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PRATHAMIK STAR KE VIDHYARTHIYON, ABHIBHAVAKON ENV SHIKSHKON ME PRATI JAGRUKTA KE PRATI JAGRUKTA KA A

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Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies, Online ISSN 2278-8808, SJIF 2021 = 7.380, www.srjis.com PEER REVIEWED & REFEREED JOURNAL, MAY-JUNE, 2021, VOL- 8/65 प्राथमिक स्तर के मिद्यामथिय ,ों अमि​िािक ों एिों मिक्षक ों िें पयाि​िरण के प्रमि जागरूकिा का अध्ययन गणेि िुक्ल

शोध छात्र,शै क्षिक अध्ययन क्षिभाग , क्षशिा क्षिद्यापीठ , महात्मा गा​ाँ धी केन्द्रीय क्षिश्वक्षिद्यालय पूिी चंपारण -845401 ई मे ल: ganeshkpuc91@gmail.com

Paper Received On: 21 JUNE 2021 Peer Reviewed On: 30 JUNE 2021 Published On: 1 JULY 2021

िर्त मान समय मे पयात िरण सबसे बडी गं भीर समस्या है । अब िह समय आ गया है जब हमें सािधानी से अपने प्राकृक्षर्क सं साधनों का प्रयोग करना चाक्षहए। पयात िरण जैि प्रौद्योक्षगकी ने क्षपछले र्ीन चार दशकों के दौरान र्ीब्र क्षिकास क्षकया है । आज के समय में मनुष्य के अंदर आधु क्षनकीकरण एिं क्षिकास की लालसा की िजह से पयात िरण पर बहुर् बुरा प्रभाि पडा है । प्रदू षण से लेकर ओजोन िरण र्क हो या क्षिर भू क्षमगर् जल सं दूषण से लेकर ग्लोबल िाक्षमिंग हो, सभी मनुष्य के द्वारा क्षकया जा रहा है । चारो ओर से पयात िरण सम्बन्धी समस्याएं उत्पन्न क्षदखाई दे रही है अर्ः इन सभी समस्याओं का समाधान अक्षर् आिश्यक है । आज की महान आिश्यकर्ा िे लोग है जो बु द्धिमान और अपने आस-पास के िार्ािरण के क्षलए सजग है र्था उसके क्षलए सामाक्षजक ,आक्षथतक ,राजनैक्षर्क ,कदम उठाने के क्षलए र्ै यार है । पृथ्वी पर जीिन यापन कर रहे क्षसित मानि जाक्षर् के क्षलए नही अक्षपर्ु सम्पूणत जीि के जरूरर् एिं इच्छाओ के पूक्षर्त के क्षलए सं र्ुक्षलर् िार्ािरण क्षनर्ां र् आिश्यक है ।

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सिस्या की उत्पमि – िर्तमान सदी में औद्योक्षगक मानि ने अपने अंधाधुंध क्षिकास के पीछे पयात िरण में होने िाली िक्षर् को आसानी से भुला क्षदया है इसका प्रमाण हमें आज पयात िरण के क्षदन-प्रक्षर्क्षदन क्षगरर्े स्तर से क्षमल रहा है | |पयात िरण असंर्ुलन से सारी धरर्ी त्रस्त्र हो रही है िायुमंडल दू क्षषर् हो रहा है |ओजोन की रिा पट्टी कमजोर होने से र्ापमान क्षनरं र्र बढ़र्ा जा रहा है , मौसम का क्रम क्षबगडर्ा जा रहा है | भू क्षम की उितरा शद्धि र्ेजी से िीण होर्ी जा रही है |भू -िरण कटाि अकाल बाढ़ की क्षिभीक्षषका र्ेजी से बढ़ रही है | बंजर िे त्र का रे क्षगस्तान बढ़र्े जा रहे हैं , क्षजससे भक्षिष्य की सुरिा र्था सुख शां क्षर् पर प्रश्नक्षचन्ह लगने लगा है | अर्ः आज आिश्यकर्ा इस बार् की है क्षक मानि को असंर्ुक्षलर् पयात िरण से उत्पन्न होने िाली समस्याओं से अिगर् कराया जाए | परं परागर् और रूक्षढ़िादी समाज अपने नागररकों को संस्कृक्षर् के हस्तान्तरण के साथ साथ पुरार्न अंधक्षिश्वास और मान्यर्ाओं को भी हस्तां र्ररर् करर्ा है | क्षजससे क्षशिा की गत्यात्मकर्ा मं द हो जार्ी है र्था सामाक्षजक पररिर्तनों को सही क्षदशा नहीं क्षमल पार्ी है , यह पुरार्न अंधक्षिश्वास प्रायः अर्ाक्षकतक और अप्रमाक्षणक होर्े हैं | इनके अमू र्त स्वरूप के कारण इनकी सत्यर्ा की परख भी आसानी से नहीं होर्ी है , क्षजससे निीन दृक्षिकोणों को उक्षचर् सम्मान और Copyright © 2021, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies


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बल नहीं क्षमल पार्ा क्षजर्ना क्षमलना चाक्षहए | आज के युिाओं से प्रश्न पूछा जार्ा है क्षक उन्हें टीिी पर क्या दे खना पसंद है र्ोअक्षधकर्र युिा क्षकसी धारािाक्षहक या क्षिल्म को अपनी पहली पसंद मानर्े हुए जिाब दे र्े हैं उपरोि र्थ्ों के क्षिश्लेषण से प्रश्न उठर्ा है क्षक इस पयात िरण प्रदू षण में पयात िरण जागरूकर्ा के क्षलए क्या कारक क्षजम्मेदार हैं संभिर् क्षशिा द्वारा इस समस्या को दू र क्षकया जा सकर्ा है |क्षिद्याथी भी उसी समाज के भािी उत्तरदाई होने हैं जोक्षक क्षशिा प्राद्धि हे र्ु क्षिद्यालय में प्रिेश ले र्े हैं | अर्ः समस्या उत्पन्न होर्ी है क्षक प्राथक्षमक स्तर के क्षिद्याक्षथतयों में पयात िरण जागरूकर्ा का पर्ा क्षकस प्रकार लगाया जाए | अनु सोंधान का िहत्व- क्षकसी भी कायत को करने से पूित कायत का महत्व जान लेना आिश्यक होर्ा है िर्तमान काल में पयात िरणीय गुणित्ता में आई हास की समस्या ने िैज्ञाक्षनकों समाजशाद्धस्त्रयों एिं क्षशिाक्षिदों का ध्यान अपनी ओर आकृि क्षकया है क्षजसके िलस्वरूप इस गंभीर समस्या से क्षनपटने हे र्ु क्षिक्षभन्न कायतक्रमों का संचालन क्षकया जा रहा है | क्षजसके अंर्गतर् पयात िरण क्षशिा को पाठ्यक्रम में महत्वपूणत स्थान क्षदया क्षजससे बालक में बचपन से पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा लाई जा सके | परं र्ु पयात िरण की समस्या क्षदनों क्षदन बढ़र्ी जा रही है क्षजसका सीधा सा अथत है क्षक अभी भी लोगों में पयात िरण के प्रक्षर् संचेर्ना का अभाि है या क्षिर जान -बूझकर पयात िरण से द्धखलिाड कर रहे हैं |िर्तमान पीढ़ी के क्षकशोर जो भािी समाज के क्षनमात र्ा हैं ,िे पयात िरण के प्रक्षर् क्या सोचर्े हैं , अथिा पयात िरण को संरक्षिर् करने के क्षलए क्षकर्ने प्रयासरर् होंगे | इस शोध के द्वारा प्राथक्षमक स्तर के क्षिद्याक्षथतयों में पयात िरण शोध एिं उनके भक्षिष्य के क्षिचारों एिं योजना पर प्रकाश पढ़ सकेगा| चूक्षक पयात िरण हमारे जीिन का अक्षभन्न अंग है ,और हम सब इसी पयात िरण के अंग हैं | अर्ः इसके बारे में पूरी जानकारी होना , उसका संरिण करना प्रत्येक व्यद्धि का ना केिल उत्तरदाक्षयत्व है अक्षपर्ु कर्तव्य भी है | और िह आपने इस कर्तव्य से मुं ह मोड नहीं सकर्ा है | क्योंक्षक अपने उत्तरदाक्षयत्वों एिं कर्तव्यों का िहन करके मनु ष्य स्वयंअपनी संर्क्षर्यों एिं संपूणत पृथ्वी के अद्धस्तत्व को खर्रे में डाल रहा है | अर्ः अनु संधान द्वारा बालकों में पयात िरण क्षशिा द्वारा आई जागरूकर्ा की जां च करने के उपरां र् ही यह ज्ञार् हो सकर्ा है क्षक भक्षिष्य के क्षशिक ,डॉ , उद्योगपक्षर् ,गृहणी र्था अन्य व्यिसाय में लगने िाले लोग अपने पयात िरण के प्रक्षर् क्षमत्रिर् व्यिहार करर्े हैं या नहीं| सिस्या- प्रस्तु र् शोध का संपूणत अध्ययन मु ख्यर्ः एक ही भाग में है , शोध कायत का कायत प्राथक्षमक स्तर के क्षिद्याक्षथयोंमें अक्षभभािकों में एिं क्षशिकों में पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा का अध्ययन करर्ा है जागरूकिा - प्रस्तु र् शोध में जागरूकर्ा से र्ात्पयत पयात िरण को समझाने था समझदारी को बढ़ािा दे ने की प्रक्षक्रया से है पयात िरण जागरूकर्ा का अथत उस ज्ञान एिं आचरण से है जो प्रकृक्षर् से संबंध स्थाक्षपर् कर प्रगक्षर् का मागत प्रशस्त करर्ा है | संिेदना के अनु सार आचरण को संर्ुक्षलर् कर संसाधनों का उपयोग करर्ा है | पयात िरणीय बोध के आभाि सेजल ,हिा ,क्षमट्टी और िनस्पक्षर् र्क प्रदू क्षषर् हो रहे हैं ,जो मानि जीिन के आधार होर्े हैं | पयात िरण जागरूकर्ा क्षशिा का अंग नहीं है , इसका संबंध मानिीय संस्कार से है ,प्रत्येक सभ्य एिं संस्कृर् पररिार अपने क्षशष्यों को प्रकृक्षर् के र्थ्ों का ज्ञान करार्ा है | पयात िरण जागरूकर्ा का आधार बनार्ा है

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पयात िरण की श्ृं खला संिेदनशील होर्ी है ,इस श्ृं खला की कडी को चोट पहुं चाने पर व्यापक प्रभाि होर्ा है |अर्ः पयात िरण संर्ुलन बनाए रखने के क्षलए पयात िरण बोध बहुर् आिश्यक है सिस्या का कथन – “प्राथक्षमक स्तर के क्षिद्याक्षथतयों ,क्षशिकों एिं अक्षभभािकों का पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा का अध्ययन” अध्ययन का उद्दे श्य1- प्राथक्षमक स्तर के केंद्रीय क्षिद्यालय के छात्र एिं छात्राओं का पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा का र्ुलनात्मक अध्ययन करना | 2-

प्राथक्षमक स्तर के पररषदीय क्षिद्यालय के छात्र एिं छात्राओं का पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा का र्ुलनात्मक अध्ययन करना |

3-

प्राथक्षमक स्तर के केंद्रीय र्था पररषदीय क्षिद्यालय में अध्ययनरर् छात्रों के अक्षभभािकों का पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा काअध्ययन|

4- प्राथक्षमक स्तर के केंद्रीय र्था पररषदीय क्षिद्यालय में अध्ययनरर् छात्रों के मक्षहला एिं पुरुष अक्षभभािकों का पयात िरण केप्रक्षर् जागरूकर्ा का अध्ययन | 5- प्राथक्षमक स्तर के केंद्रीय र्था पररषदीय क्षिद्यालय में कायतरर् क्षशिकों का पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा का र्ुलनात्मक अध्ययन करना| 6-

प्राथक्षमक स्तर के केन्द्रीय र्था पररषदीय क्षिद्यालय में कायतरर् मक्षहला एिं पुरुष क्षशिकों का पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा का र्ुलनात्मक अध्ययन करना|

पररकल्पनाएों 1- प्रस्तु र् अध्ययन में क्षनम्नक्षलद्धखर् शू न्य पररकल्पनाएं 0.01 साथतकर्ा स्तर पर क्षनधात ररर् की गई हैं प्राथक्षमक स्तर के केंद्रीय क्षिद्यालय के छात्र एि छात्राओं का पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में कोई साथत क अंर्र नहीं है । 2-

प्राथक्षमक स्तरके पररषदीय क्षिद्यालय के छात्र एि छात्राओं में पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में कोई साथत क अंर्र नहीं है

3-

प्राथक्षमक स्तर के केंद्रीय र्था पररषदीय क्षिद्यालय में अध्ययनरर् छात्रों के अक्षभभािकों का पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में कोई साथत क अंर्र नहीं|

4-

प्राथक्षमक स्तर के केंद्रीय र्था पररषदीय क्षिद्यालय में अध्ययनरर् छात्रों के मक्षहला एिं पुरुष अक्षभभािकों का पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में कोई साथत क अंर्र नहीं है

5-

प्राथक्षमक स्तर के केंद्रीय र्था पररषदीय क्षिद्यालय में कायतरर् क्षशिकों का पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में कोई साथत क अंर्र नहीं है ।

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प्राथक्षमक स्तर के केंद्रीय र्था पररषदीय क्षिद्यालय में कायतरर् मक्षहला एिं पुरुष क्षशिकों का पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में कोई साथतक अंर्र नहीं है ।

अध्ययन की पररसीिाये1- प्रस्तु र् अध्ययन केिल इलाहाबाद जनपद के प्राथक्षमक स्तर के केंद्रीयर्ा पररषदीय क्षिद्यालय के क्षिद्याक्षथतयों का ही क्षकया गया है | 2- प्रस्तु र् अध्यन क्षहंदी माध्यम के र्था अंग्रेजी माध्यम के क्षिद्याक्षथतयों का ही क्षकया गया है । अध्ययन की मिमध: - प्रस्तु र् अध्ययन में प्राथक्षमक स्तर के क्षिद्याक्षथतयों में , अक्षभभािकों में एिं क्षशिकों में पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा का अध्ययन करना है । अर्ः इस समस्या के स्वरूप ि प्रकृक्षर् को ध्यान में रखकर सिेिण क्षिक्षध का प्रयोग क्षकया गया है | जनसोंख्या और न्यादि​ि- इलाहाबाद क्षजले के सभी प्राथक्षमक स्तर के क्षिद्याथी अक्षभभािक एिं क्षशिक प्रस्तु र् शोध में जनसंख्या के अंर्गतर् आर्े हैं प्रस्तु र् समस्या के अध्ययन के क्षलए न्यादशत की क्षिक्षभन्न क्षिक्षधयों में से बहु स्तरीय यादृद्धच्छक न्यादशत क्षिक्षध को आधार बनाया गया है | कुल 3 क्षिद्यालयों में से 100 क्षिद्याक्षथतयों का चुनाि क्षकया गया है इन्हें केंद्रीय एिं पररषदीय क्षिद्यालय के आधार पर 50 - 50 की संख्या में बां टा गया है | कुल 3 क्षिद्याक्षथतयों के प्राथक्षमक स्तर के 50 अक्षभभािकों को क्षलया गया है इन्हें केंद्रीय र्था पररषदीय अक्षभभािकों के आधार पर 25 25 की संख्या में बां टा गया है | कुल 3 क्षिद्यालय के प्राथक्षमक स्तर के 50 क्षशिकों को क्षलया गया है इन्हें केंद्रीय र्था पररषदीय क्षशिकों के आधार पर 21-25 की संख्या में बां टा गया है प्रयुक्त साोंख्यकीय मिमध - पयात िरण जागरूकर्ा का आकलन करने हे र्ु छात्र एिं छात्राओं क्षशिकों अक्षभभािकों मे क्रमशः केंद्रीय पररषद र्था मक्षहला एिं पुरुष के मध्य र्ुलनात्मक अध्ययन हे र्ु मध्यमान मानक क्षिचलन र्था टी टे स्ट का प्रयोग क्षकया गया प्रस्तुि ि ध का मिश्लेषणप्राथमिक स्तरिें केंद्रीय मिद्यालय के छात्र एि​ि छात्राओों िें पयाि​िरण के प्रमि जागरूकिा की िामलकाप्रमिदि​ि

सोंख्या

िध्यिान

िानक मिचलन

िाध्य अोंिर

िानक त्रुटी

टीिान

साथिकिा स्तर

सारणी िान

छात्र/छात्राएं

25/25

12/10.6

1.86/1.34

1.4

0.5299

2.64

0.01

2.68

प्राथमिक स्तर के पररषदीय मिद्यालय के छात्र-छात्राओों िें पयाि​िरण के प्रमि जागरूकिा की िामलकाप्रमिदि​ि

सोंख्या

िध्यिान

िानक मिचलन

िाध्य अोंिर

िानक त्रुटी

टीिान

साथिकिा स्तर

सारणी िान

छात्र/छात्राएं

25/25

5.88/5.4

3.81/2.05

.44

.882

.5454

0.01

2.68

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प्राथमिक स्तर के केंमद्रि िथा पररषदीय मिद्यालय िें अध्ययनरि छात्र ों के अमि​िािक ों का पयाि​िरण के प्रमि जागरूकिा की िामलकाप्रमिदि​ि

सोंख्या

िध्यिान

िानक मिचलन

िाध्य अोंिर

िानक त्रुटी

टीिान

साथिकिा स्तर

सारणी िान

के.क्षि.अक्षभ./पररषदीय क्षि. के अक्षभ.

25/25

11.2/10.2

1.72/1.16

1

.516

2.36

0.01

2.68

प्राथमिक स्तर की केंद्रीय िथा पररषदीय मिद्यालय िें अध्ययनरि छात्र ों के िमहला िथा पु रुष अमि​िािक ों का पयाि​िरण के प्रमि जागरूकिा की िामलका – प्रमिदि​ि

सोंख्या

िध्यिान

िानक मिचलन

िाध्य अोंिर

िानक त्रुटी

टीिान

साथिकिा स्तर

सारणी िान

पु.अभी./म.अक्षभ.

28/22

7.75/6.59

2.75/1.36

1.16

.604

1.92

0.01

2.68

प्राथमिक स्तर के केंद्रीय िथा पररषदीय मिद्यालय िें कायिरि मिक्षक ों का पयाि​िरण के प्रमि जागरूकिा की िामलकाप्रमिदि​ि

सोंख्या

िध्यिान

के.क्षि के क्षशिक/पररषदीय क्षि. के क्षशिक

30/20

21.2/19.75

िानक मिचलन 4.64/2.16

िाध्य अोंिर 1.45

िानक त्रुटी .9939

टीिान 1.46

साथिकिा स्तर 0.01

सारणी िान 2.68

प्राथमिक स्तर के केंद्रीय िथा पररषदीय मिद्यालय िें कायिरि िमहला िथा पु रुष मिक्षक ों का पयाि​िरण के प्रमि जागरूकिा की िामलकाप्रमिदि​ि

सोंख्या

पु. क्षशिक/ म. क्षशिक

33/17

िध्यिान

िानक िाध्य मिचलन अों िर 21.04/20.00 2.36/2.02 1.04

िानक त्रु टी .655

टीिान 1.587

साथिकिा सारणी स्तर िान 0.01 2.68

प्रस्तुि ि ध के मलए पररकल्पना का मनिािण मकया गया है मजसका 0.01 िेरा यह साथिकिा स्तर पर अों िर कुछ इस प्रकार है पररकल्पना 1- प्राथक्षमक स्तरमें केंद्रीय क्षिद्यालय के छात्र एिम छात्राओं में पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में कोई साथत क अंर्र नहीं है | पररकल्पना का परीिण दो मध्य मानों के मध्य अंर्र की साथत कर्ा के आधार पर क्षकया गया Copyright © 2021, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies


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क्षजसने पररगक्षणर् t का मान 2.64 है यह मान.01 साथत कर्ा स्तर पर df 48 के सारणी मान 2.68 से कम है अर्ः शू न्य पररकल्पना स्वीकार की गयीं। इसका अथत यह हुआ क्षक छात्र एिम छात्राओं में पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में कोई साथत क अंर्र नहीं है । पररकल्पना 2- प्राथक्षमक स्तर के पररषदीय क्षिद्यालय के छात्र-छात्राओं में पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में साथत क अन्तर नहीं है उपयुि पररकल्पना का परीिण दो मध्यमानों के अंर्र की साथत कर्ा के आधार पर क्षकया गया है ।क्षजसमे t का मान .5454 था । यह मान .01 साथत कर्ा स्तर पर df 48 के क्षलए सारणी मान 2.68 से कम है । अर्ः यह शू न्य पररकल्पना स्वीकार की गई इसका अथत यह हुआ क्षक पररषदीय क्षिद्यालय के छात्र -छात्राओं में पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में कोई साथत क अंर्र नहीं है । पररकल्पना 3- प्राथक्षमक स्तर के केंक्षद्रर् र्था पररषदीय क्षिद्यालय में अध्ययनरर् छात्रों के अक्षभभािकों का पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में कोई साथत क अंर्र नहीं है । इस पररकल्पना का परीिण दो मध्यमानों के अंर्र की साथत कर्ा के आधार पर क्षकया गया है ।इसमें t का मान 2.36 ज्ञार् हुआ यह मान .01 साथत कर्ा स्तर पर df 48 के क्षलए सारणी मान 2.68 से कम है । अर्ः यह शू न्य पररकल्पना स्वीकार की गई इसका अथत यह हुआ क्षक छात्रों के अक्षभभािकों का पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में कोई साथत क अंर्र नहीं है | पररकल्पना 4- प्राथक्षमक स्तर की केंद्रीय र्था पररषदीय क्षिद्यालय में अध्ययनरर् छात्रों के मक्षहला र्था पुरुष अक्षभभािकों का पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में कोई साथत क अंर्र नहीं है । इस पररकल्पना का परीिण दो मध्यमानों के अंर्र की साथत कर्ा के आधार पर क्षकया गया है इसमें t का 1.92 ज्ञार् हुआ ।यह मान .01 साथत कर्ा स्तर पर df 48 के क्षलए सारणी मान 2.68 से कम है । अर्ः यह शू न्य पररकल्पना स्वीकार की गई इसका अथत यह हुआ क्षक छात्रों के मक्षहला र्था पुरुष अध्यापकों का पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में कोई साथत क अंर्र नहीं है पररकल्पना 5- प्राथक्षमक स्तर के केंद्रीय र्था पररषदीय क्षिद्यालय में कायतरर् क्षशिकों का पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में कोई साथत क अंर्र नहीं है । इस पररकल्पना का परीिण दो मध्यमानों के अंर्र की साथत कर्ा के आधार पर क्षकया गया है ।इसमे t का मान 1.68 ज्ञार् हुआ ।यह मान .01 साथत कर्ा स्तर पर df 48 के क्षलए सारणी मान से कम है । अर्ः यह शू न्य पररकल्पना स्वीकार की गई इसका अथत यह हुआ क्षक केंद्रीय र्था पररषदीय क्षिद्यालय में कायतरर् क्षशिकों का पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में कोई साथत क अंर्र नही है । पररकल्पना 6 - प्राथक्षमक स्तर के केंद्रीय र्था पररषदीय क्षिद्यालय में कायतरर् मक्षहला र्था पुरुष क्षशिकों का पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में कोई साथत क अंर्र नहीं है । इस पररकल्पना का परीिण दो मध्यमानो के अंर्र की साथत कर्ा के आधार पर क्षकया गया है ,इसमे t का मान 1.58 ज्ञार् हुआ ।यह मान .01 साथत कर्ा स्तर पर df48 के क्षलए सारणी मान 2.68 से कम है ।अर्ः यह शू न्य पररकल्पना स्वीकार की गई । इसका अथत यह हुआ क्षक केंद्रीय र्था पररषदीय क्षिद्यालय में कायतरर् मक्षहला र्था पुरुष क्षशिकों का पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में कोई साथत क अंर्र नहीं है । मनष्कषि1- इस संबंध में कुल प्रािां कों पर दृक्षिपार् करने से यह रोचक र्थ् सामने आर्ा है क्षक के केंद्रीय क्षिद्यालय के छात्र छात्राओं र्था पररषदीय क्षिद्यालय के छात्र छात्राओं में कोई साथत क अंर्र नहीं है अथात र् सभी छात्र छात्राएं लगभग समान रूप से जागरूक हैं । Copyright © 2021, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies


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2- दू सरा र्थ् यह सामने आर्ा है क्षक केंद्रीय र्था पररषदीय क्षिद्यालय के छात्रों के अक्षभभािकों में पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में कोई साथत क अंर्र नहीं है अथात र् सभी अक्षभभािक समान रूप से जागरूक हैं र्था केंद्रीय र्था पररषदीय क्षिद्यालय के छात्रों के मक्षहला र्था पुरुष अक्षभभािकों के जागरूकर्ा में साथत क अंर्र नहीं है अथात र् मक्षहला र्था पुरुष अक्षभभािक समान रूप से जागरुक हैं । 3-

र्ीसरा र्थ् सामने आर्ा है क्षक केंद्रीय र्था पररषदीय क्षिद्यालय के क्षशिकों में पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में साथत क अंर्र नहीं है अथात र् क्षशिक लगभग समान रूप से जागरूक हैं र्था केंद्रीय र्था पररषदीय क्षिद्यालय के मक्षहला र्था पुरुष क्षशिकों में भी पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा में साथत क अंर्र नहीं है अथात र् मक्षहला र्था पुरुष क्षशिक समान रूप से जागरूक हैं ।

िैमक्षक मनमहिाथि1- पररषदीय क्षिद्यालय के छात्र छात्राओं में पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा बढ़ाने की आिश्यकर्ा है । 2- केंद्रीय क्षिद्यालय के छात्र-छात्राओं में पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा के स्तर को ऊंचा उठाना चाक्षहए| 3-

पयात िरण के जागरूकर्ा के माध्यम से क्षिद्याक्षथतयों में पयात िरण के प्रक्षर् क्षजज्ञासा उत्पन्न की जा सकर्ी है ।

4-

उनकी क्षशिा को क्षिक्षभन्न स्तरों के पाठ्यक्रम में समाक्षहर् कर क्षिद्याक्षथतयों में पयात िरण के प्रक्षर् समालोचनात्मक प्रिृक्षत्त क्षिकक्षसर् की जा सकर्ी है ।

5-

पयात िरण क्षशिा के माध्यम से समाज के सभी िगों में पयात िरण के प्रक्षर् जागरूकर्ा को क्षिकक्षसर् की जा सकर्ी है ।

6-

पयात िरण प्रदू षण डरा करने के क्षलए क्षिकल्पों का प्रयोग छात्रों द्वारा कराया जा सकर्ा है जै से क्षिद्यालय के प्रोजे क्ट C

7-

पयात िरण जागरूकर्ा को क्षिकक्षसर् करने के क्षलए क्षिद्यालय में अने को कायतक्रम चलाए जा सकर्े हैं जै से क्षिज्ञान पररषद का गठन क्षिज्ञान मे ले का आयोजन क्षिज्ञान क्लब पयतटन का आयोजन आक्षद।

सोंदि​ि ग्रों थ सूचीAngell, T. Ferguson 2001. Better test score through environmental education Hoody, L. 1995. Education efficacy, of environmental education Palmer, J.A. 1998. Environmental in the 21st Century. Theory, Practice, progress and promise. London: Routledhe Joseph,l.A. victoriya, EA, compbed, (2004) UNESCO,1974 report on the seminar on EE. National commission for unesco. Sharma R.A envirmental educational research R.lall book depot meerut (2004)

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