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Bhojpuri - Book of Jasher

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जशेर के बा

अध ्य 1 के ब्

14 लइक् बड हो गइलन आ ओह लोग के ब्प ओह लोग के ओह दे श मे जमीन दे ्दहलन. कैन जमीन के खेरी करे व्ल् रहले आ ह्​्बल भेड के रखव्ल् रहले​े 15 करछ स्ल पूर् होखल् के ब्द उ लोग पभर के लगभग ब्लद्न ले अईले अवररी कैन जमीन के फल से लेके आईल अवररी ह्​्बल अपन् भेड के प्हल् बच् के चब् से ले अईले अवररी भगव्न मरड के ह्​्बल अवररी उनरक् चढ्वे के ओर झरक गईले अवररी पभर से आग सगय से उरर के ओकर् के भस क दे लसे 16 कैन आ ओकर् चढ्वे के ओर पभर न् मरडले, न् ही ओकर् ओर झरकल, क्हे ्क उ जमीन के नीच फल से पभर के सोझ् ले आईल रहले अवररी कैन के एकर् चलरे अपन् भ्ई ह्​्बल से ईष्य भईल अवररी उ ओकर् के म्रे के बह्न् खोजले​े 17 करछ समय ब्द कैन आ ओकर भ्ई ह्​्बल एक ्दन खेर मे आपन क्म करे ख्​्रर चल गईले​े ऊ दर नर खेर मे रहले, कैन आपन जमीन जोरर आ जोरर रहले आ ह्​्बल अपन् भेड के चर्वर रहले. आ झरंड ओह ्हस् से गरजरल जवन कैन जमीन मे जोरले रहले आ एही से कैन के बहरे दर ख भइल. 18 कैन खख्सय् के अपन् भ्ई ह्​्बल के लगे गईले अवररी उनरक् से कहले, “हमर् अवररी रोहर् बीच क् ब् ्क रू हमर् दे श मे रहे अवररी अपन् भेड के चर्वे ख्री आईल ब्डू? 19 ह्​्बल अपन् भ्ई कैन से कहलन, “हमर् आ रोहर् बीच क् ब् ्क रू हमर् भेड के म्ं स ख् के ओह लोग के ऊन से कपड् प्हन लीं? 20 अब एह से हमर् भेडन के ऊन उर्र के जवन् से रू कपड् प्हनले ब्डू, आ ओह लोग के फल आ म्ं स के बदल् हमर् के दी ं जवन रू खइले ब्ड़ आ जब रू ई क्म करब़ र हम रोहर् दे स से ओइसहीं चल ज्ईं जइसन रू कहले ब्ड़? 21 कैन अपन् भ्ई ह्​्बल से कहले, “ज्द हम आज रोहर् के म्र दे ब र रोह्र खून हमर् से के म्ं गी? 22 ह्​्बल कैन के जव्ब ्दहलन, “हमनी के धररी पर बन्वे व्ल् परमेस् वर हमर् ब्र के बदल् ले लीहे आ अगर रू हमर् के म्र दी ं र उ रोहर् से हम्र खून म्ँ ग लीहे , क्हे ्क पभर न्यी आ पंच हउवे, आऊ आदमी के ओकर बरर्ई के ्हस्ब से बदल् ्दहे , आ दर ष आदमी के ओह बरर्ई के ्हस्ब से बदल् ्दहे जवन ऊ धररी पर कर सकेल्े 23 आ अब अगर रू हमर् के ए्हज् म्र दी ं र भगव्न रोह्र गरप ्वच्र के जतर ज्नर ब्डन आ रोहर् के ओह बरर्ई ख्​्रर न्य करीहे जवन रू आज हमर् स्थे करे के लोषर् कइले ब्डूे 24 जब कैन अपन् भ्ई ह्​्बल के कहल ब्र सरन के दे खलस ्क कैन के कोध अपन् भ्ई ह्​्बल प भडक गईल ्क उ इ ब्र सरनवले​े 25 कैन जली-जली उठ के अपन् जोर के लोह् के ्हस् लेके चल गईले, जवन् से उ अच्नक अपन् भ्ई के म्र दे ले अवररी उनरक् के म्र दे ले, अवररी कैन अपन् भ्ई ह्​्बल के खून धररी प बहवले अवररी भेड के सोझ् ह्​्बल के खून धररी प बह गईले 26 एकर् ब्द कैन अपन् भ्ई के म्र के पश्र्प कईले अवररी उ दर खी हो गईले अवररी उनरक् प रोवे लगले अवररी एकर् से उनरक् बहर परे श्नी भईले 27 कैन उठ के खेर मे एगो छे द खोदले, जवन् मे उ अपन् भ्ई के ल्श ड्ल दे ले अवररी ओकर् प धूल के पलट दे ले​े

1 भगव्न कहले, “हमनी के अपन् प्रतप मे आदमी के अपन् प्रतप मे बन्वल ज्व आ परमेशर आदमी के अपन् प्रतप मे बनवले ब्डे े” 2 भगव्न जमीन से आदमी के बनवले आ ओकर् न्क के छे द मे जीवन के स्ँ स उड् ्दहले आ आदमी बोलल् से संपन जीवंर प्री बन गइले 3 पभर कहले, “मनरष के अकेले रहल् से अच् नइखे​े हम ओकर् के एगो सह्यक बन् दे बे 4 आदम पर ग्हर्ह नीद ं आ गइलन आ ऊ सरर गइलन आ ओकर एगो पसली छीन ्लहलन आ ओकर् पर म्ं स बनवले आ ओकर् के बन् के आदम के लगे ले अइले आ आदम नीद ं से ज्ग गइलन आ दे खलन ्क ओकर् सोझ् एगो मेहर्त खड् ्बय्. 5 उ कहले, “ई हम्र हडी के हडी ह अवररी एकर् के म्हल् कहल ज्ई, क्हे की इ आदमी से छीन ्लहल गईल ब्े आदम ओकर न्म हव् रखले क्हे ्क ऊ सब ्जंद् के महर्री रहलीे 6 परमेस् वर ओह लोग के आशीष ्दहलन आ ओह ्दन ओह लोग के न्म आदम आ हव् रखलन आ पभर परमेशर कहले, “बढ़ आ बढीं आ धररी के भर दीें ” 7 परमेस् वर आदम आउर उनकर मेहर्त के लेके अदन के बगइच् मे रख ्दहलन ्क ऊ लोग ओकर् के सज्वे आ ओकर् के रखे​े आज् ्दहलन आ कहलन ्क बगइच् के हर पेड से रउर् ख् सकेनी ब्​्कर नीमन-बरर्ई के ज्न के पेड के फल मर ख्ईं क्हे ्क जवन् ्दन रउर् ओकर् के ख्इब ओह ्दन रउर् जतर मरब. 8 जब परमेशर ओह लोग के आशीष दे के आज् दे ले र उ ओह लोग के बीच से चल गइलन आ आदम आ उनकर मेहर्त पभर के आज् के अनरस्र बगइच् मे रह गइलने 9 उ स्ँ प जवन परमेशर उनके स्थे धररी पर बनवले रहले , उ स्ँ प उ लोग के लगे आके उ लोग के उ आज् के उलंलन करे ख्​्रर आ गईले 10 स्ँ प ओह औरर के ज्न के पेड के फल ख्ए ख्​्रर लरभ्वलस आ मन् ्लहलस आ मेहर्त स्ँ प के आव्ज सरन के भगव्न के वचन के उलंलन कइलस आ अच्ई आ बरर्ई के ज्न के पेड से ले ्लहलस आ ऊ ख् गइल आ ओकर् से लेके अपन् प्र के भी दे ्दहलस आ ऊ ख् गइले 11 आदम आउर उनकर मेहर्त परमेस् वर के आज् के उलंलन कइलन, आऊ परमेस् वर ई ब्र ज्न गइलन आ उनकर गरस् ओह लोग पर भडक गइल आ उ उनकर् के ग्री ्दहलने 12 ओह ्दन परमेस् वर ओह लोग के अदन के बगइच् से भग् ्दहलन ्क ऊ लोग जवन् जमीन से ्नक्लल गइल रहे , ओकर् के जोर के क्म कर ्दहलन आ ऊ लोग अदन के बगइच् के पूरब मे रह गइलने आदम अपन् मेहर्त हव् के ज्नर रहले आ ओकर् से दू गो बेट् आ रीन गो बेटी भइली. 13 ऊ प्हलक् बच् के न्म कैन रखली आ कहली ्क, “हमर् पभर से एगो आदमी ्मलल ब्, आ दू सर् के न्म उ ह्​्बल रखली, क्हे ्क उ कहली ्क, “हमनी के वथय मे धररी मे आईल ब्नी ज्, अवररी वथय मे हमनी के ओकर् से छीन ्लहल ज्ईे” 1


जशेर के बा

28 रब पभर ज्न गईले ्क कैन अपन् भ्ई के संगे क् कईले ब्डे , र पभर कैन से पकट भईले अवररी कहले, “रोह्र भ्ई ह्​्बल कह्ँ ब्डे जवन ्क रोहर् संगे रहले? 29 कैन बेढंग् होके कहले, “हमर् नइखे म्लूम, क् हम अपन् भ्ई के रखव्ल् हईं?” पभर ओकर् से कहलन, “रू क् कइले ब्ड़?” रोहर् भ्ई के खून के आव्ज हमर् के ओ्ह जमीन से परक्रर ब् जह्ँ रू ओकर् के म्रले ब्डूे 30 क्हे ्क रू अपन् भ्ई के म्र दे ले ब्डू आ हमर् स्मने छे डख्नी कर दे ले ब्डू आ मन मे सोचले रहनी ्क हम रोहर् के न् दे खले ब्नी आ न् रोह्र सब क्म के ज्नर ब्नीे 31 ब्​्कर रू ई क्म कइनी आ अपन् भ्ई के बेक्र मे म्र ्दहनी आ क्हे ्क ऊ रोहर् से सही ब्र कइले ब्, आ अब, एह से, रू ओह जमीन से अ्भशप होखब जवन रोहर् ह्थ से रोहर् भ्ई के खून लेबे ख्​्रर मरँह खोलले रहे आ जवन् मे रू ओकर् के दफन् ्दहले ब्डूे 32 आ जब रू एकर् के जोरब र अब ऊ रोहर् के आपन र्कर न् दे प्ई जइसे ्क शरत मे भइल रहे , क्हे ्क जमीन से क्ँ ट् आ ठं ढ् पैद् हो ज्ई आ रू अपन् मरल् के ्दन ले धररी मे लूमर-्फरर रहब़े 33 ओही लरी कैन पभर के स्मने से ्नकल गइलन जह्ँ ऊ रहले आ अदन के पूरब के ओर के दे श मे लूमर-्फरर भटकर रहले​े 34 कैन ओह लरी अपन् मेहर्त के ज्न गइलन आ ऊ गभयवरी होके एगो बेट् के जनम ्दहली आ ऊ ओकर न्म हनोक रखले आ कहलन ्क, “ओही समय मे पभर ओकर् के धररी पर आर्म आ श्ं ्र दे वे लगलने” 35 ओही लरी कैन भी एगो शहर बन्वे लगलन, आ ऊ शहर बनवले आ अपन् बेट् के न्म के ्हस्ब से शहर के न्म हनोक रखले​े क्हे ्क ओह ्दनन मे पभर ओकर् के धररी पर आर्म दे ले रहले आ ऊ शरत के जइसन इधर-उधर न् भटकर रहले. 36 इर्द के जनम हनोक से भइल आ इर्द के जनम मचरआएल आ मचरय्एल के जनम मथरस्एल भइले

लकडी आ पतर के मू्रय बनवले आ पर्म क के ओह लोग के सेव् करर रहले. 5 हर केह आपन दे वर् बनवलस आ ऊ लोग उनकर् के पर्म कइल आ आदमी के बेट् लोग एनोश आ उनकर संर्न के पूर् ्दन पभर के छोड ्दहले आ ओह लोग के क्म आ ्लनौन् क्मन के चलरे पभर के कोध भडक गइल जवन ऊ लोग धररी पर करर रहे े 6 रब पभर ्गहोन नदी के प्नी के भ्री कर ्दहलन आ ऊ ओह लोग के नष कर ्दहलन आ भस कर ्दहलन आ ऊ धररी के ्रह्ई ्हस् के नष कर ्दहलन आ एकर् ब्वजूद आदमी के बेट् लोग अपन् बरर् र्स् से न् मरडल आ अबही ं ले पभर के नजर मे बरर्ई करे ख्​्रर ह्थ बढ्वल गइल. 7 ओह लरी धररी पर न् र बोव्ई भइल न् कट्ई भइले आ आदमी के बेट् लोग के ख्न् न् रहे आ ओह लरी अक्ल बहरे रहे े 8 ओह ्दन मे जवन बीज उ लोग जमीन मे बोवलस उ क्ँ ट, ठं ढ् आ क्ं टे बन गईले क्हे ्क आदम के जम्न् से ही ई लोषर् धररी के ब्रे मे रहे , परमेशर के अ्भश्प के, जवन् के उ धररी के श्प दे ले रहले, आदम के प्प के चलरे जवन पभर के स्मने प्प कईले रहले​े 9 जब आदमी परमेशर के खखल्फ ्वदोह करर रहलन आ आपन र्स् ्बग्डर रहलन, रबे धररी भी ्बगड गइले 10 एनोश के उ्मर नबे स्ल भइल आ उनकर जनम कैनन भइले 11 कैनन बड होके च्लीस स्ल के हो गइलन आ ऊ बरख्म्न हो गइलन आ हर बरख् मे ज्न आ ्नपरर हो गइलन आ ऊ आदमी के सब संर्न पर र्ज कइलन आ आदमी के बेट् लोग के बरख् आ ज्न के ओर ले गइलन. क्हे ्क कैनन बहरे बरख्म्न आदमी रहले आ हर बरख् मे समझद्र रहले आ अपन् बरख् से ऊ आत् आ र्कसन पर र्ज करर रहले. 12 कैनन अपन् बरख् से ज्न गईले ्क परमेशर आदमी के बेट् के धररी प प्प कईल् के चलरे न्श क ्दहे अवररी अं्रम समय मे पभर ओ लोग प जलपलय के प्नी ले आईे 13 ओह लरी कैन्न पतर के प्टी पर ्लखले ्क आवे व्ल् समय मे क् होखे व्ल् ब्, आ ओकर् के अपन् खज्न् मे रखले​े 14 कैन्न पूर् धररी पर र्ज कइलन आ करछ लोग के बेट् लोग के परमेशर के सेव् मे बदल ्दहलने 15 जब कैनन सतर स्ल के भइले र उनकर रीन गो बेट् आ दू गो बेटी भइलीे 16 कैनन के संर्न के न्म इहे हे प्हल् जनम के न्म महल्लेल, दू सर् एन्न आ रीसर् मेरेद आ उनकर ब्हन अद् आ ्जल् रहलीे ई कैनन के प्ं च गो संर्न हवे जे उनकर् से पैद् भइल रहले​े 17 मथरस्एल के बेट् ल्मेक ्बय्ह से कैन्न के ररशेद्र हो गईले अवररी उ अपन् दर नो बेटी के अपन् पती ख्री बन् लेले अवररी आद् गभयवरी होके ल्मेक के एगो बेट् पैद् कईली अवररी उनरकर न्म जबल रखलीे 18 ऊ फेर से गभयवरी होके एगो बेट् के जनम ्दहली आ ओकर न्म जरबल रखलीे आ उनकर ब्हन ्जल् ओह लरी बंजर रहली आ उनकर कवनो संर्न न् रहे े

अध ्य 2 के ब् 1 आदम के धररी पर ्ज्नगी के सौ रीसव्ँ स्ल मे ऊ अपन् मेहर्त हव् के फेर से ज्न गइलन आ ऊ गभयवरी हो गइली आ ओकर् तप मे आ ओकर् प्रतप मे एगो बेट् के जनम ्दहली आ ऊ ओकर न्म सेर रखली आ कहली ्क, “क्हे ्क भगव्न हमर् के ह्​्बल के जगह पर एगो अउरी संर्न ्नयरक कइले ब्डन, क्हे ्क कैन ओकर् के म्र ्दहले ब्डन.” 2 सेर के उ्मर एक सौ प्ं च स्ल रहल आ उनकर एगो बेट् भइले आ सेर अपन् बेट् के न्म एनोश रखलन आ कहलन ्क, “क्हे ्क ओह समय मे मनरष के बेट् लोग के संख् बढे ल्गल आ भगव्न के उलंलन आ ्वदोह करके आपन आत् आ ्दल के दर ख दे वे ल्गले” 3 एनोश के जम्न् मे ही आदमी के बेट् लोग भगव्न के खखल्फ ्वदोह आ उलंलन करर रहलन, र्​्क पभर के आदमी के संर्न पर कोध बढ्वल ज् सके​े 4 आदमी के बेट् लोग ज्के दोसर् दे वर् लोग के सेव् कइल आ ऊ लोग भगव्न के भरल् गइल जे ओह लोग के धररी पर बनवले रहले आ ओह लरी आदमी के बेट् पीरल आ लोह्, 2


जशेर के बा

19 क्हे ्क ओह ्दन मे आदमी के बेट् भगव्न के खखल्फ अपर्ध करे लगले, आ आदम के आज् के उलंलन करे लगले, जवन उ आदम के आज् दे ले रहले, र्​्क उ धररी मे फल पैद् करे अवररी बढे े 20 करछ आदमी के बेट् अपन् मेहर्त के एगो अइसन ड् ्ा पीयेले जवन् से ऊ लोग बंजर हो ज्व, जेहसे ्क ऊ लोग आपन आकृ्र बरकर्र र्खे आ जवन् से ओह लोग के सरनर तप फीक् न् होखे. 21 जब आदमी के बेट् अपन् करछ मेहर्त के शर्ब ्पयवले र ्जल् ओ लोग के संगे शर्ब पी लेले​े 22 आ संर्न पैद् करे व्ली मेहर्त लोग अपन् प्र के नजर मे ्वधव् के तप मे ्लनौन् लउकर रहली, जब रक ्क उनरकर प्र ्जंद् रहले, क्हे की उ लोग ्सफय बंजर लोग से जरडल रहलीे 23 ्दन आ स्ल के अंर मे जब ्जल् बूढ हो गईली र पभर ओकर पेट खोल दे ले​े 24 ऊ गभयवरी होके एगो बेट् के जनम ्दहली आ ओकर न्म ररबल कैन रखली आ कहली ्क, “हमर् मररझ् गइल् के ब्द हम ओकर् के सवयशखकम्न परमेशर से प् लेले ब्नीे” 25 ऊ फेर से गभयवरी होके एगो बेटी के जनम कइली आ ओकर न्म न्म् रखली क्हे ्क ऊ कहली ्क, “हमर् मररझ् गइल् के ब्द हमर् सरख आ आनन ्मलल ब्.” 26 ल्मेक बूढ आ बूढ हो गइल रहे आ ओकर आँ ख मख्म हो गइल रहे ्क ऊ न् दे ख प्वर रहे आ उनकर बेट् ररबल कैन उनक् के अगरव्ई करर रहले आ एक ्दन ल्मेक खेर मे चल गइलन आ उनकर बेट् ररबल कैन उनक् स्थे रहले आ जब ऊ लोग खेर मे चलर रहले र आदम के बेट् कैन ओह लोग क् ओर बढ गइलन. क्हे ्क ल्मेक बहर बूढ हो गईल रहे अउरी बहर करछ न् दे ख सकर रहे अउरी उनकर बेट् ररबल कैन बहर छोट रहे | 27 ररबल कैन अपन् ब्प से आपन धनरष खीच ं े के कहलन आ रीर से ऊ कैन के म्र ्दहलन जवन अबही ं दू र रहले आ ऊ ओकर् के म्र ्दहलन क्हे ्क ऊ ओह लोग के ज्नवर जइसन लउकर रहले. 28 कैन के दे ह मे रीर लरस गईल, ह्ल्ं ्क उ ओकर् से दू र रहले अवररी उ जमीन प ्गर गईले अवररी मर गईले​े 29 पभर के कहल वचन के अनरस्र कैन के बरर्ई के बदल् उ अपन् भ्ई ह्​्बल के संगे कईले​े 30 जब कैन मर गइलन र ल्मेक आ ररबल ओह ज्नवर के दे खे गइलन जवन् के ऊ लोग म्र ्दहले रहवे आ दे खलन ्क ओह लोग के द्द् कैन धररी पर मर गइल ब्डन. 31 ल्मेक के ई क्म कइल् से बहर दर ख भइल आ र्ली बज् के ऊ अपन् बेट् के म्र ्दहलस आ ओकर मौर कर ्दहलसे 32 ल्मेक के मेहर्त लोग ल्मेक के क्म सरन के ओकर् के म्रे के को्शश कईलीे 33 ओह ्दन से ल्मेक के मेहर्त लोग ओकर् से नफरर करर रहे क्हे ्क ऊ कैन आ ररबल कैन के म्र ्दहलस आ ल्मेक के मेहर्त लोग ओकर् से अलग् हो गइल आ ओह ्दन मे ओकर ब्र न् सरनले 34 ल्मेक अपन् मेहर्त लोग के लगे अइले आ ऊ ओह लोग के एह ब्र के सरने ख्​्रर दब्व ्दहलने

35 ऊ अपन् मेहर्त आद् आ ्जल् से कहले, “हे लमेक के मेहर्त लोग हम्र आव्ज सरऩ, हम्र ब्र पर ध्न दी,ं क्हे ्क अब रू लोग कलन् कइले ब्ड़ ्क हम एगो आदमी के अपन् ल्व से म्र दे ले ब्नी, आ एगो बच् के अपन् चोट से म्र दे ले ब्नी क्हे ्क ऊ लोग कवनो ्हं स् न् कइले ब्, ब्​्कर ई जतर ज्न लीं ्क हम बूढ आ धूसर म्थ् हो गइल ब्नी आ हम्र आँ ख उ्मर के चलरे भ्री ब् आ हम ई क्म कइले ब्नी अनज्ने मे भइल. 36 ल्मेक के मेहर्त लोग एह म्मल् मे उनकर ब्र सरनली आ उ लोग अपन् ्पर् आदम के सल्ह लेके उनकर् लगे व्पस आ गईली, ले्कन उ लोग ओ समय से उनकर् से कवनो संर्न न् पैद् कईली, क्हे की उ ज्नर रहली ्क उ लोग के बरर्ई के चलरे उ लोग के ब्ढ के प्नी से न्श करे के कोध ओ समय मे आदमी के बेट् के खखल्फ बढर रहे े 37 कैनन के बेट् महल्लेल पंसठ स्ल के उ्मर मे रहलन आ उनकर जनम य्रे द भइले आ जेरेद ब्सठ स्ल ्जयले आ उनरक् से हनोक के जनम भइल. अध ्य 3 के ब् 1 हनोक के उ्मर पैसठ स्ल भइल आ उनकर जनम मथरसेल् भइले हनोक मथरसेल के जनम के ब्द भगव्न के स्थे चलल आ पभर के सेव् कइल आ आदमी के बरर् ररीक् के ्ररस्र कइले 2 हनोक के आत् पभर के ्शक् मे, ज्न आ समझ मे लपेटल रहे े आ ऊ बरख्म्नी से आदमी के बेट् से ररट्यर हो गइलन आ कई ्दन ले ओह लोग से गरप रहलन. 3 कई स्ल पूर् होखल् के ब्द जब उ पभर के सेव् करर रहले अवररी अपन् लर मे उनरक् सोझ् प्थयन् करर रहले, र सगय से पभर के एगो सगयदूर उनरक् के बोलवले अवररी कहले ्क, हम इह्ँ ब्नीे 4 ऊ कहलन, “उठ, अपन् लर से आ जह्ँ लरक्इल ब्नी, ओ्हज् से ्नकल के आदमी के बेट् के स्मने पकट हो ज्, र्​्क रू ओह लोग के ्सख् सकीले ्क ऊ लोग कवन् र्स् पर चले के ब् आ भगव्न के र्स् मे ज्ए ख्​्रर कवन क्म पूर् करे के ब्े 5 हनोक पभर के वचन के अनरस्र उठ के अपन् लर से, अपन् जगह से आ ओह कोठरी से ्नकल गईले, जवन् मे उ लरक्इल रहले​े आ ऊ आदमी के बेट् लोग के लगे ज्के ओह लोग के पभर के र्स् ्सखवले आ ओह लरी आदमी के बेट् लोग के इकट् क के पभर के ्शक् से परर्चर करवले​े 6 ऊ आज् ्दहलन ्क जह्ँ मनरष के बेट् रहर ब्डे , उ सब जगह पर एकर लोषर् कइल ज्व, “ऊ आदमी कह्ँ ब् जे पभर के र्स् आ भल्ई के क्म ज्ने के च्हर ब्?” ओकर् हनोक के लगे आवे के च्हींे 7 रब सब आदमी उनकर् लगे जरट गईले, क्हे ्क जे सब लोग एह ब्र के च्हर रहे , उ हनोक के लगे गईले अवररी हनोक पभर के वचन के मरर्​्बक आदमी के बेट् प र्ज कईले अवररी उ लोग आके उनरक् के पर्म कईले अवररी उनरकर वचन सरनले​े 8 भगव्न के आत् हनोक पर रहे आ ऊ अपन् सब आदमी के भगव्न के बरख् आ ओकर र्स् ्सखवले आ आदमी के बेट् 3


जशेर के बा

हनोक के पूर् ्दन पभर के सेव् कइले आ ऊ लोग उनकर बरख् सरने आइले 9 आदमी के सब र्ज्, प्हल् से आखखरी, अपन् र्जकरम्र आ न्य्धीश के स्थे, हनोक के बरख् के खबर सरन के हनोक के लगे पहं चले अवररी उनरक् के पर्म कईले अवररी उ लोग हनोक से भी उनरक् प र्ज करे के म्ं ग कईले, जवन् प उ सहम्र दे ले​े 10 ऊ लोग करल ्मल् के एक सौ रीस र्ज् आ र्जकरम्र लोग जरट गइल आ ऊ लोग हनोक के र्ज् बनवले आ ऊ सब लोग उनकर अ्धक्र आ कम्न के अधीन रहले 11 हनोक ओह लोग के बरख्, ज्न आ पभर के र्स् ्सखवले​े उ लोग के बीच श्ं ्र बनवले अवररी हनोक के जीवन मे पूर् धररी प श्ं ्र बनले 12 हनोक आदमी के बेट् लोग पर दू सौ रेर्लीस स्ल रक र्ज कइलन आ अपन् सब लोग के स्थे न्य आ ध्​्मयकर् कइलन आ पभर के र्स् पर चलर रहलने 13 हनोक, मथरसेल्, एलीश् आ एलीमेलेक के रीन गो बेट् हवे​े आ उनकर ब्हन मेल् आ नहम् रहली आ मथरसेल् सर्सी स्ल के रहली आ उनकर जनम ल्मेक भइले 14 ल्मेक के जीवन के छपनव्ँ स्ल मे आदम के मौर हो गइले उनकर उ्मर नौ सौ रीस स्ल रहे आ उनकर दर नर बेट्, उनकर बेट् हनोक आ मथरसेल् के स्थे, र्ज् लोग के दफन्वे के समय जइसन धूमध्म से ओह गरफ् मे दफन् ्दहले रहले जवन भगव्न उनक् के बरवले रहले. 15 आदम के चलरे आदमी के सब बेट् बहर शोक आ रोवे लगले​े एह से ई आजर ले मनरष के बेट् लोग मे एगो ररव्ज बन गइल ब्े 16 आदम ज्न के पेड के फल खइल् के चलरे मर गइलने ऊ आ ओकर् ब्द के उनकर लइकन के, जइसन ्क पभर परमेशर कहले रहले​े 17 आदम के मौर के स्ल जवन हनोक के श्सन के दू सौ रेर्लीसव्ँ स्ल रहे , ओही समय हनोक मन के बेट् से अलग् होखे के संकल लेले अवररी पभर के सेव् करे ख्री प्हले ्नहन गरप रहे े 18 हनोक अईसन कईले, ले्कन उ लोग से पूर् ररीक् से गरप न् रहले, ब्लरक रीन ्दन रक आदमी के बेट् से दू र रहले अवररी एक ्दन ख्री ओ लोग के लगे चल गईले​े 19 रीन ्दन के दौर्न जब उ अपन् कोठरी मे रहले, उ अपन् परमेशर पभर से प्थयन् कईले अवररी उनरकर सर्र कईले अवररी जवन् ्दन उ अपन् पज् के सोझ् गईले अवररी उनरक् से पभर के र्स् ्सखवले अवररी उ लोग उनरक् से पभर के ब्रे मे जवन करछ पूछले, उ उनरक् के बरवले​े 20 ऊ कई स्ल ले अइसने करर रहलन आ ओकर् ब्द छह ्दन ले लरक्इल रहलन आ स्र ्दन मे एक ्दन अपन् लोग के स्मने पकट भइलन. आ ओकर् ब्द महीन् मे एक बेर, आ फेर स्ल मे एक बेर, जबले ्क सभ र्ज्, र्जकरम्र आ आदमी के बेट् ओकर् के खोजर न् रहले आ फेर से हनोक के चेहर् दे खे आ ओकर वचन सरने के इच् न् कइले; ब्​्कर ऊ लोग न् कर सकल, क्हे ्क सभे आदमी के बेट् हनोक से बहरे डे र्र रहले आ ओकर् चेहर् पर बइठल भगव्न जइसन भय के चलरे ओकर् लगे आवे से डे र्र रहले; एह से केह ओकर् ओर न् दे ख

सकर रहे , एह डर से ्क कही ं ओकर् के सज् ्मल ज्व आ मर ज्वे 21 सब र्ज् आ र्जकरम्र लोग आदमी के बेट् लोग के इकट् क के हनोक के लगे आवे के ठ्न ्लहले, इ सोच के ्क जब उ लोग के बीच मे आवे के समय उ सब लोग उनरक् से ब्र क सकर्रे , अवररी उ लोग अयीसन कईले​े 22 उ ्दन आइल जब हनोक ्नकलल आ सब लोग इकट् होके ओकर् लगे अइले, आ हनोक ओह लोग से पभर के ब्र कहलन आ ऊ ओह लोग के बरख् आ ज्न ्सखवले, आ ऊ लोग उनकर् सोझ् पर्म कइलन आ कहलन ्क र्ज् ्जंद् रहस! र्ज् ्जंद् रहस ! 23 करछ समय ब्द जब र्ज् आ र्जकरम्र आ आदमी के बेट् हनोक से ब्र करर रहले आ हनोक ओह लोग के परमेशर के र्स् ्सख्वर रहले र दे ख, पभर के एगो दू र हनोक के सगय से बोलवले आ ओकर् के सगय मे ले आवे के च्हर रहले ्क उह्ँ परमेशर के बेट् लोग पर र्ज करस, जइसे ्क उ धररी पर आदमी के संर्न पर र्ज कइले रहले​े 24 जब हनोक इ ब्र सरनले र उ ज्के धररी के सभ ्नव्सी के एकट् क के उ लोग के बरख् अवररी ज्न ्सखवले अवररी ईशर के ्नद् श दे ले अवररी उनरक् से कहले, “हमर् से सगय मे चढे के जतरर ब्, एहसे हम अपन् ज्ए के ्दन नईखी ज्नरे” 25 अब हम रोहनी के बरख् आ ज्न ्सख् दे ब आ रोहनी के छोडे से प्हले रोहनी के ्नद् श दे ब ्क धररी पर कइसे क्म कइल ज्व जवन् से रू ्जयब़े आ उ अयीसन कईले​े 26 ऊ ओह लोग के बरख् आ ज्न ्सखवलन आ ्नद् श ्दहलन आ ड्ं टलन आ ओह लोग क् सोझ् धररी पर करे के ्नयम आ न्य रखलन आ ओह लोग क् बीच श्ं ्र बनवले आ अनन जीवन ्सखवले आ करछ समय ओह लोग क् स्थे रह के ई सब ब्र ्सखवले. 27 ओह लरी आदमी के लइक् हनोक के स्थे रहले आ हनोक ओह लोग से ब्र करर रहले आ ऊ लोग आँ ख उठ् के एगो बडहन लोड् के ्नयर आक्श से उररल आ लोड् हव् मे चलर रहे े 28 उ लोग हनोक के दे खल ब्र बरवले र हनोक उ लोग से कहले, “हमर् चलरे इ लोड् धररी प उररर्े समय आ गइल ब् जब हमर् रोहर् से ज्ए के पडी आ हमर् के अब रोहर् से न् लउकीे 29 ओह लरी लोड् उरर के हनोक के स्मने खड् हो गइल आ हनोक के स्थे मौजूद सब आदमी उनक् के दे खले​े 30 रब हनोक फेर एगो आव्ज के लोषर् करे के आदे श ्दहलन ्क, “उ आदमी कह्ँ ब् जे अपन् परमेस् वर के र्स् ज्न के खरश ब्, ओकर् के हमनी से हट्वे से प्हले आज हनोक के लगे आवे के च्हींे” 31 ओह ्दन सभे आदमी के बेट् लोग जरट के हनोक के लगे पहं चले ओह ्दन धररी के सब र्ज् अपन् र्जकरम्रन आ सल्हक्रन के स्थे उनकर् स्थे रह गइलने आ रब हनोक आदमी के बेट् लोग के बरख् आ ज्न ्सखवले आ ओह लोग के ईशरीय ्शक् ्दहलन; आ ऊ ओह लोग के ्ज्नगी भर पभर के सेव् करे आ उनकर र्ह पर चले के कहलन आ ऊ ओह लोग क् बीच श्ं ्र बन्वर रहले. 32 एकर् ब्द उ उठ के लोड् पर सव्र हो गईले​े ऊ ्नकल गइलन आ सभे आदमी उनकर् पीछे -पीछे चल गइलन, लगभग 4


जशेर के बा

आठ ल्ख आदमीे आ उ लोग उनक् स्थे एक ्दन के सफर मे चल गईले​े 33 दू सर् ्दन उ ओ लोग से कहलस, “अपन् डे र् मे लरे लवट के क्हे ज्ईब?” श्यद रउर् मर सकेनी; करछ लोग उनकर् से चल गइल आ जे बचल लोग छह ्दन के य्त् उनक् स्थे चल गइले हनोक रोज ओह लोग से कहर रहले ्क, “अपन् डे र् मे व्पस आ ज्इब, कही ं रू मर न् ज्इबे ले्कन उ लोग व्पस आवे के रैय्र न् रहले अवररी उ लोग उनरक् संगे चल गईले​े 34 छठव्ँ ्दने करछ लोग ओकर् से ्चपकल रह गइल आ ऊ लोग ओकर् से कहल ्क, “हम रोहर् स्थे ओ्हज् चलब ज् जह्ँ रू ज्र ब्डूे जइसे पभर जीयर ब्डन, ख्ली मौर ही हमनी के अलग् करीे 35 उ लोग उनक् स्थे ज्ए ख्​्रर एरन् ्नहोर् कईले ्क उ लोग से ब्र कईल बंद क दे ले​े उ लोग ओकर् पीछे -पीछे चल गईले अवररी व्पस न् लवटर रहले​े 36 जब र्ज् लोग व्पस अईले र उ लोग जनगरन् कर्वे लगले ्क हनोक के संगे गईल बचे व्ल् आदमी के संख् के ब्रे मे पर् चल सके​े स्रव्ँ ्दन हनोक एगो बवंडर मे लोड् आ आग के रथ के स्थे सगय मे चढ गइलने 37 आठव्ँ ्दन हनोक के स्थे रहल सब र्ज् लोग हनोक के स्थे रहे व्ल् लोग के संख् व्पस ले आवे ख्​्रर भेजले, जह्ँ से ऊ सगय मे चढल रहले​े 38 ऊ सब र्ज् ओह जगह पर गइलन र उह्ँ के धररी बफय से भरल ्मलल आ बफय पर बफय के बडहन पतर रहे आ एक दोसर् से कहलस, “आ ज्, हमनी के बफय के रोड के दे खल ज्व, श्यद हनोक के स्थे जवन आदमी बचल रहले, ऊ मर गइल ब्डे , आ अब बफय के पतर के नीचे ब्डे , आ उ लोग खोजर रहले, ले्कन न् ्मलल, क्हे ्क उ सगय मे चढ गईल रहले​े

7 आ रबहँ आदमी के बेट् लोग अपन् बरर्ई से न् मरडल आ भगव्न के नजर मे बरर्ई करे ख्​्रर उनकर ह्थ अब्हयो बढ्वल गइल आ ऊ लोग अपन् बरर् ररीक् से पभर के न्र्ज कइल आ पभर बहर गरस् मे आ गइलन आ पश्र्प कइलन ्क ऊ आदमी के बनवले ब्डन. 8 ऊ ओह लोग के न्श आ सफ्य् करे के सोचले आ अइसही ं कइलन. 9 ओह लरी जब मररस्ल् के बेट् ल्मेक एक सौ स्ठ स्ल के रहले र आदम के बेट् सेर के मौर हो गईले 10 सेर के ्जयल् के सब ्दन नौ सौ ब्रह स्ल के रहल आ ऊ मर गइलने 11 लमेक एक सौ असी स्ल के रहले जब उ अपन् च्च् हनोक के बेट् एलीश् के बेटी अशमरआ के ्बय्ह कईले अवररी उ गभयवरी हो गईलीे 12 ओह लरी आदमी के लइक् जमीन पर बोव्ई कइले आ रनीमनी ख्न् पैद् भइल, रबो मनरष के लइक् लोग अपन् बरर् र्स् से न् हटले आ ऊ लोग अपर्ध के उलंलन कइल आ भगव्न के खखल्फ ्वदोह कइले 13 लमेक के मेहर्त गभयवरी होके उनकर् के एगो बेट् पैद् कइली, जवन ्क स्ल भर के क्ं ्र के समय रहे े 14 मथरसेल् उनकर न्म नूह रखले आ कहले, “उनकर समय मे धररी आर्म मे रहे आ भष्च्र से मरक रहे , आ उनकर ब्प लमेक उनकर न्म मेन्केम रखले रहले आ कहले, “ई हमनी के क्म आ धररी मे दयनीय मेहनर से हमनी के ्दल्स् ्दही, जवन् के परमेशर श्प दे ले रहले​े” 15 ऊ लइक् बड होके दर ध छर ड् ्दहल गइल आ ऊ अपन् ्पर् मथरसेल के र्ह पर चल गइल, परमेस् वर के स्मने ्स् आ सीध् हो गइले 16 ओह ्दनन मे सब आदमी के बेट्-बेटी के स्थे धररी पर बढर-बढर पभर के र्स् से हट गइलन आ एक-दू सर् के आपन बरर् क्म ्सख्वर रहलन आ पभर के खखल्फ प्प करर रहलने 17 हर आदमी अपन् ख्​्रर दे वर् बन् के हर आदमी अपन् पडोसी के स्थे-स्थे अपन् ररशेद्र के लूट के लूट लेर रहे आ धररी के ्बग्डर रहे आ धररी ्हं स् से भरल रहे े 18 ओह लोग के न्य्धीश आ श्सक लोग आदमी के बेटी लोग के लगे ज्के ओह लोग के मेहर्त के जबरन ओह लोग के प्र से अपन् पसंद के ्हस्ब से ले ्लहल आ ओह लरी आदमी के बेट् धररी के पशर-पकी से खेर के ज्नवर आ हव् के ्चरई सभ के लेके एक पज्​्र के ज्नवरन के दोसर् पज्​्र के ज्नवरन के ्मल्वे के ्सख्वर रहले, र्​्क पभर के न्र्ज कइल ज् सके​े आ भगव्न पूर् धररी के दे खलन आ ऊ ्बगड गइल, क्हे ्क धररी पर सब मनरष आ सब ज्नवर, आपन र्स् ्बग्ड ्दहले रहे े 19 पभर कहले, “हम धररी से, आदमी से लेके हव् के ्चरई रक, मवेशी अवररी ज्नवर के संगे ्मट् दे ब, क्हे की हम पश्र्प करर्नी ्क हम ओ लोग के बनवले ब्नीे 20 पभर के र्ह पर चले व्ल् सब लोग ओह ्दनन मे मर गइलन, एहसे प्हले ्क पभर आदमी पर जवन बरर्ई लो्षर कइले रहले, क्हे ्क ई पभर के ओर से रहे , र्​्क उ लोग उ बरर्ई न् दे ख सकस जवन पभर आदमी के बेट् के ब्रे मे कहले रहले​े

अध ्य 4 के ब् 1 हनोक के धररी पर ्जए के सब ्दन रीन सौ पैसठ स्ल रहे े 2 जब हनोक सगय मे चढले र धररी के सब र्ज् उठ के अपन् बेट् मथरसेल् के लेके ओकर् के अ्भषेक क दे ले अवररी उनरक् के अपन् ्पर् के जगह उनरक् प र्ज क दे ले​े 3 मथरसेल् परमेशर के स्मने सीध्-सीध् क्म कइलन, जइसे ्क उनकर ्पर् हनोक ्सखवले रहले, आ उ अपन् पूर् जीवन मे आदमी के बेट् लोग के बरख्, ज्न आ भगव्न के भय ्सखवले, आ उ अच् र्स् से न् र द्​्हन् ओर न् मरडले न् ब्ईं ओरे 4 ले्कन मथरसेल् के अं्रम समय मे आदमी के बेट् पभर से मरड गईले, धररी के ्बग्ड दे ले, एक दू सर् के लूट-लूट के लूटले, अवररी भगव्न के खखल्फ ्वदोह कईले अवररी उलंलन कईले अवररी अपन् र्स् के ्बग्ड दे ले अवररी मथरसेल् के आव्ज न् सरनले, ब्लरक उनरक् खखल्फ ्वदोह कईले​े 5 पभर ओह लोग पर बहरे गरस् मे पड गइलन आ ओह ्दनन मे पभर बीज के न्श करर रहले ्क धररी पर न् र बोव्ई भइल न् कट्ई भइल. 6 जब उ लोग अपन् भरर पोषर ख्​्रर अन प्वे ख्​्रर जमीन पर बोव्ई करर रहले र दे खले ्क क्ँ ट आ ठं ढ् पैद् हो गईल जवन उ लोग न् बोवले 5


जशेर के बा

21 नूह के पभर के नजर मे अनरगह ्मलल आ पभर ओकर् आ ओकर् लइकन के चरनले ्क ऊ लोग पूर् धररी पर बीज पैद् कर सके​े

16 नूह च्र सौ अडनबे स्ल के रहले, जब उ न्म् के पती बन् लेले रहले​े 17 न्म् गभयवरी होके एगो लइक् के जनम ्दहली आ ऊ ओकर न्म य्फेर रख ्दहलन आ कहलन ्क, “परमेशवर हमर् के धररी पर बड कर ्दहले ब्डने उ फेर से गभयवरी होके एगो बेट् के जनम कईली अवररी उ ओकर न्म शेम रखले अवररी कहले ्क, “परमेशवर हमर् के एगो बचे व्ल् बन् दे ले ब्डे , र्​्क हम धररी के बीच मे बीज पैद् करीें ” 18 जब न्म् शेम के जनम ्दहलस र नूह प्ं च सौ दू स्ल के रहले अवररी लईक् बड होके पभर के र्ह प चल गईले, जवन ्क मथरसेल् अवररी उनरकर ्पर् नूह उनरक् के ्सखवले रहले​े 19 ओह ्दनन मे नूह के ्पर् लमेक के मौर हो गइले रबो ऊ अपन् ब्प के र्ह पर पूर् मन से न् चलल आ नूह के जीवन के सौ पंच्नबे स्ल मे ऊ मर गइलन. 20 ल्मेक के सब ्दन स्र सौ सतर स्ल के रहल आ उ मर गइलने 21 पभर के ज्नल-पहच्नल सब लइक् ओह स्ल मर गइलन, ओकर् प्हले ्क पभर ओह लोग पर बरर्ई ले अइले​े क्हे ्क पभर ओह लोग के मर ज्ए के च्हर रहले, र्​्क भगव्न ओह लोग के भ्ई आ ररशेद्रन पर जवन बरर्ई पैद् करीहे , ओकर् के न् दे ख सकसर, जइसन ्क ऊ लोषर् कइले रहले. 22 ओही समय मे पभर नूह आ मथरसेल् से कहलन ्क, “उन ्दन मे हम जवन ब्र हम रोहसे कहले रहनी, उ सब ब्र आदमी के बेट् के बर् दी,ं श्यद उ लोग अपन् बरर्ई से पीछे हट ज्स, र हम रब बरर्ई से पश्र्प क के ओकर् के न् ले आईबे 23 नूह आ मथरसेल् खड् होके आदमी के संर्न के क्न मे उ सब ब्र कहले, जवन परमेशर उ लोग के ब्रे मे कहले रहले​े 24 ले्कन आदमी के बेट् न् सरनलस, न् ही उ लोग के सब ब्र के क्न झरकले 25 एकर् ब्द ही पभर नूह से कहलन ्क, “सब शरीर के अंर हमर् स्मने आ गईल ब्, उ लोग के बरर् क्म के चलरे अवररी दे ख हम धररी के न्श क दे बे” 26 गोफर के लकडी लेके कवनो जगह पर ज्के एगो बडहन जह्ज बन् के ओह जगह पर रख दीें 27 आ रू एकर् के एही ररे बन्ईबे एकर लंब्ई रीन सौ ह्थ, चौड्ई पच्स ह्थ आ ऊँच्ई रीस ह्थे 28 ओकर् बगल मे एगो दरव्ज् बन् के ओकर् बगल मे खरलल आ ऊपर से एक ह्थ रक खरम कर के ओकर् के भीरर-ब्हर गड् से ढं क दे बे 29 दे ख़ हम धररी पर प्नी के ब्ढ ले अइब, आ सब म्ं स के न्श हो ज्ई, आक्श के नीचे से धररी पर मौजूद सब करछ न्श हो ज्ईे 30 रू आ रोह्र लर के लोग ज्के नर-म्द् के दू दू गो जीवजनर के बटोर के जह्ज मे ले अइब़ ्क ओह लोग से बीय् धररी पर उग्वे ख्​्ररे 31 आऊ सब ज्नवरन के ख्ए व्ल् सब ख्न् रोहर् लगे बटोरी, र्​्क रोहर् आ ओकर् ख्​्रर ख्न् होखे​े 32 रू अपन् बेट् ख्​्रर आदमी के बेटी मे से रीन गो लईकी चरनी अवररी उ लोग आपके बेट् के पती बन जईहे े 33 नूह उठ के जह्ज बनवले, जवन् जगह प भगव्न उनरक् के आज् दे ले रहले अवररी नूह उनरक् के उहे क्म कईले​े

अध ्य 5 के ब् 1 नूह के जीवन के चौर्सीव्ँ स्ल मे सेर के बेट् हनोक के मौर हो गईल, उ नौ सौ प्ं च स्ल के रहले​े 2 नूह के जीवन के एक सौ उनहतरव्ँ स्ल मे एनोश के बेट् कैन्न के मौर हो गइल आ कैनन के पूर् ्दन नौ सौ दस स्ल हो गइल आ ऊ मर गइलन. 3 नूह के जीवन के दू सौ चौंरीसव्ँ स्ल मे कैनन के बेट् महल्लेल के मौर हो गइल आ महल्लेल के उ्मर आठ सौ पंच्नबे स्ल हो गइल आ ऊ मर गइलन. 4 ओह ्दनन मे नूह के जीवन के रीन सौ छतीसव्ँ स्ल मे महल्लेल के बेट् य्रे द के मौर हो गइले आ जेरेद के सब ्दन नौ सौ ब्सठ स्ल के रहल आ ऊ मर गइलन. 5 ओह ्दन मे जे भी लोग पभर के पीछे चलेलन, उ बरर्ई के दे खे से प्हले मर गइलन जवन परमेशर धररी पर करे के लोषर् कइले रहले​े 6 कई स्ल बीरल् के ब्द नूह के जीवन के च्र सौ असीव्ँ स्ल मे जब पभर के पीछे चले व्ल् सब लोग आदमी के बेट् लोग के बीच से मर गइल रहे आ रब ख्ली मथरसेल् ही रह गइल रहे , र भगव्न नूह आ मथरसेल् से कहलने 7 रू लोग आदमी के बेट् से ब्र करी ं आ लोषर् करी ं ्क पभर इहे कहर ब्डन, अपन् बरर्ई से लवट के आपन क्म छोड दी,ं र पभर ओह बरर्ई से पश्र्प करीहे जवन ऊ रोहनी के करे के लोषर् कइले रहले, र्​्क ई न् होखे​े 8 क्हे ्क पभर इहे कहर हउवे ्क दे ख हम रोहके एक सौ बीस स्ल के अव्ध दे र ब्नीे अगर रू हमर् ओर मरडब आ आपन बरर् र्स् छोडब र हमहँ उ बरर्ई से मरडब जवन हम रोहनी के कहले रहनी, आ ओकर अखसत न् होई, पभर कहर्रे े 9 नूह आ मथरसेल् ्दन पर ्दन आदमी के संर्न से पभर के सब ब्र कहर रहले​े 10 ले्कन आदमी के लइक् न् सरनलस आ न् ही ओह लोग के ब्र के क्न झरकल आ ऊ लोग अकड गइले 11 पभर ओह लोग के एक सौ बीस स्ल के समय दे ्दहलन आ कहलन ्क अगर ऊ लोग लवट अइहे र भगव्न बरर्ई से पश्र्प करीहे जेहसे ्क ऊ धररी के न्श न् करसर. 12 लमेक के बेट् नूह ओह ्दन मे संर्न पैद् करे ख्​्रर पती के ्बय्ह से परहे ज कईले, क्हे ्क उ कहले रहले ्क, “अब भगव्न धररी के न्श क ्दहे , र हम क्हे संर्न पैद् करब? 13 नूह एगो धम् आदमी रहले, उ अपन् पीढी मे ्स् रहले अवररी पभर उनरक् के धररी प अपन् संर्न मे से बीज पैद् करे ख्री चरनले रहले​े 14 पभर नूह से कहलन, “अपन् मेहर्त लेके संर्न पैद् कर, क्हे ्क हम रोहर् के एह पीढी मे अपन् स्मने धम् दे खले ब्नीे” 15 रू धररी के बीच मे बीय् आ अपन् लइकन के अपन् स्थे पैद् करब़े नूह ज्के एगो पती के ्बय्ह कईले अवररी उ हनोक के बेटी न्म् के चरनले अवररी उ प्ं च सौ असी स्ल के रहलीे 6


जशेर के बा

34 अपन् प्ं च सौ पंच्नबे स्ल मे नूह जह्ज बन्वे के क्म शरत कईले अवररी पभर के आज् के मरर्​्बक प्ं च स्ल मे जह्ज बनवले​े 35 रब नूह मथरसेल् के बेट् ए्लय्कीम के रीन गो बेटी के अपन् बेट् ख्​्रर पती बन् ्लहले, जईसे ्क पभर नूह के आज् दे ले रहले​े 36 उहे समय हनोक के बेट् मथरसेल के मौर हो गईल, उ नौ सौ स्ठ स्ल के रहले​े

13 स्र ्दन के अंर मे नूह के जीवन के छह सौव्ँ स्ल मे जलपलय के प्नी धररी पर आ गईले 14 ग्हर्ह के सब फव्र् टू ट गइल आ आक्श के खखडकी खरल गइल आ च्लीस ्दन च्लीस र्र धररी पर बरख् भइले 15 ब्ढ के प्नी के चलरे नूह आ ओकर लर के लोग आ ओकर् स्थे मौजूद सब जीव जह्ज मे आ गईले अवररी पभर ओकर् के बंद क दे ले​े 16 धररी पर बचल सब आदमी बरख् के चलरे बरर्ई से थक गईले, क्हे ्क प्नी धररी पर अउरी जोर से आवर रहे आ ज्नवर आ ज्नवर अभी भी जह्ज के लेरले रहले​े 17 आदमी के बेट् करीब स्र ल्ख मरद मेहर्त एकट् होके जह्ज के लगे नूह के लगे पहं चले​े 18 उ लोग नूह के आव्ज दे के कहलस, “हमनी ख्​्रर खोल द र्​्क हमनी के जह्ज मे रोहर् लगे आ ज्ईं ज्--आ हमनी के क्हे मरब ज्? 19 नूह जह्ज से जोर-जोर से जव्ब ्दहलन, “क् रउव् सभे पभर के खखल्फ ्वदोह नईखी कईले अवररी कहले ्क उनरकर अखसत नईखे? आ एही से पभर रोहनी पर ई बरर्ई ले अइले, ्क रोहनी के धररी से न्श कर के क्ट ्दहलसे 20 क् ई उ ब्र नइखे जवन हम एक सौ बीस स्ल प्हले रोहर् से कहले रहनी ्क रउआ पभर के आव्ज न् सरनर रहनी आ अब धररी पर ्जए के च्हर ब्नी? 21 उ लोग नूह से कहलस, “हमनी के पभर के प्स व्पस आवे ख्​्रर रैय्र ब्नी ज्े ख्ली हमनी ख्​्रर खरलल ब् ्क हमनी के ्जंद् हो सकीले आ न् मर सकीले​े 22 नूह उनके जव्ब ्दहलन, “दे ख़, अब जब रू लोग अपन् आत् के परे श्नी दे खर ब्ड़, र रू लोग पभर के प्स व्पस आवे के च्हर ब्ड़े एह सौ बीस स्ल के दौर्न रउआ क्हे न् लवटनी, जवन् के पभर रउआ के ्नध्य ररर अव्ध के तप मे दे ले रहले? 23 ले्कन अब रू लोग अपन् आत् के परे श्नी के चलरे हमर् के इ ब्र बर्व, अब भी पभर रोहनी के ब्र न् सरनी, न् ही आज रोहनी के क्न ्दहे , र्​्क रू लोग अब आपन इच् मे क्मय्ब न् होखबे 24 आदमी के बेट् बरख् के चलरे जह्ज मे लरसे ख्​्रर नजदीक आ गईले, क्हे की उ लोग अपन् प बरख् न् सह पवले​े 25 रब पभर जह्ज के च्रो ओर खड् सब ज्नवर आ ज्नवर के भेज ्दहलने आ ज्नवर ओह लोग पर ह्वी होके ओह जगह से भग् ्दहले आ हर आदमी अपन् र्स् से चल गइल आ ऊ लोग फेर से धररी पर ्बखर गइल. 26 धररी पर अब्हयो बरख् होर रहे आ च्लीस ्दन च्लीस र्र ले ्गरर रहे आ प्नी धररी पर बहरे पबल रहे े आ धररी पर भ् प्नी मे मौजूद सब म्ं स मर गइल, च्हे ऊ आदमी होखे , ज्नवर होखे, ज्नवर होखे, रे गर होखे भ् हव् के ्चरई होखे , आ ख्ली नूह आ जह्ज मे उनकर् स्थे रहे व्ल् लोग ही रह गइले 27 प्नी बढल आ धररी पर बहर बढल आ जह्ज के ऊपर उठ् के धररी से उठ गइले 28 जह्ज प्नी के ऊपर रैरर रहे आ प्नी पर अइसन उछ्लर रहे ्क भीरर के सब जीव कड्ही मे लड् ्नहन लूम गईले

अध ्य 6 के ब् 1 ओही समय मथरसेल के मरल् के ब्द पभर नूह से कहले, “रू अपन् लर के लोग के स्थे जह्ज मे ज्े दे ख़ हम रोहर् लगे धररी के सब ज्नवर, खेर के ज्नवर आ हव् के ्चरई के बटोरब आ सब आके जह्ज के लेर लीहे े 2 आ रू ज्के जह्ज के दर आर के लगे बईठब आ सब ज्नवर, ज्नवर आ मरग्, एकट् होके रोहर् सोझ् र्ख जइब़ आ ओह लोग मे से जे रोहर् सोझ् आके करबड् हो ज्ई, रू अपन् बेट् लोग के ह्थ मे ले के सौंप दे ब़, जे ओह लोग के सनदू क मे ले अइहे आ जे भी रोहर् सोझ् खड् होई, ओकर् के छोड दे ब़े 3 अ्गल् ्दने परमेस् वर ई क्म कर ्दहलन आ ज्नवर, ज्नवर आ ्चरई-चररंग के भीड मे आके जह्ज के लेर ्लहले​े 4 नूह ज्के जह्ज के दर आर के लगे बईठ गईले अवररी अपन् सोझ् झरकल सभ म्ं स के जह्ज मे ले अईले अवररी अपन् सोझ् खड् सभ के उ धररी प छोड दे ले​े 5 एगो शेरनी अपन् दर गो बच् के संगे आईल, नर अवररी म्द् अवररी रीनों नूह के सोझ् झरक गईल अवररी दर नो बच् शेरनी के खखल्फ उठ के ओकर् के म्र दे लस अवररी ओकर् के अपन् जगह से भ्ग गईल अवररी उ चल गईल अवररी उ लोग अपन् जगह प व्पस आ गईल अवररी नूह के सोझ् धररी प करहक गईले 6 शेरनी भ्ग के शेरन के जगह पर खड् हो गइले 7 नूह इ दे ख के बहर अचरज मे पड गईले अवररी उ उठ के दर नो बच् के पकड के जह्ज मे ले गईले​े 8 नूह धररी पर मौजूद सब जीव-जंरर के जह्ज मे ले अइले, जवन् से नूह जह्ज मे ले अइल् के अल्व् केह न् बचले 9 दू -दू आदमी नूह के लगे जह्ज मे चढ गईले, ले्कन स्फ ज्नवर अवररी स्फ-सरथर् ्चरई से स्र जोड् ले अईले, जईसे ्क भगव्न उनरक् के कहले रहले​े 10 सब ज्नवर, ज्नवर आ ्चरई अब्हयों उह्ँ मौजूद रहले आ हर जगह जह्ज के लेरले रहले आ स्र ्दन ब्द रक बरख् न् उररल रहे े 11 आ ओह ्दन पभर पूर् धररी के ्हल् ्दहलन आ सूरज अन्र हो गइल आ दर ्नय् के नीवं भडक गइल आ पूर् धररी जोर से ्हल गइल आ ्बजली चमकल आ गरजल गजयन् कइल आ धररी के सब फव्र् टू ट गइल जवन प्हले ्नव्सी लोग के न् म्लूम रहे े आ भगव्न ई पर्कमी क्म एह ख्​्रर कइलन ्क आदमी के लइकन के डे र्वे, र्​्क धररी पर अब कवनो बरर्ई न् होखे​े 12 आ रबहँ आदमी के बेट् अपन् बरर् र्स् से न् लवटर रहले आ ओह लरी ऊ लोग पभर के कोध बढ् ्दहल आ एह सब के ओर आपन ्दल रक न् ्नद् ्शर कइले 7


जशेर के बा

29 जह्ज मे मौजूद सब जीव-जनर के बहर ्चंर् हो गईल अवररी जह्ज टू टल ्नहन हो गईले 30 जह्ज मे मौजूद सब जीव डे र् गईले, शेर गजयर रहले, बैल नीच गईले, भे्डय् कूद गईले अवररी जह्ज मे मौजूद हर जीव अपन् भ्ष् मे बोलर रहले अवररी ्वल्प करर रहले, जवन् से उनरकर आव्ज बहर दू र रक पहं च गईल अवररी नूह अवररी उनरकर बेट् अपन् परे श्नी मे ्चल्र अवररी रोवर रहले​े उ लोग के बहर डर रहे ्क उ लोग मौर के दर आर प पहं च गईल ब्डे े 31 रब नूह पभर से प्थयन् कइलन आ ओकर् से ्चल् के कहलन, “हे पभर हमनी के मदद करी,ं क्हे ्क हमनी के लगे एह बरर्ई के सहन करे के र्कर नइखे जवन हमनी के लेरले ब्, क्हे ्क प्नी के लहर हमनी के लेर लेले ब्, शर्ररी ध्र हमनी के डे र् ्दहले ब्, मौर के ज्ल हमनी के स्मने आ गईल ब्े हमनी के जव्ब द, हे पभर, हमनी के जव्ब ्दह, हमनी के ओर आपन चेहर् रोशन कऱ आ हमनी पर कृप् कऱ, हमनी के छर टक्र् द़ आ हमनी के बच्व़े 32 रब पभर नूह के आव्ज सरनलन आ पभर उनकर य्द कइलने 33 धररी पर हव् चलल आ प्नी श्ं र हो गइल आ जह्ज आर्म कइलसे 34 ग्हर्ह के फव्र् आ आक्श के खखडकी बंद हो गइल आ आक्श से बरख् रोकल गइले 35 ओह ्दनन मे प्नी कम हो गइल आ जह्ज अरर्र के पह्डन पर ्टक गइले 36 रब नूह जह्ज के खखडकी खोललन, रब भी नूह ओह समय पभर के आव्ज दे र कहले, “हे पभर, जे धररी आ आक्श आ ओकर् मे मौजूद सब करछ के बनवले ब्नी, हमनी के आत् के एह कैद से आ जवन् जेल मे हमनी के रखले ब्नी, ओकर् से ब्हर ले आव़, क्हे ्क हम आह भर के बहर थक गइल ब्नीे” 37 रब पभर नूह के आव्ज सरन के कहलन ्क जब पूर् स्ल पूर् हो ज्ई र रू ब्हर ्नकलबे 38 स्ल के क्खन के समय जब नूह के जह्ज मे रहे के पूर् स्ल पूर् हो गईल र धररी से प्नी सूख गईल अवररी नूह जह्ज के ढं कल बंद क दे ले​े 39 ओह लरी दू सर् महीन् के सत्ईसव्ँ ्दन धररी सूख गईल रहे , ले्कन जब रक पभर न् बरवले, रब रक नूह अवररी उनरकर बेट् अवररी उनरक् संगे के लोग जह्ज से न् ्नकलले​े 40 उ ्दन आईल जब पभर ओ लोग के ब्हर ्नकले के कहले, र उ सब जह्ज से ्नकल गईले​े 41 ऊ लोग ज्के हर केह अपन् र्स् आ अपन् जगह पर लवट गइल आ नूह आ उनकर बेट् ओह दे श मे रह गइलन जवन भगव्न बरवले रहले आ ऊ लोग पूर् ्दन पभर के सेव् कइल आ जह्ज से ्नकलर लरी पभर नूह आ उनकर बेट् लोग के आशीव्य द ्दहलने 42 ऊ ओह लोग से कहलन, “बढ के पूर् धररी भर दीें मजबूर हो ज्ईं आ धररी मे भरपूर बढ ज्ईं आ ओहमे बढ ज्ईं.

2 ई य्फेर के बेट् हवे​े गोमेर, म्गोग, मदई, ज्वन, ररबल, मेशेक आ ्ररस, स्र गो बेट्े 3 गोमेर के बेट् अखसन्ज, रे फ्र आ रेग्रम् रहे े 4 म्गोग के बेट् एलीक्न्फ आ लरब्ल रहले​े 5 मदई के संर्न आकोन, जीलो, च्जोनी आ लूर रहलने 6 य्वन के बेट् एलीश्, रश्श, ्कतीम आ दर दोनीम रहले​े 7 ररबल के बेट् अररफी, केसेद आ र्री रहलने 8 मेशेक के बेट् दे दोन, स्रोन आ शेबशी रहलने 9 ्रर्स के बेट् बेनीब, गेर्, लर्पररयोन आ ्गल्क रहलने ई य्फेर के बेट् लोग के करल के ्हस्ब से रहे आ ओह लोग के संख् लगभग च्र सौ स्ठ आदमी रहे े 10 ई ह्म के लइक् हवे​े करश, ्मतरै म, फरर आ कन्न, च्र गो बेट्; करश के बेट् सेब्, हवील्, सबर्, र्म् आ सरेक् आ र्म् के बेट् शेब् आ दे द्न रहलने 11 ्मतरै म के बेट् लूद, अनोम आ पथोस, चसोर आ चफोर रहलने 12 फरर के बेट् गेबरल, हद्न, बेन् आ अद्न रहलने 13 कन्न के बेट् ्सदोन, हे र, अमोरी, गेग्य शी, ्हवी, अक्, सेनी, आरोदी, ्समोदी आ चमोथी रहलने 14 ई ह्म के बेट् हवे, उ लोग के करल के ्हस्ब से आ ओह लोग के संख् लगभग स्र सौ रीस आदमी रहले 15 ई शेम के बेट् हवे​े एल्म, अशूर, अपयचश्द, लरद आ अर्म, प्ं च गो बेट्; एल्म के बेट् शरश्न, मकरल आ हरमोन रहलने 16 अशर के बेट् मीरस आ मोकील आ अपयचश्द के बेट् शेल्क, अन्र आ अशोल रहलने 17 लरद के बेट् पेथोर आ ्बज्योन आ अर्म के बेट् उज, चूल, गदर आ मश रहलने 18 ई शेम के बेट् हवे, अपन् करल के ्हस्ब से​े आ ओह लरी ओह लोग के संख् करीब रीन सौ आदमी रहे े 19 ई शेम के पीढी हवे​े शेम के अपयचश्द आ अपयचश्द से शेल्क के जनम भइल आ शेल्क के एबर आ एबर से दू गो संर्न भइल, एक के न्म पेलेग रहे , क्हे ्क उनकर् जम्न् मे आदमी के बेट् बँटल रहे आ ब्द के ्दन मे धररी बँट गइले 20 दू सर् के न्म योक्न रहे , मरलब ्क उनकर् जम्न् मे आदमी के बेट् के जीवन कम हो गईल अवररी कम हो गईले 21 ई लोग योकन के बेट् हवे​े अलोद्द, शेल्फ, च्जरमोवेर, येर्च, हदर रोम, ओजेल, ्दक्, ओबल, अबीम्एल, शेब्, ओफीर, हवील् आ अयॉब्ब; ई सब योकर्न के बेट् हवे​े 22 उनकर भ्ई पेलेग के येन, येन से सेरग, सेरग के न्होर आ न्होर के जनम रेर् से भइल आ रेर् अडरीस बररस के रहे आ ह्र्न आ न्होर के जनमले 23 रब नूह के बेट् ह्म के बेट् करश बरढ्प् मे एगो पती के ्बय्ह कईले अवररी उनरक् से एगो बेट् भईल अवररी उ लोग ओकर न्म ्नमरोद रखले अवररी कहले ्क, “ओह समय आदमी के बेट् फेर से भगव्न के खखल्फ ्वदोह अवररी उलंलन करे लगले अवररी उ लईक् बड हो गईले अवररी उनरकर ्पर् ओकर् से बहर प्र कईले, क्हे की उ अपन् बरढ्प् के बेट् रहले​े 24 आदम आ ओकर मेहर्त ख्​्रर जवन चमड् के कपड् बनवले रहले, ऊ करश के ्दहल गइले 25 क्हे ्क आदम आ उनकर मेहर्त के मरल् के ब्द इ कपड् य्रे द के बेट् हनोक के ्दहल गईल आ जब हनोक के

अध ्य 7 के ब् 1 नूह के बेट् लोग के न्म इहे ह: य्फेर, ह्म आ शेमे आ जलपलय के ब्द ओह लोग के संर्न पैद् भइल, क्हे ्क ऊ लोग जलपलय से प्हले मेहर्त बन् लेले रहे े 8


जशेर के बा

परमेशर के प्स ले ज्इल गईल र उ कपड् अपन् बेट् मथरसेल के दे ्दहलसे 26 मथरसेल् के मौर के समय नूह ओ लोग के लेके जह्ज मे ले गईले अवररी जब रक उ जह्ज से न् ्नकलले , रब रक उ लोग उनरक् संगे रहले​े 27 उ लोग के ब्हर ्नकलर लरी ह्म उ कपड् अपन् ब्प नूह से चोर् लेले अवररी उ कपड् लेके अपन् भ्ई लोग से ्छप् लेले​े 28 जब ह्म के प्हल् बेट् करश के जनम भइल र ऊ ओकर् के ऊ कपड् लरक् के दे ्दहलन आ ऊ लोग करश के स्थे बहर ्दन ले रहलन. 29 करश भी ओ लोग के अपन् बेट् आ भ्ई लोग से ्छप् ्लहले आ जब करश ्नमरोद के जनम लेले रहले र उनरक् से पेम के चलरे उ कपड् उनरक् के दे ले अवररी ्नमरोद बड हो गईले अवररी जब उ बीस स्ल के रहले र उ कपड् प्हनले रहले​े 30 ्नमरोद जब कपड् प्हनले र मजबूर हो गइलन, आ भगव्न ओकर् के र्कर आ र्कर ्दहलन, आ ऊ धररी पर एगो पर्कमी ्शक्री रहले, हँ , ऊ खेर मे एगो पर्कमी ्शक्री रहले, आ ऊ ज्नवरन के ्शक्र करर रहले आ ऊ वेदी बनवले रहले आ ऊ ओह लोग पर ज्नवरन के पभर के स्मने चढवले. 31 ्नमरोद अपन् भ्ई लोग के बीच से उठ के अपन् भ्ई लोग के च्रो ओर के सब दर शनन के खखल्फ लड्ई लडले​े 32 पभर अपन् भ्ई लोग के सब दर शन के अपन् ह्थ मे सौंप दे ले अवररी भगव्न उनरक् के बीच-बीच मे अपन् लड्ई मे खरशह्ल करर रहले अवररी उ धररी प र्ज कईले​े 33 एही से ओह ्दन मे जब कवनो आदमी लड्ई ख्​्रर प्श्कर कइल लोग के ले आवे र ऊ लोग से कहर रहे ्क, “जइसे भगव्न ्नमरोद के स्थे कइले रहले, जे धररी पर एगो पर्कमी ्शक्री रहले आ अपन् भ्ई लोग के खखल्फ भइल लड्ई मे सफल भइल रहले, ्क ऊ ओह लोग के ओह लोग के दर शनन के ह्थ से बच् ्लहले रहले, र भगव्न हमनी के मजबूर करसर आ आज हमनी के बच्वे​े” 34 जब ्नमरोद च्लीस बररस के भइल र ओह लरी उनकर भ्ई आ य्फेर के लोग के बीच लड्ई भइल आ ऊ लोग अपन् दर शनन के अ्धक्र मे आ गइले 35 ओह लरी ्नमरोद ्नकल गइलन आ ऊ करश के सगरी बेट् आ ओह लोग के पररव्र के करीब च्र सौ स्ठ आदमी के एकट् कइलन आ अपन् करछ दोसन आ परर्चरन से करीब असी आदमी के ्कर्य् पर ले ्लहलन आ ओह लोग के ्कर्य् दे ्दहलन आ ओह लोग क् स्थे लड्ई मे चल गइलन आ जब ऊ र्स् पर गइलन र ्नमरोद अपन् स्थे गइल लोग के ्दल मजबूर कर ्दहलन. 36 ऊ ओह लोग से कहलन ्क मर डे र्ईं आ न् लबर्ईं, क्हे ्क हमनी के सब दर शन हमनी के ह्थ मे सौंपल जइहे आ रउर् सभे ओह लोग के स्थे जइसन मन करे कर सकीले. 37 जे भी आदमी गइलन उ लोग लगभग प्ं च सौ के रहे आ उ लोग अपन् दर शनन से लडल, आ उ लोग ओह लोग के नष क के अपन् वश मे कर ्दहल आ ्नमरोद ओह लोग के अपन्अपन् जगह पर खड् अफसर रखले​े 38 ऊ ओह लोग के करछ लइकन के सररक् के तप मे ले गइलन आ ऊ सब ्नमरोद आ उनकर भ्ई लोग के नौकर रहलन आ ्नमरोद आ उनकर सब लोग लरे मरड गइलने

39 जब ्नमरोद अपन् दर शनन के जीर के लड्ई से खरशी से लवटल र ओकर सब भ्ई लोग ओकर् के प्हले ज्नर लोग के स्थे ्मल के ओकर् के र्ज् बन्वे ख्​्रर जरटल आ ओकर् म्थ् पर श्ही मरकरट रख ्दहले 40 ऊ अपन् पज् आ लोग, र्जकरम्र, न्य्धीश आ श्सक के ऊपर रखले, जइसे ्क र्ज् लोग के ररव्ज होल्े 41 ऊ न्होर के बेट् रेर् के अपन् सेन् के मरखखय् के रख ्दहलन आ ऊ ओकर् के आदर ्दहलन आ ओकर् के अपन् सगरी र्जकरम्रन से ऊपर उठ् ्दहलन. 42 जब उ अपन् मन के इच् के मरर्​्बक र्ज करर रहले, र उ अपन् सल्हक्र के संगे अपन् महल ख्री शहर बन्वे के सल्ह दे ले अवररी उ लोग अयीसन कईले​े 43 ऊ लोग पूरब के स्मने एगो बडहन ल्टी ्मलल आ ओकर् ख्​्रर एगो बडहन आ ्वसृर शहर बनवल्स आ ्नमरोद ओह शहर के न्म ्शन्र रख ्दहलन जवन् के ऊ बनवले रहलन क्हे ्क पभर अपन् दर शनन के बहरे ्हल् ्दहले रहले आ ओह लोग के न्श कर ्दहले रहले. 44 ्नमरोद ्शन्र मे रह गइलन आ ऊ सरर्कर र्ज कइलन आ अपन् दर शनन से लडलन आ ओह लोग के अपन् वश मे कर ्लहलन आ अपन् सगरी लड्ई मे सफल भइलन आ ओकर र्ज बहरे बडहन हो गइल. 45 सब ज्​्र आ भ्ष् उनकर प्सख् सरन के उनकर् लगे जरट गइलन आ धररी के स्मने पर्म कइलन आ उनके ब्लद्न ले अइलन आ ऊ उनकर म्​्लक आ र्ज् बन गइलन आ सब लोग उनकर् स्थे ्शन्र शहर मे रह गइलन आ ्नमरोद धररी पर नूह के सब बेट् लोग पर र्ज कइलन आ सभे उनकर अ्धक्र आ सल्ह के अधीन रहलने 46 पूर् धररी एक भ्ष् आ एकर् के वचन के रहे , ले्कन ्नमरोद पभर के र्स् पर न् चलल, आ जलपलय के ्दन से लेके ओह ्दन रक उ अपन् से प्हले के सब आदमी से भी ज्द् दर ष रहले​े 47 ऊ लकडी आ पतर से दे वर् बनवले आ ओह लोग के पर्म कइलन आ पभर के खखल्फ ्वदोह कइलन आ अपन् सगरी पज् आ धररी के लोग के आपन दर ष र्स् ्सखवले. आ उनकर बेट् म्डय न उनकर ब्प से भी दर ष रहले​े 48 जे भी ्नमरोद के बेट् म्द्न के क्म सरन के ओकर् ब्रे मे कहर रहे ्क, “दर ष से बरर्ई ्नकलेल्े एह से ई पूर् धररी मे एगो कह्वर बन गइल ्क, दर ष से दर षर् ्नकलेल् आ ऊ समय से लेके अब रक आदमी के ब्र मे पच्लर रहे े 49 ्नमरोद के सेन् के र्जकरम्र न्होर के बेट् रेर् ओह लरी र्ज् आ ओकर पज् के नजर मे बहर बड रहले अवररी र्ज् अवररी र्जकरम्र उनरक् से प्र करर रहले अवररी उनरक् के बहर ऊँच क दे ले​े 50 रेर् एगो मेहर्त ्बय् आ ओकर न्म कररनेबो के बेटी अमथेलो रहे े ओह लरी रेर् के मेहर्त गभयवरी होके एगो बेट् के जनम ्दहलीे 51 जब रेर् के जनम भइल र ऊ सतर स्ल के रहले आ रेर् अपन् बेट् के न्म अब्म रखले रहले, क्हे ्क र्ज् ओकर् के ओह लरी प्लन पोषर कइले रहले आ ओकर् के अपन् स्थे मौजूद सब र्जकरम्रन से अ्धक् आदर दे ले रहले. अध ्य 8 के ब् 9


जशेर के बा

14 र्ज् ओह लोग के ब्र सरन के उनकर नजर मे अच् ल्गल आ ऊ रेर् के बोल्वे ख्​्रर भेज के बोलवले आ रेर् र्ज् के स्मने आ गइलने 15 र्ज् रेर् से कहलस, “हमर् के बर्वल गईल ब् ्क क्ल र्र रोहर् एगो बेट् पैद् भईल रहे अवररी ओकर् जन के समय आक्श मे अयीसन दे खल गईले 16 अब हमर् के लइक् के दे द़ ्क हमनी के ओकर् के म्र दे ब ज् ्क ओकर बरर्ई हमनी के खखल्फ उभरल् से प्हले ओकर् के म्र दे ब ज् आ हम रोहर् के ओकर् मोल के ्हस्ब से च्नी आ सोन् से भरल लर दे दे बे 17 रेर् र्ज् के जव्ब ्दहलन आ कहलन ्क, “हम्र पभर आ र्ज्, हम रोह्र ब्र सरनले ब्नी आ रोह्र सेवक ओकर र्ज् के मनच्ह् सब क्म करीे 18 ले्कन हम्र म्​्लक आ र्ज्, हम रोहर् के बर्इब ्क क्ल र्र के हमर् स्थे क् भइल रहे , र्​्क हम दे ख सकीले ्क र्ज् अपन् नौकर के कवन सल्ह ्दहे , आ ओकर् ब्द हम र्ज् के जवन ब्र अभी कहले ब्डे ओकर् प जव्ब दे बे र्ज् कहलस, “बोल़े” 19 रेर् र्ज् से कहलस, “मोरे द के बेट् अयोन क्ल र्र हमर् लगे आके कहलसे 20 र्ज् रोहर् के जवन बडहन आ सरनर लोड् दे ले रहले, ओकर् के हमर् के दे द़, र हम रोहर् के च्ं दी-सोन्, भूस् आ च्र् दे ब, ओकर् कीमर के ्हस्ब से हम रोहर् के दे बे हम ओकर् से कहनी ्क, जब रक हम रोह्र ब्र के ब्रे मे र्ज् के न् दे खब, रब रक रक ज्, अवररी दे ख, र्ज् जवन करछ कहर्रे , हम उहे करबे 21 अब हम्र म्​्लक आ र्ज्, दे ख हम ई ब्र रोहर् के बर् दे ले ब्नी आ हम्र र्ज् जवन सल्ह अपन् नौकर के ्दहे, हम ओकर प्लन करबे 22 र्ज् रेर् के ब्र सरन के उनकर कोध भडक गईल अवररी उ ओकर् के मूखय के रोशनी मे समझर रहले​े 23 र्ज् रेर् से कहलन, “क् रू अरन् मूखय, अज्नी भ् समझ मे कमी ब् ्क ई क्म कर के आपन सरनर लोड् के च्ं दी आ सोन् भ् भूस् आ भोजन के बदल् मे दे दी?ं ” 24 क् रोहर् मे च्ँ दी आ सोन् के एरन् कमी ब् ्क रू ई क्म कऱ, क्हे ्क रोहर् लोड् के चर्वे ख्​्रर भूस् आ भोजन न् ्मल प्ई? आ रोहर् ख्​्रर च्ँ दी आ सोन्, भ् भूस् आ च्र् क् ह, जवन् से रू ऊ ब्ढय् लोड् दे दी ं जवन हम रोहर् के दे ले ब्नी, जवन् जइसन पूर् धररी पर केह नइखे? 25 र्ज् आपन ब्र छोड ्दहलस र रेर् र्ज् के जव्ब ्दहलस, “र्ज् अपन् नौकर से अईसन ब्र कईले ब्डे े 26 हे हम्र म्​्लक आ र्ज्, हम रोहर् से ्नहोर् करर ब्नी ्क रू हमर् से ई क् कहले ब्डू ्क, 'अपन् बेट् के दे द़ ्क हमनी के ओकर् के म्र सकीले, आ हम रोहर् के ओकर् मोल मे च्ं दी आ सोन् दे बे बेट् के मरल् के ब्द च्ं दी-सोन् के क् करब? हमर् के के ्वर्सर मे प्ई? ्न्शर तप से रब हमर् मरल् पर च्ं दी आ सोन् हमर् र्ज् के व्पस आ ज्ई जे ओकर् के ्दहले ब्े 27 र्ज् जब रेर्ह के ब्र आ र्ज् के ब्रे मे जवन दष्ं र दे ले रहले, र उनरक् बहर दर ख भईल अवररी उ ए ब्र से परे श्न हो गईले अवररी उनरकर गरस् उनरक् भीरर जर गईले

1 अब्म के जनम के र्र ही रेर् के सब नौकर, ्नमरोद के सब ज्नी आ ओकर ज्दू गर आके रेर् के लर मे ख्न् पीले, आ ओह र्र उ लोग उनरक् संगे खरश हो गईले​े 2 जब सब ज्नी आ ज्दू गर लोग रेर् के लर से ्नकलल र ओह र्र र्र् के दे खे ख्​्रर आक्श के ओर आँ ख उठवले र दे खले ्क पूरब से एगो बहर बड र्र् आके आक्श मे दौडर रहे अवररी उ च्रो र्र् के आक्श के च्रो ओर से ्नगल गईले​े 3 र्ज् के सब ज्नी आ उनकर ज्दू गर लोग ई दे ख के अचरज मे पड गइलन आ ऋ्ष लोग ई ब्र समझ गइल आ एकर महत ज्न गइले 4 उ लोग एक दू सर् से कहलस, “ई ख्ली उ लईक् के संकेर ह जवन आज र्र मे रेर् से पैद् भईल ब्, जवन बड होके फलद्यी होई अवररी बढी अवररी पूर् धररी प हमेश् ख्री कब् क ली, अवररी उ अवररी ओकर संर्न बड-बड र्ज् के म्र ्दहे अवररी उनरकर जमीन के उतर्​्धक्री होईे 5 ओह र्र ज्नी आ ज्दू गर लोग लरे चल गइल आ सबेरे ई सब ज्नी आ ज्दू गर सबेरे उठ के एगो ्नध्य ररर लर मे जरट गइलने 6 उ लोग एक दू सर् से ब्र कईले, “दे ख़, जवन नजर हमनी के क्ल र्र के दे खले रहनी ज् उ र्ज् से ्छपल ब्े 7 अगर ब्द के ्दन मे र्ज् के इ ब्र पर् चल गईल र उ हमनी से कह ्दहे ्क, 'रू हमर् से इ ब्र क्हे ्छप् दे ले ब्डू, र हमनी के सब केह के मौर हो ज्ईे एह से अब हमनी के ज्के र्ज् के ऊ नज्र् बर्ईं ज् जवन हमनी के दे खले रहनी ज्, आ ओकर व्ख्, आ रब हमनी के स्फ रहब ज्े 8 उ लोग अयीसन कईले अवररी सब र्ज् के लगे ज्के उनरक् के जमीन प पर्म कईले अवररी कहले ्क, र्ज् ्जंद् रहस, र्ज् ्जंद् रहसे 9 हम सरननी ्क रोहर् सेन् के र्जकरम्र न्होर के बेट् रेर् के एगो बेट् पैद् भइल ब् आ हमनी क् क्लह र्र उनरक् लरे अइनी ज् आ ओह र्र हमनी क् ओकर् स्थे ख्न् पी के खरश भइनी ज्. 10 जब रोह्र सेवक लोग रेर् के लर से र्र ्बर्वे ख्​्रर अपन्-अपन् लर मे ज्ए ख्​्रर ्नकलल र हमनी के नजर आक्श के ओर उठवनी ज् र हमनी के पूरब से एगो बडहन र्र् आवर दे खनी ज् आ उहे र्र् बहर रेजी से दौडर रहे आ आक्श के च्रो ओर से च्र गो बडहन र्र् ्नगल गइले 11 हमनी के दे खल दे ख के रोह्र सेवक अचरज मे पड गईले अवररी बहर डे र् गईले अवररी हमनी के दे ख के फैसल् कईनी अवररी एकर सही व्ख् हमनी के बरख् से ज्न गईनी ्क इ ब्र ओह बच् प ल्गू होखेल्, जवन ्क रेर् से पैद् भईल होई, जवन ्क बड होके बहर बढी अवररी र्करवर हो ज्ई अवररी धररी के सभ र्ज् के म्र ्दही अवररी उनरक् सभ र्ज् के उतर्​्धक्री होई जमीन, ऊ आ ओकर बीज हमेश् ख्​्ररे 12 अब हमनी के म्​्लक आ र्ज्, दे ख, हमनी के एह बच् के ब्रे मे जवन दे खले ब्नी ज्, ओकर् से हम रोहर् के सही म्यने मे परर्चर कर दे ले ब्नीे 13 अगर र्ज् के एह लइक् ख्​्रर आपन ब्प के मोल दे वे के अच् ल्गे र हमनी के ओकर् के म्र दे ब ज् ्क उ दे श मे बड होके बढे आ ओकर बरर्ई हमनी के खखल्फ बढे , र्​्क हमनी के आ हमनी के लइक् ओकर् बरर्ई से न्श हो ज्इब ज्े 10


जशेर के बा

28 रेर् दे खलन ्क र्ज् के कोध ओकर् पर भडक गइल ब् आ र्ज् के जव्ब ्दहलन ्क, “हमर् लगे जवन करछ ब् ऊ र्ज् के अ्धक्र मे ब्े र्ज् अपन् नौकर के जवन भी करे के च्हर ब्, उ करे के च्हीं, हँ , हम्र बेट्, ऊ र्ज् के सत् मे ब्, बदले मे कवनो मोल नइखे, ऊ आ ओकर दर नर भ्ई जे ओकर् से बड ब्डे . 29 र्ज् रेर् से कहले, “न्, ले्कन हम रोह्र छोट बेट् के द्म मे खरीद लेबे” 30 रेर् र्ज् से कहलन, “हम हम्र म्​्लक आ र्ज् से ्नहोर् करर ब्नी ्क रोहर् सेवक के रोहर् स्मने एगो ब्र कहे दी ं आ र्ज् के अपन् नौकर के ब्र सरने दी ं आ रेर् कहले, “हम्र र्ज् हमर् के रीन ्दन के समय दे दी ं जब रक ्क हम अपन् भीरर एह ब्र के न् सोचब आ अपन् पररव्र से अपन् र्ज् के ब्र के ब्रे मे सल्ह न् लेबे आ ऊ र्ज् के एह ब्र पर सहमर होखे ख्​्रर बहरे दब्व ड्ल ्दहलन. 31 र्ज् रेर् के ब्र सरन के अईसन कईले अवररी रीन ्दन के समय दे ले अवररी रेर् र्ज् के सोझ् से ्नकल गईले अवररी उ अपन् पररव्र के लरे पहं चले अवररी र्ज् के सभ ब्र कहले​े आ लोग बहर डे र् गइले 32 रीसर् ्दने र्ज् रेर् के लगे भेजलन ्क, “हमर् से आपन बेट् के द्म मे भेज द़े आ अगर रू अइसन न् करब़ र हम रोहर् लर मे जवन करछ ब् ओकर् के भेज के म्र दे ब, जेहसे ्क रोहर् करकरर रक न् बच ज्व. 33 रेर् जली-जली, र्ज् के ओर से इ ब्र जतरी रहे , अवररी उ अपन् एगो नौकर से एगो बच् लेके चल गईले, जवन ्क उनरकर द्सी ओ ्दन उनरक् से पैद् कईले रहली अवररी रेर् ओ बच् के र्ज् के लगे ले अईले अवररी ओकर् ख्री कीमर ले लेले​े 34 एह म्​्मल् मे पभर रेर् के स्थे रहले ्क ्नमरोद अब्म के मौर न् कर सके आ र्ज् रेर् से ओह बच् के लेके अपन् पूर् र्कर से ओकर म्थ् जमीन पर ्गर् ्दहलन क्हे ्क ऊ सोचर रहले ्क ई अब्म हउवे. आ ई ब्र ओह ्दन से ओकर् से ्छपल रहे आ र्ज् भरल् गइल क्हे ्क पो्वडे स के इच् रहे ्क अब्म के मौर न् भोगे के पडी. 35 रेर् अपन् बेट् के अब्म के अपन् महर्री आ दू ्धय् के स्थे गरप तप से लेके एगो गरफ् मे ्छप् के रखले आ हर महीन् ओह लोग के ख्न् लेके आवर रहले​े 36 पभर अब्म के स्थे गरफ् मे रहले अवररी उ बड भईले अवररी अब्म दस स्ल रक गरफ् मे रहले अवररी र्ज् अवररी उनरकर र्जकरम्र, भ्वषवक् अवररी ऋ्ष-मर्न सोचले ्क र्ज् अब्म के म्र दे ले ब्डे े

4 ह्र्न के उमर बय्लीस स्ल के रहे जब उ स्र् के जनमलस, जवन अब्म के जीवन के दसव्ँ स्ल मे रहे े आ ओह लरी अब्म आ उनकर महर्री आ नसय गरफ् से ्नकल गइलन, क्हे ्क र्ज् आ उनकर पज् अब्म के म्​्मल् भरल् गइल रहले. 5 जब अब्म गरफ् से ्नकललन र ऊ नूह आ उनकर बेट् शेम के लगे गइलन आ ऊ ओह लोग के स्थे रह गइलन ्क ऊ पभर के ्शक् आ उनकर र्स् सीख सकसर आ केह के पर् न् चलल ्क अब्म कह्ँ ब्डन आ अब्म बहर ्दन ले नूह आ अपन् बेट् शेम के सेव् कइलन. 6 अब्म नूह के लर मे उनरीस स्ल रहले, आ अब्म रीन स्ल के उ्मर से पभर के ज्नर रहले अवररी उ अपन् मौर के ्दन रक पभर के र्स् प चलर रहले, जईसे ्क नूह अवररी उनरकर बेट् शेम उनरक् के ्सखवले रहले​े आ ओह लरी धररी के सब बेट् लोग पभर के खखल्फ बहर उलंलन कइल, आ ऊ लोग उनकर् खखल्फ ्वदोह कइल आ ऊ लोग दोसर् दे वर् लोग के सेव् कइल आ ऊ लोग ओह पभर के भरल् गइल जे ओह लोग के धररी पर बनवले रहलन; आ धररी के ्नव्सी लोग ओह लरी हर आदमी आपन दे वर् बनवले रहे े लकडी आ पतर के दे वर् जे न् बोल प्वर रहले, न् सरन सकर रहले, न् बच्व प्वर रहले, आ आदमी के बेट् ओह लोग के सेव् करर रहले आ ऊ लोग ओह लोग के दे वर् बन गइलन. 7 र्ज् आ उनकर सब नौकर आ रेर् उनकर लर के लर के लोग के स्थे लकडी आ पतर के दे वर् के सेव् करे व्ल् लोग मे सबसे प्हले रहले​े 8 स्ल के ब्रह महीन् के ब्द रेर् के लकडी आ पतर से बनल ब्रह गो दे वर् रहले आ ऊ हर महीन् हर महीन् परोसर रहले आ हर महीन् रेर् अपन् दे वर् लोग के आपन अनब्ल आ पेयब्ल लेके आवर रहले​े एही ररे रेर् ्दन भर करर रहलीे 9 ऊ सब पीढी पभर के नजर मे दर ष रहलन आ एह ररह से हर आदमी के आपन दे वर् बन् ्लहलन ब्​्कर ऊ लोग ओह पभर के छोड ्दहलन जे ओह लोग के रचले रहले. 10 ओह ्दन मे पूर् धररी मे कवनो आदमी न् ्मलल जे पभर के ज्नर होखे (क्हे ्क ऊ लोग हर आदमी अपन् भगव्न के सेव् करर रहे ) ्सव्य नूह आ उनकर लर के लोग के आ उनकर सल्ह के अधीन सब लोग ओह ्दन मे पभर के ज्नर रहे े 11 ओह ्दनन मे नूह के लर मे रेर् के बेट् अब्म बड होर रहले आ केह के पर् न् चलल आ पभर उनक् स्थे रहले​े 12 परमेस् वर अब्म के एगो समझद्र ्दल दे ्दहलन आ उ ज्नर रहलन ्क ओह पीढी के सब क्म बेक्र ब् आ उनकर सब दे वर् बेक्र हउवे आ कवनो फ्यद् नइखे​े 13 अब्म धररी पर सूरज के चमकर दे खलन आ अब्म मन ही मन कहलन ्क अब ई सूरज जवन धररी पर चमकर ब् ऊ भगव्न हवे आ हम उनकर सेव् करबे 14 अब्म ओह ्दन सूरज के सेव् कइलन आ ऊ उनकर् से प्थयन् कइलन आ जब स्ँ झ हो गइल र रोज ्नहन सूरज डूब गइल र अब्म मन मे कहले, “सचहँ ई भगव्न न् हो सकेले?” 15 अब्म अब्हयों अपन् मन मे कहर रहले ्क, “आक्श आ धररी के बन्वे व्ल् के ह?” धररी पर के रचन् कइले ब्? ऊ कह्ँ ब्? 16 र्र ओकर् पर अन्र हो गइल आ ऊ प्शम, उतर, दख्न आ पूरब के ओर आँ ख उठ् के दे खलन ्क धररी से सूरज ग्यब हो गइल ब् आ ्दन अन्र हो गइल ब्.

अध ्य 9 के ब् 1 अब्म के बड भ्ई रेर् के बेट् ह्र्न ओह लरी एगो पती के ्बय्ह कईले​े 2 ह्र्न जब उनरीस स्ल के रहले​े ह्र्न के मेहर्त गभयवरी होके एगो लइक् पैद् कइली आ ऊ ओकर न्म लूर रख ्दहलसे 3 उ फेर से गभयवरी होके एगो बेटी के जनम कईली अवररी उनरकर न्म ्मलक् रखलसे उ फेर से गभयवरी होके एगो बेटी के जन दे ली अवररी उनरकर न्म सर्य रखलीे 11


जशेर के बा

17 अब्म अपन् सोझ् र्र् आ च्ँ द दे ख के कहले, “सचहँ इहे भगव्न हवे जे पूर् धररी के संगे-संगे आदमी के भी बनवले ब्डे अवररी दे ख, उनरकर सेवक उनरक् च्रो ओर के दे वर् हवे​े 18 सबेरे जब उज्ल् भइल आ सूरज हमेश् ्नहन धररी पर चमकल र अब्म के उ सब चीज दे ख्ई दे लस जवन पभर परमेशर धररी प बनवले ब्डे े 19 अब्म मन ही मन कहले ्क इ धररी अवररी पूर् म्नव ज्​्र के बन्वे व्ल् दे वर् न् हवे, ब्लरक इ भगव्न के सेवक हवे, अवररी अब्म नूह के लर मे रहले अवररी उह्ँ पभर अवररी उनरकर र्स् ज्नर रहले' अवररी उ अपन् जीवन भर पभर के सेव् कईले अवररी उ पूर् पीढी पभर के भूल् गईल अवररी लकडी अवररी पतर के अवररी दे वर् के सेव् कईले अवररी पूर् ्दन ्वदोह कईले​े 20 र्ज् ्नमरोद सरर्कर तप से र्ज कइलन आ पूर् धररी उनकर ्नयंतर मे रहे आ पूर् धररी एके भ्ष् आ एकजरट के शबन के रहे े 21 ्नमरोद के सब सरद्र आ ओकर बडक् लोग एक संगे सल्ह-मशवर् कईले​े फरर, ्मतरै म, करश आ कन्न अपन् पररव्र के स्थे आ ऊ लोग एक दू सर् से कहलस, “आ ज् हमनी के अपन् ख्​्रर एगो शहर बन्ईं ज् आ ओकर् मे एगो मजबूर बरजय बन्ईं ज्, आ ओकर चोटी सगय रक पहँ च ज्ईं ज्, आ हमनी के अपन् के न्मी बन् दे ब ज्, र्​्क हमनी के पूर् दर ्नय् पर र्ज कर सकीले, र्​्क हमनी के दर शनन के बरर्ई हमनी से खरम हो ज्व, र्​्क हमनी के ओह लोग पर र्कर से र्ज कर सकीले, आ हमनी के ्बखर्व न् ज्इ ज् धररी के अपन् यर् के चलरे​े 22 उ सब र्ज् के सोझ् गईले अवररी र्ज् के इ ब्र बरवले अवररी र्ज् ए म्मल् मे ओ लोग के ब्र से सहमर हो गईले अवररी उ अयीसन कईले​े 23 लगभग छह ल्ख आदमी के सब पररव्र एकट् हो गईले अवररी उ लोग शहर अवररी बरजय के बन्वे ख्री एगो ्वसृर जमीन के खोज करे गईले अवररी पूर् धररी मे खोजर रहले अवररी करीब दर ्दन के पैदल दू री प ्शन्र के पूरब मे कवनो ल्टी ्नहन कवनो ल्टी न् ्मलल, अवररी उ लोग उह्ँ चल गईले अवररी उह्ँ रह गईले​े 24 ऊ लोग ईंट बन्वे आ आग जर् के शहर आ बरजय के ्नम्य र करे लगले जवन् के पूर् करे के कलन् कइले रहले​े 25 आऊ बरजय के ्नम्य र ओह लोग ख्​्रर एगो अपर्ध आ प्प रहे आ ऊ लोग एकर् के बन्वे लगलन आ जब ऊ लोग सगय के परमेशर पभर के खखल्फ ्नम्य र करर रहे रब ऊ लोग अपन् मन मे कलन् कइल ्क ऊ लोग उनकर् खखल्फ लड्ई करी आ सगय मे चढ ज्ईे 26 ई सब लोग आ सब करल रीन भ्ग मे बँट गइले प्हल् कहलस ्क हम सगय मे चढब आ ओकर् से लडब; दू सर् कहलस ्क हमनी के सगय मे चढ के आपन दे वर् के ओ्हज् रख के ओह लोग के सेव् करब ज्े आ रीसर् भ्ग कहलस ्क हमनी के सगय मे चढ के ओकर् के धनरष आ भ्ल् से म्र दे ब ज्े परमेस् वर ओह लोग के सब क्म आउर सब बरर् ्वच्र के ज्नर रहलन, आऊ उ शहर आ बरजय के दे खले जवन उ लोग बन्वर रहे े 27 जब ऊ लोग बनर रहे र ऊ लोग अपन् ख्​्रर एगो बडहन शहर आ बहरे ऊँच आ मजबूर बरजय बनवले. आ एकरे ऊँच्ई के क्रर मोट्य र आ ईंट ्बलर लोग के लगे चढे मे न् पहँ चल,

जबले ्क ऊपर ज्ए व्ल् लोग पूर् स्ल पूर् न् हो गइल आ एकरे ब्द ्बलर लोग के लगे पहँ च के मोट्य र आ ईंट दे ्दहल; एह ररह से रोज कइल ज्र रहे े 28 आ दे ख़ ्क ई लोग पूर् ्दन चढल आ अउरी लोग नीचे उररले आ अगर कवनो ईंट ओह लोग के ह्थ से ्गर के टू ट ज्व र सभे ओकर् पर रोवे आ अगर कवनो आदमी ्गर के मर ज्व र केह ओकर् ओर न् दे खर रहे . 29 पभर ओह लोग के ्वच्र के ज्न गइलन आ जब ऊ लोग ्नम्य र करर रहे र ऊ लोग रीर के आक्श के ओर फेक ्दहल आ सब रीर ओह लोग पर खून से भरल ्गर गइल आ जब ऊ लोग ओह लोग के दे ख के ऊ लोग एक दोसर् से कहल ्क, “हमनी के ओह सब लोग के म्र दे ले ब्नी ज् जवन सगय मे ब्े” 30 क्हे ्क ई पभर के ओर से रहे र्​्क उ लोग के गलरी होखे आ कम मे हो सके​े जमीन के मरँह से न्श करे ख्​्ररे 31 ऊ लोग बरजय आ शहर के ्नम्य र कइल आ ई क्म रोज करर रहे जबले ्क बहर ्दन आ स्ल न् बीर गइले 32 भगव्न अपन् स्मने सबसे आगे खड् सतर गो सगयदूरन से कहलन ्क, “आके हमनी के उरर के ओह लोग के जीभ के भ्मर कर दी ं ्क एक आदमी अपन् पडोसी के भ्ष् न् समरझ प्वे आ ऊ लोग ओह लोग के स्थे अईसन कइले” 33 ओकर् ब्द के ्दन से ऊ लोग हर आदमी अपन् पडोसी के जीभ भरल् गइल आ एक भ्ष् मे बोलल न् समरझ प्वर रहे आ जब ्बलर अपन् पडोसी के ह्थ से चून् भ् पतर ले लेर रहे जवन ऊ न् मंगले रहे र ्बलर ओकर् के फेक के अपन् पडोसी पर फेक दे र रहे ्क ऊ मर ज्व. 34 उ लोग एरन् ्दन रक अयीसन कईले अवररी उ लोग ओ लोग मे से बहर लोग के ए ररीक् से म्र दे ले​े 35 पभर ओ्ह रीन गो दल के म्र ्दहलन आ ओह लोग के क्म आ योजन् के ्हस्ब से सज् ्दहलन. जे कहर रहे ्क हमनी के सगय मे चढ के अपन् दे वर् के सेव् करब ज्, उ लोग व्नर आ ह्थी ्नहन हो गईले​े आ जे लोग कहर रहे ्क हम आक्श के रीर से म्र दे ब, पभर ओ लोग के म्र ्दहले, एक आदमी के अपन् पडोसी के ह्थ से​े आ जे लोग कहर रहे ्क हम सगय मे चढब आ ओकर् से लडब, ओह लोग के रीसर् ्वभ्जन, पभर ओह लोग के पूर् धररी पर ्बखर ्दहले​े 36 आ जे लोग ओह लोग के बीच मे बचल रहे , जब उ लोग अपन् पर आवे व्ल् बरर्ई के ज्न गईले अवररी समझ गईले, र उ लोग इम्रर के छोड दे ले अवररी पूर् धररी प ्बखर् गईले​े 37 ऊ लोग शहर आ बरजय के ्नम्य र बंद कर ्दहले एह से ऊ ओह जगह के ब्बेल रखलन, क्हे ्क उह्ँ पभर पूर् धररी के भ्ष् के भ्मर कर ्दहलन; दे ख़ ऊ ्शन्र दे श के पूरब मे रहे े 38 रहल ब्र आदमी के बेट् जवन बरजय बनवले रहले र धररी आपन मरंह खोल के ओकर एक ्रह्ई ्हस् ्नगल गईल अवररी आक्श से आग उरर के एगो ्रह्ई ्हस् जर् दे लस, अवररी दू सर् ्रह्ई आज रक ब्चल ब्, अवररी इ ओ ्हस् के ब् जवन ्क ऊपर रहे अवररी एकर परर्ध रीन ्दन के पैदल दू री प ब्े 39 ओह बरजय मे बहर स्र् आदमी के बेट् मर गइलन, जवन लोग के ्गनरी न् रहे े अध ्य 10 के ब् 12


जशेर के बा

17 दर दोनीम के संर्न उ लोग हवे जे बोरदन् के दे श मे ्गहोन समरंदर के शहरन मे रहे ले​े 18 ई य्फेर के लोग के लर्न् हवे, जब ऊ लोग बरजय के ब्द ्बखर्इल रहलन आ अपन् शहरन के न्म आ लटन् के ्हस्ब से बोल्वर रहलने आ ऊ लोग अपन् पररव्र के ्हस्ब से ओह लोग के सगरी शहरन के न्म ह जवन ऊ लोग बरजय के ब्द ओह ्दनन मे बनवले रहवे. 19 ह्म के संर्न अपन् पीढी आ शहर के ्हस्ब से करश, ्मतैम, फरर आ कन्न रहलने 20 ई सब लोग ज्के आपन शहर बन् के अपन् पररनक् लोग के न्म से करश, ्मतरै म, फरर आ कन्न के न्म से रखले​े 21 ्मतरै म के संर्न लरदीम, अन्​्मम, लेह्बी, नफरकीम, पथरसीम, कसरकीम आ कफररीम, स्र गो पररव्र हवे​े 22 ई सब लोग ्सहोर नदी के ्कन्रे रहे ल्, जवन ्क ्मस के ध्र ह, आ उ लोग अपन् ख्​्रर शहर बन् के अपन् न्म से रखले ब्डे े 23 पथोस आ क्सोच के संर्न एक संगे ्बय्ह कईले अवररी ओ लोग से प्ं चों पररव्र मे पे्ल्षम, अज्​्रम, गेर्रीम, ्ग्थम अवररी एको्नम ्नकलले ई लोग भी अपन् ख्​्रर शहर बनवले आ आजर ले अपन् शहरन के अपन् पररखन के न्म पर रखले ब्े 24 कन्न के लोग भी अपन् ख्​्रर शहर बनवले आ अपन् शहरन के अपन् न्म पर रखले, एग्रह गो शहर आ अउरी लोग के ्गनरी न् कइले 25 ह्म के करल के च्र आदमी मैद्न के दे श मे चल गईले​े इहे च्र आदमी के न्म ह, सदोम, अमोर्, अदम् आ जबबोयमे 26 ई लोग मैद्न के दे श मे अपन् ख्​्रर च्र गो शहर बनवले आ अपन् शहरन के न्म अपन् न्म पर रखले​े 27 उ लोग आ उनकर लइक् आ उनकर सब लोग ओह शहरन मे रहर रहलन आ ऊ लोग फल-फूलर रहलन आ बहर बढ गइलन आ श्ं ्र से रहर रहलने 28 कन्न के बेट् ्हवी के बेट् हर के बेट् सेइर ज्के प्रन पह्ड के स्मने एगो ल्टी ्मलल आ उह्ँ एगो शहर बनवलस आ उ आपन स्र गो बेट् आ उनकर लर के लोग उह्ँ रह गइल आ जवन् शहर के ऊ बनवले रहलन ओकर् के अपन् न्म के ्हस्ब से सेइर रख ्दहलसे उ आज रक सेइर के दे श हे 29 ई ह्म के संर्न के लर्न् ह, जब उ लोग बरजय के ब्द अपन् दे श मे ्बखर्इल रहले​े 30 एबर के सब संर्न के ्पर् नूह के बेट् शेम के करछ संर्न भी ज्के अपन् ख्​्रर शहर बनवले, जवन् जगह प उ लोग ्बखर्इल रहले अवररी अपन् शहर के अपन् न्म प रखले​े 31 शेम के बेट् एल्म, अशूर, अपयचश्द, लूद आ अर्म रहलन आ ऊ लोग अपन् ख्​्रर शहर बनवले आ अपन् सगरी शहरन के न्म ओह लोग के न्म पर रखले. 32 शेम के बेट् अशूर आ उनकर लइक्-लइकी आ लर के लोग ओह लरी ्नकल गइलन, आ ऊ लोग एगो दू र के दे श मे चल गइल जवन ऊ लोग ्मलल, आ जवन् दे श मे ऊ लोग गइल रहे , ओह दे श मे ऊ लोग एगो बहरे बडहन ल्टी से ्मलल आ ऊ लोग अपन् ख्​्रर च्र गो शहर बनवल आ ऊ लोग ओह लोग के अपन् न्म आ लटन् के ्हस्ब से बोलवल.

1 ओही ्दन मे रेर् के बेट् अब्म के जीवन के अडर्लीसव्ँ स्ल मे एबर के बेट् पेलेग के मौर हो गइल आ पेलेग के पूर् उ्मर दू सौ उनरीस स्ल रहले 2 जब पभर आदमी के बेट् के प्प के चलरे बरजय प ्बखर दे ले, र दे ख, उ लोग बहर ्वभ्जन मे फैल गईले अवररी सभ आदमी के बेट् धररी के च्र कोन् मे ्ररर-्बरर हो गईले​े 3 सब पररव्र हर एक अपन् भ्ष्, अपन् दे श भ् शहर के ्हस्ब से बनले 4 आदमी के बेट् अपन् पररव्र के ्हस्ब से बहर शहर बनवले, जवन् जगह प उ लोग गईल रहले अवररी पूर् धररी प जह्ं पभर ओ लोग के ्ररर-्बरर कईले रहले​े 5 ओह लोग मे से करछ लोग ओह जगहन पर शहर बनवले जवन् से ऊ लोग ब्द मे सफ्य् हो गइल रहे आ ऊ लोग एह शहरन के अपन् न्म से, भ् अपन् लइकन के न्म पर भ् अपन् ख्स लटन् के ्हस्ब से रखले रहे . 6 नूह के बेट् य्फेर के बेट् लोग ज्के जह्ँ ्बखर्इल रहे , ओ्हज् अपन् ख्​्रर शहर बनवले आ अपन् सब शहरन के अपन् न्म पर रखले आ य्फेर के बेट् धररी पर कई गो बँटव्र् आ भ्ष् मे बँट गइले​े 7 य्फेर के बेट् गोमेर, म्गोग, मेद्ई, जव्न, ररबल, मेशेक आ रीर्स हवे​े ई य्फेर के संर्न अपन् पीढी के ्हस्ब से हवे​े 8 गोमेर के संर्न अपन् शहर के ्हस्ब से फ्ं कम रहले, जवन फ्ं ज् के दे श मे, फ्ं ज् नदी के ्कन्रे , सेन् नदी के ्कन्रे रहे ले​े 9 रे फ्थ के संर्न ब्ट्​्नम हवे जे लेद् नदी के ्कन्रे बररो्नय् के दे श मे रहे ले, जवन बडक् स्गर ्गहोन य्नी ओशनस मे आपन प्नी ख्ली कर दे ले​े 10 ररगरम् के संर्न दस गो पररव्र हवे आ उनकर न्म इहे ह: बरजर, परजरन्क, बलगर, ए्लकनम, रगबीब, ररकी, ्बद, जेबरक, ओंगल आ ्रलम्जे ई सब लोग उतर मे फइलल आ आर्म कइल आ अपन् ख्​्रर शहर बनवलसे 11 उ लोग अपन् शहर के अपन् न्म से रखले, उहे लोग ह जवन आज रक ्हथल् आ इट्ल्क नदी के ्कन्रे ब्े 12 ले्कन अंगोली, ब्लगर आ परजरन्क के पररव्र दर बनी के बड नदी के ्कन्रे रहे ल्े आ ओह लोग के शहरन के न्म भी ओह लोग के न्म के ्हस्ब से ब्े 13 ज्वन के संर्न मकदो्नय् के दे श मे रहे व्ल् जव्नी हवे आ मेदय्रे के संर्न ओरे लम हवे जे कसयन दे श मे रहे ले आ ररबल के संर्न प्शय् नदी के ्कन्रे ररस्न् के दे श मे रहे व्ल् हवे​े 14 मेशेक के संर्न ्शबशी आ ्रर्स के संर्न रश्श, करशनी आ ओनगोली हवे​े ई सब लोग ज्के अपन् ख्​्रर शहर बनवले​े ऊ शहर हवे जे समरंद के ्कन्रे जबस के ्कन्रे कूर् नदी के ्कन्रे ख्र ब्डे , जवन त्गन नदी मे ख्ली हो ज्ले​े 15 एलीश् के संर्न अलम्नी हवे आ ऊ लोग भी ज्के अपन् ख्​्रर शहर बनवले​े ऊ शहर ह जवन अयूब आ ्शबथमो पह्ड के बीच मे ब्; आ ओहमे से लरम्ड् के लोग रहे जे अयूब आ ्शबथमो पह्डन के स्मने रहे ल् आ ऊ लोग इटली के दे श जीर के आजर ले ओ्हज् रह गइल. 16 ्कतीम के संर्न रोमी लोग हवे जे ्रबू नदी के ्कन्रे कनो्पय् ल्टी मे रहे ले​े 13


जशेर के बा

33 अशूर के लोग जवन शहर बनवले रहले, ओकर न्म इहे ह, नीनव्, रे सेन, कल्ख अवररी रे होबोरेरे आजर ले अशूर के लोग ओ्हज् रहे ल्े 34 अर्म के लोग भी ज्के अपन् ख्​्रर एगो शहर बनवले, आ उ लोग अपन् बड भ्ई के न्म पर शहर के न्म उज रखले​े उ आज रक उज के दे श हे 35 बरजय के ब्द दू सर् स्ल मे अशूर के लर के एगो आदमी, जेकर न्म बेल् रहे , उ नीनव् के दे श से अपन् लर के लोग के संगे जह्ँ -जह्ँ जगह ्मलल, उह्ँ रह गईले​े उ लोग सदोम के खखल्फ मैद्न के शहरन के स्मने रक पहं चले अवररी उह्ँ रह गईले​े 36 ऊ आदमी उठ के ओ्हज् एगो छोट शहर बनवलस आ ओकर न्म बेल् रखलसे उ आज रक सोअर के दे श हे 37 बरजय के ब्द धररी पर ्बखर्वल् के ब्द ई शेम के लोग के पररव्र अपन् भ्ष् आ शहर के ्हस्ब से ब्े 38 नूह के संर्न के पररव्र के हरे क र्ज, शहर अवररी पररव्र एकर् ब्द अपन् ख्री बहर शहर बनवले​े 39 उ लोग अपन् सब शहर मे सरक्र के ्​्पन् कईले, र्​्क उ लोग के आदे श के मरर्​्बक ्नयमन हो सके​े नूह के संर्न के सब पररव्र हमेश् ख्​्रर भी अइसने रहले

9 ओह लरी ह्म के संर्न के पररव्रन के बीच लड्ई भइल रहे , क्हे ्क ऊ लोग ओह शहरन मे रहर रहे जवन ऊ लोग बनवले रहे े 10 एल्म के र्ज् कदोल्य ओमेर ह्म के संर्न के पररव्र से दू र हो गईले अवररी उ ओ लोग के संगे लड्ई कईले अवररी उ लोग के अपन् वश मे क लेले, अवररी उ मैद्न के प्ं च शहर मे गईले अवररी उ ओ लोग के खखल्फ लड्ई कईले अवररी उ ओ लोग के अपन् वश मे क लेले अवररी उ लोग उनरक् ्नयंतर मे आ गईले​े 11 उ लोग ब्रह स्ल रक उनकर सेव् कईले अवररी स्ल्न् कर दे र रहले​े 12 ओही समय रेर् के बेट् अब्म के उनर्लीसव्ँ स्ल मे सेरग के बेट् न्होर के मौर हो गईले 13 रेर् के बेट् अब्म के जीवन के पच्सव्ँ स्ल मे अब्म नूह के लर से ्नकल के अपन् ्पर् के लरे चल गईले​े 14 अब्म पभर के ज्न गईले अवररी उ अपन् र्स् अवररी ्नद् श के मरर्​्बक चल गईले अवररी उनरकर परमेशर पभर उनरक् संगे रहले​े 15 ओह लरी उनकर ब्प रेर् र्ज् ्नमरोद के सेन् के सेन्प्र रहले आ ऊ अब्हयों पर्य् दे वर् के पीछे चलर रहले​े 16 अब्म अपन् ्पर् के लरे पहं चले र ब्रह गो दे वर् के मं्दर मे खड् दे खले अवररी अपन् ्पर् के लर मे इ मू्रय दे ख के अब्म के गरस् आ गईले 17 अब्म कहले, “जइसे पभर जीयर ब्डे , इ मू्रय हमर् ्पर् के लर मे न् रहीे हमर् के बन्वे व्ल् पभर भी हमर् स्थे करीहे अगर रीन ्दन मे हम ओह सब के न् रोडबे 18 अब्म ओह लोग से दू र हो गइलन आ उनकर कोध उनक् भीरर जरर रहे े अब्म जली-जली कोठरी से अपन् ्पर् के ब्हरी आँ गन मे चल गईले, र उ अपन् ्पर् के आँ गन मे बईठल दे खले अवररी उनरकर सभ नौकर उनरक् संगे रहले अवररी अब्म उनरक् सोझ् आके बईठ गईले​े 19 अब्म अपन् ्पर् से पूछले, “ब्बूजी, बर्व ्क आक्श आ धररी, आ धररी पर मनरष के सब संर्न के रचन् करे व्ल् भगव्न कह्ं ब्डे , आ रोहर् आ हमर् के रचले ब्डे े” रेर् अपन् बेट् अब्म के जव्ब दे के कहलस, “दे ख़, जे हमनी के रचले ब्, उ सब लर मे हमनी के स्थे ब्े” 20 अब्म अपन् ब्प से कहले, “हे म्​्लक, हमर् से ई सब दे ख् दे रेर् अब्म के भीररी आँ गन के कोठरी मे ले अइले र अब्म दे खले ्क पूर् कमर् लकडी आ पतर के दे वर् से भरल ब्, ब्रह गो बडहन मू्रय आ अउरी मू्रययन से कम ब्े 21 रेर् अपन् बेट् से कहलस, “दे ख़, इहे लोग ह जवन रोहर् धररी पर दे ख्ई दे वे व्ल् सब करछ बनवले ब्, आ हमर् आ रोहर् आ सब मनरष के रचले ब्े 22 रेर् अपन् दे वर् लोग के पर्म कइलन आ ओकर् ब्द ऊ ओह लोग से दू र हो गइलन आ उनकर बेट् अब्म भी उनकर् स्थे चल गइलने 23 जब अब्म ओह लोग से चल गइलन र ऊ अपन् महर्री के लगे गइलन आ ओकर् सोझ् बइठ गइलन आ अपन् महर्री से कहलन, “दे ख़, हम्र ब्बूजी हमर् के ऊ लोग दे ख् ्दहले ब्डन जे आक्श आ धररी आ सब आदमी के बेट् बनवले ब्डन.” 24 अब जली से एगो बछड् के झरंड से ले आव़ आ ओकर् से स्​्दष भोजन बन्ईं र्​्क हम ओकर् के अपन् ब्प के दे वर्

अध ्य 11 के ब् 1 करश के बेट् ्नमरोद अभी भी ्शन्र दे श मे रहले अवररी उ ओकर् प र्ज करर रहले अवररी उह्ँ रहर रहले अवररी ्शन्र दे श मे शहर बनवले​े 2 ऊ च्रो शहरन के न्म ह जवन ऊ बनवले रहले आ ओह लोग के न्म बरजय के ्नम्य र मे भइल लटन् के न्म पर रखले रहले. 3 उ प्हल् ब्बेल के बोलवले, “क्हे ्क पभर उह्ँ पूर् धररी के भ्ष् के गडबड् ्दहले​े दू सर् के न्म उ एरे क रखले , क्हे ्क उह्ँ से परमेशर ओ लोग के ्ररर-्बरर क दे ले​े 4 रीसर् के ऊ एचेद के बोलवले आ कहलन ्क ओ्हज् बहर बड लड्ई हो रहल ब्े चउथ् के ऊ कलन् के बोलवले, क्हे ्क ओकर र्जकरम्र आ पर्कमी लोग ओ्हज् खरम हो गइल रहे आ ऊ लोग पभर के परे श्न कइल, ऊ लोग ओकर् खखल्फ ्वदोह कइल आ उलंलन कइल. 5 जब ्नमरोद ्शन्र दे श मे ई शहर बनवले र अपन् र्ज मे बचल लोग के ब्की लोग, आपन र्जकरम्र आ पर्कमी लोग के एह शहर मे रख ्दहलने 6 ्नमरोद ब्बेल मे रह गइलन आ उह्ँ ऊ अपन् ब्की पज् पर आपन र्ज नवीकरर कइलन आ सरर्कर तप से र्ज कइलन आ ्नमरोद के पज् आ र्जकरम्र लोग उनकर न्म अम्फेल रखल आ कहल ्क बरजय पर उनकर र्जकरम्र आ आदमी उनकर् स्धन से ्गर गइलने 7 आ एकर् ब्वजूद ्नमरोद पभर के लगे न् लवटल आ आदमी के बेट् लोग के दर षर् आ दर षर् ्सख्वर रहलने आ उनकर बेट् म्डय न अपन् ब्प से भी बरर् रहे आ अपन् ब्प के ्लनौन् क्म मे अउरी बढोररी करर रहे े 8 ऊ आदमी के बेट् लोग के प्प कर ्दहलन, एही से कहल ज्ल् ्क, “दर ष से दर षर् ्नकलेल्े”

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जशेर के बा

लोग के ख्ए ख्​्रर चढ्वे के तप मे ले आ सकीले​े श्यद एहसे हम ओह लोग के सीक्यय हो सकेनी. 25 ओकर महर्री अइसन कइली आ ऊ एगो बछड् लेके ओकर् से स्​्दष म्ं स बन् के अब्म के लगे ले अइली आ अब्म अपन् महर्री से स्​्दष म्ं स लेके अपन् ब्प के दे वर् लोग के सोझ् ले अइले आ ऊ ओह लोग के नजदीक आ गइलन ्क ऊ लोग ख् सके. आ ओकर ब्प रेरह के एकर ज्नक्री न् रहे े 26 अब्म ओह ्दन ओह लोग के बीच मे बइठल दे खलन ्क ओह लोग के आव्ज न् रहे , न् सरनल रहे , न् कवनो हलचल रहे , आ ओह लोग मे से केह भी ख्न् ख्ए ख्​्रर ह्थ न् बढ् सकर रहे े 27 अब्म ओह लोग के मज्क उड्वर कहले, “हम जवन सरगं्धर म्ं स बनवले ब्नी ऊ ओह लोग के खरश नइखे कइले, भ् श्यद ई ओह लोग ख्​्रर बहरे कम रहे आ एही से ऊ लोग न् खइले. एहसे क्लह हम र्ज् स्​्दष म्ं स रइय्र करब, जवन एकर् से ब्ढय् आ भरपूर होखे, जेहसे ्क एकर पररर्म दे ख सकीले. 28 अ्गल् ्दने अब्म अपन् महर्री के स्​्दष म्ं स के ब्रे मे ्नद् श ्दहलन आ ओकर महर्री उठ के झंरड से रीन गो ब्ढय् बछड् ले अइली आ ओह लोग से करछ ब्ढय् स्​्दष म्ं स बनवली जवन् के उनकर बेट् बहरे पसंद करर रहे आ ऊ अपन् बेट् अब्म के दे ्दहली. आ ओकर ब्प रेरह के ई ब्र न् म्लूम रहे े 29 अब्म अपन् महर्री से स्​्दष म्ं स लेके अपन् ्पर् के दे वर् लोग के स्मने कोठरी मे ले अइले​े उ लोग ख्न् ख्ए ख्​्रर ओकर् लगे पहं चले अवररी ओकर् के ओ लोग के सोझ् रखले अवररी अब्म ्दन भर ओ लोग के सोझ् बईठल रहले अवररी इ सोचर रहले ्क श्यद उ लोग ख् सकर्रे े 30 अब्म ओह लोग के दे ख के दे खलन ्क ओह लोग के न् र आव्ज रहे न् सरनव्ई के कमर् रहे आ न् ही ओह लोग मे से केह ख्न् ख्ए ख्​्रर ह्थ बढवले रहे े 31 ओह ्दन स्ँ झ के ओह लर मे अब्म परमेस् वर के आर् म् के कपड् प्हनले रहले​े 32 ऊ ्चल् के कहलन, “ह्य हम्र ब्बूजी आ एह दर ष पीढी के, जेकर ्दल सब आडं बर के ओर झरकल ब्, जे लकडी आ पतर के एह मू्रययन के सेव् करे ल् जवन न् र ख् सकेल्, न् सूंल सकेल्, न् सरन सकेल्, न् बोल सकेल्, जेकर मरँह ्बन् बोलल, आँ ख न् दे ख प्वे, क्न ्बन् सरनले, ह्थ ्बन् महसूस करे आ गोड जवन न् ्हल प्वेल्े जइसे ्क ओह लोग के होल् जे ओह लोग के बनवले ब् आ जे ओह लोग पर भरोस् करे ल्. 33 अब्म के ई सब दे ख के उनकर गरस् अपन् ब्प पर भडक गइल आ ऊ जली से ह्थ मे करल्डी लेके दे वर् लोग के कोठरी मे आ गइलन आ ऊ अपन् ब्प के सभ दे वर् के रोड ्दहलने 34 ऊ मू्रय के रोड के ऊ करल्डी ओह मह्न दे वर् के ह्थ मे रख ्दहलन आ ऊ ब्हर ्नकल गइलन. उनकर ब्प रेर् लरे अइले, क्हे ्क उ दर आर पर करल्डी के चोट के आव्ज सरनले रहले​े र रेर् लर मे लरस गईली ्क इ ज्नस ्क इ क् ब्रे मे ब्े 35 रेर् मू्रय के कोठरी मे करल्डी के आव्ज सरन के मू्रय के कमर् मे भ्ग गईले अवररी उ अब्म से ब्हर ्नकलर मरल्क्र कईले​े

36 रेर् कोठरी मे लरस के दे खलन ्क सब मू्रय ्गरल आ टू टल ब् आ सबसे बड मू्रय के ह्थ मे करल्डी जवन न् टू टल रहे आ उनकर बेट् अब्म के बन्वल स्​्दष म्ं स अभी भी ओह लोग के स्मने रहे े 37 जब रेर् ई दे ख के उनकर गरस् बहर भडक गइल आ ऊ जली से कमर् से अब्म के लगे चल गइलने 38 उ अपन् बेट् अब्म के लर मे अभी रक बईठल दे खले​े ऊ ओकर् से कहलस, “रू हमर् दे वर् लोग के क् कइले ब्ड़?” 39 अब्म अपन् ब्प रेर्ह के जव्ब ्दहलन आ कहलन ्क, “अइसन न् हे म्​्लक, क्हे ्क हम ओह लोग क् सोझ् स्​्दष म्ं स ले के अइनी आ जब हम ओह लोग के लगे ओह म्ं स ले के अइनी ्क ऊ लोग ख् सके र ऊ लोग एके बेर मे ह्थ बढ् के ख्ए ख्​्रर बढल जबले ्क बडक् के ह्थ बढ्वल ज्व. 40 बडक् ओह लोग के क्म दे खलस जवन ऊ लोग ओकर् से प्हले कइले रहे आ ओकर कोध ओह लोग पर जोरद्र भडक गइल आ ऊ ज्के लर मे जवन करल्डी रहे ओकर् के लेके ओह लोग के लगे आके सबके रोड ्दहलस आ दे खलस ्क करल्डी अभी रक ओकर् ह्थ मे ब् जइसन ्क रू दे खर ब्डूे 41 जब रेर् के गरस् अपन् बेट् अब्म पर भडक गईले रेर् अपन् बेट् अब्म से गरस् मे कहलस, “ई क् कह्नी ब् जवन रू बरवले ब्डू?” रू हमर् से झूठ बोलर ब्डूे 42 क् एह दे वर् लोग मे आत्, आत् भ् शखक ब् ्क रू हमर् के जवन करछ कहले ब्डू ओकर् के पूर् कर सके? क् ई लकडी आ पतर न् ह आ क् हम खरदे न् बनवले ब्नी आ क् रू अइसन झूठ बोल सकर ब्ड़ ्क ओह लोग के स्थे रहल बडक् दे वर् ओह लोग के म्र ्दहल्स? रू ही ओकर् ह्थ मे करल्डी रखले ब्डू, आ फेर कहर ब्डू ्क ऊ सबके म्र ्दहलसे 43 अब्म अपन् ब्प से कहलन, “रब रू एह मू्रययन के सेव् कइसे कऱ, जेकर् मे कवनो क्म करे के अ्धक्र नइखे?” क् ऊ मू्रय जवन् पर रू भरोस् करर ब्डू, ऊ रोहर् के बच् सकेल्? क् ऊ लोग रोह्र प्थयन् सरन सकेल् जब रू ओह लोग के परक्रर ब्ड़? क् ऊ लोग रोहर् के दर शनन के ह्थ से बच् सकेल् भ् रोहर् दर शनन से रोहर् ख्​्रर लड्ई लडी ्क रू लकडी आ पतर के सेव् कऱ जवन न् बोल सके आ न् सरन सके? 44 अब रोहर् ख्​्रर आ रोहर् से जरडल आदमी के बेट् ख्​्रर ई क्म कइल ठीक नइखे​े क् रउव् अरन् मूखय ब्नी, अरन् मूखय ब्नी भ् एरन् कम समझ मे ब्नी ्क लकडी आ पतर के सेव् करब, आ एही ररह से करब? 45 आ पभर परमेशर के भरल् ज्ईं जे आक्श आ धररी बनवले ब्डन आ धररी मे रोहनी के रचले ब्डन आ एह से पतर आ लकडी के सेव् करके एह म्​्मल् मे रउर् सभे के आत् पर एगो बडहन बरर्ई ले आवर ब्नी? 46 क् हमनी के पररखन के ्दन मे एह ब्र मे प्प न् कइले रहले आ ब्​्ं ड के परमेशर पभर जलपलय के प्नी ओह लोग पर ले अइले आ पूर् धररी के न्श कर ्दहले रहले? 47 आ रूँ ई क्म कइसे करर रहब़ आ लकडी आ पतर के दे वर् के सेव् कइसे कर सकेनी, जे सरन न् सके, न् बोल सके, न् रोहर् के अत्च्र से मरक कर सकेले, जवन् से ब्​्ं ड के भगव्न के कोध रोहर् पर ्गर ज्ई? 15


जशेर के बा

48 अब हम्र ब्बूजी एकर् से परहे ज कऱ आ रोहर् आ रोहर् लर के लोग पर बरर्ई मर ले आव़े 49 अब्म जली-जली अपन् ब्प के स्मने से उछल के अपन् ्पर् के सबसे बड मू्रय से करल्डी लेके चल गईले, जवन् से अब्म ओकर् के रोड के भ्ग गईले​े 50 अब्म के सब क्म दे ख के रेर् जली से अपन् लर से ्नकल गईले अवररी उ र्ज् के लगे गईले अवररी उ ्नमरोद के सोझ् आके उनरक् सोझ् खड् हो गईले अवररी उ र्ज् के पर्म कईले​े र्ज् कहलस, “रोहर् क् च्हीं? 51 ऊ कहलन, “हम हम्र म्​्लक रोहर् से ्नहोर् करर ब्नी ्क हम्र ब्र सरनी--अब पच्स स्ल प्हले हमर् ख्​्रर एगो लइक् पैद् भइल रहे आ ऊ हमर् दे वर् लोग के स्थे अइसन कइले ब् आ ई ब्र कहले ब्े आ अब हे हम्र म्​्लक आ र्ज्, ओकर् के बोल्व़ ्क ऊ रोहर् सोझ् आके ओकर् के क्नून के अनरस्र न्य करस, र्​्क हमनी के ओकर् बरर्ई से मरखक ्मल सके​े 52 र्ज् अपन् रीन गो नौकरन के भेज के अब्म के र्ज् के सोझ् ले अइले​े ओह ्दन ्नमरोद आ उनकर सब र्जकरम्र आ नौकर उनकर् सोझ् बइठल रहले आ रेर् भी उनकर् सोझ् बइठल रहले​े 53 र्ज् अब्म से कहलस, “रू अपन् ब्प आ ओकर दे वर् लोग के स्थे इ क् कइले ब्डू?” अब्म अपन् ्पर् से कहल ब्र मे र्ज् के जव्ब दे ले अवररी कहले ्क, “लर मे ओ लोग के संगे जवन बड दे वर् रहले, उ उनरक् संगे उहे कईले जवन रू सरनले ब्नीे” 54 र्ज् अब्म से कहलस, “क् उ लोग के बोले आ ख्ए के आ रोहर् कहल् के क्म करे के अ्धक्र रहे ? अब्म र्ज् के जव्ब ्दहलन, “अगर ओह लोग मे कवनो शखक नइखे र रू ओह लोग के सेव् क्हे करर ब्ड़ आ आदमी के बेट् लोग के अपन् मूखयर् से गलरी क्हे करर ब्ड़? 55 क् रू सोचर हव ्क उ लोग रोहर् के बच् सकेल् भ् कवनो छोट भ् बड क्म कर सकेल् ्क रू ओह लोग के सेव् कऱ? आ क्हे न् रू पूर् ब्​्ं ड के भगव्न के बोध करब, जे रोहर् के रचले ब् आ जेकर् शखक मे म्रल आ ्जंद् र्खल ब्? 56 0 मूखय, सरल आ अज्नी र्ज्, रोहर् पर हमेश् ख्​्रर ह्ये 57 हम सोचले रहनी ्क रू अपन् सेवकन के सीध् र्स् ्सख् दे ब, ले्कन रू अयीसन नईखी कईले, ले्कन पूर् धररी के अपन् प्प अवररी आपके र्स् प चले व्ल् लोग के प्प से भर दे ले ब्नीे 58 क् रू नइख ज्नर ्क रू जवन बरर्ई करर ब्डू, हमनी के पररख् प्हले के ्दन मे प्प कइले रहलन आ अनन भगव्न ओह लोग पर जलपलय के प्नी ले अइले आ ओह सब के न्श कर ्दहलन आ ओह लोग के चलरे पूर् धररी के भी न्श कर ्दहलन? आ क् रू आ रोह्र लोग अब उठ के एह क्म जइसन करब़, र्​्क ब्​्ं ड के परमेशर पभर के कोध के ्गर्वल ज् सके आ रोहर् आ पूर् धररी पर बरर्ई हो सके? 59 अब रू जवन बरर् क्म करर ब्डू, ओकर् के छोड के ब्​्ं ड के भगव्न के सेव् कर, जइसे रोह्र आत् उनरक् ह्थ मे ब्, रब रोह्र भल्ई होईे 60 आ अगर रोह्र दर ष ्दल हमर् ब्र के न् सरनी ्क रोहर् बरर् र्स् छोड के अनन परमेशर के सेव् करी,ं र क् रू अं्रम

्दन मे, रू, रोह्र लोग आ रोहर् से जरडल सब लोग, रोह्र ब्र सरन के भ् रोहर् बरर् र्स् पर चलर, श्ममद् होके मरबे 61 जब अब्म र्ज् आ र्जकरम्रन के स्मने बोलल बंद कर ्दहलन र अब्म आक्श के ओर आँ ख उठ् के कहले, “पभर सब दर षन के दे खर ब्डन आ उनकर न्य करीहे े” अध ्य 12 के ब् 1 र्ज् अब्म के ब्र सरन के ओकर् के जेल मे ड्ले के आदे श ्दहलने आ अब्म दस ्दन के जेल मे रहले​े 2 ओह ्दनन के अंर मे र्ज् आदे श ्दहलन ्क अलग-अलग प्ं र के सब र्ज्, र्जकरम्र आ र्जप्ल आ ऋ्ष लोग उनक् सोझ् आवे के च्हीं आ ऊ लोग उनक् सोझ् बइठल रहे आ अब्म अबही ं ले कैद के लर मे रहले. 3 र्ज् र्जकरम्र आ ऋ्ष-मर्न लोग से कहलस, “क् रउआ सरनले ब्नी ्क रेर् के बेट् अब्म अपन् ब्प के क् कईले ब्डे ? उ ओकर् संगे अयीसन कईले ब्डे अवररी हम उनरक् के अपन् सोझ् ले आवे के आदे श दे ले ब्नी अवररी उ अयीसन कहले ब्डे े ओकर ्दल ओकर् से न् शक कइलस, न् हमर् सोझ् हलचल कइलस, आ दे ख़ अब ऊ जेल मे बंद ब्े 4 एह से रय करी ं ्क र्ज् के ग्री दे बे व्ल् एह आदमी के कवन न्य होखे के च्हीं. जे रू जवन सरनले रहलू, उ सब ब्र कहले अवररी कईले​े 5 उ सब र्ज् के जव्ब दे ले, “जे र्ज् के ्नंद् करे ल् ओकर् के पेड प फ्ं सी दे ्दहल ज्एे ले्कन उ सब ब्र कईल् के ब्द अवररी हमनी के दे वर् के ्ररस्र क के ओकर् के जर् के म्र दे वे के होई, क्हे की ए म्मल् मे इहे वव्​् ब्े 6 अगर र्ज् के इ क्म करे के मन करे र उ अपन् नौकरन के आदे श दे स ्क उ आपके ईंट के भटी मे र्र-्दन आग जर् दे स अवररी ओकर् ब्द हमनी के ए आदमी के ओकर् मे फेक दे बे र्ज् अइसन कइलन आ अपन् नौकरन के आदे श ्दहलन ्क ऊ लोग र्ज् के भटी मे रीन ्दन आ रीन र्र ख्​्रर आग जर् के र्खे, जवन ्क क्सदीम मे ब्. र्ज् ओ लोग के आदे श ्दहलन ्क अब्म के जेल से लेके ओकर् के जर् के ब्हर ले आवल ज्वे 7 र्ज् के सब नौकर, र्जकरम्र, म्​्लक, र्जप्ल, न्य्धीश, आ दे श के सब ्नव्सी, लगभग नौ ल्ख आदमी, भटी के स्मने अब्म के दे खे ख्​्रर खड् हो गईले​े 8 सब मेहर्त आ छोट-छोट लइक् छर आ बरजय पर भीड लग् के दे खले ्क अब्म के क् हो रहल ब्े आ कवनो अइसन आदमी न् बचल जवन ओह ्दन ओह दृ के दे खे न् आइल होखे. 9 जब अब्म अइले र र्ज् के ज्दू गर आ ऋ्ष लोग अब्म के दे ख के र्ज् से ्चल् के कहलस ्क, “हम्र स्वयभौम, ्नशय इहे उ आदमी हवे जेकर् के हमनी के ज्नर ब्नी ज् ्क उ लइक् रहे , जेकर् जनम के समय मह्न र्र् च्र र्र् के ्नगल गईल रहे , जवन् के हमनी के अब पच्स स्ल ब्द र्ज् के बर् दे ले रहनी ज्े 10 दे ख़ अब ओकर ब्प भी रोह्र आज् के उलंलन कइले ब् आ रोहर् ख्​्रर एगो अउरी लइक् ले के मज्क उड् ्दहले ब्, जवन् के रू म्र दे ले ब्डूे 16


जशेर के बा

11 र्ज् ओह लोग के ब्र सरन के बहरे गरस् मे आ गइलन आ ऊ रेर् के अपन् सोझ् ले आवे के आदे श ्दहलन. 12 र्ज् कहलस, “क् रू सरनले ब्डू ्क ज्दू गरन के कहल ब्र ह?” अब हमर् के स्ँ च बर्व़ ्क रू कइसे कइनी; आ अगर रू स्ँ च बोलब र रू बरी हो जइब़. 13 र्ज् के कोध बहर भडकल दे ख के रेर् र्ज् से कहलस, “हे म्​्लक आ र्ज्, रू सच्ई सरनले ब्डू अवररी ऋ्ष लोग जवन कहले ब्डे उ सही ब्े र्ज् कहलन, “रू ई क्म कइसे कर सकर रहलू ्क हम्र आदे श के उलंलन कर के हमर् के एगो अइसन लइक् दे के जवन् के रू न् जनमले रहलू आ ओकर् ख्​्रर मोल ले सकर रहलू? 14 रेर् र्ज् से कहली, “क्हे ्क ओह लरी हमर् बेट् ख्​्रर हम्र कोमल भ्व उते्जर रहे , आ हम अपन् द्सी के एगो बेट् के लेके र्ज् के लगे ले गईनीे 15 र्ज् पूछले ्क रोहर् के के सल्ह ्दहलस? बर्व़, हमर् से करछ मर छर प्व़, रब रू न् मरब़े 16 र्ज् के स्मने रेर् बहर डे र् गईले अवररी र्ज् से कहले, “हमर् के इ सल्ह दे वे व्ल् हम्र बड बेट् ह्र्न रहले​े अब्म के जनम के समय ह्र्न दू रीस स्ल के रहले​े 17 ले्कन ह्र्न अपन् ब्प के कवनो ब्र के सल्ह न् ्दहले , क्हे ्क रेर् र्ज् से आपन ज्न बच्वे ख्​्रर इ ब्र र्ज् से कहले रहले, क्हे ्क उ बहर डे र् गईले​े र्ज् रेर् से कहलस ्क, “रोह्र बेट् ह्र्न जे रोहर् के एह ब्र के सल्ह दे ले ब्, उ अब्म के स्थे आग से मर ज्ईे क्हे ्क ओकर् पर फ्ँ सी के सज् ब् ्क ऊ ई क्म करर र्ज् के इच् के खखल्फ ्वदोह कइले ब्. 18 ओह लरी ह्र्न के अब्म के र्स् पर चले के इचर कर् रहे , ले्कन उ एकर् के अपन् भीरर रखले रहले​े 19 ह्र्न मन मे कहले, “अब्म के इ क्म के चलरे र्ज् अब्म के पकड लेले ब्डे अवररी अयीसन होई ्क जदी अब्म र्ज् प ह्वी होईहे र हम उनरक् पीछे चल ज्ईब, ले्कन र्ज् के जीर हो गईल र हम र्ज् के पीछे चल ज्ईबे 20 जब रेर् र्ज् से अपन् बेट् ह्र्न के ब्रे मे इ ब्र कहलस र र्ज् ह्र्न के अब्म के संगे पकडे के आदे श दे ले​े 21 ऊ लोग अब्म आ ओकर भ्ई ह्र्न दर नर के आग मे फेके ख्​्रर ले अइले​े आ ओह ्दन ओह दे श के सब ्नव्सी आ र्ज् के नौकर आ र्जकरम्र आ सब मेहर्त आ छोट-छोट लइक् उह्ँ ओह लोग के ऊपर खड् रहले​े 22 र्ज् के नौकर अब्म आ उनकर भ्ई के लेके उनकर ्नचल् कपड् के छोड के उनकर सब कपड् उर्र ्दहले| 23 ऊ लोग आपन ह्थ-गोड ्लनन के डोरी से ब्नले आ र्ज् के नौकर ओह लोग के उठ् के दर नर के भटी मे फेक ्दहले​े 24 पभर अब्म से प्र करर रहले अवररी उनरक् प दय् आईल अवररी पभर उरर के अब्म के आग से बच् लेले अवररी उ न् जरे ले​े 25 ले्कन अब्म जवन् डोरी से ओकर् के ब्नले रहले, उ सब जर् गईल, जब्क अब्म आग मे रह के लूमर रहले​े 26 जब उ लोग ओकर् के आग मे ड्ल के ह्र्न के मौर हो गईल अवररी उ र्ख हो गईल, क्हे की उनरकर मन पभर के संगे ्स् न् रहे े आ जे लोग ओकर् के आग मे ड्ल ्दहलस, ओह लोग पर आग के लौ फइल गइल आ ऊ लोग जरर गइल आ ओहमे से ब्रह आदमी मर गइलन.

27 अब्म रीन ्दन रीन र्र आग के बीच मे चलर रहले, र र्ज् के सभ नौकर उनरक् के आग मे चलर दे खले अवररी र्ज् के बरवले अवररी कहले ्क, “हमनी के अब्म के आग के बीच लूमर दे खले ब्नी, अवररी उनरक् प जवन ्नचल् कपड् ब्, उहो जरल नईखे, ले्कन जवन् डोरी से उनरक् के ब्नल गईल रहे , उ जर् गईल ब्े” 28 र्ज् जब उनकर ब्र सरनलस र उनकर मन बेहोश हो गइल आ उनकर ्वश्स न् कइलने एह से ऊ ई ब्र दे खे ख्​्रर अउरी ्वश्सी र्जकरम्रन के भेजलन आ ऊ लोग ज्के ई ब्र दे ख के र्ज् के बरवलसे र्ज् एकर् के दे खे ख्​्रर उठले र अब्म के आग के बीच इधर-उधर लूमर दे खले अवररी ह्र्न के ल्श जरर गईल दे खले अवररी र्ज् बहर अचरज मे पड गईले​े 29 र्ज् अब्म के आग से ्नक्ले के आदे श ्दहलने उनकर नौकर लोग उनक् के ब्हर ्नक्ले ख्​्रर नजदीक आ गइल आ ऊ लोग न् ्नकल प्वल क्हे ्क आग च्रो ओर रहे आ भटी से आग के लौ ओह लोग के ओर चढर रहे े 30 र्ज् के नौकर ओकर् से भ्ग गईले अवररी र्ज् ओ लोग के ड्ं टर कहले, “जली से अब्म के आग से ्नक्ल के ले आव ्क रू न् मरबे” 31 र्ज् के नौकर ्फर से अब्म के ब्हर ले आवे ख्​्रर नजदीक आ गईले अवररी आग के लपट ओ लोग के चेहर् जर् दे लस, जवन् से उ लोग मे से आठ लोग के मौर हो गईले 32 जब र्ज् दे खलस ्क उनकर नौकर आग के नजदीक नईखन आ सकर ्क कही ं उ लोग न् जरे , र र्ज् अब्म के आव्ज दे ले, हे सगय मे परमेशर के सेवक, आग के बीच से ्नकल के हमर् सोझ् इह्ँ आईे अब्म र्ज् के आव्ज सरन के आग से ्नकल के र्ज् के सोझ् खड् हो गईले​े 33 जब अब्म ब्हर ्नकलले र र्ज् आ ओकर सभ नौकर अब्म के ्नचल् कपड् प्हनले र्ज् के सोझ् आवर दे खले, क्हे की उ न् जर् गईल रहे , ले्कन जवन् डोरी से उनरक् ब्नल रहे , उ जरर गईल रहे े 34 र्ज् अब्म से कहलस, “आगी मे रू कइसे न् जर्वल गइल? 35 अब्म र्ज् से कहलन, “आक्श आ धररी के भगव्न जेकर् पर हम भरोस् करर ब्नी आ जेकर् लगे आपन पूर् र्कर ब्, उ हमर् के ओह आग से बच् ्लहलन जवन् मे रू हमर् के फेकले रहलूे” 36 अब्म के भ्ई ह्र्न के र्ख हो गईल अवररी उ लोग उनरकर ल्श के खोजर रहले, र उ लोग ओकर् के भस हो गईल प्वले 37 ह्र्न के उमर बय्सी स्ल के रहे जब उ क्सदीम के आग मे मर गईले​े र्ज्, र्जकरम्र आ दे श के ्नव्सी अब्म के आग से मरक हो गईल दे ख के उ लोग अब्म के स्मने पर्म कईले​े 38 अब्म ओह लोग से कहलन, “हमर् के पर्म मर करी,ं बलरक दर ्नय् के भगव्न के स्मने पर्म करी ं जे रोहनी के बनवले ब्डन आ उनकर सेव् करी ं आ उनकर र्ह पर चलीं क्हे ्क उहे हमर् के एह आग से बच्वे व्ल् ह, आ उहे हवे जे सब आदमी के आत् आ आत् के रचले ब्, आ अपन् महर्री के पेट मे आदमी के बनवले ब् आ ओकर् के दर ्नय् मे ले आइल ब्, आ उहे हवे जे ओकर् पर भरोस् करे व्ल् के सभक् से बच्वे व्ल् ब् दरदे 17


जशेर के बा

39 र्ज् आ र्जकरम्रन के नजर मे ई ब्र बहर अद् भरर ल्गल ्क अब्म के आग से बच्वल गइल आ ह्र्न के जर् ्दहल गइले र्ज् अब्म के बहर उपह्र दे ले अवररी उ र्ज् के लर से आपन दर गो मरख नौकर दे ले​े एक के न्म ओनी आ दू सर् के न्म एलीएजर रहे े 40 सब र्ज्, र्जकरम्र आ नौकर अब्म के च्ं दी, सोन् आ मोरी के बहर उपह्र ्दहले आ र्ज् आ ओकर र्जकरम्र लोग ओकर् के भेज ्दहलन आ ऊ चैन से चल गइलने 41 अब्म श्ं ्र से र्ज् से ्नकल गईले अवररी र्ज् के बहर सेवक उनरक् पीछे -पीछे चल गईले अवररी करीब रीन सौ आदमी उनरक् संगे चल गईले​े 42 अब्म ओह ्दन व्पस आके उनकर् पीछे -पीछे आवे व्ल् लोग अपन् ्पर् के लरे चल गइलन आ अब्म अपन् जीवन भर अपन् परमेस् वर के सेव् कइलन आ अपन् र्ह पर चलल आ उनकर ्नयम के प्लन कइलने 43 ओह ्दन से अब्म आदमी के बेट् के मन के पभर के सेव् करे ख्​्रर झरक्वर रहले​े 44 ओही लरी न्होर आ अब्म अपन् भ्ई ह्र्न के बेटी के ्बय्ह कइले​े न्होर के मेहर्त ्मल् आ अब्म के मेहर्त के न्म सर्य रहे े अब्म के मेहर्त स्र् बंजर रहलीे ओह लरी उनकर कवनो संर्न न् रहे े 45 अब्म के आग से ब्हर ्नकलल् के दू स्ल पूर् भइल् पर, य्नी ्क उनकर जीवन के ब्वन स्ल मे, र्ज् ्नमरोद ब्बेल मे ्संह्सन पर बइठल दे खलन आ र्ज् नीद ं आ गइलन आ सपन् दे खलन ्क ऊ अपन् सेन् आ सेन् के स्थे र्ज् के भटी के स्मने एगो ल्टी मे खड् ब्डने 46 ऊ आँ ख उठ् के दे खलन ्क अब्म के ्नयर एगो आदमी भटी से ्नकलर ब् आ ऊ आके र्ज् के स्मने आपन खीच ं ्इल रलव्र लेके खड् हो गइल आ फेर र्ज् के लगे रलव्र लेके उछल गइल, जब र्ज् ओह आदमी से भ्ग गइल, क्हे ्क ऊ डे र् गइल रहे े आ दौडर-दौडर ऊ आदमी र्ज् के म्थ् पर अंड् फेक ्दहल्स आ अंड् एगो बडहन नदी बन गइल. 47 र्ज् सपन् दे खले ्क ओकर सब सेन् ओह नदी मे डूब के मर गईले अवररी र्ज् अपन् से प्हले के रीन आदमी के संगे भ्ग गईले अवररी उ भ्ग गईले​े 48 र्ज् एह लोग के दे खले र उ लोग र्ज् के वस ्नहन ररय्सर के कपड् प्हनले रहले अवररी र्ज् के तप अवररी म्हम् के तप मे रहले​े 49 जब उ लोग बहर रहले र नदी र्ज् के सोझ् फेर से अंड् मे बदल गईल अवररी अंड् से एगो ्चरई ्नकलल जवन र्ज् के सोझ् आईल अवररी उनरक् म्थ् प उड के र्ज् के आं ख उख्ड दे लसे 50 र्ज् ई दे ख के दर खी हो गइलन आ ऊ नीद ं से ज्ग गइलन आ उनकर मन हलचल हो गइले आ ओकर् एगो बडहन आरंक महसूस भइल. 51 सबेरे र्ज् डर से अपन् सोफ् से उठले अवररी र्ज् अपन् सपन् के ब्रे मे बर्वर सब ज्नी अवररी ज्दू गर के अपन् सोझ् आवे के आदे श दे ले​े 52 र्ज् के एगो बरख्म्न सेवक, जेकर न्म अनरकी रहे , र्ज् से कहलस ्क, इ अब्म अवररी उनरक् संर्न के बरर्ई के अल्वे अवररी करछूओ नईखे, जवन ्क अं्रम समय मे हमर् पभर अवररी र्ज् के खखल्फ पैद् होईे

53 दे ख़ ऊ ्दन आई जब अब्म आ उनकर वंशज आ उनकर लर के लइक् हमर् र्ज् से लड्ई करीहे आ र्ज् के सगरी सेन् आ उनकर सेन् के म्र दीहे े 54 आ जवन रीन आदमी के ब्रे मे रू जवन कहले ब्डू, जवन् के रू अपन् ्नहन दे खले ब्डू अवररी जवन भ्ग गईल ब्, एकर मरलब इ ब् ्क धररी के र्ज् से रीन र्ज् के संगे ्सफय रू बचब, जवन ्क आपके संगे लड्ई मे होईहे े 55 आ जवन नदी के दे खनी जवन प्हले जइसन अंड् मे बदल गइल रहे आ ्चरई के बच् रोह्र आँ ख उख्डर दे खनी, एकर मरलब अउरी करछ नइखे ्सव्य अब्म के वंश के जवन ब्द के ्दन मे र्ज् के म्र दीे 56 ई हम्र र्ज् के सपन् ह, एकर व्ख् इहे ह, आ सपन् स्ँ च ब्, आ रोह्र सेवक जवन व्ख् रोहर् के दे ले ब् उ सही ब्े 57 एह से हम्र र्ज्, रू जतर ज्नर ब्डू ्क अब ब्वन स्ल हो गइल ब् जब रोह्र ऋ्ष लोग अब्म के जनम के समय ई दे खले रहले आ अगर हम्र र्ज् अब्म के धररी पर रहे दे सर र ई हमर् म्​्लक आ र्ज् के चोट पहं च्ई, क्हे ्क जवन् ्दन अब्म न् ्जंद् रहीहे , न् र रोह्र र्ज ्​्​्पर हो ज्ई, क्हे ्क ई ब्र प्हले उनरक् जनम के समय पर् चलल रहे े आउर हम्र र्ज् ओकर् के क्हे न् म्री, र्​्क ब्द के ्दन मे ओकर बरर्ई रोहर् से बच्वल ज् सके? 58 ्नमरोद अनरकी के आव्ज सरन के अपन् करछ नौकरन के चरपके से भेजले ्क उ लोग अब्म के पकड के र्ज् के सोझ् ले ज्स र्​्क उ मौर के ्शक्र होखे​े 59 अब्म के नौकर एलीएजर ओ समय र्ज् के सोझ् रहले अवररी उ सरनले ्क अनरकी र्ज् के क् सल्ह दे ले रहले अवररी र्ज् अब्म के मौर के क्रर क् कहले रहले​े 60 एलीएजर अब्म से कहले, “जली उठ के आपन ज्न बच् लीं, र्​्क रू र्ज् के ह्थ से न् मर सकी, क्हे ्क उ सपन् मे रोहर् ब्रे मे अयीसन दे खले रहले अवररी अनरकी एकर व्ख् अयीसन कईले रहले अवररी अनरकी भी र्ज् के आपके ब्रे मे सल्ह दे ले रहले​े 61 अब्म एलीएजर के आव्ज सरनलन आ अब्म जली से नूह आ अपन् बेट् शेम के लर मे सरर्कर भ्ग गइलन आ उह्ँ लरक् के सरर्कर जगह ्मल गइलने आ र्ज् के नौकर अब्म के खोजे ख्​्रर अब्म के लरे अइले, ले्कन उनरक् के न् ्मलल, आ उ लोग दे श भर मे खोजर रहले अवररी उनरक् के न् ्मलल, अवररी उ लोग ज्के हर ्दश् मे खोजर रहले अवररी उनरक् से ्मले के न् रहे े 62 जब र्ज् के सेवक अब्म के न् ्मलल र उ लोग र्ज् के लगे लवट गईले, ले्कन र्ज् के अब्म के खखल्फ न्र्जगी श्ं र हो गईल, क्हे की उ लोग अब्म के न् ्मलल, अवररी र्ज् अब्म के ब्रे मे इ ब्र उनरक् ्दम्ग से दू र क दे ले​े 63 अब्म एक महीन् रक नूह के लर मे लरक्इल रहले, जब रक ्क र्ज् इ ब्र न् भरल् गईले, ले्कन अब्म अभी भी र्ज् से डे र् गईले​े रेर् नूह के लर मे अपन् बेट् अब्म से गरप तप से दे खे लगले अवररी रेर् र्ज् के नजर मे बहर बड रहले​े 64 अब्म अपन् ्पर् से कहले, “क् रू नईख ज्नर ्क र्ज् हमर् के म्रे के सोचर ब्डे अवररी अपन् दर ष सल्हक्र के सल्ह से हम्र न्म धररी से न्श करे के सोचर्रे ? 18


जशेर के बा

65 अब रोहर् इह्ँ के ब् आ एह दे श मे रोहर् क् ब्? उठ, हमनी के एक संगे कन्न दे श मे चल ज्ईं ज् र्​्क हमनी के उनरक् ह्थ से मरखक ्मल सके, कही ं अं्रम समय मे रू भी ओकर् द्र् न्श न् हो ज्इबे 66 क् रू नइख ज्नर ्क न् सरनले ्क ्नमरोद रोहर् के ई सब आदर पेम से न् दे र ब्, बलरक ख्ली ओकर् फ्यद् ख्​्रर ई सब भल्ई रोहर् के दे र ब्? 67 आ अगर ऊ रोहर् ख्​्रर एकर् से बडहन भल्ई करी र ई सब दर ्नय् के आडं बर भर ह, क्हे ्क कोध आ कोध के ्दन धन आ धन के कवनो फ्यद् न् हो सके. 68 अब हम्र ब्र सरनी ं आ हमनी के उठ के कन्न के दे श मे चल ज्ईं ज् जवन ्नमरोद से चोट के पहँ च से दू र ब्े आ रोहर् के धररी पर रचले व्ल् पभर के सेव् कऱ र रोह्र भल्ई होईे आ जवन वथय चीजन के पीछ् करर ब्ड़, ओकर् के फेक द़े 69 जब नूह आ उनकर बेट् शेम रेर् के जव्ब दे ले ्क, “अब्म जवन ब्र रोहर् से कहले ब्डे उ स्ँ च हे” 70 रेर् अपन् बेट् अब्म के आव्ज सरनले अवररी रेर् अब्म के कहल सभ क्म कईले, क्हे की इ ब्र पभर के ओर से रहे ्क र्ज् अब्म के मौर के क्रर मर होखे​े

7 जब अब्म कन्न दे श मे अइले र पभर ओकर् से पकट भइले आ कहलन ्क ई ऊ दे श ह जवन हम रोहर् आ रोहर् ब्द के वंशज के हमेश् ख्​्रर दे ले ब्नी आ हम रोह्र वंशज के आक्श के र्र् ्नयर बन् दे ब आ जवन दे श रू दे खर ब्ड़, ओकर् के हम रोहर् संर्न के उतर्​्धक्र मे दे दे बे 8 अब्म जवन् जगह प भगव्न से ब्र कईले रहले , उह्ँ एगो वेदी बनवले अवररी उह्ँ अब्म पभर के न्म परक्रले​े 9 अब्म के कन्न दे श मे रहल् के रीन स्ल के अंर मे ओह स्ल नूह के मौर हो गईल, जवन ्क अब्म के जीवन के अडवनव्ँ स्ल रहे े नूह के ्जयल् के सब ्दन नौ सौ पच्स स्ल रहे आ उ मर गईले​े 10 अब्म कन्न दे श मे उ, उनकर मेहर्त आ उनकर सब लोग आ उनकर स्थ के सब लोग आ ओह दे श के लोग से उनकर् स्थे आवे व्ल् लोग के स्थे रह गइलने ले्कन अब्म के भ्ई न्होर आ ओकर ब्प रेर् आ ह्र्न के बेट् लूर आ उनकर सब लोग ह्र्न मे रहर रहले​े 11 अब्म के कन्न दे श मे रहल् के प्ं चव् स्ल मे सदोम आ अमोर् के लोग आ मैद्न के सब शहर एल्म के र्ज् कदोल्य ओमेर के सत् से ्वदोह कईले​े क्हे ्क मैद्न के शहरन के सब र्ज् ब्रह स्ल रक कदोर्ओमर के सेव् करर रहले अवररी स्ल्न् कर दे ले रहले, ले्कन रेरहव्ं स्ल मे उ लोग उनरक् खखल्फ ्वदोह कईले​े 12 अब्म के कन्न दे श मे रहल् के दसव्ँ स्ल मे ्शन्र के र्ज् ्नमरोद आ एल्म के र्ज् कदोल्य ओमेर के बीच लड्ई भइल आ ्नमरोद कदोर्ओमेर से लड्ई करे आ ओकर् के अपन् वश मे करे आइले 13 क्हे ्क ओह लरी केदोरल्ओमर ्नमरोद के सेन् के सरद्रन मे से एगो रहले आ जब बरजय पर मौजूद सब लोग ्ररर्बरर हो गइलन आ ब्की लोग भी धररी पर ्बखर गइलन र केदोरल्ओमर एल्म दे श मे ज्के ओकर् पर र्ज कइलस आ अपन् म्​्लक के खखल्फ ्वदोह कइलसे 14 ओह ्दन मे जब ्नमरोद दे खलस ्क मैद्न के शहरन मे ्वदोह हो गइल ब्, र ऊ लमंड आ कोध से कदोर्ओमेर से लड्ई करे लगलन आ ्नमरोद अपन् सगरी र्जकरम्रन आ पज् के करीब स्र ल्ख आदमी के जरट् के कदोर्ओमेर के खखल्फ चल गइलन आ कदोर्ओमर प्ं च हज्र आदमी के स्थे ओकर् से ्मले ख्​्रर ्नकल गइलन आ ऊ लोग ब्बेल के ल्टी मे लड्ई ख्​्रर रइय्र हो गइलन एलम आ ्शन्र के बीच मे ब्े 15 उ सब र्ज् उह्ँ लड्ई लडले अवररी ्नमरोद अवररी ओकर लोग केदोरल्ओमेर के लोग के सोझ् हर् गईले अवररी ्नमरोद के आदमी से करीब छह ल्ख लोग ्गर गईले अवररी र्ज् के बेट् म्द्न ओ लोग के बीच ्गर गईले​े 16 ्नमरोद भ्ग के ल्ज आ बेइजरी से अपन् दे श मे व्पस आ गइल आ ऊ बहर ्दन ले केदोरल्ओमेर के अधीन रहल आ कदोर्ओमर अपन् दे श मे लवट के अपन् सेन् के र्जकरम्रन के अपन् आसप्स रहे व्ल् र्ज् लोग के लगे भेज ्दहलस, एल्सर के र्ज् अररयोक आ गो्यम के र्ज् ट्इडल के लगे आ ओह लोग से व्च् कइलन आ सभे उनकर आज् के प्लन कइलने 17 अब्म के कन्न दे श मे रहल् के पनहव्ँ स्ल मे, जवन ्क अब्म के जीवन के सतरव्ँ स्ल ह, आ ओही स्ल पभर अब्म

अध ्य 13 के ब् 1 रेर् अपन् बेट् अब्म आ उनकर पोर् लूर, ह्र्न के बेट्, आ उनकर परोह स्र्, जे अपन् बेट् अब्म के मेहर्त आ अपन् लर के सब लोग के लेके उर क्सदीम से कन्न के दे श मे चल गईले​े जब उ लोग ह्र्न के दे स रक पहं चले र उह्ँ रह गईले, क्हे की उ लोग च्र्ग्ह ख्री बहर ब्ढय् जमीन रहे अवररी उनरक् संगे आवे व्ल् लोग ख्री भी क्फी रहे े 2 ह्र्न के लोग दे खल ्क अब्म भगव्न आ आदमी के स्थे अच् आ सीध् हउवे आ उनकर परमेशर यहोव् उनकर् स्थे ब्डन आ ह्र्न के करछ लोग अब्म के स्थे आके उ लोग के पभर के ्शक् आ उनकर र्स् ्सखवले​े इ लोग अब्म के लर मे रह गईले अवररी उ लोग उनरक् संगे ्चपकल रहले​े 3 अब्म रीन स्ल रक ओह दे श मे रहलन आ रीन स्ल पूर् भइल् पर पभर अब्म से पकट भइले आ कहलन ्क; हम उहे पभर हईं जे रोहर् के उर क्सदीम से ्नक्ल के रोहर् के रोहर् सब दर शनन के ह्थ से बच् लेले ब्नीे 4 आ अब अगर रू हम्र आव्ज सरनब आ हम्र आज्, हम्र ्नयम आ ्नयम के प्लन करब र हम रोह्र दर शनन के रोहर् सोझ् ्गर् दे ब, आ हम रोह्र वंश के सगय के र्र् ्नहन बढ् दे ब, अवररी हम रोहर् ह्थ के सभ क्म प आपन आशीव्य द भेजब, अवररी रोहर् करछूओ के कमी न् होईे 5 अब उठ के आपन मेहर्त आ आपन सब स्म्न लेके कन्न दे श मे ज्के उह्ँ रह ज्, आ हम उह्ँ रोहर् ख्​्रर एगो भगव्न बनब आ रोहर् के आशीव्य द दे बे अब्म उठ के आपन मेहर्त आ आपन सब स्म्न लेके कन्न के दे श मे चल गइलन जइसन ्क पभर उनक् के कहले रहले​े आ अब्म जब ह्र्न से गइलन र ऊ पच्स स्ल के रहले​े 6 अब्म कन्न दे श मे आके शहर के बीच मे रह गईले अवररी उह्ँ उ दे श के ्नव्सी कन्न के लोग के बीच आपन डे र् खड् कईले​े 19


जशेर के बा

से पकट भइले आ ओकर् से कहले, “हम पभर हईं जे रोहर् के उर क्सदीम से ब्हर ले अइनी ्क ई दे श रोहर् के ्वर्सर मे दे दीें ” 18 अब हमर् स्मने चलीं आ ्स् हो ज्ईं आ हम्र आज् के प्लन करी ं क्हे ्क हम ई दे श ्मतजैम नदी से लेके फर्र के बडहन नदी रक रोहर् आ रोहर् संर्न के ्वर्सर मे दे बे 19 आ रू श्ं ्र से आ ब्ढय् उ्मर मे अपन् ब्प-द्द् के लगे आ ज्ईब आ चउथ् पीढी इह्ँ एह दे श मे लवट के हमेश् ख्​्रर ओकर उतर्​्धक्री हो ज्ईे अब्म एगो वेदी बनवले, आ उ पभर के न्म लेहले, जे ओकर् से पकट भईले अवररी उ वेदी प पभर के ब्लद्न ले अईले​े 20 ओही लरी अब्म व्पस आके अपन् ब्प-म्ई आ अपन् ्पर् के लर के लोग के दे खे ख्​्रर ह्र्न गईले, अब्म अवररी उनरकर पती अवररी उनरकर सभ स्म्न ह्र्न व्पस आ गईले अवररी अब्म प्ं च स्ल रक ह्र्न मे रहले​े 21 ह्र्न के बहर लोग, लगभग बहतर आदमी, अब्म के पीछे पीछे चलल अवररी अब्म ओ लोग के पभर के ्शक् अवररी उनरकर र्स् ्सखवले अवररी उ ओ लोग के पभर के ज्ने के ्सखवले​े 22 ओह ्दन मे पभर अब्म के ह्र्न मे पकट भइले आ ओकर् से कहलन, “दे ख़, हम रोहर् से बीस स्ल प्हले कहले रहनी ्के 23 अपन् दे श से, अपन् जन्​्न से आ अपन् ब्प के लर से, ओह दे श मे ज्, जवन् के हम रोहर् के आ रोहर् लइकन के दे बे के दे ख् ्दहले ब्नी, क्हे ्क ओ्हज् ओह दे श मे हम रोहर् के आशीव्य द दे ब आ रोहर् के एगो बडहन र्ष् बन्इब आ रोह्र न्म के बडहन बन्इब, आ रोहर् मे धररी के पररव्र के आशीष ्मल ज्ईे 24 अब उठ के, रू, रोह्र मेहर्त आ रोह्र सब लोग, अपन् लर मे पैद् भइल हर आदमी आ हरन मे जवन भी प्री बनवले ब्, ओकर् के अपन् स्थे ले आव़ आ कन्न दे श मे लवट आवे ख्​्रर उठ़े 25 अब्म उठ के आपन मेहर्त स्र् आ उनकर सब स्म्न आ अपन् लर मे पैद् भइल सब लोग आ ह्र्न मे पैद् भइल प्री के लेके कन्न दे श मे ज्ए ख्​्रर ्नकल गइलने 26 अब्म पभर के वचन के अनरस्र ज्के कन्न दे श मे व्पस आ गईले​े उनकर भ्ई ह्र्न के बेट् लूर उनक् स्थे चल गइलन आ अब्म पचहतर स्ल के रहले जब ऊ ह्र्न से कन्न दे श मे लवटल रहले. 27 उ अब्म से पभर के वचन के अनरस्र कन्न दे श मे पहं चले अवररी उ आपन डे र् खड् कईले अवररी ममरे के मैद्न मे रहले अवररी उनरक् संगे उनरकर भ्ई के बेट् लूर रहले अवररी उनरकर सब करछ रहले​े 28 रब पभर फेर अब्म के स्मने पकट होके कहले, “हम ई दे श रोहर् संर्न के दे बे उह्ँ उ पभर ख्​्रर एगो वेदी बनवले जवन उनक् के पकट भईले, जवन आज रक ममरे के मैद्न मे ब्े

2 ऊ सोचलस ्क ्मस के र्ज् अनोम के बेट् ओखसररस के लगे ज्के र्ज् के आपन बरख् दे ख्वे​े क्हे ्क श्यद ओकर् नजर मे कृप् ्मल सकेल् ्क ऊ ओकर् के ्जंद् कर सके आ ओकर् के भरर पोषर दे सके. आ ररक्योन अयीसन कईले​े 3 जब ररक्योन ्मस अइले र ऊ ्मस के ्नव्सी लोग से र्ज् के ब्रे मे पूछले आ ्मस के ्नव्सी ्मस के र्ज् के ररव्ज बरवले, क्हे ्क रब ्मस के र्ज् के ररव्ज रहे ्क ऊ अपन् र्जमहल से चल के स्ल मे एक ्दन ही ्वदे श मे दे खल ज्र रहले, आ ओकर् ब्द र्ज् अपन् महल मे लवट के ओ्हज् रहे ज्र रहले. 4 जवन् ्दन र्ज् ्नकलले र उ दे श मे फैसल् सरनवले अवररी हरे क केह सूट व्ल् र्ज् के सोझ् उनरकर ्नहोर् लेवे ख्री आईले 5 जब ररक्योन ्मस के ररव्ज के ब्रे मे सरनलस आ र्ज् के सोझ् नइखन आ प्वर र ऊ बहरे दर खी हो गइलन आ बहरे दर खी हो गइलन. 6 आ स्ँ झ के ररक्योन ब्हर ्नकल के एगो खंडहर लर ्मलल, जवन प्हले ्मस मे बेक ह्उस रहे , आ ऊ र्र भर ओ्हज् कडव्हट आ भूख से चरटकी लेर रहले आ आँ ख से नीद ं दू र हो गइल. 7 आ ररक्योन अपन् भीरर ्वच्र करर रहले ्क जबले र्ज् न् लउकी रबले ओह शहर मे क् करे के च्हीं आ ओ्हज् कइसे अपन् के बन् के र्खे के च्हीं. 8 ऊ सबेरे उठ के लूमर-्फरर ओह लोग से भेट कइलन जे सबी आ ररह-ररह के बीज बेचर रहले, जवन् से ऊ लोग ्नव्सी लोग के आपू्रय करर रहे े 9 आ ररक्योन शहर मे भरर पोषर प्वे ख्​्रर इहे करे के च्हर रहले, ले्कन उ लोग के ररव्ज से अनज्न रहले अवररी ओ लोग के बीच उ एगो आनर ्नहन रहले​े 10 ऊ ज्के आपन भरर पोषर ख्​्रर सबी ले ्लहलस आ भीड ओकर् च्रो ओर जम् होके ओकर मज्क उड्वलस आ ओकर सबी ओकर् से ले ्लहलस आ ओकर् ख्​्रर करछ न् छोडलसे 11 उह्ँ से कडव्हट से उठ के आह भरर ओ्ह बेक ह्उस मे चल गईले, जवन् मे उ र्र भर रहले अवररी दू सर् र्र उह्ँ सरर गईले​े 12 ओह र्र उ फेर अपन् मन मे ्वच्र कइलन ्क ऊ अपन् के भूख से कइसे बच् सकेल् आ ऊ एगो योजन् बनवले ्क कइसे क्म कइल ज्व. 13 ऊ सबेरे उठ के चररर्ई से क्म कइलन आ ज्के भीड के रीस गो बररय्र आदमी के क्म पर रखले, जे लोग के ह्थ मे यर् के स्ज-सज् लेके चलल आ ्मस के कब के चोटी पर ले गइल आ उह्ँ रख ्दहलसे 14 ऊ ओह लोग के आज् ्दहलन ्क र्ज् ई कहर ब्डन ्क, ‘अपन् के मजबूर करी ं आ वीर आदमी बनीं आ जबले दू सौ च्ं दी के टर कड् न् ्दहल ज्ई रबले केह के ए्हज् न् दफन् ्दहल ज्व. आ ऊ लोग ओह स्ल भर ्मस के लोग के ररक्योन के आदे श के अनरस्र कइले 15 आ आठ महीन् मे ररक्योन आ ओकर आदमी च्ँ दी आ सोन् के बहरे धन जरट् ्लहले आ ररक्योन बहरे म्त् मे लोड् आ अउरी ज्नवर ले ्लहले आ अउरी आदमी भ्ड् पर ले

अध ्य 14 के ब् 1 ओह जम्न् मे ्शन्र के दे श मे एगो ज्नी आदमी रहले, जेकर् मे सब ररह के बरख् रहे , आ ओकर तप-रं ग सरनर रहे , ले्कन उ गरीब आ गरीब रहे े उनकर न्म ररक्योन रहे आ ऊ आपन गरज्र् करे मे क्ठन्ई से सेट रहले. 20


जशेर के बा

्लहले आ ऊ ओह लोग के लोड् ्दहले आ ऊ लोग ओकर् स्थे रह गइल. 16 स्ल भर जब र्ज् शहर मे ज्र रहले र ्मस के सभ ्नव्सी एक संगे जरट के ररक्योन अवररी उनरक् आदमी के क्म के ब्रे मे उनरक् से ब्र करे लगले​े 17 र्ज् ्नध्य ररर ्दन ्नकललन र सब ्मस के लोग उनक् से आगे आके परक्रर कहलने 18 र्ज् हमेश् ख्​्रर ्जंद् रहसे ई क् क्म ह जवन रू अपन् नौकरन के टोल् मे करर ब्डू ्क जबले एरन् च्ं दीसोन् न् ्दहल ज्व रबले कवनो ल्श के दफन्वे न् दी?ं क् कबो अइसन क्म पूर् धररी मे भइल रहे , प्हले के र्ज् लोग के जम्न् से ह्ँ आदम के जम्न् से लेके आज रक, ्क मरअल लोग के ख्ली एगो ्नध्य ररर द्म पर न् दफन्वल ज्व? 19 हमनी के ज्नर ब्नी ज् ्क र्ज् लोग के ररव्ज ह ्क उ लोग ्जंद् लोग से स्ल्न् कर लेवेले, ले्कन रू ्सफय अयीसन न् करे नी, ब्लरक मरवल लोग से भी ्दन-प्र्दन कर लेवेले​े 20 हे र्ज्, हमनी के अब ई ब्र न् सहल ज् सकेल्, क्हे ्क पूर् शहर एही चलरे बब्य द हो गईल ब्, क् रू एकर् के नईख ज्नर? 21 र्ज् जब उ लोग के सब ब्र सरनले र उ बहर गरस् मे पड गईले अवररी उनरक् मन मे ए म्मल् से गरस् जर गईल, क्हे की उनरक् एकर् ब्रे मे करछूओ न् म्लूम रहे े 22 र्ज् कहलस, “हमर् दे स मे हमर् आदे श के ्बन् इ बरर् क्म करे के ्हमर के ह अवररी कह्ँ ब्? जतर रउआ हमर् के बर्इबे 23 ऊ लोग ररक्योन आ ओकर आदमी के सगरी क्म ओकर् के बरवल्स आ र्ज् के गरस् ज्गल आ ऊ ररक्योन आ ओकर् आदमी के अपन् सोझ् ले आवे के आदे श ्दहलन. 24 आ ररक्योन लगभग हज्र लइक्-लइकी, बेट्-बेटी लेके रे शम आ कढ्ई के कपड् प्हनले आ ओह लोग के लोड् पर सव्र के अपन् आदमी के म्धम से र्ज् के लगे भेजले, आ एगो मजबूर आ सरनर लोड् भी लेके र्ज् ख्​्रर उपह्र मे ले गइले, जवन् के लेके ऊ र्ज् के सोझ् आके पर्म कइले ओकर् से प्हले धररी; आ र्ज्, उनकर नौकर आ ्मस के सब ्नव्सी ररक्योन के क्म दे ख के अचरज मे पड गइलन आ ऊ लोग उनकर धन आ उपह्र दे ख के जवन ऊ र्ज् के ले आइल रहले. 25 र्ज् के ई ब्र बहरे नीक ल्गल आ ऊ एकर् पर अचरज मे पड गइलन. आ जब ररक्योन उनक् सोझ् बइठल र र्ज् उनक् से उनकर सगरी क्म के ब्रे मे पूछलन आ ररक्योन र्ज्, उनकर नौकर आ ्मस के सगरी ्नव्सी लोग क् सोझ् आपन सगरी ब्र समझद्री से कहलन. 26 आ जब र्ज् ररक्योन के ब्र आ उनकर बरख् सरनलस र ररक्योन के उनकर नजर मे कृप् ्मलल आ र्ज् के सभ नौकर आ ्मस के सभ ्नव्सी लोग के अनरगह आ दय्लरर् से ्मलल, उनकर बरख् आ बेहररीन भ्षर के क्रर आ ओह समय से ऊ लोग उनकर् से बहर प्र कइले 27 र्ज् ररक्योन से कहले, “रोह्र न्म अब ररक्योन न् र्खल ज्ई, बलरक रोह्र न्म ्फरौन होई, क्हे ्क रू मरअल लोग से कर लेले रहलूे आऊ ओकर न्म ्फरौन रखले​े

28 र्ज् आ उनकर पज् ररक्योन के बरख् के चलरे प्र करर रहले अवररी उ लोग ्मस के सभ ्नव्सी से सल्ह-मशवर् कईले ्क उनरक् के र्ज् के अधीन पध्न बन्वल ज् सके​े 29 ्मस के सब ्नव्सी आ ओकर ज्नी लोग अयीसन कईले अवररी ्मस मे एकर् के क्नून बन्वल गईले 30 ऊ लोग ररक्योन ्फरौन के ्मस के र्ज् ओस्वररस के अधीन पध्न बन् ्दहल आ ररक्योन ्फरौन ्मस पर श्सन कइलस, रोज पूर् शहर के न्य करर रहलन, ले्कन र्ज् ओस्वररस स्ल मे एक ्दन ओह दे श के लोग के न्य करर रहले, जब ऊ आपन उपख्​्र दजय कर्वे ख्​्रर ्नकलर रहले​े 31 ररक्योन ्फरौन धूरयर् से ्मस के सरक्र के हडप ्लहले अवररी ्मस के सभ ्नव्सी से कर लेले​े 32 ्मस के सब ्नव्सी ररक्योन ्फरौन से बहर प्र करर रहले अवररी उ लोग एगो फरम्न ज्री कईले ्क ्मस मे उनरक् अवररी ओ लोग के संर्न प र्ज करे व्ल् हर र्ज् के ्फरौन बोल्वल ज्एे 33 एही से ओह समय से ्मस मे र्ज करे व्ल् सब र्ज् लोग के आजर ले ्फरौन कहल ज्ल्े अध ्य 15 के ब् 1 ओह स्ल पूर् कन्न दे श मे भ्री अक्ल पडल आ ओह दे श के ्नव्सी लोग अक्ल के चलरे न् रह पवलस क्हे ्क अक्ल बहर गंभीर रहे े 2 अब्म आ ओकर सब स्म्न अक्ल के चलरे उठ के ्मस चल गईले अवररी जब उ लोग ्मर्​्​्र्इम नदी प पहं चले र उ लोग सडक के थक्न से आर्म करे ख्री करछ दे र उह्ँ रह गईले​े 3 अब्म आ स्र् ्मर्​्​्र्इम नदी के सीम् पर चलर रहले, र अब्म अपन् पती स्र् के दे खले ्क उ बहर सरंदर ब्डीे 4 अब्म अपन् मेहर्त स्र् से कहले, “चूं्क भगव्न रोहर् के एरन् सरनर चेहर् से बनवले ब्डे , एहसे हम ्मस के लोग से डे र्र ब्नी ्क कही ं उ लोग हमर् के म्र के न् ले ज्स, क्हे ्क ए जगह प भगव्न के डर नईखे​े 5 र रू ई जतर करब ्क जे भी रोहर् से म्ँ गर ब्, ओकर् से कह़ ्क रू हम्र ब्हन हईं, र्​्क हम्र भल्ई हो सके आ हमनी के ्जंद् हो सकीले आ म्रल न् ज्इब ज्े 6 अब्म अक्ल के चलरे अपन् संगे ्मस आवे व्ल् सब लोग के इहे आज् दे ले​े स्थ ही उनकर भरीज् लूर के भी आज् ्दहलन ्क अगर ्मस के लोग रोहर् से स्र् के ब्रे मे पूछर ब् ्क उ अब्म के ब्हन हईे 7 आ ्फर भी अब्म एह सब आदे श के स्थे ओह लोग पर भरोस् न् कइलन, बलरक स्र् के लेके एगो संदूक मे रख के ओह लोग के बरयन के बीच मे ्छप् ्दहलन, क्हे ्क ्मस के दर षर् के चलरे अब्म स्र् के बहर ्चं्रर रहले​े 8 अब्म आ ओकर सब लोग ्मर्​्​्र्इम नदी से उठ के ्मस चल गइलने उ लोग शहर के फ्टक मे बहर मरखशल से लरसल रहले ्क पहरे द्र ओ लोग के सोझ् खड् होके कहले ्क, “रउर् लगे जवन ब् ओकर् से र्ज् के दसव्ं ्हस् दी,ं रब रू शहर मे आ सकेनीे अब्म आ उनकर स्थ के लोग अइसन कइले​े 21


जशेर के बा

9 अब्म अपन् स्थे मौजूद लोग के स्थे ्मस गइलन आ जब ऊ लोग अइले र ऊ संदूक लेके अइले जवन् मे स्र् ्छपल रहली आ ्मस के लोग संदूक दे खले​े 10 र्ज् के नौकर अब्म के लगे ज्के पूछले, “एह संदूक मे रोहर् क् ब् जवन हमनी के नईखी दे खले?” अब संदूक खोल के ओकर् मे जवन करछ ब् ओकर दसव्ं ्हस् र्ज् के दे द़े 11 अब्म कहलन, “हम ई संदूक न् खोलब, ले्कन रू जवन भी म्ँ ग करब़, हम दे बे” ्फरौन के अ्धक्री अब्म के जव्ब दे ले ्क, इ कीमरी पतर के संदूक ह, एकर दसव्ं ्हस् हमनी के दे दे 12 अब्म कहले, “हम जवन भी च्हर ब्नी उ सब दे ब, ले्कन रू संदूक के न् खोलबे” 13 र्ज् के अ्धक्री अब्म के दब् के छ्री के लगे पहं च के जोर से खोलले, र दे खले ्क छ्री मे एगो सरंदर म्हल् ्बय्े 14 र्ज् के अफसर लोग स्र् के दे ख के उनकर सरंदरर् के दे ख के बड्ई से च्कर हो गईले अवररी ्फरौन के सभ र्जकरम्र अवररी नौकर स्र् के दे खे ख्री जरट गईले, क्हे की उ बहर सरंदर रहलीे र्ज् के अफसर दौड के ्फरौन के जवन करछ दे खले रहले , उ सब बरवले अवररी उ लोग र्ज् के सर्य के सर्र कईले​े ्फरौन ओकर् के ले आवे के आदे श दे ले अवररी उ म्हल् र्ज् के सोझ् आ गईले 15 ्फरौन स्र् के दे खले आ ऊ ओकर् के बहर खरश कइलस आ ओकर सरंदरर् से र्ज् बहर खरश हो गइलन आ जे लोग उनक् के ब्रे मे खबर लेके आइल रहे , ओह लोग के उपह्र दे ्दहलने 16 रब ओह मेहर्त के ्फरौन के लरे ले आवल गइल आ अब्म अपन् मेहर्त के चलरे दर खी हो गइलन आ ऊ पभर से प्थयन् कइलन ्क ऊ ओकर् के ्फरौन के ह्थ से बच्वसे 17 ओह लरी स्र् भी प्थयन् कइली आ कहली, “हे परमेस् वर परमेस् वर, रू हमर् पभर अब्म से कहनी ्क ऊ अपन् दे श से आ अपन् ब्प के लर से कन्न दे श मे चल ज्स, आ अगर ऊ रोह्र आज् के प्लन करी र ओकर् स्थे भल्ई करे के व्द् कइले ब्ड़े अब दे ख हमनी के उहे कर दे ले ब्नी ज् जवन रू हमनी के आज् दे ले रहलू, आ हमनी के आपन दे श आ आपन पररव्र छोड के एगो पर्य् दे श आ एगो अइसन लोग के लगे चल गइनी ज् जेकर् के हमनी के प्हले न् ज्नर रहनी ज्े 18 हमनी के अक्ल से बचे ख्​्रर एह दे श मे आइल रहनी ज् आ हमर् पर ई बरर् दर लयटन् भइल ब्े अब हे पभर परमेशर, हमनी के बच्वे आ एह अत्च्री के ह्थ से बच्व़ आ अपन् दय् ख्​्रर हमर् स्थे भल्ई कऱे 19 रब पभर स्र् के आव्ज सरनलन आ पभर एगो सगयदूर भेजलन ्क ऊ स्र् के ्फरौन के शखक से बच्वे​े 20 र्ज् सर्य के स्मने आके बईठ के दे खलस ्क पभर के एगो दू र ओ लोग के ऊपर खड् होके सर्य के स्मने पकट होके कहलस, “मर डे र्, क्हे ्क पभर रोह्र प्थयन् सरनले ब्डे े 21 र्ज् स्र् के लगे ज्के पूछले, “ऊ आदमी रोहर् ख्​्रर क् ह जे रोहर् के इह्ँ ले आइल ब्?” ऊ कहली, “उ हम्र भ्ई हवे​े” 22 र्ज् कहलन, “हमनी के ई क्म ब् ्क हमनी के ओकर् के बड बन्वल ज्व, ओकर् के ऊपर उठ्वल ज्व आ ओकर् स्थे ऊ सब भल्ई कइल ज्व जवन रू हमनी के आज् दे ब़े आ ओह लरी र्ज् अब्म के लगे च्नी आ सोन् आ कीमरी

पतर के भरम्र भेजले, जवन् मे पशर, नौकर आ नौकर्नी के स्थे-स्थे भरम्र रहे े र्ज् अब्म के ले आवे के आदे श ्दहलन आ ऊ र्ज् के लर के आँ गन मे बइठ गइलन आ र्ज् ओह र्र अब्म के बहरे ऊँच कर ्दहलन. 23 र्ज् सर्य से ब्र करे ख्​्रर नजदीक अइले आ ऊ ओकर् के छूवे ख्​्रर ह्थ बढवले, जब सगयदूर ओकर् के बहर म्र ्दहलस आ ऊ लबर् गइल आ ऊ ओकर् लगे ह्थ बढ्वे से परहे ज कइलसे 24 जब र्ज् स्र् के नजदीक पहं चले र सगयदूर ओकर् के जमीन प म्र दे ले अवररी र्र भर उनरक् संगे अयीसन कईलस अवररी र्ज् लबर् गईले​े 25 ओह र्र सगयदूर सर्य के चलरे र्ज् के सभ नौकर अवररी उनरक् पूर् लर के लोग के बहर म्र दे ले अवररी ओ र्र ्फरौन के लर के लोग के बीच बहर ्वल्प भईले 26 ्फरौन ओकर् पर भईल बरर्ई के दे ख के कहलस, “सचहँ एह औरर के चलरे हमर् संगे इ लटन् भईल ब् अवररी उ ओकर् से दू र हो गईले अवररी ओकर् से मनभ्वन ब्र कहले​े 27 र्ज् सर्य से कहलस, “हमर् के बर्व ्क रू जवन् आदमी के संगे इह्ँ आईल ब्डूे सर्य कहली, “ई आदमी हम्र प्र ह, हम रोहर् से कहनी ्क उ हम्र भ्ई ह, क्हे की हम डे र् गईल रहनी ्क कही ं रू ओकर् के बरर्ई के चलरे म्र न् दे बे” 28 र्ज् स्र् से दू र रह गइलन आ पभर के दू र के ्वप्त ओकर् आ ओकर् लर के लोग से खरम हो गइले ्फरौन के पर् चल गईल ्क सर्य के चलरे उ म्रल गईल ब्डे अवररी र्ज् एकर् से बहर अचरज मे पड गईले​े 29 सबेरे र्ज् अब्म के बोलवले अवररी पूछले, “रू हमर् संगे इ क् कईले ब्डू?” रू क्हे कहनी ्क ऊ हम्र ब्हन हई, जवन् के चलरे हम ओकर् के अपन् लगे पती बन् लेले रहनी, अवररी एहीसे इ भ्री मह्म्री हमर् अवररी हमर् लर के लोग प आ गईल ब्े 30 अब रोह्र मेहर्त हई, ओकर् के लेके हमनी के दे श से चल ज्, कही ं हमनी के सब केह ओकर् चलरे मर न् ज्इब ज्े ्फरौन अब्म के दे वे ख्​्रर अउरी मवेशी, नौकर आ नौकर्नी, च्ं दी आ सोन् लेके चल गईले अवररी उ अपन् पती स्र् के उनरक् लगे व्पस आ गईले​े 31 र्ज् अपन् उपपती से पैद् भइल एगो लइकी के लेके सर्य के द्सी बन् ्दहलने 32 र्ज् अपन् बेटी से कहलस, “हम्र बेटी हमर् लर मे नौकर्नी बनल् से ब्ढय् ब् ्क हम एह औरर के चलरे हमनी प भईल बरर्ई के दे खले ब्नीे 33 अब्म उठ के उनकर सब लोग ्मस से चल गइलने ्फरौन अपन् करछ लोगन के आदे श ्दहलन ्क उ लोग आ ओकर् स्थे ज्ए व्ल् सब लोग के स्थे चले​े 34 अब्म कन्न दे श मे व्पस आ गईले, उ जगह जहव्ं उ वेदी बनवले रहले, जह्ं उ प्हले आपन डे र् खड् कईले रहले​े 35 अब्म के भ्ई ह्र्न के बेट् लूर के लगे मवेशी, झरंड आ भेड आ डे र् के भ्री भंड्र रहे , क्हे ्क अब्म के चलरे पभर ओ लोग के बहर भरम्र रहले​े 36 जब अब्म ओह दे श मे रहर रहले र लूर के चरव्ह् अब्म के चरव्ह् से झगड् करर रहले, क्हे ्क ओ लोग के संप्त बहर ज्दे रहे , जवन् के चलरे उ लोग ओ दे श मे एक संगे न् रह 22


जशेर के बा

सकर रहले अवररी उ दे श ओ लोग के मवेशी के चलरे ओ लोग के बद्य श न् क सकर रहे े 37 जब अब्म के चरव्ह् अपन् भेड के चर्वे गईले र उ लोग दे श के लोग के खेर मे न् गईले, ले्कन लूर के चरव्ह् के मवेशी दोसर ररीक् से क्म कईले, क्हे की ओ लोग के दे श के लोग के खेर मे चर्वे के अनरम्र रहे े 38 दे श के लोग रोज इ लटन् दे खर रहले अवररी उ लोग अब्म के लगे आके लूर के चरव्ह् के चलरे उनरक् से झगड् करर रहले​े 39 अब्म लूर से कहले, “रू हमर् के क् कर रहल ब्डू ्क हमर् के ओह दे श के ्नव्सी लोग के नजर मे लृ्रर बन्वल ज् सकेल् ्क रू अपन् चरव्ह् के आदे श दे र ब्डू ्क ऊ दोसर् लोग के खेर मे आपन मवेशी चर्वे ? क् रू नइख़ ज्नर ्क हम कन्न के लोग के बीच एह दे श मे परदे सी हईं आ रू हमर् स्थे अइसन क्हे करब़? 40 एकर् चलरे अब्म रोज लूर से झगड् करर रहले , ले्कन लूर अब्म के ब्र न् सरनर रहले अवररी उ अयीसने करर रहले अवररी दे श के ्नव्सी आके अब्म के बरवले​े 41 अब्म लूर से कहले, “रू हमर् ख्​्रर कब रक ओह दे श के ्नव्सी लोग के स्थे ठोकर बनब़?” अब हम रोहर् से ्नहोर् करर ब्नी ्क हमनी के बीच अब झगड् मर होखे , क्हे ्क हमनी के ररशेद्र हईं ज्े 42 ब्​्कर हम रोहर् से ्नहोर् करर ब्नी ्क हमर् से अलग् हो ज्, ज् के कवनो अइसन जगह चरनी ं जह्ँ रू अपन् पशर-पकी आ अपन् सब स्म्न के स्थे रह सकीले, ब्​्कर हमर् से, रू आ अपन् लर के लोग से अपन् के दू र र्ख़. 43 हमर् से ज्ए मे मर डे र्, क्हे ्क अगर केह रोहर् के कवनो नरकस्न पहं च्वेल् र हमर् के बर् दी ं आ हम ओकर् से रोह्र ब्र के बदल् लेब, ख्ली हमर् से दू र हो ज्े 44 जब अब्म लूर से इ सब ब्र कहलन र लूर उठ के यरदन के मैद्न के ओर आँ ख उठ् के दे खले​े 45 ऊ दे खलन ्क ई पूर् जगह प्नी से भरल ब् आ आदमी ख्​्रर भी ब्ढय् ब् आ स्थ ही स्थ मवेशी ख्​्रर च्र्ग्ह भी ब्े 46 लूर अब्म से ओ्हज् चल गइलन आ ऊ ओ्हज् आपन डे र् खड् कइलन आ सदोम मे रह गइलन आ ऊ लोग एक दोसर् से अलग् हो गइलन. 47 अब्म हे बोन के ममरे के मैद्न मे रहर रहले अवररी उह्ँ आपन डे र् खड् कईले अवररी अब्म बहर स्ल रक ओ जगह प रहले​े

2 इ च्रो र्ज् अपन् सब डे र् के संगे लगभग आठ ल्ख आदमी के संगे चढ गईले अवररी उ लोग अपन् र्स् मे ्मलल हर आदमी के म्र दे ले​े 3 सदोम आ अमोर् के प्ं च र्ज्, अदम् के र्ज् ्शन्ब, जबबोयम के र्ज् शेमेबर, सदोम के र्ज् बेर्, अमोर् के र्ज् बेरश् आ सोअर के र्ज् बेल्, ओ लोग से ्मले ्नकलल लोग आ सब लोग ्स्​्म के ल्टी मे एक स्थ ्मल गईले 4 ई नौ र्ज् ्स्ीम के ल्टी मे लड्ई लडले​े सदोम आ अमोर् के र्ज् लोग एल्म के र्ज् लोग के स्मने म्र ्दहल गइले 5 ्स्ीम के ल्टी चून् के गड् से भरल रहे आ एल्म के र्ज् सदोम के र्ज् लोग के पीछ् करर रहले आ सदोम के र्ज् लोग अपन् डे र् के स्थे भ्ग के चून् के गड् मे ्गर गइलन आ ब्की सब लोग सरर्कर ख्​्रर पह्ड पर चल गइलन आ एल्म के प्ं च र्ज् ओह लोग के पीछे -पीछे चल के सदोम के फ्टक रक ले गइलन आ सदोम के सब करछ ले ्लहले​े 6 ऊ लोग सदोम आ अमोर् के सब शहरन के लूट ्लहल आ अब्म के भ्ई के बेट् लूर आ ओकर संप्त भी ले ्लहल आ सदोम शहरन के सगरी संप्त पर कब् कर ्लहल आ ऊ लोग चल गइले यर् मे अब्म के नौकर यू्नक इ दे ख के अब्म के उ सब ब्र बरवले जवन र्ज् लोग सदोम के शहर के संगे कईले रहले अवररी लूर के ओ लोग बंदी बन् लेले रहले​े 7 अब्म के ई ब्र सरन के ऊ अपन् स्थे लगभग रीन सौ अठ्रह आदमी के स्थे उठल आ ओह र्र ऊ एह र्ज् लोग के पीछ् क के म्र ्दहलस आ सब लोग अब्म आ उनकर आदमी के स्मने ्गर गइल आ भ्गल च्र गो र्ज् के अल्व् केह न् बचल आ हर केह अपन् र्स् पर चल गइले 8 अब्म सदोम के सब संप्त व्पस ले ्लहले अवररी उ लूर अवररी उनरकर संप्त, उनरकर पती अवररी छोट-छोट बच् अवररी उनरकर सभ संप्त व्पस क लेले, जवन् से लूर के करछूओ के कमी न् रहे े 9 जब ऊ एह र्ज् लोग के म्र के लवटलन र उनकर आदमी लोग ्स्ीम के ल्टी से गरजरल जह्ँ र्ज् लोग एक संगे यर् कइले रहले​े 10 सदोम के र्ज् बेर् आ उनकर ब्की आदमी जे चून् के गड् मे ्गरल रहले, ओ्हज् से अब्म आ उनकर आदमी से ्मले ख्​्रर ्नकलले 11 यतशलेम के र्ज् अदो्नसेदेक, उहे शेम, अपन् आदमी के स्थे रोटी आ शर्ब लेके अब्म आ उनकर लोग से ्मले ख्​्रर ्नकलल आ उ लोग मेलेक के ल्टी मे एक स्थ रह गइले 12 अदो्नसेदेक अब्म के आशीष ्दहलन आ अब्म अपन् दर शनन के लूट से जवन करछ ले आइल रहे ओकर् मे से दसव्ँ ्हस् ओकर् के दे ्दहलन क्हे ्क अदो्नसेदेक भगव्न के स्मने य्जक रहले. 13 सदोम आ अमोर् के सब र्ज् अपन् नौकरन के स्थे अब्म से ्नहोर् कइलन ्क ऊ ओह लोग के नौकरन के व्पस कर दे व जवन् के ऊ बंदी बन् ्लहले रहले आ सगरी संप्त अपन् लगे ले लेव. 14 अब्म सदोम के र्ज् लोग के जव्ब दे र कहलन ्क, “जइसे पभर ्जंद् ब्डे , जे सगय आ धररी के रचन् कइले ब्डन, आ जे हमर् के हर दर ःख से मरक कर ्दहले ब्डन, आ जे हमर् के आज हमर् दर शनन से बच् के हमर् ह्थ मे दे ्दहले ब्डन, हम रोह्र कवनो चीज न् लेब, र्​्क रू क्लह लमंड मर करी ं

अध ्य 16 के ब् 1 ओही लरी एल्म के र्ज् कदोल्य ओमर पडोसी के सब र्ज् लोग के लगे, ्शन्र के र्ज् ्नमरोद के लगे भेजले, जवन ्क रब अपन् अ्धक्र मे रहे , आ गोयम के र्ज् ट्इडल आ एल्सर के र्ज् अररओक के लगे भेजले रहले, जवन् से उ एगो व्च् कईले रहले ्क, “हमर् लगे आके हम्र मदद करी,ं र्​्क हमनी के सदोम के सभ शहर अवररी ओकर् ्नव्सी के म्र दे बे” हमर् खखल्फ ई रेरह स्ल से ्वदोह कइलसे

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जशेर के बा

्क अब्म हमनी के संप्त से अमीर हो गइलन जवन् के ऊ बच् ्लहले ब्डन. 15 क्हे ्क हम्र परमेस् वर पभर, जेकर् पर हम भरोस् करर ब्नी, हमर् से कहलन ्क रोहर् करछर ओ के कमी न् होई, क्हे ्क हम रोहर् ह्थ के सब क्म मे रोहर् के आशीष दे बे 16 अब दे ख़, इह्ँ रोह्र सब करछ ब्, ओकर् के लेके चल ज्े जइसे ्क पभर जीयर ब्डन हम रोहर् से कवनो ्जंद् आत् से जूर् भ् ध्ग् रक न् लेब, ्सव्य हमर् स्थे लड्ई मे ्नकलल लोग के ख्न् के खरच् के, आ हमर् स्थे गइल आदमी के ्हस्, अन्र, अशोल आ ममरे , ऊ लोग आ ओह लोग के आदमी के ्हस् के स्थे-स्थे जे लोग स्म्न पर नजर र्खे ख्​्रर बचल रहे , ऊ लोग लूट के आपन ्हस् ले लीे 17 सदोम के र्ज् अब्म के जवन करछ कहले रहले, ओकर् के दे ले अवररी उ लोग उनरक् के जवन करछ चरनले, ओकर् के लेवे ख्री दब्वर रहले, ले्कन उ न् मनले​े 18 सदोम के र्ज् आ उनकर ब्की आदमी के भेज ्दहलन आ लूर के ब्रे मे आदे श ्दहलन आ ऊ लोग अपन्-अपन् जगह पर चल गइले 19 अपन् भ्ई के बेट् लूर भी आपन संप्त लेके चल गईले अवररी लूर अपन् लर सदोम मे लवट गईले अवररी अब्म अवररी उनरकर लोग अपन् लरे ममरे के मैद्न मे लवट गईले, जवन ्क हे बोन मे ब्े 20 ओही लरी परमेस् वर फेर से अब्म से हे बोन मे पकट भइले आ कहलन ्क मर डे र्, रोह्र इन्म हमर् सोझ् बहर बड ब्, क्हे ्क हम रोहर् के रब रक न् छोडब, जब रक ्क हम रोहर् के न् बढ् दे ब आ रोहर् के आशीष न् दे ब आ रोहर् वंशज के सगय के र्र् ्नहन न् बन् दे ब, जवन् के न्पल न् ज् सकेल्े 21 आ हम रोहर् संर्न के इ सब दे श दे ब जवन रू अपन् आँ ख से दे खर ब्डू, हम ओह लोग के हमेश् ख्​्रर ्वर्सर के तप मे दे ब, ख्ली मजबूर रही ं आ मर डे र्ईं, हमर् सोझ् चलीं आ ्स् रहीें 22 अब्म के जीवन के अडहतरव्ँ स्ल मे पेलेग के बेट् रे ऊ के मौर हो गइल आ रे उ के पूर् ्दन दू सौ उनरीस स्ल के रहल आ ऊ मर गइलने 23 ओह लरी अब्म के मेहर्त ह्र्न के बेटी स्र् बंजर रहलीे उ अब्म के न् र बेट् पैद् कईली न् बेटीे 24 जब उ दे खली ्क उनरक् कवनो संर्न नईखे भईल र उ अपन् द्सी ह्जर के लेके चल गईली, जवन ्क ्फरौन उनरक् के दे ले रहले अवररी उनरक् के अपन् प्र के अब्म के पती के तप मे दे दे लीे 25 क्हे ्क ह्ग्र स्र् के सब र्स् ्सखले रहली, जईसे ्क सर्य ओकर् के ्सखवले रहलीे 26 सर्य अब्म से कहली, “दे ख़, हम्र द्सी ह्जर हई, ओकर् लगे ज्के हमर् लरटन् टे क के बच् पैद् करस, र्​्क हम ओकर् से संर्न भी प् सकीले​े” 27 अब्म के कन्न दे श मे रहल् के दस स्ल के अंर मे, जवन ्क अब्म के जीवन के पच्सीव्ं स्ल ह, र स्र् ह्ग्र के दे ्दहलीे 28 अब्म अपन् मेहर्त स्र् के आव्ज सरन के आपन द्सी ह्जर के लेके चल गईले अवररी अब्म ओकर् लगे अईले अवररी उ गभयवरी हो गईलीे

29 जब ह्जर दे खली ्क ऊ गभयवरी हो गइल ब्डी र ऊ बहरे खरश हो गइली आ उनकर म्लक्इन के नजर मे ्ररस्र कइल गइल आ ऊ अपन् मन मे कहली ्क, “ई रबे हो सकेल् ्क हम अपन् म्​्लक स्र् से भगव्न के स्मने बेहरर ब्नी, क्हे ्क जबले हम्र म्​्लक हमर् म्​्लक के स्थे रहली, उ सब ्दन से उ गभयवरी न् रहली, ले्कन हमर् के पभर एरन् कम समय मे उनरक् से गभयवरी कर दे ले ब्डे े 30 जब सर्य दे खलस ्क ह्जर अब्म से गभयवरी हो गईल ब्डी, र स्र् के अपन् द्सी से ईष्य भईल अवररी स्र् मन मे कहली ्क, “ई र अवररी करछूओ नईखे, ्सव्य एकर् ्क उ हमर् से ्नमन होखे के च्हीे” 31 सर्य अब्म से कहली, “हम्र गलरी रोहर् पर होखे, क्हे ्क जब रू लइकन ख्​्रर पभर के स्मने प्थयन् करर रहलू, रब रू हमर् ख्​्रर क्हे न् प्थयन् कइनी ्क पभर हमर् के रोहर् से बीज दे स? 32 जब हम रोहर् स्मने ह्जर से ब्र करब र ऊ हमर् ब्र के ररच समझेले क्हे ्क ऊ गभयवरी हो गइल ब्डी आ रू ओकर् से करछ न् कहबे रू हमर् स्थे जवन कइले ब्ड़ ओकर् ख्​्रर पभर हमर् आ रोहर् बीच के न्य करसे 33 अब्म स्र् से कहले, “दे ख़ रोह्र द्सी रोहर् ह्थ मे ्बय्, ओकर् स्थे जइसन रोहर् नजर मे अच् ल्गे, ओइसन कऱे सर्य ओकर् के दर खी कइलस आ ह्जर ओकर् से भ्ग के जंगल मे चल गइले 34 जवन् जगह से ऊ भ्गल रहे , उह्ँ एगो इन्र के ्कन्रे परमेश् वर के एगो दू र ओकर् के ्मलल, र ऊ ओकर् से कहलस, “मर डे र्, क्हे ्क हम रोह्र संर्न के बढ् दे ब, क्हे ्क रू एगो बेट् पैद् करब़ आ रू ओकर न्म इस्इल रखब़े अब र अपन् म्लक्इन सर्य के लगे लवट के ओकर् ह्थ के अधीन हो ज्े 35 ह्ग्र ओह करआँ के जगह के बेर-लह्ई-रोई कहलन जवन क्दे श आ बेरेद के जंगल के बीच मे ब्े 36 ओह लरी ह्जर अपन् म्​्लक के लरे लवटली आ ्दन के अंर मे ह्जर अब्म के एगो बेट् पैद् कइली आ अब्म ओकर न्म इस्इल रख ्दहलसे जब अब्म के जनम भइल र ओकर उ्मर ्छय्सी स्ल रहे े अध ्य 17 के ब् 1 ओह ्दन अब्म के जीवन के एकनबेव्ँ स्ल मे ्कतीम के लोग ररबल के संर्न से लड्ई लडल क्हे ्क जब पभर आदमी के बेट् लोग के धररी पर ्बखर ्दहलन र ्कतीम के लोग ज्के कनो्पय् के मैद्न मे अपन् के मूरय तप ले ्लहले आ ओ्हज् आपन शहर बन् के ्रबू नदी के ्कन्रे रह गइलने 2 ररबल के लोग टसन् मे रहर रहे आ उनकर सीम् ्रबू नदी रक पहँ चल आ ररबल के लोग टस्नन मे एगो शहर बनवलस आ उ लोग आपन ब्प ररबल के बेट् स्बन् के न्म पर स्बन् रखलस आ उ लोग आज रक उह्ँ रहर रहले 3 ओही लरी ्कतीम के लोग ररबल के लोग से लड्ई लडल आ ररबल के लोग ्कतीम के लोग के स्मने म्र ्दहल आ ्कतीम के लोग ररबल के लोग से रीन सौ सतर आदमी के ्गर् ्दहले

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जशेर के बा

4 ओह लरी ररबल के लोग ्कतीम के लोग के ्कररय् खइले ्क, “रू हमनी के बीच ्बय्ह न् कऱ, आ केह आपन बेटी के ्कतीम के कवनो बेट् के न् दे ईे” 5 ओह लरी ररबल के सब बेटी गोरी रहली, क्हे ्क रब पूर् धररी मे ररबल के बेटी जइसन गोरी कवनो मेहर्त न् ्मलर रहे े 6 आउर जे भी औरर के सरंदरर् मे खरश रहे , उ लोग ररबल के बेटी के प्स ज्के ओह लोग से मेहर्त ्बय्ह कईले, आ आदमी के बेट्, र्ज् आ र्जकरम्र, जे औररन के सरंदरर् मे बहर खरश रहले, उ लोग ओह लरी ररबल के बेटी से पती ्बय्ह कईले​े 7 ररबल के लइक् लोग ्कतीम के लइकन से आपन बेटी के मेहर्त न् दे वे के कसम खइल् के रीन स्ल ब्द ्कतीम के लोग मे से लगभग बीस आदमी ररबल के करछ बेटी के लेके चल गईले, ले्कन उ लोग के कवनो बेटी न् ्मलले 8 क्हे ्क ररबल के लइक् लोग आपन कसम के प्लन करर रहे ्क उ लोग अपन् संगे ्बय्ह न् करीहे अवररी उ लोग आपन ्कररय् न् रोडर रहले​े 9 कट्ई के ्दन मे ररबल के लइक् लोग अपन् खेर मे ्नकल के आपन फसल के खेर मे चलर रहे , जब ्कतीम के नवही लोग जरट के स्बन् शहर मे चल गइल आ हर आदमी ररबल के बेटी लोग मे से एगो यरवरी के लेके आपन शहर मे आ गइले 10 ररबल के लोग ई ब्र सरन के ओह लोग से लड्ई करे गइलन आ ऊ लोग ओह लोग पर ह्वी न् हो प्वल क्हे ्क पह्ड ओह लोग से बहरे ऊँच रहे आ जब ऊ लोग दे खल ्क ऊ लोग ओह लोग पर ह्वी न् हो प्वे र ऊ लोग अपन् दे श मे लवट गइल. 11 स्ल के क्ं ्र के समय ररबल के लोग ज्के अपन् नजदीक के शहरन से करीब दस हज्र आदमी के क्म पर रखले अवररी उ लोग ्कतीम के लोग के संगे लड्ई करे लगले​े 12 ररबल के लइक् लोग ्कतीम के लोग के स्थे लड्ई मे ्नकलल, आपन दे श के नष करे आ ओकर् के परे श्न करे ख्​्रर, आ एह लड्ई मे ररबल के लोग ्कतीम के लोग पर ह्वी हो गइल आ ्कतीम के लोग बहर दर खी होके ररबल के बेटी लोग से ्मलल संर्न के ओह दे व्ल पर उठ् ्दहल जवन बनल रहे , र्​्क उ लोग के बच् लोग के नजर मे रहे ररबल के ब्े 13 ्कतीम के लोग ओह लोग से कहलस, “क् रू लोग अपन् बेट्-बेटी से लड्ई करे आइल ब्डू, आ क् हमनी के ओह समय से लेके अब रक रोह्र म्ं स आ हडी न् म्नल ज्ल्? 14 जब ररबल के लोग इ ब्र सरन के ्कतीम के लोग से लड्ई बंद क दे ले अवररी उ लोग चल गईले​े 15 उ लोग अपन्-अपन् शहर मे व्पस आ गईले अवररी ओ समय ्कतीम के लोग एकट् होके समरंदर के ्कन्रे दर शहर बनवले अवररी एगो के पररूय अवररी दू सर् के अरीस् न्म दे ले​े 16 रब रेर् के बेट् अब्म उननबे स्ल के रहले​े 17 ओही लरी पभर ओकर् से पकट भइले आ ओकर् से कहलन ्क हम अपन् आ रोहर् बीच आपन व्च् करब आ रोह्र संर्न के बहरे बढ् दे ब आ हम अपन् आ रोहर् बीच जवन व्च् कइले ब्नी ऊ इहे ब् ्क हर नर बच् के खरन् कर्वल ज्व, रू आ रोहर् ब्द के वंशज के खरन् हो ज्व. 18 आठ ्दन के उ्मर मे ओकर खरन् हो ज्ई आ ई व्च् रोहनी के शरीर मे अनन व्च् ख्​्रर होईे

19 अब रोह्र न्म अब अब्म न् होई, ले्कन इब्हीम होई अवररी रोह्र पती के न्म अब स्र् न् होईे 20 हम रोहनी दर नर के आशीव्य द दे ब आ रोहर् ब्द रोहनी के संर्न के बढ् दे ब ्क रू एगो बडहन र्ष् बनब़ आ रोहनी से र्ज् ्नकल जइहे े अध ्य 18 के ब् 1 अब्हम उठ के भगव्न के आदे श के सब क्म कईले अवररी उ अपन् लर के आदमी अवररी अपन् पईस् से खरीदल लोग के लेके चल गईले अवररी पभर के आदे श के मरर्​्बक खरन् क दे ले​े 2 केह के खरन् न् भइल आ अब्हम आ उनकर बेट् इस्इल के खरन् हो गइले रेरह स्ल के रहले इस्इल जब उनकर खरन् भइल रहे उनकर अगचमय के म्ं स मे​े 3 रीसर् ्दन अब्हम अपन् डे र् से ब्हर ्नकल के दर आर पर बईठ के अपन् शरीर के पीड् के दौर्न ल्म के गम् के आनंद लेवे​े 4 ममरे के मैद्न मे पभर उनक् के पकट भइलन आ उनकर रीन गो सेवक दू र के उनकर् से ्मले भेजलन आ ऊ डे र् के दर आर पर बइठल रहले आ आँ ख उठ् के दे खलन ्क दू र से रीन आदमी आवर रहले आ ऊ उठ के दौड के ओह लोग से ्मले ख्​्रर चल गइलन आ ऊ ओह लोग के पर्म क के ओह लोग के अपन् लर मे ले अइले. 5 ऊ ओह लोग से कहलस, “अगर रोहनी के नजर मे हमर् अनरगह ्मलल ब् र फेर मे आके एक कटोर् रोटी ख् लींे आ ऊ ओह लोग के दब् ्दहलन आ ऊ लोग भीरर लरस गइल आ ऊ ओह लोग के प्नी ्दहलन आ ऊ लोग गोड धो ्दहलन आ ऊ ओह लोग के डे र् के दर आर पर एगो पेड क् नीचे र्ख ्दहलन. 6 इब्हीम दौड के एगो कोमल आ ब्ढय् बछड् लेके ओकर् के जली से म्र के अपन् सेवक एलीएजर के सजव्वे ख्​्रर दे ्दहलने 7 इब्हीम स्र् के लगे डे र् मे अईले अवररी उनरक् से कहले, “जली से रीन न्प के महीन आट् रैय्र क, ओकर् के गूंध के म्ं स व्ल् बरयन के ढके ख्री केक बन्ई अवररी उ अयीसन कईलीे 8 इब्हीम जली-जली ओह लोग के स्मने म्न, दू ध, गोम्ं स आ मटर लेके अइले आ बछड् के म्ं स पूर् होखे से प्हले ओकर् के ख्ए ख्​्रर दे ्दहलने 9 जब उ लोग ख्न् खइल् पर एक आदमी ओकर् से कहलस, “हम ्ज्नगी के समय के ्हस्ब से रोहर् लगे लवटब आ रोह्र मेहर्त स्र् के एगो बेट् हो ज्ईे” 10 ओकर् ब्द उ लोग ्नकल के उह्ँ चल गईले, जवन् जगह प उ लोग भेजल गईल रहले​े 11 ओह लरी सदोम आ अमोर् के सब लोग आ पूर् प्ं च शहर के लोग पभर के खखल्फ बहर दर ष आ प्प करे व्ल् रहले आ उ लोग अपन् ्लनौन् क्म से पभर के भडक्वर रहले, आ उ लोग पभर के स्मने ्लनौन् आ ्ररस्र से बरढ्प् मे मजबूर हो गईले, आ ओह समय मे उ लोग के दर षर् अवररी अपर्ध पभर के सोझ् बहर ज्दे रहे े

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जशेर के बा

12 ओह लोग के दे श मे एगो बहर ्बस्ल ल्टी रहे , जवन लगभग आध् ्दन के पैदल दू री पर रहे , आ ओहमे प्नी के फव्र् आ प्नी के च्रो ओर बहर स्र् जडी-बूटी रहे े 13 सदोम आ अमोर् के सब लोग स्ल मे च्र बेर उह्ँ ज्के आपन मेहर्त-लइकी आ अपन् सब स्म्न के स्थे उह्ँ ज्र रहले आ उह्ँ बजर-ग्वर आ न्च-ग्न से आनखनर होर रहले​े 14 खरशी के समय उ सब उठ के अपन् पडोसी के मेहर्त आ करछ लोग, पडोसी के करंव्री बेटी के पकड लेर रहले, आ उ लोग मज् लेर रहले, आ हर आदमी अपन् पती अवररी बेटी के अपन् पडोसी के ह्थ मे दे ख के एक शब न् बोलर रहले​े 15 उ लोग सबेरे से र्र रक अयीसन करर रहले अवररी ओकर् ब्द उ लोग हरे क आदमी अपन् लरे अवररी हरे क म्हल् अपन् डे र् मे लवटर रहले​े र उ लोग हमेश् स्ल मे च्र बेर करर रहले​े 16 स्थ ही जब कवनो पर्य् आदमी ओह लोग के शहरन मे आके उह्ँ के ्नपट्न के मकसद से खरीदल स्म्न ले आवे र एह शहरन के लोग, मरद, मेहर्त आ लइक्, छोट-बड एकट् हो ज्र रहले आ ओह आदमी के लगे ज्के ओकर म्ल जबरन ले ज्र रहले आ हर आदमी के थोड-बहर करछ दे र रहले जबले ्क ओह म्​्लक के सगरी म्ल के अंर न् हो ज्व जवन ऊ दे श मे ले आइल रहले. 17 अगर म्ल के म्​्लक ओ लोग से झगड् करर रहले ्क, “रू हमर् स्थे इ क् क्म कईले ब्डू, र उ लोग एक-एक क के उनरक् लगे पहं चर रहले अवररी हरे क उनरक् के उ छोट चीज दे ख्वर रहले अवररी र्न् म्रर रहले ्क, “हम ्सफय उहे छोट ले लेले ब्नी जवन रू हमर् के दे ले ब्नीे आ जब ऊ ओह सब से ई ब्र सरनर रहले र ऊ उठ के ओह लोग से दर ख आ कडव्हट मे चल ज्र रहले , जब ऊ सब उठ के उनक् पीछे चल ज्र रहले आ ओकर् के बहरे हल् आ हं ग्म् से शहर से भग् दे र रहले. 18 एल्म दे श के एगो आदमी आर्म से सडक पर ज्र रहे , जवन अपन् गदह् प बईठल रहे , जवन ्क अलग-अलग रं ग के महीन कपड् लेके चलर रहे अवररी गदह् प डोरी से ब्नल रहे े 19 ऊ आदमी स्ँ झ के सूरज डूबल् पर सदोम के गली से गरजरर रहे आ र्र मे रके ख्​्रर उह्ँ रह गइल, ब्​्कर केह ओकर् के अपन् लर मे न् ज्ए ्दहलसे ओह लरी सदोम मे एगो दर ष आ बदम्श आदमी रहे , जवन बरर्ई करे मे ्नपरर रहे आ ओकर न्म हे द्द रहे े 20 ऊ आँ ख उठ् के शहर के गली मे बटोही के दे खले र ओकर् लगे आके पूछले, “रू कह्ँ से आवर ब्डू आ कह्ँ ज्र ब्डू?” 21 ऊ आदमी ओकर् से कहलस, “हम हे बोन से एल्म ज्र ब्नी जह्ँ हम ब्नी, आ जब हम गरजरर रहनी र सूरज डूब गइल आ केह हमर् के अपन् लर मे लरसे न् दे र रहे , ह्ल्ं ्क हमर् लगे रोटी-प्नी आ ग्ं ड ख्​्रर भूस् आ च्र् भी रहे , आ हमर् लगे करछर ओ के कमी नइखे​े 22 हे द्द ओकर् से कहलस ्क, “जवन करछ रोहर् के कमी होई, उ सब हमर् से ्मल ज्ई, ले्कन रू र्र भर गली मे न् रहबे” 23 हे द्द ओकर् के अपन् लरे ले अइले आ ऊ डोरी से गदह् से कपड् उर्र के अपन् लरे ले अइले आ जबले बटोही हे द्द के लर मे ख्र-पीयर रहे रबले ऊ गदह् के भूस् आ च्र् दे ्दहलन आ ओह र्र ऊ ओ्हज् रह गइलन.

24 सबेरे उ बटोही आपन य्त् ज्री र्खे ख्​्रर सबेरे उठल र हे द्द ओकर् से कहलस, “रक, एक कटोरी रोटी से रोहर् मन के ्दल्स् द आ फेर ज्, र उ आदमी अईसन कईलसे उ ओकर् संगे रहले अवररी ्दन मे दर नो लोग एक संगे ख्न्-पीन् करर रहले, जब उ आदमी ज्ए ख्री उठले 25 हे द्द ओकर् से कहलस, “दे ख़ अब ्दन कम हो रहल ब्, रू र्र भर रकल र्हर र्​्क रोह्र मन के ्दल्स् ्मल सके​े उ ओकर् के एरन् दब् ्दहलस ्क उ र्र भर उह्ँ रहले अवररी दू सर् ्दन उ जली उठ के चल गईले, रबे हे द्द ओकर् के दब् के कहले ्क, “रोटी के कटोर् से रोहर् ्दल के ्दल्स् द अवररी फेर ज्, उ दू सर् ्दन भी रह के ओकर् संगे ख्न् खईले, अवररी रब उ आदमी उठ के आपन य्त् ज्री रखले​े” 26 हे द्द ओकर् से कहलस, “दे ख़ अब ्दन कम हो रहल ब्, रोहर् मन के ्दल्स् दे वे ख्​्रर हमर् स्थे रह़ आ सबेरे उठ के चल ज्े” 27 उ आदमी न् रहे के च्हर रहे , ले्कन उठ के अपन् गदह् प क्ठी बनले रहे अवररी जब उ अपन् गदह् प क्ठी ब्ं धर रहे र हे द्द के पती अपन् प्र से कहली, “दे ख, इ आदमी दर ्दन से हमनी के संगे ख्र-पीर रहल ब् अवररी उ हमनी के करछूओ न् दे ले ब्, अवररी अब उ ्बन् करछ दे ले हमनी से दू र चल ज्ई? हे द्द ओकर् से कहलस, “चरप रह़!” 28 ऊ आदमी अपन् गदह् पर क्ठी बनले रहे आ ऊ हे द्द से कहलन ्क ऊ ओकर् के गदह् पर ब्ने ख्​्रर डोरी आ कपड् दे दे व. 29 हे द्द ओकर् से पूछले, “रू क् कहर ब्डू?” उ ओकर् से कहलस ्क, रू हमर् म्​्लक के उ डोरी अवररी रं ग के रं ग से बनल कपड् दे ब, जवन ्क रू अपन् लर मे ्छप् के रखले रहलूे 30 हे द्द ओह आदमी के जव्ब ्दहलस, “रोह्र सपन् के मरलब इहे ह, जवन डोरी रू दे खले ब्डू, एकर मरलब ब् ्क रोह्र जीवन डोरी ्नहन लंब् हो ज्ई अवररी रं ग के रं ग से रं गल आवरर के दे खल् के मरलब ब् ्क रोहर् अंगूर के बगइच् होई, जवन् मे रू हर ररह के फल के पेड लग्ईबे 31 बटोही जव्ब ्दहलस, “अइसन न् हे म्​्लक, क्हे ्क जब हम रोहर् के डोरी आ अलग-अलग रं ग से बरनल चपल दे ले रहनी र हम ज्गल रहनी, जवन् के रू हमर् ख्​्रर प्हरे ख्​्रर गदह् के उर्र दे ले रहलूे हे द्द जव्ब ्दहलन, “हम रोहर् सपन् के व्ख् जतर बरवले ब्नी आ ई एगो ब्ढय् सपन् ह, आ एकर व्ख् इहे ब्े” 32 अब आदमी के बेट् हमर् के च्र च्ं दी के टर कड् दे वेले, जवन ्क सपन् के व्ख् करे के क्म हम्र ह, अवररी हमर् ्सफय रोहर् से रीन च्ं दी के टर कड् म्ं गे के च्हीे 33 ऊ आदमी हे द्द के ब्र से न्र्ज हो गइल आ ऊ कडरआ ्चल् के हे द्द के सदोम के न्य्धीश सेर्क के लगे ले अइले​े 34 ऊ आदमी न्य्धीश सेर्क के स्मने आपन ब्र रखलस जब हे द्द जव्ब ्दहलस, “अइसन नइखे, ले्कन ब्र अईसन ब्े न्य्धीश बटोही से कहलस, “ई आदमी हे द्द रोहर् के स्ँ च बर्वर ब्, क्हे ्क ऊ शहरन मे सपन् के सही व्ख् करे ख्​्रर मशहर ब्े” 35 ऊ आदमी न्य्धीश के ब्र सरन के ्चल् के कहलस, “हम्र पभर अइसन न्, क्हे ्क हम ओह ्दन के गदह् पर जवन डोरी आ चपल ओकर् के अपन् लर मे रखे ख्​्रर दे ले 26


जशेर के बा

रहनीे आ दर नर जने जज स्हब क् सोझ् ्वव्द कइलन आ एगो कहल्स ्क, “अइसन ब्र भइल आ दोसरक् दोसर् ररह के लोषर् करर.” 36 हे द्द ओह आदमी से कहलस, “हमर् के च्र गो च्ं दी के टर कड् दे द जवन हम सपन् के व्ख् ख्​्रर ले सकीले​े हम कवनो भत् न् दे ब; आ हमर् लर मे जवन च्रो ख्न् खइले रहलू ओकर खरच् हमर् के दे द़े 37 ऊ आदमी हे द्द से कहलस, “हम रोहर् लर मे जवन खइले ब्नी ओकर पइस् रोहर् के दे ब, ख्ली उ डोरी आ चपल हमर् के दे द जवन रू अपन् लर मे ्छप् के रखले रहलूे” 38 हे द्द न्य्धीश के स्मने जव्ब दे के ओह आदमी से कहलस, “क् हम रोहर् सपन् के मरलब न् बरवले रहनी? डोरी के मरलब होल् ्क रोह्र ्दन डोरी ्नयर लमहर हो ज्ई आ मेटल, ्क रोहर् अंगूर के बगइच् होखी जवन् मे रू हर ररह के फलद्र पेड लग्इबे 39 ई रोह्र सपन् के सही व्ख् ह, अब हमर् के उ च्र च्ं दी के टर कड् दे द जवन हमर् मरआवज् के तप मे म्ं गल ज्ल्, क्हे ्क हम रोहर् के कवनो भत् न् दे बे 40 हे द्द के ब्र सरन के उ आदमी ्चल् उठल अवररी दर नो लोग न्य्धीश के सोझ् झगड् कईले अवररी न्य्धीश अपन् नौकर के आदे श दे ले अवररी उ लोग बेधडक लर से भग् दे ले​े 41 सदोम के लोग सरन के ऊ लोग न्य्धीश से झगड् करर चल गइल आ ऊ लोग अपन् आसप्स जम् हो गइल आ ऊ लोग ओह परदे सी के खखल्फ ्चल्हट कइल आ ऊ लोग ओकर् के बेधडक शहर से भग् ्दहल. 42 ऊ आदमी अपन् गदह् पर कडव्हट से ्वल्प करर आ रोवर-रोवर आपन सफर ज्री रखलसे 43 ज्र लरी सदोम के भष शहर मे जवन भइल रहे ओकर् से ऊ रोवर रहले​े

6 अगर उ ओह लोग से ्चल्र रहले र उ लोग उनरक् के जव्ब दे र रहले ्क, “हमनी के दे श मे आवे व्ल् आदमी के संगे अयीसन होईे” 7 सदोम शहर के लोग के इ सब ब्र सरन के लोग उह्ँ आवे से परहे ज कईले​े 8 आ जब कवनो गरीब आदमी ओह लोग के दे श मे आवे र ओकर् के च्ं दी आ सोन् दे के पूर् शहर मे लोषर् करस ्क ओकर् के ख्ए ख्​्रर एक कटोरी रोटी न् ्दहल ज्व आ अगर ऊ परदे शी करछ ्दन ओ्हज् रह ज्व आ भूख से मर ज्व आ एको रोटी न् ्मल प्वे र ओकर् मरल् पर शहर के सभे लोग आके आपन च्ं दी आ सोन् ले ज्र रहे जवन ऊ लोग ओकर् के ्दहले रहे . 9 जे लोग ओकर् के ्दहल च्ं दी भ् सोन् के पहच्न सकर रहे , ऊ लोग ओकर् के व्पस ले ्लहल आ ओकर् मरल् पर ऊ लोग ओकर कपड् उर्र ्दहल आ ऊ लोग ओकर् से लडर रहे आ जे अपन् पडोसी पर ह्वी रहे ऊ ओकर् के ले ्लहल. 10 ओकर् ब्द उ लोग ओकर् के लेके रे ्गस्न मे करछ झ्डी के नीचे दफन् दे र रहले​े अईसन उ लोग पूर् ्दन जे भी उ लोग के लगे आके अपन् दे श मे मर गईल ओकर् संगे करर रहले​े 11 समय के स्थ स्र् एलीएजर के सदोम भेजली ्क उ लूर से ्मले आ उनकर भल्ई के ब्रे मे पूछर्छ करस| 12 एलीएजर सदोम के एगो आदमी से भेट कइलन जवन एगो परदे सी से लडर रहे आ सदोम के आदमी ओह गरीब के सब कपड् उर्र के चल गइले 13 सदोम के आदमी ओकर् स्थे कइल क्म के चलरे इ बेच्र् ए्लएजर से ्चल् के उनकर अनरगह के ्नहोर् कइलसे 14 उ ओकर् से कहलस, “रू अपन् दे श मे आईल गरीब आदमी के संगे अयीसन क्हे करर्रे ? 15 सदोम के आदमी एलीएजर से कहलस, “क् इ रोह्र भ्ई ह ्क सदोम के लोग रोहर् के आज न्य्धीश बनवले ब् ्क रू एह आदमी के ब्रे मे बोलर ब्डू?” 16 एलीएजर ओह गरीब आदमी के चलरे सदोम के आदमी से झगड् कईले अवररी जब एलीएजर सदोम के आदमी से गरीब के कपड् लेवे के नजदीक पहं चले र उ जली-जली एलीएजर के म्थे प पतर से म्र दे ले​े 17 एलीएजर के म्थे से खून के भरम्र बहर रहे आ जब उ आदमी खून दे ख के एलीएजर के पकड ्लहलस आ कहलस ्क, “हमर् के आपन ्कर्य् दे द ्क हम रोहर् म्थे मे जवन खर्ब खून रहे , ओकर् से मरखक दे ले ब्नी, क्हे ्क हमनी के दे श मे अयीसन ररव्ज अवररी क्नून ब्े” 18 एलीएजर ओकर् से कहलस, “रू हमर् के ल्यल क दे ले ब्डू अवररी हमर् से आपन ्कर्य् दे वे के म्ं ग करर ब्डूे एलीएजर सदोम के आदमी के ब्र न् सरनले​े 19 उ आदमी एलीएजर के पकड के सदोम के न्य्धीश शक के लगे न्य ख्​्रर ले गईले 20 ऊ आदमी न्य्धीश से कहलस, “हम हम्र म्​्लक रोहर् से ्नहोर् करर ब्नी ्क ई आदमी अईसन कइले ब्, क्हे ्क हम ओकर् के एगो पतर से म्र दे ले ब्नी ्क ओकर् म्थे से खून बहल रहे , आ उ हमर् के ्कर्य् दे वे के रैय्र नईखने 21 न्य्धीश एलीएजर से कहले, “ई आदमी रोहर् से सच बोलर ब्, ओकर् के ओकर ्कर्य् दे दी,ं क्हे ्क हमनी के दे श मे इहे ररव्ज ब्े एलीएजर न्य्धीश के ब्र सरन के एगो

अध ्य 19 के ब् 1 सदोम के शहरन मे च्र गो न्य्धीश रहले आ च्र गो शहरन के न्म रहे , सदोम शहर मे सेर्क, अमोर् मे श्कयद, अदम् मे जबन्क आ जबबोयम मे मेनने 2 एलीएजर अब्हम के नौकर ओह लोग के अलग-अलग न्म रखलन आ सेर्क के शक, श्कयद के शकूर्, जेबन्क के केजोबीम आ मेनन के मतजलोदीन मे बदल ्दहलने 3 सदोम आ अमोर् के लोग के इच् से सदोम आ अमोर् के लोग शहरन के गली मे ्बछौन् खड् करवले रहे आ अगर केह एह जगहन पर आवे र ओकर् के पकड के अपन् कवनो ्बछौन् पर ले ज्के जबरन ओकर् के ओह ्बछौन् मे सरर् दे र रहे े 4 जब ऊ लेटर रहले र रीन आदमी उनक् म्थ् पर आ रीन गो गोड पर खड् होके ओकर् के ्बछौन् के लंब्ई से न्पर रहले आ अगर ऊ आदमी ्बछौन् से कम र्हर र ई छह आदमी ओकर् के हर छोर पर र्न दे र रहले आ जब ऊ ओह लोग से ्चल्र रहले र ऊ लोग ओकर् के जव्ब न् दे र रहले. 5 आ अगर ऊ ्बछौन् से लमहर र्हर र ऊ लोग ्बछौन् के दर नो ओर के हर छोर पर एक स्थ खीच ं लेर रहे , जब रक ्क ऊ आदमी मौर के दर आर पर न् पहँ च ज्वे 27


जशेर के बा

पतर उठ् के न्य्धीश के म्र ्दहलस अवररी पतर ओकर् म्थे प ल्गल अवररी न्य्धीश के म्थे से खून के भरम्र बह गईल अवररी एलीएजर कहले, "जदी आपके दे श मे इहे ररव्ज ब् र रू ए आदमी के उहे दे द, जवन हम ओकर् के दे वे के च्हर रहनी, क्हे की इ आपके फैसल् भईल ब्, र रू रय कईले ब्डूे" 22 एलीएजर सदोम के आदमी के न्य्धीश के लगे छोड के चल गईले​े 23 जब एल्म के र्ज् सदोम के र्ज् लोग से लड्ई लडले र एल्म के र्ज् सदोम के सभ संप्त प कब् क लेले अवररी लूर के ओकर संप्त के संगे बंदी बन् लेले अवररी जब इब्हीम के इ ब्र कहल गईल र उ एल्म के र्ज् से लड्ई लडले अवररी उनरक् ह्थ से लूर के सभ संप्त के संगे-संगे सदोम के संप्त भी व्पस क लेले​े 24 ओही लरी लूर के मेहर्त उनकर् के एगो बेटी के जनम ्दहली आ ऊ उनकर न्म पख्थ रखले आ कहलन ्क भगव्न उनक् के आ उनकर पूर् लर के लोग के एल्म के र्ज् लोग से बच् लेले रहले​े लूर के बेटी पख्थ बड हो गइल आ सदोम के एगो आदमी ओकर् के मेहर्त बन् ्लहलसे 25 एगो गरीब आदमी भरर पोषर के रल्श मे शहर मे आइल आ ऊ करछ ्दन शहर मे रहल आ सदोम के सब लोग अपन् ररव्ज के मरर्​्बक एह आदमी के एक कटोर् रोटी न् ख्ए के लोषर् कइल, जबले ्क ऊ धररी पर मर के न् ्गर ज्व आ ऊ लोग अईसन कइले 26 लूर के बेटी पख्थ इ आदमी के भूख से भूखे सडक प पडल दे खली अवररी केह ओकर् के ्जंद् र्खे ख्री करछूओ न् दे वे के च्हर रहे अवररी उ अभी मौर के हद रक रहे े 27 ऊ आदमी पर उनकर आत् दय् से भर गइल आ ऊ बहर ्दन ले ओकर् के चरपके से रोटी खखय्वर रहली आ एह आदमी के आत् ्जंद् हो गइले 28 जब उ प्नी ले आवे ज्र रहली र रोटी प्नी के लड् मे ड्ल दे ली अवररी जब उ गरीब आदमी के जगह प पहं चली र लड् से रोटी लेके ओकर् के ख्ए दे लीे र उ कई ्दन रक कईलीे 29 सदोम आ अमोर् के सब लोग अचरज मे ल्गल ्क इ आदमी एरन् ्दन रक भूख से कइसे मर सकेल्| 30 उ लोग एक दू सर् से कहलस, “ई र ख्ली इहे हो सकेल् ्क उ ख्ए-पीयेल्, क्हे ्क केह एरन् ्दन रक भूख से मरल नईखे ज् सकर, न् ही उ आदमी जईसन ्जंद् ब्, ्बन् ओकर चेहर् रक बदलले​े आ रीन आदमी एगो अइसन जगह पर लरक् गइलन जह्ँ ऊ बेच्र् रैन्र रहे , ई ज्ने ख्​्रर ्क के ह जे ओकर् के ख्ए ख्​्रर रोटी ले आइल ब्. 31 ओह ्दन लूर के बेटी पख्थ प्नी ले आवे ्नकलली आ ऊ अपन् प्नी के लड् मे रोटी ड्ल के ओह गरीब आदमी के जगह् से प्नी खीच ं े गइली आ ऊ लड् से रोटी ्नक्ल के ओह गरीब के दे ्दहली आ ऊ ओकर् के ख् गइल. 32 रीनों आदमी दे खलन ्क पख्थ ओह गरीब आदमी के क् कइलस र ऊ लोग ओकर् से कहलस, “रब रू ही ओकर सह्र् दे ले ब्डू, आ एही से ऊ न् भूखे मरल ब्, न् तप बदलल ब् आ न् ही ब्की लोग ्नहन मरल ब्े” 33 रीनों आदमी जह्ँ लरक्इल रहले, ओ्हज् से ्नकल के प्ीथ आ गरीब के ह्थ मे रोटी पकड ्लहले​े 34 उ लोग पख्थ के लेके अपन् न्य्धीश लोग के सोझ् ले अईले अवररी उ लोग से कहलस ्क, उ अयीसन कईली अवररी

उहे गरीब आदमी के रोटी के आपू्रय कईली, एहसे उ एरन् ्दन रक न् मरले अब हमनी के क्नून के उलंलन करे के चलरे ए म्हल् के सज् के ब्रे मे बर्वे 35 सदोम आ अमोर् के लोग एकट् होके शहर के गली मे आग जर् के ओह औरर के लेके आग मे फेक ्दहलस अवररी उ र्ख के र्ख हो गईले 36 अदम् शहर मे एगो औरर रहली, जेकर् स्थे उ लोग अइसने करर रहले​े 37 क्हे ्क एगो बटोही सबेरे लरे ज्ए के इर्द् से र्र भर ओ्हज् रहे ख्​्रर अदम् शहर मे आइल रहे आ ऊ यरवरी के ्पर् के लर के दर आर के स्मने बइठल रहे आ ओ्हज् रहे ख्​्रर जइसे ्क सूरज डूब गइल रहे जब ऊ ओ्हज् पहँ चल रहे े आ यरवरी ओकर् के लर के दर आर पर बइठल दे खलसे 38 ऊ ओकर् से प्नी पीये के कहलस र ऊ ओकर् से कहली, “रू के हउअ?” आ ऊ ओकर् से कहलस, “हम आज सडक पर ज्र रहनी आ सूरज डूबल् पर इह्ँ पहँ च गइनी, एहसे र्र भर इह्ँ रहब, आ सबेरे जली उठ के आपन सफर ज्री रखबे 39 यरवरी लर मे ज्के ओह आदमी के ख्ए-पीये ख्​्रर रोटीप्नी ले अइलीे 40 अदम् के लोग के ई ब्र पर् चलल आ ऊ लोग एकट् होके ओह यरवरी के न्य्धीश लोग के सोझ् ले अइले ्क ऊ लोग एह क्म ख्​्रर ओकर न्य करसे 41 न्य्धीश कहले, “एह औरर के मौर के सज् होखे के च्ही, क्हे ्क उ हमनी के ्नयम के उलंलन कईले ्बय् अवररी एहीसे उनरक् ब्रे मे इ फैसल् ब्े 42 ओह शहरन के लोग एकट् होके ओह यरवरी के ब्हर ले आके जज स्हब के फरम्न के मरर्​्बक ओकर् म्थ् से गोड रक शहद के अ्भषेक कईले अवररी ओकर् के मधरम्ी के झरंड के सोझ् रखले, जवन ्क रब अपन् छत् मे रहे अवररी मधरम्ी ओकर् प उड के ओकर् के डं क म्र दे लस ्क ओकर पूर् शरीर फूल गईल रहे े 43 यरवरी मधरम्ी के चलरे ्चल् उठल, ले्कन केह ओकर् प ध्न न् दे लस अवररी न् ओकर् प ररस आईल अवररी उनरकर ्चल्हट सगय मे चढ गईले 44 सदोम शहरन के एह ब्र आ हर क्म पर पभर न्र्ज हो गइलन क्हे ्क ओह लोग के भरपूर भोजन रहे आ ओह लोग मे श्ं ्र रहे आ अब्हयों ऊ गरीब आ जतररमंद लोग के भरर पोषर न् कर पवले आ ओह ्दनन मे ओह लोग के बरर्ई आ प्प पभर के स्मने बहरे बढ गइल. 45 रब परमेस् वर अब्हम के लरे आइल दू गो सगयदूरन के बोल्वे के भेजलन ्क ऊ सदोम आ ओकर शहरन के न्श करसे 46 अब्हम के डे र् के दर आर से उठ के सगयदूर स्ँ झ के सदोम पहं चले, रब लूर सदोम के फ्टक मे बईठल रहले अवररी जब उ ओ लोग के दे खले र उ ओ लोग से ्मले ख्री उठले अवररी उ जमीन प झरक गईले​े 47 ऊ ओह लोग के बहरे दब् के अपन् लर मे ले अइले आ ऊ लोग के ख्न् ्दहलन जवन ऊ लोग ख्र रहे आ ऊ लोग र्र भर ओकर् लर मे रह गइल. 48 सगयदूर लोग लूर से कहले, “उठ, रू आ रोह्र सब लोग एह जगह से ्नकल ज्, कही ं रू एह शहर के अधमय मे न् खरम हो ज्इब, क्हे ्क पभर एह जगह के न्श कर ्दहे े” 28


जशेर के बा

49 सगयदूर लोग लूर के ह्थ आ उनकर मेहर्त के ह्थ आ उनकर लइकन के ह्थ आ उनकर सब स्म्न के पकड के ओकर् के ब्हर ले आके शहरन से ब्हर रख ्दहले 50 उ लोग लूर से कहलस ्क, “रोह्र ज्न बच्वे ख्​्रर भ्ग ज्, र उ अपन् सब करछ भ्ग गईले​े” 51 रब पभर सदोम आ अमोर् आ एह सब शहरन पर सगय से पभर के ओर से गंधक आ आग बरस् ्दहले​े 52 ऊ एह शहरन के, पूर् मैद्न आ शहरन के सब ्नव्सी आ जमीन पर उग के उख्ड फेक ्दहलने आ लूर के मेहर्त आदो शहरन के ्वन्श दे खे ख्​्रर पीछे मरड के दे खली, क्हे ्क सदोम मे रहल बेटी लोग पर उनकर दय् आ गइल क्हे ्क ऊ लोग उनक् स्थे न् गइल रहे े 53 जब ऊ पीछे मरड के दे खली र ऊ नमक के खंभ् बन गइल आ ऊ आजर ले ओ्हज् ब्. 54 ओ्हज् खड् बैल रोज अपन् गोड के छोर रक नमक च्टर रहे आ सबेरे ऊ नय् ्सर् से ्नकलर रहे आ आजर ले ओकर् के फेर से च्टर रहे े 55 लूर आ उनकर दू गो बेटी जे उनकर् स्थे बचल रहली, भ्ग के अदर ल्म के गरफ् मे भ्ग गइल लोग आ करछ दे र ले उह्ँ रह गइले 56 अब्हम सबेरे-सबेरे उठ के दे खले ्क सदोम के शहरन के क् भइल ब्े ऊ दे ख के दे खलन ्क शहरन के धरँआ भटी के धरँआ ्नयर ऊपर ज् रहल ब्े 57 लूर आ उनकर दर नर बेटी गरफ् मे रह गइल लोग आ अपन् ब्प के शर्ब पी के ओकर् स्थे लेट गइल क्हे ्क ऊ लोग कहर रहे ्क धररी पर कवनो अइसन आदमी नइखे जे ओह लोग से बीय् पैद् कर सके, क्हे ्क ऊ लोग सोचर रहे ्क पूर् धररी न्श हो गइल ब्. 58 दर नर ज्न् अपन् ्पर् के संगे लेट गईले अवररी उ लोग गभयवरी होके बेट् पैद् कईले अवररी प्हल् बच् अपन् बेट् के न्म मोआब रखलस अवररी कहलस ्क, “हम उनरक् के अपन् ्पर् से गभयवरी भईल ब्नीे ऊ आजर ले मोआ्बयन के ब्प हवे​े 59 छोटकी भी अपन् बेट् के बेन्मी कहलसे उ आज रक अमोन के संर्न के ्पर् हवे​े 60 एकर् ब्द लूर आ उनकर दू गो बेटी उह्ँ से चल गइलन आ ऊ अपन् दर नर बेटी आ बेट् के स्थे यरदन के ओह प्र रह गइलन आ लूर के बेट् बड हो गइलन आ कन्न दे श से ज्के आपन मेहर्त ले ्लहलन आ ओह लोग के संर्न भइल आ ऊ लोग फल बढल आ बढल.

3 जब अब्हम प्लसीयन के दे श मे रहर रहले र प्लसीयन के र्ज् अबीमेलेक के नौकर दे खले ्क स्र् बहर सरंदर ब्डी, र उ लोग अब्हम से पूछले ्क उ हम्र ब्हन हईे 4 अबीमेलेक के नौकर अबीमेलेक के लगे गईले अवररी कहले, “कन्न दे श के एगो आदमी ए दे श मे रहे ख्री आईल ब् अवररी उनरकर एगो ब्हन बहर सरंदर ब्डीे 5 अबीमेलेक अपन् नौकरन के ब्र सरन के जे स्र् के सर्र करर रहले, र अबीमेलेक आपन अफसर भेजले अवररी उ लोग स्र् के र्ज् के लगे ले गईले​े 6 स्र् अबीमेलेक के लरे अइली र र्ज् दे खलस ्क स्र् सरनर ब्डी आ उ उनक् के बहर खरश कइलीे 7 उ ओकर् लगे ज्के ओकर् से कहलस, “उ आदमी रोहर् ख्​्रर क् ह, जेकर् संगे रू हमनी के दे श आईल ब्डू?” आ स्र् जव्ब ्दहली आ कहली ्क ऊ हम्र भ्ई हवे आ हमनी के कन्न के दे श से जह्ँ भी जगह ्मलल उह्ँ रहे ख्​्रर आइल रहनी ज्े 8 अबीमेलेक स्र् से कहलस, “दे ख़ हम्र दे श रोहर् सोझ् ब्, अपन् भ्ई के एह दे श के कवनो ्हस् मे र्खी ं जवन रोहर् पसंद होखे, आ हमनी के करयव होई ्क हमनी के ओकर् के ओह दे श के सब लोग से ऊपर उठ्ईं आ ऊपर उठ्ईं क्हे ्क ऊ रोह्र भ्ई हे 9 अबीमेलेक अब्हम के बोल्वे के भेजले आ अब्हम अबीमेलेक के लगे चल गईले​े 10 अबीमेलेक अब्हम से कहलस, “दे ख़ हम आदे श दे ले ब्नी ्क रोह्र ब्हन स्र् के चलरे रोह्र आदर के मरर्​्बक सम्न ्दहल ज्वे 11 इब्हीम र्ज् से ्नकल गईले अवररी र्ज् के उपह्र उनरक् पीछे -पीछे चल गईले​े 12 जइसे स्ँ झ के समय आदमी आर्म करे ख्​्रर लेट ज्ए से प्हले र्ज् अपन् ्संह्सन पर बइठल रहले आ ओकर् पर ग्हर्ह नीद ं आ गइल आ ऊ ्संह्सन पर लेट के सबेरे ले सररल रहले. 13 ऊ सपन् मे दे खलन ्क पभर के एगो सगयदूर ह्थ मे रलव्र लेके उनकर् लगे अइले आ सगयदूर अबीमेलेक के ऊपर खड् होके रलव्र से म्रे के च्हर रहले आ र्ज् सपन् मे लबर् गइलन आ सगयदूर से कहले, “हम रोहर् खखल्फ कवन प्प कइले ब्नी ्क रू हमर् के रलव्र से म्रे आइल ब्डू?” 14 रब सगयदूर अबीमेलेक से कहलस, “क्ल र्र के जवन औरर रू अपन् लरे ले अइले रहलू ओकर् चलरे रू मरर ब्डू, क्हे ्क उ एगो ्बय्हल औरर हई, अब्हम के पती हई जवन रोहर् लरे आईल रहलीे अब ओह आदमी के आपन मेहर्त व्पस कर दी,ं क्हे ्क ऊ ओकर मेहर्त हईे आ क् रू ओकर् के व्पस न् कऱ, ई ज्न लीं ्क रू आ रोह्र सब लोग जतर मरब़े 15 आ ओह र्र प्लसीयन के दे श मे बहर ्चल्हट भइल आ ओह दे श के ्नव्सी लोग एगो आदमी के आकृ्र दे खल जवन ह्थ मे रलव्र लेके खड् ब् आ ऊ ओह दे श के ्नव्सी लोग के रलव्र से म्र ्दहलस, हँ ऊ ओह लोग के म्रर रहले 16 ओह र्र पभर के दू र पूर् प्लसीयन के दे श पर हमल् कर ्दहलस आ ओह र्र आ अ्गल् ्दने सबेरे बहर उलझन हो गइले

अध ्य 20 के ब् 1 ओही लरी अब्हम ममरे के मैद्न से ्नकल के प्लसीयन के दे श मे चल गइलन आ ऊ गेर्र मे रह गइलन. इब्हीम के कन्न दे श मे रहल् के पचीसव्ँ स्ल आ अब्हम के जीवन के सौव्ँ स्ल मे उ प्लसीयन के दे श मे गेर्र अइले​े 2 जब उ लोग दे श मे लरसल र उ अपन् पती स्र् से कहले, “जे भी रोहर् से पूछी, ओकर् से कह रू हम्र ब्हन हई, र्​्क हमनी के दे श के ्नव्सी के बरर्ई से बचे के मौक् ्मल सके​े”

29


जशेर के बा

17 अबीमेलेक के अब्हम के पती स्र् के चलरे हर गभय आ ओकर सब बच् बंद हो गईल रहे े 18 सबेरे अबीमेलेक लबर्हट आ उलझन मे आ बहरे डर से उठल आ अपन् नौकरन के बोल्वे के भेज ्दहलन आ ऊ आपन सपन् ओह लोग के बरवले आ लोग बहरे डे र् गइल. 19 र्ज् के नौकरन के बीच खड् एगो आदमी र्ज् के जव्ब ्दहलस, “हे स्वयभौम र्ज्, एह औरर के ओकर् प्र के व्पस कर द, क्हे ्क उ ओकर प्र हवे, क्हे ्क जब इ आदमी ्मस आईल र ्मस के र्ज् के संगे अयीसन भईल रहे े 20 ऊ अपन् मेहर्त के ब्रे मे कहलन, “उ हम्र ब्हन हई, क्हे ्क जब ऊ ओह दे श मे रहे आवेल् र ऊ अइसने क्म करे ल् जवन् मे ऊ परदे सी होल्.” 21 ्फरौन भेज के एह औरर के ्बय्ह बन् ्लहले आ पभर ओकर् पर रब रक गंभीर ्वप्त ले अइले जब रक ्क ऊ मेहर्त के अपन् प्र के लगे न् लवट् ्दहलने 22 एह से हे स्वयभौम र्ज्, ज्न लीं ्क क्लह र्र पूर् दे श मे क् भइल, क्हे ्क बहरे अचरज आ बहरे पीड् आ ्वल्प भइल आ हमनी के ज्नर ब्नी ज् ्क ई ओह औरर के चलरे भइल जवन् के रू ले ्लहले रहलू. 23 एह से अब एह औरर के ओकर् प्र के लगे व्पस कर द, कही ं हमनी के ओइसन न् होखे जइसे ्मस के र्ज् ्फरौन आ उनकर पज् पर भइल रहे आ हमनी के मर न् ज्इब ज्े अबीमेलेक जली-जली बोलवले अवररी स्र् के बोलवले अवररी उ अपन् से आगे अब्हम के बोलवले अवररी उ अपन् से आगे आ गईले​े 24 अबीमेलेक ओह लोग से कहलस, “रू लोग भ्ई-ब्हन कह के क् क्म करर रहलू आ हम एह औरर के पती बन् लेले ब्नी? 25 अब्हम कहले, “हम सोचले रहनी ्क हमर् पती के चलरे मौर के स्मन् करे के पडीे अबीमेलेक झरंड आ भेड, नौकर आ नौकर्नी आ च्नी के हज्र टर कड् लेके अब्हम के दे ्दहलन आ स्र् के अपन् लगे व्पस कर ्दहलने 26 अबीमेलेक अब्हम से कहलस, “दे ख़, पूर् दे श रोहर् स्मने ब्, जह्ँ भी रू ओकर् मे रह़े” 27 इब्हीम आ उनकर मेहर्त स्र् र्ज् के स्मने से आदर आ आदर के स्थ ्नकल गईले आ उ लोग गेर्र मे रह गईले​े 28 प्लसीयन के दे श के सब ्नव्सी आ र्ज् के नौकर अब्हयों ओह ्वप्त से पी्डर रहले, जवन सगयदूर स्र् र्र भर ओह लोग पर ड्ल ्दहले रहले​े 29 अबीमेलेक अब्हम के बोल्वे के भेजले ्क, “अब अपन् सेवकन ख्​्रर आपन परमेशर यहोव् से प्थयन् कर, र्​्क उ हमनी के बीच से एह नशरर् के दू र कर सकसे” 30 अब्हम अबीमेलेक आ ओकर पज् के क्रर प्थयन् कइलन आ पभर अब्हम के प्थयन् सरनलन आ अबीमेलेक आ उनकर सब पज् के ठीक कर ्दहलने

2 इब्हीम अपन् से जवन बेट् पैद् भईल रहे , ओकर न्म इसह्क रखले​े 3 अब्हम आठ ्दन के उ्मर मे अपन् बेट् इसह्क के खरन् कर ्दहलन जइसे ्क भगव्न अब्हम के आज् ्दहले रहले ्क ऊ अपन् ब्द के वंशज के करसर. जब इसह्क के जनम भइल र इब्हीम एक सौ स्ल के रहली आ स्र् नबे स्ल के रहलीे 4 लइक् बड होके दर ध छर ड्वल गइल आ जवन् ्दन इसह्क के दर ध छर ड्वल गइल रहे , ओ्ह ्दन अब्हम एगो बडहन भोज कइलने 5 शेम आ एबर आ दे श के सब बडक् लोग, प्लसीयन के र्ज् अबीमेलेक आ उनकर नौकर आ उनकर सेन् के सेन्प्र ्फकोल, अब्हम अपन् बेट् इसह्क के दू ध छर ड्वे के ्दन जवन भोज बनवले रहले , ख्ए-पीए आ खरश होखे ख्​्रर अइले​े 6 इब्हीम के ्पर् रेर् आ उनकर भ्ई न्होर ह्र्न से आ उनकर सब लोग आ गईले, क्हे ्क उ लोग ई सरन के बहर खरश हो गईले ्क स्र् से एगो बेट् पैद् भईल ब्े 7 उ लोग इब्हीम के लगे पहं चले अवररी इसह्क के दर ध छर ड्वे के ्दन जवन भोज अब्हम बनवले रहले, उ भोज मे ख्न्-पीन् कईले​े 8 रेर् आ न्होर अब्हम के स्थे खरश भइले आ ऊ लोग प्लसीयन के दे श मे बहर ्दन रक उनकर् स्थे रहलने 9 ओही समय अब्हम के बेट् इसह्क के जनम के प्हल् स्ल मे रे ऊ के बेट् सेरग के मौर हो गईले 10 सेरग के सब ्दन दू सौ उनरीस स्ल के रहल आ उ मर गइलने 11 अब्हम के बेट् इस्इल ओह ्दन मे बड हो गइलने ऊ चौदह स्ल के रहले जब स्र् इसह्क के अब्हम से पैद् कइलीे 12 भगव्न इब्हीम के बेट् इस्इल के संगे रहले अवररी उ बड होके धनरष के इसेम्ल सीखले अवररी रीरं द्ज बन गईले​े 13 जब इसह्क प्ं च स्ल के रहले र उ इस्इल के संगे डे र् के दर आर प बईठल रहले​े 14 इस्इल इसह्क के लगे आके ओकर् स्मने बइठ गइलन आ ऊ धनरष लेके ओकर् के खीच ं के रीर ड्ल के इसह्क के म्रे के इर्द् रखले​े 15 स्र् एह क्म के दे खली जवन इस्इल अपन् बेट् इसह्क के संगे करे के च्हर रहले अवररी उनरक् बेट् के चलरे बहर दर ख भईल अवररी उ अब्हम के बोल् के कहली ्क, “एह द्सी अवररी ओकर् बेट् के ब्हर ्नक्ल द, क्हे की उनरकर बेट् हमर् बेट् के संगे व्ररस न् होई, क्हे की उ आज उनरक् संगे अयीसन करे के को्शश कईले​े" 16 इब्हीम स्र् के आव्ज सरन के उ सबेरे-सबेरे उठ के ब्रह गो रोटी आ प्नी के बोरल ले के ह्जर के अपन् बेट् के संगे भेज दे ले अवररी ह्जर अपन् बेट् के संगे जंगल मे चल गईले अवररी उ लोग जंगल के ्नव्सी के संगे प्र्न के जंगल मे रह गईले अवररी इशम्एल रीरं द्ज रहले अवररी उ ओ्हज् रहर रहले जंगल मे बहर ्दन से ब्े 17 ओकर् ब्द ऊ आ ओकर महर्री ्मस दे श मे चल गइलन आ ऊ लोग ओ्हज् रह गइल आ ह्जर अपन् बेट् ख्​्रर ्मस से एगो मेहर्त ले ्लहली आ ओकर न्म मरीब् रहे .

अध ्य 21 के ब् 1 अब्हम के गेर्र मे प्लसीयन के दे श मे रहल् के एक स्ल च्र महीन् के अंर मे भगव्न स्र् के लरे पहं चले अवररी पभर उनरक् के य्द कईले अवररी उ गभयवरी होके अब्हम के एगो बेट् पैद् कईलीे 30


जशेर के बा

18 इस्इल के मेहर्त गभयवरी होके च्र गो बेट् आ दू गो बेटी भइली आ ब्द मे इस्इल आ ओकर महर्री आ ओकर मेहर्त आ लइक्-लइकी ज्के जंगल मे लवट अइले​े 19 उ लोग जंगल मे डे र् बनवले जवन् मे उ लोग रहर रहले अवररी महीन्-स्ल लूमर रहले अवररी ओकर् ब्द आर्म करर रहले​े 20 परमेस् वर इश्एल के आपन ब्प इब्हीम के चलरे भेडबकरी, झंरड आ डे र् दे ्दहलन आ उ आदमी के पशर -धन बढले 21 इस्इल रे ्गस्न आ डे र् मे बहर दे र रक लूमर-्फरर आ आर्म करर रहले, ले्कन उ अपन् ्पर् के चेहर् न् दे ख पवले​े 22 करछ समय ब्द अब्हम अपन् मेहर्त स्र् से कहले, “हम अपन् बेट् इस्इल के दे खे ज्इब, क्हे ्क हमर् ओकर् के दे खे के इच् ब्, क्हे ्क हम ओकर् के बहर ्दन से नईखी दे खले​े” 23 इब्हीम अपन् एगो ऊंट पर सव्र होके जंगल मे आपन बेट् इस्इल के खोजे ख्​्रर चल गईले, क्हे ्क उ सरनले ्क उ अपन् सब स्म्न के संगे जंगल मे एगो डे र् मे रहर ब्डे े 24 इब्हीम जंगल मे गईले अवररी दर पहररय् के करीब इशम्एल के डे र् प पहं चले अवररी इस्इल के पीछे -पीछे पूछले , र उ इस्इल के पती के अपन् बच् के संगे डे र् मे बईठल दे खले अवररी उनरकर प्र अवररी उनरकर महर्री इस्इल उनरक् संगे न् रहले​े 25 इब्हीम इस्इल के मेहर्त से पूछले ्क, “इस्इल कह्ँ चल गईल ब्?” ऊ कहली, “ऊ ्शक्र करे ख्​्रर खेर मे गइल ब्, आ अब्हम अबही ं ऊंट पर सव्र रहले, क्हे ्क ऊ जमीन पर न् उररे के च्हर रहले क्हे ्क ऊ अपन् मेहर्त स्र् से ्कररय् खइले रहले ्क ऊ ऊंट से न् उररीहे .” 26 इब्हीम इस्इल के मेहर्त से कहलन, “हे बेटी, हमर् के रनी प्नी दे दी ं ्क हम पी सकीले, क्हे ्क हम य्त् से थक गईल ब्नीे” 27 इस्इल के मेहर्त अब्हम से कहली ्क, “हमनी के लगे न् र प्नी ब् न् रोटी, उ रमू मे बईठल रहली अवररी इब्हीम के ध्न न् दे ली अवररी न् पूछली ्क उ के हवे​े 28 ले्कन उ रमू मे अपन् लइकन के पीटर रहली आ ग्री दे र रहली आ अपन् प्र इस्इल के भी ग्री दे र रहली आ ओकर् के ड्ं टर रहली आ अब्हम इस्इल के मेहर्त के उनकर लइकन से कहल ब्र सरनलन आ ऊ बहर न्र्ज आ न्र्ज हो गइलने 29 इब्हीम ओह औरर के रमू से ्नकले ख्​्रर बोलवले, र उ मेहर्त अब्हम के स्मने आके खड् हो गईल, क्हे ्क अब्हम अभी भी ऊंट पर सव्र रहले​े 30 अब्हम इस्इल के मेहर्त से कहलन, “जब रोह्र प्र इस्इल लरे लवट अइहे र ओकर् से ई ब्र कह़े 31 प्लसीयन के दे श के एगो बहर बरढ आदमी रोहर् के खोजे ख्​्रर इह्ँ आइल रहे आ ओकर तप आ आकृ्र अईसने रहे े हम ओकर् से न् पूछनी ्क रू इह्ँ न् रहलू र उ हमर् से ब्र कईले अवररी कहले ्क, जब रोह्र प्र इस्इल व्पस अईले र उनरक् के अयीसन बर्ई ्क इ आदमी कहलस ्क जब रू लरे आईब र उ डे र् के इ कील छोड द, जवन रू इह्ँ रखले ब्डू, अवररी ओकर् जगह प एगो अवररी कील लग्ईे

32 अब्हम ओह औरर के आपन ्नद् श पूर् क के ऊंट पर सव्र होके लरे चल गइलने 33 ओकर् ब्द इशम्एल अपन् महर्री के संगे पीछ् क के रमू मे व्पस आ गईले अवररी उनरकर पती उनरक् से इ ब्र कहलीे 34 प्लसीयन के दे श से एगो बहर बरढ आदमी रोहर् के खोजे आइल आ ओकर तप आ आकृ्र अईसने रहे े हम ओकर् से न् पूछनी ्क ऊ के ह, आ रू लर मे न् रहल् के दे ख के ऊ हमर् से कहलस ्क जब रोह्र प्र लरे अइहे र ओकर् के बर्ईं, बरढऊ ई कहर ब्डे ्क रू जवन डे र् के कील ए्हज् रखले ब्डू ओकर् के हट् के ओकर् जगह पर एगो अउरी कील लग् दीें 35 इस्इल अपन् पती के ब्र सरन के ज्न गईले ्क उ उनरकर ्पर् हवे अवररी उनरकर पती उनरकर आदर न् करे लीे 36 इस्इल अपन् ्पर् के ब्र समझ गईले ्क उ अपन् पती से कहले रहले अवररी इस्इल अपन् ्पर् के आव्ज सरनले अवररी इस्इल ओ म्हल् के छोड दे ले अवररी उ चल गईलीे 37 एकर् ब्द इस्इल कन्न के दे श मे चल गईले अवररी उ एगो अवररी पती के लेके उनरक् के अपन् डे र् प ले गईले, जह्ं उ रब रहर रहले​े 38 रीन स्ल के अंर मे अब्हम कहले, “हम अपन् बेट् इस्इल के दे खे ख्​्रर फेर ज्इब, क्हे ्क हम ओकर् के बहर ्दन से नईखी दे खले​े” 39 ऊ अपन् ऊंट पर सव्र होके जंगल मे चल गइलन आ दर पहररय् के करीब इस्इल के डे र् पर पहँ च गइलने 40 ऊ इस्इल के पीछे से पूछले आ उनकर मेहर्त डे र् से ब्हर ्नकलली आ कहली ्क, “हम्र म्​्लक इह्ँ नइखे, क्हे ्क ऊ खेर मे ्शक्र करे आ ऊंट के चर्वे ख्​्रर गइल ब्, आ मेहर्त अब्हम से कहलस ्क, “हम्र म्​्लक के डे र् मे लरस ज् आ रोटी के कटोर् ख् लीं, क्हे ्क य्त् के चलरे रोह्र ज्न थक ज्ईे” 41 अब्हम ओकर् से कहले, “हम रकब न् क्हे ्क हम आपन सफर ज्री र्खे मे जलब्जी मे ब्नी, ले्कन हमर् के रनी प्नी पी दी,ं क्हे ्क हमर् प्स ब्े आ मेहर्त जलब्जी मे दौड के डे र् मे लरस गइल आ ऊ अब्हम के प्नी आ रोटी ले अइली जवन् के ऊ ओकर् सोझ् रख ्दहली आ ऊ ओकर् के ख्ए के ्नहोर् कइली आ ऊ ख् के पी ्लहल्स आ ओकर् मन के ्दल्स् ्मलल आ ऊ अपन् बेट् इस्इल के आशीष ्दहल्स. 42 जब उ ख्न् खइल् के ब्द पभर के आशीष कइलन आ इशम्एल के मेहर्त से कहलन ्क जब इस्इल लरे अइहे र ओकर् से ई ब्र कह़े 43 प्लसीयन के दे श के एगो बहर बरढ आदमी इह्ँ आके रोहर् पीछे -पीछे पूछलस, ले्कन रू इह्ँ न् रहलूे आ हम ओकर् के रोटी-प्नी ले अइनी आ ऊ ख्-पी के मन मे ्दल्स् ्मलले 44 उ हमर् से इ ब्र कहले ्क जब रोह्र प्र इस्इल लरे अइहे र ओकर् से कह़ ्क रोहर् लगे जवन डे र् ब् ओकर कील बहर ब्ढय् ब्, ओकर् के डे र् से दू र मर र्ख़े 45 अब्हम ओह औरर के आज् दे के ऊ सव्री पर सव्र होके प्लसीयन के दे श मे अपन् लरे चल गइलने जब इस्इल अपन् डे र् पर अइले र उनकर मेहर्त खरशी आ हँ समरख मन से उनक् से ्मले ्नकललीे 31


जशेर के बा

46 उ ओकर् से कहली, “प्लसीयन के दे श से एगो बरढऊ इह्ँ आईल रहले अवररी उनरकर तप अईसन रहे अवररी उ आपके पीछे -पीछे पूछलस अवररी रू इह्ँ न् रहनी, र हम रोटी-प्नी लेके आईल, र उ खईले-पीले अवररी उनरक् मन के ्दल्स् ्मलले 47 उ हमर् से इ ब्र कहले, “जब रोह्र प्र इस्इल लरे अइहे र ओकर् से कह दी ं ्क, “रोहर् लगे जवन डे र् ब् ओकर कील बहर ब्ढय् ब्, ओकर् के डे र् से दू र मर र्ख़े” 48 इस्इल के पर् चल गईल ्क इ उनरकर ्पर् हवे अवररी उनरकर पती उनरकर आदर कईले ्बय् अवररी पभर इस्इल के आशीष दे ले​े

अवररी अब्हम अवररी उनरकर सभ लोग बेरशेब् मे रह गईले अवररी उ बहर ्दन रक ओ दे श मे रहले​े 11 अब्हम बेरशेब् मे एगो बडहन बगीच् लगवले आ ओकर् ख्​्रर धररी के च्रो ओर के ओर मरँह कइले च्र गो फ्टक बनवले आ ओहमे अंगूर के बगइच् लगवले, जवन् से अगर कवनो य्ती अब्हम के लगे आवे र ऊ कवनो फ्टक मे लरस ज्स जवन ओकर् र्स् मे रहे आ ओ्हज् रह के ख्न् पी के रृप हो गइल आ ओकर् ब्द चल गइल. 12 क्हे ्क इब्हीम के लर मे हरदम ओह आदमी के बेट् लोग ख्​्रर खरलल रहे जवन ्क रोज अब्हम के लर मे ख्ए-पीये आवे​े 13 जे केह भूख से अब्हम के लरे आवर रहे , अब्हम ओकर् के रोटी दे र रहले ्क ऊ ख्ए-पी के रृप हो सके, आ जे केह नंग् होके अपन् लर मे आवे, ओकर् के अपन् मन मरर्​्बक कपड् प्हन के च्ं दी-सोन् दे के ओकर् के धररी पर रचले पभर के ब्रे मे बर्वे​े इहे अब्हम के पूर् जीवन कईले​े 14 अब्हम आ उनकर लइक् आ उनकर सब लोग बेरशेब् मे रह गइलन आ ऊ हे बोन रक आपन डे र् खड् कइलने 15 अब्हम के भ्ई न्होर आ उनकर ब्प आ उनकर सब लोग ह्र्न मे रहर रहले, क्हे ्क उ लोग अब्हम के संगे कन्न दे श मे न् गईल रहले​े 16 न्होर से संर्न भइल जवन ह्र्न के बेटी ्मलक् आ अब्हम के मेहर्त स्र् के ब्हन जनमलीे 17 उज, बरज, केमरएल, केसेद, च्जो, ्पलद्श, ्रदल्फ आ बेथरएल के न्म इहे ह, उ आठ बेट् रहले, इ ्मलक् के संर्न हवे, जवन उ अब्हम के भ्ई न्होर से पैद् कईलीे 18 न्होर के एगो उपपती रहे आ ओकर न्म रे उम् रहे आ न्होर, जबक, गच्श, र्क्श आ म्क् से च्र गो बेट् भइले​े 19 न्होर से जवन संर्न पैद् भइल ऊ उनकर बेटी लोग के अल्व् ब्रह गो बेट् रहले आ ओह लोग से ह्र्न मे भी संर्न भइले 20 न्होर के प्हल् जनल उज के संर्न अबी, चेरेफ, ग्दीन, मेलरस आ उनकर ब्हन दबोर् रहलीे 21 बरज के बेट् बेर्केल, न्मर, शेव् आ मदोनू रहलने 22 कमरएल के बेट् अर्म आ रे कोब रहलने 23 केसेद के बेट् अनमलेक, मेश्ई, बेनोन आ ्यफी रहलने च्जो के बेट् ्पलद्श, मेकी आ ओफर रहलने 24 ्पलद्श के बेट् अरद, चमरम, मेरेद आ मोलोक रहलने 25 ्रदल्फ के बेट् मरश्न, करश्न आ मरतजी रहले​े 26 बेथरएल के संर्न सेकर, ल्ब्न आ उनकर ब्हन ररबेक् रहलीे 27 ई न्होर के संर्न के पररव्र ह जवन ह्र्न मे पैद् भइल रहे े कमरएल के बेट् अर्म आ ओकर भ्ई रे कोब ह्र्न से चल गइलन आ ओह लोग के यूफे्टस नदी के ्कन्रे एगो ल्टी ्मलले 28 उ लोग उह्ँ एगो शहर बनवले अवररी उ लोग अर्म के बेट् पेथोर के न्म से शहर के न्म रखले, जवन ्क आज रक अर्म नहे र्इम हे 29 केसेद के लोग भी उह्ँ रहे ख्​्रर चल गईले जह्ँ उ लोग के जगह ्मल सके, उ लोग ज्के ्शन्र दे श के स्मने एगो ल्टी ्मलल अवररी उ लोग उह्ँ रह गईले​े

अध ्य 22 के ब् 1 रब इस्इल उठ के आपन मेहर्त आ अपन् लइकन आ आपन मवेशी आ आपन सब स्म्न लेके चल गइलन आ उह्ँ से ्नकल के प्लसीयन के दे श मे अपन् ्पर् के लगे चल गइलने 2 इब्हीम अपन् बेट् इस्इल के प्हल् पती के संगे भईल लेनदे न के ब्रे मे बरवले​े 3 इस्इल आ ओकर संर्न अब्हम के स्थे बहर ्दन रक ओह दे श मे रहले आ अब्हम बहर ्दन रक प्लसीयन के दे श मे रहले​े 4 ्दन बढर गइल आ छबीस स्ल हो गइल आ ओकर् ब्द अब्हम अपन् नौकरन आ अपन् सगरी स्म्नन के स्थे प्लसीयन के दे श से ्नकल के बहर दू र ले हबोन के नजदीक आ गइलन आ ऊ लोग उह्ँ रह गइल आ अब्हम के नौकर प्नी के करआँ खोदर रहले आ अब्हम आ उनकर सब लोग प्नी के ्कन्रे रह गइलन आ प्लसीयन के र्ज् अबीमेलेक के नौकर सरनले ्क इब्हीम के नौकर दे श के सीम् मे प्नी के इन्र खोदले ब्डे े 5 उ लोग आके इब्हीम के नौकरन से झगड् कईले अवररी उ लोग जवन बड इन्र खोदले रहले , ओकर् से लूट लेले​े 6 प्लसीयन के र्ज् अबीमेलेक के ई ब्र सरन के ऊ अपन् सेन् के सेन्प्र ्फकोल आ ओकर बीस आदमी के स्थे अब्हम के लगे अइले आ अबीमेलेक अब्हम से उनकर नौकरन के ब्रे मे ब्रय्वलन आ अब्हम अबीमेलेक के ड्ं टलन ्क उनकर नौकर लूटले रहले​े 7 अबीमेलेक अब्हम से कहलस, “जइसे ्क पूर् धररी के रचन् करे व्ल् पभर ्जंद् ब्डे , हम आज रक हम्र सेवक रोहर् सेवकन के संगे जवन क्म कईले रहले, उ न् सरनले रहनीे 8 अब्हम स्र गो मेमन् लेके अबीमेलेक के दे के कहले, “हमर् ह्थ से ई सब ले लीं र्​्क हमर् ख्​्रर ई गव्ही होखे ्क हम ई इन्र खोदले ब्नीे” 9 अबीमेलेक अब्हम के ्दहल स्र गो भेड के बच् के लेके चल गईले, क्हे की उ उनरक् के बहर स्र् पशर अवररी झरंड दे ले रहले अवररी अबीमेलेक इब्हीम के इन्र के ब्रे मे ्कररय् खईले रहले, एहसे उ करआं के बेरशेब् न्म दे ले, क्हे की उह्ँ उ दर नो लोग एकर् ब्रे मे ्कररय् खईले रहले​े 10 दर नो लोग बेरशेब् मे एगो व्च् कईले अवररी अबीमेलेक अपन् सेन् के सेन्प्र ्फकोल अवररी ओकर सभ आदमी के संगे उठ गईले अवररी उ लोग प्लसी के दे श मे व्पस आ गईले 32


जशेर के बा

30 उ लोग उह्ँ अपन् ख्​्रर एगो शहर बनवले, आ उ लोग अपन् ्पर् के न्म के न्म प केसेद शहर के न्म रखले, जवन ्क आज रक क्दीम भू्म ह, अवररी क्दीम लोग ओ दे श मे रहर रहले अवररी उ लोग बहर फल-फूलर रहले अवररी बहर बढ गईले​े 31 न्होर आ अब्हम के ्पर् रेर् ज्के बरढ्प् मे एगो अउरी मेहर्त के ्बय्ह क ्लहले आ ओकर न्म पेलील् रहे आ ऊ गभयवरी होके एगो बेट् पैद् कइली आ ऊ ओकर न्म जोब् रखले​े 32 जोब् के जनम के पचीस स्ल ब्द रेर् ्जंद् रहले​े 33 ओही स्ल य्नी अब्हम के बेट् इसह्क के जनम के पैरीसव्ँ स्ल मे रेर् के मौर हो गइले 34 रेर् के ्दन दू सौ प्ं च स्ल रहे आ उनरक् के ह्र्न मे दफन्वल गइले 35 रेर् के बेट् जोब् रीस स्ल के उ्मर मे अर्म, अचली आ मेररक के जनमले 36 रेर् के बेट् जोब् के बेट् अर्म के रीन गो मेहर्त रहली आ उनकर ब्रह गो बेट् आ रीन गो बेटी भइलीे आ पभर जोब् के बेट् अर्म के धन-दौलर आ सम्त आ ढे र स्र् पशर, झरंड आ झंरड दे ्दहलन आ ऊ आदमी बहरे बढ गइले 37 जोब् के बेट् अर्म आ ओकर भ्ई आ ओकर पूर् लर के लोग ह्र्न से ्नकल गइलन आ ऊ लोग ओ्हज् रहे ख्​्रर चल गइलन जह्ँ ओह लोग के जगह ्मल ज्व, क्हे ्क ओह लोग के संप्त बहरे अ्धक् रहे आ ह्र्न मे न् रह सके. क्हे ्क उ लोग अपन् भ्ई न्होर के संर्न के संगे ह्र्न मे न् रक पवले​े 38 जोब् के बेट् अर्म अपन् भ्ई लोग के संगे गईले अवररी उ लोग के पूरब के ओर एगो ल्टी ्मलल अवररी उ लोग उह्ँ रह गईले​े 39 उ लोग उह्ँ एगो शहर भी बनवले आ ओकर न्म अपन् बड भ्ई के न्म पर अर्म रखले​े ्क आजर ले आर्म जोब् ब्े 40 ओह लरी अब्हम के बेट् इसह्क बड होखर रहले आ उनकर ब्प अब्हम उनक् के पभर के ज्ने के र्स् ्सखवले आ पभर उनकर् स्थे रहले​े 41 जब इसह्क सतीस स्ल के भइले र उनकर भ्ई इस्इल उनक् स्थे डे र् मे लूमर रहले​े 42 इस्इल इसह्क से अपन् ब्रे मे बड्ई करर कहले ्क, जब पभर हमर् ्पर् से हमनी के खरन् करे के ब्र कहले रहले र हम रेरह स्ल के रहनी अवररी हम अपन् ्पर् से कहल वचन के मरर्​्बक क्म कईनी अवररी हम आपन प्र पभर के दे दे नी, अवररी हम उनरकर वचन के उलंलन न् कईनी, जवन ्क उ हमर् ्पर् से कहले रहले​े 43 इसह्क इस्इल के जव्ब ्दहलन, “रू हमर् से एह ब्रे मे क्हे लमंड करर ब्डू ्क रू अपन् शरीर से करछ ्हस् ले ्लहले ब्डू, जवन् के ब्रे मे पभर रोहर् के आज् दे ले रहले? 44 जइसे ्क हम्र ्पर् अब्हम के परमेशर पभर ्जंद् ब्डे , अगर पभर हमर् ्पर् से कहस ्क, 'अपन् बेट् इसह्क के लेके हमर् सोझ् ब्लद्न ले आव, र हम कवनो परहे ज न् करब, ले्कन हम खरशी-खरशी एकर् के म्न लेबे' 45 इसह्क के इश्एल से कहल ब्र के परमेस् वर सरन के पभर के नजर मे इ अच् ल्गल आ उ सोचले ्क इब्हीम के एह म्मल् मे परीक् लेवे के​े

46 उ ्दन आ गईल जब परमेशर के बेट् लोग आके पभर के स्मने अपन् के रखले अवररी शैर्न भी भगव्न के बेट् के संगे पभर के सोझ् आईले 47 पभर शैर्न से कहलन, “रू कह्ँ से आइल ब्डू?” आ शैर्न पभर के जव्ब ्दहलस आ कहलस ्क, धररी पर इधर-उधर लूमे से आ ओकर् मे ऊपर-नीचे चलल् से​े 48 पभर शैर्न से कहलन, “हमर् से धररी के सब संर्न के ब्रे मे क् वचन ब्? आ शैर्न पभर के जव्ब ्दहलस आ कहलस, “हम धररी के सब लइकन के दे खले ब्नी जे रोह्र सेव् करे ल् आ जब रोहर् से करछ म्ँ गेल् र रोहर् के य्द करे ल्े” 49 जब रू ओह लोग के ऊ चीज दे ब जवन ऊ लोग रोहर् से म्ँ गेल् र ऊ लोग आर्म से बइठ के रोहर् के छोड दे ल् आ ऊ लोग रोहर् के अब य्द न् करे ल्े 50 क् रूँ रेर् के बेट् अब्हम के दे खले ब्डू, जेकर् प्हले कवनो संर्न न् रहे , उ रोह्र सेव् करर रहले अवररी जह्ं -जह्ँ आईल रहले, उह्ँ के रोहर् ख्री वेदी बनवले अवररी उनरक् प ब्लद्न चढवले अवररी धररी के सभ संर्न के सोझ् लग्र्र रोह्र न्म के पच्र करर रहले​े 51 अब जब उनकर बेट् इसह्क पैद् हो गइल ब् र ऊ रोहर् के छोड के दे श के सब ्नव्सी लोग ख्​्रर एगो बडहन भोज बनवले ब्डन आ पभर के ऊ भरल् गइल ब्डन. 52 क्हे ्क ऊ जवन करछ कइले ब्डन ओकर् बीच मे ऊ रोहर् ख्​्रर कवनो चढ्ई न् ले अइले. न् ही होमब्ल न् मेलब्ल, न् बैल, न् मेमन् न् बकरी जवन उ अपन् बेट् के दर ध छर ड्वे के ्दन म्रले रहले​े 53 बेट् के जनम के समय से लेके अब रक सतीस स्ल के होखल् के ब्द उ रोहर् सोझ् कवनो वेदी न् बनवले अवररी न् रोहर् ख्री कवनो चढ्व् ले अईले, क्हे की उ दे खले ्क रू जवन ्नहोर् कईले रहे , उ दे दे ले, एहसे उ रोहर् के छोड दे ले​े 54 पभर शैर्न से कहले, “क् रू हमर् सेवक अब्हम के अईसन ्वच्र कईले ब्डू?” क्हे ्क धररी पर उनकर जइसन केह नइखे, हमर् स्मने ्स् आ सीध् आदमी, जे परमेशर से डे र्र होखे आ बरर्ई से परहे ज करे े हम ्जयर ब्नी र अगर हम ओकर् से कहब ्क, अपन् बेट् इसह्क के हमर् सोझ् ले आव, र उ हमर् से ओकर् के न् रोक प्ई, अवररी जदी हम ओकर् से कहब ्क उ अपन् भेड च्हे झरंड से हमर् सोझ् होमब्ल ले आवे 55 शैर्न पभर के जव्ब ्दहलस, “रब अब इब्हीम से ओइसन ब्र कऱ जइसन रू कहले ब्ड़, र रू दे खब ्क ऊ आज उलंलन न् करी आ रोह्र ब्र के एक ररफ न् छोडीे” अध ्य 23 के ब् 1 ओही लरी पभर के वचन अब्हम से कहलन, “अब्हम” आ कहलन ्क हम इह्ँ ब्नीे 2 ऊ ओकर् से कहलस, “अपन् बेट्, अपन् एकलौर् बेट्, जेकर् से रू प्र करे ल़, इसह्क के लेके मोररय् के दे श मे ज्के ओकर् के ओह पह्डन मे से कवनो पह्ड पर होमब्ल के तप मे चढ्व़, क्हे ्क ओ्हज् रोहर् ब्दल आ पभर के म्हम् दे ख्ई ्दहीे

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जशेर के बा

3 अब्हम मन मे कहलन, “हम अपन् बेट् इसह्क के ओकर म्ई स्र् से कइसे अलग करब र्​्क ओकर् के पभर के स्मने होमब्ल ख्​्रर ले आवल ज् सके? 4 इब्हीम डे र् मे लरस के अपन् मेहर्त स्र् के स्मने बईठ के ओकर् से इ ब्र कहलने 5 हम्र बेट् इसह्क बड हो गईल ब् अवररी उ करछ समय से अपन् भगव्न के सेव् के अधयन नईखन कईले, अब क्ल हम ज्के ओकर् के शेम अवररी उनरक् बेट् एबर के लगे ले आईब, अवररी उह्ँ उ पभर के र्स् सीख ्लहे , क्हे की उ लोग उनरक् के पभर के ज्ने के संगे-संगे इ ज्न के भी ्सख् ्दहे ्क जब उ लग्र्र पभर के सोझ् प्थयन् करीहे र उ उनरक् के जव्ब ्दहे , एहसे उह्ँ उ अपन् परमेशर के सेव् करे के ररीक् ज्न जईहे े 6 स्र् कहली, “रू ब्ढय् ब्र कहले ब्डू, हम्र म्​्लक ज् आ ओकर् के जइसन कहले ब्डू, ओकर् के कऱ, ब्​्कर ओकर् के हमर् से बहर दू र मर हट्ईं, न् ही ओकर् के ढे र ्दन ले ओ्हज् रहे दी,ं क्हे ्क हम्र प्र ओकर् आत् मे ब्नल ब्े 7 अब्हम स्र् से कहले, “हे बेटी, हमनी के पभर परमेशर से प्थयन् करी ं ज् ्क उ हमनी के भल्ई करसे” 8 स्र् अपन् बेट् इसह्क के लेके चल गईली अवररी उ र्र भर ओकर् संगे रहले अवररी उ ओकर् के चरम् लेर गले लगली अवररी सबेरे रक उनरक् के ्नद् श दे लीे 9 ऊ ओकर् से कहली, “हे बेट्, हम्र प्र रोहर् से कइसे अलग हो सकेल्? अब्हयों ऊ ओकर् के चरम् लेर रहली आ गले लग्वर रहली आ अब्हम के ओकर् ब्रे मे ्नद् श ्दहली. 10 स्र् अब्हम से कहली, “हे हम्र म्​्लक, हम ्नहोर् करर्नी ्क अपन् बेट् के ध्न र्खी ं अवररी ओकर् प आपन नजर र्खी,ं क्हे ्क हमर् लगे उनरक् अल्वे अवररी कवनो बेट् अवररी बेटी नईखे​े 11 हे ओकर् के मर छोडींे अगर भूख ल्गल ब् र ओकर् के रोटी दे दी ं आ अगर प्सल ब् र ओकर् के पीये ख्​्रर प्नी दीें ओकर् के पैदल न् ज्ए दी,ं न् धूप मे बईठे दीें 12 न् ही ओकर् के सडक पर अकेले ज्ए दी,ं न् ओकर् के जवन मन करे ओकर् के जबरदसी करे दी,ं बलरक ओकर् के जइसन कहे ओकर् से कऱे 13 स्र् र्र भर इसह्क के चलरे कडरआ रोवर रहली आ उ सबेरे रक ओकर् के ्नद् श दे लीे 14 सबेरे स्र् ओह कपड् मे से एगो बहर ब्ढय् आ सरनर कपड् चरनली जवन उनरक् लर मे रहे जवन अबीमेलेक ओकर् के दे ले रहले​े 15 ऊ अपन् बेट् इसह्क के कपड् प्हनली आ ओकर् म्थ् पर पगडी प्हनली आ पगडी के ऊपर एगो कीमरी पतर बंद कर ्दहली आ सडक के इं रज्म दे ्दहली आ ऊ लोग ्नकल गइलन आ इसह्क अपन् ्पर् अब्हम के स्थे चल गइलन आ ओह लोग के करछ नौकर ओह लोग के स्थे सडक से ब्हर ्नकल गइलन. 16 स्र् ओकनी के स्थे ्नकलली आ उ लोग के ्वद् करे ख्​्रर र्स् पर चल गईली आ उ लोग ओकर् से कहलस ्क, रमू मे व्पस आ ज्इएे 17 स्र् अपन् बेट् इसह्क के ब्र सरन के कडरआ रोवे लगली आ उनकर प्र अब्हम भी उनकर् स्थे रोवे लगलन आ

उनकर बेट् भी ओ लोग के स्थे बहर रोवे लगलने स्थ ही जे लोग भी ओह लोग के स्थे गइल रहे उ लोग बहर रोवर रहे े 18 स्र् अपन् बेट् इसह्क के पकड ्लहली आ ओकर् के अपन् कोर् मे पकड ्लहली आ ओकर् के गले लग् के ओकर् स्थे रोवर रहली आ स्र् कहली, “के ज्नर ब् ्क आज के ब्द हम रोहर् के फेर से दे खब ्क न्?” 19 रबहँ उ लोग एक संगे रोवर रहले, अब्हम, स्र् अवररी इसह्क अवररी उनरक् संगे सडक प आवे व्ल् सभ लोग ओ लोग के संगे रोवर रहले अवररी ओकर् ब्द स्र् कड् रोवर अपन् बेट् से मरड गईली अवररी उनरकर सभ नौकर अवररी नौकर्नी उनरक् संगे डे र् प लवट गईले​े 20 अब्हम अपन् बेट् इसह्क के संगे उनरक् के पभर के सोझ् चढ्वे के तप मे ले आवे गईले, जईसे ्क उ उनरक् के कहले रहले​े 21 अब्हम अपन् दू गो नवही ह्जर के बेट् इस्इल आ उनकर नौकर एलीएजर के लेके चल गइलन आ जब ऊ लोग र्स् पर चलर रहले र नवही लोग अपन् से ई ब्र कहलन. 22 इस्इल एलीएजर से कहलस, “अब हम्र ्पर् अब्हम इसह्क के संगे ज्र ब्डे , जवन ्क उनरक् के पभर के होमब्ल ख्​्रर ले आवर्रे े 23 जब उ लवट आई र उ हमर् के आपन सब करछ दे ्दहे , र्​्क उ अपन् ब्द के ्वर्सर मे ्मल ज्ई, क्हे ्क हम उनरकर प्हल् बच् हईे 24 एलीएजर इस्इल के जव्ब दे ले, “अब्हम रोहर् के रोहर् महर्री के संगे फेक दे ले ब्डे अवररी कसम खईले ब्डे ्क उनरक् लगे जवन करछ भी ब्, ओकर् मे से कवनो चीज के ्वर्सर मे न् ्मली, अवररी उ अपन् सभ खज्न् के संगे केकर् के दे ्दहे , ब्लरक उ अपन् सेवक के दे ्दहे , जवन ्क उनरक् लर मे वफ्द्र रहल ब्, जवन ्क र्र-्दन उनरकर सेव् कईले ब् अवररी उ सब क्म कईले ब्डे , जवन ्क उनरक् मनच्ह् क्म कईले ब्डे ? ऊ अपन् मरल् पर अपन् लगे जवन करछ ब् ऊ सब हमर् ख्​्रर वसीयर कर दीहे . 25 जब इब्हीम अपन् बेट् इसह्क के संगे र्स् मे ज्र रहले, र शैर्न अब्हम के स्मने एगो बहर बरढ आदमी के आकृ्र मे दे ख्ई दे लस, जवन ्क ्वनम अवररी पछर्व् व्ल् आदमी के तप मे दे ख्ई दे लस, र उ अब्हम के लगे पहं चल अवररी कहलस, “क् रू बेवकूफ ब् ्क कूर, ्क रू आज अपन् एकलौर् बेट् के संगे इ क्म करे ज्र ब्डू?” 26 क्हे ्क भगव्न रोहर् के अं्रम ्दन मे, रोहर् बरढ्प् मे एगो बेट् दे ले ब्डे , आ क् रू आज ज्के ओकर् के म्र दे ब, क्हे ्क उ कवनो ्हं स् न् कईले, अवररी क् रू अपन् एकलौर् बेट् के प्र के धररी से न्श क दे ब? 27 क् रू नइख ज्नर अउर समझर हव ्क इ ब्र पभर से न् हो सकेल्? क्हे ्क पभर धररी पर आदमी के अरन् बरर्ई नइखन कर सकर ्क ऊ ओकर् से कह सके ्क, “ज् के रोहर् लइक् के वध कऱ.” 28 अब्हम इ ब्र सरन के ज्न गईले ्क इ शैर्न के वचन ह, जवन ्क उनरक् के पभर के र्स् से दू र करे के को्शश कईले, ले्कन इब्हीम शैर्न के आव्ज न् सरनले अवररी अब्हम उनरक् के ड्ं टले अवररी उ चल गईले​े 29 शैर्न व्पस आके इसह्क के लगे आ गईले​े ऊ इसह्क के एगो सरनर आ अनरग्हर नवही के आकृ्र मे लउकलन. 34


जशेर के बा

30 ऊ इसह्क के लगे ज्के कहलस, “क् रू नइख ज्नर आ समझर हव ्क रोह्र बूढ मूखय ्पर् रोहर् के आज बेक्र मे वध मे ले आवर ब्? 31 अब हे बेट्, ओकर ब्र मर सरऩ आ न् ओकर ख्ल र्ख़, क्हे ्क ऊ एगो मूखय बरढऊ ह़ आ रोह्र अनमोल आत् आ सरनर आकृ्र धररी से मर खोवे दी.ं 32 इसह्क इ ब्र सरन के अब्हम से कहलस, “हे ब्बूजी, क् रू इ सरनले ब्डू?” इह्ँ रक ्क उ अयीसने ब्र कहले ब्डे े 33 इब्हीम अपन् बेट् इसह्क के जव्ब दे र कहलन ्क, “उनकर स्वध्न रह़ आ ओकर ब्र मर सरनी आ ओकर ध्न मर र्ख़, क्हे ्क ऊ शैर्न हवे आ आज हमनी के परमेशर के आज् से दू र करे के को्शश करर ब्े” 34 अब्हम अब्हयों शैर्न के ड्ं टर रहले आ शैर्न ओह लोग से चल गइलन आ ई दे ख के ्क ऊ ओह लोग पर ह्वी न् हो पवले आ ऊ ओह लोग से लरक् गइलन. ऊ र्स् मे प्नी के एगो बडहन ध्र मे बदल गइलन आ अब्हम आ इसह्क आ उनकर दू गो नवही ओह जगह् चहँ प गइलन आ ऊ लोग एगो बडहन आ शखकश्ली प्नी जइसन बडहन ध्र दे खले. 35 ऊ लोग ओह ध्र मे लरस के ओकर् से गरजरल आ प्नी प्हले ओह लोग के गोड रक पहँ च गइले 36 ऊ लोग ध्र के ग्हर्ई मे चल गइल आ प्नी ओह लोग के गदय न रक पहँ च गइल आ प्नी के चलरे ऊ सब लोग डे र् गइले जब उ लोग नदी के प्र करर रहले र इब्हीम ओ जगह के पहच्न लेले अवररी उ ज्न गईले ्क प्हले उह्ँ प्नी न् रहे े 37 इब्हीम अपन् बेट् इसह्क से कहले, “हम इ जगह ज्नर ब्नी, जवन् मे न् र ध्र रहे न् प्नी रहे , अब इहे शैर्न ह जवन हमनी के इ सभ क्म करर्, र्​्क आज हमनी के परमेशर के आज् से अलग कईल ज् सके​े 38 इब्हीम ओकर् के ड्ं टर कहले, “हे शैर्न, पभर रोहर् के ड्ं टस, क्हे ्क हमनी के परमेशर के आज् के मरर्​्बक चलर ब्नी ज्े” 39 अब्हम के आव्ज सरन के शैर्न लबर् गइल आ ऊ ओह लोग से दू र हो गइल आ ऊ जगह प्हले जइसन सूखल जमीन हो गइल. 40 इब्हीम इसह्क के संगे उ जगह के ओर चल गईले, जवन ्क परमेशर उनरक् के बरवले रहले​े 41 रीसर् ्दन अब्हम आँ ख उठ् के दू र से उ जगह दे खले, जवन् के ब्रे मे परमेशर उनरक् के बरवले रहले​े 42 धररी से आक्श रक पहँ चल आग के खंभ् आ पह्ड पर म्हम् के ब्दल लउकल आ ब्दल मे पभर के म्हम् लउकले 43 इब्हीम इसह्क से कहले, “हे बेट्, क् रू उ पह्ड मे जवन हमनी के दू र से दे खर्नी, उहे दे खर ब्डू?” 44 इसह्क अपन् ्पर् से कहलस, “हम आग के खंभ् अवररी ब्दल दे खर्नी अवररी ब्दल प पभर के म्हम् दे ख्ई दे र्े 45 इब्हीम ज्न गईले ्क उनकर बेट् इसह्क के पभर के स्मने होमब्ल के तप मे सीक्र कईल गईल ब्| 46 इब्हीम एलीएजर आ उनकर बेट् इस्इल से कहले, “क् रउव्ं भी उहे दे खर ब्नी जवन हमनी के दू र से पह्ड पर दे खर ब्नी ज्?” 47 उ लोग जव्ब दे ले, “हमनी के धररी के ब्की पह्ड से ज्दे करछूओ नईखी दे खरे” इब्हीम ज्न गईले ्क पभर के सोझ् उ लोग के संगे ज्ए के ब्र नईखे, र इब्हीम ओ लोग से कहले,

“रू लोग इह्ँ गदह् के संगे रहब, जब्क हम अवररी हम्र बेट् इसह्क ओ्हज् पह्ड प ज्के पभर के सोझ् उह्ँ पूज् करब अवररी ओकर् ब्द रोहनी के लगे लवटबे 48 अब्हम के आज् के मरर्​्बक एलीएजर अवररी इस्इल उह्ँ रह गईले​े 49 इब्हीम होमब्ल के लकडी लेके अपन् बेट् इसह्क के ऊपर रखले अवररी उ आग अवररी च्कू लेके दर नो लोग ओ्हज् चल गईले​े 50 जब उ लोग ज्र रहले र इसह्क अपन् ्पर् से कहले, “हम इह्ँ आग अवररी लकडी दे खर्नी अवररी पभर के सोझ् होमब्ल बने व्ल् मेमन् कह्ं ब्?” 51 अब्हम अपन् बेट् इसह्क के जव्ब ्दहलन, “पभर रोहर् के हम्र बेट् चरनले ब्डन ्क मेमन् के जगह पर सही होमब्ल बन ज्ईंे” 52 इसह्क अपन् ्पर् से कहलस, “हम जवन भी ब्र पभर रोहर् से कहले ब्डे , उ सब खरशी अवररी मन से खरश होके करबे” 53 अब्हम ्फर से अपन् बेट् इसह्क से कहले, “क् रोहर् मन मे एह ब्रे मे कवनो ्वच्र भ् सल्ह ब् जवन उ्चर नइखे?” बर्व हम्र बेट्, हम रोहर् से ्नहोर् करर्नी, हे बेट् हमर् से मर छर प्वे 54 इसह्क अपन् ्पर् अब्हम के जव्ब दे र कहले, “हे हम्र ्पर्, जईसन पभर जीयर ब्डे अवररी जईसन रोह्र प्र ्जंद् ब्डे , हमर् ्दल मे अयीसन कवनो ब्र नईखे जवन ्क उनरक् से कहल ब्र से न् र द्​्हन् ओर भ् ब्ं य् ओर भटक्वे​े 55 एह ब्र पर न् र अंग न् म्ं सपेशी ्हलल ब् न् ्हलल ब्, न् ही हमर् ्दल मे एह ब्रे मे कवनो ्वच्र भ् बरर् सल्ह ब्े 56 ले्कन हम एह ब्र मे ह्षयर आ खरशह्ल मन के ब्नी आ हम कहर ब्नी ्क धन पभर हवे जे आज हमर् के अपन् स्मने होमब्ल बने ख्​्रर चरनले ब्डने 57 इब्हीम इसह्क के ब्र से बहर खरश हो गईले अवररी उ लोग एक संगे ओ्ह जगह प पहं चले, जवन् के ब्रे मे पभर कहले रहले​े 58 इब्हीम ओ्हज् वेदी बन्वे ख्​्रर नजदीक पहं चले, रब रक इब्हीम रोवर रहले अवररी इसह्क पतर अवररी मोट्य र लेके चल गईले, जब रक ्क उ लोग वेदी के ्नम्य र पूर् न् कईले​े 59 इब्हीम लकडी के लेके जवन वेदी बनवले रहले, ओकर् प ववख्र क दे ले​े 60 उ अपन् बेट् इसह्क के लेके ओकर् के ब्न के वेदी प र्खल लकडी प र्ख के पभर के सोझ् होमब्ल के तप मे म्र दे ले​े 61 इसह्क अपन् ब्प से कहलस, “हमर् के सरर्कर ब्न के वेदी पर रख दी ं ्क कही ं हम मरड के न् ्हल ज्ईं आ हमर् म्ं स पर च्कू के बल से ढील् न् हो ज्ईं आ ओकर् से होमब्ल के अप्वत न् कर दीें आ अब्हम अयीसन कईले​े 62 रब्हयो इसह्क अपन् ब्प से कहलस, “हे हम्र ब्बूजी, जब रू हमर् के म्र के ब्लद्न बन् के जर् दे ब र हमर् र्ख मे से जवन करछ बचल होई ओकर् के लेके हमर् म्ई स्र् के लगे ले आव़ आ ओकर् से कह़ ्क ई इसह्क के मीठ गंध व्ल् गंध हे ब्​्कर अगर ऊ कवनो इन्र के लगे भ् कवनो ऊँच जगह पर बइठ ज्व र ओकर् के ई ब्र मर बर्ईं ्क कही ं ऊ हमर् पीछे आपन ज्न फेक के मर न् ज्व. 35


जशेर के बा

63 इब्हीम इसह्क के ब्र सरन के जब इसह्क के इ ब्र कहलस र उ आव्ज उठ् के रोवे लगले​े अब्हम के लोर उनकर बेट् इसह्क पर ्गरल आ इसह्क कडरआ रोअल आ ऊ अपन् ब्प से कहलस, “हे हम्र ब्बू, रू जली कऱ आ हमर् स्थे पभर परमेशर के इच् जइसन कऱ, जइसन ्क ऊ रोहर् के आज् दे ले ब्डे े” 64 अब्हम आ इसह्क के मन एह ब्र से खरश हो गइल जवन पभर ओह लोग के आज् दे ले रहले​े ब्​्कर आँ ख कडरआ रोवर रहे जब्क ्दल खरश रहे े 65 इब्हीम अपन् बेट् इसह्क के ब्न के लकडी के ऊपर वेदी प रखले अवररी इसह्क अपन् ्पर् के सोझ् वेदी प आपन गरदन बढवले अवररी अब्हम अपन् बेट् के पभर के सोझ् होमब्ल के तप मे म्रे ख्री च्कू लेवे ख्री ह्थ बढवले​े 66 ओही समय दय् के दू र पभर के स्मने अइले आ इसह्क के ब्रे मे उनकर् से ब्र कइले​े 67 0 पभर, रू सगय आ धररी मे जवन करछ रचले ब्डू ओकर् पर दय्लर आ दय्लर र्ज् हउअ आ रू ओह सब के सह्र् दे र ब्ड़; एह से अपन् सेवक इसह्क के जगह ्फरौरी आ मोक दे , आ अब्हम आ उनकर बेट् इसह्क पर दय् आ दय् कर, जे आज रोह्र आज् के प्लन करर ब्डे े 68 हे पभर , क् रू दे खले ब्डू ्क कइसे रोह्र सेवक अब्हम के बेट् इसह्क के ज्नवर ्नहन कत ख्री ब्नल गईल ब्? अब हे पभर , ओह लोग पर रोह्र दय् ज्गल होखे​े 69 ओही लरी पभर अब्हम के पकट भइले आ सगय से ओकर् के बोलवले आ कहलन ्क, “ओह लइक् पर ह्थ मर र्ख़ आ ओकर् से कवनो क्म मर कऱ, क्हे ्क अब हम ज्न गइल ब्नी ्क रू ई क्म करे मे आ अपन् एकलौर् बेट् के हमर् से न् रोके मे भगव्न से डे र्र ब्डूे” 70 अब्हम आँ ख उठ् के दे खलन ्क एगो मेढक के सीग ं से झ्डी मे फंसल ब्े उ मेढक रहे जवन पभर परमेशर धररी आ आक्श के ्नम्य र के ्दन धररी मे बनवले रहले​े 71 क्हे ्क पभर ओह ्दन से ही इ मेढक के इसह्क के जगह होमब्ल के तप मे रैय्र कईले रहले​े 72 ई मेढक अब्हम के लगे आगे बढर रहे जब शैर्न ओकर् के पकड के ओकर सीग ं झ्डी मे उलझ् ्दहलस र्​्क उ अब्हम के लगे आगे न् बढ सके र्​्क अब्हम अपन् बेट् के हत् कर सके​े 73 इब्हीम मेढक के आगे बढर दे ख के शैर्न ओकर् के रोकर दे ख के ओकर् के लेके वेदी के सोझ् ले अईले अवररी उ अपन् बेट् इसह्क के अपन् ब्न से ढील् क दे ले अवररी उनरक् जगह मेढक के रख दे ले अवररी अब्हम मेढ् के वेदी प म्र के अपन् बेट् इसह्क के जगह ब्लद्न के तप मे ले अईले​े 74 इब्हीम मेढक के खून के करछ खून वेदी प ्छडकले अवररी उ ्चल् के कहले ्क, इ हमर् बेट् के जगह प ब् अवररी आज एकर् के पभर के सोझ् हमर् बेट् के खून म्नल ज्एे 75 अब्हम एह मौक् पर वेदी के लगे जवन करछ करर रहले, उ ्चल् के कहर रहले ्क, इ हमर् बेट् के कमर् मे ब्, अवररी आज हमर् बेट् के जगह प पभर के सोझ् ्वच्र कईल ज्एे इब्हीम पूर् सेव् वेदी के लगे पूर् कईले अवररी पभर के सोझ् सेव् के सीक्र कईल गईल अवररी उनरक् के अयीसन म्नल

गईल जईसे ्क इ इसह्क होखे​े आऊ ओह ्दन परमेस् वर अब्हम आ उनकर वंशज के आशीष ्दहलने 76 शैर्न स्र् के लगे गईल अवररी उ ओकर् के एगो बहर ्वनम अवररी नम आदमी के तप मे दे ख्ई दे लस अवररी अब्हम अभी रक पभर के सोझ् होमब्ल मे ल्गल रहले​े 77 उ ओकर् से कहलस ्क, क् रू इ नईखी ज्नर ्क आज इब्हीम आपके एकलौर् बेट् के संगे जवन क्म कईले ब्डे ? क्हे ्क ऊ इसह्क के लेके वेदी बनवले आ ओकर् के म्र के वेदी पर ब्लद्न बन् के ले अइले आ इसह्क अपन् ्पर् के स्मने ्चल् के रोवे लगले, ब्​्कर ऊ ओकर् ओर न् दे खले आ न् ओकर् पर करर् भइल. 78 शैर्न इ ब्र दोहरवलस अवररी उ ओकर् से दू र हो गईल अवररी स्र् शैर्न के सभ ब्र सरनली अवररी उनरक् के ओ आदमी के बेट् के बीच से एगो बरढ आदमी के कलन् कईली, जवन ्क उनरक् बेट् के संगे रहले अवररी आके उनरक् के इ ब्र बरवले रहले​े 79 स्र् अपन् बेट् के चलरे आव्ज उठ् के रोवे लगली आ कडरआ ्चल् उठलीे ऊ अपन् के जमीन पर फेक ्दहली आ अपन् म्थ् पर धूल ड्ल ्दहली आ कहली, हे बेट्, हम्र बेट् इसह्क, हे अगर हम आजर रोहर् जगह् मर गइल रही.ं ऊ रोवर रहली आ कहली, “हे बेट्, हम्र बेट् इसह्क, रोहर् ख्​्रर हमर् दर ख ब् ्क हम आजर रोहर् जगह् मर गइल रही.ं ” 80 ऊ अब्हयों रोवर रहली आ कहली ्क, “हम रोहर् के प्लन पोषर आ प्लन पोषर कइल् के ब्द रोहर् ख्​्रर दर खी हो रहल ब्े अब हम्र खरशी रोहर् ख्​्रर शोक मे बदल गइल ब्, हम जे रोहर् ख्​्रर ररसर रहनी आ जबले हम रोहर् के नबे स्ल के उ्मर मे न् जनम लेहनी रबले भगव्न से ्चल्र रहनी आ प्थयन् करर रहनीे आ अब रू आज च्कू आ आग ख्​्रर परोसर ब्डू, जवन् से चढ्वल ज् सके​े 81 ब्​्कर हम अपन् बेट्, रोहर् स्थे स्ं तन् दे र ब्नी ्क ई पभर के वचन ह, क्हे ्क रू अपन् भगव्न के आज् के प्लन कइले ब्डूे क्हे ्क हमनी के परमेशर के वचन के उलंलन के कर सकेल्, जेकर् ह्थ मे हर जीव के आत् ब्? 82 हे हमनी के परमेशर पभर , रू धम् हउअ, क्हे ्क रोह्र सब क्म अच् आ धम् ब्े क्हे ्क हमहँ रोह्र वचन से खरश ब्नी जवन रू आज् दे ले रहलू आ जबले हम्र आँ ख कडरआ रोवर ्बय् र हम्र मन खरश हो ज्ल्े 83 स्र् अपन् एगो द्सी के छ्री प आपन म्थ् रखली अवररी उ पतर ्नहन ख्र हो गईलीे 84 ओकर् ब्द ऊ उठ के हे बोन रक पूछर्छ करर रहली, आ सडक पर चलर-चलर ्मलल सभ लोग से पूछर्छ कइली आ केह उनक् के न् बर् पवलस ्क उनकर बेट् के क् भइल ब्े 85 ऊ अपन् नौकर्नी आ नौकरन के स्थे ्करे र-अब्य , जवन हे बोन ह, अइली आ ऊ अपन् बेट् के ब्रे मे पूछली आ ऊ ओ्हज् रह गइली जबले ऊ अपन् करछ नौकरन के भेजली ्क ऊ लोग ई खोज लेव ्क अब्हम इसह्क क् स्थे कह्ँ गइल रहले. उ लोग शेम आ एबर के लर मे ओकर् के खोजे गईले, ले्कन उनरक् के न् ्मलल, अवररी पूर् दे श मे खोजर रहले अवररी उ उह्ँ न् रहले​े 86 दे ख़, शैर्न एगो बूढ आदमी के आक्र मे स्र् के लगे आके ओकर् सोझ् खड् होके कहलस, “हम रोहर् से झूठ बोलले ब्नी, क्हे ्क अब्हम अपन् बेट् के न् म्रले रहले 36


जशेर के बा

अवररी उ मरल नईखने जब ऊ ई ब्र सरनली र उनकर आनन बेट् के चलरे अरन् ्हं सक हो गइल ्क उनकर आत् खरशी से ब्हर ्नकल गइले ऊ मर गइली आ अपन् लोग क् लगे बटोर ्लहली. 87 जब अब्हम आपन सेव् पूर् कइलन र ऊ अपन् बेट् इसह्क के स्थे अपन् नव्हयन क् लगे लवट अइले आ ऊ लोग एक संगे बेरशेब् चल गइल आ ऊ लोग लरे आ गइल. 88 इब्हीम स्र् के खोजर रहले, ले्कन उनरक् के न् ्मलल, र उ उनरक् से पूछर्छ कईले अवररी उ लोग उनरक् से कहले ्क, उ हे बोन रक गईली ्क उ रउआ दर नो के खोजर रहले ्क रउआ कह्ँ गईल रहनी, क्हे की उनरक् के अईसन ज्नक्री ्दहल गईल रहे े 89 अब्हम आ इसह्क ओकर् लगे हे बोन गइलन आ जब ऊ लोग के पर् चलल ्क ऊ मर गइल ब्डी र ऊ लोग आव्ज उठ् के ओकर् पर कडरआ रोवे लगलन. आ इसह्क अपन् महर्री के मरँह पर ्गर के रोवर कहले, “हे म्ई, म्ई, रू हमर् के कइसे छोड के चल गइल ब्डू आ कह्ँ चल गइल ब्डू?” हे कइसे, कइसे हमर् के छोड के चल गइल ब्डू! 90 इब्हीम आ इसह्क स्र् के चलरे बहर रोवे लगले आ उनकर सब नौकर भी उनकर् स्थे रोवे लगले आ उ लोग उनक् ख्​्रर बहर शोक मन्वर रहले|

्लखले ब्डन आ च्र गो गव्हन के स्थे ्लख के गव्ही ्दहले ब्डने 8 गव्हन के न्म ह, ्हती अबीश् के बेट् अमीगल, ्हवी अशरन्च के बेट् अदीकोरोम, गोमेरी अकीर्म के बेट् अबोन, ्सदोनी अबूदीश के बेट् बकदीले 9 अब्हम खरीदद्री के ्कर्ब लेके अपन् खज्न् मे रख ्दहलन आ इहे शब ब् जवन अब्हम ्कर्ब मे ्लखले ब्डने 10 इ गरफ् आ खेर जवन अब्हम ्हती एफोन से, ओकर् संर्न से, आ अपन् शहर से ब्हर ्नकले व्ल् लोग से, आ ओह लोग के संर्न से हमेश् ख्​्रर खरीदले रहले, उ अब्हम आ उनकर संर्न आ उनकर कमर से ्नकले व्ल् लोग ख्​्रर हमेश् ख्​्रर दफन ्ल के म्​्लक बने ख्​्रर खरीदल ज्ईे आ ओकर् पर एगो हस्कर लग् के गव्हन के स्थे गव्ही ्दहलने 11 ओकर् मे जवन खेर आ गरफ् रहे आ उ सब जगह अब्हम आ ओकर् ब्द के संर्न के हे र के लोग से पक् हो गइले दे ख़ ऊ हे बोन के ममरे के स्मने ब् जवन कन्न दे श मे ब्े 12 एकर् ब्द अब्हम आपन मेहर्त स्र् के ओ्हज् दफन् ्दहलन आ ऊ जगह आ ओकर पूर् सीम् अब्हम आ उनकर संर्न के दफन जगह के म्​्लक बन गइले 13 अब्हम स्र् के धूमध्म से दफन् ्दहलन जइसन ्क र्ज् लोग के अं्रम संस्र मे दे खल ज्ल् आ ओकर् के बहर ब्ढय् आ सरनर कपड् मे दफन् ्दहल गइले 14 शेम, उनकर बेट् एबर आ अबीमेलेक, अन्र, अशोल आ ममरे के स्थे उनकर कवच के प्छे रहे े 15 स्र् के ्दन एक सौ सत्ईस स्ल रहे आ ऊ मर गइली आ अब्हम बहरे शोक कइलन आ स्र ्दन ले शोक के संस्र कइलन. 16 स्र् के चलरे दे श के सब ्नव्सी अब्हम अवररी उनरकर बेट् इसह्क के ्दल्स् दे ले​े 17 जब उ लोग के शोक के ्दन बीर गईल र अब्हम अपन् बेट् इसह्क के भेज दे ले अवररी उ पभर के र्स् अवररी उनरकर ्नद् श ज्ने ख्री शेम अवररी एबर के लरे चल गईले अवररी अब्हम रीन स्ल रक उह्ँ रहले​े 18 ओही लरी अब्हम अपन् सब नौकरन के स्थे उठ के बेश्ब् मे व्पस आ गइलन आ अब्हम आ उनकर सब नौकर बेरशेब् मे रह गइलने 19 स्ल क्खन के समय प्लसीयन के र्ज् अबीमेलेक के मौर हो गईले उनकर मौर के समय उनकर उ्मर एक सौ रेनबे स्ल रहे ; इब्हीम अपन् लोग के संगे प्लसीयन के दे श मे चल गईले अवररी उ लोग पूर् लर के लोग अवररी उनरकर सभ नौकर के ्दल्स् दे ले अवररी उ मरड के लरे चल गईले​े 20 अबीमेलेक के मौर के ब्द ही गेर्र के लोग उनकर बेट् बेनम्लीच के लेके चल गईले, उ म्त ब्रह स्ल के रहले अवररी उनरक् के अपन् ्पर् के जगह प सरर् दे ले​े 21 उ लोग ओकर न्म ओकर ्पर् के न्म से अबीमेलेक रखले , क्हे ्क गेर्र मे अईसन करे के ररव्ज रहे , अवररी अबीमेलेक अपन् ्पर् अबीमेलेक के जगह र्ज कईले अवररी उ अपन् ्संह्सन प बईठ गईले​े 22 ओह ्दन इसह्क के जीवन के उनरीसव्ँ स्ल मे ह्र्न के बेट् लूर के मौर हो गइल आ लूर के सब ्दन एक सौ च्लीस स्ल के रहल आ ऊ मर गइलने

अध ्य 24 के ब् 1 स्र् के उ्मर एक सौ सत्ईस स्ल रहे आ स्र् मर गइलीे अब्हम अपन् मरल लोग के स्मने से उठ के आपन मेहर्त स्र् के दफन्वे ख्​्रर दफन के जगह खोजले​े ऊ ज्के ओह दे श के ्नव्सी हे र के लोग से कहलने 2 हम रोहर् दे श मे रोहर् स्थे परदे शी आ पव्सी हईंे हमर् के अपन् दे श मे दफन के जगह दे द, र्​्क हम अपन् मरवल के अपन् सोझ् से दफन् सकीले​े 3 हे र के लोग अब्हम से कहलस ्क, दे ख, उ दे श रोहर् स्मने ब्, हमनी के कब के चरन्व मे रोह्र मरअल लोग के दफन्वे के ब्, क्हे ्क केह रोहर् के रोहर् मरअल लोग के दफन्वे से न् रोकीे 4 अब्हम ओह लोग से कहलन, “ज्द रू लोग एह ब्र से सहमर ब्नी र ज्कर हमर् ख्​्रर जोकर के बेट् एफोन से ्नहोर् करी ं ्क ऊ हमर् के मकपेल् के गरफ् दे दे व जवन ्क ओकर् खेर के छोर पर ब् आ हम ओकर् से खरीद लेबे 5 एफोन हे र के लोग के बीच मे रहर रहले, उ लोग ज्के उनरक् के बोलवले अवररी उ अब्हम के सोझ् अईले अवररी एफोन अब्हम से कहले, “दे ख़, रू जवन म्ं ग करर ब्ड़, ऊ सब रोहर् सेवक से करसे इब्हीम कहले, “न्, ले्कन हम रोहर् लगे जवन गरफ् आ खेर ब् ओकर् के कीमर मे खरीद लेब, र्​्क उ हमेश् ख्​्रर दफन ्ल के कब् मे हो सके​े” 6 एफोन जव्ब ्दहलन, “दे ख़ खेर आ गरफ् रोहर् स्मने ब्, जवन मन करे रवन दे द़े अब्हम कहले, “हम एकर् के रोहर् ह्थ से, रोहर् शहर के फ्टक पर ज्ए व्ल् लोग के ह्थ से आ रोहर् संर्न के ह्थ से हमेश् ख्​्रर पूर् द्म पर खरीदबे” 7 एफोन आ ओकर सब भ्ई लोग ई ब्र सरन के इब्हीम एफोन के च्र सौ शेकेल च्ं दी के रौल ्दहलने आ इब्हीम ई लेनदे न 37


जशेर के बा

23 ई लूर के संर्न हवे जे उनकर बेटी से पैद् भइल रहले, प्हल् बच् के न्म मोआब रहे आ दू सर् के न्म बेन्मी रहे े 24 लूर के दर नो बेट् कन्न के दे श से ज्के अपन् पती के ्बय्ह कईले अवररी उ लोग से संर्न पैद् कईले अवररी मोआब के संर्न एड, मेयोन, ररस अवररी क्न्वल रहले, च्र बेट्, इ लोग आज रक मोआब के संर्न के ्पर् ब्डे े 25 लूर के संर्न के सब पररव्र जह्ँ -जह्ँ रोशनी दे वे के रहे , उह्ँ रहे ख्​्रर चल गईले, क्हे ्क उ लोग फल-फूलर रहे अवररी बहर बढ गईल रहे े 26 उ लोग ज्के जवन् दे श मे उ लोग रहर रहले, ओ्हज् अपन् ख्​्रर शहर बनवले अवररी जवन शहर बनवले रहले, ओकर न्म अपन् न्म प रखले​े 27 अब्हम के भ्ई रेर् के बेट् न्होर के मौर ओही ्दन मे इसह्क के च्लीसव्ँ स्ल मे हो गइल आ न्होर के पूर् ्दन एक सौ बहतर स्ल रहल आ ऊ मर गइलन आ ह्र्न मे दफन्वल गइलन. 28 जब अब्हम आपन भ्ई के मरल सरन के दर खी हो गईले अवररी बहर ्दन रक अपन् भ्ई के शोक मनले​े 29 इब्हीम अपन् लर के ब्रे मे आदे श दे वे ख्​्रर अपन् मरख नौकर एलीएजर के बोलवले अवररी उ अपन् सोझ् खड् हो गईले​े 30 अब्हम ओकर् से कहले, “दे ख़ हम बूढ हो गइल ब्नी, हम अपन् मरल् के ्दन नइखी ज्नरे क्हे ्क हम ्दन मे बड हो गइल ब्नी; अब उठ के हमर् बेट् ख्​्रर एह जगह से आ एह दे श से, कन्न के बेटी लोग से मेहर्त मर लीं, जवन् मे हमनी के रहर ब्नी ज्े 31 ले्कन हमर् धररी आ हमर् जनमभू्म मे ज्के उह्ँ से हमर् बेट् ख्​्रर एगो मेहर्त ले लीं, आ सगय आ धररी के पभर परमेशर जे हमर् के हमर् ्पर् के लर से लेके हमर् के एह जगह ले अइले, आ हमर् से कहले ्क, हम ई धररी रोहर् संर्न के हमेश् ख्​्रर ्वर्सर मे दे ब, ऊ रोहर् स्मने आपन दू र भेज के रोह्र र्स् मे समृख् कर दीहे , र्​्क रू हमर् ख्​्रर एगो पती ्मल सके बेट् हमर् पररव्र से आ ब्बूजी के लर से​े 32 ऊ नौकर अपन् म्​्लक अब्हम के जव्ब ्दहलस आ कहलस, “दे ख़ हम रोह्र जनभू्म आ रोह्र ब्प के लरे ज्के रोहर् बेट् ख्​्रर उह्ँ से एगो मेहर्त लेके चलर ब्नीे ले्कन अगर उ मेहर्त हमर् पीछे -पीछे एह दे श मे ज्ए के रैय्र न् होखे र क् हम रोहर् बेट् के अपन् जनभू्म के दे श मे व्पस ले ज्इब? 33 इब्हीम ओकर् से कहले, “स्वध्न रह़ ्क रू हमर् बेट् के इह्ँ न् ले आव़, क्हे ्क जवन् पभर के स्मने हम चलल ब्नी, उ रोहर् से आगे आपन दू र भेज के रोह्र र्स् मे सफलर् ्दहे े” 34 एलीएजर अब्हम के आदे श के मरर्​्बक क्म कईले अवररी एलीजर ए म्मल् मे अपन् म्​्लक अब्हम के ्कररय् खईले​े एलीएजर उठ के अपन् म्​्लक के ऊंट मे से दस ऊंट आ अपन् म्​्लक के नौकरन मे से दस आदमी लेके चल गइलन आ ऊ लोग अब्हम आ न्होर के शहर ह्र्न मे चल गइलन ्क अब्हम के बेट् इसह्क ख्​्रर मेहर्त ले आवे. जब उ लोग गईल रहले र अब्हम शेम अवररी एबर के लरे भेजले अवररी उ लोग अपन् बेट् इसह्क के उह्ँ से ले अईले​े

35 इसह्क अपन् ्पर् के लर बेरशेब् मे लरे पहं चले, जब्क एलीएजर अवररी उनरकर आदमी ह्र्न पहं चले​े उ लोग शहर मे प्नी के जगह के लगे रक गईले अवररी उ अपन् ऊंट के प्नी के ्कन्रे लरटन् टे क दे ले अवररी उ लोग उह्ँ रह गईले​े 36 इब्हीम के नौकर एलीएजर प्थयन् करर कहले, “हे हम्र म्​्लक अब्हम के परमेशरे हमर् के भेज़ हम आज जली जली से ्नहोर् कऱ आ हमर् म्​्लक पर दय् कऱ ्क आज हमर् म्​्लक के बेट् ख्​्रर ओकर् पररव्र से मेहर्त ्नयरक कऱे 37 पभर अपन् सेवक अब्हम के ख्​्रर एलीएजर के आव्ज सरनले अवररी संजोग से उ बेथरएल के बेटी से भेट कईले, जवन ्क अब्हम के भ्ई न्होर के पती ्मल् के बेट् रहली अवररी एलीएजर उनरक् लरे पहं चले​े 38 एलीएजर ओ लोग के आपन सब ्चंर् बरवले ्क उ अब्हम के सेवक हवे अवररी उ लोग उनरक् प बहर खरश भईले​े 39 उ सब लोग पभर के आशीष दे ले, जे इ ब्र पैद् कईले अवररी उ लोग बेथरएल के बेटी ररबेक् के इसह्क के पती के तप मे दे दे ले​े 40 उ यरवरी बहर सरनर रहली, उ करंव्री रहली अवररी ओ समय मे ररबेक् दस स्ल के रहलीे 41 ओह र्र बेथरएल आ ल्ब्न आ उनकर लइक्-लइकी भोज कइले आ एलीएजर आ उनकर आदमी आके ओह र्र उह्ँ ख्न् पी के खरश भइले​े 42 एलीएजर सबेरे उठ के उ आउर उनकर् स्थे रहल लोग बथरएल के पूर् लर के लोग के आव्ज दे के कहलस ्क, “हमर् के भेज दी ं ्क हम अपन् म्​्लक के लगे ज्इबे ऊ लोग उठ के उज के बेटी ररबेक् आ ओकर नसय दबोर् के भेज ्दहल आ ओकर् के च्ं दी आ सोन्, नौकर आ नौकर्नी दे ्दहल आ ऊ लोग ओकर् के आशीव्य द ्दहल. 43 उ लोग एलीएजर के अपन् आदमी के संगे भेज दे ले​े नौकर लोग ररबेक् के लेके कन्न दे श मे अपन् म्​्लक के लगे लवट गईले 44 इसह्क ररबेक् के लेके उनरकर पती बन गईली अवररी उनरक् के डे र् मे ले गईले​े 45 इसह्क च्लीस स्ल के रहले जब उ अपन् च्च् बेथरएल के बेटी रे बेक् के पती बन् लेले​े अध ्य 25 के ब् 1 ओही लरी अब्हम बरढ्प् मे फेर से एगो मेहर्त ्बय्ह कइलन आ ओकर न्म केररर् रहे , जवन कन्न दे श से रहे े 2 ओकर् से छह गो बेट् ्जमरन, योक्न, मेद्न, ्म्दयन, इशबक आ शरआच के जनम ्दहलीे ्जमरन के संर्न अबीहे न, मो्लक आ नरीम रहलने 3 योक्न के बेट् शेब् आ दे द्न आ मेद्न के बेट् अमीद्, योआब, गोकी, एलीश् आ नोथ्क रहलने ्मद्न के बेट् एफ्, एफर, चनोक, अबीद् आ एल्ह रहलने 4 इशब्क के बेट् मकीरो, बेयोदर आ आ र्रोर रहले​े 5 शरआक के बेट् ्बल्द, ममद्द, मरन्न आ मेब्न रहलने इ सब कन्न के केररर् के संर्न के पररव्र ह जवन उ इब्हीम इब्हीम के जनम दे ले रहलीे 38


जशेर के बा

6 अब्हम एह सब के भेज ्दहलन आ ऊ ओह लोग के वरद्न दे ्दहलन आ ऊ लोग अपन् बेट् इसह्क से जह्ँ जगह ्मलल रहे ओ्हज् रहे ख्​्रर चल गइलन. 7 ई सब लोग पूरब के पह्ड पर चल गइल आ ऊ लोग अपन् ख्​्रर छह गो शहर बनवले जवन् मे ऊ लोग आजर ले रहर ब्. 8 ले्कन शेब् आ दे द्न के लइक्, योक्न के लइक् आ अपन् लइकन के स्थे, अपन् भ्ई लोग के स्थे अपन् शहरन मे न् रहले, आ आजर ले ऊ लोग दे स आ जंगल मे डे र् ड्ल के चलर रहे े 9 अब्हम के बेट् ्मद्न के लोग करश दे श के पूरब मे गईले अवररी उह्ँ उ लोग के पूरब के दे श मे एगो बड ल्टी ्मलल अवररी उ लोग उह्ँ रह के एगो शहर बनवले अवररी उ लोग आज रक ओ्हज् रह गईले, जवन ्क ्मद्न के दे श हे 10 ्मद्न जवन शहर बनवले रहले , उ अपन् प्ं च बेट् अवररी उनरकर सभ लोग रहले​े 11 ्मद्न के बेट् लोग के न्म उनके शहर मे एफ्, एफर, चनोक, अबीद् आ एल्ह के अनरस्र ब्े 12 एफ् के बेट् मेथ्क, मेशर, अवी आ तजनरआ आ एफर के बेट् एफोन, जूर, अलीरन आ मदीन आ चनोक के बेट् रे उल, रे केम, अजी, अलोशरब आ अल्द रहले​े 13 अबीद् के बेट् चूर, मेलरद, केररी, मोली रहलने एलद्ह के बेट् मीकर, रे ब्, मखलचय् आ ग्बोल रहले​े इहे ्मद्नी लोग के न्म ह, जवन ्क उ लोग के पररव्र के ्हस्ब से ब्े आ ओकर् ब्द ्मद्न के पररव्र पूर् ्म्डय्न दे श मे फइल गइले 14 इशम्एल बेट् इब्हीम के पीढी ह, जेकर् के स्र् के द्सी ह्जर अब्हम के जनम दे ले रहलीे 15 इस्इल ्मस के दे श से एगो मेहर्त ्बय्ह कइलन आ ओकर न्म ररब् रहे , ऊ मरीब् हे 16 ररब् से इस्इल नब्योर, केद्र, अदबील, ्मबस्म आ उनकर ब्हन बोसमथ के जनम भइले 17 इस्इल आपन मेहर्त ररब् के छोड ्दहलन आ ऊ ओकर् से ्नकल के ्मस अपन् ्पर् के लरे लवट गइली आ ऊ ओ्हज् रह गइली क्हे ्क ऊ इस्इल आ ओकर ्पर् अब्हम के नजर मे बहरे खर्ब रहली. 18 ब्द मे इस्इल कन्न दे श से एगो मेहर्त ्बय्, ओकर न्म मलचूर रहे आ ओकर् से ्नश्, दर म्, म्स्, चद्द, टे म्, येररर, नफीश आ केदम् के जनम भइले 19 ई इस्इल के बेट् हवे आ ई उनकर न्म हवे, जब ऊ लोग अपन् ज्​्र के ्हस्ब से ब्रह गो र्जकरम्र रहले​े ब्द मे इस्इल के पररव्र फइल गइल आ इस्इल अपन् लर के लोग आ ओकर सब करछ के स्थे आपन लइकन आ ्मलल सगरी संप्त लेके चल गइलन आ जह्ँ जगह ्मल ज्व ओ्हज् रहे ख्​्रर चल गइलन. 20 उ लोग प्रन के जंगल के लगे ज्के रह गईले अवररी उ लोग के ्नव्स हवील् से लेके शूर रक रहे , जवन ्क ्मस के स्मने ब्, जब रू अशूर के ओर ज्र रहलूे 21 इस्इल आ उनकर बेट् लोग ओह दे श मे रहर रहलन आ ओह लोग के संर्न पैद् भइल आ ऊ लोग खूब फलर-बढर रहे े

22 इशम्एल के प्हल् जनम नब्योर के बेट् लोग के न्म इहे हे मे्ंड, भेजल, मेयोन के ब्; केद्र के बेट् अलोन, केजेम, चम्द आ एली रहले​े 23 अदबेल के बेट् चम्द आ य्बीन रहलने ्मबस्म के बेट् ओब्दय्, एबेदमेलेक आ यूश रहलने इ इस्इल के पती ररब् के संर्न के पररव्र हे 24 इस्इल के बेट् ्मश् के बेट् शमरआ, जकय्न आ ओबेद रहलने दर म् के बेट् केसेद, एली, मकम्द आ अमेद रहलने 25 म्स् के बेट् खरबूज्, मरल् आ ए्बद्दोन रहलने चद्द के बेट् अजूर, ्मंज्र आ एबेदमेलेक रहलने रेम् के बेट् सेइर, सदोन आ य्कोल रहलने 26 येररर के बेट् मेररथ, य्श, अलो आ पचोर रहलने न्फीश के बेट् एबेद-र्मेद, अ्बय्स्फ आ मीर रहलने केदम् के बेट् क्लीप, रचरी आ ओमीर रहलने इ लोग इश्एल के पती मलचूर के संर्न रहले, जवन ्क अपन् पररव्र के मरर्​्बक रहले​े 27 इ सब लोग इश्एल के पररव्र के तप मे अपन् पीढी के ्हस्ब से हवे अवररी उ लोग आज रक ओ दे श मे रहर रहले , जवन् मे उ लोग अपन् ख्​्रर शहर बनवले रहले​े 28 अब्हम के बेट् इसह्क के मेहर्त बेथरएल के बेटी ररबेक् ओह लरी बंजर रहली आ उनकर कवनो संर्न न् रहे े इसह्क अपन् ब्प के स्थे कन्न दे श मे रहर रहले​े आ पभर इसह्क के स्थे रहले​े एही ्दन मे इसह्क के अडर्लीसव्ँ स्ल मे नूह के बेट् शेम के बेट् अपयचश्द के मौर हो गइल आ अपयचश्द के ्जयल् च्र सौ अडरीस स्ल के रहल आ ऊ मर गइलन. अध ्य 26 के ब् 1 अब्हम के बेट् इसह्क के जीवन के उनवनव्ँ स्ल मे उनकर मेहर्त ररबेक् अब्हयों बंजर रहलीे 2 रे बेक् इसह्क से कहली, “हे म्​्लक, हम सचमरच सरनले ब्नी ्क रोह्र म्ई स्र् अपन् ्दन मे बंजर रहली, जब रक ्क हम्र पभर अब्हम, रोह्र ब्प, ओकर् ख्​्रर प्थयन् न् कईले अवररी उनरक् से गभयवरी न् हो गईले 3 अब खड् होके परमेशर से भी प्थयन् कऱ र उ रोह्र प्थयन् सरन के अपन् दय् से हमनी के य्द करीहे े 4 इसह्क अपन् मेहर्त ररबेक् के जव्ब ्दहलन, “अब्हम हमर् ख्​्रर भगव्न से प्थयन् कर चरकल ब्डन ्क हम आपन संर्न बढ्ईं, एहसे अब ई बंजरपन रोहर् से ्नकले के पडीे 5 ररबेक् ओकर् से कहली, “रू भी उठ के प्थयन् करस ्क पभर रोह्र प्थयन् सरन के हमर् के संर्न दे स, र इसह्क अपन् पती के ब्र सरनले अवररी इसह्क अवररी उनरकर पती उठ के मोररय् के दे श मे उह्ँ प्थयन् करे अवररी पभर के खोजे ख्री चल गईले, अवररी जब उ लोग ओ जगह पहं चले र इसह्क खड् होके अपन् पती के चलरे पभर से प्थयन् कईले, क्हे की उ बंजर रहलीे 6 इसह्क कहलस, “हे आक्श आ धररी के परमेशर पभर, जेकर भल्ई आ दय् धररी पर भर गइल ब्, रू जे हमर् ्पर् के अपन् ्पर् के लर से आ ओकर् जनभू्म से लेके अइनी आ ओकर् से कहनी ्क हम रोहर् संर्न के दे श दे ब, आ रू ओकर् से व्द् कइले ब्ड़ आ ओकर् से बरवले ब्ड़, हम रोहर् के बहर बढ् दे बे” आक्श के र्र् आ समरंदर के ब्लू 39


जशेर के बा

्नयर बीज, अब रोह्र ब्र के सच्ई होखे जवन रू हमर् ब्बूजी से कहले रहलूे 7 क्हे ्क रू हमनी के पभर परमेशर हउअ, हमनी के नजर रोहर् ओर ब् ्क हमनी के आदमी के संर्न दे वे ख्​्रर, जईसे रू हमनी से व्द् कईले रहलू, क्हे ्क रू हमनी के पभर परमेशर हउअ आ हमनी के नजर ख्ली रोहरे ओर ब्े 8 रब परमेस् वर अब्हम के बेट् इसह्क के प्थयन् सरनलन आ पभर से उनकर् से ्नहोर् कइलन आ उनकर मेहर्त ररबेक् गभयवरी हो गइलीे 9 लगभग स्र महीन् ब्द लइक्-लइकी ओकर् भीरर संलषय कइलन आ ओकर् बहर दर ख भइल ्क ऊ ओह लोग के चलरे थक गइली आ ऊ ओह लरी दे श मे मौजूद सभ मेहर्त लोग से कहली ्क, “क् रोहनी के स्थे अइसन भइल जइसन हमर् स्थे भइल ब्?” उ लोग ओकर् से कहलस ्क न्े 10 ऊ ओह लोग से कहली, “हम धररी पर मौजूद सब मेहर्त लोग मे अकेले क्हे ब्नी? एकर् चलरे उ मोररय् के दे श मे पभर के खोजे गईलीे उ शेम आ उनकर बेट् एबर के लगे गईली ्क उ लोग से पूछर्छ करस ्क उ लोग उनरक् ब्रे मे एह ब्र मे पभर के खोज करसे 11 उ अब्हम से भी कहली ्क उ अपन् पर भईल सभ लटन् के ब्रे मे पभर से पूछस अवररी पूछसे 12 उ सब लोग पभर से एह ब्रे मे पूछर्छ कइलन आ पभर से उनकर ब्र लेके कहलन ्क, “रोहर् पेट मे दू गो लइक् ब्डे आ ओह लोग से दू गो र्ष् उठीहे े आ एगो र्ष् दोसर् से मजबूर होखी आ बडक् छोटक् के सेव् करी. 13 जब उनकर पसव के ्दन पूर् हो गईल र उ लरटन् टे क के दे खली ्क उनरक् पेट मे जरडव् बच् ब्डे , जईसे ्क पभर उनरक् से कहले रहले​े 14 प्हलक् च्रो ओर ब्लद्र कपड् ्नहन ल्ल हो गईल अवररी दे श के सभ लोग उनरकर न्म एस्व रखले अवररी कहले ्क, इ पेट से ही पूर् हो गईल ब्े 15 ओकर् ब्द ओकर भ्ई आइल आ ओकर ह्थ एस्व के एडी पकड ्लहलस, एही से ऊ लोग ओकर न्म य्कूब रखले 16 इब्हीम के बेट् इसह्क के उमर स्ठ स्ल के रहे े 17 लइक् लोग पनहव्ँ स्ल रक बड हो गइल आ ऊ लोग आदमी के सम्ज मे आ गइले एस्व एगो ्डज्इ्नंग आ धोखेब्ज आदमी रहले, आ खेर मे म्​्हर ्शक्री रहले, आ य्कूब एगो ्स् आ बरख्म्न आदमी रहले, डे र् मे रहर रहले, झरंड के च्र् दे र रहले अवररी पभर के ्नद् श अवररी अपन् ्पर् अवररी महर्री के आज् सीखर रहले​े 18 इसह्क आ उनकर लर के लोग अपन् ्पर् अब्हम के स्थे कन्न दे श मे रह गइलन, जइसन ्क परमेशर के आज् ्दहल रहे े 19 अब्हम के बेट् इस्इल अपन् लइकन आ ओह लोग के सब स्म्न के स्थे चल गइलन आ ऊ लोग ओ्हज् हवील् दे श मे लवट गइलन आ ऊ लोग ओ्हज् रह गइलन. 20 अब्हम के उपपती के सब संर्न पूरब के दे श मे रहे ख्​्रर चल गईले, क्हे की अब्हम ओ लोग के अपन् बेट् से भेज दे ले रहले अवररी उपह्र दे ले रहले अवररी उ लोग चल गईले​े 21 अब्हम अपन् बेट् इसह्क के आपन सब खज्न् दे ्दहलने

22 ऊ ओकर् के आज् ्दहलन ्क क् रू नइख ज्नर आ न् समझर हव ्क पभर सगय आ धररी मे भगव्न हवे आ ओकर् अल्व् दोसर केह नइखे? 23 उहे हमर् के हमर् ब्प के लर से आ हमर् जन्​्न से लेके धररी के सब आनन दे ले​े उ हमर् के दर ष के सल्ह से बच् लेले, क्हे ्क हम ओकर् पर भरोस् करर रहनीे 24 उ हमर् के इह्ँ ले अइले आ हमर् के उर क्सदीम से बच् ्लहले​े उ हमर् से कहलस ्क, हम इ सब दे श रोहर् संर्न के दे ब अवररी जब उ लोग हम्र आज्, हम्र ्नयम अवररी हमर् फैसल् के प्लन करीहे , जवन ्क हम रोहर् के दे ले ब्नी अवररी हम उनरक् के आज् दे बे 25 अब हम्र बेट्, हम्र आव्ज सरनी ं आ रोहर् परमेस् वर के आज् के प्लन करी,ं जवन हम रोहर् के आज् दे ले ब्नी, सही र्स् से न् र द्​्हन् ओर मर मरड़, र्​्क रोहर् आ रोहर् ब्द के लइकन के हमेश् ख्​्रर ठीक होखे​े 26 आऊ पभर के अद् भरर क्म आ उनकर दय् के य्द करी ं जवन उ हमनी के दर शनन के ह्थ से बच्वे के क्म कइले ब्डन आ हमनी के परमेशर पभर ओह लोग के हमनी के ह्थ मे ्गर् ्दहले ब्डने अब हम जवन भी आज् दे ले ब्नी, ओकर् के पूर् कऱ आ अपन् परमेशर के आज् से दू र मर कऱ आ ओकर् अल्व् केह के सेव् मर कऱ र्​्क रोहर् आ रोहर् ब्द के वंशज के भल्ई हो सके​े 27 आ अपन् लइकन आ अपन् वंशज के पभर के ्नद् श आ उनकर आज् ्सख्ईं आ ओह लोग के सीध् र्स् ्सख्ईं जवन् से ऊ लोग चले के च्हीं र्​्क ऊ लोग हमेश् ख्​्रर ठीक हो सके. 28 इसह्क अपन् ब्प के जव्ब ्दहलन आ कहलन, “हम्र पभर जवन आज् दे ले ब्डन, हम उहे करब, आ हम अपन् परमेशर यहोव् के आज् से न् हटब, हम उ सब ब्र के प्लन करब जवन उ हमर् के ्दहले रहले​े इब्हीम अपन् बेट् इसह्क के आशीष ्दहलने आ अब्हम य्कूब के पभर के ्शक् आ उनकर र्स् ्सखवले​े 29 एही लरी इब्हीम इसह्क के बेट् य्कूब आ एस्व के ्जनगी के पनहव्ँ स्ल मे मर गइलन आ अब्हम के पूर् उ्मर एक सौ पचहतर स्ल रहल आ ऊ मर गइलन आ बरढ्प् मे , बरढ्प् मे आ ्दन से संररष होके अपन् लोग के बीच जरट गइलन आ उनकर बेट् इसह्क आ इस्इल उनक् के दफन् ्दहलन. 30 जब कन्न के ्नव्सी अब्हम के मर गईले के ब्र सरनले र उ सब अपन् र्ज्, र्जकरम्र अवररी अपन् सब आदमी के संगे अब्हम के दफन्वे पहं चले​े 31 ह्र्न दे श के सब ्नव्सी, अब्हम के लर्न् के सब पररव्र, सब र्जकरम्र आ बडक्-बच्, आ अब्हम के उपपती के बेट्, सब लोग अब्हम के मौर के खबर सरन के आ गईले अवररी उ लोग अब्हम के दय् के बदल् दे ले अवररी उनरक् बेट् इसह्क के ्दल्स् दे ले अवररी उ लोग अब्हम के ओ गरफ् मे दफन् दे ले, जवन ्क एफोन ्हती अवररी उनरक् संर्न से खरीदले रहले एगो दफन के जगह हे 32 कन्न के सब ्नव्सी आ अब्हम के ज्नर सब लोग अब्हम ख्​्रर स्ल भर रोवर रहले आ मरद मेहर्त उनकर शोक मन्वर रहले​े 33 आउर सब छोट लइक् आ दे श के सब ्नव्सी अब्हम के चलरे रोवर रहले, क्हे ्क इब्हीम ओह सब के स्थे भल्ई 40


जशेर के बा

कइले रहले आ क्हे ्क उ परमेशर आ आदमी के स्थे सीध् रहले​े 34 इब्हीम ्नहन भगव्न से डे र्ए व्ल् केह न् पैद् भईल, क्हे ्क उ जव्नी से अपन् भगव्न से डे र्र रहले अवररी पभर के सेव् कईले रहले अवररी अपन् बचपन से लेके मौर के ्दन रक अपन् सभ र्स् प चलर रहले​े 35 पभर ओकर् स्थे रहलन आ ओकर् के ्नमरोद आ ओकर लोग के सल्ह से बच् ्लहलन आ जब ऊ एल्म के च्र गो र्ज्न से लड्ई कइलन र ऊ ओह लोग के जीर ्लहलन. 36 ऊ धररी के सब लइकन के परमेशर के सेव् मे ले अइले आ पभर के र्स् ्सखवले आ पभर के ज्न ्दहले​े 37 ऊ एगो बगीच् बनवले आ ओहमे अंगूर के बगइच् लगवले आ ऊ हमेश् अपन् डे र् मे ओह दे श से गरजरे व्ल् लोग ख्​्रर ख्न् आ पेय रइय्र करर रहले जेहसे ्क ऊ लोग अपन् लर मे रृप हो सके. 38 परमेस् वर परमेस् वर अब्हम के वजह से पूर् धररी के उ्​्र कर ्दहलने 39 अब्हम के मरल् के ब्द ही परमेशर उनकर बेट् इसह्क आ उनकर लइकन के आशीष ्दहलन आ पभर इसह्क के स्थे ओइसहीं रहलन जइसे उनकर ब्प अब्हम के स्थे रहलन, क्हे ्क इसह्क पभर के सब आज् के प्लन कइलन जइसे उनकर ब्प अब्हम के आज् दे ले रहले​े ऊ सही र्स् से द्​्हने भ् ब्ईं ओर न् मरडल जवन् के ब्प ओकर् के आज् दे ले रहले.

9 ्नमरोद के सब पर्कमी जे ओकर् के छोड के जंगल मे ज्ए ख्​्रर ्नकलल रहले, दू र से उ ्चल्हट सरनले अवररी उ लोग ओ दर नो आदमी के आव्ज ज्न गईले अवररी उ लोग एकर क्रर ज्ने ख्री भ्ग गईले, जब उ लोग अपन् र्ज् अवररी उनरक् संगे मौजूद दर नो आदमी के जंगल मे मरल पडल दे खले​े 10 एस्व ्नमरोद के पर्कमी लोग के दू र से आवर दे खले र भ्ग गईले अवररी ओकर् से भ्ग गईले​े एस्व ्नमरोद के कीमरी कपड् लेके चल गईले, जवन ्नमरोद के ्पर् ्नमरोद के वसीयर मे दे ले रहले अवररी जवन् से ्नमरोद पूर् दे श प ह्वी हो गईले अवररी उ दौड के अपन् लर मे ्छप् दे ले​े 11 एस्व ्नमरोद के आदमी के चलरे उ कपड् लेके शहर मे भ्ग गईले अवररी लड्ई से थक गईल अवररी थक गईल अपन् ्पर् के लरे पहं चले अवररी जब उ अपन् भ्ई य्कूब के लगे पहं चले अवररी उनरक् सोझ् बईठ गईले​े 12 ऊ अपन् भ्ई य्कूब से कहलन, “दे ख़ हम आजर मरब, र हमर् जनम के अ्धक्र क्हे च्हीं? य्कूब ए म्मल् मे एस्व के संगे समझद्री से क्म कईले अवररी एस्व आपन जमन् के अ्धक्र य्कूब के बेच दे ले, क्हे की इ क्म पभर के ओर से भईल रहे े 13 मकपेल् के खेर के गरफ् मे एस्व के ्हस् जवन अब्हम हे र के लोग से दफन ्ल के म्​्लक्न् हक ख्​्रर खरीदले रहले, एस्व भी य्कूब के बेच दे ले अवररी य्कूब इ सभ ्हस् अपन् भ्ई एस्व से ्मलल कीमर के ्हस्ब से खरीद लेले​े 14 य्कूब इ पूर् ब्र एगो ्कर्ब मे ्लखले अवररी उ गव्हन के संगे इहे गव्ही दे ले अवररी ओकर् प मरहर लग् दे ले अवररी ्कर्ब य्कूब के ह्थ मे रह गईले 15 जब करश के बेट् ्नमरोद के मौर हो गईल र ओकर आदमी ओकर् के उठ् के अचरज मे ले आईल अवररी ओकर् के अपन् शहर मे दफन् दे ले अवररी ्नमरोद के ्जयल् के पूर् ्दन दर सौ पंदह स्ल के रहे अवररी उ मर गईले​े 16 ्नमरोद के र्ज के ्दन एक सौ पच्सी स्ल रहे े आ ्नमरोद ल्ज आ ्ररस्र से एस्व के रलव्र से मर गइलन आ अब्हम के वंशज उनकर मौर के क्रर बन गइल जइसन ्क ऊ सपन् मे दे खले रहले. 17 ्नमरोद के मरल् पर उनकर र्ज कई गो बँटव्र् मे बँट गइल आ ्नमरोद के र्ज कइल जवन भी ्हस् ओह दे श के अपन्-अपन् र्ज् लोग के व्पस कर ्दहल गइल, जे ्नमरोद के मौर के ब्द ओह लोग के व्पस ले ्लहले आ ्नमरोद के लर्न् के सब लोग बहर ्दन ले ओह दे श के ब्की र्ज् लोग के गरल्म बन गइले

अध ्य 27 के ब् 1 ओ समय एस्व अब्हम के मरल् के ब्द अकर खेर मे ्शक्र करे ज्र रहले​े 2 ब्बेल के र्ज् ्नमरोद अम्फेल भी अपन् पर्कमी लोग के स्थे खेर मे ्शक्र करे आ ्दन के ठं ड् मे अपन् आदमी लोग के स्थे लूमे ख्​्रर ज्र रहले​े 3 ्नमरोद पूर् ्दन एस्व के दे खर रहले, क्हे ्क ्नमरोद के ्दल मे एस्व के खखल्फ पूर् ्दन ईष्य होखर रहे े 4 एक ्दन एस्व खेर मे ्शक्र करे गइलन र ्नमरोद के अपन् दर नर आदमी के स्थे जंगल मे लूमर दे खलने 5 ओकर सब पर्कमी आ ओकर लोग ओकर् स्थे जंगल मे रहे , ले्कन उ लोग ओकर् से दू र होके ओकर् से अलग-अलग ्दश् मे ्शक्र करे ख्​्रर चल गईले, एस्व ्नमरोद ख्​्रर लरक् गईले अवररी उ जंगल मे ओकर् ख्री लरक् गईले​े 6 ्नमरोद आ उनकर स्थी लोग उनक् के न् ज्नर रहे आ ्नमरोद आ उनकर आदमी लोग ्दन के ठं ड् मे अकर खेर मे लूमर रहले आ ई ज्ने ख्​्रर ्क उनकर आदमी खेर मे कह्ँ ्शक्र करर ब्डे े 7 ्नमरोद आ उनकर दू गो आदमी जह्ँ उ लोग रहले, उह्ँ पहं चले, जब एस्व अच्नक अपन् लरक्इल जगह से ्नकल गईले अवररी रलव्र ्नक्ल के जली-जली ्नमरोद के लगे भ्ग गईले अवररी उनरकर म्थ् क्ट दे ले​े 8 एस्व ्नमरोद के संगे रहल दर नो आदमी के संगे बहर लड्ई लडले अवररी जब उ लोग उनरक् के आव्ज दे ले र एस्व ओ लोग के ओर मरड के अपन् रलव्र से ओ लोग के म्र दे ले​े

अध ्य 28 के ब् 1 ओह ्दन मे अब्हम के मौर के ब्द ओह स्ल पभर ओह दे श मे भ्री अक्ल ले अइले आ जब कन्न दे श मे अक्ल के दौर चलर रहे रब इसह्क अक्ल के चलरे ्मस ज्ए ख्​्रर उठल, जइसे ्क ओकर ्पर् अब्हम कइले रहले​े 2 ओह र्र पभर इसह्क के स्मने पकट भइले आ कहलन ्क, “्मस मे मर ज्के उठ के प्लसीयन के र्ज् अबीमेलेक के लगे गेर्र मे ज्इब आ जबले अक्ल न् खरम हो ज्ई रबले ओ्हज् रह़.” 41


जशेर के बा

3 इसह्क उठ के गेर्र चल गइलन, जइसन ्क पभर के आज् ्दहल गइल रहे आ ऊ पूर् स्ल ओ्हज् रहलने 4 जब इसह्क गेर्र अइले र दे श के लोग दे खल ्क उनकर मेहर्त रे बेक् सरनर तप के हई आ गेर्र के लोग इसह्क से उनकर मेहर्त के ब्रे मे पूछलस आ कहलस ्क, “उ हम्र ब्हन हई, क्हे ्क उ आपन मेहर्त कहे से डे र्र रहले ्क कही ं दे श के लोग ओकर् के म्र दे वे​े” 5 अबीमेलेक के सरद्र लोग ज्के र्ज् के स्मने ओह औरर के सर्र कईले, ले्कन उ ओ लोग के जव्ब न् दे ले अवररी न् उ लोग के ब्र प ध्न दे ले​े 6 ले्कन उ लोग के इ कहर सरनले ्क इसह्क ओकर् के आपन ब्हन बर्वर रहले, एहसे र्ज् इ ब्र अपन् भीरर सरर्कर रखले रहले​े 7 जब इसह्क रीन महीन् रक एह दे श मे रहले र अबीमेलेक खखडकी से ब्हर दे खले अवररी दे खले ्क इसह्क अपन् पती ररबेक् के संगे खेलर रहले, क्हे की इसह्क र्ज् के ब्हरी लर मे रहर रहले, एहसे इसह्क के लर र्ज् के लर के सोझ् रहे े 8 र्ज् इसह्क से कहले, “रू अपन् मेहर्त के ब्रे मे कह के हमनी के क् कइले ब्डू ्क ऊ हम्र ब्हन हई?” केरन् आस्नी से जनर् के कवनो मह्न आदमी ओकर् संगे लेट गईल होई अवररी रू रब हमनी प अपर्धबोध ले आईल रहरीे 9 इसह्क अबीमेलेक से कहले, “हम डे र्र रहनी ्क कही ं हम अपन् मेहर्त के चलरे मर न् ज्ईं, एहसे हम कहनी ्क उ हम्र ब्हन हईे” 10 ओही लरी अबीमेलेक अपन् सब र्जकरम्रन आ मह्पररषन के आदे श ्दहलन आ ऊ लोग इसह्क आ उनकर मेहर्त ररबेक् के लेके र्ज् के सोझ् ले अइले​े 11 र्ज् आज् ्दहलन ्क ऊ लोग ओह लोग के ररय्सर के कपड् प्हन के शहर के गली मे सव्री कर् के पूर् दे श मे ओह लोग के स्मने लोषर् करस ्क, “ई आदमी ह आ ई ओकर मेहर्त हे जे एह आदमी भ् ओकर मेहर्त के छूई ऊ जतर मर ज्ई. इसह्क अपन् मेहर्त के स्थे र्ज् के लरे लवट गइलन आ पभर इसह्क के स्थे रहले आ ऊ बडक् होर रहले आ ओकर् करछर ओ के कमी न् रहे े 12 पभर इसह्क के अबीमेलेक आ उनकर सब पज् के नजर मे अनरगह कर् ्दहलन आ अबीमेलेक इसह्क के स्थे ब्ढय् क्म कइलन, क्हे ्क अबीमेलेक के उनकर ब्प आ अब्हम के बीच के ्कररय् आ व्च् य्द आ गइले 13 अबीमेलेक इसह्क से कहले, “दे ख़, पूर् धररी रोहर् स्मने ब्े जह्ँ भी रोहर् नजर मे अच् ल्गे रब रक रह़ जब रक ्क रू अपन् दे श मे न् लवटब़े अबीमेलेक इसह्क के खेर आ अंगूर के बगइच् आ गेर्र दे श के सबसे ब्ढय् ्हस् दे ्दहलन ्क जबले अक्ल के ्दन न् बीर ज्व रबले ऊ बोवे आ क्ट के जमीन के फल ख् सके. 14 इसह्क ओह दे श मे बोव्ई कइलन आ ओही स्ल सौ गरन् ्मललन आ पभर उनक् के आशीष ्दहलने 15 ऊ आदमी बड हो गइल आ ओकर् लगे झरंड आ भेड आ नौकरन के बडहन भंड्र रहे े 16 जब अक्ल के ्दन बीर गइल र पभर इसह्क से पकट भइले आ कहलन ्क उठ के एह जगह से ्नकल के अपन् दे श कन्न मे लवट ज्े इसह्क उठ के कन्न के दे श मे हे बोन व्पस आ गईले, जवन ्क पभर के आज् के मरर्​्बक उनरकर सब लोग रहे े

17 एकर् ब्द अपयचश्द के बेट् शेल्क के मौर ओही स्ल हो गईल, जवन ्क य्कूब अवररी एस्व के जीवन के अठ्रहव्ं स्ल हे शेल्क के ्जयल् च्र सौ रेरीस स्ल रहल आ ऊ मर गइलन. 18 ओह लरी इसह्क अपन् छोट बेट् य्कूब के शेम आ एबर के लरे भेजलन आ ऊ पभर के ्नद् श सीख ्लहलन आ य्कूब बतीस स्ल ले शेम आ एबर के लर मे रहले आ उनकर भ्ई एस्व न् गइलन क्हे ्क ऊ ज्ए के रइय्र न् रहले आ ऊ कन्न दे श मे अपन् ्पर् के लर मे रहले. 19 एस्व लग्र्र खेर मे ्शक्र करर रहले ्क जवन करछ ्मलल रहे ओकर् के लरे ले आवलस, एस्व भी ्दन भर अयीसन करर रहले​े 20 एस्व एगो षडंतक्री आ धोखेब्ज आदमी रहलन, जे आदमी के ्दल के ्शक्र करर रहले आ ओकर् पर चोट करर रहले, आ एस्व खेर मे एगो वीर आदमी रहले आ समय के स्थ हमेश् के ररह ्शक्र करे ख्​्रर चलर रहले​े उ सेइर के खेर रक पहं च गईले, उहे एदोम हे 21 उ एक स्ल च्र महीन् रक सेइर के दे श मे खेर मे ्शक्र करर रहले​े 22 एस्व सेइर के दे श मे कन्न के एगो आदमी के बेटी दे खले अवररी ओकर न्म यहदीर रहे , जवन ्क एफर के बेट् बेरी के बेटी रहलीे 23 एस्व ओकर् के मेहर्त बन् ्लहले आ ओकर् लगे अइले​े जब एस्व ओकर् के लेके चलल र ओकर उ्मर च्लीस स्ल रहे आ ऊ ओकर् के अपन् ब्प के ्नव्स के दे श हे बोन ले अइले आ ऊ ओ्हज् रह गइलन. 24 ओह ्दन मे इसह्क के जीवन के सौ दसव्ँ स्ल य्नी य्कूब के जीवन के पच्सव्ँ स्ल मे नूह के बेट् शेम के मौर हो गइले शेम के मौर के समय उ छह सौ स्ल के रहले​े 25 जब शेम मर गइलन र य्कूब अपन् ब्प के लगे हे बोन मे लवट गइलन जवन कन्न के दे श मे ब्े 26 य्कूब के जीवन के छपनव्ँ स्ल मे ह्र्न से लोग आइल आ ररबेक् के आपन भ्ई बेथरएल के बेट् ल्ब्न के ब्रे मे बर्वल गइले 27 क्हे ्क ओह लरी ल्ब्न के मेहर्त बंजर रहली आ न् कवनो संर्न पैद् कइली आ उनकर सब द्सी भी उनकर् से कवनो बच् न् पैद् कइलीे 28 ओकर् ब्द पभर ल्ब्न के मेहर्त अदीन् के य्द कइलन आ ऊ गभयवरी होके जरडव् बेटी भइली आ ल्ब्न अपन् बेटी के न्म, बडकी लीआ आ छोटकी र्हे ल के न्म रखले​े 29 उ लोग आके ररबेक् के इ ब्र बरवले , र ररबेक् बहर खरश हो गईली ्क पभर उनरक् भ्ई से ्मले गईले अवररी उनरक् संर्न भईल ब्े अध ्य 29 के ब् 1 अब्हम के बेट् इसह्क बूढ हो गइलन आ उ्मर बढल् क् चलरे उनकर आँ ख भ्री हो गइलन. उ लोग मख्म रहे आ दे ख न् प्वर रहे े 2 ओही लरी इसह्क अपन् बेट् एस्व के बोलवले आ कहलन ्क, “हम ्नहोर् करर ब्नी ्क रोह्र ह्थय्र, रोह्र कटहर आ धनरष, उठ के खेर मे ज् के हमर् ख्​्रर ्हरन के म्ं स ले 42


जशेर के बा

आव़ आ हमर् ख्​्रर स्​्दष म्ं स बन् के हमर् लगे ले आव़, र्​्क हम ख् सकीले ्क हम अपन् मरल् से प्हले रोहर् के आशीव्य द दे सकीले, जइसे ्क हम अब बूढ आ धूसर हो गइल ब्नीे 3 एस्व अईसन कईले​े आ ऊ आपन ह्थय्र लेके खेर मे ्नकल के ्हरन के म्ं स के ्शक्र करे ख्​्रर ्नकल गइलन, हमेश् क् ररह, अपन् ब्बूजी के जइसन आदे श ्दहले रहले, ओकर् लगे ले आवे ख्​्रर, जेहसे ्क ऊ ओकर् के आशीव्य द दे सके. 4 ररबेक् इजह्क के एस्व से कहल सब ब्र सरन के जलीजली अपन् बेट् य्कूब के बोलवली, “रोह्र ब्बूजी रोहर् भ्ई एस्व से अईसन ब्र कहले रहले अवररी हम अईसन सरनले रहनी, एहसे अब रू जली से उहे बन्ईे” 5 उठ के झंरड के लगे ज्के हमर् ख्​्रर दू गो ब्ढय् बकरी के बच् ले आव़ आ हम रोहर् ब्बूजी ख्​्रर स्​्दष म्ं स ले आव़ आ रोह्र भ्ई के पीछ् करे से आवे से प्हले ऊ स्​्दष म्ं स ले आव़ जवन् के ऊ ख् सके, र्​्क रोह्र ब्प रोहर् के आशीव्य द दे सके​े 6 य्कूब जली-जली अपन् महर्री के आज् के मरर्​्बक क्म कईले अवररी एस्व के पीछ् से आवे से प्हले उ स्​्दष म्ं स बन् के अपन् ्पर् के सोझ् ले अईले​े 7 इसह्क य्कूब से पूछले , “हे हम्र बेट् रू के हउअ?” ऊ कहलस, “हम रोह्र प्हल् जनल एस्व हईं, जइसन रू हमर् के आदे श दे ले रहलू ओइसने क्म कइले ब्नी, अब उठ के हम्र ्शक्र ख्ईं, र्​्क रोह्र प्र हमर् के ओइसहीं आशीव्य द दे सके जइसे रू हमर् से ब्र कइले रहलूे” 8 इसह्क उठ के ख्न् खइले आ ्पयले आ मन के ्दल्स् ्मलल आ य्कूब के आशीष ्दहलन आ य्कूब अपन् ब्प से दू र हो गइलने आ जइसहीं इसह्क य्कूब के आशीष ्दहलन आ ऊ ओकर् से दू र हो गइलन र दे खलस ्क एस्व खेर से अपन् ्शक्र से आइल रहले आ ऊ स्​्दष म्ं स भी बन् के अपन् ब्प के लगे ले अइले ्क ऊ ओकर् के ख्ए आ आशीव्य द दे सर. 9 इसह्क एस्व से कहलस, “उ के ह जे ्हरन के म्ं स लेके रोहर् आवे से प्हले हमर् के ले आइल रहे आ हम ओकर् के आशीष दे ले रहनी? एस्व ज्न गइलन ्क उनकर भ्ई य्कूब अइसन कइले ब्डन आ एस्व के गरस् उनकर भ्ई य्कूब पर भडक गइल ्क ऊ उनक् स्थे अईसन क्म कइले ब्डने 10 एस्व कहलन, “क् ओकर् के य्कूब कहल सही नइखे? क्हे ्क ऊ हमर् के दू बेर बदल ्लहले ब्डन, ऊ हम्र जन्स् अ्धक्र छीन ्लहले ब्डन आ अब हम्र आशीव्य द छीन ्लहले ब्डन. एस्व बहर रोवर रहले​े जब इसह्क अपन् बेट् एस्व के रोअर आव्ज सरनलस र इसह्क एस्व से कहलस, “हे बेट्, हम क् कर सकीले, रोह्र भ्ई सूकर् से आके रोह्र आशीष ले ्लहलसे आ एस्व अपन् भ्ई य्कूब से नफरर करर रहले, क्हे ्क उनकर ब्प के ्दहल आशीष के चलरे उनकर गरस् बहर भडक गईले 11 य्कूब अपन् भ्ई एस्व से बहर डे र् गईले अवररी उ उठ के शेम के बेट् एबर के लरे भ्ग गईले अवररी उ अपन् भ्ई के चलरे उह्ँ लरक् गईले अवररी य्कूब के उमर रेसठ स्ल के रहले, जब उ कन्न के दे श से हे बोन से ्नकलले अवररी य्कूब

अपन् भ्ई एस्व के चलरे चौदह स्ल रक एबर के लर मे लरक्ईल रहले पभर के र्स् आ उनकर आज् के​े 12 जब एस्व दे खलन ्क य्कूब भ्ग के ओकर् से भ्ग गइल ब् आ य्कूब धूरयर् से आशीव्य द प् ्लहले ब्, र एस्व बहरे दर खी हो गइलन आ ऊ अपन् ब्प-म्ई पर भी परे श्न हो गइलन. उहो उठ के आपन मेहर्त के लेके अपन् ब्प-म्ई से दू र सेईर दे श मे चल गइलन आ उह्ँ रह गइलने एस्व उह्ँ हे र के बेटी लोग के बीच से एगो औरर के दे खले, जेकर न्म बोस्र रहे , जवन ्क एलोन ्हती के बेटी रहली, अवररी उ ओकर् के अपन् प्हल् पती के अल्वे पती के तप मे ले लेले अवररी एस्व ओकर न्म अद् रखले अवररी कहले ्क ओ समय मे उनरक् से आशीव्य द बीर गईले 13 एस्व छह महीन् रक ्बन् अपन् ब्प-म्ई के दे खले सेइर दे श मे रहले अवररी ओकर् ब्द एस्व अपन् पती के लेके उठ के कन्न के दे श मे लवट गईले अवररी एस्व अपन् दर नो पती के हे बोन मे अपन् ्पर् के लर मे रखले​े 14 एस्व के मेहर्त लोग इसह्क आ ररबेक् के अपन् क्म से परे श्न आ न्र्ज कइली क्हे ्क ऊ लोग पभर के र्ह पर न् चलर रहे , बलरक अपन् ्पर् के लकडी आ पतर के दे वर् लोग के सेव् करर रहे जइसन ्क ओह लोग के ्पर् ्सखवले रहले आ ऊ लोग अपन् ्पर् से भी दर ष रहे े 15 उ लोग अपन् मन के बरर् इच् के मरर्​्बक चल गईले अवररी ब्​्लयन के ब्लद्न अवररी धूप जर् दे ले अवररी इसह्क अवररी ररबेक् ओ लोग से थक गईले​े 16 रे बेक् कहली, “हे र के बेटी के चलरे हम आपन ज्न से थक गईल ब्नीे अगर य्कूब हे र के बेटी मे से कवनो मेहर्त ले लेव, जइसे ्क दे श के बेटी मे से, र हमर् ख्​्रर ्जनगी के क् फ्यद् होई? 17 ओह लरी एस्व के मेहर्त आद् गभयवरी होके एगो बेट् पैद् कइली आ एस्व अपन् जनमल बेट् के न्म एलीफ्ज रखले आ जब ऊ ओकर् के जनम ्दहली र एस्व पंसठ स्ल के रहले​े 18 अब्हम के बेट् इस्इल य्कूब के जीवन के चौंसठव्ँ स्ल मे मर गइलन आ इस्इल के सब ्दन एक सौ सतीस स्ल के रहल आ ऊ मर गइलने 19 इसह्क जब सरनलस ्क इस्इल के मौर हो गईल ब् र उ ओकर् ख्​्रर शोक मन्वर रहले अवररी इसह्क बहर ्दन रक उनरक् प ्वल्प कईले​े 20 य्कूब के एबर के लर मे रहल् के चौदह स्ल के अंर मे य्कूब के अपन् ब्प-म्ई के दे खे के इच् भईल अवररी य्कूब अपन् ब्प-म्ई के लर हे बोन पहं चले अवररी एस्व ओ समय भूल् गईल रहले ्क य्कूब उनरक् संगे क् कईले रहले, क्हे की उनरक् से आशीव्य द लेवे के क्म कईले रहले​े 21 जब एस्व य्कूब के अपन् ब्प-म्ई के लगे ज्र दे खले र य्कूब के क् कईल य्द आईल र उ ओकर् से बहर न्र्ज हो गईले अवररी उनरक् के म्रे के को्शश कईले​े 22 अब्हम के बेट् इसह्क बूढ आ बूढ हो गइलन आ एस्व कहले, “हम्र ब्बूजी के मरल् के समय नजदीक आ गइल ब् आ जब ऊ मर जइहे र हम अपन् भ्ई य्कूब के म्र दे बे” 23 ररबेक् के ई ब्र बर्वल गइल आ ऊ जली से अपन् बेट् य्कूब के बोल्वे के भेजली आ कहली, “उठ ज् आ हमर् भ्ई ल्ब्न के लगे ह्र्न भ्ग ज् आ करछ दे र ले ओ्हज् रहब 43


जशेर के बा

जबले रोह्र भ्ई के कोध रोहर् से न् हट ज्ई आ ओकर् ब्द रू व्पस न् आ ज्ईबे” 24 इसह्क य्कूब के बोल् के कहलन, “कन्न के बेटी लोग मे से कवनो मेहर्त मर लेह, क्हे ्क हमनी के ्पर् अब्हम हमनी के पभर के वचन के अनरस्र अईसन आज् दे ले रहले, जवन उ उनरक् के कहले रहले ्क, हम इ दे श रोहर् संर्न के दे बे अगर रोह्र लइक् हम्र व्च् के प्लन करी जवन हम रोहर् से कइले ब्नी र हम रोहर् लइकन के उहे पूर् करब जवन हम रोहर् से कहले ब्नी आ हम ओह लोग के न् छोडबे 25 अब हम्र बेट् हम्र ब्र सरनी, जवन हम रोहर् के आज् दे ब, आ कन्न के बेटी के बीच से मेहर्त ्बय्ह करे से परहे ज कऱे उठ, अपन् म्ई के ब्प बथरएल के लरे ह्र्न ज्, आ ओ्हज् से रोहर् म्ई के भ्ई ल्ब्न के बेटी से एगो मेहर्त ले लींे 26 एह से स्वध्न रह़ ्क रू जवन् दे श मे ज्र ब्डू, ओह दे श मे रोह्र पभर पभर आ ओकर सगरी र्स् न् भरल् ज्ईं आ ओह दे श के लोग से जरड ज्ईं आ आडं बर के पीछ् मर कर लीं आ अपन् परमेस् वर के छोड मर ज्ईं. 27 जब रूँ ओ्हज् पभर के सेव् कऱ र ओह र्स् से द्​्हने भ् ब्ईं ओर मर मरड़ जवन् के हम रोहर् के आज् दे ले ब्नी आ जवन रू सीखले ब्डूे 28 आ सवयशखकम्न परमेशर रोहर् के धररी के लोग के नजर मे अनरगह करस र्​्क रू अपन् पसंद के ्हस्ब से उह्ँ एगो मेहर्त ्बय्ह कर सकीले​े जे पभर के र्स् मे अच् आ सीध् होखे​े 29 आ भगव्न रोहर् आ रोहर् वंशज के रोह्र ्पर् अब्हम के आशीव्य द दे स, आ रोहर् के फलद्-फूलर आ बढ्वस, आ जवन् दे श मे रू ज्र ब्डू, ओह दे श मे रू लोग के भीड बनस, आ भगव्न रोहर् के एह दे श मे, जवन रोह्र ब्प के ्नव्स के भू्म ह, ओह दे श मे लइक्-लइकी आ बहर धन के स्थे, खरशी आ खरशी के स्थ व्पस ले आवे​े 30 इसह्क य्कूब के आज् दे के आशीष दे के ओकर् के च्ं दी आ सोन् के स्थे बहर वरद्न दे ्दहलन आ ओकर् के भेज ्दहलने य्कूब अपन् ब्प-म्ई के ब्र सरनले​े ऊ ओह लोग के चरम् ले के उठ के पदन-अर्म चल गइलन. जब य्कूब कन्न दे श से बेरशेब् से ्नकलल रहले र ओकर उ्मर सत्हतर स्ल रहे े 31 जब य्कूब ह्र्न ज्ए ख्​्रर चल गइलन र एस्व अपन् बेट् ए्लफ्ज के बोलवले आ ओकर् से चरपके से कहलन ्क, “अब जली कर, आपन रलव्र ह्थ मे लेके य्कूब के पीछ् कऱ आ ओकर् से आगे ्नकल के र्स् मे लरस ज्, आ ओकर् ख्​्रर लरक् के ओकर् के अपन् रलव्र से कवनो पह्ड मे म्र दी ं आ ओकर सब स्म्न लेके व्पस आ ज्ईंे” 32 एस्व के बेट् ए्लफ्ज एगो स्कय आदमी रहले अवररी धनरष के क्म मे ्नपरर रहले, जईसे ्क उनरकर ्पर् उनरक् के ्सखवले रहले, अवररी उ खेर मे एगो न्मी ्शक्री अवररी वीर आदमी रहले​े 33 एलीफ्ज अपन् ्पर् के आज् के मरर्​्बक क्म कईले अवररी एलीफ्ज ओ समय रेरह स्ल के रहले अवररी एलीफ्ज उठ के अपन् महर्री के दस भ्ई के अपन् संगे लेके य्कूब के पीछ् कईले​े

34 ऊ य्कूब के पीछे -पीछे चलल आ शेकेम शहर के स्मने कन्न दे श के सीम् मे ओकर् ख्​्रर लरक्इले 35 य्कूब एलीफ्ज आ ओकर आदमी के पीछ् करर दे खलन आ य्कूब जवन् जगह पर ज्र रहले, ओ्हज् खड् हो गइलन ्क ई क् ह, क्हे ्क ऊ ई ब्र न् ज्नर रहले. एलीफ्ज आपन रलव्र ्नक्ल के ऊ अपन् आदमी के स्थे य्कूब के ओर बढले य्कूब उनकर् से कहलन, “रोहनी के क् ब्​्र ब् ्क रोहनी इह्ँ आ गईल ब्डू, आ एकर क् मरलब ब् ्क रू लोग अपन् रलव्र से पीछ् करर ब्डू?” 36 एलीफ्ज य्कूब के नजदीक अईले अवररी उ जव्ब दे ले, “हम्र ब्बूजी हमर् के अयीसन आज् दे ले ब्डे अवररी अब हम अपन् ्पर् के ्दहल आदे श से न् हटबे जब य्कूब दे खलस ्क एस्व एलीफ्ज से बल पयोग करे के ब्र कईले ब्डे र य्कूब ओकर् लगे पहं चले अवररी एलीफ्ज अवररी उनरक् आदमी से ्नहोर् कईले​े 37 दे ख़ ्क हमर् लगे जवन करछ ब् आ जवन हम्र ब्प-म्ई हमर् के दे ले ब्डे , ऊ सब रोहर् के लेके हमर् से चल के हमर् के मर म्ऱ आ ई ब्र रोहर् ख्​्रर ध्​्मयकर् म्नल ज्वे 38 रब परमेस् वर य्कूब के एस्व के बेट् एलीफ्ज आ ओकर आदमी के नजर मे अनरगह कर् ्दहलन आ ऊ लोग य्कूब के आव्ज सरन के ओकर् के न् म्र ्दहलन आ एलीफ्ज आ ओकर आदमी य्कूब के सब स्म्न के स्थे बेश्ब् से लेके आइल च्ं दी आ सोन् के स्थे ले गइलने उ लोग ओकर् के करछूओ न् छोडले​े 39 एलीफ्ज आ ओकर आदमी ओकर् से दू र होके बेरशेब् मे एस्व के लगे व्पस आ गईले अवररी य्कूब के संगे जवन करछ भी भईल रहे ओकर् के बरवले अवररी य्कूब से जवन करछ ले ्लहले रहले, उ सभ उनरक् के दे दे ले​े 40 एस्व अपन् बेट् एलीफ्ज आ ओकर् स्थे मौजूद आदमी पर न्र्ज हो गइलन क्हे ्क ऊ लोग य्कूब के हत् न् कइले रहवे. 41 उ लोग एस्व से कहले, “य्कूब हमनी से ्नहोर् कईले ्क हमनी के उनरक् के मर म्री, एहसे हमनी के उनरक् प दय् आ गईल अवररी हमनी के उनरकर सभ स्म्न लेके रोहर् लगे ले आईले एस्व एलीफ्ज य्कूब से जवन च्ं दी आ सोन् लेले रहले, ओकर् के लेके अपन् लर मे रखले​े 42 ओह लरी जब एस्व दे खलन ्क इसह्क य्कूब के आशीष दे ले ब्डन आ ओकर् के आज् दे ले ब्डन ्क, “कन्न के बेटी लोग मे से कवनो मेहर्त मर लेह़ आ कन्न के बेटी इसह्क आ ररबेक् के नजर मे खर्ब ब्डीे 43 ओकर् ब्द उ अपन् च्च् इस्इल के लरे गईले अवररी अपन् बडकी पती के अल्वे उ नब्योर के ब्हन इस्इल के बेटी मक्थ के पती बन् लेले​े अध ्य 30 के ब् 1 य्कूब आपन र्स् ज्री रखर ह्र्न के ओर बढल आ मोररय् पह्ड रक पहँ चल आ र्र भर उह्ँ लूज शहर के लगे रकले ओह र्र परमेस् वर य्कूब के स्मने उह्ँ पकट भइले आ कहलन ्क हम अब्हम के परमेस् वर आ रोह्र ब्प इसह्क के परमेस् वर हईंे जवन् दे श पर रू पडल ब्डू, हम रोहर् आ रोहर् संर्न के दे बे 44


जशेर के बा

2 दे ख़ हम रोहर् स्थे ब्नी आ जह्ँ भी ज्ईब रोहर् के रखब आ रोह्र वंश के सगय के र्र् ्नयर बढ् दे ब आ रोहर् सब दर शनन के रोहर् सोझ् ्गर् दे बे आ जब ऊ लोग रोहर् से लड्ई करी र ऊ लोग रोहर् पर ह्वी न् होई आ हम रोहर् के एह दे श मे खरशी से, लइक्-लइकी आ बहरे धन-दौलर के स्थे व्पस ले अइबे 3 य्कूब नीद ं से ज्ग गइलन आ ऊ जवन दशयन दे खले रहले ओकर् से बहरे खरश हो गइलन. उ जगह के न्म बेथेल रखले​े 4 य्कूब ओ्ह जगह से बहर खरश होके उठले आ जब ऊ चलर रहले र उनकर गोड खरशी से हल् महसूस भइल आ ऊ उह्ँ से पूरब के लोग के दे श मे चल गइलन आ ऊ ह्र्न लवट गइलन आ ऊ चरव्ह् के इन्र क् लगे बइठ गइलन. 5 उह्ँ उ करछ आदमी ्मल गईले​े ह्र्न से आपन भेड चर्वे ख्​्रर ज्के य्कूब ओह लोग से पूछर्छ कइलन आ ऊ लोग कहलस ्क हमनी के ह्र्न के हईं ज्े 6 ऊ ओह लोग से पूछले, “क् रू लोग न्होर के बेट् ल्ब्न के ज्नर ब्ड़?” ऊ लोग कहल ्क, हम ओकर् के ज्नर ब्नी आ दे ख़ ्क ओकर बेटी र्हे ल अपन् ब्प के भेड चर्वे ख्​्रर आवर ्बय्े 7 जब उ अभी रक उ लोग से ब्र करर रहले, र ल्ब्न के बेटी र्हे ल अपन् ्पर् के भेड के चर्वे आईल रहली, क्हे की उ एगो चरव्ह् रहलीे 8 जब य्कूब अपन् म्ई के भ्ई ल्ब्न के बेटी र्हे ल के दे खले र उ दौड के ओकर् के चरम् लेले अवररी आव्ज उठ् के रोवे लगले​े 9 य्कूब र्हे ल के बरवले ्क उ ररबेक् के बेट् हवे, जवन ्क उनरक् ्पर् के ब्हन हई, अवररी र्हे ल दौड के अपन् ्पर् के बरवली अवररी य्कूब रोवर रहले, क्हे की उनरक् लगे ल्ब्न के लर मे ले आवे ख्री करछूओ न् रहे े 10 ल्ब्न जब सरनलस ्क उनकर ब्हन के बेट् य्कूब आईल ब् र उ दौड के चरम् लेहले अवररी गले लग् के लर मे ले आके रोटी दे ले अवररी उ ख्न् खईले​े 11 य्कूब ल्ब्न के बरवले ्क ओकर भ्ई एस्व ओकर् संगे क् कईले रहले अवररी उनरकर बेट् एलीफ्ज उनरक् संगे सडक प क् कईले रहले​े 12 य्कूब एक महीन् ले ल्ब्न के लर मे रहलन आ य्कूब ल्ब्न के लर मे ख्न्-पीन् कइलन आ ओकर् ब्द ल्ब्न य्कूब से कहलन ्क, “रोह्र मजदू री क् होई, क्हे ्क रू हम्र सेव् बेक्र मे कइसे कर सकेनी?” 13 ल्ब्न के कवनो बेट् न् रहे , ख्ली बेटी रहली आ उनकर ब्की मेहर्त आ द्सी लोग ओह लरी बंजर रहलीे आ ई ल्ब्न के बेटी के न्म ह जवन उनकर मेहर्त अदीन् उनक् ख्​्रर पैद् कइले रहलीे बडकी के न्म लीआ आ छोटकी के न्म र्हे ल रहे े आ लीआ के आँ ख कोमल रहे , ले्कन र्हे ल सरनर आ अनरग्हर रहली, आ य्कूब ओकर् से प्र करर रहले​े 14 य्कूब ल्ब्न से कहले, “हम रोह्र छोटकी बेटी र्हे ल ख्​्रर स्र स्ल रक रोह्र सेव् करबे आ ल्ब्न एकर् ख्​्रर सहमर हो गइलन आ य्कूब अपन् बेटी र्हे ल ख्​्रर स्र स्ल ले ल्ब्न के सेव् कइलन.

15 य्कूब के ह्र्न मे रहल् के दू सर् स्ल य्नी य्कूब के जीवन के उनहतरव्ँ स्ल मे, ओही स्ल शेम के बेट् एबर के मौर हो गईल, उ मरल् के समय च्र सौ चौंसठ स्ल के रहले​े 16 जब य्कूब सरनलस ्क एबर के मौर हो गईल ब् र उ बहर दर खी हो गईले अवररी बहर ्दन रक उनरक् प ्वल्प अवररी शोक मनले​े 17 य्कूब के ह्र्न मे रहल् के रीसर् स्ल मे एस्व के मेहर्त इस्इल के बेटी बोस्र के एगो बेट् भइल आ एस्व ओकर न्म रयूएल रख ्दहलसे 18 य्कूब के ल्ब्न के लर मे रहल् के चउथ् स्ल मे पभर ल्ब्न के लरे गईले अवररी य्कूब के चलरे उनरक् के य्द कईले अवररी उनरक् से बेट् पैद् भईले अवररी उनरकर प्हल् बच् बेओर, दर सरक् बच् अलीब अवररी रीसर् चोर्श रहे े 19 पभर ल्ब्न के धन-दौलर आ सम्न, बेट्-बेटी ्दहलन आ य्कूब के चलरे ऊ आदमी बहर बढ गइले 20 ओह लरी य्कूब लर आ खेर मे हर ररह के क्म मे ल्ब्न के सेव् करर रहले आ लर आ खेर मे ल्ब्न के सब लोग पर पभर के आशीष ्मलर रहे े 21 प्ं चव् स्ल मे कन्न दे श मे एस्व के पती बेरी के बेटी यहदीर के मौर हो गईल अवररी उनरक् लगे ्सफय बेटी के अल्वे कवनो बेट् न् रहे े 22 इहे उनकर बेटी के न्म ह जवन उ एस्व के जनम दे ले रहली, बडकी के न्म म्ज्र अवररी छोटकी के न्म परईर रहे े 23 जब यहदीर के मौर हो गइल र एस्व उठ के खेर मे ्शक्र करे ख्​्रर सेयर चल गइलन आ एस्व बहर ्दन ले सेयर के दे श मे रहले​े 24 छठव्ँ स्ल मे एस्व अपन् दू सर मेहर्त लोग के अल्व् ्हवीजब्योन के बेटी अहलीब्म् के भी ्बय्ह कइलन आ एस्व ओकर् के कन्न दे श मे ले अइले​े 25 अहलीब्म् गभयवरी होके एस्व के रीन गो बेट् के जनम ्दहली, यूश, य्ल्न आ कोरहे 26 ओह लरी कन्न के दे श मे एस्व के चरव्ह् आ कन्न के चरव्ह् के बीच झगड् हो गइल क्हे ्क एस्व के मवेशी आ संप्त बहर ढे र रहे आ कन्न दे श मे, अपन् ब्प के लर मे न् रह प्वल आ कन्न के दे श ओकर् के मवेशी के चलरे सहन न् कर पवलसे 27 जब एस्व दे खलन ्क कन्न दे श के ्नव्सी लोग के स्थे उनकर झगड् बढल ब्, र ऊ उठ के आपन मेहर्त आ बेट् आ बेटी आ उनकर सब स्म्न आ उनकर सब मवेशी आ कन्न के दे श मे ्मलल आपन सब संप्त लेके चल गइलन आ ओह दे श के ्नव्सी लोग से दू र सेयर के दे श मे चल गइलन आ एस्व आ सब लोग के उ सेइर के दे श मे रहर रहले​े 28 एस्व बीच-बीच मे कन्न दे श मे अपन् ब्प-म्ई के दे खे ज्स, एस्व होरी लोग के संगे ्बय्ह करर रहले अवररी उ अपन् बेटी के होरी सेइर के बेट् के दे दे ले​े 29 ऊ आपन बडकी बेटी मज्र अपन् मेहर्त के भ्ई ज्बयोन के बेट् आन् के दे ्दहलन आ परईर होरी ्बलह्न के बेट् अजर के ्दहलन. एस्व आ ओकर लइक्-लइकी पह्ड पर रह गइलन आ ऊ लोग फल-फूलर बढले अध ्य 31 के ब् 45


जशेर के बा

1 स्रव्ँ स्ल मे य्कूब के सेव् पूर् हो गइल जवन ऊ ल्ब्न के सेव् कइले रहले आ य्कूब ल्ब्न से कहले, “हमर् के हम्र मेहर्त दे द़, क्हे ्क हम्र सेव् के ्दन पूर् हो गइल ब्े ल्ब्न अईसन कईले अवररी ल्ब्न अवररी य्कूब ओ जगह के सभ लोग के एकट् क के भोज कईले​े 2 स्ँ झ के ल्ब्न लर मे अइले आ ओकर् ब्द य्कूब भोज के लोग के स्थे ओ्हज् अइले आ ल्ब्न लर मे मौजूद सब बती बरझ् ्दहले​े 3 य्कूब ल्ब्न से कहलस, “रू हमनी के इ क्म क्हे करर ब्डू? ल्ब्न जव्ब ्दहलन, “हमनी के एह दे श मे क्म करे के अइसने ररव्ज ब्े” 4 ओकर् ब्द ल्ब्न अपन् बेटी लीआ के लेके य्कूब के लगे ले गईले अवररी ओकर् लगे पहं चले अवररी य्कूब के इ न् पर् चलल ्क उ लीआ हईे 5 ल्ब्न अपन् बेटी लीआ के आपन द्सी ्जल् के एगो द्सी के तप मे दे ्दहलने 6 भोज के सब लोग ज्न गईले ्क ल्ब्न य्कूब के संगे क् कईले ब्डे , ले्कन उ लोग य्कूब के इ ब्र न् बरवले​े 7 ओह र्र के सब पडोसी य्कूब के लरे अइले, आ ऊ लोग ख्पी के आ खरश होके लीआ के स्मने ्टमर आ न्च से बज्वल आ य्कूब, हे लेआ, हे लेआ के स्मने जव्ब ्दहले 8 य्कूब ओह लोग के ब्र सरनले ब्​्कर ओकर मरलब न् बरझ्इल, ब्​्कर सोचले ्क एह दे श मे ओह लोग के अइसने ररव्ज हो सकेल्. 9 पडोसी लोग र्र मे य्कूब के स्मने इ ब्र कहलस आ ओह र्र ल्ब्न के लर मे जवन रोशनी रहे उ सब बरझ् गईल रहे | 10 सबेरे जब ्दन के उज्ल् आइल र य्कूब अपन् मेहर्त के ओर मरडले र दे खले ्क उ लीआ रहली जवन ्क उनरक् गोदी मे पडल रहली, र य्कूब कहले, “दे ख़ अब हमर् म्लूम ब् ्क क्लह र्र पडोसी लोग क् कहले रहे , “हे लेय्, ऊ लोग कहल आ हम न् ज्नर रहनीे” 11 य्कूब ल्ब्न के बोल् के कहलन, “रू हमर् स्थे इ क् कइले ब्डू?” हम र्हे ल ख्​्रर रोह्र सेव् कइले रहनी आ रू हमर् के क्हे धोख् दे हनी आ हमर् के लीआ क्हे दे हनी? 12 ल्ब्न य्कूब से कहलन, “हमनी के जगह अइसन नइखे ्क छोटकी के अब बडक् के स्मने दे ्दहल ज्व, एहसे अगर रू ओकर ब्हन के ओइसहीं ले ज्ए के च्हर ब्डू र ओकर् के अपन् लगे ले ज्, जवन् सेव् के रू हमर् के स्र स्ल अउरी सेव् करबे” 13 य्कूब अईसन कईले अवररी उ र्हे ल के भी पती बन् लेले अवररी स्र स्ल अवररी ल्ब्न के सेव् कईले अवररी य्कूब र्हे ल के लगे अईले अवररी उ र्हे ल के लीआ से ज्दे प्र कईले अवररी ल्ब्न ओकर् के आपन द्सी ्बल् के द्सी बन् दे ले​े 14 जब पभर दे खलन ्क लीआ से लृर् हो रहल ब् र पभर ओकर पेट खोल ्दहलन आ ऊ गभयवरी होके य्कूब के च्र गो बेट् पैद् कइलीे 15 उनकर न्म तबेन ्शमोन, लेवी आ यहद् ह, आ ओकर् ब्द ऊ बच् पैद् कर ्दहलीे 16 ओह लरी र्हे ल बंजर रहली आ उनकर कवनो संर्न न् रहे आ र्हे ल अपन् ब्हन लीआ से ईष्य कइली आ जब र्हे ल दे खली ्क ऊ य्कूब से कवनो संर्न न् पैद् कइली र ऊ

अपन् द्सी ्बल् के लेके चल गइली आ य्कूब के दू गो बेट् द्न आ नप्ली के जनम ्दहलीे 17 जब लीआ दे खली ्क उ पसव छोड दे ले ब्डी र उ आपन द्सी ्जल् के भी लेके य्कूब के पती के तप मे दे दे ली, य्कूब भी ्जल् मे अईले अवररी उनरक् से य्कूब के दर बेट् ग्द अवररी आशेर के जन भईले 18 लीआ ्फर से गभयवरी होके य्कूब के दू गो बेट् आ एगो बेटी के जनम ्दहली आ उनकर न्म इस्कर, जबबूलोन आ उनकर ब्हन दीन् हे 19 ओह लरी र्हे ल अब्हयों बंजर रहली आ ओह लरी र्हे ल पभर से प्थयन् कइली आ कहली ्क, “हे पभर परमेशर हमर् के य्द करी ं आ हमर् से ्मले, हम रोहर् से ्नहोर् करर ब्नी, क्हे ्क अब हम्र प्र हमर् के छोड दीहे , क्हे ्क हम ओकर् से कवनो संर्न नइखीं जनवले.” 20 हे पभर परमेशर, अपन् स्मने हम्र ्नहोर् सरऩ आ हम्र दर ख दे ख़ आ हमर् के एगो द्सी ्नयर संर्न दे द़, र्​्क हम अब आपन ्नंद् न् सह सकीले​े 21 परमेस् वर ओकर ब्र सरन के ओकर पेट खोल ्दहलन आ र्हे ल गभयवरी होके एगो बेट् के जनम ्दहली आ कहली, “पभर हम्र ्नंद् दू र कर ्दहले ब्डन आ ऊ उनकर न्म यूसरफ रखली आ कहली ्क, “पभर हमर् ख्​्रर एगो अउरी बेट् जोडसे आ य्कूब के उ्मर एकनबे स्ल के रहे जब ऊ ओकर् के जनम ्दहलीे 22 ओही लरी य्कूब के महर्री ररबेक् उज के बेटी दबोर् आ इसह्क के दू गो नौकर के य्कूब के लगे भेजलीे 23 ऊ लोग य्कूब के लगे ह्र्न गइल आ ऊ लोग ओकर् से कहल ्क, “रे बेक् हमनी के रोहर् लगे भेजले ब्डी ्क रू अपन् ब्प के लरे कन्न दे श मे व्पस आ ज्ईंे आ य्कूब उनकर म्ई के ब्र सरनले​े 24 ओह लरी य्कूब र्हे ल ख्​्रर ल्ब्न के सेव् कइल् के ब्की स्र स्ल पूर् हो गइल आ चौदह स्ल के अंर मे जब ऊ ह्र्न मे रहले ्क य्कूब ल्ब्न से कहले ्क, हमर् के हम्र मेहर्त दे दी ं आ हमर् के भेज दी,ं र्​्क हम अपन् दे श मे चल सकीले, क्हे ्क दे ख़ ्क हम्र म्ई कन्न के दे श से हमर् लगे भेजले रहली ्क हम अपन् ्पर् के लरे लवट ज्ईंे 25 ल्ब्न ओकर् से कहलस, “हम रोहर् से अईसन न् हे अगर हमर् रोहर् नजर मे अनरगह ्मलल ब् र हमर् के मर छोड़; हमर् के आपन मजदू री रय कऱ आ हम दे ब आ हमर् स्थे रहबे 26 य्कूब ओकर् से कहलस, “रू हमर् के मजदू री के तप मे इहे दे ब ्क हम आज रोह्र पूर् भेड मे से गरजर के भेड आ बकरी के बीच से हर मेमन् जवन धब्द्र आ धब्द्र ब् आ भूर् रं ग के हर मेमन् के छीन लेब, आ अगर रू हमर् ख्​्रर इ क्म करब र हम व्पस आके रोहर् भेड के चर् के प्हले ्नहन रखबे 27 ल्ब्न अईसन कइलन आ ल्ब्न य्कूब के कहल सब ब्र के अपन् भेड से हट् के ओकर् के दे ्दहलने 28 य्कूब ल्ब्न के भेड से जवन करछ भी ्नक्लले रहले, ओकर् के अपन् बेट् के ह्थ मे दे ्दहले अवररी य्कूब ल्ब्न के ब्की भेड के चर्वर रहले​े 29 जब इसह्क के नौकर य्कूब के लगे भेजले रहले, दे खले ्क य्कूब अपन् ्पर् के लगे कन्न दे श मे न् लवटर रहले, र उ 46


जशेर के बा

लोग उनरक् से दू र हो गईले अवररी कन्न के दे श मे व्पस आ गईले​े 30 दबोर् य्कूब के स्थे ह्र्न मे रहली आ इसह्क के नौकरन के स्थे कन्न दे श मे न् लवटली आ दबोर् य्कूब के मेहर्त आ लइकन के स्थे ह्र्न मे रहलीे 31 य्कूब छह स्ल अउरी ल्ब्न के सेव् कइलन आ जब भेड पैद् भइल र य्कूब ओह लोग से धब्द्र आ द्गद्र लोग के हट् ्दहलन जइसन ्क ऊ ल्ब्न के स्थे रय कइले रहले आ य्कूब छह स्ल ले ल्ब्न के लरे अइसन कइलन आ ऊ आदमी बहरे बढ गइल आ ओकर् लगे मवेशी आ नौकर्नी आ नौकर, ऊंट आ गदह् रहले. 32 य्कूब के दू सौ गो मवेशी के झंरड रहे आ उनकर मवेशी बड आक्र के आ सरनर तप के रहे आ बहर पैद्व्र व्ल् रहे आ आदमी के बेट् के सब पररव्र य्कूब के मवेशी मे से करछ प्वे के च्हर रहे , क्हे ्क उ लोग बहर समृ् रहे े 33 य्कूब के भेड मे से बहर लोग य्कूब के करछ भेड के खरीदे अइले आ य्कूब ओह लोग के एगो भेड के एगो नौकर भ् नौकर्नी भ् गदह् भ् ऊंट ख्​्रर ्दहलन भ् य्कूब के जवन करछ च्हर रहले ऊ ओकर् के दे ्दहलन. 34 य्कूब आदमी के बेट् लोग के स्थे एह लेनदे न के म्धम से धन-दौलर आ इजर आ सम्त ह्​्सल कइलस आ ल्ब्न के संर्न लोग ओकर् से एह सम्न से ईष्य कइले 35 समय के स्थ उ ल्ब्न के बेट् लोग के ब्र सरनले ्क, “य्कूब हमनी के ब्प के सब करछ छीन लेले ब्डे अवररी हमनी के ब्प के जवन भी म्हम् रहे , ओकर् से उ इ सब म्हम् प् लेले ब्डे े” 36 य्कूब ल्ब्न आ ओकर लइक्-लइकी के चेहर् दे खलन आ दे खलन ्क ऊ ओह ्दनन मे ओकर् ओर प्हले जइसन न् रहे े 37 छह स्ल पूर् होखल् के ब्द पभर य्कूब के स्मने पकट भईले अवररी कहले ्क, उठ, ए दे श से ्नकल के अपन् जनभू्म के दे श मे व्पस आ ज् अवररी हम रोहर् संगे रहबे 38 ओह लरी य्कूब उठ के अपन् लइक्-लइकी आ मेहर्त आ आपन सब स्म्न ऊंट पर सव्र होके अपन् ्पर् इसह्क के लगे कन्न दे श मे ज्ए ख्​्रर ्नकल गइलने 39 ल्ब्न के इ न् म्लूम रहे ्क य्कूब ओकर् से चल गईल ब्डे , क्हे की ओ ्दन ल्ब्न भेड क्टर रहले​े 40 र्हे ल अपन् ्पर् के मू्रय चोर् के ले गईली अवररी जवन् ऊंट प उ बईठल रहली, ओकर् प ्छप् दे लीे 41 मू्रय के अईसन ररीक् हे प्हल् जनम व्ल् आदमी के लेके ओकर् के म्र के ओकर् म्थ् से ब्ल उर्र के, नमक लेके म्थ् के नमकीन बन् के रेल मे अ्भषेक करे मे , ्फर र्ं ब् के एगो छोट प्टी भ् सोन् के प्टी लेके ओकर् पर न्म ्लख के, पटी के जीभ के नीचे रख के, आ गोली के स्थ ्सर के जीभ के नीचे लेके लर मे ड्ल के, ओकर् स्मने रोशनी जर् के ओकर् स्मने झरके मे​े 42 जब उ लोग ओकर् के पर्म करे ल् र उ लोग ओकर् से जवन भी ब्र म्ँ गेल्, ओकर् मे ्लखल न्म के शखक से ब्र करे ल्े 43 करछ लोग सोन्-च्ँ दी के आदमी के आकृ्र मे बन्वेल् आ अपन् ज्नल-पहच्नल समय मे ओह लोग के लगे ज्ल् आ आकृ्र र्र् के पभ्व प्वेल् आ भ्वष के ब्र बर्वेल् आ एही ररह से र्हे ल अपन् ्पर् से चोर् के आइल मू्रय रहे े

44 र्हे ल अपन् ्पर् के मू्रय के चोर् ्लहली र्​्क ल्ब्न के पर् न् चले ्क य्कूब कह्ँ गईल ब्डे े 45 ल्ब्न लरे अइले आ ऊ य्कूब आ उनकर लर के ब्रे मे पूछले र ऊ न् ्मलल, आ ल्ब्न आपन मू्रय खोजर रहले ्क य्कूब कह्ँ गइल ब्डन आ न् ्मलल, आ ऊ करछ अउरी मू्रययन के लगे गइलन आ ओह लोग से पूछलन आ ऊ लोग बरवले ्क य्कूब उनक् से भ्ग के अपन् ब्प के लर, कन्न दे श मे चल गइल ब्डन. 46 रब ल्ब्न उठ के अपन् भ्ई लोग आ अपन् सब नौकरन के लेके चल गइलन आ य्कूब के पीछ् कइलन आ ्ग्लआद पह्ड पर ओकर् के ्मल गइलने 47 ल्ब्न य्कूब से कहलस, “रू हमर् स्थे ई क् कइले ब्डू ्क हम भ्ग के हमर् के धोख् दे के हमर् बेटी आ ओह लोग के लइकन के रलव्र से बंदी बन् के ले ज्इब?” 48 आ रू हमर् के ओह लोग के चरम् लेबे आ खरशी से न् भेज ्दहनी आ रू हमर् दे वर् लोग के चोर् के चल गइनीे 49 य्कूब ल्ब्न के जव्ब ्दहलन, “हम डे र्र रहनी ्क कही ं रू अपन् बेटी के जबरदसी हमर् से न् ले लेबे आ अब जेकर् स्थे रोहर् आपन दे वर् ्मल ज्ई ऊ मर ज्ई. 50 ल्ब्न मू्रय के खोजर रहले अवररी य्कूब के सभ डे र् अवररी स्ज-सज् के ज्ं च कईले, ले्कन न् ्मलले 51 ल्ब्न य्कूब से कहलस, “हमनी के एक संगे एगो व्च् करब ज् अवररी इ हमर् अवररी रोहर् बीच गव्ही होईे अगर रू हमर् बेटी के दर ख दे ब, च्हे हमर् बेटी के अल्वे अवररी पती के ्बय्ह करब, र भगव्न हमर् अवररी आपके बीच ए म्मल् मे गव्ह बन जईहे े 52 उ लोग पतर लेके ढे र बनवले र ल्ब्न कहले ्क, इ ढे र हमर् अवररी रोहर् बीच गव्ह ब्, एहसे उ एकर न्म ्ग्लयद रखले​े 53 य्कूब आ ल्ब्न पह्ड पर ब्ल चढवले आ उह्ँ ढे र के ्कन्रे ख्न् खइले आ र्र भर पह्ड पर रकल आ ल्ब्न सबेरे सबेरे उठल आ ऊ अपन् बेटी लोग के स्थे रोवे ल्गल आ ऊ ओह लोग के चरम् ्लहले आ ऊ अपन् जगह पर लवट अइले. 54 उ जली से अपन् बेट् बेओर के न्होर के बेट् उज के बेट् अबीकोरोफ के संगे भेज दे ले अवररी उनरक् संगे दस आदमी रहले​े 55 उ लोग जली-जली ज्के य्कूब के आगे के र्स् से गरजरर दू सर् र्स् से सेईर के दे श मे पहं चले​े 56 ऊ लोग एस्व के लगे ज्के कहलस, “रोह्र भ्ई आ ररशेद्र, रोह्र म्ई के भ्ई ल्ब्न, बेथरएल के बेट्, इहे कहर ब्डे े 57 क् रू सरनले ब्डू ्क रोह्र भ्ई य्कूब हमर् स्थे क् कइले ब्डन, जे प्हले हमर् लगे नंग् आ नंगे आइल रहले आ हम ओकर् से ्मले गइल रहनी आ ओकर् के आदर से अपन् लरे ले अइनी आ ओकर् के मह्न बन् ्दहनी आ हम ओकर् के आपन दू गो बेटी के मेहर्त बन् ्दहनी आ अपन् दू गो नौकर्नी के भीे 58 परमेस् वर हमर् वजह से ओकर् के आशीष ्दहलन आ उ बहर बढल आ बेट्, बेटी आ नौकर्नी पैद् भइलीे 59 ओकर् लगे झरंड आ झरंड, ऊंट आ गदह् के भी भ्री भंड्र ब्, च्ं दी आ सोन् के भी भरम्र ब्े आ जब ऊ दे खलस ्क 47


जशेर के बा

ओकर धन बढ गइल र ऊ हमर् के छोड के चल गइल जबले हम आपन भेड क्ट के ज्र रही ं आ ऊ उठ के चरपके से भ्ग गइल. 60 ऊ अपन् मेहर्त आ लइकन के ऊंट पर बइठ् ्दहलन आ हमर् दे श मे ्मलल सगरी मवेशी आ संप्त के लेके चल गइलन आ अपन् ब्प इसह्क क् लगे कन्न दे श मे ज्ए ख्​्रर मरँह उठ् ्लहलन. 61 ऊ हमर् के अपन् बेटी आ ओह लोग के लइकन के चरम् लेबे न् ्दहलन आ हमर् बेटी लोग के रलव्र से पकडल बंदी बन् के ले गइलन आ हमर् दे वर् लोग के भी चोर् ्लहलन आ भ्ग गइलन. 62 अब हम ओकर् के आ ओकर सब करछ य्बरक नदी के पह्ड मे छोड दे ले ब्नीे ओकर् मे करछर ओ के कमी नइखे​े 63 अगर रोह्र ओकर् लगे ज्ए के इच् ब् र ज्के रब ज्के ओकर् के प् लेब़ आ ओकर् स्थे जइसन मन करे ओइसन कर सकेनीे ल्ब्न के दू र आके एस्व के इ सब ब्र बरवले​े 64 एस्व ल्ब्न के दू रन के सब ब्र सरन के य्कूब पर उनकर कोध बहर भडक गइल आ उनकर नफरर य्द आ गइल आ उनकर कोध उनक् भीरर जर गइले 65 एस्व जली-जली अपन् लर के लइक्-लइकी आ नौकर आ अपन् लर के लोग के लेके चल गइलन, जवन स्ठ आदमी रहले, आ ऊ रीन सौ च्लीस आदमी के होरी सेइर के सभे संर्न आ ओह लोग के लोग के एकट् कर ्लहले आ च्र सौ आदमी के खीच ं के रलव्र ले के ले गइलन आ ऊ य्कूब के लगे गइलन ्क ऊ ओकर् के म्र दे व. 66 एस्व एह संख् के कई भ्ग मे ब्ँ ट के अपन् लइक्लइकी आ नौकर आ अपन् लर के लोग के स्ठ आदमी के एक मरखखय् बन् के अपन् बडक् बेट् एलीफ्ज के दे खभ्ल मे दे ्दहलने 67 ब्की ्सर के ऊ सेइर होरी के छह गो बेट् के दे खभ्ल मे दे ्दहलन आ हर आदमी के अपन् पीढी आ लइकन के ऊपर रख ्दहलने 68 पूर् डे र् के लोग जइसन रहे ओइसने चलल आ एस्व ओह लोग के बीच य्कूब के ओर चल गइलन आ ऊ ओह लोग के रेजी से चल्वर रहले. 69 ल्ब्न के दू र एस्व से ्नकल के कन्न दे श मे चल गईले अवररी य्कूब अवररी एस्व के महर्री ररबेक् के लरे पहं चले​े 70 उ लोग ओकर् से कहलस ्क दे ख, रोह्र बेट् एस्व च्र सौ आदमी के संगे अपन् भ्ई य्कूब के खखल्फ चल गईल ब्, क्हे की उ सरनले ब् ्क उ आवर ब्डे अवररी उनरक् से लड्ई करे अवररी उनरक् के म्रे अवररी उनरक् लगे जवन करछ ब् ओकर् के ले ज्ए ख्री चल गईल ब्डे े 71 ररबेक् जली से इसह्क के नौकरन से बहतर आदमी भेजली ्क ऊ य्कूब से र्स् पर ्मले​े क्हे ्क ऊ कहली ्क, “श्यद एस्व ओकर् से ्मलल् पर र्स् मे लड्ई कर सकेल्.” 72 ई दू र य्कूब से ्मले ख्​्रर र्स् पर चल गइलन आ य्बूक नदी के स्मने व्ल् ध्र के र्स् मे य्कूब से भेट कइलन आ य्कूब ओह लोग के दे ख के कहले, “ई डे र् हमर् ख्​्रर भगव्न के ओर से रय ब्, आ य्कूब ओह जगह के न्म मचन्इम रखले ब्े” 73 य्कूब अपन् ब्प के सब लोग के ज्नर रहले, उ ओ लोग के चरम् लेले अवररी गले लग् लेले अवररी ओ लोग के संगे अईले,

र य्कूब उनरक् से अपन् ब्प-म्ई के ब्रे मे पूछले अवररी उ लोग कहले ्क, उ लोग ठीक ब्डे े 74 इ दू र य्कूब से कहले, “रोह्र म्ई रे बेक् हमनी के रोहर् लगे भेजले ब्डी ्क, “हे बेट्, हम सरनले ब्नी ्क रोह्र भ्ई एस्व रोहर् खखल्फ सडक पर सेयर होरी के लोग के संगे ्नकल गईल ब्डे े” 75 आ एही से हे बेट्, हम्र आव्ज सरनी ं आ अपन् सल्ह से दे खी ं ्क रू क् करब़ आ जब ऊ रोहर् लगे अइहे र ओकर् से ्नहोर् करी ं आ ओकर् से बेधडक मर बोलीं आ ओकर् के उपह्र दी ं जवन रोहर् लगे ब् आ जवन् से भगव्न रोहर् पर अनरगह कइले ब्डन. 76 आ जब ऊ रउर् से रउर् म्​्मल् के ब्रे मे पूछी र ओकर् से करछ मर छर प्ईं, श्यद ऊ रउर् खखल्फ आपन गरस् से मरड सके आ एहसे रउर् अपन् आत् के, रउर् आ रउर् सभे के बच्वे के पडी, क्हे ्क रउर् करयव ब् ्क ओकर आदर करी,ं क्हे ्क ऊ रउर् बड भ्ई ह. 77 जब य्कूब अपन् महर्री के ब्र सरनले जवन दू र उनरक् से कहले रहले र य्कूब आव्ज उठ् के कडरआ रोवे लगले अवररी अपन् महर्री के आदे श के मरर्​्बक क्म कईले​े अध ्य 32 के ब् 1 रब य्कूब अपन् भ्ई एस्व के लगे सेइर दे श के ओर दू र भेजले अवररी उनरक् से ्नहोर् के ब्र कहले​े 2 ऊ ओह लोग के आज् ्दहलन ्क, “रू लोग हम्र म्​्लक एस्व से ई कहब़ ्क रोह्र सेवक य्कूब इहे कहर हउवे ्क हम्र म्​्लक ई न् सोचे ्क हम्र ब्बूजी के जवन आशीष हमर् के आशीष दे ले ब्डे , उ हमर् ख्​्रर फ्यदे मंद स्​्बर भइल ब्े” 3 क्हे ्क हम बीस स्ल से ल्ब्न के संगे ब्नी, उ हमर् के धोख् दे ले अवररी हम्र मजदू री दस गरन् बदल दे ले, जईसे ्क हमर् म्​्लक से प्हलही बर्वल गईल ब्े 4 हम उनकर लर मे बहर मेहनर से उनकर सेव् कइनी आ ब्द मे भगव्न हम्र दर ख, हम्र मेहनर आ हमर् ह्थ के क्म दे खलन आ हमर् के उनकर् नजर मे अनरगह आ अनरगह ्मलले 5 ओकर् ब्द हम भगव्न के बहर दय् आ दय् से बैल, गदह्, मवेशी, आ पररष नौकर आ नौकर्नी के नौकर बन् ्लहनीे 6 अब हम अपन् दे श मे आवर ब्नी आ अपन् लर मे अपन् ब्प-म्ई के लगे आवर ब्नी, जे कन्न दे श मे ब्डे े आ हम अपन् म्​्लक के ई सब बर्वे ख्​्रर भेजले ब्नी ्क हमर् म्​्लक के नजर मे अनरगह ्मल ज्व, जेहसे ्क ऊ ई न् सोचे ्क हमर् अपन् से धन ्मल गइल ब्, भ् जवन् आशीव्य द से हम्र ब्बूजी हमर् के आशीव्य द ्दहले ब्डन, ओकर् से हमर् फ्यद् भइल ब्. 7 ऊ दू र एस्व के लगे गइलन आ ओकर् के एदोम दे श के सीम् पर य्कूब के ओर ज्र ्मलल आ सेइर होरी के लोग के च्र सौ आदमी रलव्र खीच ं के खड् रहले​े 8 य्कूब के दू र एस्व के उ सब ब्र बरवले जवन य्कूब उनरक् से एस्व के ब्रे मे कहले रहले​े 9 एस्व ओह लोग के लमंड आ ्ररस्र से जव्ब ्दहलन आ कहलन ्क, “हम सचमरच सरनले ब्नी आ स्ँ चह बर्वल गइल 48


जशेर के बा

ब् ्क य्कूब ल्ब्न के क् कइले ब्डन, जे उनक् के अपन् लर मे ऊँच कर ्दहलन आ उनकर बेटी के मेहर्त बन् ्दहलन आ ऊ बेट्-बेटी के जनम ्दहलन आ अपन् स्धन से ल्ब्न के लर मे भरपूर धन आ धन मे बढोररी कइलन. 10 जब ऊ दे खलन ्क उनकर धन-दौलर बहर ब् आ धनदौलर बहर ब् र ऊ ल्ब्न के लर से अपन् सब स्म्न के स्थे भ्ग गइलन आ ल्ब्न के बेटी लोग के अपन् ्पर् के मरँह से दू र ले गइलन, जइसे ्क ऊ लोग ्बन् बरवले रलव्र से पकडल बंदी बन् ्लहलसे 11 य्कूब ख्ली ल्ब्न के ही न् बलरक हमर् स्थे भी अइसन कइले ब्डन आ दू बेर हमर् जगह ले ्लहले ब्डन आ क् हम चरप रहब? 12 अब हम आज अपन् डे र् के संगे उनरक् से ्मले आईल ब्नी अवररी हम अपन् मन के इच् के मरर्​्बक उनरक् संगे क्म करबे 13 दू र व्पस आके य्कूब के लगे आके कहलस, “हम रोह्र भ्ई एस्व के लगे गईनी अवररी हम ओकर् के रोह्र सभ ब्र बरवनी अवररी उ हमनी के अईसन जव्ब दे ले ब्डे अवररी दे ख, उ च्र सौ आदमी के संगे रोहर् से ्मले आईल ब्डे े 14 अब ज्न लीं आ दे ख़ ्क रू क् करब़ आ भगव्न से रोहर् के बच्वे ख्​्रर प्थयन् करीें 15 जब ऊ अपन् भ्ई के ब्र सरन के य्कूब के दू रन से कहले रहले र य्कूब बहर डे र् गईले अवररी दर खी हो गईले​े 16 य्कूब अपन् परमेस् वर यहोव् से प्थयन् कइलन आ कहलन ्क, “हे हम्र ब्प-द्द् अब्हम आ इसह्क के परमेस् वर, रू हमर् से कहले रहलू ्क जब हम अपन् ब्प के लर से चल गइनीे 17 हम रोह्र ब्प इब्हीम के पभर परमेशर आ इसह्क के परमेशर हईं, हम रोहर् के ई दे श आ रोहर् ब्द के वंशज के दे ब, आ रोहर् वंशज के सगय के र्र् ्नहन बन् दे ब, आ रू आक्श के च्रो ओर फइल ज्ईब, आ रोहर् मे आ रोहर् वंश मे धररी के सब करल के आशीव्य द ्मलीे 18 आ रू आपन ब्र के ्​्​्पर कइनी आ हमर् के धन-दौलर आ संर्न आ मवेशी ्दहनी, जइसन ्क रू अपन् सेवक के ्दल के च्हर रहे े रू हमर् के उ सब दे दे हनी जवन हम रोहर् से मंगले रहनी, जवन् से हमर् करछर ओ के कमी न् रहे े 19 ब्द मे रू हमर् से कहनी ्क, 'अपन् म्ई-ब्बूजी आ अपन् जन्​्न के लगे लवट ज्, रबो हम रोहर् से भल्ई करबे' 20 आ अब जब हम आ गइल ब्नी आ रू हमर् के ल्ब्न से बच् ्लहनी र हम एस्व के ह्थ मे पड ज्ईं जे हमर् के म्र दीहे , हँ , हमर् लइकन के महर्री लोग के स्थे​े 21 हे पभर परमेशर, हमर् के भी हमर् भ्ई एस्व के ह्थ से बच् द, क्हे ्क हम ओकर् से बहर डे र्र ब्नीे 22 अगर हमर् मे कवनो ध्​्मयकर् नइखे र अब्हम आ हमर् ्पर् इसह्क ख्​्रर ई क्म करीें 23 हम ज्नर ब्नी ्क दय् आ दय् से हम ई धन ह्​्सल कइले ब्नीे अब हम रोहर् से ्नहोर् करर ब्नी ्क आजर हमर् के अपन् दय् से बच्ईं आ हमर् के जव्ब दी.ं 24 य्कूब पभर से प्थयन् बंद कर ्दहलन आ भेड आ मवेशी के स्थे अपन् स्थे रहे व्ल् लोग के दू गो डे र् मे ब्ँ ट ्दहलन आ आध् ्हस् अब्हम के नौकर एलीएजर के बेट् दमेसेक के अपन् लइकन के स्थे डे र् ख्​्रर दे ्दहलन आ ब्की आध्

्हस् के अपन् भ्ई ए्लय्नस के बेट् ए्लय्नरस के दे खभ्ल मे दे ्दहलन ्क ऊ अपन् लइकन के स्थे डे र् ड्ल सके. 25 ऊ ओह लोग के आज् ्दहलन ्क, “अपन् डे र् से दू र रह़ आ एक दोसर् के बहरे नजदीक मर आ ज्ईं आ अगर एस्व कवनो डे र् मे आके ओकर् के म्र दे ले र ओकर् से दू र के दोसर डे र् ओकर् से बच ज्ई.” 26 य्कूब ओह र्र ओ्हज् रकल आ पूर् र्र अपन् नौकरन के सेन् आ अपन् लइकन के ब्रे मे ्नद् श ्दहलने 27 ओह ्दन परमेस् वर य्कूब के प्थयन् सरनले आ रब परमेस् वर य्कूब के अपन् भ्ई एस्व के ह्थ से बच् ्लहले​े 28 पभर सगय के दू रन के रीन गो दू र भेजलन आ ऊ लोग एस्व के आगे बढ के उनकर् लगे अइले​े 29 ई सगयदूर एस्व आ उनकर लोग के स्मने हर ररह के यर् के स्ज-सज् से सजल लोड् पर सव्र दू हज्र आदमी के तप मे पकट भइले आ एस्व आ उनकर सब आदमी के स्मने च्र गो खेम् मे बँट के च्र गो सरद्र के स्थे पकट भइले​े 30 एगो डे र् आगे बढल आ ऊ लोग एस्व के च्र सौ आदमी के स्थे अपन् भ्ई य्कूब के ओर ज्र दे खले आ ई डे र् एस्व आ उनकर लोग के ओर भ्गल आ ओह लोग के डे र् ्दहलस आ एस्व लबर्हट मे लोड् से ्गर गइल आ ओकर सब आदमी उह्ँ से अलग हो गइल, क्हे ्क ऊ लोग बहर डे र् गइले 31 एस्व से भ्गर लरी पूर् डे र् के लोग ओह लोग के पीछे पीछे ्चल्र रहे आ सब यर्​्पय लोग जव्ब दे ले​े 32 हमनी के य्कूब के सेवक हईं ज्, जे परमेशर के सेवक ह आ हमनी के खखल्फ के खड् हो सकेल्? एस्व ओह लोग से कहलस, “हे र हम्र म्​्लक आ भ्ई य्कूब रोह्र म्​्लक हवे , जेकर् के हम बीस स्ल से नइखी दे खले, आ अब जब हम आज ओकर् से ्मले आइल ब्नी र क् रू हमर् स्थे अईसन ववह्र करर ब्डू? 33 सगयदूर लोग ओकर् के जव्ब ्दहलन, “जइसे पभर ्जंद् ब्डे , अगर य्कूब के ब्रे मे रू रोह्र भ्ई के ब्र करर ब्डू, र हमनी के रोहर् अवररी रोहर् लोग से एक आदमी के न् बचे दे ले रहनी, ले्कन ्सफय य्कूब के चलरे हमनी के ओ लोग के करछूओ न् करबे 34 ई डे र् एस्व आ उनकर आदमी लोग से गरजरल आ ऊ चल गइल आ एस्व आ उनकर आदमी लोग ओह लोग से लगभग एक लीग चल गइल रहे जब दू सर् डे र् हर ररह के ह्थय्र लेके उनकर् ओर आइल आ ऊ लोग एस्व आ उनकर आदमी के स्थे भी ओइसहीं कइल जइसे प्हल् डे र् ओह लोग के कइले रहे े 35 जब उ लोग एकर् के आगे बढे ख्​्रर छोडले र दे ख, रीसर् डे र् उनरक् ओर आईल अवररी सभ लोग डे र् गईले अवररी एस्व लोड् से ्गर गईले अवररी पूर् डे र् ्चल् के कहलस, “हमनी के य्कूब के सेवक हई, जवन ्क परमेशर के सेवक हवे अवररी हमनी के खखल्फ के खड् हो सकर्? 36 एस्व फेर ओह लोग के जव्ब ्दहलन, “हे र, हम्र म्​्लक य्कूब आ रोह्र म्​्लक य्कूब हम्र भ्ई हवे, आ बीस स्ल से हम उनकर चेहर् नइखीं दे खले आ आजर सरन के ्क ऊ आवर ब्डे , हम आजर उनरक् से ्मले गइल ब्नी आ क् रउर् हमर् स्थे अईसन ववह्र करर ब्नी? 37 उ लोग जव्ब दे के कहलस ्क, “जइसे पभर ्जंद् ब्डे , क् य्कूब रोह्र भ्ई न् रहले, जईसे रू कहले रहलू, हमनी के 49


जशेर के बा

रोहर् अवररी रोहर् आदमी से कवनो बचे व्ल् न् छोडले रहनी, ले्कन य्कूब के चलरे, जेकर् ब्रे मे रू आपके भ्ई बर्वर ब्डू, हम रोहर् च्हे रोहर् आदमी के संगे दखल न् दे बे 38 रीसर् डे र् भी ओह लोग से गरजरल आ ऊ अपन् आदमी के स्थे य्कूब के ओर आपन र्स् ज्री रखले , जब चउथ् डे र् उनकर् ओर आइल आ उ लोग भी उनकर् आ उनकर आदमी के स्थे ओइसहीं कइल जइसे ब्की लोग कइले रहे े 39 जब एस्व च्रो सगयदूर अपन् आ ओकर् आदमी के बरर्ई के दे खले र उ अपन् भ्ई य्कूब से बहर डे र् गईले अवररी श्ं ्र से उनरक् से ्मले गईले​े 40 एस्व य्कूब से आपन नफरर ्छप् ्दहलन क्हे ्क ऊ अपन् भ्ई य्कूब से अपन् ज्न से डे र्र रहले आ सोचर रहले ्क जवन् च्र गो डे र् पर ऊ रोशनी कइले रहले ऊ य्कूब के नौकर ह. 41 य्कूब ओह र्र अपन् नौकरन के स्थे ओह लोग के डे र् मे रकल आ ऊ अपन् नौकरन के स्थे ई ठ्न ्लहलन ्क ऊ एस्व के अपन् लगे जवन करछ रहे आ ओकर सगरी संप्त से उपह्र दे दीहे . य्कूब सबेरे उठले, उ आ ओकर आदमी लोग पशर-पकी मे से एस्व ख्​्रर उपह्र चरनले​े 42 य्कूब अपन् भ्ई एस्व के दे वे ख्​्रर अपन् भेड मे से जवन उपह्र चरनले रहले, ओकर रकम इहे ब्, उ भेड मे से दर सौ च्लीस ्सर चरनले अवररी ऊंट अवररी गदह् मे से रीस-रीस गो गदह् चरनले अवररी झरंड मे से पच्स गो ग्य चरनले​े 43 उ सबके दस झंरड मे रखले, आ एक-एक ररह के एक-एक क के रखले अवररी एक-एक झरंड के अपन् दस नौकर के ह्थ मे सौंप दे ले​े 44 ऊ ओह लोग से आज् ्दहलन आ कहलन ्क, “अपन् के एक दोसर् से दू र र्खी ं आ झरंड के बीच मे जगह र्खी ं आ जब एस्व आ ओकर् स्थे के लोग रउर् से ्मल के पू्छहे ्क रउर् केकर हईं आ कह्ँ ज्र ब्नी आ रउर् से प्हले ई सब केकर् के ब् र रउर् ओह लोग से कहब ्क हमनी क् य्कूब के नौकर हईं ज् आ हमनी क् य्कूब से श्ं ्र से ्मले आइल ब्नी ज् आ दे ख़ हमनी के पीछे आ ज्ल्े 45 हमनी के स्मने जवन ब् उ य्कूब के ओर से उनरक् भ्ई एस्व के भेजल उपह्र हे 46 अगर उ लोग रोहनी से कहस ्क, ‘उ आपन भ्ई से ्मले आ ओकर चेहर् दे खे मे आवे से रोहर् पीछे क्हे दे री करर ब्, र रू ओह लोग से कहब ्क उ हमनी के पीछे खरशी से अपन् भ्ई से ्मले ख्​्रर आवर ब्, क्हे ्क उ कहले ्क, हम ओकर् के उनरक् लगे ज्ए व्ल् उपह्र से खरश करब, अवररी एकर् ब्द हम ओकर चेहर् दे खब, श्यद उ हमर् के सीक्र करीहे े 47 एह से पूर् उपह्र उनकर नौकरन के ह्थ मे चल गइल आ ओह ्दन उनकर् से आगे चल गइल आ ऊ ओह र्र अपन् डे र् के स्थे य्बरक नदी के सीम् पर ठहर गइलन आ र्र के बीच मे उठ के आपन मेहर्त आ आपन नौकर्नी के नौकर्नी आ आपन सब स्म्न लेके चल गइलन आ ओह र्र ऊ ओह लोग के ज्बरक के ल्ट के प्र से गरजर गइलने 48 जब ऊ अपन् सब स्म्न के ध्र के प्र कर गइलन र य्कूब अकेले रह गइलन आ एगो आदमी उनक् से ्मल गइलन आ ऊ ओह र्र ्दन न् होखे रक उनक् स्थे करशी करर रहले आ य्कूब के ज्ं ल के खोखल् ओकर् से करशी के चलरे जोड से ब्हर हो गइल.

49 ्दन के भोर मे उ आदमी य्कूब के उह्ँ छोड के चल गईले अवररी उ उनरक् के आशीष दे के चल गईले अवररी ्दन के भोर मे य्कूब नदी के प्र क गईले अवररी उ अपन् ज्ं ल प रक गईले​े 50 जब ऊ ध्र से गरजरल र सूरज उग गइल आ ऊ अपन् मवेशी आ लइकन के जगह पर चढ गइले 51 उ लोग दर पहररय् रक चलर रहले अवररी जब उ लोग ज्र रहले, र उ लोग के सोझ् वरयम्न समय से गरजरर रहे े 52 य्कूब आपन आँ ख उठ् के दे खले र एस्व दू र से बहर लोग के संगे करीब च्र सौ लोग के संगे आवर रहले अवररी य्कूब अपन् भ्ई से बहर डे र् गईले​े 53 य्कूब जली-जली अपन् लइकन के अपन् मेहर्त आ द्सी लोग मे ब्ँ ट ्दहलन आ अपन् बेटी दीन् के एगो संदूक मे ड्ल के अपन् नौकरन के ह्थ मे सौंप ्दहलन. 54 ऊ अपन् भ्ई से ्मले ख्​्रर अपन् लइकन आ मेहर्त लोग के सोझ् से गरजरलन आ जमीन पर पर्म कइलन, हँ ऊ स्र बेर पर्म कइलन जबले ऊ अपन् भ्ई क् लगे न् चहँ प गइलन आ भगव्न य्कूब के एस्व आ ओकर् आदमी के नजर मे अनरगह आ अनरगह कर् ्दहलन क्हे ्क भगव्न य्कूब के प्थयन् सरनले रहले. 55 य्कूब के डर आ ओकर आरंक ओकर् भ्ई एस्व पर पड गइल क्हे ्क एस्व य्कूब से बहरे डे र् गइलन क्हे ्क भगव्न के दू र एस्व के स्थे कइलन आ य्कूब पर एस्व के गरस् दय् मे बदल गइल. 56 एस्व जब य्कूब के अपन् ओर भ्गर दे खले र उहो ओकर् ओर भ्ग गईले अवररी उनरक् के गले लग् लेले अवररी उनरक् गरदन प ्गर गईले अवररी उ लोग चरम् लेले अवररी रोवे लगले​े 57 एस्व के स्थे आइल आदमी लोग के ्दल मे परमेस् वर य्कूब के प्र डर आ दय्लरर् ड्ल ्दहलन आ ऊ लोग य्कूब के चरम् लेके गले लग् ्लहलने 58 एस्व के बेट् एलीफ्ज अपन् च्र भ्ई एस्व के बेट् के संगे य्कूब के संगे रोवर रहले अवररी उ लोग उनरक् के चरम् लेले अवररी गले लग् लेले, क्हे की य्कूब के डर उ सभके प पड गईल रहे े 59 एस्व आँ ख उठ् के दे खलस ्क य्कूब के संर्न के संगे म्हल् य्कूब के पीछे चलर रहली अवररी एस्व के र्स् मे पर्म करर रहलीे 60 एस्व य्कूब से पूछले, “हे भ्ई, रोहर् स्थे इ के हवे? क् ऊ लोग रोह्र लइक् हवे ्क रोह्र सेवक हवे ? य्कूब एस्व के जव्ब ्दहलन, “उ लोग हम्र संर्न हवे , जवन परमेशर रोहर् सेवक के कृप् से दे ले ब्डे े” 61 जब य्कूब एस्व आ उनकर आदमी से ब्र करर रहले र एस्व पूर् डे र् के दे खले र य्कूब से पूछले, “रू पूर् डे र् के कह्ँ से ्मलल, जवन् से हम क्ल र्र ्मलल रहनी?” य्कूब कहले, “हम्र म्​्लक के नजर मे अनरगह प्वे ख्​्रर इ उहे ह जवन परमेशर रोहर् सेवक के कृप् से दे ले ब्डे े” 62 जब एस्व के सोझ् उपह्र आइल र य्कूब एस्व के दब्वर कहलन, “हम अपन् म्​्लक के लगे जवन उपह्र लेके आइल ब्नी, ओकर् के ले लीं आ एस्व कहले, “हम्र इहे मकसद क्हे ब्?” जवन करछ रोहर् लगे ब् ओकर् के अपन् ख्​्रर र्खीें 50


जशेर के बा

63 य्कूब कहले, “हमर् पर ई सब दे वे के ्जम् ब्, क्हे ्क हम रोह्र चेहर् दे खले ब्नी, ्क रू अभी भी श्ं ्र से ्जयर ब्डूे” 64 एस्व उपह्र लेबे से मन् कर ्दहलन आ य्कूब ओकर् से कहलन ्क, “हम रोहर् से ्नहोर् करर ब्नी ्क हम्र म्​्लक, अगर अब हमर् रोहर् नजर मे अनरगह ्मल गइल ब् र हम्र उपह्र हमर् ह्थ से ले लीं, क्हे ्क हम रोह्र चेहर् अइसे दे खले ब्नी जइसे हम कवनो दे वर् ्नयर चेहर् दे खले होखब, क्हे ्क रू हमर् से खरश भइल ब्डू.” 65 एस्व ई उपह्र ले ्लहले आ य्कूब एस्व के च्ं दी, सोन् आ बेड्लयम भी ्दहलन, क्हे ्क ऊ ओकर् के एरन् दब्वर रहलन ्क ऊ ओकर् के ले ्लहलने 66 एस्व डे र् मे मौजूद मवेशी के बंटव्र् कईले अवररी आध् ्हस् अपन् संगे आईल आदमी के दे दे ले, क्हे की उ लोग भ्ड् प आईल रहले अवररी ब्की आध् ्हस् उ अपन् बच् के ह्थ मे दे दे ले​े 67 च्ँ दी आ सोन् आ बे ्लयम उ अपन् बडक् बेट् एलीफ्ज के ह्थ मे दे ्दहलन आ एस्व य्कूब से कहले, “चल़ हमनी के रोहर् स्थे रहब ज् आ जबले रू हमर् स्थे हमर् जगह् न् आ ज्ईब रबले हमनी के धीरे -धीरे रोहर् स्थे चलब ज्, र्​्क हमनी के उह्ँ एक संगे रह सकीले​े” 68 य्कूब अपन् भ्ई के जव्ब ्दहलन, “हम जइसन हम्र म्​्लक हमर् से कहर ब्डे , ओइसने करब, ब्​्कर हम्र म्​्लक ज्नर ब्डन ्क लइक्-लइकी कोमल होले आ भेड आ भेड अपन् बची के स्थे जवन हमर् स्थे ब्डे , धीरे -धीरे ज्इले , क्हे ्क अगर ऊ लोग रेजी से चल गइल र ऊ सब मर ज्ईर, क्हे ्क रू ओह लोग के बोझ आ थक्न के ज्नर ब्ड़. 69 एह से हम्र म्​्लक अपन् नौकर के स्मने से गरजर ज्स, आ हम लइकन आ भेड के ख्​्रर धीरे -धीरे आगे बढब जब रक ्क हम अपन् म्​्लक के जगह सेईर न् आ ज्ईबे 70 एस्व य्कूब से कहले, “हम अपन् स्थे मौजूद करछ लोग के र्स् मे रोहर् के दे खभ्ल करे आ रोह्र थक्न आ बोझ उठ्वे ख्​्रर रोहर् स्थे रख दे ब, आ कहलन ्क, “हम्र म्​्लक, अगर हमर् रोहर् नजर मे अनरगह ्मल ज्व र एकर क् जतरर ब्?” 71 दे ख़, हम रोहर् लगे सेइर आवर ब्नी ्क जइसे रू कहले ब्ड़, ओ्हज् एक संगे रहब, रब रू अपन् लोग के स्थे चल़ क्हे ्क हम रोहर् पीछे चलबे 72 य्कूब एस्व से ई ब्र कहले ्क एस्व आ ओकर आदमी के ओकर् से हट् ्दहल ज् सके, र्​्क य्कूब ब्द मे अपन् ्पर् के लर कन्न दे श मे ज् सके​े 73 एस्व य्कूब के आव्ज सरनले अवररी एस्व अपन् संगे सेइर के र्स् मे च्र सौ आदमी के संगे व्पस आ गईले अवररी ओ ्दन य्कूब अवररी उनरकर सभ लोग कन्न दे श के सीम् रक पहं च गईले अवररी उ करछ समय उह्ँ रहले​े

3 य्कूब उह्ँ अपन् ख्​्रर एगो लर बनवले आ उह्ँ आपन डे र् खड् कइले आ अपन् पशर -पकी ख्​्रर बूथ बनवले, एही से ऊ ओह जगह के न्म सरकोर रखले​े 4 य्कूब एक स्ल छह महीन् रक सरकोर मे रहले​े 5 ओह लरी ओह दे श के ्नव्सी लोग मे से करछ मेहर्त शहर के लोग के बेटी लोग के स्थे न्चे आ आनखनर होखे ख्​्रर शेकेम शहर मे गइली आ जब ऊ लोग ्नकलल र य्कूब के मेहर्त र्हे ल आ लीआ भी अपन् पररव्र के स्थे शहर के बेटी लोग के खरशी दे खे गइले 6 य्कूब के बेटी दीन् भी ओ लोग के स्थे चल के शहर के बेटी लोग के दे खली आ उ लोग एह बेटी लोग के स्मने उह्ँ रह गईली जब रक ्क शहर के सब लोग ओ लोग के खरशी दे खे ख्​्रर खड् रहले अवररी शहर के सभ बड लोग उह्ँ रहले​े 7 हमोर के बेट् शेकेम भी ओ लोग के दे खे ख्​्रर खड् रहले​े 8 शेकेम य्कूब के बेटी दीन् के शहर के बेटी लोग के स्मने अपन् महर्री के संगे बईठल दे खले अवररी उ लईकी उनरक् के बहर खरश कईलस अवररी उ उह्ँ अपन् दोस अवररी अपन् लोग से पूछलस ्क, “उ म्हल् के बीच बईठल केकर बेटी ह, जेकर् के हम ए शहर मे नईखी ज्नर?” 9 उ लोग ओकर् से कहलस ्क, इ ्हबू इसह्क के बेट् य्कूब के बेटी हई, जवन ्क करछ समय से ए शहर मे रहर रहली अवररी जब खबर ्मलल ्क दे श के बेटी खरश होखे व्ली ब्डी र उ अपन् महर्री अवररी नौकर्नी के संगे ओ लोग के बीच बईठ गईली, जईसे रू दे खर्नीे 10 शेकेम य्कूब के बेटी दीन् के दे खले अवररी जब उ ओकर् के दे खले र उनरकर ज्न दीन् प ्टक गईले 11 ऊ भेज के ओकर् के जबरन पकड लेहले आ दीन् शेकेम के लरे अइली आ ऊ ओकर् के जबरन पकड के ओकर् स्थे लेट के ओकर् के नम कर ्दहलन आ ऊ ओकर् से बहरे प्र कइलन आ ओकर् के अपन् लर मे र्ख ्दहलन. 12 उ लोग आके य्कूब के इ ब्र बरवले अवररी जब य्कूब सरनले ्क शेकेम अपन् बेटी दीन् के अशर् क दे ले ब्डे , र य्कूब अपन् ब्रह नौकर के भेजले ्क उ लोग दीन् के शेकेम के लर से ले आवे​े 13 जब उ लोग पहं चले र शेकेम अपन् आदमी के संगे ओ लोग के लगे ्नकल गईले अवररी ओ लोग के अपन् लर से भग् दे ले, ले्कन उ ओ लोग के दीन् के सोझ् आवे न् दे ले, ले्कन शेकेम दीन् के संगे बईठ के ओ लोग के आं ख के सोझ् चरम् लेर अवररी गले लग्वर रहले​े 14 य्कूब के नौकर व्पस आके उनक् से कहलन ्क जब हमनी के अइनी ज् र उ आ उनकर आदमी हमनी के भग् ्दहले आ शेकेम हमनी के नजर मे दीन् के स्थे अईसन कईले​े 15 य्कूब अउरी ज्न गईले ्क शेकेम अपन् बेटी के अशर् क दे ले ब्डे , ले्कन उ करछ न् कहले अवररी उनरकर बेट् खेर मे उनरकर मवेशी चरर रहले अवररी य्कूब व्पस आवे रक चरप रहले​े 16 अपन् बेट् लोग के लरे आवे से प्हले य्कूब अपन् नौकरन के बेटी मे से दू गो लइकी के भेजले ्क ऊ दीन् के दे खभ्ल करे आ ओकर् स्थे रहे , आ शेकेम अपन् रीन गो दोसन के अपन् ्पर् हमोर, जे पेरेद के बेट् ्क्े कम के बेट् ह्मोर के लगे भेजले ्क, “हमर् ख्​्रर ई लइकी के मेहर्त बन् के ले आव़े”

अध ्य 33 के ब् 1 करछ समय ब्द य्कूब दे श के सीम् से दू र होके श्लेम के दे श, जवन ्क शेकेम शहर ह, जवन कन्न दे श मे ब्, पहं चले अवररी शहर के सोझ् आर्म कईले​े 2 उ ओ्हज् के खेर के एगो ्हस् प्ं च शेकेल मे खरीद ्लहले​े 51


जशेर के बा

17 ्हवी ्च्े कम के बेट् हमोर अपन् बेट् शेकेम के लरे आके ओकर् सोझ् बईठ गईले, र हमोर अपन् बेट् से कहलस, “शेकेम, क् रोहर् लोग के बेटी मे से कवनो अयीसन म्हल् नईखे ्क रू कवनो इब्नी म्हल् के ले ज्, जवन ्क आपके लोग से न् होखे ?” 18 शेकेम ओकर् से कहलस, “हमर् ख्​्रर उहे एकम्त ्मले के च्हीं, क्हे ्क ऊ हमर् नजर मे रमरीय ब्डीे आ ह्मोर अपन् बेट् के वचन के मरर्​्बक क्म कईले, क्हे की उ उनरकर बहर ्पय रहले​े 19 हमोर य्कूब के प्स एह ब्र के ब्रे मे ब्र करे ख्​्रर ्नकलल आ जब ऊ अपन् बेट् शेकेम के लर से चल के य्कूब से ब्र करे ख्​्रर य्कूब के लगे आवे से प्हले दे खलस ्क य्कूब के बेट् लोग खेर से आ गईल रहले, जइसहीं उ लोग ह्मोर के बेट् शेकेम के क्म सरनले रहले​े 20 उ लोग अपन् ब्हन के लेके बहर दर खी भईले अवररी सब लोग अपन् मवेशी के बटोरल् के समय से प्हले गरस् मे आग लग् के लरे पहं च गईले​े 21 उ लोग अपन् ्पर् के सोझ् आके बईठ गईले अवररी उ लोग उनरक् से कोध से ब्र कईले ्क, “सचहँ ए आदमी अवररी ओकर् लर के लोग के मौर होखे के च्ही, क्हे की पूर् धररी के परमेशर पभर नूह अवररी उनरक् संर्न के आदे श दे ले रहले ्क आदमी कबहँ लूट न् करी अवररी न् व्भच्र करीे अब दे ख़, शेकेम हमनी के ब्हन के स्थे रब्ही आ व्भच्र भी कइले ब्, आ शहर के सब लोग मे से केह भी ओकर् से एक शब न् बोलले 22 रू जतर ज्नर ब्डू आ समझर ब्डू ्क मौर के सज् शेकेम, ओकर ब्प आ पूर् शहर के ब्, क्हे ्क उ जवन क्म कईले ब्डे े 23 जब उ लोग अपन् ्पर् के सोझ् ए म्मल् मे ब्र करर रहले र दे ख, शेकेम के ्पर् ह्मोर य्कूब से अपन् बेट् के दीन् के ब्रे मे ब्र कहे पहं चले अवररी उ य्कूब अवररी अपन् बेट् के सोझ् बईठ गईले​े 24 हमोर ओह लोग से कहलस, “हम्र बेट् शेकेम के ज्न रोहर् बेटी ख्​्रर ररसर ब्े हम ्नहोर् करर ब्नी ्क ओकर् के पती के तप मे दे दी ं आ हमनी के स्थे ्बय्ह कर लीं; हमनी के आपन बेटी दे ब आ हम रोहर् के आपन बेटी दे ब, र रू हमनी के दे श मे हमनी के संगे रहब अवररी हमनी के दे श मे एक लोग ्नहन होखबे 25 क्हे ्क हमनी के दे श बहर ्वसृर ब्, एहसे रू लोग ओ्हज् रह के व्प्र करी ं आ ओकर् मे संप्त बन्ईं आ ओकर् मे जइसन मन करे ओइसन करी ं आ केह रोहर् से कवनो ब्र कह के रोक न् प्ईे 26 हमोर य्कूब आ उनकर बेट् लोग से ब्र कइल बंद कर ्दहलस आ दे खलस ्क उनकर बेट् शेकेम उनकर् पीछे आके उनकर् सोझ् बइठल ब्े 27 शेकेम य्कूब आ उनकर बेट् लोग के स्मने कहलस, “हमर् रोहर् पर अनरगह ्मल ज्व ्क रू हमर् के आपन बेटी दे दे ब आ रू हमर् से जवन करछ कहब़, हम ओकर् ख्​्रर करब़े” 28 हमर् से भरपूर दहे ज आ द्न म्ँ ग़, हम दे ब, आ रू जवन हमर् से कहब़ ्क हम करब, आ जे भी रोह्र आदे श के

खखल्फ ्वदोह करी, ऊ मर ज्ईे ख्ली हमर् के मेहर्त ख्​्रर लइकी दे दीें 29 ्शमोन आ लेवी धोख् से हमोर आ ओकर बेट् शेकेम के जव्ब दे ले ्क, “रू जवन ब्र हमनी से कहले ब्डू, हमनी के रोहनी ख्​्रर करब ज्े” 30 हमनी के ब्हन रोहर् लर मे ्बय्, ले्कन जब रक हमनी के अपन् ्पर् इसह्क के ए म्मल् मे न् भेजब, रब रक ओकर् से दू र रहब, क्हे की हमनी के उनरक् सहम्र के ्बन् करछूओ नईखी क सकरे 31 क्हे ्क उ हमनी के ्पर् अब्हम के र्स् ज्नर हउवे आ उ हमनी से जवन करछ कहब, हमनी के रोहनी से करछर ओ न् ्छप्ईबे 32 ्शमोन आ लेवी शकेम आ उनकर ब्प से ई ब्र कहले ्क कवनो बह्न् खोजल ज् सके आ एह म्​्मल् मे शेकेम आ ओकर् शहर के क् होखे व्ल् ब्. 33 जब शेकेम आ ओकर ब्प ्शमोन आ लेवी के ब्र सरनले र ओह लोग के नजर मे अच् ल्गल आ शेकेम आ ओकर ब्प लरे ज्ए ख्​्रर ्नकलले 34 जब ऊ लोग गइल र य्कूब के बेट् लोग अपन् ब्प से कहलस, “दे ख़, हमनी के ज्नर ब्नी ज् ्क एह दर षन आ ओह लोग के शहर के मौर हो रहल ब्, क्हे ्क ऊ लोग ओह ब्र के उलंलन कइले जवन परमेशर नूह आ उनकर संर्न आ ओकर् ब्द के उनकर संर्न के ्दहल आज् के उलंलन कइले रहले​े 35 आउर एही से ्क शेकेम हमनी के ब्हन दीन् के अशर् करे मे अइसन कइलस, क्हे ्क हमनी के बीच अइसन नीचर् कबो न् होईे 36 अब ज्न लीं आ दे खी ं ्क रू क् करब़ आ एह शहर के सब ्नव्सी के म्रे ख्​्रर सल्ह आ बह्न् बन्ईं ्क ओह लोग के क् कइल ज्व. 37 ्शमोन ओह लोग से कहलस, “रउर् लोग ख्​्रर एगो उ्चर सल्ह ब् ्क उ लोग के बर्ईं ्क हमनी के खरन् भईल् ्नहन ओ लोग मे से हर पररष के खरन् करस, अवररी जदी उ लोग अयीसन न् करे के च्हर ब्डे र हमनी के अपन् बेटी के ओ लोग से लेके चल दे बे 38 आ अगर ऊ लोग ई क्म करे ख्​्रर सहमर हो ज्ई आ ई क्म करी र जब ऊ लोग ददय से डूब ज्ई र हमनी क् ओह लोग पर अपन् रलव्र से हमल् करब ज् जइसे ्क चरपच्प आ श्ं ्र्पय आदमी पर हमल् कर दे ब ज् आ ओह लोग मे से हर नर के म्र दे ब ज्. 39 ्शमोन के सल्ह से उ लोग के मन खरश हो गईल अवररी ्शमोन अवररी लेवी ओ लोग के संगे जईसे कहल गईल रहे , ओईसन क्म करे के ठ्न लेले​े 40 अ्गल् ्दने सबेरे शेकेम आ ओकर ब्प हमोर ्फर से य्कूब आ उनकर बेट् लोग के लगे अईले, ्क ऊ लोग दीन् के ब्रे मे ब्र करस आ सरनस ्क य्कूब के बेट् लोग ओह लोग के ब्र के क् जव्ब ्दहीे 41 य्कूब के बेट् लोग धोख् से कहलस, “हमनी के आपन ब्प इसह्क के रोह्र सब ब्र बरवले रहनी ज् आ रोह्र ब्र उनरक् मन मे खरशी भईले” 42 ले्कन उ हमनी से कहलस ्क, “अपन् ्पर् अब्हम पूर् धररी के पभर परमेशर के ओर से उनरक् के अईसन आदे श दे ले ्क, जे भी आदमी अपन् वंशज मे से न् होखे, उ अपन् एगो बेटी 52


जशेर के बा

के ले ज्ए के च्हर होखे, उ अपन् हर नर के खरन् कर्वे , जईसे हमनी के खरन् कईल ज्ल्, अवररी ओकर् ब्द हमनी के अपन् बेटी के पती के तप मे दे सकेनीे 43 अब हमनी के आपन ्पर् हमनी से कहल सब र्स् रोहके बर् दे ले ब्नी ज्, क्हे ्क हमनी के इ क्म नईखी कर सकर, जवन् के ब्रे मे रू हमनी से कहले रहलू ्क हमनी के बेटी के खरन् न् भईल आदमी के दे दे ब ज्, क्हे की इ हमनी ख्​्रर बेइजरी के ब्र ब्े 44 ले्कन एही से हमनी के रोहर् के आपन बेटी दे वे के सहम्र दे ब ज् आ रोहनी के बेटी के भी अपन् मे ले लेब ज् आ रोहनी के बीच मे रहब ज् आ एक ज्​्र बनब ज्, जईसन रउआ कहले ब्नी, अगर रू हमनी के ब्र सरनब आ हमनी के जइसन होखे के सहम्र दे ब ज्, जईसे हमनी के खरन् भईल ब्नी ज्े 45 अगर रू हमनी के खरन् न् मनब़ ्क हमनी के आज् के मरर्​्बक हर मरद के खरन् कर्वे के ब् र हमनी के रोहर् लगे आके आपन बेटी के रोहर् से लेके चल दे ब ज्े 46 शेकेम आ ओकर ब्प ह्मोर य्कूब के बेट् लोग के ब्र सरन के ई ब्र बहरे नीक ल्गल आ शेकेम आ ओकर ब्प ह्मोर य्कूब के बेट् लोग के इच् पूर् करे मे जलीब्जी कइले, क्हे ्क शेकेम के दीन् से बहर प्र रहे आ ओकर आत् ओकर् से कीलक ल्गल रहे े 47 शेकेम आ ओकर ब्प हमोर जली से शहर के फ्टक पर पहँ चले आ ऊ लोग अपन् शहर के सब आदमी के इकट् क के य्कूब के बेट् लोग के ब्र कहलने 48 हमनी के य्कूब के बेट् लोग के लगे अइनी ज् आ हमनी के ओह लोग से ओह लोग के बेटी के ब्रे मे ब्र कइनी ज्, आ ई लोग हमनी के इच् के अनरस्र क्म करे ख्​्रर सहम्र दे ्दहे , आ दे ख़ ्क हमनी के जमीन ओह लोग ख्​्रर बहर बडहन ब्, आ ऊ लोग ओहमे रहब आ ओकर् मे व्प्र करी आ हमनी के एक लोग होखब ज्; हम ओह लोग के बेटी के ले लेब आ अपन् बेटी के मेहर्त बन् दे बे 49 ले्कन ख्ली एही शरय पर इ लोग इ क्म करे ख्​्रर सहम्र ्दहे ्क हमनी मे से हर पररष के खरन् कईल ज्ए, जईसे ्क उ लोग के खरन् भईल ब्, जईसे ्क उनरकर परमेशर उनरक् के आज् दे ले ब्डे , अवररी जब हमनी के खरन् करे के ्नद् श के मरर्​्बक क्म क लेब, र उ लोग हमनी के बीच मे रह जईहे, अपन् मवेशी अवररी संप्त के संगे, अवररी हमनी के ओ लोग के संगे एक लोग के तप मे रहबे 50 जब शहर के सब आदमी शेकेम आ ओकर ब्प हमोर के ब्र सरनले र ओह लोग के शहर के सब आदमी एह पस्व पर सहमर हो गइले आ ऊ लोग खरन् कर्वे के ब्र म्न ्लहल क्हे ्क शेकेम आ ओकर ब्प हमोर ओह लोग के बहरे आदर करर रहले क्हे ्क ऊ लोग ओह दे श के र्जकरम्र रहले. 51 अ्गल् ्दने ओकर ब्प शेकेम आ ह्मोर सबेरे उठ के अपन् शहर के सभ आदमी के शहर के बीच मे बटोरले अवररी य्कूब के बेट् के बोलवले, जवन ्क ओ ्दन अवररी अ्गल् ्दन अपन् हर पररष के खरन् क दे ले​े 52 ऊ लोग शेकेम आ ओकर ब्प हमोर आ शेकेम के प्ं च भ्ई लोग के खरन् कर ्दहल आ ओकर् ब्द हर केह उठ के लरे चल गइल क्हे ्क ई ब्र पभर के ओर से शेकेम शहर के खखल्फ रहे आ एह म्​्मल् मे ्शमोन के सल्ह पभर के ओर से

रहे , र्​्क पभर शेकेम शहर के य्कूब के दर नो बेट् के ह्थ मे सौंप सके​े अध ्य 34 के ब् 1 खरन् कर्वे व्ल् सब मरदन के संख् छह सौ पैर्लीस आदमी आ दू सौ ्छय्लीस लइक् रहलने 2 ले्कन ह्मोर के ्पर् पेरेद के बेट् ्च्े कम आ ओकर छह भ्ई लोग शेकेम आ ओकर ब्प हमोर के ब्र न् सरनलस आ उ लोग के खरन् न् कइल गइल, क्हे ्क य्कूब के बेट् लोग के पस्व ओह लोग के नजर मे लृ्रर रहे आ एह ब्र से उनकर गरस् बहर भडक गइल ्क शहर के लोग उनकर ब्र न् सरनले रहे े 3 दू सर् ्दन के स्ँ झ के आठ गो छोट लइक् ्मलल जेकर खरन् न् भइल रहे , क्हे ्क ओह लोग के महर्री ओह लोग के शेकेम आ ओकर ब्प हमोर आ शहर के आदमी से ्छप् के रखले रहलीे 4 शेकेम आ ओकर ब्प हमोर ओह लोग के खरन् कर्वे ख्​्रर अपन् सोझ् ले आवे के भेजले, जब ्क्े कम आ ओकर छह भ्ई रलव्र से ओह लोग पर उछल के म्रे के को्शश कइले​े 5 उ लोग शेकेम आ ओकर ्पर् हमोर के भी म्रे के को्शश कईले अवररी ए म्मल् के चलरे उ लोग अपन् संगे दीन् के म्रे के को्शश कईले​े 6 उ लोग उनसे पूछले, “ई क्म रू लोग क् कईले ब्डू?” क् रोहनी के भ्ई कन्न के बेटी मे से कवनो मेहर्त नइखे जवन इब्​्नयन के बेटी के अपन् लगे लेबे के च्हर होखे, जेकर् के रू प्हले न् ज्नर रही,ं आ ई क्म करी जवन रोहनी के ब्प-द्द् रोहनी के कबो न् आज् न् ्दहले रहले? 7 क् रउआ कलन् करर ब्नी ्क रउआ एह क्म के म्धम से सफल होखब जवन रउआ कइले ब्नी? आ एह म्मल् मे रू अपन् भ्ई कन्न के क् जव्ब दे ब़, जे क्लह आके रोहर् से एह ब्र के ब्रे मे पू्छहे ? 8 अगर रोह्र क्म ओह लोग के नजर मे न्यसंगर आ ब्ढय् न् लउकी र हमनी के आव्ज न् सरनल् पर रू अपन् ज्न ख्​्रर क् करब आ हमर् के हमनी के ज्न ख्​्रर क् करब़? 9 अगर दे श के ्नव्सी आ रोह्र सब भ्ई ह्म के संर्न रोह्र ई क्म सरन के कहर होखसे 10 एगो इब्नी औरर के चलरे उनकर ब्प शेकेम आ ह्मोर आ उनकर शहर के सब ्नव्सी उ क्म कईले, जवन् से उ लोग अनज्न रहले अवररी जवन् के ब्रे मे उनरकर पररख् कबो न् आज् दे ले रहले, र रू कह्ँ उडब च्हे कह्ँ आपन ल्ज कह्ँ ्छप्ईब, अपन् पूर् ्दन अपन् भ्ई के स्मने, कन्न दे श के ्नव्सी लोग के सोझ्? 11 अब हमनी के इ क्म के सहन नईखी क सकर, न् ही हमनी के इ जरआ के बोझ ड्लल ज् सकर्, जवन ्क हमनी के पररख् हमनी के न् आज् दे ले रहले​े 12 दे ख़ क्ल हमनी के ज्के आपन सब भ्ई लोग, कन्न के भ्ई लोग के इकट् करब ज् जे दे श मे रहे ल्, आ हमनी के सब केह आके रोहके आ रोहर् पर भरोस् करे व्ल् सब लोग के म्र दे ब ज् र्​्क रोहर् भ् ओह लोग से कवनो बचे व्ल् न् रह ज्वे 53


जशेर के बा

13 जब ह्मोर आ उनकर बेट् शेकेम आ शहर के सब लोग ्क्े कम आ उनकर भ्ई लोग के ब्र सरनल र उ लोग अपन् ब्र से आपन ज्न से भयंकर डे र् गईले अवररी उ लोग अपन् क्म प पश्र्प कईले​े 14 शेकेम आ ओकर ब्प हमोर अपन् ब्प ्च्े कम आ ओकर भ्ई लोग से कहलस ्क, “रू जवन ब्र हमनी से कहले ब्डू, उ सब सही ब्े” 15 अब ई मर कह़ आ न् ही मन मे सोच़ ्क इब्​्नयन के पेम के चलरे हमनी के इ क्म कईनी ज् जवन हमनी के पररख् हमनी के न् आज् दे ले रहले​े 16 ले्कन हमनी के दे खनी ज् ्क हमनी के बेटी के लेके हमनी के इच् के प्लन करे के इर्द् अवररी इच् न् रहे , ्सव्य एह शरय के, एहसे हमनी के ओ लोग के आव्ज सरननी अवररी इ क्म कईनी जवन ्क आप दे खनी, र्​्क उ लोग से आपन इच् ह्​्सल कईल ज् सके​े 17 जब हमनी के ओह लोग से आपन ्नहोर् ्मल ज्ई र हमनी के ओह लोग के लगे व्पस आके उ लोग के स्थे उहे करब ज् जवन रू हमनी से कहर ब्डूे 18 रब हम रोहनी से ्नहोर् करर ब्नी ्क जब रक हमनी के शरीर ठीक न् हो ज्ई आ हमनी के फेर से मजबूर न् हो ज्ई, रब रक इं रज्र करी ं आ रकी ं, आ रब हमनी के ओह लोग के खखल्फ ्मल के उहे करब ज् जवन रोहनी के ्दल मे ब् आ हमनी के ्दल मे ब्े 19 य्कूब के बेटी दीन् इ सब ब्र सरनली जवन ्क्े कम आ ओकर भ्ई लोग कहले रहे आ हमोर आ ओकर बेट् शेकेम आ ओह लोग के शहर के लोग के जव्ब सरनलसे 20 ऊ जली-जली अपन् एगो लइकी के भेजली जवन उनकर ्पर् शेकेम के लर मे उनकर दे खभ्ल करे ख्​्रर भेजले रहले, उनकर ब्प य्कूब आ भ्ई लोग के लगे भेजलीे 21 ्क्े कम आ ओकर भ्ई लोग रोहर् ब्रे मे एही ररह से सल्ह ्दहले आ ह्मोर, शेकेम आ शहर के लोग ओह लोग के जव्ब ्दहले​े 22 जब य्कूब ई ब्र सरनलस र ऊ गरस् से भर गइलन आ उनकर् पर न्र्ज हो गइलन आ उनकर गरस् ओह लोग पर भडक गइले 23 ्शमोन आ लेवी कसम खइले ्क, “जइसे पूर् धररी के परमेशर पभर ्जंद् ब्डे , र क्ल रक पूर् शहर मे कवनो बचे व्ल् न् रह ज्ईे” 24 खरन् न् भइल बीस गो नवही लरक्इल रहले आ ई नवही ्शमोन आ लेवी से लडर रहले आ ्शमोन आ लेवी ओह लोग मे से अठ्रह गो के म्र ्दहलन आ दू गो ओह लोग से भ्ग के शहर मे करछ चून् के गड् मे भ्ग गइलन आ ्शमोन आ लेवी ओह लोग के खोजर रहले ब्​्कर न् ्मलल. 25 ्शमोन आ लेवी शहर मे लूमर रहले आ शहर के सब लोग के रलव्र के ध्र से म्र ्दहले आ केह के न् बचले 26 शहर के बीच मे बहर लबर्हट हो गईल अवररी शहर के लोग के ्चल्हट सगय मे चढ गईल अवररी सभ म्हल् अवररी बच् जोर-जोर से ्चल्र रहले​े 27 ्शमोन आ लेवी पूर् शहर के म्र ्दहले​े उ लोग पूर् शहर मे एक नर के न् छोडले​े

28 ऊ लोग ह्मोर आ ओकर बेट् शेकेम के रलव्र के ध्र से म्र ्दहल आ ऊ लोग दीन् के शेकेम के लर से ले अइले आ ऊ लोग ओ्हज् से चल गइल. 29 य्कूब के बेट् लोग ज्के लवट के म्रल लोग पर आके शहर आ खेर मे मौजूद सब संप्त लूट ्लहले​े 30 जब उ लोग लूट के स्म्न लेर रहले र रीन सौ आदमी खड् होके ओ लोग प धूल उड् दे ले अवररी पतर से म्र दे ले, जब ्शमोन ओ लोग के ओर मरडले अवररी उ सभके रलव्र के ध्र से म्र दे ले अवररी ्शमोन लेवी के सोझ् मरड के शहर मे आ गईले​े 31 ऊ लोग आपन भेड, बैल आ मवेशी आ ब्की मेहर्त आ छोट-छोट लइकन के भी लेके चल गइल आ ई सब लोग के एगो फ्टक खोल के ब्हर ्नकल के अपन् ब्प य्कूब के लगे जोर से चल गइले 32 जब य्कूब शहर के स्थे उ लोग के सब करछ दे ख के उ लोग के लूट के स्म्न दे खले र य्कूब ओ लोग प बहर न्र्ज हो गईले अवररी य्कूब ओ लोग से कहले, “रू हमर् संगे इ क् कईले ब्नी? दे ख़, हमर् ओह दे श के कन्न ्नव्सी लोग के बीच आर्म ्मलल आ ओहमे से केह हमर् स्थे दखल न् ्दहल. 33 अब रू हमर् के ओह दे श के ्नव्सी लोग ख्​्रर, कन्न आ फरी्जयन के बीच अ्पय बन् दे ले ब्डू, आ हम र कम संख् मे ब्नी, आ जब ऊ सब अपन् भ्ई लोग के स्थे र्उर क्म के खबर सरन के हमर् खखल्फ जरट जइहे आ हमर् के म्र दीहे आ हम आ हम्र लर के लोग रब्ह हो ज्ईबे 34 ्शमोन आ लेवी आ उनकर सब भ्ई लोग अपन् ्पर् य्कूब से जव्ब दे के कहलस, “दे ख़ हमनी के दे श मे रहर ब्नी ज् आ क् शेकेम हमनी के ब्हन के स्थे अयीसन करीहे?” शेकेम जवन कइले ब्, रू क्हे चरप ब्ड़? आ क् उ हमनी के ब्हन के संगे सडक प वेृ् के संगे ववह्र करीहे ? 35 ्शमोन आ लेवी शेकेम शहर से बंदी बन् के ले गइलन, ्जनक् के ऊ लोग न् म्रल, ऊ लोग पच्सी गो रहल जे आदमी के न् ज्नर रहलीे 36 ओह लोग मे एगो सरनर तप आ अनरग्हर लइकी रहली, जेकर न्म बरन् रहे आ ्शमोन ओकर् के मेहर्त बन् ्लहले आ जवन् नर के ऊ लोग बंदी बन् ्लहल आ न् म्रल, ओकर संख् सर्लीस आदमी रहे आ ब्की लोग के म्र ्दहल. 37 ्शकेम शहर से ्शमोन आ लेवी जे भी नवही-लडकी के बंदी बन् लेले रहले, उ य्कूब के बेट् आ ओकर् ब्द के संर्न के नौकर रहले, जब रक ्क य्कूब के बेट् ्मस से न् ्नकलले 38 जब ्शमोन आ लेवी शहर से ्नकलले र शहर मे लरक् के शहर के लोग के बीच न् मरल दर गो नवही उठ गईले अवररी इ यरवक शहर मे ज्के ओ्हज् लूम गईले अवररी शहर के ्बन् आदमी के उज्ड दे खले अवररी ्सफय म्हल् रोवर रहली अवररी इ यरवक ्चल् के कहले, “दे ख, इहे उ यरवक हे” इब्नी य्कूब के बेट् लोग एह शहर के स्थे जवन बरर्ई कइल, उ लोग आज कन्न के एगो शहर के नष कर ्दहल, आ पूर् कन्न दे श के ज्न से न् डे र्ले 39 इ लोग शहर छोड के रपन्क शहर मे चल गईले अवररी उह्ँ ज्के रपन्क के ्नव्सी लोग के उ सब करछ बरवले जवन ्क उनरक् प भईल ब् अवररी य्कूब के बेट् शेकेम शहर मे भईल सभ क्म बरवले​े 40 रपन्क के र्ज् य्शरब के लगे इ खबर पहं चल अवररी उ ओ नवही के दे खे ख्री शेकेम शहर मे आदमी भेजले, क्हे की र्ज् 54


जशेर के बा

ए ब्र प ्वश्स न् कईले ्क, “शकेम जईसन बड शहर के दर आदमी कईसे उज्ड क सकर रहले? 41 य्शूब के दू र व्पस आके उनरक् से कहले ्क, हम शहर मे आईल रहनी, र उ नष हो गईल ब्, उह्ँ केह नईखे​े ख्ली रोवर-रोवर मेहर्त लोग; न् र कवनो झरंड भ् मवेशी ब्, क्हे ्क य्कूब के बेट् शहर मे जवन करछ रहे ओकर् के लेके चल गईले​े 42 य्शूब एह ब्र पर अचरज मे पड गइलन आ कहलन ्क, “दू आदमी एरन् बडहन शहर के न्श करे ख्​्रर ई क्म कइसे कर सकेल्, जब्क एक आदमी ओह लोग के खखल्फ खड् न् हो प्वल?” 43 क्हे ्क ्नमरोद के जम्न् से अइसन न् भइल आ दू र के समय से भी अइसन न् भइले रपन्क के र्ज् य्शरब अपन् लोग से कहलन ्क ्हमर कऱ आ हमनी के ज्के एह इब्​्नयन से लडब ज् आ ओह लोग के स्थे ओइसन करब ज् जइसे ऊ लोग शहर के स्थे कइले रहे आ हमनी के शहर के लोग के मरकदम् के बदल् लेब ज्े 44 रपन्क के र्ज् य्शरब एह ब्रे मे अपन् सल्हक्रन से सल्ह ्लहलन आ उनकर सल्हक्र लोग उनक् से कहलन ्क, “रू अकेले इब्​्नयन पर ह्वी न् होखब, क्हे ्क पूर् शहर के ई क्म करे ख्​्रर ऊ लोग र्करवर होखे के च्हीं.” 45 अगर उ लोग मे से दर गो पूर् शहर के उज्ड दे ले अवररी केह ओ लोग के खखल्फ न् खड् होखे र जदी रू ओ लोग के खखल्फ ज्एब र उ सब हमनी के खखल्फ उठ के हमनी के ओसही न्श क ्दहे े 46 ले्कन अगर रू हमनी के आसप्स के सब र्ज् के लगे भेज के ओकर् के एक संगे आवे दे ब र हमनी के ओ लोग के संगे ज्के य्कूब के बेट् से लडबे रब रू ओह लोग पर ह्वी होखब़े 47 य्शरब अपन् सल्हक्रन के ब्र सरन के उनकर ब्र उनक् आ उनकर लोग के खरश कइलस आ उ अईसन कइलने रपन्क के र्ज् य्शरब शेकेम आ रपन्क के लेरले अमोरी लोग के सब र्ज् लोग के लगे भेजले ्के 48 हमर् स्थे ज्के हम्र सह्यर् कऱ, र हमनी के य्कूब इब्नी आ उनकर सब बेट् के म्र दे ब ज् आ धररी से न्श कर दे ब ज्, क्हे ्क उ शेकेम शहर के स्थे अईसन कईले रहले, आ क् रउव्ं एकर् ब्रे मे नईखी ज्नर? 49 अमोरी लोग के सब र्ज् य्कूब के बेट् लोग के द्र् शेकेम शहर के बरर्ई सरन के उ लोग बहर अचरज मे पड गईले​े 50 अमोरी लोग के स्र गो र्ज् अपन् सब सेन् के स्थे लगभग दस हज्र आदमी खीच ं ्इल रलव्र लेके जरटल आ य्कूब के बेट् लोग से लड्ई करे आइले य्कूब सरनलस ्क अमोरी लोग के र्ज् अपन् बेट् लोग से लड्ई करे ख्​्रर जरटल ब्डे , र य्कूब बहर डे र् गईले अवररी ओकर् से परे श्नी भईले 51 य्कूब ्शमोन आ लेवी के खखल्फ ्चल् के कहलन, “ई क्म रू क् कइले ब्डू?” रू हमर् के क्हे ल्यल कइले ब्ड़ ्क हमर् आ हमर् लर के न्श करे ख्​्रर कन्न के सब लइकन के हमर् खखल्फ ले आवल़? क्हे ्क हम आ हम्र लर के लोग आर्म मे रहनी आ रू हमर् स्थे ई क्म कइले ब्ड़ आ अपन् क्म से ओह दे श के ्नव्सी लोग के हमर् खखल्फ भडक् ्दहनीे

52 यहद् अपन् ्पर् से कहलस, “क् बेक्र मे हम्र भ्ई ्शमोन अवररी लेवी शेकेम के सभ ्नव्सी के म्र दे ले रहले? ्न्शर तप से एकर क्रर रहे ्क शेकेम हमनी के ब्हन के नम बन् दे ले रहले अवररी नूह अवररी उनरक् संर्न के हमनी के परमेशर के आज् के उलंलन कईले रहले, क्हे की शेकेम हमनी के ब्हन के जबदय सी ले गईले अवररी उनरक् संगे व्भच्र कईले रहले​े 53 शेकेम इ सब बरर्ई कईलस अवररी ओकर् शहर के ्नव्सी मे से केह उनरक् संगे दखल न् दे लस ्क, “रू अयीसन क्हे करब?” एही ख्​्रर हम्र भ्ई लोग ज्के शहर पर हमल् कइल आ पभर ओकर् के ओह लोग के ह्थ मे सौंप ्दहलन क्हे ्क ओकर् मे रहे व्ल् लोग हमनी के परमेशर के आज् के उलंलन कइले रहे े रब क् बेक्र ब् ्क ऊ लोग ई सब कइले ब्? 54 अब रू क्हे डे र्र ब्डू भ् परे श्न ब्डू, आ हमर् भ्ई लोग से क्हे न्र्ज ब्डू आ ओह लोग पर रोह्र कोध क्हे भडकर ब्? 55 हमनी के परमेशर जे शेकेम शहर आ ओकर लोग के ओह लोग के ह्थ मे सौंप दे ले ब्डे , उ हमनी के खखल्फ आवे व्ल् कन्न के सब र्ज् के भी हमनी के ह्थ मे दे ्दहे अवररी हमनी के ओ लोग के ओसही करब, जईसे हम्र भ्ई शेकेम के कईले रहले​े 56 अब ओह लोग के ब्रे मे श्ं ्र से रह़ आ आपन डर दू र कऱ, ले्कन हमनी के परमेशर पभर पर भरोस् करी ं आ उनकर् से प्थयन् करी ं ्क ऊ हमनी के सह्यर् करस आ हमनी के बच्वे आ हमनी के दर शनन के हमनी के ह्थ मे सौंप दे से 57 यहद् अपन् ब्प के एगो नौकर के बोलवले, “अब ज् के दे ख़ ्क हमनी के खखल्फ आवे व्ल् र्ज् लोग आपन सेन् के स्थे कह्ँ ब्े” 58 ऊ नौकर दू र रक दे खलस आ सीहोन पह्ड के स्मने चढल आ र्ज् लोग के सब डे र् के खेर मे खड् दे खलस आ यहद् व्पस आके कहलस, “दे खी ं र्ज् लोग अपन् सब डे र् के स्थे खेर मे बईठल ब्, बहर संख् मे लोग ब्, जइसे ्क समरंदर के ्कन्रे ब्लू ्नयर ब्े 59 यहद् ्शमोन आ लेवी आ उनकर सब भ्ई लोग से कहलस ्क, “अपन् के मजबूर करी ं आ शौयय के बेट् बनीं, क्हे ्क हमनी के परमेशर पभर हमनी के स्थे ब्डे , उ लोग से मर डे र्ईंे 60 हर आदमी आपन यर् के ह्थय्र, आपन धनरष आ रलव्र से ब्न के खड् हो ज् आ हमनी के ज्के एह खरन् न् भइल लोग से लडब ज्े पभर हमनी के भगव्न हवे, उ हमनी के बच्ईहे े 61 ऊ लोग उठल आ छोट-बड, य्कूब के एग्रह गो बेट् आ य्कूब के सब नौकर भी अपन् यर् के ह्थय्र प्हनले​े 62 इसह्क के सब नौकर जे इसह्क के स्थे हे बोन मे रहले, सब ररह के यर् के स्धन से लैस होके ओह लोग के लगे पहं चले, आ य्कूब के बेट् आ उनकर नौकर एक सौ ब्रह आदमी होके एह र्ज् लोग के ओर चल गईले अवररी य्कूब भी ओ लोग के संगे चल गईले​े 63 य्कूब के बेट् इब्हीम के बेट् इसह्क के लगे हे बोन मे भेजले, जवन ्क ्करे र-अरब् हे 64 हम अपन् ख्​्रर हमनी के परमेशर यहोव् से ्वनरी कऱ ्क हमनी के खखल्फ आवे व्ल् कन्​्नयन के ह्थ से बच् के हमनी के ह्थ मे सौंप दीें 55


जशेर के बा

65 अब्हम के बेट् इसह्क अपन् बेट् ख्​्रर पभर से प्थयन् कइलन आ कहलन, “हे पभर परमेशर, रू हमर् ्पर् से व्द् कइले रहलू ्क हम रोह्र वंशज के सगय के र्र् ्नयर बढ् दे ब, आ रू हमर् से भी व्द् कइले ब्ड़, आ रू हमर् से आपन ब्र के क्यम कर दे ब, अब जब कन्न के र्ज् लोग एकजरट होके हमर् लइकन से लड्ई करे ख्​्रर आवर ब्, क्हे ्क ऊ लोग कवनो ्हं स् न् कइले ब्े” 66 अब हे पभर परमेशर, पूर् धररी के परमेशर, एह र्ज् लोग के सल्ह के ्बग्ड दी ं ्क उ लोग हमर् बेट् से लड्ई मर करसे 67 आ एह र्ज् लोग आ ओह लोग के लोग के ्दल के हमर् बेट् लोग के आरंक से पभ्​्वर करी ं आ ओह लोग के लमंड के नीचे ले आव़ आ ्क ऊ लोग हमर् बेट् लोग से मरँह फेर लेव. 68 आ अपन् मजबूर ह्थ आ पसरल ब्ँ ्ह से हमर् बेट् आ ओह लोग के नौकरन के ओह लोग से बच्ईं क्हे ्क ई सब करे के र्कर आ र्कर रोहर् ह्थ मे ब्. 69 य्कूब के बेट् आ उनकर सेवक लोग एह र्ज् लोग के ओर बढल आ ऊ लोग अपन् परमेशर पभर पर भरोस् कइल आ जब ऊ लोग ज्र रहे र उनकर ब्प य्कूब भी पभर से प्थयन् कइलन आ कहलन, “हे पभर परमेशर, शखकश्ली आ ऊंच परम्त्, जे प्हले से लेके अब रक आ हमेश् ख्​्रर र्ज करर ब्डने 70 रू ऊ हउअ जे यर् के भडक्वेल् आ ओकर् के बंद कर दे ल्, रोहर् ह्थ मे ऊँच्ई आ नीचे ्गर्वे के शखक आ शखक ब्े हे हम्र प्थयन् रोहर् सोझ् सीक्यय होखे ्क रू अपन् दय् से हमर् ओर मरड ज्, एह र्ज् लोग आ ओह लोग के लोग के ्दल के हमर् बेट् लोग के आरंक से पभ्​्वर कर दी,ं आ ओह लोग के आ ओह लोग के डे र् के डे र् दी,ं आ अपन् बडहन दय् से ओह सब लोग के बच्ईं जे रोहर् पर भरोस् करे ल्, क्हे ्क रू ही हमनी के नीचे लोग के ले आ सकेनी आ र्ष्न के हमनी के सत् मे कम कर सकेनीे

6 ऊ ओह लोग के ्पर् अब्हम इब्नी के ्नमरोद के ह्थ से आ उनकर सब लोग के ह्थ से बच् ्लहले जवन कई बेर उनकर् के म्रे के को्शश कइले रहले​े 7 ऊ ओकर् के ओह आग से भी बच् ्लहले जवन् मे र्ज् ्नमरोद ओकर् के फेकले रहले आ ओकर भगव्न ओकर् के ओकर् से बच् ्लहले​े 8 अउर अइसन के कर सकेल्? ्नशय ही इब्हीम ही एल्म के प्ं च र्ज् के हत् कईले रहले, जब उ लोग अपन् भ्ई के बेट् के छू लेले रहले, जवन ्क ओ समय सदोम मे रहर रहले​े 9 उ अपन् लर मे वफ्द्र नौकर आ ओकर करछ आदमी के लेके चल गईले अवररी उ लोग एक र्र मे एल्म के र्ज् के पीछ् क के म्र दे ले अवररी उनरक् भ्ई के बेट् के उनरकर सभ संप्त व्पस क दे ले, जवन ्क उ लोग उनरक् से छीन लेले रहले​े 10 रू लोग जतर ज्नर ब्ड़ ्क एह इब्​्नयन के भगव्न ओह लोग से बहरे खरश ब्डन आ ऊ लोग भी उनरक् से खरश ब् क्हे ्क ऊ लोग ज्नर ब् ्क ऊ ओह लोग के सब दर शनन से बच् ्लहले ब्डन. 11 इब्हीम अपन् परमेशर के प्र पेम के चलरे अपन् एकलौर् आ अनमोल बेट् के लेके अपन् परमेशर के होमब्ल के तप मे ले आवे के इर्द् रखले, अवररी जदी भगव्न उनरक् के अयीसन करे से न् रोकले र्हर र उ अपन् परमेशर के प्र पेम के चलरे इ क्म कईले रहरे​े 12 परमेशर उनकर सब क्म दे ख के उनकर् से कसम खइले आ उनकर् से व्द् कइलन ्क उ अपन् बेट् आ उनकर सब वंशज के हर संकट से बच्ई, क्हे ्क उ इ क्म कइले ब् आ अपन् परमेशर से पेम के द्र् अपन् बच् के प्र करर् के दब् ्दहलने 13 क् रउव्ं नइख़ सरनले ्क उनकर परमेस् वर ्मस के र्ज् ्फरौन आ गेर्र के र्ज् अबीमेलेक के स्थे क् कइलन, इब्हीम के मेहर्र के लेके, उ हम्र ब्हन हई, कही ं उ लोग ओकर् के म्र के ओकर् के पती बन्वे के ब्रे मे न् सोचे? आऊ परमेस् वर उनकर् आ उनकर लोग के स्थे उ सब कर ्दहलन जवन रउव्ं सरनले रहनीे 14 हमनी के आँ ख से दे खनी ज् ्क य्कूब के भ्ई एस्व च्र सौ आदमी के संगे उनरक् के म्रे के इर्द् से उनरक् लगे आईल रहले, क्हे की उनरक् य्द आईल ्क उ अपन् ्पर् के आशीव्य द उनरक् से छीन लेले ब्डे े 15 जब ऊ सीररय् से आइल रहलन र ओकर् से ्मले गइलन ्क ऊ महर्री के लइकन के स्थे म्र दे व आ ओकर् के के ओकर् ह्थ से बच् ्लहल्स, ओकर् परमेस् वर के छोड के जेकर् पर ऊ भरोस् करर रहलन? ऊ ओकर् के अपन् भ्ई के ह्थ से आ दर शनन के ह्थ से भी बच् ्लहले, आ ्न्शर तप से ऊ फेर से ओह लोग के रक् करीहे . 16 के नइखे ज्नर ्क उ लोग के परमेशर ही उ लोग के शखक से पेररर कईले ्क उ लोग शेकेम शहर के स्थे उ बरर्ई करस जवन रउव्ं सरनले ब्नी? 17 क् रब अपन् र्कर से दू आदमी शेकेम जइसन बडहन शहर के न्श कर सकेले अगर उनकर भगव्न न् र्हर, जेकर् पर उ लोग भरोस् करर रहे ? ऊ ओह लोग के ई सब कहलन आ ओह लोग के शहर मे रहे व्ल् लोग के म्रे ख्​्रर कइलन.

अध ्य 35 के ब् 1 अमोरी लोग के सब र्ज् आके मैद्न मे खड् होके अपन् सल्हक्रन से सल्ह लेर रहले ्क य्कूब के बेट् लोग के क् होखे व्ल् ब्, क्हे ्क उ लोग अभी भी ओ लोग से डे र्र रहले ्क, “दे खी,ं उ लोग मे से दर गो पूर् शेकेम शहर के हत् क दे ले​े” 2 पभर इसह्क आ य्कूब के प्थयन् सरन के एह सब र्ज् लोग के सल्हक्रन के ्दल मे बहर डर आ आरंक भर ्दहलन ्क ऊ लोग एकमर से ्चल् के कहलसे 3 क् रू आजर बेवकूफ ब्डू, भ् रोहनी मे कवनो समझ नइखे ्क रू इब्​्नयन से लडब़ आ आजर अपन् ्वन्श मे क्हे मस रहब़? 4 दे ख़, उ लोग मे से दू गो ्बन् डर-डर के शेकेम शहर मे अइले आ शहर के सब ्नव्सी लोग के म्र ्दहले, र्​्क केह ओह लोग के खखल्फ न् खड् हो सके आ रू ओह सब से कइसे लड प्ईब? 5 रउआ सभे ज्नर ब्नी ्क उनकर परमेशर उनकर् से बहर प्र करे लन आ उनकर् ख्​्रर अइसन पर्कमी क्म कइले ब्डन जवन प्हले से न् भइल रहे आ ज्​्र के सब दे वर् लोग मे उनकर पर्कमी क्म जइसन केह नइखे कर सकरे

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जशेर के बा

18 रब क् रउव्ं ओह लोग पर जीर प् सकर ब्नी जे रउव् शहर से एक स्थ ्नकलल ब्, भले ही हज्र गरन् अउरी लोग रउव् सह्यर् ख्​्रर आ ज्व? 19 रू लोग जतर ज्नर ब्ड़ आ समझर ब्ड़ ्क रूँ ओह लोग से लड्ई करे ख्​्रर न् आइल ब्डू, बलरक ओह लोग के परमेशर से लड्ई करे आइल ब्ड़ जे ओह लोग के चरनले रहलन, आ एही से रउआ सभे आज नष होखे ख्​्रर आइल ब्नीे 20 अब एह बरर्ई से परहे ज करी ं जवन् के रू अपन् पर ले आवे के को्शश कर रहल ब्नी, र रोहनी ख्​्रर बेहरर होई ्क उ लोग के संख् मे बहर कम ब्, क्हे ्क उ लोग के परमेशर ओ लोग के संगे ब्डे े 21 जब अमोरी लोग के र्ज् अपन् सल्हक्रन के सब ब्र सरनले र ओह लोग के मन आरं्कर हो गइल आ य्कूब के बेट् लोग से डे र् गइल आ ओह लोग से लड्ई न् कइले 22 ऊ लोग अपन् सल्हक्रन के ब्र पर क्न झरक् ्दहल आ ओह लोग के सगरी ब्र सरनल आ सल्हक्रन के ब्र र्ज् लोग के बहरे नीक ल्गल आ ऊ लोग अइसही ं कइल. 23 र्ज् लोग य्कूब के बेट् लोग से मरड के परहे ज कइल क्हे ्क ऊ लोग ओह लोग से लड्ई करे के ्हमर न् कइल, क्हे ्क ऊ लोग ओह लोग से बहरे डे र् गइल आ ओह लोग के डर से ओह लोग के ्दल ्पलल गइल. 24 पभर के ओर से इ ब्र उ लोग के ओर से ्नकलल, क्हे ्क उ अपन् सेवक इसह्क अवररी य्कूब के प्थयन् सरनले, क्हे की उ लोग उनरक् प भरोस् करर रहले​े आ ई सब र्ज् ओह ्दन आपन डे र् लेके हर केह अपन् शहर मे लवट अइले आ ओह लरी ऊ लोग य्कूब के बेट् लोग से लड्ई न् कइले 25 य्कूब के बेट् लोग ओह ्दन स्ँ झ ले सीहोन पह्ड के स्मने आपन ठहर्व रखले आ ई दे ख के ्क ई र्ज् लोग ओह लोग से लड्ई करे न् आइल, य्कूब के बेट् लोग अपन् लरे लवट गइले

6 ररबेक् के उ्मर एक सौ रेरीस स्ल रहे आ ऊ मर गइली आ जब य्कूब सरनलन ्क उनकर महर्री रे बेक् मर गइल ब्डी र ऊ अपन् महर्री ख्​्रर कडरआ रोवे लगलन आ ओकर् ख्​्रर आ ओक के नीचे ओकर दू ्धय् दबोर् ख्​्रर बहरे शोक जरवले आ ओह जगह के न्म एलन-बचर रख ्दहलन. 7 ओह लरी अर्मी ल्ब्न मर गइलन क्हे ्क भगव्न ओकर् के म्र ्दहलन क्हे ्क ऊ अपन् आ य्कूब के बीच के व्च् के उलंलन कइले. 8 य्कूब सौ स्ल के रहले जब पभर उनरक् के पकट भईले अवररी उनरक् के आशीष दे ले अवररी उनरकर न्म इस्एल रखले अवररी ओ समय य्कूब के पती र्हे ल गभयवरी हो गईलीे 9 ओही लरी य्कूब आ उनकर सब लोग बेथेल से अपन् ्पर् के लर हे बोन ज्ए ख्​्रर ्नकल गइलने 10 जब उ लोग र्स् मे ज्र रहले अवररी एफ्र पहं चे मे अभी करछ दू री रहे , र र्हे ल के एगो बेट् भईल अवररी उनरक् बहर मेहनर भईल अवररी उनरकर मौर हो गईले 11 य्कूब ओकर् के एफ्र के र्स् मे दफन् ्दहलन जवन बेरलेहेम ह आ ओकर् कब पर एगो खंभ् खड् कर ्दहलन जवन आजर ले ओ्हज् ब्. र्हे ल के उ्मर पैर्लीस स्ल रहे आ ऊ मर गइली. 12 य्कूब अपन् बेट् के न्म रखले जवन र्हे ल से पैद् भइल रहे , क्हे ्क ऊ द्​्हन् ओर के दे श मे पैद् भइल रहे े 13 र्हे ल के मौर के ब्द य्कूब ओकर द्सी ्बलह् के डे र् मे आपन डे र् खड् कईले​े 14 तबेन के एही से अपन् महर्री लीआ से ईष्य भइल आ ऊ कोध से भर गइलन आ ऊ अपन् गरस् मे उठ के ्बल् के डे र् मे लरस गइलन आ ओ्हज् से ऊ अपन् ब्प के ्बछौन् हट् ्दहलन. 15 ओह लरी तबेन के बेट् लोग से जन्स् अ्धक्र के ्हस् र्ज आ पररो्हर के पद के स्थे हट् ्दहल गइल क्हे ्क ऊ अपन् ्पर् के ्बछौन् के अप्वत कर ्दहले रहले आ जमनी के अ्धक्र यूसरफ के ्दहल गइल, र्ज् के पद यहद् के आ पररो्हर्ई के पद लेवी के ्दहल गइल क्हे ्क तबेन अपन् ब्प के ्बछौन् के अशर् कर ्दहले रहले . 16 ई य्कूब के पीढी हवे जे उनकर् से प्द्न-अर्म मे जनमल रहले आ य्कूब के बेट् ब्रह गो रहले​े 17 लीआ के बेट् प्हल् जनम तबेन, ्शमोन, लेवी, यहद्, इस्कर, जबबरलन आ उनकर ब्हन दीन् रहे े र्हे ल के बेट् यूसरफ आ ्बन्मीन रहले​े 18 लीआ के द्सी ्जल् के बेट् ग्द आ आशेर आ र्हे ल के द्सी ्बल् के बेट् द्न आ नप्ली रहलने ई य्कूब के बेट् हवे जे उनकर् से प्द्न-अर्म मे पैद् भइल रहले​े 19 य्कूब आ उनकर बेट् आ उनकर सब लोग ममरे , जवन ्करे र-अब्य ह, उ हे बोन मे पहँ चल, जह्ँ इब्हीम आ इसह्क पव्स कइले रहले, आ य्कूब अपन् बेट् आ उनकर सब लोग के स्थे हे बोन मे अपन् ्पर् के स्थे रह गइलने 20 उनकर भ्ई एस्व आ उनकर बेट् आ उनकर सब लोग सेइर दे श मे ज्के उह्ँ रह गइलन आ सेइर के दे श मे आपन सम्त ्मलल आ एस्व के संर्न सेइर के दे श मे बहर बढल आ बढले 21 ई एस्व के पीढी ह जवन कन्न दे श मे पैद् भइल रहे आ एस्व के बेट् प्ं च गो रहले​े

अध ्य 36 के ब् 1 ओही समय परमेस् वर य्कूब से पगट होके कहलन, “उठ, बेथेल ज्के उह्ँ रह़ आ उह्ँ पभर के एगो वेदी बन्ईं जे रोहर् के पकट होखेलन, जे रोहर् आ रोहर् बेट् लोग के कष से मरक कर ्दहले ब्े” 2 य्कूब अपन् बेट् आ अपन् सब स्म्न के स्थे उठ के पभर के वचन के अनरस्र बेथेल मे चल गईले​े 3 जब य्कूब बेथेल गइलन र य्कूब उननबे स्ल के रहले आ य्कूब आ उनकर बेट् आ उनकर सब लोग लूज मे बेथेल मे रह गइलन आ उह्ँ ऊ पभर ख्​्रर एगो वेदी बनवले रहले जे उनक् के पकट भइल रहले आ य्कूब आ उनकर बेट् छह महीन् ले बेथेल मे रहले​े 4 ओही लरी य्कूब के संगे रहल ररबेक् के नसय उज के बेटी दबोर् के मौर हो गईले य्कूब ओकर् के बेथेल के नीचे एगो ओक के नीचे दफन् ्दहलन जवन उह्ँ रहे े 5 ओह लरी य्कूब के महर्री बेथरएल के बेटी रे बेक् के मौर हे बोन मे हो गइल जवन ्करे र-अरब् ह आ ओकर् के मकपेल् के गरफ् मे दफन्वल गइल जवन अब्हम हे र के लोग से खरीदले रहले​े 57


जशेर के बा

22 आद् एस्व से आपन प्हलक् बेट् एलीफ्ज के जनम ्दहली आ उनसे र्उएल के जनम ्दहली आ अहलीब्म् ओकर् से जेउश, य्ल्म आ कोरह के जनम ्दहलीे 23 ई सब एस्व के संर्न हवे जे उनकर् से कन्न दे श मे जनमल रहले​े एस्व के बेट् एलीफ्ज के बेट् रेम्न, उमर, सफो, ग्र्म, केन्ज आ अम्लेक आ रे उल के बेट् नकर, जेर्क, श्म् आ ्मज् रहले​े 24 येउश के बेट् ्रम्, अलव्ह, जेरेर रहलने य्ल्म के बेट् आल्, ्फनोर आ केन्ज रहलने 25 कोरह के बेट् टे मन, ्मबज्र, मगदीएल आ एर्म रहलने ई एस्व के बेट् लोग के करल सेईर दे श मे अपन् र्ज के ्हस्ब से हे 26 ई सेइर होरी के बेट् लोग के न्म ह, जवन सेइर, लोर्न, शोबल, ्स्बयोन, आन्, दीश्न, एजर आ ्डशोन के रहे व्ल् रहले, स्र गो बेट् रहले​े 27 लोट्न के संर्न होरी, हे म्न आ उनकर ब्हन ्रम् रहलन, उ ्रम् हई जे य्कूब आ उनकर बेट् लोग के लगे आइल रहली, आ उ लोग उनकर ब्र न् सरनलस, आ ऊ ज्के एस्व के बेट् एलीफ्ज के उपपती बन गइली आ उनकर् से अम्लेक जनम ्दहलीे 28 शोबल के बेट् अलव्न, मनहर, एबल, शेफो आ ओन्म आ ्स्बयोन के बेट् अज्ह आ आन् रहलन, इहे आन् रहलन जे जंगल मे यमीम के ्मलल जब ऊ अपन् ब्प ्सबोन के गदह् के खखय्वर रहले​े 29 जब उ अपन् ब्प के गदह् के ख्न् खखय्वर रहले र उ अलग-अलग समय प जंगल मे ले गईले, र्​्क उ गदह् के चर्वल ज् सके​े 30 एक ्दन ऊ ओह लोग के समरंदर के ्कन्रे एगो रे ्गस्न मे ले अइले जवन लोग के जंगल के स्मने रहे आ जब ऊ ओह लोग के ख्न् खखय्वर रहले र दे खलन ्क समरंदर के ओह प्र से एगो बहरे भ्री रूफ्न आइल आ ओ्हज् ख्न् ख्र गदह्न पर आ गइल आ ऊ सब लोग खड् हो गइल. 31 ओकर् ब्द समरंदर के दू सर् ओर जंगल से करीब एक सौ बीस बड-बड भय्नक ज्नवर ्नकलल अवररी उ सभ ओ जगह प पहं चल, जह्ं गदह् रहले अवररी उह्ँ रह गईले​े 32 आ ऊ ज्नवर, बीच से नीचे , आदमी के संर्न के आक्र के रहे , आ बीच से ऊपर, करछ भ्लू के ्नयर रहे , आ करछ के ्कख् के ्नयर, पीछे से कंध् के बीच से धररी रक ले पूँछ, डचीफ्थ के पूंछ ्नयर, आ ई ज्नवर आके एह गदह् पर चढ के सव्र होके ओह लोग के छोड के चल गइले आज रक दू र ब्े 33 एहमे से एगो ज्नवर आन् के लगे आके ओकर् पूंछ से म्र ्दहलस आ ओकर् ब्द उह्ँ से भ्ग गइले 34 इ क्म दे ख के उ अपन् ज्न से बहर डे र् गईले अवररी भ्ग गईले अवररी शहर भ्ग गईले​े 35 ऊ अपन् बेट् आ भ्ई लोग के अपन् स्थे भइल सब लटन् के बरवले आ बहर लोग गदह् के खोजे गइल ब्​्कर ओकर् के न् ्मलल आ ओकर् ब्द के ्दन से आन् आ ओकर भ्ई लोग ओह जगह पर न् गइल क्हे ्क ऊ लोग अपन् ज्न से बहरे डे र् गइल. 36 सेइर के बेट् आन् के संर्न ्डशोन आ उनकर ब्हन अहलीब्म् आ ्डशोन के संर्न हे मद्न, एशब्न, इथ्न आ

चेर्न आ एजर के संर्न ्बलह्न, ज्व्न आ अक्न आ ्डशोन के संर्न उज आ अर्न रहले​े 37 ई सेइर होरी के वंशज के वंशज ह, जवन सेईर दे श मे अपन् र्ज के ्हस्ब से ब्े 38 एस्व आ उनकर लइक्-लइकी सेइर होरी के दे श मे रहर रहले, जवन ्क ओह दे श मे रहे व्ल् रहे आ ओह लोग के संप्त रहे आ ऊ लोग बहर फलद्र आ बढल रहे आ य्कूब आ उनकर लइक् आ उनकर सब लोग अपन् ब्प इसह्क के स्थे कन्न दे श मे रहर रहले, जइसन ्क पभर ओह लोग के ्पर् अब्हम के आज् दे ले रहले​े अध ्य 37 के ब् 1 य्कूब के जीवन के एक सौ प्ं चव् स्ल मे य्कूब के अपन् संर्न के संगे कन्न दे श मे रहल् के नौव्ं स्ल मे उ पदनअर्म से आईल रहले​े 2 ओह ्दन य्कूब अपन् लइकन के स्थे हे बोन से ्नकल गइलन आ ऊ लोग आ ओह लोग के सब लोग शेकेम शहर मे व्पस आ गइलन आ ऊ लोग ओ्हज् रह गइलन क्हे ्क य्कूब के लइकन के शेकेम शहर मे अपन् मवेशी ख्​्रर ब्ढय् आ मोट च्र्ग्ह ्मलल रहे , जब शेकेम शहर के फेर से बन्वल गइल रहे आ ओहमे करीब रीन सौ मरद मेहर्त रहले. 3 य्कूब आ ओकर लइक् आ ओकर सब लोग ओह खेर के ्हस् मे रहर रहले जवन य्कूब शेकेम के ्पर् हमोर से खरीदले रहले, जब ऊ प्द्न-अर्म से आइल रहले, ओकर् प्हले ्क ्शमोन आ लेवी शहर पर हमल् कइले रहले​े 4 कन्न आ अमोरी के र्ज् जे शेकेम शहर के लेरले रहले, उ सरनले ्क य्कूब के बेट् फेर से शेकेम आके उह्ँ रह गईल ब्डे े 5 उ लोग कहलस, “क् य्कूब इब्नी के बेट् लोग ओकर् ्नव्सी लोग के म्र के भग् ्दहल् के ब्द फेर शहर मे आके ओ्हज् रह जईहे ?” क् अब उ लोग व्पस लवट के शहर मे रहे व्ल् लोग के भी भग् ्दहे ्क उ लोग के म्र ्दहे ? 6 कन्न के सब र्ज् ्फर से जरट गईले अवररी य्कूब अवररी उनरकर बेट् के संगे लड्ई करे ख्री जरटल रहले​े 7 रपन्क के र्ज् य्शरब अपन् पडोसी सब र्ज् लोग के लगे, ग्श के र्ज् एल्न, ्शलो के र्ज् इहरी, चज्र के र्ज् पर्थोन, सररोन के र्ज् सूसी, बेरचोर्न के र्ज् ल्ब्न आ ओथनयम् के र्ज् शबीर के लगे भेजले​े 8 हमर् लगे आके हम्र सह्यर् करी ं आ हमनी के य्कूब इब्नी आ ओकर बेट् आ ओकर सब लोग के म्र दी,ं क्हे ्क ऊ लोग फेर से शेकेम मे ओकर् के अपन् कब् मे लेबे आ ओकर् मे रहे व्ल् लोग के प्हले जइसन म्रे आइल ब्. 9 ई सब र्ज् लोग एकट् होके अपन् सब डे र् के स्थे आके समरंदर के ्कन्रे ब्लू ्नयर बहर ढे र रहे आ सब लोग रपनच के स्मने रहे े 10 रपन्क के र्ज् य्शरब अपन् पूर् सेन् के संगे ओ लोग के लगे गईले अवररी उ शहर के ब्हर रपन्क के स्मने ओ लोग के संगे डे र् ड्ल दे ले अवररी ए सभ र्ज् के स्र गो दल मे ब्ं ट दे ले, जवन ्क य्कूब के बेट् के खखल्फ स्र गो डे र् ड्ल दे ले​े 11 ऊ लोग य्कूब आ उनकर बेट् के एगो लोषर्पत भेजले ्क, “रू सभे हमनी के लगे आ ज् ्क हमनी के मैद्न मे एक संगे 58


जशेर के बा

ब्रचीर कर सकीले आ शेकेम के ओह लोग के मरकदम् के बदल् ले लीं, जेकर् के रू अपन् शहर मे म्रले रहलू, आ अब फेर से शेकेम शहर मे लवट के ओ्हज् रहब आ ओकर् मे रहे व्ल् लोग के प्हले जइसन म्र दे बे” 12 य्कूब के बेट् लोग ई ब्र सरन के कन्न के र्ज् लोग के ब्र से उनकर गरस् बहर भडक गइल आ य्कूब के दस गो बेट् जली से उठ के उठले आ हर केह आपन यर् के ह्थय्र प्हनले​े आ ओह लोग के स्थे एक सौ दू गो नौकर भी यर् के सररी मे ल्गल रहले​े 13 ई सब लोग य्कूब के बेट् लोग अपन् नौकरन के स्थे एह र्ज् लोग के ओर बढल आ उनकर ब्प य्कूब ओह लोग के स्थे रहलन आ ऊ सब लोग शेकेम के ढे र पर खड् हो गइलने 14 य्कूब अपन् बेट् ख्​्रर पभर से प्थयन् कइलन आ ऊ पभर से आपन ह्थ बढ् के कहले, “हे भगव्न, रू एगो सवयशखकम्न भगव्न हउअ, रू हमनी के ब्प हउअ, रू हमनी के बनवले ब्डू आ हमनी के रोह्र ह्थ के क्म हईं ज्े हम रोहर् से ्नहोर् करर ब्नी ्क हमर् बेट् लोग के अपन् दय् से ओह लोग के दर शनन के ह्थ से बच्ईं, जे आजर ओह लोग से लडे आ ओह लोग के ह्थ से बच्वे आवर ब्डे , क्हे ्क रोहर् ह्थ मे शखक आ पर्कम ब्, जवन् से ्क करछ लोग के बहरे लोग से बच्वल ज् सके. 15 आ हमर् बेट्, रोह्र नौकर के, ्दल के र्कर आ र्कर दी ं ्क ऊ लोग अपन् दर शनन से लड सके, ओह लोग के अपन् वश मे कर सके आ ओह लोग के दर शनन के ओकर् सोझ् ्गर् सके आ हम्र बेट् आ ओह लोग के नौकर के कन्न के लोग के ह्थ से न् मरे दी.ं 16 अगर रोहर् नजर मे हमर् बेट् आ ओह लोग के नौकरन के ज्न लेबे के ब्ढय् ल्गर ब् र अपन् सेवकन के ह्थ से ओह लोग के अपन् बडहन दय् से ले लीं जेहसे ्क ऊ लोग आजर अमोरी लोग के र्ज् लोग के ह्थ से न्श न् होखे . 17 जब य्कूब पभर से प्थयन् कइल बंद कर ्दहलन र धररी अपन् जगह से ्हल गइल आ सूरज अन्र हो गइल आ ई सब र्ज् लबर् गइलन आ बहरे लबर् गइलन. 18 परमेस् वर य्कूब के प्थयन् सरनलन आ य्कूब के बेट् लोग के भय आ भय से पभर सब र्ज् आ उनकर सेन् के ्दल के पभ्​्वर कर ्दहलने 19 क्हे ्क पभर ओह लोग के य्कूब के बेट् लोग के रथ के आव्ज आ शखकश्ली लोड् के आव्ज आ ओह लोग के स्थे एगो बडहन सेन् के आव्ज सरनवले​े 20 ई र्ज् लोग य्कूब के बेट् लोग पर बहर आरं्कर हो गइलन आ जब ऊ लोग अपन् लर मे खड् रहले र दे खले ्क य्कूब के बेट् लोग एक सौ ब्रह आदमी के स्थे एगो बडहन आ जबरदस ्चल्हट के स्थ ओह लोग पर आगे बढले 21 र्ज् लोग जब य्कूब के बेट् लोग के अपन् ओर बढर दे खले र उ लोग अउरी लबर् गईले अवररी प्हले ्नहन य्कूब के बेट् के सोझ् से पीछे हटे के ओर झरक गईले अवररी ओ लोग से लड्ई न् करे लगले​े 22 ले्कन उ लोग पीछे न् हटर कहले ्क, इब्​्नयन के स्मने से दर बेर पीछे हटल् से हमनी के बेइजरी होईे 23 य्कूब के बेट् लोग नजदीक आके एह सब र्ज् आ ओह लोग के सेन् के खखल्फ आगे बढल र दे खले ्क उ एगो बहर र्करवर लोग रहे , जवन समरंदर के ब्लू ्नहन रहे े

24 य्कूब के बेट् लोग पभर के आव्ज दे के कहले, “हे पभर , हमनी के मदद कर, हमनी के मदद कर, हमनी के जव्ब दे वे, क्हे ्क हमनी के रोहर् पर भरोस् ब्, आ हमनी के एह खरन् न् भईल आदमी के ह्थ से मर मरब ज्, जवन आज हमनी के खखल्फ आईल ब्डे े 25 य्कूब के बेट् लोग आपन यर् के ह्थय्र प्हन के हर केह के आपन ढ्ल आ भ्ल् अपन् ह्थ मे लेके लड्ई के नजदीक आ गईले​े 26 य्कूब के बेट् यहद् सबसे प्हले अपन् भ्ई लोग के आ ओकर् स्थे दस नौकरन के स्मने भ्ग गईले अवररी उ ए र्ज् लोग के ओर चल गईले​े 27 रपन्क के र्ज् य्शरब भी सबसे प्हले अपन् सेन् के स्थे यहद् के स्मने ्नकलल आ यहद् के दे खलस ्क य्शरब आ उनकर सेन् उनक् ओर आवर ब् आ यहद् के कोध भडक गइल आ उनकर कोध ओकर् भीरर जर गइल आ ऊ लड्ई के नजदीक आ गइलन जवन् मे यहद् आपन ज्न ड्ल ्दहलसे 28 य्शरब आ ओकर पूर् सेन् यहद् के ओर बढर रहे आ ऊ एगो बहर मजबूर आ शखकश्ली लोड् पर सव्र रहले आ य्शरब बहर वीर आदमी रहले आ म्थ् से गोड रक लोह् आ पीरल से ढं कल रहले​े 29 जब ऊ लोड् पर सव्र रहले र ऊ आगे पीछे से दर नर ह्थ से रीर चल्वर रहले, जइसे ्क उनकर सगरी लड्ई मे रहे आ ऊ कबो ओह जगह से न् चूकर रहले जह्ँ ऊ आपन रीर ्नश्न् लग्वर रहले . 30 जब य्शूब यहद् से लड्ई करे अइले आ यहद् के खखल्फ बहर रीर चल्वर रहले र पभर य्शूब के ह्थ ब्न ्दहलन आ ऊ जवन रीर चल्वर रहले ऊ सब रीर उनरक् आदमी पर उड गइले 31 एकर् ब्वजूद य्शरब रीर से चरनौरी दे वे ख्​्रर यहद् के ओर बढर रहले, ले्कन ओ लोग के बीच के दू री करीब रीस ह्थ रहे अवररी जब यहद् य्शूब के अपन् रीर से ओकर् खखल्फ दौडर दे खले र उ अपन् कोध से उग होके उनरक् लगे भ्ग गईले​े 32 यहद् जमीन से एगो बडहन पतर उठ् ्लहलस, जवन् के वजन स्ठ शेकेल रहे , आ यहद् य्शूब के ओर भ्गल आ पतर से ओकर् ढ्ल पर म्र ्दहलस, जवन् से य्शूब ओकर् म्र से स् हो गईले अवररी लोड् से ्गर के जमीन प ्गर गईले​े 33 य्शरब के ह्थ से ढ्ल फ्ट गईल अवररी म्र के र्कर से करीब पंदह ह्थ के दू री रक उछल गईल अवररी ढ्ल दू सर् डे र् के सोझ् ्गर गईले 34 य्शूब के स्थे आइल र्ज् लोग दू र से य्कूब के बेट् यहद् के र्कर आ य्शूब के स्थे जवन कइले ब्, ओकर् के दे खले आ ऊ लोग यहद् से बहर डे र् गइले 35 ऊ लोग य्शूब के उलझन दे ख के उनकर डे र् के लगे इकट् हो गइल आ यहद् आपन रलव्र ्नक्ल के य्शूब के डे र् के बय्लीस आदमी के म्र ्दहलस आ पूर् य्शूब के डे र् यहद् के स्मने भ्ग गइल आ केह उनकर् खखल्फ खड् न् भइल आ ऊ लोग य्शूब के छोड के भ्ग गइल आ य्शरब अबही ं जमीन पर सजद् कइलसे 36 य्शूब अपन् डे र् के सब आदमी ओकर् से भ्ग गइल दे ख के जलब्जी मे आरं्कर होके यहद् के खखल्फ उठ गईले अवररी यहद् के स्मने अपन् गोड प खड् हो गईले​े 59


जशेर के बा

37 य्शूब के लड्ई यहद् से ढ्ल के ओर ढ्ल रख के एकही लड्ई भईल अवररी य्शूब के आदमी सभ भ्ग गईले, क्हे की उ लोग यहद् से बहर डे र् गईले​े 38 य्शरब आपन भ्ल् ह्थ मे लेके यहद् के म्थ् पर म्र ्लहले, ले्कन यहद् जली से आपन ढ्ल य्शूब के भ्ल् से अपन् म्थ् से सट् लेले रहले, जवन् से यहद् के ढ्ल पर य्शूब के भ्ल् से चोट ल्गल अवररी ढ्ल भी फ्ट गईले 39 यहद् जब दे खलस ्क ओकर ढ्ल फ्ट गईल ब्, र उ जलब्जी मे रलव्र ्नक्ल के य्शूब के टखने प म्र दे ले अवररी उनरकर गोड क्ट दे ले ्क य्शूब जमीन प ्गर गईले अवररी भ्ल् उनरक् ह्थ से ्गर गईले 40 यहद् जलब्जी मे य्शूब के भ्ल् उठ् के ओकर म्थ् क्ट के ओकर् गोड के बगल मे फेक ्दहलसे 41 जब य्कूब के बेट् लोग यहद् के य्शरब के स्थे क् कइल दे ख के सब लोग ब्की र्ज् लोग के कर्र मे आ गइलन आ य्कूब के बेट् लोग य्शूब के सेन् आ उह्ँ के सब र्ज् लोग के सेन् से लडले 42 य्कूब के बेट् लोग अपन् पनह हज्र आदमी के ्गर् ्दहल आ ऊ लोग लौकी म्रर जइसन म्र ्दहल आ ब्की लोग आपन ज्न बच्वे ख्​्रर भ्ग गइल. 43 यहद् अभी भी य्शरब के ल्श के लगे खड् रहले अवररी य्शूब के वस उर्र दे ले रहले​े 44 यहद् भी य्शूब के आसप्स के लोह् आ पीरल के उर्र ्दहलस र दे खलस ्क य्शूब के सेन्प्र मे से नौ आदमी यहद् के खखल्फ लड्ई करे ख्​्रर आ गईले​े 45 यहद् जली-जली जमीन से एगो पतर उठ् के ओह लोग मे से एगो के म्थ् प म्र ्दहलस अवररी ओकर खोपडी टू ट गईल अवररी ल्श लोड् से जमीन प ्गर गईले 46 ब्की आठ गो सेन्प्र यहद् के र्कर दे ख के बहर डे र् गईले अवररी भ्ग गईले अवररी यहद् अपन् दस आदमी के संगे ओ लोग के पीछ् कईले अवररी उ लोग ओ लोग के पकड के म्र दे ले​े 47 य्कूब के बेट् अभी भी र्ज् लोग के सेन् के म्रर रहले अवररी उ लोग ओ लोग मे से बहर लोग के हत् क दे ले, ले्कन उ र्ज् लोग ्हमर से अपन् सेन्प्र के संगे खड् रहले अवररी अपन् जगह से पीछे न् हटले अवररी य्कूब के बेट् के सोझ् से भ्गल अपन् सेन् के खखल्फ ्चल्र रहले, ले्कन केह ओ लोग के ब्र न् सरनलस, क्हे की उ लोग अपन् ज्न से डे र्र रहले ्क कही ं उ लोग मर न् ज्से 48 य्कूब के सब बेट् र्ज् लोग के सेन् के हर् के व्पस लवट के यहद् के स्मने आ गईले अवररी यहद् अभी रक य्शूब के आठ सेन्प्र के म्रर रहले अवररी उनरकर कपड् उर्रर रहले​े 49 लेवी ग्श के र्ज् एलोन के अपन् चौदह गो सेन्प्र के स्थे ओकर् के म्रे ख्​्रर आगे बढर दे खले, ले्कन लेवी के ई ब्र पक् न् म्लूम रहे े 50 एलोन अपन् सेन्प्र लोग के स्थे नजदीक आ गइल आ लेवी पीछे मरड के दे खलस ्क ओकर् पीछे से लड्ई हो गइल ब् आ लेवी अपन् ब्रह गो नौकरन के स्थे भ्ग गइलन आ ऊ लोग एलोन आ ओकर कप्न लोग के रलव्र के ध्र से म्र ्दहलसे

अध ्य 38 के ब् 1 ्शलो के र्ज् इहरी एलोन के सह्यर् करे ख्​्रर चढ गइलन आ ऊ य्कूब के लगे पहँ च गइलन जब य्कूब अपन् ह्थ मे आपन धनरष खीच ं ्लहलन आ रीर से इहरी के म्र ्दहलन जवन् से उनकर मौर हो गइल. 2 जब ्शलो के र्ज् इहरी के मौर हो गईल र ब्की च्र गो र्ज् ब्की सेन्प्र के संगे अपन् से शन से भ्ग गईले अवररी उ लोग पीछे हटे के को्शश कईले अवररी कहले ्क, “हमनी से ज्दे र्करवर रीनों र्ज् अवररी उनरकर सेन्प्र के म्रल् के ब्द हमनी के इब्​्नयन के संगे अवररी र्कर नईखे​े” 3 जब य्कूब के बेट् लोग दे खल ्क ब्की र्ज् अपन् थ्न् से हट गईल ब्डे र उ लोग ओ लोग के पीछ् कईले अवररी य्कूब भी शेकेम के ढे र से उह्ँ से अईले, जवन् जगह से उ खड् रहले अवररी उ लोग र्ज् के पीछे -पीछे चल गईले अवररी उ लोग अपन् नौकर के संगे ओ लोग के नजदीक पहं चले​े 4 र्ज् आ सेन्प्र लोग अपन् ब्की सेन् के स्थे य्कूब के बेट् लोग के नजदीक आके दे ख के आपन ज्न से डे र् गईले अवररी जब रक च्जर शहर न् पहं च गईले, रब रक भ्ग गईले​े 5 य्कूब के बेट् लोग ओह लोग के पीछ् करर चज्र शहर के फ्टक रक पहँ चल आ र्ज् लोग आ ओह लोग के सेन् के बीच लगभग च्र हज्र आदमी के बहरे म्रपीट कइल आ जब ऊ लोग र्ज् लोग के सेन् के म्रर रहे र य्कूब के धनरष से वस हो गइल आ ऊ र्ज् लोग के म्रे मे बंद हो गइलन आ ऊ सब लोग के म्र ्दहलने 6 ऊ च्जर शहर के फ्टक पर चज्र के र्ज् पर्थोन के म्र ्दहलन आ ओकर् ब्द ऊ सररोन के र्ज् सूसी, बेथकोररन के र्ज् ल्ब्न आ मचन्म् के र्ज् शबीर के म्र ्दहलन आ ऊ सभक् के रीर से म्र ्दहलन आ हर केह के रीर ्दहलन आ ऊ लोग मर गइलन. 7 य्कूब के बेट् लोग ई दे ख के ्क सब र्ज् लोग मर गइल ब् आ ऊ लोग टू ट के पीछे हट गइल ब्, र्ज् लोग के सेन् के स्थे च्जर के फ्टक के स्मने लड्ई ज्री रखलस आ अब्हयों लगभग च्र सौ लोग के म्र ्दहलसे 8 ओह लड्ई मे य्कूब के नौकरन मे से रीन आदमी ्गर गइलन आ जब यहद् दे खलस ्क उनकर रीन नौकर मर गइल ब्डे र ऊ बहरे दर खी हो गइलन आ अमोरी लोग पर उनकर कोध भडक गइले 9 र्ज् लोग के सेन् मे से जे भी आदमी बचल रहे , उ लोग अपन् ज्न से बहर डे र् गईले अवररी उ लोग दौड के चजर शहर के दे व्ल के फ्टक के रोड दे ले अवररी सब लोग सरर्कर ख्री शहर मे लरस गईले​े 10 ऊ लोग च्जर शहर के बीच मे लरक् गइल क्हे ्क च्जर शहर बहर बडहन आ व्पक रहे आ जब ई सब सेन् शहर मे लरस गइल र य्कूब के बेट् लोग ओह लोग के पीछे -पीछे शहर मे भ्ग गइले 11 च्र गो पर्कमी, जे लड्ई के अनरभवी रहले, शहर से ्नकल के शहर के पवेश द्र के स्मने खड् हो गईले, ह्थ मे रलव्र अवररी भ्ल् लेके खड् हो गईले अवररी य्कूब के बेट् के सोझ् खड् हो गईले अवररी ओ लोग के शहर मे लरसे न् दे ले​े

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जशेर के बा

12 नफ्ली दौड के ओ लोग के बीच मे आ गईले अवररी अपन् रलव्र से ओ लोग मे से दर गो के म्र दे ले अवररी एक झटक् मे ओ लोग के ्सर क्ट दे ले​े 13 उ ब्की दर नो लोग के ओर मरडले र दे खले ्क उ लोग भ्ग गईल ब्डे अवररी उ ओ लोग के पीछ् क के ओ लोग के पकड के म्र दे ले अवररी म्र दे ले​े 14 य्कूब के बेट् शहर मे अईले अवररी दे खले ्क शहर के ओर एगो अवररी दे व्ल ब्, अवररी उ लोग दे व्ल के फ्टक के खोजर रहले, र न् ्मलल, अवररी यहद् दे व्ल के चोटी प उछल गईले अवररी ्शमोन अवररी लेवी उनरक् पीछे -पीछे चल गईले अवररी रीनों दे व्ल से उरर के शहर मे आ गईले​े 15 ्शमोन आ लेवी शहर मे सरर्कर भ्गल सब आदमी आ शहर के ्नव्सी लोग के अपन् मेहर्त आ छोट लइकन के स्थे म्र ्दहले, आ शहर के ्चल्हट सगय मे चढ गइले 16 द्न आ नप्ली दे व्ल पर उछल के दे खले ्क ्वल्प के आव्ज क् ब्, क्हे ्क य्कूब के बेट् लोग अपन् भ्ई लोग के लेके बेचैन हो गईले, आ उ लोग शहर के ्नव्सी लोग के रोवररोवर ्नहोर् करर सरनले ्क, “हमनी के शहर मे जवन करछ भी ब् ओकर् के लेके चल ज्, ले्कन हमनी के हत् मर करीें ” 17 जब यहद्, ्शमोन आ लेवी शहर के ्नव्सी लोग के म्रल बंद कर ्दहलन र दे व्ल पर चढ के दे व्ल पर चढल द्न आ नप्ली आ अपन् ब्की भ्ई लोग के आव्ज ्दहलन आ ्शमोन आ लेवी ओह लोग के शहर मे पवेश के ज्नक्री ्दहलन आ य्कूब के सब बेट् लूट के स्म्न ले आवे अइले​े 18 य्कूब के बेट् लोग च्जर शहर के लूट के स्म्न, भेड-बड, भेड, आ संप्त के पकड ्लहले अवररी जवन करछ पकडल ज् सकर रहे , ओकर् के लेके ओ ्दन शहर से चल गईले​े 19 अ्गल् ्दने य्कूब के बेट् सरटन गइलन, क्हे ्क ऊ लोग सरनले ्क सरटन के लोग जे शहर मे बचल रहे , ऊ लोग अपन् र्ज् के म्र ्दहल् के चलरे ओह लोग से लड्ई करे ख्​्रर जरटल ब् आ सरटन एगो बहर ऊँच आ गढ व्ल् शहर रहे आ शहर के च्रो ओर ग्हर् प्चीर रहे े 20 प्चीर के खंभ् लगभग पच्स ह्थ चौड्ई च्लीस ह्थ के रहे आ प्चीर के चलरे कवनो आदमी के शहर मे लरसे के जगह न् रहे आ य्कूब के बेट् लोग शहर के प्चीर दे खले आ ओहमे पवेश करे के र्स् खोजर रहले ब्​्कर न् ्मलले 21 क्हे ्क शहर के पवेश द्र पीछे के ओर रहे आ जे भी आदमी शहर मे आवे के च्हर रहे , उ ओह र्स् से आके पूर् शहर के चकर लग्वर रहे आ ओकर् ब्द शहर मे लरस गईले 22 य्कूब के बेट् लोग के नगर मे ज्ए के र्स् न् ्मलल् के ब्द उ लोग के गरस् बहर भडक गईल अवररी शहर के ्नव्सी इ दे ख के ्क य्कूब के बेट् ओ लोग के लगे आवर ब्डे , उ लोग ओ लोग से बहर डे र् गईले, क्हे की उ लोग अपन् र्कर अवररी च्जर के संगे क् कईले ब्डे , एकर् ब्रे मे सरनले रहले​े 23 स्टय न शहर के ्नव्सी य्कूब के बेट् लोग के खखल्फ लड्ई करे ख्​्रर शहर मे जरट के न् ्नकल पवले, कही ं उ लोग शहर मे न् ज् सके, ले्कन जब उ लोग दे खल ्क उ लोग ओ लोग के ओर आवर ब्डे र उ लोग ओ लोग से बहर डे र् गईले, क्हे की उ लोग अपन् र्कर अवररी च्जर के संगे क् कईले ब्डे , एकर् ब्रे मे सरनले रहले​े

24 य्कूब के बेट् लोग के आवे से प्हले सरटन के ्नव्सी लोग जली से शहर के सडक के परल के अपन् जगह से ले गईले अवररी ओकर् के शहर मे ले अईले​े 25 य्कूब के बेट् लोग आके शहर मे ज्ए के र्स् खोजर रहे , ले्कन न् ्मलल आ शहर के ्नव्सी दे व्ल के चोटी पर चढ के दे खले ्क य्कूब के बेट् शहर मे पवेश करे के र्स् खोजर रहले​े 26 शहर के ्नव्सी य्कूब के बेट् लोग के दे व्ल के चोटी से ड्ं टर रहले अवररी ग्री दे ले अवररी य्कूब के बेट् ए ग्री सरनले अवररी उ लोग बहर न्र्ज हो गईले अवररी उनरक् भीरर उनरकर कोध जरर गईले 27 य्कूब के बेट् लोग ओह लोग पर न्र्ज हो गइलन आ ऊ सब लोग अपन् र्कर के र्कर से उठ के प्चीर के ऊपर से उछल गइलन आ अपन् र्कर से प्चीर के च्लीस ह्थ चौड्ई के प्र हो गइलने 28 जब ऊ लोग प्चीर से गरजरल र शहर के दे व्ल के नीचे खड् हो गइल आ शहर के सब फ्टक लोह् के दरव्ज् से लेरल ्मलले 29 य्कूब के बेट् लोग शहर के फ्टक के दरव्ज् रोडे ख्​्रर नजदीक पहं चले, ले्कन ्नव्सी लोग ओ लोग के न् छोडले, क्हे की दे व्ल के चोटी से उ लोग ओ लोग प पतर अवररी रीर फेकर रहले​े 30 दे व्ल पर रहे व्ल् लोग के संख् करीब च्र सौ आदमी रहे आ जब य्कूब के बेट् लोग दे खल ्क शहर के लोग शहर के फ्टक न् खोले दे र ब्डे र उ लोग उछल के दे व्ल के चोटी पर चढ गईले अवररी यहद् प्हले शहर के पूरब के ओर बढ गईले​े 31 ग्द आ आशेर ओकर् पीछे -पीछे शहर के पखचम कोन् मे , आ उतर मे ्शमोन आ लेवी आ दख्न मे द्न आ तबेन चढ गइलने 32 दे व्ल के चोटी पर रहे व्ल् लोग, जे शहर के ्नव्सी लोग, य्कूब के बेट् लोग के अपन् लगे आवर दे ख के सब लोग दे व्ल से भ्ग के शहर मे उरर गईले अवररी शहर के बीच मे लरक् गईले​े 33 दे व्ल के नीचे बचल इस्कर आ नफ्ली नजदीक आके शहर के फ्टक के रोड के शहर के फ्टक प आग लग् दे ले, जवन् से लोह् ्पलल गईल अवररी य्कूब के सभ बेट्, उ लोग अवररी उनरकर सभ आदमी शहर मे आ गईले अवररी सरटोन शहर के ्नव्सी लोग से लड्ई लडले अवररी रलव्र के ध्र से म्र दे ले, ले्कन केह उनरक् सोझ् खड् न् भईले 34 लगभग दू सौ आदमी शहर से भ्ग गइलन आ सब लोग शहर के एगो बरजय मे लरक् गइलन आ यहद् ओह लोग के पीछ् क के बरजय रक ले गइलन आ ऊ बरजय के रोड ्दहलन जवन आदमी लोग पर ्गर गइल आ सभे मर गइलन. 35 य्कूब के बेट् लोग ओह बरजय के छर के र्स् पर चढ के दे खले आ दे खले ्क शहर मे दू र एगो अउरी मजबूर आ ऊँच बरजय ब् आ ओकर चोटी सगय रक पहँ चल ब् आ य्कूब के बेट् लोग जली-जली नीचे उररल आ अपन् सब आदमी के स्थे ओह बरजय मे गइल आ दे खले ्क ऊ शहर लगभग रीन सौ आदमी, मेहर्त आ छोट लइकन से भरल ब्े 36 य्कूब के बेट् बरजय मे ओ लोग के बीच बहर म्रपीट कईले अवररी उ लोग भ्ग गईले अवररी भ्ग गईले​े 61


जशेर के बा

37 ्शमोन आ लेवी ओह लोग के पीछ् कइलन जब ऊ लोग जह्ँ लरक्इल रहे ओ्हज् से ब्रह गो पर्कमी आ वीर आदमी ओह लोग क् लगे ्नकलल. 38 ऊ ब्रह आदमी ्शमोन आ लेवी से कड् लड्ई लडले आ ्शमोन आ लेवी ओह लोग पर ह्वी न् हो पवले आ ऊ वीर लोग ्शमोन आ लेवी के ढ्ल रूड ्दहल आ ओहमे से एगो लेवी के म्थ् पर रलव्र से म्र ्दहल्स जब लेवी जलब्जी मे आपन ह्थ ओकर् म्थ् पर र्ख ्दहल्स क्हे ्क ऊ रलव्र से डे र् गइल आ रलव्र लेवी के ह्थ पर आ गइल च्हर रहे ले्कन लेवी के ह्थ के क्ट ्दहल ज्ए से कमे 39 लेवी ओह वीर आदमी के रलव्र अपन् ह्थ मे पकड के जबरन ओह आदमी से ले ्लहलस आ ओकर् से ऊ र्करवर आदमी के म्थ् पर म्र ्दहलस आ ओकर म्थ् क्ट ्दहलसे 40 एग्रह आदमी लेवी से लड्ई करे ख्​्रर नजदीक पहं चले, क्हे ्क उ लोग दे खले ्क ओ लोग मे से एगो के हत् हो गईल ब् अवररी य्कूब के बेट् लडर रहले, ले्कन य्कूब के बेट् ओ लोग प ह्वी न् हो पवले, क्हे की उ लोग बहर र्करवर रहले​े 41 य्कूब के बेट् लोग अपन् पर ह्वी न् हो प्वल, ्शमोन एगो जोरद्र आ जबरदस ्चल्हट कइलस आ एग्रह गो र्करवर लोग ्शमोन के ्चल्हट के आव्ज से स् हो गइले 42 यहद् दू र से ्शमोन के ्चल्हट के आव्ज ज्नर रहले, र नफ्ली अवररी यहद् अपन् ढ्ल लेके ्शमोन अवररी लेवी के लगे भ्ग गईले अवररी उनरक् के ओ र्करवर आदमी से लडर दे खले, क्हे की उनरकर ढ्ल टू ट गईल रहे , उ ओ लोग प ह्वी न् हो प्वले 43 नफ्ली दे खलस ्क ्शमोन आ लेवी के ढ्ल टू ट गइल ब् आ ऊ अपन् नौकरन से दू गो ढ्ल लेके ्शमोन आ लेवी के लगे ले अइले​े 44 ओह ्दन ्शमोन, लेवी आ यहद् रीनों से एग्रह गो पर्कमी लोग से सूय्य स के समय रक लड्ई लडले, ले्कन उ लोग ओह लोग पर ह्वी न् हो प्वले 45 ई ब्र य्कूब के बर्वल गइल आ ऊ बहरे दर खी हो गइलन आ ऊ पभर से प्थयन् कइलन आ ऊ आ उनकर बेट् नफ्ली एह पर्कमी लोग क् खखल्फ चल गइलन. 46 य्कूब नजदीक आके आपन धनरष खीच ं के ओह पर्कमी लोग के नजदीक आके ओह लोग के रीन आदमी के धनरष से म्र ्दहलस आ ब्की आठ लोग पीछे मरड के दे खलस ्क ओह लोग के खखल्फ आगे आ पीछे लड्ई चलर रहे आ ऊ लोग अपन् ज्न से बहर डे र् गइल आ य्कूब के बेट् लोग के स्मने खड् न् हो प्वल आ ऊ लोग ओह लोग के स्मने से भ्ग गइले 47 भ्गर लरी ऊ लोग द्न आ आशेर से ्मलल आ ऊ लोग अच्नक ओह लोग पर ्गर गइल आ ओह लोग से लडल आ ओह लोग मे से दू गो के म्र ्दहल आ यहद् आ ओकर भ्ई लोग ओह लोग के पीछ् कइल आ ब्की लोग के म्र ्दहल आ ओह लोग के म्र ्दहल. 48 य्कूब के सब बेट् लौट के शहर मे लूमर-्फर के खोजर रहले ्क कवनो आदमी ्मलर् ्क न्, र शहर के एगो गरफ् मे करीब बीस जव्न ्मलले अवररी ग्द अवररी आशेर ओ सभ के म्र दे ले अवररी द्न अवररी नफ्ली ब्की आदमी प रोशनी दे ले, जवन ्क भ्ग गईल रहले अवररी दू सर् बरजय से भ्ग गईल रहले अवररी उ सभ के म्र दे ले​े

49 य्कूब के बेट् सरटोन शहर के सभ ्नव्सी के म्र दे ले, ले्कन उ लोग शहर मे छोड के म्हल् अवररी छोट बच् के न् म्रले​े 50 आ सरटन शहर के सब ्नव्सी र्करवर आदमी रहले, ओहमे से एगो हज्र लोग के पीछ् करर रहे आ ओहमे से दू गो ब्की आदमी के दस हज्र लोग से न् भ्गर रहले. 51 य्कूब के बेट् सरटोन शहर के सभ ्नव्सी के रलव्र के ध्र से म्र दे ले, र्​्क केह ओ लोग के खखल्फ न् खड् हो गईल अवररी उ लोग ओ म्हल् के शहर मे छोड दे ले​े 52 य्कूब के बेट् लोग शहर के सब लूट के स्म्न लेके जवन च्हर रहे ओकर् के पकड ्लहल आ शहर से झरंड आ भेड आ संप्त ले ्लहल आ य्कूब के बेट् सरटोन आ ओकर् ्नव्सी लोग के स्थे ओइसहीं कइल जइसे च्जर आ ओकर् ्नव्सी लोग के कइले रहे आ ऊ लोग मरड के चल गइले अध ्य 39 के ब् 1 जब य्कूब के बेट् सरटोन शहर से ्नकलल र उ लोग रपन्क के ्नव्सी लोग से ्मल के लगभग दर सौ ह्थ चल गईल रहले, क्हे की उ लोग रपन्क के र्ज् अवररी उनरकर सभ आदमी के म्र दे ले रहले​े 2 रपन्च शहर मे जे भी बचल रहे , य्कूब के बेट् लोग से लड्ई करे ्नकलल आ उ लोग च्जर आ सरटोन से ्मलल लूट आ लूट के व्पस ले लेवे के सोचले​े 3 रपन्क के ब्की लोग ओह जगह पर य्कूब के बेट् लोग से लड्ई लडल आ य्कूब के बेट् लोग ओह लोग के म्र ्दहल आ ऊ लोग ओह लोग के पीछ् क के अरबेलन शहर रक पहँ च गइल आ ऊ सब य्कूब के बेट् लोग के स्मने ्गर गइले 4 य्कूब के बेट् लोग रपन्क के लूट लेवे ख्​्रर रपन्क मे व्पस आके रपनच पहं चले र सरनले ्क अरबेलन के लोग अपन् भ्ई लोग के लूट के बच्वे ख्​्रर ओ लोग से ्मले ्नकलल ब्डे अवररी य्कूब के बेट् लोग अपन् दस आदमी के रपन्क मे छोड के शहर के लूटप्ट कईले अवररी उ लोग अरबेल के लोग के ओर ्नकल गईले​े 5 अरबेलन के लोग अपन् मेहर्त लोग के स्थे य्कूब के बेट् लोग से लड्ई करे ्नकलल, क्हे ्क उनकर मेहर्त लोग लड्ई मे अनरभवी रहली आ उ लोग लगभग च्र सौ मरद मेहर्त ्नकलले 6 य्कूब के सब बेट् जोर-जोर से ्चल्र रहले, आ सब लोग अरबेलन के ्नव्सी लोग के ओर भ्ग गईले​े 7 अरबेलन के ्नव्सी य्कूब के बेट् लोग के ्चल्हट के आव्ज सरनले अवररी शेर के आव्ज ्नहन अवररी समरंदर अवररी ओकर् लहर के गजयन् ्नहन गजयन् सरनले​े 8 य्कूब के बेट् लोग के चलरे ओह लोग के ्दल पर डर आ आरंक के भ्व आ गइल आ ऊ लोग ओह लोग से भयंकर डे र् गइल आ ऊ लोग पीछे हट के शहर मे भ्ग गइल आ य्कूब के बेट् लोग ओह लोग के पीछ् क के शहर के फ्टक रक ले गइल आ ऊ लोग शहर मे ओह लोग पर आ गइल. 9 य्कूब के बेट् लोग शहर मे ओह लोग से लडर रहे आ ओह लोग के सब मेहर्त य्कूब के बेट् लोग के खखल्फ गोफन मे ल्गल रहली आ पूर् ्दन स्ँ झ ले ओह लोग के बीच लड्ई बहर भयंकर रहले 62


जशेर के बा

10 य्कूब के बेट् लोग ओह लोग पर ह्वी न् हो प्वल आ य्कूब के बेट् लोग ओह लड्ई मे लगभग न्श हो गइल रहे आ य्कूब के बेट् लोग स्ँ झ के ओर पभर से परक्रल आ बहर र्कर ्मलल आ य्कूब के बेट् लोग अरबल्न के सब ्नव्सी, मरद, मेहर्त आ छोट लइकन के रलव्र से म्र ्दहले 11 स्टय न से भ्गल ब्की लोग के भी य्कूब के बेट् लोग अरबेलन मे म्र ्दहलस आ य्कूब के बेट् लोग अरबेलन आ रपन्क के ओइसहीं कइल जइसे च्जर आ सररोन के कइले रहे आ जब मेहर्त लोग दे खल ्क सब आदमी मर गइल ब् र ऊ लोग शहर के छर पर ज्के य्कूब के बेट् लोग के बरख् ्नयर पतर बरस् के म्र ्दहले 12 य्कूब के बेट् जली-जली शहर मे पहं चले अवररी सभ म्हल् के पकड के रलव्र के ध्र से म्र दे ले अवररी य्कूब के बेट् सभ लूट अवररी लूट, झंरड अवररी भेड अवररी मवेशी के पकड लेले​े 13 य्कूब के बेट् लोग रपन्क, च्जर आ ्शलो के जइसन मचन्म् के स्थे कइल आ उह्ँ से मरड के चल गइले 14 प्ँ चव्ँ ्दन य्कूब के बेट् लोग सरनल ्क ग्श के लोग ओह लोग के खखल्फ लड्ई मे जरट गइल ब्, क्हे ्क ऊ लोग अपन् र्ज् आ ओह लोग के सेन्प्र के म्र ्दहले ब्, क्हे ्क ग्श शहर मे चौदह गो सेन्प्र रहले आ य्कूब के बेट् प्हल् लड्ई मे ओह सब के म्र ्दहले रहले. 15 ओह ्दन य्कूब के बेट् लोग आपन यर् के ह्थय्र प्हन के ग्श के ्नव्सी लोग के खखल्फ लड्ई मे ्नकलल आ ग्श मे अमोरी लोग के एगो मजबूर आ पर्कमी लोग रहे आ ग्श अमोरी लोग के सब शहरन मे सबसे मजबूर आ सबसे ब्ढय् ्कल्बंदी व्ल् शहर रहे आ एकर रीन गो दे व्ल रहे े 16 य्कूब के बेट् ग्श पहं चले र उ लोग शहर के फ्टक बंद दे खले अवररी सबसे ब्हरी दे व्ल के चोटी प करीब प्ं च सौ आदमी खड् रहले अवररी समरंदर के ्कन्रे ब्लू ्नहन संख् मे लोग य्कूब के बेट् शहर के ब्हर से ओकर् पीछे से ल्र लग् के बईठल रहले​े 17 य्कूब के बेट् लोग शहर के फ्टक खोले ख्​्रर नजदीक पहं चले अवररी जब उ लोग शहर के पीछे ल्र लग् के बईठल लोग अपन् जगह से ्नकल के य्कूब के बेट् के लेर लेले​े 18 य्कूब के बेट् ग्श के लोग के बीच मे बंद रहले अवररी लड्ई ओ लोग के आगे अवररी पीछे दर नो ओर रहे अवररी दे व्ल प सव्र सभ आदमी दे व्ल से रीर अवररी पतर फेकर रहले​े 19 यहद् ई दे ख के ्क ग्श के लोग उनकर् ख्​्रर बहर भ्री हो रहल ब्, ऊ एगो बेधक आ जबरदस ्चल्हट कइलस आ यहद् के ्चल्हट के आव्ज से ग्श के सब आदमी डे र् गइलन आ उनकर शखकश्ली ्चल्हट से लोग दे व्ल से ्गर गइलन आ शहर के ब्हर आ भीरर के सब लोग अपन् ज्न से बहर डे र् गइलने 20 य्कूब के बेट् लोग अब्हयों शहर के दरव्ज् रोडे के नजदीक आवर रहले, जब ग्श के लोग दे व्ल के चोटी से पतर अवररी रीर फेक के फ्टक से भ्ग गईले​े 21 य्कूब के बेट् लोग ग्श के लोग के खखल्फ व्पस आ गईले, जवन ्क शहर के ब्हर से उनरक् संगे रहले अवररी लौकी के म्रर ओ लोग के भयंकर म्र दे ले अवररी य्कूब के बेट् के खखल्फ खड् न् हो पवले, क्हे की यहद् के ्चल्हट से उ लोग के डर अवररी आरंक के ्शक्र हो गईल रहे े

22 य्कूब के बेट् लोग शहर से ब्हर के सब आदमी के म्र ्दहल आ य्कूब के बेट् लोग अब्हयों शहर मे पवेश करे आ शहर के दे व्ल के नीचे लड्ई करे ख्​्रर नजदीक आवर रहे , ले्कन ग्श के सब ्नव्सी जे शहर मे बचल रहले, उ लोग ग्श के दे व्ल के हर ्दश् मे लेर लेले रहले, जवन् से य्कूब के बेट् शहर के नजदीक न् पहं च पवले​े 23 य्कूब के बेट् दे व्ल के नीचे लड्ई करे ख्​्रर एक कोन् के नजदीक पहं चले, ग्श के ्नव्सी बरख् के बरख् ्नहन ओ लोग प रीर अवररी पतर फेकले अवररी दे व्ल के नीचे से भ्ग गईले​े 24 दे व्ल पर बइठल ग्श के लोग ई दे ख के ्क य्कूब के बेट् दे व्ल के नीचे से ओह लोग पर ह्वी न् हो प्वर रहले आ य्कूब के बेट् लोग के एह ब्र से ्नंद् कइलने 25 लड्ई मे रोहर् के कवन ब्र ब् ्क रू जीर न् प्ईब? क् रउव्ं ग्श के पर्कमी शहर आ ओकर् ्नव्सी लोग के स्थे ओइसन कर सकर ब्नी जवन अमोरी लोग के शहरन के स्थे कइले रहनी जवन एरन् र्करवर न् रहे ? हमनी मे से ओह कमजोर लोग के रूँ ऊ क्म कइनी आ शहर के पवेश द्र पर म्र ्दहल़ क्हे ्क रोहर् ्चल्हट के आव्ज से ऊ लोग डे र् गइल र ओह लोग के कवनो र्कर न् रहे . 26 क् रू अब एह जगह पर लड्ई लड प्ईब? इह्ँ रउआ सभे मरब, आ हमनी के ओह शहरन के बदल् लेब ज् जवन् के रउआ उज्ड दे ले ब्नीे 27 ग्श के ्नव्सी य्कूब के बेट् लोग के बहर ्नंद् कईले अवररी अपन् दे वर् के संगे ग्री दे ले अवररी दे व्ल से ओ लोग प रीर अवररी पतर चल्वर रहले​े 28 यहद् आ उनकर भ्ई लोग ग्श के ्नव्सी लोग के ब्र सरन के उनकर गरस् बहर भडक उठल आ यहद् के एह म्मल् मे अपन् परमेशर से ईष्य भइल आ ऊ ्चल् के कहले, “हे पभर , मदद कऱ, हमनी के आ हमनी के भ्ई लोग के मदद भेज़े” 29 ऊ आपन खीच ं ्इल रलव्र लेके दू र-दू र रक दौडल आ अपन् र्कर के बल पर धररी से उछल के दे व्ल पर चढ गइल आ ओकर रलव्र ओकर् ह्थ से ्गर गइले 30 यहद् दे व्ल पर ्चल् उठल आ दे व्ल पर बइठल सब आदमी लबर् गइलन आ करछ लोग दे व्ल से ्गर के शहर मे मर गइलन आ दे व्ल पर जे लोग अबही ं ले यहद् के र्कर दे ख के बहरे डे र् गइलन आ सरर्कर ख्​्रर शहर मे आपन ज्न बच्वे ख्​्रर भ्ग गइलन. 31 करछ लोग के ्हमर होके दे व्ल पर यहद् से लडे के ्हमर भइल आ ऊ लोग दे ख के ्क यहद् के ह्थ मे रलव्र नइखे, ओकर् के म्रे के नजदीक आ गइल आ ऊ लोग ओकर् के दे व्ल से ओकर् भ्ई लोग के लगे फेके के सोचल आ शहर के बीस आदमी ओह लोग के सह्यर् करे ख्​्रर चढ गइल आ ऊ लोग यहद् के लेर ्लहल आ सब लोग ओकर् पर ्चल् के ओकर् लगे पहँ चल आ रलव्र खीच ं के ओकर् लगे आ गइल आ ऊ लोग डे र् गइल यहद् आ यहद् दे व्ल से अपन् भ्ई लोग से ्चल्र रहले​े 32 य्कूब आ उनकर बेट् दे व्ल के नीचे से धनरष खीच ं के दे व्ल के चोटी पर मौजूद रीन आदमी के म्र ्दहले आ यहद् ्चल्र रहलन आ ऊ ्चल्र रहलन ्क हे पभर हमनी के मदद करी,ं हे पभर हमनी के बच्ईं, आ ऊ दे व्ल पर जोर से ्चल् के ्चल्र रहलन आ ई ्चल्हट बहर दू र से सरन्ई पडले 63


जशेर के बा

33 एह ्चल्हट के ब्द ऊ फेर से ्चल्र रहले आ दे व्ल के चोटी पर यहद् के लेरले सब आदमी डे र् गइलन आ यहद् के ्चल्हट आ ओकर कंपकंपी के आव्ज सरन के ऊ लोग हर केह अपन् ह्थ से रलव्र फेक के भ्ग गइलन. 34 यहद् ओह लोग के ह्थ से ्गरल रलव्र लेके चलल आ यहद् ओह लोग से लड के बीस आदमी के दे व्ल पर म्र ्दहलसे 35 लगभग असी मरद मेहर्त अब्हयो शहर से दे व्ल पर चढर रहले आ सभे यहद् के लेरले रहले आ पभर ओह लोग के ्दल मे यहद् के डर के छ्प ्दहलन ्क ऊ लोग ओकर् लगे न् ज् प्वल. 36 य्कूब आ उनकर स्थ के सब लोग दे व्ल के नीचे से धनरष खीच ं के दे व्ल पर दस आदमी के म्र ्दहल आ दे व्ल के नीचे य्कूब आ उनकर बेट् लोग के स्मने ्गर गइले 37 दे व्ल पर मौजूद लोग ई दे ख के ्क आपन बीस आदमी ्गर गइल ब्, रबो ऊ लोग रलव्र लेके यहद् के ओर भ्गल, ले्कन यहद् के र्कर से ऊ लोग ओकर् लगे न् पहँ च प्वले 38 ओह लोग के एगो पर्कमी, जेकर न्म अरद रहे , अपन् रलव्र से यहद् के म्थ् पर म्रे ख्​्रर नजदीक आ गइल जब यहद् जलब्जी मे आपन ढ्ल ओकर् म्थ् पर ड्ल ्दहलस आ रलव्र ढ्ल से टकर् गइल आ ऊ दू भ्ग मे फ्ट गइले 39 ई पर्कमी यहद् के म्रल् के ब्द यहद् के डर से आपन ज्न बच्वे ख्​्रर भ्गल आ ओकर गोड दे व्ल पर ्फसल गइल आ ऊ दे व्ल के नीचे रहे व्ल् य्कूब के बेट् लोग के बीच ्गर गइल आ य्कूब के बेट् ओकर् के म्र के म्र ्दहलसे 40 ओह र्करवर आदमी के म्र से यहद् के म्थ् दर खी हो गइल आ यहद् के मौर लगभग मर गइल रहे े 41 द्न के ब्र सरन के यहद् दे व्ल पर ्चल् उठल आ ओकर कोध ओकर् भीरर जर गइल आ ऊ भी उठ के दू र से चल गइल आ दौड के धररी से उछल के अपन् कोध से उते्जर र्कर से दे व्ल पर चढ गइले 42 जब द्न यहद् के नजदीक दे व्ल प पहं चल र दे व्ल प सव्र सभ आदमी भ्ग गईले, जवन ्क यहद् के खखल्फ खड् रहले अवररी दू सर् दे व्ल प चढ गईले अवररी दू सर् दे व्ल से द्न अवररी यहद् प रीर अवररी पतर फेकले अवररी दे व्ल से भग्वे के को्शश कईले​े 43 द्न आ यहद् पर रीर आ पतर ल्गल आ दे व्ल पर लगभग म्रल गइल रहे आ जह्ँ जह्ँ द्न आ यहद् दे व्ल से भ्गल, दू सर् दे व्ल से रीर आ पतर से हमल् हो गइले 44 य्कूब आ उनकर बेट् लोग अभी भी प्हल् दे व्ल के नीचे शहर के पवेश द्र पर रहे आ दू सर् दे व्ल पर रहल् के चलरे उ लोग शहर के ्नव्सी लोग के खखल्फ आपन धनरष न् खीच ं पवले​े 45 द्न आ यहद् जब दू सर् दे व्ल से ्गरल पतर आ रीर के सहन न् कर पवले र दर नो लोग शहर के लोग के लगे दू सर् दे व्ल प उछल गईले अवररी जब दू सर् दे व्ल प बईठल शहर के लोग दे खले ्क द्न अवररी यहद् दू सर् दे व्ल प उनरक् लगे आ गईल ब्डे र उ सब ्चल् के दे व्ल के बीच से नीचे उरर गईले​े 46 य्कूब आ उनकर बेट् लोग शहर के लोग के ओर से ्चल्हट के आव्ज सरन के शहर के पवेश द्र पर ही द्न आ यहद् के लेके बेचैन रहे , जवन ्क दू सर् दे व्ल पर न् लउकले

47 नफ्ली अपन् कोध से उते्जर र्कर से चढ के प्हल् दे व्ल पर उछल के दे खलस ्क शहर मे जवन ्चल्हट के आव्ज सरनले रहले, ओकर् के क् चलरे ब्, र इस्कर अवररी जबबरलन शहर के दरव्ज् रोडे ख्री नजदीक पहं चले अवररी शहर के फ्टक खोल के शहर मे आ गईले​े 48 नफ्ली प्हल् दे व्ल से दू सर् दे व्ल रक कूद के आपन भ्ई लोग आ दे व्ल पर मौजूद ग्श के ्नव्सी लोग के सह्यर् करे अइले, ई दे ख के ्क नफ्ली रीसर् दे व्ल हवे जे अपन् भ्ई लोग के सह्यर् करे ख्​्रर चढल ब्, ऊ सब भ्ग के शहर मे उरर गइलन आ य्कूब आ उनकर सब बेट् आ उनकर सब नवही ओह लोग के लगे शहर मे आ गइलने 49 यहद् आ द्न आ नप्ली दे व्ल से उरर के शहर मे आके शहर के ्नव्सी लोग के पीछ् करे लगले आ ्शमोन आ लेवी शहर के ब्हर के रहले आ न् ज्नर रहले ्क फ्टक खरलल ब्, आ उह्ँ से दे व्ल पर चढ के शहर मे अपन् भ्ई लोग के लगे उररले​े 50 शहर के ्नव्सी सब लोग शहर मे उरर गईल रहले अवररी य्कूब के बेट् अलग-अलग ्दश् मे ओ लोग के लगे पहं चले अवररी आगे अवररी पीछे से ओ लोग के खखल्फ लड्ई भईल अवररी य्कूब के बेट् ओ लोग के भय्नक म्र दे ले अवररी ओ लोग मे से करीब बीस हज्र मरद-मेहर्त के हत् क दे ले, जवन् मे से एकह य्कूब के बेट् के खखल्फ खड् न् हो प्वले 51 शहर मे खून बहर बहर रहे आ प्नी के ध्र ्नहन रहे अवररी खून नदी ्नहन शहर के ब्हरी ्हस् मे बहर रहे अवररी बेरकोररन के रे ्गस्न रक पहं च गईले 52 बेरकोररन के लोग दू र से ग्श शहर से खून बहर दे खले आ ओह लोग के बीच से करीब सतर आदमी खून दे खे ख्​्रर दौडल आ ऊ लोग ओ्हज् पहँ चल जह्ँ खून रहे े 53 ऊ लोग खून के र्ह पर चल के ग्श शहर के दे व्ल पर पहँ चल आ शहर से खून ्नकलर दे खल आ ग्श के ्नव्सी लोग के ओर से ्चल्हट के आव्ज सरनल, क्हे ्क ऊ आक्श मे चढ गइल आ खून प्नी के ध्र ्नयर भरपूर बहर रहे े 54 य्कूब के सब बेट् अब्हयो ग्श के ्नव्सी लोग के म्रर रहले आ स्ँ झ ले ओह लोग के म्रे मे ल्गल रहले, लगभग बीस हज्र मरद मेहर्त आ चोररन के लोग कहल ्क, “इब्​्नयन के क्म ई क्म ह, क्हे ्क ऊ लोग अब्हयों अमोरी लोग के सगरी शहरन मे लड्ई लडर ब्.” 55 ऊ लोग जली-जली बेरकोररन मे भ्गल आ हर केह आपन-आपन यर् के ह्थय्र लेके बेरकोररन के सब ्नव्सी लोग से ्चल् के कहलस ्क ऊ लोग भी आपन यर् के ह्थय्र प्हनले रहे ्क य्कूब के बेट् लोग के स्थे लड्ई लडे े 56 जब य्कूब के बेट् ग्श के ्नव्सी लोग के म्र दे ले र उ लोग शहर मे लूम-लूम के सभ म्रल गईल लोग के कपड् उर्र दे ले अवररी शहर के भीररी ्हस् मे आके अवररी दू र रक रीन बहर र्करवर आदमी से मरल्क्र कईले अवररी उनरक् ह्थ मे कवनो रलव्र न् रहे े 57 य्कूब के बेट् जह्ँ उ लोग रहले, उह्ँ चढ गईले अवररी र्करवर लोग भ्ग गईले अवररी ओ लोग मे से एगो जबूलून के पकड लेले रहले, जवन् के उ छोट लईक् अवररी छोट कद के दे खले अवररी अपन् र्कर से ओकर् के जमीन प ्गर् दे ले रहले​े 64


जशेर के बा

58 य्कूब रलव्र लेके ओकर् लगे भ्ग गईले अवररी य्कूब रलव्र से उनरक् के कमर के नीचे म्र के दर भ्ग मे क्ट दे ले अवररी ल्श जबूलून प ्गर गईले 59 दू सरक् नजदीक आके य्कूब के पकड के जमीन पर ्गर् ्दहलस, य्कूब ओकर् ओर मरड के ्चल् के कहलस, जब्क ्शमोन आ लेवी दौड के रलव्र से ओकर् कूखल प म्र के जमीन प ्गर् दे ले​े 60 ऊ र्करवर आदमी कोध से उठ के जमीन से उठल आ ओकर गोड पकडे से प्हले यहद् ओकर् लगे आके ओकर् म्थ् पर रलव्र से म्र ्दहलस आ ओकर म्थ् फ्ट गइल आ ऊ मर गइल. 61 रीसर् र्करवर आदमी अपन् स्थी लोग के म्रल दे ख के य्कूब के बेट् लोग के स्मने से भ्ग गईल अवररी य्कूब के बेट् शहर मे उनरकर पीछ् कईले​े आ जब ऊ र्करवर आदमी भ्गर रहे र ओकर् शहर के ्नव्सी लोग के एगो रलव्र ्मलल आ ऊ ओकर् के उठ् के य्कूब के बेट् लोग के ओर मरडल आ ओह रलव्र से लडले 62 ऊ र्करवर आदमी रलव्र से ओकर म्थ् पर म्रे ख्​्रर यहद् के ओर भ्गल, आ यहद् के ह्थ मे कवनो ढ्ल न् रहे े आ जब ऊ ओकर् के म्रे के ्नश्न् बन्वर रहे र नफ्ली जलब्जी मे ओकर ढ्ल लेके यहद् के म्थ् पर रख ्दहलस आ ओह र्करवर आदमी के रलव्र नप्ली के ढ्ल पर ल्गल आ यहद् रलव्र से बच गइले 63 ्शमोन आ लेवी अपन् रलव्र से ओह र्करवर आदमी पर दौड के जबरन रलव्र से म्र ्दहले आ दर नर रलव्र ओह र्करवर के शरीर मे लरस के ओकर् के लंब्ई के ्हस्ब से दू भ्ग मे ब्ँ ट ्दहले. 64 ओह लरी य्कूब के बेट् ग्श के सब ्नव्सी के स्थे रीनों पर्कमी लोग के म्र ्दहलन आ ्दन खरम होखे व्ल् रहे े 65 य्कूब के बेट् लोग ग्श के च्रों ओर लूम के शहर के सब लूट के स्म्न लेके चल गईले, उहो छोट-छोट अवररी मेहर्त के ्जए के मौक् न् दे ले अवररी य्कूब के बेट् ग्श के ओसही कईले जईसे उ लोग सररोन अवररी ्शलो के कईले रहले​े

5 परमेस् वर य्कूब के बेट् लोग के आव्ज सरनले आ बेरकोररन के लोग के पकडे ख्​्रर पभर बहर आरंक आ उलझन पैद् कर ्दहलन आ र्र के अन्र मे एक दू सर् से एक दू सर् से लडर रहलन आ एक दू सर् के बहर संख् मे म्र ्दहलने 6 य्कूब के बेट् लोग ई ज्न के ्क पभर ओह लोग के बीच ्वकृरर् के भ्वन् ले आइल ब्डन आ हर आदमी अपन् पडोसी से लडर ब्डन, बेरकोररन के लोग के दल के बीच से ्नकल के बेरकोररन के महल के नीचे आ अउरी दू र रक चल गइलन आ ओह र्र उ लोग अपन् नवही लोग के स्थे सरर्कर तप से रक गइलने 7 बेथकोररन के लोग पूर् र्र लडर रहल, एक आदमी अपन् भ्ई से आ दू सर् अपन् पडोसी से, आ ऊ लोग महल पर च्रो ओर ्चल्र रहल आ दू र से उनकर ्चल्हट सरन्ई पडल आ पूर् धररी ओह लोग के आव्ज से ्हल गइल, क्हे ्क ऊ लोग धररी के सब लोग से ऊपर र्करवर रहे े 8 ओह र्र कन्न, ्हती, अमोरी, ्हवी आ कन्न के सब र्ज् आ यरदन के ओह प्र के लोग के शहरन के सब लोग ओह र्र के ्चल्हट के आव्ज सरनले​े 9 ऊ लोग कहल, “सचहँ इब्​्नयन के लड्ई ह जवन स्र गो शहरन से लडर ब्, जे ओह लोग के नजदीक आइल रहे े आ ओह इब्​्नयन के खखल्फ के खड् हो सकेल्? 10 कन्न के शहरन के सब ्नव्सी आ यरदन के ओह प्र के सब लोग य्कूब के बेट् लोग से बहरे डे र् गइलन क्हे ्क ऊ लोग कहल ्क, “दे खी ं हमनी के स्थे भी उहे होई जइसन ओह शहरन के स्थे भइल रहे , क्हे ्क ओह लोग के पर्कमी र्कर के खखल्फ के खड् हो सकेल्?” 11 ओह र्र कोररन के लोग के परक्र बहरे बढल आ बढर गइले उ लोग सबेरे रक एक दू सर् के म्रपीट कईले अवररी संख् मे म्रल गईले​े 12 भोर भइल आ य्कूब के सब बेट् भोर मे उठ के महल मे चढ गइलन आ कोरीनी लोग मे से बचल लोग के भयंकर ररीक् से म्र ्दहलन आ सब लोग महल मे म्र ्दहल गइले 13 छठव्ँ ्दन लउकल र कन्न के सब लोग दू र से बेथकोररन के सब लोग के बेथकोररन के महल मे मरल पडल दे खले आ मेमन् आ बकरी के ल्श ्नयर ्बखर्इल ब्डे े 14 य्कूब के बेट् लोग ग्श से पकडल सब लूट के लेके बेरकोररन चल गईले अवररी उ लोग के शहर समरंदर के ब्लू ्नहन लोग से भरल ्मलल अवररी उ लोग ओ लोग से लडर रहले अवररी य्कूब के बेट् उह्ँ श्म रक ओ लोग के म्र दे ले​े 15 य्कूब के बेट् बेरकोररन के स्थे ओइसहीं कइलन जइसे ऊ लोग ग्श आ रपन्क के कइल आ च्जर, सररोन आ ्शलो के स्थे कइले 16 य्कूब के बेट् बेरकोररन के लूट आ शहरन के सब लूट के अपन् स्थे लेके ओह ्दन शेकेम के लरे चल गईले​े 17 य्कूब के बेट् लोग शेकेम शहर मे लरे पहं चले अवररी उ लोग शहर से ब्हर रह गईले अवररी ओकर् ब्द उ लोग यर् से उह्ँ आर्म कईले अवररी र्र भर उह्ँ रहले​े 18 आऊ उनकर सब नौकर शहरन से लेहल सब लूट के स्थे शहर से ब्हर ्नकल गइलन आ शहर मे न् लरसल क्हे ्क ऊ लोग कहर रहे ्क श्यद हमनी के खखल्फ अउरी लड्ई हो सकेल् आ ऊ लोग हमनी के शेकेम मे लेर्बंदी करे आ सकेल्े

अध ्य 40 के ब् 1 य्कूब के बेट् ग्श के सब लूट के लेके र्र मे शहर से ब्हर ्नकल गईले​े 2 ऊ लोग बेरकोररन के महल के ओर बढर ्नकलल रहे आ बेथकोररन के ्नव्सी लोग ओह लोग से ्मले ख्​्रर महल मे ज्र रहे आ ओह र्र य्कूब के बेट् बेथकोररन के महल मे बेरकोररन के ्नव्सी लोग से लड्ई लडले​े 3 बेथकोररन के सब ्नव्सी पर्कमी रहले, ओहमे से एगो हज्र आदमी के स्मने से न् भ्गल, आ ओह र्र ऊ लोग महल पर लड्ई लडल आ ओह र्र दू र से ओह लोग के ्चल्हट सरन्ई पडल आ ओह लोग के ्चल्हट से धररी क्ँ प गइले 4 य्कूब के सब बेट् ओ लोग से डे र् गईले, क्हे की उ लोग के अन्र मे लड्ई करे के आदर न् रहे , अवररी उ लोग बहर परे श्न हो गईले अवररी य्कूब के बेट् पभर से ्चल्र कहले ्क, हे पभर, हमनी के मदद कर, हमनी के बच्ई र्​्क हमनी के ए खरन् न् भईल आदमी के ह्थ से न् मरी ज्े 65


जशेर के बा

19 य्कूब आ उनकर बेट् आ उनकर नौकर ओह र्र आ अ्गल् ्दने ओह खेर के ्हस् मे रहले जवन य्कूब हमोर से प्ं च शेकेल मे खरीदले रहले आ जवन करछ पकडले रहले ऊ सब ओह लोग के स्थे रहे े 20 य्कूब के बेट् जवन लूट के पकडले रहले, उ सब खेर के ्हस् मे रहे , जवन ्क समरंदर के ्कन्रे ब्लू ्नहन भ्री रहे े 21 दे श के ्नव्सी दू र से ओ लोग के दे खर रहले अवररी दे श के सभ ्नव्सी य्कूब के बेट् से डे र् गईले, जवन ्क इ क्म कईले रहले, क्हे की प्हले से कवनो र्ज् अयीसन न् कईले रहले​े 22 कन्न के स्र र्ज् य्कूब के बेट् लोग से मेल ्मल्प करे के ठ्न ्लहले क्हे ्क य्कूब के बेट् लोग के चलरे उ लोग अपन् ज्न से बहर डे र् गईले​े 23 ओह ्दन स्रव्ँ ्दन हे बोन के र्ज् य्​्फय् आइ के र्ज्, ्गबोन के र्ज्, श्लेम के र्ज्, अदर लम के र्ज्, ल्कीश के र्ज्, च्जर के र्ज् आऊ कन्न के र्ज् लोग के लगे चरपके से भेजले, जवन ्क ओह लोग के अधीन रहलने 24 हमर् स्थे चढ के हमर् लगे आव़ ्क हमनी के य्कूब के बेट् लोग के लगे ज्इब ज् आ हम ओह लोग से मेल ्मल्प कर के ओह लोग से एगो सं्ध करब ज्, कही ं य्कूब के बेट् लोग के रलव्र से रोह्र सब दे श नष न् हो ज्व, जइसे ्क ऊ लोग शेकेम आ ओकर् आसप्स के शहरन के न्श कइले रहे , जइसन ्क रउआ सरनले आ दे खले ब्नीे 25 जब रू हमर् लगे अइब र ढे र आदमी के स्थे मर आईं, बलरक हर र्ज् अपन् रीन गो सरद्र के ले आवे के च्हीं आ हर कप्न अपन् रीन गो अफसर के ले आवे के च्हींे 26 रोहनी सभे हे बोन आके हमनी के य्कूब के बेट् लोग के लगे ज्के ्नहोर् करब ज् ्क उ लोग हमनी के संगे श्ं ्र के सं्ध करसे 27 ऊ सब र्ज् ओइसहीं कइलन जइसे हे बोन के र्ज् भेजले रहले, क्हे ्क ऊ सब लोग उनकर सल्ह आ आज् के रहर रहे आ कन्न के सब र्ज् य्कूब के बेट् लोग के लगे ज्ए ख्​्रर जरटल रहले​े य्कूब के बेट् लोग व्पस आके शेकेम के खेर के ्हस् मे चल गईले, क्हे की उ लोग दे श के र्ज् लोग प भरोस् न् करर रहले​े 28 य्कूब के बेट् लौट के दस ्दन रक खेर के ्हस् मे रहले अवररी केह ओ लोग से लड्ई करे न् आईले 29 जब य्कूब के बेट् लोग दे खल ्क यर् के कवनो पक्र नईखे, र सब लोग जरट गईले अवररी शेकेम शहर मे चल गईले अवररी य्कूब के बेट् शेकेम मे रह गईले​े 30 च्लीस ्दन बीरल् के ब्द अमोरी लोग के सब र्ज् अपन् जगह से जरट के हे बोन के र्ज् य्​्फय् मे आ गईले​े 31 य्कूब के बेट् लोग से मेल ्मल्प करे ख्​्रर हे बोन मे आइल र्ज् लोग के संख् इकीस र्ज् रहे आ ओह लोग के स्थे आवे व्ल् सेन्प्र लोग के संख् उनसठ रहे आ ओह लोग के आदमी एक सौ उनसी लोग रहे आ ई सब र्ज् आ उनकर आदमी हे बोन पह्ड के ्कन्रे आर्म करर रहले​े 32 हे बोन के र्ज् अपन् रीनों सेन्प्र अवररी नौ आदमी के संगे ्नकल गईले अवररी इ र्ज् य्कूब के बेट् के लगे ज्के मेल ्मल्प करे के फैसल् कईले​े 33 उ लोग हे बोन के र्ज् से कहलस, “रू अपन् आदमी के संगे हमनी के आगे ज्के य्कूब के बेट् से हमनी के ओर से ब्र कर,

र हमनी के रोहर् पीछे आके रोह्र ब्र के पर्ष करब अवररी हे बोन के र्ज् अयीसन कईले​े 34 य्कूब के बेट् लोग सरनल ्क कन्न के सब र्ज् हे बोन मे जरट गईल ब्डे अवररी आर्म कईले ब्डे अवररी य्कूब के बेट् अपन् च्र गो नौकर के ज्सूसी बन् के कहले ्क, ज्के ए र्ज् के ज्सूसी करी ं अवररी ओ लोग के आदमी के खोज अवररी ज्ं च करी ं ्क उ लोग कम ब्डे ्क बहर, अवररी जदी संख् मे बहर कम ब्डे र सभके ्गनरी क के व्पस आ ज्ईंे 35 य्कूब के सेवक लोग गरप तप से एह र्ज् लोग के लगे गईले अवररी य्कूब के बेट् लोग के आदे श के मरर्​्बक क्म कईले अवररी ओ ्दन उ लोग य्कूब के बेट् के लगे व्पस आके कहले ्क, हमनी के ओ र्ज् लोग के लगे आईल रहनी अवररी संख् मे उ लोग बहर कम ब्डे अवररी हमनी के सभके ्गनरी कईनीे 36 य्कूब के बेट् लोग कहले, “उ लोग के संख् कम ब्, एहसे हमनी के सब केह ओ लोग के लगे न् ज्ईब ज्े सबेरे य्कूब के बेट् उठ के अपन् बंसठ आदमी के चरनले अवररी य्कूब के दस बेट् ओ लोग के संगे चल गईले​े उ लोग अपन् यर् के ह्थय्र प्हनले रहले, क्हे ्क उ लोग कहले रहले ्क, उ लोग हमनी से लड्ई करे आईल ब्डे , क्हे की उ लोग न् ज्नर रहले ्क उ लोग उनरक् संगे मेल ्मल्प करे आईल ब्डे े 37 य्कूब के बेट् लोग अपन् नौकरन के स्थे शेकेम के फ्टक पर ओह र्ज् लोग के ओर चल गइलन आ उनकर ब्प य्कूब ओह लोग के स्थे रहले​े 38 जब ऊ लोग ब्हर ्नकलल र दे खलस ्क हे बोन के र्ज् आ ओकर रीन गो सेन्प्र आ ओकर् स्थे नौ आदमी सडक पर य्कूब के बेट् लोग के खखल्फ आवर रहले आ य्कूब के बेट् लोग दू र से दे खलन ्क हे बोन के र्ज् य्​्फय् अपन् सेन्प्र लोग के स्थे ओह लोग के ओर आवर ब् आ य्कूब के बेट् लोग शेकेम के फ्टक के जगह पर खड् होके मर गइलन आगे न् बढल ज्व. 39 हे बोन के र्ज् आ ओकर सेन्प्र लोग आगे बढर रहल जब रक ्क ऊ य्कूब के बेट् लोग के नजदीक न् पहँ च गइल आ ऊ आ ओकर सेन्प्र लोग जमीन पर पर्म कइल आ हे बोन के र्ज् अपन् सेन्प्र लोग के स्थे य्कूब आ उनकर बेट् लोग के स्मने बइठले 40 य्कूब के बेट् लोग ओकर् से पूछले , “हे हे बोन के र्ज्, रोहर् क् भईल ब्? आज हमनी के लगे क्हे आईल ब्डू? रू हमनी से क् म्ँ गर ब्ड़? हे बोन के र्ज् य्कूब से कहलस, “हम्र म्​्लक रोहर् से ्नहोर् करर ब्नी ्क आज कन्न के सब र्ज् रोहर् से मेल ्मल्प करे आइल ब्डे े” 41 य्कूब के बेट् हे बोन के र्ज् के ब्र सरनले अवररी उनरक् ब्र प सहमर न् भईले, क्हे की य्कूब के बेट् के उनरक् प कवनो ्वश्स न् रहे , क्हे की उ लोग सोचर रहले ्क हे बोन के र्ज् ओ लोग से धोख् से ब्र कईले ब्डे े 42 य्कूब के बेट् लोग के ब्र से हे बोन के र्ज् के पर् चलल ्क उ लोग उनरकर ब्र प ्वश्स न् कईले, र हे बोन के र्ज् य्कूब के नजदीक आके कहलस, “हे म्​्लक, हम रोहर् से ्नहोर् करर्नी ्क इ भरोस् ्दआव ्क इ सभ र्ज् आपके लगे श्ं ्र से आईल ब्डे , क्हे की उ लोग अपन् सभ आदमी के संगे नईखन आईल, न् ही उ लोग अपन् संगे आपन यर् के 66


जशेर के बा

ह्थय्र लेके आईल ब्डे हमर् म्​्लक आ उनकर बेट् लोग से श्ं ्र म्ँ गे ख्​्ररे 43 य्कूब के बेट् हे बोन के र्ज् के जव्ब दे ले ्क, “रू ए सब र्ज् के लगे भेज द, अवररी जदी रू हमनी से सच बोलर्री र उ लोग के एक-एक क के हमनी के सोझ् आवे के च्ही अवररी जदी उ लोग हमनी के लगे ्नहत् आईल ब्डे र हमनी के पर् चल ज्ई ्क उ लोग हमनी से श्ं ्र के रल्श करर्रे े 44 हे बोन के र्ज् य्​्फय् अपन् एगो आदमी के र्ज् लोग के लगे भेजले, र उ सब य्कूब के बेट् के सोझ् आके जमीन प पर्म कईले अवररी इ र्ज् य्कूब अवररी उनरक् बेट् के सोझ् बईठ गईले अवररी उ लोग से ब्र कईले​े 45 हमनी के ऊ सब सरनले ब्नी ज् जवन रू अपन् रलव्र आ बहरे र्करवर ब्ं ह से अमोरी र्ज् लोग के स्थे कइले रहलू र्​्क केह रोहर् सोझ् खड् न् हो सके आ हमनी के ज्न के ख्​्रर रोहर् से डे र्र रहनी ज्, कही ं हमनी के भी ओइसन न् आ ज्व जइसे ओह लोग पर भइल रहे े 46 हमनी के बीच मे श्ं ्र के सं्ध बन्वे ख्​्रर रोहनी के लगे आइल ब्नी ज् आ अब हमनी के स्थे श्ं ्र आ सच्ई के व्च् कर्वर ब्नी ज् ्क रउआ हमनी के बीच दखल मर दे ब ज्, क्हे ्क हमनी के रोहनी मे दखल न् दे नी ज्े 47 य्कूब के बेट् लोग ज्न गईल ्क उ लोग सचमरच उनरक् से श्ं ्र म्ं गे आईल ब्डे अवररी य्कूब के बेट् ओ लोग के ब्र सरनले अवररी उनरक् संगे व्च् कईले​े 48 य्कूब के बेट् लोग ्कररय् खइले ्क ऊ लोग ओह लोग मे दखल न् दे ब आ कन्न के सब र्ज् भी ्कररय् खइले आ य्कूब के बेट् लोग ओह ्दन से ओह लोग के कर दे ्दहले 49 एकर् ब्द एह र्ज् लोग के सब सेन्प्र य्कूब आ उनकर बेट् ख्​्रर उपह्र लेके अपन् आदमी के स्थे य्कूब के स्मने अइले आ ऊ लोग ओकर् के जमीन पर पर्म कइले 50 रब ई र्ज् लोग य्कूब के बेट् लोग से ्नहोर् कइलन आ ्नहोर् कइलन ्क अमोरी लोग के स्र गो शहरन से ्मलल लूट के व्पस कर ्दहल ज्व आ य्कूब के बेट् लोग अइसन कइल आ ऊ लोग जवन करछ पकडले रहे , ऊ सब मेहर्त, छोट-छोट, मवेशी आ सगरी लूट के स्म्न व्पस कर ्दहल आ ऊ लोग ओह लोग के भेज ्दहल आ ऊ लोग हर केह अपन् शहर मे चल गइल. 51 ई सब र्ज् ्फर से य्कूब के बेट् लोग के पर्म कइलन आ ऊ लोग ओह ्दनन मे ओह लोग ख्​्रर बहर उपह्र भेजल भ् ले आइल आ य्कूब के बेट् लोग एह र्ज् लोग आ ओह लोग के आदमी के भेज ्दहल आ ऊ लोग श्ं ्र से ओह लोग से दू र अपन् शहरन मे चल गइल आ य्कूब के बेट् लोग भी अपन् लर, शेकेम मे व्पस आ गइले 52 ओह ्दन से य्कूब के बेट् आ कन्न के र्ज् लोग के बीच श्ं ्र बनल जब रक ्क इस्एल के लोग कन्न के दे श के उतर्​्धक्री न् बन गइले

य्कूब अवररी उनरकर बेट् अवररी उनरकर पूर् लर हे बोन के ल्टी मे रहर रहले​े 2 ओही ्दन य्कूब के जीवन के सौ छठव्ँ स्ल मे य्कूब के पद्न-अर्म से अइल् के दसव्ँ स्ल मे य्कूब के मेहर्त लीआ के मौर हो गइले जब ऊ हे बोन मे मर गइली र ऊ एकवन स्ल के रहली. 3 य्कूब आ उनकर बेट् लोग ओकर् के हे बोन मे मकपेल् के खेर के गरफ् मे दफन् ्दहल जवन अब्हम हे र के लोग से खरीदले रहले, जवन ्क दफन के जगह के म्​्लक्न् हक ख्​्रर खरीदले रहले​े 4 य्कूब के बेट् लोग अपन् ब्प के स्थे हे बोन के ल्टी मे रहर रहले आ ओह दे श के सब ्नव्सी आपन र्कर ज्नर रहले आ पूर् दे श मे उनकर प्सख् ्मल गइले 5 य्कूब के बेट् यूसरफ आ उनकर भ्ई ्बन्मीन, य्कूब के मेहर्त र्हे ल के बेट्, ओह लरी अभी छोट रहले आ अमोरी लोग के सब शहरन मे लड्ई के दौर्न अपन् भ्ई लोग के स्थे न् ्नकलर रहले​े 6 जब यूसरफ अपन् भ्ई लोग के र्कर आ ओह लोग के मह्नर् दे खलन र ऊ ओह लोग के र्रीफ कइलन आ ओह लोग के बड्ई कइलन ब्​्कर ऊ अपन् के ओह लोग से बडक् दज्य ्दहलन आ ओह लोग से अ्धक् अपन् के बड्ई कइलन. आ ओकर ब्प य्कूब भी ओकर् से अपन् कवनो बेट् से अ्धक् प्र करर रहले, क्हे ्क ऊ बरढ्प् के बेट् रहले आ ओकर् से पेम के चलरे ऊ ओकर् के कई रं ग के कोट बनवले रहले. 7 जब यूसरफ दे खलस ्क उनकर ब्प अपन् भ्ई लोग से ज्दे प्र करे लन र उ अपन् भ्ई लोग से ऊपर उठर रहलन आ उ लोग के ब्रे मे अपन् ्पर् के बरर् खबर दे ले​े 8 य्कूब के बेट् लोग यूसरफ के पूर् आचरर दे ख के ्क उनकर ्पर् उनक् से केह से ज्दे प्र करर रहले, र उ लोग उनरक् से नफरर कईले अवररी पूर् ्दन उनरक् से श्ं ्र से ब्र न् क पवले​े 9 यूसरफ सररह स्ल के रहले, उ अभी भी अपन् भ्ई लोग से ऊपर बढे के सोचर रहले​े 10 ओही लरी ऊ सपन् दे खलन आ अपन् भ्ई लोग के लगे आके आपन सपन् बरवले आ कहलन ्क हम सपन् दे खले रहनी आ दे ख़ ्क हमनी के सब केह खेर मे गरच् ब्नर रहनी ज् आ हम्र गरच् उठ के जमीन पर खड् हो गइल आ रोह्र गरच् ओकर् के लेर के ओकर् स्मने झरक गइले 11 उनकर भ्ई लोग उनकर् से पूछले, “ई सपन् जवन रू सपन् मे दे खले रहलू ओकर क् मरलब ब्? क् रू अपन् मन मे हमनी पर र्ज करे के कलन् करर ब्ड़ ्क हमनी पर र्ज करे के? 12 ऊ अब्हयों आके अपन् ब्प य्कूब के ई ब्र बरवले आ य्कूब यूसरफ के मरँह से ई ब्र सरन के चरम् ्लहले आ य्कूब यूसरफ के आशीष ्दहलने 13 जब य्कूब के बेट् दे खले ्क उनकर ्पर् यूसरफ के आशीष दे ले ब्डे अवररी चरम् लेले ब्डे अवररी उ उनरक् से बहर प्र करे ले, र उ लोग उनरक् से ईष्य करे लगले अवररी उनरक् से अवररी नफरर कईले​े 14 एकर् ब्द यूसरफ एगो अउरी सपन् दे खलन आ अपन् भ्ई लोग के स्मने अपन् ्पर् के सपन् सरनवले आ यूसरफ अपन् ्पर् आ भ्ई लोग से कहले, “दे ख़ हम फेर से सपन् दे खले

अध ्य 41 के ब् 1 स्ल के क्ं ्र के समय य्कूब के बेट् शेकेम से ्नकल के हे बोन, अपन् ्पर् इसह्क के लगे पहं चले अवररी उह्ँ रह गईले, ले्कन शेकेम मे रोज अपन् भेड-बड के चरव्ह् करर रहले, क्हे की ओ समय उह्ँ ब्ढय् अवररी मोट च्र्ग्ह रहे अवररी 67


जशेर के बा

ब्नी, आ दे ख़ ्क सूरज, च्ँ द आ एग्रह र्र् हमर् के पर्म कइले ब्े 15 उनकर ब्प यूसरफ के ब्र आ उनकर सपन् सरन के दे खलन ्क उनकर भ्ई लोग एह ब्र के चलरे यूसरफ से नफरर करर ब्, य्कूब एह ब्र के लेके यूसरफ के अपन् भ्ई लोग के स्मने ड्ं टर कहले, “ई सपन् जवन रू सपन् मे दे खले ब्डू आ रोहर् से बड भ्ई लोग के स्मने आपन बड्ई कईल क् मरलब ब्?” 16 क् रू अपन् मन मे सोचर ब्डू ्क हम आ रोह्र म्ई आ रोह्र एग्रह भ्ई आके रोहर् सोझ् पर्म करब ्क रू ई ब्र कहर ब्ड़? 17 उनकर भ्ई लोग उनकर ब्र आ सपन् के चलरे उनकर् से ईष्य करर रहले आ उनकर् से नफरर करर रहले आ य्कूब सपन् के अपन् मन मे सरर्कर रखले रहले​े 18 य्कूब के बेट् लोग एक ्दन शेकेम मे अपन् ब्प के भेड के चर्वे ख्​्रर चल गईले, क्हे ्क उ लोग ओ समय मे चरव्ह् रहले​े जब य्कूब के बेट् लोग ओह ्दन शेकेम मे ख्न् ख्र रहले र उ लोग दे री कईले अवररी मवेशी बटोरे के समय बीर गईल, ले्कन उ लोग न् पहं चल रहले​े 19 य्कूब दे खले ्क ओकर बेट् शेकेम मे दे री हो गईल ब्, र य्कूब मन मे कहले, “श्यद शेकेम के लोग ओ लोग से लड्ई करे ख्​्रर उठल ब्डे , एहसे आज उ लोग आवे मे दे री कईले ब्डे े 20 य्कूब अपन् बेट् यूसरफ के बोल् के आज् ्दहलन, “दे ख़, रोह्र भ्ई लोग आजर शेकेम मे ख्न् ख्र ब् आ दे ख़ ्क ऊ लोग अबही ं ले व्पस नइखे आइले अब ज्के दे ख़ ्क ऊ लोग कह्ँ ब् आ हमर् के अपन् भ्ई लोग के भल्ई आ झंरड के भल्ई के ब्रे मे बर्ईंे 21 य्कूब अपन् बेट् यूसरफ के हे बोन के ल्टी मे भेजले, आ यूसरफ अपन् भ्ई लोग के लेके शेकेम अईले, ले्कन उ लोग के न् ्मलल, आ यूसरफ शेकेम के लगे खेर मे लूम गईले ्क उनरकर भ्ई कह्ँ मरड गईल ब्डे , अवररी उ जंगल मे आपन र्स् चूक गईले अवररी न् ज्नर रहले ्क उनरक् कवन् र्स् से ज्ए के ब्े 22 पभर के एगो दू र ओकर् के खेर के ओर र्स् मे भटकर दे खले र यूसरफ पभर के दू र से कहले, “हम अपन् भ्ई लोग के खोजर ब्नीे क् रू नइख़ सरनले ्क ऊ लोग कह्ँ ख्न् खखय्वर ब्? पभर के दू र यूसरफ से कहलस, “हम रोह्र भ्ई लोग के इह्ँ ख्न् ख्र दे खनी अवररी उ लोग के कहर सरननी ्क उ लोग दोथ्न मे ख्न् ख्ए जईहे े 23 यूसरफ पभर के दू र के आव्ज सरन के दोथ्न मे अपन् भ्ई लोग के लगे गईले र उ लोग के दोथ्न मे भेड के चर्वर दे खले​े 24 यूसरफ अपन् भ्ई लोग के लगे आगे बढ गईले अवररी उनरक् लगे आवे से प्हले उ लोग उनरक् के म्रे के ठ्न लेले रहले​े 25 ्शमोन अपन् भ्ई लोग से कहलस, “दे ख़, आज सपन् दे खे व्ल् आदमी हमनी के लगे आवर ब्, अब आके हमनी के ओकर् के म्र के जंगल मे जवन गड् मे ब्, र ओकर् के खोजल ज्ई र हमनी के कहब ज् ्क कवनो दर ष ज्नवर ओकर् के ख् गईल ब्े 26 तबेन अपन् भ्ई लोग के यूसरफ के ब्रे मे ब्र सरन के कहलस ्क, “रू लोग के इ क्म न् करे के च्ही, क्हे ्क हमनी के अपन् ्पर् य्कूब के ओर कइसे दे ख सकेनी ज्? ओकर् के मरे ख्​्रर एह गड् मे फेक दी,ं ले्कन ओकर खून बह्वे ख्​्रर

ओकर् पर ह्थ मर बढ्ईंे आ तबेन ओकर् के ओह लोग के ह्थ से बच्वे ख्​्रर कहलन ्क ओकर् के अपन् ब्प के लगे व्पस ले आवल ज् सके. 27 जब यूसरफ अपन् भ्ई लोग के लगे पहं चले र उ लोग उनरक् प उठ के उनरक् के पकड के धररी प म्र दे ले अवररी उनरक् प्हनले कई रं ग के कोट उर्र दे ले​े 28 ऊ लोग ओकर् के लेके एगो गड् मे ड्ल ्दहल आ गड् मे स्ँ प आ ्बचू के अल्व् प्नी न् रहे े यूसरफ गड् मे स्ँ प आ ्बचू से डे र्र रहले​े यूसरफ जोर से ्चल् के पभर स्ँ प आ ्बचू के गड् के ्कन्रे ्छप् ्दहलन आ ऊ लोग यूसरफ के कवनो नरकस्न न् कइलसे 29 यूसरफ गड् से अपन् भ्ई लोग के आव्ज दे के पूछले, “हम रोहनी के क् कइले ब्नी आ कवन् क्म मे प्प कइले ब्नी? रू हमर् ब्रे मे पभर से क्हे न् डे र्र ब्डू? क् हम रोह्र हडी आ म्ं स के न् हईं आ य्कूब रोह्र ब्प न् हईं, हम्र ब्प? आजर रू हमर् स्थे ई क्म क्हे करर ब्ड़ आ हमनी के ब्प य्कूब के कइसे आँ ख उठ् के दे ख पइब़? 30 ऊ गड् से अपन् भ्ई लोग के ्चल्र कहले, “हे यहद्, ्शमोन आ लेवी, हम्र भ्ई लोग, हमर् के ओह अन्र के जगह से उठ्ईं, जवन् मे रू हमर् के रखले ब्डू, आ आजर हमर् पर दय् करे आ ज्ईं, हे पभर के संर्न आ हम्र ब्प य्कूब के बेट्े अगर हम रोहनी ख्​्रर प्प कइले ब्नी र क् रू अब्हम, इसह्क आ य्कूब के बेट् न् हईं? अगर उ लोग कवनो अन्थ के दे खस र ओकर् पर दय् आवर रहे , भ् भूखल आदमी के, ओकर् के ख्ए ख्​्रर रोटी दे र रहे , भ् प्सल के, ओकर् के पीये ख्​्रर प्नी दे र रहे , भ् जवन नंग् रहे , ओकर् के कपड् से ढं कर रहे ! 31 रब रू अपन् भ्ई से आपन दय् कइसे रोकब, क्हे ्क हम रोह्र शरीर आ हडी से हईं आ अगर हम रोहर् ख्​्रर प्प कइले ब्नी र रू हमर् ्पर् के चलरे अइसन करब़! 32 यूसरफ गड् से इ ब्र कहले, र उनकर भ्ई लोग उनकर ब्र न् सरन पवले, न् ही यूसरफ के ब्र के क्न झरक् पवले अवररी यूसरफ गड् मे रोवर-रोवर रहले​े 33 यूसरफ कहले, “हे हम्र ब्बूजी आज ज्नर र्हर ्क हम्र भ्ई लोग हमर् स्थे जवन क्म कइले ब् आ जवन ब्र आज हमर् से कहले ब्े 34 उनकर सब भ्ई लोग गड् मे उनकर ्चल्हट आ रोअल सरनले आ उनकर भ्ई लोग ज्के गड् से दू र हो गइलन र्​्क उ लोग यूसरफ आ गड् मे उनकर रोअल के परक्र न् सरन सके​े अध ्य 42 के ब् 1 उ लोग ज्के उल् ओर, लगभग धनरष के गोली के दू री प बईठ गईले, अवररी उ लोग उह्ँ रोटी ख्ए ख्री बईठ गईले अवररी ख्न् ख्र-ख्र करर उ लोग एक संगे ्वच्र कईले ्क उनरक् संगे क् कईल ज्ए, ्क उनरक् के म्रल ज्ए ्क ओकर् के अपन् ्पर् के लगे व्पस ले आवल ज्एे 2 उ लोग सल्ह के पकडले रहले, रबे उ लोग आँ ख उठ् के दे खले ्क इश्एल के एगो दल ्ग्लयद के र्स् से दू र ्मस के ओर उररर रहे े 3 यहद् ओह लोग से कहलस ्क अगर हमनी के अपन् भ्ई के म्र दे ब ज् र हमनी के क् फ्यद् होई? श्यद भगव्न हमनी 68


जशेर के बा

से ओकर् के म्ँ गे; रब ओकर् ब्रे मे इहे सल्ह ्दहल गइल ब् जवन रू ओकर् स्थे कऱ: दे ख़ इश्एल के ई दल ्मस मे उररर ब्े 4 अब आ ज्, हमनी के ओकर् के ओह लोग के लगे ्नपट्वल ज्व, आ हमनी के ह्थ ओकर् पर मर पडे के च्हीं, आ ऊ लोग ओकर् के अपन् स्थे ले ज्ई आ ऊ दे श के लोग के बीच से हे र् ज्ई आ हमनी के ओकर् के अपन् ह्थ से न् म्रब ज्े इ पस्व उनकर भ्ई लोग के मन खरश भईल अवररी उ लोग यहद् के वचन के मरर्​्बक क्म कईले​े 5 जब ऊ लोग एह ब्र पर बरकही करर रहे आ इस्इली लोग के दल ओह लोग के लगे आवे से प्हले ्मद्न के स्र गो व्प्री ओह लोग के लगे से गरजरल आ गरजरर लरी ऊ लोग प्स ल्गल रहे आ ऊ लोग आँ ख उठ् के ऊ गड् दे खल जवन् मे यूसरफ के मौर हो गइल रहे आ ऊ लोग दे खल आ दे खल ्क हर ररह के ्चरई ओकर् पर आ गइल ब्. 6 ई ्मद्नी लोग प्नी पीये ख्​्रर गड् मे भ्गल, क्हे ्क उ लोग सोचर रहे ्क ओकर् मे प्नी ब्, आ गड् के स्मने अइल् पर उ लोग गड् मे यूसरफ के रोअर आ रोवर आव्ज सरनल, आ उ लोग नीचे गड् मे दे खले आ दे खले ्क एगो सरंदर तप आ अनरग्हर जव्न ब्े 7 ऊ लोग ओकर् के आव्ज दे के कहलस, “रू के हउअ आ के रोहर् के इह्ँ ले आइल ब् आ के रोहर् के एह गड् मे, जंगल मे रखले ब्?” आऊ सब लोग यूसरफ के उठ्वे मे मदद कइल आ ऊ लोग ओकर् के ब्हर ्नक्ल के गड् से ऊपर ले आइल आ ओकर् के लेके अपन् य्त् पर चल गइल आ ओकर भ्ई लोग के प्स से गरजरले 8 उ लोग उ लोग से पूछले, “रू लोग हमनी के सेवक के हमनी से छीन के चल ज्ए ख्​्रर अयीसन क्हे करर्नी? हमनी के एह नवही के गड् मे ड्ल दे ले ब्नी ज् क्हे ्क ऊ हमनी के खखल्फ ्वदोह कइलस, आ रू आके ओकर् के ऊपर ले आके ओकर् के ले ज्े अब र हमनी के आपन नौकर व्पस दे दे 9 ्मद्नी लोग य्कूब के बेट् लोग से कहलस, “क् इ रोह्र सेवक ह ्क इहे रोहनी के सेव् करर ब्?” श्यद रू सब ओकर सेवक हईं, क्हे ्क ऊ रोहनी मे से केह से अ्धक् सरनर आ अनरग्हर ब् आ रू सभे हमनी से झूठ क्हे बोलर ब्ड़? 10 अब हम रोह्र ब्र न् सरनब आ न् रोह्र ध्न दे ब, क्हे ्क हमनी के जंगल मे गड् मे जव्न के ्मल गईल अवररी हमनी के ओकर् के लेके चल गईनीे हमनी के एहसे आगे बढब ज्े 11 य्कूब के सब बेट् ओ लोग के लगे ज्के ओ लोग से कहलस, “हमनी के सेवक के व्पस दे द़ आ रोहनी सभे रलव्र के ध्र से क्हे मरब़?” ्मद्नी लोग ओह लोग के खखल्फ ्चल्र रहे आ ऊ लोग आपन रलव्र ्नक्ल के य्कूब के बेट् लोग से लड्ई करे ख्​्रर नजदीक आ गइलने 12 ्शमोन अपन् बईठल् से उठ के ओह लोग के खखल्फ उठ के जमीन पर उछल के आपन रलव्र ्नक्ल के ्मद्नी लोग के लगे पहं च गईले अवररी उ लोग के सोझ् एगो भय्नक ्चल्हट कईले, जवन् से उनरकर ्चल्हट दू र से सरन्ई दे लस अवररी ्शमोन के ्चल्हट से धररी ्हल गईले 13 ्शमोन आ ओकर ्चल्हट के आव्ज से ्मद्नी लोग डे र् गइल आ ऊ लोग मरँह पर ्गर गइल आ बहरे लबर् गइल. 14 ्शमोन ओह लोग से कहलस, “हम इब्नी य्कूब के बेट् ्शमोन हईं, जे ख्ली अपन् भ्ई के स्थे शेकेम शहर आ अमोरी

लोग के शहरन के नष कर दे ले ब्नीे परमेस् वर हमर् स्थे अईसन करीहे ्क अगर रोह्र सब भ्ई ्मद्न के लोग आ कन्न के र्ज् भी रोहनी के स्थे आ ज्स र उ लोग हमर् से लड न् पवले​े 15 अब हमनी के उ जव्नी के व्पस दे द, जवन् के रू पकडले ब्डू, कही ं हम रोह्र म्ं स आक्श के ्चरई अवररी धररी के ज्नवर के न् दे दे बे 16 ्मद्नी लोग ्शमोन से अउरी डे र् गइलन आ ऊ लोग य्कूब के बेट् लोग के लगे आरं्कर आ डर से आ दयनीय ब्र के स्थे पहँ चले 17 रू जतर कहले ब्डू ्क यरवक रोह्र नौकर ह, उ रोहर् खखल्फ ्वदोह कईलस, एहसे रू ओकर् के गड् मे रख दे ले ब्डूे रब रू अपन् म्​्लक के खखल्फ ्वदोह करे व्ल् नौकर के क् करब़? अब ओकर् के हमनी के बेच दी ं आ हमनी के ओकर् ख्​्रर जवन करछ म्ँ गब़, ऊ सब रोहके दे दे ब ज्े आ पभर के ई क्म करे मे खरशी भइल ्क य्कूब के बेट् लोग अपन् भ्ई के हत् मर करसे 18 ्मद्नी लोग दे खल ्क यूसरफ के तप-रं ग आ अनरग्हर ब्े ऊ लोग अपन् मन मे उनकर इच् करर रहे आ ओकर् के भ्ई लोग से खरीदे के आगह करर रहे े 19 य्कूब के बेट् ्मद्नी लोग के ब्र सरनले अवररी उ लोग अपन् भ्ई यूसरफ के बीस च्ं दी के टर कड् मे बेच दे ले अवररी उनरकर भ्ई तबेन ओ लोग के संगे न् रहले अवररी ्मद्नी लोग यूसरफ के लेके ्ग्लआद के य्त् ज्री रखले​े 20 उ लोग सडक के ्कन्रे ज्र रहले, रब ्मद्नी लोग उ यरवक के खरीद के जवन कईले रहले, ओकर् प पश्र्प कईले अवररी एक दू सर् से कहलस ्क, “हमनी के इ क् क्म कईले ब्नी ्क इ जव्न के इब्नी लोग से ले लेले ब्नी, जवन ्क सरंदर दे ख्ई दे वे व्ल् अवररी अनरग्हर ब्े” 21 श्यद इ यरवक इब्​्नयन के दे श से चोरी हो गईल ब्, र हमनी के इ क्म क्हे कईले ब्नी ज्? आ अगर ओकर् के खोजल ज्व आ हमनी के ह्थ मे ्मल ज्व र हमनी क् ओकर् म्धम से मरब ज्. 22 अब ्न्शर तप से कठोर आ र्करवर लोग ओकर् के हमनी के बेच दे ले ब्, जेकर् के रू आज दे खले ब्डूे श्यद ऊ लोग अपन् र्कर आ अपन् र्करवर ब्ं ह से ओकर् के ओकर् जमीन से चोर् ्लहले होखे आ एहसे ओकर् के हमनी के ओह छोट द्म पर बेच ्दहले होखे जवन हमनी क् ओह लोग के ्दहले रही ं ज्. 23 जब उ लोग एक संगे बरकही करर रहले, र उ लोग दे खले अवररी दे खले ्क इश्एल के लोग के दल जवन प्हले आईल रहे अवररी य्कूब के बेट् दे खले रहले, उ ्मद्नी के ओर बढर रहे अवररी ्मद्नी लोग एक दू सर् से कहले, “आव, हमनी के ए यरवक के अपन् ओर आवे व्ल् इश्एल के दल के बेच दे ब, अवररी हमनी के उनरक् ख्री जवन करछ दे ले ब्नी, ओकर् ख्री हमनी के होखब ज्े” अपन् बरर्ई से मरक हो गइले 24 उ लोग अईसन कईले अवररी इश्एल के लोग रक पहं च गईले अवररी ्मद्नी यूसरफ के बीस च्ं दी मे बेच दे ले, जवन ्क उ लोग उनरक् ख्री उनरक् भ्ई लोग के दे ले रहले​े 25 ्मद्नी लोग ्गल्द के र्स् पर चलल आ इस्इली लोग यूसरफ के लेके एगो ऊंट पर सव्र होके ्मस ज्र रहले​े 69


जशेर के बा

26 यूसरफ सरनले ्क इस्इली लोग ्मस ज्र ब्, आ यूसरफ एह ब्र पर ्वल्प कइलन आ रोवर रहलन ्क ऊ कन्न दे श से, अपन् ब्प से एरन् दू र होखे व्ल् रहलन, आ ऊंट पर सव्र होके ऊ कडरआ रोअर रहलन आ ओह लोग के एगो आदमी उनक् के दे खलस आ ऊंट से नीचे उरर के पैदल चल गइलन आ एकर् ब्वजूद यूसरफ रोवर रोवर रहलन आ ऊ रोवर रहलन कहलस, हे ब्बूजी, ब्बूजीे 27 इस्इली लोग मे से एगो उठ के यूसरफ के ग्ल पर म्र ्दहलस आ रब्हयो ऊ रोवर रहले आ यूसरफ र्स् मे थक गइल रहले आ उनकर आत् के कडव्हट के चलरे आगे न् बढ पवले, आ सब लोग उनक् के म्र के र्स् मे दर खी कईले, आ उ लोग उनक् के डे र् ्दहले र्​्क उ रोवल बंद कर सके​े 28 पभर यूसरफ के महत्क्ं क् आ ओकर परे श्नी दे खलन आ पभर ओह लोग पर अन्र आ भम पैद् कर ्दहलन आ ओकर् के म्रे व्ल् हर आदमी के ह्थ मररझ् गइल. 29 उ लोग एक दू सर् से पूछले , “ई क् क्म ह जवन भगव्न हमनी के र्स् मे कईले ब्डे ?” उ लोग न् ज्नर रहले ्क यूसरफ के चलरे उ लोग के संगे अयीसन भईल ब्े उ लोग र्स् मे चल गईले अवररी उ लोग एफ्थ के र्स् से गरजरर रहले, जह्ं र्हे ल के दफन कईल गईल रहे े 30 यूसरफ अपन् महर्री के कब मे पहं चले अवररी यूसरफ जलीजली अपन् महर्री के कब के ओर भ्ग गईले अवररी कब प ्गर गईले अवररी रोवे लगले​े 31 यूसरफ अपन् महर्री के कब पर जोर से ्चल् के कहलस, “हे म्ई, म्ई, हे म्ई, हे म्ई, जे हमर् के जनम दे ले ब्नी, अब उठ के दे ख़ ्क ऊ अपन् बेट् के गरल्म के तप मे बेचल गइल ब् आ ओकर् पर दय् करे व्ल् केह नइखे​े 32 हे उठ के आपन बेट् के दे ख़, हमर् संकट के चलरे हमर् स्थे रोअ़ आ हमर् भ्ई लोग के ्दल दे ख़े 33 हमर् ख्​्रर हमर् म्ई के जग्, जग्ई, नीद ं से ज्ग, हमर् भ्ई लोग के खखल्फ आपन लड्ई के ्नद् ्शर करे हे कइसे ऊ लोग हमर् से हम्र कोट उर्र के दू बेर प्हलही ं से गरल्म ख्​्रर बेच ्दहले ब् आ हमर् के ब्प से अलग् कर ्दहले ब् आ हमर् पर दय् करे व्ल् केह नइखे. 34 जग के उनकर् खखल्फ आपन ब्र परमेस् वर के स्मने रख़ आ दे ख़ ्क परमेस् वर केकर् के न्य मे धम् ठहर्ईहे आ केकर् के दोषी ठहर्ईहे े 35 उठ, हे म्ई, उठ, नीद ं से ज्ग आ हमर् ब्बूजी के दे ख़ ्क आज ओकर आत् हमर् स्थे कइसे ब्, आ ओकर् के ्दल्स् दे ़ आ ओकर् ्दल के सहज कऱे 36 यूसरफ इ ब्र कहर रहलन आ यूसरफ अपन् महर्री के कब पर जोर से ्चल्र रोवर रहलने ऊ बोलल छोड ्दहलन आ ्दल के कडव्हट से ऊ कब पर पतर ्नयर ख्र हो गइलन. 37 यूसरफ जमीन के नीचे से उनकर् से ब्र करर आव्ज सरनलस जवन उनक् के कडव्हट से जव्ब ्दहलसे 38 हम्र बेट्, हम्र बेट् यूसरफ, हम रोह्र रोवे के आव्ज आ रोह्र ्वल्प के आव्ज सरनले ब्नीे हम रोह्र लोर दे खले ब्नी; हम रोह्र परे श्नी के ज्नर ब्नी, बेट्, आ ई हमर् के रोहर् ख्​्रर दर खी करे ल्, आ हमर् दर ख मे भरपूर दर ख जोडल ज्ल्े

39 अब हम्र बेट्, हम्र बेट् यूसरफ, पभर के आश् र्ख़ आ उनकर इं रज्र करी ं आ मर डे र्ईं, क्हे ्क पभर रोहर् स्थे ब्डन, ऊ रोहर् के हर संकट से मरक कर दीहे े 40 उठ़ बेट्, अपन् म्​्लकन के स्थे ्मस ज्, आ मर डे र्, क्हे ्क हे बेट्, पभर रोहर् स्थे ब्डने उ यूसरफ से इहे ब्र कहर रहली अवररी उ श्ं र रहलीे 41 यूसरफ ई ब्र सरन के बहर अचरज मे पड गइलन आ रोवर रहलने एकर् ब्द इश्एल मे से एगो ओकर् के कब पर रोवर आ रोवर दे खलस आ ओकर कोध ओकर् पर भडक गइल आ ऊ ओकर् के ओ्हज् से भग् ्दहल्स आ ऊ ओकर् के म्र ्दहल्स आ ओकर् के ग्री ्दहल्स. 42 यूसरफ ओह लोग से कहलन, “हमर् रोहनी के नजर मे कृप् हो ज्व ्क हम हमर् के अपन् ब्प के लरे ले ज्इब आ ऊ रोहनी के भरपूर धन दे दीहे े” 43 उ लोग जव्ब दे ले, “क् रू गरल्म नईख, आ रोह्र ब्प कह्ँ ब्डे ?” आ अगर रोह्र ब्प र्हर र रोहर् के अरन् कम द्म मे दू बेर गरल्म ख्​्रर न् बेचल गइल र्हरे आऊ उनकर गरस् अब्हयों ओकर् पर ज्गल रहे आ ऊ लोग ओकर् के म्रर रहे आ ओकर् के र्डर रहे आ यूसरफ कडरआ रोअर रहे े 44 पभर यूसरफ के दर ख दे खलन आ पभर फेर से एह लोग के म्र ्दहलन आ र्ड ्दहलन आ पभर ओह लोग के धररी पर अन्र कर ्दहलन आ ्बजली चमकल आ गरज दह्डल आ गरज आ रेज हव् के आव्ज से धररी ्हल गइल आ आदमी लोग डे र् गइल आ न् पर् चलल ्क ऊ लोग कह्ँ ज्ए के ब्. 45 ज्नवर आ ऊंट एक जगह खड् होके ओह लोग के अगरव्ई करर रहले, ले्कन उ लोग न् ज्ए के च्हर रहले, उ लोग ओ लोग के म्र दे ले अवररी जमीन प करहक गईले​े उ लोग एक दू सर् से कहलस, “ई क् भगव्न हमनी के कईले ब्डे ?” हमनी के क् अपर्ध ब् आ हमनी के क् प्प ब् ्क ई ब्र हमनी पर एह ररह से भइल ब्? 46 उ लोग मे से एगो जव्ब ्दहलस, “श्यद एह द्स के दर ख दे वे के प्प के चलरे आज हमनी के संगे इ लटन् भईल ब्े अब एह से ओकर् से जोरद्र ्नहोर् करी ं ्क ऊ हमनी के म्फ कर दे व, आ रब हमनी के पर् चल ज्ई ्क केकर् चलरे ई बरर्ई हमनी पर होखर ब्, आ अगर भगव्न हमनी पर दय् करीहे र हमनी के पर् चल ज्ई ्क ई सब एह गरल्म के दर ख दे बे के प्प क् चलरे हमनी क् लगे आवर ब्. 47 उ लोग अयीसन कईले अवररी उ लोग यूसरफ से ्नहोर् कईले अवररी उनरक् के म्फ करे ख्री दब्वर रहले​े उ लोग कहल ्क, हमनी के पभर अवररी रोहर् से प्प कईले ब्नी, एहसे अब रोहर् भगव्न से ्नहोर् करे के भरोस् ब् ्क उ हमनी के बीच से ए मौर के दू र क दे वे, क्हे की हमनी के उनरक् से प्प कईले ब्नीे 48 यूसरफ ओह लोग के ब्र के मरर्​्बक क्म कइलन आ पभर यूसरफ के ब्र सरनलन आ पभर यूसरफ के चलरे ओह लोग पर जवन ्वप्त पैद् कइले रहले ओकर् के दू र कर ्दहलन आ ज्नवर जमीन से उठ के ओह लोग के ले गइलन आ ऊ लोग आगे बढल आ उग रूफ्न कम हो गइल आ धररी श्ं र हो गइल आ ऊ लोग ्मस उररे के य्त् पर ्नकलल आ आदमी लोग ई ब्र ज्न गइल यूसरफ के चलरे उ लोग के इ बरर्ई भईल रहे े 49 उ लोग एक दू सर् से कहलस, “हमनी के पर् ब् ्क उनरक् दर ख के चलरे हमनी के इ बरर्ई भईले अब हमनी के अपन् 70


जशेर के बा

आत् पर ई मौर क्हे ले आईं ज्? हमनी के सल्ह ध्रर करी ं ज् ्क एह गरल्म के क् कइल ज्व. 50 एक आदमी जव्ब ्दहलस, “उ स्ँ चह हमनी से कहले रहले ्क ओकर् के अपन् ब्प के लगे व्पस ले आवल ज्वे अब र आईं, हमनी के ओकर् के व्पस ले ज्ईं ज् आ हमनी के ओह जगह पर चल ज्ईं ज् जवन ऊ बर्ई, आ ओकर् पररव्र से ऊ द्म ले लेब जवन हमनी क् ओकर् ख्​्रर दे ले रही ं ज् आ रब हमनी क् चल ज्ईं ज्. 51 एक आदमी फेर से जव्ब ्दहलस, “दे खी ं इ सल्ह बहर ब्ढय् ब्, ले्कन हमनी के अयीसन नईखी क सकर, क्हे की र्स् हमनी से बहर दू र ब् अवररी हमनी के अपन् र्स् से ब्हर नईखी ज् सकरे 52 एक आदमी अउरी जव्ब ्दहलस, “इहे सल्ह ह जवन अपन्वे के ब्, हमनी के एकर् से न् हटब ज्े दे ख़ हमनी के आज ्मस ज्र ब्नी ज् आ जब हम ्मस मे आ ज्ईब ज् र ओकर् के ओ्हज् बहरे द्म पर बेच दे ब ज् आ ओकर् बरर्ई से मरक हो ज्ईं ज्े 53 इ ब्र उ लोग के मन खरश हो गईल अवररी उ लोग अयीसन कईले अवररी उ लोग यूसरफ के संगे ्मस के य्त् ज्री रखले​े

लोग कहल ्क जे आदमी हमनी के ब्प भ् ओकर् लर के लोग के ई ब्र बर्ई भ् जे दे श के कवनो बच् के ई ब्र बर्ई, ऊ हमनी के सब केह ओकर् खखल्फ उठ के ओकर् के रलव्र से म्र दे ब ज्े 8 य्कूब के बेट् छोट से लेके बड रक एक दू सर् से डे र्र रहले अवररी केह एक शब न् बोलर रहले अवररी उ लोग अपन् मन मे इ ब्र ्छप् दे ले​े 9 ओकर् ब्द उ लोग बईठ गईले ्क उ लोग अपन् ्पर् य्कूब से इ सब ब्र के ब्रे मे करछ बर्वे अवररी करछ सोचसे 10 इस्कर ओह लोग से कहलन, “अगर रोहनी के नजर मे ई क्म कइल ब्ढय् ल्गर ब् र रोहनी ख्​्रर एगो सल्ह ब् ्क यूसरफ के कोट लेके ओकर् के फ्ड के बकरी के बकरी के म्र के ओकर् खून मे डर ब् दीें 11 आ हमनी के ब्प के लगे भेज दी ं आ जब ऊ दे खखहे र ऊ कह दीहे ्क कवनो दर ष ज्नवर ओकर् के ख् गइल ब्, एहसे ओकर कोट फ्ड दी ं आ दे ख़ ्क ओकर खून ओकर् कोट पर हो ज्ई आ रोहर् अइसन कइल् से हमनी क् अपन् ब्प के गरनगरन्हट से मरक हो ज्ईं ज्. 12 इस्कर के सल्ह उ लोग के नीक ल्गल अवररी उ लोग उनरकर ब्र सरनले अवररी उ लोग इस्कर के सल्ह के मरर्​्बक क्म कईले​े 13 ऊ लोग जली-जली यूसरफ के कोट लेके फ्ड ्दहल आ बकरी के बकरी के म्र के बकरी के खून मे कोट डर ब् ्दहल आ ओकर् ब्द ओकर् के धूल मे रौंद ्दहल आ नप्ली के ह्थ से ऊ कोट अपन् ब्प य्कूब के लगे भेज ्दहल आ ऊ लोग ओकर् के ई ब्र कहे के आज् ्दहले 14 हमनी के मवेशी मे बटोरले रहनी ज् आ शेकेम के र्स् रक आ अउरी दू र रक पहँ चल रहनी ज्, जब जंगल मे सडक पर इ वस खून आ धूल मे डूबल ्मलले अब ज्न लीं ्क ई रोहर् बेट् के कोट ह ्क न्े 15 नफ्ली ज्के ऊ अपन् ब्प के लगे अइले आ ऊ ओकर् के कोट दे ्दहलन आ ऊ ओकर् से ऊ सब ब्र कहलन जवन ओकर भ्ई लोग ओकर् के कहले रहले. 16 य्कूब यूसरफ के कोट दे खले र उ ज्न गईले अवररी उ जमीन प मरंह से ्गर गईले अवररी पतर ्नहन ख्र हो गईले, अवररी ब्द मे उ उठ के जोर-जोर से रोवर आव्ज मे ्चल् के कहले, “ई हम्र बेट् यूसरफ के कोट ह! 17 य्कूब जली-जली अपन् एगो नौकर के अपन् बेट् के लगे भेजले, जवन ्क ओ लोग के लगे गईल अवररी उनरक् के भेड के संगे सडक के ्कन्रे आवर दे खले​े 18 लगभग स्ँ झ के य्कूब के बेट् अपन् ब्प के लगे अइले, र दे खले ्क उनकर कपड् फ्टल ब् आ म्थ् पर धूल ब्, आ उ लोग के ब्प के ्चल्र आ जोर से रोवर दे खलने 19 य्कूब अपन् बेट् लोग से कहलन, “स्ँ चह बर्व़ ्क आज हमर् पर अच्नक कवन बरर्ई कइले ब्ड़? उ लोग अपन् ्पर् य्कूब के जव्ब दे ले ्क, हम आज भेड के बटोरल् के ब्द आवर रहनी अवररी जंगल मे सडक के ्कन्रे शेकेम शहर रक पहं चनी, अवररी हमनी के इ कोट जमीन प खून से भरल दे ख्ई दे लस, अवररी हमनी के एकर् के ज्न गईनी अवररी अगर रू ज्न पवनी र हम रोहर् लगे भेज दे नीे 20 य्कूब अपन् बेट् लोग के ब्र सरन के जोर से ्चल् के कहलस, “ई हम्र बेट् के कोट ह, एगो दर ष ज्नवर ओकर् के

अध ्य 43 के ब् 1 जब य्कूब के बेट् लोग आपन भ्ई यूसरफ के ्मद्नी लोग के बेच ्दहल र उनकर मन उनकर् पर चकन्चूर हो गइल आ ऊ लोग अपन् क्म से पश्र्प कइल आ ओकर् के व्पस ले आवे के को्शश कइल ब्​्कर ओकर् के न् ्मलले 2 तबेन ओह गड् मे व्पस आ गइलन, जवन् मे यूसरफ के ब्हर ्नक्लल गइल रहे आ ओकर् के अपन् ब्प के लगे व्पस कर्वल ज् सके, आ तबेन गड् के लगे खड् हो गइलन, आ ऊ एको ब्र न् सरनलन आ यूसरफ के आव्ज ्दहलन! यूसरफ के ब्! आ केह जव्ब न् ्दहलस न् कवनो शब बोललसे 3 तबेन कहलस, “यूसरफ डे र् के मर गइल ब्, भ् कवनो स्ँ प ओकर् के म्र ्दहले ब्े तबेन गड् मे उररलन आ यूसरफ के खोजर रहले र गड् मे न् ्मलल आ ऊ फेर से ब्हर ्नकल गइलन. 4 तबेन आपन कपड् फ्ड के कहलस, “लइक् उह्ँ नइखे, आ अगर उ मर गईल ब् र हम ओकर् ब्रे मे कइसे मेल ्मल्प करब? आ ऊ अपन् भ्ई लोग के लगे गइलन आ दे खलन ्क ऊ लोग यूसरफ के चलरे दर खी ब् आ अपन् ब्प के ब्रे मे कइसे मेल ्मल्प कर्वल ज्व, आ तबेन अपन् भ्ई लोग से कहलस, “हम गड् मे अइनी आ दे खनी ्क यूसरफ उह्ँ न् रहले, र हमनी के अपन् ब्प से क् कहब ज्, क्हे ्क हम्र ब्बूजी ख्ली हमर् से लइक् के खोजर होईहे े” 5 ओकर भ्ई लोग ओकर् के जव्ब ्दहल, “हमनी के अईसन कईनी अवररी ओकर् ब्द हमनी के ्दल ए क्म के चलरे हमनी के म्र ्दहलस, अवररी हमनी के अब बह्न् खोजे ख्री बईठल ब्नी ्क हमनी के अपन् ्पर् के एकर् से कइसे ्मल्प करबे 6 तबेन उनसे कहलस, “हमनी के ब्प के धूसर ब्ल के कब मे उर्रे ख्​्रर रू लोग इ क् कईले ब्डू?” ब्र अच् नइखे, ्क रू कइले ब्डूे 7 रब तबेन ओह लोग के स्थे बइठल आ सभे उठ के एक दू सर् से कसम खइले ्क य्कूब के ई ब्र न् बर्ई, आ सब 71


जशेर के बा

ख् गईल ब्े यूसरफ के टर कड्-टर कड् हो गइल ब्, क्हे ्क हम आज ओकर् के भेजले ब्नी ्क रोहर् ठीक ब् ्क न्, झंरड के ठीक ब् ्क न्, आ रोहर् से हमर् के फेर से खबर ले आवे ख्​्रर, आ उ हमर् आज् के मरर्​्बक चल गईले, अवररी आज उनरक् संगे अयीसन भईल ब्, जब हम सोचर रहनी ्क हम्र बेट् आपके संगे ब्े 21 य्कूब के बेट् लोग जव्ब दे ले, “उ हमनी के लगे न् आईल अवररी हमनी के रोहर् से ्नकलल् के समय से लेके अब रक उनरक् के न् दे खले ब्नीे 22 जब य्कूब ओह लोग के ब्र सरन के फेर जोर से ्चल् के उठल आ आपन कपड् फ्ड ्दहलस आ कमर पर बोर् प्हन के कडरआ रोअल आ शोक कइल आ रोवर आव्ज उठ् के ्चल् के ई ब्र कहलसे 23 हम्र बेट् यूसरफ, हे हम्र बेट् यूसरफ, हम आज रोहर् के रोहर् भ्ई लोग के भल्ई के ब्द भेजले ब्नी, आ दे ख, रू टर कड्-टर कड् हो गईल ब्डूे हमर् ह्थ के म्धम से हमर् बेट् के संगे अयीसन भईल ब्े 24 ई हमर् के रोहर् ख्​्रर दर खी करर ब्, हम्र बेट् यूसरफ, ई हमर् के रोहर् ख्​्रर दर खी करर ब्े ्जनगी मे रू हमर् ख्​्रर केरन् मीठ रहलू आ अब रोह्र मौर हमर् ख्​्रर केरन् बेहद कडरआ ब्े 25 0 ्क हम रोहर् जगह् हम्र बेट् यूसरफ मर गइल रहनी, क्हे ्क ई हमर् ख्​्रर दर खी ब् ्क रोहर् बेट्, हे हम्र बेट्, हम्र बेट्े हम्र बेट् यूसरफ, रू कह्ँ ब्ड़ आ कह्ँ खीच ं ्इल ब्ड़? उठ़, अपन् जगह से उठ़, आ आ के रोहर् ख्​्रर हम्र दर ख दे ख़, हे हम्र बेट् यूसरफे 26 अब आके हमर् आँ ख से बहर लोर के ग्ल पर ्गन के पभर के स्मने ले आव़ र्​्क उनकर कोध हमर् से दू र हो सके​े 27 0 हम्र बेट् यूसरफ, रू कइसे ्गर गइल ब्डू, जेकर् ह्थ से दर ्नय् के शररआर से लेके आज रक केह न् ्गरल रहे े क्हे ्क रोहर् के कवनो दर शन के म्र के म्र ्दहल गइल ब्, जवन् के कूरर् के ्शक्र हो गइल ब्, ब्​्कर हम जतर ज्नर ब्नी ्क हमर् प्प के भरम्र क् चलरे रोहर् स्थे अइसन भइल ब्. 28 अब उठ़ आ दे ख़ ्क रोहर् ख्​्रर हम्र परे श्नी केरन् कडव् ब् हम्र बेट्, भले हम रोहर् के न् पोसले ब्नी, न् रोहर् के फैशन कइले ब्नी, न् रोहर् के स्ँ स आ प्र दे ले ब्नी, ब्​्कर भगव्ने रोहर् के बनवले रहले आ रोह्र हडी बनवले रहले आ ओकर् के म्ं स से ढं कले रहले आ रोहर् न्क के छे द मे जीवन के स्ँ स लेहले रहले आ रब ऊ रोहर् के हमर् के दे ्दहले रहले. 29 स्ँ चह परमेस् वर जे रोहर् के हमर् के दे ले ब्डन, उ रोहर् के हमर् से छीन लेले ब्डन आ अइसने रोहर् पर हो गइल ब् 30 य्कूब यूसरफ के ब्रे मे इहे ब्र कहर रहलन आ ऊ कडरआ रोअर रहलने ऊ जमीन पर ्गर गइल आ ख्र हो गइल. 31 य्कूब के सब बेट् अपन् ्पर् के परे श्नी दे ख के उ लोग अपन् क्म प पछर्व् कईले अवररी उ लोग भी कडरआ रोवे लगले​े 32 यहद् उठ के अपन् ब्प के म्थ् जमीन से उठ् के अपन् गोदी मे रखले अवररी अपन् ्पर् के लोर के ग्ल से पोंछले अवररी यहद् बहर रोवर रोवर रहले, जब्क ्पर् के ्सर उनरक् गोदी मे ्टकल रहे , जवन ्क पतर ्नहन रहे े

33 य्कूब के बेट् लोग अपन् ्पर् के परे श्नी दे ख के आव्ज उठ् के रोवर रहले अवररी य्कूब अभी रक पतर ्नहन जमीन प पडल रहले​े 34 उनकर सब बेट्, उनकर नौकर आ उनकर नौकर के लइक् उठ के उनकर् के ्दल्स् दे वे ख्​्रर उनकर च्रो ओर खड् हो गइलन आ ऊ ्दल्स् दे वे से मन् कर ्दहलने 35 य्कूब के पूर् लर्न् उठ के यूसरफ आ अपन् ्पर् के परे श्नी के चलरे बहर शोक मन्वर रहले अवररी इ ब्र य्कूब के ्पर् इब्हीम के बेट् इसह्क रक पहं च गईल अवररी उ यूसरफ अवररी उनरकर पूर् लर के लोग के चलरे कडरआ रोवे लगले अवररी उ अपन् बेट् य्कूब के संगे कडव् रोवे लगले ्दल्स् दे वे के ब्े 36 एकर् ब्द य्कूब जमीन से उठ के ग्ल से लोर बहर रहे अवररी उ अपन् बेट् से कहले ्क, उठ के आपन रलव्र अवररी धनरष लेके खेर मे ज्के खोजर ्क क् रू हमर् बेट् के ल्श प् के हमर् लगे ले आ सकर्नी ्क हम ओकर् के ग्ड सकीे 37 हम रोहसे ्नहोर् करर ब्नी ्क ज्नवरन के बीच से भी खोजी ं आ ओकर ्शक्र करी ं आ जवन चीज के पकड के हमर् लगे ले आवे से प्हले प्हले आई, श्यद पभर आज हमर् दर ख पर ररस ख् जइहे आ रोहर् सोझ् ऊ चीज रइय्र कर दीहे जवन हमर् बेट् के टर कड्-टर कड् मे फ्ड के हमर् लगे ले आइल ब् आ हम अपन् बेट् के मर्​् के बदल् लेबे 38 उनकर बेट् सबेरे सबेरे उठ के हर केह आपन रलव्र आ धनरष ह्थ मे लेके जंगल मे ज्नवरन के ्शक्र करे ख्​्रर ्नकल गइलने 39 य्कूब अभी भी जोर से ्चल्र रहले, रोवर रहले अवररी लर मे इधर-उधर लूमर रहले अवररी ह्थ म्रर रहले अवररी कहर रहले ्क, “हम्र बेट् यूसरफ, हम्र बेट् यूसरफे” 40 य्कूब के बेट् ज्नवरन के पकडे ख्​्रर जंगल मे गईले, र दे खले ्क एगो भे्डय् ओ लोग के ओर आईल अवररी उ लोग ओकर् के पकड के अपन् ्पर् के लगे ले अईले अवररी उ लोग उनरक् से कहलस ्क, “हमनी के प्हल् बेर ्मलल ब् अवररी हमनी के ओकर् के अपन् लगे ले आईल ब्नी, जईसे रू हमनी के आदे श दे ले रहलू, अवररी रोह्र बेट् के ल्श हमनी के न् ्मल पवनीे” 41 य्कूब अपन् बेट् के ह्थ से ज्नवर के ले ्लहले अवररी उ ज्नवर के ह्थ मे लेके कडव् मन से ्चल्र कहले ्क, रू हमर् बेट् यूसरफ के क्हे ख् गईल अवररी धररी के भगव्न से च्हे हमर् बेट् यूसरफ ख्री हमर् परे श्नी से कईसे डर न् ल्गल? 42 रू हमर् बेट् के बेक्र मे ख् गईनी, क्हे ्क उ कवनो ्हं स् न् कईले अवररी एकर् से हमर् के अपन् ्हस्ब से दोषी ठहरवले, एहसे भगव्न सर्वल ज्ए व्ल् के म्ं ग करीहे े 43 रब पभर य्कूब के ब्र से ्दल्स् दे वे ख्​्रर ज्नवर के मरंह खोल ्दहलन आ ऊ य्कूब के जव्ब ्दहलस आ ओकर् से इ ब्र कहलसे 44 जइसहीं हमनी के धररी पर रचले व्ल् भगव्न ्जंद् ब्डन आ जइसे रोह्र प्र ्जंद् ब्, हे म्​्लक, हम रोह्र बेट् के न् दे खनी, न् ओकर् के टर कड्-टर कड् कर ्दहनी, ले्कन दू र के दे श से भी हम अपन् बेट् के खोजे आईल ब्नी जवन आज हमर् से चल गईल ब्, ले्कन हम नईखी ज्नर ्क उ ्जंद् ब् ्क मरले 72


जशेर के बा

45 आजर हम अपन् बेट् के खोजे ख्​्रर खेर मे अइनी र रोह्र बेट् हमर् के प् के हमर् के पकड ्लहले आ हम्र दर ख बढ् ्दहले आ आजर हमर् के रोहर् सोझ् ले अइले आ हम अब रोहर् से आपन सब ब्र कहले ब्नी. 46 आ अब एह से, हे मनरष के बेट्, हम रोहर् ह्थ मे ब्नी आ आज हमर् स्थे कऱ जवन रोहर् नजर मे ब्ढय् ल्गे, ब्​्कर हमर् के रचले व्ल् भगव्न के जीवन से हम रोह्र बेट् के न् दे खनी, न् ओकर् के टर कड्-टर कड् कइनी, न् ही हमर् ्ज्नगी भर आदमी के म्ं स हमर् मरँह मे लरसल ब्े 47 जब य्कूब ओह ज्नवर के ब्र सरन के बहर अचरज मे पड गईले अवररी उ ज्नवर के अपन् ह्थ से भेज दे ले अवररी उ अपन् र्स् से चल गईलीे 48 य्कूब अब्हयों ्दन पर ्दन यूसरफ ख्​्रर जोर से रोवर रहले आ अपन् बेट् ख्​्रर बहर ्दन रक शोक मन्वर रहले​े

अगर रू ओकर् ्बकी के ररक्डय हमर् के अपन् लगे ले आईब, अवररी ओकर इ्रह्स बर्ईब, क्हे की श्यद उनरकर चोरी हो सकर्, क्हे की इ यरवक न् र गरल्म ह, न् गरल्म के बेट्, ले्कन हम ओकर् मे एगो ्नमन अवररी सरंदर आदमी के तप दे खर्नीे 9 मेद्नी लोग ज्के इश्एल के लोग के ले अइले, जे लोग उनक् के बेचले रहले, र उ लोग उनक् के बरवले ्क उ गरल्म ह अवररी हमनी के उनरक् के बेच दे ले ब्नीे 10 पोरीफर मेद्नी लोग के च्ँ दी दे वे के समय इश्एल के ब्र सरनले, र मेद्नी लोग च्ं दी लेके आपन य्त् पर ्नकल गईले अवररी इश्एल के लोग भी अपन् लरे लवट गईले​े 11 पोरीफर यूसरफ के लेके अपन् लरे ले अइले ्क ऊ ओकर सेव् कर सके, आ यूसरफ के पोरीफर के दय् ्मलल आ ऊ ओकर् पर भरोस् कइलन आ ओकर् के अपन् लर के दे खरे ख करे व्ल् बन् ्दहलन आ अपन् सब करछ के ऊ अपन् ह्थ मे सौंप ्दहलन. 12 पभर यूसरफ के स्थे रहलन आ उ एगो समृ् आदमी बन गइलन आ यूसरफ के ख्​्रर पभर पोरीफर के लर्न् के आशीष ्दहलने 13 पोरीफर आपन सब करछ यूसरफ के ह्थ मे छोड ्दहलन आ यूसरफ एगो अइसन रहले जे पोरीफर के लर मे उनकर इच् के ्हस्ब से सब करछ ठीक हो गइले 14 यूसरफ अठ्रह स्ल के रहले, उ एगो जव्न रहले, उनरकर आँ ख सरंदर अवररी सरंदर दे ख्ई दे र रहे , अवररी उ पूर् ्मस दे श मे उनरक् ्नहन न् रहले​े 15 ओह लरी जब ऊ अपन् म्​्लक के लर मे रहले, लर मे लरस के ब्हर ्नकलर रहले आ अपन् म्​्लक के दे खभ्ल करर रहले, र उनकर म्​्लक के मेहर्त जे्लक् यूसरफ के ओर आँ ख उठ् के दे खली आ दे खली ्क ऊ एगो सरनर आ अनरग्हर नवही रहले​े 16 ऊ अपन् ्दल मे उनकर सरंदरर् के ल्लच करर रहली आ उनकर आत् यूसरफ पर ्टकल रहली आ ्दन पर ्दन यूसरफ के लरभ्वर रहली आ ज्लक्ह रोज यूसरफ के मन्वर रहली, ब्​्कर यूसरफ अपन् म्​्लक के मेहर्त के दे खे ख्​्रर आँ ख न् उठवले​े 17 ज्लक्ह ओकर् से कहलस, “रोह्र तप आ तप केरन् ब्ढय् ब्, हम सचमरच सब द्स के दे खले ब्नी, आ रोहर् जइसन सरनर गरल्म नइखी दे खले​े यूसरफ ओकर् से कहलन, “स्ँ चह जे हमर् के म्ई के पेट मे बनवले ब्, उ सब मनरष के रचले ब्े” 18 ऊ ओकर् से कहली, “रोह्र आँ ख केरन् सरनर ब्, जवन् से रू ्मस के सभ ्नव्सी मरद मेहर्त के चक्चक कर दे ले ब्डूे ऊ ओकर् से कहलस, “हमनी के ्जंद् रहल् पर ऊ लोग केरन् सरनर ब्, ब्​्कर अगर रू ओह लोग के कब मे दे खब र रू ओह लोग से दू र हो जइब़.” 19 ऊ ओकर् से कहली, “रोह्र सब ब्र केरन् सरनर आ मनभ्वन ब्े अब लर मे जवन वीर् ब्, ओकर् के लेके ह्थ से बज्ईं आ हमनी के रोह्र ब्र सरनीें 20 ऊ ओकर् से कहलस, “जब हम अपन् परमेशर के सर्र आ उनकर म्हम् के ब्र कहर ब्नी र हम्र ब्र केरन् सरनर आ मनभ्वन होल्े ऊ ओकर् से कहली, “रोह्र म्थ् के ब्ल

अध ्य 44 के ब् 1 इश्एल के बेट् जे यूसरफ के ्मद्नी लोग से खरीदले रहले, जे यूसरफ के अपन् भ्ई लोग से खरीदले रहले, यूसरफ के संगे ्मस गईले अवररी ्मस के सीम् प पहं चले अवररी जब उ लोग ्मस के नजदीक पहं चले र इब्हीम के बेट् मेद्न के च्र आदमी से मरल्क्र कईले, जवन ्क अपन् य्त् मे ्मस दे श से ्नकलल रहले​े 2 इस्इली लोग उनसे कहलस, “क् रू हमनी से ई द्स खरीदे के च्हर ब्डू?” उ लोग कहल ्क, “ओकर् के हमनी के सौंप द, उ लोग यूसरफ के अपन् ह्थ मे सौंप दे ले अवररी दे खले ्क उ बहर सरंदर यरवक हवे अवररी उ लोग उनरक् के बीस शेकेल मे खरीद लेले​े 3 इस्इली लोग ्मस के य्त् ज्री रखले आ मेद्नी लोग भी ओह ्दन ्मस मे व्पस आ गईले आ मेद्नी लोग एक दू सर् से कहलस, “हम सरनले ब्नी ्क ्फरौन के एगो अ्धक्री, पहरे द्र के सेन्प्र पोरीफर एगो ब्ढय् नौकर के रल्श मे ब्डे , जवन ्क उनरक् सोझ् खड् होके उनरक् के सेव् दे वे अवररी ओकर् के अपन् लर अवररी अपन् सभ चीज के दे खरे ख करे व्ल् बन्वे​े 4 अब आके हमनी के ओकर् के बेच दे ब ज् जवन हमनी के च्हर ब्नी ज्, अगर उ हमनी के उहे दे सकेल् जवन हमनी के ओकर् ख्​्रर म्ं गल ज् सकेल्े 5 इ मेद्नी लोग ज्के पोरीफर के लरे ज्के कहलस, “हम सरनले ब्नी ्क रू रोहर् सेवे ख्​्रर एगो ब्ढय् नौकर खोजर ब्डू, दे ख हमनी के एगो नौकर ब् जवन रोहर् के खरश करी, अगर रू हमनी के उहे दे सकेनी जवन हमनी के च्हर ब्नी ज् आ हमनी के ओकर् के रोहर् के बेच दे ब ज्े” 6 पो्रफर कहले, “ओकर् के हमर् सोझ् ले आव़, हम ओकर् के दे खब, आ अगर उ हमर् के खरश करी र हम रोहके उहे दे ब जवन रू ओकर् ख्​्रर म्ँ ग कऱे” 7 मेद्नी लोग ज्के यूसरफ के लेके पोरीफर के स्मने रखले, र उ ओकर् के दे खले अवररी उनरक् के बहर खरश भईले अवररी पोरीफर ओ लोग से कहले, “हमर् के बर्ई ्क ए यरवक ख्री क् म्ं गल ज्र्? 8 उ लोग कहलस, “हमनी के ओकर् ख्​्रर च्र सौ च्ं दी के टर कड् च्हर ब्नी ज्, पोरीफर कहले ्क, “हम ओकर् के दे ब 73


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केरन् सरनर ब्, दे ख़ लर मे जवन सोन् के कंली ब्, ओकर् के लेके रोहर् म्थ् के ब्ल लरम् द़े” 21 उ ओकर् से कहलस, “रू कब रक इ ब्र कहब? हमर् से ई ब्र कहल बंद कऱ आ उठ के अपन् लरे लू क्म मे ध्न दी.ं 22 ऊ ओकर् से कहली, “हमर् लर मे केह नइखे आ रोह्र ब्र आ रोह्र इच् के अल्व् करछर ओ पूर् करे के नइखे​े रबो एह सब के ब्वजूद उ यूसरफ के अपन् लगे न् ले आ पवली, न् उ उनरक् प आपन नजर रखले , ब्लरक उनरकर नजर नीचे जमीन के ओर ले गईले​े 23 ज्लक्ह यूसरफ के मन मे ्नहोर् कइलन ्क ऊ ओकर् स्थे लेट ज्व आ जब यूसरफ लर मे बइठ के आपन क्म करर रहले, ओही लरी जब यूसरफ उनक् स्मने बइठल रहले आ ऊ रोज अपन् भ्षर से उनक् के लरभ्वर रहली ्क ऊ उनक् स्थे लेट ज्सर भ् कबो उनक् ओर दे खसर , ब्​्कर यूसरफ उनकर ब्र न् सरनर रहले. 24 उ ओकर् से कहली, “अगर रू हमर् ब्र के मरर्​्बक न् करब र हम रोहर् के मौर के सज् दे ब अवररी रोहर् प लोह् के जरआ लग् दे बे 25 यूसरफ ओकर् से कहलस ्क, “मनरष के बन्वे व्ल् परमेशर कै्दयन के बेडी खोल दे ले अवररी उहे हमर् के रोहर् जेल से अवररी रोहर् न्य से बच्ईहे े 26 जब ऊ ओकर् पर ह्वी न् हो पवली आ ओकर् के मन्वे मे ओकर ज्न अब्हयों ओकर् पर ्टकल रहे , र ओकर इच् ओकर् के एगो गंभीर बेम्री मे ड्ल ्दहलसे 27 ्मस के सब मेहर्त ओकर् से ्मले आके कहली ्क, “रू अरन् लटर ह्लर मे क्हे ब्डू?” रू जेकर् करछर ओ के कमी नइखे; ्नशय ही रोह्र प्र र्ज् के नजर मे एगो मह्न आ सम्​्नर र्जकरम्र हवे , क् रोहर् मन मे जवन च्हर ब् ओकर कवनो कमी ब्? 28 ज्लक्ह ओ लोग के जव्ब ्दहली, “आज रोहनी के पर् चल ज्ई ्क इ अवव्​् कह्ं से ्नकलल ब्, जवन् मे रू हमर् के दे खर्नी, अवररी उ अपन् नौकर्नी के आदे श दे ली ्क उ सभ म्हल् ख्री ख्न् रैय्र करस अवररी उ ओ लोग ख्री भोज बनवली अवररी सभ मेहर्त जे्लक् के लर मे ख्न् खईलीे 29 ऊ ओह लोग के च्कू दे के ्सट् ॉन के ्छलके ओकर् के ख्ए ख्​्रर आज् ्दहली ्क ऊ लोग यूसरफ के महँ ग कपड् प्हन के ओह लोग क् सोझ् ह्​्जर हो ज्व आ यूसरफ ओह लोग के आँ ख क् सोझ् आ गइल आ सभे मेहर्त यूसरफ के ओर दे खली आ ओकर् से आपन आँ ख न् हट् पवल्स आ ऊ सब लोग ओह च्कू से आपन ह्थ क्ट ्दहल जवन ओह लोग के ह्थ मे रहे आ ओह लोग के ह्थ मे जवन ्सट् ॉन रहे ऊ सब खून से भरल रहे . 30 उ लोग के इ न् म्लूम रहे ्क उ लोग क् कईले ब्डे , ले्कन उ लोग यूसरफ के सरंदरर् के दे खर रहले अवररी उनरक् से पलक न् फेरले​े 31 ज्लक्ह उ लोग के क्म दे ख के कहली, “रू लोग इ क् क्म कईले ब्डू?” दे ख़ हम रोहर् के खए ख्​्रर ्सट् ॉन दे ले ब्नी आ रउआ सभे आपन ह्थ क्ट दे ले ब्नीे 32 सब मेहर्त लोग ओह लोग के ह्थ दे ख के दे खली ्क ऊ लोग खून से भरल रहे आ उनकर खून ओह लोग के कपड् पर बहर रहे आ ऊ लोग ओकर् से कहली ्क, “रोहर् लर के ई

गरल्म हमनी पर ्वजय प् ्लहले ब्, आ हमनी के ओकर सरंदरर् के चलरे ओकर् से आपन पलक न् मोड पवनी ज्े” 33 ऊ ओह लोग से कहली, “रब रोहनी के स्थे अइसन भइल जब रू ओकर् के दे खनी आ ओकर् से अपन् के न् रोक पवनीे रब हम कइसे परहे ज करब जब ऊ लग्र्र हमर् लर मे रहे ल् आ हम ओकर् के ्दन पर ्दन अपन् लर मे लरसर-्नकलर दे खर ब्नी. रब हम एकर् चलरे कइसे ्गर्वट न् होखे भ् न्श होखे से भी रोक सकीले? 34 ऊ लोग ओकर् से कहल ्क ई ब्र सही ब् क्हे ्क के लर मे ई सरनर तप दे ख सकेल् आ ओकर् से परहे ज कर सकेल् आ क् ऊ रोह्र लर मे रोह्र गरल्म आ नौकर न् ह आ क्हे न् ओकर् के ऊ ब्र बर्ईं जवन रोहर् ्दल मे ब् आ एह ब्र से रोह्र आत् के न्श होखे दे र ब्ड़? 35 ऊ ओह लोग से कहली, “हम रोज ओकर् के मन्वे के को्शश करर ब्नी, आ ऊ हमर् इच् से सहमर न् होई, आ हम ओकर् से हर ब्ढय् व्द् कइले रहनी, ब्​्कर रब्हयों हम ओकर् से कवनो व्पसी न् कर पवनीे एहसे हम ्गर्वट के ह्लर मे ब्नी जइसन ्क रउर् दे खर ब्नी. 36 ज्लक्ह यूसरफ के प्र इच् के चलरे बहर बेम्र हो गईली अवररी उ यूसरफ के चलरे बहर बेम्र हो गईली अवररी जे्लक्ह अवररी उनरकर प्र के लर के सभ लोग के ए ब्र के ब्रे मे करछूओ न् म्लूम रहे ्क जे्लक्ह यूसरफ से पेम के चलरे बेम्र ब्डे े 37 ओकर् लर के सब लोग ओकर् से पूछले ्क, “रू क्हे बेम्र आ कीर हो रहल ब्डू, आ करछर ओ के कमी नइखे?” ऊ ओह लोग से कहली, “हम ई ब्र नइखीं ज्नर जवन हमर् पर रोज बढर ब्.” 38 सब मेहर्त आ ओकर दोस रोज ओकर् से ्मले आवर रहली आ ऊ लोग ओकर् से ब्र करर रहली आ ऊ ओह लोग से कहली, “ई र यूसरफ के पेम से ही हो सकेल्े उ लोग ओकर् से कहलस ्क, “ओकर् के लरभ्व के चरपके से पकड लीं, कही ं उ रोह्र ब्र सरन के रोहर् से इ मौर के दू र क दे वे​े” 39 ज्लक्ह यूसरफ से पेम से अउरी खर्ब हो गइली आ जबले ओकर् खड् होखे के र्कर कम न् हो गइल रबले ऊ मन् करर रहलीे 40 एक ्दन यूसरफ लर मे अपन् म्​्लक के क्म करर रहले, र जे्लक्ह चरपके से आके अच्नक उनरक् प ्गर गईले अवररी यूसरफ ओकर् से ज्दे र्करवर रहले अवररी उनरक् के जमीन प उर्र दे ले​े 41 जब जे्लक्ह ओकर् से मन के इच् के चलरे रोवर रहली अवररी रोवर-रोवर उनरक् से ्नहोर् कईली अवररी उनरक् ग्ल से लोर बह गईल अवररी उनरक् से ्नहोर् अवररी कडव्हट के आव्ज मे कहलीे 42 क् रू कबो सरनले ब्डू, दे खले ब्डू भ् ज्नर ब्डू ्क हमर् जइसन अरन् सरनर, भ् हमर् से ब्ढय् मेहर्त, जे रोज रोहर् से ब्र करे ले, रोहर् से पेम के चलरे परन मे ्गर ज्ले, रोहर् के ई सब सम्न दे ले, आ रब्हयो रू हम्र आव्ज न् सरनब? 43 आ अगर रोहर् म्​्लक के डर से ब् ्क कही ं ऊ रोहर् के सज् न् दे सर र र्ज् के ्जंद् ब् र एह ब्र से रोहर् म्​्लक के ओर से रोहर् कवनो नरकस्न न् होईे अब, एह से प्थयन् करी ं ्क हम्र ब्र सरनी, आ हम जवन सम्न रोहर् के दे ले ब्नी 74


जशेर के बा

ओकर् ख्​्रर सहम्र दी,ं आ ई मौर हमर् से ट्र दी,ं आ हम रोहर् ख्​्रर क्हे मरब? आ ऊ बोलल छोड ्दहली. 44 यूसरफ ओकर् के जव्ब ्दहलन, “हमर् से परहे ज कऱ आ ई ब्र हमर् म्​्लक पर छोड दीें दे ख़, हम्र म्​्लक नइखन ज्नर ्क लर मे हमर् स्थे क् ब्, क्हे ्क ऊ जवन करछ ब् ओकर् के हमर् ह्थ मे सौंप ्दहले ब्डन आ हम अपन् म्​्लक के लर मे ई क्म कइसे करब? 45 क्हे ्क उ हमर् के अपन् लर मे भी बहर आदर दे ले ब्डे अवररी हमर् के अपन् लर के दे खरे ख करे व्ल् भी बनवले ब्डे अवररी हमर् के ऊपर उठवले ब्डे अवररी ए लर मे हमर् से बड केह नईखे अवररी हम्र म्​्लक हमर् से करछूओ न् रोकले ब्डे , ्सव्य रोहर् के, जवन ्क उनरकर पती हई, र रू हमर् से इ ब्र कईसे कह सकर्नी अवररी हम भगव्न अवररी आपके प्र के संगे इ बड बरर्ई अवररी प्प कईसे क सकर्नी? 46 अब हमर् से परहे ज कऱ आ अब एह ररह के ब्र मर बोल़ क्हे ्क हम रोह्र ब्र न् सरनबे ले्कन जे्लक्ह यूसरफ के ब्र न् सरनले, ले्कन उ रोज उनरक् के सरने ख्​्रर लरभ्वर रहलीे 47 एकर् ब्द ्मस के ध्र च्रो ओर से भर गईल अवररी ्मस के सभ ्नव्सी ्नकल गईले अवररी र्ज् अवररी र्जकरम्र भी झंझरी अवररी न्च के संगे ्नकल गईले, क्हे की ्मस मे बहर खरशी के समय रहे अवररी ्सहोर समरंदर के ब्ढ के समय छर टी के ्दन रहे अवररी उ लोग ्दन भर उह्ँ खरशी मन्वे गईले​े 48 जब ्मस के लोग अपन् ररव्ज के मरर्​्बक नदी के ओर खरशी मन्वे ्नकलल र पो्रफर के लर के सभ लोग ओ लोग के संगे चल गईले, ले्कन ज्लक् ओ लोग के संगे न् ज्ए के च्हर रहले, क्हे की उ कहली ्क, 'हमर् बेह्ल ब्, अवररी उ लर मे अकेले रह गईली अवररी लर मे उनरक् संगे कवनो अवररी आदमी न् रहे े' 49 ऊ उठ के लर मे अपन् मं्दर मे चढली आ ररय्सर के कपड् प्हन के अपन् म्थ् पर गोमेद के पतर के कीमरी पतर रखली, जवन् मे च्ं दी आ सोन् जडल रहे , आ अपन् चेहर् आ तच् के हर ररह के मेहर्त के शर् करे व्ल् ररल पद्थय से सरंदर कइली आ मं्दर आ लर के कै्सय् आ लोब्न से सरगं्धर कइली आ म्इरह आ लोब्न से सरगं्धर कइली मरसबर, आ ओकर् ब्द ऊ मं्दर के पवेश द्र पर, ओह लर के र्स् मे बइठ गइली, जवन् से यूसरफ आपन क्म करे ख्​्रर गरजरर रहले, आ दे खलस ्क यूसरफ खेर से आके अपन् म्​्लक के क्म करे ख्​्रर लर मे लरस गइलने 50 ऊ जह्ँ से गरजरे के रहे , उह्ँ पहँ च के जे्लक् के सब क्म दे ख के ऊ पीछे मरड गइलने 51 ज्लक्ह यूसरफ के ओकर् से पीछे मरडर दे खले र ऊ ओकर् के आव्ज ्दहली आ पूछली ्क रोहर् यूसरफ के क् बेम्री ब्? अपन् क्म मे आ ज्, आ दे ख, हम रोहर् ख्​्रर रब रक जगह बन् दे ब जब रक ्क रू अपन् आसन पर न् चढ ज्ईे 52 यूसरफ व्पस आके लर मे आके उह्ँ से गरजर के अपन् बईठल जगह प चल गईले अवररी उ रोज ्नहन अपन् म्​्लक के क्म करे ख्री बईठ गईले अवररी दे खले ्क जे्लक्ह उनरक् लगे आके ररय्सर के कपड् प्हनले उनरक् सोझ् खड् हो गईले अवररी उनरक् कपड् से ्नकलल गंध दू र रक पसरल रहे े

53 ऊ जली-जली यूसरफ आ उनकर कपड् के पकड ्लहली आ कहली, “जइसन र्ज् ्जंद् ब्डन र अगर रू हम्र ्नहोर् न् पूर् करब र आजर मर ज्ईब, आ ऊ जली से आपन दू सरक् ह्थ बढ् के अपन् कपड् के नीचे से रलव्र ्नक्ल के यूसरफ के गदय न पर रखली आ कहली ्क उठ के हम्र ्नहोर् पूर् कऱ आ अगर रू आज न् मर गइल ब्ड़. 54 यूसरफ ओकर् से ई क्म करर ओकर् से डे र् गइलन आ ऊ ओकर् से भ्गे ख्​्रर उठ गइलन आ ऊ ओकर कपड् के आगे के ्हस् पकड ्लहली आ भ्गल् के डर से ऊ कपड् जवन ज्लक्ह पकडले रहले ऊ फ्ट गइल आ यूसरफ ऊ कपड् जे्लक् के ह्थ मे छोड ्दहलन आ ऊ भ्ग के ्नकल गइलन क्हे ्क ऊ डे र् गइल रहले. 55 जब जे्लक् दे खलस ्क यूसरफ के कपड् फ्टल ब् आ ऊ ओकर् ह्थ मे छोड के भ्ग गइल ब् र ऊ अपन् ज्न से डे र् गइल ्क कही ं ओकर् ब्रे मे खबर न् फइल ज्व आ ऊ उठ के धूरयर् से क्म कइली आ जवन् कपड् मे ऊ प्हनले रहली ऊ कपड् उर्र के आपन दोसर कपड् प्हन ्लहली. 56 ऊ यूसरफ के कपड् लेके अपन् बगल मे रख ्दहली आ ऊ अपन् लर के लोग नदी मे ्नकले से प्हले जह्ँ ऊ अपन् बेम्री मे बइठल रहली ओ्हज् बइठ गइली आ एगो नवही के बोलवली जवन ओह लरी लर मे रहे आ ओकर् के आदे श ्दहली ्क ऊ लर के लोग के अपन् लगे बोल्वे. 57 जब ऊ ओह लोग के दे खली र ऊ जोर से आ ्वल्प करर कहली, “दे खी ं ्क रउर् म्​्लक के लर मे कवन ्हबू हमर् लगे ले आइल ब्डन क्हे ्क ऊ आजर हमर् स्थे सररे आइल ब्डन.” 58 जब रू ब्हर ्नकलनी र उ लर मे अईले अवररी दे ख के ्क लर मे केह नईखे, र उ हमर् लगे आके हमर् संगे सररे के इर्द् से हमर् के पकड लेले​े 59 हम उनकर कपड् पकड के फ्ड के जोर से आव्ज दे नी आ जब हम आपन आव्ज उठवनी र उ अपन् ज्न से डे र् गईले अवररी आपन कपड् हमर् सोझ् छोड के भ्ग गईले​े 60 उनकर लर के लोग करछ न् बोलल, ले्कन उनकर गरस् यूसरफ पर बहर भडक गईल आ उ लोग उनकर म्​्लक के लगे ज्के उनकर च्लब्जी के ब्र बरवले| 61 पोरीफर खख्सय् के लरे अइले आ उनकर मेहर्त उनक् से ्चल् के कहली ्क, “रू हमर् स्थे ई क् कइले ब्ड़ ्क एगो ऊ ले के आइल ब्डू?” हमर् लर मे नौकर के शर्ब पी लीं, क्हे ्क उ आज हमर् संगे खेले ख्​्रर हमर् लगे आईल ब्डे े आज उ हमर् संगे अयीसन कईले​े 62 पोरीफर अपन् मेहर्त के ब्र सरन के यूसरफ के कड् पह्र के सज् दे वे के आदे श दे ले अवररी उ लोग उनरक् संगे अयीसन कईले​े 63 जब ऊ लोग ओकर् के म्रर रहे र यूसरफ जोर से आव्ज मे आव्ज उठवले आ कहलन, “हे पभर परमेशर, रू ज्नर ब्ड़ ्क हम एह सब ब्र से ्नद्ष ब्नी, आ हम आज झूठ के चलरे क्हे मरब, एह अखरन् दर षन के ह्थ से, जेकर् के रू ज्नर ब्डू?” 64 जब पोरीफर के आदमी यूसरफ के पीटर रहले र उ ्चल्र रोवर रहले अवररी उह्ँ एग्रह महीन् के एगो लईक् रहे अवररी पभर उ लईक् के मरंह खोलले अवररी उ यूसरफ के म्रर पोरीफर के आदमी के सोझ् इ ब्र कहले​े 75


जशेर के बा

65 रोहनी के एह आदमी से क् च्हीं आ ओकर् स्थे ई बरर्ई क्हे करर ब्ड़? हम्र म्ई झूठ बोलर ्बय् आ झूठ बोलर ्बय्े एह ररह से लेनदे न भइल. 66 लइक् ओ लोग के सब करछ सही से बरवले आ जे्लक्ह के सब ब्र यूसरफ से ्दन पर ्दन सरन्वर रहले​े 67 सब आदमी लइक् के ब्र सरन के ऊ लोग लइक् के ब्र पर बहर अचरज मे पड गइल आ लइक् बोलल छोड के चरप हो गइले 68 पोरीफर अपन् बेट् के ब्र से बहर श्ममद् हो गईले अवररी उ अपन् आदमी के आज् दे ले ्क उ यूसरफ के अब न् म्रे अवररी उ लोग यूसरफ के ्पट्ई बंद क दे ले​े 69 पोरीफर यूसरफ के लेके र्ज् के न्य्धीश य्जकन के सोझ् मरकदम् कर्वे के आदे श दे ले र्​्क उ लोग के एह म्मल् मे न्य कईल ज् सके​े 70 पोरीफर आ यूसरफ र्ज् के न्य्धीश य्जकन के सोझ् अईले र उ लोग से कहले, “हमर् से ्नहोर् ब् ्क, इ रय करी ं ्क एगो नौकर के कवन न्य होखे के च्ही, क्हे ्क उ अयीसन कईले ब्डे े 71 परज्री लोग यूसरफ से कहलस, “रू अपन् म्​्लक के स्थे अयीसन क्हे कईले ब्डू? यूसरफ ओह लोग के जव्ब ्दहलन, “हम्र म्​्लक लोग अईसन नइखे भइले पोरीफर यूसरफ से कहलस, “हम आपन सब करछ रोहर् ह्थ मे सौंप दे ले ब्नी, आ हम रोहर् से अपन् मेहर्त के अल्व् करछर ओ न् रोकले रहनी, आ रू इ बरर्ई कईसे कर सकर रहलू? 72 यूसरफ जव्ब ्दहलन, “अइसन न् हे म्​्लक, जइसे ्क पभर ्जंद् ब् आ जइसे रोह्र प्र ्जंद् ब्, हे म्​्लक, जवन ब्र रू अपन् मेहर्त से सरनले ब्डू, ऊ असत ब्, क्हे ्क आज के ह्लर अईसने ब्े 73 हमर् ख्​्रर एक स्ल बीर गईल जब हम रोहर् लर मे रहनीे क् रू हमर् मे कवनो अधमय दे खले ब्डू, भ् कवनो अइसन ब्र जवन रोहर् से हम्र ज्न म्ँ ग सकेल्? 74 परज्री लोग पोरीफर से कहलन, “हमनी के ्वनरी ब् ्क भेज़ आ उ लोग यूसरफ के फ्टल कपड् के हमनी के सोझ् ले आवे के च्हीं आ ओकर् मे जवन फ्ड ब् ओकर् के दे खे के च्हीं आ अगर अइसन हो ज्ई ्क ऊ फ्ड कपड् के स्मने ब् र ओकर चेहर् ओकर् स्मने हो गइल होई आ ऊ ओकर् के पकड के ओकर् लगे आवे के पडी आ रोह्र मेहर्त धोख् से ऊ सब क्म कइल्स जवन ऊ कहल्स. 75 ऊ लोग यूसरफ के कपड् न्य्धीश य्जकन के स्मने ले अइले आ दे खले ्क यूसरफ के स्मने लोर ब्, आ सभे न्य करे व्ल् य्जकन के पर् चलल ्क ऊ ओकर् के दब् ्दहले ्बय् आ ऊ लोग कहल ्क, “एह गरल्म के मौर के सज् नइखे क्हे ्क ऊ करछ न् कइले ब्, ब्​्कर ओकर फैसल् ई ब् ्क ऊ ररपोटय के चलरे जेल के लर मे ड्ल ्दहल ज्व अपन् मेहर्त के खखल्फ ्नकल ज्े 76 पोरीफर ओह लोग के ब्र सरन के जेल के लर मे रख ्दहलन, जह्ँ र्ज् के कैदी बंद ब्डे , आ यूसरफ ब्रह स्ल रक कैद के लर मे रहले​े 77 एकर् ब्वजूद उनकर म्​्लक के मेहर्त उनकर ब्र सरने ख्​्रर उनकर् से ्दन पर ्दन ब्र करे से न् रकल आ रीन महीन् के अंर मे ज्लक्ह ्दन पर ्दन यूसरफ के लगे कैद के लर मे ज्र रहली आ जब्लक् यूसरफ से आपन ब्र सरने ख्​्रर

लरभ्वर रहली आ ज्लक्ह यूसरफ से कहली ्क, “रू एह लर मे कब रक रहब?” ले्कन अब हम्र आव्ज सरन, हम रोहर् के एह लर से ब्हर ्नक्ल दे बे 78 यूसरफ ओकर् के जव्ब ्दहलन, “हमर् ख्​्रर ई लर मे रहल् से ब्ढय् ब् ्क हम रोह्र ब्र सरन के परमेशर के खखल्फ प्प करीें ऊ ओकर् से कहली, “अगर रू हम्र इच् पूर् न् करब़ र हम रोह्र आँ ख उख्ड के रोहर् गोड मे बेडी जोड दे ब आ रोहर् के ओह लोग के ह्थ मे सौंप दे ब जेकर् के रू प्हले न् ज्नर रहलूे 79 यूसरफ ओकर् के जव्ब ्दहलन, “दे ख़, पूर् धररी के भगव्न हमर् के ऊ सब करछ से बच्वे मे सकम ब्डन जवन रू हमर् स्थे कर सकेल़, क्हे ्क ऊ आनर लोग के आँ ख खोल दे ल् आ ब्नल लोग के ढील् कर दे ल् आ दे श से अनज्न सभ परदे सी लोग के बच्वेल्े 80 जब जे्लक् यूसरफ के ब्र सरने ख्​्रर न् मन् पवलस र उ यूसरफ के लरभ्वे ज्ए के क्म छोड ्दहलीे आ यूसरफ अब्हयों कैद के लर मे बंद रहले​े यूसरफ के ब्प य्कूब आ ओकर सब भ्ई जे कन्न दे श मे रहले, उ लोग ओह ्दन मे यूसरफ के चलरे शोक मन्वर रहले अवररी रोवर रहले, क्हे की य्कूब अपन् बेट् यूसरफ ख्री ्दल्स् दे वे से इनक्र क दे ले अवररी य्कूब ओ ्दन भर रोवर-रोवर शोक करर रहले​े अध ्य 45 के ब् 1 ओही स्ल, जवन ्क यूसरफ के भ्ई लोग के बेचल् के ब्द ्मस ज्ए के स्ल ह, जब य्कूब के बेट् तबेन ्रमन् गईले अवररी कन्न के अवी के बेटी एलीयरर्म के पती बन् लेले अवररी उ उनरक् लगे पहं चले​े 2 तबेन के मेहर्त एलीयरर्म गभयवरी होके उनकर् से च्र गो बेट् हनोक, प्लू, चेतोन आ करमी के जनम ्दहलीे आ उनकर भ्ई ्शमोन आपन ब्हन दीन् के मेहर्त बन् ्लहलन आ उनकर् से ममूएल, य्मीन, ओहद, य्चीन आ जोकर के प्ँ च गो बेट् भइले 3 ओकर् ब्द ऊ कन्न के म्हल् बरन् के लगे अइले, उहे बरन् ह जेकर् के ्शमोन शेकेम शहर से बंदी बन् ्लहले रहले आ बरन् दीन् से प्हले रहले आ उनकर दे खभ्ल कइले रहले आ ्शमोन ओकर् लगे अइले आ ऊ श्ऊल के जनम ्दहलीे 4 ओह लरी यहद् अदर लम के लगे गइलन आ ऊ अदर लम के एगो आदमी के लगे गइलन, जेकर न्म हीर् रहे , आ यहद् उह्ँ कन्न के एगो आदमी के बेटी दे खलस, आ ओकर न्म शरआ के बेटी अ्लय्र रहे , आ ऊ ओकर् के लेके ओकर् लगे आ गइलन आ अ्लय्थ के यहद्, एर, ओन्न आ ्शलो के जनम भइले रीन गो बेट् ब्डे े 5 लेवी आ इस्कर पूरब के दे श मे चल गइलन आ एबर के बेट् योकर्न के बेट् जोब्ब के बेटी लोग के ्बय्ह कर ्लहले​े योकर्न के बेट् जोब्ब के दू गो बेटी रहलीे बडक् के न्म अदीन् आ छोटक् के न्म अरीद् रहे े 6 लेवी अदीन् के लेके इस्कर अरीद् के लेके उ लोग कन्न के दे श मे, अपन् ्पर् के लरे पहं चले अवररी अदीन् लेवी के गेरशोन, केहर अवररी मेर्री के जन दे ले​े रीन गो बेट् ब्डे े

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जशेर के बा

7 अरीद् से इस्कर रोल्, परव्, अयूब आ शोमरोन के च्र गो बेट् भइले​े द्न मोआब के दे श मे ज्के मोआब के चमरद्न के बेटी अफललेर के ्बय्ह क के कन्न दे श मे ले अइले​े 8 अफल्लेर बंजर रहली, उनकर कवनो संर्न न् रहे आ ओकर् ब्द भगव्न द्न के मेहर्त अफल्लेर के य्द कइलन आ ऊ गभयवरी होके एगो बेट् के जनम ्दहली आ उनकर न्म चर्शम रखलीे 9 ग्द आ नफ्ली ह्र्न गइलन आ ओ्हज् से न्होर के बेट् उज के बेट् अमरर्म के बेटी लोग के मेहर्त बन् ्लहले​े 10 अमरर्म के बेटी लोग के न्म इहे हे बडक् के न्म मेररम् आ छोटक् के न्म उजीर रहे े नफ्ली मेररम् आ ग्द उजीर के पकड ्लहलसे आ ओह लोग के कन्न दे श, अपन् ब्प के लरे ले अइले​े 11 मेररम् से नफ्ली यखजील, गरनी, य्जर आ श्लेम के च्र गो बेट् भइले​े उजीर से ग्द जे्फयोन, च्गी, शरनी, एजबोन, एरी, अरोदी आ अरली के स्र गो बेट् भइले 12 आशेर ्नकल के इस्इल के बेट् हद्द के बेट् अफल्ल के बेटी अदोन के कन्न दे श मे ले अइले​े 13 ओह ्दन आशेर के मेहर्त अदोन के मौर हो गइल आ उनकर कवनो संर्न न् रहे े आदोन के मरल् के ब्द ही आशेर नदी के ओह प्र गईले अवररी शेम के बेट् एबर के बेट् अबीम्एल के बेटी हदर र् के ्बय्ह कईले​े 14 ऊ यरवरी सरनर आ बरख्म्न औरर रहली आ शेम के बेट् एल्म के बेट् मलीएल के मेहर्त रहलीे 15 हदर र् मलील के एगो बेटी पैद् कइलस आ ओकर न्म सेर्च रखलस आ एकर् ब्द मलीएल के मौर हो गइल आ हदर र् ज्के अपन् ्पर् के लरे रह गइले 16 आशेर मे मेहर्त के मरल् के ब्द उ हदर र् के पती बन् के कन्न के दे श मे ले अइले आ ओकर बेटी सेर्क के भी अपन् स्थे ले अइले, आ ऊ रीन स्ल के रहली आ लइकी के य्कूब के लर मे पलल बढले 17 ऊ लइकी सरनर तप के रहे आ य्कूब के संर्न के प्वत र्स् पर चलर रहे े ओकर् मे करछर ओ के कमी न् रहे अवररी पभर ओकर् के बरख् अवररी समझ दे ले​े 18 आशेर के मेहर्त हदर र् गभयवरी होके ्यम्, ्यश्, ्यशवी आ बेररय् के जनम ्दहलीे च्र गो बेट् ब्डे े 19 जबूलून ्मद्न मे ज्के ्मद्न के बेट् अबीद् के बेट् मोल्द के बेटी मरीश् के ्बय्ह क के कन्न दे श मे ले अइले​े 20 मेरश् जबूलून के सेरेद, एलोन आ यकील के जनम ्दहलसे रीन गो बेट् ब्डे े 21 य्कूब रेर् के बेट् जोब् के बेट् अर्म के लगे भेजले अवररी उ अर्म के बेटी ्बन्मीन मक्​्लय् के अपन् बेट् के लेले अवररी उ कन्न दे श मे य्कूब के लरे पहं च गईलीे आ ्बन्मीन दस स्ल के रहले जब ऊ अर्म के बेटी मेक्​्लय् के मेहर्त बन् ्लहले​े 22 मक्​्लय् गभयवरी होके ्बन्मीन बेल्, बेकर, अशबेल, गेर् आ न्म्न के प्ं च गो बेट् पैद् कइलसे एकर् ब्द ्बन्मीन ज्के आपन प्हल् पती के अल्व् अब्हम के बेट् शोमरोन के बेटी अररबर के भी ्बय्ह कईले अवररी उ अठ्रह स्ल के रहले​े अररब्थ से बेज्​्मन के अची, वोश, मर्पम, चर्पम आ ओडय के जनम भइले प्ं च गो बेट् ब्डे े

23 ओह ्दन मे यहद् शेम के लरे ज्के शेम के बेट् एल्म के बेटी र्म्र के अपन् प्हल् बच् एर ख्​्रर पती बन् ्लहले​े 24 एर अपन् मेहर्त र्म्र के लगे अइले आ ऊ उनकर मेहर्त बन गइली आ जब ऊ उनक् लगे अइले र ऊ ब्हर से आपन संर्न के नष कर ्दहलन आ उनकर क्म पभर के नजर मे बरर् हो गइल आ पभर उनकर हत् कर ्दहलन. 25 यहद् के प्हल् बच् एर के मरल् के ब्द यहद् ओन्न से कहलस ्क, अपन् भ्ई के पती के लगे ज्के ओकर् के अ्गल् ररशेद्र के तप मे ्बय्ह क के अपन् भ्ई के संर्न पैद् करे 26 ओन्न र्म्र के पती बन् लेले अवररी उ ओकर् लगे अईले अवररी ओन्न भी अपन् भ्ई के क्म ्नहन क्म कईले अवररी उनरकर क्म पभर के नजर मे बरर् रहे अवररी उ उनरक् के भी म्र दे ले​े 27 जब ओन्न मरल र यहद् र्म्र से कहलस, “जब रक हम्र बेट् ्शलो बड न् हो ज्ई, रब रक रोहर् ्पर् के लर मे रहब, आ यहद् र्म्र के ्शलो के दे वे मे अब न् खरश हो गईले, क्हे ्क उ कहले रहले ्क, “श्यद उहो अपन् भ्ई के ्नहन मर जईहे े” 28 र्म्र उठ के ज्के अपन् ्पर् के लर मे रह गईली अवररी र्म्र करछ समय रक अपन् ्पर् के लर मे रहलीे 29 स्ल के क्ं ्र के समय यहद् के पती अ्लय्थ के मौर हो गईले आ यहद् के अपन् मेहर्त ख्​्रर ्दल्स् ्दहल गइल आ अ्लय्र के मरल् के ब्द यहद् अपन् दोस हीर् के स्थे ्रमन् चढ गइलन ्क ऊ लोग के भेड क्ट सके​े 30 र्म्र सरनलस ्क यहद् भेड क्ट के ्रम् गईल ब्डे अवररी ्शलो बड हो गईल ब्डे अवररी यहद् उनरक् से खरश न् भईले​े 31 र्म्र उठ के आपन ्वधव् के कपड् उर्र के अपन् पर लूंलट प्हन के पूर् ररह से ढं क ्लहली आ ्रमन् के र्स् पर स्वयज्नक म्गय पर बइठ गइलीे 32 यहद् ओकर् के दे ख के ओकर् के लेके चल गईले अवररी उ ओकर् लगे पहं चले अवररी पसव के समय उनरक् पेट मे जरडव् बच् रहले अवररी उ प्हल् के न्म पेरेज रखले अवररी दू सर् के न्म जर्ह रखले​े अध ्य 46 के ब् 1 ओह लरी यूसरफ ्मस दे श के जेल मे बंद रहले​े 2 ओह लरी ्फरौन के नौकर, ्मस के र्ज् के खब्स आ बेकर के सरद्र, उनकर् स्मने खड् रहले​े 3 खब्स शर्ब लेके र्ज् के स्मने पीये ख्​्रर रखलस आ बेकर र्ज् के स्मने रोटी रख के ख्ए ख्​्रर रखलस आ र्ज् शर्ब पी के रोटी के करछ से ख्न् खइले, उ आ र्ज् के मेज पर ख्न् ख्ए व्ल् नौकर आ सेवक लोगे 4 जब ऊ लोग ख्र-पीयर रहे र खब्स आ बेकर उह्ँ रह गइलन आ ्फरौन के सेवकन के ओह शर्ब मे बहर म्ी ्मलल जवन खब्स लेके आइल रहे आ बेकर के रोटी मे न्इटर के पतर ्मलले 5 पहरे द्र के सेन्प्र यूसरफ के ्फरौन के अफसरन के सेवक बन् ्दहलन आ ्फरौन के अ्धक्री एक स्ल रक जेल मे रहले​े 77


जशेर के बा

6 स्ल के अंर मे दर नो लोग एक र्र मे सपन् दे खले, जवन् जगह प उ लोग रहले, अवररी सबेरे यूसरफ ओ लोग के लगे रोज ्नहन दे खभ्ल करे अईले, अवररी उ ओ लोग के दे खले अवररी दे खले ्क उनरकर चेहर् उद्स अवररी उद्स रहे े 7 यूसरफ ओह लोग से पूछले, “आज रोहनी के चेहर् उद्स आ उद्स क्हे ब्? उ लोग ओकर् से कहलस ्क हमनी के सपन् दे खले रहनी ज्, ले्कन एकर व्ख् करे व्ल् केह नईखे​े यूसरफ ओह लोग से कहले, “हमर् से ्नहोर् ब् ्क आपन सपन् बर्ईं, र भगव्न रोहनी के जइसन मन करे ओइसन श्ं ्र के जव्ब दीहे े 8 खब्स यूसरफ के आपन सपन् बरवले आ कहलन ्क, “हम सपन् मे दे खनी ्क हमर् सोझ् एगो बडहन बेल के पेड रहे आ ओह बेल पर रीन गो ड्ढ दे खनी आ बेल जली से फूलल आ बहरे ऊँच्ई पर चहँ प गइल आ ओकर गरच् पक के अंगूर बन गइल. 9 हम अंगूर लेके एगो प्ल् मे दब् के ्फरौन के ह्थ मे रखनी आ उ पी गईले​े यूसरफ ओकर् से कहले, “बेल के रीन गो ड्ढ रीन ्दन के ब्े” 10 रबो रीन ्दन के भीरर र्ज् रोहर् के ब्हर ले आवे के आदे श ्दहे अवररी उ रोहर् के अपन् पद प व्पस क ्दहे अवररी रू र्ज् के शर्ब ओइसहीं पी ्दही, जईसे प्हले जब रू उनरकर खब्स रहनीे ब्​्कर हमर् के रोहर् नजर मे अनरगह प्वे के च्हीं ्क जब रोहर् ठीक हो ज्ई र रू हमर् के ्फरौन के य्द कऱ आ हमर् पर दय् कऱ आ हमर् के एह जेल से ब्हर ्नक्लव् दे ब, क्हे ्क हमर् के कन्न दे श से चोर् के ले आवल गइल रहे आ एही जगह् गरल्म के तप मे बेचल गइल रहे े 11 हमर् म्​्लक के मेहर्त के ब्रे मे जवन ब्र रोहर् के बर्वल गइल रहे ऊ झूठ ब्, क्हे ्क ऊ लोग हमर् के बेक्र मे एह क्ल कोठरी मे रखले ब्े खब्स यूसरफ के जव्ब ्दहलस, “ज्द र्ज् हमर् स्थे प्हले जइसन ब्ढय् ववह्र करी, जइसन ्क रू हमर् के आखखरी बेर समझवले रहलू, र हम रोह्र जवन च्हर ब्डू, उ सब करब आ रोहर् के एह क्ल कोठरी से ब्हर ्नक्ल दे बे” 12 बेकर के दे ख के ्क यूसरफ खब्स के सपन् के सही व्ख् कईले ब्डे , उ भी नजदीक पहं चले अवररी अपन् पूर् सपन् के यूसरफ से बरवले​े 13 ऊ ओकर् से कहलस, “हमर् सपन् मे हमर् म्थ् पर रीन गो सफेद टोकरी दे खनी, र हम दे खनी ्क सबसे ऊपर के टोकरी मे ्फरौन ख्​्रर ररह ररह के पक्वल म्ं स रहे , र दे खनी ्क ्चरई हमर् म्थ् से ओकर् के ख्र रहलीे 14 यूसरफ ओकर् से कहले, “रू जवन रीन गो टोकरी दे खनी उ रीन ्दन के ब्, ले्कन रीन ्दन के भीरर ्फरौन रोह्र म्थ् उर्र के पेड प लटक् ्दहे अवररी ्चरई रोह्र म्ं स ख् जईहे , जईसे ्क रू सपन् मे दे खले रहलूे 15 ओह ्दन मे र्नी के पसव होखे व्ल् रहे आ ओह ्दन ्मस के र्ज् के एगो बेट् भइल आ ऊ लोग लोषर् कइल ्क र्ज् के प्हल् बेट् हो गइल ब् आ ्मस के सब लोग ्फरौन के अफसर आ नौकरन के स्थे बहर खरश हो गइले 16 ्फरौन अपन् जनम के रीसर् ्दन अपन् अफसर आ नौकरन ख्​्रर, सोअर आ ्मस के सेन् ख्​्रर भोज बनवले​े

17 ्मस के सब लोग आ ्फरौन के नौकर र्ज् के बेट् के भोज मे ख्ए-पीए ख्​्रर आ र्ज् के खरशी मे खरश होखे ख्​्रर आ गईले​े 18 र्ज् के सब अफसर आ उनकर नौकर आठ ्दन रक भोज मे आनखनर रहले आ आठ ्दन रक र्ज् के लर मे ररह ररह के व्दयंत, ्टमर आ न्च से मसी करर रहले​े 19 जवन् खब्स के यूसरफ आपन सपन् के व्ख् कईले रहले, उ यूसरफ के भरल् गईले अवररी उ र्ज् के सोझ् उनरकर न्म न् लेले, जईसे ्क उ व्द् कईले रहले, क्हे की इ ब्र यूसरफ के सज् दे वे ख्री पभर के ओर से रहे , क्हे की उ आदमी प भरोस् कईले रहले​े 20 एकर् ब्द यूसरफ दू स्ल रक जेल के लर मे रहले, जब रक ्क उ ब्रह स्ल पूर् न् हो गईले​े अध ्य 47 के ब् 1 अब्हम के बेट् इसह्क ओह लरी कन्न दे श मे रहर रहले​े ऊ बहर उ्मर के रहले, एक सौ असी स्ल के रहले आ उनकर बेट् एस्व, य्कूब के भ्ई, एदोम के दे श मे रहले आ उनकर आ उनकर बेट् लोग सेयर के लोग के बीच मे ओह दे श मे संप्त रहे े 2 एस्व सरनलन ्क उनकर ब्प के मरल् के समय करीब आ गइल ब् आ ऊ आ उनकर बेट् आ लर के लोग कन्न के दे श, अपन् ब्प के लर मे आ गइलन आ य्कूब आ उनकर बेट् हे बोन मे रहे व्ल् जगह से ्नकल गइलन आ सभे अपन् ब्प इसह्क के लगे चल गइलन आ एस्व आ उनकर बेट् लोग डे र् मे ्मल गइलने 3 य्कूब आ उनकर बेट् लोग उनकर ्पर् इसह्क के स्मने बइठल रहले आ य्कूब अभी भी अपन् बेट् यूसरफ ख्​्रर शोक मन्वर रहले​े 4 इसह्क य्कूब से कहलन, “अपन् बेट् लोग के हमर् के इह्ँ ले आव़ आ हम ओह लोग के आशीव्य द दे बे य्कूब अपन् एग्रह गो लइकन के अपन् ्पर् इसह्क के स्मने ले अइले​े 5 इसह्क य्कूब के सब बेट् लोग पर ह्थ रख के ओह लोग के पकड के गले लग् ्लहले आ एक-एक क के चरम् ्लहले आ इसह्क ओह ्दन ओह लोग के आशीष ्दहलन आ कहलन ्क, “रउर् ब्प-द्द् के परमेशर रोहनी के आशीव्य द दे सर आ रोहनी के संर्न के संख् मे बढ्वस, जइसे ्क सगय के र्र् ्नयर बढ्ईंे” 6 इसह्क एस्व के बेट् लोग के भी आशीष ्दहलन ्क, “परमेशवर रोहर् के जे भी दे खर होई आ रोहर् सब दर शनन ख्​्रर भय्वह आ भय्वह बन्वसे” 7 रब इसह्क य्कूब आ उनकर बेट् लोग के बोलवले, आऊ सब लोग इसह्क के स्मने बइठल आ इसह्क य्कूब से कहलस, “पूरे धररी के परमेशर पभर हमर् से कहले ्क, अगर रोह्र लइक् हम्र ्नयम आ हमर् र्स् के प्लन करीहे र हम रोहर् संर्न के ई दे श ्वर्सर के तप मे दे ब आ हम ओह लोग के ऊ ्कररय् पूर् करब जवन हम रोहर् ्पर् अब्हम के ्कररय् खइले रहनीे 8 अब हम्र बेट्, अपन् लइकन आ अपन् लइकन के लइकन के पभर से डे र्ए के ्सख्ईं आ ओह ब्ढय् र्स् पर चलीं जवन रोह्र परमेशर यहोव् के खरश करी, क्हे ्क अगर रू पभर के 78


जशेर के बा

र्स् आ उनकर ्नयम के प्लन करी ं र पभर रोहर् ख्​्रर अब्हम के स्थे आपन व्च् भी प्लन करीहे आ रोहर् आ रोहर् वंशज के स्थे पूर् ्दन भल्ई करीहे े 9 जब इसह्क य्कूब आ अपन् लइकन के आज् दे के पूर् कइलन र ऊ भूर छोड के मर गइलन आ अपन् लोग के बीच बटोर ्लहलन. 10 य्कूब आ एस्व अपन् ्पर् इसह्क के मरँह पर ्गर गइले आ रोवे लगलन आ इसह्क के उ्मर एक सौ असी स्ल के रहे जब ऊ कन्न दे श, हे बोन मे मर गइलन आ उनकर बेट् लोग उनक् के मकपेल् के गरफ् मे ले गइल, जवन् के अब्हम हे र के लोग से खरीद के दफन के जगह बनवले रहले​े 11 कन्न के सब र्ज् य्कूब आ एस्व के स्थे इसह्क के दफन्वे गईले, आ कन्न के सब र्ज् इसह्क के मौर के समय बहर आदर दे ले​े 12 य्कूब के बेट् आ एस्व के बेट् नंगे प्ं व लूमर-्फरर आ ्वल्प करर रहले, जब रक ्क ्करे र-अरब् न् पहं च गईले​े 13 य्कूब आ एस्व अपन् ्पर् इसह्क के मकपेल् के गरफ् मे दफन् ्दहले , जवन ्क हे बोन के ्करे र-अब्य मे ब्, आ र्ज् लोग के अं्रम संस्र के समय ्नहन बहर सम्न के संगे दफन् दे ले​े 14 य्कूब आ उनकर बेट्, एस्व आ उनकर बेट् आ कन्न के सब र्ज् लोग बड् आ भ्री शोक मन्वर रहे आ उ लोग उनक् के दफन् के कई ्दन रक शोक मन्वर रहले​े 15 इसह्क के मरल् पर ऊ आपन पशर-पकी आ आपन संप्त आ आपन सब स्म्न अपन् बेट् लोग के छोड ्दहलने एस्व य्कूब से कहले, “हमनी से ्नहोर् ब् ्क हमनी के ्पर् जवन करछ छोडले ब्डे , ओकर् के हमनी के दर भ्ग मे ब्ं ट दे ब अवररी हमर् लगे ्वकल होई अवररी य्कूब कहले ्क, हम अयीसन करबे” 16 य्कूब कन्न दे श मे इसह्क के जवन करछ छोडले रहले, उ सब मवेशी अवररी संप्त लेके एस्व अवररी उनरक् बेट् के सोझ् दर भ्ग मे रखले अवररी एस्व से कहले, “दे ख़, इ सब रोहर् सोझ् ब्, जवन आध् रू लेबे के ब्, उ अपन् ख्​्रर चरन लींे” 17 य्कूब एस्व से कहले, “सरऩ हम रोहर् से क् कहब ्क आक्श आ धररी के परमेशर पभर हमनी के पररख् अब्हम आ इसह्क से कहले रहले ्क, “हम रोहर् संर्न के ई दे श हमेश् ख्​्रर ्वर्सर मे दे बे” 18 अब हमनी के ब्प के जवन करछ छोडले ब्डे , उ सब रोहर् सोझ् ब्े रू ओह लोग मे से जवन च्हर ब्ड़, उहे चरऩे 19 अगर रू च्हर ब्डू ्क पूर् धररी रोहर् आ रोहर् लइकन ख्​्रर हमेश् ख्​्रर ले लीं आ हम ई धन ले लेब, आ रू च्हर ब्डू ्क धन रोहर् लगे ले लीं आ हम ई भू्म अपन् आ अपन् लइकन ख्​्रर हमेश् ख्​्रर ्वर्सर मे ले लेबे 20 रब इस्इल के बेट् नब्योर अपन् लइकन के स्थे ओह दे श मे रहले आ एस्व ओह ्दन ज्के उनकर् से सल्ह ्लहले​े 21 य्कूब हमर् से अईसन ब्र कईले ब्डे अवररी उ हमर् के अईसन जव्ब दे ले ब्डे , अब आपन सल्ह दे अवररी हमनी के सरनबे 22 नब्योर कहलस, “य्कूब रोहर् से क् कहले ब्डे ? दे ख़, कन्न के सब लोग अपन् दे श मे सरर्कर तप से रहर ब् आ य्कूब कहर ब् ्क ऊ पूर् ्दन अपन् वंशज के स्थे ओकर उतर्​्धक्री बन ज्ईे

23 अब ज्के आपन ब्प के सब धन लेके चल ज् आ अपन् भ्ई य्कूब के उ दे श मे छोड द, जईसे उ कहले ब्डे े 24 एस्व उठ के य्कूब के लगे व्पस आ गईले अवररी इश्एल के बेट् नब्योर के सल्ह के मरर्​्बक क्म कईले​े एस्व इसह्क के छोडल गइल सब धन, प्री, ज्नवर, मवेशी आ संप्त आ सब धन लेके चल गइलने उ अपन् भ्ई य्कूब के करछ न् ्दहलसे य्कूब ्मस के ध्र से लेके यूफे्टस नदी रक के पूर् कन्न दे श के अपन् कब् मे ले ्लहले अवररी ओकर् के हमेश् ख्री अपन् संर्न अवररी अपन् ब्द के संर्न ख्री ले लेले​े 25 य्कूब अपन् भ्ई एस्व से मकपेल् के गरफ् भी ले ्लहले , जवन ्क हे बोन मे ब्, जवन् के अब्हम एफोन से खरीदले रहले, र्​्क उ अपन् अवररी उनरक् संर्न के हमेश् ख्री दफन के जगह बन सके​े 26 य्कूब इ सब ब्र खरीदद्री के ्कर्ब मे ्लख के हस्कर कईले अवररी च्र गो ्वश्सप्त गव्ह के संगे इ सभ गव्ही दे ले​े 27 य्कूब ्कर्ब मे इहे शब ्लखले ब्डन ्क कन्न के दे श आ ्हती, ्हवी, यबूसी, अमोरी, फरीज आ गेग्य शी के सब शहर, ्मस के नदी से लेके यूफे्टस नदी रक के सब स्र गो र्ष्े 28 हे बोन ्करे र-अब्य शहर आ ओकर् मे मौजूद गरफ् के पूर् य्कूब अपन् भ्ई एस्व से कीमर के ्हस्ब से खरीदले रहले, जवन ्क उनरक् ब्द के संर्न के संप्त अवररी ्वर्सर के तप मे हमेश् ख्री बनल रहे े 29 य्कूब खरीदद्री के ्कर्ब आ हस्कर, आज् आ ्नयम आ पगट ्कर्ब लेके एगो म्टी के बरयन मे रख ्दहलन र्​्क उ बहर ्दन रक रहे े 30 एस्व अपन् भ्ई य्कूब से आपन ब्प के मरल् के ब्द जवन करछ छोडले रहले, उ सब संप्त ले ्लहले अवररी उ सभ संप्त, आदमी अवररी ज्नवर, ऊंट अवररी गदह्, बैल अवररी मेमन्, च्ं दी अवररी सोन्, पतर अवररी बडे ्लयन अवररी इब्हीम के बेट् इसह्क के जवन धन रहे , उ सभ संप्त ले लेले​े करछर ओ न् बचल जवन एस्व अपन् लगे न् ले ्लहले, जवन करछ इसह्क के मरल् के ब्द छोडले रहले​े 31 एस्व ई सब लेके आपन भ्ई य्कूब आ उनकर लइकन से दू र होरी के सेइर के दे श मे अपन् लइक्-लइकी लरे चल गइलने 32 एस्व के सेईर के लोग के बीच संप्त रहे अवररी एस्व ओ ्दन से कन्न दे श मे न् लवटले​े 33 पूर् कन्न दे श इस्एल के लोग के अनन ्वर्सर मे बनल आ एस्व अपन् सब संर्न के स्थे सेईर पह्ड के उतर्​्धक्री बन गइले अध ्य 48 के ब् 1 ओह ्दन मे इसह्क के मौर के ब्द पभर आज् दे के पूर् धररी पर अक्ल पैद् कर ्दहले​े 2 ओह लरी ्मस के र्ज् ्फरौन ्मस के दे श मे अपन् ्संह्सन पर बइठल रहले आ अपन् ्बछौन् पर लेट के सपन् दे खर रहले आ ्फरौन अपन् सपन् मे दे खले ्क ऊ ्मस के नदी के ्कन्रे खड् ब्डे े 79


जशेर के बा

3 जब ऊ खड् रहले र दे खलन ्क स्र गो मोट म्ं सल आ ब्ढय् अनरगही ग्य नदी से ्नकलल ब्डी सँ. 4 ओह लोग के पीछे स्र गो अउरी दर बल् म्ं स आ दर गयग व्ल् ग्य चढल आ स्र गो बेम्र गढन के ्नगल गइल आ अब्हयो ओह लोग के तप प्हले जइसन बेम्र रहे . 5 ऊ ज्ग गइलन आ ऊ फेर से सरर गइलन आ ऊ दर सरक् बेर सपन् दे खलन आ दे खलन ्क एके डं ठल पर स्र गो मकई के कस्, रै क आ ब्ढय्, पूरब के हव् से स्र गो प्रर क्न उगले, ओह लोग के पीछे -पीछे उठल आ प्रर क्न भरल क्न के ्नगल गइल आ ्फरौन अपन् सपन् से ज्ग गइलन. 6 सबेरे र्ज् के आपन सपन् य्द आ गईल अवररी सपन् के चलरे उनरकर आत् दर खी हो गईल अवररी र्ज् जली-जली भेज के ्मस के सभ ज्दू गर अवररी ज्नी लोग के बोलवले अवररी उ लोग आके ्फरौन के सोझ् खड् हो गईले​े 7 र्ज् ओह लोग से कहलन, “हम सपन् दे खले ब्नी आ ओकर व्ख् करे व्ल् केह नइखे​े ऊ लोग र्ज् से कहल ्क, आपन सपन् अपन् नौकरन के बर्ईं आ हमनी के सरनीें 8 र्ज् आपन सपन् ओह लोग के बरवले र सब लोग एक आव्ज मे र्ज् से कहलस ्क र्ज् हमेश् ख्​्रर ्जंद् रहसे आ ई रहर् सपन् के व्ख् हे 9 जवन स्र गो ब्ढय् ग्य दे खनी ऊ स्र गो बेटी के बोध कर्वेली जवन रोहर् ख्​्रर ब्द के ्दन मे पैद् होखे व्ली ब्डी आ जवन स्र गो गोबर ओकर् ब्द चढ के दे खनी आ ओह लोग के ्नगल गइल ब्डी, ऊ एह ब्र के ्नश्नी ह ्क जवन बेटी रोहर् से पैद् होखी ऊ सब र्ज् के जीवनक्ल मे मर जइहे. 10 दू सरक् सपन् मे जवन दे खले ब्डू ्क स्र गो भरल-पूरल ब्ढय् ध्न के एक डं ठल पर उठर ब्, एकर मरलब इहे ब् ्क रू अं्रम ्दन मे पूर् ्मस मे स्र गो शहर अपन् ख्​्रर बन्इबे आ जवन स्र गो धम्क् कइल मकई के कन के ब्द मे उगर आ आँ ख से दे खर लरी ्नगलर दे खनी, ऊ एह ब्र के संकेर ब् ्क जवन शहर रू बन्ईब, ऊ सब अं्रम ्दन मे, र्ज् के जीवनक्ल मे, नष हो ज्ईे 11 जब ऊ लोग ई ब्र कहल र र्ज् ओह लोग के ब्र पर आपन क्न न् झरकवले आ न् ही उनकर मन ओह लोग पर ्टकवले, क्हे ्क र्ज् अपन् बरख् से ज्नर रहले ्क ऊ लोग सपन् के सही व्ख् न् दे र रहे े जब उ लोग र्ज् के सोझ् ब्र खरम कईले र र्ज् ओ लोग के जव्ब दे ले ्क, “रू हमर् से इ क् ब्र कहले ब्नी?” रूँ झूठ बोलले ब्ड़ आ झूठ बोलले ब्ड़; एह से अब हमर् सपन् के सही व्ख् दी ं र्​्क रू न् मरी ज्े 12 र्ज् एकर् ब्द आज् दे ले अवररी उ फेर से दोसर् ज्नी लोग के बोलवले अवररी उ लोग र्ज् के सोझ् खड् हो गईले अवररी र्ज् उनरक् के आपन सपन् बरवले अवररी उ सभ प्हल् व्ख् के मरर्​्बक उनरक् के जव्ब दे ले अवररी र्ज् के गरस् भडक गईल अवररी उ बहर न्र्ज हो गईले अवररी र्ज् ओ लोग से कहले ्क, 'रू लोग जवन कहले ब्नी ओकर् मे सचमरच झूठ बोलर्नी अवररी झूठ बोलर्नीे' 13 र्ज् आज् ्दहलन ्क पूर् ्मस दे श मे एगो लोषर् ज्री कइल ज्व ्क, “र्ज् आ उनकर मह्पररष लोग के ई ्नशय ब् ्क जे भी बरख्म्न आदमी सपन् के व्ख् ज्नर ब् आ

समझर ब्, आ आज र्ज् के स्मने न् आई, ओकर मौर हो ज्ईे 14 जे आदमी र्ज् के सपन् के सही व्ख् बर्ई, ओकर् के उ सब करछ ्दहल ज्ई जवन उ र्ज् से म्ं गीे ्मस के सब ज्नी लोग ्मस आ गोशेन, र्मसेस, रचपंच, सोअर आ ्मस के सीम् के सब जगहन पर मौजूद सब ज्दू गर आ ज्दू गरन के स्थे र्ज् के सोझ् आ गइलन आ सभे र्ज् के स्मने खड् हो गइलने 15 ्मस के सब शहरन से र्ज् के सब करलीन आऊ र्जकरम्र आ नौकर आऊ सब लोग र्ज् के स्मने बइठल आ र्ज् आपन सपन् के ब्र ज्नी लोग के स्मने बरवले, आ र्जकरम्र लोग आ र्ज् के स्मने बईठल सब लोग एह दशयन से अचरज मे पड गईले​े 16 र्ज् से प्हले के सब ज्नी लोग उनकर सपन् के व्ख् मे बहर बंटल रहले​े करछ लोग र्ज् के स्मने एकर व्ख् करर कहलन ्क, स्र गो ब्ढय् ग्य स्र गो र्ज् हवे, जेकर् र्ज् के मर्​् से ्मस पर पोसल ज्ईे 17 स्र गो बदम्श गढ स्र गो र्जकरम्र हवे, जे आखखरी ्दन मे ओह लोग के खखल्फ खड् होके ओह लोग के न्श कर दीहे े आ स्र गो मकई के कन ्मस के स्र गो बडक् र्जकरम्र हवे जे अपन् दर शनन के स्र गो कम र्करवर र्जकरम्रन के ह्थ मे हमनी के म्​्लक र्ज् के लड्ई मे ्गर जइहे. 18 ओहमे से करछ लोग र्ज् के एही ररह से व्ख् करर कहलन ्क स्र गो ब्ढय् ग्य ्मस के मजबूर शहर ह आ स्र गो बदम्श कन्न दे श के स्र गो र्ष् ह जवन आखखरी ्दन मे ्मस के स्र गो शहरन पर आके ओह लोग के नष कर दीहे . 19 आ जवन रू दू सर् सपन् मे दे खले ब्डू, स्र गो नीमन-ब्उर कंस के, इ एगो संकेर ब् ्क ्मस के सरक्र फेर से रोहर् वंश मे व्पस आ ज्ई, जईसे प्हले भईल रहे े 20 ओकर् र्ज मे ्मस के शहरन के लोग कन्न के स्र गो शहरन के खखल्फ हो ज्ई जवन ओकर् से भी मजबूर ब् आ ओह लोग के नष कर दी आ ्मस के सरक्र रोहर् वंश मे व्पस आ ज्ईे 21 उ लोग मे से करछ लोग र्ज् से कहलस, “रोह्र सपन् के मरलब इहे ब्े स्र गो ब्ढय् ग्य स्र गो र्नी हई, जेकर् के रू अं्रम ्दन मे मेहर्त बन् लेब़ आ स्र गो खर्ब ग्य ई बर्वेल् ्क ऊ मेहर्त सब र्ज् के ्ज्नगी मे मर जइहे े 22 दू सर् सपन् मे जवन स्र नीमन-ब्उर कंस दे खले ब्नी उ चौदह गो लइक् हवे आ अं्रम ्दन मे उ लोग खड् होके आपस मे लड्ई ल्डहे आ स्र गो अ्धक् र्करवर स्र गो के म्र दीहे े 23 ओहमे से करछ लोग र्ज् से ई ब्र कहलन ्क, स्र गो ब्ढय् ग्य बर्वेल् ्क रोहर् से स्र गो संर्न पैद् होइहे आ आखखरी ्दन मे रोहर् संर्न के स्र गो संर्न के म्र दीहे े आ स्र गो ब्ढय् मकई के कस् जवन रू दू सर् सपन् मे दे खले रहलू, ऊ र्जकरम्र हवे ्जनक् खखल्फ स्र गो अउरी कम र्करवर र्जकरम्र आखखरी जम्न् मे लड के ओह लोग के नष कर दीहे आ रोहर् लइकन के मर्​् के बदल् ले लीहे आ सरक्र फेर से रोहर् वंश मे लवट ज्ई. 24 र्ज् ्मस के ज्नी लोग के सब ब्र आ सपन् के व्ख् सरनलस र ओहमे से कवनो र्ज् के खरश न् भइले 80


जशेर के बा

25 र्ज् अपन् बरख् से ज्न गईले ्क इ सब ब्र मे उ लोग एकदम सही नईखन बोलर, क्हे ्क इ पभर के ओर से ्मस के ज्नी लोग के ब्र के न्क्म करे के रहे , र्​्क यूसरफ कैद के लर से ्नकल ज्स अवररी ्मस मे मह्न बनसे 26 र्ज् दे खलन ्क ्मस के सब ज्नी आ ज्दू गरन मे से केह ओकर् से सही ब्र नइखे करर आ र्ज् के कोध भडक गइल आ उनकर कोध ओकर् भीरर जर गइले 27 र्ज् आज् ्दहलन ्क सब ज्नी आ ज्दू गर लोग उनक् स्मने से ्नकल ज्व आ सब लोग ल्ज आ बेइजरी से र्ज् के स्मने से ्नकल गइले 28 र्ज् आज् ्दहलन ्क पूर् ्मस मे एगो लोषर् भेजल ज्व ्क ्मस मे मौजूद सब ज्दू गरन के म्र ्दहल ज्व आ ओहमे से कवनो ज्दू गरन के ्जए न् ्दहल ज्व. 29 र्ज् के पहरे द्र के सेन्प्र उठ के हर आदमी आपन रलव्र ्नक्ल के ्मस के ज्दू गर आ ज्नी लोग के म्रे लगले​े 30 एकर् ब्द र्ज् के मरख खब्स मेरोद आके र्ज् के स्मने पर्म क के उनरक् सोझ् बईठ गईले​े 31 खब्स र्ज् से कहलस, “र्ज् हमेश् ख्​्रर ्जंद् रहस आ ओकर श्सन दे श मे ऊँच होखे​े” 32 रू ओह ्दनन मे अपन् नौकर पर न्र्ज होके हमर् के व्डय मे रखले रहलू आ हम करछ समय ले व्डय मे रहनी, हम आ बेकरन के मरखखय्े 33 हमनी के स्थे एगो इब्नी नौकर रहे जवन पहरे द्र के सेन्प्र के रहे , ओकर न्म यूसरफ रहे , क्हे ्क ओकर म्​्लक ओकर् से न्र्ज होके ओकर् के कैद के लर मे रखले रहले अवररी उ हमनी के उह्ँ से सेव् दे र रहले​े 34 करछ समय ब्द जब हम व्डय मे रहनी र हम आ बेकर के मरखखय् एक र्र मे सपन् दे खनीे हमनी के सपन् दे खनी ज्, हर आदमी अपन् सपन् के व्ख् के मरर्​्बके 35 हमनी के सबेरे आके ओह नौकर के बरवनी ज् आ उ हमनी के सपन् के व्ख् हर आदमी के अपन् सपन् के ्हस्ब से कईले, क् उ सही व्ख् कईले​े 36 जइसे उ हमनी के व्ख् करर रहलन, ओइसने लटन् लटले उनकर कवनो ब्र जमीन पर न् ्गरले 37 अब हम्र म्​्लक आ र्ज् ्मस के लोग के बेक्र मे नइखन म्ररे दे ख़ ऊ गरल्म अब्हयों अपन् म्​्लक के पहरे द्र के कप्न लर मे बंद ब्, कैद के लर मे​े 38 अगर र्ज् के मन करे र ओकर् के बोल्वे के च्हीं ्क ऊ रोहर् सोझ् आवे आ ऊ रोहर् के ओह सपन् के सही व्ख् बर्वे जवन रू सपन् मे दे खले रहलूे 39 र्ज् मरख खब्स के ब्र सरन के र्ज् आदे श दे ले ्क ्मस के ज्नी लोग के हत् न् कईल ज्एे 40 र्ज् अपन् नौकरन के यूसरफ के स्मने ले आवे के आदे श ्दहलन र र्ज् ओह लोग से कहलन ्क, “उनक् लगे ज्के ओकर् के मर डे र्ईं ्क कही ं ऊ भ्मर न् हो ज्व आ ठीक से बोले के न् बरझीे” 41 र्ज् के नौकर यूसरफ के लगे गईले अवररी जली-जली उनरक् के क्लकोठरी से ्नक्ल दे ले अवररी र्ज् के नौकर उनरक् के मरंडन क लेले अवररी उ जेल के कपड् बदल के र्ज् के सोझ् आ गईले​े 42 र्ज् अपन् र्ज्संह्सन पर सोन् के एफोड से ब्नल र्जकरम्री पोश्क मे बइठल रहले आ ओकर् पर ल्गल महीन

सोन् चमकर रहे आ क्बमकल आ म्​्रक आ पन् के स्थे र्ज् के म्थ् पर मौजूद सब कीमरी पतर आँ ख के चक्चक कर ्दहलस आ यूसरफ र्ज् के दे ख के बहर आशययच्कर हो गइलने 43 जवन् ्संह्सन पर र्ज् बइठल रहले ऊ सोन् च्ँ दी आ गोमेद के पतर से ढं कल रहे आ ओकर् पर सतर सीढी रहे े 44 पूर् ्मस दे श मे उनकर ररव्ज रहे ्क र्ज् से ब्र करे आवे व्ल् हर आदमी अगर र्जकरम्र होखे भ् र्ज् के नजर मे कीमरी होखे र एकरीसव्ँ सीढी रक र्ज् के ्संह्सन पर चढ ज्ल् आ र्ज् छतीसव्ँ सीढी पर उरर के ओकर् से ब्र करसे 45 अगर उ आम लोग मे से एगो रहले र रीसर् सीढी प चढर रहले अवररी र्ज् चउथ् सीढी प उरर के उनरक् से ब्र करर रहले अवररी एकर् अल्वे ओ लोग के ररव्ज इ रहे ्क जे भी आदमी सतर भ्ष् मे बोले के समझर रहे , उ सतर सीढी प चढ के र्ज् के लगे पहं चे रक बोलर रहे े 46 जे केह सतर के पढ्ई पूर् न् कर प्वर रहे , उ ओरने सीढी चढर रहे जरन् ओह भ्ष् मे बोले के ज्नर रहे े 47 ्मस मे ओह लरी के ररव्ज रहे ्क केह ओह लोग पर र्ज न् करे , बलरक जे सतर भ्ष् मे बोले के समझे​े 48 जब यूसरफ र्ज् के सोझ् अईले र उ र्ज् के सोझ् जमीन प झरक गईले अवररी रीसर् सीढी प चढ गईले अवररी र्ज् चउथ् सीढी प बईठ के यूसरफ से ब्र कईले​े 49 र्ज् यूसरफ से कहले, “हम सपन् दे खले ब्नी, आ एकर सही व्ख् करे व्ल् कवनो व्ख्क्र नइखे, आ हम आजर आज् दे ले ब्नी ्क ्मस के सब ज्दू गर आ ओकर ज्नी लोग हमर् सोझ् आवे, आ हम आपन सपन् ओह लोग के बरवनी, आ केह हमर् के सही व्ख् नइखे कइले​े 50 एकर् ब्द हम आज रोहर् ब्रे मे सरननी ्क रू एगो बरख्म्न आदमी हउअ आ हर सपन् के सही व्ख् कर सकेनीे 51 यूसरफ ्फरौन के जव्ब ्दहलन ्क ्फरौन अपन् सपन् के बर्वे​े ्नशय ही व्ख् भगव्न के हे आ ्फरौन आपन सपन् यूसरफ से बरवले, ग्य के सपन्, आ ध्न के कन के सपन्, आ र्ज् आपन ब्र छोड ्दहलसे 52 रब यूसरफ र्ज् के स्मने परमेशर के आत् के कपड् प्हनले रहले अवररी उ सब ब्र ज्नर रहले ्क उ र्ज् के सपन् के सही व्ख् ज्नर रहले अवररी उ र्ज् के सोझ् ब्र कईले​े 53 यूसरफ के र्ज् के नजर मे अनरगह ्मलल आ र्ज् आपन क्न आ मन झरक् ्दहलन आ यूसरफ के सब ब्र सरनलने यूसरफ र्ज् से कहले, “ई मर सोच़ ्क ई दू गो सपन् ह, क्हे ्क ई ख्ली एगो सपन् ह, क्हे ्क ऊ पूर् दे श मे जवन भगव्न अपन् सपन् मे र्ज् के दे खवले ब्डन, ओकर् ख्​्रर चरनले ब्डन आ ई रोह्र सपन् के सही व्ख् ब्े 54 स्र गो नीमन गढ आ ध्न के ब्स स्र स्ल के होल् आ स्र गो खर्ब गठरी आ ध्न के ब्स स्र स्ल के होल्े ई र एके गो सपन् हे 55 दे ख़, जवन स्र स्ल आवे व्ल् ब्, उ पूर् दे श मे बहर भरम्र होई, आ ओकर् ब्द स्र स्ल के अक्ल, बहर बड अक्ल हो ज्ईे आ दे श से सब भरम्र भरल् ज्ई आ अक्ल दे श के ्नव्सी लोग के भस कर दीे 81


जशेर के बा

56 र्ज् एक सपन् दे खलन आ ्फरौन के सपन् दोहर्वल गइल क्हे ्क ई ब्र भगव्न के ओर से ्​्​्पर कइल गइल ब् आ भगव्न जलीए एकर् के पूर् कर ्दहे े 57 अब हम रोहर् के सल्ह दे ब आ रोहर् आ ओह दे श के ्नव्सी लोग के ज्न के अक्ल के बरर्ई से बच्इब ्क रू अपन् पूर् र्ज मे एगो अइसन आदमी के खोज करी ं जवन बहरे समझद्र आ बरख्म्न होखे , जे श्सन के सब क्म ज्नर होखे आ ओकर् के ्मस के भू्म के दे खरे ख करे ख्​्रर ्नयरक कऱ. 58 जेकर् के रू ्मस के ऊपर रखले ब्डू, ओकर् अधीन अफसरन के ्नयरखक करस ्क उ लोग आवे व्ल् अच् स्ल के सब ख्न् बटोर सके, आ ओकर् के ध्न जम् क के रोहर् ्नयर भंड्र मे जम् करसे 59 अक्ल के स्र स्ल रक उ ख्न् रखे र्​्क रोहर् आ रोहर् लोग के आ रोहर् पूर् दे श के ्मल ज्व आ रोहर् आ रोह्र दे श के अक्ल से न् कटव्वे​े 60 एह दे श के सब ्नव्सी लोग के भी आदे श ्दहल ज्व ्क स्र अच् स्ल मे हर केह अपन् खेर के उपज, हर ररह के ख्न् के बटोर के अपन् भंड्र मे रखे, र्​्क अक्ल के ्दन मे उ लोग के उ ्मल सके अवररी उ लोग ओकर् प ्जंद् रह सके​े 61 ई रोह्र सपन् के सही व्ख् ह, आ इहे सल्ह ब् जवन रोह्र आत् आ रोहर् सब पज् के आत् के बच्वे ख्​्रर ्दहल गइल ब्े 62 र्ज् यूसरफ से पूछले, “के कहर ब् आ के ज्नर ब् ्क रोह्र ब्र सही ब्?” र्ज् से कहलन, “हम्र सब ब्र के आदर करर ई रोहर् ख्​्रर एगो ्नश्नी होई ्क ई ब्र सही ब् आ हम्र सल्ह रोहर् ख्​्रर ब्ढय् ब्े” 63 दे ख़ रोह्र मेहर्त आजर पसव के मल पर बइठल ्बय् आ ऊ रोहर् के एगो बेट् पैद् करी आ रू ओकर् स्थे खरश होखब़े जब रोह्र लइक् अपन् महर्री के पेट से ्नकल ज्ई र रोह्र प्हल् बेट् जवन एह दू स्ल प्हले पैद् भइल ब्, ऊ मर ज्ई आ रोहर् ओह लइक् से ्दल्स् ्मल ज्ई जवन आजर रोहर् से पैद् होखी. 64 यूसरफ र्ज् से ई ब्र कह के पूर् कइलन आ र्ज् के स्मने पर्म कइलन आ ऊ ब्हर ्नकल गइलन आ जब यूसरफ र्ज् के स्मने से ्नकल गइलन र ओह ्दन यूसरफ र्ज् से कहले रहले. 65 ओह ्दन र्नी के एगो बेट् भइल आ र्ज् अपन् बेट् के ब्रे मे खरशखबरी सरन के ऊ खरश हो गइल आ जब ररपोटय र र्ज् के स्मने से ्नकलल र र्ज् के नौकर र्ज् के प्हल् बेट् के जमीन पर मरल ्गरल दे खले​े 66 र्ज् के लर मे बहरे ्वल्प आ शोरगरल भइल आ र्ज् सरन के कहलन ्क लर मे जवन शोर आ ्वल्प सरनले ब्नी ऊ क् ह? आ ऊ लोग र्ज् के बरवले ्क उनकर प्हल् बेट् मर गइल ब्; रब र्ज् के पर् चल गईल ्क यूसरफ के जवन भी ब्र उ कहले रहले उ सब सही ब्, अवररी र्ज् के उनरक् बेट् ख्री उ बच् से ्दल्स् ्दहल गईल, जवन ्क उनरक् से ओ ्दन पैद् भईल रहे , जईसे ्क यूसरफ कहले रहले​े

1 एकर् ब्द र्ज् आपन सब अफसर आ नौकर आ र्ज् के सब र्जकरम्र आ करलीन लोग के भेज के र्ज् के स्मने आ गईले​े 2 र्ज् ओह लोग से कहलन, “दे ख़, रू लोग एह इब्नी आदमी के सब ब्र दे खले आ सरनले ब्ड़, आ ऊ सब ्चन्र जवन ऊ बर्वर रहलन, ऊ सब हो ज्ई, आ ओकर कवनो ब्र जमीन पर नइखे ्गरले 3 रउआ ज्नर ब्नी ्क उ सपन् के सही व्ख् दे ले ब्डे अवररी इ जतर होई, एहसे अब सल्ह लीं अवररी ज्न लीं ्क रू क् करब अवररी दे श के अक्ल से कईसे बच्वल ज्ईे 4 अब खोजी ं आ दे खी ं ्क अइसने चीज ्मल सकेल् ्क न्, जेकर् ्दल मे बरख् आ ज्न ब्, आ हम ओकर् के दे श पर ्नयरक कर दे बे 5 क्हे ्क रू लोग सरनले ब्ड़ ्क इब्नी आदमी एह ब्रे मे क् सल्ह ्दहले ब् ्क ऊ दे श के अक्ल से बच्वल ज् सके आ हम ज्नर ब्नी ्क ऊ दे श अक्ल से न् मरक होखी बलरक ओह इब्नी आदमी के सल्ह से, जे हमर् के सल्ह ्दहले ब्. 6 उ सब र्ज् के जव्ब दे ले ्क, “इब्नी जवन सल्ह एह ब्रे मे दे ले ब्डे उ ब्ढय् ब्े अब हमनी के म्​्लक आ र्ज्, दे ख़ ्क पूर् दे श रोहर् ह्थ मे ब्, जवन रोहर् नजर मे अच् ल्गे ऊ कऱे 7 जेकर् के रू चरनब आ जेकर् के रू अपन् बरख् से ज्नर ब्डू ्क ऊ बरख्म्न आ अपन् बरख् से दे श के बच्वे मे सकम ब्, ओकर् के र्ज् ओह दे श पर अपन् अधीन र्खे ख्​्रर ्नयरक करीहे. 8 र्ज् सब अफसरन से कहले, “हम सोचले ब्नी ्क जबसे परमेशर इब्नी आदमी के आपन सब ब्र बर् दे ले ब्डे , एहसे पूर् दे श मे उनरक् जइसन समझद्र अवररी बरख्म्न केह नईखे​े अगर रोहर् नजर मे अच् ल्गी र हम ओकर् के दे श के ऊपर रख दे ब, क्हे ्क उ अपन् बरख् से दे श के बच्ईे 9 सब अफसर र्ज् के जव्ब दे ले, “ले्कन ्मस के ्नयम मे ्लखल ब् ्क एकर उलंलन न् होखे के च्ही ्क ्मस प केह के र्ज न् होई, न् र्ज् के ब्द दू सर् न् होई, ब्लरक उ आदमी के आदमी के संर्न के सभ भ्ष् मे ज्नक्री होखे​े 10 अब हमनी के म्​्लक आ र्ज्, दे ख़, ई ्हबू आदमी ख्ली ्हबू भ्ष् बोल सकेल्, आ रब ऊ हमनी के दू सरक् श्सन के अधीन कइसे हो सकेल्, जवन आदमी हमनी के भ्ष् रक न् ज्नर होखे? 11 अब हम रोहर् से ्नहोर् करर ब्नी ्क ओकर् के बोल् के भेज दी ं आ ओकर् के रोहर् सोझ् आके ओकर् के हर क्म मे परख के जवन रोहर् उ्चर ल्गे ओकर् के कऱ. 12 र्ज् कहलस, “क्ल हो ज्ई आ जवन ब्र रू कहले ब्डू उ ब्ढय् ब्े आ ओह ्दन सब अफसर र्ज् के सोझ् आ गईले​े 13 ओह र्र पभर आपन एगो सेवक सगयदूर भेजले आ ऊ ्मस दे श मे यूसरफ के लगे अइले आ पभर के दू र यूसरफ के ऊपर खड् होके दे खले ्क यूसरफ र्र मे अपन् म्​्लक के लर मे कोठरी मे ्बछौन् पर पडल रहले, क्हे ्क उनकर म्​्लक उनक् के अपन् मेहर्त के चलरे व्पस क्लकोठरी मे ड्ल दे ले रहले​े 14 रब सगयदूर ओकर् के नीद ं से जग् ्दहलन आ यूसरफ उठ के गोड पर खड् हो गइलन आ दे खलन ्क पभर के दू र ओकर् स्मने खड् ब्. उ र्र मे पभर के दू र यूसरफ से ब्र कईले अवररी

अध ्य 49 के ब्

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उ उनरक् के आदमी के सभ भ्ष् ्सखवले अवररी उनरकर न्म योसेफ रखले​े 15 रब पभर के दू र ओकर् से चल गइलन आ यूसरफ व्पस आके अपन् ्बछौन् पर लेट गइलन आ यूसरफ जवन दशयन दे खले रहले ओकर् से अचरज मे पड गइलने 16 सबेरे र्ज् आपन सब अफसर आ नौकरन के बोल्वे के भेजले आ सब लोग र्ज् के स्मने बइठ के र्ज् यूसरफ के ले आवे के आदे श ्दहलस आ र्ज् के नौकर ज्के यूसरफ के ्फरौन के स्मने ले अइले​े 17 र्ज् ्नकल के ्संह्सन के सीढी पर चढ गइलन आ यूसरफ र्ज् से हर भ्ष् मे ब्र कइलन आ यूसरफ र्ज् से रबले ब्र कइलन जबले ऊ सतरव्ँ सीढी पर र्ज् के सोझ् न् चहँ प गइलन आ र्ज् के स्मने बइठ गइलन. 18 र्ज् यूसरफ के चलरे बहर खरश हो गईले अवररी र्ज् के सभ अ्धक्री यूसरफ के सभ ब्र सरन के र्ज् के संगे बहर खरश हो गईले​े 19 र्ज् आ अफसरन के नजर मे ई ब्र अच् ल्गल ्क यूसरफ के र्ज् के ब्द पूर् ्मस दे श पर दू सर् ्​्न पर रखल ज्व आ र्ज् यूसरफ से कहलसे 20 अब रू हमर् के सल्ह दे ले ब्डू ्क हम एगो बरख्म्न आदमी के ्मस दे श के ऊपर ्नयरक करी,ं र्​्क उ अपन् बरख् से दे श के अक्ल से बच्वल ज् सके​े अब जबसे भगव्न रोहर् के ई सब आ रोहर् कहल सब ब्र के ज्नक्री दे ्दहले ब्डन, र पूर् दे श मे रोहर् जइसन कवनो ्ववेकी आ बरख्म्न आदमी नइखे​े 21 अब रोह्र न्म यूसरफ न् र्खल ज्ई, बलरक रोह्र न्म सफन्थ प्नेआ होईे रू हमर् ब्द दू सर् होखब आ रोहर् वचन के अनरस्र हम्र सरक्र के सब क्म होई आ रोहर् वचन पर हम्र लोग ब्हर ्नकल के भीरर आ ज्ईे 22 हमर् सेवक आ अफसरन के हर महीन् ्दहल ज्ए व्ल् वेरन रोहर् ह्थ से ्मल ज्ई आ दे श के सब लोग रोहर् के पर्म करीे ख्ली अपन् ्संह्सन पर हम रोहर् से बड होखबे 23 र्ज् आपन अंगूठी ह्थ से उर्र के यूसरफ के ह्थ पर रख ्दहलन आ र्ज् यूसरफ के ररय्सर के कपड् प्हन ्दहले आ म्थ् पर सोन् के मरकरट प्हनले आ गरदन मे सोन् के जंजीर लग् ्दहले​े 24 र्ज् अपन् नौकरन के आदे श ्दहलन आ ऊ लोग र्ज् के रथ के स्मने व्ल् दू सर् रथ मे सव्र कर ्दहलन आ र्ज् के लोड् से एगो बडहन आ मजबूर लोड् पर सव्र कर के ्मस दे श के सडकन पर ले ज्इलने 25 र्ज् आज् ्दहलन ्क जे सब लोग ्टमर, वीर् आ अउरी व्दयंत बज्वेल्, यूसरफ के स्थे ्नकले​े एक हज्र ्टमरल, एक हज्र मेकोलोथ आ एक हज्र नेब्​्लम उनक् पीछे -पीछे चलले 26 प्ं च हज्र आदमी, ह्थ मे खीच ं ्इल रलव्र चमकर, आ ऊ लोग यूसरफ के स्मने म्चय करर आ खेलर गइल, आ र्ज् के बीस हज्र लोग सोन् से ढं कल चमड् के करधनी से ब्नल, यूसरफ के द्​्हन् ओर चलल, आ बीस हज्र लोग उनकर ब्ईं ओर, आ सब मेहर्त आ लइकी छर पर चलल भ् गली मे खड् होके खेलर आ... यूसरफ के दे ख के खरश होके यूसरफ के तप आ ओकर सरंदरर् के दे खर रहले​े

27 र्ज् के लोग उनकर् से आगे आ पीछे से लोब्न आ कै्सय् आ हर ररह के ब्ढय् इत से सरगं्धर करर सडक पर गंधक आ मरसबर ्बखेर के बीस आदमी पूर् दे श मे उनकर् स्मने जोर से इ ब्र सरनवले​े 28 क् रउव् इ आदमी के दे खर ब्नी जेकर् के र्ज् आपन दू सर् चरनले ब्डे ? सरक्र के सगरी क्म ओकर् से ्नयं्तर होखी आ जे ओकर् आदे श के उलंलन करी भ् ओकर् सोझ् जमीन पर न् झरकी ऊ मर ज्ई क्हे ्क ऊ र्ज् आ ओकर् दर सरक् के खखल्फ ्वदोह करे ल्. 29 जब पच्रक लोग पच्र बंद कर ्दहल र ्मस के सब लोग यूसरफ के स्मने जमीन पर झरक के कहलस, “र्ज् ्जंद् रहस, ओकर दू सर् भी ्जंद् रहसे ्मस के सब ्नव्सी सडक के ्कन्रे पर्म कइले आ जब संदेशव्हक लोग ओह लोग के लगे पहँ चल र ऊ लोग पर्म कइल आ यूसरफ के स्मने हर ररह के ्टमर, मेकोल आ नेबल से खरश हो गइले 30 यूसरफ लोड् पर सव्र आपन नजर आक्श के ओर उठवले आ ्चल् के कहले, “गरीब के धूल से उठ्वेल्, गरीब के गोबर से उठ्वेल्े” हे सेन् के स्मी, रोहर् पर भरोस् करे व्ल् आदमी सरखी ब्े 31 यूसरफ ्फरौन के नौकर आ अफसरन के स्थे पूर् ्मस के दे श मे लूम के पूर् ्मस के दे श आ र्ज् के सब खज्न् दे खवले​े 32 ओह ्दन यूसरफ व्पस आके ्फरौन के स्मने अइले आ र्ज् यूसरफ के ्मस दे श मे खेर आ अंगूर के बगइच् के म्​्लक्न् हक दे ्दहलन आ र्ज् यूसरफ के रीन हज्र रोर् च्ँ दी आ एक हज्र रोर् सोन्, गोमेद के पतर आ बदे ्लयन आ कई गो उपह्र ्दहले​े 33 अ्गल् ्दने र्ज् ्मस के सब लोग के यूसरफ के ब्लद्न आ उपह्र ले आवे के आज् ्दहलन आ र्ज् के आज् के उलंलन करे व्ल् के मौर होखे के च्हींे उ लोग शहर के गली मे एगो ऊँच जगह बनवले अवररी उह्ँ कपड् पस्र के जवन भी चीज यूसरफ के लगे ले आई, उ ऊँच जगह प र्ख दे ले​े 34 ्मस के सब लोग ऊँच जगह पर करछ न् करछ फेकल, एक आदमी सोन् के कनफरसकी, दू सर् अंगूठी आ क्न के अंगूठी, सोन्-च्ं दी के अलग-अलग बरयन, आ ऊंच जगह पर गोमेद के पतर आ बेड्लयम फेकले​े हर केह अपन् लगे जवन रहे ओकर् मे से करछ न् करछ दे ्दहलसे 35 यूसरफ ई सब लेके अपन् खज्न् मे रख ्दहलन आ र्ज् के सब अफसर आ करलीन लोग यूसरफ के ऊपर उठ् ्दहलन आ र्ज् ओकर् के आपन दू सर् चरनले रहलने 36 र्ज् ओन के अहीर्म य्जक के बेट् पो्रफेर् के लगे भेजले अवररी उ अपन् छोट बेटी ओसन्थ के लेके यूसरफ के पती के तप मे दे दे ले​े 37 ऊ लइकी बहर सरनर करंव्री रहली, जेकर् के आदमी न् ज्नर रहे , आ यूसरफ ओकर् के मेहर्त बन् ्लहले​े र्ज् यूसरफ से कहलस, “हम ्फरौन हईं, आ रोहर् अल्व् केह के ह्थ आ गोड उठ् के पूर् ्मस दे श मे हमर् लोग के ्नयमन करे के ्हमर न् होईे 38 जब यूसरफ ्फरौन के स्मने खड् रहले र यूसरफ रीस स्ल के रहले अवररी यूसरफ र्ज् के सोझ् से ्नकल गईले अवररी ्मस मे र्ज् के दू सर् आदमी बन गईले​े 83


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39 र्ज् यूसरफ के लर मे सौ नौकर के दे ्दहलन आ यूसरफ भी भेज के कई गो नौकर खरीदले आ ऊ लोग यूसरफ के लर मे रह गइले 40 यूसरफ र्ज् के महल के आँ गन के स्मने र्ज् लोग के लर ्नहन बहर श्नद्र लर बनवले अवररी लर मे एगो बड मं्दर बनवले, जवन ्क दे ख्ई दे वे मे बहर सरर्चपूरय अवररी अपन् ्नव्स ख्री सर्वध्जनक रहे े रीन स्ल यूसरफ आपन लर खड् करे मे रहले​े 41 यूसरफ अपन् ख्​्रर एगो बहर सरर्चपूरय ्संह्सन बनवले जवन् मे सोन्-च्ं दी के भरम्र रहे आ ओकर् के गोमेद के पतर आ बेड्लयम से ढं क ्दहलन आ ओकर् पर पूर् ्मस के उपम् बनवले आ ्मस के नदी के उपम् बनवले जवन पूर् ्मस दे श के प्नी दे वेले​े आ यूसरफ अपन् लर मे अपन् ्संह्सन पर सरर्कर बइठ गइलन आ पभर यूसरफ के बरख् बढ् ्दहलन. 42 ्मस के सब ्नव्सी, ्फरौन के सेवक आ ओकर र्जकरम्र यूसरफ से बहर प्र करर रहले, क्हे ्क इ ब्र पभर के ओर से यूसरफ के ओर से रहे े 43 यूसरफ के एगो सेन् यर् करर रहे , जवन च्लीस हज्र छह सौ आदमी के संख् मे सेन् आ सेन् मे ्नकलल रहे , जवन र्ज् आ यूसरफ के दर शन के खखल्फ सह्यर् करे ख्​्रर ह्थय्र उठ्वे मे सकम रहे , र्ज् के अफसर आ उनकर नौकर आ ्मस के ्नव्सी लोग के अल्व्े 44 यूसरफ अपन् पर्कमी लोग आ अपन् सब सेन् के ढ्ल आ भ्ल्, टोपी आ कोट आ गोफन ख्​्रर पतर ्दहलने

7 स्ल के क्ं ्र के समय, यूसरफ के ्मस पर श्सन के दू सर् स्ल मे, पभर स्र स्ल रक पूर् दे श मे बहर भरम्र दे ले, जईसे ्क यूसरफ कहले रहले, क्हे ्क पभर ओ समय मे धररी के सभ उपज के स्र स्ल रक आशीव्य द दे ले रहले अवररी उ लोग ख्न् ख्र रहले अवररी बहर रृप हो गईले​े 8 ओह लरी यूसरफ के अधीन अफसर रहले, उ लोग अच् स्ल के सब ख्न् बटोरर रहले अवररी स्ल दर स्ल अन्ई के ढे र लग्वर रहले अवररी यूसरफ के खज्न् मे रखर रहले​े 9 जब भी उ लोग ख्न् बटोरर रहले र यूसरफ आज् दे र रहले ्क उ लोग क्न मे ख्ई ले आवे के च्ही अवररी खेर के म्टी के करछ ्हस् भी अपन् संगे ले आवे के च्ही र्​्क उ लूट न् ज्एे 10 यूसरफ स्ल दर स्ल एही ररह के क्म करर रहले अवररी उ भरपूर म्त् मे समरंदर के ब्लू ्नहन ख्ई के ढे र लग्वर रहले, क्हे की उनरकर भंड्र बहर बड रहे अवररी भरपूर म्त् मे ्गनल न् ज् सकर रहे े 11 ्मस के सब ्नव्सी स्र अच् स्ल मे अपन् भंड्र मे बहर ररह के ख्न् बटोरले, ले्कन उ लोग एकर् के यूसरफ ्नहन न् कईले​े 12 स्र स्ल के भरम्र के दौर्न यूसरफ आ ्मस के लोग जवन भी ख्न् बटोरले रहले, ओकर् के पूर् दे श के भरर पोषर ख्​्रर स्र स्ल के अक्ल के भंड्र मे जमीन ख्​्रर सरर्कर रखल गईले 13 ्मस के ्नव्सी लोग अक्ल के समय मे भरर पोषर ख्​्रर हर एक आपन भंड्र आ अपन् ्छपल जगह के ध्न से भर ्दहले 14 यूसरफ जवन भी ख्न् बटोरले रहले, उ सब ्मस के सब शहर मे रखले अवररी सभ भंड्र बंद क के ओकर् ऊपर पहर्द्र बन् दे ले​े 15 यूसरफ के मेहर्त ओसन्थ जे पोरीफेर् के बेटी रहली, उनकर दू गो बेट् मनशे आ एपैम के जनम ्दहली आ जब यूसरफ के जनम भइल र ऊ चौंरीस स्ल के रहले​े 16 लइक् बड होके उनकर र्स् पर चलल आ उनकर ्नद् श पर उनकर ब्बूजी के ्सख्वल र्स् से न् भटकल, न् र द्​्हन् ओर न् ब्ं य्े 17 पभर लइक् लोग के स्थे रहलन आ ऊ लोग बड हो गइल आ हर ररह के बरख् आ श्सन के क्म मे समझ आ ्नपरर हो गइल आ ्मस के सब अफसर आ उनकर बडक् लोग ओह ल्डकन के ऊँच कइल आ र्ज् के लइकन के बीच मे पलल बढले 18 पूर् दे श मे जवन स्र स्ल के भरम्र रहे , ओकर अंर हो गईल अवररी ओकर् ब्द स्र स्ल के अक्ल यूसरफ के ब्र के मरर्​्बक भईल अवररी पूर् दे श मे अक्ल हो गईले 19 ्मस के सब लोग दे खल ्क ्मस के दे श मे अक्ल शरत हो गईल ब्, अवररी ्मस के सभ लोग अक्ल के चलरे अपन्अपन् ध्न के भंड्र खोल दे ले​े 20 उ लोग के भंड्र मे जवन भी ख्न् रहे उ सब कीड्-मकोड् से भरल रहे अवररी ख्ए ल्यक न् रहे अवररी पूर् दे श मे अक्ल के दौर चल गईल अवररी ्मस के सभ ्नव्सी ्फरौन के सोझ् आके ्चल्र रहले , क्हे की अक्ल उनरक् प भ्री पड गईल रहे े

अध ्य 50 के ब् 1 ओही लरी रश्श के लोग इस्इल के बेट् लोग के खखल्फ आके ओह लोग से लड्ई लडल आ ररशीश के लोग बहर ्दन रक इस्इली लोग के लूट ्लहले 2 ओह लरी इस्इल के संर्न के संख् कम रहे आ ऊ लोग रश्श के संर्न पर ह्वी न् हो प्वल आ ओह लोग पर बहरे अत्च्र भइले 3 इश्एल के बरढऊ लोग ्मस के र्ज् के एगो ररक्डय भेजर कहले ्क, “हमर् से ्नहोर् ब् ्क अपन् सेवकन के अफसर आ सेन् के भेज दी ं ्क हमनी के ररशीश के लोग के खखल्फ लड्ई लडे मे मदद करस, क्हे ्क हमनी के बहर ्दन से न्श करर ब्नी ज्े” 4 ्फरौन यूसरफ के स्थे रहे व्ल् पर्कमी आ सेन् के स्थे आ र्ज् के लर से उनकर पर्कमी लोग के स्थे भेजलने 5 उ लोग इस्इल के लोग के लगे हवील् के दे श मे गईल, र्​्क उ लोग र्रशीश के लोग के खखल्फ सह्यर् करस, आ इस्इल के लोग रश्श के लोग के संगे लड्ई लडले अवररी यूसरफ रश्श के लोग के हर् दे ले अवररी उ ओ लोग के पूर् दे श के अपन् वश मे क लेले अवररी इस्इल के लोग आज रक ओ्हज् रहर्रे े 6 जब ररशीश के दे श अपन् वश मे हो गइल र सब ररशीसी भ्ग के अपन् भ्ई य्वन के लोग के सीम् पर आ गइलन आ यूसरफ अपन् सब पर्कमी आ सेन् के स्थे ्मस लवट गइलन, ओहमे से एको आदमी न् ग्यब भइल. 84


जशेर के बा

21 उ लोग ्फरौन से कहलस, “अपन् सेवकन के ख्न् दे द़ आ हमनी के आ हमनी के छोट-छोट लइक् भी रोहर् आँ ख के सोझ् भूख से क्हे मरब ज्?” 22 ्फरौन ओह लोग के जव्ब ्दहलन, “रू लोग हमर् से क्हे परक्रर ब्ड़? क् यूसरफ के आदे श न् रहे ्क अक्ल के स्लन ख्​्रर भरम्र के स्र स्ल मे मकई के ्बछ्वल ज्व? आऊ क्हे न् सरननी उनकर आव्ज? 23 ्मस के लोग र्ज् के जव्ब ्दहलस, “हमनी के म्​्लक, रोह्र सेवक उ सब क्म कईले ब्डे जवन यूसरफ के आदे श दे ले रहले, क्हे ्क रोह्र सेवक भी अपन् खेर के सब उपज के बटोर के आज रक भंड्र मे रखले रहले​े 24 जब रोह्र नौकरन पर अक्ल पडल र हम आपन भंड्र खोलनी र दे खनी ्क हमनी के सब उपज कीड्-मकोड् से भरल रहे आ ख्ए ल्यक न् रहे े 25 जब र्ज् ्मस के ्नव्सी लोग पर भइल सब करछ सरन के र्ज् अक्ल के चलरे बहर डे र् गईले अवररी उ बहर डे र् गईले​े र्ज् ्मस के लोग के जव्ब ्दहलन, “जब से रोहनी के स्थे ई सब भइल ब्, र यूसरफ के लगे ज्के उ जवन कहे ले, ओकर् के कऱ, ओकर आज् के उलंलन मर कऱे” 26 ्मस के सब लोग यूसरफ के लगे ज्के कहलस, “हमनी के ख्न् द़ आ हमनी के भूख से रोहर् सोझ् क्हे मरब ज्? क्हे ्क हमनी के स्र स्ल मे रू आज् के मरर्​्बक आपन उपज बटोरनी ज्, आ हमनी के ओकर् के भंड्र मे रखनी ज्, आ अईसने हमनी पर भईल ब्े 27 जब यूसरफ ्मस के लोग के सब ब्र सरनलन आ ओह लोग पर भइल लटन् सरनलन र यूसरफ आपन सब भंड्र खोल के ्मस के लोग के बेच ्दहलने 28 पूर् दे श मे अक्ल के दौर चलल आ सब दे श मे अक्ल पडल, ले्कन ्मस के दे श मे बेचे ख्​्रर उपज रहे े 29 ्मस के सब ्नव्सी यूसरफ के लगे ध्न खरीदे अइले, क्हे ्क अक्ल उनके पर ह्वी हो गइल रहे आ ओह लोग के स्र् ध्न लूट गइल रहे आ यूसरफ रोज ओकर् के ्मस के सब लोग के बेचर रहले​े 30 कन्न दे श के सब ्नव्सी आ प्लसीन, यरदन के ओह प्र के लोग, पूरब के लोग आ दू र-दू र के सब शहरन के लोग सरनल ्क ्मस मे ध्न ब्, आ उ सब लोग ्मस मे अन खरीदे आइल रहे , क्हे ्क अक्ल ओह लोग पर ह्वी हो गइल रहे े 31 यूसरफ ध्न के भंड्र खोल के ओकर् पर अफसर रखले , आ उ लोग रोज खड् होके आवे व्ल् सब के बेचर रहले​े 32 यूसरफ ज्न गइलन ्क उनकर भ्ई लोग भी ्मस मे खेर खरीदे अइहे , क्हे ्क पूर् धररी पर अक्ल के दौर चलर रहे े यूसरफ अपन् सब लोग के आज् ्दहलन ्क उ लोग पूर् ्मस दे श मे एकर पच्र करसे 33 र्ज् के, अपन् दू सर् आ ओह लोग के मह्न लोग के ई खरशी ब् ्क जे केह ्मस मे मकई खरीदे के च्हर ब्, ऊ अपन् नौकरन के ्मस मे खरीदे ख्​्रर न् भेजे, बलरक अपन् बेट् के, आ कवनो ्मसी भ् कन्न के भी, जे ्मस मे मकई खरीदे से कवनो भंड्र से आके पूर् दे श मे बेचे के क्म करी, ऊ मर ज्ई, क्हे ्क ओकर् लर के भरर पोषर के अल्व् केह न् खरीदीे 34 दू -रीन ज्नवर के अगरव्ई करे व्ल् के भी मौर हो ज्ई, क्हे ्क आदमी के ्सफय अपन् ज्नवर के नेरृत करे के होईे

35 यूसरफ ्मस के फ्टक पर पहरे द्रन के रख के आज् ्दहलन ्क, “जे केह मकई खरीदे आवेल्, रबले ओकर् के रब रक न् लरसे दी ं जबले ओकर न्म, ओकर ब्प के न्म आ ओकर ब्प के ब्प के न्म न् ्लखल ज्व, आ जवन करछ ्दन मे ्लखल ब्, ओकर् के स्ँ झ के हमर् लगे भेज दी ं र्​्क हम ओकर न्म ज्न सकीले​े 36 यूसरफ पूर् ्मस दे श मे अफसरन के रखलन आ उ लोग के ई सब क्म करे के आज् ्दहलने 37 यूसरफ इ सब क्म कईले अवररी इ ्नयम बनवले र्​्क उनरक् पर् चल सके ्क उनरकर भ्ई कब ्मस मे खेर खरीदे आईहे े आ यूसरफ के लोग ्मस मे रोज एह ब्र के लोषर् करर रहले जवन यूसरफ के आज् दे ले रहले​े 38 पूरब आ पखचम के सब ्नव्सी आ पूर् धररी के लोग यूसरफ के ्मस मे बनल ्नयम आ ्नयम के ब्रे मे सरनल आ धररी के चरम इल्क् के ्नव्सी लोग आके ्दन पर ्दन ्मस मे अन खरीदर चल गइले 39 ्मस के सब अफसर यूसरफ के आज् के मरर्​्बक क्म कईले अवररी जे भी लोग ्मस मे अन खरीदे आवे, र फ्टक के रखव्ल् लोग आपन न्म अवररी अपन् ब्प-द्द् के न्म ्लख के रोज स्ं झ के यूसरफ के सोझ् ले आवर रहले​े अध ्य 51 के ब् 1 ओकर् ब्द य्कूब सरनलस ्क ्मस मे ख्न ब्, र उ अपन् बेट् लोग के ्मस ज्ए ख्​्रर बोलवले ्क उ लोग अक्ल के ्शक्र हो गईल रहे े 2 दे ख़ हम सरनर ब्नी ्क ्मस मे ध्न ब् आ धररी के सब लोग खरीदे ख्​्रर उह्ँ ज्र ब्, र अब रू लोग पूर् धररी के स्मने अपन् के रृप क्हे दे ख्वेब? रू भी ्मस मे ज्के हमनी के ओ्हज् आवे व्ल् लोग के बीच से रनी-मनी मकई खरीद द़ र्​्क हमनी के मर न् ज्इब ज्े 3 य्कूब के बेट् लोग अपन् ब्प के आव्ज सरन के ्मस उररे ख्​्रर उठल ्क उह्ँ आवे व्ल् ब्की लोग के बीच से खेर खरीदे े 4 ओह लोग के ब्प य्कूब ओह लोग के आज् ्दहलन ्क जब रू लोग शहर मे अइब र ओह दे श के ्नव्सी लोग के चलरे एक फ्टक मे न् ज्इबे 5 य्कूब के बेट् लोग ्मस चल गइलन आ य्कूब के बेट् लोग अपन् ब्प के आज् के मरर्​्बक सब करछ कइल आ य्कूब ्बन्मीन के न् भेजलन क्हे ्क ऊ कहले रहले ्क कही ं उनकर भ्ई जइसन सडक पर कवनो दर लयटन् न् होखे​े य्कूब के दस गो बेट् ्नकल गइलने 6 जब य्कूब के बेट् लोग र्स् मे ज्र रहले, र उ लोग यूसरफ के संगे कईल क्म प पछर्व् कईले अवररी एक दू सर् से ब्र कईले, “हमनी के ज्नर्नी ्क हमनी के भ्ई यूसरफ ्मस गईल रहले अवररी अब हमनी के उनरक् के खोजब ज्, जह्ं हमनी के ज्इब ज्, अवररी जदी हमनी के उनरक् के ्मल ज्ई र ओकर् के उनरक् म्​्लक से ्फरौरी के रौर प ले लेब, अवररी न् र जबदय सी, अवररी हमनी के ओकर् ख्री मर ज्ईबे” 7 य्कूब के बेट् लोग एह ब्र से सहमर हो गइल आ यूसरफ के म्​्लक के ह्थ से बच्वे ख्​्रर अपन् के मजबूर कइल आ य्कूब के बेट् ्मस चल गइलने जब उ लोग ्मस के नजदीक 85


जशेर के बा

पहं चले र उ लोग एक दू सर् से अलग हो गईले अवररी ्मस के दस फ्टक से होके पहं चले अवररी ओ ्दन फ्टक के रखव्ल् लोग ओ लोग के न्म ्लख के स्ं झ के यूसरफ के लगे ले अईले​े 8 यूसरफ शहर के फ्टक के रखव्ल् लोग के ह्थ से न्म पढ के दे खले ्क उनकर भ्ई लोग शहर के दस फ्टक पर लरसल ब् आ यूसरफ ओह लरी पूर् ्मस दे श मे एकर लोषर् करे के आदे श ्दहलने 9 रू सब भंड्र के पहरे द्र लोग ज्, सब मकई के भंड्र बंद कर दी ं आ ख्ली एगो खरलल रहे दी ं र्​्क जे आवे व्ल् लोग ओकर् से खरीद सके​े 10 ओह लरी यूसरफ के सब अफसर अयीसन कईले अवररी उ लोग सभ भंड्र बंद क दे ले अवररी ्सफय एक भंड्र के खरल् छोड दे ले​े 11 रब यूसरफ अपन् भ्ई लोग के ्लखल न्म खरल् भंड्र के ऊपर रखल आदमी के ्दहलन आ कहलन ्क जे भी रोहर् लगे मकई खरीदे आवे र ओकर न्म पूछी ं आ जब एह न्म के लोग रोहर् सोझ् अइहे र ओकर् के पकड के भेज दी ं आ ऊ लोग अईसन कइले 12 जब य्कूब के बेट् लोग शहर मे अईले र उ लोग अपन् ख्​्रर ध्न खरीदे से प्हले यूसरफ के खोजे ख्​्रर शहर मे एकजरट हो गईले​े 13 उ लोग वेृ् के दे व्ल मे चल गईले अवररी रीन ्दन रक वेृ् के दे व्ल मे यूसरफ के खोजर रहले, क्हे की उ लोग सोचर रहले ्क यूसरफ वेृ् के दे व्ल मे आईहे , क्हे की यूसरफ बहर सरंदर अवररी अनरगही रहले अवररी य्कूब के बेट् रीन ्दन रक यूसरफ के खोजर रहले, र उ लोग के न् ्मलले 14 खरल् भंड्र पर बइठल आदमी यूसरफ के न्म के खोजर रहे , ले्कन ओकर् न् ्मलले 15 उ यूसरफ के लगे भेजले ्क, “ई रीन ्दन बीर गईल, उ लोग नईखन आईल, जेकर न्म रू हमर् के रखले ब्डूे यूसरफ पूर् ्मस मे ओह लोग के खोजे आ यूसरफ के स्मने ले आवे ख्​्रर नौकर भेजले​े 16 यूसरफ के नौकर ्मस मे ज्के उ लोग के न् ्मलल, आ गोशेन गईले, ले्कन उह्ँ न् रहले, ्फर र्मसेस शहर मे गईले अवररी उ लोग के न् ्मलले 17 यूसरफ अपन् भ्ई लोग के खोजे ख्​्रर सोलह गो नौकर भेजर रहलन आ ऊ लोग शहर के च्रो कोन् मे पसरल आ च्र गो नौकर वेृ् लोग के लर मे चल गइलन आ उह्ँ के दस आदमी अपन् भ्ई के खोजर दे खलने 18 ऊ च्रो आदमी ओह लोग के लेके ओकर् सोझ् ले अइले आ ऊ लोग ओकर् के जमीन पर पर्म कइल आ यूसरफ अपन् मं्दर मे अपन् ्संह्सन पर बइठल रहले, ररय्सर के कपड् प्हनले रहले आ ओकर् म्थ् पर सोन् के एगो बडहन मरकरट रहे आ ओकर् च्रो ओर सब पर्कमी बइठल रहले . 19 य्कूब के बेट् यूसरफ के दे खले आ उनकर आकृ्र, सरंदरर् आ चेहर् के गररम् उनक् नजर मे अद् भरर ल्गल आ उ लोग फेर से उनकर् स्मने जमीन पर पर्म कइलने 20 यूसरफ अपन् भ्ई लोग के दे ख के उ लोग के ज्नर रहले, ले्कन उ लोग उनरक् के न् ज्नर रहले, क्हे ्क यूसरफ ओ लोग के नजर मे बहर बड रहले, एहसे उ लोग उनरक् के न् ज्नर रहले​े

21 यूसरफ ओह लोग से कहलन, “रू लोग कह्ँ से आइल ब्ड़? उ सब लोग जव्ब दे ले ्क, “रोह्र सेवक कन्न दे श से मकई खरीदे आईल ब्डे , क्हे ्क पूर् धररी प अक्ल के दौर चलल ब्, अवररी रोह्र सेवक सरनले ्क ्मस मे ख्ई ब्, एहसे उ लोग ब्की लोग के बीच मे अपन् भरर-पोषर ख्री अन खरीदे आईल ब्डे े 22 यूसरफ ओह लोग के जव्ब ्दहलन, “ज्द रू लोग जइसन कहर ब्नी, खरीदे आइल ब्नी र शहर के दस फ्टक से क्हे आवर ब्ड़? बस अरने हो सकेल् ्क रउर् जमीन के ज्सूसी करे आइल ब्नी. 23 उ सब ्मल के यूसरफ के जव्ब दे ले, “अइसन न् हे म्​्लक, हम सही कहर ब्नी, रोह्र नौकर ज्सूस नईखन, ले्कन हमनी के मकई खरीदे आईल ब्नी ज्, क्हे ्क रोह्र नौकर सब भ्ई हवे, कन्न दे श मे एक आदमी के बेट् हवे अवररी हमनी के ्पर् हमनी के आज् दे ले ्क, जब रू शहर मे आईब र दे श के ्नव्सी के चलरे एक दर आर प एक संगे मर ज्ईंे 24 यूसरफ फेर ओह लोग के जव्ब ्दहलन, “हम रोहनी से इहे ब्र कहले ब्नी ्क रू लोग दे श के ज्सूसी करे आइल ब्डू, एही से रउआ सभे शहर के दस फ्टक से होके आइल ब्नीे रूँ दे श के नंग्पन दे खे आइल ब्ड़े 25 जे भी ध्न खरीदे आवेल्, उ अपन् र्स् मे चल ज्ल्, आ रू रीन ्दन से दे श मे रह गईल ब्डू, आ जवन् वेृ् के दे व्ल मे रू इ रीन ्दन से रहलू, ओकर् मे क् कर रहल ब्डू? ्नशय ही ज्सूस भी एह सब के पसंद करे ले​े 26 उ लोग यूसरफ से कहलस, “हमनी के म्​्लक के इ ब्र कहल बहर दू र ब्, क्हे ्क हमनी के ब्रह भ्ई हई ज्, हमनी के ्पर् य्कूब के बेट् हई ज्, कन्न दे श मे, इसह्क के बेट्, इब्हीम के बेट्, इब्नी के बेट्, आ दे ख़, छोटक् आज हमनी के ब्प के स्थे कन्न दे श मे ब्, आ एगो नइखे, क्हे ्क उ हमनी से हे र् गइल ब्, आ हमनी के सोचनी ज् ्क श्यद उ एह दे श मे हो सकेल्, अइसही ं हमनी के ब्नी ज् पूर् दे श मे ओकर् के खोजर रहले अवररी उह्ँ ओकर् के खोजे ख्री वेृ् के लर रक पहं चले ब्डे े 27 यूसरफ ओह लोग से कहलन, “क् रू लोग ओकर् के पूर् धररी पर खोजले ब्ड़ ्क ख्ली ्मस रह गइल ब् ्क रोहनी के ओकर् के खोजे ख्​्रर? आ रोह्र भ्ई भी वेृ् के लर मे क् करे , भले उ ्मस मे रहले? क् रू इ नईख कहले ्क रू इब्हीम के बेट् इसह्क के बेट् से हउअ आ य्कूब के बेट् वेृ् के लर मे क् करीहे ? 28 उ लोग ओकर् से कहलस ्क, “हम सरननी ्क इश्एल हमनी से ओकर् के चोर् लेले ब्डे अवररी हमनी के बर्वल गईल ्क उ लोग उनरक् के ्मस मे बेच दे ले ब्डे , अवररी रोह्र सेवक, हमनी के भ्ई, बहर सरंदर अवररी अनरग्हर ब्डे , एहसे हमनी के सोचनी ्क उ वेृ् के लर मे जतर होईहे , एहसे रोह्र नौकर उनरक् के खोजे अवररी ओकर् ख्री ्फरौरी दे वे ख्री उह्ँ गईले​े 29 यूसरफ अब्हयों ओह लोग के जव्ब दे र कहले, “रू लोग झूठ बोलर ब्ड़ आ झूठ बोलर ब्ड़ ्क रू लोग अब्हम के बेट् हउअे जइसे ्फरौन ्जंद् ब् रू ज्सूस हईं, एही से रू वेृ् के लर मे आइल ब्ड़ ्क रोहनी के न् ज्नल ज्वे

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जशेर के बा

30 यूसरफ ओह लोग से कहलन, “अब अगर रू ओकर् के प्ईं आ ओकर म्​्लक रोहनी से बहरे द्म म्ँ गर ब्ड़ र क् रू ओकर् ख्​्रर दे ब़?” ऊ लोग कहल ्क, “्दल ज्ईे” 31 ऊ ओह लोग से कहलन, “अगर ओकर म्​्लक बहरे द्म दे के ओकर् से अलग् होखे के सहम्र न् दे सर र रोहनी ओकर् के क् करब़? उ लोग जव्ब दे ले ्क, जदी उ हमनी के न् ्दहे र हमनी के ओकर् के म्र दे ब अवररी अपन् भ्ई के लेके चल दे बे 32 यूसरफ ओह लोग से कहलन, “हम रोहनी से इहे ब्र कहले ब्नीे रू ज्सूस हउव़, क्हे ्क रू लोग ओह दे श के ्नव्सी लोग के म्रे आइल ब्ड़, क्हे ्क हमनी के सरनले ब्नी ज् ्क रोह्र दू भ्ई रोह्र ब्हन के चलरे कन्न दे श के शेकेम के सभ ्नव्सी के म्र ्दहले ब्ड़ आ अब रू अपन् भ्ई के चलरे ्मस मे अइसने करे आइल ब्ड़े 33 हम ख्ली एही से ज्नब ्क रू लोग सच् आदमी हउअे अगर रउर् अपन् बीच से एगो के लरे भेजब ्क ऊ अपन् छोट भ्ई के अपन् ब्प से ले आवे आ ओकर् के ए्हज् हमर् लगे ले आवे आ ई क्म कइल् से हम ज्न ज्ईं ्क रउर् सही कहर ब्नी. 34 यूसरफ अपन् सतर गो पर्कमी लोग के बोलवले आ कहलन ्क एह लोग के लेके व्डय मे ले आव़. 35 पर्कमी लोग ओह दस आदमी के पकड के व्डय मे रखले आ रीन ्दन रक व्डय मे रहले​े 36 रीसर् ्दन यूसरफ ओह लोग के व्डय से ब्हर ले आवे के कहले, “ज्द रू सच् आदमी हईं र अपन् ख्​्रर ई क्म करी ं र्​्क रू लोग ्जंद् रह सकीले, जबले रू लोग ज्के अपन् लर के ख्न के कन्न दे श मे लरे ले ज्इब आ अपन् छोट भ्ई के हमर् लगे ले आईब, र्​्क हम ज्न सकी ्क रू लोग सच् आदमी हई चीजे 37 यूसरफ ओह लोग से ब्हर ्नकल के कोठरी मे आके बहरे रोवर रोवर रहले क्हे ्क उनकर दय् ओह लोग पर हो गइल रहे आ ऊ आपन मरँह धो के फेर से ओह लोग क् लगे लवट गइलन आ ्शमोन के ओह लोग से लेके ओकर् के ब्ने के आदे श ्दहलन ब्​्कर ्शमोन अइसन करे के रइय्र न् रहले क्हे ्क ऊ बहरे र्करवर आदमी रहले आ ऊ लोग ओकर् के न् ब्न पवले. 38 यूसरफ अपन् पर्कमी लोग के बोलवले आ सतर गो वीर लोग ह्थ मे रलव्र लेके उनक् सोझ् आ गइलन आ य्कूब के बेट् लोग ओह लोग से डे र् गइलन. 39 यूसरफ ओह लोग से कहलस, “एह आदमी के पकड के जेल मे बंद कर दी ं जब रक ्क ओकर भ्ई ओकर् लगे न् आ ज्स, आ यूसरफ के वीर लोग जली से ्शमोन के ब्ने ख्​्रर पकड ्लहले आ ्शमोन जोर से आ भय्नक ्चल्हट कइलस आ दू र से ्चल्हट सरन्ई पडले 40 यूसरफ के सब वीर लोग एह ्चल्हट के आव्ज से डे र् गइलन ्क ऊ लोग मरँह पर ्गर गइलन आ ऊ लोग बहरे डे र् गइलन आ भ्ग गइलन. 41 यूसरफ के स्थे मौजूद सब आदमी भ्ग गईले, क्हे ्क उ लोग अपन् ज्न से बहर डे र् गईले अवररी उह्ँ ्सफय यूसरफ अवररी उनरकर बेट् मनशे रह गईले अवररी यूसरफ के बेट् मनस् ्शमोन के र्कर दे ख के उ बहर गरस् मे आ गईले​े

42 यूसरफ के बेट् मनस् ्शमोन के लगे उठल आ मनस् ्शमोन के गरदन के पीठ पर मरटी से बहर म्र ्दहलस आ ्शमोन के कोध से श्ं र हो गइले 43 रब मनस् ्शमोन के पकड ्लहले आ ऊ ओकर् के जोरद्र ररीक् से पकड ्लहले आ ओकर् के ब्न के कैद के लर मे ले अइले आ य्कूब के सगरी बेट् ओह जव्नी के एह क्म से अचरज मे पड गइले. 44 ्शमोन अपन् भ्ई लोग से कहलस ्क, “रोहनी मे से केह के इ न् कहे के च्ही ्क इ ्मस के म्रल ह, ले्कन इ हमर् ्पर् के लर के म्र हे” 45 एकर् ब्द यूसरफ ओकर् के बोल्वे के आदे श ्दहलन जेकर् के भंड्र के दे खरे ख मे र्खल गइल रहे , ्क ऊ लोग के बोर् मे जरन् म्न् ले ज् सकेल्, ओकर् के भर के हर आदमी के पइस् अपन् बोर् मे व्पस कर दे व आ सडक के इं रज्म ्दहल ज्व आ ऊ ओह लोग के अइसही ं कइलन. 46 यूसरफ ओह लोग के आज् ्दहलन ्क, “स्वध्न रह़ ्क हम अपन् भ्ई के ले आवे के हम्र आदे श के उलंलन मर कऱ जइसे हम रोहनी के कहले ब्नी, आ जब रू अपन् भ्ई के हमर् लगे ले अइब र हम ज्नब ्क रू लोग सच् आदमी हउव़ आ दे श मे क्रोब्र करब़ आ हम रोहनी के भ्ई के व्पस कर दे ब़ आ रू लोग श्ं ्र से अपन् ्पर् के लगे लवटब़े 47 उ सब लोग जव्ब दे ले, “हमनी के म्​्लक के ब्र के मरर्​्बक हमनी के भी अयीसन करब अवररी उ लोग उनरक् के जमीन प पर्म कईले​े 48 हर आदमी आपन ध्न अपन् गदह् पर उठ् के अपन् ब्प के लगे कन्न दे श मे ज्ए ख्​्रर ्नकलले ऊ लोग सर्य मे अइले आ लेवी अपन् गदह् के भोजन दे बे ख्​्रर आपन बोर् पस्र ्दहलन जब ऊ दे खलन ्क ओकर पूर् वजन व्ल् पइस् अबही ं ओकर् बोर् मे ब्. 49 ऊ आदमी बहर डे र् गइल आ ऊ अपन् भ्ई लोग से कहलस, “हम्र पइस् व्पस हो गइल ब्, हमर् बोर् मे भी ब्, आ आदमी लोग बहर डे र् गइल आ कहलस ्क, “ई क् भगव्न हमनी के कइले ब्डन?” 50 उ सब कहलस ्क, “हमनी के पररखन, इब्हीम, इसह्क, य्कूब के अंर मे पभर के दय् कह्ँ ब्, ्क पभर आज हमनी के ्मस के र्ज् के ह्थ मे सौंप दे ले ब्डे , र्​्क उ हमनी के खखल्फ स्​्जश रचे? 51 यहद् उनकर् से कहलस, “हमनी के आपन भ्ई, आपन म्ं स बेच के हमनी के पभर परमेशर के स्मने दोषी प्पी हईं ज्, आ रउव्ं क्हे कहर ब्नी ्क हमनी के ब्प-द्द् के स्थे पभर के दय् कह्ँ ब्? 52 तबेन उनसे कहलस, “क् हम रोहनी से इ न् कहनी ्क लईक् के खखल्फ प्प मर करी,ं र रू हम्र ब्र न् सरनी? अब परमेशर हमनी से ओकर् के म्ँ गेल्, आ रउव्ं कइसे ्हमर कर के कहब ्क जबले रउव्ं पभर के स्मने प्प कइले ब्नी, र हमनी के पररख् लोग के स्थे पभर के दय् कह्ँ ब्? 53 ऊ लोग र्र भर ओ्हज् रकल आ सबेरे सबेरे उठ के अपन् गदह् के ध्न के बोझ ड्ल ्दहल आ ऊ लोग ओह लोग के लेके कन्न दे श मे अपन् ब्प के लरे चल गइल. 54 य्कूब आ उनकर लर के लोग उनकर बेट् लोग से ्मले ्नकलल र य्कूब दे खले ्क उनकर भ्ई ्शमोन उनकर् स्थे 87


जशेर के बा

न् रहले, य्कूब अपन् बेट् लोग से कहले, “रोह्र भ्ई ्शमोन कह्ँ ब्डे , जेकर् के हम नईखी दे खर?” उनकर बेट् लोग ्मस मे उनकर् पर भइल सब ब्र बरवले|

र्ज् एगो मजबूर अवररी र्करवर र्ज् हवे अवररी दे खब ्क हमनी के ज्ए के ब् ्क न् ओकर् ्बन् भ्ई के हमनी के सब केह के म्र ्दहल ज्ईे 12 क् रू नइख ज्नर आ न् सरनले ्क ई र्ज् बहरे र्करवर आ बरख्म्न हउवे आ पूर् धररी मे ओकर् जइसन कवनो नइखे? दे ख़, हमनी के धररी के सब र्ज् के दे खले ब्नी ज् आ ्मस के र्ज् जइसन र्ज् न् दे खले ब्नी ज्े ्न्शर तप से धररी के सभ र्ज् मे प्लसीयन के र्ज् अबीमेलेक से बड केह नईखे, ्फर भी ्मस के र्ज् उनरक् से बड अवररी र्करवर ब्डे अवररी अबीमेलेक के ररलन् उनरक् कवनो अ्धक्री से ही कईल ज् सकर्े 13 ्पर्जी, रू ओकर महल आ ओकर ्संह्सन आ ओकर सब नौकर के स्मने खड् नइख़ दे खले​े रूँ ओह र्ज् के अपन् धूमध्म आ र्जसी तप मे अपन् ्संह्सन पर बइठल नइखीं दे खले, ऊ अपन् र्ज के वस प्हनले ब् आ म्थ् पर सोन् के बडहन मरकरट ब्. रूँ भगव्न ओकर् के जवन आदर आ म्हम् दे ले ब्डन, ऊ नइख़ दे खले क्हे ्क पूर् धररी मे ओकर् जइसन कवनो आदमी नइखे​े 14 ्पर्जी, रूँ ऊ बरख्, समझ आ ज्न न् दे खले हउअ जवन परमेशर ओकर् मन मे दे ले ब्डन आ न् ही उनकर मीठ आव्ज सरनले ब्नी जब उ हमनी से ब्र करर रहले​े 15 हे ब्बूजी, हमनी के नईखी ज्नर ्क हमनी के न्म अवररी हमनी के सभ लटन् के ब्रे मे के उनरक् के परर्चर करवले, ले्कन उ आपके ब्द से पूछले ्क, क् रोह्र ्पर् अभी ्जंद् ब्डे अवररी क् उनरकर ह्लर ठीक ब्? 16 रूँ ्मस के सरक्र के क्मक्ज के ्बन् ओकर म्​्लक ्फरौन से पूछले नइख़ दे खले​े रूँ ऊ भय आ भय न् दे खले ब्ड़ जवन ऊ सब ्म्सयन पर ड्ल ्दहलन. 17 आ जब हमनी के उनकर् से ्नकलनी ज् र हम ्मस के भी अमोरी लोग के ब्की शहरन ्नहन करे के धमकी दे नी, आ हमनी के उनकर सब ब्र पर बहर न्र्ज रहनी ज् जवन उ हमनी के ब्रे मे ज्सूस के तप मे कहले रहले, आ अब जब हमनी के फेर से उनकर् सोझ् आईब ज् र उनकर आरंक हमनी सब पर पड ज्ई, आ हमनी मे से केह उनकर् से न् र छोट भ् बड ब्र न् बोल प्ईे 18 अब ब्बूजी, हमनी के ओह लइक् के अपन् स्थे ्नहोर् भेज़, आ हमनी के नीचे ज्के रोहर् से आपन भरर पोषर ख्​्रर ख्न् खरीदब ज्, आ भूख से न् मरब ज्े य्कूब कहलस, “रू हमर् से एरन् बरर् क्हे क्म कईले ब्डू ्क र्ज् के बर् ्दहनी ्क रोह्र एगो भ्ई ब्? ई क् क्म ह जवन रू हमर् स्थे कइले ब्ड़? 19 यहद् ओकर ब्प य्कूब से कहलस, “लइक् के हमर् दे खभ्ल मे दे द, हमनी के उठ के ्मस उरर के मकई खरीदब ज्, आ फेर लवटब ज्, आ जब हमनी के लवटब ज्, अगर उ लईक् हमनी के संगे न् होई र हम हमेश् ख्री रोह्र दोष उठ्वे के च्हीे 20 क् रू दे खले हव ्क हमनी के सब ्शशर के भूख से रोहर् पर रोवर ब् आ रोहर् ह्थ मे ओकर् के रृप करे के कवनो शखक नइखे? अब ओह लोग पर रोह्र दय् ज्गल आ हमनी के भ्ई के हमनी के स्थे भेज दी ं आ हमनी के चल ज्ईं ज्े 21 जब रू कहब ्क ्मस के र्ज् रोहर् बेट् के ले जइहे र हमनी के पररखन पर पभर के दय् रोहर् पर कइसे लउकी? जइसे

अध ्य 52 के ब् 1 ऊ लोग अपन् लर मे लरसल आ हर आदमी आपन बोर् खोलल र दे खल आ दे खल ्क हर आदमी के पइस् के गठरी ओ्हज् ब्, जवन् से ऊ लोग आ ओह लोग के ब्प बहरे डे र् गइल. 2 य्कूब उनसे पूछले, “रू हमर् स्थे इ क् कईले ब्डू?” हम रोह्र भ्ई यूसरफ के रोहर् भल्ई के पूछर्छ करे भेजनी र रू हमर् से कहनीे एगो जंगली ज्नवर ओकर् के जतर ख् गइले 3 ्शमोन रोहर् स्थे ख्न् खरीदे गइलन आ रू कहर ब्ड़ ्क ्मस के र्ज् ओकर् के जेल मे बंद कर ्दहले ब् आ रू ्बन्मीन आ ओकर भ्ई यूसरफ के चलरे हम्र धूसर ब्ल के दर ख से कब मे उर्रल च्हर ब्डूे 4 अब हम्र बेट् रोहर् स्थे न् उररी क्हे ्क ओकर भ्ई मर गइल ब् आ ऊ अकेले रह गइल ब् आ जवन् र्स् से ज्र ब्डू ओह र्स् मे ओकर् पर बदम्शी हो सकेल् जइसे ओकर् भ्ई पर भइल रहे . 5 तबेन अपन् ब्प से कहलस, “अगर हम रोहर् बेट् के न् ले आके रोहर् सोझ् न् रखब र रू हमर् दर नो बेट् के म्र दे बे य्कूब अपन् बेट् लोग से कहले, “रू लोग इह्ँ रह़ आ ्मस मर ज्ईं, क्हे ्क हम्र बेट् रोहनी के स्थे ्मस न् ज्ई आ न् ही अपन् भ्ई ्नहन मर ज्ईे” 6 यहद् कहलस ्क जब रक ध्न खरम न् हो ज्ई रब रक ओकर् से परहे ज करी,ं रब रक उ कह ्दहे ्क जब रक अपन् भ्ई के अक्ल से आपन ज्न अवररी अपन् लर के ज्न खरर् मे पड ज्ई र उर्र ्दहीे 7 ओह लरी पूर् दे श मे अक्ल बहरे रहे आ धररी के सब लोग ख्न् खरीदे ख्​्रर ्मस मे चल गइल क्हे ्क ओह लोग मे अक्ल बहरे रहे आ य्कूब के बेट् लोग एक स्ल दू महीन् ले कन्न मे रह गइल जबले ्क आपन ध्न खरम न् हो गइल. 8 जब उनकर ध्न खरम भइल् के ब्द य्कूब के पूर् लर्न् भूख से चरटकी ले ्लहलस आ य्कूब के बेट् के सब ्शशर एकट् होके य्कूब के लगे पहँ चल आ सब लोग य्कूब के लेर ्लहल आ कहलस, “हमनी के रोटी दे द़ आ हमनी के सब केह रोहर् सोझ् भूख से क्हे न्श होखब ज्? 9 य्कूब अपन् बेट् के लइकन के ब्र सरन के ऊ बहरे रोअल आ ओह लोग पर उनकर दय् ज्गल आ य्कूब अपन् बेट् लोग के बोलवले आ ऊ सब लोग आके ओकर् सोझ् बइठ गइले 10 य्कूब उनकर् से कहलन, “क् रउव्ं नइखी दे खले ्क आज रउव् लोग के लइक् हमर् पर रोवर ब्डे ्क हमनी के रोटी दे दी,ं ले्कन रोटी नइखे?” अब एहसे लवट के हमनी ख्​्रर रनी ख्न् खरीद लीं. 11 यहद् जव्ब दे के आपन ब्प से कहलस, “अगर रू हमनी के भ्ई के हमनी के स्थे भेजब र हमनी के नीचे ज्के रोहर् ख्​्रर अन खरीदब ज्, आ अगर रू ओकर् के न् भेजब र हमनी के नीचे न् ज्एब ज्, क्हे ्क ्मस के र्ज् हमनी के ्वशेष तप से आज् दे ले रहले ्क, जब रक रोह्र भ्ई रोहर् संगे न् होई, रब रक हम्र चेहर् न् दे खब, क्हे की ्मस के 88


जशेर के बा

पभर ्जंद् ब्डन हम ओकर् के रबले न् छोडब जबले ओकर् के न् ले अइब आ ओकर् के रोहर् सोझ् न् र्खबे ले्कन हमनी ख्​्रर पभर से प्थयन् करी ं ्क उ हमनी के स्थे दय्लर ववह्र करस, र्​्क हमनी के ्मस के र्ज् आ उनकर आदमी के स्मने अनरकूल आ दय्लरर् से स्गर करस, क्हे ्क अगर हमनी के अब दे री न् कईले रहनी ज् र हमनी के रोहर् बेट् के संगे दू सर् बेर व्पस आ गईल रहनी ज्े 22 य्कूब अपन् बेट् लोग से कहलन, “हमर् परमेस् वर पर भरोस् ब् ्क उ रोहनी के बच्वे आ ्मस के र्ज् आ अपन् सब आदमी के नजर मे रोहनी के अनरगह दे से” 23 अब उठ के ओह आदमी के लगे ज्के अपन् ह्थ मे जवन करछ ्मल सकेल् ओकर् से उपह्र ले के ओकर् सोझ् ले आव़ आ सवयशखकम्न परमेशर रोहर् के ओकर् सोझ् दय् करस ्क ऊ रोह्र भ्ई ्बन्मीन आ ्शमोन के रोहर् स्थे भेज सके​े 24 सब लोग उठ के आपन भ्ई ्बन्मीन के लेके दे श के सबसे ब्ढय् चीज के एगो बडहन उपह्र अपन् ह्थ मे ले ्लहले आ च्ं दी के दर गरन् ्हस् भी ले ्लहले​े 25 य्कूब ्बन्मीन के ब्रे मे अपन् बेट् लोग के कड् आज् ्दहलन ्क, “जवन् र्स् पर ज् रहल ब्नी, ओह र्स् मे ओकर स्वध्न रह़ आ न् ही ्मस मे ओकर् से अलग मर होख़े” 26 य्कूब अपन् बेट् लोग के बीच से उठ के आपन ह्थ फैल् के आपन बेट् के चलरे पभर से प्थयन् कईले ्क, हे आक्श आ धररी के परमेशर, हमनी के ्पर् अब्हम के संगे आपन व्च् य्द कर, हमर् ्पर् इसह्क के संगे य्द र्खी अवररी हमर् बेट् के संगे दय् करी ं अवररी ्मस के र्ज् के ह्थ मे मर सौंप ्दहीे कऱ हम रोहर् से ्वनरी करर ब्नी हे भगव्न रोहर् दय् ख्​्रर आ हमर् सब लइकन के छर ड् के ्मस के सत् से बच्ईं आ ओह लोग के दर नर भ्ई के भेज दी.ं 27 य्कूब के बेट् के सब मेहर्त आ उनकर लइक्-लइकी लोग सगय के ओर आँ ख उठ् के सब लोग पभर के स्मने रोवे लगलन आ उनकर् से ्चल्र रहलन ्क उ लोग अपन् ब्पद्द् के ्मस के र्ज् के ह्थ से बच्वे​े 28 य्कूब ्मस के र्ज् के एगो ररक्डय ्लख के ्मस के र्ज् ख्​्रर यहद् आ अपन् बेट् लोग के ह्थ मे दे ्दहलने 29 रोह्र सेवक य्कूब, इसह्क के बेट्, इब्हीम इब्नी के बेट्, परमेशर के र्जकरम्र से लेके, शखकश्ली आ बरख्म्न र्ज्, गरप बर्वे व्ल्, ्मस के र्ज् रक के अ्भव्दन कररे 30 हमर् म्​्लक ्मस के र्ज् के पर् चल ज्व ्क कन्न के दे श मे हमनी के अक्ल बहर हो गईल रहे अवररी हम अपन् बेट् के रोहर् लगे भेजनी ्क उ हमनी के भरर-पोषर ख्री रोहर् से रनी-मनी ख्न् खरीदसे 31 क्हे ्क हम्र बेट् हमर् के लेर लेले ब्डे अवररी हम बहर बूढ होखल् के चलरे अपन् आं ख से नईखी दे ख सकर, क्हे की हम्र आं ख उमर के चलरे बहर भ्री हो गईल ब्, संगही हमर् बेट्, यूसरफ ख्री रोज रोवर रहे ल्, जवन ्क हमर् से प्हले से भटक गईल रहले अवररी हम अपन् बेट् के आदे श दे ले रहनी ्क जब उ लोग ्मस मे अईले र शहर के दर आर मे न् लरसे, क्हे की उ लोग दे श के ्नव्सी के चलरे शहर के फ्टक मे न् लरसे​े 32 हम ओह लोग के हमर् बेट् यूसरफ के खोजे ख्​्रर ्मस के च्रों ओर लूमे के आदे श दे नी, श्यद उ लोग उनरक् के उह्ँ प्

सके, अवररी उ लोग अयीसन कईले अवररी रू ओ लोग के दे श के ज्सूस म्नर रहनीे 33 क् हमनी के रोहर् ब्रे मे नईखी सरनले ्क रू ्फरौन के सपन् के व्ख् कईले ब्डू अवररी ओकर् से सही ब्र कईले ब्डू? र रू अपन् बरख् से कइसे न् ज्नब ्क हम्र बेट् ज्सूस हवे ्क न्? 34 अब हे हम्र म्​्लक आ र्ज्, दे ख, हम अपन् बेट् के रोहर् से प्हले भेजले ब्नी, जईसे रू हमर् बेट् से ब्र कईले रहलूे हम रोहर् से ्नहोर् करर ब्नी ्क जबले ऊ अपन् भ्ई लोग के स्थे श्ं ्र से हमर् लगे न् लवट ज्ई रबले ओकर् पर आपन नजर र्ख़. 35 क् रू नइख ज्नर ्क क् रू नइख़ सरनले ्क हमनी के परमेस् वर हमर् म्ई स्र् के लेके ्फरौन के स्थे क् कइले रहलन आ ओकर् चलरे प्लसीयन के र्ज् अबीमेलेक के स्थे क् कइले रहलन, आउर हमनी के ब्प अब्हम एल्म के नौ र्ज् लोग के स्थे क् कइलन, कइसे उ अपन् स्थे करछ आदमी के स्थे ओह सब के म्र ्दहलन? 36 हम्र दर नर बेट् ्शमोन आ लेवी अमोरी लोग के आठ गो शहरन के स्थे जवन कइले रहले, ऊ लोग अपन् ब्हन दीन् के चलरे ओह लोग के न्श कर ्दहले? 37 अपन् भ्ई ्बन्मीन के चलरे उ लोग अपन् भ्ई यूसरफ के गंव् के स्ं तन् दे ले​े रब ऊ लोग ओकर् ख्​्रर क् करी जब ऊ लोग ओकर् ख्​्रर कवनो लोग के ह्थ ओकर् पर ह्वी होर दे ख के? 38 हे ्मस के र्ज्, क् रू नइख़ ज्नर ्क परमेशर के शखक हमनी के स्थे ब् आ परमेशर कबो हमनी के प्थयन् सरन के हमनी के ्दन भर न् छोडे लन? 39 जब हम्र बेट् हमर् के ओह लोग से ववह्र के ब्रे मे बरवले र हम रोहर् ख्​्रर पभर के न् बोलवनी, क्हे ्क रब रू हम्र बेट् ्बन्मीन के रोहर् से प्हले आवे से प्हले अपन् आदमी के संगे न्श हो गईल रहरी, ले्कन हम सोचनी ्क जईसे हम्र बेट् ्शमोन रोहर् लर मे रहले, श्यद रू ओकर् संगे दय्लरर् से ववह्र क सकर्नी, एहसे हम रोहर् संगे इ क्म न् कईनीे 40 अब दे ख़, हम्र बेट् ्बन्मीन हमर् बेट् लोग के स्थे रोहर् लगे आवर ब्, ओकर् से स्वध्न रह़ आ ओकर् पर आपन नजर र्खी, रब भगव्न रोहर् पर आ रोहर् पूर् र्ज मे आपन नजर र्खखहे े 41 अब हम रोहर् के अपन् मन मे जवन करछ ब् ओकर् के बर् दे ले ब्नी आ दे ख़ ्क हम्र बेट् अपन् भ्ई के स्थे रोहर् लगे आवर ब्डे , ओह लोग ख्​्रर पूर् धररी के चेहर् के ज्ँ च कऱ आ ओह लोग के अपन् भ्ई लोग के स्थे श्ं ्र से व्पस भेज दीें 42 य्कूब इ गव्ही अपन् बेट् लोग के यहद् के दे खरे ख मे दे ्दहलन ्क उ ्मस के र्ज् के दे से अध ्य 53 के ब् 1 य्कूब के बेट् उठ के ्बन्मीन आ पूर् उपह्र के लेके ्मस गईले अवररी यूसरफ के सोझ् खड् हो गईले​े 2 यूसरफ अपन् भ्ई ्बन्मीन के ओह लोग के स्थे दे खलन आ ऊ लोग के नमस्र कइलन आ ई लोग यूसरफ के लरे आ गइलन. 89


जशेर के बा

3 यूसरफ अपन् लर के अधीकक के आदे श ्दहलन ्क ऊ अपन् भ्ई लोग के ख्न् दे दे व. 4 दर पहररय् के समय यूसरफ ओह लोग के ्बन्मीन के स्थे अपन् सोझ् आवे ख्​्रर बोलवले, आ उ लोग यूसरफ के लर के अधीकक के आपन बोर् मे व्पस आइल च्ं दी के ब्रे मे बरवले, आ उ लोग से कहले ्क, “रू लोग के भल्ई होई, मर डे र्ई, अवररी उ ओ लोग के भ्ई ्शमोन के ओ लोग के लगे ले अईले​े 5 ्शमोन अपन् भ्ई लोग से कहलस, “्मस के म्​्लक हमर् पर बहर दय्लरर् कईले ब्डे , उ हमर् के ब्नल न् रखले, जईसे ्क रू अपन् आं ख से दे खले रहलू, क्हे की जब रू शहर से ्नकलनी र उ हमर् के आज्द दे ले अवररी अपन् लर मे हमर् संगे दय् कईले​े 6 यहद् ्बन्मीन के ह्थ पकड के उ लोग यूसरफ के स्मने आ गईले अवररी उ लोग उनरक् के जमीन प पर्म कईले​े 7 उ लोग यूसरफ के उपह्र दे ले अवररी उ सब लोग उनरक् सोझ् बईठ गईले, र यूसरफ ओ लोग से कहले, “क् रोहनी के ठीक ब्, क् आपके बच् के ठीक ब्, क् आपके बरजरगय ्पर् के ठीक ब्? ऊ लोग कहल ्क, “अच् हो गइल ब्, आ यहद् य्कूब के भेजल गव्ही लेके यूसरफ के ह्थ मे दे ्दहलसे” 8 यूसरफ ्चटी पढ के अपन् ब्प के ्लखल ज्न गइलन आ ऊ रोवे के च्हर रहले आ ऊ एगो भीररी कमर् मे गइलन आ ऊ बहरे रोवर रोवर रहले. आ ऊ ब्हर ्नकल गइलन. 9 ऊ आँ ख उठ् के अपन् भ्ई ्बन्मीन के दे खलन आ कहलन ्क क् ई रोह्र भ्ई हवे जेकर् ब्रे मे रू हमर् से ब्र कइले रहलू? ्बन्मीन यूसरफ के लगे पहँ चल र यूसरफ उनकर म्थ् पर ह्थ रख के कहलन, “हम्र बेट् भगव्न रोहर् पर कृप् करसे” 10 जब यूसरफ अपन् भ्ई के म्ई के बेट् के दे खले र उ फेर से रोवे के इच् कईले अवररी उ कोठरी मे लरस गईले अवररी उह्ँ रोवे लगले अवररी उह्ँ मरंह धो के ्नकल गईले अवररी रोवे से परहे ज कईले अवररी कहले, “ख्न् रैय्र कर लींे” 11 यूसरफ के लगे एगो प्ल् रहे जवन् मे से उ पीवर रहले, उ च्ं दी के रहे , जवन् मे गोमेद के पतर अवररी बेड्लयम के खूबसूररी से जडल रहे अवररी जब उ लोग उनरक् संगे ख्न् ख्ए बईठल रहले, र यूसरफ अपन् भ्ई लोग के नजर मे प्ल् के म्र दे ले​े 12 यूसरफ ओह लोग से कहले, “हम एह प्ल् से ज्नर ब्नी ्क प्हलक् बेट् तबेन, ्शमोन, लेवी, यहद्, इस्कर आ जबबरलून एक महर्री के संर्न हवे​े 13 उ ब्की लोग के भी जन के ्हस्ब से रखले अवररी कहले, “हम ज्नर्नी ्क आपके ए छोट भ्ई के कवनो भ्ई नईखे अवररी हमर् भी उनरक् ्नहन भ्ई नईखे, एहसे उ हमर् संगे ख्न् ख्ए ख्री बईठ ज्ईे” 14 ्बन्मीन यूसरफ के स्मने चढ के ्संह्सन पर बइठ गइलन आ ऊ लोग यूसरफ के क्म दे ख के अचरज मे पड गइलने आ ऊ लोग ओह लरी यूसरफ के स्थे ख्न्-पीन् कइल आ रब ऊ ओह लोग के उपह्र ्दहलन आ यूसरफ ्बन्मीन के एगो उपह्र ्दहलन आ मनशे आ एपैम अपन् ब्प के क्म दे खलन आ ऊ लोग उनरक् के उपह्र भी ्दहलन आ ओसन्थ ओकर् के एगो उपह्र ्दहलन आ ऊ प्ँ च गो उपह्र ्बन्मीन के ह्थ मे रहलन.

15 यूसरफ ओ लोग के शर्ब पीये ख्​्रर ले अइले, ले्कन उ लोग शर्ब न् पीये लगले, उ लोग कहले ्क, “जवन् ्दन यूसरफ के ह्र गईल रहले, उ ्दन से हमनी के शर्ब न् ्पयले ब्नी अवररी न् कवनो स्​्दष ख्न् खईले ब्नीे” 16 यूसरफ ओह लोग के कसम खइले आ ऊ ओह लोग के जोर से दब् ्दहलन आ ओह ्दन ऊ लोग उनक् स्थे भरपूर शर्ब पी ्लहलन आ ओकर् ब्द यूसरफ अपन् भ्ई ्बन्मीन के ओर मरडलन ्क ऊ उनक् से ब्र करसर आ ्बन्मीन अबही ं यूसरफ क् सोझ् ्संह्सन पर बइठल रहले. 17 यूसरफ ओकर् से पूछले , “क् रोहर् कवनो संर्न पैद् भइल ब्?” ऊ कहलस ्क रोह्र नौकर के दस गो बेट् ब्डे आ ई उनकर न्म ह, बेल्, बेचेर, अशबल, गेर्, न्म्न, अची, रोश, मर्पम, चर्पम आ ओडय आ हम ओह लोग के न्म अपन् भ्ई के न्म पर रखले ब्नी जेकर् के हम नइखीं दे खले. 18 ऊ ओह लोग के आपन र्र् के नक् अपन् स्मने ले आवे के आदे श ्दहलन जवन् से यूसरफ हर समय ज्नर रहले आ यूसरफ ्बन्मीन से कहले, “हम सरनले ब्नी ्क इब्नी लोग सब बरख् से परर्चर ब्, क् रू एह ब्रे मे करछ ज्नर ब्डू?” 19 ्बन्मीन कहलस, “रोह्र सेवक भी उ सब बरख् से ज्नर ब् जवन हम्र ब्बूजी हमर् के ्सखवले रहले, र यूसरफ ्बन्मीन से कहले, “अब ई व्दयंत दे ख़ आ समझ़ ्क रोह्र भ्ई यूसरफ ्मस मे कह्ँ ब्डे , जेकर् के रू ्मस मे उररल कहर रहलूे” 20 ्बन्मीन ओह व्दयंत के दे खलन जवन् मे आक्श के र्र् के नक् रहे , आ ऊ बरख्म्न होके ओ्हज् दे खलन ्क उनकर भ्ई कह्ँ ब्, आ ्बन्मीन पूर् ्मस के दे श के च्र भ्ग मे ब्ँ ट ्दहलन आ दे खलन ्क जे उनक् स्मने ्संह्सन पर बइठल रहे ऊ उनकर भ्ई यूसरफ ह, आ ्बन्मीन बहरे आशययच्कर भइलन आ जब यूसरफ दे खलन ्क उनकर भ्ई ्बन्मीन एरन् अचरज मे पड गइलन र ऊ पूछले ्क, “रू क् दे खले ब्डू आ क् दे खले ब्डू?” रू क्हे अचरज मे पड गइल ब्डू? 21 ्बन्मीन यूसरफ से कहलन, “हम एही से दे ख सकर ब्नी ्क हम्र भ्ई यूसरफ हमर् स्थे इह्ँ ्संह्सन पर बइठल ब्डन आ यूसरफ ओकर् से कहले, “हम रोह्र भ्ई यूसरफ हईं, ई ब्र रोह्र भ्ई लोग के मर बर्ईंे दे ख़ जब ऊ लोग ज्ई र हम रोहर् के ओह लोग के स्थे भेजब आ ओह लोग के शहर मे व्पस ले आवे के आदे श दे ब आ रोहर् के ओह लोग से दू र कर दे बे 22 आ अगर ऊ लोग आपन ज्न के ्हमर करी आ रोहर् ख्​्रर लडर ब्, र हम ज्न ज्ईं ्क ऊ लोग हमर् स्थे कइल क्म से पश्र्प कर ्लहले ब्, आ हम ओह लोग के अपन् के बर् दे ब, आ अगर हम रोहर् के लेबे पर रोहर् के छोड दीहे , र रू हमर् स्थे रहब, आ हम ओह लोग से झगड् करब, आ ऊ लोग चल ज्ई आ हम ओह लोग के न् ज्नल ज्ई. 23 ओही लरी यूसरफ अपन् अफसर के आदे श ्दहलन ्क ऊ लोग के बोर् मे ख्न् भर के हर आदमी के पइस् अपन् बोर् मे ड्ल के ्बन्मीन के बोर् मे प्ल् ड्ल के र्स् के ख्न् दे दे व आ ऊ लोग ओह लोग के स्थे अईसन कइले 24 अ्गल् ्दने उ लोग सबेरे-सबेरे उठ के अपन् गदह् के ध्न के भर के ्बन्मीन के संगे ्नकल गईले अवररी अपन् भ्ई ्बन्मीन के संगे कन्न के दे श मे चल गईले​े 90


जशेर के बा

25 उ लोग ्मस से दू र न् गईल रहले, जब यूसरफ अपन् लर के दे खरे ख करे व्ल् के आदे श दे ले ्क, “उठ ज्, ्मस से बहर दू र न् ज्ए से प्हले ए लोग के पीछ् कर, अवररी उ लोग से कहब ्क, 'हमर् म्​्लक के प्ल् क्हे चोर् लेले ब्नी?' 26 यूसरफ के अ्धक्री उठ के ओह लोग के लगे पहँ चल आ यूसरफ के सब ब्र ओह लोग से कहलसे इ ब्र सरन के उ लोग बहर गरस् मे पड गईले अवररी कहले ्क, “जेकर् संगे रोह्र म्​्लक के प्ल् ्मली, उ मर ज्ई अवररी हमनी के भी गरल्म बन ज्ईबे” 27 ऊ लोग जली-जली गदह् से आपन बोर् उर्र ्दहल आ ऊ लोग अपन् झोर् मे दे खल आ प्ल् ्बन्मीन के थैली मे ्मलल आ सब लोग आपन कपड् फ्ड के शहर मे लवट गइल आ सडक पर ्बन्मीन के लग्र्र म्र ्दहल आ जबले ऊ शहर मे न् आ गइल आ ऊ लोग यूसरफ के स्मने खड् हो गइल. 28 यहद् के गरस् भडक गईल आ उ कहले, “ई आदमी हमर् के आज ्मस के न्श करे ख्​्रर ही व्पस ले आईल ब्े” 29 उ लोग यूसरफ के लरे पहं चले , र उ लोग यूसरफ के अपन् ्संह्सन प बईठल दे खले अवररी सभ पर्कमी उनरक् द्​्हन्ब्ं य् ओर खड् रहले​े 30 यूसरफ उनसे पूछले, “रू लोग इ क् क्म ह ्क रू हम्र च्ं दी के प्ल् लेके चल गईनी? ब्​्कर हम ज्नर ब्नी ्क रू हम्र प्ल् एह ख्​्रर ले ्लहले ब्डू ्क एह से पर् चल ज्व ्क रोह्र भ्ई ओह दे श के कवन् ्हस् मे ब्. 31 यहद् कहलस, “हम अपन् म्​्लक से क् कहब, क् बोलब अवररी अपन् के कइसे धम् ठहर्ईब, भगव्न आज रोह्र सभ सेवक के प्प प् लेले ब्डे , एहीसे उ आज हमनी के संगे इ क्म कईले ब्डे े 32 यूसरफ उठ के ्बन्मीन के पकड के अपन् भ्ई लोग से ्हं सक ररीक् से ले ्लहले आ लर मे आके ओह लोग के दरव्ज् बंद कर ्दहले आ यूसरफ अपन् लर के ऊपर से बइठल आदमी के आज् ्दहलन ्क ऊ लोग से कहे ्क र्ज् ई कहर ब्डन ्क, 'रज्म से आपन ब्प के लगे ज्, हम ओह आदमी के पकड लेले ब्नी, जेकर् ह्थ मे हम्र प्ल् ्मलल रहे े'

5 क् रू नइख़ ज्नर ्क हम्र दू गो भ्ई ्शमोन आ लेवी हमनी के ब्हन दीन् के चलरे शेकेम शहर आ अमोरी लोग के स्र गो शहर के क् कइल आ अपन् भ्ई ्बन्मीन ख्​्रर क् कइल? 6 आ हम अपन् र्कर से , जे दर नर से बड आ र्करवर ब्नी, आजर रोहर् आ रोहर् दे श पर आवर ब्नी अगर रू हमनी के भ्ई के भेजे के रइय्र नइखे​े 7 क् रू नइख़ सरनले ्क हमनी के चरने व्ल् हमनी के भगव्न हमनी के म्ई स्र् के चलरे ्फरौन के क् कइलन, जेकर् के ऊ हमनी के ब्प से छीन ्लहले रहलन, ्क ऊ ओकर् आ ओकर् लर के लोग के भ्री ्वप्त से म्र ्दहलन, ्क आजर ले ्मस के लोग एक दोसर् से ई आशयय के ब्र कहर ब्? अईसन हमनी के परमेशर रोहर् स्थे करीहे , जेकर् के रू आज ओकर् ब्प से छीन लेले ब्डू, आ आज हमनी के अपन् दे श मे जवन बरर्ई के ढे र लग्वर ब्डू, ओकर् चलरे​े क्हे ्क हमनी के परमेशर हमनी के ्पर् अब्हम के स्थे आपन व्च् के य्द करीहे आ रोहर् पर बरर्ई ले अइहे , क्हे ्क रू आज हमनी के ब्प के ज्न दर खी कर दे ले ब्ड़े 8 अब हम्र ब्र सरनी ं जवन हम आजर रोहर् से कहले ब्नी आ हमनी के भ्ई के भेज दी ं ्क ऊ चल ज्व ्क कही ं रू आ रोहर् दे श के लोग रलव्र से मर न् ज्व, क्हे ्क रू सभे हमर् पर ह्वी न् हो सकेल़. 9 यूसरफ यहद् के जव्ब ्दहलन, “रू आपन मरँह क्हे खोलले ब्डू आ हमनी पर क्हे लमंड करर ब्ड़ ्क, “रोहर् लगे र्कर ब्?” जइसे ्फरौन ्जंद् ब्, अगर हम अपन् सब वीर लोग के रोहर् से लड्ई करे के आदे श दे ब र रू आ रोह्र ई भ्ई लोग दलदल मे डूब ज्ईे 10 यहद् यूसरफ से कहलस, “रू आ रोह्र लोग के हमर् से डे र्ए के च्हींे जइसे ्क पभर ्जंद् ब्डे अगर हम एक बेर आपन रलव्र ्नक्लब र हम ओकर् के रब रक म्न मे न् रखब जब रक ्क हम आज पूर् ्मस के न् म्र दे ब, आ हम रोहर् से शरत होके रोह्र म्​्लक ्फरौन के संगे खरम होखबे 11 यूसरफ जव्ब ्दहलन, “सचहँ र्कर अकेले रोह्र नइखे​े हम रोहर् से भी मजबूर आ र्करवर ब्नी, अगर रू आपन रलव्र ्नक्लब र हम ओकर् के रोहर् गरदन मे आ रोहर् सब भ्ई लोग के गदय न मे ड्ल दे बे 12 यहद् ओकर् से कहलस, “ज्द हम आज रोहर् खखल्फ आपन मरँह खोलब र हम रोहर् के ्नगल लेरी ं ्क रू धररी से न्श हो ज्ईब आ आज रोहर् र्ज से न्श हो ज्ईबे” यूसरफ कहले, “ज्द रू आपन मरँह खोलब र हमर् लगे र्कर आ र्कर ब् ्क हम रोह्र मरँह पतर से बंद कर सकीले जब रक ्क रू एक शब न् बोल पइबे दे ख़ ्क हमनी के सोझ् केरन् पतर ब्, स्ँ चह हम एगो पतर लेके ओकर् के जबरदसी रोहर् मरँह मे ड्ल सकेनी आ रोह्र जबड् के रोड सकेनीे 13 यहद् कहलस, “परमेशवर हमनी के बीच गव्ह हउवे ्क हमनी के अभी रक रोहर् से लड्ई करे के इच् नईखी कईले, ्सफय हमनी के भ्ई दे द अवररी हमनी के रोहर् से चल ज्ईबे यूसरफ जव्ब दे ले, “जइसे ्फरौन ्जंद् ब्डे , अगर कन्न के सब र्ज् रोहनी के संगे ्मल गईले र रू ओकर् के हमर् ह्थ से न् ले लेबे” 14 अब रोह्र ब्प के लगे ज्के रोह्र भ्ई हमर् गरल्म बन ज्ई, क्हे ्क उ र्ज् के लर लूट लेले ब्े यहद् कहलस,

अध ्य 54 के ब् 1 जब यहद् यूसरफ के स्थे उनकर ववह्र दे खलस र यहद् उनक् लगे आके दरव्ज् रोड के आपन भ्ई लोग के स्थे यूसरफ के स्मने आ गईले| 2 यहद् यूसरफ से कहलस, “हम्र म्​्लक के नजर मे ई कवनो दर खद न् ल्गे, क् रोह्र सेवक रोहर् स्मने एक ब्र कह सकेल्? यूसरफ ओकर् से कहलस, “बोल़े” 3 यहद् यूसरफ के स्मने ब्र कइलन आ उनकर भ्ई लोग उह्ँ उनकर् स्मने खड् रहले​े यहद् यूसरफ से कहलस, “जब हमनी के प्हल् बेर अपन् म्​्लक के लगे ख्न् खरीदे आईल रहनी ज् र रू हमनी के दे श के ज्सूस म्नर रहलू अवररी हमनी के ्बन्मीन के अपन् सोझ् ले अईनी अवररी आज भी रू हमनी के खेल् करर ब्डूे 4 अब र्ज् हम्र ब्र सरनस आ हम रोहर् से हमनी के भ्ई से ्नहोर् करस ्क उ हमनी के संगे हमनी के ्पर् के लगे ज्स, कही ं आज रोह्र प्र ्मस के सभ ्नव्सी के संगे न्श न् हो ज्एे 91


जशेर के बा

“रोहर् भ् र्ज् के चररत के क् ब्, र्ज् अपन् लर से, पूर् दे श मे च्ं दी आ सोन् य् र उपह्र मे भ् खरच् मे भेजर ब्, आ रू अब्हयों अपन् प्ल् के ब्रे मे ब्र करर ब्डू जवन रू हमनी के भ्ई के थैली मे रखले रहलू आ कहर ब्ड ्क ऊ रोहर् से चोर् लेले ब्? 15 भगव्न न् करस ्क हमनी के भ्ई ्बन्मीन भ् अब्हम के वंशज मे से कवनो आदमी रोहर् से, च्हे र्ज्, र्जकरम्र भ् कवनो आदमी से चोरी करे ख्​्रर ई क्म न् करे े 16 अब ई आरोप बंद कर दी ं ्क पूर् धररी रोह्र ब्र न् सरन प्वे ्क ्मस के र्ज् रनी च्ं दी के चलरे ओह लोग से झगड् कइलन आ ऊ ओह लोग पर आरोप लग् के ओह लोग के भ्ई के गरल्म बन् ्लहलन. 17 यूसरफ जव्ब ्दहलन, “ई प्ल् लेके हमर् से ज् के अपन् भ्ई के गरल्म बन् के छोड द, क्हे ्क चोर के गरल्म बनल फैसल् हे 18 यहद् कहलस, “रू अपन् ब्र से ल्ज क्हे नइख़ ्क हमनी के भ्ई के छोड के आपन प्ल् लेके चलर ब्ड़? जतर अगर रू हमनी के आपन प्ल् दे ब़, भ् एकर् से हज्र गरन् र हमनी के अपन् भ्ई के ओह च्ँ दी ख्​्रर न् छोडब ज् जवन केह के ह्थ मे ्मलेल्, र्​्क हमनी के ओकर् पर न् मरब ज्े 19 यूसरफ जव्ब ्दहलन, “आज ले रू अपन् भ्ई के छोड के बीस च्ं दी के टर कड् मे क्हे बेच दे ल़ आ एह भ्ई के स्थे अइसन क्हे न् करब़? 20 यहद् कहलस, “हमर् आ रोहर् बीच पभर गव्ह हउवे ्क हमनी के रोह्र लड्ई के इच् नईखी कररे अब हमनी के भ्ई के दे द़ आ हमनी के ्बन् झगड् के रोहर् से चल ज्ईब ज्े 21 यूसरफ जव्ब ्दहलन, “ज्द दे श के सब र्ज् एकट् हो जइहे र रोह्र भ्ई के हमर् ह्थ से न् ले पइहे े यहद् कहलस, “हमनी के ब्प के क् कहब जब उ दे ख के ्क हमनी के भ्ई हमनी के संगे नईखन आवर अवररी उनरक् प दर खी होईहे ? 22 यूसरफ जव्ब दे ले, “इहे ब्र रू अपन् ब्प के बर्ईब ्क रसी लोट् के पीछे चल गईल ब्े” 23 यहद् कहलस, “रू सचमरच र्ज् हउअ, अउर क्हे इ सब ब्र कहर ब्डू? ह्य रोहर् जइसन र्ज् के​े 24 यूसरफ जव्ब दे ले, “हम रोहरे भ्ई यूसरफ के ब्रे मे जवन ब्र कहले रहनी ओकर् मे कवनो झूठ् फैसल् नईखे, क्हे ्क रउआ सभे ओकर् के बीस च्ं दी मे ्मद्नी लोग के बेच दे ले रहनी अवररी रउआ सभे एकर् के अपन् ्पर् से इनक्र क दे नी अवररी उनरक् से कहनी ्क, 'एक बरर् ज्नवर उनरक् के ख् गईल ब्, यूसरफ के टर कड्-टर कड् क ्दहल गईल ब्े' 25 यहद् कहलस, “दे ख़, हमर् ्दल मे शेम के आग जरर ब्, अब हम रोह्र पूर् दे श के आग से जर् दे बे यूसरफ जव्ब ्दहलन, “रोह्र भउज्ई र्म्र, जे रोह्र बेट् लोग के म्र ्दहलस, ऊ शेकेम के आग बरझ् ्दहलसे 26 यहद् कहलस, “अगर हम अपन् शरीर से एको ब्ल उख्ड दे ब र पूर् ्मस के खून से भर दे बे” 27 यूसरफ जव्ब ्दहलन, “रउर् के अइसने ररव्ज ब् जइसे रू अपन् भ्ई के स्थे कइले रहलू जवन् के रू बेचले रहलू आ ओकर कोट खून मे डर ब् के अपन् ब्प के लगे ले अइनी र्​्क

ऊ कह सके ्क कवनो दर ष ज्नवर ओकर् के ख् गइल ब् आ इह्ँ ओकर खून ब्े 28 यहद् के ई ब्र सरन के ऊ बहरे गरस् मे आ गइल आ उनकर कोध ओकर् भीरर जर गइल आ ओकर् सोझ् ओह जगह पर एगो पतर रहे जवन् के वजन करीब च्र सौ शेकेल रहे आ यहद् के कोध भडक गइल आ ऊ पतर के एक ह्थ मे लेके आक्श मे फेक के अपन् ब्य्ं ह्थ से पकड ्लहले. 29 ओकर् ब्द उ ओकर् के अपन् गोड के नीचे रखले अवररी पूर् र्कर से ओकर् प बईठ गईले अवररी यहद् के र्कर से उ पतर धूल मे बदल गईले 30 यूसरफ यहद् के क्म दे ख के बहर डे र् गईले, ले्कन उ अपन् बेट् मनस् के आदे श दे ले अवररी यहद् के क्म ्नहन एगो अवररी पतर से भी क्म कईले अवररी यहद् अपन् भ्ई से कहलस ्क, “रू मे से केह इ मर कहे ्क इ ्मस के हवे, ले्कन इ क्म कईल् से उ हमनी के ्पर् के करल के हवे​े” 31 यूसरफ कहले, “केवल रोहनी के बल न् ्दहल ज्ल्, क्हे ्क हमनी के भी र्करवर आदमी हईं ज्, आ रू हमनी सब के ऊपर क्हे लमंड करब़? यहद् यूसरफ से कहलस, “हमर् भ्ई के भेज द आ आज रोह्र दे श के बब्य द मर कऱे” 32 यूसरफ जव्ब ्दहलन, “ज् के रोहनी के ब्प के बर् दी ं ्क एगो दर ष ज्नवर ओकर् के ख् गइल ब् जइसन ्क रू अपन् भ्ई यूसरफ के ब्रे मे कहले रहलूे 33 यहद् अपन् भ्ई नप्ली से कहलस, “जली से ज्के ्मस के सब गली ्गन के आके हमर् के बर्ईंे ्शमोन ओकर् से कहलस, “ई ब्र रोहर् ख्​्रर परे श्नी मर होखे​े अब हम पह्ड पर ज्के पह्ड से एगो बडहन पतर उठ् के ्मस के हर पतर के समरल करब आ ओकर् मे मौजूद सब लोग के म्र दे बे 34 यूसरफ अपन् भ्ई लोग के ई सब ब्र सरन के उ लोग न् ज्नर रहे ्क यूसरफ ओकर् के समझर ब्डे , क्हे ्क उ लोग सोचर रहले ्क उ ्हबू न् बोले के ज्नर ब्डे े 35 यूसरफ अपन् भ्ई लोग के ब्र से बहर डे र् गईले ्क कही ं उ लोग ्मस के न्श न् करस, र उ अपन् बेट् मनशे के आदे श दे ले ्क, “जली से ज् के ्मस के सभ ्नव्सी अवररी सभ वीर लोग के हमर् लगे एकट् क लीही अवररी अब लोड् प सव्र होके अवररी पैदल अवररी हर ररह के व्दयंत से हमर् लगे आवे दी ं अवररी मनशे ज्के अयीसन कईले​े 36 नफ्ली यहद् के आदे श के मरर्​्बक चल गईल, क्हे ्क नफ्ली रेज हरन ्नहन हल् पैर के रहे अवररी उ ध्न के क्न प ज्के ओकर् नीचे न् टू टर रहे े 37 ऊ ज्के ्मस के सगरी गली ्गन के दे खलन ्क ब्रह गो गली ब् आ ऊ जलब्जी मे आके यहद् के बरवले आ यहद् अपन् भ्ई लोग से कहलस ्क, “रू लोग जली से हर आदमी के आपन रलव्र अपन् कमर पर लग्ईं आ हमनी के ्मस के प्र आके ओह सब के म्र दे ब ज् आ कवनो बचे व्ल् लोग के न् बचे दीें ” 38 यहद् कहलस, “दे ख़, हम अपन् र्कर से रीन गो गली के नष कर दे ब आ रू हर एक गली के नष कर दे ब़े जब यहद् ई ब्र कहर रहे र दे ख़ ्क ्मस के ्नव्सी आ सब पर्कमी लोग ररह ररह के व्दयंत आ जोरद्र ्चल्हट लेके ओह लोग के ओर आ गइले 92


जशेर के बा

39 ओह लोग के संख् प्ं च सौ लरडसव्र आ दस हज्र पैदल सेन् आ च्र सौ आदमी रहे जे ्बन् रलव्र भ् भ्ल् के, ख्ली अपन् ह्थ आ र्कर से लड सकर रहे े 40 सब पर्कमी लोग बहरे रूफ्न आ ्चल्हट के स्थे आ गइलन आ सभे य्कूब के बेट् लोग के लेर के डे र् ्दहले आ ओह लोग के ्चल्हट के आव्ज से जमीन क्ँ प गइले 41 जब य्कूब के बेट् लोग एह सै्नकन के दे खले र उ लोग अपन् ज्न से बहर डे र् गईले अवररी यूसरफ अयीसन कईले र्​्क य्कूब के बेट् के श्ं ्र ्मले​े 42 यहद् अपन् करछ भ्ई लोग के लबर्हट मे दे ख के कहलस ्क जब रक परमेशर के कृप् हमनी के संगे ब्, रब रक आप लोग क्हे डे र्र ब्नी? जब यहद् ्मस के सब लोग के यूसरफ के आदे श से ्लरल दे खलस ्क उ लोग के डे रव्वे ख्​्रर ख्ली यूसरफ ओ लोग के आज् दे ले ्क, “ओकनी मे से कवनो के ह्थ मर लग्ईंे” 43 रब यहद् जली-जली आपन रलव्र ्नक्ल के एगो जोरद्र आ कडरआ ्चल्हट कइलस आ ऊ अपन् रलव्र से म्र ्दहलस आ जमीन पर उछल पडल आ अब्हयों ऊ सब लोग के खखल्फ ्चल्र रहले 44 जब ऊ ई क्म कइलन र पभर यहद् आ ओकर भ्ई लोग के भय्वह आदमी आ ओह लोग के लेरले सब लोग पर आरं्कर कर ्दहलने 45 ्चल्हट के आव्ज सरन के उ सब लोग भ्ग गईले अवररी डे र् गईले अवररी एक दू सर् प ्गर गईले अवररी ्गरर-्गरर बहर लोग मर गईले अवररी सभ यहद् अवररी उनरकर भ्ई अवररी यूसरफ के सोझ् से भ्ग गईले​े 46 जब ऊ लोग भ्गर रहे र यहद् आ ओकर भ्ई लोग ओह लोग के पीछ् करर ्फरौन के लरे पहँ च गइलन आ ऊ सब लोग बच गइलन आ यहद् फेर से यूसरफ के स्मने बइठ के शेर ्नयर ओकर् पर गजयन् कइलस आ ओकर् पर एगो बडहन आ जबरदस ्चल्हट कइलसे 47 दू र से ई ्चल्हट सरन्ई पडल आ सरकोर के सब ्नव्सी लोग एकर् के सरन के पूर् ्मस के ्चल्हट के आव्ज से क्ँ प गइल आ ्मस आ गोशेन के दे व्ल धररी के ्हलल् से ्गर गइल आ ्फरौन भी अपन् ्संह्सन से जमीन पर ्गर गइल आ ्मस आ गोशेन के सभ गभयवरी मेहर्त लोग के भी गभयप्र हो गइल ्हलल् के शोर, क्हे ्क ऊ लोग भयंकर डे र् गइल रहे े 48 ्फरौन संदेश भेजले ्क, “्मस दे श मे आज जवन लटन् भईल ब्?” उ लोग आके शरत से अंर रक सब ब्र बरवले अवररी ्फरौन लबर् गईले अवररी उ अचरज मे पड गईले अवररी बहर डे र् गईले​े 49 ई सब ब्र सरन के उनकर डर अउरी बढ गइल आ ऊ यूसरफ के लगे भेजलन ्क, “रू हमर् लगे इब्​्नयन के लेके आइल ब्डू ्क पूर् ्मस के न्श कर सकीले​े ओह चोर गरल्म के क् करब़? ओकर् के भेज दी ं आ ओकर् के अपन् भ्ई लोग के स्थे चले दी ं आ हमनी के, रू आ पूर् ्मस के बरर्ई से न्श मर हो ज्ईं ज्े 50 आ अगर रू ई क्म न् करे के च्हर ब्डू र हम्र सब कीमरी चीज रोहर् से फेक दी ं आ ओह लोग के स्थे ओह लोग के दे श मे चल ज्ईं, अगर रू एहमे खरश ब्डू, क्हे ्क ऊ लोग आजर हमर् पूर् दे श के रब्ह कर दी आ हमर् सगरी लोग के म्र दी. ्मस के सब मेहर्त लोग भी अपन् ्चल्हट से

गभयप्र कर चरकल ब्डीे दे खल ज्व ्क ऊ लोग ख्ली ्चल्हट आ बोलल् से क् कइले ब्, एकर् अल्व् अगर ऊ लोग रलव्र से लडर ब् र ऊ लोग दे श के रब्ह कर दी; अब उहे चरनी ं जवन रू च्हर ब्डू, च्हे हम होखे भ् इब्​्नयन, च्हे ्मस होखे भ् इब्​्नयन के दे शे 51 उ लोग आके यूसरफ के उ सब ब्र बरवले जवन उ ्फरौन के ब्रे मे कहले रहले अवररी यूसरफ ्फरौन अवररी यहद् के ब्र से बहर डे र् गईले अवररी उनरकर भ्ई अभी रक यूसरफ के सोझ् न्र्ज अवररी गरस् मे खड् रहले अवररी य्कूब के सभ बेट् यूसरफ प गजयर रहले, जईसे समरंदर अवररी ओकर लहर के गजयन होखर रहे े 52 यूसरफ अपन् भ्ई लोग से आ ्फरौन से बहर डे र् गइलन आ यूसरफ अपन् भ्ई लोग के बर्वे ख्​्रर बह्न् खोजले ्क कही ं ऊ लोग पूर् ्मस के न्श न् कर दे वे 53 यूसरफ अपन् बेट् मनशे के आज् ्दहलन आ मनशे ज्के यहद् के लगे पहँ च गइलन आ उनकर क्न पर ह्थ रखलन आ यहद् के गरस् श्ं र हो गइले 54 यहद् अपन् भ्ई लोग से कहलस ्क, “रोहनी मे से केह इ मर कहे ्क इ ्मस के यरवक के क्म ह, क्हे ्क इ हम्र ्पर् के लर के क्म हे 55 यूसरफ यहद् के कोध श्ं र हो गईल दे ख के यहद् से नमर् के भ्ष् मे ब्र करे ख्​्रर नजदीक पहं चले​े 56 यूसरफ यहद् से कहले, “रू सचमरच सच बोलर ब्डू आ आज अपन् र्कर के ब्रे मे आपन ब्र के सही क दे ले ब्डू, आ रोह्र भगव्न जे रोहनी मे खरश ब्डे , उ रोह्र भल्ई बढ्से ले्कन हमर् के सही बर्व ्क रू अपन् सब भ्ई लोग के बीच से हमर् से लईक् के चलरे क्हे झगड् करर्रे , क्हे की ओ लोग मे से केह हमर् से उनरक् ब्रे मे एक शब नईखे बोलले​े 57 यहद् यूसरफ के जव्ब ्दहलस, “रू जतर ज्नर होखब ्क हम लईक् ख्​्रर ओकर ब्प के सररक् हईं आ कहर हई ्क अगर हम ओकर् के ओकर् लगे न् ले अइनी र हम ओकर दोष हमेश् ख्​्रर उठ् लेबे” 58 एही से हम अपन् सब भ्ई लोग के बीच से रोहर् लगे आईल ब्नी, क्हे ्क हम दे खनी ्क रू ओकर् के अपन् से ज्ए दे वे के न् च्हर रहलूे अब एह से हमर् रोहर् नजर मे कृप् हो सकेल् ्क रू ओकर् के हमनी के स्थे ज्ए ख्​्रर भेजब, आ दे ख़, हम ओकर् बदले रहब, रोहर् जवन मन करे ओकर सेव् करे ख्​्रर, क्हे ्क जह्ँ भी रू हमर् के भेजब, हम बहरे ऊज्य से रोह्र सेव् करे चलबे 59 अब हमर् के एगो पर्कमी र्ज् के लगे भेज दी ं जे रोहर् खखल्फ ्वदोह कइले ब्, र रू पर् चल ज्ई ्क हम ओकर् आ ओकर् दे श के क् करबे ह्ल्ं ्क ओकर् लगे लरडसव्र आ पैदल सेन् भ् कवनो बेहद र्करवर लोग हो सकेल् ब्​्कर हम ओह सब के म्र के र्ज् के ्सर रोहर् सोझ् ले अइब. 60 क् रू नइख ज्नर ्क न् सरनले ्क हमनी के ब्प इब्हीम अपन् सेवक एलीएजर के स्थे एके र्र मे एल्म के सब र्ज् लोग के सेन् के स्थे म्र ्दहलस, उ लोग केह के न् बचल? आ ओह ्दन से हमनी के ब्प के र्कर हमनी के आ हमनी के संर्न ख्​्रर हमेश् ख्​्रर ्वर्सर के तप मे ्दहल गइले 61 यूसरफ जव्ब ्दहलन, “रू स्ँ च बोलर ब्ड़ आ रोहर् मरँह मे झूठ नइखे, क्हे ्क हमनी के इहो बर्वल गइल ब् ्क 93


जशेर के बा

इब्​्नयन के र्कर ब् आ ओह लोग के परमेशर पभर ओह लोग मे बहरे खरश ब्डन आ ओकर् स्मने के खड् हो सकेल्? 62 ब्​्कर एह शरय पर हम रोह्र भ्ई के भेजब, अगर रू ओकर् भ्ई के अपन् महर्री के बेट् के हमर् सोझ् ले आईब, जेकर् ब्रे मे रू कहर रहलू ्क ऊ रोहर् से ्मस चल गइल ब्े आ जब रू ओकर् भ्ई के हमर् लगे ले आईब र हम ओकर् जगह् ओकर् के ले लेब, क्हे ्क रोहनी मे से केह ओकर् ख्​्रर अपन् ब्प के सररक् न् रहे आ जब ऊ हमर् लगे अइहे र हम ओकर् भ्ई के अपन् स्थे भेज दे ब, जेकर् ख्​्रर रू सरर्कर रहलूे 63 यूसरफ के ई ब्र कहल् पर यहद् के गरस् भडक गइल आ उनकर आँ ख कोध से खून ्गर गइल आ ऊ अपन् भ्ई लोग से कहले, “आज ई आदमी अपन् आ पूर् ्मस के ्वन्श कइसे खोजर ब्! 64 ्शमोन यूसरफ के जव्ब ्दहलन, “क् हमनी के प्हले रहर् के न् बरवले रहनी ज् ्क हमनी के न् ज्नर रहनी ज् ्क उ कवन् जगह गईल रहले अवररी उ मरल ब्डे ्क ्जंद्, अवररी हम्र म्​्लक क्हे इ ब्र कहर्रे ? 65 यूसरफ यहद् के चेहर् के दे खर दे खलन ्क उनकर कोध भडके ल्गल जब उ उनकर् से कहलन ्क, “एह भ्ई के जगह हमर् लगे आपन दू सर् भ्ई के ले आव़े” 66 यूसरफ अपन् भ्ई लोग से कहलस, “रू लोग सचमरच कहर रहलू ्क रोह्र भ्ई य् र मर गईल ब् य् खो गईल ब्, अगर हम आज ओकर् के बोल्ई अवररी उ आपके सोझ् आ ज्ए र क् आप ओकर् भ्ई के जगह हमर् के दे दे ब? 67 यूसरफ बोले लगले आ ्चल् के कहले, “यूसरफ, यूसरफ, आज हमर् सोझ् आके अपन् भ्ई लोग के स्मने पकट होके उनरक् सोझ् बईठ ज्े” 68 जब यूसरफ उनके स्मने इ ब्र बरवले र उ लोग अलगअलग ओर दे खले ्क यूसरफ उनके स्मने कह्ँ से आवे व्ल् ब्डे े 69 यूसरफ ओह लोग के सब क्म के दे खर कहले, “रू लोग इधरउधर क्हे दे खर ब्डू? हम यूसरफ हईं जेकर् के रू ्मस मे बेचले रहलू, अब रोहर् के दर ख मर होखे ्क रू हमर् के बेच दे ले ब्डू, क्हे ्क अक्ल के समय मे भगव्न हमर् के रोहर् से प्हले भेजले रहले​े 70 यूसरफ के ब्र सरन के उनकर भ्ई लोग उनक् से डे र् गइल आ यहद् उनक् से बहर डे र् गइले 71 जब ्बन्मीन यूसरफ के ब्र सरनले र उ लर के भीररी ्हस् मे उ लोग के स्मने रहले अवररी ्बन्मीन दौड के अपन् भ्ई यूसरफ के लगे पहं चले अवररी उनरक् के गले लग् के उनरक् गरदन प ्गर गईले अवररी उ लोग रोवे लगले​े 72 जब यूसरफ के भ्ई लोग दे खल ्क ्बन्मीन अपन् भ्ई के गदय न पर ्गर के ओकर् स्थे रोवर ब् र उ लोग भी यूसरफ पर ्गर के ओकर् के गले लग् ्लहले आ यूसरफ के स्थे बहर रोवे लगले​े 73 यूसरफ के लर मे ई आव्ज सरन्ई पडल ्क ऊ लोग यूसरफ के भ्ई हवे आ ई ब्र ्फरौन के बहरे नीक ल्गल क्हे ्क ऊ ओह लोग से डे र्र रहले ्क कही ं ऊ लोग ्मस के न्श न् कर दे व. 74 ्फरौन अपन् नौकरन के यूसरफ के लगे भेजलन ्क उ अपन् भ्ई लोग के ब्रे मे बध्ई दे स, आ ्मस मे मौजूद सेन्

आ सेन् के सब सेन्प्र यूसरफ के स्थे खरश होखे लगले आ पूर् ्मस यूसरफ के भ्ई लोग के लेके बहर खरश भइले 75 ्फरौन आपन नौकरन के यूसरफ के लगे भेजले ्क, “अपन् भ्ई लोग से कह दी ं ्क उ लोग के सब स्म्न लेके हमर् लगे आवे दी,ं र हम ओ लोग के ्मस के सबसे ब्ढय् ्हस् मे रख दे ब, अवररी उ लोग अयीसन कईले​े 76 यूसरफ अपन् लर के दे खरे ख करे व्ल् के आदे श ्दहलन ्क ऊ अपन् भ्ई लोग ख्​्रर उपह्र आ कपड् ले आवे, आ ऊ ओह लोग ख्​्रर र्जसी के वस आ बहरे वरद्न के बहरे कपड् ले अइले आ यूसरफ ओकर् के अपन् भ्ई लोग मे ब्ँ ट ्दहलन. 77 ऊ अपन् हर भ्ई के सोन् च्ं दी के कपड् बदल के रीन सौ च्ं दी के टर कड् दे ्दहलन आ यूसरफ ओह सब के एह कपड् प्हन के ्फरौन के सोझ् ले आवे के आदे श ्दहलने 78 ्फरौन ई दे ख के ्क यूसरफ के सब भ्ई वीर आ सरनर दे ख्ई दे वे व्ल् रहले, र उ बहर खरश हो गईले​े 79 ओकर् ब्द उ लोग ्फरौन के स्मने से कन्न के दे श मे ज्ए ख्​्रर ्नकल गईले, जवन ्क अपन् ्पर् के लगे गईले अवररी उनरकर भ्ई ्बन्मीन ओ लोग के संगे रहले​े 80 यूसरफ उठ के ्फरौन के ओर से ओह लोग के एग्रह गो रथ दे ्दहलन आ यूसरफ ओह लोग के आपन रथ दे ्दहलन जवन् पर ऊ ्मस मे र्ज प्हरल् क् ्दने अपन् ्पर् के ्मस ले आवे ख्​्रर सव्र रहले. यूसरफ अपन् सभ भ्ई के लइकन के संख् के ्हस्ब से कपड् आ हर एक के सौ च्ं दी के टर कड् भेजलन आ र्ज् के मेहर्त लोग के कपड् से अपन् भ्ई लोग के मेहर्त लोग के भी कपड् भेजलने 81 ऊ अपन् हर भ्ई के दस आदमी दे ्दहलन ्क ऊ लोग अपन् स्थे कन्न दे श मे ज् के ओह लोग के सेव् कर सके आ ओह लोग के लइकन आ ्मस आवे मे ओह लोग के सब स्म्न के सेव् कर सके. 82 यूसरफ अपन् भ्ई ्बन्मीन के ह्थ से अपन् दस बेट् ख्​्रर दस कपड् भेजले, जवन य्कूब के ब्की संर्न से एक ्हस् रहे े 83 ्फरौन के ्हस्ब से हर पच्स च्ं दी के टर कड् आ दस गो रथ भेजलन आ अपन् ्पर् के लगे ्मस के सब ठ्ठ-ब्ट से भरल दस गो गदह् भेजलन, आ दस गो गदह् मे अन आ रोटी आ पोषर से भरल अपन् ब्प आ ओकर् स्थे रहे व्ल् सब लोग के भेजलसे 84 ऊ अपन् ब्हन दीन् के च्ं दी, सोन्, लोब्न आ गंधक के कपड्, मरसबर आ मेहर्त के आभूषर के भरपूर म्त् मे भेजले आ ्फरौन के मेहर्त लोग से उहे कपड् ्बन्मीन के मेहर्त लोग के भेजले​े 85 ऊ अपन् सभ भ्ई लोग के, ओह लोग के मेहर्त लोग के भी गोमेद के ररह-ररह के पतर आ बेड्लयम ्दहलन आ ्मस के बडक् लोग के बीच के सभ कीमरी चीजन मे से करछ भी महं ग् चीजन मे से करछ न् बचल, ्सव्य उहे चीज जवन यूसरफ अपन् ्पर् के लरे भेजले रहले​े 86 ऊ अपन् भ्ई लोग के भेज ्दहलन आ ऊ लोग अपन् भ्ई ्बन्मीन के अपन् स्थे भेज ्दहलन. 87 यूसरफ ओ लोग के स्थे ्मस के सीम् रक ज्ए के र्स् मे ्नकल गईले अवररी अपन् ्पर् अवररी अपन् लर के ब्रे मे ओ लोग के ्मस आवे के आदे श दे ले​े 94


जशेर के बा

88 ऊ ओह लोग से कहले, “रस् पर झगड् मर करी,ं क्हे ्क ई ब्र पभर के ओर से एगो बडहन लोग के भूख से बच्वे ख्​्रर आइल ब्, क्हे ्क एह दे श मे अबही ं प्ं च स्ल के अक्ल के ख्​्र रहीे 89 ऊ ओह लोग के आज् ्दहलन ्क जब रू कन्न दे श मे अइब़ र एह म्​्मल् मे अच्नक हमर् ब्बूजी के स्मने मर आईं, बलरक अपन् बरख् से क्म करीें 90 यूसरफ ओह लोग के आज् ्दहल छोड ्दहलन आ ऊ मरड के ्मस चल गइलन आ य्कूब के बेट् लोग खरशी आ हँ सी-खरशी से अपन् ब्प य्कूब के लगे कन्न दे श मे चल गइलन. 91 उ लोग दे श के सीम् प पहं चले अवररी एक दू सर् से कहलस ्क, हमनी के अपन् ्पर् के सोझ् ए म्मल् मे क् करी,ं क्हे की जदी हमनी के अच्नक उनरक् लगे आके उनरक् के इ ब्र बर्ईब र उ हमनी के ब्र से बहर लबर् जईहे अवररी हमनी प ्वश्स न् करीहे े 92 जब रक उ लोग अपन् लर के नजदीक न् पहं चले, रब रक उ लोग आशेर के बेटी सेर्क के उनरक् से ्मले ख्​्रर ्नकलल दे खले अवररी उ लईकी बहर ्नमन अवररी सूक रहली अवररी वीर् बज्वे के ज्नर रहलीे 93 ऊ लोग ओकर् के आव्ज ्दहल आ ऊ ओह लोग के सोझ् आ गइल आ ऊ ओह लोग के चरम् ्लहली आ ऊ लोग ओकर् के लेके वीर् दे ्दहल आ कहल ्क अब हमनी के ब्प के स्मने ज् के ओकर् सोझ् बईठ के वीर् बज् के ई ब्र बोल़. 94 उ लोग ओकर् के अपन् लरे ज्ए के आदे श दे ले अवररी उ वीर् लेके जली-जली ओ लोग के सोझ् चल गईली अवररी उ य्कूब के लगे आके बईठ गईलीे 95 ऊ ब्ढय् से बज्वर ग्वर रहली आ अपन् ब्र के ्मठ्स मे कहली ्क, हम्र च्च् यूसरफ ्जंद् ब्डन आ पूर् ्मस दे श मे र्ज करर ब्डन आ मरल नइखे. 96 ऊ ई ब्र दोहर्वर आ बोलर रहली आ य्कूब उनकर ब्र सरनलन आ ऊ लोग उनक् से सहमर हो गइल. 97 ऊ सरनर रहले जब ऊ दू -रीन बेर दोहर्वर रहली आ य्कूब के ्दल मे उनकर ब्र के ्मठ्स पर खरशी लरस गइल आ भगव्न के आत् उनक् पर रहे आ ऊ उनकर सगरी ब्र सही ज्नर रहले. 98 य्कूब सेर्च के आशीष ्दहलन जब ऊ ओकर् स्मने ई ब्र कहली आ ऊ ओकर् से कहलस, “हे बेटी, रोहर् पर कबो मौर के ह्वी न् होखे, क्हे ्क रू हम्र आत् के ्जंद् कर दे ले ब्डूे ख्ली हमर् स्मने ओइसहीं बोल़ जइसे रू कहले ब्डू, क्हे ्क रू हमर् के अपन् सब ब्र से खरश कर दे ले ब्डूे 99 ऊ ई ब्र ग्वर रहली आ य्कूब सरनर रहलन आ ई ब्र उनक् के नीक ल्गल आ ऊ खरश हो गइलन आ भगव्न के आत् उनक् पर रहे े 100 जब उ ओकर् से ब्र करर रहले र दे ख, उनरकर बेट् लोड्, रथ अवररी र्ज के कपड् अवररी नौकर के संगे उनरक् लगे भ्गर रहले​े 101 य्कूब ओह लोग से ्मले ख्​्रर उठलन आ अपन् बेट् लोग के र्जसी कपड् प्हनले दे खलन आ ऊ सब खज्न् दे खलन जवन यूसरफ ओह लोग के भेजले रहले. 102 उ लोग ओकर् से कहलस ्क हमनी के भ्ई यूसरफ ्जंद् ब्डे अवररी उहे पूर् ्मस दे श मे र्ज करर्रे अवररी उहे हमनी से कहले रहले​े

103 य्कूब अपन् बेट् लोग के सब ब्र सरनले अवररी ओ लोग के ब्र से उनरकर ्दल धडक गईल, क्हे की जब रक उ यूसरफ के जवन करछ दे ले रहले अवररी उनरक् के भेजले रहले, अवररी यूसरफ के ओर से कहल गईल सभ संकेर के न् दे ख पवले, रब रक उनरक् प ्वश्स न् भईले 104 उ लोग ओकर् सोझ् खरल के यूसरफ के भेजल सब करछ दे खवले, उ लोग हर एक के उहे दे ले जवन यूसरफ उनरक् के भेजले रहले, अवररी उ ज्न गईले ्क उ लोग सच बोलले ब्डे अवररी उ अपन् बेट् के ब्रे मे बहर खरश हो गईले​े 105 य्कूब कहले, “हमर् ख्​्रर इहे क्फी ब् ्क हम्र बेट् यूसरफ अभी ्जंद् ब्, हम मरल् से प्हले ज्के ओकर् के दे ख लेबे 106 उनकर बेट् उनकर् पर भइल सब ब्र बरवले आ य्कूब कहले, “हम अपन् बेट् आ ओकर संर्न के दे खे ख्​्रर ्मस उररबे” 107 य्कूब उठ के यूसरफ के भेजल कपड् प्हनले अवररी ब्ल धो के ब्ल मरंडव् के अपन् म्थ् प उ पगडी प्हनले जवन यूसरफ उनरक् के भेजले रहले​े 108 य्कूब के लर के सब लोग आ उनकर मेहर्त लोग उ कपड् प्हनले जवन यूसरफ के भेजले रहले, आ उ लोग यूसरफ पर बहर खरश हो गईले ्क उ अभी ्जंद् ब्डे अवररी ्मस मे र्ज करर्रे े 109 कन्न के सब ्नव्सी इ ब्र सरन के य्कूब के संगे बहर खरश भईले ्क उ अभी ्जंद् ब्डे े 110 य्कूब रीन ्दन रक ओह लोग ख्​्रर भोज बनवले आ कन्न के सब र्ज् आ दे श के करलीन लोग य्कूब के लर मे ख्पी के खरश भइले अध ्य 55 के ब् 1 एकर् ब्द य्कूब कहले, “हम ्मस मे अपन् बेट् के दे खे ज्ईब अवररी ओकर् ब्द कन्न दे श मे व्पस आ ज्ईब, जवन् के ब्रे मे परमेशर अब्हम से कहले रहले, क्हे की हम अपन् जन्​्न के दे श से नईखी ्नकल सकरे 2 दे ख़, पभर के वचन ओकर् से आइल ्क, “अपन् लर के सब लोग के स्थे ्मस उरर के उह्ँ रह़, ्मस ज्ए से मर डे र्ईं क्हे ्क हम ओ्हज् रोहर् के एगो बडहन र्ष् बन् दे बे” 3 य्कूब मन मे कहले, “हम ज्के अपन् बेट् के दे खब ्क ्मस के सब ्नव्सी के बीच ओकर भगव्न के डर अभी रक ब् ्क न्े” 4 पभर य्कूब से कहले, “यूसरफ से मर डे र्, क्हे ्क उ अभी भी हम्र सेव् करे ख्​्रर आपन ईम्नद्री बरकर्र रखले ब्डे , जवन ्क रोहर् नजर मे अच् ल्गी, आ य्कूब अपन् बेट् के लेके बहर खरश रहले​े 5 ओह लरी य्कूब अपन् बेट् आ लर के लोग के पभर के वचन के अनरस्र ्मस ज्ए के आदे श ्दहलन आ य्कूब अपन् बेट् आ अपन् लर के पूर् लर के स्थे उठ के कन्न दे श से बेरशेब् से ्नकल गइलन, खरशी आ मन के खरशी से उ लोग ्मस के दे श मे चल गइलने 6 जब उ लोग ्मस के नजदीक पहं चले र य्कूब यहद् के अपन् से प्हले यूसरफ के लगे भेजले ्क उ उनरक् के ्मस के ह्लर दे ख्वे, अवररी यहद् अपन् ्पर् के ब्र के मरर्​्बक 95


जशेर के बा

क्म कईले अवररी उ जली-जली दौड के यूसरफ के लगे पहं चले अवररी उ लोग उनरक् ख्री गोशेन दे श मे अपन् लर के पूर् लर ख्री जगह दे ले अवररी यहद् व्पस आके अपन् ्पर् के लगे र्स् से आ गईले​े 7 यूसरफ रथ के इसेम्ल कइलन आ अपन् ्पर् य्कूब से ्मले ज्ए ख्​्रर आपन सब पर्कमी लोग आ आपन नौकर आ ्मस के सगरी अफसरन के एकट् कइलन आ ्मस मे यूसरफ के आज् के लोषर् भइल ्क, “जे य्कूब से ्मले न् ज्ई, ऊ सब मर जइहे .” 8 अ्गल् ्दने यूसरफ पूर् ्मस के स्थे एगो बडहन आ पर्कमी सेन् ्नकल गइलन, ऊ सब लोग महीन ्लनन आ बैगनी रं ग के कपड् प्हनले आ च्ं दी आ सोन् के स्ज-सज् आ ओह लोग के स्थे यर् के स्ज-सज् लेके चल गइलने 9 ऊ सब लोग सडक पर गंधक आ मरसबर ्बखेर के ररह ररह के व्दयंत लेके य्कूब से ्मले गइल आ ओह लोग के ्चल्हट से धररी ्हल गइले 10 ्मस के सब मेहर्त य्कूब से ्मले ख्​्रर ्मस के छर आ दे व्ल पर चल गइली आ यूसरफ के म्थ् पर ्फरौन के श्ही मरकरट रहे , क्हे ्क ्फरौन ओकर् के अपन् ्पर् से ्मले ज्ए के समय ओकर् के प्हरे ख्​्रर भेजले रहले​े 11 जब यूसरफ अपन् ्पर् से पच्स ह्थ के दू री प पहं चले र रथ से उरर के अपन् ्पर् के ओर बढले अवररी जब ्मस के सभ अ्धक्री अवररी ओकर करलीन लोग दे खल ्क यूसरफ पैदल अपन् ्पर् के ओर चल गईल ब्डे र उ लोग भी उरर के पैदल य्कूब के ओर चल गईले​े 12 जब य्कूब यूसरफ के डे र् के नजदीक पहं चले र य्कूब यूसरफ के संगे उनरक् ओर आवर डे र् के दे खले अवररी उ खरश हो गईले अवररी य्कूब एकर् से अचरज मे पड गईले​े 13 य्कूब यहद् से कहले, “हम ्मस के डे र् मे र्ज् के वस प्हनले अवररी म्थ् प र्जमरकरट प्हनले के दे खर्नी, जवन ्क अपन् रथ से उरर के हमनी के ओर आवर ब्? यहद् अपन् ्पर् के जव्ब ्दहलस, “उ रोह्र बेट् यूसरफ र्ज् हवे​े आ य्कूब अपन् बेट् के म्हम् दे ख के खरश हो गइलने 14 यूसरफ अपन् ब्प के नजदीक अईले अवररी उ अपन् ्पर् के पर्म कईले अवररी डे र् के सभ आदमी उनरक् संगे य्कूब के सोझ् जमीन प पर्म कईले​े 15 दे खलस ्क य्कूब दौड के जली-जली अपन् बेट् यूसरफ के लगे गईले अवररी ओकर् गरदन प ्गर गईले अवररी ओकर् के चरम् लेले अवररी उ लोग रोवे लगले अवररी यूसरफ अपन् ्पर् के गले लग् के चरम् लेले अवररी उ लोग रोवे लगले अवररी ्मस के सभ लोग ओ लोग के संगे रोवे लगले​े 16 य्कूब यूसरफ से कहलन, “अब हम रोह्र चेहर् दे खल् के ब्द हँ सी-खरशी से मरब ्क रू अभी भी ्जंद् ब्डू आ म्हम् से ब्डूे” 17 य्कूब के बेट्, उनकर मेहर्त, उनकर लइक् आ उनकर नौकर आ य्कूब के लर के लोग यूसरफ के स्थे बहर रोवे लगलन आ उ लोग उनक् के चरम् लेर रहलन आ उनकर् स्थे बहर रोवर रहलने 18 ओकर् ब्द यूसरफ आ उनकर सब लोग ्मस मे व्पस आ गइलन आ य्कूब आ उनकर बेट् आ उनकर लर के सब लोग यूसरफ के स्थे ्मस गइलन आ यूसरफ ओ लोग के ्मस के सबसे ब्ढय् ्हस् मे, गोशेन दे श मे रख ्दहलने

19 यूसरफ अपन् ब्प आ भ्ई लोग से कहले, “हम ज्के ्फरौन के कहब ्क हम्र भ्ई आ हम्र ब्प के लर्न् आ उनकर सब लोग हमर् लगे आ गईल ब्डे अवररी दे ख, उ लोग गोशेन दे श मे ब्डे े 20 यूसरफ अइसन कइलन आ अपन् भ्ई तबेन, इस्कर जबबरलन आ अपन् भ्ई ्बन्मीन से लेके ्फरौन के स्मने रख ्दहलने 21 यूसरफ ्फरौन से कहलन, “हम्र भ्ई लोग आ हमर् ्पर् के लर्न् आ उनकर सब लोग अपन् भेड आ पशर के स्थे कन्न दे श से हमर् लगे ्मस मे पव्स करे आइल ब्े क्हे ्क अक्ल ओह लोग पर बहरे ल्गल रहे . 22 ्फरौन यूसरफ से कहलस, “अपन् ब्प-ब्हन के दे श के सबसे ब्ढय् ्हस् मे रखीं, आऊ ओह लोग से सब ब्ढय् चीज मर रोकी ं आ दे श के चब् के ख्ए मर दीें ” 23 यूसरफ जव्ब ्दहलन, “दे ख़ हम ओह लोग के गोशेन दे श मे ठहरवले ब्नी क्हे ्क ऊ लोग चरव्ह् ह, एहसे ऊ लोग ्मस के लोग से अलग् अपन् भेडन के चर्वे ख्​्रर गोशेन मे रह ज्व. 24 ्फरौन यूसरफ से कहलन ्क, “अपन् भ्ई लोग के जवन करछ कहर होई, उ सब कऱे य्कूब के बेट् ्फरौन के स्मने पर्म कईले अवररी उ लोग श्ं ्र से उनरक् से ्नकल गईले अवररी ओकर् ब्द यूसरफ अपन् ्पर् के ्फरौन के सोझ् ले अईले​े 25 य्कूब आके ्फरौन के पर्म कइलन आ य्कूब ्फरौन के आशीष ्दहलन आ ऊ ब्हर ्नकल गइलने य्कूब आ उनकर सब बेट् आ उनकर सब लर के लोग गोशेन के दे श मे रहर रहले​े 26 दर सरक् स्ल य्नी य्कूब के जीवन के सौ रीसव्ँ स्ल मे यूसरफ अपन् ब्प आ भ्ई लोग आ अपन् ब्प के लर के पूर् लर के अपन् छोट-छोट लइकन के ्हस्ब से रोटी से भरप्ई कइलने ओह लोग मे करछर ओ के कमी न् रहे े 27 यूसरफ पूर् दे श के सबसे ब्ढय् ्हस् ओह लोग के दे ्दहलने ्मस के सबसे ब्ढय् लोग के यूसरफ के ्दन मे ्मलल रहे े यूसरफ भी स्ल दर स्ल ओह लोग के आ अपन् पूर् लर के लोग के कपड् आ कपड् दे र रहले​े य्कूब के बेट् लोग अपन् भ्ई के पूर् ्दन ्मस मे सरर्कर रहले​े 28 य्कूब हमेश् यूसरफ के मेज प ख्न् ख्र रहले, य्कूब अवररी उनरकर बेट् ्दन-र्र यूसरफ के मेज से न् ्नकलर रहले, एकर् अल्वे य्कूब के बच् अपन् लर मे जवन करछ खईले रहले​े 29 अक्ल के ्दन मे पूर् ्मस यूसरफ के लर से रोटी ख्र रहे , क्हे ्क सब ्मस के लोग अक्ल के चलरे आपन सब स्म्न बेच दे ले रहले​े 30 यूसरफ ्मस के सगरी जमीन आ खेर के रोटी ख्​्रर खरीद ्लहलन आ अक्ल के पूर् ्दन यूसरफ पूर् ्मस के रोटी के आपू्रय कइलन आ यूसरफ पूर् दे श मे खरीदल ख्न ख्​्रर जवन च्ँ दी आ सोन् ्मलर रहे ओकर् के बटोर ्लहलन आ ओकर् अल्वे गोमेद के पतर, बेडे्लयन आ कीमरी बहरे सोन् च्ँ दी जम् कर ्लहलन जवन कपड् उ लोग के पईस् खच्य हो गईल र उ लोग दे श के हर ्हस् से यूसरफ के लगे ले आईल रहले​े 31 यूसरफ अपन् ह्थ मे आइल सगरी च्ँ दी आ सोन्, लगभग बहतर रोर् सोन् च्ँ दी आ गोमेद के पतर आ बेड्लयम के भी 96


जशेर के बा

भरपूर म्त् मे ले ्लहलन आ यूसरफ ज्के ओह लोग के च्र भ्ग मे ्छप् ्दहलन आ एक ्हस् ल्ल स्गर के लगे जंगल मे आ एक भ्ग पेर्थ नदी के ्कन्रे आ रीसर् चउथ् ्हस् रे ्गस्न मे ्छप् ्दहलन फ्रस आ मी्डय् के जंगल के स्मने​े 32 जवन सोन् च्ँ दी बचल रहे ओकर् मे से करछ ्हस् लेके उ अपन् सभ भ्ई-ब्हन अवररी अपन् ्पर् के लर के सभ मेहर्त अवररी ब्की के करीब बीस टोल् सोन् च्ं दी के ्फरौन के लरे ले अईले​े 33 यूसरफ ्फरौन के जवन सोन् च्ँ दी बचल रहे , उ सब फ्रो के दे ्दहलन आ ्फरौन ओकर् के खज्न् मे रख ्दहलन आ ओकर् ब्द ओह दे श मे अक्ल के ्दन खरम हो गइल आ ऊ लोग पूर् दे श मे बोव्ई आ फसल क्टर रहे आ स्ल दर स्ल आपन स्म्न म्त् ्मलर रहे े ओह लोग मे करछर ओ के कमी न् रहे े 34 यूसरफ ्मस मे सरर्कर रह गइलन आ पूर् दे श उनकर सल्ह मे रहे आ उनकर ब्प आ उनकर सब भ्ई गोशेन दे श मे रह के ओकर् के अपन् कब् मे ले ्लहलने 35 यूसरफ बहर बूढ हो गइल रहले, उ्मर बढ गइल रहले आ उनकर दू गो बेट् एफ्इम आ मनशे हमेश् य्कूब के लर मे रहर रहले आ अपन् भ्ई य्कूब के बेट् के संर्न के स्थे पभर के र्स् आ उनकर वव्​् के ब्रे मे ज्ने ख्​्रर लग्र्र य्कूब के लर मे रहले​े 36 य्कूब आ उनकर बेट् गोशेन दे श मे ्मस के दे श मे रहर रहले आ उ लोग ओ्हज् के अपन् कब् मे ले ्लहले आ उ लोग ओ्हज् के फल बढल आ बढले

आशीव्य द दे सरे य्कूब के आशीष दे ल् के ब्द ओह ्दन य्कूब के बेट् के सब संर्न ्नकल गईले​े 7 अ्गल् ्दने य्कूब ्फर से अपन् बेट् लोग के बोलवले, आ उ सब लोग जरट गईले अवररी उनरक् लगे आके उनरक् सोझ् बईठ गईले, अवररी य्कूब ओ ्दन अपन् बेट् के अपन् मरल् से प्हले आशीष दे ले, उ हर आदमी के अपन् आशीव्य द के मरर्​्बक आशीव्य द दे ले​े दे ख़, ई इस्एल के ब्रे मे पभर के वव्​् के ्कर्ब मे ्लखल ब्े 8 य्कूब यहद् से कहले, “हम अपन् बेट् के ज्नर ब्नी ्क रू अपन् भ्ई लोग ख्​्रर एगो पर्कमी हउअे ओह लोग पर र्ज कऱ आ रोह्र बेट् ओह लोग के बेट् पर हमेश् ख्​्रर र्ज करीहे े 9 ख्ली अपन् बेट् लोग के धनरष आ यर् के सब ह्थय्र ्सख्ईं र्​्क ऊ लोग अपन् भ्ई के लड्ई लड सके जे ओकर् दर शनन पर र्ज करीे 10 य्कूब ओह ्दन फेर से अपन् बेट् लोग के आज् ्दहलन, “दे ख़ हम आज अपन् लोग के स्थे जरट्वल ज्इबे हमर् के ्मस से लेके चल ज् आ हमर् के मकपेल् के गरफ् मे दफन् द, जइसन ्क हम रोहर् के आज् दे ले ब्नीे 11 ले्कन हम रोहसे से ध्न र्खी ं ्क रोहनी के कवनो बेट् हमर् के न् ढोवे , ख्ली खरदे, आ जब रू हमर् ल्श के लेके कन्न दे श मे हमर् के दफन्वे ख्​्रर चलब र इहे ररीक् हमर् स्थे करीें 12 यहद्, इस्कर आ जबबरलन हम्र ल्स के पूरब के ओर ले जइहे े दख्न मे तबेन, ्शमोन आ ग्द, प्शम मे एपैम, मनशे आ ्बन्मीन, उतर मे द्न, आशेर आ नफ्लीे 13 लेवी के अपन् स्थे न् ले ज्ए के च्हीं, क्हे ्क ऊ आ ओकर बेट् इस्ए्लयन के स्थे पभर के व्च् के सनदू क के डे र् मे ले जइहे आ हम्र बेट् यूसरफ के न् ले ज्ए के च्हीं, क्हे ्क र्ज् के ररह ओकर म्हम् होखे​े ब्​्कर ओह लोग के जगह एपैम आ मनशे होखीहे . 14 जब रू हमर् के लेके चलब र हमर् स्थे अईसन करबे हम जवन भी आज् दे र ब्नी, ओकर् मे से कवनो ब्र के उपेक् मर करी;ं आ जब रू हमर् स्थे अइसन करब़ र पभर रोहर् के आ रोहर् ब्द के लइकन के हमेश् ख्​्रर अनरगह से य्द करीहे े 15 रू हम्र बेट् लोग, हर एक अपन् भ्ई आ अपन् ररशेद्र के आदर करी ं आ अपन् ब्द के अपन् लइकन आ अपन् लइकन के लइकन के आज् दी ं ्क ऊ लोग अपन् पररखन के परमेशर पभर के सेव् करे े 16 एह से ्क जब रू अपन् परमेस् वर यहोव् के नजर मे नीमन आ सोझ क्म करब र रू आ अपन् लइक्-लइकी आ अपन् लइकन के लइक्-लइकी के दे श मे हमेश् ख्​्रर आपन ्दन लमहर कर सकीले​े 17 आ रू, हम्र बेट् यूसरफ, म्फ कऱ, हम रोहर् भ्ई लोग के सूँड आ ओह लोग के सगरी करकमय के म्फ कऱ जवन ऊ लोग रोहर् पर जवन चोट के ढे र लगवले रहे , क्हे ्क भगव्न एकर् के रोहर् आ रोहर् लइकन के फ्यद् ख्​्रर इर्द् कइले रहले. 18 हे हम्र बेट् अपन् भ्ई लोग के ्मस के ्नव्सी लोग के ह्थ मे मर छोडीं आ न् ही ओह लोग के भ्वन् के चोट पहँ च्ईं, क्हे ्क दे ख़ हम ओह लोग के भगव्न के ह्थ मे आ अपन् ह्थ मे सौंप दे र ब्नी ्क ऊ लोग ्मस के लोग से बच्वल ज्

अध ्य 56 के ब् 1 य्कूब ्मस के दे श मे सररह स्ल रक रहले, य्कूब के उ्मर आ उ्मर के स्ल एक सौ सर्लीस स्ल रहे े 2 ओही लरी य्कूब के ओह बेम्री से हमल् हो गइल जवन् से ऊ मर गइलन आ ऊ अपन् बेट् यूसरफ के ्मस से बोल्वे ख्​्रर भेजलन आ उनकर बेट् यूसरफ ्मस से आइल आ यूसरफ अपन् ब्प के लगे अइले. 3 य्कूब यूसरफ आ उनकर बेट् लोग से कहलन, “दे ख़ हम मर ज्इब आ रोहनी के पररखन के परमेशर रोहनी के लरे ले अइहे आ रोहनी के ओह दे श मे व्पस ले अइहे , जवन पभर रोहनी के आ रोहनी के ब्द के लइकन के दे वे के कसम खइले रहले, अब जब हम मर ज्ईब र हमर् के ओह गरफ् मे दफन् दी ं जवन कन्न दे श के हे बोन के मकपेल् मे ब्, जवन हमर् पररखन के लगे ब्े 4 य्कूब अपन् बेट् लोग के हे बोन के मकपल् मे दफन्वे के ्कररय् खइले आ उनकर बेट् लोग एह ब्र के ्कररय् खइले​े 5 ऊ ओह लोग के आज् ्दहलन ्क, “अपन् परमेस् वर के सेव् कऱ, क्हे ्क जे रोहनी के ब्प-द्द् के बच्वल ब्, ऊ रोहनी के भी हर संकट से बच्ईे” 6 य्कूब कहले, “अपन् सब लइकन के हमर् लगे बोल् के य्कूब के बेट् लोग के सब लइक् उनक् स्मने बइठ गइलन आ य्कूब ओह लोग के आशीष ्दहलन आ कहलन ्क, “रोहर् पररखन के परमेशर पभर रोहनी के एक हज्र गरन् आशीव्य द दे सर आ रोहनी के आशीव्य द दीहे आ रोहनी के ब्प अब्हम के 97


जशेर के बा

सके​े य्कूब के बेट् लोग अपन् ब्प के जव्ब ्दहलन, “हे हमनी के ब्प, रू जवन करछ आज् दे ले ब्डू, हमनी के अईसन करब ज्े भगव्न ख्ली हमनी के स्थे रहसे 19 य्कूब अपन् बेट् लोग से कहलन, “जब रू उनकर सब र्स् के प्लन करी ं र भगव्न रोहनी के स्थे रहसे ओकर् नजर मे जवन नीमन आ सीध् ब् ओकर् के पूर् करे मे ओकर् र्ह से न् र द्​्हन् ओर न् मरडे. 20 क्हे ्क हम ज्नर ब्नी ्क आखखर के ्दन मे रोहनी के दे श मे बहर आ गंभीर परे श्नी आई, हँ , रोहनी के लइक् आ लइकन के लइक्, ख्ली पभर के सेव् करी ं आ ऊ रोहनी के हर संकट से बच्ईे 21 जब रू भगव्न के सेव् करे ख्​्रर पीछे पीछे चलब आ अपन् ब्द के अपन् लइकन आ अपन् लइकन के लइकन के पभर के ज्ने के ्सख्इब, र पभर रोहर् आ रोहर् लइकन ख्​्रर एगो सेवक खड् कर दीहे , आ पभर रोहनी के अपन् ह्थ से हर दर ःख से बच्ईहे आ रोहनी के ्मस से ब्हर ले अइहे आ रोहनी के अपन् ब्प-द्द् के दे श मे व्पस ले अइहे ्क ऊ सरर्कर तप से उतर्​्धक्री हो सकींे 22 य्कूब अपन् बेट् लोग के आज् ्दहल छोड ्दहलन आ ऊ आपन गोड ्बछौन् पर खीच ं ्लहलन आ मर गइलन आ अपन् लोग क् स्थे बटोर ्लहलन. 23 यूसरफ अपन् ब्प पर ्गर गइलन आ ऊ ्चल् के रोअलन आ चरम् ्लहलन आ ऊ कडरआ आव्ज मे ्चल् के कहलन, “हे हम्र ब्बू, हम्र ब्बूजी.” 24 उनकर बेट् के मेहर्त आउर उनकर लर के सब लोग य्कूब पर ्गर गइलन आ य्कूब के ब्रे मे बहर जोर से ्चल्र रहले​े 25 य्कूब के सब बेट् एक संगे उठ के आपन कपड् फ्ड दे ले अवररी सब लोग कमर प बोर् प्हनले अवररी मरंह से ्गर गईले अवररी अपन् म्थ् प धूल के आक्श के ओर फेक दे ले​े 26 ओसन्थ यूसरफ के मेहर्त के ई ब्र बर्वल गइल आ ऊ उठ के बोर् प्हनली आ ऊ अपन् स्थे सगरी ्मस के मेहर्त लोग के स्थे आके य्कूब ख्​्रर शोक मन्वर रोवर रहलीे 27 आउर ्मस के सब लोग जे य्कूब के ज्नर रहे , उ ्दन सरन के सब लोग आ गईले अवररी पूर् ्मस बहर ्दन रक रोवर रहले​े 28 कन्न दे श से भी मेहर्त लोग ्मस मे आइल जब ऊ सरनली ्क य्कूब के मौर हो गइल ब् आ ्मस मे सतर ्दन रक उनकर् ख्​्रर रोवर रहलीे 29 एकर् ब्द यूसरफ अपन् सेवकन के ड्करन के आदे श ्दहलन ्क ऊ लोग अपन् ्पर् के गंधक आ लोब्न आ हर ररह के धूप आ इत से मलहम कर दे व आ ड्कर लोग य्कूब के मलहम कर ्दहल जइसे यूसरफ के आज् ्दहले रहले. 30 ्मस के सब लोग, बरजरगय लोग आ गोशेन के सब ्नव्सी य्कूब के लेके रोवर-रोवर शोक मन्वर रहले अवररी उनरकर सभ बेट् अवररी उनरक् लर के लईक् बहर ्दन रक अपन् ्पर् य्कूब के ्वल्प अवररी शोक जरवले​े 31 सतर ्दन के अंर मे उनकर रोवे के ्दन बीरल् के ब्द यूसरफ ्फरौन से कहले, “हम ज्के अपन् ब्बूजी के कन्न दे श मे दफन् दे ब, जईसे उ हमर् के कसम खइले रहले​े 32 ्फरौन यूसरफ के भेजले ्क, “ज् के आपन ब्प के कसम ख् के दफन् दे आ यूसरफ अपन् सब भ्ई लोग के स्थे कन्न के

दे श मे ज्के ओह लोग के ब्प य्कूब के दफन्वे ख्​्रर उठले, जइसन ्क उ लोग के आदे श ्दहले रहले​े 33 ्फरौन पूर् ्मस मे ई लोषर् करे के आदे श ्दहलन ्क जे यूसरफ आ ओकर भ्ई लोग के स्थे य्कूब के दफन्वे ख्​्रर कन्न दे श मे न् ज्ई, ऊ मर ज्ईे 34 पूर् ्मस ्फरौन के लोषर् सरन के सब लोग एक संगे उठ गईले, ्फरौन के सभ सेवक, उनरक् लर के बरजरगय अवररी ्मस के सभ बरजरगय यूसरफ के संगे चढ गईले अवररी ्फरौन के सभ अ्धक्री अवररी करलीन लोग यूसरफ के नौकर के तप मे चढ गईले अवररी कन्न दे श मे य्कूब के दफन्वे गईले​े 35 य्कूब के बेट् लोग ओह मल के लेके चल गइलन जवन् पर ऊ पडल रहले​े जइसे उनकर ब्बूजी के आज् ्दहले रहले, उनकर बेट् भी उनकर् स्थे कइले रहले​े 36 गोमेद के पतर आ बेड्लयम के च्रो ओर जडल रहे े आ कोठरी के ढं कल सोन् के बरन्ई के क्म रहे , जवन् के ध्ग् से जोडल रहे आ ओकर् ऊपर गोमेद के पतर आ बेड्लयम के हक रहे े 37 यूसरफ अपन् ्पर् य्कूब के म्थ् पर सोन् के एगो बडहन मरकरट रखले आ ओकर् ह्थ मे सोन् के र्जदं ड रखले आ ऊ लोग र्ज् लोग के ्ज्नगी के ररव्ज के मरर्​्बक मयल् के लेर ्लहले 38 ्मस के सब सेन् एह सेन् मे उनकर् से आगे ्नकलल, प्हले ्फरौन के सब पर्कमी, यूसरफ के पर्कमी आ ओकर् ब्द ्मस के ब्की ्नव्सी लोग, आ सब लोग रलव्र से पटी ब्नल रहे आ कोट से लैस रहे आ यर् के ज्ल ओकर् पर रहे े 39 सब रोवे व्ल् आ शोक मन्वे व्ल् लोग ज्र-दू र से रोवररोवर आ ्वल्प करर चल गइलन आ ब्की लोग मसल् के पीछे -पीछे चल गइलने 40 यूसरफ आ उनकर लर के लोग नंगे प्ं व आ रोवर-रोवर मसल् के लगे चल गइलन आ यूसरफ के ब्की नौकर उनकर् च्रों ओर लूम गइलने हर आदमी के आपन आभूषर प्हनले रहे आ सब लोग आपन यर् के ह्थय्र से लैस रहे े 41 य्कूब के पच्स गो नौकर कोठरी के स्मने चल गईले अवररी सडक के ्कन्रे गंधक अवररी मरसबर अवररी ररह-ररह के इत ्बखेरले अवररी य्कूब के सभ लईक् जे इत लेके चलर रहले अवररी इत के क्म मे चलर रहले अवररी य्कूब के नौकर सडक प इत ्बखेर उनरक् से आगे चल गईले​े 42 यूसरफ एगो भ्री डे र् लेके चढ गइलन आ ऊ लोग हर ्दन एही ररह से करर रहे जबले ्क ऊ लोग कन्न के दे श मे न् पहँ चल आ ऊ लोग यरदन के ओह प्र अर्द के कर्टय् मे पहँ चल आ ऊ लोग ओह जगह पर बहरे बडहन आ भ्री शोक मन्वर रहे . 43 कन्न के सब र्ज् इ ब्र सरन के सब लोग अपन् लर से ्नकल गईले, कन्न के एकरीस र्ज् रहले अवररी सब लोग अपन् आदमी के संगे य्कूब के शोक मन्वे अवररी रोवे ख्री आ गईले​े 44 ई सब र्ज् य्कूब के कवच के दे खले आ दे खले ्क ओकर् पर यूसरफ के मरकरट ब् आ ऊ लोग भी मरकरट पर मरकरट प्हन के ओकर् के मरकरट से लेर ्लहले​े 45 ई सब र्ज् य्कूब आ ्मस के बेट् लोग के स्थे य्कूब के लेके बहर आ भ्री शोक मन्वर रहले, क्हे ्क कन्न के सब र्ज् य्कूब आ उनकर बेट् लोग के शौयय के ज्नर रहले​े 98


जशेर के बा

46 ई खबर एस्व रक पहँ चल ्क य्कूब ्मस मे मर गइलन आ ओकर बेट् आ पूर् ्मस ओकर् के दफन्वे ख्​्रर कन्न दे श मे ले ज् रहल ब्डे े 47 एस्व ई ब्र सरन के सेइर पह्ड पर रहर रहले, र उ अपन् बेट्, अपन् पूर् लोग अवररी अपन् लर के पूर् लोग के संगे उठ गईले, जवन ्क बहर बड लोग रहे अवररी उ लोग य्कूब के शोक मन्वे अवररी रोवे लगले​े 48 जब एस्व अइले र ऊ अपन् भ्ई य्कूब ख्​्रर शोक मन्वर रहले आ पूर् ्मस आ पूर् कन्न फेर से उठ के एस्व के स्थे य्कूब के लेके बहर शोक मन्वर रहले 49 यूसरफ आ ओकर भ्ई लोग अपन् ब्प य्कूब के ओ्हज् से ले अइले आ ऊ लोग य्कूब के गरफ् मे दफन्वे ख्​्रर हे बोन चल गइलन. 50 ऊ लोग ्करे र-अरब्, गरफ् मे पहँ चल आ जब ऊ लोग अइले र एस्व अपन् बेट् लोग के स्थे यूसरफ आ उनकर भ्ई लोग के खखल्फ गरफ् मे ब्ध् बन के खड् होके कहले, “य्कूब के ओ्हज् न् दफन्वल ज्ई, क्हे ्क ई हमनी आ हमनी के ब्प के हे” 51 यूसरफ आ उनकर भ्ई लोग एस्व के बेट् लोग के ब्र सरन के बहर गरस् मे पड गईले र यूसरफ एस्व के लगे पहं चले अवररी पूछले, “उ लोग क् कहले ब्डे ? ्नशय ही हम्र ्पर् य्कूब इसह्क के मौर के ब्द, अब प्ं च बीस स्ल प्हले, रोहर् से बहर धन मे खरीदले रहले, अवररी कन्न के पूर् जमीन भी जवन उ रोहर् से अवररी रोहर् बेट् अवररी रोहर् ब्द के संर्न से खरीदले रहले​े 52 य्कूब अपन् बेट् आ ओकर् ब्द के संर्न ख्​्रर एकर् के हमेश् ख्​्रर ्वर्सर मे खरीद ्लहलन आ रू आजर ई ब्र क्हे कहर ब्ड़? 53 एस्व जव्ब ्दहलन, “रू झूठ बोलर ब्डू आ झूठ बोलर ब्डू, क्हे ्क हम एह पूर् दे श मे आपन कवनो चीज न् बेचनी, जइसन ्क रू कहर ब्डू, न् ही हम्र भ्ई य्कूब एह दे श मे हमर् कवनो चीज खरीदले ब्डूे” 54 एस्व यूसरफ के अपन् ब्र से धोख् दे वे ख्​्रर इ ब्र कहले, क्हे ्क एस्व ज्नर रहले ्क यूसरफ ओ समय मे मौजूद न् रहले, जब एस्व कन्न दे श मे आपन सब स्म्न य्कूब के बेच दे ले रहले​े 55 यूसरफ एस्व से कहलन, “हम्र ब्बूजी ई सब चीजन के खरीदद्री के ररक्डय मे रोहर् स्थे ड्ल ्दहले ब्डन आ गव्हन के स्थे गव्ही के गव्ही ्दहले ब्डन आ दे ख़ ्क ई हमनी के स्थे ्मस मे ब्े 56 एस्व ओकर् से कहलन ्क, “रहद्द मे जवन करछ रोहर् ्मल ज्ई, उ सब गव्ही ले आव, हमनी के अईसन करब ज्े” 57 यूसरफ अपन् भ्ई नफ्ली के बोलवले आ कहले, “जली से ज्, रक के मर रह़, आऊ हमर् से ्नहोर् ब् ्क दौड के ्मस चहँ प के सगरी ररक्डय ले आव़. खरीद के ररक्डय , सीलबंद ररक्डय आ खरल् ररक्डय , आ स्थही ऊ सब प्हल् ररक्डय जवन् मे जन-अ्धक्र के सगरी लेनदे न ्लखल ब्, रू ले आव़. 58 आ रू ओह लोग के हमनी के लगे ले आव़ र्​्क हमनी के ओह लोग से एस्व आ उनकर बेट् के सब ब्र के पर् चल सकीले जवन आज उ लोग कहले ब्डे े 59 नफ्ली यूसरफ के आव्ज सरन के जली-जली ्मस ज्ए ख्​्रर भ्ग गईले अवररी नफ्ली जंगल प मौजूद कवनो हरर से

हल् होके पैदल चलर रहले, क्हे की उ ्बन् करचलले ध्न के कंस प चलर रहले​े 60 जब एस्व दे खलस ्क नप्ली ररक्डय ले आवे गईल ब्, र उ अवररी उनरकर बेट् गरफ् के खखल्फ आपन ्वरोध बढ् दे ले अवररी एस्व अवररी उनरकर सभ लोग यूसरफ अवररी उनरकर भ्ई के खखल्फ लड्ई मे उठ गईले​े 61 य्कूब के सब बेट् आ ्मस के लोग एस्व आ उनकर आदमी के स्थे लड्ई लडल आ एस्व के बेट् आ उनकर लोग य्कूब के बेट् लोग के स्मने म्र ्दहलस आ य्कूब के बेट् एस्व के लोग मे से च्लीस आदमी के म्र ्दहले​े 62 य्कूब के बेट् द्न के बेट् करशीम ओह लरी य्कूब के बेट् लोग के संगे रहले, ले्कन उ लड्ई के जगह से करीब सौ ह्थ दू र रहले, क्हे की उ य्कूब के बेट् के संगे य्कूब के बच् के संगे रह गईले अवररी ओकर पहर् दे ले रहले​े 63 चर्शम गूंग् आ ब्हर रहले, रबो उ आदमी के बीच मे लबर्हट के आव्ज समझर रहले​े 64 ऊ पूछले, “रू लोग मरअल लोग के क्हे न् दफन्वर ब्ड़, आ ई कवन बडहन अचरज ब्? ऊ लोग एस्व आ उनकर बेट् लोग के ब्र के जव्ब ्दहले ऊ लड्ई के बीच मे एस्व के लगे दौडल आ एस्व के रलव्र से म्र ्दहलस आ ओकर म्थ् क्ट ्दहलस आ ऊ दू र उछल गइल आ एस्व लड्ई के लोग के बीच मे ्गर गइले 65 जब करशीम ई क्म कइलन र य्कूब के बेट् एस्व के बेट् लोग पर ह्वी हो गइलन आ य्कूब के बेट् लोग अपन् ब्प य्कूब के जबरन गरफ् मे दफन् ्दहल आ एस्व के बेट् लोग एकर् के दे खले 66 य्कूब के हे बोन मे मकपेल् के गरफ् मे दफन्वल गइल जवन अब्हम हे र के बेट् लोग से दफन ्ल के म्​्लक्न् हक ख्​्रर खरीदले रहले आ ओकर् के बहर महं ग् कपड् मे दफन् ्दहल गइले 67 कवनो र्ज् के ओरन् इजर न् ्मलल जवन यूसरफ अपन् ्पर् के मरल् के समय दे ले रहले, क्हे ्क उ र्ज् के दफन्वे ्नहन बहर इजर से दफन् दे ले रहले​े 68 यूसरफ आ उनकर भ्ई लोग अपन् ्पर् ख्​्रर स्र ्दन रक शोक मन्वर रहले​े अध ्य 57 के ब् 1 एकर् ब्द एस्व के बेट् य्कूब के बेट् लोग से लड्ई लडले आ एस्व के बेट् य्कूब के बेट् लोग से हे बोन मे लड्ई लडले आ एस्व अबही ं ले मरल पडल रहले आ दफन न् भइल रहले. 2 ओह लोग के बीच लड्ई भ्री हो गइल आ एस्व के बेट् य्कूब के बेट् लोग के स्मने ह्र गइलन आ य्कूब के बेट् एस्व के बेट् लोग मे से असी आदमी के म्र ्दहले आ य्कूब के लोग के लोग से केह के मौर न् भइले एस्व के बेट् के सब लोग पर यूसरफ के ह्थ ह्वी हो गइल आ ऊ एस्व के बेट् एलीफ्ज के बेट् सीफो आ अपन् पच्स गो आदमी के बंदी बन् ्लहलन आ लोह् के जंजीर से ब्न के अपन् नौकरन के ह्थ मे दे ्दहलन ्क ऊ लोग ्मस ले ज्सर. 3 जब य्कूब के बेट् लोग सफो आ ओकर लोग के बंदी बन् ्लहले र एस्व के लर से बचल सब लोग बहर डे र् गईल ्क कही ं उ लोग भी बंदी न् हो ज्व, आ सब लोग एस्व के बेट् 99


जशेर के बा

एलीफ्ज अवररी ओकर लोग के संगे एस्व के ल्श के संगे भ्ग गईले अवररी उ लोग सीर पह्ड के र्स् प चल गईले​े 4 ऊ लोग सेइर पह्ड पर पहँ चल आ एस्व के सेइर मे दफन् ्दहल, ब्​्कर ओकर म्थ् अपन् स्थे सेइर न् ले आइल रहे , क्हे ्क ऊ ओह जगह पर दफन हो गइल रहे जह्ँ हे बोन मे लड्ई भइल रहे े 5 जब एस्व के बेट् य्कूब के बेट् से भ्ग गईले र य्कूब के बेट् सेईर के सीम् रक ओ लोग के पीछ् कईले, ले्कन पीछ् करर लरी उ लोग के बीच से एको आदमी के हत् न् कईले, क्हे की एस्व के ल्श जवन उ लोग अपन् संगे लेके गईल रहले, उ लोग के उलझन के भडक् ्दहलस, एहसे उ लोग भ्ग गईले अवररी य्कूब के बेट् ओ लोग के पीछे मरड के उ जगह प पहं च गईले, जह्ं उनरकर भ्ई रहले हे बोन, आउर उ लोग ओह ्दन आ अ्गल् ्दने उह्ँ रहलन जब रक ्क उ लोग लड्ई से आर्म न् कर ्लहलसे 6 रीसर् ्दन ऊ लोग सेइर होरी के सब बेट् लोग के एकट् कइल आ पूरब के सब लइकन के, समरंदर के ब्लू ्नयर भीड के एकट् कइल आ ऊ लोग ्मस मे उरर के यूसरफ आ उनकर भ्ई लोग से लड्ई करे ख्​्रर उररल, र्​्क ऊ लोग आपन भ्ई लोग के बच्वल ज् सके​े 7 यूसरफ आ य्कूब के सब बेट् सरनले ्क एस्व के बेट् आ पूरब के लोग अपन् भ्ई लोग के बच्वे ख्​्रर लड्ई मे आ गईल ब्डे े 8 यूसरफ आ उनकर भ्ई आ ्मस के र्करवर लोग ्नकल के र्मसेस शहर मे लड्ई लडल आ यूसरफ आ उनकर भ्ई लोग एस्व के बेट् आ पूरब के लोग के बीच बहर म्र ्दहलसे 9 ऊ लोग ओह लोग मे से छह ल्ख आदमी के म्र ्दहल आ ओह लोग के बीच सेयर होरी के सब पर्कमी लोग के म्र ्दहले उ लोग मे से करछे लोग रह गईले अवररी उ लोग पूरब के बहर लोग अवररी एस्व के संर्न के भी म्र दे ले​े एस्व के बेट् एलीफ्ज आ पूरब के लोग यूसरफ आ उनकर भ्ई लोग के स्मने भ्ग गइले 10 यूसरफ आ उनकर भ्ई लोग सरकोर रक उनकर पीछ् करर रहल आ सरकोर मे रीस आदमी के म्र ्दहल आ ब्की लोग बच गइल आ हर केह अपन् शहर मे भ्ग गइले 11 यूसरफ आ उनकर भ्ई आ ्मस के पर्कमी लोग खरशी आ मन मे खरशी से पीछे हट गइलन क्हे ्क ऊ लोग अपन् सब दर शनन के हर् ्दहले रहे े 12 एलीफ्ज के बेट् सफो आ ओकर आदमी अबही ं ले ्मस मे य्कूब के बेट् लोग के गरल्म रहलन आ ओह लोग के पीड् बढले 13 जब एस्व के बेट् आ सेइर के बेट् अपन् दे श मे लवटले र सेयर के बेट् दे खले ्क एस्व के बेट् के लड्ई के चलरे उ सब य्कूब के बेट् अवररी ्मस के लोग के ह्थ मे आ गईल ब्डे े 14 सेइर के बेट् एस्व के बेट् लोग से कहलस ्क, “रू दे खले ब्डू आ एही से रू ज्नर ब्डू ्क इ डे र् रोहनी के चलरे भईल रहे , अवररी एको पर्कमी च्हे यर् मे ्नपरर नईखन बचले 15 अब हमनी के दे श से ्नकल के हमनी से कन्न के दे श मे ज् के अपन् पररखन के ्नव्स के दे श मे ज्े आखखर के ्दन मे रोह्र लइकन के हमनी के लइकन के असर क्हे ्वर्सर मे ्मली?

16 एस्व के लोग सेईर के लोग के ब्र न् सरन पवलस अवररी सेइर के लोग ओ लोग से लड्ई करे के सोचर रहले​े 17 एस्व के संर्न अ्फरक् के र्ज् अं्जय्स के लगे चरपके से भेजले, उहे दीनह्ब् हे 18 अपन् करछ आदमी के हमनी के लगे भेज के हमनी के लगे आवे दी,ं र हमनी के सेइर होरी के लोग के संगे लड्ई लडब ज्, क्हे ्क उ लोग हमनी के दे श से भग्वे ख्री हमनी के संगे लड्ई करे के ठ्न लेले ब्डे े 19 ्दनह्ब् के र्ज् अंगेआस अईसन कईले, क्हे की उ समय मे एस्व के संर्न के दोसी करर रहले अवररी अंगेआस एस्व के संर्न के लगे प्ं च सौ वीर पैदल सेन् अवररी आठ सौ लरडसव्र सेन् भेजले​े 20 सेईर के लोग पूरब के लोग आ ्मद्न के लोग के लगे भेजलस ्क, “रू दे खले ब्डू ्क एस्व के लोग य्कूब के बेट् लोग के संगे लड्ई मे हमनी के लगभग सब केह के न्श क दे ले ब्नीे 21 अब हमनी के लगे आके हमनी के सह्यर् कर, हमनी के एक संगे ओ लोग से लडब ज्, अवररी हमनी के ओ लोग के दे श से भग् दे ब अवररी अपन् भ्ई के बदल् ले लेब, जवन ्क य्कूब के बेट् के संगे लड्ई मे ओ लोग ख्री मर गईल रहले​े 22 पूरब के सब लोग सेईर के लोग के ब्र सरनले अवररी उ लोग करीब आठ सौ आदमी खीच ं ले रलव्र लेके ओ लोग के लगे पहं चले अवररी ओ समय एस्व के लोग प्रन के जंगल मे सेईर के लोग के संगे लडर रहले​े 23 रब सेईर के लोग एस्व के बेट् लोग पर ह्वी हो गइल आ सेइर के लोग ओह ्दन एस्व के लोग के लड्ई मे दीनह्ब् के र्ज् अं्जय् के लोग मे से लगभग दू सौ आदमी के म्र ्दहले 24 दू सर् ्दन एस्व के लोग दू सर् बेर सेइर के लोग के संगे लड्ई करे आईल अवररी दू सर् बेर एस्व के संर्न प लड्ई बहर भय्वह हो गईल अवररी सेईर के संर्न के चलरे उ लोग बहर परे श्न हो गईले​े 25 जब एस्व के संर्न दे खले ्क सेईर के लोग अपन् से ज्दे र्करवर ब्डे र एस्व के संर्न मे से करछ लोग मरड के सेईर के लोग के दर शन के मदद कईले​े 26 दू सरक् लड्ई मे एस्व के संर्न के लोग मे से अडवन आदमी दीनह्ब् के र्ज् अं्जयस मे ्गर गईले​े 27 रीसर् ्दन एस्व के लोग सरनल ्क उनकर करछ भ्ई दू सर् लड्ई मे उनकर् से लडे ख्​्रर पीछे हट गईल ब्डे े एस्व के लइक् लोग ई ब्र सरन के शोक मन्वे ल्गले 28 उ लोग कहलस, “हमनी के ओह भ्ई लोग के क् करी ं ज्, जे हमनी के दर शन सेइर के लइकन के सह्यर् करे ख्​्रर हमनी से पीछे हट गइलन?” एस्व के संर्न ्फर से दीनह्ब् के र्ज् अं्जयस के लगे भेजले ्के 29 हमनी के लगे दोसर आदमी के फेर से भेज दी ं र्​्क हमनी के सेइर के लोग से लडल ज् सके, क्हे ्क उ लोग हमनी से दर गरन् भ्री हो चरकल ब्डे े 30 अनगेस फेर एस्व के संर्न के लगे करीब छह सौ वीर आदमी भेजले अवररी उ लोग एस्व के संर्न के मदद करे पहं चले​े 31 दस ्दन के ब्द एस्व के लोग फेर से प्रन के जंगल मे सेईर के लोग से लड्ई लडले अवररी सेईर के लोग प लड्ई बहर कड् हो गईल अवररी ए समय एस्व के संर्न सेईर के लोग प 100


जशेर के बा

ह्वी हो गईले अवररी एस्व के संर्न के लोग एस्व के संर्न के सोझ् से म्रल गईले अवररी एस्व के संर्न ओ लोग मे से करीब दर हज्र आदमी के हत् क दे ले​े 32 एह लड्ई मे सेइर के सब पर्कमी मर गइलन आ ख्ली ओह लोग के छोट लइक् बचल रहले जवन ओह लोग के शहरन मे रह गइल रहले . 33 पूर् ्म्दयन आ पूरब के लोग लड्ई से भ्ग गइल आ ऊ लोग सेइर के लोग के छोड के भ्ग गइल जब ऊ लोग दे ख के ्क लड्ई ओह लोग पर कड् हो गइल ब् आ एस्व के लोग पूरब के सब लोग के पीछ् कइल जबले ऊ लोग अपन् दे श मे न् पहँ चले 34 एस्व के संर्न ओह लोग मे से करीब दू सौ पच्स आदमी के म्र ्दहले आ एस्व के संर्न के लोग से लगभग रीस आदमी के मौर हो गइल ब्​्कर ई बरर्ई ओह लोग पर भइल जवन ओह लोग के भ्ई लोग से मरड के सेइर होरी के संर्न के सह्यर् करे ख्​्रर भइल आ एस्व के लोग फेर से अपन् भ्ई लोग के बरर्ई के ब्रे मे सरनल आ एह ब्र के चलरे ऊ लोग फेर से शोक मन् ्लहले 35 लड्ई के ब्द एस्व के लोग पीछे मरड के सेईर मे लरे आ गईले अवररी एस्व के लोग सेईर के लोग के दे श मे रह गईल लोग के म्र दे ले​े ऊ लोग अपन् मेहर्त आ छोट लइकन के भी म्र ्दहल, पच्स गो लइक् आ लइकी के छोड के कवनो जीव ्जंद् न् छोडल जवन् के ऊ लोग ्जए के अनरम्र ्दहल आ एस्व के लइक् ओह लोग के न् म्र ्दहल आ लइक् लोग ओह लोग के गरल्म बन गइल आ ओह ल्ड्कयन के मेहर्त बन् ्लहल. 36 एस्व के संर्न सेईर के लोग के जगह सेईर मे रह गईले अवररी उ लोग आपन जमीन के उतर्​्धक्र मे ले लेले अवररी अपन् कब् मे ले लेले​े 37 एस्व के संर्न सेईर के संर्न के दे श के सब स्म्न, ओकर भेड, बैल आ ओकर स्म्न आ सेइर के संर्न के सब स्म्न लेके एस्व के संर्न ले ्लहले अवररी एस्व के संर्न आज रक सेईर के संर्न के जगह सेईर मे रह गईले अवररी एस्व के संर्न ए दे श के अपन् पररव्र के मरर्​्बक एस्व के प्ं च बच् के बंटव्र् मे ब्ं ट दे ले​े 38 ओह ्दन मे एस्व के लोग ओह दे श मे र्ज् के र्ज पहन्वे के ठ्न ्लहले जवन् दे श के ऊ लोग अपन् कब् मे ले ्लहले ब्. उ लोग एक दू सर् से कहलस, “अइसन न्, क्हे ्क उ हमनी के दे श मे र्ज करीहे अवररी हमनी के उनरक् सल्ह मे रहब अवररी उ हमनी के दर शन के खखल्फ लड्ई ल्डहे अवररी उ लोग अयीसन कईले​े 39 एस्व के सब संर्न कसम खइले ्क, “ओकनी के कवनो भ्ई कबो ओह लोग पर र्ज न् करी, ्सव्य एगो पर्य् आदमी जे ओह लोग के भ्ई मे से न् होखे , क्हे ्क एस्व के सब संर्न के आत् हर केह अपन् बेट्, भ्ई आ दोस के खखल्फ कडरआ हो गइल रहे , क्हे ्क जब ऊ लोग सेइर के संर्न से लडर रहे र ऊ लोग अपन् भ्ई लोग से कडव्हट कइले रहे े 40 एस्व के बेट् लोग कसम खइले ्क, “ओह ्दन से उ लोग अपन् भ्ई लोग मे से कवनो र्ज् न् चरने, बखल परदे सी दे श से र्ज् के आज रक चरने के च्हर रहले​े” 41 उह्ँ दीनह्ब् के र्ज् अं्जयस के लोग से एगो आदमी रहले​े उनकर न्म बेल् रहे , जे बेओर के बेट् रहले, जे बहर वीर

आदमी रहले, सरनर आ सरनर आ हर बरख् मे बरख्म्न रहले, आ बरख् आ सल्हक्र रहले​े अँगेआस के लोग मे से केह उनकर् जइसन न् रहे े 42 एस्व के सब संर्न उनरक् के लेके अ्भषेक कईले अवररी उनरक् के र्ज् के र्ज पहनवले अवररी उनरक् के पर्म कईले अवररी उनरक् से कहले, “र्ज् ्जंद् रहस, र्ज् ्जंद् रहसे” 43 ऊ लोग च्दर के पसरल आ हर आदमी के सोन् च्ं दी के झरमक् भ् अंगूठी भ् कंगन लेके आइल आ ओकर् के च्ं दी आ सोन्, गोमेद के पतर आ बेड्लयम से बहरे अमीर बन् ्दहल आ ओकर् के र्ज्संह्सन बनवल्स आ ओकर् म्थ् पर र्जकी मरकरट बनवले आ ओकर् ख्​्रर महल बनवले आ ऊ ओ्हज् रह गइलन एस्व के सब संर्ने 44 अंगेआस के लोग एस्व के लोग से लड्ई ख्​्रर आपन ्कर्य् लेके ओह लरी दीनह्ब् मे अपन् म्​्लक के लगे व्पस आ गईले​े 45 बेल् रीस स्ल रक एस्व के संर्न पर र्ज कइलन आ एस्व के लोग सेइर के लोग के जगह ओह दे श मे रह गइल आ ऊ लोग आजर ले ओह लोग के जगह सरर्कर रह गइले अध ्य 58 के ब् 1 इस्एली लोग के ्मस ज्ए के बतीसव्ँ स्ल य्नी यूसरफ के जीवन के एकहतरव्ँ स्ल मे ्मस के र्ज् ्फरौन के मौर हो गइल आ उनकर बेट् मैगोन उनकर् जगह पर र्ज कइलने 2 ्फरौन यूसरफ के मरल् से प्हले आज् दे ले ्क उ अपन् बेट् मैगोन के ब्प बनस अवररी मैगोन यूसरफ के दे खरे ख मे अवररी उनरक् सल्ह मे रहसे 3 पूर् ्मस एह ब्र पर सहमर हो गइल ्क यूसरफ ओह लोग पर र्ज् बने, क्हे ्क सब ्मस के लोग यूसरफ से प्हले से प्र करर रहे , ख्ली ्फरौन के बेट् मैगोन, ओकर ्पर् के ्संह्सन पर बइठल रहे आ ऊ ओह ्दन मे अपन् ्पर् के जगह र्ज् बनले 4 जब ऊ र्ज करे लगलन र मैगोन एकर्लीस स्ल के रहले आ ्मस मे च्लीस स्ल के र्ज कइलन आ पूर् ्मस मे उनकर न्म ्फरौन रखलस जइसन ्क ्मस मे हर र्ज् के र्ज करे के ररव्ज रहे े 5 जब ्फरौन अपन् ब्प के जगह पर र्ज कइलन र ्मस के ्नयम आ श्सन के सब क्म यूसरफ के ह्थ मे रख ्दहलन, जइसन ्क उनकर ब्प के आदे श रहे े 6 यूसरफ ्मस के र्ज् बनले, क्हे ्क उ पूर् ्मस के दे खरे ख करर रहले अवररी पूर् ्मस उनरक् दे खरे ख मे अवररी उनरक् सल्ह मे रहे , क्हे की पूर् ्मस ्फरौन के मौर के ब्द यूसरफ के ओर झरकल रहे अवररी उ लोग उनरक् प र्ज करे ख्री बहर प्र करर रहले​े 7 ले्कन करछ लोग उनकर् के पसंद न् करर रहे आ कहर रहे ्क हमनी पर कवनो परदे शी के र्ज न् होईे ्फर भी ्मस के पूर् सरक्र ओह ्दनन मे यूसरफ के ह्थ मे आ गईल रहे , ्फरौन के मौर के ब्द, उ ्नय्मक होखल् के न्रे , पूर् दे श मे अपन् मन मरर्​्बक क्म करर रहले, ्बन् केह के हसकेप कईले​े 8 पूर् ्मस यूसरफ के दे खरे ख मे रहे आ यूसरफ अपन् आसप्स के सब दर शनन से लड्ई लडले आ ओह लोग के अपन् वश मे 101


जशेर के बा

कर ्लहले. यूसरफ कन्न के सीम् रक के पूर् दे श आ प्लसीयन के अपन् वश मे कर लेले रहले अवररी उ सब उनरक् सत् मे रहले अवररी उ लोग यूसरफ के स्ल्न् कर दे र रहले​े 9 ्मस के र्ज् ्फरौन अपन् ्पर् के जगह अपन् ्संह्सन प बईठ गईले, ले्कन उ यूसरफ के ्नयंतर अवररी सल्ह मे रहले, क्हे की उ प्हले अपन् ्पर् के ्नयंतर मे रहले​े 10 उ यूसरफ के सल्ह से ख्ली ्मस के दे श मे ही र्ज न् कईले, ले्कन यूसरफ ओ समय ्मस से लेके पेर्थ के बड नदी रक पूर् दे श प र्ज कईले रहले​े 11 यूसरफ अपन् सब र्स् मे सफल रहलन आ पभर उनकर् स्थे रहलन आ पभर ्मस के लोग के ्दल मे आ पूर् दे श मे यूसरफ के अउरी बरख्, आदर, म्हम् आ पेम ्दहलन आ यूसरफ च्लीस स्ल रक पूर् दे श पर र्ज कइलने 12 प्लसीन, कन्न आ ्सदोन के सब दे श आ यरदन के ओह प्र, यूसरफ के पूर् ्दन मे उपह्र लेके आवर रहे आ पूर् दे श यूसरफ के ह्थ मे रहे , आ उ लोग ओकर् ख्​्रर स्ल्न् कर लेके आवर रहे , क्हे ्क यूसरफ अपन् आसप्स के सब दर शनन से लड के ओह लोग के अपन् वश मे कर लेले रहले, आ पूर् दे श यूसरफ के ह्थ मे रहे आ यूसरफ अपन् ग्ी पर सरर्कर बइठल रहले ्मस के हे 13 आउर उनकर सब भ्ई य्कूब के बेट् यूसरफ के पूर् ्दन मे सरर्कर तप से ओह दे श मे रहले, आ उ लोग ओह दे श मे बहर फलद्र आ बढल, आ उ लोग पूर् ्दन पभर के सेव् करर रहले, जईसे ्क उनकर ्पर् य्कूब उ लोग के आज् दे ले रहले​े 14 कई ्दन आ स्ल के अंर मे जब एस्व के संर्न अपन् र्ज् बेल् के संगे अपन् दे श मे चरपच्प रहर रहले र एस्व के संर्न ए दे श मे फल-फूलर अवररी बढ गईले अवररी उ लोग य्कूब के बेट् अवररी पूर् ्मस के संगे लड्ई लडे के फैसल् कईले अवररी अपन् भ्ई सेफो, एलीफ्ज के बेट् अवररी उनरकर आदमी के छोड ्दहे, क्हे की उ लोग अभी रक यूसरफ के गरल्म रहले​े 15 एस्व के लोग पूरब के सब लोग के लगे भेजलस अवररी उ लोग ओ लोग से मेल ्मल्प कईले अवररी पूरब के सभ लोग एस्व के लोग के संगे ्मस मे लड्ई करे ख्री ओ लोग के लगे पहं चले​े 16 अंगेआस के लोग मे से दीनह्ब् के र्ज् भी उनकर् लगे अइले आ उ लोग भी इस्इल के संर्न के लगे भेजले आ उ लोग भी ओह लोग के लगे आ गईले​े 17 ई सब लोग एस्व के लइकन के लड्ई मे सह्यर् करे ख्​्रर सेयर मे जरट गइल आ ई डे र् बहर बडहन आ भ्री लोग से भरल रहे , समरंदर के ब्लू जइसन संख् मे, लगभग आठ ल्ख आदमी, पैदल सेन् आ लरडसव्र सेन्, आ ई सब सेन् य्कूब के बेट् लोग से लड्ई करे ख्​्रर ्मस उररल आ र्मेस के लगे डे र् ड्ल ्दहले 18 यूसरफ अपन् भ्ई लोग के स्थे ्मस के पर्कमी लोग के स्थे लगभग छह सौ आदमी ्नकल गइलन आ ऊ लोग र्मसेस के दे श मे ओह लोग से लडले आ य्कूब के बेट् लोग ओह लरी फेर से एस्व के संर्न से लडल, य्कूब के बेट् लोग के ्मस ज्ए के पच्सव्ँ स्ल, जवन ्क सेइर मे एस्व के संर्न पर बेल् के र्ज के रीसव्ँ स्ल रहे े

19 रब पभर एस्व के सब पर्कमी लोग आ पूरब के लोग के यूसरफ आ उनकर भ्ई लोग के ह्थ मे दे ्दहलन आ एस्व के लोग आ पूरब के लोग यूसरफ के स्मने हर् ्दहलने 20 एस्व के लोग आ पूरब के लइकन मे से लगभग दू ल्ख आदमी य्कूब के बेट् लोग के स्मने ्गर गइलन आ बेओर के बेट् बेल् ओह लोग के स्थे लड्ई मे ्गर गइलन आ जब एस्व के लोग दे खल ्क उनकर र्ज् लड्ई मे ्गर गइल ब् आ मर गइल ब् र लड्ई मे उनकर ह्थ कमजोर हो गइले 21 यूसरफ आ उनकर भ्ई आ पूर् ्मस अब्हयो एस्व के लर्न् के लोग के म्रर रहले आ एस्व के सब लोग य्कूब के बेट् लोग से डे र् के ओह लोग के स्मने से भ्ग गइले 22 यूसरफ आ उनकर भ्ई लोग आ पूर् ्मस एक ्दन के य्त् मे उनकर पीछ् कइल आ सडक पर म्रर लगभग रीन सौ आदमी के हत् कर ्दहले आ ओकर् ब्द ऊ लोग ओह लोग से पीछे हट गइल. 23 यूसरफ आ उनकर सब भ्ई ्मस मे लवट अइले र एक आदमी के कमी न् रहे , ले्कन ्मस के लोग मे से ब्रह आदमी ्गर गईले​े 24 जब यूसरफ ्मस लवटल र ऊ जेफो आ ओकर आदमी लोग के अउरी ब्ने के आदे श ्दहलन आ ऊ लोग लोह् से ब्न ्दहलन आ ऊ लोग आपन दर ख बढ् ्दहल. 25 एस्व के सब लोग आ पूरब के लोग हर केह ल्ज से अपन् शहर मे व्पस आ गइलन क्हे ्क ओह लोग के स्थे मौजूद सब पर्कमी लोग लड्ई मे ्गर गइल रहे े 26 जब एस्व के लोग दे खल ्क उनकर र्ज् लड्ई मे मर गइल ब् र ऊ लोग जली से एगो आदमी के पूरब के लोग से लेके ले ्लहलसे ओकर न्म बोतर् के दे श के जर्क के बेट् जोब्ब रहे , आ उ लोग अपन् र्ज् बेल् के जगह उनरक् के र्ज करे के क्म कईले​े 27 अयौब्ब अपन् जगह बेल् के ्संह्सन पर र्ज् ब्न गइलन आ अयौब्ब एदोम मे एस्व के सगरी संर्न पर दस स्ल ले र्ज कइलन आ एस्व के लोग ओह ्दन से य्कूब के बेट् लोग से लड्ई करे न् गइलन क्हे ्क एस्व के बेट् य्कूब के बेट् लोग के शौयय के ज्नर रहले आ ऊ लोग ओह लोग से बहरे डे र् गइलन. 28 ले्कन ओह ्दन से एस्व के संर्न य्कूब के बेट् लोग से नफरर करर रहले अवररी आज रक ओ लोग के बीच नफरर अवररी दर शनी बहर मजबूर रहे े 29 एकर् ब्द दस स्ल के अंर मे बोतर् के जर्क के बेट् जोब्ब के मौर हो गईल अवररी एस्व के संर्न रेम्न के दे श से एगो आदमी के लेके चल गईले, जेकर न्म चरश्म रहे अवररी उ लोग ओकर् के अयॉब्ब के जगह र्ज् बन् लेले अवररी चरश्म एदोम मे बीस स्ल रक एस्व के सभ संर्न प र्ज कईले​े 30 ्मस के र्ज् यूसरफ आ उनकर भ्ई आउर इस्एल के सब लोग ओह लरी यूसरफ आ उनकर भ्ई लोग के सब संर्न के स्थे ्मस मे सरर्कर तप से रहर रहले आ कवनो ब्ध् भ् बरर् दर लयटन् न् भइल आ ्मस के दे श ओह लरी यूसरफ आ उनकर भ्ई लोग के जम्न् मे यर् से आर्म करर रहे े अध ्य 59 के ब्

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जशेर के बा

1 ्मस मे रहे व्ल् इस्एल के लोग के न्म इहे ब्, जे य्कूब के संगे आईल रहले, य्कूब के सभ बेट् ्मस मे आईल रहले, हर आदमी अपन् लर के संगे​े 2 लीआ के संर्न तबेन, ्शमोन, लेवी, यहद्, इस्कर आ जबबरलून आ उनकर ब्हन दीन् रहे े 3 र्हे ल के बेट् यूसरफ आ ्बन्मीन रहलने 4 लीआ के द्सी ्जल् के बेट् ग्द आ आशेर रहलने 5 र्हे ल के द्सी ्बल् के बेट् द्न आ नफ्ली रहलने 6 उ लोग के संर्न कन्न मे पैद् भईल रहे , जवन ्क उ लोग के ्पर् य्कूब के संगे ्मस आवे से प्हले भईल रहे े 7 तबेन के बेट् चनोक, पलू, चेतोन आ करमी रहलने 8 ्शमोन के बेट् यमरएल, य्मीन, ओहद, य्कीन, जोकर आ कन्नी औरर के बेट् श्ऊल रहलने 9 लेवी के संर्न गेश्न, केहर आ मेर्री आ उनकर ब्हन योकेबेद रहलन, जे ्मस ज्ए के समय उनकर जनम भइल रहलीे 10 यहद् के बेट् एर, ओन्न, शेल्, पेरेज आ जर्क रहले​े 11 एर आ ओन्न कन्न दे श मे मर गइलने पेरेज के बेट् चेजोन आ चमरल रहलने 12 इस्कर के बेट् रोल्, परव्, अयूब आ शोमरोन रहलने 13 जबूलून के बेट् सेरेद, एलोन आ यकील आ द्न के बेट् चर्शम रहलने 14 नफ्ली के बेट् यखजील, गरनी, जेतजर आ ्शल्म रहलने 15 ग्द के बेट् ्स्फयोन, चगी, शरनी, एजबोन, एरी, आरोदी आ अरे ली रहलने 16 आशेर के संर्न ्जमन्, ्जश्, ्जशवी, बेररय् आ उनकर ब्हन सेर्च रहलने बेररय् के बेट् कबेर आ मलीएल रहलने 17 ्बन्मीन के बेट् बेल्, बेकर, अशबेल, गेर्, न्म्न, अकी, रोश, मरपीम, चर्पम आ ओदय रहले​े 18 यूसरफ के बेट् जे ्मस मे जनमल रहले, उ लोग मनशे आ एफ्ईम रहले​े 19 य्कूब के कमर से ्नकलल सब लोग सतर आदमी के रहे े इहे उ लोग हवे जे अपन् ब्प य्कूब के संगे ्मस मे रहे ख्​्रर आईल रहले अवररी यूसरफ अवररी उनरकर सभ भ्ई ्मस मे सरर्कर रहले अवररी यूसरफ के जीवन भर ्मस के सबसे ब्ढय् ख्न् ख्र रहले​े 20 यूसरफ ्मस के दे श मे रेनबे स्ल रक रहले अवररी यूसरफ पूर् ्मस प असी स्ल रक र्ज कईले​े 21 जब यूसरफ के मरे के ्दन नजदीक आ गईल र उ अपन् भ्ई अवररी अपन् ्पर् के लर के पूर् लर के लोग के बोलवले अवररी उ सभ लोग एक संगे उनरक् सोझ् बईठ गईले​े 22 यूसरफ अपन् भ्ई लोग आ अपन् ब्प के पूर् लर के लोग से कहलन, “दे ख़ हम मर ज्इब आ भगव्न रोहनी के लरे अइहे आ एह दे श से रोहनी के ओह दे श मे ले अइहे जवन ऊ रोहनी के ब्प-द्द् के दे वे के ्कररय् खइले रहलने” 23 जब भगव्न रोहर् के इह्ँ से लेके रोहर् पररखन के दे श मे ले अइहे र इह्ँ से हम्र हडी रोहर् स्थे ले अइहे े 24 यूसरफ इस्एल के बेट् लोग के अपन् ब्द के वंश ख्​्रर ्कररय् खइले आ कहले ्क, “परमेशवर रोहनी के स्मने जतर अइहे आ रू इह्ँ से हम्र हडी अपन् स्थे ले अइब़े” 25 एकर् ब्द इजर्इली लोग के ्मस ज्ए के एकहतरव्ँ स्ल यूसरफ के मौर हो गईले

26 जब यूसरफ ्मस के दे श मे मरल र ओकर उ्मर एक सौ दस स्ल के रहे आ ओकर सब भ्ई आ ओकर सब नौकर उठ के यूसरफ के संस्ररर कर ्दहलन, जइसन ्क आपन ररव्ज रहे , आ ओकर भ्ई आ पूर् ्मस सतर ्दन रक ओकर् ख्​्रर शोक मन्वर रहले​े 27 ऊ लोग यूसरफ के मस्ल् आ हर ररह के इत से भरल ्चर् मे रख के नदी के ्कन्रे ्सहोर, उनकर बेट् आ उनकर सब भ्ई लोग के दफन् ्दहल आ उनकर पूर् लर के लोग उनकर् ख्​्रर स्र ्दन के शोक मन्वर रहे े 28 यूसरफ के मरल् के ब्द ओह ्दन मे सब ्मस के लोग इस्एल के संर्न पर र्ज करे लगलन आ ्मस के र्ज् ्फरौन जे अपन् ्पर् के जगह पर र्ज कइले रहले, ्मस के सगरी क्नून लेके पूर् ्मस के सरक्र के उनकर सल्ह के रहर चल् ्दहले आ ऊ अपन् लोग पर सरर्कर तप से र्ज कइले​े अध ्य 60 के ब् 1 जब स्ल भर इजर्इली लोग के ्मस ज्ए के ब्हतरव्ँ स्ल भइल र यूसरफ के मौर के ब्द एस्व के बेट् एलीफ्ज के बेट् सीफो आ ओकर आदमी ्मस से भ्ग गइलन आ ऊ लोग चल गइले 2 ऊ अफीक् के र्ज् अंजेआस के लगे अ्फरक्, जवन दीनह्ब् ह, आ गइलन आ अं्जयस ओह लोग के बहरे आदर से स्गर कइलन आ ऊ जेफो के अपन् सेन् के कप्न बनवले. 3 जेफो के अँगेआस आ ओकर लोग के नजर मे अनरगह ्मलल आ जेफो अफीक् के र्ज् अं्जयस के सेन् के कप्न कई ्दन ले रहलने 4 आ्फक् के र्ज् अंजेआस के लरभ्वलस ्क ऊ आपन सब सेन् इकट् कर के ्मस के लोग आ य्कूब के बेट् लोग के स्थे लड्ई लडे आ अपन् भ्ई लोग के मरकदम् के बदल् लेवे ख्​्ररे 5 ले्कन अंगेआस जेफो के इ क्म करे के ब्र न् सरनले, क्हे ्क अं्जयस ज्नर रहले ्क य्कूब के बेट् लोग के र्कर केरन् ब् अवररी उ लोग एस्व के संर्न के संगे लड्ई मे उनरक् सेन् के क् कईले ब्डे े 6 ओह ्दन मे जेफो अंगेआस आ ओकर सब लोग के नजर मे बहर बड रहलन आ ऊ लोग लग्र्र ्मस के खखल्फ लड्ई करे ख्​्रर लरभ्वर रहले, ले्कन उ लोग न् मनले​े 7 ओह लरी ्कतीम के दे श मे पर्जमन् शहर मे एगो आदमी रहे , जेकर न्म उजू रहे , आ ऊ ्कतीम के संर्न लोग के दे वर् बन गइल आ ऊ आदमी मर गइल आ ओकर् लगे कवनो बेट् न् भइल, ख्ली एगो बेटी रहे जेकर न्म ज्नय् रहे े 8 ऊ लइकी बहरे सरनर, सरनर आ बरख्म्न रहली, पूर् दे श मे सरंदरर् आ बरख् ख्​्रर ओकर् जइसन केह न् दे खल गइले 9 अफीक् के र्ज् अंगेआस के लोग ओकर् के दे ख के उ लोग आके ओकर सर्र कईले, र अं्जयस ्कतीम के संर्न के लगे भेजले अवररी उ ओकर् के पती के तप मे अपन् संगे ले ज्ए के ्नहोर् कईले अवररी ्कतीम के लोग उनरक् के पती के तप मे दे वे के सहम्र दे ले​े 10 जब अंगेआस के दू र लोग ्कतीम दे श से आपन य्त् करे ख्​्रर ्नकलल र दे ख़ ्क ्बबेटू के र्ज् ररनयस के दू र ्कतीम मे अइले, क्हे ्क बीबेटू के र्ज् ररनयस भी आपन दू र 103


जशेर के बा

भेजले ्क ऊ ज्​्नय् से ्नहोर् करस, ्क ऊ अपन् ख्​्रर मेहर्त बन्वे, क्हे ्क उनकर सब आदमी भी उनकर र्रीफ कइले रहले, एही से ऊ आपन सब नौकर के ओ्हज् भेजले रहले ऊनकरे 11 रब ररनरयस के नौकर ्कतीम आके ज्नय् के अपन् र्ज् ररनयस के लगे ले ज्ए के कहले​े 12 ्कतीम के लोग ओह लोग से कहलस, “हम ओकर् के नईखी दे सकर, क्हे ्क अफीक् के र्ज् अंगेआस ओकर् से च्हर रहले ्क रउआ आवे से प्हले ओकर् के अपन् पती के तप मे ले ज्स, अवररी अब हमनी के इ क्म नईखी क सकर ्क अंगेआस के लईकी से वं्चर क के ओकर् के ररनयस के दे दे वे​े 13 क्हे ्क हमनी के अं्जयस से बहर डे र्र ब्नी ज् ्क कही ं उ हमनी के खखल्फ लड्ई मे न् आके हमनी के न्श न् कर दे वे अवररी रोह्र म्​्लक ररनयस हमनी के अपन् ह्थ से न् बच् पईहे े 14 जब ररनरयस के दू र ्कतीम के लोग के सब ब्र सरनले र उ लोग अपन् म्​्लक के ओर मरड के ्कतीम के लोग के सब ब्र उनरक् के बरवले​े 15 ्कतीम के लइक् लोग अंगेआस के एगो सृ्र ्चन भेजले ्क, “दे ख़, ररनयस ज्नय् के अपन् लगे लेबे ख्​्रर बोलवले ब्डन आ हमनी के ओकर् के अईसन जव्ब दे ले ब्नी ज्े आ हम सरनले ब्नी ्क ऊ रोहर् खखल्फ लड्ई करे ख्​्रर आपन पूर् सेन् बटोर ्लहले ब् आ ओकर इर्द् ब् ्क ऊ सरदर ्नय् के सडक से गरजर के रोह्र भ्ई लरकस से लडी आ ओकर् ब्द ऊ रोहर् से लड्ई करे अइहे . 16 अंगेआस ्कतीम के लोग के ब्र सरन के जवन उ लोग ओकर् लगे भेजले रहे , उ लोग के गरस् भडक गईल अवररी उ उठ के आपन पूर् सेन् के जरट् के समरद के दीप, सरदर ्नय् के र्स् से होके अपन् भ्ई सरदर ्नय् के र्ज् लरकस के लगे पहं चले​े 17 लरकस के बेट् ्नबोस सरनलस ्क उनकर च्च् एं गेस आवर ब्डे , र उ भ्री सेन् के संगे उनरक् से ्मले ्नकल गईले, अवररी उ ओकर् के चरम् लेले अवररी गले लग् लेले अवररी ्नबोस अंजेस से कहले ्क, जब रू हमर् ्पर् से उनरकर भल्ई के ब्र कहब र हम कब रोहर् संगे ररनयस के संगे लड्ई करे ज्ईब र उनरक् से हमर् के अपन् सेन् के कप्न बन्वे के कहब, अवररी एं जेस उ क्म क दे ले र ऊ अपन् भ्ई के लगे आइल आ भ्ई ओकर् से ्मले आइल आ ऊ ओकर् से ओकर भल्ई पूछल. 18 आं ्गय्स अपन् भ्ई लरकस से ओकर भल्ई आ अपन् बेट् ्नबोस के अपन् सेन् के कप्न बन्वे के कहलन आ लरकस अइसही ं कइलन आ एं गेस आ ओकर भ्ई लरकस उठ के ररनयस के ओर लड्ई ख्​्रर चल गइलन आ ओह लोग क् स्थे एगो बडहन सेन् आ भ्री लोग भी रहे े 19 ऊ जह्जन मे अइले आ ऊ लोग अषोर्श प्ं र मे आ गइल आ दे ख़ ्क ररनरयस ओह लोग क् ओर आ गइल क्हे ्क ऊ सरदर ्नय् गइल रहले आ ओकर् के नष करे के इर्द् रखले रहले आ ओकर् ब्द ओकर् से लड्ई करे ख्​्रर ओ्हज् से अंजेआस ज्ए के इर्द् रखले रहले. 20 एखनजयस आ उनकर भ्ई लरकस कनो्पय् के ल्टी मे ररनयस से भेट कइले आ ओह जगह पर ओह लोग के बीच लड्ई मजबूर आ पर्कमी भइले

21 सरदर ्नय् के र्ज् लरकस के खखल्फ लड्ई बहर हो गईल अवररी उनरकर पूर् सेन् ्गर गईल अवररी उनरकर बेट् ्नबोस भी ओ लड्ई मे ्गर गईले 22 उनकर च्च् अं्गय्स अपन् नौकरन के आज् ्दहलन आ ऊ लोग ्नबोस ख्​्रर सोन् के ्चर् बन् के ओहमे ड्ल ्दहलन आ अं्जयस फेर से ररनयस के ओर लड्ई लडलस आ अं्गय्स ओकर् से भी र्करवर हो गइल आ ऊ ओकर् के म्र ्दहलस आ ऊ अपन् सब लोग के रलव्र के ध्र से म्र ्दहलस आ एं गेयस अपन् भ्ई के बेट् ्नबोस के म्मल् के बदल् ्लहलस भ्ई लरकस के हे 23 जब ररनयस के मौर हो गइल र लड्ई से बचल लोग के ह्थ कमजोर हो गइल आ ऊ लोग एं गेस आ उनकर भ्ई लरकस के स्मने से भ्ग गइले 24 अँगेआस आ उनकर भ्ई लरकस उनकर पीछ् करर अल्नू आ रोम् के बीच के सडक पर पहँ च गइलन आ ररनयस के पूर् सेन् के रलव्र के ध्र से म्र ्दहलने 25 सरदर ्नय् के र्ज् लरकस अपन् नौकरन के आदे श ्दहलन ्क ऊ लोग पीरल के एगो ्चर् बन् के ओकर् मे उनकर बेट् ्नबोस के ल्श ड्ल दी ं आ ऊ लोग ओकर् के ओ्हज् दफन् ्दहल. 26 उ लोग ओ्हज् ह्ईरोड पर एगो ऊँच ट्वर बनवले आ आजर ले एकर न्म ्नबोस के न्म से रखले आ ्बबेनू के र्ज् ररनयस के भी ओ्हज् ्नबोस के स्थे दफन् ्दहले​े 27 दे ख़, अल्नर आ रोम् के बीच के सडक पर एक ओर ्नबोस के कब आ दू सर् ओर ररनयस के कब ब् आ आजर ले ओह लोग के बीच फरटप्थ ब्े 28 जब ्नबोस के दफन्वल गइल र उनकर ब्प लरकस अपन् सेन् के स्थे अपन् दे श सरदर ्नय् मे व्पस आ गइलन आ अफीक् के उनकर भ्ई र्ज् अं्जयस अपन् लोग के स्थे ्बबेनू शहर, जवन ररनयस शहर ह, चल गइलने 29 ्बबेटू के ्नव्सी लोग उनकर प्सख् सरन के बहर डे र् गइल आ रोवर-रोवर आ ्नहोर् करर उनकर् से ्मले ्नकलल आ ्बबेटू के ्नव्सी लोग एं गेस से ्नहोर् कइल ्क ऊ लोग ओह लोग के न् म्रे आ न् ही ओह लोग के शहर के नष कर दे व; आ ऊ अइसही ं कइलन क्हे ्क ओह लरी ्बबेनू के ्चतीम के लोग के शहरन मे से एगो शहर म्नल ज्र रहे . एही से उ शहर के न्श न् कईले​े 30 ले्कन ओह ्दन से अफीक् के र्ज् के सेन् ्कतीम मे लूट के लूटे ख्​्रर ज्र रहले आ जब भी उ लोग ज्र रहले र एं गेस के सेन् के कप्न जेफो ओह लोग के स्थे ज्र रहले​े 31 एकर् ब्द ही अं्गय्स अपन् सेन् के स्थे मरड के ऊ लोग पर्जमन् शहर मे पहँ चल आ उजरआ के बेटी ज्​्नय् के मेहर्त बन् के अपन् शहर मे अफीक् ले अइले​े अध ्य 61 के ब् 1 रब ्मस के र्ज् ्फरौन अपन् सब लोग के आदे श ्दहलन ्क ्मस मे उनरक् ख्​्रर एगो मजबूर महल बन्वल ज्वे 2 ऊ य्कूब के बेट् लोग के भी आदे श ्दहलन ्क ्मस के लोग के ्नम्य र मे सह्यर् कइल ज्व आ ्मस के लोग एगो सरनर आ सरर्चपूरय महल बनवले जवन र्जलर्न् ख्​्रर बनल रहे 104


जशेर के बा

आ ऊ ओ्हज् रह गइलन आ ऊ आपन सरक्र के नवीकरर कइलन आ ऊ सरर्कर तप से र्ज कइलन. 3 य्कूब के बेट् जबबरलन ओह स्ल मरर गइलन, जवन ्क इस्एली लोग के ्मस ज्ए के ब्हतरव्ँ स्ल ह, आ जबूलून एक सौ चौदह स्ल के उ्मर मे मर गइलन आ ओकर् के एगो ्चर् मे ड्ल के अपन् लइकन के ह्थ मे ्दहल गइले 4 पचहतरव्ँ स्ल मे उनकर भ्ई ्शमोन के मौर हो गइल, उनकर उ्मर एक सौ बीस स्ल रहे आ ओकर् के एगो ्चर् मे ड्ल के अपन् लइकन के ह्थ मे दे ्दहल गइले 5 एस्व के बेट् एलीफ्ज के बेट् जेफो, जे दीनह् के र्ज् अंगेआस के सेन् के सेन्प्र रहलन, अब्हयो रोज अं्जय् के लोभर रहले ्क ऊ ्मस मे य्कूब के बेट् लोग के स्थे लड्ई के रइय्री करस, क्हे ्क उनकर नौकर य्कूब के बेट् लोग के पूर् र्कर ओकर् के बरवले रहले, जवन ्क उ लोग के लड्ई मे उ लोग के क्म कइले रहले एस्व के हे 6 ओह ्दन मे जेफो रोज अंगेआस के ओह ्दन य्कूब के बेट् लोग से लड्ई करे ख्​्रर लरभ्वर रहले​े 7 करछ समय ब्द अं्जयस जेफो के ब्र सरन के ्मस मे य्कूब के बेट् लोग के स्थे लड्ई करे के सहम्र दे ्दहलन आ अंगेआस अपन् सब लोग के कमब् कर ्दहलन, जवन ्क समरंदर के ्कन्रे ब्लू जइसन संख् मे रहे आ ऊ ्मस मे लड्ई करे के संकल ्लहलने 8 अंगेआस के नौकरन मे पनह स्ल के एगो नवही रहे , ओकर न्म बेओर के बेट् ्बल्म रहे आ ऊ नवही बहरे बरख्म्न रहे आ ज्दू टोन् के कल् के समझर रहे े 9 अंगेआस ्बल्म से कहलस, “हमर् ख्​्रर ज्दू -टोन् के ज्दू कऱ, र्​्क हमनी के पर् चल सके ्क हमनी के अब जवन् लड्ई मे आगे बढर ब्नी ज्, ओह लड्ई मे के जीर ज्ईे 10 ्बल्म ओकर् ख्​्रर मोम ले आवे के आदे श ्दहलन आ ओकर् से रथ आ लरडसव्रन के उपम् बनवले जवन अंगेआस के सेन् आ ्मस के सेन् के प्र्न्धत करर रहे आ ओकर् के ओह धूरयर् से रइय्र प्नी मे ड्ल ्दहलन जवन ओकर् लगे एह क्म ख्​्रर रहे आ ऊ मटय ल के पेडन के ड्ढ अपन् ह्थ मे ले ्लहलन आ ऊ आपन च्लब्जी कइलन आ प्नी क् ऊपर ओकर् के जोड ्दहलन आ उह्ँ ओकर् के प्नी मे लउकलन ्मस के लोग आ य्कूब के बेट् लोग के सम्न मू्रय के स्मने ्गरर अं्गय् के सेन् के मू्रय से ्मलर जरलरे 11 ्बल्म इ ब्र अंगेआस के बरवले, र अं्जयस ्नर्श हो गईले अवररी ्मस मे लड्ई करे ख्री ह्थय्र न् लगवले अवररी उ अपन् शहर मे रह गईले​े 12 जब एलीफ्ज के बेट् ्सफो दे खलस ्क अं्जयस ्मस के लोग से लड्ई करे से बेर्ब हो गईल ब्, र जेफो अफीक् से अं्जयस से भ्ग गईले अवररी उ ्कतीम पहं चले​े 13 ्कतीम के सब लोग उनकर् के बहर इजर से स्गर कईले, आउर उ लोग उनक् के पूर् ्दन आपन लड्ई लडे ख्​्रर क्म पर रखले , आ ओह ्दन मे जेफो बहर अमीर हो गईले, आ अफीक् के र्ज् के सेन् ओह लरी भी फइलल रहे आ ्कतीम के लइक् लोग अफीक् के र्ज् अं्जय् के सेन् के चलरे एकट् होके कखप्जय् पवयर पर चल गईले, जवन ्क ओह लोग पर आगे बढर रहे े

14 एक ्दन जेफो के एगो ब्छय् के गँव् ्दहल गइल आ ऊ ओकर् के खोजे गइलन आ ऊ ओकर् के पह्ड के च्रों ओर कूदर सरनलसे 15 जब जेफो गइलन आ दे खलन ्क पह्ड के रलहटी मे एगो बडहन गरफ् ब् आ ओ्हज् गरफ् के पवेश द्र पर एगो बडहन पतर रहे आ जेफो ओह पतर के फ्ड ्दहलन आ ऊ गरफ् मे आ गइलन आ दे खलन आ दे खलन ्क एगो बडहन ज्नवर बैल के ख् रहल ब्. बीच से ऊपर आदमी से ्मलर जरलर रहे आ बीच से नीचे ज्नवर से ्मलर जरलर रहे आ जेफो ओह ज्नवर के खखल्फ उठ के रलव्र से म्र ्दहलसे 16 ्कतीम के ्नव्सी लोग इ ब्र सरन के बहर खरश हो गईले अवररी कहले ्क, हमनी के ए आदमी के क् करी,ं जवन ्क हमनी के पशर ख्ए व्ल् ज्नवर के म्र दे ले ब्? 17 उ सब लोग स्ल मे एक ्दन उनरक् ख्​्रर प्वत करे ख्​्रर जरटल रहले अवररी उनरक् न्म प एकर न्म जेफो रखले रहले अवररी ओ ्दन स्ल दर स्ल उनरक् ख्री पेयब्ल लेके आवर रहले अवररी उनरक् ख्री उपह्र लेके अईले​े 18 ओही लरी र्ज् अं्जयस के पती उजू के बेटी ज्नय् बेम्र हो गइली आ अं्जयस आ उनकर अफसरन के ओकर बेम्री बहरे महसूस भइल आ अँगेआस अपन् ज्नी लोग से कहलस, “ज्नय् के क् करब आ ओकर् बेम्री से कइसे ठीक करब? उनकर ज्नी लोग उनक् से कहलस ्क हमनी के दे श के हव् ्चतीम के हव् ्नहन नईखे अवररी हमनी के प्नी ओ लोग के प्नी ्नहन नईखे, एहसे र्नी बेम्र हो गईल ब्डीे 19 हव् आ प्नी के बदल्व के चलरे उ बेम्र हो गईली अवररी एकर् चलरे उ ्सफय उहे प्नी ्पयर रहली जवन ्क उ पररम् से ्नकलल रहे , जवन ्क उनरकर पररख् परल के संगे पोसले रहले​े 20 अंगेआस अपन् नौकरन के आज् ्दहलन ्क ऊ लोग ्कतीम के पररम् के प्नी के बरयन मे ओकर् लगे ले आइल आ ओह प्नी के अफीक् के सगरी प्नी से रौलल आ ओह लोग के ऊ प्नी अफीक् के प्नी से हल् ्मलल. 21 अंगेआस ई ब्र दे ख के अपन् सब अफसरन के आज् ्दहलन ्क ऊ लोग हज्रन आ दस हज्र मे पतर क्टे व्ल् लोग के एकट् कर लेव आ ऊ लोग ्बन् संख् मे पतर क्टर रहे आ बन्वे व्ल् लोग आके एगो बहरे मजबूर परल बनवले आ ऊ लोग ्चतीम दे श से प्नी के झरन् के अफीक् ले चहँ प् ्दहल आ ऊ प्नी र्नी ज्​्नय् आ ओकर् सगरी ्चंर् ख्​्रर रहे ्क ऊ लोग पीये ख्​्रर आ दू सर ले पीये एकर् से सेक के धोईं आ नह्ईं आ ओकर् से ओह सब बीज के प्नी दे बे के जवन् से ख्न् ्मल सकेल् आ जमीन के सगरी फल. 22 र्ज् आज् ्दहलन ्क ऊ लोग ्कतीम के म्टी के बडहन जह्ज मे ले आवे के आ ओकर् से बन्वे ख्​्रर पतर भी ले अइले आ बन्वे व्ल् लोग र्नी ज्नय् ख्​्रर महल बनवले आ र्नी के बेम्री से ठीक हो गइले 23 स्ल के क्ं ्र के समय अफीक् के सेन् हमेश् के ररह लूटप्ट करे ख्​्रर ्कतीम दे श मे आवर रहे , आ एलीफ्ज के बेट् जेफो ओ लोग के खबर सरनले अवररी उ ओ लोग के ब्रे मे आदे श दे ले अवररी उ ओ लोग से लड्ई कईले, अवररी उ लोग उनरक् से भ्ग गईले अवररी उ ्कतीम के दे श के ओ लोग से बच् लेले​े 24 ्कतीम के लोग जेफो के शौयय दे ख के ्कतीम के लोग संकल कईले अवररी उ लोग जेफो के अपन् ऊपर र्ज् बनवले 105


जशेर के बा

अवररी उ ओ लोग प र्ज् बन गईले अवररी जब रक उ र्ज करर रहले र उ लोग ररबल अवररी आसप्स के सभ दीप के अपन् वश मे करे चल गईले​े 25 ओह लोग के र्ज् जेफो ओह लोग के ्सर पर चल गइलन आ ऊ लोग ररबल आ दीपन से लड्ई कइल आ ऊ लोग ओह लोग के अपन् वश मे कर ्लहल आ जब ऊ लोग लड्ई से लवटल र ओकर् ख्​्रर ओकर सरक्र के नवीकरर कइल आ ओकर् ख्​्रर एगो बडहन महल बनवल्स आ ओकर् ख्​्रर एगो बडहन ्संह्सन बनवल्स आ ऊ लोग ओकर् ख्​्रर एगो बडहन ्संह्सन बनवल्स आ जेफो पच्स स्ल ले पूर् ्क्रम आ इटली के दे श पर र्ज कइलन.

11 ्मद्न के लोग मोआब के मंश् न् ज्नर रहे , ले्कन उ लोग लड्ई मे मजबूर हो गईले अवररी हद्द अवररी ओकर पूर् सेन् के संगे लड्ई लडले अवररी पूर् ्म्दयन उनरक् सोझ् ्गर गईले​े 12 हद्द पूर् ्म्दयन के भ्री म्र से म्र ्दहलन आ रलव्र के ध्र से म्र ्दहलन आ मोआब के सह्यर् करे आइल लोग मे से केह के न् बचले 13 जब ्मद्न के सब लोग लड्ई मे न्श हो गइल आ मोआब के लइक् बच गइल र हद्द ओह लरी पूर् मोआब के कर दे ्दहलन आ ऊ लोग उनक् ह्थ मे आ गइल आ ऊ लोग स्ल्न् कर दे र रहे जइसन ्क कहल गइल रहे आ हद्द मरड के अपन् दे श मे लवट गइलन. 14 स्ल के क्ं ्र के समय जब ्मद्न के ब्की लोग जे ओह दे श मे रहे , सरनलस ्क मोआब के ख्​्रर उनकर सब भ्ई हद्द से लड्ई मे ्गर गईल ब्डे , क्हे की मोआब के लोग लड्ई मे पीठ फेर के ्म्दय्न के लड्ई मे छोड दे ले ब्डे , र ्मद्न के प्ं च र्जकरम्र अपन् दे श मे रह गईल ब्की भ्ई लोग के संगे बदल् लेवे के फैसल् कईले अपन् भ्ई लोग के मर्​्े 15 ्मद्न के लोग अपन् सब भ्ई लोग के लगे पूरब के लोग आ अपन् सब भ्ई लोग के लगे भेजलस, जवन ्क केररर् के सब लोग ्मद्न के मदद करे ख्​्रर मोआब से लड्ई करे ख्​्रर आ गईले​े 16 मोआब के लोग ई ब्र सरन के बहर डे र् गइल ्क पूरब के सब लोग लड्ई ख्​्रर जरटल हो गइल ब् आ ऊ लोग मोआब के लोग बेद्द के बेट् हद्द के एदोम दे श मे एगो स्रक भेजले 17 अब हमनी के लगे आके हमनी के सह्यर् कऱ आ हमनी के ्मद्न के म्र दे ब ज्, क्हे ्क उ सब लोग एकजरट होके अपन् सब भ्ई पूरब के लोग के स्थे हमनी के खखल्फ लड्ई मे आइल ब्, र्​्क लड्ई मे ्गरल ्म्दयन के म्मल् के बदल् लेवे ख्​्ररे 18 एदोम के र्ज् बेद्द के बेट् हद्द अपन् पूर् सेन् के संगे ्मद्न से लड्ई करे ख्​्रर मोआब के दे श मे चल गईले अवररी ्मद्न अवररी पूरब के लोग मोआब के मैद्न मे मोआब से लडले अवररी ओ लोग के बीच बहर भयंकर लड्ई भईले 19 हद्द ्मद्न के सब लोग आ पूरब के लोग के रलव्र के ध्र से म्र ्दहलस आ ओह लरी हद्द मोआब के ्मद्न के ह्थ से बच् ्लहलस आ ्मद्न आ पूरब के लोग के लोग हद्द आ उनकर सेन् के स्मने भ्ग गइल आ हद्द ओह लोग के पीछ् क के ओह लोग के दे स मे ले गइल आ ओह लोग के बहर भ्री कत कर ्दहलस आ वध लोग सडक पर मर गइले 20 हद्द मोआब के ्मद्न के ह्थ से बच् ्लहलस, क्हे ्क ्मद्न के सब लोग रलव्र के ध्र से ्गर गईल रहले अवररी हद्द मरड के अपन् दे श मे व्पस चल गईले​े 21 ओह ्दन से ्मद्न के लोग मोआब के लोग से नफरर करर रहे क्हे ्क ऊ लोग ओह लोग ख्​्रर लड्ई मे ्गर गइल रहे आ पूर् ्दन ओह लोग के बीच बहर बडहन दर शनी रहे े 22 मोआब के र्स् मे ्मद्न के जे करछ भी ्मलल रहे , उ सब मोआब के रलव्र से न्श हो गईल, आ ्मद्न के र्स् मे जवन भी मोआब के ्मलल रहे , उ सब ्म्दय्न के रलव्र से न्श हो गईले एही ररे ्म्डय्न मोआब रक आ मोआब ्मद्न रक कई ्दन रक चलले

अध ्य 62 के ब् 1 एही स्ल इस्एली लोग के ्मस ज्ए के उनहतरव्ँ स्ल मे य्कूब के बेट् तबेन ्मस के दे श मे मर गइलने जब तबेन के मौर भइल र ओकर उ्मर एक सौ पचीस स्ल रहे आ ऊ लोग ओकर् के एगो ्चर् मे ड्ल ्दहल आ ओकर् के अपन् लइकन के ह्थ मे ्दहल गइल. 2 असीव्ँ स्ल मे उनकर भ्ई द्न के मौर हो गइले उनकर मौर के समय ऊ सौ बीस स्ल के रहले आ उनक् के एगो ्चर् मे भी ड्ल के अपन् लइकन के ह्थ मे दे ्दहल गइले 3 ओही स्ल एदोम के र्ज् चरश्म के मौर हो गइल आ ओकर् ब्द बेद्द के बेट् हद्द पैरीस स्ल ले र्ज कइलने एकैसव्ँ स्ल मे य्कूब के बेट् इस्कर ्मस मे मर गइलन आ इस्कर के मौर के समय ऊ एक सौ ब्इस स्ल के हो गइलन आ ्मस मे ओकर् के एगो ्चर् मे ड्ल ्दहल गइल आ ओकर् के अपन् लइकन के ह्थ मे ्दहल गइल. 4 बय्सी स्ल मे उनकर भ्ई आशेर के मौर हो गईल, उ मरल् के समय उ रेइस स्ल के रहले अवररी उनरक् के ्मस मे एगो ्चर् मे रख के अपन् संर्न के ह्थ मे दे ्दहल गईले 5 रेर्सी स्ल मे ग्द के मौर हो गईल, उ मरल् के समय उ एक सौ पचीस स्ल के रहले अवररी उनरक् के ्मस मे एगो ्चर् मे ड्ल के अपन् संर्न के ह्थ मे दे ्दहल गईले 6 चौर्सीव्ँ स्ल य्नी एदोम के र्ज् बेद्द के बेट् हद्द के र्ज के पच्सव्ँ स्ल मे हद्द एस्व के सब लोग के जरट् ्लहलन आ ऊ आपन पूर् सेन् के लगभग च्र ल्ख आदमी के रइय्र कर ्लहलन आ ऊ मोआब के दे श मे आपन र्स् रय कइलन आ ऊ मोआब से लड्ई करे आ ओह लोग के कर दे बे ख्​्रर चल गइलन. 7 मोआब के लोग इ ब्र सरन के बहर डे र् गईले अवररी उ लोग ्मद्न के लोग के लगे भेजले ्क उ लोग एदोम के र्ज् बेद्द के बेट् हद्द के संगे लड्ई मे मदद करसे 8 हद्द मोआब के दे श मे अईले अवररी मोआब अवररी ्मद्न के लोग उनरक् से ्मले ्नकलले अवररी मोआब के मैद्न मे उनरक् खखल्फ लड्ई मे जरट गईले​े 9 हद्द मोआब से लडल आ मोआब के लोग आ ्मद्न के लोग मे से बहर म्रल गइल, लगभग दू ल्ख आदमीे 10 मोआब पर लड्ई बहरे भयंकर हो गइल आ जब मोआब के लोग दे खल ्क लड्ई बहरे हो गइल ब् र ऊ लोग आपन ह्थ कमजोर क के पीठ फेर ्लहल आ ्मद्न के लोग के लड्ई ज्री र्खे ख्​्रर छोड ्दहल. 106


जशेर के बा

23 ओही लरी य्कूब के ्मस ज्ए के ्छय्सीव्ँ स्ल मे य्कूब के बेट् यहद् ्मस मे मर गइल आ उनकर मौर के समय यहद् एक सौ उनइस स्ल के हो गइल आ ऊ लोग उनक् के मलम कर् के एगो ्चर् मे ड्ल ्दहल आ ओकर् के अपन् लइकन के ह्थ मे दे ्दहल गइले 24 उनसी स्ल मे नफ्ली के मौर हो गईल, उ एक सौ बतीस स्ल के रहले अवररी उनरक् के एगो ्चर् मे ड्ल के अपन् संर्न के ह्थ मे दे ्दहल गईले 25 इस्एली लोग के ्मस ज्ए के एकनबेव्ँ स्ल मे, य्नी एस्व के बेट् एलीफ्ज के बेट् सफो के ्कतीम के लोग पर र्ज के रीसव्ँ स्ल मे, अफीक् के लोग ्कतीम के लोग के हमेश् ्नहन लूटप्ट करे ख्री पहं चले, ले्कन उ लोग ए रेरह स्ल से ओ लोग प न् आईल रहले​े 26 ओह स्ल ऊ लोग ओह लोग के लगे अइले आ एलीफ्ज के बेट् ्सफो अपन् करछ आदमी के स्थे ओह लोग के लगे ्नकल के ओह लोग के बेर्ब म्र ्दहलस आ अफीक् के सेन् जेफो के स्मने से भ्ग गइल आ म्रल गइल लोग ओकर् सोझ् ्गर गइल आ जेफो आ ओकर आदमी ओह लोग के पीछ् करर चलल आ जबले ऊ लोग अफीक् के नजदीक न् हो गइल रबले ओह लोग के म्र ्दहल. 27 अफीक् के र्ज् अंजेआस जेफो के क्म सरन के ओकर् के बहर परे श्न कईलस अवररी अन्जय्स ्दन भर जेफो से डे र् गईले

क्हे ्क ऊ लोग अपन् पररखन के न् ज्नर रहे जे अक्ल के समय मे ओह लोग के बच्वे व्ल् रहले​े 7 इ भी यहोव् से आइल रहे , इस्एल के लोग ख्​्रर, र्​्क उ लोग के अं्रम समय मे फ्यद् होखे, र्​्क सब इस्एल के लोग अपन् परमेशर पभर के ज्न सके​े 8 एह ख्​्रर ्क पभर अपन् लोग इस्एल के क्रर ्मस मे जवन चमत्र आ पर्कमी चमत्र करीहे, र्​्क इस्एल के लोग अपन् पररखन के परमेशर यहोव् से डे र् सके आ उनकर सब र्स् पर चले, उ लोग आ उनकर वंशज पूर् ्दन उनकर् पीछे चल सके​े 9 मेलोल बीस स्ल के रहले जब उ र्ज करे लगले अवररी उ चौनबे स्ल रक र्ज कईले अवररी पूर् ्मस के उनरकर न्म ्फरौन रखलस, जईसे ्क ्मस मे उनरक् प र्ज करे व्ल् हर र्ज् के संगे कईल ज्एे 10 ओह लरी अफीक् के र्ज् अं्जयस के सब सेन् लूटप्ट ख्​्रर हमेश् के ररह ्चतीम के दे श मे फइलल ्नकलले 11 एस्व के बेट् एलीफ्ज के बेट् सीफो ओ लोग के खबर सरन के अपन् सेन् के संगे ओ लोग से ्मले गईले अवररी उह्ँ सडक प ओ लोग से लड्ई लडले​े 12 जेफो अफीक् के र्ज् के सै्नकन के रलव्र के ध्र से म्र ्दहलस आ ओह लोग मे से केह के न् बचल आ अफीक् मे केह भी अपन् म्​्लक के लगे न् लवटले 13 एलीफ्ज के बेट् जेफो अपन् सब सेन् के नष क दे ले रहले, इ ब्र सरन के अं्जयस अपन् सब सेन् के, अफीक् के सब आदमी के, समरंदर के ्कन्रे ब्लू ्नहन लोग के जरट् लेले​े 14 आं ्गय्स अपन् भ्ई लूकरस के लगे भेजले ्क, “अपन् सब आदमी के संगे हमर् लगे आके हमर् के जेफो अवररी ्कतीम के सभ बच् के म्रे मे मदद कर, जवन ्क हमर् आदमी के न्श कईले ब्डे , अवररी लरकस अपन् पूर् सेन् के संगे आईल, जवन ्क बहर बड सेन् रहे , अवररी अपन् भ्ई के मदद करे ख्री आईले 15 जब सफो आ ्कतीम के लोग इ ब्र सरन के बहर डे र् गईले अवररी ओ लोग के ्दल मे बहर आरंक आ गईले 16 जब सीफो एदोम के र्ज् बेद्द के बेट् हद्द आ एस्व के सब संर्न के एदोम के दे श मे एगो ्चटी भेजले​े 17 हम सरनले ब्नी ्क अफीक् के र्ज् एं गेस अपन् भ्ई के स्थे हमनी के खखल्फ लड्ई करे ख्​्रर हमनी के लगे आवर ब्डे , आ हमनी के ओकर् से बहर डे र्र ब्नी ज्, क्हे ्क ओकर सेन् बहर बड ब्, ख्सकर जब उ अपन् भ्ई आ अपन् सेन् के स्थे हमनी के खखल्फ ओइसहीं आवेल्े 18 अब रू भी हमर् स्थे आके हम्र मदद कऱ, आ हमनी के एक स्थ अं्जयस आ ओकर भ्ई लरकस से लडब ज्, आ रू हमनी के ओह लोग के ह्थ से बच् लेब़, ले्कन अगर न् र ज्न लीं ्क हमनी के सब मर ज्ईब ज्े 19 एस्व के लोग ्कतीम के लोग आ ओह लोग के र्ज् सफो के ्चटी भेज के कहलस ्क, “हमनी के अंगेआस आ ओकर लोग के खखल्फ लड्ई नईखी क सकर क्हे ्क हमनी के बीच एरन् स्ल से श्ं ्र के व्च् बनल ब्, प्हल् र्ज् बेल् के जम्न् से अवररी ्मस के र्ज् य्कूब के बेट् यूसरफ के जम्न् से, जेकर् संगे हमनी के यरदन के ओ प्र जब उ अपन् ्पर् के अं्रम संस्र कईले रहले​े

अध ्य 63 के ब् 1 रेनबे स्ल मे य्कूब के बेट् लेवी ्मस मे मर गइलन आ लेवी के मौर के उ्मर एक सौ सतीस स्ल के रहे आ ऊ लोग ओकर् के एगो ्चर् मे ड्ल ्दहल आ ओकर् के अपन् लइकन के ह्थ मे दे ्दहल. 2 लेवी के मरल् के ब्द जब पूर् ्मस दे खलस ्क य्कूब के बेट् यूसरफ के भ्ई मर गईल ब्डे , र सभ ्मस के लोग य्कूब के संर्न के दर खी करे लगले अवररी ओ ्दन से लेके ्मस से ्नकले के ्दन रक उनरकर जीवन कडव् करे लगले अवररी उ सभ अंगूर के बगइच् अवररी खेर जवन यूसरफ उनरक् के दे ले रहले अवररी उ सभ भव लर अपन् ह्थ से ले लेले ्जयर रहले, आ ्मस के सब चब्, ्मस के लोग ओह जम्न् मे य्कूब के बेट् से सब करछ ले ्लहले​े 3 ओह लरी पूर् ्मस के ह्थ इस्एल के लोग के खखल्फ अउरी गंभीर हो गइल आ ्मस के लोग इस्ए्लयन के रब रक ल्यल कर ्दहल जब रक ्क ्मस के लोग ्मस के लोग के ज्न से थक न् गइले 4 ओह ्दनन मे, इस्एल के ्मस ज्ए के सौ दू सर् स्ल मे, ्मस के र्ज् ्फरौन के मौर हो गइल आ उनकर बेट् मेलोल उनकर् जगह पर र्ज कइलन आ ्मस के सब पर्कमी लोग आ यूसरफ आ उनकर भ्ई लोग के ज्ने व्ल् सब पीढी के मौर हो गइले 5 ओह लोग के जगह पर एगो अउरी पीढी उठल जवन य्कूब के बेट् आउर उ लोग के स्थे कइल सब भल्ई आ ्मस मे आपन सब र्कर के न् ज्नर रहे े 6 एही से पूर् ्मस ओह ्दन से य्कूब के बेट् लोग के जीवन के कडव् करे ल्गल आ हर ररह के मेहनर से पी्डर करे ल्गल 107


जशेर के बा

20 जब सीफो अपन् भ्ई एस्व के संर्न के ब्र सरनलस र उ ओ लोग से परहे ज कईलस अवररी जेफो अं्जयस से बहर डे र् गईले 21 अंगेआस आ उनकर भ्ई लरकस आपन सब सेन्, लगभग आठ ल्ख आदमी, ्कतीम के लोग के खखल्फ जरट गईले​े 22 ्कतीम के सब लोग जेफो से कहलस ्क, “हमनी ख्​्रर रोहर् पररखन के परमेशर से प्थयन् कर, श्यद उ हमनी के अंजेआस आ ओकर सेन् के ह्थ से बच् सकेले, क्हे ्क हमनी के सरनले ब्नी ज् ्क उ एगो बड भगव्न हवे अवररी उनरक् प भरोस् करे व्ल् सभ के उ बच्वेले​े 23 जब सीफो उनकर ब्र सरनलस र जेफो पभर के खोजर कहलस| 24 0 हम्र पररख् इब्हीम आ इसह्क के परमेशर पभर, आज हम ज्नर ब्नी ्क रू सच् भगव्न हउअ आ ज्​्र के सब दे वर् वथय आ बेक्र ब्डे े 25 आजर हमर् ख्​्रर हमनी के ब्प अब्हम के स्थे आपन व्च् य्द कऱ जवन हमनी के पररख् लोग हमनी के बरवले रहे आ आज हमर् स्थे कृप् से कऱ आ हमनी के पररख् इब्हीम आ इसह्क के ख्​्रर हमर् आ ्कतीम के लइकन के अफीक् के र्ज् के ह्थ से बच्ईं जे हमनी के खखल्फ लड्ई ख्​्रर आवेल्े 26 रब परमेस् वर सफो के आव्ज सरनलन आ अब्हम आ इसह्क के चलरे उनकर आदर कइलन आ परमेस् वर सफो आ ्कतीम के संर्न के अं्जयस आ उनकर लोग के ह्थ से बच् ्लहलने 27 ओह ्दन सफो अफीक् के र्ज् अंगेआस आ ओकर सब लोग से लडल आ पभर अंगेआस के सब लोग के ्कतीम के लोग के ह्थ मे दे ्दहलने 28 अँगेआस पर लड्ई बहर भयंकर हो गइल आ जेफो रलव्र के ध्र से अं्जयस आ उनकर भ्ई लूकस के सब आदमी के म्र ्दहलस आ ओह ्दन स्ँ झ ले लगभग च्र ल्ख आदमी ओह लोग से ्गर गइलने 29 जब अं्जयस दे खलस ्क उनकर सब आदमी न्श हो गइल ब् र अफीक् के सब ्नव्सी लोग के एगो ्चटी भेजलस ्क उ लोग अपन् लगे आवे, र्​्क उ लोग लड्ई मे सह्यर् करस, आ ्चटी मे ्लखले ्क, “अफीक् मे जे भी ्मलेल्, उ लोग दस स्ल से ऊपर के उ्मर से हमर् लगे आवे​े सब लोग हमर् लगे आवे, आ दे ख़, अगर ऊ न् आई र ऊ मर ज्ई आ ओकर् लगे जवन करछ ब्, ओकर् पूर् लर के स्थे, र्ज् ले लीहे . 30 अफीक् के ब्की सब ्नव्सी अं्जयस के ब्र से डे र् गईले अवररी दस स्ल से ऊपर के करीब रीन ल्ख आदमी अवररी लईक् शहर से ब्हर ्नकल गईले अवररी उ लोग अं्गय्स पहं चले​े 31 दस ्दन के अंर मे अं्जयस सफो आ ्कतीम के लोग के खखल्फ लड्ई के फेर से लड्ई शरत कईले अवररी ओ लोग के बीच बहर बड अवररी मजबूर लड्ई भईले 32 अँगेआस आ लरकस के सेन् से जेफो बहर ल्यल लोग के अपन् ह्थ मे भेज ्दहलन, लगभग दू हज्र आदमी, आ ओही लड्ई मे अं्जयस के सेन् के सेन्प्र सो्सफ्र ्गर गइलने 33 जब सो्सफ्र ्गर गइल र अफीकी सेन् भ्गे ख्​्रर पीठ फेर ्लहलस आ ऊ लोग भ्ग गइल आ अंगेआस आ उनकर भ्ई लरकस ओह लोग के स्थे रहले​े

34 जब सफो आ ्कतीम के लोग ओह लोग के पीछ् कइलन आ सडक पर अब्हयो करीब दू सौ आदमी के म्र ्दहलन आ ऊ लोग अं्जयस के बेट् अजदर बल के पीछ् कइलन जे अपन् ब्प के स्थे भ्ग गइल रहे आ ओकर बीस आदमी के सडक पर म्र ्दहलन आ अजदर बल ्कतीम के लोग से बच गइलन आ ऊ लोग ओकर् के न् म्र पवल्स. 35 अंगेआस आ ओकर भ्ई लरकस अपन् ब्की आदमी लोग के स्थे भ्ग गइलन आ ऊ लोग भ्ग के आरं्कर होके अफीक् मे आ गइलन आ अं्जयस के ्दन भर डर ल्गल ्क कही ं एलीफ्ज के बेट् जेफो ओकर् से लड्ई न् कर मर ज्व. अध ्य 64 के ब् 1 ओह लरी बेओर के बेट् ्बल्म अंगेआस के स्थे लड्ई मे रहले आ जब ऊ दे खले ्क ्सफो अंगेआस पर ह्वी हो गइल ब् र ऊ उह्ँ से भ्ग के ्कतीम आ गइलने 2 जब सीफो आ ्कतीम के लोग ओकर् के बहर आदर से स्गर कइल, क्हे ्क ्सफो ्बल्म के बरख् के ज्नर रहे आ ्सफो ्बल्म के बहर वरद्न ्दहलन आ ऊ ्बल्म के स्थे रह गइलने 3 जब सीफो यर् से लवटलन र ऊ ्कतीम के सब लइकन के ्गने के आदे श ्दहलन जे उनक् स्थे लड्ई मे गइल रहले, र दे खले ्क केह के छूटल न्े 4 जब सीफो एह ब्र से खरश हो गइलन आ ऊ अपन् र्ज के नवीकरर कइलन आ अपन् सब पज् के भोज बनवले. 5 ले्कन जेफो पभर के य्द न् कइलन आ ई न् सोचलन ्क पभर उनकर् के लड्ई मे मदद कइले ब्डन आ अफीक् के र्ज् के ह्थ से उनकर् आ उनकर लोग के बच् ्लहले ब्डन, ले्कन ्फर भी ्कतीम के लोग आ एस्व के दर ष संर्न के र्स् पर चलर रहलन, अउर दू सर दे वर् लोग के सेव् करे ख्​्रर चलर रहलन, जवन उनकर भ्ई एस्व के लोग उनक् के ्सखवले रहले​े एह से कहल ज्ल् ्क दर ष से दर षर् ्नकलेल्े 6 सीफो ्कतीम के सब संर्न पर सरर्कर तप से र्ज कइलन, ले्कन ऊ पभर के न् ज्नर रहलन जे उनक् आ उनकर सब लोग के अफीक् के र्ज् के ह्थ से बच् ्लहले ब्डने आ अफीक् के सेन् अब हमेश् के ररह लूटप्ट करे ख्​्रर ्च्तम मे न् आइल क्हे ्क ऊ लोग जेफो के र्कर के ब्रे मे ज्नर रहे जे ओह सब के रलव्र के ध्र से म्र ्दहले रहे , एही से अं्जयस पूर् ्दन एलीफ्ज के बेट् जेफो आ ्कतीम के संर्न से डे र्र रहे े 7 ओह लरी जब जेफो यर् से लवटल रहले आ जब जेफो दे खले रहले ्क कइसे ऊ अफीक् के सगरी लोग पर जीर ह्​्सल कइले रहले आ लड्ई मे ओह लोग के रलव्र के ध्र से म्र ्दहले रहले, रब जेफो ्कतीम के लोग के स्थे सल्ह ्दहलन ्क य्कूब के बेट् आ ्मस के र्ज् ्फरौन के स्थे लड्ई करे ख्​्रर ्मस ज्से 8 क्हे ्क सीफो सरनले ्क ्मस के पर्कमी मर गइल ब्डे आ यूसरफ आ ओकर भ्ई य्कूब के बेट् मर गइल ब्डे आ ओकर सब संर्न इस्एल ्मस मे रह गइल ब्डे े 9 जब ऊ लोग हे बोन मे य्कूब के दफन्वे ख्​्रर चढल रहे , रब जब ऊ लोग यूसरफ अपन् भ्ई लोग आ पूर् ्मस के स्थे कन्न 108


जशेर के बा

दे श मे म्र ्दहले रहले, ओह लोग के आ पूर् ्मस के खखल्फ लड्ई करे ज्ए के सोचलसे 10 जब सीफो एदोम के र्ज् बेद्द के बेट् हद्द आ ओकर सब भ्ई एस्व के संर्न के लगे दू र भेजले​े 11 क् रउव्ं इ न् कहनी ्क रउव्ं अफीक् के र्ज् से न् लडब क्हे ्क उ रउव् व्च् के सदस ह? दे ख़ हम ओकर् से लड के ओकर् आ ओकर सब लोग के म्र दे नीे 12 अब हम ्मस आ य्कूब के संर्न के खखल्फ लड्ई लडे के ठ्न लेले ब्नी जवन ्क उह्ँ के य्कूब के संर्न से लडब, आ हम ओह लोग से बदल् लेब, जवन यूसरफ, ओकर भ्ई आ पररख् लोग कन्न दे श मे हमनी के स्थे कईले रहले, जब उ लोग अपन् ्पर् के हे बोन मे दफन्वे गईल रहले​े 13 अब अगर रू हमर् लगे आवे के इचर क होखब ्क हम ओह लोग आ ्मस के खखल्फ लड्ई लडे मे हमर् के सह्यर् कर सकीले र हमनी के अपन् भ्ई लोग के मरकदम् के बदल् लेब ज्े 14 एस्व के लोग सफो के ब्र सरन के एस्व के लोग बहर बड लोग के संगे जरट गईले अवररी उ लोग सीफो अवररी ्कतीम के लोग के लड्ई मे मदद करे चल गईले​े 15 जब सीफो पूरब के सब लोग आ इस्इल के सब लोग के लगे एही ररह के ब्र भेजलस, आ उ लोग ्मस के खखल्फ लड्ई मे जेफो आ ्कतीम के लोग के मदद मे जरट गईले​े 16 ई सब र्ज्, एदोम के र्ज्, पूरब के लोग, इस्इल के सब संर्न आ ्कतीम के र्ज् सफो के लोग ्नकल के आपन सब सेन् के हे बोन मे सजव् ्दहले​े 17 डे र् बहर भ्री रहे , रीन ्दन के दू री रक फैलल रहे , जवन लोग समरंदर के ्कन्रे ब्लू ्नहन रहे , जवन् के ्गनरी नईखे कईल ज् सकरे 18 ई सब र्ज् आ उनकर सेन् उरर के पूर् ्मस के खखल्फ लड्ई मे आके पथोस के ल्टी मे डे र् ड्ल ्दहले​े 19 पूर् ्मस ओह लोग के खबर सरन के ्मस के सब लोग आ ्मस के सब शहरन के लगभग रीन ल्ख आदमी एकट् हो गइले 20 ्मस के लोग भी इस्एल के लोग के लगे भेजले जवन ओह ्दन गोशेन दे श मे रहले, ्क उ लोग के लगे आवे र्​्क उ लोग ए र्ज् लोग के संगे लड्ई करे े 21 इस्एल के लोग एकट् होके लगभग एक सौ पच्स आदमी रहले आ ्मस के लोग के सह्यर् करे ख्​्रर लड्ई मे ्नकल गईले​े 22 इस्एल आ ्मस के लोग लगभग रीन ल्ख आदमी आ एक ल्ख पच्स आदमी के स्थे ्नकल गइलन आ ऊ लोग एह र्ज् लोग के ओर लड्ई मे चल गइलन आ गोशेन के ब्हर से पथोस के स्मने खड् हो गइलने 23 ्मस के लोग इस्एल पर ्वश्स न् कइल ्क ऊ लोग अपन् डे र् मे एक स्थ लड्ई मे ज्ई, क्हे ्क सब ्मस के लोग कहर रहे ्क श्यद इस्एल के लोग हमनी के एस्व आ इस्इल के संर्न के ह्थ मे सौंप दी क्हे ्क ऊ लोग आपन भ्ई हवे​े 24 रब सब ्मस के लोग इस्एल के लोग से कहलस ्क, “रू लोग इह्ँ एक संगे खड् रहब अवररी हमनी के ज्के एस्व अवररी इस्इल के संर्न से लडब ज्, अवररी जदी इ र्ज् हमनी प

ह्वी हो जईहे र रू एकदम से ओ लोग प आके हमनी के मदद करी, अवररी इस्एल के लोग अयीसन कईले​े 25 ्कतीम के र्ज् एस्व के बेट् एलीफ्ज के बेट् सफो, एदोम के र्ज् बेद्द के बेट् हद्द आ उनकर सब डे र्, पूरब के सब लोग आ इस्इल के संर्न, जवन लोग ब्लू ्नहन रहे , रखपंच के स्मने पथोस ल्टी मे एक संगे डे र् ड्लले​े 26 अर्मी बेओर के बेट् ्बल्म उह्ँ सफो के डे र् मे रहले, क्हे ्क उ ्कतीम के लोग के संगे लड्ई मे आईल रहले अवररी ्बल्म सफो अवररी उनरक् आदमी के नजर मे बहर सम्​्नर आदमी रहले​े 27 जब सीफो ्बल्म से कहलस, “हमनी ख्​्रर भ्वषव्री कर के को्शश कऱ ्क हमनी के पर् चल सके ्क लड्ई मे के जीरी, हमनी भ् ्मस के लोगे 28 ्बल्म उठ के भ्वषव्री करे के कल् के परीकर कइलन आ ओकर् के ज्न मे ्नपरर हो गइलन ब्​्कर ऊ भ्मर हो गइलन आ क्म उनक् ह्थ मे न्श हो गइल. 29 ऊ फेर से को्शश कइलन ब्​्कर सफल न् भइल आ ्बल्म एकर् से ्नर्श हो गइलन आ ओकर् के छोड के पूर् न् कइलन क्हे ्क ई पभर के ओर से भइल रहे ्क जेफो आ ओकर लोग इस्एल के लोग के ह्थ मे पड ज्व, जे लोग अपन् यर् मे अपन् पररखन के परमेशर पभर पर भरोस् कइले रहे े 30 जब सफो आ हद्द आपन सेन् के लड्ई मे जरट गइलन आ सब ्मस के लोग अकेले ओह लोग के खखल्फ चल गइलन, लगभग रीन ल्ख आदमी, आ इस्एल के एको आदमी ओह लोग के स्थे न् रहे े 31 पथरोस आ रचपंच के स्मने सब ्मस के लोग एह र्ज् लोग के स्थे लड्ई लडल आ ्मस के लोग के खखल्फ लड्ई कड् हो गइले 32 ओह लड्ई मे र्ज् ्मस के लोग से भी र्करवर रहले आ ओह ्दन ्मस के लगभग एक सौ असी आदमी ्गर गइले आ र्ज् लोग के सेन् के लगभग रीस आदमी आ ्मस के सब आदमी र्ज् लोग के स्मने से भ्ग गइले, एही से एस्व आ इस्इल के लोग ्मस के लोग के पीछ् करर उह्ँ रक पहँ चल जह्ँ इस्एल के लोग के डे र् रहे े 33 रब सब ्मस के लोग इस्एल के लोग से ्चल् के कहलस ्क, “जली से हमनी के मदद करी ं आ एस्व, इस्इल आ ्कतीम के लोग के ह्थ से बच्ईंे” 34 इस्एल के लोग के सौ पच्स आदमी अपन् से शन से दौड के एह र्ज् लोग के डे र् मे चल गईले अवररी इस्एल के लोग अपन् परमेशर यहोव् से परक्र के कहले ्क उ लोग के बच्वे​े 35 रब यहोव् इस्एल के ब्र सरनले आ पभर र्ज् लोग के सब आदमी के ओह लोग के ह्थ मे दे ्दहलन आ इस्एल के लोग एह र्ज् लोग से लडल आ इस्एल के लोग र्ज् लोग के लगभग च्र हज्र आदमी के म्र ्दहले 36 रब परमेस् वर र्ज् लोग के डे र् मे बहर लबर् गइलन ्क इस्एल के लोग के डर ओह लोग पर पड गइले 37 र्ज् लोग के सब सेन् इस्एल के लोग के स्मने से भ्ग गईल आ इस्एल के लोग करश दे श के सीम् रक ओ लोग के पीछ् करर रहले 38 इस्एल के लोग सडक पर दू हज्र आदमी के म्र ्दहल आ इस्एल के लोग मे से एकह न् ्गरले 109


जशेर के बा

39 जब ्मस के लोग दे खल ्क इस्एल के लोग र्ज् लोग के स्थे एरन् कम आदमी के स्थे लडल ब् आ ओह लोग के खखल्फ लड्ई बहर कड् हो गइल ब्े 40 मजबूर लड्ई के चलरे सब ्मस के लोग अपन् ज्न से बहर डे र् गईले अवररी पूर् ्मस भ्ग गईले, हरे क आदमी सजधज के सेन् से लरक् गईले अवररी सडक प लरक् गईले अवररी इस्एली के लड्ई ख्री छोड दे ले​े 41 इस्एल के लोग र्ज् लोग के बहर भयंकर पह्र कइल आ ऊ लोग ओह लोग के करश के सीम् पर भग् ्दहल् के ब्द ओह लोग से व्पस आ गइले 42 पूर् इस्एल के म्लूम रहे ्क ्मस के लोग उनरक् संगे जवन क्म कईले ब्डे , उ लोग लड्ई मे ओ लोग से भ्ग गईल ब्डे अवररी अकेले लड्ई ख्री छोड दे ले ब्डे े 43 एही से इस्एल के लोग भी धूरयर् से क्म कइलस आ जब इस्एल के लोग लड्ई से लवटर रहे र र्स् मे करछ ्मस के लोग के ्मल के उह्ँ म्र ्दहलसे 44 जब उ लोग ओ लोग के म्रर रहले र उ लोग इ ब्र कहले​े 45 रू हमनी के छोड के हमनी के करछ लोग के तप मे क्हे छोड के एह र्ज् लोग से लडल ज्, जेकर् लगे हमनी के म्रे ख्​्रर बहर बड लोग रहे , र्​्क रू लोग अपन् ज्न के बच्वल ज् सके? 46 इजर्इली लोग के सडक पर ्मलल करछ लोग के ब्रे मे इजर्इल के लोग एक दू सर् से कहलस ्क, “म्र, म्र, क्हे ्क उ इश्एल य् एदोमी य् ्कतीम के लोग के ह, आ उ लोग ओकर् ऊपर खड् होके ओकर् के म्र दे ले अवररी उ लोग ज्न गईले ्क उ ्मस के हवे​े 47 इस्एल के लोग ्मस के लोग के खखल्फ धूरयर् से इ क्म कईले, क्हे की उ लोग यर् मे ओ लोग के छोड के भ्ग गईल रहले​े 48 इस्एल के लोग ्मस के लोग मे से लगभग दू सौ आदमी के सडक पर एही ररह से म्र ्दहलसे 49 ्मस के सब आदमी के दे खल ्क इस्एल के लोग के जवन बरर्ई उ लोग के संगे कईले रहले, एहसे पूर् ्मस इस्एल के लोग से बहर डे र् गईल, क्हे की उ लोग आपन बहर र्कर दे ख लेले रहले अवररी उ लोग मे से एकह आदमी के न् ्गरल रहे े 50 एही से इस्एल के सब लोग गोशेन के र्स् मे खरशी-खरशी व्पस आ गईले अवररी ब्की ्मस के लोग हर एक आदमी अपन् जगह प लवट गईले​े

अपन् से केह ्गरल नइखे, र्​्क अगर उ लोग संख् मे र्हर र उ लोग के पूर् ररह से न्श कर दे ले र्हरे 5 अब हमनी के सल्ह दी ं ्क हमनी के ओह लोग के क् कइल ज्व, जबले ्क हमनी के धीरे -धीरे ओह लोग के अपन् बीच से न्श न् कर दे ब ज्, कही ं ऊ लोग हमनी के दे श मे बहर ढे र न् हो ज्वे 6 अगर इस्एल के लोग एह दे श मे ब्ढहे र उ लोग हमनी ख्​्रर ब्ध् बन जइहे आ अगर कवनो यर् होखे के संभ्वन् ब् र उ लोग अपन् बहर र्कर से हमनी के दर शन के स्थे ्मल के हमनी के खखल्फ लड्ई ल्डहे, हमनी के दे श से न्श कर ्दहे आ ओकर् से दू र हो जइहे े 7 र्ज् ्मस के बरजरगय लोग से कहलन, “इस्एल के खखल्फ इहे योजन् ब्, जवन् से हमनी के न् ्नकलब ज्े 8 दे ख़, एह दे श मे ्पथोम आ र्मसेस हउवे, जवन यर् के खखल्फ बेगढ शहर ह, एकर् के बन्वे आ ्कल्बंदी करे के क्म रोहर् आ हमनी के ब्े 9 अब रू भी ज्के ओह लोग के स्थे धूरयर् से क्म कऱ आ र्ज् के आदे श पर ्मस आ गोशेन मे एगो आव्ज सरन्ईंे 10 रू ्मस के सब आदमी, गोशेन, पथोस आ ओकर् मे रहे व्ल् सब लोग! र्ज् हमनी के आज् दे ले ब्डन ्क ्पथोम आ र्मसेस के ्नम्य र करी ं आ ओह लोग के लड्ई ख्​्रर ्कल्बंदी करीें जे रोहनी मे से पूर् ्मस, इस्एल के आऊ शहरन के ्नव्सी लोग मे से, जे हमनी के स्थे ्नम्य र करे के इचर क ब्, ओकर् के र्ज् के आदे श पर रोज आपन मजदू री ्दहल ज्ईे र प्हले ज्के धूरयर् करी,ं आ अपन् के बटोर के ्पथोम आ र्मसेस मे ्नम्य र करे आ ज्ईंे 11 जबले रूँ ्नम्य र करर ब्ड़, रब रक र्ज् के आदे श से पूर् ्मस मे हर ्दन एह ररह के लोषर् कर्ईंे 12 जब इस्एल के करछ लोग रोहर् स्थे ्नम्य र करे अइहे र करछ ्दन ख्​्रर रोज ओह लोग के मजदू री दे बे 13 आ जब ऊ लोग रउर् स्थे आपन रोजमर्य के ्कर्य् पर बनवल् क् ब्द रोज एक-एक क के लरक् के ओह लोग से लसीटर रह़ आ फेर उठ के ओह लोग के ट्स-म्सर आ अफसर बनब आ ओकर् ब्द ओह लोग के ्बन् मजदू री के ्नम्य र करे ख्​्रर छोड दे ब आ अगर ऊ लोग मन् कर दे व र अपन् पूर् र्कर से ओह लोग के ्नम्य र करे ख्​्रर मजबूर कर दी.ं 14 अगर रू अयीसन करब र हमनी के ठीक होई ्क हमनी के इस्एल के लोग के खखल्फ आपन दे श मजबूर कईल ज्ए, क्हे की इम्रर अवररी क्म के थक्न के चलरे इस्एल के संर्न कम हो जईहे , क्हे की रू ओ लोग के पती से ्दन-ब-्दन वं्चर क दे बे 15 ्मस के सब बरजरगय र्ज् के सल्ह सरनले अवररी उ लोग के नजर मे अवररी ्फरौन के सेवक अवररी पूर् ्मस के नजर मे इ सल्ह ्नमन ल्गल अवररी उ लोग र्ज् के वचन के मरर्​्बक क्म कईले​े 16 रब सब नौकर र्ज् से दू र होके पूर् ्मस, रचपंच आ गोशेन आ ्मस के च्रो ओर के सब शहरन मे एगो लोषर् कर ्दहले​े 17 रू दे खले ब्डू ्क एस्व आ इस्इल के संर्न हमनी के संगे क् कईले, जवन ्क हमनी के खखल्फ लड्ई मे आईल रहले अवररी हमनी के न्श करे के च्हर रहले​े

अध ्य 65 के ब् 1 एह सब के ब्द ्मस के र्ज् ्फरौन के सब सल्हक्र आ ्मस के सब बरजरगय लोग एकट् होके र्ज् के सोझ् आके जमीन के स्मने झरक गईले अवररी उनरक् सोझ् बईठ गईले​े 2 ्मस के सल्हक्र आ बरजरगय र्ज् से कहलने 3 दे ख, इस्एल के लोग हमनी से बड आ र्करवर ब्, आ रू ज्नर ब्डू ्क जब हमनी के लड्ई से लवटर लरी उ लोग हमनी के र्स् मे जवन बरर्ई कईले रहले​े 4 आ रू ओह लोग के मजबूर शखक भी दे खले ब्ड़, क्हे ्क ई शखक ओह लोग ख्​्रर ब्लू ्नयर संख् मे लोग के खखल्फ खड् होके ओह लोग के रलव्र के ध्र से म्र ्दहलस, आ 110


जशेर के बा

18 र्ज् हमनी के आज् दे ले ्क अगर उ लोग फेर से हमनी के खखल्फ आवे र उ दे श के मजबूर करे के, ्पथोम अवररी र्मसेस शहर के ्नम्य र करे के अवररी लड्ई ख्री मजबूर करे के​े 19 रोहनी मे से जे भी पूर् ्मस आ इस्एल के लोग से हमनी के स्थे ्नम्य र करे आई, ओकर् के र्ज् के रोज के मजदू री ्दहल ज्ई, जईसे ्क उनरकर आज् हमनी के ब्े 20 जब ्मस आ पूर् इस्एल के लोग ्फरौन के नौकरन के सब ब्र सरनल र ्मस के लोग आ इस्एल के लोग ्फरौन के नौकर, ्पथोम आ र्मसेस के स्थे ्नम्य र करे आइल, ले्कन लेवी के कवनो लोग अपन् भ्ई लोग के स्थे ्नम्य र करे न् आइले 21 ्फरौन के सब नौकर आ उनकर र्जकरम्र प्हले धोख् से पूर् इस्एल के स्थे रोज्न् के भ्ड् के मजदू र के तप मे ्नम्य र करे लगले आ शरत मे इजर्इल के आपन रोज के ्कर्य् दे ्दहले​े 22 ्फरौन के सेवक पूर् इस्एल के स्थे क्म बनवले आ एक महीन् रक इस्एल के स्थे ओह क्म मे ल्गल रहले​े 23 महीन् के अंर मे ्फरौन के सब नौकर रोज इस्एल के लोग से गरप तप से दू र होखे लगले​े 24 ओह लरी इस्एल क्म करर रहलन, ब्​्कर रब ओह लोग के रोज के भ्ड् ्मलर रहे क्हे ्क ओह लरी ्मस के करछ आदमी इस्एल के स्थे क्म करर रहले. एह से ्मस के लोग ओह ्दनन मे इस्एल के आपन ्कर्य् दे ्दहल र्​्क उ लोग, जे ्मस के लोग उनकर स्थी क्म करे व्ल् लोग, भी अपन् मेहनर के वेरन ले सके​े 25 एक स्ल च्र महीन् के अंर मे सब ्मस के लोग इस्एल के लोग से दू र हो गईल रहे , जवन् से इस्एल के लोग अकेले क्म मे ल्गल रह गईले​े 26 रब सब ्मस के लोग इस्एल के लोग से हटल् के ब्द उ लोग व्पस आके ओह लोग पर अत्च्री आ अफसर बन गइलन आ ओह लोग मे से करछ लोग इस्एल के लोग के ऊपर क्म के म्​्लक बन के खड् हो गइलन ्क उ लोग ओह लोग से जवन करछ ्दहलस उ सब अपन् मेहनर के वेरन के तप मे ्दहलसे 27 ्मस के लोग इस्एल के लोग के क्म मे दर ख दे वे ख्​्रर ्दन-प्र्दन अयीसन करर रहले​े 28 इस्एल के सब लोग अकेले एह क्म मे ल्गल रहले आ ्मस के लोग रब से इस्एल के लोग के कवनो वेरन दे वे से परहे ज करर रहले​े 29 जब इस्एल के करछ लोग मजदू री न् ्मलल् के चलरे क्म करे से इनक्र क दे ले र वसूली करे व्ल् अवररी ्फरौन के सेवक ओ लोग के अत्च्र कईले अवररी भ्री म्र दे ले अवररी अपन् भ्ई के संगे क्म करे ख्री जबदय सी व्पस क दे ले​े अईसने सब ्मस के लोग इस्एल के लोग के स्थे पूर् ्दन करर रहले​े 30 एह म्मल् मे सब इस्एल के लोग ्मस के लोग से बहर डे र् गईले अवररी सभ इस्एल के लोग व्पस आके ्बन् वेरन के अकेले क्म कईले​े 31 इस्एल के लोग ्पथोम आ र्मसेस के ्नम्य र कइल आ सब इस्एल के लोग क्म कइल, केह ईंट बन्वे आ करछ लोग ्नम्य र कइल, आ इस्एल के लोग पूर् ्मस के दे व्ल आ ओकर दे व्लन के ्नम्य र आ ्कल्बंदी कइल आ इस्एल के लोग बहर स्ल रक क्म मे ल्गल रहे , जबले ्क ऊ समय न्

आ गइल जब पभर ओह लोग के य्द न् कर के ्मस से ब्हर न् ले अइले​े 32 लेवी के लोग शरत से लेके ्मस से ्नकले के ्दन रक अपन् इस्एल के भ्ई लोग के संगे क्म मे न् ल्गल रहले​े 33 लेवी के सब संर्न ज्नर रहले ्क ्मस के लोग इ सब ब्र इस्एली लोग के धोख् से कहले ब्डे , एहसे लेवी के संर्न अपन् भ्ई के संगे क्म करे से परहे ज कईले​े 34 ्मस के लोग लेवी के संर्न के क्म करे ख्​्रर आपन ध्न न् ्दहल, क्हे ्क शरत मे उ लोग अपन् भ्ई लोग के संगे न् रहले, एहसे ्मस के लोग ओ लोग के अकेले छोड दे ले​े 35 ्मस के लोग के ह्थ एह क्म मे इस्एल के लोग के खखल्फ लग्र्र कठोरर् से चलर रहे आ ्मस के लोग इस्एल के लोग के कठोरर् से क्म करवले​े 36 ्मस के लोग मेहनर से, मोट्य र आ ईंट से, आ खेर मे हर ररह के क्म से इस्एल के लोग के जीवन के कडरआ कर ्दहले 37 इस्एल के लोग ्मस के र्ज् मेलोल के “्मस के र्ज् मेरोर” कहले क्हे ्क उनकर् जम्न् मे ्मस के लोग हर ररह के क्म से आपन जीवन कडव् दे ले रहले​े 38 ्मस के लोग जवन् क्म मे इस्एल के लोग के मेहनर करर रहे , उ सब कड्ई से मेहनर करर रहे , र्​्क उ लोग इस्एल के लोग के दर खी कर सके, ले्कन जेरन् ज्द् दर खी करर रहले, ओरने बढल अवररी बढर गईले अवररी ्मस के लोग इस्एल के संर्न के चलरे दर खी होखर रहले​े अध ्य 66 के ब् 1 ओही समय एदोम के र्ज् बेद्द के बेट् हद्द आ पूरब के लोग के दे श मेसरक् के समल् के मौर हो गइले 2 ्मस के र्ज् ्फरौन के श्सन के रेरहव्ँ स्ल मे, जवन इस्ए्लयन के ्मस मे उररे के सौ पचीसव्ँ स्ल रहे , समल् अठ्रह स्ल रक एदोम पर र्ज कइले रहले​े 3 जब ऊ र्ज कइलन र ऊ आपन सेन् के एलीफ्ज के बेट् सफो आ ्कतीम के लोग से लड्ई करे ख्​्रर ्नकल गइलन क्हे ्क ऊ लोग अफीक् के र्ज् अं्जयस से लड्ई लडले रहवे आ ओकर पूर् सेन् के न्श कर ्दहले रहवे. 4 ले्कन ऊ ओकर् से लड्ई न् कइलन क्हे ्क एस्व के लोग ओकर् के रोक के कहर रहे ्क ऊ ओह लोग के भ्ई ह, एहसे स्मल् एस्व के संर्न के आव्ज सरन के अपन् सब सेन् के स्थे एदोम के दे श मे व्पस आ गइलन आ एलीफ्ज के बेट् सफो से लड्ई न् कइलने 5 ्मस के र्ज् ्फरौन इ ब्र सरन के कहले, “एदोम के र्ज् समल् ्कतीम के लोग से लड्ई करे के ठ्न लेले ब्डे अवररी ओकर् ब्द उ ्मस से लड्ई करे आईहे े” 6 ्मस के लोग ई ब्र सरन के इस्एल के लोग पर मेहनर बढ् ्दहल ्क कही ं इस्एल के लोग ओह लोग के स्थे ओइसन न् करस जइसे हद्द के जम्न् मे एस्व के लोग के स्थे लड्ई मे कइले रहले​े 7 रब ्मस के लोग इस्एल के लोग से कहलस ्क, “जली से आपन क्म पूर् कऱ आ दे श के मजबूर कऱ, कही ं रोह्र भ्ई एस्व के लोग हमनी के खखल्फ लड्ई न् करस, क्हे ्क रोहनी के चलरे उ लोग हमनी के खखल्फ आ जइहे े 111


जशेर के बा

8 इस्एल के लोग ्मस के लोग के क्म ्दन पर ्दन करर रहे आ ्मस के लोग इस्एल के लोग के एह दे श मे कम करे ख्​्रर दर खी करर रहे े 9 जइसे ्मस के लोग इस्एल के लोग पर मेहनर बढल, ओइसहीं इस्एल के लोग बढल आ बढल आ पूर् ्मस इस्एल के लोग से भर गइले 10 इस्एल के ्मस मे उररल् के सौ पचीसव्ँ स्ल मे सब ्मस के लोग दे खल ्क इस्एल के खखल्फ उनकर सल्ह सफल न् भइल, बखल उ लोग बढल आ बढल आ ्मस के दे श आ गोशेन के दे श इस्एल के लोग से भर गइले 11 रब ्मस के सब बरजरगय आ ओकर बरख्म्न र्ज् के सोझ् आके उनरक् के पर्म क के उनरक् सोझ् बईठ गईले​े 12 ्मस के सब बरजरगय आ ओकर ज्नी र्ज् से कहले, “र्ज् हमेश् ख्​्रर ्जंद् रहसे रू हमनी के इस्एल के लोग के खखल्फ सल्ह दे ले रहलू अवररी हमनी के र्ज् के वचन के मरर्​्बक उनरक् संगे क्म कईनीे 13 ले्कन शम के बढे के अनरप्र मे उ लोग दे श मे बढे ल् आ बढे ल् आ दे ख़ ्क पूर् दे श ओह लोग से भरल ब्े 14 अब हमनी के म्​्लक आ र्ज्, पूर् ्मस के नजर रोहर् पर ब् ्क रोहर् बरख् से ओह लोग के सल्ह दी,ं जवन् से ऊ लोग इस्एल पर ह्वी हो सके ्क ऊ लोग ओह लोग के न्श कर सके भ् दे श से कम कर सके. र्ज् ओह लोग के जव्ब ्दहलन, “एह ब्र मे रोहनी के सल्ह दी ं ्क हमनी के पर् चल सके ्क ओह लोग के क् कइल ज्व.” 15 उज के दे श मेसोपोट्​्मय् के रहे व्ल् र्ज् के सल्हक्र मे से एगो अ्धक्री र्ज् के जव्ब ्दहलसे 16 अगर र्ज् के अच् ल्गे र उ अपन् सेवक के सल्ह सरनसे र्ज् ओकर् से कहलस, “बोल़े” 17 अयूब र्ज्, र्जकरम्रन आ ्मस के सब बरजरगयन के स्मने बोलले 18 दे ख, र्ज् के जवन सल्ह प्हले इस्एल के लोग के मेहनर के ब्रे मे सल्ह दे ले रहले, उ बहर ्नमन ब्, अवररी रू मेहनर करे व्ल् लोग से हमेश् ख्री मर दू र मर करीें 19 ले्कन इहे सल्ह ब् जवन् से रउआ ओह लोग के कम कर सकेनी, अगर र्ज् के ओह लोग के दर ख दे वे के अच् ल्गे​े 20 दे ख, हमनी के बहर ्दन से यर् से डे र्र रहनी ज्, आ हम कहनी ्क जब इस्एल दे श मे फल पैद् करी र जदी कवनो यर् होखे र उ हमनी के दे श से भग् ्दहे े 21 अगर र्ज् के मन करे र एगो र्जकीय फरम्न ज्री होखे आ ्मस के क्नून मे ्लखल होखे जवन् के र् न् कइल ज्ई ्क इस्ए्लयन से पैद् होखे व्ल् हर लइक् के खून जमीन पर ्गर्वल ज्व. 22 आ रोहर् अइसन कइल् से जब इस्एल के सब नर संर्न मर जइहे र ओह लोग के लड्ई के बरर्ई खरम हो ज्ईे र्ज् अयीसन करे अवररी सभ ्हबू द्ई के बोल्वे अवररी ए म्मल् मे एकर् के फ्ं सी दे वे के आदे श दे स; र ई ब्र र्ज् आ र्जकरम्रन के नीक ल्गल आ र्ज् अयूब के वचन के मरर्​्बक क्म कइलने 23 र्ज् इब्नी द्ई लोग के बोल्वे के भेजले, जवन् मे से एगो द्ई के न्म शेफ् रहे अवररी दू सर् द्ई के न्म परआह रहे े 24 द्ई र्ज् के सोझ् आके उनरक् सोझ् खड् हो गईलीे

25 र्ज् ओह लोग से कहले, “जब रू लोग इब्नी मेहर्त लोग के द्ई के क्म करब आ ओकर् के मल पर दे खब र अगर ऊ बेट् होखे र ओकर् के म्र दी,ं ब्​्कर अगर बेटी होखे र ऊ ्जंद् रहीे 26 ले्कन अगर रू इ क्म न् करब र हम रोहके आ रोह्र सब लर के आग से जर् दे बे 27 द्ई लोग भगव्न से डे र्र रहली आ न् ्मस के र्ज् के ब्र न् सरनर रहली आ न् ही उनकर ब्र सरनर रहली आ जब ्हबू मेहर्त द्ई के बेट् भ् बेटी के जनम दे र रहली र द्ई बच् के स्थे जवन करछ जतरी रहे उ सब कर दे र रहली आ ओकर् के ्जंद् कर दे र रहलीे एही ररे द्ई लोग ्दन भर करर रहलीे 28 र्ज् के इ ब्र बर्वल गईल र उ द्ई के बोल्वे के भेजले अवररी उ ओ लोग से कहले ्क, “रू अयीसन क्हे कईले अवररी बच् के ्जंद् क दे ले ब्नी? 29 द्ई लोग जव्ब दे के र्ज् के स्मने एक संगे ब्र कईलीे 30 र्ज् के इ मर सोचे के च्हीं ्क इब्नी मेहर्त ्मस के मेहर्त ्नयर ब्डी, क्हे ्क इस्एल के सब संर्न स् हो गइल ब्डी आ द्ई के आवे से प्हले ओह लोग के पसव हो ज्ल्, आ हमनी के रोह्र नौकर्नी के, बहर ्दन से कवनो इब्नी मेहर्त हमनी पर न् पैद् कइले ब्डी, क्हे ्क सब इब्नी मेहर्त आपन द्ई हई, क्हे ्क ऊ लोग स् ब्डीे 31 ्फरौन ओह लोग के ब्र सरन के ओह लोग पर ्वश्स कइलन आ द्ई लोग र्ज् से दू र हो गइल आ भगव्न ओह लोग के स्थे ब्ढय् ववह्र कइलन आ लोग बहरे बढ गइल आ बहरे बढ गइल. अध ्य 67 के ब् 1 ्मस के दे श मे लेवी के वंशज के एगो आदमी रहे , जेकर न्म अम्म रहे , जे केहर के बेट् रहे , जवन इस्एल के बेट् लेवी के बेट् रहे े 2 इ आदमी ज्के एगो पती योकेबेद के ्बय्ह कईले, जवन ्क अपन् ब्प के ब्हन लेवी के बेटी योकेबेद रहली अवररी उ एक सौ छबीस स्ल के रहली अवररी उ उनरक् लगे पहं चले​े 3 ऊ मेहर्त गभयवरी होके एगो बेटी के जनम ्दहलस आ ओकर न्म मररयम रखलस, क्हे ्क ओह लरी ्मस के लोग इस्एल के लोग के ज्न कडव् दे ले रहे े 4 उ फेर से गभयवरी होके एगो बेट् के जनम कईली अवररी उनरकर न्म ह्तन रखलस, क्हे की उनरक् गभयध्रर के ्दन मे ्फरौन इस्एल के पररष के खून बह्वे लगले​े 5 ओही ्दन मे ्कतीम के र्ज् एस्व के बेट् एलीफ्ज के बेट् सीफो मर गइलन आ ओकर् जगह् जनेआस र्ज कइलने 6 जब सीफो ्कतीम के लोग पर र्ज कइलन ऊ पच्स स्ल रहल आ ऊ मर गइलन आ ्कतीम के दे श के नबन् शहर मे दफन्वल गइलन. 7 ्कतीम के संर्न के एगो पर्कमी जनेआस उनक् ब्द र्ज कइलन आ ऊ पच्स स्ल रक र्ज कइलने 8 ्कतीम के र्ज् के मौर के ब्द ही बेओर के बेट् ्बल्म ्कतीम के दे श से भ्ग गईले अवररी ्मस के र्ज् ्फरौन के लगे ्मस पहं चले​े 112


जशेर के बा

9 ्फरौन उनकर् के बहर आदर से स्गर कइलन क्हे ्क ऊ उनकर बरख् के ब्रे मे सरनले रहले आ उ उनक् के उपह्र दे के सल्हक्र बन् के उनकर् के बडहन बन् ्दहले​े 10 ्बल्म र्ज् के सब करलीन लोग के स्थे आदर के स्थ ्मस मे रह गइलन आ करलीन लोग उनकर् के ऊपर उठ्वर रहले, क्हे ्क उ सब उनकर बरख् सीखे के ल्लस् करर रहले​े 11 इस्एल के ्मस उररल् के सौ रीसव्ँ स्ल मे ्फरौन सपन् मे दे खले ्क उ अपन् र्ज्संह्सन प बईठल ब्डे , र उ आँ ख उठ् के दे खले ्क उनरक् सोझ् एगो बरढ आदमी खड् ब्डे अवररी बरढऊ के ह्थ मे रर्जू रहे , जवन ्क व्प्री लोग के इसेम्ल होखेल्े 12 बरढऊ रर्जू लेके ्फरौन के स्मने लटक् ्दहलसे 13 बरढऊ ्मस के सब बरजरगय आ ओकर सब करलीन आ बडक् लोग के लेके एक रर्जू मे ड्ल ्दहलसे 14 ऊ एगो दू ध व्ल् बची लेके दू सर् रर्जू मे ड्ल ्दहलन आ बची सब पर ह्वी हो गइले 15 ्फरौन एह भय्नक दशयन से अचरज मे पड गईले ्क बची के सबसे ऊपर क्हे ह्वी हो गईल, र ्फरौन ज्ग गईले अवररी दे खले ्क इ सपन् रहे े 16 ्फरौन सबेरे-सबेरे उठ के अपन् सभ नौकर के बोलवले अवररी सपन् सरनवले अवररी आदमी बहर डे र् गईले​े 17 र्ज् अपन् सब ज्नी लोग से कहले, “हम जवन सपन् दे खले रहनी ओकर व्ख् कऱ र्​्क हम ओकर् के ज्न सकीले​े” 18 बेओर के बेट् ्बल्म र्ज् से कहलस ्क, एकर मरलब अवररी करछ नईखे, ्सव्य एगो बड बरर्ई के जवन ्क अं्रम समय मे ्मस के खखल्फ पैद् होईे 19 क्हे ्क इस्एल के एगो बेट् पैद् होई जवन पूर् ्मस आ ओकर् ्नव्सी लोग के न्श करी आ इस्ए्लयन के एगो र्करवर ह्थ से ्मस से ब्हर ्नक्ल ्दहीे 20 अब हे र्ज्, एह ब्र पर सल्ह लीं ्क ्मस के खखल्फ ई बरर्ई पैद् होखे से प्हले रू इस्एल के लोग के उमीद आ ओह लोग के उमीद के नष कर दीें 21 र्ज् ्बल्म से कहलस, “हम इस्एल के क् करब? ्न्शर तप से हमनी के प्हले एगो ख्स ररीक् से ओह लोग के खखल्फ सल्ह दे ले रहनी ज् आ ओह लोग पर ह्वी न् हो पवनी ज्े 22 अब रोहनी के ओह लोग के खखल्फ सल्ह भी दी ं जवन् से हमनी के ओह लोग पर ह्वी हो सकीले​े 23 ्बल्म र्ज् के जव्ब दे ले, “अब भेज के आपन दर नो सल्हक्र के बोल्व, र हमनी के दे खब ्क ए म्मल् मे उनरकर क् सल्ह ब् अवररी ओकर् ब्द रोह्र सेवक बोलीे 24 र्ज् अपन् दर नो सल्हक्र के ्मद्नी रे उल आ उजी के अयूब के बोल्वे के भेजले अवररी उ लोग र्ज् के सोझ् आके बईठ गईले​े 25 र्ज् ओह लोग से कहलस, “हम जवन सपन् दे खले ब्नी आ ओकर मरलब दर नर सरनले ब्नीे अब एह से सल्ह दी ं आ ज्न लीं आ दे खी ं ्क इस्एल के लोग के क् होखे व्ल् ब्, जवन् से हमनी के ओह लोग पर ह्वी हो सकीले, एहसे प्हले ्क ओह लोग के बरर्ई हमनी पर पैद् न् होखे. 26 ्मद्नी रएल र्ज् से कहलस, “र्ज् ्जंद् रहस, र्ज् हमेश् ख्​्रर ्जंद् रहसे”

27 अगर र्ज् के अच् ल्गे र उ इब्​्नयन के छोड के ओ लोग के छोड के चल ज्स अवररी ओ लोग के खखल्फ ह्थ मर बढ्वसे 28 क्हे ्क इहे उ लोग हवे जेकर् के पभर परर्न ्दन मे चरनले रहले आ धररी के सब ज्​्र आ धररी के र्ज् लोग के बीच से आपन ्वर्सर के भ्ग मे ले ्लहले रहले​े आ के ब् जे दं डहीनर् के ओह लोग पर ह्थ बढवले ब्, जेकर बदल् ओह लोग के भगव्न न् ्लहले रहले? 29 रू जतर ज्नर ब्डू ्क जब अब्हम ्मस गइलन र ्मस के प्हले के र्ज् ्फरौन अपन् मेहर्त स्र् के दे ख के ओकर् के मेहर्त बन् ्लहलन क्हे ्क अब्हम कहले रहले ्क ऊ हम्र ब्हन हई क्हे ्क ऊ डे र्र रहले ्क कही ं ्मस के आदमी ओकर् मेहर्त क् चलरे ओकर हत् न् कर दे व. 30 जब ्मस के र्ज् स्र् के पकड ्लहले र परमेशर ओकर् आ ओकर् लर के लोग के भ्री ्वप्त से म्र ्दहलन, जब रक ्क उ अपन् पती स्र् के अब्हम के व्पस न् ले अइले, रब रक उ ठीक हो गईले​े 31 प्लसीयन के र्ज् गेर्री अबीमेलेक अब्हम के पती स्र् के चलरे आदमी से लेके ज्नवर रक के हर गभय के रोक के सज् दे ले​े 32 जब र्र के सपन् मे उनकर परमेस् वर अबीमेलेक के लगे अईले आ ओकर् के डे र् ्दहले र्​्क उ अब्हम के च्र् के व्पस कर सकस, जेकर् के उ ले गईल रहले, अवररी ओकर् ब्द स्र् के चलरे गेर्र के सभ लोग के सज् ्मल गईल अवररी इब्हीम ओ लोग ख्री अपन् भगव्न से प्थयन् कईले अवररी उनरक् से ्नहोर् कईले अवररी उ ओ लोग के ठीक क दे ले​े 33 अबीमेलेक अपन् आ अपन् लोग पर भइल एह सब बरर्ई से डे र् गइलन आ ऊ अपन् मेहर्त स्र् अब्हम के लगे लवट के उनरक् के बहरे वरद्न दे ्दहलन. 34 जब उ इसह्क के गेर्र से भग् ्दहलन र उ इसह्क के भी अयीसन कईले अवररी भगव्न ओकर् संगे अद् भरर क्म कईले ्क गेर्र के सभ प्नी के ध्र सूख गईल अवररी ओकर उपज व्ल् पेड न् पैद् भईले 35 जब रक गेर्र के अबीमेलेक आ ओकर एगो दोस अहजर आ ओकर सेन् के सेन्प्र ्पकोल ओकर् लगे न् गइलन आ ऊ लोग झरक के ओकर् सोझ् जमीन पर झरक गइलन. 36 उ लोग उनकर् ख्​्रर ्वनरी करे के ्नहोर् कइलन आ ऊ ओह लोग ख्​्रर पभर से प्थयन् कइलन आ पभर उनकर् से ्नहोर् कइलन आ ऊ ओह लोग के ठीक कर ्दहलने 37 य्कूब, जे स्द् आदमी रहे , ओकर अखंडर् से ओकर भ्ई एस्व आ ओकर म्ई के भ्ई अररय्ई ल्ब्न के ह्थ से मरक हो गइले ओइसहीं कन्न के सब र्ज् लोग के ह्थ से जे ओकर् आ ओकर् लइकन के न्श करे ख्​्रर एकजरट भइल रहे आ पभर ओह लोग के ह्थ से बच् ्लहले, ्क ऊ लोग ओह लोग पर मरड के म्र ्दहल, क्हे ्क के कबो दं डहीनर् के ओह लोग पर ह्थ बढवले रहे ? 38 प्हलक् फ्रो, रोह्र ब्प के ब्प, य्कूब के बेट् यूसरफ के आपन बरख् दे ख के ्मस के सब र्जकरम्रन से ऊपर उठवले, क्हे ्क उ अपन् बरख् से दे श के सब ्नव्सी के अक्ल से बच् लेले​े

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जशेर के बा

39 ओकर् ब्द ऊ य्कूब आ उनकर लइकन के ्मस उररे के आदे श ्दहलन र्​्क उ लोग के गरर से ्मस आ गोशेन के दे श अक्ल से मरक हो सके​े 40 अब अगर रोहर् नजर मे अच् ल्गे र इस्एल के लोग के न्श कईल बंद कर दी,ं ले्कन अगर रोह्र इच् न् होई ्क उ लोग ्मस मे रहस र ओ लोग के इह्ँ से भेज दी ं र्​्क उ लोग कन्न दे श मे चल ज्स, जहव्ं उनरकर पररख् पव्स कईले रहले​े 41 जब ्फरौन जेथो के ब्र सरन के ओकर् पर बहर न्र्ज हो गइलन आ र्ज् के स्मने से ल्ज से उठ के अपन् दे श ्मद्न मे चल गइलन आ यूसरफ के ल्ठी लेके चल गइलने 42 र्ज् उजी अयूब से कहलस, “रू अयूब के क् कहर ब्डू आ इब्​्नयन के ब्रे मे रोह्र क् सल्ह ब्?” 43 अयूब र्ज् से कहलस, “दे ख़, दे श के सब ्नव्सी रोहर् अ्धक्र मे ब्डे , र्ज् जवन अच् ल्गर ब्, उहे करसे” 44 र्ज् ्बल्म से कहलस, “हे ्बल्म, रू क् कहर ब्डू, आपन ब्र कह़ ्क हमनी के सरन सकीले​े” 45 ्बल्म र्ज् से कहलस, “र्ज् इब्​्नयन के खखल्फ जवन भी सल्ह दे ले ब्डे , ओकर् मे से उ लोग के बच्वल ज्ई अवररी र्ज् कवनो सल्ह से ओ लोग प ह्वी न् होईहे े 46 अगर रू ओह लोग के ज्ल्मरखी आग से कम करे के सोचर ब्ड़ र रू ओह लोग पर ह्वी न् हो सकब क्हे ्क ओह लोग के परमेस् वर ओह लोग के ब्प अब्हम के कलीयन के उर से बच् ्लहले ब्डने आ अगर रू ओह लोग के रलव्र से न्श करे के सोचर ब्ड़ र ओह लोग के ब्प इसह्क के ओकर् से बच्वल गइल आ ओकर् जगह् एगो मेढक ड्ल ्दहल गइल. 47 अगर रू क्ठन आ कड् मेहनर से ओह लोग के कम करे के सोचर ब्डू र रू एह मे भी जीर न् प्ईब क्हे ्क ओह लोग के ब्प य्कूब हर ररह के मेहनर मे ल्ब्न के सेव् कइले रहले आ समृ् भइले​े 48 अब हे र्ज्, हम्र ब्र सरन, क्हे ्क इहे सल्ह ब् जवन ओह लोग के खखल्फ बन्वल गइल ब्, जवन् से रू ओह लोग पर ह्वी होखब आ जवन् से रू न् हटबे 49 अगर र्ज् के मन करे र आजर से पैद् होखे व्ल् सब लइकन के प्नी मे फेके के आदे श दे स क्हे ्क एह से रू ओह लोग के न्म पोंछ सकेल़ क्हे ्क ओह लोग मे से केह के आ न् ही ओह लोग के ब्प-द्द् के एह ररह से परीक् न् भइल रहे े 50 र्ज् ्बल्म के ब्र सरन के र्ज् आ र्जकरम्र लोग के मन खरश हो गईल अवररी र्ज् ्बल्म के वचन के मरर्​्बक क्म कईले​े 51 र्ज् पूर् ्मस दे श मे एगो लोषर् अवररी क्नून बन्वे के आदे श दे ले, जवन् मे कहल गईल ्क, “आज से इब्​्नयन से पैद् भईल हरे क बच् के प्नी मे फेक ्दहल ज्ईे” 52 ्फरौन अपन् सभ नौकरन के आव्ज दे के कहले, “अब ज् के गोशेन दे श मे खोजी ं जह्ँ इस्एल के लोग ब्डे , आ दे ख़ ्क इब्​्नयन के जनमल हर लइक् के नदी मे फेक ्दहल ज्ई, ले्कन हर बेटी के ्जंद् कर दीें ” 53 जब इस्एल के लोग इ ब्र सरन के जवन ्फरौन अपन् नर लइकन के नदी मे फेके के आज् दे ले रहले, र करछ लोग अपन् मेहर्त से अलग हो गईले अवररी करछ लोग ओ लोग के संगे चल गईले​े

54 ओह ्दन से जब इस्एल के ओह मेहर्तवन के पसव के समय आइल जवन अपन् प्र के स्थे रह गइल रहली र ऊ लोग खेर मे बच् पैद् करे ख्​्रर चल गइली आ खेर मे आपन लइकन के छोड के अपन् लरे लवट गइली. 55 आ पभर जे ओह लोग के पररखन के ्कररय् खइले रहले ्क ऊ लोग के बढे के ्कररय् खइले रहले, ऊ अपन् एगो सेवक सगयदूर के भेजले रहले जवन हर बच् के प्नी से धोवे, ओकर् के अ्भषेक करे आ ओकर् के लपेटे आ ओकर् ह्थ मे दू गो ्चकन् पतर ड्ले, जवन् मे से ऊ दू ध आ दर सरक् शहद चूसले रहे , आ ओकर ब्ल लरटन् रक बढ् ्दहले , जवन् से ऊ अपन् के ढं क सके​े ओकर् के ्दल्स् दे बे ख्​्रर आ ओकर् से ्चपकल रहे ख्​्रर, ओकर् प्र अपन् करर् के म्धम से​े 56 जब भगव्न ओह लोग पर दय् कइलन आ ओह लोग के दे श के सरह पर बढे के इच् कइलन र ऊ अपन् धररी के आदे श ्दहलन ्क ऊ लोग ओह लोग के बड होखे के समय रक ओहमे संर्कर र्खल ज्व, ओकर् ब्द धररी आपन मरँह खोल के ओह लोग के उली कर ्दहल्स आ ऊ लोग शहर से धररी के जडीबूटी आ जंगल के ल्स ्नयर अंकरररर हो गइल आ ऊ लोग हर केह अपन् पररव्र आ जंगल के ल्स ्नयर अंकरररर हो गइल उनकर ब्प के लर मे आ उ लोग ओह लोग के स्थे रह गइलने 57 इस्एल के लइक्-लइकी धररी पर खेर के जडी-बूटी ्नयर रहलन, परमेशर के कृप् से​े 58 जब सब ्मस के लोग ई ब्र दे ख के हर केह अपन् बैल के जरआ आ हल के जूआ लेके अपन् खेर मे ्नकल गईले अवररी उ लोग ओकर् के ओसही जोरले, जईसे बीज के समय धररी जोरेल्े 59 जब उ लोग जोरर रहले र उ लोग इस्एल के ्शशर के चोट न् पहं च् पवले, एहसे लोग बढ गईले अवररी बहर बढ गईले​े 60 ्फरौन अपन् अफसरन के रोज गोशेन ज्के इस्एल के बच् के खोजे के आदे श दे र रहले​े 61 जब ऊ लोग एगो खोज के ्मलल र ओकर् के जबरन ओकर् म्ई के छ्री से लेके नदी मे फेक ्दहल, ले्कन म्द् बच् के अपन् महर्री के संगे छोड दे ले​े ्मस के लोग पूर् ्दन इस्ए्लयन के स्थे अइसने करर रहलने अध ्य 68 के ब् 1 रब ही परमेशर के आत् ह्तन के ब्हन अम्म के बेटी मररयम पर रहे आ उ लर के ब्रे मे भ्वषव्री करर कहली ्क, “दे खी,ं अब हमर् ब्प-म्ई से हमनी के एगो बेट् पैद् होई अवररी उ इस्एल के ्मस के ह्थ से बच्ईे 2 जब अम्म अपन् बेटी के ब्र सरनलस र उ अपन् पती के व्पस लर मे ले गईले, जब ्फरौन य्कूब के लर के हर नर बच् के प्नी मे फेके के आदे श दे ले रहले​े 3 अम्म आपन मेहर्त योकेबेद के भग् ्दहल् के रीन स्ल ब्द ले ्लहलन आ ऊ ओकर् लगे अइले आ ऊ गभयवरी हो गइली. 4 गभयध्रर के स्र महीन् के अंर मे उ एगो बेट् के जनम कईली अवररी पूर् लर मे सूरज अवररी च्ँ द के चमक के रोशनी ्नहन बहर रोशनी भरल रहे े

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जशेर के बा

5 जब उ म्हल् बच् के दे खली ्क उ बच् ्नमन अवररी दे ख्ई दे वे मे ्नमन ब्, र उ ओकर् के रीन महीन् रक भीररी कमर् मे ्छप् दे लसे 6 ओह लरी ्मस के लोग ओ्हज् के सब इब्​्नयन के न्श करे के स्​्जश रचले​े 7 ्मस के मेहर्त लोग गोशेन चल गइली जह्ँ इस्एल के लोग रहले आ ऊ लोग अपन् लइक् के अपन् क्न पर लेके चलल, जवन ्क अबही ं ले बोल न् प्वर रहे े 8 आ ओह लरी जब इस्एल के मेहर्त लोग के बच् पैद् भइल रहे र हर मेहर्त अपन् बेट् के ्मस के लोग से ्छप् के रखले रहे र्​्क ्मस के लोग के बच् पैद् होखे के ब्रे मे पर् न् चल सके आ ऊ लोग के दे श से न्श न् कर सके​े 9 ्मस के मेहर्त गोशेन अइली आ उनकर लइक् जे बोल न् प्वर रहले, उनकर क्न पर बइठल रहले आ जब एगो ्मस के मेहर्त एगो इब्नी मेहर्त के लर मे अइली र उनकर लइक् रोवे ल्गले 10 जब ई ्चल् उठल र भीरर के कमर् मे मौजूद लइक् ओकर् के जव्ब ्दहलस र ्मस के मेहर्त लोग ्फरौन के लरे ज्के एकर् के बरवलीे 11 ्फरौन अपन् अफसरन के भेजले ्क उ लईकन के लेके म्र दे से ्मस के लोग पूर् ्दन इब्नी मेहर्त लोग के स्थे अइसने करर रहे े 12 योकेबेद के बेट् के ्छप्वे के करीब रीन महीन् के ब्द ्फरौन के लर मे इ ब्र के पर् चलले 13 अफसरन के अइल् से प्हले ऊ मेहर्त अपन् बेट् के ले ज्ए ख्​्रर जलीब्जी कइली आ ओकर् ख्​्रर एगो बरलश के सनदू क लेके ओकर् के ्चप्चप्हट आ गडह् से रं ग के ओह बच् के ओहमे ड्ल ्दहली आ ओकर् के नदी के ्कन्रे झंड् मे ्बछ् ्दहलीे 14 उनकर ब्हन मररयम दू र खड् होके ज्न गईली ्क उनकर क् होई आ उनकर ब्र के क् होईे 15 ओह लरी परमेस् वर ्मस के दे श मे एगो भयंकर गम् भेजले, जवन आदमी के म्ं स के अपन् चकर मे सूरज ्नहन जर् ्दहलस अवररी ्मस के लोग प बहर अत्च्र कईलसे 16 रब सब ्मस के लोग नदी मे नह्ए ख्​्रर उररल, क्हे ्क उ लोग के म्ं स जर् ्दहलसे 17 ्फरौन के बेटी ब्थय् भी नदी मे नह्ए गईली, जवन् के चलरे उनरकर लईकी अवररी ्मस के सभ म्हल् नदी के ्कन्रे चलर रहलीे 18 ब्थय् नदी के ओर आँ ख उठ् के प्नी पर सनदू क दे खली आ अपन् नौकर्नी के ओकर् के ले आवे ख्​्रर भेजलीे 19 ऊ ओकर् के खोल के लइक् के दे खली र दे खनी ्क लइक् रोवर रहे आ ओकर् पर दय् आवर रहे आ कहली ्क ई इब्नी लइक् मे से एगो हे 20 नदी के ्कन्रे चलर ्मस के सब मेहर्त ओकर् के दू ध ्पय्वे के च्हर रहली, ले्कन उ दू ध न् ्पएले, क्हे ्क इ ब्र पभर के ओर से रहे , र्​्क उनरक् के अपन् महर्री के छ्री मे व्पस ले आवल ज् सके​े 21 ओह लरी उनकर ब्हन मररयम नदी के ्कन्रे ्मस के मेहर्त लोग के बीच मे रहली आ ऊ ई ब्र दे खली आ ्फरौन के बेटी से कहली, “क् हम ज्के इब्नी मेहर्त लोग के दू ध ्पय् के ले आव़ ्क ऊ रोहर् ख्​्रर बच् के दू ध ्पय्वे?”

22 ्फरौन के बेटी ओकर् से कहलस, “ज्, यरवरी ज्के बच् के महर्री के बोलवलसे 23 ्फरौन के बेटी योकेबेद से कहली ्क, “एह बच् के लेके हमर् ख्​्रर दू ध ्पय् द, हम रोहर् मजदू री, रोज दर -दर च्ं दी दे बे आ मेहर्त लइक् के लेके दू ध ्पय्वलसे 24 दू स्ल के अंर मे जब लइक् बड भइल र ऊ ओकर् के ्फरौन के बेटी के लगे ले अइली आ ऊ ओकर् ख्​्रर एगो बेट् ्नयर हो गइल आ ओकर न्म मूस् रखली क्हे ्क ऊ कहली ्क, “क्हे ्क हम ओकर् के प्नी से ्नक्लले ब्नीे” 25 ओकर ब्प अम्म ओकर न्म च्बर रखले , क्हे ्क उ कहले रहले ्क, “उ अपन् पती से संगर कईले रहले, जवन् के उ भटकवले रहले​े” 26 उनकर म्ई योकेबेद उनकर न्म जेकर्थएल रखली क्हे ्क उ कहली ्क हम सवयशखकम्न के स्मने उनकर आश् रखले ब्नी आ परमेशर उनक् के हमर् लगे व्पस कर ्दहले​े 27 उनकर ब्हन मररयम ओकर् के जेरेद कहर रहली, क्हे ्क ऊ उनक् पीछे -पीछे नदी पर उररल रहली ्क उनकर अंर क् होईे 28 उनकर भ्ई ह्तन उनकर न्म अबी जनरख रखले आ कहलन ्क हम्र ब्बूजी हमर् म्ई के छोड के अपन् म्ई के लगे व्पस आ गईले​े 29 अम्म के ्पर् केहर ओकर न्म अबीगदोर रखले क्हे ्क परमेस् वर य्कूब के लर्न् के फ्टल जगह के ठीक कर ्दहले , जवन् से उ लोग अब अपन् लईकन के प्नी मे न् फेक पवले​े 30 ओह लोग के पररच्ररक् ओकर् के अबी सोचो बोलवली आ कहलस ्क, “ह्म के संर्न के चलरे उ रीन महीन् रक अपन् रमू मे ्छपल रहले​े 31 पूर् इस्एल ओकर न्म नथनेल के बेट् शेमैय् रखले क्हे ्क उ लोग कहर रहे ्क, “उनरक् जम्न् मे परमेशर ओ लोग के परक्र सरनले ब्डे अवररी ओ लोग के अत्च्री लोग से बच् लेले ब्डे े” 32 मूस् ्फरौन के लर मे रहले अवररी ्फरौन के बेटी ब्थय् के बेट् के तप मे रहले अवररी मूस् र्ज् के संर्न के बीच मे पलल-बढल रहले​े अध ्य 69 के ब् 1 एदोम के र्ज् ओह ्दन मे, अपन् श्सन के अठ्रहव्ँ स्ल मे मर गइलन आ ओकर् के अपन् मं्दर मे दफन् ्दहल गइल जवन ऊ एदोम दे श मे आपन र्जलर्न् बन् के अपन् ख्​्रर बनवले रहले. 2 एस्व के संर्न नदी के ्कन्रे पेथोर मे भेजले अवररी उह्ँ से एगो सरंदर आं ख अवररी सरंदर तप व्ल् यरवक के ले आईल, जेकर न्म श्ऊल रहे अवररी ओकर् के समल् के जगह प र्ज् बनवले​े 3 श्ऊल एदोम के दे श मे एस्व के सब संर्न पर च्लीस स्ल रक र्ज कइलने 4 ्मस के र्ज् ्फरौन जब दे खलन ्क ्बल्म इस्एल के लोग के ब्रे मे जवन सल्ह दे ले रहले, उ क्मय्ब न् भईल, ले्कन रबहँ उ लोग फलद्र ब्, पूर् ्मस दे श मे बढल अवररी बढले

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जशेर के बा

5 रब ्फरौन ओह ्दन मे आज् ्दहलन ्क पूर् ्मस मे इस्एल के लोग के एगो लोषर् कइल ज्व ्क, “केह अपन् रोज के मेहनर से कवनो क्म कम न् करे े” 6 आ जे आदमी के रोज जवन मेहनर करे ल्, च्हे ऊ मोट्य र मे होखे भ् ईंट मे, ओकर् मे ओकर छोटक् बेट् के ओह लोग के जगह पर र्खल ज्ईे 7 ओह लरी इस्एल के लोग पर ्मस के मेहनर मजबूर हो गइल आ दे ख़ ्क अगर केह के रोजमर्य के क्म मे एक ईंट के कमी होखे र ्मस के लोग ओकर् छोटक् लइक् के जबरन ओकर् महर्री से लेके ओकर् के ओह ईंट के जगह् इम्रर मे ड्ल ्दहल जवन् के ओकर ्पर् कमी छोडले रहले. 8 ्मस के लोग ्दन-प्र्दन, पूर् ्दन बहर ्दन रक पूर् इस्एल के लोग के संगे अयीसन करर रहले​े 9 ले्कन लेवी के गोत शरत से ही इस्एली लोग के स्थे आपन भ्ई लोग के स्थे क्म न् करर रहे , क्हे ्क लेवी के लोग ्मस के लोग के धूरयर् के ज्नर रहे जवन उ लोग प्हले इस्एली लोग के स्थे कईले रहे |

10 ऊ ्मस आ ओकर र्ज् के गरमर्ह करे ख्​्रर ्मस मे उरर के आपन मेहर्त स्र् के ब्रे मे कहलन ्क ऊ हम्र ब्हन हईे 11 उनकर बेट् इसह्क भी अईसन कईले जब उ गेर्र गईले अवररी उह्ँ रह गईले अवररी प्लसीयन के र्ज् अबीमेलेक के सेन् प उनरकर र्कर ह्वी हो गईले 12 उ प्लसीयन के र्ज के ठोकर ख्ए के ब्रे मे भी सोचले ्क उनरकर पती ररबेक् उनरकर ब्हन हईे 13 य्कूब भी अपन् भ्ई के स्थे धोख् कइलन आ ओकर् ह्थ से ओकर जम के अ्धक्र आ आशीव्य द ले ्लहलने 14 रब ऊ प्द्न-अर्म मे अपन् महर्री के भ्ई ल्ब्न के लरे गइलन आ धूरयर् से उनकर बेटी, मवेशी आ आपन सब स्म्न ले ्लहलन आ भ्ग के कन्न दे श मे अपन् ब्प के लगे लवट गइलन. 15 उनकर बेट् लोग आपन भ्ई यूसरफ के बेच ्दहल, जे ्मस मे ज्के गरल्म बन गइलन आ ब्रह स्ल ख्​्रर जेल मे रखल गइलने 16 जब रक ्क प्हले के ्फरौन सपन् न् दे ख के जेल के लर से ब्हर न् ्नक्ल ्दहलस आ अपन् सपन् के व्ख् करे के चलरे ्मस के सभ र्जकरम्रन से ऊपर न् बढ् ्दहलसे 17 जब भगव्न पूर् दे श मे अक्ल मचवले र उ अपन् ्पर् अवररी अपन् सभ भ्ई अवररी अपन् ्पर् के पूर् लर के लोग के बोल् के ्बन् कवनो कीमर अवररी इन्म के भरर-पोषर कईले अवररी ्मस के लोग के गरल्म ख्री खरीद लेले​े 18 अब हम्र म्​्लक र्ज् दे ख़, ई लइक् ्मस मे ओह लोग के जगह पर उठल ब्, आ हर र्ज्, र्जकरम्र आ न्य्धीश के स्थे ररच ब्र करे ख्​्रर उठल ब्े 19 अगर र्ज् के मन करे र अब ओकर खून जमीन पर उझल दी,ं कही ं ऊ बड होके रोहर् ह्थ से श्सन न् छीन लेव आ ओकर् र्ज कइल् के ब्द ्मस के आश् न्श न् हो ज्वे 20 ्बल्म र्ज् से कहलस, “हमनी के ्मस के सभ न्य्धीश आ ओकर ज्नी लोग के बोल्वल ज्व आ हमनी के बर्वल ज्व ्क क् रू कहल् के मरर्​्बक एह लईक् के मौर के सज् ्मलेल् ्क न्, र हमनी के ओकर् के म्र दे ब ज्े” 21 ्फरौन ्मस के सब ज्नी लोग के बोल्वे के भेजले अवररी उ लोग र्ज् के सोझ् अईले अवररी ओ लोग के बीच मे पभर के एगो सगयदूर आ गईले अवररी उ ्मस के एगो ज्नी लोग ्नहन रहले​े 22 र्ज् ज्नी लोग से कहलस, “रू लोग जतर सरनले होखब ्क इ इब्नी लईक् जवन लर मे ब्, उ क् कईले ब् अवररी ्बल्म ए म्मल् मे फैसल् कईले ब्डे े 23 अब रोहनी के भी न्य करी ं आ दे ख़ ्क लइक् के कइल क्म ख्​्रर क् ब्े 24 ्फरौन के बरख्म्न लोग मे से एगो सगयदूर ्मस के सब ज्नी लोग के स्मने आ र्ज् आ र्जकरम्रन के स्मने जव्ब ्दहलसे 25 अगर र्ज् के मन करे र र्ज् के अइसन आदमी के बोल्वे के च्हीं जे अपन् सोझ् गोमेद के पतर आ आग के कोयल् ले के लइक् के सोझ् र्खे आ अगर लइक् ह्थ बढ् के गोमेद के पतर ले लेव र हमनी के पर् चली ्क नवही बरख् से ऊ सब क्म कइले ब् आ हमनी के ओकर् के म्र दे बे के पडी. 26 ले्कन अगर उ कोयल् प ह्थ बढ्ई र हमनी के पर् चली ्क उ इ क्म ज्न के न् कईले रहले अवररी उ ्जंद् रह जईहे े

अध ्य 70 के ब् 1 मूस् के जनम के रीसर् स्ल मे ्फरौन एगो भोज मे बईठल रहले, जब र्नी अलर्नीथ उनरक् द्​्हन् ओर अवररी ब्थय् उनरक् ब्ईं ओर बईठल रहले, अवररी लईक् मूस् उनरक् छ्री प लेट गईल रहले अवररी बेओर के बेट् ्बल्म अपन् दर नो बेट् के संगे अवररी र्ज के सभ र्जकरम्र र्ज् के सोझ् मेज प बईठल रहले​े 2 ऊ लइक् र्ज् के म्थ् पर ह्थ बढ् के र्ज् के म्थ् से मरकरट ्नक्ल के अपन् म्थ् पर रख ्दहलसे 3 र्ज् आ र्जकरम्र लोग जब लइक् के कइल क्म दे ख के र्ज् आ र्जकरम्र लोग लबर् गइल आ एक आदमी अपन् पडोसी से अचरज के ब्र कहलसे 4 र्ज् अपन् से प्हले मेज पर बइठल र्जकरम्रन से कहले, “हे र्जकरम्र लोग, एह म्​्मल् मे रू लोग क् कहर ब्ड़ आ क् कहर ब्ड़, आ एह क्म के चलरे लइक् के खखल्फ क् फैसल् होखे व्ल् ब्? 5 ज्दू गर बेओर के बेट् ्बल्म र्ज् आ र्जकरम्रन के सोझ् जव्ब ्दहलन आ कहलन ्क, “हे हम्र म्​्लक आ र्ज्, अब य्द कऱ, जवन सपन् रू बहर ्दन ब्द दे खले रहलू आ जवन् सपन् के रोह्र सेवक रोहर् के व्ख् कइले रहलने” 6 अब इ इब्नी संर्न के एगो बच् ह, जेकर् मे परमेशर के आत् ब्, आ हम्र म्​्लक र्ज् इ न् सोचे ्क इ नवही ्बन् ज्नक्री के इ क्म कईले ब्े 7 क्हे ्क उ एगो इब्नी लइक् ह आ बरख् आ समझ ओकर् स्थे ब्, भले ही उ अभी लइक् ब्, आ बरख् से उ इ क्म कइले ब् आ ्मस के र्ज अपन् ख्​्रर चरनले ब्े 8 क्हे ्क सब इब्नी लोग के ररीक् ह ्क उ लोग र्ज् आ उनकर करलीन लोग के धोख् दे के इ सब क्म धूरयर् से करे ल् र्​्क धररी के र्ज् आ उनकर आदमी के क्ँ प सके​े 9 रू जतर ज्नर ब्डू ्क उनकर ब्प अब्हम अईसन क्म कईले, जे ब्बेल के र्ज् ्नमरोद आ गेर्र के र्ज् अबीमेलेक के सेन् के धोख् दे ले रहले अवररी उ हे र के लोग के दे श अवररी कन्न के सभ र्ज के अपन् कब् मे ले लेले रहले​े 116


जशेर के बा

27 र्ज् आ र्जकरम्रन के नजर मे ई ब्र ब्ढय् ल्गल, र र्ज् पभर के दू र के वचन के मरर्​्बक क्म कईले​े 28 र्ज् गोमेद के पतर आ कोयल् के ले आके मूस् के स्मने रखे के आदे श ्दहलने 29 ऊ लोग ओह लइक् के अपन् सोझ् रख ्दहल आ ऊ लइक् गोमेद के पतर पर आपन ह्थ बढ्वे के को्शश कइलस, ब्​्कर पभर के दू र ओकर ह्थ पकड के कोयल् पर रख ्दहलस आ ओकर् ह्थ मे कोयल् बरझ गइल आ ऊ ओकर् के उठ् के मरँह मे ड्ल ्दहलस आ ओकर होंठ के करछ ्हस् आ जीभ के करछ ्हस् जर् ्दहलस आ मरँह मे भ्री पड गइल आ जीभ के ब्रे मे बर्वल गइल ब्. 30 र्ज् आ र्जकरम्र लोग ई दे ख के ज्न गइल ्क मूस् र्ज् के म्थ् से मरकरट उर्रल् मे कवनो बरख्म्नी के क्म न् कइले ब्डने 31 र्ज् आ र्जकरम्र लोग ओह बच् के म्रे से परहे ज कइल, एहसे मूस् बड होखर ्फरौन के लर मे रह गइलन आ पभर ओकर् स्थे रहले​े 32 जब ऊ लइक् र्ज् के लर मे रहे रब ऊ बैगनी रं ग के कपड् प्हनले रहे आ र्ज् के लइकन के बीच मे बढल रहे े 33 जब मूस् र्ज् के लर मे पलल बढल र ्फरौन के बेटी ब्थय् उनरक् के बेट् म्न ्लहली अवररी ्फरौन के लर के पूर् लोग उनरकर आदर कईले अवररी ्मस के सभ आदमी उनरक् से डे र् गईले​े 34 ऊ रोज गोशेन के दे श मे ज्र रहले, जह्ँ उनकर भ्ई इस्एल के लोग रहले, आ मूस् रोज ओह लोग के स्ं स के रकलीफ आ मेहनर से दे खर रहले​े 35 मूस् ओह लोग से पूछले ्क, “ई मेहनर रोहनी के ्दन पर ्दन क्हे हो रहल ब्? 36 उ लोग उनकर् पर भइल सब ब्र आ ्फरौन के जनम से प्हले जवन भी आज् दे ले रहले, उ सब बरवले| 37 उ लोग ओकर् के बरवले ्क बेओर के बेट् ्बल्म उ लोग के खखल्फ जवन सल्ह दे ले रहले अवररी उ र्ज् के मरकरट के मरकरट उर्रल् के ब्द उनरक् के म्रे ख्री उनरक् खखल्फ क् सल्ह दे ले रहले​े 38 जब मूस् ई ब्र सरन के ्बल्म पर उनकर गरस् भडक गइल आ ऊ ओकर् के म्रे के को्शश कइलन आ ऊ ्दन पर ्दन ओकर् ख्​्रर ल्र लग् के बइठल रहले. 39 ्बल्म मूस् से डे र् गइलन आ ऊ आ उनकर दर नर बेट् उठ के ्मस से ्नकल गइलन आ ऊ लोग भ्ग गइलन आ आपन ज्न बच् के करश दे श मे करश के र्ज् ्क्कय्नरस के लगे ले गइलन. 40 जब मूस् र्ज् के लर मे ्नकलर आ अंदर आवर रहले र परमेश् वर ्फरौन, अपन् सभ सेवक आ पूर् ्मस के लोग के नजर मे उनरक् के कृप् कईले अवररी उ लोग मूस् से बहर प्र कईले​े 41 जब मूस् अपन् भ्ई लोग से ्मले गोशेन गईले, उ ्दन आईल ्क उ इस्एल के लोग के बोझ अवररी मेहनर मे ल्गल रहले अवररी मूस् ओ लोग के चलरे दर खी हो गईले​े 42 मूस् ्मस लवट के ्फरौन के लरे आके र्ज् के सोझ् अईले अवररी मूस् र्ज् के सोझ् पर्म कईले​े

43 मूस् ्फरौन से कहले, “हे म्​्लक, हम रोहर् से एगो छोट ्नहोर् म्ँ गे आइल ब्नी, ख्ली मरँह मर मोड़े ्फरौन ओकर् से कहलस, “बोल़े” 44 मूस् ्फरौन से कहले, “गोशेन मे मौजूद इस्एल के लोग के रोहर् सेवकन के एक ्दन ्दहल ज्व ्क उ लोग अपन् मेहनर से आर्म करसे” 45 र्ज् मूस् के जव्ब ्दहलन, “दे ख़, हम रोह्र ्नहोर् पूर् करे ख्​्रर एह ब्र मे रोह्र मरँह उठवले ब्नीे 46 ्फरौन पूर् ्मस आ गोशेन मे एगो लोषर् ज्री करे के आदे श ्दहलन ्के 47 रोहनी, सब इस्एल के लोग, र्ज् इ कहर हव ्क छह ्दन रक रू आपन क्म आ मेहनर करब, ले्कन स्रव्ँ ्दन आर्म करब आ कवनो क्म के प्हले से न् कऱ, जइसे ्क र्ज् आ ब्थय् के बेट् मूस् के आज् ्दहल गइल ब्े 48 र्ज् के इ ब्र से मूस् खरश हो गईले अवररी इस्एल के सभ लोग मूस् के आदे श के मरर्​्बक क्म कईले​े 49 इ ब्र यहोव् के ओर से इस्एल के लोग ख्​्रर रहे , क्हे ्क पभर इस्एल के लोग के य्द करे लगले रहले ्क उ लोग के ब्प-द्द् के ख्​्रर उ लोग के बच्वल ज् सके​े 50 पभर मूस् के स्थे रहलन आ उनकर प्सख् पूर् ्मस मे चल गइले 51 मूस् सब ्मस के लोग आ सब इस्एल के लोग के नजर मे मह्न हो गइलन आ अपन् लोग इस्एल ख्​्रर भल्ई के खोज करर र्ज् से ओह लोग के ब्रे मे श्ं ्र के ब्र कहले​े अध ्य 71 के ब् 1 जब मूस् अठ्रह स्ल के भइले र ऊ अपन् ब्प-म्ई के दे खे के इच् कइलन आ ऊ ओह लोग के लगे गोशेन चल गइलन आ जब मूस् गोशेन के लगे अइले र ऊ ओ्हज् चहँ प गइलन जह्ँ इस्एल के लोग क्म मे ल्गल रहे आ ऊ ओह लोग के बोझ के दे खर दे खलन आ दे खलन ्क एगो ्मस के आदमी अपन् एगो इब्नी भ्ई के म्रर ब्. 2 जब ्पट्ईल आदमी मूस् के दे खलस र उ मदद ख्​्रर दौडल, क्हे ्क उ आदमी मूस् के ्फरौन के लर मे बहर इजर कईल ज्र रहे , अवररी उ उनरक् से कहलस ्क, हम्र म्​्लक हमर् के दे खभ्ल करी,ं इ ्मसी र्र मे हमर् लरे आईल अवररी हमर् के ब्न के हमर् सोझ् हमर् पती के लगे आईल अवररी अब उ हम्र ज्न छीने के को्शश करर्े 3 जब मूस् ई दर ष ब्र सरनले र उनकर गरस् ्मस के आदमी पर भडक गइल आ ऊ एही ओर मरड गइलन आ जब दे खलन ्क ओ्हज् केह नइखे र ऊ ्मस के म्र के ब्लू मे ्छप् ्दहलन आ ्हबू के म्रे व्ल् के ह्थ से बच् ्लहलन. 4 इब्नी लोग अपन् लरे चल गइल आ मूस् अपन् लरे लवट के र्ज् के लरे व्पस आ गइलने 5 जब उ आदमी लरे लवट गईल र उ अपन् पती के ख्ररज करे के सोचले, क्हे ्क य्कूब के लर मे इ ठीक न् रहे ्क कवनो आदमी अपन् पती के अशर् होखल् के ब्द अपन् पती के लगे आवे​े 6 म्हल् ज्के अपन् भ्ई लोग के बरवली र म्हल् के भ्ई लोग ओकर् के म्रे के को्शश कईले अवररी उ अपन् लर मे भ्ग गईले अवररी भ्ग गईले​े 117


जशेर के बा

7 दू सर् ्दन मूस् अपन् भ्ई लोग के लगे गईले अवररी दे खले ्क दर आदमी झगड् करर रहले अवररी उ दर ष से कहले, “रू अपन् पडोसी के क्हे म्रर्रे ? 8 ऊ ओकर् से पूछले, “के रोहर् के हमनी के र्जकरंवर आ न्यकर्य के तप मे रखले ब्? क् रू हमर् के ओइसहीं म्रे के सोचर ब्ड़ जइसे ्मस के हत् कइले ब्ड़? मूस् डे र् गइलन आ कहलन, “सचहँ ब्र पर् चल गइल ब्?” 9 ्फरौन इ ब्र सरन के मूस् के म्रे के आदे श दे ले, र भगव्न आपन दू र भेजले अवररी उ ्फरौन के सोझ् पहरे द्र के सेन्प्र के तप मे दे ख्ई दे ले​े 10 रब पभर के दू र पहरे द्र के सेन्प्र के ह्थ से रलव्र लेके ओकर् संगे ओकर म्थ् उर्र ्लहले, क्हे ्क पहरे द्र के सेन्प्र के प्रतप मूस् के तप मे बदल गईल रहे े 11 रब पभर के दू र मूस् के द्​्हन् ह्थ पकड के ्मस से ्नक्ल के ्मस के सीम् से ब्हर से च्लीस ्दन के दू री पर रखले​े 12 रब उनकर भ्ई ह्तन अकेले ्मस के दे श मे रह गइलन आ ऊ इस्एल के लोग से भ्वषव्री कइलने 13 रोहनी के पररखन के परमेशर यहोव् इ कहर हव ्क, हर आदमी के आँ ख के ्लनौन् चीज फेक दी ं आ ्मस के मू्रय से अपन् के अशर् मर करीें 14 रब इस्एल के लोग ्वदोह कइल आ ओह लरी ह्तन के ब्र न् सरनले 15 पभर ओह लोग के न्श करे के सोचले, क् न् ्क पभर अब्हम, इसह्क आ य्कूब के स्थे कइल व्च् के य्द कइले रहले​े 16 ओह लरी ्फरौन के ह्थ इस्एल के लोग के खखल्फ कड् रहल आ ऊ ओह लोग के करचलर आ अत्च्र करर रहलन जब रक ्क भगव्न आपन वचन भेजले आ ओह लोग के संज्न न् ्लहले​े

के दे श के लोग के स्थे सल्ह ्दहलन ्क र्ज् ्क्कयनस के खखल्फ ्वदोह करस, जब लरे आवे के ब् र ओकर् के शहर मे न् ज्ए दीें 7 दे श के लोग उनकर ब्र सरन के उनकर कसम खइले आ उनकर दर नर बेट् के सेन् के सेन्प्र बन्वे के र्ज् बनवले​े 8 उ लोग उठ के शहर के दे व्ल के दर नो कोन् से ऊपर उठवले अवररी एगो बहर मजबूर इम्रर बनवले​े 9 रीसर् कोन् पर शहर आ पूर् करश दे श के च्रो ओर से लेरले नदी के बीच मे ्बन् संख् मे ख्ई खोदर रहले आ ओ्हज् नदी के प्नी फट गइलने 10 चउथ् कोन् पर ऊ लोग अपन् मंत आ मंतमरम से कई गो स्ँ प के बटोर के शहर के ्कल्बंदी बन् के ओ्हज् रह गइल आ केह ओह लोग के आगे न् ्नकलल आ न् भीरर गइले 11 ्क्कय्नरस अर्म आ पूरब के लोग से लडल आ ऊ प्हले ्नयर ओह लोग के अपन् वश मे कर ्लहलस आ ऊ लोग ओकर् के आपन हमेश् के कर ्दहल आ ऊ ज्के अपन् दे श मे लवट गइल. 12 जब करश के र्ज् ्क्कय्नरस आ ओकर् स्थे सेन् के सब सेन्प्र अपन् शहर के नजदीक पहं चले र उ लोग आँ ख उठ् के दे खले ्क शहर के दे व्ल बनल ब् अवररी बहर ऊँच ब्, एहसे उ लोग ए ब्र से अचरज मे पड गईले​े 13 उ लोग एक दू सर् से कहलस, “ई एह से ्क उ लोग दे खल ्क हमनी के लड्ई मे दे री हो गईल ब्नी अवररी हमनी से बहर डे र् गईले, एहसे उ लोग इ क्म कईले अवररी शहर के दे व्ल के खड् क के ओकर् के मजबूर कईले, र्​्क कन्न के र्ज् ओ लोग के खखल्फ लड्ई मे न् आ सकसे 14 र्ज् आ सेन् शहर के दर आर के नजदीक पहं चले र उ लोग आँ ख उठ् के दे खले ्क शहर के सब फ्टक बंद हो गईल ब् अवररी उ लोग पहर्द्र के आव्ज दे के कहलस ्क, हमनी के खोल के शहर मे लरस ज्नीे 15 ले्कन पहरे द्र लोग अपन् र्ज् ्बल्म ज्दू गर के आदे श से ओ लोग के स्मने खोले से मन् क दे ले, उ लोग ओ लोग के अपन् शहर मे न् ज्ए दे ले​े 16 र उ लोग शहर के फ्टक के स्मने ओ लोग के संगे लड्ई लडले अवररी ओ ्दन ्क्कय्नरस मे सेन् के एक सौ रीस आदमी ्गर गईले​े 17 अ्गल् ्दने उ लोग लडर रहलन आ नदी के ्कन्रे लडर रहलने ऊ लोग गरजरे के को्शश कइल ब्​्कर न् हो प्वल, एहसे करछ लोग गड् मे डूब के मर गइल. 18 र्ज् उ लोग के पेड क्ट के बेड् बन्वे के आदे श दे ले, जवन् प उ लोग ओ लोग के लगे ज् सके, अवररी उ लोग अयीसन कईले​े 19 जब उ लोग ख्ई के जगह प पहं चले र प्नी चकी से लूम गईल अवररी दस बेड् प सव्र दर सौ आदमी डूब गईले​े 20 रीसर् ्दन उ लोग ओ्ह ्कन्रे लड्ई करे आईल, जह्ं स्ँ प रहले, ले्कन उह्ँ न् पहं च पवले, क्हे की स्ँ प ओ लोग मे से एक सौ सतर आदमी के म्र दे ले, अवररी उ लोग करश से लडल बंद क दे ले अवररी नौ स्ल रक करश के लेर्बंदी कईले, न् र केह ब्हर न् ्नकलल अवररी न् भीरर आईले 21 जब करश के खखल्फ यर् आ लेर्बंदी भईल रहे , रब मूस् ्मस से भ्ग गईले, ्फरौन के ह्थ से भ्ग गईले, जवन ्क ्मस के हत् के चलरे ओकर् के म्रे के को्शश कईले​े

अध ्य 72 के ब् 1 ओही ्दन मे करश के लोग आ पूरब के लोग आ अर्म के लोग के बीच बहर लड्ई भइल आ ऊ लोग करश के र्ज् के खखल्फ ्वदोह कइल, जेकर् ह्थ मे ऊ लोग रहे े 2 करश के र्ज् ्क्कय्नरस करश के सभ संर्न के संगे ्नकल गईले, जवन ्क ब्लू ्नहन संख् मे रहे अवररी उ अर्म अवररी पूरब के लोग के खखल्फ लड्ई करे गईले, र्​्क उ लोग के अधीन होखे​े 3 जब ्क्कय्नरस ्नकलल र ्बल्म के ज्दू गर के अपन् दर नो बेट् के संगे शहर अवररी दे श के सबसे ्नचले लोग के पहर् दे वे ख्री छोड गईले​े 4 एह से ्क्कय्नरस अर्म आ पूरब के लइकन के लगे गइल आ ऊ ओह लोग से लड के म्र ्दहलस आ ऊ सब ्क्कय्नरस आ ओकर लोग के स्मने ल्यल होके ्गर गइले 5 ऊ ओह लोग मे से बहरे लोग के बंदी बन् ्लहलन आ प्हले जइसन ओह लोग के अधीन कर ्दहलन आ हमेश् क् ररह ओह लोग से कर लेबे ख्​्रर ओह लोग के दे श पर डे र् ड्ल ्दहलन. 6 बेओर के बेट् ्बल्म जब करश के र्ज् ओकर् के शहर आ शहर के गरीबन के रखव्ली करे ख्​्रर छोड ्दहलन र ऊ उठ 118


जशेर के बा

22 मूस् अठ्रह स्ल के रहले जब उ ्मस से ्फरौन के स्मने से भ्ग गईले अवररी भ्ग के ्क्कय्नरस के डे र् मे भ्ग गईले, जवन ्क ओ समय करश के लेर्बंदी कईले रहे े 23 मूस् करश के र्ज् ्क्कय्नरस के डे र् मे नौ स्ल रक रहले, जब रक उ लोग करश के लेर्बंदी कईले रहले अवररी मूस् ओ लोग के संगे ्नकल गईले​े 24 र्ज्, र्जकरम्र आ सभे लड्कू लोग मूस् से प्र करर रहले, क्हे ्क उ मह्न अवररी योग रहले, उनरकर कद एगो करलीन शेर ्नहन रहे , उनरकर चेहर् सूरज ्नहन रहे अवररी उनरकर र्कर शेर ्नहन रहे अवररी उ र्ज् के सल्हक्र रहले​े 25 नौ स्ल के अंर मे ्क्कय्नरस के एगो ज्नलेव् बेम्री हो गइल आ उनकर बेम्री उनक् पर ह्वी हो गइल आ स्रव्ँ ्दन उनकर मौर हो गइले 26 र उनकर नौकर उनकर् के मलम कर् के लेके ्मस के उतर मे शहर के फ्टक के स्मने दफन् ्दहले​े 27 ओकर् ऊपर एगो सरर्चपूरय मजबूर आ ऊँच भवन बनवले आ ओकर् नीचे बडहन पतर रखले​े 28 र्ज् के श्सी लोग ओह पतरन पर अपन् र्ज् ्क्कय्नरस के पूर् र्कर आ ओकर सगरी लड्ई उकेरले रहे जवन ऊ लडले रहले, दे खल ज्व ्क ऊ लोग आजर ओ्हज् ्लखल ब्. 29 करश के र्ज् ्क्कयनस के मौर के ब्द यर् के चलरे उनरकर आदमी अवररी सै्नक बहर दर खी भईले 30 उ लोग एक दू सर् से कहलस, “हमनी के सल्ह दी ं ्क अब हमनी के क् करे के ब्, क्हे ्क हमनी के लर से नौ स्ल दू र जंगल मे रहर ब्नी ज्े” 31 अगर हमनी के कहब ज् ्क हमनी के शहर से लडब ज् र हमनी मे से बहर लोग ल्यल होके ्गर जइब ज्, आ अगर हमनी के इह्ँ लेर्बंदी मे रहब ज् र हमनी के भी मौर हो ज्ईे 32 अब अर्म के सब र्ज् आ पूरब के लोग सरन जइहे ्क हमनी के र्ज् मर गइल ब् आ ऊ लोग अच्नक हमनी पर दर शनी से हमल् करी आ हमनी के खखल्फ लड्ई करी आ हमनी के कवनो बचे व्ल् न् छोडीे 33 अब हमनी के ज्के अपन् ऊपर र्ज् बन् के रब रक लेर्बंदी मे रहब ज् जब रक शहर हमनी के सौंपल न् ज्ईे 34 आ ऊ लोग ओह ्दन ्क्कयनस के सेन् मे से र्ज् ख्​्रर एगो आदमी चरने के च्हर रहे आ ओह लोग पर मूस् जइसन अपन् पसंद के कवनो वसर न् ्मलल ्क ऊ लोग ओह लोग पर र्ज करे . 35 ऊ लोग जली-जली हर आदमी के कपड् उर्र के जमीन पर फेक ्दहल आ एगो बडहन ढे र बन् के मूस् के रख ्दहले 36 ऊ लोग उठ के रररही बज् के ओकर् सोझ् ्चल् के कहलस, “र्ज् ्जंद् रहस, र्ज् ्जंद् रहस!” 37 सब लोग आ करलीन लोग ओकर् के ्क्कय्नरस के मेहर्त करशी र्नी अदो्नय्ह के मेहर्त ख्​्रर दे दे बे के ्कररय् खइले आ ओह ्दन मूस् के ओह लोग पर र्ज् बनवले​े 38 ओह ्दन करश के सब लोग एगो लोषर् ज्री क के कहलस ्क, हर आदमी के अपन् कब् मे से करछ न् करछ मूस् के दे वे के च्हीे 39 ऊ लोग ढे र पर च्दर पसरल आ हर केह अपन् लगे जवन करछ रहे ओकर् मे से एगो सोन् के झरमक् आ दू सर् ्सक् ड्ल ्दहलसे

40 गोमेद के पतर, बडे ्लयम, मोरी आ संगमरमर के भी करश के लोग ढे र पर च्नी आ सोन् के ढे र पर फेकले रहे े 41 मूस् करश के सब संर्न के ्दहल च्नी-सोन्, सब बरयन आ गोमेद के पतर लेके अपन् खज्न् के बीच मे रखले​े 42 ओह ्दन मूस् करश के र्ज् ्क्कय्नरस के जगह पर करश के संर्न पर र्ज कइलने अध ्य 73 के ब् 1 ्मस के र्ज् ्फरौन के श्सन के पचपनव्ँ स्ल य्नी इस्ए्लयन के ्मस मे उररल् के सौ सत्वनव्ँ स्ल मे मूस् करश मे र्ज कइलने 2 मूस् जब करश पर र्ज करे लगले र उ सत्ईस स्ल के रहले अवररी च्लीस स्ल रक र्ज कईले​े 3 पभर मूस् के करश के सब संर्न के नजर मे अनरगह आ अनरगह ्दहलन आ करश के संर्न उनरक् से बहर प्र करर रहले, एहसे मूस् के पभर आ आदमी के अनरगह ्मलले 4 उनकर र्ज के स्रव्ँ ्दन करश के सब लोग जरटल आ मूस् के स्मने आके जमीन पर पर्म कइले 5 र्ज् के स्मने सब लईक् एक संगे बोलले, “हमनी के सल्ह दी ं ्क हमनी के दे ख सकीले ्क ए शहर के क् होखे व्ल् ब्े” 6 अब नौ स्ल हो गईल ब् ्क हमनी के शहर के च्रों ओर लेर्बंदी कईले ब्नी ज्, ले्कन हमनी के अपन् बच् अवररी पती के नईखी दे खले​े 7 र्ज् ओह लोग के जव्ब ्दहलन, “अगर हम जवन भी आज् दे ब ओकर् मे हम्र ब्र सरनब र पभर शहर के हमनी के ह्थ मे दे ्दहे अवररी हमनी के ओकर् के अपन् वश मे क दे बे” 8 क्हे ्क अगर हमनी के ्क्कयनस के मौर से प्हले के लड्ई के ररह ओह लोग से लडब ज् र हमनी मे से बहर लोग प्हले ्नहन ल्यल होके ्गर जईहे े 9 अब दे ख़, एह ब्र मे रोहनी ख्​्रर सल्ह ्दहल गइल ब्े अगर रू हम्र आव्ज सरनब र शहर हमनी के ह्थ मे सौंपल ज्ईे 10 सब सेन् र्ज् के जव्ब ्दहलस, “हमनी के म्​्लक जवन भी आज् ्दहे , उहे हमनी के करब ज्े” 11 मूस् ओह लोग से कहलन, “ज् के पूर् डे र् मे सब लोग के स्मने एगो आव्ज सरन्ईंे 12 र्ज् इ कहर ब्डन ्क जंगल मे ज्के स्रस के बच् मे से हर केह के ह्थ मे एगो बच् लेके आईंे 13 र्ज् के वचन के उलंलन करे व्ल् केह अपन् बच् के न् ले आई, उ मर ज्ई अवररी र्ज् अपन् सभ संप्त के ले लीहे े 14 जब रू ओह लोग के ले आईब र ऊ रोहर् प्लन मे रहीहे जबले ऊ बड न् हो ज्ई रबले ओकर् के पोसब आ ओह लोग के रीर चल्वे के ्सख्ईब जइसे ्क ब्ज के बच् के र्स् होल्. 15 करश के सब संर्न मूस् के ब्र सरन के उठ के पूर् डे र् मे लोषर् कईले ्के 16 करश के सब संर्न, रोहनी ख्​्रर र्ज् के आदे श ब् ्क रउआ सभे ्मल के जंगल मे ज्के उह्ँ स्रस के बच् के अपन् ह्थ मे पकड के लरे ले आव़े 17 र्ज् के आदे श के उलंलन करे व्ल् के भी मौर हो ज्ई अवररी र्ज् अपन् सभ चीज के ले लीहे े 119


जशेर के बा

18 आ सब लोग जंगल मे ्नकलल आ दे वद्र के पेड पर चढ के हर आदमी के ह्थ मे एगो लइक् पकडल, स्रस के सब बच्, रे ्गस्न मे ले आके र्ज् के आदे श से पोसले , आ ब्ज के बच् ्नहन ब्ज के बच् ्नहन दौडल ्सखवले​े 19 स्रस के बच् पोसल् के ब्द र्ज् रीन ्दन रक भूख से मरल् के आदे श दे ले अवररी सभ लोग अयीसन कईले​े 20 रीसर् ्दन र्ज् ओह लोग से कहले ्क, आपन मजबूरी बन् के वीर आदमी बन ज्ईं आ हर आदमी के आपन कवच आ रलव्र प पटी प्हन के हर आदमी के लोड् पर सव्र होके हर केह के आपन स्रस के बच् अपन् ह्थ मे ले लींे 21 हमनी के उठ के शहर से लडब ज्, जह्ँ स्ँ प ब्डे े आ सब लोग र्ज् के आदे श के मरर्​्बक क्म कईलसे 22 उ लोग हर आदमी के अपन् बच् के ह्थ मे लेके चल गईले अवररी जब उ लोग स्ँ प के जगह प पहं चले र र्ज् ओ लोग से कहले, “हर आदमी के आपन स्रस के बच् स्ँ प प भेज दीें ” 23 र्ज् के आदे श पर हर आदमी आपन स्रस के बच् भेजलस आ स्रस के बच् स्ँ प पर दौडल आ सब के ख् के ओह जगह से न्श कर ्दहलसे 24 र्ज् आ जनर् दे ख के ्क ओह जगह् सब स्ँ प के न्श हो गइल ब् र सब लोग जोरद्र ्चल्हट कर ्दहलसे 25 उ लोग नजदीक आके शहर के खखल्फ लड्ई लडले अवररी ओकर् के पकड के अपन् वश मे क लेले अवररी शहर मे लरस गईले​े 26 ओह ्दन शहर के लोग मे से एक हज्र सौ आदमी के मौर हो गईल, जवन ्क शहर मे रहे , ले्कन लेर्बंदी करे व्ल् लोग मे से केह के मौर न् भईले 27 करश के सब संर्न हर एक अपन् लरे , अपन् मेहर्त आ लइकन के लगे आ अपन् सब के लगे चल गइलने 28 ्बल्म ज्दू गर दे ख के ्क शहर के कब् हो गईल ब्, र उ फ्टक खोल दे लस अवररी उ अवररी उनरकर दर नो बेट् अवररी आठ भ्ई भ्ग के ्मस के र्ज् ्फरौन के लगे ्मस लवट गईले​े 29 ऊ ज्दू गर आ ज्दू गर हवे ्जनकर ्जक वव्​् के ्कर्ब मे ब्, जब पभर ्मस पर ्वप्त ले अइले र मूस् के खखल्फ खड् रहले​े 30 मूस् अपन् बरख् से शहर के अपन् कब् मे ले ्लहले अवररी करश के र्ज् ्क्कय्नरस के जगह करश के लोग उनरक् के ्संह्सन प बईठ् दे ले​े 31 ओकर् म्थ् पर र्जमरकरट रख के ्क्कय्नरस के मेहर्त करशी र्नी अदो्नय् ओकर् के मेहर्त के तप मे दे ्दहले 32 मूस् अपन् पररखन के परमेशर यहोव् से डे र्र रहले, एहसे उ उनरक् लगे न् अईले अवररी न् उनरक् ओर नजर न् लरमवले​े 33 मूस् के य्द आ गइल ्क कइसे अब्हम अपन् सेवक एलीएजर से ्कररय् खइले रहले आ कहले रहले ्क, “रू हमर् बेट् इसह्क ख्​्रर कन्न के बेटी मे से कवनो मेहर्त न् लेव़.” 34 इह्क उहे क्म कईले जब य्कूब अपन् भ्ई से भ्ग गईल रहले, जब उ उनरक् के आज् दे ले रहले ्क, “रू कन्न के बेटी मे से कवनो पती न् लेस अवररी न् ह्म के कवनो संर्न से गठबंधन करीें ” 35 क्हे ्क हमनी के परमेशर पभर नूह के बेट् ह्म के, ओकर संर्न आ ओकर सब संर्न के शेम के संर्न आ य्फेर के

संर्न आ ओकर् ब्द के संर्न के गरल्म बन् के हमेश् ख्​्रर दे ले ब्डने 36 एही से मूस् जबले करश पर र्ज कइलन, ओह ्दन रक ्क्कय्नरस के मेहर्त के ओर न् र आपन मन न् मोडले​े 37 मूस् पूर् जीवन अपन् परमेशर से डे र्र रहलन आ मूस् अपन् पूर् मन आ ज्न से सच्ई से पभर के स्मने चलर रहलन, उ जीवन भर सही र्स् से न् मरडले ऊ न् र द्​्हन् ओर न् ब्ईं ओर के र्स् से हट गइलन, जवन् मे अब्हम, इसह्क आ य्कूब चलल रहले. 38 मूस् करश के लोग के र्ज मे अपन् के मजबूर कईले अवररी उ अपन् रोज के बरख् से करश के संर्न के म्गयदशयन कईले अवररी मूस् अपन् र्ज मे समृ् भईले​े 39 ओही लरी अर्म आ पूरब के लोग सरनल ्क करश के र्ज् ्क्कय्नरस के मौर हो गइल ब्, एह से अर्म आ पूरब के लोग ओह लरी करश के खखल्फ ्वदोह कइले 40 मूस् करश के सब लोग के, जवन बहर र्करवर लोग रहे , लगभग रीस हज्र आदमी के बटोरले अवररी उ अर्म अवररी पूरब के लोग के संगे लड्ई करे ्नकल गईले​े 41 ऊ लोग प्हले पूरब के लोग के लगे गइल आ जब पूरब के लोग ओह लोग के खबर सरन के ओह लोग से ्मले चल गइलन आ ओह लोग से लड्ई मे ल्ग गइलन. 42 पूरब के लोग के खखल्फ लड्ई बहर हो गईल, एहसे पभर पूरब के सभ लोग के मूस् के ह्थ मे दे दे ले अवररी करीब रीन सौ आदमी म्रल ्गर गईले​े 43 पूरब के सब लोग पीछे मरड के पीछे हट गईले, एहसे मूस् अवररी करश के लोग ओ लोग के पीछे -पीछे चल गईले अवररी ओ लोग के अपन् वश मे क लेले अवररी उनरक् प कर लग् दे ले, जईसे ्क उनरकर ररव्ज रहे े 44 मूस् आ उनकर सब लोग उह्ँ से यर् ख्​्रर अर्म दे श मे चल गईले| 45 अर्म के लोग भी ओ लोग से ्मले गईले अवररी उ लोग ओ लोग से लड्ई कईले अवररी पभर ओ लोग के मूस् के ह्थ मे सौंप दे ले अवररी अर्म के बहर लोग ल्यल होके ्गर गईले​े 46 अर्म के भी मूस् आ करश के लोग के वश मे कर ्दहल गइल आ ऊ लोग आपन स्म्न कर भी दे र रहे े 47 मूस् अर्म आ पूरब के लोग के करश के लोग के अधीन कर ्दहलन आ मूस् आ ओकर् स्थे मौजूद सब लोग करश के दे श मे मरड गइलने 48 मूस् करश के लोग के र्ज मे अपन् के मजबूर कईले अवररी पभर उनरक् संगे रहले अवररी करश के सभ संर्न उनरक् से डे र् गईले​े अध ्य 74 के ब् 1 स्लन के अंर मे एदोम के र्ज् स्उल मर गइलन आ ओकर् जगह् अकबोर के बेट् ब्ल चन्न र्ज कइलने 2 मूस् के करश पर श्सन के सोलहव्ँ स्ल मे अकबोर के बेट् ब्ल चन्न एदोम के दे श मे अडरीस स्ल रक एदोम के सब संर्न पर र्ज कइलने 3 अपन् जम्न् मे मोआब एदोम के सत् के खखल्फ ्वदोह कईलस, उ बेद्द के बेट् हद्द के समय से अदोम के अधीन रहे , 120


जशेर के बा

जवन ्क ओ लोग अवररी ्मद्न के म्र के मोआब के एदोम के अधीन क दे लसे 4 जब अकबोर के बेट् ब्ल चन्न एदोम पर र्ज कइलन र मोआब के सब लोग एदोम से आपन वफ्द्री छोड ्दहले 5 ओह लरी अफीक् के र्ज् अंजेआस के मौर हो गइल आ उनकर बेट् अजदर बल उनकर् जगह पर र्ज कइलने 6 ओह लरी ्कतीम के लोग के र्ज् जनेस के मौर हो गइल आ ऊ लोग ओकर् के अपन् मं्दर मे दफन् ्दहल जवन ऊ अपन् ख्​्रर कैनो्पय् के मैद्न मे ्नव्स ख्​्रर बनवले रहले आ ओकर् जगह् लै्टनस र्ज कइलन. 7 मूस् के करश के संर्न पर श्सन के ब्इसव्ँ स्ल मे लै्टनस पंच्लीस स्ल रक ्कतीम के संर्न पर र्ज कइलने 8 ऊ अपन् ख्​्रर एगो बडहन आ पर्कमी ट्वर भी बनवले आ ओहमे अपन् ्नव्स ख्​्रर एगो सरर्चपूरय मं्दर बनवले, जवन् से ऊ आपन श्सन चल्वे, जइसन ्क ररव्ज रहे े 9 अपन् श्सन के रीसर् स्ल मे उ अपन् सब करशल आदमी के लोषर् कईले, जवन ्क उनरक् ख्री बहर जह्ज बनवले​े 10 लै्टनस आपन सब सेन् के इकट् कइलस आ ऊ लोग जह्ज मे आ के अफीक् के र्ज् एं गेस के बेट् अजदर बल से लड्ई करे ख्​्रर ओ्हज् गइल आ ऊ लोग अफीक् आके अजदर बल आ उनकर सेन् से लड्ई मे ल्ग गइले 11 लै्टनस अजदर बल पर ह्वी हो गइलन आ लै्टनस अजदर बल से ऊ जलम्गय ले ्लहलन जवन उनकर ्पर् ्च्तम के लइकन से ले आइल रहले, जब ऊ उजी के बेटी ज्नय् के मेहर्त बन् ्लहलन, एहसे लै्टनस जलम्गय के परल उख्ड ्दहलन आ अजदर बल के पूर् सेन् के बहरे म्र ्दहलन. 12 अजदर बल के बचे व्ल् र्करवर लोग अपन् के मजबूर कइल आ उनकर ्दल ईष्य से भरल आ ऊ लोग मौर के पेम्ल्प कइल आ फेर से ्च्तम के र्ज् लै्टनस से लड्ई मे ल्ग गइले 13 अफीक् के सब आदमी के खखल्फ लड्ई कड् हो गईल अवररी उ सभ लै्टनस अवररी उनरक् लोग के सोझ् ल्यल हो गईले अवररी र्ज् अजदर बल भी ओ लड्ई मे ्गर गईले​े 14 र्ज् अजदर बल के एगो बहर सरनर बेटी रहली, जेकर न्म उशपेजेन् रहे आ अफीक् के सब आदमी ओकर बहर सरंदरर् आ सरनर तप के चलरे ओकर उपम् अपन् कपड् पर कढ्ई करर रहले​े 15 लै्टनस के लोग अजदर बल के बेटी उशपेजेन् के दे ख के आपन र्ज् लै्टनस के सर्र कईले​े 16 लै्टनस ओकर् के अपन् लगे ले आवे के आदे श ्दहलन आ लै्टनस उशपेजेन् के मेहर्त बन् ्लहलन आ ऊ ्च्तम के र्स् मे व्पस आ गइलन. 17 आ एं गेस के बेट् अजदर बल के मौर के ब्द जब लै्टनस लड्ई से अपन् दे स मे व्पस आ गईले, र अफीक् के सभ ्नव्सी उठ के अजदर बल के छोट भ्ई एं गेस के बेट् अ्नबल के लेके ओकर् के अपन् भ्ई के जगह अफीक् के पूर् दे श प र्ज् बनवले​े 18 जब ऊ र्ज कइलन र ऊ ्चतीम मे ज्के ्कतीम के लोगन से लड्ई करे के ठ्न ्लहलन, र्​्क ऊ अपन् भ्ई अजदर बल आ अफीक् के ्नव्सी लोग के मर्​् के बदल् ले सके​े 19 उ बहर जह्ज बनवले अवररी उ अपन् पूर् सेन् के संगे ओ्हज् पहं चले अवररी ्कतीम गईले​े

20 अनीबल ्कतीम के लोग से लडल, आ ्कतीम के लोग अ्नबल आ ओकर सेन् के स्मने ल्यल होके ्गर गईले अवररी अनीबल अपन् भ्ई के म्मल् के बदल् लेले​े 21 अ्नबल अठ्रह स्ल रक ्कतीम के लोग के संगे लड्ई ज्री रखले अवररी अनीबल ्कतीम के दे श मे रह के बहर ्दन रक डे र् ड्लले​े 22 अ्नबल ्कतीम के लोग के बहर म्र ्दहलस अवररी उ ओ लोग के मह्पररष अवररी र्जकरम्र के हत् क दे लस अवररी ब्की लोग मे से करीब असी हज्र आदमी के म्र ्दहलसे 23 ्दन आ स्ल के अंर मे अ्नबल अपन् अफीक् के दे श मे व्पस आ गईले अवररी उ अपन् भ्ई अजदू बल के जगह प सरर्कर र्ज कईले​े अध ्य 75 के ब् 1 ओह लरी इस्एली लोग के ्मस मे उररल् के सौ असीव्ँ स्ल मे ्मस से वीर आदमी ्नकलल, जवन ्क इस्एल के लोग मे से रीस हज्र पैदल चलल, जवन यूसरफ के करल यूसरफ के गोत के रहे , यूसरफ के बेट् एपैम के संर्न के रहे े 2 क्हे ्क उ लोग कहर रहे ्क उ समय पूर् हो गईल जवन पभर परर्न समय मे इस्एल के लोग ख्​्रर रखले रहले, जवन उ अब्हम से कहले रहले​े 3 ऊ लोग अपन् के कमरबंद कइल आ हर आदमी के आपन रलव्र अपन् बगल मे आ हर आदमी के आपन कवच प्हन के अपन् र्कर पर भरोस् कइल आ ऊ लोग एक स्थ ्मस से एगो र्करवर ह्थ से ्नकल गइल. 4 ले्कन उ लोग सडक ख्​्रर कवनो ख्न् न् ले अइले, ख्ली च्ं दी आ सोन्, ओह ्दन ख्​्रर रोटी रक न् ले अइले, क्हे ्क उ लोग सोचले ्क प्लसीयन से आपन रनख्ह लेबे के आ अगर न् र जबरन ले ज्र रहले​े 5 आ ई आदमी बहरे पर्कमी आ वीर आदमी रहले, एक आदमी हज्र के पीछ् कर सकर रहे आ दू आदमी दस हज्र के हर् सकर रहे , एहसे ऊ लोग अपन् र्कर पर भरोस् करर रहे आ जइसे ऊ लोग एके स्थे चलर रहे . 6 ऊ लोग आपन र्स् ग्र के ओर बढल आ नीचे उरर के ग्थ के चरव्ह् लोग के ग्थ के लोग के पशर-पकी के चर्वर दे खले 7 उ लोग चरव्ह् लोग से कहलस, “हमनी के करछ भेड के पईस् दे के हमनी के ख्ए के च्ही, क्हे ्क हमनी के भूख ल्गल ब्, क्हे की आज हमनी के रोटी नईखी खईले​े 8 चरव्ह् लोग कहलस, “क् उ हमनी के भेड ह ्क मवेशी, जवन् के हमनी के रोहनी के पईस् दे वे के च्ही? र एपैम के लइक् लोग जबरन ले ज्ए ख्​्रर नजदीक आ गइलने 9 ग्थ के चरव्ह् ओ लोग के ऊपर ्चल्र रहले ्क उनरकर परक्र दू र से सरन्ई दे लस, एहसे ग्थ के सब लोग ओ लोग के लगे ्नकल गईले​े 10 जब ग्र के लोग एपैम के लोग के बरर्ई दे ख के व्पस आके ग्र के लोग के जरट् ्लहले अवररी हर एक के आपन कवच प्हन के एपैम के लोग के लगे लड्ई ख्री ्नकल गईले​े 11 ग्थ के ल्टी मे उ लोग ओ लोग के संगे लड्ई लडल अवररी लड्ई कड् हो गईल अवररी ओ ्दन उ लोग एक दू सर् से बहर लोग के म्र दे ले​े 121


जशेर के बा

12 दू सर् ्दन ग्र के लोग प्लसीयन के सब शहरन मे भेजले ्क उ लोग आपन मदद करे े 13 हमनी के लगे आके हमनी के मदद कर, र्​्क हमनी के एपैम के लोग के म्र सकीले, जवन ्क ्मस से हमनी के पशर लेबे ख्​्रर ्नकलल ब्डे अवररी ्बन् कवनो क्रर से हमनी के खखल्फ लड्ई कईले ब्डे े 14 एपैम के लोग के ज्न भूख आ प्स से थक गईल रहे , क्हे ्क उ लोग रीन ्दन से रोटी न् खईले रहले​े प्लसीयन के शहरन से च्लीस हज्र आदमी ग्र के लोग के सह्यर् ख्​्रर ्नकलले 15 इ लोग एपैम के लोग के संगे लड्ई मे ल्गल रहले अवररी पभर एपैम के लोग के प्लसीयन के ह्थ मे सौंप दे ले​े 16 उ लोग एपैम के सब संर्न, ्मस से ्नकलल सब लोग के म्र दे ले, ले्कन दस आदमी के छोड के केह न् बचल, जवन ्क सग्ई से भ्ग गईल रहले​े 17 इ बरर्ई एपैम के लोग के खखल्फ पभर के ओर से भईल रहे , क्हे की उ लोग ्मस से ्नकल के पभर के वचन के उलंलन कईले, ओकर् से प्हले ्क उ समय आईल रहे , जवन ्क पभर परर्न समय मे इस्एल ख्​्रर रय कईले रहले​े 18 प्लसीयन मे से भी बहर लोग, लगभग बीस हज्र आदमी ्गर गईले अवररी उनरकर भ्ई ओ लोग के लेके अपन् शहर मे दफन् दे ले​े 19 एपैम के लोग के म्रल गइल लोग ग्र के ल्टी मे बहर ्दन आ स्ल रक छोडल गइल आ दफन्वे ख्​्रर न् ले आवल गइल आ ल्टी आदमी के हडी से भर गइले 20 लड्ई से बचल आदमी ्मस मे अइले आ सब इस्एल के लोग के जवन करछ भइल रहे ओकर् के बरवले​े 21 उनकर ब्प एपैम बहर ्दन रक उनकर् ख्​्रर शोक मन्वर रहलन आ उनकर भ्ई लोग उनक् के ्दल्स् दे वे आइले 22 ऊ अपन् मेहर्त के लगे अइले आ ओकर् से एगो बेट् भइल आ ऊ ओकर न्म बेररय् रखले क्हे ्क ऊ अपन् लर मे अभ्गल रहली.

6 हे करश के लइक् लोग, अब सरनी ं आ ई आदमी अब रोहनी पर र्ज न् करे जइसे ्क ऊ हमनी के शरीर के न् हे 7 दे ख़ हम्र बेट् मेन्कस बड हो गइल ब्, ऊ रोहर् पर र्ज करे , क्हे ्क ्मस के र्ज् के गरल्म परदे सी के सेव् करे से ब्ढय् ब् ्क रउर् अपन् म्​्लक के बेट् के सेव् करी ं. 8 करश के सब लोग आ करलीन लोग उ ब्र सरनल जवन र्नी अदो्नय् के क्न मे कहले रहलीे 9 सब लोग स्ँ झ रक रइय्री करर रहे आ सबेरे सबेरे उठ के ्क्कय्नरस के बेट् मेन्कस के र्ज् बनवले​े 10 करश के सब संर्न मूस् के खखल्फ ह्थ बढ्वे से डे र् गईले, क्हे ्क पभर मूस् के संगे रहले अवररी करश के संर्न मूस् से जवन ्कररय् खईले रहले , ओकर् के य्द कईले, एहसे उ लोग उनरक् के कवनो नरकस्न न् कईले​े 11 ले्कन करश के लोग मूस् के बहर उपह्र दे ले अवररी उनरक् के बहर आदर के संगे भेज दे ले​े 12 रब मूस् करश दे श से ्नकल के लरे चल गईले अवररी करश प र्ज कईल बंद क दे ले, अवररी जब मूस् करश के दे श से ्नकलले र उ ्छय्सठ स्ल के रहले, क्हे की इ ब्र पभर के ओर से रहे , क्हे की उ समय आ गईल रहे , जवन उ परर्न समय मे इस्एल के ह्म के संर्न के दर ख से ब्हर ्नक्ले ख्री रय कईले रहले​े 13 मूस् ्फरौन के चलरे ्मस लवटे से डे र्र ्म्दय्न चल गईले अवररी ्मद्न मे प्नी के करआं के लगे बईठ गईले​े 14 ्मद्नी र्ऊएल के स्र गो बेटी अपन् ब्प के भेड के चर्वे ख्​्रर ्नकललीे 15 उ लोग इन्र के लगे आके अपन् ब्प के भेड के प्नी दे वे ख्​्रर प्नी खीच ं ले​े 16 ्मद्न के चरव्ह् लोग आके ओह लोग के भग् ्दहल आ मूस् उठ के ओह लोग के मदद कइलन आ भेड के प्नी ्दहलने 17 उ लोग अपन् ्पर् रे उल के लरे पहं चले अवररी उनरक् के बरवले ्क मूस् उनरक् ख्री क् कईले​े 18 उ लोग कहले, “एक ्मस के आदमी हमनी के चरव्ह् के ह्थ से बच् लेले ब्, उ हमनी ख्​्रर प्नी ्नक्ल के भेड के प्नी दे ले ब्े” 19 रऊएल अपन् बेटी लोग से पूछलस, “उ कह्ँ ब्डे ?” क्हे से आदमी के छोड दे ले ब्डू? 20 रएल ओकर् के बोल् के भेज के लरे ले अइले आ ऊ ओकर् स्थे रोटी खइले​े 21 मूस् रएल के बरवले ्क उ ्मस से भ्ग गईल ब्डे अवररी उ च्लीस स्ल रक करश प र्ज कईले रहले अवररी ओकर् ब्द उ लोग उनरक् से श्सन छीन लेले अवररी उनरक् के श्ं ्र से इजर अवररी उपह्र के संगे भेज दे ले रहले​े 22 जब रएल मूस् के ब्र सरन के रऊएल मन मे कहलस, “हम एह आदमी के जेल के लर मे ड्ल दे ब, जवन् से हम करश के संर्न के संगे सरलह करब, क्हे ्क उ ओ लोग से भ्ग गईल ब्े” 23 ऊ लोग ओकर् के लेके जेल मे ड्ल ्दहल आ मूस् दस स्ल जेल मे रहलन आ जबले मूस् जेल मे रहले रबले रऊएल के बेटी ्सपोर् उनक् पर दय् करर रहली आ हर समय रोटी प्नी से उनकर भरर पोषर करर रहलीे

अध ्य 76 के ब् 1 अम्म के बेट् मूस् ओह लरी करश के दे श मे र्ज् रहले, आ उ अपन् र्ज मे फलर-फूलर रहले अवररी उ करश के लोग के श्सन के न्य, ध्​्मयकर् अवररी ्नष् से चल्वर रहले​े 2 करश के सब संर्न मूस् से रब रक प्र करर रहले, जब रक उ उ लोग प र्ज कईले रहले अवररी करश के सभ ्नव्सी उनरक् से बहर डे र्र रहले​े 3 मूस् के करश पर श्सन के च्लीसव्ँ स्ल मे मूस् र्ज्संह्सन पर बइठल रहले जब्क र्नी अदो्नय् उनक् से प्हले रहले आ उनकर च्रो ओर सब करलीन लोग बईठल रहले​े 4 र्नी अदो्नय् र्ज् आ र्जकरम्रन के स्मने कहली, “रू लोग करश के लोग एरन् ्दन से ई क् क्म करर ब्ड़?” 5 रू लोग जतर ज्नर ब्ड़ ्क च्लीस स्ल से जब ई आदमी करश पर र्ज करर ब्, ऊ हमर् लगे न् आइल ब् आ न् ही करश के संर्न के दे वर् लोग के सेव् कइले ब्े 122


जशेर के बा

24 रब रक सब इस्एल के लोग ्मस के दे श मे हर ररह के मेहनर मे ्मस के लोग के सेव् करर रहले अवररी ओ समय मे ्मस के ह्थ इस्एल के लोग प कड्ई से चलर रहे े 25 ओही लरी पभर ्मस के र्ज् ्फरौन के म्र ्दहलन आ ऊ अपन् गोड के रलव् से लेके म्थ् के मरकरट रक कोढ के बेम्री से पी्डर हो गइलने इस्एल के लोग के स्थे कूर ववह्र के क्रर ओह समय पभर के ओर से ्मस के र्ज् ्फरौन पर ई मह्म्री आइल रहे े 26 क्हे ्क पभर अपन् लोग इस्एल के लोग के प्थयन् सरनले रहले अवररी उ लोग के मेहनर के चलरे उनरकर परक्र उनरक् लगे पहं चल रहे े 27 रबहँ उनकर कोध ओह लोग से न् हटल आ ्फरौन के ह्थ अब्हयो इस्एल के लोग पर पसरल रहे आ ्फरौन पभर के स्मने आपन गरदन कठोर कर ्दहलन आ इस्एल के लोग पर आपन जरआ बढ् ्दहलन आ हर ररह के मेहनर से ओह लोग के ्ज्नगी कडव् ्दहलन. 28 जब पभर ्मस के र्ज् ्फरौन पर मह्म्री के ्शक्र कर ्दहलन र ऊ अपन् बरख्म्न आ ज्दू गरन से ओकर् के ठीक करे के कहलने 29 उनकर बरख्म्न आ ज्दू गर लोग उनक् से कहल ्क अगर छोट लइकन के खून ल्व मे ड्ल ्दहल ज्व र ऊ ठीक हो ज्ईे 30 ्फरौन ओह लोग के ब्र सरन के अपन् सेवकन के गोशेन भेजलन ्क ऊ लोग इस्एल के लोग के लगे ले ज्से 31 ्फरौन के सेवक ज्के इस्एल के बच् के जबरन म्ई के छ्री से लेके चल गईले अवररी रोज एक बच् के तप मे ्फरौन के लगे ले आवर रहले अवररी वैद ओ लोग के म्र के मह्म्री के ्शक्र करर रहले​े अईसने उ लोग ्दन भर करर रहले​े 32 ्फरौन जवन संर्न के म्रले रहले, ओकर संख् रीन सौ पचहतर रहे े 33 ले्कन पभर ्मस के र्ज् के वैद के ब्र न् सरनले अवररी मह्म्री बहर बढ गईले 34 ्फरौन दस स्ल रक उ ्वप्त से पी्डर रहले, ्फरौन के ्दल इस्एल के लोग के खखल्फ अवररी कठोर हो गईल रहे े 35 दस स्ल के अंर मे पभर ्फरौन के ्वन्शक्री ्वप्तयन से पी्डर करर रहलने 36 पभर ओकर् पेट मे एगो खर्ब टूमर आ बेम्री से म्र ्दहलन आ ऊ पेग बहरे फोड् मे बदल गइल. 37 ओही लरी ्फरौन के दू गो सेवक गोशेन दे श से अइले जह्ँ सब इस्एल के लोग रहे आ ्फरौन के लरे ज्के ओकर् से कहलस ्क हम इस्एल के लोग के क्म मे ढील आ मेहनर मे ल्परव्ह दे खले ब्नीे 38 जब ्फरौन अपन् सेवकन के ब्र सरनलन र उनकर गरस् इस्एल के लोग पर बहरे भडक गइल क्हे ्क ऊ अपन् शरीर के पीड् से बहरे दर खी रहले. 39 ऊ जव्ब ्दहलन, “अब जब इस्एल के लोग ज्न गइल ब् ्क हम बेम्र ब्नी र ऊ लोग लूम के हमनी के मज्क उड्वर ब्, र अब हमर् ख्​्रर हम्र रथ के इसेम्ल कऱ आ हम अपन् के गोशेन ले ज्इब आ इस्एल के लोग के मज्क दे खब जवन् से ऊ लोग हम्र मज्क उड्वर ब्े र उनकर नौकर उनक् ख्​्रर रथ के सदर पयोग कइले​े

40 ऊ लोग ओकर् के लोड् पर सव्र कर ्दहल, क्हे ्क ऊ अपन् से सव्री न् कर प्वर रहे े 41 ऊ अपन् स्थे दस गो लरडसव्र आ दस गो पैदल सव्र लेके इस्एल के लोग के लगे गोशेन चल गइलने 42 जब उ लोग ्मस के सीम् प पहं चले र र्ज् के लोड् अंगूर के बगइच् के खोखल् ्हस् मे एगो संकरी जगह से गरजरल, जवन् के दर नो ओर ब्ड ल्गल रहे अवररी दू सर् ओर ्नचल् मैद्न रहे े 43 लोड् ओह जगह पर रेजी से दौडर रहले आ एक दोसर् के दब्वर रहले आ ब्की लोड् र्ज् के लोड् के दब्वर रहले. 44 र्ज् के लोड् र्ज् के सव्री करर ्नचल् मैद्न मे ्गर गईल अवररी ्गरल् प रथ र्ज् के मरंह पलट गईल अवररी लोड् र्ज् प लेट गईल अवररी र्ज् ्चल्र रहले, क्हे की उनरकर म्ं स बहर ददय होखर रहे े 45 र्ज् के म्ं स फ्ट गइल आ ओकर हडी टू ट गइल आ ऊ सव्री न् कर पवले क्हे ्क ई ब्र उनरक् ख्​्रर पभर के ओर से रहे , क्हे ्क पभर अपन् लोग इस्एल के लोग के परक्र आ ओह लोग के दर ख सरनले रहले. 46 ओकर नौकर लोग ओकर् के अपन् कंध् पर लेके चलर रहे आ ओकर् के ्मस ले अइले आ ओकर् स्थे लरडसव्र लोग भी ्मस व्पस आ गइलने 47 ऊ लोग ओकर् के ्बछौन् पर बइठ् ्दहल आ र्ज् के पर् चल गइल ्क ओकर मरल् के अंर हो गइल ब्, एहसे उनकर मेहर्त अपरनीथ आके र्ज् के सोझ् ्चल् के कहली आ र्ज् ओकर् स्थे बहरे रोअर रोवर रहले​े 48 ओह ्दन उनकर सब करलीन आ नौकर आके र्ज् के ओह दर ख मे दे खले आ उनकर् स्थे बहर रोवे लगले​े 49 र्ज् के सरद्र आ ओकर सब सल्हक्र र्ज् के सल्ह ्दहले ्क उ अपन् बेट् मे से जेकर् के चरनी, ओकर् जगह प केह के र्ज करे े 50 र्ज् के उपपती के संर्न के अल्वे र्ज् के रीन बेट् अवररी दर बेटी रहली, जवन ्क उनरकर पती अपरनीथ उनरक् से पैद् कईले रहलीे 51 उनकर न्म प्हलक् ओथरी, दू सर् आ्दक्म आ रीसर् मोररओन आ उनकर ब्हन बडक् ब्थय् आ दू सर् अकरजी के न्म रहे े 52 र्ज् के प्हल् जनल ओथरी एगो बेवकूफ रहले, उ जलीब्जी अवररी अपन् ब्र मे जलीब्जी करर रहले​े 53 ले्कन अदीक्म एगो धूरय आ बरख्म्न आदमी रहले आ ्मस के सब बरख् के ज्नर रहले, ले्कन अयोग तप के, म्ं स मे मोट अवररी कद मे बहर छोट रहले​े उनकर ऊँच्ई एक ह्थ रहे े 54 जब र्ज् अपन् बेट् अदीक्म के सब ब्र मे बरख्म्न अवररी बरख्म्न दे खले र र्ज् ठ्न लेले ्क उनरक् मरल् के ब्द उनरक् जगह र्ज् बने​े 55 ऊ अ्बलोर के बेटी गेदरद् के मेहर्त ले ्लहलन आ ऊ दस स्ल के रहली आ ओकर् से च्र गो बेट् भइले. 56 ओकर् ब्द उ रीन गो मेहर्त लेके आठ गो बेट् आ रीन गो बेटी भइले​े 57 र्ज् पर अवव्​् बहर हो गइल आ उनकर म्ं स गम् के समय मे खेर पर फेकल ल्श के म्ं स ्नयर बदबू आवर रहे े 123


जशेर के बा

58 र्ज् जब दे खले ्क उनकर बेम्री बहर मजबूर हो गईल ब् र उ अपन् बेट् अदीक्म के अपन् लगे ले आवे के आदे श दे ले अवररी उनरक् जगह प उनरक् के दे श के र्ज् बनवले​े 59 रीन स्ल के अंर मे र्ज् ल्ज, बेइजरी आ लृर् से मर गइलन आ ओकर नौकर ओकर् के लेके ्मस के र्ज् लोग के कब मे जोआन ्मज्इम मे दफन् ्दहले​े 60 ले्कन उ लोग ओकर् के र्ज् लोग के संगे हमेश् ्नहन मलहम न् कईले, क्हे की उनरकर म्ं स सड गईल रहे अवररी दर गयग के चलरे उनरक् के संस्र करे ख्री नजदीक न् पहं च पवले, एहसे उ लोग जली-जली ओकर् के दफन् दे ले​े 61 क्हे ्क ई बरर्ई पभर के ओर से उनकर् ख्​्रर रहे , क्हे ्क पभर उनकर् के बरर्ई के बदल् दे ले रहले जवन उ अपन् जम्न् मे इस्एल के स्थे कईले रहले​े 62 ऊ आरं्कर आ ल्ज से मर गइलन आ उनकर बेट् अदीक्म उनक् जगह् र्ज कइलने

13 ्फरौन इ कहर ब्डन ्क हर ्दन आपन क्म करी ं आ आपन क्म पूर् करी ं आ रोज के ईंट के न्प के प्लन करीें करछर ओ न् कम करे के च्हींे 14 आ अइसन होई ्क अगर रउर् रोज के ईंट मे कमी ब् र हम रउर् छोट लइकन के ओह लोग के जगह पर र्खबे 15 ्मस के क्म के म्​्लक लोग ्फरौन के आदे श के मरर्​्बक अयीसन करर रहले​े 16 जब भी इस्एल के लोग के रोज के ईंट के न्प मे कवनो कमी होखे र ्फरौन के क्म के म्​्लक इस्एल के मेहर्त लोग के लगे ज्के इस्एल के बच् के ईंट के कमी के संख् रक ले ज्र रहले, उ लोग अपन् महर्री के गोदी से जबरन लेके ईंट के जगह इम्रर मे रख ज्र रहले​े 17 जब इम्रर के दे व्ल मे आपन ्शशर के रोवे के आव्ज सरन के उनकर ब्प-म्ई रोवर रहले आ रोवर रहले​े 18 रब क्म के म्​्लक लोग इस्एल पर ह्वी हो गइल ्क इस्एली लोग अपन् लइकन के इम्रर मे रखे, एहसे एगो आदमी अपन् बेट् के दे व्ल मे रख के ओकर् ऊपर मोट्य र लग् ्दहलस, जब्क ओकर आँ ख ओकर् पर रोवर रहे आ ओकर लोर ओकर् लइक् पर बह गइले 19 ्मस के क्म के म्​्लक लोग बहर ्दन रक इस्एल के बच् लोग के संगे अयीसन करर रहले अवररी केह के इस्एल के बच् प दय् न् आईल अवररी न् ही करर् भईले 20 इम्रर मे म्रल गइल सब लइकन के संख् दू सौ सतर रहे , करछ लोग के ईंट के जगह बनवले रहे जवन उ लोग अपन् ब्प के कमी छोडले रहे आ करछ लोग के इम्रर से मर के ्नक्लले रहे े 21 आदीक्म के जम्न् मे इस्एल के लोग पर जवन मेहनर ल्गल रहे , उ क्ठन्ई से अ्धक् रहे जवन उ लोग उनरक् ्पर् के जम्न् मे कईले रहले​े 22 इस्एल के लोग अपन् भ्री क्म के चलरे रोज आह भरर रहले, क्हे ्क उ लोग मन ही मन कहर रहले ्क दे ख, जब ्फरौन मर जईहे र उनरकर बेट् उठ के हमनी के क्म के हल् क ्दहीे 23 ले्कन उ लोग प्हले के क्म से ज्दे ब्द के क्म के बढ् दे ले अवररी इस्एल के लोग एकर् से आह भरले अवररी अपन् मेहनर के चलरे उ लोग के परक्र परमेशर के लगे पहं च गईले​े 24 ओह ्दन मे परमेस् वर इस्एल के लोग के आव्ज आ उनकर परक्र सरनलन आ उ लोग के आपन व्च् य्द कइलन जवन उ अब्हम, इसह्क आ य्कूब के स्थे कइले रहलने 25 रब परमेस् वर इस्एल के लोगन के बोझ आ ओह लोग के भ्री क्म दे ख के ओह लोग के बच्वे के ठ्न ्लहलने 26 अम्म के बेट् मूस् ओह लरी ्मद्नी के लर मे क्ल कोठरी मे बंद रहले आ रऊएल के बेटी ्सपोर् ्दन पर ्दन चरपके से ख्न् से उनकर भरर पोषर करर रहलीे 27 मूस् के दस स्ल रक रे उल के लर के क्लकोठरी मे बंद कईल गईले 28 दस स्ल के अंर मे जवन ्क ्फरौन के ्पर् के जगह ्मस पर श्सन के प्हल् स्ल रहे े 29 ्सपोर् अपन् ्पर् रयूएल से कहली, “उ इब्नी आदमी से केह पूछर्छ न् करे ल् आ न् खोजर ब्, जेकर् के रू दस स्ल के जेल मे ब्नले रहलूे”

अध ्य 77 के ब् 1 अ्दक्म बीस स्ल के रहले जब उ ्मस पर र्ज कईले रहले, उ च्र स्ल रक र्ज कईले रहले​े 2 इस्एल के ्मस ज्ए के दू सौ छठव्ँ स्ल मे अदीक्म ्मस पर र्ज कइलन, ब्​्कर ्मस पर उनकर र्ज ओरन् ्दन न् रहल जरन् ्क उनकर पररख् लोग आपन श्सन ज्री रखले रहलने 3 क्हे ्क उनकर ब्प मेलोल ्मस मे चौनबे स्ल रक र्ज कइलन, ले्कन उ दस स्ल बेम्र रहलन आ मर गइलन, क्हे ्क उ पभर के स्मने दर ष रहलने 4 आ्दकम के न्म ्फरौन रखले, जईसे ्क ्मस मे उनरकर ररव्ज रहे े 5 ्फरौन के सब ज्नी लोग अ्दक्म के न्म आहज रखले, संकेप मे ्मस के भ्ष् मे आहज कहल ज्ल्े 6 अदीक्म बहर बदसूरर रहे , एक ह्थ एक ह्थ के लंब्ई के रहे अवररी उनरकर द्ढी बड रहे जवन ्क उनरक् गोड के रलव् रक पहं चल रहे े 7 ्फरौन ्मस पर र्ज करे ख्​्रर अपन् ्पर् के ्संह्सन पर बइठल आ अपन् बरख् से ्मस के श्सन चल्वर रहलने 8 जब ऊ र्ज कइलन र ऊ अपन् ब्प आ ओकर् से प्हले के सब र्ज् लोग से बरर्ई से आगे ्नकल गइलन आ इस्एल के लोग पर आपन जरआ बढ् ्दहलन. 9 ऊ अपन् नौकरन के स्थे गोशेन इस्एल के लोग के लगे गइलन आ ओह लोग पर मेहनर के मजबूर कइलन आ कहलन ्क, “अपन् क्म, हर ्दन के क्म पूर् कऱ, आ आज से हमनी के क्म से आपन ह्थ ढील मर मर दी ं जइसे ्क रू लोग हमर् ्पर् के जम्न् मे करर रहलूे 10 उ इस्एल के लोग के बीच से ओह लोग पर अफसरन के ्नयरखक कइले आ अपन् नौकरन के बीच से ओह अ्धक्री लोग के क्म के म्​्लकन के ्नयरखक कइले​े 11 ऊ ओह लोग के ऊपर ईंट के न्प रखलन ्क ऊ लोग ्दन पर ्दन ओह संख् के ्हस्ब से क्म कर सके आ ऊ पीछे मरड के ्मस चल गइलन. 12 ओह लरी ्फरौन के क्म के म्​्लक ्फरौन के आदे श के अनरस्र इस्एल के अ्धक्री लोग के आदे श दे ले​े 124


जशेर के बा

30 अब अगर रोहर् नजर मे अच् ल्गे र हमनी के भेज के दे खल ज्व ्क उ ्जंद् ब् ्क मरल ब्, ले्कन ओकर ्पर् के इ न् म्लूम रहे ्क उ उनरकर सह्र् दे ले ्बय्े 31 ओकर ब्प रएल ओकर् से कहलन, “क् कबो अइसन भइल ब् ्क कवनो आदमी के दस स्ल ले ्बन् ख्न् के जेल मे बंद कर ्दहल ज्व आ ऊ ्जंद् रह ज्व? 32 ्सपोर् अपन् ्पर् के जव्ब ्दहली, “रू सचमरच सरनले ब्डू ्क इब्​्नयन के परमेशर मह्न आ भय्नक हवे अवररी हर समय ओ लोग ख्री चमत्र करे ले​े 33 उहे इब्हीम के कसदी के उर से, इसह्क के अपन् ्पर् के रलव्र से, आ य्कूब के पभर के दू र से बच् लेले, जवन ्क जबूक के ख्डी प उनरक् संगे करशी करर रहले​े 34 इ आदमी के स्थे उ बहर क्म कईले ब्, उ ्मस के नदी से, ्फरौन के रलव्र से, आ करश के संर्न से बच् लेले ब्डे , ओसही उ ओकर् के अक्ल से बच् सकर्रे अवररी ओकर् के ्जंद् क सकर्रे े 35 रएल के नजर मे ई ब्र अच् ल्गल आ ऊ अपन् बेटी के ब्र के मरर्​्बक क्म कइलन आ मूस् के क् भइल, ई पर् लग्वे ख्​्रर क्लकोठरी मे भेज ्दहलने 36 ऊ दे खलन आ दे खलन ्क ऊ आदमी मूस् क्लकोठरी मे रहर रहले आ गोड पर खड् होके अपन् पररखन के भगव्न के सर्र आ प्थयन् करर रहले. 37 रएल मूस् के क्लकोठरी से ब्हर ्नक्ले के आदे श ्दहलस, र उ लोग मूस् के मरंडन क लेले अवररी उ जेल के कपड् बदल के रोटी खईले​े 38 ओकर् ब्द मूस् लर के पीछे के रे वेल के बगीच् मे गईले अवररी उह्ँ उ अपन् परमेशर से प्थयन् कईले, जवन ्क उनरक् ख्री बहर बड चमत्र कईले रहले​े 39 जब उ प्थयन् करर रहले र उ अपन् सोझ् दे खले र दे खले ्क बगइच् के बीच मे लग्वल जमीन मे नीलम के ल्ठी लग्वल गईल ब्े 40 ऊ ल्ठी के लगे पहँ चल र दे खलस ्क ओह ल्ठी पर सेन् के परमेशर पभर के न्म उकेरल ब् आ ओकर् पर ्वक्सर भइल ब्े 41 ऊ पढ के ह्थ बढ् के जंगल के पेड ्नयर झ्डी से उख्ड ्लहले आ ल्ठी ह्थ मे रहे े 42 इहे ल्ठी ह जवन् से हमनी के परमेशर के सब क्म पूर् होर रहे , जब उ आक्श आ धररी, आ ओकर सब सेन्, समरंदर, नदी आ ओकर सब मछरी के रचन् कईले रहले​े 43 जब परमेस् वर आदम के अदन के बगीच् से भग् ्दहलन र ऊ ल्ठी के ह्थ मे लेके ज्के ओह जमीन के जोर कइलन जवन् से ऊ ्नक्लल गइल रहले​े 44 ऊ ल्ठी नूह के लगे उररल आ शेम आ उनकर वंशज के ्दहल गइल जबले ्क ऊ इब्हीम इब्हीम के ह्थ मे न् आ गइले 45 जब इब्हीम आपन सब करछ अपन् बेट् इसह्क के दे ्दहलन र इ ल्ठी भी ओकर् के दे ्दहलने 46 जब य्कूब पद्न-अर्म भ्ग गइलन र ऊ ओकर् के अपन् ह्थ मे ले ्लहलन आ जब ऊ अपन् ब्प के लगे लवटलन र ऊ ओकर् के अपन् पीछे न् छोडले रहले. 47 जब ऊ ्मस गइलन र ऊ ओकर् के अपन् ह्थ मे लेके यूसरफ के दे ्दहलन जवन अपन् भ्ई लोग से एक ्हस्

अ्धक् रहे क्हे ्क य्कूब ओकर् के जबरन अपन् भ्ई एस्व से ले ्लहले रहले. 48 यूसरफ के मरल् के ब्द ्मस के करलीन लोग यूसरफ के लर मे आ गईले अवररी ल्ठी ्मद्नी रे उल के ह्थ मे आ गईल अवररी जब उ ्मस से ्नकलले र ओकर् के अपन् ह्थ मे लेके अपन् बगइच् मे लग् दे ले​े 49 ्क्नयन के सब पर्कमी लोग जब उनकर बेटी ्सपोर् के प्वे के को्शश कइल र ओकर् के रोडे के को्शश कइल ब्​्कर ऊ लोग असफल रहल. 50 रब रक उ ल्ठी रऊएल के बगइच् मे रोपल रहल, जब रक ्क उ ल्ठी के अ्धक्र व्ल् न् आके ओकर् के न् ले ्लहलसे 51 जब रएल मूस् के ह्थ मे ल्ठी दे ख के अचरज मे पड गईले अवररी उ अपन् बेटी ्सपोर् के पती के तप मे दे दे ले​े अध ्य 78 के ब् 1 ओही समय एदोम के र्ज् अकबोर के बेट् ब्ल चन्न के मौर हो गईल अवररी उनरक् के एदोम दे श मे उनरक् लर मे दफन् ्दहल गईले 2 ओकर् मरल् के ब्द एस्व के संर्न एदोम के दे श मे भेजले अवररी उह्ँ से एगो आदमी के ले गईले, जेकर न्म हद्द रहे े 3 हद्द एदोम के लोग पर अडर्लीस स्ल रक र्ज कइलने 4 जब ऊ र्ज कइलन र ऊ मोआब के लोग से लडे के ठ्न ्लहलन ्क ऊ लोग प्हले जइसन एस्व के लोग के अ्धक्र मे ले आवल ज्व ब्​्कर ऊ न् कर पवल्स क्हे ्क मोआब के लोग ई ब्र सरन के ऊ लोग उठ के अपन् भ्ई लोग क् बीच से ओह लोग पर र्ज् चरने ख्​्रर जलीब्जी कइल. 5 ओकर् ब्द उ लोग एगो बडहन लोग के एकट् क के अमोन के लोग के लगे आपन भ्ई लोग के लगे भेजले ्क उ लोग एदोम के र्ज् हद्द के खखल्फ लड्ई लडे े 6 हद्द मोआब के लोग के क्म सरन के बहर डे र् गईले अवररी ओ लोग से लड्ई करे से परहे ज कईले​े 7 ओह लरी अम्म के बेट् मूस् ्मद्न मे रह के ्मद्नी रऊएल के बेटी ्सपोर् के पती बन् ्लहले​े 8 ्सपोर् य्कूब के बेटी लोग के र्स् पर चलल, उ स्र्, ररबेक्, र्हे ल आ लीआ के ध्​्मयकर् से कम न् रहलीे 9 ्सपोर् गभयवरी होके एगो बेट् के जनम ्दहलस आ ओकर न्म गेश्म रखलस, क्हे ्क उ कहले रहले ्क, “हम परदे सी दे श मे परदे सी रहनीे ले्कन उ अपन् ससरर के आज् से आपन अगचमय के खरन् न् कईले​े 10 उ फेर से गभयवरी होके एगो बेट् के जनम कईली, ले्कन ओकर अगचमड् के खरन् क के ओकर न्म एलीएजर रखली, क्हे की मूस् कहले रहले ्क, “क्हे ्क हम्र पररखन के परमेशर हम्र मददग्र रहले अवररी हमर् के ्फरौन के रलव्र से बच् लेले रहले​े” 11 ्मस के र्ज् ्फरौन ओह लरी इस्एल के लोग के मेहनर के बहर बढ् ्दहलन आ इस्एल के लोग पर आपन जरआ अउरी भ्री करर रहलने 12 ऊ ्मस मे एगो लोषर् करे के आदे श ्दहलन ्क, “लोग के अब ईंट बन्वे ख्​्रर भूस् मर दी,ं ऊ लोग के ज्के अपन् ख्​्रर भूस् बटोरे दीें 125


जशेर के बा

13 ईंट के कह्नी भी जवन उ लोग बन्ई, उ लोग के रोज दे वे के च्ही, अवररी उ लोग से करछूओ कम मर करी,ं क्हे की उ लोग अपन् क्म मे बेक्र ब्डे े 14 इस्एल के लोग ई ब्र सरन के शोक मनले आ आह भरले आ अपन् मन के कडव्हट के चलरे पभर से परक्रर रहले​े 15 यहोव् इस्एल के लोग के परक्र सरन के दे खलन ्क ्मस के लोग जवन् अत्च्र से ओह लोग पर अत्च्र करर रहे े 16 पभर अपन् लोग आ अपन् ्वर्सर से ईष्य कइलन आ ओह लोग के आव्ज सरन के ऊ ओह लोग के ्मस के कष से ब्हर ्नक्ले के ठ्न ्लहलन आ कन्न के दे श के अपन् कब् मे लेबे के फैसल् कइलन.

12 ्सपोर् जली-जली ओ्हज् के रेज चट्न के पतर के लेके अपन् बेट् के खरन् क के अपन् प्र अवररी बेट् के पभर के दू र के ह्थ से बच् लेलीे 13 ओह ्दन मूस् के भ्ई अम्म के बेट् ह्तन ्मस मे नदी के ्कन्रे चलर रहले​े 14 रब परमेस् वर उनके स्मने पकट भइले आ उनसे कहलन, “अब जंगल मे मूस् के ओर ज्, उ ज्के परमेशर के पह्ड पर उनकर् से भेट कइलन आ उ उनकर् के चरम् लेलने 15 ह्तन आँ ख उठ् के मूस् के मेहर्त ्सपोर् आ ओकर लइकन के दे खले आ मूस् से पूछले, “ई लोग रोहर् ख्​्रर के ह?” 16 मूस् ओकर् से कहले, “उ हम्र मेहर्त आ बेट् हवे, जवन परमेशर हमर् के ्मद्न मे दे ले रहले​े आ ई ब्र ह्तन के ओह औरर आ ओकर लइकन के चलरे दर खी हो गइले 17 ह्तन मूस् से कहले, “ओह औरर के आ ओकर लइकन के भेज दी ं ्क ऊ लोग ओकर् ब्प के लरे ज् सके आ मूस् ह्तन के ब्र सरन के अइसे कइलने 18 ्सपोर् अपन् लइकन के स्थे लवट के रऊएल के लरे चल गइलन आ रब रक उह्ँ रहलन जब रक ्क पभर अपन् लोग से भेट न् कर के ्फरौन के ह्थ से ्मस से ब्हर न् ले अइले​े 19 मूस् आ ह्तन ्मस मे इस्एल के लोग के जम्र मे अइले आ उ लोग ओह लोग से पभर के सब ब्र कहलन आ लोग बहरे खरश हो गइले 20 अ्गल् ्दने मूस् आ ह्तन सबेरे उठ के ्फरौन के लरे चल गइले आ भगव्न के ल्ठी अपन् ह्थ मे ले ्लहले​े 21 जब ऊ लोग र्ज् के फ्टक पर पहँ चल र दू गो शेर के बच् लोह् के स्ज-ब्ज लेके बंद हो गइल रहे आ ओह लोग के स्मने से केह ब्हर न् ्नकलल आ न् भीरर आवर रहे , जबले ्क र्ज् जेकर् के आवे के आदे श न् दे ले रहले, जब ज्दू गर आके शेर के अपन् मंत से व्पस ले लेले रहले, आ एह से शेर के र्ज् के लगे ले आवल गईले 22 मूस् जली-जली शेरन पर ल्ठी उठ् के शेरन के खोल ्दहलन आ मूस् आ ह्तन र्ज् के लर मे आ गइलन. 23 शेर भी ओ लोग के स्थे खरशी से आ गईले, आ उ लोग ओ लोग के पीछे -पीछे ओसही खरश हो गईले, जईसे करकरर अपन् म्​्लक के खेर से आवे प खरश होखेल्े 24 जब ्फरौन ई ब्र दे ख के अचरज मे पड गइलन आ एह ब्र से ऊ बहरे डे र् गइलन क्हे ्क ओह लोग के तप भगव्न के संर्न के तप जइसन रहे े 25 ्फरौन मूस् से पूछले, “रू क् म्ं गर ब्डू? उ लोग जव्ब दे ले ्क, इब्​्नयन के परमेशर पभर हमनी के रोहर् लगे भेजले ब्डे ्क, 'हम्र लोग के भेज द, र्​्क उ लोग हम्र सेव् करसे' 26 जब ्फरौन ओ लोग के ब्र सरन के बहर डे र् गईले अवररी कहले, “आज ज्के क्ल हमर् लगे लवट आईं अवररी उ लोग र्ज् के वचन के मरर्​्बक क्म कईले​े 27 जब ऊ लोग चल गइल र ्फरौन ्बल्म के ज्दू गर आ उनकर बेट् य्नेस आ य्मेस आ र्ज् के सब ज्दू गर आ ज्दू गर आ सल्हक्रन के बोल्वे के भेजलस आ सब लोग र्ज् के स्मने आके बइठ गइले 28 र्ज् मूस् आ उनकर भ्ई ह्तन से कहल सब ब्र बरवले र ज्दू गर र्ज् से कहले, “ले्कन फ्टक पर बंद शेर के चलरे आदमी रोहर् लगे कईसे आईल?”

अध ्य 79 के ब् 1 ओह लरी मूस् अपन् ससरर ्मद्नी र्ऊएल के भेड के चरव्ह् करर रहले, जवन ्क ्सन के जंगल के प्र करर रहले अवररी उनरक् ससरर से जवन ल्ठी लेले रहले, उ उनरक् ह्थ मे रहे े 2 एक ्दन एगो बकरी के बकरी झरंड से भटक गइल आ मूस् ओकर पीछ् कइलस आ ऊ भगव्न के पह्ड होरे ब पर पहँ चले 3 जब उ होरे ब पहं चले र उह्ँ पभर झ्डी मे दे ख्ई दे ले, र उ झ्डी के आग से जरर दे खले, ले्कन झ्डी प आग के कवनो अ्धक्र न् रहे ्क उ झ्डी के भस कर सके​े 4 मूस् ई दे ख के बहर है र्न हो गइलन, एह से झ्डी न् भस हो गइल आ ऊ ई पर्कमी चीज दे खे ख्​्रर नजदीक आ गइलन आ पभर आग से मूस् के बोलवले आ ओकर् के ्मस, ्मस के र्ज् ्फरौन के लगे ज्ए के आदे श ्दहलन, र्​्क इस्एल के लोग के सेव् से भेजल ज् सके​े 5 रब परमेस् वर मूस् से कहलन, “ज्, ्मस लवट ज्, क्हे ्क रोह्र ज्न लेबे व्ल् सब लोग मर गइल ब्, आ रू ्फरौन से कहब ्क इस्एल के लोग के ओकर् दे श से भेजल ज्वे 6 पभर ओकर् के ्मस मे ्फरौन आ ओकर पज् के नजर मे चमत्र आ चमत्र करे के दे ख् ्दहलन र्​्क उ लोग ्वश्स कर सके ्क पभर उनरक् के भेजले ब्डे े 7 मूस् पभर के आज् के सब ब्र सरनले अवररी उ अपन् ससरर के लगे व्पस आके उनरक् के बरवले अवररी रे उल उनरक् से कहले, “श्ं ्र से ज्े” 8 मूस् ्मस ज्ए ख्​्रर उठलन आ अपन् मेहर्त आ बेट् लोग के लेके सडक पर एगो सर्य मे रहले आ भगव्न के एगो दू र उरर के उनकर् खखल्फ मौक् खोजलसे 9 उ अपन् प्हल् बेट् के चलरे ओकर् के म्रे के च्हर रहले, क्हे ्क उ ओकर खरन् न् कईले रहले अवररी पभर अब्हम के संगे जवन व्च् कईले रहले, ओकर उलंलन कईले रहले​े 10 क्हे ्क मूस् अपन् ससरर के ब्र के सरनले रहले जवन उ अपन् प्हल् बेट् के खरन् न् करस, एहसे उ ओकर खरन् न् कईले रहले​े 11 ्सपोर् पभर के दू र के मूस् के खखल्फ मौक् खोजर दे खली, र उ ज्न गईली ्क इ ब्र उनरक् बेट् गेश्म के खरन् न् कईल् के चलरे भईल ब्े

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जशेर के बा

29 र्ज् कहलस, “क्हे ्क उ लोग शेर के खखल्फ आपन ल्ठी उठ् के ढील् क के हमर् लगे आईल अवररी शेर भी ओ लोग प ओसही खरश भईले, जईसे करकरर अपन् म्​्लक से ्मले मे खरश होखेल्े 30 बेओर के बेट् ्बल्म र्ज् के जव्ब दे ले ्क, इ लोग हमनी ्नहन ज्दू गर के अल्वे अवररी केह न् हवे​े 31 अब ओह लोग के बोल्वे के भेज़ आ ओह लोग के आवे दी ं आ हमनी के ओह लोग के परीकर करब ज् आ र्ज् अईसन कइलने 32 सबेरे ्फरौन मूस् आ ह्तन के र्ज् के सोझ् आवे ख्​्रर बोलवले, उ लोग भगव्न के ल्ठी लेके र्ज् के लगे आके उनरक् से ब्र कईले​े 33 इब्​्नयन के परमेस् वर पभर इ कहलन, “हम्र लोग के भेज द ्क उ लोग हम्र सेव् करसे” 34 र्ज् ओह लोग से कहलस, “परमेशवर के दू र हईं अउर उनकर् आदे श से हमर् लगे आवर ब्नी?” 35 अब एह ब्र मे कवनो आशयय भ् चमत्र दी,ं रब रू जवन ब्र कहब, ओकर् पर ्वश्स हो ज्ईे 36 ह्तन जली-जली अपन् ह्थ से ल्ठी ्नक्ल के ्फरौन आ अपन् नौकरन के सोझ् फेक ्दहलन आ ल्ठी स्ँ प मे बदल गइले 37 ज्दू गर लोग ई दे ख के हर आदमी के आपन ल्ठी जमीन पर फेक ्दहलस आ ऊ लोग स्ँ प बन गइले 38 ह्तन के ल्ठी के स्ँ प आपन म्थ् उठ् के आपन मरँह खोल के ज्दू गरन के ल्ठी ्नगललसे 39 ्बल्म ज्दू गर जव्ब ्दहलस, “ई ब्र प्हले से चलर रहे ्क स्ँ प अपन् स्थी के ्नगल ज्ल् अवररी जीव एक दू सर् के ख् ज्ल्े 40 अब ओकर् के प्हले जइसन ल्ठी मे ले आव़ आ हमनी के भी आपन छडी के प्हले जइसन फेर से बन् दे ब ज् आ अगर रोह्र ल्ठी हमनी के ल्ठी के ्नगल ज्ई र हमनी के पर् चल ज्ई ्क भगव्न के आत् रोहर् मे ब् आ अगर न् र रू हमनी जइसन क्रीगर हउअे 41 ह्तन जली-जली आपन ह्थ बढ् के स्ँ प के पूंछ पकड ्लहले आ ऊ ओकर् ह्थ मे छडी बन गइल आ ज्दू गर लोग अपन् डं ड् से अइसने कइल आ ऊ लोग अपन् स्ँ प के पूंछ के पकड ्लहल आ ऊ लोग प्हले जइसन ल्ठी बन गइल. 42 जब उ लोग डं ड् मे व्पस आ गईले र ह्तन के ल्ठी ओ लोग के ल्ठी ्नगल गईले 43 र्ज् जब ई ब्र दे ख के ्मस के र्ज् लोग से संबं्धर ररक्डय के ्कर्ब ले आवे के आदे श ्दहलन आ ऊ लोग ररक्डय के ्कर्ब, ्मस के र्ज् लोग के इ्रह्स के ्कर्ब ले अइले, जवन् मे ्मस के सगरी मू्रय ्लखल रहे , क्हे ्क ऊ लोग सोचले रहे ्क ओहमे यहोव् के न्म ्मल ज्व ब्​्कर ऊ लोग न् ्मलल. 44 ्फरौन मूस् आ ह्तन से कहले, “दे ख़, हमर् एह ्कर्ब मे रोहर् परमेशर के न्म ्लखल नइखे ्मलल आ ओकर न्म हम नइखी ज्नरे” 45 सल्हक्र आ ज्नी लोग र्ज् के जव्ब ्दहल, “हम सरनले ब्नी ्क इब्​्नयन के भगव्न ज्नी लोग के बेट् हवे, परर्न र्ज् लोग के बेट् हवे​े”

46 ्फरौन मूस् आ ह्तन के ओर मरड के कहलस, “हम पभर के नईखी ज्नर, जेकर् के रू लोग बरवले ब्डू, न् हम ओकर लोग के भेजबे” 47 उ लोग र्ज् से कहलस ्क, “परमेशवर के परमेशर उनरकर न्म ह, उ हमनी के पररखन के जम्न् से हमनी के ऊपर आपन न्म के लोषर् कईले अवररी हमनी के भेजले ्क, '्फरौन के लगे ज्के उनरक् से कह दी ं ्क, 'हम्र लोग के भेज द, र्​्क उ लोग हम्र सेव् करसे' 48 अब हमनी के भेज दी ं ्क हमनी के रीन ्दन रक जंगल मे य्त् कर सकीले अवररी उह्ँ उनरक् के ब्ल चढ्वल ज् सके, क्हे की हमनी के ्मस उररल् के ्दन से उ हमनी के ह्थ से होमब्ल, ब्लद्न च्हे ब्लद्न न् लेले ब्डे अवररी जदी रू हमनी के न् भेजब र उनरकर कोध रोहर् खखल्फ भड्क ज्ई अवररी उ ्मस के य् र मह्म्री से म्र ्दही रलव्रे 49 ्फरौन ओह लोग से कहलस, “उनकर शखक आ पर्कम बर्ईंे आ ऊ लोग ओकर् से कहलस, ऊ आक्श आ धररी, समरंदर आ ओकर सब मछरी बनवले, ऊ रोशनी बनवले, अन्र के रचन् कइले, धररी पर बरख् कर के प्नी दे ले, आ जडी-बूटी आ ल्स के अंकरररर कइले, ऊ आदमी आ ज्नवर आ जंगल के ज्नवर, हव् के ्चरई आ समरंदर के मछरी के रचन् कइले आ ओकर् मरँह से ऊ लोग ्जयर मर ज्ल्े 50 ऊ रोहर् के रोहर् म्ई के पेट मे रचले ब् आ रोहर् मे जीवन के स्ँ स ड्ल के रोहर् के पोस के ्मस के र्ज्संह्सन पर बइठ् ्दहले ब् आ रोहर् के स्ँ स आ प्र के रोहर् से छीन के रोहर् के ओह जमीन पर व्पस कर दी जह्ँ से रोहर् के ले ज्इल गइल रहे े 51 र्ज् के गरस् ओह लोग से कहलन, “ज्​्र के सब दे वर् मे से के ई क्म कर सकेल्?” हम्र नदी हम्र ह, आ हम ओकर् के अपन् ख्​्रर बनवले ब्नीे 52 ऊ ओह लोग के अपन् से भग् ्दहलन आ इस्एल पर ल्गल शम के क्लह आ प्हले से अ्धक् करे के आदे श ्दहलन. 53 मूस् आ ह्तन र्ज् के स्मने से ्नकलले आ दे खले ्क इस्एल के लोग के ह्लर खर्ब ब् क्हे ्क क्म के म्​्लक लोग आपन मेहनर बहरे भ्री कर ्दहले ब्. 54 मूस् पभर के लगे लवट के कहले, “रू अपन् लोग के संगे क्हे बरर् ववह्र कईले ब्डू? क्हे ्क जबसे हम ्फरौन से कहे आइल ब्नी ्क रू हमर् के क् भेजले ब्डू, रब से ऊ इस्एल के लोग के बहरे खर्ब इसेम्ल कइले ब्डन. 55 रब पभर मूस् से कहले, “दे ख़, रू दे खब ्क ्फरौन अपन् दे श से इस्एल के लोग के पसरल ह्थ आ भ्री ्वप्त से भेज ्दहे े 56 मूस् आ ह्तन अपन् भ्ई इस्एल के लोग के बीच ्मस मे रहर रहले​े 57 इजर्इल के लोग के ब्रे मे ्मस के लोग ओह भ्री क्म से आपन ज्न कडव् ्दहले अध ्य 80 के ब् 1 दू स्ल के अंर मे पभर ्फरौन के लगे मूस् के ्फरौन के लगे भेजले ्क उ इस्एल के लोग के ब्हर ्नक्लस अवररी ्मस से ब्हर भेजसे 127


जशेर के बा

2 मूस् ्फरौन के लरे ज्के ओकर् से भेजल पभर के ब्र कहले, ले्कन ्फरौन पभर के आव्ज न् सरनले, अवररी भगव्न ्मस मे ्फरौन अवररी उनरक् पज् प आपन र्कर जगवले अवररी भगव्न ्फरौन अवररी उनरक् लोग के बहर बड अवररी गंभीर ्वप्त से म्र दे ले​े 3 पभर ह्तन के ह्थ से भेज के ्मस के सब प्नी के खून मे बदल ्दहलन आ ओकर सब ध्र आ नदी के भी खून मे बदल ्दहलने 4 जब एगो ्मस के आदमी प्नी पीये आके प्नी ्नक्ले आइल र ऊ अपन् लड् मे दे खलस र दे खलस ्क सब प्नी खून मे बदल गइल ब्े आ जब ऊ अपन् प्ल् से पीये अइले र प्ल् मे प्नी खून हो गइले 5 जब एगो मेहर्त आपन आट् गूंध के आपन ख्न् पक्वर रहे र ओकर तप खून के तप मे बदल गईले 6 रब परमेस् वर फेर से भेज के ओह लोग के सब प्नी मे बेग पैद् कर ्दहलन आ सब बेग ्मस के लर मे आ गइलने 7 जब ्मस के लोग शर्ब पीयर रहे र ओह लोग के पेट मे बेग भर गइल रहे आ ऊ लोग अपन् पेट मे न्चर रहे जइसे नदी मे न्चर रहे े 8 उ लोग के पीये के प्नी आ ख्न् बन्वे के प्नी बेग मे बदल गईल, उहो जब उ लोग अपन् ्बछौन् मे लेट गईले र पसीन् से बेग पैद् भईले 9 एह सब के ब्वजूद पभर के कोध ओह लोग से न् हटल आ उनकर ह्थ सब ्मस के लोग के खखल्फ बढल ्क उ लोग के हर भ्री ्वप्त से म्र सके​े 10 ऊ भेज के ओह लोग के धूल के जूँ म्र ्दहलन आ ्मस मे जूँ धररी पर दू ह्थ ऊँच हो गइल. 11 ्मस के सब ्नव्सी मे आदमी आ ज्नवर के म्ं स मे भी जूँ बहर ढे र रहे , र्ज्-र्नी पर भी पभर जूँ भेजले रहले, आ जूँ के चलरे ्मस के बहर दर ख भईले 12 एकर् ब्वजूद पभर के कोध न् हटल आ ्मस पर उनकर ह्थ अब्हयो पसरल रहे े 13 रब पभर खेर के हर ररह के ज्नवरन के ्मस भेज ्दहलन आ ऊ लोग आके पूर् ्मस, आदमी आ ज्नवर, पेड आ ्मस के सब चीजन के न्श कर ्दहलसे 14 पभर आ्ग के स्ँ प, ्बचू, चूह्, नेवल्, टोड आ अउरी लोग के स्थे धूल मे रे गर भेजले​े 15 म्ी, हॉन्ट, ्पसू, कीड् आ चीर, हर एक के झरंड अपन् ररह के होल्े 16 अपन् ररह के सब सरीसृप आ पंख व्ल् ज्नवर ्मस मे आके ्मस के लोग के बहर दर खी कर ्दहलसे 17 ्पसू आ म्ी ्मस के लोग के आँ ख आ क्न मे आ गइले 18 हॉन्ट ओह लोग पर आके ओह लोग के भग् ्दहलस आ ऊ लोग ओकर् से हट के अपन् भीरर के कमर् मे आ गइल आ ऊ ओह लोग के पीछ् कइलसे 19 जब ्मस के लोग ज्नवरन के झरंड के चलरे लरक् गईले र उ लोग आपन दरव्ज् बंद क दे ले अवररी भगव्न समरंदर मे मौजूद सरल्नरथ के ऊपर आके ्मस मे ज्ए के आदे श दे ले​े 20 उनकर लमहर ब्ं ह रहे , जवन् के लंब्ई एगो आदमी के ह्थ से दस ह्थ रहे े

21 ऊ छर पर ज्के छर आ फशय खोल के ओकर् के क्ट ्दहली आ लर मे आपन ब्ँ ्ह बढ् के र्ल् आ बोल हट् के ्मस के लर खोल ्दहलीे 22 ओकर् ब्द ज्नवरन के झंरड ्मस के लरन मे आ गइल आ ज्नवरन के झरंड ्मस के लोग के न्श कर ्दहलस आ ऊ लोग बहरे दर खी कइलसे 23 एकर् ब्वजूद पभर के कोध ्मस के लोग से न् हटल आ उनकर ह्थ अब्हयो ओह लोग के खखल्फ बढल रहे े 24 परमेस् वर मह्म्री भेजलन आ ई मह्म्री ्मस मे, लोड्गदह्, ऊंट, बैल-भेड आ आदमी के झंरड मे व्प हो गइले 25 जब ्मस के लोग सबेरे-सबेरे उठ के आपन मवेशी के च्र्ग्ह मे ले ज्ए ख्​्रर आपन सब मवेशी मरल दे खले​े 26 ्मस के मवेशी मे से दस मे से एक गो बचल रहे आ गोशेन मे इस्एल के मवेशी मे से एक के भी मौर न् भइले 27 भगव्न ्मस के म्ं स मे जरर सूजन भेजले, जवन् से उनरकर ख्ल फ्ट गईल अवररी सभ ्मस के गोड के रलव् से लेके म्थ् के मरकरट रक बहर खरजली हो गईले 28 ओह लोग के म्ं स मे बहर फोड् ल्गल रहे ्क ओह लोग के म्ं स रब रक खरम हो गइल जब रक ्क ऊ सडल आ सडल न् हो गइले 29 एकर् ब्वजूद पभर के कोध न् हटल आ उनकर ह्थ अब्हयों पूर् ्मस पर पसरल रहे े 30 रब पभर बहर भ्री ओल् भेज ्दहलस जवन ओह लोग के बेल के चोट से म्र ्दहलस आ ओह लोग के फलद्र पेड के रोड ्दहलस आ ओकर् पर ्गरल् के ब्द सूख् ्दहलसे 31 हर हररयर जडी-बूटी सूख गइल आ न्श हो गइल, क्हे ्क ओल् के बीच मे लरल्मलर आग उररर रहे , एही से ओल् आ आग सब चीज के भस कर ्दहलसे 32 ब्हर ्मलल आदमी आ ज्नवर भी आग के लपट आ ओल् के लपट से न्श हो गईले आ सब शेर के बच् थक गईले​े 33 रब पभर ्मस मे कई गो ्टडी भेज के ले अइले, चसेल, सलोम, चरगोल आ च्गोले, हर ररह के ्टडी आ ओल् के बचल सब करछ ख् गइले 34 रब ्मस के लोग ्टडी के दे ख के खरश हो गईले, ह्ल्ं ्क उ लोग खेर के उपज के भस क दे ले अवररी उ लोग ओकर् के भरपूर पकड के ख्ए ख्री नमकीन ड्ल दे ले​े 35 रब पभर समरंदर के एगो रेज हव् लरम् ्दहलन जवन सब ्टडी के, नमकीन से भरल ्ट्डयन के लेके ल्ल स्गर मे धकेल ्दहलसे ्मस के सीम् मे एको ्टडी न् रह गइले 36 भगव्न ्मस पर अन्र भेज ्दहलन ्क पूर् ्मस आ पथरोस रीन ्दन ले अन्र हो गइल आ आदमी के ह्थ मरँह पर उठ् के न् लउकल. 37 ओही समय इस्एल के बहर लोग मर गइलन जे पभर के खखल्फ ्वदोह कइले रहले आ मूस् आ ह्तन के ब्र न् सरनले रहले आ ओह लोग पर ्वश्स न् करर रहले ्क भगव्न ओह लोग के भेजले ब्डन. 38 ऊ कहले रहले ्क, “हमनी के ्मस से न् ्नकलब ज्, कही ं उज्ड जंगल मे भूख से न्श न् हो ज्ईं ज् आ मूस् के आव्ज न् सरनीे” 39 अन्र के रीन ्दन मे पभर ओ लोग के सर् ्दहलन आ ओह ्दन इस्एली लोग ओह लोग के दफन् ्दहलन, जवन् के ब्रे 128


जशेर के बा

मे ्मस के लोग के पर् न् चलल आ न् ही ओह लोग पर खरशी न् भइले 40 ्मस मे रीन ्दन रक अन्र बहर ज्द् रहे आ अन्र होखे के समय जे केह भी खड् रहे , उ अपन् जगह पर खड् रहे आ बईठल बईठल रहे , आ जे लेट रहे उहे ह्लर मे लेटर रहे आ चलर रहे उहे जगह जमीन पर बईठल रहे े जबले अन्र न् खरम हो गइल रबले सब ्मस के लोग के स्थे ई ब्र भइले 41 अन्र के ्दन बीर गइल आ पभर मूस् आ ह्तन के इस्एल के लोग के लगे भेजलन ्क, “अपन् परब मन्ईं आ आपन फसह मन्ईं, क्हे ्क दे ख़ ्क हम र्र के बीच मे सब ्मस के लोग के बीच आवर ब्नी, आ हम ओह लोग के प्हलक् बच् से लेके कवनो ज्नवर के प्हल् बच् रक के म्र दे ब आ जब हम रोह्र फसह दे खब र रोहरे से गरजरबे 42 इस्एल के लोग ओह र्र मे जइसन पभर मूस् आ ह्तन के आज् दे ले रहले, ओइसने कइले​े 43 आध् र्र मे पभर ्मस के बीच मे ्नकल के ्मस के प्हल् बच् से लेके ज्नवर के प्हल् बच् रक के म्र दे ले​े 44 र्र मे ्फरौन, उ आपन सब नौकर आ पूर् ्मस के लोग उठले अवररी ओ र्र पूर् ्मस मे बहर ्चल्हट भईल, क्हे की कवनो लर न् रहे , जवन् मे ल्श न् रहे े 45 ्मस के प्हल् जनम के उपम् भी नष होके जमीन पर ्गर गईल| 46 इह्ँ रक ्क उ लोग के प्हल् बच् के हडी रक जवन ्क एकर् से प्हले मर गईल रहे अवररी जवन् के उ लोग अपन् लर मे दफन् दे ले रहले, ओकर् के ओ र्र ्मस के करकररन के ओर से खीच ं के ्मस के लोग के सोझ् लसीट के फेकल गईले 47 सब ्मस के लोग अच्नक इ बरर्ई के दे खले अवररी सभ ्मस के लोग जोर-जोर से ्चल्र रहले​े 48 ओह र्र ्मस के सब लर्न् रोवर रहे , हर आदमी अपन् बेट् ख्​्रर आ हर आदमी अपन् बेटी ख्​्रर, जवन ्क प्हल् बच् रहे , आ ओह र्र दू र से ्मस के हं ग्म् सरन्ई पडले 49 ओह र्र ्फरौन के बेटी ब्थय् र्ज् के स्थे मूस् आ ह्तन के अपन् लर मे खोजे ्नकलली आ ऊ लोग अपन् लर मे पूर् इस्एल के स्थे ख्र-पीर आ आनखनर होर ्मलले 50 ब्थय् मूस् से कहलस, “क् इहे इन्म ब् ्क हम रोहर् स्थे जवन भल्ई कईले ब्नी, जवन रोहर् के पोसले ब्नी आ रोहर् के र्न दे ले ब्नी आ रू हमर् आ हमर् ब्प के लर पर इ बरर्ई ले आईल ब्डू?” 51 मूस् ओकर् से कहले, “पभर ्मस पर दस गो ्वप्त ले अइले​े क् ओहमे से केह से रोहर् कवनो बरर्ई भइल? क् ओहमे से कवनो एक के असर रोहर् पर पडल? आ कहली, न्े 52 मूस् ओकर् से कहले, “भले रू रोहर् महर्री के प्हल् जनम हउअ, ले्कन रू न् मरब आ ्मस के बीच मे रोहर् लगे कवनो बरर्ई न् पहं चीे” 53 ऊ कहली, “हमर् क् फ्यद् ब् जब हम र्ज्, हम्र भ्ई आ ओकर सब लर के लोग आ पज् के एह बरर्ई मे दे खनी, जेकर प्हल् बच् ्मस के सब प्हल् बच् के संगे न्श हो ज्ल्? 54 मूस् ओकर् से कहलन, “रोह्र भ्ई आ ओकर लर के लोग आ पज्, ्मस के पररव्र, पभर के ब्र न् सरनल, एही से उ लोग पर इ बरर्ई आईले”

55 ्मस के र्ज् ्फरौन मूस् आ ह्तन आ करछ इस्एल के लोग के लगे ज्के उ लोग से प्थयन् कईले​े 56 उठ के अपन् भ्ई लोग के, एह दे श मे मौजूद सब इस्एल के लोग के, अपन् भेड-बकरी अवररी बैल अवररी अपन् सभ चीज के संगे ले ज्, उ लोग करछूओ न् छोडी, ्सफय हमर् ख्री अपन् परमेशर से प्थयन् करीें 57 मूस् ्फरौन से कहले, “दे ख़, रू अपन् महर्री के प्हल् बच् हईं, ब्​्कर मर डे र्, क्हे ्क रू न् मरब, क्हे ्क पभर रोहर् के आपन बडहन र्कर आ मजबूर पसरल ब्ं ह दे ख्वे ख्​्रर आज् दे ले ब्डन ्क रू ्जंद् रहबे 58 ्फरौन इस्एल के लोग के भग्वे के आदे श ्दहलन आ सब ्मस के लोग ओह लोग के भेजे ख्​्रर मजबूर हो गइलन क्हे ्क ऊ लोग कहर रहे ्क हमनी के सब न्श हो रहल ब्नी ज्े 59 रब सब ्मस के लोग इस्ए्लयन के बहर धन, भेड-बड, बैल आ कीमरी स्म्न लेके भेजले, जवन ्क पभर के शपथ के मरर्​्बक रहे े 60 इस्एल के लोग र्र मे ्नकले मे दे री कईले अवररी जब ्मस के लोग ओ लोग के ब्हर ले आवे ख्री ओ लोग के लगे पहं चले र उ लोग से पूछले ्क, “क् हमनी के चोर हई ज् ्क हमनी के र्र मे ्नकले के च्ही? 61 इस्एल के लोग ्मस के लोग से च्ं दी के बरयन, सोन् के बरयन आ कपड् मंगलस आ इस्एल के लोग ्मस के लोग के कपड् उर्र ्दहले 62 मूस् जली-जली उठ के ्मस के नदी मे चल गईले अवररी उह्ँ से यूसरफ के ्चर् लेके चल गईले​े 63 इस्एल के लोग भी अपन् स्थे आपन ब्प के ्चर् आ हर केह अपन् गोत के ्चर् लेके अइले​े अध ्य 81 के ब् 1 इस्एल के लोग छोट-छोट बच् आ उनकर मेहर्त के अल्व् लगभग छह ल्ख आदमी पैदल चल के र्मसेस से सरकोर रक ्नकलले 2 ओह लोग के स्थे ्म्शर भीड आ झरंड आ झरंड, बहर स्र् मवेशी भी चढले 3 इस्एल के लोग के पव्स दू सौ दस स्ल रहले 4 दू सौ दस स्ल के अंर मे पभर इस्एल के लोग के एगो मजबूर ह्थ से ्मस से ब्हर ले अइले​े 5 इस्एल के लोग ्मस, गोशेन आ र्मसेस से ्नकल के प्हल् महीन् के पनहव्ँ ्दन सरकोर मे डे र् ड्ल ्दहले 6 ्मस के लोग अपन् प्हल् बच् के दफन् ्दहल, जेकर् के पभर म्रले रहले अवररी सभ ्मस के लोग रीन ्दन रक ओ लोग के म्रल बच् के दफन् दे ले​े 7 इस्एल के लोग सरकोर से ्नकल के जंगल के छोर पर एथोम मे डे र् ड्ल ्दहले 8 ्मस के लोग अपन् प्हल् बच् के दफन्ल् के रीसर् ्दन ्मस से उठ के बहर लोग इस्एल के पीछे -पीछे चल गईले र्​्क उ लोग ्मस मे व्पस आ गईले, क्हे की उ लोग पछर्व् कईले ्क उ लोग इस्एली लोग के अपन् गरल्मी से दू र क दे ले ब्डे े 9 एक आदमी अपन् पडोसी से कहलस, “मूस् आ ह्तन ्फरौन से कहले ्क, हमनी के रीन ्दन के य्त् जंगल मे ज्के अपन् परमेशर पभर के ब्लद्न दे ब ज्े” 129


जशेर के बा

10 अब हमनी के सबेरे सबेरे उठ के ओह लोग के व्पस ले आवल ज्व आ ई होई ्क अगर उ लोग हमनी के स्थे ्मस मे अपन् म्​्लकन के लगे व्पस आ ज्ई र हमनी के पर् चल ज्ई ्क ओह लोग पर ्वश्स ब्, ले्कन अगर उ लोग व्पस न् आई र हमनी के ओ लोग के संगे लडब अवररी बहर र्कर अवररी मजबूर ह्थ के संगे व्पस ले आवबे 11 सबेरे ्फरौन के सब करलीन लोग आ ओकर् स्थे लगभग स्र ल्ख आदमी उठ के ओह ्दन ्मस से ्नकल के उह्ँ पहँ चल जह्ँ इस्एल के लोग रहले​े 12 रब सब ्मस के लोग दे खले ्क मूस्, ह्तन आऊ इस्एल के सब लोग पी-हहीरोर के स्मने बईठल, ख्र-पीर आ पभर के परब मन्वर रहले​े 13 रब सब ्मस के लोग इस्एल के लोग से कहलस ्क, “रू लोग सचमरच कहर रहलू ्क हमनी के रीन ्दन रक जंगल मे ज्के अपन् परमेशर के ब्लद्न दे के व्पस लवटब ज्े” 14 अब रोहर् गइल् के प्ं च ्दन हो गइल ब्, र रू अपन् म्​्लकन के लगे क्हे न् लवटर ब्ड़? 15 मूस् आ ह्तन ओह लोग के जव्ब ्दहलन, क्हे ्क हमनी के परमेशर यहोव् हमनी मे गव्ही दे ले ब्डन ्क, ‘रू लोग अब ्मस न् लवटब़, बलरक हमनी के दू ध आ शहद से बहर दे श मे ले ज्इब ज्, जइसन ्क हमनी के परमेशर पभर हमनी के पररखन से ्कररय् दे ले रहले ्क हमनी के दे वे के ्कररय् खइले रहले​े 16 जब ्मस के करलीन लोग दे खल ्क इस्एल के लोग ्मस लवटे ख्​्रर उनकर ब्र न् सरनर रहे र उ लोग इस्एल से लड्ई करे ख्​्रर अपन् के कमरबंद क लेले​े 17 रब परमेस् वर ्मस के लोग के लेके इस्एल के लोग के ्दल मजबूर कर ्दहलन ्क उ लोग ओ लोग के बहर म्र ्दहलस आ ्मस के लोग पर लड्ई बहरे भयंकर हो गइल आ सब ्मस के लोग इस्एल के लोग के स्मने से भ्ग गइल, क्हे ्क ओह लोग मे से बहर लोग इस्एल के ह्थ से न्श हो गइले 18 ्फरौन के करलीन लोग ्मस मे ज्के ्फरौन के कहलन ्क, “इस्एल के लोग भ्ग गईल ब्डे अवररी अब ्मस न् लवट जईहे अवररी मूस् अवररी ह्तन हमनी से अयीसन ब्र कईले​े 19 ्फरौन ई ब्र सरन के उनकर मन आ उनकर सब पज् के ्दल इस्एल के खखल्फ हो गइल आ उ लोग पछर्व् कइल ्क उ लोग इस्एल के भेजले ब्े आ सब ्मस के लोग ्फरौन के सल्ह ्दहल ्क उ इस्एल के लोग के पीछ् करस र्​्क उ लोग अपन् बोझ प व्पस आ ज्से 20 उ लोग अपन् भ्ई से कहलस, “हमनी के इ क् कईले ब्नी ज् ्क हमनी के इस्एल के अपन् गरल्मी से भेज दे ले ब्नी ज्?” 21 पभर सब ्मस के लोग के ्दल के मजबूर कर ्दहलन ्क उ इस्एली लोग के पीछ् करस, क्हे ्क पभर ल्ल स्गर मे ्मस के लोग के उख्ड फेके के च्हर रहले​े 22 ्फरौन उठ के आपन रथ के इसेम्ल कईले अवररी उ सभ ्मस के लोग के एकट् करे के आदे श दे ले, ले्कन छोट-छोट अवररी मेहर्त के छोड के एको आदमी न् रह गईले 23 सब ्मस के लोग ्फरौन के स्थे इस्एल के लोग के पीछ् करे ख्​्रर ्नकलल आ ्मस के डे र् बहर बड आ भ्री रहे , लगभग दस ल्ख आदमीे 24 एह डे र् के पूर् लोग ज्के इस्एल के लोग के पीछ् क के ्मस मे व्पस ले आवलस अवररी उ लोग ल्ल स्गर के ्कन्रे डे र् ड्ल के पहं च गईले​े

25 इस्एल के लोग आपन आँ ख उठ् के दे खलन ्क सब ्मस के लोग उनकर पीछ् करर ब् आ इस्एल के लोग ओह लोग से बहर डे र् गइलन आ इस्एल के लोग पभर से परक्रर रहलने 26 ्मस के लोग के चलरे इस्एल के लोग अपन् के च्र भ्ग मे बंट गईले अवररी उ लोग ्मस के लोग से डे र् गईले अवररी मूस् ओ लोग मे से हरे क से ब्र कईले​े 27 प्हल् ्वभ्जन तबेन, ्शमोन आ इस्कर के संर्न के रहे आ उ लोग अपन् के समरंदर मे फेके के ठ्न लेले क्हे ्क उ लोग ्मस के लोग से बहर डे र्र रहले​े 28 मूस् ओह लोग से कहले, “मर डे र्ईं, खड् होके दे ख़ ्क पभर के उ्​्र आजर रोहनी ख्​्रर होइहे े” 29 दू सर् ्डवीजन जबूलून, ्बन्मीन आ नफ्ली के लोग के रहे आ उ लोग ्मस के लोग के स्थे ्मस व्पस ज्ए के ठ्न लेले​े 30 मूस् ओह लोग से कहलन ्क मर डे र्ईं, क्हे ्क जइसे आजर ्मस के लोग के दे खले ब्नी, ओइसहीं अब हमेश् ख्​्रर न् दे खबे 31 रीसर् टोली यहद् आ यूसरफ के लोग के रहे आ उ लोग ्मस के लोग से लड्ई करे ख्​्रर ज्ए के फैसल् कईले​े 32 मूस् ओह लोग से कहले, “अपन् जगह पर खड् रह़, क्हे ्क पभर रोहनी ख्​्रर ल्डहे आ रू चरप रहब़े” 33 चउथ् ्डवीजन लेवी, ग्द आ आशेर के संर्न के रहे आ ऊ लोग ्मस के लोग के बीच मे ज्के ओह लोग के श्ममद् करे के ठ्न ्लहले आ मूस् ओह लोग से कहले, “अपन् थ्न् मे रह़ आ मर डे र्ईं, ख्ली पभर के आव्ज दी ं ्क ऊ रोहनी के ओह लोग के ह्थ से बच् सके​े” 34 एकर् ब्द मूस् लोग के बीच से उठ के पभर से प्थयन् करर कहले​े 35 हे पूर् धररी के परमेस् वर, अब अपन् लोग के बच् लीं, जेकर् के रू ्मस से ्नक्लले रहलू, आ ्मस के लोग एह ब्र के लमंड मर करे ्क शखक आ पर्कम उनकर हे 36 र पभर मूस् से कहले, “रू हमर् से क्हे परक्रर ब्डू? इस्एल के लोग से कह़ ्क ऊ लोग आगे बढी आ रू आपन ल्ठी समरनर पर बढ् के ओकर् के ब्ँ ट दी ं आ इस्एल के लोग ओकर् से गरजरीे 37 मूस् अइसे कइलन आ ऊ आपन ल्ठी समरंदर पर उठ् के ओकर् के ब्ँ ट ्दहलने 38 समरंदर के प्नी ब्रह भ्ग मे ब्ँ टल गइल आ इस्एल के लोग जूर् लेके पैदल ओ्हज् से गरजरर रहे जइसे कवनो आदमी रइय्र सडक से गरजरर रहे े 39 रब पभर मूस् आ ह्तन के ह्थ से ्मस आ समरंदर मे इस्एल के लोग के आपन चमत्र दे ख् ्दहलने 40 जब इस्एल के लोग समरंदर मे लरसल र ्मस के लोग ओ लोग के पीछे -पीछे आ गईले अवररी समरंदर के प्नी फेर से प्नी मे डूब गईले अवररी ्फरौन के छोड के एको आदमी न् रह गईले, जवन ्क पभर के धनव्द दे ले अवररी उनरक् प ्वश्स कईले, एहसे पभर उनरक् के ओ समय ्मस के लोग के संगे न्श न् कईले​े 41 रब पभर एगो सगयदूर के आदे श ्दहलन ्क उ ्मस के लोग के बीच से ओकर् के ले ज्स, जवन ओकर् के नीनव् के दे श प फेक ्दहलस अवररी उ बहर ्दन रक ओकर् प र्ज कईले​े 130


जशेर के बा

42 ओह ्दन परमेस् वर इस्एल के ्मस के ह्थ से बच् ्लहले आ इस्एल के सब लोग दे खल ्क ्मस के लोग के न्श हो गइल ब् आ ऊ लोग पभर के बडहन ह्थ दे खल, जवन ऊ ्मस आ समरंदर मे कइले रहलने 43 रब मूस् आ इस्एल के लोग पभर ख्​्रर ई गीर गवले, जब पभर ्मस के लोग के स्मने ्गरवले रहले​े 44 पूर् इस्एल ्मल के ग्वर रहले ्क, “हम पभर के ग्न् ग्वर ब्नी क्हे ्क उ बहर ऊँच ब्डे , लोड् अवररी ओकर् सव्र के समरंदर मे फेक दे ले ब्डे े दे ख़, ई परमेशर के वव्​् के ्कर्ब मे ्लखल ब्े 45 एकर् ब्द इस्एल के लोग आपन य्त् पर ्नकलल आ म्र् मे डे र् ड्ल ्दहल आ पभर इस्एल के लोग के मर्ह मे ओह जगह पर ्नयम आ न्य ्दहलन आ पभर इस्एल के लोग के आज् ्दहलन ्क ऊ लोग आपन पूर् र्स् पर चले आ ओकर सेव् करसे 46 ऊ लोग म्र् से ्नकल के एलीम पहँ चल आ एलीम मे ब्रह गो प्नी के झरन् आ सतर गो खजूर के पेड रहे आ लइक् लोग प्नी के ्कन्रे डे र् ड्ल के रहे े 47 ्मस से ्नकलल् के ब्द दू सर् महीन् के पनहव्ँ ्दन उ लोग ए्लम से ्नकल के ्सन के जंगल मे आ गईले​े 48 ओह लरी परमेस् वर इस्एल के लोग के ख्ए ख्​्रर मन् दे ्दहलन आ परमेस् वर इस्एल के लोग ख्​्रर सगय से अन बरस्र करर रहलने 49 इस्एल के लोग जंगल मे रहल् के दौर्न च्लीस स्ल रक मन् खईले, जब रक ्क उ लोग कन्न दे श के अपन् कब् मे लेवे न् पहं चले​े 50 ऊ लोग ्सन के जंगल से ्नकल के आलूश मे डे र् ड्ल ्दहले 51 आलूश से ्नकल के रे ्फदीम मे डे र् ड्ल ्दहले​े 52 जब इस्एल के लोग रे ्फदीम मे रहे र एलीफ्ज के बेट् अम्लेक, जे सोफो के भ्ई एस्व के बेट् रहे , इस्एल से लड्ई करे आईले 53 ऊ अपन् स्थे आठ सौ एक हज्र आदमी, ज्दू गर आ ज्दू गरन के लेके अइले आ रे ्फदीम मे इस्एल से लड्ई करे के रइय्री कइले​े 54 ऊ लोग इस्एल के खखल्फ एगो बडहन आ कड् लड्ई लडल आ पभर अम्लेक आ ओकर लोग के मूस् आ इस्एल के लोग के ह्थ मे आ मूस् के सेवक नून के बेट् यहोशू के ह्थ मे सौंप ्दहलने 55 इस्एल के लोग अम्लेक आ ओकर लोग के रलव्र के ध्र से म्र ्दहल, ले्कन इस्एल के लोग के लड्ई बहर कड् हो गईले 56 रब परमेस् वर मूस् से कहलन, “ई ब्र के रोहर् ख्​्रर य्दग्र के तप मे एगो ्कर्ब मे ्लख के रोह्र सेवक नून के बेट् यहोशू के ह्थ मे रख दी ं आ इस्एल के लोग के आज् दी ं ्क जब रू कन्न दे श मे अइब़ र रू सगय के नीचे से अम्लेक के य्द के पूर् ररह से ्मट् दे ब़े” 57 मूस् अईसन कइलन आ उ ्कर्ब लेके ओकर् पर इ शब ्लखलने 58 य्द रखीं ्क जब रू ्मस से ्नकलल रहलू र र्स् मे अम्लेक रोहर् स्थे क् कइले ब्ड़े

59 ऊ र्स् मे रोहर् से ्मल के रोहर् पीछे से म्र ्दहलस, उहो जे रोहर् पीछे कमजोर रहे जब रू बेहोश आ थक गइल रहलूे 60 एह से जब रोह्र परमेस् वर रोहर् के च्रो ओर के सभ दर शनन से आर्म दे ्दहे , जवन् दे श के म्​्लक्न् हक के तप मे रोह्र परमेशर रोहर् के दे ले ब्डे , र रू अम्लेक के य्द के सगय के नीचे से ्मट् दे ब, र रू ओकर् के न् भरल्एबे 61 जे र्ज् अम्लेक भ् ओकर् य्दद्श भ् ओकर् संर्न पर दय् करी, ऊ दे ख़ हम ओकर् से म्ँ गब आ ओकर् के ओकर् लोग के बीच से क्ट दे बे 62 मूस् इ सब ब्र एगो ्कर्ब मे ्लख के इस्एल के लोग के इ सब ब्र के आदर करे के आदे श दे ले​े अध ्य 82 के ब् 1 इस्एल के लोग रे ्फदीम से ्नकल के ्मस से ्नकलल् के रीसर् महीन् मे ्सन्ई के जंगल मे डे र् ड्ल ्दहले 2 ओही समय मूस् के ससरर ्मद्नी रएल उनकर बेटी ्सपोर् आ उनकर दर नर बेट् के स्थे अइले, क्हे ्क उ पभर के अचरज के ब्रे मे सरनले रहले जवन उ इस्एल के स्थे कईले रहले ्क उ ओ लोग के ्मस के ह्थ से बच् लेले रहले​े 3 रएल मूस् के लगे उ जंगल मे चल गईले, जह्ं उ डे र् ड्लले रहले, उह्ँ उह्ँ परमेशर के पह्ड रहे े 4 मूस् अपन् ससरर से बहर इजर से ्मले ्नकलले अवररी पूर् इस्एल उनरक् संगे रहले​े 5 रएल आ ओकर लइक् बहर ्दन रक इस्एली लोग के बीच मे रहलन आ ओह ्दन से रऊएल पभर के ज्न गइलने 6 इस्एल के लोग के ्मस से ्नकलल् के रीसर् महीन् मे , छठव्ँ ्दन परमेश् वर ्सनै पह्ड पर इस्एल के दस आज् दे ्दहलने 7 रब पूर् इस्एल इ सब आज् सरनलस आ ओह ्दन पूर् इस्एल पभर मे बहर खरश हो गईले 8 रब पभर के म्हम् ्सनै पह्ड पर ्टकल आ ऊ मूस् के बोलवले आ मूस् ब्दल के बीच मे आके पह्ड पर चढ गइलने 9 मूस् च्लीस ्दन च्लीस र्र पह्ड पर रहले​े ऊ रोटी न् खइले आ प्नी न् ्पयले आ पभर ओकर् के ्नयम आ न्य के ्नद् श ्दहलन ्क ऊ इस्एल के लोग के ्सख्वे . 10 यहोव् इस्एल के लोग के ्दहल दस आज् के दू गो पतर के प्टी पर ्लखले, जवन उ मूस् के इस्एल के लोग के आज् दे वे ख्​्रर दे ले रहले​े 11 च्लीस ्दन च्लीस र्र के अंर मे जब पभर ्सन्ई पह्ड पर मूस् से ब्र कइलन र पभर मूस् के पतर के प्टी दे ्दहलन जवन परमेशर के अँगररी से ्लखल रहे े 12 जब इस्एल के लोग दे खल ्क मूस् पह्ड से उररे मे दे री कईले ब्डे र उ लोग ह्तन के च्रों ओर बईठ के कहले, “रहल ब्र इ मूस् के ब्रे मे हमनी के नईखी ज्नर ्क उनरक् क् भईल ब्े” 13 अब उठ के हमनी ख्​्रर एगो अइसन दे वर् बन्ईं जे हमनी से प्हले चल जइहे र्​्क रू न् मरबे 14 ह्तन लोग से बहरे डे र् गइलन आ ऊ लोग के सोन् ले आवे के आदे श ्दहलन आ ओकर् के लोग ख्​्रर ्पललल बछड् बन् ्दहलन. 131


जशेर के बा

15 भगव्न मूस् से पह्ड से उररे से प्हले कहले, “उरर ज्, क्हे ्क रोह्र लोग जेकर् के रू ्मस से ्नक्लले रहलू, उ खरद के न्श क लेले ब्े” 16 ऊ लोग अपन् ख्​्रर एगो ्पललल बछड् बनवले ब् आ ओकर् स्मने पर्म कइले ब्, एहसे अब हमर् के छोड दी ं ्क हम ओह लोग के धररी से खरम कर दी,ं क्हे ्क ऊ लोग कड् गदय न व्ल् लोग ह. 17 मूस् पभर के चेहर् से ्नहोर् कईले अवररी उ लोग जवन बछड् बनवले रहले ओकर् चलरे उनरक् ख्री पभर से प्थयन् कईले अवररी ओकर् ब्द उ पह्ड से उररले अवररी उनरक् ह्थ मे उ दर गो पतर के प्टी रहे , जवन ्क भगव्न उनरक् के इस्एली लोग के आज् दे वे ख्री दे ले रहले​े 18 जब मूस् डे र् के नजदीक पहं चले अवररी लोग के बन्वल बछड् के दे खले र मूस् के गरस् आ गईल अवररी उ पह्ड के नीचे के प्टी के रोड दे ले​े 19 मूस् डे र् पर अइले आ बछड् के लेके आग से जर् के ओकर् के महीन धूल होखे रक पीस के प्नी पर ्बछ् के इस्ए्लयन के पीये ्दहले​े 20 बछड् बन्वे व्ल् करीब रीन हज्र आदमी एक दू सर् के रलव्र से मर गईले​े 21 अ्गल् ्दने मूस् लोग से कहलन, “हम पभर के प्स चलब, श्यद हम रोहनी के प्प के प्य्शर कर सकीले जवन रू पभर के स्मने प्प कईले ब्डूे” 22 मूस् फेर से पभर के लगे चल गईले अवररी च्लीस ्दन च्लीस र्र रक पभर के संगे रहले​े 23 च्लीस ्दन मे मूस् इस्एल के लोग ख्​्रर पभर से ्नहोर् कइलन आ पभर मूस् के प्थयन् सरनलन आ इस्एल के ख्​्रर पभर उनकर् से ्नहोर् कइलने 24 रब परमेस् वर मूस् से कहलन ्क उ दू गो पतर के प्टी क्ट के पभर के प्स ले आवस, जे ओह पर दस आज् ्लखे​े 25 मूस् अईसन कईले अवररी उ नीचे उरर के दर नो प्टी के क्ट के ्सन्ई पह्ड प पभर के लगे चल गईले अवररी पभर प्टी प दस आज् ्लख दे ले​े 26 मूस् च्लीस ्दन च्लीस र्र रक पभर के संगे रहले अवररी पभर उनरक् के इस्एल के ्नयम अवररी फैसल् के ्नद् श दे ले​े 27 इस्एल के लोग के आदर करर पभर ओकर् के आज् ्दहलन ्क ऊ लोग पभर ख्​्रर एगो प्वत ्​्न बन्वे, र्​्क ओकर न्म ओकर् मे ्टक सके, आ पभर ओकर् के प्वत ्​्न के उपम् आ ओकर सब बरयन के उपम् दे ख् ्दहलने 28 च्लीस ्दन के अंर मे मूस् पह्ड से उररले अवररी दर नो प्टी उनरक् ह्थ मे रहे े 29 मूस् इस्एल के लोग के लगे अइले आ ओह लोग से पभर के सब ब्र कहलन आ ऊ ओह लोग के क्नून, ्नयम आ न्य ्सखवले जवन पभर उनक् के ्सखवले रहले​े 30 मूस् इस्एल के लोगन से पभर के वचन बरवले ्क ओकर् ख्​्रर एगो प्वत ्​्न बन्वल ज्व र्​्क उ इस्एल के लोग के बीच रहे े 31 उ लोग मूस् के म्धम से जवन भी अच्ई के ब्रे मे पभर उ लोग से कहले रहले, ओकर् से लोग बहर खरश भईले अवररी उ लोग कहले ्क, “हमनी के उ सब क्म करब जवन पभर रोहर् से कहले ब्डे े”

32 लोग एक आदमी ्नहन उठ के पभर के प्वत ्​्न मे उद्रर् से चढ्वल गईल अवररी हरे क आदमी प्वत ्​्न के क्म अवररी ओकर् पूर् सेव् ख्री पभर के ब्लद्न लेके आईले 33 इस्एल के सब लोग पभर के प्वत ्​्न के क्म ख्​्रर जवन करछ भी अपन् कब् मे ्मलल रहे , ओकर् मे से एक-एक आदमी सोन्, च्ं दी अवररी पीरल अवररी प्वत ्​्न के सेव् के ल्यक हर चीज लेके अईले​े 34 क्म करे व्ल् सब ज्नी लोग आके पभर के आज् के अनरस्र पभर के प्वत ्​्न बनवले​े मन मे सब ज्नी लोग प्वत सेव् ख्​्रर प्वत ्​्न, ओकर स्ज-सज् आ सब बरयन के प्वत सेव् ख्​्रर बनवले, जईसे ्क पभर मूस् के आज् दे ले रहले​े 35 प्ं च महीन् के अंर मे रमू के प्वत ्​्न के क्म पूर् हो गईल अवररी इस्एल के लोग उ सब पूर् कईले, जवन ्क पभर मूस् के कहले रहले​े 36 उ लोग प्वत ्​्न आ ओकर सब स्म्न मूस् के लगे ले अइले​े जइसे पभर मूस् के दे ख्वर रहले, ओइसहीं इस्एल के लोग भी कइले रहले​े 37 मूस् क्म दे खलन आ दे खलन ्क उ लोग पभर के आज् के मरर्​्बक क्म करर रहले, एहसे मूस् ओ लोग के आशीष दे ले​े अध ्य 83 के ब् 1 ब्रहव्ँ महीन् मे, महीन् के रेइसव्ँ ्दन, मूस् ह्तन आ उनकर बेट् लोग के लेके उनकर कपड् प्हन के अ्भषेक क के पभर के आज् के मरर्​्बक क्म कइलन आ मूस् ओह सब ब्लद्न के लेके अइले जवन ओह ्दन पभर उनक् के आज् दे ले रहले​े 2 ओकर् ब्द मूस् ह्तन आ उनकर बेट् लोग के लेके कहले, “रू लोग स्र ्दन रक रमू के दर आर पर रहब, क्हे ्क हमर् के इहे आज् ्दहल गईल ब्े 3 ह्तन आ उनकर बेट् लोग मूस् के म्धम से जवन भी आज् पभर कहले रहले, उ सब पूर् कईले अवररी उ लोग स्र ्दन रक रमू के दर आर प रहले​े 4 आठव्ँ ्दन, प्हल् महीन् के प्हल् ्दन, इजर्इली लोग के ्मस से ्नकलल् के दू सर् स्ल मे, मूस् प्वत ्​्न के खड् कइलन आ मूस् रमू के स्र् स्म्न आ प्वत ्​्न के स्र् स्म्न रखलन आ उ सब पूर् कइलन जवन पभर उनक् के ्दहले रहले​े 5 मूस् ह्तन आ उनकर बेट् लोग के बोलवले आ उ लोग अपन् आ इस्एल के लोग ख्​्रर होमब्ल आ प्पब्ल लेके अइले, जइसन ्क पभर मूस् के आज् दे ले रहले​े 6 ओह ्दन ह्तन के दर नर बेट् नद्ब आ अबीह पर्य् आग लेके पभर के स्मने ले अइले जे ओह लोग के आज् न् ्दहले रहले आ पभर के स्मने से आग ्नकल के ओह लोग के भस कर ्दहलस आ ओह ्दन ऊ लोग पभर के स्मने मर गइले 7 जवन् ्दन मूस् प्वत ्​्न के ्नम्य र पूर् कईले रहले, उहे ्दन इस्एल के संर्न के मरखखय् वेदी के समपयर ख्री आपन ब्लद्न पभर के सोझ् ले आवे लगले​े 8 उ लोग एक-एक ्दन ख्​्रर एक-एक र्जकरम्र, ब्रह ्दन ख्​्रर एक-एक र्जकरम्र के ब्लद्न लेके आवर रहले​े 132


जशेर के बा

9 उ लोग अपन् समय मे जवन भी ब्लद्न लेके अईले, उ एकएक च्ं दी के कटोर्, जवन ्क एक सौ रीस शेकेल वजन के रहे , प्बतर ्ल के शेकेल के ्हस्ब से सतर शेकेल के एक च्ं दी के कटोर्, दर नो महीन आट् से भरल रहे अवररी रेल के संगे अनब्ल के तप मे ्मल्वल रहे े 10 धूप से भरल एक चमच दस शेकेल सोन् के रहे े 11 होमब्ल ख्​्रर एक बैल, एक मेढ्, एक स्ल के मेमन्े 12 प्पब्ल ख्​्रर एगो बकरी के बछड् के बकरी के बछड् के बछड् के बछड् के बछड् के बछड् के बछड् के बछड् के बछड् के बछड् के बछड् के बची के बची के बकरी के बकरी के बकरी के बकरी के बकरी के बकरी के बकरी के बकरी के बकरी के बकरी के बकरी के बकरी के बकरी के बची के बकरी के बकरी के बकरी के बकरी के बच् के बकरी के बकरी के बकरी के बकरी के बकरी के बच् के बकरी के बकरी के बकरी के बच् के बकरी के बकरी के बकरी के बची के बकरी के बच् के बकरी के बच् के बकरी के बकरी के बकरीे 13 मेलब्ल के ब्लद्न ख्​्रर दू गो बैल, प्ं च मेढक, प्ं च गो बकरी, प्ं च स्ल के मेमन् ्दहल ज्वे 14 इस्एल के ब्रह गो र्जकरम्र लोग ्दन पर ्दन अइसन करर रहले , हर आदमी अपन् समय मे​े 15 एकर् ब्द महीन् के रेरहव्ँ ्दन मूस् इस्एल के लोग के फसह मन्वे के आदे श ्दहलने 16 इस्एल के लोग महीन् के चौदहव्ँ ्दन अपन् समय मे फसह मन्वर रहले, जइसन ्क पभर मूस् के आज् दे ले रहले, इस्एल के लोग भी ओइसहीं मन्वर रहले​े 17 दू सर् महीन् मे प्हल् ्दन पभर मूस् से कहलने 18 इस्एल के बीस स्ल से ऊपर के सब नर के ्सर ्गन लीं, रू आ आपन भ्ई ह्तन आ इस्एल के ब्रह गो सरद्रन के​े 19 मूस् अइसे कइलन आ ह्तन इस्एल के ब्रह गो सरद्रन के स्थे अइले आ ऊ लोग ्सनै के जंगल मे इस्एल के लोग के ्गनरी कइले 20 बीस स्ल से ऊपर के उ्मर के लर्न् के ्हस्ब से इस्एल के लोग के संख् छह ल्ख रीन हज्र प्ं च सौ पच्स रहे े 21 लेवी के लोग अपन् भ्ई इस्एल के लोग मे न् ्गनल गइले 22 इस्एल के लोग के एक महीन् से ऊपर के सब नर के संख् ब्इस हज्र दू सौ रेहतर रहे े 23 लेवी के संर्न के संख् एक महीन् से ऊपर के लोग के संख् ब्इस हज्र रहे े 24 मूस् परज्री आ लेवी लोग के हर एक के अपन् सेव् आ अपन् बोझ पर रमू के प्वत ्​्न के सेव् करे ख्​्रर रखले, जइसन ्क पभर मूस् के आज् दे ले रहले​े 25 महीन् के बीसव्ँ ्दन ब्दल गव्ही के रमू से हट् ्दहल गइले 26 ओही समय इस्एल के लोग ्सनै के जंगल से आपन य्त् ज्री रखले आ रीन ्दन के य्त् कइले आ ब्दल प्रन के जंगल पर ्टक गइले उह्ँ यहोव् के कोध इस्एल पर भडक गईल, क्हे ्क उ लोग पभर से भडकवले रहले ्क उ लोग ख्न् ख्एे 27 पभर ओ लोग के ब्र सरन के एक महीन् रक ख्न् दे ले​े 28 ले्कन एकर् ब्द पभर के कोध ओ लोग प भडक गईल अवररी उ ओ लोग के बहर कत क दे ले अवररी उ लोग ओ्हज् दफन हो गईले​े

29 इस्एल के लोग ओह जगह के केबोर हत्व् कहल क्हे ्क उ लोग उह्ँ म्ं स के ल्लस् करे व्ल् लोग के दफन्वर रहले​े 30 ऊ लोग केबोर हट्व से ्नकल के हजेरोर मे डे र् ड्ल ्दहल जवन प्रन के जंगल मे ब्े 31 जब इस्एल के लोग हजेरोर मे रहले र मूस् के चलरे मररयम के खखल्फ पभर के कोध भडक गईल अवररी उ कोढ से पी्डर हो गईली, जवन ्क बफय ्नहन उजर हो गईलीे 32 उ स्र ्दन रक डे र् से ब्हर बंद रहली, जब रक ्क कोढ के ब्द उनरक् के दोब्र् न् ्मल गईले 33 एकर् ब्द इस्एल के लोग हजेरोर से ्नकल के प्रन के जंगल के अंर मे खड् हो गईले​े 34 ओह लरी पभर मूस् से कहलन ्क इस्एल के लोग मे से ब्रह आदमी के एगो गोत मे भेज के कन्न के दे श के खोज करे ख्​्रर भेजल ज्वे 35 मूस् ब्रह आदमी के भेज के कन्न दे श के खोज आ ज्ँ च करे ख्​्रर आके ्सन के जंगल से लेके रे कोब रक के पूर् दे श के खोज कईले, जब रक रू क्मोर पहं चल रहलूे 36 च्लीस ्दन के अंर मे उ लोग मूस् अवररी ह्तन के लगे पहं चले अवररी उ लोग उनरक् मन के मरर्​्बक खबर दे ले अवररी दस आदमी इस्एल के लोग के ओ दे श के बरर् खबर दे ले, जवन् दे श के उ लोग खोजले रहले, अवररी कहले ्क, “हमनी ख्री ्मस व्पस ज्ए से ्नमन ब् ्क हमनी के ए दे श मे ज्ए से ्नमन ब्, जवन ्क अपन् ्नव्सी के भस क दे वेल्े” 37 ले्कन नून के बेट् यहोशू आ यफून के बेट् क्लेब, जे दे श के खोज करे व्ल् लोग मे से रहले , कहले ्क, “दे श बहर ब्ढय् ब्े” 38 अगर पभर हमनी मे खरश होईहे र उ हमनी के ए दे श मे ले आके हमनी के दे ्दहे , क्हे की इ दू ध अवररी शहद से बहर दे श हे 39 ब्​्कर इस्एल के लोग ओह लोग के ब्र न् सरनल आ ऊ लोग ओह दस आदमी के ब्र सरनल जवन दे श के बरर् खबर ले आइल रहले. 40 यहोव् इस्एल के लोग के गरनगरन्हट सरन के खख्सय् के ्कररय् खइले​े 41 एह दर ष पीढी के एको आदमी बीस स्ल से अ्धक् उ्मर के दे श के न् दे ख प्ई, ्सव्य यफून के बेट् क्लेब आ नून के बेट् यहोशू के​े 42 ले्कन ्न्शर तप से ई दर ष पीढी एह जंगल मे न्श हो ज्ई आ ओकर लइक्-लइकी एह दे श मे आ जइहे आ ऊ लोग ओकर् के अपन् कब् मे ले लीहे े एही से यहोव् के कोध इस्एल पर भडक गइल आ ऊ ओह लोग के च्लीस स्ल रक जंगल मे भटकवले, जबले ्क ऊ दर ष पीढी के अंर न् हो गइल, क्हे ्क ऊ लोग पभर के पीछे न् चलले 43 लोग बहर ्दन रक प्रन के जंगल मे रहल आ ओकर् ब्द ऊ लोग ल्ल स्गर के र्स् से जंगल मे चल गइले अध ्य 84 के ब् 1 ओही समय लेवी के बेट् केहर के बेट् जेतजर के बेट् कोरह इस्एल के बहर लोग के लेके चल गईले अवररी उ लोग उठ के मूस् अवररी ह्तन अवररी पूर् मंडली से झगड् कईले​े 133


जशेर के बा

2 रब पभर ओह लोग पर न्र्ज हो गइलन आ धररी आपन मरँह खोल के ओह लोग के लर आ ओह लोग के सब स्म्न आ कोरह के सब आदमी के ्नगल गइले 3 एकर् ब्द परमेशर लोग के सेईर पह्ड के र्स् से बहर ्दन रक लूमे लगवले​े 4 ओही लरी पभर मूस् से कहले, “एस्व के संर्न के खखल्फ लड्ई मर भडक्ईं, क्हे ्क हम रोहके ओ लोग के कवनो चीज के ओरन् न् दे ब, जरन् गोड के रलव् चल सकेल्, क्हे ्क हम सेइर पह्ड एस्व के ्वर्सर के तप मे दे ले ब्नीे 5 एही से एस्व के संर्न प्हले सेईर के लोग से लडर रहले अवररी पभर सेईर के संर्न के एस्व के संर्न के ह्थ मे सौंप दे ले रहले अवररी ओ लोग के सोझ् से नष क दे ले रहले अवररी एस्व के संर्न आज रक ओ लोग के जगह प रह गईले​े 6 एही से पभर इस्एल के लोग से कहले, “अपन् भ्ई एस्व के संर्न से मर लडी ं, क्हे ्क ओ लोग के दे श मे कवनो चीज रोहर् के नईखे, ले्कन रू पईस् मे ओ लोग से ख्न् खरीद के ख् सकर्नी अवररी पईस् मे ओ लोग से प्नी खरीद के पी सकर्नीे 7 इस्एल के लोग पभर के वचन के मरर्​्बक क्म कईले​े 8 इस्एल के लोग बहर दे र रक ्सन्ई पह्ड के र्स् से जंगल मे लूमर रहले अवररी एस्व के लोग के न् छूअले अवररी उनीस स्ल रक ओ ्जल् मे रहले​े 9 ओही लरी ्कतीम के र्ज् लै्टनस अपन् श्सन के पैर्लीसव्ँ स्ल मे मर गइलन जवन इस्एल के लोग के ्मस से ्नकलल् के चौदहव्ँ स्ल हे 10 ऊ लोग ओकर् के ओह जगह पर दफन् ्दहल जवन ऊ अपन् ख्​्रर ्कतीम दे श मे बनवले रहले आ अबीम्स ओकर् जगह् अडरीस स्ल ले र्ज कइलन. 11 उनीस स्ल के अंर मे इस्एल के लोग एस्व के लोग के सीम् के प्र क के मोआब के जंगल के र्स् से गरजर गईले​े 12 रब पभर मूस् से कहले, “मोआब के लेर्बंदी मर कऱ आ ओकर् से लड्ई मर कऱ, क्हे ्क हम रोहके ओह लोग के दे श के करछ न् दे बे” 13 इस्एल के लोग उनीस स्ल रक मोआब के जंगल के र्स् से गरजरर रहले अवररी उ लोग ओ लोग से लड्ई न् कईले​े 14 इस्एल के लोग के ्मस से ्नकलल् के छतीसव्ँ स्ल मे पभर अमोरी लोग के र्ज् सीहोन के ्दल के म्र ्दहलन आ ऊ लड्ई लडले आ मोआब के लोग से लड्ई करे ्नकल गइलने 15 सीहोन ्मस के र्ज् के सल्हक्र ्बल्म के बेट् जनेस के बेट् बेओर आ उनकर बेट् ्बल्म के लगे दू र भेजले ्क मोआब के ग्री दे वे र्​्क उ सीहोन के ह्थ मे सौं ज्े 16 दू र ज्के मेसोपोट्​्मय् के पेथोर से जनेस के बेट् बेओर आ ओकर बेट् ्बल्म के ले अइले, एही से बेओर आ ओकर बेट् ्बल्म सीहोन शहर मे अइले आ अमोरी लोग के र्ज् सीहोन के स्मने मोआब आ ओह लोग के र्ज् के ग्री ्दहले​े 17 रब सीहोन अपन् पूर् सेन् के संगे ्नकल गईले अवररी मोआब गईले अवररी ओ लोग के खखल्फ लड्ई लडले अवररी ओ लोग के अपन् वश मे क लेले अवररी पभर ओ लोग के अपन् ह्थ मे सौंप दे ले अवररी सीहोन मोआब के र्ज् के म्र दे ले​े 18 सीहोन लड्ई मे मोआब के सब शहरन के अपन् कब् मे ले ्लहलसे ऊ हे शबोन के भी ओह लोग से ले ्लहले, क्हे ्क हे शबोन मोआब के शहरन मे से एगो रहे आ सीहोन अपन्

र्जकरम्रन आ अपन् करलीन लोग के हे शबोन मे रखले रहले आ ओह लरी हे शबोन सीहोन के रहे े 19 एही से दष्न बोले व्ल् बेओर आ उनकर बेट् ्बल्म इ ब्र कहले, “हे शबोन आ ज्, सीहोन शहर के ्नम्य र आ ्​्​्पर हो ज्ईे” 20 रोहर् मोआब के ह्य! हे केमोश के लोग, रू हे र् गइल ब्ड़! दे ख़, ई परमेशर के वव्​् के ्कर्ब पर ्लखल ब्े 21 जब सीहोन मोआब पर ्वजय प् ्लहले र ऊ मोआब से जवन शहरन मे पहर् ्लहले रहले, ओह शहरन मे पहरे द्र रखलन आ मोआब के लोग के क्फी संख् सीहोन के ह्थ मे लड्ई मे ्गर गइल आ ऊ ओह लोग के बेट्-बेटी के बहरे पकड ्लहलन आ ऊ ओह लोग के र्ज् के म्र ्दहलन. र सीहोन व्पस अपन् दे श मे मरड गईले​े 22 सीहोन बेओर आ अपन् बेट् ्बल्म के च्ं दी आ सोन् के ढे र उपह्र ्दहलन आ ऊ ओह लोग के भग् ्दहलन आ ऊ लोग मेसोपोट्​्मय् अपन् लर आ दे श मे चल गइलन. 23 ओही समय इस्एल के सब लोग मोआब के जंगल के र्स् से गरजर के व्पस आके एदोम के जंगल के लेर ्लहले​े 24 ्मस से ्नकलल् के च्लीसव्ँ स्ल के प्हल् महीन् मे पूर् मंडली ्सन के जंगल मे आ गईल अवररी इस्एल के लोग ्सन के जंगल के क्दे श मे रह गईल अवररी मररयम उह्ँ मर गईल अवररी उह्ँ दफन् ्दहल गईले 25 ओही लरी मूस् एदोम के र्ज् हद्द के लगे दू र भेजले ्क, “रोह्र भ्ई इस्एल इ कहर हव ्क हम रोहर् से रोहर् दे श से गरजरे दी,ं हम खेर भ् अंगूर के बगइच् से न् गरजरब, हमनी के इन्र के प्नी न् पीब ज्े हम र्ज् के र्ह पर चलबे 26 एदोम ओकर् से कहलस, “रू हमर् दे स से न् गरजरब आ एदोम एगो पर्कमी लोग के स्थे इस्एल के लोग से ्मले ्नकलले 27 एस्व के लोग इस्एल के लोग के अपन् दे श से गरजरे से मन् क ्दहल, एहसे इस्एल के लोग ओ लोग से दू र हो गईले अवररी ओ लोग से लड्ई न् कईले​े 28 एकर् से प्हले पभर इस्एल के लोग के आज् दे ले रहले ्क, 'रू एस्व के संर्न से लड्ई मर करी,ं एहसे इस्एली ओ लोग से दू र हो गईले अवररी उनरक् से लड्ई न् कईले​े' 29 रब इस्एल के लोग क्दे श से ्नकल के सब लोग होर पह्ड पर आ गईले 30 ओही लरी पभर मूस् से कहले, “अपन् भ्ई ह्तन से कह़ ्क ऊ ओ्हज् मर जइहे , क्हे ्क ऊ ओह दे श मे न् अइहे जवन हम इस्एल के लोग के दे ले ब्नीे” 31 ह्तन पभर के आदे श पर च्लीसव्ँ स्ल प्ं चव् महीन् मे, महीन् के प्हल् ्दन होर पह्ड पर चढ गइलने 32 ह्तन के मौर होर पह्ड पर एक सौ रेइस स्ल के रहे े अध ्य 85 के ब् 1 द्कर मे रहे व्ल् कन्नी र्ज् अर्द सरनलस ्क इस्एली ज्सूस के र्स् से आ गईल ब्डे अवररी उ अपन् सेन् के इं रज्म क के इस्एली लोग के खखल्फ लड्ई लडले​े 2 इस्एल के लोग ओकर् से बहर डे र् गईल, क्हे ्क ओकर् लगे बहर बड सेन् रहे , एहसे इस्एल के लोग ्मस व्पस ज्ए के ठ्न लेले​े 134


जशेर के बा

3 इस्एल के लोग लगभग रीन ्दन के दू री पर मसेर्थ बेनी य्कोन के ओर पीछे मरड गईले, क्हे ्क उ लोग र्ज् अरद से बहर डे र् गईल रहले​े 4 इस्एल के लोग अपन् जगह पर व्पस न् आवे के च्हर रहले, एहसे उ लोग रीस ्दन रक बेनी ज्कोन मे रहले​े 5 जब लेवी के लोग दे खल ्क इस्एल के लोग पीछे न् हटे , र उ लोग पभर के ख्​्रर ईष्य करे लगले अवररी उ लोग उठ के अपन् भ्ई इस्एली लोग के खखल्फ लड्ई लडले अवररी ओ लोग के एगो बड ल्श के म्र दे ले अवररी उ लोग के अपन् जगह, होर पह्ड प व्पस ज्ए ख्री मजबूर क दे ले​े 6 जब उ लोग व्पस अईले र र्ज् अर्द अभी भी इस्एली लोग के खखल्फ लड्ई ख्​्रर आपन सेन् के इं रज्म करर रहले​े 7 इस्एल एगो पर कइलन ्क अगर रू एह लोग के हमर् ह्थ मे सौंप दे ब र हम ओह लोग के शहरन के पूर् ररह से नष कर दे बे 8 रब परमेस् वर इस्एल के आव्ज सरन के कन्न लोग के ओह लोग के ह्थ मे सौंप ्दहलन आ ओह लोग के आ ओह लोग के शहरन के पूर् ररह से नष कर ्दहलन आ ओह जगह के न्म होम्य रख ्दहलन. 9 इस्एल के लोग होर पह्ड से ्नकल के ओबोर मे खड् होके ओबोर से ्नकल के मोआब के सीम् मे इजे-अबरीम मे खड् हो गईले​े 10 रब इस्एल के लोग मोआब के भेजले ्क, “हमनी के अब रोह्र दे श से गरजर के अपन् जगह पर आ ज्इब ज्, ले्कन मोआब के लोग इस्एल के लोग के अपन् दे श से गरजरे न् दे ले, क्हे ्क मोआब के लोग बहर डे र्र रहे ्क कही ं इस्एल के लोग ओह लोग के स्थे ओइसन न् करस जइसे अमोरी लोग के र्ज् सीहोन ओह लोग के स्थे कइले रहले, जे ओह लोग के दे श लेके बहर लोग के म्र ्दहले रहले​े 11 एही से मोआब इस्ए्लयन के अपन् दे श से गरजरे न् ्दहलस आ पभर इस्एल के लोग के आज् ्दहलन ्क ऊ लोग मोआब से लड्ई मर करस, एहसे इस्एली लोग मोआब से हट गइले 12 इस्एल के लोग मोआब के सीम् से ्नकल के मोआब आ अमोरी लोग के बीच मोआब के सीम् अन्न के दू सर् ओर पहँ चल आ अमोरी लोग के र्ज् सीहोन के सीम् मे केदे मोर के जंगल मे डे र् ड्ल ्दहले 13 इस्एल के लोग अमोरी लोग के र्ज् सीहोन के लगे दू र भेजलसे 14 हमनी के रोह्र दे श से गरजरल ज्व, हमनी के खेर मे न् मरडब ज्, न् अंगूर के बगइच् मे, जब रक हमनी के रोह्र सीम् से न् गरजरब ज्, रब रक र्ज् के र्जम्गय से चलब ज्, ले्कन सीहोन इस्एली लोग के गरजरे न् दे ले​े 15 रब सीहोन अमोरी लोग के सब लोग के बटोर के इस्एल के लोग से ्मले ख्​्रर जंगल मे ्नकल गईले अवररी जह्ज मे इस्एल के खखल्फ लड्ई लडले​े 16 रब परमेश् वर अमोरी लोग के र्ज् सीहोन के इस्एल के लोग के ह्थ मे सौंप ्दहलन आ इस्एल सीहोन के सब लोग के रलव्र से म्र ्दहलस आ मोआब के मरकदम् के बदल् ्लहलसे

17 इस्एल के लोग अर्म से लेके य्बरक रक के सीहोन के दे श के अमोन के लोग के अपन् कब् मे ले लेले अवररी शहर के सभ लूट के स्म्न ले लेले​े 18 इस्एल एह सब शहरन के अपन् कब् मे ले ्लहलस आ इस्एल अमोरी लोग के सब शहरन मे रह गइले 19 इस्एल के सब लोग अमोन के लोग के खखल्फ लड्ई करे के फैसल् कईले अवररी उ लोग के दे श भी अपन् कब् मे लेवे के फैसल् कईले​े 20 एही से पभर इस्एल के लोग से कहले, “अमोन के लोग के लेर्बंदी मर कऱ आ न् ही ओह लोग के खखल्फ लड्ई मर भडक्ईं, क्हे ्क हम रोहनी के ओह लोग के दे श से करछ न् दे ब आ इस्एल के लोग यहोव् के वचन सरन के अमोन के लोग से लड्ई न् कइले 21 इस्एल के लोग मरड के ब्श्न के र्स् से ब्श्न के र्ज् ओग के दे श मे चल गईले अवररी ब्श्न के र्ज् ओग इस्ए्लयन से लड्ई मे ्मले ्नकलले अवररी उनरक् संगे बहर वीर आदमी अवररी अमोरी लोग के बहर मजबूर सेन् रहले​े 22 ब्श्न के र्ज् ओग बहर र्करवर आदमी रहले, ले्कन उनकर बेट् न्रोन बहर र्करवर रहले अवररी उनरक् से भी मजबूर रहले​े 23 ओग मन मे कहलन, “दे ख़, अब पूर् इस्एल के डे र् रीन पस्य के जगह ले लेले ब्, अब हम ्बन् रलव्र भ् भ्ल् के एके बेर मे म्र दे बे” 24 ओग य्ह्ज पह्ड पर चढ के ओहमे से एगो बडहन पतर लेके, जवन् के लंब्ई रीन परस् रहे , आ ओकर् के अपन् म्थ् पर रख के संकल कइलन ्क ओकर् के इस्एल के डे र् पर फेक ्दहल ज्व आ ओह पतर से सगरी इस्ए्लयन के म्र ्दहल ज्व. 25 रब पभर के दू र आके ओग के म्थ् मे पतर छे द ्दहलस आ ओग के गदय न पर उ पतर ्गर गईल जवन ओग के गदय न प पतर के वजन के चलरे धररी प ्गर गईले 26 ओही लरी पभर इस्एल के लोग से कहले, “उनक् से मर डे र्ईं, क्हे ्क हम ओकर् के आ ओकर सब लोग के आ ओकर पूर् दे श के रोहर् ह्थ मे दे दे ले ब्नी, आ रू ओकर् स्थे ओइसने करब जइसे रू सीहोन के स्थे कइले रहलूे” 27 मूस् इस्एल के करछ लोग के स्थे उनकर् लगे चल गइलन आ मूस् ओग के गोड के टखन् पर ल्ठी से म्र के म्र ्दहलने 28 ओकर् ब्द इस्एल के लोग ओग के लोग आ ओकर सब लोग के पीछ् कइल आ रब रक म्रपीट आ रब रक न्श कर ्दहल जब रक ्क ओह लोग मे से कवनो बचे व्ल् न् रह गइले 29 ओकर् ब्द मूस् इस्एल के करछ लोग के य्जर के ज्सूसी करे ख्​्रर भेजले, क्हे ्क य्जर एगो बहर मशहर शहर रहे े 30 ज्सूस ज्जर के लगे ज्के ओकर खोज कईले अवररी ज्सूस पभर प भरोस् कईले अवररी ज्जर के आदमी से लडर रहले​े 31 ऊ लोग य्जर आ ओकर ग्ँ व के पकड ्लहले आ पभर ओह लोग के ह्थ मे सौंप ्दहलन आ ओ्हज् के अमोरी लोग के भग् ्दहलन. 32 इस्एल के लोग अमोरी लोग के दर नो र्ज् के दे श, स्ठ शहर जवन यरदन नदी के दू सर् ओर, अन्न के ध्र से लेके हरम्न पह्ड रक रहे े 135


जशेर के बा

33 इस्एल के लोग चल के मोआब के मैद्न मे आ गइल जवन यरदन के ओरी यरीहो के ्कन्रे ब्े 34 मोआब के लोग इस्एल के लोग अमोरी लोग के दर नो र्ज् सीहोन अवररी ओग के संगे जवन बरर्ई कईले रहले , ओकर् के सरनले, एहसे मोआब के सभ आदमी इस्एली लोग से बहर डे र् गईले​े 35 मोआब के बरजरगय लोग कहले, “दे ख़, अमोरी लोग के दू गो र्ज् सीहोन आ ओग, जे धररी के सब र्ज् लोग से भी ज्द् र्करवर रहले, इस्एल के लोग के खखल्फ खड् न् हो पवले, र हमनी के ओह लोग के स्मने कइसे खड् हो सकेनी ज्? 36 उ लोग हमनी के प्हले से एगो संदेश भेजले रहले ्क हमनी के र्स् मे हमनी के दे श से गरजरर रहनी ज्, ले्कन हमनी के ओ लोग के न् दे वे के च्हर रहनी ज्, अब उ लोग अपन् भ्री रलव्र से हमनी के हमल् क के हमनी के नष क ्दहे े मोआब इस्एल के लोग के चलरे परे श्न हो गईले अवररी उ लोग ओ लोग से बहर डे र् गईले अवररी उ लोग एक संगे सल्ह लेले ्क इस्एल के लोग के क् होखे के ब्े 37 मोआब के बरजरगय लोग आपन एगो आदमी मोआबी ्सपोर के बेट् ब्ल्क के लेके ओह लरी ओकर् के र्ज् बनवले आ ब्ल्क बहर बरख्म्न रहले​े 38 मोआब के बरजरगय लोग उठ के ्मद्न के लोग के लगे मेल ्मल्प करे ख्​्रर भेजले क्हे ्क एदोम के र्ज् बेद्द के बेट् हद्द के जम्न् से लेके आजर ले मोआब आ ्मद्न के बीच बहर लड्ई आ दर शनी चलर रहे े 39 मोआब के लोग ्मद्न के लोग के लगे भेजलस अवररी उ लोग ओ लोग से मेल ्मल्प कईले अवररी ्मद्न के बरजरगय लोग ्मद्न के लोग के संगे मेल-्मल्प करे ख्री मोआब के दे श मे पहं चले​े 40 मोआब के बरजरगय लोग ्मद्न के बरजरगय लोग के स्थे सल्ह ्दहल ्क इस्एल से आपन ज्न बच्वे ख्​्रर क् करे के च्हींे 41 मोआब के सब लोग ्मद्न के बरजरगय लोग से कहलस, “अब इस्एल के लोग हमनी के आसप्स के सब करछ च्टर ब्डे , जईसे बैल खेर के ल्स च्टे ल्, क्हे ्क उ लोग अमोरी के दर नो र्ज् के संगे अयीसन कईले, जवन ्क हमनी से ज्दे मजबूर ब्डे े 42 ्मद्न के बरजरगय लोग मोआब से कहलस ्क, “हम सरनले ब्नी ्क जब अमोरी लोग के र्ज् सीहोन रोहर् से लड्ई लडले रहले, जब उ रोहनी पर ह्वी होके रोहनी के जमीन पर कब् क लेले रहले, र उ मेसोपोट्​्मय् से जनेआस के बेट् बेओर अवररी अपन् बेट् ्बल्म के लगे भेजले रहले अवररी उ लोग आके रोहर् के ग्री दे ले रहले​े एही से सीहोन के ह्थ रोहनी पर ह्वी हो गइल ्क ऊ रोहनी के दे श पर कब् कर ्लहलसे 43 अब रोहनी के उनकर बेट् ्बल्म के भीरी भेज दी,ं क्हे ्क उ अभी भी अपन् दे श मे ब्, आ ओकर् के आपन ्कर्य् दे दी,ं र्​्क उ आके ओह सब लोग के ग्री दे वे, जेकर् से रउव् डे र्र ब्नीे एही से मोआब के बरजरगय लोग ई ब्र सरन के बेओर के बेट् ्बल्म के लगे भेजल च्हर रहले​े 44 एही से मोआब के र्ज् ्सपोर के बेट् ब्ल्क ्बल्म के लगे दू र भेजले​े 45 दे ख़, ्मस से एगो लोग ्नकलल ब्, दे ख़, ऊ लोग धररी के ढं कल ब् आ हमर् खखल्फ ्टकल ब्े

46 अब आके हमर् ख्​्रर एह लोग के ग्री दी ं क्हे ्क ऊ लोग हमर् ख्​्रर बहरे र्करवर ब्, श्यद हम ओह लोग से लडे मे जीर ह्​्सल कर के ओह लोग के भग् दे ब क्हे ्क हम सरनले ब्नी ्क जेकर् के रू आशीष दे र ब्डू ऊ धन ब् आ जेकर् के रू ग्री दे र ब्डू ओकर् के अ्भशप ब्. 47 र ब्ल्क के दू र ्बल्म के लगे गईले अवररी मोआब के खखल्फ लड्ई करे ख्री लोग के ग्री दे वे ख्री ्बल्म के ले अईले​े 48 ्बल्म इस्एल के ग्री दे वे ख्​्रर ब्ल्क के लगे अईले र पभर ्बल्म से कहले, “एह लोग के ग्री मर दी ं क्हे ्क इ धन ब्े” 49 ब्ल्क ्बल्म से ्दन पर ्दन इस्एल के ग्री दे वे के ्नहोर् करर रहले, ले्कन ्बल्म के ्बल्म से कहल वचन के चलरे ब्ल्क के ब्र न् सरनले​े 50 जब ब्ल्क दे खले ्क ्बल्म उनकर इच् न् म्नर रहले र उ उठ के लरे चल गईले अवररी ्बल्म भी अपन् दे श मे व्पस आ गईले अवररी उ उह्ँ से ्म्डय्न चल गईले​े 51 इस्एल के लोग मोआब के मैद्न से ्नकल के यरदन के ्कन्रे बेर-जे्समोर से लेके मोआब के मैद्न के अंर मे ह्​्बल-्श्रम रक खड् हो गईले​े 52 जब इस्एल के लोग ्श्रम के मैद्न मे रह गईले र मोआब के बेटी के संगे वेृ्वृ्त करे लगले​े 53 इस्एल के लोग मोआब के लगे पहँ चल आ मोआब के लोग इस्एल के डे र् के स्मने आपन डे र् खड् कइले 54 मोआब के लोग इस्एल के लोग से डे र् गईले अवररी मोआब के लोग अपन् सभ बेटी अवररी सरंदर दे ख्ई दे वे व्ली पती के लेके सोन्-च्ं दी अवररी महं ग् कपड् प्हनले​े 55 मोआब के लोग ओह मेहर्त लोग के अपन् डे र् के दर आर पर बइठ् ्दहल र्​्क इस्एल के लोग ओह लोग के दे ख के ओह लोग के ओर मरड सके आ मोआब से लड्ई न् कर सके​े 56 मोआब के सब लोग इस्एल के लोग के स्थे इ क्म कइल आ हर आदमी अपन् मेहर्त आ बेटी के अपन् डे र् के दर आर पर रखलस आ सब इस्एल के लोग मोआब के लोग के ई क्म दे खल आ इस्एल के लोग मोआब के बेटी लोग के ओर मरडल आ ओह लोग के ल्लच कइल आ ऊ लोग ओह लोग के लगे चल गइले 57 आ अइसन भइल ्क जब कवनो ्हबू मोआब के डे र् के दर आर पर आके मोआब के एगो बेटी के दे ख के अपन् मन मे ओकर् से ्नहोर् कइलस आ डे र् के दर आर पर ओकर् से ऊ ब्र कहलस जवन ऊ च्हर रहे , जब ऊ लोग एक स्थ बोलर रहे र डे र् के आदमी ब्हर आके ्हबू से एह शबन के ररह बोलर रहले​े 58 रू जतर ज्नर ब्डू ्क हमनी के भ्ई हईं ज्, हमनी के सब लूर के वंशज हईं ज् आ ओकर भ्ई अब्हम के वंशज हईं ज्, र रू हमनी के स्थे क्हे न् रहब़ आ हमनी के रोटी आ हमनी के ब्लद्न क्हे न् खइब़? 59 जब मोआब के लोग ओकर् के अपन् भ्षर से अ्भभूर कर ्दहल आ अपन् च्पलूसी के ब्र से ओकर् के लरभ्वल र ओकर् के डे र् मे बइठ् ्दहल आ ओकर् ख्​्रर ख्न् बन् के ब्लद्न ्दहल आ ऊ ओह लोग के ब्लद्न आ ओह लोग के रोटी के ख्न् खइले. 136


जशेर के बा

60 ओकर् ब्द उ लोग ओकर् के शर्ब दे ले अवररी उ शर्ब पी के नश् मे धरत हो गईले अवररी उनरक् सोझ् एगो सरंदर लईकी के रखले अवररी उनरक् संगे अपन् मन मरर्​्बक क्म कईले, क्हे की उनरक् म्लूम न् रहे ्क उ क् करर्रे , क्हे की उ बहर शर्ब पी चरकल रहले​े 61 एही ररे मोआब के लोग ओ जगह ्सतीम के मैद्न मे इस्एल के संगे भईल अवररी ए ब्र के चलरे पभर के कोध इस्एल प भडक गईल अवररी उ ओ लोग के बीच मह्म्री भेज दे लस अवररी इस्एली लोग मे से चौबीस हज्र आदमी मर गईले​े 62 ्शमोन के संर्न मे से एगो आदमी रहे , जेकर न्म सलू के बेट् ्जमरी रहे , उ ्मद्न के र्ज् जूर के बेटी ्मद्नी कोसी से जरडल रहे े 63 ह्तन य्जक के बेट् एल्जर के बेट् ्फ्नयस ्जमरी के इ दर ष क्म दे ख के भ्ल् लेके उठ के ओ लोग के पीछे चल गईले अवररी दर नो के छे द के म्र दे ले अवररी इस्एल के लोग से मह्म्री खरम हो गईले

1 ओह लरी पभर मूस् से कहले, “दे ख़ रोह्र ्दन खरम होखे व्ल् ब्, अब रोह्र सेवक नून के बेट् यहोशू के लेके रमू मे रख दी ं आ हम ओकर् के आज् दे ब आ मूस् अईसन कइले​े 2 रब पभर रमू मे ब्दल के खंभ् मे पकट भइले आ ब्दल के खंभ् रमू के पवेश द्र पर खड् रहे े 3 रब परमेस् वर नून के बेट् यहोशू के आज् ्दहलन आ कहलन ्क, “बररय्र आ ्हमर कऱ, क्हे ्क रू इस्एल के लोग के ओह दे श मे ले अइब, जवन् के हम ओह लोग के दे वे के ्कररय् खइले रहनी, आ हम रोहर् स्थे रहबे” 4 मूस् यहोशू से कहले, “बररय्र आ ्हमर र्ख़, क्हे ्क रू इस्एल के लोग के दे श के उतर्​्धक्री बन् दे ब़ आ पभर रोहर् स्थे रहीहे , ऊ रोहर् के न् छो्डहे न् रोहर् के छोड दीहे , न् डे रईब न् ्नर्श होख़े 5 मूस् इस्एल के सब लोग के बोलवले आ कहलन ्क, “रउर् परमेस् वर यहोव् रोहनी ख्​्रर जवन भल्ई कईले ब्डे , उ सब रू लोग जंगल मे दे खले ब्डूे” 6 अब एह वव्​् के सब ब्र के प्लन करी ं आ अपन् परमेस् वर यहोव् के र्ह पर चलीं, जवन् र्स् से पभर के आज् दे ले ब्डन, ओकर् से द्​्हने ओर भ् ब्ईं ओर मर मरड़े 7 मूस् इस्एल के लोग के ्नयम आ न्य आ क्नून ्सखवले ्क उ दे श मे जइसन पभर के आज् दे ले रहले​े 8 ऊ ओह लोग के पभर के र्स् आ उनकर ्नयम ्सखवले​े दे ख़, उ लोग परमेशर के वव्​् के ्कर्ब पर ्लखल ब् जवन उ मूस् के द्र् इस्एल के लोग के दे ले रहले​े 9 मूस् इस्एल के लोग के आज् दे के पूर् कइलन आ पभर उनक् से कहले, “अबरीम पह्ड पर चढ के ओ्हज् मर ज्, आ जइसे रोह्र भ्ई ह्तन के जरट्वल गइल रहे , ओइसहीं अपन् लोग के स्थे बटोर ज्े 10 मूस् पभर के आदे श के मरर्​्बक चढ गईले अवररी ्मस दे श से ्नकले व्ल् इस्एली लोग के च्लीसव्ं स्ल मे उह्ँ पभर के आदे श के मरर्​्बक मोआब के दे श मे मर गईले​े 11 इस्एल के लोग मोआब के मैद्न मे रीस ्दन रक मूस् ख्​्रर रोवल आ मूस् ख्​्रर रोवे आ शोक के ्दन पूर् हो गइले

अध ्य 86 के ब् 1 मह्म्री के ब्द पभर मूस् आ ह्तन य्जक के बेट् एल्जर से कहलने 2 बीस स्ल से ऊपर के उमर से लेके इस्एल के पूर् समरद्य के मरखखय् के ्गनरी करी,ं जे भी सेन् मे ्नकलल रहले​े 3 मूस् आ एल्जर इस्एल के लोग के अपन् करल के ्हस्ब से ्गनले आ पूर् इस्एल के संख् स्र ल्ख स्र सौ रीस रहे े 4 एक महीन् से अ्धक् उ्मर के लेवी के संर्न के संख् रेइस हज्र रहे आ एहमे से एको आदमी न् रहे जेकर् के मूस् आ ह्तन ्सनै के जंगल मे ्गनले रहले. 5 क्हे ्क पभर ओ लोग के कहले रहले ्क उ लोग जंगल मे मर जईहे, एहसे उ सब लोग मर गईले अवररी जेफून के बेट् क्लेब अवररी नून के बेट् यहोशू के छोड के एकह न् रह गईले 6 एकर् ब्द ही पभर मूस् से कहले, “इस्एल के लोग से कह दी ं ्क उ लोग ्मद्न से अपन् भ्ई इस्एल के लोग के म्मल् के बदल् लेवे​े” 7 मूस् अईसन कइलन आ इस्एल के लोग ओह लोग मे से ब्रह हज्र आदमी के चरनले जवन एक गोत मे एक हज्र रहे आ ऊ लोग ्मद्न चल गइले 8 इस्एल के लोग ्मद्न के खखल्फ लड्ई लडल, आ उ लोग हर नर के म्र ्दहल, ्मद्न के प्ं च गो सरद्रन के भी म्र ्दहलस आ बेओर के बेट् ्बल्म के रलव्र से म्र ्दहलसे 9 इस्एल के लोग ्मद्न के मेहर्त लोग के अपन् छोट-छोट बच् आ पशर-पकी आ अपन् सब करछ के बंदी बन् ्लहले​े 10 उ सब लूट आ सब ्शक्र के लेके मोस् आ एल्जर के लगे मोआब के मैद्न मे ले अइले​े 11 मूस् आ एल्जर आ मंडली के सब सरद्र लोग खरशी से ्मले ख्​्रर ्नकल गइलने 12 उ लोग ्मद्न के सब लूट के बंटव्र् कईले अवररी इस्एल के लोग अपन् भ्ई इस्एल के लोग के म्मल् मे ्मद्न से बदल् ले लेले रहले​े

अध ्य 88 के ब् 1 मूस् के मरल् के ब्द ही पभर नून के बेट् यहोशू से कहले​े 2 उठ के यरदन नदी के प्र क के उ दे श मे पहँ च ज्, जवन हम इस्एल के लोग के दे ले ब्नी, र रू इस्एल के लोग के उ दे श के उतर्​्धक्री बन् दे बे 3 लेबन्न के जंगल से लेके पेर्थ के बडक् नदी रक जवन् जगह पर रोह्र गोड के रलव् चलल होई, उ हर जगह रोह्र सीम् होईे 4 रोहर् ्ज्नगी भर केह रोहर् खखल्फ न् खड् होईे जइसे हम मूस् के स्थे रहनी, ओइसहीं हम रोहर् स्थे रहब, ख्ली मजबूर आ ्हमर से ओह सब ्नयम के प्लन करब जवन मूस् रोहर् के आज् दे ले रहले, र्स् से न् र द्​्हन् ओर न् ब्ईं ओर मर मरडब, र्​्क रू जवन भी क्म मे सफल होखबे 5 यहोशू इस्एल के अफसरन के आज् ्दहलन ्क, डे र् से गरजर के लोग के आज् दे र कहले ्क, “अपन् ख्​्रर ख्न्

अध ्य 87 के ब् 137


जशेर के बा

रैय्र करी,ं क्हे ्क रीन ्दन मे अउरी यरदन नदी प्र क के दे श के कब् कर लेबे” 6 इस्एल के अफसर लोग अईसन कईले अवररी उ लोग लोग के आज् दे ले अवररी उ सब पूर् कईले, जवन ्क यहोशू के कहले रहले​े 7 यहोशू यरीहो के ज्सूसी करे ख्​्रर दू आदमी के भेजले, आ उ लोग यरीहो के ज्सूसी कईले​े 8 स्र ्दन के अंर मे उ लोग डे र् मे यहोशू के लगे पहं चले अवररी उनरक् से कहले, “पभर पूर् दे श हमनी के ह्थ मे सौंप दे ले ब्डे अवररी हमनी के चलरे उह्ँ के ्नव्सी डर से ्पलल गईल ब्डे े 9 एकर् ब्द यहोशू सबेरे उठ के पूर् इस्एल के स्थे ्शतीम से ्नकल गईले आ यहोशू आ ओकर् स्थे पूर् इस्एल यरदन नदी के प्र क गईले​े आ यहोशू बय्सी स्ल के रहले जब उ इस्एल के स्थे यरदन नदी प्र कइले रहले​े 10 प्हल् महीन् के दसव्ँ ्दन लोग यरदन से चढ के यरीहो के पूरबी कोन् मे ्गलग्ल मे डे र् ड्ल ्दहलसे 11 इस्एल के लोग यरीहो के मैद्न मे ्गलग्ल मे महीन् के चौदहव्ँ ्दन फसह मन्वर रहले, जईसे ्क मूस् के ्नयम मे ्लखल ब्े 12 ओह लरी फसह के पवय के ्दन मन् खरम हो गइल आ इस्एल के लोग ख्​्रर मन् न् रहे आ ऊ लोग कन्न दे श के उपज ख् गइले 13 यरीहो इस्एल के लोग के खखल्फ पूर् ररह से बंद हो गईल, केह ब्हर न् ्नकलल न् भीरर गईले 14 दू सर् महीन् मे, महीन् के प्हल् ्दन, पभर यहोशू से कहले, “उठ, हम यरीहो के सब लोग के संगे रोहर् ह्थ मे दे दे ले ब्नीे आ रोह्र सब लड्कू लोग हर ्दन एक बेर शहर के चकर लग्ई, छह ्दन रक रू अयीसन करबे 15 परज्री लोग रररही बज्ई आ जब रू रररही के आव्ज सरनब र सब लोग बडक् ्चल्हट करी ्क शहर के दे व्ल ्गर ज्ईे सब लोग हर आदमी अपन् ्वरोधी के खखल्फ चढ ज्ईे 16 यहोशू पभर के आज् के मरर्​्बक अईसन कईले​े 17 स्रव्ँ ्दन उ लोग स्र बेर शहर के चकर लग्वर रहलन आ परज्री लोग रररही बज्वर रहलने 18 स्रव्ँ दौर मे यहोशू लोग से कहले, “्चल्ईं, क्हे ्क पभर पूर् शहर के हमनी के ह्थ मे सौंप दे ले ब्डे े 19 ख्ली शहर आ ओकर् मे मौजूद सब करछ के पभर के अ्भशप कइल ज्ई आ अ्भशप चीज से अपन् के बच्वल ज्ई, कही ं रू लोग इस्एल के खेम् के अ्भशप न् कऱ आ ओकर् के परे श्न न् कऱे 20 ले्कन च्ँ दी, सोन्, पीरल आ लोह् के सब करछ पभर के खज्न् मे आ ज्ईे 21 लोग रररही बज् के बहरे ्चल्हट कइल आ यरीहो के दे व्ल ्गर गइल आ सब लोग, हर आदमी सीधे ओकर् सोझ् चढ गइल आ ऊ लोग शहर के पकड ्लहल आ ओकर् मे मौजूद सब करछ, मरद मेहर्त, जव्न आ बूढ, बैल आ भेड आ गदह् के रलव्र के ध्र से पूर् ररह से नष कर ्दहल. 22 उ लोग पूर् शहर के आग से जर् ्दहले​े ख्ली च्ं दी, सोन्, पीरल आ लोह् के बरयन के ही उ लोग पभर के खज्न् मे ड्ल दे ले​े

23 ओह लरी यहोशू ्कररय् खइले ्क, “यरीहो के ्नम्य र करे व्ल् के अ्भशप हो गइल ब्े ओकर नीवं अपन् प्हलक् बेट् मे आ छोटक् बेट् मे ओकर फ्टक खड् करीे 24 यहद् के बेट् जेर् के बेट् करमी के बेट् आक्न एह अ्भशप चीज के लेके धोख् कइलस आ उ श्​्पर चीज के लेके रमू मे ्छप् ्दहलस आ पभर के कोध इस्एल पर भडक गइले 25 एकर् ब्द जब इस्एल के लोग यरीहो के जर् के व्पस आ गईले र यहोशू आई के ज्सूसी करे अवररी ओकर् से लड्ई करे ख्री आदमी भेजले​े 26 उ लोग ऊपर ज्के ऐ के ज्सूसी कईले अवररी उ लोग व्पस आके कहले ्क, “सब लोग के रोहर् संगे आई मे न् ज्ए दी,ं ्सफय करीब रीन हज्र आदमी के ज्के शहर के म्र दे वे के च्ही, क्हे की ओकर आदमी बहर कम ब्डे े 27 यहोशू अइसन कइलन आ इस्एल के लोग मे से लगभग रीन हज्र आदमी उनक् स्थे चढ गइलन आ ऊ लोग ऐ के आदमी लोग से लडले 28 इस्एल के खखल्फ लड्ई कड् हो गईल अवररी ऐ के आदमी इस्एल के छतीस आदमी के म्र दे ले अवररी इस्एल के लोग ऐ के आदमी के सोझ् से भ्ग गईले​े 29 यहोशू इ ब्र दे ख के आपन कपड् फ्ड के इस्एल के बरजरगय लोग के स्थे पभर के स्मने मरंह से ्गर गईले अवररी उ लोग अपन् म्थ् प धूल ड्ल दे ले​े 30 यहोशू कहले, “हे पभर रू एह लोग के यरदन नदी के प्र क्हे ले अइनी? इस्एली लोग के दर शनन से पीठ फेरल् के ब्द हम क् कहब? 31 अब एह दे श मे रहे व्ल् सब कन्नी लोग इ ब्र सरन के हमनी के लेर के हमनी के न्म क्ट ्दहे े 32 पभर यहोशू से कहलन, “रू मरँह पर क्हे ्गरल ब्ड़? उठ, उरर ज्, क्हे ्क इस्एली लोग प्प कइले ब् आ अ्भशप चीज के ह्थ ले ्लहले ब्े जबले ऊ लोग ओह लोग के बीच से अ्भशप चीज के न्श न् करी रबले हम अब ओह लोग क् स्थे न् रहब. 33 यहोशू उठ के लोग के इकट् क के पभर के आदे श से उरीम ले अइले आ यहद् के गोत के पकड ्लहल गइल आ क्रमी के बेट् आक्न के पकड ्लहल गइले 34 यहोशू आक्न से कहले, “हम्र बेट् बर्व़ ्क रू क् कइले ब्ड़, आक्न कहले, “हम लूट के बीच मे ्शन्र के एगो ब्ढय् कपड् आ दू सौ शेकेल च्ं दी आ पच्स शेकेल वजन के सोन् के पचर दे खनीे हम ओह लोग के ल्लच के लेके चल गइनी आ दे ख़ ्क ऊ सब डे र् के बीच मे धररी मे लरक्इल ब्े 35 यहोशू लोग भेज के आक्न के डे र् से लेके चल गईले अवररी उ लोग के यहोशू के लगे ले गईले​े 36 यहोशू आक्न आ ई बरयन आ उनकर बेट्-बेटी आ उनकर सब स्म्न लेके अकोर के ल्टी मे ले अइले​े 37 यहोशू उह्ँ ओह लोग के आग से जर् ्दहलन आ सब इस्एली आक्न के पतर से पतर म्र ्दहलन आ ओकर् ऊपर पतर के ढे र लग् ्दहलन, एही से ऊ ओह जगह के अकोर के ल्टी कहलन, एहसे पभर के कोध श्ं र हो गइल आ ओकर् ब्द यहोशू शहर मे आके ओकर् से लडलने 38 पभर यहोशू से कहले, “रू मर डे र्ईं आ न् लबर्ईं, दे ख़ हम रोहर् ह्थ मे ऐ, ओकर र्ज् आ ओकर लोग के सौंप दे ले ब्नी, 138


जशेर के बा

आ रू ओह लोग के ओइसहीं करब जइसे रू यरीहो आ ओकर र्ज् के कइले रहलू, ख्ली ओकर लूट आ ओकर पशर-पकी के रू अपन् ख्​्रर लूट लेब़े ओकर् पीछे शहर ख्​्रर ल्र लग् के बइठ् दीें 39 यहोशू पभर के वचन के मरर्​्बक क्म कईले अवररी यर् के लईकन मे से रीस हज्र वीर आदमी के चरनले अवररी उ लोग के भेजले अवररी उ लोग शहर ख्री ल्र लग् के खड् हो गईले​े 40 ऊ ओह लोग के आज् ्दहलन ्क जब रू हमनी के दे खब र हमनी के धूरयर् से ओह लोग के सोझ् भ्ग ज्ईं ज् आ ऊ लोग हमनी के पीछ् करी, रब रू लोग ल्र से उठ के शहर के पकड लेब़ आ ऊ लोग अईसन कइले 41 यहोशू लड्ई लडले र शहर के आदमी इस्एल के ओर ्नकल गईले, क्हे की इ न् ज्नर रहले ्क उ लोग शहर के पीछे ल्र लग् के पडल ब्डे े 42 यहोशू आ सब इस्एली लोग अपन् के थक के दे ख्वर रहले आ धूरयर् से जंगल के र्स् से भ्ग गईले​े 43 अई के लोग शहर मे मौजूद सब लोग के इस्एली लोग के पीछ् करे ख्​्रर बटोरले अवररी उ लोग शहर से ब्हर ्नकल गईले अवररी एकह न् रह गईले अवररी शहर के खरल् छोड के इस्एली के पीछ् कईले​े 44 ल्र लग् के पडल लोग अपन् जगह से उठ के जली-जली शहर मे आके ओकर् के लेके आग लग् दे ले अवररी ऐ के लोग पीछे मरड के दे खले ्क शहर के धरआं आसम्न मे चढ गईल अवररी ओ लोग के लगे न् एक ओर से पीछे हटे के कवनो स्धन न् रहे े 45 आई के सब आदमी इस्एल के बीच मे रहले, करछ एही ओर आ करछ ओने, आ उ लोग ओ लोग के म्र ्दहलस ्क उ लोग मे से केह न् रह गईले 46 इस्एल के लोग ऐ के र्ज् मेलोश के ्जंद् लेके यहोशू के लगे ले गईले अवररी यहोशू ओकर् के पेड प लटक् दे ले अवररी उ मर गईले​े 47 इस्एल के लोग शहर के जर् के व्पस आ गईले अवररी ओकर् मे मौजूद सभ लोग के रलव्र के ध्र से म्र दे ले​े 48 आई के मरदन मे से मरद मेहर्त के संख् ब्रह हज्र रहे े ख्ली मवेशी आ शहर के लूट के स्म्न अपन् लगे ले ्लहले, यहोशू के ब्रे मे पभर के वचन के अनरस्रे 49 यरदन के ओ्हज् के सब र्ज्, कन्न के सब र्ज्, इस्एल के लोग यरीहो आ ऐ के बरर्ई के ब्रे मे सरनले अवररी उ लोग इस्एल के खखल्फ लड्ई करे ख्री जरट गईले​े 50 ख्ली ्गबोन के ्नव्सी इस्एली लोग के खखल्फ लड्ई करे से बहर डे र्र रहले ्क कही ं उ लोग न्श न् हो ज्ए, एहसे उ लोग धूरयर् के क्म कईले अवररी उ लोग यहोशू अवररी पूर् इस्एल के लगे पहं चले अवररी कहले ्क, हमनी के दू र-दू र से आईल ब्नी, एहसे अब हमनी के संगे व्च् बन्ईंे 51 ्गबोन के ्नव्सी लोग इस्एल के लोग के बीच पहं च गइल आ इस्एल के लोग ओह लोग से एगो व्च् कइल आ ओह लोग से मेल ्मल्प कर ्लहल आ मंडली के र्जकरम्र लोग ्कररय् खइले, ब्​्कर ओकर् ब्द इस्एल के लोग ज्न गइल ्क ऊ लोग ओह लोग के पडोसी ह आ ओह लोग के बीच मे रहर ब्. 52 ले्कन इस्एल के लोग ओ लोग के न् म्रले क्हे ्क ऊ लोग ओह लोग के पभर के ्कररय् खइले रहले आ ऊ लोग लकडी क्टे व्ल् आ प्नी खीच ं े व्ल् बन गइल रहले.

53 यहोशू ओह लोग से कहलस, “रू लोग हमर् के क्हे धोख् दे के हमनी के स्थे इ क्म कईनी? उ लोग जव्ब दे ले, क्हे ्क रोहर् सेवकन के उ सब ब्र बर्वल गईल रहे जवन रू अमोरी के सब र्ज् के संगे कईले ब्डू, अवररी हमनी के अपन् ज्न से बहर डे र् गईनी अवररी हमनी के इ क्म कईनीे 54 ओह ्दन यहोशू ओह लोग के लकडी क्टे आ प्नी ्नक्ले ख्​्रर ्नयरक कइलन आ ऊ ओह लोग के इस्एल के सगरी गोतन के गरल्म बन् ्दहलन. 55 जब यतशलेम के र्ज् अदो्नसेदेक इस्एल के लोग यरीहो आ ऐ के सब करछ सरनलन र ऊ हे बोन के र्ज् होहम आ जरमूर के र्ज् पीर्म आ ल्कीश के र्ज् य्​्फय् आ एगोन के र्ज् दे बेर के लगे भेजलने 56 हमर् लगे आके हम्र मदद कऱ र्​्क हम इस्एल के लोग आ ्गबोन के ्नव्सी लोग के म्र सकीले जे इस्एल के लोग से मेल ्मल्प कइले ब्े 57 उ लोग एकट् हो गईले अवररी अमोरी के प्ं च र्ज् अपन् सभ डे र् के संगे चढ गईले, जवन ्क समरंदर के ्कन्रे ब्लू ्नहन र्करवर लोग रहे े 58 इ सब र्ज् ्गबोन के स्मने डे र् ड्ल के ्गबोन के ्नव्सी लोग से लड्ई शरत कईले अवररी ्गबोन के सभ आदमी यहोशू के लगे भेजले ्क, “जली से हमनी के लगे आके हमनी के मदद करी,ं क्हे ्क अमोरी के सभ र्ज् हमनी के खखल्फ लड्ई करे ख्री जरट गईल ब्डे े 59 यहोशू आ सभे लड्कू लोग ्गलग्ल से चढ गइलन आ यहोशू अच्नक ओह लोग के लगे आके एह प्ं च र्ज् लोग के बहरे कत कर ्दहलने 60 यहोव् इस्एल के लइकन के स्मने ओह लोग के श्ममद् कर ्दहलन आ ्गबोन मे ओह लोग के भय्नक कत कर ्दहलन आ बेर-होरोन से मकेद् रक के र्स् मे ओह लोग के पीछ् कइलन आ ऊ लोग इस्एल के लोग के स्मने से भ्ग गइलन. 61 जब उ लोग भ्गर रहले र पभर सगय से ओल् के पतर भेजले अवररी इस्एल के लोग के कत से ज्दे ओल् के चलरे ओ लोग के मौर हो गईले 62 इस्एल के लोग ओह लोग के पीछ् करर रहलन आ रब्हयो ऊ लोग सडक पर म्रर चलर रहलन आ ओह लोग के म्रर रहलन. 63 जब ऊ लोग म्रर रहे र स्ँ झ के ्दन लटर गइल आ यहोशू सब लोग के नजर मे कहले, “सूरज, रू ्गबोन पर ख्र रह़ आ अज्लोन के ल्टी मे च्ँ द, जबले ्क र्ष् अपन् दर शनन से बदल् न् ले लेवे” 64 पभर यहोशू के आव्ज सरनले आ सूरज आक्श के बीच मे ख्र हो गइल आ छह रीस पल ख्र रहल आ च्ँ द भी ख्र रहल आ एक ्दन भर न् उररे ख्​्रर जलीब्जी कइलसे 65 ओकर् से प्हले भ् ओकर् ब्द अइसन कवनो ्दन न् भइल जब पभर कवनो आदमी के आव्ज सरनले क्हे ्क पभर इस्एल ख्​्रर लडले रहले. अध ्य 89 के ब्

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जशेर के बा

1 रब यहोशू इ गीर ओह ्दन बोललन जब पभर अमोरी लोग के यहोशू आ इस्एल के लोग के ह्थ मे दे ले रहले आ पूर् इस्एल के नजर मे कहलने 2 हे पभर, रू बडक् क्म कइले ब्ड़, रू बडक् क्म कइले ब्ड़े रोहर् जइसन के ब्? हम्र होठ रोहर् न्म पर ग्वेल्े 3 हम्र भल्ई आ हम्र ्कल्, हम्र ऊँच बरजय, हम रोहर् ख्​्रर एगो नय् गीर ग्ब, धनव्द के स्थ हम रोहर् के ग्ब, रू हम्र उ्​्र के र्कर हउअे 4 धररी के सब र्ज् रोह्र सर्र करीहे, दर ्नय् के र्जकरम्र रोहर् ख्​्रर ग्ईहे , इस्एल के संर्न रोहर् उ्​्र मे खरश होईहे, रोह्र शखक के ग्वर होईहे अवररी सर्र करीहे े 5 हे पभर, हम रोहर् से आपन ब्र रखले रहनीे हम कहनी ्क रू हमनी के भगव्न हउअ, क्हे ्क रू हमनी के दर शनन के खखल्फ हमनी के आशय आ मजबूर बरजय रहनीे 6 हमनी के रोहरे से परक्रर रहनी ज् आ ल्ज न् भईल, रोहरे पर भरोस् कईनी ज् आ मरखक ्मल गईनी ज्े जब हम रोहर् से परक्रनी, रू हमनी के आव्ज सरननी, रू हमनी के आत् के रलव्र से मरक कर ्दहनी, हमनी के आपन कृप् दे खवनी, रू हमनी के आपन उ्​्र दे नी, रू अपन् र्कर से हमनी के ्दल के खरश कईनीे 7 रू हमनी के उ्​्र ख्​्रर ्नकलल रहलू, अपन् ब्ं ह से रू अपन् लोग के छर ड् ्दहनीे रू हमनी के आपन प्वतर् के आक्श से जव्ब दे हनी, रू हमनी के दस हज्र लोग से बच् ्दहनीे 8 सूरज आ च्ँ द सगय मे ख्र रहे आ रू हमनी के अत्च्री लोग के खखल्फ अपन् कोध मे खड् होके ओह लोग पर आपन न्य के आज् दे ले रहलूे 9 धररी के सब र्जकरम्र खड् हो गईले, ज्​्र के र्ज् एकजरट हो गईल रहले, रोहर् सोझ् न् ्हलल रहले, रोह्र लड्ई के इच् करर रहले​े 10 रू अपन् गरस् मे ओह लोग के खखल्फ उठनी आ ओह लोग पर आपन कोध उर्र ्दहनीे रू अपन् कोध मे ओह लोग के न्श कर ्दहनी आ अपन् मन मे ओकर् के क्ट ्दहनीे 11 र्ष् रोहर् कोध से भस हो गइल ब्, रोहर् कोध के चलरे र्ज के परन हो गइल ब्, रू अपन् कोध के ्दन र्ज् लोग के ल्यल कर ्दहनीे 12 रू ओह लोग पर आपन कोध उझ्ल ्दहनी, रोह्र कोध के कोध ओह लोग के पकड ्लहलसे रू ओह लोग के प्प ओकर् पर मोड ्दहल़ आ ओह लोग के दर षर् मे क्ट ्दहल़े 13 उ लोग एगो ज्ल पसरल, उ लोग ओकर् मे ्गर गईल, जवन् ज्ल मे उ लोग लरक्ईल, उ लोग के गोड फंस गईले 14 रोह्र ह्थ रोह्र सब दर शनन ख्​्रर रइय्र रहे जे कहर रहे ्क, “उ लोग अपन् रलव्र से दे श पर कब् कर ्लहले , अपन् ब्ं ह से शहर मे रह गइले​े” रू ओह लोग के चेहर् ल्ज से भर ्दहनी, ओह लोग के सीग ं जमीन पर उर्र ्दहनी, अपन् कोध मे ओह लोग के डे र् ्दहनी आ अपन् कोध मे ओह लोग के न्श कर ्दहनीे 15 ओह लोग पर रोह्र रूफ्न के आव्ज सरन के धररी क्ँ प गइल आ ्हल गइल, रू ओह लोग के ज्न के मौर से न् रोकनी आ ओह लोग के ज्न कब मे उर्र ्दहनीे 16 रू अपन् रूफ्न मे ओह लोग के पीछ् कइनी, अपन् बवंडर मे ओह लोग के भस कर ्दहनी, ओह लोग के बरख् के ओल्

मे बदल ्दहनी, ऊ ग्हर् गड् मे ्गर गइलन ्क ऊ उठ न् पवले. 17 उनकर ल्श बीच गली मे फेकल कूड् ्नहन रहे े 18 रोहर् कोध मे उ लोग के न्श हो गईल, रू अपन् र्कर से अपन् लोग के बच् लेले​े 19 एही से हमनी के मन रोहर् मे आनखनर ब्, हमनी के प्र रोहर् उ्​्र मे ऊँच हो ज्ल्े 20 हमनी के जीभ रोह्र पर्कम के ब्र करी, हम ग् के रोह्र अचरज के सर्र करबे 21 क्हे ्क रू हमनी के दर शनन से बच्वल, हमनी के खखल्फ उठल लोग से बच्वल, हमनी के स्मने से ओकर् के न्श क के हमनी के गोड के नीचे दब् ्दहनीे 22 हे पभर, एह ररह से रोह्र सब दर शन न्श हो जइहे आ दर ष हव् से भग्वल भूस् ्नयर हो जइहे आ रोह्र ्पयजन प्नी के ्कन्रे लग्वल पेड ्नयर हो जइहे े 23 एही से यहोशू आ ओकर् स्थे पूर् इस्एल सब र्ज् लोग के म्र के ्गलग्ल के डे र् मे व्पस आ गईले, र्​्क ओ लोग मे से कवनो बचे व्ल् लोग न् बचले 24 प्ं चों र्ज् लड्ई से अकेले पैदल भ्ग गईले अवररी एगो गरफ् मे लरक् गईले अवररी यहोशू लड्ई के मैद्न मे ओ लोग के खोजर रहले, ले्कन उनरक् के न् ्मलले 25 ओकर् ब्द यहोशू के बर्वल गइल ्क र्ज् लोग ्मल गइल ब् आ दे ख़ ्क ऊ लोग एगो गरफ् मे लरक्इल ब्े 26 यहोशू कहले, “गरफ् के मरह्न् पर आदमी के ्नयरखक करी ं ्क उ लोग के पहर् दे स, न् र उ लोग अपन् के न् ले ज्से आ इस्एल के लोग अयीसन कईले​े 27 यहोशू पूर् इस्एल के बोलवले अवररी यर् के अफसरन से कहले, “अपन् गोड ए र्ज् लोग के गदय न प र्खी, र यहोशू कहले ्क, “पभर रोह्र सभ दर शन के संगे अयीसन करीहे े” 28 ब्द मे यहोशू आज् ्दहलन ्क ऊ लोग र्ज् लोग के म्र के गरफ् मे ड्ल दी ं आ गरफ् के मरह्न् पर बडहन पतर ड्ल दीें 29 ओकर् ब्द यहोशू ओह ्दन अपन् स्थे मौजूद सब लोग के स्थे मकेद् गइलन आ ओकर् के रलव्र से म्र ्दहलने 30 उ शहर के प्री आऊ सब स्म्न के पूर् ररह से नष क दे ले अवररी र्ज् अवररी ओकर् लोग के संगे ओसही कईले, जईसे उ यरीहो के कईले रहले​े 31 ऊ ओ्हज् से ्लबन् गइलन आ ओकर् से लडलन आ पभर ओकर् के ओकर् ह्थ मे सौंप ्दहलन आ यहोशू ओकर् के रलव्र के ध्र से आ ओकर् सभे के ज्न से म्र ्दहलन आ ऊ ओकर् आ ओकर् र्ज् के ओइसहीं कइलन जइसे ऊ यरीहो के कइले रहले. 32 उह्ँ से ऊ ल्कीश के ओर से लडे ख्​्रर चल गइलन आ ग्ज् के र्ज् होरम ल्कीश के लोग के सह्यर् करे ख्​्रर चढ गइलन आ यहोशू ओकर् आ ओकर् लोग के रब रक म्र ्दहलन जबले ्क ओकर् लगे केह न् रह गइल. 33 यहोशू ल्कीश आ ओकर सब लोग के लेके उ ्लबन् के स्थे कइलसे 34 यहोशू उह्ँ से एगोन के ओर बढले अवररी उहो ओकर् के पकड लेले अवररी ओकर् अवररी ओकर् सभ लोग के रलव्र से म्र दे ले​े 140


जशेर के बा

35 उह्ँ से उ हे बोन रक ज्के ओकर् से लडल आ ओकर् के पकड के ओकर् के पूर् ररह से नष कर ्दहलस आ उह्ँ से पूर् इस्एल के स्थे दे बीर लवट के ओकर् से लड के रलव्र के ध्र से म्र ्दहलसे 36 ऊ ओकर् मे मौजूद हर आदमी के न्श कर ्दहलन, केह के न् छोड ्दहलन आ ओकर् आ ओकर र्ज् के स्थे ओइसहीं कइलन जइसे यरीहो के स्थे कइले रहले. 37 यहोशू क्दे श-बरनेय् से लेके आज् रक अमोरी लोग के सब र्ज् लोग के म्र ्दहलन आ उ लोग के दे श एके बेर मे कब् कर ्लहले, क्हे ्क पभर इस्एल ख्​्रर लडले रहले​े 38 यहोशू पूर् इस्एल के स्थे ्गलग्ल के डे र् मे आ गईले​े 39 ओह लरी जब चसोर के र्ज् य्​्बन यहोशू के अमोरी र्ज् लोग के स्थे कइल सब करछ सरनलस र य्​्बन ्मद्न के र्ज् योब्र, ्शमरोन के र्ज् ल्ब्न, अक्फ के र्ज् य्फ्ल आ अमोरी लोग के सब र्ज् लोग के लगे भेजलने 40 जली से हमनी के लगे आके हमनी के मदद करस र्​्क हमनी के इस्एल के लोग के म्र दी ं ज्, ओकर् प्हले ्क उ लोग हमनी के ऊपर आके हमनी के ओसही कर सकीले, जईसे उ लोग अमोरी लोग के ब्की र्ज् के संगे कईले ब्डे े 41 ई सब र्ज् च्सोर के र्ज् य्बीन के ब्र सरन के आपन सब डे र्, सररह र्ज् आ उनकर लोग समरंदर के ्कन्रे ब्लू ्नहन संख् मे रहे , लोड् अवररी रथ के संगे असंख, आ उ लोग आके मेरोम के प्नी मे एक संगे खड् हो गईले अवररी उ लोग इस्एल के खखल्फ लड्ई करे ख्री एक संगे ्मल गईले​े 42 पभर यहोशू से कहले, “ओकनी से मर डे र्, क्हे ्क क्ल हम ओह सब के रोहर् सोझ् म्रल सब के सौंप दे ब, रू ओ लोग के लोड् के कूद के ओ लोग के रथ के आग से जर् दे बे 43 यहोशू सब यर्कम् लोग के स्थे अच्नक ओह लोग पर आके ओह लोग के म्र ्दहलस आ ऊ लोग ओह लोग के ह्थ मे ्गर गइल क्हे ्क पभर ओह लोग के इस्एल के लोग के ह्थ मे सौंप दे ले रहले​े 44 एही से इस्एल के लोग अपन् डे र् के संगे ए सभ र्ज् के पीछ् कईले अवररी जब रक ्क उ लोग मे से केह न् रह गईल, रब रक म्रपीट कईले अवररी यहोशू ओ लोग के ओसही कईले, जईसे पभर उनरक् से कहले रहले​े 45 ओह लरी यहोशू च्सोर लवट के रलव्र से म्र ्दहलन आ ओकर् मे मौजूद हर आदमी के नष कर ्दहलन आ ओकर् के आग से जर् ्दहलन आ च्सोर से यहोशू ्शमरोन गइलन आ ओकर् के म्र ्दहलन आ ओकर् के पूर् ररह से नष कर ्दहलन. 46 उह्ँ से उ अखश्फ रक गईले अवररी उ ओकर् के ओसही कईले, जईसे उ ्शमरोन के कईले रहले​े 47 उह्ँ से उ अदर ल्म के ओर बढले अवररी उह्ँ के सभ लोग के म्र दे ले अवररी उ अदर ल्म के ओसही कईले, जईसे उ अखश्फ अवररी ्शमरोन के कईले रहले​े 48 ऊ ओह र्ज् लोग के सब शहरन मे से गरजर गइलन जवन् पर ऊ हर् ्दहले रहले आ ओह लोग मे से बचल सब लोग के म्र ्दहलन आ ओह लोग के पूर् ररह से न्श कर ्दहलन. 49 इस्एली लोग ख्ली आपन लूट आ मवेशी के ्शक्र बन् लेर रहले, ले्कन हर इं स्न के म्रर उ लोग एक भी आत् के ्जए न् दे र रहले​े

50 जइसे पभर मूस् के आज् दे ले रहले ्क यहोशू आ पूर् इस्एल के आज् दे ले रहले, उ लोग कवनो क्म मे असफल न् भईले​े 51 एही से यहोशू आऊ इस्एल के सब लोग पूर् कन्न दे श के म्र ्दहलस, जईसे ्क पभर के आज् दे ले रहले अवररी उ लोग के सभ र्ज् के म्र दे ले, जवन ्क एकरीस र्ज् रहले अवररी इस्एल के लोग ओ लोग के पूर् दे श के अपन् कब् मे ले लेले​े 52 एकर् अल्वे सीहोन आ ओग के र्ज जवन यरदन के दू सर् ओर ब्, जवन् मे से मूस् बहर शहर के हर् दे ले रहले अवररी मूस् ओ शहर के तबेनी अवररी ग्दी अवररी मनशे के आध् गोत के दे दे ले रहले​े 53 यहोशू यरदन के एही प्र पखचम मे मौजूद सब र्ज् लोग के म्र ्दहलन आ एह लोग के नौ गोत आ इस्एल के आध् गोत के ्वर्सर मे दे ्दहलने 54 यहोशू प्ं च स्ल रक एह र्ज् लोग के स्थे यर् करर रहलन आ उ लोग के शहर इस्एली लोग के दे ्दहलन आ अमोरी आ कन्नी लोग के शहरन मे लड्ई से दे श श्ं र हो गइले अध ्य 90 के ब् 1 इस्एल के लोग के यरदन प्र कइल् के प्ं चव् स्ल मे , इस्एल के लोग कन्न लोग से लड्ई से आर्म कइल् के ब्द, ओही समय एदोम आ ्कतीम के लोग के बीच बडहन आ कड् लड्ई भइल आ ्कतीम के लोग एदोम से लडले 2 ्कतीम के र्ज् अ्बय्नरस ओह स्ल य्नी ्क अपन् श्सन के एकरीसव्ँ स्ल मे आ ्कतीम के वंशज के पर्कमी लोग के एगो बडहन सेन् के स्थे ्नकल गइलन आ ऊ एस्व के लोग से लडे ख्​्रर सेयर चल गइलने 3 एदोम के र्ज् हद्द ओकर खबर सरन के एगो भ्री जनर् आ बलव्न सेन् के स्थे ओकर् से ्मले ्नकलल आ एदोम के खेर मे ओकर् स्थे लड्ई मे ल्ग गइलने 4 ्कतीम के ह्थ एस्व के संर्न पर ह्वी हो गइल आ ्कतीम के लोग एस्व के संर्न मे से दू बीस हज्र आदमी के म्र ्दहल आ एस्व के सब संर्न ओह लोग के स्मने से भ्ग गइले 5 ्कतीम के लोग ओह लोग के पीछ् कइलन आ ऊ लोग एदोम के र्ज् हद्द के लगे पहँ चल जवन ओह लोग के आगे भ्गर रहे आ ऊ लोग ओकर् के ्जंद् पकड के ्कतीम के र्ज् अ्बय्नरस के लगे ले गइले 6 अ्बय्नरस ओकर् के म्रे के आदे श ्दहलन आ एदोम के र्ज् हद्द अपन् श्सन के अडर्लीसव्ँ स्ल मे मर गइलने 7 ्कतीम के लोग एदोम के पीछ् करर रहल आ ऊ लोग ओह लोग के बहरे कत कर ्दहल आ एदोम ्कतीम के लोग के अधीन हो गइले 8 ्कतीम के लोग एदोम पर र्ज कइल आ एदोम ्कतीम के लोग के ह्थ मे आ गइल आ ओह ्दन से एक र्ज बन गइले 9 रब से उ लोग आपन म्थ् न् उठ् पवलस आ उनकर र्ज ्कतीम के लोग के स्थे एक हो गईल| 10 अब अ्बय्नस एदोम मे अफसरन के रखले आ एदोम के सब संर्न अ्बय्नरस के अधीन आ कर दे वे व्ल् हो गइलन आ अ्बयनस अपन् दे श ्कतीम मे व्पस आ गइलने 141


जशेर के बा

11 जब ऊ व्पस अइले र ऊ आपन सरक्र के नवीकरर कइलन आ अपन् ख्​्रर एगो ्वश्ल आ गढव्ल् महल बनवले आ ऊ ्कतीम आ एदोम के लोग पर सरर्कर तप से र्ज कइलन. 12 ओह लरी इस्एल के लोग सब कन्न आ अमोरी लोग के भग् ्दहल् के ब्द यहोशू बूढ हो गईले अवररी उमर बढ गईले​े 13 पभर यहोशू से कहलन, “रू बूढ हो गइल ब्डू, ्जनगी मे उनर हो गइल ब्डू आ दे श के एगो बडहन ्हस् पर कब् करे के ब्े” 14 अब एह दे श के नौ गोत आ मनशे के आध् गोत के उतर्​्धक्र मे ब्ँ ट दी ं आ यहोशू उठ के पभर के कहल् के मरर्​्बक क्म कइलने 15 उ पूर् दे श के इस्एल के गोत के बंटव्र् के ्हस्ब से ्वर्सर के तप मे ब्ं ट दे ले​े 16 ले्कन लेवी के गोत के उ कवनो उतर्​्धक्र न् दे ले, पभर के चढ्वल उ लोग के ्वर्सर ह, जईसे ्क पभर मूस् के म्धम से उनरक् ब्रे मे कहले रहले​े 17 यहोशू यफून के बेट् क्लेब के हे बोन पह्ड दे ्दहलन जवन ्क अपन् भ्ई लोग से एक ्हस् से अ्धक् रहे , जइसन ्क पभर मूस् के म्धम से कहले रहले​े 18 एही से हे बोन आजर ले क्लेब आ ओकर संर्न के उतर्​्धक्र बन गइले 19 यहोशू पूर् दे श के ्चटी मे ब्ं ट के पूर् इस्एल के उतर्​्धक्र के तप मे बंटव्र् कईले, जईसे ्क पभर उनरक् के कहले रहले​े 20 इस्एल के लोग लेवी लोग के आपन ्वर्सर से शहर आ पशरधन आ संप्त ख्​्रर चरब्ह दे ्दहल, जइसन ्क पभर मूस् के आज् दे ले रहले ्क इस्एल के लोग के अइसन कर ्दहल आ ऊ लोग ्चटी से दे श के बंटव्र् कइल, च्हे ऊ बड होखे भ् छोटे 21 उ लोग अपन् सीम् के ्हस्ब से दे श के उतर्​्धक्री बने ख्​्रर चल गईले अवररी इस्एल के लोग नून के बेट् यहोशू के अपन् बीच के उतर्​्धक्र दे ले​े 22 पभर के वचन से उ लोग उनरक् के उ शहर दे ले, जवन उ एपैम पह्ड मे ्रमन्थ-सेर्च के म्ं ग कईले रहले अवररी उ शहर बनवले अवररी ओ्हज् रह गईले​े 23 इहे उ ्वर्सर ह जवन एल्जर य्जक आऊ नून के बेट् यहोशू आ गोत के पूवयज लोग ्शलो मे पभर के स्मने रमू के दर आर प ्चटी से इस्एल के लोग के ब्ं ट दे ले रहले अवररी उ लोग दे श के बंटव्र् छोड दे ले रहले​े 24 रब परमेस् वर उ दे श इस्एली लोग के दे ्दहलन आ उ लोग उ लोग के अपन् लगे अपन् पररख् लोग से कहल् के मरर्​्बक अपन् लगे ले ्लहले​े 25 आ परमेस् वर इस्ए्लयन के अपन् आसप्स के सभ दर शनन से आर्म दे ्दहलन आ केह ओह लोग के खखल्फ खड् न् भइल आ पभर ओह लोग के सभ दर शनन के ओह लोग के ह्थ मे सौंप ्दहलन आ पभर इजर्इल के संर्न से जवन भल्ई कहले रहलन ओकर् मे से एको ब्र न् चूकल, हँ पभर हर क्म के पूर् कइलने 26 यहोशू सब इस्एल के लोग के बोलवले अवररी उ ओ लोग के आशीव्य द दे ले अवररी पभर के सेव् करे के आदे श दे ले, अवररी

ओकर् ब्द उ ओ लोग के भेज दे ले अवररी हरे क आदमी अपन्अपन् शहर अवररी हरे क आदमी अपन् ्वर्सर मे चल गईले​े 27 इस्एल के लोग यहोशू के पूर् ्दन पभर के सेव् कइल आ पभर ओह लोग के च्रो ओर से आर्म ्दहलन आ ऊ लोग अपन् शहरन मे सरर्कर रह गइले 28 ओह ्दनन मे ्कतीम के र्ज् अ्बयनस के अडरीसव्ँ स्ल मे, जवन ्क अदोम पर उनकर श्सन के स्रव्ँ स्ल रहे , मर गइलन आ ऊ लोग उनक् के ओह जगह पर दफन् ्दहल जवन ऊ अपन् ख्​्रर बनवले रहले आ लै्टनस उनक् जगह पच्स स्ल र्ज कइलन. 29 अपन् श्सन क्ल मे ऊ एगो सेन् ले अइले आ ज्व्न के बेट् एलीश् के संर्न ्बट्​्नय् आ कन्य ्नय् के ्नव्सी लोग से लड्ई लडले आ ओह लोग पर ह्वी होके ओह लोग के कर दे ्दहलन. 30 रब उ सरनले ्क एदोम ्कतीम के ह्थ से ्वदोह कईले ब् अवररी लै्टनस ओ लोग के लगे ज्के ओ लोग के म्र के अपन् वश मे क लेलस अवररी ्कतीम के संर्न के ह्थ मे एदोम पूर् ्दन एक र्ज बन गईले 31 बहर स्ल रक एदोम मे कवनो र्ज् न् रहले अवररी उनरकर श्सन ्कतीम अवररी उनरक् र्ज् के संगे रहे े 32 इस्एल के लोग के यरदन नदी के प्र कइल् के छबीसव्ँ स्ल मे, य्नी इस्एल के लोग के ्मस से ्नकलल् के ्छय्सठव्ँ स्ल ब्द, यहोशू बूढ हो गइलन, उ्मर मे बड हो गइलन आ ओह ्दन मे ऊ एक सौ आठ स्ल के रहले​े 33 यहोशू पूर् इस्एल के, उनकर बरजरगयन, उनकर न्य्धीश आ अफसरन के बोलवले, क्हे ्क यहोशू इस्एल के बरजरगय लोग आ उनकर न्य्धीश लोग से कहले, “दे खी,ं हम बूढ हो गइल ब्नी, उ्मर बढ गइल ब्नी, आ रउव् सभे दे खले ब्नी ्क पभर ओह सब र्ष्न के स्थे क् कइले ब्डन, जेकर् के उ रउव्ं से प्हले भग् ्दहले ब्डन रहर् ख्​्ररे 34 अब मूस् के वव्​् के सब ब्र के प्लन करे आ प्लन करे ख्​्रर अपन् के मजबूर करी,ं आ ओकर् से द्​्हने भ् ब्ईं ओर मर हट ज्ईं आ दे श मे बचल ज्​्र के बीच मर आ ज्ईंे न् र रू ओह लोग के दे वर् के न्म के ्जक करब़, बलरक रूँ अपन् परमेस् वर यहोव् से ्चपकल रहब, जइसे आजर ले करर ब्ड़े 35 यहोशू इस्एल के लोग के बहर आगह कइलन ्क उ लोग पूर् ्दन पभर के सेव् करसे 36 रब सब इस्एली लोग कहल ्क, हमनी के पूर् ्दन अपन् लईक्-लईकी अवररी अपन् संर्न अवररी अपन् संर्न के पूर् ्दन अपन् परमेशर के सेव् करबे 37 ओह ्दन यहोशू लोग के स्थे एगो व्च् कइलन आ ऊ इस्एल के लोग के भेज ्दहलन आ ऊ लोग हर केह अपन् ्वर्सर आ अपन् शहर मे चल गइल. 38 ओह लरी जब इस्एल के लोग अपन् शहरन मे सरर्कर तप से रहर रहे र ऊ लोग अपन् पररखन के गोत के ्चर् के ग्ड ्दहल जवन ऊ लोग ्मस से ले आइल रहे , हर केह अपन् संर्न के ्वर्सर मे य्कूब के ब्रह गो बेट् इस्एल के लोग, हर केह अपन् संर्न के कबे मे दफन् ्दहले 39 इहे ओह शहरन के न्म ह जवन् मे उ लोग य्कूब के ब्रह गो बेट् के दफन् ्दहले रहले, जेकर् के इस्एल के लोग ्मस से ले आइल रहे े 142


जशेर के बा

40 ऊ लोग तबेन आ ग्द के यरदन के ओ्हज् रो्मय् मे दफन् ्दहल जवन मूस् ओह लोग के लइकन के दे ले रहले. 41 ्शमोन आ लेवी के ऊ लोग मौद् शहर मे दफन् ्दहल जवन ऊ ्शमोन के संर्न के दे ले रहले आ शहर के इल्क् लेवी के संर्न ख्​्रर रहे े 42 ऊ लोग यहद् के बेरलेहेम के स्मने ्बन्मीन शहर मे दफन् ्दहले 43 इस्कर आ जबबरलून के हडी के ऊ लोग ्सदोन मे दफन् ्दहल जवन ्क ओह लोग के लइकन के ्मलल रहे े 44 द्न के अपन् लइकन के शहर मे एष्एल मे दफन्वल गइल आ नफ्ली आ आशेर के क्दे श-नफ्ली मे दफन् ्दहल गइल, हर एक आदमी के अपन्-अपन् जगह पर जवन ऊ अपन् लइकन के ्दहले रहले. 45 ऊ लोग यूसरफ के हडी के शेकेम मे दफन् ्दहल, जवन खेर के ्हस् य्कूब ह्मोर से खरीदले रहले आ जवन यूसरफ के ्वर्सर मे ्मलल रहे े 46 ऊ लोग यतशलेम मे ्बन्मीन के यबूसी के स्मने दफन् ्दहल जवन ्बन्मीन के लोग के ्दहल गइल रहे े इस्एल के लोग हर एक आदमी के अपन् संर्न के शहर मे दफन् ्दहले 47 दू स्ल के अंर मे नून के बेट् यहोशू एक सौ दस स्ल के उ्मर मे मर गइल आ यहोशू इस्एल के न्य करे के समय अट्ईस स्ल के रहे आ इस्एल अपन् जीवन भर पभर के सेव् कइलसे 48 यहोशू के ब्की लटन् आ उनकर लड्ई आ उनकर ड्ं ट जवन् से उ इस्एल के ड्ं टले रहले, उ सब जवन भी उ लोग के आज् दे ले रहले, आ उ शहरन के न्म जवन उनकर् समय मे इस्एल के लोग के लगे रहे , उ सब यहोशू के इजर्इल के लोग के ्लखल ब्र के ्कर्ब मे ्लखल ब्, आ यहोशू के लड्ई के ्कर्ब मे ्लखल ब्, जवन मूस् आ यहोशू आ इस्एल के लोग ्लखले रहले​े 49 इस्एल के लोग यहोशू के अपन् उतर्​्धक्र के सीम् मे ्रमन्थ-सेर्ख मे दफन् ्दहल जवन ्क एपैम पह्ड मे उनरक् के ्दहल गईल रहे े 50 ओह ्दन ह्तन के बेट् एल्जेर के मौर हो गईल अवररी उ लोग उनरक् के एपैम पह्ड प उनरक् बेट् ्फ्नयस के एगो पह्डी प दफन् दे ले​े

5 बेजक मे अदोनीबेजक से लड्ई भइल आ ऊ ओह लोग के स्मने से भ्ग गइल आ ऊ लोग ओकर पीछ् कइल आ ओकर् के पकड ्लहल आ ओकर् के पकड के ओकर अंगूठ् आ पैर के बडक् अंगूरी क्ट ्दहल. 6 अदोनीबेजक कहले, “रीन दस र्ज् लोग के अंगूठ् आ पैर के बडक् अंगूरी क्ट के हमर् मेज के नीचे आपन ख्न् बटोरले , जईसे हम कईले ब्नी, एहसे भगव्न हमर् के बदल् दे ले ब्डे अवररी उ लोग उनरक् के यतशलेम ले गईले अवररी उ उह्ँ मर गईले​े 7 ्शमोन के लोग यहद् के लोग के संगे चल गईले अवररी कन्न के लोग के रलव्र के ध्र से म्र दे ले​े 8 पभर यहद् के लोग के स्थे रहले आ उ लोग पह्ड के अपन् कब् मे ले लेले रहले, आ यूसरफ के संर्न बेथेल मे चढ गईले, उहे लूज ह अवररी पभर ओ लोग के संगे रहले​े 9 यूसरफ के लइक् बेथेल के ज्सूसी कइलन र चौकीद्र लोग एगो आदमी के शहर से ्नकलर दे खले र ओकर् के पकड के कहलस, “अब हमनी के शहर के पवेश द्र दे ख्ईं आ हमनी के रोहर् पर दय् करब ज्े” 10 ऊ आदमी ओह लोग के शहर के पवेश द्र दे ख् ्दहलस र यूसरफ के संर्न आके शहर के रलव्र के ध्र से म्र ्दहले​े 11 उ आदमी के अपन् पररव्र के संगे भेज दे ले अवररी उ ्हती लोग के लगे गईले अवररी उ एगो शहर बनवले अवररी ओकर न्म लूज रखले, एहसे सभ इस्एली अपन् शहर मे रह गईले अवररी इस्एल के बच् अपन् शहर मे रह गईले अवररी इस्एल के संर्न यहोशू के पूर् ्दन अवररी पररनक् लोग के पूर् ्दन मे पभर के सेव् कईले, जवन ्क यहोशू के ब्द आपन ्दन लंब् कईले रहले अवररी उ लोग के बड क्म दे खले रहले पभर , जवन उ इस्एल ख्​्रर कइले रहले​े 12 यहोशू के मौर के ब्द बरजरगय लोग सररह स्ल रक इस्एल के न्य कईले​े 13 सब बरजरगय लोग भी इस्एल के कन्न लोग के खखल्फ लड्ई लडल आ पभर कन्न लोग के इस्एल के लोग के स्मने से भग् ्दहलन र्​्क इस्एल के लोग के ओह लोग के दे श मे रखल ज् सके​े 14 उ अब्हम, इसह्क आ य्कूब से जवन भी ब्र कहले रहले, उ सब ब्र पूर् क लेले रहले, जवन ्क कसम खईले रहले ्क उ कन्न के दे श के उ लोग अवररी ओ लोग के संर्न के दे ्दहे े 15 यहोव् इस्एल के लोग के पूर् कन्न दे श दे ्दहलन, जइसन ्क उ ओह लोग के पररखन के कसम खइले रहले, आ पभर ओह लोग के आसप्स के लोग से आर्म दे ्दहलन आ इस्एल के लोग अपन् शहरन मे सरर्कर रह गइलने 16 पभर के हमेश् ख्​्रर धन होखे , आमीन आ आमीने 17 अपन् के मजबूर करी ं आ पभर पर भरोस् करे व्ल् सभे के ्दल ्हमर से भरल होखे​े अंर के ब्र ब्े

अध ्य 91 के ब् 1 ओह लरी यहोशू के मरल् के ब्द कन्न के संर्न अभी भी दे श मे रहले अवररी इस्एली लोग ओ लोग के भग्वे के फैसल् कईले​े 2 इस्एल के लोग पभर से पूछले ्क, “हमनी ख्​्रर प्हले कन्न लोग के लगे के ज्के ओह लोग से लड्ई करी?” आ पभर कहले, “यहद् चढ ज्ईे” 3 यहद् के लोग ्शमोन से कहलस, “हमनी के स्थे हमनी के भ्ग मे चढ ज्, हमनी के कन्न के लोग से लड्ई करब ज् आ हमनी के भी रोहर् स्थे चढब ज्, रोहर् भ्ग मे, एही से ्शमोन के लोग यहद् के लोग के स्थे चल गईले​े 4 यहद् के लोग चढ के कन्​्नयन से लडल, र पभर कन्न लोग के यहद् के लोग के ह्थ मे सौंप ्दहलन आ बेजक मे दस हज्र आदमी के म्र ्दहलने 143


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