Page 1

भारेगाव (भहायाष्ट्र )-- ददव्म दृष्ष्ट्ि आखो का हाष्पऩिर भारेगाव तनाव भुष्तत आमोजक –पथानीम ब्रह्भाकुभायीज राईि हाउस भारेगाव (भहायाष्ट्र) आखो के पपऩेलरपथ ---डॉ दे शऩाडे सय भख् ु म वतता ---फी के बगवान ् बाई भाउं ि आफू ववषम –सकायत्भक च त ं न तनाव भत ु त जीवन भुख्म अततचथ ---ऩोलरस तनयऺक –श्री गजानन याजभाने फी के शकंु तरा फहन प्रबायी राईि हाउस भारेगाव

इस अवसय ऩय बगवान ् बाई ने कहा की सभाज की सेवा कयने के लरए सभवऩित बाव

ादहए ऩेशि ें को दमा

बाव , भात्रत्व बाव ,सेवा बाव से दे ख उनकी सेवा कयनी है उन्होंने फतामा की हभे इभानदाय फन सभाज की सेवा कयनी है धन के रार

भें आकय अऩने

भानवता को नही छोडना है इससे हभे दव ु ामे लभरती है


दव ु ामे ही सच् ी सम्ऩतत है

बगवान बाई ने फतामा की

सभाज सेवा हे तु सकायात्भक वव ाय की आवश्मकता है सकायात्भक वव ाय से सभपमा सभाधान भें फदर जाती है सकायात्भक सो हर र से फ

द्वाया ववऩरयत ऩरयष्पथतत भें

सकते है तनयाशा भें बी आशा की ककयण

ददखने रगती है । अऩनी सभपमा को सभाप्त कयने एवं सपर जीवन जीने के लरए वव ायों को सकायात्भक फनाने की फहुत आवश्मकता है।

उन्होंने कहा कक सभपमाओं का

कायण ढूढने की फजाए तनवायण ढं ूूढ़े।उन्होंने कहा कक सभपमा का च त ं न कयने से तनाव की उत्ऩवि होती है । भन के वव ायों का प्रबाव वातावयण ऩेड़-ऩौधों तथा दस ू यों व पवमं ऩय ऩड़ता है । मदद हभाये वव ाय सकायात्भ है तो उसकासकायात्भक प्रबाव ऩड़ेगा। उन्होंने होते हुए बी भन भें हर र न हो फतामा कक जीवन को योगभत ु त,दीघािम,ु शांत व सपर


फनाने के लरएहभें सफसे ऩहरे वव ायों को सकायात्भक फनाना

ादहए। याजमोगी बगवान बाई ने कहा कक

सकायात्भक वव ाय से सभपमा सभाधान भें फदर जाती है । एक दस ू यों के प्रतत सकायातभक वव ाय यखने से आऩसीबाई

ाया फना यहता है। उन्होंने सत्संग एवं

आध्माष्त्भक ऻान के द्वाया सकायात्भक सो

को

अऩनाने की उभीद यखी उन्होंने कहा की सकायात्भक वव यो से अऩने आत्भफर से अऩना भनोफर फढ़ा सकते है । सत्संग के द्वाया प्राप्त ऻान

मालेगाव (महाराष्ट्र ) दिव्य दृष्टि आखो का हास्पिटल मालेगाव तनाव मुक्ति  
मालेगाव (महाराष्ट्र ) दिव्य दृष्टि आखो का हास्पिटल मालेगाव तनाव मुक्ति  
Advertisement