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याजोंद (हरयमाणा )—एभ ् डी सीननमय सेकंडयी स्कूर भें नैनिक शिऺा का भहत्व ववषम ऩय प्रोग्राभ आमोजक –स्थानीम ब्रह्भाकुभायी

सेवाकेंद्र याजोंद

(हरयमाणा ) भख् ु म वक्िा ---ब्रह्भकुभाय बगवान ् बाई भाउं ट आफू ववषम –-नैनिक शिऺा का भहत्व प्राचामय –भेघनाथ बागयव फी के प्रेयणा फहन याजमोग शिक्षऺका याजोंद हरयमाणा फी के नीरभ फहन

याजमोग शिक्षऺका असंध हरयमाणा

फी के भेहयचंद बाई जी वरयष्ठ याजमोगी कयनार फी के िेजस

बाई, फी के सन ु ीर बाई ,फी के अननर

बाई औय सबी शिऺक स्टाप बी उऩस्स्थि थे बगवान बाई ने कहा कक गण ु वान व्मस्क्ि दे ि की सम्ऩनि हैं। उन्होंने कहा कक ववद्मार्थयमोंंं के सवाांर्गण ववकास के शरए बौनिक शिऺा के साथ-साथ नैनिक


शिऺा की बी आवश्मकिा हैँ। चरयत्र ननभायण ही शिऺा का भर ू उद्दे श्म होिा हैं। उन्होंने कहा कक बोनिक शिऺा

बौनिकिा की ओय

धकेर यही बौनिक शिऺा की फजाम इंसान को नैनिक शिऺा की आवश्मकिा हैं।नैनिक शिऺा से नैनिकिा आएगी | उन्होंने कहा नैनिक भल् ू मों की कभी ही सभाज के

हय सभस्मा का भर ू कायण हैंउन्होंने कहा कक जफ

िक हभाये व्मवहारयक जीवन भें ऩयोऩकाय,सेवाबाव,त्माग,उदायिा,ऩववत्रिा,सहनिीरिा,नम्र िा,धैमि य ा,सत्मिा,ईभानदायी, आदद सद्गुण नहीं आिे। िफ िक हभायी शिऺा अधूयी हैं। उन्होंने कहा कक सभाज अभि ू य होिा हैं औय प्रेभ,सद्बावना,बाित्ृ व,नैनिकिा एवं भानवीम सद्गुणों से सचाशरि होिा हैं। बगवान बाई ने कहा कक हभें अऩने दृस्ष्टकोण को सकायात्भक फनाने के शरए ऻान की आवश्मकिा हैं। दृस्ष्टकोण सकायात्भक यहने ऩय भनष्ु म हय ऩरयस्स्थनि


भें सुखी यह सकिा हैं। उन्होंने व्मसनों से दयू यहने ऩय बी जोय ददमा।

राजोंद (हरियाणा )—एम् डी सीनियर सेकंडरी स्कूल में नैतिक शिक्षा का महत्व विषय पर प्रोग्राम  
राजोंद (हरियाणा )—एम् डी सीनियर सेकंडरी स्कूल में नैतिक शिक्षा का महत्व विषय पर प्रोग्राम  
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