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राहता (महाराष्ट्र )— सेवाकेंद्र ऩर एक ददवसीय आत्म उन्नतत हे तु काययक्रम आयोजक –स्थानीय ब्रह्माकुमारी सेवाकेंद्र राहता

(महाराष्ट्र )

मख् ु य वक्ता ---ब्रह्मकुमार भगवान ् भाई माउॊ ट आबू ववषय –-योग के लऱए सकारात्मक सोच की आवश्यकता बी के गीताजऱी बहन स्थानीय ब्रह्माकुमारी राहता

महाराष्ट्र

राजयोगी भगवान भाई ने बताया की राजयोग की ववधध बताते हुआ कहा कक स्वॊम को आत्मा तनश्चय कर चाॉद, सय ू ,य ताराॊगण से ऩार रहनेवाऱे ऩरमशक्क्त ऩरमात्मा को याद करना, मन-बद् ु धध द्वारा उसे दे खना, उनके गण ु ों का गुणगान करना ही राजयोग हैं । राजयोग के द्वारा हम ऩरमात्मा के लमऱन का अनभ ु व कर सकता हैं । उन्होनें कहा की राजयोग के अभ्यास द्वारा ही हम काम, क्रोध, ऱोभ, मोह, अहॊ कार, ईष्ट्याय, घण ृ ा, न कर राजयोग के अभ्यास से ववऩरीत ऩररक्स्थतत में भी सकारात्मक धचॊतन के द्वारा मन को एकाग्र ककया जा सकता है। उन्होनें कहा कक वतयमान की तनावऩण ू य ऩररक्स्थततयों में मन को एकाग्र और शाॊत रखने के लऱए राजयोग सॊजीवनी बट ू ी की तरह काम आता हैं । उन्होनें कहा की राजयोग द्वारा अऩने कमेक्न्द्रयों ऩर सॊयम कर कमय में कुशऱता से सकारात्मक धचॊतन, सकारात्मक वतृ त और दृक्ष्ट्टकोण की उऩऱक्धध होती हैं क्जससे हम धयथय से बच सकते हैं । भगवान भाई ने कहा की राजयोग के अभ्यास द्वारा तनाव मक् ु त बन हम अनेक बीमाररयों से स्वॊम को बचा सकते हैं। मानलसक और शारीररक बीमाररयों से बचने का राजयोग एक कवच कॊु डऱ हैं। उन्होनें कहा कक राजयोग के द्वारा मन को ददशा तनदे शन लमऱती हैं क्जससे मन का भटकना समाप्त हो जाता हैं।

राहता (महाराष्ट्र )— सेवाकेंद्र पर एक दिवसीय आत्म उन्नति हेतु कार्यक्रम  
राहता (महाराष्ट्र )— सेवाकेंद्र पर एक दिवसीय आत्म उन्नति हेतु कार्यक्रम  
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