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उदाहरण :- ईश्वर ने मनुष्ट्य को सर् कुछ हदया है , लेककन अपने अंदर प्राणवायु (oxygen) पैदा करने का क्षमता नह ं द । इसीसलए स्वयं र्चने के सलए हमें पेड़ , पौधे आहद को र्चाना होगा । तभी जाकर हम र्च सकत हैं । ठाकुर जी इसी को ह धमम कहते हैं । आज चारों ओर धमम का प्रवचन , चचाम हो रह है । लेककन धमम को आचरण में पालन करना होगा । शास्त्र में है -आचारों परम ् धमम । अथामत धमम आचरण में हदखता है । श्रीश्रीठाकुर जी कहते हैं - धमम की र्ात जो करते हैं, वे धममवाचक हैं , और जो धमम को आचरण में पासलत करते हैं वे हैं सच्चे धासममक । धमम पालन करना सहज , सरल होगा , जर् हमारे जीवन में आचरण ससद्ध पुरुि यानी आचायम , इष्ट्ट , आदशम , पुरुिोिम होंगे । इस धमम के मूिम या जीवन्त प्रतीक हैं आदशम या पुरूिोिम । उनको ग्रहण करके चलने से हमार ववृ ि- प्रववृ ि सर्कुछ ननयंबत्रत होती है । श्रीश्रीठाकुर जी कहते हैं- धमम मूिम होता है आदशम में , आदशम में द क्षा लाती है अनुराग (प्रेम ) और अनुराग से ववृ ियों का ननयंत्रण होता है । ससफम गीता, र्ाइबर्ल , कुरान आहद ग्रन्थ पढ़के या प्रवचन सुन कर कोई अच्छा मनुष्ट्य नह ं र्न सकता जर् तक की प्रभु श्रीकृष्ट्ण, प्रभु यीशु , हज़रत रसूल और सभी अवतार पुरिों के प्रनत वास्तववक प्रेम न रहे । जैसे प्रभु श्रीराम चन्द्र जी को वास्तववक प्रेम करके हनुमान, प्रभु श्रीकृष्ट्ण जी को प्रेम करके अजन , ुम श्रीश्रीरामकृष्ट्ण ठाकुर जी को प्रेम करके स्वामी वववेकानन्द इतने महान र्ने । तो आइये जानत, वणम, धमम , संप्रदाय , से जुड़े सभी मतभेद को छोड़ कर वतममान युग पुरुिोिम परम प्रेममय श्रीश्रीठाकुर अनुकूल चन्द्र जी की शरण लेकर एक सुन्दर संसार के ननमामण में सहयोग करें । जयगुरु । ।। वन्दे पुरुिोिमम ् ।।

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Bliss march 2018  

The March issue of Bliss is live! This issue will focus upon the certain basic and yet very important aspects of our lives. Are we happy eno...

Bliss march 2018  

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