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ये नक ु ाफाई भहायाष्ट्र

बाऊसाहफ हीये

उच्च प्राथमभक कन्मा विद्मारम भारेवाि

नैतिक भूल्मों का ऩाठ ऩढ़ामा

आमोजक –स्थानीम ब्रह्भाकुभायीज भारेवाि कैं ऩ सेंटय

(भहायाष्ट्र)

भख् ु म िक्िा ---फी के बविान ् बाई भाउं ट आफू विषम –-- नैतिक मिऺा का भहत्ि वप्रंमसऩर --श्री

फी िाम ऩाटटर

उऩ वप्रंमसऩर ---दाबाडे सय सीतनमय मिऺक ---श्री हीये सय श्री ऩवाये

सय

फीके भभिा फहन प्रबायी ब्रह्भाकुभायीज भारेवाि कैं ऩ सेंटय

(भहायाष्ट्र)

फी के सचचन सय

छात्र-छात्राओं के सिाांवीण विकास के मरए बौतिक मिऺा के साथ नैतिक मिऺा जरूयी है । नैतिक मिऺा से ही सिाांवीण विकास संबि हो सकेवा। मह विचाय प्रजाऩति ब्रह्भकुभायी ईश्ियीम विश्िविद्मारम, भाउं ट आफू, याजस्थान से आए याजमोवी ब्रह्भ कुभाय बविान बाई ने -छात्राओं को संफोचधि कयिे सभम ककमा।


बविान बाई ने कहा कक िैऺणणक जवि भें विद्माचथिमों के मरए नैतिक भल् ू मों को जीिन भें धायण कयने की प्रेयणा दे ना आज की आिश्मकिा है । नैतिक भूल्मों की कभी व्मक्क्िवि साभाक्जक, ऩारयिारयक, याष्ट्रीम एिं अंियािष्ट्रीम सभस्मा का भर ू कायण है । उन्होंने कहा कक आज के विद्माथी कर का सभाज हैं। इसमरए स्कूरों के भाध्मभ से इन्हें चरयत्रिान फनाएं। स्थानीम केंद्र की ब्रह्भकुभाय याधा फहन ने कहा कक चरयत्रिान फनने के मरए मुिाओं को मसनेभा, व्मसन, पैिन एिं कुसंवति से दयू यहना होवा।

रेनुकाबाई भाऊसाहब हीरे उच्च प्राथमिक कन्या विद्यालय मालेगाव महाराष्ट्र  
रेनुकाबाई भाऊसाहब हीरे उच्च प्राथमिक कन्या विद्यालय मालेगाव महाराष्ट्र  
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