Page 1

ं 85/2017 ◆ रिववार, 26 माच 2017 ◆ चै कृ ण 13, सं ◆ अक वत 2073 ◆ कुल पृ ठ : 10

सामाियक की साधना भी एक समता की साधना है । - आचाय ी महा मण

www.jainterapanthnews.in 25.03.2017 धनुषी, वैशाली, ABTYP JTN, िबहार रा य म भगवान महावीर के ितिनिध

आचाय ी महा मणजी अपने धवल सेना के साथ वतमान समय म भगवान महावीर की ज मभूिम के े वैशाली म या ाियत है । हाल िक आचाय ी के सं दश को हण करने और इस महान या ा के सं क प यी को

वीकार करने म वैशालीवािसय की

अिभ िच देख ऐसा महसूस हो रहा है िक कह न कह भगवान महावीर के ित उनकी िन ठा

गाढ़ बनी ई है ।

मशः जारी..........


ं यूज़ अभातेयुप जैन तेरापथ

सामाियक की साधना भी...................

रिववार, 26 माच 2017

ंल से आकिषत लोग सहज ही िनकट आ रहे थे और आचाय ी के अआभामड आचाय ी के सम

करब

साथ सभी पर समान आचाय ी धनुषी ग व

हो उनकी अ यथना करते। आचाय ी श त मु कान के

प से आशीषवृ ट करते बढ़ते चले जा रहे थे। इस तरह थत राम िवदेशी िसं ह महािव ालय के पिरसर म प ं च।े

आचाय ी ने महािव ालय पिरसर म बने

ंाल म उप थत वचन पड

ालुओ ं को

अपनी अमृतवाणी का रसपान कराते ए कहा िक आदमी के जीवन म िवषय ज य सुख भी है तो इ

याितत सुख भी होता है । िवषय से जिनत सुख

िणक, थोड़े समय के

िलए सुख देने वाले तो आ मा से उ प न सुख जीवन पय त और जीवन के बाद भी ं दान करने वाले हो सकते ह। िवषय से उ प न सुख अ छा नह , सुख और आनद आ मा से उ प न सुख अ छा हो सकता है । जैसे कोई िमठाई खाई जाए तो उसका सुख ंतभी तक होता है , जब तक वह मुह ंम होता है । पदाथ का सुख आनद ंकी और आनद अनुभिू त कराने वाला तो आ मरस का सुख सरस हो सकता है । पदाथ की आसि

िमले तो सुख देने वाली और न िमले तो दःु ख देने वाली भी हो सकती है । काम और

भोग अनथ के जनक होते ह। िवषय से ा त सुख थाई नह होता। साधना से िमलने वाला सुख थाई हो सकता है ।

आचाय ी ने लोग को अिभ िे रत करते यह

ए फ़रमाया िबहार की भूिम और वैशाली का

भगवान महावीर की ज मभूिम है । भगवान महावीर को ज म देने वाली इस

िबहार की धरती को जैन धम को िवशेष अवदान देने वाली माना जा सकता है । भगवान महावीर ने िवषययु

सुख का

याग कर यागी महापु ष बन गए। यिद ं भी आदमी म आ जाए तो उसके भगवान महावीर की साधना का ब त थोड़ा अश जीवन का क याण हो सकता है । आदमी को साधना के मा यम से अपनी आ मा को ं, सुख और श ित की िनमल बनाने का यास करना चािहए। आ मा िनमल है तो आनद

ा त हो सकती है और मन मलीन तो अश ित और दःु ख की ा त हो सकती है । ंी आचाय ी ने तेरापथ ालुओ ं को शिनवार की सामाियक करने की िवशेष र े णा देते ए कहा िक सामाियक की साधना भी एक समता की साधना है । शिनवार को सायं सात से आठ बजे के बीच सामाियक हो जाए, तो यह भी एक िवशेष का सुअवसर हो सकता है ।

www.jainterapanthnews.in

Page 2


ं यूज़ अभातेयुप जैन तेरापथ

रिववार, 26 माच 2017

आ या मक िमलन समारोह : कोलकाता (पूवाचल)

ं यूज़ अभातेयुप जैन तेरापथ

ं यूज़ अभातेयुप जैन तेरापथ

ABTYP JTN, कोलकाता की धरा पर पहली बार १७ सा वय

का आ या मक िमलन

आ।महातप वी आचाय ी महा मणजी की अ ानुवत शासन ी सा वी ी यशोमतीजी ठाणा-५ एवं गु कुल वािसनी सा वी ी िबमल ाजी, सा वी ी मुिदतयशाजी, सा वी ी शु यशाजी ठाणा१२ का आ या मक २६ माच २०१७, रिववार को शकुं तला देवी तोदी भवन, तुलसीधाम का ले स,

आ। पूवा चल म आयोिजत इस आ या मक िमलन के िवल ण समारोह म ं यूज़ ावक समाज की गिरमामयी उप थित थी। तुित : अभातेयुप जैन तेरापथ

ब गुड़, कोलकाता म

www.jainterapanthnews.in

Page 3


ं यूज़ अभातेयुप जैन तेरापथ

रिववार, 26 माच 2017

कल - आज और कल के बीच कैसे बैठाए तालमेल : िसलीगुड़ी

www.jainterapanthnews. in

ं भवन मे तेरापथ ं मिहला मड ंल िसलीगुड़ी के त वावधान और समणी ABTYP JTN, तेरापथ िनदिशका चािर ा एवं सहयोगी समणी आगम ा जी , िज ासा ा जी के पावन सािन य मे एक" टाक शो" का आयोजन िकया गया । िवषय था " कल - आज और कल के बीच कैसे बैठाए

तालमेल " । इस काय म मे पिरवार की तीनो पीढ़ीय दादा- दादी, माता- िपता और ब चो ने भाग ंल व क यामड ंल की बहनो ने एक नािटका के मा यम से जेनर े श े न गैप के कारण िलया । मिहला मड

ं पर रखा । काय म मे तीनो पीढीयो ने अपनी पिरवार मे होने वाली रोज़मर की सम यो को मच सोच ,अपने िवचार रखे । समणी िनदिशका चािर

ा जी ने फरमाया िक इस सम या का एक ही

समाधान है और वह है िक पिरवार के सद य एक दस ू रे पर trust करे । एक दस ू रे को time दे और आपस मे बातचीत करे । अगर ऐसा होता है तो तीनो पीढीयो के सं बं ध मजबूत रह सकते है । काय म का कुशल सं च ालन मंी मनीषा सुराणा ने तथा ध यवाद िदया ।इस टाक शो लगभग 200 यि www.jainterapanthnews.in

यो ने भाग िलया ।

ापन अ य ा कुसुम डोसी ने ं यूज़ तुित : अभातेयुप जैन तेरापथ Page 4


ं यूज़ अभातेयुप जैन तेरापथ से फ िडफस कायशाला मिहला सशि

रिववार, 26 माच 2017

करण उ थान :-बालोतरा ABTYP JTN, बालोतरा, सा वी

ी रित

भा जी के सा न य म से फ िडफस

कायशाला मिहला सशि

करण उ थान ं भवन काय म शिनवार को यू तेरापथ म आयोिजत आ।

काय म के शुभारं भ पर सा वी

ी रित

भा जी ने कहा िक भारतीय नारी आ मसं यम और शालीनता की ितमूित है । इितहास म उनके साहस और गौरव की कहािनय िलखी

ई ह। वतमान म भी नारी म भेद-भाव की दीवार नह के समान है , लेिकन यह अपने हौसले म ऐसे ही बुलं दी रखेगी तो अ◌ाने वाले समय म मिहलाओ ं म ब त अ छी जागृित आएगी। सा वी कला भा ने नारी को ए उनकी सिह णु ता, सादगी, आ मीयता आिद गुण के बारे म बताया। सा वी यशा जी ने भी सं बोिधत िकया।

नर तु य बताते मनो

मु य अितिथ राज थान मिहला आयोग की पूव अ य र े णा देते

ए यि

ंारी ने नारी को आगे बढ़ने की तारा भड

व िवकास की जानकारी दी। िविश ट अितिथ एसडीएम भातीलाल जाट ने नारी के काय की सराहना की। नगर पिरषद सभापित रतन ख ी ने संकार िनम ण म नारी की मह वपूण भूिमका के बारे म बताया।

ितप

नेता मदन

चौपड़ा ने कहा िक जीवन पी गाड़ी को सुं दर तरीके

से वहन करने म नर नारी

दोनो की कमठता ज री है । ंभड ंारी, सभा अ य अरिवद मिहला

कौश या

पुिलस

अिधकारी

चौधरी,

चौधरी, पूव अ य

श ित

कमला

देवी ओ तवाल, सहमंी राणी बाफना, मिण ीप मबर आरती, गु कुल कूल धानाचाय शै ल ी जोन ने भी अपने िवचार य िकए। तेमम अ य िवमला देवी लूं कड़ ने वागत भाषण तुत िकया। ं यूज़ सहमंी उिमला सालेच ा ने सभी का आभार य िकया।। तुित : अभातेयुप जैन तेरापथ www.jainterapanthnews.in

Page 5


ं यूज़ अभातेयुप जैन तेरापथ

www.jainterapanthnews.in

रिववार, 26 माच 2017

Page 6


ं यूज़ अभातेयुप जैन तेरापथ

www.jainterapanthnews.in

रिववार, 26 माच 2017

Page 7


ं यूज़ अभातेयुप जैन तेरापथ

www.jainterapanthnews.in

रिववार, 26 माच 2017

Page 8


ं यूज़ अभातेयुप जैन तेरापथ

www.jainterapanthnews.in

रिववार, 26 माच 2017

Page 9


ं यूज़ अभातेयुप जैन तेरापथ

रिववार, 26 माच 2017

पािरवािरक सौहाद िशिवर, लोणार (िवदभ) ABTYP

JTN,

लोणार,

मुिन ी

िजनेशकुमारजी के सािन य म ं सभा लोणार के तथा तेरापथ त वाधान मे पािरवािरक सौहाद

िशिवर का आयोजन गेलड़ा भवन मे

आ,

िजसमे काफी

अ छी

संया मे लोग उप थत थे। इस अवसर पर मुिन ी ने कहा मनु य सामािजक

ाणी है वह समाज मे

मह वपूण

इकाई

जीता है । समाज की छोटी व पिरवार

है ।

पिरवार एक बगीचा है , पिरवार

www.jainterapanthnews. in

गु कुल है , पिरवार सव यापी संथा है , स यं -िशव-ं सु दरंका िशवालय है , मानवीय गुण का मु यालय है । पिरवार को समृ व शि शाली ओर सुखमय बनाने के िलए वाणी िववेक ज री है , सं बं धो का िव तार वािण पर आधािरत है , घरो मे जो कलह होता है उसका एक कारण वाणी का अिववेक है , वाणी की मधुरता घर को वगमय बनाती है । पिरवार को सुखमय बनाने के िलए समय

समय पर गो टीय होनी चािहए, सुख-दख ु मे सहयोग करना चािहए, एकदस ू रे के िवचारो को स मान देन ा चािहए।

ंजी ने कहा यि मुिन ी परमानद

अकेला रह नही सकता उसके िलए समाज व पिरवार की

आव यकता रहती है , घर को सुखमय बनाने के िलए दरू होती है , म े देने से घर का वातावरण पिव

म े की आव यकता रहती है ,

हो जाता है ।

म े से कटु ता ं यूज़ तुित : अभातेयुप जैन तेरापथ

सेवा काय : नाथ ारा ATDC नाथ ारा 6000

रही है ।

ारा 70 तरह की ज चे िजसकी बाजार दर करीब

पये के आसपास है वो हमारे ारा 999

इसम लगभग 400 रिज

तारीख को डॉ टर

ारा पूण

े शन

पये म ही की जा

ए और 265 नमूने ज च के िलए

भेजे गए बािक कल 26- 3 -2017 को की जायेगी । इसम नाथ ारा ंक करोली मु बई से भी कई जनो की उप थित रही । 30 राजसमद प से िन:शु क परामश भी िदया जायेगा ।

www.jainterapanthnews.in

Page 10


Millions discover their favorite reads on issuu every month.

Give your content the digital home it deserves. Get it to any device in seconds.