रंखं पहचानते शाहरंखं पेज- 13
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वर्ष 1 अंक 25 n पृष्: 16 n 22 - 28 अप््ैल 2016 n नयी दिल्ली n ~ 5
उत््राखंड मे् जीता न्याय: राष््पतत शासन रद्् lकेदं ं सरकार को हाईकोरंट की फरकार
l बागियों की सदसंयता खतंम
l कांगस ंे ी खेमे में जशंन
नैनीताल. उत््राखंि हाईकोर्ा ने राज्य मे् राष््पकत शासन लगाये जाने के के्द् के फैसले को रद््कर कदया है. नैनीताल हाईकोर्ा मे् सुनवायी के दौरान अदालत ने के्द् को लगातार दूसरे कदन फरकार लगायी. उत््राखंि हाईकोर्ा ने के्द् से कहा कक वह अदालत से कखलवाि् नही् कर सकती. फैसले के बाद ही हरीश रावत के घर के बाहर जक्न शुर्हो गया. सुनवायी के दौरान अदालत ने ये भी कहा कक एक हफ्ते तक वह राज्य मे्राष्प् कत शासन हराये्. कोर्ा ने ये भी कहा कक हम ककसी के साथ अन्याय नही्होने देग् .े साथ ही हाईकोर्ाने केद् ्सरकार के इस रवैये पर दुख प््कर ककया कक वह इस बात को साफ़ नही् कर रही है कक राष््पकत शासन हराने की
मायावती लूट चुकी् प््देश को: चौधरी
लखनऊ. समाजवादी पार््ी के प्द् श े प्व् क्ता राजेद् ्चौधरी ने कहा है कक लुरी कपरी बसपा की हालत दयनीय हो गयी है. सत््ा मे् रहते बसपा प्म् ख ु ने दकलतो्की ही सव्ाका धक उपेक्ा की. सभी कवभागो्के कामो्मे्कमीशन की मोरी रकम की बंदरबांर होने लगी थी. स्वास्थय् कवभाग मे् तो ऐसी लूर मची कक उसकी चपेर मे् कई सीएमओ, किप्री सीएमओ की जाने चली गयी. कई बसपा कवधायक और मंत्ी अपहरण, हत्या और बलात्कार मे्सजायाफ्ता हो गये. स्वयं बसपा मुखय् मंत्ी ने ककसी दकलत पीकि्त के आंसू नही् पो्छ.े उन्हो्ने आगे कहा कक उनके आवास तक जाने वाली सि्को्पर तो 24 घंरे कफ्याू् लगा रहता था. बसपा राज मे्पाक्,क स्मारक, बाकी पेज 2 पर
नीतीश से छोरे चौधरी का सौदा
नयी दिल्ली. चौधरी अकजत कसंह जनता दल यू मे्कवलय के कलए सौदेबाजी मे्जुर गये है. सूत्ो् के मुताकबक चौधरी अकजत कसंह राजनैकतक सौदेबाजी के कलए मशहूर है उन्हो्ने कवलय की कुछ शत्ारखी है. चौधरी चाहते है कक कवलय के बाद बनने वाले नये दल की कमान उन्हे् सौ्पी जाये. दूसरे उत्र् प्द् श े चुनाव मे्उनके पुत्जयंत चौधरी को पार््ी का चेहरा बनाया जाये. इसके अलावा उन्हे् राज्यसभा की सीर सुकनक््ित की जाये. चौधरी वैसे भी उत्र् भारत की राजनीकत मे् अच्छे सौदागर माने जाते है और वे हर दल के साथ जुि चुके है. उन्हे् न भाजपा से कोई परहेज रहा है न कांगस ्े से और न मुलायम कसंह से. बहरहाल अब गेद् नीतीश कुमार के पाले मे्है.
मोदी का बनारस: तालाब पर कब्ज़ा
रगि शेखर
वाराणसी. देश भर मे्आज कजस कदर पानी का संकर बढ़ता जा रहा है, उसमे वापस लौर कर अब यह देखने की जर्रत पिने लगी है कक पुराने समय मे्बाकरश कम होने की स्सथकत मे् पानी की समस्या का समाधान आकखर ककन साधनो् से होता था. प्म् ख ु ऐकतहाकसक शहरो् मे् अनेको् तालाबो् के अवशेष यह बताते है् कक जल समस्या के कनराकरण मे्तालाब प्म् ख ु भूकमका कनभाते थे. जबलपुर, भोपाल, कदल्ली, हैदराबाद जैसे तमाम शहरो् के साथ साथ बनारस भी एक समय मे्अनेको्तालाबो्का गवाह रह चुका है.लोकसभा चुनाव के बाद उम्मीद जगी थी कक बनारस मे्बदलाव आयेगा खासकर नरेद् ् बाकी पेज 2 पर
घाटी में अमन के बीच तनाव बरक़रार
मागजद जहांिीर
श््ीनगर. कक्मीर के हंदवारा मे् सेना के एक जवान की लिकी से ककथत छेिछाि के बाद घारी मे् पैदा अशांकत फ़ैल गयी थी. लेककन लिकी के बयान और कस्बे से सेना के तीन बंकर हराये जाने के बाद घारी मे् दोबारा से शांकत बहाल हो गयी है.दरअसल 12 अप््ैल को श््ीनगर से 70 ककमी दूर हंदवारा
कस्बे मे् कदन के दो बजे उस समय ज़बरदस््तनाव पैदा हुआ था. जब कुछ स्थानीय लोगो् ने ये इलज़ाम लगाया था कक एक सेना के जवान ने लिकी के साथ छेिछाि की है. कजसके बाद पूरे कस्बे मे् कवरोध प््दश्ान शुर्हुए थे और सेना ने उन प््दश्ान करने वालो् पर गोली चला दी थी. कजसमे् तीन नौजवान बाकी पेज 2 पर
कार्ावाई स्थकगत कर सकती है या नही्. अदालत की इन करप्पकणयो् से कांग्ेसी खेमे मे्ख़ुशी का माहौल बन गया. नैनीताल हाई कोर्ा ने गुर्वार को बि्ा फैसला ककया. हाई कोर्ा ने उत््राखंि से राष््पकत शासन हरा कदया. हरीश रावत सरकार के अल्पमत मे् होने की दलील पर के्द् सरकार ने राज्य मे् 27 माच्ाको राष््पकत शासन लगा कदया था. इस मामले पर सुनवायी करते हुए हाईकोर्ा ने पूछा था कक क्या सरकार एक प््ाइवेर पार््ी है? कोर्ा ने के्द् सरकार को फरकार लगाते हुए कहा था कक अगर आप कल राष्प् कत शासन हरा देते है्और सरकार बनाने के कलए ककसी और को बुलाते है्, तो ये न्याय का मजाक होगा. राज्य से राष््पकत बाकी पेज 2 पर
तिन पानी दम तोड़ते चमगादड़!
संजय कुमार
चमगादिो्को देखने के कलए यहां कवदेशी पय् ारक भी आया करते है्. वे कहते है्कक पटना. कबहार के वैशाली कजले मे् सरसई पोखर के सूखने और पानी के बढ़ती गम््ी से जहां एक ओर तालाब और पोखर के सूखने से जल संकर उत्पन्न हो अभाव मे् कदन मे् खामोश रहने वाले इन रहा है. वही् इन जलाशयो् के सूखने के चमगादिो् की चहचहार अब कदन मे् भी कारण लुप्तप््ायः चमगादि पानी के सुनायी दे रही है. रोजाना बिी संख्या मे् अभाव मे्दम तोि रहे है्. अमूमन रात मे् चमगादि मर रहे है्. अगर पानी की आसमान मे् मंिराने वाले चमगादिो् की व्यवस्था नही्होती है, तो इन्हे्कवलुपत् होने प््जाकत मे् से एक चमगादि प््जाकत को से बचा पाना मुस्ककल होगा. प्यास से व्याकुल चमगादि वैशाली कजले मे् अचानक नीचे कगर पानी की तलाश जाते है् और करते हुए कदन मे् तिपकर मर जाते आसमान मे् है ्. चमगादिो् को मंिराते हुए देखा बचाने की सरकारी जा सकता है. 52 पहल नही् कदख बीघे मे् फैला रही है . हालांकक, ऐकतहाकसक सरसई ग््ामीणो् ने पोखर धीरे-धीरे चमगादिो् को सूखने लगा और बचाने की पूरजोर इन कदनो् बढ़ती कोकशश भी की है. चमगादिो् को बचाने गम््ी मे्यह पूरी तरह से सूख चुका है. सरसई पोखर के इद्-ा कगद्ामौजूद वृक्ो् को लेकर ग््ामीणो् ने जेसीबी मशीन से पर चमगादिो् की एक प््जाकत सालो् से पोखर की खुदाई कर पानी कनकालने का अपना बसेरा बनाये हुए है. पोखर मे्हमेशा प््यास ककया है. मगर पानी नही् कमल पानी रहने की वजह से उन्हे् आसानी से पाया. इससे ग््ामीणो् मे् भी काफी मायूसी भोजन और पानी कमल जाया करता था. है. मो जमीर कहते है् कक पानी और लेककन पोखर के सूख जाने से इनका भोजन की कमी से पेिो्से कगरकर जमीन जीवन ही खतरे मे् है. जहां इनकी संख्या पर मरे चमगादिो् को आसपास भरकते तकरीबन दस हजार थी, वही् इनके कु त ् े , चील और कौवे अपना भोजन बना रोजाना मरने के क््म मे् 40 फीसद रहे है्. जलस््र मे्लगातार कगरावर से चमगादिो्की संख्या घर गयी है. बाकी पेज 2 पर ग््ामीण अवधेश कसंह बताते है् कक
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22 अप््ैल - 28 अप््ैल 2016
पैसा डकार गयी सपा सरकार: बालियान
लखनऊ. बुंदेलखंि मे् सूखा से हालात गंभीर है. के्द्सरकार पर भी आरोप लगे है कक वह पय्ााप्त मदद नही् कर रही. पर के्द् सरकार इसे सही मानती. के्द्ीय कृकष एवं खाद्् प््संस्करण राज्यमंत्ी िा. संजीव बाकलयान से बुंदेलखंि और अन्य मुद्ो् पर कववेक क््तपाठी ने बातचीत की. बातचीत के प््मुख अंश कुछ इस प््कार है्बुंिेलखंड की समस्या का हल कैसे हो, क्या करना चादहए? बुंदेलखंि को केवल पानी चाकहए. के्द् सरकार ने इसके कलए प््यास भी ककया है. उत््र प््देश सरकार को धन कदया गया है, लेककन यूपी सरकार ने उस धन को िकार कलया है. अब प््देश सरकार चुनावी गकणत कबठाने मे् लगी है. बुंदेलखंि की समस्या समाधान के कलए बाकरश के जल का संचयन जर्री है. पानी लाने के कलए पाण्ि करसव््ेकरंग पम्प बनाने हो्गे. चैक ड््म और ज्यादा मात््ा मे् बनाने की जर्रत है। पानी की समस्या हल होते ही बुंदेलखण्ि कफर गुलजार हो जायेगा. दकसानो् की प््दतस्पर्ाा से कृदि को लाभ दमलेगा. ककसानी मे्प्क्तस्पध्ाा अकनवाय्ाहै. इससे कृकष को बढ़्ावा कमलेगा. कृकष संयत््ो् खासकर कोल्हू, स्रोकरस को बढ़्ावा देना चाकहए. कोल्हू की नई तकनीक को कवककसत करना जर्री है. इससे अच्छा लाभ होगा.
साथ स्पध्ाा मे्कृकष की उत्पादकता भी खूब बढ़्ेगी्. नये-नये तरीके भी सामने आयेगे्. वत्म ा ान मे् खेती घाटे का सौिा होता जा रहा है. दकसान का कृदि से मोह भंग हो रहा है. ऐसा क्यो्? यह सच है कक खेती इस समय घारे का सौदा साकबत हो रही है.ककसानो् का लागत भी नही् कनकल पा रहा है. गांव का कवकास बुरी तरह प््भाकवत है. ककसान पलायन को मजबूर है्. ग््ामीण कवकास के कलए गांवो् मे् उद््ोग-धंधो् का लगाया जाना जर्री है. सि्क, कबजली, पानी आकद संसाधन मुहैया कराने से कुछ हद तक कृषको् को लाभ
कमल सकता है. कबजनेसमैन और कृकष के बीच खाई्बढ़्ती जा रही है. कजसे पार पाना अभी सम्भव नही् कदख रहा है. गांव मे् अब कोई हंसता हुआ चेहरा भी नही्कदख रहा है. कफर भी चुनौती को हम स्वीकार कर रहे है्.ककसानो् की मुस्कान वापस लाने की कोकशश हो रही है.के्द्सरकार ककसान कहत के कलए ककरबद््है. कृदि का महत्व कैसे बढ्े, इसके दलए क्या करना होगा? आजादी के बाद से ही कृकष को मजबूत करने के प््यास चल रहे है्, लेककन कपछली सरकारो्ने शायद ठीक से काम नही्ककया.
कृकष फायदे का सौदा नही्बन पाई. हकीकत तो यह है कक कोई भी ककसान अपने बेरे को खेती से जोि्ना नही् चाहता है. इसकलए कदनो्कदन ककसानो् की र्कच खेती मे् घरती गई. आज भी यह जारी है। अब कृकष मे् रोजगार के अवसर पैदा करने हो्गे. कृकष उत्पादो् के महत्व को समझना होगा. हम प््यास कर रहे है् कक कृकष उत्पादो् की गुणवत््ा बढ़्े. कृकष और ककसान दोनो् का महत्व समझे कबना हम गांवो् को खुशहाल नही् कर सकते है्. उपभोक्ता जब कृकष उत्पादो् का दाम ककसान को अकधक देगा तभी ककसानो्की स्सथकत मे्सुधार होगा. कृकष को के्द् सरकार प््ोफेशन बनाने पर कवचार कर रही है. कृदि से दडग््ीरारक और दडप्लोमा वालो् को इसका कैसे लाभ दमलेगा? के्द्सरकार ने कृकष पढ़्ाई करने वालो् को सीधे रोजगार देने का कनण्ाय कलया है. खाद, बीज और पेस्सरसाइि की दुकानो्का लाइसे्स अब गैर-कृकष छात््ो् को नही् कमलेगा. उन्हे् कृकष संबंधी जानकाकरयां नही् होती् है् और वे अपना व्यापार बढ़्ाने के चक््र मे् ककसानो् को गलत दवाएं और बीज दे देते है्.ऐसे मे्खेती मे्पैसा लगाने के बाद भी ककसान को घारा होता है और वह इसे भगवान की मंशा समझकर अपने भाग्य को कोसता है.कृकष की पढ़्ाई करने वालो्के बाकी पेज 16 पर
मोदी का िनारस: तालाि पर कब्ज़ा
उत््राखंड मे् जीता न्याय: राष््पबत...
पेज 1 का बाकी मोदी के प्ध् ानमंत्ी बनने के बाद. पर हालात तो और कबगि रहे है्. अब तक उपलब्ध सबसे पुराने दस््ावेज के अनुसार 1820 मे् इस शहर मे् कूल 90 तालाबो् की एक क््िख ं ला थी. यह दस््ावेज उस समय के एक वास्क ्ु ार जेमस ् क््पस ं पे के द््ारा तैयार ककया हुआ है, कजसने बनारस को बसाने मे् उस दौर मे् एक प्म् ख ु भूकमका कनभायी थी. यह सभी तालाब काफी बिे हुआ करते थे. सबसे बिे तालाबो्मे्एक आज भी बनारस के पांिये पुर इलाके मे्पागलखाने से सरे एक 22 बीघे का तालाब मौजूद है, और अपने हाल पर आंसू बहा रहा है. वत्मा ान नगर कनगम भी जेमस ् क््पस ं पे के इस दस््ावेज की पुक्ि करता है. कनगम के अनुसार, बनारस मे्कूल 92 तालाब थे. जो दस््ावेज नगर कनगम के पास है,् वे यह स्पस्र बताते है्कक इन 92 मे्से कूल 26 तालाब अब मौजूद नही्है.् इन दस््ावेजो्मे्यह कलखा जा चुका है कक गायब तालाबो्पर भू माकफ़याओ्, कनजी कशक्ण ् समूहो् और आम जनता का कब्जा हो चुका है. इन्हे्वापस अपनी शक्ल मे् लाने के कलये जो प्य् ास और कहम्मत कदखाने की जर्रत है, उस के आगे नगर कनगम और कजला प्स ् ाशन बौना साकबत होता रहा है. तालाबो्की दयनीय दशा और बढ़ते जल संकर के आपसी संबधं ो्के बारे मे्बताते हुए बनारस के कवकभन्न संगठनॊ के साझा प्लरे फाम्ा साझा संसक ् कृ त मंच के सद्सय् वल्लभाचाय्ापांिये बताते है् ' अलग अलग मुहल्लो्मे स्सथत यह सभी तालाब आपस मे् जुिे हुए थे. और साथ ही, गंगा वर्णा और
पेज 1 का बाकी शासन हराने के आदेश देते हुए हाईकोर्ा ने 29 अप््ैल को कवधानसभा मे्बहुमत साकबत कराने को भी कहा है. हरीश रावत अपने पक्् मे्बहुमत का दावा करते है्, तो वही्बीजेपी भी 35 कवधायको् के समथ्ान का दावा कर रही है. अदालत के इस फैसले के बाद अब 29 अप््ैल की तारीख काफी अहम हो गयी है. कांगस ्े पार््ी ने अदालत के इस फैसले का स्वागत ककया है. हरीश रावत सरकार मे्मंत्ी रही्इंकदरा ह्द्ेश ने कहा कक अदालत का ये फैसला आगे के कलए कमसाल बनेगा. हरीश रावत के कलए राहत की खबर ये है कक हाईकोर्ाने कांगस ्े के उन नौ कवधायको् की सदस्यता रद्् कर दी है. जो कांग्ेस से बागी हो गये थे. हाईकोर्ाका ये फैसला मोदी सरकार के कलए बि्ा झरका है. वही्कांग्ेस के कलए बि्ी राहत की खबर है. 71 सीरो् वाली कवधानसभा मे्बहुमत का आंकि्ा 36 होता है. लेककन नौ कवधायको् की सदस्यता रद््ककये जाने के बाद कवधानसभा की ताकत 62 पहुंच जाती है. इस तरह बहुमत का आंकि्ा कसफ्क32 कवधायक रह जाते है्. इस बीच उत््राखंि मे् राजनीकतक घरनाक््म भी तेजी से बदल रहा है. हरीश रावत ने सभी कांग्ेसी कवधायको्से देहरादून मे् मौजूद रहने को कहा है. इससे पहले, मामले की सुनवायी के दौरान जस्सरस कबि्् ने कहा कक कोर्ा को इस मामले मे् आदेश देना है और कोई अन्याय नही्होना चाकहए. जैसा चीफ जस्सरस ने कहा कक ऐसा तो कफर आप हर राज्य मे् करे्गे. राष््पकत शासन लगाये्गे और कफर 15 कदन बाद उसे हराकर
अकस नकदयो् से भी इनका जुिाव था. इस जुिाव की वजह से ही ये तालाब हमेशा हरे भरे रहते थे और आस पास रहने वाले लोगो् के कलये साफ पानी का श््ोत थे.' नगर कनगम और कजला प्स ् ाशन के हांथ बंधे होने के साथ साथ तेजी से बढ़ता प्द् षू ण भी तालाबो्के सामने एक चुनौकत बन चुका है. तालाबो् की तलहरी मे् जमा कचरा और प्लास्सरक ने भू गभ्ा जल को तालाब तक पहुच ं ने से रोक कदया है. आस पास सभी ककनारो्पर जो बेतरतीब कनम्ाण ा हुए है्उन्हो्ने अन्य जल श््ोतो्से भी तालाबो्को वंकचत कर कदया है. जाकहर है कक ऐसे मे् तालाब स्वयं अपनी चौहद््ी मे्होने वाली बाकरश पर ही कनभ्रा हो चुके है.् तालाब केवल प्श ् ासकनक लापरवाही के ही कशकार नही् है.् शहर के कबचो्बीच स्सथत रामकरोरा तालाब को स्थानीय लोगो्के अकत उत्साह ने ही खत्म कर कदया. प्द् षू ण और अकतक्म् ण से बचाने के कलये इसे स्थानीय लोगो् ने गहरी नी्व खोद कर लगभग 10 फ़ीर ऊंची कदवार से ढ़क कदया. अब यह तालाब अकधकांश जल श््ोतो् से दूर हो चुका है और धीरे धीरे सूख रहा है.खत्म होते तालाबो्के कारण ही भू गभ्ाजल भी तेजी से नीचे जा रहा है. केद् ्सरकार द््ारा जारी एक करपोर्ाके अनुसार, शहर मे्प्क्तवष्ा तीन फीर की दर से भू गभ्ाजल नीचे जा रहा है.ऐसे मे,् यह जर्री हो गया है कक तालाबो् पर कब्जे् और तलहरी की सफाई के कलये आवक्यक राजनैकतक और प्श ् ासकनक इच्छाशस्कत कदखाई जाये आउर आने वाले समय मे्और भी गहराने वाले जल संकर के हल की कदशा मे्ठोस कवकल्प अपनाये्जाये.्
ककसी और को सरकार बनाने के कलये बुला ले्गे. जज ने कहा कक गुस्से से ज्यादा हमे् दुख है कक आप इस तरह का व्यवहार कर सकते है.् उन्हो्ने कहा कक आप कोर्ाके साथ कैसे कखलवाि् कर सकते है्? उत््राखंि हाईकोर्ा ने बुधवार को सुनवायी के दौरान केद् ्सरकार ने कहा था कक कोर्ाराष्प् कत के फैसले मे्दखलअंदाजी नही्कर सकता. इस पर कोर्ा ने नाराजगी जताते हुए कहा कक राष्प् कत का आदेश राजा का फैसला नही्है. राष््पकत भी गलत हो सकते है् और उनके फैसले की भी समीक््ा हो सकती है. कोर्ाने कहा कक ऐसा कहकर वो राष््पकत के फैसले पर सवाल नही्उठा रहे है्. लेककन हर चीज न्याकयक समीक््ा के तहत आती है. कांग्ेस नेता और उत््राखंि के पूव्ामुख्यमंत्ी हरीश रावत ने हाईकोर्ा मे् याकचका दायर करके प््देश मे् राष््पकत शासन लगाए जाने का कवरोध ककया था.
बिन पानी दम...
पेज 1 का बाकी पानी की कमी से केवल इंसानो् को ही जूझना नही् पि रहा है. बस्लक पशु-पक््कयो् को भी इससे दो-चार होना पि रहा है. जर्रत है जल संरक्ण ् की ताकक कवलुपत् होने के कगार पर खिे पशु-पक््कयो् को बचाया जा सके. क्यो्कक, इंसान तो पानी खरीदकर पी भी सकता है. लेककन, पशु-पक््ी जो बेजुबान है्, वे कैसे पानी इंसानो्से मांगे और अपनी जान बचाये्. हालांकक इन समस्याओ् का कारण अगर मानव है, तो इसे हल भी उसे ही करना है.
पानी के वििाद में विरे धोनी
रांची. भारतीय क््ककेर रीम के कप्तान महेद् ्कसंह धोनी कफलहाल अपने शहर के लोगो् के कलए परेशानी बने हुए है.् असल मे्यह कववाद धोनी के पुकत् नै ी घर मे् बने् स्वीकमंग पूल को लेकर है. शहर मे्पानी की तंगी से परेशान लोगो् ने झारखंि के राजस्व मंत्ी अमर कुमार बाउरी से इसकी कशकायत भी की है. रांची के हरमू मे् पानी की ककल्लत बढ़्गयी है. स्सथकत यह है कक लोगो्को पानी के कलए तरसना पि्रहा है. वही् धोनी के स्वीकमंग पूल के कलए रोज 15 हजार लीरर पानी इस्म्े ाल होता है. यहां खास बात यह है कक धोनी के घर मे् दस से ज्यादा लोग नही्रहते है.् लोगो्को कशकायत है कक जहां पीने के कलए पानी नही् कमल रहा है. वहां धोनी के स्वीकमंग पूल के कलए इतना पानी क्यो् बब्ादा ककया जा रहा है. धोनी के घर से तकरीबन एक ककलोमीरर की दूरी पर बसे यमुनानगर मे्न तो बोरवेल से पानी कनकल रहा है और न ही रैक ्र से पानी की सप्लाई की जा रही है. यमुनानगर की आबाद तकरीबन पांच हजार है. इसकी कई बार कशकायत होने के बावजूद कोई काय्वा ाही नही्हुई है. हालांकक धोनी के करीकबयो्ने कहा है कक स्वीकमंग पूल मे्तभी पानी रहता है, जब धोनी घर आते है.्
मायावती लूट...
पेज 1 का बाकी हाकथयो्और पत्थरो्पर खजाना लुराया जाता रहा. िा अंबिे कर और दूसरे दकलत महापुरष् ो् से ऊंची बसपा मुखय् मंत्ी कवदेशी फम्ा‘गुच्ी ब््ाण्ि’ की पस्ाकलए प्क्तमाये्लगा दी. बसपा राज मे् न कबजली घर बने, न एक यूकनर उसका उत्पादन हुआ, सि्क-पुल बनने की नौबत ही नही्आयी, ककसान, मजदूर परेशान हाल रहे. इस सबके बाद भी अगर बसपा प्म् ख ु ‘कवकास’ शब्द का उच््ारण करती है् तो हैरत होती है. यह शोध का कवषय हो सकता है कक बसपा की शब्दावली मे् ‘कवकास’ शब्द का ककस युग मे् पहली बार उल्लख े हुआ था. कही्लूर और झूठ के पय्ाया मे्तो इसका उल्लख े नही्हुआ है. मेट्ो और एक्सप्स ्े वे को बसपा प्म् ख ु अपना कैसे बता सकती है.् उनके नाम तो ताज काकरिोर और आय से अकधक संपक््त जैसे आरोप है.् जब अपने पास जताने को कुछ नही्तो बसपा प्म् ख ु ने कदखावे के कलए असत्य की राह पकि् ली है कक समाजवादी सरकार उनकी ही पकरयोजनाओ्को लागू कर रही है. पूरे काय्क ा ाल मे् कसफ्क अनुतप् ादक मदो् मे् बसपा सरकार खजाना लुराती रही थी. जबकक मुखय् मंत्ी अकखलेश यादव ने समाजवादी सरकार बनते ही यह घोषणा की थी कक अब जनता का पैसा जनकहत के कामो्मे्ही खच्ा होगा. उन्हो्ने ककसानो्, नौजवानो्, गरीबो्, अल्पसंखय् को्के कल्याण की योजनांए लागू की और चुनावी वादे पूरे कर एक शानदार करकाि्ा बनाया. बसपा ने अगर प्द् श े मे् कवकास ककया होता, तो 2012 के कवधानसभा चुनावो् मे् जनता कतरस्कतृ करके सत््ा से बाहर नही् करती. लोगो् को बसपा राज का कुशासन भूला नही् है. मुखय् मंत्ी अकखलेश यादव ने ईमानदारी से प्द् श े के कवकास के रास््े पर ले जाने का काम ककया है. समाजवादी सरकार का ककया गया कवकास चारो्ओर कदख रहा है.
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22 अप््ैल - 28 अप््ैल 2016
अर्ण यादव को अभयदान
पूजा गसंह
भोपाल. मध्य प््देश कांग्ेस अध्यक्् अर्ण यादव को बदले जाने की अरकलो्पर कफलहाल कवराम लग गया है. सूत्ो् के मुताकबक पार््ी आलाकमान ने न केवल उनको अभयदान कदया है बस्लक प््देश मे् अपनी मज््ी की रीम तैयार करने की इजाजत भी दे दी है, कजसके बाद उनकी सक््कयता बढ़् गयी है. माना जा रहा है कक इस महीने के अंत तक अर्ण यादव प््देश मे् पार््ी संगठन को नया स्वर्प प््दान कर दे्गे कजसमे् उनके मनपसंद लोगो्का दबदबा रहेगा. जानकारी के मुताकबक इस रीम मे् युवा लोगो् को शाकमल करने पर खास जोर रहेगा. यही वजह है कक यादव अपने स््र पर प््देश कांग्ेस के युवा सदस्यो् की सक््कयता के दस््ावेज तैयार करवा रहे है्कजसे लेकर वह पार््ी आलाकमान के पास जाये्गे. बाद मे् इसी आधार पर नयी रीम तैयार की जायेगी. प््देश कांग्ेस के इकतहास की बात करे् तो अब तक की परंपरा यही रही है कक नामो् की घोषणा के बाद अक्सर प््देश अध्यक््को सफाई देने के कलये पार््ी के कदग्गज नेतागण
के सामने हाकजरी देनी पि्ती है लेककन अर्ण यादव की पार््ी क््त्पो्से कभी नही्बनी है, यही वजह है कक उनकी कवदाई की खबरे्भी गाहेबगाहे चलती रहती है्. जाकहर है यादव नही् चाहते कक उनको ककसी बि्े नेता के सामने पेशी पर जाना पि्े. मीनाक््ी नरराजन का साथ कमलने के बाद उनको थोि्ी स्सथरता हाकसल हुई है. रतलाम झाबुआ लोकसभा सीर पर पार््ी की जीत के बाद यादव की
घाटी में अमन के बीच तनाव बरक़रार
पेज 1 का बाकी मारे गये थे. जबकक दो अलग-अलग प््दश्ानो् के दौरान एक मकहला और एक युवक की मौत हो गयी थी. इन मौतो् के बाद पूरी कक्मीर घारी मे्तनाव भरे हालात पैदा हो गये और घारी पांच कदन तक बंद रही. घरना के पहले कदन ही लिकी ने कैमरे के सामने अपना बयान कदया और बताया कक उसके साथ ककसी भी सैकनक ने छेिछाि नही् की. बस्लक इलाके के कुछ लिको् ने उसपर हमला करके, उसका बैग छीना. सेना और पुकलस ने लिकी के इस बयान वाले वीकियो को फौरी तौर पर जारी ककया. तीन कदन तक पुकलस कहरासत मे् रहने के बाद एक तरफ जहां कदये गये बयान पर सवाल उठाये गये. वही् उसको और उसके पकरजनो् को पुकलस कहरासत मे् रखने पर भी सवाल खिे हो गये. पुकलस कहरासत मे् रखने को लेकर कक्मीर हाईकोर्ा ने पुकलस से पुछा है कक लिकी को ककस क़ानून के तहत कहरासत मे् रखा गया है. कजसके बाद उसी कदन यानी 16 अप््ैल को लिकी को चीफ जुकिशल मकजस्ट्ेर के सामने पेश ककया गया. जहां लिकी ने अपना बयान कदया. लिकी ने पहले वाले बयान को दोहराया. कजसमे् उसने कहा था कक ककसी भी सैकनक ने उसके साथ छेिछाि नही् ककया था. कक्मीर मे् काम करने वाले मानवाकधकार काय्ाकत्ााओ् ने इलज़ाम लगाया है कक लिकी का बयान दबाव मे् कलया गया है. लिकी की मां ने भी चीफ जुकिशल मकजस्ट्ेर के सामने अपनी बेरी के बयान से पहले श््ीनगर मे् मीकिया को बताया कक उनकी बेरी का बयान दबाव मे् कलया गया है. तो वही् पुकलस कह रही है कक लिकी को कहरासत से बरी कर कदया गया
है. लिकी पर ककसी भी दबाव से बनने से इंकार ककया है. लेककन जम्मू कक्मीर कइलशन ऑफ़ कसकवल सोसाइरी ने इलज़ाम लगाया है कक पुकलस ने लिकी को अपनी कनगरानी मे् रखा है. जम्मू कक्मीर कइलशन ऑफ़ कसकवल सोसाइरी के मुकखया परवेज इमरोज़ बताते है् कक लिकी को तो कहरासत से बरी कर कदया गया. लेककन पुकलस उसको आज़ादी के साथ घूमने कफरने नही् दे रही है. पुकलस अभी तक ये कह रही है कक उन्हो्ने लिकी को कसफ्क प््ोरेक्शन कदया है. उत््री कक्मीर के इंस्पेक्रर जनरल ऑफ़ पुकलस उत््म चंद कहते है् कक लिकी को तो हमने छोि कदया है. हमे् तो ये भी पता नही् कक वह कहां है. पुकलस ने दो कदन पहले छेिछाि की अफवाह फ़ैलाने के इलज़ाम मे् अभी तक एक लिके को कगरफ्तार ककया है. जबकक दूसरे लिके की तलाश जारी है. लिकी ने इन दो युवको्का नाम कदये गये बयान के दौरान कलया था. कजला प््शासन ने लोगो् की मांग को देखते हुए मंगलवार को हंदवारा कस्बे से सेना ने तीन बंकर हरा कदया है. कजससे वहां के लोगो् मे् शांकत की भावना पैदा हो गयी. लिकी का चीफ जुकिशल मकजस्ट्ेर के सामने वाले बयान ने भी लोगो् को शांत ककया. जम्मू-कक्मीर मकहला आयोग की चेयरपस्ान नईमा महजूर कहती है् कक वह लिकी को हर हाल मे् आश््य देने की कोकशश कर रहे है्. उनका कहना है कक मै्ने कल रात भी उस से बात की और वह भी चाहती है कक उसको ककसी सुरक््कत जगह पर रखा जाये. हम कोकशश कर रहे है् कक उसको ऐसी जगह पर रखे. जहां वह आराम से रहे और उसकी पढ़ाई भी प््भाकवत न हो. उसके कलये पहले
स्सथकत मजबूत थी लेककन मैहर उपचुनाव मे् पराजय के बाद उन पर हमले होने लगे थे. यह बात अलग है कक कांग्ेस ने मैहर उपचुनाव पूरी तरह अजय कसंह राहुल के माग्ादश्ान मे्लि्ा था. अर्ण यादव लंबे समय से प्द् श े मे्पार््ी का चेहरा बदलना चाहते थे. अब आलाकमान का साथ कमलने के बाद उम्मीद है कक वे जल्दी ही प््देश मे् कई कजलाध्यक््ो् तथा अन्य पदाकधकाकरयो् को हरा सकते है्. इसकी पृष्भूकम तैयार होने लगी है. राज्य के तमाम कजलो् के कांग्ेस अध्यक््ो् का करपोर्ा काि्ा तैयार ककया जा रहा है. प््देश कांग्ेस कमेरी के संगठन महामंत्ी चंक्दका क््दवेदी ने बताया कक भोपाल, इंदौर, उज््ैन व होशंगबाद संभाग के कजलाध्यक््ो् से कुछ जानकारी तलब की गयी है. माना जा रहा है कक यह उसी पूरी प्क््कया का कहस्सा है कजसके तहत कजला स््र पर पार््ी ढांचे मे् बदलाव लाया जाना है. यादव की इस योजना को कदल्ली की मंजरू ी भी हाकसल है. उधर, कदल्ली से कमले संकेतो्के बाद अब यह आशंका भी कम ही रह गयी है कक कोई क््त्प उनकी राह मे्रोि्ेअरकायेगा.
उसके माता-कपता की इजाज़त जर्री है. इस पूरे मामले मे् सेना और सरकार ने अलग-अलग जांच के आदेश कदये है्. मुख्यमंत्ी महबूबा मुफ़्ती ने घरना के पहले कदन ही दोकषयो् को सख्त सजा देने की बात कही है. अब देखना ये होगा कक महबूबा मुफ़्ती अपने वादो् पर ककतना खरा उतरे्गी? आने वाले कदनो् मे् जांच कौन सी करवर लेगा, इस पर अभी कुछ नही्कहा जा सकता है.
बुंिेलखंड मंे सूखे की आग बुझाने दनकल पड्ी सरकार अगनल गसंदरू
है. ककसानो्को खेती मे्प्य् ोग आने वाले सभी उपकरणो्को जुराने का काम सरकार करेगी. बुिं ल े खंड. क्त्े ्के सात कजलो्के सूखे खेत तालाब योजना मे् तालाबो् की संखय् ा की आग बुझाने को उत्र् प्द् श े सरकार और अनकगनत रखी गयी है. जो भी ककसान तालाब उसकी रीम ने कमर कस ली है. जो इन कजलो् योजना अंतग्ता तालाब खुदवाना चाहेगा, उसे ् रू मंिल आयुकत् मे्जल सरंकण ् के कलए हर ककसानो्के खेतो् लाभ कदया जायेगा. कचत्क ् रेसव् र लू ने ककसानो् को संबोकधत मे्तालाब खुदवाने का काम करेगी. प्द् श े के एल वेक कृकष मंत्ी कवनोद कुमार कसंह उफ़्कपंकित कसंह करते हुए कहा कक ककसानो् के कलए उनके ने इस योजना का शुभारंभ कृकष कवश्क्वद््ालय दरवाजे हमेशा खुले है.् वह अपनी समस्या बांदा से ककया. जहां उन्हो्ने ककसानो् को ककसी भी समय आकर बता सकते है.् उनकी ् ार से मदद की जायेगी. अपना तालाब संबोकधत करते हुए कहा कक बुदं ल े खंि के हर प्क ककसानो्की सरकार हर संभव मदद को तैयार योजना पर काम कर रहे पुषप् दे् ्ने ककसानो्को है. बुदं ल े खंि मे्दो हज़ार तालाबो्को अनुदान संबोकधत करते हुए कहा कक यकद एक गांव मे् राकश मुकत् कर दी गयी है. यह अनुदान राकश 10 से 15 ककसान एक साथ खेत मे् तालाब सीधे ककसान के खाते मे्जायेगी. भूकम संरक्ण ् खुदवाने को तैयार हो जायेग् .े तो इसी अनुदान कवभाग को नोिल एजेस ् ी बनाया गया है. राकश मे्1800 घन मीरर का तालाब खुदवाया उसका काम ककसानो्को तकनीकक दृक्ि देना जा सकता है. इसकलए कोकशश करे्कक एकजुर भर है. कजतने ककसान अपने खेतो् मे् खेत होकर खेतो्की तस्वीर और तकदीर बदलने े खंि तालाब योजना का लाभ लेना चाहेग् े उन्हे्कदया का फैसला ले.् उन्हो्ने बताया कक पूरे बुदं ल जायेगा. खेत तालाब योजना के साथ ही मे्2000 तालाब खोदने की योजना है. लेककन स्क्पक ं लर और तालाब से पानी उठाने को पंप सरकार ने आश््ासन कदया है कक जो भी पर भी सरकार मदद करेगी. उन्हो्ने कहा की ककसान आनलाइन आवेदन कर देगा. उसे इस सौय्ाउज्ाा से संचाकलत पंप भी सरकार जल्द योजना मे्शाकमल ककया जायेगा. उन्हो्ने कहा ् रू मे् कजलाकधकारी लायेगी. कजसका लाभ ककसानो्को सही समय कक यही समय है. कचत्क पर कमल सके. ककसानो्के खाते मे्खेत तालाब मोकनका रानी ने चकजाफर, भरतपुर, हनुआ, योजना अनुदान राकश 52500 र्पये सीधे भेजी गिचपा,रामपुर आकद गांवो् मे् खेत तालाब जायेगी. बकाया राकश ककसान को स्वयं लगानी योजन का शुभारंभ ककया. बांदा मे्गोरेपरु वा, होगी. उन्हो्ने आगे कहा कक हमारी कोकशश है पवैया, अनवान और तराया मे,् महोबा कजले कक अनुदान राकश को और बढ़ा कदया जाये. इस के ब्लाक चरखारी के गांव वैहारी, थैरीकला, बारे मे्मुखय् मंत्ी से बात की जायेगी. यकद संभव सोनाक्परु ा, पुराखुद,ा् हमीरपुर कजले के ग््ाम हुआ तो अनुदान राकश को बढ़ा कदया जायेगा. कुसमरा,गैरौली, ओिेरा, रावतपूरा, ममना कजससे ककसानो्को राहत कमल सके. ककसान आकद गांव के ककसानो्के खेतो्मे्तालाबो्का शुभारंभ जनप्क्तकनकधयो्ने ककया. जालौन कजले को 1200 घन मीरर का तालाब खोदना है. प्म् ख ु सकचव कृकष अकमत मोहन प्स ् ाद ने के ग््ाम करमर््ो्के ककसान हरचरण क््तपाठी के ककसानो् को संबोकधत करते हुए कहा कक खेत पर खेत तालाब योजना का शुभारंभ शासन प्श ् ासन ककसानो्के कलए संवदे नशील राज्यमंत्ी रमेश यादव ने ककया.
देवभूमि नैमिषारण्य उपेक्ा का मिकार
उतंकरंट अिसंथी
मे् चच्ाा भी की. वह महज राजनैकतक रोकरयां सेक ् रहे थे. उत्र् प्द् श े के मुखय् मंत्ी सीतापुर. उत्र् प्द् श े मे् अकखलेश यादव से लेकर पूवा् कई ऐसे धाक्मक ा स्थल है.् जो केद् ्ीय राज्यमंत्ी कजकतन प्स ् ाद आधुकनकीकरण और तक ने नैकमष मे् मीकरंगो् का सौ्दय््ीकरण से पूरी तरह मरहूम आयोजन ककया है. अनेक है.् ऐसे मे् प्द् श े सरकार का घोषणाये ्भी की्. लेककन धरातल पय्रा न को बढ़ावा देने का दावा पर कोई पकरणाम देखने को नही् खोखला साकबत होता है. प्द् श े कमला है . घोषणाये् महज वोररो् मे् कई ऐसी जगहे् है,् कजनके को लु भ ाने से ज्यादा कारगर कसद्् कवकास से प्द् श े मे्पय्रा न को नही्हुई है.् बीते दो सालो्से नैकमष बढ़ावा कमल सकता है. कजससे न केवल सरकार के राजस्व मे् वृक्द होगी, महाभारत और उपकनषद आकद को कलखकर क्त्े ् के सांसद भारतीय जनता पार््ी के है.् साथ ही साथ हज़ारो् लोगो् को रोज़गार भी अकखल कवश्् कल्याण के कलये एक महान अयोध्या जैसे कववाकदत जगहो्पर मंकदर बनाने कमल सकेगा. लेककन ऐसे स्थल उपेक्ा का ज््ान सत््आयोकजत ककया था. कजसमे्दुकनया का दम भरने वाली बीजेपी की नजर मे् भी भर के सभी 88 हजार ऋ कष-मुकन, 33 करोि नैकमषारण्य तीथ्ाका जीण््ोद््ार कोई महत्व नही् कशकार बने पिे है.् उनमे् से सीतापुर कजले का नैकमषारण्य देवता, 3.3 करोि तीथ्ाऔर भूमिं ल के सभी रखता है. नैकमषारण्य की कवधानसभा क्त्े ्और तीथ्ा स्थल एक है. नैकमषारण्य तीथ्सा थ ् ल चराचर जीव सस्ममकलत हुये थे. इसके बावजूद लोकसभा क्त्े ्से कनव्ाका चत हुये कवकभन्न दलो् सीतापुर से 35 ककमी, हरदोई से 40 ककमी नैकमषारण्य तीथ्ा सरकार और नेताओ् की के कई नेताओ्ने भी कभी भी इस तीथ्ाभूकम को मुखय् धारा मे्लाने का प्य् ास नही्ककया. और लखनऊ से 100 ककमी पर स्सथत है. यह अनदेखी का कशकार है. यूं तो सीतापुर नैकमषारण्य जैसे धाक्मक ा नैकमषारण्य मे् अनेको् आश्म् संचाकलत है.् पावन धाम उत्र् भारत के लखनऊ मंिल के स् थ ल का कजला है . ले क कन आज तक ककसी भी कजनके पास सैकिो्एकि भूकम भी है. ऐसे मे् अंतग्ता आता है. ऐसी मान्यता है कक इसी राजने त ा का कवकधवत ध् य ान इसकी ओर नही् नै कमषारण्य मे्ध्यान केद् ्ो्का आधारभूत ढांचा पावन भूकम पर महक्षा वेद व्यास ने द््ापर युग मे् गया और कजन ने त ाओ् ने नै क मष धाम के बारे भी कवककसत ककया जा सकता है. चार वेद, 18 पुराण, छह शास्,् गीता,
5 लिमाचि में लिधायकों के बढ़े ठाठ कचरे से बब्ााद होती झील
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22 अप््ैल - 28 अप््ैल 2016
र्पये कर कदया गया है. इसी मद मे् पूवा् कवधायको्के कलए प्क्त कवधायक सवा लाख र्पये ख़च्ाकी व्यवस्था की गयी है. कवधायको् को 90 हजार र्पये का कवधानसभा क्त्े ्भत््ा अलग से कदया जायेगा. पहले यह भत््ा 60 हजार र्पये कदया जाता था. कवधायको्को जहां पकरवहन की बसो्मे्पहले से ही मुफ़्त यात््ा की सुकवधा दी गयी है. वही्यात््ा भत््ेमे्ढाई लाख र्पये के प््ावधान से कवधायक दूसरे राज्यो्की बसो्और रेल या हवाई यात््ाओ्का लाभ ले सकेग् .े कवधायको्को अपने या ककसी दूसरे के वाहन से यात््ा करने के कलए भी प्क्त ककलोमीरर की दर से राकश के भुगतान की व्यवस्था है. इतना ही नही्कवधायको्के रहने के कलए उनकी पेश ् न मे्हर साल एक हजार र्पये के भी अच्छी सुकवधाओ् से भरपूर मकान की संजय ठाकुर कहसाब से वृक्द होगी. इस तरह से पूवा्कवधायक व्यवस्था की गयी है. जो सुकवधाएं हज़ारो्र्पये दिमला. कहमाचल प्द् श े कवधानसभा ने अब 80 हजार र्पये से भी ज़्यादा माकसक ख़च्ाकरके भी नही्कमलती है.् कवधायको्को ् न के हक़दार हो जायेग् .े पूवा्कवधायक की वह सुकवधाएं कसफ़्क15 सौ र्पये मे्कमल जाती (भत््े और पेश ् न) अकधकनयम, 1971 मे् पेश मृ तय् ु हो जाने के बाद पेश ् न उसके पकरवार को है.् यहां तक कक कवधायको् को बहुत कम संशोधन करके प्द् श े के कवधायको्के ठाठ को दी जाये ग ी. पे श ् न कनयम के मुताकबक पेश ् न र्पयो्मे्उम्दा खाना उपलब्ध करवाया जाता बढ़ा कदया है. प्द् श े सरकार जहां क़ज़्ामे्बुरी कवधवा पत् न ी और पत् न ी के न होने पर वाकरस है. तरह से िूबी हुई है. वही्सरकारी ख़ज़ाने का नाबाकलग बच् े ् को दी जाती है . इतना ही नही् प्द् श े सरकार ने कवधायको्के वेतन-भत््ो् मुहं कवधायको्के कलए पूरी तरह से खोल कदया े कवधानसभा (भत््े और पेश ् न) और अन्य सुकवधाओ् मे् तो वृक्द की ही है. गया है. जहां कवधायको्का वेतन 40 से 70 प्द् श फीसद तक बढ़्ा कदया गया है. वही्पेश ् न और अकधकनयम, 1971 की धारा 6बी के अंतग्ता साथ ही इनका आयकर भी सरकार ही चुकाती ् न का हक़दार होने के कलए ककसी भी है. इस तरह से सरकारी ख़ज़ाने पर तकरीबन अन्य सुकवधाओ्मे्भी भारी वृक्द की गयी है. पेश कवधानसभा मे् (भत््े और पेश ् न) व्यस्कत को लगातार पांच साल तक कवधानसभा ढाई करोि र्पये का अकतकरक्त बोझ पिता है. े कवधानसभा (अलॉउंसज े एंि अकधकनयम मे्कवधायको्के कलए पांच हजार का सदस्य रहना अकनवाय्ानही्है. वह कसफ़्क कहमाचल प्द् श ा ाल के दौरान कवधानसभा पेश ् न ऑफ़ मेब् स्)ा एक्र, 1971 मे्कवधायको् र्पये की माकसक पेश ् न का प््ावधान ककया पांच साल के काय्क े मे्कवधायको्के के कहतो्को ध्यान मे्रखते हुए ऐसे कई कनयम गया था. बाद मे् कई बार अकधकनयम मे् का सदस्य होना चाकहए. प्द् श ् न मे्ही वृक्द नही्की गयी है. जोिे गये है.् कजनसे उनको तकरीबन सभी संशोधन कर यह पेश ् न अब तक 22 हजार वेतन और पेश र्पये थी. कजसे बढ़ाकर अब 36 हजार र्पये बस्लक कवधायको् को दी जानी वाली अन्य तरह की सुकवधाएं उपलब्ध करवायी जा सके.् ् न हो या कफर वाहन कर कदया गया है. कवधायक सुकवधा सकमकत की सुकवधाओ्के र्प मे्भी सरकारी ख़ज़ाने पर कफर वह चाहे वेतन हो, पेश बोझ िाला गया है . कवधायको् के सै र -सपारे या आवास सु क वधा की बात हो. इसी एक्र के कसफ़ाकरश के बाद सरकार ने ये फैसला कलया पर कहमाचल प् द ् श े सरकार अब सालाना एक तहत सरकार की आयकर की अदायगी भी है. 36 हजार र्पये माकसक पेश ् न मे् 119 करोि सत् र ् लाख र् प ये ख़च् ा करे ग ी. आती है. इस एक्र के कनयमो् के मुताकबक फीसद दैकनक भत््ा जोिा जाये, तो कुल पेश ्न 78,840 र्पये हो जाती है. इतना ही नही्जो कवधायको्की यात््ा सुकवधा के ख़च्ाको प्क्त कवधायको् का वेतन पर कजतना भी आयकर कवधायक दो बार से ज़्यादा कवधायक रहे है.् कवधायक दो लाख र्पये से बढ़ाकर ढाई लाख बनता है. उसे सरकार चुकाती है.
केजरीवाल को पानी के मुद्े पर घेरेगी भाजपा एम कुमार चंडीगढ. एसवाइएल पर अब ताजा राजनीकत शुर् हो गयी. हकरयाणा के सीएम मनोहर लाल खट््र ने कहा है कक यकद हकरयाणा को कलंक नहर का पानी नही्कमलता है. तो यह तय है कक कदल्ली पर भी इसका असर पिेगा. एसवाइएल नहर मे् कदल्ली के पानी का भी कहस्सा है. अभी कदल्ली को यमुना नदी से पानी कदया जा रहा है. इस पानी मे्भी कदल्ली का कहस्सा है. लेककन क्यो्कक कदल्ली मे्पानी की मांग बढ़ रही है. ऐसे मे्हकरयाणा के सीएम ने यह बयान देकर कदल्ली सीएम केजरीवाल के सामने तकरीबन यह साफ कर कदया कक वे्ज्यादा पानी की उम्मीद हकरयाणा से न करे. खट्र् ने कहा कक हकरयाणा अपने अन्य ि््ोतो्से कदल्ली को पानी की सप्लाई कर रहा है. एसवाईएल से पानी नही् कमलने पर हकरयाणा की जनता को इन ि््ोतो्से पानी की आपूकत् ा करनी पिेगी. कजससेकदल्ली को कमलने वाले पानी मे्करौती करनी पि सकती है.
साफ है कक अब पानी के मुद्ेपर बीजेपी कदल्ली सरकार को घेरने की नयी रणनीकत बना रहे है्. दरअसल कदल्ली के सीएम अरकवंद केजरीवाल ने एसवाईएल न बनाने व हकरयाणा को इस नहर से पानी नही् देने का बयान कदया था. केजरीवाल ने बीते कदनो् पंजाब मे् कहा था कक पंजाब से पानी दूसरे राज्य को नही् जाना चाकहये. हकरयाणा सरकार पहले ही कलंक नहर क मुद्ेपर कवपक्् के कनशाने पर है.् कजस तरह से पंजाब सरकार ने नहर को बंद कर कदया है. इससे सबसे ज्यादा आलोचना मनोहर लाल खट्र् की हो रही है. कवपक््उन्हे्कमजोर सीएम बता रहा है. जार आंदोलन मे्भी खट्र् की भूकमका पर सवाल उठा. ऐसे मे्अब हकरयाणा के सीएम अपनी साफ्र छकव को बदल कर कठोर कदखाना चाह रहा है. इस कोकशश मे् उन्हो्ने कदल्ली के पानी को लेकर बयान कदया है. अब साफ है कक गम््ी मे्बढ़ते पानी की किमांि पर कदल्ली और हकरयाणा के बीच तकरार बढ़ सकती है.
दचंदचदनम (गोवा). यहां के दुगा्ा वेरलैि् मे्अकनयंक्तत तरीके से कचरे को जमा ककया जा रहा है. जो यहां आने वाले सैकिो् प्व् ासी पक््कयो्के आकष्ण ा का केद् ्है. लेककन कचरे के जमा ककये जाने से इस क्त्े ्के जैवकवकवधता पर बुरा असर पि रहा है. यहां की पंचायत भी असहाय है. क्यो्कक यहां के ग््ामीण इस झील मे्अंधाधुधं कचरा जमा करते जा रहे है.् यहां तकरीबन 100 से ज्यादा प्ज ् ाकत के प्व् ासी पक््ी आते है.् साथ ही कई पक््कयो् का ये बसेरा भी है. सुकालदेम के रहने वाली माबेल मेनज े ीस गोवा पक््ी संरक्ण ् नेरवक्क के सदस्य और स्थानीय कनवासी है.् उन्हो्ने ग््ाम पंचायत और वन कवभाग के इस वेरलैि ् मे् जमा हो रहे कचरे से पक््कयो्को होने वाले नुकसान से अवगत कराया है. उन्हो्ने अकधकाकरयो् का ध्यान आकक्षता करते हुए एक पत््कलखा है कक यहां हर साल सैकिो्प्व् ासी पक््ी आते है.् ऐसे मे् यहां के प्द् षू ण से उन्हे् भारी नुकसान होगा. उन्हो्ने कहा कक इस साल के कुछ प्म् ख ु पक््कयो्जैसे बतख, हंस, िार्रा , गग्ाना ी, उत्र् ी कपनरेलस ् , यूरके शयन कूर, यूरके शयन मूरहर, सफेद सारस, इग्र्े , छोरी पूछ ं वाली जलकाग, कवकचत्् ककंगकफशर, नीले रंग की मधुमक्खी और कई अन्य कदखते थे. लेककन इधर इनकी संखय् ा मे्कमी पायी गयी है. उन्हो्ने आगे कहा कक यकद कचरा खासतौर से प्लास्सरक की से बने वस्ओ ्ु ्की िंकपंग मे्करौती नही्की गयी, तो यह झील कजसमे्दुलभा् प्क ् ार के पक््ी आते है.् उनकी जान खतरे मे्पि जायेगी. साथ ही यहां कक
पाकरस्सथकतकी तंत्को भी लंबी अवकध के कलए नुकसान झेलना होगा. ऐसे मे् कुछ दुलभा् प्ज ् ाकतयां कवलुपत् भी हो सकती है.् सरपंच सैर् ोस करबेलो ने कहा कक ग््ाम पंचायत मे्स्थानीय कनवाकसयो्के कचरे और पंचायत के जमा ककये गये कचरे को ध्यान मे् लाया गया है. साथ ही यहां का कनरीक्ण ् करके झील के चारो्ओर फैले तकरीबन 300 मीरर की दूरी से कचरा हरा कदया गया है. हालांकक, उन्हो्ने यह भी कहा कक ज्यादातर स्थानीय युवा वेरलैि ् के ककनारे बैठकर शराब और कबयर पीते है.् उसके बाद वह प्लास्सरक की बोतल और कबयर की बोतले्इसी मे्फेक ् देते है.् उन्हो्ने कहा कक पंचायत मजबूर है और वह
केवल झील के ककनारे कचरा न फेक ् ने की चेतावनी वाला बोि्ाही लगा सकती है. इसी तरह से इस झील को बचाया जा सकता है. जहां हर साल प्व् ासी पक््ी आते है.् कचंकचकनम पंचायत के सूत्ो्ने बताया कक ये झील कवशेष र्प से प्व् ासी पक््कयो् और पारंपकरक पक््कयो्के घो्सले की साइर की तरह है. कजसे बचाने की कजम्मदे ारी पंचायत और यहां के लोगो्को लेनी होगी. ऐसा करना कोई ककठन काम नही्है. बस इतना करना है कक यहां कचरा फेक ् ना बंद ककया जाये. ये कज़म्मदे ारी हर ककसी की होनी चाकहए.
विहार में शराििंदी का पड़ने लगा असर
गिरधारी लाल जोशी
बोतले्शराब की जब्त हुई.् कदलचस्प बात ये है कक पुकलस अपराधी भागलपुर. कबहार मे् पूणा्शराबबंदी के या चोर उचके्से ज्यादा शराकबयो्और अवैध मद्न्े जर महान ककव हकरवंश राय बच्न् की तरीके से बेचने वालो्को पकिने की कफराक कालजयी कृकत मधुशाला का एक अंश कबहार मे् है.् कफलहाल ये मोरी कमाई का आसान ्ै से कबहार मे् पंचायत वाकसयो्के कलए सरीक बैठता है.कहां गया वह जकरया है. 24 अप्ल चु न ाव का पहला दौर है. इस वजह से यहां जोर स्वक्गक ा साकी, कहां गयी सुकरभत हाला,कहां शोर से पच् े ् दाकखल करने का काम चल रहा गया स्वकपनल मकदरालय, कहां गया स्वक्णमा है . मु क खया या कज़ला पाष् द ा का पच्ाा दाकखल मे् प्याला!पीनेवालो् ने मकदरा का मूलय् , हाय, कब पहचाना?फूर चुका जब मधु का प्याला, वैसी भीि नज़र नही् आती. इसका मुखय् कारण इस बार शराब गायब है. हालांकक ये रूर चुकी जब मधुशाला. यह सच भी है. हाल ही बांका कजले के छह पंचायत चुनाव प्त्य् ाकशयो्के कलए सुकनू की प्क्शक््ुकांसर् बे ल को इनाराबरन के नागराज बात है. उमीदवारो् का मोरा खच्ाइससे बच ढाबे मे्शराब पीकर बवाल मचाने को लेकर रहा है. संभाकवत चुनावी कहंसा पर भी लगाम पुकलस ने दबोचा और जेल भेज कदया. सभी को लगेगी. यह तय है. शादी ब्याह का भी मौसम एसपी ने कनलंकबत कर बख्ास ा ग् ी की है. मगर सिक पर भद््ा या नाकगन िांस करते कसफाकरश की है. यह तो एक बानगी है. युवक नज़र नही्आ रहे है.् मुखय् मंत्ी कहते है हालांकक पुकलस और आबकारी महकमा जहां कक शराब बंदी से अपराध मे्भी कमी आयी है. तहां छापेमारी कर गांजा भांग शराब की लेककन इस बात मे् तो उतना दम नज़र नही् बारामदगी मे् लगा है. मुखय् सकचव अंजनी आता. भागलपुर के नये एसएसपी मनोज कुमार कुमार कसंह ने कबहार के सभी कज़लो्के िीएम पद ग् ह् ण करते ही पत्क ् ारो्से बोले कक अवैध और आलआफसरो्के साथ वीकियो कांफक्े संग शराब पर किी नज़र रखी जायेगी. हालांकक मे्इस कसलकसले मे्खास कहदायते दी. 2200 से ज्यादा छापे मारे गये. इस दौरान सैकिो् हम के नेता और पूवा् मुखय् मंत्ी जीतन राम
मांझी तािी बंद करने से खपा है.् इसे वह पासी समाज के बेरोजगारी का सवाल बता रहे है.् मगर मुखय् मंत्ी नीतीश कुमार के सात कनि्य् मे् शराब बंदी एक है. वे तो अब बोलते है्कक पिोसी राज्य झारखंि और उत्र् प्द् श े मे्भी मुकहम छेिी जायेगी. मकहलाओ्का इन राज्यो् मे्जल्द सम्मल े न बुलाया जायेगा. शराब बंदी फेल होने का कवरोधी भले ही गुजरात और अमेकरका की कमसाल दे रहे है.् मगर यह तय है कक कबहार मे्शराब बंदी सफल होगी. वे इस बात को लेकर कवश््ाश से लबरेज है.् कबहार के लोगबाग खासकर मकहलाओ्का जबद्स ा ् समथ्ना है. मुखय् मंत्ी नीतीश कुमार का कहना है कक 15 से 20 हज़ार करोि सालाना लोग शराब पीने मे्खच्ाकरते थे. अब इनका पैसा अच्छे कामो्मे्खच्ाहोगा. तभी बगल के राज्य और पिोसी देश नेपाल से आनेवाले शराब न ला सके इसके कलए स्कनै र और ब्थ्े एनेलाईजर खरीदे गये है.् जाकहर है चेककंग अकभयान जोरशोर से चलने वाला है. बशत््ेपुकलस और आबकारी महकमा ईमानदारी से अपनी ड्र्ू ी कनभाये. लेककन शक इसकलए है कक सभी को पता है इनके मुहं पर खून लगा है.
6 फइम
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22 अप््ैल - 28 अप््ैल 2016
छोटी िड़की का बड़ा कमाि
दी
पा करमकार का नाम बहुत कम ही लोग जानते हो्गे. खेलो्से लंबे सयम से जुिाव रखने वाले भी इस अनजान-सी लिकी की उपलस्बधयो् को लेकर कभी उतासहकत रहे हो्ग.े क््ककेररो्को सर माथे पर कबठाने वाले देश और मीकिया मे् दीपा करमाकर को लेकर न तो बहुत जानकारी थी और न ही कोई उत्साह. यो् भी भारत मे् मे् कजमनास्सरक को लेकर हममे् से बहुत कम लोगो् को जानकारी होगी कक कब कौन से कखलािी ने देश की नुमाइंदगी की. क््ककेर पर चैनलो् पर बिी-बिी बहसे् जब-तब होती रहती है्. यहां तक कक आइपीएल जैसे क्लब क््ककेर को लेकर भी बहुत सारी तूफानी बाते् होती है्. ये मारा और इसे पछािा के तज्ापर बिे-बिे तुर्ाम खां अपना सारा ज््ान बघार देते है्. लेककन दूसरे खेलो् की खबर चलाने की भी वे जहमत नही्उठाते. यह तो अखबार है् जो कफर भी सायना नेहवाल से लेकर पीवी कसंधू और भारतीय हाकी रीम से लेकर मुके्बाज कशवा थापा की खबरे्, खबरो् की प््मुखता के कहसाब से छापते है्. चैनलो् के कलए तो क््ककेर ही इकलौता खेल है और बाकी सब बकवास. सायना नेहवाल के सेमीफाइनल मे् पहुंचने की खबरे् हो् या कफर कशवा थापा के ओलंकपक मे् क्वालीफाई करने की या कफर रेबल रेकनस कखलािी मकनका बत््ा. मौमा दास, अचंत शरत कमल व सौम्यजीत घोष के ओलंकपक मे् क्वालीफाई करने या कफर अजलान शाह कप मे्भारतीय हाकी रीम की पाककस््ान पर जीत की खबर हो, चैनल इनके साथ अछूतो् की तरह पेश आते है्. इसकलए भारत मे् ‘गुमनाम’ खेल
क्वालीफीकेशन नही् होता था. कखलािी कजमनास्सरक मे् क््तपुरा की छोरी सी लिकी दीपा करमाकर ने बिा कारनामा त््िपुरा की रहने वाली दीपा करमाकर सीधे ओलंकपक मे् देश की नुमाइंदगी कर कदखाया तो ज्यादातर चैनलो्के कलए ने सालो्से ओलंतपक मे्कोटे के तलए करते थे। दीपा के पहले वाल्र ने, जो काफी मुस्ककल होता है, दीपा को यह खबर बिी खबर नही्बनी. लेककन सच तो यह है कक दीपा जूझती भारतीय तजम्नास्टटक को नई 15.066 अंक कदलाए जो भाग ले रही्14 ऊज्ाा दी है. क्वातलफाइंग दौर मे् प््कतयोगी कजमनास्रो्मे्सबसे ज्यादा था. करमाकर ने इकतहास रचा। उन्हो्ने वह कमाल कर कदखाया जो इससे पहले ककसी दमदार प््दर्ान कर जैसे ही 22 साल लेककन अनइवन बार मे्खराब प््दश्ान से उनके अंक कगर गए कजसमे् उन्हे् महज ने नही्ककया था. दीपा ओलंकपक के कलए की दीपा ने तरयो डी जेनेतरयो 11.700 अंक कमले जो सभी मे् दूसरा क्वालीफाई करने वाली पहली मकहला कजमनास्र बनी्। दीपा ने करयो कद कजनेकरयो ओलंतपक के तलए जगह बनाई, पूरे सबसे खराब प््दश्ान था. क््तपुरा की इस मे् अंकतम क्वालीफाइंग और परीक््ण देर मे्इस युवा लेतकन अंजान से कजमनास्र ने बीम और फ्लोर एक्सरसाइज मे् क््मश: 13.366 और 12.566 अंक रून्ाामे्र मे् शानदार प््दश्ान कर करयो ओलंकपक का करकर कराया। बाईस साल चेहरे पर पूरे देर की नजर आकर जुरा कर ओलंकपक के कलए क्वालीफाई ककया. की इस युवा कजमनास्र ने कुल 52.698 ठहर गई है. क््तपुरा की रहने वाली दीपा करमाकर अंक बनाए और अगस्् मे् होने वाले ने सालो् से ओलंकपक मे् कोरे के कलए ओलंकपक की कलात्मक (आक्रिस्सरक) भारतीय कजमनास्र भी है्। कजमनास्सरक्स मे् खेलने का हक पाया। अजादी के बाद भारत के ग्यारह पुर्ष जूझती भारतीय कजम्नास्सरक को नई ऊज्ाा दी पहली भारतीय मकहला के अलावा वे 52 1कजमनास्र ने ओलंकपक मे्कहस्सा कलया था. है. क्वाकलफाइंग दौर मे् दमदार प््दश्ान कर साल के लंबे अंतराल बाद खेलो्के महासमर कजसमे् से दो ने 1952, तीन ने 1956 और जैसे ही 22 साल की दीपा ने करयो िी के कलए क्वालीफाइंग करने वाली पहली छह ने 1964 मे् भाग कलया था. तब जेनेकरयो ओलंकपक के कलए जगह बनाई, पूरे देश मे् इस युवा लेककन अंजान से चेहरे पर पूरे देश की नजर आकर ठहर गई है. कल तक कजसकी देश मे्कोई चच्ाा तक नही्कर रहा था, वही दीपा आज सुक्खायो् मे् है्. हालांकक यह जानना भी कम कदलचस्प नही् तीन प््ो वग््ो् मे् प््कतभागी कहस्सा ले सके्गे. इंकिकाक्रि्ग नेशनल सीरीज के कवजेताओ् होगा कक इस कजमनास्र ने अपनी लगन और सात से 12 वष्ा के रेसर प््ो कैिेर, 12 से को सीधे जेके रायर नेशनल रोरेक्स मैक्स इच्छाशस्कत की बदौलत ही इस खेल मे् 16 वष्ाके रेसर प््ो जूकनयर और 16 वष्ासे काक्रि्ग चै्कपयनकशप मे् प््वेश कमलेगा जो अपनी पैठ बनाई वन्ाा दीपा को तो देश की एकमात्् राष््ीय स््र की मान्यता कजमनास्सरक मे् कहस्सा लेने के काकबल ही प््ाप्त काक्रि्ग चै्कपयनकशप है. इसके अलावा नही्समझा गया था. उन्हे्कजमनास्सरक खेलो् सीकनयर वग्ाके कवजेता कखलाकियो्को जेके के कलए उपयुक्त नही्माना गया था. इसकी रायर नेशनल रेकसंग चै्कपयनकशप मे् शीष्ा वजह उनके पांव की बनावर थी. तब कहा रीमो्के साथ रेस का मौका भी कदया जाएगा. गया था कक उनके पांव फ्लैर है् और एक नारायण काक्ताकेयन, कर्ण चंिोक, बेहतर कजमनास्र बनने की राह मे् यह बिा अरमान इब््ाकहम, आकदत्य परेल और अज्नाु रोिा होता है. उनके पांव को देख कर उनके मैनी जैसे अंतरराष््ीय रेसर जेके रायर के कजम्नास्सरक कोच ने उन्हे् ककसी और खेल काक्रि्ग काय्ाक्मो् का कहस्सा रह चुके है्। को अपनाने की सलाह दी थी. लेककन दीपा उनके अलावा राष््ीय स््र के कखलािी के कपता दुलाल करमाकर इस बात पर अि कवष्णु प््साद, शरण कवक््म और अमया गए कक वे अपनी बेरी को कजम्नास्र ही वलवलकर भी काक्रि्ग काय्ाक्मो्मे्कहस्सा बनाएंगे. ले चुके है।् संजय शम्ाा ने इस बारे मे्बताया दीपा का जन्म अगरतला मे् हुआ था. कक कंपनी इस तरह की नई चै्कपयनकशप उनके कपता खुद भी साई मे् वेर कलस्फरंग के शुर् करने को लेकर गौरवास्नवत महसूस कोच थे, इसकलए उन्हो्ने बेरी को भी अकधक उम्् के रेसर प््ो सीकनयर वग्ा मे् कर रही है. उन्हो्ने कहा कक इससे काक्रि्ग कखलािी बनाने का ही सपना देखा था. दीपा कहस्सा ले्गे. तीन प््ो वग््ो्के अलावा सपोर्ा स्पोर्स्ाक््ेत्मे्कवकास होगा और इससे देश जब छह साल की थी्तब ही उनके कपता उन्हे् रेस की सात अलग अलग क्लास हो्गी को नया रेकसंग स्रार कमल सकता है. कजम्नास्सरक कसखाने के कलए एक कोच के कजसमे् सीकनयर एमेच्योर, इंररस्कूल, आरआर मोररस्पोर्स्ा प््बंधन के कनदेशक पास ले गए. वे चाहते थे कक बेरी कजम्नास्र कारपोरेर, मास्रस्ा(32 से अकधक उम्)् व रेमंि बनज््ी ने भी इंकिकाक्रि्ग सीरीज के बने, लेककन कोच ने दीपा के पांव देखकर मकहला और मीकिया शाकमल है्। जेके रायर शुर्होने पर खुशी जताई है. उसे दूसरे खेलो् मे् जाने की सलाह दए.
राष््ीय कार्टि्ग सीरीज पुणे से होगी शुर् फइम
दे
श के पांच अलग-अलग शहरो् मे् राष््ीय काक्रि्ग सीरीज अप््ैल से जून महीने तक चलेगए. इसका आयोजन आरआर मोरर स्पोर्स्ा प््बंधन करेगा। इसके अलावा रारा मोरस्ाकंपनी भी इसमे् सहयोग करेगी कजसका मकसद जमीनी स््र पर देश मे् मोरर स्पोर्स्ा के क््ेत् मे् कवकास करना है. देश मे् रेकसंग के ध्वज वाहक जेके रायर के मोरर स्पोर्स्ा प््मुख संजय शम्ाा ने यह जानकारी देते हुए कहा कक सीरीज का पहला दौर 23 और 24 अप्ल ्ै को पुणे मे,् दूसरा दौर 30 अप्ल ्ै और एक मई को गोवा मे् और तीसरा दौर 14 और 15 मई को विोदरा मे्आयोकजत होगा. चौथा दौर पंजाब के लुकधयाना शहर मे्28 और 29 मई को जबकक पांचवा और अंकतम राउंि राजधानी कदल्ली मे्11 और 12 जून को होगा. संजय शम्ाा के मुताकबक इस सीरीज मे् कसंगल मेक चार स्ट्ोक कार्स्ा को उतारा जाएगा कजससे यह दुकनया की सबसे ककफायती काक्रगि् चैक्पयनकशप होगए. इसमे्
असल मे् कजम्नास्सरक मे् जकस फुत्ी की जर्रत ह७ोती है वहां फ्लैर पांव को अच्छा नही्माना जाता है. माना जाता है कक इसकी वजह से समरसाल्र के बाद लै्किंग मे् कदक््त आती है. कोच की बात सुनकर दीपा काफी परेशान हुर्इं और एक तरह से उन्हो्ने मान कलया था कक वे इस खेल के कलए कफर नही्है.् लेककन उसके कपता ने हार नही्मानी. उनकी कजद थी कक वे दीपा को कजमनास्र ही बनाएंगे. कपता की कजद ने दीपा को प््ेकरत ककया और उसके बाद उसने भी ठाना कक वह कपता के सपनो् को जर्र पूरा करेगी. और कफर दीपा ने कपता की इच्छा पूरी करने के कलए छोरी उम््से ही किी मेहनत शुर्कर दए. उनकी मेहनत रंग लाई और जल्द ही उन्हो्ने कामयाकबयां कमलने लगए. दीपा सबसे पहले चच्ाा मे् तब आर्इं जब उन्हो्ने ग्लासगो मे् हुए राष््मंिल खेलो् मे् कांस्य पदक जीता. भारत मे् कजमनास्सरक को लेकर बहुत ज्यादा उत्साह न तो लोगो् मे् कभी रहा और न ही सरकार ने इस पर कभी तवज््ो दी थी. कजमनास्सरक भारत मे्एक तरह से हाकशए का खेल था जो महज खानापुरी के कलए खेला जाता रहा था. ऐसे मे् दीपा का राष््मंिल खेलो् मे् पदक जीतना बिी उपलस्बध मानी गई. इसके बाद दीपा ने कपछले साल नवंबर मे् हुई कवश्् चै्कपयनकशप मे् भी शानदार प््दश्ान ककया. हालांकक उन्हे् कोई पदक तो नही् कमला लेककन फाइनल मे् पहुंचकर उन्हो्ने सबका ध्यान अपनी ओर खी्चा था. दीपा कजम्नास्र के कजस इवे्र प््ोिुनोवा मे् कहस्सा लेती् है् उसे काफी मुस्ककल माना जाता है. दीपा की उपस्बध इसकलए भी बिी हो जाती है कक कजम्नास्सरक जैसी ककठन स्पध्ाा मे् भारतीय पुर्ष भी कवदेशी कखलाकियो् का मुकाबला नही्कर पाते। इसका अंदाजा इसी से लग जाता है कक 60 के दशक के बाद भारत का कोई भी कखलािी ओलंकपक मे् कहस्सा नही्ले पाया है. दीपा ने राष््ीय और अंतरराष््ीय स््र पर कई उपलस्बधयां हाकसल की्है्. लेककन यह बिी उपलस्बध है. दीपा की इस उपलस्बध पर कजमनास्र समुदाय तो गदगद है ही. खेलो्से जुिी दूसरी हक््सयां कजनमे् क््ककेरर भी शाकमल है्, ने दीपा को बधाई दी है. ओलंकपक के कलए कलात्मक कजमनास्सरक मे् क्वालीफाई करने के कुछ घंरे के अंदर भारतीय खेल प््ाकधकरण (साई) ने भी उन्हे् रारगेर ओलंकपक पोकियम (रीओपी) योजना मे् शाकमल कर कदया। इस योजना के तहत दीपा को 30 लाख र्पए की अकतकरक्त सहायता और चार कवशेष ट््ेकनंग कमले्गी. कदलचस्प बात यह भी है कक करयो ओलंकपक खेलो् मे् क्वालीफाई करने के फौरन बाद दीपा वाल्रस ् फाइनल मे् स्वण्ा पदक जीता. दीपा अपने सव्ाश्ेष् प््दश्ान के साथ मकहला वाल्र्स फाइनल मे् शीष्ापर रही और इस वैक्शक प््कतयोकगता मे् स्वण्ा पदक जीता जो भारतीय कजम्नास्र के कलए बिी उपलस्बध है. दीपा ने पहले प््यास मे् ही 14.833 अंक जुराए. उन्हो्ने अपने दूसरे और अंकतम प््यास मे् 14.566 अंक जुराए. वाल्र्स मे् दीपा के इस स्वण्ा पदक का हालांकक उनके ओलंकपक क्वालीकफकेशन से कोई लेना देना नही्है.
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पय्ाावरण
22 अप््ैल - 28 अप््ैल 2016
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फ्लोरोतसस से उिर कर आगे िढ्ा मंडला
पूजा गसंह
म
ध्य प््देश का मंिला कजला वष््ो् तक एक रहस्यमय बीमारी का कशकार रहा. स्थानीय मीकिया की अनकभज््ता और सरकारी जागर्कता की कमी के चलते एक कचककत्सकीय परेशानी या बीमारी को देवीदेवता, अंधकवश््ास और ऊपरी प््कोप से जोि्कर देखा जाता रहा. दरअसल हुआ यह कक 80 के दशक और उसके बाद अचानक मंिला कजले के कुछ खास इलाको् मे् लोगो् के हाथ पैर अचानक रेढ़्े होने लगे, उनकी गरदन नीचे को झुक कर सख्त हो गयी और लगभग गांव के गांव दांतो् के पीलेपन की बीमारी से पीकि्त हो गये. लगातार आ रही ऐसी खबरो् को देखते हुए सन 1995 मे् मंिला के कजलाकधकारी और मुख्य कचककत्सा अकधकारी ने शासन से यह मांग की कक मंिला कजले के दो गांवो् हीरापुर और कतलईपानी मे्युवाओ्और बच््ो् को अपनी चपेर मे् ले रही इस रहस्यमय बीमारी का पता लगाया जाये. इस बीमारी मे् बच््ो् के शरीर का कनचला कहस्सा खासकर घुरनो्के नीचे का कहस्सा न केवल कवकृत हो रहा था बस्लक वे दद्ासे भी बेहद परेशान रहा करते थे. कजलाकधकारी के उक्त अनुरोध के बाद सरकार ने व्यवस्सथत ढंग से जांच का काम शुर्ककया, इस क्त्े ्मे्फ्लोरोकसस को लेकर लगातार 10 साल तक काम चला. सरकार के तमाम प््यासो्के बाद हालात कुछ बदले है्लेककन पूरी तरह नही्. हमने इन गांवो्का जमीनी दौरा करने का कनि््य ककया तो हमे् कुछ चौ्का देने वाली बाते्पता चली्. सरकार ने मामले की जांच के कलए कजस रीम का गठन ककया था उसके प््मुख थे वैज्ाकनक और नेशनल इंसर् ीट्र्ू फॉर करसच्ा इन ट््ाइबल हेल्थ कवभाग के मौजूदा उप कनदेशक िॉ. तापस चकमा. जांच का काम मंिला कजले के कतलईपानी और हीरापुर गांवो् से इसकलए शुर् ककया गया. इन दोनो् गांवो् के पानी मे् फ्लोराइि का स्र् 10 पीपीएम से भी अकधक था. िॉ. चकमा और उनके साकथयो् ने कतलईपानी को अपने अध्ययन का के्द् बनाया. गांव मे् 20 वष्ा से कम उम्् के युवाओ्के सव््ेक्ण से पता चला कक तकरीब 51 फीसदी से अकधक युवा स्केलेरल लोरोकसस यानी अस्सथ कवकृकतयो्से पीकि्त थे जबकक 74 प््कतशत से अकधक युवा दंत फ्लोरोकसस के कशकार थे. िॉॅ चकमा बताते है् कक अध्ययन की शुर्आत के वक्त तक उनको भी यह पता नही् था कक यह मामला फ्लोरोकसस का है. लेककन बहुत बि्ी संख्या मे् बच््ो् के दांतो् की स्सथकत ने इस बात की पुक्ि कर दी कक यह बीमारी फ्लोराइि की अकधकता से ताल्लुक रखती है. िॉ चकमा कहते है्शुर्आत मे्जब उन्हो्ने इस बीमारी के फ्लोरोकसस होने की आशंका जतायी तो बि्े अकधकाकरयो् ने उसे खाकरज कर कदया. लेककन वह नही्माने और आकखरकार अपने स््र पर उन्हो्ने इसकी जांच प््योगशाला मे् करायी तब सच सामने आया.
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सभी बच््ो् मे् फ्लोरोकसस का बोरवेल बना वजह उस वक्त तक यह माना 80 के दरक और उसके बाद अचानक मंडला तजले प््भाव नजर आने लगा था. जाता था कक गहरे खोदे गये के कुछ खास इलाको्मे्लोगो्के हाथ पैर अचानक अध्ययन के पूव्ा और उसके ्ात अध्ययन ने बताया कक बोरवेल से कनकला पानी प््ाय: टेढ्ेहोने लगे, उनकी गरदन नीचे को झुक कर सख्त स्पि् केलेरल फ्लोरोकसस के कवकभन्न प््कार के दोषो् से मुक्त होता है लेककन ऐसे हो गयी और लगभग गांव के गांव दांतो्के पीलेपन मामले 58 प््कतशत से घरकर बोरवेल के पानी की की बीमारी से पीति्त हो गये. लगातार आ रही ऐसी 18.6 प्क्तशत रह गये थे. वही् घुरनो् तथा शरीर के कनचले रासायकनक संरचना की जांच खबरो् को दे ख ते हु ए सन 1995 मे ् मं ड ला के कहस् से मे् हक््िïयो् का कवशेष नही् की जाती थी. कतलईपानी मे्लोगो्की समस्या को देखने तजलातिकारी और मुख्य तचतकत्सा अतिकारी ने रेढ़्ापन काफी हद तक गायब के बाद रीम ने पानी के ि््ोत रासन से यह मांग की तक मंडला तजले के दो गांवो् हो चुका था. िॉ. चकमा कहते है्कक स्कल े रे ल फ्लोरोकसस के की जांच करने का कनि््य ककया. कजले के लोक स्वास्थ्य हीरापुर और ततलईपानी मे्युवाओ्और बच््ो्को कम ही मामलो् मे् हालात अकभयांक्तकी कवभाग के अपनी चपेट मे्ले रही इस रहट्यमय बीमारी का पता बदलते देखा जा सकता है. इस कलहाज से कतलईपानी मे् आंकि्ो्मे्पाया गया कक गांव लगाया जाये. ककया गया अध्ययन सफल मे्मौजूद बोरवेल 37 मीरर से और कारगर रहा. 43 मीरर तक गहरे थे. जब कैिे मनकला हल? रीम इस बात को लेकर आश््स्हो गयी कक समस्या को भलीभांकत पहचाना जा चुका था यानी अब सरकार के पास एक लाइन थी रीम ने सबसे पहले तो लोगो्को स्वच्छ इस समस्या के कलये पानी मे् फ्लोराइि की कजस पर चलकर इलाज ककया जा सकता था. पे य जल उपलब् ध कराने की अनुशंसा की. अकधकता कजम्मेदार है तो उसने पानी को सरकार ने अपने स् र ् पर प् य ् ास शु र ् ककए. उसके बाद पय् ा प ा ्त कचककत्सकीय जांच करके जांच के कलए हैदराबाद स्सथत प््योगशाला मे् स् थ ानीय स् ् र पर पीकि् त ो् को कचस् न नत कर प् ् भ ाकवतो् को समु कचत मात््ा मे् कैस्लशयम, भेजा. परीक््ण से पता चला कक सभी पांच उनका इलाज शु र ् ककया गया. कवराकमन सी, कवराकमन िी3, आयरन आकद नमूनो्मे्फ्लोराइि की मात््ा 9.22 पीपीएम ठीक होने लगा स्केलेटल कदया गया. उनके खानपान की आदतो्मे्भी से 9.8 पीपीएम के बीच थी. जबकक इसे एक फ्लोरोमिि! समुकचत बदलाव ककया गया ताकक वे पीपीएम से कम होना चाकहये था. िॉ. चकमा और उनकी रीम ने सन प््ाकृकतक र्प से ऐसी चीजो् का सेवन करे् इस बीच जुलाई 1998 मे्द गाक्जायन मे् छपी एक करपोर्ाने मंिला मे्फ्लोरोकसस की 1995 से 2003 तक चले अपने अध्ययन मे् जो फ्लोराइि के प््भाव को कम करने वाली समस्या को कवश््परल पर ला खि्ा ककया. 32 घरो्के 72 बच््ो्को शाकमल ककया. इन हो्. स्थानीय लोगो्को अपने खानपान मे्ऐसे खकनज शाकमल करने के द गाक्जायन के पय्ाावरण कलए प््ोत्साकहत ककया गया पत््कार फे्ि कपयस्ा मंिला जो फ्लोराइि को काफी हद पहुंचे और वहां की दद्ानाक तक कनष्प्भावी करने मे् तस्वीर उन्हो्ने दुकनया के सक् म ् है्. सामने रखी. सन 1998 आते मं ि ला मे् फ्लोराइि आते सरकारी अमला पूरी कनवारण के कसलकसले मे् तरह सचेत हो गया था. काम कर रहे एक स्वयंसेवी मंिला कजले के 300 गांवो्मे् संगठन नवीन भारती के 500 से अकधक है्िपंप को काय्ाकत्ाा चंद्हास परेल बंद कर कदया गया क्यो्कक बताते है् कक स्थानीय लोगो् इनसे लोराइि युक्त पानी आ को वैज्ाकनक भाषा मे् रहा था. वष्ा 2003 िॉ. समझाना मुस्ककल है. चकमा और उनकी रीम का इसीकलए गांववाकसयो् को अध्ययन समाप्त हुआ. इस दूध, आंवला, मुनगा, गुि्, अध्ययन की उपलस्बध यह
दकलया, सोयाबीन और हरी सस्बजयो् का अकधक से अकधक सेवन करने की सलाह दी जा रही है ताकक उनके शरीर मे् कैस्लशयम, प््ोरीन, मैगनीकशयम, कवराकमन सी आकद पदाथ्ा पय्ााप्त मात््ा मे् मौजूद रहे्. इसके अलावा िॉ. चकमा के कवशेष शोध के बाद चकौि् भाजी का भारी प््योग भी स्थानीय बच््ो्मे्फ्लोरोकसस का प््भाव कम करने मे् मददगार साकबत हुआ. मंिला के कजला अस्पताल मे् दन्त कचककत्सक िॉ. अशोक शम्ाा का कहना है कक िेर् ल फ्लोरोकसस के मामले आते ही रहते है्. महीने मे् करीब 25-30 मामले आ ही जाते है्लेककन ये केस पुराने ही ज्यादा है्नये मामले कम आ रहे है्. कतलईपानी का तीन वष््ीय पुष्पराज यादव एक संकदग्ध बीमारी से ग्स ् ्है कजसके स्कल े रे ल फ्लोरोकसस होने की प््बल आशंका है. ककसी भी तरह से उठने बैठने मे् अक््म पुष्पराज के कपता रीकाराम यादव ने बताया कक वह बच््ेकी जांच कराने मे्सक््म नही्है जबकक स््र पर गांव मे्कोई कै्प आकद नही्लगाया जाता. िॉ. तापस चकमा ने कहा, 'इन दोनो् गांवो् के पानी मे् फ्लोराइि का स््र 1.5 पीपीएम से कम है यानी वह मान्य स््र के भीतर है. परंतु यकद आप कह रही है् कक आपने कुछ बच््ो् को िे्रल फ्लोरोकसस के लक््णो् के साथ देखा है तो इसकी पुक्िï करनी होगी. कई बार गंदे दांत भी फ्लोरोकसस के आरंकभक लक््णो् जैसे प््तीत होते है्. यह भी हो सकता है कक ये बच््े काली चाय, गुरका, सुपारी आकद के सेवन के चलते फ्लोरोकसस की चपेर मे्आ गये हो्. हालांकक स्पि्् तौर पर कुछ भी कबना जांच के नही् कहा जा सकता.' हमने स्थानीय पीएचई कवभाग कवभाग से कतलईपानी व हीरापुर के पानी मे्फ्लोराइि के स््र के आंकि्े जुराये जो तय सीमा के भीतर पाये गये. सरकारी आंकि्ो् के मुताकबक कतलईपानी मे् फ्लोराइि का स््र 0.12 पीपीएम है जबकक हीरापुर मे् यह आंकि्ा 0.22 पीपीएम है. (साभार: इंदडया वाटर पोट्ाल)
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असली मैदान लखनऊ
शंभूनाथ शुकंल
कब
हार गुजर गया और वेस्र बंगाल, असम, तकमलनािु, केरल व पांकिचेरी भी बस गुजरने को ही है्. पंजाब भी बस आ ही गया मगर असल युद् होगा यूपी मे् और मैदान बनेगा लखनऊ. यही्पर दूध का दूध और पानी का पानी होगा यहां पर क््ेत्ीय दल अपनी बाजी कबछाये है् और भाजपा उनके मकिज़्ाल मे् है. पर घबराकर भाजपा ने अपने पत््ेखोल कदए है्और अपनी चालो्से जाकहर कर कदया है कक वह बसपा की राह पर है. यानी वह दकलत को आगे कर लि्ाई लिग़्ी कजसमे्ब््ान्मण हाथी को ढोएगा और यही कारण है कक अभी 14 अप््ैल को भाजपा ने बाबा साहेब को इस तरह याद ककया कक लगा मानो् आरएसएस और उसकी राजनीकतक जमात के नेताओ् का जीवन ही बाबा साहेब के सपनो्को पूरा करने के कलए
गंिरदौस खंान
सू
रवचार
22 अप््ैल - 28 अप््ैल 2016
समक्पात है. मगर जब सवाल उठता है कक भाजपा और संघ ने दकलतो् के कलए ककया क्या तो कसवाय कसफर के कुछ हाथ नही् लगता. इसमे् कोई शक नही् कक दकलतो् के अंदर आत्म सम्मान और आत्म कवश््ास मायावती के राज के चलते कमला पर इसमे् भी कोई दो राय नही् कक दकलतो् को ऊपर लाने के काम मे्कांग्ेस ही सबसे पहले खि्ी हुई थी. आज भले ही यूपी मे् कांग्ेस अतीत की बात हो गयी हो पर क्या भूला जा सकता है कक वह कांग्ेस ही थी कजसने दकलतो् को ग््ाम समाज की जमीने् देकर उन्हे् भूकमधर होने का अहसास कदलाया था. इसकलए चाहे कजतना कहा जाए दकलत आज भी मायावती के बाद ककसी को याद करते है्वह कांगस ्े है. अब जब कक भाजपा ने पार््ी की कमान सूबे मे्केशव प््साद मौय्ाको दे रखी है और बसपा ने पहले से ही स्वामी प््साद मौय्ा को आगे ककया हुआ है तथा सपा ने अबकी प््भार कशवपाल कसंह यादव को सौ्पा है तो सबको इंतजार है कक कांग्ेस दांव ककसी सवण्ा पर आजमाएगी मगर मेरा ही नही् बस्लक कई राजनीकतक पंकितो् का मानना है कक यह
कांग्ेस की बि्ी भूल होगी. कांग्ेस के पास यह एक मौका है जब वह अपने चातुय्ाऔर रणनीकतक कौशल से बता सकती है कक वह पुरानी भले पि् गई हो ककन धार उसी के पास है. इसकलए वह एक ऐसा पासा फेके कजससे सब कचत हो जाएं तो उसके पास अकेला कवकल्प राज बब्बर का बचता है.
बतकिी राज बब्बर मूल र्प से करफ्यूजी पंजाबी है् और वह भी कोई खत््ी या अरोि्ा नही्बस्लक एक जार है्और पारंपकरक र्प से वे कसख है् तथा नाकदरा उनकी पत्नी रह चुकी है्इसकलए अल्पसंख्यको् के बीच भी वे समान र्प से लोकक््पय हो्गे. साथ ही वे यूपी के जातीय खांचे मे्सबको पसंद आएंगे क्यो्कक न तो वे यादव है्न कुम्ी न लोध न गूजर न बांभन न ठाकुर न कायस्थ और न ही बकनया. अपने कसनेमाई ककरदारो्मे्वे कसख का रोल भी कर चुके है्और मुसलमान का भी तथा बंरी और बबली मे् वे एक रेलवे रीरी बने थे जो कक जाकत से क््तवेदी ब््ान्मण है और एक परंपरागत ब््ान्मण पकरवार से है.् जनेऊ पहन कर गायत््ी मंत् बुदबुदाते हुए उन्हो्ने इस ककरदार को इस तरह कजया था कक सामान्य ग््ामीण पकरवेश से आए ब््ान्मण को प््तीत होता था कक हो न हो यह राज बब्बर ब््ान्मण ही है. एक ऐसे ककरदार को अकभनीत करने वाले राज बब्बर के ऊपर कोई आरोप नही् है. वे एक संजीदा कलाकार है्और संसद मे् भी वे एक संजीदा सांसद के र्प मे् ही देखे
और आंखो् का पानी भी सूख गया
खा कसफ़्क ज़मीन पर ही नही् पिता, संस्कारो् पर भी पिता है. एक सूखा ज़मीन का होता है, कजससे नदी, नालो्, तालतलैया और कुओ ं ्का पानी सूख जाया करता है और दूसरा सूखा संस्कारो् का होता है, कजससे आंख का पानी ही मर जाता है. पहला सूखा ककसी ख़ास इलाक़े को प्भ् ाकवत करता है, जबकक दूसरा सूखा पूरी मानव जाकत के कलए घातक है. महाराष््मे्दोनो्ही तरह के सूखे से जनता बेहाल है. महाराष््के मराठवािा इलाक़े का लातूर कज़ला पानी की बूदं -बूदं के कलए तरस रहा है. कपछले कई साल से यहां बाकरश बहुत कम हुई है. बाकरश का सालाना औसत 50 फ़ीसद से भी कम रहा है. इलाक़े सूखे से ग्स ् ्है. खेत सूख चुके है.् पेिो्पर पतझि छाया है. नकदयां सूख चुकी है.् इलाक़े को कजस मंजारा बांध से पानी कमलता था, वह भी कपछले फ़रवरी माह से ही सूखा पिा है. हालात इतने ख़राब है कक रै्करो् और रेलगािी के ज़करये यहां पानी पहुच ं ाया जा रहा है. मंत्ी सूखे का जायज़ा लेने के कलए इलाक़े का दौरा कर रहे है.् लेककन अफ़सोस की बात यह है कक वे हालात की गंभीरता को समझने की बजाय इस तरह का बत्ावा कर रहे है,् मानो वे कपककनक मनाने आए हो्. हाल मे्महाराष्् की ग््ामीण कवकास और जल संरक््ण मंत्ी पंकजा मुिं े लातूर के केसाई गांव मे्पहुच ं ी्, तो इतनी ख़ुश कदखी् कक लोग हैरान रह गए. पंकजा मुंिे ने सूखा ग््स् इलाक़े मे् ख़ूब सेलफ़ ् ी ली्और इन्हे्अपने स्रवरर अकाउंर पर भी शेयर ककया. गांव मे् मंजरा नदी मे् पानी कम होने पर गाद कनकालने का काम ककया जा रहा है. पंकजा यहां चल रहे कामकाज के साथ सेलफ़ ् ी लेने लगी्. बताया जा रहा है कक सेलफ़ ् ी लेने के बाद ही वह अफ़सरो्और अन्य
लोगो् से मुस्कुराते हुए कमली्. वह गम््ी से इतनी बेहाल थी् कक उन्हो्ने मेकअप ख़राब होने की कशकायत करते हुए नाराज़गी भी जाकहर कर दी. दूरदश्ना का कैमरा भी सूखा ग्स ् ्इलाक़े की बजाय पंकजा मुिं े पर ही पूरी तरह फ़ोकस ककए हुए था. इससे पहले राज्य के कृकष मंत्ी एकनाथ खि्से बेलकुिं मे्जल आपूकत् ा संयतं ्का उदघारन करने के कलए गए, तो उनके हेकलकॉप्रर को लैि् करवाने के कलए हेकलपैि बनाया गया, कजस पर 10 हज़ार लीरर पानी बहा कदया गया. ग़ौरतलब है कक
से कई बि्ेनेता हुए है,् जो राज्य मे्बि्ेऔर प््भावशाली पदो् पर रहे है्. इसके बावजूद उन्हो्ने इलाक़े के कलए कुछ ख़ास नही्ककया. मराठवािा इस वक़्त बहुत बुरे दौर से गुज़र रहा है. कपछले कई साल से यहां के गांव सूखे की मार झेल रहे है.् पानी को तरसते खेत बंजर नज़र आ रहे है.् अकधकाकरक जानकारी के मुताकबक़ मराठवािा के बांधो्मे्महज़ तीन फ़ीसद पानी बचा है, जो अब तक का सबसे कम जल स््र है. कपछले साल बांधो् मे् 11 फ़ीसद पानी ही बचा था. इलाक़े मे् हज़ारो्
बेलकुंि तक सि्क माग्ा से भी आसानी से पहुच ं ा जा सकता था, लेककन मंत्ी महोदय ने हेकलकॉप्रर से उिान भरी. कजस देश के लोग बूंद-बूंद पानी के कलए तरस रहे है्, वहां के मंक्तयो्को अपनी सुख-सुकवधाओ्पर जनता के ख़ून-पसीने की गाढ़ी कमाई को लुराते हुए ज़रा भी शम्ामहसूस नही्होती. कहते है्कक िायन भी एक घर छोि देती है, लेककन ये जनप्क्तकनकध कजस इलाक़े से चुन कर जाते है,् उसी इलाक़े के लोगो् की भावनाओ् के साथ कखलवाि करते है.् शायद ये भूल जाते है्कक जो जनता इन्हे्सत््ा की कुस्ी तक पहुच ं ाती है, वही इन्हे्धूल भी चरा सकती है. मराठवाि्ा
रैक ् रो् और रेल के ज़करये पानी पहुच ं ाया जा रहा है. सांगली कज़ले के कमराज से पानी भरकर रेल चलाई गई है, जो लाखो्लीरर पानी पहुच ं ा रही है. पानी के कलए मारामारी का आलम है. लातूर वही इलाक़ा है, जहां पानी को लेकर ख़ूनी संघष्ाभी हुआ था, कजसके बाद प्श ् ासन को जल ि््ोतो्के आसपास धारा-144 लगानी पिी. यहां पानी के ि््ोतो् के आसपास अब पांच से ज़्यादा लोगो् के इकठ््ा होने पर कनषेधाज््ा है. लातूर मे् जल आपूक्ता की बहुत बुरी हालत है. पहले महीने मे्एक बार नल मे्पानी आ जाता था, लेककन अब वह भी बंद है.
कॉप््ोरेशन रैक ् र के ज़्करये दस कदन के कलए हर पकरवार को 200 लीरर पानी कदया जाता है. हालांकक दोबारा रै्कर दस कदन बाद आएगा, इसकी भी कोई उम्मीद नही्है. कभी रैक ् र 15 कदन बाद ही आता है. पकरवार बिा है या छोरा, इससे प्श ् ासन को कोई मतलब नही्है. इतनी भीषण गम््ी के मौसम मे्200 लीतर पानी भला ककतने कदन तक चल पाता है. मजबूरन लोगो्को पानी ख़रीदना पिता है. सूखा का फ़ायदा उठाकर रैक ् र माकफया चांदी कूर रहे है.् पहले पांच हज़्ार लीरर पानी तीन सौ से चार सौ र्पये मे्कमल जाता था, लेककन अब इतने ही पानी के कलए एक से िेढ़ हज़्ार र्पये तक चुकाने पि रहे है.् ज़्यादा क़ीमत चुकाने पर भी कई बार साफ़ पानी नही्कमल पाता. जो लोग महंगा पानी नही्ख़रीद सकते, वे पलायन करने के कलए मजबूर है.् आकख़र इंसान कबना पानी के ककतने कदन कज़न्दा रह सकता है. लातूर मे्पानी भेजने को लेकर कसयासत तेज़ हो चुकी है. कदल्ली के मुखय् मंत्ी अरकवन्द केजरीवाल ने लातूर को प््कतकदन 10 लाख लीरर पानी भेजने का प्स ् ्ाव रखा था, लेककन महाराष््सरकार ने उसे यह कहकर ख़ाकरज कर कदया कक लातूर की आवक्यकताओ् की पूकत् ा के कलए महाराष््के पास पय्ापा त् व्यवस्था है. कांगस ्े और भाजपा नेताओ्ने केजरीवाल से कहा कक पहले कदल्ली के लोगो् को पानी मुहयै ा कराएं. क़ाकबले-ग़ौर है कक कदल्ली मे्भी पानी की कक़ल्लत है. कई इलाक़े ऐसे है,् जहां लोगो्को पय्ापा त् पानी नही्कमल पाता. लातूर मे्पानी के रैक ् र और रेल बाद मे्पहुच ं ती है, उससे पहले ही इसका श्य्े लेने की होि लग जाती है. भाजपा काय्ाकत्ाा वैगन पर अपने नेताओ्के पोस्रर कचपका रहे है.् बहरहाल, मराठवािा के लोगो् के गले तर हो्या न हो्, इतना तह है कक नेता अपनी कसयासत ज़र्र चमका लेग् .े
गए. वे राहुल को भी क््पय है्और सोकनया को भी. तथा आगरा-कफरोजाबाद की जनता को भी वे अपने प्यारे सांसद आज भी लगते है्. हालांकक अब वे संसद मे् नही् है् पर उन्हो्ने इस इलाके के कलए इतना काम ककया है कक ककसी को प््तीत नही् होता कक राज बब्बर अब उनके सांसद नही् है्. इसके अलावा वे छात्् जीवन से ही राम मनोहर लोकहया के अनुयायी रहे है्इसकलए हर एक से घुलकमल जाने और एलीर नही् कदखने का उनका अंदाज सबको भावेगा. इसकलए यह एक ऐसा मौका है जब राज बब्बर को लाकर कांग्ेस वाकई यूपी मे्चमत्कार कदखा सकती है. यूपी मे्कपछले 27 साल से कांग्ेस सत््ा से बाहर है. उसका काय्ाकत्ाा अब थक चुका है और उसकी वजह यह रही कक लगातार पुराने जातीय समीकरणो् ने उसे उबा कदया है इसकलए कांग्ेस यूपी मे् अपने समीकरण बदले और वह देखादेखी उनकी राह पर न चले कजस पर अन्य पाक्रियां जा रही है्. ‘महाजनेन गतेन सा पन्था:’ इसकलए कांग्ेस वहां पर नई राह कदखाये तब वह कोई ककरक्मा कर सकती है.
सोशि मीलडया
स्टालिन ने क्या लिया था ?
सोकवयत ज़्माने की बात है. अमरीकी पय्ारको् का एक दल मास्को घूमने आया था. सरकारी गाईि- एक कम्युकनस्र युवती- उन्हे् मेट्ो स्रेशन कदखा रही थी. उसने कहा- हर तीन कमनर पर यहां एक ट््ेन आती है. फलाने पार््ी अकधवेशन के बाद मेट्ो बनना शुर् हुआ, फलाने अकधवेशन के बाद इतना कवस््ार हुआ, करकर की कीमत सारे मास्को के कलये कसफ़क्पांच कोपेक है. सात-आठ कमनर बोलने के बाद उसने पूछा: कोई सवाल? एक पय्ारक ने पूछा: आपने कहा कक हर तीन कमनर पर एक ट््ेन आती है. लेककन कपछले पांच कमनर से कोई ट््ेन नही् आई. युवती का चेहरा लाल हो गया. उसने पूछा : और तुमलोग अपने मुल्क मे् काले लोगो् के साथ कैसा बत्ााव करते हो? आजकल भारत मे् भी कुछ ऐसा ही चल रहा है. आप कक्मीर मे् बलात्कार और गोली से हत्या की बात कीकजये, तो वे कहे्गे, कक्मीरी पंकितो्को जब कनकलवाया गया तो आपने फ़े्सबुक पर कुछ नही् कलखा था. आप दादरी का क्ज़क्् कीकजये तो वे कहे्गे कक मालदा मे् सैकि्ो् कहंदुओ् की हत्या पर आप चुप है.् आप सोनी सोरी की बात कीकजये तो वे पूछे्गे, ‘और स््ाकलन ने क्या ककया था?’ उज््वल भट््ाचाय्ा
लिग््ी
न किग््ी का पता.. न चाय की दुकान का पता.. न गुजरात के कवकास का पता.. न काले धन का पता.. कैसा चौकीदार चुन कलया है देश ने? सार्ाक दिग्ववजय दसंह
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राजकाज
भारतीय व्यस्कत को यह जानकारी दे रही थी. ऐसा करके उसने देश के आम्सा्एक्सपोर्ाकंट्ोल एक्र का उल्लघं न ककया है. उसने अत्यतं महत्वपूणा्गोपनीय कमकलट््ी ड््ाइंग, हाि्वा ये र और संवदे नशील िारा भारतीय सूत् को कदया. इनकी संखय् ा हजारो्मे्है. जो गोपनीय जानकारी भेजी गयी है. उसमे्परमाणु पनिुबब् ी मे्इस्म्े ाल होने वाले तारपीठो् से लेकर लि्ाकू युदक ् कवमान एफ-15 तक की तकनीकी जानकारी शाकमल है. इस मकहला की कंपनी वन सोस्ा यूएस अमेकरकी सेना को कुछ उपकरण सप्लाई कर रही थी. इसके चलते ही उसकी पहुंच संवेदनशील गोपनीय जानकारी तक हुई. अपनी कंपनी चलाने के साथ ही उसके रक््ा उपकरण और सामग््ी के एक कनजी कनम्ाता ा के यहां कसस्रम एनाकलस्र की नौकरी कर ली. कजससे कक उसकी पहुच ं इस जानकारी तक हो गयी. मकहला की कंपनी एफ15 कवमानो्के पंखो्मे्लगने वाला एक कपन तैयार करती थी. करीब साल भर पहले यह कपन घकरया ककस्म का पाया गया. फलस्वर्प अमेकरका ने अपने 47 ऐसे कवमानो् की उि्ानो्पर रोक लगाकर उसमे्लगे इस कपन की जांच की. कजससे उसे िेढ़्लाख िालर का नुकसान हुआ. उसने सेना के हमले मे्इस्म्े ाल ककए जाने वाले कचन्हक ु हेलीकाप्रर के बारे मे ् भी बहु त महत् व पू ण ा ् जानकारी भारत भेजी थी. द (यू) मे्आये बदलाव के बाद इससे प्भ् ाकवत हुए इसके कलए वह न् य ू ज स् ी ् के एक चच् ा की वे ब साइर और नेताओ् मे् यह चच्ाा शुर् हो गयी है कक आकखर ईमे ल का इस् म े ् ाल करती थी. उसने एक ककथत भारतीय नीतीश कुमार के प्ध् ानमंत्ी पद का उम्मीदवार बनने की स्सथकत मे् लालू यादव क्या सोच रहे हो्गे. क्या वे इसे को इसका यूजर नेम और पासवि्ाभेजा था कजससे कक वह ं जाती थी. बद्ाका त् कर पायेग् े कक कांगस ्े उन्हे् अपने नेता के र्प मे् जानकारी उस तक पहुच यह खु ल ासा उस समय हुआ जब अमेकरका ने भारत प््ोजेकर् करे? के साथ सामकरक प् ब ् ध ं न का समझौता ककया है. कजसके मगर लालू यादव बरदाक्त करेग् .े इसकलए कक कबहार तहत दोनो् दे श ो् के कवमान और युदप् ोत एक दूसरे के सैनय् मे्सरकार से लालू यादव अपने पकरवार को स्थाकपत कर रहे है.् वे अपने वोर आधार को पुखत् ा बना रहे है.् लालू हवाई अि््ो् और बंदरगाहो् का इस्म्े ाल कर सकेग् .े यह यादव के दोनो्बेरे सरकार मे्है.् लालू यादव के कलए यह खुलासा होने के बाद रॉ के अफसरो्के चेहरो्पर कामयाबी ् ान देखी जा सकती है. यह तय है कक इतने बि्े आदश्ा स्सथकत होगी. यकद नीतीश कुमार कदल्ली मे् की मुसक कां ि मे ्ककसी व्यस्कत की नही्बस्लक संगठन की र्कच रही प्ध् ानमंत्ी बने्और उनका बेरा वहां मुखय् मंत्ी. हां, ऐसा होगी. इसे कहते है्चील के घोसले से मांस उि्ा ले जाना. सपना सोचा जा सकता है. नीतीश कुमार के कलए यह समझना मुस्ककल नही् है कक कबहार मे् आगे मुझे कुछ करना नही्है. बहुत बार मुखय् मंत्ी हो गया. लालू यादव और उनका पकरवार अभी कजस अंदाज मे्कबहार मे्अपने ब से अकमत शाह ने तीन के्द्ीय मंक्तयो् को तीन वोर आधार की कचंता कर रहा है. उसके ठीक कवपरीत प् द् श े ो् का अध्यक्् बनाया है. तब से अब अरकले् नीतीश कुमार ने जमीनी राजनीकत को र्करन मे्कलया हुआ लग रही है ्कक अगली बारी ककसकी है. कजन राज्यो्मे्प्द् श े है. उससे भी लालू यादव सोच सकते है्कक नीतीश कुमार अध् य क् ् कनयु क त ् होने है , ् वहां के ने त ाओ् की धि् क ने बढ़् ी केद् ्की राजनीकत मे्चले गये, तो कफर पूरा कबहार उनका हु ई है . ् कई के द ् ी ् य मं त ी ् पार् ी ् सं ग ठन मे ् भे ज े जाने की कचं त ा है. तभी नीतीश कुमार के कमशन मे्लालू यादव फच्र् नही् िालेग् .े बस्लक वे भी कबहार की अस्समता, कबहार के गौरव से भी घबराये है.् अकमत शाह ने सबसे पहले राव साहेब को एक बार देश का प््धानमंत्ी बनने देने, कपछि्ो् के दानवे को महाराष््का अध्यक््बनाया था. उन्हो्ने अध्यक्् बनने के बाद मंत्ी पद से इस््ीफा दे कदया. उनकी जगह असली प्ध् ानमंत्ी की ब््ाकं िंग मे्मददगार बनेग् .े महाराष् ्से कोई नया चेहरा आना है, लेककन कपछले करीब लालू यादव और उनकी पार््ी से खतरा यकद कोई है, एक साल से मंक्तमंिल मे्फेरबदल का इंतजार हो रहा है. तो वह यह है कक ये अगले तीन साल मे् कबहार मे् ऐसा इसके बाद भाजपा ने सब्ाना दं सोनोवाल को असम का और जंगल राज बनवा िाले.् कजससे वाहवाही के बजाय देश मे् कवजय सां प ला को पंजाब का अध्यक््बनाया. इन दोनो्ने नीतीश की बदनामी की लहर चल पि्.े कबहार मे्काम और मं त ी ् पद से इस््ीफा नही्कदया. कवकास की पुणय् ता मुसक् कल है. जैसे गुजरात मे्बसे या गये उत् र ् प् द् श े मे्भी दो मंक्तयो्मनोज कसन्हा और महेश कबहारी लोगो्ने कबहार लौरकर नरेद् ्मोदी की हवा बनायी थी. वैसे कबहार से देश भर मे्जाने वाले कबहारी यह हवा बनाएं कक वाह, नीतीश तो कमाल कर दे रहे है,् यह जरा मुस्ककल है. वजह लालू यादव और उनकी पार््ी होगी. उससे दोनो् तरफ रकराव और तनाव भी बन सकता है. जो हो कफलहाल, लालू यादव फायदा देख रहे है.्
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22 अप््ैल - 28 अप््ैल 2016
री दुकनया मे्अपना एका स्थाकपत करने वाले अमेकरका को तब जबरदस्् झरका लगा, जब वहां यह तथ्य उभरकर आये कक उसकी तमाम सामकरक गोपनीय सूचनाएं बेची जा रही है.् उन्हे्खरीदनेवाली कंपनी भारत की है. हाल ही मे् न्यज ू स््ी की एक अदालत ने सामकरक उपकरणो् की सप्लाई करने वाली एक कनजी अमेकरकी कंपनी वन सोस्ायूएस एलायंस की मालककन हन्ना राबर्ा को अमेकरका की सामकरक गुपत् जानकारी भारत को बेचने के अपराध मे्57 माह की सजा सुनायी. राष््ीय सुरक््ा मे् सहायक अर्ाना ी जनरल जान पी कारकलन ने जज एनी ई थामसन को बताया कक यह मकहला ककसी पीआर नामक
शम्ाा के नाम की चच्ाा थी, लेककन अंत मे् केशव प्स ् ाद मौय्ाको कमान सौ्पी. अब झारखंि, कदल्ली, कबहार, आकद राज्यो्मे्नये अध्यक््कनयुकत् होने वाले है.् कदल्ली मे्पहले के्द्ीय मंत्ी हष्ावध्ान को अध्यक्् बनाने की चच्ाा थी. लेककन अब कहा जा रहा है कक मनोज कतवारी, महेश कगरी और पवन शम्ाा मे् से कोई अध्यक्् बनेगा. कबहार और झारखंि मे् मौजूदा अध्यक््ो् को दूसरा काय्क ा ाल कमलने की चच्ाा है. लेककन अगर बदलाव होता है, तो झारखंि मे् लक्म् ण कगलुआ और गणेश कमश््ा के साथ-साथ केद् ्ीय मंत्ी सुदश्ना भगत का भी नाम है. कबहार मे्जनाद्ना कसंह कसगरीवाल के साथ-साथ केद् ्ीय मंत्ी कगकरराज कसंह का भी नाम है.
आप िे बढ्ते िदम
कद
ल्ली के मुखय् मंत्ी अरकवंद केजरीवाल ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले होने वाले कवधानसभा चुनावो्की तैयारी कर ली है. आम आदमी पार््ी की चुनावी रणनीकत से जुि्ेसूत्ो्का कहना है कक केजरीवाल ने ऐसे राज्य चुने है्. जहां कांग्ेस और भाजपा दोनो् के नेता भ््ि्ाचार मे् फंसे है् या उनके ऊपर आरोप लगे है्. ऐसे राज्यो् मे् उनको अपनी ईमानदार राजनीकत की संभावना कदख रही है. इसी योजना के तहत उन्हो्ने पंजाब और गोवा को चुना है. जहां अगले साल उनकी पार््ी चुनाव लि्गे ी. पंजाब मे्अकाली दल-भाजपा सरकार और कांगस ्े दोनो् के ऊपर भ्ि ् ्ाचार के आरोप लगे है.् दोनो् के शीष्ा नेता कववादो्मे्फंसे है.् इसी तरह गोवा मे्माइकनंग को लेकर दोनो् पाक्रियो् के कई नेता कववादो् मे् कघरे है्. इसकलए केजरीवाल ने अगले साल के शुर्मे्इन दोनो्राज्यो्मे् लि्ने का फैसला ककया है. अगले साल के आकखर मे्दो राज्यो् के चुनाव है,् कजसमे् वे कहमाचल प्द् श े मे् लि्गे् .े उनकी पार््ी के जानकार सूत्ो्का कहना है कक कहमाचल मे् कांग्ेस और भाजपा दोनो् के शीष्ा नेता भ््ि्ाचार या ककसी दूसरे कववाद मे्उलझे है.् इसी तरह 2018 के कलए उन्हो्ने छत््ीसगढ़्को चुना है. मध्य प्द् श े , राजस्थान और कन्ारा क की बजाय वे छत््ीसगढ़्मे्चुनाव लि्गे् .े जहां कांगस ्े और भाजपा दोनो्के बि्ेनेताओ्पर भ्ि ् ्ाचार के ककसी न ककसी तरह के आरोप लगे है्. पार््ी के चुनावी ब्लकू ्परं के मुताकबक इसके बाद वे लोकसभा चुनाव लि्गे् े और उसके बाद उनकी पार््ी महाराष्् और हकरयाणा मे् लि्गे ी.
लनंदि लनयरे रालिये
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न कदनो्भाजपा मे्प्ध् ानमंत्ी नरेद् ्मोदी की कनष्पक्त् ा और महानता के ककस्से हर जगह आसानी से सुनने को कमल जायेग् .े इसकी वजह बीते कदनो्एक पत्क ् ार को इंकदरा गांधी राष््ीय कला केद् ्का अध्यक््बनाया जाना है. यह पत्क ् ार महोदय जीवन भर नरेद् ्मोदी को अपना कनशाना बनाते आये थे. वे अपने गुर्और जाने माने संपादक प्भ् ाष
जोशी के साथ हर मंच से मोदी की कखलाफत करते घूमते थे. शायद इसकी एक वजह उनकी समाजवाकदयो् से कनकरता भी हो सकती है. क्यो्कक राजनीकतक संपादक रहते हुए उन्हो्ने अपने अखबार मे्िीपी यादव को क्लीन कचर देते हुए जो खबर कलखी थी. उसका पत््काकरता मे् शायद ही कही्दूसरा उदाहरण देखने को कमलेगा. इसके बावजदू उन्हो्ने न केवल अपने भतीजे को करकर कदलवाया बस्लक उसे मंत्ी बनाने मे् भी कामयाब रहे. कफर पद््श्ी हाकसल ककया और अब इतने बि्ेसंगठन के कत्ाधा त्ाा बन गये. बताते है्कक यह सब नरेद् ्मोदी की उस सोच का ही पकरणाम है कक ‘कनंदक कनयरे राकखए आंगन कुरी छवाए’. इसी रणनीकत के चलते उन्हो्ने अपने इस््ीफे की मांग को लेकर धरने पर बैठी स्मकृ त ईरानी को केद् ्मे्मंत्ी बनाया और अब पत्क ् ार पर कृपालु हुए. वैसे इन दोनो्मामलो्मे् तमाम समानता है. जैसे कक स्मकृ त ईरानी का उच््कशक््ा तो क्या कशक््ा से ही कुछ लेना देना नही् है. वैसे ही यह वकरष््पत्क ् ार भी कला संसक ् कृ त से कोसो्दूर रहे है.् जैसे की इंकदरा गांधी ने कहंदी न जानने वाले को कहंदी भाषी राज्यो् का प्भ् ारी बनाया था. वैसा ही कुछ मोदी ने भी ककया है.
अब लबहार मे् होगी यादव राजनीलत
श
रद यादव के जदयू अध्यक्् पद से हरने के बाद कबहार मे् यादव राजनीकत तेज होगी. भाजपा और राष््ीय जनता दल दोनो्के नेता सक््कय हो गये है.् राजद प्म् ख ु लालू प्स ् ाद ने नीतीश कुमार के अध्यक््बनने के बाद पहले कदन चुपप् ी साधे रखी. उन्हो्ने अगले कदन नीतीश कुमार को बधाई दी, लेककन साथ ही यह भी कह कदया कक शरद यादव राजनीकत से संनय् ास लेने जा रहे है.् क्यो्कक जदयू ने उनको अध्यक््का चौथा काय्क ा ाल नही्कदया है. दूसरी ओर जदयू नेता कह रहे है्कक शरद यादव ने स्वचे छ ्ा से अध्यक््पद छोि्ा है. वे चौथी बार अध्यक््नही्बनना चाहते थे. बहरहाल, भाजपा भी इसी लाइन पर राजनीकत कर रही है. भारतीय जनता पार््ी के नेताओ्ने कहा है कक अध्यक्् के र्प मे्शरद यादव का काय्क ा ाल खत्म होने के 90 कदन पहले नीतीश कुमार ने उनको अध्यक््पद से हरा कदया. भाजपा नेता उनसे इसका कारण पूछ रहे है.् जाकहर है कक यादव वोरो्को लेकर एक बार कफर राजनीकत शुर्हुई है और यह राजनीकत आगे चलकर दूसरा र्ख लेगी. बताया जा रहा है कक चाहे ककसी पार््ी के यादव कवधायक है्. उनका संपक्क राजद नेताओ् से है. कवधानसभा चुनाव मे् राजद की जबरदस््जीत ने यह साकबत ककया है कक यादव के असली नेता लालू प्स ् ाद है्और उनके साथ मुसलमान वोर एकजुर है.् इस समीकरण से आगे भी जीत सुकनक््ित होती है. लालू प्स ् ाद खुद भी इस समीकरण को खाद-पानी दे रहे है् और अपने बेरे तेजस्वी को इस समीकरण की चाबी सौ्पने वाले है्. यह समीकरण जदयू और भाजपा दोनो्के कलए मुसक् कल कर सकता है. दूसरी ओर भाजपा को लग रहा है कक तेजस्वी उस तरह से यादव वोर नही् संभाल पायेग् ,े जैसे लालू ने संभाला था. इसकलए उसके नेता भी कुछ न कुछ कहस्सा हाकसल करने के कलए जोर लगा रहे है.्
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ओम गनशंंल
22 अप््ैल - 28 अप््ैल 2016
उदावसयों के िाहर और भीतर
स््ी कवमश्ा ने ककवता मे् पुर्ष वच्ास्व के कखलाफ एक मुकहम तो शुर् की, ककंतु मने कदया ही नही्/कभी कोई फूल/नही् धीरे-धीरे समूची स््ी ककवता इसी राह पर तो मै् भी रखती/पंखुक्ियां/ ककताबो् चल पि्ी. वह पौर्षेय शस्कतयो् के कवरोध मे् संभाल-संभाल कर.’ कहंदी मे् के कोरस मे्तब्दील होती गयी. उसके यहां कवकयक््तयो् की तादाद बहुत है, प््वाह कोई मध्यमाग्ा या समरसता का कवमश्ा न है, भीि्है, रेला है, ठेलमठेला है, पर कम था. ऐसी स्सथकत मे्कुछ कवकयक््तयो्ने एक है् कजनमे् स्सथरता है, ऊष्मा है, गकत है, अलग राह चुनी. लीना मल्होत््ा राव ऐसी यकत है, लय है, प््तीकत है, जीवन है, ही कवकयक््तयो् मे् है् कजनकी ककवता के जीवनानुभव और अनुभूकतयो् का कवरल दायरे मे् पुर्ष ककसी मुलकजम की तरह सहकार है, कजनके यहां रोमै्करकता तो नही्, एक सहचर की तरह आता है, यद््कप है पर रोमांस के तर पर कबछलन और वह सवालो् से परे न था, न है. आज से कोई दो साल पहले जब काई कम है, कजनकी ककवताएं न तो गंभीरता का कवच ओढ़्े हुए कमलती है्, न उनका पहला ककवता संग्ह ‘मेरी यात््ा का उच्छल जलकध तरंग-सी इठलाती अस्सथर जर्री सामान’ आया था तो ककवता मे्यह स्वभाव वाली है्. जो उद्््तावास और एक ताजगी का शुभागमन था. पकरदृक्य मे् मध्यवग््ीय कशकायतो्मे्स्थकगत नही्होती् उनके समवयस या अल्पवय और भी और पौर्षेय शस्कतयो् पर भी रूर कर कगर कवकयक््तयां थी्, पर लीना मल्होत््ा का स्वर नही् पि्ती् और न ककवताओ् मे् केवल कुछ जुदा था. ये ककवताएं पढ़्ते ही एकदम क््ांकत के परचम लहराती हुई कदखती है्. से चेतना से फुर्ा हो जाने वाली ककवताएं न अनाकमका, अनीता वम्ाा और सकवता कसंह थी्. बस्लक वे पढ़् कलये जाने के बाद हमारी के बाद लीना मल्होत््ा और बाबुषा चेतना से कलपर जाती थी्. वे ककसी वेदना कोहली जैसी कवकयक््तयां कहंदी ककवता के कनग््ह रस की भांकत हमारे रसग््ाही कचत््को क््ेत् मे् एक आश््क्स की तरह है् कजनके राहत सी देती मालूम होती थी्. हम जहां अनीता वम्ाा और सकवता यहां शब्दो् को बरतने का एक सलीका कदखता है, कजनका होना ककवता के कलए कसंह जैसी कवकयक््तयो्की उदाकसयो्से भरी अपकरहाय्ा सा लगता है, कजनकी ककवताएं ककवताएं पढ़् कर कवचकलत हो उठते है्, जीवन के मानीखेज कथ्य से भरी है्, लीना की ककवताएं कुछ और स््ी प््त्ययो् कजनके यहां संवेदना का गाढ़्ा रसायन है. को खंगालने की चेि्ा करती जान पि्ती उनका नया ककवता संग्ह ‘नाव िूबने से है्. वे उदाकसयो् की तह मे् जाती है् तो हमे् नही् िरती’ ककवताओ् की माक्माकता, उदाकसयो् से उबारती भी है्. इस मामले मे् कथ्य के अप््त्याकशत मोि्ो् और प््तीकतयो् वे कही् कही् अनाकमका की राह पर चलने की कोकशश करती कदखती है्, पर जहां का उदभावक है.
तु
लेखको् के मलए प्भ ् ावी िंच जर्री: राठौड् नयी कदल्ली. सूचना प््सारण राज्य मंत्ी राज्यव््द्ान कसंह राठौि्ने युवा कहानीकारो् को भकवष्य के साकहत्य जगत के कण्ाधार बताते हुए उनकी प््कतभा को कनखारने के कलए प््भावी मंच कदए जाने की जर्रत पर बल कदया है. कन्ाल राठौि् ने साकहत्य एवं संसक ् कृ त की माकसक पक््तका ‘साकहत्य अमृत’ के ‘युवा कहंदी कहानी प््कतयोकगता’ के पुरस्कार अप्ण ा समारोह मे्अपने संबोधन मे् यह बात कही. इस मौके पर उन्हो्ने साकहत्य अमृत के प््काशन के 21 वष्ा पूरे होने पर बधाई देते हुए कहा कक इस पक््तका ने युवा लेखनी वीरो् को नायक के र्प मे् प््ोत्साकहत करने मे् अहम योगदान कदया है. उन्हो्ने कहा, साकहत्य अमृत पक््तका अब 21 वष्ाकी, यानी युवा हो गई है और वह युवाओ् को आगे बढ़्ा रही है. हर व्यस्कत मे् एक हीरो होता है, चाहे वह ककसी भी क््ेत् मे् हो, पर उसे एक मंच चाकहए होता है. साकहत्य अमृत ने उन्हे् यह मंच कदया है. उन्हो्ने कहा कक भारत की युवा शस्कत हर क््ेत् मे् प््भावी उपस्सथकत दज्ाकरा रही है. उन्हे् पूरा भरोसा है कक आज के युवा कथाकार भकवष्य मे् सफल साकहत्यकार
बने्गे. काय्ाक्म की अध्यक््ता प््ेमचंद साकहत्य के मम्ाज् एवं साकहत्यकार िॉ. कमल ककशोर गोयनका ने की. कवकशि्् अकतकथ प््ख्यात साकहत्यकार चंद्कांता थी्. ‘साकहत्य अमृत’ के संपादक एवं पूव्ा राज्यपाल क््तलोकीनाथ चतुवद्े ी और संयकु त् संपादक िॉ. हेमंत कुकरेती भी मौजूद थे. श््द्ा थवाईत को उनकी कहानी ‘हवा मे्फि्फि्ाती कचट््ी’ के कलए पहले पुरस्कार के अंतग्ात 21 हजार र्पए, दूसरे पुरस्कार के कलए नवनीत नीरव की कहानी ‘अंगेया’ के कलए 11 हजार र्पए और तीसरे पुरस्कार के तहत अकभषेक पांिेय की कहानी ‘अनुबंकधत जीवन’ के कलए 5100 र्पए के चेक के साथ सभी को श््ीफल, शॉल एवं प््शक््स-पत््भे्र ककए गए. मेघा दुग्गल मेहरा की कहानी ‘दोबारा लौरकर’, जीतू कुमार गुप्ता की कहानी ‘नो एंट्ी’, संदेश नायक की कहानी ‘कजंदगी दोबारा’ को प््ोत्साहन पुरस्कार के अंतग्ात 2100 र्पए, श््ीफल, शॉल एवं प्श ् क््स-पत्् माननीय अकतकथयो् द््ारा भे्र ककए गए. प््ोत्साहन पुरस्कार के तीन कवजेता सुभाष चंद बैरवा, प््मोद राय एवं कवनय गुदारी काय्ाक्म मे्नही्आ सके.
अनाकमका को पढ़्ते हुए हम देशज अनुभूकतयो् से दो चार होते है्, क्यो्कक ककवता मे् रस वैकवध्य की वे अकधष््ात््ीसी कदखती है्- पुर्ष को केवल प््कतलोम खि्ा कर न देखने वाली, बस्लक सहचर मानने वाली भी- लीना की ककवताओ् मे्
नाव डूिने से नही् डरती: लीना मल्होत््ा राव; तकतािघर प्क ् ाशन, दतरयागंज, तदल्ली; 2016; 200 र्पये.
यह आंचकलकता बेशक न हो, पर वे आज के आधुकनक जीवन की पीि्ा, अनुभूकत, साहचय्ा, सुखदुख और जद््ोजेहद के बीच सांस लेती हुई पुर्ष प््जाकत से एक संवादमयता का करक्ता कायम करती है्. इस संग्ह की एक छोरी ककवता पर कनगाह जाती है कजसमे् मासूकमयत से वे
कहती है्: ‘नही्!/वह उदासी नही् थी!/तुम्हारी देह से रूर कर कगरी/ परछाई् थी/कजसे ओढ़् कर/चलना था मुझे/जन्म भर.’ इस तरह लीना मे्सांद् अनुभूकतयो्का एक कवरल संसार है. वह बकतयाती हुई ककसी माक्माक कबंदु पर अपने कथ्य को करका कर आंखे् गीली कर देती है्. उनकी ककवताओ् का नैरेकरव गद््ात्मक होकर भी जैसे भीतर का लयात्मकता से रचा हुआ होता है. एक कुम्हार की तरह अपनी ककवताओ् को कमट््ी की तरह गूंथने वाली लीना उसके खुरदुरेपन को खुरच कर सुकचक््न नही् बनाती् बस्लक अपनी तरह के सांचे मे्गढ़्ती हुई उनमे्प््ाण फूंकने का काम करती है्. अनाकमका उनकी ककवताओ्के बारे मे् कहती है्: 'प््गकतशील ककवयो्ने बात-बात पर तन जाने वाली जो बेकरयां साकहत्य को दी्, बि्ी होकर वे सब लीना जैसी (मीठी फरकार लगाने और सास्तवक आक््ोश कदखाने मे् कनपुण) स््ी ककव बन गयी्. जैसा कक मै्ने कहा, स््ी कवमश्ाके आज के दौर को वे ककस तरह अपनी ककवताओ् मे् देखती है्, यह उनकी ‘मधुमेह’ और ‘प््ेमपत््’ जैसी ककवताओ्से प््कर होता है. वे ककवता मे् अपनी अनुभूकतयो् की अक््दतीयता के बगैर आगे कदम नही् बढाती्. फैशनेबुल कबंब उनकी ककवता मे् कदाकचत ही आते हो्. कुछ ही ककवताओ् को पढ़्ने से मालूम हो जाता है कक वे संवेदनाकसद्् कवकयत््ी है्’. वे स््ी के दुख के कववर मे्प््वेश करते हुए स््ीवाद को भी
सच््ी स््ी्वादी ची्करयो् के मनोबल से पकरभाकषत करती है्. मधुमेहग््स् साथी हो या प््ेमपत्् पाने व पढ़्ने वाला सहचर, वे सहानुभूकत के आयुध से अपनी ककवता को शस्् मे् बदलती है्. उनके यहां ककवता कुछ रच देने की कनयकमत कदनचय्ाा की तरह नही्, कुछ कहने की अपकरहाय्ाता मे् ही संभव होती है. कुछ ककवताओ् के नाम कगनाऊं, यह इस संग्ह की तौहीन होगीसारी ककवताएं दो तार की-सी चासनी वाली है्- पकरपक्व, माक्माक और संवेद्.’ लीना की ककवताओ् मे् उदाकसयो् का जो झीना झीना प््वाह नजर आता है वह कुछ कुछ अपने जीवनानुभव तथा कुछ-कुछ अग््ज ककवयो् के गुणसूत्ो् से आयत्् ककया है. शायद उनका आग््ह ही यह है कक स््ी जीवन का अंधेरा उजाले के इस प््ायोकजत भौकतक उल्लास मे् िूब कर रह न जाये, बस्लक उसके स्याह अनुभव संवेदना की छन्नी से छन कर आ सके्. कहना न होगा कक ‘नाव िूबने से नही् िरती’ की ककवताएं कवचार और संवेदना के एक नये मोि् का पकरचय देती है्. इस संग्ह मे् उनकी बहुतेरी माक्माक ककवताएं है् जैसे भीमबेरका, ईएमआई, नाव िूबने से नही् िरती, मधुमेह, जाकत के जूते, कक्क रेखा, आषाढ़् का एक कदन, ओ ककवता रहस्यमयी, जादू नही् था जीवन और क्या आप ओएलएक्स पर ककवताएं बेच सकती है्जो मौजूदा कवकयक््तयो् के बीच लीना मल्होत््ा के सूचकांक को श््ेष्तर प््माकणत करने के कलए पय्ााप्त है्.
सवाल करना ससखाता हैनाटक: नूर ज़हीर दिल्ली. कहंदू कालेज मे् अकभरंग का दीक््ांत समारोह का आयोजन हुआ. कजसमे् नारको्की बारीककयो्और इसके सामाकजक असर के बारे मे्कवस््ार से चच्ाा हुई. कहते है् जानते रहना इंसान की सबसे बिी खूबी है. सवाल करना जर्री है. नारक यही कसखाता है. रंगमंच की प््गकतशील परंपरा यही है कक वह इन्ही् बातो् को हमारे व्यस्कतत्व मे् समाकहत करती है. सुप्कसद्् कथाकार और रंगकम््ी नूर ज़हीर ने कहंदू कालेज की कहंदी नाट््संस्था 'अकभरंग' के दीक््ांत समारोह मे्कहा कक जमीन से जुिी हुई चीज़ो् से कला का वास््ा होना चाकहए. उन्हो्ने 'रंगमंच की प््गकतशील परंपरा कवषय पर व्याख्यान अकभरंग मे् नारक सद््कत और कफ़न की प््शंसा मे् कहा कक़ जीवन एक बार कमला है. इसे अच्छी तरह जीने का अथ्ा है, संघष्ा करते हुए जीना. केवल अपने जीवन को ही नही् आसपास के लोगो् के जीवन को भी बेहतर बनाने के कलए संघष्ा करना सबसे जर्री है. उन्हो्ने कहा नारक मे्लोक तत््व हमारी प््गकतशील परंपरा है. जहां प््कतगामी तत्वो् पर सवाल ककये जाते है्. इस अवसर पर अकभरंग से जुिे उन कवद््ाक्थायो् को कवदाई भी दी गयी. जो स्नातक का पाठ््क्म पूरा करने वाले है्.
ऐसे कवद््ाक्थायो् को नूर ज़हीर ने प््माण पत्् और स्मृकत कचन्ह प््दान ककये. कवदा ले रहे कवद््ाक्थायो्ने अपने संस्मरण सुनाये. मंकचत हुए नारको् के कनद््ेशक और कवद््ाथ््ी ककपल कुमार ने नारको् की रचना प््क्कया के बारे मे् कवस््ार से बताया. इस अवसर पर अकभरंग के कुछ पूव्ा छात््ो् ने भी अपने संस्मरण सुनाये. अकभरंग के परामश्ादाता ने
वाक्षाक प््कतवेदन प््स्ुत ककया और कवदाई ले रहे कवद््ाक्थायो्को शुभकामनाये्दी्. कहंदी कवभाग की सह आचाय्ा िॉ रचना कसंह ने साल के श््ेष्अकभनेता और श््ेष्अकभनेत्ी का सम्मान क््मश: आदश्ा कमश्् और ऋकषका को प््दान ककया. आयोजन मे् कहंदी कवभाग के िॉ हरी्द् कुमार सकहत बिी संख्या मे्कवद््ाथ््ी उपस्सथत थे.
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22 अप््ैल - 28 अप््ैल 2016
उदंंोग/वंयापार भ््ािक मवज््ापन देने पर होगी िजा
अ
ब यकद कोई मशहूर हस््ी गुमराह करने वाला कवज््ापन करती है, तो उसे
भारी जुम्ााना चुकाने के अलावा पांच साल तक की जेल की सजा भी हो सकती है. एक संसदीय सकमकत जल्द इस बारे मे्कसफाकरश कर सकती है. भ््ामक कवज््ापनो्के कलए कुछ जवाबदेही तय करने की जर्रत है. पहली बार गलती करने पर 10 लाख जुम्ााना और दो साल की सजा की कसफाकरश करने की योजना बनायी जा रही है. दूसरी बार गलती करने पर 50 लाख जुम्ााना और पांच साल की जेल की सजा का प््ावधान होगा. उपभोक्ता मामलो् पर संसदीय सकमकत के प््मख तेलगू देशम पार््ी के सांसद जेसी कदवाकर रेि्ी है.् सकमकत की अगली बैठक 19 अप््ैल को होनी है, कजसमे्करपोर्ाको अंकतम र्प कदया जायेगा. बाद मे् इसे संसद के 25 अप््ैल से शुर्होने वाले सत््मे्रखा जायेगा.
मरयल एस्टेट के मलए पनािा पेपर केि: 50 लोगो् को नोमटि पय्ाडवरणीय िानक बने्गे
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य्ाावरण मंत्ालय जल्द करयल एस्रेर क््ेत् की पय्ााव रणीय मं जू री के कलए मानक कदशा-कनद््ेश लाये गा. के्द्ी य पय्ााव रण मं त्ी प््काश जावि्ेक र ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए कहा कक कारोबार की स्सथकत सुगम करने और प््क्कयाओ् को सरल करने के प््यासो् के तहत ये कदशा-कनद््ेश जारी ककये जाये्गे. जावि्ेकर ने उद््ोग मं ि ल कफक््ी के
नामा पेपस्ा मामले मे् पहली जांच करपोर्ा 15 कदनो् के भीतर दाकखल की जानी है. इसके कलए इनकम रैक्स कवभाग की जांच यूकनर ने तेजी से काम शुर् कर कदया है. पनामा पेपस्ामे्कजन लोगो्के नाम आये है्, जांच रीम ने उनमे्से 50 लोगो्को नोकरस भेजा है. अगले हफ्ते करीब 350
डाक मवभाग िुर् करेगा भुगतान बै्क
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क कवभाग अगले साल जनवरी तक अपने भुगतान बै्क को शुर्कर देगा और इस नये उद््म के कलए शीष्ाप््बंधन की कनयुस्कत जुलाई तक कर ली जायेगी. भारतीय िाक के बैककंग और मानव संसाधन कवभाग के अकधकार एमएस रामानुजन ने यह जानकारी दी. रामानुजन ने धन संप्ेषण सेवा देने वाली कंपनी वेस्रन्ा यूकनयन के साथ िाक कवभाग के 15 साल
का गठबंधन पूरा होने के अवसर पर आयोकजत काय्ाक्म मे्यह बात कही. साथ ही यहां कवशेष पोस्रल कवर भी जारी ककया गया. उन्हो्ने कहा कक िाक कवभाग को बीते साल अगस्् मे् 10 और कंपकनयो् के साथ भारतीय करजव्ा बै्क से भुगतान बै्क शुर् करने की सैद्ांकतक मंजूरी कमल गयी थी. सैद्ांकतक मंजूरी 18 महीनो् तक कायम रहती है.
तेल का फायदा िनीआड्रड करेगा बराबर
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च््े तेल की कीमत मे् नरमी से प््भाकवत खाि्ी देशो् से मनीआि्ार मे् कमी आने पर भारत समेत एकशया-प््शांत के कई देशो् को कमल रहा फायदा बराबर हो सकता है. यह बात मूिीज इन्वेस्रमे्र सक्वास ने एक रपर मे्कहा, मनीआि्रा कम होने पर प््ाप्तकत्ाा देशो्की साख पर भुगतान संतुलन की स्सथकत पर असर पि् सकता है. भारत जैसे देशो्की अथ्ाव्यवस्था मे्मनीआि्ार से होने वाली आय का अच्छा खास महत्व है. इसमे्लंबे समय कगरावर से आक्थक ा वृक्द भी प््भाकवत होगी. रपर मे् छह एकशयाई देशो्बांग्लादेश, भारत, पाककस््ान, कफकलपीन, श््ीलंका और कवयतनाम को कवदेश मे् काम करने वाले लोगो्की ओर से भेजे जाने वाले
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नासोकनक इंकिया ने अपना पहला एचिी आईपीएस किस्प्ले स्मार्ाफोन, द इलुगा आक्कपेश ककया। इसकी कीमत 12,490 र्पए है. फ्यच ू करस्सरक से करयकलस्सरक होते कव्ि्ा किस्प्ले के साथ तकनीक इनोवेषन मे्अग््णी पैनासोकनक ने काफी प््भावषाली किवाईस किजाईन की है. इस 4जी मोबाईल किवाईस मे् कफंगरक््पंर से्सर के साथ अकतकरक्त कसक्योकररी कवषेशताएं है्। इलुगा आक्कमे्स्लीक, यूकनबॉिी किजाईन के साथ 4.7 ई्च की स्क्ीन और 2.5 िी कव््ेचर है. इसका एचिी आईपीएस किस्प्ले बेहतरीन िे लाईर रीिेकबकलरी है. इसमे्
एलईिी फ्लैश के साथ 8 मेगाकपक्सल का करयर कैमरा व पांच मेगाकपक्सल का फं्र कैमरा है. इलुगा आक्कएन्ड्ॉयि 5.1 (लॉलीपॉप) पर चलता है. पैनासोकनक इंकिया के व्यापार प््मुख-मोकबकलरी किवीजन पंकज राणा ने कहा कक कवकभन्न सेगमेर् स ् मे्क्लाउि स्रोरेज का प््योग बढ़ने के साथ स्मार्ाफोन यूजस्ा की सबसे बिी कचंता उनके हाई वोलेराईल िेरा की गोपनीयता व सुरक््ा है. यह कंट्ोल से्कसकरव किवाईस एक ही कफंगरक््पंर मे्जकरल रास्क कर लेती है और यूजर के कलए पस्ना लाईज्ि है और स्मार्फ ा ोन को सुरक््कत करती है.
ऐसे लोगो् को नोकरस भेजा जायेगा. इन लोगो् से 20 सवाल पूछे गये है्, कजनका जवाब इन्हे् 20 कदनो् के अंदर देना है. सवाल दो भागो् मे् बंरे है्. पनामा पेपस्ा मे् ऐसे भी बि्ेलोगो्के नाम आये है्, जो एक समय तक शैिो कंपकनयो्के िायरेक्रर बने रहे.
तंबाकू िे करोडो् का नुकिान
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आयोकजत एक पकरचच्ाा सत्् मे् कहा कक हम अकधसू चना का मसौदा प््काकशत करे्गे.
फीसदी के बराबर है. इन देशो् के कवदेशी मुद्ाभंिार मे् ऐसे धन का योगदान 22 से 188 फीसद है. भारत मे् कुल 52.1 फीसद मनीआि्ार खाि्ी देशो् से आता है. जबकक पाककस््ान को कमलने वाले मनीआि्ार मे्खाि्ी के देशो् का योगदान 6.12 फीसद है. बांग्लादेश को 54.8 फीसद और श््ीलंका को 50.9 फीसद मनीआि्ार खाि्ी क््ेत् से कमलता है. मूिीज ने कहा सकल घरेलू उत्पाद के फीसद के मनीआि्ार मे् कमी से साख पर होने वाले कलहाज से भारत को छोि्कर सभी देशो् मे् असर का कवक्लेषण ककया गया है. इन देशो् मनीआि्ार कुल कच््े तेल के आयात के को कवदेश मे् काम करने वाले अपने मुकाबले अकधक है. इसकलए मनीआि्ार की नागकरको्के मनीआि्ार से कमलने वाला धन स्सथकत मे् बदलाव से उनके चालू खाते के उनके सकल घरेलू उत्पाद के तीन से दस घारे पर ज्यादा असर हो सकता है.
पैनािोमनक ने पेि मकया द इलुगा आक्क
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बाकू उत्पादो् के पैकेर पर प््स्ाकवत ग््ाकफक चेतावनी की जानकारी के अभाव मे् उत्पादन प््भाकवत होने के कारण तंबाकू उद््ोग को प््कतकदन 350 करोि्र्पये से अकधक का नुकसान हो रहा है. उद््ोग और वाकणज्य संगठन एसोचैम ने इस प््स्ाव के बारे मे्जानकारी के अभाव पर कचंता जताते हुए कहा कक देश के 4.5 करोि्से अकधक लोगो्की आजीकवका तंबाकू उद््ोग से जुि्ी हुई है. तंबाकू उत्पादो् पर ग््ाकफक चेतावनी के बारे मे् कायम दुकवधा से उत्पादन बाकधत होने के कारण इन लोगो् के सामने जीवनयापन का संकर है. उन्हो्ने कहा, अकधक करो् के कारण आज देश मे्तंबाकू की कुल खपत मे् वैध कसगरेर उद््ोग की कहस्सेदारी महज 11 फीसद ही है. इसके कारण कबना चेतावनी वाले और कबना करो्वाले गैरकानूनी कसगरेर को काफी बढ़्ावा कमलता है. संगठन ने कहा कक तंबाकू उद््ोग से जुि्े ककसानो् को भी इसके कारण मुस्ककल हालात का सामना करना पि्रहा है. आंध्प्द् श े , कन्ारा क तथा तेलंगाना जैसे प््मुख तंबाकू उत्पादक राज्यो्
मे्ककसानो्की आत्महत्या के मामले भी इस कारण बढ़्े है्. देश के 10 से अकधक राज्य सूखे की स्सथकत का सामना कर रहे है् और ऐसे हालात मे् ये कदम काफी ककसानो् को भारी आक्थाक दबाव मे्धकेल देगा. एसोचैम ने कहा कक भारत तस्करी की गयी कसगरेरो्का हब बनता जा रहा है. खुदरा कवके्ता भी अपनी आजीकवका बचाने के कलए गैरकानूनी कसगरेर बेचने के कलये मजबूर है्. उद््ोग संगठन ने तंबाकू उत्पादो् पर ग््ाकफक चेतावनी के वैक्शक तरीको्पर जोर देते हुए कहा कक किब्बो्पर चेतावनी का वैक्शक औसत 31 फीसद है. जबकक के्द्ीय स्वास्थ्य मंत्ालय की अकधसूचना के कहसाब से पैकेर का 85 फीसद भाग चेतावनी का होना चाकहए. उसने कहा, सरकार जब तक ससंदीय सकमकत के सुझावो् को नही् मानती है, तब तक चेतावनी के बारे मे्पहले से लागू कनयमो्को ही जारी रखा जाये. इससे उद््ोग जगत उत्पादन काय्ा जारी रख सकेगा और ककसानो् को भी अपना बहुमूल्य जीवन नही् खोना होगा.
डाटामवंड का भारत िे् नया 7-इंच टैबलेट पीिी
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राकवंि इंक ने कसफ्क 5999 र्पए मे् नया रैबलेर पीसी आइ3जी7 पेश ककया है. 1.2 गीगाहरर््ज इंरेल क्वाि कोर कबर प््ॉसेसर रैबलेर मे् वॉयस कॉकलंग की सामान्य सुकवधा को इसमे् शाकमल ककया गया है. इससे किवाइस सामान्य जीएसएमईिीजीई-आधाकरत (या 2 जी) नेरवक्कपर भी मोबाइल वेब आसानी से उपलब्ध होगा। इस अनोखी तकनीक से बै्िकवथ खपत मे् 97 फीसद तक कमी आती है. इस रैबलेर के साथ करलायंस के प््ीपेि जी जीएसम कसम पर एक साल के कलए इंररनेर ब््ाउकजंग भी मुफ्त है. िाराकवंि के मुख्य काय्ाकारी अकधकारी सुनीत कसंह तूली के मुताकबक इस रैबलेर के जकरए मे् हम भारत के ग््ाहको् को
बेहतर तकनीक और बेजोि स्राइल का अनोखा मेल दे रहे है्. नया रैबलेर पेश कर हम ने एक बार कफर यह प््कतबद््ता दुहराई है कक हमे्ग््ाहको्को कम कीमत पर सबसे अच्छी और सबसे अनोखी तकनीकी देना है. कम कीमत के हमारे इंररनेर-इनैबल्ि प््ोिक्र अकधक से अकधक लोगो् को किकजरल युग मे् आने का अवसर दे्गे. िाराकवंि रैबलेर पीसी आई3जी7 मे् 8 जीबी का इन-कबल्र स्रोरेज है कजसे माइक््ो एसिी काि्ासे 32 जीबी तक बढ़ा सकते है्. इसमे् एंड्ायि लॉकलपॉप 5.1 भी है. यह वाई-फाई, ब्ल्यूरूथ और माइक््ो-यूएसबी कनेस्करवीरी का कवकल्प भी देता है. रैबलेर कसम के माध्यम से 3 जी को भी सपोर्ा करता है.
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22 अप््ैल - 28 अप््ैल 2016
हगर मृदुल
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हर्ख खान अपनी नयी कफल्म ‘फैन’ से काफी उत्साकहत नजर आ रहे है्. मनीष शम्ाा के कनद््ेशन मे् बनी इस कफल्म मे्वे िबल रोल मे्है्. एक भूकमका मे् वे सुपर स्रार बने है्. तो दूसरे ककरदार मे्वह एक जुनूनी फैन का है्. ककंग खान के कलए यह कफल्म एक अकभनेता के तौर पर तो चुनौतीपूण्ाहै ही, उनके स्रारिम के कलए भी काफी महत्व रखती है. ट््ेि कवशेषज््ो् का मानना है कक इस कफल्म के बाद बॉक्स ऑकफस पर उनके र्तबे का सही आकलन हो जायेगा. दरअसल उनकी कपछली कफल्म ‘कदलवाले’ को दश्ाको् का वह प्यार नही् कमला. कजसकी उम्मीद की जा रही थी. कनक््ित र्प से इस कफल्म ने उन्हे्एक तेज झरका कदया है. कजसकी भरपाई वे फैन से करे्गे. शाहर्ख खान से कवशेष बातचीत: आपने इस दिल्म मे् िोहरी भूदमका दनभायी है. एक तो आप जुनूनी दकस्म के िैन बने है् और िूसरे आपने एक सुपर स्टार का दकरिार दनभाया है. इन िोनो् दकरिारो् मे् से आप दकसके करीब है्? कनक््ित र्प से मै् गौरव के करीब हूं, जो कक एक भला सा कदल्ली का लिक़ा है. लेककन सुपर स्रार आय्ान खन्ना से जुनून की हद तक लगाव के चलते उसमे् नकारात्मकता घर कर जाती है. सुपरस्रार उसके प्यार को नही् समझ पाता है और उसकी उपेक्ा कर देता है. यही उपेक्ा गौरव मे् प््कतशोध की भावना भर देती है. उसका एक जबद्ास् िायलॉग है -गौरव है तो आय्ान है. गौरव नही्तो आय्ान कुछ भी नही्. आगे वह चुनौतीपूण्ा ढंग से कहता है, पहले फैन स्रार के पीछे भागता था. अब स्रार फैन के पीछे भागेगा. कुल कमलाकर इसमे् एक बेहद रोमांचक कहानी है. कौन सा दकरिार दनभाना आपके दलए कदिन रहा? मुझे गौरव से ज्यादा चुनौती सुपरस्रार आय्ान खन्ना के ककरदार ने दी. दरअसल मुझे आय्ान का रोल कुछ इस तरह से कनभाना था कक अपना स्रारिम भूल जाऊं. मेरे स्रारिम से आय्ान का स्रारिम मेल न खाये. मेरे कलए यह एक बिी चुनौती थी. हां, गौरव के रोल के कलए मुझे अपने लुक मे् काफी काम करना पि्ा. मेरे कलए अपनी लाज्ार दैन लाइफ छकव से बाहर कनकलना कतई आसान नही् था. यह काम मै्ने दृढ़्ता के साथ ककया है.
रसनेमा
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ककस्म का प््चार नही्ककया. आप अपने आपको दकस दकस्म का अदभनेता मानते है्? मै् िायरेक्रर का एक्रर हूं. अगर मुझे यश चोपि्ा, आकदत्य चोपि्ा, करण जौहर, फराह खान और अजीज कमज्ाा जैसे िायरेक्रर नही्कमलते. तो मै्इतना आगे नही् बढ़्पाता. सच कहूं, तो मै्अपने आपको एक औसत अकभनेता ही मानता हूं. लेककन मै् बहुत ज्यादा मेहनती हूं. मुझे पता है कक हाि्ावक्क के जकरये अपनी खाकमयो् को दूर कर सकता हूं. मै् नये तरह के ककरदारो् के कलए हमेशा ही उत्साकहत रहता हूं. आगे भी मै्गौरी कशंदे और आनंद एल राय की कफल्मो् मे् भी एकदम अलग अंदाज के ककरदार कर रहा हूं. िैन को यूए सद्टिदिकेट दमला है. इसका मतलब यह हुआ दक बच््े आपकी दिल्म नही् िेख सकते है्. आपको तो राहर्ख खान अपनी नयी तफल्म पता ही है दक बच््ो् मे् आपकी जबि्ास् िैन िॉलोदवंग है. आपका क्या कहना ‘फैन’ से काफी उत्सातहत है्. इस है? तफल्म मे्वे डबल रोल असल मे् इस बात का मुझे भी मलाल मे्है्. एक भूतमका मे्वे सुपर ट्टार है. लेककन यह भी सच है कक इस कफल्म की कहानी ही कुछ ऐसी है. बच््ो् के कलए मै् बने है्. तो दूसरी मे्एक जुनूनी आगे कोई अच्छी सी कफल्म जर्र करं्गा. फैन है्. यह तफल्म इस दिल्म मे् आपसी बोलचाल के दलए दिल्ली वाला लहजा इस््ेमाल हुआ है. उनके ट्टारडम के तलए काफी आप और दनि््ेिक मनीि िम्ाा िोनो् ही महत्व रखती है. दिल्ली के है्. क्या इसीदलए यह संभव हो पाया? हां, अगर कफल्म मे् आय्ान और गौरव डबल रोल तो आप पहले भी कई दिल्मो् दकस तरह की यािे् है्? दिल्म मे् कई जबि्ास् एक्िन सीन है्. दोनो् ही कदल्ली के नही् कदखाये गये होते. मे् दनभा चुके है्? लंदन स्सथत मैिम तुसाद की गैलरी मे् बढ्ती उम्् मे् ऐसे एक्िन सीन कर आपने तो कदल्ली वाले लहजे की जर्रत ही हां, मै्इससे पहले भी िुप्लीकेर, पहेली हुई शूकरंग मेरे कलए बहुत यादगार है. दरस्क मोल नही् दलया? नही् पि्ती. लेककन मुझे इस कफल्म की और ओम शांकत ओम जैसी कुछ एक अकभनेता को इस तरह के शूकरंग करते हुए बहुत मजा आया. पुरानी कफल्मो् मे् िबल रोल कनभा चुका हूं. मै्जो भी तफल्म साइन करता हूं, उसका मेरे तलए करस्क तो लेने ही पि्ते है्. इस कफल्म यादे्ताजा हो गयी्. मुझे मुंबई मे्पच््ीस साल लेककन सच कहूं तो फैन जैसी चुनौती रत प््ततरत महत्व रहता है. मै्अपनी हर तफल्म के कलए मुझ पर चार बि्ेएक्शन सीन से ज्यादा हो गये है्. इसकलये कदल्ली के लहजे मुझे कभी नही् कमली. गौरव के कफल्माये गये. हालांकक कफल्म मे्तीन को थोि्ा भूल भी गया था. इस कफल्म ने मुझे ककरदार के कलए मुझे बहुत मेहनत पर बहुत ज्यादा मेहनत करता हूं. जहां तक फैन ही रखे गये है्. इन एक्शन दृक्यो् को कदल्ली की बोली की अच्छी तरह याद कदला करनी पि्ी. मेकअप मे् ही मुझे छह के बाद नये फेज के रुर्होने की बात है. मै्ऐसा प््भावी बनाने के कलए वीएफएक्स दी. घंरे तक लग जाते थे. एक और बात नही्मानता हूं. मेरे कतरयर पर एक नजर मातरये. तकनीक का इस््ेमाल ककया गया है. मनीि िम्ाा के दनि््ेिन के बारे मे् क्या कक गौरव के रोल के कलए चौबीस तो पता चल जायेगा तक मै्इस तरह की तफल्मे् वैसे, अब एक्शन सीन करना पहले कहे्गे? आपने िैन की स्द्िप्ट पसंि साल के युवक की फुत्ी ला पाना मेरे की तरह खतरनाक नही्रहा. आने के बावजूि उनके सार काम करने करता रहा हूं. मै्तवरुद्रोमांतटक तफल्मे्करता यह कलए काफी ककठन था. इस ककरदार ने दिल्म आपके कदरयर के दलए मे् कािी वक्त लगा दिया? मुझे काफी दौि्ाया. मुझे कई हूं. तो लीक से हटकर तफल्मे्भी मुझे लुभाती है्. दकतना महत्व रखती है? क्या मनीष बहुत प््कतभावान कनद््ेशक है्. खतरनाक एक्शन शॉर भी करने पि्े. माना जाये दक इस दिल्म के बाि उनके खाते मे्बै्ि बाजा बारात, रॉकी वस््ेस जबरा... गाने की शूकरंग के दौरान तो मै् क््ोएकशया के अलावा मुंबई मे् भी इसे आपका एक नया िेज िुर् हो जायेगा? करकी बहल और शुद् देसी रोमांस जैसी घायल भी हो गया था. कफल्माया गया है. इस कफल्म के कई दृक्य मै्जो भी कफल्म साइन करता हूं, उसका कफल्मे् है्. उन्हो्ने मुझे बताया कक वे फैन इस दिल्म की िूदटंग दिल्ली के अलावा काफी सहज थे. तो कई दृक्यो् ने मुझे बहुत मेरे कलए शत प््कतशत महत्व रहता है. मै् बनाने ही मुंबई आये थे. लेककन अपना सपना और कहां-कहां हुई है? आपके मन मे् ज्यादा थका कदया था. अपनी हर कफल्म पर बहुत ज्यादा मेहनत पूरा करने मे् उन्हे् आठ-नौ साल लग गये. करता हूं. जहां तक फैन के बाद नये फेज के कनक््ित र्प से वे काफी धैय्ावान व्यस्कत है्. शुर्होने की बात है. मै्ऐसा नही्मानता हूं. यह इत््ेफाक ही है कक अच्छी स्क्कप्र होने के मेरे ककरयर पर एक नजर माकरये. तो पता बावजूद मुझे फैन मे् काम करने मे् काफी चल जायेगा कक मै्इस तरह की कफल्मे्करता वक्त लग गया. दरअसल यह कफल्म जब भी रहा हूं. मै्कवशुद् रोमांकरक कफल्मे्करता हूं. मुझे ऑफर हुई. मेरे पास समय की काफी तो लीक से हरकर कफल्मे्भी मुझे लुभाती है्. कमी थी. सच कहूं, तो समय की कमी की स्वदेस, चक दे इंकिया और वीर जारा, माइ वजह से ही कई अच्छी कफल्मे् मेरे हाथ से नेम इज खान जैसी कफल्मे्भी मेरे खाते मे्है्. छूरती रही है्. मेरी अगली कफल्म रईस भी अब तक की इस दिल्म के जदरये आप एक नयी कफल्मो्से एकदम अलग है. हीरोइन वलुस्चा दडसूजा का पदरचय कािी समय के बाि आपकी कोई बॉलीवुड से करवाने जा रहे है्? दिल्म दकसी िेग्सटवल पर दरलीज नही् हां, इस कफल्म के जकरये वलुस्चा की हो रही है? बॉलीवुि मे् एंट्ी हो रही है. वे गोवा की फैन की करलीज के कलए ककसी रहनेवाली है्. अब देखने वाली बात होगी कक फैस्सरवल की जर्रत नही् थी. यह एक वे बॉलीवुि मे् ककतना आगे बढ़् पाती है्. अलग जॉनर की कफल्म है. इसीकलए हमने वैसे, मेरी हर हीरोइन ने बॉलीवुि मे् नाम इसके प््मोशन के कलए भी अलग रणनीकत कमाया है. कई लोग मुझे हीरोइनो्के मामले बनायी. यह सच है कक मै्ने कपछली कफल्मो् मे् सबसे बि्ा पारखी मानते है्. हालांकक मै् की तरह इस कफल्म के कलए आक््ामक इतना योग्य नही्हूं.
र्ख् पहचानते शाहर्ख्
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22 अप््ैल - 28 अप््ैल 2016
गशखा िारंषंेय
पय्ाटन
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कला और वंयंजन का देश
स्पे
न का नाम आते ही ज़हन मे्पाब्लो कपकासो और सल्वािोर दाली का नाम आता है. इन महान कचत््कारो् की जन्मस्थली स्पने अपनी समृद्कवरासत कलये दुकनया की प््ाचीनतम संस्कृकतयो् मे् से एक है. और यह यूरोपीय संघ का भी सदस्य राष्् है. स्पेन पक््िमी यूरोप का एक ऐसा कवककसत देश है, कजसका सांकेकतक सकल घरेलू उत्पाद इसे दुकनया मे् बारहवी् सबसे बि्ी अथ्ाव्यवस्था बनाता है. यहां जीवन स््र बहुत ऊंचा है (20 वां उच््तम मानव कवकास सूचकांक). साल 2005 तक जीवन की गुणवत््ा सूचकांक की वरीयता के अनुसार इसका दसवां स्थान था. अपनी इन्ही्कवशेषताओ्के कारण स्पने हर साल लाखो् लोग यहां आते है्. इसकलए हमने भी गम््ी की छुक्टयो्मे्स्पेन घूमने का काय्ाक्म बना कलया. काय्ाक्म तो बन गया पर अब एक बिी मुसक् कल सामने यह थी कक हम यह भूल गये कक अगस््का महीना स्पने का सबसे गम्ामहीना होता है. और स्पेन की राजधानी मैक्डि मे् तो तापमान 40 किग््ी तक पहुंच जाता है. पता लगा कक इस महीने मे्स्पने के अपने नागकरक ही अपने शहरो्से बाहर कही्ठंिी जगहो्पर चले जाते है्और शहरो् मे् कसफ्क पय्ारक ही रह जाते है्. जो गम््ी के कारण सुबह देर तक सोते है् और शाम को घूमने कनकलते है्. और रात दोतीन बजे तक घूमते है्. यानी की शहर मे् आवाजाही तुलनात्मक र्प से इस महीने मे् काफी कम होती है. खैर करकर और होरल सब बुक हो चुके थे. इसकलए अब हमने जाने के कलए कमर कस ली. सही समय पर हमारी स्पेन की यात््ा शुर्हुई. लंदन से बास्ल ्े ोना की उिान दो घंरे की थी कजसमे् स्पेन इंग्लै्ि से एक घंरा आगे होने के कारण हम सुबह करीब आठ बजे से उि्ान भरकर स्पेन के
बाक्सालोना हवाई अि््ेपर पहुंचे. होती. ककसी तरह कुछ लोगो्से पूछकर हम इसी तरह ररे शब्दो्और इशारो्की मदद से हवाई अि््े से बाहर कनकलते ही बतायी बस मे्चढ़ गये. पर अब समस्या थी हमने ककसी तरह बस की करकर ली और खूबसूरत कलाकारी वाले करे पेिो्से कघरी कक उस ड््ाइवर को बताना कक हमे् कहां ड््ाइवर को होरल बुककंग का कागज़ हुई सिको् ने स्वागत ककया. कजसे देखकर जाना है और उससे भी बढ़कर वह जो बोले कदखाकर सीर पर जा बैठ.े यहां से शुर्होती अचानक मुंह से कनकला कक इतनी भी गम््ी उसे समझना. स्पेन मे् स्पेकनश बोली जाती है स्पेकनश लोगो् की नेककदली की दास््ां. नही्है, कजतनी सुना था. दरअसल 28 किग््ी है. हालांकक वहां के लोग फ््ांस की तरह बेशक वे आपकी भाषा नही्समझते लेककन तापमान होने के बावजूद वहां गम््ी कसफ्कधूप इंसग् लश कवरोधी नही्है्और रूकरस्र शहर होने मदद करने के कलए ककसी भी हद तक जाते मे् थी. छाया मे् रहने से उस गम््ी का है्. ऐसे ही बस के एक सहयात््ी की अपनी सां ट क ् त ृ तक समृ त द ् को समे ट े ट् प न े एहसास नही् हो रहा था. इसपर हवा मदद से हम सकुशल होरल पहुच ं गये. नये यु ग को भी आत् म सात कर रहा है . और वातावरण का प््दूषण रकहत होना होरल का स्रॉफ बहुत ही कमत््वत भी गम््ी की चुभन से बचाये हुआ था. यहां के लोग खुले तदले के है्और पय्ाटको् था.इसकलए उनसे अगले तीन कदनो्के अब वहां से होरल तक पहुंचना के प््तत सहयोग की भावना रखते है्. कलए सारी जर्री जानकारी लेकर अब एक बिी चुनौती थी. होरल वाले ने हमारा सबसे पहला काम था खाने के बताया था कक हवाई अि््ेसे सीधी बस होरल के कारण कोई न कोई थोिा बहुत अंग्ेजी कलए कोई जगह तलाशना. तक आती है. इसकलए रैक्सी के कुछ पैसे समझने और बोलने वाला कमल ही जाता है, स्पेन के लोग खाने के मामले मे् बाकी बचाने के कलए हमने बस से ही होरल जाने लेककन कफर भी अकधकांश लोगो् से अंग्ेजी यूरोप से ज्यादा खुले हुए लगते है्. खाना का मन बनाया. यूं भी यूरोपीय देशो् का समझने की उम्मीद नही् की जा सकती. उनकी संस्कृकत का अहम कहस्सा है, कजसे वे पस्बलक ट््ांसपोर्ा इतना अच्छा होता है कक इससे बेहतर होता है कक कुछ बेकसक शब्द खुले कदल और कदमाग से कनभाते है्. सुकवधा के कलहाज से तो कोई परेशानी नही् और वाक्य स्पेकनश मे् रर कलये जाये्. कुछ अकधकतर उनकी बातचीत का कवषय भी
खाने से ही शुर् होकर खाने पर ही ख़तम होता है. इसकलए जहां पूरे स्पेन मे्मांसाहारी या शाकाहारी ककसी भी तरह के व्यंजनो्की कोई कमी कदखायी नही् पिती. वही् मैकिोनल्स और बग्ार ककंग जैसे अन्तरराष््ीय जॉइंर्स भी हर जगह कमल जाते है्. पहले कदन ज्यादा प््योग न करने और आगे दस कदनो्मे्सारे प््योग करने की नीयत से हमने सब-वे और मैकिोनल्स से ही पेर पूजा की. और आसपास के नज़ारो्का लुत्फ़ लेकर आराम करने होरल वापस आ गये. अगले कदन से हमारी बाक्सालोना देखने की कवायद शुर् होने वाली थी, पर सुबह जब चाय की याद आयी तो पता चला होरल के कमरे मे् वाइन और कबयर से भरा हुआ क््फज तो है. लेककन चाय के कलए कोई इलेक्ट्ोकनक कैरल तक नही्है. नीचे जाकर करसेप्शन पर पूछा तो पता चला कक यहां बार से गरम पानी कमल जायेगा. हरी चाय के बदले एक कप गरम पानी को चाय की तरह पीकर हमने कदन की शुर्आत की और बाक्सालोना घूमने के कलए कनकल पिे. यहां समुद्ी बीच से लेकर संग्हालयो् तक की लंबी कलस्र हमे्ढाई कदन मे्समेरनी थी. इसके कलए होरल के स्रॉफ ने हमे्हॉप एंि हॉप बस का रास््ा सुझाया. जो भाषा की अनकभज्त् ा के मारो्के कलए वरदान था. और कजसके ऑकियो गाइि के भरोसे पूरा शहर आराम से दो कदन मे् घूमा जा सकता था. बाक्सालोना के मुख्य आकष्ाणो् मे् हमारी कलस्र मे्चार जगह थी्. कजसमे्पहले नंबर िेि अगले अंक मे्
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पूजा गसंह
22 अप््ैल - 28 अप््ैल 2016
लनजी कॉिेजों पर सरकारी डंडा
भोपाल. प््देश मे् उच्् कशक््ा की गुणवत््ा सुधारने के कलये गंभीर राज्य शासन ने सभी कनजी कॉलेजो् को तीन महीने का नोकरस जारी ककया है. सरकार का कनद््ेश है कक ये सभी कॉलेज इस अवकध मे् अपने आपको उच्् कशक््ा अनुदान आयोग (यूजीसी) के मानको् के अनुर्प बना ले् वरना उनकी अकधमान्यता समाप्त की जा सकती है. इससे पहले सरकार 267 से अकधक कॉलेजो् के नये पाठ््क्म शुर् करने और पुराने पाठ््क्मो् मे् पकरवत्ान करने के अनुरोध को एक कसरे से खाकरज कर चुकी है क्यो्कक वे तय मानको् के अनुर्प नही्थे. कई नये कॉलेज खोलने के आवदेन भी इस कनद््ेश की जद मे्है्. प््देश के उच््कशक््ा आयुक्त उमाकांत उमराव ने कहा कक कपछली अकनयकमतताओ् के मद््ेनजर अब कॉलेजो्को सुधार के कलये तीन माह का समय कदया गया है. उन्हो्ने कहा कक प््देश के कवद््ाक्थायो् को
गुणवत््ापूण्ा उच्् कशक््ा मुहैया कराने के कलये यह आवक्यक कदम है.उल्लेखनीय है कक कपछले कदनो् राज्य सरकार के कदम से यह संदेश बाहर आया था कक प््देश का एक भी कनजी कॉलेज तय मानको् के मुताकबक
नही् चल रहा है. यही वजह थी कक प््देश के उच्् कशक््ा कवभाग ने सभी कॉलेजो् को अगले साल के कलये पाठ््क्म चलाने देने से ही इनकार कर कदया था. इतना ही नही् उसने नये कॉलेज खोलने के तमाम
अंबडे कर जयंती पर दललतो् पर हमला
धीरज चतुिंेदी
न्याय की मांग की है. बुदं ल े खंि मे्यह सच है कक कमजोर तबके यानी दकलत खासकर छतरपुर. कजला मुखय् ालय से सरे गांव अकहरवार समाज और अन्य जाकतयो्के बीच रामगढ़ मे्अंबि े कर जंयती के कदन दंबगो्ने दूकरयां बढ़ती जा रही है्. तीन हफ्ते पहले दकलतो् की कसफ्कचबूतरे पर बैठने की वजह कानपुर राि््ीय राजमाग्ा पर स्सथत से कपरायी कर दी. यह घरना उस कदन घरी बिामल्हरा थाना क्त्े ्मे्ग््ाम करकी माग्ापर ा ाधीन भवन को तोि जब अंबिे कर के जन्मस्थल महू मे्प्ध् ानमंती् दकलत समाज के कनम्ाण े कर की मोदी ग््ाम उदय से भारत उदय अकभयान का कदया था. आरोप यह भी है कक अंबि शुभांरभ कर रहे थे. कजसमे् प््धानमंत्ी मूक्ता भी क््कतग््स् कर दी गयी थी. साथ ही सामाकजक समरसता की बात कर रहे थे. पुजारी कबला अकहरवार और उसके पुत् की लेककन इस घरना ने अकभयान का पराक््ेप जमकर कपरायी की गयी. हालांकक क््ेत् के एसिीएम चौकसे के मुताकबक दकलतो् के कर कदया. पुकलस अधीक््क छतरपुर को कदये गये शासकीय भूकम पर अकतक््मण कर मंकदर आवेदन मे्दकलत संतोष अकहरवार ने बताया कनक्मात कराया जा रहा था. कजसका कक वह साव्ज ा कनक चबूतरे पर बैठा हुआ था. अकतक््मण पूव्ा मे् भी अकधकाकरयो् ने हरा तभी गांव के परेल समुदाय के लोगो्ने उनकी कदया था. पुकलस ने इस मामले मे् लोधी कपरायी कर दी. संतोष जब मामले की समाज के कुछ लोगो्के कखलाफ अपराध भी कशकायत करने छतरपुर आ रहे थे. तब भी दज्ाककया. बीते साल ही छतरपुर कजले के गांव रास््ेमे्दंबगो ने उन्हे्रोक कलया था. पीकित पक््ने पुकलस अधीक्क ् को कशकायत सौ्पकर मुिवारा मे् 24 अगस्् 2015 को खेती की
पैसा डकार गयी सपा सरकार: िाबलयान
पेज 2 का बाकी ज््ान का उपयोग कृकष के कलए ककया जाना जर्री है. खेतीबाि्ी से इन्हे् जोि्कर ककसानो्को अकधक लाभ कदलाया जा सकता है. इनके ज््ान के उपयोग से खेती लाभप्द् हो सकती है. कृकष कवशेषज््ो् का उपयोग कैसे हो, इस पर गंभीरता से कवचार हो रहा है. दकसानो् का पलायन कैसे रोका जाए? सि्क, कबजली, रोजगार और गांवो् मे् ठीक से उद््ोग पहुंच जाए तो 50 प््कतशत पलायन र्क जायेगा. देश की खेती-ककसानी बाकरश पर कनभ्ार है. कपछले दो वष््ो्से सूखा RNI- DELHIN/2015/ 65658
पि् रहा है. ककसान कदक््त मे् है्. कफर भी खेती भगवान भरोसे हो रही है, व्यस्कत के भरोसे नही्. बाकरश के पानी का संचय बहुत जर्री है. इसके अलावा युवाओ्को कृकष के प््कत आकक्षात करना होगा. पुराने तरीके छोि्ने हो्गे. ककसानो् को पहले से बेहतर बनाने के कलए के्द् सरकार नेशनल एग््ीकल्चर माक््ेर पापाकलसी पूरे देश मे् लागू करने जा रही है. ककसान अपनी फसल को आनलाइन सम्पूण्ा भारत मे् बे्च सकता है. ककसान को फसल की गुणवत््ा पर कीमत कमलेगी. खरीदार सीधे सम्पक्कमे्होगा. इससे कृकष को काफी फायदा होने वाला है.
जमीन के कववाद पर सखी अकहरवार नामक मकहला को गांव के कवजय यादव और उसकी पत्नी कवमलादेवी ने ना कसफ्क मारपीर की बस्लक उसे कनवस्् करके पेशाब कपलाने के कलए मजबूर ककया. इस मामले ने तूल भी पकिा था. तब प््शासन ने भी मामले को बढ़ता देख अपनी औपचाकरकता पूरी करते हुए कजले के वकरष््अकधकारी ग््ाम मुिवारा पंहच ु े थे. कजले के प्भ् ारी कलेकर् र सत्यदे् ्कसंह पुकलस अधीक््क लकलत शाक्यवार सकहत अन्य अकधकारी शाही बैठक पर कवराजमान रहे. वही् पीकित दकलत मकहला अपने फरे वस््पहने न्याय की गुहार करती कदखायी दी. मकहला से जुिे इस मामले मे्कोई भी मकहला अकधकारी नही् शाकमल थी. ग््ाम उदय से भारत उदय अकभयान मे् जब समरसता की बाते्होती है. तो इस तरह के मामले दश्ाता े है् कक कमजोर और ताकतवर तबको के बीच खाई कदनो्कदन गहरी होती जा रही है.
कृदि को बढ्ावा िेने के दलए सरकार कौन से किम उिा रही है? कृकष मे् माक््ेकरंग का अभाव है. गे्हू, चावल की खरीदारी पर ही सरकारे्ध्यान दे रही है्, जबकक अन्य खाद््ानो् पर भी ध्यान देने की अवक्यकता है. एग््ीकल्चर मे् कमकिएरस्ाको खत्म करने का प््यास हो रहा है. पांच र्पये की सब्जी बाजार मे्आते-आते दस गुना मंहगी हो जा रही है. प््यास है कक वैज्ाकनक ऐसी फसलो् के नवाचार पर बल दे्. कम पानी मे्ज्यादा से ज्यादा पैदावार हो. जलवायु पकरवत्ान के कारण आने वाली कदक््तो्से ककसानो्को कनजात कमले.
प््स्ाव भी रद्् कर कदये थे. उल्लेखनीय है कक अगर कॉलेज उच्् कशक््ा कवभाग के कनद््ेशो् पर खरे नही् उतरे तो अगले साल एक भी कनजी कॉलेज का संचालन नही् हो सकेगा.
कनयमो् के मुताकबक सभी कॉलेजो् को अपने भकवष्य के संचालन के कलये उच्् कशक््ा कवभाग से हर वष्ा अनापक््त हाकसल करनी पि्ती है. इसके कलये ऑनलाइन आवेदन ककया जाता है. कवभाग ने तमाम कॉलेजो् द््ारा ककये गये आवेदनो् और दस््ावेजो् की जांच मे् पाया कक उनमे् से एक भी तय मानको्पर खरा नही्उतर रहा है. यही वजह थी कक इन कॉलेजो् को अनापक््त प््माण पत्् देने से इनकार करते हुए तीन माह की नयी समय सीमा कनध्ााकरत की गयी ताकक वे जर्री मानको्को पूरा कर सके्. इन कॉलेजो् मे् से 200 से अकधक ने अनापक््त के कलये आवेदन कदया था जबकक 70 से अकधक आवेदन नये कॉलेज शुर् करने के कलये आये थे. ये कॉलेज कजन मानको् पर खरे नही् उतरे उनमे् बुकनयादी सुकवधाये्, कनयमानुसार वेतन भत््े, खेल सुकवधाये्, ऑकिर करपोर्ा आकद शाकमल है्. इनमे् सबसे अकधक 22 कॉलेज इंदौर से जबकक 19 कॉलेज राजधानी भोपाल से थे.
पीपेका पुल बना आफत
वास्को. एरोकसम के समुद्तर पर भागीरथ नाम के बिे पीपे का पुल है. जो धीरे-धीरे दूसरी नदी करवर क््पस ं स े की तरफ बढ़ रहा है. कदनब-कदन पीपे का ये पुल रेत के नीचे जा रहा है. कान्सौकलम एरोकसम केकलम (सीएसी) पंचायत ने इस गिबिी के कलए इसे बनाने वाली पार््ी पर पुकलस मे् कशकायत दज्ाकराने का फैसला ककया है. जो इसका रखरखाव करने मे्कवफल रहा है. पीपे का पुल न केवल तैराको्के कलए खतरा बन गया है, बस्लक यह समुद्तर पर प्द् षू ण की वजह बनता जा रहा है. पंच-लुइस िी कोस्रा जो सीएसी पंचायत मे् एरोकसम वाि्ा का प्क्तकनकध है.् उन्हो्ने कहा कक मुझे जब ये पता चला की पंचायत ने कदल्ली की एक शादी की सेरमे नी का आयोजन यहां रखा है, तो मै्हैरान रह गया. मेरे पास इसके बारे मे्कोई जवाब ही नही्था. जब मैन् े समुद्तर पर लोगो्से इस बारे मे्पूछताछ ककया. तो पता चला कक पीपे का पुल मूल र्प से समुद्मे्बनाया गया था. जो तर से तकरीबन 300 मीरर की दूरी पर है. लेककन भारी बाकरश की वजह से ये पुल समुद् तर की तरफ आ गया है. शौचालय सकहत, दो जनरेरर सेर और अन्य इलेकट् ्ॉकनक उपकरण समुद्मे्बाकरश के दो कदन बाद बह गये है. जांच से पता चला है कक कसओकलम के लाओ एफपी िायस ने पंचायत मे् एरोकसम समुद्के ककनारे हयात पाक्कमे्कदल्ली के जोिे की शादी के कलए एनओसी के कलए आवेदन ककया था. उसी कदन सीएसी पंचायत ने
आवेदक को एनओसी जारी कर कदया. कजसकी एनओसी पहले से ही पय्रा न कवभाग ने जारी कर रखी थी. साथ ही पय्रा न कवभाग ने ये आदेश भी कदया था कक सरकारी संपक््त के नुकसान की पूरी कजम्मदे ारी आयोजको्की होगी. संयोग से पीपे का पुल कजससे करका हुआ था, वह कगर गया है. आयोजक इसे बचाने मे् कवफल रहे. हर गुजरते लहर के साथ पीपे का पुल धीरे धीरे एरोकसम तर तक पहुच ं गया. ये पय्ावा रण के कलए काफी नुकसान पहुच ं ा सकता है. साथ ही संदहे ये भी जताया जा रहा है कक पीपे के पुल मे्दरारे्भी आ गयी्है.् इस तरह यह धीरे धीरे समुद्तल मे्जमती जा रही है.् इस बीच सीएसी पंचायत का काय्ाल ा य युदक ् त्े ्मे्तब्दील हो गया. पंच-िी 'कोस्रा ने समुद् तर पर पय्ावा रणीय क्क्त के कलए कजम्मदे ार लोगो् के कखलाफ गंभीर कार्वा ाई नही्करने पर सरपंच कफलोमेना और सकचव प्द् ीप तमाकर पर आरोप लगाया. उन्हो्ने कहा कक उनके बार-बार प्य् ास करने के बावजूद भी सरपंच और सकचव ने समुद् तर का कनरीक्ण ् नही्ककया. उन्हो्ने मांग कक पंचायत मे् शाकमल व्यस्कतयो् के कखलाफ प््ाथकमकी दज्ाकी जाये.
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