Page 1

बारकी (कनााटक )बीभंणा खंडये इंस्टटट्मट ू ऑप टे क्नारॉजी बारकी आमोजक -- टथानीम ब्रह्भाकुभायी बारकी कनााटक भख् ु म वक्ता --फी के बगवान ् बाई भाउं ट आफू प्रंसिऩर --श्री बफप्ऩन बफहायी रार फी के

याधा फहन िेवाकेंद्र रबायी बारकी (कनााटक)

रेक्चयय --श्री िूमक ा ान्त बफयादय (एच ओ डी ) सिप्वर प्वबाग भंच िचारन --कुभायी ददव्मा ऩटने बगवान ् बाई ने कहा की वताभान िभम स्जतनी बी िभटमा हैं उन िफका कायण है नकायात्भक िोच। नकायात्भक िोच िे तनाव फढ़ता है । तनाव भक् ु त फनने के सरए िकायात्भक प्वचाय िंजीवनी फूटी है । िकायात्भक प्वचाय िे ही भुस्क्त िंबव है ।


21वीं िदी तनाव ऩण ू ा होगी। ऐिे तनावऩूणा ऩरयस्टथततमों भें तनाव िे भक् ु त होने िकायात्भक प्वचायों की आवश्मकता है कहा कक जहां तनाव है वहां अनेक िभटमाएं फढ़ जाती हैं। तनाव के कायण आऩिी भतबेद, टकयाव फढ़ जाते हैं। जहां तनाव है वहां भानसिक अशांतत के वश होकय भनुष्म व्मिन, नशा, डडरेशन के वश हो जाता है । उन्होंने फतामा कक भन चरने वारे नकायात्भक प्वचायों के कायण ही भन भें घण ृ , नपयत, फैय, प्वयोध, आवेश औय क्रोध उत्ऩन्न होता है । नैततक भल् ू मों को जीवन भें धायण कयने की रेयणा दे ना आज की आवश्मकता है । उन्होंने कहा कक नैततक भूल्मों की कभी मही व्मस्क्तगत, िाभास्जक, ऩारयवारयक, याष्रीम एवं अन्तयााष्रीम िवा िभटमाओं का भर ू कायण है । प्वद्मार्थामों का भूल्मांकन आचयण, अनि ु यण, रेखन, व्मवहारयक ज्ञान व अन्म फातों के सरए रेयणा दे ने की आवश्मकता है । ज्ञान की व्माख्मा कयते हुए उन्होंने फतामा कक जो सशक्षा प्वद्मार्थामों को अंधकाय िे रकाश की ओय, अित्म िे ित्म की ओय, फन्धनों िे भुस्क्त की


ओय रे जाए वही सशक्षा है । उन्होंने कहा कक अऩयाध भक् ु त िभाज के सरए िंटकारयत सशक्षा जरूयी है । है ।

भालकी (कर्नाटक )भीमंणा खंडरे इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी भालकी  
भालकी (कर्नाटक )भीमंणा खंडरे इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी भालकी  
Advertisement