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श्रीरामऩुर (महाराष्ट्र)—प्रेमजी रतनजी ऩटे ऱ हाई स्कूऱ श्रीरामऩरु आयोजक –स्थानीय ब्रह्माकुमारीज श्रीरामऩरु (महाराष्ट्र) मख् ु य वक्ता ---बी के भगवान ् भाई माउं ट आबू ववषय –नैततक शिक्षा बी के मंदा बहन प्रभारी

ब्रह्माकुमारीज श्रीरामऩुर

(महाराष्ट्र) वप्रंशिऩऱ –श्री हररश्चंद्र िोनवने बी के अश्वनी बहन , बी के िीमा बहन उऩस्स्थत थे इि अविर ऩर बी के भगवान ् भाई ने कहा कक िुखी जीवन के शऱए भौततक शिक्षा के िाथ नैततक शिक्षा भी जरूरी है । भौततकशिक्षा िे हम रोजगार प्राप्त कर िकते हैं, ऱेककन ऩररवार, िमाज, काययस्थऱ में ऩरे िानी या चुनौती का मुकाबऱा नहीं कर िकते।उक्त उद्गार ब्रह्माकुमारी माउं ट आबू के बी के भगवान ् भाई ने कहा नैततक मूल्यों का महत्व ववषय ऩर बोऱते हुए कहा


उन्होंने कहा की

नैततक मल् ू यों िे व्यस्क्तत्व में तनखार,

व्यवहार में िध ु ार आता है ।नैततक मल् ू यों का ह्राि व्यस्क्तगत, िामास्जक, राष्ट्रीय िमस्या का मूऱ कारण है । िमाज िध ु ार के शऱए नैततक मल् ू य जरूरी है ।उन्होंने कहा कक नैततक शिक्षा की धारणा िे, आंतररक ििक्तीकरण िे इच्छाओं को कम कर भौततकवाद की आंधी िे बचा जा िकता है । व्यस्क्त का आचरण उिकी जुबान िे ज्यादा तेज बोऱता है । ऱोग जो कुछ आंख िे दे खते हैं। उिी की नकऱ करते हैं। जब तक हम अऩने जीवन में मल् ू यों और प्राथशमकता का तनधायरण नहीं करें गे, अऩने शऱए आचार िंहहता नहीं बनाएंगे तब तक हम चुनौततयों का मक ु ाबऱा नहीं कर िकते। चररत्र उत्थान और आंतररक िस्क्तयों के ववकाि के शऱए आचार िंहहता जरूरी है । उन्होंनेेे अंत में नैततक मूल्यों का स्रोत आध्यशमत्कता को बताया। जब तक आध्यास्त्मकता को नहीं अऩनाएंगे जीवन में मल् ू यों की धारणा िंभव नहीं है ।

श्रीरामपुर (महाराष्ट्र)—प्रेमजी रतनजी पटेल हाई स्कूल श्रीरामपुर  
श्रीरामपुर (महाराष्ट्र)—प्रेमजी रतनजी पटेल हाई स्कूल श्रीरामपुर  
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