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Shukrawaar 1 15 november 2016 medium resolution

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वर्ष 9 अंक 21 n 1-15 नवंबर 2016 n ~ 20

टीपू ही सुल्तान


www.shukrawaar.com

वर्ष9 अंक 21 n 1 से 15 नवंबर 2016 स्वत्वािधकारी, मुद्क एवं प्​्काशक क्​्मता सिंह प्​्बंध िंपादक आशुतोष सिंह िंपादक अंबरीश कुमार िंपादकीय िलाहकार मंगलेश डबराल राजनीसतक िंपादक सववेक िक्िेना फोटो िंपादक पवन कुमार िंपादकीय िहयोगी

िसवता वम्ा​ा अंजना सिंह फजल इमाम मल्ललक (सिल्ली) िुनीता शाही (लखनऊ) अिनल चौबे (रायपुर) पूजा ि​िंह (भोपाल) िंजीत स्​्िपाठी (रायपुर) अिवनाश ि​िंह (ि​िल्ली) अिनल अंशुमन (रांची)

कला

प्​्वीण अिभषेक

महाप्​्बंधक

एि के सिंह +91.8004903209 +91.9793677793 gm.shukrawaar@gmail.com

आवरण कथा

6 | समाजवाद के युवा सुल्तान

समाजवादी पाट्​्ी की आंतनिक लड्ाई मे्उप्​्के मुखय् मंत्ी अनखलेश यादव की छनव ननखि आयी िै. अनुमान िै नक घि मे्टीपू के नाम से पुकािे जाने वाले अनखलेश आगामी नवधानसभा चुनाव मे्सपा के सुलत् ान र्प मे् उभिकि आयेग् .े

14 | मद्​्ो् की ईजाद िलाक्

तीन तलाक को मुसल् लम समाज का ननजी मसला बताने वाले नकसी भी नजनिये से न्​्ियो्के नितैषी निी्िै.् इस मसले पि व्यापक सामानजक नित का ख्ायाल सव्​्ोपनि िोना चानिए.

22 | एक मुठभेड् के अर्सष त्य

भोपाल के कड्ी सुिक्​्ा वाले केद् ्ीय कािागाि से भागे आठ नसमी सदल्यो् को पुनलस ने चंद घंटो्मे्माि जर्ि नगिाया, लेनकन इस मुठभेड्के िज्​्ी िोने की प्ब् ल आशंका िै.

िबजनेि हेड

शरि कुमार शुकल ्ा +91. 9651882222

ब्​्ांिडंग

कॉमडेज कम्युिनकेशन प्​्ा़ िल़

प्​्िार प्​्बंधक

यती्द्कुमार ितवारी +91. 9984269611, 9425940024 yatendra.3984@gmail.com

सिज्​्ापन प्​्बंधक सजते्द्समश्​्

सिसध िलाहकार शुभांशु सिंह

shubhanshusingh@gmail.com

+91. 9971286429 सुयश मंजुल

िंपादकीय काय्ा​ालय

एमडी-10/503, िहारा ग्​्ेि, जानकीपुरम लखनऊ, उत्​्र प्​्िेश-226021 टेलीफैक्ि : +91.522.2735504 ईमेल : shukrawaardelhi@gmail.com www.shukrawaar.com आवरण फोटो : पवन कुमार

DELHIN/2008/24781 ल्वत्वािधकािी, प्क ् ाशक औि मुदक ् क्म् ता नसंि के नलए अमि उजाला पस्ललकेशस ं नलनमटेड, सी-21, 22, सेकट् ि-59, नोएडा, उत्ि् प्द् श े से मुन्दत एवं दूसिी मंनजल, ल्ाी-146, िनिनगि आश्म् , नयी नदल्ली-110014 से प्क ् ानशत. संपादक : अंबिीश कुमाि (पीआिल्ाी अिधननयम के तित समाचािो्के चयन के िलए िजम्मेदाि) सभी कानूनी िववादो्के िलए न्याय क्​्ेत्िदल्ली िोगा.

26 | तसयासी खेल मंे पुतलस

32 | माटी, मछली और तमतिला

42 | दमन के इतिहास का द्​्ीप

48 | पहले अतभनेिा अब तनम्ािष ा

बस्​्ि पुनलस ने ल्िानीय सामानजक काय्ाकत्ा​ाओ्के नखलाि नािे लगाकि औि उनके पुतले िूंककि जता नदया िै नक वि सत्​्ार्ढ्पाट्​्ी की पक्​्धि िै.

यि अनोखा द्​्ीप नजतना सुदं ि िै, उसका इनतिास उतना िी दद्ना ाक िै. मूल ननवानसयो्के सिाये की ल्मनृ तयां नदल को अिसोस से भि देती िै.्

खाने मे्ल्वाद के नलए जो दज्ा​ा नमक का िै, नमनिला के लोगो् के नलए भोजन मे्विी ल्िान मछली का िै. विां के ब्​्ाह्मणो्तक का भोजन इस ‘पानीिल‘ के नबना पूिा निी्िोता.

मनोज बाजपेयी नदमाग से अनभनय किने वाले अनभनेताओ्मे्से माने जाते िै्. उन्िो्ने निल्म ननम्ा​ाण के नदशा मे्भी कदम बढ्ाये िै्. शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

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आपकी डाक

सार्क थ लिखावट

नयी-पुरानी क्िम

साव्ाजननक जीवन मे्सानित्य के लगाताि कम िोते जाने की पिंपिा को शुक्वाि ने िामा िै. इसके नलए पन्​्तका बधाई की पात्​् िै. नयीपुिानी नलखावट िीम के अनुर्प िी पन्​्तका का दीपावाली नवशेषांक नये-पुिाने लेखको् की सामग्​्ी बेिद संतुनलत अंदाज मे् पाठको् के सामने पेश नकया िै. इस अंक मे्यती्द्नमश्​्की नलखी लता मंगेशकि की जीवनी का अंश पठनीय औि जानकािी बढ्ाने वाला िै. लोगो्की र्नच को लोकन्​्पय गीतो् के जनिये शाि्​्ीय संगीत तक ले जाने वाली लता मंगेशकि जैसी िस्​्ी की जीवनी नलखने के नलए नजस श्​्म की आवश्यकता िी वि इस जीवनी अंश को पढक़ि साि नजि आती िै. राकेश दिंह, नयी ददल्ली

नागरजी का अात्मकथ्य

अमृतलाल नागि का आत्मकथ्य शुक्वाि के दीपावली नवशेषांक की उपलस्लध िै. मौजूदा दौि मे् जबनक सानित्य को लोग बतौि कनियि भी अपना ि​िे िै्, तो उनको इस लेख को अवश्य पढऩा चानिये. लेख बताता िै नक क्यो्लेखन को

सोशल मीडिया पानी बाबा की याद

दीपावली के अवकाश मे्सुबि िोड्ा सुकून से औि देि से िो ि​िी िै. इसनलए पढ्ा भी देि तक जा सकता िै. शुक्वाि मे् अर्ण कुमाि पानीबाबा का कॉलम ननयनमत र्प से पढ्ता ि​िा िूं. दीपावली नवशेषांक मे् पानी बाबा पि न्​्पयदश्ान का लेख देखा तो उसे पढ्ते िुए खो सा गया. अदनल अदवश्​्ांत, फेिबुक 4

क्​्वार | 16 से 31 अक्तूबि 2016

शुक्वाि का सानित्य नवशेषांक कई खूनबयो् से भिा िुआ िै. इस अंक मे्किाननयां खासतौि पि उल्लेखनीय िै्. छोटी किाननयां अत्यंत पठनीय िै् औि पाठको् को अपने साि बांधे ि​िने मे् सिल िै.् खासतौि पि कुमाि अंबज ु की किानी जीभी नवशेष पसंद आयी. कुमाि अंबुज की यिी खानसयत िै एक अत्यंत सामान्य औि आम नवषय को लेकि उन्िो्ने एक शानदाि किानी किी िै, उसके नलए वे बधाई के पात्​्िै्. सुभाष चंद्कुशवािा की किानी मनलकाि की माि भी अच्छी लगी. शुक्वाि उन पन्​्तकाओ्मे्शानमल

िै नजन्िो्ने कनवताओ् की नसकुड्ती जगि को बचाकि िखा िै. खासतौि पि इस सानित्य नवशेषांक मे्तो कनवताओ्के नलए पय्ा​ाप्त जगि दी गयी िै. कुवं ि नािायण, नवनोद कुमाि शुकल ्, शुभ्ा, नीलेश िघुवश ं ी की कनवताये्पसंद आयी्. इस अंक मे् कई ऐसे कनवयो् को ल्िान नदया गया िै जो आने वाले समय मे् िमािी धिोि​ि बने्गे. इस अंक से इति एक बात यि नक शुक्वाि की उपलल्धता िोड्ी औि जल्दी िो सके तो बिुत बेिति िोगा. शैलेश द्​्िवेदी, जबलपुर

धन कमाने का जनिया मात्​् निी् बन जाना चानिये. यि धन कमाना दूसिी ति​ि का िै. लेखक अगि अपनी नकताबो्की िॉयल्टी पि िी जीवन नबताने के लायक िो जाता िै तो इससे बेिति बात तो दूसिी िो िी निी्सकती. वि धन की लालसा औि उसकी मित्​्वाकांक्ा को ल्पष्​् किते िुए यश औि आदि को सबसे ऊपि िखते िै.् नकसी भी आदश्ालेखक को इन बातो्पि गौि किना चानिये. राजकुमार, ईमेल िे

कुछ सुझाव

सालित्य मे् प्​्लिरोध

शुक्वाि के 16 से 31 अक्टूबि के अंक का संपादकीय सानित्य मे्प्​्नतिोध की संल्कृनत को िेखांनकत किता िै. यि प्न्तिोध नयी औि पुिानी पीढ्ी दोनो्मे्नजि आता िै. चािे आधुननक युग का दनलत सानित्य िो या आनदवासी समाज का सानित्य. तथ्यात्मक लेखन की जगि कई बाि काल्पननक लेखन भी कमाल कि सकता िै. नमसाल के तौि पि मिाश्​्ेता देवी के उपन्यासो् का नजक्​्किते िुए संपादकीय किता िै नक उन्िे् पढक़ि आनदवासी जीवन की संल्कृनत औि उसके सच को ज्यादा अच्छी ति​ि समझा जा सकता िै. अदिषेक राज, पटना

गागर मे् सागर

मात्​् 20 र्पये मे् शुक्वाि पन्​्तका जो सामग्​्ी उपलल्ध किा ि​िी िै वि अतुलनीय िै. कोई नवशेषांक िो या कोई सामान्य अंक, इतने कम दाम मे्इतने नामचीन लोगो्को एक साि पढऩे को नमलना अपने आप मे् एक चमत्काि की ति​ि िी लगता िै. यि गागि मे् सागि समाने जैसा िी िै. राजीव वदशष्​्, फेिबुक

पठनीय अंश

शुक्वाि मे् प्​्कानशत यती्द् नमश्​् की पुस्क लता सुि गािा का अंश पठनीय िै औि यि

दीपावली नवशेषांक मे् िचनाओ् का जो नमश्​्ण पढऩे को नमला वि संग्िणीय िै. लेनकन इस पनिपाटी पि कई पन्​्तकाये् अंक ननकालती िै्. सानित्य अंक से कुछ नवशेष की अपेक्ा ि​िती िै. बतौि पाठक मेिा सुझाव िै नक नये औि पुिाने लेखको् का संवाद भी पन्​्तका का निल्सा बने. समसामनयक घटनाओ् पि नकसी सानित्यकाि की नटप्पणी दे्तानक पाठक जान सके्नक िमािे सानित्यकाि अपने वक्त की िाजनीनत को नकस दृन्ष से देखते िै्. रामकृष्ण द्​्िपाठी, िोपाल

पाठको् से तनवेदन

शुक्वाि मे्प्​्कािशत निपोट्​्ो्औि िचनाओ् पि पाठको्की प्​्नतनक्​्या का ल्वागत िै़ आप अपने पत्​्नीचे िदए गए पते पि या ईमेल से भेज सकते िै् एमडी-10/503, सिािा ग्​्ेस, जानकीपुिम, लखनऊ, उत्​्ि प्​्देश-226021 टेलीिैक्स : +91.522.2735504 ईमेल :shukrawaardelhi@gmail.com

बताता िै नक पूिी पुस्क नकतनी अनधक िोचक िोगी. लता का जीवन तो खुद मे् नकसी मिाकाव्य से कम निी्िै. इस पुस्क की बिुत बेसब्​्ी से प्​्तीक्​्ा िै.

सालित्य की बयार

राजेश दतवारी, फेिबुक

बदलाव के इस दौि मे्शुक्वाि ने सानित्य औि संलक ् नृ त को जगि देने का नसलनसला जािी िखा िै. िानलया दीपावली इस बात का उदाि​िण िै. शुक्वाि की पूिी टीम को इसके नलए बधाई. मादलनी दिंह, फेिबुक


संपादकीय

मुलायम और महागठबंधन स

अंबरीश कुमार

समाजवादी पार्​्ी को एक बड्ा मौका राष्​्ीय राजनीति मे्अपनी भूतमका तनभाने का तमल सकिा है बशि्​्ेवह अतिलेश यादव को आगे करे. मुलायम के महागठबंधन का न्योिा ठुकरा कर नीिीश कुमार ने यह संकेि दे तदया है.

माजवादी पाट्​्ी की ल्िापना के पच्​्ीस साल पूिे िो ि​िे िै.् पच्​्ीस साल बाद पाट्​्ी दोिािे पि खड्ी नजि आ ि​िी िै. पाट्​्ी का बख्ास ा ्युवा नेततृ व् अनखलेश यादव के साि िै तो मुलायम नसंि के ज्यादाति पुिाने सािी भी अलग िाि पि िै्. मुलायम, प्​्देश मे् एक नये गठबंधन की संभावना तलाश ि​िे िै. पि अब िास्​्ा बिुत आसान निी्िै. वजि मुलायम नसंि यादव खुद िै. उन्िो्ने नजस ति​ि के िैसले नपछले एक मिीने मे्नकये उसके चलते उनकी बनायी यि पाट्​्ी आज दो निल्सो् मे् बंट चुकी िै. यि नवभाजन तकनीकी तौि पि अभी भले न िुआ िो पि मन से, नवचाि से तो िो चुका िै. अगि िालत निी्सुधिे तो पाट्​्ी दोिाड्िो जायेगी. मुलायम नजस धड्ेके साि खड्ेनदख ि​िे िै् उसकी साख पि सवाल खड्ा िो चुका िै. जबनक दूसिे खेमे का नेततृ व् अनखलेश यादव के िाि मे् िै जो आज की तािीख मे् उत्​्ि प्​्देश की िाजनीनत मे्बड्ी लकीि खी्चते नजि आ ि​िे िै.् िालांनक वे कोई बिुत प्न्तबद्​्समाजवादी ि​िे िो् यि भी निी् िै. मुलायम नसंि, जनेश्ि नमश्​्, मोिन नसंि से लेकि िाजे्द् चौधिी जैसे खांटी समाजवानदयो् के साननध्य की वजि से वि मौजूदा िाजनीनत मे्सबसे अलग जर्ि नदखते िै.् अनखलेश यादव ने मुलायम नसंि यादव के पिंपिागत िाजनैनतक तौि तिीको् से अलग िटकि अपनी िाि बनाने का प्य् ास नकया िै. यिी वजि िै नक उत्ि् प्द् श े की िाजनीनत मे् किीब तीन दशक बाद नवकास का एजंडा चच्ा​ा मे्तो िै िी. इससे पिले कांगस ्े के मुखय् मंत्ी ि​िे नािायण दत्​् नतवािी अंनतम ऐसे मुख्यमंत्ी िे नजन्िे् नवकास के काम की वजि से जाना जाता िा. नोएडा से लेकि बिुत सी सड्के्उनके िी दौि मे् बनी्तो कई क्त्े ्ो्मे्काम िुआ. नि​ि मंडल औि मंनदि की िाजनीनत का जो दौि आया उसने नवकास के एजेड् े को िानशये पि िेक ् नदया. अब अनखलेश यादव के काय्क ा ाल मे्नि​ि उत्ि् प्द् श े कई मोच्​्ो्पि नयी पिल किता नदख ि​िा िै. मेट्ो िो, एक्सप्स ्े वे िो या नि​ि गांव मे्ल्वाल्थय् सेवा संबधं ी जैसी पिल. िाल मे्लखनऊ मे्तीन मित्वपूणा्इमाितो् का उद्घाटन िुआ. इलािाबाद िाई कोट्ाके नये पनिसि का, मुखय् मंत्ी के नये दफ्ति लोक भवन औि जयप्​्काश नािायण से्टि का. ये तीनो इमािते् लखनऊ की अत्याधुननक छनव को दशात्​्ी िै्. यि बानगी िै अनखलेश यादव की कामकाज की शैली की. देश के नकसी शि​ि मे्

इतना बड्ा साइनकल ट्क ्ै निी्बना िोगा नजतना लखनऊ मे्बन चुका िै. यि सब उदाि​िण इसनलए तानक यि समझा जा सके नक बीते साढ्ेचाि साल मे्कुछ िुआ भी िै. नवपक्​् को न नदखे तो समझ मे् आता िै पि मुलायम नसंि भी इसे न देख पाये्तो अिसोस िी जताया जा सकता िै. वे नजन ताकतो् के साि खड्ेिोकि अनखलेश यादव को साव्ज ा ननक र्प से अपमाननत किते ि​िे् िै वे ताकते् समाजवाद के नाम पि धल्बा मानी जाती िै्, यि उन्िे् समझना चानिए. समाजवादी पाट्​्ी के पच्​्ीस साल के दौि मे् जनता ने नजस दौि को सबसे ज्यादा सिािा िै वि दौि अनखलेश का िी ि​िा, मुलायम नसंि का निी्. अपवाद मंनदि आंदोलन का वि दौि िा जब मुलायम नसंि ने कट्ि् पंिी ताकतो्से मोच्ा​ा नलया.पि धीिे धीिे मुलायम नसंि की िाजनीनत मे् नवचलन आया औि वे समाजवाद के मूल नवचाि औि नसद्​्ातं से दूि िोते गये. पाट्​्ी पूिी ति​ि पनिवाि तक नसमट गयी. वोट के नलए सोशल इंजीननयनिंग औि बािुबनलयो्का साि भी उन्िो्ने नलया. मुलायम नसंि जब भी सत्​्ा मे् ि​िे समाजवादी पाट्​्ी की छनव पि गुडं े ,बदमाश औि बािुबली भािी पड्ते ि​िे. एक दौि तो ऐसा आया नक प्द् श े के ज्यादाति बािुबली समाजवादी पाट्​्ी के साि खड्ेिे. ऐसा निी्नक मायावती की बिुजन समाज पाट्​्ी कोई अलग ि​िी िो, उसके दौि मे् भी मानिया िावी ि​िे. इसी से अनखलेश यादव की साख बनी िै. समाजवादी पाट्​्ी को एक बड्ा मौका िाष्​्ीय िाजनीनत मे् अपनी भूनमका ननभाने का नमल सकता िै बशत्​्े वि अनखलेश यादव को आगे किे. मुलायम के मिागठबंधन का न्योता ठुकिा कि नीतीश कुमाि ने यि संकते दे नदया िै. यि मुलायम नसंि की नगिती िुई साख का नतीजा िै. वे एक बाि नबिाि मे्समाजवादी ताकतो्को दांव दे चुके िै इसनलए उनके पुिाने सािी भी आशंनकत िै्.ज्यादाति िाजनैनतक दलो् का मानना िै नक उत्​्ि प्​्देश की समाजवादी िाजनीनत मे्भनवष्य अनखलेश यादव का िी िै. उत्​्ि प्​्देश मे् गठबंधन का कुछ न कुछ असि तो पड् सकता िै- खासकि कांग्ेस, लोकदल औि समाजवादी पाट्​्ी के साि कुछ छोटे दलो् का अगि कोई गठबंधन अन्​्सत्व मे् आ जाये तो. पि यि तभी संभव िोगा जब पाट्​्ी अनखलेश यादव को आगे कि इस नदशा मे् n ईमानदािी से पिल किे. ambrish2000kumar@gmail.com शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

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आवरण मास्ट हेकथा ड

समाजवाद के युवा सुल्तान समाजवादी पार्​्ी की आंितरक लड्ाई मे्उप्​्के मुख्यमंत्ी अतिलेश यादव की छतव तनिर आयी है. उनकी िाजा रैली से भी यही संकेि तमलिा है. राजनीतिक पय्षवेक्को्का अनुमान है तक घर मे्रीपू के नाम से पुकारे जाने वाले अतिलेश आगामी तवधानसभा चुनाव मे् सपा के सुल्िान के र्प मे् उभरकर आये्गे. रंजीव

स

फोटो: पवन कुमार

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शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

अदिलेश यादव: नयी िूदमका की ओर

माजवादी पाट्​्ी मे् चल ि​िी उठापटक के बीच लखनऊ मे् गत 24 अक्टूबि को पाट्​्ी के प्​्देश मुख्यालय पि िो ि​िी बैठक मे् मुख्यमंत्ी अनखलेश यादव ने अभी बोलना शुर् िी नकया िा. बाि​ि िजािो् की तादाद मे् उनके समि्ाक कान लगा कि सुन ि​िे िे. भाषण बढ्ता गया औि मंच पि मौजूद बाकी नेताओ् के बीच खामोशी भी बढ्ती गयी लेनकन समि्ाको् की नािेबाजी िमने का नाम निी् ले ि​िी िी. मुख्यालय के बाि​ि की भीड् मे् शानमल कुशीनगि के ओम प्​्काश यादव बोले, 'जब से पाट्​्ी बनी िै तब से इसी मे् िूं.


बिुत भाषण सुने लेनकन आज के इस भाषण ने लंबी लकीि खी्च दी.' अनखलेश यादव बीते किीब पांच साल मे् इतना बेबाक िोकि कभी निी् बोले. अलबत्​्ा सुनते िी ि​िे. अपनो्से यि तोिमत सि पि लेते ि​िे नक कोई काम ठीक से निी्िो ि​िा, सिकाि ठीक से निी् चल ि​िी. ऐसे निी् चल सकता वगैि​ि-वगैि​ि. आलोचना के ये बाण अनधकांश अवसिो् पि खुद सपा प्​्मुख मुलायम नसंि यादव की ति​ि से चले. विी् बाि​ि वालो का आिोप िै नक प्​्देश मे् अनखलेश की चलती िी निी्. वि अपने नपता औि चाचा लोगो्की छाया मे्ि​िते िै्. प्​्देश मे् साढ्े चाि मुख्यमंत्ी िोने का आिोप इसीनलए लगता िै. ऐसे मे् साल 2012 मे् समाजवादी पाट्​्ी की सिकाि बनने के बाद से लगाताि सुनते िी आ ि​िे अनखलेश यादव जब पाट्​्ी की बैठक मे् खुल कि बोले तो ल्वाभानवक र्प से लकीि लंबी िोनी िी िी. वि पाट्​्ी के भीति ऐसा चेि​िा बन कि उभिे िै् जो साल 2017 के चुनाव मे् कामयाबी नदला सकता िै. ऐसा चेि​िा नजस पि पाट्​्ी के ज्यादाति काय्ाकत्ा​ा चुनावी सिलता नदलाने के नलए भिोसा कि सकते िै्. समाजवादी पाट्​्ी की 24 अक्टूबि की बैठक से एक नदन पिले जब अनखलेश यादव ने पाट्​्ी के नवधायको् की अलग से बैठक बुलायी िी तो उसमे् लगभग तीन चौिाई नवधायक शानमल िुए. यि अनखलेश के प्​्नत नवधायको् के समि्ान का प्​्दश्ान भी िा. नवधायक जानते िै्नक अगले चुनाव मे्उनकी जीत का बड्ा दािोमदाि अनखलेश यादव पि िै. नलिाजा वे पाट्​्ी की लड्ाई मे् उनके साि

खड्ेि​िने मे्िी िाजनीनतक समझदािी देख ि​िे बाद जो संदेश ननकल कि आया िै उसमे् िै्. अनखलेश यादव के नपता धुिंधि नसयासतदां अनखलेश के किीबी प्​्ोिेसि िामगोपाल यादव मुलायम नसंि यादव की बनाई औि बढ्ायी समेत उनकी यूि न्​्बगेड के कई लोगो् को समाजवादी पाट्​्ी के नलए यि छोटी घटना निी्. नशवपाल यादव के खेमे ने पाट्​्ी से बाि​ि भले िानलया घटनाक्​्म ने सानबत नकया िै नक कि नदया िो लेनकन उसके बावजूद पलड्ा बचपन मे् घि पि टीपू के नाम से पुकािे जाने अनखलेश यादव के पक्​् मे् भािी ि​िा. वि न वाले अनखलेश यादव समाजवादी पाट्​्ी के नसि्फ मुख्यमंत्ी के पद पि कायम िै् बस्लक भनवष्य के ल्वाभानवक नेता औि सुल्तान बन चुनाव मे् पाट्​्ी का सबसे प्​्मुख चेि​िा भी विी कि उभिे िै्. साल 2012 के चुनाव के बाद िो्गे. नेतृत्व भले िी यि किे नक 2017 मे् मुख्यमंत्ी बनने के बावजूद जो न िो सका वि सिकाि बनने की स्लिनत मे् मुख्यमंत्ी का साढ्ेचाि साल मे्उनके काम-काज औि पाट्​्ी िैसला नवधान मंडल दल की बैठक मे् िोगा, के ताजा नववाद मे् उनके बेबाक िवैये ने कि यि अनुमान लगाना कनठन निी्नक अनखलेश नदखाया. वे नेता बन कि उभिने मे् कामयाब यादव सिकाि के काम-काज की कसौटी पि ि​िे िै्. यि निन्दी पट्​्ी की समाजवादी िाजनीनत समाजवादी पाट्​्ी की सत्​्ा मे् नि​ि वापसी िुई मे् एक नए, युवा औि आधुननक सोच से लैस तो मुख्यमंत्ी कौन िोगा. नेतृत्व का उभाि भी िै. नजसकी धमक दूि तक पाट्​्ी के अंदर्नी द्​्ंद मे् अनखलेश प्​्खि, जाने के आसाि िै्. मुखि औि ननन्वावाद स मा ज वा दी बचपन में घर पर टीपू के नाम से नेता के र्प मे् ननखि पनिवाि मे् नशवपाल पुकारे जाने वाले अखिलेश यादव कि ननकले िै्. पाट्​्ी के यादव औि अनखलेश नववाद के पूिा समाजवादी पाटं​ंी के भखवषंय के यादव खेमे मे् मचे घटनाक्​्म मे् न नसि्फ संवाभाखवक नेता और सुलतं ान बन पाट्​्ी का बड्ा तबका घमासान के दो िी लक्​्य िे. नशवपाल उन्िे् एक धड्े के कर उभरे है.ं यादव के खेमे की यि ननशाने पि मान कि कोनशश नक अनखलेश यादव मुख्यमंत्ी की उनके साि खड्ा िै बस्लक आम लोगो्के बीच कुस्ी से बेदखल िो् औि पाट्​्ी से भी बाि​ि. भी वे बेदाग छनव के साि खुद को पुनल्ि्ा​ानपत अनखलेश यादव का खेमा ऐसी नकसी भी मुनिम किने मे् सिल ि​िे िै्. उनके प्​्नत लोगो् का को नाकाम किने के साि िी यि भी चािता िा आम मनोभाव यि िै नक 'अनखलेश अच्छे िै् नक नववाद की वजिो् का सावन्जानक र्प से औि कुछ सकािात्मक किना चािते िै् लेनकन खुलासा िो औि अनखलेश के नजन समि्ाको् उन्िे्पाट्​्ी के िी कुछ तत्व नािक पिेशान कि को पाट्​्ी से ननकाल नदया गया िै उनकी वापसी ि​िे िै्.' िमदद्​्ी औि समि्ान के इसी नमजाज िो. के कािण िाल के एक सव्​्े मे् भी जनता ने किीब डेढ्माि तक चले इस शि-मात के अनखलेश यादव को समाजवादी पाट्​्ी का प्​्ेि कॉनफ्​्ि मे् मुलायम दिंह यादव: कैिे कायम रहे एकता

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आवरण कथा

मुस्ललम वोट की अहममयत स

माजवादी पाट्​्ी के आपसी घमासान के बीच मुसल् लम वोटिो्के नमजाज की चच्ा​ा यूं िी निी् िै. प्​्देश मे् किीब 19 िीसदी मुस्ललम वोटिो् को समाजवादी पाट्​्ी का पािपंनिक समि्क ा माना जाता िै. नजसे मुलायम नसंि यादव ने अपनी िाजनीनतक शैली से धीिे-धीिे अपने साि जोड्ा. ऐसे मे् यि सवाल उठना ल्वाभानवक िै नक अगि चुनावो्मे्समाजवादी पाट्​्ी आपसी घमासान के कािण कमजोि नदखे तो मुस्ललम नकसके साि जाएगा? वि भी ऐसे चुनाव मे्जो 2014 के मोदी लि​ि के बाद िो ि​िा िै नजसमे्भाितीय जनता पाट्​्ी ने बाकी दलो्का सूपड्ा साि कि नदया. मोदी सिकाि के ढाई साल के काय्ाकाल मे् भगवा पाले के कई बड्ेबोले नेताओ् के बयानो् से मुस्ललमो् के मन मे् आशंका घि किती गयी नक उत्​्ि प्​्देश मे् भी भाजपा सत्​्ा मे् आयी तो ऐसे बयानवीिो्के िौसले बढ्े्गे. नलिाजा ऐसा माना जा ि​िा िै नक 2017 मे् मुस्ललम उसी पाट्​्ी को वोट किेगा जो भाजपा को ि​िाता औि अगली सिकाि बनाता नदखे. यिी वजि िै नक बिुजन समाज पाट्​्ी की प्​्मुख मायावती दनलत-मुस्ललम गठजोड् की संभावनाएं टटोल ि​िी िै् तो कांग्ेस भी मुस्ललम वोटिो् मे् अपने नलए उम्मीद तलाश ि​िी िै. 403 सीटो्मे्किीब 150 सीटे्ऐसी िै्जिां मुस्ललम वोट ननण्ा​ायक िो सकता िै. इनमे्75 तो ऐसी िै्नजनमे्मुस्ललम वोटि की संख्या 30 िीसदी से ज्यादा िै. नपछले नवधानसभा चुनाव मे्समावादी पाट्​्ी को ल्पष्​्बिुमत के साि नमली्224 सीटो्मे्मुसल् लम वोटिो्की बड्ी भूनमका िी. तब नवधानसभा मे्64 मुस्ललम नवधायक पिुंचे िे नजसमे्अकेले समाजवादी पाट्​्ी के 41 िे. सबसे लोकन्​्पय नेता ठि​िाया िै. पाट्​्ी के िी एक धड्े का उनके नखलाि मुनिम चलाना औि उसमे् अनखलेश के बाजी मािने का िी असि िै नक अब नवपक्​्की ति​ि

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से प्​्देश मे् साढ्े चाि मुख्यमंत्ी िोने औि समाजवादी पाट्​्ी मे्पनिवािवाद के आिोपो्की धाि भी कुंद िो गयी िै. नवपक्​्ी खेमे के एक नेता ने नाम न छापने की शत्ापि ल्वीकािा नक

''नजस ति​ि समाजवादी पाट्​्ी मे् शीष्ा नेतृत्व का कलि खुल कि सामने आया औि उसमे् अनखलेश िावी नदखे उसने उन्िे्औि पाट्​्ी को ननशाने पि िखने के िमािे िनियाि को कमजोि नकया िै.'' अपने दल के अंदि के संग्ाम मे्नवजेता के र्प मे् ननकल कि अनखलेश यादव ने यि िाउंड अपने नाम नकया िै लेनकन उनकी लड्ाई अभी खत्म निी्िुई िै. बस्लक बड्ा संग्ाम अब शुर्िुआ िै. नजस ’नवकास से नवजय की ओि’ ि​ि यात्​्ा के जनिये वे प्​्देश की जनता के बीच पिुंचने वाले िै् उसके प्​्नत जनता की उत्सुकता, प्​्नतन्​्कया इसका बड्ा पैमाना िोगा नक अनखलेश औि समाजवादी पाट्​्ी 2017 मे् भी सिकाि बनाने के दावे पि नकतना खिा उतिने वाले िै्. ि​ियात्​्ा के प्​्नत जनता का र्ख यि भी साि किेगा नक समाजवादी पाट्​्ी की िानलया गुटबाजी के दौि मे् भ्​्नमत िुए उसके वोट आधाि का भ्​्म नकतना खत्म िोता िै औि वि सपा को िी अपनी ल्वाभानवक पसंद मानना जािी िखता िै. यि बात मुस्ललम वोटिो् के मामले मे् खास तौि पि लागू िोती िै क्यो्नक बिुजन समाज पाट्​्ी की मुनखया मायावती वोटिो् के इस अिम तबके को अपनी ओि किने की कोनशशो् मे् समाजवादी पाट्​्ी की आपसी िाि को भी मुद्ा बना ि​िी्िै्. मायावती की भिसक कोनशश िै नक मुस्ललम उनकी यि बात माने् नक समाजवादी पाट्​्ी नबखिा पनिवाि िै औि उसे वोट देना वोट की बब्ा​ादी िोगी नजससे भाजपा को लाभ िोगा. िमाजवादी पाट्​्ी पदरवार:ऐदतहादिक घमािान


गांठे् और उम्मीदे्

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माजवादी पाट्​्ी मे् उपजे नववाद के निलिाल शांत िोने औि पाट्​्ी के चुनावी नमजाज मे् आने के समांति िी उत्​्ि प्​्देश मे् भाितीय जनता पाट्​्ी के नखलाि एक मिागठबंधन बनाने की पिल भी िो गयी िै. खुद समाजवादी पाट्​्ी की ओि से की गयी इस

मुलायम दिंह और लालू यादव: गठबंधन की उम्मीद पिल मे् नीतीश कुमाि की जनता दल (यू), अनजत नसंि के िाष्​्ीय लोकदल औि लालू प्​्साद के िाष्​्ीय जनता दल को शानमल किने की योजना िै. कांग्ेस इसका संभावना बनेगी या निी्, यि निलिाल साि निी्. चूंनक पिल समाजवादी पाट्​्ी की ओि से िुई िै नलिाजा

अनखलेश अपनी ि​ि यात्​्ा से क्या ऐसा मािौल नटकट बंटवािे का मुद्ा भी चुनावो्मे्अनखलेश बना पाये्गे, नजससे समाजवादी पाट्​्ी का यि यादव औि समाजवादी पाट्​्ी की कामयाबी का मजबूत वोट आधाि ननन्​्िंत िो सके नक अिम पैमाना िोगा. नटकट बंटवािे मे् उनकी समाजवादी खेमे मे् सब ठीक िै ? ि​ि यात्​्ा िाय को तवज्​्ो नमले यि अनखलेश यादव जैसे-जैसे पिवान चढ्ेगी इस सवाल के जवाब प्​्देश अध्यक्​्पद से िटने के बाद से किते ि​िे की भी पिते्खुले्गी. िै्. चूंनक चुनाव मे्पाट्​्ी का सबसे प्​्मुख चेि​िा ि​ि यात्​्ा के दौिान नजलो् मे् समाजवादी विी िो्गे ऐसे मे् प्​्त्याशी तय किने मे् उनकी पाट्​्ी संगठन का िवैया कैसा ि​िता िै यि भी ल्वाभानवक भूनमका िोनी चानिये. प्​्देश अध्यक्​् कािी कुछ बतायेगा. माना जा ि​िा िै नक पाट्​्ी िोने के नाते नशवपाल यादव औि उनका धड्ा संगठन का बड्ा इसे नकस िद तक िोने पाटं​ंी का एक बडंा तबका इस निल्सा इसकी देगा यि देखना न नसि्फ राय का है खक उनंहें सपा पंमं ि ु कामयाबी मे् जुटेगा. नदलचल्प बस्लक मु ल ायम खसं ह यादव से खनयखमत वाकई ऐसा िी िुआ तो अनखलेश की प्​्मुख यि संदेश भी संवाद के दरवाजे भी िुले रिने चुनौनतयो् मे् शुमाि भी ननकलेगा नक िोगा. चाखहए थे. तकनीकी तौि पि इस पूिे घटनाक्​्म नशवपाल यादव प्​्देश अध्यक्​्जर्ि िै्लेनकन मे् अनखलेश दल के भीति अपने प्​्नतद्​्ंनदयो् संगठन की आल्िाये्अनखलेश यादव के साि पि भािी जर्ि पड्े िै् लेनकन पाट्​्ी का िी िै्. एक बड्ा तबका इस िाय का िै नक उन्िे् विी् इसके उलट िुआ तो दोनो् धड्ो् की औि पिले न नसि्फ मुखि िोना चानिये िा तनातनी बढ्ने से भी इनकाि निी् नकया जा बस्लक सपा प्​्मुख मुलायम नसंि यादव से सकता. ि​ि यात्​्ा की कामयाबी के अलावा ननयनमत संवाद के दिवाजे भी खुले िखने

इसमे् उसकी धुि िाजनीनतक नविोधी बिुजन समाज पाट्​्ी के शानमल िोने की कोई संभावना भी निी्िै. मिागठबंधन को लेकि समाजवादी पाट्​्ी के प्​्देश अध्यक्​्नशवपाल नसंि यादव इन दलो् से एक िाउंड की बात कि चुके िै्. माना जा ि​िा िै नक मिागठबंधन का सोच सपा मुनखया मुलायम नसंि यादव का िै क्यो्नक उनकी ि​िी झंडी के बगैि नशवपाल इसकी पिल निी् कि सकते िे. नदलचल्प बात यि िै नक मिागठबंधन के मुद्े पि अनखलेश यादव अभी तक खामोश िै्. इसके उलट वे अपनी सिकाि के कामकाज औि अपनी छनव को िी सामने कि चुनाव प्च ् ाि मे् उतिना की तैयािी मे् िै्. आने वाले नदनो् मे् समाजवादी पाट्​्ी के सभी शीष्ा नेता मिागठबंधन के मुद्े पि कैसा र्ख िखते िै्यि देखना भी कम नदलचल्प निी्िोगा. वैसे, नसयासी जानकािो् का मानना िै नक अगि वाकई मिागठबंधन बना तो उसकी ओि से मुख्यमंत्ी के ल्वाभानवक चेि​िे के र्प मे् अनखलेश यादव िी सामने नकये जाये्गे. जैसा नक नबिाि मे्नीतीश कुमाि के मामले मे्िुआ. मिागठबंधन के चेि​िे के र्प मे्अनखलेश की ल्वीकाय्ाता गैि-भाजपा वोटिो् के बीच औि बढ्ने का अनुमान भी नसयासी जानकाि लगा ि​िे िै्. उनके मुतानबक, यनद वोटिो् के जेिन मे् मिागठबंधन की पैकेनजंग ठीक से पेश की जा सकी तो यि बेिद कामयाब पिल सानबत िो सकती िै. चानिये िे. उनकी ओि से िुई संवादिीनता का िी लाभ पाट्​्ी मे् उनके प्​्नतद्​्ंनदयो् ने उठाया औि यि समझाने मे् कामयाब ि​िे नक 'अनखलश का तो नदमाग िी खिाब िो गया िै' (यिी शल्द सपा मुनखया ने 24 अक्टूबि को पाट्​्ी की बैठक को संबोनधत किते िुए अनखलेश के नलए किे िे). उस बैठक के बाद का घटनाक्​्म देखे् तो इसके संकेत नमल ि​िे िै्नक अनखलेश ने पाट्​्ी प्​्मुख से अपना संवाद बढ्ाया िै. यश भािती पुिल्काि जीतने वालो्को मुलायम से नमलवाने उनक आवास लेकि जाना औि ल्कूली बच्​्ो् को नमड डे नमल खाने के नलए िाली-कटोिी देने के सिकािी काय्ाक्म मे्भी सपा प्​्मुख की मौजूदगी इसके उदाि​िण िै्. माना जा ि​िा िै नक संवाद औि मुलाकाते् बढ्े्गी. दिअसल पाट्​्ी मे् अनखलेश के कई शुभनचंतक भी इस िाय के िै् नक उन्िे् दल के अंदि संवाद औि मुलाकाते् बढ्ानी िो्गी. तभी वि सानजशो् को वक्त ि​िते भांप पाये्गे औि काट कि सके्गे. ननन्वावाद नेता के र्प मे् उभिने के बाद यि n जर्िी भी िै. शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

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आवरण कथा

फोटो: पवन कुमार

अदिलेश की रैली का एक दृश्य: िलनायक की पहचान

उभरे-मनखरे अमखलेश

सव्​्ेके अनुसार, अतिलेश यादव ने लोकत्​्पयिा के मामले मे्अपने तपिा और चाचा को पीछे छोड्तदया है.

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माजवादी पाट्​्ी मे् मचे घमासान के दौि मे् आम लोगो् के बीच बोले्गे, मै्करं्गा, लेनकन उनके नखलाि कोई सानजश िुई तो मै्चुप निी् अनखलेश यादव की लोकन्​्पयता बढ्ी िै. सी-वोटि के ताजा सव्​्ेमे् ि​िूंगा. पाट्​्ी के नविोनधयो् की ओि से उन पि सपा से अलग िोकि नयी यि बात सामने आयी. सव्​्ेनिपोट्ाके मुतानबक, सपा के पानिवानिक झगड्े पाट्​्ी बनाने के आिोपो्का जवाब देते िुए उन्िो्ने किा नक वे नई पाट्​्ी क्यो् के बीच अनखलेश यादव ने लोकन्​्पयता के मामले मे्अपने नपता एवं सपा बनाये्? प्​्मुख मुलायम नसंि यादव औि चाचा एवं पाट्​्ी के प्​्देश अध्यक्​्नशवपाल उन्िो्ने किा नक नेताजी ने अन्याय से लड्ना नसखाया िै. वे मेिे नपता नसंि यादव को पीछे छोड्नदया िै. अनखलेश यादव की लोकन्​्पयता तेजी औि मेिे गुर् िै्. उनके आशीव्ा​ाद से मुख्यमंत्ी बना िूं. वे किे्गे तो से बढ्ी िै. मुलायम, अनखलेश औि नशवपाल यादव को लेकि सी-वोटि मुख्यमंत्ी के पद से इस्​्ीिा भी दे दूंगा. समाजवादी पाट्​्ी मे् सब नेताजी ने एक सव्​्ेनसतंबि मे्औि दूसिा अक्टूबि के मध्य मे्नकया. का िै. यि नेताजी की पाट्​्ी िै. मै्भाग्यशाली िूं नक मै्नेताजी का बेटा िूं. सव्​्े के नतीजो् के मुतानबक, चाचा नशवपाल के मुकाबले अनखलेश मैन् े नेताजी की नीनतयो्का लागू किने के नलए जमीनी ल्ति पि काम नकया. को पसंद किने वाले लोगो् की संख्या नसतंबि मे् 77.1 प्​्नतशत िी जो अनखलेश ने बेबाकी से किा नक कोई षड्​्ंत्कि ि​िा िै मेिे नखलाि. अक्तबू ि मे्बढ्कि 83.1 प्न्तशत िो गयी. यानी अनखलेश को चािने वालो् जो ईमानदाि िो उसे मुख्यमंत्ी बना दे्नेताजी. नजसका जमीि िो वि बन की संख्या छि िीसदी बढ्गयी. इसी ति​ि, नपता मुलायम की तुलना मे्भी जाये मुख्यमंत्ी. यि किते-किते अनखलेश कई मौको्पि भावुक िो गये. अनखलेश अनधक लोकन्​्पय नजि आते िै्. दोनो्की लोकन्​्पयता की तुलना उनका गला र्ंध गया. आंखे्छलछला आयी्. अनखलेश ने अमि नसंि के वाले सवाल मे् भी अनखलेश को अक्तूबि मे् 76 नखलाि जमकि गुल्सा भी ननकाला. किा नक अखिलेश सपा के पारंपखरक जबनक नपछले मिीने 67 प्​्नतशत लोगो् ने पसंद अमि नसंि ने ट्वीट किके किा िा नक अक्तूबि वोटरोंकी सीमा भी लांघते खदि मे् बड्ा बदलाव िोगा? सीएम नवंबि तक िट नकया. मुलायम नसंि को नपछली बाि 19, जबनक रहे है.ं 55 साल से जंयादा उमं​ं इस दिा 15 प्​्नतशत लोगो्ने पसंद नकया. जायेगा. मुझे नेताजी ने अध्यक्​् पद से िटा नदया अनखलेश सपा के पािंपनिक वोटिो्की सीमा वाले 70 फीसदी लोग अखिलेश उसका कोई मलाल निी्लेनकन िैसला िोते वक्त भी लांघते नदख ि​िे िै्. मुलायम से तुलना की बात विां तीन घंटे अमि नसंि बैठे ि​िे. सानजशे्की जा को पसंद करते है.ं िखे जाने पि भी 55 साल से ज्यादा उम्​्वाले 70 ि​िी्िै्. अगि बाि​िी लोग मेिे औि मेिे पनिवाि के िीसदी लोग अनखलेश को पसंद किते िै्. सव्​्ेक्ण नजन लोगो् के बीच बीच मनमुटाव किवाये्गे तो मै्काि्ावाई करं्गा िी. नकया गया, उनमे्से 68 िीसद लोगो्का मानना िै नक अनखलेश पाट्​्ी को अनखलेश ने किा नक मेिा भी कनियि िै, बब्ा​ाद िुआ तो दूसिा कौन गुड ं ा छनव से बाि​ि ननकालने की कोनशश कि ि​िे िै.् जबनक 63.2 प्न्तशत सा काम करं्गा. िाजनीनत के अलावा औि कुछ निी् कि सकता. लोगो् का यि मानना िै नक अनखलेश को उन लोगो् को पाट्​्ी मे् शानमल अनखलेश ने अंत मे्यि भी किा नक अगि सीमा से ज्यादा बोल गये िो्तो निी्किने देना चानिए जो आपिानधक छनव के िै्. मंच पि बैठे लोग माि किे.् अनखलेश के भाषण के दौिान बैठक मे्शानमल मुखय् मंत्ी अनखलेश यादव ने 24 अक्तबू ि की बैठक मे्भावुक भाषण औि काय्ा​ालय के बाि​ि मौजूद कई युवा काय्ाकत्ा​ा भी िोते देखे गये. नदया िा. नजसमे्उन्िो्ने किा नक नेताजी मेिे नलए सब कुछ िै्, नेताजी जो - रंजीव 10 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016


एक रथ दवजय की ओर अतिलेश यादव की बहुचत्चषि रथायात्​्ा को शुर्आि मे्ही युवाओ्का जबरदस्​्समथ्षन तमला है. आगे की रणनीति और आंितरक द्​्ंद्मे्उलझी सपा की चुनावी िैयातरयो्के तलहाज से इसे अहम माना जा रहा है. मणेद् ् लमश्​्ा 'मशाि'

बी

ते तीन नवंबि को जब उत्ि् प्द् श े के मुखय् मंत्ी अनखलेश यादव का 'नवकास से नवजय की ओि' िाजधानी लखनऊ के ला मान्टना नयि ग्​्ाउंड से आगे बढ्ा तो किीब पांच लाख नौजवानो् की भीड् विां एकन्​्तत िी. समाजवादी पाट्​्ी के 25 साल के के दौि मे् युवाओ् का ऐसा जनसैलाब िाजधानी मे् कभी देखने को निी् नमला िा. यिी वजि िी नक लखनऊ के ल्कल ू कॉलेज सब बंद कि नदये गये िे. यिी नौजवान अनखलेश यादव की िाजनीनतक पूज ं ी भी िै.् नपछले एक माि से पाट्​्ी औि पनिवाि के साि उनके संघष्ामे्ये युवा िी उनकी ताकत बने िुए िै.् लखनऊ के लोगो्का भी मानना िै नक बीते दो दशको् मे् लखनऊ की सड्को् पि नौजवानो् का ऐसा कानिला शायद शायद िी कभी उमड्ा िो. किा जा सकता िै नक अनखलेश यादव ने उत्ि् प्द् श े नवधानसभा चुनाव की ननण्ाया क शुरआ ् त कि दी िै. इससे नवपक्​्ी दलो्की पेशानी पि बल पडऩा लानजमी िै. िाजनीनत के मौजूदा दौि मे् सत्​्ा मे् ि​िते िुए सड्क पि उतिकि नुकड् ्जनसभाओ्को िैनलयो्मे्तल्दील कि देने का ऐसा सािस अन्य दलो्मे्नदखायी निी्देता. संयोग यि भी िै नक बीते कुछ समय से उत्ि् प्द् श े की पूिी िाजनीनत अनखलेश यादव के िी व्यस्कतत्व् के इद्ना गद्ाकेन्​्दत िै. वष्ा2012 मे् यूपी की कमान संभालने के तत्काल बाद अनखलेश यादव ने मुखय् मंत्ी आवास कानलदास माग्ाका िास्​्ा आम लोगो्के नलए खोलने के साि िी नवधानसभा के सामने धिना ल्िल पि धिना-प्द् श्ना किने की बिाली का आदेश नदया िा. इन दो िैसलो्से अनखलेश यादव ने िाजनीनत की अपनी नदशा ल्पष्​्कि दी िी. अब एक बाि नि​ि बतौि मुखय् मंत्ी मौजूदा काय्क ा ाल समास्पत के कुछ मिीने पिले नवकास से नवजय की ओि ि​ियात्​्ा उसी बदली िाजनीनत

फोटो: पवन कुमार

की एक बानगी िै. बीते चाि से अनधक वष्​्ो् मे् समाजवादी पाट्​्ी का चेि​िा औि चनित्​्बदलते िुए अनखलेश यादव ने जनता से बेिति संवाद की नयी शैली नवकनसत की िै. उसी का असि िै नक नपछले कई दशक के बाद लाखो् की तादात मे् नौजवान सड्को्पि उतिे िै.् इस ि​ियात्​्ा ने यूपी की िाजनैनतक घमासान के बीच अनखलेश यादव को एक नेता के तौि पि ल्िानपत कि नदया िै. लाखो्नौजवानो्की भीड्मे् नािो् की भाषा औि आवाज से चुनावी वष्ा मे् समाजवादी पाट्​्ी के पक्​्मे् मजबूत मािौल की शुरआ ् त नदखाई पड्ि​िी िै. नजस प्क ् ाि तमाम उठापटक के बीच अनखलेश यादव अपने युवाओ् के साि मजबूती से नटके नदखाई पड्े िै् ऐसे मे् जयप्क ् ाश की वैचानिकी को अपने िाजनैनतक नवचाि पिंपिा मे्शानमल किना नौजवानो्के नलए बड्ा संदश े िै. इस अवसि पि मुखय् मंत्ी अनखलेश यादव ने किा नक नकसी भी गठबंधन या मिागठबंधन के बािे मे्अंनतम ननण्या नेताजी किेग् .े उन्िो्ने किा नक जनता उसी के पक्​् मे् जाती िै जो काम किता िै.उनकी सिकाि ने नपछले दो साल मे्ि​ि वादा पूिा नकया िै. गौितलब िै नक इस ि​ि को सपा सुप्ीमो मुलायम नसंि यादव औि नशवपाल यादव ने ि​िी झंडी नदखकि िवाना नकया. यि बात भी गौि किने वाली ि​िी नक सपा के प्द् श े अध्यक्​् नशवपाल यादव अनखलेश की ि​ियात्​्ा मे्पिुच ं े जर्ि लेनकन अनखलेश ने अपने संबोधन मे् नशवपाल का नाम तक निी्नलया. सभा मे्आये

अदिलेश यादव की रथ याि्​्ा: व्यापक िमथ्थन लोगो्को संबोनधत किते िुए अनखलेश ने किा नक यूपी का चुनाव देश की नदशा तय किेगा औि यि सिकाि दोबािा लाने का समय िै. इस मौके पि नशवपाल यादव ने मुखय् मंत्ी को ि​ियात्​्ा के नलए शुभकामना दी औि काय्क ा त्ाओ ा ्को जोश मे् िोश न खोने की नसीित दी. लखनऊ से उन्नाव तक की इस यात्​्ा से यूपी की बदल ि​िी नसयासी किवट के अनखलेश की ति​ि झुकने की संभावना भी नदखाई पड्ि​िी िै. अब देखना यि िै नक सड्को् पि उतिा यि जनसैलाब अनखलेश यादव को दुबािा अवसि देने मे्सिभागी िोता िै या निी! िाजनीनत मे्अनखलेश यादव की सन्​्कयता पंदि् वष्ासे अनधक की िो गयी िै. नजसमे्उन्िो्ने दो बाि ि​ियात्​्ा के माध्यम से यूपी के तमाम छोटे शि​िो्औि गांवो्मे्भी नुकड् ्सभा से िाजनीनत की पाठशाला मे् प्व् श े नलया. इसके अनतनिक्त अनेक अवसिो्पि उन्िो्ने साइनकल चलाकि भी आम जनता से अपने जुड्ाव को नवकनसत नकया िा. बेदाग्छनव के सिािे जनता के बीच अनखलेश यादव का चलना लोगो्को भावनात्मक आधाि पि अपने से जोडऩे के तौि पि देखा जा सकता िै. बड्ी-बड्ी िैनलयो्, जनसभाओ्के बीच सड्को् पि अपने नौजवान एवं उत्सािी कायज्क ् तार्ओ् के साि चुनाव प्च ् ाि की यि शैली अब तक बेिद अलग िै. अनखलेश यादव सोशल मीनडया पि भी बड्ी संखय् ा मे्अपने प्श ्स ं को्से लैस िै.् नजसका कोई अन्य मजबूत नवकल्प अभी तक सामने निी n आ पा ि​िा िै. शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016 11


मास् देशकाल ट हेड

एक नये मोर्​्े की आहट एक नये वैकल्लपक मोच्​्ेकी चच्ाष के दौर मे्गैरभाजपा और गैर-कांग्ेस राजनीति के के्द्मे् तिलहाल दो चेहरे प्​्मुि है्: ममिा बनज्​्ी और नीिीश कुमार. देिना यह है तक इनमे्से तकसके नाम पर सहमति बनिी है. उमेश कुमार राय

कु

छ समय पिले नबिाि नवधानसभा चुनाव मे्जदयू-िाजद गठबंधन की जीत के बाद गैि भाजपा-गैि कांग्ेस मोच्​्े की धुंधली तल्वीि उभिी िी. इसी साल पन्​्िम बंगाल के नवधानसभा चुनाव मे् तृणमूल कांग्ेस ने जबिदस्​् जीत िानसल की औि मुख्यमंत्ी के र्प मे् ममता बनज्​्ी के शपि ग्​्िण समािोि मे् गैि भाजपा-गैि कांग्ेस शानसत िाज्यो् के मुख्यमंन्तयो्को आमंन्तत नकया गया. नीतीश कुमाि, अनखलेश यादव, अिनवंद केजिीवाल आनद तमाम गैि भाजपा-गैि कांग्ेसी मुख्यमंत्ी विां पिुंचे. लेनकन उसके बाद से नकसी संभानवत वैकस्लपक मोच्​्ेकी बात ठप िै. नबिाि के िाजगीि मे्जदयू की िाष्​्ीय पनिषद की दो नदवसीय बैठक मे् पाट्​्ी के तमाम वनिष्​् नेताओ् ने नीतीश कुमाि को िाष्​्ीय कद का नेता या किे् तो भनवष्य का पीएम किाि दे नदया. जदयू के वनिष्​् नेता केसी त्यागी ने पनिषद की बैठक के बाद किा, 'िमािी पाट्​्ी छोटी जर्ि िै लेनकन िमािे नेता मे्पीएम मटीनियल िै.उन्िो्ने नजस ति​ि नबिाि को चलाया िै वि अन्य देशो्के नलए मॉडल िै. देश की जनता अब नीतीश कुमाि की िाि तक ि​िी िै. नीतीश कुमाि ने भी इशािो्मे्िी सिी अपना सपना जानि​ि कि नदया.' उन्िो्ने किा नक गदिे पि भी जो भाि डाला जाये वि उसे ढो लेता िै नि​ि वि तो मेिनती आदमी िै्. नदन भि मे् 15 घंटे काम किते िै्. नजस नदन काम न िो उन्िे्अच्छा निी्लगता. उत्​्ि प्​्देश चुनावमे् उम्मीदवाि उतािने की जदयू की घोषणा भी यिी इशािा किती िै नक वि िाष्​्ीय िाजनीनत मे्आने का पूिा मन बना चुके िै्. उधि तृणमूल कांग्ेस के नेताओ् की दृन्ष मे् ममता बनज्​्ी िी इकलौती ऐसी नेता िै्नजन्िे्निे्द् मोदी के सामने खड्ा नकया जा सकता िै. बनज्​्ी खुद कई बाि कि चुकी िै् नक देशनित के नलए वि िाष्​्ीय स्​्ि पि गैि-कांग्ेसी, गैि भाजपा फं्ट का नेतृत्व किने को तैयाि िै्. पन्​्िम बंगाल नवधानसभा चुनाव से पिले तृणमूल कांग्ेस के वनिष्​्नेता 12 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

ममता बनज्​्ी: दीदी की दावेदारी औि ममता बनज्​्ी के नवश्​्ासपात्​्ि​ि​िाद िकीम ने किा िा नक ममता बनज्​्ी केा िेडिल फं्ट का नेतृत्व किना चानिये. देश को निलिाल एक गैि सांप्दानयक मोच्​्े की आवश्यकता िै. ममता इसके नलए सिी उम्मीदवाि िै्. जयलनलता भी इसकी दावेदाि िै्लेनकन उनकी बीमािी ने निलिाल उनके नाम पि नविाम लगा नदया िै. वष्ा 2014 के लोकसभा चुनाव का नवश्लेषण किे्तो ममता बनज्​्ी सबसे मजबूत नजि आती िै् क्यो्नक जबिदस्​् मोदी लि​ि मे् भी उन्िो्ने िाज्य की 42 मे्से 34 लोकसभा सीट जीती िी्. कांग्ेस मिज चाि जबनक वाम धड्ा दो सीटो्पि नसमट कि ि​ि गया िा. उन चुनावो्मे्अन्य दलो् के प्​्दश्ान से तुलना किे् तो वष्ा 2014 के लोकसभा चुनाव मे् सपा को उत्​्ि प्​्देश मे्केवल पांच सीट नमली िी्. बसपा का खाता भी निी्खुला िा. कांग्ेस को दो सीट िानसल िुई िी्. नबिाि मे्जदयू को दो औि िाजद को चाि सीट पि संतोष किना पड्ा. कांग्ेस यिां भी दो सीटे् जीतने मे् कामयाब ि​िी. पन्​्िम बंगाल के िाजनीनतक नवश्लेषक नवश्​्जीत चक्​्वत्​्ी किते िै्, 'के्द् की भाजपानीत सिकाि नजस तिीके से चल ि​िी िै, उसे देखते िुए वष्ा 2019 मे् िोने वाले लोकसभा चुनाव मे् वष्ा 1996 जैसी िाजनीनतक स्लिनत बनने की संभावना से इनकाि निी् नकया जा सकता िै. अगि वष्ा1996 वाले िालात बनते िै्तो िेडिल फं्ट बनाने मे्सबसे मित्वपूण्ा भूनमका ममता बनज्​्ी की िोगी.' वि किते िै्, 'लोकसभा चुनाव मे् अगि कोई भी क्​्ेत्ीय पाट्​्ी 40 से 50 सीटे् ले आती िै तो वि मित्वपूण्ा िोगी औि मुझे लगता िै नक नजस ति​ि माक्स्ावादी कम्युननल्ट


समि्ान देकि सिकाि बनवायी. बि​ि​िाल, ममता बनज्​्ी की दावेदािी के पक्​्मे्यि दलील भी दी जा ि​िी िै नक बंगाल की िाजनीनत मे् उनका डंका बज ि​िा िै औि उनकी छनव भी साि िै. ममता की सािसुि​िी छनव की प्​्शंसा उनकी धुि नविोधी पाट्​्ी भाजपा के प्​्देश अध्यक्​् नदलीप घोष भी कि चुके िै्. बंगाल नवधानसभा चुनाव के पनिणाम के बाद नदलीप घोष ने एक प्​्ेस कांफे्स मे् साि तौि पि किा िा नक ममता बनज्​्ी पि नकसी भी ति​ि के घोटाले का कोई आिोप निी् िै. उनकी छनव साि-सुि​िी िै औि इसी कािण उन्िे् निकॉड्ा जीत नमली िै. दूसिी बात यि िै नक क्​्ेत्ीय पान्टियो् के साि भी उनके अच्छे संबंध िै्. ये सािी चीजे्फं्ट मे्उनकी दावेदािी को बल दे्गी लेनकन उनकी तुनकनमजाजी के चलते दूसिी क्​्ेत्ीय पान्टियो् के साि सामंजल्य नबठाने मे्बड्ी कनठनाई िो सकती िै. दूसिी ति​ि नीतीश कुमाि िै्. नबिाि की िाजनीनत पि पैनी नजि िखने वाले िाजनीनतक पय्ावेक्को् का किना िै नक ममता बनज्​्ी की तुलना मे् वि ज्यादा प्​्भावशाली िै्. िाजनीनतक पय्ावेक्क अभय दुबे किते िै् नक ममता बनज्​्ी का प्​्भाव पन्​्िम बंगाल मे् बिुत िै लेनकन उत्​्ि भाित मे्उनका कोई आधाि निी्िै. उनकी तुलना मे्नीतीश कुमाि ज्यादा प्​्भावशाली िै्. वि उत्​्ि भाित मे् एक िद तक पकड् िखते िै्. उनकी छनव एक सुलझे िुए औि गंभीि िाजनेता की िै. नीतीश कुमाि ने नपछले नदनो्नबिाि मे्सख्ती से शिाबबंदी कानून लागू कि िाष्​्ीय स्​्ि पि एक संदेश देने की कोनशश की िै. वि अपने इिादे पि अनडग िै्. वि दूसिे िाज्यो मे्भी जाकि शिाबबंदी का संदेश देते िै्. वि इसे िाजनीनतक िनियाि बना ि​िे िै्. िाल िी मे् उन्िो्ने पानकस्​्ान मसले पि प्​्धानमंत्ी निे्द्मोदी को निदायत दी नक वे पानकस्​्ान को प्​्ेम पत्​्नलखना बंद किे्. वष्ा 2014 के लोकसभा चुनाव से पिले एक टेलीनवजन साक्​्ात्काि मे् निे्द्मोदी ने यिी बयान देकि सुन्खायां बटोिी िी. कुल नमलाकि नीतीश कुमाि लगाताि यि प्​्यास कि ि​िे िै्नक िाष्​्ीय िाजनीनत मे्उनका कद भले न बढ्ेमगि उनकी चच्ा​ा िोती ि​िे. तकिीबन 4 मिीने के बाद देश की िाजनीनत अलग शक्ल ले लेगी, तब सम्भव िै नक पूिा गनणत िी बदल जाए. इसका कािण िै उत्​्ि प्​्देश नीतीश कुमार: क्​्द् पर दनगाह औि पंजाब मे्िोने वाला चुनाव. वष्ा2019 के दंगल से पिले िोने वाले पाट्​्ी ने वष्ा1996 मे्गैि-भाजपाई औि गैि-कांग्ेसी फं्ट का नेतृत्व नकया इस चुनाव पि देशभि की नजिे् िै्. यि चुनाव न केवल भाजपा औि िा उसी ति​ि वष्ा 2019 मे् तृणमूल कांग्ेस िेडिल फं्ट का नेतृत्व कांग्ेस की दशा-नदशा तय किेगा बस्लक संभानवत िेडिल फं्ट का ननण्ाय किेगी.' िालांनक वि यि भी किते िै्नक चुनाव से पिले नकसी फं्ट की भी इससे जुड्ा िै. उम्मीद निी् िै क्यो्नक क्​्ेत्ीय दलो् मे् कोई एक नवचािधािा निी् िै. ऐसे अभय कुमाि दुबे किते िै्, 'उत्​्ि प्​्देश औि पंजाब के नवधानसभा मे्न्यूनतम साझा काय्ाक्म तय कि पाना टेढ्ी खीि िोगा. िां चुनाव बाद चुनाव मे्भाजपा का प्​्दशन अगि बिुत अच्छा िोता िै तो पाट्​्ी के बढ्ते ममता के नेतृत्व मे्जमावड्ा िो सकता िै. जनाधाि से खौि खाकि क्​्ेत्ीय पान्टियां एक मंच पि आये्गी. विी्, अगि सन 1996 का ऐनतिानसक वष्ा सबको याद भाजपा व कांग्ेस का प्​्दश्ान लचि िोता िै तो िोगा जब माकपा के नेतृत्व मे्संयुक्त मोच्ा​ा ने गैि कुछ महीने बाद देश की राजनीखत क्​्ेत्ीय पान्टियां उत्सानित िोकि एकजुट िो्गी भाजपा-गैि कांग्ेस सिकाि बनायी िी. मोच्​्े को अलग शकंल ले लेगी और समंभव तानक वष्ा 2019 मे् भाजपा का मुकाबला कि भाजपा व कांग्ेस से अनधक सीट नमली िी्. इसे ्लेनकन यि सब इतनी जल्दी निी्िोगा. िमे् है खक पूरा गखित ही बदल जाये. सके कांग्ेस का बाि​िी समि्ान िानसल िा. यिी वि इसके नलये 2017 तक इंतजाि किना चानिये.' इसका कारि है उतंरं पंदं श े और समय िा जब ज्योनत बसु को देश का प्​्धानमंत्ी वैसे, उत्​्ि प्​्देश औि पंजाब के नवधानसभा पंजाब मेंहोने वाला चुनाव. बनाने का ननण्ाय नलया गया िा लेनकन ऐन वक्त चुनाव मे् विां की क्​्ेत्ीय पान्टियां उम्दा प्​्दश्ान पि माकपा पोनलत ल्यूिो ने यि किकि बसु को किती िै् तो फं्ट का नेता घोनषत नकये जाने को पीएम बनने से िोक नदया नक माकपा समि्ान किेगी लेनकन सिकाि मे् लेकि क्​्ेत्ीय पान्टियो् मे् द्​्ंद् नदखेगा. गौितलब िै नक नबिाि नवधानसभा शानमल निी्िोगी. देश का प्​्धानमंत्ी न बन पाने का गम ज्योनत बसु के चुनाव मे्तमाम ति​ि के ि​िकंडे अपनाने के बावजूद भाजपा चुनाव निी् नदल से कभी निी् गया. उन्िो्ने पोनलत ल्यूिो के िैसले को ऐनतिानसक जीत पायी िी जो पाट्​्ी के नलए बड्ा झटका िा. इस िाि के नलए तो चूक किा. आनन-िानन मे् जनता दल के एचडी देवेगौड्ा को देश का प्​्धानमंत्ी निे्द् मोदी औि भाजपा अध्यक्​् अनमत शाि तक को कठघिे प्​्धानमंत्ी बना नदया गया. इससे पिले जब कांग्ेसी की निनसंि​िाव के मे् खड्ा कि नदया गया िा. यि सच िै नक उत्​्ि प्​्देश औि नबिाि का नेतृत्व वाली नपछली सिकाि भ्​्ष्ïाचाि के संगीन आिोपो्का सामना कि चुनाव ननण्ा​ायक िोता िै. उसके पनिणाम िी के्द् की सत्​्ा तय किते िै्. ि​िी िी तब वाम मोच्ा​ा, जनता दल, तेलगूदेशम पाट्​्ी औि सपा को लेकि नबिाि मे् तो भाजपा िाि चुकी िै अब उत्​्ि प्​्देश क्या िैसला सुनाता िै एक नेशनल फं्ट बना नजसकी झोली मे्192 सीट िी्. कांग्ेस ने बाि​ि से इसका इंतजाि सबको ि​िेगा. n शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016 13


देशकाल

मद्​्ो् की ईजाद है तीन तलाक् िीन िलाक को मुल्ललम समाज का तनजी मसला बिाने वाले तकसी भी नजतरये से त्​्ियो्के तहिैरी नही् है्. इस मसले पर व्यापक सामातजक तहि का ख्ायाल सव्​्ोपतर होना चातहए. कुमार प्​्शांि

मा

नो देश मे् बिस औि नववादो् की कमी िी नक 'तीन तलाक'की अमानवीय प्​्िा को ले कि लोग मैदान मे् उति आये िै्! ऑल इंनडया मुस्ललम पस्ानल लॉ बोड्ा, कई मुस्ललम संगठन औि नकतने िी मुल्ला-मौलवी ि​ि ति​ि चीखनचल्ला ि​िे िै् नक 'तीन तलाक' शनिया कानून का निल्सा िै औि नकसी को इससे खेलने की इजाजत निी् दी जा सकती. सभी इस तेवि मे् बात कि ि​िे िै्मानो देश मे्न कोई सिकाि िै, न कानून, न अदालत औि न समाज! जो कुछ भी िै वि मुसलमान िोने का दावा किने वाले मुठ्ी भि मौलाना-मौलवी िै् जो तय किे्गे नक इस मुल्क मे्क्या िोगा, क्या निी्िोगा! यि नलखते िुए मेिे मन मे्सवाल उठ ि​िा िै नक अगि कोई उन्मत्​् मौलाना पूछ बैठे मुझे नक देश मे् कौन, नकससे, किां न्​्ककेट खेलेगा यि उद्​्व ठाकिे की नशव सेना तय कि सकती िै औि नपच खोद कि, मैच िोक सकती िै तो िम क्यो् निी् कि सकते, तो मै् जवाब निी् दे पाऊंगा. मै्जोि देकि किना चािता िूं नक तीन तलाक के बािे मे्सिकाि ने अदालत मे्जो भी िाय िखी िै उसमे्कुछ भी गलत निी्िै. लेनकन अगि िाज ठाकिे की मनसे यि ऐलान किती िै नक पानकस्​्ानी कलाकािो् को इतने घंटे के 14 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

भीति मुंबई औि भाित खाली कि देना िै, औि उनकी गुंडा िौज सडक़ो्पि उति आती िै औि मिािाष्​्सिकाि या के्द्सिकाि इतना भी निी् कि पाती िै नक नकसी को िाज्य या देश छोडऩे का ि​िमान देने का अनधकाि उसका िै, गलीनुक्ड्पि बैठे लोगो्का निी्तो नि​ि सिकाि की मंशा पि सवाल खड्ा िो िी जाता िै. जब आप शान से यि किते सडक़ो् पि उतिते िै् नक िाम जन्मभूनम िमािी आल्िा का मामला िै औि इसमे् नकसी अदालत को बोलने का अनधकाि निी् िै तो मुल्लामौलनवयो् को आप यि किने से कैसे िोके्गे नक शनिया कानून अदालत, संनवधान औि देश से ऊपि िै औि इस बािे मे् कोई बात िो िी निी् सकती िै? लोकतंत् ऐसा नवधान िै नजसमे् ि​ि सवाल पि बात िो सकती िै औि नकसी भी नववाद मे् सिकाि या अदालत िस्​्क्ेप कि सकती िै. िां, इनमे् से कोई भी गलत िस्​्क्ेप किेगा तो संनवधान िी िमे् यि अनधकाि देता िै नक िम उसके नखलाि अदालत मे्या संसद मे्जा सकते िै्. लोकतंत् के इस नवधान को आंख नदखाने वाले निंदुत्व वाले िो्नक संघ पनिवाि वाले नक ऑल इंनडया मुस्ललम पस्ानल लॉ बोड्ा वाले, सबको यि समझ लेना चानिए नक संनवधान औि अदालत की व्यवल्िा के सामने सबको झुकना िी िोगा अन्यिा इस देश का भूगोल व इनतिास सलामत निी्ि​ि सकता िै. ऑल इंनडया मुस्ललम पस्ानल लॉ बोड्ाका यि किना मूख्ाता िै नक तीन तलाक के सवाल पि जनमत संग्ि किाया जाये. उनका किना िै

नक 90 प्​्नतशत मनिलाएं शनिया कानून के पक्​् मे्िो्गी. िो सकता िै ऐसा िो लेनकन इससे तीन तलाक सिी निी् सानबत िोता. ऑल इंनडया मुस्ललम पस्ानल लॉ बोड्ावालो्को इस बात का इल्म िै नक इस देश मे् अगि इस सवाल पि जनमत संग्ि किवाया जाये नक मुसलमानो्को निंदुस्ान मे्ि​िने देना चानिए या निी्तो कौन किां खड्ा िोगा? जानत, छूआछूत, ऑनि नकनलंग आनद सामानजक कुिीनतयो् पि अगि


जनमत संग्ि किवाया जाये तो? अमेनिका मे् नकसी एक के पक्​्मे्इस कदि झुका ि​िे नक वि पिले अश्​्ेत िाष्​्पनत बिाक ओबामा को श्​्ेत उसे दमन के िनियाि के र्प मे् इस्​्ेमाल चमड्ी वाले काले मन के अमिीनकयो्से क्या- किने. इसनलए तलाक की खानति पानिवानिक क्या न सुनना व झेलना पड्ा ! अमेनिका मे्यनद ल्वीकृनत, अगि बच्​्े िै् तो उनके भनवष्य का जनमत संग्ि िो नक अश्​्ेतो् को, जो जन्मना ननध्ा​ािण, निश्ता टूटने की सामानजक मान्यता अमिीकी निी् िै उन्िे् िाष्​्पनत बनने का औि एक खास अवनध तक निश्ता बचाने के अनधकाि देना चानिए या निी्, तो अमिीकी पुननवचाि की जर्ित िै. उसके बाद िी मामला समाज नछन्न-नभन्न िो जायेगा. इसनलए निी्नक अदालत मे् जाना चानिये औि तब तलाक का वि कोई बुिा मुलक ् िै या नक भाित बिुत नपछड्ा प्​्ावधान िोना चानिये. अगि वैवानिक जीवन मे्ऐसी स्लिनत बनती िुआ देश िै. र्िानी औि जिनी तौि पि उलझे िुए समाजो्का मन बिुत धीिे-धीिे बदलता िै, िो नक कोई नकसी को अपमाननत किे, बड्ी मुस्शकल से नयी बातो्के नलए तैयाि िोता अन्​्सत्विीन व व्यस्कतत्विीन जीवन जीने को िै. उसे लगाताि प्​्गनतशील कानूनो् की मदद मजबूि किे तो यि ननजी धान्माक मान्यताओ्से देनी पड्ती िै, चुस् व बा-ईमान सिकािो् को ननकल कि, िाष्​्ीय सवाल बन जाता िै. संभल कि चलना औि चलाना पड्ता िै, समाज इसनलए यिां नकसी धान्माक जमात के पस्ानल पि नैनतक असि िखने वालो्को बाि-बाि िास्​्े लॉ का कोई संदभ्ािी निी्बनता िै. ि्​्ी िो या पि आ कि, िास्​्ा बताना पड्ता िै, जनमत पुरष् , अपने ि​ि नागनिक के ल्वानभमान की िक्​्ा बनाने की मुनिम चलानी पड्ती िै. अगि ऐसे मे्िाज्य या अदालत को सामने आना िी चानिए. सवालो्पि जनमत किवायेग् े आप तो अपना िी ऐसे मामले मे् िम मनुल्मृनत को या शनिया कानून को या पािसी पंचायत को या चच्ा को कुर्प चेि​िा दुननया को नदखाये्गे. तलाक एक जर्िी सामानजक व्यवल्िा िै. निी्, संनवधान को देखे्गे जो बताता िै नक ि्​्ी-पुर्ष के बीच के संबंध जब अि्ािीन िो लोकतंत् का धम्ा क्या िै. यि संनवधान अपूण्ा जाये्, एक-दूसिे को अपमाननत किने, िीन भी िो सकता िै औि िम उससे असिमत भी िो नदखाने औि निंसा का नशकाि किने तक चले सकते िै्नि​ि भी उसे तब तक मानना िी िोगा जाये्, उससे पिले िी इनसे मुक्त िो जाना जब तक िम उससे बेिति कुछ गढ् निी् लेते. चानिये. आधुननक सेाच यिी मानती िै नक ि्​्ी आनखि मनुष्य के र्प मे्िम सब भी तो अपूण्ा औि पुरष् दोनो्िी सी संवदे ना से जीते औि एक औि कमति िी िै्न लेनकन इससे नकसी को यि दूसिे की जर्ित मिसूस किते िै्लेनकन उनका अनधकाि निी् नमल जाता िै नक वि समाज मे् साि ि​ि बाि श्य्े ल्कि निी्िोता. निश्ता नाकाम कत्लेआम मचा दे. तीन तलाक की व्यवल्िा आज बन ि​िे िोने पि अपनी नजंदगी के नये मुकाम खोजने की आजादी ि​ि नकसी को िोनी िी चानिये. तलाक भाितीय समाज के साि कदमताल निी् कि की व्यवल्िा ऐसी निी् िोनी चानिये नक पलड्ा सकती िै जैसे सैकड्ो् शानदयां किने वाला तलाक के दिलाफ मुस्ललम मदहलाओ् का प्​्दश्थन:एक नयी चेतना

िाजवंश आज के समाज मे् जी निी् सकता. आज के समाज मे् सती-प्​्िा निी् चल सकती िै, दनलतो् को दोयम दज्​्े का बताना व बनाना निी् चल सकता िै वैसे िी तीन तलाक की व्यवल्िा भी निी्चल सकती िै. मुसल् लम समाज मे्आधुननक सोच वाले कई लोग औि कई सािी मनिलाएं इसे पसंद निी्किती िै्. कई जागर्क मुस्ललम मनिलाएं इसका मुखि नविोध किती िै् औि अपने देश-समाज को जगा कि पूछती िै् नक िमािे नलए आपने क्या व्यवल्िा बनाई िै ? क्या उन्िे् यि जवाब नदया जा सकता िै नक भाितीय लोकतंत्के पास उनके नलए कोई जगि निी्िै ? ऐसा जवाब देने वाला संनवधान, ऐसा जवाब देने वाली सिकाि औि ऐसा जवाब ल्वीकाि किने वाला समाज एक साि िी पतन की िाि जाएंग.े इसका एक िी जवाब िै, औि िो सकता िै नक संनवधान, सिकाि औि समाज किे नक िमािे धान्माक नवश्​्ास, िमािे सामानजक िीनत-निवाज चािे नजतने अलग िो्, जब सवाल नागनिक की िैनसयत का उठेगा तब न कोई धम्ा, न कोई जानत, न कोई संप्दाय औि न नलंग का भेद िोगा. नागनिकता के संदभ्ा मे् सािे देश मे् सबको शिीक किने वाला एक िी संनवधान चलेगा. इस सिकाि की पिेशानी यि िै नक इसकी झोली मे्भिोसा नाम का माल िै िी निी ! इसे सिकाि के र्प मे्देश का भिोसा जीतना िोगा. जब तक ऐसा निी् िो पाता िै तब तक सामानजक पनिवत्ान के ि​ि सवाल पि इसे वाताविण बनाने की पुिजोि कोनशश किनी िोगी. वाताविण बनाना मतलब धमकी देना, संख्या का भय पैदा किना, सिकािी तेवि नदखलाना औि गाय, नसनेमा, लव जेिाद, पलायन आनद-आनद की गन्िात चाले् चलना निी्िोता िै. यि सब तो बने या बनते वाताविण मे् पलीता लगाना िै. अदालत मे् अपना पक्​् िख देने के बाद सिकाि को औि उसके भो्पुओ् को न कुछ किना चानिए, न किना चानिए! एक लंबा, गिन नवमश्ा सािे देश मे् चले - तीन तलाक के बािे मे् भी औि समान नागनिक कानून के बािे मे् भी ! नि​ि अदालत भी अपनी िाय किे. नि​ि देखे् नक समाज किां पिुंचता िै. नजतना नवमश्ा चलेगा, वाताविण तैयाि िोगा. मुसल् लम समाज के ि​िनुमाओ्के आगे आने की यि घड्ी िै. उन्िे् यि किना िी िोगा नक तलाक दो, अभी दो; औि तीन निी्, एक िी दो: ि​ि कठमुल्ली सोच को तलाक दो! किीब दो दज्ान इल्लामी देशो्मे्तीन तलाक की ल्वीकृनत निी् िै औि विां मुसलमान औि शनिया सब सलामत िै्. मतलब सीधा िै - खोट मन मे् िै नजससे सबको तलाक लेना जर्िी िै. n (लेखक गांधी शांनत प्​्नतष्​्ान के अध्यक्​्िै्.) शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016 15


कृषि

रामदाना के लड्​्: उपवाि का व्यंजन

कहां गया रामदाना?

हमारे िानपान का अतभन्न तहल्सा रहा रामदाना अब बहुि कम नजर आिा है. तजस चौलाई साग का वह बीज है वह भी अब दूभर है. देवने मेवाड्ी

िा

मदाना की याद अब भूले नबसिे िी आती िै. उपवास के नदनो् मे् लोग इसके लड्​् औि पट्​्ी खोजते िै.् पिले इसकी खेती का भी खूब प्च ् लन िा. बचपन मे्मंडवु े यानी कोदो्के खेतो् के बीच-बीच मे्चटख लाल, नसंदिू ी औि भूिे िंग के चपटे, मोटे गुचछ ् े जैसे देख कि चनकत िोता िा नक आनखि यि कौन-सी िसल िै? पता लगा वि चौलाई िै नजसके पके िुए बीज िामदाना किलाते िै.् जब पौधे छोटे िोते िे तो वे चौलाई के र्प मे्ि​िी सल्जी के काम आते िे. तब पिाडो् मे् मंडवु े की िसल के साि चौलाई उगाने का आम निवाज िा. यि तो शि​ि आकि पता लगा नक िामदाना के लड्​् औि मीठी पट्​्ी बनती िै. पिाड मे्िामदाना के बीजो्को भून कि उनकी खीि या दनलया बनाया जाता िा. एक बाि गुपत् काशी के जैकस ् वीन नेशनल ल्कल ू मे् नवद्​्ान्िया ो्को नवज्ा्न की किाननयां सुनाने गया िा. तब ल्कल ू के अध्यक्​्श्​्ी लखपत िाणा के घि पि जीवन मे् पिली बाि, नाश्ते मे् िामदाने की मुलायम औि ल्वानदष्​्िोटी खाई िी. िोटी का वि ल्वाद अब भी याद िै. अब तो पिाड मे्भी खेतो्मे् दूि-दूि तक चौलाई के िंगीन गुचछ ् े निी्नदखाई देते िै.् इनतिास टटोला तो पता लगा, चौलाई के 16 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

गुचछ ् े तो िजािो् वष्ापिले दन्​्कणी अमेनिका के एज्टक े औि मय सभ्यताओ्के खेतो्मे्लि​िाते िे. िामदाना उनके मुखय् भोजन का निल्सा िा औि इसकी खेती विां बिुत लोकन्​्पय िी. जब सोलिवी्सदी मे्ल्पने ी सेनाओ्ने विां आक्म् ण नकया, तब चौलाई की िसल चािो्ओि लिलिा ि​िी िी. विां के ननवासी चौलाई को पनवत्​्िसल मानते िे औि उनके अनेक धान्मक ा अनुष्ानो्मे् िामदाना काम आता िा. नवनभन्न उत्सवो्, संलक ् ािो् औि पूजा मे् िामदाने का प्य् ोग नकया जाता िा. ल्पने ी सेनापनत ि​िनांडो काट्ज ्े को चौलाई की िसल के नलए उन लोगो्का यि प्याि िास निी्आया औि उसने इसकी खडी िसल के चौलाई का पौधा: दुल्थि होती प्​्जादत

लिलिाते खेतो् मे् आग लगवा दी. चौलाई की िसल को बुिी ति​ि िौ्द नदया गया औि उसकी खेती पि पाबंदी लगा दी गई. इतना िी निी्, िुकम् दे नदया गया नक जो चौलाई की खेती किेगा उसे मृतय् दु डं नदया जाएगा. इस कािण चौलाई की खेती खत्म िो गई. चौलाई का जन्मल्िान पेर् माना जाता िै. ल्पने ी सेनाओ्ने एजटेक औि मय सभ्यताओ्के खेतो् मे् चौलाई की िसल भले िी उजाड दी, लेनकन दुननया के दूसिे देशो्मे्इसकी खेती की जाती ि​िी. दुननया भि मे् इसकी 60 से अनधक प्ज ् ानतयां उगाई जाती िै.् पिाडो्मे्चौलाई सल्जी औि बीज दोनो्के काम आती िै लेनकन मैदानो्मे्इसका प्य् ोग ि​िी सल्जी के नलए नकया जाता िै. इसकी ‘अमेि​िे् स गैग् ने टकस’ प्ज ् ानत की पन्​्तयां लाल िोती िै्औि लाल साग या लाल चौलाई के र्प मे्काम आती िै.् ‘अमेि​िे् स पेननकुलटे स’ ि​िी चौलाई किलाती िै. ‘अमेि​ि े् स काडेटस’ प्ज ् ानत की चौलाई को िामदाने के नलए उगाया जाता िै. िालांनक, मैदानो् मे्यि ि​िी सल्जी के र्प मे्काम आती िै. चौलाई के एक िी पौधे से कम से कम एक नकलोग्​्ाम तक बीज नमल जाते िै.् इस िसल की सबसे बडी खूबी यि िै नक इसे कम वष्ा​ा वाले औि र्ख-े सूखे इलाको्मे्भी बखूबी उगाया जा सकता िै. इस भूली-नबसिी िसल के बािे मे्िम यि भूल गए िै्नक यि एक पौन्​्षक आिाि िै. कई नवद्​्ान तो इसे गाय के दूध औि अंडे के बिाबि पौन्​्षक बताते िै.् यि नवडंबना िी िै नक नजस िसल को अब तक िमािी मुखय् िसल बन जाना चानिये िा, उसे कई देशो् मे् तो खिपतवाि औि गिीबो् का भोजन तक मान नलया गया. िमािी बेरख ् ी से र्ख-े सूखे मे्भी उगने वाली यि िसल गेि,ूं धान औि दालो् की दौड मे् पीछे छूट गयी. एक अनुमान के अनुसाि अगि िम पौन्​्षकता को 100 मान ले्तो िामदाने की पौन्​्षकता 75, गाय के दूध की 72, सोयाबीन की 68, गेिूं की 60 औि मक्​्ा की 44 िै. इसमे्उच्​्कोनट की प्​्ोटीन पायी जाती िै जो दूध की प्​्ोटीन ‘केसीन’ के समान बताई जाती िै. कई लोगो्को गेिूं के आटे मे्पाए जाने वाले ग्लटू ने के कािण भोजन पचने मे्पिेशानी िोती िै. साि िी एलज्​्ी के कािण चम्ािोग भी िो जाते िै.् लेनकन, िामदाने का आटा अन्य प्क ् ाि के आटे मे् नमला कि आिाम से खाया जा सकता िै. िामदाने के कािण यि कािी पौन्​्षक आिाि बन जाता िै. वैज्ाननक किते िै् िामदाना िमािे िक्त मे् िाननकािक कोलेलट् ्ाल की मात्​्ा को कम किता िै. इसनलए यि नदल के मिीजो्के नलए भी मुिीद आिाि माना गया िै. बेकि ् ाल्ट मे्इसका दनलया n या िोटी खायी जा सकती िै. (लेखक जाने-माने नवज्​्ान स्भ्ं काि िै.्)


चेहरा लववेक सक्सेना

सबसेअलग एक संपादक उन्हो्ने बोलचाल की भारा पर जोर तदया, पर कभी भारा को बाजार्नही्बनाया.

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त्क ् ानिता किते पूिा जीवन बीत गया लेनकन आज भी अगि कोई पूछे नक मेिा आदश्ाकौन िै तो उलझन मे्पड्ना तय िै. वजि यि नक निंदी पत्क ् ानिता के नजन नामचीन लोगो्के साि मुझे काम किने का मौका नमला, उनको किीब से देखने पि मै्क्ल्ु ध ् िी िुआ. मैन् े निंदी के मिान संपादको् को इतनी घनटया ि​िकतो्मे्नलप्त पाया नक कुछ न किना िी बेिति िोगा. मै् नजस संपादक से सबसे अनधक प्भ् ानवत िुआ औि नजनसे कुछ सीखा वि िै्नदल्ली प्स ्े के संपादक पिेशनाि. सच किूं तो मेिे पत्क ् ानिता मे्िोने का श्य्े भी उन्िे्िी िै. कक्​्ा 12 मे् पढ्ते िुए िी मै्नदल्ली प्स ्े की पन्​्तकाओ्मे्छपने लगा िा. मैन् े नवी्कक्​्ा के बाद घि से अपना जेबखच्ालेना बंद कि नदया िा. मै्इन पन्​्तकाओ्का कानपुि नवश्न्वद्​्ालय का प्न्तनननध ि​िा जो नक पत्क ् ानिता मे्र्नच िखने वाले युवा छात्​्ो्को प्​्ोत्सानित किने का देश का पिला व अनूठा मंच िा. मेिी बैक ् ऑि इंनडया मे्निंदी अनधकािी के पद पि नौकिी लग गयी. इस बीच मै्नदल्ली आकि नदल्ली प्स ्े मे्नौकिी किने लगा िा. बैक ् से लगाताि पत्​्आ ि​िे िे नक जल्दी ज्वाइन करं्पि मै्उधेडबुन मे्िा. एक नदन मै्पिेशानाि के पास गया जो बेिद सख्त माने जाते िे. मै्ने उन्िे् अपनी दुनवधा बतायी. उन्िो्ने मेिी इच्छा पूछी. मै्ने किा नक मै् तो पत्क ् ानिता िी किना चािता िूं पि मेिी मां का किना िै नक प्​्ाइवेट नौकिी िै. क्या गािंटी िै नक मानलक तुमि् े्नौकिी से निी् ननकाल देगा. मेिी बात सुनकि वे मुलक ् िु ाये औि बोले उनका सोचना ठीक िै. ननजी संलि ् ानो्मे्मानलक यि देखता िै नक वि अपने कम्च ा ािी पि नजतना खच्ाकि ि​िा िै क्या उसे उससे ज्यादा सेवाये्नमल ि​िी िै्. वि तब तक नकसी को नौकिी पि िखता िै जब तक उसे लाभ भले िी निी् िो ि​िा िो पि घाटा न िो. तुम अपनी योग्यता का खुद आकलन किके देखो नक अगि तुम िमािे यिां नौकिी छोडते िो तो क्या तुमि् े् 100-50 र्पये कम या ज्यादा मे् किी् औि नौकिी नमल जायेगी. अगि उत्​्ि िां िो तो पत्क ् ानिता किते ि​िो विना बैक ् ज्वाइन कि लो. उन्िो्ने किा नक जो व्यस्कत जोनखम निी्उठाता िै वि आगे निी्बढता िै. उनके नपता चाट्ड ा ा्एकाउंटटे िे. उन्िो्ने जब सीए नकया तब देश मे् कुछ सौ सीए िी िोते िे. इसके बावजूद उन्िो्ने सनिता ननकाली. उन्िो्ने नसखाया नक पत्क ् ानिता किते समय यि बात ध्यान मे्िखनी चानिये नक लोगो्के जानने की इच्छा नजतनी प्ब् ल िोती िै याददाश्त उतनी िी कमजोि िोती िै. उन्िो्ने बोल-चाल की भाषा पि जोि नदया पि कभी भाषा को बाजार्निी्बनाया न िी अंगज ्े ी के शल्दो्का बेमतलब इस्म्े ाल नकया. वि सनिता मे्नवज्​्ापन देते िे नक िम निंदी वाले िीन भावना से क्यो् भिे िुए िै.् िम अपनी शादी के काड्ासे लेकि नवनजंनटग काड्ातक अंगज ्े ी मे् क्यो् छापते िै्. विां िमािे नवनजनटंग काड्ा एक ति​ि निंदी मे् व दूसिी

ति​ि अंगज ्े ी मे्छापे जाते िे. यि देश का एकमात्​्ऐसा संलि ् ान िा जिां िम निंदी वालो्की बनढया निपोट्ाका अंगज ्े ी अनुवाद कैिवे ान व वूमस े् इिा मे्छापा जाता िा. सनिता मे्छपने वाले नवज्​्ापनो्मे्वे व्यगं य् किते िे नक निंदी तो गुलामो्औि अनपढो्की भाषा िै तभी िम उसका अनादि किते िै.् जब इंनडया टुडे का निंदी मे्प्क ् ाशन शुर्िुआ औि अखबािो्मे्छपे नवज्​्ापन मे्निंदी पत्क ् ानिता को िलो्के नछलको्से ननकला जूस बताया गया तो वे बिुत नवचनलत िुए औि उन्िो्ने जवाबी िमला किते िुए नवज्​्ापन नदया नक निंदी पत्क ् ानिता की सतत प्व् ािमयी सनिता िै. यि वि संलि ् ान िै जिां कमलेश्ि, मोिन िाकेश से लेकि अिनवंद कुमाि तक ने अपनी पत्क ् ानिता शुर्की िी. उन्िो्ने गृिशोभा का प्क ् ाशन शुर्नकया नजसने सािे निकाड्ातोड नदए. एक बाि उन्िो्ने मुझसे किा नक मै्ज्यादा लाभ कमाने के नलए इसका दाम निी्बढा ि​िा िू.ं मै्तो इस गलति​िमी को तोडना चािता िूं नक नसि्फ अंगज ्े ी का पाठक िी मंिगी पन्​्तका खिीद सकता िै. अंततः उन्िो्ने गृिशोभा को इंनडया टुडे से ज्यादा कीमत पि किी्ज्यादा संखय् ा मे् बेचकि अपनी बात को सिी सानबत नकया. वि कुछ मामलो्मे्नसद्​्ातं वादी िे. उनके नपता के समय से यि पिंपिा चली आ ि​िी िै नक पन्​्तका मे् नसगिेट, शिाब आनद के नवज्​्ापन निी् नदए जाये्गे. तब इनके नवज्​्ापनो् पि प्​्नतबंध निी् िा. सनिता का अंनतम पृष्उस समय भी कई लाख का िा. उस नवज्​्ापन मे्एक मनिला नबना कपडे पिने इस प्क ् ाि बैठी िी नक कुछ भी नजि निी् आ ि​िा िा. पन्​्तका बाजाि मे्पिुच ं ते िी एक पाठक की नचट्​्ी आयी नक इस पानिवानिक पन्​्तका के नवीनतम अंक का अंनतम पृष्खोला तो अवाक ि​ि गया. इतनी अश्लील तल्वीि परेशनाथ: लगिग आदश्थ देखकि लगा नक इसे मंगवाना बंद कि दू.ं पत्​्पढते िी तुितं नवज्​्ापन नवभाग को तलब नकया गया औि आदेश िुआ नक इसे तुितं र्कवा दो. कंपनी से किो नक वि नवज्​्ापन बदले. अगि वि तैयाि न िो तो उसके भावी प्क ् ाशनो्पि भी िोक लगा दो. पिेशनाि ि​ि पत्​् को खुद पढते िे. उसका जवाब देते िे. पाठको् को पन्​्तका से जोडने के नलए, बच्​्ो् के मुख से, यि भी खूब ि​िी, जब मै् शम्ा से लाल िुई सिीखे स्​्ंभ छापे जाते िे नजसमे् उनके संल्मिणो् का प्​्कानशत किने के साि िी उन्िे् पुस्के् इनाम मे् दी जाती िी. एक बाि नकसी पुर्ष पाठक ने नलखा नक आप गृिशोभा मे् मनिलाओ् की ऐसी तल्वीिे् छापते िै् नक िमे् शम्ा आती िै तो उन्िो्ने जवाब नदया नक यि मनिलाओ्की पन्​्तका िै इसे आपको पढने के नलए नकसने किा. यि पाठको्का उनकी पन्​्तकाओ्के प्न्त लगाव िी िा नक जब एक बाि नवतिको् ने कमीशन के मुद्े पि िडताल कि दी औि सनिता की जगि नमलती जुलती पन्​्तका डालने लगे तो पाठको्ने किा नक अगि सनिता िो तभी लाना n कुछ औि निी्. शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016 17


18 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016


उत्​्राखंड

सरकार बनाम संगठन

हरीश रावि की मुल्ककले्कम नही्हो रही है्. भाजपा से तनपरने के बाद अब उनके सामने उनका पार्​्ी संगठन है. फजि इमाम मल्लिक

उ

त्ि् ाखंड के मुखय् मंत्ी ि​िीश िावत नि​ि संकट मे्िै.् संकट बाि​ि का निी्भीति का िै. नपछली बाि जब वि सत्​्ा से बेदखल नकये गये िे, तब भी कांगस ्े के नवधायको्ने उनके नखलाि मोच्ा​ा खोला िा. यि बात अलग िै नक उन कांगस्े ी नवधायको्की डोि भाजपा के िाि मे्िी. अदालत के िस्क ् प्े के बाद ि​िीश िावत की सिकाि तो बिाल िो गयी लेनकन अब उनके नलए अपना संगठन पिेशानी का सबब बन गया िै. कभी उनके खास ि​िे प्द् श े अध्यक्​्नकशोि उपाध्याय से इन नदनो्उनकी निी्पट ि​िी िै औि यि बात िावत औि आलाकमान दोनो्को पिेशान कि ि​िी िै. सिकाि औि संगठन के मुनखया के बीच नदनो्नदन गि​िी िोती दिाि को पाटने के नलए कांगस ्े िाईकमान ने सन्​्कयता भी नदखायी. पाट्​्ी के सि सि प्भ् ािी संजय कपूि ने प्द् श े कांगस ्े अध्यक्​् नकशोि उपाध्याय के साि मुखय् मंत्ी ि​िीश िावत से मुलाकात कि सिकाि औि संगठन के बीच तालमेल नबठाने की पिल की िै. कपूि ने दोनो्नेताओ्के साि बातचीत मे्आपसी मतभेद भुला कि चुनाव की तैयािी मे्जुटने को किा िै. िालांनक बातचीत मे्दूसिे मसलो्पि भी बातचीत िुई लेनकन सािा जोि अगले साल िोने वाले चुनाव पि ि​िा. दिअसल पाट्​्ी सिकाि से इस बात को लेकि नािाज िै नक वि पीडीएि नवधायको्को ज्यादा तवज्​्ो दे ि​िी िै औि पाट्​्ी काय्क ा त्ाओ ा ्की अनदेखी की जा ि​िी िै. पाट्​्ी का किना िै नक सिकाि पीडीएि औि कांगस ्े के बीच निश्तो्को लेकि अपनी स्लिनत साि किे. संगठन के मुखि िोने के बाद पीडीएि के िमलावि तेविो् ने नसयासी तौि पि स्लिनत को औि असिज बना नदया िै. सिकाि औि संगठन के बीच पेचीदा िोते िालात पि िाईकमान की नजि िै सिकाि औि संगठन के मुनखया को

हरीश रावत और दकशोर उपाध्याय: बढ्ती दूदरयां

तालमेल के साि नमल कि चलने की निदायत दी गयी िै. पाट्​्ी संगठन के कुछ वनिष्​् पदानधकानियो्ने सिकाि पि आिोप लगाया िा नक वि पीडीएि को लगाताि बढ्ावा दे ि​िी िै औि संगठन को िानशये पि डाल नदया गया िै. पाट्​्ी ने नवधानसभा अध्यक्​्गोनवंद नसंि कुज ं वाल पि संवध ै ाननक पद की मय्ादा ा के बाि​ि जाकि बयानबाजी के आिोप तक लगाये िै.् पाट्​्ी के कुछ पदानधकानियो्ने नवधानसभा अध्यक्​्को ननशाने पि लेते िुए किा िै नक पाट्​्ी संगठन पि की जा ि​िी उनकी नटप्पणी के दूिगामी पनिणाम िो्ग.े प्द् श े मे्सत्​्ासीन कांगस ्े औि पीडीएि को लेकि कािी समय से तनातनी चल ि​िी िै. प्द् श े अध्यक्​् नकशोि उपाध्याय व मुखय् मंत्ी ि​िीश िावत के बयानो्ने इस मसले को औि भड्काया िै. िावत पीडीएि के साि खड्ेिै्तो उपाध्याय पीडीएि के नखलाि. पीडीएि ने कांगस ्े के नखलाि मोच्ा​ा खोल कि इस मुद्ेको िवा िी दी िै. अब तो पीडीएि के नखलाि कांगस ्े पाट्​्ी का एक धड्ा खुल कि सामने आ गया िै. पाट्​्ी के प्द् श े उपाध्यक्​्एसपी नसंि, मिामंत्ी तर्ण पंत, मुखय् प्व् क्ता मिुिादत्​्जोशी, प्व् क्ता डॉ. आिपी ितूड्ी, सुिश े गौिी, िनिकृषण ् भट्,् सनिता नेगी, दीपक बलूनटया व मनीष कण्वा ाल व अध्यक्​् सानित्य संवध्ना कांगस ्े डॉ. आनंद सुमन नसंि ने सिकाि मे्शानमल पीडीएि नवधायको्की ओि से संगठन के बािे मे् की जा ि​िी नटप्पणी को दुभा्गा य् पूणा्बताया िै. प्द् श े मे्सिकाि औि कांगस ्े संगठन के बीच दूिी की वजि बने पीडीएि के मुद्ेकी गूज ं नदल्ली मे्भी सुनाई दी. कांगस ्े उपाध्यक्​्िािुल गांधी की नदल्ली मे्नकसान िैली मे्उत्ि् ाखंड प्द् श े कांगस ्े संगठन को पूिी तवज्​्ो नमली. प्द् श े अध्यक्​् नकशोि उपाध्याय ने िािुल गांधी औि प्द् श े प्भ् ािी अंनबका सोनी को पीडीएि के साि िी प्द् श े के नसयासी िालात की जानकािी भी दी. तो नदल्ली गये मुखय् मंत्ी ि​िीश िावत नकसान िैली मे्

शानमल निी् िो सके. लेनकन उन्िो्ने किा नक पीडीएि िमािा मजबूत सियोगी िै. उसका साि आगे भी बना ि​िेगा. िािुल की िैली के दौिान प्द् श े सिकाि के बजाए संगठन को ज्यादा तिजीि नमलने से भी उपाध्याय बमबम िै.् नकसान िैली के समापन के मौके पि िािुल गांधी नजस बस मे् िे, उपाध्याय भी उस बस मे् उनके साि िे. कांगस ्े की प्द् श े प्भ् ािी अंनबका सोनी भी साि िी् औि किा जा ि​िा िै नक िािुल औि अंनबका ने उत्ि् ाखंड के नसयासी िालात औि संगठन की जानकािी नकशोि उपाध्याय से ली. पीडीएि को लेकि प्द् श े संगठन का पक्​्भी केद् ्ीय नेताओ्के सामने िखा गय. प्द् श े अध्यक्​् ने िाज्य के नकसानो्की समल्याओ्का नजक्​्नकया. उन्िो्ने िािुल से िाज्य के नकसानो्के नितो्के नलए संघष्ा का आग्ि् भी नकया. उपाध्याय ने गन्ना नकसानो् के बकाया भुगतान को केद् ् की भाजपा की अगुआई वाली िाजग सिकाि की ओि से वादा पूिा निी्किने, पव्ता ीय खेती को प्​्ोत्सािन देने औि केद् ् सिकाि की सेवाओ् मे् उत्ि् ाखंड को आिक्ण ् देने के नलए आवाज उठाने की िािुल से मांग की. िैली मे्मुखय् मंत्ी ि​िीश िावत शानमल निी् िो पाये. वे नदल्ली पिुच ं े तो िे, लेनकन िैली के काय्क ा म् मे्नवलंब िोने से मुखय् मंत्ी अपने तय काय्क ा म् के मुतानबक अपने पैतक ृ गांव मोिनिी चले गये. अब इसे लेकि भी सवाल उठाये जा ि​िे िै.् लेनकन नदल्ली मे्िी मुखय् मंत्ी ने पीडीएि पि अपना र्ख एक बाि नि​ि साि कि प्द् श े संगठन की आपन्​्तयो्को दिनकनाि कि नदया. इस मसले पि िावत व उपाध्याय से प्द् श े सि प्भ् ािी संजय कपूि ने बातचीत की औि दोनो्को समझाया नक पाट्​्ी िाईकमान नवधानसभा चुनाव से पिले इस तकिाि से खुश निी् िै. सूत्ो् की माने् तो दोनो् नेताओ्ने इस पि सिमनत जतायी िै. लेनकन ऐसा िोना लगता निी्िै क्यो्नक सिकाि औि संगठन n दो छोि पि खड्ेनदखायी दे ि​िे िै.् शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016 19


उत् मास्​्रटप्​्दहेडेश

तहंडन उपेत्कि होने के कारण धीमी मौि मर रही है. अगर सरकार-समाज अब भी चेि कर उसे बचाने का प्​्यास करे्िो नदी बच सकिी है और यमुना के साथ उसका संगम वरदान सािबि हो सकिा है. पंकज चिुव्ेदी

दू

ि-दूि तक कोई पेड निी्, कोई पक्​्ी निी्, बस बदबू िी बदबू. आसमान को छूती अट्​्ानलकाओ् को अपनी गोद मे् समाये नोएडा सेकट् ि-150. जो ग्ट्े ि नोएडा से सटा िुआ िै. यिां स्लित गांव मोमनिाल से आगे कच्​्ी, िेतीली पगडंडी पि तीन नकलोमीटि चलने के बाद, दूि एक धािा नदखाई देती िै. िालात बता ि​िे िै्नक सालो्से कभी कोई उस ति​ि आया िी निी्िै. एक मिीने पिले आयी बिसात के कािण बना दल-दल औि नि​ि बमुसश् कल एक िुट की निपटन से नीचे जाने पि सिेद पड चुकी , कटी-

िटी धिती. सीधे िाि से शांत यमुना का प्व् ाि औि बांयी ति​ि से आता गंदा, काला पानी, नजसमे्भंवि उठ ि​िी िै,् गनत भी तेज िै. यि िै निंडन. जिां तक आंखे देख सकती िै,् गाढी निंडन को खुद मे् समाने से िोकती नदखती िै यमुना. नवकास के प्न्तिल का यि वीभत्स दृशय् िाजधानी नदल्ली की चौखट पि िै. इसके आसपास देश की सबसे शानदाि सडक, शि​िी ल्िापत्य, शैन्कक संलि् ान औि बाग-बगीचे िै.् दो मिान ननदयो् का संगम, इतना नीिस, उदास किने वाला औि उपेन्कत. देश की िाजधानी नदल्ली के दिवाजे पि खडे गानजयाबाद मे्गगनचुबं ी इमाितो्के नये नठकाने िाजनगि एक्सटेश ् न को दूि से देखो तो एक समृद,् अत्याधुननक उपनगिीय नवकास का आधुननक नमूना नदखता िै, लेनकन जैस-े जैसे मोिन नगि से उस ओि बढते िै्तो अिसास िोने लगता िै नक समूची सुदं ि ल्िापत्यता एक बदबूदाि गंदे नाबदान के नकनािे िै. ध्यान से देखे् तो साि िो जाता िै नक यि एक भिपूि जीनवत नदी का बलात गला घो्ट कि कल्जाई जमीन पि नकया गया नवकास िै, नजसकी कीमत निलिाल तो नदी चुका ि​िी िै, लेनकन वि नदन दूि निी्जब नदी के असामनयक काल कवनलत िोने का

एक नदी की मौत

20 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

खानमयाजा समाज को भी भुगतना िोगा. गांव कि​िेडा के लोगो्से बात किे्या नि​ि नसंिानी के, उन सभी ने कोई तीन दशक पिले तक इस नदी के जल से सालभि अपने घि-गांव की प्यास बुझाई िै. यिां के खेत सोना उगलते िे औि िाि से खोदने पि जमीन से पानी ननकल आता िा. निंडन की यि दुगना्त गानजयाबाद मे्आते िी शुर् िो जाती िै औि जैस-े जैसे यि अपने प्य् ाण ल्िल तक पिुच ं ती िै, ि​ि मीटि पि नवकासोन्मख ु समाज इसकी सांसे्ि​िता जाता िै. जनपद मे्316 जल प्द् षू णकािी कािखाने िै्नजनसे 216 एमएलडी गंदा पानी ननकलता िै, लेनकन सभी इकाईयो्मे्ईटीपी लगा िै. इन दावो् की िकीकत तो कि​िेडा गांव मे्आ ि​िे नाले से िी नमल जाती िै, असल मे्कािखानो्मे्ईटीपी लगे िै,् लेनकन नबजली बचाने के नलए इन्िे्यदाकदा िी चलाया जाता िै. निंडन का दद्ाअकेले गंदगी नमलना निी्िै, इसके अन्​्सत्व पि संकट का असल कािण तो इसके प्​्ाकृनतक बिाव से छेडछाड ि​िा िै. कभी पंटनू पूल वाला िास्​्ा किलाने वाले इलाके मे् कि​िेडा गांव के पास बडा पुल बनाया गया, तानक नयी बस ि​िी कालोनी िाजनगि एक्सटेश ् न को ग्​्ािक नमल सके.् इसके नलए कई िजाि ट्क ् नमट्​्ी-मलवा दहंडन और उिका पुल: कोई पुरिाहाल नही्


डाल कि नदी को संकिा नकया गया औि उसकी िाि को मोडा गया. मामला नेशनल ग्​्ीन न्​्टल्यनू ल(एनजीटी) मे्भी गया. एनजीटी ने एक नपलि बनाने के साि-साि कई ननद्श ्े भी नदये. इस लडाई को लडने वाले धम्द्े ्नसंि बताते िै्नक नबल्डि लॉबी इतनी ताकतवि िै नक उसकी शि पि सिकािी मिकमे भी दबे ि​िते िै्औि एनजीटी के आदेशो्को भी निी्मानते िै.् यिी निी्बीते 10 सालो्मे्अकबिपुि-बि​िामपुि, कनावनी गांव के आसपास नदी सूखी निी्नक उसकी जमीन पि प्लाट काट कि बेचने वाले सन्​्कय िो गये. किने की जर्ित निी्िै नक ऐसे लोग िसूखदाि िोते िै.् आज कोई 10 िजाि अवैध ननम्ाण ा निंडन के डूब क्त्े ्मे्नसि उठाए िै्औि सभी अवैध िै्. ल्िानीय प्श ् ासन ने इन अवैध ननम्ाण ा ो्को जल-नबजली कनेकश ् न दे िखा िै. एनजीटी ने इन ननम्ाण ा ो्को िटाने के आदेश नदये िै्तो लोग इसके नवर्द्िाई कोट से ल्टे ले आये. कि​िेडा मे् तो सिकािी नबजलीघि का ननम्ाण ा भी डूब क्त्े ्मे्कि नदया गया. नजले का िज िाउस भी नदी के डूब क्त्े ्मे् िी खडा कि नदया गया. पय्ावा िण के नलए काम कि ि​िे अनधवक्ता संजय कश्यप बताते िै् नक अभी कुछ साल पिले तक इसका जल प्व् ाि दोनो्नसिो्पि 400 मीटि िा जो अब नसकुड कि 200 मीटि ि​ि गया िै. किते िै्नक शि​ि औि उसमे्भी ऊंची-ऊची इमाितो्मे्आमतौि पि नशन्​्कत, जागर्क लोग ि​िते िै.् लेनकन गानजयाबाद औि नोएडा मे्पाठ्​् पुसक ् ो् मे् दशको् से छपे उन शल्दो् की प्​्ामानणकता पि शक िोने लगता िै, नजसमे्किा जाता ि​िा िै नक मानव सभ्यता का नवकास ननदयो् के नकनािे िुआ औि ननदयो्के संगम ल्िल को बेिद पनवत्​् माना जाता िै. धान्मक ा आख्यान किते िै्नक ि​िनंदी या निंडन नदी 5000 साल पुिानी िै. मान्यता िै नक इस नदी का अन्​्सत्व द्​्ापि युग मे् भी िा औि इसी नदी के पानी से

नदी दकनारे कचरा: िारी प्​्दूषण पांडवो्ने खांडवप्ल् ि् को इंदप् ल् ि् बना नदया िा. नजस नदी का पानी कभी लोगो् की नजंदगी को खुशिाल किता िा, आज उसी नदी का पानी लोगो्की नजंदगी के नलए खतिा बन गया िै. बीते 20 साल मे् निंडन इस कदि प्द् नू षत िुई नक उसका वजूद लगभग समाप्त िो गया िै. गानजयाबाद नजले के कि​िेडा गांव से आगे बढते िुए इसमे्केवल औद्​्ोनगक उत्सज्ना औि नवशाल आबादी की गंदगी िी बिती नदखती िै. नछजपिसी से आगे पि्ल ा ा खंजिपुि के पुल के नीचे िी नदी मिज नाला नदखती िै. कुलस े िा व लखिावनी गांव पूिी ति​ि निंडन के तट पि िै.् इन दो गांवो् की आबादी दो लाख िै. इनमे् अनधकांश सुदिू इलाको् से आए मेिनत-मजदूिी किने वाले िै.् उनको निंडन घाट की याद केवल दीपावली के बाद छठ पूजा के समय आती िै. तब घाट की सिाई िोती िै, इसमे्गंगा का पानी नि​ि से डाला जाता िै. कुछ नदने्बाद नि​ि यि नाला बन जाती िै, पूिा गांव यिी्शौच जाता िै, नजनके घि नाली या शौचालय िै , उसका ननस्​्ाि भी इसी मे्िै. अपने अंनतम 55 नकलोमीटि मे्सघन आबादी के बीच से गुजिती इस नदी मे्कोई भी जीव , मछली निी्िै. इसकी आक्सीजन की मात्​्ा शूनय् िै औि अब इसका प्व् ाि इसके नकनािो्के नलए भी संकट बन चुका िै. निंडन सिािनपुि, बागपत, शामली मेिठ, मुजफ्ि​िनगि से िोते िुए गानजयाबाद के िास्​्े नोएडा तक जाती िै. कई गांव ऐसे िै्जो निंडन के प्द् नू षत पानी का प्क ् ोप झेल ि​िे िै.् कुछ गांव की पिचान तो कैस ् ि गांव के तौि पि िोने लगी िै. कोई 150 गांवो्के ि​ि घि मे्कैस ् ि औि त्वचा के िोगी मौजूद िै.् िास्​्ेमे्इसमे्कृषण ् ा, धमोला, नागदेवी, चेचिी औि काली नदी नमलती िै.् ये छोटी ननदया भी् अपने साि ढेि सािी गंदगी व िसायन ले कि आती िै् औि निंडन को औि जि​िीला बनाती िै.् कभी पन्​्िमी उत्ि् प्द् श े की

जीवन िेखा किलाने वाली निंडन का पानी इंसान तो क्या जानविो्के लायक भी निी्बचा िै. इसमे् आक्सीजन की मात्​्ा बेिद कम िै. लगाताि कािखानो्का कचिा, शि​िी नाले, पूजन सामग्​्ी औि मुद्ो्का अवशेष नमलने से मोिन नगि के पास इसमे् आक्सीजन की मात्​् मिज दो तीन नमलीग्​्ाम प्न्त लीटि िी ि​ि गयी िै. कि​िेडा व छजािसी मे्इस नदी मे्कोई जीव-जंतु निी्िै,् िै् तो केवल काईिोनास लाव्ा.ा सनद ि​िे 10 साल पिले तक इसमे्कछुए, मेढ् क, मछनलयां खूब िे. बीते साल आईआईटी नदल्ली के नसनवल इंजीननयनिंग नवभाग के छात्​्ो्ने यिां तीन मिीने शोध नकया िा औि अपनी निपोट्ामे्बताया िा नक निंडन का पानी इस िद तक नवषाक्त िै नक अब यिां का भूजल भी प्भ् ानवत िो ि​िा िै. िाल िी मे्एनजीटी के आदेश पि निंडन नदी के नकनािे बसे गानजयाबाद, मेिठ, बागपत, शामली, मुजफ्ि​िनगि, सिािनपुि जनपद के किीब 154 गांवो् के 31 िजाि िैड ् पंपो् को 21 अक्टबू ि तक उखाडने के ननद्श ्े नदये गये िै.् एनजीटी ने अपने एक अध्ययन से पुखत् ा नकया नक अनधकांश िैड् पंपो्का पानी भािी धातुओ्से दूनषत िै औि संदिे िै नक साि​िनपुि, शामली औि मेिठ नजले के लगभग 45 ति​ि के उद्​्ोग नदी के जल मे् आस्न्ेनक, पािा जैसे जानलेवा िसायन डाल ि​िे िै.् जल ननगम की जांच मे् अकेले गानजयाबाद नजले के 14 गांवो् - नगल अटोि, मकिेडा, भनेडा, नेकपुि, सानबत नगि, सुठािी आनद मे्जब जांच की गयी तो भूजल का टीडीएस मानक से कई गुना ज्यादा िा, पानी मे्आस्न्ेपक, आयिन की मात्​्ा जानलेवा स्ि् तक िी. यिी निी्वैशाली, इंनदिापुिम जैसी आलीशान बन्​्सयो् मे्भी भूजल 150 िुट की गि​िाई तक खतिनाक स्ि् तक आ चुका िै. यि नवडंबना भी िै नक निंडन के तट पि बसा समाज इसके प्न्त बेिद उपेन्कत िवैया िखता िै. ये अनधकंश लोग बाि​िी िै्व इस नदी के अन्​्सत्व से खुद के जीवन को जोड कि देख निी्पा ि​िे िै.् मोमनािल, जिां यि यमुना से नमलती िै, औि जिां इसे नदी किा िी निी्जा सकता, ग्म् ीणो्ने पंप से इसके जि​ि को अपने खेतो्मे्छोड िखा िै. अंदाज लगा ले्नक इससे उपजने वाला धान औि सस्लजयो्इसका सेवन किने वाले की सेित के नलए नकतना नुकसानदेि िोगा. अभी इसी साल मई मे्नदल्ली मे्यमुना नदी को ननम्ल ा बनाने के नलए 1969 किोड के एक्शन प्लान को मंजिू ी दी गयी िै, नजसमे् यमुना मे् नमलने वाले सभी सीविो् व नालो् पि एसटीपी प्लांट लगाने्की बता िै. मान भी नलया जाये नक नदल्ली मे्यि योजना कामयाब िो गयी, लेनकन विां से दो कदम दूि ननकल कि िी इसका नमलन जैसे िी निंडन से िोगा, कई िजाि किोड बब्ादा n िोते नदखेग् .े् शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016 21


मध्य प्​्देश

एक मुठिेड् के अध्थित्य भोपाल के कड्ी सुरक्​्ा वाले के्द्ीय कारागार से भागे आठ तसमी सदल्यो्को पुतलस ने चंद घंरो्मे्मार जर्र तगराया, लेतकन इस मुठभेड्के िज्​्ी होने की प्​्बल आशंका जिाई जा रही है. पहली ही तनगाह मे्इस मुठभेड्से कई सवाल उठिे है्तजनका जवाब प्​्शासन के पास नही्है. मारे गये दिमी के िदल्य और पुदलि: कई िवाल

पूजा लसंि

म

ध्य प्​्देश की िाजधानी भोपाल के लोगो् के नलए दीपावली की अगली सुबि चौ्काने वाली खबि लेकि आयी. दीवाली की देि िात दो से तीन बजे की बीच देश की सबसे सुिन्​्कत जेलो् मे् से एक भोपाल के्द्ीय कािागाि से प्​्नतबंनधत संगठन ल्टूडे्ट्स इल्लानमक मूवमे्ट ऑि इंनडया (नसमी) के आठ सदल्य एक िेड वाड्ान िमाशंकि यादव की ित्या किके ि​िाि िो गये िे. अल्दुल

22 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

मानजद, मोिम्मद खानलद, मुजीब शेख, जानकि िुसैन, अमजद, मोिम्मद सलीक, मोिम्मद अकील औि मिबूब गुड् नामक ये सभी जेल मे् नवनभन्न मामलो् नवचािाधीन िे. शि​ि मे्भी इस मसले पि चच्ा​ाओ्का दौि चल िी ि​िा िा नक सुबि किीब 11 बजे दूसिी खबि आयी. भोपाल के्द्ीय कािागाि से किीब 10 नकलोमीटि दूि मनीखेड्ी पिाड्ी के पास पुनलस मुठभेड्मे्आठो्नसमी काय्ाकत्ा​ाओ्को पुनलस ने माि नगिाया. मिने वालो्पि देशद्​्ोिी के अलावा डकैती तिा कुछ अन्य गंभीि िोपाल की क्​्द्ीय जेल: िुरक्​्ा के बावजूद

इलजाम िे. जानकािी के मुतानबक आसपास के गांव वालो् ने कुछ संनदग्धो् को देखकि पुनलस को इत्​्ला दी. पुनलस मौके पि पिुंची औि सामने से गोलीबािी िोने पि जवाबी काि्ावाई की नजसमे् आठो् आिोपी मािे गये. पुनलस के मुतानबक उनके पास से 315 बोि के दो कट्​्े, 12 बोि के दो कट्​्े औि तीन धािदाि िनियाि बिामद नकये गये. इस घटना के तुिंत बाद आम जनता औि िाजनेताओ्मे्प्​्नतन्​्कयाओ्का दौि चल पड्ा. नकसी ने पुनलस की जांबाजी की सिािना की तो नकसी ने इसे िज्​्ी मुठभेड् किाि नदया. लेनकन इस बीच घटना ल्िल से सामने आये कुछ वीनडयो औि अन्य सबूतो ने मुठभेड् की किानी को कमजोि किना शुर्कि नदया. खुद पुनलस मिाननिीक्​्क योगेश चौधिी ने संवाददाता सम्मेलन किके पूिी घटना की जानकािी मीनडया को दी. उन्िो्ने किा नक आतंनकयो्ने प्लास्लटक के टूिब्​्श औि लकड्ी के टुकड्ो् की मदद से चानबयां बनाकि बैिक खोली. उन्िो्ने चम्मच औि तश्तिी के नकनािो् को नघसकि िनियाि बनाये िे नजनकी मदद से प्​्ि​िी िमाशंकि यादव का गला िेत नदया औि नि​ि ओढने के नलए नमली चादिो् के सिािे सीढ्ी बनाकि जेल से ि​िाि िो गये. प्​्देश के गृिमंत्ी भूपे्द् नसंि भी मीनडया के सामने यिी बात किते नदखे. पुनलस के मुतानबक इससे पिले भी इनमे् से कुछ खंडवा जेल से इसी


कुछ सवाल लाजवाब l l

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ति​ि भाग चुके िे. पुनलस की यि किानी कम िी लोगो् को यकीन िुआ. इस बीच प्​्मुख सनचव जेल नवनोद सेमवाल यि ल्वीकाि कि चुके िे नक नबना जेल के कुछ लोगो् की नमलीभगत के नबना ऐसी बड्ी घटना निी् िो सकती िी. मामले को तूल पकड्ता देख प्​्देश के मुख्यमंत्ी नशविाज नसंि चौिान ने घटना की जांच िाष्​्ीय सुिक्​्ा एजे्सी से किाने का अनुिोध कि नदया. चौिान ने संवाददाताओ्को संबोनधत किते िुए किा, 'इस बािे मे्मेिी बात के्द्ीय गृिमंत्ी िाजनाि नसंि से भी िुई िै. आतंकवानदयो् के ताि केवल प्​्देश या देश से निी्जुड्ेिै्बस्लक उनका संपक्फ दुननया भि मे् िै. मेिी बात से सिमत गृिमंत्ी ने िैसला नकया िै नक इस घटना की जांच एनआईए किेगी तानक जो भी नछपा िुआ तथ्य िै वि सामने आ जाये. अगि औि कोई ताि िै् तो वे भी सामने आ सके्.' िालांनक बाद मे्सिकाि ने किा नक एनआईए केवल जेल से भागने के मामले की जांच किेगी। मुख्यमंत्ी ने डीआईजी जेल, जेल अधीक्​्क, उप जेल अधीक्​्क औि सिायक अधीक्​्क को ननलंनबत किने की घोषणा भी की. उधि घटना ल्िल से नमले वीनडयो एक अलग िी किानी कि ि​िे िै्. मौका ए वािदात के तीन अलग-अलग वीनडयो सामने आये िै्. एक वीनडयो मे्एक पुनलसकम्​्ी को जमीन पि लेटे एक व्यस्कत पि बेिद किीब से गोली चलाते देखा जा सकता िै. विी् पाश्​्व से

चादर की सीढ़ी बनाकर जेल की ऊंची दीवार को फांदना कैसे संभव है? चादर को हाथ से आखिर खकतनी ऊंचाई तक फे़का जा सकता है? वह दूसरी ओर कहां उलझी खक उसे पकड़ कर कैदी जेल की दीवार लांघ गये? बैरक से खनकलकर जेल फांद जाने तक उनका सामना केवल दो प़​़हखरयो़ से हुआ? उच़​़ सुरक़​़ा वाली जेल के ताले लकड़ी और प़लास़टिक की चाखबयो़ से कैसे िुल गये? असली चाखबयां बैरक से डेढ़ खकमी दूर जेलर के केखबन मे़ सुरख़​़कत रिी थी़? इतनी संवेदनशील बैरको़ मे़ लगे सीसीिीवी कैमरा िराब क़यो़ थे? क़या इतनी सुरख़​़कत जेल से केवल एक प़​़हरी को मारकर भाग खनकलना संभव है? वीखडयो मे़ सभी आरोपी हाथ उठाकर आत़मसमप़पण की मुद़ा मे़ खदि रहे है़. एक वीखडयो मे़ एकदम करीब से गोली मारी जा रही है. एक मृतक की कमर से लंबा चाकू खनकाला जा रहा है. इतना लंबा चाकू कमर मे़ आगे की ओर िो़सकर भागना संभव नही़. चाकू खकसने खदया? जो चाकू दे सकता है वह भागने का इंतजाम भी तो कर सकता है?

आवाज आती िै नक वीनडयो बन ि​िा िै िमािी सिािे 30 िीट से ऊंची मुख्य दीवाि भी पाि नौकिी चली जायेगी. एक अन्य वीनडयो मे्एक कि ली. किीब तीन बजे एक अन्य संतिी ने पुनलसकम्​्ी वायिलेस पि अपने उच्​्ानधकािी इनको भागते देखा. नवशेष काय्ाबल को बुलाया से कि ि​िा िै नक सामने पिाड्ी पि आठ लोग गया. खोजी कुत्ो्की मदद से औि ग्​्ामीणो्की िै्उनमे्से पांच िमसे बातचीत किना चािते िै् सिायता से आतंनकयो् का जल्द िी पता लगा जबनक तीन पीछे नखसककि भागने की नि​िाक नलया गया. सुबि किीब 10 बजे दोति​िा मे्िै्. इस वीनडयो मे्दूि पिानडयो्पि खड्ेपांच गोलीबािी मे्सभी आिोपी मािे गये. लोगो्को आत्मसमप्ाण की मुद्ा मे्िाि िवा मे् नि​िाई मंच के मिासनचव िाजीव यादव लि​िाते देखा जा सकता िै. तीसिे वीनडयो मे् किते िै् नक नजस ति​ि मृत युवको् के पास पुनलस औि एसटीएि सामान्य कपड्े औि हो सकता है खक उनको खकसी कन्मायो्की बातचीत से जूते चप्पल नजि आ साि िै नक एक संनदग्ध ि​िे िै् उन्िे् देखते िुए और जेल मेंसंथानांतखरत करने नजंदा िा. उसे बाद मे् इस आशंका से भी के नाम पर तैयार खकया गया हो मािा गया. बि​ि​िाल इनकाि निी् नकया जा और खफर उनका एनकाउंटर इन वीनडयो की सकता िै नक उनके कर खदया गया हो. प्​्ामानणकता तो जांच नकसी औि जेल मे् के बाद िी सानबत िो ल्िानांतनित किने के सकेगी लेनकन कुछ औि सवाल िै् जो इस नाम पि तैयाि नकया गया िो औि नि​ि उनका मुठभेड्के िज्​्ी िोने की ओि इशािा किते िै्. एनकाउंटि कि नदया गया िो. प्​्ि​िी िमाशंकि यादव िात दो बजे के्द्ीय सव्​्ोच्​्न्यायालय के पूव्ान्यायाधीश औि कािागाि के बी ल्लॉक मे्ननयनमत गश्त के नलए भाितीय प्​्ेस पनिषद के चेयिमैन ि​ि चुके पिुंचे. इस ल्लॉक मे्कुल 18 सेल िै्इनमे्कुल जस्लटस माक्​्ंडेय काटजू ने इस मसले पि एक 17 नसमी काय्ाकत्ा​ा बंद िे. यादव ने इन बंनदयो् िेसबुक पोल्ट मे् नलखा, 'जिां तक मै् को अपनी सेल के ताले नकली चाबी से खोलते जानकािी ले पा ि​िा िूं भोपाल मे् िुई देख नलया. यादव ने शोि मचाने की कोनशश तिाकनित मुठभेड् िज्​्ी िी. इसके सभी की तो उनकी गला िेतकि ित्या कि दी गयी. दोनषयो् को नजसमे् घटना मे् शानमल लोगो् से ये चानबयां लकड्ी औि प्लास्लटक से बनायी लेकि इसका आदेश देने वाले वनिष्​् पुनलस गयी िी्. पिले इन आिोनपयो् ने ल्लॉक की अनधकािी औि िाजनेता तक शानमल िै्, को आठ िीट की दीवाि िांदी. उसके बाद एक मौत की सजा दी जानी चानिये. सव्​्ोच्​् सड्क पाि कि उन्िो्ने चादि की िल्सी के न्यायालय मे् मेिा पीठ प्​्काश कदम बनाम शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016 23


मध्य प्​्देश

अप्​्त्यामशत व्यवहार आ

ठ नसमी सदल्यो्के पुनलस मुठभेड्मे्मािे जाने के अगले नदन एक नवंबि को मध्य प्​्देश के ल्िापना नदवस पि आयोनजत समािोि मे् प्​्देश के मुख्यमंत्ी नशविाज नसंि चौिान ने कुछ ऐसा नकया जो िोड्ा अप्त्य् ानशत िा. उन्िो्ने भोपाल के लाल पिेड ग्​्ाउंड पि मौजूद किीब आठ िजाि लोगो्से िाि उठवाकि पूछा, 'बताओ, आतंनकयो्को मािकि सिी नकया या गलत?' लोगो्ने वंदे मातिम के नािे के साि िाि उठाकि उनकी बात का उत्​्ि नदया. उन्िो्ने इस एनकाउंटि पि सवाल उठाने वाले नेताओ् को आड्ेिािो्लेते िुए किा नक लोग शिीद की मौत पि दो आंसू बिाये नबना पुनलस काि्ावाई पि अंगुली उठा ि​िे िै्. उन्िो्ने किा नक वि ऐसी घनटया िाजनीनत किने वालो्की ननंदा किते िै्जो वोट की िाजनीनत किने के नलए इस कदि नगि गये िै्. माक्स्ावादी कम्युननल्ट पाट्​्ी की प्​्देश इकाई के मिासनचव बादल सिोज इस वाकये पि किते िै्नक मध्य प्​्देश के मुख्यमंत्ी नशविाज नसंि चौिान इस बात को पूिी ति​ि भूल चुके िै्नक वि संनवधान की शपि लेकि िामप्​्साद नवश्​्नाि गुप्ता के मामले मे् ऐसा ननण्ाय दे चुका िै. पुनलसकन्मायो् को अगि लगता िै नक वे न्यानयक सीमा से पिे जाकि ित्याएं कि सकते िै्औि बचे ि​ि सकते िै्तो उनको जानना चानिये नक िांसी का िंदा उनकी प्​्तीक्​्ा कि ि​िा िै.' िाज्य के एक सेवाननवृत् वनिष्​् पुनलस अनधकािी नाम जानि​ि न किने के शत्ापि यि ल्वीकाि किते िै् नक इस मामले मे् बिुत सािे झोल िै्. उन्िो्ने आशंका जतायी नक किी् यि मुठभेड्गुजिात के कुख्यात इशित जिां मामले की ति​ि अबकी बाि मध्य प्​्देश सिकाि के गले की िड्​्ी न बन जाये. कांग्ेस ने समय निी् गंवाया औि प्​्देश के नदग्गज नेताओ् कमलनाि औि नदस्गवजय नसंि ने इस मुठभेड्

मुख्यमंत्ी बने िै्. प्​्देश कोई शाखा निी् िै. वि उस आयोजन मे्ननिायत अ सं वै धा नन क , अलोकतांन्तक एवं अमय्ा​ानदत भाषा मे् नवपक्​् को अपशल्दो् से नवाज ि​िे िे. उस नवपक्​् को जो एनकाउंटि के मामले मे् सव्​्ोच्​् दशवराज दिंह चौहान: दाल मे् काला न्यायालय के िी ननद्​्ेशो् के आधाि पि जांच की मांग कि ि​िा िै. जांच की मांग के प्​्नत उनकी बौखलािट इस बात का प्​्माण िै नक कुछ गि​िा काला िै नजसे जोि-जोि से नचल्लाकि नछपाने का प्​्यास नकया जा ि​िा िै.

की सचाई पि सवाल उठा नदये. नदस्गवजय नसंि ने किा नक िमेशा मुस्ललम नौजवान िी जेल तोड्कि क्यो्भागते िै्? उन्िो्ने किा नक उनको एनआईए की जांच पि भिोसा निी् िै. इस मामले की न्यानयक जांच िोनी चानिये. जानि​ि िै दबी जबान मे् इस मुठभेड् के िाजनीनतक नननिताि्ाभी तलाश नकये जा ि​िे िै्. उधि, िाज्य सिकाि ने घटना मे्शिीद िुए िेड वाड्ान िमाशंकि यादव के पनिवाि को 25 लाख र्पये की आन्िाक सिायता औि उनकी बेटी को सिकािी नौकिी देने की घोषणा की िै. उनके दो बेटे सेना मे् िै्. इस बीच अनखल भाितीय जन मंच (एआईपीएि) ने भी इन आठ नवचािाधीन आिोनपयो्की मुठभेड के नाम पि नकये गये जघन्य निसंिाि की सव्​्ोच्​्

िंतरी रामशंकर का पदरवार और (इनिेट मे्) रामशंकर: शोक और रहल्य

24 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

न्यायालय की ननगिानी मे् न्यानयक जांच की मांग की िै. संगठन ने किा नक नवनभन्न स्​्ोतो् से उपलल्ध वीनडयो िुटेज से ल्पष्​्िोता िै नक आठो् नवचािाधीन आिोनपयो् के पास कोई ऐसे िनियाि निी्िे नजससे वे दूि से पुनलस बल पि िमला कि सकते िे. यिी बात एटीएस आई.जी. द्​्ािा मौके पि पिुंचने के बाद कई बाि दोि​िाई गयी. प्​्देश के गृिमंत्ी ने भी किा िा नक आठो् के पास नुकीली चम्मचो् के अलावा औि कुछ निी् िा लेनकन बाद मे् पुनलस द्​्ािा दावा नकया गया नक आठो्के पास िनियाि िे नजससे उन्िो्ने पुनलस दल पि िमला नकया िा. एआईपीएि ने जेलकम्​्ी की ित्या की भी जांच की भी मांग की. उल्लेखनीय िै नक प्​्नतबंनधत संगठन नसमी के आठो्सदल्यो्को अब तक सजा निी् िुयी िी. सव्​्ोच्​् न्यायालय कि चुका िै नक प्​्नतबंनधत संगठन का सदल्य िोना कोई अपिाध निी्िै. संसद मे्नदये गये एक प्​्श्न के उत्​्ि के मुतानबक अप्​्ैल 2011 से जून 2014 के बीच देश की पुनलस के नखलाि िज्​्ी मुठभेड् के 368 मामले दज्ा नकये गये. इनमे् से 118 का ननपटािा िुआ िै जबनक 250 मामले अभी भी जांच के अधीन िै्. अक्टूबि 2015 से नसतंबि 2016 के बीच िाष्​्ीय मानवानधकाि आयोग के पास पुनलस एनकाउंटि की 206 नशकायते्पिुंची िै्. बि​ि​िाल, गंभीि आिोपो् से नघिे नसमी के आठ सदल्यो्के जेल िांद कि भागने से लेकि आठ घंटे के अंदि उनका एनकाउंटि नकये जाने तक भोपाल पुनलस की किानी मे् कई झोल िै्. नजन पि सवाल उठ सकते िै्, उठ ि​िे िै्इस मुठभेड ने एक बाि नि​ि सुिक्​्ा बलो्की काय्ाशैली पि गि​िे प्​्श्ननचन्ि लगा नदये िै्. n


वादो् का दनवेश

भारी-भरकम रातश की िुलना मे् अत्यंि कम जमीनी तनवेश के चलिे जीआईएस 2016 के भव्य आयोजन के औतचत्य पर सवाल उठ रहे है्. पूजा लसंि

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ध्य प्द् श े की वानणस्जयक िाजधानी इंदौि मे् गत 22 औि 23 अक्टूबि को आयोनजत वैन्शक ननवेश सम्मल े न (जीआईएस) 2016 मे् प्द् श े सिकाि ने तकिीबन छि लाख किोड् र्पये के ननवेश प्स ् ्ाव नमलने की बात किी. देश के बड्े-बड्े उद्​्ोगपनतयो् ने सम्मेलन मे् वादा नकया नक वे या तो प्द् श े मे्अपना ननवेश बढ्ायेग् े या नि​ि नया ननवेश किेग् .े लेनकन यि भी सच िै नक इस भािी भिकम आयोजन के दौिान नकसी समझौते पि िस्​्ाक्ि् निी्िो सके. यानी जमीनी उपलस्लध नसि​ि िी ि​िी. मध्य प्​्देश मे् नशविाज नसंि चौिान की सिकाि आने के बाद वष्ा2007 मे् पिली बाि जीआईएस का आयोजन नकया गया िा. तब से अब तक कुल पांच जीआईएस िो चुकी िै्नजनमे् खिबो् र्पये के ननवेश प्​्स्ाव आये िै् लेनकन िाज्य को वास्व् मे्इनसे कुछ िायदा िुआ िो, ऐसा नजि निी् आता. इस वष्ा जीआईएस मे् मुख्यमंत्ी नशविाज नसंि चौिान ने किा, 'िम प्​्देश की प्​्नत व्यस्कत आय मे् इजािा किना चािते िै् औि िमािी इच्छा िै नक िोजगाि के अनधक से अनधक अवसि प्​्देश मे् आये्.' उल्लख े नीय िै नक िाज्य की आन्िक ा समीक्​्ा के मुतानबक यिां 16 लाख से अनधक नशन्​्कत बेिोजगाि िै.् शुर्आत मे् चच्ा​ा िी नक इस बाि नि​ि प्ध् ानमंत्ी निेद् ्मोदी जीआईएस मे्शानमल िो्गे लेनकन ऐसा निी् िुआ. नपछली जीआईएस मे् जिां प्ध् ानमंत्ी निेद् ्मोदी ने नशिकत की िी औि प्द् श े सिकाि की जमकि तािीि की िी विी्इस बाि इस आयोजन मे्उनकी अनुपस्लिनत चच्ा​ा मे् बनी ि​िी. गौितलब िै नक प्​्देश सिकाि पि

वैद्िक दनवेश िम्मलेन मे् दशवराज दिंह चौहान: बहुत कम हादिल जीआईएस की सिलता के आंकड्ो् को दालो् औि दूध आनद की मदद से ऐसा मािौल बढ्ाचढ्ाकि पेश किने का आिोप लगता ि​िा िै. तैयाि किेग् े नक नकसान कुलनमलाकि 10,000 मोदी के इससे दूिी बनाने के नलए इस बात को किोड्र्पये तक की आय अन्जता कि सकेग् .े भी एक वजि माना जा ि​िा िै. प्ध् ानमंत्ी मोदी उधि नवपक्​्ी दल कांगस ्े ने जीआईएस के कुछ िी नदन पिले िी िाजधानी भोपाल मे्शौय्ा नखलाि एक अनभयान छेडत् े िुए किा नक यि ल्मािक के उद्घाटन के नलए आये िे जबनक कुछ औि निी्बस्लक सिकाि औि कािोबानियो् जीआईएस के चंद िोज बाद उन्िो्ने प्द् श े से सटे की सांठगांठ िै नजसकी मदद से जमीन औि उत्​्ि प्​्देश के मिोबा नजले मे् एक िैली को अन्य संसाधनो् पि कल्जा नकया जा ि​िा िै. संबोनधत नकया. कांगस ्े अध्यक्​्अर्ण यादव ने किा, 'मध्य प्द् श े किा जा ि​िा िै नक मुखय् मंत्ी ने प्ध् ानमंत्ी सिकाि अब तक पांच बाि जीआईएस का निेद् ्मोदी को जीआईएस मे्लाने की जी जान से आयोजन कि चुकी िै औि छठे आयोजन की पूवा् कोनशश की लेनकन उन्िे् सिलता निी् नमल घोषणा की जा चुकी िै. लेनकन सिकाि यि निी् सकी. उनके ल्िान पि नवत्​्मंत्ी अर्ण जेटली बताती िै नक नजतने समझौता किािो्पि िस्​्ाक्ि् इस बाि जीआईएस मे् पिुंचे. उन्िो्ने प्​्देश नकये गये उसका चाि िीसदी भी िकीकत मे् सिकाि की देश औि नवदेश के ननवेशको् को तल्दील निी्िो सका. उद्​्ोगपनतयो्ने समझौतो् अपनी ओि आकन्षता किने के लगाताि प्य् ासो् पि िस्​्ाक्ि् किके जमीन िड्प ली.बाद मे्उस की सिािना की. जीआईएस 2016 का सबसे जमीन को बैक ् ो् के पास नगिवी िखकि ऋण ले चन्चता चेि​िा ि​िे योगगुर्से कािोबािी बने बाबा नलया गया.' िामदेव. नपछले कुछ वष्​्ो्मे्उनके पातंजनल ब्​्ाडं कांग्ेस ने प्​्देश सिकाि के नपछली चाि ने नजस ति​ि दैननक उपयोग की वस्​्ुओ् के जीआईएस की सिलता के दावो् को खानिज कािोबाि मे्दुननया की नदग्गज कंपननयो्को पीछे किते िुए इनके नखलाि तथ्य पेश किते िुए किा छोड्ा िै उसने अच्छ-े अच्छे कािोबाि नवशेषज्​्ो् नक ननवेश के वादो् औि वास्​्नवक ननवेश मे् तक को नवस्लमत कि नदया िै. िामदेव ने अपने जमीन आसमान का अंति ि​िा िै. कांग्ेस ने भाषण मे् किा नक पातंजनल ब्​्ांड अब वि्​् आिोप लगाया नक प्द् श े सिकाि के अनधकानियो् ननम्ाण ा कािोबाि मे्दस्क ् देने जा ि​िा िै. उन्िो्ने औि कािोबानियो् की नमलीभगत की बदौलत किा नक पातंजनल न केवल जी्स बस्लक साड्ी, संसाधनो्का जमकि दुरप् योग नकया जा ि​िा िै. कुता्,ा कमीज औि कोट समेत तमाम देसी औि पिले जमीन नकसी उद्​्ोगपनत को आवंनटत कि पन्​्िमी पनिधान बाजाि मे्लायेगी. दी जाती िै औि बाद मे् उक्त उद्​्ोगपनत उसी बाबा िामदेव ने किा नक पातंजनल इंदौि मे् जमीन को नकसी बै्क के पास बंधक िखकि 500 किोड्र्पये की लागत से खाद्​्प्स ् लं क ् िण उससे ऋण िानसल कि लेता िै. इस प्क ् ाि नजस इकाई की ल्िापना किेगी. इसके नलए प्​्देश जमीन पि िाज्य के युवाओ्के नलए िोजगाि धंधे सिकाि ने पातंजनल आयुव्ेद को 45 एकड् लगने चानिये, उसकी मदद से जुटाया गया ऋण जमीन भी पीिमपुि औद्​्ोनगक क्त्े ्मे्आवंनटत उद्​्ोगपनत दूसिे ल्िानो् पि पिले से चल ि​िे की िै. िामदेव ने किा नक प्द् श े मे्आने के बाद अपने उद्म् ो् को नवत्​्ीय सिायता मुियै ा किाने n दो साल के भीति वि यिां उगे गेि,ूं टमाटि, तेल, मे्लगा ि​िे िै.् शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016 25


छत् मास्​्ीटसगढ् हेड

बस्​्र पुतलस ने ल्थानीय सामातजक काय्षकि्ाषओ्के तिलाि नारे लगाकर और उनके पुिले िूंककर जिा तदया है तक वह तनहायि बेशम्​्ी के साथ लोकिंत्-तवरोधी और सत्​्ार्ढ्पार्​्ी की पक्​्धर है. संजीि ल्​्िपाठी

लो

कतंत्मे्नािेबाजी औि पुतले जलाने के काम किते आम तौि पि िाजनीनतक दलो् के काय्ाकत्ा​ा िी नजि आते िै्. लेनकन अनभनव प्​्योगो् के नलए जाने जाने वाले छत्​्ीसगढ मे्पुनलस ने जो अनभनव काम नकया िै, वि इससे पिले लोकतंत् मे् किी् देखा निी् गया. बस्​्ि के कई जगिो्पि पुनलसकन्मायो्ने बाकायदा सामानजक काय्ाकत्ा​ाओ् के नखलाि नािे लगाये औि उनके पुतले जलाये. बस्​्ि मे् िुई इस घटना पि एक्शन लेने के नलए िाज्य सिकाि-शासन को दो नदन लग गये, औि 48 घंटे से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद इसकी जांच के आदेश िाज्य शासन ने नदये. घटना की शुर्आत सीबीआई के उस िलिनामे से शुर् िुई, जो उसने वष्ा 2011 मे् बस्​्ि के ताडमेटला कांड की सुनवाई के दौिान सुप्ीम कोट्ामे्दानखल नकया. िलिनामे मे्किा गया िै नक माच्ा 2011 मे् सुकमा नजले के ताड्मेटला, मोिपल्ली औि नतम्मापुि मे् आनदवानसयो्के 252 घि जला नदए गये िे औि यि काम नवशेष पुनलस अनधकानियो् (एसपीओ) ने नकया िा. इन गांवो् मे् तीन आनदवानसयो्की ित्या िुई िी औि मनिलाओ्के साि बलात्काि भी नकया गया िा. सुनवाई के दौिान सुप्ीम कोट्ाने माओवादी निंसा को िोकने के नलये सिकाि से शांनत वात्ा​ा की पिल के नलये भी किा. सीबीआई के इस िलिनामे की जानकािी सामने आते िी छत्ी्सगढ की िाजनीनत मे्उिान सा आ गया. प्​्देश कांग्ेस अध्यक्​् भूपेश बघेल ने एक प्​्ेसवात्ा​ा कि सिकाि से मांग की नक इन पुनलस अनधकानियो्को तत्काल ननलंनबत नकया जाये औि नगिफ्ताि कि सभी को तुिंत जेल भेजा जाये. बघेल ने किा नक सीबीआई जांच औि सव्​्ोच्​् न्यायालय के आदेश के बाद िाज्य सिकाि के पास तुिंत काि्ावाई किने के अलावा औि कोई नवकल्प निी् िै. अदालत का आदेश कांग्ेस के उन आिोपो् की पुन्ष किता िै नक 26 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

िादजक काय्थकत्ाथओ् के पुतलो् के िाथ पुदलि: िुले आम पक्​्पात

दियािी िेल मे्

बस्​्ि मे् पुनलस आईजी कल्लूिी के नेतृत्व मे् आनदवानसयो् की ित्या की जा ि​िी िै औि उन्िे् ति​ि-ति​ि से प्​्तान्डत नकया जा ि​िा िै. बघेल की प्​्ेसवात्ा​ा के बाद उधि बस्​्ि आईजी नशविाम प्​्साद कल्लूिी ने भी एक प्​्ेसवात्ा​ा लेकि सुप्ीम कोट्ामे्पेश नकये गये सीबीआई के िलिनामे को झुठलाते िुए कि नदया नक ताडमेटला मे् पुनलस ने आग निी् लगायी. उन्िो्ने दावा नकया नक मुठभेड की िायनिंग के दौिान आग लगी िोगी. कल्लूिी ने तब यि भी कि नदया नक अगि बस्​्ि से उनके िटने से नक्सलवाद समाप्त िो जायेगा तो वे 23 घंटे मे् बस्​्ि छोड दे्गे. कल्लूिी ने नेताओ्को नसीित भी दे डाली नक दलगत िाजनीनत से ऊपि उठकि नेताओ् को देखना चानिये. नजन नक्सनलयो् का पक्​्लेकि िाजनेता बयानबाजी कि ि​िे िै्, उन्िी् के नेताओ्की ित्या नक्सनलयो्ने झीिम घटना मे् की िी. उन्िो्ने नेताओ् का नाम नलए नबना बस्​्ि मे् पुनलस काि्ावाई की आलोचना किने वालो् को देशद्​्ोिी भी कि नदया. माना जा ि​िा िै नक उनका इशािा पीसीसी अध्यक्​्भूपश े बघेल

की ति​ि िा. इससे बघेल औि उत्​्ेनजत िो गये औि आईजी कल्लूिी को औकात मे् िखने की सलाि दे डाली. इसके बाद 24 अक्टूबि को बस्​्ि मे् जो िुआ उसने पूव्ा मंत्ी मोिम्मद अकबि को यि किने पि मजबूि कि नदया नक नक्सनलयो् की शादी तो पुनलस अब तक इस अंदाज मे्किाती आ ि​िी िै मानो्मैनिज ल्यूिो िी खोल नदया िै, औि अब बस्​्ि मे् नजस ति​ि िाजनीनतक बयान पुनलस से आ ि​िे या पुतले जलाये जा ि​िे िै् उसे देखकि पीपीपी यानन पुनलस पॉनलनटकल पाट्​्ी िोती नजि आ ि​िी िै. दिअसल 24 अक्टूबि को बस्​्ि की कई जगिो्पि वद्​्ी पिने िुए पुनलसकन्मायो्ने मनीष कुंजाम, सोनी सोिी, सामानजक काय्ाकत्ा​ा बेला भानटया, निमांशु कुमाि व प्​्ो नंनदनी सुंदि के पुतले जलाये. यि एक िैितअंगेज नजािा िा नक जो पुनलस पुतले जलाने से िोकती आयी िै, वि खुद पुतले जलाये. नदलचल्प तो यि नक इसके बाद न तो बस्​्ि एसपी, बस्​्ि आईजी ने इन पुनलस कन्मायो् पि कोई एक्शन नलया न कोई औि कदम उठाया. इस सब घटनाक्म् को देखते


पुदलि

िुए पुनलसकन्मायो्के इस पुतले जलाए जाने की चौति​िा आलोचना िुई. आम आदमी पाट्​्ी के नेता संकेत ठाकुि ने पुनलसवालो्के इस प्​्दश्ान को सुप्ीम कोट्ा की िानलया नटप्पणी की

प्​्नतन्​्कया किाि देते िुए किा नक नक ताड्मेटला आगजनी कांड मे् नजस ढंग से बस्​्ि आईजी नशविाम कल्लूिी की भूनमका पि सवाल नकया िै, उसी के जवाब मे् कल्लूिी ये सािी कसित किवा ि​िे िै्. किा गया नक कल्लूिी ने पुनलसबल का िाजनीनतकिण कि नदया िै जो दुभ्ा​ाग्यपूण्ािै. विी्पीयूसीएल के प्​्देशाध्यक्​्डॉ लाखन नसंि ने पुनलसकन्मायो् के इस काम को एक नवद्​्ोि माना. यिी बात प्द् श े के पूवा्डीजीपी नवश्​्िंजन औि िामननवास ने भी किी. दोनो्का यि मानना िा नक पुनलस एक्ट मे् धिना, प्​्दश्ान, आंदोलन या संगठन बनाने जैसी गनतनवनधयो्को कोई जगि निी्िै. नजन पुनलस कन्मायो् ने भी यि काम नकया िै, उन पि काि्ावाई िोनी िी चानिये. इस सबके बाद जब 48 घंटे बीत गये तब जाकि सिकाि औि शासन दोनो्जागे. प्​्देश के डीजीपी डीजीपी एएन उपाध्याय ने ताडमेटला प्​्किण से जुडे दंतेवाडा औि सुकमा नजलो् के 8 तत्कालीन नवशेष पुनलस अनधकानियो् (एसपीओ) को ननलंनबत कि लाईन अटैच किने के आदेश जािी नकये. साि िी दो नदनो्की मशक्​्त के बाद आनखिकाि िाज्य सिकाि को बस्​्ि मे् पुनलस कन्मायो् के द्​्ािा पुतला दिन नकये जाने की जांच किाने का ननण्ाय लेना पड्ा. िाज्य सिकाि ने एक आदेश जािी कि पुनलसकन्मायो् द्​्ािा पुतला दिन नकये जाने की बस्ि् कनमश्नि से प्श ् ासननक जांच किवाने का ननण्ाय नलया. साि िी प्​्देश के गृिमंत्ी का भी बयान आया नक छत्​्ीसगढ् के गृिमंत्ी िामसेवक पै्किा ने माओवानदयो्से बातचीत के मुद्े पि किा िै नक पिल्पि संवाद िी लोकतंत् का आधाि िै. उन्िो्ने किा नक नक्सल समल्या के ननिाकिण के नलए िाज्य सिकाि माओवानदयो्सनित नकसी भी पक्​्से बातचीत के नलए खुले नदल से िमेशा तैयाि िै. बातचीत के पुतले जलाती पुदलि: िरकार की शह

नलए सिकाि के दिवाजे िमेशा खुले िुए िै्, लेनकन यि बातचीत लोकतंत्औि संनवधान के दायिे मे्िोनी चानिए. पैक ् िा ने किा, नक नक्सल समल्या के शांनतपूण्ा औि ल्िायी समाधान के नलए सिकाि की नीनत औि नीयत नबलकुल साफ्िै. यि सब घटनाक्​्म समाप्त भी निी्िुआ िा नक एक औि िज्​्ी मुठभेड का मामला सामने आ गया. नसतंबि मे् पुनलस ने दो नाबानलगो् (एक ल्कूली छात्​्) को दंतेवाडा के बस्​्ानाि ल्लॉक के ग्​्ाम बुिगुम मे् मुठभेड मे् नक्सली बताते िुए माि नगिाने का दावा नकया िा. इसका नविोध दोनो् युवाओ् के पनिजन औि ल्िानीय नवधायक देवती कम्ा​ा ने नकया. नि​ि सव्ा आनदवासी समाज औि प्​्देश कांग्ेस ने भी इसे िज्​्ी मुठभेड बताया. मामला िाईकोट्ामे्पिुंचा जिां पुनलस पिले तो इसे मुठभेड िी बताती ि​िी, लेनकन 27 अक्टूबि को सुनवाई के दौिान सिकाि िाईकोट्ामे्पलट गयी. सिकाि ने किा नक बस्​्ि के बुिगुम मे्जो दो आनदवासी युवक मािे गये िे. उनकी ित्या अज्​्ात लोगो्ने की िी. इस मामले मे् मािे गये नाबानलग युवको् के वकील सतीशचंद्वम्ा​ा का किना िै नक पुनलस इससे पिले लगाताि यि दावा किती ि​िी िै नक उसने 24 नसतंबि को बुिगुम मे्माओवानदयो्के साि मुठभेड् नकया िा औि दोनो् लोग उसी मुठभेड्मे्मािे गये िे. पुनलस ने इस मुठभेड्मे् शानमल सुिक्​्ाबल के जवानो् को एक लाख र्पये का इनाम भी नदया िा. लेनकन अब सिकाि के ल्वयं के बयान से सानबत िो ि​िा िै नक वि मुठभेड िज्​्ी िी. निलिाल अदालत ने इस मामले मे्िैसला सुिन्​्कत िखा िै. इससे पिले इसी वष्ाजून माि मे्भी बस्​्ि मे् एक युवती को पुनलस ने नक्सल मुठभेड् मे् मािा जाना बताया. उसे नक्सली बताने के बाद जब मामला िाईकोट्ातक पिुंचा तो अदालत ने उसके शव का दुबािा पोल्टमाट्ाम किवाया नि​ि उसके बाद इस मामले की न्यानयक जांच के आदेश नदये िे. इन सब मामलो् पि पीयूसीएल के प्​्देशध्यक्​् डॉ नसंि किते िै्, बस्​्ि मे् एक के बाद एक फ्ज्ी मुठभेड्िो ि​िे िै्. सुिक्​्ाबलो् के न्िलाफ् कोई काि्ावाई निी् िोने से उनके िौसले बुलंद िै्. बि​ि​िाल! इन सब घटनाक्म् को देखते िुए यि सवाल तो जर्ि खडे िोते िै् नक बस्​्ि मे् आनखि िो क्या ि​िा िै, पुनलस विां माओवानदयो् से लड ि​िी िै या विां के ल्िानीय आनदवानसयो् से. िालांनक, यि भी अनदेखा निी् नकया जा सकता नक बीते वष्​्ो् मे् पुनलस को बस्​्ि मे् सिलताएं भी नमली िै औि आईजी कल्लूिी को नक्सनलयो् ने जान से मािने की धमकी भी दे िखी िै. लेनकन बावजूद इसके, सवाल उठने तो लानजमी िै्. n शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016 27


केरल

हत्यारी दियाित का िमय

कन्नूर मे् माकपा का दफ्तर: दियािी दहंिा का दौर

अलिषेक रंजन लसंि

भा

ित मे्नसयासी िंनजश मे्ित्या िोना कोई नयी बात निी् िै. सभी िाज्यो् मे् ऐसी वािदात देखने को नमलती ि​िती िै.् लेनकन देश के सव्ाना धक नशन्​्कत िाज्य मे् शुमाि केिल के कन्निू नजले मे्नसयासी कत्लआ े म खतिनाक िो चला िै. यिी वजि िै नक इसे मौत की िाजधानी किा जा ि​िा िै. गत माि कोनझकोड मे्आयोनजत भाजपा की िाष्​्ीय पनिषद की बैठक मे्प्ध् ानमंत्ी निेद् ्मोदी ने केिल मे्िाजनीनतक ित्याओ्पि नचंता जताते िुए इसके नलए माकपा को नजम्मदे ाि ठि​िाया. भाजपा की ओि से प्​्कानशत एक पुन्सका का लोकाप्ण ा किते िु उन्िो्ने मीनडया से अपील की नक वि देश की जनता को केिल मे् जािी कत्लेआम से अवगत किाये तानक माकपा की निंसक िाजनीनत के बािे मे्देश जान सके. उनकी नचंता वानजब िै लेनकन इस खूनी िाजनीनत के नलए नकसी एक दल को दोषी ठि​िाना गलत िै. दिअसल कन्नूि मे् सभी िाजनीनतक दल इस गलत पिंपिा मे्शानमल िै.् विां ि​ि दल के पास अपने काय्क ा त्ाओ ा ्की ित्या की लंबी सूची िै. इनमे्से अनधकांश माकपा को सीधे नजम्मेदाि मानते िै्. देखा जाये तो यिां अनधकांश ित्याएं माकपा औि आिएसएसभाजपा काय्ाकत्ा​ाओ् की िुई िै्. माकपा औि 28 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

केरल मे्राजनीतिक हत्याओ् का तसलतसला नया नही्है, लेतकन हाल के समय मे्िौर पर कन्नूर तजले मे्इस तहंसा ने बहुि जोर पकड्ा है.

िुधीर कुमार के फोटो के िाथ पत्नी रमणी

इंनडयन यूनाइटेड मुसल् लम लीग भी एक दूसिे पि िमलावि ि​िे िै.् कई जग कांगस ्े औि माकपा मे् भी निंसक झड्प िोती िै. विां माकपा औि आिएसएस-भाजपा के बीच नसयासी िंनजश ज्यादा िै क्यो्नक विां बतौि पाट्​्ी भाजपा तेजी से मजबूत िो ि​िी िै. उसके इस उभाि मे् आिएसएस के जमीनी कामकाज का योगदान िै. केिल मे्इस समय भाजपा को उन लोगो्का भी समि्ना नमल ि​िा िै जो कभी माकपा के काडि िे. यि पूिी लड्ाई वोट बैक ् पि कल्जे को लेकि िै. कन्निू समेत पूिे केिल मे्मुसल् लम लीग औि भाजपा मे् तल्खी इसनलए निी् िै क्यो्नक दोनो्जानते िै्नक उनके वोट बैक ् जुदा िै.् कांगस ्े को ज्यादाति निंदओ ु ्औि ईसाइयो्का वोट नमलता िै. मुसल् लम लीग के साि नमलकि चुनाव लडऩे पि उसे मुसल् लम वोट भी नमल जाते िै.् केिल मे् माकपा की िाजनीनत एकदम अलग िै. यिां वाम दल तमाम धान्मक ा आयोजनो् मे् नशिकत किते िै्. चूंनक विां के वामपंिी निंदूवादी िै् इसनलए पाट्​्ी के काय्ाकत्ा​ाओ् को पाला बदलकि भाजपा के ति​ि जाने मे् ज्यादा वक्त निी्लगा. एक ल्िानीय सामानजक काय्ाकत्ा​ा प्​्दीप नील्सन किते िै् नक कोनझकोड मे् कट्​्ïिपंिी मुसल् लमो्का एक अखबाि िै तेजस. यि अपनी भड्काऊ खबिो् औि निपोट्ा के नलए चच्ा​ा मे्

ि​िता िै. यिां कई बाि पुनलस का छापा पड्चुका िै. प्द् श े के मौजूदा मुखय् मंत्ी नपनािाई नवजयन की छनव एक बािुबली की िै. वि भी कन्निू से िी ताल्लक ु िखते िै.् आज कन्नूि मे् जाक माकपा कि ि​िी िै पिले विी काम कांग्ेस किती िी. केिल समाजवादी जनपनिषद के अध्यक्​्नवनोद पायडा बताते िै्नक 50-60 के दशक मे्कन्निू समेत पूिे मालाबाि इलाके मे् सोशनलल्ट पाट्​्ी का खासा असि िा. उस वक्त कांगस ्े ी सोशनलल्ट काय्क ा त्ाओ ा ्पि बुिी ति​ि िमलावि ि​िते िे. सन 1960 मे् समाजवादी नचंतक डॉ. िाम मनोि​ि लोनिया अपने काय्क ा त्ाओ ा ् पि िमलो से दुखी िोकि कन्निू आये िे. उन्िो्ने यिां एक िैली कि कांगस ्े की निंसक िाजनीनत का खूब नविोध नकया िा. केिल प्​्देश भाजपा के वनिष्ï् नेता के िंजीत ने ओनपननयन पोल्ट से बातचीत मे् किा नक माकपा की सिकाि बनने के बाद भाजपाआिएसएस काय्ाकत्ा​ाओ् पि खूब िमले नकये गये. मुख्यमंत्ी नवजयन खुद आिएसएस काय्ाकत्ा​ा नवडकल िामकृष्णन की ित्या के आिोपी िै.् अप्ल ्ै 1969 मे्िुई यि ित्या प्द् श े मे् आिएसएस काय्ाकत्ा​ा की पिली ित्या िी. उनके मुतानबक केिल मे् अब तक उनके 172 काय्क ा त्ाओ ा ्की ित्या िो चुकी िै. इनमे्से 80 केवल कन्नूि मे् िुई िै् औि इन्िे् माकपा ने


नक कोई काि्ावाई निी िोती. िालांनक, अंजाम नदया िै. इंनडयन यूनाइटेड मुस्ललम लीग ओनपननयन पोल्ट से नवशेष बातचीत मे्कन्निू के ् कोिी संजय कुमाि गुरद् ीन इन (आईयूएमएल) कन्निू मे् िो ि​िी ित्याओ् को पुनलस अधीक्क दुभ्ा​ाग्यपूण्ा बताते िुए इसके नलए माकपा को आिोपो् को खानिज किते िुए बताते िै् नक कसूिवाि ठि​िाती िै. पाट्​्ी मिासनचव अल्दुल ल्िानीय पुनलस बग्ैि नकसी पक्​्पात के किीम ने िमे् बताया नक नपछले दो दशक मे् िाजनीनतक ित्या मे्शानमल लोगो्पि क़्ानून के उनके कई काय्क ा त्ाओ ा ्की माकपा के लोगो्ने प्​्ावधानो् के तित काि्ावाई किती िै. उनके ित्या की िै. उनके मुतानबक, केिल मे् माकपा अनुसाि, कन्नूि मे् िोने वाली सभी ित्याएं सिकाि बनने के बाद कन्नूि मे् अलग-अलग िाजनीनतक निी् िै, लेनकन नसयासी िायदे के पान्टयि ो्के छि लोगो्की ित्याएं िुई,् जबनक साढ्े नलए इन ित्याओ् को िाजनीनतक िंग दे नदया जाता िै. कन्नूि पुनलस अधीक्​्क काय्ा​ालय से तीन सौ लोगो्पि जानलेवा िमले िुए िै.् सत्ि् के दशक मे्कालीकट मे्भीषण सांपद् ानयक दंगे नमली जानकािी के मुतानबक़्, वष्ा 1991 से िुए, नजसमे्सैकड्ो्बेगनु ाि लोगो्की जाने्गई्. 2016 के बीच विां कुल 104 िाजनीनतक ित्याएं इस फ्साद की जड् मे् कोई औि निी्, बस्लक िुई्. मिने वालो् मे् सबसे ज्​्यादा 42 माकपा ा त्ा​ा िे. जबनक भाजपा के 41, कांगस ्े के माकपा िी. केिल मे् मुस्ललम लीग के काय्क काय्ाकतार्ओ् पि माकपा समि्ाक इसनलए 15 औि मुसल् लम लीग के चाि तिा अन्य दलो्के िमला किते िै,् क्यो्नक सूबे मे् मुसलमानो् का दो काय्ाकत्ा​ा मािे गये. एक मई 2016 से 16 एकमुशत् वोट मुसल् लम लीग को जाता िै. माकपा नसतंबि के बीच नज्ले मे् िाजनीनतक निंसा की इसमे्सेध् लगाना चािती िै, लेनकन उसके सािे कुल 301 वािदाते् घनटत िुई.् पुनलस मे् निपोट्ा दजऱ् िोने के बाद माकपा के सव्ा​ानधक 485 प्य् ास अबतक नविल ि​िे िै.् कन्निू नज्ला कांगस ्े कनमटी के अध्यक्​्के. नेताओ् एवं काय्ाकत्ा​ाओ् को नगिफ्ताि नकया सुिदे् ि् न भी िाजनीनतक ित्याओ्के नलए माकपा गया, जबनक भाजपा औि आिएसएस से जुड्े ्े के 42 एवं अन्य दलो्से संबनं धत को नजम्मदे ाि मानते िै.् वि किते िै् नक किने 190, कांगस को वामपंिी पान्टियां चुनाव लड्ती िै्, लेनकन िाजपा नेता अदनल कुमार का फोटो लोकतंत् पि उनका कोई भिोसा निी् िै. अपने िाजनीनतक नविोनधयो्ं को वामदल शत्​्ुसमझते िै.् गौितलब िै नक वष्ा1973 से लेकि 2016 तक कुल 43 कांगस ्े काय्क ा त्ाओ ा ्की ित्याएं िुई,् जबनक 250 लोगो् पि कानतलाना िमले िुए. िमने ल्िानीय माकपा नेताओ्से भी इस बािे मे् बात किनी चािी लेनकन उन्िो्ने साि इनकाि कि नदया. माकपा मुखपत्​् देशानभमानी के लाइब्न्ेियन अनजंदन् ने जर्ि भाजपा के आिोप को खानिज नकया. उन्िो्ने किा नक उलटे 1994 से 2016 के बीच 53 माकपा काय्क ा त्ाओ ा ् की ित्या भाजपा-आिएसएस के लोगो्ने की. अन्य दलो् का किना िै नक कन्निू पुनलस माकपा के दबाव मे्काम किती िै. यिी वजि िै िीवी धनराज की पत्नी िजनी अपने दो छोटे बच्​्ो् और िाि के िाथ

113 लोगो्को नगिफ्ताि नकया गया. प्​्देश भाजपा इकाई ने इस बाबत पाट्​्ी अध्यक्​्अनमत शाि औि प्ध् ानमंत्ी निेद् ् मोदी से गुिाि लगायी िै. भाजपा के्द्ीय नेतृत्व ने कन्नूि मे् िाजनीनतक निंसा की घटनाओ् की पड्ताल के नलए पाट्​्ी मिासनचव भूपदे् ्यादव की अध्यक्त् ा मे्पांच सदल्यीय सनमनत गनठत की िै. इस सनमनत मे्सांसद मीनाक्​्ी लेखी, अनंत िेगड्,े एच. िाजा औि ननलन शानमल िै.् साल 1999 मे् नदसंबि मिीने की एक तािीि् को कन्नूि वासी शायद िी कभी भुला पाये्गे. के.टी. जयकृष्णन कन्नूि स्लित एक सिकािी नवद्​्ालय मे् नशक्​्क िे. साि िी वि भाितीय जनता पाट्​्ी युवा मोच्ा​ा के प्​्देश उपाध्यक्​्भी िे. एक नदसंबि को िमेशा की ति​ि वि बच्​्ो् को पढ्ा ि​िे िे. इसी बीच माकपा से जुड्ेदज्ना ्भि िनियािबंद लोगो्ने कक्​्ा मे्छोटेछोटे बच्​्ो्के बीच उनकी बेि​िमी से ित्या कि दी. इस घटना को अंजाम देने के बाद माकपा समि्ाक िमलाविो् ने ल्लैक बोडज्​् पि एक धमकी भिा संदश े भी नलख नदया नक इस मामले मे्गवािी देने वालो्का यिी िाल नकया जायेगा. कन्नूि नज्ले का तलेश्शिी औि पय्यनूि तालुका िाजनीनतक ित्या का केद् ्बन चुका िै. बीते कुछ दशको् मे् यिां नवनभन्न िाजनीनतक दलो्से संबनं धत सैकड्ो्लोगो्को मौत के घाट उताि नदया गया. गांव अन्निू मे्बीते 11 जुलाई 2016 को भाितीय मज्दिू संघ (बीएमएस) से जुड्े ऑटो ड्​्ाइवि सी.के िामचंद्न की ित्या घुसकि ित्या कि दी गयी. एक साधािण पनिवाि से संबधं िखने वाले िामचंदन् की नवधवा पत्नी औि दो छोटे बच्​्े िै्. इस घटना के बाद आिएसएस ने िामचंदन् के पीनड्त पनिवाि को 20 लाख र्पये की आन्िक ा सिायता प्द् ान की, लेनकन घि मे् एकमात्​्कमाने वाले सदल्य की ग्ैि-मौजूदगी इस पनिवाि को बिाबि सालती ि​िेगी. अन्नूि से कऱीब 15 कलोमीटि दूि िामंदली गांव मे् उसी नदन माकपा काय्ाकत्ा​ा सी.वी धनिाज की ित्या आिएसएस से जुड्े काय्ाकत्ा​ाओ् ने कि दी. मज्दूि धनिाज के दो छोटी उम्​्के बेटे िै.् माकपा ने उसके पोल्टि तो पूिे कन्निू मे्नचपका नदये लेनकन पनिवाि को अब तक कुछ निी्नमला िै. कन्निू मे्ित्याओ्के दौि के बीच प्द् श े मे् अक्टबू ि के दूसिे सप्ताि एक माकपा औि एक भाजपा काय्ाकत्ा​ा की ित्या कि दी गयी. दोनो् ित्याएं मुख्यमंत्ी नपनािाई नवजयन के नवधानसभा क्त्े ्धम्ागा् म मे्िुई.् इस साल मई मे् वाम सिकाि के सत्​्ा मे्आने के बाद से अब तक कन्निू नज्ले मे्300 से ज्य् ादा िाजनीनतक िमले औि छि ित्याएं िो चुकी िै्. बावजूद इसके मुख्यमंत्ी ने इस बाबत कोई बड्ी बैठक निी् बुलायी िै. n शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016 29


षमजोरम

वापसी की बाट जोहते ब्​्ू त्​्तपुरा मे्करीब पैिीस हजार ब्​्ू शरणाथ्​्ी अपने घर तमजोरम जाने की बार जोहिे तशतवरो्मे् रह रहे है्. तमजोरम सरकार ने इस तसलतसले मे्तनण्षय तलया है लेतकन अड्चने्कई है्.

लदनकर कुमार

उ

त्​्ि-पूव्ा मे् नमजोिम सिकाि ने न्​्तपुिा के शिणाि्​्ी नशनविो्मे्ि​ि ि​िे ब्​्ूशिणान्िायो् की िाज्य मे् वापसी का नसलनसला जल्द शुर् किने का ननण्ाय नलया िै. लेनकन कांग्ेसी मुख्यमंत्ी लाल िान्िावला इसका श्​्ेय निी्ले सकते. इसनलए क्यो्नक अक्टबू ि 1997 मे्उनके काय्ाकाल मे् नछड्े जातीय दंगो् मे् 10 ब्​्ू नागनिको्की मौत िोने के बाद किीब 45000 30 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

ब्​्ूभागकि न्​्तपुिा जा बसे. ऐसे मे्यि तो उनका िज्ा बनता िै नक वे अपने शासनकाल के इस त्​्ासद पलायन की घटना से सीख लेकि ब्​्ू शिणान्िायो् के प्​्त्यावत्ान की प्​्न्कया को आसान बनाये्औि िाज्य मे्उनके जानमाल की सुिक्​्ा तय किे्. जातीय संघष्ा की शुर्आत दो दशक पूव्ा तब िुई िी जब ब्​्ू नेशनल नलबिेशन फं्ट के उग्व् ानदयो्ने एक नमजो िॉिेलट् वाड्ना की ित्या कि दी िी. अप्​्ैल 2005 मे्नमजोिम सिकाि ने बीएनएलएि के साि शांनत समझौता नकया लेनकन केवल 40 उग्​्वानदयो् ने िी िनियाि डाले. अक्टूबि 2006 मे् 805 उग्​्वानदयो् ने नमजोिम सिकाि के समक्​्आत्मसमप्ण ा नकया. उस समय इसे कनित र्प से नमजोिम सिकाि को आिोप को सानबत किने के नलए प्​्ायोनजत प्ि् सन बताया गया िा. आिोप यि िा नक न्​्तपुिा के अनधकांश नशनविो् मे् उग्​्वादी नछपे िै्. िकीकत यि िै नक बीएनएलएि शुर् से ब्​्ू शिणान्िायो् को प्​्त्यावत्ान से िोकता ि​िा िै. उसके मुतानबक जब तक नमजोिम सिकाि ब्​्ू

दवल्थादपत ब्​्ू मदहला: कब होगी घर वापिी

लोगो् के पुनव्ा​ास के नलए इंतजाम निी् किती औि उनकी सुिक्​्ा सुननन्​्ित निी्की जाती तब तक लौटने का तो प्​्श्न िी निी्िै. बीच-बीच मे्ब्​्ूशिणान्िायो्की वापसी की कोनशश जािी ि​िी्. नमजोिम सिकाि लगाताि यि शत्ा िखती ि​िी नक केवल उनको विां वापस आने का अनधकाि िोगा नजनके पास िाज्य का मूल ननवासी िोने के दस्​्ावेज िै्. किीब 10 साल तक जब िाज्य मे्नमजो नेशनल फं्ट की सिकाि िी तो मुख्यमंत्ी जोिामिंगा भी लालिन्िावला की भाषा बोलते ि​िे. उच्​्तम न्यायालय ने ब्​्ू शिणान्िायो् की िाज्य वापसी औि पुनव्ा​ास की प्​्न्कया को तेज किने का ननद्​्ेश नदया िा. इसी ति​ि िाष्​्ीय मानवानधकाि आयोग ने भी इस मसले को जल्द से जल्द िल किने पि जोि नदया. नमजोिम सिकाि के अनडय़ल र्ख को देखते िुए इस बात की सम्भावना कम िी िै नक ब्​्ू शिणान्िायो् की वापसी ननध्ा​ानित नतनि से शुर्िो पायेगी . 19 सालो्से ब्​्ूशिणाि्​्ी न्​्तपुिा के शिणाि्​्ी नशनविो्मे्ि​ि ि​िे िै्. उनकी वापसी का मसला


लंबे समय से अधि मे् िै. नमजोिम मे् ल्िायी शांनत कायम किने के नलए औि नमजोिम तिा न्​्तपुिा के बीच संबंध सुधािने के नलए ब्​्ू शिणान्िया ो्का अपने िाज्य मे्पुनव्ास ा जर्िी िै. नमजोिम सिकाि का िवैया इस मसले को िल किने के नलए सकािात्मक निी् ि​िा िै. उसने अपने स्​्ि पि ब्​्ू लोगो् के पुनव्ा​ास के नलए कोई ठोस पिल निी्की िै. उसने लगाताि टालमटोल का र्ख िी अपनाया िै. इस बाि अगि वि ब्​्ूशिणान्िायो्की वापसी की तैयाि भी िुई िै तो इसके पीछे के्द्सिकाि का दवाब काम कि ि​िा िै. ब्​्ू शिणान्िायो् की संख्या को

शरणाथ्​्ी दशदवर मे् ब्​्ू बच्​्े: आंिो् मे् उम्मीद लेकि नमजोिम सिकाि का दावा िमेशा अनवश्​्सनीय ि​िा िै. वि उनकी तादाद िमेशा 17000 के आसपास बताती ि​िी िै ,जबनक न्​्तपुिा सिकाि का किना िै नक शिणान्िायो्की तादाद 35000 के आसपास िै. नमजोिम सिकाि अपने आंकड्े से अनधक लोगो् को वापस लेने के नलए तैयाि निी्िै. जबनक िाष्​्ीय मानवानधकाि आयोग इस बात की पुन्ष कि चुका िै नक न्​्तपुिा के नशनविो् मे् ि​िने वाले तमाम ब्​्ूमूल र्प से नमजोिम के िी ननवासी िै्. नमजोिम से नवल्िानपत ब्​्ूलोगो्के प्न्तनननध संगठन एमबीडीपीएि ने ल्पष्​् नकया िै नक

केद् ्औि नमजोिम सिकाि ब्​्ूलोगो्की बुननयादी मांगो् के प्​्नत गंभीि निी् िै्. ऐसी स्लिनत मे् आनखि वे नमजोिम लौटकि कैसे जा सकते िै्? पिले भी एक बाि प्​्त्यावत्ान की एक कोनशश बुिी ति​ि नाकाम िो चुकी िै. नशनविो्मे्ि​ि ि​िे ब्​्ू लोग सुिक्​्ा औि जीनवका का आश्​्ासन चािते िै्, लेनकन के्द् औि िाज्य की सिकाि ऐसा ठोस आश्​्ासन दे निी् पा ि​िी िै्. ब्​्ू संगठन की मांग िै नक प्​्त्येक पनिवाि को पांच िेक्टेयि भूनम दी जाये औि नकद नवत्​्ीय सिायता की िानश मे् बढ्ोतिी की जाये. 2009 की निंसा के दौिान िाज्य से भागे 600 ब्​्ू पनिवािो् के नलए भी पुनव्ा​ास की व्यवल्िा की जाये. नमजोिम सिकाि ने मांगो् को मानने से इनकाि कि नदया िै औि किा िै नक इस ति​ि की मांगो् पि के्द् सिकाि िी कोई िैसला ले सकती िै. ब्​्ू शिणान्िायो् के नेता वापसी की प्​्न्कया शुर् िोने से पिले खुद उन ल्िानो् पि जाकि मुआयना किना चािते िै्, जिां इनका पुनव्ा​ास किाने की बात किी गयी िै. नमजोिम सिकाि इसकी इजाजत देने के नलए तैयाि निी् िै. वि इस बात को अपनी प्​्नतष्​्ा का प्​्श्न मानती िै. उसका किना िै नक ब्​्ू लोगो् को सिकाि पि भिोसा किना िोगा. ब्​्ू नेताओ् को लगता िै नक नि​ि उनके साि छल िो सकता िै औि वे बाि-बाि धोखे का नशकाि िोना निी् चािते िै.् इस ति​ि का गनतिोध केद् ्के िस्क ् प्े के बावजूद खत्म निी्िो पा ि​िा िै. ब्​्ू लोगो् की आबादी को लेकि उपजा नववाद बताता िै नक जब तक नमजोिम सिकाि के िवैये मे्बदलाव निी्िोता, तब तक न्​्तपुिा के शिणाि्​्ी नशनविो् मे् ि​ि ि​िे तकिीबन 35000 ब्​्ू समुदाय के लोग गृि िाज्य मे् लौटकि नये नसिे से जीवन की शुर्आत निी् कि पाये्गे. ब्​्ू लोगो् को अपने िी देश मे् लगभग दो दशको्से शिणाि्​्ी बनकि जीना पड् ि​िा िै औि उम्मीद की कोई िौशनी नदखाई निी् n दे ि​िी िै.

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www.shukrawaar.com शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016 31


लोक जीवन

माटी, मछली और दमदथला िाने मे्ल्वाद के तलए जो दज्ाष नमक का है, तमतथला के लोगो् के तलए भोजन मे्वही ल्थान मछली का है यानी अपतरहाय्ष. िभी िो वहां के ब्​्ाह्मणो्िक का भोजन इस ‘पानीिल‘ के तबना पूरा नही्होिा. लशल्पी झा ‘चोिी भेल चोिी, िम्मि माछक झोिी/ज्यॉं पूछनिन बौआक माय,/ तs किबनन चोि लs गेल.

ए

क लोकन्​्पय मैनिल लोकगीत का मुखड्ा िै ये. ज्य् ादा पुिाना तो निी्लेनकन बचपन मे् िम इसे खूब गाते िे. ल्कल ू के नदनो्मे्एक बाि धोती-कुता्ा पिनकि इस गीत पि अनभनय किने का मौका भी नमला, नजसमे् ि​ि अंतिे के बाद ‘चोिी भेल’ का मुखड्ा आते िी ि​िेली से मािा पीटना िोता िा. दो अंतिो्वाले इस गाने का साि ये िै नक िजित को सोकि उठते िी बौआ की मां यानन धम्पा त्नी से दिभंगा जाकि मछली लाने का आदेश नमलता िै. साि मे् धमकी भी नक अगि मछली लेकि निी् आये तो घि मे् दंगे की पूिी संभावना िै. औि इतने जतन से खिीदी गयी मछली को चोि ले गया. यूं सुनने मे्ये गाना िाल्य िस का लगता िै लेनकन इसमे् नननित कर्णा औि पीड्ा को कोई मैनिल िी समझ सकता िै. दिअसल, पान, मखान औि मछली के नबना नमनिला की कोई भी चच्ा​ा पूिी निी् िो सकती. पान औि मखान तो किते िै्ल्वग्ामे्भी प्​्ाप्य निी् िै औि मछली का सेवन धिती पि ल्वग्ा मे् नवचिण के समान सुख देने वाला िै. ‘जम्बीिनीिपनिपूनितमत्लय् खंड’े (जमीिी नी्बू के िस से पनिपूणा्मछली के टुकड्ो)् के सामने तो मैनिल अमृत तक को तुचछ ् समझते िै.् िां तली मछली के टुकड्ेके साि जमीिी नी्बू का िोना 32 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

आवश्यक िै यिां. मैनिल नडक्शनिी मे् मछली की नगनती मांसािाि मे्िोती िी निी्. मछली को यिां पानी िल किा जाता िै. इसनलए इसका सेवन ब्​्ाह्मण पनिवािो्मे्भी उतनी िी प्च ् िु ता से िोता ि​िा िै. ब्​्ाह्मण नववाि मे्बािानतयो्के नलए मछली ज्रि् बनाई जाती िै. नववाि की वेदी पि बैठने के पूवा् दूलि् े को उसकी सानलयां औि सलिजे् बड्े मनुिाि से जो भोजन किाती िै,् उसमे्तली औि झोल वाली मछली भी शानमल िोती िै. ब्​्ाह्मण घिो्मे्नचकन औि अंडे का प्व् श े िाल निलिाल तक ज्रि् वन्जता ि​िा. इन्िे् नवजातीय समझा जाता िा. मैनिल घि मे् मछली का आना आयोजन निी्उत्सव िो जाया किता िै नजसमे् सबकी भागीदािी समानित िोती िै. सबसे पिले मछली के टुकड्ो्को साि कि नमक औि िल्दी नमलाकि िोड्ी देि ढक कि िखा जाएगा. उसके बाद बाकी मसाले नमलाकि शुर्िोता िै मछली के टुकड्ेतलने का काय्क ा म् . मेन कोस्ाके पिले मछली के तले टुकड्ेल्टाट्िा बनते िै.् अगि लायी गयी मछली को चीिने पि अंदि से अंडे ननकल गये तो अंडो्के बड्ेया पकौड्ेदूसिी ल्टाट्िा नडश

बन जाते िै.् झोल के नलए पिले प्याज्, अदिक वगैिा के साि नपसे जीिे को भुना जाता िै नि​ि उसमे्सिसो्औि टमाटि डालकि झोल बनाया जाता िै. माना जाता िै नक नमनिला की सांलक ् नृ तक िाजधानी दिभंगा दिअसल ‘द्​्ािबंग’ (यानन बंगाल के द्​्ाि) का अपभ्श ्ं िै. नमनिला औि बंगाल की संलक ् नृ तयो्मे्भी कािी समानताएं ि​िी िै्जो पानिवानिक संबोधनो्(पीसी, पीसा वगैिा) औि बंगल ् ा औि मैनिली की नमलती जुलती नलनप मे्भी देखी जा सकती िै. माछ प्म्े भी इसी पिल्पि समानता की एक कड्ी िै. यिी निी्, प्याज्, टमाटि औि सिसो् के साि मछली का झोल बनाने की नवनध किीब-किीब एक िै. अंति बस ये नक मैनिल िोिू के दीवाने िै्तो बंगानलयो्को ईनलस के सामन दूसिी मछली नज्ि निी्आती. मृतय् ु शोक मे्तेि​िी्के भोज तक खाने-पीने का प्न्तबंध मानने के अगले नदन पनिवाि के लोग मछली खाकि जीवन के पुिानी गनत पि लौटने की शुरआ ् त किते िै.् नदवाली से लेकि छठ के बीच पूजा पाठ के चलते मछली खाने पि िोक के बाद लोग सबसे पिले मछली िी लेकि आते िै.् तली हुई मछली: दमदथला का द्​्पय िोजन


मेिे पैतक ृ गांव मे्तो छठ के घाट से लौटते समय िी मछली लेते िुए घि आने के पिंपिा िै. नवजात नशशु के जन्म के छठे नदन की पूजा यानन छठी के नदन मां को भी मछली ज्रि् नखलाई जाती िै. िालांनक ये मान्यता िै नक नजन मिीनो्के अंगज ्े ्ी नाम मे्आि ना िो (मई, जून, जुलाई, अगस्)् उनमे्मछली निी्खानी चानिए. बड्े कांटे औि खूब गूदे वाले िोिू को मछनलयो्का िाजा िोने का गौिव नमला िै. िोिू के ि​ि भाग के खाने का ल्वाद अलग िै, पेट, पीठ, पूछ ं औि नसि यानन मूड्ा. िोिू का मूड्ा खा पाना ि​ि नकसी के बस का िोता भी निी्, लेनकन जो इसके ल्वाद को सात्लेते िै्वो नि​ि नकसी औि मछली की चािना निी्िखते क्यो्नक एक मूड्ेमे् कई ति​ि के ल्वाद समानित िोते िै.् इसके अलावा भी मांगिु , नसंघी, कबई, बुआिी, पोठी, नझंगा, नचंचड्ी औि ई्च्ा जैसी मछनलयां मौसम औि जेब के निसाब से खायी जाती िै.् मांगिु मे्सबसे ज्य् ादा प्​्ोटीन िोता िै तो बुआिी सद्​्ी के मौसम मे् भी आसानी से नमलती िै. कबई के बािे मे्किते िै्नक वो तले जाने तक भी न्जदं ा ि​िती िै तो सी्ग वाली नसंघा मछली कई बाि अपनी जान बचाने के नलए उछलकि काटने वाले को भी घायल कि सकती िै. मैनिल पनिवािो् मे् खेतो् औि घि के साि पोखिो् का भी बंटवािा िोता आया िै. संपन्न गृिल्ि के नलए जैसे अन्न खिीदकि खाना लज्​्ा का नवषय िुआ किता िा वैसे िी मछली खिीदकि खाना भी उनके शान के नखलाि िा. नागाज्नाु ने तो पोखि औि माछ को वग्ासंघष्ाका नननमत्​्बनाकि ‘वर्ण के बेट‘े के नाम से लगभग 100 पृष्ो् का लघु उपन्यास िी नलख डाला. गढ्ोखि यानन गढ्पोखि के ल्वानमत्व को लेकि मछुआिो् औि ज्मी्दािो् के बीच की लड्ाई की किानी िै वर्ण के बेट.े खुिखुन, मंगल औि मधुिी जैसे मछुआिो्की जीवन िेखा औि नबक्​्ी के बाद गढ्ोखि को नये र्प मे्ढालने के नलए इन्िी्मछुआिो्को उससे बेदखल किने की नये मानलको् के कवायद के बीच जन्म संघष्ा की गािा. यूं मछली प्स ् गं नागाज्नाु के ि​ि गद्​् मे् मौजूद िै. उनकी कनवताओ् मे् भी मछली के प्त् ीको्को लेकि कई प्य् ोग नकए गये िै.् उन्िो्ने ‘तालाब की मछनलयां’ नाम का कनवता संगि् भी िचा िै. दिभंगा मे्बाबा नागाज्नाु जब पिली बाि मेिे घि आये िे तो एक नदन पिले खबि भेजकि मांगिु माछ िी बनाने की ि​िमाइश की िी. मैनिल सानित्य के प्ि् म आनधकानिक ग्ि्ं वण्ाित्नाकि मे्मत्लय् भोजन का नवषद वण्ना िै. उससे भी पिले का एक दोिा 12वी्शताल्दी मे् िचे गये प्​्ाकृत पैग् लं का िै नजसमे खाने का वण्ना ऐसा िै नक उसी से नवद्​्ानो् ने उसे आिंनभक मैनिली सानित्य का दज्ा​ा दे नदया िै. आधुननक मैनिली मे्उस दोिे का अनुवाद किे्तो अि्ाकुछ

ऐसा ननकलता िै, ‘अिबा चाउिक भात, केिाक पात गायक नघउ, संगनि दूध, भुनन् ा माछ, पटुआ साग, आनद व्यज ं न कांता अि्ाता गुणवान ि्​्ी दैत छनि, पुणय् वान पुरष् खाइत छनि. ‘यानन केले के पत्​्ेपि गाय के घी के संग अिवा चावल का भात, भुनन् ा मछली औि पटुआ के साग का भोजन गुणी न्​्ियां पिोसती िै् औि पुणय् वान पुरष् को ऐसा भोजन नमलता िै. नमनिला तालाब प्ध् ान क्त्े ्िै. अकेले दिभंगा शि​िी क्त्े ् मे् आठ बड्े तालाब िै.् ग्​्ामीण औि दूसिे शि​िो्मे्कई औि. छोटे-छोटे पोखिो्की तो नगनती निी्. मैनिल नकसान ज्य् ादाति धान की खेती किते िै्विी्इस क्त्े ्मे्दलिन की पैदावाि कम ि​िी िै. तो एक ति​ि से इस इलाके के लोगो् के शिीि मे्प्​्ोटीन पिुच ं ाने की न्जम्मदे ािी मछली उठाती ि​िी िै. तभी मैनिल समाज मे्पुणय् औि कीन्ता दोनो्की प्​्ास्पत के नलए पोखि खुदवाने औि नि​ि यज्​् कि उसे पूिे समाज को सौ्पने का प्च ् लन लंबे समय से ि​िा िै. िालांनक शि​िीकिण औि उससे उपजे अनतक्म् ण के प्भ् ाव से नमनिला के पोखि भी बचे निी्ि​ि सके. कईयो्को पाट कि उनपि घि बना नलए गये िै.् कभी मछली खिीदकि खाने को अपनी शान के नखलाि समझने वाले संपन्न मैनिल पनिवाि भी अब इसे खिीदने पि मजबूि िै.् लेनकन नमनिला का मछली प्म्े अब भी उसी जगि कायम िै. नमनिला को लोक पिंपिा मे् मछली अपने नवनवध र्पो् मे् िमेशा नविाजमान नदखी िै. दिभंगा िाज के ल्िापत्य का इनतिास सोलिवी् शताल्दी के एक ब्​्ाह्मण पनिवाि तक जाता िै. अकबि के शासन काल मे्पंनडत मिेश ठाकुि ने इस इलाके मे्कि वसूलने की न्जम्मदे ािी ली िी औि धीिे-धीिे उनके वंशजो् ने इस इलाके मे् ज्मी्दाि िाजा के र्प मे्अपना वच्ला व् ल्िानपत नकया. इस शासन की आनखिी कड्ी आज्ादी के समय िाजा कामेशि् नसंि तक जाकि खत्म िोती

कोहबर कला: जीवन का प्​्तीक मछली िै. दिभंगा िाज का प्त् ीक नचह्न िी मछली िै. िाज पनिसि के ि​ि मित्वपूणा्द्​्ाि औि भवन पि मछली के नचत्​्देखे जा सकते िै.् नमनिला या मधुबनी पेन्टंग मे्भी मछली के साि कई प्य् ोग नदखाई देते िै.् इस कला मे् पौिानणक किाओ्औि दृशय् ो्को नचत्​्के माध्यम से नदखाने की पिंपिा ि​िी िै. इस क्म् मे्मछली को उव्िा ता का प्त् ीक माना गया िै. नवष्णु का मत्लय् ावताि भी नमनिला पेन्टंग का मौजूं नवषय ि​िा िै. मछनलयो्को बाड्िा के तौि पि भी मूल किानक के साि उकेिा जाता ि​िा िै. नवनववानित युगल के कमिे यानन कोिबि की सज्​्ा मछनलयो्के नचत्​्के बगैि कभी पूणा्निी् िो पाती. इस क्म् मे्मछली को कामोत्ज ्े ना औि उव्िा ता का प्त् ीक माना गया िै.नकसी पूजन या िवन के मौके पि भीगे चावल को पीस कि बनाए गये अनिपन(अल्पना) मे्भी मछली का नचत्ण ् प्म् ख ु ता से नकया जाता िै. िालांनक मछली खाकि घि से ननकलने को मैनिल खिाब जतिा (सायत) मानते िै.् लेनकन मछली देखकि घि छोड्ना शुभ माना जाता िै. वैसे भी मछली के गनिष्​् भोजन के बाद पैि िैलाकि सोने का जी किता िै, घि छोड्कि कौन जाना चािेगा भला. ल्िानीय किावतो् मे् मछली कई र्पो् मे् नज्ि आती िै. मसलन काम से पिले अधीिता नदखाने वालो्के नलए किा जाता िै, ‘पोखनि मे् माछ, नौ-नौ कुट्ी बखिा’ यानन मछली अभी पोखि मे्िी िै औि बंटवािा पिले िी िो गया. या नि​ि मीन या वग्ा भेद को उजागि किता ये किावत ‘मूिा खाय मीिा, पुचछ ् ी खाय गुलाम’. वैसे नकसी भी मैनिल से उसके जन्मल्िान का पनिचय पूनछये तो वो ये चाि पंसक् तयां ज्रि् सुनायेगा: ‘पग पग पोखनि माछ मखान/सिस बोल मुसकी मुख पान/नवद्​्ा वैभव शांनत n प्त् ीक/लनलत धाम नमनिलांचल िीक ‘ शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016 33


साषहत्य

सुपिनचत किानीकाि. बनािस निंदू नवश्​्नवद्​्ालय से ल्नातक औि माखनलाल चतुव्ेदी िाष्​्ीय पत्​्कानिता नवश्​्नवद्​्ालय से जनसंचाि मे्ल्नातकोत्​्ि. पिला किानी संग्ि ‘चॉकलेट फेड् ्स औि अन्य किाननयां’इसी वष्ा प्​्कानशत. ईमेल : writershivendra@yahoo.in उपन्यास अंश लशवे्द्

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के िुए धान की गंध निजा मे्िैली िै. जड्ो्मे्बचा पानी नमट्​्ी के संग गमक ि​िा िै. श्म् की गाढ्ी खुशबू. मंनदि लूट औि आल्िा के मिल िोते िै.् यि दुननया का पिला मंनदि िोगा जिां मेिनत की िसल लिलिा ि​िी िै औि सवाल के मंत्गाये जा ि​िे िै-् 'िमिो बलमवा न चोि बटमिवा िो, जाकि ढेठाई आपन पाले पनिविवा िो, केकिा िुकमु वा से गोनलया चलवलेएऽऽ.. केकिा िुकमु वा से खुनवा बिवलेएऽऽ... बता दे िमके ना.. कािे्खुनवा बिवले बता दे िमके ना?' 'यि क्​्ानं त िै- मेिी बेटी' बाबा बोले. मुझे इस बात का कुछ अिसास िो गया िा. मै्यि चेि​िा भूल चुका िा मगि मेिे बचपन को वि ल्कटू ी औि क्​्ानं त की िंसी अब तक याद िी. तब मुझे पता निी्िा नक यि िंसी एक बेटी की िंसी िै. िालांनक ऐसी िंसी नसि्फ एक बेटी के पास िी िो सकती िै. 'कवने कनुननया से अनगया लगवले.. कािे्अनगया लगवले बता दे िमके ना?' औि ऐसा तीखा सवाल नसि्फएक ि्​्ी के पास. 'डॉ वेणु कौन िे?' 'इसका बॉयफेड ् िा. आनदवानसयो् के नलए काम किता िा. जब यि पत्क ् ाि िी तो उससे पिली बाि नमली िी. लेनकन इसे डॉ. वेणु की मौत का सदमा निी्िै; मै्जानता िू.ं इसे कानून की चोट लगी िै. यि यकीन निी्कि पा ि​िी नक बाि​ि से इतना सुदं ि नदखने वाला देश इतना कूि् िो सकता िै. नजन्िे्िाष्​्ीय पुिल्काि देना चानिये िम उन पि गोनलयां दाग ि​िे िै.् नसपािी उन्िे्कोट्ातक लाने से डिते िै्क्यो्नक उनके सवालो्का देश के पास कोई जवाब निी्. उनके तक्फसे संसद की नी्व निलने लगती िै. यि मनुषय् की प्क ् नृ त िै नक उसके मन मे्सवाल उठेग् .े यि एक देश का धम्ािै नक वि उन सवालो्का जवाब दे. वि बस इतनी सी बात निी्समझ पा ि​िी नक िमािा देश उन सवालो्पि सोचने की बजाय बंदक ू े्क्यो्आयात कि ि​िा िै?' 'कािे्तनले बन्दनु कया बता दे िमके ना?' सवाल नससकी बन चुका िै. मगि देश को पिवाि निी्. उसके पास नीिो की बांसिु ी िै औि उसके ढोल का शोि इतना अनधक िै नक उसके नीचे ि​ि प्श् न् , ि​ि नससकी, ि​ि आवाज 34 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

दब जाती िै. आवाज उठाने के नलए बाबा ने पिले कलम उठाई, नि​ि बंदक ू . नि​ि सबकुछ छोड्छाड्कि वि सननचिा बाबा बन गये- 'आडम्बि नसि्फधम्ामे् निी्िोते, क्​्ानं त के भी अपने ढकोसले िोते िै'् इसका मतलब यि निी्िा नक वि िाि गये िे या उन्िो्ने अपना सपना छोड्नदया िा. उनका मानना िै नक- 'क्​्ानं त कभी असिल निी्िोती औि न िी सपने कभी पिानजत िोते िै.् वे एक बब्िा समय के नविोध मे्जन्मे िोते िै् औि उनका पूिा िोना निी्बस्लक लि​िो्के नखलाि उनका तैिना उनकी जीत िै' सननचिा बाबा बनने के पीछे उनका एक लक्य् िा- 'मैन् े सोचा िा नक अगि धम्ाकी अिीम खाकि लोग एक दूसिे की जान ले सकते िै्तो धम्ाका नलबास पिनकि क्या मै्उन्िे्िोड्ा सा सोचना निी्नसखा सकता?' 'लेनकन सािी उम्​्गवांकि अब ऐसा लग ि​िा िै नक िम कुछ निी्कि सकते' वि गि​िी ननिाशा से बोले- 'िम कुछ भी कि ले्यि दुननया ऐसे िी चलती ि​िती िै. नकतनी भी कोनशश कि ले्कोई िक्फनिी्पड्ता' नकतने जोश के साि िम दुननया को बदलने ननकलते िै.् नकतने उत्साि से िम पूछते िै्नक 'ए नाऊ कय बाल?' औि अनुभवी नाऊ जवाब देता िै नक

चंचला चोर


'छोल छाल अगवे्आयी'. औि जब सबकुछ िमािे सामने आता िै तो िम 'तुम इतनी िात मे्यिां क्या किने आये िे?' इस संभावना मे्बाबा की पाते िै्नक अिे! सब जस का तस िै. कुछ भी निी्बदला. 'तो क्या िमािी आवाज सुनाई पड्ी; एक माग्दा श्क ा की आवाज. नज्नद् गी बेकाि मे्िी बीत गयी?' मैन् े उन्िे्चंचला के सपने के बािे मे्बताया. उस बेचनै ी के बािे मे्जो नकतनी िी पीनढय़ां इस सवाल के साि खप गयी्. तो क्या बाबा का मुझे मुबं ई से मुगलसिाय तक दौड्ा ि​िी िै; भूत से भनवष्य तक. नजसे जानने सोचना सिी िै? क्या सचमुच कुछ भी किने से कोई िक्फनिी्पड्ता?' के नलए मै्अपने मन का ि​ि कोना अतिा खंगाल चुका िू.ं जो मुझे सोने निी् 'ऐसा निी्िै. िक्फतो पड्ता िै' मै्बोला- 'अगि आप न िोते तो मै्िमेशा दे ि​िा. यिी सोचता ि​िता नक मुझ पि नकसी भूत प्त्े का साया िै. मै्कभी भी अपने बाबा ने सबकुछ बड्ेध्यान से सुना. नि​ि वि मुलक ् िु ाये. 'क्या िुआ?' सपनो्को समझने की कोनशश निी्किता. आपके कािण कम से कम एक मैन् े पूछा. 'निी्, कुछ निी्' उन्िो्ने सि निलाया- 'जब तुम बोल ि​िे िे तब आदमी को तो िक्फपड्ा िै, मुझ'े मुझे समय नदख ि​िा िा. वि ऐसे नबल्कल ु निी्नदखता. पि उसे देखना िो तो 'तुम जिां से देख ि​िे िो तुमि् े्ये लग सकता िै नक यि मैन् े नकया िै. िम नकसी के भीति देखा जा सकता िै.' एक पल चुप ि​िकि उन्िो्ने मुझे देखाशुर्शुर्मे्ऐसे िी सोचते िै.् मगि शायद ऐसा िोता निी्िै. तुम समझ गये 'नकतना समय बीत गया. नकतने बड्ेिो गये िो तुम.' क्यो्नक तुमि् े्समझना िी िा. मैन् े तो औि भी बिुत यि पुिननयो्का ब्म् ि् वाक्य िै. नजन बच्​्ो्को गुसंसा, दुःि और खनराशा. बेटी उन्िो्ने गोद मे्खेलाया िो उन्िे्इतना बड्ा देखकि से लोगो्को बिुत कुछ समझाया, अगि मेिे समझाने से कोई िक्फपडऩा िोता तो सबको िक्फपड्ता' वे मोि से भि उठते िै.् अक्सि वे सामने बैठे आदमी का पागल होना, एक खजद का िात का अवसाद उन पि िावी िो ि​िा िै- गुलस् ा, लगभग वंयथंथहोना, खिनंदगी का मे्बकइयां खी्चता बच्​्ा देख ि​िे िोते िै.् दु:ख औि ननिाशा. बेटी का पागल िोना, एक नजद मैन् े उन्िे्टोका- 'बाबा, चंचला!' अंखतम मोड तक पहुंच जाना, का लगभग व्यि्ािोना, नज्नद् गी का अंनतम मोड्तक 'िू'ं उन्िो्ने खंखािकि अपना गला साफ्नकया. सालोंअकेला होना. पिुच ं जाना, सालो् अकेला िोना, अंधिे े मे् सब नि​ि सोचने की मुद्ा मे् बैठ गये. अगले िी पल नमलकि एक साि उनके भीति से बोल ि​िे िै-् उनका िाि अपने आप कुत्ेकी जेब मे्चला गया. 'पता िै, कुछ समय से मन मे्बाि बाि ये ख्याल आता िै. यि बात मै् जेब से उन्िो्ने सोचने की दवा ननकाली. पिला कश लेते िी उनकी सोच जाग शायद नकसी से किूं भी निी्पि तुमसे किता िू-ं िम बोलते िै्मगि वि कौन उठी- 'तुमि् े्जर्ि िी सबसे पिले सखी का खय़ाल आया िोगा?' िै जो िमािे भीति से बोलता िै? िम देखते िै्मगि वि कौन िै जो िमािे 'सबसे पिले तो निी्मगि मै्यिां इसी उम्मीद से आया िा' भीति से देखता िै ?' इतना बोलकि वि कुछ देि चुप ि​िे नि​ि बोले- 'मै्चुप 'औि नि​ि तुम ननिाश िुए िोगे' उन्िो्ने उसी नवश्​्ास से किा नजस िा मगि वि कौन िा जो मेिे भीति चुप िो गया िा?' नवश्​्ास से वि कश ले ि​िे िे. मुझे आि्य् ा्िुआ- 'आप यि बात इतने भिोसे मुझे भौचक देख वि जोि से िंस.े जैसे इस बात को िंसी मे्उड्ा देना से कैसे कि ि​िे िै?् ' चािते िो्. पि वि ऐसा कि निी्पाये. वे नि​ि से गंभीि िो गये- 'ये खयाल 'तुमि् ािे सपने मे्दो ल्िान िै-् एक मुबं ई औि दूसिा यि गांव' वि बोलेकभी कभी िी आते िै,् पि सचमुच मे्आते िै्नक किी्िम कठपुतली तो 'मुबं ई इसनलए िै क्यो्नक तुम विां ि​िते िो. सपना नकसी भी समय का िो या निी्?' नकसी भी ल्िान का वि कभी भी अपने वत्मा ान को निी् छोड्ता. समुदं ि प्श् न् से िम जुड्ेिुए िे पि खामोश िे. यि ऐसा सवाल निी्िा नजसका तुमि् ािा वत्मा ान िै औि गांव तुमि् ािा मोि. तुम तीन साल से गांव निी्लौटे िे जवाब नदया जाये. इस प्श् न् को लेकि अपने भीति लौटना िा. एक यात्​्ा इसनलए गांव तुमि् ािे सपने मे्चला आया. बानक, चंचला का इस गांव से कोई किनी िी, तब तक चलते ि​िना िा जब तक नक िम विां न पिुच ं जाये्जिां लेना देना निी्. इसनलए वि कोई भी िो सखी निी्िो सकती' से चले िे. जब तक यि पता न लग जाये नक क्यो्िोबोट जैसे नदखते िुए भी 'लेनकन वि अमर्द का पेड?् चंचला का उसी पेड्पि िोना क्या ये निी् िम िोबोट निी्िै?् एक िी जैसे अकल औि शकल वाले िम क्यो्इतना बताता नक उसका कोई न कोई संबधं तो िै इस गांव से?' नवनवध सोचते िै्औि क्यो्इतना अलग िोते िुए भी िम एक िी ति​ि से सुखी 'उस पेड्को कटे सालो्िो गये मगि वि पेड्अब भी तुमि् ािी ल्मनृ त मे् औि दुखी िोते िै.् िम सब क्यो्अपने नलए ननयम बनाना चािते िै्औि नि​ि िै, इसनलए तुमि् ािे सपने मे्भी. अगि तुम खुद से यि सवाल पूछो नक क्यो् उन्िी्ननयमो्को तोडऩा चािते िै?् मन िी मन नकससे सिमनत िै? औि भीति चंचला अमर्द के पेड्पि िोकि भी इमली खा ि​िी िै तो तुम जान जाओगे िी भीति नकससे लड्ते ि​िते िै्िम? नक चंचला को उस पेड्से कोई मतलब निी्' 'खैि छोड्ो इन सब बातो्को' बाबा बोले-् 'बम्बई मे्तुम नसनेमा बनाते सोचने की यि दवा मुझे बिुत कािगि लगी, इसनलए उनके बंडल से िो, िम सुन?े ' सुरक ् कि एक बीड्ी मैन् े भी सुलगा ली. 'अभी तो िम लोग बस अनसल्टटे् िै्बाबा' 'चंचला ननन्​्ित तौि पि नकसी औि गांव की िै' बाबा ने ननष्कष्ानदया. 'बचपन से िी तुमि् ािे पास इतने दृशय् िे. मै्शुर्से जानता िा नक तुम 'लेनकन गांव िी क्यो्? मै्गांव से अनधक शि​ि मे्ि​िा िू,ं तो नि​ि शि​ि दृशय् माध्यम मे्जाओगे. अगि मै्इस संभावना को कि देता तो गांव वालो् क्यो्निी्?' की नजऱ मे्मै्ज्योनतषी भी िो जाता' बाबा मुलक ् िु ाये; मै्भी. 'उसके बालो्मे्कढ्ेलाल िीते, देशी सुदं िता के सबसे बड्ेप्न्तमान िै'् िात नसिावन िो चुकी िै औि पांव ठंढ.े इन्िे्जमीन से उठाकि किी्छुपा मैन् े नसि निलाया. इस बािे मे्मुझे भी कोई संदिे निी्िा. लेनकन अब लेने का मन िो ि​िा िै. गाये जा ि​िे सवाल कमजोि पड्ते पड्ते अब नबलकुल चंचला का इस गांव से न िोना क्या उसी की ओि संकते निी्कि ि​िा जो इस चुप िो गये िै.् मै्उठकि बिगद तक गया. वि बिगद की शाख पि नकसी समय बिगद की गोद मे्ननन्​्िन्त सो ि​िी िै? कुछ देि बीड्ी का धुआ ं मेिे नचनडय़ा की ति​ि सो ि​िी िै. मैन् े बाबा से किा नक उसे जगा देना चानिये. भीति भटकता ि​िा. नि​ि मन मे्उठते इस गुबाि को मैन् े बाबा के सामने कि लेनकन बाबा ने मना कि नदया- 'नजसे जिां सुकनू नमले उसे विां छोड्देना नदया- 'बाबा, क्​्ानं त की पिवनिश किां िुई िै, शि​ि मे्या गांव मे?् ' चानिये' बाबा को समझ निी्आया नक इस समय इस सवाल का क्या मतलब िै. मुझे यि डि लग ि​िा िै नक वि नगि जायेगी. उसे कोई डि निी्िै. वि वि िाि मे्सुलगती िुई बीड्ी िामे औि आंखो्मे्प्श् न् नलए मुझे ताकते ि​िे. 'उन्िे्मैन् े बचपन मे्भी एक दो बाि देखा िै. मेिी नकसी बात पि वि एक नकसी ख्वाब की ति​ि मासूम लग ि​िी िै; चंचला की ति​ि ननस्लिनकि. 'चंचला?' अचानक से मन चौ्का. यि नकसी बांध के टूटने जैसा िा या बाि बिुत देि तक िंसती ि​िी िी्.' मै्बोला- 'यि खयाल मुझे नबलकुल अभी अभी आया िै, पि चंचला की िंसी किी्उनकी िंसी तो निी्? उनका इस दीवाि के ढिने जैसा. एक िाित, एक िास्​्ा; एक संभावना. शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016 35


साषहत्य ति​ि पेड् पि चढ्कि सोना, नबलकुल इतना ननस्लिनकि िोना औि लाल चोनटयां, वो नकसी नवचािधािा की भी तो प्त् ीक िो सकती िै,् निी्?' बाबा सोच मे् पड् गये. एक बीड्ी ि्तम् कि उन्िो्ने दूसिी सुलगा ली. इससे भी काम निी्बना तो वे उठकि टिलने लगे. मै्एकटक उनका मुिं ताक ि​िा िू.ं बेसब्​्ी उनके शल्दो्की िाि देख ि​िी िै. बाबा टिलते ि​िे औि िात गुजिती ि​िी. मै् िात की ति​ि स्लि​ि बैठा ि​िा- नबल्कल ु शांत, मन िी मन िलचल की लि​िे्समेट.े गांव मे् सबसे पिले औिते् जागती िै.् मुग्ो् की बांग से भी पिले दुआिे जाने की उनकी िांक सुनाई पड्ती िै- 'ए बसना बो िो..' बाबा ने यि िांक सुनी औि चौ्क गये- 'भोि िो गयी?' वि अचानक से िड्बड्ा उठे. उन्िो्ने बीड्ी बुताई औि बोले- 'मै्जिा दो लाइन गा के आता िू.ं ' मैन् े उन्िे्िोकना चािा. तब वि बोले-् 'अिे! तुमि् े् पता निी्, पि यिां बिुत सी औितो्के नलए मै्अलाम्ा घड्ी िूं अगि मुझे जिा सी देि िो जाती िै तो उनके बिुत से काम लेट िो जाते िै.्.. औि इसी बिाने सोचने को भी िोड्ा समय नमल जायेगा, निी्?' वि चले गये. मेिे पास नसि्फबीड्ी की तीखी गंध ि​ि गयी िै औि एक नकचनकचािट. जैसे कोई बानिश मे्टिलने ननकला िो औि अभी आधा िी भीगा िो नक बानिश बंद िो जाय. मै्गुलस ् े से आसमान को घूि ि​िा िूं औि मेिे िोठो्पि एक गाली िै. आसमान घिघिाया. (माइक की आवाज) मेिी गाली को एक डांट पड्ी. (माइक पि बाबा की िूक ं ). नि​ि आवाज ने जंभाई ली- 'सेत्ािाम... सेत्ािाम' (िात जाकि सो जाओ, सो जाओ) तब बाबा ने नबिान का तान छेड्ा- 'ए जी! शल्द के मािा नगि पड्ा औ शल्द ने छोड्ा िाज नक नजन नजन शल्द नववेक नकया उनके सि गये काज' 'यि तो कबीि िै'् मै् िैिान िुआ. 'सेत्ािाम-सेत्ािाम' के बाद सीधे कबीि? बाबा के मन मे्आनखि चलता क्या ि​िता िै? ये िै्कौन बला? मगि तभी एक नया प्श् न् कौ्धा. कबीि के पास भी तो िाम िे. नि​ि वि कौन बला िे? जवाब मन ने नदया- कबीि के पास िाम जर्ि िे मगि वि भक्त निी् नवद्​्ोिी िे. खुद को िाम की दुलिी घोनषत कि, उन्िो्ने धम्ाके बािानतयो्की ि्बू खबि ली. यिां तक किा नक बाभन से गदिा भला औि यि भी नक मुलल ्ा से मुगा्ा भला औि नि​ि आडंबि के ल्िान पि श्म् के मित्व को ल्िानपत नकया- 'घि की चाकी कोई न पूजे जाका पीसा खाय' उन्िो्ने बंदक ू निी्उठाई, वे जंगल मे्लडऩे निी्गये. वि घि मे्बैठे बैठे किघा चलाते ि​िे औि वि माक्स ् औि बुद्की ति​ि िी दुननया के सबसे बड्ेक्​्ानं तकािी िै.् नि​ि भी उन्िो्ने सबसे पिले लोगो्को िाम िाम किा तो इसनलए नक लोग उनको सुन.े वे जानते िे नक आल्िा इस देश की आत्मा िै. उन्िे्कोई िाम िाज्य निी्बनाना िा. वे तो बस एक ऐसा देस बनाना चािते िे जिां कतई अंधिे ा न िो, नदया तले भी निी्. ऐसे िी देश मे्उनके नपया बसते िे- 'वनि देसवां मे्ननत्​्पूनण ् मा ा, कबिूं न िोय अंधिे ' औि आज बाबा गा ि​िे िै-् 'चल िंसा उस देस जिं नपया बसे नचतचोि सूित सोिानगन िै पननिािी, भये ठाढ्नबन डोि वनि देसवां बादि ना उमड्ेनिमनझम बिसे मेि चौबािे मे्बैठ ि​िो ना, जा भीजिूं ननद्ि्े वनि देसवाँ मे्ननत्​्पूनण ् मा ा, कबिूं न िोय अंधिे एक सूिज के कवन बतावै, कोनटन सूिज उंजिे .' सच किूं तो आज पिली बाि बाबा समझ मे्आ ि​िे िै.् आज यि समझ आ ि​िा िै नक वि धम्ाकी पोशाक पिने पाश िै.् वि इस युग के कबीि िै.् 36 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

वि क्​्ानं त की काशी छोड्कि मगि​ि आ गये िै् औि इस उम्मीद के साि जी ि​िे िै् नक एक नदन सचमुच की सुबि जर्ि आयेगी. उनका िनियाि िै शल्द- 'नजन नजन शल्द नववेक नकया' वि नकसी से कुछ निी्किते, बस इतना िी किते िै्नक सोचो. यि नकतना अजीब िै नक िम पचीस साल पढ्ते िै् औि सबकुछ सीखते िै् मगि इतने सालो् मे् जो सबसे जर्िी िै विी निी्सीख पाते- सोचना. नजस नदन इस पृथव् ी का ि​ि आदमी सोचने लगेगा, खुद से, पनिवाि औि पनिन्​्सनियो् से, देश औि समाज से, खबिो्औि किाननयो्से सवाल किना सीख जायेगा, उस नदन एक सूिज के कवन बतावे यिां किोड्ो सूिज का उनजयािा िोगा औि ि​ि िात पूनण ् मा ा िोगी. न्​्ियो्की नी्द खुलने लगी िै. एक एक कि वे जाग ि​िी िै.् घिो्मे्खटि पटि मच गयी िै. औितो् का नदन शुर्िो चुका िै. बाबा अब मुझ तक लौट ि​िे िै.् वि उखड्ेिुए िै-् 'नी्द भी एक गजब माया िै. वि िात को भोि कि देती िै. अंधिे े को उम्मीद के नसि​िाने तक ले आती िै. लोग नसि्फसोकि उठते िै्औि उन्िे्लगता िै नक नदन बदल चुका िै. नी्द बदलाव का झूठा विम देती िै- अ िाल्स िोप. अगि यि नी्द न िोती तो कब की क्​्ानं त िो चुकी िोती' यि बिुत अनग्ल ा बात लग सकती िै. एक बेकाि बूढ्ेकी बकवास भि. लेनकन िम ठीक से सोचे् तो यि बात नबलकुल सच बैठगे ी. यि प्क ् नृ त पनिवत्ना नविोधी िै. यिां िोज िोज, सब कुछ एक िी ति​ि से घटता िै. सुबिदोपि​ि-िात; जाड्ा-गम्​्ी-बिसात. ि​ि नया जीवन विी पुिानी नजंदगी िै. पैदा िोने से लेकि मिने तक सबकुछ एकिस. लेनकन नि​ि भी िमे्यि एकिसता नदखाई निी्देती. िम उबते निी्. एक गल्फ ा ड्ै , एक पनत, औि एक नौकिी से ि​ि दूसिे नदन उकताने वाले िम युवा, नज्नद् गी मे्ि​ि पल एक नया िोमांच खोजने वाले िम, पीढ्ी दि पीढ्ी चले आ ि​िे प्क ् नृ त के इस पैटन्ाको पिचानते तक निी्? आनखि क्यो्? क्यो्नक नदन ब नदन एक िी नज्नद् गी जीते िुए, एक िी ति​ि से जागने औि सोने के बीच एक चीज िोती िै- नी्द. मजा ये नक नजसके पास मां निी्िोती उसके पास भी यि ि​ि मज्ाकी दवा िोती िै औि इसके सेवन की नवनध ऐसी आसान नक नी्द न जाने टूटी खाट. औि अगि सोचने की िास को जिा ढील देकि सोचे तो यिां तक सोच सकते िै्नक दुननया की सािी गड्बनडय़ो्के नलए यि नी्द िी नज्मम् दे ाि िै नक सबसे मुसश् कल दौि मे्भी ये िमे्अपने सुकनू से भि देती िै. अगि यि नी्द न िोती तो िम ये जान चुके िोते नक पृथव् ी एक जेल िै जिां िम जीने की सजा काट ि​िे िै्औि तब चािे भले िम क्​्ानं त न किते पि नजंदगी को इतने सुकनू से न सिते. इस पैटन्ाको, इस जेल को तोडऩे की कोनशश जर्ि कि ि​िे िोते औि ये नािा सिी जगि पि लगा ि​िे िोते नक 'एक धक्​्ा औि.' lll

अब नदन मे्मै् सोना निी्चािता. पि नी्द मुझ पि िावी िोने की कोनशश मे्िै. मै्जागने का जतन कि ि​िा िूऔ ं ि आंखे्बाि बाि पलको्का चादि खी्च ि​िी िै.् इस खी्चतान मे्नी्द के दो निल्से िो गये िै.् एक िांक पि मै्सो ि​िा िूऔ ं ि दूसिी ओि जाग भी ि​िा िूं नजस निल्से पि मै्सो ि​िा िूं विां एक सपना चल ि​िा िै. इस बाि सपने मे्चंचला निी्बस्लक क्​्ानं त िै. उसकी ल्कटू ी नकसी जंगल से गुजि ि​िी िैनौगढ्के जंगल से. िवा उसके बालो्से नखलवाड्किने की कोनशश कि ि​िा िै. उसने ल्कटू ी धीमी की औि उसे डपटा- 'बेटा, यि पुिानी आदत अब छोड् दो, इस ति​ि की छेडछ ् ाड्पि भी अब धािा 354 लगने लगी िै. ज्मानत तक


निी्िोगी' को िी क्यो्नदखायेगा?' िवा िदसकि विी्र्क गयी तब जागर्क क्​्ानं त आगे बढ्ी. आगे डॉ बाबा मुलक ् िु ाये- 'सपना तुमि् े्तुमसे बेिति तिीके से जानता िै. वि तुमि् ािे वेणु चले जा ि​िे िै-् पैदल पैदल. उन्िो्ने नलफ्ट के नलए िाि निलाया. क्​्ानं त उन भावो्के बािे मे्भी जानता िै नजन्िे्तुम सामानजक औि नैनतक आधाि पि उन्िे्देखकि मुलक ् िु ाई पि र्की निी्. दबा देते िो. नि​ि वि क्​्ानं त के बािे मे्कैसे निी्जानता ? वि जानता िा नक लेनकन डॉक्टि को ि​ि िाल मे्नलफ्ट चानिये इसनलए वि ल्कटू ी के पीछे तुम इस समय नकस संभावना पि नवचाि कि ि​िे िो. उसने तुमि् ािी सोची गयी पीछे दौड्ि​िे िै-् 'चंचला(?) र्को...' संभावना को सच किके नदखाया िै बस' मुझमे्जो निल्सा जाग ि​िा िै वि जानता िै नक यि एक सपना िै. ि्श ु ी यि मानने को तैयाि निी्. वि मेिे भीति मुिं िुलाये बैठी िै. मैन् े क्​्ानं त ल्कटू ी छोड्कि पेड्पि चढ्गयी िै. इस बाि यि पेड्मंनदि का उसे िाजी किने की कोनशश की पि उसने साफ्इंकाि कि नदया. अभी अभी बिगद िै. डॉक्टि नीचे खड्ेिांि ि​िे िै-् 'उतिो नीचे' तो वि आयी िी नि​ि इतनी जल्दी जाने के बािे मे्सोच भी कैसे सकती िी. 'अच्छा! तो पेड्के नीचे खड्ा ये आदमी डॉ वेणु िे' मुझमे्जागते मन मैन् े बाबा से किा नक कोई िड्बड्ी निी्. कम से कम ि्श ु ी को वि दीपावली ने सोचा. तक र्कने दे औि तब तक इस बािे मे्औि नवचाि किे.् 'ना' क्​्ानं त अपना सि निलाती िै. उसकी लाल चोनटयां जोि जोि से पि बाबा निी्माने- 'मै्सुबि से इसी बािे मे्सोच ि​िा िू'ं वि बोलेनिलती िै.् अब वि नौ दस साल की बच्​्ी बन गयी िै. (प्म्े मे्वैसे भी िम 'मेिी बेटी तुमि् ािी चंचला निी्िो सकती' बच्​्ेबन जाते िै)् 'पि क्यो्?' डॉक्टि वेणु उसे पकडऩे के नलए पेड्पि चढ्ि​िे िै.् वि उनसे बचने के 'उसकी िंसी के अलावा तुमि् ािे पास उसकी कोई औि ल्मनृ त निी्. उसका नलए औि ऊपि भाग ि​िी िै. पेड् पि चढऩा आनद सब अब की घटनाये् िै् नजनके बािे मे् तुम पिले से वि खुश िै औि लगाताि िंस ि​िी िै. जैसे कोई िंसी का सोता िूट पड्ा नबल्कल ु निी्जानते िे. यि सब तुमने कल देखा, माने चंचला के सपने के िो- कल कल कलकल. बिुत बाद. अब नमिको् औि किाननयो् मे् चािे भले िी सपने को भनवष्य वि नबल्कल ु िुनगी तक पिुच ं चुकी िै. वेणु उसे आगाि कि ि​िे िै-् 'तुम जानने के िनियाि के र्प मे्इस्म्े ाल नकया जाता ि​िा िै पि तुम जानते िो नगि जाओगी' उसे इसकी पिवाि निी्. मैन् े किवट नक सपना भनवष्य निी्बताता' अगले ही पल मेरे मन का सावन बदली औि देखा नक एक पुनलस वाला दूि खड्ा िै'लेनकन मै्उस आधाि पि कोई बात िी निी् डॉक्टि पि ननशाना साधे. मेिे देखने से क्​्ानं त भी उसे कि ि​िा िा. मै् तो बस चंचला की लाल चोनटयो् खनबुस गया और हंदय-आंगन देख लेती िै. वि पुनलस वाले को िोकने के नलए औि क् ा ् न ं त की नवचािधािा मे्एक समानता देख ि​िा सूना हो गया. मैं उस खपता की उसकी ओि झुकती िै. बिगद की डाल कमानी की उसके िीते का िंग लाल िी क्यो्िै ?' तरह उदास बैठा हूं खजसकी बेटी िा. आनखि ति​ि झुकती जा ि​िी िै. पि इसके पिले नक वि उसे 'तुमि् ािी बात ठीक िै मगि िंग को नकसी खवदा हो गयी हो. िोक पाये गोली चल जाती िै. नवचािधािा का प्त् ीक तब तक निी्माना जा सकता डॉक्टि वेणु के भीति से एक तोता ननकलकि जब तक नक वि नकसी झंडे के र्प मे्न िो' बाबा उड्ता िै. तोता ज्खम् ी िै औि उसे गोली लगी िै. आसमान उसके ऊपि गोल ने ननष्कष्ानदया. गोल घूम ि​िा िै. आनखऱकाि वि धूल मे्नगि पड्ता िै औि दम तोड्देता िै. मेिी ि्श ु ी का चेि​िा नकसी गुमशुदा बच्​्ी की ति​ि उति चुका िै. मैन् े क्​्ानं त अब किी्नदखाई निी्दे ि​िी लेनकन आंसओ ु ्मे्डूबा उसका सवाल उसे देखा- 'अब?' सपने मे्गूज ं ि​िा िै- 'कािे्गोनलया चलवले बता दे िमके ना?' 'बाबा के तक्​्ो्के सामने भला मै्कब तक नटक सकती िू'ं वि बोली सवाल की तीव्त् ा बढ्ती िी जा ि​िी िै. औि उसने अपना झूला उतािकि मेिे भीति िी नकसी खोि मे्छुपा नदया औि बेचनै ी मुझमे्किवट बदल ि​िी िै. अंतम्ना चीत्काि से भि उठा िै. मािे वापस अपने घि लौट गयी. पि पसीने की बूदं े उगने लगी िै;् पि मै्जाग निी्पा ि​िा. नी्द ने मुझे पकड् अगले िी पल मेिे मन का सावन ननबुस गया औि ह्दय-आंगन सूना िो िखा िै. गया. मै् उस नपता की ति​ि उदास बैठा िूं नजसकी बेटी नवदा िो गयी िो. मै्नजतनी कोनशश कि ि​िा िूं उतना िी धंसता जा ि​िा िूं जैसे यि नी्द उठने से पिले बाबा ने मेिा कंधा िपिपाया. वि सचमुच के नपता िै् निी्कोई दलदल िो. इससे पिले नक मै्पूिी ति​ि इस दलदल मे्धंस जाऊं, औि एक नपता िोने की तकलीि से वाकई मे्वानकि िै.् नकसी ने मुझे िाम नलया. मै्जगा तो सननचिा बाबा मेिे सामने बैठे िुए िे. 'मै्अपनी साईनकल यिी्छोड्ेजा ि​िा िू'ं वि बोले- 'मंनदि आजकल ि्श ु ी ने मन की शाख पि झूला डाल नलया िै औि सावन मे्घि लौटी चोिो्का अड्​्ा बन गया िै' बेटी की ति​ि झूम ि​िी िै- आनखि अब मै्जान चुका िूंँ नक चंचला कौन िै. 'आप किी्जा ि​िे िै?् ' कोई औि मौका िोता तो मै्पूछता. अभी मुझसे यि बात मैन् े बाबा को बताई. खुशी के झूले पि सवाि, उसके साि िी कुछ बोला निी्गया. पेग् मािते िुए- 'बाबा, क्​्ानं त िी चंचला िै' बनािस जा ि​िा िू'ं तब भी उन्िो्ने बताना जर्िी समझा- 'क्​्ानं त को बाबा चुप ि​िे. वि तब तक चुप ि​िे जब तक नक मै्सपने की तीव्त् ा से लेकि, शायद दो तीन नदन लग जाये'् वे मेिी ति​ि देखते िुए कुछ पल र्के बाि​ि निी्आ गया. औि ि्श ु ी मुझमे्ठि​ि निी्गयी. ि​िे. नि​ि भािी कदमो्से चलते िुए अंतत: चले गये. 'निी्, वि निी्िै' तब वि बोले. मेिा मन शादी के बाद के घि जैसा उचाट िै. सपने की नकिनचयां नकसी 'यि मै्निी्कि ि​िा बाबा' ि्श ु ी ने अपने पैि बटोि नलए िै्औि वि दु:ल्वप्न सी चुभ ि​िी िै.् जी ऐसा जल ि​िा िै जैसे नकसी अपने ने ठग नलया झूले पि गोल गोल घूम ि​िी िै- 'यि मैन् े सपने मे्देखा' िो. पलई के पास एक लि​ि सी चलने लगी िै- यि सपना झूठा भी तो िो 'इस बाि तुमि् ािा सपना तुमि् े्गुमिाि कि ि​िा िै' सकता िै? मै्चौ्का- 'औि यि आपको कैसे पता?' तब ? 'तुम भूल गये सपने इसनलए िोते िै्तानक िम सो सके, तुम चंचला को मैन् े चादि तान ली औि नि​ि से लेट गया. जब सपने भी िमे्गुमिाि किने लेकि नचंनतत िे औि तुमि् े् नी्द निी् आ ि​िी िी इसनलए सपने ने तुमि् ािी लगे्तो िम औि कि भी क्या सकते िै्भला! n अब नी्द आये या सपना या चंचला मेिी बला से. समल्या सुलझा दी' (आधाि प्क ् ाशन, पंचकूला से शीघ्​्प्क ् ाश्य उपन्यास का एक अंश.) 'मगि सपना इतने सिी तिीके से गलत कैसे िो सकता िै? वि मुझे क्​्ानं त शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016 37


साषहत्य

जन्मडदन की अकड् आत्मवृि शेखर जोशी

ब

च्​्ो्के बािे मे्गांव के लोगो्की यि भावना िी नक सभी िमािे बच्​्ेिै.् नकसी भी सयाने को यि ल्वयंनसद्​् अनधकाि िा नक अगि कोई बच्​्ा गलती कि ि​िा िै, तो चपनतया दे. जैसे नकसी बच्​्े को जोि से पेशाब लग गयी. उसने खड्ेिोकि पेशाब कि नदया औि सामने सूिज िै. यनद उधि से कोई बुजगु ा्जा ि​िा िै, तो किेगा नक सूया्भगवान की ति​ि मुिं किके पेशाब कि ि​िा िै, औि लगा नदया पटाक से. उसमे्कोई बुिा निी् मानता िा. अगि नकसी ने जिा बड्ा अपिाध कि नदया औि सयाने को लगा नक इसको औि ज्यादा सजा नमलनी चानिये, तो िाि पकड् कि घि लाकि माता-नपता को बता देगा नक बच्​्ा क्या कि ि​िा िा. नकसी बच्​्ेके नलए उसका जन्मनदन बिुत मित्वपूणा्िोता िा. लड्नकयो्का जन्मनदन कोई मनाता िा, कोई निी्मनाता िा. लड्नकयो्को

वनिष्​्किानीकाि औि कनव. प्​्मुख कृनतयां: ‘कोसी का घटवाि’, ‘दाज्यू’, ‘नौिंगी बीमाि िै’, ‘बच्​्े का सपना’, ‘मेिा पिाड्’, ‘एक पेड् की याद’ औि ‘साि के लोग’. दाज्यू किानी पि बाल निल्म सनमनत द्​्ािा निल्म का ननम्ा​ाण. कोसी का घटवाि पि िीचि निल्म ननम्ा​ाणाधीन. संपक्फ: 9161916840 38 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

बिुत मित्व निी् देते िे,लेनकन लड्को् का जन्मनदन बड्ी खुशी से मनाते िे. उस नदन पुए बनते िे. सुबि सबसे पिले बच्​्ेको निलाने के नलए पीतल के पिात मे्लकड्ी का पटिा िखकि उसे बैठाया जाता िा. इसके बाद आस-पड्ोस की मनिलाओ्को बच्​्ेको निलाने के नलए बुलाया जाता. मेिा जन्मनदन िोता, तो दीदी आवाज देती िी नक चाची आओ,भाऊ को निलाने के नलए. सुबि िमािी दो-तीन ताई, चाची आती िी्. वे गाना गाते िुए निलाती्. नि​ि वे पानी को ननमछोल (न्यौछावि) किती्. इसके बाद पंनडत जी माक्ड्ं ये पूजा किाते. शायद बच्​्ेकी लंबी आयु के नलए माक्ड्ं ये पूजा िोती िोगी. एक लाल सूती कपड्ेमे्कोई नसक्​्ा औि सुपािी िख कि कलाई मे्बांध नदया जाता िा. इसे कंकण किते. नदन मे्गीत गाने के नलए गांव की मनिलाये्आती िी्. उस वक्त मै्अपनी नखड्की पि बैठे िुए खुद को बिुत मिान समझता िा. िात मे्दो-तीन औिते्खास तौि से पड्ोस की चाची-ताई संजाबाती गाती्. मुझे लगता िा नक मै् बिुत मित्वपूणा्िू.ं िम भाग्यशाली ि​िे नक अपने बचपन मे्िमे् पग-पग पि आशीष देने वाले नमलते ि​िे. यनद नकसी बच्​्ेको छी्क आ गयी, तो पास मे् बैठा कोई व्यस्कत तत्काल 'शतंजीवी भव' कि देता. निलाते समय मांये्अपनी अंजल ु ी मे्पानी लेकि नसि के ऊपि नि​िाते िुए आशीषतील्यूं जस तिाण ल्यावै जनस बुन्द माक्णफ ड् ये जस आयु धिती जस चाकौव आकाश जस उच्​्िोए. इसका अि्ािा नक शेि की सी शस्कत, नसयाि की सी बुन्द, माक्ड्ं ये मुनन जैसी दीघ्ाया ,ु धिती जैसे चौड्,े आकाश जैसे उंचे बनो. नया वि्​् पिनने के बाद सयानो् के पांव छूने पि वे आशीषतेबेि पैनियै बेि िानडय़ै. अि्ा​ात, जल्दी पिनना, जल्दी िाडऩा. नजसका आशय िोता नक मेिनत-मशक्त् वाला तुमि् ािा शिीि िो, नजससे वि्​्शीघ्​्िटे.्

मेरा दोस्​् दपंचू ि

म बच्​्ो्के बचपन के सानियो्मे्पशु-पक्​्ी भी िुआ किते िे. एक पक्​्ी िोता, नजसको िम लमपुछनडय़ा किते िे. उसकी लम्बी सिेद पूछ ं िोती िी. जैसे पतंग मे्आनखि मे्एक पूछ ं जैसी बना देते िै, वैसी िी लम्पछ ु नडय़ा की पूछ ं िोती िी. जब वि डाल पि बैठा िोता, तो पूछ ं बिुत नीचे तक आती िी. लम्पुछनडय़ा कभीकभी नदखाई देता िा. िम भागते िे-'अिे, लम्पछ ु ड्ी आया िै, देखो-देखो.’ औि एक नचनडय़ा िोती िी, जो किती िीजूं िो्-जूं िो्-जूं िो्. उसके बािे मे्दंतकिा यि िै नक एक युवती को अपने मायके की बिुत याद आती िी. वि सास से पूछती िी नक जाऊं िोजाऊं िो-जाऊं िो्... जूं िो्-जूं िो्-जूं िो्. सास ने कभी 'िां’ निी्किा. वि बेचािी युवती मि गयी. वि मिने के बाद नचनडय़ा बन गयी. िम बच्​्ेउस नचनडय़ा के साि शैतानी यि किते िे नक जब वि किती िी-'जूं िो्’, तो िम भी बोलते िे-'जूं िो्’. वि औि जोि से बोलती िी-'जूं िो्’. यि मुकाबला चलता ि​िता िा. मैन् े मैदानी इलाको् मे् कोयल के साि भी यि मुकाबला नकया िै. आम के बगीचो्मे्कोयल बोलती िै. आप उसी की बोली मे्आवाज कीनजये. वि उतने िी मीठे ल्वि मे् उसको दुबािा बोलेगी. बाि-बाि नजतनी


तेजी मे् आप बोलोगे, वि भी उतनी िी तेजी से बोलेगी. इसमे्खूब मजा आता. एक छोटा-सा पक्​्ी िोता िै-गौिैया. अब वि लुप्तप्​्ाय: िो ि​िा िै. इसको बचाने की बिुत कोनशश िो ि​िी िै. एक खास नदवस गौिैया के नलए भी मनाया जाता िै. गौिैया िमािे घि मे्खूब आती िी. िमािे बिामदे मे् जो खंभे िे, उनके ऊपि कई जगि गौिैया के घो्सले बने िुए िे. गौिेया सुबि से िी चूं-चूं किके बिामदे मे् आ जाती्. ईजा किती िी्नक मिी, सुबि-सुबि आ गई्. र्को, अभी देती िू.ं कूटे िुए धान के कनणक (छोटे टुकड्)े िोते िे. साबूत चावल भात पकाने के नलए िख नलए जाते. वैस,े कनणक कई चीजो् मे्काम आते िै.् कनणक अलग से िखे ि​िते िे. मां बिामदे मे्कनणक छी्ट देती िी्. गौिैया उन्िे् खाने के नलए टूट पड्ती िी्. एक औि मटमैले िंग की बड्ी नचनडय़ा िोती िी, जो भद्​्ी नदखती िी. वि जाड्ो् के नदनो् मे् सुबि-सुबि खूब आती िी. िमािे घि के नीचे एक सूखा नाला िा. बिसात मे्बिुत पानी बिता िा. उसमे्झानडय़ां उगी िोती िी्. उन झानडय़ो्के ऊपि अमिबेल िैली िुई िी. उन नचनडय़ो् का अड्​्ा विां िा. जैसे िी शाम िुई, सब विां घुस जाती्. नि​ि इतना नचल्लाती िी्, इतना नचल्लाती िी्नक जैस-छोटी क्लास की बन्​्चयां एक साि बात कि ि​िी िो्. मै्घि के आंगन मे्खड्ा िोकि किता िा-'चुप िो जाओ’. सब चुप िो जाती िी्. नि​ि िोड्ी देि बाद एक-दो चू-ं चू-ं चू-ं चूं किती्

औि नि​ि चू-ं चू-ं चू-ं चूं का शोि बढ्जाता. मै्नि​ि किता िा, 'चुप िो जाओ’, तो वे चुप िो जाती िी्. िमािा यि खेल चलता ि​िता. एक खास पक्​्ी िोता िै-नसटौल. उसका िंग भूिा िोता िै, मगि चो्च पीली िोती िै. कबूति की प्ज ् ानत का एक पक्​्ी घुघतु ी िोता िा. वि बड्ा प्यािा औि भोला-भाला पक्​्ी िोता िै. कौवो्के नलए एक खास नदन िोता िा. वि नदन िा-मकि सक्​्ानं त. उस नदन यि किा जाता िा नक कौवे सुबि-सुबि बागेशि् मे्गंगा निा के आ गये िै.् सियू निा के आ गये िै.् िात से िी गुड् के िस मे् आटा गूंिकि शक्​्िपािे बनाए जाते िे. उसी आटे से ढाल, तलवाि, िूल आनद कई र्प मे्बनाये जाते िे. इन नखलौनो्को धागे मे् गूंिकि ि​ि बच्​्े के नलए एक माला बनायी जाती. उसको काले कौवा का त्योिाि किते िै.् यि त्योिाि कौवे को मित्व देने के नलए िा या नकसी औि कािण से मनाया जाता, कि निी् सकता. कुछ लोग उसको घुघतु ी त्योिाि भी किते िै्. घुघुती भी बनाया जाता िा. आटे की लम्बी बत्​्ी-सी बना कि नि​ि उसको मोड्नदया जाता, तो पक्​्ी जैसा बन जाता. उसको भी पकाकि माला मे्गूिं नदया जाता. सुबि उठकि बच्​्ेगाते िे-'काले कौवा काले काले/ ले कौवा ढाल औि मुझे दे सोने का िाल.’ उस नदन बच्​्े सुबिसुबि उठ जाते िे. माला पिनते. बच्​्ो्मे्माला बनाने का मुकाबला िोता िा. बच्​्े लंबे-लंबे धागे औि सुइयां लेकि अपनी-अपनी माला बनाते िे. जो बच्​्ेछोटे िोते िे, वे अपनी माओ् या बिनो्से किकि माला बनवाते िे. माला मे् नािंगी औि गुनजयां भी गुंिी जाती िी्. गांव मे् एक-दूसिे के बच्​्ेके नलए मालाओ्का आदानप्द् ान भी िोता िा. कौवो्को सम्मानीय मान कि यि त्योिाि मनाया जाता िा. बाद मे् बच्​्े इन मालाओ्मे्गुिं े पकवानो्को खा लेते िे. एक पक्​्ी जो िमे् कभी नदखाई निी् नदया, उसका नाम िुमण िा. नकसी मनिूस आदमी के नलए भी यि शल्द इस्​्ेमाल िोता-िुमण जैसा. कोई अंधिे ी िात मे्जंगल के िास्​्ेजा ि​िे िै, तो िुमण उसके ऊपि उड्गे ा या उड्कि उससे आगे जाकि पेड् पि बैठ जाएगा. नि​ि ऐसी डिावनी आवाज किेगा-िूं...िूं...िूं...िूं... वि कोई नुकसान निी् पिुँचाता िा, लेनकन उसकी आवाज से डि लगता िा. मेिे ददा (बड्ेभाई) सन 1939 मे्मात्​्नौ वष्ाकी उम्​्मे्ल्कल ू ी नशक्​्ा के नलए मामाजी के पास केकड्ी (अजमेि) भेज नदए गये िे. उनका साि देने के नलए कुछ माि के नलए दीदी भी गयी िी्. मै्घि मे्अकेला िी ि​ि गया. नदन तो गांव के सानियो्के साि कट जाता, लेनकन सांझ के बाद अकेलापन बिुत खलता. एक नदन बाबू किी्बाि​ि गये िे. वि लौटे

तो उनके िाि मे्एक छोटे झोले मे्पुिाने मिलि मे्नलपटा एक भूिा ऊन का गोला िा. बाबू ने वि झोला मुझे पकड्ा नदया. मैन् े नलपटे िुए मिलि को िटाया तो ऊन का वि गोला 'कू-ं कू’ं कि मेिा िाि चाटने लगा. मेिी खुशी का कोई नठकाना निी्ि​िा. वि मेिा सािी बन गया. मैन् े अपने सािी का नाम नपंचू िख नदया. अब नपंचू िै औि मै्िू.ं मै्िूं औि नपंचू िै. िम नचनडय़ो्को पकडऩे का खेल खेलते. एक-दूसिे के पीछे दौड्त.े मै्गेद् िेक ् ता औि नपंचू उसे धनकयाकि लाता. मेिा अकेलापन दूि िो गया िा. कुछ माि बाद गन्मया ो्की छुन्टयो् मे् ददा लौटे तो दीदी भी आ गयी्. नपंचू सबका लाड्ला िो गया िा. धीिे-धीिे उसका कद भी बढऩे लगा. नपंचू प्​्ाय: दो वष्ा का ि​िा िोगा, जब एक िात वि बिुत बेचैनी से कमिे के दिवाजे को अपने पंजो् से खोलने की कोनशश किने लगा. बाबू ने सोचा नक शायद वि पेशाब किने बाि​ि दुमनं जले मे्जाने के नलए बनी सीनढय़ो्पि जाना चािता िै. बाबू ने दिवाजा खोल नदया. मै् तब तक सो गया िा. जब बिुत देि तक नपंचू निी् लौटा, तो बाबू पंखी ओढ्कि बाि​ि ननकले औि नपंचू को बुलाने लगे. नपंचू का किी् अता-पता निी्िा. बाबू नीचे उतिकि खेतो्की ओि गये, तो उनकी नजि नपंचू के कोट पि पड्ी. उन्िो्ने गौि से देखा, तो उन्िे्लगा नक विां कुछ देि पिले नकसी निंसक पशु के साि उसका घमासान िुआ िै. कोट नमट्​्ी मे् नलिड्ा िा औि नमट्​्ी खून से सनी िी. बाबू लाठी पि टाँग कि कोट को ले आये औि आंगन के कोने मे्डाल नदया. सुबि मै्उठा, तो मेिे आस-पास किी्नपंचू निी्िा. उसका नबछौना भी सूना िा. मुझे उठने मे्देि िोती, तो नपंचू मेिा ओढऩा खी्चकि मुझे बाि​ि चलने के नलए प्​्ेनित किता िा, लेनकन आज ऐसा निी्िुआ. मै्उठकि नीचे आया, तो दीदी भी मुझसे आंख निी् नमला ि​िी िी्. एक अजीब मनिूस सन्नाटा घि मे् छाया िुआ िा. तभी मेिी नजि आंगन के कोने मे् पड्े नपंचू के कोट पि पड्ी. मैन् े उसे गौि से देखा, तो खून से सनी नमट्​्ी देखकि मुझे कुछ आशंका िुई. मैन् े ईजा से नपंचू के बािे मे् पूछा, तो उन्िो्ने बताया नक वि भगवानजी के पास चला गया िै. मै्िोने लगा. उस नदन नशविान्​्त का पव्ा िा. बाबू, ईजा औि दीदी नशविान्​्त के नदन उपवास िखते िे. ईजा ने मुझसे दूध पीने के नलए किा, तो मै्ने उत्ि् नदया नक आज मै्भी उपवास करंग् ा. ईजा ने उठ कि मुझे अपनी गोद मे् नलया औि यि किते िुए नक उपवास मे् दूध पीने मे् कोई िज्ा निी् िै, दूध का नगलास मेिे मुिं से लगा नदया. सामने नपंचू का खाली कटोिा देखकि मुझे नि​ि र्लाई आ गयी. शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016 39


साषहत्य दोपि​ि मे्ईजा ने किा नक बच्​्ो्का आधा नदन का उपवास पूिा मान नलया जाता िै. उन्िो्ने मुझसे िोटी खा लेने का आग्ि् नकया, लेनकन मै् अपनी िठ पि डटा ि​िा. भूख लगने पि मैन् े भि पेट पानी पी नलया. तीसिे पि​ि मुझे उल्टी िुई औि पेट का पानी ननकल गया. मै् कमजोिी मिसूस कि ि​िा िा इसनलए सो गया. िात मे्सबके साि िलिाि नकया, तो ि​ि-ि​िकि नपंचू का ल्मिण िो गया. ईजा ने नपंचू का कोट उठाकि नाले के नकनािे िैली झाड्ी के ऊपि डाल नदया िा. मै् उसे देख-देख कि दुखी िोता ि​िा. मेिे जीवन मे् तब नकसी आत्मीय की मृतय् ु की यि पिली घटना िी. नपंचू मेिा दोस्​्मुझे अकेला छोड्गया िा. मैन् े नि​ि कभी कुत्ा पालने का सािस निी्नकया. एक जो िमािे सिचि िे, वे बंदि िे. गांव मे् जो उपिांव की जमीन िोती िै, नजसमे् नसंचाई निी् िोती, उनमे् मोटा अनाज, जैसे-मंडुआ, माननिा,दलिन या दाले-् भट, गित, आनद बोया जाता िा. िमािे घि के ऊपि भी एक पिाड्को कटवा कि बाबू ने आदमी लगाकि खेत बनवा नदये िे. विां 15-16 खेत िे. विां खेत कैसे बने, इसकी भी मजेदाि किानी िै. िमािी जमीन कत्यिू मे्िी. नचनर्वा विां का ननवासी िा. वि खूब लम्बा-चौड्ा िा. उसकी भूख िी खत्म निी् िोती िी. एक बाि बाबू कत्यिू गये िे. नचनर्वा बोला नक मुझसे कुछ भी काम किवा लो, लेनकन मुझे पेट भि खाना दे दो. बाबू ने किा नक चल मेिे साि. मेिे पास तेिे नलए बिुत काम िै. बाबू ने उसको पिाड्ी नदखाई औि किा नक इसमे् सीढ्ीदाि खेत बनाने िै.् उसने पिाड्काटकि एक खेत बनाया. नि​ि दूसिा...तीसिा... इस ति​ि नचनर्वा कई नदनो् तक लगा ि​िा. कई बनढय़ा खेत बन गये. वे उपिांव के खेत िे औि बानिश पि िी ननभ्िा िे. एक नदन मै्नजद कि ि​िा िा. गांव की बुआ ने किा नक चुप िो जा. आजकल यिाँ एक बिुत बड्ा भूत आया िै-काला भुजगं . वि सुन न ले. इससे मेिे मन मे् डि बैठ गया. मै् चुप िुआ या निी्िुआ, वि बात दूसिी िी. एक िात मुझे टट्​्ी लग गयी. जब िात को बच्​्ेको टट्​्ी लगती िी, तो उसे घि के बाि​ि नकसी खेत मे्ले जाते. विां घि का कोई सदल्य िाि मे्मशाल लेकि खड्ा ि​िता औि किता नक डिना मत. मै्िू,ं यिां पि. मुझे टट्​्ी लगी िी, तो जाना िी िा. ईजा दूि खड्ी मेिी िखवाली कि ि​िी िी्. तब तक नचनर्वा पिाड्की ढलान से उतिा. उसके कंधे पि एक सूखा िुआ पेड्िा. मुझे लगा नक बुआ नजस भूत के बािे मे्कि ि​िी िी्, यि विी भूत िै. डि के मािे मेिी नघग्घी बंध गयी. नचनर्वा की याद आज भी िै. तो, उपिांव के उन खेतो् मे् दलिन बोया 40 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

पदं​ंादतं​ंताऊजी अपना पखरवार लेकर नौकरी छोडंकर गांव आ गये थे. उनंहोंने बंदरोंका उतंपात देिा, तो उनंहेंडराने के खलए हवाई फायर कर दी. जाता िा. खेत के नकनािे-नकनािे िामदाना भी बो नदया गया िा. िामदाना औि उगल (कोटू) ऐसी चीजे्िोती िै,्जो नक व्त् वाले खाते िै, िलािािी. उसकी बिुत जर्ित िोती िै, इसनलए घि मे् िमेशा िामदाना िखा ि​िता िै. िामदाने का पेड् 5-6 िुट का िोता िै. उसका तना किीब एक मुट्ीभि मोटाई वाला िोता िै औि उसके चौड्ेपत्​्े िोते िै्. उसमे् ऊपि की ओि एक मखमली कलगी-सी िूटती िै. उसके बीच मे्सिेद िंग के छोटे-छोटे दाने िोते िै्. जब यि पक जाता िै, ऊपि से उस कलगी को पेड्से अलग कि लेते िै्औि झाड्कि िामदाने इकट्​्ा किते िै.् दलिन को खाने के नलए बंदि आते िे. बच्​्ो्से किा जाता िा नक तुम ऊपि खेत मे्मत जाना, क्यो्नक बंदिो् का कोई नठकाना निी्. िसल को बंदिो्से बचाने के नलए कनस्ि् को पेड्मे्टांग नदया गया. उसके अन्दि एक लकड्ी लगा दी गयी. लकड्ी से एक लम्बी िल्सी बांधकि घि के बिामदे तक पिुच ं ा दी गयी. बंदि नदखाई दे, तो िल्सी को निला दो, तानक टन-टन की आवाज सुनकि बंदि भाग जाये.् लेनकन धीिेधीिे बंदि अभ्यस्​्िो गये-ठीक िै, घंटी बज ि​िी िै, तो बजने दो. बंदिो्को भगाने के नलए एक नदन िम तीन-चाि बच्​्ेएक-एक डंडा लेकि ऊपि की ति​ि चले. बंदिो् का खेल देखो-एक-एक बंदि िामदाने के एक-एक तने को पकड्कि बैठ गया औि जैसे िी िम लोग नजदीक पिुंचे,

उन्िो्ने तने को निला नदया. िामदाने पके िुए िे. बस काटने की देिी िी. बंदिो्के तने निलाने से सािे िामदाने झड्गये. िामदाने के पेड् निलाने की बात पि एक प्स ् गं याद आ ि​िा िै. वि बिुत िी आतंककािी प्स ् गं िा. बिसात के मौसम मे्चाि-पांच मकानो् की कताि के नीचे वाले खेतो्मे्भुट्ेलगे िुए िे औि बंदि उत्पात मचा ि​िे िे. खेत के बीच मे्एक गनलयािा िा. उसके दोनो्ति​ि भुट्ेके पेड्िे. पद्​्ादत्​् ताऊजी अपना पनिवाि लेकि नौकिी छोड् कि गांव आ गये िे. उन्िो्ने बंदिो् का उत्पात देखा, तो उन्िे्डिाने के नलए गनलयािे के ऊपि िवाई िायि कि दी. संयोग की बात िै नक उसी समय एक बंदि उछलकि गनलयािा पाि कि ि​िा िा. उसको गोली लग गयी औि वि मि गया. जंगल के बीच मे् िमािा गांव िा. न जाने कैसे बंदिो्ने अपने नबिादिो्को अपने एक सािी के मिने की सूचना दी! एक-एक कि सैकड्ो्बंदि आते गये. वे गांव के सामने की पिाड्ी के पेड्ो् पि आकि चुपचाप बैठ जाते. वि बड्ा आतंककािी मािौल िा-बंदि चले आ ि​िे िै.्.. चले आ ि​िे िै.्.. चले आ ि​िे िै.्.. नकसी को कुछ निी्कि ि​िे िै.् बस, आकि चुपचाप पेड्पि बैठ ि​िे िै्. सबके मन मे् दिशत िो गयी नक कोई अननष्​् िोने वाला िै. सबने अपने घिो् के नखड्की-दिवाजे बंद कि नलए. यि तीसिे पि​ि की बात िोगी. शाम तक पूिी पिाड्ी बंदिो्से भि गयी. वे मृत बंदि के नजदीक निी्आए. दूि से िी देखते ि​िे. उसके बाद िात िो गयी औि सभी बंदि चले गये. पद्​्ादत्​्ताऊजी एकदम से घबिा गये. वैस,े घबिा तो सािे गांववाले िी गये िे नक अब क्या िोगा? संयोग से उस नदन पुिोनिजी भी आये िुए िे, तो मिता क्या न किता. ताऊजी कैट् ोनमैट् बोड्ामे्अनधकािी ि​िे िे. विां उन्िो्ने कैस-े कैसे िैसले नकए िो्ग,े लेनकन यिां बंदि की मौत के मामले का ननिाकिण पंनडतजी से पूछा. पंनडतजी ने किा नक कोई ऐसा अननष्​्तो निी्िोगा. आप से गलती िो गयी. आपने जानबूझकि तो नकया निी्. इसका कुछ उपाय किना पड्ेगा. एकिामायण पाठ िो. िामचंदज ् ी से प्​्ाि्ना ा की जायेगी नक पवन पुत्ो् को आप शांत कि दे.् दूसिा-बिू का कोई छोटा-मोटा ल्वण्ा आभूषण दे दो. मै् सुनाि से एक मिकट प्​्नतमा चांदी के फे्म मे् मढ्वा के ले आऊंगा. उसका तप्ण ा कि नवस्ज ा न कि देग् ,े तो यि दोष खत्म िो जायेगा. ताईजी ने कोई आभूषण दे नदया िोगा. दूसिे-तीसिे नदन पंनडतजी सुनाि से बंदि की सोने की प्​्नतमा बनवाकि ले आये. उसकी नवनध नवधान से पूजा की गयी औि नि​ि नवसज्ना के नलए पंनडतजी मूनत् ा को ले गये. उन्िो्ने उनचत नवसज्ान कि नदया n िोगा. ( क्म् श:)


साषहत्य/कषवता

सुशांि सुत्िय की कतविा

खा जाते िै् कुल औि वण्ाकी श्​्ेष्ता के ल्वयंभू ठेकेदाि कुछ अनभजात वग्ा सुपनिनचत किाकाि औि कनव. प्​्कानशत कृनतयां: ‘ित्यािे’, ‘िे िाम’ औि ‘दलदल.’ एक कनवता संग्ि: ‘गुजिात से अयोध्या तक इस र्ट की सभी लाइने्व्यस्​्िै्’. कमलेश्ि-किानबंब किानी प्​्नतयोनगता मे् लगाताि दो वष्ाप्​्िम पुिल्काि. कई िचनाओ्का अंग्ेजी मे्अनुवाद.

कुछ समुदाय हुआ करिे है् (रोखहत वेमुला को समख़पपत) कुछ समुदाय िुआ किते िै् नजनमे्जब भी कोई बोलता िै 'िक़्' से नमलता-जुलता कोई शल्द उसकी ज्ुबान काट ली जाती िै नजनमे्जब भी कोई अपने अनधकाि मांगने उठ खड्ा िोता िै उसे न्जंदा जला नदया जाता िै कुछ समुदाय िुआ किते िै् नजनके श्​्म के नमक से ल्वानदष्​्बनता िै औिो्का जीवन नकंतु नजनके निल्से की मलाई

सबसे बदिाल सबसे ग्िीब सबसे अनपढ्, सबसे अनधक लुटे-नपटे किोड्ो्लोगो्वाले कुछ समुदाय िुआ किते िै् नजन्िे्भूखे-नंगे िखने की सान्जश मे् लगी ि​िती िै एक पूिी व्यवल्िा वे समुदाय नजनमे्जन्म लेते िै्बाबा सािेब आंबेडकि मिात्मा िुले औि असंख्य मिापुर्ष नकंतु नि​ि भी नजनमे्जन्म लेने वाले किोड्ो्लोग अनभशप्त िोते िै् अपने समय के खैिलांजी या नमच्ापुि की बनल चढ्जाने को वे समुदाय जो दफ्​्न िै् शॉनपंग माॅल्स औि मंनदिो्की नी्वो्मे् जो सबसे क़्िीब िोते िै्नमट्​्ी के नजनकी देि औि आत्मा से आती िै यिां के मूल बानशंदे िोने की मिक नजनके श्​्म को कभी पुल, कभी नाव-सा इस्​्ेमाल किती ि​िती िै एक कृतध्न व्यवल्िा नकंतु नजन्िे्दूसिे दज्​्े का नागनिक बना कि िखने के षड्​्ंत्मे्

नलप्त ि​िता िै पूिा समाज

आंसू, ि्ून औि पसीने से सने वे समुदाय मांगते िै् अपने अंधेिे समय से अपने निल्से की धूप अपने निल्से की िवा अपने निल्से का आकाश अपने निल्से का पानी नकंतु उन एकलव्यो्के काट नलये जाते िै्अंगूठे धूत्ाद्​्ोणाचाय्​्ो्के द्​्ािा वे समुदाय नजनके युवको्को यनद िो जाता िै प्​्ेम समुदाय के बाि​ि की युवनतयो्से तो सभ्यता औि संल्कृनत का दंभ भिने वाली असभ्य सामंती मिापंचायतो्के मठाधीश उन्िे्दे देते िै्मृत्युदंड वे समुदाय नजन से छीन नलये जाते िै् उनके जंगल, उनकी ननदयां, उनके पिाड् नजनके अनधकािो्को िौ्दता चला जाता िै कुल-शील-वण्ाके ठेकेदािो्का तेज्ाबी आत्ानाद वे समुदाय जो िोते िै् अपने िी देश के भूगोल मे्नवल्िानपत अपने िी देश के इनतिास से बेदि्ल अपने िी देश के वत्ामान मे्नननषद्​् नकंतु टूटती उल्काओ्की मन्​्दम िोशनी मे् जो नि​ि भी देखते िै्सपने नवकल मन औि उत्पीन्डत तन के बावजूद नजनकी उपेन्कत नमट्​्ी मे्से भी ननिंति उगते ि​िते िै्सूिजमुखी सुनो द्​्ोणाचाय्​्े िालांनक तुम नवजेता िो अभी सभी मठो्पि तैनात िै् तुम्िािे ि्ूंि्ाि भेन्डये लेनकन उस अपिाजेय इच्छा-शस्कत का दमन निी्कि सकोगे तुम जो इन समुदायो्की पूंजी ि​िी िै सनदयो्से जिां जन्म लेने वाले ि​ि बच्​्ेकी आनुवंनशकी मे्दज्ािै अन्याय औि शोषण के नवर्द् प्​्नतिोध की ताक़्त. n शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016 41


यायावरी

रोत्​्नेल्ट ि्​्ीप: िुंदर और दद्थनाक

दमन के इततहास का द्​्ीप आॅल्ट्ेतलया का यह अनोिा द्​्ीप तजिना सुंदर है, उसका इतिहास उिना ही दद्षनाक है. मूल तनवातसयो्के सिाये की ल्मृतियां तदल को अिसोस से भर देिी है्. उल्मथिेश

प

न्​्िम आल्ट्ेनलया के इस इलाके मे् इन नदनो् मौसम सुिाना िै. आज िम पि्ासे किीब 30 नकमी दूि आल्ट्ेनलया के मशिूि निलेिी िाब्ाि जा ि​िे िै्.यिां का वाटिएडवेच ् ि पाक्फआकष्ण ा का खास केद् ्िै. इसमे् 42 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

सबसे अद्त् िै- एक नवशाल अक्वा(एक्वने ियम ऑफ वेलट् न्ाआल्टन्ेलया). भाित मे्इस ति​ि की संिचना बना दी जाये तो उसे नकसी चमत्काि से कम निी् समझा जायेगा. शासक पाट्​्ी उसे अपनी बड्ी उपलस्लध के र्प मे्प्च ् ानित किेगी औि चुनाव मे्भुनाने की भी कोनशश किेगी. ‘अक्वा’ के अंदि जाने के नलये नटकट लेना िोता िै. यि नकसी ननजी कंपनी का उपक्म् औि प्ब् ध ं न िै. नटकट लेने के बाद िम समुद्के नीचे बने सुिं ग-नुमा अक्वा मे्घुस गये. कािी देि िम समंदि मे्तैिते जीव-जंतओ ु ्औि वनल्पनतयो्को शीशे नुमा नकसी मजबूत चीज की बनी पािदश्​्ी संिचना से ननिािते ि​िे. आल्टन्ेलयाई समुद्तट पि यि चनकत किने वाला दश्ना ीय ल्िल िा. िम नीचे िे औि िमािे दाये्-बाये् औि ऊपि चािो् ति​ि समंदि लि​िा ि​िा िा. समंदि के अंदि घंटे भि ि​िने के बाद िम बाि​ि ननकले. सबके नलये नया अनुभव िा. िम सब पि मस्​्ी छाई िी. निलेिी समुद्तट के पास िी एक िेसि् ां मे्िमने िेड वाइन पी, जो बेिद उम्दा िी. साि

मे्मछली की एक खास न्​्पपिेशन. िमे्पूिी की पूिी एक मछली पिोसी गयी. उसके बीच मे्नसि्फ एक कांटा िा. मसाले आनद का कम से कम इस्​्ेमाल िा या शायद नबल्कुल निी् िा. उसे बेिति तिीके से भून कि िमािे सामने पिोस नदया गया िा. नमक-नमच्ा आनद के साि. वि केिल के बैक-वाटि निश-कैिनमन की ति​ि बिुत ल्वानदष्​् िी. िमािे नलए यि मस्ी् औि मजे का नदन िा. दूसिे नदन पि्ा से कुछ दूि एक अन्य लोकन्​्पय पय्ाटन-ल्िल जाकि खुश िोने के बजाय िम दुखी औि उदास िो गये. एक छोटे से प्यािे समुद्ी जिाज मे्यात्​्ा किके इस द्​्ीप तक पिुच ं ने का िमािा सािा उत्साि िीका पड्गया. यि द्​्ीप िा-िौटनेलट् . इसे निंदी मे्बोलते समय िम िोत्न् ले ट् किे्तो बेिति िोगा. ल्िानीय लोग अपनी अंगिेजी मे् नजस ति​ि इसका उच्​्ािण किते िै,् वि भी िौटनेलट् के बजाय िोत्न् ले ट् से कािी नमलता-जुलता िै. िोत्न् ले ट् ‘िैट-नेलट् ’ से बना िै, यानी ‘चूिो्का वास’. बताते िै्नक इस


द्​्ीप को खोज ननकालने वाले डच अन्वेषीनानवक नवनलयम द ल्लने मंग सन 1696 मे् जब यिां पिुच ं े तो चािो् ति​ि चूिे चूिे िी िे. आज भी यिां चूिे नदख जाते िै.् बताते िै्नक नवनलयम से पिले भी एक डच नानवक डक िट्​्ोग इस इलाके के समुद्ी छोि पि सन 1616 मे् आया िा. इनके बाद यिां न्​्बनटश आये. बाि​ि से आये यूिोपीय देशो् के लोगो् ने आल्ट्ेनलया के इस इलाके मे् जो सबसे पिला काम नकया, वि िा ल्िानीय मूल-ननवानसयो्को गुलाम बनाना या गुलामी न मानने पि कैद कि लेना. बिुत सािे मूल-ननवानसयो् को ननद्या तापूवक ा् मािा गया. इस ति​ि यूिोपीय लोगो् ने बिुत जल्दी िी यिां अपना िाज कायम कि नलया. इस द्​्ीप औि आसपास के इलाको्मे्मूल ननवानसयो्, खासकि नूगं ि लोगो्को यातनाये्देने के नलये सेलय् ल ु ि जेल से भी ज्यादा खतिनाक जेले् बनायी गयी्. नूंगि मूलवानसयो् के तमाम नेताओ्-प्​्धानो् को चुनचुन कि जेल मे् डाल नदया गया. उन बेचािो्को पता भी निी्चल पाया नक उन्िे्नकस ‘अपिाध’ की सजा नमल ि​िी िै! वे सीधे-साधे आनदवासी लोग िे, आल्टन्ेलया के इस छोि के सबसे पुिाने मूलवासी. उनके वजूद का इनतिास 40 से 60 िजाि वष्ा पुिाना माना जाता िै. अंगज ्े ो् के इस इलाके मे् बसने-बसाने का

जल के िीतर जीवन: पय्थटको् की बढ्ती िीड् सबसे बड्ा प्य् ास सन 1826 मे्न्यू साउि वेलस ् पि िुआ. िोत्न् ले ट् मे् नमले एक बुजगु ा्गाइड ने की ति​ि से शुर्िुआ. सन 1829 मे्ल्वान नदी नूगं ि लोगो्के नलये न्​्बनटश िुकम् िानो्द्​्ािा बनायी कालोनी बसनी शुर्िुई. पन्​्िम आल्टन्ेलया की जेल के खंडि​िो्को नदखाते िुए बताया नक इनमे् मौजूदा िाजधानी पि्ाभी 1829 मे बसाई गयी. कई काल-कोठनियां(सेल्स) 1.5 मीटि चौड्ी नि​ि भी यिां बसने मे्ज्यादा लोगो्की र्नच निी् औि 3 मीटि लंबी िै्. इस ति​ि के एक-एक िी. सन 1880 मे्इस इलाके मे्सोना पाये जाने ‘सेल’ मे् सात-सात कैदी िखे जाते िे. एक औि अन्य कािणो् से लोगो् के आने-जाने औि समय यिां की 29 कालकोठिी मे् 167 लोग बसने मे्कुछ तेजी आई. अन्य यूिोपीय लोगो्के िखे गये िे. अनधकांश उसी काल-कोठिी मे्मि आने-जाने का गये, जो कुछ बचे, उन्िे् बाहर से आये यूरोपीय देशोंके नसलनसला भी बढ्ा. ठंड के नदनो् मे् पीटइनमे् ऐसे लोग भी पीट कि जेल की लोगोंने आसंटंेखलया के इस शानमल िे, जो न्​्बटेन के इलाके मेंजो सबसे पहला काम चािदीवािी के पाि िेक् अपने-अपने इलाके मे् नदया गया. इनमे् कुछ खकया, वह था संथानीय मूलबदनाम या खतिनाक नठठुि-नठठुि कि मि खनवाखसयोंको गुलाम बनाना. नकल्म के माने जाते िे. गये औि कुछेक को यूिोपीय, खासकि जानविो् ने खत्म कि न्​्बनटश लोगो्के बसने औि सम्पन्​्त पि अनधकाि नदया. जमाने को चुनौती देने वाला यिां कोई निी्िा. अठाि​िवी्से उन्नीसवी्शताल्दी के दिम्यान न्​्बनटश िुक्मिान अपना संपूण्ा वच्ाल्व ल्िानपत यिां के मूल ननवानसयो् का नजस नृशंसता से किने की जल्दी मे् िे. उन्िे् शायद फ्​्ांसीनसयो् सिाया नकया गया, वि मानव सभ्यता के की ति​ि से िोड्ी बिुत आशंका िी नक किी्वे इनतिास के सबसे दद्ना ाक अध्यायो् मे् एक िै. आकि यिां कल्जा न जमा ले.् इसनलए न्​्बनटश कैसी नवडम्बना िै, सन 1822 के आसपास िुकमिानो्औि व्यापानियो्ने पन्​्िम आल्टन्ेलया अंगिेज जब यिां पिुंचे तो िोत्​्नेल्ट के अपने मे् िैलना शुर् कि नदया. पि्ा शि​ि का मुकत् ांचल मे्नवचिने वाले नूगं ि लोगो्ने इनका नामकिण भी नगि-योजना के प्भ् ािी एक पुिाने तिेनदल से ल्वागत नकया. लेनकन कुछ िी समय न्​्बनटश मंत्ी सि जाज्ामुिे के जन्म ल्िान के नाम बाद अंगिेज बिादुिो् ने उन नूगं िो्के सिाये का शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016 43


यायावरी

िमुद् के नीचे िंिार: िबिे बड्ा आकष्थण अनभयान शुर्कि नदया. पन्​्िम आल्टन्ेलया की लाशो्के साि अधमिे लोगो्को भी चािदीवािी िाजधानी पि्ा की एक लाइब्​्ेिी मे् उपलल्ध से बाि​ि िे्क नदया जाता ि​िा. यि नसलनसला सिकािी निकाड्ा के मुतानबक सन् 1841 से सन् सालो्चला. कूि् ता के इनतिास की गवाि यिां 1903 के बीच िोत्न् ले ट् द्​्ीप औि आसपास के की जेल को सन 1903 मे्बंद नकया गया. तब इलाको्मे्िजािो्नूगं ि सता-सता कि मािे गये. तक आल्टन्ेलया के नवनभन्न निल्सो्मे्िजािो्मूल कुछ बीमािी से मि गये. बाि​ि से आये लोगो्के ननवासी मािे जा चुके िे. सुबि से दोपि​ि तक िम इस द्​्ीप पि ि​िे. संपक्फ मे् आने से इन मूलननवानसयो् मे् ति​िति​ि के संकम् ण भी िुए. इनमे् त्वचा सम्बन्धी चािो् ति​ि समंदि िी समंदि, औि बीच मे् शोषण, दासता औि कूि् ता का इनतिास बताता िोगो्का िैलाव तेजी से िोता ि​िा. िम पुिानी जेल के अवशेष के पास की यि द्​्ीप. दोपि​ि बाद लगभग साढ्े्तीन बजे िम नमनलट्​्ी बैिक मे् भी गये. पता चला विां नि​ि उस नवशाल समुद्ी बोट की पिली मंनजल उन्नीसवी् सदी के पूव्ा​ा्द्ा मे् 370 लोगो् को पि बैठकि पि्ा के नलये िवाना िो गये. पि्ा ं कि भी मन उतना िी उदास िा. इस संदभ्ा तड्पा तड्पा कि मािा गया. कड्ाके की ठंड मे् पिुच

44 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

वाटर पाक्क: रंग-दबरंगी दुदनया मे्यिां के श्त्े िुकम् िानो्की नसि्फएक िी बात अच्छी लगी नक प्भ् तु व् शाली लोगो्के शासन या समाज ने शोषण औि कूि् ता की िोत्न् ले ट् द्​्ीप जैसी उन पुिानी ननशाननयो् को जबिन नमटाया निी्, जो इनके पूवज ा् ो्ने इनतिास के नलये छोड्ी िै.् यि भी एक ति​ि की ईमानदािी िै, विना िम निन्दुस्ानी तो अपनी भद्​्गी औि कू्िता का निकाड्ानमटाने मे्लगे ि​िते िै!् यिां तो बड्-े बड्े लोग दंगे किाकि, ननद्​्ोष लोगो् को िज्​्ी मुठभेड्ो्मे्मिवाकि पूिी दबंगई के साि किते िै,् वे बेदाग िै!् n

(आधाि प्क ् ाशन, पंचकूला से प्क ् ानशत ‘न्​्कल्टने नया मेिी जान’का एक अंश.)


खानपान अर्ण कुमार ‘पानीबाबा’ (पानी बाबा निी्ि​िे. पानी बाबा अमि ि​िे्. समाज के नलए जीने वाला लेखक औि काय्ाकत्ा​ा कभी मिता निी्. अर्ण कुमाि पानीबाबा ने मौसम के अनूकूल बनने वाले भाितीय व्यंजनो्पि नलखकि ल्वाद औि सेित संबंधी समाज की समझ को नजंदा िखा िै. उनके कालम को बंद किना संवाद के अनविल प्​्वाि को बंद किना िै. इसनलए शुक्वाि के सुधी पाठक बाबा की िसोई मे्नकनसम-नकनसम के ल्वाद आगे भी पाते ि​िे्गे.)

बदलतेमौसम का भोजन

ऋिुचय्ाष और भोजन का गहरा संबंध माना गया है. भोजन समय की प्​्कृति के मुिातबक होना चातहए.

उ

त्​्ि भाित मे्ठंड की िंगत कान्ताक पून्णामा के ल्नान के बाद शुर्िोती िै. इससे पिले ठंड का असि सुबि-शाम औि िात मे् िी ि​िता िै. देशज पिंपिा मे् ऋ तुचय्ा​ा औि भोजन का गि​िा संबंध माना गया िै यिां तक नक नदनचय्ा​ा के अनुसाि भी भोजन समय (सुबि, दोपि​ि, शाम) की प्​्कृनत के मुतानबक िोना चानिए. दावत, नदव्य भोज का सव्ि ा ा उपयुकत् समय नदन का यानी दस-ग्याि​ि से डेढ्-दो बजे तक का िै. इस दौिान नपत्​्की प्​्कृनत प्​्बल िोती िै. अगि आप वास्​्व मे् नखलाने-नपलाने के शौकीन िै्, उत्​्ि कोनट की मेिमाननवाजी किना चािते िै् तो मनवाि का भोज आयोनजत किने का सव्ािा उपयुक्त समय दोपि​ि का िी िै. संल्काि भी सुबि का उत्​्म िै, औि भोज भी दोपि​ि तक का. वैष्णव पिंपिा मे्, जिां मंनदि या पनिवाि मे् बाल ठाकुि की सेवा-टिल िै, विां नजस भोजन को लंच किा जाता िै, वि िाजभोग किलाता िै. इसनलए िमािा पिला आग्​्ि यिी िै, आप जो दावत पिोसना चािते िै्, वि िाजभोग की ति​ि नदव्य िो, भव्य निी्. िमे् जो मीनू ज्यादा उपयुक्त नदखायी पड्ता िै, वि तो सादे सूजी के िलवे के साि बादाम, खसखस, काली नमच्ा का छौ्का िुआ दूध तिा नमकीन मे् नवशुद् मदुिई, इडली, दो तीन नकल्म की चटननयो् के साि औि बड्ा सांभि का िै. यि ऐसा पय्ा​ाप्त औि पाचक नाश्ता िै नक तीन-चाि घंटो् मे् खुद नठकाने लग जायेगा. नौ बजे भी नाश्ता कि नलया िै तो एक बजे तक जठिास्गन इतनी तेज िोगी नक भोजन की सिज इच्छा जग जायेगी. इस भूख को प्​्चुिता से प्​्ज्वनलत किने के नलए साढ्े दस-ग्याि​ि के लगभग िल्की-िुल्की चाट भी पिोसी जा सकती िै. चाट मे् कुल नमलाकि पांच खोमचे. पिला-कांजी बड्ा धननएअनादाने की चटनी के साि. दूसिा- अन्नास की िसम-पापड्. तीसिापानी बताशा तीन ति​ि का पानी: एक-ि​िड् आंवला पीपल से्धा नमक, दो-अमचूि या इमली की मीठी सो्ठ व भुना जीिा नमलाकि, तीन-कच्​्ा भुना जीिा, दालचीनी, पीपल, काली नमच्,ा सो्ठ, नमक औि नी्बू की खटाई. बताशे दोनो्नकल्म के-सूजी व आटे के. चौिा-दिी सो्ठ की पकौड्ी औि गुनझया(भल्ला). पांचवां- भाड् के भूने आलू, कचालू, शकिकंदी औि नगनती के चाि िल-केला, अमर्द, कंधािी अनाि औि कमिख ( यनद उपलल्ध िो तो वन्ा​ा एक दो छोटी िांक देसी टमाटि की डाल सकते िै्.) चाट-मसाला घि का बना िोना चानिए, बाजार्निी्. िलो्की चाट मे् नी्बू मे् िचा अदिक का बािीक लच्छा औि कतिी ि​िी नमच्ा का प्​्योग अवश्य किे्. िलो् की चाट मे् छि के छि िस (खट्​्ा, नमकीन, मीठा, कडुआ, तीखा, व बकबका) िोने चानिए.

बाकी बचा मुख्य भोज. नपछली बाि िम ल्पष्​् कि चुके िै् नक पूड्ीबेड्मी, आलू-कद्​्की सल्जी, िाई चूण्ाऔि िाई नमच्ाके धुएं से िचा-बसा िायता, चािे लौकी, चािे मूंग की बूंदी का औि मेिी की चटनी. लेनकन भोजन की शुर्आत गाजि के तत्​्े िलवे से किवाइए. िमािी पिंपिा मे् िमेशा मीठा पिले पिोसा जाता िा. दशि​िे से िोली तक ऐसा िी किना चानिए. अंत भी मीठे से किना चानिए. जयपुि मे् कढ्ी नबना पकौड्ी की बनायी जाती िै. लेनकन नदल्ली, िनियाणा, पंजाब औि उत्​्ि प्​्देश के इलाके मे्कढ्ी मे्पकौड्ी अननवाय्ािै. कढ्ी, चावल, नखचड्ी मे्शुद्घी का प्​्योग िोता िै. इसनलए पकौड्ी भी घी मे् बनानी िोगी. पकौन्डयां दो धड्, दो मंनजली यानी भीति से नबलकुल खोखली िोनी चानिए. ऐसी पकौड्ी बनाने का तिीका क्या िोगा? बात नबलकुल सिल िैप्​्नत नकलो बेसन मे् 10-15 ग्​्ाम तक मेिी का मिीन चूण्ा अननवाय्ा िै. बेसन भी गोल नपसा िो. घोल आधा घंटा भीग जाये तो उसे पिात मे् डाल कि ि​िेली से इतना िे्टे नक िंगत सिेद िो जाये औि पानी मे्डाली बूंनदयां एकदम तैिकि ऊपि आ जाये. कढ्ी की पकौन्डयां जलेबी की तवी मे्बनायी जाती िै्औि घि मे्साधािण तवे पि. अगि सब कुछ अनुपात मे्िै तो यि दो मंनजली बन जायेगी. इन्िे् दोबािा कड्ािी मे् डालकि गि​िा लाल तलना चानिए. उतािने के बाद भी ठंडा िोने दे्, यानी भीति तक अपने से्क मे् नसंकने दीनजये. कढ्ी पूिी ति​ि से तैयाि िो जाये, तब ऊपि से िी्ग, जीिा, लाल नमच्ा के दस-पंद्ि छौ्क भी लग चुके िो्, तब यि पकौन्डयां डालकि पांचदस नमनट कढ्ी को औि पकने दीनजये. इसके बाद कढ्ी को उताि कि अंगािो् पि िख दीनजये, तानक अंत तक कढ्ी का तापमान सामान्य उबाल के आसपास का बना ि​िे. इडली के घोल मे्दाल पीसते समय दाना मेिी विी्20 ग्​्ाम प्​्नत सेि, उड्द की दाल के निसाब से डालना चानिए. घोल मे्कच्​्ी सूजी नबलकुल निी्नमलायी जानी चानिए. बाजाि मे्जो इडली बनायी जा ि​िी िै, वि कच्​्ी सूजी नमलाकि बनायी जा ि​िी िै. यि अनि्ाऔि अत्याचाि जैसा िै. बड्ो् की नपट्​्ी भी अच्छी ति​ि िे्टी जानी चानिए. उसमे् भी नपसते समय मेिी डालनी चानिए. लेनकन नमक निी्, वन्ा​ा बड्ेजर्ित से ज्यादा तेल पी लेग् .े नि​ि याद नदला दे्- नपट्​्ी वाली पून्डयां बिुत मोटे आटे की बनायी जाती िै्. आटे मे्आध-पाव सेि के निसाब से मैदे की तास लगायी जाती िै, तानक बेड्मी िंगत ले ले. आटे या नपट्​्ी मे्नमक नबलकुल निी्लगाया जाता. विी बात, नमक लगायी वस्​्ुतलने पि घी तेल बिुत अिधक पी लेती िै. साि संक्ेप मे्, दावत देने का शौक िै तो नदव्यता पि ध्यान दीनजए, n भव्यता के नदखावे पि निी्. शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016 45


खेल

घपलो् का मैदान

डीडीसीए मे् गड्बत्डयां इिने गहरे िक घर कर चुकी है् तक उन्हे् आसानी से ठीक करना संभव नही् तदि​िा. यहां िक तक अदालिी हस्​्क्ेप भी अपय्ाषप्ि नजर आ रहा है. फजि इमाम मल्लिक

स

व्​्ोच्​् अदालत यूं तो सख्त िै लेनकन न्​्ककेट प्​्शासक अदालतो् से बेपिवाि नजि आते िै्. नदल्ली व नजला न्​्ककेट संघ (डीडीसीए) िाल के नदनो् मे् न्​्ककेट से इति वजिो् से चच्ा​ा मे् ि​िा िै. घपलो्-घोटालो् के दाग अब भी उसके दामन पि लगे िै्. नि​िोजशाि कोटला पि मैचो् का आयोजन िो ि​िा िै लेनकन अदालती आदेश के बाद औि उसकी ननगिानी मे्. यानी डीडीसीए को न्​्ककेट प्श ् ासक निी्अदालत चला ि​िी िै. नि​िोजशाि कोटला मैदान पि आईपीएल औि अंति​िाष्​्ीय मैच जस्लटस (सेवा.) मुकल ु मुदल ् की देखिेख मे् िो ि​िे िै् क्यो्नक डीडीसीए पि सिकाि का किोड्ो र्पये बकाया िै. दिअसल सिकािी मिकमो् ने डीडीसीए 46 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

न्यायमूद्तथ मुकुल मुद्ल:देिरेि का दजम्मा

दफरोजशाह कोटला: हरी घाि पर कादलि को आयोजन के नलए अनापन्​्त प्​्माण पत्​्देने से मना कि नदया िा, बाद मे्अदालत की शिण मे् गये डीडीसीए को सशत्ा मंजूिी दी गयी. अदालत ने जस्लटस मुद्ल को डीडीसीए के काय्ाकलापो् पि नजि िखने की नजम्मेदािी देकि डीडीसीए के पदानधकानियो् के पि कति डाले. डीडीसीए पि िेिािेिी औि भ्​्ष्ाचाि के आिोप लगते ि​िे िै्. के्द्ीय नवत्​् मंत्ी अर्ण जेटली लंबे समय तक डीडीसीए के अध्यक्​्ि​िे औि उनके अध्यक्​् ि​िते िुए भी कई ति​ि का भ्​्ष्ाचाि के आिोप लगे. िालांनक जेटली पि सीधे नकसी ति​ि का आिोप निी् लगा लेनकन उन पि भ्​्ष्ाचानियो् को प्​्श्य देने के आिोप लगे. पूव्ा भाितीय न्​्ककेट नखलाड्ी औि सांसद कीन्ता आजाद ने तो बाकायदा उनके नखलाि संसद के भीति औि बाि​ि मोच्ा​ा खोला िा. बाद मे् नदल्ली के मुख्यमंत्ी अिनवंद केजिीवाल भी डीडीसीए की नस लड्ाई मे्शानमल िो गये औि जेटली ने दोनो् के नखलाि मानिानन का मुकदमा ठो्क नदया. बावजूद इसके डीडीसीए पि जो पैसे के लेनदेन को लेकि अंगुनलयां उठी् िै्, वि भी अब भी उठी िुई िै्. डीडीसीए के अध्यक्​् एसपी बंसल के नखलाि उनके नविोनधयो् ने मोच्ा​ा खोला िा औि उन पि बड्े पैमाने पि पैसे के िेि​िेि किने का आिोप लगाया िा. इस गुट की अगुआई पूव्ा न्​्ककेट नखलाड्ी औि डीडीसीए के उपाध्यक्​् चेतन चौिान कि ि​िे िे. मामला अदालत तक पिुंचा


लेनकन अभी तक तय निी् िो पाया िै नक नकसने पैसे खाये औि नकसने नखलाये. िां यि तय िै नक डीडीसीए मे्कई स्​्ि पि गड्बनडय़ां िुई्. इन गड्बड्नडय़ो् का िी नतीजा िा नक नदल्ली सिकाि का किोड्ो्र्पया डीडीसीए पि बाकी िा औि नदल्ली सिकाि नबना पैसे के भुगतान के नदल्ली मे् मैचो् के आयोजन को लेकि डीडीसीए को एनओसी देने को तैयाि निी् िी. इस साल नवश्​् कप टी 20 मैचो् के वक्त मामले ने तूल पकड्ा तब अदालत ने जस्लटस मुकुल मुद्ल की देखिेख मे् मैचो् के आयोजन का नजम्मा सौ्प कि डीडीसीए प्​्शासको् को बड्ा झटका नदया. अब जस्लटस मुकुल मुदगल िी डीडीसीए के कामकाज के तिीको् पि ननगिानी िख ि​िे िै्. वि मैचो् के दौिान पास बांटने का काम भी देख ि​िे िै्औि नतीजा यि नक पिले डीडीसीए के पदानधकािी नजस मनमाने तिीके से पास बांटते िे उस पि उन्िो्ने अंकुश लगाया बस्लक ऐसे बच्​्ो् को मैचो् को नदखाने का इंतजाम नकया जो झुग्गी बन्​्सयो्मे्ि​िते िे. उनके इस कदम को सिािा भी गया लेनकन डीडीसीए के प्​्शासको् को उनका यि िवैया पसंद निी्आया. िाल िी मे्भाित व न्यूजीलै्ड के नखलाि संपन्न वनडे मैचो्के दौिान भी अनधकानियो्के बीच िल्साकशी जािी ि​िी. इनमे्नदये जाने वाले मुफत् पास भी एक बड्ा मुद्ा िा नजसे लेकि एक तबका जस्लटस मुकुल मुदगल के नखलाि िो गया. इसे लेकि उन्िे् लगाताि पत्​् नलखे गये औि इन पत्​्ो् को मीनडया को भी भेजा गया. जस्लटस मुदगल ने डीडीसीए मे् कामकाज के तिीको् को लेकि नदशाननद्​्ेश जािी नकये लेनकन पदानधकानियो्को यि बंनदश पसंद निी् आयी. दिअसल डीडीसीए अब अपनी मनमज्​्ी कि निी् पा ि​िा िै औि यि बात पदानधकानियो् के नलए पिेशानी का सबब बना िुआ िै. जस्लटस मुद्ल ने पदानधकानियो् के िवैये पि नािाजगी भी जतायी िै. उन्िो्ने

अदालत को बताया िै नक डीडीसीए के कुछ ननदेशक जानबूझ कि मौजूदा घिेलू सत्​् को बब्ा​ाद किना चाि ि​िे िै. उन्िो्ने डीडीसीए के ननदेशको् पि गंभीि आिोप लगाये िै्. नदल्ली िाई कोट्ासे उन्िो्ने किा िै नक 22 अगस्​्को उन्िो्ने जो नदशा-ननद्​्ेश नदया िै उस पि अमल के नलए डीडीसीए को ननद्​्ेश नदया जाये. न्यायमून्ता एस िवी्द् भट्​् औि दीपा शम्ा​ा को सौ्पी अपनी निपोट्ा मे् सेवाननवृत न्यायमून्ता मुदगल ने किा नक 2016-17 के घिेलू सत्​्को जानबूझ कि बानधत किने की कोनशश की जा ि​िी िै. डीडीसीए के तीन ननदेशक सुभाष शम्ा​ा, िनव जैन औि नदनेश शम्ा​ा ने भुगतान के उस नोट पि दस्​्खत किने से इनकाि कि नदया िै, नजसमे् कोच, मैनेजि औि चयनकत्ा​ाओ् के भुगतान किने की बात िी. मुदगल ने पदानधकानियो् की भाषा को लेकि भी कड्ा ऐतिाज जताया िै. डीडीसीए के कई पदानधकानियो् ने उन्िे् पासो् या दूसिे मुद्ो् के नलए जो मेल नकया उसकी भाषा पि कई ति​ि

कीद्तथ आजाद और अर्ण जेटली: आरोपो् का दौर के सवाल खड्ेिोते िै्. उन्िो्ने अपनी निपोट्ामे् इस बात का नजक्​् किते िुए नलखा िै नक डीडीसीए के कुछ सदल्यो् ने मेिे नखलाि अनुनचत औि असंयनमत भाषा का प्​्योग नकया. बि​ि​िाल इस मामले पि िाई कोट्ा क्या र्ख इस्​्ेमाल किता िै, यि देखना बाकी िै. इन सबके बीच डीडीसीए मे् गुटबाजी अपने चिम पि िै. िाल मे्िुए वनडे को लेकि नदये ठेको्मे्अननयनमतता का मुद्ा भी गिमाया िुआ िै. दूसिी ति​ि डीडीसीए औि बीसीसीआई के उपाध्यक्​् सीके खन्ना ने डीडीसीए के कोषाध्यक्​्िनवंद्मनचंदा को पत्​् नलख कि 2015-16 की आमदनी व खच्ाका निसाब मांगा िै. उन्िो्ने चालू नवत्​्ीय वष्ा की बैले्स शीट भी उपलल्ध किाने को किा िै. खन्ना ने अपने पत्​्मे्नलखा िै नक जब तक यि औपचनिकताये् पूिी निी् िो्गी, डीडीसीए के चुनावो् की तािीखो् का ऐलान निी् िो पायेगा. जानि​ि िै नक खन्ना ने पत्​्नलख कि साि कि नदया िै नक डीडीसीए मे्कुछ भी ठीक निी्चल ि​िा िै. n

शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016 47


मास् षि्टल्महेड

पहले अदिनेता अब दनम्ाथता मनोज बाजपेयी तदमाग से अतभनय करने वाले अतभनेिाओ् मे्से माने जािे है्. अपनी सभी तिल्मो्मे्उन्हो्ने तवशेर छाप छोड्ी है उन्हो्ने तिल्म तनम्ाषण के तदशा मे्भी कदम बढ्ाये है्. उनसे बािचीि के कुछ अंश. िलर मृदुि

उ

त्कृष् अनभनय के नलए दो बाि िाष्​्ीय पुिल्काि पा चुके मनोज बाजपेयी अब ननम्ाता ा बन गये िै. जल्दी िी उनके प्​्ोडक्शन की निल्म 'नमनसंग' निलीज िोने वाली िै. इधि निल्म 'सात उचके्' मे् उनके अनभनय की तािीि िो ि​िी िै. िामगोपाल वम्ा​ा के ननद्​्ेशन मे् बनने जा ि​िी निल्म 'सिकाि 3' मे्भी उन्िे्नलए जाने की खबि िै, नजसमे् वि अनमताभ बच्​्न के साि ननगेनटव नकिदाि मे्नजि आयेग् .े मनोज बाजपेयी की खानसयत यिी िै नक वे व्यावसानयक औि ऑिबीट निल्मो् के बीच संतुलन साधे िुए िै.् प्​्स्ुत िै उनसे बातचीत: इस साल आपकी चार खफल़मे़ 'अलीगढ,' 'ट़​़ैखफक', 'बुखिया' और 'सात उचके़' खरलीज हुई़. अब आपके खनजी प़​़ोडक़शन 48 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

हाउस की खफल़म 'खमखसंग' की खरलीज की भी तैयाखरयां चल रही है़. क़या बदलते दौर के साथ आप भी बदल चुके है़ और काफी हद तक व़यावसाखयक हो चुके है़? यि इत्ि ् ाक िी िै नक इस साल मेिी एक के बाद एक निल्मे्निलीज िुई िै्. सच तो यि िै नक ये सािी निल्मे्इसी साल निलीज निी्िोनी िी्. मै्ऐसी मित्वाकांक्ा निी्िखता िूं नक मेिी साल मे्चाि निल्मे्आये्. इनमे्से दो निल्मो्'ट्​्ैनिक' औि 'सात उचके'् को नपछले साल निलीज िोना िा. लेनकन ये अटक गयी्औि इस साल निलीज िुई्. मै् इस ति​ि का सोच निी् िखता िूं नक ज्यादा निल्मे्साइन कि लूं औि माल कमाऊं. आप बड़ी व़यावसाखयक खफल़मो़ का भी खहट़सा होते है़ और छोिे बजि की ऑफबीि खफल़मे़ भी करते है़. छोिे बजि की अच़छे कंिे़ि वाली खफल़मो़ को अब भी काफी खदक़​़तो़ का सामना करना पड़ता है. आपके अनुभव कैसे रहे? यि सिी िै नक छोटी निल्मो् को अपनी जगि बनाने मे्अब भी मुस्शकले्आती िै्. लेनकन अच्छी बात यि िै नक िमािे दश्ाक बदल ि​िे िै्. दश्क ा ो्के एक वग्ाने ऐसी निल्मे्ल्वीकाि किनी शुर्कि दी िै्. आप मेिी िानलया निलीज निल्म 'सात उचके्' को िी लीनजए, इस ति​ि की निल्मे् पिले बनती निी् िी्. नजस ति​ि की किानी, नकिदाि औि नलखावट इसमे्मौजूद िै, वे िमािे नसनेमा को आगे बढ्ाते िै्. 'सात उचके़' की ही बात करे़, तो इसमे़

मनोज बाजपेयी: अब दफल्म दनम्ाथण की ओर आपके साथ खवजय राज, के.के.मेनन, अनुपम िेर और अऩनू कपूर जैसे िाकड़ परफॉरमर मौजूद है़. मंजे हुए कलाकारो़ का साथ खकसी एक़िर के अखभनय मे़ खकतना असर डालता है? बिुत ज्यादा असि डालता िै. अच्छे कलाकािो् के साि काम किने का अलग िी आनंद िोता िै. ये सभी निल्म के अलावा निएटि के भी खुि्ा​ाट अदाकाि िै्. ऐसे एक्टिो् के साि काम किते िुए नजतना अच्छा लगता िै, उतना िी अलट्ा भी ि​िना पड्ता िै. अलट्ा निी् ि​िे्गे, तो पोल खुलते देि निी्लगेगी. खफल़म इंडट़ट़ी मे़ शुऱ से ही ट़िार खसट़िम का बोलबाला रहा है. आप जैसे अखभनेताओ़ पर इसका खकतना असर पड़ता है? मै्ने कभी इसका नवश्लेषण निी् नकया िै. मेिा किना िै नक सब कुछ दश्ाक िी तय किते िै्. िम ल्टाि या ल्टाि नसल्टम को दोष निी् दे सकते. आनखि दश्ाक िी तो ल्टाि बनाते िै्. दश्ाक कब बदलेगा, पता निी्. दश्ाक नजस ति​ि की निल्मो्के नलए जाता िै, वे िी चलती िै्. िां, इस सबके बीच िमािी जद्​्ोजिद भी चलती ि​िती िै. िम अपनी उपस्लिनत लगाताि दज्ा किवाने की कोनशश किते ि​िते िै्. इस काम मे्िम कभी सिल िोते िै् औि कभी असिल. लेनकन िम कोनशश किना बंद निी् किे्गे. िम िकनेवाले लोग निी्िै्. आप एक खकसान पखरवार से आते है.़ आपके मन मे़ कभी आया खक काश, बॉलीवुड मे़


मेरा कोई गॉडफादर होता, तो मुकाम कुछ आप बड़े बैनर और ट़मॉल बैनर की खफल़मो़ जाऊंगा. मेिे जैसे कलाकािो् के नलए ज्यादा और होता? मे़ खकस तरह का अंतर देिते है़? ल्कोप निी् िै. लेनकन 'सत्या' जैसी निल्म ने मै्इस ति​ि निी्सोचता िूं. मै्आत्मसम्मान बड्ेबैनि की ज्यादाति निल्मे्नबकाऊ ल्टाि बिुत बड्ा उलटिेि कि नदया. इस निल्म के बाद वाला आदमी िूं. मै् लड्ाई कि सिल िोने मे् के साि बनती िै्. ऐसी निल्मो्मे्तामझाम बड्ा दनसयो्अच्छे ननद्श ्े क सामने आये. अब तो लोग यकीन िखता िूं. अभी तक जो कुछ भी मै्ने पाया िोता िै. जब ऐसी निल्मो्की शूनटंग िो ि​िी िोती ऐसी किाननयां कि ि​िे िै्, जो दश्ाको् ने पिले िै, वि कठोि मेिनत से पाया िै. मै्नकसी नकल्म िै, तो डेढ्सौ लोग सेट पि िोते िै्. कलाकािो्के देखी निी् िै्. यि जर्ि िै नक दश्ाको् का एक के शॉट्ाकट मे्यकीन निी्किता िूं. नलए कम से कम दस वैननटी वैन खड्ी िोती िै्. बड्ा वग्ा अभी तक निी् बदला िै. वि तीन सौ एक अखभनेता के तौर पर आपकी सफलता तीन जेनिेटि ि​िते िै्. र्पये का नटकट दशंथकोंका एक बडंा वगंथअभी नये लोगो़ के खलए प़ऱे क तत़व का काम करती दस ल्पॉटबॉय िोते िै्. खिीदकि उन्िी् निल्मो् है. लेखकन अब आपकी काम को लेकर क़या छोटी निल्मो् की शूनटंग को देखने जाता िै, जो तक नहींबदला है. वह तीन सौ जद़​़ोजहद है? मे् तीन से ज्यादा रंपये का खटकट िरीदकर उनंहीं बेिूदी िोती िै्. बाद मे् मै्ज्यादा से ज्यादा अच्छे िोल किने के नलए ल्पॉटबॉय निी् िोते िै्. नि​ि गाली देता िै. िम खफलंमोंको देिने जाता है, जो लालानयत िूं. जब मै्ने अनभनय के क्​्ेत् मे् एंट्ी एक वैननटी वैन िोती िै, किते िै् नक तीन सौ बेहूदी होती हैं. ली िी, तब लोग किते िे नक पांच मेमोिेबल जो सभी कलाकािो् की र्पये खच्ा किने की िोल िो जाएं, तो धन्य िो जाएं. िम लीजे्ड मान साझी िोती िै. कई बाि जर्ित निी्. सौ र्पये नलए जाएंगे. लेनकन मेिी नजद तो तीस मेमोिेबल तो कोई वैन निी्िोती िै. एक कमिा नकिाये पि मे्िम पिले से गािंटी दे ि​िे िै्नक अमुक निल्म िोल की िै. ले लेते िै् औि उसे कपड्े बदलने के नलए देख लो. उसे िम पि नवश्​्ास निी् िोता िै. अभी तक अखभनीत की हुई वे कौन सी इस्​्ेमाल नकया जाता िै. लेनकन गौि किनेवाली लेनकन दश्ाको् का एक छोटा समूि बदला िै. खफल़मे़ या खकरदार है़, खजऩहे़ आप मेमोरेबल बात यि िै नक कैमिा दोनो्जगि एक जैसा िोता तभी िम चल ि​िे िै.् तभी ये नयी किाननयो्वाली मानते है़? िै. निल्मे्बन पा ि​िी िै्. मै् 'बै्नडट क्वीन', 'सत्या', 'शूल', 'कौन', अरसा हो गया है आपको बॉलीवुड मे़ काम इिर आपने कई शॉि़प खफल़मे़ की है़. इंिरनेि 'जुबैदा', 'नपंजि', '1971', 'िाजनीनत', 'ल्पेशल करते हुए. आप क़या बदलाव पाते है़? पर खरलीज होनेवाली 10-15 खमनि की इन 26', 'अलीगढ', 'गै्ग्स ऑि वासेपुि', 'बुनधया' बॉलीवुड का सोच बदल ि​िा िै. तकनीकी छोिी खफल़मो़ के भखवष़य के बारे मे़ क़या औि 'सात उचके्' जैसी निल्मो् मे् अपने तौि पि भी िम समृद् िुए िै्. जब मै् इंडल्ट्ी से सोचते है़? नकिदािो्को मित्वपूण्ामानता िूं. इन निल्मो्मे् जुड्ा िा, तो ननिाश िो गया िा. मै् सोचता िा नडनजटल का िी भनवष्य िै. मुझे लगता िै मेिा अनभनय भी र्टीन निी्िै. नक कुछ निल्मो्मे्छोटे-मोटे िोल किके ननकल नक कुछ समय के बाद सािे निएटि िॉल मे्संकट आनेवाला िै. िॉल मे्लोग नसि्फथ्​्ी डी निल्मे्िी ‘बुदधया दिंह बॉन्थ टु रन’ का एक दृश्य : प्​्मादणक दकरदार देखने जाये्गे. पन्​्िमी देशो् मे् इस नकल्म की शुरआ ् त िो चुकी िै. एंटिटेनमेट् का बाजाि तेजी से बदलने जा ि​िा िै. मोबाइल पि िी लोग तमाम नसिीज, निल्मे्औि शॉट्ानिल्मे्देखे्गे. इिर से़सर बोड़प मे़ काफी खफल़मे़ अिक जा रही है़. आपकी दो खफल़मो़ 'अलीगढ़' और 'सात उचके़' को से़सर से िकराना पड़ा. क़या से़सर बोड़प मे़ बदलाव की जऱरत नही़ है? असल मे् सीबीएिसी नाम की जो यि संल्िा िै, इसके काय्ा को नडिाइन किने की जर्ित िै. कई वष्​्ो् से इस नकल्म का टकिाव चल ि​िा िै. श्याम बेनगे ल से इस संबधं मे्सुझाव नलए गये िै्. उनके निकमे्डेशन मे् कमाल की बाते् िै्. वि लागू िो जाये, तो टकिाव खत्म िो जायेगा. अभी गाइड लाइन तो िै, लेनकन वि पुिानी नकल्म की िै. ल्पष्​्शल्दो्मे्नकसी भी बात को निी्िखा गया िै. आप खदल़ली के अपने फाकामस़​़ी के खदनो़ को खकतना याद करते है़? मै् नदल्ली के निएटि के नदन बिुत नमस किता िूं. नदल्ली के कल्चिल एक्सचे्ज के प्​्ोग्​्ाम कािी मित्वपूण्ा िोते िे. िोक औि क्लानसकल म्यूनजक के काय्ाक्म आज भी िोते िै्. अभी नदल्ली मे् कािी कुछ बचा िै. मंडी िाउस एनिया मे्अब भी गिमागिमी ि​िती िै. ि​ि n शि​ि बदला िै, तो नदल्ली भी बदला िै. शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016 49


अंितम पन्ना संदीप पांडेय

नातभकीय हतियारो् को ना

वक्ि आ गया है तक दुतनया को नातभकीय हतथयारो्से मुक्ि करने के प्​्यास अतधक गंभीरिा से तकये जाये्.

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क्तबू ि की 27 तािीख को संयकु त् िाष्​् की आम सभा मे्एक प्स ् ्ाव पानित कि 2017 मे्नानभकीय शि्​्ो्पि प्न्तबंध लगाने एवं उनको पूिी ति​ि समाप्त किने िेतु कानूनी व्यवल्िा कायम किने के नलए सम्मल े न बुलाने का ननण्या नलया गया. कुल 123 देशो्ने प्स ् ्ाव का समि्ना नकया. 38 ने उसका नविोध नकया औि 16 देशो्ने मतदान निी्नकया. मैसक् सको, ऑन्लट्य् ा ब्​्ाजील, अज्ट्े ीना, आयिलैड ् , नाईजीनिया, दन्​्कण अफ्​्ीका, इंडोनेनशया, निलीपी्स, जमैका, न्यज ू ीलैड् आनद देशो्ने पिल किके संयकु त् िाष्​्की ल्िापना के समय तय नकये गये उद्श्े य् ो्को पुनज्​्ीनवत नकया. उन्िे् व्यापक समि्ना भी नमला. संयकु त् िाष्​्की उद्स्ेश् यका की प्स ् ्ावना का पिला वाक्य िै: 'मानव जानत की आने वाली पीनढय़ो्को युद्की नवभीनषका से बचाने िेत.ु ..' जैसी नक अपेक्ा की जा सकती िै, नानभकीय िनियाि युकत् अनधकांश देशो्यानी अमेनिका, इंगलैड् , र्स, फ्​्ास ं औि इजिायल ने इसका नविोध नकया. भाित, चीन औि पानकस्ा्न मतदान मे्शानमल निी्िुए लेनकन उत्ि् ी कोनिया ने पिमाणु िनियाि िोते िुए भी आि्य् ज ा् नक र्प से इस प्स ् ्ाव का समि्ना नकया. यि प्स ् ्ाव दो वजिो्से जर्िी िै. एक तो भाित-पानकस्​्ान के र्प मे् दो नानभकयी क्म् तायुकत् देशो् मे् युदघ् की आशंका पैदा िो गयी िै. िािने की स्लिनत मे् अगि कोई देश इन िनियािो् का प्य् ोग किता िै तो भीषण नवनाश िोगा. दूसिा, अमेनिकी िाष्प् नत चुनाव मे् निपस्ललकन उम्मीदवाि डोनाल्ड ट्म् प् नानभकीय िनियािो्के इस्म्े ाल से न निचकने की बात किकि सबको भयभीत कि चुके िै.् अभी तक इन िनियािो् का प्य् ोग केवल एक बाि सन 1945 मे्अमेनिका ने नकया िै. उसने जापान के नि​िोनशमा औि नागासकी शि​िो्पि ये बम नगिाये िे. नि​िोनशमा मे्तत्काल डेढ्लाख लोग मािे गये िे. नागासाकी मे्मृतको्की संखय् ा कुछ कम ि​िी िी. नवनकिण के कािण आने वाले कई दशको्तक लोग खून के कैस ् ि, िॉयिाइड कैस ् ि, स्न् कैस ् ि, िेिड्ो्के कैस ् ि आनद से पिेशान ि​िे. बच्​्ेशािीनिक औि माननसक व्यानधयो्के साि पैदा िुए. वैज्ाननक एम.वी. िमने, जो न्​्पसं टन नवश्न्वद्​्ालय के न्यसू क् लयि फ्यचू स्ा प्य् ोगशाला मे्काम किते िै,् अपनी एक पुसक ् मे्मुबं ई पि नानभकीय शि्​् के िमले की कल्पना की िै. यनद नि​िोनशमा मे्प्य् ोग नकया गया जैसा बम मुबं ई पि नगिता िै तो आबादी के धनत्व के आधाि पि 1.6 से लेकि 8.66 लाख लोग मि सकते िै.् यनद ज्यादा आधुननक िाइड्​्ोजन बम का इस्म्े ाल िोता िै तो 7.36 लाख से 86.6 लाख लोग मि सकते िै.् नवनकिण तो बाद की बात िै. 50 शुक्वार | 1 से 15 नवंबि 2016

भाित पानकस्​्ान युद्मे्यनद नानभकीय शि्​्ो्का इस्म्े ाल िो गया तो पानकस्​्ान औि उत्ि् भाित के ज्यादाति शि​िो्मे्ऊपि नदये गये नवविण जैसा मंजि देखने को नमल सकता िै. पीनढय़ो् तक दुननया का यि निल्सा इंसान के ि​िने लायक निी्ि​ि जायेगा. क्यो्नक नमट्​्ी प्द् नू षत िो जायेगी. खेती असंभव िोगी औि पानी नवषाक्त. अच्छी बात यि िै नक दुननया के पांच क्त्े ्ो्ने संनध के माध्यम से खुद को नानभकीय शि्-् मुकत् क्त्े ्घोनषत कि िखा िै. यानी इनमे्शानमल देश न ऐसे िनियाि बनायेग् ,े न नकसी औि देश को अपने यिां ऐसे िनियाि लगाने देग् .े ये क्त्े ् िै् लैनटन अमिीका औि कैिने बयन, दन्​्कण प्श ् ांत मिासागि क्त्े ,् अफ्​्ीका, दन्​्कण पूवा्एनशया औि मध्य एनशया. मंगोनलया ने भी अपने आप को एक नानभकीय शि्-् मुकत् देश घोनषत कि िखा िै. अमेनिकी िाष्प् नत बिाक ओबामा के नानभकीय िनियाि-मुकत् दुननया की वकालत के बावजूद संयकु त् िाष्​्मे्अमेनिका ने प्स ् ्ाव के नविोध मे् जबिदस्​्गोलबंदी की. उसका किना िै नक इससे उसकी सुिक्​्ा खतिे मे् पड् जायेगी. चौ्काने वाले देश ि​िे ऑल्टन्ेलया, नजसने प्स ् ्ाव का नविोध नकया, औि गुयाना, नकन्गना जस्​्ान, माली, ननकािागुआ, सूडान, उजबेनकस्​्ान औि वनुआतु, नजन्िो्ने मतदान मे् निल्सा निी् नलया. ये सािे देश खुद को पिले नानभकीय शि्-् मुकत् बताते आये िै.् जम्ना ी ने भी आि्य् ज ा् नक र्प से इसका नविोध नकया. जम्ना ी आनधकानिक र्प् से नानभकीय शि्-् मुकत् नवश्​् का समि्क ा ि​िा िै. लेनकन िाल मे् उसकी प्न्तबद्घता संनदग्ध िो गयी िै, िालांनक उसकी सामानजक िाय इन िनियािो् के नखलाि िै. कनाडा ने भी प्स ् ्ाव का नविोध नकया िालांनक वि एक अन्य संनध के जनिये ऐसे िनियाि बनने वाली सामग्​्ी पि प्न्तबंध का निमायती िै. भुकत् भोगी िोने के नाते जापान इन िनियािो्का नविोधी िै. जापान ने तीन नसद्घांत अपनाये िै:् ऐसे िनियाि न िखना, न बनाना औि न किी्औि से लाना. लेनकन इसके बावजूद जापान ने प्स ् ्ाव का नविोध नकया. भाित की भूनमका भी ल्पष्​् निी् ि​िी. सम्मल े न मे् भाित के ल्िायी प्न्तनननध डीबी वेक ् टेश वम्ा​ा ने किा नक भाित प्स ् ्ाव का पक्​्निी्ले सका क्यो्नक वि इस बात से संतष ु ्निी्िै नक 2017 मे्प्स ् ्ानवत सम्मल े न के माध्यम से नानभकीय ननशि्​्ीकिण की दीघ्क ा ानलक अंति​िाष्​्ीय अपेक्ाओ् को पूिा किने की कोई कानूनी व्यवल्िा बन पायेगी. जैसे जैसे 2017 के सम्मल े न का समय नजदीक आयेगा नवनभन्न देशो्को ल्पष्​्भूनमका लेनी िी पड्गे ी. यि उन्िे्तय किना िै नक भावी पीनढय़ां उन्िे्कैसे देख-े् नानभकीय n शि्​्ो्के नविोधी के र्प मे्या समि्क ा के र्प मे.् (लेखक मैगसेसे पुिल्काि से सम्माननत समाजकम्ी् िै.्)


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Shukrawaar 1 15 november 2016 medium resolution by ambrish kumar - Issuu