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The way of reading is also important faceclasses.com/2019/04/The-way-of-reading-is-also-important.html

Motivational नम कार दो त जैसा िक आप सभी जानते ह म अपने लॉग पर िपछले कुछ िदन से सफलता से संब￸ं धत मोिटवेशनल आ टकल लखते आ रहा हूं , ■जसे आप सभी ने सराहा भी है । आज म आप लोग के सामने एक नए िवषय पर आ टकल लख रहा हू.ं आज म आपलोग के लए पढ़ने के तरीका से संब धत article लख रहा हूँ ■जसे पढ़कर आप ज र लाभा वत ह गे। अगर आपको मेरा Article पसंद आए तो इसे ज र अपने दो त , र तेदार को Share क ■जएगा तािक वो भी पढ़कर इसका लाभ उठा सके ।

पढ़ने का तरीका भी है मह वपूण

चाहे युवा िकसी ￸तयोगी परी ा क तैयारी कर रहे हो या िफर कूल, कॉलेज क परी ाओं म अ छे अंक लाने के यास म हो, वे सब खूब पढ़ते ह। लेिकन कई बार खूब पढ़ने पर भी उ ह मनोवां￱छत सफलता ा नह होती। अ￸धकांश का कहना होता है िक इतना पढ़ने पर भी कुछ नह हुआ। इससे तो अ छा है िक पढ़ना ही छोड़ िदया जाए। लेिकन ऐसा कहने वाल को अपने अ ययन शैली पर यान देना चािहए। ■सफ पढ़ना और पढ़ने म व गुजारना ही पया नह है। पढ़ने का तरीका और शैली भी मह वपूण है। अगर आप मन से पढ़ाई नह कर रहे ह या आप के लए पढ़ाई मजबूरी है तो आप इससे कुछ भी हण नह कर पाएं गे। दरअसल देखा जाए तो हमारी िदनचया, हमारे जीवन शैली म कई साथ घर पर भी क गई पढ़ाई जीवन हमारी सफलता का सोपान बनती है।

प से जुड़ा हुआ है।

कूल, कॉलेज क पढ़ाई के साथ ही

अ ययन क भूिमका को कै रयर िनमाण और 1/6


यि व िवकास म िकसी भी तरह से नकारा नह जा सकता। यिद आप जीवन म ग￸त करना चाहते ह। करना चाहते ह तो आपको अ य यास के साथ ही साथ अपने अ ययन शैली को भी कारगर बनाना पड़ेगा।

ान के े म कुछ

अ सर आपको अ ययन संब￸ं धत आदत के बारे म सुधार क सलाह आप के माता - िपता, ￱श क से िमलती रहती ही होगी। वैसे आजकल प -पि काओं म भी इस तरह के सलाह पढ़ने को िमल जाती है। लेिकन पढ़ाई के बोझ और भय से िव ा￰थय को दी गई सलाह कारगर नह लगती ■जससे वे लक से हटकर नह सोच पाते।

The way of reading is also important

अ ययन शैली कारगर बनाना थोड़ा मु कल ज र है पर असंभव नह । इसम कुशलताओं का बारीक से िव ेषण करना पड़ता है। शु आत अ ययन के ￸त लगन से क जा सकती है। इसके लए आपको खुद को अनुशा■सत करना होगा। और ऐसे लालच , ■जनक वजह से यान बंटता हो, भािवत होने से बचना होगा। पढ़ाई के मामले म अनुशासन को अपनाकर िव ाथ अ यवसायी होने के मह व को समझेगा और ठीक परी ा के समय शॉटकट से अपना कोस पूरा करने क नौबत नह आएगी। यह तरीका शु म थोड़ा सा क दायक हो सकता है , लेिकन आगे च इसके लाभ है। इस तरह क अ ययन शैली से िनणय करने क मता का िवकास होता है य िक िव ा￰थय म अपनी ाथिमकताएं तय करने क समझ आती है और उनक िव ेषणा मक मता खर होती है। सबसे मह वपूण बात होती है िक वह समय का सदपु योग करना सीख जाता है य िक वह उपल ध समय को अ ययन, खेलकूद, ￸चय जैसे कायकलाप के बीच बांटकर संतु लत िदनचया बनानी होती है। यह सब उसम एक तरह का आ मिव ास पैदा करता है।

अ ययन करना और अ ययन क हुई बात का मनन करना दो अलग-अलग चीज ह। यािन आपक नजर तो िकताब पर है लेिकन िदमाग टीवी म आ रहे ि केट मैच म चल रहा है िक अभी िकतने रन हो गए ह गे या

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िकतने िवकेट उड़ गए ह गे। तो इससे शायद ही कुछ हण कर पाएं । कुछ लोग अ सर 1 पंि या पैरा ाफ को बार बार पढ़ते ह यह दहु राव पंि या पैरा ाफ म ￱छपे गहरे अथ को समझने का हो, तब तो ठीक ह लेिकन अगर पढ़ाई मन से नह क जा रही है तो 5-6 घंटे क पढ़ाई भी यथ है इसके बजाय मन लगाकर िक घर 1 घंटे क पढ़ाई ही काफ है। अ ययन शैली िवक■सत करते समय ■सफ और ■सफ अपने कै रयर पर नजर रख। हर जगह अलग अलग तरह क परी ाओं का आयोजन होता है जो कई मायन म कूल एवं कॉलेज क परी ाओं से अलग होती है और इसम वे लोग ही यादा सफल होते ह ■जनके अ ययन म गहराई हो और ■जनके िनणय ज दी होते हो और िव ेषण करने जैसी मताओं से यु हो, रटने वाले लोग यहां िपछड़ जाते ह।

यहां भी मह वपूण है िक या पढ़ा जा रहा है जािहर सी बात है िक अगर आपके पास सीिमत समय है तो आप इसे गैरज री िवषय के अ ययन म नह गवां सकते। अतः उ￸चत होगा िक आप अपने पा म को बखूबी समझ ले तािक पा म से बाहर के अ याय आपका समय न ना हो। ऐसे समय म बाजा उप यास क बजाय महापु ष क आ मकथाएं जीवनी, आ म िवकास, पु तक का अ ययन िव ा￰थय पर अ छा भाव डालता है।

ान - िव ान से संब￸ं धत

आप इ हे भी पढ़ :1. आ मीयता बनाए रखेँ |

2. हम और हमारा प रवार 3. अपनी गलती सुधार । 4. परी ा देना भी एक कला है। 5. जब मन न हो काम करने का। 6. ज री है स पूण समपण 7. अभी नह तो कभी नह

8.मेरा संदेश 9. लोकि ए बनने के िट स 3/6


10. परी ा को सामा य ढंग से ल। 11.भीड़ से अलग बन |

12. समय बंधन का क, ख, ग 13. अ￸त मह वाकां ा है हािनकारक

Whether they are preparing for a competitive exam or are in an effort to get good points in the school, college examinations, they all read it well. But even after reading a lot, they do not get the desired success. Most say that nothing has happened even after so much. It is better than to leave that reading. But those who say this should pay attention to their study style. It is not enough just to spend time reading and reading. The method of reading and style is also important. If you are not studying with your mind or you have a compulsion to study, then you will not be able to accept anything from it. Actually, our routine is linked to many forms in our lifestyle. Along with school and college studies, studies done at home also make life a destination for our success.

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The role of study can not be denied in any way in career building and personality development. If you want to progress in life. If you want to do something in the field of knowledge, then you will have to work with your other efforts as well as your study style. Often you will continue to get advice about improvement of study related habits with your parents, teachers. Well, in today's papers and journals, such advice is read. But the advice given to the students by the burden and fear of studies does not seem effective, so they do not think it out of the lick. Making the study style work is difficult but it is not impossible. It involves closely analyzing the skills. Started study can be done diligently. You have to discipline yourself for this. And such greed, which causes distraction, will have to be avoided. By adopting discipline in the case of studies, the student will understand the importance of being chivalrous and will not be able to complete his course with the shortcut during the examination. This method can be a bit painful in the beginning, but the further cycle has its advantages. This type of study style develops ability to make decisions because students understand their priorities and their analytical ability becomes intense. The most important thing is that he learns to utilize the time because he has to make available time by distributing between balanced activities such as study, sports, and interests. All this creates a kind of confidence in it. There are two different things to study and meditate on the study. That is, your eyes are on the book, but the mind is in a cricket match coming to TV, how many runs it has been or how many wickets have flown. So you can hardly accept something from it. Some people often read 1 row or paragraph repeatedly, to understand the deep meaning of this repetition line or paragraph,

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then it is fine, but if studies are not being done in the mind, then 5-6 hours of studies are also useless Instead of thinking that home 1 hour only is enough. While developing the study style, just keep an eye on your career. Everywhere different types of examinations are organized which are different from the examinations of the school and college in many ways and those people are more successful in those whose studies are in depth and whose decisions are quick and with the capabilities of analyzing The people who are crying get lagged here. It is also important that what is being taught is obviously that if you have limited time then you can not lose it in the study of nonessential subjects. It would therefore be appropriate, that you understand your curriculum so that the chapters outside the curriculum do not waste your time. At such times, autobiographies of great men rather than barkhukan novels, studies of books related to biography, self-development, knowledge-science, have a good effect on students.

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Profile for madanjeet07

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Whether they are preparing for a competitive exam or are in an effort to get good points in the school, college examinations, they all read...

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