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ह रयाणा चन ु ाव - कोई जीता नह ं, बस बीजेपी हार है !

जो दख रहा है , वो ये क भयानक कांड वाले गोपाल कांडा ह रयाणा क स ा क तज़ोर क चाबी लए घम ू रहे ह। जो बक रहा है वो ये क ह रयाणा का चन ु ाव मु द पर लड़ा गया और रा

वाद लोग के सर पर चढ़ा नह ।ं जो दख रहा है वो हमारे दौर के लोकतं क नय त है ।

जो बक रहा है , वो आ मसंतिु ट के लए फैलाया गया आधा सच। लोग के सर पर ​370 वाला रा

वाद का भत ू नह ं चढ़ा सह ले कन चन ु ाव मु द पर लड़ा गया - ग़लत।

नह ं चल बीजेपी क फूट डालो-राज़ करो क नी त पछल बार मोद नाम क नैया म सवार होकर बीजेपी ने ह रयाणा म सरकार तो बना ल , ले कन ज द ह उसे समझ आ गया क जाट क साधना उसके वश क बात नह ।ं इसका बड़ा कारण मु य

तभागी दल म हु डा और चौटाला प रवार के

प म जाट शि त क क

मौजद ू गी थी। समीकरण दे खते हुए बीजेपी ने वह कया जो वह वह ृ त तर पर करती रह है । दे श क राजनी त म एक नया जातीय वमश खड़ा करने क को शश। इस वमश म जाट


को अलग-थलग कर दे ने क योजना थी। पतीस बनाम एक के तज़ पर बीजेपी ने अ भयान भी चलाया और चन ु ाव भी लड़ा। हालाँ क कई जाट उ मीदवार को टकट दे कर योजना भी बनाई जो जायज़ कारण से काम न आ सक । ह रयाणा के 28

तपू त क

तशत जाट वोटर

ने इन चन ु ाव को अि त व के संघष के प म दे खा और प रणाम सामने ह। जहाँ वोटर चौधर ह वहाँ टार क चौधर ख़ाक चलेगी बीजेपी ने ह रयाणा म सोनाल फौगाट, योगे वर द और बबीता फौगाट के टारडम से वोटस क आँखे चँ ु धया दे ने क को शश क ले कन िजन आँख म चौधर जाने का ख़ौफ़ और अि त व के सवाल थे, वे आँख खल ु रह ं। और अंत म इन टास को भी पता चल गया क टारडम क चकाच ध अि त व के आधार पर भार नह ं पड़ सकती। पहलवान को चन ु ावी

मैदान पर पटख़नी मल और टक टॉक का जलवा मोबाईल से उतरकर ज़मीन पर नह ं चला। अहं कार के उपर पड़ा ल ठ मनोहर कै बनेट म शा मल 9 मं य को बीजेपी ने टकट द । ले कन अ नल वज और बनवार लाल को छोड़कर कोई भी मं ी जीत नह ं सका। दे शा य

क हालत तो ऐसी रह

क वो आधी गणना के दौरान ह मतगणना क से चले गए और इ तीफा भी दे दया। मं य और

दे शा य

या थी।

क ये हालत पाट नेताओं के अहं कार और पाट क एंट जाट योजना क

टकट बँटवारे म हुई गलती पथ ृ ला से नयनपाल का जीतना, रे वाड़ी से रनधीर कापड़ीवास का 36 हज़ार से अ धक वोट ले लेना, दादर से सोमबीर सांगवान क फ़तह और महम से बलराज कंु डू क जीत ये स ध करने के लए काफ़ ह क टकट वतरण म बीजेपी से बड़ी चक ू हुई। राव इं जीत अं तम

समय तक अपनी बेट के लए संघष करते रहे , सफल न होने पर अपने नज़द क को टकट


दलाया जो आ खरकार 1331 मत से हारा। गौरतलब है क उसे टकट दे ने के लए स टंग एमएलए रनधीर कापड़ीवास को मना कया गया। कोई जीता नह ं है , बीजेपी हार है कुल मलाकर ह रयाणा के चन ु ाव प रणाम बीजेपी क हार के प म दे खी जानी चा हए। फूट डालो… क उनक मल ू नी त ह रयाणा म बैकफायर कर गई, िजसके कारण रोज़गार और कृ ष

े क उनक नाका मय ने भी अ धक भाव डाला। अपे कृत सम ृ ध दे श ह रयाणा

म लोग ने घम ड सहना मंज़रू नह ं कया और

े के लोग ने अपने

त न धय का साथ

दया। मोद इन चन ु ाव म सटर ऑफ फोकस नह ं थे और मनोहर अपने दम पर वोट खींच पाने म नाकाम रहे । गौरतलब है क लोकसभा चन ु ाव म रा

वाद के सहारे मोद को सटर

ऑफ फोकस बनाकर बीजेपी ने जाटलड म भी जीत दज़ क थी। कां ेस और जेजेपी के लए ये प रणाम उ साहवधक ज़ र ह ले कन उ हे पता होना चा हए क वो मतदाताओं क पसंद नह ं थी बि क अ धकतर मौक पर जाट अि त व क ज़ रत उनके दामन म वो स के प म पड़े। अगर चन ु ाव मु द पर लड़ा जाता तो कां ेस या बीजेपी को इतनी अ छ सं या नह ं मलती और शैशव काल म जेजपी 10 सीट न जीत पाती। हु डा के शासनकाल म ज़मीन आवंटन म क गई गड़ब ड़याँ, इनेलो के राज म नौक रय म क गई धांधल , ख टर के राज म कसान और यव ु ाओं क दयनीय दशा सबको याद है । कां ेस या इनेलो (अब वभािजत) ने अपने

कायकाल के दौरान क हुई गड़ब ड़य क माफ़ मांगी हो या सश ं दखाया ु ासन का कोई लू ट हो - ऐसा नह ं है । ये लोकतं है । कहने को जनता का शासन ले कन वा तव म डर और ख़ौफ़ का शासन। मु द

को व था पत कर दे ना था पत पा टय के लए बांये हाथ का खेल है जो चन ु ाव-दर-चन ु ाव हम दे खते ह।


Source: ​https://www.molitics.in/article/601/why-bjp-lost-haryana-elections

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हरियाणा चुनाव - कोई जीता नहीं, बस बीजेपी हारी है!  

जो दिख रहा है, वो ये कि भयानक कांड वाले गोपाल कांडा हरियाणा की सत्ता की तिज़ोरी की चाबी लिए घूम रहे हैं। जो बिक रहा है वो ये कि हरियाणा का च...

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