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Full History of Computer in Hindi Language- जानिए कंप्यूटर का पूरा इनिहास A Brief History of Computer in Hindi Language कंप्यट ू र का एक संक्षिप्ि इनिहास बहुि समय पहले से शरू ु हुआ, कंप्यट ू र वैज्ञानिक और शोधकिाा आधनु िक कंप्यट ू र का निमााण करिे के ललए गणिा के काया को जजििा आसाि हो, उििा आसाि करिे के ललए कंप्यट ू र का निमााण ककया था शरु ु आिी दििों मैं लोगो को सामाि को गगििे के ललए पथरो या लकड़ियों का सहारा लेिा पििा था जजससे वे लोग सामाि की खरीि फरोक्ि कर सके इसललए उन्होंिे गगििे के ललए पत्थरों या लकिी की छि़ें इस्िेमाल की और उिसे सामाि खरीििे से पहले इसे सरल और आसाि बिािे के ललए इस्िेमाल ककया। धीरे -धीरे उस यग ु की सामान्य आबािी िे माल की गगििी के उद्देश्य से रे ि पर रे खा खींचिे शरू ु की, यह एक थकाऊ प्रकिया थी जब गगििी संख्या बढी, बेचिे और खरीि की जािकारी एकत्र करिा बहुि मजु श्कल था, इसललए उन्होंिे रोक दिया |

The Invention of Abacus - अबेकस का अववष्कार ऐबकस [ABACUS] की खोज और ड़िजाइि चीि द्वारा 3000 BC म़ें आववष्कार ककया गया था और बाि म़ें इसे संशोगधि और बिल दिया गया था। एबैकस [ABACUS] या एक गणणि उपकरण 9 बार खिी और 1 ध्रुव िैनिज रूप से एक लकिी का फ्रेम था। प्रत्येक ध्रुव 7


मोिी के आसपास होिे हैं। बार 2 भागों म़ें ववभाजजि ककया गया था ऊपरी भाग म़ें 2 मोिी और निचले दहस्से म़ें 5 मोिी शालमल हैं । 2 मोिी वाले ऊपरी भाग को 5 अंक के रूप म़ें िशााया गया था, और 5 मोिी वाले निचले दहस्से म़ें एक इकाई या एकल इकाई थी। उपयोगकिाा मढा को एक छोर से िस ू रे स्थाि पर ले जािे के ललए इस्िेमाल करिे थे और इसका पररणाम क़ेंद्र या लकिी के फ्रेम के फोकल बबंि ु पर प्रिलशाि ककया गया था। लोगों या व्यजक्ियों को मोिी और उिकी जस्थनि का उपयोग करिे के अनिररक्ि और घटाव जैसे कायों के ललए उपयोग ककया जािा था अबैकस या गणणि उपकरण एलशया के कुछ दहस्सों म़ें अभी भी व्यापक रूप से उपयोग ककया जािा है िाकक वे गणिा कर सक़ें।

John Napier | Napier Bones - जॉि िेवपयर सि 1617 म़ें स्कॉटलैंि के एक वैज्ञानिक और शोधकिाा िाम जॉि िेवपयर िे लॉगररिम का आववष्कार और ववकलसि ककया। जजस मशीि का उन्होंिे आववष्कार ककया, वह इसके अनिररक्ि और ववस्िार के माध्यम से गण ु ि की गणिा करिे के ललए ककया जािा था। मशीि िे बार की व्यवस्था की और इस सलाखों म़ें 0 से 9 िक अंक होिे थे। ललयोिािो िा ववंची (1452-1519) ::उन्होंिे ड्राइंग और गगयर मशीि के गचत्रण ककया , लेककि वह कभी भी निमााण िहीं कर सके |

(Blaise Pascal | Pascaline) ब्लेज़ पास्कल | पास्कलाइि 1962 म़ें एक प्रलसद्ध फ्रांसीसी गणणिज्ञ ब्लेज़ पास्कल िे 19 वर्षों म़ें मख् ु य मैकेनिकल कंप्यदू टंग और "पास्कललि" के िाम से जािे वाली मशीि की गणिा की। मशीि म़ें चेन्स से जुिे कई िांि और पदहयों थे। 2 मॉिल एक थे 6 पदहयों और अन्य 8 पदहयों थे जो लोग 6 पदहया मशीि खरीििे के ललए िैयार िहीं हो सकिे क्योंकक वे वास्िव म़ें महगे थे िंबर पदहयों पर िायल करके मशीि म़ें िजा ककया गया था। व्हील की पण ू ा मोि समाप्ि हो जािे के बाि िस ू रा पदहया बढा दिया गया था। मशीि या ड़िवाइस को मल ू िः जोि और गण ु ि के ललए उपयोग ककया गया था। 1617 Ad Gottfried Leibniz िे ब्लेज़ पास्कल की मशीि म़ें और अगधक महत्वपण ू ा सध ु ार ककए। यह जमाि शोधकिाा एक मशीि को इकट्ठा करिा है जो सभी चार पररचालि (जोि, घटाव, गण ु ि, और प्रभाग) कर सकिा है और इसे एक किम रखा "Stepped Reckoner" के रूप म़ें िालमि ककया। वह व्यजक्ि थे जजन्होंिे द्ववआधारी संख्या प्रणाली के उपयोग का समथाि ककया जो विामाि म़ें महत्वपण ू ा और मल ू भि ू है उि ्िि [Advanced] आधनु िक कंप्यट ू रों के

Differential Engine | Charles Babbage (Differential Engine | Charles Babbage) ववभेिक इंजि | चार्लसा बैबेज 1822 :: अंग्रेजी गणणिज्ञ और वैज्ञानिक चार्लसा बबेज िे "Differential Engine" िामक मशीि का आववष्कार ककया, बाि म़ें बैबेज िे इसके अलावा स्वचाललि कंप्यदू टंग िंत्र पर मशीि का आववष्कार ककया और "Analytical Engine" िाम रखा। ववश्लेर्षणात्मक इंजि सच ू िा और िेटा को अपिी मेमोरी म़ें संग्रहीि और स्टोर करिे म़ें सिम था यह आधुनिक-दिवसीय मशीि का महत्वपण ू ा और मौललक ववकास था जजसिे चार्लसा बबेज द्वारा प्रस्िाववि आवश्यक और मल ू लसद्धांिों का उपयोग ककया। यह सभी कंप्यट ू र पीढी के िेत्र म़ें महत्वपण ू ा प्रगनि थी, आज के सभी आधनु िक कंप्यट ू र आज एक समाि ववचार का उपयोग करिे हैं। उिके ववकास को कंप्यट ू र के इनिहास म़ें वास्िववक उपलजब्धयों के रूप म़ें मािा जािा है ।


ििीजि, उन्ह़ें "FATHER OF COMPUTER" "कंप्यट ू र के वपिा " कहा जािा है और इस िेत्र म़ें उिकी प्रनिबद्धिा एक सफलिा और एक मील का पत्थर है ।

Hollerith 1890 Census Tabulator जिगणिा टै बल ु ेटर हमाि हॉलररथ जमाि गणणिज्ञ िे बिाया और एक सारणीकरण मशीि का उपयोग करके संयक् ु ि राज्य अमेररका म़ें पंजीकरण के ललए पंच कािा का उपयोग ककया, कािा के बीच अंिर करिे के ललए इस्िेमाल ककए जािे वाले कािा मशीिों के माध्यम से मशीिों के बीच की िरू ी िय करिे थे और बाि म़ें मशीि संख्या पहचाि सकिी थी और बाि म़ें मशीि महत्वपण ू ा गणिा करिे| Second World War Computers द्वविीय ववश्व यद्ध ु के िौराि कई िे शों िे ववमाि के िए रूपरे खा और िए ड़िजाइि िैयार ककए और निमााण ककया, आधुनिक कंप्यट ू रों को रहस्य सैन्य अलभयािों के एक भाग के रूप म़ें उपयोग ककया गया और अत्याधुनिक मशीिों की मिि से वे संिेशों को िीकोि कर रहे थे इस यद्ध ु म़ें पीसी की सहायिा और मिि से कई िोहराए जािे वाले और थकाऊ मद्द ु ों को उजागर ककया जा सकिा था, जो कक वे केवल समझा सकिे थे, जो कम्पप्यट ू र यद्ध ु म़ें उपयोग ककए गए थे उन्ह़ें िालमि ककया गया था Z1 और Z2 Konrad Zuse (1910– 1995) िे अपिे पीसी Z1 से Z2 को िस ू रे ववश्व यद्ध ु पर असर िाला।

IBM'S Harvard Mark 1 (IBM'S Harvard Mark 1) आईबीएम के हावािा माका 1 और ENIAC िोिों ऐनिहालसक कंप्यट ू र हैं जो विामाि पीसी इनिहास के िेत्र म़ें उन्िनि के ललए एक अववश्वसिीय व्यवस्था को निरूवपि करिे हैं। यह कंप्यट ू र की पहली पीढी थी और इसे Automatic Sequence Controlled Computer (ASCC) कहा जािा था वे कोई भी मािवीय श्रम के साथ ववृ द्ध और ववद्यि ु चुम्पबकीय रूप से ववृ द्ध करिे के ललए इस्िेमाल करिे थे। यह 1 सेकंि म़ें िीि बढोिरी और एक घटाव करिे के ललए प्रयोग ककया जािा था। और 1 सेकंि म़ें एक ववृ द्ध काया ENIAC [Electronic Numerical Integrator] और कंप्यट ू र इलेक्रॉनिक सावाभौलमक रूप से उपयोगी कंप्यट ू र थे.यह एक मशीि थी जो पि ु निामााण के साथ संख्यात्मक संचालि की एक ववस्िि ृ संख्या को समझा सकिा था। ENIAC बिी संख्यात्मक गणिा करिे के ललए बिाई गई जािकारी या दिशा को िैयार करिे के ललए िैयार िहीं थी। 1946 म़ें , John Mauchly और John Presper Eckert िे ENIAC I (Electrical Numerical Integrator And Calculator) का निमााण ककया। उिका व्यापक रूप से अमेररकी सेिा िे समथाि ककया था, अमेररकि सशस्त्र बल को घि ु सवार बंिक ू ों की शदू टंग िाललका को उजागर करिे के ललए एक पीसी की आवश्यकिा थी जजसका उपयोग लक्ष्य सटीकिा के ललए ककसी शिा के िहि ववलशष्ट हगथयार स्थावपि करिे के ललए ककया जािा था हाविा एकेि और ग्रेस हॉपर िे हावािा यनू िवलसाटी म़ें कंप्यट ू र की माका व्यवस्था की योजिा बिाई और बिाया। MARK I के साथ 1944 म़ें व्यवस्था शरू ु हुई। मशीि जो इकट्ठा होिी है वह एक ववशाल कंप्यट ू र था जजसे आप कर्लपिा कर सकिे हैं कक यह 55 फीट लंबा और 8 फीट ऊंची थी सवु वधा के ललए एक ववशाल कमरा या स्थाि 5 टि के आसपास था, इसम़ें लगभग 7,60,000 टुकिे थे इि प्रकार के कंप्यट ू रों का उपयोग अमेररकी िौसेिा बल द्वारा बंिक ू धाररयों और बैललजस्टक गणिा के ललए ककया गया था।


Vacuum Tubes- वैक्यम ू ट्यब ू (1930-1950) फस्टा जेिरे शि इलेक्रॉनिक कंप्यट ू सा िे वैक्यम ू ट्यब ू ों का उपयोग ककया है , वैक्यम ू ट्यब ू ों के अंिर सककाट के साथ गगलास ट्यब ू हैं। वैक्यम ू ट्यब ू ों म़ें उिके अंिर कोई हवा िहीं है जो सककाट सरु क्षिि करिी है (The UNIVAC 1951)- UNIVAC I (Universal Automatic Computer I) संयक् ु ि राज्य अमेररका म़ें बिाए गए बबजिेस कंप्यट ू र था। प्रेस्पर एकरटा और जॉि मॉचली के रूप म़ें रे खांककि ककया गया था, एिआईएसी के ड़िजाइिर यह कभी वास्िववक प्रकटीकरण थे।

History of Computer in Hindi  

A Brief History of Computer in Hindi Language कंप्यूटर का एक संक्षिप्त इतिहास बहुत समय पहले से शुरू हुआ, कंप्यूटर वैज्ञानिक और शोधकर्ता आधुन...

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A Brief History of Computer in Hindi Language कंप्यूटर का एक संक्षिप्त इतिहास बहुत समय पहले से शुरू हुआ, कंप्यूटर वैज्ञानिक और शोधकर्ता आधुन...

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