किसी भी शुभ समय में इस मंत्र का आसन पर बिना हिले-डुले रुद्राक्ष माला से 11 माला मंत्र जाप कीजिये और मंत्र जाप के बाद 108 बार मंत्र बोलते हुये सरसों या देसी गाय के घी या तेल से हवन में आहूति दीजिये,हवन में पूर्णाहुती के बाद नींबू का बलि मंत्र बोलकर देना है और थोड़ा सा उसी नींबू का रस नींबू को निचोड़ कर डाल दीजिये, यह मंत्र सिद्धि पूर्ण होता है। मंत्र सिद्धि के बाद पंचऔषधि किसी भी फल मिठाई, लौंग आदि में डालनी है और उसी पर 108 बार मंत्र बोलकर 3 फूंक मारी जाती है..