Page 1

इं

ायर

ेशल

खबर

रा

ीय

September 4, 2018

पु षवादी संतु  Posted By: Inquire Desk /

हमानी सह :

के लए म हलाएं  0 Comment /

सह ‘खतना’ का दद!

 dipak mishra verdict, Female Mutilation


सु ीम कोट के मु ायाधीश ज स दीपक म ा क रटायरमट म एक महीना ही बाक रह गया है । ऐसे म   उनके रटायर होने से पहले , सु ीम कोट को दे श के 10 बड़े के स का फै सला भी नपटाना है । इन 10 फै सल से दे श क राजनी तक, धा मक और सामा जक दशाएं तय होने वाली ह। चीफ ज स दीपक म ा क अगुव ाई म होने वाले 10 के स म एक के स है ‘ फमेल जेन े टक ू टले शन’ (एफजीएम)। आसान भाषा म इसे ‘म हलाओ ं का खतना’ कहा जा सकता है ।

ा है म हलाओ ं का खतना? कु छ साल पहले जब इं ं ट पल तलाक को असंव ैध ा नक घो षत करने क मांग उठी थी, तब मु म समाज म फै ली कई कु री तय को ख करने के लए आवाज उठाई गई। उनम से एक फमेल ू टले शन, यानी ‘म हलाओ ं म खतना’ भी शा मल था। ब त सारे लोग को यक न ही नह होता क म हलाओ ं का भी खतना होता है । वह भी हमारे दे श म। ले कन, आज भी दाऊदी बोहरा मु म समुद ाय म नाबा लग लड़ कय को खतना जैस े असंव ैध ा नक कृ को झेल ना पड़ता है । मासूमा राना ी, जो भारत म म हलाओ ं के खतने को समा चेह रा ह, वह दाऊदी बोहरा समाज म फै ली इस कु था को ख

करवाने के लए, चलाए जाने वाली क पेन का बड़ा करवाने के लए काफ समय से काम कर रही ह।

फरवरी महीने म मासूमा ने ‘द इं डयन ए ेस ’ अखबार के मा म से पीएम मोदी के नाम एक खुल ी च ी लखी थी, जसम उ ने मुस लमान औरत के हक म सवाल उठाते ए लखा था‘इं ं ट पल तलाक बुरी चीज है , ले कन यह कोई इकलौती चीज नह , जससे औरत पी ड़त ह। म आपको औरत के खतने के बारे म बता रही ं , जसम औरत का शरीर इस तरह खराब कर दया जाता है क वह पूरी जदगी कभी सही नह हो पाता।

म हलाओ ं और पु ष के खतने म काफ फक होता है , ले कन फर भी इस पर बात नह क जाती। म हलाओ ं का खतना काफ ददनाक होता है । इसम उनक ट रस काट दी जाती है । ट रस वह ह ा है , जहां छु ए जाने से म हलाओ ं को सबसे ादा उ ेज ना होती है । म हलाओ ं और पु ष के सफ खतने म ही फक नह होता, ब दोन के खतने क वजह भी भेद भाव और पु षवादी है ।


बुज ुग दाऊदी म हलाएं ट रस को ‘हराम क बोटी’ कहती ह, यानी मांस का वह टु कड़ा, जो औरत को भटका   दे त ा है । म हलाओ ं के त ऐसी सोच पर भी सु ीम कोट ने करारा तमाचा मारा था। सुन वाई के दौरान कोट ने कहा क ‘म हलाओ ं का खतना सफ इस लए नह कया जा सकता क उ म हलाओ ं का जीवन के वल शादी और प त के लए नह होता।’

कहां से शु

आ फमेल

शादी करनी है । कोट ने यह भी कहा क

ू टले शन?

म हलाओ ं का खतना वशेष प से दाऊदी बोहरा समुद ाय म च लत है । शया मुस लमान का एक छोटा सा समुद ाय है , दाऊदी बोहरा समुद ाय। दाऊदी बोहरा समुद ाय क आबादी भारत के अलावा पा क ान, यमन और पूव अ का म बसती है । भारत म यह ादातर मुंब ई म पाए जाते ह। म हलाओ ं म खतने क परंप रा मूल प से यमन से जुड़ ी ई है , क दाऊदी बोहरा समुद ाय भी मूल प से यमन का ही है ।

वैस े तो दाऊदी बोहरा समाज काफ लबरल माना जाता है । लड़ कय को पढ़ने- लखने क पूरी आजादी है यहां। ले कन सारी द त वह आ कर शु हो जाती है क समुद ाय को कं ोल करने वाले तो मद ही ह। इस समाज क कई म हलाएं खतने का वरोध कर रही ह। क ‘ह े से एक कट’ के नाम पर उनक पूरी जदगी खराब क जा रही है । ू टले शन पर सुन वाई करते ए खुद सु ीम कोट ने कहा था क ‘लड़ कय का खतना उ हमेशा के लए मान सक और भावना

क घाव दे जाता है । ’

यून ाइटे ड नेशंस क एक रपोट कहती है क पूरी दु नया म करीब 20 करोड़ म हलाएं ऐसी ह, जनका खतना आ है । आने वाले साल म यह सं ा और बढ़ने ही वाली है ।

ा है दाऊदी बोहरा समाज का

ख?

जा हर सी बात है परंप रा के खलाफ उठने वाली आवाज से, उसे चलाने वाले तल मला ही जाते ह। मासूमा राना ी ने ‘द हदू ’ को दए इं टर ू म उनके क पेन के खलाफ दाऊदी बोहरा समुद ाय का प भी बताया।


अपनी आ ा के त क र लोग इससे आहत ए ह। उनका कहना है क यह हमारी धा मक परंप रा है । इसे गलत   कहने वाले आप कौन होते ह। बोहरा समुद ाय ने तो इस क पेन के खलाफ dbwrf-org (दाऊदी बोहरा वुमन असो सएशन फॉर रलीजीयस डम) नाम क एक वेब साइट तक शु कर दी है । यहां पर खुद म हलाएं ‘ फमेल जेन े टक ू टले शन’ के प म खबर लखती ह। उनका कहना है क परंप रागत प से टो रस पर सफ एक ह ा सा कट लगाया जाता है । अ क दे श क तरह ू र परंप रा का पालन नह कया जाता। ले कन, एफजीएम क व ा संग ठन क प रभाषा के तहत ‘अगर ये सफ तीका क ही है , तो इसक ज रत भी ा है ? च क क य प से, इसका कोई फायदा नह है । यह सफ नुक सान ही प ं च ाता है ।

म हलाएं अब यह भी कह रही ह क इस परंप रा का पालन यौन आनंद बढ़ाने के लए कया जाता है । यहां तो ू टले शन का पूरा ल ही बदल गया। ले कन अगर इस तक को मान भी लया जाए, तो ा आप अपनी ब य का खतना सफ इस लए करा दगे, ता क उनका यौन आनंद बढ़ जाए? अगर ऐसा ही है तो वह इस या को अपनी मज से तब अपना सकती है , जब वह बड़ी हो जाए। ले कन, स ाई यह है क एफजीएम का ‘कु रान’ म कोई ज नह है । यहां तक क दाऊदी बोहरा क धा मक कताब ‘दाइम-उल-इ ाम’ म भी म हलाओ ं को खतने का कह साफ-साफ ज नह है ।


1

 बरेली म रह

मय बुखार से मरने वाल क सं

2

ा ई 34

3

522

Next »

पाटीदार के आर ण के लए आयोग ग ठत होः देवेगौड़ा 

Leave a Reply Your email address will not be published. Required fields are marked *


Comment

Name *

Email *

Website

Post Comment

समाचार


युवाओं म ांड रेस September 15, 2018 दी

अंग रीश : ांड का च

ा इतना बढ़ गया


पीएम  

ने लखा प , सब मलकर चलाएं अ भयान September 15, 2018 ूज डे

: धानमं ी नर मोदी ने श नवार को

prev

next

Stock Ticker AAPL 223,84 -2,57 -1,14%

You Can Get Up To An Extra $6,993 A Month Thanks To A Last Minute Provision To The Tax Law.

MSFT 113,37 +0,46 +0,41%

This leaked Hillary video could finally shut down CNN, for good. Health Sciences Institute

Saint Paul Resaerch

Ad

Social Media

Email Subscriber

INTC 45,54 -0,03 -0,07%

ता


Name

Email *

Subscribe

 Copyright © 2018 Inquireindia

पुरुषवादी संतुष्टि के लिए महिलाएं क्यों सहें ‘खतना’ का दर्द!  

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा की रिटायरमेंट में एक महीना ही बाकी रह गया है। ऐसे में उनके रिटायर होने से पहले, सुप्रीम...

पुरुषवादी संतुष्टि के लिए महिलाएं क्यों सहें ‘खतना’ का दर्द!  

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा की रिटायरमेंट में एक महीना ही बाकी रह गया है। ऐसे में उनके रिटायर होने से पहले, सुप्रीम...

Advertisement