अध्याय 1 1 और योशिय्याह ने यरूिलेम में अपने प्रभु के शलथे फसह का पर्ब्ब माना, और पशहले महीने के चौदहवें शदन को फसह का पर्ब्ब चढाया; 2 और याजकोों को उनके प्रशिशदन के काम के अनु सार लम्बे वस्त्र पशहनाकर यहोवा के मन्दिर में शिठाया। 3 और उस ने लेशवयोोंअथाबि् इस्राएल के पशवत्र मन्दियोोंसे कहा, शक अपके अपके को यहोवा के शलथे पशवत्र करो, और उस भवन में जो दाऊद के पुत्र राजा सुलैमान ने िनाया या, उस में यहोवा का पशवत्र सन्दू क स्थाशपि करो। 4 और कहा, िुम शफर सन्दू क अपने कन्धे पर न उठाना; इसशलये अि अपके परमेश्वर यहोवा की उपासना करो, और उसकी प्रजा इस्राएल की सेवा करो, और अपने कुलोोंऔर कुलोोंके अनु सार अपने को िैयार करो। 5 इस्राएल के राजा दाऊद की आज्ञा के अनु सार, और उसके पुत्र सुलैमान के प्रिाप के अनु सार, और िुम लेशवयोोंके कुलोोंकी शिनिी के अनु सार जो अपके भाई इस्राएशलयोोंके साम्हने सेवा टहल करिे हो, मन्दिर में खडे रहना। , 6 और फसह को ठीक से चढाना, और अपने भाइयोोंके शलथे मेलिशल िैयार करना, और यहोवा की उस आज्ञा के अनु सार जो मूसा को दी िई या, उसको मानना। 7 और जो लोि वहाों शमले उनको योशिय्याह ने िीस हजार भेड के िच्चे, और िीन हजार िछडे शदए; ये वस्तुएों राजा के वचन के अनु सार उन लोिोों, याजकोों, और लेशवयोोंको राजा की ओर से दी िईों। 8 और हेलशकय्याह, जकरयाह, और सायलुस नाम मन्दिर के हाशकमोोंने याजकोोंको दो हजार छ: सौ भेड-िकररयाों , और िीन सौ िछडे फसह के शलथे शदए। 9 और यकोन्याह, समायाह, और उसका भाई निनएल, और अस्सशियाह, और ओकीएल, और योराम, जो हजारोों के प्रधान थे, उन्ोोंने लेशवयोोंको फसह के शलथे पाों च हजार भेड-िकररयाों , और साि सौ िछडे शदए। 10 और जि ये काम हो िए, िो याजक और लेवीय अखमीरी रोशटयाों शलये हुए अपने भाई-िन्धु ओों के अनु सार िडी िोभायमान रीशि से खडे हुए। 11 और शपिरोोंके िडे िडे कामोोंके अनु सार प्रजा के साम्हने यहोवा के शलथे चढाना, जैसा मूसा की पुस्तक में शलखा है: और भोर को उन्ोोंने वैसा ही शकया। 12 और उन्ोों ने फसह को उशचि रीशि से आि में पकाया; और मेलिशलयोोंको उन्ोोंने अच्छे सुिन्ध के शलथे पीिल के हण्ोोंऔर कडाहोोंमें पकाया, 13 और उनको सि लोिोोंके साम्हने खडा शकया; और इसके िाद उन्ोोंने अपके शलथे, और अपके भाई हारून की सन्तान याजकोोंके शलथे िैयार शकया। 14 क्ोोंशक याजकोोंने चिी को राि िक चढाया; और लेशवयोोंने अपके अपके शलथे, और याजकोोंने अपके भाइयोोंके शलथे जो हारून की सन्तान के शलथे िैयार शकया। 15 दाऊद की आज्ञा के अनु सार आसाप के पुत्र पशवत्र िायक भी अपने अपने क्रम में थे, अथाब ि आसाप, जकरयाह, और यदू िून जो राजा के अनु चर में से या। 16 और द्वारपाल िो हर एक फाटक पर थे; शकसी को भी अपनी साधारण सेवा से हटना उशचि न था; क्ोोंशक उनके भाई लेवीय उनके शलये िैयारी करिे थे। 17 उस शदन यहोवा के िशलदानोोंके काम इस प्रकार पूरे हुए, शक वे फसह मना सकें। 18 और राजा योशिय्याह की आज्ञा के अनु सार यहोवा की वेदी पर िशलदान चढाना।
19 सो जो इस्राएली वहाों उपन्दस्थि थे, उन्ोोंने उसी समय फसह का पर्ब्ब माना, और साि शदन िक मीठी रोटी का पर्ब्ब माना। 20 और िमूएल भशवष्यद्वक्ता के समय से इस्राएल में ऐसा फसह न माना िया। 21 हाों , इस्राएल के सि राजाओों ने ऐसा फसह नहीों मनाया, जैसा योशिय्याह, और याजकोों, और लेशवयोों, और यहूशदयोों ने , यरूिलेम में रहनेवाले सि इस्राएशलयोोंके सोंि मनाया। 22 योशिय्याह के राज्य के अठारहवें वर्ब में यह फसह मनाया िया। 23 और योशिय्याह के काम उसके प्रभु के साम्हने सच्चे थे, और उसका मन भन्दक्त से भरा हुआ था। 24 जो िािें उसके समय में घशटि हुईों, वे पशहले समय से उन लोिोों के शवर्य में शलखी िईों, शजन्ोोंने सि लोिोों और राज्य-राज्योों से िढकर यहोवा के शवरुद्ध पाप शकया, और शकस प्रकार उसे अत्योंि दु ुःखी शकया, यहाों िक शक परमेश्वर के वचन यहोवा इस्राएल के शवरुद्ध उठ खडा हुआ। 25 योशिय्याह के इन सि कामोोंके िाद ऐसा हुआ, शक शमस्र का राजा शफरौन पराि के पार करचमीस में युद्ध करने को आया, और योशिय्याह उसके साम्हने शनकला। 26 परन्तु शमस्र के राजा ने उसके पास कहला भेजा, शक हे यहूशदया के राजा, मुझे िुझ से क्ा काम? 27 मैं यहोवा परमेश्वर की ओर से िेरे शवरूद्ध नहीों भेजा िया हूों; क्ोोंशक मेरा युद्ध पराि पर है; और अि यहोवा मेरे सोंि है, हाों , यहोवा मुझे आिे िढाने के शलये मेरे सोंि है; मेरे पास से चले जाओ, और यहोवा के शवरूद्ध मि हो जाओ। 28 िौभी योशिय्याह ने अपना रथ उसके साम्हने से न लौटाया, वरन शयमबयाह भशवष्यद्वक्ता के यहोवा के मुख से कहे हुए वचनोों के अनु सार न मानकर उस से लडने का शनश्चय शकया। 29 परन्तु मशिद्दो के अरािा में उस से युद्ध करने लिे, और हाशकम राजा योशिय्याह के शवरूद्ध चढ आए। 30 िि राजा ने अपके कमबचाररयोोंसे कहा, मुझे युद्ध से िाहर ले चलो; क्ोोंशक मैं िहुि कमजोर हूूँ। और िुरन्त उसके सेवक उसे युद्ध से शनकाल ले िए। 31 िि वह अपके दू सरे रथ पर चढा; और यरूिलेम में वापस लाकर मर िया, और उसे उसके शपिा की कब्र में दफनाया िया। 32 और सारे यहूदी समाज में योशिय्याह के शलये शवलाप शकया िया; हाों , शयमबयाह भशवष्यद्वक्ता ने योशिय्याह के शलये शवलाप शकया, और मुख्य पुरुर्ोों ने न्दस्त्रयोों समेि उसके शलये आज के शदन िक शवलाप शकया; और यह शनयम िनाकर सारी जाशि में सदा माना जािा रहा। इजराइल का. 33 ये िािें यहूदा के राजाओों के इशिहास की पुस्तक में, और योशिय्याह के सि काम, और उसकी मशहमा, और यहोवा की व्यवस्था में उसकी समझ, और जो काम उस ने पशहले शकए थे, उन सि का वणबन है। और जो कुछ अि पढा जािा है, वह इस्राएल और यहूशदया के राजाओों के इशिहास की पुस्तक में शलखा है। 34 और जि योशिय्याह का पुत्र योआखाज िेईस वर्ब का या, िि लोिोों ने उसे पकडकर उसके शपिा योशिय्याह के स्थान पर राजा िनाया। 35 और वह यहूशदया और यरूिलेम में िीन महीने िक राज्य करिा रहा: और िि शमस्र के राजा ने उसे यरूिलेम में राज्य करने से उिार शदया। 36 और उस ने उस दे ि पर सौ शकक्कार चािी और एक शकक्कार सोना कर लिाया। 37 शमस्र के राजा ने अपके भाई योआशसम को यहूशदया और यरूिलेम का राजा भी ठहराया। 38 और उस ने योआशकम और रईसोोंको िन्धवाया, परन्तु उसके भाई जारकेस को पकडकर शमस्र से शनकाल लाया। 39 जि योआशकम यहूशदया और यरूिलेम दे ि में राजा हुआ, िि वह पच्चीस वर्ब का या; और उस ने यहोवा की साम्हने िुराई की।
40 इस कारण िािुल के राजा निूकदनेस्सर ने उस पर चढाई की, और उसे पीिल की जोंजीर से िान्धकर िािुल में ले िया। 41 और निूकदनेस्सर ने यहोवा के पशवत्र पात्रोों में से कुछ ले जाकर िािुल में अपने मन्दिर में रख शदया। 42 परन्तु जो िािें उसके और उसकी अिुद्धिा और अपशवत्रिा के शवर्य में शलखी हैं, वे राजाओों के इशिहास में शलखी हैं। 43 और उसका पुत्र योआशकम उसके स्यान पर राज्य करने लिा; वह अठारह वर्ब का होकर राजा हुआ; 44 और यरूिलेम में िीन महीने और दस शदन िक ही राज्य करिा रहा; और यहोवा के साम्हने िुराई की। 45 इसशलये एक वर्ब के िाद निूकदने स्सर ने दू ि भेजकर उसे यहोवा के पशवत्र पात्रोोंके साय िािेल में पहुोंचा शदया; 46 और शसदशकय्याह जि िीस वर्ब का या, िि उसे यहूशदया और यरूिलेम का राजा िनाया; और उसने ग्यारह वर्ब िक राज्य शकया: 47 और उस ने यहोवा की दृशि में िुरा भी शकया, और जो िािें शयमबयाह भशवष्यद्वक्ता ने यहोवा के मुख से उस से कही थीों उन की कुछ परवाह न की। 48 और जि राजा निूकदोनोसर ने उसे यहोवा के नाम की िपथ न्दखलाई, िि उसने अपने आप को त्याि शदया, और शवद्रोह शकया; और उस ने अपनी िदब न और मन को कठोर करके इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की शवशधयोोंका उल्लोंघन शकया। 49 और प्रजा के हाशकमोोंऔर याजकोोंने भी व्यवस्था के शवरुद्ध िहुि काम शकए, और सि जाशियोोंकी अिुद्धिा को मान शलया, और यहोवा के भवन को जो यरूिलेम में पशवत्र शकया या अिुद्ध शकया। 50 िौभी उनके शपिरोोंके परमेश्वर ने उनको वापस िुलाने के शलथे अपके दू ि को भेजा, क्ोोंशक उस ने उन को और अपके िम्बू को भी िचा रखा। 51 परन्तु उन्ोोंने उसके दू िोोंको ठट्ोोंमें उडाया; और दे खो, जि यहोवा ने उन से िािें की, िि उन्ोोंने उसके भशवष्यद्वक्ताओों का ठट्ा शकया; 52 यहाों िक शक उस ने अपक्की प्रजा की िडी अभन्दक्त के कारण उन पर क्रोशधि होकर कसशदयोोंके राजाओों को उन पर चढाई करने की आज्ञा दी; 53 शजस ने उनके जवानोोंको िलवार से मार डाला, वरन उनके पशवत्र मन्दिर की पररशध के भीिर भी, और उन में से शकसी को न जवान, न दासी, न िूढे, न िच्चे को छोडा; क्ोोंशक उस ने सि कुछ उनके हाथ में कर शदया। 54 और उन्ोोंने यहोवा के सि पशवत्र पात्रोों, क्ा िडे , क्ा छोटे , और परमेश्वर के सन्दू क के पात्र, और राजा के भण्ार सि ले शलए, और िािुल को ले िए। 55 और यहोवा का भवन उन्ोोंने फूोंक शदया, और यरूिलेम की िहरपनाह िोड डाली, और उसके िुम्मटोों में आि लिा दी; 56 और उसकी मशहमा के काम िि िक न रुके, जि िक उन सभोों को नाि करके सत्यानाि न कर डाला; और जो लोि िलवार से नहीों मारे िए थे, उन्ें वह िािुल में ले िया। 57 और जि िक फारशसयोों ने राज्य न शकया, िि िक उसके और उसके वोंि के दास िने रहे, शक यहोवा का जो वचन शयमबयाह ने कहा या, उसे पूरा करें । 58 जि िक पृय्वी अपने शवश्रामकाल को पूरा न कर ले, िि िक वह अपने उजाड होने के पूरे समय अथाबि सत्तर वर्ब के पूरे शदन िक शवश्राम करिी रहेिी। अध्याय दो 1 फारस के राजा कुस्रू के पशहले वर्ब में, शक यहोवा का जो वचन उस ने शयमबयाह के मुोंह से कहा या, वह पूरा हो; 2 यहोवा ने फारस के राजा कुस्रू की आत्मा को जािृि शकया, और उस ने उसके सारे राज्य में यह प्रचार करवाया, और यह भी शलखा,
3 शक फारशसयोोंका राजा कुस्रू योोंकहिा है; इस्राएल के प्रभु, परमप्रधान यहोवा ने मुझे सारे जिि का राजा िनाया है, 4 और मुझे आज्ञा दी, शक यरूिलेम में यहूशदया में उसका एक भवन िनाऊों। 5 इसशलये यशद िुम में से कोई उसकी प्रजा में से हो, िो यहोवा अथाबि उसका प्रभु उसके सोंि रहे, और वह यहूशदया के यरूिलेम को जाकर इस्राएल के यहोवा का भवन िनाए; वह यहोवा है जो यरूिलेम में रहिा है। 6 सो जो कोई आस-पास के स्थानोोंमें िसा हो, वे जो सोने चािी लेकर उसके पडोसी होों, वे उसकी सहाथिा करें । 7 और यरूिलेम में यहोवा के भवन के शलये घोडे , िाय-िैल, और अन्य वस्तुएों जो मन्नि मानकर मानी िई होों। 8 िि यहूशदया और शिन्यामीन के िोत्र के घरानोोंके प्रधान खडे हुए; याजकोों और लेशवयोों को, और वे सि शजनके मन में यहोवा ने जाकर यरूिलेम में यहोवा के शलये भवन िनाने की इच्छा उत्पन्न की थी, 9 और जो उनके आस पास रहिे थे, और सि प्रकार की वस्तुओों में उनकी सहायिा करिे थे, अथाबि चािी, सोना, घोडे , और िाय-िैल, और िहुि से लोिोोंके मन में िहुि से मुफ्त दान दे िे थे। 10 राजा कुस्रू ने उन पशवत्र पात्रोों को भी िाहर शनकाला, शजन्ें निूकदने स्सर यरूिलेम से ले िया था, और अपने मूरिोों के मन्दिर में स्थाशपि शकया था। 11 और जि फारशसयोोंके राजा कुस्रू ने उन्ें शनकाला, िि उस ने उनको अपके खजाों ची शमशिदािेस को सौोंप शदया; 12 और वे उसके द्वारा यहूशदया के हाशकम सनिासर को सौोंप शदए िए। 13 और उनकी शिनिी यह थी; एक हजार सोने के प्याले, और एक हजार चाूँ दी के, उनिीस चाूँ दी के धू पदान, सोने की िीस िीशियाूँ , और चाूँ दी के दो हजार चार सौ दस, और एक हजार अन्य पात्र। 14 इस प्रकार सोने और चािी के जो पात्र ले जाए िए वे पाों च हजार चार सौ नौ नौ थे। 15 इन्ें सनिासर, िोंधुओों समेि िािुल से यरूिलेम को लौटा ले आया। 16 परन्तु फारशसयोोंके राजा अिबक्षत्र के समय में िेलेमुस, और शमशिदािेस, और िािेशलयुस, और रथुमस, और िीलिेथमस, और सेमेशलयुस सशचव, और सामररया और अन्य स्थानोों में रहनेवाले औरोों ने उसके शवरुद्ध पत्र शलखा। यहूशदया और यरूिलेम में रहने वालोोंके शलये ये पत्र इस प्रकार थे; 17 हे हमारे प्रभु राजा अिबक्षत्र, िेरे दासोों, अथुबमस कथाकार, और सेमेशलयुस जो मिी है, और उनकी महासभा के सि लोि, और सेलोसीररया और फीनीके के न्याशययोों को। 18 प्रभु राजा को यह मालूम हो, शक जो यहूदी िेरे पास से हमारे पास आए हैं, वे उस िलवा और दु ि निर यरूिलेम में आकर चौकोोंको िनािे, और उसकी िहरपनाह की मरम्मि करिे, और उसकी नेव डालिे हैं। मोंशदर। 19 अि यशद यह निर और उसकी िहरपनाह शफर िसाई जाएों , िो वे न केवल कर दे ने से इन्कार करें िे, वरन राजाओों से िलवा भी करें िे। 20 और चूूँशक मन्दिर के शवर्य में िािें अि हाथ में आ िई हैं, इसशलये हम समझिे हैं शक ऐसे मामले की उपेक्षा न करना उशचि है। 21 परन्तु हमारे प्रभु राजा से इस आिय से िािें करना, शक यशद िू चाहे, िो यह िाि िेरे पुरखाओों के इशिहास में शलखी हुई हो। 22 और िू इशिहास में इन िािोोंके शवर्य में जो कुछ शलखा है वह पाएिा, और िू जान लेिा शक वह निर िलवा करने वाला और राजाओों और निरोों दोनोोंको घिरा दे नेवाला था। 23 और यह शक यहूदी िलवा करिे थे, और सदा लडाइयाों करिे रहिे थे; इसी कारण यह निर भी उजाड हो िया। 24 इसशलये अि हे राजा, हम िुझ से कहिे हैं, शक यशद यह निर शफर िनाया जाए, और इसकी िहरपनाह नई िनाई जाए, िो अि से िुझे कलोशसररया और फीनीके में जाने की आज्ञा न शमलेिी।
25 िि राजा ने रथुमुस कथाकार को, और िीलिेथमुस को, और सेमेशलयुस को जो लेखक था, और और जो काम करनेवाले थे, और िोमरोन और सूररया और फीनीके के रहनेवालोोंको शफर इस रीशि से पत्र शलखा; 26 जो पत्र िुम ने मेरे पास भेजा था, वह मैं ने पढ शलया है; इसशलथे मैं ने भलीभाों शि ढू ों ढने की आज्ञा दी, और यह मालूम हुआ है, शक वह निर आरम्भ से ही राजाओों के शवरूद्ध अभ्यास करिा या; 27 और उस में के पुरूर् िलवा करने और लडने को शदए िए, और यरूिलेम में िूरवीर और क्रूर राजा थे, जो सेलोसररया और फीनीके में राज्य करिे और कर वसूल करिे थे। 28 इसशलये अि मैं ने आज्ञा दी है, शक उन मनुष्योोंको निर िनाने से रोकें, और सावधान रहें, शक उस में शफर कुछ न हो; 29 और वे दु ि काम करनेवाले राजाओों को ररस शदलाने के शलथे आिे न िढें , 30 िि राजा अिबक्षत्र ने अपके पत्र पढे , और रथुमुस और सेमेशलयुस जो मिी थे, और और जो उनके साय शनयुक्त थे, वे घुडसवारोोंकी एक टोली और िहुि सी सेनाएों ले कर यरूिलेम की ओर फुिी से शनकले, और राज करने वालोोंको रोकने लिे। ; और यरूिलेम में मन्दिर का शनमाबण फारस के राजा दारा के राज्य के दू सरे वर्ब िक रुका रहा। अध्याय 3 1 और जि दारा ने राज्य शकया, िि उस ने अपक्की सारी प्रजा, और अपके सारे घराने , और मादै और फारस के सि हाशकमोोंको िडी जेवनार दी। 2 और भारि से लेकर कूि िक के एक सौ सत्ताईस प्रान्तोों के सि हाशकमोों, हाशकमोों और लेन्दिनें टोों को, जो उसके अधीन थे। 3 और जि वे खा-पी चुके, और िृप्त होकर अपने घर चले िए, िि दारा राजा अपके ियनकक्ष में जाकर सो िया, और िुरन्त जाि िया। 4 िि िीन जवान जो राजा की लोय की रखवाली करनेवाले पहरुओोंमें से थे, आपस में कहने लिे; 5 हम में से हर एक एक वाक् कहे, अथाबि जो जय पाए, और शजसका वचन औरोों से अशधक िुन्दद्धमान जान पडे , उसे राजा दारा जय के शचन् में िडे िडे दान और िडी वस्तुएों दे िा। 6 जैसे िैंजनी वस्त्र पशहनना, सोने का पीना, सोने का पशहनाना, सोने की लिाम वाला रथ, सूक्ष्म सनी के कपडे की टोपी, िले में जोंजीर। 7 और वह िुन्दद्ध के कारण दारा के शनकट िैठा करे िा, और उसका चचेरा भाई दारा कहलाएिा। 8 और िि हर एक ने अपना अपना वाक् शलखकर उस पर मुहर लिाई, और राजा दारा के िशकए के नीचे रख शदया; 9 और कहा, जि राजा उठे िा, िो कुछ लेख उसे दें िे; और शजसके पक्ष का राजा और फारस के िीनोों हाशकम यह शनणबय करें िे शक उसका शनणबय सिसे िुन्दद्धमान है, उसी को शवजय दी जाएिी, जैसा शक शनयुक्त शकया िया था। 10 पहले ने शलखा, िराि सिसे िाकिवर है। 11 दू सरे ने शलखा, राजा सिसे िलवान है। 12 िीसरे ने शलखा, न्दस्त्रयाों सि से अशधक िलवान हैं, परन्तु सि वस्तुओों में सत्य ही जयवन्त होिा है। 13 जि राजा उठ खडा हुआ, िि उन्ोों ने अपके लेख ले कर उसे सौोंपे, और उस ने उनको पढकर सुनाया। 14 और उस ने भेज कर फारस और माशदयोोंके सि हाशकमोोंऔर हाशकमोोंऔर सरदारोोंऔर सरदारोोंऔर सरदारोोंको िुलवाया; 15 और उसे न्याय के राज शसोंहासन पर िैठाया; और उनके सामने रचनाएूँ पढी िईों। 16 और उस ने कहा, जवानोोंको िुलाओ, और वे अपना अपना दोर् ििा दें िे। इसशलए उन्ें िुलाया िया, और वे अोंदर आये।
17 और उस ने उन से कहा, उस लेख के शवर्य में अपना अपना मन हमें ििा दो। शफर सिसे पहले िुरू हुआ, शजसने िराि की िाकि के िारे में िाि की थी; 18 और उस ने योोंकहा, हे मनु ष्योों, दाखमधु शकिना िीव्र है! यह उन सभी लोिोों को ग़लिी का कारण िनिा है जो इसे पीिे हैं: 19 इस से राजा और अनाथ दोनोों का मन एक जैसा हो जािा है; दास और स्विोंत्र मनु ष्य का, कोंिाल और धनवान का; 20 वह हर एक शवचार को आनि और आनि में िदल दे िा है, यहाों िक शक मनु ष्य को न िो दु :ख और न कजब की सुशध रहिी है। 21 और वह हर एक मन को धनी कर दे िा है, यहाों िक शक मनुष्य न िो राजा को स्मरण रखिा है और न हाशकम को; और यह सि िािें प्रशिभा के अनु सार िोलने को िैयार करिा है: 22 और जि वे अपने प्यालोों में डूि जािे हैं, िो शमत्रोों और भाइयोों से अपना प्रेम भूल जािे हैं, और कुछ दे र िाद िलवारें शनकाल लेिे हैं। 23 परन्तु जि वे दाखमधु के निे में होिे हैं, िो उनको स्मरण नहीों रहिा, शक हम ने क्ा शकया है। 24 हे मनुष्योों, क्ा दाखमधु सिसे प्रिल नहीों है, जो ऐसा करने को शववि करिा है? और जि उसने इिना कहा, िो वह चुप रहा। अध्याय 4 1 िि दू सरा, शजस ने राजा के िल की चचाब की या, वह कहने लिा, 2 हे मनुष्योों, क्ा जो मनुष्य समुद्र, और भूशम, और जो कुछ उन में हैं उन पर प्रभुिा करिे हैं, वे िल में िढ नहीों जािे? 3 िौभी राजा अशधक पराक्रमी है; क्ोोंशक वह इन सि वस्तुओों का स्वामी है, और उन पर प्रभुिा रखिा है; और जो कुछ वह उन्ें आज्ञा दे िा है वही वे करिे हैं। 4 यशद वह उन्ें एक दू सरे से युद्ध करने को कहे, िो वे ऐसा ही करिे हैं; यशद वह उन्ें ित्रुओों के शवरूद्ध भेजे, िो वे जाकर पहाडोों की िहरपनाह और िुम्मटोों को ढा दे िे हैं। 5 वे घाि करिे और मारे जािे हैं, और राजा की आज्ञा का उल्लोंघन नहीों करिे; यशद वे जय पािे हैं, िो लूट का माल और सि वस्तुएों राजा के पास ले आिे हैं। 6 इसी प्रकार जो लोि न िो योद्धा हैं, और न लडाई से कुछ काम रखिे हैं, परन्तु खे िी करिे हैं, और जो कुछ उन्ोोंने िोया है उसे काट लेिे हैं, और उसे राजा के पास ले आिे हैं, और राजा को कर दे ने के शलये एक दू सरे पर दिाव डालिे हैं। 7 िौभी वह एक ही मनु ष्य है; यशद वह घाि करने की आज्ञा दे , िो घाि करिे हैं; यशद वह छोड दे ने की आज्ञा दे , िो वे छोड दे िे हैं; 8 यशद वह मारने की आज्ञा दे , िो वे मारिे हैं; यशद वह उजाडने की आज्ञा दे िा है, िो वे उजाड दे िे हैं; यशद वह िनाने की आज्ञा दे , िो वे िनािे हैं; 9 यशद वह काटने की आज्ञा दे , िो वे काट डालिे हैं; यशद वह पौधे लिाने का आदे ि दे िा है, िो वे पौधे लिािे हैं। 10 इसशलथे उसकी सारी प्रजा और सेना उसकी आज्ञा मानिी है; और वह लेटिा, और खािा-पीिा, और शवश्राम करिा है। 11 और वे उसके चारोों ओर जाििे रहिे हैं, और कोई शनकलकर अपना काम नहीों करने दे िा, और न शकसी िाि में उसकी आज्ञा टालिे हैं। 12 हे मनु ष्योों, जि राजा की आज्ञा मानी जािी है, िो वह क्ोोंकर पराक्रमी न होिा? और उसने अपनी जीभ पकड ली. 13 िि िीसरा जो न्दस्त्रयोों और सत्य के शवर्य में िोलिा या, वह जोरोिािेल था, िोलने लिा। 14 हे मनु ष्योों, वह महान राजा नहीों है, न मनुष्योों की भीड है, न वह दाखमधु है जो उत्तम है; िो वह कौन है जो उन पर प्रभुिा करिा है, वा उन पर प्रभुिा रखिा है? क्ा वे मशहलाएों नहीों हैं? 15 न्दस्त्रयाों राजा को और समुद्र और भूशम पर प्रभुिा करने वाली सारी प्रजा को सोंभालिी हैं।
16 उन में से वे आए, और दाख की िाररयाों लिाने वालोोंको पाला, और जहाों से दाखमधु शनकलिा है। 17 ये मनुष्योोंके शलथे वस्त्र भी िनािे हैं; ये मनुष्योों के शलए मशहमा लािे हैं; और न्दस्त्रयोों के शिना पुरुर् नहीों हो सकिे। 18 हाों , और यशद पुरूर्ोों ने सोना, चािी, वा कोई अन्य अच्छी वस्तु इकट्ा की हो, िो क्ा वे उस स्त्री से प्रेम नहीों करिे जो सुिर और सुिर हो? 19 और वे सि िािें छोड भी दे िे हैं, और मुोंह खोलकर उस पर दृशि नहीों करिे; और क्ा सि मनुष्य चाूँ दी, सोना, वा शकसी भी अच्छी वस्तु से िढकर उसकी ओर लालाशयि नहीों होिे? 20 मनुष्य अपके शपिा और अपके दे ि को छोडकर अपक्की पत्नी से शमला रहिा है। 21 वह इस िाि पर अडा है, शक अपनी पत्नी के साथ अपना जीवन व्यिीि न करे । और न शपिा, न मािा, न दे ि को स्मरण रखिा है। 22 इसी से िुम जान लो, शक न्दस्त्रयाों िुम पर प्रभुिा करिी हैं: क्ा िुम पररश्रम और पररश्रम नहीों करिे, और सि कुछ स्त्री को दे कर नहीों लािे? 23 हाों , एक मनुष्य अपनी िलवार लेकर लूटने , और चोरी करने , और समुद्र और नशदयोोंके पार जाने को जािा है; 24 और वह शसोंह पर दृशि करके अन्दन्धयारे में चला जािा है; और जि वह चोरी, लूट, और लूट करिा है, िो उसे अपने प्रेम के पास ले आिा है। 25 इसशलये पुरूर् अपक्की पत्नी से शपिा वा मािा से भी अशधक प्रेम रखिा है। 26 हाों , िहुि से लोि ऐसे हैं जो न्दस्त्रयोों के पीछे अपनी िुन्दद्ध खो चुके हैं, और उनके शलये दास िन िए हैं। 27 और न्दस्त्रयोों के कारण िहुि से लोि नाि हुए, उन्ोोंने पाप शकया, और पाप शकया। 28 और क्ा अि भी िुम मुझ पर शवश्वास नहीों करिे? क्ा राजा अपनी िन्दक्त में महान नहीों है? क्ा सभी क्षेत्र उसे छूने से नहीों डरिे? 29 शफर भी मैं ने उसे और राजा की उपपत्नी अपामे को, जो अशि सुिर िाटाब कस की िेटी है, राजा की दाशहनी ओर िैठे हुए दे खा, 30 और राजमुकुट को राजा के शसर पर से उिारकर अपने शसर पर रखा; उसने अपने िाएूँ हाथ से भी राजा पर प्रहार शकया। 31 और इिने पर भी राजा ने मुोंह खोलकर उसे दे खा; यशद वह उस पर होंसिी, िो वह भी होंसिा; परन्तु यशद वह उस पर कुछ अप्रसन्न होिी, िो राजा की ओर से उसकी चापलूसी की जािी थी, शक वह उसके साथ मेल कर ले। दोिारा। 32 हे पुरूर्ोों, यह कैसे हो सकिा है, शक न्दस्त्रयाों ऐसा करिे दे खकर दृढ रहें? 33 िि राजा और हाशकमोोंने एक दू सरे की ओर दृशि की; िि वह सत्य िािें कहने लिा। 34 हे पुरूर्ोों, क्ा न्दस्त्रयाों िलवन्त नहीों? पृथ्वी महान है, स्विब ऊोंचा है, सूयब अपने मािब में िीव्र है, क्ोोंशक वह आकाि को चारोों ओर से घेरिा है, और एक ही शदन में अपने मािब को अपने स्थान पर वापस ले आिा है। 35 क्ा वह महान नहीों जो ये िािें िनािा है? इसशलए सत्य महान है, और सभी चीजोों से अशधक िन्दक्तिाली है। 36 सारी पृय्वी सत्य के कारण जयजयकार करिी है, और आकाि उसे धन्य कहिा है; उसके कारण सारे काम काों प उठिे हैं, और कोई कुशटल वस्तु उस से नहीों शमलिी। 37 दाखमधु िुरा है, राजा दु ि है, न्दस्त्रयाों दु ि हैं, सि मनु ष्य दु ि हैं, और उनके सि दु ि काम ऐसे ही हैं; और उनमें कोई सच्चाई नहीों है; वे अपनी अधमबिा से भी नाि होोंिे। 38 जहाों िक सत्य का प्रश्न है, वह कायम है, और सवबदा िलवन्त है; यह सवबदा जीशवि और शवजयी रहिा है।
39 उसके साथ कोई व्यन्दक्त या पुरस्कार स्वीकार नहीों शकया जािा; परन्तु वह धमब के काम करिी है, और सि अधमब और दु ि कामोों से दू र रहिी है; और सि मनु ष्य उसके कामोोंको अच्छा मानिे हैं। 40 उसके न्याय में कुशटलिा नहीों; और वह सभी युिोों की िाकि, साम्राज्य, िन्दक्त और मशहमा है। सत्य का परमेश्वर धन्य है। 41 और इसके साथ ही वह िाोंि हो िया । और सि लोि शचल्ला शचल्लाकर कहने लिे, सत्य महान है, और सि वस्तुओों में प्रिल है। 42 िि राजा ने उस से कहा, जो कुछ िू शलखे में शलखा है उस से अशधक जो िू चाहिा है वह माों ि, और हम िुझे दे दें िे, क्ोोंशक िू सि से अशधक िुन्दद्धमान शनकला है; और िू मेरे पास िैठेिा, और मेरा चचेरा भाई कहलाएिा। 43 िि उस ने राजा से कहा, अपनी उस मन्नि को स्मरण कर, जो िू ने अपने राज्य में आने के समय यरूिलेम के िसाने की मानी थी। 44 और शजिने पात्रोों को कुस्रू ने िािुल के नाि करने की िपथ खाकर यरूिलेम से शनकाल शलया या अलि कर शदया था, उन सभोों को वापस वहीों भेज दे ना। 45 िू ने उस मन्दिर को िनाने की भी िपथ खाई है, शजसे एदोशमयोों ने कसशदयोों द्वारा यहूशदया को उजाड शदए जाने के समय जला शदया था। 46 और अि, हे प्रभु राजा, यह वह है जो मैं चाहिा हूों, और जो मैं िुझ से चाहिा हूों, और यह िेरी ओर से आने वाली राजसी उदारिा है: मैं चाहिा हूों शक िू उस मन्नि को पूरा करे , शजसे िू अपने मुोंह से पूरा करे । िू ने स्विब के राजा की मन्नि मानी है। 47 िि दारा राजा ने उठकर उसे चूमा, और सि खजाोंशचयोों, लेन्दिनेंटोों, सरदारोों और हाशकमोों को उसके शलये शचशट्याों शलखीों, शक उसे और उन सि को जो यरूिलेम के िनाने को उसके सोंि यरूिलेम के िनाने को िए थे, स्यान से मािब में पहुोंचा दें । . 48 और उस ने सेलोसररया और फीनीके के लेन्दिनें टोों को, और शलिानु स में रहनेवालोों को भी शचशट्याों शलखीों, शक वे शलिानु स से यरूिलेम को दे वदार की लकडी ले आएों , और उसके द्वारा निर िनाएों । 49 शफर उस ने उन सि यहूशदयोोंके शलये जो उसके राज्य से शनकलकर यहूदी हो िए थे, उनकी स्विोंत्रिा के शवर्य में शलखा, शक कोई हाशकम, कोई हाशकम, कोई लेन्दिनेंट, या खजाों ची िलपूवबक उनके द्वार में प्रवेि न करे ; 50 और उनका सारा दे ि शिना कर के स्विि हो जाए; और एदोशमयोों को यहूशदयोों के उन िाोंवोों को दे दे ना चाशहए जो उस समय उनके पास थे। 51 हाों , जि िक मन्दिर का शनमाब ण न हो, िि िक उसके शनमाब ण के शलये प्रशि वर्ब िीस प्रशिभाएों दी जाएों ; 52 और प्रशि वर्ब वेदी पर होमिशल चढाने के शलये प्रशि वर्ब दस शकक्कार और शदया जाए, जैसा शक उन्ें सत्रह चढाने की आज्ञा शमली थी। 53 और शजिने लोि िािुल से निर िनाने को आए थे, उन सभोों को, और उनके वोंि को, और सि याजकोों को, जो यहाों से चले िए थे, स्विििा दी जाए। 54 उन्ोोंने शवर्य में भी शलखा। आरोप, और पुजाररयोों के वस्त्र शजनमें वे सेवा करिे हैं; 55 और इसी प्रकार लेशवयोोंको जो कुछ शदया जाए वह भी उस शदन िक शदया जाए, जि िक शक भवन पूरा न हो जाए, और यरूिलेम न िस जाए। 56 और उस ने निर के सि रखवालोोंको पेंसन और मजदू री दे ने की आज्ञा दी। 57 और शजिने पात्र कुस्रू ने अलि करके रख शदए थे, उन सभोोंको उस ने िािेल से शवदा कर शदया; और जो कुछ कुस्रू ने आज्ञा दी थी, वही पूरा करने की आज्ञा दी, और यरूिलेम को भेज शदया। 58 और जि वह जवान शनकला, िो यरूिलेम की ओर स्विब की ओर मुोंह करके स्विब के राजा की स्तुशि करने लिा।
59 और कहा, िुझ से जय, िुझ से िुन्दद्ध, और मशहमा िेरी ही से शनकलिी है, और मैं िेरा दास हूों। 60 िू धन्य है, शजसने मुझे िुन्दद्ध दी; क्ोोंशक हे हमारे शपिरोोंके परमेश्वर, मैं िेरा धन्यवाद करिा हूों। 61 िि वह शचशट्याों लेकर िाहर चला िया, और िािुल में आकर अपने सि भाइयोोंसे इसका समाचार सुनाया। 62 और उन्ोोंने अपने शपिरोोंके परमेश्वर की स्तुशि की, क्ोोंशक उस ने उन्ें स्विोंत्रिा और स्विोंत्रिा दी थी 63 शक चढाई करके यरूिलेम को और उस भवन को जो उसके नाम से कहलािा है, िनाएों ; और वे साि शदन िक िाजे और आनि के िाजे िजािे हुए जेवनार करिे रहे। अध्याय 5 1 इसके िाद शपिरोोंके घरानोोंके मुख्य पुरूर् अपके िोत्रोोंके अनु सार चुने िए, शक अपक्की न्दस्त्रयोोंऔर िेटे-िेशटयोोंऔर दास-दाशसयोोंऔर पिुओस ों मेि जाएों । 2 और दारा ने उनके साथ एक हजार सवार भेजे, और वे उन्ें यरूिलेम को यरूिलेम में यरूिलेम को लौटा ले आए, और उनके पास िाजे और िाों सुशलयाों थीों। 3 और उनके सि भाई खे लने लिे, और उस ने उनको भी उनके साय ऊपर चढाया। 4 और जो पुरूर् अपके कुलोोंके अनु सार अपके िोत्रोोंके अनु सार चढ िए उनके नाम ये हैं। 5 याजक, हारून के पुत्र पीनीस के पुत्र: यीिु जोसेदेक का पुत्र, और सारै ह का पुत्र, और यहोआशसम जो सोरोिेल का पुत्र, और सलािीएल का पुत्र, दाऊद के घराने में से फरे स के कुल में से था। यहूदा का िोत्र; 6 शजस ने फारस के राजा दारा के साम्हने उसके राज्य के दू सरे वर्ब के शनसान अथाब ि पशहले महीने में िुन्दद्धमान िािें कहीों। 7 और ये ही वे यहूदी हैं जो िोंधुआई से छूटकर परदे िी होकर रहने लिे, और शजन्ें िािुल का राजा निूकदने स्सर िन्धु आई से िािेल को ले िया था। 8 और वे यरूिलेम को और यहूदी के दू सरे भािोोंको लौट िए, और जो जोरोिािेल के साय यीिु, नहेम्याह, जकरयाह, और रीसायाह, एने शनयुस, और मरदोन्दखयस के साय आए थे, वे सि अपने अपने निर को लौट िए। िील्सरस, एस्फारसस, रीशलयस, रोइमस और िाना, उनके मािबदिबक। 9 और फोरोस की सन्तान, इस जाशि के लोिोोंऔर उनके अशधपशियोोंकी शिनिी दो हजार एक सौ िहत्तर; सपाि की सन्तान चार सौ िहत्तर, 10 एरे स की सन्तान साि सौ छप्पन: 11 फािमोआि की सन्तान दो हजार आठ सौ िारह; 12 एलाम की सन्तान एक हजार दो सौ चौवन: जिूल की सन्तान नौ सौ पैंिालीस: कोरिे की सन्तान साि सौ पाों च: िानी की सन्तान छुः सौ अडिालीस। 13 िेिई की सन्तान छुः सौ िेईस, सदास की सन्तान िीन हजार दो सौ िाईस। 14 अदोनीकाम की सन्तान छुः सौ सडसठ: ििोई की सन्तान दो हजार िासठ: अदीन की सन्तान चार सौ चौवन। 15 अिेरेशजयास की सन्तान नर्ब्े, सीलन और अजेिास की सन्तान सत्तर साि; अजूरान की सन्तान चार सौ ित्तीस। 16 हनन्याह की सन्तान एक सौ एक, अरोम की सन्तान ित्तीस, और िस्सा की सन्तान िीन सौ िेईस: अजेफूरीि की सन्तान एक सौ दो। 17 मेटरस की सन्तान िीन हजार पाों च, िैत्लोमोन की सन्तान एक सौ िेईस। 18 निोफा के पचपन, अनािोि के एक सौ अट्ाईस, िेिसामोस के ियालीस।
19 शकयबत्याररयुस के वोंि पच्चीस, कफीरा और िेरोि के वोंि साि सौ िैंिालीस: पीरा के वोंि साि सौ। 20 चाशदय्याह और अम्मीदोई के वोंि में से चार सौ िाईस, और शसरामा और ििदे स में से जो छुः सौ िाईस एक हुए। 21 मकालोन की सन्तान एक सौ िाईस, िेिोशलयुस की सन्तान िावन: नफीस की सन्तान एक सौ छप्पन। 22 कलमोलुस और ओनु स की सन्तान साि सौ पच्चीस, यरे खुस की सन्तान दो सौ पैंिालीस। 23 हन्ना की सन्तान िीन हजार िीन सौ िीस। 24 याजकोोंमें से यीिु के पुत्र यद् दू की सन्तान, सनाशसि की सन्तान में से नौ सौ िहत्तर, और मेरुि की सन्तान एक हजार िावन। 25 फस्सारोन की सन्तान एक हजार सैंिालीस, और कम्मे की सन्तान एक हजार सत्रह। 26 और लेवीय येिु, और कैडमीएल, िानू अस, और सुशदयाह के पुत्र चौहत्तर। 27 पशवत्र िवैये, आसाप की सन्तान एक सौ अट्ाईस। 28 द्वारपालोोंने अयाब ि् सलूम की सन्तान, जािल की सन्तान, िल्मोन की सन्तान, दकोिी की सन्तान, िेिा की सन्तान, सामी की सन्तान, सि शमलाकर एक सौ उनिीस। 29 मन्दिर के सेवक: एसाव की सन्तान, अशसफा की सन्तान, िािाओि की सन्तान, सेरास की सन्तान, सूद की सन्तान, शफलास की सन्तान, लािाना की सन्तान, ग्रेिा की सन्तान, 30 अकुआ के पुत्र, उिा के पुत्र, केिाि के पुत्र, अिािा के पुत्र, सुिै के पुत्र, अनान के पुत्र, कथुआ के पुत्र, िद् दू र के पुत्र, 31 ऐरूस की सन्तान, दै सान की सन्तान, नोएिा की सन्तान, चासेिा की सन्तान, िाजेरा की सन्तान, अशजया की सन्तान, पीनीस की सन्तान, अजारे की सन्तान, िस्तै की सन्तान, आसना की सन्तान मीनी की सन्तान, नफीसी की सन्तान, अकूि की सन्तान, अकीफा की सन्तान, अश्शूर की सन्तान, फरासीम की सन्तान, िासलोि की सन्तान, 32 मीदा के पुत्र, कूथा के पुत्र, चरे आ के पुत्र, चरकस के पुत्र, एसेरेर के पुत्र, थोमोई के पुत्र, नाशसथ के पुत्र, अिीफा के पुत्र। 33 सुलैमान के दासोोंकी सन्तान, अजापयोन की सन्तान, फरीरा की सन्तान, यैली की सन्तान, लोसोन की सन्तान, इस्राएल की सन्तान, सपेि की सन्तान, 34 हाशिया के पुत्र, फेराकारे ि के पुत्र, सािी के पुत्र, सरोथी के पुत्र, माशसयाह के पुत्र, िार के पुत्र, अद् दु स के पुत्र, सूिा के पुत्र, अपेराब के पुत्र, िारोदीस के पुत्र सिाि की सन्तान, अल्लोम की सन्तान। 35 मन्दिर के सि हाशकम और सुलैमान के सेवकोों के िेटे िीन सौ िहत्तर थे। 36 ये थमेलेि और थेलेरस से आए, चराथलार ने उनका नेिृत्व शकया, और अलार ने ; 37 और न िो वे अपके कुलोोंऔर अपके वोंि को प्रिट कर सके, शक वे इस्राएल में से कैसे हैं; अथाब ि लादान की सन्तान, और िान की सन्तान, और नकोदान की सन्तान छ: सौ िावन। 38 और याजकोों में से शजन ने याजक पद पर अशधकार कर शलया, और उनका पिा न चला, अयाबि् ओिशदया की सन्तान, अक्कोस की सन्तान, और अद् दु स की सन्तान, शजस ने िरजेलुस की एक िेटी औशिया से ब्याह शकया, और उसका नाम उसके नाम पर रखा िया। 39 और जि उन पुरूर्ोोंके कुल का शववरण रशजस्टर में ढू ों ढा िया, और न शमला, िि उनको याजकपद के काम से हटा शदया िया। 40 क्ोोंशक नहेम्याह और अियाब ह ने उन से कहा, शक जि िक उपदे ि और सच्चाई पशहने हुए कोई महायाजक न उठे , िि िक पशवत्र वस्तुओों में भािी न होना। 41 इस्राएल में से िारह वर्ब वा उससे अशधक अवस्या के सि पुरूर् चालीस हजार थे, और दास-दाशसयाों दो हजार िीन सौ साठ थीों। 42 उनके दास और दाशसयाों साि हजार िीन सौ सैंिालीस थे; िानेवाले और िानेवाशलयाों दो सौ पैंिालीस।
43 चार सौ पैंिीस ऊूँट, साि हजार छत्तीस घोडे , दो सौ पैंिालीस खच्चर, पाूँ च हजार पाूँ च सौ पच्चीस जुआरी। 44 और उनके शपिरोोंके मुख्य पुरूर्ोोंमें से एक एक ने यरूिलेम के परमेश्वर के भवन में आकर मन्नि मानी, शक इस भवन को अपके स्यान में शफर अपनी अपनी िन्दक्त के अनु सार िसाएों िे। 45 और पशवत्र काम के भण्ार में एक हजार िोडे सोना, पाों च हजार चािी, और एक सौ याजकोों के वस्त्र दे ना। 46 और यरूिलेम और दे हाि में याजक और लेवीय और साधारण लोि, और िवैये और द्वारपाल इसी प्रकार शनवास करिे थे; और सारे इस्राएल अपने अपने िाोंवोों में। 47 परन्तु जि सािवाों महीना आया, और इस्राएली अपने अपने स्यान पर थे, िि सि एक मन होकर पशहले फाटक के खु ले स्यान में जो पूवब की ओर है, इकट्े हुए। 48 िि योसेदेक का पुत्र यीिु, और उसके भाई याजक, और सलािीएल का पुत्र सोरोिािेल, और उसके भाई खडे हुए, और इस्राएल के परमेश्वर की वेदी िैयार की। 49 और उस पर होमिशल चढाना, जैसा शक परमेश्वर के भक्त मूसा की पुस्तक में स्पि रूप से आज्ञा दी िई है। 50 और उस दे ि की अन्यजाशियोों में से लोि उनके पास इकट्े हुए, और उन्ोोंने उसके स्यान पर वेदी िनाई, क्ोोंशक उस दे ि की सि जाशियाों उन से िैर रखिी थीों, और उन पर अन्धेर करिी थीों; और उन्ोोंने समय के अनु सार िशलदान चढाए, और सिेरे और साों झ दोनोों समय यहोवा के शलये होमिशल चढाए। 51 और उन्ोोंने व्यवस्था की आज्ञा के अनु सार मण्पोोंका पर्ब्ब माना, और शनयम के अनु सार प्रशि शदन िशल चढाया करिे थे। 52 और उसके िाद शनत्य अन्निशल, और शवश्रामशदनोों, और नये चाों द के शदनोों, और सि पशवत्र पवोंके मेलिशल। 53 और शजिनोों ने परमेश्वर के शलये मन्नि मानी थी वे सि सािवें महीने के पशहले शदन से परमेश्वर के शलये िशलदान चढाने लिे, िौभी यहोवा का मन्दिर अि िक नहीों िना था। 54 और उन्ोोंने राजशमन्दस्त्रयोों और िढइयोों को आनि के साथ रूपया, भोजन और पेय शदया। 55 और सीदोन और सोर के लोिोोंको उन्ोोंने कैर शदया, शक वे फारस के राजा कुस्रू की आज्ञा के अनु सार शलिानु स से दे वदार के वृक्ष झुलाकर याफा के जोंिल में ले जाएों । 56 और उसके यरूिलेम में परमेश्वर के भवन में आने के दू सरे वर्ब और दू सरे महीने में सलािीएल का पुत्र जोरोिािेल, और योसेदेक का पुत्र यीिु, और उनके भाई, और याजक, और लेवीय, और शजिने लोि थे, वे सि वहाों आने लिे। िन्धुवाई से छूटकर यरूिलेम को आओ; 57 और उन्ोोंने यहूशदया और यरूिलेम में पहुोंचने के दू सरे वर्ब के दू सरे महीने के पशहले शदन में परमेश्वर के भवन की नेव डाली। 58 और उन्ोोंने िीस वर्ब की आयु के लेशवयोोंको यहोवा के कामोोंके ऊपर शनयुक्त शकया। िि यीिु और उसके िेटे और भाई, और उसके भाई कैडमीएल, और मशदयािुन के िेटे, और एल्यादू न के िेटे यहोदा के िेटे, और उनके िेटे और भाई, सि लेवीय, एक मन होकर काम करनेवाले खडे हुए। परमेश्वर के घर में कायों को आिे िढाने के शलए पररश्रम करना। इसशलये कारीिरोों ने यहोवा का मन्दिर िनाया। 59 और याजक अपने वस्त्र पशहने हुए िाजे और िुरशहयाों शलये हुए खडे थे; और आसाप के पुत्र लेशवयोोंके पास झाों झ थे, 60 इस्राएल के राजा दाऊद की आज्ञा के अनु सार धन्यवाद के िीि िाओ, और यहोवा की स्तुशि करो। 61 और उन्ोोंने ऊोंचे िब्द से यहोवा की स्तुशि में िीि िाया, क्ोोंशक उसकी करूणा और मशहमा सारे इस्राएल पर सवबदा िनी रहेिी। 62 और सि लोिोोंने िुरशहयाों िजाईों, और ऊोंचे िब्द से जयजयकार शकया, और यहोवा के भवन की उन्नशि के शलथे यहोवा के धन्यवाद के िीि िाए।
63 और याजकोोंऔर लेशवयोोंऔर उनके शपिरोोंके मुख्य पुरूर्ोोंमें से जो पुरशनये पशहले भवन को दे खिे थे, वे भी रोिे और शचल्लािे हुए इस भवन के पास आए। 64 परन्तु िहुिेरे िुरशहयाों और आनि लेकर ऊोंचे िब्द से शचल्लाए, 65 यहाों िक शक लोिोों के रोने के शलथे िुरशहयाों सुनाई न दे िीों, िौभी भीड के शलथे ऐसा अद् भुि िजिा या, यहाों िक शक दू र दू र िक सुनाई दे िा। 66 इसशलये जि यहूदा और शिन्यामीन के िोत्र के ित्रुओों ने यह सुना, िो वे समझ िए शक िुरशहयोों के उस िब्द का क्ा अथब है। 67 और उन्ोोंने जान शलया शक िन्धुवाई में से उन्ोोंने ही इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के शलये मन्दिर िनाया है। 68 िि वे जोरोिािेल और यीिु और घरानोोंके मुख्य पुरूर्ोोंके पास िए, और उन से कहा, हम िुम्हारे साय शमलकर शनमाब ण करें िे। 69 क्ोोंशक हम भी िुम्हारी नाईों अपने प्रभु की आज्ञा मानिे हैं, और अश्शूररयोों के राजा अजिजारे ि के शदनोों से जो हमें यहाों ले आया है, उसके शलये िशलदान करिे आए हैं। 70 िि जोरोिािेल और यीिु और इस्राएल के घरानोोंके मुख्य पुरूर्ोोंने उन से कहा, हमारे परमेश्वर यहोवा के शलये एक भवन िनाना हमारा और िुम्हारा काम नहीों है। 71 फारस के राजा कुस्रू की आज्ञा के अनु सार हम आप ही इस्राएल के यहोवा के शलथे शनमाब ण करें िे। 72 परन्तु उस दे ि के अन्यजाशियोोंने यहूशदया के शनवाशसयोोंपर भारी पडकर उनको रोक रखा, और उनके शनमाब ण में िाधा डाली; 73 और जि िक राजा कुस्रू जीशवि रहा, िि िक उन्ोोंने अपनी िुप्त युन्दक्तयोों, और िडे अनुनयोों, और उपद्रवोों के द्वारा भवन के िैयार होने में रुकावट डाली; इस प्रकार दारा के राज्यकाल िक दो वर्ब िक वे शनमाब ण करने से रुके रहे। अध्याय 6 1 दारा अग्गुस और अद्दो के पुत्र जकरयाह के राज्य के दू सरे वर्ब में भशवष्यद्वक्ताओों ने इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के नाम से, जो उन पर था, यहूदी भार्ा में और यरूिलेम में यहूशदयोों से भशवष्यद्वाणी की। 2 िि सलािीएल का पुत्र जोरोिािेल और योसेदेक का पुत्र यीिु उठ खडे हुए, और यरूिलेम में यहोवा का भवन िनाने लिे, और यहोवा के भशवष्यद्वक्ता उनके सोंि होकर उनकी सहायिा करिे थे। 3 उसी समय अराम और फीनीके का हाशकम शसशसन्नस, सत्रिुजानेस और उसके साशथयोोंसमेि उनके पास आकर कहने लिा, 4 िुम शकस की आज्ञा से यह घर और यह छि िनािे, और अन्य सि काम करिे हो? और वे कारीिर कौन हैं जो ये काम करिे हैं? 5 िौभी यहूशदयोोंके पुरशनयोोंपर अनु ग्रह हुआ, क्ोोंशक यहोवा ने िन्धु ओप ों र सुशध ली थी; 6 और जि िक दारा को उनके शवर्य में सोंकेि न शदया िया, और उत्तर न शमला, िि िक उन्ें िनाने से न रोका िया। 7 उन शचशट्योों की नकल जो अराम और फीनीके के हाशकम शसशसन्नेस और सथरािुजाने स ने और उनके साशथयोों ने जो अराम और फीनीके के हाशकम थे, शलखकर दारा के पास भेजीों; राजा दारा को नमस्कार: 8 हमारे प्रभु राजा को सि िािें मालूम हो, शक जि हम यहूशदया दे ि में आएों , और यरूिलेम निर में प्रवेि करें , िो हम को यरूिलेम निर में िन्धु वाई में से पुरशनये यहूदी शमले। 9 यहोवा के शलये एक िडा और नया भवन िनाना, और िढे हुए और िहुमूल्य पत्थरोों का, और दीवारोों पर पहले से शिछाई हुई लकडी का। 10 और वे काम िडी फुिी से शकए जािे हैं, और वह काम उनके हाथ में िडी िेजी से चलिा है, और वह पूरी मशहमा और पररश्रम से िनाया जािा है। 11 िि हम ने उन पुरशनयोोंसे पूछा, िुम यह भवन शकस की आज्ञा से िनािे हो, और इन कामोोंकी नेव डालिे हो?
12 इसशलये हम ने इस आिय से शक हम िुझे शलखकर ज्ञान दें , हम ने उन से जो मुख्य किाबधिाब थे, शिनिी की, और उन से उनके मुख्य पुरूर्ोों के नाम शलन्दखि में माों िे। 13 िि उन्ोोंने हम को यह उत्तर शदया, शक हम यहोवा के दास हैं, शजस ने आकाि और पृय्वी का सृजन शकया। 14 और यह भवन िहुि वर्ब पशहले इस्राएल के एक िडे और सामथी राजा ने िनवाया, और िैयार हो िया। 15 परन्तु जि हमारे पुरखाओों ने परमेश्वर को क्रोध शदलाया, और इस्राएल के यहोवा जो स्विब में है, उसके शवरूद्ध पाप शकया, िि उस ने उनको कसशदयोोंके िािुल के राजा निूकदनेस्सर के वि में कर शदया; 16 और उस ने घर को ढा शदया, और जला शदया, और लोिोोंको िन्धुवाई करके िािेल को ले िया। 17 परन्तु िािेल दे ि पर राजा कुस्रू के राज्य करने के पशहले वर्ब में कुस्रू राजा ने इस भवन को िनाने की आज्ञा दी। 18 और सोने और चािी के जो पशवत्र पात्र निूकदनेस्सर ने यरूिलेम के भवन में से शनकालकर अपने मन्दिर में रखे थे, उन्ीों को कुस्रू राजा ने िािुल के मन्दिर में से शनकालकर शफर सौोंप शदया। जोरोिािेल और िासक सनािासारस को, 19 और आज्ञा दी, शक वह उन पात्रोोंको उठाकर यरूिलेम के मन्दिर में रखे ; और उसके स्थान पर यहोवा का मन्दिर िनाया जाए। 20 िि उसी सनिास्सर ने इधर आकर यरूिलेम में यहोवा के भवन की नेव डाली; और उस समय से लेकर आज िक यह एक इमारि िनी हुई है, यह अभी िक पूरी िरह समाप्त नहीों हुई है। 21 इसशलये अि यशद राजा को यह अच्छा लिे, िो राजा कुस्रू के अशभलेखोों में से खोजा जाए। 22 और यशद यह जान शलया जाए, शक यरूिलेम में यहोवा का भवन राजा कुस्रू की सम्मशि से िनाया िया है, और यशद हमारा स्वामी राजा ऐसी ही सोच रखिा हो, िो वह हमें इसका सोंकेि दे । 23 िि राजा दारा को िािेल के अशभलेखोों में से ढू ों ढने की आज्ञा दी िई, और एकििाने राजमहल में जो मादी दे ि में है, वहाों एक पुस्तक शमली, शजस में ये िािें शलखी हुई थीों। 24 कुस्रू के राज्य के पशहले वर्ब में कुस्रू राजा ने आज्ञा दी, शक यरूिलेम में यहोवा का भवन शफर िनाया जाए, शजस में शनत्य आि में यज्ञ शकया जािा है। 25 उसकी ऊोंचाई साठ हाथ और चौडाई साठ हाथ की हो, और िीन किारें खु दे हुए पत्थरोों की होों, और एक किार उस दे ि की नई लकडी की हो; और उसका व्यय राजा कुस्रू के भवन से शदया जाए: 26 और यहोवा के भवन के जो पशवत्र पात्र सोने और चािी के हैं, शजन्ें निूकदने स्सर यरूिलेम के भवन में से शनकालकर िािुल में ले आया था, वे यरूिलेम के भवन में शफर स्थाशपि शकए जाएों , और उसी स्थान पर रखे जाएों । वे पहले थे. 27 और उस ने यह भी आज्ञा दी, शक अराम और फीनीके के हाशकम शसशसन्नेस, और सिािुजने स, और उनके साथी, और जो अराम और फीनीके में हाशकम ठहराए िए थे, वे चौकस रहें, शक स्यान में दखल न दें , पर उसके सेवक जोरोिािेल को ऐसा करने दें । प्रभु, और यहूशदया के हाशकम, और यहूशदयोों के पुरशनयोों, शक उस स्यान में यहोवा का भवन िनाएों । 28 मैं ने उसे शफर पूरा िनाने की भी आज्ञा दी है; और जि िक यहोवा का भवन पूरा न हो जाए, िि िक वे यहूशदयोों की िन्धु वाई में से लोिोों की सहायिा करने में ित्पर रहिे हैं: 29 और कलोिूर और फीनीके के कर में से यहोवा के िशलदानोोंके शलथे इन पुरूर्ोोंको अयाब ि् िछडोों, और मेढोों, और भेड के िच्चोोंके शलथे जोरोिािेल हाशकम को शदया जाए; 30 और अन्न, नमक, दाखमधु , और िेल भी, और वह भी यरूिलेम के याजकोों के अनु सार प्रशि वर्ब शिना शकसी प्रश्न के शनरन्तर व्यय शकया जािा रहे।
31 शक राजा और उसके पुत्रोोंके शलथे परमप्रधान परमेश्वर को भेंट चढाएों , और वे अपके प्राण के शलथे प्रायबना करें । 32 और उस ने आज्ञा दी, शक जो कोई अपराध करे , वा ऊपर कही िई या शलखी हुई शकसी िाि को िुच्छ ठहराए, उसके घर में से एक वृक्ष उखाड शलया जाए, और उस पर फाूँ सी दी जाए, और उसकी सारी सम्पशत्त राजा के शलये जब्त कर ली जाए। 33 इसशलये यहोवा, शजस का नाम वहाों पुकारा जािा है, हर उस राजा और जाशि को सत्यानाि कर दे , जो यरूिलेम में यहोवा के भवन को रोकने या उसे हाशन पहुोंचाने के शलये हाथ िढािा है। 34 मुझ दारा राजा ने यह ठहराया है, शक इन कामोों के अनु सार पररश्रम से शकया जाए। अध्याय 7 1 िि शसलोशसररया और फीनीके का हाशकम शसशसन्नेस, और सिािुजाने स और उसके साथी राजा दारा की आज्ञा मानकर चले। 2 और पशवत्र कामोों का िहुि ध्यान से शनरीक्षण शकया, और यहूशदयोोंके पुरशनयोोंऔर मन्दिर के हाशकमोोंकी सहायिा की। 3 और इस प्रकार पशवत्र काम सफल हुए, जि अन्दग्गयुस और जकरयाह भशवष्यद्वक्ता भशवष्यद्वाणी करने लिे। 4 और उन्ोोंने ये काम इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की आज्ञा से, और फारस के राजा कुस्रू, दारा, और अिबक्षत्र की सम्मशि से पूरा शकया। 5 और फारस के राजा दारा के राज्य के छठे वर्ब के अदार महीने के िीसरे िीसवें शदन में पशवत्र भवन का काम पूरा हुआ। 6 और इस्राएशलयोोंने अयाबि् याजकोोंऔर लेशवयोोंऔर और जो िन्धुवाई में से उन में शमल िए थे, उन्ोोंने मूसा की पुस्तक में शलखी हुई िािोोंके अनु सार शकया। 7 और यहोवा के भवन की प्रशिष्ठा के शलथे उन्ोोंने एक सौ िैल, दो सौ मेढे, और चार सौ भेड के िच्चे चढाए; 8 और इस्राएल के िोत्रोोंके मुख्य पुरुर्ोोंकी शिनिी के अनु सार सि इस्राएल के पाप के शलथे िारह िकरे । 9 पुजारी भी और लेशवयोों ने अपने भोज के अनु सार, इजराइल के भिवान दे विा की सेवा में, मूसा की पुस्तक के अनु सार, और हर िेट पर पोटब सब के अनु सार, उनके शनद्रोों में खडे हो िए। 10 और याजकोों और लेशवयोोंके पशवत्रा ठहराए जाने के िाद पशहले महीने के चौदहवें शदन को िोंधुआई में आए इस्राएशलयोोंने फसह माना। 11 जो िन्धुवाई में से थे वे सि एक साथ पशवत्र न शकए िए, परन्तु सि लेवीय एक साथ पशवत्र शकए िए। 12 और इस प्रकार उन्ोोंने उन सि िन्धु ओक ों े शलथे, और अपके भाई याजकोोंऔर अपके अपके शलथे फसह का पर्ब्ब चढाया। 13 और जो इस्राएली िन्धु वाई से छूटकर आए थे, अयाब ि् उन सभोोंने भी, जो उस दे ि के शनवाशसयोोंके घृशणि कामोोंसे अलि होकर यहोवा की खोज में थे, भोजन शकया। 14 और वे साि शदन िक अखमीरी रोटी का पर्ब्ब मानिे रहे, और यहोवा के साम्हने आनि करिे रहे। 15 क्ोोंशक उस ने अश्शूर के राजा की युन्दक्त को उनकी ओर फेर शदया था, शक इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के कामोों में उन्ें दृढ करे । अध्याय 8 1 और इन िािोों के िाद, जि फारस का राजा अिबक्षत्र राज्य करने लिा, िो एस्द्रस जो सरायाह का पुत्र, यह एजेरीयाह का पुत्र, यह हेलशकयाह का पुत्र, यह सलूम का पुत्र, आया। 2 सद् दू क का पुत्र, अकीिोि का पुत्र, अमयाब ह का पुत्र, एशजयास का पुत्र, मेरेमोि का पुत्र, जरयाह का पुत्र, साशवया का पुत्र, िोक्कस का पुत्र, अिीसुम का पुत्र, पीनीस का पुत्र एलीआजर का पुत्र, हारून महायाजक का पुत्र।
3 वह एस्द्रस जो मूसा की व्यवस्था इस्राएल के परमेश्वर की ओर से दी िई थी, उस में िहुि शनपुण होकर िास्त्री होकर िािुल से आया। 4 और राजा ने उसका आदर शकया; क्ोोंशक उसके सि शनवेदनोोंपर उस पर अनु ग्रह की दृशि हुई। 5 और इस्राएशलयोोंमें से कुछ लेवीय याजक, और पशवत्र िायक, द्वारपाल, और मन्दिर के सेवक भी उसके सोंि यरूिलेम को िए। 6 अिबक्षत्र के राज्य के सािवें वर्ब के पाों चवें महीने में, यह राजा का सािवाों वर्ब था; क्ोोंशक पशहले महीने के पशहले शदन को वे िािुल से शनकलकर उस सुखमय यात्रा के अनु सार जो यहोवा ने उनको दी या, यरूिलेम को आए। 7 क्ोोंशक एस्द्रस िहुि ही शनपुण था, यहाों िक शक उस ने यहोवा की व्यवस्था और आज्ञाओों में से कुछ भी न छोडा, वरन सारे इस्राएल को शवशधयाों और शनयम शसखािा था। 8 अि उस आज्ञा की प्रशिशलशप, जो राजा अिबक्षत्र की ओर से शलखी िई, और यहोवा की व्यवस्था के याजक और वाचक एस्द्रास के पास पहुोंची, यह है; 9 अिबक्षत्र राजा ने एस्द्रस याजक और यहोवा की व्यवस्था के पढनेवाले को नमस्कार भेजा। 10 मैं ने कृपा करने का शनश्चय करके आज्ञा दी है, शक यहूशदयोोंकी जाशि में से और याजकोोंऔर लेशवयोोंमें से जो हमारे दे ि में होों, जो इच्छु क और इच्छु क होों वे िुम्हारे सोंि यरूिलेम को चलें। 11 इसशलये शजिनोों का उस पर मन हो, वे िेरे सोंि चले जाएों , जैसा शक मुझे और मेरे सािोों शमत्रो, अथाबि सलाहकारोोंको भाया है; 12 िाशक वे यहूशदया और यरूिलेम के मामलोों पर प्रभु की व्यवस्था के अनु सार ध्यान दें ; 13 और जो भेंटें इस्राएल के यहोवा के शलथे मैं ने और मेरे शमत्रोोंने मन्नि मानी है उनको यरूिलेम में ले जाना, और शजिना सोना चािी िािुल के दे ि में शमले सि को यरूिलेम में यहोवा के पास ले जाना। 14 और जो प्रजा में से उनके परमेश्वर यहोवा के यरूिलेम के मन्दिर के शलये शदया जाए, वह भी शदया जाए, और िैलोों, और मेढोों, और भेड के िच्चोों, और उनके साम्हने के शलये चािी और सोना इकट्ा शकया जाए; 15 इसशलथे शक वे अपके परमेश्वर यहोवा की वेदी पर जो यरूिलेम में है यहोवा के शलथे िशलदान चढाएों । 16 और जो कुछ िू और िेरे भाई सोने चािी से करना चाहें वह अपने परमेश्वर की इच्छा के अनु सार करना। 17 और यहोवा के जो पशवत्र पात्र िुझे यरूिलेम में िेरे परमेश्वर के मन्दिर के काम आने के शलथे शदए िए हैं उन को यरूिलेम में अपने परमेश्वर के साम्हने रखना। 18 और जो कुछ िू अपने परमेश्वर के भवन के काम के शलथे स्मरण रखे , उसे राजा के भण्ार में से दे ना। 19 और मुझ अिबक्षत्र राजा ने अराम और फीनीके के भण्ारोोंके रखवालोोंको यह आज्ञा दी है, शक एस्द्रस याजक और परमप्रधान परमेश्वर की व्यवस्था का पढने वाला जो कुछ भेजे, वह िुरन्त उसे दे दें । 20 अथाबि सौ मन चािी, और सौ कोर िेहूों, और सौ मन दाखमधु , और अन्य वस्तुएों िहुिायि से। 21 परमप्रधान परमेश्वर के शलये सि काम परमेश्वर की व्यवस्था के अनु सार यत्नपूवबक शकया जाए, ऐसा न हो शक राजा और उसके पुत्रोों के राज्य पर क्रोध भडके। 22 मैं िुझे यह भी आज्ञा दे िा हूों, शक याजकोों, या लेशवयोों, या पशवत्र िवैयोों, या द्वारपालोों, या मन्दिर के सेवकोों, या इस मन्दिर में काम करनेवालोों में से शकसी से न कर लेना, और न कोई अन्य भार लेना, और शकसी भी व्यन्दक्त को उन पर कुछ भी थोपने का अशधकार नहीों है। 23 और हे एस्द्रा, िू परमेश्वर की िुन्दद्ध के अनु सार न्याशययोों और न्याशययोों को शनयुक्त कर, शक वे सारे सीररया और फेनीके में उन सभोों का न्याय करें जो िेरे परमेश्वर की व्यवस्था जानिे हैं; और जो इसे जानिे होों उन्ें िू न शसखाना।
24 और जो कोई िेरे परमेश्वर और राजा की व्यवस्था का उल्लोंघन करे िा, वह दण् से दण् पाएिा, चाहे वह प्राणदण् से हो, या अन्य दण् से, चाहे धन के दण् से, चाहे कारावास से। 25 िि एस्द्रस मोंत्री ने कहा, मेरे शपिरोोंका परमेश्वर यहोवा धन्य है, शजस ने राजा के मन में ये िािें डालीों, शक यरूिलेम में उसके भवन की मशहमा हो। 26 और उस ने राजा, और उसके मन्दियोों, और उसके सि शमत्रोोंऔर सरदारोोंके साम्हने मेरा आदर शकया है। 27 इसशलथे मैं अपके परमेश्वर यहोवा की सहायिा से शहयाव िान्धा, और इस्राएल के पुरूर्ोोंको अपके सोंि चलने के शलथे इकट्ा कर शलया। 28 और अिबक्षत्र राजा के राज्य में जो लोि िािुल से मेरे सोंि चले थे, वे अपके अपके कुलोोंके अनु सार और मुख्य पुरूर्ोोंमें से ये ही हैं: 29 पीनीस की सन्तान में से िेसोन, ईिामार की सन्तान में से िमाएल, दाऊद की सन्तान में से लत्तुस, सेकन्याह का पुत्र। 30 शफरे स के वोंि में से जकरयाह; और उसके साथ एक सौ पचास पुरूर् शिने िए: 31 पहिमोआि के वोंि में से जारयाह का पुत्र एशलयान्याह, और उसके सोंि दो सौ पुरूर् थे। 32 जािो के वोंि में से यजेलुस का पुत्र सेकेन्याह, और उसके सोंि िीन सौ पुरूर्; अदीन के वोंि में से योनािान का पुत्र ओिेि, और उसके साय ढाई सौ पुरूर्। 33 एलाम के वोंि में से िोिोशलयाह का पुत्र योशिय्याह और उसके सोंि सत्तर पुरूर्; 34 सफशियाह के वोंि में से मीकाएल का पुत्र जारयाह, और उसके सोंि सत्तर पुरूर्। 35 योआि के वोंि में से येजेलुस का पुत्र अिद्याह, और उसके साय दो सौ िारह पुरूर्; 36 िनीद की सन्तान में से योसाफ्याह का पुत्र अस्साशलमोि, और उसके सोंि एक सौ साठ पुरूर्; 37 िािी के वोंि में से िेिै का पुत्र जकरयाह और उसके सोंि अट्ाईस पुरूर्; 38 अस्ति के वोंि में से अकािान का पुत्र योहाने स, और उसके सोंि एक सौ दस पुरूर्; 39 अदोनीकाम के वोंि में से जो पीछे शनकला, उसके ये नाम हैं, अयाबि् एलीपहलेि, और यहूदी, और सामायाह, और उनके साय सत्तर पुरूर् हुए। 40 िािो के वोंि में से इस्तलकुरूस का पुत्र ऊथी, और उसके सोंि सत्तर पुरूर्। 41 और इन्ें मैं ने थेरस नाम नदी के पास इकट्ा शकया, जहाों हम ने िीन शदन िक अपने िम्बू खडे शकए; और शफर मैं ने उनका शनरीक्षण शकया। 42 परन्तु जि मैं ने वहाों याजकोोंऔर लेशवयोोंमें से शकसी को न पाया, 43 िि मैं ने एलीआजर, और इदू एल, और मसमान के पास भेजा; 44 और अलनािान, और ममयाह, और योरीिास, और नािान, यूनािान, जकरयाह, और मोसुल्लामोन, िडे पुरूर् और शवद्वान। 45 और मैं ने उनको आज्ञा दी, शक सद्दे ऊस सरदार के पास जो भणडार का अशधकारी या, जाओ। 46 और उनको आज्ञा दी, शक दद्दे युस और उसके भाइयोोंऔर उस स्यान के खजाों शचयोोंसे कहो, शक हमारे पास ऐसे पुरूर् भेजें जो यहोवा के भवन में याजक का काम कर सकें। 47 और हमारे प्रभु के िलवन्त हाथ से वे मोली की सन्तान में से जो लेवी का पोिा, और इस्राएल का पोिा, असेिेशिया और उसके पुत्रोोंऔर भाइयोोंमें से जो अठारह वर्ब के थे, कुिल पुरूर्ोोंको हमारे पास ले आए। 48 और असेशिया, अन्नुस, और उसका भाई ओसायाह, और चन्नून की सन्तान में से िीस पुरूर् हुए। 49 और मन्दिर के जो सेवक दाऊद ने ठहराए थे, और लेशवयोोंकी सेवा के मुख्य पुरूर्, अयाब ि् मन्दिर के दो सौ िीस सेवक, उनके नाम की सूची शदखाई िई।
50 और वहाों मैं ने अपने प्रभु के साम्हने जवानोोंके साम्हने उपवास की मन्नि मानी, शक वह हमारे और हमारे साशथयोोंके शलथे, और हमारे िालकोोंऔर पिुओक ों े शलथे सुखमय यात्रा हो। 51 क्ोोंशक मुझे राजा से प्यादोों, और सवारोों, और अपने द्रोशहयोों से रक्षा का उपाय पूछने में लज्जा आिी थी। 52 क्ोोंशक हम ने राजा से कहा या, शक हमारे परमेश्वर यहोवा की िन्दक्त उसके खोजनेवालोोंके साय रहे, शक वह उनको सि प्रकार से सहाथिा दे । 53 और इन िािोों के शवर्य में हम ने शफर अपके प्रभु से शिनिी की, और उसे हमारे शलथे अनु कूल पाया। 54 िि मैं ने याजकोोंके मुख्य पुरूर्ोोंमें से िारह को, अयाबि् एसेशब्रयाह, और अस्सशनयाह, और उनके भाइयोोंमें से दस पुरूर्ोोंको अलि कर शदया; 55 और जो सोना, चािी, और हमारे यहोवा के भवन के पशवत्र पात्र राजा और उसकी महासभा और हाशकमोोंऔर सारे इस्राएल ने शदए थे, उनको मैं ने िौल शदया। 56 और मैं ने उसे िौलकर उनको छ: सौ पचास शकक्कार चािी, और सौ शकक्कार चािी के पात्र, और सौ शकक्कार सोना दे शदया। 57 और सोने के िीस पात्र, और पीिल के िारह पात्र, जो सोने के समान चमकिे हुए, उत्तम पीिल के थे। 58 और मैं ने उन से कहा, िुम दोनोों यहोवा के शलथे पशवत्र हो, और पात्र पशवत्र हैं, और सोना और चािी हमारे शपिरोोंके प्रभु यहोवा की मन्नि है। 59 िुम जाििे रहो, और उन्ें िि िक िचाए रखो जि िक िुम उन्ें यरूिलेम में याजकोों और लेशवयोोंके मुख्य पुरूर्ोोंऔर इस्राएल के घरानोोंके मुख्य पुरूर्ोोंके हाथ न पहुोंचा दो, शक वे हमारे परमेश्वर के भवन की कोठररयोोंमें पहुोंचा दें । 60 इसशलये याजक और लेवीय, शजनको सोना चािी और पात्र शमले थे, उनको यरूिलेम में यहोवा के मन्दिर में ले आए। 61 और पशहले महीने के िारहवें शदन को हम ने थेरस नदी से प्रस्थान शकया, और अपने प्रभु के उस िलवन्त हाथ के द्वारा, जो हमारे सोंि या, यरूिलेम को आए; और हमारी यात्रा के आरम्भ से ही प्रभु ने हम को सि ित्रुओों से िचाया, और इस प्रकार हम यरूिलेम आये। 62 और जि हम वहाों िीन शदन िक रहे, िो चौथे शदन जो सोना और चािी िौला िया था, वह हमारे प्रभु के भवन में ईरी के पुत्र ममोि याजक को सौोंप शदया िया। 63 और उसके सोंि पीनीस का पुत्र एलीआजर, और उनके साय येसू का पुत्र योसािाद, और सर्ब्न का पुत्र मोएि, लेवीय थे; सि शिनिी और िौल के अनु सार उनको सौोंप शदए िए। 64 और उनका सारा िौल उसी घडी शलख शलया िया। 65 शफर जो लोि िोंधुआई से छूटकर आए, उन्ोोंने इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के शलये सि इस्राएल के पीछे िारह िैल, और सोलह मेढे िशल करके चढाए। 66 और मेलिशल के शलये साठ िारह भेड के िच्चे, और िारह िकरे ; वे सि यहोवा के शलये िशलदान हैं। 67 और उन्ोोंने राजा की आज्ञाएों राजा के हाशकमोों और सेलोसररया और फीनीके के हाशकमोों को पहुोंचाईों; और उन्ोोंने प्रजा और परमेश्वर के मन्दिर का आदर शकया। 68 जि ये िािें हो िईों, िो हाशकम मेरे पास आकर कहने लिे, 69 इस्राएल की जाशि ने अयाब ि् हाशकमोोंऔर याजकोोंऔर लेशवयोोंने इस दे ि के परदे िी लोिोोंको, और कनाशनयोों, शहशत्तयोों, फेरे शसयोों, यिूशसयोोंऔर मोआशियोोंको अन्यजाशियोोंकी अिुद्धिा से दू र न शकया। शमस्रवासी, और एदोमी। 70 क्ोोंशक उन्ोोंने और उनके िेटोों ने अपनी िेशटयोोंसे ब्याह शकया है, और पशवत्र वोंि दे ि के परदे िी लोिोोंमें शमल िया है; और इस मामले की िुरुआि से ही िासक और महान लोि इस अधमब के भािी रहे हैं।
71 और ये िािें सुनिे ही मैं ने अपने वस्त्र और पशवत्र वस्त्र फाड डाले, और अपने शसर और दाढी के िाल उखाड शलए, और उदास और िहुि भारी होकर िैठ िया। 72 िि वे सि जो इस्राएल के परमेश्वर यहोवा का वचन सुनकर प्रसन्न हुए, मेरे पास इकट्े हुए, और मैं अधमब के शलथे शवलाप करिा रहा; परन्तु साों झ के िशलदान िक मैं उदास होकर िैठा रहा। 73 िि वस्त्र और पशवत्र वस्त्र फाडकर उपवास से उठना, और घुटने टे ककर, और हाथ यहोवा की ओर फैलाकर, 74 मैं ने कहा, हे प्रभु, मैं िेरे साम्हने लन्दज्जि और लन्दज्जि हूों; 75 क्ोोंशक हमारे पाप हमारे शसरोों पर िढ िए हैं, और हमारी अज्ञानिा स्विब िक पहुोंच िई है। 76 क्ोोंशक हम अपके िापदादोों के समय से लेकर आज िक िडे पाप में पडे हैं। 77 और हम अपने और अपने पुरखाओों के पापोों के कारण अपने भाइयोों, और राजाओों, और याजकोोंसमेि पृय्वी के राजाओों के वि में कर शदए िए, शक वे िलवार से, और िन्धु वाई में, और लन्दज्जि होकर लूटे जाएों , और आज िक जीशवि हैं। 78 और अि हे प्रभु, िेरी ओर से कुछ हद िक हम पर दया हुई है, शक िेरे पशवत्रस्थान में हमारे शलये एक जड और एक नाम रह िया है; 79 और हमारे परमेश्वर यहोवा के भवन में हमारे शलये उशजयाला ढू ों ढे, और हमारी दासिा के समय में हमें भोजन दे । 80 हाों , जि हम िुलामी में थे, िि हमें अपने प्रभु से नहीों छोडा िया था; परन्तु उस ने फारस के राजाओों के साम्हने हम पर अनु ग्रह शकया, और उन्ोोंने हमें भोजन शदया; 81 हाों , और हमारे प्रभु के मन्दिर की प्रशिष्ठा की, और उजडे हुए शसय्योन को शफर से खडा शकया, शक उन्ोोंने हमें यहूदी और यरूिलेम में दृढ शनवास शदया है। 82 और अि, हे प्रभु, ये िािें होिे हुए हम क्ा कहें? क्ोोंशक हमने िेरी आज्ञाओों का उल्लोंघन शकया है, जो िू ने अपने दास भशवष्यद्वक्ताओों के द्वारा यह कहकर दी थी, 83 शक शजस दे ि को िुम शनज भाि करके अपने अशधकार में करने को जािे हो वह दे ि परदे शियोों की अिुद्धिा से अिुद्ध हो िया है, और उन्ोोंने उसे अपनी अिुद्धिा से भर शदया है। 84 इसशलये अि िुम अपनी िेशटयोोंको उनके िेटोोंके साय न शमलाना, और न उनकी िेशटयोोंको अपने िेटोोंको ब्याह दे ना। 85 और उन से मेल शमलाप करने का प्रयत्न कभी न करना, शजस से िुम िलवन्त हो जाओ, और उस दे ि की अच्छी अच्छी वस्तुएों खाओ, और उस दे ि का शनज भाि सदा के शलथे अपके वोंि के शलथे छोड जाओ। 86 और जो कुछ हमारे साथ हुआ है वह हमारे िुरे कामोों और महान पापोों के कारण हुआ है; क्ोोंशक हे प्रभु, िू ने हमारे पाप हलके कर शदए, 87 और हमें ऐसी जड दी, परन्तु हम शफर िेरी व्यवस्था का उल्लोंघन करने , और इस दे ि की अन्यजाशियोों की अिुद्धिा में लि िए हैं। 88 क्ा िू हम पर क्रोध करके हमें नाि न कर सका, जि िक िू ने हमारे शलथे न जड, न िीज, न नाम छोडा? 89 हे इस्राएल के यहोवा, िू सच्चा है; क्ोोंशक आज हम जड ही िचे हैं। 90 दे ख, अि हम अपके अधमब के कामोोंमें िेरे साम्हने खडे हैं, क्ोोंशक इन िािोोंके कारण हम िेरे साम्हने शफर शटक नहीों सकिे। 91 और जि एस्डरास ने प्राथबना में अपना अोंिीकार शकया, और रोिे हुए, और मन्दिर के साम्हने भूशम पर मुोंह के िल लेट िया, िो यरूिलेम से पुरुर्ोों, न्दस्त्रयोों, और िच्चोों की एक िहुि िडी भीड उसके पास इकट्ी हो िई: क्ोोंशक भीड िहुि रो रही थी। 92 िि शयलुस के पुत्र यकोन्याह ने जो इस्राएशलयोोंमें से एक या, पुकारकर कहा, हे एस्द्रस, हम ने यहोवा परमेश्वर के शवरूद्ध पाप शकया है, हम ने उस दे ि की अन्यजाशियोोंमें परायी न्दस्त्रयोोंको ब्याह शलया है, और अि सारा इस्राएल अपके हाथ में है। .
93 आओ, हम यहोवा से यह िपथ खाएों , शक हम अपनी सि न्दस्त्रयोोंको, शजन्ें हम ने अन्यजाशियोोंमें से ब्याह शलया है, और उनके लडकेिालोोंसे भी त्याि दें िे। 94 जैसा िू ने ठहराया है, और शजिने यहोवा की व्यवस्था पर चलिे हैं। 95 उठो और मार डालो; क्ोोंशक यह िाि िुम्हें ही करनी है, और हम िुम्हारे सोंि रहेंिे; िुम वीरिा से काम करो। 96 िि एस्द्रस ने उठकर सारे इस्राएल के याजकोोंऔर लेशवयोोंमें से मुख्य पुरूर्ोोंको िपथ न्दखलाई, शक ऐसा ही शकया करो; और इसशलए वे कसम खािे हैं। अध्याय 9 1 िि एस्द्रस मन्दिर के आों िन से उठकर एल्याशसि के पुत्र योनान की कोठरी में िया, 2 और वहाों रहे, और लोिोों के िडे अधमब के कामोोंके कारण शवलाप करिे हुए न माों स खाया और न पानी शपया। 3 और सारे यहूदी और यरूिलेम में सि िोंधुआई के लोिोोंके शलये यह प्रचार हुआ, शक यरूिलेम में इकट्े हो जाओ। 4 और जो कोई दो या िीन शदन के भीिर उन पुरशनयोों के अनु सार जो शनयम के अनु सार वहाों न शमले, उसके पिु जब्त कर शलये जाएों , शक वह मन्दिर में काम आए, और वह िन्धु ओों में से शनकाल शदया जाए। 5 और िीन शदन में नौवें महीने के िीसवें शदन को यहूदा और शिन्यामीन के िोत्र के सि लोि यरूिलेम में इकट्े हुए। 6 और सारी मण्ली मन्दिर के चौडे आूँ िन में विबमान खराि मौसम के कारण काों पिी हुई िैठी रही। 7 िि एस्द्रस ने उठकर उन से कहा, िुम ने परायी न्दस्त्रयोों से ब्याह करके व्यवस्था का उल्लोंघन शकया है, शजस से इस्राएल के पाप िढ िए हैं। 8 और अि अोंिीकार करके हमारे शपिरोोंके परमेश्वर यहोवा की मशहमा करो, 9 और उसकी इच्छा पूरी करो, और अपने आप को इस दे ि के अन्यजाशियोों और परदे िी न्दस्त्रयोों से अलि करो। 10 िि सारी मण्ली ने शचल्लाकर ऊोंचे िब्द से कहा, जैसा िू ने कहा है, वैसा ही हम करें िे। 11 परन्तु क्ोोंशक लोि िहुि हैं, और मौसम ऐसा िुरा है, शक हम िाहर खडे नहीों रह सकिे, और यह एक या दो शदन का काम नहीों है, इसशलये शक इन िािोों में हमारा पाप दू र िक फैल िया है। 12 इसशलये भीड के हाशकम ठहरे रहें, और हमारे सि डे रोों में से शजनके यहाों परायी पशत्नयाों होों वे शनयि समय पर आएों । 13 और उनके साथ सि स्थानोोंके हाशकमोोंऔर न्याशययोोंको भी, जि िक हम इस शवर्य के कारण यहोवा का क्रोध अपने ऊपर से दू र न कर लें। 14 िि अजाएल के पुत्र योनािान और शथयोकेनस के पुत्र यहेजशकयाह ने इस िाि को अपने ऊपर ले शलया, और मोसुल्लाम और लेवीस और सब्तथेयुस ने उनकी सहाथिा की। 15 और िन्धुवाई में से जो लोि थे उन्ोोंने वैसा ही शकया। 16 और एस्द्रा याजक ने अपके घरानोोंमें से मुख्य पुरूर्ोोंको नाम ले लेकर चुन शलया; और दसवें महीने के पशहले शदन को वे इस शवर्य की जाों च करने को इकट्े िैठे। 17 इस प्रकार पशहले महीने के पशहले शदन ही उनका परायी न्दस्त्रयाों रखने का मुकद्दमा पूरा हो िया। 18 और जो याजक इकट्े हुए, और परायी पशत्नयाूँ रखिे थे, उन में से यह पाए िए: 19 यीिु के वोंि में से यहोसेदेक का पुत्र, और उसके भाई; मैथेलस और एलीआजर, और जोरीिस और जोदानु स। 20 और उन्ोोंने अपनी पशत्नयोों को दू र करने और अपनी त्रुशटयोों के शलए सामोंजस्य िनाने के शलए राम की पेिकि करने के शलए अपना हाथ शदया।
21 और इम्मेर के वोंि में से; हनन्याह, और जब्दे युस, और ईने स, और समीयुस, और शहयरे ल, और अजयाब ह। 22 और शफसूर की सन्तान में से; एशलयोनास, माशसयास इजराइल, और नाथने ल, और ओशसडे लस और िल्सास। 23 और लेशवयोोंमें से; जोजािाद, और सेशमस, और कोशलयस, जो कैलीटास कहलािा था, और पाशथयस, और यहूदा, और जोनास। 24 पशवत्र िायकोों में से; एलेजुरस, िैक्चुरस। 25 कुशलयोों में से; सैलुमस, और टॉल्बेन्स। 26 इस्राएशलयोोंमें से फोरोस की सन्तान में से; शहरमास, और एशद्दयास, और मन्दचचयास, और मैलुस, और एलीआजर, और अशसशियास, और िाशनयास। 27 एला के वोंि में से; मथाशनयास, जकाररयास, और शहरीएलस, और शहरे मोि, और एशदयास। 28 और जामोि के वोंि में से; एशलयाडास, एशलशसमस, ओथोशनयास, जरीमोथ, और सिाटस, और सरडे स। 29 िािै के पुत्रोों में से; जोहान्स, और अनाशनयास और जोसािाद, और अमाथीस। 30 मशण के पुत्रोों में से; ओलमस, मामुचुस, जेशडयस, जसुिस, जसेल और शहरे मोथ। 31 और अद्दी के वोंि में से; नाथस, और मूशसयस, लैकुनस, और नायडूस, और मथाशनयास, और सेस्तेल, िालनु स, और मनन्दस्सयस। 32 और हन्ना के वोंि में से; एशलयोनास और आशसयास, और मन्दचचयास, और सर्ब्ेयुस, और िमौन चोसाशमयस। 33 और असोम के वोंि में से; अल्तानेउस, और मशत्तयाह, और िानाइया, और एलीफलेि, और मनश्शे, और सेमी। 34 और मानी के वोंि में से; शयमबयाह, मोमदीस, ओमेरुस, जुएल, मिदाई, और पेशलयास, और एनोस, कारािाशसओन, और एनाशसिस, और मशििानै मुस, एशलयाशसस, िन्नूस, एशलयाली, साशमस, सेलेशमयास, नथाशनयास: और ओजोरा के पुत्रोों में से; सेशसस, एशस्रल, एजेलस, सैमैटस, जान्दम्बस, जोसेफस। 35 और एत्मा के वोंि में से; मजीशियास, जिाशदयास, एडे स, जुएल, िाशनयास। 36 इन सि ने पराई न्दस्त्रयाों ब्याह लीों, और उनको उनके िच्चोोंसमेि त्याि शदया। 37 और सािवें महीने के पशहले शदन को याजक और लेवीय और इस्राएली यरूिलेम और उस दे ि में रहने लिे; इस प्रकार इस्राएली अपने अपने डे रोोंमें रहिे थे। 38 और सारी मण्ली एक मन होकर पशवत्र ओसारे के चौडे स्यान में, जो पूवब की ओर है, इकट्े हुए। 39 और उन्ोोंने एस्द्रस याजक और वाचक से कहा, शक मूसा की जो व्यवस्था इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की ओर से दी िई है उसे ले आओ। 40 िि एस्द्रस प्रधान याजक सारी मण्ली के पास, पुरूर् से लेकर स्त्री िक, और सि याजकोोंके पास व्यवस्या ले आया, शक सािवें महीने के पशहले शदन को व्यवस्या सुने। 41 और वह भोर से दोपहर िक पशवत्र ओसारे के साम्हने चौडे आों िन में क्ा स्त्री, क्ा पुरूर्, सि के साम्हने पढिा रहा; और भीड ने व्यवस्था पर ध्यान शदया। 42 और एस्द्रस याजक और व्यवस्था का वाचक, लकडी के एक शमम्बर पर खडा हुआ, जो इसी काम के शलये िनाया िया था। 43 और मत्तत्याह, सम्मुस, हनन्याह, अजयाब ह, ऊररय्याह, एजशकय्याह, िालासामुस उसके पास दाशहनी ओर खडे हुए। 44 और उसके िायीों ओर फलदै युस, मीसाएल, मेल्कीयाह, लोिासुिुस, और निररयाह खडे थे। 45 िि एस्द्रस ने व्यवस्था की पुस्तक लोिोों के साम्हने ले ली; क्ोोंशक वह सि के साम्हने आदर के साय िैठा।
46 और जि उस ने व्यवस्था खोली, िो वे सि सीधे खडे हो िए। इस प्रकार एस्डरास ने परमप्रधान परमेश्वर, सेनाओों के परमेश्वर, सवबिन्दक्तमान को आिीवाब द शदया। 47 और सि लोिोोंने उत्तर शदया, आमीन; और वे हाथ उठाकर भूशम पर शिरे , और यहोवा को दण्वि् शकया। 48 और यीिु, अनस, साराशियास, अदीनु स, याकूिस, सिाशियास, औशटयास, माइआशनयास, और कशलिास, अस्रीयास, और योआजब्दु स, और अनन्या, शिआिास, लेवीय, यहोवा की व्यवस्था शसखािे थे, और उन्ें इसे समझने के शलए िैयार करिे थे। 49 िि अत्तारािस ने एस्द्रास महायाजक से कहा। और पढने वाले, और लेशवयोोंसे जो भीड को शसखािे थे, अयाबि् सि से कहिे थे, 50 आज का शदन यहोवा के शलये पशवत्र है; (क्ोोंशक वे सि व्यवस्था सुनकर रो पडे ।) 51 िो जाकर चरिी खाओ, और मीठा पीओ, और शजनके पास कुछ नहीों उनके पास भाि भेजो; 52 क्ोोंशक आज का शदन यहोवा के शलथे पशवत्र है, और उदास न हो; क्ोोंशक यहोवा िुम्हें प्रशिशष्ठि करे िा। 53 िि लेशवयोोंने सि िािें लोिोोंको ििा दीों, शक आज का शदन यहोवा के शलथे पशवत्र है; दु खी मि हो. 54 िि वे सि खाने -पीने , और आनि करने , और शजनके पास कुछ न था उनको भी भाि दे ने, और िडा आनि करने को चले िए; 55 क्ोोंशक जो िािें उन्ें शसखाई िई थीों, और शजस के शलये वे इकट्े हुए थे, वे समझ िए।