और उसके पुत्र बल्थासर की छाया में रहेंगे, और हम बहुत जदन तक उनकी सेवा करते रहेंगे, और उनकी कृपादृजि पाएां गे। . 13 हमारे जलये भी अपके परमेश्वर यहोवा से प्राथषना करो, क्ोांजक हम ने अपके परमेश्वर यहोवा के जवरूद्ध पाप जकया है ; और आि तक यहोवा का क्रोध और उसका क्रोध हम पर से शान्त नहीां हुआ है । 14 और तुम यह पुस्तक िो हम ने तुम्हारे पास इसजलये भेिी है , जक तुम पर्व्वोंऔर पजवत्र जदनोांमें यहोवा के भवन में अांगीकार करो। 15 और तुम कहोगे, हमारे परमेश्वर यहोवा की ओर से धमष तो है , परन्तु हम को तो सांकट का सामना करना पड़ता है , िैसा आि के जदन यहूदा और यरूशलेम के जनवाजसयोांको होता है।
अध्याय दो 1 इसजलये यहोवा ने अपना वचन परा जकया है , िो उस ने हमारे और हमारे न्याजययोांके जवरूद्ध िो इस्राएल का न्याय करते थे, और हमारे रािाओां, हमारे हाजकमोां, और इस्राएल और यहूदा के पुरूर्ोांके जवरूद्ध कहा था। 2 जक हम पर ऐसी बड़ी जवपजियाां डालें, िैसी मसा की व्यवस्था में जलखी हुई बातोां के अनुसार यरूशलेम में यरूशलेम में पड़ीां; 3 जक मनुष्य अपके बेटे का माांस, और अपक्की बेटी का माांस खाए। 4 और उस ने उनको हमारे चारोांओर के सब राज्योांके आधीन कर जदया, जक वे चारोांओर के सब राज्योांके बीच में नामधराई और उिाड़ हो िाएां , िहाां यहोवा ने उन्ें जततर-जबतर कर जदया है। 5 इस प्रकार हम जगराए गए, और ऊांचे न ठहरे , क्ोांजक हम ने अपके परमेश्वर यहोवा के जवरूद्ध पाप जकया, और उसकी बात नहीां मानी। 6 हमारे परमेश्वर यहोवा को तो धमष जमलता है , परन्तु हमें और हमारे बापदादोां को लल्कित होना पड़ता है , िैसा आि के जदन प्रगट होता है। 7 क्ोांजक ये सब जवपजियाां हम पर आ पड़ी हैं , जिन्ें यहोवा ने हम पर प्रकट जकया है 8 तौभी हम ने यहोवा से प्रायषना नहीां की, जक हम हर एक को उसके दु ि मन की कल्पना से फेर दें । 9 इसजलथे यहोवा ने हम पर जवपजि की दृजि की, और यहोवा ने उसे हम पर ला जदया; क्ोांजक यहोवा अपके सब कामोांके जवर्य में जिसकी आज्ञा उस ने हमें दी है धमी है। 110
10 तौभी हम ने यहोवा की िो आज्ञाएां उस ने हमारे साम्हने रखी हैं उन पर चलने के जलथे उसकी बात नहीां सुनी। 11 और अब, हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा, त ने अपनी प्रिा को बलवन्त हाथ, और ऊांचे हाथ, और जचन्ोां, और चमत्कारोां, और बड़े सामथष के द्वारा जमस्र दे श से जनकाल लाया है , और अपना नाम प्रजसद्ध जकया है , िैसा जक इस जदन जदखाई दे ता है : 12 हे हमारे परमेश्वर यहोवा, हम ने पाप जकया है , हम ने भल्किहीन काम जकया है , हम ने तेरे सब जनयमोांके जवर्य में कुजटलता से काम जकया है। 13 तेरा क्रोध हम पर से दर हो िाए; क्ोांजक अन्यिाजतयोां में िहाां त ने हम को जततर-जबतर कर जदया है , हम थोड़े ही बचे हैं। 14 हे यहोवा, हमारी प्राथषना और जवनती सुन, और अपने जनजमि हमें छु ड़ा, और िो हमें जनकाल ले गए हैं उन पर हम पर अनुग्रह कर। 15 जिस से सारी पृथ्वी िान ले जक त हमारा परमेश्वर यहोवा है , इस कारण इस्राएल और उसका वांश तेरे ही नाम से पुकारे िाते हैं । 16 हे यहोवा, अपके पजवत्र भवन में से दृजि करके हमारी ओर दृजि कर; हे यहोवा, अपना कान हमारी ओर झुकाकर सुन। 17 अपनी आां खें खोलकर दे खो; क्ोांजक िो मरे हुए कब्ोां में हैं , और जिनके प्राण उनके शरीर से जनकाले गए हैं , वे प्रभु की न तो स्तुजत करें गे और न धमष। 18 परन्तु हे यहोवा, िो प्राणी अत्यन्त व्याकुल, झुके हुए और दु बषल हो िाते हैं , और जिनकी आां खे सख गई हैं , और िो भखा है , वही तेरी स्तुजत और धमष करे गा। 19 इस कारण हे हमारे परमेश्वर यहोवा, हम अपने पुरखाओां और रािाओां के धमष के जवर्य में तेरे साम्हने दीनता से प्राथषना नहीां करते। 20 क्ोांजक त ने हम पर अपना क्रोध और िलिलाहट भड़काई है , िैसा त ने अपने दास भजवष्यद्विाओां के द्वारा कहलवाया है , 21 यहोवा योां कहता है , बाबुल के रािा के आधीन होने को अपने कन्धे झुकाओ; इस प्रकार तुम उस दे श में बने रहोगे िो मैं ने तुम्हारे पवषिोां को जदया था। 22 परन्तु यजद तुम बाबुल के रािा की अधीनता करने के जलथे यहोवा की वाणी न सुनोगे, 23 मैं यहूदा के नगरोांमें और यरूशलेम के बाहर से हर्ष और आनि का शब्द, दल्हे और दु ल्हन का शब्द बि कर दां गा; और सारा दे श उिाड़ हो िाएगा। जनवासी. 24 परन्तु हम ने बाबुल के रािा की अधीनता करने के जलथे तेरी बात न मानी; इसजलथे िो वचन त ने अपके दास भजवष्यद्विाओांके द्वारा कहा या, जक हमारे रािाओां और हमारे बापदादोांकी हजियाां जमलीां, उनको त ने परा जकया है। उनकी िगह से हटा जदया िाए. 25 और दे खो, वे जदन की धप और रात की शीत में फेंक जदए िाते हैं , और भख, तलवार और मरी से बड़े दु :ख में मर िाते हैं।
26 और िो भवन त कहलाता है , उसे त ने इस्राएल और यहूदा के घराने की दु िता के कारण उिाड़ जदया, िैसा आि के जदन जदखाई पड़ता है। 27 हे हमारे परमेश्वर यहोवा, त ने अपनी सारी भलाई और अपनी बड़ी करूणा के अनुसार हम से व्यवहार जकया है। 28 िैसा त ने अपके दास मसा के द्वारा उस जदन कहा या, जक त ने उसको इस्राएजलयोांके साम्हने व्यवस्या जलखने की आज्ञा दी या, 29 यजद तुम मेरा शब्द न सुनोगे, तो जनश्चय यह बड़ी भीड़ िाजत िाजत में छोटी हो िाएगी, और मैं उनको जततर-जबतर कर दां गा। 30 क्ोांजक मैं िानता था, जक वे मेरी न सुनेंगे, क्ोांजक वे हठीले लोग हैं ; परन्तु बन्धुवाई के दे श में वे आप ही को स्मरण करें गे। 31 और िान लेंगे जक मैं यहोवा उनका परमेश्वर हूां; क्ोांजक मैं उन्ें सुनने के जलये हृदय और कान दां गा; 32 और वे अपने बन्धुवाई के दे श में मेरी स्तुजत करें गे, और मेरे नाम पर ध्यान करें गे, 33 और अपनी हठीली गदष न से और अपने बुरे कामोां से लौट आओ; क्ोांजक वे अपने पुरखाओां की चाल को स्मरण करके यहोवा के साम्हने पाप करें गे। 34 और मैं उनको उस दे श में जफर पहुांचाऊांगा जिसके जवर्य मैं ने इब्ाहीम, इसहाक, और याकब, उनके पुरखाओां से शपथ खाकर कहा या, और वे उस पर प्रभुता करें गे; और मैं उनको बढाऊांगा, और वे घट न सकेंगे। 35 और मैं उनके साथ सदा की वाचा बान्धांगा, जक मैं उनका परमेश्वर रहूांगा, और वे मेरी प्रिा ठहरें गे; और मैं अपक्की इस्राएली प्रिा को उस दे श से िो मैं ने उनको जदया है जफर कभी न जनकालांगा। अध्याय 3 1 हे सवषशल्किमान यहोवा, हे इस्राएल के परमेश्वर, प्राण, व्याकुल आत्मा, व्याकुल होकर तुझ से प्राथषना करता है। 2 हे यहोवा, सुन, और दया कर; क्ोांजक त दयालु है: और हम पर दया कर, क्ोांजक हम ने तेरे साम्हने पाप जकया है। 3 क्ोांजक त सवषदा बना रहेगा, और हम सत्यानाश हो िाएां गे। 4 हे सवषशल्किमान यहोवा, हे इस्राएल के परमेश्वर, अब मरे हुए इस्राएजलयोांऔर उनकी सन्तानोांकी प्राथषना सुनो, जिन्ोांने तेरे साम्हने पाप जकया, और अपने परमेश्वर की बात नहीां सुनी; जिस कारण ये जवपजियाां हम पर पड़ी हैं . 5 हमारे पुरखाओां के अधमष के कामोांको स्मरण न करो; परन्तु इस समय अपके पराक्रम और अपने नाम का स्मरण करो। 6 क्ोांजक त हमारा परमेश्वर यहोवा है , और हे यहोवा, हम तेरी स्तुजत करें गे। 7 और इस कारण त ने हमारे मन में अपना भय उत्पन्न जकया है , जक हम बन्धुवाई में तेरा नाम पुकारें , और तेरी स्तुजत करें ; क्ोांजक हम ने अपने पुरखाओां के सब अधमष को स्मरण करके िो तेरे साम्हने पाप जकए थे। 8 दे ख, हम आि तक बन्धुवाई में हैं , और त ने हमें जततरजबतर कर जदया है , जक हमारी नामधराई और शाप हो, और 111
हमारे पुरखाओां के सब अधमष के कामोांके अनुसार, िो हमारे परमेश्वर यहोवा से दर हो गए थे, दण्ड भोगें। 9 हे इस्राएल, िीवन की आज्ञाओां को सुनो; बुल्कद्ध की ओर कान लगाओ। 10 हे इस्राएल, ऐसा क्ोां होता है , जक त अपने शत्रुओां के दे श में है , और पराए दे श में बढा हो गया है , और मरे हुओां के समान अशुद्ध हो गया है? 11 क्ा त कब् में उतरनेवालोांमें जगना िाता है? 12 त ने बुल्कद्ध के सोते को त्याग जदया है। 13 क्ोांजक यजद त परमेश्वर के मागष पर चलता, तो सवषदा शाल्कन्त से जनवास करता। 14 िान लो जक बुल्कद्ध कहाां है , बल कहाां है , समझ कहाां है ; इसजलये जक त िान ले जक दीघाषयु और िीवन कहाां है , और आां खोां की ज्योजत और शाल्कन्त कहाां है। 15 उसका स्थान जकस ने िान जलया? या उसके भण्डारोां में कौन आया है? 16 अन्यिाजतयोां के हाजकम और पृय्वी के पशुओां पर प्रभुता करनेवाले कहाां गए; 17 वे िो आकाश के पजियोांके साथ जवहार करते थे, और िो चािी और सोना जिस पर मनुष्य भरोसा रखते थे, उसका सांचय करते थे, और उनको कुछ प्राप्त न होता था? 18 क्ोांजक िो चािी का काम करते और बहुत सावधान रहते थे, और जिनके काम का पता नहीां चलता, 19 वे लुप्त हो गए और कब् में चले गए, और उनके स्थान पर दसरे लोग आ गए। 20 िवानोां ने उजियाला दे खा, और पृय्वी पर बस गए; परन्तु ज्ञान का मागष न िाना; 21 और न उसके मागष को समझा, और न उसे पकड़ा; और उनके लड़केबाले उस मागष से दर थे। 22 इसकी चचाष कनान में कभी नहीां सुनी गई, और न तेमान में कभी ऐसा दे खा गया। 23 िो पृय्वी पर ज्ञान के खोिी हैं , और मेरान और थेमान के व्यापारी, और दां तकथाओांके लेखक, और अनबुल्कद्ध के खोिी हैं ; इनमें से जकसी ने भी ज्ञान का मागष नहीां िाना, या उसके मागष को याद नहीां जकया। 24 हे इस्राएल, परमेश्वर का भवन क्ा ही महान है ! और उसके अजधकार का स्थान जकतना बड़ा है ! 25 महान, और उसका अन्त नहीां; ऊँचा, और मापनीय नहीां। 26 वहाां आरम्भ से ही प्रजसद्ध शरवीर थे, िो बड़े कद के और युद्ध में जनपुण थे। 27 उन को यहोवा ने नहीां चुना, और न उनको ज्ञान का मागष जदया; 28 परन्तु वे बुल्कद्ध न रहने के कारण नाश हुए, और अपनी ही मढता के कारण नाश हुए। 29 कौन स्वगष पर चढ गया, और उसे ले आया, और बादलोां पर से नीचे ले आया? 30 जकस ने समुद्र पार िाकर उसे पाया, और चोखा सोना ढां ढकर ले आएगा? 31 कोई उसका मागष नहीां िानता, और न उसके मागष के जवर्य में सोचता है ।
32 परन्तु िो सब कुछ िानता है , वह उसे िानता है , और उसने अपनी समझ से उसे िान जलया है ; उसी ने पृय्वी को सवषदा के जलये तैयार जकया, उसी ने उसे चौपायोां से भर जदया है। 33 िो उजियाला भेिता है , और वह चला िाता है , वह उसे जफर बुलाता है , और वह भय के साथ उसकी आज्ञा मानता है। 34 उनके दे खते-दे खते तारे चमके, और आनल्कित हुए; िब वह उनको बुलाता, तब वे कहते, हम यहाां हैं ; और इस प्रकार प्रसन्नता के साथ उन्ोांने उन्ें बनाने वाले को प्रकाश जदखाया । 35 यही हमारा परमेश्वर है , और उसके तुल्य कोई दसरा न जगना िाएगा 36 उस ने सब प्रकार का ज्ञान ढां ढकर अपने दास याकब को, और अपने जप्रय इस्राएल को जदया है। 37 इसके बाद वह पृय्वी पर प्रगट हुआ, और मनुष्योांसे बातें करने लगा। अध्याय 4 1 यह परमेश्वर की आज्ञाओां की पुस्तक और व्यवस्था है , िो सदा कायम रहेगी; लेजकन िैसे ही इसे छोड़ जदया िाएगा यह मर िाएगा। 2 हे याकब, मुड़कर उसे थाम ले; उसके उजियाले के साम्हने चलो, जक त उजियाला हो िाए। 3 अपना आदर जकसी दसरे को न दे ना, और न पराई िाजत को अपना लाभ दे ना। 4 हे इस्राएल, हम धन्य हैं; क्ोांजक िो बातें परमेश्वर को भाती हैं वे हमें प्रगट की िाती हैं। 5 हे मेरी प्रिा, हे इस्राएल के स्मरणवाले, ढाढस बाांधो। 6 तुम नाश होने के जलये अन्यिाजतयोां के हाथ में नहीां बेचे गए, परन्तु परमेश्वर का क्रोध भड़काने के कारण तुम शत्रुओां के हाथ में सौांप जदए गए। 7 क्ोांजक तुम ने परमेश्वर के जलये नहीां, परन्तु दु िात्माओां के जलये बजलदान करके अपने सृिनहार को क्रोध जदलाया है। 8 तुम उस सनातन परमेश्वर को भल गए हो, जिस ने तुम को पाला पोसा; और तुम ने यरूशलेम को, िो तुम्हें पाला, दु :ख जकया है। 9 क्ोांजक िब उस ने परमेश्वर का क्रोध तुम पर भड़कता हुआ दे खा, तब कहा, हे जसय्योन के जनवाजसयोां, सुनो; परमेश्वर ने मुझ पर बड़ा शोक डाला है; 10 क्ोांजक मैं ने अपने बेटे-बेजटयोांको बन्धुवाई में िाते दे खा, िो सनातन ने उन पर डाला है। 11 मैं ने आनि से उनका पालन पोर्ण जकया; परन्तु उन्ें रोते और जवलाप करते हुए जवदा जकया। 12 कोई मुझ जवधवा और बहुतोांमें से त्यागी हुई स्त्री के कारण आनि न करे , िो मेरे बालकोांके पापोांके कारण त्यागी गई हूां ; क्ोांजक वे परमेश्वर की व्यवस्था से भटक गए। 13 वे न तो उसकी जवजधयाां िानते थे, और न उसकी आज्ञाओां के मागष पर चलते थे, और न उसके धमष की जशिा के मागष पर चलते थे। 112
14 जसय्योन के आस पास के रहनेवाले आएां , और मेरे बेटेबेजटयोांको िो बन्धुवाई में ले आए हैं , उस की सुजध लें, िो सनातन ने उन पर डाल जदया है। 15 क्ोांजक वह उन पर दर से एक जनलषि और परदे शी भार्ा बोलनेवाली िाजत को ले आया है , िो न बढोां का आदर करते, और न बालकोां का आदर करते। 16 उन्ोांने जवधवा के प्यारे प्यारे बच्ोांको छीन जलया, और उसे बेजटयोांके जबना अकेली सना छोड़ जदया है। 17 परन्तु मैं तुम्हारी क्ा सहायता कर सकता हूां? 18 क्ोांजक िो तुझ पर ये जवपजियाां लाया वही तुझे तेरे शत्रुओां के हाथ से बचाएगा। 19 हे मेरे बालको, अपके मागष िाओ; क्ोांजक मैं उिाड़ हो गया हूां। 20 मैं ने शाल्कन्त का वस्त्र उतार जदया है , और अपनी प्राथषना का टाट अपने ऊपर डाल जलया है ; मैं अपने जदनोां में अनन्तकाल तक दोहाई दां गा। 21 हे मेरे बालकोां, ढाढस बाांधो, यहोवा की दोहाई दो, और वह तुम्हें शत्रुओां की शल्कि और हाथ से बचाएगा। 22 क्ोांजक मेरी आशा सनातन पर है , जक वह तुम्हारा उद्धार करे गा; और पजवत्र की ओर से मुझे आनि जमला है , उस दया के कारण िो हमारे अनन्त उद्धारकताष की ओर से शीघ्र ही तुम्हारे पास आएगी। 23 क्ोांजक मैं ने तुम्हें जवलाप करते और रोते हुए भेिा था; परन्तु परमेश्वर तुम्हें आनि और आनि के साथ सदा के जलये मुझे सौांप दे गा। 24 िैसे जसय्योन के पड़ोजसयोां ने तुम्हारा बन्धुवाई दे खा है , वैसे ही वे हमारे परमेश्वर की ओर से तुम्हारा जकया हुआ उद्धार शीघ्र दे खेंगे, िो बड़े ऐश्वयष, और अनन्त तेि के साथ तुम पर आनेवाला है । 25 हे मेरे बालको, परमेश्वर की ओर से िो क्रोध तुम पर भड़का है उसे धीरि से सह लो; क्ोांजक तुम्हारे शत्रु ने तुम्हें सताया है ; परन्तु शीघ्र ही त उसका जवनाश दे खेगा, और उसकी गदष न पर चल पड़े गा। 26 मेरे कोमल लोग जघनौने मागष से चले गए हैं , और शत्रुओां के झुण्ड की नाईां पकड़े हुए छीन जलए गए हैं। 27 हे मेरे बालको, ढाढस रखो, और परमेश्वर की दोहाई दो; क्ोांजक जिस ने तुम पर ये जवपजियाां डालीां, उस का स्मरण तुम करोगे। 28 क्ोांजक िैसा तुम्हारा मन परमेश्वर से भटकने का हुआ या, वैसा ही तुम लौटकर दसगुणा भी अजधक ढां ढना। 29 क्ोांजक जिस ने तुम पर ये जवपजियाां डालीां, वही तुम्हारे उद्धार के द्वारा तुम्हें अनन्त आनि दे गा। 30 हे यरूशलेम, अपना मन अच्छा कर; क्ोांजक जिस ने तुझे यह नाम जदया वही तुझे शाल्कन्त दे गा। 31 वे अभागे हैं , जिन्ोांने तुझे दु :ख जदया, और तेरे जगरने से आनि जकया। 32 वे नगर जिनकी सेवा तेरे लड़केबालोां ने जकया, वे अभागे हैं ; जिस ने तेरे पुत्रोांको ग्रहण जकया वह भी अभागा है।
33 क्ोांजक िैसे वह तेरे नाश होने से आनल्कित हुई, और तेरे जगरने से प्रसन्न हुई, वैसे ही वह अपनी उिड़ी हुई दशा से उदास होगी। 34 क्ोांजक मैं उसकी बड़ी भीड़ का आनि छीन लांगा, और उसका घमण्ड शोक में बदल िाएगा। 35 क्ोांजक उस पर अनन्तकाल से आग भड़कती रहेगी िो सदै व बनी रहेगी; और वह बहुत समय तक शैतानोां का जनवास रहेगा। 36 हे यरूशलेम, अपनी दृजि पवष की ओर कर, और उस आनि को दे ख िो परमेश्वर की ओर से तुझे जमलता है। 37 दे ख, तेरे पुत्र आते हैं , जिन्ें त ने जवदा कर जदया है , वे पजवत्र के वचन के द्वारा पवष से पल्कच्छम तक इकट्ठे होकर परमेश्वर की मजहमा में आनि करते हुए आते हैं। अध्याय 5 1 हे यरूशलेम, शोक और क्लेश का वस्त्र उतार डालो, और उस मजहमा की मनोहरता पजहन लो िो परमेश्वर की ओर से युगानुयुग आती रहेगी। 2 अपने ऊपर धमष का दोहरा वस्त्र बान्ध, िो परमेश्वर की ओर से आता है ; और तेरे जसर पर अनन्त मजहमा का मुकुट रखांगा। 3 क्ोांजक परमेश्वर तेरा तेि आकाश के नीचे के सब दे शोां पर प्रगट करे गा। 4 क्ोांजक परमेश्वर की ओर से तेरा नाम सदा धमष की शाल्कन्त, और परमेश्वर की आराधना की मजहमा कहा िाएगा। 5 हे यरूशलेम उठ, ऊांचे स्थान पर खड़ा हो, और पवष की ओर दृजि करके दे ख, जक तेरे बालक पजवत्र के वचन के द्वारा पजश्चम से पवष तक इकट्ठे हुए हैं, और परमेश्वर का स्मरण करके आनि कर रहे हैं। 6 क्ोांजक वे पैदल ही तेरे पास से चले गए, और अपने शत्रुओां से छीन जलए गए; परन्तु परमेश्वर उन्ें राज्य के सन्तानोां के समान मजहमा सजहत तेरे पास पहुांचाता है। 7 क्ोांजक परमेश्वर ने यह ठहराया है , जक सब ऊांचे टीलोांको, और लम्बे चौड़े जकनारोांको जगरा जदया िाए, और नालोांमें भर जदया िाए, जक भजम पक्की हो िाए, जक इस्राएल परमेश्वर की मजहमा में जनडर होकर आगे बढ सके। 8 और परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार िांगल और सब सुगन्धवाले वृझ इस्राएल पर छाया करें गे। 9 क्ोांजक परमेश्वर इस्राएल को अपनी मजहमा के प्रकाश में, उस करूणा और धमष के द्वारा िो उस से उत्पन्न होती है , आनि के साथ ले चलेगा।
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अध्याय 1
ही यािक भी अपके मन्दन्दरोोंमें तकवाड़, िािे और बेंड़े िगवािे हैं , ऐसा न हो तक डाकुओोंके हाथ से उनके दे विा िूटे िाएों । 19 वे अपने तिये मोमबतियाों ििािे हैं , हाों , अपने तिये नहीों, परन्तु उन्हें एक भी तदखाई नहीों दे िा। 20 वे मन्दन्दर की कतड़योों में से एक हैं , िौभी वे कहिे हैं तक उनके हृदयोों को पृय्वी से रें गनेवािी वस्तुएों चबा िािी हैं ; और िब वे उन्हें और उनके कपड़ोों को खािे हैं , िो उन्हें इसका एहसास नहीों होिा। 21 मन्दन्दर से तनकिने वािे धुएुँ से उनके चेहरे कािे हो गए हैं। 22 उनके शरीरोों और तसरोों पर चमगादड़, और अबाबीि, और पक्षी, और तबन्दियाुँ भी बैठिी हैं। 23 इसी से िुम िान िो तक वे ईश्वर नहीों, इसतिये उन से मि डरो। 24 और उनको सुन्दर बनाने के तिथे तििना सोना उनके पास है , िब िक वे िोंग न पोोंछें, िब िक वे चमक न सकेंगे; 25 तिन वस्तुओों में दम नहीों, वे बड़े दाम पर मोि िी िािी हैं। 26 वे कोंधोों पर उठाए गए हैं , और उनके पाोंव नहीों हैं, तिस के द्वारा वे मनुष्योों को बिािे हैं , तक वे तकसी योग्य नहीों हैं। 27 और िो उनकी सेवा करिे हैं , वे िन्दिि होिे हैं ; क्ोोंतक यतद वे भूतम पर तगरें , िो तिर उठ नहीों सकिे; और यतद कोई उन्हें खड़ा भी करे , िो वे अपने आप से नहीों उठ सकिे; क्ा वे अपने आप को सीधा कर सकिे हैं : परन्तु वे मरे हओों के समान अपने आगे भेंट रखिे हैं। 28 और िो वस्तुएों उनके तिये चढाई िािी हैं , उनको यािक बेचकर अन्धेर करिे हैं ; इसी प्रकार उनकी न्दस्त्रयाुँ भी अपना कुछ भाग नमक में डाि दे िी हैं ; परन्तु वे कोंगािोों और नपुोंसकोों को उस में से कुछ भी नहीों दे िे। 29 रिस्विा न्दस्त्रयाों और गभषविी न्दस्त्रयाों उनका बतिदान खािी हैं ; इस से िुम िान िो तक वे दे विा नहीों; उन से मि डरो। 30 क्ोोंतक वे दे विा कैसे कहिाए? क्ोोंतक न्दस्त्रयाुँ चाुँदी, सोने और िकड़ी के दे विाओों के आगे माोंस चढािी हैं। 31 और यािक अपके मन्दन्दरोोंमें वस्त्र िाड़े , तसर और दातढयाों मुण्डाए हए, और तसर पर कुछ भी न पतहने हए बैठे रहिे हैं। 32 वे अपने दे विाओों के साम्हने दहाड़िे और तचिािे हैं , िैसा मनुष्य तकसी के मरने पर िेवनार में करिे हैं। 33 यािकोों ने भी अपने वस्त्र उिारकर अपनी पतियोों और बच्ोों को पतहनाया। 34 चाहे कोई उन से बुराई करे , चाहे भिाई, वे उसका बदिा नहीों दे सकिे; वे न िो रािा को खड़ा कर सकिे हैं और न रािा को तगरा सकिे हैं। 35 इसी रीति से वे न िो धन दे सकिे हैं और न रूपया; चाहे कोई उन से मन्नि माने, और न पूरी करे , िौभी वे उसकी माोंग न करें गे। 36 वे तकसी को मृत्यु से नहीों बचा सकिे, और न तनबषिोों को वीरोों से बचा सकिे हैं।
1 एक पत्र की प्रतितितप, तिसे िेरेमी ने उन िोगोों के पास भेिा था तिन्हें बेबीिोन के रािा द्वारा बेबीिोन में बोंदी बनाकर िे िाया िाना था, िातक उन्हें प्रमातिि तकया िा सके, िैसा तक उसे परमेश्वर की ओर से आदे श तदया गया था। 2 उन पापोों के कारि िो िुम ने परमेश्वर के साम्हने तकए हैं , िुम बेबीिोतनयोोंके रािा नबूकदनेस्सर द्वारा बोंधुआ होकर बेबीिोन में पहों चाए िाओगे। 3 इसतिथे िब िुम बेबीिोन में पहोंचो, िो कई वर्ष वरन बहि समय िक, अयाषि् साि पीढी िक वहीों रहोगे; और उसके बाद मैं िुम को वहाों से कुशि क्षेम से तनकाि दू ों गा। 4 अब िुम बाबुि में चान्दी, सोने और काठ के दे विाओों को कोंधोों पर उठाए हए दे खोगे, िो िाति िाति के िोगोों को डरािे हैं । 5 इसतिये सावधान रहो, तक िब िुम भीड़ को उनके आगे और पीछे उन्हें दण्डवि् करिे दे खो, िो तकसी रीति से परदे तशयोों के समान न बनो, और न उनके समान बनो। 6 परन्तु िुम अपके मन में कहो, हे यहोवा, हमें िेरी आराधना करनी चातहए। 7 क्ोोंतक मेरा दू ि िुम्हारे सोंग है , और मैं िुम्हारे प्रािोोंकी तचन्ता करिा हों । 8 और उनकी िीभ कारीगर के द्वारा चमकाई गई है , और वे सोने से मढे हए, और चान्दी से मढे हए हैं ; िौभी वे झूठे हैं , और बोि नहीों सकिे। 9 और उन्होोंने कुुँवाररयोों के समान सोना िेकर, िो समिैंतगक होना चाहिी हो, अपने दे विाओों के तसर के तिये मुकुट बनाए। 10 कभी-कभी यािक अपके दे विाओों के पास से सोना चान्दी िे आकर अपके ही को दे दे िे हैं। 11 और वे उसका धन साधारि वेश्याओों को दे दें गे, और उन्हें चान्दी, सोने और काठ के दे विाओों के समान वस्त्राभूर्िोों से अिोंकृि करें गे। 12 िौभी ये दे विा बैंिनी वस्त्र से ढके होने पर भी अपने आप को िोंग और कीड़ोों से नहीों बचा सकिे। 13 िब उन पर बहि बोझ पड़िा है , िब वे मन्दन्दर की धूि से अपना मुोंह पोोंछिे हैं। 14 और िो अपने अपराधी को घाि नहीों कर सकिा, वह मानो दे श का न्यायी हो, रािदण्ड रखिा है। 15 उसके दातहने हाथ में खोंिर और कुल्हाड़ी है , परन्तु वह युद्ध और डाकुओों से अपने आप को बचा नहीों पािा। 16 इस से यह मािूम होिा है, तक वे ईश्वर नहीों; इसतिये उन से मि डरो। 17 क्ोोंतक िो बिषन मनुष्य काम में िेिा है वह टू ट िाने पर तकसी काम का नहीों रहिा; उनके दे विाओों के साथ भी ऐसा ही है: िब वे मन्दन्दर में स्थातपि तकए िािे हैं , िो भीिर आनेवािोों के पाों वोों की धूति उनकी आों खोों में भर िािी है। 18 और िैसे रािा का अपमान करनेवािे के तिथे चारोोंओर तकवाडें पक्की की िािी हैं , मानो वह मृत्यु का भागी हो; वैसे 115
37 वे तकसी अन्धे की आों खें तिर नहीों िौटा सकिे, और न तकसी को सोंकट में सहाथिा दे सकिे हैं। 38 वे तवधवा पर दया नहीों कर सकिे, और अनाय पर भिाई नहीों कर सकिे। 39 उनके िकड़ी के दे विा, और सोने और चान्दी से मढे हए, पहाड़ पर से खोदे गए पत्थरोों के समान हैं ; िो उनको दण्डवि् करिे हैं , वे िन्दिि हो िाएों गे। 40 िो कोई मनुष्य क्ोोंकर सोच कर कहे , तक वे दे विा हैं , और कसदी भी उनका अनादर करिे हैं ? 41 और यतद वे तकसी गूोंगे को दे खें िो बोि न सके, िो उसे िाकर बेि से तबनिी करिे हैं , तक वह मानो समझ सकिा है। 42 िौभी वे आप ही इस बाि को समझ नहीों पािे, और उन्हें छोड़ दे िे हैं , क्ोोंतक उन्हें ज्ञान नहीों। 43 और न्दस्त्रयाों भी रन्दस्सयाों बान्धे हए मागों पर बैठ कर सुगन्ध के तिथे भूसी ििािी हैं ; परन्तु यतद उन में से कोई तकसी राहगीर के द्वारा खीोंचकर उसके पास सोिी है , िो वह अपके पुरूर् की तनन्दा करिी है , तक मैं अपके िुल्य नहीों समझी। , न ही उसकी डोर टू टी। 44 िो कुछ उन में होिा है वह झूठ है ; तिर यह कैसे सोचा या कहा िाए, तक वे दे विा हैं? 45 वे बढइयोों और सुनारोों के बनाए हए हैं ; वे कारीगरोों के तसवा और कुछ नहीों हो सकिे। 46 और उनके रचतयिा आप ही बहि तदन िक तटके न रह सकेंगे; िो तिर िो चीजें उनसे बनी हैं वे दे विा कैसे होनी चातहए? 47 क्ोोंतक उन्होोंने अपने बाद आनेवािोोंके तिये झूठ और तनन्दा छोड़ी। 48 क्ोोंतक िब उन पर युद्ध या तवपति आिी है , िब यािक आपस में सम्मति करिे हैं , तक वे उनके पास कहाों तछपे रहें। 49 िो तिर मनुष्य क्ोोंकर नहीों िान सकिे, तक वे ईश्वर नहीों हैं , िो न िो युद्ध से और न महामारी से अपने आप को बचा सकिे हैं ? 50 क्ोोंतक िब वे िकड़ी के बने, और सोने चान्दी से मढे हए हैं , िो यह िान तिया िाएगा तक वे झूठे हैं। 51 और सब िातियोों और रािाओों को यह प्रगट हो िाएगा, तक वे ईश्वर नहीों, परन्तु मनुष्योों के हाथ के बनाए हए काम हैं , और उन में परमेश्वर का कोई काम नहीों। 52 िो तिर कौन नहीों िानिा, तक वे दे विा नहीों हैं? 53 क्ोोंतक न िो वे दे श में रािा खड़ा कर सकिे, और न मनुष्योोंके तिये वर्ाष कर सकिे। 54 वे न िो अपना मुकद्दमा िड़ सकिे हैं , और न दोर् का तनवारि कर सकिे हैं; क्ोोंतक वे कौवोों के समान आकाश और पृय्वी के बीच में हैं। 55 और िब िकड़ी के वा सोने वा चान्दी के दे विाओों के भवन पर आग तगरे गी, िब उनके यािक भागकर बच तनकिेंगे; परन्तु वे आप ही कतड़योों की नाईों ििकर भस्म हो िाएों गे। 56 तिर वे तकसी रािा वा शत्रु का साम्हना नहीों कर सकिे; तिर यह कैसे सोचा या कहा िा सकिा है , तक वे दे विा हैं?
57 और िो काठ के बने वा सोने चान्दी से बने हए दे विा हैं , वे चोरोों वा डाकुओों से बच नहीों सकिे। 58 िो सोना, चान्दी, और वस्त्र पतहनािे हैं , उनको बिवन्त िोग छीन िेिे हैं , और िूटकर चिे िािे हैं , और अपनी सहाथिा नहीों कर सकिे। 59 इसतिये ऐसे झूठे दे विाओों की अपेक्षा रािा होना, िो अपना पराक्रम तदखािा हो, वा घर में िाभ का पात्र ठहरना उिम है , तिसका स्वामी उपयोग करे ; वा तकसी घर का द्वार हो, और उस में ऐसी वस्तुएों रखें, िो ऐसे झूठे दे विाओों से बढकर हैं। या महि में िकड़ी का खम्भा, ऐसे झूठे दे विाओों से भी अच्छा है। 60 क्ोोंतक सूयष, चान्द, और िारागि उतियािे होकर, और अपना अपना काम करने के तिये भेिे गए होकर आज्ञाकारी हैं। 61 इसी रीति से तबििी िब चमकिी है , िब तदखाई दे िी है ; और प्रत्येक दे श में इसी रीति से वायु चििी है। 62 और िब परमेश्वर बादिोों को सारे िगि पर छा िाने की आज्ञा दे िा है , िो वे िैसा कहा िािा है वैसा ही करिे हैं। 63 और िो आग ऊपर से पहाड़ोोंऔर िकतड़योोंको भस्म करने को भेिी गई, वह िो िैसी आज्ञा दी गई है वैसा ही करिी है ; परन्तु वे न तदखाने में, और न शन्दि में उन के समान हैं। 64 इसतिए न िो यह माना िा सकिा है और न ही कहा िा सकिा है तक वे दे विा हैं , क्ोोंतक वे न िो न्याय कर सकिे हैं , न ही मनुष्योों का भिा कर सकिे हैं । 65 इसतिये यह िानकर तक वे ईश्वर नहीों, उन से मि डरो। 66 क्ोोंतक वे रािाओों को न िो शाप दे सकिे हैं और न आशीवाषद। 67 न िो वे अन्यिातियोों के बीच आकाश में तचन्ह तदखा सकिे, और न सूयष के समान चमक सकिे, और न चन्द्रमा के समान प्रकाश दे सकिे। 68 पशु उन से अच्छे हैं , क्ोोंतक वे आड़ में घुसकर अपना बचाव कर सकिे हैं। 69 सो हम पर कभी प्रगट न हआ, तक वे दे विा हैं ; इसतिये उन से मि डरो। 70 क्ोोंतक िैसे ककड़ी की बारी में तबिूका कुछ नहीों रखिा, वैसे ही उनके दे विा िकड़ी के बने और सोने चान्दी से मढे हए हैं। 71 और इसी प्रकार उनके िकड़ी के और सोने चान्दी से िड़े हए दे विा बातटका के श्वेि काुँटे के समान हैं , तिस पर सब पक्षी बैठिे हैं; िैसा तक एक मृि शरीर के तिए भी है , िो अोंधेरे में पूवष की ओर है। 72 और िो चमकीिा बैंिनी रों ग उन पर सड़िा है , उस से िुम िान िोगे तक वे कोई दे विा नहीों; और इसके बाद वे आप ही खा तिए िाएों गे, और दे श भर में उनकी नामधराई होगी। 73 इसतिये वह धमी मनुष्य ही उिम है , तिसके पास मूरिें न होों; क्ोोंतक वह तनन्दा से दू र रहेगा।
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अध्य 1
16 ुौभी हम खेतवु मर और रम आता से गहर तकु जाुं । 17 जैसा मेढों और बैलों के होमबतल, वा लाखों मोटे भेड के बचों के होमबतल के समार होुा है , वैसे ही आज हमारा बतलवार ुेरे सामरे रहे , और यह वे तक हम ुेरे पीछे हो ले ; कोंतक उस से वे ु्च र ठहरे गे। उरका भरोसा ु्म पर रखो. 18 और अब हम समूरय मर से ुेरे पीछे हो लेुे है , और ुेरा भय मारुे है , और ुेरे वूयर के खोजी है । 19 हमे लज्ु र करो, पर्् अपरी कररा और बडी कररा के अर्सार हम से ववहार करो। 20 हे यहोवा, अपके आशययकमयके अर्सार हमारा भी उदार कर, और अपके राम की मतहमा कर; और जो ुेरे वासोंको हातर पहं चाुे है वे सब लज्ु हों; 21 और वे अपरी सारी ूजय और पराकम मे तरराू हो जाुं , और उरका बल टू ट जाु; 22 और वे जार ले , तक ुू ही परमेशर है , और ुकमात परमेशर है , और सारे जगु के ऊपर मतहमामय है । 23 और राजा के जो कमयचारी उरको भीुर रखुे रे , उनोंरे ुनवू र को रतसर, राल, रसा और लकडी से गरम कररा र छोडा; 24 यहां ुक तक आग भटी से उरुालीस हार ऊपर ुक भडक उठी। 25 और वह पार हो गई, और जो कसवी उसे भटी के आस पास तमले उरको जला डाला। 26 पर्् यहोवा का वू ु अजयाय ह और उसके सातरयों समेु भटी मे उुर आया, और आग की लौ को जलाकर भटी से बाहर तरकाला; 27 और भटी के बीच मे ऐसा बराया, मारो रम सीटी बजाुी हो, तक आग उर को क्छ भी र छूु, और र उने क्छ हातर पहं चे, और र उने कष तमले। 28 ुब उर ुीरों रे भटे मे से ुक म्ंह से परमेशर की स्तु, मतहमा और धनवाव करके कहा, 29 हे हमारे तपुरोंके परमेशर यहोवा, ुू धन है , और सवयवा सब से अतधक स्तु और मतहमा योग है । 30 और ुेरा मतहमामय और पतवत राम धन है , और सवयवा सब से अतधक स्तु और मतहमा के योग है । 31 ुू अपरे पतवत ुेज के मजनर मे धन है , और सवयवा सब से अतधक स्तु और मतहमा पाुा रहे गा। 32 ुू धन है , जो गतहरे सरारों को वे खुा है , और करबों पर बैठा है ; और सवयवा सब से अतधक स्तु और मतहमा पाुा रहे गा। 33 ुू अपरे राज के मतहमामय तसंहासर पर धन है , और सवयवा सब से अतधक स्तु और मतहमा पाुा रहे गा।
1 और वे आग के बीच मे परमेशर की स्तु करुे, और यहोवा को धनवाव वे ुे हु चले। 2 ुब अजयाय ह खडा हआ, और इस रीतु से पारयरा की; और आग के बीच मे अपरा म्ंह खोलकर कहा, 3 हे हमारे तपुरोंके परमेशर यहोवा, ुू धन है ; ुेरा राम सवयवा स्तु और मतहमा के योग है ; 4 कोंतक जो क्छ ुू रे हम से तकया उर सब मे ुू धम् है ; ुेरे सब काम सचे है , ुेरी चाल सीधी है , और ुेरे सब तररयय सचे है । 5 जो क्छ ुू रे हम पर और हमारे प्रखाओंके पतवत रगर यरूलेम पर तकया है उर सब मे ुू रे सचा नाय तकया है ; कोंतक हमारे पापोंके कारर ुू रे ये सब तवपत्यां हम पर सत और नाय के अर्सार डाली है । 6 कोंतक हम रे ुेरे पास से हटकर पाप और अधमय तकया है । 7 हम रे सब बाुोंमे तवशासााु तकया है , और ुेरी आजाुं रहीं मारी, और र उरका पालर तकया, और जैसा ुू रे हम को आजा वी है वैसा रहीं तकया, तजस से हमारा भला हो। 8 इसतलये जो क्छ ुू रे हम पर डाला है , और जो क्छ ुू रे हम से तकया है , वह सब सचे मर से तकया है । 9 और ुू रे हम को अधम् ूत्ओ,ं और परमेशर के अत् ाृतरु तागरेवालों, और अनायी राजा, और सारे जगु के सबसे व् ष राजा के हार मे कर तवया। 10 और अब हम अपरा म्ंह रहीं खोल सकुे, हम ुेरे वासोंके सामरे लज्ु और तरना के कारर ठहरे है ; और उरके तलये जो ुेरी आराधरा करुे है । 11 ुौभी अपके राम के तरतम् हम को पूरी रीतु से पकड र ले , और र अपकी वाचा को ुोड; 12 और अपरे तपय इबाहीम के कारर, अपरे वास इसहाक के कारर, और अपरे पतवत इसाुल के कारर अपरी कररा हम पर से र हटा; 13 ुू रे उर से बाुे करके यह पतुजा की है , तक ु्म उरके वंू को आकाू के ुारागर, और सम्द के ुीर के बालू के तकरकोंके ु्ल बहु बढाओगे। 14 कोंतक हे यहोवा, हम सब जातु से छोटे हो गु है , और अपरे पापों के कारर आज ुक सारे जगु मे वास बरे हु है । 15 इस समय ु्मारे सामरे कोई हातकम, वा भतवष्या, वा पधार, वा होमबतल, वा मेलबतल, वा लोबार, वा यज कररे का सरार, और वया कररेवाला रहीं है ।
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34 ुू सगय के अ्र मे धन है , और सवयवा सवयवा स्तु और मतहमा के योग है । 35 हे पभ् के सब कामों, ु्म पभ् को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो, 36 हे सगव, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो। 37 हे पभ् के वू ुों, पभ् को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो। 38 हे आकाू के ऊपर के सब जल, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो। 39 हे पभ् की सब ूजययों, पभ् को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से ऊपर बढाओ। 40 हे सूयय और चनमा, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक महार करो। 41 हे आकाू के ुारों, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो। 42 हे सब वराय और ओस, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो। 43 हे सब पवरों, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो, 44 हे आग और ुपर, यहोवा को धन कहो, उसकी स्तु करो, और उसकी बडाई करो हम सब हमेूा के तलु है । 45 हे ूीु ऋु् और गीर ऋु्, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक महार करो। 46 हे ओस और तहम के ुूफारों, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो। 47 हे राुो और तवरो, यहोवा को धन कहो; उसे सवा आूीर वो, और सब से अतधक महार करो। 48 हे उतजयाले और अनकार, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो। 49 हे बरय और ठणे लोगों, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो। 50 हे पाले और तहम, ु्म यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो। 51 हे तबजतलयोंऔर बावलों, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो। 52 हे पृयवी यहोवा का धनवाव करे ; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक महार करो।
53 हे पहाडोंऔर छोटी पहातिडयों, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो। 54 हे पृयवी पर उगरेवाले सब पातरयों, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक बडा करो। 55 हे पवयुो, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो। 56 हे सम्दोंऔर रतवयों, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो। 57 हे वे लो, हे जल मे रे गरेवालो, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो। 58 हे आकाू के सब पत्यों, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक बडा करो। 59 हे सब पू्ओ, और गाय-बैल, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो। 60 हे मर्ष के स्ार, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो। 61 हे इसाुल, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक महार करो। 62 हे यहोवा के याजकों, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो। 63 हे यहोवा के वासों, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो। 64 हे धतमययों, हे आताओं, ु्म यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो। 65 हे पतवत और वीर मरवालों, यहोवा का धनवाव करो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो। 66 हे हरनाह, अजयाय ह, और मीसाुल, यहोवा को धन कहो; उसकी स्तु करो, और उसे सवयवा सब से अतधक ऊंचा करो; कोंतक उस रे हम को अधोलोक से बचाया, और मृत् के हार से बचाया, और भटी के बीच से छ् डाया। और जलुी हई जाला से उस रे हम को आग के बीच से भी तरकाला। 67 यहोवा का धनवाव करो, कोंतक वह वयाल् है , उसकी कररा सवा की है । 68 हे यहोवा के भजर कररेवालो, वे वुाओं के परमेशर को धन कहो, उसकी स्तु करो, और उसका धनवाव करो; कोंतक उसकी कररा सवा की है ।
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अध्याय 1
17 तब उि ने अपक्की िहे सलयोोंिे कहा, मेरे सलथे तेल और धोवन की वस्तुएों ले आओ, और बारी के द्वार बन्द करो, सक मैं अपना मुोंह धोऊों। 18 और उन्ोोंने उि की आज्ञा के अनुिार ही सकया, और बारी के द्वार बन्द सकए, और जो कुछ उि ने उनको दे ने की आज्ञा दी थी उनको लाने के सलये आप ही गुप्त द्वारोों िे सनकल गए; परन्तु उन्ोोंने पुरसनयोों को न दे खा, क्ोोंसक वे सछपे हुए थे। 19 जब दासियाों चली गईों, तो दोनोों बुजुगष उठे , और उिके पाि दौडकर कहने लगे, 20 दे ख, बारी के द्वार बन्द हैं , सक कोई हमें दे ख नहीों िकता, और हम तुझ िे प्रेम रखते हैं ; इिसलथे हम िे िम्मसत लो, और हमारे िाय िोओ। 21 यसद तू न चाहे , तो हम तेरे सवरूद्ध गवाही दें गे, सक एक जवान तेरे िाय या, और इि कारण तू ने अपक्की दासियोोंको अपने पाि िे सनकाल सदया। 22 तब िुिन्ना ने आह भर कर कहा, मैं तो चारोों ओर िे िोंकट में हूों ; क्ोोंसक यसद मैं यह काम करू ों , तो मेरे सलये मृत्यु है ; और यसद ऐिा न करू ों , तो तेरे हाथ िे बच नहीों िकूोंगा। 23 मेरे सलये तेरे हाथ में पडना और ऐिा न करना इि िे भला है , सक मैं यहोवा के िाम्हने पाप करू ों । 24 इि पर िुिन्ना ऊोंचे िब्द िे सचल्लाई: और दोनोों पुरसनयोों ने उिके सवरूद्ध सचल्लाकर कहा। 25 तब वह दौडा, और बारी का द्वार खोला। 26 जब घर के िेवकोों ने बारी में सचल्लाना िुना, तो वे गुप्त द्वार पर दौड पडे , यह दे खने के सलए सक उिके िाथ क्ा सकया गया है । 27 परन्तु जब पुरसनयोों ने अपनी बात बतायी, तो िेवक बहुत लल्कित हुए, क्ोोंसक िुिन्ना के सवषय में कभी ऐिी चचाष न हुई थी। 28 और दू िरे सदन ऐिा हुआ, सक जब लोग उिके पसत योआसिम के पाि इकट्ठे हुए, तो दोनोों पुरसनया भी दु ष्ट कल्पना करके िुिन्ना को मार डालने की इच्छा िे उिके पाि आए; 29 और लोगोों के िाम्हने कहा, चेल्किय्याह की बेटी और योआसकम की पत्नी िुिन्ना को बुलवा भेजो। और इिसलए उन्ोोंने भेजा. 30 िो वह अपके माता-सपता, और बालकोोंऔर अपके िब भाइयोोंिमेत आई। 31 िुिन्ना बहुत कोमल स्त्री थी, और दे खने में िुन्दर थी। 32 और उन दु ष्टोोंने उिका मुोंह उघाडने की आज्ञा दी, (क्ोोंसक वह ढाोंपे हुए थी) सक वे उिकी िुन्दरता िे तृप्त हो जाएों ।
1 बाबुल में योआसिम नाम एक पुरूष रहता था; 2 और उि ने िुिन्ना नाम एक स्त्री ब्याह ली, जो चेल्कियाि की बेटी, और बहुत िुन्दर और यहोवा का भय माननेवाली स्त्री थी। 3 उिके माता-सपता भी धमी थे, और अपनी बेटी को मूिा की व्यवस्था के अनुिार सिक्षा दे ते थे। 4 योआसकम बडा धनवान पुरूष या, और उिके घर के पाि एक िुन्दर बारी थी; और यहूदी उि में िरण लेते थे; क्ोोंसक वह िब िे असधक प्रसतसित था। 5 उिी वषष प्रजा के पुरसनयोों में िे दो को न्यायी सनयुक्त सकया गया, जैिा सक यहोवा ने कहा था, दु ष्टता बाबुल िे प्राचीन न्यासययोों िे आई, जो लोगोों पर िािन करते प्रतीत होते थे। 6 और उन्ोोंने योआसकम के घर में बहुत कुछ रखा; और सजतनोों का कोई मुकद्दमा था, वे िब उनके पाि आए। 7 दोपहर को जब लोग चले गए, तो िुिन्ना अपके पसत की बारी में टहलने को गई। 8 और दोनोों बुजुगों ने उिे प्रसत सदन भीतर आते-जाते दे खा; सजििे उनकी वािना उिके प्रसत भडक उठी। 9 और उन्ोोंने अपना मन टे ढा कर सलया, और अपनी आों खें फेर लीों, सक वे स्वगष की ओर न दे खें, और न्याय की बातें स्मरण न रखें। 10 और यद्यसप वे दोनोों उिके प्रेम िे घायल हुए, तौभी सकिी को अपना दु ुः ख दू िरे को सदखाने का िाहि न हुआ। 11 क्ोोंसक वे अपनी असभलाषा प्रगट करने में लल्कित हुए, सक उन्ोोंने उि िे कुकमष करना चाहा। 12 तौभी वे प्रसत सदन उिके दे खने की यत्न िे चौकिी करते रहे । 13 और एक ने दू िरे िे कहा, आओ, हम घर चलें: क्ोोंसक भोजन का िमय हो गया है । 14 िो वे सनकलकर एक दू िरे िे अलग हो गए, और सफर उिी स्यान पर लौट आए; और इिके बाद उन्ोोंने एक दू िरे िे कारण पूछा, और उन्ोोंने अपनी वािना को स्वीकार सकया: सफर उन दोनोों ने एक िाथ एक िमय सनधाषररत सकया, जब वे उिे अकेले पा िकें। 15 और वह सनकल गई, और उन्ोोंने ठीक िमय दे खा, और वह पसहले की नाई केवल दो दासियोोंके िाथ भीतर गई, और बारी में अपने आप को धोना चाहा; क्ोोंसक धूप बहुत थी। 16 और उन दोनोों बुजुगों को छोड और कोई न था, जो सछपकर उिकी दे खभाल करते थे।
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33 इि कारण उिके समत्र और सजतनोों ने उिे दे खा, वे िब रोने लगे। 34 तब दोनोों प्राचीन लोगोों के बीच में खडे हुए, और उिके सिर पर हाथ रखे। 35 और वह रोती हुई स्वगष की ओर दे खने लगी; क्ोोंसक उिका मन यहोवा पर भरोिा रखता या। 36 और पुरसनयोों ने कहा, जब हम बारी में अकेले घूम रहे थे, तो वह स्त्री दो दासियोोंके िाथ भीतर आई, और बारी का द्वार बन्द करके दासियोोंको सवदा कर सदया। 37 तब एक जवान पुरूष जो वहाों सछपा या, उिके पाि आकर उिके िाय िो गया। 38 तब हम जो बारी के कोने में खडे थे, यह दु ष्टता दे खकर उन के पाि दौडे । 39 और जब हम ने उन को इकट्ठे दे खा, तो उि पुरूष को हम रोक न िके; क्ोोंसक वह हम िे असधक बलवन्त था, और द्वार खोलकर बाहर सनकल गया। 40 परन्तु हम ने उि स्त्री को पकड कर पूछा, सक वह जवान कौन है , परन्तु उि ने हम िे न कहा; हम इन बातोोंकी गवाही दे ते हैं । 41 तब मण्डली ने उन पर सवश्वाि सकया, जो लोगोों के पुरसनये और न्यायी थे: इिसलये उन्ोोंने उिे मार डालने की िजा दी। 42 तब िुिन्ना ने ऊोंचे िब्द िे सचल्लाकर कहा, हे िनातन परमेश्वर, जो भेदोोंको जानता है , और िब कुछ होने िे पसहले भी जानता है ; 43 तू जानता है , सक उन्ोोंने मेरे सवरूद्ध झूठी गवाही दी है , और दे ख, मैं मरू ों गा; जबसक मैंने कभी ऐिे काम नहीों सकये जो इन लोगोों ने मेरे सवरुद्ध दु भाषवनापूवषक गढे हैं । 44 और यहोवा ने उिकी िुन ली। 45 इिसलथे जब वह मार डालने के सलथे पहुों चाई गई, तब यहोवा ने दासनय्येल नाम एक जवान लडके में पसवत्र आत्मा जगाया; 46 और ऊोंचे िब्द िे सचल्लाकर कहा, मैं इि स्त्री के खून िे िुद्ध हो गया हूों । 47 तब िब लोगोोंने उन्ें उिकी ओर घुमाकर कहा, ये बातें जो तू ने कही हैं उनका क्ा मतलब है ? 48 तब उि ने उनके बीच में खडे होकर कहा, हे इस्राएल के बेटोों, क्ा तुम ऐिे मूखष हो, सक सबना जाोंचे और िच्चाई को जाने सबना इस्राएल की बेटी को दोषी ठहराते हो? 49 न्याय के स्यान पर सफर लौट आओ; क्ोोंसक उन्ोोंने उिके सवरूद्ध झूठी गवाही दी है । 50 तब िब लोग झटपट लौट आए, और पुरसनयोोंने उि िे कहा, आ, हमारे बीच बैठ, और हमें सदखा, क्ोोंसक परमेश्वर ने तुझे प्राचीन का आदर सदया है ।
51 तब दासनय्येल ने उन िे कहा, इन दोनोोंको एक दू िरे िे अलग कर दो, और मैं उन्ें जाोंचूोंगा। 52 िो जब वे एक दू िरे िे अलग हो गए, तो उि ने उन में िे एक को बुलाकर उि िे कहा, हे दु ष्ट दु ष्टता में बूढे हो गए हो, अब तेरे पाप जो तू ने पसहले िे सकए थे प्रगट हो गए हैं । 53 क्ोोंसक तू ने झूठा न्याय िुनाया, और सनदोष को दोषी ठहराया, और दोषी को स्वतोंत्र कर सदया; यद्यसप यहोवा कहता है , सनदोष और धमी को घात न करना। 54 िो यसद तू ने उिे दे खा हो, तो मुझे बता, सक तू ने उन्ें सकि वृक्ष के तले इकट्ठे होते दे खा है ? सकिने उत्तर सदया, मस्तूल के पेड के नीचे। 55 और दासनय्येल ने कहा, बहुत अच्छा; तू ने अपने ही सिर के सवरूद्ध झूठ बोला है ; क्ोोंसक अब भी परमेश्वर के दू त को तुम्हें दो टु कडे करने का दण्ड समल चुका है । 56 तब उि ने उिे अलग करके दू िरे को लाने की आज्ञा दी, और उि िे कहा, हे यहूदा के नहीों परन्तु कनान के वोंि, िुन्दरता ने तुझे धोखा सदया है , और असभलाषा ने तेरे मन को भ्रष्ट कर सदया है । 57 तुम ने इस्राएल की ल्कस्त्रयोोंिे ऐिा ही व्यवहार सकया है , और वे डर के मारे तुम्हारे िोंग हो गईों; परन्तु यहूदा की बेटी ने तुम्हारी बुराई करना न चाहा। 58 इिसलये अब मुझे बताओ, तू ने उन को सकि वृक्ष के नीचे इकट्ठे सकया? सकिने उत्तर सदया, एक होम वृक्ष के नीचे। 59 तब दासनय्येल ने उि िे कहा, अच्छा; तू ने भी अपने सिर के सवरूद्ध झूठ बोला है ; क्ोोंसक परमेश्वर का दू त तलवार सलये हुए तुझे टु कडे टु कडे करने की बाट जोह रहा है , सक तुझे ित्यानाि कर डाले। 60 तब िारी मण्डली ने ऊोंचे िब्द िे सचल्लाकर परमेश्वर की स्तुसत की, जो अपने भरोिा रखनेवालोों का उद्धार करता है । 61 और वे दोनोों पुरसनयोों के सवरूद्ध उठ खडे हुए, क्ोोंसक दासनय्येल ने उन्ीों के मुोंह िे उनको झूठी गवाही दे ने का दोषी ठहराया था। 62 और उन्ोोंने मूिा की व्यवस्था के अनुिार उनके िाथ वैिा ही व्यवहार सकया जैिा उन्ोोंने अपने पडोसियोों के िाथ करना चाहा था; और उन्ोोंने उन्ें मार डाला। इि प्रकार उिी सदन सनदोष का खून बचाया गया। 63 इिसलये चेल्कियाि और उिकी पत्नी ने और उिके पसत योआसकम और िब कुटु ल्कियोों ने अपनी बेटी िुिन्ना के सलये परमेश्वर की स्तुसत की, क्ोोंसक उि में कुछ भी कपट न पाया गया। 64 उि सदन िे दासनय्येल लोगोों की दृसष्ट में बहुत प्रसतसित हो गया। 122
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अध्य 1
21 और तिजकोंको उिकी ससतोंऔर बिलकोंगमा त ला मलति, और उग को ्ा यु प दिर बति मदए, जहिं गा ्ा ुति करता था, और जो कुछ मा ज पर रखि ति, उगा खिति करता था। 22 इगमलता रिजि िा उिको घित मकति, और बा ल को दिमिया ल का ्श मे कर मदति, और उग िा उगा और उगका मसनर को भी ििश कर मदति। 23 और उगी सिि मे एक बडि अजयर ति, मजगा बिबु ल का लोय दण्तव करता था। 24 और रिजि िा दिमिया ल गा कहि, कि त् भी कहा यि, मक तह पीतल कि है ? दा खो, ्ह जीम्त है , ्ह खिति-पीति है ; तुम तह िहीं कह गकता मक ्ह जीम्त ईशर िहीं है : इगमलता उगकी प्जि करो। 25 तब दिमिया ल िा रिजि गा कहि, मै अपका परमा शर तहो्ि को दण्तव कर ं यि; कोंमक ्ह जी्ति परमा शर है । 26 परनु हा रिजि, मु झा ुजि दा , और मै इग अजयर को मबिि तल्िर ्ि लिठी का मिर डिल्ं यि। रिजि िा कहि, मै तुमे छु टी दा ति हं । 27 तब दिमिया ल िा रिल, चब्, और बिल ला कर उने एक गिथ इकटि मकति, और उिका लोथडा बििए; तह उग िा अजयर का मुं ह मे डिलि, और अजयर रु कडा रु कडा हो यति; और दिमिया ल िा कहि, दा ख, ता ही दा ्ति है प्जि करिि। 28 तह गु िकर बिबु ल का लोय बहत कोमित हए, और रिजि का म्रु रिजदोह की योषी करका कहिा लया , मक रिजि तहदी बि यति है , और उग िा बा ल को ििश मकति, और अजयर को घित मकति, और तिजकों को मिर डिलि। 29 तब ्ा रिजि का पिग ुकर कहिा लया , दिमिया ल को हमे गौंप दा , िहीं तो हम तुझा तारा घरििा गमा त ििश कर डिले या। 30 जब रिजि िा दा खि, मक ्ा उगा बहत दबि रहा है , तब उगिा म््श होकर दिमिया ल को उिका हिथ मे गौंप मदति। 31 मजग िा उगा मगं हों की मिं द मे डिल मदति, ्हिं ्ह छ: मदि तक रहि। 32 और मिं द मे गित मगं ह था, और ्ा उिको दो लोत और दो भाडबकररतिं पमत मदि मदति करता था; परनु ्ा उने इग मिगि गा ि दा ता था, मक दिमिया ल को खि जिएं । 33 तहमदति मे हबिक्क ििम एक भम्षदयि थि, जो रोरी बििकर करोरा मे तोडति ति, और किरिा्िलोंका पिग ला ुिा को खात मे जिति ति। 34 परनु तहो्ि का द् त िा हबिक्क गा कहि, जि, जो भोजि त् करा यि उगा बिबु ल मे दिमिया ल का पिग जो मगं हों की मिं द मे है ला जि। 35 और हबिक्क िा कहि, हा पभु, मै िा कभी बा बीलोि िहीं दा खि; ि ही मै जििति हं मक मिं द कहिं है . 36 तब तहो्ि का द् त िा उगकि मु कुर पकडकर उगका मगर का बिलोंको पकडकर उगा उठिति, और उगकी ुति का ताज का किरा उगा बिबु ल मे मिं द का ऊपर खडि कर मदति। 37 और हबिक्क िा मचलिकर कहि, हा दिमिया ल, हा दिमिया ल, जो भोजि परमा शर िा तुझा भाजि है उगा ला ला । 38 और दिमिया ल िा कहि, हा परमा शर, त् िा मु झा सरा मकति है ; और जो तारा खोजी और तुझ गा पाम रखता है , उने त् िा िहीं तियि। 39 तब दिमिया ल िा उठकर भोजि मकति; और तहो्ि का द् त िा हबिक्क को तुरन उगका सिि मे खडि कर मदति। 40 गित्े मदि रिजि दिमिया ल का मलता म्लिप करिा को यति; और यडहा का पिग पहं चकर उग िा दमष करका कि दा खि, मक दिमिया ल बै ठि है । 41 तब रिजि िा ऊंचा शब गा मचलिकर कहि, हा दिमिया ल का परमा शर तहो्ि, तारा मग्ि कोई द् गरि िहीं। 42 और उग िा उगा बिहर मिकिलि, और जो उगका ििश कि किरा था उिको यडहा मे डिल मदति, और ्ा उगका गिमिा गा पल भर मे भस हो यए।
1 और अस्तिया ग रिजि अपका पुरखिओंमे जि ममलि, और फिरग का कुस् को उगकि रिज ममलि। 2 और दिमिया ल रिजि गा बिते करति रहि, और उगकि गमिि उगका गब ममतों गा अमिक हु। 3 बिबु ल का पिग बा ल ििमक एक म् रत थी, और उग पर पमत मदि बिरह मि मै दि, और चिलीग भाड-बकररतिं , और छ: पिला दिखमिु वत मकति जिति थि। 4 और रिजि तो उगको दण्तव करति और पमत मदि उगकी दण्त करति ति, परनु दिमिया ल अपका परमा शर को दण्तव करति ति। और रिजि िा उग गा कहि, त् बा ल की प्जि कों िहीं करति? 5 उग िा उतर मदति, कोंमक मै हिथ की बििई हई म् रतोंको िहीं, परनु जी्ता परमा शर को दण्त कर ं यि, मजग िा ुकिश और पृय्ी कि गृ जि मकति, और गब पिमातोंपर पभुति करति है । 6 तब रिजि िा उग गा कहि, कि त् िहीं गमझति, मक बा ल जीम्त परमा शर है ? कि तुम िहीं दा खता मक ्ह पमत मदि मकतिि खिति-पीति है ? 7 तब दिमिया ल िा मु सुरिकर कहि, हा रिजि, िोखि ि खिओ; कोंमक तह भीतर तो ममटी और बिहर पीतल है , और इगिा कभी कुछ खितिमपति िहीं। 8 तब रिजि कोमित हु, और उगिा अपिा तिजकों को बु लिकर उि गा कहि, तमद तुम मु झा ि बतिओ, मक तह खचिच उठििा ्िलि कौि है , तो तुम मर जिओया । 9 परनु तमद तुम मु झा पयर कर गको, मक बा ल उिको मियल जिति है , तो दिमिया ल मिर डिलि जिए; कोंमक उग िा बा ल का म्षत मे मिनि की बित कही है । और दिमिया ल िा रिजि गा कहि, तारा ्चि का अिुगिर ही हो। 10 बा ल का तिजक अपिी पम्तोंऔर बचोंको छोड गतर पुरष था। और रिजि दिमिया ल का गिथ बा ल का मसनर मे यति। 11 बा ल का तिजकोंिा कहि, लो, हम तो बिहर जिता है ; परनु हा रिजि, त् मिं ग पर रखकर दिखमिु तैतिर कर, और दिर को बन करका अपिी ही मु हर गा बन कर; 12 और कल जब त् भीतर ुए, और ि पिए, मक बा ल िा गब कुछ खि मलति है , तो हम मिर डिला जिएं या ; िहीं तो दिमिया ल, जो हम गा झ्ठ बोलति है । 13 और उनोंिा इग पर धिि िहीं मदति; कोंमक मा ज का िीचा उनोंिा यु प प्ा श दिर बिि रखि थि, मजग गा ्ा मिरनर भीतर प्ा श करता और उि ््ु ओं को खि जिता था। 14 गो जब ्ा चला यए, तो रिजि िा बा ल का गिमिा भोजि््ु रख दी। दिमिया ल िा अपिा गा ्कों को रिख लििा की ुजि दी थी, और उनोंिा उगा अकाला रिजि का गिमिा गिरा मसनर मे मबखार मदति; तब उनोंिा बिहर जिकर दिर बन मकति, और उग पर रिजि की मु हर लयि दी, और चला यए। 15 रित को तिजक अपिी पम्तोंऔर बचोंगमा त, जै गि ्ा चिहता था, ुए, और गब खिति मपति। 16 मबहिि को रिजि उठि, और दिमिया ल उगका गं य थि। 17 और रिजि िा प्छि, हा दिमिया ल, कि मोहरे प्री है ? और उग िा कहि, हिं , हा रिजि, ्ा प्रा हो जिएं । 18 और जै गा ही उग िा दिर खोलि, रिजि िा मा ज पर दमष करका ऊंचा शब गा मचलिकर कहि, हा बा ल, त् महिि है , और तुझ गा कुछ भी छल िहीं हु। 19 तब दिमिया ल हं गि, और रिजि को गमझिति, मक ्ह भीतर ि जिए, और कहि, फुरपिथ को दा ख, और अची तरह पहचिि ला मक ता मकगका पदमचन है । 20 और रिजि िा कहि, मै पुरष, सी, और बिलकोंका पदमचह दा खति हं । और तब रिजि कोमित हु, 124
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मनश् की प्रान ् हे प्र, हमारे पितरों इबाहाम, इसहाक, और याकूब और उनके धम् वंश के सव्शशकमान िरमेशर; पिस ने स्् और िृथा को उसका सारा सिावट समेत बनाया; पिस ने तेरा आजा के दारा समरद को बाना है ; पिस ने ्पहरे िल को बन कर पिया, और अिने ्यानक और मपहमामय नाम के दारा उस िर मरहर कर िा, पिससे सब मनरष डरते है , और तेरे बल के सामने कां िते है ; कोंपक तेरा मपहमा का तेि सहा नहां िा सकता, और िापियों के पपत तेरा कोध का धमका ्ाषण है : िरनर तेरा पपतपजक करणााए अथाह और अपार है ; कोंपक तू िरमपधान, हे प्र, कृिालर, सहनशाल, बहत ियालर और मनरषों का बरराइयों िर िशाताि करने वाला है । हे प्र, तूने अिना कोमल कृिा के अनरसार उन लो्ों िो अिने िािों िर िशाताि करते है , कमा का वािा पकया, पिनोंने तेरे पवरु िाि पकया है : और अिना बडा िया से िापियों से लौट आने का छूट िा, तापक वे उुार िा सके। अतः हे प्र, तू िो धपम्यों का िरमेशर है , तूने इबाहाम, और इसहाक, और याकूब के समान धपम्योंको मन पिराने का आजा नहां िा, पिनोंने तेरे पवरु िाि नहां पकया; िरनर तूने मरझ िािा के पलये मन पिराव का काम ठहराया है ; कोंपक मै ने समरद का बालू का प्नता से ्ा अपधक िाि पकया है । प्र, मेरे अिराध बहत बढ ्ा है ; मेरे अिराध बहत बढ ्ा है , और मै अिने बहत िािों के कारण स्् का ऊंचाई को िे खने के योग नहां हए । मै लोहे का बहत सा बेपडयों से िबा पिया ्या हए , यहाए तक पक अिना पसर उठा नहां िाता, और न छूट िाता हए ; कोंपक मै ने तेरा कोध ्डकाया है , तेरे सामने बरराई का, िराा िे वताओं पपतपित का; और बहत से अिराध पका है । इसपलये अब मै अिने ्हरे हिय के घरटने टे ककर तरझ से अनरगह का याचना करता हं । मैने िाि पकया है , हे प्र, मैने िाि पकया है । मै अिना उलंघन िानता हए और मेरे िाि तेरा समरख साकार करता हए : इसपला, मै तरझसे पवनता करता हए । मै तरझसे याचना करता हए : मरझे कमा कर, हे प्र, मरझे कमा कर। मेरे अधम् के साथ मरझे नष मत कर। मेरे बरराई कामों सिा सव्िा सरण न कर, और न हा मरझे िृथा के पनचले ्ा्ों मे िोषा ठहरा; कोंपक तू हा िरमेशर है , उन अिने िािों से मन पिरानेवालों का ्ा िरमेशर। अिना पवशाल करणा के अि् ्रत मरझ मे प्ट कर। यदपि मै अयोग हए , अिना बडा िया के अनरसार मरझे उुार ले। और मै िावन ्र तेरा सरपत करता रहं ्ा; कोंपक स्् का स्ा शशकयां तेरा सरपत करता है , और तेरा मपहमा यर्-यर् तक। आमान।
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अध्याय 1
27 और सब दू ल्हे िे कविाप किया, और जो ब्याह िे घर में बैठी थी, वह उदास हो गई। 28 और भूकम उसिे किवाकसयोोंिे किथे उजड गई, और यािूब िा सारा घरािा घबरा गया। 29 और दो वर्ष िे पू रे होिे पर राजा िे यहूदा िे िगरोोंमें िर वसूििेवािोोंिे प्रधाि िो भेजा, और वह बडी भीड समे त यरूशिेम िो आया। 30 और उि से मे ि िी बातें िही, परन्तु सब धोखा किििा; क्ोोंकि जब उन्होोंिे उस पर कवश्वास किया, तब उस िे अचािि िगर पर धावा बोि कदया, और उसे बहुत बुरी तरह से मार डािा, और इस्राएि िे बहुत से िोगोों िो िष्ट िर कदया। 31 और जब उस िे िगर िी िूट िे िी, तब उस में आग िगा दी, और चारोों ओर िे घरोोंऔर दीवारोोंिो ढा कदया। 32 परन्तु क्तियोोंऔर बाििोोंिो बन्धुवाई में िे गए, और पशुओोंिो अपिे अकधिार में िर किया। 33 किर उन्होोंिे दाऊद िा िगर बडा और दृढ शहरपिाह, और ऊोंचे गुम्मटोोंिे साथ बिाया, और उसे अपिे किथे दृढ गढ बिाया। 34 और उन्होोंिे उस में एि पापी जाकत अयाषत् दु ष्ट मिुष्य बसाए, और उस में अपिे आप िो दृढ किया। 35 और उन्होोंिे उसिो हकथयार और भोजिवस्तु समे त रखा, और यरूशिेम िी िूट िो इिट्ठा िरिे वही ों रख कदया, और वे गिे िा िन्दा बि गए। 36 क्ोोंकि वह पकवत्रस्थाि िे साम्हिे घात िरिे िा स्थाि, और इस्राएि िा दु ष्ट बैरी था। 37 इस प्रिार उन्होोंिे पकवत्रस्थाि िे चारोोंओर किदोर् िा खूि बहाया, और उसे अशुद्ध किया; 38 यहाों ति कि यरूशिेम िे किवासी उििे डर से भाग गए, और वह िगर परदे कशयोों िा किवासस्थाि बि गया, और उस में उत्पन्न होिेवािोोंिे किथे पराया हो गया; और उसिे अपिे बच्ोों िे उसे छोड कदया। 39 उसिा पकवत्रस्थाि जों गि िे समाि उजाड हो गया, उसिे उत्सव शोि में बदि गए, उसिे कवश्रामकदि उसिी मकहमा िी किन्दा में बदि गए। 40 जै सी उसिी मकहमा थी, वै से ही उसिा अिादर भी बढता गया, और उसिी मकहमा शोि में बदि गई। 41 किर राजा अन्ताकिया िे अपिे सारे राज्य िो यह किख भेजा, कि सब एि ही िोग होों। 42 और सब िोग अपिा अपिा कियम छोड दें : इस प्रिार राजा िी आज्ञा िे अिुसार सब अन्यजाकतयाों एि मि हो गईों। 43 हाों, इस्राएकियोों में से भी बहुत से िोग उसिे धमष पर सहमत हुए, और मू कतषयोों िे आगे बकि चढाए, और कवश्रामकदि िो अपकवत्र किया। 44 क्ोोंकि राजा िे यरूशिेम और यहूदा िे िगरोोंिो दू तोोंिे द्वारा कचकट्ठयाों भेजी थी ों, कि वे दे श िी अिोखी कवकधयोोंिा पािि िरें । 45 और मक्तन्दर में होमबकि, और मे िबकि, और अघष दे िा मिा िरो; और वे कवश्रामकदिोों और पवष िे कदिोोंिो अपकवत्र िरें ; 46 और पकवत्रस्थाि और पकवत्र िोगोोंिो अशुद्ध िरो; 47 वे कदयाों, अशेरा, और मू रतें बिवािा, और सूअर और अशुद्ध पशुओों िा माोंस बकि िरिा; 48 कि वे अपिे िडिेबािोोंिो भी खतिारकहत छोड दें , और उििे मि िो सब प्रिार िी अशुद्धता और अपकवत्रता िरिे घृकणत िरें । 49 अन्त में वे व्यवस्था िो भूि जाएों गे, और सब कियमोों िो बदि दें गे। 50 और उस िे िहा, जो िोई राजा िी आज्ञा िे अिुसार ि िरे , वह मार डािा जाए। 51 इसी रीकत से उस िे अपिे सारे राज्य िे किथे किखा, और सारी प्रजा पर अध्यक्ष ठहराए, और यहूदा िे िगरोोंिो िगर िगर बकिदाि िरिे िी आज्ञा दी। 52 तब बहुत िोग व्यवस्या िो त्यागिेवािोोंिे पास इिट्ठे हो गए; और इस प्रिार उन्होोंिे दे श में बुराइयाों िी ों; 53 और इस्राएकियोों िो गुप्त स्थािोों में, यहाों ति कि जहाों िही ों वे सहायता िे किये भाग सिें, वहाों खदे ड कदया।
1 और ऐसा हुआ, कि किकिप्पुस िे पु त्र मै सेडोकियावासी कसिन्दर िे, जो चे त्तीम दे श से आया था, िारकसयोों और माकदयोों िे राजा दारा िो परास्त किया, और उसिे स्थाि पर यूिाि पर प्रथम राज्य िरिे िगा, 2 और बहुत सी िडाइयाों िडी ों, और बहुत से गढोोंिो जीत किया, और पृ य्वी िे राजाओोंिो घात किया, 3 और पृ य्वी िी छोर ति जािर बहुत सी जाकतयोोंिो िूट किया, यहाों ति कि पृ य्वी उसिे साम्हिे शान्त हो गई; कजससे वह ऊँचा हो गया और उसिा हृदय ऊँचा हो गया। 4 और उस िे एि बडी सामथी सेिा इिट्ठी िी, और दे शोों, और जाकतयोों, और राजाओों पर प्रभुता िरिे िगा, जो उसिे सहायि बि गए। 5 और इि बातोों िे बाद वह बीमार पड गया, और जाि किया कि मैं मर जाऊोंगा। 6 इसकिथे उस िे अपिे दासोोंिो जो प्रकतकित थे, और उसिे बचपि से उसिे साय पािे हुए थे, बुिवाया, और जब ति वह जीकवत रहा तब ति अपिा राज्य उििो बाोंट कदया। 7 इस प्रिार कसिन्दर बारह वर्ष ति राज्य िरता रहा, और किर मर गया। 8 और उसिे सेवि अपिे स्याि पर प्रभुता िरिे िगे। 9 और उसिी मृ त्यु िे बाद उि सब िे अपिे ऊपर राजमु िुट धारण किए; उििे पीछे उििे बेटे भी बहुत वर्ष ति वै सा ही िरते रहे ; और पृ य्वी पर कवपकत्तयाों बहुत बढ गईों। 10 और उि में से एकपिेिेस िाम एि दु ष्ट अन्ताकिया किििा, जो अन्ताकिया राजा िा पु त्र था, जो रोम में बन्धि था, और यूिाकियोों िे राज्य िे एि सौ सैंतीसवें वर्ष में राज्य िरता था। 11 उि कदिोोंमें दु ष्ट िोग इस्राएि में से कििििर वहाों आते थे, और बहुतोोंिो यह िहिर िुसिाते थे , कि आओ, हम अपिे चारोोंओर िे अन्यजाकतयोोंिे साथ वाचा बान्धें; क्ोोंकि जब से हम उि से अिग हुए हैं , तब से हमें बहुत ही दु :ख हुआ है । 12 इसकिये इस युक्ति िे उन्हें बहुत प्रसन्न किया। 13 तब प्रजा में से िुछ िोग यहाों ति आगे बढे , कि राजा िे पास गए, और उस िे उन्हें अन्यजाकतयोोंिी कवकधयोोंिे अिुसार िरिे िी आज्ञा दी। 14 तब उन्होोंिे यरूशिेम में अन्यजाकतयोों िी रीकत िे अिुसार व्यायाम िा एि स्थाि बिाया; 15 और अपिे आप िो खतिाहीि बिा किया, और पकवत्र वाचा िो त्याग कदया, और अन्यजाकतयोों में कमि गए, और बुराई िरिे िे किये बेच कदए गए। 16 अब जब अन्ताकिया िे साम्हिे राज्य स्थाकपत हुआ, तो उस िे कमस्र पर राज्य िरिे िी सोची, कि उसे दो प्रदे शोों िा अकधिार हो जाए। 17 इस िारण वह बडी भीड, और रथ, और हाथी, और सवार, और बडी िौसेिा िे िर कमस्र में दाक्तखि हुआ। 18 और कमस्र िे राजा पतोिेमी से युद्ध किया; परन्तु पतोिेमी उससे डरिर भाग गया; और िई िोग घायि होिर मर गये। 19 इस प्रिार उन्हें कमस्र दे श में दृढ िगर कमि गए, और उस िे उििी िूट भी िे िी। 20 और जब अन्ताकिया िे कमस्र िो जीत किया, उसिे बाद एि सौ तैंतािीसवें वर्ष में वह किर िौट आया, और बडी भीड िेिर इस्राएि और यरूशिेम पर चढाई िी। 21 और घमण्ड से पकवत्रस्थाि में घुस गए, और सोिे िी वे दी, और दीवट और सारा सामाि उठा िे गए। 22 और भेंट िी रोटी िी मे ज, और उण्डे ििे िे पात्र, और िटोरे । और सोिे िे धूपदाि, और पदाष, और मु िुट, और सोिे िे आभूर्ण जो मक्तन्दर िे साम्हिे थे, सब िो उस िे उखाड किया। 23 और उस िे चान्दी, सोिा, और बहुमोि पात्र भी िे किया; और जो कछपा हुआ खजािा उसे कमिा, वह भी उसिे िे किया। 24 और सब िुछ छीििर वह अपिे किज दे श में गया, और बडा घात किया, और बडे घमण्ड से बोििे िगा। 25 इस िारण इस्राएि में जहाों जहाों वे थे वहाों बडा शोि हुआ; 26 यहाों ति कि हाकिमोों और पु रकियोों िे शोि किया, िुोंवाररयाों और जवाि पु रूर् किबषि हो गए, और क्तियोोंिी शोभा बदि गई। 128
54 अब एि सौ पैं तािीसवें वर्ष िे महिू महीिे िे पन्द्रहवें कदि िो उन्होोंिे उजाडिेवािी घृकणत वस्तु िो वे दी पर स्थाकपत किया, और यहूदा िे िगरोोंमें चारोोंओर मू रतें वे कदयाों बिाईों; 55 और अपिे अपिे घरोोंिे द्वारोोंऔर सडिोोंपर धूप जिाया। 56 और जो व्यवस्था िी पु स्तिें उन्हें कमिी ों, उििो उन्होोंिे टु िडे-टु िडे िरिे आग में जिा कदया। 57 और कजस किसी िे पास वसीयत िी िोई पु स्ति पाई जाए, वा व्यवस्था िा पािि िरिेवािा हो, तो राजा िी आज्ञा हुई, कि उसे मार डािा जाए। 58 और वे अपिे अकधिार िे अिुसार इस्राएकियोोंसे , कजतिे िगरोोंमें पाए जाते थे, उि से प्रकत माह ऐसा ही किया िरते थे। 59 और उस महीिे िे पचीसवें कदि िो उन्होोंिे उस मू रतवे दी पर जो परमे श्व र िी वे दी पर या, बकिदाि किया। 60 उस समय उन्होोंिे आज्ञा िे अिुसार िुछ क्तियोोंिो मार डािा, जो अपिे बाििोोंिा खतिा िराती थी ों। 61 और उन्होोंिे बच्ोोंिे गिे में िाँसी दी, और उििे घरोोंमें तोडिोड िी, और उििा खतिा िरिेवािोोंिो घात किया। 62 तौभी इस्राएि में बहुतोोंिे ठाि किया, और अपिे आप में ठाि किया, कि िोई अशुद्ध वस्तु ि खाएों गे। 63 इस िारण वे मरिा ही चाहते हैं, कि वे भोजि िरिे अशुद्ध ि हो जाएों , और पकवत्र वाचा िो अपकवत्र ि िरें : इसकिथे वे मर गए। 64 और इस्राएि पर बहुत बडा क्रोध भडिा।
19 तब मत्तत्याह िे ऊोंचे शब्द से उत्तर कदया, यद्यकप कजतिी जाकतयाों राजा िे अधीि हैं, वे सब उसिी आज्ञा मािते हैं , और अपिे-अपिे पु रखाओों िे धमष से भटि जाते हैं , और उसिी आज्ञाओों िो मािते हैं । 20 तौभी मैं और मे रे बेटे और मे रे भाई अपिे पु रखाओों िी वाचा पर चिेंगे। 21 परमे श्व र ि िरे , कि हम व्यवस्था और कियमोों िो त्याग दें । 22 हम राजा िी बात ि मािेंग,े कि अपिे धमष से ि तो दाकहिी ओर चिें, और ि बाईों ओर। 23 जब वह ये बातें िह चु िा, तो यहूकदयोों में से एि राजा िी आज्ञा िे अिुसार सब िोगोोंिे दे खते मोदीि िी वे दी पर बकि चढािे िो आया। 24 यह दे खिर मकत्तय्याह जोश से जि उठा, और उसिी िगाम िाोंप उठी, और न्याय िे अिुसार अपिा क्रोध प्रिट िरिा ि छोड सिा; इस िारण उस िे दौडिर उसे वे दी पर मार डािा। 25 और राजा िे हाकिम िो भी, जो मिुष्योोंिो बकि चढािे िो कववश िरता या, उस िे उसी समय मार डािा, और वे दी िो ढा कदया। 26 और उस िे परमेश्व र िी व्यवस्था िे किथे वै सा ही उत्साह से िाम किया, जै सा पीकियोोंिे सिोमी िे पु त्र जाम्बरी िे साय किया या। 27 और मत्तत्याह िे िगर भर में ऊोंचे शब्द से कचल्लािर िहा, जो िोई व्यवस्था पर सरगमष हो, और वाचा िो मािे, वह मे रे पीछे हो िे। 28 सो वह और उसिे बेटे पहाडोों पर भाग गए, और अपिा सब िुछ िगर में छोड कदया। 29 तब बहुत से न्याय और न्याय िे चाहिेवािे जों गि में जािर रहिे िगे; 30 वे दोिोों, और उििे िडिेबािे, और उििी क्तियाों; और उििे मवे शी; क्ोोंकि उि पर क्लेश बढता ही गया। 31 जब राजा िे िमष चाररयोोंिो और दाऊद िे िगर यरूशिेम में रहिेवािी सेिा िो यह समाचार कमिा, कि िुछ मिुष्य राजा िी आज्ञा िो तोड िर जों गि िे गुप्त स्थािोों में चिे गए हैं , 32 और उन्होोंिे बडी सोंख्या में उििा पीछा किया, और उन्हें पिडिर उििे कवरुद्ध डे रे खडे किए, और कवश्राम िे कदि उि से युद्ध किया। 33 और उन्होोंिे उि से िहा, जो िुछ तुम िे अब ति किया है , वह पू रा हो जाए; आगे आओ, और राजा िी आज्ञा िे अिुसार िरो, और तुम जीकवत रहोगे। 34 परन्तु उन्होोंिे िहा, हम कवश्रामकदि िो अपकवत्र िरिे िे किये ि किििेंगे, और ि राजा िी आज्ञा िे अिुसार चिेंगे। 35 तब उन्होों िे वे ग से उि से युद्ध किया। 36 तौभी उन्होोंिे उििो उत्तर ि कदया, ि उि पर पत्थर िेंिे, और ि उि स्यािोों िो रोिा जहाों वे कछपते थे; 37 परन्तु िहा, आओ हम सब किदोर् होिर मरें; आिाश और पृ य्वी हमारे किये गवाही दें गे, कि तुम िे हम िो अन्याय से मार डािा। 38 सो उन्होोंिे कवश्राम िे कदि उि पर युद्ध िरिे चढाई िी, और उििो उििी क्तियोों, बच्ोों, और पशुओोंसमे त एि हजार ति मार डािा। 39 अब जब मकत्तय्याह और उसिे कमत्रोों िो यह बात समझ में आई, तो वे उििे किये बहुत शोि िरिे िगे। 40 और उि में से एि िे दू सरे से िहा, यकद हम सब अपिे भाइयोों िे समाि िरें , और अन्यजाकतयोों िे कवरुद्ध अपिे प्राण और व्यवस्था िे किये ि िडें , तो वे हमें तुरन्त पृ य्वी पर से उखाड डािेंगे। 41 इसकिथे उस समय उन्होोंिे यह आज्ञा दी, कि जो िोई कवश्राम िे कदि हम से िडिे िो आए, हम उस से िडें गे; ि ही हम सब अपिे भाइयोों िी तरह मरें गे जो गुप्त स्थािोों में मारे गए थे। 42 तब अस्सीकदयोों िा एि दि जो इस्राएि िे शूरवीर थे, और सब स्वेच्छ ा से व्यवस्था िे प्रकत समकपष त थे, उसिे पास आए। 43 और कजतिे उपद्रव िे मारे भागे थे वे सब उििे साथ कमि गए, और उििा आश्रय बि गए। 44 इसकिये उन्होोंिे अपिी अपिी सेिाएों इिट्ठी िी ों, और क्रोध से पाकपयोों िो, और क्रोध से दु ष्टोों िो मारा; परन्तु जो बचे थे वे सहायता पािे िे किये अन्यजाकतयोों िी ओर भाग गए। 45 तब मत्तत्याह और उसिे कमत्रोों िे घूमिर वे कदयाों कगरा दी ों; 46 और उििो इस्राएि िे कसवािे में जो िडिे खतिारकहत कमिे, उििा उन्होोंिे वीरता से खतिा किया।
अध्याय दो 1 उि कदिोोंमें मत्तत्याह जो यूहन्ना िा पु त्र और कशमोि िा पोता या, जो योआरीकबयोोंिा याजि था, यरूशिेम से उठा, और मोदीि में रहिे िगा। 2 और उसिे पाोंच बेटे, जोआिि, िैकडस िहिाते थे: 3 शमौि; थस्सी िहा जाता है : 4 यहूदा, जो मै िाबेयुस िहिाता था: 5 एिीआजर जो अवारि िहिाता या, और योिाताि कजसिा उपिाम अप्पुस या। 6 और जब उस िे यहूदा और यरूशिेम में किन्दा िे िाम होते दे खे, 7 उस िे िहा, हाय मु झ पर! मैं अपिी प्रजा और पकवत्र िगर िी यह दु दषशा दे खिे और उस में रहिे िे किये क्ोों उत्पन्न हुआ, जब वह शत्रु िे वश में और पकवत्रस्थाि परदे कशयोों िे वश में िर कदया गया था? 8 उसिा मक्तन्दर मकहमाहीि मिुष्य िे समाि हो गया है । 9 उसिे शोभायमाि पात्र बन्धुवाई में िे जाए गए, उसिे बच्े सडिोों पर घात किए गए, और उसिे जवाि शत्रु िी तिवार से घात किए गए। 10 िौि सी जाकत है , जो उसिे राज्य में भाग ि िे, और उसिी िूट में से िुछ ि पाए हो? 11 उसिे सब गहिे छीि किये गए; वह स्वतोंत्र िी से दास बि गई है । 12 और दे खो, हमारा पकवत्रस्थाि, अथाषत् हमारी शोभा और मकहमा, उजाड हो गई है , और अन्यजाकतयोों िे उसे अपकवत्र िर कदया है । 13 इसकिये हम अब किस प्रयोजि िे किये जीकवत रहें गे? 14 तब मत्तत्याह और उसिे पु त्रोों िे अपिे वि िाडे , और टाट ओढ किया, और बहुत बडा शोि िरिे िगे। 15 इतिे में राजा िे हाकिम जो प्रजा िो बिवा िरिे िो कववश िरते थे, उििो बकि चढािे िे किये मोदीि िगर में आए। 16 और जब इस्राएि में से बहुतेरे उििे पास आए, तब मत्तत्याह और उसिे पु त्र भी इिट्ठे हुए। 17 तब राजा िे हाकिमोों िे मत्तत्याह िो इस प्रिार उत्तर कदया, कि तू इस िगर में हाकिम और प्रकतकित और बडा पु रूर् है, और बेटोोंऔर भाइयोोंिे साय बिवन्त है । 18 इसकिये अब तू पकहिे आिर राजा िी आज्ञा पू री िर, जै सा सब अन्यजाकतयोों िे किया, वरि यहूदा िे पु रूर्ोों िे भी किया, और जो यरूशिेम में रह गए हैं, उसी प्रिार तू और तेरा घरािा राजा िे कगिती में हो। कमत्रोों, और तुम्हें और तुम्हारे बच्ोों िो चाँदी और सोिे और बहुत से पु रस्कारोों से सम्माकित किया जाएगा।
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47 और उन्होोंिे घमक्तण्डयोोंिा पीछा किया, और िाम उििे हाथ से सिि हुआ। 48 सो उन्होोंिे अन्यजाकतयोों और राजाओों िे हाथ से व्यवस्था छीि िी, और पापी िो जयवन्त ि होिे कदया। 49 जब मकत्तय्याह िे मरिे िा समय कििट आया, तब उस िे अपिे पु त्रोोंसे िहा, अब अकभमाि और डाोंट बिवन्त हो गए हैं , और कविाश िा समय, और क्रोध िा प्रिोप बढ गया है । 50 इसकिये अब हे मे रे पु त्रोों, तुम व्यवस्था िे किये जोशीिे बिो, और अपिे पु रखाओों िी वाचा िे किये अपिा प्राण दे दो। 51 स्मरण िरो कि हमारे बाप दादोों िे अपिे समय में क्ा क्ा िाम किए थे; इस प्रिार तुम महाि् सम्माि और सदाबहार िाम पाओगे। 52 क्ा इब्राहीम परीक्षा में कवश्वासयोग्य िही ों किििा, और यह उसिे किये धाकमष िता कगिा गया? 53 यूसुि िे सोंिट िे समय में आज्ञा मािी, और कमस्र िा स्वामी ठहराया गया। 54 हमारे कपता पीिीस िे जोशीिे और उत्साही होिे िे िारण कचरस्थायी याजिपद िी वाचा प्राप्त िी। 55 यीशु वचि िो पू रा िरिे िे किये इस्राएि में न्यायी ठहराया गया। 56 िािेब िो मण्डिी िे साम्हिे गवाही दे िे िे िारण उस दे श िा भाग कमिा। 57 दाऊद िे दयािु होिे िे िारण अिन्त राज्य िा कसोंहासि प्राप्त किया। 58 एकिय्याह व्यवस्था िे प्रकत उत्साही और उत्साही होिे िे िारण स्वगष पर उठा किया गया। 59 हिन्याह, अजयाषह और मीसाएि कवश्वास िरिे आग से बच गए। 60 दाकिय्येि अपिी किदोर्ता िे िारण कसोंहोों िे मुों ह से छु डाया गया। 61 और युग युग में तुम इसी प्रिार कवचार िरते रहो, कि जो िोई उस पर भरोसा रखता है , वह प्रबि ि हो। 62 तो पापी मिुष्य िी बातोों से मत डरो; क्ोोंकि उसिी मकहमा गोबर और िीडोों से होगी। 63 वह आज तो ऊोंचे पर उठाया जाएगा, और िि उसिा पता ि कमिेगा, क्ोोंकि वह कमट्टी में कमि जाएगा, और उसिा कवचार व्यथष जाएगा। 64 इसकिये , हे मे रे पु त्रोों, शूरवीर बिो और व्यवस्था िे पक्ष में अपिे आप िो पु रूर् कदखाओ; क्ोोंकि इसिे द्वारा तुम मकहमा प्राप्त िरोगे। 65 और सुि, मैं जािता हूों , कि तेरा भाई शमौि बुक्तद्धमाि मिुष्य है , उसिी िाि हमे शा िाि िगाया िरो; वह तुम्हारा कपता ठहरे गा। 66 और यहूदा मिाकबयुस बचपि से ही पराक्रमी और बिवन्त रहा है; वह तेरा प्रधाि हो, और प्रजा िी िडाई में िडे । 67 और उि सभोोंिो जो व्यवस्था पर चिते हैं, अपिे पास िे िो, और अपक्की प्रजा िे अधमष िा पिटा िो। 68 अन्यजाकतयोों िो पू रा बदिा दो, और व्यवस्था िी आज्ञाओों पर ध्याि दो। 69 तब उस िे उििो आशीवाषद कदया, और अपिे पु रखाओों में जा कमिा। 70 और वह एि सौ कछयािीसवें वर्ष में मर गया, और उसिे पु त्रोों िे उसे मोदीि में उसिे पु रखाओों िी िब्रोों में कमट्टी दी, और सारे इस्राएि िे उसिे किये बडा कविाप किया।
6 इस िारण दु ष्ट िोग उसिे भय से कसिुड गए, और सब िुिमष िरिेवािे व्यािुि हो गए, क्ोोंकि उसिे हाथ से उद्धार िा िाम पू रा हुआ। 7 उस िे बहुत से राजाओों िो भी उदास किया, और यािूब िो अपिे िामोों से आिक्तन्दत किया, और उसिा स्मरण सदा िे किये धन्य है । 8 किर वह यहूदा िे िगरोोंमें घूमिर उि में से दु ष्टोोंिो िाश िरता, और इस्राएि िा क्रोध दू र िरता गया। 9 यहाों ति कि वह पृ य्वी िी छोर ति प्रकसद्ध हो गया, और जो िाश होिे पर थे, उििो उस िे अपिे पास पा किया। 10 तब अपोिोकियुस िे इस्राएि से िडिे िे किथे अन्यजाकतयोोंिो, और सामररया से एि बडी सेिा िो इिट्ठा किया। 11 यह बात जब यहूदा िो मािूम हुई, तब वह उसिा साम्हिा िरिे िो आगे बढा, और उस िे उसे मारिर घात किया; और बहुत से िोग मारे गए, परन्तु और भाग गए। 12 इस िारण यहूदा िे उििा िूट किया, और अपोिोकियुस िी तिवार भी िे िी, और उसी से वह जीवि भर िडता रहा। 13 जब सेरोि िाम अराम िी सेिा िे हाकिम िे यह सुिा, कि यहूदा िे युद्ध िरिे िे किथे कवश्वाकसयोोंिी बडी भीड और मण्डिी अपिे पास इिट्ठी िी है ; 14 उस िे िहा, मैं राज्य में अपिा िाम और आदर िरू ों गा; क्ोोंकि मैं यहूदा और उसिे साकथयोों से िडिे जाऊोंगा, जो राजा िी आज्ञा िा कतरस्कार िरते हैं । 15 तब उस िे उसिो चढाई िरिे िो तैयार किया, और दु ष्टोोंिी एि बडी सेिा उस िी सहायता िरिे और इस्राएकियोोंसे पिटा िेिे िो उसिे सोंग चिी। 16 और जब वह बेथोरोि िी चढाई िे कििट पहुों चा, तो यहूदा एि छोटी सी टोिी िेिर उसिा साम्हिा िरिे िो किििा। 17 जब उन्होोंिे सेिा िो अपिा साम्हिा िरिे िो आते दे खा, तब यहूदा से िहा, हम इतिे थोडे होिर, और इतिे बिवन्त होिर, इतिी बडी भीड से िैसे िड सिेंगे, कि हम इतिे कदि उपवास िरिे थि गए हैं ? 18 यहूदा िे उस िो उत्तर कदया, कि बहुतोों िा थोडे िे हाथ में बन्द होिा िकठि बात है ; और स्वगष िा परमेश्व र सब एि ही है, कि बडी भीड वा थोडे दि िी सहायता से उद्धार िरे । 19 क्ोोंकि युद्ध िी जय सेिा िी बहुतायत से िही ों कटिती; परन्तु शक्ति स्वगष से आती है । 20 वे बडे घमण्ड और िुिमष में हम पर चढाई िरते हैं , कि हम िो और हमारी क्तियोोंऔर बच्ोोंिो भी िाश िरें , और हमें िूटें। 21 परन्तु हम अपिे जीवि और अपिे कियमोों िे किये िडते हैं । 22 इस िारण यहोवा आप ही उििो हमारे साम्हिे से िाश िरे गा; और तुम उि से मत डरिा। 23 जै से ही उस िे बोििा छोडा, वह उि पर अचािि झपटा, और सेरोि और उसिी सेिा उसिे साम्हिे से परास्त हो गई। 24 और उन्होोंिे बेथोरोि िी उतराई से िेिर मै दाि ति उििा पीछा किया, और वहाों िोई आठ सौ पु रूर् मारे गए; और जो बचे हुए थे वे पकिक्तियोोंिे दे श में भाग गए। 25 तब यहूदा और उसिे भाइयोोंिा भय और उििे चारोोंओर िी जाकतयोोंपर बहुत बडा भय छािे िगा। 26 यहाों ति कि उसिी िीकतष राजा ति िैि गई, और सब जाकतयोोंमें यहूदा िे युद्धोोंिी चचाष होिे िगी। 27 जब राजा अन्ताकिया िे ये बातें सुिी ों, तो वह क्रोध से भर गया; इसकिये उस िे अपिे राज्य िी सारी सेिा, यहाों ति कि एि बहुत ही दृढ सेिा, भेज िर इिट्ठे िर िी। 28 और उस िे अपिा भण्डार भी खोिा, और अपिे कसपाकहयोोंिो एि वर्ष िे किये वे ति कदया, और आज्ञा दी, कि जब िभी उसे उििी आवश्यिता हो, तब वे तैयार रहें । 29 किर भी, जब उस िे दे खा, कि उस िूट और कवपकत्त िे िारण, जो उस िे पु रािे समय िे कियमोोंिो छीििर दे श में िैिाई है, उसिे धि िा धि िम हो गया है , और दे श में िर भी िम रह गया है ;
अध्याय 3 1 तब उसिा पु त्र यहूदा जो मै िाबेयुस िहिाता था, उसिे स्याि पर उठा। 2 और उसिे सब भाइयोोंऔर कजतिोोंिे उसिे कपता िा साथ कदया, उि सब िे उसिी सहायता िी, और इस्राएि िी िडाई में वे हर्ष से िडे । 3 इसकिथे उस िे अपक्की प्रजा िा बडा आदर किया, और दै त्य िे समाि कझिम पकहिाया, और अपिे चारोोंओर युद्ध िे समाि िमर बान्धा, और अपिी तिवार से सेिा िी रक्षा िरते हुए िडिे िगा। 4 उसिे िाम में वह कसोंह िे समाि था, और अहे र िे किये गरजिेवािे कसोंह िे बच्े िे समाि था। 5 क्ोोंकि उस िे दु ष्टोों िा पीछा िरिे उििो ढू ों ढ किया, और जो उसिी प्रजा िो सताते थे उििो भस्म िर डािा।
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30 उसे भय हुआ कि अब वह दोर् सह ि सिेगा, और ि पकहिे िे समाि उदारता से दाि दे सिेगा; क्ोोंकि वह अपिे से पकहिे िे राजाओों से बहुत बढ गया था। 31 इस िारण उस िे मि में बहुत घबरािर िारस जािे िा किश्चय किया, कि वहाों से दे श दे श िा िर िे, और बहुत सा धि इिट्ठा िरे । 32 इसकिये उस िे िुकसयाह िाम एि रईस और राजिुि िे िोगोोंमें से एि िो परात महािद से कमस्र िी सीमा ति राजा िा िाम दे खिे िे किथे छोड कदया। 33 और उसिे बेटे अन्ताकिया िा उसिे िौटिे ति पािि-पोर्ण िरिा। 34 और उस िे अपक्की आधी सेिा और हाकथयोोंिो भी उसिे हाथ में सौोंप कदया, और जो िुछ वह िरिा चाहता या, उसिा भी, और यहूदा और यरूशिेम िे किवाकसयोोंिे कवर्य में भी उसे अकधिार दे कदया। 35 इसकिये कि वह उििे कवरूद्ध एि सेिा भेजे, कि इस्राएि िी सेिाओों िो और यरूशिेम िे बचे हुओों िो िाश और जड से उखाड िेंिे, और उस स्याि में उििा स्मरण िरा दे ; 36 और वह उििे सब स्थािोोंमें परदे कशयोोंिो बसा दे , और उििे दे श िो कचट्ठी डाििर बाोंट दे । 37 तब राजा िे बची हुई आधी सेिा िो िेिर एि सौ सैंतािीसवें वर्ष अपिे राजिगर अन्ताकिया से प्रस्थाि किया; और परात िदी पार िरिे ऊोंचे दे शोों में चिा गया। 38 तब िूकसयास िे डोररमे िस िे पु त्र टॉिेमी, कििािोर और गोकगषयास िो, जो राजा िे कमत्रोों में से शूरवीर थे, चु ि किया। 39 और उििे साथ उस िे चािीस हजार प्यादे , और सात हजार सवार भेजे, कि राजा िी आज्ञा िे अिुसार यहूदा िे दे श में जािर उसे िाश िर डािें। 40 तब वे अपक्की सारी शक्ति समे त किििे, और इम्माऊस िे पास चौरस दे श में डे रे खडे किए। 41 और उस दे श िे व्यापारी उििी िीकतष सुििर बहुत चान्दी और सोिा िेिर दास-दाकसयोों समे त छाविी में आए, कि इस्राएकियोोंि ो दास िरिे मोि िें; और अराम और पकिक्तियोोंिे दे श िा भी एि अकधिार हो। अपिे आप िो उिसे कमिा किया। 42 अब जब यहूदा और उसिे भाइयोों िे दे खा, कि दु :ख बहुत बढ गया है , और सेिाओों िे अपिे अपिे कसवािोों में डे रे डाि कदए हैं ; 43 और उन्होोंिे आपस में िहा, आओ, हम अपिी प्रजा िा कबगडा हुआ भाग्य िेर दें , और अपिी प्रजा और पकवत्रस्थाि िे किये िडें । 44 तब मण्डिी इसकिये इिट्ठी हुई, कि युद्ध िे किये तैयार होों, और प्राथषिा िरें , और दया और िरुणा िी प्राथषिा िरें । 45 यरूशिेम जों गि िे समाि सूिा पडा था, उसिे सन्तािोों में से िोई ि तो वहाों आता जाता था और ि बाहर जाता था; उस स्थाि पर अन्यजाकतयोों िा किवास था; और यािूब िा आिन्द दू र हो गया, और वीणा िा बाजा बन्द हो गया। 46 इस िारण इस्राएिी इिट्ठे होिर यरूशिेम िे साम्हिे मस्पा ति आए; क्ोोंकि मास्फा में वह स्थाि था जहाँ उन्होोंिे पहिे इजराइि में प्राथषिा िी थी। 47 तब उन्होोंिे उस कदि उपवास किया, और टाट बान्ध किया, और अपिे कसरोों पर राख डािी, और अपिे वि िाडे । 48 और व्यवस्था िी पु स्ति खोि दी, कजस में अन्यजाकतयोों िे अपिी मू रतोों िे समाि कचत्र बिािा चाहा था। 49 और वे याजिोोंिे वि, और पकहिी उपज, और दशमाोंश भी िे आए; और िासरीयोोंिो जो अपिी आयु पू री िर चु िे थे, उभारा। 50 तब उन्होोंिे आिाश िी ओर ऊोंचे शब्द से कचल्लािर िहा, हम इिसे क्ा िरें , और इन्हें िहाों िे जाएों ? 51 क्ोोंकि तेरा पकवत्रस्थाि रौोंदा और अपकवत्र किया गया है , और तेरे याजि बोझ से दब गए हैं , और कगराए गए हैं । 52 और दे खो, अन्यजाकतयाों हमें िाश िरिे िे किये हमारे कवरूद्ध इिट्ठी हो गई हैं ; वे हमारे कवरूद्ध िैसी िैसी िल्पिाएों िरते हैं , तू जािता है । 53 हे परमे श्व र, तू हमारा सहायि ि हो, तो हम उििे साम्हिे क्ोोंिर खडे रह सिेंगे? 54 तब उन्होोंिे िरकसोंगे िूोंिे, और ऊोंचे शब्द से कचल्लाए।
55 और इसिे बाद यहूदा िे प्रजा पर प्रधाि ठहराए, अयाषत् हजारोों, सैिडोों, पचासोों, और दकसयोोंपर प्रधाि। 56 परन्तु जो घर बिाते थे, या क्तियाों ब्याह िेते थे, या दाख िी बाररयाों िगाते थे , या डरते थे, उििो उस िे आज्ञा दी, कि वे व्यवस्था िे अिुसार अपिे अपिे घर िौट जाएों । 57 सो छाविी हट गई, और इम्माऊस िी दक्तिि ओर डे रे खडे किए। 58 और यहूदा िे िहा, हकथयार बान्धिर वीर बिो, और भोर िे किये तैयार रहो, कि उि जाकतयोों से िडो, जो हमें और हमारे पकवत्रस्थाि िो िाश िरिे िे किये हमारे कवरूद्ध इिट्ठे हुए हैं । 59 क्ोोंकि अपिी प्रजा और अपिे पकवत्रस्थाि िी कवपकत्त दे खिे से हमारे किथे युद्ध में मरिा भिा है । 60 तौभी जै सी परमे श्व र िी इच्छा स्वगष में है , वै सा ही वह िरे । अध्याय 4 1 तब गोकगषयास िे पाोंच हजार प्यादोों, और एि हजार अच्छे घुडसवारोों िो किया, और रात िो छाविी से बाहर कििि गया; 2 यहाों ति कि वह यहूकदयोों िी छाविी पर धावा बोििर उन्हें अचािि मार डािे। और क़ििे िे िोग उसिे मागषदशषि थे। 3 जब यहूदा िे यह सुिा, तब वह आप और उसिे सोंग िे शूरवीर चिे गए, कि इम्माऊस में रहिेवािी राजा िी सेिा िो मार डािें। 4 जबकि सेिा छाविी से कततर-कबतर हो चु िी थी। 5 इसी समय गोकगषयास रात िे समय यहूदा िी छाविी में आया; और जब उस िे वहाों िोई ि पाया, तब उस िे उििो पहाडोोंमें ढू ों ढा; क्ोोंकि उस िे िहा, कि थे िोग हमारे पास से भाग जाते हैं । 6 परन्तु जै से ही कदि हुआ, यहूदा तीि हजार पु रूर्ोोंिे साथ मै दाि में प्रगट हुआ, और उििे पास ि तो हकथयार थे और ि तिवारें । 7 और उन्होोंिे अन्यजाकतयोों िी छाविी दे खी, कि वह दृढ और अच्छी तरह से सुसक्तित थी, और चारोों ओर घुडसवारोों से कघरी हुई थी; और ये युद्ध िे कवशेर्ज्ञ थे. 8 तब यहूदा िे अपिे सायोोंसे िहा, तुम उििी भीड से मत डरो, और ि उििे घात से डरो। 9 स्मरण िरो, कि हमारे पु रखा िाि समु द्र में किस प्रिार पिडे गए थे, जब किरौि िे सेिा िेिर उििा पीछा किया था। 10 इसकिये अब हम स्वगष िी दोहाई दें , यकद िदाकचत् यहोवा हम पर दया िरे , और हमारे पु रखाओों िी वाचा िो स्मरण िरिे इस सेिा िो आज हमारे साम्हिे से िाश िर दे । 11 कजससे सब अन्यजाकतयाों जाि िें कि इस्राएि िा छु डािेवािा और उद्धार िरिेवािा िोई है । 12 तब परदे कशयोोंिे आों ख उठािर उििो अपिे साम्हिे आते दे खा। 13 इस िारण वे युद्ध िरिे िो छाविी से बाहर किििे; परन्तु यहूदा िे साकथयोों िे तुरही बजाई। 14 सो वे आपस में िडिे िगे, और अन्यजाकतयाों घबरािर मै दाि में भाग गईों। 15 तौभी उि में से सब िे सब तिवार से मारे गए; क्ोोंकि उन्होोंिे गजे रा, और इदु कमया, और अजोतुस, और जकिया िे अराबा ति उििा पीछा किया, यहाों ति कि उि में से तीि हजार पु रूर् मारे गए। 16 ऐसा िरिे पर यहूदा अपक्की सेिा समे त उििा पीछा िरिे किर िौट आया। 17 और िोगोों से िहा, िूट िा िािच ि िरो, क्ोोंकि हमारे साम्हिे िडाई हो रही है । 18 और गोकगषयास और उसिी सेिा यहाों पहाड पर हमारे पास है: परन्तु अब तुम हमारे शत्रुओों िे साम्हिे खडे होिर उि पर जय पाओ, और इसिे बाद तुम किडर होिर िूट िे सिते हो। 19 यहूदा ये बातें िह ही रहा या, कि उि में से एि दि पहाड िी ओर से झाोंिता हुआ कदखाई कदया। 20 और जब उन्होोंिे जाि किया, कि यहूदी हमारी सेिा िो भगा िे गए, और तम्बू जिा रहे हैं ; जो धुआँ दे खा गया था, उसिे किए घोकर्त किया गया कि क्ा किया गया था: 21 सो जब उन्होोंिे ये बातें जाि िी ों, तो बहुत डर गए, और यहूदा िी सेिा िो मै दाि में िडिे िो तैयार दे खिर भी घबरा गए। 131
22 और वे परदे श में भाग गए। 23 तब यहूदा तम्बु ओों िो िूटिे िो िौटा, और वहाों उन्हें बहुत सा सोिा, चान्दी, िीिा रे शम, और समु द्र िा बैंजिी रे शम, और बहुत धि कमिा। 24 इसिे बाद वे घर गए, और धन्यवाद िा गीत गाया, और स्वगष में प्रभु िी स्तुकत िी: क्ोोंकि यह अच्छा है , क्ोोंकि उसिी दया सदा िी है । 25 इस प्रिार उस कदि इस्राएि िो बडा छु टिारा कमिा। 26 और कजतिे परदे शी बच गए थे, उि सभोों िे आिर िूकसयास िो यह समाचार कदया; 27 जब उस िे यह सुिा, तो वह िक्तित और किराश हुआ, क्ोोंकि ि तो इस्राएि िे साथ वै सा िुछ हुआ, जै सा वह चाहता था, और ि जै सी राजा िे उसे आज्ञा दी थी, वै सा हुआ। 28 सो अगिे वर्ष िूकसयास िे उसिे पीछे अस्सी हजार अच्छे प्यादे , और पाोंच हजार सवार इिट्ठे किए, कि उन्हें अपिे वश में िर िे। 29 तब उन्होोंिे इदु कमया में आिर बेतसूरा में अपिे तम्बू खडे किए, और यहूदा दस हजार पु रूर् िे िर उि से कमिा। 30 और जब उस िे उस बिवन्त सेिा िो दे खा, तब प्राथषिा िरिे िहा, हे इस्राएि िे उद्धारिताष, तू धन्य है , कजस िे अपिे दास दाऊद िे द्वारा उस शूरवीर िे उपद्रव िो दबा कदया, और परदे कशयोोंिी सेिा िो उसिे वश में िर कदया। शाऊि िा पु त्र योिाताि और उसिा हकथयार ढोिेवािा; 31 इस सेिा िो अपक्की प्रजा इस्राएि िे हाथ में बन्द िर, और वे अपिे बि और सवारोोंिे कवर्य में किराश हो जाएों ; 32 उन्हें कहयाव कवहीि िर, और उििा साहस िष्ट िर दे , और वे अपिे कविाश से िाोंप उठें । 33 जो तुझ से प्रे म रखते हैं उििो तिवार से मार डािो, और कजतिे तेरे िाम िे जाििेवािे धन्यवाद िरते हुए तेरी स्तुकत िरें । 34 सो वे युद्ध में सक्तम्मकित हो गए; और उििे मारे जािे से पकहिे ही िूकसयास िी सेिा में से िोई पाोंच हजार पु रूर् मारे गए। 35 जब िूकसयास िे दे खा कि उसिी सेिा भाग गई है , और यहूदा िे सैकििोों िा साहस, और वे किस प्रिार वीरता से जीिे या मरिे िो तैयार हैं , तब वह अन्ताकिया में गया, और परदे कशयोों िी एि टोिी इिट्ठी िी, और अपिी सेिा िो और भी बडा िर किया इससे पहिे, उसिे यहूकदया में किर से आिे िा इरादा किया। 36 तब यहूदा और उसिे भाइयोोंिे िहा, दे खो, हमारे शत्रु घबरा गए हैं; आओ, हम पकवत्रस्थाि िो शुद्ध िरिे, और पकवत्र िरिे िो चिें। 37 इस पर सारी सेिा इिट्ठी होिर कसय्योि पहाड पर चढ गई। 38 और जब उन्होोंिे पकवत्रस्थाि िो उजाड, और वे दी िो अपकवत्र दे खा, और िाटि जिे हुए, और आों गिोों में जों गि वा पहाडोों िे समाि झाकडयाों उगी हुई दे खी ों, और याजिोों िी िोठररयाों कगरी हुई दे खी ों; 39 और उन्होोंिे अपिे वि िाडे , और बडा कविाप किया, और अपिे कसरोों पर राख डािी, 40 और भूकम पर मुों ह िे बि कगर पडे , और तुरकहयाों िूोंििर स्वगष िी ओर कचल्लािर कचल्लाए। 41 तब यहूदा िे िुछ पु रूर् कियुि किए, कि जब ति वह पकवत्रस्थाि िो शुद्ध ि िर िे, तब ति गढ में रहिे वािोों से िडते रहें । 42 इसकिये उस िे किष्कपट बातचीत िरिेवािे याजिोोंिो चु ि किया, जो व्यवस्था से प्रसन्न थे। 43 उस िे पकवत्रस्थाि िो शुद्ध किया, और अशुद्ध पत्थरोों िो कििाििर अशुद्ध स्याि में रख कदया। 44 और उन्होोंिे यह सम्मकत िी, कि होमबकि िी वे दी जो अपकवत्र हो गई है , उसिा क्ा किया जाए; 45 उन्होोंिे उसे कगरािा ही उकचत समझा, ऐसा ि हो कि इस से उििी किन्दा हो, क्ोोंकि अन्यजाकतयोों िे उसे अशुद्ध किया था; इसी िारण उन्होोंिे उसे कगरा कदया। 46 और पत्थरोों िो मक्तन्दर िे पहाड पर एि सुकवधाजिि स्याि में रख कदया, जब ति िोई भकवष्यद्विा ि आए, जो बताए कि उि से क्ा किया जािा चाकहए। 47 तब उन्होोंिे कवकध िे अिुसार पू रे पत्थर किये, और पकहिी िे अिुसार एि िई वे दी बिाई;
48 और पकवत्रस्थाि और मक्तन्दर िे भीतर िी वस्तुएों बिाईों, और आों गिोोंिो पकवत्र किया। 49 और उन्होोंिे िये पकवत्र पात्र भी बिाए, और दीवट, होमवे दी, धूप, और मे ज िो मक्तन्दर में िे आए। 50 और वे दी पर उन्होोंिे धूप जिाया, और दीवट पर िे दीपि जिाए, कि उि से मक्तन्दर में उकजयािा हो। 51 किर उन्होोंिे रोकटयाों मे ज पर रखी ,ों और पदे िैिाए, और जो िाम वे बिािे िगे थे, उसे पू रा किया। 52 अब एि सौ अडतािीसवें वर्ष िे िौवें महीिे िे पचीसवें कदि िो, जो महिेऊ िहिाता है , वे भोर िो समय-समय पर उठे । 53 और उस िई होमबकि िी वे दी पर जो उन्होोंिे बिाई थी, कवकध िे अिुसार बकिदाि चढाया। 54 दे खो, किस समय और किस कदि अन्यजाकतयोों िे उसे अपकवत्र किया, यहाों ति कि गीत, सारों गी, वीणा, झाोंझ बजािर उसिा अकभर्ेि किया गया। 55 तब सब िोगोों िे मुों ह िे बि कगरिर स्वगष िे परमे श्व र िी स्तुकत िी, कजस िे उन्हें अच्छा िाम कदया था। 56 और इस प्रिार उन्होोंिे आठ कदि ति वे दी िी प्रकतिा रखी, और आिन्द िे साथ होमबकि चढाया, और उद्धार और स्तुकत िा बकिदाि चढाया। 57 और उन्होोंिे मक्तन्दर िे साम्हिे िो सोिे िे मु िुटोों और ढािोों से सजाया; और िाटिोोंऔर िोठररयोोंिो उन्होोंिे िया बिाया, और उि पर किवाड िगवाए। 58 इस प्रिार िोगोों में बहुत आिन्द हुआ, क्ोोंकि अन्यजाकतयोों िी िामधराई दू र हो गई। 59 किर यहूदा और उसिे भाइयोोंऔर इस्राएि िी सारी मण्डिी िे यह ठहराया, कि वे दी िी प्रकतिा िे कदि महिू महीिे िे पचीसवें कदि से िेिर आठ कदि िे अन्तर ति प्रकत वर्ष अपिे समय िे अिुसार मािे जाएों । , हर्ष और उल्लास िे साथ। 60 उस समय भी उन्होोंिे कसय्योि पवष त िे चारोोंओर ऊोंची ऊोंची शहरपिाह और दृढ गुम्मट बिाए, ऐसा ि हो कि अन्यजाकत आिर उसे रौोंद डािें, जै सा उन्होोंिे पकहिे किया था। 61 और उन्होोंिे उसिी रक्षा िे किये वहाों एि चौिी बैठाई, और उसिी रक्षा िे किये बेतसूरा िी कििेबोंदी िी; ताकि िोगोों िो इडु कमया िे कवरुद्ध बचाव कमि सिे। अध्याय 5 1 जब आस-पास िी जाकतयोों िे सुिा कि वे दी बि गई, और पकवत्रस्याि पकहिे िे समाि िया हो गया, तो वे बहुत अप्रसन्न हुए। 2 इसकिये उन्होोंिे यािूब िी पीढी िो, जो उििे बीच में थी, िाश िरिे िी सोची, और उसिे बाद उन्होोंिे िोगोों िो मारिा और िष्ट िरिा आरम्भ िर कदया। 3 तब यहूदा िे इदु कमया में अरबत्तीि में एसाव िी सन्ताि से युद्ध किया, क्ोोंकि उन्होोंिे गेि िो घेर किया था; और उस िे उििो भारी परास्त किया, और उििा साहस ठों डा िर कदया, और उििी िूट िे िी। 4 और उसे बीि िे बच्ोों िी चोट भी याद आई, जो िोगोों िे किए जाि और अपमाि थे, क्ोोंकि वे मागों में उििी घात में रहते थे। 5 तब उस िे उििो गुम्मटोोंमें बन्द िर कदया, और उििे कवरूद्ध डे रे खडे किए, और उििो सत्यािाश िर डािा, और उस स्याि िे गुम्मटोोंिो और जो िुछ उि में था सब आग से जिा कदया। 6 इसिे बाद वह अम्मोकियोों िे पास गया, और वहाों उसे एि बडी शक्ति और बहुत सी प्रजा कमिी, और उििा प्रधाि तीमु कथयुस भी कमिा। 7 इसकिथे वह उि से बहुत िडाइयाों िडता रहा, यहाों ति कि वे उसिे साम्हिे व्यािुि हो गए; और उसिे उन्हें मार डािा। 8 और उस िे याजार िो उसिे िगरोोंसमे त िे किया, और यहूकदया िो िौट गया। 9 तब गिाद िी अन्यजाकतयाों उि इस्राएकियोोंिे कवरूद्ध जो अपिे अपिे डे रोोंमें थे, उििो िाश िरिे िे किथे इिट्ठे हुए; परन्तु वे दथेमा िे गढ में भाग गए।
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10 और यहूदा और उसिे भाइयोोंिे पास कचकट्ठयाों भेजी ों, कि हमारे चारोोंओर िी अन्यजाकतयाों हमें िाश िरिे िे किये हमारे कवरूद्ध इिट्ठी हुई हैं । 11 और वे आिर उस गढ िो िे िेिे िी तैयारी िरते हैं , कजस में हम भागिर आए हैं , और तीमु कथयुस उििा सेिापकत है । 12 इसकिये अब आिर हम िो उििे हाथ से बचा, क्ोोंकि हम में से बहुतेरे मारे गए हैं । 13 और हमारे सब भाई जो टोबी िे स्थािोोंमें थे, वे मार डािे गए हैं ; और उििी क्तियोोंऔर बच्ोोंिो भी वे बन्धुआई में िे गए, और उििा सामाि उठा िे गए; और उन्होोंिे वहाों िोई एि हजार पु रूर्ोोंिो िाश किया। 14 अभी ये पत्र पढ ही रहे थे, कि गिीि से और भी दू त िपडे िाडे हुए आ गए, और यह समाचार कदया, 15 और िहा, पतोिेमाइस, और सोरस, और सीदोि, और अन्यजाकतयोोंमें से सारे गिीि िे िोग हमें िष्ट िरिे िे किये हमारे कवरूद्ध इिट्ठे हुए हैं । 16 जब यहूदा और िोगोोंिे ये बातें सुिी ों, तो बडी मण्डिी यह सिाह िरिे िे किथे इिट्ठी हुई, कि अपिे भाइयोोंिे किथे जो सोंिट में थे, और उि पर घात िगाए थे, क्ा िरें । 17 तब यहूदा िे अपिे भाई शमौि से िहा, अपिे पु रूर् चु ि िे, और जािर गिीि में रहिेवािे अपिे भाइयोोंिो छु डा िे; क्ोोंकि मैं और मे रा भाई योिाताि गिाद िे दे श में जाएों गे। 18 इसकिये उस िे जिरयाह िे पु त्र यूसुि और प्रजा िे प्रधाि अजयाषह िो सेिा िे बचे हुओों िे पास यहूकदया में रखवािी िरिे िे किथे छोड कदया। 19 और उस िे उस िो यह आज्ञा दी, कि इस प्रजा िा अकधिारी हो जाओ, और जब ति हम किर ि आएों तब ति अन्यजाकतयोों से युद्ध ि िरिा। 20 शमौि िो गिीि में जािे िे किथे तीि हजार पु रूर्, और गिाद िे दे श में यहूदा िो आठ हजार पु रूर् कदए गए। 21 तब शमौि गिीि में गया, और वहाों उसिे अन्यजाकतयोों से बहुत िडाई िी, यहाों ति कि अन्यजाकतयाों उससे घबरा गईों। 22 और उस िे पतोिेमाइस िे िाटि ति उििा पीछा किया; और अन्यजाकतयोों में से िगभग तीि हजार पु रूर् मारे गए, और उििा िूट किया। 23 और गिीि और अबषकत्तस में जो िोग थे , वे अपिी क्तियोोंऔर बच्ोोंसमे त और अपिा सब िुछ जो िुछ उििा या, उस सब िो वह अपिे साथ िे गया, और बडे आिन्द िे साथ यहूकदया में िे आया। 24 यहूदा मिाबी और उसिा भाई योिाताि भी यरदि पार गए, और जों गि में तीि कदि िी यात्रा िी। 25 वहाों वे िबाकतयोोंसे कमिे, और उन्होोंिे मे ि िरिे उििे पास आिर, जो िुछ गिाद दे श में उििे भाइयोोंिे साय हुआ या, वह सब उििो बता कदया। 26 और उि में से कितिे िोग बोसोरा, और बोसोर, और अिेमा, और िास्फोर, और मािे, और िारिैम में बन्धुए रहे ; ये सभी िगर सुदृढ और महाि हैं : 27 और वे गिाद दे श िे और िगरोोंमें बन्धुए रहे, और िि उन्होोंिे यह ठहराया, कि कििोोंपर अपिी सेिा िे आएों , और उििो िे िें, और सब िो एि ही कदि में िाश िर डािें। 28 तब यहूदा और उसिी सेिा जों गि िे मागष से अचािि बोसोरा िी ओर मु ड गई; और जब उस िे िगर िो जीत किया, तब उस िे सब पु रूर्ोोंिो तिवार से घात किया, और उििा सब िूट किया, और िगर िो आग में जिा कदया, 29 जहाों से वह रात िो किििा, और गढ ति पहुों चा। 30 और कबहाि िो िभी-िभी उन्होोंिे आों ख उठािर क्ा दे खा, कि गढ पर िब्जा िरिे िे किये सीकढयाों और अन्य यन्त्र किये हुए असोंख्य िोग खडे हैं ; और उन्होोंिे उि पर आक्रमण किया। 31 जब यहूदा िे दे खा, कि िडाई कछड गई है, और िगर िा कचल्लािा तुरकहयोों और बडे बडे शब्द िे साथ आिाश ति पहुों च गया है , 32 उस िे अपिे सेिा से िहा, आज अपिे भाइयोोंिे किये िडो।
33 तब वह उििे पीछे तीि दि बान्धिर किििा, और तुरकहयाों िूोंििर प्राथषिा िरिे कचल्लािे िगे। 34 तब तीमु कथयुस िी सेिा यह जाििर, कि यह मिाबी है , उसिे साम्हिे से भाग गई; इस िारण उस िे उििो बडा सोंहार किया; यहाों ति कि उस कदि उिमें से िगभग आठ हजार पु रूर् मार डािे गये। 35 ऐसा िरिे पर यहूदा मास्पा िी ओर मु ड गया; और उस पर आक्रमण िरिे िे बाद उस िे उसिे सब पु रूर्ोों िो पिडिर मार डािा, और उसिा िूट किया, और उसे आग में जिा कदया। 36 वहाों से जािर उस िे िस्फोि, मागेद, बोसोर, और गिाद दे श िे दू सरे िगरोोंिो िे किया। 37 इि बातोों िे बाद तीमु कथयुस िे एि और सेिा इिट्ठी िी, और िािे िे पार रपोि िे साम्हिे डे रे खडे किए। 38 तब यहूदा िे सेिा िा भेद िेिे िो मिुष्य भेजे, और उन्होोंिे उसिे पास यह समाचार पहुों चाया, कि हमारे चारोोंओर िी सब जाकतयाों, अयाषत् बहुत बडी सेिा उििे पास इिट्ठी हुई हैं । 39 और उस िे अरकबयोोंिो भी उििी सहायता िे किथे मजदू री पर रखा है , और उन्होोंिे िािे िे पार अपिे तम्बू खडे किए हैं , और आिर तुझ से िडिे िो तैयार हैं । इस पर यहूदा उिसे कमििे गया। 40 तब तीमु कथयुस िे अपिी सेिा िे प्रधािोोंसे िहा, जब यहूदा और उसिी सेिा िािे िे कििट आएों , तब यकद वह हमारे पास पकहिे चिे, तो हम उसिा साम्हिा ि िर सिेंगे; क्ोोंकि वह हम पर प्रबि रूप से प्रबि होगा: 41 परन्तु यकद वह डरिर महािद िे पार डे रा िरे , तो हम उसिे पास जािर उस पर प्रबि होोंगे। 42 और जब यहूदा िािे िे कििट पहुों चा, तब उस िे प्रजा िे शाक्तियोोंिो िािे िे पास ही रहिे कदया, और उििो आज्ञा दी, कि किसी िो छाविी में ि रहिे दो, परन्तु सब युद्ध िरिे िो आ जाएों । 43 तब वह पकहिे उििे पास गया, और सब िोग उसिे पीछे हो किए; तब सब अन्यजाकतयाों उसिे साम्हिे घबरािर अपिे अपिे हकथयार छोडिर िारिैम िे मक्तन्दर में भाग गईों। 44 परन्तु उन्होोंिे िगर िे किया, और मक्तन्दर और जो िुछ उसमें था सब जिा कदया। इस प्रिार िािैम िो वश में िर किया गया, और ि ही वे यहूदा िे सामिे कटि सिे। 45 तब यहूदा िे गिाद िे दे श में छोटे से िेिर बडे ति सब इस्राएकियोोंिो, उििी क्तियोों, बाििोोंऔर धि-सम्पकत्त समे त एि बहुत बडी सेिा इिट्ठी िी, कि वे उस दे श में आ सिें। यहूकदया। 46 जब वे एप्रोि िे पास पहुोंचे, (उििे जािे िे मागष में यह एि बडा िगर था, और बहुत अच्छी तरह से दृढ था) तो वे उससे ि तो दाकहिी ओर मु ड सिते थे और ि बाईों ओर, परन्तु उन्हें बीच में से होिर जािा पडता था। यह। 47 तब िगर िे िोगोोंिे उििो बन्द िर कदया, और िाटिोोंिो पत्यर डाििर बन्द िर कदया। 48 तब यहूदा िे मे ि िरिे उििे पास िहिा भेजा, कि हमें अपिे दे श में होिर अपिे दे श िो जािे दो, और िोई तुम्हारी िुछ हाकि ि िरे गा; हम िेवि पै दि ही वहाों से होिर किििेंगे; तौभी वे उसिे किये द्वार ि खोिेंगे। 49 इस िारण यहूदा िे सारी सेिा में यह प्रचार िरिे िी आज्ञा दी, कि हर एि पु रूर् अपिा तम्बू उसी स्याि पर खडा िरे जहाों वह है । 50 तब कसपाकहयोोंिे पडाव डािा, और कदि भर और रात भर िगर पर आक्रमण िरते रहे , यहाों ति कि िगर उसिे हाथ में आ गया। 51 तब उस िे सब पु रूर्ोोंिो तिवार से घात किया, और िगर पर धावा बोििर उसिा िूट किया, और मारे हुओोंिे साय िगर में से होिर चिा। 52 इसिे बाद वे यरदि पार होिर बेतसाि िे साम्हिे िे बडे मै दाि में गए। 53 और यहूदा िे पीछे आिेवािोोंिो इिट्ठा किया, और जब ति वे यहूकदया दे श में ि पहुों चे, तब ति उििो समझाता रहा। 54 इसकिये वे आिन्द और आिन्द िे साथ कसय्योि पवष त पर गए, और वहाों होमबकि चढाए, क्ोोंकि जब ति वे िुशि से ि िौट आए, तब ति उि में से एि भी ि मारा गया। 133
55 कजस समय यहूदा और योिाताि गिाद दे श में, और उसिा भाई शमौि तोिेमाइस िे साम्हिे गिीि में थे, 56 जिरयाह िे पु त्र यूसुि और कसपाकहयोोंिे प्रधाि अजयाषह िे उि वीरता और युद्ध िे िामोोंिा समाचार सुिा जो उन्होोंिे किए थे। 57 इसकिथे उन्होोंिे िहा, हम भी अपिा िाम िे िें, और अपिे चारोोंओर िे अन्यजाकतयोोंसे िडें । 58 सो उन्होोंिे अपिे सोंग िे पहरे िो आज्ञा दे िर जमकिया िी ओर चिे। 59 तब गोकगषयास और उसिे िोग उिसे िडिे िे किये िगर से बाहर आये। 60 और ऐसा हुआ, कि यूसुि और अजरस िो भगाया गया, और यहूकदया िी सीमा ति उििा पीछा किया गया: और उस कदि इस्राएि िे िोगोों में से िगभग दो हजार पु रुर् मारे गए। 61 इस प्रिार इस्राएकियोों िा बडा कविाश हुआ, क्ोोंकि उन्होोंिे यहूदा और उसिे भाइयोों िी आज्ञा ि मािी, परन्तु वीरता िा िाम िरिे िी सोची। 62 और ये पु रूर् उि िोगोोंिी सन्ताि में से ि थे कजििे हाथ से इस्राएि िो छु टिारा कमिा या। 63 तौभी वह पु रूर् यहूदा और उसिे भाई सारे इस्राएि और सब अन्यजाकतयोोंिे साम्हिे, जहाों जहाों उििा िाम सुिा जाता था, बहुत प्रकसद्ध थे; 64 इतिा अकधि कि िोग हर्ोल्लास िे साथ उििे पास इिट्ठे हुए । 65 इसिे बाद यहूदा अपिे भाइयोोंसमे त किििा, और दक्तिि िी ओर िे दे श में एसाकवयोोंसे िडा, और वहाों हे ब्रोि और उसिे िगरोोंिो जीत किया, और उसिे गढ िो ढा कदया, और उसिे चारोोंओर िे गुम्मटोोंिो िूोंि डािा। 66 वहाों से वह पकिक्तियोोंिे दे श में जािे िो किििा, और शोमरोि से होिर किििा। 67 उस समय िुछ याजि जो अपिी वीरता कदखािे िी इच्छा रखते थे, वे कबिा सोचे िडिे िे िारण युद्ध में मारे गए। 68 तब यहूदा पकिक्तियोोंिे दे श में अजोतुस िी ओर किरा, और उििी वे कदयाों ढा दी, और उििी खुदी हुई मू रतें आग में जिा दी ों, और उििे िगरोोंिो उजाड कदया, और यहूकदया िे दे श में िौट गया।
10 इसकिथे उस िे अपिे सब कमत्रोोंिो बुिािर उि से िहा, मे री आों खोोंसे िी ोंद उड गई है , और मे रा जी कचन्ता िे मारे उदास हो गया है । 11 और मैं िे मि में सोचा, मैं किस क्लेश में पडा हूों, और यह िैसी बडी मु सीबत है , कजस में मैं अब पडा हूों! क्ोोंकि मैं अपिी शक्ति में उदार और कप्रय था। 12 परन्तु अब मु झे वे सब बुरे िाम स्मरण आते हैं जो मैं िे यरूशिेम में किए, और जो सोिा चान्दी िा पात्र वहाों था सब िे किया, और यहूकदया िे किवाकसयोोंिो अिारण िाश िरिे िो भेज कदया। 13 इसकिये मैं िे जाि किया है , कि इसी िारण से ये कवपकत्तयाों मु झ पर आ पडी हैं , और मैं परदे श में बडे दु :ख िे िारण िाश हो रहा हूों । 14 तब उस िे अपिे कमत्रोोंमें से किकिप्पुस िो बुिाया, और उसे अपिे सारे राज्य पर प्रधाि ठहराया। 15 और उसे राजमु िुट, और अपिा बागा, और अपिी अों गूठी दी, कि वह अपिे बेटे अन्ताकियास िा पािि-पोर्ण िरिे राज्य िे किये उसिा पािि-पोर्ण िरे । 16 इस प्रिार वहाों राजा अन्ताकिया एि सौ उितािीसवें वर्ष में मर गया। 17 जब िूकसयास िो मािूम हुआ कि राजा मर गया है, तब उस िे अपिे पु त्र अन्ताकिया िो, कजसे वह जवाि होिर पािा था, अपिे स्याि पर राजा किया, और उसिा िाम उस िे यूपाटोर रखा। 18 इसी समय जो गुम्मट में थे, उन्होोंिे इस्राएकियोोंिो पकवत्रस्थाि िे चारोोंओर बन्द िर कदया, और सदा उििी हाकि और अन्यजाकतयोोंिी शक्ति बढािे िी खोज में रहे । 19 इसकिथे यहूदा िे उििो िाश िरिे िी मिसा से सब िोगोोंिो इिट्ठा िरिे उन्हें घेर किया। 20 सो उन्होोंिे इिट्ठे होिर एि सौ पचासवें वर्ष में उििो घेर किया, और उस िे उििे कवरूद्ध मारिे िे किथे टीिे, और अन्य यन्त्र बिाए। 21 परन्तु जो कघरे हुए थे, उि में से िुछ िोग कििििर उि से कमि गए, और इस्राएि में से िुछ दु ष्ट िोग उिसे कमि गए। 22 और वे राजा िे पास जािर िहिे िगे, तू िब ति न्याय िरे गा, और हमारे भाइयोों िा बदिा िेगा? 23 हम तेरे कपता िी सेवा िरिे, और जै सा वह हम से चाहता वै सा िरिे, और उसिी आज्ञाएों माििे िो तैयार हैं ; 24 इसी िारण हमारी जाकत िे िोगोों िे गुम्मट िो घेर किया है, और हम से अिग हो गए हैं; और हम में से कजतिे िो उकजयािा दे सिे, कजतिोों िो उन्होोंिे घात किया, और हमारा किज भाग िूट किया। 25 उन्होोंिे ि िेवि हम पर, वरि उििे कसवािोों पर भी हाथ बढाया है । 26 और दे ख, आज िे कदि वे यरूशिेम िे गुम्मट िो घेर रहे हैं , कि उसे िे िें; और पकवत्रस्थाि और बेतसूरा िो भी उन्होोंिे दृढ िर किया है । 27 इसकिये यकद तू उन्हें शीघ्र ि रोिे , तो वे इिसे भी बडे बडे िाम िरें गे, और तू उि पर प्रभुता ि िर सिेगा। 28 जब राजा िे यह सुिा, तब क्रोकधत हुआ, और अपिे सब कमत्रोोंऔर सेिापकतयोोंऔर घोडे िे सरदारोोंिो इिट्ठा किया। 29 और राज्योोंऔर समु द्र िे द्वीपोोंसे भी भाडे िे कसपाकहयोोंिे दि उसिे पास आए। 30 इस प्रिार उसिी सेिा िी कगिती एि िाख प्यादोों, और बीस हजार सवारोों, और युद्ध िरिेवािे दो तीस हाकथयोोंिी हुई। 31 ये इदु कमया से होते हुए बेतसूरा िे कवरुद्ध खडे हुए, और युद्ध िे यन्त्र बिािर उस पर बहुत कदि ति आक्रमण िरते रहे ; परन्तु बेथसूरा िे िोगोों िे कििििर उन्हें आग में जिा कदया, और वीरता से िडे । 32 इस पर यहूदा गुम्मट पर से हट गया, और बथजिररयास में राजा िी छाविी िे साम्हिे डे रे खडे किए। 33 तब राजा बडे सवे रे उठिर अपक्की सेिा समे त बथजिररयास िी ओर उग्र होिर चिा, और वहाों उसिी सेिाएों युद्ध िरिे िो तैयार हुईों, और तुरकहयाों िूोंिी ों। 34 और अन्त में उन्होोंिे हाकथयोोंिो िडिे िो भडिािे िे किये उििो अों गूर और शहतूत िा िोहू कदखाया। 35 और उन्होोंिे पशुओों िो सेिाओोंमें बाोंट किया, और एि एि हाथी िे किथे एि हजार पु रूर् ठहराए, जो उििे कसर पर िवच और पीति िे
अध्याय 6 1 उसी समय राजा अन्ताकिया िे ऊोंचे दे शोों में यात्रा िरते हुए सुिा, कि एिीमाईस िारस दे श में धि, चान्दी, और सोिे िे िारण बहुत प्रकसद्ध िगर है ; 2 और उस में एि बहुत ही समृ द्ध मक्तन्दर था, कजस में सोिे िे आवरण, और कझिम, और ढािें थी ों, कजन्हें मै सेडोकिया िे राजा किकिप्पुस िा पु त्र कसिन्दर, जो यूिाकियोों में सबसे पहिे राज्य िरता था, वहाों छोड गया था। 3 इसकिथे उस िे आिर िगर िो िे िेिा और उसे उजाडिा चाहा; परन्तु वह ऐसा ि िर सिा, क्ोोंकि िगर िे िोगोोंिे उसे कचताया था। 4 उस पर युद्ध िरिे िो उठे , और वह भाग गया, और वहाों से बहुत उदास होिर बाबुि िो िौट गया। 5 किर एि िे िारस में आिर समाचार कदया, कि जो सेिा यहूकदया दे श पर चढाई िरिे िो गई थी, वह भाग गई है । 6 और िूकसयास जो बडी शक्ति िे साथ पकहिे किििा या, वह यहूकदयोोंमें से कििाि कदया गया; और वे उि िवच, और शक्ति, और िूट िे भण्डार िे िारण, कजन्हें उन्होोंिे उि सेिाओों से प्राप्त किया था, कजन्हें उन्होोंिे िष्ट िर कदया था, बिवन्त हो गए थे: 7 और उन्होोंिे उस घृकणत वस्तु िो, जो उस िे यरूशिेम िी वे दी पर खडी िराई थी, ढा कदया, और पकवत्रस्थाि और उसिे िगर बेतसूरा िो पकहिे िे समाि ऊोंची शहरपिाह से घेर किया था। 8 जब राजा िे ये बातें सुिी ,ों तो वह चकित हुआ और बहुत उदास हुआ; तब उसिे उसे खाट पर किटा कदया, और दु :ख िे मारे वह बीमार पड गया, क्ोोंकि जै सा वह चाहता था वै सा उस पर ि हुआ था। 9 और वह बहुत कदि ति वहाों रहा; यहाों ति कि उसिा दु :ख बढता ही गया, और उस िे मरिे ही िा किश्चय िर किया।
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टोप पकहिे हुए थे; और इसिे अिावा, प्रत्ये ि जािवर िे किए पाोंच सौ सवष श्रेि घुडसवार कियुि किए गए। 36 ये हर अवसर पर तैयार रहते थे: जहाों िही ों वह पशु था, और जहाों जहाों वह जाता था, वहाों वे भी जाते थे, और उससे अिग िही ों होते थे। 37 और उि पशुओों िे ऊपर ििडी िी दृढ मीिारें थी ,ों जो उि में से हर एि िो ढाोंपे हुए थी ,ों और उििो युक्तियोों से िसिर बाोंध रही थी ;ों और उि में से एि एि भारतीय िो छोड िर, उि पर िडिे वािे दो तीस बिवाि पु रूर् थे। उसे। 38 और बचे हुए सवारोोंिो उन्होोंिे सेिा िे दोिोोंअिोंगोोंपर इधर उधर खडा किया, और उििो सोंिेत कदया, कि क्ा िरिा है , और सब पाोंकत िे बीच में जोत कदए गए। 39 और जब सूयष सोिे और पीति िी ढािोोंपर चमिा, तब पहाड उस से चमि उठे , और आग िे दीपिोोंिे समाि चमि उठे । 40 इस प्रिार राजा िी सेिा िा एि भाग ऊँचे पहाडोोंपर, और िुछ िीचे घाकटयोोंपर िैििर किडर और क्रम से आगे बढा। 41 इस िारण कजतिोों िे उििी भीड िा शब्द, और दि िे चििे िा शब्द, और साजोों िी घरघराहट सुिी, वे चकित हो गए; क्ोोंकि सेिा बहुत बडी और सामथी थी। 42 तब यहूदा और उसिी सेिा कििट आिर युद्ध िरिे िगे, और राजा िी सेिा में से छ: सौ पु रूर् मारे गए। 43 एिीआजर िे भी, जो सवरण िहिाता है , यह जाििर, कि उि पशुओों में से एि, जो राजसी हकथयार से सुसक्तित है, सब सब से ऊोंचा है , और यह भी समझा, कि राजा उसिे ऊपर है । 44 अपिे आप िो सोंिट में डाि, कि वह अपिी प्रजा िो छु डाए, और अपिा सदा िा िाम रखे; 45 इस िारण वह युद्ध िे बीच में कहयाव िरिे उस पर दौडा, और उसिे दाकहिे और बाएों हाथ िो घात किया, यहाों ति कि वे दोिोों ओर से उस से अिग हो गए। 46 ऐसा िरिे पर वह रें गिर हाथी िे िीचे आ गया, और उसे पटििर मार डािा, और हाथी उस पर कगर पडा, और वह वही ों मर गया। 47 परन्तु शेर् यहूदी राजा िा बि और उसिी सेिाओों िा उपद्रव दे खिर उि से कवमु ख हो गए। 48 तब राजा िी सेिा उििा साम्हिा िरिे िे किथे यरूशिेम िो चढ गई, और राजा िे यहूकदया िे साम्हिे और कसय्योि पहाड िे साम्हिे अपिे तम्बू खडे किए। 49 परन्तु उस िे बेतसूरा िे िोगोोंसे मे ि िर किया; क्ोोंकि वे िगर से बाहर कििि आए, क्ोोंकि वहाों उििे पास घेरिे िे किथे भोजिवस्तु ि थी, क्ोोंकि यह दे श िे कवश्राम िा वर्ष था। 50 इसकिये राजा िे बेतसूरा िो िे किया, और उसिी रक्षा िे किथे वहाों एि पहरा कबठाया। 51 और उस िे पकवत्रस्याि िो बहुत कदि ति घेरे रखा; और वहाों तोपें , यन्त्र, और आग िेंििे िे यन्त्र, और पत्थर, और तीर और गोिि डाि कदए। 52 इसिे बाद उन्होोंिे अपिे इों जिोों िे कवपरीत इों जि भी बिाए, और उिसे िोंबे समय ति युद्ध किया । 53 तौभी अन्त में उििे बतषि भोजि िे किये खािी रह गए, क्ोोंकि यह सातवाों वर्ष था, और जो यहूकदया में अन्यजाकतयोों िे हाथ से छु डाए गए थे, उन्होोंिे सारा भण्डार खा किया; 54 पकवत्रस्थाि में थोडे ही िोग बचे थे, क्ोोंकि अिाि उि पर इतिा प्रबि हो गया था, कि वे अपिा-अपिा स्याि िो कततर-कबतर िरिा िकठि िर रहे थे। 55 उस समय िूकसयास िे यह िहते सुिा, कि किकिप्पुस िे, कजसे अन्ताकियास राजा िे, जब ति वह जीकवत था, अपिे बेटे अन्ताकियास िे पािि-पोर्ण िे किये कियुि किया, कि वह राजा हो। 56 और मादी और राजा िी सेिा भी जो उसिे साय फारस से िौट आई थी, और वह अपिे पास सब िामोों िा प्रबन्ध िरिा चाहता था। 57 इसकिथे उस िे तुरन्त जािर राजा और सेिापकतयोोंऔर मण्डिी िे प्रधािोोंसे िहा, हम तो प्रकतकदि सडते जाते हैं , और हमारी भोजिवस्तुएों बहुत िम रह गई हैं , और कजस स्याि पर हम िे घेरा डािा है वह दृढ है , और राज्य िा िाम हम पर झूठ बोिो:
58 इसकिये अब आओ हम उि मिुष्योोंसे कमत्रता िरें , और उि से वरि उििी सारी जाकत से मे ि कमिाप िरें ; 59 और उि से यह वाचा बान्धी, कि वे पकहिे िी िाई अपक्की व्यवस्या िे अिुसार जीवि कबताएों गे; क्ोोंकि हम िे उििी व्यवस्या िाश िी है , इस िारण उन्होोंिे अप्रसन्न होिर यह सब िाम किया है । 60 तब राजा और हाकिम सन्तुष्ट हुए; इसकिथे उस िे उि िे पास मे ि िरािे िो भेजा; और उन्होोंिे उसे स्वीिार िर किया। 61 और राजा और हाकिमोोंिे उि से शपथ खाई, और वे गढ से कििि गए। 62 तब राजा िे कसय्योि पहाड पर प्रवे श किया; परन्तु जब उस िे स्याि िी मजबूती दे खी, तो अपिी खाई हुई शपथ तोड दी, और चारोोंओर िी शहरपिाह िो ढा दे िे िी आज्ञा दी। 63 इसिे बाद वह शीघ्रता से चिा गया, और अन्ताकिया िो िौट आया, और वहाों किकिप्पुस िो िगर िा स्वामी पाया, और उस से िडिर बिपू वषि िगर पर अकधिार िर किया। अध्याय 7 1 एि सौ एि पचासवें वर्ष में सेल्यूिस िा पु त्र दे मेकत्रयुस रोम से चिा गया, और िुछ पु रूर्ोों िे साथ समु द्र िे तट िे एि िगर में आया, और वहाों राज्य िरिे िगा। 2 और जब वह अपिे पु रखाओोंिे भवि में गया, तब उसिे दि िे अन्ताकिया और िूकसयास िो पिड किया, कि उन्हें उसिे पास िे आएों । 3 इसकिथे जब उस िे यह जाि किया, तो िहा, मु झे उि िा मुों ह ि दे खिे दे । 4 इसकिये उसिे दि िे उििो मार डािा। अब जब कदमे कत्रयुस अपिे राज्य िी गद्दी पर बैठा, 5 और इस्राएि िे सब दु ष्ट और अभि िोग, और अिकिमु स भी, जो प्रधाि याजि बििे िा इच्छु ि था, उसिे पास आए। 6 और उन्होोंिे राजा िे साम्हिे प्रजा िे िोगोोंपर दोर् िगाया, कि यहूदा और उसिे भाइयोोंिे तेरे सब कमत्रोोंिो घात किया, और हम िो हमारे किज दे श से कििाि कदया है । 7 इसकिये अब किसी पु रूर् िो कजस पर तू भरोसा रखता है भेज, और वह जािर दे खे कि उस िे हम में और राजा िे दे श में क्ा क्ा उत्पात मचाया है , और कजतिे उििे सहायि हैं उि सभोोंिो दण्ड दे । 8 तब राजा िे बक्तिदे स िाम राजा िे एि कमत्र िो चु ि किया, जो जिप्रिय िे पार राज्य िरता या, और राज्य में बडा पु रूर् या, और राजा िा कवश्वासयोग्य था। 9 और उस िे उस दु ष्ट अिकिमु स िे साय भेजा, कजसे उस िे महायाजि ठहराया, और आज्ञा दी, कि इस्राएकियोोंसे पिटा िे। 10 सो वे चिे गए, और बडी शक्ति िे साथ यहूकदया दे श में आए, और वहाों उन्होोंिे यहूदा और उसिे भाइयोोंिे पास मे ि िी बातें िहिर िपट से दू त भेजे। 11 परन्तु उन्होोंिे उििी बातोों पर ध्याि ि कदया; क्ोोंकि उन्होोंिे दे खा कि वे बडी शक्ति िे साथ आए हैं । 12 तब न्याय िी माोंग िरिे िे किथे अक्तिमु स और बाक्तखदे स िे पास शाक्तियोोंिी एि मण्डिी इिट्ठी हुई। 13 और अस्सीदी इस्राएकियोोंमें से पकहिे थे, जो उि से मे ि चाहते थे; 14 क्ोोंकि उन्होोंिे िहा, हारूि िे वों श िा एि याजि इस दि िे साथ आया है , और वह हम से िुछ अपराध ि िरे गा। 15 तब उस िे उि से मे ि कमिाप से बातें िी, और उि से शपथ खािर िहा, हम ि तो तुम िो और ि तुम्हारे कमत्रोों िो हाकि पहुों चाएों गे। 16 इस पर उन्होोंिे उस पर कवश्वास किया, तौभी उस िे उि में से सत्तर पु रूर्ोों िो पिडिर अपिे किखे वचि िे अिुसार एि ही कदि में घात िर डािा। 17 तेरे पकवत्र िोगोोंिा माोंस उन्होोंिे िेंि कदया, और यरूशिेम िे चारोोंओर उििा िोहू बहाया, और िोई कमट्टी दे िेवािा ि रहा। 18 इस िारण उि सभोोंपर भय और भय छा गया, और वे िहिे िगे, कि उि में सत्य वा धमष िुछ िही ों; क्ोोंकि उन्होोंिे अपिी वाचा और शपथ िो तोड कदया है ।
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19 इसिे बाद उसिे बािकिकदयोों िो यरूशिेम से कििाि कदया, और बेजेत में अपिे तम्बू खडे किए, और वहाों भेजिर बहुत से िोगोोंिो जो उसे छोड गए थे , वरि बहुत सी प्रजा िो भी बन्धुआई में िे किया, और उििो घात िरिे बडे जों गि में डाि कदया। गड्ढा। 20 तब उस िे उस दे श िो अिकिमु स िो सौोंप कदया, और उसिी सहायता िे किथे एि शक्ति उसिे पास छोड दी; इसकिथे बक्तिदे स राजा िे पास गया। 21 परन्तु अिकिमस िे महायाजि पद िे किये कववाद किया। 22 और कजतिे िोगोोंिे यहूदा िे दे श िो अपिे वश में िर किया, उि सभोोंिे इस्राएि िो बहुत हाकि पहुोंचाई, और सब उपद्रवी िोग उसिे पीछे हो किए। 23 जब यहूदा िे दे खा, कि अिकिमस और उसिी मण्डिी िे इस्राएकियोोंिे बीच अन्यजाकतयोोंसे भी बढिर िैसा उपद्रव किया है , 24 और वह यहूकदया िे चारोों ओर चारोों ओर घूम गया, और उि िोगोों से पिटा किया, जो उस से बिवा िरते थे, और उन्हें किर दे श में जािे िा साहस ि हुआ। 25 दू सरी ओर, जब अिकिमस िे दे खा कि यहूदा और उसिी टोिी प्रबि हो गई है , और यह जाि किया कि वह उििी शक्ति िा सामिा िही ों िर पाएगा, तो वह किर राजा िे पास गया, और जो िुछ वह िह सिता था, उि सब से बुरा-भिा िहा। 26 तब राजा िे अपिे प्रकतकित हाकिमोों में से एि कििािोर िो, जो इस्राएि से भयोंिर बैर रखता या, यह आज्ञा दे िर भेजा, कि प्रजा िो िाश िर डािो। 27 इसकिये कििािोर बडी सेिा िेिर यरूशिेम पर आया; और यहूदा और उसिे भाइयोों िे पास कमत्रता िी बातें िहिर िहिा भेजा, 28 मे रे और तुम्हारे बीच िडाई ि हो; मैं िुछ आदकमयोों िे साथ आऊँगा, ताकि तुम्हें शाक्तन्त से दे ख सिूँ। 29 तब वह यहूदा िे पास आया, और उन्होोंिे एि दू सरे िो िमस्कार किया। हािाँकि शत्रु कहों सा द्वारा यहूदा िो छीििे िे किए तैयार थे। 30 यह बात जब यहूदा िो मािूम हुई, कि वह उसिे पास छि से आया है , तब वह उस से बहुत डर गया, और किर उसिा मुों ह ि दे खिा चाहता था। 31 और कििािोर िे भी जब दे खा कि मे री युक्ति पिडी गई है , तो ििरसिामा िे पास यहूदा से िडिे िो किििा। 32 वहाों कििािोर िे पक्ष िे िोई पाोंच हजार पु रूर् मारे गए, और बचे हुए िोग दाऊदपु र में भाग गए। 33 इसिे बाद कििािोर कसय्योि पहाड पर चढ गया, और वहाों िुछ याजिोों और प्रजा िे पु रकियोों में से िुछ पकवत्रस्थाि में से कििि आए, कि उसिा िुशि से स्वागत िरें , और वह होमबकि जो राजा िे किये चढाया जाता है , उसे कदखाएों । 34 परन्तु उस िे उििा ठट्ठा किया, और उि पर हों सा, और उििो ििाजिि गाकियाों दी ों, और घमण्ड से िहा; 35 और क्रोध में आिर शपथ खािर िहा, यकद यहूदा और उसिी सेिा मे रे हाथ में ि िर दी गई, तो यकद मैं िभी बचिर आऊोंगा, तो इस घर िो िूोंि डािूोंगा; और यह िह िर वह बडे क्रोध में आिर बाहर चिा गया। 36 तब याजि भीतर जािर वे दी और मक्तन्दर िे साम्हिे खडे होिर रोते हुए िहिे िगे, 37 हे यहोवा, तू िे इस भवि िो इसकिये चु िा है , कि यह तेरा िाम रखा जाए, और यह तेरी प्रजा िे किये प्राथषिा और कबिती िा घर हो; 38 उस मिुष्य और उसिी सेिा से पिटा िो, और उन्हें तिवार से मार डािो; उििी किन्दा िो स्मरण रखो, और उन्हें आगे ि बढिे दो। 39 तब कििािोर िे यरूशिेम से कििििर बेथोरोि में अपिे तम्बू खडे किए, और वहाों सीररया से आिेवािी एि सेिा िे उस से भेंट िी। 40 परन्तु यहूदा िे तीि हजार पु रूर् सोंग िेिर अदासा में डे रा डािा, और वहाों प्राथषिा िरिे िहा, 41 हे यहोवा, जब अश्शू र िे राजा िी ओर से भेजे हुए िोग किन्दा िरिे िगे, तब तेरे दू त िे कििििर उि में से एि िाख पैं सठ हजार िो मार डािा।
42 इसी रीकत से आज तू इस सेिा िो हमारे साम्हिे से िाश िर, कजस से और जाि िें कि उस िे तेरे पकवत्रस्थाि िी किन्दा िी है , और तू उसिी दु ष्टता िे अिुसार उसिा न्याय िरिा। 43 सो अदार महीिे िे तेरहवें कदि िो अदार िी सेिाएों युद्ध िरिे िगी ों; परन्तु कििािोर िी सेिा घबरा गई, और सबसे पहिे वह आप ही िडाई में मारा गया। 44 जब कििािोर िी सेिा िे दे खा, कि वह मारा गया, तो अपिे हकथयार छोडिर भाग गए। 45 तब उन्होोंिे तुरकहयाों बजािर उििा पीछा िरते हुए अदासा से िेिर गजे रा ति कदि भर ति उििा पीछा किया। 46 तब उन्होोंिे यहूकदया िे चारोोंओर िे सब िगरोों से कििििर उििो बन्द िर कदया; यहाों ति कि वे अपिे पीछा िरिेवािोों पर पिटवार िरिे तिवार से मारे गए, और उि में से एि भी ि बचा। 47 इसिे बाद उन्होोंिे िूट िा माि और िूट किया, और कििािोर िा कसर और उसिा दाकहिा हाथ, कजसे वह बडे गवष से िैिा रहा था, मार डािा, और िे जािर यरूशिेम िी ओर िटिा कदया। 48 इस िारण िोग बहुत आिक्तन्दत हुए, और उस कदि िो बडे आिन्द िा कदि मािा। 49 और उन्होोंिे अदार िे तेरहवें कदि िो प्रकत वर्ष इस कदि िो माििा ठहराया। 50 इस प्रिार यहूदा िा दे श थोडी दे र ति कवश्राम में रहा। अध्याय 8 1 अब यहूदा िे रोकमयोों िे बारे में सुिा था, कि वे शक्तिशािी और बहादु र िोग थे , और जो िोग उिसे जु डते थे, उन्हें प्रे म से स्वीिार िरते थे, और जो उििे पास आते थे, उििे साथ मै त्री िी सोंकध िरते थे; 2 और वे बडे शूरवीर थे। उसे यह भी बताया गया कि उन्होोंिे गिाकतयोों िे बीच अपिे युद्धोों और महाि िायों िा वणष ि किया था, और उन्होोंिे उन्हें िैसे जीत किया था, और उन्हें िर िे अधीि िर कदया था; 3 और उन्होोंिे स्पे ि दे श में सोिे चाोंदी िी खदािें जीतिे िे किथे क्ा क्ा किया; 4 और अपिी िीकत और धैयष से उन्होोंिे उस सारे स्थाि िो जीत किया, यद्यकप वह उि से बहुत दू र था; और जो राजा पृ य्वी भर से उि पर चढाई िरते थे, यहाों ति कि उन्होोंिे उििो व्यािुि िर कदया, और उििो भारी परास्त िर कदया, यहाों ति कि शेर् िोग उन्हें प्रकत वर्ष िर दे ते थे। 5 और यह भी, कि उन्होोंिे किकिप्पुस िो, और कसटीम िे राजा पसेयुस िो, और औरोों िो जो उि पर चढाई िरिे उि पर जय पाए थे, किस प्रिार युद्ध में व्यािुि िर कदया था: 6 और आकसया िा महाि राजा अक्तन्तओिस, जो एि सौ बीस हाकथयोों, सवारोों, रथोों, और बहुत बडी सेिा किये हुए, उििे कवरूद्ध युद्ध िरिे िो आया था, उि से िैसे घबरा गया; 7 और उन्होोंिे उसे िैसे जीकवत पिड किया, और यह वाचा बान्धी, कि वह और उसिे पीछे जो राजा हुए वे बडा िर दें ग,े और बन्धि दें ग,े और जो िुछ समझौता हुआ हो वह भी दें गे, 8 और कहों दुस्ताि िा दे श, और मे कदया और िुकदया और अच्छे अच्छे दे श, कजन्हें उन्होोंिे उससे िे किया, और राजा यूमेिस िो दे कदया: 9 और यूिाकियोोंिे आिर उििो िाश िरिे िी ठािी थी; 10 और उन्होोंिे इसिा ज्ञाि पािर उििे कवरुद्ध एि सरदार िो भेजा, और उि से िडिर उि में से बहुतोोंिो घात किया, और उििी क्तियोोंऔर बच्ोोंिो बन्धुवाई िरिे िे गए, और उििो िूट किया, और उििी भूकम पर अकधिार िर किया, और उििे बिवन्तोोंिो ढा कदया। और उन्हें पिडिर आज िे कदि ति अपिे दास बिािर िे आए। 11 और उसे यह भी बताया गया, कि उन्होोंिे अन्य सभी राज्योों और द्वीपोों िो जो िभी उििा कवरोध िरते थे, िाश िरिे अपिे वश में िर किया; 12 परन्तु उन्होोंिे अपिे कमत्रोोंऔर कजतिोोंपर भरोसा रखा या, उि से मे ि रखा; और उन्होोंिे दू र और कििट दोिोों राज्योोंिो जीत किया, यहाों ति कि कजतिोों िे उििा िाम सुिा, वे उि से डरते थे। 13 और वे कजस िो राज्य िरिे में सहाथता िरिा चाहते हैं, वही राज्य िरते हैं ; और कजसे वे किर चाहते थे, उसे पद से हटा दे ते थे: अन्त में, कि वे बहुत ऊोंचे हो गए: 136
14 तौभी उि में से किसी िे भी मकहमा कदखािे िे किये मु िुट ि पकहिाया, और ि बैंजिी वि पकहिाया। 15 और उन्होोंिे अपिे किये एि सीिेट भवि बिाया, कजस में तीि सौ बीस पु रूर् प्रकतकदि महासभा में बैठते थे, और िोगोों िे किये परामशष िरते रहते थे, कि अन्त में वे अच्छी रीकत से सुव्यवक्तस् थत हो जाएों । 16 और उन्होोंिे अपिा शासि प्रकत वर्ष एि पु रूर् िो सौोंप कदया, जो उििे सारे दे श पर प्रभुता िरता था, और सब एि ही िे आज्ञािारी थे, और उि में डाह या अिुिरण ि था। 17 इि बातोोंिो ध्याि में रखिर यहूदा िे यूपोिेमस िो जो यूहन्ना िा पु त्र और अक्कोस िा पोता और एिीआजर िे पु त्र यासोि िो चु ि किया, और उििो रोम में भेज कदया, कि उि से मै त्री और मे ि िी वाचा बान्धे। 18 और उि से कबिती िी, कि उि पर से जू आ खी ोंच िें; क्ोोंकि उन्होोंिे दे खा कि यूिाकियोों िे राज्य िे दासत्व से इस्राएि पर अन्धेर किया है । 19 इसकिए वे रोम गए, जो एि बहुत िोंबी यात्रा थी, और सीिेट में आए, जहाों उन्होोंिे बातें िी ों और िहा । 20 यहूदा मिाबी िे अपिे भाइयोोंऔर यहूकदयोोंसमे त हमें तुम्हारे पास इसकिये भेजा है, कि हम तुम्हारे साथ मे ि कमिाप िरें , और हम तुम्हारे सोंघ और कमत्र ठहरें । 21 सो यह बात रोकमयोों िो अच्छी िगी। 22 और यह उस पत्र िी प्रकतकिकप है कजसे सीिेट िे किर से पीति िी ताकििाओों में किखा, और यरूशिेम िो भेजा, ताकि वे उििे द्वारा शाोंकत और कमत्रता िा स्मारि बिा सिें: 23 रोकमयोों और यहूकदयोोंिो समु द्र और भूकम में सवष दा िे किये यश कमिे; तिवार और शत्रु उि से दू र रहें । 24 यकद रोकमयोों वा उििे समस्त राज्य में उििे किसी सोंघ पर पकहिे युद्ध हो, 25 यहूदी िोग कियत समय िे अिुसार अपिे सम्पू णष मि से उििी सहायता िरें गे। 26 ि तो वे उि िोगोों िो िुछ दें गे जो उि पर युद्ध िरते हैं , और ि ही उन्हें भोजि, हकथयार, धि, या जहाजोों से सहायता िरते हैं , जै सा कि रोकमयोों िो अच्छा िगा; परन्तु वे िुछ भी ि िेिर अपिी वाचा िा पािि िरें गे। 27 इसी रीकत से यकद यहूकदयोोंिी जाकत पर युद्ध होिे िगे, तो रोमी समय िे अिुसार अपिे सम्पू णष मि से उििी सहाथता िरें गे। 28 और जो रोकमयोोंिो अच्छा जाि पडे , उििो ि भोजि िी वस्तु, ि हकथयार, ि रूपया, ि जहाज कदए जाएों ; परन्तु वे अपिी वाचा िा पािि िरें गे, और वह भी कबिा किसी िपट िे। 29 इि िेखोों िे अिुसार रोकमयोों िे यहूकदयोोंिे िोगोोंसे वाचा बान्धी। 30 किर भी यकद इसिे बाद एि पक्ष या दू सरा पक्ष किसी चीज िो जोडिे या घटािे िे किए कमििे िी सोचे गा, तो वे अपिी इच्छा से ऐसा िर सिते हैं , और जो िुछ भी वे जोडें गे या घटाएों गे उसिी पु कष्ट िी जाएगी। 31 और कदमे कत्रयुस िे जो बुराइयाों यहूकदयोों िे साथ िी ों, उििे कवर्य में हम िे उसे किखिर पू छा है , कि तू िे अपिा जू आ हमारे कमत्रोों और सोंघी यहूकदयोोंपर क्ोों भारी िर कदया? 32 इसकिये यकद वे किर तेरे कवरूद्ध कशिायत िरें , तो हम उििा न्याय िरें गे, और जि और जि मागष में तुझ से िडें गे।
5 और यहूदा िे एिीसा में अपिा तम्बू खडा किया या, और उसिे सोंग तीि हजार चु िे हुए पु रूर् थे। 6 और वे दू सरी सेिा िी इतिी बडी भीड दे खिर बहुत डर गए; तब बहुत से िोग अपिे आप िो सेिा से बाहर िे आए, यहाँ ति कि उिमें आठ सौ आदकमयोों िे अिावा और िोई किवास िही ों था। 7 जब यहूदा िे दे खा, कि मे री सेिा भाग गई, और िडाई मु झ पर भारी पडी, तब वह मि में बहुत घबराया, और बहुत उदास हुआ, क्ोोंकि उसे उि िो इिट्ठा िरिे िा समय ि कमिा। 8 तौभी उस िे बचे हुओों से िहा, आओ, हम उठिर अपिे शत्रुओोंपर चढाई िरें , कि िदाकचत हम उि से िड सिें। 9 परन्तु उन्होोंिे यह िहिर उसे हतोत्साकहत किया, कि हम िभी ऐसा ि िर सिेंगे; इसकिये हम अपिा प्राण बचाएों , और किर अपिे भाइयोों समे त िौटिर उि से िडें गे, क्ोोंकि हम थोडे हैं । 10 तब यहूदा िे िहा, परमे श्व र ि िरे , कि मैं ऐसा िरू ों , और उििे साम्हिे से भाग जाऊों; यकद हमारा समय आए, तो हम अपिे भाइयोोंिे किथे पु रूर् होिर मरें , और अपिी प्रकतिा पर ििोंि ि िगाएों । 11 तब बक्तिदोोंिी सेिा अपिे डे रोोंमें से कििििर उििे साम्हिे खडी हो गई, और उििे सवार दो दो दिोोंमें कवभि हो गए, और उििे गोिि और धिुधाषरी सेिा िे आगे आगे चिते थे, और जो आगे आगे चिते थे वे सब शूरवीर थे। 12 और बक्तिदे स तो दाकहिी ओर था, और सेिा िे दोिोों ओर से कििट आिर तुरही िूोंिी। 13 और यहूदा िी ओर िे िोगोोंिे भी तुरकहयाों िूोंिी ों, और सेिाओोंिे शब्द से पृ य्वी डोि उठी, और भोर से रात ति िडाई होती रही। 14 जब यहूदा िे जाि किया, कि बक्तिदे स और उसिी सेिा दाकहिी ओर है , तब उस िे सब साहसी पु रूर्ोों िो अपिे सोंग िे किया। 15 कजस िे दाकहिी ओर िो व्यािुि िर कदया, और अजोतुस पहाड ति उििा पीछा किया। 16 परन्तु जब बाएों ओर िे िोगोों िे दे खा, कि हम दाकहिी ओर से घबरा गए हैं , तो वे यहूदा और उसिे साकथयोोंिे पीछे हो किये। 17 इसिे बाद भीर्ण युद्ध हुआ, यहाँ ति कि दोिोों ओर से बहुत से िोग मारे गये। 18 यहूदा भी मारा गया, और जो बचे हुए थे वे भाग गए। 19 तब योिाताि और शमौि िे अपिे भाई यहूदा िो िे जािर मोदीि में उसिे पु रखाओों िी िब्र में कमट्टी दी। 20 और उन्होोंिे उसिे किथे छाती पीटी, और सारे इस्राएि िे उसिे किथे बडा कविाप किया, और बहुत कदि ति छाती पीटते रहे , और िहिे िगे, 21 वह शूरवीर कजस िे इस्राएि िो छु डाया, वह क्ोोंिर कगर पडा! 22 यहूदा और उसिी िडाइयोों िे कवर्य में और बातें, और जो बडे िाम उसिे किए, और उसिी बडाई, वह किखी िही ों गई, क्ोोंकि वे बहुत से थे। 23 यहूदा िे मरिे िे बाद दु ष्ट िोग इस्राएि िे सारे दे श में बढिे िगे, और सब अिथष िरिे िगे। 24 उि कदिोों में भी बडा भारी अिाि पडा, और दे श िे बिवा िरिे उििे साथ हो किया। 25 तब बािकिदे स िे दु ष्ट पु रूर्ोोंिो चु ि किया, और उििो दे श िा स्वामी कियुि िर कदया। 26 और उन्होोंिे यहूदा िे कमत्रोों से पू छताछ और खोज िी, और उन्हें बािकिदे स िे पास िे आए, और उन्होोंिे उि से पिटा किया, और उििा अिादर किया। 27 सो इस्राएि में बडा क्लेश हुआ, और जब से िोई भकवष्यद्विा उि में ि हुआ, तब से ऐसा िभी ि हुआ। 28 इस िारण यहूदा िे सब कमत्र इिट्ठे होिर योिाताि से िहिे िगे, 29 जब से तेरा भाई यहूदा मर गया, तब से हमारे पास उसिे तुल्य िोई पु रूर् िही ों रहा, जो हमारे शत्रुओों, और बिाकिद, और हमारी जाकत िे उि िोगोों िे कवरूद्ध, जो हमारे कवरोधी हैं , आगे बढ सिें। 30 इसकिथे अब हम िे आज तुझे अपिा हाकिम और प्रधाि होिे िे किथे चु ि किया है , कि तू हमारी िडाई में िडे । 31 इस पर योिाताि िे उस समय प्रभुता अपिे ऊपर िे िी, और अपिे भाई यहूदा िे स्थाि पर राजा हुआ।
अध्याय 9 1 इसिे अिावा, जब दे मेकत्रयुस िे सुिा कि कििािोर और उसिी सेिा युद्ध में मारे गए, तो उसिे बाक्तखदे स और अिकिमस िो दू सरी बार यहूकदया दे श में भेजा, और उििे साथ उसिी सेिा िे मु ख्य बि थे: 2 और उन्होोंिे गिगािा िे मागष से कििििर अबेिा िे मसािोत िे साम्हिे अपिे तम्बू खडे किए, और उसे जीतिे िे बाद बहुत से मिुष्योोंिो घात किया। 3 और एि सौ बाविवें वर्ष िे पकहिे महीिे में उन्होोंिे यरूशिेम िे साम्हिे डे रे खडे किए; 4 वहाों से वे चििर बीस हजार प्यादोों और दो हजार सवारोोंसमे त कबरीया िो गए।
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32 परन्तु जब बिाइड् स िो इसिा ज्ञाि हुआ, तो उसिे उसे मार डाििा चाहा 33 तब योिाताि, और उसिा भाई शमौि, और कजतिे उसिे सोंग थे, वे सब यह जाििर थेिो िे जों गि में भाग गए, और असिर िे सोते िे जि िे पास अपिे तम्बू खडे किए। 34 कजसे बक्तिदे स िे समझ किया, वह सब्त िे कदि अपिी सारी सेिा समे त यरदि िे कििट आया। 35 योिाताि िे अपिे भाई यूहन्ना िो जो प्रजा िा प्रधाि या, अपिे कमत्रोों िबाकतयोोंसे प्राथषिा िरिे िो भेजा, कि वे अपिी गाडी जो बहुत थी, उििे साय चिे जाएों । 36 परन्तु जम्बरी िे पु त्र मे दाबा से किििे, और यूहन्ना िो और उसिा सब िुछ िे िर चिे गए। 37 इसिे बाद योिाताि और उसिे भाई शमौि िो यह समाचार कमिा, कि जों बरी िे बेटोों िे एि बडा कववाह रचाया है , और ििाि िे एि बडे हाकिम िी बेटी होिे िे िारण उसिी दु ल्ह ि िो बडे दि िे साथ िदाबाथा से िे आ रहे हैं । 38 इसकिथे उन्होों िे अपिे भाई यूहन्ना िो स्मरण किया, और चढ गए, और पहाड िी आड में कछप गए। 39 और उन्होोंिे आों ख उठािर क्ा दे खा, कि बडा िोिाहि और बडी गाडी हो रही है; और दू ल्हा और उसिे कमत्र और भाई ढोि, बाजे , और बहुत से हकथयार किए हुए उििा स्वागत िरिे िो किििे। 40 तब योिाताि और उसिे साकथयोों िे उस स्थाि से जहाों वे घात िगाए बैठे थे , उििा साम्हिा किया, और उििो ऐसा घात किया, कि बहुत से िोग मर गए, और जो बचे हुए थे वे पहाड पर भाग गए, और सब िो िे गए। उििी िूट. 41 इस प्रिार ब्याह िा कविाप शोि में, और उििे भजि िा िोिाहि कविाप में बदि गया। 42 और जब उन्होोंिे अपिे भाई िे खूि िा पू रा पिटा किया, तो वे किर यरदि िे दिदि िी ओर िौट गए। 43 जब बक्तिदे स िे यह सुिा, तो वह कवश्राम िे कदि बडी शक्ति िे साथ यरदि िे तट पर आया। 44 तब योिाताि िे अपिी मण्डिी से िहा, आओ, हम आगे बढें , और अपिे प्राणोों िे किये िडें , क्ोोंकि वह पकहिे िी िाई आज भी हमारे साय िही ों ठहरता। 45 क्ोोंकि दे खो, हमारे साम्हिे और पीछे िडाई है , और यदष ि िा जि इधर उधर है , और दिदि और जों गि है , और हम िो हटिे िा स्थाि िही ों। 46 इसकिये अब स्वगष िी दोहाई दो, कि तुम अपिे शत्रुओों िे हाथ से बच जाओ। 47 तब वे आपस में िडिे िगे, और योिाताि िे बािाइकडस िो मारिे िे किये अपिा हाथ बढाया, परन्तु वह उसिे पास से िौट गया। 48 तब योिाताि और उसिे साय यरदि में िूद पडे, और तैरिर दू सरे कििारे पर पहुों च गए, तौभी दू सरा यरदि पार ि हो सिा। 49 इस प्रिार उस कदि बक्तिदे पक्ष िे िगभग एि हजार पु रूर् मारे गए। 50 इसिे बाद बक्तिदे स यरूशिेम िो िौट आए, और यहूकदया में दृढ िगरोोंिी मरम्मत िी; यरीहो िे कििोों िो, और इम्मौस, और बेथोरोि, और बेतेि, और थिाता, किरातौिी, और तापोि, इि िो उस िे ऊोंची शहरपिाह, और िाटिोों, और बेडोोंसे दृढ किया। 51 और उि में उस िे एि पहरा बैठाया, कि वे इस्राएि से बैर िरें । 52 और उस िे बेतसूरा िगर, और गजे रा, और गुम्मट िो दृढ किया, और उि में सेिा कियुि िी, और भोजिवस्तु िा प्रबन्ध किया। 53 और उस िे दे श भर िे मु ख्य पु रूर्ोोंिे बेटोोंिो बन्धि बिािर यरूशिेम िे गुम्मट में डिवा कदया, कि रखे रहें । 54 किर एि सौ कतरपिवें वर्ष िे दू सरे महीिे में अिकिमु स िे आज्ञा दी, कि पकवत्रस्थाि िे भीतरी आों गि िी शहरपिाह ढा दी जाए; उसिे भकवष्यविाओों िे िायों िो भी िष्ट िर कदया 55 और जब वह िीचे खी ोंचिे िगा, उसी समय अिकिमस िो व्याकध हुई, और उसिा िाम रुि गया, और उसिा मुों ह बन्द हो गया, और उसे
ििवा मार गया, यहाों ति कि वह किर ि िुछ बोि सिा, और ि िुछ आदे श दे सिा। उसिे घर। 56 सो अिकिमु स उसी समय बडी पीडा से मर गया। 57 जब बक्तिदे स िे दे खा, कि अिकिमु स मर गया, तब वह राजा िे पास िौट आया, और यहूकदया दे श दो वर्ष ति कवश्राम में रहा। 58 तब सब दु ष्टोोंिे एि सभा िरिे िहा, सुि, योिाताि और उसिी मण्डिी तो सुख से हैं, और किडर रहते हैं ; इसकिथे अब हम बक्तिदोोंिो यहाों िे आएों गे, और वह उि सब िो एि ही रात में िे िेगा। 59 इसकिये उन्होोंिे जािर उस से सम्मकत िी। 60 तब वह चिा गया, और एि बडी सेिा िे साथ आया, और यहूकदया में अपिे अिुयाकययोों िो गुप्त रूप से पत्र भेजा, कि वे योिाताि और उसिे साकथयोों िो पिड िें; तौभी वे ऐसा ि िर सिे, क्ोोंकि उििी युक्ति उि िो मािूम थी। 61 इसकिथे उन्होोंिे उस दे श िे पु रूर्ोोंमें से जो उस उपद्रव िे िताष थे, िगभग पचास पु रूर्ोोंिो पिड किया, और उििो मार डािा। 62 इसिे बाद योिाताि और शमौि और उसिे साय बेतबासी िो जो जों गि में है , िे गए, और उसिी मरम्मत िरिे उसे दृढ किया। 63 यह बात जब बक्तिदे स िो मािूम हुई, तब उस िे अपक्की सारी सेिा इिट्ठी िी, और यहूकदया िे िोगोोंिे पास िहिा भेजा। 64 तब उस िे जािर बेतबासी िो घेर किया; और उन्होोंिे इसिे क्तखिाि िोंबे समय ति िडाई िडी और युद्ध िे इों जि बिाए। 65 परन्तु योिाताि िे अपिे भाई शमौि िो िगर में छोड कदया, और आप कििििर दे श में चिा गया, और िुछ िोगोोंिे साथ कििि गया। 66 और उस िे ओडोिािषस और उसिे भाइयोोंिो, और िासीरोकियोोंिो उििे डे रे में मार डािा। 67 और जब वह उििो मारिे िगा, और अपिी सेिा समे त चढ आया, तब शमौि और उसिी टोिी िगर से कििि गई, और युद्ध िे यन्त्र िूोंि डािे। 68 और बक्तिदे स से जो उि से घबरा गया या, उस से िडे , और उन्होोंिे उसे बडा दु ुःख कदया; क्ोोंकि उसिी युक्ति और पररश्रम व्यथष गया। 69 इसकिए वह उि दु ष्ट िोगोों पर बहुत क्रोकधत हुआ कजन्होोंिे उसे दे श में आिे िी सिाह दी थी, यहाों ति कि उसिे उिमें से िई िो मार डािा, और अपिे दे श में िौटिे िा इरादा किया। 70 जब योिाताि िो इसिा ज्ञाि हुआ, तब उस िे उसिे पास दू त भेजे, कि वह उसिे साथ मे ि िरिे बक्तन्दयोोंिो उििे हाथ सौोंप दे । 71 कजसे उस िे माि किया, और उसिी माोंगोों िे अिुसार किया, और उस से शपथ खाई, कि वह जीवि भर उसे िभी हाकि ि पहुों चाएगा। 72 इसकिथे जब उस िे उि बन्धुओोंिो जो उस िे पकहिे यहूकदया दे श से कििाि किया या, उििो किर िौटा कदया, तब वह िौटिर अपिे दे श में चिा गया, और किर उििे दे श में ि गया। 73 इस प्रिार तिवार इस्राएि में से बन्द हो गई, परन्तु योिाताि मिमास में रहिे िगा, और प्रजा पर प्रभुता िरिे िगा; और उस िे इस्राएि में से दु ष्ट पु रूर्ोोंिो िाश किया। अध्याय 10 1 एि सौ साठवें वर्ष में अक्तन्तयोख िा पु त्र कसिन्दर, जो एकपिेकिस िहिाता है, चढाई िरिे पतोिेमाइस िो िे किया; क्ोोंकि िोगोों िे उसे ग्रहण किया था, और उसी िे द्वारा वह वहाों राज्य िरता था। 2 जब राजा दे मेकत्रयुस िे यह सुिा, तब उस िे बहुत बडी सेिा इिट्ठी िी, और उस से िडिे िो किििा। 3 किर दे मेकत्रयुस िे योिाताि िी बडाई िरिे उसिे पास प्रे म भरी बातें किखी ों। 4 क्ोोंकि उस िे िहा, आओ पकहिे हम उस से मे ि िर िें, इस से पकहिे कि वह कसिन्दर से कमििर हमारे कवरूद्ध हो जाए। 5 िही ों तो वह उि सब बुराइयोों िो स्मरण िरे गा जो हम िे उस पर, और उसिे भाइयोोंऔर उसिी प्रजा पर िी हैं । 6 इस िारण उस िे उसे सेिा इिट्ठी िरिे, और हकथयार उपिब्ध िरािे िा अकधिार कदया, कि वह युद्ध में उसिी सहायता िर सिे; और यह भी आज्ञा दी, कि जो बन्धि गुम्मट में थे, उन्हें उसिे हाथ सौोंप कदया जाए। 138
7 तब योिाताि िे यरूशिेम िो आिर सब िोगोोंिो और गुम्मट में रहिेवािोोंिो ये कचकट्ठयाों पढिर सुिाईों: 8 जब उन्होोंिे सुिा, कि राजा िे उसे सेिा इिट्ठी िरिे िा अकधिार कदया है , तब वे बहुत डर गए। 9 तब उन्होोंिे अपिे बन्धुओोंिो गुम्मट पर से योिाताि िे हाथ सौोंप कदया, और उस िे उििो उििे माता-कपता िे हाथ सौोंप कदया। 10 ऐसा होिे पर योिाताि यरूशिेम में बस गया, और िगर िो बिािे और सुधारिे िगा। 11 और उस िे िारीगरोों िो आज्ञा दी, कि शहरपिाह और कसय्योि पवष त िे चारोों ओर चौिोर पत्थरोों से कििेबोंदी िरें ; और उन्होोंिे वै सा ही किया. 12 तब जो परदे शी बािाइकडयोोंिे बिाए हुए गढोोंमें थे, वे भाग गए; 13 यहाों ति कि हर एि मिुष्य अपिा अपिा स्थाि छोडिर अपिे दे श िो चिा गया। 14 परन्तु जो िोग व्यवस्था और आज्ञाओोंिो त्याग चु िे थे, उि में से िुछ तो बेतसूरा में ही बचे रहे ; क्ोोंकि वही उििा शरणस्थाि या। 15 जब राजा कसिन्दर िे सुिा, कि कदमे कत्रयुस िे योिाताि िे पास क्ाक्ा प्रकतज्ञाएों िी हैं, और उस से यह भी िहा, कि उस िे और उसिे भाइयोोंिे िडाई और बडे बडे िाम किए, और जो दु :ख सहा है , 16 उस िे िहा, क्ा हम ऐसा दू सरा मिुष्य ढू ों ढें? इसकिये अब हम उसे अपिा कमत्र और सोंघी बिायेंगे। 17 इस पर उस िे एि पत्र किखिर उसिे पास इस प्रिार भेजा; 18 राजा कसिन्दर िे अपिे भाई योिाताि िो िमस्कार भेजा, 19 हम िे तेरे कवर्य में सुिा है , कि तू बडा पराक्रमी पु रूर् है, और हमारा कमत्र बििे िो तैयार है । 20 इसकिये अब आज हम तुझे अपिी जाकत िा प्रधाि याजि होिे, और राजा िा कमत्र िहिािे िे किये ठहराते हैं ; (और उसिे साथ उस िे उसे एि बैंजिी वि और सोिे िा एि मु िुट भेजा:) और तुझ से अपे क्षा िी, कि तू हमारा भाग िे, और हमारे साथ कमत्रता बिाए रखे। 21 सो एि सौ साठवें वर्ष िे सातवें महीिे में, तम्बु ओों िे पर्व्ष में , योिाताि िे पकवत्र वि पकहि किया, और सेिा इिट्ठी िरिे बहुत से हकथयार तैयार किए। 22 जब दे मेकत्रयुस िे सुिा, तो वह बहुत उदास हुआ, और िहा; 23 हम िे क्ा किया है , कि कसिन्दर िे अपिे आप िो दृढ िरिे िे किथे यहूकदयोोंसे मे ि िरिे से हमें रोिा है ? 24 मैं उन्हें प्रोत्साहि िी बातें भी किखूोंगा, और उन्हें सम्माि और उपहार दे िे िा वादा िरू ों गा, ताकि मैं उििी सहायता िर सिूों। 25 इसकिये उस िे उििे पास यह िहिा भेजा, कि राजा दे मेकत्रयुस िे यहूकदयोोंिे पास िमस्कार भेजा। 26 तुम िे हम से वाचा बान्धी, और हमारी कमत्रता में बिे रहे , और हमारे शत्रुओों से ि कमिे, यह हम िे सुिा है , और आिक्तन्दत हैं । 27 इसकिये अब भी तुम हमारे प्रकत कवश्वासयोग्य बिे रहो, और जो िुछ तुम हमारी ओर से िरोगे उसिा बदिा हम तुम्हें दें गे। 28 और तुम्हें बहुत सी छूट दे गा, और तुम्हें प्रकतिि दे गा। 29 और अब मैं तुम्हें स्वतोंत्र िरता हूों , और तुम्हारे किकमत्त सब यहूकदयोोंिो िर, और िमि िी रीकत, और राजिर से मु ि िरता हूों । 30 और जो िुछ मु झे वृ क्षोोंिे िि िा एि कतहाई अथाषत् बीज और आधा िि िेिा है , उसे मैं आज िे कदि से छोड दे ता हूों , कजस से वे यहूकदया दे श में से छीिे ि जाएों । उि तीि सरिारोों में से, जो सामररया और गिीि िे दे श से आज िे कदि से सवष दा िे किये उसमें जोडी गई हैं । 31 यरूशिेम भी अपिे कसवािोोंसमे त पकवत्र और दशम अों श और िर िे अों श से स्वतोंत्र रहे । 32 और जो गुम्मट यरूशिेम िे पास है, उस पर मैं अकधक्कारिे दे ता हूों , और महायाजि िो सौोंपता हूों , कि वह उस में ऐसे पु रूर्ोोंिो ठहराए जो उसिी रखवािी िे किथे चु ि िे। 33 और कजतिे यहूदी यहूकदया दे श से बन्धुआई िरिे मे रे राज्य िे किसी भाग में िे जाए गए थे, उि सब िो मैं स्वतोंत्र िर दू ों गा, और मैं यह िरू ों गा कि मे रे सब हाकिम अपिे पशुओों िा भी िर चु िा दें । 34 और मैं यह चाहता हूों , कि सब पर्ब्ष, और कवश्रामकदि, और िया चाोंद, और पकवत्र कदि, और पर्ब्ष िे पकहिे िे तीि कदि, और पर्ब्ष िे बाद िे तीि कदि मे रे राज्य िे सब यहूकदयोोंिे किये प्रकतरक्षा और स्वतोंत्रता िे होों।
35 और किसी मिुष्य िो उि में से किसी िे मामिे में दखि दे िे या छे डछाड िरिे िा अकधिार ि होगा। 36 मैं यह भी िहूों गा, कि राजा िी सेिाओों में िगभग तीस हजार यहूदी पु रूर् कगिे जाएों , और उििो राजा िी सारी सेिाओों िे समाि वे ति कदया जाए। 37 और उि में से िुछ तो राजा िे गढोोंमें रखे जाएों , और िुछ राज्य िे िाम-िाज पर भी जो भरोसे िे होों ठहराए जाएों ; और मैं ऐसा िरू ों गा, कि उििे सरदार और हाकिम आप ही होों, और वे उसिे पीछे जीकवत रहें । उििे अपिे कियम हैं , जै से यहूकदया दे श में राजा िे आज्ञा दी है । 38 और उि तीि सरिारोोंिे कवर्य में जो सामररया दे श से यहूकदया में कमि गई हैं, वे यहूकदया में कमि जाएों , कि वे एि ही िे अधीि कगिे जाएों , और महायाजि िे कसवा किसी और अकधिार िा पािि िरिे िो बाध्य ि होों। 39 और पतोिेमाइस और उसिी भूकम िो मैं यरूशिेम िे पकवत्रस्याि िे किये पकवत्रस्याि िे आवश्यि खचष िे किथे कि:शुि दाि िर दे ता हूों । 40 किर मैं प्रकत वर्ष राजा िे खाते में से पन्द्रह हजार शेिेि चान्दी उसिे स्थािोोंमें से दे ता हूों । 41 और जो अकतररि धि पकहिे िी िाईों हाकिम िोग ि दे ते थे वह सब अब से मक्तन्दर िे िाम िे किथे कदया जाएगा। 42 और इसिे अिावा, जो पाोंच हजार शेिेि चान्दी वे मक्तन्दर िे िाम में से प्रकत वर्ष िेखा में से िे िेते थे, वे भी छोड कदए जाएों , क्ोोंकि वे सेवा टहि िरिेवािे याजिोोंिे किथे हैं । 43 और जो िोई यरूशिेम िे मक्तन्दर में भाग जाएों , वा राजा िे िजष दार होिे िे िारण या किसी और बात िे िारण स्वतोंत्र होों, वे मे रे राज्य में कजतिे होों उि सब समे त स्वतोंत्र रहें । 44 और पकवत्रस्थाि िे भवि और मरम्मत िा खचष राजा िे खाते में से कदया जाए। 45 हाों, और यरूशिेम िी शहरपिाह िे किमाषण और उसिे चारोों ओर कििेबोंदी िा खचष राजा िे खाते में से कदया जाएगा, जै सा कि यहूकदया में शहरपिाह िे किमाषण िे किए भी किया जाएगा। 46 जब योिाताि और िोगोों िे ये बातें सुिी ों, तो उििो ि श्रेय कदया और ि ग्रहण किया, क्ोोंकि उन्हें उस बडी बुराई िी याद आई जो उस िे इस्राएि में िी थी; क्ोोंकि उस िे उन्हें बहुत दु ुःख कदया था। 47 परन्तु वे कसिन्दर से बहुत प्रसन्न थे, क्ोोंकि वह पकहिे िे उि से सच्ी मे ि िी कबिती िी, और वे सदा उसिे साथ मे ि रखते थे। 48 तब राजा कसिन्दर िे बडी सेिा इिट्ठी िी, और दे मेकत्रयुस िे साम्हिे डे रा डािा। 49 और दोिोों राजाओों िे युद्ध िरिे िे बाद कदमे कत्रयुस िी सेिा भाग गई; परन्तु कसिन्दर िे उसिा पीछा किया, और उि पर प्रबि हो गया। 50 और जब ति सूयष अस्त ि हो गया, तब ति वह घोर युद्ध िरता रहा: और उस कदि दे मेकत्रयुस मारा गया। 51 इसिे बाद कसिोंदर िे कमस्र िे राजा टॉिेमी िे पास इस आशय िा सोंदेश िेिर राजदू त भेजे: 52 क्ोोंकि मैं अपिे राज्य में किर आया हूों , और अपिे पू वषजोों िी राजगद्दी पर बैठा हूों , और प्रभुता प्राप्त िर िी है, और दे मेकत्रयुस िो उिट कदया है , और हमारे दे श िो पु िुः प्राप्त िर किया है ; 53 क्ोोंकि जब मैं िे उस से युद्ध किया, तब वह और उसिी सेिा दोिोों हमारे िारण किराश हो गए, और हम उसिे राज्य िी गद्दी पर बैठिे िगे। 54 इसकिये अब आओ, हम कमि िर वाचा बान्धें, और अपिी बेटी िो मु झे ब्याह दें ; और मैं तेरा दामाद ठहरू ों गा, और तेरी प्रकतिा िे अिुसार तुझे और उसे दोिोों िो ब्याह दू ों गा। 55 तब टॉिेमी राजा िे उत्तर कदया, वह कदि धन्य हो कजस में तू अपिे पु रखाओों िे दे श में िौट आया, और उििे राज्य िी गद्दी पर कवराजमाि हुआ। 56 और अब जै सा तू िे किखा है , वै सा ही मैं तुझ से िरू ों गा; इसकिये तूिेमीस में मु झ से कमि, कि हम एि दू सरे िा दशषि िरें ; क्ोोंकि मैं तेरी इच्छा िे अिुसार अपिी बेटी िा ब्याह तुझ से िरू ों गा।
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57 तब टॉिेमी अपिी बेटी क्तक्लयोपे टरा समे त कमस्र से किििा, और वे एि सौ साठ वर्ष में टॉिेमीस में आए। 58 जहाों राजा कसिन्दर िे उस से मु िािात िी, और अपिी बेटी क्तक्लयोपे टरा उसे दे दी, और उसिे कववाह िा उत्सव राजाओों िी रीकत िे अिुसार टॉिेमीस में बडी धूमधाम से मिाया। 59 राजा कसिन्दर िे योिाताि िो किखा, कि आिर उस से भेंट िरे । 60 तब वह सम्मािपू वषि टॉिेमीस िो गया, और वहाों दोिोों राजाओों से कमिा, और उन्हें और उििे कमत्रोों िो चान्दी, सोिा और बहुत सी भेंटें दी ों, और उि से प्रसन्न हुआ। 61 उस समय इस्राएि िे िुछ दु ष्ट मिुष्य जो दु ष्ट थे, उस पर दोर् िगािे िे किये उसिे कवरूद्ध इिट्ठे हुए, परन्तु राजा िे उििी ि सुिी। 62 और उस से भी बढिर, राजा िे आज्ञा दी, कि उसिे वि उतारिर उसे बैंजिी वि पकहिाओ, और उन्होोंिे वै सा ही किया। 63 और उस िे उसे अपिे पास बैठाया, और अपिे हाकिमोों से िहा, उसिे सोंग िगर में चििर प्रचार िरो, कि िोई उसिे कवरूद्ध किसी बात में कशिायत ि िरे , और किसी िारण से उसे िष्ट ि दे । . 64 जब उस पर मु द्दई िे दे खा, कि उस िा आदर हुआ है , और बैंजिी वि पकहिाया हुआ है , तो सब भाग गए। 65 इसकिये राजा िे उसिा आदर किया, और उसे अपिे प्रधाि कमत्रोोंमें किखा, और उसे प्रधाि िरिे अपक्की प्रभुता में भागी ठहराया। 66 इसिे बाद योिाताि शाक्तन्त और आिन्द िे साथ यरूशिेम िो िौट गया। 67 इसिे अिावा; एि सौ पाँचवें वर्ष में दे मेकत्रयुस िा पु त्र दे मेकत्रयुस क्रेते से कििििर अपिे पु रखाओों िे दे श में आया; 68 जब राजा कसिन्दर िे यह सुिा, तो वह बहुत उदास हुआ, और अन्ताकिया िो िौट गया। 69 तब दे मेकत्रयुस िे अपोिोकियुस िो सेिोशूर िा हाकिम अपिा प्रधाि ठहराया, और उस िे बडी सेिा इिट्ठी िरिे जमकिया में डे रे खडे किए, और महायाजि योिाताि िे पास िहिा भेजा, 70 तू ही हमारे कवरूद्ध बि उठाता है, और मैं तेरे किकमत्त मे री हों सी उडाता हूों , और मे री किन्दा िरता हूों ; और तू पहाडोोंमें हमारे कवरूद्ध अपिी शक्ति िा घमण्ड क्ोों िरता है ? 71 इसकिये अब यकद तुझे अपिे बि पर भरोसा है , तो मै दाि में हमारे पास आ, और वहाों हम कमििर मु िद्दमा सुिझाएों ; क्ोोंकि िगरोोंिी शक्ति मे रे पास है । 72 और जो हमारे भागी हैं , उि से पू छो, और जाि िो, कि मैं िौि हूों , और वे तुम से िहें गे, कि तेरा पाोंव उििे दे श में चि िही ों सिता। 73 इस िारण अब तू उस अराबा में , जहाों ि पत्थर, ि चिमि पत्थर, और ि भागिे िा स्थाि है, सवारोोंऔर इतिे बडे बि िे साम्हिे ठहर ि सिेगा। 74 सो जब योिाताि िे अपोिोकियुस िी ये बातें सुिी ,ों तो उसिा मि उदास हो गया, और दस हजार पु रूर् चु ििर यरूशिेम से बाहर गया, और जहाों उसिा भाई शमौि उसिी सहायता िरिे िो उस से कमिा। 75 और उस िे यािा िे साम्हिे अपिे तम्बू खडे किए; परन्तु; यािा िे िोगोों िे उसे िगर से बाहर कििाि कदया, क्ोोंकि अपोिोकियस िे पास वहाों एि चौिी थी। 76 तब योिाताि िे उसे घेर किया; तब िगर िे िोगोोंिे डर िे मारे उसे भीतर जािे कदया; और इस प्रिार योिाताि िे यािा िो जीत किया। 77 जब अपोिोकियस िे यह सुिा, तो वह तीि हजार घुडसवार और प्यादोों िी एि बडी टोिी िेिर अजोतुस िे पास गया, और वहाों से उसे मै दाि में खी ोंच किया। क्ोोंकि उसिे पास बहुत से सवार थे, कजि पर उस िे भरोसा रखा। 78 तब योिाताि उसिे पीछे -पीछे अजोतुस ति गया, और वहाों सेिाएों युद्ध िरिे िगी ों। 79 अब अपोिोकियस िे एि हजार घुडसवारोों िो घात में छोड कदया था। 80 और योिाताि िो मािूम हुआ, कि मे रे पीछे घात हो रहा है; क्ोोंकि वे उसिे दि िे चारोों ओर घेरे हुए थे, और भोर से साोंझ ति उस पर तीर चिाते थे। 81 परन्तु योिाताि िी आज्ञा िे अिुसार िोग खडे रहे, और शत्रुओों िे घोडे थि गए।
82 तब शमौि िे अपिी सेिा िो कििाििर प्यादोोंपर चढाई िर दी, (क्ोोंकि सवार तो थि गए थे) और वे उसिे िारण घबरािर भाग गए। 83 और सवार भी मै दाि में कततर-कबतर होिर अजोतुस िी ओर भाग गए, और सुरक्षा िे किये बेतदागोि िाम अपिे मू रत िे मक्तन्दर में चिे गए। 84 परन्तु योिाताि िे अजोतुस और उसिे आस पास िे िगरोोंमें आग िगा दी, और उििी िूट िे िी; और दागोि िे मक्तन्दर िो उि िोगोों समे त जो उसमें भाग गए थे, आग में जिा कदया। 85 इस प्रिार िगभग आठ हजार पु रूर् जिाए गए और तिवार से मारे गए। 86 और वहाों से योिाताि िे अपक्की सेिा िो हटािर अस्किोि िे साम्हिे डे रे खडे किए, और वहाों िगर िे पु रूर् कििििर बडे धूमधाम से उसिा स्वागत किया। 87 इसिे बाद योिाताि और उसिा दि िूट िा सब िुछ िेिर यरूशिेम िो िौट आए। 88 जब राजा कसिन्दर िे ये बातें सुिी ों, तो उस िे योिाताि िा और भी अकधि आदर किया। 89 और उसिे पास सोिे िी एि बिि भेजी, जो राजा िे िोहू में से जिोों िो दी जाए; और उस िे कििाररयोोंसमे त अिरोि भी उसिे अकधिार में िर कदया। अध्याय 11 1 और कमस्र िे राजा िे समु द्र िे कििारे िी बािू िे किििोों िे समाि एि बडी सेिा, और बहुत से जहाज इिट्ठे किए, और छि से कसिन्दर िा राज्य प्राप्त िरिे उसे अपिे में कमिा किया। 2 तब उस िे स्पे ि में अपिी यात्रा शाक्तन्त पू वषि िी, यहाों ति कि िगरोों िे िोग उसिे किये खुि गए, और उस से भेंट िरिे िगे; क्ोोंकि वह उसिा बहिोई था, इसकिये राजा कसिन्दर िे उन्हें ऐसा िरिे िी आज्ञा दी थी। 3 और जब टॉिेमी िे िगरोोंमें प्रवे श किया, तब उस िे उि सब िी चौिसी िरिे िे किथे कसपाकहयोोंिी एि चौिी ठहरा दी। 4 और जब वह अजोतुस िे कििट आया, तो उन्होोंिे उसे दागोि िा मक्तन्दर जो जिा कदया गया था, और अजोतुस और उसिी जो चरागाहें िाश िी गई थी ों, और जो िाशें िेंिी हुई थी ों, और जो उस िे युद्ध में जिा दी थी ों, कदखाईों; क्ोोंकि कजस मागष से उसे गुजरिा था उस मागष िे पास उन्होोंिे उििा ढे र िगा कदया था। 5 और उन्होोंिे राजा िो यह भी बताया कि योिाताि िे क्ा िुछ किया है , इस आशय से कि वह उस पर दोर् िगाए; परन्तु राजा चु प रहा। 6 तब योिाताि यािा में बडी धूमधाम से राजा से कमिा, और वहाों उन्होोंिे एि दू सरे िो िमस्कार किया, और कवश्राम किया। 7 इसिे बाद योिाताि राजा िे सोंग एिुथेरस िाम िदी पर गया, और यरूशिेम िो किर िौट आया। 8 इसकिये राजा टॉिेमी िे समु द्र िे कििारे िे सेल्यूकिया ति िे िगरोों पर अकधिार िर किया, और कसिन्दर िे कवरूद्ध दु ष्ट युक्तियाँ िरिे िगा। 9 तब उस िे राजा दे मेकत्रयुस िे पास दू तोोंिो यह िहिा भेजा, कि आ, हम आपस में वाचा बान्धें, और मैं अपिी बेटी जो कसिन्दर िी है तुझे दू ों गा, और तू अपिे कपता िे राज्य में राज्य िरिा। 10 क्ोोंकि मैं पछताता हूों, कि मैं िे अपिी बेटी उसे दे दी, क्ोोंकि वह मु झे मार डाििा चाहता था। 11 उसिे इस प्रिार उसिी किन्दा िी, क्ोोंकि वह उसिे राज्य िा िािची था। 12 इस िारण उस िे उस से उसिी बेटी छीििर दे मेकत्रयुस िो दे दी, और कसिन्दर िो त्याग कदया, यहाों ति कि उि िा बैर प्रगट हो गया। 13 तब टॉिेमी िे अन्ताकिया में प्रवे श किया, और वहाों उसिे अपिे कसर पर एकशया और कमस्र िा दो मु िुट रखवाए। 14 इसी समय राजा कसिन्दर किकिकिया में था, क्ोोंकि उस दे श िे किवाकसयोों िे उस से बिवा किया था।
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15 परन्तु जब कसिन्दर िे यह सुिा, तब वह उस से िडिे िो आया; तब राजा टॉिेमी िे अपिी सेिा िो आगे बढाया, और बडे बि से उसिा सामिा िरिे उसे भगा कदया। 16 इसकिये कसिन्दर अपिी रक्षा िे किथे अरब में भाग गया; िेकिि राजा टॉिेमी महाि थे: 17 क्ोोंकि अरबी जब्दीएि िे कसिन्दर िा कसर िाटिर टॉिेमी िे पास भेज कदया। 18 तीसरे कदि राजा टॉिेमी भी मर गया, और जो गढोों में थे वे एि दू सरे से मारे गए। 19 इस प्रिार दे मेकत्रयुस एि सौ साठवें वर्ष में राज्य िरता रहा। 20 उसी समय योिाताि िे यरूशिेम िे गुम्मट िो िेिे िे किये यहूकदया िे िोगोोंिो इिट्ठा किया, और उसिे कवरूद्ध युद्ध िे बहुत से यन्त्र बिाए। 21 तब दु ष्ट मिुष्य जो अपक्की प्रजा से बैर रखते थे, राजा िे पास जािर िहिे िगे, कि योिाताि िे गुम्मट िो घेर किया है । 22 यह सुििर वह क्रोकधत हुआ, और तुरन्त पतोिेमाइस िे पास आया, और योिाताि िो किखा, कि गुम्मट िो घेर ि िे, परन्तु तुरन्त आिर पतोिेमाइस में उस से बातें िर। 23 तौभी योिाताि िे यह सुििर उसे घेरिे िी आज्ञा दी; और उस िे इस्राएि िे पु रकियोोंऔर याजिोोंमें से कितिोोंिो चु ि किया, और अपिे आप िो सोंिट में डािा; 24 और चान्दी, सोिा, वि, और भाोंकत भाोंकत िी भेंटें िेिर पतोिेमाइस िो राजा िे पास गए, और वहाों उस पर अिुग्रह िी दृकष्ट हुई। 25 और यद्यकप प्रजा में से िुछ दु ष्ट मिुष्य उसिे कवरूद्ध कशिायत िरते थे, 26 तौभी राजा िे अपिे पकहिे पकहिे िे समाि उस से कबिती िी, और अपिे सब कमत्रोोंिे साम्हिे उसिो बडा किया। 27 और उसे महायाजि पद पर, और सब सम्मािोों में जो उसे पहिे प्राप्त थे, दृढ किया, और अपिे मु ख्य कमत्रोों में उसे प्रधािता दी। 28 तब योिाताि िे राजा से कबिती िी, कि वह यहूकदया िो, और सामररया दे श समे त तीिोों सरिारोों िो िर से स्वतोंत्र िर दे ; और उस िे उसे तीि सौ प्रकतभाएों दे िे िा वचि कदया। 29 तब राजा िे सहमकत दी, और इि सब बातोोंिे कवर्य में योिाताि िो इस प्रिार कचकट्ठयाों किखी ों: 30 राजा दे मेकत्रयुस िे अपिे भाई योिाताि िो और यहूकदयोों िी जाकत िो िमस्कार भेजा। 31 हम तुम्हें उस पत्र िी एि प्रकत यहाों भेज रहे हैं जो हमिे तुम्हारे सोंबोंध में अपिे चचे रे भाई िास्थिीज िो किखा था, ताकि तुम उसे दे ख सिो । 32 राजा दे मेकत्रयुस िे अपिे कपता िास्थिीस िो िमस्कार भेजा; 33 हम िे यह किश्चय किया है , कि हम यहूकदयोोंिे िोगोोंिे साथ भिाई िरें गे, जो हमारे कमत्र हैं , और हमारे प्रकत उििी भिाई िी इच्छा िे िारण हमारे साथ वाचा किभाते हैं । 34 इस िारण हम िे उन्हें यहूकदया िी सीमाएों , अपे रेमा, किद्दा, और रामाथेम िी तीि सरिारोों िे साथ, जो सामररया िे दे श से यहूकदया में जोडी गई हैं, और उि सब वस्तुओों िे किये जो यरूशिेम में बकिदाि िरते हैं, सौोंप दी है , यह उस िर िे बदिे में कदया गया जो राजा पकहिे प्रकत वर्ष भूकम और वृ क्षोों िे ििोों से प्राप्त िरता था। 35 और अन्य वस्तुएों जो हमारी हैं , अथाषत् दशमाोंश और सीमा शुि, और िमि िे गड्ढे , और राज िर, जो हमें दे य हैं, उि सब में से हम उििी राहत िे किये उि से छु टिारा पा िेते हैं । 36 और इस में से िुछ भी अब से सवष दा िे किये रद्द ि किया जाएगा। 37 इसकिये अब इि वस्तुओोंिी एि प्रकत बिािर योिाताि िो सौोंपिा, और पकवत्र पवष त पर किसी सुस्प ष्ट स्थाि में रखिा। 38 इसिे बाद जब राजा दे मेकत्रयुस िे दे खा, कि दे श उसिे साम्हिे शान्त हो गया है, और िोई उसिा कवरोध िही ों िर सिता, तब उसिे परदे कशयोों िे िुछ दिोोंिो छोड कजि िो उस िे इिट्ठा किया या, उि सभोोंिो अपक्की सारी सेिा िो अपिे अपिे स्याि पर भेज कदया। अन्यजाकतयोों िे द्वीप: इस िारण उसिे कपता िी सारी सेिा उस से बैर रखती थी।
39 इसिे अिावा एि टर ायिॉि भी था, जो पहिे कसिन्दर िा भाग था, वह यह दे खिर कि सारी सेिा दे मेकत्रयुस पर िुडिुडाती है, अरब िे कसमििू िे पास गया, जो कसिन्दर िे पु त्र अक्तन्तयोख िो पाि िाया था। 40 और उस पर यह दबाव डािा, कि इस जवाि अक्तन्तयोख िो पिड िे, कि वह अपिे कपता िे स्थाि पर राज्य िरे ; और उस िे उस से सब हाि बता कदया, कि दे मेकत्रयुस िे क्ा क्ा किया, और उसिे योद्धा किस प्रिार उस से बैर रखते थे, और वह बहुत कदि ति वही ोंरहा। मौसम। 41 इसी बीच योिाताि िे राजा दे मेकत्रयुस िे पास िहिा भेजा, कि जो गुम्मट में थे, और गढोों में जो थे उििो भी यरूशिेम से बाहर िर दे ; क्ोोंकि वे इस्राएि से िडे थे। 42 तब दे मेकत्रयुस िे योिाताि िे पास िहिा भेजा, कि मैं ि िेवि तेरे और तेरी प्रजा िे किये ऐसा िरू ों गा, वरि अवसर पडिे पर तेरा और तेरी जाकत िा बडा आदर िरू ों गा। 43 इसकिये अब यकद तू मे री सहाथता िे किथे पु रूर् भेजेगा, तो अच्छा िरे गा; क्ोोंकि मे री सारी शक्ति मु झ से दू र हो गई है । 44 इस पर योिाताि िे उसिे पास तीि हजार बिवन्त पु रूर् अन्ताकिया में भेजे; और जब वे राजा िे पास आए, तो राजा उििे आिे से बहुत प्रसन्न हुआ। 45 परन्तु िगर िे िोग एि िाख बीस हजार पु रूर् इिट्ठे होिर िगर िे बीच में इिट्ठे हुए, और राजा िो मार डाििा चाहते थे। 46 इस िारण राजा तो आों गि में भाग गया, परन्तु िगर िे िोग िगर िे मागोंपर पहरा दे िर िडिे िगे। 47 तब राजा िे सहायता िे किथे यहूकदयोोंिो बुिाया, और वे सब तुरन्त उसिे पास आए, और िगर में कततर-कबतर होिर उसी कदि िगर में एि िाख िी कगिती में घात किए। 48 और उस कदि उन्होोंिे िगर में आग िगा दी, और बहुत िूट किया, और राजा िो बचा किया। 49 जब िगर िे िोगोों िे दे खा, कि यहूकदयोों िे िगर िो जै सा वे चाहते थे वै से ही िे किया है , तो उििा साहस टू ट गया; इसकिथे उन्होोंिे राजा से कबिती िी, और कचल्लािर िहा, 50 हमें शाक्तन्त दे , और यहूदी हम पर और िगर पर आक्रमण िरिा बन्द िरें । 51 इस पर उन्होोंिे अपिे हकथयार त्याग कदए, और मे ि कमिाप किया; और यहूदी राजा और उसिे राज्य िे सब िोगोों िी दृकष्ट में प्रकतकित हुए; और वे बडी िूट िेिर यरूशिेम िो िौट गए। 52 तब राजा दे मेकत्रयुस अपिे राज्य िी गद्दी पर बैठा, और दे श उसिे साम्हिे शान्त हो गया। 53 तौभी वह सब बातोोंमें उिझा, और योिाताि से अिग हो गया, और जो िाभ उस िे उस से पाया या, उसिे अिुसार उस िो प्रकतिि ि कदया, वरि उसे बहुत सताया। 54 इसिे बाद कत्रिॉि िौटा, और उसिे साथ छोटा बच्ा अन्ताकिया भी आया, कजसिे राज्य किया, और राज्याकभर्ेि किया गया। 55 तब कजतिे योद्धा कदमे कत्रयुस िे खदे ड कदए थे वे सब उसिे पास इिट्ठे हुए, और दे मेकत्रयुस से िडिे िगे, और वह पीठ िेरिर भाग गया। 56 इसिे अिावा टर ायिॉि िे हाकथयोों िो िे किया, और अन्ताकिया िो जीत किया। 57 उस समय जवाि अक्तन्तयोख िे योिाताि िो यह किखिर कदया, कि मैं तुझे महायाजिपद में दृढ िरता हूों, और चारोों सरिारोोंपर हाकिम ठहराता हूों , और राजा िे कमत्रोों में से एि हूों । 58 इस पर उस िे उसिे किथे सोिे िे पात्र भेजे, और उसे सोिे िा पे य पीिे, बैंजिी वि पकहििे, और सोिे िा बिि पकहििे िी आज्ञा दी। 59 और उसिे भाई शमौि िो उस िे सोर िी सीढी िामि स्याि से कमस्र िे कसवािे ति प्रधाि िर कदया। 60 तब योिाताि कििििर जि िे पार िे िगरोोंमें से होिर किििा, और अराम िी सारी सेिा उसिी सहायता िे किथे उसिे पास इिट्ठी हो गई; और जब वह अस्किोि िे पास पहुों चा, तब िगर िे िोगोोंिे उसिा आदर सत्कार किया। 61 जहाों से वह अिा िो गया, परन्तु अिा िे िोगोों िे उसे बन्द िर कदया; इस िारण उस िे उसे घेर किया, और उसिी चराइयोों िो आग में जिािर िष्ट िर कदया। 141
62 इसिे बाद जब गाजा िे िोगोोंिे योिाताि से कबिती िी, तब उस िे उि से मे ि िर किया, और उििे सरदारोोंिे बेटोोंिो बन्धि बिािर यरूशिेम िो भेज कदया, और दे श से होिर दकमश्क िो चिा गया। 63 जब योिाताि िे सुिा, कि दे मेकत्रयुस िे हाकिम बडे बि िे साथ गिीि िे िादे स में उसे दे श से कििाि दे िे िी मिसा से आए हैं , 64 और वह उि से भेंट िरिे िो गया, और अपिे भाई शमौि िो दे श में छोड गया। 65 तब शमौि िे बेतसूरा िे कवरुद्ध डे रा डािा, और बहुत कदिोों ति उससे िडता रहा, और उसे बन्द िर कदया। 66 परन्तु वे उस से मे ि िरिा चाहते थे, जो उस िे उििो दे कदया, और उििो वहाों से कििाि कदया, और िगर िे किया, और उस में पहरा बैठा कदया। 67 योिाताि और उसिी सेिा िे गन्नेसर िे सोते पर डे रे खडे किए, और भोर िो वे िसोर िे अराबा में पहुों च गए। 68 और दे खो, मै दाि में परदे कशयोों िी टोिी उििो कमिी, जो पहाडोों पर उसिे किये घात में बैठे हुए आप ही उसिे साम्हिे चढ आए। 69 सो जब घात िगािेवािे अपिे स्याि से उठिर िडिे िगे, तब योिाताि िी ओर िे सब भाग गए; 70 यहाों ति कि उि में से अबशािोम िे पु त्र मकत्तय्याह और िल्फी िे पु त्र यहूदा, जो सेिापकत थे, िो छोड एि भी ि बचा। 71 तब योिाताि िे अपिे वि िाडे , और कसर पर कमट्टी डाििर प्राथषिा िी। 72 इसिे बाद उस िे किर िडाई िी ओर मु डिर उििो भगाया, और वे भाग गए। 73 जब उसिे भागे हुए पु रूर्ोोंिे यह दे खा, तब वे किर उसिे पास िौट आए, और उसिे साय िादोों ति उििा पीछा िरिे अपिे अपिे डे रोोंति पहुों चे, और वहाों उन्होोंिे डे रे खडे किए। 74 इस प्रिार उस कदि अन्यजाकतयोोंमें से िोई तीि हजार पु रूर् मार डािे गए; परन्तु योिाताि यरूशिेम िो िौट गया।
13 जहाों ति हमारी बात है , हमें चारोों ओर से बडे क्लेश और िडाइयोों िा सामिा िरिा पडा है , यहाों ति कि हमारे चारोोंओर िे राजा भी हम से िडे हैं । 14 तौभी हम इि युद्धोों में ि तो तुम्हारे किये, और ि अपिे साकथयोों और कमत्रोों िे किये िष्टिारी बिेंगे। 15 क्ोोंकि स्वगष से हमें सहायता कमिती है, कजस से हम शत्रुओों से छु टिारा पाते हैं , और हमारे शत्रु पाोंव िे िीचे किए जाते हैं । 16 इस िारण हम िे अन्ताकिया िे पु त्र िुमेकियुस िो, और यासोि िे पु त्र अन्तीपतेर िो चु ि किया, और उन्हें रोकमयोों िे पास भेजा, कि जो हमारी उििे साथ कमत्रता थी, और जो पकहिी िीग थी उसे किर से िया िरें । 17 और हम िे उििो आज्ञा दी, कि तुम्हारे पास चििर िमस्कार िरें , और हमारे भाईचारे िे िवीिृत होिे िे कवर्य में हमारी कचकट्ठयाों तुम्हें सौोंपें। 18 इसकिये अब तुम हमें इसिा उत्तर दे िर अच्छा िरोगे। 19 और यह उि पत्रोों िी प्रकत है जो ओकियारे स िे भेजे थे। 20 िेकसडे मोकियोों िे राजा एररयस िे महायाजि ओकियास िो िमस्कार िरिे िहा; 21 यह किक्तखत में पाया जाता है , कि िेकसडे मोकियि और यहूदी भाईभाई हैं , और वे इब्राहीम िे वों श में से हैं : 22 इसकिये अब जब कि यह बात हमें मािूम हो गई है, तो अच्छा होगा कि तुम अपिी भिाई िा वणष ि हमें किखो। 23 हम तुम्हें किर किखते हैं , कि तुम्हारे पशु और माि हमारा है , और हमारा वह तुम्हारा है, इसकिथे हम अपिे राजदू तोोंिो आज्ञा दे ते हैं, कि वे तुम्हें इस प्रिार समाचार दें । 24 जब योिाताि िे सुिा, कि डे मेकबयस िे हाकिम पकहिे से भी बडी सेिा िेिर उस से िडिे िो आए हैं , 25 और वह यरूशिेम से कििििर अमाकथस दे श में उि से कमिा; क्ोोंकि उस िे उििो अपिे दे श में आिे िी मोहित ि दी। 26 और उस िे उििे डे रोोंपर भेकदये भेजे, और उन्होोंिे किर आिर उस से िहा, कि हम रात िे समय उि पर चढाई िरिे िो कियुि किए गए हैं । 27 इसकिये सूयष डू बते ही योिाताि िे अपिे जिोोंिो जागते रहिे और हकथयार बान्धिर रात भर िडिे िो तैयार रहिे िी आज्ञा दी; और उस िे सेिा िे चारोोंओर पहरे दार भी भेज कदए। 28 परन्तु जब द्रोकहयोों िे सुिा, कि योिाताि और उसिे जि िडाई िे किये तैयार हैं, तो वे डर गए, और अपिे मि में िाोंप उठे , और अपिी छाविी में आग िगा दी। 29 परन्तु योिाताि और उसिे दि िो कबहाि ति ि मािूम हुआ, क्ोोंकि उन्होों िे दीपि जिते हुए दे खे। 30 तब योिाताि िे उििा पीछा किया, परन्तु उििो ि पिड सिा, क्ोोंकि वे एिीथेरस िदी िे पार चिे गए। 31 इसकिथे योिाताि उि अरकबयोोंिी ओर किरा, जो जबादीि िहिाते थे, और उििो मार किया, और उििा धि िूट किया। 32 और वहाों से चििर वह दकमश्क ति आया, और सारे दे श में होता हुआ, 33 शमौि भी किििा, और उस दे श से होिर अस्किोि और उसिे आस पास िे गढोों ति पहुों चा, और वहाों से यािा िी ओर मु डिर उसे जीत किया। 34 क्ोोंकि उस िे सुिा था, कि वे दे मेकत्रयुस िा भाग िेिेवािोोंिो पिड सौोंप दें गे; इसकिए उसिे इसे रखिे िे किए वहाों एि चौिी स्थाकपत िी। 35 इसिे बाद योिाताि किर घर आया, और िोगोोंिे पु रकियोोंिो इिट्ठे िरिे यहूकदया में दृढ गढ बिािेिे कवर्य में उि से सम्मकत िी। 36 और यरूशिेम िी शहरपिाह िो ऊोंचा िरिा, और गुम्मट और िगर िे बीच एि बडा पहाड खडा िरिा, कि वह िगर से अिग हो जाए, और वह अिेिा रहे , और िोग उस में ि बेच सिें, और ि मोि िे सिें। 37 इस पर वे िगर िो बसािे िो इिट्ठे हुए, क्ोोंकि पू वष िी ओर िािे िी ओर िी शहरपिाह िा एि भाग कगर गया था, और उन्होोंिे उस स्थाि िी मरम्मत िी जो ििेिथा िहिाता था।
अध्याय 12 1 जब योिाताि िे दे खा, कि समय उसिी सेवा िरता है, तब उस िे िुछ पु रूर्ोों िो चु ििर रोम भेजा, कि उि से जो मै त्री हुई है उसे दृढ और िवीिीिृत िरे । 2 उसिे इसी प्रयोजि से िेकसडे मोकियोों और अन्य स्थािोों िो भी पत्र भेजे। 3 सो वे रोम िो गए, और सभा में जािर िहा, योिाताि महायाजि और यहूकदयोोंिे हमें तुम्हारे पास इसकिये भेजा है , कि जो मै त्री तुम िे उि से िी है उसे किर से िरो, और सोंकध िरो। , जै सा कि पू वष समय में था। 4 इस पर रोकमयोों िे सब स्थािोोंिे हाकिमोोंिो इस आशय िी कचकट्ठयाों दी ों, कि वे उन्हें शाक्तन्तपू वषि यहूकदया दे श में पहुों चा दें । 5 और जो पत्र योिाताि िे िेकसडे मोकियोोंिो किखे, उििी प्रकतकिकप यह है : 6 योिाताि महायाजि, और जाकत जाकत िे पु रकिये, और याजि, और यहूकदयोोंमें से, िेकसडे मोकियोोंिे पास उििे भाई िमस्कार िरते हैं । 7 कपछिे समय में दारा िी ओर से महायाजि ओकियास िो, जो उस समय तुम्हारे बीच राज्य िरता था, पत्र भेजे गए थे, यह सूकचत िरिे िे किए कि तुम हमारे भाई हो, जै सा कि यहाों हामीदार प्रकतकिकप में स्पष्ट किया गया है । 8 उस समय ओकियास िे भेजे हुए राजदू त से आदरपू वषि कबिती िी, और कचकट्ठयाों िी ों, कजि में िीग और कमत्रता िी घोर्णा िी गई थी। 9 इसकिये हमें भी इि वस्तुओों में से किसी िी घटी ि होिे पर भी शाक्तन्त दे िे िे किथे पकवत्र शाि िी पु स्तिें हमारे हाथ में हैं । 10 तौभी भाईचारा और कमत्रता बढािे िे किये तुम्हारे पास भेजिे िा यत्न किया है , ऐसा ि हो कि हम तुम्हारे किये परदे शी हो जाएों ; क्ोोंकि जब से तुम िे हमारे पास भेजा है , बहुत कदि बीत गए। 11 इसकिए हम हर समय कबिा बोंद किए, दोिोों अपिे दावतोों और अन्य सुकवधाजिि कदिोों में , आपिो उि बकिदािोों में याद िरते हैं जो हम प्रदाि िरते हैं, और हमारी प्राथषिाओों में, जै सा कि िारण है , और जै सा कि यह हमें अपिे भाइयोों पर सोचिे िे किए becreate है : 12 और हम तेरे आदर से प्रसन्न हैं । 142
38 और शमौि िे अदीदा िो सेपेिा में बसाया, और उसे िाटिोोंऔर बेडोोंसे दृढ किया। 39 अब कत्रिॉि िे आकसया िा राज्य प्राप्त िरिे, और राजा अन्ताकिया िो घात िरिे िी ठािी, कि वह राजमु िुट अपिे कसर पर रखे। 40 तौभी उसे डर था, कि िही ों योिाताि उसे रोि ि िे, और उस से िडे ; इसकिथे उस िे उपाय ढू ों ढा, कि योिाताि िो किस प्रिार पिड िे, कि उसे मार डािे। इसकिये वह वहाों से चिा गया, और बेथसि में आया। 41 तब योिाताि युद्ध िे किये चु िे हुए चािीस हजार पु रूर्ोोंिो सोंग िेिर उसिा साम्हिा िरिे िो किििा, और बेतसाि िो आया। 42 जब कत्रिॉि िे दे खा कि योिाताि इतिी बडी शक्ति िे साथ आया है , तब उसे उस पर हाथ बढािे िा साहस ि हुआ; 43 और उसिा आदर िे साथ स्वागत किया, और उसिे सब कमत्रोोंिे साम्हिे उसिी प्रशोंसा िी, और उसे भेंट दी, और अपिे योद्धाओोंिो आज्ञा दी, कि वे भी अपिे समाि उसिे आधीि रहें । 44 उस िे योिाताि से यह भी िहा, कि तू िे इि सब िोगोोंिो क्ोों इतिा बडा सोंिट कदया है , कि हम दोिोोंिे बीच युद्ध ि होगा? 45 इसकिये अब उििो घर भेज, और अपिे किथे िुछ पु रूर् छाोंटिर मे रे सोंग पतोिेमाइस िो चि, क्ोोंकि मैं उसे और बचे हुए गढोोंऔर सेिाओोंऔर कजतिे जिोोंिो अकधिार होगा, वह सब तुझे दे दू ों गा। जहाों ति मे री बात है , मैं िौटिर चिा जाऊोंगा; क्ोोंकि मे रे आिे िा िारण यही है । 46 तब योिाताि िे उस पर कवश्वास िरिे उस िी आज्ञा िे अिुसार किया, और अपिी सेिा िो जो यहूकदया दे श में चिी गई, कवदा िर कदया। 47 और उस िे तीि हजार पु रूर् अपिे पास रख किये, और उि में से दो हजार िो उस िे गिीि में भेज कदया, और एि हजार उसिे साय हो गया। 48 और ज्योोंही योिाताि पतोिेमाइस में आया, त्योोंही पतोिेमाइकसयोोंिे िाटि बन्द िरिे उसे पिड किया, और कजतिे उसिे सोंग आए थे उि सभोों िो तिवार से मार डािा। 49 तब कत्रिॉि िे योिाताि िी सारी मण्डिी िो िाश िरिे िे किये गिीि और बडे मै दाि में प्यादोों और सवारोों िी एि सेिा भेजी। 50 परन्तु जब उन्हें मािूम हुआ, कि योिाताि और उसिे सोंग िे िोग पिडे गए, और मार डािे गए, तो एि दू सरे िो ढाढस बोंधाया; और िडिे िो तैयार होिर एि दू सरे िे कििट गए। 51 इसकिथे जो उििे पीछे चिे थे, वे यह जाििर कि वे अपिे प्राण िे किथे िडिे िो तैयार हैं , किर िौट गए। 52 तब वे सब यहूकदया दे श में मे ि से आए, और वहाों योिाताि और उसिे साकथयोोंिे किथे कविाप िरिे िगे, और बहुत डर गए; इस िारण सारे इस्राएि िे बडा कविाप किया। 53 तब आस-पास िी सब अन्यजाकतयोों िे उििो िाश िरिा चाहा; क्ोोंकि उन्होोंिे िहा, कि उििा ि िोई सरदार, और ि िोई सहाथता िरिेवािा; इसकिये अब हम उि से िडें , और मिुष्योोंिे बीच में से उििा स्मरण छीि िें।
6 किुःसोंदेह मैं अपिी जाकत, और पकवत्रस्थाि, और हमारी क्तियोों, और हमारे िडिेबािोोंिा बदिा िूोंगा; क्ोोंकि सब अन्यजाकतयाों हमें बडे द्वे र् से िाश िरिे िे किये इिट्ठी हुई हैं । 7 ये बातें सुिते ही िोगोों में जाि आ गई। 8 और उन्होोंिे ऊोंचे शब्द से उत्तर कदया, यहूदा और अपिे भाई योिाताि िी सन्ती तू हमारा प्रधाि ठहरे गा। 9 तू हमारी िडाई िड, और जो िुछ तू हमें आज्ञा दे वही हम िरें गे। 10 तब उस िे सब योद्धाओोंिो इिट्ठा किया, और यरूशिेम िी शहरपिाह िो पू रा िरिे िो िुती िी, और उसिे चारोों ओर दृढ किया। 11 किर उस िे अबसोिोम िे पु त्र योिाताि िो, और उसिे साय एि बडे पु रूर् िो यािा में भेजा; और उस िे वहाों िे िोगोोंिो कििाि कदया, और वे वही ोंरह गए। 12 इसकिये कत्रिॉि बडी शक्ति िे साथ यहूकदया दे श पर आक्रमण िरिे िे किये टॉिेमास िे पास से चिा गया, और योिाताि उसिे सोंग था। 13 परन्तु शमौि िे अदीदा में अराबा िे साम्हिे अपिे तम्बू खडे किए। 14 जब कत्रिॉि िो मािूम हुआ, कि शमौि अपिे भाई योिाताि िी सन्ती उठ खडा हुआ है, और उस से युद्ध िरिा चाहता है , तब उस िे उसिे पास दू तोोंिो यह िहिा भेजा, 15 और तेरे भाई योिाताि िो हम िे पिड रखा है , यह तो राजा िे भण्डार िा वह धि है जो उसिो सौोंपा गया है । 16 इसकिये अब सौ किक्कार चान्दी, और उसिे दो पु त्रोोंिो बन्धि िे किथे भेज दो, कि जब वह स्वतोंत्र हो जाए, तो हम से बिवा ि िरे , और हम उसे जािे दें । 17 तब शमौि िे जाि किया, कि उन्होोंिे मु झ से छि िी बातें िी ों, तौभी उस िे रूपया और िडिे भेज कदए, कि िही ों ऐसा ि हो कि िोगोोंिे िारण वह बडा बैर िरे । 18 िौि िह सिता था, कि मैं िे रूपया और िडिेबािोोंिो उसिे पास ि भेजा, इस िारण योिाताि मर गया। 19 इसकिथे उस िे बाििोोंऔर सौ किक्कारोोंिो उििे पास भेज कदया; तौभी कत्रिौि िे ि घबराया, और ि योिाताि िो जािे कदया। 20 और इसिे बाद कत्रिॉि दे श पर आक्रमण िरिे, और उसे िष्ट िरिे िो आया, और अडोरा िी ओर जािे वािे मागष से घूमता रहा; परन्तु शमौि और उसिी सेिा िे जहाों जहाों वह जाता था वहाों उस पर चढाई िी। 21 और जो गुम्मट में थे , उन्होोंिे टर ाइिॉि िे पास दू त भेजे, कि वह जों गि िे मागष से उििे पास शीघ्र आिर उििे किये भोजिवस्तु भेजे। 22 इस िारण कत्रिॉि िे उस रात अपिे सब सवारोोंिो आिे िे किथे तैयार किया, परन्तु बहुत भारी कहमपात हुआ, कजस िारण वह ि आया। इसकिये वह चिा गया, और गिाद दे श में आया। 23 और जब वह बस्कामा िे कििट पहुों चा, तब उस िे योिाताि िो घात किया, और उसे वही ों कमट्टी दी गई। 24 इसिे बाद टर ाइिॉि िौट आया और अपिे दे श में चिा गया। 25 तब शमौि िे भेजा, और अपिे भाई योिाताि िी हकियाों िे जािर उसिे पु रखाओों िे िगर मोदीि में कमट्टी दी। 26 और सारे इस्राएि िे उसिे किये बडा कविाप किया, और बहुत कदि ति उसिे किये छाती पीटते रहे । 27 शमौि िे अपिे कपता और भाइयोोंिी िब्र पर भी एि स्मारि बिवाया, और उसे दे खिे िे किथे ऊोंचा उठाया, और पीछे और आगे पत्थर गढे । 28 और उस िे अपिे कपता, अपक्की माता, और अपिे चारोों भाइयोोंिे किथे एि दू सरे िे साम्हिे सात कपराकमड बिवाए। 29 और इि में उस िे चतुर युक्तियाों बिाईों, और उििे चारोों ओर उस िे बडे बडे खम्भे खडे किए, और उि खम्भोों पर उस िे उििे सब िवच सदा िी स्मृ कत िे किथे बिाए, और उि िवचोोंिे द्वारा जहाज भी खुदवाए, कि वे समु द्र में चििेवािे सब िोगोोंपर कदखाई दें । . 30 यह वह िब्र है जो उस िे मोदीि में बिवाई, और वह आज ति खडी है । 31 अब कत्रिॉि िे जवाि राजा अन्ताकियास िे साथ कवश्वासघात किया, और उसे मार डािा।
अध्याय 13 1 जब शमौि िे सुिा, कि कत्रिॉि िे यहूकदया दे श पर चढाई िरिे, और उसे िाश िरिे िे किये एि बडी सेिा इिट्ठी िी है , 2 और यह दे खिर कि िोग बडे थरथरा रहे हैं, और थरथरा रहे हैं , तब उस िे यरूशिेम िो जािर िोगोों िो इिट्ठा किया, 3 और उििो यह उपदे श कदया, कि तुम आप जािते हो, कि मैं िे और मे रे भाइयोों िे, और मे रे कपता िे घरािे िे व्यवस्था और पकवत्रस्थाि िे किये िैसे बडे बडे िाम किए हैं, और िडाईयाों और उपद्रव भी जो हम िे दे खे हैं । 4 इस िारण मे रे सब भाई इस्राएि िे िारण घात किए गए, और मैं अिेिा रह गया हूों । 5 इसकिये अब यह मु झ से दू र रहे , कि मैं सोंिट िे समय अपिे प्राण िो बचा रखू;ों क्ोोंकि मैं अपिे भाइयोों से अच्छा िही ों हूों ।
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32 और वह उसिे स्थाि पर राज्य िरिे िगा, और अपिे आप िो आकसया िा राजा घोकर्त किया, और दे श पर बडी कवपकत्त डाि दी। 33 तब शमौि िे यहूकदया में गढ बिवाए, और उििे चारोोंओर ऊोंचे गुम्मटोों, और बडी शहरपिाहोों, और िाटिोों, और बेडोोंसे बाड िगाई, और उि में भोजिवस्तु िी व्यवस्था िी। 34 किर शमौि िे पु रूर् चु ििर दे मेकत्रयुस िो राजा िे पास भेज कदया, कि वह दे श िो िुछ छूट दे दे , क्ोोंकि कत्रिॉि िे जो िुछ किया वह सब िूट ही िरिा था। 35 कजस िा उत्तर राजा दे मेकत्रयुस िे इस प्रिार कदया; 36 राजा दे मेकत्रयुस िे शमौि महायाजि और राजाओों िे कमत्र िो, और पु रकियोोंऔर यहूकदयोोंिी जाकत िो िमस्कार भेजा। 37 जो सोिे िा मु िुट और िाि रों ग िा बागा तुम िे हमारे पास भेजा था, वह हमें कमि गया है ; और हम तुम्हारे साथ दृढ मे ि िरिे िो तैयार हैं , हाों, और अपिे अकधिाररयोों िो किखिे िे किए तैयार हैं , कि वे उि छूटोों िी पु कष्ट िरें जो हमिे दी हैं । 38 और जो जो वाचा हम िे तुम्हारे साय बान्धी है वे क्तस् थर रहें गी; और जो गढ तुम िे बिाए हैं वे तुम्हारे ही ठहरें गे। 39 और आज िे कदि ति जो िोई भूि वा दोर् हुआ हो, उसे हम क्षमा िरते हैं, और वह राजिर भी, जो तुम पर हम से बिाया है, क्षमा िरते हैं ; और यकद यरूशिेम में और िोई िर कदया हो, तो वह किर ि चु िाया जाएगा। 40 और दे ख, तुम में से िौि हमारे दरबार में आिे िे किये योग्य हैं , तो वह अपिा िाम किख िे, और हमारे बीच में मे ि हो। 41 इस प्रिार एि सौ सत्तरवें वर्ष में अन्यजाकतयोों िा जू आ इस्राएि से दू र किया गया। 42 तब इजराइि िे िोग अपिे उपिरणोों और अिुबोंधोों में किखिा शुरू िर कदया, साइमि िे पहिे वर्ष में , यहूकदयोों िे गविषर और िेता। 43 उन्ही ों कदिोों में शमौि िे गाजा िे कवरूद्ध डे रा िरिे उसे चारोों ओर से घेर किया; उस िे युद्ध िा एि इों जि भी बिाया, और उसे िगर िे पास खडा किया, और एि बुजष िो तोड डािा, और उसे िे किया। 44 और जो इों जि में थे वे िगर में िूद पडे; इस पर िगर में बडा हों गामा मच गया: 45 यहाों ति कि िगर िे िोग अपिे िपडे िाडिर, अपिी क्तियोों और बच्ोों समे त शहरपिाह पर चढ गए, और ऊोंचे शब्द से कचल्लािर शमौि से कबिती िरिे िगे, कि हमें शाक्तन्त दे । 46 और उन्होोंिे िहा, हमारी बुराई िे अिुसार िही ों परन्तु अपिी िरूणा िे अिुसार हम से व्यवहार िरो। 47 तब शमौि उि से प्रसन्न हुआ, और किर उि से ि िडा, परन्तु उन्हें िगर से बाहर कििाि कदया, और कजि घरोों में मू रतें थी ों उििो शुद्ध किया, और गीत गाते और धन्यवाद िरते हुए उस में प्रवे श किया। 48 और उस िे उस में से सब अशुद्धता दू र िी, और वहाों ऐसे मिुष्योों िो रखा जो व्यवस्था िा पािि िरते थे, और उसे पकहिे से अकधि दृढ किया, और उस में अपिे किये किवास बिाया। 49 और यरूशिेम िे गुम्मट पर भी ऐसी िकठिाइयाों डािी गईों, कि वे ि तो कििि सिते थे, ि दे श में जा सिते थे, ि खरीद सिते थे, ि बेच सिते थे; इस िारण वे भोजि िी घटी िे िारण बडे सोंिट में पडे , और बहुत से िोग िाश हो गए। अिाि िे माध्यम से. 50 तब उन्होोंिे शमौि िी दोहाई दी, और उस से कबिती िी, कि वह हमारे साथ एि हो जाए: जो िुछ उस िे उि िो कदया; और जब उस िे उििो वहाों से कििाि कदया, तब उस िे गुम्मट िो अशुद्धता से शुद्ध किया; 51 और एि सौ इिहत्तरवें वर्ष िे दू सरे महीिे िे तीसरे बीसवें कदि िो धन्यवाद और खजू र िे पे ड िी डाकियाों , वीणा, झाोंझ, सारों गी, भजि, और गीत गाते हुए उस में प्रवे श किया गया; इस्राएि से एि महाि् शत्रु िष्ट हो गया। 52 उस िे यह भी ठहराया, कि वह कदि प्रकत वर्ष आिन्द िे साथ मिाया जाए। और मक्तन्दर िी जो पहाडी गुम्मट िे पास थी, उस िो उस िे उससे भी अकधि दृढ किया, और अपक्की मण्डिी समे त वहाों रहिे िगा।
53 और जब शमौि िे दे खा, कि मे रा पु त्र यूहन्ना वीर है, तो उस िे उसे सारी सेिाओोंपर प्रधाि ठहराया; और वह गजे रा में रहिे िगा। अध्याय 14 1 अब एि सौ साठ बारहवें वर्ष में राजा दे मेकत्रयुस िे अपिी सेिा इिट्ठी िी, और टर ाईिोि िे कवरुद्ध िडिे में सहायता पािे िे किये माकदया में गया। 2 परन्तु जब िारस और मादी िे राजा असषिेश िे सुिा, कि दे मेकत्रयुस उसिी सीमा में घुस आया है, तो उस िे अपिे हाकिमोों में से एि िो उसे जीकवत पिड िेिे िे किये भेजा। 3 और उस िे जािर दे मेकत्रयुस िी सेिा िो मार किया, और उसे पिडिर असाषसेस में िे आया, और उसिे पहरे में डाि कदया। 4 यहूकदया िा दे श शमौि िे जीवि भर शान्त रहा; क्ोोंकि उसिे अपिे राष्टर िी भिाई इतिी बुक्तद्धमािी से िी, कि उसिे अकधिार और सम्माि से वे सदै व प्रसन्न रहें । 5 और जै सा कि वह अपिे सभी िृत्योों में सम्मािजिि था, इसकिए इसमें , कि वह जोप िो एि आश्रय िे किए िे गया, और समु द्र िे द्वीपोों िे किए एि प्रवे श द्वार बिाया, 6 और अपिी जाकत िी सीमा बढाई, और दे श पर अकधिार िर किया, 7 और बहुत से बन्धुओोंिो इिट्ठा किया, और गजे रा, और बेतसूरा, और गुम्मट पर अकधिार िर किया, और वहाों से उस िे सब अशुद्ध वस्तुएों कििाि िी ों, और िोई उसिा कवरोध िरिेवािा ि या। 8 तब उन्होोंिे अपिी भूकम पर शाक्तन्त से खेती िी, और पृ य्वी िे अपिी उपज बढाई, और मै दाि िे वृ झोों िे अपिे िि उपजाए। 9 और सब प्राचीि िोग सडिोों पर बैठ िर अच्छी बातें िरते थे, और जवाि मकहमामय और योद्धा िे समाि वि पहिते थे। 10 उस िे िगरोोंिे किथे भोजि िी व्यवस्था िी, और उि में सब प्रिारिी साज-सिा दी, यहाों ति कि उसिा सम्माििीय िाम जगत िे अों त ति प्रकसद्ध होता रहा। 11 उस िे दे श में मे ि िराया, और इस्राएि बडे आिन्द से मगि हुआ; 12 क्ोोंकि एि एि पु रूर् अपिी अपिी दाखिता और अों जीर िे वृ क्ष तिे बैठा िरता था, और िोई उन्हें तोडिे वािा ि या। 13 और उस दे श में उि से िडिे िो िोई ि रहा; वरि उि कदिोोंमें राजा भी परास्त हो गए। 14 और उस िे अपक्की प्रजा िे सब िोगोोंिो जो दब गए थे, दृढ किया; और उस िे व्यवस्था िी खोज िी; और उस िे व्यवस्था िे सब अपमाि िरिेवािोोंऔर दु ष्टोोंिो दू र िर कदया। 15 उस िे पकवत्रस्थाि िो सुन्दर बिाया, और मक्तन्दर में पात्र बहुत बढाए। 16 जब रोम और स्पाटाष में भी यह सुिा गया, कि योिाताि मर गया, तो वे बहुत उदास हुए। 17 परन्तु जब उन्होोंिे सुिा, कि उसिा भाई शमौि उसिे स्थाि पर महायाजि हो गया, और दे श और उसिे िगरोोंपर प्रभुता िरिे िगा, 18 और जो कमत्रता और वाचा उन्होोंिे उसिे भाई यहूदा और योिाताि से बान्धी थी उसे किर से बढािे िे किये उन्होोंिे पीति िी पकटयाओों पर उसे किखा। 19 जो िेख यरूशिेम िी मण्डिी िे साम्हिे पढे गए। 20 और यह उि पत्रोों िी प्रकत है जो िेकसडे मोकियोों िे भेजे थे; िेकसडे मोकियोों िे हाकिमोों, िगर समे त, शमौि महायाजि, और पु रकियोों, और याजिोों, और यहूकदयोों िे बचे हुए िोगोों, हमारे भाइयोों िो िमस्कार भेजें: 21 और जो राजदू त हमारी प्रजा िे पास भेजे गए थे, उन्होोंिे हम िो तेरी मकहमा और मकहमा िा समाचार कदया; इस िारण हम उििे आिे से आिक्तन्दत हुए। 22 और जो बातें उन्होोंिे िोगोों िी महासभा में िही ों, उििो इस रीकत से किख किया; एों कटओिस िा पु त्र िुमेकियस और जे सि िा पु त्र एों कटपे टर, यहूकदयोों िे राजदू त, हमारे साथ अपिी कमत्रता िो िवीिीिृत िरिे िे किए हमारे पास आए। 23 और िोगोों िो यह अच्छा िगा कि वे उि िोगोों िा सम्मािपू वषि सत्कार िरें , और उििे आक्रमण िी प्रकतकिकप िो सावष जकिि अकभिेखोों में रखें, ताकि अों त में िेकसडे मोकियि िोगोों िे पास उसिा 144
एि स्मारि हो: इसिे अिावा हमिे शमौि महायाजि िो उसिी एि प्रकत किखी है . 24 इसिे बाद शमौि िे िुमेकियुस िो हजार पौोंड सोिे िी एि बडी ढाि दे िर रोम भेजा, कि उि से सोंकध पक्की िर िे। 25 यह सुििर िोगोों िे िहा, हम शमौि और उसिे पु त्रोोंिा क्ा धन्यवाद िरें ? 26 क्ोोंकि उस िे और उसिे भाइयोोंऔर उसिे कपता िे घरािे िे इस्राएि िो दृढ किया, और उििे शत्रुओोंिो युद्ध िरिे उििे पास से भगाया, और उििो स्वतोंत्र िर किया। 27 तब उन्होोंिे इसे पीति िी मे जोोंपर किखा, जो उन्होोंिे सायि पवष त िे खम्भोोंपर खडी िी ों; और उस िेख िी ििि यह है ; एिूि महीिे िा अठारहवाँ कदि, एि सौ बारहवें वर्ष में , जो शमौि महायाजि िा तीसरा वर्ष था, 28 सारामे ि में याजिोों, और प्रजा, और दे श दे श िे हाकिमोों, और पु रकियोों िी बडी सभा में ये बातें हमें बताई गईों। 29 क्ोोंकि दे श में िई बार युद्ध होते रहे , और उि में अपिे पकवत्रस्थाि और व्यवस्था िी रक्षा िे किथे यारीब िे वों श में मत्तत्याह िा पु त्र शमौि अपिे भाइयोोंसमे त अपिे आप िो सोंिट में डािता, और शत्रुओोंिा साम्हिा िरता या उििे राष्टर िे उििे राष्टर िो महाि सम्माि कदया: 30 (इसिे बाद योिाताि अपिी जाकत िो इिट्ठा िरिे उििा महायाजि होिर अपिी प्रजा में कमिा किया गया। 31 उििे शत्रु उििे दे श पर आक्रमण िरिे िी तैयारी में थे, कि उसे िष्ट िर दें , और पकवत्रस्थाि पर हाथ डािें; 32 उस समय शमौि उठिर अपिी जाकत िी ओर से िडा, और अपिी सम्पकत्त में से बहुत धि खचष किया, और अपिी जाकत िे शूरवीरोों िो हकथयारबोंद िरिे उििो मजदू री दी, 33 और बेतसूरा समे त यहूकदया िे िगरोोंिो, जो यहूकदया िी सीमा पर बसे हुए हैं, दृढ किया, और जहाों पकहिे शत्रुओोंिे हकथयार थे; परन्तु उस िे वहाों यहूकदयोों िी एि छाविी खडी िर दी; 34 और उस िे समु द्र िे कििारे िे यािा िो, और अजोतुस िे कसवािे िे गजे रा िो, जहाों शत्रु पकहिे से रहते थे, दृढ किया; परन्तु उस िे वहाों यहूकदयोोंिो बसाया, और उििे बदिे िे किथे सब प्रिार िी वस्तुएों उि से सुसक्तित िी ों।) 35 तब िोगोोंिे शमौि िे िामोोंिे गीत गाए, और उस िे अपक्की जाकत िो किस मकहमा में पहुों चािा चाहा, इस िारण उसे अपिा हाकिम और प्रधाि याजि कियुि किया, क्ोोंकि उस िे ये सब िाम किए थे, और उस िे अपक्की जाकत िे किथे न्याय और कवश्वास रखा या। और इसिे किए उसिे अपिे िोगोों िो हर तरह से ऊोंचा उठािे िा प्रयास किया। 36 क्ोोंकि उसिे समय में उसिे हाथ में बातें सिि हुईों, यहाों ति कि अन्यजाकतयोों िो उििे दे श से कििाि कदया गया, और वे भी जो यरूशिेम में दाऊद िे िगर में थे, कजन्होोंिे अपिे किए एि गुम्मट बिा किया था, कजसमें से वे किििते और अशुद्ध होते थे पकवत्रस्थाि िे चारोों ओर, और पकवत्रस्थाि में बहुत हाकि पहुों चाई; 37 परन्तु उस िे यहूकदयोोंिो उस में बसाया। और दे श और िगर िी सुरक्षा िे किथे उसे दृढ किया, और यरूशिेम िी शहरपिाह िो खडा किया। 38 राजा दे मेकत्रयुस िे भी इि बातोों िे अिुसार उसे महायाजिपद में दृढ किया, 39 और उसे अपिे कमत्रोों में से एि बिाया, और उसिा बडा आदर सत्कार किया। 40 क्ोोंकि उस िे सुिा था, कि रोकमयोोंिे यहूकदयोोंिो अपिा कमत्र, और सोंघ और भाई िहा; और उन्होोंिे शमौि िे राजदू तोों िा आदरपू वषि सत्कार किया; 41 और यहूदी और याजि इस से प्रसन्न थे, कि जब ति िोई कवश्वासयोग्य भकवष्यद्विा ि उठे , तब ति शमौि उििा हाकिम और महायाजि बिा रहे ; 42 और वह उििा प्रधाि हो, और पकवत्रस्थाि िा अकधिारी हो, और उििो उििे िामोोंपर, और दे श पर, और िवचोोंपर, और गढोोंपर अकधिारी ठहराए, मैं िहता हूों , कि वह पकवत्रस्थाि िा अकधिारी हो। अभ्यारण्य;
43 और इस से भी अकधि, कि सब मिुष्य उसिी आज्ञा मािें, और दे श भर में सब िेख उसिे िाम से किखें, और वह बैंजिी वि पकहिे, और सोिा पकहिे। 44 और यह भी कि िोगोों या याजिोों में से किसी िो भी इि वस्तुओों में से किसी िो तोडिा, या उसिी बातोों िा खोंडि िरिा, या उसिे कबिा दे श में भीड इिट्ठा िरिा, या बैंजिी वि पहििा, या बिि पहििा उकचत ि हो। सोिा; 45 और जो िोई अन्यथा िरे , या इिमें से किसी बात िो तोडे , उसे दण्ड कदया जाए। 46 इस प्रिार सब िोगोों िो अच्छा िगा, कि शमौि से व्यवहार िरें , और जै सा िहा गया है वै सा ही िरें । 47 तब शमौि िे यह माि किया, और यहूकदयोों और याजिोों िा प्रधाि याजि, प्रधाि, अकधपकत, और उि सभोों िा बचाव िरिे से प्रसन्न हुआ। 48 तब उन्होोंिे आज्ञा दी, कि यह किखा हुआ पीति िी मे जोोंपर रखा जाए, और पकवत्रस्थाि िी पररकध िे भीतर एि सुस्प ष्ट स्थाि में खडा किया जाए; 49 और उसिी प्रकतयाों भण्डार में रखी जाएों , कि वे शमौि और उसिे पु त्रोोंिो कमि जाएों । अध्याय 15 1 किर दे मेकत्रयुस िे पु त्र अन्ताकिया िे समु द्र िे द्वीपोोंसे शमौि याजि और यहूकदयोोंिे प्रधाि और सारी प्रजा िे पास कचकट्ठयाों भेजी ों; 2 उसिी कवर्यवस्तु यह थी: राजा अन्ताकिया िा अपिी जाकत िे महायाजि और हाकिम शमौि िो और यहूकदयोों िी प्रजा िो िमस्कार। 3 क्ोोंकि िुछ दु ष्ट मिुष्योों िे हमारे पु रखाओों िा राज्य छीि किया है , और मे रा प्रयोजि उसे किर से चु िौती दे िा है , कि मैं उसे पु रािी क्तस् थकत में िौटा दू ों , और इस प्रयोजि िे किये बहुत से कवदे शी सैकििोों िो इिट्ठा किया है , और जहाज तैयार किए हैं युद्ध; 4 और मे रा इरादा उस दे श में घूमिे िा है, कि कजन्होों िे उसे िाश किया, और राज्य िे बहुत से िगरोों िो उजाड कदया है , उि से पिटा िूों। 5 इसकिये अब मैं तुम िो उि सब अन्नबकि िी पु कष्ट िरता हूों जो मु झ से पकहिे राजाओों िे तुम्हें कदए थे, और जो िुछ उििो छोड िर कदया था। 6 मैं तुझे यह भी आज्ञा दे ता हूों, कि तू अपिे दे श िे किथे अपिी मोहर से कसक्के कििािे। 7 और यरूशिेम और पकवत्रस्थाि िे कवर्य में वे स्वतोंत्र हो जाएों ; और कजतिे हकथयार तू िे बिवाए, और गढ जो तू िे बिवाए हैं, वे सब तेरे ही पास रहें । 8 और यकद राजा िा िुछ बिाया हो वा हो, तो अब से सवष दा िे किये वह क्षमा किया जाए। 9 और जब हम अपिा राज्य प्राप्त िर िेंग,े तब तेरा और तेरी जाकत िा, और तेरे मक्तन्दर िा बडे आदर से आदर िरें गे, यहाों ति कि तेरा आदर जगत भर में प्रकसद्ध होगा। 10 एि सौ चौसठवें वर्ष में अन्ताकिया अपिे पु रखाओों िे दे श में गया; उस समय सारी सेिा उसिे पास इिट्ठी हो गई, यहाों ति कि कत्रिॉि िे पास िुछ ही रह गए। 11 इसकिये वह राजा अन्ताकिया द्वारा पीछा किये जािे पर डोरा िी ओर भाग गया, जो समु द्र िे कििारे पर है । 12 क्ोोंकि उस िे दे खा, कि मु सीबतें एि ही बार में उस पर आ पडी ों, और उसिी सेिा िे उसे छोड कदया है । 13 तब अन्ताकिया िे एि िाख बीस हजार योद्धा और आठ हजार सवार िेिर डोरा िे साम्हिे डे रा डािा। 14 और जब उस िे िगर िो चारोों ओर से घेर किया, और िावोों िो समु द्र िे कििारे िे िगर िे कििट जोड किया, तब उसिे ि तो भूकम और ि समु द्र िे मागष से िगर िो घेर किया, और किसी िो बाहर या भीतर जािे ि कदया। 15 इसी समय िूमेकियुस और उसिी टोिी रोम से राजाओों और दे श दे श िे िोगोोंिे िाम कचकट्ठयाों िेिर आए; कजसमें ये बातें किखी थी ों: 16 िूकसयस, राजा टॉिेमी िे पास रोकमयोों िा िौोंसि, िमस्कार िरते हुए:
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17 यहूकदयोों िे राजदू त, हमारे कमत्र और सोंघी, पु रािी कमत्रता और िीग िो िवीिीिृत िरिे िे किए हमारे पास आए, जो शमौि महायाजि और यहूकदयोों िे िोगोों िी ओर से भेजे गए थे: 18 और वे हजार मि सोिे िी एि ढाि िे आए। 19 इसकिये हम िे अच्छा समझा, कि राजाओों और दे श दे श िे िोगोोंिो किखें, कि वे उििो िुछ हाकि ि पहुों चाएों , और ि उििे कवरूद्ध िडें , और ि उििे िगरोों वा दे शोोंिे कवरूद्ध िडें , और ि उििे कवरूद्ध अपिे शत्रुओों िी सहायता िरें । 20 और उििी ढाि िेिा हमें भी अच्छा िगा। 21 इसकिये यकद िोई दु ष्ट िोग अपिे दे श से भागिर तुम्हारे पास आए होों, तो उन्हें शमौि महायाजि िे पास सौोंप दो, कि वह उि िो उन्ही ों िी व्यवस्था िे अिुसार दण्ड दे । 22 यही बातें उस िे कदमे कत्रयुस राजा, और अत्तािुस, और अररअराथेस, और असषसेस िो भी किखी ों। 23 और सब दे शोोंिो, और सैम्पसाकमयोोंिो, और िेकसडे मोकियोोंिो, और डे िुस, और माइन्दु स, और कससयोि, और िैररया, और समोस, और पम्िूकिया, और िूकसया, और है कििारिासस, और रोडस, और अरादु स, और िोस, और साइड , और अरादु स, और गोत्यष िा, और िकिडु स, और िुप्रु स, और िुरे िे। 24 और इसिी प्रकतकिकप उन्होोंिे शमौि महायाजि िो किखी। 25 इसकिये राजा अन्ताकिया िे दू सरे कदि डोरा िे कवरूद्ध डे रा डािा, और उस पर िगातार आक्रमण िरता रहा, और इों जि बिािर टर ाइिॉि िो बन्द िर कदया, कि वह ि तो बाहर जा सिा और ि भीतर। 26 उस समय शमौि िे उसिी सहायता िे किथे दो हजार चु िे हुए पु रूर् भेजे; चाँदी भी, सोिा भी, और बहुत से िवच भी। 27 तौभी उस िे उन्हें ग्रहण ि किया, वरि उि सब वाचाओोंिो तोड कदया जो उस िे पकहिे उसिे साय बान्धी या, और उसिे किथे पराया हो गया। 28 किर उस िे अपिे कमत्रोोंमें से एि अथेिोकबयुस िो उसिे पास यह िहिे िो भेजा, कि तुम यािा और गजे रा िो रोिते हो; और जो गुम्मट यरूशिेम में है , वह मे रे राज्य िे िगर हैं । 29 तुम िे उसिा कसवािा उजाड कदया, और दे श में बडी हाकि िी, और मे रे राज्य में बहुत स्थािोोंपर अकधक्कारिेी हो गए। 30 इसकिये अब जो िगर तुम िे िे किये हैं, और यहूकदया िे कसवािे िे बाहर कजि स्यािोों पर तुम िे अकधिार िर किया है , उििा िर भी सौोंप दो। 31 या उििे बदिे मु झे पाोंच सौ किक्कार चान्दी दे ; और जो हाकि तुम िे िी है , और िगरोोंिे िर िे किथे और पाोंच सौ किक्कार, यकद िही ों तो हम आिर तुम से िडें गे। 32 सो राजा िा कमत्र एथेिोकबयुस यरूशिेम िो आया; और जब उस िे शमौि िा कवभव, और सोिे और चान्दी िे बतषि िी अिमारी, और उसिी बडी उपक्तस् थकत दे खी, तो वह चकित हुआ, और उस से राजा िा सन्दे श िहा। 33 तब शमौि िे उत्तर दे िर उस से िहा, हम िे ि तो पराए दे श पर अकधिार किया है , और ि उस पर अकधिार किया है , जो दू सरोों िा है , परन्तु अपिे पु रखाओों िा किज भाग है, कजसे हमारे शत्रुओों िे िुछ समय िे किये अन्याय से अकधिार में िर किया है । 34 इसकिये अवसर पािर हम अपिे पु रखाओों िी किज भूकम पर अकधिार रखते हैं । 35 और तू यािा और गजे रा िो माोंगता है , यद्यकप उन्होोंिे हमारे दे श में िोगोों िो बडी हाकि पहुों चाई है, तौभी हम उििे बदिे तुझे सौ किक्कार दें गे। यहाँ एथेिोकबयस िे उसे एि शब्द भी उत्तर िही ों कदया; 36 परन्तु वह क्रोकधत होिर राजा िे पास िौटा, और उस से इि बातोों िा, और शमौि िी मकहमा िा, और जो िुछ उस िे दे खा था उसिा वणष ि किया; इस पर राजा बहुत क्रोकधत हुआ। 37 इस बीच टर ाइिॉि जहाज से ओथोकसयास िी ओर भाग गया। 38 तब राजा िे िेक्तन्दयुस िो समु द्रतट िा प्रधाि कियुि किया, और उसे प्यादोों और सवारोों िी एि सेिा दी, 39 और उसे आज्ञा दी, कि अपक्की सेिा िो यहूकदया िी ओर हटा िे; और उस िे उसे सीडर ोि िो दृढ िरिे, और िाटिोोंिो दृढ िरिे, और
प्रजा से युद्ध िरिे िी आज्ञा दी; परन्तु जहाँ ति स्वयों राजा िी बात है , उसिे टर ाइिॉि िा पीछा किया। 40 तब िेक्तन्दयुस जमकिया िो आया, और िोगोों िो भडिािे िगा, और यहूकदया पर चढाई िरिे उि िो बन्धुवाई िरिे घात िरिे िगा। 41 और जब उस िे सेद्रौ िो दृढ किया, तब उस िे वहाों सवार और बहुत से प्यादे रख कदए, कि राजा िी आज्ञा िे अिुसार वे कििििर यहूकदया िे मागष में बढें । अध्याय 16 1 तब यूहन्ना िे गजे रा से आिर अपिे कपता शमौि िो िेन्दे कबयास िा सब िुछ बता कदया। 2 इसकिये शमौि िे अपिे दोिोों बडे पु त्रोोंयहूदा और यूहन्ना िो बुिािर उि से िहा, मैं , और मे रे भाई, और मे रे कपता िा घरािा बचपि से िेिर आज ति इस्राएि िे शत्रुओों से िडता आया हूों; और चीजें हमारे हाथोों में इतिी अच्छी तरह से समृ द्ध हुई हैं, कि हमिे इस्राएि िो िई बार बचाया है । 3 परन्तु अब मैं बूढा हो गया हूों, और परमे श्व र िी दया से तुम भी िािी उम्र िे हो गए हो: तुम मे रे और मे रे भाई िे स्थाि पर बि जाओ, और जािर हमारी जाकत िे किये िडो, और स्वगष से सहायता तुम्हारे साथ रहे गी। 4 इसकिये उस िे दे श में से बीस हजार योद्धा और घुडसवार चु ि किए, जो सेन्देकबयास िे साम्हिे किििे, और उस रात मोदीि में कवश्राम किया। 5 और कबहाि िो जब वे उठिर मै दाि में गए, तो क्ा दे खा, कि प्यादोोंऔर सवारोोंिी एि बडी सेिा उि पर चढाई िर रही है ; और उििे बीच में एि जि िा िािा या। 6 तब उस िे अपक्की प्रजा समे त उििे साम्हिे पडाव डािा; और जब उस िे दे खा, कि िोग िािे िे पार जािे से डरते हैं , तो पकहिे आप ही पार हो गया, और जो पु रूर् उसे दे खते थे वे उसिे पीछे हो किए। 7 ऐसा किया, उस िे अपिे जिोोंिो बाोंट किया, और प्यादोोंिे बीच में सवार खडे िर कदए; क्ोोंकि शत्रुओोंिे सवार तो बहुत से थे। 8 तब उन्होोंिे पकवत्र तुरकहयाों बजाईों; तब सेन्डेकबयास और उसिी सेिा भाग गई, यहाों ति कि उिमें से बहुत से िोग मारे गए, और जो बचे थे वे गढ में पहुों च गए। 9 उस समय यूहन्ना िा भाई यहूदा घायि हो गया; परन्तु यूहन्ना किर भी उििा पीछा िरता रहा, जब ति कि वह सेडरोि ति िही ों पहुों च गया, कजसे सेंडेकबयस िे बिवाया था। 10 इसकिये वे अजोतुस िे मै दाि में गुम्मटोों ति भाग गए; इस िारण उस िे उसे आग में जिा कदया, यहाों ति कि उि में से िोई दो हजार पु रूर् मारे गए। इसिे बाद वह शाोंकत से यहूकदया दे श में िौट आया। 11 किर यरीहो िे अराबा में अबूबस िे पु त्र पतोिेमुस िो प्रधाि बिाया गया, और उसिे पास बहुत सोिा चान्दी हो गया। 12 क्ोोंकि वह महायाजि िा दामाद था। 13 इस िारण उसिा मि िूि गया, और उस िे दे श िो अपिे वश में िरिे िी ठािी, और शमौि और उसिे पु त्रोोंिो िाश िरिे िी युक्ति िी। 14 और शमौि उस दे श िे सब िगरोोंिा दौरा िरता, और उििी अच्छी व्यवस्था िा ध्याि रखता या; उस समय वह अपिे पु त्रोों मत्तत्याह और यहूदा िे साथ यरीहो में आया, एि सौ सत्रहवें वर्ष में, सबात िामि ग्यारहवें महीिे में : 15 जहाों अबूबस िे पु त्र िे उििो छि से एि छोटे से गढ में , जो उस िे बिाया या, िे जािर बडी जे विार िी; तौभी उस िे वहाों मिुष्योोंिो कछपा रखा या। 16 सो जब शमौि और उसिे बेटे बहुत पी गए, तो टॉिेमी और उसिे जिोों िे उठिर अपिे हकथयार िे किए, और जेविार िे स्थाि में शमौि पर धावा बोि कदया, और उसे, और उसिे दोिोों बेटोों, और उसिे िुछ सेविोोंिो मार डािा। 17 उस िे ऐसा िरिे बडा कवश्वासघात किया, और भिाई िा बदिा बुराई से कदया।
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18 तब टॉिेमी िे ये बातें किखिर राजा िे पास िहिा भेजा, कि वह उसिी सहायता िे किये एि सेिा भेजे, और वह दे श और िगरोोंिो उसिे हाथ में दे दे । 19 और उस िे औरोोंिो भी यूहन्ना िो घात िरिे िे किथे गजे रा में भेजा, और न्यायधीशोोंिे पास पत्र भेजा, कि वे उसिे पास आएों , कि वह उन्हें चान्दी, और सोिा, और प्रकतिि दे । 20 और उस िे औरोोंिो यरूशिेम और मक्तन्दर िे पवषत पर अकधिार िरिे िो भेजा। 21 किसी िे आगे से गाजे रा िो दौडिर यूहन्ना से िहा, कि मे रे कपता और भाई मारे गए, और उस िे िहा, टॉिेमी िे तुझे भी मार डाििे िो भेजा है । 22 यह सुििर वह अत्यन्त चकित हुआ, और जो उसे िाश िरिे िो आए थे उि पर हाथ रखिर उििो घात किया; क्ोोंकि वह जािता था कि वे उसे दू र िरिा चाहते हैं । 23 यूहन्ना िे और िाम, और उसिी िडाइयाों , और जो अच्छे िाम उस िे किए, और जो शहरपिाह उस िे बिाई, और उसिे िाम, 24 दे खो, ये उसिे पौरोकहत्य िे इकतहास में किखे गए हैं, जब से वह अपिे कपता िे बाद महायाजि बिाया गया था ।
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अध्य 1
21 तब उस ने उनको आजा ूद, ूक उसे खदच ं कर शाञ; और जब बूश चढाए गए, तब नदूेयाह ने याजकों को आजा ूद, ूक शकडद और उस पर रखद हई वसु ञं पर जश ूछडकेे 22 जब ऐसा हआ, और सू यथ जो पूहशे बाूश ेे ूछपा या, चेका, तब ऐसद बडद आग भडक उठद ूक सब शोग अचमा करने शगे े 23 और ेै कहता हं , याजकोंने और सब बाूकयोंने, अयाथ तत योनातान ने आरम करके, और सब बाूकयोंने, याजकोंने पारथना कद, और अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके ूशरे पारथना कदे 24 और पारथना इस रदूत से हई; हे भगवान, भगवान भगवान, सभद चदजों के ूनेाथ ता, जो भयभदत और ेजबू त, और धे्, और ूयाशु , और एकेा् और ूयाशु राजा है , 25 तू सब वसु ञं का एक ेा् ूाता, एक ेा् धे्, सवथ ूनकेान, और युग युग का है , तू हद इसाएश को सब सं कटों से छु डाता है , और पूवथजों को चुनकर उने पूव् करता है े 26 अपनद सारद पजा इसाएश के ूशये बूशूान शे शो, और अपना भाग बचाकर पूव् करोे 27 जो शोग हेारे बदच से ूततर-ूबतर हो गए है , उने इकटा करो, और जो अनजाूतयों के बदच ेे से वा करते हो, उनको छु डाञ, जो तुच और घृूमत है , उन पर दूष करो, और अनजाूत जान शे, ूक तू हेारा परेे शर है े 28 जो हे पर अने र करते, और अूभेान करके हे पर अनाय करते है , उनको ूण ूोे 29 ेू सा के कहने के अनुसार अपकद पजा को अपके पूव् सान ेे ूफर बसाञे 30 और याजकोंने धनवाू के भजन गाएे 31 जब बूशूान पूरा हो गया, तब नदूेयाह ने जो जश बचा रा उसे बडे पतरों पर डाशने कद आजा ूदे 32 जब यह ूकया गया, तो शौ जश उठद: पर्ु वे ूद से चेकनेवाशद जोूत से वह भस हो गईे 33 और जब यह बात ेाशू े हई, तो फारस के राजा को यह सेाचार ूेशा, ूक ूजस सान ेे याजकोंने आग ूछपा रखद या, वहां जश ूूखाई ूे ता है , और नदूेयाह ने उस से यजोंको पूव् ूकया है े 34 तब राजा ने ेु कदेा पूरा करने के बाू उस सान को पूव् ूकयाे 35 और राजा ने बहत सद भेटे शदं, और ूजनको वह पसर करना चाहता रा उनको ूूयाे 36 और नदूेयास ने इस वसु को नेफरर कहा, जो कहने के ूशए ूुनदकरम के सेान है : पर्ु बहत से शोग इसे नेफद कहते है े
1 हे भाई, जो यहूद यरूशे े ेे और यहूूया ूे ू ेे रहते है , वे अपने भाइयों अराथ तत ूेस भर के यहूूयों के ूशये साव और ूान् कद काेना करते है : 2 परेे शर तुे पर अनुगह करे , और जो वाचा उस ने अपने ूवशासयोय से वक इबाहदे, इसहाक, और याकूब के सार बानद रद उसे सरम कर; 3 और तुे सब को ऐसा ेन ूो ूक तुे अचे साहस और पसर ेन से उसकद से वा करो, और उसकद इचा पूरद करो; 4 और अपने ेन को उसकद ववया और आजाञं के ूशये खोशो, और तुमे ूान् भेजो, 5 और तेरद पारथना सु ने, और तुझ से ेे श रखे , और सं कट के सेय तुझे न छोडे े 6 और अब हे यहां आपके ूशए पारथना कर रहे है े 7 ूजस सेय ूे ेेू्युस राज कर रहा रा, अराथ त एक सौ साठ नौवे वरथ ेे , हे यहूूयों ने तुे को उस सेय के ूवरय ेे जो उन वर् ेे हे पर भारद सं कट के सेय से शे कर यासोन और उसकद ेणशद ने पूव् ूे ू और राज से बशवा ूकया रा, ूशखाे 8 और ञसारे को फूंक ूूया, और ूनू्र का शोह बहाया; तब हे ने यहोवा से पारथना कद, और हेारद सु नद गई; हे ने बूशूान और ेै ूा भद चढाया, और ूदपक जशाकर रोूटयां परोसदंे 9 और अब ूे खो, ेहशू ेहदने ेे तमु ञक ं ा परथ ेाननाे 10 एक सौ असद आठवे वरथ ेे यरूशे े और यहूूया कद पजा, और ेहासभा, और यहूा ने राजा टॉशे ेदस के साेद अररसोबु शस को, जो अूभूरक याजकों के ूश ेे से या, नेसार और कुूश भेजाे वे यहूद जो ूेस ेे रे: 11 कोंूक परेे शर ने हेे बडे सं कटों से बचाया है , हे उसका बहत धनवाू करते है , ेानो हे ूकसद राजा से युद कर रहे होंे 12 कोंूक उस ने पूव् नगर ेे शडनेवाशोंको ूनकाश ूूयाे 13 कोंूक जब सरूार फारस ेे आया, और उसके साय जो अजे य से ना रद, वे नानेया के याजकोंके छश से नानेया के ेन्र ेे घात ूकए गएे 14 कोंूक अन्योख, ेानो उस से बाह करना चाहता या, और अपने ूे्ों सेे त ेहे ज के ूशरे रपया शे ने को उस यान ेे आयाे 15 जब नानेया के याजक आगे बढे , और वह एक छोटद सद टोशद सेे त ेन्र कद ञर से पवे ू ूकया, तो अ्ाूकया के भदतर आते हद उनोंने ेन्र ब् कर ूूयाे 16 और छत का गु प दार खोशकर, उनोंने वज के सेान पतर फेके, और सरूार को ेारा, और उनके टु कडे टु कडे कर ूूए, और उनके ूसर काट डाशे, और जो बाहर रे उन पर फेक ूूएे 17 हेारा परेे शर सब बातों ेे धन है , ूजस ने भनकहदनोंको पकडवाया है े 18 इसूशये अब जब हेे कैसशे ऊ ेहदने के पचदसवे ूून को ेन्र का ूुनदकरम करने का ूनशय हआ, तो हे ने यह आवशक सेझा ूक हे तुमे इसके ूवरय ेे पेाूमत करे , ूक तुे भद इसे तमू के परथ के सेान ेान सको, और आग, जो हेे तब ूद गई रद जब नदूेयास ने बूशूान ूूया रा, उसके बाू उसने ें ूूर और वे ूद का ूनेाथ म ूकया राे 19 कोंूक जब हेारे पुरखा फारस ेे पहं चाए गए, तब जो याजक उस सेय के भक रे, उनोंने वे ूद कद आग को गु प रप से शे ूशया, और उसे ूबना जश के गडहे कद खोखशद जगह ेे ूछपा ूूया, और उसे ऐसे रखा ूक वह यान ूकसद को पता न चशे े सारे पुररे 20 बहत वर् के बाू जब परेे शर ने चाहा, तब फारस के राजा कद ञर से भेजे हए नदूेयाह ने उन याजकों के वं ू को भेजा, ूजनोंने उसे आग के पास ूछपा रखा रा; पर्ु जब उनोंने हे से कहा, तो उने आग नहदं, पर्ु गाढा पानद ूेशाे ;
अध्य दो 1 अूभशे खों ेे यह भद पाया जाता है , ूक यरे ेद भूवषदका ने उन को जो शे जाए गए रे, आग से उठाने कद आजा ूद, जै सा ूक बताया गया है : 2 और भूवषदका ने उने ववया ूे कर ूचताया, ूक यहोवा कद आजाएं न भूशना, और जब वे सोने चां ूद और आभूरमों कद ेू रते ूे खे, तो अपने ेन से भूश न करनाे 3 और ऐसद हद और बाते कहकर उस ने उनको सेझाया, ूक ववया उनके ेन से न उतरे े 4 उसद शे ख ेे यह भद ूशखा है , ूक भूवषदका ने परेे शर से ूचतौनद पाकर तमू और सनूू क को अपने सार चशने कद आजा ूद, जब वह उस पहाड पर गया, जहां ेू सा ने चढकर परेे शर का धरोहर ूे खाे 5 और जब ूयेथ याह वहां आया, तो उसे एक खोखशद गु फा ूेशद, ूजस ेे उस ने ूनवास, और सनूू क, और धू प कद वे ूद रखद, और दार ब् कर ूूयाे 149
6 और जो उसके पदछे हो रहे रे उन ेे से कुछ ेागथ ूचननत करने को आए, पर्ु न पा सकेे 7 ूजसे ूयेथ याह ने जान ूशया, और उन पर ूोर शगाकर कहा, वह यान उस सेय तक अजात रहे गा, जब तक परेे शर अपकद पजा को ूफर इकटा करके उन पर ूया न करे े 8 तब यहोवा उने ये बाते ूूखाएगा, और यहोवा का तेज पकट होगा, और बाूश भद, जै सा ेू सा के सेय पगट हआ रा, और जै सा सु शैेान ने चाहा रा, ूक वह यान पूव् ूकया जाएे 9 यह भद घोूरत ूकया गया, ूक उस ने बु नदेान होकर सेपथम का बूशूान चढाया, और ेन्र के तैयार होने का बूशूान ूूयाे 10 और जब ेू सा ने यहोवा से पारथना कद, तब आग सगथ से उतरद, और बूशूानों को भस कर ूूया; वै से हद सु शैेान ने भद पारथना कद, और आग सगथ से उतरद, और होेबूशयों को भस कर ूूयाे 11 और ेू सा ने कहा, पापबूश खाया न गया, इस कारम वह भस हो गयाे 12 इसूशये सु शैेान ने वे आठ ूून ेानेे 13 यहद बाते नदूेयास के शे खों और ूटपूमयों ेे भद वूमथत है ; और कैसे उसने एक पुसकाशय कद यापना कद ूजसेे राजाञं, और भूवषवकाञं, और ूाऊू के काय्, और पूव् उपहारों के ूवरय ेे राजाञं के प्ों को एकू्त ूकया गयाे 14 इसद रदूत से यहूा ने भद युद के कारम हेारद जो कुछ हाून हई रद, वह सब इकटा कर ूशया, और वह हेारे पास बनद रहदे 15 इसूशये यूू तुमे उसकद आवशकता हो, तो कुछ भेज कर अपने पास शे आञे 16 इसूशये ूक हे ूुनद का उतव ेनाने पर है , इसूशये हे ने तुमे ूशखा है , ूक यूू तुे उनद ं ूूनोंेे रहो, तो अचा करोगे े 17 हे यह भद आूा करते है , ूक परेे शर, ूजस ने अपनद सारद पजा का उदार ूकया, और उनको ूनज भाग, और राज, और याजकपू, और पूव्यान ूूया, 18 जै सा उस ने ववया ेे कहा या, वह ूदघ हे पर ूया करे गा, और हे को आकाू के नदचे के सारे ूे ू से पूव् सान ेे इकटा करे गा; कोंूक उस ने हे को बडे सं कटों से छु डाया, और सान को ूुद ूकया है े 19 अब यहूा ेकाबद और उसके भाइयों के ूवरय ेे , और बडे ेन्र के ूुद होने, और वे ूद के पूततापन के ूवरय ेे , 20 और अ्ाूकया एूपफेन और उसके पु् यूपाटोर से शडाइयां हईं, 21 और जो यहूद धेथ कद शाज रखने के ूशरे पौरर का काे करते रे उन पर सगथ से पगट ूचन आए, यहां तक ूक रोडे से होकर उनोंने सारे ूे ू पर अूधकार कर ूशया, और जं गशद शोगों का पदछा ूकयाे 22 और वह ेन्र जो सारे जगत ेे पूसद है , उसे ूफर से पाप ूकया, और नगर को सतं् ूकया, और जो ववयाएं घट रहद रद,ं उनको दढ ूकया, और यहोवा उन पर सब पकार से अनुगह करता रहा; 23 ेै कहता हं , इन सब बातों को जे सन ऑफ साइरे न ने पां च पुसकों ेे घोूरत ूकया है , हे उने एक खंड ेे सं केप ेे पसु त करे गे े 24 अन् सं खा पर ूवचार करने के कारम, और उस कूठनाई को जो वे पाते है , कहानद के वमथनों पर दूष डाशने कद इचा करते है , ूवरय कद ूवूवधता के ूशए, 25 हे ने चौकसद कद है , ूक पढनेवाशे आनन्त हों, और जो सरम रखना चाहते है उने सरशता हो, और ूजतनों के हार ेे वह आए वे शाभ पाएँ े 26 इसूशये हे शोगों के ूशये, ूजनोंने इस कषूायक पररशे को अपने ऊपर ूशया है , यह आसान नहदं रा, पर्ु पररशे करने और ूे खने का ूवरय रा;
27 जै से जे वनार तैयार करनेवाशे और ूू सरों कद भशाई चाहनेवाशे को कुछ सहजता नहदं, तौभद हे बहतोंको पसर करने के ूशरे यह बडा कष सह शे गे; 28 प्ेक ूववरम का सटदक पबं धन शे खक पर छोडना, और सं ूकपदकरम के ूनयेों का पाशन करने के ूशए पयास करनाे 29 कोंूक नये घर का बनानेवाशे को सारे भवन कद रखवाशद करनद पडतद है ; पर्ु जो इसे बनाने, और रं गने का बदडा उठाता है , उसे उसकद सजावट के ूशए उपयुक वसु ञं कद तशाू करनद चाूहए: ूफर भद ेै सोचता हं ूक यह हेारे सार है े 30 हर ूबं ूु पर खडा होना, और बडे पैेाने पर चदजों पर गौर करना, और ूवूेर रप से उतु क होना, कहानद के पहशे शे खक से सं बंूधत है : 31 पर्ु सं ूकपता का पयोग करना, और काे ेे अूधक पररशे से बचना उस को ूूया जाता है जो सं ूकपदकरम करे गाे 32 ूफर हे यहद ं से कहानद आरम करे गे : जो कहा गया है उसेे केवश इतना हद जोडना, ूक शमद पसावना बनाना, और कहानद को छोटा करना ेू खथतापूमथ बात है े अध्य 3 1 जब ञूनयाह ेहायाजक कद भनक और ूु षता से घृमा के कारम पूव् नगर ेे सब पकार कद ूान् रहतद रद, और ववया का पाशन बहत अचद तरह ूकया जाता रा, 2 ऐसा हआ ूक सयं राजाञं ने भद उस यान का समान ूकया, और अपने सव्वे उपहारों से ें ूूर कद ूोभा बढाई; 3 यहां तक ूक आूसया के से लूकस ने बूशूानों कद से वा का सारा खचथ अपनद केाई से उठायाे 4 पर्ु ूबनाेदन के गो् ेे से ूेौन जो ेन्र का हाूके ठहराया गया या, उस ने नगर ेे उपदव के ूवरय ेे ेहायाजक से झगडा ूकयाे 5 और जब वह ञूनयाह पर पबश न हो सका, तो उस ने उसे थेसदस के पु् अपोशोूनयुस के पास पहं चा ूूया, जो उस सेय से शोसररया और फदनदके का हाूके राे 6 और उस से कहा, ूक यरूशे े का भणार अन् धन से भरा हआ है , यहां तक ूक उनकद समूव कद बहतायत, जो बूशूानों के खाते ेे नहदं आतद, अनूगूनत है , और उस सब को राजा के पास पहं चाना समव है े हारे 7 अब जब अपोशोूनयस राजा के पास आया, और उसे वह धन ूूखाया, ूजसके ूवरय ेे उसे बताया गया रा, तो राजा ने हे ूशयोडोरस को अपना खजां चद चुन ूशया, और उसे आूे ू ूे कर भेजा ूक वह उसके पास पूव्क धन शे आएे 8 तब हे लोूोरस ने तुर् पयान ूकया; से शोसदररया और फेूनस के ूहरों का ूौरा करने के रं ग के तहत, शे ूकन वासव ेे राजा के उदे श को पूरा करने के ूशएे 9 और जब वह यरूशे े को आया, और नगर के ेहायाजक ने उसका सागत ूकया, तब उस ने उस से कहा, ूक उस धन के ूवरय ेे का सेाचार ूूया गया रा, और ूजस कारम वह आया है , उस को बता ूूया, और पूछा, ूक का ये बाते सचेु च ऐसद हद है े 10 तब ेहायाजक ने उस से कहा, ूक ूवधवाञंऔर अनार बाशकोंकद सहायता के ूशरे इतना धन रखा है ; 11 और उस ेे से कुछ तोबदयाह के पु् ूहरकेनुस का रा, जो एक बडा पूतूतत पुरर रा, और उस ूु ष ूेौन के अनुसार नहदं; जो कुश ूेशा कर चार सौ ूककार चा्द, और ूो सौ सोना राे 12 और यह पूरद तरह से असं भव रा ूक उनके सार ऐसा अनाय ूकया जाए, ूजनोंने उस यान कद पूव्ता, और ें ूूर कद ेूहेा और अशं घनदय पूव्ता के सार ऐसा ूकया रा, ूजसका पूरे ूवश ेे समान ूकया जाता है े
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13 पर्ु हे लोूोरस ने राजा कद आजा के अनुसार कहा, ूक इसे ूकसद भद रदूत से राजा के भणार ेे पहं चाया जाएे 14 सो उस ूून जो उस ने ठहराया या, उसद ूून वह इस बात का आूे ू ूे ने को भदतर गया, इस कारम सारे नगर ेे रोडद सद भद पदडा न हईे 15 पर्ु याजकोंने अपके याजकोंके वस पूहने हए वे ूद के सामने ूणवतत करके उस से सगथ कद पारथना कद, ूजस ने उन वसु ञक ं े ूवरय ेे जो अपकद रखद हई वसु ञक ं े ूशरे ूनये बनाया या, याजकोंने उने रखने के ूशये सौंपा या, याजकोंके ूशरे उनको सु रूकत रखा जाएे 16 तब जो कोई ेहायाजक कद ञर ूे खता, उसका हूय घायश हो जाता; कोंूक उसके ेु ख का रप और उसका रं ग बूशना उसके ेन कद आ्ररक पदडा को पगट करता राे 17 कोंूक वह पुरर भय और भय से ऐसा घबरा गया या, ूक जो कोई उस पर दूष करता या, उन पर पगट होता या, ूक उसके ेन ेे कैसा ूु :ख है े 18 और अन शोग पारथना करने के ूशये अपने अपने घरों से ूनकशकर ूौडे , कोंूक वह यान तुच जान पडाे 19 और जो नसयां छातद के नदचे टाट बाने हए रद,ं वे सडकों ेे बहतायत ेे रद,ं और जो कुँवाररयाँ ब् रद ं, वे कुछ फाटकों कद ञर, और कुछ ूहरपनाह कद ञर, और कुछ नखडूकयों ेे से झाँ ककर ूे खने शगदें 20 और सब ने अपने अपने हार सगथ कद ञर उठाकर पारथना कदे 21 तब ेनुष को सब पकार कद भदड को ूगरते हए, और ेहायाजक को ऐसद पदडा ेे पडते हए ूे खकर खेू होताे 22 तब उनोंने सवथ ूनकेान यहोवा से पारथना कद, ूक जो कुछ अेानत ेे शाया गया है उसे उन शोगों के ूशये सु रूकत और ूनूशत रखे ूजन ने उने सौंपा है े 23 तौभद हे लोडोरस ने वहद ूकया जो आजा ूद गई रदे 24 और जब वह अपके भणार के रककोंसेे त वहां उपनयत या, तब आताञंके पभु और सवथ ूनकेान पधान ने एक बडा दश उतर ूकया, यहां तक ूक जो शोग उसके सार आने को अूभशार कर रहे रे, वे परेे शर कद ूनक से चूकत हो गएे और ेू नचथ त हो गए, और बहत डर गएे 25 कोंूक उने एक घोडा ूूखाई ूूया, ूजस पर एक भयानक सवार सवार रा, और बहत हद सुं ूर ञढने से सजद हई रद, और वह भयंकर रप से ूौडा, और हे ूशयोडोरस को अपने अगशे पैरों से ेारा, और ऐसा पतदत हआ ूक जो घोडे पर बै ठा रा, उसके पास पूरद तरह से हूरयार रेे सोनाे 26 ूफर ूो और जवान उसके सामने ूूखाई ूूए, जो ूे खने ेे बशूाशद, और अूत सु ्र, और सु ्र वस पूहने हए रे, और उसके ूोनों ञर खडे रे; और उसे शगातार कोडे ेारते रहे , और उसे बहत ूु खूायद कोडे ेारे े 27 और हे लोडोरस अचानक भूूे पर ूगर पडा, और घोर अनकार से ूघर गया; पर्ु उसके साूरयों ने उसे उठाकर कूडे ेे डाश ूूयाे 28 इस पकार, जो हाश हद ेे एक बडद भदड और अपने सभद रककों के सार कूरत खजाने ेे आया रा, उनोंने उसे बाहर ूनकाशा, कोंूक वह अपने हूरयारों से खुू को ेूू करने ेे असेरथ रा: और उनोंने सष रप से भगवान कद ूनक को सदकार ूकयाे 29 कोंूक वह परेे शर के हार से ूगरा ूूया गया, और जदवन कद आूा न पाकर चुप रह गयाे 30 पर्ु उनोंने यहोवा कद सु ूत कद, ूजस ने चेतार करके अपके सान को अयाथ तत ेन्र के ूशरे पूतूतत ूकया; जो रोडा आगे भय और सं कट से भरा हआ रा, जब सवथ ूनकेान यहोवा पकट हआ, तो वह हरथ और आन् से भर गयाे
31 तब हे ूशयोडोरस के कुछ ूे्ों ने तुर् ञूनयास से पारथना कद, ूक वह परेपधान से पारथना करे ूक वह उसे अपना जदवन ूे , जो भूत को ्ागने के ूशए तैयार है े 32 इसूशये ेहायाजक को सं ूेह हआ, ूक कहद ं राजा यह न सेझे, ूक यहूूयों ने हे लोडोरस के सार कोई ूवशासघात ूकया है , और उस ेनुष कद भशाई के ूशरे बूशूान चढायाे 33 जब ेहायाजक पायूशव कर रहा या, तो वे हद जवान वहद वस पूहने हए हे लोूोरस के पास आकर खडे हए, और कहने शगे , ूक ञूनयाह को ेहायाजक का बडा धनवाू करना, कोंूक यहोवा ने उसके कारम तुझे जदवन ूूया है े 34 और यह ूे खकर ूक तू सगथ से कोडे पर आया है , सब ेनुषोंपर परेे शर कद साेर् ूनक का वमथन करे और जब उनोंने ये बाते कहद,ं तो वे ूफर पकट न हएे 35 तब हे ूशयोडोरस यहोवा के ूशये बूशूान करके, और उसके पाम बचानेवाशे के ूशये बडद ेरत ेानकर, और ञूनआस को नेसार करके, अपनद से ना सेे त राजा के पास शौट आयाे 36 तब उस ने सब ेनुषोंके सामने ेहान परेे शर के काेोंकद गवाहद ूद, जो उस ने अपनद आं खोंसे ूे खा याे 37 और जब राजा हे लोूोरस ने, जो यरूशे े ेे ूफर भेजे जाने के योय ेनुष हो सकता रा, कहा, 38 यूू तेरा कोई ू्ु वा ूवशासघातद हो, तो उसे वहद ं भेज, और यूू वह पाम शे कर भागे , तो उसे अचद तरह से कोडे से अपने पास रखना; कोंूक उस सान ेे कोई स्े ह नहदं; ईशर कद एक ूवूेर ूनक है . 39 कोंूक जो सगथ ेे रहता है , वह उस सान पर दूष रखता है , और उसकद रका करता है ; और जो उसे हाून पहँ चाने आते है , उने वह पदटकर नष कर ूे ता है े 40 और हे ूशञूोरस और भणार कद रखवाशद के ूवरय ेे बाते इस पकार ूनकशदंे अध्य 4 1 अब उसद ूेौन ने, ूजसके ूवरय ेे हे ने पूहशे कहा रा, धन और ूे ू का ूवशासघातद होकर ञूनयाह कद ून्ा कद, ेानो उस ने हे लोडोरस को भयभदत कर ूूया हो, और इन बु राइयों का कताथ होे 2 इस पकार उसने उसे गदार कहने का साहस ूकया, जो नगर का सु पा् रा, और अपने हद राष् के पूत सेूपथत रा, और कानून के पूत इतना उताहद राे 3 पर्ु जब उनका बै र यहां तक बढ गया, ूक ूेौन के एक गु ट ने ह्ाएं कद ं, 4 ञूनयास ने इस ूववाू का खतरा ूे खा, और यह ूक अपोशोूनयस, जो से शोसररया और फदनदके का हाूके रा, कोूधत हआ, और ूेौन का दे र बढाया, 5 वह अपने ूे ूवाूसयों पर ूोर शगाने के ूशये नहदं, पर का साधारम, का साधारम, सब कद भशाई कद इचा से राजा के पास गयाे 6 कोंूक उस ने ूे खा ूक यह अनहोना है , ूक जब तक राजा इस ञर धान न ूे , तब तक राज ूा् रहे , और ूेौन अपनद ेू खथता छोड ूे े 7 पर्ु से लूकस के ेरने के बाू जब अ्ाूकया ने, जो एूपफेूनस कहशाता है , राज कर ूशया, तब ञूनयाह के भाई यासोन ने ेहायाजक बनने के ूशये गु प पररशे ूकयाे 8 और राजा से ूवनतद करके तदन सौ असद ूककार चा्द, और असद ूककार अन राजस ूे ने का वचन ूूयाे 9 इसके अशावा, उसने एक सौ पचास और ूनयुक करने का वाूा ूकया, अगर उसके पास वायाे के ूशए एक जगह याूपत करने और अनजाूतयों के पैटनथ ेे युवाञं को पूूूकत करने और उने 151
यरूशे े के बारे ेे ूशखने का शाइसे स हो अ्ाूकयावाूसयों का नाे. 10 और जब राजा ने उसे ूे ूूया, और ूासन उसके हार ेे आ गया, तब उस ने तुर् अपनद जाूत को यूनानद रदूत से शे ूशयाे 11 और यूपोशे ेस के ूपता यूहरा के दारा, जो ूे्ता और सहायता के ूशरे रोे ेे राजूू त हआ या, उस ने यहूूयोंको जो राजकदय ूवूेर अनुगह ूूया या, उस को उस ने छदन ूशया; और जो सरकारे ववया के अनुसार चशतद रद ं, उनको ूगराकर उस ने ववया के ूवरद नये रदूत ररवाज चशाएे 12 कोंूक उस ने आन् से गु मट के नदचे वायाे का यान बनाया, और ेु ख जवानों को अपने वू ेे कर ूशया, और उने टोपद पहनाईे 13 अब यूनानद रदूत-ररवाजों कद पराकाता और बु तपरस आचरम कद वृ नद, जे सन कद अ्ाूधक अपूव्ता के कारम हई, वह अधे् ूु ष, और कोई ेहायाजक नहदं रा; 14 ूक पुजाररयों के पास वे ूद पर और से वा करने का साहस नहदं रा, शे ूकन ें ूूर का ूतरसार करते हए, और बूशूानों कद उपेका करते हए, ूडसस के खेश के बाू उने वायाे के यान पर गै रकानूनद भवे का भागद बनने कद जलद रद; 15 अपने पुरखाञं के समान के अनुसार न चशना, पर्ु यूनानद शोगों कद ेूहेा को सब से अूधक ूपय ेाननाे 16 इस कारम उन पर भारद ूवपूव आई; कोंूक उनोंने उनको अपना ू्ु और पशटा शे ने वाशा ठहराया, और ूजनकद रदूत पर वे बडद शगन से चशते रे, और सब बातों ेे उनद ं के सेान होना चाहते रेे 17 कोंूक परेे शर कद ववया के ूवरद ूु षता करना कोई छोटद बात नहदं, पर्ु आनेवाशे सेय ेे ये बाते पगट हो जाएं गदे 18 अब जब वह खेश जो हर ूवशास वरथ ेे खेशा जाता रा, सोरस ेे रखा गया, और राजा उपनयत रा, 19 इस कृतघ जे सन ने यरूशे े से ूवूेर ूू तों को, जो अ्ाूकया रे, हरकू ूशस के बूशूान के ूशए तदन सौ ूकथेन चाँ ूद शे जाने के ूशए भेजा, ूजसे उसके उठाने वाशों ने भद बूशूान के ूशए न ूे ना उूचत सेझा, कोंूक यह सु ूवधाजनक नहदं रा, बन् होना रा अन ूु्ों के ूशए आरूकते 20 तब यह धन, पेरक के सं बंध ेे, हरकू ूशस के बूशूान के ूशए ूनयुक ूकया गया रा; शे ूकन उसके धारकों के कारम, इसका उपयोग गै शदज बनाने के ूशए ूकया गया राे 21 अब जब ेे नेनययस के पु् अपोशोूनयस को राजा टॉशे ेदस ूफशोेे टोर के राजाूभरेक के ूशये ूेस भेजा गया, तब अ्ाूकया ने यह सेझकर, ूक उसके ेाेशों ेे उसका बु रा पभाव न पडे , अपनद सु रका का पबन ूकया; तब वह याफा आया, और वहां से यरूशे े को आयाे : 22 जहां यासोन और नगर के शोगों ने उसका बडे आूर के सार सागत ूकया, और ेूाश जशाकर और बडे जयजयकार के सार उसे भदतर शाया गया; और इसके बाू वह अपने ूश के सार फदनदके को चशा गयाे 23 तदन वरथ के बाू यासोन ने ूेौन के भाई ेनेशौस को राजा के पास रपया पहं चाने, और कुछ आवशक बातों पर धान ूे ने के ूशरे भेजाे 24 पर्ु जब वह राजा के सामने शाया गया, तब उस ने उसके तेज के कारम उसकद ेूहेा कद, और यासोन से तदन सौ ूककार चा्द अूधक चढाकर याजकपू अपने ूशये कर ूशयाे 25 इसूशए वह राजा के आूे ू के सार आया, और ेहायाजक पू के योय कुछ भद नहदं शाया, केवश एक कूर अ्ाचारद का कोध और एक कूर जानवर का कोध राे 26 तब यासोन को, ूजस ने अपने हद भाई को ूू सरे के दारा नदचा ूूखाया रा, अमोूनयोंके ूे ू ेे भागना पडाे
27 इस पकार ेनेशौस को राज तो ूेश गया, पर्ु जो रपया उस ने राजा को ूे ने का वचन ूूया या, उस के बूशे ेे उस ने कुछ न ूूया, यदूप ेहश के हाूके सोसूतस ने इसकद ेां ग कदे 28 कोंूक रदूत-नदूत के इकटा करने का काे उसद को ूेशाे इसूशये उन ूोनों को राजा के साेने बु शाया गयाे 29 अब ेनेशौस ने अपके भाई ूशूसेाखुस को याजकपू ेे अपके यान पर छोड ूूया; और सोस् े टस ने केटत स को छोड ूूया, जो साइूपयन का गवनथर राे 30 जब वे काे कर हद रहे रे, तो तरसु स और ेलोस के शोगों ने बशवा ूकया, कोंूक वे अ्ाूकया नाे राजा कद रखेशद को सौंप ूूए गए रेे 31 तब राजा ने ेाेशे को ूां त करने के ूशए जलबाजद कद, और एं ड्ॉूनकस नाेक एक अूधकारद को उसके उपपधान के रप ेे छोड ूूयाे 32 अब ेनेशौस ने यह सेझकर, ूक उसे सु ूवधाजनक सेय ूेश गया है , ेन्र ेे से सोने के कुछ पा् चुरा ूशए, और उन ेे से कुछ अनोूनकस को ूे ूूया, और कुछ सोरस और आस पास के नगरों ेे बे च ूूयाे 33 और जब ञूनयाह को अपराधद का पता चशा, तब उस ने उसे डां टा, और डाफने के एक पूव्यान ेे , जो अ्ाूकया के पास है , भाग गयाे 34 इस कारम ेे नेशौस ने एन्ोूनकस को अशग शे जाकर उस से पारथना कद, ूक ञूनअस को उसके हार ेे कर ूे ; उस ने उस पर ूवशास ूकया, और छश से ञूनयाह के पास आकर ूपर नखशाकर उसे अपना ूाूहना हार ूूया; और यदूप उसको उस पर सं ूेह हआ, तौभद उस ने उसे पूव्यान से बाहर आने को सेझाया; और उस ने नाय कद कुछ परवाह न करके तुर् ब् कर ूूयाे 35 इस कारम न केवश यहूद, वरन अन जाूतयों के शोग भद बहत कोूधत हए, और उस ेनुष कद अनायपूमथ ह्ा से बहत उूास हएे 36 और जब राजा ूकूशूकया के आस पास के यानों से ूफर आया, तो नगर के यहूूयों ने, और यूनाूनयों ेे से भद, जो इस बात से घृूमत रे, ूूकायत करने शगे , ूक ञूनयाह ूबना कारम ेारा गयाे 37 इस कारम अ्ाूकया को उस पर जो ेर गया रा, बहत खेू हआ, और उस पर तरस आया, और वह उस ेरे हए के सं येद और नम चाशचशन के कारम रोने शगाे 38 और कोध से जशकर उस ने तुर् अनोूनकस का बै जनद रं ग उतार ूशया, और उसके वस फाड डाशे , और उसे सारे नगर ेे घुेाते हए उसद सान पर शे गया, जहां उस ने ञूनआह से ूु षता कद रद, और उस ूाूपत ह्ारे को ेार डाशाे इस पकार पभु ने उसे वै सा हद ूण ूूया जै सा वह ूे ना चाहता राे 39 अब जब ेनेशौस कद समूत से ूशूसेाखुस ने नगर ेे बहत से अपूव् काे ूकए, और उसका फश ूू र ूू र तक फैश गया, तो भदड ूशूसेाखुस के ूवरद इकटद हो गई, और सोने के बहत से पा् शे जाए जा रहे रेे 40 तब साधारम शोग उठे , और कोध से भरकर ूशूसेाकुस ने कोई तदन हजार पुरर हूरयार बानकर सबसे पहशे उपदव करना आरम ूकया; एक औरानस नेता है , एक ऐसा वनक जो वर् से बहत आगे ूनकश चुका है , और ेू खथता ेे भद के नहदं है े 41 तब उनोंने ूशूसेाखुस का यत ूे खकर, उन ेे से ूकसद ने पतर, ूकसद ने शाठद, और ूकसद ने ेु टद भर धू श, जो पास ेे रद, सब उठाकर ूशूसेाखुस और उन पर जो उन पर पडदं, सब एक सार फेक ूदें 42 इस पकार उनोंने उन ेे से बहतों को घायश ूकया, और ूकतनों को भूूे पर ूगरा ूूया, और उन सभों को भागने पर ूववू ूकया; पर्ु ूगरजे के डाकू को उनोंने भमडार के पास ेार डाशाे 43 इसूशये इन बातोंके ूवरय ेे ेनेशौस पर ूोर शगाया गयाे 152
44 जब राजा सोर के पास आया, तो सभा ेे से भेजे हए तदन पुररों ने उसके सामने ेु कदेा चशाया; 45 पर्ु ेनेशौस ने, जो अब ूोरद ठहराया गया, डोररेे नस के पु् टॉशे ेद को वचन ूूया, ूक यूू वह राजा को अपनद ञर आकूरथत करे गा, तो वह उसे बहत सा धन ूे गाे 46 तब टॉशे ेद ने राजा को एक ूनूशत गै शरद ेे शे जाया, जै से ूक वह हवा शे ने जा रहा रा, उसे ूू सरे ूूेाग ेे शाया: 47 इस हू तक ूक उसने ेे नेशॉस को आरोपों से ेु क कर ूूया, जो ूक सभद उपदव का कारम रा: और उन गरदब शोगों को, यूू उनोंने सदूरयनों के साेने अपना ेाेशा बताया होता, तो उने ूनू्र ेाना जाना चाूहए रा, उने उसने ेौत कद सजा ूद . 48 इस पकार जो शोग नगर, और पजा, और पूव् पा्ोंके ूशरे ेु कदेा ेानते रे, वे ूदघ हद अनायपूमथ ूण भोगने शगे े 49 इस कारम सोरस के शोगोंने भद उस ूु ष काे से बै र करके उने समानपूवथक ूेटद ूदे 50 और इस पकार उन शोगों के शाशच के कारम जो ताकतवर रे, ेे नेशौस अभद भद अूधकार ेे बना रहा, दे र ेे बढता गया, और नागररकों के ूशए एक बडा गदार बन गयाे
11 जब यह काे राजा के रर के पास पहं चा, तब उस ने सेझा, ूक यहूूया ने बशवा ूकया है ; तब उस ने कोूधत ेन से ूेस से ूनकशकर, हूरयार के बश से नगर पर अूधकार कर ूशयाे 12 और अपने ूसपाूहयोंको आजा ूद, ूक जो आपस ेे ूेशे उने न छोडे , और जो घरोंपर चढे उनको ेार डाशे े 13 इस पकार जवानों और बू ढों कद ह्ा कद गई, पुररों, नसयों और बचों को छदन ूशया गया, कुंवाररयों और ूूूुञं कद ह्ा कद गईे 14 और पूरे तदन ूून के अं तराश ेे असद हजार शोग नष हो गए, ूजनेे से चाशदस हजार शोग सं घरथ ेे ेारे गए; और ेारे गए शोगों से के नहदं ूबकाे 15 तौभद वह इस से स्ुष न हआ, वरन सारे जगत के परेपूव् ेन्र ेे जाने का साहस ूकया; ेे नेशौस, कानूनों और अपने हद ूे ू का गदार, उसका ेागथ ूूथक: 16 और उस ने पूव् पा्ोंको अूुद हारोंसे शे ूशया, और जो वसु एं ूू सरे राजाञं ने उस सान कद उरूत, और ेूहेा और आूर के ूशरे सेूपथत कद रद,ं उने भद अपूव् हारोंसे ूगराकर ूे ूूयाे 17 और अ्ाूकया ेन ेे इतना घेणद रा, ूक उस ने यह न सोचा, ूक यहोवा ने नगर के रहनेवाशोंके पापोंके कारम कुछ सेय तक कोध ूकया है , और इस कारम उसकद दूष उस यान पर न हईे 18 कोंूक यूू वे पूहशे से बहत पापों ेे न फंसे होते, तो इस ेनुष को आते हद कोडे ेारे जाते, और हे लोूोरस कद नाईं ूजसे राजा से लूकस ने भणार कद ूे ख रे ख करने को भेजा या, उसद कद नाईं उसके अूभेान से हटा ूूया जाताे 19 तौभद परेे शर ने उस सान के ूशये शोगोंको नहदं, परनततु उस सान को शोगोंके ूशरे चुन ूशयाे 20 और इसूशए वह यान, जो राष् पर आई ूवपूव ेे उनका सहभागद रा, ने बाू ेे पभु कद ञर से भेजे गए शाभों के बारे ेे बताया: और जै सा ूक सवथ ूनकेान के कोध ेे इसे ्ाग ूूया गया रा, वै से हद, ेहान पभु ेे श-ूेशाप होने पर, वह पूरद ेूहेा के सार याूपत ूकया गयाे 21 सो जब अ्ाूकया ने ेन्र ेे से एक हजार आठ सौ ूककार ूनकाश ूशया, तो अपने घेण को ्ागकर, भूूे को नौगम बनाने और सेु द को पैूश चशने योय बनाने के ूशए वह ूदघता से अ्ाूकया कद ञर चशा गया: उसके ेन का अहं कार ऐसा राे 22 और उस ने जाूत को सताने के ूशरे हाूके छोड ूूए, अयाथ तत यरूशे े ेे ूफूशपुस अपके ूे ू के ूशरे एक फदूजयन रा, और ूजस ने उसे वहां बसाया रा, उस से भद अूधक कूर चाश का रा; 23 और गररजदे ेे अनोूनकस; और इसके अशावा, ेे नेशॉस, जो बाकद सभद शोगों से भद बूतर रा, अपने ूे ूवाूसयों यहूूयों के नखशाफ ूु भाथ वनापूमथ ेन रखते हए, नागररकों पर भारद हार रखता राे 24 और उस ने उस घृूमत सरूार अपोशोूनयुस को भद बाईस हजार कद से ना सेे त भेज ूूया, और उसे आजा ूद, ूक ूजतने जवान रे, उन सभोंको घात कर डाश, और नसयोंऔर छोटोंको भद बे च ूे े 25 जो यरूशे े ेे आकर ेे श का ूूखावा करके ूवशाे के पूव् ूून तक रका रहा, और पूव् ूून ेाननेवाशे यहूूयोंको शे कर अपके जनोंको हूरयार बानने कद आजा ूदे 26 और उस ने उन सभोंको घात ूकया जो ूवशाेूून ेनाने को गए रे, और हूरयार शे कर नगर ेे ूौडकर बडद भदड को ेार डाशाे 27 पर्ु यहूा ेै काबद और उसके आस-पास के नौ शोग जं गश ेे चशे गए, और पूुञं कद नाईं पहाडों ेे अपनद ेणशद के साय रहने शगे , जो ून् साग-सन्यां खाते रे, ऐसा न हो ूक वे भद अूुदता के भागद हो जाएं े
अध्य 5 1 शगभग उसद सेय एं ूटञकस ने ूेस ेे अपनद ूू सरद या्ा कद तैयारद कद: 2 और ूफर ऐसा हआ, ूक सारे नगर ेे शगभग चाशदस ूून तक घुडसवार सोने के वस पूहने हए, और भाशे ूशए हए, ूसपाूहयों के ूश के सेान हवा ेे ूौडते हए ूूखाई ूे ते रेे 3 और घुडसवारों कद टोूशयां पां ूत बानकर एक ूू सरे से ूभडतद रद,ं और ढाशों को ूहशातद, और बहत सद भाशे , और तशवारे खदच ं तद, और भाशे फेकतद, और सोने के आभूरमों कद चेकतद, और सब पकार कद भाँ ूत कद भाँ ूत कद भाँ ूत का भाँ ूत-भाँ ूत का भार उठातद रदें 4 इसूशए प्ेक वनक ने पारथना कद ूक वह दश अचा हो जाए े 5 अब जब ऐसद झूठद अफवाह फैश गई, ेानो एं ूटञकस ेर गया हो, तो जे सन ने के से के एक हजार शोगों को शे ूशया, और अचानक ूहर पर हेशा कर ूूया; और जो शोग ूहरपनाह पर रे उने पदछे हटा ूूया गया, और नगर पर कबा कर ूशया गया, ेे नेशौस ेहश ेे भाग गया: 6 पर्ु यासोन ने अपने हद नागररकोंको ूबना ूया के घात ूकया, और यह न सोचा, ूक अपनद हद जाूत के शोगोंको ेार डाशना उसके ूशये अ्् ूु :ख का ूून होगा; पर्ु यह सोचकर ूक वे उसके ू्ु रे, न ूक उसके ूे ूवासद, ूजन पर उसने ूवजय पाप कद रदे 7 तौभद इस सब से उस ने पधानता तो न पाई, पर्ु अ् ेे अपने ूवशासघात के कारम शन्त हआ, और अमोूनयोंके ूे ू ेे ूफर भाग गयाे 8 इसूशए अं त ेे उसे ूु खद होकर शौटना पडा, अरबों के राजा अरे तास के साेने उस पर आरोप शगाया गया, एक ूहर से ूू सरे ूहर भागना, सभद शोगों दारा उसका पदछा ूकया जाना, कानूनों को ्ागने वाशे के रप ेे घृमा करना, और खुशे ूु शन के रप ेे घृूमत ववहार करना उसके ूे ू और ूे ूवाूसयों को, उसे ूेस ेे ूनकाश ूूया गयाे 9 इस पकार वह, ूजसने बहतों को उनके ूे ू से ूनकाश ूूया रा, एक पराए ूे ू ेे नाू हो गया, और शे ूसडे ेोूनयों के पास चशा गया, और वहां अपने ररशे ूारों के कारम सहायता पाने कद सोच रहा रा: 10 और ूजस ने बहतोंको ूफन न ूकया या, उसके ूशरे कोई ूोक करनेवाशा न या, और न उसके पुरखाञंके ूशरे कोई ूोक करनेवाशा या कोई बडा अं ूते सं सार करनेवाशा या कोई कबगाह रदे
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अध्य 6
21 पर्ु ूजन पर उस ूु ष भोज का ूोर रा, और उस पुरर के सार उनकद पुरानद जान पहचान रद, उनोंने उसे अशग शे जाकर उस से ूबनतद कद, ूक वह अपनद भोजनवसु ेे से जो कुछ उसके खाने के ूशये उूचत हो, शे आए, और जै सा वह करे वै सा बना ूे े राजा कद आजा के अनुसार बूश ेे से ेां स ूनकाशकर खाया; 22 ताूक ऐसा करने से वह ेृ ्ु से बच जाए, और उन से अपनद पुरानद ूे्ता के कारम अनुगह पाएे 23 पर्ु वह सावधानद से ूवचार करने शगा, और जै से उसकद आयु बढतद गई, और उसके पाचदन वर् कद शे तता, और उसके पकते ूसर का समान, और एक बचे से उसकद सबसे ईेानूार ूूका, या बन् पूव् कानून बनाया गया और परेे शर कद ञर से ूूया गया: इसूशरे उस ने वै सा हद उवर ूूया, और उन से यह इचा कद, ूक वे उसे तुर् कब ेे भेज ूे े 24 कोंूक यह हेारद उम नहदं है , उसने कहा, ूकसद भद तरह से अशग होना, ूजससे कई युवा शोग सोच सकते है ूक एशदआजर, असद साश और ूस साश का रा, अब एक अजदब धेथ ेे चशा गया रा; 25 और इसूशरे वे ेे रे कपट के कारम, और रोडद ूे र और घडद भर और जदने कद इचा करके ेु झ से धोखा खाएं , और ेे रे बु ढापे पर कशं क शगे , और उसे घृूमत कर ूू ं े 26 कोंूक चाहे इस सेय ेै ेनुषों के ूण से बचूं, तौभद ेै न जदूवत, न ेु ूाथ, सवथ ूनकेान के हार से न बचूंगाे 27 इसूशये अब ेै इस जदवन को पुररष से बूश कर, अपनद आयु के अनुसार अपने आप को ऐसा ूूखाऊंगाे 28 और ऐसे शोगों के ूशए एक उलेखनदय उूाहरम छोडो जो समानजनक और पूव् कानूनों के ूशए सेचा से और साहसपूवथक ेरने के ूशए युवा होंे और जब उस ने ये बाते कहद,ं तो तुर् यातना पर उतर आया: 29 ूजनोंने उसे सदावना बूशने ेे अगु वाई कद, उनोंने कुछ सेय पहशे हद उसे घृमा ेे डाश ूूया, कोंूक पूव्क भारम, जै सा ूक उनोंने सोचा रा, हताू ेन से आगे बढे रेे 30 पर्ु जब वह कोडों से ेरने को तैयार हआ, तब कराहकर कहने शगा, पभु को, जो पूव् जान रखता है , यह पगट है , ूक ेै ेृ ्ु से तो बच सकता रा, पर्ु अब ेार खाने से ेे रे ूरदर ेे अ्् पदडा होतद है े : पर्ु ेै ेन से इन ूु खों को सहने से भद सं तुष हं , कोंूक ेै उस से डरता हं े 31 और इस पकार यह वनक ेर गया, और अपनद ेृ ्ु को न केवश जवानों के ूशए, बन् अपने पूरे राष् के ूशए एक ेहान साहस और सूत गु म के सारक के रप ेे छोड गया े
1 इसके कुछ सेय के बाू राजा ने एरेस के एक बू ढे आूेद को यहूूयों को यह कहने के ूशये भेजा ूक वे अपने पुरखाञं कद ववया से हट जाएं , और परेे शर कद ववया के अनुसार न चशे े 2 और यरूशे े के ेन्र को भद अपूव् करना, और उसका नाे बृ हसूत ञशनमयुस का ेन्र रखना; और वह गै ररूजे ेे , अजनूबयों के रकक बृ हसूत के रप ेे , जै सा ूक उनोंने चाहा रा ूक वे उस यान पर रहे े 3 इस ूवपूव का फैशना शोगों के ूशये ूु खूायद और ूु ःखूायद रा: 4 कोंूक अनजाूतयों ने ेन्र ेे उपदव और रं गरे ूशयां ेनायद,ं जो वे शाञं के सार ेे शजोश रखते रे, और पूव्यानों कद पररूध के भदतर नसयों से ेे शजोश रखते रे, और इसके अशावा ऐसद वसु एं शाते रे जो उूचत नहदं रदें 5 और वे ूद अपूव् वसु ञं से भद भर गई, ूजने ववया वूजथ त करतद है े 6 और ूकसद ेनुष को सब के ूून या पाचदन उपवास रखना, या अपने आप को यहूद होने का यकदन करना उूचत नहदं राे 7 और पूत ेाह राजा के जन के ूून उने बूशयोंके खाने के ूशरे शाया जाता या; और जब बाखुस का उपवास रखा गया, तो यहूूयों को आइवद शे कर बाखुस के जु शूस ेे जाने के ूशए ेजबू र ूकया गयाे 8 ूफर टॉशे ेद कद सशाह से अनजाूतयों के पडोसद नगरों को यहूूयों के ूवरद यह आजा ूद गई, ूक वे भद उसद रदूत से चशे , और उनके बूशूानों ेे भागद होंे 9 और जो कोई अनजाूतयों कद सद चाश चशना न चाहे वह ेार डाशा जाएे तब ूायू ेनुष वतथेान ूु ःख को ूे ख पाताे 10 कोंूक वहां ूो नसयां शाई गईं, ूजनोंने अपने बाशकों का खतना ूकया रा; जब वे खुशेआे नगर ेे घुेाते रे, तब बाशकों ने उनकद छाूतयां पकडकर उने ूसर के बश ूहरपनाह पर से नदचे ूगरा ूूयाे 11 और अन शोग, जो सब के ूून को गु प रप से ेानने के ूशये पास कद गु फाञं ेे इकटे हो गए रे, ूफूशपुस दारा पहचाने जाने पर सब एक सार जशा ूूए गए, कोंूक उनोंने परे पूव् ूून के आूर के ूशये अपनद सहायता करने का ूववे क उतर ूकयाे 12 अब ेै इस पुसक को पढनेवाशों से ूबनतद करता हं , ूक वे इन ूवपूवयों के कारम हतोताूहत न हों, पर्ु उन ूणों को ूवनाू के ूशये नहदं, पर्ु हेारद जाूत को ताडना ूे ने के ूशये सेझेे 13 कोंूक यह उसकद बडद भशाई का ूचन है , ूक ूु षों को अूधक सेय तक कष नहदं ूूया जाता, पर्ु तुर् ूण ूूया जाता है े 14 कोंूक जै से अनजाूतयों के सार पभु ने धै यथपूवथक उनको ूण ूे ना तब तक नहदं छोडा, जब तक ूक वे अपने पापों के पूरे न हो जाएं , वै सा हद वह हेारे सार ववहार करता है े 15 ऐसा न हो, ूक वह पाप कद पराकाता पर पहं चकर, बाू ेे हे से पशटा शे े 16 और इस कारम वह हे पर से अपनद करमा कभद न हटाता, और चाहे ूवपूव से ूण ूे ता है , तौभद अपनद पजा को कभद नहदं तजताे 17 पर्ु जो कुछ हे ने कहा वह हेारे ूशये चेतावनद का कारम होे और अब हे कुछ ूबों ेे ेाेशे का खुशासा करने पर आएं गे . 18 एशदआजर जो पधान ूानसयोंेे से एक या, और बू ढे और सु ्र चेहरे वाशा या, ेुं ह खोशकर सू अर का ेां स खाने को ूववू हआे 19 पर्ु उस ने ऐसे घृूमत काे से कशं ूकत होकर जदूवत रहने से , ेूहेा से ेरना अूधक पस् ूकया, और उसे उगश ूूया, और अपनद इचा से यातना भोगने को आयाे 20 जै सा ूक उने होना हद रा, ूक वे ऐसद बातों का डटकर ेु काबशा करे , जो जदवन के पेे का साू चखने के ूशए उूचत नहदं है े
अध्य 7 1 और ऐसा हआ, ूक सात भाइयोंको उनकद ेाता सेे त पकड ूशया गया, और ूनये के ूवरद राजा ने उने सू अर का ेां स चखने के ूशये ूववू ूकया, और कोडोंऔर कोडोंसे उन को यातना ूदे 2 पर्ु जो पूहशे बाते करते रे उन ेे से एक ने यों कहा, तू हे से का पूछना या का सदखना चाहे गा? हे अपने पूवथजों के ूनयेों का उलंघन करने के बजाय ेरने के ूशए तैयार है े 3 तब राजा ने कोध ेे आकर तवे और हं डे गरे करने कद आजा ूद; 4 तब उस ने तुर् कोूधत होकर आजा ूद, ूक जो पूहशे बोशता रा उसकद जदभ काट डाशो, और उसके ूरदर के अं गोंको काट डाशो, और उसके भाइयोंऔर उसकद ेाता को ूे खते रहोे 5 जब उसके सारे अं ग इस पकार टू ट गए, तब उस ने उसे जदूवत रहते हए आग ेे चढाने, और तवे पर भूनने कद आजा ूद; और जब तवे कद भाप बहत ूू र तक फैश गई, तब उनोंने एक को सेझायाे ेाँ के सार एक और ेूाथ ना ेरना, ऐसा कहना, 6 यहोवा परेे शर हे पर दूष करता है , और सचेु च हे ेे ूान् रखता है , जै सा ूक ेू सा ने अपने गदत ेे , जो उनके सामने गवाहद 154
ूे कर कहा, और कहा, और उसके ूासोंके कारम उसे ूान् ूेशे गदे 7 सो जब पूहशा इतने के बाू ेर गया, तो वे ूू सरे को शे आए, ूक उसे ठटों ेे उडाएं ; और जब उनोंने उसके ूसर कद खाश और बाशों को उखाड ूशया, तो उस से पूछा, का तू खाएगा, पूहशे ूक तू ूण पाएे आपके ूरदर का प्ेक सूस? 8 पर्ु उस ने अपकद हद भारा ेे उवर ूे कर कहा, नहदं, इसूशरे उस ने पूहशे के सेान अगशद यातना भद के से उठाईे 9 और जब वह आनखरद सां स पर रा, तब उसने कहा, तू कोध कद नाईं हेे इस वतथेान जदवन से उठा शे जाता है , पर्ु जगत का राजा हे को, जो उसकद ववया के ूशये ेर गए है , अन् जदवन के ूशये ूजशाएगाे 10 उसके पदछे तदसरा रा, जो ठटा करनेवाशा बना हआ या, और जब जब ेां ग होतद, तब अपनद जदभ ूनकाश ूे ता, और तुर् हद, और अपने हार ेूाथ ना रदूत से फैशा ूे ताे 11 और ूहयाव करके कहा, ये ेु झे सगथ से ूेशे है ; और उसके ूनयेों के कारम ेै उनका ूतरसार करता हं ; और उससे ेै उने पुनः पाप करने कद आूा करता हँ े 12 यहां तक ूक राजा और उसके साूरयों को उस जवान के साहस पर आशयथ हआ, कोंूक उस ने पदडा कद कुछ भद परवाह नहदं कदे 13 और जब यह ेनुष ेर गया, तो उनोंने चौरे को भद इसद रदूत से यातना ूद, और उसका नाू ूकयाे 14 सो जब वह ेरने को तैयार हआ, तब उस ने योंकहा, ूक जब ेनुष घात ूकए जाते है , तो यह अचा है , ूक परेे शर से आूा करते रहे , ूक उसके दारा ूजशाए जाएं गे ; और तुझ को पुनरतान न ूेशे गाे 15 इसके बाू वे पां चवे को भद शे आए, और उसका टु कडे -टु कडे कर डाशाे 16 तब उस ने राजा कद ञर ूे खकर कहा, तू ेनुषोंपर अूधकार रखता है , तू नाूेान है , जो चाहता है वहद करता है ; ूफर भद यह ेत सोचो ूक हेारा राष् परेे शर को ्ाग चुका है ; 17 पर्ु रोडद ूे र ठहर, और उसकद बडद ूनक को ूे ख, ूक वह तुझे और तेरे वं ू को ूकस पकार सताएगाे 18 उसके बाू वे छठवे को भद शे आए, और उस ने ेरने को तैयार होकर कहा, वरथ धोखा न खाना; कोंूक हे ने अपके परेे शर के ूवरद पाप करके अपने ूशरे यह ूु ख उठाया है ; इस कारम हे से अूत भुत काे होते है े 19 पर्ु यह न सोचो, ूक तुे जो परेे शर के ूवरद झगडते हो, ूक ूण से बच जाञगे े 20 पर्ु ेाता सब से बढकर अूत भुत, और समाननदय सरम के योय रद; कोंूक जब उस ने अपने सातों बे टों को एक हद ूून ेे ेरते ूे खा, तो उस आूा के कारम जो उसे पभु पर रद, बडे साहस के सार सह गईे 21 हां, वह साहस से पररपूमथ होकर उन ेे से हर एक को अपनद भारा ेे उपूे ू ूे तद रद; और ेूाथ ना पेट के सार अपने सद ूवचारों को उवेूजत करते हए, उसने उनसे कहा, 22 ेै नहदं बता सकता ूक तुे ेे रे गभथ ेे कैसे आए; कोंूक ेै ने तुमे सां स या जदवन नहदं ूूया, और तुे ेे से हर एक के अं गों का रचूयता ेै हद नहदं रा; 23 पर्ु ूनःस्े ह जगत का रचूयता, ूजस ने ेनुष कद उतूव कद, और सब वसु ञं के आरम का पता शगाया, वह भद अपनद ूया से तुमे ूफर सां स और जदवन ूे गा, कोंूक तुे अब उसकद ूवूधयों पर अपना धान नहदं रखतेे' कारमे 24 जब अ्ाूकया ने छोटे के जदूवत रहते हए अपने आप को तुच सेझा, और यह ूंका कद, ूक यह ून्ा कद बात है , तो न केवश बातों हद बातों ेे उसे उपूे ू ूूया, वरन ूपर नखशाकर भद उसे ूवशास ूूशाया, ूक वह उसे धनवान और सु खद ूोनों बनाएगाे
ेनुष, यूू वह अपने पुरखाञं कद ूवूधयों से ूफर जाए; और वह उसे अपना ूे् बनाएगा, और वापार ेे उस पर भरोसा करे गाे 25 पर्ु जब उस जवान ने उसकद न ेानद, तब राजा ने उसकद ेाता को बु शाकर सेझाया, ूक वह उस जवान को सेझाकर उसका पाम बचाएे 26 और जब उस ने उसे बहत सेझाकर सेझाया, तब उस ने उस से कहा, ूक वह अपके बे टे को समूत ूे गदे 27 पर्ु वह उसके सामने झुककर उस कूर अ्ाचारद को ठटों ेे उडाकर अपनद ूे हातद भारा ेे इस पकार बोशद; हे ेे रे बे टे, ेु झ पर ूया करो ूजसने तुमे नौ ेहदने तक अपने गभथ ेे रखा, और तुमे तदन साश ूूए, और तुमारा पाशन-पोरम ूकया, और तुमे इस उम तक पाशा, और ूूका कद कूठनाइयों को सहन ूकयाे 28 हे ेे रे पु्, ेै तुझ से ूबनतद करता हं , ूक सगथ और पृयवद और जो कुछ उस ेे है , उस पर दूष करके ूवचार कर, ूक परेे शर ने उनको उन वसु ञं से बनाया है जो है हद नहदं; और इसद पकार ेानवजाूत भद बनाई गई रदे 29 इस सतानेवाशे से ेत डरो, पर्ु अपने भाइयोंके योय होकर अपना पाम शे शो, ूक ेै तेरे भाइयोंके साय ूफर तुझ पर ूया कर ं े 30 वह ये बाते कह हद रहद रद, ूक जवान ने कहा, तुे ूकस कद बाट जोहतद हो? ेै राजा कद आजा तो न ेानूंगा, पर्ु जो ववया ेू सा ने हेारे पुरखाञं को ूद रद उसकद आजा का पाशन कर ं गाे 31 और तू जो इबाूनयोंके ूवरद सब उपदव का कताथ है , परेे शर के हार से न बचेगाे 32 कोंूक हे अपके पापोंके कारम ूु :ख उठाते है े 33 और चाहे जदूवत पभु हेारद ताडना और ताडना के कारम रोडे ूून के ूशये हे पर कोूधत हो, तौभद वह ूफर अपने ूासोंके सार एक हो जाएगाे 34 पर्ु हे भनकहदन ेनुष, वरन अन सब ूु षों ेे से तू भद अकारम कोध न करना, और न अूनूशत आूाञं से फूशकर परेे शर के ूासों के ूवरद हार उठानाे 35 कोंूक तू सवथ ूनकेान परेे शर के नाय से , जो सब कुछ ूे खता है , अब तक नहदं बचाे 36 कोंूक हेारे भाई, ूजनोंने अब रोडद सद पदडा सहद है , परेे शर कद अन् जदवन कद वाचा के अधदन ेर गए है : पर्ु तुे परेे शर के नाय के दारा अपने घेण का उूचत ूण पाञगे े 37 पर्ु ेै , अपने भाइयों के सेान, अपने ूरदर और जदवन को अपने पूवथजों के ूनयेों के ूशए अूपथत करता हं , और परेे शर से पारथना करता हं ूक वह हेारे राष् पर ूदघ ूयाशु हो; और तू यातनाञं और ूवपूवयों के दारा ेान शे , ूक वह हद परेे शर है ; 38 और ेु झ पर और ेे रे भाइयों पर सवथ ूनकेान का कोध, जो उूचत रप से हेारे राष् पर आया है , सेाप हो जाए े 39 तब राजा ने कोध ेे आकर उसे और सब से भद अूधक बु रा सौंप ूूया, और इस बात को गमदरता से ूशया ूक उसने ठटों ेे उडायाे 40 सो वह पुरर ूनषशं क ेर गया, और अपना पूरा भरोसा यहोवा पर रखाे 41 पु्ों के पशातत सब से अ् ेे ेाता ेर गईे 42 अब ेू ूतथपूजा के उतवों, और घोर यातनाञं के ूवरय ेे कहने के ूशये इतना हद काफद है े अध्य 8 1 तब यहूा ेकाबद और उसके सारद ूछपकर नगरों ेे गए, और अपने कुटु नमयों को इकटे ूकया, और ूजतने यहूद धेथ ेे रे उन सभों को अपने पास शे ूशया, और कोई छ: हजार पुरर इकटे ूकएे 2 और उनोंने यहोवा से पारथना कद, ूक वह सब कुचशे हए शोगों पर दूष करे ; और ूु ष ेनुषों के कारम अपूव् हए ेन्र पर भद ूया करो;
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3 और वह उस नगर पर ूया करे गा, जो अ्् ूवकृत और ूेटद ेे ूेशा ूूया जानेवाशा है ; और उस खून को सु नो जो उसके ूशए रोया रा, 4 और ूनू्र ूूूुञक ं े ूु ष वध को, और उसके नाे कद ून्ा को सरम करो; और वह ूु षों के पूत अपनद घृमा पगट करे गाे 5 और जब ेकाबद ने उसके चारोंञर घेरा, तब अनजाूतयोंसे उसका साेना न हो सका; कोंूक यहोवा का कोध ूया ेे बूश गया राे 6 इसूशये वह अचानक आया, और नगरोंऔर नगरोंको फूंक डाशा, और बडे यानोंको अपने वू ेे कर ूशया, और अपने बहत से ू्ु ञक ं ो जदत ूशया और ेार डाशाे 7 पर्ु उसने ूवूेर रप से ऐसे गु प पयासों के ूशए रात का शाभ उठाया, इतना ूक उसकद पूव्ता का फश हर जगह फैश गयाे 8 सो जब ूफूशपुस ने ूे खा, ूक यह ेनुष तो बढता हद गया, और उसकद उरूत भद होतद गई, तब उस ने से शोूूर और फदनदके के हाूके टॉशे ेदस को प् ूशखा, ूक राजा के काे ेे और भद सहायता ूे े 9 तब उस ने तुर् पेट्ोोस के पु् ूनकानोर को, जो उसके खास ूे्ों ेे से एक रा, चुनकर उसके अधदन सभद जाूतयों के बदस हजार से के शोगों को भेजा, ूक यहूूयों कद सारद पदढद को जड से ूेटा ूे ; और उसके सार वह गोूगथ यास नाेक एक कपान भद ूाूेश हो गया, ूजसके पास युद के ेाेशों ेे बहत अनुभव राे 10 इसूशये ूनकानोर ने बनु ए यहूूयों से इतना धन केाने का बदडा उठाया, ूक वह ूो हजार ूककार कद कर राूू चुका सके, जो राजा को रोूेयों को ूे नद रदे 11 इसूशये उस ने तुर् सेु दतट के नगरोंेे भेज ूूया, और बनु ए यहूूयोंके ूवकय का सेाचार सु नाया, और यह पूतजा कद, ूक उनके पास पूत ूककार के बूशे ेे असद ूरदर हों, और उस पूतूोध कद आूा न रखद जो सवथ ूनकेान परेे शर कद ञर से उस पर आनेवाशा राे 12 जब यहूा को ूनकानोर के आने का सेाचार ूेशा, और उस ने अपने साूरयों को यह बता ूूया, ूक से ना उसके पास है े 13 जो डरपोक रे , और परेे शर के नाय पर भरोसा नहदं रखते रे, वे भाग गए, और भाग गएे 14 औरों ने जो कुछ उनके पास बचा रा, सब बे च डाशा, और यहोवा से ूबनतद कद, ूक वह उने बचा शे , और वे इकटे होने से पूहशे हद ूु ष ूनकानोर के हार से ूबक गएे 15 और यूू उनके ूनूेव नहदं, पर्ु उस वाचा के ूनूेव जो उस ने उनके पुरखाञं से बानद रद, और अपने पूव् और ेूहेाेय नाे के ूनूेव, ूजस से वे बु शाए गए रेे 16 तब ेकाबद ने अपने पुररोंको छ: हजार कद ूगनतद ेे इकटा ूकया, और उने सेझाया, ूक वे ू्ु से घबराएं नहदं, और अनजाूतयों कद उस बडद भदड से न डरे , जो उन पर अनाय करके चढाई करतद है ; शे ूकन ेूाथ नगद से शडने के ूशए, 17 और उन कद आं खों के सामने उस हाून को साेने रखे जो उनोंने पूव्यान को अनाय से पहं चाई, और ूजस नगर को उनोंने ठटों ेे उडाया, उस ेे कठोरता से काे ूशया, और अपने पुरखाञं कद पभुता को भद छदन ूशयाे 18 कोंूक उस ने कहा, वे अपके हूरयारोंऔर साहस पर भरोसा रखते है ; शे ूकन हेारा भरोसा सवथ ूनकेान पर है जो एक झटके ेे उन ूोनों को, जो हेारे नखशाफ आते है , और पूरद ूु ूनया को भद ूगरा सकता है े 19 और उस ने उनको यह भद बताया, ूक जब सने रदब के अधदन एक शाख असद हजार शोग ेारे गए रे, तब उनके पुरखाञं ने का का सहायता पाई, और ूकस पकार उनको छु टकारा ूेशाे 20 और उस ने उनको बाबु श ेे गशाूतयोंसे जो युद हआ या, उसका वमथन ूकया, ूक वे आठ हजार पुररोंको छोड, और चार हजार
ेूकूोूनयोंके साय काे करने आए, और ेूकूोूनयोंको घबराहट हई, और आठ हजार ने एक शाख बदस हजार को नाू कर डाशाे कोंूक उने सगथ से जो सहायता ूेशद रद, इस से उने बडद शू ट ूेशदे 21 इस पकार जब उस ने उनको ये बाते कहकर ूहयाव बाना, और ववया और ूे ू के ूशरे ेरने को तैयार ूकया, तब उस ने अपकद से ना को चार भागोंेे बां ट ूूया; 22 और ूेौन, यूसुफ, और योनातान सेे त अपने भाइयोंको अराथ त एक एक ूश के पधानोंको अपने साय ूेशा ूशया, और एक एक को पनह सौ पुरर ूे ूूएे 23 और उस ने एशदआजर को पूव् पुसक पढने को ठहराया; और उस ने उनको यह उपूे ू ूूया, ूक परेे शर कद सहायता; पहशे बै ड का नेतृष सयं कर रहे रे, 24 और सवथ ूनकेान कद सहायता से उनोंने अपने नौ हजार से अूधक ू्ु ञं को ेार डाशा, और ूनकानोर कद से ना के अूधकां ू भाग को घायश और पंगु बना ूूया, और इस पकार सभद को भगा ूूया; 25 और जो उने ेोश शे ने को आए रे , उनका रपया छदन ूशया, और उनका बहत ूू र तक पदछा ूकया, पर्ु सेय न पाकर वे शौट आएे 26 कोंूक वह ूवशाेूून से पूहशे का ूून रा, इस कारम उनोंने ूफर उनका पदछा न ूकयाे 27 इसूशये जब उनोंने अपने हूरयार इकटे ूकए, और अपने ू्ु ञं को शू ट ूशया, तब वे सब के ूून अपने आप ेे वस हो गए, और पभु कद अ्ूधक सु ूत और धनवाू ूकया, ूजसने उने उस ूून तक सु रूकत रखा, जो उन पर ूया कद ूुरआत रद े 28 और ूवशेूून के बाू उनोंने शू ट के ेाश ेे से टु मतडों, ूवधवाञं, और अनारों को बाँ ट ूूया, और जो बच रहा रा उसे आपस ेे और अपने से वकों ेे बां ट ूशयाे 29 जब यह हो गया, और उनोंने एक आे पारथना कद, तो उनोंने ूयाशु पभु से पारथना कद ूक वह अपने से वकों के सार हेे ूा के ूशए ेे श कर शे े 30 इसके अशावा जो तदेु ूरयुस और बाकाइूडस के सार रे, जो उनसे शडे रे , उनोंने बदस हजार से अूधक को ेार डाशा, और बहत आसानद से ऊंचे और ेजबू त ूकशे हाूसश कर ूशए, और बहत से शू ट को आपस ेे बां ट ूशया, और अपंगों, अनारों, ूवधवाञं को बना ूूया, हां , और पुरूनये भद शू ट ेे एक सेान है े 31 और जब उनोंने अपके अपके हूरयार इकटे कर ूशये, तब सब को चौकसद करके सु ूवधाजनक यानोंेे रख ूूया, और शू ट का जो बचा हआ वह यरूशे े को शे आएे 32 और उनों ने ूफशाचरस को भद ेार डाशा जो तदेु ूरयुस के सं ग का ूु ष ेनुष रा, और यहूूयों को बहत पकार से ूचढाता राे 33 इसके अशावा ऐसे सेय ेे जब वे अपने ूे ू ेे ूवजय के ूशए ूावत ेना रहे रे, उनोंने कैूशयेनेस को जशा ूूया, ूजनोंने पूव् दारों ेे आग शगा ूद रद, जो एक छोटे से घर ेे भाग गए रे; और इस पकार उसे अपनद ूु षता के ूशए पुरसार ूेशाे 34 और वह अ्् अभागा ूनकानोर जो यहूूयोंको ेोश शे ने के ूशरे एक हजार बोपारद शे आया या, 35 वह यहोवा कद सहायता से उन शोगों के दारा नदचे शाया गया, ूजन से उस ने के से के शे खा ूशया; और वह अपना ूोभायेान वस उतारकर, और अपनद टोशद को उतारकर, एक भगोडे ूास कद नाईं बदच ूे ू से होकर अ्ाूकया ेे आया, और उसका बडा अपेान हआ, और उसकद से ना नष हो गईे 36 इस पकार उस ने, ूजस ने यरूशे े ेे बनु ञं के दारा रोूेयों का कर चुकाने का भार अपने ऊपर शे ूशया, और यह भद कहा, ूक यहूूयों के ूशये शडनेवाशा परेे शर है , और इस कारम उने हाून
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नहदं हो सकतद, कोंूक वे ूनयेों का पाशन करते है े उसने उने ूे ूूया.
16 और पूव् ेन्र को, ूजसे उस ने पूहशे उजाड ूूया रा, उस को अचद भेटों से सजाएगा, और सब पूव् पा्ोंको और भद बहत से शौटा ूे गा, और बूशूानोंका खचाथ अपके हद धन से चुकाएगाे 17 हां, और वह सयं भद एक यहूद बन जाएगा, और उस सारे सं सार ेे घूेेगा जो बसा हआ रा, और परेे शर कद ूनक का पचार करे गा े 18 पर्ु इन सब बातोंपर भद उसका ूु :ख न रका, कोंूक परेे शर का नाय उस पर आ पहं चा रा; इसूशरे उस ने अपके साव से ूनराू होकर यहूूयोंके ूशरे ूबनतद करके इस रदूत से प् ूशखाे 19 अन्योख, राजा और हाूके, अचे यहूूयों के ूशये उसके नागररक बहत खुूद, साव और सेृ नद कद काेना करते है : 20 यूू तुे और तुमारे बाश-बचे कुूश से हो, और तुमारे काे से तुे स्ुष हो, तो ेै सगथ पर आूा रखकर परेे शर का बहत धनवाू करता हं े 21 जहां तक ेे रद बात है , ेै ूनबथ श रा, नहदं तो फारस से शौट आनेवाशे तेरे आूर और भशाई को ेै ने कृपा करके सरम ूकया होता, और जब तू भारद रोग से गस हो गया, तब ेै ने सब कद साेान सु रका का धान रखना आवशक सेझाे 22 ेै अपने साव पर अूवशास नहदं कर रहा हं , बन् इस बदेारद से बचने कद बडद आूा रखता हं े 23 पर्ु इस बात पर ूवचार करो, ूक ेे रा ूपता भद ूकस सेय ऊंचे ूे ूों ेे से ना शे गयाे उवराूधकारद ूनयुक ूकया, 24 इसूशरे ूक यूू कोई बात आूा के ूवपरदत घट जाए, या कोई ूु खूायद सेाचार आए, तो ूे ू के शोग यह जानकर, ूक राज ूकस को छोडा गया है , वाकुश न होंे 25 ूफर, इस बात पर ूवचार करते हए ूक कैसे हाूके जो ेे रे राज के सदेावत् और पडोसद है , अवसरों कद पतदका करते है , और आूा करते है ूक घटना का होगद े ेै ने अपने पु् अन्योख को राजा ूनयुक ूकया है , ूजसे ेै पाय: तुे ेे से बहतों के सामने सौंपता और पूंूसत करता रा, जब ेै ऊंचे पा्ों ेे जाता रा; ूजने ेै ने इस पकार ूशखा है : 26 इसूशये ेै पारथना करता हं , और तुे से ूबनतद करता हं , ूक जो उपकार ेै ने तुमारे सार ूकए है , वे साधारम और ूवूेर रप से सरम रखो, और ूक हर एक ेनुष अब भद ेु झ पर और ेे रे पु् पर ूवशासयोय बना रहे े 27 कोंूक ेै ूनूश् हं , ूक वह ेे रे ेन को सेझकर कृपापूवथक और कृपा करके तुमारद अूभशाराञं को पूरा करे गाे 28 इस पकार ह्ारा और ून्ा करनेवाशा अ्् ूु :ख भोगकर, औरोंसे ूबनतद करके, पहाडोंके पराए ूे ू ेे बहत ूु :ख से ेर गयाे 29 और ूफशे पुस जो उसके सार पशा रा, उसकद शोय को उठाकर शे गया, और वह भद अ्ाूकया के पु् के डर से ूेस ेे टॉशे ेदस ूफशोेे तोर के पास चशा गयाे
अध्य 9 1 शगभग उसद सेय अ्ाूकया अनाूर के सार फारस ूे ू से बाहर आया 2 कोंूक वह पसर पुूशस नाे नगर ेे पवे ू करके ेन्र को शू टने, और नगर पर अूधकार करने को गया रा; तब भदड अपने बचाव के ूशए अपने हूरयारों के सार ूौडद और उने भागने पर ेजबू र कर ूूया; और ऐसा हआ, ूक अ्ाूकया को ूनवाूसयों के हार से भगाया गया और वह शन्त होकर शौटाे 3 जब वह एकबताने ेे आया, तो उसे ूनकानोर और तदेु ूरयुस का सेाचार सु नाया गयाे 4 तब कोध से फूशनाे उसने यहूूयों से उस अपेान का बूशा शे ने कद सोचद, जो उन शोगों ने ूकया रा, ूजनोंने उसे भागने पर ेजबू र ूकया राे इसूशए उसने अपने साररद को आजा ूद ूक वह ूबना रके गाडद चशाए, और या्ा को आगे बढाए, परेे शर का नाय अब उसका पदछा कर रहा है े कोंूक उस ने घेण से इस पकार कहा रा, ूक वह यरूशे े ेे आएगा, और उसे यहूूयों कद साझद कबगाह बनाएगाे 5 पर्ु सवथ ूनकेान यहोवा, इसाएश के परेे शर ने उसे असाध और अदूतय वाूध से पदूडत कर ूूया; या जब उस ने ये बाते कहद,ं तो उसके पेट ेे ऐसा ूूथ हआ जो ठदक न होता रा, और उसके पेट ेे अकडन भरद पदडा हई; 6 और वह अ्् नायसं गत है , कोंूक उस ने ूू सरे ेनुषोंके ेनोंको बहत सद और परायद यातनाञंसे यातना ूद है े 7 तौभद वह अपनद डदंगे हां कता रहा, पर्ु ूफर भद घेण से भर गया, और यहूूयों पर कोध करके भडक उठा, और जलद करने कद आजा ूद; पर्ु ऐसा हआ ूक वह अपने रर से ूगर पडा, और बशपूवथक ूौडाे ; ूजससे उसके बु रद तरह ूगरने से उसके ूरदर के सभद अं गों को बहत ूूथ हआे 8 और इस पकार वह जो कुछ पूहशे सोचता या, ूक ेै सेु द कद शहरोंको आजा ूे सकता हं , (वह इतना घेणद रा ूक ेनुष कद नयूत से बाहर हो सकता है ) और ऊंचे पहाडों को तराजू ेे तौश सकता है , अब भूूे पर ूगरा ूूया गया, और एक घोडे के कूडे ेे शे जाया गया , ईशर कद सभद पकट ूनक को पूूूथत करनाे 9 यहां तक ूक उस ूु ष कद ूे ह ेे से कदडे ूनकश आए, और जब वह ूु ःख और पदडा ेे पडा रहा, तब उसका ेां स सू ख गया, और उसकद ूु गथन से उसकद सारद से ना को ूघन आतद रदे 10 और ूजस ेनुष ने कुछ हद पूहशे सोचा रा, ूक ेै आकाू के तारों तक पहं च सकता हं , उसकद असहनदय ूु गथन को कोई ेनुष सहन न कर सकेगाे 11 इसूशये यहां वह पदूडत होकर अपना बडा अूभेान ्ागने शगा, और परेे शर के सं कट से अपने आप को जानने शगा, और उसकद पदडा पूत कम बढतद गईे 12 और जब वह आप हद अपनद ूु गथन से न सह सका, तो ये बाते कहने शगा, ूक परेे शर के आधदन रहना उूचत है , और जो ेनुष ेरनहार है , वह अपने ूवरय ेे घेण न करे , यूू वह परेे शर होताे 13 उस ूु ष ने यहोवा कद यह भद ेरत ेानद, ूक वह अब उस पर ूया न करे गा, और योंकहा, 14 ूक पूव् नगर को, ूजसे वह भूूे ेे ूेशाने, और साधारम कूबसान बनाने को उतावशद करने को गया या, उसे सतं् कर ूे े 15 और यहूूयोंके ूवरय ेे , ूजने उस ने इस योय न सेझा, ूक गाडे जाएं , वरन उनके बचोंसेे त ूे ू से ूनकाश ूूए जाएं , ूक पूकयोंऔर बनपूुञं का आहार बन जाएं , और उन सभोंको उस ने एरेस के नागररकोंके तुल कर ूूयाे
अध्य 10 1 अब ेकाबद और उसकद ेणशद ने, जो यहोवा उनका अगु वा रा, ेन्र और नगर को पुनः पाप कर ूशया; 2 पर्ु अनजाूतयों ने जो वे ूूयां चौक ेे बनाई रद,ं और ूगरजाघरों को भद उनोंने ढा ूूयाे 3 और उनोंने ेन्र को ूुद करके एक और वे ूद बनाई, और पतरों को पदटकर उनेे से आग ूनकाशद, और ूो वरथ के बाू बूशूान चढाया, और धू प, और ूदपक, और भेट कद रोटद जशाईे 4 जब ऐसा हो गया, तो वे ेुं ह के बश ूगर पडे , और यहोवा से ूबनतद करने शगे , ूक हे ूफर ऐसद ूवपूव ेे न पडे ; पर्ु यूू वे ूफर उसके ूवरद पाप करते, तो वह आप हद उन पर ूया करता, और वे ून्ा करनेवाशद और कूर जाूतयोंके हार ेे न सौंपे जातेे
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5 ूजस ूून परूे ूूयों ने ेन्र को अपूव् ूकया, उसद ूून वह ूफर ूुद ूकया गया, अयाथ तत उसद ेहदने के पचदसवे ूून को, जो कैसशे ऊ कहशाता है े 6 और उनोंने झोपूडयों के परथ के सेान आन् के सार आठ ूून ेाने, और सरम ूकया, ूक कुछ हद सेय पहशे उनोंने झोपूडयों का परथ ेाना रा, जब वे पूुञं कद नाईं पहाडों और ेां ूों ेे ूफरते रेे 7 इसूशये उनोंने डाूशयां , सु ्र डाूशयां , और खजू र के पेड ूनकाशे , और उस के ूशये भजन गाए, ूजस ने उने अपना सान ूुद करने ेे सफश ूकया राे 8 और उनोंने एक साधारम ूवूध और ूनये के अनुसार ठहराया, ूक वे ूून पूत वरथ यहूूयों कद सारद जाूत के ूशये ेाने जाएं े 9 और अन्योख का अ्, जो एूपफानेस कहशाता है , यहद ं हआे 10 अब हे अ्ाूकया यूपाटर के काेों का, जो उस ूु ष का पु् या, युद कद ूवपूवयों का सं केप ेे वमथन करे गे े 11 सो जब वह राज के पास पहं चा, तब उस ने शू ूसयास को अपके राज के काे पर अूधकारनेद ठहराया, और उसे से शोूूर और फदनदके ेे अपना पधान हाूके ठहरायाे 12 कोंूक टॉशे ेदस ने, जो ेै कॉन कहशाता रा, यहूूयों के सार जो अनाय हआ रा उसका नाय करने का ूनशय करके, उनके सार ेे श बनाए रखने का यत ूकयाे 13 तब राजा के ूे्ों ने यूपेटर के सामने उस पर ूोर शगाया, और उस ने कुपुस को छोडकर, जो ूफशोेे टोर ने उसे सौंपा रा, और अन्योख एूपफेन को चशा गया, और यह ूे खकर ूक वह ूकसद समाननदय यान ेे नहदं है , बहत ूनराू हआ, और हर बात ेे उसे गदार कहा जाता राे , ूक उसने खुू को जहर ूे ूशया और ेर गयाे 14 पर्ु जब गोूगथ यास ररयासतों का हाूके रा, तब वह ूसपाूहयोंको भाडे पर शे ता, और शगातार यहूूयोंसे युद करता याे 15 और इस पकार इूू ूेयों ने बडे बडे यानोंको अपने वू ेे करके यहूूयोंको अपने वू ेे कर ूशया, और यरूशे े से ूनकाशे हए शोगोंको शे कर युद करने शगे े 16 तब ेकाबद के साूरयों ने पारथना करके परेे शर से ूबनतद कद, ूक वह हेारा सहायक हो; और इसूशए वे इूु ूेयों के गढों पर ूहं सा के सार भागे , 17 और उन पर पबश आकेम करके उनोंने गढों को जदत ूशया, और जो ूहरपनाह पर शडे रे उन सभों को ेार डाशा, और जो उनके हार शगे उनको ेार डाशा, और के से के बदस हजार को ेार डाशाे 18 और कोंूक कुछ शोग, ूजनकद सं खा नौ हजार से के नहदं रद, एक सार ूो बहत ेजबू त ूकशों ेे भाग गए, ूजनके पास घेराबं ूद को बनाए रखने के ूशए सभद पकार कद सु ूवधाजनक चदजे रद ं, 19 ेकाबद ने ूेौन और यूसुफ को, और जकई को, और अपने साूरयों को, जो उने घेरने के ूशये काफद रे, छोड ूूया, और उन सानों ेे चशा गया, जहां उस कद सहायता कद अूधक आवशकता रदे 20 और जो ूेौन के साय रे, उनोंने शोभ ेे पडकर, गढ ेे के कुछ शोगोंके दारा रपके का शाशच ूकया, और सवर हजार दखे शे ूशए, और उन ेे से कुछ को भाग जाने ूूयाे 21 पर्ु जब ेकाबद को यह सेाचार ूेशा, तो उस ने पजा के हाूकेोंको इकटे करके उन पुररोंपर ूोर शगाया, ूक उनोंने रपया शे कर अपने भाइयोंको बे च डाशा, और अपके ू्ु ञक ं ो उन से शडने के ूशरे सतं् कर ूूया है े 22 इसूशये उस ने ूवशासघाूतयोंको घात करके तुर् ूोनों ेहश शे ूशयेे 23 और जो कुछ उसके हार ेे आया उन सब ेे वह सफश हआ, और उन ूोनों ेे से बदस हजार से अूधक को ेार डाशाे
24 तदेु ूरयुस ने, ूजस को यहूूयों ने पूहशे हद परास कर ूशया रा, जब उस ने बहत सद परूे ूद से ना, और कुछ न कुछ घोडे एूूया से इकटे कर ूशए रे , ेानो हूरयारों के बश से यहूूयों को शे शे ना चाहता राे 25 पर्ु जब वह ूनकट आया, तो ेकाबद के साूरयों ने पदछे ेु डकर परेे शर से पारथना कद, और अपने ूसरों पर ूेटद ूछडककर, और अपनद केर ेे टाट बान ूशयाे 26 और वे ूद के पां व पर ूगरकर उस से ूबनतद करने शगे , ूक वह उन पर ूया करे , और ववया के अनुसार उनके ू्ु ञं का ू्ु , और उनके दोूहयों का दोहद होे 27 इसूशये पारथना के बाू वे अपने हूरयार शे कर नगर से आगे चशे गए, और जब अपने ू्ु ञं के ूनकट पहं चे, तो अशग हद रहे े 28 जब सू यथ नया ूनकशा, तो उनोंने ूोनों को आपस ेे ूेशा ूशया; एक पक अपने सूत गु मों के सार-सार अपनद सफशता और जदत कद पूतजा के ूशए भगवान कद ूरम ेे है ; ूू सरा पक अपने कोध को अपनद शडाई का नेता बना रहा है 29 पर्ु जब शडाई बहत बढ गई, तो सगथ से ू्ु ञं को घोडों पर सवार, सोने कद शगाे ूशए हए, पां च सु ्र पुरर ूूखाई ूूए, और उन ेे से ूो यहूद अगु वाई कर रहे रेे 30 और उन के बदच ेे ेकाबद को पकड ूशया, और उसे चारों ञर से हूरयार से ढां प ूूया, और उसे बचाए रखा, पर्ु ू्ु ञं पर तदर और ूबजशद चशाई, यहां तक ूक वे अने हो गए और सं कट से भर गए और ेारे गएे 31 और बदस हजार पां च सौ पाूे , और छ: सौ सवार ेारे गएे 32 और तदेु ूरयुस आप गवरा नाेक एक बहत दढ गढ ेे भाग गया, जहां चेररअस राजपाश राे 33 पर्ु ेकाबद के साूरयों ने साहसपूवथक चार ूून तक गढ को घेरा रखाे 34 और जो भदतर रे, उनोंने उस सान कद ेजबू तद पर भरोसा करके बहत हद ून्ा कद, और बु रद बाते कहदें 35 तौभद पां चवे ूून सवे रे ेै काबद कद ेणशद के बदस जवानों ने ून्ा के कारम कोध से जशकर, ूहरपनाह पर धावा बोश ूूया, और बडे साहस के सार उन सभों को ेार डाशा ूजनसे वे ूेशे रेे 36 और और शोग भद उनके पदछे चशे , और भदतर वाशों से उशझ गए, और गु मट फूंक ूूए, और आग जशाकर ून्कों को जदूवत जशा डाशा; और औरों ने फाटक तोड डाशे , और बाकद से ना शे कर नगर पर कबा कर ूशयाे 37 और तदेु ूरयुस को जो ूकसद गडहे ेे ूछपा रा, और उसके भाई चेररअस को अपोशोफेनस सेे त ेार डाशाे 38 जब यह हो गया, तब उनोंने भजन गाकर और धनवाू करके यहोवा कद सु ूत कद, ूजस ने इसाएश के ूशरे बडे बडे काे करके उनको जय ूूशाईे अध्य 11 1 कुछ हद सेय बाू, राजा का सं रकक और चचेरा भाई शू ूसयास, जो ेाेशों का पबं धन भद करता रा, ने जो कुछ ूकया गया उसके ूशए बहत अपसरता वक कदे 2 और जब उस ने सब सवारोंसेे त कोई असद हजार पुरर इकटे ूकए, तब उस ने यह सोचकर यहूूयोंपर चढाई कद, ूक नगर को अनजाूतयोंका ूनवास कर ूे े 3 और अनजाूतयों के अन ूगरजाघरों के सेान ेन्र का शाभ उठाना, और पूत वरथ ेहायाजक पू कद ूबकद करना; 4 परेे शर कद ूनक पर कुछ भद ूवचार न ूकया, पर्ु अपने शाखों पाूों, और हजारों सवारों, और असद हाूरयोंपर फूशा हआे 5 तब वह यहूूया ेे आया, और बे तसू रा के ूनकट पहं चा, जो एक दढ नगर तो या, पर्ु यरूशे े से कोई पां च ेदश ूू र रा, और उस ने उसे घेर ूशयाे 158
6 जब ेकाबद के साूरयों ने सु ना, ूक उस ने गढोंको घेर ूशया है , तो उनोंने और सब शोगोंने ूवशाप करके और आं सू बहाकर यहोवा से ूबनतद कद, ूक वह इसाएश को छु डाने के ूशरे एक अचा ूू त भेजेे 7 तब ेकाबद ने सब से पूहशे आप हद हूरयार शे कर एक ूू सरे को यह उपूे ू ूूया, ूक हे भद उसके सार अपने भाइयों कद सहायता के ूशरे अपने आप को जोनखे ेे डाशे ; सो वे पसर ेन से आगे बढे े 8 और जब वे यरूशे े ेे रे, तो शे त वस पूहने हए एक पुरर सोने का कवच ूहशाए हए उनके सामने ूूखाई ूूयाे 9 तब उनोंने सब ूेशकर ूयाशु परेे शर कद सु ूत कद, और ूहयाव बान ूशया, यहां तक ूक वे न केवश ेनुषों से , वरन कूर से कूर पूुञं से भद शडने, और शोहे कद ूहरपनाह को भेूने को तैयार हो गएे 10 इस पकार वे अपने कवच पूहने हए, और सगथ से एक सहायक पाकर आगे बढते गए; कोंूक यहोवा उन पर ूयाशु राे 11 और उनोंने अपने ू्ु ञं पर ूसं होंके सेान धावा करके यारह हजार पाूोंको, और सोशह सौ सवारोंको ेार डाशा, और सब को भगा ूूयाे 12 और उन ेे से बहतेरे घायश होकर नंगे हद भाग ूनकशे ; और शू ूसयास आप हद शन्त होकर भाग गया, और बच गयाे 13 और जो सेझूार पुरर रा, उस ने अपनद हाून का भार आप हद पर डाश ूूया, और यह सेझकर, ूक इूबयोंपर जय नहदं पाई जा सकतद, इसूशये ूक सवथ ूनकेान परेे शर ने उनकद सहायता कद, उस ने उनके पास भेजाे 14 और उने सभद उूचत ूत् पर सहेत होने के ूशए राजद ूकया, और वाूा ूकया ूक वह राजा को ेनाएगा ूक उसे उनका ूे् बनना चाूहए े 15 तब ेै काबद ने सवथ साधारम कद भशाई का धान रख कर, शू ूसयास कद सारद इचा पूरद कर शद; और जो कुछ ेै काबद ने यहूूयों के ूवरय ेे शू ूसयास को ूशखा, वह राजा ने ेान ूशयाे 16 कोंूक शू ूसयास के यहूूयोंके पास इस आूय कद ूचूटयां ूशखद गईं, ूक शू ूसयास ने यहूूयोंके शोगोंको नेसार भेजाे 17 यूहरा और अबोशोे ने जो तेरद ञर से भेजे गए रे, ेु झे ूसखत कद हई अज् सौंप ूद, और उसके ूवरय के पूरा करने के ूशरे ूबनतद कदे 18 इसूशये जो कुछ राजा को बताने योय रा, वह ेै ने बता ूूया है , और उस ने ूजतना हो सकता रा, ूे ूूया है े 19 और यूू उस सेय तुे राज के पूत ूनतावान बने रहोगे , तो ेै भूवष ेे भद तुमारद भशाई का साधन बनने का यत कर ं गाे 20 पर्ु ूववरम के ूवरय ेे ेै ने इन ूोनोंको, और उन को भद, जो ेे रद ञर से आए है , आजा ूद है , ूक तुे से बातचदत करोे 21 तुमारा भशा होे एक सौ आठ चाशदसवाँ वरथ, डायोसोररं ूरयस ेहदने का चार और बदसवाँ ूूने 22 राजा के प् ेे ये बाते रद,ं ूक राजा अ्ाूकया ने अपने भाई शू ूसयास को नेसार भेजाे 23 चूँूक हेारा ूपता ूे वताञं ेे पररवूतथत हो गया है , इसूशए हेारद इचा यह है ूक जो हेारे के् ेे है वे ूां ूत से रहे , ताूक हर एक अपना काे सयं कर सकेे 24 हे यह भद सेझते है , ूक यहूूयों ने अनजाूतयों कद रदूत पर शाए जाने के ूशये हेारे ूपता कद बात नहदं ेानद, पर्ु अपना अपना चाशचशन बनाए रखा; ूजस कारम से वे हे से अपेका करते है , ूक हे उने ऐसा करने ूे े अपने सयं के कानूनों के अनुसार ूजएं े 25 इसूशरे हे ने यह ठाना है , ूक यह जाूत ूवशाे ेे रहे , और हे ने ठान ूशया है , ूक हे उनका ेन्र ूफर बसाएं , ूक वे अपके पुरखाञं कद रदूत के अनुसार बसे े
26 इसूशये तू अचा करे गा, ूक उन के पास भेज, और उने ूान् ूे , ूक जब वे हेारद ेन कद बातों से परखे जाएं , तब उने बडद ूान् ूेशे , और वे सूै व पसर होकर अपना काे करते रहे े 27 और यहूूयों कद जाूत के नाे राजा का प् इस पकार रा, ूक राजा अ्ाूकया ने ेहासभा को और ूेर यहूूयोंको नेसार भेजाे 28 यूू तुे कुूश से रहो, तो हेारद अूभशारा है ; हेारा साव भद अचा है . 29 ेनेशौस ने हे से कहा, ूक तेरद अूभशारा घर शौटकर अपना अपना काे करने कद है े 30 इसूशये जो शोग पयान करे गे वे जै न्कस के तदसवे ूून तक सु रका के सार सु रूकत आचरम करे गे े 31 और यहूद पूहशे के सेान अपके अपके भोजन और ूवूध का पयोग करे गे ; और उनेे से ूकसद को भद अजानतापूवथक ूकए गए काेों के ूशए ूकसद भद तरह से परे ूान नहदं ूकया जाएगाे 32 ेै ने ेनेशौस को भद इसूशये भेजा है , ूक वह तुमे ूान् ूे े 33 तुमारा भशा होे एक सौ अडताशदसवे वरथ ेे , और जै ूरकस ेहदने का पंदहवाँ ूूने 34 रोूेयों ने भद उनके पास एक प् भेजा, ूजस ेे ये वचन रे, ूक रोूेयों के राजूू त ू्ंटस ेे ूेयस और टाइटस ेै नूशयस ने यहूूयों के शोगों को नेसार भेजा है े 35 राजा के चचेरे भाई शू ूसयास ने जो कुछ ूूया, उस से हे भद पसर है े 36 पर्ु जो बाते उस ने राजा के समुख सेझद हों, उनके ूवरय ेे अपकद समूत के अनुसार एक पुरर को तुर् भेज ूे ना, ूक जो तुमारे ूशये सु ूवधाजनक हो, हे बता सके; कोंूक अब हे अ्ाूकया को जानेवाशे है े 37 इसूशये कुछ को ूदघ भेजो, ूक हे जान शे ूक तुमारे ेन ेे का है े 38 ूवूाई. यह एक सौ आठ चाशदसवाँ वरथ, जै ूरकस ेहदने का पंदहवाँ ूूने अध्य 12 1 जब ये वाचाएँ बनद रद,ं तो ूशूसयास राजा के पास गया, और यहूद अपने पूत के बारे ेे रेे 2 पर्ु कई यानों के हाूकेों ेे से तदेु ूरयुस और गे रुस का पु् अपोशोूनयुस, और ूहरोूनेस, और डे ेोफोन, और उनके अशावा साइपस के हाूके ूनकानोर ने उने ूा् रहने और ूान् से रहने न ूूयाे 3 याफा के पुररों ने भद ऐसा ूु ष काे ूकया, ूक उनोंने अपने बदच ेे रहनेवाशे यहूूयोंसे पारथना कद, ूक वे अपनद नसयोंऔर बचोंसेे त उन नावोंपर जो उनोंने तैयार कद यद, चशे जाएं , ेानो उनोंने उन को कोई हाून न पहं चाई होे 4 और नगर कद साधारम आजा के अनुसार उनोंने इसे ेान ूशया, ूक ेे श से रहना चाहते है , और कुछ भद सं ूेह नहदं करते; पर्ु जब वे गहरे ेे चशे गए, तो उन ेे से के से के ूो सौ डूब गएे 5 जब यहूा ने अपने ूे ूवाूसयों पर ूकए गए इस अ्ाचार का सेाचार सु ना, तो उस ने अपने साूरयों को तैयार करने कद आजा ूदे 6 और उस ने धे् नायद परेे शर को पुकारकर अपके भाइयोंके घात करनेवाशोंपर चढाई कद, और रात हद रात पनाहगाह को फूंक डाशा, और नावोंेे आग शगा ूद, और जो वहां भाग गए उनको घात ूकयाे 7 और जब नगर ब् हो गया, तब वह पदछे कद ञर चशा, ेानो याफा नगर के सब शोगों को जड से उखाड फेकना चाहता होे 8 पर्ु जब उस ने सु ना, ूक जेूनयोंने अपने बदच ेे रहनेवाशे यहूूयोंके सेान करने कद ेनसा कद है ,
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9 और उस ने रात हद रात येु ूनयोंपर चढाई कद, और ब्रगाह और नौसे ना ेे आग शगा ूद, यहां तक ूक आग कद रोूनद यरूशे े ेे ूो सौ चाशदस ेदश ूू र तक ूूखाई ूदे 10 जब वे वहां से नौ ेदश आगे तदेु ूरयुस कद ञर चशे , तो पां च हजार से के पैूश और पां च सौ अरब सवार उस पर सवार हो गएे 11 तब बहत भयंकर युद हआ; पर्ु परेे शर कद सहायता से यहूा का पक जदत गया; ूजससे पराूजत होकर अरब के खानाबूोूों ने यहूा से ूां ूत कद पारथना कद, और उसे ेवे ूद ूे ने और अनरा उसे पसर करने का वाूा ूकयाे 12 तब यहूा ने सचेु च यह सोचकर ूक हे से बहत शाभ होगा, उनको ूान् ूद, और उनोंने हार ूेशाया, और अपने अपने डे रे को चशे गएे 13 और वह एक दढ नगर के ूशये पुश बनाने को गया, जो चारों ञर से ूदवारों से ूघरा हआ रा, और ूभर ूभर ूे ूों के शोग उस ेे रहते रे; और उसका नाे कैनसस राे 14 पर्ु जो उसके भदतर रे, उनोंने ूहरपनाह कद ेजबू तद और भोजन कद ववया पर ऐसा भरोसा रखा, यहां तक ूक वे यहूा के साूरयों के सार अभद ववहार करने शगे , और ून्ा और ून्ा करने शगे , और ऐसद बाते कहने शगे जो बोशने योय नहदं रदें 15 इसूशये यहूा ने अपनद ेणशद सेे त जगत के ेहान पभु को पुकारा, ूजसने यहोूू के सेय ेे ूबना ेे ढों या युद के इं जनों के यरदहो को ूगरा ूूया, और ूहरपनाह पर भयंकर आकेम ूकया, 16 और परेे शर कद इचा से नगर को शे ूशया, और अकरनदय ेारकाट कद, यहां तक ूक उसके ूनकट ूो ेदश चौडद एक झदश भर गई, और खून से बहतद हई ूूखाई ूदे 17 तब वे वहां से साढे सात सौ ेदश आगे चशकर चरका ेे उन यहूूयोंके पास पहं चे, जो तूबदनद कहशाते है े 18 पर्ु तदेु ूरयुस को उनोंने कहद ं न पाया; कोंूक वह कुछ भद भेजने से पूहशे हद, एक बहत हद दढ ूश को एक गढ ेे छोड कर वहां से चशा गयाे 19 पर्ु ूोूसरयुस और सोसदपतरस ने, जो ेकाबद के सरूारों ेे से रे, आगे बढकर, ूजनको तदेु ूरयुस ने गढ ेे छोड ूूया या, उन को जो ूस हजार से अूधक पुरर रे, ेार डाशाे 20 और ेकाबद ने अपनद से ना को ूश बनाकर इकटा ूकया, और उने ूशों के ऊपर ठहराया, और तदेु ूरयुस पर चढाई कद, ूजसके शगभग एक शाख बदस हजार पाूे और ूो हजार पां च सौ सवार रेे 21 जब तदेु ूरयुस को यहूा के आने का सेाचार ूेशा, तब उस ने नसयों, बचोंऔर अन साेान को काूनथयॉन नाेक गढ ेे भेज ूूया; कोंूक उस नगर को घेरना कूठन रा, और सब यानोंकद तंगद के कारम उस तक पहं चना कूठन राे . 22 पर्ु जब उसका पूहशा ूश यहूा के साेने आया, तो उसके ू्ु जो सब कुछ ूे खता है , उसके कारम भय और भय से भर गए, और एक ञर भाग गए, कोई इस ञर, और कोई उस ञर, यहां तक ूक वे बार बार चोट खाते रेे अपने हद आूूेयों से , और अपनद हद तशवारों कद नोंक से घायश हएे 23 यहूा भद उनका पदछा करने ेे बडा शगा, और उन ूु षोंको घात ूकया, और उन ेे से उस ने कोई तदस हजार पुररोंको घात ूकयाे 24 और तदेु ूरयुस आप हद ूोूसरयुस और सोूसपतरस के हार ेे पड गया, और उस ने उन से बहत ूबनतद कद, ूक वह उसे पाम से छोड ूे , कोंूक उसके बहत से यहूद ेाता-ूपता और उन ेे से कुछ के भाई रे, यूू वे ेार डाशते उसे ेौत के घाट उतार ूूया जाए, इस पर ूवचार नहदं ूकया जाना चाूहएे 25 तब उस ने उने बहत सेझाकर यह ूवशास ूूशाया, ूक वह वाचा के अनुसार उनको हाून पहं चाए ूबना शौटा ूे गा, और उनोंने अपने भाइयोंके बचाव के ूशरे उसे जाने ूूयाे 26 तब ेै काबद ने काूनथयॉन और अटागथ ूतस के ेन्र कद ञर पयान ूकया, और वहां पचदस हजार पुररोंको ेार डाशाे
27 और जब उस ने उनको भगाकर नाू कर डाशा, तब यहूा ने से ना को एपोन कद ञर, जो एक दढ नगर या, ूजस ेे शू ूसयास रहता या, और ूभर ूभर जाूतयोंकद बडद भदड को हटा ूूया, और बशव् जवानोंने ूहरपनाह कद रका कद, और वदरता से उनकद रका कद; इं जन और डाटतथ स का भद बूढया पावधान राे 28 पर्ु जब यहूा और उसकद ेणशद ने सवथ ूनकेान परेे शर को, जो अपनद ूनक से अपने ू्ु ञं कद ूनक को तोड डाशता है , पुकारा, तब उनोंने नगर को जदत ूशया, और उसके भदतर के पचदस हजार पुररों को ेार डाशाे 29 वहां से वे ूसरोपुूशस को चशे गए, जो यरूशे े से छ: सौ ेदश ूू र है े 30 पर्ु जब वहां रहनेवाशे यहूूयोंने यह गवाहद ूद, ूक नसरोपोूशटन उन से पेे रखते रे, और ूवपूव के सेय ेे उन से पदूत रखते रे; 31 और उनोंने उनका धनवाू करके यह चाहा, ूक वे हेारे सार ूे्ता बनाए रखे; और वे यरूशे े ेे , जो सपाहों का परथ है , आएे 32 और ूप्ेकुस नाेक पवथ के बाू वे इूु ूेया के हाूके गोूगथ यास के ूवरद आगे बढे े 33 और वह तदन हजार पाूोंऔर चार सौ सवारोंके साय ूनकशाे 34 और ऐसा हआ ूक जब वे आपस ेे शड रहे रे, तो बहत से यहूद ेारे गएे 35 उस सेय बे सेनोर कद टोशद ेे से एक डोूसूरयस, जो घोडे पर सवार रा, और एक बशवान ेनुष रा, अभद भद गोूगथ यास पर रा, और उसका कोट पकडकर उसे बशपूवथक खदच ं ूशया; और जब वह उस ूाूपत वनक को जदूवत शे जाना चाहता रा, थेूसया के एक घुडसवार ने उसके पास आकर उसके कंधे पर वार ूकया, ूजससे गोूगथ यास ेाररसा के पास भाग गयाे 36 अब जब गोूगथ यास के सारद बहत ूे र तक शडते रहे , और रक गए, तब यहूा ने यहोवा से पारथना कद, ूक वह अपने आप को उनका सहायक और शडाई का नेता ूूखाएे 37 और इसके सार हद उसने अपनद भारा ेे ूुरआत कद, और ऊंचे सर से भजन गाया, और गोूगथ यास के आूूेयों पर अनजाने ेे हेशा ूकया, उसने उने भगा ूूया े 38 तब यहूा अपकद से ना इकटद करके ञूोले नगर ेे आया, और जब सातवे ूून आया, तब रदूत के अनुसार अपने आप को ूुद ूकया, और उसद सान ेे ूवशेूून ेानाे 39 और अगशे ूून, जै सा ूक पहशे हआ रा, यहूा और उसकद टोशद ेारे गए शोगों कद शोरे शे ने, और उनके कुटु नमयों के सार उनके पुरखाञं कद कबों ेे गाडने को आईे 40 और ेारे गए हर एक के वस के नदचे उने जू्यों कद ेू रतों कद पूव् कद हई वसु एं ूेशद,ं जो यहूूयों के ूशये ववया के अनुसार वूजथ त रदें तब हर ेनुष ने ूे खा ूक यहद कारम है ूक वे ेारे गएे 41 इसूशये सब ेनुष यहोवा कद सु ूत करते है , जो धे् नायद है , ूजस ने गु प बातों को खोशा है े 42 और पारथना करने शगे , और उस से ूबनतद कद, ूक जो पाप ूकया गया है वह सरम से ूेट जाएे इसके अशावा, उस ेहान यहूा ने शोगों को खुू को पाप से ूू र रखने के ूशए पोताूहत ूकया, कोंूक उनोंने अपनद आं खों के साेने ेारे गए शोगों के पापों के ूशए होने वाशद घटनाञं को ूे खा राे 43 और जब उस ने सारद ेणशद ेे से ूो हजार ूकथेन चा्द इकटद कद, तब उस ने उसे पापबूश करने के ूशरे यरूशे े को भेज ूूया, और पुनरतान का सरम करके बहत अचा और सचाई से काे ूकयाे 44 कोंूक यूू उस ने यह आूा न कद होतद, ूक ेारे हए शोग ूफर जद उठते, तो ेरे हञं के ूशये पारथना करना वरथ और वरथ होताे
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45 और यह भद ूक उस ने यह जान ूशया, ूक जो शोग भनक से ेरे , उन पर बडद कृपा कद गई, यह एक पूव् और अचा ूवचार राे इसके बाू उसने ेृ तकों के ूशए ेे श-ूेशाप कराया, ताूक उने पाप से ेु नक ूेश सकेे
18 जब राजा ने यहूूयोंके पुररष का साू चख ूशया, तब उस ने युनक से उन पर अूधकार कर ूशयाे 19 और बे तसू रा कद ञर बढा, जो यहूूयों का गढ या; पर्ु वह भाग गया, और असफश हो गया, और अपने जनों से हार गयाे 20 कोंूक यहूा ने उस ेे के शोगोंको जो आवशक रा वह बता ूूया याे 21 पर्ु रोडोकस ने जो यहूूयोंकद से ना ेे या, उस ने ू्ु ञप ं र भेू पगट ूकया; इसूशये उसकद खोज कद गई, और जब वह ूेश गया, तो उसे ब्दगृ ह ेे डाश ूूयाे 22 और राजा ने ूू सरद बार बे तसु े ेे उन से बताथ व ूकया, अपना हार ूूया, और उनका छदन ूशया, और चशा गया, और यहूा से शडा, और हार गया; 23 सु ना है ूक ूफूशपुस, जो अ्ाूकया ेे काे-काज से बचा हआ रा, बहत उूास हो गया रा, ूनराू हो गया रा, उसने यहूूयों से पारथना कद, अपने आप को सेूपथत कर ूूया, और सभद सेान ूत् कद ूपर शद, उनसे सहेत हआ, और बूशूान चढाया, ेन्र का समान ूकया, और ूयाशु ता से ववहार ूकया यान, 24 और ेकाूबयुस को पसर ूकया, और उसे पतोशे ेाइस से शे कर गे रहे ूनयों तक का पधान अूधपूत ूनयुक ूकया; 25 पतोशे ेाइस को आए, और वहां के शोग वाचा के कारम उूास हए; कोंूक उनोंने आकेम ूकया, कोंूक वे अपनद वाचा को वरथ कर ूे गे; 26 शू ूसयास नाय आसन के पास गया, और ेु कूेे के पक ेे ूजतना हो सके कहा, सेझाया, और ूां त ूकया, उन पर अचा पभाव डाशा, और अ्ाूकया को शौट गयाे इस पकार यह राजा के आने और जाने को सूथ करता हआ चशा गयाे
अध्य 13 1 एक सौ उनताशदसवे वरथ ेे यहूा को यह सेाचार ूेशा, ूक अ्ाूकया यूपाटर बडद ूनक के सार यहूूया ेे आ रहा है े 2 और उसके सार ूशूसयास उसका रकक, और उसके ेाेशों का ूासक रा, और उनेे से एक के पास एक यूनानद से ना के पैूश सै ूनक, एक शाख ूस हजार, और पां च हजार तदन सौ घुडसवार, और ूो और बदस हारद, और तदन सौ रर रेे हक. 3 ेे नेशौस भद उनके सार ूेश गया, और बडे छश से अ्ाूकया को ूे ू कद रका के ूशये नहदं, पर्ु इसूशये पोताहन ूूया, ूक वह राजपाश बनाया गया है े 4 पर्ु राजाञं के राजा ने अन्योख का ेन इस ूु ष ूु ष के ूवरद कर ूूया, और शू ूसयास ने राजा को सेाचार ूूया, ूक यहद ेनुष सब उपदव का कारम है , और राजा ने उसे ूबरदया ेे शे जाकर ेार डाशने कद आजा ूद; ढं ग उस जगह पर है . 5 उस सान ेे पचास हार ऊंचा एक गु मट रा, जो राख से भरा हआ रा, और उस ेे एक गोश यं् शगा हआ रा, जो राख ेे चारों ञर शटका हआ राे 6 और जो कोई अपूव्ता का ूोरद ठहराया गया, या कोई अन गं भदर अपराध ूकया गया, उसे सभद शोगों ने ेौत के घाट उतार ूूयाे 7 वह ूु ष ेनुष ऐसद ेृ ्ु हई, ूक उसे भूूे ेे गाडने तक न ूेशा; और वह सबसे नायसं गत है : 8 कोंूक उस ने वे ूद के ूवरय ेे , ूजसकद आग और राख पूव् रद, बहत से पाप ूकए रे, इस कारम वह राख ेे हद ेर गयाे 9 अब राजा कूर और घेणद ेन से यहूूयों के सार अपने ूपता के सेय से भद अूधक बु रा करने को आयाे 10 जब यहूा ने यह जान ूशया, तब उस ने शोगों को आजा ूद, ूक रात ूून पभु से पारथना ूकया करो, ूक यूू कभद और सेय पडे , तो अब भद वह उनकद सहारता करे , और जब वे अपनद ववया से और अपने ूे ू से ूनकाशे जाएं े और पूव् ेन्र से : 11 और वह उन शोगों को, जो अब रोडे हद ताजा हो गए रे, ून्ा करनेवाशे राष्ों के अधदन होने न ूे गाे 12 सो जब वे सब एक सं ग ऐसा कर चुके, और रोते और उपवास करके ूयाशु पभु से पारथना करते रहे , और तदन ूून तक भूूे पर ेुं ह के बश शे टे रहे , तब यहूा ने उनको सेझाकर आजा ूद, ूक तैयार रहोे 13 और यहूा ने पुरूनयोंसे अशग होकर यह ूनशय ूकया, ूक राजा कद से ना यहूूया ेे पवे ू करके नगर पर कबा कर शे , ूक ूनकशकर यहोवा कद सहायता से युद करके ेु कदेा सु शझाएे 14 इसूशए जब उसने सब कुछ सं सार के रचूयता को सौंप ूूया, और अपने सै ूनकों को कानून, ें ूूर, ूहर, ूे ू और राष्ें डश के ूशए ेृ ्ु तक, यहां तक ूक साहसपूवथक शडने के ूशए पेररत ूकया, तो उसने ेोूदन के पास डे रा डाशा: 15 और अपने आस पास के शोगोंको यह ूचतौनद ूद, ूक जय परेे शर कद ञर से होतद है ; वह सबसे वदर और चुने हए जवानों के सार रात को राजा के तमू ेे गया, और छावनद ेे शगभग चार हजार पुररों, और हाूरयों के सरूारों को, उन सभों सेे त, जो उस पर सवार रे, ेार डाशाे 16 और अ् ेे उनोंने छावनद को भय और कोशाहश से भर ूूया, और बडद सफशता से चशे गएे 17 यह पौ फटते हद हआ, कोंूक यहोवा कद ूरम से उसे सहायता ूेशदे
अध्य 14 1 तदन वरथ के बाू यहूा को यह सेाचार ूेशा, ूक से लूकस का पु् ूे ेेू्युस बडद ूनक और नौसे ना के सार ू्पोशदस के गढ ेे पवे ू ूकया है े 2 और ूे ू पर अूधकार कर ूशया, और अ्ाूकया को और उसके सं रकक शू ूसयास को ेार डाशाे 3 अब अशसदेस नाे का एक पुरर जो ेहायाजक रा, और अनजाूतयों के सार घुशूेशकर अपने आप को जान बू झकर अूुद करता रा; 4 एक सौ एक पचासवे वरथ ेे ूे ेेू्युस राजा के पास आया, और उसे सोने का एक ेु कुट, और एक ताड का पेड, और वे टहूनयाँ भद ूद ं जो ेन्र ेे पूव् कद जातद रद;ं और उस ूून वह चुप रहाे 5 तौभद उसे अपना ेू खथतापूमथ उदे बढाने का अवसर ूेशा, और ूूेे ू्युस ने उसे समूत ूद, और पूछा, ूक यहूूयों पर का पभाव पडा, और उनका का इराूा है , तो उस ने उवर ूूया: 6 यहूूयों ेे से ूजने उस ने असदूद कहा, और ूजनका पधान यहूा ेकाबद है , वे युद के पोरक और राजदोहद है , और बाूकयों को चैन से न रहने ूे तेे 7 इसूशरे ेै अपके पुरखाञंकद अराथ त ेहायाजकपू कद पूतता से वं ूचत होकर अब यहां आया हं : 8 सबसे पहशे , वासव ेे ेु झे राजा कद बातों कद झूठद परवाह है ; और ूू सरद बात, इसके ूशए ेै अपने ूे ूवाूसयों का भशा करना चाहता हं : कोंूक उनके पूव्क अनुूचत ववहार के कारम हेारा पूरा राष् छोटे ूु ख ेे है े 9 इसूशये, हे राजा, यह सब बाते जानते हए भद, उस ूे ू और हेारद जाूत के ूशये चौकसद करना, जो चारों ञर से सं कट ेे है , उस ूया के अनुसार जो तू सब पर तुर् पकट करता है े 10 कोंूक जब तक यहूा जदूवत है , यह समव नहदं ूक राज ूा् रहे े
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11 यह बात उसके ूवरय ेे कभद नहदं कहद गई, पर्ु राजा के और ूे्ों ने यहूा के पूत दे र उतर करके ूे ेेू्युस को और अूधक भडकायाे 12 और उस ने तुर् ूनकानोर को जो हाूरयोंका सरूार रा, बु शाकर यहूूया पर हाूके ठहराया, और उसे आगे भेजाे 13 और उसे यहूा को घात करने, और उसके साूरयों को ूततरूबतर करने , और अशूकेु स को बडे ेन्र का पधान याजक बनाने कद आजा ूदे 14 तब अनजाूतयां जो यहूूया से यहूा के पास से भाग गई रद,ं वे यहूूयों कद हाून और ूवपूव को अपना भशा सेझकर झुण बनाकर ूनकानोर ेे आईंे 15 जब यहूूयों ने सु ना, ूक ूनकानोर आ रहा है , और अनजाूतयां उनके ूवरद हो गई है , तो उनोंने अपने ूसरों पर ूेटद डाशद, और उस से ूबनतद करने शगे , ूजस ने अपनद पजा को सवथ ूा के ूशरे नयर ूकया या, और जो अपके भाग को सूा अपनद उपनयूत से पगट करके सहायता करता या; . 16 इसूशये सरूार कद आजा के अनुसार वे वहां से सदधे चशे , और ूे सौ नगर ेे उनके ूनकट पहं चेे 17 अब यहूा का भाई ूेौन, ूनकानोर के सार युद ेे ूाूेश हो गया रा, पर्ु अपने ू्ु ञं कद अचानक चुपद से कुछ हू तक परे ूान राे 18 तौभद ूनकानोर ने यहूा के साूरयों कद वदरता, और अपने ूे ू के ूशरे शडने का साहस सु ना, और उस को तशवार से परखने का साहस न ूकयाे 19 इसूशरे उस ने पोूसडोूनयुस, ूरयोूोतुस, और ेूवयाह को ेे श कराने के ूशरे भेजाे 20 सो जब उनोंने उस पर बहत ूे र तक सशाह कद, और सरूार ने शोगों को इसका जान कराया, और ऐसा पतदत हआ ूक वे सब एक ेन रे, तो उनोंने वाचा पर सहेूत ूदे 21 और एक ूून ठहराया, ूक वे एक ूू सरे के साय रहे ; और जब ूून हआ, और उन ेे से एक के ूशरे चौकद रखद गई, 22 शू ूा ने सु ूवधाजनक यानोंेे हूरयारब् पुरर तैयार कर ूूए, ऐसा न हो ूक ू्ु अचानक कोई ूवशासघात करे ; इसूशये उनोंने ेे श ूेशाप ूकयाे 23 और ूनकानोर यरूशे े ेे रह गया, और हाून न पहं चाई, पर्ु जो शोग उसके पास आते रे उनको ूवूा कर ूूयाे 24 और उस ने यहूा को अपने सामने से ूू र न करना चाहा; कोंूक वह उस पुरर से ेन हद ेन पेे रखता रा 25 और उस ने उस से ूबनतद कद, ूक वह भद एक पतद शे , और उसके स्ान उतर करे ; सो उस ने बाह ूकया, और चुपचाप रहकर इस जदवन ेे भाग ूशयाे 26 पर्ु अशूकेस ने उन ूोनों के बदच के पेे को जानकर, और जो वाचाएं बानद गई रद ं उन पर ूवचार करके, डे ेेू्युस के पास आकर उस से कहा, ूक ूनकानोर का राज के पूत अचा पभाव नहदं है ; इसके ूशए उसने अपने सामाज के गदार यहूा को राजा का उवराूधकारद ूनयुक ूकया राे 27 तब राजा ने कोध ेे आकर, और सबसे ूु ष ेनुष के ूोरारोपम से कोूधत होकर, ूनकानोर को प् ूशखकर यह सू ूचत ूकया ूक वह वाचाञं से बहत अपसर है , और उसे आजा ूद ूक वह ेै काूबयस को ूदघता से ब्द बनाकर अ्ाूकया ेे भेज ूे े 28 जब यह बात ूनकानोर को पता चशद, तो वह अपने आप ेे बहत घबराया, और उसने इस बात को गं भदरता से ूशया ूक वह उन बातों को रद कर ूे ूजन पर सहेूत हई रद, और उस वनक का कोई ूोर नहदं राे 29 पर्ु राजा के ूवरद कोई काे न होने के कारम उस ने नदूत से यह काे पूरा करने ेे सेय शगायाे
30 ूफर भद, जब ेै काूबयस ने ूे खा ूक ूनकानोर उसके सार अभद ववहार करने शगा है , और वह उसके सार उसकद आूत से अूधक कठोरता से ववहार कर रहा है , यह जानकर ूक इस तरह का खटा ववहार अचा नहदं होगा, उसने अपने कुछ शोगों को इकटा नहदं ूकया, और खुू को वापस शे ूशया ूनकानोर से . 31 पर्ु ूू सरा यह जानकर, ूक यहूा कद नदूत से ूवूेर रप से रोका गया है , उस बडे और पूव् ेन्र ेे आया, और याजकों को, जो अपने साेान बूशूान चढाते रे, आजा ूद, ूक उस ेनुष को पकड शाञे 32 और उनोंने ूपय खाकर कहा, ूक हे नहदं बता सकते, ूक ूजसे वह ढू ं ढते रे वह कहां है , 33 और उस ने अपना ूूहना हार ेन्र कद ञर बढाकर इस पकार ूपर खाई, ूक यूू तुे यहूा को बनु आ करके ेे रे पास न सौंपोगे , तो ेै परेे शर के इस ेन्र को भूूे ेे ूगरा ूू ं गा, और वे ूद को ढा ूू ं गा; और बै चस के ूशए एक उलेखनदय ें ूूर बनवायाे 34 ये बाते कहकर वह चशा गयाे तब याजकों ने अपने हार सगथ कद ञर उठाकर उस से जो हेारद जाूत का सूा रकक रा, इस रदूत से पारथना करके कहा; 35 हे सब वसु ञं के साेद, तू ूजसे ूकसद वसु कद घटद नहदं, तू इस से पसर हआ, ूक तेरा ूनवासयान हेारे बदच ेे रहे ; 36 इसूशये अब हे पूव् परेे शर, हे सवथ पूव् परेे शर, इस भवन को जो हाश हद ेे ूुद ूकया गया है , सूा ूनेथ श बनाए रख, और हर अधे् के ेुं ह को ब् करे 37 और रजदस यरूशे े के पुरूनयोंेे से जो अपने ूे ूवाूसयोंका पेेद और बहत अचा नाेद पुरर या, जो अपनद ूयाशु ता के कारम यहूूयोंका ूपता कहशाता या, उस पर ूनकानोर ेे ूोर शगाया गयाे 38 कोंूक पूहशे सेय ेे जब वे अनजाूतयों के सार ेे श नहदं खाते रे, तब उन पर यहूद धेथ का ूोर शगाया गया, और उनोंने यहूूयों के धेथ के ूशये बडे साहस के सार अपने ूरदर और पाम को जोनखे ेे डाशाे 39 तब ूनकानोर ने यहूूयों के पूत अपना बै र पगट करने कद इचा से , उसे पकडने के ूशये पां च सौ से अूधक योदाञं को भेजाे 40 कोंूक उस ने सोचा, ूक उसे पकड कर यहूूयों को बडद हाून पहं चाऊंगाे 41 जब भदड ने गु मट पर अूधकार कर ूशया, और बाहरद दार को तोड डाशा, और कहा ूक इसे जशाने के ूशये आग शाई जाए, तब वह चारों ञर से पकडे जाने को तैयार होकर अपनद तशवार पर टू ट पडा; 42 और ूु षों के हार ेे पडने से , और अपने उवे जन कद ूोभा बढाने के ूशरे ूु वथवहार सहने से अचा है ; 43 पर्ु भदड के कारम भदड ूरवाजे के भदतर कद ञर ूौड पडद, और वह साहसपूवथक ूहरपनाह पर चढ गया, और उनकद घनद झाूडयों के बदच साहसपूवथक ूगर पडाे 44 पर्ु वे झट पदछे हट गए, और जगह बन जाने के कारम वह खाशद यान के बदच ेे ूगर पडाे 45 तौभद जब उसके ेन ेे सां स बाकद रद, तब वह कोध से जशकर उठ खडा हआ; और यदूप उसका खून पानद कद धार कद तरह बह रहा रा, और उसके घाव गं भदर रे, ूफर भद वह भदड के बदच से भाग गया; और एक खडद चटान पर खडा होकर, 46 जब उसका खून बहत बह गया, तब उस ने अपनद अं तूडयाँ ूनकाशद, और उने ूोनों हारों ेे शे कर भदड पर फेक ूूया, और जदवन और आता के पभु से उन को ूफर से शौटाने के ूशये पारथना कद, इस पकार वह ेर गयाे
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अध्य 15
18 कोंूक उनोंने अपनद पूतयों, और अपने बचों, अपने भाइयों, और अपने शोगों कद जो ूच्ा कद, उसका उने कुछ भद धान नहदं रा; पर्ु सबसे बडा और ेु ख भय पूव् ेन्र के ूशये राे 19 और जो नगर ेे रे , उनोंने भद परूे ू के झगडे के कारम वाकुश होकर कुछ ूच्ा न कदे 20 और अब, जब सब ूे ख रहे रे ूक कैसद परदका होनद है , और ू्ु ूनकट आ चुके रे, और से ना पां ूत बान रहद रद, और पूु आराे से खडे रे, और सवार पंख फैशाए हए रे , 21 ेकाबद ने भदड को आते, और ूवूवध पकार के कवच कद तैयारद, और पूुञं कद भयंकरता को ूे खकर, अपने हार सगथ कद ञर फैशाए, और आशयथकेथ करनेवाशे यहोवा को पुकारा, और यह जान ूशया, ूक ूवजय हूरयारों से नहदं, वरन ूसों से भद ूेशतद है े वह उसे अचा शगता है , वह उसे योय शोगों को ूे ता है े 22 इसूशये उस ने पारथना ेे इस पकार कहा; हे पभु, तू ने यहूूया के राजा यहे जूकयाह के सेय ेे अपना ूू त भेजकर सने रदब कद से ना ेे से एक शाख असद हजार पुररों को ेार डाशाे 23 इसूशये अब भद, हे सगथ के पभु, हेारे आगे आगे एक अचा सगथ ूूत भेज, जो उन ेे भय और भय उतर कर ूे ; 24 और जो तेरद पूव् पजा कद ून्ा करने को चढाई करते है वे तेरे भुजबश के बश से घबरा जाएं े और उसका अं त इस पकार हआे 25 तब ूनकानोर और उसके सारद तुरूहयां और गदत गाते हए आगे आएे 26 पर्ु यहूा और उसकद ेणशद ने पारथना करके और पारथना करके ू्ु ञं का साेना ूकयाे 27 इसूशरे उनोंने अपके हारोंसे शडकर, और ेन से परेे शर से पायथना करके, पैतदस हजार पुररोंसे के न घात ूकया; कोंूक परेे शर के पगट होने से उन कद बडद जयजयकार हईे 28 अब जब युद सेाप हो गया, तो वे आन् के सार ूफर शौट आए, और उनोंने जान ूशया ूक ूनकानोर अपने हानरस ेे ेरा पडा है े 29 तब उनोंने बडा जयजयकार और हला ेचाकर अपनद अपनद भारा ेे सवथ ूनकेान कद सु ूत कदे 30 और यहूा ने, जो तन और ेन ूोनों से अपने नागररकों का सूा पधान रकक रा, और जो जदवन भर अपने ूे ूवाूसयों से पेे रखता रा, आजा ूद, ूक ूनकानोर का ूसर और उसका हार उसके कने से काट कर यरूशे े को शे आञे . 31 तब वह वहां रा, और अपकद जाूत के शोगोंको इकटे करके याजकोंको वे ूद के सामने खडा ूकया, और गु मट के शोगोंको बु शवा भेजाे 32 और उने घृूमत ूनकानोर का ूसर, और उस ून्ा करने वाशे का हार ूूखाया, जो उस ने बडे गवथ से सवथ ूनकेान के पूव् ेन्र कद ञर बढाया राे 33 और जब उस ने उस ूु ष ूनकानोर कद जदभ काट डाशद, तब उस ने आजा ूद, ूक उसके टु कडे टु कडे करके पूकयों को ूे ूो, और उसके पागशपन का फश ेन्र के सामने शटका ूोे 34 इसूशये सब ेनुषों ने सगथ कद ञर ेूहेाेय पभु कद सु ूत करके कहा, धन है वह, जो अपना सान ूनषशं क रखता है े 35 और उस ने ूनकानोर का ूसर भद गु मट पर शटका ूूया, जो पभु कद सारद सहायता के ूशये एक सष और पगट ूचन राे 36 और उनोंने सब को एक सेान आजा ूे कर ठहराया, ूक उस ूून को ूकसद भद ूूा ेे ूबना उतव के न जाने ूूया जाए, पर्ु बारहवे ेहदने के तेरहवे ूून को, ूजसे सदररयाई भारा ेे अूार कहा जाता है , ेाू्नखयस के ूून से पहशे का ूून ेाना जाएे 37 ूनकानोर के सार ऐसा हद हआ: और उस सेय से इूबयों ने नगर को अपने अूधकार ेे कर ूशयाे और यहद ं ेै अपनद बात सेाप कर ं गा.
1 पर्ु ूनकानोर ने यह सु नकर ूक यहूा और उसकद टोशद साेररया के दढ यानोंेे है , ूबना ूकसद खतरे के सब के ूून उन पर आकेम करने का ूनशय ूकयाे 2 तौभद जो यहूद उसके सं ग चशने को ूववू हए रे, उनोंने कहा, हे ऐसद ूनूथ यता और बबथ रता से नाू न करो, पर्ु उस ूून का आूर करो, ूजसे सब कुछ ूे खनेवाशे ने सब ूूनों से अूधक पूव् करके आूर ूूया है े 3 तब उस अ्् अभागे अभागे ने ूबनतद कद, ूक का सगथ ेे कोई ूनकेान है , ूजस ने सब के ूून के ेानने कद आजा ूद है े 4 और उनोंने कहा, सगथ ेे जदूवत और साेर् पभु है , ूजस ने सातवे ूून के ेानने कद आजा ूद है ; 5 ूफर ूू सरे ने कहा, ेै भद पृयवद पर पराकेद हं , और हूरयार शे कर राजा का काे करने कद आजा ूे ता हं े ूफर भद उसने अपनद ूु ष इचा पूरद नहदं करने ूदे 6 इसूशये ूनकानोर ने अ्ूधक घेण और घेण ेे यहूा और उसके साूरयों पर अपनद ूवजय का सावथ जूनक सारक बनाने का ूनशय ूकयाे 7 पर्ु ेकाबद को इस बात का पूरा भरोसा रा, ूक यहोवा उसकद सहायता करे गाे 8 इसूशए उसने अपने शोगों को उपूे ू ूूया ूक वे उनके ूवरद अनजाूतयों के आकेम से न डरे , बन् उस सहायता को याू रखे जो पूवथ सेय ेे उने सगथ से पाप हई रद, और अब ूवजय और सहायता कद पतदका करे , जो उने सवथ ूनकेान से ूेशे गद े 9 और उस ने उनको ववया और भूवषदकाञं के दारा ूान् ूद, और उन शडाइयों का सरम कराया जो उनोंने पूहशे जदतद ं, और उने और भद पसर ूकयाे 10 और उस ने उनके ेन को उभारा, और उनको आजा ूद, और उनको अनजाूतयोंका झूठ और ूपय तोडना ूूखायाे 11 इस पकार उस ने उन ेे से हर एक को ढाशों और भाशों से नहदं, पर्ु सु खूायक और अचद बातों से हूरयार ूूया; और इसके अशावा, उस ने उन से ूवशास करने योय एक स् भद कहा, ेानो सचेु च ऐसा हद हआ हो, जो सच हआे उने रोडा भद आनन्त न करे े 12 और उसका ूूथन यह हआ, ूक ञूनयाह जो ेहायाजक रा, और गु मद और भशा ेनुष रा, और बोशने ेे शदे य, कोेश सभाव का, और अचा बोशनेवाशा, और बाशक से हद सब पकार के सूत गु मों ेे हार उठाता राे यहूूयों के सं पूमथ ूरदर के ूशए पारथना कदे 13 ऐसा होने पर उसद रदूत से एक पुरर ूूखाई ूूया, ूजसके बाश पके रे, और वह अ्् तेजसद और अूत भुत और अूत ेहानत पतापद राे 14 तब ञूनयाह ने उवर ूूया, यह तो भाइयोंका पेेद है , और परेे शर का भूवषदका ूयेथ याह भद अपनद पजा के ूशरे और पूव् नगर के ूशरे बहत पारथना करता है े 15 तब ूयेथ याह ने अपना ूूहना हार बढाकर यहूा को सोने कद एक तशवार ूद, और ूे ते सेय यों कहा, 16 इस पूव् तशवार को, जो परेे शर कद ञर से ूद हई भेट है , शे शो, ूजस से तू ू्ु ञक ं ो घायश करे गाे 17 इस पकार यहूा के ूबों से , जो बहत अचे रे, और उने वदरता के ूशए उकसाने और जवानों के ूूशों को पोताूहत करने ेे सके रे, उने बहत सां षना ूेशद, उनोंने ूूूवर शगाने का फैसशा नहदं ूकया, बन् साहसपूवथक उन पर हेशा ूकया, और इसूशये ूक नगर, पूव्यान, और ेन्र खतरे ेे रे, इसूशये उनोंने पुररष से ेाेशे को झगडकर ूनपटायाे
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38 और यूू ेै ने अचा ूकया है , और जै सा ूक कहानद ेे ूफट बै ठता है , तो यह वहद है जो ेै ने चाहा रा: पर्ु यूू पतशा और तुच है , तो यह वह है ूजसे ेै पाप कर सकता हं े 39 कोंूक जै से ूाखेधु वा जश अकेशे पदना हाूनकारक है ; और जै से पानद ेे ूेशा हआ ूाखेधु सु खूायक होता है , और साू को आनंूूत करता है , वै से हद सू कता से तैयार कद गई वामद कहानद पढनेवाशों के कानों को आनंूूत करतद है े और यहद ं अं त होगा.
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